Acharya Shri Vinaychandra Gyan Bhandar, Jaipur

Kanhadade Prabandha Vol-1

Padmanabha · 2011/08

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राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
राजस्थान राज्यद्वारा प्रकाशित
सामान्यतः अखिलभारतीय तथा विशेषतः राजस्थान प्रदेशीय पुरातनकालीन
संस्कृत, प्राकृत, मपभ्रंश, राजस्थानी, हिन्दी आदि भाषानिबद्ध ।
विविधवाङ्मयप्रकाशिनी विशिष्ट अन्यावलि
प्रधान संपादक
पुरातत्त्वाचार्य जिनविजय मुनि
[ ऑनररि मेंबर ऑफ जर्मन ओरिएन्टल सोसाइटी, जर्मनी ]
सम्मान्य सदस्य
भाण्डारकर प्राच्यविद्या संशोधन मन्दिर, पूना; गुजरात साहित्य समा, महमदाबाद:
सम्मान्य नियामक (ऑनररि डायरेक्टर)-भारतीय विद्याभवन, बयई।
प्रधान संपादक-गुजरात पुरातत्व मन्दिर प्रन्थावली; भारतीय विद्या प्रन्थावली;
सिंघी जैन ग्रन्थमाला; जैनसाहित्यसंशोधक ग्रन्थावली; इत्यादि, इत्यादि
ग्रन्थांक
कान्हडदे प्रबन्ध
(प्रथम भाग-मूल ग्रन्थ)
i
प्रकाशक
राजस्थान राज्याज्ञानुसार
संचालक, राजस्थान पुरातत्त्व मन्दिर
जयपुर (राजस्थान)
---
विरमा २...} राज्यनियमानुगार - गर्वाधिकार सुरक्षित {विवाद १९५३
मुद्रक -मीदाई भारायण चौधरी, निर्णयसागर प्रेस, २६-२८ कोलभाट स्ट्रीट, पवई २.

कवि पद्मनाभ विरचित,
कान्हडदे प्रबन्ध
विविध पाठभेद, विस्तृत प्रस्तावना, परिशिष्टादि समन्वित
.
संपादक
प्रो० कान्तिलाल बलदेवराम व्यास, एम्. ए.,
पंडित भगवानलाल इन्द्रजी सुवर्णपदक, विश्वनाथ नारायण मण्डलिक
मुवर्णपदक, भारतीय विद्याभवन प्रदत्त सुवर्णपदकादि पारितोषिक प्राप्त;
फेलो ऑफ धी रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ ग्रेटब्रिटन एन्ड आयर्लेन्ड,
प्रधानाध्यापक -- गुजराती भाषा एवं साहित्य, एल्फिन्स्टन कॉलेज, बंबई
प्रकाशक
राजस्थान राज्याशानुसार
संचालक, राजस्थान पुरातत्त्व मन्दिर
जयपुर (राजस्थान)
[प्रथमावृत्ति- प्रति संख्या १०००]
मापाट
विक्रमान्द २०१०
मूल्य रु.१०
{
जुलाई
सिस्तान्द १९५३
93)२५

राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला Amar 'संस्कृत-प्राकृत साहित्य श्रेणिके अन्तर्गत जो ग्रन्थ प्रेसो छप रहे हैं उनकी नामावलि १ त्रिपुराभारती लघुस्तव-कर्ता सिद्धसारस्वत लघुपण्डित । २ वालशिक्षा व्याकरण-कर्ता ठक्कुर संग्रामसिंह। ३ करुणामृतप्रपा-कर्ता महाकवि ठकुर सोमेश्वर देव । ४ पदार्थरतमञ्जूषा-कर्ता पं. कृष्णमित्र । ५ शकुनप्रदीप-कर्ता पं. लावण्यशर्मा। ६ उक्तिरत्नाकर-कर्ता पं. साधुसुन्दर गणी । ७ प्राकृतानन्द (प्राकृत व्याकरण)-कर्ता पं. रघुनाथ कवि । ८ ईश्वरविलासकाव्य-कर्ता पं. कृष्णभट्ट । ९ महर्पिकुलवैभव-कर्ता पं. मधुसूदन ओझा विद्यावाचस्पति । १० चक्रपाणिविजय काव्य-कर्ता पं. लक्ष्मीधर भट्ट । ११ काव्यप्रकाशसंकेत- कर्ता भट्ट सोमेश्वर। १२ प्रमाणमञ्जरी (वृत्तित्रयोपेता)-मूलकर्ता सर्वदेवाचार्य । १३ वृत्तिदीपिका-कर्ता मौनि कृष्णभट्ट । १४ तर्कसंग्रह फकिका-कर्ता पं. क्षमाकल्याण गणी । १५ राजविनोद काव्य-कर्ता कवि उदयराज । १६ यंत्र- राजरचना-कर्ता महाराजा सवाई जयसिंह । १७ कारकसंबन्धोद्योत-कर्ता पं. रभसनन्दी । १८ शृंगारहारावलि-कर्ता श्रीहर्षकवि १९ कृष्णगीतिकाव्यानि- कर्ता कवि सोमनाथ। २० नृत्तसंग्रह-अज्ञातकविकर्तृक । २१ नृत्यरत्नकोश- कर्ता राजाधिराज कुंभकर्णदेव । २२ नन्दोपाख्यान-अज्ञातविद्वत्कर्तृक । २३ चान्द्रव्याकरण - कर्ता महावैय्याकरण चन्द्रगोमी । २४ शब्दरत्नप्रदीप- अज्ञातकर्तृक । २५ रनकोश-अज्ञातकर्तृक । २६ कविकौस्तुभ-कर्ता पं. रघुनाथ मनोहर । २७ मणिपरीक्षादि प्रकरण - अज्ञातकर्तृक । २८ सामुद्रकम् - अज्ञात- नामकर्तृक । २९ शतकत्रयम् - कर्ता भर्तृहरि (धनसारकृत व्याख्यायुक्त)। 'राजस्थानी-हिन्दी साहित्यश्रेणिमें प्रकाशित होनेवाले ग्रन्थोंकी नामावलि १ कान्हडदे प्रबन्ध-कर्ता जालोरनिवासी कवि पद्मनाभ । २ गोरा बादल पदमिणी चउपई - कर्ता कवि हेमरतन । ३ वसन्तविलास फागु १४ कूर्मवंश यशप्रकाश अपर नाम लावारासा-कर्ता कविया गोपालदान । ५ क्याम खां रासा-कर्ता मुस्लिम कवि जान । ६ बांकीदासरी ख्यात । ७ मुंहता नैणसीरी ख्यात । ८ राठोड वंशरी उत्पत्ति । ९ खींची गंगेव नींबावतरो दोपहरो, राजान राउतरो वातवणाव आदि राजस्थानी वर्णनात्मक रचना । १० दाढाला एकल गिडरी वात । इत्यादि । प्राप्तिस्थान-संचालक राजस्थान पुरातत्त्व मन्दिर, जयपुर (राजस्थान) --

RAJASTHAN PURĀTAN GRANTHAMĀLĀ
General Editor-Achārya Jinavijaya Muni, Purātattvāchārya
Honorary Director, Rajasthan Purātattva Mandira, Jaipur
No. 11
KĀNHADADE PRABANDHA
$
OF
PADMANABHA
(VOLUME I-TEXT)
Published by
The Rājasthan Purătattva Mandira
Established by the Government of Rajasthan
Jaipur (Rājasthān)

RAJASTHĀN PURÄTAN GRANTHAMĀLĀ
Published by the Government of Rājasthān
A Series devoted to the Pablication 'of'Sanskrit, 'Prakrit;/Apabhramſa, **)
Old Rajasthani and Old Hindi works pertaining to India in general
and Rājasthan in particular
General Editor
Achārya Jina Vijaya Muni, Purātattvācharya
Honorary Member of the German Oriental Society, Bhāpdárkor Oriental
Research Institute, Poona, and Gujarat Sāhitya Sabhā, Ahmedabad;
Honorary Director, Bharatiya Vidya Bhavan, Bombay;
General Editor, Gujarat Parătattva Mandıra Grantbävalt;
Bharatiya Vidyā Series; Singhi Jaun Series; etc, etc.
No. 11
KĀNHADADE PRABANDHA
(VOLUME I - TEXT)
Published
Under the Orders of the Government of Rajasthān
by
The Director, Rājasthān Purātattya Mandira,
Jaipur (Rajasthan)
Y. 8. 2010
All Right Reserped,
1953 A. D.

KĀNHADADE PRABANDHA
A Mediaeval Epic Poem in Old Western Răjasthani
OF
PADMANABHA
Critically edited with all Varlant Readings, Introduction,
Appendices, etc.
BY
Prof. K. B. Vyas, M. An
Pandit Bhagvánlal Indraji Gold Medallist, Vishvanath Nārāyan
Mandalık Gold Medallist, Bharatiya Vidya Bhavan Gold Medallist,
Fellow of the Royal Asiatic Society of Great Britain and Ireland;
Head of the Department of Gujarati language and Literature,
Elphinstone College, Bombay
ir
Published
Under the Orders of the Goveromeat of Rājasthān
by
The Director, Rajasthān Purītattva Mandira,
Jaipur (Rājasthan)
Y.S. 2010
Rs. 9-8-0
1953 AD.

by
Prof. K. B. Vyas
VASANTA VILASA
An Old Gujarati Phägu
VASANTA VILĀSA PHĀGU
A Further Study
VASANTA VILĀSA
The Revised, Collated Text
DASĀYATĀRA CITRA
Gujarati Painting in the Seventeenth Century
THE EIGHTY-FOUR SUBCASTES OF GUJARATI BRAHMINS
THE PRTHVĪCANDRACARITRA OF MĀŅIKYASUNDARA SŪRI
and Its Sources.
THE VIKRAMĀDITYA PROBLEM:
A Fresh Approach
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1
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THB KRTA BRA
HINDU-MUSLIM AMITY IN EARLY MEDIAEVAL INDIA
गूजराती भाषाशास्त्रना विकासनी रूपरेखा
भाषा, वृत्त अने काम्यालंकार

CONTENTS
प्रधानसंपादकीय प्रास्ताविक वक्तव्य
२-८
Introduction
1-33
कान्हडदे प्रवन्ध
(Text)
२३६-२४३
Appendix I
Summary of Omissions and Readings
common to the different manuscripts
२४४-२५८
Appendix II
Critical Notes on the Readings
adopted in the present edition
Appendix III
Verse-Index
२५९-२७२
Corrigenda
२७३-२७४

प्रधानसंपादकीय प्रास्ताविक वक्तव्य राजस्थान के सुवर्णसम प्रोज्वल और परम विशुद्ध वीरत्वकी गौरवगाथा गानेवाले, महाकवि पद्मनाभके बनाये हुये राजस्थानी महाकाव्य-कान्हड दे प्रवन्धका, प्रस्तुत संस्करण राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला के ११ वें पुष्प या मणिके रूपमें, राजस्थानी साहित्य और संस्कृतिके सन्मित्र विद्वानोंके करकमलोंमें उपस्थित करते हुये मुझे विशिष्ट आनन्द हो रहा है। राजस्थानके चौहाणकुलशिरोमणि वीर कान्हड दे के, स्वधर्म और स्वदेशकी रक्षाके निमित्त, अनुपम बलिदान करनेकी कीर्तिकथाका, थोडा-बहुत परिचय, भारतीय इतिहासकी प्रायः समी विशिष्ट पुस्तकोंमें दिया गया मिलता है । वीर कान्हड दे की वीरताको उद्देश्य कर कई आधुनिक लेखकोंने उपन्यास आदिके रूपमें भी कई कथा-कहानियां लिखी हैं । सिनेमा वालोंने इसके विषयमें कोई चित्र तैयार किया है या नहीं इसकी मुझे जानकारी नहीं है । मुसलमानी तवारिखोंमें कई जगह इस वीरके साथ हुई युद्धमयी घटनाओंका उल्लेख मिलता है -- परन्तु हिन्दुओंके साहित्यमें, केवल प्रस्तुत प्रबन्धके रूपमें ही, एक ऐसी रचना उपलब्ध है जिसके द्वारा हम अपने उस नारायणावतार वीरपुंगवकी कीर्तिकथाका पुण्यश्रवण करने-करानेका सद्भाग्य प्राप्त कर सकते हैं । वीसलनगरा नागर ब्राह्मण, महाकवि पद्मनाभ, भारतके एक पुरातन यशोदुर्गका एक सच्चा संरक्षक, उदात्त राष्ट्रप्रेमी, आदर्श राष्ट्रकवि है। वह कवि सचमुच 'पुण्यविवेक' बिरुदका धारक था। उसने अपनी कविप्रतिभाके प्रयोगके लिये जिस विषयको पसन्द किया वह वास्तव ही में बड़ा पुण्य कृल्प था । उसकी 'कविजनरंजनी बुद्धि'ने जिस सत्कविताका सर्जन किया है वह, अन्यान्य हजारों कवियोंकी, लाखों कविताओंसे मी, बढ कर, बहुत उन्नत भाव वाली और बहुत पुण्यदायिनी है । कविको स्वयं इस पुण्य कृतिका अभिमान है । वह स्पष्ट कहता है कि- माइ भारती तणइ पसाइ, अक्षरबंध धुद्धिरस थाइ । (४-३४१) माता भारती ही का यह प्रसाद है कि जिसके कारण इस प्रकारके 'अक्षरवन्ध'-काव्य- सर्जन में अपनी बुद्धिका रस रहता है । कविकी यह रचना, कोई क्षुद्र विलासकी या कोई कुत्सित शृंगारकी पोपक, हीन कृति, नहीं है जिसे पढ कर मनुष्यकी मानसिक दुर्वल वृत्तियोंको उत्तेजना प्राप्त हो और जिसके मननसे दुर्विलासकी कुत्सित कामना कुपित हो । यह काव्य तो विशुद्ध धर्मप्रेम, उन्नत राष्ट्रप्रेम, उत्तम सदाचारप्रेम और सात्विक सत्यप्रेमका एक प्रशस्त पुण्य- स्तोत्र है जिसके पढने और सुननेसे, मनुष्यका कल्याण होता है - जीवन पवित्र होता है । और इस लिये इस सत्यकाम कविने, इस प्रबन्धके अन्तमें जो यह कहा है कि- कान्हडचरिय जि को नर भणइ, एक चित्ति जि को नर मुणइ । तीरथफल योल्युं जेतलं, पामइ पुण्य सवे तेतलूं ॥ (४-३५१) 'इस कान्हढ दे के चरितको जो कोई मनुष्य एकचित्त हो कर पढेगा या सुनेगा उसको उन सब तीयोंकी यात्रा करने जितना पुण्यफल प्राप्त होगा, जिनका वर्णन ऋपियोंने धर्मग्रन्योंमें , ३ प्रास्ताविक वक्तव्य किया - है। कविका यह कयन सर्वथा सत्यलक्षी है। हमारे प्राचीन साहित्यमें ऐसी रचनायें बहुत विरल हैं । ये रचनायें हमारे महान् राष्ट्रकी - हमारी संसारश्रेष्ठ संस्कृतिकी, सबसे अधिक, अमूल्य निधिखरूप हैं । इनके अध्ययन और मननसे हमारे देशकी जनताकी- हमारे राष्ट्रकी भावि संततिकी संस्कारसमृद्धिका विकास होगा । पंडित-कवि पद्मनाभका यह काव्य-प्रबन्ध एक प्रकारसे, प्रायः शुद्ध ऐतिहासिक काव्य है । इसमें वर्णित घटनायें, बहुत अंशमें, इतिहाससमर्थित हैं। कवि उसी स्थानका निवासी है जहां पर प्रवन्ध नायक कान्हड दे ने जन्म लिया, राज्य किया और वह अनुपम आत्मोत्सर्ग किया। अर्थात् कविका कविता-सर्जन उसी जालोर नगरमें हुआ जो कान्हड दे की राजधानी था । कविको इस कान्यकी रचनामें प्रेरणा करने वाला उसी चहुआण वीरका सीधा राजवंशज है, जो कान्हड दे से केवल ५ वीं पीढीमें उसके राज्यसिंहासनका, शायद अन्तिम, उत्तराधिकारी था। इसका नाम अखयराज सोनगरा था । कविके कथनानुसार यह वडा धर्मात्मा, सदाचारी, दानशील, और ईश्वरभक्त था। इसके सद्गुणोंका संक्षेपमें वर्णन करता हुआ कवि कहता है कि- अपइराज उत्तम अवतार, जेहनां पुण्य न लाभइ पार । जीणइ कीरति कान्हड दे तणी, अपइराजि अजूआली घणी ॥ (४-३३९) 'अखयराज उत्तम अवतारी पुरुष है जिसके पुण्य कृस्योंका कोई पार नहीं है और जिसने [अपने पूर्वज ] कान्हड दे की कीर्तिको खूब उजाला है ।' मालम देता है कविके कुलका संबन्ध उस राजघरानेके साथ, वंशानुवंश क्रमसे, चला आ रहा था और इस लिये उसने अपने आश्रय- दाता राजवंशके, एक महान् वीरको कीर्तिकया इतने उत्साह और इतनी श्रद्धाके साथ गाई है। कवि कहता है कि इस प्रबन्धकी रचना करनेसे अपइराज सीपामण सरी, पदमनाभ कीरति विस्तरी ॥ ( (४-३४१) 'एक तो अखयराजकी प्रेरणा सफल हुई और दूसरी पदमनाभ कविकी कीर्ति फैली ।' कहनेकी आवश्यकता नहीं कि कविकी यह उक्ति कितनी यथार्थ है। हमने ऊपर, प्रारंभमें, इस प्रबन्धको जो राजस्थानी महाकाव्य कहा है उसके पीछे दो अर्थ लक्षित हैं - एक तो यह कि इस काव्यमें राजस्थानी वीरकी पुनीत गाया गाई गई है और दूसरा यह कि यह प्राचीन राजस्थानी भाषाकी एक सर्वश्रेष्ठ कृति है । अतः विषय और भापा दोनों दृष्टिसे यह काव्य राजस्थानी है । इस राज स्था नी विशेषणसे हमारा अभिप्राय उस भाषावैज्ञानिक शास्त्रीय संकेतसे है, जिसकी स्थापना, भारतीय भाषाओंका वैज्ञानिक पद्धतिसे विश्लेषण करने वाले विद्वानोंने की है । यद्यपि हमारे निजी अभिप्रायसे, यह नामाभिधान सर्वथा संगत अर्थ सूचक नहीं है-तयापि जब तक इसके लिये कोई पैसा अन्य अधिक सार्थक नामनिर्देश विद्वन्मान्य नहीं बनता, तब तक इसका व्यवहार करना समुचित है । हमारे विद्वान् मित्र- गुजरातके सुप्रसिद्ध कवि, लेखक, एवं चिन्तक श्री उमाशंकर जोपीने, इस प्रबन्ध जैसी प्राचीन रचना- ओंकी भाषाको 'मारू :- गूर्जर' भाषाका नूतन नामाभिधान सूचित किया है, जो एक प्रकारसे 1 कान्हड दे प्रवन्ध अधिक अर्थसंगत हो सकता है; परंतु इसके विषयमें जब तक अन्यान्य विद्वान् साधक-बाधक भाव वाले विशेष विचार उपस्थित नहीं करते और उन पर उचित ऊहापोह नहीं किया जाता, तब तक इस बारे में कोई सिद्धान्त स्थिर नहीं किया जा सकता । हमें यहां पर यह विचार इस लिये प्रदर्शित करना आवश्यक हुआ कि-प्रस्तुत कान्हड दे प्रबन्ध, आज तक गुजराती भाषाकी एक सर्वमान्य एवं सर्वज्ञात, प्राचीन कृति मानी जा रही है और गुजराती भाषाके इतिहासमें इसको एक विशिष्ट स्थान दिया जाता है-तब हम यहां पर इसे एक राजस्थानी महाकाव्य' किस अभिप्रायसे कह रहे हैं। वास्तविकता तो यह है कि प्रस्तुत काव्यके जैसी भाषारचनायें, जिस समयके अंतर्गत निर्मीत हुई, उस समयमें रा ज स्था नी या गुजराती ऐसा भाषा-भेदसूचक कोई नामनिर्धारण नहीं हुआ था। राजस्थानी और गुजराती ये नाम मुगलोंके शासन कालके परिणामसे उत्पन्न हुये हैं। परंतु अब इस नूतन युगकी साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं राजनैतिक आदि सर्व प्रकारकी नूतन परिस्थितियोंके परिणामखरूप, राजस्थानी एवं गुजराती इस प्रकारकी भाषा- मेदसूचक और कुछ अंशोमें संस्कृति-भेद सूचक भी शाब्दिक प्रसिद्धि रूढ हो गई है और उसके फलखरूप, आधुनिक गुजरात एवं राजस्थानके नामसे प्रसिद्ध और प्रस्थापित होने वाले प्रदेशोंके निवासियोंके मनमें, संस्कृति, साहित्य और भाषाके इतिहासका अवलोकन और अन्वेषण करनेका दृष्टिकोण भी कितनेक अंशोंमें, भिन्नभावके रूपमें विकसित हो रहा है। पर यह तो परिवर्तित समयकी परिस्थितिका अनिवार्य परिणाम है । इससे हमें व्यग्र या व्यथित होनेकी कोई आवश्यकता नहीं है। हमें इसमें समंजसताका सूत्र शोधना चाहिये और उसे पकडना चाहिये । भ्रान्तिजनक एवं मेदवर्धक भावोंका निराकरण करना चाहिये। मैं यहां पर प्रस्तुत प्रबन्धको राजस्थानीका काव्य कहना पसन्द करता हूं तो उसका कारण भाषावैज्ञानिकोंने इसमें प्रयुक्त भाषाका वैसा जो शास्त्रीय नाम निश्चित किया है, वह है। हमारे गुजराती साहित्यके इतिहासमें, इसको गुजराती काव्य कहा गया है तो उसका कारण यह है कि जिस समय यह काव्य रचा गया, उस समय, आधुनिक राजस्थान और गुजरातके प्रदेशोंमें भाषा- विषयक कोई खास भिन्नता यी ही नहीं । थोडी - बहुत भिन्नता जो थी, वह केवल राजकीय सीमाओंके संबंधकी दृष्टिसे थी । बाकी सांस्कृतिक, सामाजिक एवं साहित्यिक दृष्टि से इन दोनों प्रदेशोंके बीच में कोई सीमाभेद नहीं था। ये परस्पर एकरूप थे । चालुक्योंकी राजधानी अणहिल- पुरमें बसने वाले लोक जैसी भाषा बोलते थे, प्रायः वैसी ही भाषा, चाहमानोंकी राजधानी अजमेरमें रहने वाले लोक बोलते थे। चाहे उनके स्थानिक उच्चार और वाग्व्यवहारमें कुछ थोडी-बहुत भिन्नता भले ही रहती हो परंतु उनकी साहित्यिक भाषा एवं लिखित भाषा एकसी ही थी। अतः इस ऐतिहासिक तथ्यको लक्ष्य कर, हम इसे गुजराती महाकाव्य मी उतने ही अंशमें कह सकते हैं जितने अंशमें इसे राजस्थानी कहना चाहते हैं । बाकी कवि तो स्वयं इसको केवल 'प्राकृत बन्ध' कहता है, जो उस युगमें प्रान्तीय देशभाषाओंके कवियोंमें एक सामान्य रूढि चली आ रही थी । संस्कृतभिन्न ५ प्रास्ताविक वक्तव्य देशभाषाओंको, विद्वान् जन या तो सामान्य रूपसे प्राकृत कह कर उल्लिखित करते थे, या फिर काव्यशास्त्र के विवेचकोंने विशेषतया जिसका नाम अपभ्रंश रखा था, लोकभाषाका उसी अपभ्रंश नामसे व्यवहार करते थे । भाषाके कवियोंने तो नहीं लेकिन व्याकरणके विद्वानोंने, इन लोक- भाषाओंको लक्ष्य कर, प्राचीन प्राकृत और तद्भव अपभ्रंश भाषामेदोंके, जो कुछ नाम निर्दिष्ट किये हैं उनमें एक गौ र्जर अपभ्रंश नाम मी मिलता है। इस दृष्टि से हम इस प्रबन्धकी भापाको गौर्जर अपभ्रंश' भी कहें तो उसमें कोई असंगति नहीं प्रतीत होती । शायद इसी विचारको लक्ष्यमें रख कर, गुजराती भापाके समर्थ विद्वान् एवं प्रौढ भाषाशास्त्रज्ञ ख० नरसिंहराव भो० दिवेटियाने प्रस्तुत प्रबन्धकी भाषाको 'प्राचीन गुजराती' भाषा न कह कर 'गूर्जर अपभ्रंश' कहना उचित समझा होगा। इस प्रकार प्रस्तुत प्रबन्धको प्राचीन राजस्थानी, अथवा प्राचीन गुजराती, अथवा तो गूर्जर अपभ्रंश, चाहे जिस भाषाकी रचना कही जाय या मानी जाय । इसमें वाद-विवादका कोई कारण हमें नहीं लगता । वास्तवमें यह रचना समुचे पश्चिम भारतकी 'नूतन-भारत-आर्य भाषा' कुल की एक प्रतिनिधिरूप और प्रमाणभूत उत्तम साहित्यिक कृति है । अत: इस दृष्टिसे इसका अध्ययन, अवलोकन और अनुशीलन होना आवश्यक है; और इसी विशुद्ध वैज्ञानिक विचारको लक्ष्यमें रख कर, हमने इसे राजस्थान पुरातन प्रन्य मा ला द्वारा प्रकट करना उचित समझा है। * इस प्रबन्धमें, कुछ तो राजस्थान-गुजरातके गौरवमय सुवर्णयुगकी समाप्तिका वह करुण इतिहास अंकित है जिसे पढ कर हम खिन्न होते हैं, उद्विग्न होते हैं और रुदन करते हैं; पर साथ ही में इसमें, उस कराल कालयुगमें भी देवांशी अवतार लेनेवाले ऐसे धीरोदात्त वीर पुरुषोंका आदर्श जीवन चित्रित है जिसे पढ कर हमें रोमांच होता है, गर्व होता है और हर्षाश्रु आते हैं । जिस समयकी घटना का इस काव्यमें वर्णन है वह समय भारतके लिये वडा भयंकर प्रलय- काल -सा था। भारतकी प्राचीन संस्कृति और समृद्धिका सर्वनाश करने वाला वह असाधारण विकराल काल या । उस कालदैत्यके कोपानलसे शताब्दियोंसे संचित और सर्जित भारतकी उस संसार- मोहिनी संस्कृति, समृद्धि, सार्वभौमता और सुरक्षितताका बहुत बडा भाग, कुछ ही क्षों में भस्मीभूत-सा हो गया। पूर्वदेशका पाल-साम्राज्य, मध्यदेशका गाहडवाल साम्राज्य, दिल्ली-लाहोरका तोमर - राज्य, अजमेर-सपादलक्षका चाहमान - राज्य, अणहिलपुरका चालुक्य महाराज्य, अवंती- मालवका प्रमार साम्राज्य, एवं दक्षिण - देवगिरिका यादव राज्य- इस प्रकार भारतके पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण जैसे चारों खण्डोंमें, कई शताब्दियोंसे अपनी बलवान् सचा जमाये हुये वडे बडे राज्य और उनके शासक राजवंश, इस दुष्ट दावानलकी दुर्दैवी ज्वालाओंसे कुछ ही दिनोंके अन्दर, देखते देखते, दग्ध हो गये । अपार समृद्धिसे भरे असंख्य राज्यभण्डार घडियोंमें लूट गये । हजारों वर्षोसे खडे हुए गगनचुवी और पातालपी महान् राजप्रासाद एवं देवमन्दिर थोडी ही पलोंमें शतखण्ड हो हो कर धराशायी हो गये। हुए उनके ६ कान्हड दे प्रवन्ध उक्त प्रत्येक देशमेंसे लाखों नर-नारी धर्मभ्रष्ट, गृहविहीन और बन्दी बन गये और लाखों ही अपने प्राणों तकसे मुक्त हो गये । यद्यपि इस कराल कालके सर्जक और प्रतिनिधि खरूप उन यमदूतसे आक्रान्ताओंके अनेक इतिहासकारोंने इस प्रलयके विषयकी सत्य-असत्य ऐसी असंख्य घटनायें आलेखित की हैं-परन्तु जिस देश पर, जिस जनता पर, जिस जाति पर, इस प्रकार, उस दुष्ट दानवने अपना दैत्यास्त्र चलाया, उसकी अनन्त सन्तानोंमेंसे शायद ही दो-चार व्यक्तियोंने, ऐसी दो-चार छोटी-वडी कृतियोंमें, उक्त कालकथाका कुछ आभास आलेखित किया है। इन्हीं दो-चार व्यक्तियोंमें से, प्रस्तुत प्रबन्धकर्ता कवि पद्मनाम मी एक है और इसका स्थान उन सबमें प्रथम नहीं तो प्रधान तो अवश्य है । इस देशप्रेमी, जनताप्रेमी, जातिप्रेमी कविने, उक्त कालकथाका जितना संगत, जितना संयत, जितना समुचित वर्णन किया है वैसा शायद अन्य किसी कविने, अन्य किसी कृतिमें नहीं किया। साक्षात् प्रलयसदृश उस क्रूर महाकालके साथ, राजस्थान के एक छोटेसे सुवर्णगिरि दुर्गपर रहनेवाले स्वल्पसंख्यक महावीरोंने और वीरांगनाओंने, कैसा भयंकर अट्टहास किया, उस दुर्धर दानवका कैसा मार्मान्तिक उपहास किया और उसके दुष्ट मनोरथोंको कैसे चूरचूर किया, इसका वास्तविक चित्र कवि पद्मनाभने इस काव्यमें बडी हृदयंगमताके साथ आलेखित किया है। काव्यगत वस्तुका विस्तृत विवेचन यहां अपेक्षित नहीं है । यह तो इसके दूसरे भागमें दिया जायगा । प्रस्तुतमें तो केवल संक्षेपमें काव्यकी उपयोगिता और विशिष्टताका सूचक कुछ परिचय देना ही उद्दिष्ट है। इस काव्यकी एक हस्तलिखित प्राचीन पोथी, सबसे पहले, भारतीय संस्कृति, साहित्य और इतिहासके असाधारण प्रेमी एवं अन्वेपक, वर्गस्थ महान् जर्मन विद्वान् डॉ. न्युल्हरको राजस्थान एवं गुजरातमें प्राचीन ग्रंथोंकी खोज करते समय, सीरोही राज्यके निकट- स्थ एवं उत्तर गूजरातकी सीमा पर बसे हुए, थराद (प्राचीन 'पिरापद्र) नामक गांवके एक प्राचीन जैन अन्धभंडारमें मिली | डॉ० व्युल्हरने तुरन्त उसकी उपयोगिता पहचान ली और गुजराती भापाकी एक विशिष्ट प्राचीन कृति एवं गुजरात-राजस्थानके इतिहासका एक विशिष्ट प्रबन्ध समझ कर, इसको प्रकाशित करनेके लिये, तत्कालीन 'गुजरात शाळा पत्र' नामक मासिक पत्रके संपादक सुप्रसिद्ध गुजराती विद्वान् नवलराम लक्ष्मीराम पंड्याको भेज दी, जिसे उनने अपने मासिकले सन् १८७७-७८ के कई अंकोंमें, क्रमशः प्रकट किया । 'गुजरात शाळापत्र' में प्रकाशित यह प्रबन्ध भाषा या पाठशुद्धिकी दृष्टिसे बहुत ही सामान्य कोटिका था। पीछेसे जब कुछ अन्य विद्वानोंने इस ग्रन्थका विशेष अवलोकन किया, तो इसकी पुछ चर्चा होने लगी और इसके अध्ययनकी ओर कुछ आकर्षण बढने लगा । सन् १९१३ में गुजराती साहित्य एवं भाषाके अन्यतर विद्वान्, ख० डाह्याभाई पी० देरासरीने इस प्रबन्धकी कुछ और हस्तलिखित प्राचीन प्रतियां प्राप्त कर, उनके आधारसे एक अच्छा संस्करण तैयार प्रास्ताविक वक्तव्य ७ करनेका प्रयत्न किया और पाठशुद्धिकी दृष्टिके साथ, प्रस्तावना, टिप्पण आदिसे सज्जित कर इसे प्रकट किया । यद्यपि श्रीयुत देरासरी द्वारा संपादित वह संस्करण सामान्यतया अच्छा था, परंतु पाठशुद्धि आदिकी दृष्टि से जैसा चाहिये वैसा उपयुक्त नहीं था। पिछले कई वर्षोंसे बंबई युनिव- र्सिटीके गुजराती साहित्य विषयक पाठ्यक्रममें इस प्रबन्धका समावेश होता रहा है, अतः इसका पठन - पाठन वढा और विद्यार्थियोंको एवं अध्यापकोंको इसके एक उत्तम एवं शास्त्रीय पद्धतिके मुताविक संपादित नूतन संस्करणकी आवश्यकता विशेष प्रतीत होने लगी। राजस्थान और गुजरातके कई स्थानोंके ग्रन्थभंडारोंमें इस प्रबन्धकी कुछ और प्राचीन प्रतियोंकी उपलब्धि हुई जिसे देख कर मेरे मनमें यह विचार हुआ कि इसका नूतन संस्करण कोई विद्वान् तैयार करे तो बहुत उपयोगी होगा । कोई सन् १९३९-४० में प्रो० कान्तिलाल व्यासके सम्मुख, प्रसंगवश वार्तालाप करते समय, मैंने अपना यह विचार प्रदर्शित किया; तो इनने वडे उत्साह और आनन्दके साथ, इस कार्यको हायमें लेनेकी अपनी उत्कंठा प्रकट की और फिर, मैंने मी इसमें मुझसे हो सके वह सहायता करने-करानेका अपना मनोरथ प्रकट किया। उस समय मेरे मनमें था कि यदि अन्य कोई संस्था इसके प्रकाशनका प्रवन्ध न कर सकेगी तो मैं अपनी सिं घी जैन अन्य मा ला द्वारा ही इसे प्रकट करनेका प्रयत्न करूंगा। यद्यपि प्रो० व्यासने इसके संपादनका कार्य उसी समयसे प्रारंभ कर दिया था, लेकिन अन्यान्य भण्डारों में से प्राचीन प्रतियां प्राप्त करनेमें और उनके पाठान्तर आदि लेनेमें अपेक्षासे बहुत ही अधिक श्रम और समयसाध्य कार्य अनुभूत हुआ। लगभग ११-१२ वर्ष जितने दीर्घ समयमें इसका पाठसंकलन कार्य संपन्न हुआ । इस संकलनमें किस किस प्रकारकी प्राचीन पोथियोंका उपयोग किया गया है, उसका विस्तृत परिचय प्रो० व्यासने अपनी विस्तृत इंग्रेजी भूमिकामें दिया है। सन् १९५० में, राजस्थान सरकारने, राजस्थानकी साहित्यिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक साधन सामग्रीका अन्वेषण, संग्रह, संरक्षण, संशोधन और प्रकाशन आदि करनेकी दृष्टिसे, परामर्शके लिये मुझे आमंत्रित किया । मेरे सुझाव और प्रस्तावके अनुसार, सरकारने राजस्थान पुरातत्त्व मन्दिर नामक कार्यालयकी स्थापना की और उसका प्रारंभिक संचालन कार्य सभालनेके लिये मी मुझे ही आदेश दिया। तदनुसार राजस्थान पुरातत्त्व मन्दिरके जो कार्य चालू किये गये हैं, उनमें एक प्रधान अंगखरूप कार्य राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला का प्रकाशन है जिसके द्वारा, विशेष रूपसे, राजस्थान के साथ संबन्ध रखने वाले संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश और राजस्थानी -गुजराती, हिन्दी आदि भाषामें रचे गये ग्रन्योंको, सुयोग्य विद्वानों द्वारा संशोधित - संपादित - अनुवादित आदि करा कर प्रकट करनेका है। प्रो० व्यास द्वारा सुसंपादित प्रस्तुत 'कान्हड दे प्रबन्ध' इस ग्रन्थमालाका एक बहुत उपयुक्त और बहुमूल्य मणि जैसा भूपण खरूप होगा, ऐसा सोच कर मैंने इसको, इस ग्रन्थमालामें गुम्फित करनेका अपना अभिप्राय ।

कान्हड दे प्रवन्ध इनको सूचित किया; तो इनने इसका बडे आदरके साथ स्वीकार किया। इसके फलस्वरूप, प्रायः तीन वर्षके सतत परिश्रमके बाद, इसका मूलान्य खरूप यह प्रथम भाग, आज विद्वानोंके हायोंमें उपस्थित किया जा रहा है। प्रो० कान्तिलाल व्यास मेरे बहुत ही निकटीभूत मित्रोंमेंसे हैं । इनकी साहित्योपासना बडी लगनवाली है । हाथमें लिये गये कामको ये बड़ी श्रद्धा और निष्ठा पूर्वक करनेका समाव रखते हैं। और साथमें एक बहुत ही विनम्र शिष्यके रूपमें अपने आपको उपस्थित करते हैं। बंबई राज्यकी सर्वश्रेष्ठ सरकारी कॉलेजके, गुजराती भाषाविभागके, ये प्रधानाध्यापक हैं और प्राचीन गुजराती भाषा, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं अन्यान्य विविध संस्कृति विषयक अनेक विषयोंमें, मौलिक अनुशीलन और संशोधन स्वरूप विशिष्ट कोटिका काम करते रहते हैं । अपने अध्ययन-मननके परिणाम खरूप कई अच्छे निबन्ध और पुस्तक आदिका इनने प्रणयन किया है जिनका विद्वानोंने अच्छा सत्कार किया है एवं युनिवर्सिटी आदि प्रौढ प्रतिष्ठानोंने उनकी मूल्यवत्ताको उपलक्ष्य कर, इनको सुवर्णचन्द्रकादि जैसे पारितोषिकोंसे सत्कृत किया है। इनका संपादित 'वसन्त विलास' नामक प्राचीन गुजरातीका रसात्मक फागु काव्य विद्वानोंमें बहुत आदरपात्र बना है और कई युनिवर्सिटियोंने, अपने 'भूतन भारतीय भाषा विषयक' पाठ्यक्रममें उसे समाविष्ट किया है । इसी 'वसन्त विलास' की प्रस्तावना लिखते समय हमने इनके विषय में आशा प्रदर्शित की थी कि-'प्रो० व्यास इस तरह अपना संशोधनकार्य सतत चालू रखेंगे और उसके द्वारा प्राप्त सुंदर फल, समशील विद्वानोंके सम्मुख उपस्थित कर, उनके अभिनन्दन प्राप्त करते रहेंगे ।' हमारी वह शुभाशा, आज प्रस्तुत प्रबन्धके, इस प्रकारके, उत्तम संपादन- रूपमें, अच्छी तरह फलवती हुई देख कर, मुझे और भी विशेष आनन्दका होना खाभाविक है और इस लिये मैं आज पुनः, ठीक ११ वर्ष बाद, उसी जयाभ्युदयकारिणी विजयादशमीके मांगलिक दिन ( उक्त 'वसन्त नि लास फागु' की प्रस्तावना भी मैंने वि. सं. १९९८ के विजयादशमीके दिन लिखी थी) इनको अपना हार्दिक अभिनन्दन देता हूं। विजयादशमी, वि. स. २०१० १५, अक्टूबर, १९५३ मुनि जिन विजय INTRODUCTION І The Künhadade Prabandha is perhaps the most valuable treasure in Old Gujarāti or Old Western Rājasthānī, as it is called by Dr. TESSITORI. It is an epic of a glorious age and there is nothing to compare with it either in Old or Modern Gujarāti. It can easily stand comparison with the celebrated Prthvirāja Rāsă in Old Hindi, There are various reasons why the Kānhadade Prabandha has attained this unique position. In the first place, it is a text of supreme importance for a study of the development of the Gujarāti language. Composed as early as v. s. 1512, it represents an important landmark in the evolution of the Gujarāti language. It embodies a stage when Gujarāti and Rājasthānī were just beginning to evolve their distinctive characteristics from the common source--the post- Apabhramśa. While the morphology and the general character of the language are unmistakeably Gujarāti, its phonology reveals several Rajasthānī traits. It is a rich mine of typical Old Western Rājasthánī words, many of which are rarely met with in other Old Western Rājasthānī works. Besides being a gifted poet the author was an erudite scholar. His work, therefore, faithfully reproduces the standard form of the language current at the time. This text, fortunately, has been handed down by learned scribes who have taken care to preserve its linguistic peculiarities with great fidelity. The result is that we get from this work a clear picture of the Old Gujarati language or Old Western Rājasthāni as it prevailed in the middle of the 15th century A. D. And herein lies the value of this work because the works of eminent mediaeval poets like Narasimha and Mirabai, although belonging approximately to the same age, have considerably suffered in the process of transmission in later times. From the historical point of view, also, the Kanhadade Prabandha is without a parallel in the entire Old Western Rajasthāni literature, It is perhaps the only owe Prabandha that gives an accurate account of historical events. There is hardly any doubt that the poet has drawn at first-hand on court-records and chronicles As well as the current historical traditions of Rājasthān. His references to the contemporary geography of India are always accurate. The value of this work as a source-book of the history of the period, therefore, must be rated very high indeed. Moreover, the work is a mine of information on the social customs and manners 2 KANHADADE PRABANDHA of the period. It is a work of the utmost importance, therefore, to the social historian as well. And lastly, the Kānhadade Prabandha can claim a high place of honour as a work of art. It is an epic poem, grand in its design, vigorous in the portrayal of its characters, and masterly in its treatment of the sentiments. The flow of its narrative, punctuated by descriptions-lively, sombre or gay-and its songs filled with a rare lyrical charm, make this work a classic ornament of Old Western Rājasthānī literature, II It was only natural that a work of such outstanding importance should soon attract the attention of scholars. Dr. BUALER, the wellknown orientalist, chanced upon a manuscript of this work, preserved in a Jaina Jñāna Bhandara (manuscript-library) at Tharád, North Gujarāt, during his tour in search of manuscripts of Sanskrit and Prakrit words. He promptly got it copied and sent it to the late Navalrām Lakslimirām PANDYA, the celebrated Gujarāti scholar and critic of that period. Navalrām published it ad verbatim serially in the S'aļāpatra (1877-78 A, D.), of which he was the editor. The MS itself contained several mistakes, to which many more were added in the course of the printing in the S'ülüpatra. However, the publication of the text in the Salapatra did serve a very useful purpose: it drew the attention of scholars in Gujarīt to the importance of this work, Outstanding Gujarati Indologists, like II. H. Dirova and K. H. DArUvA, and D. P. DERĀsani, felt interested in this work, and the last-named scholar undertook the task of editing it. He collected the manuscripts, deciphered and collated thein, and prepared tho text, wluch hc published along with a brief introduction and explanatory notes in 1913 A. 1). His test was based on the following 5 xss:- (1) the text of the Kanhadude Pralkonuhro published in the Salaparmı by Navalrùn L'ANDYA (designated as # by DERĀSARI); (?) a us copied in v. s. 1648, procured from tho Jaina Jiūna Bhandara at Tharid' (designated us 17 ); (3) 4 xx copied in 1. s. 1965, in the minuscript-collection of the Docan College (designated as 7); It brun the clophon शीदा समय मत १९४८ मापभिर मागे पो अष्टम्यो लियौ तशामरे | पुरे भी भासा गरे भी मी मी ४ का प्रचार मंगाने । दामनाचा मोमीयो माम न माना ग भी थी भी जयमेर तरफ मुन्ने गमान मारमाय स्पीहां ॥ यादर्य पुटरेस्पेन मया परिसरमा मम सोनो।

3 INTRODUCTION (4) the ms (dated v. s. 1930), which Dr. BÜHLER got copied and sent to Navalrám (designated as ?); (5) a recent us containing the first 150 verses of the Kanhadade Prabandha, copied out by some cãrane (bard) for his personal use (designated as =), Of these 3584 and are identical, & being printed verbatim from the q ms. 7 and a both come from Tharād and both have a big common lacuna. It can, therefore, be presumed that both are identical, representing the original us from which the copy was prepared at the instance of Dr. Bunler. Of the remaining Msg ut represents another manuscript-tradition, while e is fragmentary and is very modern. From these mss Derasarī prepared his text. But according to the practice then prevalent among Gujarati scholars, when Old Gujarāti studies were in their infancy, the editor did not base his collation on any recognized principles of textual criticism but allowed himself to be freely guided by his personal predilections in the matter of the choice of readings. Where one or the other of the uss had simplified a lectio difficilior in transmission, DERÁSARI adopted the lectio facilior in preference to the original reading. Occasionally, he emended the original text without sufficient warrant. The text, thus, was defective in those very places where it was most important for the linguist to know what the original was like. The edition also was unsatisfactory because the manuscript-material on which it was based was neither thoroughly representative nor very old, as all the mss were removed from the original by over a century and a half. failed, therefore, to bring out the salient features of the Old Western Rājasthāni language current in the poet's time. In 1926, DERĀgari brought out a second edition of this work. No material revision of the text was made in this edition; only at a few places readings from ms a sere substituted in place of readings from M3 7 adopted in the earlier edition, These editions of D&RĀBARĪ, though prepared with care, and popu. lar then, fail to reproduce the poet's original or represent the state of the Old Western Rājasthāní language of the mid-fifteenth century, as will be seen from the verses cited below from that edition in juxtaposition to the text as reconstructed by the present editor. 1 Vide DEBÀSABI's note "आ प्रत पण क (-शायपवनी वाचना) हे त्यांची ज तूटक के.'-- Kanhadade Prabandha, ed. by D. P. Dreisael, Ist edn., Introduction, R 2.

KĀNRADADE PRABANDEA Verses in DERĀSARI's Edition Corresponding Verses in the Present Edition मरण तणि मयि भोजन वार मरण तणइ भयि भोजन वार वासी चादुर घरइ सूआर ॥ वांस चाटवर धरइ सूआर ॥ १-२५ पातमाहनी पिहिरामणी पातिसाहनी पहिरामणी तव घरावु' सिम्भरनु धणी ।। उगराहा सिंभरिनउ धणी ॥ १-३० पाला पलि पटावत काहर पाला पलइ पटायत काहर मोइ नव लामि पार ॥ भोई नइ घलवाल ॥ १-४२ भागलि थिको वागडु सावज आगलि थिको वागडू साविज वाटि नाठो जाइ। वेडई नाळ जाइ। विममी भूमि लीद चिहू दिसि विसमी भूमि लेई देसाउत गुदी धादा धा। चिहूं दिसि घाडो धाइ ॥ १-४९ आगइ अन्न वम सूं वीतूं आगइ अझ वसिउ पीत उयल भणड नवि छाई। हिवडी प्ल नवि छाई। अगपतिना दल साहमु चाल अमपतिना दल साझउ चाल्यउ ऐई ऊपाई गाई॥ लेई उपाहउँ पाई ॥ १-५३ चच्या कटक इण्डादि विडोत्तर चन्या कटक दंडाहि दाहोत्तर पाणधार धन्धोलि। धाणधार घंघोलि। कति वीवी आख्या वासी ऊदी वीवी वाउ आध्या दीधी पाटण पोलि॥ पाटणि दीधी पोलि॥१-५९ फिस्सा रूम पायाराउ ऊपारि किस्या रूपपल राउ अवधारउ नाणि मनि संदेह । राणी मनि सदेह । पीला थोर शिर नि गोहोला यीला बोर कहर इंगोरी माधवना फल एद। माधवनां फल एह ।।१-६२ गूजरात देश हीलोय गूजराति माहि गडअइ अति पीएँ तरकाणु ॥ तहीय लगइ तुरकाणचें ॥ १-१७ लोदता सणी फलक अनावी लोहदह जी परक नह रहिकल पी अगायु गाडा। पनी अणाभ्यां गादी। सोमनाथन लि चावट मोमनायन लिंग चडायर्ड आणी मोहा भाटी॥ आणी सदा आ॥१-१९ सात भगइ, वीर गुपीगर लपणउ भगद-गहम चरवीगा पूण्या प्यार सहीनद। पूंटदबाज सहीजा 11-11 गाषा धान रात्रि मंधारद पाधी धान उलपर पापी मेरकीच ॥ छोरीपाच॥ १-११४ टोला टोल पीटा गति रोठे टोले पहा कर नीरप्रादह निम अागि । नीरमाह वह जिम भारि ॥२-६ जे कार मन देव बिहार यान्दिमन देर पारमहना भित्र पानगाहना ये माणेम २-16 मनिमपी मारी मनिराकीधा मरादुर मरति दुग्धगई। ALL(Pulist.andein) .

INTRODUCTION 5 Verses in DERĀSABI's Edition द्रुही नि छोडाव्या हाथी वेडी गया विहाणइ ।। भइ कास्मिर, कामरु, हिमाचल चूल लगइ वसि की। तेह तणा माल घरि आवइ अझ घरि करइ सलाम ॥ सांतलसीह प्रसादि तुह्मारि म्लेच्छ इहांथु फेड ॥ पडद त्रास भटकीया विटइ अनइ धू धू निफात ॥ कुयरि कोडाली फूटडी वली बुलावु कवण दुल्हा भणी। जे गालु आविउ आखेट पाडिउ'हाथ तव बाहडमेर । भणवा भणी न आवइ खेद अंगि सहित मुखि च्यारइ वेद । ब्राह्मण तणा भला आवर्ण, जिहां वर्त्तइ बइठा व्याकर्ण ॥ साहसी राउत आगलि थयु भिन्नमालि आविउ बूंबीउ ॥ जे नीसाण तुरको तिहा सर पाइउ घाउ बजाविउ । सर वाजंता वेगि सुणी करि मलिक नेव विहां आदिउ । घोडा लगइ न जावा लाभइ वेगह आहाणि तीर ॥ सरवर पर सर मुण्या निसाण पछइ मलिकनइ हुॐ जाण ॥ पातसाहनी बेटी जेह वीरमदे परणावु वेह ॥ दानवरण माल्हणदे सही छठ्ठी फोजि जमलि रही। माणिकराय धरि चूथि वार देवराज सीधु अवतार। जयतलदे घरि हुं कूयरी सरूपदे नामि अवतरी॥ पडिउI, तणा मरा, Corresponding Verges in the Present Edition द्रुही नइ ठंडाव्या थाहर वेडि गया विहाणउं॥२-४५ मई कासमीर कामरू हिमाचल गौड लगइ वसि कीधा ॥२-६७ तेह तणा माल अम्ह घरि आवइ ते अम्ह करइ सिलाम ॥२-७३ सांतलसीह प्रतापि तुम्हारइ म्लेला थाहर फेडउं ॥ २-१२२ पडइ त्रास भटकीयां विछूटइ नइ घूघूइ निफात ॥ २-१२९ कुंव्यरि वोडाली बेटही वली मेलावउ कवण वलामणि ॥२-१५५ जई त्रागालउ आविउ हेरि पञ्यउ हाय तव बाहडमेरि ॥३-२१ भणवा तणउ न आणइ षेद अग सहित छइ च्यारइ वेद। ब्राह्मण तणां भला आचरण जिहां वरतइ आठइ व्याकरण ॥ ३-२३ साम्ही रातिइ आगलि थयउ भिन्नमालि आव्यउ चूंबीउ ॥ ३-३० जे नीसाण तोरकां तिही सिरि पांडवि पाउ चजाविउ । विसर वाजंता वेगि सुणी करि मलिक नेव तिहां आविउ ॥३-९३ घोडा लगइ न जावा लाभइ वेझा वींधीइ वीर ॥ ३-९९ सरोवरि विसरि मुण्यां नीसाण पछह मलिकनइ हूऊ जाण ॥३-१०९ पातिसाहनी बेटी जेउ ते वर मागइ वीरमदेउ ॥३-१३० लूणकरण माल्हण छह सही छठी फोजइ जइमल जई रही ॥३-१८० माणिकराय धरि चउथी बार महीपाल लीघउ अवतार । योगादे घरि हूँ •अरी सरूपदे नामइ अवतरी॥३-१९९ मोल्दे, 6 KĀNHADADE PRABANDIA Verses in DBRĀSari's Edition Corresponding Verses in the Present Edition देवलोकथा नुमी वार देवलोकथा नुमी वार पृथवीहि हुइ अवतार ॥ प्रथवीइ नही हुइ अवतार ॥३-२११ कुमरी आवी कुंयरि मुणी कमले आवी ईयरी मुणी गउ रबारी वधामणी॥ गयउ रवारी बद्धामणी॥३-२२७ शोभित बूर्ज वूर्ज कोगरु सोभित युर्ज बुर्ज काकरउ॥ नदी तरुअर पलवा बरु ।। नदी तरूअर ऊमाहरउ ॥४-२५ जाणइ भरह भेद संगीता जाणइ जेह भरहसगीत पाटबंध ते गाइ गीत ॥ पाडप्रबंध ते गाइ गीत ॥ ४-५५ राजंगणि सवि ग्या संचरी पहिलउं मंत्र मुपरलु करी पहिलू सवि सह मेल करी॥ रायंगणि सवि ग्या संचरी॥४-१२५ पातसाहइ कासित मोकल्यु पातसाहि कासीद मोकल्यउ मालदे देस मारइ एकल। मालदे वीर साहु एकलउ । कमालदीन कहिउ सभिलि कमालदीन कहिउँ सभिले गढ लीधा विण पाछउ धलि॥ विण हीधा मत पाछउ वले ॥ ४-१४५ कटक तोरका ऊपरि झंडी कटक तोरका ऊपरि सूही राउ सीधल दल आव्युं ॥ रासंधइ दल आया ॥४-१५३ उलीचि कर कतारीया उल्हीचइ कर ऊभारीया बार सहस मूगल मारीया ॥ वार सहस म्लेछ मारीया ॥४-२११ खाडा भरत कागरा कोठइ पांडाभरत काकरउ कोठउ इसिउ कही वखाणि ॥ इसिउं कही वषाण्यउ॥ ४-२१३ जेमु लखमण छलभु जाणि जेसल लषमण लूण जाणि ए नासत नाठा निरवाणि ॥ ए नीसत नाठा निरवाणि ॥ ४-२६३ पून, आसुड, बीजड बेउ पूनउ आसड बीजड जेउ धारसी नइ ईपु जेह् ॥ धारसीह नइ दूदउ बेउ ॥ ४-२८. वीरमदेवि संघासण काज वीरमदेव वंश घण काज ऊठ दीहाडा कीधू राज ॥ अहूठ दीहाडा कीचडे राज ॥ ४-२९८ जे फल लहि तापसि सवि जे फल पामह तपसी सवे जे फ्ल हुइ बंध छोडवि॥ जे फल हुइ बांद छोडवे ॥४-३४४ पूर्णिय सग सवि सजन मलइ प्रेमसंगि सवि सज्जन मिलइ पूर्णिय आस मनोरथ फलइ । आस मनोरथ सहूइ फलइ ॥ ४-३५२ A critical edition in the strict sense of the the term, of such a monumental epic was, therefore, for long a desideratum. Such an edition would enable scholars to form a correct picture of the language, history and literary achievements of this remarkable period in the history of Gujarat and Rãjasthān. जाणइ जोतिष, भरइ सगीत I, 1 INTRODUCTION 7 ILI The Kānhadade Prabandha bad attracted my attention ever since I read it for my M. A. in 1931–1933. While teaching the poem to the B. A. students from 1937 to 1940 I found that a critical edition of the text of this work was absolutely necessary. From 1940 I started acquiring the manuscripts. I got the two biss from the manuscript-collection of the Bhandarkar Oriental Research Institute, Poona', which were used by DERĀSARI and designated by him as ass I and a respectively. After a prolonged search it was also possible to hunt out the old numbers of the śaļāpatra, in which Navalrām had published serially the text of the us sent to him by Dr. BUELER ( the text designated as # by DERĀsarī). The effort, however, was wasted as the text printed by Navalrām turned out to be a verbatim and rather faulty transcription of BUHLER'S MS (Ms q in Derasarī). The agreement between the two texts and the identical colophon in both leaves no doubt whatsoever regarding this identity. It was then brought to my notice that there was a ms of the Kanhadade Prabandha in the collection of the Jaina Jñana Bhandāra of the Anantanāthji's temple, Bombay. I approached the trustees of the temple through the late Ambālāl B. JANĪ, himself a veteran scholar of mediaeval Gujarati literature. With the trustees' permission I visited the Bhandāra and found to my great surprise that along with the as mentioned in the catalogue of the Bhandāra (the oms in the present edition) there was also another as of the same work lying unnoticed there, because its first folio was lost so that the cataloguer was left without any clue regarding the name of the manuscript. This ms ( Bisa in the present edition) turned out to be a rare find, an invaluable treasure, for it happened to be the oldest dated us, copied in v.s. 1598 in Jhalor, the poet's own place, where it may have had for its basis the poet's autograph or a direct copy of it. Both the uss vere made available to me by the trustees (1940). I then learnt from the late Mohanlal Dalichand Desát that a fragmentary ms of the work existed in the Kesarbīi Jõāna Bhapdāra at Patan. I went to Patan in October, 1941, in search of the ms. The ms, however, could not be traced there. I met there Muni Śrī PUNPATIJAYAJĪ who was then engaged in preparing a catalogue of the manuscripts lying in the various Jõāna Bhandūras of Patan. He had to fragmentary mss of the work in his private 1 No. 1541 of 1891-95; and No. 239 of 1873–74.

8 KĀNHADADE PRABANDHA collection, which he promised to trace and send to me after his cataloguing work was over. After waiting for these mss for sometime I started collating the four principal ass (A, B, C, D) I had acquired so far, and prepared the text (1945). Then I received the two fragments (MSS F, a in the present edition) from Muni Śrī PUNTAVIJAYAJI, and also a fragment (MS E) from D. B. K. H. Daruva's collection in the Gujarat Vidyā Sabhā, Ahmedabad, I also learnt from Muni Sri PUNYAVIJAYAJĪ about the existence of a complete ms of the Kanhadade Prabandha in the Bhandāra of Samvegi's Upāśraya, Ahmedabad. For some reasons the Ms did not become available then. I, therefore, collated the newly acquired MSS (MSS E, F, G) and revised the text in the light of this new material (1947-48). Just then the ms from the Bhandara at Samvegi's Upāśraya, Ahmedabad, came into my hands through the good offices of Muni Sri PUNYAVIJAYAJĪ. A little later I learnt about the existence of two further mss of the Kanhadade Prabandha in the collection of Sri Motichandji KIAJĀNOHI of Bikāner, well known for his excellent collection of old manuscripts and paintings. I contacted Śri Motichandji who readily placed at my disposal the two mss for purposes of collation (1951). Finally, when this edition was in the press and the first Khanţa was printed off' I received a letter from Sri Agarchand NABȚĂ, the veteran Rājasthāni scholar and antiquarian, drawing my attention to the existence of a ms of the Kānhadade Prabancha in the library of Godiji's Upāśraya, Bombay, acquired from the successors of the late Mohanlal Dalichand DesĀi. The ms was made accessible to me by the trustees of Godiji's temple and upāśraya. It came just in time to be utilized for the present edition, for the portion of the text from where this fragmentary us commenced was then about to be printed off. (October, 1952). The acquisition of the different uss since 1947-48 made it necessary for me to collate them and to constitute the text over again in the light of the fresh manuscript-material now available to me. The later acquisitions, and particularly us k from Sri KHANCHI'S collection at Bikāner, were very helpful in illuminating several obscuro portions of the text. So far, the A MS was the principal Rājasthāni MS available to me. Where it was mutilated or corrupt it became difficult for me to restore the text satisfactorily. This handicap was removed by the k us, which was a Rajasthani ns, copied with great INTRODUCTION 9 care, and though undated, was almost as old as the A us and belonged to the same group. I had access to all the mss used by DEBĀSARÍ, except the one which he had designated as T. I, therefore, thought it necessary to record variants from DERĀSARI's text ( designating it as 1) where it differed sharply from the rest, assuming that they probably belonged to MS E, which was inaccessible to me. I have utilized all mss available in the government and other public libraries, Jaina Jñāna Bhandáras and private collections of Gujarāt and Rājasthān. So far as I am aware no extant ms of the work has escaped my notice. I may claim that there is hardly any edition of an old work in any of the Indian languages which bas been prepared from manuscript-material, so rich and rare as that used in the present edition, IV The present edition is based on the following ten manuscripts. Ms A, in the collection of the Jhāna Bhanơāra of Anantanāthji's temple, Bombay, consists of 18 folios, of which the first is missing," though, fortunately, the last folio containing the colophon has been preserved. The edges of this folio (folio 18 verso) have, however, suffered damage, with the result that some letters in the text have disappeared. Each folio measures about 11.2" by 4.5". The size of the folios, however, is not quite uniform, as some one has evidently tried to prune the edge There is a margin of .5" on the right-hand side and .25" on the left-hand side, and a small margin of .15" to .25" is kept above and below the writing in each page. There are on an average 23 lines per page. Folios 2, 8 recto, 9 verso, 10, 11 recto, 12 recto, 14 verso, and 15 recto have 23 lines each. Folios 3 recto, 11 and 12 verso, 14 recto, 16, and 18 recto have 22 lines each. Folios 4, and 7 and 13 verso have 24 lines per page. Folios 3 verso, 5, 6 and 7 recto, 9 and 13 recto, have 25 lines cach. Folios 8 verso, 15 verso and 17 recto have 21 lines; and folio 17 verso bas 20 lines. Folio 6 verso has 13 lines, because a part of the page had to be left blank, as the writing on the other side had penetrated too deep On folio 18 verso, where the us ends, there are 17 lines only. 1 The first 61 verses of the text are lost with this folio, As A, thos, commences There are no other lacabae in the xs. t with I 62 10 KANHADADE PRÁBANDEA The number of letters per line varies from 54 to 60, the average being about 57 letters per line. Being written by a Brahmanical scribe it has no svastika or conventional blank space in the centre of the page. On the verso sides at the top of the left-hand margin is written the title of the poem, namely, 4757342, while in the righthand margin at the bottom is marked the number of the folio. If a letter or a word is to be corrected, the wrong word or letter is struck out and the correct word or letter is written in small hands just above it. Similarly if a word or a letter has been inadvertently omitted it is inserted in small hands just above its proper place, which is marked with a cross. Sometimes the addition is made in the margins instead of above the place of omission. In that case the place of omission is indicated by a small cross, and the addition is made in the nearer margin between two crosses, care being always taken that the addenda appear in the same line as the place of omission. The numbering of verses is often faulty. The discrepancy is only slight in Khandas I and II, while it is extensive in Khandas III and IV. In the fourth Khanda the first stanza ig numbered as 67, evidently continuing the numbering of the previous khanda, while the last stanza is numbered as 1000. The verse-numbers, the names of the metres, the refrains of songs, and colophons are all rubricated with red lac. The prasasti or mangalācarana is lost with the first folio, while the colophons of the Khandas and the final colophon read as below:- इति प्रथम पंड समाप्त ॥ इति द्वितीय पंड समाप्त.॥ इति तृ(ती)य समाप्त खंड ॥ समाप्त ॥ इति श्री शन्हारे(य) सपूर्ण मिति ॥ सवत १५ आषाढादि ९८ वर्षे श्री जालोरगढ महादुर्गे विहारीवंशे मलिश्री अलीसर विजयराज्ये श्री अचलगछे गछाधिराज श्री गुणनिधानसूरि विद्यमाने । वा. श्री वेलराज मिष्य सांप्रत श्री पुंन्यलब्धि महोपाध्याय शि वा. जयलब्धिगणि वा० श्री भानुलब्धिणि लिपतं ॥ पं. चारित्रलब्धि वाचनार्थ ॥ कात्ती वदि ९ गुरुवारे लिपत(म्)॥ On folio 3 the title 19 mentioned as an ai, which may have been written probably by a later reader or collector Folios %, 5, 8 and 18 are without the title, which may have disappeared when its edges crumbled away For the same reason on some folios the number has been Inst Sucb marginal additions are made on folios 4 verso, 5 and 6 recto, 7 verso, 9 recto, 10 verso, 11 recto, 13 verso, and 16 recto राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्हडदे प्रवन्ध ii.in -12- तः मराज -भगवनीना "पकामा . -15आरपार HIMजिप Si-तारामना तान यामाग जीनोहाना ..साम्पसार या पाधायामि रिलिपट --1il .. !:: ३२ ॥१८॥ Last page (folio 18 veiso) of the A MS.

10 KĀNRADA DE PRABANDIA The number of letters per line varies from 54 to 60, the average being about 57 letters per line. Being written by a Brahmanical scribe it has no seastika or conventional blank space in the centre of the page. On the verso sides at the top of the left-hand margin is written the title of the poem, namely, streda 39', while in the righthand margin at the bottom is marked the number of the folio. If a letter or a word is to be corrected, the wrong word or letter is struck out and the correct word or letter is written in small hands just above it. Similarly if a word or a letter has been inadvertently omitted it is inserted in small hands just above its proper place, which is marked with a cross. Sometimes the addition is made in the margins instead of above the place of omission. In that case the place of omission is indicated by a small cross, and the addition is made in the nearer margin between two crosses, care being always taken that the addenda appear in the same line as the place of omission. The numbering of verses is often faulty. The discrepancy is only slight in Khanļas I and II, while it is extensive in Khandas III and IV. In the fourth Khanda the first stanza is numbered as 67, evidently continuing the numbering of the previous khanda, while the last stanza is numbered as 1000. The verse-numbers, the names of the metres, the refrains of songs, and colophons are all rubricated with red lac. The prasaslı or mangalācarana is lost with the first folio, while the colophons of the Khandas and the final colophon read as below:- इति प्रथम पंड समाप्त.॥ इति द्वितीय पंड समाप्त ॥ इति सू(ती)य समाप्त खंड ॥ समाप्त ॥ इति श्री गान्हचरि(य) संपूर्ण मिति ॥ संवत १५ आषाढादि ९८ वर्षे श्री जालोरगढ महादुर्ग विहारीवंशे मलिश्री अलीसर विजयराज्य श्री अचलगछे गछाधिराज श्री गुणनिधानसूरि विद्यमाने । वा. श्री वेलराज सिष्य सांप्रत थी पुंन्यलन्धि महोपाध्याय शि वा• जयलब्धिणि वा० श्री भानुलब्धिगणि लिपतं ।। पं० चारिजलब्धि वाचनार्थ ॥ सत्ती वदि ९ गुरुवारे लियत(म्)॥ * On folio 3 tlie title 13 mentioned as an art, which may have been written probably by a later reader or collector. Tollos 2, 5, 8 and 18 are without the title, which may bave disappeared when its edges crumbled away. For the same reason on some folius the bumber has been lost. Such marginal additions are made on fullos 4 verse), 5 and 6 recto, 7 verso, 9 recto, 10 verso, il recto, 13 verso, and 16 recto

राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
कान्हडदे प्रबन्ध
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३२.
Last page (folio 18 veiso) of the A NS.

कान्हडदे प्रबन्ध
राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
गाना पवनालामाग्विरीयामाम मागप्तिररानिमदाबावतप्पतरबारे तक।
निनिदक्षिसोमवारविष्वकाशातालोहरगड उनमंठामारावल काक्रमालदेना
माननामनिश्रापाठवाकारक्तेिदनलीवलवाला एकविततरमार सिंह
दंतामविनटलिफललानिदाधिदाहालक्लग तालमा नाति
जिपलहितापायूदाने पलकटोकदाउपलसत्पदनम्वरमाएनिका
लहाललिपुराला ओकूललाइतपमानवाजेपटदैछोपूबाटो
पलक मिका धियामितिलछटरप्रागतिकुलपमिगंगाक्षरितिकुल
लेटिकेदारालविधामा लेपलनेदिगोदारतिफल
नारायवादातिनधिा ने दानिऊतिनिजि लाहममा नेपलमाड़मारमा
मंना सात लदिनारिकाछम्मातामूलकठाकरानास्तरामनाम
रिन्यूनिविहनसिकरिदिन राशिकाकवत्रितिकोनार विधाएं
कवितरिनारयुनिटातारथमियोल्पनिनली।पारिपुरममवतेतलाश
उपनगमनमानमालपुत्पिप्रायमनोरथपलिजालनबंधकर
तमतिघाकृतिकथान्तयचिराचालयापकलियारनियमा
इजिप्रासमनिकहता पटानालमनिमितलगानाशारिरिकहना
यह "
Last page (rerso) of the 'Kalendade Prabneralhce' in the B MS.

INTRODUCTION 11 The script is Brahmanical Devanāgarī of the Marwadi type. It is clear and firm. It does not use the padimātrā or the sidemātrā, which is a characteristic of the Jaina Devanāgarī. The manuscript is written on paper of a very inferior quality. Sometimes, on account of this, the scribe had to allow half the side of a page to remain blank (vide folio 6). The sis is not well-preserved either. The pages are soiled, perhaps on account of dampness, and have been damaged at places by insects. The edges have suffered due to careless handling, and on folio 18 the writing at the corners has thus disappeared. Inspite of this the us has been very valuable for 6xing the text. It is the oldest dated ms, belonging to the same century as the poet. It was copied in Jhalor, the poet's native place, where it was possible that the copyist had access to the author's autograph copy or an immediate copy of it. I have, therefore, giren due weightage to this ms, and considered it most reliable in the constitution of the text. Ms B, No. 1541 of 1891-95 in the collection of the Bhandarkar Oriental Research Institute, is in the form of a pothi, stitched on the left-hand side, which is rather unusual. The me contains (1) the Karnalilāvilāsa of Suradāsa, (2) the Kūnhadade Prabandha of Padmanābha, and (3) the Ranımallachanda of Srīdhara Vyāsa, in that order. On the first page and after the harnalilāvilāsa some medical formulae are copied out. The us covers in all 59 folios of which 47 are occupied by the Kanhadade Prabandha. The folios are not numbered, but counting the opening folio of the ms as 1, the Kūnhadade Prabandha starts on folio 8 verso, and concludes on folio 55 verso. Each folio measures about 8" by 4.6". There is a margin of .4" both on the right and the left, marked off by a double line usually in black and sometimes in red ink. The margins at the top and the bottom of the page are .3" wide. On the first 20 sides there are, generally, 13 lines per page; the remaining pages have usually 14 lines per page, except 18 sidesmost of them in the latter part of Khanda III and in Khanda IVwhich have 15 lines per page. The last page, where the poem ends, has 16 lines. The number of letters per line varies from 28 to 36, the average being about 32 letters per line. Neither the title of the poew nor the folio-numbers are written in the marging.

12 KĀNFADADE PRABANDHA ** When a letter is to be deleted, its head-line is crossed by two small upward strokes,' or, occasionally, the head-line of the letter is just omitted. If, however, several letters or words are to be deleted, they are rounded off by a line or sometimes placed between two brackets and rubricated'. If a letter or word is omitted, the addition is made in fine hand just above the place of omissions Sometimes, the copyist has written the meaning of the word in small hand just above the wordt. Refrains of songs and the recurring carana occurring in several verses are usually abbreviated'. There are no marginalia except in IV 293 where in the margin is written : १३६८ वैशाक. The numbering of verses is regular up to I 38; after that two verses and sometimes even four verses are numbered as one up to I 147. Here the numbering becomes regular once again till the end of the first Khanda, though occasionally a verse is left unnumbered. In the second Khanda the numbering of verses is regular upto II 51; then two verses and often even four are numbered as one. In Khanda III the numbering of verses is mostly regular inspite of some discrepancies, occasionally noticeable, including repetition of the same verse-number. Thus III 241 is numbered as 229, after which follows the prose Bhadāuli. The verge immediately following the Bhadāuli is numbered not as 230 but as 245, which indicates that the copyist has corrected the numbering by reference to his prototype. The numbering is mostly regular in Khanda IV, with the exception of a few places, where four or more verses are numbered as one, The verse-numbers, names of rāgas or metres, refrains of songs, and the prasasti and colophons of each Khanda are rubricated. The prasasta is simply : कान्हडदे राउल ॥ श्री सारदायै नमः ॥; while the colophons are इति प्रथम पंड समाप्त ॥ इति तृतीय पंडः॥ चतुर्थ पंड ॥ स (...) पोष मु ५॥ 1 Vide I 82 in YS B. 2 Vide II 43 in MSL, & Vide I 83 in MS B. The ait, M3 B, I 18. Vide III 199, 200 in MS B • The date - Y. S 1665 ( 554 ) - has disappeared as the edge of the follo has suffered damage. It 19, bowever, preserved at the end of the next poem in the poth, viz Ranamallachanda.

INTRODUCTION 13 The script is Brahmanical Devanāgarī of the Rājasthāni type. The handwriting is firm and bold and is uniform throughout the Kānhadade Prabandha, but comparatively thinner in the Ranamalla. chanda, and thicker in the Karnalilārlūsa. The difference was perhaps due to the use of different pens. Some of the interspersed medical formulae appear, from their broad, immature, irregular writing, to have been copied by some one else, perhaps by a young student, who was just learning to write. The paper is thick and the us is well-preserved. The absence of a detailed colophon, the inclusion of several works, along with information for personal use, in the same us, may perhaps be taken to indicate that the copyist was also the owner, who wrote out the poem for his personal use. That he was a learned man, perhaps a scholar, is evident from the careful transmission of the text. Ms C comes from the manuscript-collection of the Jõāna Bhandāra of Anantanāthji's temple, Bombay. It consists of 34 folios, each measuring 9.5" by 4.25". It has margins on the two sides marked off by two double lines. The right-hand margin is usually 1" wide, while the left-hand side nargin is usually .8" wide. The upper and lower margins are, generally, .45' wide. The first 5 folios have 14 lines per page. The rest of the folios have 15 lines per page, except the last (f. 34 recto) which has 11 lines only. The number of letters per line in the complete lines above and below the svastika varies from about 38 to 46, the average being about 42 letters per line. On the verso sides in the margins of the left-hand side is written the title Tech (in folios 1, 2, 3, 4, 7, 8, 17, 21, 24, 27, 31, 33); or area TT (in folio 20); or TETT 7o (folios 14, 15). On the remaining pages the title appears as FTER 30. In the right-hand margins at the bottom the number of the folio is written, A small vertical stroke or sometimes two strokes cutting the headline (folio 5 verso, l. 13) indicates that the letter is deleted (folio 4 verso, 1. 9). Marginal aldends are very few indeed. At only one place (f. 24 recto, l. 14) one letter (9) has become illegible; two small dashes one above the other are marked just above it, and in the nght-hand margin the letter 18 written with the same XĀNHADADE PRABANDHA mark (= ) to show that it is to be inserted at the place where a similar mark appears above the line. Again on folio 30 rerso ). 9 where a word is left out in the writing, its place is indicated by a cross above the line, and the word (सवे) is written in the left-hand margin, along with the cross. On folio 31 verso l. 11 where f (the vowel i) is left out, two curved strokes above and below the letter are marked instead. The numbering of verses is absolutely regular throughout the entire poem. । Verse-numbers are always rubricated. The names of metres, colophons of Khandas, dates of events are also usually rubricated. The prasasti reads : ॥ ॥ श्री गुरुभ्यो नमः । श्री शारदायै नमः । The colophons are: इति श्री कांहडदेकयायो प्रथमपंडमध्ये गुजराति सोरठ द्विदेश यंद नवलाप सोमईज देव लेई गदि जालहुर पासि शिराणि दल आव्यां कान्हडदे जील्या अधिकारे प्रथम पंड.। इति श्री कान्हडदे द्वितीय खंड समाप्तः द्वितीयमध्ये अलावदीन पातसाहि नाहर मलिक मोकल्या हे समीआणे गढरोहु करिउ सांतलसी चहण भही भागु पातसाहि समीआणो गढ लीधु बीजि पंडि १५८ गाया। इति श्रीकान्हडदे तृतीयसंड संपूर्ण तृतीय पंड मध्ये बाहडमेर मीनमालभंग पातसाह जालहरि आगम मुंगलभन्न पातमाह दीलीचलन समसूपान हरमसहित बदिकरण शीताई गढि आगत्य यंदछोडन चीवाह- वातकरण पंड ३ माथा २३९ ॥ दति कान्हदे चहूआण चतुर्य गंड सपूर्णम् चतुर्य संड मध्ये आल्दार गढरोहु वर्ष ८ संपत् १३६८ गढभंग पश्चात् अलावदीन कान्हडदे पठी मास ८ अलावदीनमृत्यु तिहार पछी मंवत् १५१२ पदमनाभ पंडित रास उद्धरता म. १७११ वर्षे कार्तिक वदि १४ सोमे। The us is exceedingly well preserved, as will appear from the facsimile. The paper is thick, light brownish in colour, and so well. preserved that eren the fibres in its texture are visible. Iu the lefthand wargips insects hare bored holes, some of which have been repaired bg pastiog strips of the same kind of paper, so that the damage is not noticeable. But the text has in no way suffered on nccount of this The ink is shining black, giving a glossy appearance to the writing The script is Jatna Devanagari, with the padimitra. The style of writing is exceedingly beautiful and can be ranked as one of the finest specincny of Old Western Rajasthani calligraphy. There are lurdly any currections in the 23 - evcn signs for ū and I follow. ing a consutinnt which are likely to be interchangel are all metichilously though spontaneously differentiated. The brief colophon at the end of the x3 gives the date of copying only 5,8. 1711. Tho राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्हडदे प्रबन्ध तिदतणाकारतिवरणan संतपनरुवारवारातरसार मादमासन्यतासामवार जाद्धरण। निघणवतरधरा गायुकामविशधिकरी एकचिनजेनरमांतोनातहतणांसविशालतटालाज फललासिदाधिदान एमाललितगंगसमाजालझरतयकाधिवला फलकामदादानि मज़ा विफलसत्यवचनमा नफत उरसांसालिराण-नफलजस्तपस्वीसाव जिफलका बिंदागमा सफलऊगयाप्रयाशिगजानुरकामा देशनियाजनारायणादाविनतिजफर्ज प्रदानऊरुपेत्रिफल पानिमाक्षसिसतान फलकानास्वागामतारकामचस्त्रियांकान Amकरीनिश्रवणेसुणितारघावा जितखंचामिण्यसावततुपालतबंधा कवितमतिकराऊलयुगकघानसिन वि मत चतन्याणकालिकातिघणी फलन्यास सविमानतपातिकाकादवा च बुधवसुसेगामि चरिझमाजानु टारमावर्षणसंवतवयातंग पश्चात लावदानकानमादपनीमासायलाचवीन फि तिहारपबी संवप२ पदमनासमितरासनहरता संवार्घकाशिकचदिपासाम! Last page (folio 34,-recto) of the o us.

16 KĀNHADADE PRABANDHA In making a correction, the wrong letter is painted out white, and the correct letter is written thereon. On folio 9 verso line 14 f (i-vowel) written in place of 1 (i vowel) through mistake is written over with red ink. Marginalia are few indeed. On folio 7 recto and folio 15 recto 1, 11, where a letter is left out in the text, the addition is made in the left-hand side margin, with a halapada in the line indicating the proper place where the letter is to be inserted. There is a marginal note in the right-hand margin of f. 25 verso, where the copyist has made a note that was f. 27 of the original is missing it could not be copied." The numbering of verses is quite regular in Khandas I, II, III. But in Khanda IV, after vs 307, which is numbered as 80 ( = ps 280) in the ms, the next verse is numbered as 300, while the last verse is numbered as 45 (= vs 345). Neither the verse-numbeis nor the colophons are rubricated; instead, after every quarter of the verse, a vertical stroke in red ink is made, and at the end of every verse two strokes in red ink, one before the verse-number and one after it, are made. The end of a Khanda is marked with a colophon followed by the number of the Khanda in figures and two or more vertical strokes in black and red. The colophons are as follows:- इति कान्हडदे चतुर्थपंड प्रथमपंड समाप्तः । इति कान्हदे चतुर्थपंड द्वितियपंड स्माप्तं ॥२॥ इति कान्हददे तृतियपंड सणे ॥३॥ इति कान्हदे प्रबंध चतुर्थपंड समाप्त ॥ The final colophon reads :- ही' में। १९ । ३. माहा शूद २ वार भोमे। ऋषभप्रशादान गई। सीसानयरे । ले। कल्याण- विजयनी तत । शीभ्य में । मोतिचंद । मये । दयाविजयनी चतुर्मासे कृत्वा । ५ मी घसंत । As the us is a recent onc it is quite well-preserved. The coppist is a Jaina scribe named Motichand, who copied the poem at Deesa, North Gujarnt, in v. 9. 1930, Magh Sukla 2nd, Tuesday. His bandwriting is clear and bold, as a professional scribe's would be. Ho appenrs to have deciphered the original fairly correctly and copied it - 1 1 CLL. A recto L. 14;1. I rreto L 3, 1 12 perto I. 13. vbich marks the leginning of Khanla IV by written in red Ink, Himilarly & to the croplon og Klapla IV It written la red inke INTRODUCTION 15 absence of the copyist's name perhaps indicates that the us was copied by the owner himself, who, both from the style of writing and textual emendations, appears to be a scholar of Gujarātī, Rājasthānī and Sanskrit. He is likely to have been a Jaina. The traditional suustika or ornamental blank space is found in the centre in all the pages. It is a survival of the style of writing on palm-leaf, where space had to be kept blank in the middle of the page for a hole through which the string was passed. The only other uss used in this edition which have a svastika are E and . Ms D, No. 239 of 1873–74, in the manuscript-collection of the Bhandarkar Oriental Research Institute, comes from a Jaina Bhandāra in Tharad.' This is the ms that Dr. Bunler got copied out and sent to Navalrām Pandya for publication in the sāļāpatro. It has 29 folios, each measuring 11.2" by 5.1". It has margins ..9" wide on both sides, marked off by a thick double-line in red and a small margin of .45" above and below. The right and left extremities of the folio are also marked with a broad red line. The us starts on folio 1 recto-the mangalūcarana or prasasti being in grado II si Tüt217 TH: 1 and ends on folio 29 verso. There is a big lacuna on f. 25 verso, where the copyist has left the last six lines blank and made a remark in the bottom of the left-hand margin that “as f. 27 of the original is missing, it could not be copied". On the verso sides, the folio-number is written both in the left-hand margins at the top and in the right-hand margins at the bottom. The title of the poem is not written anywhere Folio 1 has 16 lines per page; folios 4, 5, 6, 9, 10 have 18 lipes per page. All the other folios have 17 lines per page, except folio 25 verso which has only 11, and folio 29 ( last folio) which has 19 lines on the recto side, and 16 lines on the verso side. There are usually 38 to 19 letters per line, or 43 letters per line on an average. If a letter is inadvertently omitted it is added just above its appropriate place in small bands. Iff (sign for short 1 ) is left out, two curved strokes, one on the upper side and the other on the lower side of the consonant are marked to indicate it." 1 Only folios 2-7 in k bare a stosfila, the remaining folies are withont at * There is a note to this effect on the label pasted on the cloth-wrapper of the us. * Tbus vss IV 176-IV 206 are lost in the DWS • C£. £. 12 verso l. 13, £. 13 verso L 8.

राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
कान्हडदे
प्रबन्ध
Folio 24 verso of the Bus

IXTRODUCTION 15 absence of the copyist's name perhaps indicates that the us was copied by the owner himself, who, both from the style of writing and textual emendations, appears to be a scholar of Gujarāti, Rājasthāní and Sanskrit. He is likely to have been a Jaina, The traditional sťastıla or ornamental blank space is found in the centre in all the pages. It is a survival of the style of writing on palm-leaf, where space had to be kept blank in the middle of the page for a hole through which the string was passed. The only other $19s used in this edition which have a svastika are E and ki Ms D, No. 239 of 1873-74, in the manuscript-collection of the Bhandarkar Oriental Research Institate, comes from a Jaina Bbandāra in Tharad.' This is the us that Dr. BVALER got copied out and sent to Navalrām PARDYfor publication in the Sāļāpatra. It has 29 folios, each measuring 11.2" by 5.1". It has margins .9" wide on both sides, marked off by a thick double-line in red and a small margin of .45" above and below. The right and left extremities of the folio are also marked with a broad red line. The ms starts on folio 1 recto-the mangalūcarana or prasasti being in Tela 11 21 outeira Ta: / and ends on folio 29 verso. There is a big lacuna on f. 25 verso, where the copyist has left the last six lines blank and made a remark in the bottom of the left-hand margin that "as f. 27 of the original is missing, it could not be copied”. On the verso sides, the folio-number is written both in the left-hand margins at the top and in the right-hand margins at the bottom. The title of the poem is not written anywhere Folio i has 16 lines per page, folios 4, 5, 6, 9, 10 have 18 lines per page. All the other folios have 17 lines per page, except folio 25 verso which has only 11, and folio 29 ( last folio) which has 19 lines on the recto side, and 16 lines on the verso side. There are usually 38 to 49 letters per line, or 43 letters per line on an average. If a letter is inadvertently omitted it is added just above its appropriate place in small hands. Iff (sign for short 1 ) is left out, two curved strokes, one on the upper side and the other on the lower side of the consonant are marked to indicate it." Only folios 2-7 in a have a srastha, the remaining folios are witboot it • There is a pote to this effect on the label pasted on the cloth-#rapper of the us. 3 Thus rss IV176-IV 206 are lost in the DYS. CE f 12 verso L 13, t. 13 verso L 8.

16 KĀNBADADE PRABANDHA In making a correction, the wrong letter is painted out white, and the correct letter is written thereon.' On folio 9 verso line 14 f (i-vowel) written in place of 1 (i vowel) through mistake is written over with red ink, Marginalia are few indeed. On folio 7 recto and folio 15 recto 1. 11, where a letter is left out in the text, the addition is made in the left-hand side margin, with a lākaņada in the line indicating the proper place where the letter is to be inserted. There is a marginal note in the right-hand margin of f. 25 verso, where the copyist has made a note that was f. 27 of the original is missing it could not be copied." The numbering of verses is quite regular in Khandas I, II, III. But in Khanda IV, after vs 307, which is numbered as 80 ( = vs 280) in the ms, the next verse is numbered as 300, while the last verse is numbered as 45 (= vs 345). Neither the verse-numbers nor the colophons are rubricated; instead, after every quarter of the verse, a vertical stroke in red ink is made, and at the end of every verse two strokes in red ink, one before the verse-number and one after it, are made. The end of a Khanda is marked with a colophon followed by the number of the Khanda in figures and two or more vertical strokes in black and red. The colophons are as follows:- इति कान्हडदे चतुर्थपंड प्रथमपंड समाप्तं । इति कान्हडदे चतुर्थपंड द्वितियषंड स्माप्तं ॥ २ ॥ इति कान्हडदे तृतियषंड संपूर्ण ॥३॥ इति कान्हदे प्रबंध चतुर्थपंड समाप्तं ॥ The final colophon reads :- ही स। १९ । ३० माहा शूद २ वार भोमे । ऋपभप्रशादात् गौ। दीसानयरे । लं। पं। कल्याण- विजयजी तत् । शीष्य मुं। मोतिचंद । मयै पं । दयाविजयजी चतुर्मासे कृत्वा । ५ मी वसंत। As the us is a recent one it is quite well-preserved. The copyist is a Jaina scribe named Motichand, who copied the poem at Deesa, North Gujarat, in v. s. 1930, Māgh Sukla 2nd, Tuesday. His handwriting is clear and bold, as a professional scribe's would be. He appears to have deciphered the original fairly correctly and copied it 1 CE { 8 recto 1 14,1 9 reeto 1 2, f 12 recto 1 15 * which marks the beginning of Khanda IV 18 written in red inh. Similarly at in the colophon on Kbanda IV 13 written in red ink, INTRODUCTION 17 ont with care, It appears that the original was written in the tradi. tional Devanāgari style with padimātrā, which has been properly transcribed in modern Devanāgarī. Only at rare places the scribe bas mistaken the padimätra for the u-stroke of the preceding letter. An interesting feature of the writing is the separation of the for î (ū or i) sign from the preceding consonant when the latter touches the margin. At one place (f. 29 verso) the scribe has written fo in a peculiar way-the f mark written in l. 4 (last letter), and the letter a in the succeeding line-1. 5 (first letter). The comparative accuracy of this ms and the stage of language it shows suggest that its original was an old and accurate manuscript. But it seems to have suffered when the copy was made. It is possible that the scribe bas inserted anusvāras, which did not exist in the original. MSD being only a recent transcript of an old us, it is not reproduced in facsimile. Ms E is a fragmentary us, originally belonging to the late Dewan Bahadur K. H. Durura, now in the possession of the Gajarát Vidya Sabhā, Ahmedabad. As it is incomplete and its colophon has not come down, details about its date and the copyist are lacking. However, from the condition of the manuscript, as well as the style of writing, it can be presumed that the us is at least as old as the B us or perhaps even a little older. The fragment consists of 9 folios in all-folios 4, 5, 7, 8, 9 and 21, 22, 23, 24. Folios 4-9 measure 10.2" by 4.5" with margins .7" wide on both sides and 5' at the top and the bottom Folios 21-24 measure 9" by 4" with margins .5" wide on both sides and .25" above and below. The margins are marked out by three or more lines in red and blach. In the left-hand margins of the verso side are written nupbers of folios, but except on folio 22 verso left-hand margin where at the top is written pas , nowhere is the title of the poere mentioned. Folios 22, 23, 24 leave blank space in the middle to form a sastıla. Folios 4-9 have on an average about 16 lines per page; while folios 21-24 have about 18 lines per page. Folio 24 ha. 20 lines on both sides. IS E extends from I 83-I 140, I 167-I 242, III 17.-IV 61 1 18 KĀNHIADADE PRABANDHA Folios 4-9 have an average of 40 letters per line; while folios 21-24 have about 46 letters per line. In the extant folios there are hardly any corrections or additions, marginal or otherwise. The numbering of verses is regular up to the Bhadăuli of Khanda I; after which the numbering starts again with 1 (verse 192 being numbered as vs 1 and so on). The nuinbering of verses is again regular fram Khanda III up to the verse 61 in Khanda IV. The verse-numbers, the names of the metres and the stastila on folios 22, 23 are rubricated. On folios 23, 24 the colophon is writ ten in red or rather saffron-coloured ink, so also the verse-numbers and names of metres. There is only one colophon—that at the end of Khanda III which reads ॥ छ ॥ इति श्री सोनिगिरावंशे श्रीकृष्णचरिने तृतीयपंड ॥ श्री ॥ The script is Brahmanical Devanāgari of the Rājasthani type, without padimare, and might belong to circa 17th century. The copyist might have been a Brahmanical scribe of Mārvād. The nianuscript has suffered very much from lack of proper preservation. Its edges have crumbled away and insects have bored holes in the sides, The manuscript is quite old and accurate, and has been very helpful in the restoration of the text Ms F is one of the two fragmentary bigs that were sent to me by Muni Ści PUNYAVIJAYAJI from his personal collection at Pātan. It has 8 folios in all, of which folio 4 is missing. The folios measure 10,4" by 44". There are margins on two sides about .5" to.6" wide, and a small margin of .4" to .5" above and below. Triple lines in red mark off the wargins. Some of the side-margins are eaten up by insects. Page numbers are noted on the verso side, right-hand margin, bottom The title of the poem is not written anywhere. The manuscript commences on folio 1 verso and ends on folio 8 verso There are 12 lines per page. Each line has 41 letters on an average. 1 MS 7 extends from I ]-I 61, and I 87-I 181 राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्हडदे प्रबन्ध गणागारीनंदनवीनची वासनासरसन्निासरबधिप्राकृतिकवाद्यानमममिर्मलमन्तिारादिम यशवधारिदशिय्यारयजलजयवंताअमरावंशनिकंदाशतत्रणमुंबकतानिणनिमनाजलगाहराति नावारसायंगावासदेवधुरिवानवनिमयामानगियंदानाघपंडितसुकविवाणीवचनसुरंगा ।। रतिसोनिसिरातणीतिरावरीसुगिजालउहरुउजमिाणासामसासुतनेतासतपापणव खाकारतिकानाड़दानवकोटानामिसाशमारुविधाणदेसाधाणकर्णधरित्रावकस्तिएशकर। उकासवादकपायावलनगिनापाशगमितणनावालिातदाश्रलगनगिजालुहरमनपरी श्कानिापऊलकारतियागधणीचा विषयाणिराजहंगरलीयानासानिगराचा या कातणसंपतिश्सालिसीपरिरक्षिावावेदिवगनासिकाश रामरविनयनिक प्रतिसहो दरस्पंधणीमालदेवमतिमंतिधरवीरमदेवली जाणेजियवंतहटकापसरताण तासकघासंबंधिवासारायणव एलविवाहतियाविनायकममरगि 'राजकरधरित्रापणशवानापनवगिरायपशातिवसरिराजरधरायासारंगदना निवालाशातिणावगाउमाधवक्त्तीतहीअलगविहारतावरीसायुक्षतिगपरिधानाकराध First page (folio 1 verso) of the I MS.

राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्ह इदे प्रबन्ध गोरानस्नवान बहामनामरमनिमरमरक्षारूतक खिमुजावर जमानग्राम गोहानकडेच पुरषयवतारधरि यादव विजयवतम्यमरावसनकदी नेमणगोकतारजालुहरगिजारपसा मतमानमेन नामानणगुणदल कारतिका कामद. ३नवकोटानामिनपरुनायिएदिसच कसरिसकिहनगर काकाणयमुक्स जरिमानाजनगणताउनाना चाउन माग वामदेवधुग्लिन न यमपामुमानामि ५ पदमनानपरितकी वाणावचनमरग कानिकांकरलगा निणिउचामरगह करण्याचलगिजागर गमनामजवानि नहालगभूमिजालहर जराधपिटलकति विषमदूर्गमा भासनहीं प्रामर नामजाजजामाद मनहीगालेर निस्कनमुनहातमननपकमर जामजान हरगति मारणार नमनहानगर वाधवगतस्पुनही नमनासागर जम्मजागहरजीार नमनहा माजरा उनकारीनागिमहोणवसदसधवाण राजहरला प्रामण मानगरात आण- काहान नमिनियमी जमीश्वपरिधि मविवानिमिवाम गवनवनननदि सानिमहारथरणी मालवमनिमन जसरवारमरेता ली जावायुगियरवनय कामरगोणम नामक याममेघ बरोणागणवर्णनपुविधासन५२४ गत निलिया रपमाहानिग राजकरिघरमापति पहआणानरगस पदनिलिसवमरिंगमरवरराय सारंगनामियानानिलिभगमधमाश्वयन तहीलगिविना पारन पसरलपत्रवान कीतज्ञानी मजान जानिनोजनकन अगर काणमापन १७ मागवमार्टिनरम नरमारामागल्माकम First pago (folio 1 VCLSO) of the ', MS.

INTRODUCTION 19 The noteworthy feature of the manuscript is that lines are written in red and black alternately-one line in red, one in black as on folio 1 verso, folio 2 etc. Sometimes there are two lines in black alternating with two lines in red (as on folio 3 recto). Often there are 3 lines in black, alternating with 3 lines in red (as on folio 5 verso). Verse-numbers are written in the same ink in which the line is written. There are no marginal corrections. On folio 5 recto the verse number- 64 - is added in the margin. In the text itself if a letter or two are to be deleted the headline is crossed with two or three small vertical strokes (folio 7 recto, ll. 1, 7; f. 2 verso l. 10). If a letter is to be added the addition is made above its proper place in small hands (f. 2 verso, 1.9). If words are to be transposed a number is given above the word indicating their proper sequence (folio 3 verso l. 1). The 318 is on the whole very clear and accurate. The numbering of verses is correct up to verse I 35; after that two verses are numbered as one, with the result that vs I 181, where the manuscript concludes, is numbered as 107. The prasasti or mangalūcarana is simply so; and there is no colophon, as the manuscript is only a fragment. The script is exceedingly clear, bold and beautiful, approaching the cms in its penmanship. The script is similar to the Jaina Devanagarī, but without padımātrā. The writing is rather larger than usual, and is slanting towards the right. It appears from the manuscript that the copyist was a professional one, who must have had considerable experience of copying Jaina manuscripts, though he himself might have been a Brahmanical scribe. The manuscript is fairly well preserved and the paper used is of medium thickness. About one-third of the page towards the right shows signs of damage from exposure to moisture. From the condition of the manuscript and the state of lang. uage it preserves it may be assumed to be quite old, belonging almost to the same period as us B or E. The manuscript is very reliable and has been particularly useful in settling the text of the first Khanda where the two other important mss A and a vere fragmentary, GH constitute, in fact, one manuscript; o has folios 1-8, while A has folios 9-24. Both come from Patan; a came from Muni Śrī PONYAVIJAYAJI's collection, and , originally belonging to Kesarbai's 20 KĀNHADADE PRABANDHA Jäāna Bhandāra, Påtan, came from the late Mohanlal Dalichand Deski's collection acquired by Godiji's Upåśraya, Bombay. The description given below, therefore, applies equally to both , and #. Each folio of the ms Q(u) measures 10" by 4.4". It has side-margins about .9" wide and margins above and below about .4" to .5". Two double lines in black ink with the intermediate space painted in saffron ink mark off the margins. There are on an average 13 lines per page. The number of letters per line varies from 37 to 48, the average being 41. In the bottom of the right-hand margins of the verso sides are written the verse-numbers within an ornamental double square painted in saffron ink. In the left-hand margin at the top is written the title of the poem, within an ornamental rectangle. Below it in a small square painted in saffron ink the number of the page is written. Some of the pages have their left and right edges painted with red ink. The manuscript has no svastika, Every quarter of a verse is marked with a vertical stroke in saffron ink. At the end of the verse and again after the verse-number a vertical stroke is marked. However, from the end of Khanda II up to the end of the us (at III 159 ) these verticals are left out, though space for them has been kept blank. It appears that the copyist postponed the drawing of the verticals and then forgot about it (from f. 18 verso to the end of the us). The colophon of each Khanda is rubricated, and also the first verse of the Khanda. Names of places like जालहर, भीनमाल, and the naines of metres are also rubricated. If a 1 (a-sign) or f (r-sign) is written through mistake, it is simply crossed out by two upward strokes. Sometimes the letter to be deleted is painted out with red ink. The addition of an inadvertently omitted letter is made just above its proper place. Sometimes (as on f. 5 verso l. 8 and f. 8 verso l. 5) a number of words are deleted by drawing a line through them and marking a cross before and after the deleted portion. The deleting line is usually drawn in black ink but once it is in red ink (f. 11 recto, The title of the poem appears differently on almost every page, as shown below: काइनिडदे (1,8, 9), कानहदे चहू (12), काहान्डदेनी चु० (13), वाहानटदेव चुपर (1.4); काशनहटे चहू (15, 6), काहानददे च० (17), काहान हेनु प (1_10); कादानटानु पवाड (f 11), areazza (12), (£ 13), TTECH (L 15); T&T (1. 16); काहनिदान ( 18), कान्हरे पाटर ( 19), काहन्दिरनु पवार (120); कान्हदेनु पवार (621), #112 99163 (L. 22), TTT 9. (f. 23), 1967 Y(1.34), INTRODUCTION 21 1. 6). At one or two places the wrong word is disfigured and the correct word is written just above it. Marginal additions are rare. On folio 16 recto l. 10 the number of the verse (figure 3) is disfigured; it is therefore written again in the left-hand margin. Similarly on f. 17 recto last line, the word for omitted in the text is added in the left-hand margin. The numbering of verses is regular up to I 37; after that op to I 123 two verses are generally numbered as one, so that I 124 comes to be numbered as 84. From I 125 numbering again becomes regular up to I 191, which is followed by the Bhaďáuli. After the Bhadāuli again two verses are numbered as one up to I 223, after which the numbering is regular up to the end of Kbanda I. In Khanda II numbering is regular up to II 27, after which two verses are numbered as one up to II 92 (II 92 = vs 57 in n). Then come the interpolated verses numbered regularly in the sequence (vss 58-81 in n). The verses from II 93 onwards up to the end of Khanda II are, generally, numbered regularly. From Khanda III vs 1 onward up to the end of the us o (f. 24 verso) the numbering is quite regular. The prasasti or mangalācarana is 11 sur 7: Coll in Khanda I. Ebanda II also commences with a mangalācarana; 3 THOUT 74:1 The colophons are: इति प्रथमपंडः। अति दूतीअ पंड समापत ॥ २ The final colophon is not available, as the us is incomplete. The ms () is quite well-preserved. The paper is thin. The handwriting is not well-formed and balanced, though it is legible enough and appears to have been written by some professional scribe, who may have been a Brahmin. From the style of the script as well as the condition of the paper it seems to belong to somewhere between 1700 and 1750 7. S. The us is likely to have come from Rājasthān, judging from the paper. The manuscript is corrupt and not reliable; but it preserves some important readings and is at some places helpful for collation. It is evident that on is one single manuscript', which got split up into two fragments; one (folios 1–8) came in the possession of Juni 1 Compare the facsimiles of uss 1, reproduced in this edition. A word 19, perhaps, necessary to explain why parts of the same is came to be designated as two separate 139, 22 KANHADADE PRABANDHA Śrī PUŅYAVIJATAJÍ, while the other part, through the efforts of Muni JASHVIJAYAJĪ, was acquired by Kesarbāi's Jiāna Bhandāra, Pāțan, from where the late Mr. Desát seems to have borrowed it for study. Ms J belongs to the Jaina Jūäna Bhandára of Samvegi's Upăśraya, Hājā Patel's Pole, Ahmedabad. It was made available to me by Muni Śri PoŅyavIJAYAJĪ, It has 22 folios, each measuring 10.6" by 4.25", with side-margins .4" to .5" wide, and top and bottom margins .3" to.4" wide. The margins are marked off by a double line in black ink, It commences on folio 1 recto and ends on folio 22 verso, It has about 18 lines per page. The last folio has 17 lines on the recto side and 4 lines on the verso side, On the verso sides of the folios, in the right-hand margin bottom, is written the number of the folio. The title of the poem is not mentioned anywhere. Deletion is effected by crossing the top of the letter only or by one or two vertical strokes (as on f. 1 recto, 1. 12). Sometimes merely a dot on the letter and the vowel signs attached to it (f. 5 recto, l. 4) indicates deletion. Sometimes dots are marked to indicate the deletion of a letter or its vertical (f. 7 recto, 1. 9). The addition of a letter is made above its proper place in small hands, using padımātrā if space is insufficient for insertion of a top mītrā (f. 2 recto, 1.4) I have pointed out how at the suggestion of Sri Mohanlal Dalichand Desil I went to Patan in 1941, but could not trace there the Kanhadade Prabandha ng 10 the Kesarbā. Jñána Bhandara When I informed Mr. MD. Degil about this he sent me a list of variants he had collected from that us. When in 1948 I collated 999 A to G, which were all that were then accessible to me, I included the variants supplied to me by Sri M D. Desit in my Critical Apparatus, designating its source the 11 ms I did suspect then that ng II, which immediately followed a might be a part of it, but I could not establish the identity merely on this evidence After that I collected a few variants from Derasari's text and named the source as I Later, in 1951, three other mandscripts - 399 JKL - becane accessible and were atılızed for collation. It og only as late as October 1952 that the original wg from which the late JI. D. DESāt bad collected the variants, became available to me It was then found that both on constituted one single ws, which had got split up through peculiar circumstances By this time about one-third of the present volume coming almanet op to the end of first Khanda was already printed off It was, therefore, necessary to retain the old scheme of manuscript-designation, namely a for Povra. FIJATAJI's fragment of folias 1-8, and for the us from Godsji's Upasraya, containing folios 3-24 राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्हडदे प्रवन्ध नहयोगानणापूठिपचवर्ण पलाणजमा किसाकुलाकेकूलोल वाजनीवशाउला बसुराब कीबिहार ऊकामहलातलीपयटायलयल्पगगुबाढलकनी लागानापानानहरेमागकातहयामकिसानिमा) हावाचयापचवासवरमकफरापि चामवरसमाहा लगूमधानी/बाराविवार याकरणातकमुजाना मित्रमाण बाजहारमशारा हसुचारयामालिमनसुंचालिापवनसुतरशनिवरिप स्नाशमहादरा सैयमिसपर बालाबीमारी सभापपानिएवनतीनम स्वारकरीत्रीमगा युवापरिश्रिापणास्वामीजल कार्यकवि तहगोचालोचमासिनारकाधा जरहि जानापमान ओगरणा अंगरसाकरावानियोगालाहबदलुमिममममनाहामगादानहीमा मुगटनणागारबाह गरिननाउतागलामाजोकवाकसकारागपसमावायवचनावागामाहनाफरमाया नकारनीकमारामालारजरमारूपहारधिकारपत्रामसदनताहिकरीमान दिउ/अनेकदाजनययजयसबदनानधषलष्लनाधा मोनाबाटिनाचाना नाटकानापारिना कारक असनारेगार धनुषनापाकारालाणातगारामामूरारानणमसंघनिषति EMAMALAमिका आपागलवाजाधमांनादातरमकेतगरकाशिनाल कालेनापरिया कामासंगमावणीवाग नोमानलमा-मामा भारतरवरी मामलरमा निरन्तर 22 KĀNRADADE PRABANDHA Śrī PUŅYAVIJAYAJĪ, while the other part, through the efforts of Muni JASHPIJAYAJĪ, was acquired by Kesarbāi's Jõāna Bhanļāra, Pātan, from where the late Mr. Desht seems to have borrowed it for study. Ms J belongs to the Jaina Jõāna Bhandara of Samvegi's Upāśraya, Hājā Patel's Pole, Ahmedabad. It was made available to me by Muni Śrī PUNYAVIJAYAJI, It has 22 folios, each measuring 10.6" by 4.25", with side-margins ,4" to .5" wide, and top and bottom margins .3" to.4" wide. The margins are marked off by a double line in black ink. It commences on folio 1 recto and ends on folio 22 verso. It has about 18 lines per page. The last folio has 17 lines on the recto side and 4 lines on the verso side. On the verso sides of the folios, in the right hand margin bottom, is written the number of the folio. The title of the poem is not mentioned anywhere. Deletion is effected by crossing the top of the letter only or by one or two vertical strokes (as on f. 1 recto, 1. 12). Sometimes merely a dot on the letter and the powel signs attached to it (f. 5 recto, 1. 4) indicates deletion. Sometimes dots are marked to indicate the deletion of a letter or its vertical (f. 7 recto, 1. 9). The addition of a letter is made above its proper place in small hands, using padimätrā if space is insufficient for insertion of a top mātrā (f. 2 recto, 1. 4). I have pointed out how at the suggestion of Śrt Mohanlal Dalichand DesĀr I went to Pātan in 1941, but could not trace there the Kanhadade Prabandha M9 in the Kesarbai Jpana Bhandara When I informed Mr. MD. DESĀi about thus be sent me a list of variants he had collected from that ng When in 1948 I collated M99 A to G, which were all that were then accessible to me, I included the variants supplied to me by Sri M D. Desat in my Critical Apparatus, designating its source 29 the 28 I did suspect then that us 1, which immediately followed a might be a part of it, but I could not establish the identity merely on this evidence After that I collected a few variants from DPR Sari's text and named the source as 1. Later, in 1951, three other manuscripts - M39 J K L - became accessible and were utilized for collation. It was only as late as October 1952 that the original ms from which the late DI, D. Des I had collected the variants, became available to me It was then found that both a n constitated one single us, which bad gut split up through peculiar circumstances By this time about one third of the present yolume coming almost up to the end of first Khanda was already printed off. It was, therefore, necessary to retain the old scheme of manuscript-designation, namely a for PuNTA- VIJAYAJIS fragment of follos 1-8, and u for the y9 from Godiji's Upāśraya, containing folios 9-24, राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्हडदे प्रवन्ध निधोमानापूठिपचवर्ण पलाणजमा किसा३कुलाककूलोल वाजनीवनाउलाम्बसुराबलको ग्रहास किताबहलाएत लाया थलथलागलगडलकनी कागाना यानालहरयागमतिहयामकिसा किसा हाचा पचासवरसफफरापिचासक्रममाहा लामधानी बाधिवार (पाकरणतकमुजाना निघमाण बाजदारकशारहिंसचारा यार बोलिमनसेचालिा पवनसुतरशनिवरिप इनामीमहादसियोमिसपर बालाचामारामारामापिपानिएवनणी नमवारकरशवत्रीमा वावरि श्रापणास्वामीनले कार्यकयितहराउतेचालनेचम्यामिनास्कामाजिरहि जीपालामाल ओवी गरमी करावारियोगाोलाहबलुमि/मममसनाहोमगाबानहीप्रामुगटनपाटगारवाह या स्तनावतामलकरामाजीकवाकसकारागसम्मावापानावागामाहनाफमूहमीचा जनहारनाकालाआमालडरिजरमारपहार कारपासूर्यदनाहितरागा दिडा अनेकाननमयजयसवदनालशपलपल नोपामा नाबाटिकाचाना नाटकानस्परिना माट/नागारधिनुषनाधापाकारा लागनगाटारमा मूगाराउननणाससहतिषतिमा यामिका आपाशतिवाजासमोना हालइके गरकाचिगराउल काहीना अपरिया कामाचगाहणावगिरना यादी नरवाजा आममारिनरवालालहर) २ मिदना Folio 9 recto of the p vs.

राजम्यान पुरातन ग्रन्धमाला कान्हडदे प्रबन्ध मिििनरंतरमहामनमिरलपावलाकारनिवारमदएकमलातिनारनस्वापाषाण मागविमानककिरिशलापपरिमांETIRATRAI मरवानारामामामाजाबुहाnegmफी टोअरपुलायमाश्रमकहिकारलमिणगारसमलूलारामलमलकिराइनोप्रेमगलमा मोनगियर munipxiiमाहगाडताताहराघरनारिजाजनापकानगियामानानुमाanuaमगणDurयालय गरियालिनि लाहारगयामरापुरियावाखामरानमालूमाneuसालापासराकारण समितियारि अनिल गयपन्नालालhिविधानपकिमयमुनानहातहनिला रिमालकनएफयमेशRIMITEपकमनाहोई मायमंदिरमोकलावागारापानशाहनिचललेलाजागि सोनाआधर्ममानिसबलानिएलालामाहाभयमुनातलमोहरमनरनाराविजपतानादेवलोविजा नोमनाविधकारसायवनमात्रामामाkिanानमासिसवामपरिमालियामरणपाल मुरतोकिएजसमअवताराकल्यविदर्शनामानिलावारमदे दामटागलेदेविदामाद मानगिराकलिमामघाबरलमयगलेदेवषिमावसयतमालामण्यरातसोनगिकतावालला नणाकराणायामामवालाबलिदाधापागारअघयाजकनावणानिलिमविसौनलपपुराणाकानिपत 'लाविलगनिनिमानाकरीनजनवानापयातायनलाग्नंकायोलानाजनमालगिजयवा अल्लापरनाराबहादरलालजयरातजनामवाहिनापपतानाहापाराजालिकारनिकालन बषयरातियजयालाammaaमगारमोहिनागरएकापदमाजकतापविवेकापलबुबिकल्लादरिना। 'सन्धिकवितनमानालगनिनलिमुम्मायाअरबंधबुधिनिलयायाअषयाजमाषामामादमा लानकारनिविमारामारितम्यानवनावाहकापेमधुगंगानापंचनालासमुस्विमामाममाथिरिमनिमारा। मनपनरबारातमानिलिदिमिमवारविमरगटउत्रमतामागयकालदेमालंदनामपदमनानमा) निमोलिनवावतणाकारनिवारकोदानचरिजनननिहलानाशानियालिप्राशनबंधविनातिका मंगमारलगायतलव लायातकयो। कस्थगिकथापनयविस्ताचल्यासिकारनियाग्राममविवाहितालिम्पारालकांदपवारामा Last folio (folio 23 recto and verso) of the I us.

INTRODUCTION 23 No marginal corrections or additions are found anywhere in the ws. The numbering of verses is regular up to I 191, after which follows the Bhadāuli, a part of which is, in this ms, versified and numbered. After the Bhadāuli up to the end of Khanda I the verses are numbered regularly. Verses of Khanda II are numbered regularly except that II 101 is marked as 300 instead of 100 according to this ms. (The copyist perhaps wanted to give continuous numbers). Verses in Khanda III are numbered regularly up to III 205 (which is numbered 194 in this ms) which is however followed by verse 1 (=201). After that the numbering is regular up to the end of the Khanda In Khanda IV the numbering is regular up to the end, except that instead of vs. 300 according to the scheme in this ms 100 is written through mistake. Verse-numbers, refrains of songs, names of metres, beginning of a Bhaļāuli, colophons marking the end of a Khanda, are rubricated. The mangalācaraña or prasastı of the us is: ॐ श्री भगवत्यै नम । Its respective colophons are: इति श्री प्रथमपंड समापतः॥१॥ इति श्री द्वितीय पड समापतः॥२॥ इति श्री तृतीयपंड समाप्तः॥ इति श्री राउल कान्हडदे पवाडु रास । संपूर्णः ॥ श्रीरस्तुः ॥ शुभं भवतु ॥ लेपकपाठकयो.॥ The paper is of medium thickness and brownish in colour. Insects have bored holes at the top and the bottom and in the righthand margins, but the writing has not suffered thereby. The sis is very well preserved. The bandwriting is excellent; the script is Brahmanical Devanágarī, very occasionally using a padımátrú. The copyist who may have been also the owner of the manuscript is certainly Brahmanical. He is also a good scholar of Sanskrit and Gujarati. There is no colophon indicating the date or the name of the copyist but from the style of the script and condition of paper, the ans appears to belong to the early 17th century v. s. The style of the script points to Gujarāt as the place of its origin. Ms K comes from the collection of Śri Votichandji KIAJĀKCRİ of Bikāner. It must have had orginally 53 folios, of which the first and the last-folios 1 and 53--are, unfortunately, missing, as also folio 49.

24 KANHADADE PRABANDHA Each folio measures 10.3" by 4.3" with side-margins .8" wide and top and bottom margins .3" to .4" wide. The side-margins are marked off by a sharp triple line or sometimes a bunch of several fine lines, Folios 2–12 have generally 11 lines per page. Folios 13-29 have usually 12 lines per page. Folios 30-31, 34, 37-39, 41-44, 46-48 and 52 have 13 lines per page. Folios 32, 33, 40, 45, 50, 51 have 14 lines per page. Each page has on an average 12 lines. The number of letters per line varies from 31 to 45, the average being about 36 letters. In the left-hand margins bottom of the verso side is written the number of the folio; the name of the poem is, however, not mentioned. Deletion is made by painting out the letter or word with white colour, after crossing it out with very small vertical strokes on the top (vrde f. 1 recto, 11. 1, 8, 9). On f. 8 verso where several words are to be deleted they are painted out white. Sometimes on this white ground the correct words are written (f. 38 recto l. 10; f. 45 verso, ll. 11-12). Occasionally the deleted words are, after crossing them by a fine line, rounded off (f. 47 recto, l. 6). Words omitted in the text are added in the side margins in the same line (f. 2 verso, 1 5). On f. 5 recto thus a whole carana is added in the left-hand margin, vertically, starting from the bottom, its place being shown in the writing by a cross. A whole carana iş slılarly added in the right-hand margin of folio 6 verso, and an entire verse on f. 20 recto. Sometimes, if only a letter or so is to be added, at is written in smaller hands above its proper place (f. 3 verso, 1. 5; folio 4 verso, l. 5). At one palce a whole carana is thus added above the line in small hands (f. 5 recto 1.5), the position of the insertion being indicated by a häkapada. Once, on f. 29 recto, l. 8 such addition is made in small hands below the place of omission. On f. 10 recto the addition of a carana is made in the bottom-margin in small hands The numbering of verses is regular up to the end of Khanda I, the last verse of Khanda I being numbered a9 (2) 49. Then, unlike the other ass, the numbering runs continuously, i. e. the first verse of Khanda II is numbered as 250, but verse 400 (-II 154) is, through mistake, numbered as only 100. The concluding verse of Khanda II is numbered as 14 ( = 414); and the first verse of Khanda III is numbered राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला कान्हडदे प्रबन्ध শ্লাগলামটরীযurঙ্গালীনবতমালাবিৰ@মৗধও৷ कारतिरुपताविस्वसविशुनगतितिासायाकराणानाजनवानियवशाजापति स्तरकाव्याबानाजनलगायतमस्तुएषापरजायसहादुरसएपठ100मराज निमश्रवारजनांपल्याविलायाराजाणकारतिकान्हाउनएषदतिया mammतासमानिसलारा कालावीसश्मालपशेकरचामजतेउादव चाहे आगपतिछल्वेताशावासलनगरमतोमरपकायदमनातिवाविशएपक्षिवेकाएदबठिया रिश्वनीलिवधिकद्धिजनरंजनराशामालारतातणश्यसामध्यरधनस्तियाज्ञायत्र राजमायामणिमपिदमनाशिकारतिविस्तराधासोसलासरीरसल्वासाचवपरमसम्या रसायारघउजिस्पेनवनावरहाचतमहामधुरागातायेचतालासउठिवरासामासमा गमित रनिमदासासवतश्तरतिलिदिनसामधार विस्तारज्ञावालगढठत्रिमतोमाराउल कान्हमालदेनारायदानातिमतिमानवातिस्ताकारलिधmaunएकचिनिनेनरमा) सलहितासविनटलजफललालश्दोघाटोनजिकलगेगात सनोनामाजिक लकश्तयकाधनलॉजिघननइशदर्शननिरमलाजिकलमपानपरमाणाजिलसंधान Last page (folio 52 verso ) of the Kms.

राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
कान्हडदे प्रयन्ध
--
-जारसगवादीलंघ।
यजाइमरासायौपाई
विमोकिमनश्लश
सीमामेदरमोललामण
तलावादियानि
मध्यवताराकानिध
रोलिसाहसवापानी
तषत्सातमुचपरा
राजकतलवायाजी
मलाजनवारिनित
इरनहाषराज
यालाधणश्वा
क्षिकविजनरंजना
बननातिकारनिवितरी, २६
हाजपईमधुरागाना
...
-~-
,
Last page (folio 38 verso ) of the L 23.

INTRODUCTION 25 as 15 ( = 415). Khanda III ends at ys. 663; Khanda IV commences with vs. 664. Verse-numbers, names of the metres, commencement of the Bhadāulī, stops in the Bhadāuli, refrains of songs, dates, and the colophons are rubricated, The prasasti or mangalācarana is lost as the first folio is missing. The colophons of the Khandas are: इति श्री कान्हदे चउपई प्रथमपंड समाप्त. ॥ १॥ इति द्विती पंड समापतः॥ २ ॥ The ms is in excellent condition. The paper is thick and brownish, The handwriting is beautiful and rather large up to £ 26. Sometimes the writing is marred by haste, as on f. 32. In the last 12 folios -- from f. 40–52 — the writing is not uniform, nor comparable to the preceding pages in attractiveness, but it is certainly from the pen of one and the same copyist. The as is carefully copied, accurate and preserves the old tradition faithfully. As the final colophon has not been preserved nothing definite can be known either about the copyist or the date of transcription. It appears, however, that the copyist was a Brahmanical scribe, as the script is Brahmanical Devanāgarī of the Rajasthāni type. There is no padimātrā. From the condition of the paper, script etc, the us may be placed in the early 17th century. Ms L also comes from the private collection of Śrī Motichandji KHAJANCHI of Bikāner. It is fragmentary; only folios 15 to 38 are extant, of which again folio 32 is missing. Each folio measures 10" by 4.3" svith margins on two sides .7" wide marked off by two fine double lines each, sometimes at a little distance from each other. The top and the bottom margins are about .5" wide. The lines per page vary from 13 to 16, the average being about 15 per page. Folos 15, 16, 18 have 13 lines per page; folios 19, 20, 23, 27-29, 34-35 have 14 lines per page; folios 17, 22, 24-26, 30–31, 36-38 have 15 lines per page. Folias 21, 33 have 16 lines per page. There are on an average 43 letters per line-varying froin 37 to 48 letters per line. In the bottom of the left-hand margin of the verso side is written the folo-number, but the name of the poem is not mentioned anywhere. 1) 26 KĀNUADADE PRABANDHA Deleting a letter is made as usual by marking two small upward strokes on the head-line or top of the letter (f. 16 recto, l. 1; f. 18 verso, 11. 8, 9). Sometimes a headline is not formed which also indicates deletion. If a number of words are to be deleted they are placed within two curved lines not unlike modern brackets (f. 16 recto, l. 3; f. 30 verso, 11. 9-10). The addition of a letter, left out in the text, is made sometimes in the side-margin (folio 21 verso, 11. 7, 11) and sometimes above the line in small hands (f. 25 l. 8) when several letters are to be thus added, the addition is made in small hand in the top-margin flanked by a cross on each side, and the place of addition is indicated by a cross resembling a läkapada (f. 25 recto top-margin). The numbering of the verses is irregular. Sometimes two verses, sometimes even four verses are numbered as one. After II 142 the numbering is regular up to the end of Khadda II (the last verse of Khanda II is numbered as 55) The verse-numbers being continuous, the first verse of Kbanda III is marked as 56. Otherwise the numbering is again regular :v III 47 is numbered as 300; vs III 151 is numbered as 100; vs III 250 is numbered as 500. Khanda III ends at 501; 60 the first verse of Khanda IV is numbered as 502; IV 98 is numbered as 600, IV 200 is numbered as 700; vs. IV 299 is numbered as (7)97 (the next three verses have remained unnumbered), and the last verse in the us (folio 38 verso, l. 15)-IV 342-is numbered as (8) 40 The folio numbers, refrains, the verse-endings and verse-numbers, names of metres, Bhadāualis, the beginnings of Khandas and the colo phony are all rubricated. The colophons are . इति राजा श्री कान्हडंडे द्वितीय पंड समाप्त.॥ इति राजा श्री वान्हदे नितीय स्वर्ग ममाप्त ॥ The final colophon has not come down as the us is fragmentary. The ms 18 fuirly well-preserved, but the paper being thin and of an inferior quality the edges crumble away when hundled. The copyast is a professional scribe and appears to be Rājusthāni, both from the script and the pronounced Rajasthāni charucter of several words. He is not a schular, which accounts for the lapses in copying. The script is Devanagari of the Rājasthåní type, and frequently resorts to puudumvitri, which, however is not uniformly adopted as in 15 0. handwriting 19 an excellent specimen of Old Western Rajasthani penimanship. The 33 13 important us preserving a purely Rajasthini version of the peu. From the condition of tlıc ve and the style of Thc INTRODUCTION 27 its script etc. it might be presumed to belong to the end of the 17th century or thereabouts, though in the absence of the final colophon, nothing definite can be said about the copyist or the date of copying. Ms I, mentioned in the critical apparatus, but not described here represents the text prepared by DERÁsarī from four sources, three of which have been used in the present edition (namely B, D, and the Sāļāpatra text). Assuming that, where DerĂsaRĪ's text records a reading, not found in any of the ass used in the present edition, it might perhaps belong to the #ms which was inaccessible to me, a few of such readings from 1 divergent from the other variants are recorded in this edition. In this connection I, refers to DeRásari's first edition, 1, the second edition, and merely i stands for both the editions, where they agree with one another. 1, (a) indicates ss used by Derasarī, from which some variants are noted in the first edition in the footnotes. Only a few such variants have been noted in the present edition in this way, for, it was found that the divergence was often due to a faulty deciphering of the manuscripts. Occasionally readings from 1, or 1, are noted only to draw attention to this fact. Another source, namely the text published by the late Navalrām Lakshmīrām Pandya, in the 'Gujarāt sāļāpatra' of 1877–18781 was accessible to me, but has not been utilized in the present edition. The reason is that the ſāļāpatra text is a verbatim transcription of the D Ms. The Sāļāpatra text commences with the prasasti F1E13 da and ends with a colophon: इति कान्हदेप्रबंध चतुर्थखंड समाप्त ही स. १९३० माहा शुद २ वार भोमे ऋपभप्रमादात् गां. डीसानयरे लं। पं. कल्याणविजयजि तत् शिष्य मु मोतिचंद तथैवं दयाविजयजी चतुर्मासे कृत्वा । which is identical with the colophon found in the D Ms. Besides, several mistakes, as shown below, have crept in the Sāļāpatra text during the process of printing. Khanda Verse D Ms Sāļāpatra text राज जा राज चुपई चुपाई 14 तरकाणूं भरकाणू 15 महितई, छूटीई महिभई, बुटीई 1 The text of the Kūnhalade Prabandha appears in the issues of the salāpatra from January 1877-Apru 1877, June 1877 - July 1877, September 1877 - October 1877, December 1877 - February 1878, Day 1878( concluded) I 8 13 » 28 KĀNHADADE PRABANDRA " " " पसात " " ढमकिये सडु " Khanda Verse D MS S'ālāpātra text 17 अपकिरती अपकीरती 19 पहिलं पहेलु 21 पातसाह पातशाह 23 साभली सांभळी 28 पसाउ 35 वदीतु चदीउ 36 तासु भासु 40 परठीइ परठेइ 41 टमकि पेसड 59 दहोत्तर दडोत्तर Several of these mistakes are, evidently, the result of misreading the manuscript. The late Navalrām PandyĀ prefixed a note' in the first number of the salápatra (January, 1877) in which the publication of the Kānhadade Prabandha commences. He said therein that he was publishing the poem, Kānhadade Prabandha, from the manuscript sent to him by Dr. BUALER, to give the readers an idea of the Old Gujarati language. As he had only one manuscript he had refrained from any emendation of the text. He had intended to give a glossary of difficult words and discuss the grammar of Old Gujarātī at the end. However, he did not live long enough to fulfil this promise. This text, being a verbatim transcript of the D us, was entirely useless for purposes of collation. 1 Pode “घणाना धारवामा एम छे के गूजराती भाषा हाल जेम बोलाय छे देम ज नरसिंह महेनाना वखतधी बोलाती आवे छे पण ए देखीती ज भूल छे एटा वर्ष सुधी भाषा विकार न पामे ए जनम्वभाव अने सधळा देशनी भाषाओना इतिहासथी उलटुं छे आ बाबन आ पत्रमा एक वार जूना अथोना प्रमाण आपी अमे कैटलो फेरफार थयो छे, ते कादक बताव्युं हतुं हाल आपणा विद्वान इन्स्पेक्टर महेरबान दाक्तर बुगर साहेबनी तर्फथी 'कान्हडदै प्रबंध' ए नामर्नु एक जून काव्य अमने मन्यु छे ए प्रणसे वर्षनी पहेला लखाएल छ एनो विषय गूजरात उपर अलाउदीने सवारी करी वे छ भने एमा वीर तथा अद्भुन रसनु प्राधान्य छे एनो नायक झालोग्नो काहानइदेव राजा छे एमा युद्धना तथा कूचना वर्णनो स्वाभाविक, आबेहूब छे. अहिया भने महीने महीने प्रगट करवानो विचार कयों छे तेनु मुख्य कारण तो ए छे के गूजरानना विद्वानोना हाथमा जूनी भाषानु एक सलंग पुस्तक आवे जूनी गूजरातीनुं व्याकरण आपवानो अमारो विचार छे, पण ते पहेलो आवो एकाद प्रथ बहार पडे ए अमने वधारे सारु लागे छे. प्रत छे ते प्रमाणे ज अहिया छापीए छदए एमा एके अक्षरनो पण फेरफार करता नथी. कोर ठेकाणे भूल जेवू रखनारनी तरफनु अमने भासे है, तोपण ज्या मुधी केटलीएक प्रत अमारा हाथा आधी नयी त्या मुधी तेने छेड ए अमने ध्यानची रागतु नयी जूनी भाषा हालयी केटली जूदी हती ते आ उपरथी सहेज मालम पडशे उल्टी देहशत तोप छे के पेटगएक्थी ए समजाशेज नहि देमने अमारी भलामण छे के धीरजथी आ काव्य वाचवं, अने पाडळ अमे शाग- पत्रमा जूनी भाषा बादत वाइरख्यु छे ते उपर लक्ष रासवु एमा आवेला कठिन शब्दनो कोष तथा व्याकरणनियम पाछळधी आपवानो अमारो विचार छे." -Salapatra', January, 1877 INTRODUCTION 29 V These manuscripts arrange themselves in three distinct groups according to their common readings, omissions, interpolations, verse order, etc. Mss CDJ are allied, and very different from the rest; but amongst them DJ show a greater mutual affinity. Of the remaining Mss B, G (H) and L show enough mutual affinity to be classed as one group, descended from a common source. A. and K are alike, but are not copies of the same ms. E definitely belongs to the BGHL group. F is a very short fragment coming only up to I 181; yet its relationship with the CDJ group is clear. I can be safely regarded as a conflation of B and D. The geneology of the various manuscripts can be stated in the following stemma: Archetype A K L B G () The summary of omissions and readings common to the different manuscripts given in Appendix I will show in detail how this geneology is determined. Of the foregoing manuscripts A is, according to the date of copying, the oldest us. It is copied in 7.9. 1598, 86 years after the date of composition, in Jhalor, the native-place of the poet. It is probable that the copyist had access to the poet's autograph or a direct copy of it. I have, naturally, given more importance to this manuscript (MSA). Ms K also comes from Rājasthan, is equally accurate, and appears quite old. I have, therefore, given the same importance to it is as to A.

" " " " ढमकिये सड " " 28 KĀNRADADE PRABANDEA Khanda Verse D Ms S'ālāpātra text 17 अपकिरती अपकीरती 19 पहिलं पहेलं 21 पातसाइ पातशाह 23 सांभली सांभळी 28 पमाउ पसात 35 वदीतु वदीउ 36 तामु भास 40 परठीइ परठेइ 41 टमकि पेसड 59 दहोत्तर दडोत्तर Several of these mistakes are, evidently, the result of misreading the manuscript The late Navalrām PandyĀ prefixed a note" in the first number of the Salipatra (January, 1877) in which the publication of the Kānhadnde Pralandha commences. He said therein that he was publishing the poem, Kānhadade Prabandha, from the manuscript sent to him by Dr. Boaler, to give the readers an idea of the Old Gujarātī language. As he had only one manuscript he had refrained from any emendation of the text. He had intended to give a glossary of difficult words and discuss the grammar of Old Gujarāti at the end. However, he did not live long enough to fulfil this promise. This text, being a verbatim transcript of the D Bs, was entirely useless for purposes of collation, 1 ride : धणाना धारवामा एम छे के गूजराती भाषा हाल जेम बोलाय छे तेम ज नरसिंह महेनाना वरालयी बोगती आवे छे पण ए देसीती ज भूल छे एटग वर्ष मुधी भाषा विकार न पामे ए जनस्वभाव भने सपना देशनी भाषाभोना इतिहासथी उलटु छै आ बावन आ पत्रमा एक वार जूना अयोनां प्रमाण आपी अमे केटलो फेरफार थयो छे, ते काइक बतायुं तुं हाल आपणा विद्वान इनरपेक्टर महेरबान दाक्तर भुलर साहेवनी तर्फभी 'कान्हडदे प्रबंध' ए नामर्नु एक जून काव्य अमने मन्यु ऐ प्रगसे वर्षनी पहेला लसानु , एनो विषय गूजरात उपर अलाउदीने सवारी करी ते छ भने एमा वीर तथा अद्भुत रमनु प्राधान्य छे एनो नायक शालोटनो काहानडदेव राजा छे एमा युद्धना तथा वनां वर्णनो स्यामाषिक, भावेहूब छे. अदिया पने महीने महीने प्रगट करवानो विचार कयों छे तेनु मुख्य कारण तो ए छे के गूजरातना विद्वानीना दायमा जूनी भाषानु एक सळग पुस्तक आवे जूनी गनरानीनुं ब्यारण आपवानो अमारो विचार थे, पण ते पहेलो वो प्रकार मथ पदार पढे छ अमने वधारे सारु लागे छे. प्रादे प्रमाोज अहिया पीए छदए एमां के अधरनो पण फेरफार करता नथी. कोर टेकाणे भूल जेवु सनारनी नरफ्नु अमने भासे थे, तोपण ज्या मुधी केटलीएक प्रत अमाग हाथमा आत्री नथी त्या मुधी तेने छेन्दुं । अमने म्यानची सागत नयी जनी भाषा हारपी वेदली जूदी हदी ते आ उपरपी सहेज मागम पडशे उन्टी देशन तो ए के टाकी ममताशे ज नहि देमने अमारी मलमण छे के धीरजयी आ काम्य वाचयु, भने पाक अमे शाळा- पत्रमा जूनी भाषा वारस शाह एल्यु से ते उपर श राय एमा आवेग कठिन सम्मनो कोष तथा व्यापरणनियम पाळयी भारवानो भमारोशियार है.' -Solapatra', January, 1877 INTRODUCTION 29 V These manuscripts arrange themselves in three distinct groups according to their common readings, omissions, interpolations, verse order, etc. Mss CDJ are allied, and very different from the rest; but amongst them DJ show a greater mutual affinity. Of the remaining Mss B, G (H) and L show enough mutual affinity to be classed as one group, descended from a common source. A and K are alike, but are not copies of the same us. E definitely belongs to the BGHL group. F is a very short fragment coming only up to I 181; yet its relationship with the CDJ group is clear, I can be safely regarded as a conflation of B and D. The geneology of the various manuscripts can be stated in the following stemma: Archetype K E F G (1) I The summary of omissions and readings common to the different manuscripts given in Appendıx I will show in detail how this geneology is determined. Of the foregoing manuscripts A is, according to the date of copying, the oldest us. It is copied in y.s. 1598, 86 years after the date of composition, in Jhalor, the native place of the poet. It is probable that the copyist had access to the poet's autograph or a direct copy of it. I bare, naturally, giren more importance to this manuscript (3 A). As K also comes from Rajasthān, is equally accurate, and appears quite old. I have, therefore, given the same importance to it is as to A.

30 KĀNHADADE PRABANDHA Ms B too is old and reliable and has been fully utilized in the constitution of the text. MIss E F though fragments and, therefore, undated, appear from their general condition, script, language etc to be equally old and reliable. They have been very useful indeed in the collation. Of the remaining manuscripts D has been more useful than the rest as it is more faithful to the original, if less erudite than C and J, which frequently resort to emendations and restorations, and are, therefore, to that extent untrustworthy. G(H) is pretty old, but is rather corrupt. L is quite distinct from the rest, being conspicuous by the peculiarly Rajasthāni character of its script and language. It has been helpful in tracing and restoring the Rūjasthani elements in the language of the Prabandha. VI The following principles have been adopted in the present edition for constituting the text. Instead of reproducing the text of the oldest manuscript according to the date of its copying, and giving the variants from the other manuscripts in the footnotes, or basing the text on the evidence of the majority of manuscripts, I have, as shown above, determined the gencology of the manuscripts and constituted the text by the selection of readings which were more representative than the rest. To take a concrctc instance, & reading found in AKB or ABE will be moro representative and thereforo anore likely to belong to the archetypo than that found in CDJF alone, as the latter, though larger in number, represent but one family. In selection of readings weightago is also giren to older and more relinble manuscripts like AKB or EF. Ilaring settled tho reading for adoption in the text, all tho remaining variants are recorded in the footnote. I have thought it nccc99ry to give the full critical apparatus for two reasons. firstly, nccessary to preserve the entire xy cridence, where the inanu. scripts were 80) rare and linguistically so important. Secondly, whicna scries of dated v5s Arc available, separated from one unotlier by n quarter or half a century cach, tho sariants noted from them would enable the reader to sce, at a glance, the phonological desclopnent of a wonl. In constituting the tort I have alway, kept before in the linguistic norm found in worky com[xwed] cires 1.8. 1500 and opied About that time, and hero endleri oured to opstitute the text in such a way as to make it approximate to that DOHTII. It wils, INTRODUCTION 31 The Old Western Rajasthānī orthography is not fixed. The different manuscripts give a variety of forms of the same word. I have, generally, tried to select the form wbich is philologically more correct, or is the direct predecessor of the standard modern Gujarati form. Thus, for instance, he is preferred to HIÉ, HIP, Hile etc., as a form from which the Modern Gujarati Ar is directly derived. At times, when in a portion of the text all the manuscripts fail to give the standard Old Western Rajasthānī form, I have not hesitated to restore it on the evidence found elsewhere in the text. In constituting the text due consideration is given to the context and grammatical accuracy. Readings more suitable contextually, syntactically and grammatically are given preference over the rest though found only in a minority of manuscripts. Nuances of current speech have been another criterion for selection of readings. If a word is used generally in a particular context, it is preferred to all variants in that context though these variants may occur in a larger number of manuscripts. Similarly metrical considerations, including the observance of initial or final rhyme bave also been helpful in determining the text. Thus, a reading metrically more suitable is preferred, though it may not be fully representative. Preference is given to the older forms over later ones, and to owr forms over their Sanskritizations. If a reading is faulty, and the corresponding correct standard form is found elsewhere in the text or in other own works of the same period the latter is restored. It is an undisputed fact that Old Western Rajasthānī, which can be called either Old Gujarāti or Old Rājasthānī, was the speech of a wide area, which included both North Gujarat and Southern and Western Rājasthān including a part of Mālwā. The form of speech used in Gujarat and Rajasthan then reveals just dialectical variations almost like the Kāthiawadı and Surti dialects of Modern Gujarati. This poem, belonging, as it does, to Southern Rājasthān must have contained numerous Rājastbānī traits in the original. In restoring the text I have thought it necessary to give preference to Rājasthani forms found in Rājasthānı mss like AKL, or characteristically Rājasthānı forms in other uss, such as those encountered in old Rājasthani classics like Dholūmüruru Duhu or Goru Būdal Padamani Chaupai. Occasionally, a single manuscript preserres a lectio difficilor, which all the rest either simplify or corrupt. In all such places I 32 KĀNHADADE PRADANDHA have always adopted the lectio difficilior although found in a single manuscript, in preference to simplified synonyms found in a majority of manuscripts. It is rarely that all the manuscripts corrupt a reading, but then their combined evidence points surely and unmistakeably to one correct original reading, from which all the other readings have been derived. In such places, the original reading—a lectio dificilioris restored, At a few places, two sets of readings are equally representative and therefore probable. There, the one which I find more suitable is adopted in the text, while the other is given in Appendix II. Even the slightest correction is mentioned as 'emended' in the critical apparatus. In fact, at all such places it is just a restoration of the original based on the collective textual evidence itself. Nowhere, have I tampered with the text by substituting an imaginary reading in place of the actual reading found in the manuscripts-not even at places where the combined evidence of all manuscripts points to a definite lapse by the poet. It will interest students and scholars of Old Gujarati and Old Rājasthāni to know how I have selected the important readings in the text. I have discussed the grounds for selection of all such readings in Appendix II. VII A work of this magnitude could not be undertaken or completed without the encouragement and help from several scholars, who have worked in this field. I am thankful to Professor P. K. Gode, Curator, Bhāņdärkar Oriental Research Institute, Poona, for giving me every possible facility in the use of the Kinhadade Prabandha uss belonging to the Bhandūrkar Institute; to the trustees of the Anantanāthji's temple and Godiji's Upāśraya for making the Kūnhadade Prabandha uss in their Jóāna Bhandāras accessible to me; to Sraddheya Muni Śrī PUNYAVIJAYAJĪ for taking pains in procuring for me some valuable ass of the work; and lastly, to Sri Motichandji KUAJĀNCHI, well-known in Bikāner for his excellent collection of old works and paintings, for placing at my disposal, without the least hesitation or ceremony, two rare mss from his collection. I am very grateful to His Highness Śrı KristINAKUMĀRASINAJI, Mahārāja of Bhavnagar, for the generous patronage extended by His Highness, which made it possible for me to undertake such a work in these difficult times. I am also thankful to the University of Bombay for a grant-in-aid for the publication of this work.

INTRODUCTION 33 It is difficult for me to express in words my deep debt of gratitude to Ācārya Muni Śrī JINAVIJATAJĪ, the doyen of Sanskrit, Prākrit, Old Western Rajasthāni, and Jainistic studies in India. It was he who inspired me to undertake this study and helped me gene. rously at every stage. The successful completion of the work in its present form and its publication in 'Rājasthān Purátana Granthamāla' is entirely due to his encouragement and generous help. This volume is now complete—a result of 14 years of rather exacting labour, and I am glad that it was not completed earlier. The successive collations I had to prepare made it possible for me to bring the final form of the constituted text as near, I hope, to the archetype as possible. I could also thereby avail myself of the opportunity to apply the recognized principles of textual criticism to the problem of restoring old texts in the Indian languages to their original form and to modify and alter these principles where necessary, to suit the peculiar circumstances of the Indian languages. I have, thus, attempted to develop the methodology of textual criticism in relation to early texts in the Indian languages. This volume comprises the text and the criticism relative to it. The next volume, which will shortly follow, will discuss the historical and linguistic background of the work, give a complete translation of the poem and a full Index Verborum, with, if possible, critical and explanatory notes. I have not spared myself in making this study as thorough and accurate as possible, but it is for scholars to judge how far I have succeeded. Elphinstone College, Bombay, 16-7-1953, K. B, VYAS an

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कवि-पद्मनाभ-विरचित
कान्हडदे प्रवन्ध
अभी आप निषपचन्द्र ज्ञान भण्डार *
जयपुर

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:कवि-पद्मनाभ-विरचित कान्हडदे प्रबन्ध प्रथम खंड दहा ॥ ५ . गौरीनंदन पीनवू , ब्रह्मसुता सरसत्ति । सरस वंध प्राकृत कवू, द्यउ मुझ निर्मल मत्ति ॥ आदिपुरुष अवतार धुरि यादवकुलि जयवंत । असुरवंश निकंदीउ, ते प्रणमूं श्रीकंत ॥ जिणि यमुनाजल गाहीउं, जिणि नाथीउ भूयंग । वासुदेव धुरि वीनवू, जिम पा{ मन रंग ॥ ३ पद्मनाभ पंडित सुकवि, वाणी वचन सुरंग । कीरति सोनिगिरा तणी तिणि उच्चरी सुचंग ॥ जालहुरउ जगि जाणीइ सामतसीसुत जेउ । तास तणा गुण वर्णवू कीरति कान्हडदेउ ॥ Maigalācarana in B is कान्हडदे राउल ॥ श्री सारदाय नमः ॥; in c is ॥ ॥ श्री गुरुभ्यो नमः । श्री शारदायै नमः।; in D is ॥ ए. ॥ श्री गणेशाय नमः।; in r mere एर्दगा; in a ॥ नमः॥; in , ॐ श्री भगवत्यै नमः ।. All Mss omit the name of the metre. १ गौरीनंदन-गोरीनंदन CF GI. वीनवू-वीनQ ००, वीनवं . ब्रह्मसुता-ब्रह्ममृता ODIA. सरसचि- सरसति DG. सरस पंध-सरवंधि F. प्राकृत-प्राकृति F. कवू-कवू 0G, कवं . धउ-यु 0 D, दिउ Bar. मुस-मूझ D, मझ प. निर्मल-निर्मल B, निरमल 01, नीर्मल D, अविरल G. मत्ति-मति , मुत्ति . २ मादिपुरुष-आदिपुरष F G. अवतार-अवधारि 0 F. धुरि-तूं , धूरि G. यादवकुलि-यादवकुल D, प्यादवकुल P. असुर-अमुरा 0 Dra. वंश-कंस , बंस D G. प्रणमू-प्रगमुं DF 0. ३ जिणि जेणि B, जेणि DG, जिग F. यमुना-जिमना , जमना G. जल-जलि B. गाहीउ-गाहीच BDO. जिणि-जीणि B, जेणि O Da, जिण F. भूयंग-भुअंग D, भोयंग , भूभग 01. वासुदेव-वासूदेव Da, वामदेव र. धुरि-धूरि D. वीनबू-वीनg or a. जिम-जेणि D, यम 0. पाv-पार्मू 0 07, पामु . मन रंग-मन रंगि G. Note-a changes the verse-order to 2, 5, 6, 3. ४ पद्मनाम-पदमनाभ र, पद्मनामि D, पद्मनाथ F. मुकवि-कवि , कहि ०. पाणी वाणी D. मुरंग-सुरगि c. सोनिगिरा-सोनगिरा BI,सोनिगिरा, सेनगिरा D, कान्दडदे . तिणि-तिग र. उथरी सुधा- रचु सुरंगि ०, उच्चरी सुचंगि ?, उवरी सूरग, उचरी मुवंग . ५ जालहुरउ emended-जालहरुउ , जालहुर B, जालहुरा , जालहुर D, जाटहर .. जागीइ-जाणीई D, जाणीइ . सामतसी सामंतसीय 0, सामंतसी D, सामतसी . सुत जेउ-मुत जेह, मुतेय ०, सून जेम ब. वणा-तणु B. गुण-गुंग D. वर्ण-वरण , वर्ण, r G. कान्हदेट em-कान्हड- देव B, कान्हड़देय , कान्हडदेउ D, कान्हडदे, कान्हडदे, कान्हडदेकर २ ७ कान्हडदे प्रबन्ध नवकोटी नामि भणूं मारूआडि घण देस । धण कण परि सविकहि तणइ कप्पड कणय सुवेस । ६ कणयाचल जगि जाणीइ ठाम तणउं जावालि । तहीं लगइ जगि जालहुर जण जंपइ इणि कालि ।। कुल कीरति आगइ घणी, वंश विशुद्ध वाण । राजहंस रुलीयामणा सोनिगिरा चहूआण || काह तणइ संपति इसी जिसी इंद्रधरि रिद्धि । सवे दिवस वासि वसई राजभुवन नव निद्धि । प्रीति सहोदरस्यूं घणी मालदेव मतिमंत । कुंअर वीरमदे वली जाणे जगि जयवंत ॥ ६ नामि-नामि B, नामि D. भY-भ[ 0 D, भणइ १ . मारूमाहि-मास्याडि B, मारुआडि 00.. धण कण-धणकंचण B. घरि सविकहि-परिघरि B; घरिशवकहि ; परिसकिहि . सणह-पां B, तणि 1, तणे D. कप्पड-कपड F G. फणयं-कणइ : सुवेस-विसैस है, मुवेश ... ७ जगि-यूगि G. जागीह-जाणीई D, 'जोगीईटोम-ठाम 0 D, ठामि F, ठामह . तण emended-तणु BDa, तणा, तणंउं:, अति उ. जाबालि-जाबाल B, जावालि br, मुंजवालि , रसाल उ. नहीं-तिहां , तही , तही . लगइ-लगि B, लगि 00, लगई D. जगि-यूगि प. जालहुर- जालहरि B, जालुहर १२, जालहर G. जण-जन F. जपइ :-जंपि BOT, जंपई D. इणि-ईइ . After vs 7 a interpolates the foll v89:- विषमदूर्ग सूणीइ घणी इसू नही आसेर । जसू ऐ जगि जाणीइ तेसुं नही ग्बालेर ।। चित्रकूट तसु नही तस्युं नही चंपकमेर ।। जसु जालहरगढि जांणीइ तस्सुं नही भामेर ॥ बांधवगढ तस्य नही तसुं नही सालेर । जस्मु जालहर-जांणीइ तस नही मोलेर ॥ ८ कुल-बुलि 0 D. भागह-आगि BOG I. वंश-वंस 0 D a. विशुद्ध-विसुद्ध , विसुध , वसुध त. वषाण-वर्षाण DG, वाणि. iii quarter in D: राज करई घरि आपणे; in J: राज करि घरि आपणि; (cf vs 12 b). राजहंस राजहरा G. स्लीयोमणा-रलीयामणा ; रलीआमणा , रलीआमणु . सोनिगिरा em.-सोनगिरा BG I, शोनिगिरा , सोनगीरा P, सोनिगरा F. पहभाण-बहूयाण B, वहूंआण ०, चहूण कर. ९ काह-कांहांन G, कान्ह ३. तणइ-तणि Ba I. इसी-घणी , असी , जिसी-जसी. इंद्र-इन्द्रह D, इद प. रिद्धि-ऋद्धि BC, रद्धि , रधि. सवे-सव B, शवे सवि सर्व र. दिवस-दिन,०, दिवसि b, वर्ग, देस . बासि-वासिं BJ. वसइ-वसि BI, पशि ल. राजभुवन-राजऋद्धि , राजभवनि , राजरद्धि राजभवन G. निद्धि-निधि ODF I, नधि , १. Note-K Ms commences from rs 10, ii quarter. स्यू-सुल, स्यं र, मु०, शं. मालदेव-मालदेय , मालदे D; मालवदे . मतिमंत्र-मतिमति, मतिवंत र र: कुंभर-कुंयर B C D, कुअर . जाणे-जाणि , जाणे DET. जगि-युगि जयवंत-ययर्वत नापोजगि-आणीज्यइ , - F, - .

प्रथम खंड . . ".. हठ कीधर सुरताणस्यूं तास कथा संबंध । चाहूआण गुंण. वर्णवू ,पुहुवीइ.प्राकृत वंध ॥ ११ राजनीति जाणइ.धणी, रूप सुहावइ अंग। राज करइ घरि आपणंइ चाहूआण नवरंग ॥ १२ ॥ चउपई ॥ तिणि अवसरि गूजरघर राय सारंगदें नामइ.वोलाइ । तिणि अवगुणीउ.माधव वंभ तही लगइ विग्रह आरंभ ॥. रीसाव्यु मूलगु प्रधान, करी प्रतन्या नीम्यउं धान । गूजराति तब भोजनं करूं जउ तुरकाणउ आणूं अरहूं । १४ माधव महुतई कखंड अधर्म, नवि छूटीयइ आगिलां-कर्म । जिहां पूजिज्यइ सालिग्राम, जिहां जपिज्यइ हरिनउं नाम ॥ १५ - ११: कीघउ-कीधु BOD.I. सुरवाण-सुरतांग 05, सूरताण D, सरताग 4, सुलतान : स्यूं-सुं00, संशंसस्युं र. संबंध-संमंध G. चाहूमाण-चाहूयाग B,,चहूआंगह , चहूआणां 4; चहूआंग , बहु- आणों K! गुण-गुंग D. पर्णवू-वरण , वर्ण GK. पुहुवीइ em.-पुहुर्वि B, पुहवि Ord, पुहवि D, पहुविं; पहुवीइ F. प्राकृत-प्राकृति P. १२ राजनीति-राजनीत K. जाणइ-जाणि BC, जागई D E, जाणि GI. रूप-रूप पर, रुपि B. सुहावद-सुहावि B, सोहावि 0 DGI, सोहावइ . अंग-अंगि र, रंगिन, रंग K. करई-करि 30am. घरि-घर a. भापणइ-आपणि BOS, आपणि , आँपगई K., चाहमाण चाहूयाग B, चंहूआंगह ०, चहू आणों , चहूआग, चाहूआंण K. नवरंग-मनरंगि , नवरंगि. १३ चठपई em.-चुपई BODF, चुपइ , चुपैर, चउपही र. विणि-इणि , वेणि B, तिग. भवसरि- दिवसि B, अवसिरि D. गूजरघर-गूबरधर B, गुजरघर ' . राय-राउ प. सारंगदे-सारिंगदे B. 'नामह नामि ODF, नोमि',नामि र, नामइ र. योलाइ कहिवाय ए, बोलाय D. Note-After 18 as interpolates foll conjectural line:-भत्रीजउ तेहनउ बलवन्त, करणदेव युवराज मत. तिणि-तेणि BC, तिग. अवगुणीउ-अवगुणिउ , अवगणीउ र, अवगिणियो र. म-बंध. वही लगह-वेह लगि B, विहीय लगि 0, ताहि लगइ D, तहीम लगइ, तही लगित, तही पड़ी र. भारम-प्रारम ३. १४ रीसायु-रीसाविउ : 0, रीसागो . मूलगु-मूलगो 0, मूलिगु , मुलगोर. प्रधान-पान :DK, परिधान P. प्रतन्या-प्रतिज्ञा BD, प्रयिन्या , प्रतज्ञा G, प्रतिन्या र. नीम्यउं em-नीम्यउ x, नीम्यू, मुंक्यु , नीम्युं D, नीम्यु , नीमउं . धान-धांन DI K. गूजराति-गूजरात B, गुजरात र उ-तु Bo re, नु D, जुर. करूं-करुं 0 DRI, कर 5. जड-जु BODY O. तुरकोणउ-तुरका' BI, दरकाणं ०, तरकाण D, तुरकाणं , तुरकाणू ६. माणू-आणू 0 F, आ[ D, आणू ७, आणु र, आणु र मरई-अहरू B, अरहुं D, अहं, पलं , पगडं K. १५ महुव्ह-महितिइ B, महितु 0, महितई D, महितइ १०, महिवि . काउ-कारेउ B, करि 0, कयूं D, करउ ०, कीउ उ. मधर्म-अधर्म B, उधर्म G. नवि-नेकि . छूटीयह em-फूटीइ BI, टीई 00, सूटीइ ०, इटियइ ई. भागिलो-आगिना B, आगल्या 04, जो आगिल्या D, आगिला:, कीया कृत , अगिला र. कर्म-कर्म B.जिश्पह en-पूजाइ B,पूजीह 001, पूजीजइ 0 1 (स), पजियइ . सांलिप्राम-शालिग्राम P, सालिग्राम ODO. जपिज्यइ-अपिजइ 1 (स), जपीइ BI, ठीवि पठी, अपिई , अपीग्यइ र, हरिनउँ em-हरिनउ , रामनं B, हरिन 000, हवं, भगवंत . माम-नाम GK, " em-ifỸ B, .1 ४ कान्हडदे प्रबन्ध १६ जिणि देसइ करायई ज्यांग, जिहां विप्रनई दीज्यइ त्यांग । जिहां तुलसी पीपल पूजीयइ, वेद पुराण धर्म वूझीयई ॥ जिणि देसइ सहू तीरथि जाइ, स्मृति पुराण मानीयइ गाइ । नव पंडे अपकीरति हूई, माधवि म्लेच्छ आणीया सही।' चाल्यउ माधव ढीली भणी, मेटि अपूरव लीधी घणी । विपम घाट उलंध्या देश, नयर योगिनी कस्सउ प्रवेश । पहिलउ जई मिल्यउ दीवाणि, साची वात सुणी सुरताणि । अलावदीन वडउ सुरताण, धणे देस बरतावी आण ॥ धरी मेटि घोडानी लास मीर उंबरे करी अरदास । वडउ मुकर्दम माधव नाम पातिसाहनई करइ सिलाम ॥ १६ जिणि-जेणि B OF, जीणि D, जीगइ . देसइ-देसि B, देति 0G, दिसि D, देश PI. करायह- कीनीइ B, रीइ , राय D, राइ, करि , धर्महना . ज्याग-याग BC, जाम्य D, प्याग , अतियाग G, लाग . विप्रनह-विप्रनि B G, पट्दर्शन DI_n (ख), विप्रनई र. दीज्यइ-दीजि Bo, डीजE DR, दीजप.तुलसी पीपल-तुलसी इस्वर,पीपल तलसी D, पीपल तुलसी ,तुलसी पीपल K. पूजीयह em-पूजीई BCROI, पूजीई , पूजियइ K. पुराण-पुरांण DOI, पुराण K. धर्म-धर्म B, अरय ०. वूमीयइ-बुझीइ BODP, सीइ 0I. Note-D I reverse the vs order to 17a, 16a, 16b, 17b. । १७ जिणि-जीणि B D, जेणि CG, जिग F. देसइ-देशि B0, देसि DFO, देस . सहू तीरथि- सहु तीरथ B, तीरथ सवि 0, सहू तीरथ , देहरि सह र, सहु तीरयि द. भाइ-नाइ B, थाइ ०, जाय , जाइ र. स्मृति-रमूर्ति ।, ब्रांमहण G. पुराण-पुराणि 01, पुराग D E, वेद प.मानीयह em.-मानीइ B, पूजीइ ०४, मांनीइ D, मानीइ , मानियई 5. गाइ-गाई CK, गाय D. नव पंडे-नवे पंडे , नवे पंडि F. मपकीरति-अपकिरत्ती D. हुई ? G-वही B, रही C D , हूंइ र. माधवि-माधवि B, माधव CPG, विहां माधव K. म्लेच्छ मे BF, म्लेछ Dr, मेच्छ G. माणीमा-आण्या 0P, आणीआ , आणिया र. १८ चाल्यउ-चालिउ BO, चाल्यु ODF. ढीली-दीली , दिल्ली र. मेटि-मेट K.लीधी-कीधी B. विपम घाट-विषम वाट 06, विषम पंय D. उलंघ्या-उलंघ्या : GK. देश-देस DF G. नयर योगिनी- नगर योगिनी ०, योगिनी पुरि , नयार योगिनी , नयर योगनी K. कसठ em-करिउ CD, किद्ध B, कसुर, कीउ ar, कियो K. प्रवेश-परवेस , प्रवेस . १९ पहिलठ -पहिलं BI, पहिलं C D E, पहिल 6. जई मिल्यउ-मिलिउ जई B3, जइ मलीन, जई मिलीउ D, जई मिल्यु , जइ मउ G. दीवाणि -दीवाग B, दीवान , दीवाणि DG K. सुणी-सुणइ .., सूणी , कहूं B, कही . मुरताणि-सुलतान D, सुरताण , सरतांणि G, सुरतांणि K. मलावदीन- मलारीन 6. बडउ-वडिट B, मोटउ , घड २६ . सुरवाण-मुराग 0K, सूरतग ७..पणे देस- घणि देसि B, धणे देशे , घणे देसे D, घणे देश FI. माण-आण O DIK. B interpolates the following two verses after vg 19: पातसाह नवि जाणि सिद्धि माधवमहिति मांडी बुद्धि । हूटि घोडा पाणीहारि हंसतुरी बिपुहुरी पार ॥ दिन इके छोटी दीइ ते साहण मसाहाणी लोइ । त्रणिसिं साठि गंगाजल तुरी एकवालि ते सेनी तुरी॥ २० धरी-धरीइ B, धरी , करी . मैटि-भेट BK. घोडानी लास-नि मिलिउ उल्हास ०, घोडानी लासि , हयंवरनी लास , घोडानी ल्हास E. उंबरे-उंबरे C D GE. भरदास-उरदास D. बहउ-बद्ध BODG. मुकर्दम-मकर्दम ,फुईम D, मकर्दम , मकरदम.नाम-नाम DI K. पातिसाहनइ-पातसाहनि B, पातसाहनि ODG, पातशाइनिस, पातसाहनइ १. काइ-कार B PGT, करिउ , कस्स. सिलाम em-सिलाम PIE, सलाम BC, शलाम , सलाम G. , : प्रथम खंड जाण्यउ परदेसी परधान, असपति राजी दीधडं मान । पूछइ वात पातिसाह इसी, गूजराति ते कहीयइ किसी ॥ २१ किस्यूं पंभायत, अणहल पुर, किरयूं दीवगढ, मांगलहुर । झालावाडि, सोरठ छइ किसी, ए राउत सुणीइ साहसी ॥ २२ इस्यूं सांभली सरूड सादि माधव बंभ करइ फिरीयादि । पित्री तणउ धर्म लोपीयु, राउ कर्णदे गहिलउ थयउ ॥ २३ एह्वउ अंग तणउ अनुराग, नित नित भक्ष करइ वछंनाग । विण पडीयार पटउ करि वहइ,न को अंगरप जमलउ रहइ ॥ २४ मरण तणइ भयि भोजन वार यांस चाटवउ धरइ सूआर । पहिलु राइ हूं अवगण्यउ, माहरउ बंधव केसव हण्यउ॥ २५ २१ जाण्यउ-जापy B, जाणी , जाण्यु D, जागिउ G, जाणिउं , जाण्यउ K. परदेसी-परदेशी ३. परधान-प्रधान D, परघांन I K. असपति-असुरपति , तव . राजा-राई BC, राय F, सुरतांणि उ. दीघउं em-दीघउ र, दी● BI, दीधु C D G, दीडं F. मान-तस मान F, मांन Da I K. पूटह-पूछि 10. वात...०. पातिसाह-पातसाह B C D F, पातस्या 4, पातशाह . इसी-हसी B, ते हसी 0. गूजराति-गुजराति 0, गूजरात BF, गुजरात F. कहीयइ em-कहियै K, वहीइ 0 DGI, केही B. किसी-कसी 0G. २२ किस्यूं-किसु 0G, किस्सं F, किसिउँप, किसउ र. पंमायत-पमाइत BFG, अणहिलपुर उ. अणहल- पुर-पंमाइति , भणहलपुरि K. किस्यूं-किसु ०, किस्सं , पसू G, किसा I, किसउ K. दीवगढ- हीव अनइ 0, दीवगढ नै र. मांगलहुर-मांगलुहुर B, मांगलोर , मंगलहर :, किसी वात , मांगलर K: झालावाडि-झालीवाडि G. सोरठ-सुरठ B D. छह-छि BI, Jo, वि D, छिइ ई. किसी-कसी त. ए राउत-ए रायुत B, ए राउर :, ऐ राउत G, विहां राव I, किसा रावत र. सुणीइ-सीइ F, सूणीइ , कहियइ र. २३ इस्यूं-इसिउँ ०, इस्य F, इसी GI, इसुं K. सामठी-सांभलि B, सांभलिङ , साभली न a, सांम- लीइ . सरूइ-सरलइ ई. सादि-सादि . करइ-करिइ B, करि cas. फिरीयादि-फरीयादि B, फरीआदि 0 DOT, फिरीआद . पित्री-क्षिणी OD, पिनी , क्षनी ल. तणउ-तणु BODG I. धर्म-धर्म D. लोपीयु-लोपिउ B 0I. कर्णदे-करणदे BO, कर्ण ते K. गहिलउ-गहिछ BOGI, गहिलं D. थयड- ययु Boar, थयुं D, थउ P. २४ एउ-एह BOD G, इसिउर, एई K. तणउ-तणु BOG, तणु D, भयु प्र.अनुराग-सनराग०, अनुराग D, अनुराग . नित नित-नितु २ C D FI, ... G. करइ-करि B C. वळनाग-घरहु वछनाग G. पडीयार-पढीआर C DGP, पटीभारि , पहिहार . पटउ-पटु B C DOI, करि...G, वहइ-चहि B0 FOL. अंगरप-अंगरक्ष OF I, आंगरष १. नको अंगरप-अंगरक्ष कोइ न P. जमट3-जमल BP FOI, यमल ०. रहह-रहि BOG. २५ मरण-मरणे B, मरणं , मण G, मुत र, तणइ...B, तणि O DG I. भयि-मय O DE, भूप B, भइ , भूइ , ढह . भोजन वार-भोजन पारि . वांस-चासि B DE, बस E, वांसि ० . चाटपट- वाउ B, चाटूया 0, चाटुउ , चाटूउ, चार र घरह-दरि B, घरि , धूरि , भाधि . सूमार-सोमार सूयार B. पहिलु-पहिलं ०F, पहिछD , पहिलू , पहिलइ K. राइ-राई BI, राय DF GE. हूं-हुँ DY, हू, हुंज K. भवगण्यउ-अवगम्यु B, अवगणित 06, अवगण्यु , अवगुगिउ र, अवमण्यो K. माइरठ-माहारु ०, माहरु 0 D , माहव B. केसव-केशव DEP. हण्यउ-हनित Bo, हण्यु , हY E, हरिटत.

६ कान्हडदे प्रवन्ध - . तेह घरणी धरि रापी राइ, ए बडु रोस न सहिणउजाइ। गूजरातिस्यूं मांडिसि कलहु, माहरइ साथि कटक मोकलउ ॥२६ दुडी हींदू घालिसु रानि, एक मारूं एक झालू बानि,। पूनकार अह्म साचूं जाणि, गूजराति लेई आफू प्राणि ॥ ततपिण तूठउ असपति राय, तस आप्यु पंचांग पसाय । दीया ऊतारा पाणी धान, पातिसाहि तेड्या परधान॥ २८ भणी जालहुर सीपामण धई, चहूआणानइ पूछउ जई । तूं ताहरउ भोगवि पाट, लसकर चालइ सूधी वाट ॥ २९ सुरताणनी वाणी सुणी ग्या प्रधान कान्हडदे भणी । पातिसाहनी पहिरामणी उगराहइ सिंभरिनउ धणी ॥ २६ तेह-तस ODF 3, विहि र.धरणी घरि-भरघरणी ०. रापी-रखाइ D. राइ-राय O Rai,.... ए वहु-ए वह र. न सहिणउ जाई-न सहिणु जाइ BF, न सहिणु जाय 01,न हीइ समाइ , नही कहि माहि. गूजराति-गूजरात B, गुजरात 5. स्यूं-मुं CE, स्यं , २ , शं . मांडिसि-मांई 0, माडिसि , मोडिसु , मांड , मांडति I, मांडिस 5. कलहु-कितु BF, किलउ 5. माइरइ साथि-माहरि साथि 16, माहारइ सायद D, माहारि साथि G. मोकलउ-मोकलु B OFGT, मोकल D. २७ द्रुढी-जइ , नही K. हींदू-ही B DF I K, हीदं ०, हीहनि ६. पालिसु-घालू , पालं , पालिस , पाल, पालिसुं . रानि-रांनि DI, राति G. एक-इक र. मारूं-रा' ,मार्क, मारु , मार र. एक-एकं , इक K. झालू-साहु ०, झालं , झालू , झाल K. यानि-बांनि II, धान र. धनकार-यूंन कार D, धुनकरि , मीरा कहिटं , बूंदकीर K. ब्रह्म-तुं ८,, इम F G K, अवि . साचूं-साचं :, साधु a, शानु K. जाणि-जाणि DGI K. गूजराति-गूजरात BK, गुजराति K. लेई-लेइ , ले.. मा-भाई OFGE. प्राणि-प्रणि DOJK. २८ ततपिण-ततपणि B, ततक्षण GF, ततपग , ततक्षणि उ. ठ-तू B, तुठउर. राय-राउ BD. बस D-खि B, वलीc,... GK,वेह . भाप्यु-आपिBC, आपीउ ,आपउ हिव K. पंसाय-पसाउ D RE, पसाइ ७. दीया-दीइ B, यु , यउ F, दीआ , दिया K. उतारा-उतारा 00 K. पाणी--पाणी . धान- घांन DIK. पातिसाहि तेढ्या em-तेज्या पातसाहि B, पातसाहि वेड्या 01, पातसाहइ विड्या , पातस्याइ तेडा , पातशाह वेश्या , पातिसाह वेज्या K. परधान-प्रधान , प्रघांन D, परिधान , परघान IE. २९ भणी जालहुर-मणी जालहुरि B, भणी जालोर , जालहुर भणी P, मणी जालहर Fa, नहर तणी, भणी जालउर :, सीपामण-सीधामणि D K, सीपांमण G, सीधामण र.' पई-दीड BD, देई :, देइ,ई. पहूमाणानह em-चाहूयाण B, चहूआणांनि ०, चहूण D, चाहूआण , चढूआणा, चहूर्माणनि र, चहूयांणानइ ई. पूछठ जई-जइ इम पूछीइ B, पुछी जोईई D, इम पूछठ मई 1,इम पूछइ जह G, पछु जई 1. ई-तुं , तु KG, तू D. ताहरउ-ताहरु BY GI,ताहरु त, भोगवि-मोगवे Pro, मोगदजे , भोगविजे K. iii quarter in B is तु तूं ताहरु भोगवि पाट, in तूं तो भोगवि ताहरु पाट,.inp तू भोगवे ताहरु पाट, चालइ-चालि B00. सूची-सीधी BI, वहिदी ०, संघली., ३० मुरवाणनी-सुलताननी छ, सूरतणनी, सुरताणनी र, विणि सुरताणी र. पाणी-वात , वाणी va .सुणी-जव सुणी , सूगी 0, ग्या-गया ODras. प्रधान-परधान B, प्रधान DIK, परिधान ?. कान्हदे-काइनडदे D, कान्हडदे PK, पातिसाहनी -पातसाहनी B, पातसाहनी 0 DFO, पातशाहनी . पहिरामणी-पिहरामणी D,पहिरामणीर. उगराहहर-उद्धार B,अवधारु,उवघरावडर, अवधांजा उप. राविउ,उपराष्यउर.सिमरिनट-सिमरना ,सिमरिना, सिमरतुं D, सहमरिना, सइमान, समनउर.

प्रथम खंड कहइ प्रधान, अवधारउ राय, सोरठ भणी तुरकांणउ जाइ । वीजी भूमि दोहिला घाट, पातसाह मागइ ए वोट । सभा सिद्ध रा वोलइ मर्म,'ए'तां नही अझारउ.धर्म । जिहां भाजइ गाम झालियइवान,अवलांतणाबोडियइ कान॥३२ जिहां पीडीइ विप्र नइ गाय, तिहां वाट नवि आपइ राय । वल्या प्रधान, न सीधउं काज हियइ घणी ऊपनी लाज ॥३३ वीनवीया जईनइ सुरताण; कान्हडदे नवि मानइ आण । चडी वात घणेरइ प्राणि, नीसासर मेहलु सुरताणि ॥ ॥ पवाड ॥ [वडउ वीर विष्यात वदीतउ महिमुंद साहनु केड। सूर धीर अनइ सपराणु पातसाहि तव-तेडु-॥] ३५ -३१ कहइ-कहीइ B, कहि C D FOL. प्रधान-प्रधान JE. अवधारउ-उदार B, अवधारु CDI, उवधार :, उदारइ G, अवधारउ K. राय-राइ B G. सोरठ भणी-भणी सुरठ , सोरठि मणी D, भणी सोरठ 4. तुरकाणउ-तरकाणू BG, तुरकाjc, तुरकाणू D, तरकाणं , तुरकाणं . जाइ-जाई , जायर भूमि-भूमि B, भोमि G I. दोहिला-दोहेला B, दोहिली , दोहेल . पातसाह-पातसाहि 04, पातशाह उ.मागह ए-ए मागि B , जु मागी , मागइ DG, मांगइ ए K, ३२ omits vs 32. सभा-सुभा F. सिद्ध-मध्य B, माहि , शुद्धि, सहित R. रा-राय PDF, राइ र. बोलइ-बोलि BI, बोल्यु ०. मर्म-मरम 0, मर्म D. ए वां-ए ता . नहीं-नहीं B, भारत-अमारु BOI, अहमार D. धर्म-घरम , धर्म D. जिहां भाजइ-माजिइ B, भाजि 0, माजई D, भाजइ , माजि . गाम-गम BID. झालियइ-झालीइ B0, झालइ D. बान-बानि DX, बान र. झालीह बान-बांन झालीइ स. भवला तणा-जिहां अवलाना , अबला तणी D, अबलो तणा : प्रोडियह -घोडीइ Br, मोडि 0, नोडीई D. कान-कांन D. iv qr in Jis लूसि देश असुर झालीइ. ३३ पीडीह-पीटीई D, पीडिई र विप्र-ब्राह्मण र नइ-नि BI. गाय-गाइ BI, गाई GK. नवि-न अ.भापइ-आपि BOGI.प्रधान-प्रर्धान DJE, परधान F. सीधडं em-सी— B1, सीधु 00:, सीधु व, सीधन र.हिया-हईयडि घणी B, हईआमांहि , हीइ वली D, हीमामाहि तु , हइए पणी, हीमति ऊपनी-अपनी C D E. ३४ पीनयीया जईनह-नि BJ, वीनवीउ तव जई ०, वीनविया जईनइ D, वीन- दिया जाई K. सुरताण-सुरताण 05, सूलतान D, सरताण , सूरताण G, मुरतान . कान्हड़दे-काहनहदेव D. काहानहदे०, कान्हददे . मानह-मानि B, माने D, मागि, मानि र. आण-आण D. वही-चदीन, बडिमा. भणेर-घरि . प्राणि-प्रांणि COIL. नीसासर-नीसामु B, नीसामु ODFO, तव मीसासठ K. मेहलु-मुंकिउ , मेहलइ D, मेहइ 5, मूक्यु . सुरवाणि-मुलतान D, मुरताण, मुराणि 4, सुराग K. Note- reverses ii and iii qrs : चदीम...प्राभि is ii, and कान्हड़दे... 17 is üi qr. ३५ पवाहु-चालि B, पवाई , पेलि ढाल , चालिबंध 0, दाल पवादानु , दाल पदाडानी भर्धसंधू K. Baromit rs 35. वडर-बडु ODI. विष्यात em-विज्ञात , यध्यात D, विक्षात घदीतउ- पदरीतु 0D, विवीतु . महिमुंद साहनु केहु-महमूद साहनु केड D,महिमद साहनु केहु ,महिमद शाहनु फेड सूर पीर...तप सेहुल-अपान पलवंतु बंदउ महुलमाहि तेहावट D, भल्भपान बलवंत चंदट मुहलि भागिला तेड, अर्धान बलवंत बादु महलमाहि ते वेड वीनवीभा जइनइ० ८ ३७ B, कान्हडदे प्रबन्ध अलूपान बलवंतउ बंदर तास दीयुं फुरमाण । गूजराति उपरि दल नूंध्या, वीडउं धइ सुरताण ॥ माधव मुहता साथि मोकल्यउ पोसातु परधान । मोटा मलिक मीर मेलावि दीधा पोजा पान ॥ अलावदीन पातिसाह मोटउ, कान्हडदे चहूआण । गढ जालहुरि हूउ गढरोहउ, ते ई करूं वपाण ॥ गूजराति सोरठ सोमईया बाहरि विसमू वीतूं। भिडकिमाड राउलि हठ कीधउ, अल्पान दल जीतूं ।। डहिली दोर सावाण सिराचा कटक तणा सिणगार । घडीयाजोणी सांढि पल्हाणी पूठि परठ्या भार ॥ ३६ भलूपान-अलूषांन D GIR. बलवंतउ-बलवंतु B C D F G I. बंदउ GK-बांदु B, जाणी 0F, जांणी DJ. तास दीयुं em-तास दी BON, तासु दीघउं DI1 (ख), तास हऊउ ०, तास दियु . फुरमाण-फरमान 0, फरमान D, फरमाण G I, फुरमांण K. गूजराति-गूजरात BF, गुजरात K. अपरि- उपरि , ऊपर G. ध्या-मुंघ्या , न्युघिउं D, न्यंध्या :, चाल्यां , रेभ्यो र, घीsem-वीडि बीहूं 0D, बीई 3, बीडउ G K. यह-दि B C, दिइ D, दीउ G, दीऊ . सुरताण-सुलतान D, सूरताण G, सुरताणि प, मुरतांण K. ३७ मुहतउ-महितु B C D F I, महीतु 4. मोकल्यउ-मोकल्यु B 0 FO, मोकल्यु , मौकलिड. पोसातु-पोसांता K. परधान-परिधान F, परधान I K. मलिक मीर-मीर मलिक ODF 3. मेलावि-मेलावर DF E. दीधा पोजा-पोजा दीधार. पान-पान O DGI K. ३८ अलावदीन-भलावदीण F. पातिसाह-पादशाह B, पातसाहज , पातसाह Dra, वे साहियर, पातिसा र. मोटउ-मोटु BCG F. कान्हडदे-काइनडदे D, काहांनइदे , कान्हडदे . चहूआण-चहूयाग B, चहूआंण DJ, चहुआण K. जालहुरि-जाल्हरि ०, जालहुर D, जालहर E, जालहोरि , जादहरि , जालोर R. हूउ-हऊउ B, हुउ K. गढरोहउ-गढरोहु B C D F G, रोहउँ 5. ते हूं-तेह 0, वेह D, तेहं , ते इ. G, ते हु . करूं-करं 0 DI, कर F, कह , करिस K. वपाण-वपांण D E. ३९cadds foll two vss after vs 38 : देस सविडं माहि तिलक शिरोमणि चिहुं पंडे सांभलीइ । दानि मानि विवेक विध्याति गूजराति सांभलीइ ।। अलावदीनि हरष आणिनि लेवा कीध सजाई । अलूषाननइ इम आयसुं पांण पाए तिहां जाई । गूजराति-गूजरात BF, गुजराति F. सोरठ-सोरठि 1. सोमईया-सोमईइ B, सोमईआOF, सोमइआ है.' वाहरि-आविहरि B, चाहरि , वाहर , वार G, बाहिरिज, बाहरि र. विसमू-वसमुं, विसमें , समु G, विसमु प, विसम K. वीनूं-वीतुं CF, कीधु 4, वीतु , वदीतउ K. भिडकिमाड-भडकमाडि B, भडकमालि ०, भडकमाड D, भिडकमाड FI, भडिकमाडि G. राउलि-राउल F GI, राउत , रावल र. कीघउ- कीy B, कीधु CI. मलपान-अल्पांन D E IE. जीतुं-जीतुं 0 F, जीतु 41, जीतउर. ४० डहिली-डहली D K. दोर-दोर K. सापाण-साबान E, सवाण C, सबांन D, साबांन J. सिराचा- सराचा 0G, सराच D, शराचा F. सिणगार-सणगार 0G, शणगार FI. घडीया-घडीआ OF I, सांदि-साढि DF. पहाणी-पहलांणि D, पलाणी GK, पहाणी पूटि-पूzि B, उपरि C F, पूठिइ . परख्या-परविड D, परिख्या F, परठिउ , परठिया , 1 -- घडी. जोणी-जोयण BD, जोअणी , प्रथम खंड ९ ४१ कोटई घणा घूधरा वाजइ, रइवारी असवार । पहिलइ टमकि पेसरउ चाल्यु, घडीय न लाई वार ॥ फारकभाथी अनइ हवसी, वीहामणा बंगाल। पाला पलइ पटायत काहर, भोई नइ बलवाल ॥ रांध्यां धान चालता पाइ, भठीआरा तवाप । चाल्यां कटक पेसरा पूठि, मांहि मेछना लाए । मदि माता मयगल सिणगाया, पूठि चड्या पूंतार । लीधी पापर नइ कठपंजर, घंटा रणझणकार ।। ऊपरि चड्या न अंकुश मानइ, एहवा गज रोसाल। सवे सारसी करता चालइ, जेहवा परवतमाल । ४३ ४४ D, ४१ कोटई-कोटि B, कोटि 0०, कोटी D, कोटइ १, ऊटकोटि र. धणा-घग BI, तणी ०, घणी Dr G. धरा-घूघरी BCDPO, घूघर उ. वाजइ-वाजि Boar.iqr in sis: ऊटकोटि घूघर घग वाजि. रहवारी em-रईबारी E, रबारी BODYOJ. पहिलइ-पहिलि BOGI. टमकि-मेहलागि , ढमकि. पेसरउ- पेसरु Ba3, पेसरूं ,पेसड D. चाल्यु-बालिउ B, चालि 01, चालिइ D, चालु G. घडीय-पदी BazK, घहि घटी F. लाई-लाइ ००, लागइ D. Komits vs 41 b. ४२ फारकमाथी-भारकभाया B, फारकहायी DI, पारकभाथी 0. अनइ-अनि BI, अछइ ०, नइ वली D, ... F. हवसी-.... बीहामणा-बीहामगां ०, बीहामगां ०. वंगाल-बगाल G. पलह-चुलि B, पति, पलि D. पटायत-पटाई B, पटाइत 0, पटाहित D, पटाइता ७. काहर-काहल B, कहीइ ०. मोई-भोइ BG, भाई D. नइ-नि BOJ. बलवाल-बहूयाल B, वलवाल 0, बिलिवाल D, चहूबाल , चंबाल.Komits vs 42b. ४३ रांध्या-रांध्या D, रांधा , रंध्या . धान-घांन DGE. चालता-चालतां Ba I. पाह-पाई Dr. मठीभारा-भठीयारा B, भाठिहरा K. तबाप-तबाक B C D POT. चाल्यो-पालं B, चाल्या Dr. पेसरा- पेसर B. पूठि-पूठि , D, पूठि ०. मांहि-माहि १०. मेछना-म्लेच्छना , मलेछना D, म्लेटना र. K omits vs 43 b. ४४ मदि-मद . मयगल-मेगल 0, मइगल F. सिणगाया-सगगाथा , शणगाया , सिगगार , शगगारिया J. पूठि-पूंठि ०. चड्या-बडि B, चन्या , चडा. तार-तार K, कुनार ०.लीधी-लीयां B, कीधी D, लीघा K. नइ-नि BI. कठपंजर-कळपाजर 0. घंटा-घटा ०. रणझणकार-रणरणकार BI, रख सगकार DOE,रणुझणुकार . ४५ पट्या-चडिया B, चच्या 0, चन्या 1. न अंकुश मानइ-न अंकुशा मानि B, अंकुच नवि मानइ , न मानइ अंग्स D, अंश नवि मानइ, न आकुस मानि G, न मानि अंकुशन अंकुम मांनइ K. एहवा- एका..सबे-सवि BOK, D, शविर. सारसी-मरीमी D, पारसी. करता-करता ODI. चारइ-चालिइ B, चालि... जेहवा-जेहवी 0 D, जेडी 1. परवतमाल-पर्वतमाल II K. B drops the last quarter of vs 45 and the first three quarters of vs 46. 2 कान्हडदे प्रबन्ध घोडा तणी फोज जूजूई, तेह न लामइ पार ऊवट वाटि ऊपड्या चालइ,पानातणा तोषार । ४६ बरगां ढोल नफेरी वाजइ, काहल नइ नीसाण। जिहां जिहां झाझा पड लइ पाणी, तिहां दियइ मेल्हाण ।। ४७ आगलिथिका कुदाला चालइ, भली करेवा वाट । आरहिडा पाहण धण भांजी, कीधर माधवि घाट | आगलि 'थिकां वागडू साविज, वेडइं नाठां जाइ। विसमी भूमि लेई देसाउत, चिहूं दिसि धाडां'धाइ ।। दीधी वाट समरसी राउलि, आव्यों कटक'विनास । गूजराति बूंबंडिया पहुता, ततषिण पडियउ'त्रास ॥ ४८ ४९ ४६ घोडा-घोडा 0 K.'फोज जूनूई-फोज जूजई D, फोजू जोई 1, जूजूइ फोज 0, जूई फोजे'. न 'लामइ पार-विचालीया पार , न लामि भार 0 J. ऊवट-ऊबटि , उवट D. वाटि-वाटिइ D,'घाट GK, उपख्या-ऊपहागां, पहाणा चालइ-चालि O DO I. पान-पान B D. तणा-तणां D. ४७ बरगां-बणगां BO, बरगा , वरगूर. वाजह-वाजिद B, वाजि 0 DO I. काइल-कान्हल , रण प. नइ-नि B OD, निं, काहल . नीसाण-निसांग ), नीसाण I, नींसाग र, जिहां जिहां-जिहां २ BODG, 'जिहां उ. माशां-झाझा D E. पड नह पाणी-पलसल पाणी B,'षड नि पाणी c, पड न पाणी D, षडपाणी , सीसि पड नि पांणी , पडपाणी K. तिहां-तिहां २ BOD K. दियइ-दीइ B OFE, करे 'D. मेवाण- 'मेहलाण DG, मेल्हाण ४८ थिका-थका OG K, थी F. कुदाला-कुंदल D. पालइ-चालिइ B, चालि 0 DG 3. भली-भलीइ D. करेवा-करावि BOGI, करावइ DF. आरहिडा-आरहडा B, आहीरडा , आरहिडे D, आरही , वन घाऊ . पाहण घण भांजी-पाहणे घण भाजी D, पीहागा घगसा C, पाहग धणि भाजी 'T, पाहण घेणे भाजइ पाहण घण भाजी K. कोघउ-कीनि B, कीवी ०, की FG I.'माधवि माधव BODI. Kreads as iv qr:माधवि कीधी वाट. ४९ यिका-यिका 0, थकां G, थका K. वागहू-वागरु 0, वागरू K. साविज-सावज Bx. वेडई-वेडि BrGI, बेगि , पाटि D. नाठांनाठा PIC K, नाहाठांध. जाइ-जाय D, जाइ , चाई"र. भूमि-भुमि D, भूइम 9. लेई देखाउत-लीइ चिहूं दिसि B, दले दीसता 0,'लई देसु ते D, देसु ते ।, लोइ देसुते , लीइ देसह तह प्र. चिहूं दिसि-दुढी , विहूं दसि C, दह दसि DI, चिहं दसि , दहू दसि G. धाडां-घाडा ,धांडा. धाइ-जाय D, धाई K. "५० दीधी-देठी र.राउलि-रावलि K. भाग्यां-आव्या BP PK. कटक-बटक 4. बिनास em- विणासि B, एणि पाशि , बनास DG, बनासि PI, वीनास K. गूजराति-गूजरात , गूजराति माहि . बडिया-बूंबदीउ E, 'बीउ c, बूबीया D, बूबीउ F, बीआan, Qवडिया र. पहुवा -पुह्तु , हुतु B, 'परतु , पहोना , पुहुता . सतषिण-ततपगि B, ततक्षण 0, ततषिणि , ततषण K. पलियडर- पडीउ B DFO, पडिउ.

प्रथम खंड उडी घेह थy अंधारूं, गयणि न सूझइ भाण । चाली दल मुहडासइ आव्यां, ढमढमीयां नीसाण ॥ आन्या सुणी म्लेछ मूछाला, रणि राउतवट कीधी। वतड भणइ पहिला घाउ लेसू, अन्नप्रतन्या लीधी॥ आगइ अगः वरांसउ वींतउ, हिवडा.छल नवि छांडूं। असपतिनां दल सामउ चाल्यउ, लेई ऊघाडउं पांडू॥ ५३ दीठा तुरक रह्या रिण थोभी, पहिलू कामा.सारइ । चढ्यउ रोसि रिण पेरण मांडई, मारी माग. दिवारइ ॥ ५४ घडी विच्यारि घणउं दल थोभ्यउं, वीर वावरइ लोह । तुरक वचा मुंगल करकटीया, ऊपरि पख्या समोह ।। ५१ ययू-थयुं DG, थर्य , थयउ K. अंधारूं-अंधार FCI, अंधारउ K. गपणि-गया D K, गयन ७. सूसइ-सूझि BC, सूझई D. माण-भांग DGI K. चाली-चालीअ F. दल-कटक BC. मुहदासह em-मुढासि B C, मूहडासि D, मुहडास्य ?, मुढासइ , मुहडासिम, मुडासइ K. भाष्यां-आव्यु B, आव्या DRUK.दमदमीयां-द्रमढमीआ CG, टमटममीया D, ढमढमीआ FI, ढमढमिया' K. नीसाण-नीसांण CDG, नींसाण K. ५२ भाग्या-आवा G, आ. सुणी-अगी , मुणीइ . म्लेछ-मेछ BFG, म्लेच्छ o, मलेछ D, सवि मेलेछ र, ल्छ र. मूळाला-मूंछाला B C D, मुछाला G. रणि-रणी D, रिग र. राउतवट-राउतिक्ट :, रावतवट J K. बह-बेतड D, राउत K. भणइ-भणि BCO 3. पहिला-अझे , साहमा D, साहमु, पहिलउ K. घाउ-घा B, घाय , घाइK. लेटू-लेसिउ D, लेसिङ प, लेस्यां K. अन-अंनr, अन्य ६, अन्न . प्रसन्या-प्रतिज्ञा B, प्रतिन्या DI, प्रतन्या :, पत्यन्या ०. लीधी-कधी B D FIR: ५३ भागइ-आगि B GG. मझ-अझै 5. वरांसउ-वरांसु B C, वसंमु D, वरसु , विरामु र. पीतउ- वीतु B C D F G I. हिवढां-हवि B C. छल-बल C. नवि-न C. छांहूं-छाड०, छाई 0 K. ii qr in Dis: छ्यल भगइ नवि छाडउँ; in r छ्यल भगइ नवि छडि; in a छिल भणि नवि छांई असपतिनां- अमुपतिना ०, असपतिना JK, असपतीना G. साझउ-साहामु B, साहमु 0 , साहांमुत, सांहमूग साम्हउ . पाल्यड-चाल B C, चालइ , चाल्यु , चायु , चालिलं . लेई-लेह G K. उघाडं em- ऊयाई BI, ऊधाडे ०, उघाडर्ड D, थाई १, ऊघाडु , उघाडउ K. पाई-पाई CDO, पार्ड ; पाडउ र. ५४ दीठा-राउत K. सुरक-तुर F, तरक G. रहा रहु D, रह्यउ , रहिउ , रहिया . रिण-रणि B DFO, रण C G. योभी-थामी D. पहिलं पहिला B, पहिलं C F, पिहिलं D, पहिल , पहिलङ K. कामा काम C, कामज K. सारइ-सारि B, समारि , सारी D, सारि . चट्यड रोमि em-चडिड रोसि रोस चढ्या ,रोसि चडिउ DJ, चयउ रोस PE, चडि रोसि रिण-रपि BDY, रण. पेरण-पेसह B. मांदह-मारु B, माडि 0GJ, माडई D, की E. माग-मागइ १. दिवारइ-देवारि। BC, देवारइ D, दिवास्वउ . ५५ घडी-घडि D. विच्यारि-विच्यार CK, वच्यार G. घणर्ड em-घf B DI, धM०, पर्ण , घणू0, घगउ .. थोम्पङ em-योभ्यू B, योभिङ 001, थोभित G, थोभ्यउ K. वाघाइ-वावरि B00, वावया K. तुरक-ठरक C D G. बचा-बचा D. मंगल-मुगल , मुंगल G K. करकटीया-करहटीया D, रिक्टीआर, वरवटीआ, करडिया K. अपरि-ते उपरि . पच्या-पडि B, पडिउ D, फ्यउ ', पम्यु. समोह-समह .. लेख, B, . थोच, ५९ कान्हडदे प्रबन्ध मारी म्लेच्छ पडतउ दीठड, वतड वाणिउ पानि । जयजयकार हूउ सरगापुरि वइसी गयउ विमानि ।। धयां वांद मुहुडासूं भागू, गामे घाली लाइ । गामि गामि लूसइ लूटायत, द्रूडी धाडां धाइ ॥ ५७ भागा देस काहानम चरोत्तर, वावननइ पेडार । गूजरातिनउ पोपरउ भाथर, अजीय न आवइ पार ॥ ૫૮ चच्यां कटक दंडाहि दाहोत्तर, धाणधार धंधोलि। ऊडी वीवी पाउसू आव्या, पाटणि दीघी पोलि ॥ दीधां रपत जई दरवाजइ, सज्ज थया झूझार । माधव मुहतउ आगलि कीघउ, जाणइ मागनिसार ॥ ५६ मारी-मारीय B, मारि K. म्लेच्छ-मेछ B G, मालक D. पदवउ-पईतु B C D 1, पडतइ :, पडीउनु १. दीठउ-दीड B 0. बह-राउल K. वपाणिउ-वपाण्यु BF, वांणिउ DG, हणियउ E. पानि- पानि B, पानि D G K, राई. जयजय-जय २ ० D F GIR. हूउ-हुउ 0 K. सरगापुरि-खर्गापुरि B, सरगापरि , सरगापूरि . बहसी-विसी BOS, बयसी G. गयउ-गया B, गयु ०GI, गर्यु D, गउ . बिमानि-विमान D, विमानिKI. ५७ घरमां-धया DF, धरीया G, धरी K, धरियां . बांद-बांन D G, वान , चंद र. मुहुदा BI-मुहासे 0, मुहृढी, D, महहासं ?, मुहढामु , मनि सांसउ K. मागू-माणु , भागु DO, भार्ग , भाग3 5. गामे-गामे DGI. घाली-घाती , लाई I. लाइ-लाई ०, लाहि , लाय . गामि गामि-गामि २ B0, गमे २D, गामो गामि , गमे गमे 3, गामे २ K. सह लटायत -लसि लटाइ B, लूटायत सि , सिइ स्टाइ D, लंटि स्टायत , लूमि लूमडीया , लूटइ लुटाई र. मूही-मुडा B, दहु दसि , दह दहि D, दह दसि , लूडा , दह दिमि . धाम-धाहा F K, घाई G. घाइ-धाय , धाई a. ५८ देस-देश . काहानम-वाहम G, काहनम D, काहम , काहान G, कान्हम, कान्ह 3. घरोत्तर- रोतर B, चाहोसर , चिडोत्तर DF, चडोतर ,चिरोत्तर प्र. नइ-नि O DOI,माहि B. पेटार बहुमार B, पेडहार D F. गूजरानिनउ गूजरातनु BF, गूजरातिनु 0 DGI, गुजरातनउ K. पोपरउ-पोषर BFJ, पोपर D. भायठ-भालु B, भाठउ , भाथु DGI. मजीय-अजी OK, हजीय DI, हिजी , हजी 0. भावा- आवि BOJ, आविउ 0. पार-हार K. Note- records the variants of the vs in foot-note but omits the vs in the text itself. ५९ घड्या-चच्या ०, चया D KI, चw , चहां त, दंडाहि-दंडाह , दंडाहि BODar. दाहोत्तर-दाहोतर B G, दहोत्तर DPK घाणधार-घागधार , धाराधर र. धोलि-धंधालि D, धंधोलइ ०, धंधोठी र. धीवी-पेह , ववी K. वाउसू-वायस BI, वायसू ०, वासी D, पावसू. भाव्या-आन्यु .. पाटणि-पाटण B D a reads as 59b: पाटण उपरि करिट पीआणू दीधी बारि पोलइ Note-In D 739 69 & 70 precede vs 59. ६० दीघा-दीधा D K. रपत-लसत D. जई-जई जई १, जइG. दरवाजह-दरवाजि B 0G, दरवाजा 1. सन-गज PG. मुहाउ-महिनु BOGI, महितें D. कीघउ-फीधु BOGI, की, D. जाणा-जाणि BC, जागइ PK, जाणि उ. मागनिसार em-मागनीमार BD, मारनिसार 0, मारनीमार , मारपयसार, मारगनिसार र.

प्रथम खंड १३ भेल्यउं नगर रह्या गढ थोभी, साहामा तीर विछूटइ। माधव भणइ कर्ण जा नासी, कांइ मरइ अणटइ ।। पाडी पांडि कर्ण राउ नाठउ, पाली जाइ राणी। पाए नवी डाभसी पूचइ, रहीय न पीयइ पाणी ॥ ६२ किस्यां रूपफल राउ अवधारस, राणी मनि संदेह । वीलां वोर कइर इंगोरां, माधवनां फल एह ॥ नाठउ कर्ण पछइ गढ मेल्यउ, भस्खा लीया भंडार । अलूपानि आवी छोडाव्या, वालि तणा तोपार ॥ ६४ एहवी वात हूई नवि होसइ, अणहलपुरह मझारि । जीणइ ठामि हूंतां देहरासर, वांगि दीयइ सिल्लारि ॥ अल्पानि पाटणगढ भेल्यउ, पूठइ कस्खळ वाण । अलावदीन पातिसाह केरी, तु वरतावी आण ॥ ६१ भेल्यउं em-भेन्यउ K, भेलू B, भेल्यु c, भलइ D, मेन्यं , मेलिउँ , मेल्यूं . रहा-रघउ PK, रहीया . गढ-ग, राय D, रणि, गढि G. साहामा-सामा , साहमा , सामा , साम्हा . विटइ-वटि BOG, विशूटि . भणइ-मणि BOGI, भगई : कर्ण-करण 0GJ. नासी-नाशी D, न्हासी . फाइ-कां , तू कायि र, मउ . मरइ-मरि BOG I. अणपूटइ A-अपूटि B., विणफूटइ ०० र, मयूटइ D. Note-folio 3 in r (from vs 61 iv-vs 86)is missing. Note-Axs commences from vs 62. ६२ पाडी-पाडीय B. पाहि-कोट A 0, पाणि B, पोलि , छोई D I. कर्ण-करण AGOI. राउ- रा B G, राय ODI. नाठउ-नाठो B, नाहाठउ , न्हाठउ K. पाली-पालीऊ . जाइ-जाय D, जाई . राणी-रांणी D. पाए नवी-पाए नेऊरी C, पाइ नवी , पाए . डामसी -डामसिलाई A, डामअन ते र. पूचह-पूचि BP,पूछइ ०. रहीय-रही ODGIK न-नई D. पीयइ-पीइ A BO3, पीई D. पाणी-पाणी ADI. ६३ कियां-किमा AK, किशा D, कस्या 0, किसां र. रूप-स्प BI, रूप . फल-फल्या D. राउ- राय , राइK. अवधारउ-उधारि BJ, अवधारु ०, उधारु D, उधारइ ०. राणी-रांणी ADI, राणीय ०. संदेह-सदेह उ. पीला-पीली GI, बीला र. बोर-योरि c. कहर- A, करण B, अनि , अन D. इंगोरां-हीगोरा B, इंगोरा 0, इगोरां , ईगोरांर, ईगोरा र माधवनां माधव A, माधवना D K, ६४ नाठउ नाडु B C. कर्ण-करण BCO I. पइ-पछि B0G. भेल्यउ-मेलिउ A DGI, भेल्यु , भेलु ०. भखा-भरीया A, भरीयां D, भरिया . लीया-लूमाइ ०, लूम्या , लीआ, लिया 5. मलूपानि- अपानि A DGI, अपान K. छोडाव्या-छोडव्या ०. वालि-वाल्लि. ६५ एहवी-एहवीय B. वात ०. हूई-हूइ ,न हुई स. नविन DII. होसह-होमि BOJ, हुसिइ, कहीइ होसि G, होस्यई K. भणहलपुरह-अणहिपुर , अगहल्लपुर B, अगहलपुर ODO, अहिलपुर . श्रीगह-जेणि B D, जीणि 03, जेगइ 0, जाणे K. ठामिठामि Dr. हूंता em-हुंता , हता Bca, हुन , हुता र देहरासर-देरासर AK बांगि-वाग B C DO. दीयह-दीइ AB DOI, देई 0. सिल्लारि-सिटार B, सेलार OD, सेलारि , सलार , सिलार K. ६६ अलूवानि-अलूपानि DGP, अन्दूपान K. मेल्यउ-मेलिउ, लीधु B, दीठ, दिठ3 D, पीठउ. पूछा-पूठि A DI, ठिc, पो&ि B, घगू 0, कसई-वरइ, की BD, र ०, करि वाण- वषाग DJ K. पातिसाह em-पातिसाहा E, पातमाह A DG, पातशाह B, पातसाहन ०. तु-त, तिहा ०, मु, तव इ. परतावी-वतावी . माण-आग A DOJK.

१४ ७० कान्हडदे प्रबन्ध भणी कटक ऊपड्यां असाउलि, गढ माहि मेलिहउं थाणउं । गूजराति मांहि गडअडइ, तहीय लगइ तुरकाणउं ॥ आसाउलि. धुलकूपंभाइति, सूरति नइ रानेर । वीजां नगर केतलां कहियइ, कांपइ चांपानेर ।। तडीयां नगर सवे धंधोल्यां, दीठां सायरपूर । सोनां रूपां अनइ सावटू, काचां लीयां कपूर । मारइ देंस, फिरइ घण फोजइ, अनइ लूस्यइ धानः। वालइ ठोरधार सपराणा, माणस झालइ वान ।। गूजराति मांहि तापति कीधी, सहूय समेटी लीधरः । वाजी सान पान सोमईया भणी पीआणउं दीधर ॥: ६७ भणी-भागी , बली . ऊपड्यां-उपडीयां A, ऊपध्यं B. असाउलि-असाउल्लि , साहण र. माहि- माहि,A, माही , माहा . मेल्दिउं-मेहलू B D, मेहलं c, मेहल्यु , मेहलिउं 3, ल्यउ र, थाणर्ड em- थाणई A, थाणे BOI, या, था" D, याणु K. गूजराति-गूजरात A, गूजरात देस B, गूजराति.देस CDI, गूजराति देसां 0. माहि-माहि A B, माहे K. गडअइह-गढ जूर्नु B, गडअडि CI, गडगडइ D, गढ अडि G, हीलोल्यू I, गडयडइ र, तहीय लगइ-तहीं लगि B, तिही लगि , तहीं लगिंइ D, तही लगि a, अति कीधू , तहीअ लगि र, तहि लगइ र. तुरकाणउ-तुरका" BI, तरकाणे , तुरकाणू , तरका" a, तुरकार. ६८ मासाउलि-असाउलि B C D GI, आसेरनइ र. घुलकू-धुलाइ A, धुलकु०७,धुलकुंप, धोलको र. पंभाइति-धंधूकद , पंभायत ०३, पंमायति D, पंभाइत 3. सूरति em-भाइत A, सुरति BDO, सूरत GE. नइ-...., नि B007, नई D. रानेर-रानेर A3. बीजां-वीजा D, जीत्यां तिलां- केती सक्षा J. कहियइ em-कहिये 5, वहीइ A B C G 1, कहीई छ. कांपह-कंपइ 4, कैपि BI, कापि, धांपानेर-चंपानेर A, चापानयर D, चापानेर ०३. ६९ तहीयां-तही Ba , तदीया D. धंधोल्यां-धंधोला BD, धंधोलिया J. दीठां-दीठा G. K. सायरपूर-सायपूर K. सोनां रूपां-सोना रूपा B, सोना रूपा D, मोनो रूपा , सोना रुपा K. भनइ-अनि BC, नई D, नइ , रत्न . सावटू-सावटु DG. काचां लीयां-कचोलीया B, काचा लीया C, घच लीया D, कांचा लीआ G, काचां लिया K. Note-In D vss 69, 70 precede vs 59; the vs order being 58,69,70,59. ७० मारह-मारि BOG . दस-देश . फिरइ-फिरि BI, परि C DG, घण-रण ०. फोजद-पोजई 10, फोजे BJ, पोजि D, पोज ०. अनइ-अनि B CT, अनई DG. सूस्यह em-दम्यई र, लूमाइ AC, मावि BO, साय D, लूमाइ , धान-धान C DIK. बालइ-वालि B, वालि , वाजि c. दोर-ढोल 0. धार-धाइ A, चोर B, थोर , गोर , घj ०, थार , (ख), अतिहि K, सपरागा-सपराणा 1 0K, सपरागा D. माणस-अनी मालइ-सालि 3G, झाल्या , साहि . वान BC-चांन A DOK, बांनि . ७१ गूजराति-गूजरात A BI, गुजराति र. मांहि माहि AC K. वाशति कीपी-आग वरतावी A, तपत न कीधी ० सहूय-सह B C DOIRigr in a leads : रहा रतन वादि सवि कीधा. समेटी-सामेटी G,मामटी D0, सामेटी . लीधउं-लीवू 100, लीधुं D E,लोधु . घाजी-बाजी A, चही. साम पान em-पान सान A, सान पान B, सान पान C D, पान देवल, पान सानप, पान सान K. सोमईया-सोमईआ RC, सोमइया . पीमाणउं-पीया) B, पीभा, पीया D, पीआण ०, पीआण , पयांणु र. दीपट- ALB, कीधू , कीथडे D, कीधू ०, दी! K.

'प्रथम खंड ७२ ७३ सोरठ मांहि मेगलपुर महूआ, वली ऊना नइ दाठा । 'पडी ढाक नीसाण ध्रसूक्या, लोक दहोदिसि नाठा ।। 'राषइ जीव दीव मांहि पइठा, वरंतइ हालकलोल। तुरका पासि देव म म पार्डिसि, वरि घाले द्रहवोल ॥ हूई हाक कोलाहल सुणीइ, 'दीसइ धूम विकराल । 'पडइ बूंवरिण काहल वाजइ, जाणे कोप्यउ काल। पारिक द्वाप नालीयर नीलां, फोफल अनइ पिजूरां। वारू वाड सेलडी केरा, वाडीनां केलिहरां।। आदां सूरण नइ पीडाल, वली पोसातां पान'। कटक माहि जु तापति आवइ, 'कोइ न पाइ 'धान ।। ७४ ७५ ७२ माहि-माहि a, मा J. मेगलपुर-मेलगपुर BGK, मूंगल c, भयगलपुर D, महिगलपुर . महमा-महूया B D, परवरीया C. ऊना-अनेरा 0, उना D, ऊना , ऊनां K. नइ-नि BDOI,...0. दाढा-बाठा, दीठा0, डाठा र, दीठा K. पडी-पाडी D. नीसाण-नीमांण DG. ध्रसूक्या-ध्रसूक्इ A0, सूक्यां ७. ददोदिसि-दहोदसि BO, दहदिसे D, दहदसि ०, दहुदसि , दहोदस .. नाठा-नांठा K,'नाहाठा . ७३ रापइ AGK-रापि BD I, राप्या 0. जीव-जिव D. दीव-देव B. माहि-माहि AGE. पठा- 'पिठा B, पिसा , पयठा DG. घरतइ-वरति B0, वरनिउ 0, करता र. हालकलोल-हालकबोल A BC, हालकालोल र, हालकिलोल K. तुरका-नुरक BI, तरक D, पासि-वसि C, पांसि K. देव-देव BK. मम- 'म BODG, तुम . पाडिसि-पाडिस , पाढे B, पाडेसि 0G, पाडसि D. वरि-वयरि ०, वर र घाले- घाते . दयोल-द्रहिवोल B, द्रहवोलि c. ७४ हुई हाक-हुइ हाक A, ईआइक B, हीया द्रगि D, हइ दगि त, हईया धगिर. सुणीह-वरतिउ,, मणीइ , मुणिई .. दीसइ-दीसई A, दीसि B CO. धूम विकराल-धू विकराल A, धूम बराल B, धूम विराल OD, धुम विराल , धूम विराल प, धुम विकराल K. पदह-पाडि BI, प? K. –बरिण- दूबरण B 03, वूबरण DG, बुंबरिण K. वाजइ-वाजि B C, वजिर. जाणे-जाणे AG3. कोप्यउvem- कोप्युट, कुरीउ A 3D, पडीउ, पीउ, कोप्योयउ K. Note-D transposes ii and iv qrs%3B the order of qrs being i ir ii ii. ७५ पारिक-पारिकि B, पारकि C D, पारेकि G. नालीयर-नालेयर A, नालिकेरां B, नालकर, नाली- अर . मनइ-नि BOJ. पान 0, नइ D. पिजूरां-पजूर A, पगं B, बीजोरा 000. दारू-वारु , वारुं K. पार-वाहा D, वाल K. केरा-केरा GK. वाडीनां-बाटी, पाडी माहि , 'वाडीइ , धाडीना'D, बाडीमां ग, वाहीनइ K. केटिहरां-वनफल नीला A, बहु फेला B, नालिकेरा , केटेहरा D, केलहिरा 0. ७६ भादां-आदा OK , आदू नइ-नि B001. पीटाल-बिंडालू ,पीडा.पोसाता-पोसातार. पान-पान BODOr ii qr in cis केता कहूँ अभिधान कटक-कुटवर, मांहि-माहि A 0E,मांहें D. शु-ओ B00, दे K. गाने तीपनि D, ता पाति , तापत K. भावह-आवई A D, आवि B00, आविइ 7. ग्रह-कोय , पेइ . पाइ-पाई धान-धान A Das. पडि CG, कान्हडदे प्रबन्ध ७७ ७८ सोरठ मांहि सहू को नाठउं, भस्खा देस लूसाइ । भाजइ नगर अभंग आगिलां, आडइ कोइ न थाइ ॥ कीधर सूत्र ऊपडीयां साहण, घण नीसाण वजाव्यां। भांजी देस देवकइ पाटणि, दल देषतां आव्यां ॥ नगरनिवेसि बारगइ दीधी, नवा सिराचा अभ्या। घोडा तणी पायगइ दीधी, तरूअरि मयगल थंभ्या ॥ दीधी पोलि हूउ गढरोहड, की घण पराण । नगर मांहि पोसाता पायक, तेह न मूंकइ माण ॥ आवी पाद्रि सइंफल मांड्यउं, लीधा चउपट घाउ । सोरठीया राउत सपराणा, न दीइ पाछा पाउ । ७९ ८० ७७ माहि-माहि A GK. सहू-सहूइ ७. को-कोइ K. नाठउँ-नाढू B, नार्ड , नाठतूं DI, नाहाटू , नाठउ र. भखा-भरीया A, भरीउ DI. लसाइ-लूमाई K. भाजह-भाजि BO, भागइ D, भाजि . मगर भभंग-नगर देस DI, अभंग नगर . भागिला-आगिला A, आगलां B, आगला 0, आगलीया D, अगिला , आगलीआं I. भाइह-आडि B Gr, आडो , आई, आडउ K. याइ-आवई A, थाई 0K. ७८ कोप-योधू BI, कीथु o K, की त. सूत्र-कूच 101, सुत्र E, कूच न, कूछ ०. उपन्यां- उपदीयो AD, ऊपज्या K. घण-कटकि A, घण B G, धां ०, घf D, पण र. नीसाण-नीसांग Dar, निसांग र. बजाया-धजावा B, वजाव्या K. भांजी-भाजि B, भाज्या 0 DI, भाजीइ १. देस-देश . देवकर-देवकि BOGJ. पाटणि पाटण D. दल-देल D, दाल , दलि. देपंता-दीपंता D 11, देषति . माया-आवइ , आष्या D. ७९ निवेसि-निवेसि B, निवेश DK, नवेस , नवेसि.बारगडू-बांगइ., बारगि, नफेरी . नवा- मांणी नवा साबाग A, पगा0. सिराचा-शराचा BI, सराचा 00D. ऊभ्या- . A. घोडा-घोडा BDK. पायगर-पाइगि BG, पाइगइ K, पायगि प, पारगि ०. दीधी-कीधी BD I. तरूभरि-तल्यरि BD, तस्अलि, वठी तरुअरि , तरूमर x. मयगळ-मेगल 9, हयवर , मगल र, भ्या-पभा , थूभ्या ,, बंध्या , यांच्या र. ८० दीपी-दीधीय B. पोलि-पउलि K. हउ होउ 0, हऊआ 3. गढरोहर-गढरोहु BODO, गढरोहा कीपर्ट-की) B३, की ODK, की , घणउँ-पणे BDI, पर्ण OK, पणू . पराण परीयांण D, परोग 00EJ. माहि-माहि.0, मा D. पोसाता-पोसता र. पायक-पायग ०. तेहम-ते मवि A B. मूद-मूकि 20, मूकि , मुंबइ र. माणबाग D, माग 01 K. ८१ भारी-आवि 0. पादि-पदि D. सईफलउं em-सांफलडं A, सूफल , सीफल , सिंइंफलई D, सदा, मिाल , सशलउ F. मांड्यर्ड em-मानउ K, माडिउ, मान्यूं, की ०, कीy D, माहिउ . लीधा-कीधा A, आभ्या 0, सीधउ K. घ312-घुपट POON, उमटि K, पाउ-पाय ODO. सोरठीया सोरठीयाठीया A,(a mislection), सोरठीआ 800, सोरठिा K. सपरागा-सपरांग AD OK.नदीर-नदिति B, न देइ ०, न ीय D, न दिले ,न होई. पाठा-पाछउ. पाठ-पाय 000.

प्रथम खंड २७ . वाला वाजा अनइ जेठूआ, चूडासमा मेलावइ । असपतिसेनसुमद्र ऊलटीयां, ऊपरि चांपी आवह ॥ कटक मांहि हाथी पापरीया, पटा दंतूसलि घाल्या । वीटिलं नगर तुरी हणहणीया, पोलि पाधरा चाल्या ॥ पाद्रि थिका असरीया राउत, काई न लाघउ लाग । दीधी पोलि फारकि चडीया, म्लेछइ मेल्ह्यउ माग ॥ असण ऊलव्यां ढोल ध्रसूक्या, थरहर धरणी कांपी। कस्युं पराण ऊडव्या हाथी, तुरक चड्या गढ चांपी ॥ वरती भेल देवकइ पाटणि, पाच्या पोलि पगार । नगर मांहि जुलंका लूसइ, पान तणा असवार ।। ८४ .८६ ८२ वाला वाजा भनइ जेठूमा वाजि वाजां भनि जुद्ध हूयां , वाल्या बाज अनि जेठूआ 0, वाला वाजइ भनइ जेटुया D, वाला वाजा अनि जेठुआ 4, वाला वाधा नि जेठूया , वाली वाग तुरक तुरंगम x. चूडासमा मेलावइ-मुहड संख्या मेलावि B, आव्या समि मेलावि , चूडासमा से आवइ DI, चुदासमा मेलावि , धूढासमा मेलावि , सबल सेन तिहां घाया K. असपति-असुपति C. सुमन A K-समुद्र BODa, समूद्र प. उलटीयां-ऊलटी B1, ऊलटिङ 0 D, ऊलटउ , अलटिआ K. अपरि-उपरि K. पी-बपि B, चांपइ , चांपिउं. भावइ em-आवई 4, आवि BOG, जावइ DI, आविद , आया x. ८३ माहि-माहि A F G K. पापरीपा-पापरीआ G I K. दंसलि-दंतूसल a K. घाश्या-घाल्या . पीटिउँ-वीटीउ A, वीट्यूं B, धीटउँ D, वीट E, दीठो K. नगर-नयर 0. तुरी हणणीया-पापरी तुरीया B, तरी हगइणीया E, तूरी हणहणीआ 4. पोलि-पोलिइ D, पोलिं . पाघरा-पाधर K. पाल्या-चालिया है. Note: Eus commences from vs 83 b. ८४पादि थिका-पादकां ,पाद्र थका BOG, पाद यकी D, पादि यका र. ऊसरीया-ऊसरिआ A, उसरीया B, उसरा, उसरीआ a, उसरिया I K. राउत-रावत K. कोई-किहिं 0, कांड D K, काइ प. लापर- लाधु BODa I. फारकि em-फारकी B C D E, कारकी A, भारक , फेरकी ,पारके K. घदीयावरीमा 10, चरीआ B, चदीया 0, चडिया K. म्लेछइ-म्लेला A, मेछां B, मलेछ , मलेछ , म्ले ८, मे, म्लेच्छ . मेहराड-मेलिउ A, मेहलु B, मेहलिउ 0 EI, महल्यावी D, मेहल्यु. भाग-पाग 0. ८५ मसण असन B, असूर ०, कटक 01, असणि E, मासणि इ. उलट्या उलटइ, उलटी Bo, सलटीमा ०, ऊलटे BK, उलटीया . भ्रसूक्या-भास्कइ A, ध्रसूकि BO, भ्रसूके घ, द्रमुकि ०, प्रसूक्यां . धरणी-धरती ODI K. कांपी-पइ A, पि B, कांपइ . कसुं-करी A, करिट BEO, कसा , कीऊ. पराण-प्राण ,परांण I J K. उदय्या-उडव्या AC DEE, उठव्या B, मडाव्या दरक-तरक :, तूरक , पन्या-चढीया A, चन्या B 0, चडिया E. गढ-गदि .. ८६ परती करती . मेल-मीडि B, मेलि cas. देवछह-देवकि BCOL. पाव्या-पारीया , पाडी B, पारि , पन्या. पगार-पागार A. मांहि माहि A 20. जु-जो , D, जउ ....... रंका-लये इ. एसइ-साइ AD, सि B00, सई इ. पान-पान B DEOJR. तणा-नगा 3 १ २० कान्हड प्रबन्ध देव तणइ प्रासादि विहुं दिसि राउति दीधा हाथ । .. करी सनांन धरी सिरि तुलसी, सरण कस्खउ सोमनाथ ॥ ८७ देव तणा मढवइ चउरासी, तेह पडाउ थाइ । वाजी हाक उडव्या हाथी, आव्या चउपट घाइ ॥ रणि घाउला दोट छीना, वालति साहमा चाल्या । करकटीया हवसी पापलि फेरी कुंडइ घाल्या ।। ८९ रोसाला राउत रणि सूंड्या, नडी नाद ऊताखउ । अनरथ तणउ मूल जे हूंतउ माधव मुहतउ माखउ ।। किम गोहर सांई दिवराइ, अंगि एतली आहि । मारी म्लेछ मांकड़ा मंगल, पछइ पड्या रिण माहि ।। ८७ F_us commences again from_vs 87. 'तणइ-तणा 4, तणि BOGI, तणई र, प्रासादि-प्रासाद A, प्रसादि , प्रासादि , प्रासदि K: चिहुं दिसि A B I K-चिहूं पषि, चिहु दसि D, चिहु सईद, चिहसइ , चिहोसइ ७. राउति-राउते ACI, राउत PK. दीधा-दीघउ DEF, दीधु , सीधी र. सनान-सनान B, मान , असनान F. धरी-सिरि उ. सिरि-+ठि B, शिरि ,, सरि DG, शर, घरी, सिर र. तुलसी-प्लसि D, तलसी E. सरण-सरणि A D F G, शरणि B, शरण 1. कस्पट-कीन A0, करु B, करिउ DEG. ८८ तणा-तणि 0, तणे DJ. मदवइ em-मढवी A B C F, सढवइ D, मढवै E, मुढवइ , मंडपिर, मढया K. घरासी-चुरासी B C D E F G .. तेह-तेहू AEO, तेहे ०, विहां , ते K. पदाउ-पडीउ AG, पडाऊ BDF, उमा ६, पज्याउ , उपर ग्या K. थाइ-पाउ A, हाथ GK, थाई, थाई इ. वाजी-वागी उ.हाक-ढाक G. उडव्या-उडच्या A B C D E OJE. भाव्या-आव्य K, चडपट-चउपटि , चुपट AOD E F GI. घाह-घाउ AI, धाय ODFG, घांई E, हाय र. ८९णि-रण a, रिणि K. घाउला-राउत A, राउल K. दोट-देषि A, दोटि B, डोट 001. उछीना-टछीना CD, कछीनां र. बालति-राउत AO, वलति ।, चालति D, पालत, मसपति , वाजिन K. साहमा-साम्हा A K, साहामा B, साझा CF, साहमा 0. पाल्या-वाल्या , चाल , चालइ D, कल्या E, चालां, चांल्या K, करकटीया-करकटीए A, करिक्टीए F, करकटीइG,. करकटीआ हपसी पापलि-मूगल करि हबसी A, तो पापलि फेरी B, हवसी पापरीया 0 I, हबसी पाषरीए D, हावसी पावरे , हायसीए पापलि F, हवसी पापरा , हबसीए पापलि K. 'फेरी कुंडइ-पापलि फेरी, हपसी कूडि , फेरी डि01, फेरी कई E, फेरी कुजर 0. घाल्या-घाल्या A, घालि0, पालइ D, पाल्या E. ९० राउत-राऊत , राउत E, राउत राउत G. रणि-रिण A K. सूख्या-सूया A, सूख्या B, सुख्या Dra, सूरा, मुंख्या र K. नही-नागि B, मडि D. माद-नादि . अवास्यउ-स्तान , सासु P, ऊतारिउ ,ऊतारि D, ऊताया G, ऊतारिया , ऊतायो K. मनरथ-अनय A, अनर्थ B. तणड-...., तM OP, तणु D, तण र, तणू . मूल-मुल D. जे हूंतउ-ने हुँतउ A, भीजि दीहि आणे B, जे कहीई 0D, मीजE,जे कहीइ., मीजि दी , जे हूंतु . मुइतउ-महितु BOGS, मुहतु D, महिंतु, महंत .माड-मारिउ AO DEO,मारु B, मासु . २५ किम-हवि किम्म ३. गोहर-गोहरि 0E, को गिरि D, मोह ?, गोइ २३०, कटक . साई-पाई 01, सीह ०, सांइ ०. दिवरद -देवराइ BDOI, देवाइ ०, देवराई , दिवराय .igr in kis: मग सोरठिया मुभट संनाया. अगि-अंगिगि ०, पणि अंगिर, अंग K. एतली-एटली , एतलि D. माहि-आहि .0, माहिं D, . म्लेछ-मले 40D, मेछ BY OS. मांकग-मांकही D, मांका। मूंगल-मुंगल a.K.पहर-पछि Boar. पत्या-पीया AD, पडिउ , रक्षा D. रिण माहि-रण माहि 01, रश माहे , रण माहि २०, रमि माहिए. कछीनी, . ८ .

प्रथम सं. ૨૨ १ , जे पद नहीं ज्याग नइ तीरथि, घणइ दानि त्रैलोकि । सोमनाथनी चाडि मरता, ते पुहुता सुरलोकि ।। पडी भेल प्रासाद देवनइ, भांगां कूची तालां। हलहल करी पोलि मांहि पइठा, लीयां ढोल कंसाला ॥ ईडे चच्या असुर आरहिहा, वेगि वावरइ घाण। पासा तणी पूतली भांजइ, भूमि पडइ पाहाण ॥ सांधिइ सांधि जूजूई कीधी, थर पाडेवा लागा। 'ऊपरि थिका हाथीया घोडा, घण तणे घाए भागा ।। परठइ सांगि लागि लोहडानी, प्राण करेवा लागइ । • हलहल करी विहुँ पपि विलगइ, मोटी मूरति नांगइ ।। १४ ९५ ९६ ९२ जे-ये A. पद-पदि , फल I. नहीं-हुइ ०, नही हुया D, नही Y I J K. ज्याग नह-याग नइ , पाग नि E CG, गंगा नइ D, यागनई , यागि नइ F, अठसठे . तीरथि-तीरय A B C D I, सीरपि , वीरयइ . घणइ-घणे A DG, घणि B, घणाल, हेम . दानि-दान CK, दनि D, दानि G, रतन उ.प्रैलोकि- श्रेलोक्यि B, बोलोकि Da, वे मुंठि , त्रिलोकि K. चाडि-चादि B, चाडिईD, चादइ E, चाड : K. मरंदा- मरता A, मरतां B C D, मरता EG. iii qr in : देवकार्य देह एप. ते पुहुता-ते A, से पोहोता B, पुहता DG, तेह पुहतार,पहता ते ,ते पहुता K. सुरलोकि -सुरलोके A, परलोकि , सरलोकित, वैकुंठ 1. ९३ पडी-पदी र. मेल-मीडि B, मेलि C . प्रासाद-प्रासादि CB, प्राशाद K. देवनइ-देवनई ADE, देवनि CG . मांगां-भागा B C D EG, भागा . कूची-कूची BK, कुची DJ, भोगल G. वालो- ताला DJ. हलहल-हळूहल A, हल २ C D E K. करी-करि D, की G. मांहि-माहि AY, माहिह , मा. पहा-पिठ BOG, पयठा D. ठीयां-लीया A DI, लयां E, लीआ, लीआ G. दोल-छोला कंसालां-कंसाल कंसाला . ९४ ईडे-...., हीडि B, इंदे 0E, ईडि DI, ईदे , इडे रा.पड्या-चढौआ A, चदी 0. बहर-अमर ०. भारहिदा-सवे आरदी A, आरोहझ्या c, आरडा D E F, भारहिल्या ०, आरहिहां वेगि-वेगिर यावरह-वावरि B CO. घाण-घण C D, घणी E, धुंग !, घाण GK. पासा-प्रासाद C, पास D, पासां , पहिण K, पूतली-पूतली A. भांजा-मांजीजह A, भांजी B, मांजिर, मागीद, भाजइ, भांजई E. भूमि-भूमि A, भूमि , भूमी. पाइ-पडि B C , पाडइE, पड़ा. पाहाण-पापाण ABP , पाहांग ०, पाहणE, ते पाहाण. ९५ सांघिद सांधि-साधिइ साधि A, संधि संधि BI, सांधि २०K, साधि २D, सांघिई साधिE, साधि साधि १०. जूजई- जून, जुई र. घर-तरक E. पाडेवा-पाडवा D. थिका-यां AI, थका 0E, थवा . हाथीया घोडा-हाथ या घोडा A, ते घोडा हाथी , जे हाथी घोडा D , हाथीआ घोडा , हाथीमा घोडा, हाथी ने घोहा K. घण-बगह E, तणे-तणा, तणि K. घाए-पाइ Atra, पाय D, पाए . ५६ परब्द-परठि BG3, परठी 0, तलि परठइD, प्ररठइ उठी K. सांगि-सागर. लागि लाकि,... DE, लागि, सवल . सोहदानी-लोढानी , लोहदांनी, लोहनी र. प्राण-प्राण DET, प्रालि, प्रग 0. छागद A-मागी BC, लागई D, लागा Era K. हलहरू-लिउ कि B, लिइ लिइE, लइ २१, मह नह K.करी-कर B, करे D. बिहुं-दिहूँ , विहं , विहो . पपि-परि, पखि E, पासे , पपिर. बिठगह-दलमि BG, वलगी, बलगहDEr. iiiqr int:दीन ३ महिमद की बिटनि.मोरी-मूही. मांपह-मांजई नांगी Bc, मंगह, नापि, भागइ ।

९७ - कान्हंडदे प्रबन्ध विरूई वात वरतेवा लागी, कलियुग करइ विलास । पृथवी तणउं पीठ मेल्हीनइ, देव गया कविलास ॥ अलूषानि एहवू फुरमायूं, मढ रहावर सूनउ । ढीली भणी भूत चलावउ, तिहां करेस्युं चूनउ ॥. लोहडइ जडी फरक नइ रहिकल, वली अणाव्यां गाडां। सोमनाथन लिंग घडाव्यउं, आणी जडव्यां आडां ॥ काला मूंछ तेडीया भोई, गाडे लिंग घडाव्यउं । 'आगलि घणी जोतरी त्रीयल, ढीली भणी चलान्यउं ॥ १०० . ९७ विरूई-विरूइत, विरुई उ. घरतेवा-वरतवाCDE GIR, वरितवा F. कलियुग-कुलयुग GD, कलयुगि. काइ-करि BOI, करिउ . विलास-विलासे , कलास G. पृथवी-प्रथ्वी BF I, पृथ्वी 0 K, प्रथवी DEO. सण-तण B DEG , तणु , तणउ K. पीठ-पी. मेल्हीनइ A F K-मेहलीनि B 03, मेहलीनइ DE, मेहलीनई ७. देव गया-देवि लीउ B, देव गयु, देवउल E, देव गउ , दैव लीउ , देव हवा कविलास- फैलास B DFO, कैलासे C, किवलास E, निरास J. I interpolates the foll vs after vs a7: सोरठमा सेत्रुज गिरि मोटु महिमा अति पराणु । घj प्रांण असुरे तिहां की● पणि किमहि न लेवाण ॥ ९८ मस्पानि-अलूपांनि DI, अलषांनि E, अलूअलूअपानि , मलूषांन O K. एहवं-एहवर्ड AE, एहवं BI, एहवं . फरमायूं-फुरमाउँ A, फरमायु c DG, फरमायूं E I, फरमायु , फुरमायु र. मड-गढA, मठ D. रहावउ-हूउ हिव A, रहावु B D, रहावं 00, रहाविउ , रहाव्यु . सूनउ-सूनI AE, सम् BODE, मुंनु . ढीली-डिल्ली 0, ढिली K. चलावउ-चलाउँAD, चला Br, चलाईं 0. iii qr in sis: सोमनाथ ढीलीथु चलावु. करेस्यु-करे A B, करेसु ०, करेसिउँ DE, करेस , करेसु O, करेसि . चूनउ-चूनु Ba, चुनु 0 D. ९९ लोहाइ-लोहइ 4, लोहडा B, लोढे , लोहडे , लोहडि G I. जडी-तणी B, जडि, जया , फरक-फिर 4, घरक 05, फरकइ , फलक I. नह रहिकल-नइ त्रीयल A, मणावी B, नि रहिकल 07, रहकलि D, मई रहकल इ. पली-बलि D. मणान्यां-आव्यो A, अम्यिा OF I, अणायु DI, आणाव्या र. गाय-गाडा OD, गाडा G. सोमनाथनउं-सोमनायनु B DFO, सोमनाथ , सोमनायने र, सोमनाय. मत र. लिंग-ल्यंगत. घडाम्यउं em-चलवउ , चलावु B, चढाविई ०, चडावर्ड D, चलाविउ E, घालिवा , चढावी, चडाव्यउ K. भाणी-आणी EG , आमि K. उडम्यां-ऊभव्या 4, उंडा B, उडव्या Dr, उभ्यां , उडव्य र. माटो-गाडा, आडा Dr,गार्ड .. १०० काला काल E, भूछ-भू 0 0, भूत , भीच K. तेडीया भोई-तेडी भोई B, भोई सेगाव्या ०, डीआ भोइ ०, सेटीआं भोई 1. गाडे-पाडे B, गाडे G. लिंग-ल्यैग , लिग . घडाम्पढ-चला B, पहावित OE, चडावउ D, पलाम्यु, चडावुन, चडाव्याउ K. भागलि-रहिकल आगलि A, आगल .. घणी-पगा, यकी B, घा. जोतरी धीयल-जोतरी तरीयल B, तरीयल जोतरी०, जोतरी प्रयल , जोतरी श्रीमत, वृषभ जोतरीनि , जोतरी श्रीमलि . दीली-दीठी ०, दीलीम, दिलि र पलायडे emन्यताविर्ड 4, पलायूँ , चला०, चला , पलाविउ, पलायु, चलायुम ल्याम्यउर. उइन्या ०० आणी , प्रथम खंड आगइ रुद्र घणइ कोपानलि, दैत्य सवे तई वाल्या । तई पृथ्वी मांहि पुण्य वरताव्यां, देवलोकि भय टाल्या ॥ १०१ तई वालिउ काम त्रिपुर विध्वंसिउ, पवनवेगि जिम तूल । पद्मनाभ पूछइ सोमईया, केयूं कखडं त्रिसूल । १०२ वाल्यां गाम देस ऊजाड्या, घणां नगर विध्वंस्यां। सोरठ माहि कोलाहल कीघउ, लोक तणां धन लूस्यां ॥ १०३ साहिया लोक वंभ नइ बालक, नारी वर्ण अढार । आले वाधे हालरां कीधां, वान न लाभइ पार ॥ १०४ वंदीपानुं साथि चलाव्युं, तुरक करया तसलीम । वाजी सान पान ऊतरीउ सोरठीयानी सीम ॥ १०१ भागह-आगि B C G I. रुद्र-रFि AY, रहिउ ८, रौद्र D, रोद्रि , घणा-घणि B G I, घणु , घणुE. कोपानलि-कोपानल D, कोपांनलि G. दैत्य-दैत E F, सवे-वंस A, शवे F. तई-तइ APK, तें B, ति, तिई D, विइ ७. बाल्या-वाला B. तई-तइ A FE, तिं BI,...c, तिई D, विइ ७. पृथ्वी- परथवी ,प्रथवि D, प्रयवी G, प्रथ्वी , प्रथिवी . माहि-माहि A EP GK. पुण्य-पुण्य A, पुन्य ar. मरवान्यां-वर्तावां B, दरताव्या ०, वरताविउं D E, वरताव्युं र. देवलोकि-दैवलोकि D, देवलोक G. मय- महा.टाल्या-टाठीया A. १०२ वई-तइ A FE, ति BC, ति DGI. बालिर-वान्यु BF,. वलउ D, बलि I. काम त्रिपुर- त्रिपुर काम 4, काक त्रिपुर D, कंस त्रिपुरि छ, कामे त्रिपुर ३. विध्वंसिउ-विध्वंग B, विध्वंस्यु , विध्वंस्य , विष्वसिउं ०. पवनवेगि जिम तूल-दीसउ गति सूरि , वचनवेगि जिम तूल D, पवनदेगि जिम तुल , पवनवेग जिम तूल K. पद्मनाम-पदमनाभ AC DGP, पद्मनाभि K. पूलह-पूटिइ, पूछि ०३, मणइ . सोमईया-सोमई B C FE,...., सोमइआ G. के-केयउ AD, केय् BG, केषु ०, केछ ?, केयु K. काउं-करिउं A, गयूं Bal, गc, करुं D, कर्स E, कर्ष . त्रिसूल-त्रिसूत्र A,त्रिशूल BD,वसूल . १०३ वाल्यां-बाल्या , वालां D, वाला , न्यन्यां , गाम देस-देस नगर A, गांम देस DG, नगर गांम E, गाम नगर देम १, गांम देश 1. उजाड्या-उजाडीया A, ऊजाडित C DO, ऊजाभ्यां इ, उजायर, हजाच्या 5. पण-पणा D, घग P. मगर-देस A, गाम B, नयर I K. विध्वंस्थां-विध्वंस्या A, विध्वंसां B, विवंशा D, विष्वश्या ?, विध्वंशा . माहि-माहि Ex C K. कोलाहल कीघट-कीघउ कोलाहल A, की कोलाहल B, कोलाहल वरतिर , हालाहल कीघउ D, होलाहल कीघउ E, की होलाहं :, की होलाहो , होऊ हालकालोल . सणां-तणा A. लूस्यां-टूशां D, लूश्या . १०४ साहिया-स्याहीया A, साझा BY 5, साया C D, साहामा ०. लोक-बांन 0. बम-बम 0. नद- नि BG 1, नई . पालक-वालिक र. वर्ण-वरण B C D. धाप्रे-वाध्र , वाधिG, वाथे K. हालां-हालर C, हालस, हालरा :, वाघ्या . कीचों-बांच्या ', हालर . पान-बांन AOGK, पांद B, बंदिर. छामइ-लानि BC. पार-पान .. १०५ बंदीपार्नु-दीपार्नु 4, बंदीषांन D, परीषांगउंE, यदीपानं, वी0, बंदीपान . सायि-साथ K. घलान्यु-चलाविरं CPE, चलाव्यं ।, चलावू 0, चलाव्यूं , चलाव्यु र. मुरक-नुरके , तरक E, तूरक. कथा-करा , कया K. तसठीम-तसलीमा D. सान-सांन AEG.K. पान-पान ADEOJE, खान B. वरीउ-ऊतरीया AB, ऊतरीमा :, स्तरियार , सोरठीयानी-सोरठीमानी ora.सीम-सीम B.

कन्दिरदे प्रवेन्य 'विरूई घात परतेवा लागी, कलियुग करइ विलास । पृथवी तणउं पीठ मेल्हीनइ, देव गया कविलास ॥ अलूपानि एहवं फुरमायूं, मढ रहावर सूनउ । दीली भणी भूत चलावत, तिहां करेस्युं चूनउ ॥. लोहडइ जडी फरक नइ रहिकल, वली अणाव्यां गाडां। सोमनाथन लिंग घडाव्यउं, आणी ऊडव्यां आडां॥ काला भूछ तेडीया भोई, गाडे लिंग घडाव्यउं । आगलि घणी जोतरी त्रीयल, ढीली भणी चलान्य ॥ १०० ९९ ९७ विरूई-विरूइ०, विरुई . घरतेवा-परतवाCDEOIK, वरितवा . कलियुग-कुलयुग०, फलयुगिर. कर-कर BCI, करिउ 6. विलास-विलासे C, कलास G. पृथवी-प्रथ्वी BF, पृथ्वी0 , प्रथवी Dra. तण-तणे B DEO 3, त, तणउ K. पीठ-पीठं ०. मेल्हीनइ AFK-मेहलीनि BOT, मेहलीनइ DE, मेहलीनई ०. देव गया-देवि लीउ B, देव गयु, देवउल E, देव गउ F, देव लीउ a, देव हवा . कविलास- केलास BDra, कैलासे , किवलास E, निरास . v interpolates the foll vs after vs 97: सोरठा सेत्रुज गिरि मोटु महिमा अति पराण । घणूं प्रांण मसुरे विहां कीधू पणि किमहि न लेवाणु ॥ ९८ मस्पानि-अषांनि DI, भलपानि ,, असूअलूअपानि , अलूपान GK. ए.j-एहवर्ड , एह- BI, एहवं . फरमायूं-फुरमाउँ A, फरमायुं 0 , फरमायूं E3, फरमायुर, फुरमायु . मड-गढA, मठ . हावर-हूउ हिव A, रहाए B D, रहाई ०G, रहाविउ E, रहाव्यु ३. सूनउ-सूनउ AP, सन BODET, अनु ०. दीली-डिल्ली ०, ढिली K. चलावउ-चलाउँAD, चला B, चलाई ००. iiii qr in sis: सोमनाय दीलीयु चलावु. करेयुं-करे A B, करेसु ०, करेसि DE, करेस :, करेस ०, करेसि. पूनर-पूनु Bar, चुनु 0D. ९९ लोहरह-लोहर A, लोहडा B, लोटेल, लोहढे , लोहडि 1. जडी-तणी B, जडित, जया र. फरक-शिर , घरक CK, फरकइ D, फलक 1. नह रहिकलन्नइ त्रीयल A, भणावी B, नि रहिकल 03, रहकलि D, मई रहकल E. बली-वलि D. मणान्यां-आव्यां A, अगाया Or, अगाबु DI, आणाव्यो र. गा-गाडा 007, गांडी 0. सोमनायन-सोमनाथ BODPO, सोमनाथ , सोमनापन र, सोमनाथ- म.लिंग-स्वंग . पहाग्य em-चलवउ 4, चलानु B, चढावि ०, चहावर्ड D, चलाविउ, पालिवा प, पहावी , चडाव्यउ र. माणी-आणी 01, आणि र. उडम्यां-ऊभन्यो, उहा B, ऊडम्या DT, उडम्या 00, उध्योग, उडव्य र. मा-गाडा , आडा , गार्ड . १०० भाठा-काल . भू-भू 070, भूत, भीच र.डीया भोई-सीमा भोई 1, भोई तेगण्या ०, डीआ भोइ ०, सीमा भोईर, गाडे-पाढे B, गाडे .लिंग-स्यग, लिग 1. पायर-मालाई B, पवि, चहावर D, पलायु, चातुर, पहाव्याउ K. भागलि-रहिकल मागति A, भागल K. पनी-पगा, पी B, आणी , पार, जोवरी नीयल-जोतरी सरीयल B, तरीयल जोतरी, जोतरी प्रयल तरी मिस O, राम जोतरौनि रजोतरी श्रीमति इ. टीली-दीडी ०, दिति र. पायो em मनाविपता, पला०, पताई, यताविउ, पला०, पलाएग: अत्याम्प . दोलीमा प्रथम खंड प्रथवि D, प्रथवी EG, A, आगइ रुद्र घणइ कोपानलि, दैत्य सवे तई वाल्या । तई पृथ्वी मांहि पुण्य वरताव्यां, देवलोकि भय टाल्या ॥ १०१ तई वालिउ काम त्रिपुर विध्वंसिउ, पवनवेगि जिम तूल । पद्मनाभ पूछइ सोमईया, केयूं कस्य त्रिसूल ॥ बाल्यां गाम देस ऊजाड्या, घणां नगर विध्वंस्यां । सोरठ मांहि कोलाहल कीधर, लोक तणां धन लूस्यां ॥ १०३ साहिया लोक वंभ नइ वालक, नारी वर्ण अढार । आले वाभ्रे हालरां कीधां, वान न लाभइ पार ॥ १०४ बंदीपान साथि चलाव्युं, तुरक कस्या तसलीम । घाजी सान पान ऊतरीउ सोरठीयानी सीम || १०१ भागइ-आगि BOG I. रुद्र-रुद्रि AF, रहिउ c, रौद्र D, रोद्रि I. घणइ-घणि Ba I, घर्ष ०, पण इ. कोपानलि-कोपानल D, कोपांनलि G. दैत्य-दैत E K. सवे-वंस A, शवे . तई-तइ A. PK, तें B, ति 03, तिई D, तिइ G. बाल्या-बाला B. तई-तइ A FK, तिं BI,..., तिई D, तिइ आ. पृथ्वी- परथवी प्रथ्वी F, प्रथिवी . माहि-माहि A E F G K. पुण्य-पुंग्य A, पुन्य GE. परताव्यां-वर्तावां B, वरताव्या ०, वरताविउं D , वरताव्यु . देवलोकि-दैवलोकि D, देवलोक ७. भय- भइ र.टाल्या-टालीया A. १०२ वई-तइ APK, तिं Bo, ति Da उ. यालिउ-बाल्यु BF,. वलउ D, पलि I. काम त्रिपुर- त्रिपुर काम A, काक त्रिपुर D, कंस त्रिपुरि E, कामि त्रिपुर . विध्वंसिउ-विध्वंसु B, विध्वंस्यु E, विध्वंस्यउ FE, विध्वसित. पवनवेगि जिम तूल-दीसउ गति सूरि C, वचनवेगि जिम तूल D, पवनवेगि जिम नुल G, पवनवेग जिम तूल K. पद्मनाभ-पदमनाभ AG DG I, पद्मनामि x. पूछह-पूछिइ B, पछि ०३, भणइ . सोमईया-सोमईआ B OF E,...E, सोमइआ G, केयूं-केयर्ड A D, केथू BG, केथु O, केछे छ, केयु K. फख-करि A, ग! BG I, गर्यु ०, करुं D, करूं E, ख F. तिसूल-त्रिसूत्र 4,त्रिशूल BDTI, वसूल 0. १०३ पाल्पां-बाल्या A, वाला D, वाला , न्यल्या र. गाम देस-देस नगर A, गांम देस DG, नगर गांम E, गाम नगर देस :, गाम देश J. ऊजाड्या-ऊजाडीया A, उजाडिउ C D G, ऊजाभ्यां E, उमाज्य , इजाज्या र. पण-घणा D, घण F. मगर-देस A, गाम B, नयर I K. विध्वंस्थां-विध्वंस्या A, विध्वंसां B विवंशा D, विध्वंश्या F, विध्वंशां उ. माहि-माहि E F G K. कोलाहल कीघउ-कीधउ कोलाहल A, की कोलाहल , कोलाहल वरविउ , हालाहल कीधउ D, होलाहल कीघउ E, कीर्षु होलाहं , की होलाहो , होऊ हालकालोल . तां-तणा A. लूस्यां-लूशा D, लश्या F. १०४ साहिया-स्याहीया A, साह्या BF I K, साया C D, साहामा G. लोक-वांन ८. यंभ-यभG. नइ- नि BOL, नई इ. पालक-बालिक उ. वर्ण-वरण B C D. वाभ्रे-वाध्र E, वाधिF G, वाधे K. हालरां-हालर G, हालस , हालरा , वाध्या ३. कीर्धा-वांच्या , हालर . बान-बांन AOOK, याद B, बंदिर साम-लामि BOJ. पार-पान , १०५ बंदीपार्नु-बंदीपान A, यंदीपान D, बदीषागउंE, यीपानं :, बीपा , दीपान २. सायि-साय ब. घलान्यु-चलाविटं ODE, चलाव्यं , चलावु , चलायूं, चलाब्यु 5. सुरक-नुरके , तरक E, तूरक 0. कस्सा-करा ०, कसा K. तसलीम-तसलीमा D. सान-सान AROK. पान-पान ADEOJE, सान B. उतरीउ-उतरीया A B, ऊतरीमा :, उत्तरियाउ K. सोरठीयानी-सोरठीमानी 0.01.सीम-सीम B.

. . कान्हडदे प्रबन्ध पाइ वाउ वेडि देव वालइ, तेह प्रति स्यूं करीइ । तिणि परि तुरक तरवस्या आवइ, कहउ किहां ऊगरीइ ॥ १०६ जूनउ गढ गिरनार खुलीउ, काछ तणी भूई चांपी। कांथगेहडी अनइ पारकर, ठहूं थरहर क्रांपि ॥ १०७ अलूपानि आपणपूं दीठउं, कीधउ गर्व अपार । वाट पाधरी मारू वांका, नावइ चीति लगार ॥ आगह पातिसाह अवगणीउ, कान्हडि वाट न आपी। ते रोस हीया मांहि आणी, लेस्यूं सोनगिरि चांपी । . १०६ वाद घाउ-वाइ वाय A, वाउ वाइ , वाजि वाय ०, वइ वाउE, वायु वाउ , वाई वाउ K. पेटि-वेडिइ , वडि E, वेडि वेडि G. बालइ-लागि , बालि ०३, घलइ १. से६ प्रति-विहां प्रति ०, तेह प्रति :, तेह प्रतइ . स्यूं करीद-सू परीइ BE, मैं कहीइ ०, सिउँ करिई , स्पं करीइ, में करीइन, शंकराद :, शुं फरियदर. तिणि परि em-तीणइ परद , वेणी परि B, तेणी परि ००, तिणि पारे D. वीणी परि :, तिग पारे , तिणी परि, तीणि पुरि , तीणी परइ K. सुरक-...B, तरक E. वरवरमा- सरवरीया AO, तरवरी B, तुरवरी , चरी , तरवरीआ , तरवरिया K. भापह-आरइ A, आवि B, भाई E,...01. कहउ विहां-कहुं किहा A, कहु किहा B D E, बहु किम तिहां , कहु केम, महू किहां कह किहो . ऊगरीह-ऊगरियइ . १०७ जूनर-जून B C D FE, जूनउ E, जुनउ र, गिरनार-गिरनारि AI, गिरिनार DE, गरिनारि 6. युलीउ-चालीउ , सेवुजु न, वरलियउ K. फार-फळ BK, कांच DI, काठी 3. भूई-भुद A, B, भूमि , ई DI, भूइ FK. चांपी-बपि B, चापि 03, चांपइ DE, चंपइ F, चापी र. कायगेहरी-कांप- गहेडी, कयकोट गेहदी , पयागढी D, कागदी ई, कायोती , पाथरगेटी १, काथगेहदी मना- अनि ,..., मनई , नि . उई-थटू A, तुडु , D, टाढू ई, ठाठ :, ठठउ , ठ . कापि-कपई 4, पि BI, काप , कइ , वीकि कापि 0. K reads as 107 b: भवर देस केतला कहिया सीरोही ते कापी. १०८ भलपानि-भाल्पानि A, भलपान DG K, भलुपांन D, भट्यानि , भटमपानि, अनुषानि . भापण-अपम्प, आयो ०, भापगएं Dr K, आपगए . दीठ-दीठ 10,000, रीडर कीपर-की BO10, कीy D K. गर्म-गरव D. मार-मार, मारगइ, मोर बांका- पार, या . नावद-नावि BOO., नाव D, नापद र पति-प्रीति , मित 0, पौत ,तिह, स्वत०, वाट K. रूगार-लकार, गिार . १०९ भागा-भागइ 4, भागि 10', आगि एक ०. पाविसाइ-पातसाह ACD, पातशाह, पातस्याह E, पातमाहा0. भयगीउ-अगुणी3 BOTI, अवनिउ K. कान्हति याटम्यान्हति याट, मानटि , बाट अंदन D, कानिट वाट , कन्हर बार K. न मापी-नापी D. ते-तेद DR.स- रोड, रोग र दीया-हांआ, आ ७, हीमा Dr K, हईया ४, ६ ०. मोहि-माहि ARTOK, मौदि D. भाग्य-भाशु Br, आणी DE, भागिउ 01. टेस्यूं-टे to, लि, देखिए, सा,स्योग , मुंह, सोनगिरि-सोनगिर 400, पोनिगिर D, सोनिगिरि , सोनिगि चांपी-पापि .

२३ ११० प्रथम खंड अलूपानि एहवू नवि जाण्यु, जे लागेस्यह पाप । दरि दरि नवि गोह प्रगटइ, किहां नीसरह साप । तीन्हा तेजी तुरक तारवह, विरद आपणां चोलइ । वरगां ढोल नीसाण ध्रसूकइ, डगमग डूंगर डोलह ॥ मारूंआडि मांहि कटक पुहूतां, भली जाइगइ लीधी। महल मांहि वइसीनइ मोटे मलिकि मसूरति कीधी ॥ करी मंत्र जालहुर कान्हड भणी प्रधान चलान्यउ । इसुं कहाव्यु-मांटी थाजे, अलूपान गढि आव्यउ॥ १११ ११२ ११३ ११० भलूपानि अलूखानि B, मलयानि DI, अल्पांनि E, अलअपानि र, मलूपांन GK. एहy-एई (4, एलु o DaK, एहवं . नवि-न C. जाण्यु-जाy B, जाणिउं, जाणि D E, जाये , आणुउa, जाण्यु र. जे-जेइ A, गइ B. लागेंस्यइ-लागेसई A, लागसि B G, लागणं छिC, लागणं , D, लागेसइ P, लागेसि . दरि दरि-दर दरि B, दरि २ 0 DO I, दरिई दरिई ३, दरिइ दरिद , दर २ K, नवि गोह-गोह न B, गोहन किम C, सोह नवि a, नवि गोहज I, गोह कहीं नवि K. प्रगटर-प्रगटि BOI, पूगवि . किहां-कही Ba, किहिक , किही D, किहांइ F. नीसरह-नीसरि B, नीसरि , नसरि , नीसरसिप, नीसरस्यइ र. १११ तीन्हा-तीना B DG, तीनां 2, तीपां उ. तेजी-ताजी A, तुरी K, वीर D, तरीय E. सुरक- तरक 0 E, तूरक . तारवह-वावरइ ए A, तारवि B C D I. विरद-विरुद. भापणां-आपणी B, आपY D, भापणा NIK. बोलइ-बोलि BOJ, बोलई D, बोलावइ ई. यरगां-बगगां B0, वरंगां 23, वरगा, वगगां , बरगू.K. नीसाण-नीसाण D EG,नींसांण र. ध्रसूकइ-ध्रमूक्या A, ध्रसूकि BOJ, सूकि DG, भ्रसूके P. दगमग-टगमग B D E G, डिगमिग र. इंगर-डुगर F G, डंगर K. दोलइ-डोलि BODOT. ११२ मारूआदि-माख्याडि ABE, मारुआडि caJ. माहि-माहि AERO, मांहिं B, ते उ. पुहूतां-पहूतां BI, पुहता 0D, पहुतां, पहूना F, पहोतां , पटुता K. जाइगइ-जादगिइ , जाइगि 0, जायगइ Dr, मायगि र, जाइग, जाइगय र. महल माहि-मुहोल माहि B, माहोमाहि , मुहल माहिइ D, माहोमाहिद, माहलि मुहलि P, महल माहि ,महुल माहि र, वइसीनइ-विसीनिBI, विसीनइ ८, बेसिनई D, वइसीनई ८, भइसी , विसेनि , ययसीनइ र. मोटे-मोटेरे F. मटिकि-दसी A, मलिके , मलकि D, मलिक ETK, गलिक ०. मसूरति-विमासण , ममतनि . १९३ करी-परि , करीम, क्रीय K. भग्न-मसूरति B OF. जालहुर-राउल A, जालहुरि B1, जालोरा ०, जलदुरल्यां :, भणी , जालहरी , जालोरउ K. कान्हा-कान्हदे A, कानट D, कान्हह Ex, कान्हडदे, कानहन, कानडदे भणी-मणीय A EP. प्रधान चलाध्यठ-प्रधान चलावई , पटाच्या B, मंत्रिप्रधान चलाय्यो ०, प्रधान चलाविउ DE, प्रधानमंत्रि चलाथ्यु , प्रधान चलाय्यु, अपान चलाव्या, प्रियांण चलाव्य ( इK-. A, अस्यूँ B, अमु ०, थमि D, भनिङ , इस्य , मय , इ. कहायु-हाविट हिव A, पहावु B, कहाविटं ०१, कहावी D, वहाव्यं , दहा! . मांटी-माटी. पाये यायो D, थाइ मलूपान-भदपान DEG, भन्दा , अदपानि , गति-गद DEO. माम्यह-आव्या B I, आव्यु 07, आविउ DE, आव्यु , , पाने-पाग्यो , , . कान्हडदे प्रबन्ध माहरा दल साहy कुण मांडइ, देपि हमारी वात । आणी मुहिम देस वि जीता, सोरठ नइ गूजरात ॥ ११४ कीधा बंदि भूत मि तेरा, करी सजाई आवे । मांटी हुइ तउ घांटु वांधे, सोमनाथ मेहलावे ॥ ११५ लेई भेटि कइ मिलवा आवे, कइ पुरुषारथ दाषे । कइ ताहरूं भलपण जाणीसिइ घर आपणपूं रापे । तिणि दिवसि हूउं सुपनंतर, हुंतइ प्रगट विहाणइ । पधारीयां गंगा नइ गौरी, कान्हडदे इम जाणइ ॥ ११७ पूछइ वात-राज कुणि दीधर ? कान्ह भणइ-ईसानि । गौरी भणइ-ताहरउ स्वामी तुरके ग्रहीउ वानि ॥ ११८ ११४ माहरा-महारा B, माहरां , माहारा G. दल-देस प. साहमू-सांम्ह A, साहा, B, साहमु 0D, कुणा, साहमु , सांम्हउ र. कुण-कुंश C D, कुंण E,साह , कग . मांडा-आवइ A, मंडि BOJ, माडि 4. हमारी-अम्हारी ACI, माहरी D. वात-बात G, वाते K. भाणी मुहिम em-आणी महम A, आणी महिम 3, अणी मुप ०, अणि मुंहि D, अणि मुहिइ मई E, आणी महमि , आणी मुहिक, भणी मुहिनि , आणी महिम K.वि-मइ ३, , बेय मि , मि D, बीजा , देस विर, बहूरजीता-जाता D, लोधा 20. सोरठ-मोरठि D. मह-नि BG I, नई DP गूजरात-गूजराति DOI, गुजरात K. ११५ कीधा की| BF JE, कीआ G. बंदि भूत-भूत बंदि B C D , बंद भूत F. मि-मइERE. तेरा-ताहरां २, तेरा है. करी-करीय A. सजाई-सजाइ 0 R. मांटी-माटी P0. हुद-है. , हुई , होइ र, घउ-तु FC E F G I, तुं D. घांटु-घाटु A, घांटी , घाटु D, घांटउE, पाटन १K, घांटउ 1. बांधे-बाधी B_G, बधे 0 D. सोमनाय-सामनाय , मेहलावे-मूकावे A, छोडावे , मकावे C, मेहलाव्ये , मेल्हावे र. ११६ लेई-लेइ ० . मेटि-भेट C K. कइ-कि B OF Or,..... मिलवा-मलवा 0 2 E, साहमु ग, सलांमइ K. कइ-फि B C I. पुरुषारय-पूरपारथ D, परपारथ E F G, पुरपारय K. कइ-कि BOG. साहस्-ताहार B, ताह 01, ताहरे ?, ताहारु त, जाणीसिह em-जाणे A, जाणीसि B, जाणीसि 07, जाणीसिइ D E, जाणीसइ , जांणीसइ १, जांणीस्यइ K. मापग-पगंज A, आप B, भाप , आपण जि ?, आपणू , आपण' र. ११७ तिणि-तेणि , तिणि जि C, तणि D, तीगइ ई , तेणी , वीणि , वीणइ इ. दिवसि अवसरि , देसि B, दिवस , दवम . हूई-हुई , हल, दिy D, हबर्ड E, हूउ , दीधूप, दूअउ . सुपनतर- सपनंतर ०E, सपनांतर Da, खपनंतर . A transposes as सुपनंतर हुई. इ-टूडे A, हंति BI, ऐति , हुतइ , हुतइ ०. विहाणद-विहागडे A, विहाणि BC, विहांणइ D K, विहांणि ar. पधारीयां- पपारीया A, पधायां BC, पाउधारा D, पधारियां 11, पधाया ?, पधारा १, पधारीमा र. नइ-नि 10, नई EK. गौरी-गिवरी ०, गोरी Dr I J K. कान्हदे-कान्हडदे | 2K, कांदांनडदे ०. इम-म, ईम. जाणह-जाणि BO,जाणई D, जाँगइ , जाणि. ११८ पूछह-पूछि BO, पूड़ी D, पछि . कुणि-वणि BOE, विणि विणि D, किण :, कग , मा. दीप-धू BDI, दी( 070, दीपउ K. कान्द-कान्हा A, कान्द FK, पाहन D, कहिान ३. भगह- भनि BOT, कहि . ईसानि-एमानि B, ईशानि , इमानि D, ईशाणि E, ईशान :, इमानि 0. गौरी-गा AB, गिरि , गौरि D, गग 0, गोरी र, भगह-मणि BOS, मगि जे ०. वाहरउ-ताहरु BODEL, ताहार . स्वामी-मामी DRIF. सुरके-नुरकिं B, तेरा D, तरले. E, दरकि ,तरदक. प्रदीड-गृहीउ प्रदीया बानि-बानि ODIE, बनि .

प्रथम खंड । ॥द्रूपद ॥ गंगा भणइ-ठि अजरामर, अजी विमासण कांइ। ताहरा देस मांहि सोमईड, असपति लीधइ जाइ॥ ११९ एक बार आगइ दैत्यथु रामइ रुद्र मूकाव्यउ । वीजी वार वली वैरोचनि भगतिविशेष जणाव्यउ ।। १२० लीजइ मोर त्रिहुं ऊडाणे, जाणइ कान्हडदेउ । म म करि जेड वीर-इम वोलइ गंगा गौरी वे ॥ १२१ ॥ राग रामगिरी॥ वे अवला बोलइ इस्यूं जे असुर असंभम कीध । चौद लोक स्वामी ग्रह्या ते प्राणि पेपंतां लीध ॥ १२२ विलवइ वे सती कीजइ कंकण भंग। उछइ नीरि जिम माछली तिम विरह दहइ अम्ह अंग ॥ विलवइ वे सती ॥ १२३ ११९ गंगा-गौरी A BF, गोरी a. भणइ-भणि BOG. ऊठि-उठइ G. मजरामर-अजरोमर G. अजी- अजि D, हजी .. विमासण-विमासि BOG, विमासउ DE, विमामु र, विमांसण J. काइ-काई BI, काई ६, काइ F G. ताहरा-ताहारा G, देस-देश J. मांहि-माहि A BEr, मा ६. सोमईट-देव सोमईउD, सोमइउ , सोमईअउ K. लीधइ-लीधि B, लीधि OI, लोधई E. जाह-जाई B0, जांइ K. १२० F reads as iqr: आगइ एक वार दैत्ययुउ. भागह-आगि BI,...0, आगंइ K. दैत्यथु- दैत्ये बांध्यउ A, दैत्य शिकु B, दैत्य ते जीतु , दैत्यथी D, देते E, देत्यथु G, देय यिकी , दैत्यइप्यु र. रामइ-रामि Bar, रामि DJ, रोमि E, रोम , रामइ 5. रद-रुद्र , रौद्र D. भूकाव्यठ-मूकाव्यु BRI, मेहलाव्यु ०८, मूंकाविड DE, मूकाव्यउ K. पली-लेई E. वैरोचनि-वैरोचन A BOG, वीरोचनि D K. भगतिविशेष-भगतविशेष B, भगतिवशेष E, भक्तिविसेप , भगतवशेष G, भगवतिसेष , भगतिविशेष 5. जणान्य-जणाव्यां A, जणाव्यु B C F G I, जणाविउ D E. १२१ लीजइ-लीजि BOG. त्रिहुं-त्रिहूँ , बहू , त्रिह १, बिहू , बिहु II. उसणे-अडाणे .. नाणइ-जाणइ A, जाणे B C D E F G, जाणि प, जाणे K. कान्हडदेउ-कान्हडदेय CE, वाहनडदेउ D, कान्हडवे , कहानडदेय G, कान्हडदेउ K. म म करि-मन करि A GI,म करे B 0, मनि करि . जेर- जेडि, जेव 4. वीर इम बोला-इम बोलिइ वेहज B, वीर इम बोलि , ईम बोलइ E, दीर इम बोलिन, वीर ईम चोलि . गौरी-गवरी B, गिवरी , गोरि D PGI K, बेउ-वेय , वे बेकर. १२२ राग रामगिरी-राग रामगिरि D, राग रामगिरी ad, रामगरी राग K. वे अदला-अबला वे K. घोषह-बोलिइ B, बोलि 06 J, बोलई D. इस्यूं जे en-इसिउँ जे A, अस्यूं जी B, इमु ०, अस्यू जे D,इसिउ जे, इस्य :, असूइ जे G, इश जे , इसु जे K. असुर-अमुरु A, अर्मु , सरि D, भमुरि E, मसूर , ईसरि कीध-की , चौद-चउद A, चऊद , चैद १. लोक-टोक्नु , कला E. स्वामी-खामी DEO 2 K. मझा-ग्रहीउ ०, प्रहिD, पहिया E, ग्रहु , अहिउ र, प्राउ र. माणि-प्राग, प्राणि DEI, प्रांण Ox. पेपंता-पेपंता AI, पेपता B, पेपता ०. ठीध-ठी , लि. १२३ पर-...Ba Dr O. दिलबह-विलवि B G, इम विलवि , विलय Dr. मे-बिदर, वे इ. सती-ससी रे B. कीजन-कीजि B007, किजई D. कंकण-कण इ. उछह नीरि-योडइ अलि A, Bछ नीर B0, रवि नीर , ता नीर E, नुछि बीर , डि नीरि, रउड नीर . मारटी-माछिी D.विरह- कान्हडदे प्रबन्ध जि को बंधन छोडवइ स्वामी तेह पातक छंडइ पूठि । वेदवचन अम्हे सांभल्यां तूं कान्हडदे अछि । विलवइ बे सती ॥ १२४ छोडवि स्वामी अह्म तणउ तूं मूंगल म्लेछ विहंडि । कीरति लइ कान्हड घणी तुझ नाम इसइ नव पंडि ॥ विलवइ बे सती ॥ १२५ ॥ पवाडु . अठिउ वीर मोडीऊं आलस, कीधर सुपनविचार । सोमचंद्र व्यासइ इम कहिउं, म्लेछ तणउ करि मार ॥ १२६ विरहु ०, विरहिं D, विरहि a s. दहा-दइ A, दहि B DF I,...0, दही G. भम्ह-...D I. अंग-अंगि A CFa. विलवह ये सती-विलवि । आंचली । B; इम00; अचिली: D; विलवइ बे सती कीजइ कैकण भंग E, विलइ बे सती ...J; विलवइ बेउ सती K. Ginterpolates the foll vs in faulty Sanskrit after vs 123 : एकत्र (एकत. १) कृतव (कतवः?) सर्वे समाप्तवरदक्षणा (°दक्षिणाः)। एकतो भयभीतस्य प्रांणनां (प्राणिनः !) प्राणरक्षण (प्राणरक्षणम् ?)॥ १२४ जि को-कोई B, य को , जे को DEO 3, जइ कोइ K. बंधन-बधन G. छोडवइ-विछोडवइ A, छोडवि BI, छोडावि , छोडाविइ D, न छोडवि त. स्वामी-...B C D. तेह-ते BO. पातक-पातग , पातिग D F, पातिक GI. छंडइ-छांडइ A E, छडि B DI, छांडिल, छडिइ , छाडि प. पूठि-पूठि 0 DE, पुंठि P, दूरि त. वेदवचन-देववचन B 0. अम्हे-अम I, अझो . सांभल्यां-सांभल्यउं A, साभलां रे B,सांभल्यु D, साभल्या F, सांभलउ , सांभला I, माभल . ५-तुं ACIE, तु E, हवि तु G. कान्दडदे-काहानडदे B, कान्हदे D, कान्हडदे EI K, कानडदेउ G. ऊठि-उठि D. विलवह ये सती-विलवइ चे सती० ॥द्रूपद ॥ A; विल• E; इम० 0; विलव• D; विलवइ बे० E; विलवि बे सती G; विलवि बि सती , विलवई येऊ सती . a again interpolates after vs 124 the foll Sk verse, which is evidently the second half of the Sk vs following vs 123 . स लोक (श्लोक १)। सप्ततजजनमार्जितं (सप्तजन्मार्जित!) पापं मोचजन्मूज्यते (मोचयन्पूज्यते?)नरा (नरः ?)॥ १२५ छोडवि-छोडावि 0. स्वामी-खामी DI K. तणउ-तणु B C D E G I. तूं मंगल-तु मंगल A0, ते बल B, तु मूगल D, मुंगल F, मुगल a, तुं K. म्लेछ-मलेछ A 01, मेछ B E F G विहंडि-विहंड . लइ-लि BG,...०, लगइ D, लगि I, लगइ K. कान्हद-कान्हडदेव A, काहानड B, कान्हडदे ०, कान्हड FR,काहानड , घणी-यणी E. तुझ-तझ E, नुम 9. नाम-नाम DOI,नाम E. हूसइ-रहि B, हुसि 0D, सइE, हुसइ , हसि , रहइ I, लगि र, होसी । नव पंडि-नव पंड BF, होसी K. विलवइ बे सनी-विलवइ बे सती कीजइ. A, विल• B, इम00; विलव. D, विलवइ इंम वे सती. F; विलवि बे सती, विलवि बि सती• J, विल्बई बेऊ सती K. १२६ पाहु-चउपई A PK, चुपै B, चुपई पवाड ,चुपई ,...d, पवाडउ. i qr in a is : आलस मोदी ठिउ. अठिठ- A, ऊठीउ F, ऊठयउ K. मोडीऊ-मोडु B, तव मोडी 0, मोडी3 DF, मोदी ,मोटीनइ रमालस-आलसू B. कीघउ-कीयु BO0s, कि D. सुपन-खप्न B, सपन D E Q. विचार-वचार , सोमचंद्र प्यासइ-सोमचंड पासि B, सोमचंद व्यासि C, सोमचंद्र व्यासिं DI, सोमचंडा व्यासिई E, सोमवदि भ्यासि , सोमचंद्र व्यासि , सोमचंद य्याम K. इम- इ, ईम. कहिउँ-कहावि B, वही, वहीऊ र, कहियं . म्लेछ-मेछ BRO, मलेछ ०३. तण-तणु BODO I. कार-होसि ०. मार-मार A, मारे. लगि, प्रथम खंड २७ जे सोमनाथनी चाड करेजे, वली छोडावे वान। असपतिना दल यिकउ तेतलइ गढि आच्यउ परधान ॥ १२७ सभा मांहि जई राउल भेट्या, दीधां आसन मान । कहइ परधान-कान्ह अवधारउ, इस्यूं कहाव्यउं पान ॥ १२८ मारी देस नेस उजाडिसु, तूं पणि करे पराण । गढ तलहटीय सरोवरि आवी, अम्हे देस्यूं मेल्हाण ॥ १२० राउल भणइ-वीर आफणीइ आपणपूं न वपाणइ । जउ पुरुपारथ करीय दापवइ, तउ सहू को इम जाणइ ॥ १३० अलूपान एहवू संभालउ, अम्हे परगणउं करेस्यूं। दिवस एकविहुं मांहि जालवे, दलि आवी घाउ लेस्यूं ॥ १३१ १२७ सोमनाथनी-सोमनाथ D. चाइ-वाहार BG I. करेजे-करजे , वरेजे ७. वान-घांन AC DE GJK. मसपतिना-असपविनां J, असिपतिना K. शिकउ em-थकां A, थिक B D E FI, थकी 0K, थकु १. तेतलइ-तेतलई A, तेतलि BOGI, वेतलेइ D, तरकनउ E. भाव्यउ-आव्या AG, आविउ B DE, भाव्यु F. परधान-परघांन AJK, प्रधान ०, प्रघांन D E, परिधान F. १२८ : drops out सभा...परघान. समा-मुभा F K. माहि-माहि A D F G K. जई-जईनई D, F, जइ १, जाईनंइ K. राउल-..... मेव्या-भेव्यउ A, मेटिउं ०, भेंट्या K. दीधा-दीधु , दीघा FK. आसन-आसन 4, आसण K. मान-मांन D G I K. कहइ-कहई 4, कहि B C D F G I. परधान em- प्ररघांन A, प्रधान B OF, प्रधान DGI K. कान्ह-कान्हड A, कान्ह D K, कांहांन G. अवधारउ-अवधार BODI. इस्यूं-इसू A E, अमु ल, इस्यु D G, इर्य र, ईश र, इमु र. कहाव्य-कहावि Ba3, कहाविट' OD, कहावई , कहाव्य , कहाव्यु K. पान-पानि ACF, पांन D E JK. १२९ नेस-लेस A, सवे B 0, नयर , नगर E. देस नेस-नेस देस . उजाहिसु-उजाडिस A D P, उजाडिसि B, उजाड्या , ऊजादसि . तूं-तु AC D FIR, तु प. पणि-परि . करे-करिस A, कर जो, करिजे .. पराण-प्रणाम , परांण DOI, प्राण , प्रांण K. गढ-गढि F, तलहटीय-तलहरीई B, तलहटी OD E PAK, तलहटी . सरोवरि थावी-सरोवर पालि B, सरोवर पालि , सरोवर आवे र. देस्यू- देसू A, देखें 0, देस्यु D E, देसिउँ Ea, देस्य , देवू. मेल्हाण-मेहलाण B, मेल्हांण D E, मेहलांणEO. १३० भणइ-मणि BI. वीर-ते वीर B. आफणोइ-आपहणी A, नहीं जे B, माफणीई DEI, आफ- हिणी, माफणीयइ र. आपण -आपगk or ar, आपणपर्ड E. न-म A D, य B. वपाणइ-चपाणि A RO, वाणि न, वाणइ F GE, विपाणि प्र. जउ-जु A B C D EG J. पुरुषारय-पुरपारय A, परपारथ EFG. करीय दापवइ-करी दापवउ A, देपाडि B, करी दापवि GT, करी दापवइ D K, करीअ दापवइ . तर सह को-सहूय त A, ते सहू को B, तु सहूई ०, तुं सहू को D, तु सहूइ को 50, तु सहू को, तर सहू कोइ 5. इम-सानूं A,...B FO, इंमि . जाणइ-जाणि BCG, जाणि DI, जाणइ . १३१ बरपान-अदपाननि ०, अल्पाननि D, अपान : K, अल्अपान १. एहबू-एV 4, एड्छ । GE, ईम , एहवं . संभालउ em-सभाले ACP, संभालु B, संभलावे D, साभले , सामलयो त. मम्हे-मझो 0E. परगणउं-परगणेउ , परगणु B, प्रगणु, परगण 001, पगरण E, परिगण ।, पगरवं र. करेस्यूं-कोसिई A, करस्यूँ B, रेसुं c 5, करे— , कारस्युं . एकविहुँ-एकवि B, बिहु- चिहूं.०, एकविहु D, एकविहूं ८, एकत्रिह ", एक 0. माहि-माहि A BP, माही , मा र, माहे E. जालये- जालवि B, जलवे ., जालिविजे . दलि-दल . मागी-आवे K. घाउ- या BEE, दा 0. टेस्यूं-लेसि । र, देस्यू B, देस् , लेसू E, लेख , टेW E.

२८ कान्दरदे प्रबन्ध जई प्रधानि पान वीनविया, हीदू वेदि करेसह । । पान भणइ-सहूइ सज धाउ, ए अछवां दाउ देसह ॥ १३२ करी सजाई दीयां दमामां, पीजइ दिवस विहाणा अलूपाननां कटक तेतलइ, चाली गयां शिराणइ॥ १३३ पापलि कस्या काठगढ पाई, नहीय लिगारइ माग। घोडा हाथी रहइ पापखा, किम लहेसइ लाग ।। १३४ जइत देवडउ लपण सेभटज, लूणकरण वोलान्या । साल्हु सोभतु बलवंत राउत, लसकर भणी चलाव्या ॥ १३५ सरपे घोडे साथि मोकल्या सातवीस असवार । दीधी सीप-जाई दल जोज्यो, तुरक केतलउ पार ॥ १३६ १३२ जई-101, जाइ र. प्रधानि-प्रधान BF, प्रधाने , प्रधांनि D, प्रधान E K. पान-इम पान DE, कान्ह ", इम घांन , पनि I K. वीनविया-वीया B, वीनवीउ 0, विनय्या , वीनव्या E FI, वीनव्या १, वीनव्यउ K. हीदू-हिंदू.०, हीदू Dra I K. येटि-धेद 3. करेसइ-रैति BOERT, करेसिइ D, करे- सिउ , करेसी र. पान-पान DRI K. भणइ-मणि B 001. सहूइ-सह, A C, सह को F, सुहुइ, सहभइ K. सज-राम A, सज्ज 0 K. ए मध्यां-अछया B, ए अचया , ए अय्या :. दाउ-दाउज A, दा 04, दाह D,..... देसद-देसि B C D G, वीटेसि छ, देसी K. iv gr in is : भंग पढावु देश. १३३ करी-करीअर. सजाई-सजाइ , सज्जाई K. दीयां-हयां ४, दीया , दीर, दीआ E. मामा-दुदांमां A, दमामा B, ददामां 0, ददांमा .DO, दनांमां E, दमामा , दम्मामा र. बीजह- बीजि BOGJ. दिवस-दिवसि E OJ K. विहाणइ-वीहाणि B, विहाणि 00, विहाणइDE. मलूषाननां- अल्पान A, अलपानना 0EGI, भलपानना D K, अलूअपानना F. तेतलइ-तेतलई A DE, वेतलि B 00. चाली-जाई A, चांपी E. गयां गयउँ A, गया RROJ K. शिराणइ-सराडि B, सरणि 00, सिरणई D, शराण , शराणिप, सविआणइ . १३४ पापलि-पापणि B. कस्या-करी AO, करइ , परिया ३. काठगद-कटकगढ़ . पाई-पाही B, षा GK. नहीय-नहीं B DE, नही 0 FOJK. लिगारइ-लगारि BOOT, लगारद D Er, लगारई , घोडा-घोडा DEO. रहइ em-रहि ABOD, रहि, रह्या FE, रहिया G, रय. पाषया-यापरीया प, पाषरीआ 0, पापस्या K, पापरिया E. किम-क्रीम A, किम्म B, क्वणE.लहेसइ-लहेसि BES, लहिसइ F, लहेसु ०, लाहसि D, लहेसिउG, लहेस्यई K. लाग-भाग Ex. १३५ जइत देवडउ-जइ देवडउ A, जेत देवडु B, जित देवड००, जयत देवडु DRT, जइत देवड. लपण सेभटउ-लषण सीम8 B, लपमण सेवटु ०, लपण सेवटु D E G, लपमण देभटु र. लणकरण-लुंगकरण ABK, लूणकर्ण D, सूर बहूआण 0. बोलाव्या-तेडाव्या D. E omits 185 b. साल्हु BODr- साल्हउ A, श्रीगरणाए , साहलदे , साल्ह K. सोमतु em-शोभतु , सोलंकी A K, सोभाउत , नि सोभुतु P, सोभित ,...G, सोभायत J. वलर्वत K-बलवंता A, जे 1, अरसी ,...DI, च्यारि, महणि G. राउत AFJ-राउलि BDK, राउल ca, लसकर-कटक , लरकर D. १३६ x omits iqr. सर-सरिषे F. मोकल्या-मोकल्या 4. सातवीस-बारह सइ र. जाई-जई 10 EF K, जइ Da, दीवानि जाई । दल-दलि D E F G. जोज्यो-जाणु B, जाणु D, जांगड E, जाण्यु , जाउ G, जोयो , तुरक-कटक B C D E F G IK. केतलउ-केतलं B, केतलु 0 DFa, केतलं , प्रथम खंडे १ . १३८ कटक माहि परधान पुहुती, दीठ दल मेल्हाण । हेजवनइ परदार नकीवे मांहि कीडं जाण ।। अलूपानि जूजूआ दिवास्यां, वेह सविहुंनई अनाम । सोनां रूपां अनइ सावटू, तीरी आप्या द्राम ।। अलूपानि एहबू फुरमायु, करउ विछेद म जेडउ । जे प्रधान कान्हडदे केरा, मुहलि माहिलई तेडउ ।। एक भणइ-कान्हडदे टाली, अवर न करूं प्रणाम । पान भणइ-आघा तेडावउ, वरि मन करउ सिलाम ॥ करी भेटि राउले प्रधाने, पूछइ पान भलाई । कटक तणी कान्हडदे आगलि किसी बात वोलाई। , १४० १४१ १३७ माहि-माहि A FRG. परधान-प्रधान 0, प्रधान D E, परधान ! F. पुहुता-पहृता B DEFI, पुहता 0, पंहुता K. दीठ-दीठां A, दीढू B, दीर्छ DF, धीठउ a E, दी● . मेल्हाण-मेहलांण 201, मेल्हांण र. हेजबनइ-हेजबनि BDI, हेजबनई , हजवनइ , हेजमनि , फोजदार K. परदारनकीने-पड- दार मोकली र. माहि-माहे AK, माही D, माहिई E, माहि , माही G. कीधउं-कीबूं BF I, कीर्छ , कि● D, फीधुत, कीघउ र.जाण-जाण EIK. १३८ अल्पानि-अल्फा B, अद्वपानि D, अल्पानि , अल्पान F, अल्पान & K. जूजूभा-यां E, जुआं 0.दिवाखा-दिवारीया A, देवासा BD, अपाच्या ०, दिवरव्या ,दिवाजां, देवारिया र, देवाखों र. तेह-विहा A, B BODG NE, वीह प. सविहुंनइ-सविहुंनि B, सविहूंनि , सविहुं D 3, सतनं निउँ E, शविहन , सविहूनइ आ. मनाम-मांन A GK,मान B, अनाम 0, नाम E. सोना रूपां-सोना रूपा BRIE, सोना रुपात. अनइ-नि BG, अनि 01. तीरी भाप्या-आप्या तीरी A B, आप्यां तीरी , अनि देवारिया . दाम-द्रांम E GE. I reverses the vs order as 139,138. १३९ अल्पानि-अषानि C DOI, मलूपानि छ, अट्यपानि , अपान र एहबू-एहवउ , एहवं BOGE, एहवं . फुरमायु-फुरमा A, फरमायु OD, फरमायूं , परमाय , फरमायु व. करठ-कर BO DFOJK. विछेद-वछेद 05, विटेदि 1. जेड-जेड A, जेडु B DIGI, जेई . प्रधान-पर- घान A E, प्रधान C DIK. कान्हदे-कान्हददे । र, काहानडदे B, काहनडदे 0, काहानदे ०. केरा- फेरी D. मुहलि-मुहुलि B, मुहल 0 D, महुलि E, महलि , मुहुल , महल K. माहिला-माहलइ । माहिलि B, माहि ते 01, अगिलइ DF, माहिलिइ छ, आगलि G. तेहउ-वेडु BOD FET १४० भणइ-मणि BOT. कान्हडदे-कान्हदे A, काहानडदे B, अंन्दडदे 08, काहानडेदे , अम्हें कान्हड (ख). करूं-करां A, करुं DJ K, करउंE, वर, कर 4. प्रणाम-जुहार A, प्रांम Obt TK, प्राणाम 9. पान-पान B C DIR. मण्इ-भमि C. भाया वेडावउ-आफेटा वेडउ A, आधा तेहाबु BODPO. यरि-बिरि ,...., घर इ.मन-म BODI, मत GK, करठ-करस्यु B, करेय ०, करस्यु , करु 1G, करसिउ . सिलाम em-सलाम & B, सलाम 005, लिलाम D , लाम. rolio 5 in E stops at 140 b; folio 6 is missing in E, १४१ करी-करीना,मेटि-मेट A BK. राडले-राले ,राउल. प्रधाने-परमाने B,प्रयाने ODOTK. पूछ-पछि BOT, पूछई D. पान-पांन BODO K. मलाई-मलाइO K. कान्दादे-कान्हडदे, कोहर नहदे०, कान्हदे D, ग्रंहांनडदे, कान्हड़दे K. किसी-किमि D, किसी, कसी G. बोलाई-बोलाइK. - - 7 कान्हडदे प्रबन्ध द्यउ अरदासि पासि तुम्ह दीधी, जे.कान्हडदे राइ । कहइ प्रधान-पान अवधारउ, तिहां सिलाम लिषाइ ॥ १४२ जड वैस्वानर ताढउ थाइ, पश्चिम ऊगइ दीस । नारायण टलतउ कान्हडदे कहि न नामइ सीस ॥ १४३ पान भणइ-कुणि कारणि आव्या, कहउ तुम्हारडं काज । कहइ प्रधान-राउल आएसइ, कटक जोएस्यूं आज ॥ १४४ अलूपान आयसि पंतारइ ततपिण गयवर गुडीया । वालि तणा तेजी पपराव्या, मलिक मुहुल मांहि तेड्या ॥ १४५ तुरक बचा मूंगल करकटीया, तेहे मांडी हारि । परधाने सामगिरी दीठी कटक तणी अपारि ॥ १४६ १४२ घउ-दिउ A 04, दिउं B, धु D, जे I. परदासि-अरदास BOD FOJ K. पासि- पाश :, पास . तुम्ह-तह्म 0 F, तम G. जे-जे जे G. कान्हडदे-कान्हडदे AOK, कांहांनडदे द. राइ- राउ AJ, राई BP, राय OF K. कहइ-कहि B C D F GJ. प्रधान-प्रधान DGI K. पान-पान 0D as K. अवधारउ-अवधारु B C D F G I, अवधारो K. तिहां-तिहा D F G. सिलाम-सलाम A B, सलाम 04, सिलाम D, शलाम F, सिलाम जि . लिपाइ-लिपाई A, लपाई B, न लिषाई ०, लिपाई D, थाइ प. १४३ जउ-जु B C D F G I. वैस्वानर-वैश्वानर BDI, विश्वानर 0, वीखांनर G. ताढउ-टाढु B Dar, टाढउ OF. थाइ-थाय D, थाउ , थाई K. पश्चिम-पस्यम 0 ऊगइ-उगि BOJ. नारायण-नारायणि ०, नारायण G. टलत कान्हडदे-कइ कान्ह्ड टलतुं A, टलतु हूँ साचिं B, टलतुं कान्हजी , बलतुं कान्हजी D, टलतु कहि ना इल :, टलतुना इलु G, टलतूं कान्हडदे , टलतउ पुणहीनइ K. कहि-कहइ A, हुअ F, भवर प, कइयां E.न-...G. नामइ-ना, B, नामि , नाम :, नामि Gr, १४४ पान-पान B DGI K. भणइ-भणि B CG I, भणइं D. कुणि-कुण BK, किणि ०, कुंण D, किण P, कूण ६. कारणि-करणि B, कारण F, कहउ-बहु A B OFG, कहुं D, पुहु . सुम्हारठ-तुम्हारू B, तयार 0 F, तुम्हारे DI, तरारू, तुम्हारंत K. कहइ-वहई 4, कहि B C D FOJ. प्रधान-प्रधान Da K. राउल माएसइ-राउलि आइतूं B, राउल आएसि OF, राउल आदेसिं D, राउली आयसिइ , राजलि आव्या , राउलइ आइस K. जोएस्यूं em-जोए A B, जोएK 0, जोईई D, जोइस्य , जोसि G, जोएवा , जोइK E. १४५iqr in s is : अल्पानि सनि तव कीधी. बलपान-अलूषांन A, भलपानि ०, अल्पानि , मल- अपानि F. मायसि-आइस A, आइमु B, आयसू 0, आएसि F, आयस GE. पूंतारह-पुताkि B, कूतारा , पुतारे DF, फुतारे , पुतारै K. ततपिण-ततक्षिण A, ततक्षणि B, ततक्षण 0, ततपिणि . गयवर-गयमर B OF0, गर्यवर . गुडीया गुढीआ A B, गुध्या D, गूहीआ , गुडिआ 3. पपराव्या-पलणाय्या A 0, पहणाय्या B, पापरीआ I. मलिक-..... मुहुल माहि-महुल माहिलइ A, मुहोला B, मुहल माहि , मुहल माहि DF G, महुल माहि 5. तेड्या-तेडीया A. १४६ तुरक-तरक Boa. बचा-वछा D. मूंगल-मुंगल 0p FE, मुगल G. करकटीया-करिक्टीआर, करकटीमा GJ. तेहे-तेणे BC, तेहनी उ. मांडी-मारी B. हारि-हार D. परधाने-परधाने A, प्रधाने Ba, प्रघाने DIK, प्ररथाने F. सामगिरी-सामग्री B, सामगरी 0, सामगरी ०, कीधी सामगरी , सामिगरी र दीठी-... अपारि-अपार BOO, आपणि उ. नामां. वरी सामगिरी , प्रथम खंड ३१ कीधी सान पानि मूंगलनइ, सींगिणि परठ्यउ तीर । ताणी गयणि पंपिणी वीधी, पेपइ मोटा मीर ॥ १४७ तडंग समेति तेतलइ लपणइ राउति भइसु आहणिउ । कस्खउ विपंड घाइ पांडानइ, अल्पानि वपाणि ॥ १४८ पूछइ पान-कान्ह घरि केता ताहरी जमलि कहीजइ । लपणउ भणइ-सहस चउवीसां पूंठइवाज लहीजइ ॥ १४९ तूठउ पान भणइ-तूं हींदू मागि न करूं पसाउ । कहइ प्रधान-रीझ नवि लीजइ, लाजइ कान्हड राउ ॥ १५० एक पांति पूरवउ अम्हारी, कटक चिहुं दिसि जोस्यूं। मन जाणिस्यु घरांसु वीतु, जे रातीवाहु देस्यूं ॥ १४७ सान-सान 0GI, साज D. पानि-पान B, पानि 0 DO, पान I K. मूगलनइ. em-भूगलनई A, भूगलनि BI, मूंगलानि 0, मुंगलनई D, मुंगलनइ , मुंगलनि . सींगिणि-सीगणि AG, सींगणि B, ततक्षण , सीगिणि FJ, शीगणि K. परख्यउ-परठउ A, परछु B, परिठिउ C, परठिउ DG3. ताणी-ताणी ODI K. गयणि पंपिणी-पंपिणि गयणिथी A, गयणि पंपणी BK, गयणि पंपिणि ल. बीधी-वींधी B, वेधी OGK. पेपह-पेपि B COI, पेपई D, मीर-वीर . १४८ वदंग-तडिग A, तणंग BE I, तणग :, तेण K. समेति समेत BD I, सहित c, समेतात, समई K. तेतलह-तेतलि BOT, तेतलई D. लपणइ-लपणि BOG, लपणई D, राउति र, लपमणि . राउनि- राउति ०, लपणइ , राउत K. भइसु-भइसउ A, मिमु B C, भयमु , भिम , भईसउ K. भादणिउ- हणीउ A, आहाणु B, आहण्यु , आहण्यउ F, आंहाणिउ 4, मारिउ , आहण्यउ K. कवउ-करिउ A BOO, कीउ K. विपंढ-बिहाड A, विसंघ D, विसंधि , विसं G. घाह-पाय BC, घाउ FI, घाई 0. पांडानइ- पंडानई , पांडाने BJ, पांडानि CG, पाडानई D, पंडानइ F. अल्पानि-अलूषांनि O DOI, अलूअपानि , अल्पान K. वपाणिउ-वपाणिउ AGE, वपायुं D, वपाण्यु F, वपांण्यउ . १४२ पूछा-पूछि BCI. पान-पान A B GE, खान D. कान्ह-यान्ह A K, कांहांन . घरि-उर B, घर K. केता-केते , केतला K. वाहरी ताहारी BG, ताहरि D. जमाले-जामलि A D. कहीजइ-कहीइ A, वहीजि B C I. लपणउ-लपणु B OFJ, लपj D, लपण १. भणइ-भणि B CI. सहस चउयीसां-वीर चुवीसि B, सहस चुवीसा C, सहस चुवीसइ D, सहिस चुदीसा , सहिस चुवीसइ , सहिस युवीसह रा. पंठहयाज-पूठिवाज ADFO, पूछ्या व्याज B, ठिवाज 0, मूंथी चटता , पूछंमाज K. लहीजइ-लहीजि BO, कीजि . १५० उ-तू BD, तूठा K. पान-पान C D I K, काहान ७. भणइ-भणिद B, भणि 007, भणई D. तू-A D K, तुझ c, तूअ F, तु 0. हींदू-हीदू. A D GI, ही, B, हिंदू.०,...F. मागि-मांगि र. करूं- एक A, करू B, करु 0DGE, हं कर पसाउ-पसाय B C F, पासाउ K. कहइ-कडि A, मणि B, लपणु , कहि DHI, काहि G. प्रधानमणि , प्रधान DIK. रोझीझड D, री P. नवि-क्रिम लीजइ-लीजिइ B, लीजि लाजइ-लाजिइ B, लाजि J. कान्हड राउ-कान्हह राउ A K, कान्हड राय BF, कान्हजी राय , काहानड राय G, कान्हड़देउ । १५१ पूरवठ-पूरु B, पूखु DFGI, पूरवइ ६. अम्हारी-हमारी K. चिहुं-चिहूं , चिह , चहो त. दिसि-दशि B, दसि OF O, दिमि D. बोस्यू-जोस् A, जोk , जोस्Y DK, जोम्यं , जोखिउँ , जोश . qrin vis : मन जांणु तझे एह विरामु. मन-मनि B G, म म 0. जाणिस्यु-जाणिमु., जाणेमु B, जाणेय C, आणिसि D, जाग्यो , जागत्यु K वरांसु-वरांम A, वरामु १, विरामु K. वीतु-वीर्नु E.जे-...B, जोए 9, जो , जेह . रातीदाहु-रातीवाहन A, रातिया G, रावीवा FE, रदेवा . देस्यूं em-दे AB, देख ०, दे[ D K, देस, देसिई, देशं . ०, वि.

कान्हडदे प्रबन्ध अलुपानि जण साथि मोकल्या, देपाज्यूं मेल्हाण । घोडा हाथी ऊंट पोठीया, बेसर पूठि पल्हाण ॥ १५२ मलिक तणा सूजूआ मरातव, मांहि भला झुझार । दल जोयंतां दीस आथम्यउ, तुहि न आवइ पार ॥ १५३ बंदीवालू घणा सीदाता, दीठा पाडइ डादि । दीसि अगासइ तावडि दाझइ, रात वाइ तादि । १५४ थानविछोह्यां वालक रोवइ, दीसइ सरपा आगइ एक टलवलइ तिरसइ, पीजी लागइ भूप ॥ १५५ एक मांदा, एक न सकइ ऊठी, एक अणूहाणा ऊघाडा । दाणा पांच लहइ नवि पावा, एक तणइ पाए लोहडां ॥ १५६ १५२ भलपानि-अटूानि 0 DOI, अलूअपानि , अलूषांन E. जण सामि-सायि , जण सार्थि D. मोकल्या-मोग्ल्यु B, मोकलीउ ०. देपाच्यूं em-देपाडिउ A 0, देषाडि I, देपाच्या D E, देपाध्यं, देपाडू व, देषाडु . मेल्हाण-मेहाण B, मेहलाण 00, मेहांण D K. उंट-ऊट A B, उंट 0D K, उट Fa. पोठीया-पोठीआ CROPE, पोठिया D. घेसर-वेसरी D. पूठी-ठि ०, नि स परहाण-पलाण A, पहलांण ०,पलाण K. १५३ तणा-तां . जूजूमा-जूजूया B D. मरातव-महापर B, मुरातव K. माहि-माहि ADra. जोयंतां-जोयंता A OF, जोअंतां DG, जोतां , जोअता .. दीस-दिवस BK, दीह 4. मायम्य आय. मिउ BO, आथम्यु, आयम् F, आयम , आथम्या , आथम्यो K. तुहि-तहइ 4, सहू , तउही र, 67770-3T BOGJ. १५४ बंदीवाल-बंदीवाला BI, दीवाल 0 Da, बंदीवाण :, बंदीवाण K. घणा-घf 0, धो ०.सीदाता- सीदाता D G. दीठा-दीठां AG K. पाडइ-पाडि BOO T. डाढि-डाडि A BIK, डा ि0, दाढि , ढाढी आ. दीसि-दीसिइ A, दीसिं D, दीस F G, दिवस K, भगासह-अगासि B C D G, देह ते . तापनि दाझइ-दाझइ तावडि A, तावडि दाझिइ B, तावडि दाझि0 र, तावडि ताझ D, तावडइ दाझइर. रातइ em-राति AC FRI, राति BD, रातई K. वाइ-वातइ D, वाय F, वाअई र. वाढि-टाढि BCDEOr. १५५ पान-थान 0na I K. विछोह्या-विछोह्या OF K, विद्येयांत, विछोहिया . पाठक-बालिक 01, रोवइ-रोइ A B C PG, रोई D, रोवि . दीसइ-दीसि Boar, दीसंइ र, सरपां-सरियां B, सरसा , शरपा , सरपा , सरीषा , सरीषा K. दूष-दु.ख B, दुप 0 J K. भागइ-आगि Bo, आगलि , आगइ K. टलवलइ-टलवलि B GT, टलवलइ K. तिरसह-तरसिई B, तरसि 00 I, तरसिं D, सरसइ , तिरसंइ E. लागइ-लागि BG J, लागइ K. १५६ एक-...F, इक र मादा-मादां 4. एक-इक 5. सकइ-सकि BOGI, सकई D, सकइर. छठी- उठी एक-इक A K,...BG. अणूदाणा-अणुंहाणा A, अणूहाण B, अणुहान 0, अहोण D, अणूहांणा 45, अणूहाण I अघाटा-ऊपाया D, उघाडां G. दाणा-दाणा A OD, दाणां K. पांच-पंच , सहा नवि- न लहि BOI, लहि नवि F G. पावा-पावानि 0. तणइ-तणे B DF G I, तणि ०. पाए-पय 4, पगि ०, पाइ GK. लोहडा लोहडा , लोहडा !, लोडा a.

प्रथम खंड ३३. एक जूजूआं हालरां कीधां, वाध्रइ वांध्यां आलइ । । एक छोरू मायवापविछोह्यां, एक पाडीआ गालइ ॥ १५७ करी, विछोह जूजूआं कीधां सवि नारी नइ नाह । बाल वृद्ध टलवलतां दीठां, कटकि ऊछली धाह ॥ १५८ एक भणइ-अम्हे जनमि आगिलइ हीन्यां किस्यूं अणूरूं । तुरका पासि पाड़ीजा दैवि, वइरी दीध पूरूं । १५९ कूडी सापि कइ अम्हे दीधी, कइ चडाव्यां आल । कइ जणणी उछरंगि रमंतां थान विछोह्यां वाल । १६० गाइ तणां कइ गोचर पेढ्यां, कइ लोप्या आघाट । कइ अम्हे जई जंगलि मुध लीधां, कइ किहां पाडी वाट ॥१६१ , १५७ एक-एकि A. जूजूआ-जूजूयां B D, जूजू 0 F. हालरां-हालरे , हालरा F. कीधा-कीधा C F. वाइ em-वाधइ A, वाधे B C P, वाभिं D, वाधर , वाधई 5. बांध्यां-बाधा A, बांच्या B P GK. मालइ-आले BCF, आलईD, आलि G. ii qr in sis: आले वाधे वांध्या. एक-एकि A,.... छोरू-छोरु प. मायबाप-भावाप AG. विछोहां-विछोह्या F K, वछोहियां G, विछोहिया . एक-एक C D. पाडीमा-पदीआ AR, पाडीया B, पदीया CD, पाटीआ G. गालइ-गालीइ A, गाले B C F, गालि GI, मुहगालइ र. १५८ करी करिउ B D, करिया C, करि F, पडिउ G, कीउ , क्षु र.जूजूां-जूजूया B, जूजूभा C DrK. कीर्धा-कीधा D G. सवि-नरवि F,...K, नइ नाइ em-नरनाह A BF, नि नाह O DGP, नइ वलि नाहर. वृद्-धि , बध G. टलवलतां-लवलता K. दीठा-दीसि C, दीठा १. कटकि-कटक G. अछली-उछली , १५९ मणइ-मणि B C G I. भम्हे-अह्मे B C D, E, मि . जनमि-जन्मि B, जन्म C D, जनम PG x,... मागिलह-आगलिइ B, आगलि CI, आगलइ ०. हीड्यां-हींच्या B, हीड्या D, हीच्या F K, हीडए G, कीथो र. कित्यूं-किसू A, तूं , कीस्यू D, किस्य :, कनिउँ , किन्या , किमु र अणूर-अणू A, अणुर , अणूर F, अणूर , अणूरा तुरका-तुरवहा A, तुरक B DG I, तुरका . पाहीमा देवि-पाटीया देवि A D, पादीया देविं , देव का पाच्या ०, पाहीआ गाले !, पाटी कमि G, पाडीओ देवइ K. वहरी दीप-वदरी पूरऊ दीघउं A, दी● विरी B, वियरी दी● c, वयरी दीधु D, देवइ दीधु , देव दीधू, विरी दीधा र, वयरी दी● F. पूरूं-..A, पू0 0 DF GK, पूरा . १६० कह भम्हे-अझो कि B, अझे फि CI, कहि अझ F G, अम्हे कई र. कइ-कि BOL. बदाम्यो- चडाव्या ADP, चदाB, चढाव्यां c. iii qr in a is . कि उईगि जणणी रोता. कह-कि BC. जणी- जननी जिणणी D,...., अहो G उरंगि उचैग B Cr, उलंगि D, उद्यगि रा. रमंतां-रहता BOD, रदता . पान-पान DO I K, थानकि . विठोबा-विग्रेहिया BI, विछोया ? , विहां त. १६१ गाइ-गाय C D E I, गाइ ७. तणां-तणा J K. कइ-कि A BC, तु, मिर. गोचर-गोयर D. पेच्या-मांज्या BI, षेव्या FK कइ-कि B C लोप्या-सोपाव्या र, टोपीमा G. माघाट-अघाट , पाट Fq. कह भम्हे-अझे किं B, कि अमोल, कहा, कि अमे॒ a, किमि नई जंगलि-जंगलि BK, जई जंगल c, जइ जगाले G. मुध-मधु B DJ K, माहि , मद, मध० लीयां-सीधा A P, ठीy B,.... कार विहां-कि कहिं B, अझे कि , कहि कई D, कहि कहि :, कि कहि 01. , 5 ३४ , कान्हडदे प्रबन्ध कइ अम्हे मायवाप नवि मान्या, वेदवचन जथाप्यां। कइ अम्हे एकादशी नवि कीधी, विप्रदान नवि आप्यां ॥ १६२ कइ अम्हे कुलआचार लोपीउ, कह संभेडा लाया। कइ घरि आव्या अतिथ न पूज्या, तिरस्यां नीर न पायां ॥ १६३ कई परनारीगमन आचखां, कीधां पातिक पंच ।। पाधां धान उलयइ बइसी, छोरू कीधां च ॥ भयां सरोवर पालि ऊसासी, पीपलि दीधा घाउ । देव तणा प्रासाद पडाव्या, कह हरि लाउ पाउ । लाप लूण तिल वुहस्सा वीक्या, कन्याविक्रय कीधा। सोम सूर कइ राहु गिलंतइ महादान को लीधां। ५ . १६२ कइ-कि BOGI. अम्हे-अह्मो B. माय-माइ A B,..... भवि-न BK, वचन नविr,..... मान्या-मांन्या D, मान्यां a, ऊवष्या . वेद-देव BOG. ऊयाप्यो-उथाप्या I K, उथाप्या a. iii qr in Jis : कि अह्म विद्या किसी न मानी. कह-कि BG, कई D, एक F. अम्हे-अहयो B, कहि F. एकादशी- एकादसी GF G, पर्वतिथि D. नवि-न B C FK. विप्रदान-विप्रदान A CG, कई रिषि दोन D, विप्रननइ दान :, कि कहि दान , कइ विनादान K. नवि-न BODI K,.... भाप्या-आप्यार, उथाप्यात. १६३ कइ-कि B C . अम्हे-अम्हि A. कुलभाचार-कुलाचार BC, कुलआचारज. लोपीउ लोप्या BF, लोप्यु , लोपियो K. कइ-कि BCCI. कह-कि BCG,...D I. भाव्या आव्या A K. अतिय-अतीय BC, जो अतिथ D, अतीन , अथीथ , अतिथि K. तिरस्यां-तरस्या BC, तरस्या DGJ, तरत्या . न-नि K. पायां-पाया A B F K, पाया 0. १६४ B reverses the vs order as 165, 164. Greads as iqr: परनारी कइ गमन आचस्या, कइ-कि B C J. परनारी-परनारि C. भाचवां-आचरीया A, आचरीयां BC, आचरीआ F, भाच. रियां J कीधां-कीधा F पातिक-पातफ A BC, पातिग Dr. पाधा-पाधा . धान-धान DGIK. उलवइ बइसी-उलवि बिसी B, राति अंधारइ ०, रात्रि अंधारई D, उलवइ बयसी , रात्रि अंधारी J. छोरू- डोरु ००, कइ छरू र. कीधा-क्रोधी, कीधा B C D FJR. १६५ भवां-भस्खा A K, भरिया B, कि भरीयो ०, कइ भयां D, भरीयां . सरोवर-शरोवर 0. पालि ऊसासी-कलेचां , पालि उसारी ६ पीपलि-पीपलि A K, कि घण B, तरुअरि त, तरूअर D, तरुअर . दीधा-धालिउ B, दीर्धा K. घाउ-घाय ल. देव तणा-देव तणो BK. प्रासाद-प्रसाद 0. पडाण्या-विणास्था B, पडाव्या D. कइ-कही B, कि CI, काई G. हरि-...3 B, हर G. काउ-लगाया 0, लायु DO,न लागु , लाया र. पाउ-पाय CG. iv qr in A is : कइ वलि दीधी लाइ. १६६ लाष लूण-लाष मीण लूंण D, लाप F, लाष लवग K. वुहस्या-बुहरीया A, वुहोरो B, धुहरा , घुहुरिया 1, वहुवा र बीक्या-वीक्या A BK, वेच्या c, वेच्या इ. कन्या-कहिना B, कन्या Dr Ix. विक्रय-विकरय ०, वित्रय ७. फीधा-कीधां FIR, कीधु G. सोम सूर-सांम सूर D. कइ-कि B1, के c. राहु-राह 41. गिलंतह-गर्लति BCI, रालंतइ D, मलता G, गिलंता र. महादान को-दांनप्रतिग्रह A, माहादान को महादोन को , महादान के र. लीधा-सीधा AF. Bo, प्रथम खंड कई विश्वासघात अम्हे कीधा, कइ अवगुणीयां पात्र । कइ धन प्राणि पियारां झूटी पामर पोप्यां गात्र ॥ जन्म लगइ जेहनां धन लीजइ, तेह चाडि संग्रामि । कइ आपणा प्राण ऊगाखा, रूंध्यउ मेयर स्वामि ।। कइ अम्हे स्वामिद्रोह आचरीया, कीधां आसवपान । 'कइ अम्हे प्रम्ह घात को कीधा, कइ पाड्या बंधान ।। १६९ कइ अम्हे नीचसंग आचरियउ, कनक चोरीया कापी। तुरक तणइ बंधानइ पडीयां, कहउ अम्हे केहइ पापि ॥ १७० , N १६७ कइ-कि B 0 3. विश्वासघात-विश्वासघायन B, वीसासघात , वीखासघात DG, विखासघात , विश्वाशघात K. भम्हे कीधा-आचरीया B, अम्हे की| C DIK, अझो कीधा F. कइ-कि B C I, भव- गुणीयां-अवगुणीया BF I, अवगणीयां D K, अवगणी G. E commences again fron vs 167 b. कह-कि BOJ. धन-धनि . प्राणि-प्राण B G, प्राणि D EI K. पियारा-पीया , पीआर 0G, परायां DI, पीयारा , पारका K. इंटी-सी , लदी I K, पामर-पामरि A, पामर CEO K, पाधरि P, पापि उ. पोप्या-पोया B p F. गान-पात्र APK. १६८ जन्म-जनम E F GIK. लगइ-लगि BOG I, लगइ F. जेहनां-जेहना . लीजइ-लीजिद , लीजि 03, लीजई D, लीधा इ. तेह-तेहना , ते B, जइ तेह इ. चाडि संप्रामि-चाडि संप्रामि , पाप बहूत A, चाड संप्रामि 00, चाडइ संप्रामि D, वाड संप्रामि , चडइ संग्रामि K. कह-के B, कि 04. भापणा-आपणां AG, आपणु B, आपण E, आपगार. प्राण-...B, प्रांण O DEI K. जगाखा-ऊगारीयां a, अगासि B, उगाया ०, उगारिया EI, ऊगाखां F, ऊगारियां G. रूंध्यठ-संध्यु B, संघिउ , रूधिउ D, कद रूघउ E, रूघउ, नाठ , संधी , रूप्यत .. मेहयठ-मूंकिउ A, मेहल्यु B, मेहली 0 DEO, मूकि 3. स्वामि-खामी प्राणि B, खामि ODE GIK. १६९ कह-कि BOI, केइ P. मम्हे-अझो BF. स्वामि-खामी BO, स्खमि DEK. भाचरीया-आणीउ ०, माचरीउ D FI, आचरी 2, आचरियो K. कीर्घा भासव पान-कीयां आसव पनि D, कि कीयां मुरापान , कीधा मासव पान , कीधा सरहांपांन , कि की| विषपान , कइ कीयां आसवांन र. कह-कि BOL. जम्हे-अमो BE,..... प्रम्ह-ब्रह्म B C D EPK, तापम . धाव-हत्या र को-के A,..... कीधा em- कीधी A Braz, कीर्षु ०, कीधो D, कीयां F K. कइ-कि BI, कहि K. पाव्या-पाटीयां A, पाडिया B, पाया E, पांडा G. धान-बंधांन D, बंघानि PIK, बधान 0. iv qr in a is : किं भम्ह केहि श्रापि. १७० का-कि BJ, किं 0. भम्हे-अझो BE. नीच-नीच B, संग-संग संग D. माधरियड em- आचरिया A, आचरीया B, आवरीउ 0 DEO, आचरीआ F, आचरीयउ र. घोरीया-चोरीआ ON, चोरी Dra K, चोरीयां . कापी-काप B, कापि D ENGK, आपि . तुरक-तरक E. वगइ-तणि BOOT, तणई D. धानइ-बंधण A, धणि B, यंघान , बंधानि D, बंधनि E, वर्धानइ र. पढीयां- पारीया , पीआ OPK, पारीयो , पाटीआ q, पाही . सहउ-बहु A B POR, यदु माहे-अन्द B. केहर-केहिइ , हे , केहि ०३. पापि-पापिई , iv qr in o is : कि सोस्या द्रव्यापी.

- -- , 1 - कान्दंडदे प्रबन्ध तुलसीपानि कान्ह नवि पूज्या, जीवदया नवि पाली । अंगीकरीयां वचन कई लोप्यां, कइ अम्हे काहरि बाली ॥ १७१ सूंप्या द्रोह कइ अम्हे कीधा, कइ छानां विष दीधां । आस्याभंग कइ अम्हे कीधा, कइ धन प्राणि लीयां ।। १७२ कइ अम्हे सप्त विसन आचरीयां, केइ परनंदा कीधी। 'कइ अम्हे दीनदया नवि पाली, लांच अयुगती लीधी॥ १७३ एहवां वचन द्यामणां बोलइ, विहुं करि पीटइ आप । कहां जनम तणां इणि वेलां, आवी लागां पाप । १७४ एक भणइ ए इंतज भरुसउ, जे छोडवसइ कान्ह । कीधउ मेल मिल्या दलि आवी, तेह तणा परधान ॥ १७५ १r in ris: शुभ सेर्वत्रे शिवह न पूज्या. तुलसीपानि-तुलसीपनिका B, मुलसीपनि , भाति कारनि D, तलसीपानि , तुलीपानि , तुलसीपान K. कान्ह-कान्ह AE K, देव , काहान G. नविन Bp. अंगीकरीयां-अंगीकरियां BEGI, अंगीक्या C D, अंगीवस्या , अंगीकस्य K. कह लोप्या- उथाप्यां AB, के लोप्या 0, को लोप्या D, कइ लोपियो E, कोइ लोप्या , अटे लोप्या , कइ लोप्या R. कह-कि BOJ. अम्हे-अह्मो B E. काहरि-कारि B, कोहरि , काहालरि, काहर १७२ सूप्या-संप्या A, सूप्या RG, संप्या D, सुप्यां , संप्या प्रतइ K. कइ-कि BOJ, कहि E, ..... अम्हे-अझो B. कीधा-कीयां D E I, कीधा K, कह-कि BOI, कहिइ ४. छान-छाना , छांना D, बाध्या r.विष दीधा-धन लीधौल, विप दीधा F. ii qr in Bis: कि साधु प्राणि लोधी, in K कइ धन प्राणइ लीघा. भास्पामग-आसाभंग A, आशाभंग B , आइयाभंग : 3, कइ आसाभंग र. कइ-कि BOG, करइD, कहि .....K. भम्हे-अमो B. कीधा-कीधी 0 F, कीधी I K. कइ-कि, कि G 3. धन-धन . प्राणि-प्राणि CDG, प्राणई है. लीधा-सीधा F.iv qr in Bis : कि छानो विष दीघा; in Kis: कइ छांना विष दीपो. १७३ कइ-कि Bs. अम्हे-अह्मो E. सप्त-सपत A E I, सात G. विसन-व्यसन B D E IE. भाचरीयां-आदरीया B, आचरीआ ,आचरीआं GIR. कइ-कि BG 3. परनंदा-परनिंदा BE, गुरुनी निंदा D, परनंद्या , परदंदा त, गुरुप्रतिन्या . कीधी-कीधा F. कइ-कि B,...J R. दीनदया-जीवदया B..नवि-न B. लांच-लाच F I. अयुगती-अयाचित B, अजिगती E, अयूगती G. Note-c is omits vs 173, १७४ एहवां-इसां A, एहवा B DR. धामणां em-दयामणां A BOJ, धामणां D NO,K, दयामणा F. योलह-बोलि B C I, बोलई D. बिहुं-बिहु A, बेई B, बे c D, बिहूं E, बिहं , बिहो , बि . करि- कर I K. पीटइ-पीडइ A F, पीडि B, पीटि , कूटि I. भाप-आपइ A 4. केहां-फेहा B Dr, कीहा 04, केहवा . जनम-जन्म B C D. तणां-तणी D, तणी . इणि-एणी 3D, आणी ०, ईणी ETI, आणइ , इण र. घेला वेला F, जवारि लागां-लागा F. १७५ एक-एकि E. भणइ-भणि BOI. हुतउ-जे हुँतउ , हु एहy b, ए हेतु 0 V, एहनु :, अह्म हेतु , ए हतुक, तुम एह उ, एहनउ K. भरंस em-वरासउ A, जाणू B, भ6सुD, विरामुES, वरामु, वरांस्युव, भरोसउ र छोडवसइ em-छोडवतउ A, भेडवसि B DG, छोडावसि , छोडवसिई , छडिवसइ , छेडाविसि हवि , छेडावस्यइ K. कान्ह-कान्ह A DE J K, काहान B, काहान ०. कीघउ-कीधु BO EOI, कीy D. मिल्या-मिल्यो FI, मलवा , मिल्यउ k. दलि भावी-आव्या G. देणा-तों BIK. परधान-परधान A F G IK, प्रधान , प्रधान , परिधान । . , प्रथम खंड ३७ झूरमझूरा करइ विमासइ, हवइ जमारइ आणइ । जउ कान्हडदे नहीं छोडावइ, रह्या सही तुरकाणइ ।। इसी बात सांभली प्रधाने, वान विगूचतां दीठां । कटक मांहि डांगुरुं फेराव्यउ, कथन कहाव्यां मीठां ॥ १७७ पडपउ कटक करी मेलावउ, कान्ह जेतलइ आवइ । ऊग्या सूर तणउ जउ साचलं, सही वान मेल्हावइ ॥ १७८ . ग्या प्रधान कान्हडदे आगलि, अलूपान मोकलावी। लेस्यूं घाउ रहेज्यो मांडी, दिवस विहुं मांहि आवी ॥ १७९ १७६ शरमहरा-झरमझूरी K. करइ-करि B CI, करई D. विमासइ-विमासि BOG, विमासई , विमासि उ. हवा-हृवि A BOGI, हवई 5. जमारइ भाणइ-जमारइ आंण A, आणि जमवारि , जमारि आणि ०, जंवारइ आणइ D, जमारइ आणइ BK, जंमार आणइ , जवार आणि . जउ-जह 4, जु B O POI, MD. कान्हडदे-कान्हदे A BK, कांहांनडदे ०. नहीं-नवि CI, नही D F G K, छोडावइ-छोदावि Bas, मूकावि , छोडवइ D. रझा सही-रहीया सही A, रहिया सहि B, तु रहीया 0, रहिया सही , रह्यांस्या सही र. तुरकाणइ-तरकाणि B, नुरकाणि C, तुरकाणइ D K, तरकाणइ E, तरकांणि त, तुरकॉणि . १७७ इसी-ईसी F, इस्यां K. वात-वचन K. सांभली-सांभलिय A, साभली , सांभल्यां K. प्रधाने- प्रधांने DK, प्रधान E, प्रघांनि G, परधांने उ. मान-वांन A D E GK, बाद BO. विगूपता-विगूपत A, विगूचत B, वल २ (-बल) त , विपत छ, विगोपत , विगूपति G, विलविलतां प. दीर्थ-दीठा :, दीठी ०. माहि-माहि EG K, माह १. दागुरु-डागरु , डांगरा D I, डागरच EK, डागर F. फेराग्यट- फेरिउ A, फेरखु B, फेराव्यु , फेरव्या D 3, फेराविउ E, फेरव्यु G. कयन-वचन इ. कहाप्पां-कहाव्या , कद्दाव:, कहाव्य त. मीठा-मीठा P. १७८ पडपउ-पडपु BOG J, पडपुं D. कटक-कटकि ई. मेलावउ-मेलावइ A, मेलावु BODrar, मेलावउँ . कान्ह-कान्हड A, काहान B, कान्द , कहिान 0, कन्हइ K. जेवला-जेतलि Bc Gr, जैतलई D E. भावइ-आचि ROG I, आवई .. उग्या-उम्या , कम्यउ K. सूर-मुर D K. पणउ-तणे , तणि , त] DPK, तणउं , तणू , ' 1. जउ-जु B C PF Gr,...D, जइK. साधडं em-साच3A, सानु ,, साचि ०, साचु DOK, साचूं : I, मार्च इ. बान-वान AC DOK, वदि . मेहावर- मूंकावि B, मेहावि 0, मेहलावइ , मेहलावि . १७२ ग्या-गया A B COI. प्रधान-परधान A, प्रधान EIK, कान्हडदे भागलि-कान्हदे भागलि ACE, गढि जालहरि B काहानडदे आगलि . मलूपान-अलपान B DEGI,अनुमपान , मलपान K. मोकलावी-मेहलावि a लेस्यू-लेसू , लेर्मु ०, लेसिउँE, लेस्य र, लेस्यु , ले, लेस्यु प. बाउ-पाय , रादि ०. रहेन्यो-रहियो 00, रेहेग्यो D, रह्यो तुझे र बिहुं-विहूं ६०,चिहं . माहि-माहि 40 Fror, ३८ कान्हडदे प्रबन्ध जई प्रधानि जालहुरि कान्हड कटकस्वरूप जणाव्यउं । पाटण विकउ देव सोमईउ ढीली भणी चलान्यउ॥ कटक सनाहु हाथी घोडा, साहण संप न पार। गूजराति सोरठीयां माणस, झाल्यां बान अपार ।। करी प्रतन्या राउल कान्हडि-तउ जिमीसइ धान । मारी मलेछ देव सोमईउ अनइ छोडाविस वान ॥ लेप लिपाणा आयस दीधां, फिरइ दिशि ऊपहाणा । करी सजाई पुहर पाछिलइ, तेड्या राउत,राणा ॥ १८१ . १८३ १८० जई-जइ १. प्रधानि-प्रधान A FO, प्रधाने c, प्रधाने D, प्रधान E I K. जालहुरि em-जालोर A, जालहुरि गढि R, जालहुरु , जालहुरि D, जालहुरउ E, जालहरु F, जालहरु 4,...., जालउरइ र, कान्हा- कान्हड A RK, कोहाड , कान्हडदे राउल उ. कटकस्वरूप-कटक B, कटकसरूप C D K, कटकसरप 4. जणाव्य em-जाणाव्यां A, जणा• B, जणाविउँ 0 F, जगाव्यु Dr, जणाव्युं त, जणायूं , जणाव्यउ K. पाटण-पाटणि B D J. थिकउ-यकु AC, थकी B, थिकु Dra I, थकउ K. सोमईठ-सोमइउ प. ढीली-डिल्ली 0, दीलीअ F. भणी-भणीअ F. चलान्यउ em-भलाव्यउ A, चलाj B, चलाथ्यु ODFal, चलाविठE. iv qr in is : वान थकर छोडाव्यद. १८१ F as ends at हाथीघोडा, 181 a. K omits vs 181. सनाहु-सनादु A K, सन्नाह , सैन्यन E, सनाढं F, सनाढू उ, घोडा-घोडो A D E, साइण-सहिण A, साहाण B. संप-संख A E, संध्य , संषि उ. न-नई E. गूजराति-गूजरात A B D E. सोरठीयां-सोरठीया B, सोरठी ODI, सोरठीआ a. माणस-माणस ACE I, माणश D. बान-बांन AO DE G, बाद s.ivqr in c is : बान न लामि पार; in D is बान न लाभइ पार; insis बाद न लाभि पार, । १८२r omits vs 182, प्रतन्या-प्रतज्ञा A, प्रतिज्ञा B , प्रतिन्या ३. कान्दरि em-कान्हडि A, काहिई B, काहि , काहिं D, कान्हई :, काहानि G, काचि . तउ-हिव तु B, हवि तु 0 DOT, हवा तुE. जिमीसइ-जीमीसइ A, यमीइ B, जमीइ 0G, जिमीइ D E J. धान-धान C D E I. मारी-सारी. मलेह- भेछ B G, म्लेच्छ 0, म्लेछ D, अझे E. सोमईउ-सोमइउ G. अनइ-अनि BI, अठइ १, हवि , अन D. छोडाविस-छोडावी B, ग्रेडाविउं c, ग्रेडीचुं D, छोडावउँ E, छोडावु, छोडाव्यू 3. बान-बांन AC D E O. १८३ लेप-लोप , काप उ. लिपाणा-लिषांणा A, लपांणां D, लिषणा E, लपांगा , लापे , लेषाणां र. मायस-आइस A. दीधा-दीधा C D. फिरइ-परि B CG I, फिरि C. दिशि-देस B, देसि Da, देसे , दिसि र, उपल्हाणा ऊपलांणा AG, ऊपल्याणा B, ऊपलांणि C, ऊपलाणा BJ, उपलाणा K. सजाई-सजाइ G. पुहर-पुहुरि B, पहुर : K. पाठिलइ-पाछाले Bo iii qr in c is: काहडदेनि जो वली वनि; in D is कान्हडदेने जो वली वचने, in a is कान्हडदेने उत्तम वचने. तेड्या-तेडीया A G, तेडिया X. राणा-राणा A EG, राणा Fir gr in a is: मिल्याज राणो राणि; in D is मिल्याज राणे राराणी, in Jis मिलीआ राणोराणि.

- प्रथम खंड . ३९ १८५ M । राजवंस छत्रीसइ मिलीया, पांडालाप विच्यारि । एक एक पाहइ सपराणा; जिहि भुजि नावइ हारि ॥ पाणीपंथा नइ पुरसाणी, एक तुरकी तुरंग । सूडापंपा नइ किहाडा, एक नीलडा सुरंग ॥ पंचवर्ण तेजी पापरीया, कुंकूलोल पहाण । सोनां तणां सांकलां पाए, हणहणीया केकाण ॥ प्राणि पुरातलि धरणी पूंदइ, एक न मानइ साट। वारगिरी तेजी दिवराणा, चालइ ऊवट वाट ॥' सावलोह पापर नइ चामर, घणी घूघरी घमकइ । पाणी तणी ढलकती छागल, नीचां फूमत मूंकह ॥ १८७ १८८ १८४ राजवंस-राजवंश BI, राजविंश D, राजनंस K. रात्रीसइ-छत्रीसि BCCI. मिलीया-मिठीआ OD GI, मिलिआ .. पांडा-पांडा AT, घोडां B, पाला C. बिच्यारि-विच्यारि AD, विच्यार , बिच्यार G. पाहह-पाहि BG, पाहि C D I, पाहिई , पाहइ K. सपराणा-सपरांणा A DEG JK. जिहि-जे BIK, जेह C D K. भुजि-भुजे AK, भवि B, भडि C, भूजि D E,...J. नावह-नावि BO, नवि मांनि , न आवड K.iv qr in a is चालि ऊवट वाट. १८५ पाणीपंथा-पाणीपथा 0 D E J K. नइ-ते D, नि CI, नी D, अनइ : G. पुरसाणी-पुरासाणी CD, परसांणी , पुरसाणी G K. तुरकी-तुरकी B, तोरकी Da, तुरंकी ,...K. तुरंग-तरंग ,, तोरंग G. सूढापा-सूडापंथा A, सूडापंपो I K. नइ-नि B C I, नई , अनइ a K. विहाडा-कीहाडा , पुरसांणी K. नीलदा-तोरकी K. सुरंग-तुरंग 05, सुरंगा D, सूरग G, रंगि I, १८६ पंचवर्ण-पाचवरण A, एकवर्ण B, पंचवरण C G. पापरीया-पापरीआ , पापरिया K. कूकूलोल- कूकूलोल BI, कलोल CG, कुंकुलेले D, कंकूरोल E, कुंकूलोल 5. पहाण-पठाण A, पहलाण B, पहाण D, पलोहण , पलोण K. सोना-सोना B D E GI K. तणां-तणा 4. सांकलां-साकला D. पाए-पाऊ DG, पहिरियो E. हणहणीया-हगहणीमा ६. केकाण-कैराण C D E K, तोषार . - १८७ प्राणि-पाण B, प्राणि C EGI, पाणि D, प्राणइ र, पुरावलि-धरातलि BI, पुरा, धरतलि K. भरणी-धरती ODEI K.दह-घुदह A DG, दि BI, पुदि ०. एक-एकि E, इकि K. मानह-मानि 00, मानइ : K, माने . साट-साढ .. बारगिरी-चारगरी Ba I. दिवराणा-दिवरांणा A K, देवराणा BC, देवराणा Da. चाला-चालि BC, चालई D. बाट-बाटइ A. १८८ सावलोह-सवालोह र. पापर नइ चामर-चामर नइ पापर A, चामर नि पापर B, पापर नई चामर D, पापर नई चामर E, पापर नइ चामर 0, पापर नि चामर . धणी-घf B, घगद K. घूघरी-धूपूरी . पमह-पलकिइ , पलकि O DOI, पलाइ ६, पलका . पाणी-पाणी EGJK दलकती-झलकती र, छागल-चागल D, डागलि . नीचा नीचां B, निचा फूमत-पंगत A, फुमत CK, फुवत D, फँचत :, फूमता ०. भूकह-फरकि B, मूंकि CD, लहिकि G, मुकइ ई.

1 ४० कान्हदे प्रबन्ध अंगा टोप रंगाउलि पांडा, डां पटा कटारी । सींगणि जोड भली तरुयारी, लीजइ सार विसारी ।। छत्रीसइ दंडायुध लीधां, पडणि पब्यां तिणि वार । आस्यापुरी सकति कर जोडी, राउलि करीउ जुहार ।। १९० पूजा करी कुसम नइ चंदनि, एक राउत पाए लागइ । आस्यापुरी कान्ह जीपाडे, कही आसिका मागह ॥ १९१ ॥ अथ भडाउली ॥' राजा कान्हडदे तणइ कटकि पाछिलइ पुहरि कडाहि घडई। बाज पडई। सिंहथि बीडां । प्रवाहि घोडा पडपता न सहई। थानांतरि वहिलां १८९ अंगा-आंगा B DEJ. रंगाउलि-रगाउलि BE I. पांडा-पांडा 0 GK, पाडा . पटा-पाट . सींगणि-र्सीगण B, सिंगणि C, सीगणि Da JE, सीगिणि जोड-जोडि G, जोझ I. भली-..... वरूयारी- तस्यारिं B, तरुआरि CG, तरूयारे D, तरुयारि E, तरुआरिह मिसरी छ, तरूआरि K. लीजह-लीजि BOY, लीज्यइ र. विसारी-वसारी B, बिधारी, पीसारी D. १९० छत्रीसह-छत्रीति Bc a . दंडायुध-दंडाउध A, ईडायुध DOI, दंडायध इ. लीधा-सीधा 0. पणि-पडण : O Ea JK, पडणा D. पढ्यो-पड़ीयो A, पडिया , पज्या DG, पडिया E, पडि , पाया K. तिणि वार-तरूयारि A, तीणि वार B, तेणी वार CE, तिणि वारि D I. भास्यापुरी-आसापुरी A BK, आश्यापुरी D, आशापुरी BI, आसापूरी G. सकति शक्ति A, शकति BD I, शिकति E. कर जोडी- तिहां जहारि D. राउलि-राउल C K, कान्हड I. करीउ-करिउ BE G, करि ३, काउ K. जुहार-जोहार iv ar in Dis: राउ चया तिणि वारि १९१ कुसम नह चंदनि-कुसुम नि चंदन B, कुसम नि चंदन , चंदन नि कुसमि D, कसम नई चंदनि 8, कूसम नि चंदनि त, कुंकम नि चंदन I. एक राउत-एक राउल 0, एकि राउत E. पाए-पाय DG, पाइ5. लागइ-लागि B CG J. मास्यापुरी-आसापुरी B, आश्यापुरी D, आशापुरी , आशापूरी G, आस्यापुर K. कान्द-कान्ह E K, काहान 4. जीपा-जीवाडे , जीपावे k, ifi qr in A is : कान्हड जीनइ आसापुरि देजे. कही-करी B, इम कही , कहि D, इसी K. मासिका-आशिका B D E I. मागइ-मांग AE, मागि BCCI, मागई D. अथ भडाउली-अथ भिडाउली AG, अथ भट्टाउली वर्णनं c, भटाउली: D, मिडाउलो ,...., अथ भिडाउलि वर्णनं K. 1 कान्हडदे-कान्हडदे A, कान्हड D, कांहांनडदे G. तणइ-तणि B C D G. कटकि-करइ. कटक C, कडइ F G. पाछिलइ-पाछिलि B, पाछलि C D G. पुहरि-पहुरि B, पहरि E, पुहर , प्रहरि र. कदाहि-कढाई c. चडइ-चडई 4, चडिइ B, चढि , चडि DG. 2 बाज पठई -...BO K, बीजडि D, बाज पडिई E, ज पडि G. 3 सिंहथि em-सहथि A, मिहत्यि B, सहस्ति C D G, सहिति E, खहस्त K. बीडा-...:, यीडा . * प्रवाहि-प्रवाह D, प्रवाहिं , प्रवहि K. घोडा-थोडा A E, घोडां D K. पहपता-पडपता Ex, राउत तेन्या पडपता ०. न-नि , नइ D. सहइ em-सहई 4, सहिइ B, सहिता , सहि DG, सहिई छ, सहिं .. Jus versifies ll 1-53 of the Bhadauli. J reads for ll 1-4: राजा कान्हडदे तणि कटकि । काहि ऊतरि प्रहर पीजि । सांझ पडि पित्री सविवहिनी । सथि बीडा दीजि ॥ - प्रथम खंड ४१ सुपासण चाल्यो। 1. कंठालीया किस्या । भंडार भरीया' । आलोचि आत्मानइ आव्या । मंत्र मुहाडि हूई। शेह्रथ सीपामण हूई । गोत्रदेव्यानइ नैवेद्य नीपनां"। सूरा सुभट पित्री तणे घरे घोडा पाठव्या" । छत्रीस वर्ण तणा घोडा 1 किस्या किस्या घोडा" । उज्जरा" । गह्वरा" । कारा" । G 5 थानांतरि-यानांतर B, स्थानंतारे , थानांतरि D F G K. वहिलां-विहला A, पहिला , वहिता , वहिला D, वहिल्यां K. मुंपासण-सुषासन B, मुखासनि C, सुपासनि D, मुषासणि E, मुरवासणां K. चाल्यां-पाला B, चाल्या 0 D, चालांत. A reads as1 6: कीसा लीया कंठा. कंठा-कोठा c. लीया-रीआ c, लीयां E, लीआ a. किस्या-कीसा A, कासि C, कश्या E, कशा , कस्या K. 7 भंडार-अहकार A, भंडारी C. भरीया-भस्या B K, भिस्या 0, भरियां E. 80 omits 18. मालोचि-आलोच BEG, आलोचिइं D. मात्मानइ-आत्मानि B D Ea K. 677841-TI E, transposes 11. 8, 9; the order being 9, 8. J reads for 11 5-8: सुषासणि चकडोल पालषी। राणी हरसवि बिसि । सपी समाणी सरसा रंगि । भोगि कान्ह सवि लेसि ॥ 9 मंत्र-मंत्रि , मंत्री D, मुहाडि A E-महीडे B, मुडाधानि C, माहि डाहे D, मुहडि G, महा र. हूई-हई A,...BUD K, हइ . 10 शेक्षय-सेलुहुत B,..., सेलहथ D, सेल्हत E, सेलतहत a, सिलहत इ. सीधामण-सीषांमण CDEO, शीषामणा. हुई-हुई 40,देइ , देई R. After 1 10 B adds : पडण पड्या, Gadds पडण पज्या. 11 देग्यानह-देव्यानि A BC, देव्यानई D E E. नैवेद्य-नैवद्य D, नीवेद E, नैवेद G, नैवोद्य K. नीपनां-मीपना B. J reads for 11 9-11: गुरु गोत्रजनि सवि देवता । पाय लागी चहूआण । 12 सूरा-मुरा , सूर E, सूरां G. सुभट-सूभट D, सभट E, सूरा G. पित्री-क्षित्री B, क्षती ०,.... घरे-घरि इ. घोडा-घोडा BE. पाठव्या-पाठव्या A . 13 Bomits 1 13. तणा-तणां D. 14 किस्या किस्या घोडा-किमा २ वर्ग तगा घोडा A, किस्या २ वर्णना घोडा पाठव्या B, ते हा २ C,..., किश्या घोडा E, कम्या २०, किशा २ घोडा र J reads for ll 12-14. सूरा सुभट पित्री सवि तेडि । जेहमा अतिहि पराण ॥ वर्ण वीसि अश्वन आण्या। ते हवि फुग कुश कहीइ । 15 उजरा-उनहा A, उज्झोहा B, ऊजरा , उजरा घोडा D, ऊजहा १ E, उहा , उकर १K. 16-17 गदरा कारा-गुहरा कारा B, कीरा गुस्रा , काला व्हाडा हवरा D, गहरा २ कारा ३१, गहवरा करा , गुदरा २ वारी ३ ४. 6 कान्हडदे प्रवय तोरका" । भारिजा" । सीधूया । अहिबाणा" । पहिठाणा । उत्तरदेसना ऊंदिरा"। कनूजदेसना कुलया । मध्यदेसना महूयडा" । देवगिरा । देवगरा देपाऊ" । संघरा" । वेवाणा" । संभ्राणी" । पाणीपंथा। ऊराहा" । शेराहा" । कालीकंठा । किहाडा"। करडा" । करडागर"। 18 तोरका-तारका A, नुरवी B, तारका E, तोरको ४ . 19 भारिजा-मारिना ५६, भारिना ५K. 20 सींध्या em-गोधूया A, सीध्या B D, सिंधूआ C, शीघूया ६६, सीधूमा , संगुया ६x. 21 महिवागा-अहिठाणा B, अहिबांगा C, महिवांग D, अहिवांगा ७६, अहिठांणा , अहिदांगा .. 22 पहिागा-पहिठांगा, पठागा B,...DG, पहिठाणा ८ FK. 23 उचर-टतर A. देसना-देशना B, देशना ९ E, दसिना छोडा D. दिरा-दिरा BG, उदमा , अदिरा D, दिरा १०१, उदरीया ९ . * कन्न-कनोज DG, कब , कनठन E. देसना-देशना B, देसना पोडा P, देसना ११ कुळया-कलदीया B, कलया C, कलथा हासला घोडा D, फुलया ११ , फलया , कुलथीया १.x. Jreads for 11 15-24: उबरा ने काला किहाहा । गुहर तुरनी सहू हाय ॥ मारिज सीधूया हीवाया । पहिठाणा उत्तराही । घोडा कैदिरा कनूज देशना । कुलय हासला मध्याही ॥ 25 मध्य-सभ्य ल. देसना-देशना B CE, देसना घोडा D. महूयदा-मल्हहा AO, मुहटा , महा। E, महुडा ११६. 26 देवगिरा-देविगिरा A, देवगिरी , देविगिरा घोडा D, देविगिरा १४ , देवगिरा १२ ई. 27 देवगरा-देवगर A,...B C D G, देवगारी १३ K. देपाउ-... D, देशाउ , देवाना, देवगिराट १४K. 28 रबरा em-रबर Ar, शंबरा B, उरवरा,...D, स्वरूत, स्वर र. 29 बागा-बेबाग , पनग B, ...D, बेवागा१६, बेचाग त, देवाग १५. 30 संभ्रानी-संभागीया B, संभोगा c, ...D, समरांणी१७ पुरसागी१०E, मुम्रा, संभ्राणी. 31 पानीपंपा-...D, पांगीरथा , पाणीया. 32 ठराहा-ऊरहा B,...D, रहा E, टरादा , उरीहा १८K. 33 दोराहा-शिराहा B, मेरहाल,...D, सेराहा 0, शोरहा १९. 38 काटीमा-कोठीAE, गंगाजला D, काठिबासठा २... 35 रिहाहा-हा! B, CD, दि. K. J reads for 1125-353 महूदा देवगिरे दईया । यर याणा पोटा। मचान अनि पानीया सेरादा उराहा ॥ मेराहा पराडीया।ईगाला संगत। 36 करस-.,to,करना २२ . 37 मागर..... D. रा२३६.

प्रथम खंड नीलडा । मल्हडा । हरीयडा"। शरेपंडा" । ढूंककना"। पेत्र पुरासाणी । बाहडदेसना वोरीया" । लहिया" । गंगेटीया" । हंसजादर" उडणभ्रमर । ऊधस्यां फोरणां"। चपल चरण विस्तीर्ण । शालिहोत्रि प्रतिष्टा सिद्धा"। विशेष गति करइ । मनस्यूं चालई" । पवनस्यूं तरइ । पाटीए पग देई ऊतरई"। लक्षण मनि धरई। . 38 नीलडा-... D, नीलडा २४ . 39 माहडा-महूयडा B,... DE, मुहा, महूडा २५ . 40 हरीयदा-हरीडा A BG,... D, हरियडा २६ K. In A 11 40-42 follow 125; the order being 25, 40-42,26. In041-42 follow 133; order being 33,41-42,34. 41 शरेपंडा-शिखरडा B, सरपंडा 04,...D, शरुपंडा २७ ई. 42 एककना-घटकत्रा B, रंटकना C,...D, टुंककना E, दूककना , हुंककना २८ र. 48 धुरासाणी-परसाणी A, पुरसांणी D, परसांणीना , परासाणी , पुरसाणी K. 44 वाह-बाह D. देसना-देशना BCE. बोरीया-बोरीआ A, बोरिया . 45 रहिटूया-लहिवआ A, हलड़या B, लहिटुआ 0, लहिल्या E, लायदेसना लहिटरिया . 46 गंगेटीया-गंगेटी B, गंगेटूआ 0, गंगेटिया D,...a, गंगापारना गंगेटिया र. 47 ईसजादर-हंसजादरा BE, हंसजाद घोडा D,..... 48 ऊरणभ्रमर-ऊंडणभ्रमर A, उडणभ्रमर C K, अडणश्रमरी D,...., अडण पट ते . 49 अधस्या-उद्धसा B, उद्धसा ,...DE, उध्वसां , उघस्यां .. फोरणां-पारणां A, पोरडा , फेराणा हांसला गंगाजला C,...DE, फीरणां , फोरणा २९ हंसला ३. गंगाजल ३१ , 50 चपल-वफल A, चपल ३२ ६. परण-वर्ग 0G, चीरण D. विस्तीर्ण-विस्तीर्णः चरण A, वस्तीर्ण D, विस्तीर्ण ३३ . 51 शालिहोत्रि-शात्रिहोत्रि A, शालिहोत्र BE, सालिहोन , सालोहोत्र D, शालहोत्रि घ, सालहोन . प्रतिष्ठा-प्रतिष्टित B, प्रतिष्ठा , प्रतिष्ट्या D, प्रतिष्ट K. सिद्धा em-शिद्धा AE,...B, सुद्ध , सिद्ध D, सिद्धि , विशिद्धा ३४ . 52 विशेष-वशेष D, विसेप ०. गति-गमन , मति G. करई-करई, करि BODO, करइ ३५K. 53 मनस्यूं-मन A, मन, 0, सनस्युं D, मनसिउँछ, मनसिं १, मनुY . घालइ-चालि B00, चला D, चालइ ३६४. 54 पवनस्यू-पवनसं A, पवन, 0, पवनस्युं D, पवनसिउ E, मनसूं 4, पवन जिम K. वाइ-तरई , तरिइ B, तरि ००, तिरइ ई. 55 पाटीए-पाटि , पाट D, पाटली K. पग-दगपग A, पग दग E, पर K. देई-देइ०, दे .. उतरह-स्तरई A, उतरिइ B, तरि 04, उतरेइ , उतिरइ F. The order of l in A BEGK is 49-54,43-46,55-58,47,48,59. J reads for II 36-53: उधंसा गंगाजल चपला । चारण छि विस्तीर्णा ।। पेर पुरा अनि पुरासाणी । वाहडा लहटा नि गंगेट । ईसजादूआ उपप्रमरा । सालिहोत्रप्रतिष्ट ।। 56 लक्षण-लपग 1. मनि-मुत्ति BK, मुति , गति प. घरह-धरई AE, परि B. Onomit1 54.

कान्हडदे प्रबन्ध समुद्र मांहि वस्या" । कसवटी कस्या ।'ते घोडा,पृथवी पुरतालई॥ वाघवालीया च्यारि च्यारि विलगा छई। किरि जाणीइ आकाशि तणां गमन करशि" । अथवा पाताल तणां पाणी प्रगटांवशि"। ते घोडा गंगोदकि स्नान कराव्या" । तेह तणि सिरि' श्रीकमलि पूजा कीधी । तेह तणी पूठि बावनाचंदन तणा हाथा दीधा".! तेह तणी पूठि पंचवर्ण पापर ढाली। किसी किसी पापर"ारणपपर। 57 समुद्र-समुद्रह ६, माहि-माहि A E G K, मांहिं R,...G. वस्था-वश्या D, वसा , तिरइ र. 58 सवटी-कमुटी Ba, कसुटीई , कसोटी D, कसटी EK. 59 घोडा-घोडे D K, पृथवी-पृथ्वी : 0 K, प्रथवी D E G, पुरतालइ-पुरत्तालई A, पुरांतालि दिE, पुरतालि ca, पुरतालि D, पुरातालई K. J reads for ll 54-59: जातिमुजाती अनि मुविसिद्धा। रशिद्धि कर सोह। श्रयकर्ता मुशोभितवर्णा । द्रष्टि ऊपजि मोह ॥ हवि भट्टाई ॥ वार्ता ॥ ते घोडा दीसि किशा । समूद्रमांहि वशा । कमुटीई किशा । CDs omit ll 60-62. वाघवालीया-वाघावालीई B, वाघवालिया E, वाघचालीआG, वागवा- लीआ र. च्यारि ज्यारि-असवार B, च्यारि २F 0. विलगा-वलगा A B F G. छह-छई , छि B'd. 61-- किरि-...B, करि Ea K. जाणीइ-जाणे B, जाणीइ , जाणिय र. भाकाशि तणां-आकाश B, आकास 4, आकाशने K. गमन-गमत 4. करशि em-करशिं A, , करसि BG, करिसिं , 60 करिस्यै र. 62 अथवा-... BG. पाताल-पातल E. तणां-तणू व. पाणी-पांणी EK. प्रगटायशि-प्रगटावसिई , प्रगट हुसि B, प्रगटावमि , प्रगटावस्य K. 63 ते-तेह उ. घोडा-धोडोनई , घोडा . गंगोदकि-गगोदकिं B, गंगोदकि त E, गंगादकहर. मान- खान DEJ. कराव्या-कराव्या E. G4 सेह-तह तणि-नि A, तणे D E OF. सिरि em-भले A, ...DEO K, शिरि , सरि D, शरि उ. श्रीकमलि-निरम कमलि वरीनइ A, कमल ODI, श्रीकमल , श्रीकमले र. पूजा कीपी- पूजाया . 65 सणी-तणि DI, तणे D, घोडा तणी . पूठि-पूठिं , पुंठि , पूंठे D, पूंठिंE, पूटइ . थावना- यावना A, यावनना B, वायन R 1, वार्चना ०. तणा-ना E, ...D. दीधा-निश्या , निशा a. GG वणी-घोदा तणे D पूठि-पूठिं B D, पुंठि , पूठिंE, पृठइ . पंचवर्ण-पंचवरण . पापर-पापण , पापरि K. ढाली-ढली A, घानी D, पी 0, घाली K. I reads as GG : क्थी पातणी जटित विचित्राई कीधी। 67 किमी किसी-किसी २ AF, किसी २ ते , ते क्सी २०, क्सी २ Da, रिसी ते प, शी किशी र. पापर-... 68 A transp.68,69. रणपपररणपप्पर B, रणवयर ADDEI...K.

प्रथम खंड । जीणपपर । गुडिपपर" । लोहपपर" । कातलीयाली पापर" ॥ तेह घोडा तणी पूठि पंचवर्ण पल्हाण पड्यां" । किस्यां किस्यां पल्हाण । कुली कुंकूरोल" । वोडीया नागफणा" । वाजती वजाउली" | वेसरां बहिरपा । थलथलारा गूंछों । आहांस्यां ऊकढा । पुहुली पातली पटाट । ढलकती छागल" । पीतलहर पागडां ॥ तेहे घोडे किस्या किस्या पित्री चडीया" । पंचवीस वरस ऊपहरा । पंचास वरस मांहि । लुघसंधानीक" । वीराधिवीर । आकरणांत 69 जीणपपर-जीणवषर AC D E, जीगपष्यर B. 70 गुडिपपर-गुडिवपर AC D E I,...B, गुडीपषर K. 71 लोहपपर-लोहवघर AOI, लोहपघ्यर B,..... 72 कातलीयाली-कातलीआली 0 DOI, कातलीयारी E, कातलियानि K. पापर-वपर A, पयर B, पपर K. Note-G Is ends at 1 72; R HS commences immediately from 1 73. 73, Hus starts from 1 73. तेह-तेहज , ते A B. घोडा-धोडां A J. पूठि-पू&ि B, पूंठि 0D, पूटिंE, पूठई पंचवर्ण पाषर घाली ई. पंचवर्ण-पंचवर्णा F. पल्हाण-पहाण A, पहलांण D, पलाण 1, पल्हांण , पहाण K. पड्यां-पांड्यां B, माडियां , मांड्या D, जडां 1, मांयां । वैडूर्य मणे जड्या , पड्या 74 किस्यां किस्यां-किस्या २ ACE, किश्यां २ ते B, किश्या २ , किमा २ , किशा २x. पल्हाण-...AH, पल्हांण, पहलांण D, पल्ाण र, 75 कुली-कली BE,...c DI, कुलि H, कुंली 5. कुंकूरोल-कूकूलोल BI, कुंकोलोला ८, कंकलोह पहलांण D, करोल E, कंकूलोल , कुडुलोल .. 76 योडीया-...A B H, वोडीया ३, वोडिआ 5. नागफणा-...A B F H, नागफणां DJ. 77 वाजती-वाजनी A E, वनति B, वीजली . वजाउली-चम्राउली A H, वाजाटली B, वजाउलि ०E, बजावली D. 78 येसरां-बेसूरां AE,...B C D I, घेमुरा H. बहिरपां-वहिका A E,...BODI, यहूका 1, वहिरपा र 79 थलथलारा गृछां-उलथरा गूंछो ,...B C D , थलथलारा गुंडा E, थलथलारा गुठा 1, थलह गुंठा K. In H179 follows 181. 80 माहास्यां ऊकढा-. BODI, आहास्या उक्ख्या E, अहास कडा 1, स्वतस्या उक्टार, 81 पुहुली-पिहुली A, कटी पहली B, पुहुवी ०, पहली D H, पहली E K. पातली-...B, पतली H. पटाद-पटाटि B, पटाट EK. 82 ढलकती छागल-झलकता पूमत्त मुक्यां B, टलक्ती पाणीनी छागल D. J omits182. 83 पीतलहर-पीतलमइ A, पीतलमि , पीतलहरा E, पीतलहरमइ F. पागडां-पागडा घमघमाट वाजि, वाजतो पागडा D. 84 तेहे-तेणे , तेह, निहि र विस्या किस्सा-फिमा २ A 1, विस्या २ BC E, विदया २ D, किशा २ . पित्री-क्षित्री BC, क्षती E H E transposes as • पिनी विद्या विमा. चडीया-चच्या BD IR, चन्या , चडिया E, चटा 1. 85 पंचवीस-पचदीम R. ऊपहरा-कररा BCE U, उपरें D, ऊपहिरा, उपहरा - 86 माहि-माहि As n K, माहिल्या . 87 लुघसंधानीक-लप्यूमधानी , लघुवई स्थानीक K. B C D E I omit 1 87. 88 BODJr omit188.

कान्हडदे प्रवन्ध मूंछ । नाभिप्रमाण कूच । उदार झूझार" । हईइ सुविचार"। थोडउं वोलइ । मनसिङ तिरइ पवनसिउं चालई । कीर्ति विस्तरइ । परनारीसहोदर" । संग्रामि सधर" । वोलावी मारई। मारी मरई। आपणा स्वामी तणूं काज करइ । छत्रीसइ दंडायुध धरई। हथीयार वावरई। पड्यानइ शव भणी नमस्कार करइ ॥ तेहे राउते चालते हूंते" । हस्ती गुडीया । तुरी पापरीया" । रथ जूता"। 89 माकरणांव-आकांत ODI, आवर्णाति , आकरणांतक 1. मूंछ-मुच्छ 0, मूंकि D, मुछ 1, मुंछ र. Bomits ll 89-91. 90 नामिप्रमाण-नामिप्रमाण D E J K. कूच-कुंच A K, कुंछ 01, कुंचि D, कूछ . 91 उदार-उदार D K. 92 हईइ-हीइ , हइइ ॥, हियइ K. सुविचार-सविचार E, सुववार 1. BOPEJ omit 1 92. 93 थोढउं-थोडे ०, थोई DE, थोड I, घोडा, योर्डउ K. बोला-बोलई A, वोलि , योलिं ., बोल्या . Bomits1193-96. 94 मनसिउ-मनसू AE, मनमुं 0 1 K. तिरइ-...AR, तरि ०, तरइ D, चालि H. पवनसिद-...AR. पवन, 01 K. चालह-चालई , चालि 0 D, तरइ 1. Jomits 94-95. 95 कीर्ति-कीरति ०, कीति K. विखरइ-विस्वरई , विस्तारि 0 D, चम्तरि ।. 96 परनारी-परनारि , ते परनारी . 97 मंग्रामि-संग्रामे संप्रामि, संप्रानि 1, संग्राम K. सघर-महाधर . 98 बोलावी-बोलावीज 0. मारह-मरइ A E, मारिंई B, मारि 001. 99 मारी-मारीनि , मारीनिई D. मरइ-मरि OD II I, मारइ A. Bomits 1 99. 100 The order of ll in n is 103, 101, 100. स्वामी वY-खामी, A, खामी तर्ण, स्वामी तf D III, खामी 2, स्वामी तणार. काज-कारिज D, कार्य : I J K. करा-करई , सारि , करि D NI. Bomits ll 100, 101. 101 रात्रीसह-बीस A II. दंडायुध-दंडाइध A, युद्ध D, देहायधE, ईदायुध n K. घरह-धरई , बावरि 01, सरम करि D, वावरइ K. I omits ll 101-136. 102 BODI K omit 1 102. 103 पट्यानह-पद्यानि 01,...BD, पन्यांनई E, पयाद्रह . शव भणी-शिवमणी AEK, सूर्य भणी , शिवनई D, मव भणी H. करड्-करई , कार 80. 104 सेहे-तेह B CH, ते D, तिहि राउते राउत 0. हूते-हुँते A, टाक्या B, यके 0, पके हुँते D, थिके हूं , यके हूते x,...H. 105 हनी-हम्मिद, हयि 5.गुटीया em-गुन्या ABDK, गुयाल, गडिया R. In omits 11 105-107. 100 मुरी-तुरीय A, तरी पायरीया-पापया BD K, पापरिया 0. 107 जूना-जोतरा प्रथम खंड ४७ राउत चडीया । सनाह लीधा । किस्या किस्या सनाह"। जरहजीण" । जीवणसाल । जीवरपी" । अंगरपी"। करांगी। वज्रांगी" । लोहबद्धलुडि" । समस्त संनाह लीधा" । सजीभूत हुआ। मुगट तणा शृंगार धडहडीया । रतनाउली झलकती"। मोजां कठी कसकशी"राग रसरशी वाघ वज्राउली वाजी" । साहण फडहडा"। फेतकारनी फेणाउली" । असणि अडी" । रज रमी । अंधकार प्रवर्त्यउ रूप हारव्य" । सूर्य पेहि करी आछाद्य । . 108 राउत-रात E, राउत्त K,...H. चडीया-चढ्या B D E K, चट्या ०, चडिया E, 109 सनाइ-सन्नाह BC, संनाह H K. लीधा-लौघां BE, कीघा H. 110 किस्या किस्सा-किसा २ A, किस्या २० , किस्यां २ E, किशा किसा K. सनाह-सन्नाह , संनाह K. BH omit 1110. 111-112 जरहजीण जीवणसाल-जरह जणसाल्या B, जरहि जीणसाल C, जरह जीणसाल D, जरहि जीर्ण जीवणसाल E, जरहिनीण जीणसाल H, जिरह १ जीणसाल २ K. 118 जीवरपी-जीवरपी ३ र. 114 अंगरपी-आंगरपी A, अंगरपी ४ K. 115 करांगी-...0 DE, करावी म. 116 वांगी-... E, वनागी D, बजांषी ५६. 117 लोहबद लुडि-लोहबद्ध गुडि B C, लोहबंध लुडि D, ...:, लोहवध लडि H, लोहबंध लुडि ६ . 118 समस्त संनाह लीधा-समसंनाह A, समस्त सन्नाह B, समस्त सन्नाह लीधा 0, समस्त सनाह लीधा D, समसनाह E, समस्त सनाह म. 119 सजीमूत-सझीभूत A, सजीभूत D E B. हूमा-इया A E, हवा B, हौआ H. 0 omits 1 119. 120 मुगट तणा-मुगटना A, मुगटनि B, मगटना F. शृंगार-सणगार B, अंगार E K. घदहडीया-घडहल्या B DH K, धडहडिया E, धस्या रोसि धडहया c. 121 रतनाउली-रणाउलि . झलकती-झलकी BCD R K. E omits 1121. 122 मोजो कठी कसकशी-मोजडा तणी कसक्सी B, मोजां क्वी क्सक्सी : H, मोजडा कसक्यो र ODomit1122. 123 राग रसरशी-राग रसउसी E, रागयस असी H, राग रासाउली वशी K. BCD omit 1123. 124 बाघ वनाउली-वाघ वाउली B, बाघ वजाउली E. वाजी-वागी BH,...E, CD omit 1 124. 125 साहण-साहण A, साहणना, साहणना E, साहना H, संनाह साहणना र. फडडा-फटड्डाट, फडहच्या D, फहद्दी 1, फडड्डी र 126 फेठकारनी-फेवारनी B. फेणाउली-फेनाउली BO, फेणीउली र. 127 असणि-आसग B, असग , आमणि K. ऊडी-उडी K. 128 रज रमी-रज B, रज रमी 0D, रज रमी स्पहार हुँH, रज रमा E, 129 प्रवत्यर-प्रगट , प्रवत्तुं B, प्रवर्तिउ ८, पर्वतिउं D, प्रगटिई , प्रयु म. रूप हारव्यट-अंकार प्रवर्तावइ .,...BH, रूपहार तु c, म्पहरे तूं , म्प हारतु . 130 सूर्य-सूर्यि A, सूर्यदेवता म. पेहि करी-पेहि B, पेहद करी D, पेहि वरी E, पेह करी K. भाठायउ- घाहिउ BC, याहु D, आगदिउH, आगचाउ K.

कान्हडदे प्रबन्ध छत्रीस दंडायुध लीधा । तेहे राउते चालते बंदीजन विरदावली वोलइ छई। सूरा राउत चडीया। हाथी हाथीयातूं। घोडा घोडास्यूं। पाला पालास्यूं पडग तणा पाटक" 1 पेड तणा भाटक"। तरूयारि तणा झाटक" । धुनुप तणा धोंकार"। अणी तणा अंगार"। चाण तणी वृष्टि" । इसी सूरा राउत तणी सौर्यवृत्ति" ॥ 131 g omits 1 131. छत्रीस-छत्रीसि B. दंडायुध-दंडाउध A, डंडायुध D K, दंडायध 8. लीधां-लीधा BK. In K 1 132 follows 1 136. 132 तेहे-तिहि K,...H. राउते-राउत ,.... चालते-चालते छाके हूते B, चाल । त D, चालरे K, ...H. बंदीजन-यदीजन D, अनेक बंदीजन H,...K. विरदावली-बिरुदावली B, घरदावली D, बिरदाउली E, यय जय सबद H, बिदाबली बंदीजन K. बोलइ छइ-बोलि B, बोलते , वोलइ DH. 1330 D E H omit ll 133-136. चडीया-चडिया B, चड्या K. 134 हाथी-हाथिए K. हाथीयातूं-हाथीस्यूं B, हाथी K. 135 घोडा-घोडउ A, घोडे K. घोडास्यूं-घोडासू A, घोडा रथइ रथ र.' 136 पाला पालास्यूं-पालउ पालासू A, रथ रथस्यूं पाला पालास्यूं B, पालइ पालउ K. 137 पडग सणा-पडगना A E, पलपलता पांडांना प, ते पडग तणा, पर तणार. पाटक-पटका A, पाटिका ०, पडेग D, पाटिक H, झाटकर. 138 पेड तणा-पेडाना A, पेडा तणा BOJ, घेडा तणा D, घेडाना I. भाटक-भटका A, भाटिका , भटक D. 189 तस्यारि तणा-तस्यारिना A B, तरुआरि तणा D, तरूआरिना , तरूआरि तां , तरुआर ताणार. झाटक-झटा, कटेक D. Comits1139. 140 धुनुप तणा-पुनपना A, धनुष तणा BOI, धनप तणा D, धुनुपना E, धनुपना II, धनपना K. धोकार-धौकार D, धोयंकार D, धोपापार II. The order of ll in u is 141, 140, 141 भणी तणा-अणीना , अणी तणा . अंगार-आगर AF. 112 याण तणी-वागनी AB, वाणनणी DIL K, वाणनी , पटरदाना पदाउत वाण तणी 0. Kadds foll ll after 119. अणीगर पूटइ सेल । देता जोई पेल । जोइ सग्राम । गगनउ य्याए । नउ लपियइ पेटउ मइ बाप । पर वाजद गान । टोल प्रमद । ईगर पंपइ । गहिजद गाम्हा धसइ । 143 इसी-इसी , इगा k सूरा राउत तणी-मग राउतनी A K, सूरा राउतनी BE, राउत तणी 0, गूगननी । सौर्यवृत्ति-रिक्ति A, सौर्यति , सौर्यति , सूरपति र, सौर्यवत्रि, सूर्यतिप्रति । रायंगाना J, सूर्यनीति . Gudds foll I after 143 . राजाश्री कान्हद तनि कटकि इसी पोज प्रति.

प्रथम खंड ॥ पवाडु ॥ आसापुरी आसिका आपी, त्रंबकि वाजी सान। ढोल ध्रसूकइ डूंगर कंपइ, चडीउ राउल कान्ह ।। १९२ ऊपरि पिकां सांचरइ साहण, वेगि पुहुतां घांटी। नह बाजी धमधमी धरणी, तरवरीयां तलहटी ।। १९३ जइत देवडइ करी वीनती-वीड करउ पसाउ । राउल कान्ह प्रतापि तुम्हारइ अम्हे जई लेस्यूं घाउ ॥ १९४ मान्यउ वोल देई सीपामण इम कान्हडदे राइ । पइसी प्राणि असुर मारेज्यो, रपे हसारथ थाइ ॥ १९५ कटक ऊपडीयां करी दमामां, विढस्यइ जई तुरकांणइ । आव्या हेरू वात जणावी, छइ मेल्हाण सिराणइ ।। १९६ १९२ पदाहु-चउपई , चुपई BE, अथ पवाडु , पवाङः D,..., पवाडा , चउपई । पवाडा टाल K. मासापुरी-आस्यापुरी C D , आशापुरी E, आशापुरीइ H, आसापुरा K. मासिका-आशिका , अतिका K. अंबकि-त्रंबक BIK, वाजी-वागी 0. सान-सांन A E H I K. भ्रस्कइ-ध्रमूकि BCI, द्रसूकि D, दसूके 1. इंगर-डूगर A 13, डैगर K. कंपइ em-कांपई , कंपिइ B, डोलि , कापि DH, कापइE, कपि, कंपई K. चडीउ-चढीउ , चडिउ E, चडिया K. कान्ह-कान्ह , काहन D, काहान H. १९३ थिका-थका A H, वंका B, यका 05, थिक D. सांचाइ-सचस्या B, साचसा CK, सांचरि D, सांचरियां , सांचरा E. साहण-साहण A. वेगि-वेगि BET, वेग K. पुहुतां-पहुतां A, पुहुता B, पुहता 0 D, पहूतां E, पुहूतां , पहुता .. घांटी-पाटी A K. नह-न E. वाजी-वाजीया 4, वाजि BJ वागि , वाजीउ E, वाजीआ , वीजी K. घमघमी-धमधमीआ D, घमघमिर, घमधमकी K. घरणी-धरती ०, धरण E. वरवरीयां-तरवरीआ AH, तरवरीया BDEN, तरवरिया .. तलहटी-तलहट्टी BK, तलहिदी E. १९४ जइत देवडइ-जित देवडि BE, जित देवड, जदन देवडा, जइत, देवडई, जयत देवदि , जइतदेव- उइK. करी कार , करइ D. वीडउं-बीई B, वीई ०, बीडा D, वीडा : H I K. करउ-घर B C D E . पसाउ-पसाय 0 R. राउल-रावल K. कान्ह-कांन्द AI, कान्हडदे B, वाहन D, कांहान H. प्रवापि-प्रसादि ०, प्रशादि D, तणी, प्रशाद K. तुम्हारइ-तमारि B H, तुझारे C D, तम्हारई E, प्रतापि र. अम्हे-अहमे D, हमे 2. जई-ज K, जइ म. लेस्यू-ले 4 E, ले# 05, लेतिउं DI, लेस्यु म. घाउ-पाय C D. १९५ मान्यsem-मांनी A, मानिउ B, मान्युन, मानु D, मानिङ E, मान्यउ K. देई-दीड , देइ . सीषामण-सीपामणि D, सीपामग H, सीपामगि र. इम-इंम DE, ईम . कान्हढदे-कानदे D, काहानडदे 1. राइ-राय ACE E, राई , राउ DI. पइसी-पिसी BC, किमी . प्राणि-प्राणि C D H, सप्राणि करी , प्राण K. अमुर-असूर H. मारेज्यो-मारेयो BD, मारयो H, मारज्यो . हमारय-हामारय AK. थाइ-थाय DE. १९६ उपडीयां-उपडिया BE, सान्या CHE, ऊपटा D, करी . करी-उपन्यां . दमामां em- दुदामा A, दमामा BK, ददामा C D, दनामा E, ददामा , दमामा र विदम्यइ जई-जई विटम्या A, वटस् जई B, वढि जई ०, वटनि जई D, वटशि जई E, वति जे H, वटशू जई र, विहिमइ जए K. तुरकांगइ- नुरकागि BI, तरकागि C, तुरकानि D H, तरकाग्इ ६, नुरकागद ६. हेरू-हेरी BE, हेहए , हरी जणावी-जागावी A, जगावि DI, जगवी 1. छह-अ Au, लि BC मेल्हाण महाग 0 DH, मेन्हांगर, मेहंमा. मिरागइem-निरागइ AE, निरा BI, शिरानिक, सपराग D, शिरा, घरानि .. 7 ५० , २ कान्हडदे प्रवन्ध करी केडि तुरकांणा पूठि, ए जाएस्यइ दूरि । पूठि मिल्या तारव्या तेजी, जई आथिमतइ सूरि ॥ १९७ दीवी सहस विच्यारि करावी, नइ वाजइ रिणकाल्ह । कटक थिकडं जगमणइ पासइ कीधउं झाकझमाल ॥ जांगी ढोल सातसइ वाजइ, वीहामणां नीसाण । मांटी सवे मूछि वल घालइ, कायर पडइ पराण ॥ १९९ करी बि फोज मालदे राउल, ग्यु आथमणइ पासइ । पइठां कटक काठगढ भांजी, चउकी रह्या ति नासइ ।। २०० पडी भेल बुंवारव वरत्यु, हीदू कीधी हाक । ऊडी ऊंघ नइ एक दिसि मुहुड्या, काने पडीया ढाक ॥ २०१ १९७ वेडि-केड K. तुरकाणा-तरकाणा B, तुरकाणा 0 , तरकाणू D, तरकाणा , तूरकाणा H. पूठि-- पूठिंE, पूठि 0D, पूंठिंE, पूठइK. ए-ए तु . जाएस्यह-जाएसि A, जासि , जायसि D, जाएसिइE, दूरि-कालि B. पूठि-पूंठि , पूठिई 1. मिल्या-मिल्या A, मल्या H. तारव्या-तारवइ A H. तेजी-ताजी D. जई-जईइ , जइ H K. माथिमतइ-आथिमतिइ A, आयमति 0 DI, आथिमति II, आथमत: K. B omits vs 197 b. १९८ B omits 198 . सहस-सहिस K. बिच्यारि-बिच्यार OH K, बिचारि B. नइ वाजइ-वाजइ A, अनि वाजि C I, नइ वजाव्या D, अनइ वाजी E, जइ वाजइ K. रिणकाल्ह em-रिणरिणतूर A, रणकाल्ह 0, रणकाहल DEI, रणकाहाल न, रिणकाल K. थिकडं em-थकी A, तणि BOI, थऊं D, थिका E, थिङ H, थकुँ K. ऊगमणइ-ऊगमणि B ODI, उगमणइ 5. पासइ-पासि B C D उ. कीध-कीधउ A, की BHI, की) C, किधु D. झाकझमाल-झामझमाल K. १९९ जांगी-जंगी B, जागी H. सातसइ-सातसिं B, सातसिइ D सातसई 2, सातसि H I, सातसैइ र. वाजइ-वाजिइ B, वाजि 03, वागा 5. बीहामणां-बीहामणा A PE, बीहामणा O I, वीहामणा , वीहा- मणा र नीसाण-नीसाण B, नीसाण D E H J. मांटी-माटे B, माटी GK, मोटी इ. सवे-सर्व B, सवि 0, शिवे E. मूछि-मूछ B, मूछे 0, मूर्छि D, मूछ E, मुंछ , {छि , मुछ 5. घालइ-घालिइ B, घालि 0 H I. पडइ-पडि B C H I पराण-पराण A D E F K. २०० बि-वे D. राउल-राउत B, राउलि C D E K. ग्यु-गयु BODHI, गिउ E, म्युं .. माथमणइ- ऊगमणि B, आथमणि H I, आतथमाते D, आथिमणइ ३. पासइ-पासिइ B, पासि ODI, पठा-पिठां BIH I, पिठा, पिट्ठD, पइठ E, पइठा ( कटक-केटकि D, क्टकि E K. काठगढ-काठगड 0. भाजी-पाई C, भानई D. चउकी-चुकी B C B H, चूी D, चुकि उ. रया-रहीया A, रहिया BE, रहियां उ. ति-ते BODE H I. नासइ em-नासई A E, नासि B H I, नाशिक, नसेइ D. iv qr in K is चउकीधी हाक (cf vs 201 ii qr) २०१ Komits vs 201 a भेल-भेलि BEI बुंबारव-बूबारव B, वंबारव D, बूंबारव . परत्यु-वरतिउ B G H I, वरत्यु D. हीदू-हींदूए B, हिंदूए , हींदू D E, हीदृए उ. कीधी-कीधु E. हाक- हाकि 0. ऊडी ऊंच-ऊठि तुरक B, उडी उंघ c, ऊडी ऊघ H K. नइ एक-सवे B, तुरक C D E, नई एक E, तरक H, तुरक्नी दिसि मुहुड्या-दिस मोह्या A, दिशि मुहुड्या B, दस मोच्या 0, दश मुहत्या D, दिशि मुहाडियो E, दस माड्या , आषे , दिमि मुहड्या K. काने-काने A D E F K, कान उ. पडीया-पडीउ B, पडीयां, पडीआ Ed, पड़ी K, ढाक-टाक D. १ प्रथम खंड गमे गमे दीसइ अजूयालां, म्लेछे छांडी छाक । आपोपरि असमुहीया ऊठइ, कटकि पडीउ बलकाक ॥ २०२ ऊंचे हाथि धाहि पोकारइ, वोलावइ किरतार । आणीवार किम्हइ ऊबलइ, करइ अम्हारी सार ॥ २०३ जिरहजीण लिवराइ अवलां, आंगा सींगिणि वाण । ऊतावलां घलाइ अवलां, तेजी पूठि पहाण ॥ २०४ कीधी पवरि पान आगलि जई, एहवउं कहइ पवास । फिरी वीटि दलि हीदू आव्या, लसकरि पडीउ त्रास ॥ २०५ २०२ गमे गमे-गमे २ ० . दीमइ भजूयालां-अज़्याला दीसइ A, दीमि अजूयाला B, दीसि अजूआलां 0HI, दीसइ अजूआला D, देसै अजूआला 5. म्लेछे-मेछे B H, मलेठे 0 J. छोडी-माडी B, छांसी H. डाक-धात . पोपरि-आपोपिं B, आपोपि c, आपोपरइ K. असमुहीया ऊठइ-ऊठि दिशि मुहोच्या B, दिशि मुहड्या उठि ८, ऊठइ असमुद्या D, ऊठइ अममुहिया E, ऊठइ असमोह्या I, ऊठि दिसिमुन्या र, उठइ असमाह्या K. कटकि-कटक B. पडीउ-पडिउं B, पडिउ 0 E, पशु D H,पढ़यां उ, पन्यउ E. बलकाक- बलिकाक B, बलवाक 0H, वलकके D, बलकाकि E, बहू भात , बुलवाक K. २०३ ऊंचे-ऊचे AK, उंचे D. हाथि-हाथे B C D H I K. धाहि-धाह BDI, करी , खाइE, धाइ UE. पोकारइ-पुकारिइ B, पोकारि 0 I, पोकारई D, पुकारइ F. बोलावइ-बोलावि B C II I, वोलावई D. किरतार-करतार A K. आणी-आणी C DI, इणी E. वार-वारि , वारइ K. किम्हइ ऊवेलइ-अम्ह सवेले A, कहि ऊगारे B, किमि ऊगारे , किम्हि सवेले D, किमहि ज्वेले H, किम्हिई ऊबेलि , स्मिइ उवेले K. करइ-करे AC D E H, अइर. अम्हारी-अमारी B C D E I, अमारी म. सार-सर K. २०४ जिरहजीण-जरहजीण B C D E I, जिरहनीणि : लिघराइ-पहिराइ 1, लेवराइम, लेवराई , लवराई, लेवराया, लिवराई र. भवलां-अमला A, लागां 1, अपला नांगा-अवली B, अंगा 05, आगा म. सीगिणि-शीगणि A K, मिंगणि ०, सिगणि D, सीगिणिE, सीगग H, सीगिणि प. बाण-बाण DRIK, बाणी B उतावलां-उतावलि B, उतांवलि D, उतावलि H. घलाइ-घाइ A, घालि BH, देवराइ , लेवराई D, घलाई E, घलाई 5. अवलां-अमला A, अपला ते B, अबला , पूठि-पंठि 0D, पूठिंE, पूठिय , पूछइ 1. पहाण-पग A, पहाग ODI, पहलांग E, पलाय H K. २०५ परि-पवर A. पान-पानजी D, पान E IK मागलि जई-आगलि D, आगलि जई 1. एहवउ-एहy BDI, एहवू 0 1 5. कहइ-बहि B C D EL , कहिइ F. फिरी-फेरी BI, परी 08 H. वीटि-वेडि BCI, विटि D, वोटि E, वाटि 1, पेट हीदू-हीद B DEE, हिंदू 0 transposes as हिंदू दलि. लसकरि-लमर BEFE, लत्रे 0 D. पडीउ-पडिउ , पडीआ H, पडियउ K.

५० १ कान्हडदे प्रवन्ध करी केडि तुरकांणा पूठि, ए जाएस्यइ दूरि । पूठि मिल्या तारव्या तेजी, जई आथिमतइ सूरि ॥ १९७ दीवी सहस विच्यारि करावी, नइ वाजइ रिणकाल्ह । कटक थिकडं ऊगमणइ पासइ कीधर झाकझमाल । १९८ जांगी ढोल सातसइ वाजइ, वीहामणां नीसाण । मांटी सवे मूछि वल घालह, कायर पडइ पराण ॥ १९९ करी वि फोज मालदे राउल, ग्यु आथमणइ पासइ । पइठ कटक काठगढ भांजी, चउकी रह्या ति नासइ ।। २०० पडी भेल बुंवारव परत्यु, हीदू कीधी हाक । ऊडी ऊंघ नइ एक दिसि मुहुड्या, काने पडीया ढाक ॥ २०१ १९७ केडि-केड K. तुरकांणा-तरकाणा B, तुरकाणा 0 J, तरकाणू D, तरकाणा , तूरकाणा H, पूठि- पू&ि B, पूंठि 0 D, पूठिं E, पूठद र. ए-ए तु c. जाएस्यइ-जाएसि A, जासि , जायसि D, जाएसिइ E, दूरि-कालि B. पूठि-पूठि ०, पूठिई 1. मिल्या-मिल्यो A, मल्या H. तारख्या-तारवड A H तेजी-ताजी D. जई-जईइ , जइ H K. आथिमतइ-आथिमतिइ A, आथमति 0 DJ, आथिमति H, आथमतइ ई. B omits vs 197 b १९८ Bomits 198 a. सहस-सहिस र. बिच्यारि-विच्यार H K, बिचारि छ. नइ वाजह-वाजइ 4, अनि वाजि 0 I, नइ वजाव्या D, अनइ वाजी 2, जइ वाजइ K. रिणकाल्ह em-रिणरिणतूर A, रणकाल्ह ०, रणकाहल D E I, रणकाहाल , रिणकाल K. थिकङ em-थकी A, तणि B CI, थऊं D, थिका, थिङ H, थकुँ K. उगमणइ-ऊगमणि B ODI, उगमणइ र, पासइ-पासि BOD I. कीधउं-कीपउ A, की BH I, कीg , विधु D शाकझमाल-झामझमाल K. १९९ जांगी-जंगी B, जागी H सातसइ-सातसिं B, सातसिइ D सातसई , सातसि H I, सांतसैइ र. वाजह-वाजिइ B, वाजि 03, वागा K. बीहामणां-बीहामणा A D E, बीहामणा CI, वीहामणा H, बीहा- मणार नीसरण-नीसाण B, नीमाण D E H J, सांटी-माटे R, माटी CK, मोटी E, सवे-सर्व B, सवि , शिवे E, मूछि-मूछ B, मूले 0, मूर्छि D, मूंछ E, मुंछ म, मुछि , मुछ K. घालइ-पालिइ B, घालि 0 H . पडइ-पडि B C E J. पराण-पराण A D E H K. २०० बि-ये D. राउल-राउत B, राउलि ODH K. ग्यु-गयु BODHI, गिउ E, न्यु र. बाथमणइ- आथमणि C H I, आतथमाते D, आथिमणइ ३. पासइ-पासिइ B, पासि 0 D J. पहठा-पिठो BHI, पिठा , पिट्ट D, पइठ ६, पइठा K. क्टा-केटकि D, कटाके E K. काठगढ-काठगड 0. भांजी-पाई ०, भाजई D. चउकी-चुकी B C E H, चूड़ी D, चुकि I. रहा-रहीया A, रहिया BE, रहिया उ.नि-ते B C D E H I नासइ em-नासई A E, नासि B II, नाशि , नसेइ D. iv qr in K is चउकीधी हाक (cf vs 201 ii gr). २०१ - omits vs 201 a. भेल-भेलि BE J. बुंवारव-बूबारव 1, बारव D, बूंबारव . वरत्यु-वरतिउ B C E I, वरत्युं D. हीदू-हींदूए B, हिंदूए , हींदू D E, हीदए . कीधी-कीधु म. हाक- हाकि 0. ऊडी ऊंघ-ऊठि तुरक B, उडी उघ, ऊडी ऊब 1 K. नइ एक-सवे B, तुरक C D K, नई एक छ, तरक H, नुरक्नी इ. दिसि मुहुड्या-दिस मोह्या A, दिशि मुहुट्या B, इस मोड्या , दश मुहड्या , दिशि मुहाडियां E, दस भाध्या , आरेप, दिसि मुहड्या K. काने-काने A D E H K, कान J. पडीया-पडीउ B, पड़ीयो E, पडीआ II, पडी K. ढाक-ढाक D. , ऊगमणि B, प्रथम खंड गमे गमे दीसइ अजूयालां, म्लेछे छोडी छाक । आपोपरि असमुहीया ऊठइ, कटकि पडीउ बलकाक || २०२ ऊंचे हाथि धाहि पोकारइ, वोलावइ किरतार । आणीवार किम्हइ अवलइ, करइ अम्हारी सार ॥ २०३ जिरहजीण लिवराइ अवलां, आंगा सींगिणि वाण। ऊतावलां घलाइ अवलां, तेजी पूठि पहाण ।। २०४ कीधी पवरि पान आगलि जई, एहवउं कहइ पवास। फिरी वीटि दलि हीदू आव्या, लसकरि पडीउ त्रास ॥ २०२ गमे गमे-गमे २ ० . दीसइ भजूयालां-अज़्याल दीसइ A, दीसि अजूयाला B, दीसि अजूालां 0 13, दीसइ अआला D, दे अजूला K. म्लेरो-मेछे B 1, मलेछे ० . छांडी-माडी B, छांकी H. छाक-घात . आपोपरि-आपोपिं B, आपोपि c, आपोपरइ 5. समुद्दीया ऊटइ-उठि दिशि मुहोच्या B, दिशि मुहल्या ऊठि 0, अठइ असमुद्या D, ॐइ असमुहिया E, अठइ असमोह्या , ऊठि दिसिमुन्या , उठइ असमाह्या K. कटकि-कटक B I. पडीउ-पहिउँ B, पडिउ CE, पञ्यु D H,पन्यां , पट्यउ K. बलकाक- बलिक B, बलवाक OR, वलकके D, वलबाकि E, वहू भात र, बुलवाक K. २०३ ऊंचे-ऊचे AK, उंचे D. हाथि-हाथे B C D E I K. धाहि-धाह BD I, वरी , दाइ ८, पाइ H K. पोकारइ-पुकारिइ B, पोकारि ० २, पोवारई D, पुकारइ र. बोलावइ-बोलावि B C H I, बोलावई D. किरतार-करतार A K. भाणी-आणी ODI, इणी K. वार-वारि र, वारद K. किम्हइ अवेलइ-अम्ह ऊवेले A, कहि ऊगारे B, किमि ऊगारे 0, किम्हि ऊवेले D, किमहि उखेले H, किम्हिई ऊवेलि , किमइ ऊवेले K. करइ-करे AC D E E, अक्र. अम्हारी-अमारी B C D E I, अमारी म. सार-सर . २०४ जिरहजीण-जरहजीण B C D E I, जिरहनीति : लिघराइ-पहिराइ B, लेबराइ ० , लेखराई D, लवराई E, लेवरायां उ, लिवराई र. भवलां अमलां A, लाग र, अबला . आंगा-अवली B, अंगा OK, भागा H. सींगिणि-शीगणि AK, सिंगणिक, सिगणि D, शीगिणि E, सीगण H, सीगिणि. याण-पण DHIK, बाणी E, उतावलां-उतावलि B, उतावलि D, उतावलि H3 घलाइ-पालइ A, घालि 21, देवराइ ०, लेवराई D, घलाई E, घलाई 5. भवलां-अमरा A, अवला ते B, अवला .. पूठि-पंठि 0D, पूठि , पूठियप, पूठइ 1. पहाण-पनाग A, पहाग CDI, पहलाग E, पलाग 1 E. २०५ पथरि-पर A. पान-पाननी D, पान : IK भागलि जई-आगलि D, आगलि जइ H K. एवढं-एहy B DI, एवं 0 1 K. कहइ-कहि B C D E I, कहिइ . फिरी-पेरी B1, परी CER. पीटि-वेदि BC , विंटि D, वोटि E, वाटि E, वैट इ. हीदू-हींदू B DE E, हिंदू c. c transposes as हिंदू दलि. उसकरि-लसकर BEIF, लस्वरे 0 D. पडीउ-पडिउ 0, पीआ H, पडिय3 K.

५२ कान्हडदे प्रयन्ध अलूपानि हाथी पपराव्या, पहणाव्या तोपार । हल हल करी भणी अजूयाला सांचरिया असवार ।। २०६ आपपिराया विगति न लाभइ, दहु दिसि हीदू आवइ । वइठी मूठि म्लेछ मारतां पांडाना था फावइ ॥ २०७ तीन्हा तुरी उडवइ राउत, भला वापरइ भाला। माझिम राति म्लेछ मारतां दह दिसि हीडइ भूला ॥ सपराणा सींगिणि गुण गाजइ, तीन्हा तीर विछूटइ। जरहजीण आंगा वीधीनइ अंगि सूंसरा फूटइ ॥ २०९ २०६ पलूपानि-अलूपाने D, अल्पानि E, अल्लूपांनि H I, अल्पांन 5. पपराग्या-पपराव्यांग, पाषराव्या 5. पहणाग्या-पहाणीया A, पहाणा 0, पल्हागाव्या D, पलणाव्या H K, पल्हणाव्या . तोषार-तुपार D, तोपर K. हल हल-हल २ 0 K. करी भणी-भणी नि करि , करी कीयां . अजूयाला-अज्याला A B, अजूआलां 0 DI, अजूआला म, अजूभालइ E, सांचरिया-सांचरीया BC, साचरीओ D, संचरीया E, सांचरीआ H J, सबरिया K. असवार-तोषार B. o interpolates the foll vs after 206: पुदा २ वरी पोकारि हिंदू मारि घाय । मरि मलेछ रोम नि मूंगल कटक मांहि हलो थाइ॥ २०७ भापपिराया-आप नि पर B, आपपीआरा 0, आपणा पीआर D, आपपराया RI, आपापरा H, आपणपसी K. विगति-वगति ० E, बीगति र. न लाभइ-न जाणिइ B, नवि लामि , न लामि. दहु दिसि-दह दिसि BK, दहो दसि , दुह दसि D, दहु दसि E, दह दसि 1 . हीदू-हींदू BOD. मावा-आन्या B, आवि . बइठी-बिठी BCHI, पदठी E. भूठि-मूठिODEI, मुंठि H, मुठि . म्लेछ-मलेछ ANT, मेछ BH. मारतां-मारतां AI, मारता K. पांडाना-पाडांना AE, पांडान E. घा-घाउ D, घाइ K, फावह- पावई A, फाव्या B, फावि 0 H I.0 interpolates the foll two rss after 207 : एक ऊंघाला हडबडी ऊठि मूंकी सर्व ऊजाइ । इम करतां जे सामा आवि भाला हईया माहि पाई ॥ एक सठी जंगल माहि जाइ पूंठि न जोए पार्छ । हिंदूए कहिउँ धुं अह्मे आवर्मु ते तु थयु सार्च ॥ २०८ तीन्हा-तीना BE H, तीन्हा 0, तीन D, तीपा I. तुरी-दुरिय A K, तीर 0. ऊडवह em-ऊठवइ AK, उठवि B H, उडवि , ऊठवि D. राउत-हाथी , राउत्त E. भला-भला K. चावरह-वावरि BOF I, वावरई D. भाला-त्रिमूला C, भाला र. माझिम राति-माझिम रातिं B D. म्लेछ-मलेछ AJ, मेछ BH, तुरक ०. मारता-मारता EK, मारीता H, मारतां J. दह दिसि-दहो दिसि B, दहो दसि 0, दुह दसि DE, दह दसि H I हीडइ-हीदू A DI, होडि B E, हिंदू.०, हीडइ र, २०९ सपराणा-सपराणा A E I, सपराणी , सपारांणा . सींगिणि-सोगणि AI, सींगणि 0, सीगिणि D, शीगिणि F, सीगुण र गुण-गण BD I गाजइ-गाजि B CH, ताणि उ. तीन्हा-वीन्हा A, तीहना B, तीना RE, तीणा , तीपा K तौर-तुरी D विछटइ-वटिइ B, वष्टि H, विद्युटई D, विछूटि 3, विछूटै 5. जरहजीण-जरहजिग , जरहिमीण D, जिरहजीणि E, जरहि म, जिरहनीण K. आंगा-आगा , अंग र. वीधीनइ-वींधीनि BC, वीधीनई D E, वीधीनि । सूंसरा-सूंसरां B, मुंसुरा J. फूटइ-फूटि BON, फुटइ D. o interpolates the following verse after vs 209: मोगर पाय पडि समरगणि टोप कार चकचूर । फरसी तणे प्रहारे सबले असूरा मांहि सूर । धेगति D, प्रथम खंड ५३ २१० २११ अंगोअंगि पटे अणीयाले प्राणइ पापर फोडइ । पांडा तणे घाइ सपराणे सांधिइ सांधि विछोडइ॥ रणि राउत वावरइ कटारी, लोह कटांकडि ऊडइ । तुरक तणा पापरीया तेजी, ते तरूआरे गूडइ ।। माल तणी परि वाथे आवइ, प्राणइ विलगइ झूटइ। गुडदा पाटू दोट वजावइ, भिडइ प्रहारे मोटइ ।। ऊपरिथा पूंतार विछूटइ, भूतलि भाजइ पाउ । वाढी सूंढि ढोलीइ ढांचा, धरणि वलइ नीहाउ ॥ २१२ २१३ २१० पटे-पटा 0D, पडे K. अणीयाले-अणीयाला , अणीआला D, अपीआले 13, अणिआले K. प्राणइ-प्राणिं B, प्राणि C D E I, प्राणिई ३. पापर-पापण B. फोडइ-फोडई A D, फोडिइ B, फोडि 0I. Komits vs 210 b. पांढा-पांडा B E. तणे-तणा C. घाइ-घाए BD, घाऊ C, घाये H, घाउ . सपराणे-सपराणे A E, सराणे ०. सांधिइ सांधि-सांधि सांवि A, साधि सांधि B, सधि संधि प. विटोडइ- विछूटई A, वटिइ B, वछोडि , विछोडि , वछोडइ . २११ x omits vs 211 a. रणि-रिण A H. राउत-रावत I. वावरह-वावरि BO E I, वावरई D. कटांकडि-कटाकटि BI, कडाकडि 0, कटाक्ट D, कटिकडि E, काटके H. उडइ-वाजई A, वाजिइ B, उडि ०, वाजइ , ऊजइ H. तुरक-तरह E, तरक H. पापरीया तेजी-पापरीय तेजी B, तेजी पापरीया ०, जे पापस्या तेजी D, पापरिया तेजी F, तेजी पापरीआर, पापस्या तेजी x. ते वरूआरे-ते तरवारे A, ते तख्यारि B, तरूंआरे से c, ते तरूआरिं D, ते तख्यारे E, ते तस्मारि J. गूइइ-गृहई A, भाजि B, गुडिर, गुडइ D, गूईड H, गुया K. o interpolates the following verse after 211: सिंचाणा परि योघ झडपि पाडि भूतलि मीह । कड २ दंतकही करदी नि भडि अंगोअगि धीर ।। Note-Verse-order in j is 211 a, 212 b; 212 8, 211 b. २१२ भावद-आवि B HI, आवई D. प्राणइ-प्राणिं B, प्राणि C D E I, प्राणिई .. विलगइ-वलगि BO, वलगे H, विलगि , इंटइ em-इंटे AC D EL, झूटिइ B, कडि र, झूटे . गुददा-गडदा BOD FE I. पाद-पटा H. दोट-डोट B C D H, जोड 1. वजावइ-वजाविइ B, वजावि . भिदइ-मह B, भडि 0 H, भडई D, भेठि र मोटइ-मोटे ACK, मोटि BI, मोटा D. २१३ अपरिया-उपरिथी A E, उपरि यका C, उपरिया D, उपरि थिका र. पूनार-पुतार DI, कुतार H, पुतार E. विछूटइ-विटि B3, वटि , विटई D, वछूटइ 1. भूनालि-भूतल D. भाजह-भाजि B 01, भाज U. पाउ-पाय 0I. घाटी सूढि-दाढी सूडि A, वाढी हि B, वाढी मुंढि 01, वाढई सूदि D, संदि , वादी सुंडि E. ढोलीद दांचा-ढोलीइ ढाचा A E, टोलि दींचाला B, ढाल तिहाँ दावि , दालिई टोचा D, ढोलीनि ढाचा , ढालीइ ढीचाला , दोलियइ ढाचा र. वलइ-लि B, वालइ D, क्लेइ 1, बलि , नीहाउ- नीहउ BE.iv qr in ois : मरण परतीति आय.

कान्हडदे प्रयन्ध भाजइ कंध पडइ रिण माथां, धगड तणां धडं धाई। माहोमांहि मारेवा लागा, विगति किसी न लहाइ ॥ २१४ हीदूए मारीथल कीधर, पग मेल्हणउ न जाइ । लोही तणा प्रवाह ऊलटीया, दीसइ विहाणा मांहि ॥ २१५ दोर सिराचा फेरी पाडइ, डहिली तणा बंधाण । वाढी चंव जूजूआ कीधा, नइ छोडाव्यां वान ॥ घोडा हाथी ऊंट पोठीया, सवि ऊदाली लीधा । सादल सीह मलिक वि मोटा, बंदि जीवता कीधा ॥ २१७ अलूपान एकलउ नाठउ, जे हूंतउ सपराणउ ।. सादी मलिक ऊंबरउ मोटउ, ते रिणपेत्रि मराणउ । २१८ २१४ भाजह-भाजि B 0 I, भाजई D. कंध-पंध B, खंध 0. पडइ-पडई 4, पडि BOJ. रिण-रणि BO D E I, रण H. मायां-माथां H. धगड-पडग D. तणां-तणा A RK. धाइ-धाई 0D, धाई छ, थाई K. माहोमांहि-माहोमाहि A E, माहोमाहें D. मारेवा-विलगवा B, मारवा OF H. लागा-लागइ D. विगति-वगति H, विगत K. किसी-क्सी C H. न-नवि B OI K. लहाइ-कहाइ A, जाणिइ B, चाहि ०, ति लहीइ , जणाइ H, लहीइ 1, होई . २१५ हीदूए-हिंदुए ०, हींदूए D E, हीदुइ H. मारीथल-मारीनइ थल A, मारी नि थल 0. कीधउ-कीधु BI, कीg 0 D. पग-ए H. मेल्हणउ-मेहणु B, मेहलणु 0, मेहणु D, मेहलणउ E, मेहलणु म, मेहणु , मेल्हणा K. जाइ-जाई - K, जाय H. लोही-लोह B. उलटीया-ऊमटीया B, ऊंमटिया ८, ऊलटिया , उलट्या H K. दीसइ-दीसि BOI, दीसइ जिम E. विहाणा-वाहणा , व्याहणा D, वाणा, विहांगा H. माहि-माहि A D E, माहिं B. २१६ सिराचा-सराचा 0 H, शराचा I, शिराचा K. पाडइ-पाडि BC, फाडइ . डहिली-डहली A D. तणा-ना BRH K, डेराज C, ना D I. बंधाण-बधान , बंधान D E, बंधाण H, बंधान K. चंब-बंध AK, चर्म B, चांव म. जूजूआ-जूजूया BE, जूजूआं Er. कीधा-गाला BFHK, गाली D, कीधा J नइ-वली A, नि B, अनि 0 H I, अनंE D, अनइ , छोडाव्यां-मेहलाव्यो , छोडाव्या D K, छेडाविया B, छोडावि . बान-बान AC D E H I K. २१७ घोडा-घोडां E I. ऊंट-ऊट A E K, अनइ E, अनि उ. पोठीया-पोठीआ 0 D E, पोठिआ र. सवि-ते ODI, सवे K. उदाली-उदाली D I, ऊना K. लीधा-लीधा An I, लिधां D. सादल सीद मलिक-सादल सीह नीक A, सादूल सीह मलिक 4D, सादिल सीह मलिक K. वि मोटा-बे मोटा A BODE, नी बेटा बंदि-बंदी FI, बंद र. कीधा-कीधा . २१८ अलूपान-अलूषान D E I K. एकलउ-एकलुज BDI, एकलु CH, एक्लु जिE, एकलउ जि .. नाठउ-नाठु B, नाठो ०. हूंतउ em-हुंत A, हुतु BH, हूंतु C EI, हुतु D, हूतउ K. सपराणउ em-सपराणउ A, सपराणु BOJ, सपराणुं D, सपराणु E F, सपराणोउ K. सादी-सादल B, स्यादी , मादी उ. मलिक-मलीक र. ऊंबरउ-ऊबरउ AK, ऊबरु B DJ, उंबरु 0. मोटउ-मोटु BO H, मोटुं D, मोटो F. रिणषेत्रि-रणषेत्रि BH, रणिषेत्र 07, रणिषेत्रि DE, रिणपेन K. मराणउ em-मरांणउ A FE, मराणु BO, मरांगु DJ H.

प्रथम खंड २१९ २२० एक नाठा जाइ दिसि मुहुड्या, ऊडी वीवी अपार । करस्यइ केडि मारेस्यइ हीदू, ऊवेले किरतार ॥ वीजइ दिन राउति रिण सोधिलं, दीठां पड्यां पल्हाण । हाथी तणी पांजरी भागी, धरणि ढल्या केकाण ॥ पेडा पांडां पड्यां जूजूआं, भाला सांगि कटारी । । भागे कणशि पडी तख्यारि, म्लेछ मांकडा मारी ॥ कंध कबंध पड्या रणि दीसइ, कीधर कचरावोह । सोमनाथ मूकाव्यउ राउलि, पछइ पपालियां लोह ॥ नवइ लाप वान मूकाव्यां, वरत्यउ जइजइकार । धन्य धन्य राउल कान्हडदे, कृष्ण तणउ अवतार ॥ २२१ २२२ २२३. सोभ्यां DI, २१९ एक-एकि E. नाठा-ना H, नाहाठा र. जाइ-जाई K. दिसि मुहुट्या-दिति मुहाटीया A, दिशि मुहुट्या B, दस मुहया 0, दसि मुहल्या D, दिशि मुहडिया E, दति माहड्या म, दिसि महाञ्या ऊडी-उठी ACE. वीवी-चिंति ०, वीवीभ D, धाह H, ववी K. करस्वइ-करति B C D E F I. केडि-नि . मारेस्यइ-मारेसई A, मारसि F G H I, मारसई D, मारेति इ. हीदू-हीं, B, हींदू 0p H I. ऊवेले-सवेलि २. किरवार-करतार A H K. २२० धीजइ-बीजि B C I, विजइ D. दिन-दिनि B C D E I, ददन म, दीन द. राउति-राउते ।, राउत - H I K. रिण-रण B C D E H, रणि उ, रीण K. सोधिउं-सोधउं A, सोध्यूँ , सोया CK, सोमिउं H. दीठां-दीठा 5. पड्या-पडीया A, पडियां CE. पल्हाण-पलाण A, पराग C, पल्हाण Dr, पहलाण E, मेल्हाण , पलाण K. भागी-भाजी 0. धरणि-धरलि A, धरण K. दल्या-टलीया A, टलिया E. केकाण-केकाण DEH २२१ पेक्षां पांडां-बेटा पाडां AC, पाडा पेडा B, पेड्या पाडा D, पेडा पांडा K. पट्यां-पढी A, पडिया BE, पन्या 0 जूजूआ-जूजूया A BE, जूजुआ K. भाला-भाला K. सांगि-सींगिणि B, सींगणि, सीगिणि D, मागि E, साग E. कटारी-कटारी A. कणशि-वणसे B DI, कणशे B, सांण K, तरूयारि- तरूआरि पड़ी ते A, तरूआयुं D, तरुआरि H, कटारी र, तरूआरइ K. iii gr in cis : उंट भागा को विहूणा दीशि. म्लेउ-मलेछ AC, मेछ BHI, म्लैक D. मांकडा-माडा .. २२२ कंध कर्वध-बाधवूध A, कंधएंड B, कंपबंध C, कंधबंधकंधE, धध र. पड्या-पडीया A, पडिया B E, पन्या उ. रणि-रिंग A K. टीसइ-दीसि B C II I, दीसई ६. कीघउ-कीधु B G H I, की( D. कचरादोह-चावोहा मूकाव्यउ-मुशव्यु A, मूंकाव्यु B, मोक्लाव्या 0, मुंकान्यु D, मूंकाविउ , मेहलाव्यु L, भूकव्यु प. राउलि-राउति B पछइ-पलिइ B, परि CHI, पछे p. पपालियां-पपालियां सवि A, पपाल्या 05, पपाल्युं D, पपालिउ, पपान्या H. २२३ नवइ-नवि III, नव CD वान-यान A E FEEK, जू वाद , जो वान D. भूकाव्या- मकाव्या BEE, मुाऱ्या , मुकाव्या . घरसर-परत्यु ADHI, बरनिउ B OF. अइजकार-जइ २ कार A, जयरार B C D E I, ययनयार 1, जइजयकार . धन्य धन्य-धन २ AC, धन धन B, धन्न २ D, धन्य २ , धन धन्य H. राउल-राउन B कान्हडदे-श्री क्यन्हदे A, कान्हीया C, कान्ददे DEK, काहानडदे H. कृष्णचान्ह DJ, क्न्ह B. तगड-तणु B C D II, तमि. भवतार-अवतारिए.

वाझइ बारि। कान्हडदे प्रबन्ध ॥ चउपई॥ चाहआण कुलि पुण्य अपार, पुण्यइ म्लेच्छ करिउ संहार । पुण्यइ एक आरोगइ पान, पुण्यइ घरि सांपडइ निधान ॥ २२४ पुण्यइ हुइ सुकुलीणी नारि, पुण्यइ तेजी पुण्यवंतनइ सहु को नमइ, पुण्यहीण नर भूला भमइ ॥ २२५ पुण्यइ रोग न आवइ अंगि, पुण्यइ पुरुष रमइ मनरंगि । पुण्यइ अंगि न आवइ रीस, पुण्यइ विप्र दीइ आसीस ॥ २२६ पुण्यइ वाहां नहीं वियोग, पुण्यइ हुइ सजन संयोग । पुण्यइ पहिरीइ चारू चीर, पुण्यइ हुइ फूटरां सरीर ॥ २२७ २२४ चउपई-चुपै BI, चुपई 0, चुपई: D,...., चुपइ R. चाहूआण-चाहूयाण A B, चहूया , चहआंण D, चाहूयाण E, चहूआगां 1, चहूआग J, चहूआणा K. कुलि-कुलिं D, कलि D, फुल K. पुण्य- पुण्य A, पुन्य 1, अपार-अवतार ASE. पुण्यइ-पुन्यइ A, पुण्यि B, पुण्य CJ, पुण्यई D, पणिE, पुनइ H. म्लेच्छ-मलेछ , मेछ B , म्लेछ p EK, मलछ . करिउ-कीउ A, करि B, तणा, करिडं D, कखाउ K. संहार-सिंहार D. After vs 224 a, B adds foll line : पुण्यविचार जे जाणि सह इम संपेपिं प्राकृत कहूं. पुण्यइ-पुष्यि , पुण्यि 0 I, पुण्यई DE, पुंनइ H, पुण्यै र. एक-ए0. भारोगह-आरोगि BOJ, आरोगे D, अरोगि , आरोग्यइ र. पान-पान D E HI K. पुण्यइ-पुंन्य A, पुर्णिय B, पुण्यि , पुण्यई EK, पुंन्यइ H. सांपडइ-संपजिइ B, संपडि GI, संपजई D, संपजइ ८, पामि नवि H. निधान- निहाण , निधान D E IE. २२५ पुपया-पुष्यि BI, पुणि र, पुनइ R, पुण्यई र. हुइ-घरि , हुई D, होइ I K. सुकुलीगी- मुक्लीणी AI, सुकुलणि D, सकलीणी E, संकलीणी H, सकुलीणी K. नारि-नार D. पुण्यइ-पुणइ A, पुष्यि BI, पुण्यई DE, पुनि म तेजी-रेवंत C D EI, तेजि . बाझइ-याधि BO, बझे D, बाझि H I. वारि- बार A. पुण्यवंतनइ-पुन्यवंतनइ A, पुण्यवंतनि B, पुण्यवंतनई D E, पुंन्यवंतनि H, पुण्यिवतनि उ. सहु-सहू BODE JE, सहइ R. नमइ-नमिइ B, नमि CHI, नमई D. पुण्यहीण-पुण्यहीन BI, पूण्यहीण D, पुन्यहीण 1. भूला-भूल, D, भूलउ R, भूल . ममइ-भमई A, भमिइ B, भमि 0 H I. २२६ पुण्या-मुन्यइ A, पुर्णिय B, पुण्यई DE, पुन्यइ म, पुण्यि इ. भावइ-लागइ A, आवि BOHI. अंगि-अगि E, रंगि घ. पुण्यइ-पुयि B, पुन्यई ० , पुण्यई D E, पुण्यि , पुरुष-परपEH, पुरष र. रमइ-नमइ A , रमि POI, रमई 2 K. मनरंगि-नवरंग 0, नवरंगि D J K. पुण्यइ-पुण्यइ A, पुष्यि B, पुण्यि 03, पुण्ये D, पुण्यई E, पुन्यइ H, पुण्यैइ र. अंगि-अगे D. भावइ-आवि BAI. पुण्यइ-पुण्य A, पुष्यि B, पुण्यई D E, पुनि H, पुण्यि I. विप्र-सहू , तापस प, विसन K. दीइ-दिइ , दीयइ K. २२७ पुण्यइ-पुंण्यइ 4, पुर्णिय BI, पुण्यई DE, पुन्यि न, पुण्यैई .. वाहां-वाल्हा A BK, बल्लभ , वाहला H, वाल्हा J नहीं-नहीं BE, नहिं । वियोग-वयोग H. पुण्यइ-पुष्यि B, पुन्यि 0, पुण्यई DEE, पुन्यइ H, पुण्यि : हुइ-हु, होइ ३, होई र सजन-साजण A, मुजन B, सजन ०.संयोग-संज्योग A, संजोग K. पुण्यइ-पुष्यि , पुन्यि ०, पुण्यई D, पुण्यई Ex, पुनि H, पुष्यि 1. पहिरीह-पहिरई D, पिहरीइ H, पहिरि , पहिरियै र, वारू-वारु C H. पुण्यइ-पुण्य BI, पुण्यि , पुण्यई DE, पुण्यै र. हुइ-होइ . र. फूट-फूटई र, यूटरौ K. सरीर-शरीर BEI U reads as iv gr: पुन्यवंत नदि पाला जाइ, which is evidently vs 228, iv qr.

प्रयम खंड ५७ पुण्यवंतनां दुसकृत टलइ, पुण्यवंतनइ चामर ढलइ । ; पुण्यवंत सिरि छत्र धराइ, पुण्यवंत नवि पाला जाइ ॥ २२८ पुण्यइ मयगल वाझइ वारि, पुण्यवंत भुज नावइ हारि । पुण्यइ हुइ नित नवला रंग, पुण्यइ सुणीइ वेणिमृदंग ॥ २२९ पुण्यइ सूईइ तलाई पाट, पुण्यइ कीरति वोलइ भाट । पुण्यइ घरि नवि पूटइ धान, पुण्यइ हुइ पुत्रसंतान ।। २३० पुण्यइ करी राय दीइ मान, पुण्यइ हुइ पाधरा प्रधान । -पुण्यइ धरीइ सोनासार, पुण्यइ पहिरीइ मोतीहार ॥ २३१ पुण्यइ पामीइ विद्या वली, पुण्यइ हुइ कीरति ऊजली । पुण्यवंत घरि त्रिणि वार अट्ठोत्तरसउ मंगलचार ॥ २३२ २२८' omits vs 228. पुण्यवंतनां-पूण्यवंतना D, पुण्यवंत , पुन्यवंतनां 1, पुण्यवंतना K. दुसकृत-दु.कृत B D, नवि पाठा E, दूकृत E, दुकृत I 5. टलइ-टलई A, टलिइ B, टलि H . पुण्यवंतनइ- पुण्यवंतनइ A, पुण्यवंतनि B, पुण्यवंतनइं D E, पुण्यवंत नर H, पुण्यवंतनि . चामर-चामर D 1 3. ढलाइ-टलिइ B, ढलई D, ढलि E I. पुण्यवंत-पुन्यति म. सिरि-सिर A, शिरि B, सरि D, सर E, नि. घराइ-धराय E 1. पुण्यवंत-पुण्यवंत A, पुन्यवंत H. पाला-निःफल I. जाइ-जाई A, जाय . २२९ पुण्यइ-पुण्य A, पुर्णिय B, पुण्यि , पुण्यइ D, पुण्यई , पुनइ H, पुण्य K. मयगल-मिगल , मेगल E. वासइ-वाझि B H I, वाजि , वझइ D. पुण्यवंत-पुन्यवैत A H. भुज-...B, नइ 0, नई D, निर. नावइ-नवि आवि B, नावि 0 E I. पुण्यइ-पुण्य A D, पुण्यि BI, पुण्यात o K, पुण्यई E, प्रन्यि म. हुइ-...0, होइ र, हूइ . नित-नूत B, नितु 0 I,...D K, नत H. नवला-नवनवला A, नवा BH, नव २०, नवनवा D, नव 2. रंग-रोग B. पुण्यइ-पुण्यई A BK, पुयि BI, पुण्यि , पुण्यइ , पुनि म. मुणीइ-घरि 0, मुणीई D, सणीइ E, सूंणीइ 1, होइ , मुगिये K. वेणि-वेणु A, वाजि ०, वीणE, वेगान, चोपा K, २३० पुण्यह-पुण्यइं A, पुर्णिय BC, पुण्य D, पुन्यि , पुष्यि , पुष्पई . सूईइ-सूईय A, सइ B., मुंद H, सूई र, सूअइ K. तलाई-तलाइ E, तुलाइ र. पाट-पाटि 0. पुण्यइ-पुर्णियई 1, पुन्यि C, पुण्यई DE, पुन्यिइ , पुग्यि . बोलइ-बोलि B H I, वोलई D. D transp as योलई कीरति. पुण्यह-पुण्य A, पुष्यि , पुंन्यइ ०, पुणइD, पुण्यई 2K, पुन्यद , पुष्यि र. घरि नवि-नवि घरि H, पूटइ-पूटई , पूटि BH, पुटइ D, पूटिइ, घूटे E. धान-धन B, धान D E F I K. पुण्या-पुण्य A, पुण्य BI, पुण्यि , पुण्यई र, पुनि H, पुण्यै . हुइ-हुई D, होइ र, होई 5. पुत्रसंतान-पुनसतान A 1, पूरसतान 3. २३१ पुण्यइ-पुण्य A, पुष्यि B, पुण्यई DE, पुन्यि , पुष्यि , पुम्य K. करी-..... राय-रा B, यH, राइ र. दीइ-दीई A, दीए D, तणउँ हुइ , दि 1, 2 ई. मान-मान A D E, बहूमान र, पुण्यइ- पुन्यइ A, पुष्यि BI, पुण्यई , पुंन्यइ H, पुण्ये र, हुइ-हुई D, करी , काजत र. पाधरा-पानीइन, सरइ र. प्रधान-प्रधान D E I K, निधान I. पुण्यइ-पुष्यि , पुण्य , पुनि H, पुण्य K. धरीइ- धरिइ , घारे होये K. सोनासार-सोनासार DEF. पुण्यइ-पुण्य A, पुष्यि B, पुण्यई DE, पुनि , पुण्यि . पहिरीइ-पहिरीई D, पहिरिये K.c omits vs 231. २३२ पुण्यइ-पुष्यि BI, पुन्यि , पुंण्यइ B, पुण्यई ६, पुनि 1, पुग्यै . पामीह-पामइ 0, पामीर र, पामिये र. पुण्यइ-पुन्य A, पुयि BI, पुन्यई ०, पुण्य , पुन्यइ 1, पुश्य K. हुइ-होइ र, हुई x. कीरति-कीति ०. पुण्यवंत-पुन्यवंत CE, पुण्यवंतान स. ग्रिणि-निदि A, अगि Bo, निहिद , हूइ 1, निण्इ र. धार-बार छ, भट्ठोत्तरसट-अटोतरम् A H, अट्टोत्तरम् B, अमेत्तरम् C D , अतरसउ.. चार-च्यार ०, च्यारि 8 ५८ कान्हडदे प्रबन्ध पुण्यइ मुपि कूडउं नवि चवइ, पुण्यवंत पृथवी भोगवइ । पुण्यइ पुण्य करइ आदरी, नितु दीवाली पुण्यइ करी ॥ २३३ जे जे आण्या वानर वीर, पुण्यइ पाथर तरीया नीर । पुण्यइ अणयुगतूं संभवइ, रामि राक्षस हणीया सवइ ॥ २३४ कूरव कूड न सीधउं काज, पुण्यइ पांडव पाम्या राज । पुण्यप्रसंसा पुहुवि करी, पद्मनाभ पंडित विस्तरी ॥ २३५ कान्हडदेनइ पुण्यइ करी, जगि जय दीधउ आसापुरी । वल्यां कटक आणदिउं सहू, कीरति वोलइ वंदिण बहू ॥ २३६ - २३३ पुण्यइ-पुण्यइं A, पुष्यि BOI, पुण्यई DE, पुनि म. मुपि-मुखि A B, सिष्य D, ससि । पुण्यइ मुपि-पुण्यवंत K. कूड नवि-न कूडउं A, कडूउ नवि B, कूई नवि 0, नवि कूडउँ D, न कूई , न यूडू H, नवि कुडू , कूडउ नवि 5, चवइ-चवई , चविइ B, चवि 01, चडि न. पुण्यवंत-पुन्यइ 0, पुन्यवंत H, पुण्यई K. पृथवी-पृथिवी B, पुहवी , प्रथ्वी D, प्रथवी FRI, शुवत पृथ्वी K. भोगवइ- भोगविइ B, ते भोगवइ ०, भोगवई D, भोगवि H 3. पुण्यइ-पुण्य A, पुण्यि BI, पुन्यि , पुण्यइ छ, पुण्यई EK, पुणि म. पुण्य-पुन्य , पूण्य D, पून्य H. करइ-करी A, करु , करि म, करीइ , कथा K. B reads as iii gr: पुष्यि पूर्वकथा साभली. नितु-नित A F H K. पुण्यइ-पुण्यई A EK, पुर्णिय B, पुन्यि , पुन्यइ H, पुण्यि . २३४ जे जे-ये ये 0. पाण्या-आव्या D, आणिया :, आण्या I F. वानर-वानर ACHI, वनइ F. वीर-चीरि H. iqr in B is जे जे वावन आण्या वीर; in K is जे जे आण्या दावन वीर. पुण्या-पुन्यइ A, पुष्यि BI, पुन्यि 0, पुण्यई E, पुनइ H. पाथर-पत्थर B, पाथरि . तरीया-तरीया A D, तरी I, तरीआ , तिरिआ 5. नीर-नीरि A J. पुण्यइ-पुंन्य A, पुष्यि B, पुण्यि 01, पुण्यई DE, पुनइ म. मण- युग-अणयुगतुं AK, अणगमतूं , जग्युग , अणयूगतुं ४. संभवइ-न सभवइ B, समवि, ० H I, सभवई D. रामि-रामि B, रामिई D, रामिं E, रामि , राम K. राक्षस-रापस E, रावण H, राज्यस K. हणीया-माखा BOD K, हणीआ H, मारिया 1. सवइ-सवई 4, सवि BOH, २३५ कूरव-पुरव A, बर BC, कोरव D, कौरवि H, कुंरव र, कौरव 5. कूड-कूडी D, कूड , कूह 1. सीधडं-सीधू B D E I, सीy o, सीधु 1, सीधो र. काज-सज 5. पुण्यह-पुन्यइ A, पुष्यि BI, पुण्य , पुण्यई E K, पुनि 1. पांडव-पांडवि A, पाइव K. पाम्या-पाम्य A, पाम्या 0 H, पामिया 3, पाम्यउ K. पुण्य-पुन्य AII, पुष्यि , पुण्य D, पुण्य , पुग्यि . प्रसंसा-प्रशंसा K. पुहुवि-मुहवि AOR, पुहुविं ई, पुहविई , पुहुविई 1, पुहदइ 5. फरी-करि D. पद्मनाम-पदमनाभ AHI, पदमनाभि K. पंडित-पंडिति B. २३६ कान्दददेनइ-काहदेनि BO, काहनडदेनइ D, कान्हदेनइ E, कान्हडदेनि , काहानढदेनि ।, पुण्यह-पुष्यि BOT, पुण्यई E, पुन्यि H. उगि-युगि B, युधि H. जय-जस A, जयज I. O transp as जय जग. दीघउ-दीधु B C D I, दीधो K. भासापुरी-आसापुरी ॥ चउपई ॥३, आशापुरी, आस्यापुरी ०, आश्यापुरी D. पल्या वलिउ E. भादि-आणदिउ A, आनंदिउँ D, आर्ग' D, ऑर्ग n, भाषदि र, आणंद्या र. सहू-सहूं , बहू . बोलइ-बोलि B 0 II, बंदणि E. यदिग-दी, दणि D, घोल E, पदणि 1. बहू-बहू D, सहू , बहु र. सवे EJE.

प्रथम खंड ५९ नगर भणी सांचरीउ राउ, ततपिण वलिउ नीसाणे घाउ। भेट्या रुद्र न लाई पेव, नगर भणी पधराव्या देव ॥ २३७ जीतउ कान्ह वात इम सुणी, नगरलोक द्यइ बद्धामणी। मदनभेरि भूगल भरहरइ, वर्ण अढारइ जय जय करइ ॥ २३८ सवि तलीयातोरण झलहलइ, नगर मांहि गूडी ऊछलइ । फल्या मनोरथ पूगी आस, ठामि ठामि दिवराइ रास ॥ २३९ नारी करइ लूणलूछणां, नगर मांहि मांड्यां पेपणां । मारगि नवां पाथखां चीर, फूल पगर परिमल अवीरे ॥ २४० पद्मनाभ कवि इणि परि भणइ, आव्या राय नगर आपणइ । वीजा छइ जे राणा राय, आपापणे आवासे जाइ ॥ २४१ ." , २३७ सांचरीउ-सांभरीया ०, सांबरीया D, सचरीया E, सांचरीआ H I, संचरियो K. राउ-राय C D. ततपिण-ततक्षिण A, ततषणि B, ततक्षण 0 E, ततर्षिण D, ततपिणि . बलिउ-वल्या ODI K, वलीउ H. नीसाणे-नीसाणे A E F K, नींसाणे B, निसाणे c. घाउ-घाय 0 D. भेट्या-मेटीया A, मेटिउ B, भेटिया ०. रुद्र-रुद्ध HI. न लाईन आव्या A, न लागी , नालीइ H, वलता . पेय-सेव . पधराव्या-पधारीया A, पधाया र. २३८ जीतउ-जीतु A, जीतुं D, जीतूं E, जीवु म, जीत्यु ३. कान्द-कांन्दि A F, पाहां H, कांन्ह . वात-घात D. इम-इम D E, ईम J. सुणी-सणी , सूणी H. नगरलोक-नगर D. घइ-दि BH, दीइ 0, दि D, दिइ RI, 5. बद्धामणी-वधावणी A, वधामणी , वधांमणी D E I K, वद्धांमणी H. मदनभेरि- मदनमेर 0 D FIR, मृदंगमेर म. भूगल-भुंगल D , भूगल H. भरहरह-भरहरई A, भरभरिइ B, भरहरि 0. वर्ण-वरण , वर्ण इ. अढारइ-अढार C K, अढार ते , अढारि . जय जय-जय २0D HI, जइ २ . करइ-करई A, करिइ B, करि C II. २३९ सवि वलीया तोरण-तठीया तोरण सवि B C, सवी तलीया तोरण D, सवि तठीयां तोरण :, सवि तलीआ तोरण E, तलीआ तोरण सवि , सवि तलियां तोरण K. सलहलह-झलहलई A, झलहलिइ B, शलहलि 0H 3. माहि-माहि EK. गूडी-गूंदी 3. कछलइ-उछलई 1, मलि BE I, उलि ०. पूगी-पूरी 0. ठामि ठामि-ठामि २ BHK, ठामि २ ००. दिवराह-देवरावि BI, देवराई ODE, देवराइ , देवराइ . २४० करइ-करि B H I, वरई D. सूणलरणां-टूणट्छणां A B, लंगट्छणा ODE, , ल्हाणल्छणा K. माहि-माहि E 1 E. मांड्यांमाडइ A, माझ्या , माश्या DK, मंडाइ ३. पेपणा-पेपणा K. पापसां-पाथरीया , पथराइ ०, पाथरीइ D, पयरीइ छ, पायरिया र. पगर-पगरनई D, पगरनि . परिमल- परीमल . iii and iv qrs in u are: फूलपगर परिमल अवीर चूअचंदन लाइ सरीर. २४१ पद्मनाम-पदमनाभ 40, पदमनाभि E, पद्मनामि .. कवि-पंडित A,...०, कहि स. इणि परि- इम A, एणी परि B H, ईणी परि ०, ईणि परिं D, ईणी परि . मणइ-मणिइ BI, भणि ०. राय-राए D, नगर . नगर-नगरि A BE, निज धरि , राय K. आपणह-ऑपगई 4, आपगि B OR I. एइ-छि B 0 गएई .जे-ये 0.0 transp as ये छि. राणा-गंगा AE, राणो BD, राण H. आपापणे-आपापनि B, भापापनि 0, आपआपणे D. मावासे-घरे सहू A, घरि सहू B, आवासे D, मंदिरि सहू . जाइ-जाय ODEP.

६० कान्हडदे प्रबन्ध पांडव दीइ चासणी पाण, वालि लेई वांध्या केकाणः। सविकहि हियइ हरप न माय,माहिलइ मुहलि पधारीया राय ।। २४२ ॥ संग धन्यासी, धुल ॥ मांडवि मिलिय सुहासणी, सपी उदणि नवरंग घाट कि ॥ जीतउं सहीय वधामणूं ए ॥ २४३ हियडइ हरप अपार कि, सपी बोलइ मालदे वीर कि॥ जीतउं सहीय वधामणूं ए ॥ आंचली ॥ २४४ हार निगोदर बहिरपा, सपी नेउर रणझणकार कि । जीतउं० ॥ २४५ , - २४२ पांडव-पाडवनि B, पाड 3. दीइ-दिई A, दीधी B, दि D, देइ , दियइ K. चासणी-चासणी नइ AK, चासणी B C E, चासणी नई D, वासणी नइ , चासणीय , पाण-पांन , षोग DEH E, केकाण 1. वालि लेई-वालि ले A, पालि लेई BO, बालि लेई D, चालि लेइ H, बालइ लेइ र.' यांध्या-बांच्या d. केकाण-केकाण D E H I K. सविकहि-सविक्ह A B, सविकि ०, सविकहिइ E, सविकहिनइ K. हियह- हीयडइ A, हईयडि B, हीइ ०, हईई D, हैइ E, हइइ , हीअडि I. न माय-न माइ A BK, नवि माय 0. माहिलइ-माहलि B, माहिली D, माहिल R. मुहलि-मुहुलि B, मुहलि D, महुलि R...... माहिला मुहलि- मुहल माहि 0, महुल माहिलि , महुलि २ ६. पधारीया-पधारा B, पधारया 0 H I K, पधारइंD, पधारिया 8. राय-राउ AK, काहनिडराय H, . २४३ : MS stops at राग धन्यासी धुल.0 Ks omits the entire song, i.e.s 243- 249. राग धन्यासी, धुल-राग धवल धन्यासी BI, राग धन्यासी धुल. D, राग धन्यासी H, राग धन्यासी R. मांडवि-माडविई A. मिलिय-मिलीई A, मिलि B H, मिलई D, मिलइ र. मुद्दासणी-सुहासणि मिली A, सूहासणी H, सोहासणीए प. सपी-सपि A, सखी B,...K. उदणि नवरंग-नवरंग उढणि B, ऊंढणि नवरंग D, उढणि नवरंगि , उढण नवरंग K. कि-के H. जीतउँ-जीतुं AK, जीतु R HI, जंतु D. सहीय-सही Dur, सहीम K. बधामणू-वधामणु A, वधामणी B, वर्धाम' । I, वधामणु K. ए-...D, TH, २४४ हियडइ-हीयडइ A, हईयडलि B, हईयडलइD, हइअडि I, ईदलि उ. हरप-हर्ष , म्हरप . अपार कि-न माइ कि D K, न माय 1, न माय तु . ii qr in A is जीत मालदे वीर कि; inr is सपी बोलि मालदे वीर कि DH J K omit ii gr. जीतउं सहीय वधामणूं ए ।। मांचली ।-जीतउ सही वघामगउ ए A, जीतुं सही B, चीतुं सहीय० ॥ आंचलीः ॥ D,...II, जीतु सहीय वर्धाम" ए , जीतु सही बामणु ए . २४५ निगोदर-नगोदर 1. घहिरपा-राघडीए . सपी-..... नेउर-उरला A, नेउरे D, नेउरीए र. रण: प्रकार-समकार , रुणझुणकार K. कि-विद A,..., तु . बीतउँ-जीतु, जीतु BDI,...A, जी र.

प्रथम खंड ६१ 'बाट कर करि कनकमइ, सपी मोतीयडे पूरु चुक कि ॥ जीतउं० ॥ २४६ तिलक कर कुंकुम तणां, सपी तिणि रंगि राउ वधावु कि॥ जीतउं० ॥२४७ असुर दली घरि आवीउ, सपी शंकर छोडीउ बंध कि ॥ जीतउं०॥२४८ कान्हडदे जीवे घy, सपी वेलिइ मालदे चीर कि । जीतउं० ।। २४९ ॥ चउपई॥ सरसां संवल नइ पहिरणां, पाछां वान चलाव्यां घणां । अवला विन दीइ आसीस, कान्हड जीवउ कोडि वरीस ॥ २५० सोमनाथ आराधइ कान्ह, नितु नितु पंचामृति सनान । पूजा तणा सोल उपचार, चंदन कुसम तिलक शृंगार ॥ २५१ २४६ पाट-पाट K. करु करि-करि A, कलं करि B, करीय ते , करी करि . कनकमइ-रलीयामणउ A, कनकमि B, कनकमइ ए D, कनकमि एप, कनक्मै र. सपी-सखी B,..... मोतीयडे-मोतीडे A B DH, मोतीअडे K. पूर-पूरूं B, पूरु र. चुक-चउक K. जीतउं-जीनु० A, जीतु BI, जीजुं D....H, जीतुं सही• K. २४७ कर-कुसम A, करूं B, कर D E, कर रे , करी K. कुंकुम-कुंकम A D K, कंकू H. वां-तणूं B, तणू ए , तणा K. सपी-सखी B,..... तिणि रंगि-तीणि रंगि A, रंगि B, वेणि रंगि D, नवरंगि K. घावु em-वधाविउ A, वधाव B H , वधावि D, वधावइ K. कि-कइ म. जीतट-जीतु• A BI, जीतुं D,...H, जीतउर. २४८ मसुर-असूर घ. दली-भजी H. मावीउ-आवीया , आविया K. सपी-सखी B,...', शपी K. शंकर-संकर A H, तरकश . छोडीउ-छोडवु B, ग्रे, छोयउ K. वंध-4दि A, वघH. जीतट-जी A, जीतु• B, जीतुं D, जी....1, जीतु सही .. २४९ कान्हदे-कान्हडदे AI, काहनडदे D, काहांनददे H. घणूं-वरस सु A, घy 1, पणू ए, घणु र. लिइ-बोलइ A, बेलनइ H, बंधव , वोलई नइ K. ii qr in B is सखी पूरजो आशापुरी आस लि. जीतई-सपी नवर्षडि नाम रहावीउ कि । जीतु । A, जीनु० BJK, जीतुं D,...H. २५० चउपई-चुपे BI,...0, चूपई: D, चुपइ H. सरसा-सरमा , सारसां H. संबल-संइबल A, सबल 1, शंबल , बैतवल K. नइ-नि B C BI, नई D. पाठां-पाछलि , पांडा K. वान-वांद ०३, बौन D E. विप्र-जन . दीइ-दि , तिहा दिर, दियइ .. कान्हद-कान्हडदे A, काहानड H, कान्हडदे. धीव-जीवे B 0 HIK, प्रतपे D. वरीस-वरिस c. B interpolates the following line between 250 a and 250 b: माणस तगा वर्ण अटार पसूया तगा न जाणू पार । २५१ भाराधइ-आराधि B C H I. कान्ह-कान्ह 4, काहान B, काहान 1 I. निनु नितु-नित २ A B H K. पंचामृति-पर्चामृति A, पंचामृत BCIE, पंचामृ D, पंचाटत B. सनान-मनांन AOD K, करि सनान , संतान . वणा-तणां D. उपचार-अपचार AH, उपचार C. कुसम-कुसुम BO. कुसम तिलक-तिलक कुकम D, तिलक कुमम E. शृंगार-सिंगगार B, शणगार , सगगार , अंगार K.

. ६२ कान्हडदे प्रबन्ध नितु नितु पूजा हुइ नवनवी, सहू जुहारइ भगति स्तवी । नवे पंडि कीरति विस्तरी, कान्हडि वात असंभम करी ॥ २५२ नरकपात ऊवेलइ जेउ, मोटा संकट छोडिउ तेउ । मूरति पांच एक लिंगथी, छठी तास जमलि को नथी । २५३ सोरठ भणी पधराव्यउ लिंग, एक भाग वागडि लोहसिंग। आबू ऊपरि थाहर भली, मूरति एक तिहां मोकली ॥ २५४ मूरति एक जालहुर मांहि, तिहां प्रासाद कराव्यु राइ । देउल एक सईवाडी मांहि, पांच ठामि शंकर पूजाइ । २५५ पांच लिंग जे पूजा करइ, गर्भवासि ते नवि अवतरइ । पद्मनाभ पंडित इम कही, पहिला पंड समापति हुई । २५६ २५२ नितु नितु-नित २ B, नित्य , नितु २ DI, नतनित H, नित नित .. हुइ-होइ I K, हइ म. नवनी-निरमली 0. सहू-राहु D K. जुहारइ-जुहारि BO, जोहारि ३. भगति-भक्ति A, भगति B D, भगतइ K. स्तवी-मिली , करी D. नवे पंडि-नव पंडे BC K, नवे घंडे D E I, कान्हडि-कान्हडि A, कान्हड Cr, कान्हड D, काहानड म, कान्हि . असंभम-ससंभम H. २५३ नरकपात-तरकपातक BH, नगरपात , तुरका पासि K. ऊवेलइ-उवेलिउ B, कपावि 0, ऊवेलि HI. जेउ-जेह B D, तेह , जेय , जे K. मोटा-मोटा B H I. छोडिउ-छुटि B, ग्रेडि 01 I, छोट्या K. तेउ-तेह B D, देह c, तेय , तेऊ , जेउ 5. मूरति-मूरति . पांच-पंच , लिंगथी-ल्यंगथी H, लिगथी K. तास जमलि-जमलि तास B, तास जामलि C D H. नथी-नही A. २५४ सोरठ-मुरठ D, सूरठ , पधराव्यउ-पधराव्या A B, पधराव्यु 0 H I, पधराव्यु D. लिंग-लिं , ल्यंग I. एक-एग I चागडि-बागडि भोकल्यउ A, डि B, वागड , वागेडि D. लोहसिंग-लोहिसीगि B, लोहसंग 0, लोहसींग III K. उपरि-ऊपरं D. थाहर-थाहरि 0. मूरति एक-एक महूरति उ. तिहाँ-ठामि , तिहा D. I gives the foll vs order: 255 a, 254 a; 254 b, 255 b. २५५ मूरति-महूरति उ. जालहुर-जालोर A, जालोहर B, जालहर , जालुहर , जालोरह K. माहि- मझारि A, माहि B, माहिं K. तिहां-तिहा D. प्रासाद-प्रसाद B 0D I. कराव्यु-करावि B, फराविउ 08, कराव्यउ K. राह em-राय A B O DIK, राउ 1. देउल-देऊल 0, दउल H. एक सई-एक छइ सई , एक सि B, एक मु , एक सउ D, असाउलि I, एक छइ र. माहि-माहि .. पांच-पंच B, ए पांच 0. ठामि-ठामि BODHI. शंरर-सुकर 1, पूजाइ-पूजाय H. २५६ पांच-पाचे 0 D K, पाचि . लिंग-लिंगे ०, लिगेंई D, ल्यंग II, लंगे K. जे-...03F. करह- फरिइ , करि 01 . गर्भवासि-गरभरासि A II. अवतरह-विस्तरिइ B, अवतरि 01 I. AB DHK omit 256 b. o reads as 256 b: पदमनाभि वात इम वही पहिला पंड समापति हुई I reads as प्रथमनाभ पंडित ईम कहि प्रथम पंद रामापति कहि. Note-The colophons of the first lhanda are: इति प्रथम पंट समाप्तः ॥ A B, इति श्री कहिददेवथायर्या प्रथमपंडमध्ये गुजराति सोरठ विदेश पंदनव. लाप सोमदेउ देव रेई गढि जालहुर पामि शिरोणि दल आव्या कान्हड़दे जील्या अधिगरे प्रथम पंडः । इति कान्हड़दे चतुर्थपंड प्रथमपंड समाप्तः । D; इति प्रयमर्पड: 11 ; इति श्री प्रथमपैड समापतः ॥ इति श्री कान्हदे चउपई प्रथमपंढ समाप्तः ॥१॥b.

५ द्वितीय खंड ॥ चउपई ॥ वीजा पंड तणउ प्रारंभ वोलइ पद्मनाभ कवि वंभ । राजरिद्धि उच्छव नवनवा, साचइ न्यायि लोक पालिया ॥ १ जे जे तुरक नासी ऊवल्या, एक ठामि जई जंगलि मिल्या । एक ऊघाडा वस्त्रविहीण, क्षुधा करी एक थाइ पीण ॥ २ एक घूमंता जाइ घाइ, एक डोली ऊपाड्या जाइ । एक तणइ मुपि टोईइ नीर, पाला पुलइ ऊंवरा मीर ॥ ३ रानि रुलंतां थया दिन घणा, ढीली नयरि गया ऊगणा। अलूपान अंधारूं करी, वस्त्र एक मुपि अंतरि धरी ।। ४ इसउ वेप नवि भावइ भलउ, नगर मांहि पइठउ एकलउ । भागां तणी वात इम सुणी, ठामि ठामि रोइ तुरकणी ॥ १ A adds before vs 1:बीजा संडनु प्रारंभ लिपीइ छइ ॥. H adds उ नमो गुणपतये नमः । All uss omit the name of the metre. बीजा-वीजा . तणउ-तणु B C D HJ. प्रारंभ- आरंभ D E K. बोलइ-बोलि BOJ. पद्मनाम-पदमनाभ AC I, पद्मनाभि K. रिद्धि-मद्धि A BO, रिधि DIK, रधि H. उच्छव-उछव A B H K, उत्सव . नवनवा-नवनवा A. साचइ-साचि BCI, साचा D. न्यायि- न्याइ A, नाइ B, न्याय D E, न्याई 3, लोक K. लोक-न्याय र. पालिवा-पालिवा A, पालवा BODI J. २जे जे-ये ये ०. तुरक-तरक E. नासी-नाहासी , नासि K. ऊवल्या-उवल्या K. एक-एकि B. ठामि-ठामि B C D R 3. जई-ते A,...0, जे H, जइ K. मिल्या-मल्या H. BI transp as जंगलि जई. उपाढा-उघाडा D. विहीण-विहीन BI, वहीन 0 H. क्षुधा-भूपि , भूपई , क्षधा .करी-कारी B. Otransp as एक भूपि श्री. थाइ-थया BCI, थाई र. पीण-खीग B, दीन ०. ३ एक-इक K. धूमंता-घूमता B, घूमता , घूमता D. जाइ-जाई 4, जोइ 01, जाई K. घाइ-धाय ODH. एक-इक K. ढोली-डोलीए B, डोलइ ८, टोलीई 1. ऊपाड्या-उपाहीया A, पाया B, ऊपाडि ऊपाटी 3.0 transp as अपाच्या डोलइ. जाइ-जाय 0 DR. तण-तणि B C H I, तणे K. मुपि-मपि H, मुप K. टोईइ-टोइ B C D H I, येई र. पुलइ-पुलि B, पछि , पलई D, परद 1. उंबरा-जयरा A, ऊमरा B, उवरा O H, उंबरा D. ४ रानि-पनि A DI K. रलंता-रलता BODI, रलता H, रसैन K. थया-प्या D. घणा-पण p. ढीली-डिल्ली 0, ढली H, दिली 5, नयरि-नदर , नगार C D K, भणी . गया-गा BJ. ऊगणा- यूगण्या B, उघणा , उगणा D, ऊपण गया , आसना 5. अल्पान-अमृपानि A, अल्पान DH K, अल्पानि उ. अधारूं-अधाई 0, अधारु H, अधारो K. मुपि-मुख BC, मुषि D अंतरि-भतर BIJ. ५ इसउ-इसु . E, असु B, असिउ , अर्यु D, इशु . वेप-येम C. मानइ-मावि B C II I. भरड- भलु B C D E I, भलुइ K. नगर-नयर B. मांहि माहि A B H K. पइटउ-पिटु , पिठउ C , पद D, पयठउ H. एकलउ-एकलु B 0 H I, एकलुं D. भागा-भागा CIE, मागी D. तणी-कटक B L. इम-म D. सुणी-मुंणी D H. ठामि ठामि-ठामि २ B 1, ठामि २ ० २, ठाम २ D, टांमि ठामि . रोइ-रोविर, रोई र, तुरकणी-तुरकाणी D, तरकणी H.

६४ ur , ७ कान्हडदे प्रवन्ध टोले टोले पडइ करांपि, नीर प्रवाह वहइ जिम आंषि । एक फाडइ पहिरण सूंथणी, पाए नेउरी भांजइ घणी॥ एक नांपइ एकाउलि हार, एक ऊतारइ सवि सिणगार । ताणइ वीणि विछोडइ दोर, एक लूस्या दिसइ बंदोरे ॥ एक नवि रहइ पुहर नइ घडी, एक आलोटइ आडी पडी। थ्यु विपवाद पान नइ फूलि, एक रोआवि मुहुगि मूलि ॥ एक तणा वांधव भरतार, एक तणा फूटरा कुमार । जे जे हता रिणवाउला, एक तणा माया माउला ॥' अलूपाननइ धइ सवि शाप, एक तणा रणि मारिया वाप। सांथविसाहणे पडीया वाट, नगर मांहि दिवराणां हाट । ८ ६ टोले टोले-ढोले ढोले A, टोले २ ० , टोलई २ D, टाले टोले ग, टोलो टोले K. पदइ-पडई A D, पीटि B, पडि 01, करि , फिरई र.करांपि-रंपि BI, करापि ० E, पराकि D. प्रवाह वहइ-प्रवाई 4, प्रवाह वहि B C H I, प्रवाह वही D. जिम-ते ०, निज उ. आपि-अपि BIE. फाडइ-फाडि BO H I, फाई D. पहिरण-पहिरणि BODI, पहिरि H. सूंथणी-संपिणी B, सूथणी D, सुथणी R. iii qr in B is : एक पहिरणि फाडि संपिणी. पाए-वाटि B. नेउरी नेउर DJ K. भांजइ-भाजिइ B, वाजि c, भाजई D, भाजि म, भाजिप, भाइर. ७ एक-एकि A H K. नांपइ em-नांपई A, नापि B, नापि ० H I, लापइ D, न्हांपइ E. अवारह- ऊतार BO H I, उतारइ K. सवि-सिव A. सिणगार-शणगार , सणगार H, शृंगार . ताणइ-ताणि B, ताणी C, ताणई D, ताणि H I, ताणइ .. वीणि-वेणि C, विणि D, वीण K. विछोडइ-विछोडिइ 4, विछोडि BC, विछोडि D, वोडइ H, छाडि . दोर-दोरि A H K, एक दोर . लूस्या दीसइ-मणि लूसा B, लस्या दीसि , भणि लशा E, भणइ लूस्यो K. बंदोर-वंदोरि D E. iv qr in Jis: एक नापि आमरणह मोरि. A omits iv qr. ८ a omits i, ii and iii qrs. एक नवि-एक्नइ र. रहह em-रहि B C H I, रहई , विरह 5. पुहर-पुहोर B, पुहुर , पहुर 5. नइ-नि B H I, न F. आलोटइ-आलेटि BI, लोटई D, भालोटि H, आलेटइ . माडी पडी-पुहोर नि घडी B, आदी पडि H, आडि चडी . प्यु-थिउ B, ययु, थुम, ध्यउ K. विषवाद-विषाद K, विष . पान-पान D E K. नइ-नि BC, इ I, समूलि . फूलि-फूल B C D H,..... रोआवि-रोयावई A, रोवि ते , रोआवइ ई. मुहुगि em-मुहुगे, मुंहुगि B, मुंषि ०, मुहगि D, मुह पद 1, मघहर, महगइ र. ९ यांधर-बधव DI, बंधव ( कुमार-कमार म. जे जे हता-जे हता त A, ये ये हता, हता तर, जेजे हेना ..रिण-रणि BOD, रण I, रणा, रिण K. याउला-वावउला K. माया-मारिया ALL १० भदपाननइ, em-अल्लूपाननई 4, अल्पाननि B, अपाननि 01, अलपाननिं , अल्पांनानि 1, अनुपाननद र. पह-दि B D I, दिइ . शाप-याप ACR, स्याए D, आप म. सणा-तणा B. रणि- मरगिइ , वली , निहां, रिण K. मारिया-मासा OPE, मारीआ I. c transp as मारा वली; D transp as माया रनि सारिसादणे-सांयविसाहणे A, साविसागे B, साथवमाणे , सायविमादणे D K, सायामाणे 1, साविसाणे उ. पडीया-पढ़ीआ D I, पाडी x. यार-पास A. माहि-माहि A K. दिवराणां em-दिवरागोA, देवराणा BD I, देवराणा ०, देवरामा K.

६५ द्वितीय खंड एकइ एकि सुणीजइ सगइ, चाली वात पातिसाह लगइ । आन्या जे जीवता निदानि, ते तेडी पूच्या सुलतानि ।। अलूपान एवड्डु भडवाउ, किम चहूआणे दीधउ दाउ । वोलइ तुरक धामणइ सादि, आगलि रह्या करइ फिरीयादि ॥ १२ वचन अवधारउ असपति राइ, जे जे वीतुं लसकर मांहि । पोजन सीदा मारीया पान, नवइ लाप छोडाव्यां चान । १३ माया पोहर पास पवास, सैद मुलाणे लीधा घास । वंद गुलाम सवे तिणि वार, समरंगणि पाड्या परदार ॥ १४ हण्या हवसी पांडाधार, भूगल वचा न लाभइ पार । हाथी सवे अदाली लीया, तेजी तापति छंडावीया । १५ ११ एकह एकि-एक एक B, एकएकणि ०, एकाएकि D, एकाएक H K, एकाएकि I, मुणीजइ-सणीजि BD, सणसर ०, सणिजइ म, सुणीजि I, मुणीजे K, सगइ-सगई A, सगि BI, चगि ०, सग्गि D, गई 1. चाली-बोली B, चली H. पातिसाह-पातसाह A B C D I, पातशाह I. लगइ-लगई A, लगिइ B, लगि OD H I. जीवता-जीवित D. निदानि-निदान C, निदानि । I. पूछया-पूछिया B. सुलतानि-मुरताण B, सुरताणि 0, सूरताणि D, सरताणि न, मुलतानि , सुरिताण K. १२ पलूपान-अपांन A D HK, अल्पानि B. एवडु-एवड A, एवढउ K. भडवाउ-भडवाय BOD, भडवाल H, भडिवाउ 5. चहूआणे-चहूयाणे A B, चहूआणे C K, चहूयाणे D. दीघउ-दीधु B H I, दीधा . दाउ-दाय B, घाय C, दाह D, पाल II, दाऊ प. बोलइ-बोलि B C H I. तुरक-तरफ B H. धामणइ em- दयामणइ A, दयामणि B DI, दयामणि C, द्यामणि 1, इमाणस K. रया-यका A, रहिया B, रहा 1, गहीआ उ. करइ-करिइ B, करि 0 H I. फिरीयादि-परीआदि B C H I. फरियादि D E. १३ अवधारउ-अवधारु B C D 1 J. राइ-राउ AI, राय B C D II. जे जे वीनू-एक जीवंतु B, ये ये वीतुं ०, जे जीवनु DJ, जे जीवीतु H, जे जीवतउ K. लसकर-लसर OD, छि लस्कर J. माहि-माहि A , महि .. पोजन-पोजान , पोजा D, मान I, पोजनि K. सीदा-सादी A, सदा B, सीद्या घ, रहीत ते , श्यंदा र. मारीया-मारिया BI, माखा C D K. पान-पान CHI, पानि D. नवह लाप-नव नव लाप A, नवि लाप, नव लापO D. छोडाव्या-छोडाव्या B D. यान-वान A BIK. १४ मारा-मारी A D, मीरा B G H I. पोहर पाप-पोर पान B, पोजा पास , पोर पार D, पोषर पास H, पासा . सैद-संयद , सइद I K, सेद J. मुराणे-मलाणे , मलाणे D, मुलाणे H, मुशा K. लीधा-सीधा K. घास-पास ।, वंद-बाद D, चंद K. गुलाम-गुलाम C D I. सवे-सवि 1, तिणि वार- तेणी चार C, तेणि वार 1. समरगणि-समरगिणि C पाट्या-पाडीया A, पटिया B, माया D. परदार-पुतार , दरवार K. १५ हण्या-हणीया A. पांडाघार-पाटाधारि A H, पाटानी धार D. मूगल-गूगल B, मुंगल , मुगल In K. बचा-पचा D. न-विल लाभइ-लामि B II J सरे-रावि , सर्व ७, दलि 11. ऊदाली-उदाली H. ठीया-लिया E, लीभा 1, तेजी-तजि D. उंडागीया-ईदाविया AK, ग्रेटाबीआ I, ठंडावीया र. तिणि वारि A BI, 9 कान्हडदं प्रबन्ध ऊदाली लीधां हथीयार, पान तणा लूस्या भंडार । जिह ऊपरि वाल्हिमनइ हेज, पातसाहना वे भाणेज ॥ सादल सीह मलिक जे हता, प्राणइ बंदि कस्या जीवता । दीठउं इस्यूं अम्हारइ नेत्रि, सादी मलिक पडिउ रिणषेत्रि ॥ १७ यात वात छेहि करइ सलाम, केता मलिक न जाण नाम । एकमना मारइ रजपूत, हीदूनउ छोडाव्यउ भूत ॥ सुणी वात रणि कीधउ रोल, पातसाहि नांष्यउ तंबोल । सुरताणी घोडा हाथीया, कान्हडदे अदाली लीया ॥ मीर मलिक मास्या रिण मांहि, इसी वात देसाउरि जाइ । ढीली नवि वइसइ दीवाण, वाहरि मुहल न दीइ सुरताण ॥२० १६ ऊदाली-ऊधाली K. लीधा-लीधा BK. हथीयार-हथीआर CHI, हथियार K. पान-पान BDHI. तणा-तणी A. रस्या-दसिआ A, रसिया B, लुइया D, लूट्या K. भंडार-तोपार 0. जिह-जेह BD HIR, जे . वाल्हिमनइ-वाहिउ मन A, वाहपण B, वाल्या मन C, वाहा मनि D, वाहाल भन ॥, वाहलां मन J. हेज-जेह B. पावसाहना-पातिसाहना K. -वि B C D, वि , जे K. भाणेज-भांगेज PK. qr in Jis: मारिया पातशाह भाणेज. iv . १७ सादल सीह-सादल सीह C, सादिल सीह K. मलिक-सपल B. हता-हुँतउ A. प्राणइ em-प्राणिइं A, प्राणि B, प्राणि C D I J, प्राणइ K. बंदि-यंधि ल. कसा-वरउ A, करिया B1 J. जीवता-जीवतउ A, जीवता B. दीठउं-दीड B, दीठउ C II, दीहूं , दीर्टर. इस्यूं-इV A, इमु , अK D, अमुउ II, इ. इK K. मम्हारइ-अमारि BI, पणि , अहमारे D, अमारि H. नेत्रि-नैन A H K. सादी-सादि . मलिक-मिलक K. पदिउ-पडीउ , पञ्यो K. रिणग्नि-रणपेनि B C N, रणिषेत्रि DI, रिणपेत्र K. १८ यात वात-वाति वात A, घात २ C D I. ऐहि-छह A DI, च्छेहि ०, ग्रेह n, र. करइ-परि IC DIL J. सलाम-रालोम A DH, प्रणाम , सिलाम . जाणउं-जाण्यू ,, जाणु CK, जाणू D, जाणू 1, जाणू I नाम-पार A, नाम B D II I, ताम C. एकमना-एकमने 1, एकमना . मारह-माया B, मारि OIL I हीदूनउ-ही, तणु D, हिंदु C, हीन D, हीदु तणु ॥, हीद . छोटाव्यउ-ग्रेडाव्यु , छेडायु , योटाई , ग्रेटाव्यिउ , छोडाय्यू , ऐठाव्यउ K. भूत-भुत D. १९ मुणी-मुणि क रणि-रिण A K, मनि B. कीपउ-की B C H I. पातसाहि-पातस्याहि , पातशाह J, पातिसाद नाप्यउ-नाप्यु RC, नापि D, नापिउ H, नापि . मुरताणी-मुरताणी AK, मुलताणी, सलतानी D, सूरनाणी , मुलतानी I. हाथीया-हाबीआ IN, हायिआ र, कान्हदे-कान्हडदे AK, काइददेव ०, काहनढदे D, काहानडदे । उदाली-उदाली C II. लीया-लीया D, लीमा I, लिया K. २० मारा-मारीया A D, मारी , मारीमा 1. रिण-रण BOHI, रणि D. माहि-माहि Ank, माहि । इसी-अमी ८ जाद-जाय 0 11 दीली-दिमीइ०, दिली K, नवि-न , न कि D. पइसद-विगि B, पनि , विदग D, पयमी ।, विमद र, ययगद र दीगण-गुग्नग 0, दीव्याणि ॥, दीर्वाण K. पाहरि-पाहिरि , याक्षिा मुहल-गाल , महुल K, न दीइ-नहि , नहि, न पइ . मुरताण- मुरताय ॥, मुग्लान', गरिनाम । दीवाणि, ६७ २२ द्वितीय खंड अलूपानि विसणाडिउं काज, कटक मरावी आव्यउ आज । करइ वात इम सारूं राज, अलूपानि जो आणी लाज २१ इसी वात बोलइ परधान, रपे मुहल मांहि आवइ पान । अलूपानि विणसाडिउं काम, पातसाह, लूण हराम ॥ [अलूपाननउ जाणी दोस, पातसाह मनि आणिउ रोस ॥] २३ ॥ पवाडु॥ पातिसाह मनि वात विमासी नाहर मलिक बोलाव्यउ। साथि विकउ भोजलु पांडाधर मुहल आगिलइ आव्यउ ॥ २४ करी मसूरति देई सीपामण, नामजाद ल्यउ साथि । मारूआडि ऊपरि सुरताणइ वीडउं आप्यउं हाथि ॥ २५ २१ भलूपानि अल्पांन C K, अल्पानि D U J. विणमाडिउं-वगमाड्यू B, वणसाडिउं 0, वणसाहुं D, वणसाडि H, विणमाच्या K. काज-राज H. कटक-फरक H. आव्यठ-आव्यु B C, आविउ D H I. करइ-करि Bo, वरइ H. इम-अह्म B, इंम D. सारूं-सारू B, सारु , सारं . राज-काज 1. अलूपानि-अल्पानि A D E, अलूपांननि , अल्पान K. जो-जु BI,...J, मनि . आणी-अणावी A, आणी D I K, आवी . २२ इसी-असी B, ईसी 1. बोलइ-वोलई 4, बोलि B C II J. परधान-परथांन 0 1 JE, प्रधान D. मुहल-मुहुल BI, महल , महुल K. माहि-मांहिं B, महि K. भावइ-आवि BO H I. पान-पान A D EI K. अलूपानि अनूपानि DR, अल्लूपांन K. विणमाडिउं-वगसाधू B, वनसाडिउं O, वणसाडि H, विणसाच्या र. काम-काम A D H I K. पातसाहन-पातसाह 1 0 H, पातसाहनु D, पातशाह , पातिसाहनउ र. रण-लंग D. हराम-हरांम A 0 D HI. २३ भलपाननउ em-अलपान A, अल्ट्याननु B, अल्पानि D, अल्पाननु H , अपांननउ र. जाणी-जणी A HIK, मनि जाणी D. पातमाह-पातसाहि B, पातमाहनु I, पातशाहर, पातिमाह K. माणिड-धरीउ A, आणिउ DI, आणी 1, अणी . comits vs 23. वणसाडिउ D, २४ पवाडु-ढाल A B, पवाडः D, पवाडा ढाल H, राम टाल पवाडानी 5. पानिमाह-पातमाह AR OD RJ, मनि वात-हवि मनि C. विमासी-विमासी , मासी H. नाहर-नाहार B, नाह 1. मलिक-पान 1. बोलान्यउ-बोलाविउ B D, तेडाविउ , लोलाय्यु 1 3, वोलायड ६. साथि-साच्छ A. विकउ-याउ A, थकु BC, यि D, यि H I. भोजलु-भोजलउ A, भोजल . पांडाधर-पंडाधार A, पंडाघर K. मुहल भागिलइ-महल माहि A, मुहोलि आगलि B, मुहल माहि C D, मुद्दल आगलि H, मुहुल माहिर, मुहुल आगिलइ ई. भाव्यउ-बोलाव्यउ A, आव्यु D, ते आविउ , तेडाविट D, विउ 1, अणायु. २५ मसूरति-मशूरति AJ, ममुरति . देई-देद 1. सीपामग-सीधामणि DK, सीपामग II. नामजाद- नामजद D, नामजाद H I ल्यउ-लउ A, लिउ B D, दल C, ल्यु H, लीउ I. साथि-माथ D, माथइ , मारूमादि-मास्याडि B, मारआदि । मुरवाणइ em-मुरनारि A, दल तुंच्या B, मुलनानि , मुरतागि D, सरताणि 1, मुरताणि , मुस्तांगइ र. धीहउँ-बीई 13, पीई , वीडु 1 5. भाप्यउं-आप्यूं B, उदउD, अपिउH, आयु, आप्यु र. हाथि-हाय Dr.

६८ २६ २७ कान्हडदे प्रवन्ध मोटा मलिक सवे तेडाव्या, साहण करउ सजाई। सोनगिरासू विग्रह मांडउ, मारूआडि मांहि जाई॥ पाणी धान चलावउ साथइ, सोवति वाहु अपार । आपआपणा मरातव लेज्यो, मांहि भला झूझार ॥ नामजाद मयगल मदमाता, ल्यउ साहण सपराणूं। साथि घणूं पायदल पाल, वेगि दीउ पियाणउं ।। करी कूच जाई नइ लेज्यो मारूआडिनूं पासूं। पातिसाह एहवू मुपि वोलइ, वली रपे हुइ हातूं ॥ करस्यूं काम विछेदइ जाई अम्ह आयस परमाण । नाहर मलिक पातिसाह केर सिरि कीधडं फुरमाण ॥ २८ २९ २६ तेडाच्या-तेज्याव्या K. करउ-करु B C J, D. सजाई-सजाइ H. सोनगिरासू-सोनिगिरिस् A, सोनगिरिसु ०, सोनगिरांमुंउं D, सोनगिरामिउ H, सोनगिराशं J, सोनगरांसुं K, मांडउ-माडु B, मांई , माडिउ E, माडु . मारूआडि-मारिआडि A, माल्याडि B, मारआडि CH. माहि-मांहां , माहे H. माहि K. जाई-जाइ म. २७ पाणी-पाणि D, पाणी . धान-धांन A D II I. चलावउ-चलावु B NI, चलाय्यां 0 D. साथइ- साथि ACI, साथिं B. सोबति-सोभति D. वाहु-वहइ A K, वहि ODI, हवि . आपापणा-आपापणां A, आपापणा DR. लेज्यो-लेने B, लेई ०, लेयो D H I, माहि-माहि A OK, माही H. २८ नामजाद-हरमदाद 0, नामजाद D 1, नामजाद . मयगल-मूगल A, नि मयगल 01, नइ मयगल DK, भेगल H. मदमाता-मदि माता B, माता O DJ K. ल्यउ-लिउ BH, ली, लिउँ न, लीउ र, ल्यो K. साहण-साहण A D सपराणूं-सपराणां A, सपराj 0, सपराणूं D , सपराणा J K. साथि-साथि B. घणूं-घf , पणा K, घणू H. पायदल-पाइदल B, पायकदल 5. पाल-लेने B, पालुं 0, पालू H, पालू , पाला K. iii qr in Ais साथि वेगि लीउ घण पालउं. चेगि-वेगि BI, वगि 0, वेगइ र. दीउ-दीधडं A, दीउं B C D, दियइ K. पियाणउं-पीयाBI, पीआ| 0, पीयांY D, पीआणू , पयाणा K. २९ करी-वरीय A J. कूच-चूक , चूड B DI, कूछ 1, कूच र. जाई नइ-जाई नि B, नि जोई 01, न जाई D, जाइ नि H. लेज्यो-जोयो A, लेजे B, लेयो 0 DI, लज्यो K. मारूआडिनूं-माल्याडिनूं BD, मारुआडिनु, माहअडिनु पासू-पासु C K, पासउं , पांसू H. पातिसाह-पातसाह A BODI, पातशाह एहवू-एहवउं A, इम C, एहवू D K. मुपि-मुखि B, मपि H. c transp as मुपि इम. बोलइ-बोलि BOE I. वली-वलि D. पे-रापे A. o transp as रपे वली हुइ-थाइ ०. हातूं-हार्स CH K, हासर्ड D. ३० करस्यूं-करमउ AO, करमिउ D, करस्युं H , क्रशुं , काम-काम DI. विछेदइ-विछेदई A, विछेदि BD I, वढेदि म जाई-जाइ H. अम्ह-अह्म B D E. वायस-आइस BK, आएम D. परमाण-पुरमाण A, परमाण D, फरमान II, फरमाण , फुरमाण K. नाहर-नाह R. पातिसाह-पातसाह A BD H, पातशाह 1. केरउं em-केउ A K, पेडु B, के D, कैरु म, के. सिरि-मिर AK, सरि H, शरि . कीधउं-कीधू , किधु D, कीधु H, लीवू , कीघउ र फरमाण-फुरमाण A, फरमांण DI, फरमान II, a omits vs 80.

द्वितीय खंड हल हल करी कटक सामहणी, भलूं महूरत लीधउं । करी सिलाम वलिउं सह पाछउं, पछइ पियाण दीधरं ॥ ३१ पातिसाहनी आण न मानइ, हीदू करइ पराण । सामतसी राउलनु वेटउ कान्हडदे चहूआण ॥ ३२ जालहुर गढ विसमउ अछइ, लेस्यूं प्राणि मारी । कइ तलहटीइ घोरि जई पइसूं , पणि नवि आवउं हारी ॥ ३३ वोलइ वोल मलिक सपराणा, भिडतां किम्हइ न भाजइ । कीधउं कूच ऊपडीयां साहण, ढोल ध्रसूकइ वाजइ ।। ३४ भागां झाड वीड थि पाधर, कादव कीधां पाणी। डूंगर तणां सिपर जिम चालइ, तिम हाथी सुरताणी ॥ C, सामग्री ३१ हल हल-हल २ A B C DJ K. सामहणी-सामग्री B, सामग्री D, सामगरी 1, सामगरी, सांमहणी K. भलं-भलं 0 Dr. महूरत-मुहुरत D H. लीधउं-लीy B, लीg G H K, कीवू D. सिलाम-- सलाम BC, सलाम D H 3, मिलाम K. वलिउं-वल्यू B, वळू 0, वालिङ D, वलि H, वल्यउ K. पाठ- पाछु B, पार्छ ०, पाछउ H K. परइ-पछि B C H I, पछई D. पियाणउं-पीया BI, पीआणु , पीयाण D, पीआणू 1, पणउ K. दीधउं-दीy B, की— DI, की H, दीघउ K. ३२ पातिसाहनी-पातसाहनी A B C D II, पातशाहनी भाण-आंण D H I K. मानइ-मानि BC, मांनइ D E, मांनि H I. हीदू-हीइ B, हिंदू 0. करइ-करि B 0 II I. पराण-परांण AC D E I K. साम- वसी-सांमतसीह A, सामतसीह B H, सामंतसी ल, सामंतसी I. राउलनु-राउतनु म, राउलनो . बेटउ- बेटु B. कान्हडदे-कान्हडदे A, काहडदे BO, काहनडे D, दीदू करि 1. चहूमाण-चहृयाण A, चहूआंण 0 , चट्टयाण D, चहुआण र. ३३ जालहुर-जालोर A, जालहोर , जाहालहरु I, सोनगिरु ३, जालउर F. विसमउ-पिसमु B DI, वसमु 0 H. अछह-अछई A, अछिइ B, अच्छि , दीसइ D, छि पणि ॥, अछि I. लेस्यू-टेसू A, लेसिउ , पणि लेशू , पणि रेस्युं K. प्राणि-प्राणिं B, प्राणि D, पराणि र, प्राणइ K. कह- कि BOI, कई D. तलहटीइ em-तलहटीई BI, तलहटी AC D E, तलहिटी 1. घोरि जई-घोरि , गोहरि जई , जई गोहर जि D, कोरि जइ H, तुरवत I, घोर जई . पइसू-पितूं B, पिK CH, पयसिउ D, वरसिउर, पदमुंह. पणि-अझे , किइ . आवउं-आबू BI, आq c I K, आव्युं D. ३४ बोलइ-वोलि BOHI. मलिक-मीर K. सपराणा-रापरांणा A II K. मिडतां-भिटता AN, भरतां B, भडता , पटतां D. किम्हइ-किमि B, विनि , विमइ D E, रिमही , किमहि उ. भाजइ- भाजि BOL I, भाइ K. की em-की A, कीबूं BD I, की ०, कीपर K. कूच-फूछ , कूज B, कूच D, फुछ 1. ऊपडीयां-उपडियो B, उपट्या CD, उपडीआ 1, उपन्या र, स्पयो र. ध्रसूकर-ध्रमूबई, दमामा B, प्रमूति , द्रसूक्द D, ददामा I, ध्रसूके / K. वानइ-वाजई A, वाजि BCHI. ३५ थिउं-थयु ल, थयु त, क्यउ 5. कादव-वादम K. कीयां-बीया B II K, की● D. पाणी-पांणी D. इंगर-इगर A, दुगर 0 H, डुंगर 5 वां-तगा 0 1 K. मिपर-शिखर B, सपर CM, शिषर K. जिम-तिम D. धालइन्चालिइ B, चालि DM : मुरताणी-सरताणी D, मुपगणी 1, मुग्नाणी. लेसुं०, रेसिडं D, ७० . कान्हडदे प्रबन्ध तुरक तणा देस ऊतरीया, वाजंते नीसाणे। वुली वाटघाट गिरिकंदर, कटक गयां समीयाणे ॥ रीसाविउ राउल भत्रीजउ, तही लगइ छइ थाणइ । सांतल सीह तणी परि गाजइ, सबल वीर समीयाणइ ॥ ३७ जाणी वात देसि दल आव्यां, यूंविधूच सुणीजइ । सांतल भणइ करउ मेलावउ, जाई चुपट घाउ लीजइ ॥ जोई बाट राउल कान्हडदे, अजी नगरि को नावइ । कटक भणी तउ वाहरि चडीअइ, जउ सांतल तेडावइ । पित्री तण तेज सपराणउं, सांतल करइ वाहार । गमे गमे मेलावा आवइ, जेह भला झुझार ॥ ४० ३६ J reverses the verse-order as 36,35. तुरक-तरक B D, तरकू म, तुरका K. तणा- तणां A D. उतरीया-उतारीया , जइ भागा 1, उतरिया K. वाजते-वाजीते 0, वाजते DK, वाजता . नीमाणे-नींसाणे B, नीसाणे OD H K. वुली-चोली D, विउली , (ख), युलीय I, घडली र. वाटघाट-घाट . गिरिकंदर-गिरकंदर A, गिरिमिंदर , गिरकिन्नर D, गिरिहि वंदर , गिरकिंदिर K. कटक-तुरक I, गर्मा- गया BD I K. समीयाणे-सभीआणे 01, समीयाणे D, समीयाणि . ३७ रीसाविउ-रीसाव्यउ A E, रींसाणु , रीसाव्यु. राउल-राउत . भत्रीजउ-मानीजउ A, भनी 1 0 1 3. वही-तहीं B, तिहि 0, तहि D, तिही , तहीय J. लगइ-लगि BD, लगि On .छह-छि DON . थाणइ em-समीयाणइं A, थाणिइ B, थाणि O P , थाणि र, थांणइ . सांवल-सातल A, सातलसी , सातिल K. तणी-म तणी D,...J, तणी तणी H. गाजह-गाजिइ B, गाजि 01 ,...D. धीर- सीह B, धीग K. समीयाणइ em-समीयाणइं A, सेवाणे B, समीआणि 0, समीयांणि D, सदवाणइ , सपराणि उ, सहवाणी K. In a vs 37 precedes vs 36. ३८ जाणी-जांणी D II K. देमि-देम D H I K, दल-दलि DJ K. भाव्यां-आव्या D K. चूंबिवूष- चूंबियूब A, षिवूव B, चूंबिधुंब 6, वुबई वूव D, धुंवारव 1, (विदुर K. सुणीजइ-मुणीजिइ , मुंणीजि 0, सणीजि D, सूीजि II, मुणीजि . मांतल-सातल A 1, सांतलसीद , सातिल K. मणह-भणि BOM, कहि . करउ-करूं , कर ODIII. मेलाउ-मैलानु C III. जाई-जई BODI, जइ AK. चुपट घाउ- चउप A, घुपट घाट B, चउपट घाउ OD, चुपट पा , चुपट धाए , चउपटि घाउ K. ठीजद-लीजिइ B, दीजि , लेनिउ D, लीजि III, लीज्यइ र. ३९ जोई-जोइ BD II. राउल-राउ ODI, राउरल K. कान्हडदे-कान्हदे A K, वाइडदे 10, कहानहदे 1. अजी-हजी 0 1 1. नगरि नगर D,...., नगरी K. को-कोइ . नारह-नावई , न आणि 13, नावि OI, नाविध D. मणी-तणी ३. सउ-तउं A, तु B II I, जु०, तुं P. याहरि-वाहरि । र, पाहारि ॥, वाहर र. घडीमह-चीद , चदीइ , चरी3 1. जउ-जु BON, D. सांवल- सातल AK, सांतलसी, तेहाद-तेदावि B CH, वेदारई D, आदि १० पिटी-क्षिणी ABO, पिनि D, क्षत्री II. ठण-तणू , तणु 01, तम् ॥, तणउK. सराण-गपरा BD 1, गामहं ०, रापरा II, रापगंगा x. iiqr in Kis: गवे तेडाव्या इगार. करह-वरि BOL. बाहार-विहार, पिचार ०, विहार DJ, यहार ॥ गमे गमे-गामि गामि , गमे २ ००, गमा २ , गमे गमे . मारहा, आदि DOHD. नेह-जे A, जे K. समार-मार 0. .

४१ ४२ द्वितीय खंड करी सजाई सह सांचरित्रं, पापरीया तोपार । जरहजीण टोप रंगाउलि, वली लीयां हथीयार ॥ नाहर मलिक तणइ दलि मिलीया मंजोहरि चहूआण। हूऊं जाण जे हींदू आव्या, पलभली मेल्हाण ॥ भिड्यां कटक रिण काहल वाजइ, वाहइ पांडाधार । सांतलसीहि सांफलउं जीतूं, मारिया म्लेछ अपार ॥ नाहर मलिक ऊसरीउ पाछउ, हूई असंभम वात । तुरक तणा ऊदाली लीधा तेजी सइ छ-सात ॥ मारी मलिक अवाला कीधा, मचकोडिउं तुरकाणउं । द्रुडी नइ छंडाव्या थाहर, वेडि गया विहाणउं ।। ४३ ४४ ४५ ४१ सजाई-सजाइ . सहू-सहु D. सांचरिउं-सांचरीउं BI, संचयाउ र. पापरीया-पापरिया A K, पापरीया B, पापरीआ H. जरहजीण-जरहिसी H, जिरहनीण K. टोप-नइ टोप A K, कुली , कोठा DI, कोठला H. रंगाउलि-रगाउलि BI. लीयां-लीया B, लियां D, लीआ H, लीआ J, लिया K. हथीयार- हथीआर 0 BI, हथियार K. ४२ नाहर-नाहार ०, मल्या उ. मलिक-माले माहार , मिलक K. तणइ-तणि B C D H I. दलि-.... मिलीया-मिलीयां A, मिलीआ 0, मलीया D, मलीआ , मिलिआ 5. मंजोहरि-इम योलइ A, इम जोइ B, इम जोयु र. चहूमाण-चहूयाण A B, चहूआण C K, चहुआंग D, चहूयांण I. हूऊं-हवं BI, हुहूं , दूर DE, हुई H. जाण-जाण PIK, वरी c. जे-नि C. हींदू-हीदू A H I K, ही, B, हिंदू.०. पलभली- पलडूली ०, पलभलीया D, पिलवलीउं :, पलभलीआ र, पलभलिया K.मेल्हाण-मेल्हाण A D E, मेहलाण B, मेहलांण CH. ४३ भियां-भडिया B, भच्या 01, चड्यां D, चन्या र. रिण-रणि B, रण 0 0 I I. पाजद-वाजिइ B, वाजि 0 E, वजि J. बाहइ-वाहि BH, भाजि CI, भाजइ D. पांडाधार-पंडाधार OI K. सांवलसीहि- सातलसीह A, सातलमीहि ०, सातलसीह H, सातिलसीह K. सांफल-सूंफल्यूं , सफ्टं , सईफल D, सइफल , सुंफलं , साफ्लउ र. जीतूं-जीतुं A C, जीयूं B, जीतू 1, जीत3 5. मारिया-मारी B, माखा ODIE. म्लेछ-मलेछ , मेछ BH, म्लेच्छ , मेलेछ । ४४ नाहर-नारि म. उसरीउ-उसखु B, उसरिउ ODI, उसरीउ H, उसयाउर. पाउ-पाछु BOL, पाइ K. तणा-तणा A. उदाली-उदाली , सदालीमा , हाथी ऊदाल्या .. लीधा-लीयां A, ली B,... H, लिया K. तेजी-तेनी B, हाथी . सह-सि B C H I छ सात-एदसात D, सात K. ४५ मलिक-तुरक इ. भवाला अचाला A, नि अघलु B, अवेझा कर, अवला K. कीधा-की" B, लीघा 1. मचकोहिउँ-मचकोy E, मचको, मचोडिट 1, मयकोचंउ र. तुरकाणई-नुरका" 13, तुरकाj C, तरकाणू , तुरवाणु K. द्रुढी-द्रुती ०, टुढी II, भाजी र नइ-नि BC N . हंडाग्या-छंटारिया 4, छोडाव्या B, डाव्यु ल. याहर-हाथी A B वैरि-वधि BI, गिल, पेटद 5. गया-गया A H. बिहागडं em-दूळ विहाणर्ड A, विहापिइ , समीाणे , विहार 1, विहार, वीहाणइ K. Domits vs 45.

, -- ७२ कान्हडदे प्रवन्ध घोडा सवि जाल्हुरि मोकल्या, सरसां संवल देय । सांतलसीहि सांफलूं जीतूं , हरप्यउ कान्हडदेअ॥ ४६ वली मलिक सूंडीनइ आवइ, देषु कस्यउं अम्हारं । एक वार वरांसउ वीतउ, वली अम्हे किम हालं ॥ समीआणे गढरोहउ कीधउ, सांतल न करइ जाण । वीजे राउते तेडाव्या कान्हडदे चहूआण ॥ सवा लाप पांडायत सरसु, पापरीए केकाणे । समीआणे राउल कान्हडदे आव्यु छडे पीयाणे ॥ ४९ एकइ गमइ ऊतरीउ सांतल, घणु मेलावउ लेय । वीजइ गमइ कटकि जई विलगु, राउल कान्हडदेअ॥ ५० ४६ घोडा-घोटां AI, थोडा 1. सवि-मवे B. जाल्हुरि-जालोरि A, जालहुरि B, जालोहरि D, जालोहर 1, सोनगिरि , जालोर 5. मोकल्या-मोकलीया A, मोरलिया B, मोकल्यां . सरसां-सरसा BODI. संबल- संयलि., म...B, सीवल D, शंबल उ. देय em-देई A, उ L, लेय 0, देउ DI, देअ I, लेई 5. सांतलसीहि- सातलसीह A, सांतलसीहिं , सातलसीहई D, सांतलसीह ॥, सातिलसीह K. सांफलू-सूफल्y B, सफलू , सईफ्लु D, सइफल, II, मुंपल , साफ्लउ K. जीतूं-जीतुं A D H, जीत्यू B, जीतु K. हरप्यउ-हरपि A, हरपिउ BD HI, हरप्यु ०. कान्हढदेम-कान्हडदेई A, कान्हडदेउ B, कान्हडदेय 0, पाइन्हइदेउ D, काहानडदेअ, वान्हदेउ I, कान्हडदेव K. ४७ सूंडीनह cm-{हीनई A, सूढी B, मुंदीनि 0 D 13, सुदीनइ K. भावइ-व्या B, भाव्या ODNIK. देपु-देपि A, देपे 05, देपुं D. कय अाहार em-अम्हार याम A, वर हमारूं 1, परिउ अम्हारं 0, का हमाई D, करि अशाई 1, पीऊं अद्माई , म अम्हाई F. घरांसउ-वर्गसु VODI, विराम . वीवर- वीत A, वीतु BODI . यली-...J. भम्हे-अमे BOI, अह्मो I. किम-नवि A L, किमहि मवि . हाम्-हास A B. ४८ समीमाणे-राइयाणे AK, सेवाणि छ, समीयाणइ D, रामीभाणे उ. गढरोहउ-गढरोह A, गढरोहु BOH, D, गहराहु . फीधउ-की B G H I, की D. सांतल-गातल A, सांतलि B, सातिल K. न-...., नइ । करह-पी , परि 0 11 J. जाण-जाण ADHI J K. तेहाय्या-राउ तेडाव्या ०, ते तेडाय्या Di, नहाविध 1. कान्हदे-कान्हददे AJ, पारदे Bc, पाहानडदे ।।. चहूभाण-चढूयाग AB, चहाण CHK, चहयाण . ४९ पांडायत-ददायत B, पंढायन D K, पाजयन II. सरमु-रारिस 03, सरीमु D, रारिंगा र. पापरीए- पापरिया K. फेकाणे-येाग A, कमण O LI, का D, केणे K. समीभागे-गइयाणे A, सेगणे , गीयागद D, गर्मााणे II, गीगाणि, गयाणे : राउल-...A. कान्हादे-गान्हददे AJK, कामदे 10, यांहानदंदै ।। भाग्यु-आयु , आरित 11, आन्या K पीयाणे-पीयाणे जाणे ., पीआण पीभाणं 11, पयागे । ५. पर 1-ए , एरि BI1, एर ODI. गमर-गमा A, गमे C, गमें D. वरी:- आग B, उनर्गठ, आरिउ D, मारा: K. सांठ-गल A, मा1िघणु-गुण A, LI, RISK. मंगर-मेगा! (13, irr देय em-मारी, रे, , रेभ. पीनद-बीजि BO 11. गम-ग. की ई-पति, जई कटफ 1, कटर , फटा, कटक रे. लिगु- 1 CI, बादाम-कादर, प्रदेश, पानदेय O, पादानन्दम 1. ०, पीयाणे D, गगि BH, द्वितीय खंड गमे गमे मारेवा लागा, मलिक सवे विचि कीधा । अंगोअंगि विहुं दलि साम्हा मलिकि उथला दीधा ॥ सींगिणि गुण सपराणा गाजइ, साम्हा आवइ तीर । ऊड्यां लोह वीज जिम झवकइ, भिडइ ति मोटा मीर ॥ ५२ विहुं गमे वलवंता हींदू, बूढी एकजि धार । वीजा मलिक केतला कहीयइ, मारिउ मलिक नाहार ॥ ५३ राउत मांहि घणउ सपराणउ, सींधल कुलि सपराण । भलउ भिडिउ रिण साम्हउ चाल्यउ, सुहडइ छांड्या प्राण ॥५४ आज लगइ सहू को जाणइ, समरंगणि सपराणउ । भिडकमाड भोजलु पंडाधर, ते रिणपेत्रि मराणउ ।। ५५ ५१ गमे गमे-गमे २ B C D I, गमे , ठामे ठामे K. विचि-वचि ० ३, वचे D, वच H. सये विचि- आकोकीक B. कीधा-कीधा K. अंगोअंगि-अंन्योअन्य H. विहुं-बहु B, बेहू C H I. दलि-दल BO RIK. साम्हा-सांम्हा , साहमु B, सामा C D, साहमा , साहमा र. मलिकि मलिक A BIK, मलिके , तरक H, जथला-ऊत्यला A, ऊयल D, उथला म. दीधा-दीयां D, टीधा H, ५२ सीगिणि-शीमणि A, सींगणि BOK, सीगणि H, सीनिणि 1. गुण-गण B D, गणि 6. सपराणा- सपरांगा A H I K, सपाराणा D. गाजइ-गाजिइ B, गाजि CI, गाजई D. साम्हा-सांम्हा A, साहवा B, साझा 0D, साहामा H, साहमा . आवइ-आवि B H, आवई D. उड्यां-उडीया A, उडिइ B, सन्या 0, उड्या , उडियां म. झवकइ-झवकिइ B, झलकि C, झलक्इ D, झाकि न, झबूकि . मिडइ-मडि Bor, भडई D, तडि H. ति-ते , त D. मीर-दीर H. ५३ बिहुँ-सविहु , विहू H. हींदू-हिंदू, हीदू DHI. वूटी-बूही A, वाही 5. एकजि-एकज BODE, रुधिरज . कहीयइ em-कहीइ A B D H, कहींई , संघाति प, कहीयई र. मारिउ-मास्यु D3, मरिउ न, माखउ र. मलिक-मलि A, मलिकज . नाहार-नीहार B, नाहारा D, नाहर K. ५४ राउत-राउ H. मांहि-माहि K. घणउ em-घणर्ड A, घj BHI, घj CD, घणा र. सपराण:- सपराणा B, सपराणु 0, संपरांणु , सूप्रमाण , सपराण , सपरांणा K. सींधल-सीधल B C DIE, शीघल I. कुलि-मलिक B, वेश म. सपराण em-सपराणउ A, प्रमाग B, सपराग C DIE, प्रमाग 1. भलउ-भलु BODH J, भिलू र भिडिउ-भडिउ B, भढी CHI, भिटी D K. रिण-रणि B C D, रश H . साम्हउ- साम्हउँ , साहमु B E, सांझ ८, सामु D, सांहमु र, साम्हइ चाल्यउ-चाली A B, चाल्यु C D, चालिर Hr. c transp as सामु रणि चान्यु; D as सामु रणि चाल्यु. सुहडइ-मुहडे A, मुहोडि B, मुहटि , सोहडि 1, मुहुडि . सांडया-छाडीया A, ईड्या BE, छांझुं D, छायां 1, मु. प्राण-प्रांण ODIJ. ५५ भाज-आगि BH. लगइ-लांग B C H . सहू-सहु A, सहूइ D को-कोई .. जागइ-जापिइ B, जागि, जोणि H, जाति, जाणइ F. सपरागउ-सपराणु B C, सपरां| D E, सपराणु HD. भिकमार- भडकवाड , भडकमाल , भिडकिमाइ . मोजलु-मोजल3 A, भोचलु ॥, भोजल 5. पंधर-यांदापर BOR, रिणनि-णषेत्रि BD, रणपेन 01, रगिषेत्रि प, रिणपेन .. मराणउ-मराणु B, मरा] 0, मरार्ण D, मरण Hd, मरांणउK. 10 कान्हडदे प्रबन्ध ५९ जीता तणी वधाची याजी, मीर मलिक सवि माया। भागां फटक राय पहआणे, तर जाल्हुरि पधारया ॥ जाणी यात सांदी आव्यु, जे हंता सपराणा। नाहर मलिक भोजलु पंडाधर, ये रिणत्रि मराणा ॥ इसी यात सांभली मुरताणि, जे पहआणे जीतुं । नादर मलिक तिसी परि फीधी, अल्टूपान जे पीयूँ ।। ५८ चारद यारइ हारि सांभली ततपिण हउ हराण । किमी चलाइ ऊठी तुरकांणइ, इम बोलइ सुरताण ॥ पानन्यांह नइ मलिक इमादल, मलिक नेय ए च्यारि। फमालदीन मलिक तेटाव्या, ततपिण मुहल मसारि ।। ६० माहिटइ महलि मसूरति यइसी, यात फरेवा टागा। जे मलिक कटक लेई जाई, ते पहाणे भागा ।। ५६ता-पानी-पाणी A, Ex. यात्री-भA C. सरि गरे विदा, सरेन. मा-NER, मrtx. मागा-भागा IK, भाला . गप-राRिA, राउ. मागे हमारे An, पान, नारे, पहम 3- TCH, पछि , Trx. मारि-मायोरि ATgt Bo,गगेर . पपास-पास A, रिया, ५. जी-IMADIR. मीर-गार गायु-अपिउ , माम्माउर.-.-1 BREPTR. राना-RTADIK, TRJI, गरJH. मटिम्-म. भोरठ- मोरा, मोर, भा. पार-पापर ICI. - nor. रिमोनि-मति, RECED, TET, फिर. मरागा-HITAK, मरामा D, म. ५८-मग मी जी गुरवानि-गुगलगि छ, सुग्गानिक, गुग्नान Puri - c परमा-पापो, पा, प. HTTERLD, Ex. frमी-IMA, Ric, tी, मान-MAD, RA, Rapur, नि . -2 ,.... K. पी-43 morn. ५..पा- मामेरा, RCE PRI, पदम x.R-R 1. rtal-canfra-TAC, Ans. - TOP IN T-TYPTION. Tी-21, 1. Arti Cri.nati.ctionR- TENTIRC, Ton, tr- 12- गुग १. It th-rrestFirni.c,TARATTER.मा...., our-c. :rmtna, kine, Ant, fr.fhraruertorrent. Frt-rt At Fr-tax imsintergrarji, PIrrr..........rrrrrr-man"मा. ...: Fyon, R. Frthdre. TREEPirr. write:ner-arhterheaterire.mi. mahitixnxt-re, पग-पग पर Crn.

द्वितीय खंड पातिसाह मूछइ वल घाली विसमा वोल्या बोल । जे को माहरी आण न मानइ, चूकइ ठाम निटोल ॥ गौड चौड गाजणउ कनूजउ, मरहठ मई वसि कीधा । लाड देस नइ सिंधु सवालप, गूजर सोरठ लीधा ॥ मई लीधा मालव चंदेरी, मांडव सारंगपुर । रिणथंभोर चीडोत्र भला गढ, वली लीउ नागुर ॥ मि पूरव दिसि जमणापुर मथुरां, वली ति अंतरवेध । मई काकपुर भोजपुर उडीसा, प्राणइ चांपी लीध ॥ पूरव सागर लगइ कटक लेई, आगइ दी पीआणूं । मइ गुडी राय देस छंडाव्या, तिहां अम्हारउं थाणूं ॥ ६५ ६२ पातिसाह-पातसाहि A B C, पातसाह D E, पातशाह I. मूछह-मूछई A, मूंछ B, मूंछे 0 K, मुछे D, मुछ 1, मूछि . घाली-घाती A L. बोल्या योल-बोलज वोल्या A.जे को-य को 0, जे कोइ N. माहरी- माहिरी , माहारी D I. आण-आण D I K. मानइ-मानि BO, मानई D, मानि म , मानइ र. B transp as आण न मानि माहरी; H transp as आण न माहारी मांनि. चूकइ-चूकि BHI, वे चूकि C, ते चुकई D. टाम-प्राण 0, ठाम D, आण . निटोल-न टोल H. ६३ D omits vs 63. गौडचीड-गोडचोड K, गौडचैड H. गाजणउ-गाजणू BI, गाजणु नइ , गाजणु H. कनूजउ-कनूजु B, कनूज , कनोजु म, कनुनु K. मई-मंड A, मि BI, मि, मइ 1 K, वसि- वस ०, वशि . लाड-लाट E. देस-देश B. नइ-मइ A, नि B F I. सिंधु-सिंघ A, सिंधू , संधूम, सिधु ,..... सवालप-सवालाप , सवालपि . गूजर-गुजरात , गुजरु र. ६४ मई em-मइ A, मि BO, मई D, मि. लीधा-लीधा D I. मालव-मांडव A. चंदेरी-नई चंडेरी D. मांदव-मालव ३. सारंगपुर-सारिंगपुर BI, सारंगपुर K. रिणथंभोर-मइ रिणथंभोर नइ , रणथंभर BD, मि चित्रोड , मइ रणथंभर I, मि चीत्रुड . धीग्रोड-चोटोत्र A, चीवुड B, रणथंभुर , रणर्थभर प. भला- लोधा 0, मेलिउ . गढ-...A CI. वली-गद र, चलि K. ठीउ-लाई ०, लीडे 1, ली, लीयो x. भागुर-नागोर AK, नागुहर H. ६५ मि-मिई 1, मि , मई D, मइ K. पूरव-पूर्व D. दिसि-दिशि :, दिसिं , दसि H. जमणापुर- जिमणपुर B D, जिमणापुर , यमर्णपुर H, यमुना . मथुरां-मधूर B, मथुरा 0 1, मधुरा K. वली-वलि K.ति-ते 03,..... मई-मि B, मि CI, मद 1 K कारपुर-कारपुर A, भोजपुर-मोज , भोजपर घ. उडीसा-ऊंडीमा A, उडीसा B, दीमा DI, रहीसा 5. प्राणइ-प्राणि C DHI, चापी B. चांपी- पूरव रा. लीप-लीधा A RJK, लीद्ध 0. ६६ प्रव-पूर्व र, मि पूरव I, लगह-..., लेगइ 1. कटक-कटकन लेइ-लेइ H K.iqr in n is : सागर लेई गइ तुरक लेई. मागइ-आगई A D, आगि B G H I. दाउं-दीऊँ AI, मि दीर्डा, दीधु वली , दियु र. पीभा-पिआणु ,पीयाf , पीआ , पीयाj D, पीआy 1, पयाण र. मइ-...इ, मि C, मि . दुडी-गुदी A, हच्या B, हउद्दी , टुढी I. राय-ही B. देस-...., देश प. पंडाव्या-येडाव्या .. मम्हार-अमार, अमार D, अनार 1, अझारउ ६, ग्राणूं-यागई A, थाणु ०, थाणु DK, पाण् ।.

७६ २८ कान्हडदे प्रवन्ध हींदूस्थानी अनइ पंडूआ, वली जालंधर लीधा । मई कासमीर कामरू हिमाचल, गौड लगइ वसि कीधा ॥ ६७ पुरासाण मई पुरतलि पूंद्यउ, प्राणि ली निधान । मई मारी मंगल दल भांज्यां, ली ऊच मुलताण ॥ चीण भोट दंडूर देसपति ढीली अलग ल्यावइ । ढोरसुमुद्र लगइ मोडोधा अम्ह घरि दंड ले आवइ । कलवगुंद्र नइ आनागूंदी, वेदर देस तिलंग। वुहुरइ सान पान जिहां पहिरीइ, वाणी वोलइ चंग ॥ एहवी भूमि विपम मई चांपी, पांडा प्राणइ लीधी। देवगिरि जे राउत रामदे, तिणइ बेटी दीधी। ७१ ७० ६७ हींदूस्थानी em-हीथानी A, हीदूरशानी B I K, हिंदूस्थानी ०, हींदूस्थांनी D, मइ हीदांनी . क्षनइ-नि B, अनई D, अनि I H. पंडू-पट्टया A, पाया B, पंडीआ , पूंडुआ H, पांडूया र, पाडुआ K. लीधा-लीधE A, लीध BD, लीधु H, मई-मइ A H K, मि B C I. कासमीर-कास्मीर BO D. कामरू-कामरु ०, कामरू , हिमाचल-हेमावल DJ. गौड-चौड D, चूल I, गोढ र, गोट र, लगह-लगि BOT, लगई DK, लगिरि . वसि-वस 0 कीधा-कीध B D. I omits vss 67 bto 78i qr. ६८ पुरासाण-पुरासांण A 0 J. मई-मइ A K, नि B, प0, मि . पुरतलि-पुरातलि A, 'पुरातलिम C. पूंघउ-घुघउ A, बूंद, B, चूंदिउ , धुंधु D, पूंर्दू . प्राणि-प्राणि DI, प्रांणइ र, लीउ-लीॐ , लियु र. निधान-धनधान A, निधान DI K. मई-मइ A, मि B, मि. मुगल-मूंगलना A B, मुंगल D K. भांज्यां-भागो A D, आव्या 0, भाज्या I, भाजी K. लीउं-लीउ C, लीऊ , लियो K. उच-ऊच 0D, उच K. मुलताण em-मुलताण A, मुलतान BC, मूलताण D, मूलतान , मुलताणि K. ६९ चीण-चींण A. डूर-डूगर A, लटिउ B, दहूर , डूंगर २. देसपति-देसप्रति c, देशपति , दशपति K. ढीली-हीली , ढिली र, अलग-उलग A K. ल्यावइ-आवइ A, आवि B C, ल्यावि . दोरम्मुद्र- पूरव सुमुद्र A, ढोरसमुद्र C D K, ढोरसमुद्र , लगइ-लगि BOJ. मोडोधा-मुहुधा BDI, मुडाधा 0. आम्ह-अह्म B C D. दंड-पेसक C, दंडा D, डंड I. ले भावइ em-ले आवई A, लेई भावि BI, लई आवइ D, पठावइ र. ७० 0 omits vs 70 क्लवगुंद्र-क्लवरउं B, कलवरगुं D, केलवरगुड I, कलवरग र. नइ-...s, अनइ D, अनि उ आनागूदी-आनागूदी A, उनादी B, अलवरगूंदी , आनागुंदी र. बेदर देस-बेदर देश DIK. तिलंग-निलंगा B, तलिंग D बुहुरइ em-वहुरइ A F K, वुहुरि B, बुहरिं D, बुहरि . खान पान- सोना पान B, सान पान DI, सान पान K. जिहां-जिंहा D. पहिरीइ-पहिरीई 4, वुहोरि B, पहिरई , पहिरि , पहिरइ K. वाणी-वाणी DJ. बोलइ-वोलि BI. ७१ एहवी-एही A DK भूमि-भूमि B, भोमि उ. विषम मई-विषमइ A, विपम मि BI, विषम मि। ० विषम मइ र चांपी थापी 6 पांडा-पाडा A Y प्राणइ em-प्राणि A B, प्राणि O BI, प्रागइ x. लीधी- लीधा B K, लीधा 0 देवगिरि-देवगिर A, देवगिर B D, देवगिरी C. जे राउत-जे राउ4, जे राउल B, रजपूत , राउत D, जो राउत K. निणइ-तेणि BC, तगई D, तीणि , तगइ A. लावि, ७७ N 7 द्वितीय खंड ऊडणभमरा माहि जे विसमा दरीया भीतरि वेट । सिंघलदीप तणउ जे राजा हाथी पूरइ भेट । कूची कलहथ जावामंदिर, हरमज विसमा ठाम । तेह तणा माल अम्ह धरि आवइ, ते अम्ह करइ सिलाम ॥ ७३ सेतबंध रामेस्वर सुणीइ, वानरि वांधी पाज । वरतइ आण तिहां जण माहरा, इसू अम्हारूं राज ॥ विपम दुर्ग मई सवि पालटीया भरतपंडि भडवाउ । जालहुर गढ विसमउ सुणीइ चाहूआणनउ ठाउ ॥ आगइ चार विच्यारि हराव्या, तुरकि न लाधउ लाग । मोटे राजि लाज अम्ह आवी, एहवु हईइ पइराग ॥ ७४ ७२ c omits vs 72. ऊडणभमरा-ऊडणभमर B D, उंडणभमर , उडणभमर K. माहि जे-माहि 4, मिभ B, माइंभ D, माहिम I. विसमा-विसमां D. दरीया-दुरीया D, दरीयां र, दरिया . भीतर-भीतरि K. ii १r in Bis: सही भीतरि घेह. सिंघलदीप-सींहलदीप A, सीगलद्वीप B, सीपलद्वीप D, सींगलद्वीप . तणउ-तणु B D I. जे-ते B. पूरइ-करि ते B, पूरि उ. भेट-मेटि , । ७३ कूची em-कुची A, कुंची B, कुंची C D, ऊच K. कलहथ-कलहत्य AI, कलथम , कुलहा र. भावामंदिर-जावामिदिर A, लापामंदिर , जावामंदिरि , जावामंदिर K. हरमज-हिरमज D. विसमा- विसमा लीधा ०, वसमा 1. ठाम-ठांम B D H I K, ताम 0. अह्म घरि-घरि A D, मुझ घरि , व परि H. भावइ-आवई A, आवि B 0 1 . ते-तेह ०. भम्ह-अह्म घरि B, अझ 0 D I. करइ-करि BO H . सिलाम em-शिलाम A, सलाम BO, सलाम DH, सिलाम J K. ७४ सेतबंध-वतबंध B, खेतबंध 05K, सेनबंध H. रामेस्वर--रामेपर A, रामेश्वर B. मुणीह- सूणीइ , मुणियई र. वानरि-वांनरि A H 3, वानरे B, वानर , वानरि K. यांधी-वाधि D. वरतइ-वरति BOE . माण-आंग C D E I K. माहरा-माहारा B, माहरी र. इसू-इस्यु 0 D, इमुं , र. मम्हार अह्मा B, अमार ODI, अमार 1, अम्हारो K. ७५ विपम-विष R. दुर्ग-दुरग &, दुर्ग B D E K, देस ०. मई-मइ A K, मि B, म 01 . सवि- सवे । K. पालटीया-पालटीआ , पालट्या 1 K. भरतपंडि-भरतपंड 0 DJ, भरथपंड K. भडवाउ- मडवाय AC, भडिवाउ K. जालहुर-जालोर A, जालहुरउ H, जालउर K. सिमउ-विसमु BODI , विसमो K. सुणीइ-मुणीई D, मुणियई K. चाहूआणनउ-चाहुयान A, चाहूयागनु छ, चहूआण्यनु 0, चहुआगनु D, चहूआणातूम, चहूआणनु , चहुआगउनउ K. ठाउ-ठाय BO, ठाम A. ७६ भागह-आगि B G H I. चिच्यारि-विरार BI, वेय C, रिच्यार II, विच्यार K. नुरकि-नुगके 1, तुरके 0 DK, लाघउ-लाधु B C D II, लहिउ J. मोटे-मोटि , पोर, मोट3 5. राजि-राजे B, राज K. लाज मझ-लाज A, अझ लाजज । भावी-आवि B H, लागी . एहयु हइंह-एहाइ टुइ A, हईइ ययु म, एम बोलि हईइक, एहवं हईइ D, एह ही 1, एह हुई है. यहाग-विराग DOHI, वयराग D.

७८ . सोनगिरु B, कान्हडदे प्रवन्ध आणि वार जालहुरि जईनइ, तेज अम्हारउं दाणूं । कइ सोनगिरि पालटूं प्राणि, कइ अम्हे आयुध नापूं ॥ ७७ पातिसाहि जउ करी प्रतिज्ञा, नइ दीध फुरमाण । पाटण हूंतु पान तेडावउ, इम वोलइ सुरताण ॥ ७८ कासीद तेडी छडे पीआणे, पाटण भणी चलाव्यउ । थाणदार जउ साम्हउ आवी, सिरि फुरमाण चडाव्य ॥ ७९ वांचिउ लेप सजाई कीधी, तेडाव्या सोनार ।. सोना तणउं कराव्यूं मंदिर, वारू पोलि पगार ॥ पावन मण सोना तिणि लागा, पानि सरीसउ लीधउं । ढीली नगरि जईनइ भेटइ पातिसाहनइ दीधरं ॥ ७७ माणी-आंणी D H I. वार-वारि B I. जालहुरि-जालरि A, जालहरि , जालहुरि , जालउरई र. जईनइ-जईइ BI, जाईनई D, जइनि , जाई K. तेज-तेजी 1, अम्हार-अमारू B, अह्मा 0 0 I, अमार H, अम्हार K. दापूं-दापु BH, दा OD K, दापू . कइ-कि BI, कि जई , कटि H. सोनगिरि- सोनगिर H K. पालटूं-पालटु 0 D K, पालटु म. प्राणि-प्राणिं B,...०, प्राणि DH, पराणि र, प्राणइ K. कइ भो-फ्इ A, कि अह्मे BOI, कइ अझ K. भायुध-आयध सवि A, आउधE. नाy em- छांई A, नांपू BI, नाषू 0 HK, नापुं D. ७८ पानिसाहि-पातसाह , पातसाहि B 0 H, पातशाह , पातिसह K. जउ-जु B C D E I. करी-करीय A, करि D प्रतिज्ञा-प्रतज्ञा A, प्रतन्या 0 H K. नइ-नि B, अनि 04 I, अनई D. दीधउं-दीधू B, दी30, दिउँ D, दीधुं K, हवू . फुरमाण-फुरमाण A, फरमांण ODI, फरमान H. पाटण-पाटणि र, पाटण र. हूंतु-हूंउ A, थकु 0, हुतु D, हुतु म, हूंताप, थकउ K. पान-पान B D H I K. तेडावउ-तेडा B, तेडावु 0 H J, तेडाव्यु D, तेडाव्यउ र. घोलइ-बोलि B C H J. सुरताण-सुरताण C D E K, सुरतांन . ७९ कासीद-कासद BO H, काशिद D, काशद उ. तेडी-तेड्या , तेडि D, षड्यउ K. पीआणे-पीयाणे A B, पीआणे 0 H, पीयाणे D, पिआणे K. चलाग्यउ-चलाविउ B, चलाव्या C, चलाव्यु D, चलाबुE, चलाव्यु . थाणदार-थाणदार C D I K. जउ-जु B C H I, ज्यु D, तबE. साम्हउ em-सांम्हउ 4, साहामु BI, साहमु C, साह्यं D, साहमु , साम्हइ K. सिरि-शिर A H, शरि , सिर K. फुरमाण-फुरमांण CD IK, फरमाण 1. चडाव्यठं em-चडाव्यू 4, चडाविउं B, चढाव्या 0, चडाव्यु D, चडाउ H, चडायु , ८० वांचिउ-वायु A, वाची ०, वाच्यु D, वाची K. सजाई-सजाइ म. फीधी-किधी D. तेडाव्या-तेडान्यु c. सोना तणउं-सोना त" BI, सोना तणु 05, सोना तणु D, सोना तणू 1. कराव्यूं-कराव्यु 0 K, करावई D, कराविउ H. वारू-वार II पोलि-पेलि K. ८१ बावन-बावन्न सई 0, वावन H. सोना-सोना H. तिणि-तिण A, तेणि C D. लागा-लागां H I. पानि-पानि A DJ, पानि B, पान H सरीसउ-सरसं 0, सरिW D, समु II, सरीसू , सरीस K. लीधर्ड em-लोधउ A, लीवू BI, लीy C D H K ढीली-डोलि 0, ढिली K. नगरि-नयरि B, नगर . जईनइ- जईनि B C I, जईनई D, जइ H, जइनइ K. भेटइ-मेटिइ B, भेट्यु , भेटे D, भेटि , भेटिउ . पातिसाहनइ-पातसाहनइ ३, पातसाहनिं B, पातसाह मान C, पातसाह भल D, पातसाह H, पातशाहनि . दीधउं-दीवू RD I, अपूरव मलगू कीp H, दी र. चडाव्यउK.

१ ८२ द्वितीय खंड चिहुं गमे ऊपल्हाणा धाया, पातिसाह फुरमाणि । राणा राय मलिक मुडोधा, पान बोलावी आणइ ॥ गमे गमे सहूइ दलि आव्यउं, चडी चाल्यउ सुरताण । जिहां मुकाम दीइ तिहां रूंधइ, सात कोस मेल्हाण ॥ हाथी सहस विच्यारि पापरीया, घंटा घूघरमाल । पाए सांकलां करइ पलूका, कुंभस्थल सुविसाल । श्रावण मासि ऊनया दीसइ जेहवा काला मेह । गयवर ठाठ चालंता दीसइ, जोतां नावइ छेह ॥ सालिहोत्र जेहनी कसुटी, तेहया कोडि केकाण । गढ जालहुर भणी सांचरीउ साव दलइ सुरताण ॥ ८४ cy ८२ चिहुँ-चिहो H. गमे-गमई D. उपल्हाणा-ऊपलाणा A, रूपलाणां D, उपलाणा , ऊपलाणा , पलाणा K, पाया-फेस्या. पानिसाह-पातसाहि A, पातसाह BODH, पातशाह र. फुरमाणि-फुरमाण A, फरिमाणि ०, फरमांणि D H I. राणा-रांगा A J K. c transp as रायराणा; r as रायराणा. मलिक- मललि H. मुदोधा-मुडघा B DI, मुडाधा , मोडोथा .. पान-पान A C D E E, पान उ. बोलावी- बोलाव्या K. आणइ-आणई A, आणि BO, आणि D E I, अंणि K. ८३ गमे गमे-गमे २ BOD . सहूइ-सह ( 1 I, सहूई र. दलि-दल BO E I, दलमा D. भाव्यर्ड- माविउँ B, भाव्यु C D K, आयूं उ. घडी-चढी B 03, चडि 5. चाल्यउ-चालिउ 4, चाल्यु , चाल्या र. सुरवाण-मुरतांण I K, सूरताण H. जिहां-यहां C. मुकाम-मुकाम D E I K. दीइ-दिइ र, यह K. निहां- तिहां D, तिहा H, तिहं K. रुंघइ-स्थाई A, संधिइ B, संधि ०, रधि 1, रूधि 1. सात-सात सात म. कोस-कोश D. मेल्हाण-मेहाण B, मेल्हाण D , मेहमेहलाण H. ८४ सहप-सहिस BK. विच्यारि-विच्यार 0 HIE. पापरीया-पापरिया B, पापया HD, पाथरीआ उ. घरमाल-युघरमाल A, घाघरमाल B, घूघरमाल 5. पाए सांकलां-पय साकही B, पाए सांकल H I, करह पलूका-पलाई A, करि पलका BI, करि पलकता , परा पकइ K. कुंभस्थल-भस्थल H K. सुबिसाल- सविसाल A, मुविशाल BODI, विसाल 1. ८५ ऊनया नया CIK, उनया 1. दीसइ-दीसई A, दीनिइ B, दीपि CI. जेहवा-जेहा A D, येहवा . काला-काली A B मेह-मेहा D, मे. गयर-गइवर A, गयमर B, गदमर 1, गयंवर , गमे गमे K. ठाठ-घाट A, ठाठि B, थाट 5. चालंता-चालता A, चालता ८, चारती उ. दीमइ-दीमिद BI, दीसि O I, दीसद D. जोतां-जोता , जाता . नाघइ-नावि B CHI. In Krs 86 precedes 85. ८६ सालिहोत्र-सालहोत्र A, शालिहोत्र B, मालिहन H. जेहनी-जेहे B. कमुटी-सटी A, कमुटीए B, कसवटी K. तेहवा-...B, तेहा D K, तिशा n. केकाण-केाग 0 D N K. गढ-गदि ०. जालदुर-जालोर 4, जालहुरि ८, जालहर , जालहुर २, जालहर 5. सांचरीउ- साचरियां A, साचार , साचा । सांचरिया K. साय-एहवि , सवे D. दुलइ-दलिं B, दलेि 0 DHI, दली ई. मुरताण-पुरताण 01, सूरतांग 1, मरिताण K.

८० ८८ कान्हडदे प्रबन्ध भोई मेहर अनइ लाठीया, चालइ काहर कमाणी। च्यारि सहस साथइ सांचरीया वहइ पपाली पाणी॥ त्रीस सहस कटकीया वाणीया साथइ वस्तु चलावइ। गाडे चडी चालती घाणी घांची पेडत आवइ ॥ मोची गांछा नइ सतूआरा, साथइ चालइ माली । दरजी बाबर ऊड चालीया, च्यारि सहस तंबोली॥ वगनीघडा कावडि चालइ, भाठी वहइ पमार । पांच सहस चालइ भठीयारा, घाटघडा लोहार ।। सवे सिलावट सांचरइ साथि, छोह वहइ चूनारा । चालइ युहरा कागलकूटा, हीर तणा तूनारा ॥ ८९ ९० ९१ ८७ भोई-भोर 1. मनइ-नि BI, अनि 03, मइ K. ठाठीया-ठाठरीया B, ठाठीमा ०, ठाठीओ , मठिभारा K. पाला-चालिइ , चालि On I. फादर-कहर , काहार 10. कमाणी-काणी 01, कमाण २. स्यारिप्यार 0 K, पार 1. सहस-सहिस र. साथइ-कारीगर साथि A, साथि B, सायि ॥ 1. सांधरीपा-गाचरिया A, साचरीआ I, सचरिआ .. पहा-वहि BOn 1. पपाली-पपालीया A, पपाळे LIK. पाणी-पांणी AOD K. ८८ श्रीस-वीस B. सहस-सहिम BK. कटकीया-कटकई र, कटकीआ n, वाणीया-वांणीया , वाणीमा K. साथ-साधि AGRI, साथि B, ाथिइ D. यस्तु-पन्न AK, घस्वर . घलावा- चलावि ON I. घडी-चढी ०. चाटनी चालती .. घाणी-पाणी DJK. घांची-पाची पेरत- पेटता 1 D, पेटता . भारह-आरई , आविइ , मावि 0 1. ८९ गांसा-गो K. नइ-नि B, अनि on , अनइ र सत्मारा-सत्यूपारा A, सत्यारा , सधूरा ॥, फतूभारी . सायह-साधि A CII I, साथि VD. धारद-यालि BOIL , चालइ सात्या पाल । थायर-नारिका-टे 1, इंट, टीपा K. घालीया-चडीया , चालीआ ॥, पालीभारपाया र. प्यारि-च्यार 01, स्यारी D. सहम-रादिग H. संबोली-ते पोती , तोली . ९. गनीया यदीपना, पगनीयोटा . कारि-कावटे A, , कार्याि. पाला- चलागि, चार D, चादि. माठी-माठा K. पदह-यदि A DOD I, परि. पमार- पुमार . पाप-चोर ॥. महस-राहिम BK. पारद-यदि , चारि , घाटे , पालि . मीयारा- भठीमाग 01, मटिमारा K. पाटपता-पाटदिन, पारपीहार-गोनार 1. ११ गिर-गट DO II, सरस्टर, हिरपट K. सपाह-रि BH, पानिक, साप, मंगा. साधि-गाnि. c transp as माथि पालि; Kas माधि मेच. पोर-अनि प्रेम पार-बहि 001, पद पूनारा-पूनार , नारा , पूनार . पाला-चार A, भावि Bon. पुरा-गुरा नि , योग, युगबग हीर-हीरा . मा-TD, तमिदनारा-ताए AOD,नार DE,नार : द्वितीय खंड ९२ लाप,विच्यारि वाणिजू चालइ, वार लाप.उलगाणा । करकटीया हवसी भाथाइत, फरसीधर सपराणा ।। दल चालंतां धरणी कांपइ, सेप न झालइ भार । : सायर तणां पूर ऊलटीयां, जेहवां रेलणहार ॥ - ९२ बिच्यारि-विच्यारि D, बिच्यार H, विच्यार .. वाणिजू-वाण A, वाण B, वाहिडि ,वाहणि D, वाणिजू 1 K. चालइ-चालई A, चालिइ B, चालि D H I. C transp as चालि वाहिडि. पार लाप- भार सहस 03, साठि लाष E, असी लाप K. उलगाणा-उगगांणा A, उलगाणा BE I, उलगांणा CK, उलगाणां D. करकटीया कटकटीया D, करकटीआ H, कनडा K. भाथाइत-भाथायत ०, भयाइत D, भयायत HI, अनइ भयाइत र. फरसीघर-फरसी वहइ A, फरसी धरइ K.सपराणा-सपराणा A CRE, सपराणां D. After vs 92 E interpolates the foll vss : : वजीर मलिक सवि एणी परि बोलि चलु मेरि भाय । पातसाहा सपं काम बहुतेरे चलु कटकीइ जाइ॥ सवदवेध सीधूआ बोलवु कनोजा करवाणी । जस देपि महू थरहरि धूजि इम बोलीइ सूरताणी ॥ हवसी पतन नेजा वाजो टोप धरि सो रोमी । कावरचीतर काविल आया घश हथीआरे रोमी ॥ पलकपहरि कावली आया मोटा मोगर साथि । टूकडे टूकडे पाछे न वुडइ घाउ दीइ बहू भाथि ॥ इथू वी इणि परि वोलि बोलावु मीर साजी । वडी फोज ता तीसकी कहीइ मला रेवंत छइ ताजी ॥ ताजू राजू छोग वेगाला मीर अवूजी साथी । तरकस वंदी पीर जी वहीइ माहि महिमुदीआं भाथी ॥ अंगा रंगाउलि टाटर टोपी जीवरपी सनाह । वगतर पहिरि वपन आया बयरीआके सिर घाउ ॥ भाते पंधि चमरज सोहि मांकहीइ मुछाल । करडी आपि वराह न दीसि असवारी वेढालु ।। पारकरी संघूआ कहीजि पुरसाणी केकौंण । महुडा नील अनि माकडा सवार ताजी सपरांगा । टूके काने भूगरमेला ते कायरा किहाडा होइ । मफडद अतिहि पतंगीआ ते पुहुला चंचल सोइ ।। कालूआ कीसोरा कहीजि ताजी उंमा हीसार । रेवंत दीति रलीआमणा मन्या सप न पार ॥ अलची पलची अनंइ कनोजा सरव दीसि मीर सादी । वाधी वाहणि जे कुडी मन्या पंचाइण वादी। पलची पन वडु पलपलीइ भजबलि वाधु ठाठ । पहली फोज आपणी चलावु जे जालहरनी वाटि ।। ताम सुतु मस अनि तिलवटु सावदीन मीर बूटउ ॥ विमणी झूझ अगि आगला मिमता दीसि मुगला । रोमी हवसी सीदा रान मीर मलिक नि पोजा पनि ॥ पाइ मागि मद पीइ सलार आपआपणु न जाणि पार । बोली गयर वयर पारसी नेजा झयकि जिम आरसी ॥ घोडा मायां चित्रा पाय जाणे वन माहि बुझ्या वाघ । जादी गडदन नानी अपि गगनि ममता मारि पंपि ।। नापि तीर कोस भुंइ वहि तेहनि मुपि कुण ऊभु रहि । जरहिनीग पूरा सजोह अगि घा ऊपाडिउ लोह ।। मोटा मलिक तस्यु भाइ तीरतीतारे रोटी चडइ । मारि मीरक करि घण घाय भागसिला दो अंबा थाइ॥ चालिउ दल मुलतानी टाठ न गणि ऊबट न गणि वाट । चालि दल पातमाह तणू नदीनीर पुटवइ एणू ॥ पुरतालि धरती पहाडि लादि सवागज धरती चडि । गाम सीम जु जाणू वाट तु जालहुर बाधित ठाठ ॥ सरली मुडि दीपता हम्ती तणा सगगार । कोटिड घूघर घनघमि घंटारव टणकार ॥ माता मयगल मतगयंद सिगलदीप तणा सोरंग । अनलीबल आ रोणि अपार एहवा मलीआ लाप भहार ॥ तेहनी पापर तणी भली पयरि कनक देतमाल जीओसयरि। अपगडी नेना महत सनाह रवि छायु सेन चाल्यु जाय॥ साथियी नादि गोला चालि ला लइ मझमु वाइ। गामगामना सीमा सेदि भली मेहली हवाइ । ९३ घालता चालता H, धरणी-धरती : कांपह-कापई AD, पिइ , कापि CH. सेप-दोष BD K. सालद-झालि BOHI, झीलइ I. सायर ता-सायरना B, सायर तगार.पूर-नीर 1. उलटीयां- झलइलीयां A B, झलद्दलीआं 1, उल्टी, लटिया र. जेहवां-जेहवा B H, जागे O DIK. 11 ८८२ . कान्हडदे प्रबन्ध 'बरगां ढोल नफेरी वाजइ साथइ सहस अढार । जांगी ढोल नीसाण ध्रसूकइ, सुणीइ जोयण बार ॥ पडइ त्रास भडवाय तुरकनइ, देस दहोदिसि नाग । घणा दिवस दल मारगि चाली मारूआडि मांहि पइठा ।। झाझा नीर सरोवर मोटां, दीठां वारू ठाम । पहिला दल समीयाणे आव्यां, कीधउं पाद्रि मुकाम ॥ असपति राय इसूं मुपि वोलइ, आ गढ लीजइ धुरि । पाडी भेलि मेल्हीइ थाणूं, तउ जईइ जालहुरि ॥ लोक सवे नासी गढि चडीया, तुरके तलहटी रूंधी। गढ ऊपलिङ राहवणूं वारू, भली सजाई कीधी ॥ । ९४ बरगां-बणगा B 0, परंगा D, वरंगां , बरगु K. ढोल-इंडि B. वाजइ-वाजि BO H I. साथइ- साथि B DI, साथि 0 H. सहस-सहिस BK. जांगी-जागी H. नीसाण-नीसाण B, नीसांग 0 DH, नीणां 5. ध्रसूकइ-ध्रसूकिइ B, ध्रसूकि 01, ध्रमुकइ D, द्रसूक्या , सुणीह-सुणीइ ०, सूणीइ E, सुणिई र. जोयण-जोमण H K. ९५ पडइ-भडि B, पडि O RI. घास-त्रासि B. भडवाय-भडवाइ AG, भडवाउ D, भडिवाउ K. तुरकनह-तरकनइ A, तुरकने B DI, तुरकाने , तरक्ने H, देस-देसह A,...J. दहोदिसि-दहदिसि A, दसोदसि B, दहोदसि 0P, दहुदसि H I, दहुँदिसि K. नाठा-नाठां B, नाहाठां जाइ . घणा-घणां B, घणी . दिवस-दिवसि उ. दल-माहि H, दलि र, मारगि-साथि B. चाली-चालिया A. मारूआरि-मारूयाडि B, मारुआडि H. माहि-माहि A H. पइटा-पिठां B0, पयठा H. ९६ झाझा-झाझा B. सरोवर-सरोवरि H. मोटा-मोटा 0, दीठां H. दीठा-मोटां , वारू . वारू- उत्तम प, वारु म. ठाम-ठांम B H I K. ii qr in D is: वारू जो वली ठांम. पहिला-पहिलं B, समीयाणे-सईवाणे A, सेवाणि B, समीआणे C, समीयाणे D, सिवाणइ 1, समिअंणे K. भाव्या-आव्या D. कीधउं-कीबूं BI, दीधु ०, किधुं , कीy H, कीधउ K. पादि-पाडि B. मुकाम-मुकाम , मुकाम D H I E. ९७ इसूं-इस्यूं B, इसु 0, इस्यु D, स्सु , इY 1, इसइ K. मुषि-मुखि B. बोलइ-बोलिइ B, बोलि HI. भा-ए K. गढ-गिढ H. लीजइ-लीजि B C I, लीज्यइ र. धुरि-धूरि र, पाडी-पाडीइ ०. भेलि-भेल DHIK मेल्दीइ-मेहलीइ B p H I, मेल्हीई ०, मेल्हिई K. था-थाj AO K, थाणुं D. उ-पछि B, तु C D E I. जईइ-जइइ , जईयइ R. जालहुरि-जालोरि A, जालहोरि B, जालहुरउरि H, कालहरि . ९८ नासी-नासीनासी H, नाहासी । गढि-गढ D, गिरि , घडीया-चढीया B0, चडिया D, चडीआ चडिआ K तुरके-तुरके D, तुरकि H. तलहटी-तलहटि A, तलहिटी H. रूंधी-लसी A, संधी 0 DK, रुथी H. पलिउ-उपारे लीउ A, ऊपरिलि B, ऊपरि , ऊपल्यु D, उपलिउ H, उपलु K. राहवY em- राहवणई A, रावण B, रहावf ०, रहवाf D, रावण न, रहिठाणज I, रोहण F. वारू-यास ०. समाई- III, सजाइH.

१०० द्वितीय खंड साठि वरस वावरतां पुहुचई धान तंणा कोठार ।' समीयाणे सांतल सपराणउ, मांहि भला झूझार ॥ सूका पड चिणानी पूली, कोरडि कडव अपार । पांच सहस सांतलनी वालि वांध्या चरइ तोपार ।। काठी लूण वरस सु पुहुचइ, ऊपरि भली सजाई । पहिलइ पुहरि विपुहरे सांझइ, साद पडइ भुजाई ।। पाणी भरियां सरोवर ऊपरि, नीठइ नहीय लगार । जउ आकासि मेघ उलीचइ, तुहि न आवइ पार ॥ गिरि ऊपरि गढथाहर विसमी, विसमा पोलि पगार । ऊंचा कोठा घणी फारकी, वली ति विसमा मार ॥ १०१ १०२ 03, ९९ साहि-सठि H. घरस-वस H. पुहुचइ em-पहचइ A D, पुहुचि B H I, पुहचि , पहुचइ 5. धान-कण BODH, धांन . xs commences from vs 99 ii qr. समीयाणे-सैवाणे B, समीआणे समीयाणे , सइवाणइ 1, सयवाणे र. सांतल-सातल A F K L. सपराणउ-सपरांणउ A K, सपराणु B, सपरोणु C H I, सपरीण D, सपराणो .. माहि-माहे D, माहि E L, माहे K. शझार-झंझारि L. १०० सूका-सुको , सूको D E I. पद-पडनइ A, कड C. चिणानी-चेणानी , चणानी D, चीणानी H, चिनी 5, तणीनी .. पूली-पुली D. कोरडि-कोरड L. कडय-करड A. अपार-अपारई .. पांच-त्राणि H. सहस-सहिस BK, सहस्त्र . सांतलनी-सातलनी AL, शांतलनी ०, सातलना र. वालि-वालि BP,' चालइ र, पालइ L. यांध्या-बाधा A. चरइ-चारे B C H I, चरई D. तोपार-तुषारइं .. १०१ सु-...A, सउ K L. पुहुचइ em-पुहचइ A L, पुहुचिइ B, पुहचि ०, पुचि 1, पुहुचि र, पहुचइ K. सजाई-सजाइ B. पहिलइ-पहिलि B C II, पहिलई D .. पुहरि-पुहुरि B H , पहुरि , पुहर .. विपुहरे-बिपहर नइ A, बिपहुरे B, साद पडातु 0, बिपुहुरे D, बिपुहुर नि र, विहु पुहरे L. सांझइ-साझि BOH I, सांझई D. साद-. ., सादि .. पडइ-पडई ३, पडि B 0, पाडि I, पडिइ I. D E transp as पडइ साद; transp as पाडि साद. मुंजाई-भूजाई A, भुजाई B C D, भूजाइ 1, भुजाई ... १०२ पाणी-पाणी C DI K. भरियां-भरीया A, भस्या C D, भरीउ H, भरवा - L. सरोवर-शरोवर 0. नीठह-नीठि B 0 HZ, निठइ K. नहीय-नहीं B, नहीं 0 L, नहींई D, नहीअ H I. लगार-लगारिस, लिगार K, लगारिइ ८. जउ-जु B C HR, MD, जो L. आकासि-आकाशि A B, आकाश , आकाम Kr. मेघ-मेह D E, मेग H. उलीचइ-उलींचीइ A, उलेचि BI, उलेचइ ०, ऊलीचइई D, अलीचि H, अउलीचइ K. तुहि-तही A, तुहू H, तउ ही E, तुहे L. न-नइ D,...I K. भावइ-लाभइ A, आवि BI, नावि II, नावद . पार-पारइ L. १०३ गिरि-गढ A B, गिर L. उपरि-उपरि 1, गढ यादर-वलि विसमी A, गिरि थाहर , गढ विसमु 1. विसमी-थाहर A, विसमु, विसमा-विसमी ODH. पगार-पागार A, पगारि .. iii ऊंचा कोट प जउ दीसइ. उंचा-ऊवा A 1, उंचा फारकी-मांडणी . वली-बलीय ., वलती K. ति-... L.विसमा-विसमी . मार-वार , झुझार 4 qr in k is कान्हडदे प्रबन्ध चडी त्रिकलसइ सांतलि जोयूं, दीठउं दल सुरताणी । गढ तलहटीइ सरोवर पालि हाथी बांध्या आणी ॥ १०४ ठामि ठामि सावाण सिराचा, डहिली नइ एक चोई । ऊंचे थांमे वारगइ दीधी, वेह तणी परि जोई ॥; १०५ अलंब नेजा घणा मरातव, जोतां पार न आवइ । सांतलनइ मनि साहण देपी मोटउं अचिरज भावइ । कटक तणी सामगरी दीठी, सांतलि करिडं वपाण । धन्य धन्य दिन आज अम्हारउ, जे आव्यउ सुरताण ॥ १०७ कोठइ कोठइ कस्यां रपोपां, मोटा गडा चडाव्या । चाहूआणि चिहुं पासे भीति भला यंत्र मंडाव्या ।। १०४ घडी-चढी BOL. ग्रिकलसह-त्रिक्लसि B, त्रिफलसि , त्रिक्लसई DL, निकलसे . सांतलि- सातल A, शांतलि , सांतल H, सातिल K. जोयूं-जोउ A, जोयुं D E, जायु घ, जोवइ .. दीठउं-दी B, दीतूंग, पीटउ L. सुरताणी-सुलताणी A, सुरताण 0 DK, सूरताणी :, शुरिताण L. तलहटीह-तलहटीय A, तलहटी ODI K L, तलहिटी 1. सरोवर-सारोवर II, सरोवरि .. पालि-पापलि A, पालिं BD, पालइ , पालिई प. बांध्या-पापा A, वाध्या .. माणी-आणी AC D HIK. १०५ ठामि ठामि-ठामि २ B II L, ठामि २0P I K. सायाण-सावाण 01, सायन . सिराचा- शिराचा B., सराचा 0 0 1, शराचा . दहिली-डहली A K, डहि B, दिहिली , हद्दल .. भइ-नि on r,..... एक-दक K, कसते .. चोई-चोइ BH, छोई 0 DI, सोई 1. ऊंचे-ऊंचे ०, ऊचे , तेय .. थामे-ठाभि , यांमि K, म .. यारगह-वारगि 103, घरगइ , वारगिरी .. दीपी-दीसिइ छ, दीठी D, दीपा L. परि-पणि A, परि ०. जोई-जोइ BIL, आई .. १०६ मलंय-या ODI, आलंय 1. नेजा घणा-नेजा घर्गा A, घगा नेजा 00, तेज पागा L. . मरात-मुरातव A, मराताय L. जोता-जोता 01. भाव-आवई , आवि BOT I. सांवलना- सातलनइ । र, सांतरनि BRI, शातलकि ०. साहण-हिण AIK, पाहण 1. मोटउ-मोटू प, मोद 01 K, मोटो .. मचिरज-अचरिज C K, अचिरित D, अचइरत n, अचरज L. मायइ-मावि 2011. १०७ तगी-नी .. सामगरी-गमगिरी A, गांमग्री B, सामग्री D I L, सजाई , सांमगरी इ. सांवलि- सातलि , सतिल B H I, सातल .. फरिउ-पीई A, करि BI, क D, परिउ 1, वराउ K, पनोउ .. पराग-यपोण C DIK, घसाण L. धन्य धन्य-पन A, धन पन , धन २०४८, पण २०, प्पन प्यन ॥, धन्य ३ . दिन-दीह A, भान-एहउ A, आजून C. भम्हारट-अनार 10,...c, प्रमादरा, भम्हारो .. जे-जोता c, ओ L. भाग्य em-आय्य A, आविउ B, आय्यु न, आम्या , आप्याउ K, प्यो .. मुरताण-अरावरीन मुरताण , मुरताण D, सूरांण 1, मुरतांन , मरितांग , धरिताण .. १०८ कोटर बोरह-कोटद PAD, पोटो B, बेठि १CHL, मोठि र, कोटइ ग्रेट इ. EM-कोई , परियां , पराल, करी , छीना , होइ , रोपा-पो ३, रसोपा 01, रोपा मनोपम . मोरा- मोटो . पापा पाया .. शाहमाणि en-याहूयमी, पापानि , पांगे , थाहभाग, विमापे , बहभानि , पाहुणेर, पाहुभाग .. पिहुं-ह... पासे-पाशे . भानि-भीते , आरि मीति , मी DIKE, गीति . मसम्पा-यदाम्या A.

द्वितीय खंड ९ -- चड्या रणि मारइ॥ ऊतावली दीकुली उपरि पासे मांडी मूंकी। आपापणे ठामि सहूइ नित राति जागइ चउकी ॥ ऊपरि थिका ऊतरइ हींदू, विलगइ रातीवाहि । दीहइ वली सइंफलू मांडइ, आवइ चउपट घाइ॥ नित नित सूंडीनइ गढि आवइ साव दलइ सुरताण । नित भिडइ रोसाला राउत, नइ सांतल चहआण | १११ हीदूतुरक पडइ पोसाता, नित नित वेढि ऊतारइ । 'नितु ऊठवइ एकमना राउत, रोसि ११२ वानर तणी परि झडपीनइ एक चडइ गढि धाई। माझिम राति कोट ऊपरिथी आवइ कटकि हवाई ॥ ११३ १०९ ढीकुली-ढीकली B D H I L, डिंकली 0. उपरि-पापलि B. पासे-पासेइ L. मांडी-माही , मंकी-मुकी H, मुंकी र, मूकी L. भापापणे-आपआपणे B I L, आपापणे K. ठामि-सठामि A, ठामि B, ठामे O DH, ठांमे J K. सहूइ-...०, सहु र, सहू .. नित-...B, नियिं C, नितु D, नत H, नितु २१, निति र. राति–राति B, रातिइ DL, रहि , रातई K. जागइ-जागि B H, जाइ C D, तिहाँ उ, जाई, जागो L. चउकी-चुकी BD HI. ११० थिका-थकां A, थका C K L, थिकां उ. ऊतरह-ऊतरि BE I, ते ऊपरि , वे ऊतरई , उतरइ L. हींदू-ही, D, हीदू H I L. विलगइ-वलगिइ B, वलगि C E I, वलगई D, लागइ L. रातीवाहि-रातीवाइ B, रातीवाई , रातीवाए D, रवि वाहइ म, रातीवाय K, रातीवाह L. दीइइ-दीहि 40 H, दीहिं B, दीहई D. दीहे .. सईफलू em-साफल A, झूफल B, सिंफले.c, सइफ्लु D, सिफल १, सिफल र, सांपलउK, सइफलो .. मांडइ-मांडिइ B, मांडि CI, माडि H, माडई L. आवइ-आवि B C H I. घउपट-चुपट BHI, चूपट D, चोपठि K, चोपटि L. घाइ em-घाए AC D I, घाई B, घाय H L, घाउ K. १११ नित नित-नित २ BE K L, नितु २ C D I. सूंडीनइ-सूढीनइ A L, सब इंटीनि B, मुदीनि , सूडिनई D, सूहीनि म, मुंडी , मुंडीनइ K. गढि-...B, दलि , गढ L. भावइ-आवि BOH, आविइ . दलह-दलि B, दलि C D E I, दली K, देलिइ L. सुरताण-मुरतांग C D I, सूरताणि 1, मुरितांग K, शुरिताण 1. नित-नितु २ BI, नित्य C, नितु D, भला म, नित २ K L. मिडइ-मिडई A, भडि B II, भइ C D. रोसाला राउत-राउत रोसाला B. नइ-नि B, अस्या C, इस्या D, अनि H, ईम. सांतल-सातल A L,' दांतल C, सीतल , सातिल K. चहूभाण-बहूयाण A, चहूआण C I, चिहूआणि 1, बहुआंण र, चहुआण .. ११२ हीदू-हींदू B, हिंदू.. तुरक-...c, तरक 1. पदइ-पडि B C H I, पडई D. पोसाता-पोसाता माहि C, पोसांता K. नित नित-नितु AC D , नित २ BE, नित .. वेडि-वाढ BI, वाढी ८, वाढे D, वाट 1. ऊतारइ-कतारेई A, उतारि B C H I, उत्तारि Li-iy grs in K are : नित २ उठि विहांणइ । सातिल राऊ सपरांणड बोलइ हीयई हर्ष ते आगइ ॥ निनु-नित A B I L. उटवइ-उठि BH, उत्सविल, उठवि , उट्वइ L. एकमना-एक्मनां 3, इकमना L. रोसि-रोस 1 L, घड्या-चढीया A, चडिया B, चन्या CL. रणि-रिण A L, रण H, ते I. मारह-मारई A, मारिइ B, मारि CHI. ११३ वानर-पोनर C H I F. परि-परइ र, परिइ .. झडपीनइ-झडप देईनिइ B, योघ झडपीनि , जो झटपीनई , उडीनइ 1, ते झडप L. चइ-चढि BCT, चटई D, चडि H. गदि-गाडि D, गढ L. धाई-घाइ CH, जाई D. राति-रातई L. कोट-कोटि ८. उपारथी-उपरि थईनइ A, कारथी H. भावर- D. करकि-कटक B II IK L. हवाई-हवाइ 1. आवि BCHI, आ कान्हडदे प्रवन्ध ऊपरि थकी दीकुली ढालइ, लोढीगडा विछूटइ । हाथी घोडउं आडइ आवइ, तेह मरइ अणपूटइ । ईणि परि जालवइ हींदू, हठि चडीउ सुरताण । वरस सात कखउ गढरोहउ, छंडाव्यउ चहूआण ॥ ११५ गढ ऊपरि नितु हुइ पेपणां, सुणीइ वेणि मृदंग। नितु उच्च नितु पाउल नाचइ, नितु नितु नवला रंग । चडी त्रिंकलसइ सांतल वइसइ, विहं पपि चामर ढालइ । कटक मांहि सिंघासणि बइठउ पातिसाह निहालइ ॥ ११७ ढिंकली, , ११४ उपरि थकी-उपरिथी B D, उपरि यकी - K, ऊपरि थिकी उ. ढीकुली-ढौंकली BK L, ढीकली DH I. ढालइ-ढालिइ B, ढालि O H I, ढालई L. लोढीगा-लोटीगडां B, लोहीगडा , लोढीगड D, टालिगडु , नालइ गोल K. विछूटइ-वटि B 01, वस्टइ , विटि . हाथी घोड-हाथीघोडा BKE, हाथीघोड OD H, हाथीघोडा . भाडइ em-आगि A, माणस B, आदि 01, आड D, भाडा K L. मावइ-लागिइ , आवि 0 13, आवई .. तेह-वेउ A H, तेय 0 L, Dr. मरइ-मरिइ B, मरि 01. मणपूटइ-विणपूटिइ B, विणपूटइ 0 D, विणपूटि II, अपूटई .. Note-The verse-order in n is 126-130, 116-125, 114, 115. ११५ ईणि परि-एणि परि A, ईणी परि B, ईणी परि ता 0, इणि परिइ 1, इण परि K, इणइ परिइ नित .. जालवइ-जालवई A, जालवि B CHI, जालवई ज D. हींदू-हीन, हिंदू.०, ही DIK. ठि-हेठि र, हठ K. घडीउ-चटिउ , चन्! D, चडिउ H, यि , चडिव्यउ र, चढियो .. सुरताण-मुरताण OK, सूरतग D II, मुरतांन , शुरिताणइ L. परस-वर स. सास-वीरस A, एकवीस 0, वीस I K, दीस प्र. कपट em-कीघउ A, परिउ B, कर 0, 4V D, करूं 1 L,...., क्यउँ र. गढरोहठ-गढरोहु ABON, गढरोह D, गहरोहु एउ, गढरहो .. इंगम्यउ-ऐडाय्यु , डाविउ B, छडाव 0, एंडाव्यु , छडायु , डा .. घरमाण-चहूयाण A B, चहूआंग D II K, चाहूआणइ .. १९६ नितु-नित २ A, नित र, होइ L. हुइ-होइ BI, मुणीई 0, हुई x, नित .. पेपणा-पेपणा .. o transp as: पेपणां मुणीई. सुणोइ-वाजिल, मुणीइ D, सूणी 1, मुणिई , गुणीय .. वेणि-वेणु A, वेग 1 K, नित L. मृदंग-मृदंग .. नितु-नित A, ते प, निति K L. उठ्य-उत्सव 0, उच्च D. नितु-नित AL, निति र. पाउल-पान , पारन D, पाला L. नाचह-नावई 4, नाचिद BL, नचावि , नाचि I, नाचरि . निनु नितु-नित नित AK, नितु २ 10, नितु DRI, नित L. नवठा-नव २, नवनया CDHUL. १९७ पी-चढी CL. निकलसह-विग्लासिद, विकलगि०, चिकलमि ॥, प्रिकलसे . सोतल-- सानल A L, सातिल K. पइसाइ-विनिइ BI, विनि 01, ययराइ , यसो .. मिहु-चिहुं D, विदो , नितु पिई , चिहु र, मिङ . पषि-पसि ,...., पेपि र. पामर-चमर BRI, चामर ०. बाला- दलाविद B, दालि , दलीइ ।, दलावि र. मादि-माहि AM K. सिंपामणि-सिंहागनि , सिंधाराने D, गिहागन II, संपा, मिहागग L. पाटर-विशु , चिो, प, यपढ3 1, चिठ, पयठ3 K. c transp as पार्तगाद निधारानि रिटो. पातिमाह-पानगाह ABD I, पातगाह ०, पातपादर, नित पातिगादि . निहाटा-निदाउदा, निहा निहाति 01, निहाति, मनिहालय र १ द्वितीय खंड पडइ साद सारही तेडाणा, वोलइ असपति राउ । गढ ऊपल्यू पेपणूं जे भांजइ आफू वहुत पसाउ ॥ मलिक अमादल केरउ बंदउ, नाम हवामीर। पाटउ वांधी जउ सर नांपइ, तुहि न चूकइ तीर । सीगिणि तणां वि कोसां मेली प्राणि तीर विछूटउ । हस्तक धरि सोलहीनइ वाज्यु, अंगि सूंसरउ फूटउ । १२० पड़ी धरातलि ऊसर भागू, रोसि चड्यउ चहूआण । सांतल भणइ सारही तेडउ, जेह न चूकइ बाण ॥ १२१ ११८ पडइ-पडि B H I L, पाडी 0. साद-साट B, सादइ L. तेडाणा-तेडाविया B, केरा H, तेडाणां र, तेडो .. बोलइ-बोलि B G H I, बोलई D, वोलइ K. राउ-राय B C. ऊपल्यू-ऊपरिलू A, ऊपलिउँ B, उपरितुं ०, ऊपल्यु D, उपल्यु H, उपलु र, अपरि जे .. पेषणूं-पेपण A, पेपणु ०, पेपणउ K, पेपणे म. जे भांजइ-जे भाजिद B, भाजि C, भाजइ D, जे भाजि H, भांजु , भांजइ र, बांजइ .. भा-तस आएं A0, आपु PK, अपु H, तिह आपुं L. बहुत-बहूत , वुहत , वहत H, वहूत , वुहुत ८. पसाउ- . पसाय BO. .. ११९ मलिक अमादल-मादल मलिक A, मलिक उमादल B, मलिक उमादल 0, मलकि इमादल E, मलिक मादल र, मिलक मादर L. फेरठ-केरुं B, केरु 0 D I, तणु म, केरऽ .. बंदउ-बंदु A,...B, वैदू , बेटु . नाम-नामि B, नामि 0 , नामि . हवापु-हयाप A, हवापु म, तेह घुन , बायो र, हमाउ .. मीर-हमीर A, जे मीर B. Bomits rs 119 b. iii gr in Ais : जउ पाडई तउ बंदी सिर नापइ. पाटउ-पाटु D, जुपाटु H, जो पाटउ L. बांधी-याधीन L. जउ- जुन,...HL. सर-शर D. नांपर-नापि ० H I, नापइ K L. तुहि-तहूं A, तुही D, तउही र, तोही .. चूकह em-चूकू A, चूकि OE I, चुकइ D, चूई .. तीर-नीर D. १२० सीगिणि-शीगणि AH, सींगणि B, सिगणि 0, सीगणि र, सीगण L. तणां-तणार.विकोसा- वि कोसा A, बे कोसां BD, वि पोसा H, बे कोसा K L. मेली-मेलिया B, मेल्या , मेल्या .. प्राणि-प्राणि B, प्राणि ODI, प्राण H, प्राणइ र, प्राणिइ L. तीर-बाण B L, वाग E. विटूटउ-विट्ट B, वयूटउं0, विछुटु D, वटि H, विशूटि , विछूटइ EL. हसक धरि-हस्तक धरी B, हस्त करि धरी ०, इस्ति करी धरी D, हाते उपरि , हस्ति करि धरी 5, हस्तक धर L. सोलदीना-सोलहीइ A, सोलही BH L, सोलहीनि ०, पात्र नावा , पाज्यु-वां B, वागु , वाजइ D, वाजु म... I, वाज्यु र, वाया .. अगि-अग L. संसरउ- स्मर्स B, झूसरु 0, झूमर D, मुंगरु म, सुंसर , सुगर K, शुमरा .. फूट-फूटू B, फुटु D, फूटि र, फूटइ K, फूटेइ .. १२१ पही-पदीय A, पडि D. घरातलि-घरा L. ऊसर--उसर BODIK, उछर 1, तमर L. मागू-भागु 0 D H, जु भागु उ, भागउ 5 L. रोसि-रोस K L. घड्यउ-चडीउ A, चडिउ BI, चदिउ , च D, बडु म, चन्या L. चहाण-चयाण A B, चहुआग D, चहूमाण II, मुनांग K, चहुआण L. सांतल भणइ em-सातल भणइ A L, सातल भणि B, राउत सातलइ १, सातलई D, सातल भणि म, सातिल भणइ K. तेदउ-तेड B II, तेडिउ , जो ते\ D, तेहो 2. जेह-जेउ A, जूउ B, तेह कर जे L. यूकह-चूकि B C H I. याण-ठाग B, याण ODI, ठाण 1, टाणि .. , सातलिप, जे, ८८ कान्हडदे प्रवन्ध . रामसीह राउत रोसालउ ततपिण मांगइ वीडउं । सांतलसीह प्रतापि तुम्हारइ म्लेछां थाहर फेडउं । १२२ लीउ वाण सींगिणि गुण परठिउ, नापंतां गुण गाज्यउ । मीर हबापा कंध विछोडी वीलप पाटइ वाज्यउ ॥ १२३ दीठउ तुरक पडिउ सुरताणइ, ततपिण छांडिउं ठाण । मरण तणइ भइ सहू को वीहइ, वली आवेस्यइ वाण ॥ १२४ तुरक चडी गढ साहमा आवइ ऊठवणी असवार । साम्हा सीगिणि तीर विछूटइ, निरता वहइ नलीयार ॥ १२५ १२२ रामसीह-रामसी B L, रांमसीउ E, रामसीह I K. राउत-राउल .. रोसालउ-रोसालु B 0 DI. ततपिण-ततक्षिण A, ततषणि B L, ततक्षण 0, ततषिणि . मागइ-मागि B C H I, मांगइ .. बीडउं- बीई BJ, बीई ०, बिई D, वीर्यु म, बीडउ K, बीडो .. सांतलसीह-सातल तणइ A L, सांतल तणि BH, सांतलसींह D, सातिलसीह K. प्रतापि-प्रतापिं B, प्रसादि C D, प्रसादि र, प्रशाद K. तुम्हारइ-मारीनइ A, मारी B, तह्मारि , तुम्हारि DI, मांडीनइ 1, मारिनई L. I transp as तुसारि प्रसादि. म्लेछा-मले A, मेठह B, म्लेच्छ C D, मेछां H, मलेछ , म्लेछइ .. थाहर-इहाथी , इहांथु D, ईहाथी र. फेडउं- फेई BI, फेर्ड C D H, फेडउ र, फेड L. , १२३ लीडे-लीउ BH, लीयु D, लीऊ , लीयउ , लीयो L. वाण-बांग DJ K. सीगिणि-सींगणि A B, सिंगणि ०, सीगणि H I K, सीगण L. गुण-कारे A B, गग D. परठिउ-परठीउ A, परम्प3 K, परव्य .. नाता-नापता A B, नांपता , लापता D, नापंता .. गुण-गण B D. गाज्यउ-माज्यु A D, गाजिइ B, गाजिउ , गायु म, गाजि र, गाज्यो L. हवापा-हयाषां A, हबापु B C H, पुन, प, बाबनउ L. कंध- पंध 10, फांध L. विछोडी-विटी A, विछंडी B, बि छांडी H, विछूटइ ८, बीलप-वीयक B, मीलकि र, भीलपउ र, बाणज L. पाटइ-डाइ A, पार्टि B C D, पाटिइ E, पाटि , घाटइ K. वाज्यउ-वाजिउ A, वागु BO, चाज्यु D E, वाजि , वाज्यो .. १२४ पीठउ-दीलु B D. तुरक-तक H. पहिउ-पडइ A, पठ्यूँ D, पञ्चर K. सुरताणइ em-मुरताणई A, मुरताणिई B, सुरतागि , सुरता]ि D, सुरताणि म, मुतणइ x, शुरिताणइ L. तदपिण-ततक्षिण A, ततषिणि BI, ततक्षण , ततपिंग D. छांडिउ-छोटीई A, छैहि B, छांडिउ C, छाज्यु D, छडिउ , यांध्यर K, अड्योउ L. ठाण-ठाम A K, ठाण B C H I, प्राण L. मरण-मग R. वणइ-तणि BI, तणा D, तणी H, तणे K. भइ-मुई B, भय C J K L, भुंइ D, भूड़ 1. सहू को-सहूइ AC D, सहू H. मीहइ-पीहि BHI वली-वाली D, . , वलि K भावेस्सइ em-आवति A H I, विसेपद , आवेसि D, आवेस्यै , आवसी 2. बाण-वाण AC D H, ए वागर, पाणइ L. I transp as आवनि वली. १२५ मुरक-तरक । चडी-चढी BC, चध्या र. गढ-गढि A. साहमा-सांम्हा A, सोहमा D, साहामा II, साम्हा L भावइ-आविइ B, आवि CHI, आवई उठवणी-उठवणी ACI. मसबार-असवारई .. साम्हा-साहामा B E, साहमा , साझा D, साम्ही K. सींगिणि-सींगणि A K, सिंगणि 0, सिंगिणी D, सीगणि H , सागण L विस्टइ-विटई A, विष्टिइ B, वडूटइ ८, वष्टि H, विष्टि उ. निरवा-नरता. बह-वहि B, वि 0HI, वी L. नीयार-नलीआर DH, नृतीयार , नलियार , नलयार ..

.. , द्वितीय खंड ऊपरि थिकू दीवज धाइ, झाडवीड सहू भांजइ.। हाड गूड मुप करइ.काचरां, पडतउ पाहण वाजइ ।। १२६ आगिवर्ण ऊडंता आवइनालइ नाप्या गोला। भूका करइ भीति भांजीनइ, तपा काढइ डोला। १२७ यंत्र मगरवी गोला नांपइ, द्रू सांधि सूत्रहार । जिहां पर्डइ तिहां तरूअर भांजइ, पडतउ करइ संहार ॥ १२८ पंडइ त्रास भंटकीयां विछूटई, नइ घूघूइ निफात । वीज़ तणी.परि झलकती दीसइ, जेहयी उलकापात ॥ १२९ RAN ढीबजु B, ढीमजुE, १२६ उपरि-ऊपरि B.'यिकू-थकू A, थकी ते ८, थिकु D E I, थका K, थकी L. दीवज-ढीबजउ A, ढीवज ढीवज E, दीवजो L. धाइ-धाई A K, ढालि , ढालइ D, आवि E, थाइ .. झादबीच-अंगोअंगि B, झाड 0D, कीडवीड K. सहू-...B, सघलांइ ०, सहूइ DI, सवि , सहु K L. भांजइ-भाजिइ BL, भाजि 01, भाजिर, भाजइ K. हाडगूड-झाडगूड A, हांडडूड K. मुप-मुख BC, मुपि D, सवि ,..... करइ-करिइ B, करि 0 H I, करई L. काचरां-काचर B, काचिरा , काचरांE, काचरइ .. पडतउ-पडता BOL, पडतुं D, पडतु E 3, पडता .. पाहण-पाहणे . वाजइ-वाजिइ B, वाजि 0E, वांजि . १२७ भागिवर्ण-अगनिवर्णि A, आगइंवर्ण D, आगवरण L. उंडता-ऊडतां B K, ऊडता H, उईता .. भावइ-आविइ B, दीसि , दीसइ D K, आवि H, वाजई .. नालइ-नालिं B D, नालि CI, नाले H, नालई र. नांग्या-नापि , नाप्या D, नाप्यां 1, नापE K L. गोला-गाला L. भूका-मूकिउ B, भूला L. करइ-करिइ B, करि 0I. भीति-भांति C L, भींत D K, मीत HI, भांजीनइ em-भाजीनई A, भाजीनि BOH, भाजीनइ DK, भाजीनि र, भाजीनई L. तणपा-ततक्षण , तिणका K, तिगपा L. कादह- काढई A, नापि B, काढिCH . ढोला-ढोल D, गोली H. १२८ मगरवी-मगरचा B, मगरावे D, मगरवै H, मगरवी K. गोला-नापई L. नांपह-वाजई A, नापिइ B, नापि 0 F , नापई D, ना , गोला .. ii qr in a is: सह याइ सित पंड. दू-वर, घात K. सांधि-सायि BE, साधि , साधई D, सा बाधि H, रचइ K. सूत्रहार-सथूयार B, सूतार , सूत्रधार D, मुहतार , सूधारि .. जिहां-जिहा 1. पदइ-पडि BOR J. तिहां-तिहा L, तरूमर-तरूयर A B, तस्मर E, तरूरि .. भांजह-माजिइ B, भाजि C H, भाजि I, भाजइ K. पदवउ-पडत A, फरतु B, पडतु ODI, फिरतु , फिरितो L. करइ-हुइ A L, करिइ B, करि C 3, वरई .. संहार-मिहार AC D, संघार B, संघारि .. १२९ पदह-पडि BOI, पदइ D, पाडइ L. त्रास-...., प्रान B भटकीयां-त्राटकीया A, भटकीया , भटकीओ H, फटकीयां , भटकिया , भटकिया .. विटइ-ऊद A, मेदाइ , वटि , पिझुटइD, मेहलाइ , विष्टि , मेल्हइ ८. नइ-नि B, अनइ 0 D,...H, अनि 1, बलि । धूपइ-धूपूड A, घुघूनइ D, धूपूह र, घूमद L. निफात-वान , नफात , नाति - L. अलकनी-झलपति AJ, झलमन 0 D, सलत र, झलकंती 1. दीसइ-दीसई , दीनि B C H, दीनिइ 1. जेहयी em-जैदी A, जेहब B, जणि ODI, जेहता EL, जाणे इ. उलकापात-उलाशत BIK, अचापात D, अलकापात र, टलपाति .. 12 ९० कान्हडदे प्रबन्ध घणे दिहाडे छांडी जासइ, तुरके जोयूं पडषी। मारूए सुरताणी साहण कीध पाषाविलषी ॥ वे कर जोडी करी चीनती, आसापुरी अवधारि । सांतल भणइ भांजि तुं संकट, असुर सवे सिंहारि ॥ हूउ पसाउ अंविका तूठी, दीठउं प्रत्यक्ष रूप । बांह धरी दलि जई देपाडि, नीदिइ पउन्यउ भूप ॥ १३२ दीठां नयण त्रिणि मुप पांचइ, कपिल जटा सुविसाल । रुंडमाल दीठी करि तुंवा, दीठउं ब्रह्मकपाल । जटामुगट मांहि गंगा दीठी, अंगि भसमीअ धूल । वाघचंब पांगुरणे दीठां, दीठउं वली त्रिसूल ।। १३४ १३० घणे-घडे B. दिहाडे-दीहाडे 0 D. छोटी-छैदी B, छाडी .. जासइ-जासि BOHI, जासिं D, जासी K, जासिई L. सुरके-तुरकिं D. जोयूं-जोउं A, जाणि& B, जोयु ODK, जोयु म, जाण्यउ L. पडषी- प्राणिइ .. मारूए-मारिए ०, मारुए H I, मारुंड L. सुरताणी-मुरताणी AODK, सूरताणी , सलतांणी , शुरताणी L. साहण-सांहण A. कीघउं-कीधू B DI, कीधु x, कीधु म, कीघउ L. पाषाबिलपी-पाषावलषी B, पापावलपी 0 H, पापावीपी D, पाषावीषी , पायोरोपी र, षांपलवांपल .. १३१ मे कर-कर B, बि कर , बे करि L. फरी-कर्स A, करू म, करइ .. भासापुरी-आसापुरि AB, भास्यापुरी 1, आशापुरी DI, आशापूरी H. अवधारि-अवधारउ म. सांवल-सातल A, सातिल K, सातलि म. भणइ-मणि BO E I, भणई D. मांजि-भाजि BC, भजि म. से-तु B D E. सुर-असूर DH, असुरनि . सवे-करि . सिंहारि-सिंहारि A, संहारि B, सिंहारि , संहारउ H, संघार , संहार .. १३२ हुउ-हऊउ B, हुउ D E, हनु, हु .. पसाउ-पसाय BOK. ट्ठी-तूठी .. दीठउं-सीधू , दीड D K, दीउ , दीठू र, दीठउ L. प्रत्यक्ष-परतपि ०, प्रतक्ष D E L, परतिक्ष , प्रतष्य 5. बह-बाहि B, बोहि 03, घाहा H. धरी-धरीनई L. दलि-दल B C K L, जि. जो-जै AD, जइ म, , दल . देपाटिउ-देपाई D K, देषाडु र, देवाल्याउ L. नीदिइ-नदि B, निद्राई ०, नीदि D, नीद्र 1, नीदिर, नीदइ x, निद्रा .. पउख्यउ-पुन्यउ 4, पुहुन्यु B, पुदिउ ODI, पुढउ H, पउढिउ .. १३३ In H vs 135 precedes vs 133. दीठां-दीठा BOL. नयण-नयन B D H. त्रिणि- अणि on , तृण L. B transp as निणि नयन; I transp as अणि नयन; K as त्रिणि नयण; Las तृणं नयण L. मुप-मुख BO, भूप , पांच-पंच 4, पंकज BK, पचि CHI, पांचिद .. कपिल-किपल L. जटा-जटी । सुविसाल-सुविशाल BODI, सूविसाल H, शुविसाल .. हमाल-मुंडमाल BD, समाला , मुडमाल , रहमाल ', गुरजमाल K. दीठी-...B, दीठा E, दीठा 1. करिनालि B, सुंबा- नुवा पीठो B, तुर्वा 1, तुंची र, तुंचा K L. दीठउं-दीठां A B, दीड , पीठउ A K, दीर, रीठा .. ब्रह्मकपाल-ब्रह्मपाल AC DJ K. १३४ जटामुगट-जटामुकुट BI, जटामुगट 0, जटामगट D, जटामुक्ट K. माहि-मांहिं B, माहि ॥ K. अगि-अंगज , असि DIL (स), अंग वि K. भसमोम-मसमी A, भस्म B, परदिउ 0, भस्म , भसम NK धूल-धूलि A B D, धूमि , धुल I, सुध L. वाघचंद-वापचम BL, व्याघ्रचमै स. पागुरणे- पागरणि BO, पागरण DI, पागरणे ॥, पागुरणा L. दीदा-दीठा , दीदी 1, दीसह .. दीठठ-दीठ3A, टू, दी DE, हीट , बीटो 1. निसूस-वध त्रिशल A, त्रिशूल BI, त्रिशूल. D, मसूल म. iigr in xis :संबसूआ भासनि विगि केरद.

AD, कि BOJ,मूकिम,मूकइ.माग-मांगADIK 1354--1,EE, L-27. RA 4. नारदम्प,-:,वः कर. ५१५५ RL.RE-.,.,रिरीन. 11 पदमनानिपनिटस्ट-दE, ले,न्द-8-YEAR १३६ प्वाइ-ग्रेड,दु , वडु: D...E, TE सयो १२५ पEL मुरहान-मस्टर DE, घरदान E, उरटन, हरेप पर ARNER D, अवस्टम, कट गई, मदनबहालीउद-द घालीदा.धार-BC. हिपह-एही, महल, १ इसी विमासीसविटि-साद, सन्दिर,E-malkRH BDTH.ईया, हीन्ट पाउ-६7 BOLA १३७ दिमामी-दिमानि B, दिनासनिक, दिनांटी. TRITERARH पासायु ०, पासा\ D,पावसाह हूतुम, पालियुग, पाता हूँ, गुरुज, गुज ..ठीड-ठीउ BCHI, ठीयु , तिमीलेपोमबीबाय- संकेत-सते . कहीइ-कह AB, कहि D, कहइ , कहे, मरण-Khan फेत,तला नहीं-नहीं A B. मानह-मानइDARL मानिबार सागुममाव्य-आविउ B, याव्युHI, आयो पहभाल-na- १३८ मासापुरी-आशापुरि B, आस्यापुरी 01L, आराउरी DISTR-FRAPurrent चहुमाण L. सरूप-खरूप Bo, सप . जाणी-चांपी, सोवलि-सातलि AB, शांतलि ०, साविल , साठल तुहि-A, तभी करेगानिसले लेना। पंडित मा.ले बहाने । सावित र.टद-EDE स्पति-नेDE छीटर मानिसहरमा हिद बिन्नीसहराया दिन पहइंसाली जाय। बिरू हाइ केन्द रोनालय ऋग्री पर जोर मनल जानी चहि. हुहेर करा १३५ LEERIFreekrrismakAKAM ३.दई , इंद, E स्टदः रहे २८ रहेका र RAHA. १९५२ OR K, मुरतांन , शुरिताण ..

" - कान्हडदे प्रबन्ध कहइ प्रधान एक परि कीजइ, अवधारउ सुरताण । गह ऊपरि छइ एक सरोवर, तिणइ करउ विनाण ॥ लाप विच्यारि गूणि नइ बापड, ढीली थकां अणाव्यां । कोट तणी भीति ते छानां, लेई राति मंडाव्यां ॥ १४० पापी तणी वात सी कीज्यइ, जेहे विणासी गाइ। गूणि ऊपरि यंत्र मंडावी, लेई नांपी जल मांहि ॥ १४१ ॥ चउपई ॥ थयुं प्रभात तव तुरणी नारि, गई सरोवरि पाणीहारि । आगइ आछउं हूतुं निरवर्ण, दीठउं पाणी लोहीवर्ण ।। १४२ गाइ तणां मस्तक जलि तरइ, कांठइ कोइ न दांतण करइ । पाणी मांहि दोष एवडउ, पाणीहारि भरइ,नवि घडउ ॥ १४३ १३९ कहइ-कहि B C D E J. प्रधान-प्रधान D K. कीजइ-कीजिइ , कीजि HI, कीज्यइ र. अवधारउ-अवधारु B C DI, अवधारो L. सुरताण-सुलताण A, सुरतांण DK, सूरताण , सुरतांन र, शुरिताण L. ऊपरि-उपिरि .. छइ-छि BHI. तिणइ-तीणिइ A, तिहां'B, तेणि, तेणिं D, तेणइ 1, तिणि , तीणई र. करउ-करु B D H, कीजइ ०, करिउ , करो L. 'विनाण-विनांण "D, घनाण, घनाणइ 4. १४० 0 Domit vs 140. विच्यारि-बिच्यार R K, विचारि 1. गूणि em-[णि A H, गुणि BI, गूण K L. नइ-...BI, नि H. बापड-बापडा B,'बापडांग, त्रपडा , तापड L. ढीली-ढिली र. थका- थकी K L, मणाव्यां-अणावर A, अणाव्या , अणावो .. भीति-भीति B, भींत K. छाना- छांनां A, छाना BIL, छाना , छानइ र. लेई-लेइ H L. राति-यन B; रातिं , गढहि , राति ८. मंडाव्यां-मंडाव्या B E, चडाव्या , मंडाव्य र, मंडावउ L. १४१ पापी तणी-पाणी तणी A, पापीआ तणी ल. वात सी-वात किम AB E, सी वात 0, सी वातज D. कीज्यइ-कहीई A, कीजिइ B, करीजि 0, कीजइ D, कीजि 13, कहीयइ L. जेहे-तेणे , तिहार, जेह KE. विणासी-विणासि K. गाइ-गाई 0, गाय D E, गाम L. गूणि-गुण CK, गुणी D, गुणि म, गूण ८. ऊपरि ऊपरि D, उपरि ताम, ऊपरि तिणि I, उपरि K. o transp as अपरि गुण. यंत्र-ते यंत्र .. मंडावी- चव्यावी K, मंडाव्या .. लेई-ले A, लेइ H, ते L. नांपी-नापी L. जल-...J. मांहि-माहि HE L. १४२ चउपई-चुपै BI, चुपई 0 P, चुपइ म, चउपही , चोपई 1. थयु-थर्ड A, थिउ B, थयु H , ध्यु K, थयो .. प्रभात-प्रभाति E L. तव-चर L. तुरणी-तणी म, तरुणी I K.'नारि-नारिं B. गई-गइ E E. सरोवरि-सरोवर C H KE. पाणीहारि-पाणीहारिं B, पाणीहारि D I K. आगइ-आगि BOLI. माछउँ-आई Bi, आर्छ D, अबू म, आइउ K L. हूतुं-हुर्नु A, हतूं B, ' हतुं 0 DH, हूं , हतज K, हुतो .. निरवण-नीरवर्ण 0, निवर्ण DHI, निवार्ण , निर्मल .. दीठउँ-दीहूं , दीठ D, पीठउ EL. पाणी-पाणी x. लोहीवर्ण-लोहीवरण A, लोइवर्ण H. १४३ गाइ-गाय DIL. तर्णा-तणा L. मस्तक जलि-मस्त जलि A, जल मस्तकि B, मस्तक जव ०, जल मस्तक 1, मस्तक जल I K L. तरह-तरई 4, तरिइ , तरि 07, निरइ KE. कोठह-कादि , काठि 01 . कोइ न-नवि को 0, को नवि DHI K. दांतण-दातण B A. फाइ-परई , करिइ B, फरि 01. पाणी-पाणी DIK माहि-माहि A DR K L. दोष-देपि ०. एवडउ-एघड BODI, एवडे 1, एवंडो L, पाणीहारि-पाणीहारि D JE, ते पणिहार .. भरइ-भरि BOI, न H, नवि . नवि-भरि १, भरइ. घटउ-घडु BODEL. थिक BI, -- द्वितीय खंड पालि आवी जोइ लोक, हईइ आणइ अतिइ घण सोक । पाणी विश्व तणउ आधार, पाणी सविहुं जीवाडणहार । १४४ {"; "जे हुइ मोटा राणा राइ, तेहे जल विण पिण न रहाइ । • 7 !! सांतल इसू विमासी करी, तेडी पूछी अंतेउरी ॥ १४५ राणी भणइ विमास किस्यूं, अम्हे सवे जमहरि पइसियूं। -हीदू तणइ मानीइ गाइ, तेह तणउं लोही जल माहि ।। १४६ जीवतव्यनी,आस्या टली, ए पाणी नहीं पीजइ पली । राणी वात विमासी घणी, लिप्या लेप कान्हडदे भणी॥ १४७ चाहआणनउं गिरूउं राज, रूडउं अम्हे भवाडि आज । राणी बोल इसउ ऊचरिउ, इम जाणेज्यो जमहर करिउ । १४८ १४४ पालि-पालि B D I, पालइ K L. भावी-आवइ L. जोइ-जोई D K, जोवद L. हईइ-हीइ A 1, हईडई D, हियइ र, हीयइ L. आणइ-आणि B, आणी D, आणि H I, आंगइ र, आणी L. अतिद धण- एवडु B D H I, अति घण; एवडउ , एवडो L. O transp as अति घण आणइ. सोक-शोक BODIE. पाणी-पाणी A DHJ K. विश्व-विस्ख H K L. तणउ-तणु BO DH I. आधार-आधारि .. पाणी- पाणी I K. सविहुं-होइ BL, जीव 0, हुइ DE, कहीइ , हुई जीवाडणदार-जीवाधार A, जीवाडनहारि १४५ जे हुइ-जेहे BK, जे होइ 0 I L, जेह D. मोटा-मोटा छई D. राणा-रांणा A K. राइ- राय A B C D E I K. तेहे-तेणि 0, तेह D, तेणे , ते ८. विण-विण D. पिण-पिणु , पिण D, पणि .. न-नवि .: रहाइ-रहाई A, रहिवाइ B, रहिवाय 0 3. सांतल-सातल A L, सातलसीय , सांतलि D, सातलि H, सांतलसीह र, सातिल F. इसू-इस्यूं B,...0 I, इसी D E K, इसउँ L. विमासी-विमांसी B, विमासण O DH K, विमासण . तेडी-तेडे K. १४६ राणी-राणी A D E I K. भणइ-भणि B G H I. विमासउ-विमासइ A, विमांमु BI, विमासु 0E, विमासुई छ. किस्यूं em-किसू A B, कर्मु , क्स्युं D, कसिउ म, विशं I, किमु र, किस .. अम्हे सवे-अम्हे सवेहुं A, सवे अम्हो B, अम्हे सर्व ८, अह्म सवे I. जमहरि-जमहर D K L. पहसिस्यू- पइसस्यू A D, पिस। B, पिस, 0, पयसमु म, पिससि , पइउिK K, पइससिउं L. हीदू-हीद BK, हिंदू ०, हीदं छ. तणह-तणि B G H I, तणीइ L. मानीइ-मांनीइ DI, जे मांनि म, मानिई र, मानीयइ ८, गाइ-गाय D L. तणउँ em-तणा A, तणूं BI, तणु 0D, तणू म, तणउ K L. माहि-मांहि BOI, माहि .. १४७ जीवतन्यनी-जीवितव्यनी B D, जीव्यतव्यनी JL. भास्या-आइया A D, आशा B.ए-एह B. पाणी-पाणी 0 DH J K. नही-नहीं B D, न 0, पीजि , नवि र. पीजइ-पीजि BO, पीजई D, नहीं , पली-वली AC D H L. iii qr in Jis. वात विमासी राणी तणी. राणी-राणी A D K, राणीए 0. विमासी-विमासि B. लिप्या-लप्या 0 1, नाप्या , लेप-लेख ए. कान्हडदे-कान्हदे ASK, काहदे BOD, कांहांनइदे 1. १४८ चाहूभाणनउं em-चाहृयाणनं 4, चहूयागर्नु B, चहूआणा ०, अहुआंगनं D, चहूआंणांनु म, चहूआण , चाहुआंगनउ K, चाहूआणनउ .. गिरूड-गरूडे A, ग! B, गिट H, गि , गिरउEL. रूढउ-रूई 31, रई०, रुई D K, रूहू H, रूदो L अम्हे-अमे 1, अझे . भवाहिउं-भवायू B, भवाई ०, भजाई D, भवाई , भवड K, भवाडउं L. राणी-राणी AII K, राणीए , रांगीए D, राणीई . योल इसउ-इस बोल घोलि इनिउ B, वचन इचिउं c, इरो योल D, इनिउ कोल म, इसिउ बोलप, इसउ बोल E, इमउं बोल .. ऊचरिठ-उघरीर , उचरिई , रचर D, ऊपरइ ॥, उचरिउ , उचाउ E, उचखउँ .. इम जाणेज्यो-इम जाणज्यो B, जाणु अम्हे ०, इम जाणेज्यो , दम जाणेयो 1, ईम जाणेजे । इम ज्यांणग्यो K, इम जाणिजो जे L करिड-परिर्ड A, करं , बरि II, क्राउ K, कई .. . A, . कान्हडदे प्रबन्ध कान्हडदेनी घरणी हती, तेह भणी लिषी वीनती। ऊमादे नइ कमलादेवि, जइतलदे नइ भावलदेवि ।। १४९ इस्यूं कहिउँ अम्ह वीतूं जेह, हवइ वीचस्यइ कालि तल तेह । अम्हस्यूं प्रीति आणेज्यो घणी, आणइ जमारइ मोकलावणी ॥ १५० इसूं कही नवि लाई वार, राणी सवि कस्या सिणगार। चंदनकाठ आणीउ घणउ, तिहां परिवार मिलिउ तेह तणउ ॥ १५१ साहस प्रभावि एतली आहि, राणी पइठी जमहर माहि । राम राम वाणी उच्चरइ, सजन लोक सवि आंसू पिरइ ।। १५२ १४९ कान्हडदेनी-कान्हडदेनी AI, कान्हडदेनि , कांहांनडदेनी H, कान्हडदेनई म. धरणी-घरणि , घरुणी E, घणी . लिपी-लपी B D H I, सुं लिखी c. उमादे-उमादे BI, ऊमादे D. नह-...B, नि ODI. कमलादेवि-कमलादे जेउ B, कमलादेय 0 , कमलादेउ DIK. जइतलदे-जितलदे ०, जयतलदे DI, जइतलद K, जयतलदेय .. नइ-नि ,...D K. भावलदेवि-भावलदेय 01, भावलदे बेउD K, भावलदेउ . iv qr in B is. भावलदे नामलदे बेउ. H omits 149 b. १५० इस्यूं-इसू A, असं ०, इस्यु D, असिउ म, इ र, इ[ K, इस .. कहिउँ-वहिउ H, काउK, किहिउ L. अम्ह-अझ 03, अम्हि K, अम्हे .. यी-वीरें AOD E, वीतु E L. जेह-जेय AL, जेउ BK, जेऊ D. हवइ-हवि B CHI, हिवइ .. वीचस्यइ-वीचसि BOHI, वीचिसि , वीचीस्यई र, धीचसी .. कालि तमा तेह-कान्हडदेय A, कालि तम्ह तेउ B, कालि तुम्ह तेउ D, कालि तम तेह म, कालि तुमा तेह र, काल्हि तुम्हे देव K, कान्हडदेय L. अम्हस्यूं-अम्हV A, अह्मनि B, अह्मर्स 05, अह्म , अझ सिउँ, अम्हा .. भाणेज्यो-आणेज्यो AK, आंणयो 01, आणेयो E, आणजो L. माणइ-आणइ AR, एणि B, आणि C D H, आणि , इणइ .. जमारह-जमहरि B, जमारि , जवारि H I, जनम छइ ५. मोकलावणी- मोकलामणी BO, मोकलांमणी D E I. १५१ इसूं-इस्यूं B D, अ# ०, इसिउ H, इशंप, इसु र, इस .. कही-कहीनइ A, भणी BE. लाई-लागी 0, लाइ E K. राणी-रांणि D, राणी I K. सवि कथा-कीधा सवि A, सविहुँ कारेउ B, सवे कथा 0K, सवे करीआ , सवि कीया , सर्व कीयो .. सिणगार-शणगार B 0, शिणगार D, सणगार म, अंगार उ, सगारि .. चंदनकाठ-सूकडि काठ A. आणीउ-अणाव्या , अणावी , आणीउँ म, आणीउ , आणियउ K, आणाव्योउ .. घणउ-घणा A, घणु B C D I, घणू म, तिहा-सवि B, तिहां D, तेह , तिह .. परिवार- परिवारि .. मिलिउ-मिली A, मलिउ 0 H, मिल्यु D, मिल्यउ K .. तेह तणउ-तिह तणा A, वेह तणु BODHJ. I adds following vss after vs 151: ॥ दृहा ॥ आपापणे प्रीउ तणे कामिनि लग्गउ पाच । स्वामी दोसज अम्ह तणा षमयो करीय पसाय ॥ राणी सातलसीहनी वली २ नामि सीस । वियोग म करसिउ क तमै धमयो अह्मची रीस ॥ १५२ In Ivs 153 precedes vs 152. प्रभावि-प्रवाहि E, प्रमाणइ K, प्रमाण L. एतली- एतलि D, सवि इ. माहि-आहि D, मिली . राणी-रांणी A D K. पइटी-पिठी 80H,...J, पयठी .. जमहर माहि-पावक माहि B F K, पावक माहिODL, जमहर किद्ध , राम राम राम राम A, राम २BL, राम २D, राम राम R I K. वाणी-वाणी A D K, मुपि , वचन L. उच्चरइ-उचरई , उच्चरिद B, ऊचरि CH, उचरी, ऊचरइ .. सजन-सुजन C, श्वजन L. लोक सवि-लोकनि B, लोक सहू, लोकने DH, लोकनइ R. मांसू-आसू BE, आमु , आसु र, पिरइ-झरइ , पिरिइ B, परि , पिरहि म, iv qr in I reads : अजि ज्वाला सवि लिद्ध.

द्वितीय खंड ॥ दूहा ॥ जल विण को जीवई नही, जल जीवन जग माहि। पदमनाभ पंडित भणइ, जल विण पिण न रहाइ । १५३ ॥ राग सिंधूडउ॥ सात वरसनइ माजनइ, गोरीडां दल घण घाइ। गढपति गढरोहइ पडिउ, चउपटमल्ल चहूआण माहि ।। ॥द्रूपद ॥ समीयाणे सुरताणी साहण आवीयां ए॥ कुंयरि कोडाली वेटडी, वली मेलावउ कवण वलामणि । भाईलि भेद देपाडीउ, सरोवरि करिउ विणास । एह पाणी नवि पीजीइ, असुरां हवि पूगी आस ॥ समीयाणे०॥ १५४ . १५५ १५३ दूहा-लोक A,...BI. H omits vs 153.iqr in s is : जल विना किम जीवीइ. जल- पाणी .. विण-विणे .. जीवर-जीवि B. नही-नहीं D. जीवन-जीवण 0. जग माहि-जग माहि AL, युग माहि K. पदमनाम-पद्मनाभ B D, पदमनाभि K L. पंडित-पंडित D. भणइ-मणिइ B, भगई D, भणि . जल- जलि L. विण-विणु ०. पिण-क्षिण A, पिणु J. रहाइ-रहाई 4, रहिवाइ B, रहिवाय , रहावाय र. १५४ 0 omits the entire song, i.e. vss 154-158. सिंधूढउ-सींधूउ BH, सिंधूई , सीधूउ , सिंधुउ E, सिंधूड. L. वरसनइ-वरसनि BI, मासनि H. माजनइ-माजनि B, साजनइ D, माझनि R, सातलि उ. गोरीडांगोरीडा BI, गोरीडी र, गोरडी L. दल-दलि A DI K. घण-.... L. घाइ-घाई A, पाउ BI, पाय H, घंघाइ ८. गढरोहइ-गढरोही B, गढरोहु , गढरोहउ 5, गढरोहो 2. पदिउ-रहिउ रे B, भन्न D, भडिउ H, कोउ I, कखउ , करयो L. चउपटमल-चउपमल A, चुपटम B, चुपटमल DJ, चुपटिमल म, चउपटमल K, चउपटिमल L. चहूमाग-चहूयाग A B, चहूआंग 1, चहुआंणा K. माहि-. B DL, माहि H I. दूपद-...B D E I L. समीयाणे-सइवाणे A, सेवाणे B, समीण D, सइदाणणे , सविआणइ K. सुरताणी-मुराणी D E K, शुरिताणी .. साहण-साहण A, दल L. मावीयां-आवीया , आवी D, आवट्या , आवियां र, आवीयो ..ए....B, रे K, आकणी .. १५५ कुंयरि-कुयार , कूयरि BI, भरी म, कुंभरि र, कुंअर L. कोदाली-कोटदी H, बेदाली. बेटी-छूटी B DH K, चूटडी , छूटली .. मेलावर-बुलाबु B, मेलावु D H I, सेलावउ L. कवण- कमण D E K. वलामणि-डुला भणि B, वलामणि । समीआणे. आवली: D, वलामणि ॥ पद प. माईलि-भाइल B, भाइलि DK, भइलइ म, भोयल .. भेद-मैदे .. देपाढीउ-देपाडिउ D, देपाडियउ K, दिपालियो ए . सरोवरि-सस्वरि B, सरोवरें D, सरोवर 5, सरोवरा L. करिउ-कीडे A, कीउ :, काउ K. विणाप्त-वणास H. Fomits 155 c. एइ-ए BD H I L. पाणी-पाणी Dr. नवि-नहीं 1, नही 1. पीजीह-पीजीई A, पीजिसइ ए D, पीनसि H, पीजिसि , पीजम्यई .. असुर-अमुर B, अमरे DHI, अरह .. इवि-हिव B D, हइ ५ पूगी-पुगी D K. समीयाणे-सइवाणे. 4, सेवा 1, समी. सविआणे 5 समीयाणि शुरिताणी दल आदीया L. , D,..., - . कान्हडदे प्रबन्ध जल विण पिण किम जीवीइ, जल जीवन जग माहि। जिणि दिनि जल नवि पामीइ, तिणि दिनि देहडी कुरुमाइ । समीयाणे०॥ १५६ पिंड प्राण हुइ पाहुणा, दोइ दिवस पांच कइ सात । सांतल कहइ सुणि सुंदरी, हिव हुई ति सचराचरि वात ॥ समीयाणे०॥ १५७ सांतलं तणी अंतेंडरी, नारिंगदे निरवाणि। , ! पावकि प्रेमादे चडी, सई दलि सुणी सुरताणि ॥ समीयाणे०:१५८ ॥ चउपई ।। अवधि एतलइ पहुतउ काल, ग्यउ, आकाशि:धूम विकराल । सातल भणइ गुरज मोकलउ, पातिसाह कहसि हुं,भलउ ॥ १५९ १५६ विण-विणिइ .. पिण-क्षिण A L. किम-...D, नवि . जीवीह-जीवीई A, जीविई र, जीवियइ .. जे-...BH L, दे DI. जीवन-जिवन D. जग-जुग , युग K. माहि-मांहि B H I L. जिणि-जिण A K, जीणि B, जेणि घ, जिणइ .. दिनि-दिनि D, दिन E K L. पामीइ-पांमीई A D, पांमीइ र, पमिई , पामीयइ L. तिणि-तीगई A, तेणइD, तिण H K. दिनि-दिनि रे A, दिनी D, दिन रे Hz, दिन द. देहंडी- देहडली K. कुरुमाइ-पुरमाइ B4, करमाइ D, करमाय , फरमाय , कुमलाइ F. समीयाणे-सइवाणे A, सेवाणे• B, समी. D,...., सवियां K. १५७ पिंड-पडिं A, प्यड H, पिड K, पिंडइ L, प्राण-प्रांण D E IK, हुइ-हुई A D K, हि H, होइ अ. पाहुणा-परहुं D, पाहूंणा H, परहुणु , परहुणा K. दोइ-दे | BI, दो D,..... पांच-पंच .. कह- कि BE I, कई D. सात-सांत D, साति , सांतल-सातल B L, सातिल K, कहा-कहि BD H I. सुणि- ऍणि D, सूण , मुगु, गुणउ L. सुंदरी-सुंदरी A B, सूदरी R, सुंदरी देर, सुंदरी .. हिव-हदि DH I,..... हुई ति-हुईनी A, होइ B, हुइ वी D, हूइ ति H,...., हुईली K, होसी ८. सघराचार-देसाउरि DK, सूवराचरि , देसाउरि होइप, सघले . समीयाणे-सइदाणे० ३, सेवाणे B, समी• D,..., सिविर्य र. १५८ सांतल तणी-सातलनी , से सातनी B, सातिल तणी K, सातल तणी L. अतेउरी-अंतेउरी दे . नारिंगदे-रांणी नारिंगदे D, नारंगदे , राणी नारिगदे , राणीनदे E. निरवाणि-निरवाण D, निरवागि HIK. पावकि-पूर्वकि B, पावकी D, पावक L. प्रेमाद-प्रेमादे, प्रेमदा न. चडी-चढी रे B, चडि। B, चढी प, वदी L सई दलि-सइ दलि A, मि मुखि B, सि दलि H, दीसि दलि र, सइ दल .. सुणीउ-मुणी B D K, सूणीउ E, . , शुणी - सुरताणि-सूरताण , मुरताण , मुरताणि E, शुरिताणि L. समीयाणे-...A H, सेवाणे B, समी० D, सविया० ई. १५९ चउपई-चुपै BI, चुपई c, चूपई. D,.. H, चोपई .. भवधि-अविधि H, अवध .. एवलह पहुवउ-एतलि पुहुतु B, पुह्ती एतलि , पुह्तु एतु D, एतल पुहुनु म, पुहुतु एतलि , पहुतु एतलइ , एतलइ पुती .. काल-कालि ( ग्यउ-गिउ B, गयु , गई DL, H, गै 1, गयउ K. भाकाशिधूम- धूम्र आक्रु c, आयासि धूम II, आकाश धूम I, आवाश धूम K, आकास धूम L. विकराल-विराल D, विमराल H. सातल भणइ-सातल भशि B G H I, सातली भ D, सातिल भगइ र. गुरज-गरज C, गुजी D, गर्न म मोक्लउ-मोकलं B, मोफ्लु C D E I, मोकलो र, मोरलउं .. पातिसाह-पातसाह A BOD, पातशाह , पातिमाहि L. कहासि-मि B, कहिमि 0 D I, कहिस H, वहसी E, कहिस्यइ .. हु-है BOI, हु H. मलउ-सभलउ A, भलु BCHI, भलं D. 1 द्वितीय खंड 7 । - इम जाणे:साचइ अहिनाणि, मइ नवि मारिउ,निश्चइ-जाणि। }} :पातिसाहि इम कहावी वात, सांतलनइ आपउं गुजरात ॥ १६० । जु अम्ह आयी सांतल मिलइ, मरण तणउ भयं-निश्चइ टलइ । E - आपुं प्राण नवि मूकू माण, लाजइ साप तणी,चहूआण ॥ १६१ लोक उतारीया करी उपाय राउत सवे पडाऊ थाइ। पहिलू पूज्या सालिग्राम, हईइ धरि राम। नाम १६२ करी सनान ऊंगव्या वाल, कठि धरी तुलसीनी माल । !! राउत सवे एकमना थया, चाली कटक तोरकई गया कटक माहि तेजी पापरीया, हाथी आणी साम्हा धरीया। आव्यउ पातिसाह सई दलई, हींदू तुरक वे टोले मिलई ॥: "१६४ १६० इम-इंम D. जाणे-जाणे A D E E, जांणि . साचइ-साचि BHI, साचुं०, सहूम L, महिनाणि-अहिनाण , अहिनांणि H I K, सहिनाण L. मइ-मि , मई D, मि, म L.,नवि-निवि .. मारिठ-मारिउD, माखउ K L. निबह जाणि-निश्चि जाणि A, निधि जांणि B D, निनि जाणि: निश्चत जाणइ , निस्यई जाणि प, निश्चइ जाणि K. पानिसाहि-पातमाहि AD, पातशाह BF, पातसाहि;c, सातसाह , पातिसाह 5. इम-... I L, ईम D. सांतलना-सानलनइ A, सांतलनि B G, सांतलनई D; सातलनि H, सांतलनि उ, सातिलनइ K, सातलइनइ .. आपउं-आy BI, आपुं 0 D K, आपू , अरपुर: गुजरात-गुजरातिप, गूजराति H, गुजरात K. ।' १६१ जु-जउ E, जइ .. भम्ह-अम्हनि A, भद्मा , मुझ L. सांवल-सातल A H; सातिल .. मिलई-मिलई A L, मिलिइ B, मलि C E. तणउ-तणु B C D 1,..... भय-भय तु . निश्चइ-निश्चई 43; निय B, निश्चय H, निस्यई 1, तेहनइ .. टलइ-टलई A, टलिइ B, टलि 0 H. भापुं-आ BD I, आपू म, आपु .. प्राण-थान B, प्राण D. नवि-न B D E I K L. मूकू-मूकू BI, मुंई DE, मूकूप, मुकु र. माण-माण DIK. सानइ-लाजि BE I, लाज L. साप-सापि B, साक. चहाण, चहूयाण A B, वाहूण D, चहूआण H I, चाहूण (ख), चहुआण K. o reads as 161 b: पातमाह मणी कहाव्यु सार मिलि, पाडे उघाडी धार. १६२ उवारीया-सतरिया B, ऊनाया C DI, छतारीआ 1, उतसा EL. उपाय-ऊपाय OD, उपाइ E, पमा .. पढाऊ थाइ-पडाऊ थाई A,पया उठाय , पढाऊ याय D, पढाउ थाय प, पटिया उयाइ K, फस्या सनान , पहिलं-पहिल , पहिली र, पहिला .. पूज्या-पूजी A, पूजा H. सालिग्राम-शालिग्राम BK, सानिमाम H . हईइ-हीइ A, हैयदि B, हृदई D, हैइ म, हीअडि र, हीई 1, मुष ८. परिलं; मयुं D, परिउ H, घस्रो र, उचरइ .. राम-रामर्नु BH, रामर्नु OB, रामन र, रामनठ र, तिहा हरिनउँ L. नाम-नाम BDI. १६३ फरी-करीय म. सनान-सनान A D E I, मान C. उगच्या-अगवीया B, गवीआ,0p . पाल-चालिलि .. कंठि- K L. घरी-टवी B, धरि D. तुलसीनी-तलसीनी D, तुलसीकी र. एकमना- इकमना t. चाली-चालि D, वठी 1. करक-कटकि BD H, चुपट , तोरह-तुरकइ A, नुरनि B, तुरक माहि , तोरके I K, घाए , ग्रह समई 2. गया-गया L, १६४ फटक-. ... माहि-माहि A D, माहिं B, माहे .. तेजी-तेजी ते .. पापरीया-पारस्या BODE, पापरीआ 1, पापरिया . हाथी पाणी-हाथी आणी AII, दिहां हाथी C D. साम्हा-सांम्हा A, साहामा BH, साझा जई ०, जो साझा D, साहमा, साह्या . घरीया-घरिया BI, धरा C D E, धरीमा H. माग्यट- आदिउ B D, आन्यु ०, अव्यु म, भाव्यो .. पातिसाह-पावसाह A B C D E I, पवियाहि सई-सह निधिD, 13 । कान्हडदे प्रबन्ध ऊड़यां लोह न लाभइ पार, राउत भला करइ हथीयार । जिस्यूं युद्ध रावण नइ राम, जिसउं देव असुर संग्राम ।। हीदू सवे एकमना भिडइ, पोसाता पायक रिण पडइ । त्रिणि पुहर दल साम्हउ भिड्यउ,घणे घाए सांतल रिण पड्यउ॥१६६ साहस प्रभावि एतली आहि, राउत भिडी रह्या रिण माहि । सांतल तणउं रुधिर सुरताणि वांद्यउ वीरायतन वपाणि ॥ १६७ पदमनाभ पंडिति मति कही, वीजा पंड समापति हुई। १६८ AH, सिं B, सि ३. दलङ्-दलिई A B D, दलि 0I. हींदू-हीदू AHIL, हिंदू.०. तुरक-तरक 0E. बे-बि. टोले मोटा A L, टोडे D, टोलि H I, लोहे K. मिलइ-मिडई A L, मिलिइ B, मलि , मिलई D, मिलि H I. १६५ ऊख्या-अडियो A, उडिया B, ऊभ्यू D, उज्याउ र ऊज्यो .. लाभइ-लामि BOHI. पार-- पारि .. भला-भला , भैलो H. करइ-करि B 0 H I, करई D. हथीयार-हथीआर OH I, हथियार K, हथियारि .. जिस्यूं-जिसू A, जिसुं 0 E, जिस्यु D, यसियां , जिसउ र, जिसउँ ८. युद्ध-युध AC D E, जूध , जुद्ध र, रावण नइ-रामण नइ AL, रावण नि B ODI , रावण नै K. राम-राम A DHI K. जिसडे- जिमु म, तिसं ०, जिम DI, जिसिई 1, तिसउ K. देव मसुर-देवासुरि A, युध अमुरा, वासुदेव असुर , देवासुर B, जिम वासुदेव (ख), असुर सातिल K, देव अशुरा .. संग्राम-संप्रामि A, संग्राम D R. १६६ हीदू-हींदू B D, हिंदु ७. सवे-सवि D H I K, सवइ ८. भिडइ-भडिइ B, भडि , भडई D, भडइम, भिडि, भिडइं .. पोसाता-पोसता K, पातिसाहि .. रिण-रणि B C D, रण 1. पडइ-पडई 4, पडिइ B, पडि C H, पुडई L. ii qr in sis: पायक सवि पोसाता पडि. . omits vs 166 b. निणि- त्रिण A, ऋणि 0 H. पुहर-पहुर A, पुहुर ३, प्रहर K. साम्हड em-साम्हां , साहमु B DH, सांहा ०, सोहमूर, सांम्हउ K. भियउ-भिड्यां A, भिडिउ B, भडिउ 0, भज्यु D, भड्डर्ड , भिडउँ र. घणे-घणि ०, घणा . घाए-घाइ BK, पाय D, योपशु . सांतल-सातिल K. रिण-रणि BOD,रण , .... पड्याउ-पडिउ A BOJ, पञ्यु , पडिउँ म, १६७ साहस-साहण म. प्रमावि-प्रभाविं B D, प्रभावइ र, प्रभाविइ .. आहि-आहि D. मिडी-भी BOD H I. रहा-रहीया A, रहिया B H I. रिण-रण B C D E I. माहि-माहि BODJ L. सांतल- पातल A, साति K. पणउं-तणु B, तणु 0 b, तf I, तणउ K, रस्यउ L. रुधिर-रुधिर L. सुरताणि- मुलतानि B, मुलतांणि ०, सुरतागि DJ, सूरतोणि H, सुरताण :, शुरिताणि .. पांच-पदवी B, वादिर्ड 0HI, वा D, वांद्यउ K, पंद्यउ L. वीरायतन-धीरातन 40, राउत तणं B, वीरायत HI1(ख), वीररायतनि अवीररायतन .. पपाणि-वपाण , षाणि D, निखांणि 1, विषाणि K. o interpolates the following line after vs 167 : सती सइ च्यार पाचज हुई अमुरानि तिहाँ जयतज भई. १६८ पदमनाम-पद्मनाभ BD, पद्मनाभि EL. परिति-पंडित BOHJ K L, पंडित . मति-इम OK. कही-महह र. श्रीजा-पीजो K L. पंड-खंड 01, पंड K. समापति-समाप्ति , समापत L. ई- हुई , यह हुइ , हुई . Note-The colophons of the second khanda are! इति द्वितीय पंड समाप्त.........B, इति श्री कान्ड्डदे द्वितीय खंड समाप्तः द्वितीयमध्ये अलावदीन पातसाहि नाहर मलिक मोकल्या ते समीआणे गढरोहु करिउ सांतलसी चहूंआण भडी भागु पातसाहि समीआणो गढ ठी बीजि पडि १५८ गाथा ।। 0; इति कान्हडदे चतुर्थपंड द्वितिय पंड स्माप्त ॥२॥ D; अति दूतीभ पंड समापत ।। 8; इति श्री द्वितीय पङ समाप्त.॥ इवि द्विती पंड समापतः।। इति राजा श्री कान्दडदे द्वितीय पंड समाप्तः तृतीय खंड ॥ चउपई॥ त्रीजा पंड तणउ प्रारंभ, बोलइ पद्मनाभ कवि वंभ। समीयाणे चडीउ सुरताण, जिहां हूंतउ सांतल चहूआण ॥ १ लीधउ गढ आणीउ अभिमान, कान्हड भणी मोकल्या प्रधान । पातसाहि एहवू कहावी, एक दुरग मई प्राणइ लीउ ॥ कइ अम्ह आवी करइ सिलाम, कई प्राणइ छंडाविसु ठाम । ग्या प्रधान सिरि धरीय पसाउ, जई भेटिउ सिंभरिनउ राउ॥ ३ , २ १ चउपई-...A B C D E I L. श्रीजा-त्रीजउ .. पंड-खंड 0, पंड K. तणउ-तणु BO H I, तणु D. प्रारंभ-आरंभ D , आरंभण .. बोलइ-बोलि B 0 E I. पद्मनाभ-पअनामि A, पदमनाभ 0 Hz, पदमनाभि K. समीयाणे-सेवाणे ०, समीआंणे H, समिआणे 3. चहीउ-चढीउ, चध्यउ K, चदिउ .. सुरवाण-सूरांग H, मुराण K, शरिताणि .. जिहां-जिहाँ D, याहां , जिहा .. हूंचs em-हूत A, हुतु B, हतु 0 D E, हूंतु र, हुतउ , हुतो L. साठल-सातल A L, सातिल K. घरमाण-चहूयाण A B, चहूआंण H I, चहुआण 5, चहुआण .. B, समीआणे समीयाणे D, २ ठीघउ-लीधु BORI, लीy D. आणीउ em-आणीउ A, आणि B, आणिउ 01, आयु D, आणि, भाण्यउ K, भाग्यउ ८. अमिमान-अभिमान AODHI K. कान्हद-कान्हडदे A, कान्ह 30L, काहांन HI, कान्ह र. मोकल्या-मोकलिउ B, मोकल्यु D, पाठव्या 1, मूक्यउ F. प्रधान-प्रधान DH, परधान JK पावसाहि-पातसाह A BE, पातशाह , पातिमाह K, पातिसाहिइ .. एहबू-एर्दू 4, एलु BORI, एहवउ EL. कहावीउँ-कहावीउ A, काहावी B, कहाविउँ 0 D, मु कहाविउं म, कहावी , कहा- वियु र, कहिउं .. एक दुरग-एक दुर्घ B DE L, ए गढ 0, एक दूर्घ म, प्राणि दुर्म . मई-मइ AL, मि B. मि मि . प्राणइ-प्राणिं B, पराणि , प्राणिं D, प्राणि , आ र, प्रणइ . ठीउ-लीई Du, लियउ र, लीयो .. ०, ३ काह-कि BO. अम्ह-अम्हि .. कर-करे A B D E I, सरे ०, करउ म. सिलाम-सलाम BOL, सिलाम DIE, सलाम म. का- कि BC. प्रागह-प्राणि ABO, प्राणि DET, प्रणिइ रडाविसुं- ऐडाविडे A, B, डाव्योस ०, छंडाविउ , छंडाविति र, एंजाविस र. ठाम-ठांम BI, ठामि .. ग्या-गया BOD E IF L. प्रधान-प्रधान D E I K. सिरि-मनि B, शिरि , सरि D E, घर , सिर, सिर ८. घरीय-घरी BJEL, फरिउ OD, घरीआ 1. पसाउ-पसाय , फरमाण 1. ई-जE. मेरिर-भेटिड ,भेव्यE, सिमरिनउ-सांभरिनउ , संभरिद B, सिमरिनु ०, सीमरन , समर म. सोना- गिरि, संभरिनउ . राउ-राय BC, न्माउE, काहान .iv qr in t is : कान्हड़दे राउ घिउ मान. -- . कान्हडदे प्रबन्ध आव्या सुरताणी परधान, सभा सहित राइ दी— मान । तव प्रधान पूठ्या चहूआण, किस्यूं वचन कहाव्यूं सुरताण ॥ ४ इस्यूं प्रधान कहइ तिणि समइ, सुरताणी दल कुण आंगमइ । जास तणउ भूतलि भडवाय, जिणि वसि कीधा राणा राय ॥ ५ ॥ दूहा ॥ पद्मनाभ पंडित भणइ, जिह तूठेउ जगदीस । 11 तास तडोवडि हुई किसी, अंगि म आणउ रीस ६ ॥ चउपई। जास तणइ तेजी लप आठ, जास तणइ घरि गयवर थाट । "जास तणइ नवनिधि भंडारि, जेह भिंडतां नवि आवई हारि॥ ७ ४ सुरवाणी-सुरतांणी DJ, सूरतांणी H. परधान-प्रधान A PA, प्रधान , परधान I K. सभा- सभा , सुभा र. सहित माहि.., सिद्ध D, सधा राइ-राई 30, राय piK. दीर्घ-दीउँ A, दीधु 0P, दीनु H, दीघा र मान-मान A D I'. 4a in Lis: शुभा सहिता राउ दीधी मान पूछ्या राउत घाली सान. प्रधान-प्रधानि B, प्रधान D H I K. पूछ्या-पूछइ A, पूछिया B, पूछि . चहूभाण-चहूयाण A B, चहूआणि 01, चहूआण Du, चहुआंग K. किस्यूं वचन-किसू वचन A, वचन किरयू B, किसिउँ वचन , क्स्युि वचन , कसि I, कि वचन I, कि, वचन र, किसउँ वचन .. कहाव्यूं-कहाविउँ A HE, कहा B, काहाविड 0, वहाय्यु D, पोल्या , कहाय्यउ र. ' सुरताण-शुरताण A, मुरताणि 0, सुरताणि D, बहु सूराण स, मुरिताण E, शरिताण .. ५हस्यू-इस A, अ# 0, दस्युं D, इमुउ H, वलतू उ, इमुं. प्रधान-प्रधान D H I K. कहा-वहई A, कहि BOD I , काउ र. तिणि-तीणइ A, तेणि BOD. समइ-समई A, समिइ , समि OH . सुरताणी-मुलताणी A, सुरताणी 0 D K, सूरतोणी 1, मुलतांणी . दल कुण-कुण दल , दल देण B D. मांगमइ-आगमई A, अगीमि B, आगमि 0, अंगमई D, आंगमि ॥ 1. 5a in reads : इमिड वर्चन कदइ प्रधान शुरिताणि दल पोजा पान. जास-जस , जाशु .. तणउ-तणु BOI, तण D, तणि र. भूतलि-भूतले D. भडवाय-भडवाउ D N, भडिवाउ K L..जिणि-जिंण A, जीणि B, जेणि O D. पसि- सेन, आगर, वशि फीधा-कराव्या ल, मनाव्या . राणा राय-राय ०२, राणां राउ D, राणो राय,1, a interpolates the following versc after vs 5: जेहनी आग मानि देवेंद्र जेह पलि धूजइ ताराचंद्र । रायरांणा सवि सेवा परि मेघाबर छत्रज ६ ०ns omit vs G. दूहा- ..II. पद्मनाभ-पदमनाभ , पदमनाभि र, पद्मनाभि .. भइ-कहई A, भणिइ , भणि H. जिह-जिहि , जेद BII. उ-त3 B, रुठ3 K. तास-ताशुभ सोयहि-तडोवड ५. हुइ-को 1, हुई K. पिसी-भिही , रिमु K. माणउ-आणु B N. ७ घउपई-दिव चउपई A, चुपे ,... D NI, चौपई 1. जास-तास A BL, जाम D. ताई-तणि Boni, तगई .. उप माठ-आठ लाए D, लक्ष माठ 1 L. पणइ-तणि BOL , तणिइ D, तई .. परि-...ODI IEL, गयवर-गयमर BI, गर्यवरना , गीमरनु , गइवर परि :, गश्वरि परि म पार-ठाठ B C D N , पाटि ८ जास-जामु DK, जाI L. तणद-तणि BOL , तणिEL. मद-निष' निषि-मधि D I. मगरि-भडगार ABODHI, महरि , भार जेह-जे 0n,... मिस्त- माता BC, भरता ,भरा जेह, भिस्तो ..मविमाधा-नायर वलि A, नवि भावि 30, माया, मापि समभावि.हारि-हरि , हार . o interpolates the following additional verse after 7: हनि प्रम्पवणी मही मणा पटक योष प्रामि पगा। हापी अव हंट नही पार अमपति रायराया सापार । . राणा राउ धरि॥ + 1 ९ "तृतीय खंड, तेह सरिसु हठ नवि मांडीई, कीजइ मेल वेढि छांडीइ । || एहy वचन कहि सुरताणि, मई समीयाणउ लीधउ प्राणि॥ तीणिइ परि सोनिगिरि ल्योस, हिब मन भणिसि,माहरु दोस । १ बोलइ राउ,सुणउ प्रधान,,थोडइ.वलि मोटउं: अभिमान || सांतलि, सुरताणी दल दलिडं, सात वरस,समीयाणे रलिउँ । १ ॥ पातसाहनइ एवडी आहि, पल वावरि सहस पल माहि ॥ १० सरवरि जल पीधर पोपटइ, जोउ मान-केतलडं घटइ । ...कान्ह बोल मुपि बोलइ,इस्यूं, समीयाणइ पुरपारथ किस्यूं ॥ ११ ८ तेह-तिह A, ते B D. सरिसु-सरिसू D, सरि H, सरीमु, सरिसउ K. इट-वेहि प, नवि .. नवि- हठि 1. मांडीइ-मांडीई 0 D, मंडीइ H, माडियइ र, मांडीयइ .. कीजइ-कीजि BCH I. मेल-मेलि .. घेदि-हठ ३, हठि 1. छांडीइ-छाडीई C D छडीइ H, छाडियइ र, छांडीयइ .. एहवू-एह.4, एहq BO,H, एयु D, एहा K, इसिउ L. वचन-वच D. कहिउं-कहूं B, कहुं D, बहिउँ म, कह्या K, कहिउ .. सुरताणि- मुरतांणि C D I, सूरताणि , सुरतणि र, मुरिताणि L. मई-मइ A H K,...B0, मि. समीयाणउ-सेवाणा गढ B, समीआणु 0, समीयाj D, संइवाणा :, समीया" . लीधउ-लीधा B H, लोधु , लीधुंD, लीधू , लीधो र. प्राणि-सपराणि C, प्राणि DIE, पराणि H. iv gr in u is : एक गढ लीघउ सवलइ प्राग...। ९ तीणिइ em- तीणीइं A, तीण B, तेणी c H I, तेणि D, तीणइ , तिणि .. परि-परि B, परिहुं । सोनिगिरि-सोनगिर BI, सोनगिरि 0 D, सोनगिर , सोनिगर K, सोनगरि L. ल्योस-लेसोम , हूं लोसि B, लेस D K, लोस १ (ख), लेसि , लेशु 1. हिव-हवि c H, हिवइ DK. मन-मनिमें , म .g, मनमे D, ईम, मत K, ममें L. भणिसि-भणिमु A, भणमि BD I, भणेसि 0 K, भणि , कहिस .. माहरुको अम्ह A,' अनार B, तमाहरु म, माहरो'K, अम्हारो L, दोम-दोसि . योलई-बोल्यु , बोलिउ OD, बोलि H, वोलुं K, पोल्या L. राउ-राय B p . सुणउ-मुणु B 0, 'सणु :D, सण, मुणि हो र, सुणइ K, कहिइ .. प्रधान-परघान , परघांन D A NE, परिधान ! योढइ-थोडई , थोडि BH, थोडे C D, योद्धं उ, योलइ ८, बलि-दाले A, दल DOI, बोलि H. मोटउं-मोटू B, मोटं 03, मोटु H मोटउ , मोटइ L. अभिमान-अभिमान A D H I K. c interpolates following tivo rss after 9 : असपति राई बोलिउँ मुं टुल समीआणे लीघे मुं बुल । जु आवसि इहा दल मिली तु आवर्जन करसुं वली ॥ बोलि बीजी वार प्रधान कान्हडदे मुंकु अभिमान । मातलसीहि करी घण मारि नेटि सातलनि हुई हारि ॥ १० सांतलि-सातलि AG, सातले D, मातल 1, सातिल K, सातल L. मुरताणी-मुरनाणी 01, सूरताणी प, मुलताणी K, शुरिताणी L. दलिउं-दमिउं A, दलिउ B C D I L, दल्यउ र. वरस-मास 1. समीयाणे- सिवाणे A, सेवाणे B, समीआणे , समीयाणे D, समीआणि I, समीपे K. रलिउ-लीउ A, रलिउ BOD, भलिउ , रूल्यउ , रूलिउ L. पावसाहनइ-पातसाहनी B, पातमाहनी , पातसाहनई , पातशाहनि । र, पातिसहनइ , पातिसाहनी .. एवडी-एहवी . वावरिउ-वावर , वावरराउ E, वावरिउ ८. सहस-सहि K. पल-पुल A. माहि-माहिं B, माहि DJL. ११ सरवरि-सरोवरि BHE, सरोवर 014. पीघउं-पी) BI, पीधू 0, पीधु , पीधु x, पोपटह-पोपटि B0. जोउ-जोउं 40, जूउ B, तु तेग, जो K, जोवउ .. माम-मान 40 E, सरोवर , मनुमान र. केवलडे-केन B, बहु केतु ०, कहइ फेर्ने , केतलु घ, केतू , फेतलु र, ते केवलउ . घटह- पोटेड B, पटि 0 1 . कान्ह-कान्ह 4, कान्दहदे B 1, काहन D, कहांन , पोल-...B, बोलि H. मुषि- मुखिB, मुष ८. बोलह-योलि B 0 1 . इस्यू-इस A, इति३ ०, इसिई DEL, RIP, इ# इ. समीयागह-. सिपाणे A, सेवाणि, समोआगे, समीआंगि BOS, परपारप . विस्यू-किH 4, कति ०, विनिई D, पनि त, विशु , kि E, किमु , पीप समीयां D, म, मनीया समीयाणे .. पुरपारप-पुरुषारप १०२ कान्हडदे प्रबन्ध जउ आवसइ पातसाह वली, तउ आवर्जन करिसूं भली। जउ गढि नावइ करीय पराण, तु सूयर भक्ष करइ सुरताण ॥१२ कान्हडदे बोलिउ हठि चडी, वल्या प्रधान न लाई घडी। तव प्रधान अवगुणना हुई, पातसाह जुहारिउ जई ।। आगलि रही करि अरदास, चाहूआण राउ लीलविलास । जउ सायर वडवानल समइ, तउ कान्हड तुरकांनइ नमः ॥ १४ कान्हडदेवि कही परि घणी, किसी वात समीयाणा तणी। केहउ गर्व तुम्हे मनि धरउ, सात वरसि लीधउ डूंगरउ ॥ १५ " , . १२ जउ-जु BP H I, जो .. भावसइ-आवसि B, आवसिइ D, आवासि म, आवि , आवस्यइ र, भावइ .. पातसाह-पातशाह , पातिसाह र, पातिसाहि L, तउ-तु B D E J. भाषर्जन-आवर्जन A D, भावरजन BI K. करिसूं-करस्यू B, करसिउँ DII, करशंप, करिस्यु र, करिस .. भली-मिली, वली x.. areads as 12 a : एहना गुण हुँ तु मुपि भणं आहा आवि तु मांटीप. जउ-जु BOHI, जइ .. गति-...D, गढK. नावइन्न आवि B, नावि 07, आवि 1. करीय-करी BODIRL. पराण-परीण DIR. तु..... L. सूयर-सुयर D, सहर 1, सूअर K, सूवर .. भक्ष करइ-पाइ A, भख करि B, भक्ष करि 0BI, भष्य करि D. सुरताण-सुरतांण 03, सूरताण 1, सुरितांण K, शुरिताणि .. १३ कान्हरदे-कान्हडदे A J, काहनडदे D, काहानडदे H. योलिउ-बोलइ A, बोलि D, बोल्यु म, बोल्यउ K, बोल्यो .. हरि-हठ AO K, हठे B. B transposes as हठे बोलिउ, घडी-चढी .. प्रधान- प्रधान D E IK. न-नवि D, लागी . लाई-लाइ A, लागी 0 D E K, नावि . तव-तु BH, तउ .. प्रधान-प्रधान H I K, प्रधाने .. अवगुणना-अवगणना A H, अवगुणता D, भठगुणी र, अवगुण .. हुई- होइ , होइ BI, हुई D, सही K, नही .. पातसाह-पातशाह , पातिसाहनइ र, पातिसाह .. सहारिक- जहारी A, जुहारि B, जुहाखा , वातज K. जई-जीइ A, जोइ B, जइ H, कही K, जइ .. १४ भागलि-आगल L. रही-जई ३. करि-करी A D AK, फरइL, भरदास-अरदासि A F. पाहूमाण- चाहयाण A, चहूयाण B D, चहूआंण 0 15, चहुआणां 1, चाहुआण .. राउ-रा B, राय ODI K. लील- विलास-टोलविलास A, लीलविलाश , लीलवीलास K. iii qr in sis: जु सूरय छगि पस्थिमि. जठ- जइ AK, जु BOH, जू D, जो म. घडवानल-वडवानल A. सम-समिइ B, समि 0 D. उ-तोई 4, दहि B, तु ODI, तुए I. कान्हह-कान्हड AO, काहान B, काहान H, शान्ह K, कान्हडई .. तुरकाना नमह-तुरको न नमइ A, न तुरकह नमिइ B, दुरवानि नाम , तुरकनई नमें D, तरककू नमइ म, तुरकनि ममि , तुरकानइ नमइ 4. o interpolates the following two verses after 14: सूर्यकांत जु हुइ सांम मेरु महीपर डि ठाम । ज विखानर टाठउ थाइ तु कान्हडजी लागि पाय ।। पातसाही ताहरी परिमाण जु कान्हाजी मानि भाण । कान्हजीना गुण केता भणु हवि जाणीसि पल तुम्ह तर्ण ॥ १५ काहादेवि-कान्हडदेवि A, कसी कान्हडदे , कान्हदेई ०, काहनडदे D, छांहान तणी , चहानडदेवि , कान्हडदे .. कही परि-परि यही B, पहीइ परि D, परिकही. किसी-कसी .. समीपाणा-सेवाणा B, समीआणा 01, समीभाषण K. देहउ केहु A BO, की D, सेह , बहु , किसउ .. गर्म-गरव . तुम्हे-तग्ने BE, तहमे D, किसिउर. मनि-म म 1. घरउ-घर BODI, घसा .. सात-सात B, साते D. परसि-वरस B, वरसे ODIE L, माहसे 1. लीघउ-ठोधु A BOHI, डीy D. छोयो म.दूगाउ-इंग BOR, डंगर D, इंगरु म, इंगरउ , गरो L.

तृतीय खंड 'सांतलसीह हुंतउ झूझार, तिणइ कटक करिउ सिंघार। कान्हडदेनउ किसउ वपाण, हठि चडीउ हाकइ सुरताण ॥ १६ हूं चालवू वुद्धि आपणी, जालोरउ गढ नापू पणी । सूर जगतइ दीवउ जिसउ, साम्हा गुरड भुयंगम किसउ ॥ १७ साम्हा सीह किसी गजमाल, झंपइ दव जिम वर्षाकाल । सेन तणी परि घालू दोट, मारी प्राणि पालटू कोट ॥ साव दलइ चालिउ सुरताण, वार सहस वाज्यां नीसाण । चाल्यां कटक दुदामां करी, पेह तणी दीसइ डामरी ॥ A o, K, चढियो १६ सालसीह-सातलसीह AC L, सातलसी , सातिलसीह K. हूंतउ-हुँतउ A, हतु BODI, तुम, हतउ र, हुतो .. झाझार-अति झुझार , झूझारि .. तिणइ-तीणइ ,तिणिई B, तेणि 0, तिणिइ D, तिणि 17, विण .. कटक-कटकि A. करिउ-कीउ A B, कीधउ D L, क्राउ K. सिंधार-सिंहार A BO, संहार , संधार , संघार K L. कान्हडदेनउ-कान्हेंढदेनिइ A, कान्हडदे B, कान्हदेनु ०, काहनडदेनु D, कहानदेन H, कान्हददेनु र, कान्हडदेनउ K. किस-किसू A B, करु 0, किमु D K, कसई 1, किशु उ. पपाण-वाण O DIE, वखाण L. हठि-हठइD, हठ H K. घडीउ-चडिउ BJ, चढिउ चढी D. चडियउ म. हाका-छिइ किमु B, हाकि C H I. सुरवाण-मुरतांण O DIK, सूरतांण 1, शुरितांण .. १७ हूं-हुँAD, हू, हु K L. चालवू em-चालाविस A, चालु BD, चालझुं 01, चला , चालवुर, चालवंउ 1. बुद्धि-बुधि D E K L. भापणी आपणी D. जालोरउजालोहर B, जालपुर 0 D, गढ जालदुरत H, जालहुर , गढ जालउर K, जालोरो . गढ-...0H K. नापूं-नापिस A, नापू B, ना 0D L, नाम, नाघु K. पणी-पिणी K. ऊगंतह-जगमइ B, ऊगति 01, उगमतइ D, ऊगमति :, ऊगतइ .. दीवठ-दीवु ABHI, दाठा, दीठउ .. जिसउ-किमु B, कसिउ ०, इसिउ D, जासिउँ , जिसित, किस.. B omits ivqr. साम्हा-सांम्हा A, साहमु , साहामा म, सम्हित 5, साही .. गुरस-गरड, गुरुड D E 1. मुयंगम-भूअंगम H, भोयगम . किसउ-तिसउ , तिसिउ D, तसिउ H, जिसिउर. १८ साम्हा-सांम्हा A, साहामा B, साहमा 0 D, साहा 1, साईमा र, सीह .. सीह-मागिइ .. किसी- असी 1, कसी 1. संपह-दंपिउ A, झापि B, हपि , झपइ र. दव-दिवस L.जिम-यम 01, शमि. पर्षाकाल-वर्षाकालि D, वरपाकाल H K. सेन-सेत A, शेन म, सीह र, सेप . परि-परि . वाद-वार BC, पालु DE, वाल H, चालु र. दोट-दोट BI, मोट ८. मारी-मारि D. प्राणि-प्रगि, पाणि D, प्राण , पाण L. पालटू-पालटुं A L, पालटई B, छडावु , ऐडा D, पालटु म, गिरकोट-कोटि.. १९ दलह-दलि B, दलि 0 D H, दलिउ र. पालिउ-चालु A, बालु म...., चाल्यो र. सुरवाण- मुरतान B, मुरताण CD, सूर्ताण H, मुरितांग , पुरितांण .. पार-पाठि र. वान्यां-बागा BLI पागा 0, बाजहD, वाग्या .. नीसाण-नीसाण D E , नींसाण र, चाल्या-चाल्या C D L. करक- गटक A. दुदामा-दमामा BI, दमामा 08, ददामा D, दशमां , इमामा .. पेह-2 ए. दीसह-सी BDIE, चोठी ७, सि. मरी-दामरी AORE.

कान्हडदे प्रवन्ध । - -- TI १०४ 1गमे गमे.घण धाडां धाइ, जाठा लोक दहोदिसि जाइ । ES IP; चालइ एक पाधरइ फेरि, कटक पुहुतां वाहडमेरि॥ जाण्यउं राउ घणउ अम्हे नडीउ, मारू देस घणु ऊजडिउ । जई त्रांगालउ आविउ हेरि, पंड्यउ हाथ तव बाहडमेरि ॥ २१ CCIET पातसाहि दीधउं फुरमाण, लूसी नगर दीउं मेल्हाण । ब्राह्मण सहिस पंचतालीस, पृथिवी देव अवतरीया जैस ॥ २२ भणवा तणन आणइ पेद; अंग सहित छई च्यारई वेद । ब्राह्मण तणां भलां आचरण, जिहां वरतइ आठइ व्याकरण ॥ २३ गमे गर्म-गमे ण-भंड Rob it. धाडां-धाडा dri: धाइ-जाइ A, धाय 01 J. नाठा-नाठा B, नाठां ३, न्हाठा L. दहोदिसि-दहोदशि c, दुह दसि D, दह दसि 1, दहु दिसि , दह दिवि . जाह-जाय ०३. चालइ-चालिइ B, चाल्यां CH, चालि उ, चाल E, चालए 4. एक कटक , इक र. पाधाइ फेरि-पाधरा फेर A B, पारि फेरि ०, पाधरा फेरि I, पाधारइ फेर... कटक-वैगि.म. पहुतां-पुहता A, पुहुता BE, पुहता , पुतुं D, पुहता , पहुता , पहुता 5. बाहडमेरि बाहरमेरे A, बाडमेर RD K, वाहडरमेरि H, चापानेरि . २१ Bromit vs 21. In tvs 22 precedes 21. जाण्यउं-जांगउ A, आणु , जाणइके, 'जाणि'1, जायूं , जाण्यउँ K. राउ-राय D E BF. घणउं भम्हे-घणउ अम्ह A,' अम्हे पणु', अम्हे घण D, पणू अह्म 1, अम्हे घY , घणउं अम्हे K. नडीउ-नडिउ 'D'H, नज्यु ,'नज्यउ K. मारू माई CH. देस-देश J. घणु-घj c D, धणू H, धणू ग, घगउ .. उजडिउ-उजडिउ D, ऊजडिङ , ऊजयउ K. K interpolates मारू देस घगउँ अम्हे नदाउ between grs i and ii. जई-जे, D, जई UK, जैर. बागालउ-त्रागाल C H, गालुं D, निगाल प, त्रिगालउK. भाविउ-आव्यु A H, आव्यउ'K. हेरि- आहेर D. पड्यउ-पढीउ A, पडिउ 0 H, पाडिउ D, पञ्यु . वाहढमेरि-वाहहमेर DR.. २२ पातसाहि-पातसाह BD In K, पातशाह, प, पातिसाहि .. दीधउं-दीy 8, दी( C D H, हवं.. दीधु र, दीघउ L. फुरमाण-फुरमाण D K, परमाण HI, फुरिमाण 1. सूमी-खुशीयां A, लंच्या D, स्या. नगर-नगरी D. दीउं-दीउ , दीऊ , दे\ र, दिउ L. मेल्हाण-मेहलाण B, मेल्हाण 0 मल्हाण D, मेहलाण म. ब्राह्मण-ब्राह्मण A B K, ब्राह्मण ०, ब्राह्मण D, महास्थान प, बाह्मण L. सहिस-सहस AND H...', सहस ते L. पंचनालीस-पंचतालीस तेय B, पंचतालीस थई 0D, :पचितालीस म, पंचतालीसि थई , पचतालीस , पृथिवी-पृथ्वी A, प्रथवी D I K; प्रथीवी र, प्रथम L. देव-वेद , देवि . भवरीया अवतरिया B H I, अवतसा C D K. जैस-जेह B, जई C D 3, जगीस, ईस KE. २३ भणधा-भगवा D, भणइ K. तणउ-तणा B, तणु C D NI, यात र, तणो .. न-नई र. माणइ-आवि B, आणि C H J, आयद D, आयउ र. पेद-ऐह , द्वेप .. अंग-अर्थ ०, भगे D. सहित- सहीत D, सहत प्र. छड्-डित, मुसि C, D, नि, मुप K. च्यारइ-च्यारि BAI.येद-बेदि .. माह्मण-ब्रह्मणां A, ब्राह्मग , माह्मण D E, विप्र I, ब्राम्हण L. तणां-...., तणि मला-चालि B, भला O DL, वार । भाचरण-आचारि B, आचर्ण , आवर्ग D. परवद भारद-आदि 'वरति ०, वर्तइ बैठा D, परति आठि 1. व्याकरण-व्याफर्ग 0 D I. iv gr in Bis: शास्त्र भगिने छि ससारि, ir qr in Lis. ते मुप भला सगृत घ्यावरण, - । P, ATOTT CD'IL. 1 . . २४ तृतीय खंड भिन्नमाल किस्यूं वपाण, विद्या चउद अढार पुराण । आयुर्वेद भरह संगीत, ज्योतिष पिंगल विषय विनीत ।। वाजी नाटक विद्या घणी, ब्रह्मपुरी चहूआणा तणी । श्रीमालीनां गिर गोत्र, घरि घरि अवसथ अग्निहोत्र ॥ २५ स्मृतिविचारना जाणइ मर्म, नितु नितु आचरीइ पट्कर्म । इंद्रादिक देवनउ विभाग, भिन्नमालि नितु कीजइ ज्याग ॥ २६ भेव्यां पातिक जाइ नासि, धोती ऊगाइ आगासि । साजां वालू छइ हाथि, सप्य भणंता जाइ साथि ॥ , २७ २४ भिन्नमाल, em-भीनमाल AI, भीनमालनु B C, मीनमालतुं D, भीनमालनु म, भिन्नमालD K, भिन्नमालनउ L. किस्यूं-कई A, कस्यूं B, कसिउं , विमुं D K, कसिउ H, किशू , करुं L. वाण-वपांण C DI, वीपाण H, वपाणि L. विद्या-वद्या H. चउद-चौद B C D I, चैद , चवद र, चउंद .. पढार- तY J. पुराण-पुरांण C D E K, निधान . पुराणि L. आयुर्वेद-आयुवेद नइ D, आयूर्वेद H, आयुवेद L. ज्योतिष-द्योतिष B, योतिक C, यातकि D, योतिप । I, जोतिक L. पिंगट-प्यंगल H, वैद्यक . विषय-विपि B, भरह D, विप्र K, नइL. विनीत-वनीत I, राजनीत .. . २५ बाजी-विजया A, वीजी B L, वीजा , पांजी H, वाजी J. नाटक-नाटिक O DHI. विद्या-दा B, वीद्या D, वद्य H. ब्रह्मपुरी-व्रम्हपुरी A, ब्रह्मपुरी B, ब्रह्मपुरी , ब्रह्मपुरी D, ब्रमपुरि H, ब्राह्मणपुरी K. चहूमाणा-चहूयाणा A, चहूयाण B, चहूआंगह C, चहूआणइ D, चहूआणा H, चहूआणह , चहुआंणां K, चहुयाणा L. श्रीमालीना-श्रीमालीना C D. गिरआ-गरूआ A, गिल्या B, गिया , गिरूआ D, गिरआ IE, गरुआ L. धरि घरि-घरि २ AC D J K L. अवसथ-अवशक A, आवमत B, अवस्य हुद ०, अवेसथि D, आवस्थीनइ H, आवमिक , आवश्यक K, उच्वनइ . अग्निहोत्र-अमिकहोन A, अगनहोन 1, अमहोत्र .. २६ स्मृति-समृत D, रमृत्य H, रमृत र, समृति L. विचारना-विचारने A, विचारनु B D E I, विचार- नउ K, विचारि .. जाणइ-जाणि BC, जाणइ DE, जाणिइ 1, जाणि , जाणीयइ .. नितु निनु-नितु २ . B DI, नित्य २०, नित नित H, नित २ KL. आचरीइ-आदरीइ B, आचरि , आचरीई D, आचरियइ , आचरिय ८. पदकर्म-पट कर्म , पट कर्म D E, पटु कर्म L. इंद्रादिक-ददादिक H, यद्रादिक L. देवनउ- देवनु B D , नु प्रथम c. विभाग-भाग I. भिन्नमालि-मीनमालि A, भिन्नमाल BK, मीनमालिक, भीनमाल D, भिनमाल II, भीनमाल , भीनमाल L. नितु-नित A LE L, नित्य ल. कीजह-कीजि BOLI. ज्याग-याग BOHJL. भेटियां 1, CE, आकामि D, २७ मेव्यां-मेटीया A, मोटा B, मेटि ०, मेटें D, मेव्या JL.पातिक-पातक, पानिग D. जाइ-जाई. नामि-नास BI, नाशि L. धोती ऊगाइ-धीती उगाइ , उगाइ धोतीयो B, धोती ऊगवि ते C, धोतिकं उगाइD, लगाइ धोती 1L, धोवती ऊगाई .. भागामि-आकाशे L, आकाधि आगाति , आकाश, आगाग .. साना-झाझा A, गाहि B, माज्या , म्माज्या D, साज्या 1, माज्यांग, माजा, ग्रंबालू-त्रावाल्या B, बाबू, तंवाद, इ. इ-. B, ठि पणि , सई 1, टि, नि. सप्य- शिष्य BO, मम्य DJL, सश्या र. मणंता-मणंता . बाइ-जाइ 4, आवि BO, जाई ., जायइ .. 14 भीनमाल 01, १०६ कान्दडदे प्रवन्ध सहस अठ्यासी आगइ सस्या, जाणे वली तेहजि अवतस्या । लिपमी तणउं इसूं वरदान, एह घरि पूटइ नही निधान ।। २८ भिन्नमालि श्रीमाली वसइ, पद्मनाभ पुहविद वर्णवइ । भांपरियइ ते करिउं वपाण, हियइ यात धरइ सुरताण ॥ २९ गोरी मलिक दीउं फुरमाण, रूडउ भायलु आगेवाण । साम्ही रातिइ आगलि थयड, भिन्नमालि आव्यउ बूंबीउ ॥ ३० फेरिउ वीर पाडीउ त्रास, विप्र विछेदि करज्यो नास । कीजइ होम दोहीइ गाइ, तउ नासीजइ व्याहणा माहि ॥ ३१ २८ सहस-सहन B, सहिम K. भागह-आगि BOT, आगे D, आगई .. सपा-सरिया BI, सरीया घ, सयां L. जाणे-जाणे AOR IK, जि गुण D. वली-वलि D. तेइजि-ते , तेहज 0 HEL, तेहे D, तेह . . transp as तेहज वली. भवतसा-अवतरिया BI, अवतरीया H, भवतस्या .. लिपमी- लिक्ष्मी A, लपिमी B, लक्ष्मी ODI, लक्षीमी . तणउं-तणां B, तर्ण C K, तणु D, तण म, वर्ण, तणउ L. इसू-इस्यां B, अK C, इK DE, इसिउ H, ए , इसउ L. वरदान-वरदान A HIK, वरदाण D. पह-तीहां A,...B, इहां R, जिहां र, तिणइ 4. घरि-... B. पूटइ-टि B, पूटई D, पुटि , पूटि. मही नहीं कहींइ B, नहि D, नहीम . निधान-धान A, घान B, निघांन 0 H I K, नीधाम D. २९ भिन्नमालि-मिनमालि A, मुखवासिं B, भीनमाल D, भिन्नमाल .. श्रीमाली- भिन्नमालि B, श्रीमाली र,..... वसइ-वसई A L, पसि BI, विसणि . पद्मनाम-पदमनाभ ०, पदमनाभि K, पुहविइ-पुहवि A C, पंडित BHI, पहुवइ K, पुहवे .. वर्णवइ-वर्णवई , वर्गविइ B, इम भणि 0, वर्णवि Rs. भांपरियइ-भापरीइ A C, भोपरीए , भापरीई D, भांपरीइ H, भापरीय र, भापरिउ L. ते-तिहां B, त उ. करिउं-कई BD, कस्यु ग, खरं K, करु .. वपाण-वांणि 0, वांण DIK, वखाणि .. हियइ-हीइ A, हुई B, हईइ ८, हीडइ D, हाइ म, हईडिप, हीयइ .. वात-वात ए B. धरह- धरि B, धरी C D E IF सुरताण-सुरताण A D E, सुरिताण B, सुरतांणि C, सरतानि , मुरतानि र, शुरिताण .. ३० गोरी-गौरी , गोहरी . मलिक-मलिकनइ A, मिल्क L. दीउ-दीउ , वीऊ , दियउ , दीयो .. फुरमाण-पुरमाग A DE, फुरिमाण B L, फरमाण KI. रूडउ em-रूदउ A, रन्न B, रूड ODI,लम, स्लू K, सलहो .. भायलु en-भायल AC, भावलिइ B, माईल D, भाइल H, भाईलु र, भायिलउ र, भावलिउ L. आगेवाण-आघेवाण B, आगेवाण , आगेवाण D K, आगेवाणि म, अगेवाणि र, अगिवाण .. साम्ही-साहामी B, साह्मी 0K, साहसी D, हासमी H, साहमी उ. रातिइ-राति A0HI, राति B, राउत D, रातइ र. भागलि-आगि H, साम्हो .. थयउ-यउ, थयु B 0 E , थयु D, थयो .. भित्रमालि-मिन- मालि, भीनमालि B DHI, भीनमालि , भिन्नमालइ र, भीनमाल .. मान्यउ-आविउ BDH, आब्यु प, आव्योउ . चूंनीउ-बीउ A, बुबीउ , बुंबियउ , बीयो L. ३१ फेरिउ-फेसउ A, पिरि B, फेरिउं c, फेखा , फिरी . बीर-चीर A B C D L, वीट र. पाडीउ-पाडियटर, पाडियो L. विप्र-विग्र D विछेदि-विछेद A, विच्छेदि 0, बेगि D, बछेदि म, विछेदइ . करज्यो-करेज्यो, करयो BCH I, करजो D E, कराव्यउ L. नास-नाश BK, नावास D, नासि .. कीजइ-कीजि B, दीजि 0 H I, दीनइ D. होम-हाम D. दोहीइ-दोहीजि र, दोहियई र, आपीये 1. गाइ- काइ D, गाय E , गाम L. तउ-तु B C D KI, नासीजइ-नासीइ ज A, नासीइ B D, नासीजिE, नासीज्यइ र. ध्याहणा-व्याहणा, विहाणा B FE, वांगा C, वाहाणा D, व्याहाणा .. माहि-माहि 0.

तृतीय खंड १०७ आव्या तुरक पाडूऊं करिडं, सूतुं नगरि सह को धरि । गोरी मलिक घणेरी हाम, तापति करी लगाडि गाम ॥ ३२ वल्यां कटक नइ ऊग्यउ भाण, गढ जालहुरि हूउं तु जाण कान्हडदे राउल इम भणइ, हवइ जगरइ किसिउं आपणइ ॥ पातिसाहनी जोउ वात, देहरासरि कीधउ उपघात । ब्राह्मण जई मूकावलं आज, जीवी किस्यूं करेवळ काज ॥ हिव आपणनइ आवइ पोडि, वेगि मसाहणी घोडा छोडि । साल्हर सोभउ अति बलवंत, लपणउ सेभटउ अति जइवंत ॥ ३५ ३२ पान्या-आव्य K, आव्यउ .. तुरक-असूर 1. पाडूङ-पाड्ड B L, पाडू 0 DH, आपाई E. करिठं-कीर्ड A, करिउ B I L, परि DI, कयूं K. सूर्नु-सर्नु 0 D, पनि त, सूनुं , सूतइ , सूतउ L. नगरि-नगर BOD I L. सहू-महु K. को- L. घरि-घरि D, परिउ H, करि , धर्यु र, धसई .. गोरी-गौरी B, गोहरी . मलिक-मिलक, घणेरी-धणेरि D. हाम-हांम 0 D J K. तापनि-तापनि I, भाषति र, तापित L. रगाडिई-लिगाई A, लगाडि H, लगायं ३, लगायउ K, लगाडिउ L. गाम-गांम DHI. ३३ पल्या-वलिङ B, वन्योउ .. नह-नि BOHI, मई D. उग्यट-उगिउ BD I, मयुर, उग्यउ र. माण-भांग A NIK. गढ-ढि A. जालहुरि-जालोरि A, जालहरि , जालोरइ र, जारोल .. हूट-हq B, तु हवू , हूउ K L. तु-त A, ते D, तां H,...JK, छई .. जाण-जांण ODI JE, जाणि L. कान्हदे-कान्हड A, काइडदे B, कहिडदे ०२, काहानददे 1. इम-ईम . मणइ-मणिइ B, मणि , भणई ८. हवइ-हन A, हिम B, हयि 0 13, हिव K L. अगरइ-ऊंगरइ A, ऊगरिदै BOI, सगरि , सामु र, अगस्खउ L. किमिउं-स्यां A, K ०, कमि DH, विशं ग, कि, x, किसद L. I transp as किरी ऊगरि. आपणइ-आपणई A D, आपणिइ BL, आपणि O I . ३४ पातिसाहनी-पातसाहनी A 0 D, पानशाहनी BI, पातिसाहिनी .. जोउ-जगए D, जोडए., जोकर, जोवउ .. देहरासरि-देहासरि A, देहरासर BIL, मुझ देहरासरि , देहरामरें D, देरासर K. कीघठ-कीथु BOI, कीधी D उपधान-घात , अपघात K. ब्राह्मण-ब्राह्मण A D K, ब्रांगण 0 . जई-उद जुन B, नि, नई DK, नही 1. मूबावर्ड-मूंका B, मुंगर्नु , Vावर D, मावु , मायूं , मकाउँ K. जीवी-जीवीइ A, हदि D, जीवीनि , किस्यूं-किम् 4, किमु 0, कमि DH, झं, किमु र, विमिद .. करेवर-करेवू B, रीमि , छई जीवीट D, करनि , कीजिर, करीम्य K, विरेसर काज-आन A, कल K. ३५ हिव-हवि BODHI, हवइ K. आपण आपण A. नइ-नि BHI, Kc. मावइ-आरि : 01 I. वेगि-वेगिर, वेग L. मसाहणी-ममाणी A IN EL, ममाणी D K. घोडा-ग्राहण PR, ग्रेटा , साहिण L. छोरि-डेटि , जोडि L सारदउ-साल्हु BC, साहलो D, मादलु H, गाल , माहण L. सोमउ- सोमिन A, सोभनु B, भोलु 0, सोम D, सोमु र, सोमति .. अति-अनि B, धनु र, धर्नु D, निहार, तूं ... यसवंत-बलवनि L. लपणउ-लापग B, लपग 1 FL मेमटउ-सीभट्ट B, मेवटु म. अहवन-वल्र्वन B, ययर्वन 1, जयवन 5 L. Iv yr in 0 19. अजु अनु अनि जयवन, in D is . ग्रेटा ले विहां पुहत; indis: घोडा ग्रेडी आण्या रेवंत.

, ३८ १०८ कान्हड़दे मवन्ध महिप जइत देवडउ वपाणि, ए राउत सपराणा जाणि । एह तण वल जाणइ राय, ततपिण वीडां करइ पसाय ॥ ३६ राउल भणइ महिप मन जेडि, राजवंस छत्रीसइ तेडि । चाहूआण राय आयस दीइ, सवे वाघेला बोलावीइ ॥ सोलंकी राठउड प्रमार, जाणे झलहलमल्ल झूझार । वलवंता बारड नइ हूण, तेह तणइ मुपि मांडइ कूण ॥ चाउडा हरीयड डोडीया, वेगि करी रायंगणि गया। जयवंता यादव वीहल्ल, नर निकुंभ गिख्या गोहिल ।। तर श्रीगिरणइ वांची वही, सवे वारगिरी तेजी लहइ । चाचउ सुहड सल्ल रहीउत, चउरासीया तेड्या सेलहुत ॥ ३६ महिप-महिष L. जइत-जित B C D, जयत H J, जयति ८. देवडउ-देवड BODI, देवई म, देवडो L. I transp as देोडु जयत, 4 transp as देवडो जयति. वपाणि-वांणि D H, सपराणा- सपराणा AC D I, सपराणु B, संपरांगा K, सपराजाणा L. जाणि-जाइण H, जाणि J K. एह-इहा K. तण-तणू B, तणु , तणा DJ, तणउ KL. जाणइ-जाणि BO, जाणइ DH K, जोणि . राय- राइ K L. ततषिण-ततक्षण A C, ततपणि B, ततषिणि I, ततक्षिण F. बीडां-पीई BO, बीडा D E K L. करइ-करउ A, परिइ B, करिउ , करि , कीया , करै , हूउ L. पसाय-पसाइ A, पसाउ J K L. ३७ In I vs 38 precedes vs 37. राउल-राउत DI, राउलि L, भणइ-भणि BOHI. मन-मम 0, न D, म , मनि , राजवंस-राजवंश RJ K, राजकुली 0. छत्रीसइ-छत्रीसि BOL I, छवीसी D. चाहूमाण-अनि चहूयाण B, चहूआण C JK, चहुयाण D, चहूआणां 1. राय-राउ A L, . आयस-आइस K. दीइ-दीयइ K L. सवे-सवि A H, बोलावीइ-बोलावीई D, वोलावियइ र, बोलावी लावीयइ . ३८ राठउड-राठोड' A, राठुड B D, राठड II, प्रमार-परमार B C D H I, पमार K L. जाणे-जाणे A o, जाले P, जोंणे 1, जाणि झलहल-झलहलता ODI, झलमहल H, क्लह .. मल-मल BIK,... C D I. झझार-झूझारि L, बारड-बारुड B, वाह K, बोरड L. नइ-नि BO, हम , भई L. हूण-वि हृयण B, हूँण 0 D I, कूण I, हुँणि L. तेह-तोह D. तणइ-तणि BO H I, तणे र. मुपि-मुखि B, मुषि ०. मांडइ-माडि B C 1, मंडइD, पिसि I कूण-कुंण A D, युण BOH, भ्रूण 3. ३९ हरीयड-हरीयड नइ A, हरियड B, हरीआ , हरीभड DH, हरिआडा K, हरियाडा L. डोडीया- डोडीमा ACDHI, डोडिया K L. चेगि-वेगि c J, वेग र. रायंगणि-रंयंगणि A, राउ आगलि c, राउ अंगणि DK, राय अंगणिा, रा अगणि, राउ अगण 1. जयवंता-जियवंता , जइवंता H. यादव-जादव , सांपुला K. वीहल-वीहल B TIL, वीहुल D, वीला K. निकुंभ-मवे A, निकुभ H, तिकुंभ र, कछवाहा .. गिख्या- सपराणा A, रुमाल, गिरआ II, गिरूआ I, गा . L. गोहिल्ल-गृहि A, गोहिल B I K L, गोहल र. ४० तउ-तु B C D E J K L. श्रीगिरणइ-श्रीगिरनइ A, श्रीगरणि BHI, श्रीगरणा 4, श्रीगरणे D, श्रीगिरनी .. F transp as श्रीगिरणइ तु वांची-कादि , काढी DIK, वाची : वही-वहिद B, मवे-मवि BIT, सेवे ० बारगिरी-बारगीरी D, वारगरी II, यारगिरि , वारगिर K. तेजी-तेजि , ते तेजी L. लहह em-लहई A, लहि B, सही C D I J K L चाचउ-चाचु B C D NI, आव्या L. सुहड-मुहुटु , सहुडुप, शुहड - सल्ल-डुछ B, भलु C DJ, सल II, सवे = रहीउत-रहारते A, रहीत B, राउत CL, घरासीया-चुरासीया B, चुरासी C D I, चुरासीआ H, चउरास्या । तेड्या-तेडि AH, तेरिया : सेलहुत-सेलहथ A, सेलहत्य B L, महत्त C, मेलुहत D, सेलहत 1, सेल्हत K. । राउत्तर तृतीय खंड १०९ लूंढउ नइ रीछाउत पतु, अरसी मेर विजयसी सतु । 'त्रिणिसइ साठि गंगाजल तुरी, ए राउत चडीया पापरी ॥ ४१ धांधुलोत्र सोमउ सुविचार, जेसल लपमण झूझणहार । इग्यारइ सइ किहाडा तुरी, ए राउत आप्या पापरी ॥ ४२ मूलराज नइ मारू जाणि, अरजन वीहल वली वपाणि । वापल महीडउ मांटी भला, एक सहस दीधा चांपला ॥ धुंधलीउ नरसू वेयसी, करमणीउ माल्हण लूणसी । पन्नरसइ पापरीया चंग, एह दीधा कालूआ तुरंग ।। ४४ सोमाउत पांचउ अडवाल, लूणकरण जगसी जगमाल । एह राउत आपीया सुरंग, एक सहस नीलडा तुरंग ॥ ४५ ४१ लंढउ-लूटइ A, लाह B, लुभु , लुढउ D II, लीढउ , लुह 5, लटू L. नइ-नि B H I, नई D. रीठाउत-रीछाउत BL, रीछेउ 1, रीछाउत K, रीमालु I. पतु-पुत्र 4, पनु C, पतुं , पुतू K. भरसी- हरसी B, असी अजसी , अजेसी D. मेर विजयसी-मेर वजेसी A, मेरु विजसी BI, मेरु विजयसी , मेर विजेसी 2, मेर वर्जसां 1, मेर विजइसी र, मेरि शिशिवे .. सतु-.. C, पनु D. ब्रिणिसइ-त्रीसमिं B, त्रिणि , त्रिणगई D, बिहसि I, त्रिणिसि I, निणसइ K, बिहुसइ L. साठि-साठ ०. तुरी-तुरि A. ए राउत-तेहे राउत A D, एह राउत . चडीया-चडिया B, चढीआ , चन्या DI, चडीआ I, चडि आव्या K, चढ्या .. पापरी-पडी 5. ४२ JE omit vs 42. धांधुलोत्र-धाधलुत B, धाधन , धांधलुन D I, धाधलोत्र K. सोमउ- सेतु B, सोमु 0 D I. सुविचार-सविचार B H. जेसल-जेमु B C. लपमण-लपणा E. झूझणहार-अति झझार D. इग्यारह सइ-इग्यारसिं D, अग्यार सहस , अग्यारसई D, अग्यारसिई II. " राउत-एहे राउत 0 D, सांण सहित H. पाप्या-चडीया B, चया , चड्या D, पइ 1, चडी आव्या र. पापरी-पडी . ४३ मूलराज-मूलराजा II, मोलिराज L नइ-नि B H I, नई D. मारू-मारु L. जाणि-जाणि D JK. अरजन-जीतु B, अर्जन ODI, अर्जने L. धीहल-कालु , छीह K. वपाणि-वपाणि C D II J K. बापल-वावल B, वारड 0 DI, वापड H, वापिल K. महीडउ-हींदू B, वाधु C, वापु DI, महीना H, महियलि र, महीडो L. मांटी-माटी 0 D L. भला-भरा A, भलु B, भलउ L. एक सहस-एक सहिस BK, निणि सहस ०, एह सहस D, पन्नरइ सइ L. दीधा-दीधु B. चांपला-चापटा A, चापलु B, चापला OD. ४४ धुंधलीउ-घूफ्नीउ 0 J, मुघलीउ D, घोघरी II, घूघर K, घूघलीयो L. नरसू-नरसु B C II I, नरसुत D, लीबउ K, नरसिय .. बेयसी-बेदसा A, विजसी B, वेयसी , वे इस्या Di, वेजसी 1, नइ पेतसी K, पेतसी , करमणीउ-करमसीउ A, धर्मणीउ B, करमण 0, कर्मणी 1, करमणियर K, कर्मणीयो .. माल्हण-आल्हण A L, कालु नइ ८, आहलण 1. लूणमी-लूणसी A, दंगमा D III, लैणसी K. पनरसह- पनरहराइ , पन्नरमि B, पनरनि C, पनरसट D, एक गहस II, पननि , पनरदगद र, नरदसा L. पापरीया- पापरीआ H, पापरिया K L पह-दहा A BK, एहे , एहा II दीघा-दीया A. कालमा-काल्या A B, वालुआ D, कालवा तुरग-रंग A, नोरंग B, तोरिंग J. ४५ In Bvs 46 precedes rs 45. II omits rs 45. सोमाउत-सोमाईत B, मेघ मोमाइत उ. पांचउ-पाचइ A , पाचमु B, पाचु C DJ अडवाल-अडपाल B, उबाल, अपाल L. लूणकरण- टूणकर्ण C D, खूणकरण , लुणकरण K, लूणकर्ण - जगमाल-अमाल , रिणमाल .. पद-दहां A, यदि B, एक, इया र राउत- . B आपीया-आप्या : L, फटरा , आसु म, आपीआ , मापिय . सुरंग-ते सारंग B, मुचंग C D, सोरिंग I, गुचंग L. एक सहम-निषि सहस , एक राहिग BK, .

कान्हडदे प्रवन्ध मेघउ लोलु नइ देवाइत, मूलराज महीयडउ जइत । वालि मांहि जे तेजी भला, एक सहस दीधा हांसला ॥ आल्हणसी वीर सोमसी, सामंत नइ सहडु भीमसी। साल्हू महिपउ नइ महिपाल, वीरम वली म्लेछनउ काल । दीधां पापर पूठि पल्हाण, पन्नरसइ वोरीया केकाण || देवसीह भोजउ भड वेउ, अणतउ धडसी तेजउ जेउ । एक सहस पल्हाणा कीध, एह हरीयडा तेजी दीध ॥ ४८ गुहिलुत्र कान्ह नइ भाण, मुंजा धारा करूं वपाण । देववंस जे तेजी हुआ, पन्नरसइ दीधा जांबूआ॥ ४९ ४६ ० omits vs 46. मेघउ-मेघ A B I, मेघु D3, सातल .. लोलु-सोम A B I, लग र, सोमाइतइ 1. नइ-नि B 1,...DIL. देवाइत-देवाईत B DI, देवाइन र. मूलराज-मूलराजनि B 13, मुजु राज D, सूलराय र. महीयडउ-महीउ BJ, महीआ D, महीड 1, महियड नै 5. जइत-जइवंत A, जीत B, उत D, राउत र, जयत र, जयवंत L. वालि-वाल F L. माहि-माहि DI K L. भवा-माला A. एक सहस-एक सहिस BK, एक सहसा .. दीधा-दीघा D. हांसला-हांसला A, चापला D, चोपला. ४७0 omits vs 47 4. The order in D is 47c, 48a, 471, 47b. भाष्हणसी-आलणसी II, आल्हण 1. वीर-चारू II, वीरउ र, वीरो नइ L. सामंत-सामंत A, सामंतु , सांतल 1, सामतसी र, सामल .. नह-...BK, गुण , नु, गु . सहडु-सबल B DIKL, सकतु 1. साहू-साल B, सारहु 0D, साहल H I, साल्हड र, साल्ह L. महिपउ-महिप B IN L, महिपु ०३, महिY D. नइ-अनि B, नि 03, अनइ II L. महिपाल-महीपाल O DH J. धीरम-रणिमल C. घली-सोमउ A, वीर. म्लेछनउ- मलेखद A, मेटनु B II, मलेरउनु ०, म्लेउनु D, मलेछनु र, दीयां-दीधा BK,...0, दीधी .. पापर- पापरीआ 0. पूटि-पुंठि ०. पल्हाण-पलाण A L, पन्हांण ODI, पहलाणा, पलाण र. पसरसइ- पनरसइ A, पनरगि B, पनरमि 01, पनरसिंई D, एक सहहस II, पनरहसइ र, पनरदसइ .. बोरीपा-बोरीमा 1, योरिआ र. केकाण-कण DILJK. ४८ देवसीह-देवसीउ B. भोजउ-भोजु BOD III, भोजो .. बेट-वेय 0DH, भलु र. मणतउ- भगतु B , अनंत , अणंतु D, आप्तो .. घडमी-पडसी B. तेजउ-धार B, तेजु ODI, तेजो .. जेउ- जेभAR, तेय 0D, तेउर iiqr in sis: घटसीह जी ति एकलु. एक सहस-एक राहिस BK, ग्रिणि सहस क पदाणा-मालाणा A F, पल्हाप्या 0, पदलाया II, पदण्या र, उपलाणा L. कीध-दीप, पिर . पह-हाँ A, एक , एहे , मह L हरीयदा-हरीयाटा A, हरीद्वारा, हरियटा K, हरियाहा .. ४९ir in ais हींगोल मंगल नि कली भांग गुहिलुग-गिहिलोयो A, गहिलउत D, गहिन्दुना, गहिट , गहिलाय K, गहिरोतु । कान्द-पान्ह A, हिउ ग, घान्दु D, काहानु , पान्हदेश, मो. ना-घेह, नि DJ, नई भाण-भाग AC DIK, भला B, भाग . मुंजा-मोजा A, मूगा , मुजा स, माग, मूना 5, भूपा धारा-घारी D, पार कर-कर AODx, वन II, पपाण-यपांग Di, वर्ग 1, पगानि L Iqr in B Is गला राजा ये निर्मअ. देवांग-देव, देशजी ०.जे....., से . हमा-या , हुमा D, हाभा । परमर-पनरहगइ, पनरमिं , पारनि ०, पनरयई , एक महम , पनीर, पनरसह , पमरगद । आपूभा-आंब्या AC, जायुमा र.

तृतीय खंड पातल पूनराज रिणमल्ल, सामंतसीह नइ साहणमल्ल । एक सहस कुलथवना तुरी, एह राउत आप्या पापरी ॥ वाहड बूजड नइ हम्मीर, सींघल भट्ट भीमउ वीर । जीण धरी साहणता गया, एक सहस सेराहा दीया ।। झांझण नइ पातु पडिहार, धीरउ वीकउ सांतल सार । पाणीपंथा पूठि पल्हाण, एक सहस दीधा केकाण ॥ पूनउ भारमल्ल भुज प्राणि, मूंजु राजु वली वपाणि । वाहर समइ कोपि धडहड्या, ए काठेले तेजी चव्या । ५२ ५० पातल-पातल A, पातल H, पातिल K. पून-पूंनउ A, पूजु B, पुन , पुनन H, मल र, पुन , नइ 1. राज-रात A, राणु B, जाप, राजो L. रिणमछ-रणमल्ल B D, रणिमल , रणमल H, शांझणमल. सामंतसीह-सर्मितसीह A L, सामतसीह BF, सागुल, सांगु DI, सामतसी K. नइ-नि B H, चागुल, वांगु , चांगु र, अनइ L. साहणमल सहसमन A B, साहममल म, सहिसमल्ल E, सहसमल .. एक सहस- एक सहिस BK, एक सहसे L. कुलयवना-भुगवन्ना B, कलयवन्ना , कलरावना E, फुलाथना ग, कल्यवंना K. एहराउत-ए राउत Dr. ५१ 0 omits vs 51 a. वाहड-चाहर A BK, वाहड D, चाहल 1. चूजट-बजु A, बड, बूज, वजू , वाहड K. नइ-नि B. हम्मीर हमीर A H I, हमीर D, वेह हमीर L, सींघल-सिद्धि B, सिंघल D, सीघल H, शंघल , सीघउ K. मह-मलावु , भाटु D, भागुबु 1, भादुर, भलउ नइ , भामो ८. भीमउ-मीमु B DI, भावो L. B omits rs 51 b. जीण-जाक OIL, जके D, वाघ 1. साहण- साण P, सांहण , सांण र, सासग L. ता-हिया , हिथा D, बार, हत K, दित .. एक सहस-निणि सहस ०, एक सहिस . सेराहा-सेराही 01, सीरोहा , सेराहइ L. दीया-दीआ 1, दिया K, घीह BL, धील, ५२ 0 omits vs 52 a. नह पानु-नइ पात A, नि पानु BH', पातु नि D, नइ पातो र, नई पातो .. पडिहार-पहीहार B, पडीआर Hd, पडियार .. धीरउ-धीर A, D, झाझउ K. बीउ-वीकम A, वीक B, वीरु D, वीरउ H, वीलर 1, सांवल सार-सातल सार A, सातल सार B, साविल सार K, सामल सार .. पाणी-पाणी A B H I, पाणि DR. पूठि-मुठि , पुंठि D. पल्हाण- पलाण AK, पल्हाण ODI, पहाल्ाग , पन्याणा L, एक सहस-एक सहिस BK, पनरति ०. दीघा- दीधा B. केकाण-केवाण BODI K. ५३ 0 omits rs 53a. पूनउ-पूनड A B, घुनु D, पुनह 1, पनु, पुनउ , पूनो .. मारम- भारमल ARJE प्राणि-आणि र, प्राण .. मूंज-मूल BI, मुनु D, मुंजउ H, मूना K, मूज L. राजु- राय D, रासल H, रायमल I, रानिल र, राइ , राज . पली-मिबउ A, सलवड़ी D, गर , वली कम् वपाणि-वाणि D E F K, वाग L. वाहर-बाहर D, वाहार , सेवे L. समइ-ममि BE र, सूर , समई D, राउत .. कोपि-कोप म, कोपिइ .. धम्हत्या-घटड्डीया A, घटियां B, घडदइ . ए-ते , एक ०५, एक DIF, एद 1. काले-कायेणे B, काबोल , काभेल , अध्यल .. तेजी-तुरंगमि D. व्या-बडियो B, चन्या ..

११२ कान्हडदे प्रयन्ध लापणसी साल्हड धारसी, धारउ मूंजिग नइ पदमसी। एकाएकि नाम जूजूआ, इहां आप्या तेजी सिंधूआ ॥ मेरउ तेजउ नइ सामंत, वारहीउ गोल्हण बलवंत ।' एह आगिला बुद्धिवल प्राणि, सवि चडीया करडइ केकाणि ॥ ५५ सूरज वीजल लीवउ भणूं, कडूया पीमा मांटीपणूं । पूठिइ पंचवर्ण पल्हाण, एह आप्या अवरस केकाण ॥ वीरउ भडसी नइ मोपसी, कुंअरपाल लोलउ पेतसी । पचनवेगि जे चालइ चंग, ईहां दीधा तोरकी तुरंग ॥ ५४ c omits vs 54 a. लापणसी-लापण . साल्हउ-साल्ह B L, साल्हु D, माहाल 1, सालनि . धारउ-धारु B D H J, धारू L. मूंजिग-मूजिग BK, मुंजि D, मुंजिग H, पूजु २, मूज L. नइ-नि BI, नई D, अनइ L. पदमसी-पदमसि D. एकाएक-एकएक B, एकएको I, कविता कहइ र, एक २ L. नाम--- नामि B, नामि०, नाम DI, नामइ L. जूजूआ-जूजूया A, जूजूया B D, जूजूआ H I K. ' इहां-ईहा B, ए , एह DI L, तिहा K. सिंधूभा-सिंधूया A, सींधूया B, सींधूया D, सीधूआ H, जूजूया 3, जूजुआ K, सिधूआ L. . लोहण , ५५ ० omits vs 55 a. मेरउ तेजउ-मेरु तेजु B D HI, अमरो वैजो .. नइ-नि BRI, नई D. सामंत-मामंत A K. बारहीउ-थरहउ A, वारही 5, वारहठीयो L. गोल्हण-गेहण B, गोहण , गोलण L, बलवंत-आते वलवंत A, जयवंत DJ K. एह-ए B L,... DJ. भागिला-आगइ A, आगलि 0, आगला D, आगली ३, अगइ .. चुद्धिबल-बलवंता A, पुंदि वलनि 0, सवि युधिवल , बलबूधि H, वुद्धियलह , बुधि , बलयुधि L. प्राणि-प्राणि C D, प्रमाणि L, प्रमाणि J K. सवि-सवे ....D. चडीया-चढ्या 0, चडिआ सघला D, चडी H I K, चढिया L. करडइ-करडे ACI, करडि B , करड D. केकाणि-केगाणि A DI, केकाण 0U K, केकाण L. ५६ B C Komit vs 56. सूरउ-सूरु DI, सीरो .. वीजल-वीजड A D. लीवउ-लीवु D, लीवु॥, कहउ र, लीयो L. मणूं-भगउं A, भj D, भणू H. कड्या-क्या A, क्आ D H, कड्ड 4. पीमा-पीमो L. मांदी-माटी DL. पणूं-भला A, घj D. पूठिह-टि$D, पूठि 1, पूठिं . पंचवर्ण-पंचर्ण A. पल्हाण- पलाण A L, पल्हाण DI, केका पहलाण H. पह-ईहा A D, ए I. आप्या-आरव्या H. अबरस-अवस D, आवरस II, हवस 1, अवलप . केकाण-केकांण DII. ५७ 0 omits vs 57 3 धीरउ-वीर BI, धीर 1, धीर I, वीरो .. भइसी-लदसी उ. नइ-नि B. मोपमी-पीमसी , मापमी K. कुंभरपाल-पुरपाल A, कूयरपाल B, दुरपाल DE, कुअरपाल I, Qमरपाल J, कुमरपाल L लोलउ-रोलु A BD II, लालु र, पेतउ .. पेतमी-पोषसी F, लपमसी, लोहसी .. पवनवेगि-पपनवेगे D, पवनवेग र. जे-ये c, . K L. बालइ-चालि B C III, चालइ ते K L. ईहां-इहो B, एहे 0, एह D II JL, तिहा K. दीघा-आप्यात. तोरकी-तोरका A, तुरकी 1 11, करहमा ०. सुरंग- तोरंग BI, नोरिंग, रंग .

तृतीय खंड ११३ जइतकरण पूनउ जगमाल, दूदउ धडसी दुरजनसाल । पुरासाणि पिति पूँदइ प्राणि, तिस्या तुरंगम आप्या आणि ॥ ५८ कुंभउ करणउ सापु नइ फणउ, फणगर अदउ कर्णदे भणउ । मालु वींछी अरजन जाणि, वीसु देभु वलीय वपाणि ॥ चाचु मांडण राघव हभु, राणु शाणउ कडूउ नभउ । हापु हरदास नइ सगर, सूरु मूलराज नइ फणगर ।। हरराज देभउ नइ विजपाल, रामु रीछउ नइ नरपाल । सादउ दूदउ नइ सिवदास, मलकू सादूल नइ हरदास ॥ वास, ५८ 0 omits vss 58-65. जइतकरण-जितकरण B, जईतकर्ण D, जइतकाण H, जयतकरण J L. पूना-पूंनउ A, पूनु B H I, पूंनु D, पूनो R L. जगमाल-जगमाल 4. दूदउ-हीदू. B, दूदु D E I, दूदो K L. घडसी-धडसी A D E L, उघड H. दुरजनसाल-अरजनमाल A, दुर्जनसाल B, दुर्जनेसाल D, दूजणसाल H, अर्जुनसाल I, दूरजनसाल K, दुर्जनसाल L. पुरासाणि-घुरसाणि A B, पुरसाण H, पुरसांणी , पुरासाणी .. पिति-ध्रति A, क्षिति , पति र, पित L. दइ-पूदइ A, दि BI, घुदइ D K, पुदि , पूद L. प्राणि-प्राणि DEI, प्राण L. तिस्या-तिसा A E K L, इस्या D, इशा . तुरंगम-तुरंग H. भाप्या-आपीआ H, मुंप्या L. आणि-आणि DHJK. ५९ कुंभउ करणउ-कुंभु वरण B, कुंभकर्ण D, कुभु करणु म, कुंभकरण I K, कुंन करणउ L. सापु नइ- सापउ A, नि सापु B, साँपु म, सापु नि , सीपउ नइ K, सांप3 L. फणउ-फ्णु A BHI, फणुं D, फलउ E. फणगर-फरष E. भदउ-अदू B, अदु DJ, अड्डु म, उदइ 5, अदो L. कर्णदे-करणदे A B K, करदे H, भगउ-भलउ A K, भटु B, भलु DI, भणु H. मालु-बाल B, मालउ K, मालो ८. वीडी-वीठी BE L, वींदी D K, वही . भरजन-अर्जुन BI, अर्जन D, उर्जन K. जाणि-जाणि D H I K. वीसु-वामु II, वीसल L. देभु-देपु DI, देव K, देते .. वलीय-वली B D H I K L. वपाणि-वपाणि DHIK. ६० चाचु-वाछउ , चाबउ K, चाचो L. मांडण-माडण L. हभु-जाणि A, हनु म, भलु र, हरदास K, हेव L. राणु-राणु A E, राणउI K, राणो L. शाणउ-जोलउ A, राजु B, झ्याणु D, जालु म, शांगउ प, आलप र, राजन L कडूउ-कान्हउ कडून A, कडुई D, रामजी L. नभउ-नमउ प्राणि A, नभु B H, नभू D, नलउ र, जिणदास K, देव L. हापु-देषु म, हालू K, हापो । हरदास-..... नह सगर-नवपण सिवउ A, नि सगर B, अनइ सगर D, अनि सागर H, नि सारिंग र, नई इंगरसी जाणि L. iv qr in a is चीरम अजउ वीकु साग चापु गजु, in L is रिगमल नइ रिउंपाल वाणि. After iv gra interpolates सीहु सिंघ नइ वणवीर (of rs 62 iii qr). सूरु-मूलो र मूलराज-मूल B, सूर K, नइ .. नह- नि Br,...H, अनइ बलि E, फणगर-फगरंग , अगर 5. ६१ हरराज-हींदू राजु B, हराज D E I, हीरीराज K, जयल L. देभउ em-वीभउ A, देभु B DET, देवउ र, देभलउ - नइ-. .BE K L, नि विजपाल-विजयपाल A L, जिपाल B, वजपाल H I, विजइपाल K. राम-रांमु A B, रामो E, रामो L. रीठउ-रौंदु B, रोदु , री, पो .. नह-नि B D E I, ने . नरपाल-रिणपाल A. सादउ-सूदउ A, सादू B D, सादु 13, सादो L. दूट-दूदु BP H I, दो ८. नइ-नि B H I, नई .. सिवदास-शिवदास B L, शवदास H I. मल-मालिक , मैतु D, मेला र, मिलक L. सादूल-मादल A, साल ध, सालदूर, सादल .. नद-नि BI,...:, अनइ र. हरदास-ब्रह्मदास D, हरिदास .. 15 कान्हडदे प्रबन्ध नउघण सिवउ वीरउ अजु, वांकउ सांगउ चांपउ गजउ । सीहु मूलग नइ वणवीर, देपर केल्हउ नइ रणधीर ॥ ६२ राजु वीरमदे देवसी, लपमु उदयसिंघ पेतसी। गांगु गाजण नइ समरसी, लालु लापु नइ वइरसी ॥ ६३ सोभउ सुहडउ सल्ल कर्णदे, वीकमु मुटू कुरपालदे । कुझउ झांझण सलघुसिंघ, जागु धरणिग नइ नरसिंघ ॥ गांगड गाजण नइ रामदे, छांछउ वाछउ नइ भीमदे। मोकल भादउ राजधर भीम, वेलाउत पेथउ नइ पीम ॥ ६५ ६२ - omits vs 62 a. नउघण-नवधण A, नुषण B D E I. सिवउ-सी A, सादु B, शिवु DU, शवु . वीरउ-...A, चीरम B, वीरु DH, वीर . मजु-अज A, अनु B, आजू D, नि अजु H I, नइ मजो K. बांकउ-...A, वाकु B D, वीक म. सांगउ-सांग A, चापु BI, सागु D H. चांपउ-जागउ A, सागु B, चांपु DH, सांगु ३, गायउ K. गजउ-सजु B, जगु D H, गजु . A interpolates iii gr of vs 62 after iv qr of vs 60. सीहु-शत्रु उ, सीहो K L. मूलग-सिंघ A D, शघु म, शंघु र, सींघो K L नइ-नि B D 3, नई L. देपउ-देवउ A, देल्हु B, देषु DI, दानु H, देपो .. केल्हउ-केल्हु B, केल D, केहलु E, केल्हण K, केल्हो L. नह-नि BD I. ६३ . omits vss 63-64. राजु-राजउ, राजो र. वीरमदे-पीरमनि D. देवसी-देवशी A, लषमु- अमउ K. उदयसिंघ-अदुसिंह B, उदुसिंघ D, उदयशंघ , उदइसंघ K. गांगु-गागु H, गागर. गाजण- गांजण D, गागउ 5. नइ-नि B DI,.... समरसी-सरमसी B लालु-लोलु B F T, लोलुं D, लोलो र. लापु-भोज़ BA, लंभु , भुर, लुभो K. नइ-नि B D E I. वइरसी-राजसी B DIK, रामसी H. जैसला, ६४ सोभउ-सोभु B DH J. मुहडउ-सहड A, मुहड B, सोहड H, सोहड D. सल्ल-मल्ल B, सल ३, सल्ह K. कर्णदे-करणदेव A, करणदे BF, कगदे D, कणदेउ ३. वीकमु-वीकम B D E, वीकण , वीकमदे र. मुटू-मोटु B, मटु D, भाडुनि H, मड I, मटउ र,..... कुरपालदे-फुमरपालदे A, कुयरपालदे BD, कुरपालदे H, कूरपालदेउ I. I omits vs 64 b. कुशउ-रुड B, फुनु , बुंझु H, कउल र. शक्षण-झाझण K. सलपु-नि लघु B, सलपग K. सिंघ-सिवउ A, सिंह B, संघ H K. जागु-जोग A, जोगु B H, जोग3 K. धरणिग-धनु A, धरणग B. नइ-...., नि B. मरसिंघ-धरणिग A, नरसिंह B, नरसप , धरणिग नइ नरस्यंघ K. ६५ Lomit vs 658. गांगउ-गणु A, गांगु B, मागु D, गर .. गाजण-मांडगर, नइ-नि BP, बांटउ बाउ-छारड वाइट, छाजउ नार वटु B, छाछु वायु, छांछउ चांछु म. नइ-...B, नि DH. भादउ-भादु , हांमु D, भाद L. रानधर-राजभड L, पालु . भीम-धीर प. बेलाउत-वेलाउन A, वेताउल BE, वेलु भादुर, वेल्ये चेलो , वेलाउलि .. पेयउ-नि मेघु B, पेषु D, पयु म, पालुप, पाय र, पेयो L. नइ-...BI, नि DH, ते 1. पीम-रीम D, वीर ।, सीम L.

तृतीय खंड . वली विजेसी ऊदउ जाणि, धीरउ नइ हरिपाल वपाणि । पद्मनाभ नवि जाणइ पार, राउत सवे सबल झुझार ॥ तुरी पुरातल धरणी पणइ, अनोपम हेपारव हणहणइ । वायवेगि चालइ केकाण, पूठइ पंचवर्ण पल्हाण ॥ तेजवंत नवि मानइ साट, वाहर चालइ ऊवट वाट । दल दीपंतां घणा असवार, पायदल तणउ न जाणउं पार ॥ ६८ मलिक सवे भांजेज्यो मिडी, हुई सीप दल चाल्यां चडी। ढोल ध्रसूकइ धरा धूजंति, चाली कटक गयां रेवंति ॥ ६६० omits vs 66 a वली-वजी L. विजेसी-विजसी B, वेजेसी D, वेगडु र, देवसी K, वजेसी L. ऊदउ-उदु B D H, दूदु , ऊठउ L. जाणि-जाणि A D H I K. धीरउ नइ-वनु धनु B, हीरु नि D, धीरु नि प, धीरो नइ ई. हरिपाल-हरपाल A B D E I, हरिपालि L. वपाणि-वपाणि B H I, वषाणी D. L interpolates the following vs after 66a : कटक तणउ नवि लाभइ पारि राणउ राण मिन्या झूझारि । महू मिल्यो पालड परिवारि सवा लाप मिल्या असवारि ॥ Jomits vs 66 b पद्मनाभ-पदमनाभ A 0 H, पदमनाभि , पद्मनाभिL जाणइ-जाणि B, जाणि (H, जाणइ D, लाभइ K. सवे सबल-सबल सवे B, सवे चल c. ६७ ३ omits vs 67 a. तुरी-तुरीय A, तरी H, भरी K. पुरातल-सवे पुरा A, पूंतलि B, घरातलि OD K, परातलि H. धरणी-धरणि A D, धरण B. पणइ-प्राणि B, पणि C H, पिणइ .. अनोपम-अनोपमि ०, अनुप D. हेपारव-हेपारवि ०, हीपारब H, हिसारव K. इणदणइ-हणहाणि B, हणहणि म. वायवेगि- वहिवेगि B, वायुविगें D, वायूवेगि E, वायवेग 5. चालइ-चालि B C R 3. केसाण-केकाण C D E I K. पूटइ-पूठि A H, पूठिं BI, पूंठि c, पूंठिई . पंचवर्ण-पंचवरण A B, पांचवरण K. पल्हाण-पलाण AL, पल्हाण ODI, पहलाण H, पण र. ६८ तेजवंत-तेजति L. नवि-न - L. मानइ-मानइ A0KL, मानि B, मानि 1. साट-साटइ .. वाहर-वाहरि A, वाहरि , याहर चालइ-चानि B G H I. दीपंतां-दीपनु B D, दीपतुं ०, दीपा , दीपता , दीपतो .. पायदल-वाटि दल B, पाइडल UK, पइदल . तणउ-तणु BCH , तD. जाण:- जाणू BI, जाj , जाणू D, जाणि , लाभइ । ६९ मलिक-मिलक 1. सवे-मवि L. मांजेज्यो-भाजज्यो A, भाजेग्यो B, भंजेवा C, भाजेव D, माजेवार, भाजिम्यां L. मिडी-मडी B C D H I हुई-होड B, हुई c E, हूइ 1. मीर-संप B चाल्यां-चाठियां B, चाल्या c L, चालो 1. चडी-चढी 0 E F reads 6pa as : मानक हींदू दीमड पार तह तणइ किम आरइ हार. धम्कइ-ध्रसूके B DIH K, ध्रसूकि CI. घरा-धरणी घर A, घर C D H, घरणि, परण L. धूजति-धूसंत 0. कटक-कटकि ०. गयां-गया A B C H I K L. रेनि-रंति , रैवत c, रेवति D, रणवंतिम, राउत ..

११६ कान्हडदे प्रबन्ध कीधर कृच पीयाणइ नवइ, आव्यां कटक धाणसे सवइ । बिहु पहुरे रिणकाहल देई, कटक तोरकइ विलगा जई ।। मलिक नेव वलयंत अपार, आगइ भड सांचरिउ शिकारि । तीणि वेलां दीघउ दाउ, पूडलीइ जई लीधउ घाउ ।। ७१ ।। पाई॥ हाजी मलिक मलिक भड ताजन, यलीय मलिक साबाज । मलिक बूबनु मलिक कवीरु, मलिक सरक अथराज ॥ ७२ करी हाक हीदू दल साम्हउ, ऊठिउ मलिक रसीद । मीर कैयरा आठ सुरताणी, फोजइ मलिक फरीद ॥ ७३ ७० कीपर-की 10DI, की 1. कृच-पुच , कूट प. पीयागह-पीया म, पीपापे DL, पी, पीमा, पाना K. नया-नविइ, न C D, नदि , सये , नग3 K. भाग्यो-आम्या EDL, भाग-पाले , पांग, कोलाहल KA transp as : पागसे कटक. माह-रावि BR, गो, गुड, वा L. c omits is TO b. पिहु-विहुँ 13K, विर. पहुरे-पहुरि BD, पोरे , पुरे , पर , पुरे ..रिग-II RD IN I. देई-देव ।। K, देय .. फरह तोरा-तरकिइ कटक B, पटक तोरे , स्टोक दोरस, कार दुरकि, पटक तोरगइ , स्टा दरके । विगा-पलगा B, पलगा DI. - D, Tu,जे, तेय .. ७१ मरिह-सरल र नेय के D, II, मलिट .. परांठ-तिAK.भपार-अपारि OD. भाग- भाcिs, भाग मा-भिL. मांगिड-मापरिउ A, सानुरो, साचरिउ ०, सोपसु , गरी ", गानिगा 1. निरि-गरिद, गारि, मार, शार, रि, from L नि-देन cs, iffin E, योगद र पलायेगम A, पेटा BK, येगा, बादल , बेटा मिदा I. दीपठ-r,ee DH. दाउ- P. ताली-टमा छ, यूनी Hin, पूती, महार, रोग Lat-A, गाद, दल 1, गाई, नद. छीपर-सोपा REPOns मोrs,NEL. ७२ पर-73A, B RE, STी-दानी . मटिर-नि. L. मनिक...., पहा मानाजान-माज, मान, मान . पटीप-भनियो, गा, Lax, मदि-ATE L.मर-गायत्र, गपार, भागार पाी पालिर, गीगा. मतिर L. पूषनु-पन, नि, नुन, पूनम, मर-TAL.Trant मति-ATEL मार मगन- भत्र गावार, समाजुगनु- Arr. TH, E भगर, राममति trn resux.ir grint.it: गरी totra Intibprecede4730-4पी........, EL. R-C.Ctrati.trict. मार-मामा,D. ग...', Pror,ant rir-ARTAc,xxमपरrrhet ... TEELtri. .. .. . It. E-mar, WELyri Loan, UML ELग-32 Introl. PELdar After stadis the t.low..see Pariyar Ruma मोयनार, १७ ७५ तृतीय खंड जरहजीण जीवरपी आंगा, ऊघाडां हथीयार । तुरी पापरीया गयवर गुडीया, आव्या झूझणहार ।। लोहडां तणी काटकडि ऊडी, यंत्रि पुहतउ सूर । समरंगणि नीसांण ध्रसूक्यां, रणकाहल रणतूर ॥ पहिली तुरक तणी ऊठवणी, रणि वाउला विछूटा । घोडे साट देई हींदूनी फोज मांहि जई फूटा ॥ विलगइ वयरि देव दैत्य नइ, वात करंतां वार । कीधा घाउ भुजावलि प्राणि, वेगि वल्या असवार । वीजी ऊठवणी हींदूनी, तेजी दीधा साट । मारी नइ मचकोड्या मुंगल, म्लेछ मेल्हाव्या वाट। ७७ ७८ , ७४ जरहजीण-जरहजीह 0, जरहिनीण D I, जिरहजीण K, मांगा-आगा , अगा H I. उघाडां- ऊयाडा D E L. हथीयार-हथीआर C D E I, हथियार K L. तुरी-तुरीय A, तूरी H, तुरीअर, तुरिय L. पापरीया-पापस्या D E L, पापरीआ 11 J. गयवर-गयमर BD, गदमर , गइरव ८. गुडीया-गुडीआ 03, गुडिया K L. माव्या-आव्या A. ७५ 0 omits vs 75. लोहडां-लोह D L, लोढां , लोहडा , लोहंडां K. तणी-तणां D. काटकहि- कटाटि BL, काकाटिक D, काठकडि H, काटिक J. ऊडी-ऊडि B D I, उडई 1, ऊठी R. यंत्रि-यंत्र A, लोहडां यंत्र B, यति H, जंत्र L. पुहतउ-बहु पूर B, पुहूतु D, पुहता, पहुता , पहतउ K, पुतु .. सूर-...B, सरि . समरंगणि-अमरंगणि H, सीगणि नि . नीसांण-नीमाण B L, नींसाण K. भ्रसूक्यां-ध्रसूकि B, ध्रसूक्या K, ध्रमूबई L. रणकाहल-वाहलनि प, रिणकाल K L. रण-रिण A K L. दूर-तुर D, तरि । ७६ J omits vs 76. तुरक-तरक 1 तणी-दी D. ऊठवणी-उठवणी B, उठवणि D, ऊठवणी K. रणि-रिण K L. वाउला-राउला C D, बाउला L विछूटा-वछूटा BC, विटुटा D, वटा I, विछूटई ८. घोडे-घोडा L. साट-साटे D, साटि L. देई-देइ DH, देईनइ .. हींदूनी em-हीदूंनी A, हींदूनि B, नि हिंदू ०, हीदूनई D, हीदनी H, हींदू र, हीदं L. फोज-पोजे A, तोरकी पोज K, तुरकी पोजि .. माहि-माहि BH K L, माही D. जई फूटा-फूटा A, विछूटा B, ते फूटा H, पयठा E, फूटई .. ७७ 0 omits vs 77. विलगइ-वलगइ 4, वलगि BHI, विलगई D. वरि-वयर A H, विरि B, वहरि , पैर र, दैत्य L. देव दैत्य-देव दैन A, दैत्य देव D, देव दैत्यां , देव दैना L. नह-नि B, नि RS. करता-करता A K L. कीधा-कीघा I K, कीघ3 L, भुजावलि-भूजावळि D, भूज्यावल 1, भुजायल र, प्राणि-प्राणिं B, प्राणि D LI, प्राणइ र. वेगि-वेगिं . वल्या-वलिया B असार-सवार . ७८ बीजी-बीजी जे D. ऊठवणी-उठवणी 0 1, उठिवणी D हीदूनी-हीनी A, हिंदूनी 0D,हीदूतणी म, दे हीद... तेजी-तेहे A. दीधा सार-दीधी साट A DI, दीघा घाउ B, दीधा साटि L. नइ-नि BHI, नई D, इमर. मचकोट्या-मकोडीया A, मचशेडिया B, मचकोटा H. मंगल-मुंगल D K, मुगल 1, मूगल 1. म्लेछ-मलेछ AJ, मेछ B I, म्लेच्छे c, मेल्हाग्या-मेदावा B, मेहली , महालाव्या ॥, महलाव्या , मेल्हावी, बार-माग B, कान्हदे प्रवन्ध गयवर थाट वेसरा हीदू पलदल भाले पांडइ । वालइ वइरी घाउ सपराणा, ते रण पेरण मांडइ ॥ वीरहाक वाजी गयणगणि, सींगिणिना गुण गाजइ । भाला अणीय कणस तरुयारइ, ऊछीना घाउ वाजइ ॥ वीज तणी परि लोह झबूकइ, थरहर कायर कांपइ । पाछउ पाय न मूंकइ पायक, भूमि आगिली चांपइ ।। हींदू करइ वेढि सपराणी, भिडतां लाधर लाग । मारी कटक अवारों कीचूं, म्लेछ मेल्हाव्या माग ॥ असुरां पूठइ एक भड धाया, एक पइठा मेल्हाणि । मारी म्लेछ भींछ वलवंता, वान छोडाव्यां प्राणि ॥ ७९ iqr in L is : मारइ म्लेट संघारइ हीदू, गयवर-गयमर B DH, गयंवर कर, गइवर K. थार- पाट A, थट्ट B, ठाठे , ठाठ D , ठाठि 1. बेसरा-वेसार B, विनि 0, बिसइ D, बेसरि H, बिसिइ र, सवे लिया K. हीदू-हींदू B D, हिंदू.०. पलदल-खलभल , पलमल DJ, परदल र, लध्यदल L. भाले- भाजि B, भाजइ K L पांडह-पंडि B, पांडि CHI, लेई पांडई D, पांडई .. वालद-वालि BI, बाजि 0, वालई छ, चालि H. वहरी-विर B, घाय c, वयर D E K L, घाउ . घाउ-दाउ प. सपराणा-सपरांगा AO DIK, सपराणे E. ते-जे K. रण-रिणि A, रवि ODI, रिग K L. पेरग-पेरणि , माहिजर. मांढइ-मंडि B, माडि CHI, माडइ .. ८० वाजी-वाजि BC, वीजी H, वाली . गयणपणि-समरंगणि B, गयणंगण .. सींगिणिना-सींगणिना 0K, सीगिणि- D, सीगणिना FI, सीगणना L. गुण-गण D I. गाजइ-गाजई 4, गाजिइ B, गाजिEI. भाला-मला A, भला .. भगीय कणस-अणी कटारी B, अणी कसण CK L, अंणी कणम D, अणी कणस H. तरयारइ-तरूआरिइ A, तस्यारे B, तरूआरे C D J, तरुआरि H, तरूआरइ र, तस्वारइ .. उछीना- उठीना CK L धाउ-घा B, घाय CL. वाजइ-वाजिइ B, वाजि OF J, वाजई D. ८१ सबूकइ-झबूकिइ B, झयूकि , झबुक्इ D, झबई ८, कांपइ-कंपइ A D, कंपिइ B, कापि , कपि E I, कापिइं .. पाउ-पाया B GF, पाछु D. पाय-पडि B, पाउ E K. न-के B. मूंकइ-मूकि BOr, मुंक्इं D, मूकि म, मूकइ K L. पायक-पाउ न B. B transp as के पाउ न मूंकि. भूमि-भूमि B Dr. भागिली-आगली CE, आगिलि D, लागली .. चांपइ-चंपि B1, चापि c, चापि म, चापइ .. ८२ हींदू-हीदू - H, हिंदू, ही+ K, करइ-करि B G H I, करे D. c transp as वेदि करि. सपराणी-सपराणी A D E IK, सपरा , सपराणा 2. मिहतां-भडिता A, भइता B C D E I, भिड पाता .. लाघउ-लाधु B C DHI. K reads iii qr as: अनुरा पूठइ एक भड धाया (Grs 83iqr) भवालं,em-अवाल्लू , निराळू B, आकलं , आवाले D, अवाला H, अवे , निरालो .. कीचूं-कीधु 4, कीg C D, बीघा म, कीघउ L. म्लेइ-मेड BH, मलेछ , मलेछ , म्लेलइ र. मेहाच्या-दीधु , मेहलान्या HI, मेघउ र, मीन्हाव्यउ L माग-वाट A. ८३ असुरां-भमुर B, असूरां , अमुरा , अमुरा L. पूछइ-पूठिं A B, पूंठि , पूठि D E I. एक-रक H मर-मुभट C Dr. घाया-धया ० एक-दक । पइठा-पदिया B, पिठा , पयठा DR. मेल्हाणि- मेहानि C K, महलागि म, मेहलाणे ३, मेहाग L. मारी-मासार. म्लेछ-मेछ BH, मलेच्छ , मलेछ । भीग-B, भीट D AIE. बलबंता-बलवता H, धान-वांन A D E JK, बाद ० . छोटाया- प्रेडावि म, ग्रेटाव्या र, मल्हाव्या , छोडावी L, प्राणि-प्राणिं , प्राणि CH, प्रांगद , तृतीय खंड ११९ ८४ सपराणा सुरताणी वंदा आठ मूलगा पाड्या । कीधी केडि असुर ऊगरता, ते सवि रानि भमाड्या ॥ छोडीयां वान सांचया पाछा, लूसाविउं मेल्हाण । विसमे ठामि वालही वांध्या छोडाव्या केकाण ॥ वगतर तास लीयां ऊदाली, पड्यउ पजानइ हाथ । तरकस तीर चीर हथियारइ, लूसइ सघलर साथ ॥ वि सई हाथी रुलिया सुरताणी, ऊदाल्यां नीसाण । वाजी सान वल्या सवि हीदू, तु मेहल्युं मेल्हाण ॥ ८७ ८४ सपराणा-सपराणा ACE. सुरताणी-सरताणी B, सूलतानी D, सूरताणी , सुरताणी I K, शुरिताणी L. आठ-आव K. मूलगा-मूलिगा A. पाड्या-मराणा A, पडिया B, पाडा H, पडाव्या . कीधी-कीधार. केहि-केड . मसुर--अमुरांह A, अमुरी B, असूर H, ऊसर , घगा अशुरां L. अगरता-पूठि A, पूठिंB, उगरताल, जगता D, पूठिइ L. रानि-रांनि A C D E I, रान E, राति .. भमाख्या-भमादीया A, भमाडिया B. ८५ छोडीया-छोडिया B, छोंड्या , छाड्या D, रोज्यां H I, ग्रेज्या E, छोडावी L. वान-वान A B DH, वांद .. सांचस्था-साचरीया , सावरई D, सांचरी H, सांचरिया र, संचस्या K, साचरिया .. पाहा- गांद्यां E, पाछां K. लसाविउं-टूसावि B C, लूसाव्यू D E I, ल्हूसाव्युं , लूमाव्या .. मेल्हाण-मेहल्याण , मेल्हांण D E, मेहलाग K, मेल्हाणं , विसमे-विसमि B, विसभी H I. ठामि-ठामि B, ठामे DK,.... वालही-विलही A, वाहालही B, वालि D, चालही H, वालि , वालहि , बालही .. बांध्या-वाधिया , बांधी B, वाधा K, बाध्या .. छोडाव्या-छोड्याव्या L. केकाग-केकाण A D E K, काचाहीया केकाण . o reads as 85 b: बद्ध सेजवाला गरथना लीघा वद्ध लीधा केकाण. ८६ वगतर-वांन A, बान BE, बांनजर B, बादि ८. तास-सवे A BK, सवि.. लीयां अदाली- उदाली लीया A, ऊदाली लीघा B, लीयां उतारी , लीया म्दाली D, उदाली लीघा E K, उदालि लीघा .. पड्यउ-पडिउ B C H, पयुं D, पदीऊ र, पनु र. पजानइ-पजीनि B, पजानि CHI, पजानई D, पजानो .. A reads as ii qr. गरथ पजाना लूसी लीया. तरकस-तुरफ , तरगस L. तीर-...., यया c, तीरह .. चीर-. Ac, सार B. हथियारइ-हथीयार मेल्हाव्या A, हथीयार B, हाथीया विहूणा, थीयारे D, हथीआरे HI, हथियारा L. स्टूसह-भरिउ A, दनि BOT, टि म. सवलउ-सगला, संघल BODHI, सघलो KL. ८७ विसई-दमइ A, दस B F L, सि देय ८, वि सिंध, दल र. हाथी-हाथीउ H, सपला x. c transp as हाथी सि वेय. रलिया-हलीया A, लीया B L, रोलीया D, रलीआ H, रोल्या 1. सुरवाणी-सूरताणी D, मुरताणी CK, सूरताणी H, शुरिताणी L. उदारयां-उदात्या , ऊल्या 1, दाल्या .. नीसाण-नीसाग 40D HE, नीसाग B, सान-सान A CHI, नीसांण D. वल्या-वलिया B, बन्या H, वयई . सवि...... हीदू-हीद B DE, हिंदू.. तु-तर 5, तोय मेहल्यु-मेन्हु , मेहलिउ B0, मेन्यु D, मेहलू , मेहत्य , मेल्हु र, दीया L. मेल्हाण-मेहाण C D, मेहलांण र.

१२० कान्हडदे प्रबन्ध महिपउ जइत देवडउ पहिलउ, कटक राउलां धुरि । आगलि करी पायदल तापति, वेगि गया जालहुरि ॥ तिणइ दिवसि अमावस हूंती, पूडलीई तिणि कालि । लषण सेभटउ साल्हउ सोभित, रह्या सरोवर पालि ॥ आंगा जरहजीण ऊतायां, सीतल छाया लीधी। तेजी तणां पल्हाण हलाव्यां, पाण चासणी दीधी। मास्या म्लेछ सइंफल जीतुं, अंगि एउं अभिमान । हाथे डाभ ऊतारी कोटइ, कीधां नीर सनान । ९१ ॥ दूहा ॥ पद्मनाभ पंडित भणइ, जेह कुलि जे आचार । लोप न कीजइ तेह तणु, मरण न बीजी वार ॥ ९२ ८८ महिपउ-महिपु A H, महिप BCI L, महिंप D. जइत-जित BC, देउडुप, जयत L. देवडउ- देवड A B D H, देवडा , राउत I, देवडो L. पहिलउ-पहिला A B D H, पहिलं , पहिल . राउला- राउला B D, एकटु ०, राउतला , राउल I, राउलो K, करि लीधउ L. धुरि-धुरि B, की , धूरि DH, घरि , धुरे L. भागलि-आगल , करी-धरी I, थकी - पायदल-पायदलि . तापति-तापति D, तोपति J, सापति .. वेगि-वेगें D, वेगि J. जालहुरि-जालोरि A K, जालहोरि B, जाल्हुरिं D, जालुहरि , जालोरे L.C reads iv qr as जारहोरि जई सवि दीर्धू ८९ तिणइ em-तीणइ A, तेणि B H, तिणि O JE, तेणई D, तिणिइ ८. दिवसि-दिवस L. अमावस- अमावास्या 0 D I, अमावसि H, अमावाश्या K. हूंती-हुंती A K L, होती ०, हुति D, हुती स. पूढलीई- पिंड लीया B, बूंदलीइ , पूडलिई D, पूडलीउँ H, दर्भ लीया , राउ सारद K, पूट थिया .. तिणि- तिण A, तिणे D. कालिकालइ A, कालिं B, कालें D, काल 1 लपण-लपणु , लपम . सेभटड-सेनड B, सेवटु 01, सेवटू D, देवडु , सेवटउ L. साल्हउ-साल्हु A B C D, साहल H, मालहु , सह K. सोभित- सोभत E, सोभायत , सोभाउत , सोभु , सुशोभित K. रहा-रहिया B H, ए रहीया , ते रहीआ , ऊतरिया । सरोवर-सरि L. पालि–पालि B, पाल .. ९० आंगा-आगा .. जरहजीण-जीण जरह , अरहि जीण D H, जिरह जीण K. ऊताया-उतारीयो ऊतारिया B, ऊतया , ऊतारीया H, उतारिया , उताखा r L. सीतल-शीतलि र, सीतलि .. तणां- तणा A L. पल्हाण-पलाण A, पल्हाण DI, पहलाण H, पलाण L. हलान्यां-हलान्या K L. पाण-पांण A.ODI. चासणी-वासणी R. दीधी-लीधी H. ९१ माखा-मारी . म्लेछ-मेछ BH, म्लेच्छ , मलेछ ।. सइंफळउं em-साफल A, मुंफली B, सिंफल C, सइफ्लुं D E, सीफलू , सिंफलू र, सइफलउ L. जीतुं-जीत्यू B, जीतू , जीतु L. हूउं-ह्युं B, हूउ DL, हऊउ न, हवू , हुउK, अमिमान-अभिमान C D H I K. हाथे-हाथि B, हाथिइ .. ऊवारी- सतरी 0HIK L, उतरी D. कोटह-कोटि B, कोटि , को&ि D, कोटिइ 1 L, वीटी , काटइK.कीधा- कीथा .. सनान-सनान A DHJK. ९२ दूहा-दुहुः D,... I. पद्मनाभ-पदमनाभ 0 II, पदमनामि र, पद्मनाभि 1. भणइ-माणिइ , भणि ३, भगई L. जेह-जेहु A, जे 0 कुलि-कुलइ ३, जे-जेहD, होइ ०. भाचार-आचारि .. लोप-लोपइ D. म-म .. कोजइ-कीजि B, कीजई D, कीजि H I, कीज्यइ K. तणु-तणउ A, नु, नुं D, तार, तणी म. मरण-मरि B. धीजी-बीजी र.

तृतीय खंड १२१ ९५ १६ ॥ पवाड ॥ जे नीसाण तोरकां तिहां सिरि पांडवि घाउ बजाविउ । विसर वाजंतां वेगि सुणी करि मलिक नेव तिहां आविउ ॥ ९३ तुरी सहस छत्रीस पापरीया, साथि हाथी त्रीस । मलिक नेच बलिवंतउ बंदउ, आन्यु आणी रीस ॥ ९४ दीठ कटक बलि उताखा, अछवां हीदू आच्या । आठ मलिक मूलिगा मराणा, लोक सर्वे मेल्हाव्या ॥ रुंड मुंड रडवडइ रिणंगणि, लोही तणा प्रवाह । ऊमे हाथि अमुर पोकारइ, पापलि पाडइ थाह ॥ आव्यउ मलिक सरोवरि देपइ, हीदू करइ सनान । फेरी वीटि ऊडव्या हाथी, कीयां वाण संधाण ॥ ९७ ९३ पवादु-चउपई , चुप उ, पवाडु, पवाद: D,...II, पवाटा ढाल K, ढाल पाटाकी L. जे-जेह . नीसाण-नीसांग A, नींमाग D, नीसांग DI K, नायना , नीमाणि .. तोरकां-जुरका B, तुरकना तेजी र, तोरकना K, नुरकी .. निहां-ते DI, तेह 1. मिरि-मर B D, सरि II, परि .. पांडति-पाDि, पाडूउ D, पहुहु र, पडि .. घाउ-...D J. बजाविउ-वजाविउं B, बजाव्यु DI, बजाय K, वझायो .. iii 9r in B is : वाजा सिहरि मुणी वैगि; iti qr in Lis: ते सपि वाजता शुणिय वेगि करि.विसर- पिगरि H, विसरि K, वाजंतां-बाता D, वाजता इ. गि-वेग K. मुणी-मुगि D, मूणी H. I transp as मणी वेगि. करि-करी . भाविठ-अव्यु A, आव्यु D II I, आयड , आयो .. o reads as vs 93: नुरवा ये नीसागज होता मरोवर पाटि वजापि । दणि अमारे मठिक नेर जु कटक लेई तिहां मावि ।। ९४ मुरी-नुरीय .. सहस-महिम र, गद .. छत्रीय-चुपीम H, कत्रीस L. पापरीया-पापरिया 17, पापसा D K L. सायि-गायिं BD, गाथ, K, गाइ L. ग्रीस उग्रीग B, निप्रीम 0, महम 1, कलीग L. In omits vs 94 b यटिवंतउ-बलबनु BODI, पलिवंतर्ड L. यंदट-बांदु , चंदु ODI. भाप्यु- भाविउ B, आव्युं , आव्या, थान्य र, आयोउ L. आणी-आणी JK. ९५ 0 reads vs 95 aas : दीठा नुरक आवना गाहमा पूठ्या वयग विचारी. दीट-दी? BDIE, पीठ ॥ .. पलि-सयल BK, पलट DH, लेई । उताया-उतारी A L, उतरीट B, तारा, उत्तरिया स्तार x.ii grint is : कटादि रिण मोधाव्या. अटयां-अयग 1, अठया .हीदू-हीदू.BI. भास्या- आव्यउ A, आठ मटिक-मठिक आठ 0, आठ मिल्क K L. मूटिगा-मुलगा B C D II J K L मराणा- मरांगा A K, माया , तराणा 1, मारी ३. सर-पवि D. मेल्दाव्या-मेटाव्या B, मेहलाव्या H I. ivar in 0 13: हिंदुए बंथि विसारी, ९६ रंड-रेड B1, #2 0 L. मुंद-मुट 1, मंट. रवाह-रहवटदं L, राति BJ, रमि 0, रब्द u,रददिया र, रिणगणि-रगति BET, गमरेगापि, रणगणि , रोमांगिणि र, रिणंगण .. टोही-लोह 1. उमे-अभु ०. हायि-हाये BOLI K, हाय र, हाय .. अमुर-अमर 1, असुर .. पोकारह-पोकारई AD, पुरारिद B, पोगारि , पुकारद र. पापलि-पापल . पाद-पाटि BOLI. ९७ भाग्यउ-आरिड B, आयु C D , अविउ II, आन्यो ८ मटिक-एक , मिलक L, सरोवरि- मरोवर BCI K L. देपइन्देसी B II L, देपि ० हीदू-हींदू A B, हिंदू, ही , ही L. फरह- पदं, कार BOLD सनान-गुनान A DH JE L. फेरी-परि . याटि-वदि , पिंटिक, विटि D, घाट 1, वीश्या , वीट 5. अडया-उटया BL, उडव्या D. कीधा-करिया B, श्रीम, करिया 1, श्रीधर, कन्या । बाग-बाMOD HK मंधाग-माण , मान RL 16 , २८ १०० १२२ कान्हडदे प्रवन्ध पेडां तणी ठाठरी मांडी, धुरि हबसी आल्या । करी हाक बूंबारव वरत्यउ, तर हीदू वोलाव्या ॥ ऊठ्या सुहड सवे सूंडीनइ, नीर गलंतां चीर । घोडा लगइ न जावा लाभइ, वेझा वींधीई वीर ॥ धाया सुहड भाले फूटते, लोह अंगमइ प्राणइ । वाजइ घाउ अंगि ऊघाडे, तउ चडीया केकाणइ ॥ एक सुहड ऊठइ एकमना, झालइ अंगि प्रहार । भाला अणी कणस तरूआरइ, वाजइ पांडाधार ॥ एकवीस ऊथिला सपराणा लपण सेभटइ दीधा । साल्हइ सोभित अति सपराणे घाउ घणासुं लीधा ॥ १०२ ९८ पेडो-घोडा BC, घेडा H I L. माडी-वाघी H I, वाधी L. धुरि-पहिलू B, धुरि जो C D, धरि म, धुरि तिहा प. हवसी-हवसी घण A ii qr in z is : तुरक सचे तिहा आव्या. करी-करीय L. बूंचारव-बुंवारव 0 DK L, बुबारव H. वरत्यउ-वरत्यु A D, वरतिउ BOI, वरसिउ H, वरत्यो .. तउ-तु BODHI, तो L. हीदू-हैइ B, हींदू 0 D K. ९९ ऊठ्या-आव्या A, उठिया 0 1 सुहड-मुहुड B I, शुहड L. सूंडीनइ-सूडीनि B, सूंहीनि , सुदीनि D, मुंहुंडीनि I, मुंडीनइ K, मूडीनई L. नीर-नीरि DJ. गलता-गलंति B, नीगलता ०, गलेता D HE, गलता . चीर-चीरि B. घोडा-घोडां A H. लगइ-लगि BOHI, लगई D. न-नवि I, जावा-लाव्या B. लाभइ-लाभिइ B, लामि 0 H I, पामद L. वेझा-वेगिई B, वेझिं , वेझइ D E, वेझिप, वेझे K, वेझ L. धीधीइ-वीधइ A, आहाणि B, वीधि c I, विधीइ D I (ख), आहाणइ H, वीध्या ई, हणायइ .. वीर-तीर OL. १०० धाया-धाइ B. सुहड-भल B, सुभट 0 D, भड H I K, भला L. भाले-भड L. फूटते-फुटते , फूटतै , झूटते L. लोह-लोल C, लोहि र, लोही .. अंगमइ-अगमि B L, आगमी , अगमी DK, भागमी H, अंगनी उ. प्राणइ-प्राणि A B, प्राणि C D E J, प्राणइ K. वाजइ-वाजि B 0, बाजई D, भाजि म, वागि I. घाउ-घाऊ , घाय I, घाउं L अंगि-अग B C K, अर्गे D. ऊघाडे-प्रहारे ०, ऊघाडा H, उघाडई L. तउ-त A, तु B C H I, तुं D, तो , चडीया-चडिया B D K, चडीउ H, चढीया ८, चढिया .. केकाणइ-केकाणि A BI, केकाण , केकाण D, केकाणि H, केकाणे K. १०१ सुहड-सहड A H, मुहुड I, शहड L. ऊठइ-ऊठिया B, ऊठि 0 EI. एकमना-एकमना D, इकमना , इकमंना L. झालइ-झालई A, झालि B H I, झलकि C, झालिई D. अंगि-अगिं D, अंग L. प्रहार-प्रहारे ०. भाला-भाला A, भला म, भला र. भणी-अग L. कणस-कसण ABOK L. तरूआरह-तरूयारि A, तरूयारिं B, तरुआरे C D , तरुआरि म, तस्वारइ L. बाजइ-वाजिइ B, वाजि 0HI, वाजई D. पांडाधार-पाडाधारे ०, पांडाधार D, पंडाधारइ .. १०२ ऊथिला-अथिला A, उथला BODI, उथल्या म, अय K, उथली 2. सपराणा-सपरांणा 4, प्राणि D, पराणि H I, पराणइ , परागइ .. लपण-लपणि C, लपमण . सेभटइ-सेभटि B, सेवटी D, सेवटु म, सेइ , सेवटिइ L. दीधा-लीधा , दीधा D. साल्हा-सात्ह B K L, साल्हु ०, साल्दि D, साहालि I, मान्हि 3. सोभित-सोभत B, सोभायत 0, सोमेइत D, सोभइ , सोभि , सोम , सोभतउL. मति-नइ A,...D, तुत H, तिहां K, ते L. सपराणे-सपराणि B, सपराणु 0, सपराणा DE, सपराणि 1, सपराणा J K. घाउ-पाय BOJ. घणासुं-घणासु A, घाणातूं B, घणोसिउ D, घणीसू 1, घणेश , घणा , पणेरा म. लीधा-दीधा CL. सेवटि०, , तृतीय खंड १२३ साल्हु सोभतु ते समरंगणि, लपण सेभटउ वीजउ । रिणवटि रहिउ अजेसी माल्हण, माहि मूलिगउ त्रीजउ ॥ च्यारि सहस राउत रिण रहिया, मारी फेडिउ ठाउ । करिवा सुद्धि न को ऊगरीउ, जई जणावइ राउ ॥ १०४ ॥ चउपई ॥ मलिकइ लोही लपणा तणउं, लेई निलाडि की वांदण। कीधी वली प्रसंसा घणी, धन्य धन्य माता तुझ तणी ॥ १०५ हीदू तुरक नही को इसउ, रिणि राउतवटि लपणउ जिसउ । जे समरंगणि साम्हा मरइ, तेह सुर सिद्ध वंदणा करइ ।। १०६ १०३ साल्हु-साल्ह A K L, साहलु D H I. सोभतु-सोहित A, सोभायत 0, सोभाइत D, सोभुतु म, सोभु , शेभटउ र, सोभतउ L. ते-नइ A,...B C D, ऋणि H, ए L. समरंगणि-सपराणउ A, समरंगिणि D, मरंगणि E, सपराणा L. लपण-लापण B, लपणु , लपमण . सेभटउ-सेभटु B, सेवटु C D H, सेवडु , सेभटङ K. बीजउ-बीजु B C D H I. रिणवटि-रगवटि B C D E I, रिणवट र, रिणवटइ 1. रहिउ- रहीया A, रहु D, रहिउँ H, रहिया , रह्या 5, रह्यउ L. भजेसी-जेमु B, अजिसी C, अजयसी 3, अजैसी K. माल्हण-मोल्हण B, महलण DI (ख), माहालण H, मल्हण L. मांहि-माहि A II K. मूलिगउ-मूलगु BE I, मूगल 0, मुलगुं D, मूलगउ K, मूलगो L. श्रीजउ-त्रीजु B D E I, बीजु 0, बीजो L. १०४ L omits vs 104. च्यारि-च्यार 0. सहस-सहिस B K, सहस 0. D transp as रण राउत. राउत-रावत . रिण-रणि BO H I, रण D. रहिया-रहीया A B D, रहीआ , चहीआ H. फेडिउ-फेडिया B, फेडु ०, फेडेउ छ, फेरिउ न, फेड्यउ र. ठाउ-ठाय BOD, वाउ K. करिवा-कारवा B, करवा CHI, करूवा D, करेवा K. सुद्धि-शुद्धि , सुद्ध B, सद्धि D, सधि H, सिधि I, मुधि K. D transp as सद्धि करूवा ; I as सिधि करवा. न को-के न D, को नवि I, कोई न K. उगरीउ-उगरिउ A, गरु D, ऊगरी E, ऊगरियउ K. जई-जि को A H, जे जई , जेह , ज को 5. जणावइ-जणापि BCHI, जणावई D. राउ-राय B C D H. १०५ घउपई-चउपही A, चुपै BI, चुपई: ०, चूपई D,...I, चोपइ L. मलिकइ em-मलिकिइ A, मलिकिं B, मलिक DH JK, मिलक L. लोही-लोहि D. लपणा-लेपणा B, लपणा R I. तणउं- तf B DS, तणु , H, तणउ K L लेई-लई D, लेइ H. निलाहि-निलागि B, ललाटें D, ललाटि H I, ललाट K, निलाट L. कीउं-कीर्दू B, करिउं c II, कीधउं D, कीऊ र, कसउ , करइ .. वांदणउ-वादणं BD I, वादणु , बंदन, वादणउ K, कीधी-कीया L. वली-.. B. प्रसंसा-प्रससा कीधी B, प्रशंसा , प्रसशां K. धन्य धन्य-धन २ B C D, ध्यन घ्यन त, धन्य २ . L, धन्य धन्य K. तुझ-वली तुम B, तूह D, जे तुझ H, तूंह, तेह र, तुम्ह .. तणी-तणी , १०६ हीदू-हींदू B D E, हिंदू 0 तुरक-तरक D. नही को-नहीं एकू B, कोय नहीं ०. इसउ-इमु , तिसु B, इसिउ 0 L, एस्यो D, सूरा H, इशु रिणि-रणवटि B, रणि C D E J, रिण KI. राउतवटि- राउत B, राउतवट D E, रावतवट 5, राउत ते । लपणउ-लापग B, लपणा CR L, लपणां D, लपणु H, लपमण . जिसउ-तिसु B, जिसु, जसिउ D, जमु म, जिशु , जिसउँ 1. समरंगणि-सरंगणि D समरंगण L. साम्हा-सांम्हा A K, साहमा B ODI, साहामा 1. मरइ-मरिइ B, मरि , मरई DL, मरि म तेह-विहाँ , ते DHL, देहनद र. मुर सिद्ध-रधिरशिर , सरवेर सिर D, सरि सूध 1, सवेउ सवि सूरापुर , सुरसिव , शुर सरग , वंदणा-वेदना B, वैदन c, वंदग DIE, दो म, मोरगा ..करइ-करई A P, करिइ छ, करि र मलिकि०, मुर, , फिनिउं B, . १२५ कान्हडदे प्रवन्ध पद्मनाभ ऊञ्चरइ प्रमाण, माणस वंदइ किस वपाण । वल्यु मलिक नवि कीधी जेडि, हीदू वली करेसि केडि ॥ पातसाह आगलि परि सुणी, गयउ रवारी पद्धामणी । पहिला हीदू आव्या जिसइ, मलिक नेव नवि जमलउ तिसइ ॥१०८ सरोवरि विसरि सुण्यां नीसाण, पछइ मलिकनइ हूऊ जाण । छोड्यां यान सुणी परि नवी, आव्यउ मलिक तुरी तारवी ॥ १०९ हूई वेढि सरोवर तिणि वार, राति भला कीयां हथियार । चउपट घाइ एकमना भिड्या, लपणउ नइ साल्हउ रिण पड्या ॥११० १०७ पद्मनाभ-पदमनाभ पंडित A B, पदमनाभ CHI, पदमनाभि K, पद्मनाभि .. उश्चरइ-उचिरइ 4, भणिइ B, ऊरि , उचरइ 1 L. प्रमाण-प्रगाम A,...B, पुरांण D, प्रमाण H, पुराण . माणस-मानवर्नु ०, माण D, माणस H I. वंदइ-वादिङ B,...c, वंदिउ D, वैदि H I, बंदद 5, व्यंजइ .. सिउ-क्सिं A, कसिउँ व६०, कसि D, कसित H, पिY 1, फिk K. वपाण-वपाणि B, वपाणि D, वाण II K, वखाणि L. वल्यु-बली BL, वलिउ , चल्या DI, वलि H, वल्यउ र मलिक-मलक D, मिलक .. नवि- न B. कीधी-कीधा .. जेडि-जेड A K, केडि B. हीदू-हीइ B, हींदू ०. करेसि-करेइ सिइ D, करेस्यइ र, परेसी L. केडि-जेडि प, फेड र. १०८ पातसाह-पातशाह I, पानिमह र, पातिसाहि .. परि-पुर D. सुणी-सुणी ०, मुणि D, सूणी H, शुणी. गयउ-गयु A B CHI, गयुं D, गयो । घद्धामणी-वधांवणी A, वधामणी 01, वांमणी D II K. पहिला-पहिलो L. हीदू-हीदं B, हिंदू 0 0 जिसइ-जिसी B, जसिं 0, जसिंह D, जिसिइ उ. नेव-नेव B, नवेज D, नेवज I (य). नवि जमलउ-नवि जमलु P, नमिउ ते ०, नमj D, न जमलु H, ना मन्यु (स), न जमिनीउJ, नवि मिलियो र, जव जमलो L. तिसइ-तिसई , तिसिइ ! निमें D, तसि II, तिमि J. १०९ सरोवरि-मुरोवर , सूरवरि D, सरोवर L. विसरि-लिहां A, परसिरि , समुर , वसर D, सरसर ।, मलिक प, सिरि । सुण्या-शुणीयां A, सुंण्या , मुंण्या D , सुण्या H K, शुण्या L नीसाण-नीसोण A ON, नींसाण B, नीसाणि D, नीसासाण 1, नींसाण K, नीसाणि L पछह-पछि BOI, पादर. मलिकना-- मलिक नेर B, मलिक नई D, अमुरनि र, मिलानइ L. हूऊ-हूयं B, हूउं c , हज H, हूउ K L. जाण- जाण C DIE, अजाण ॥, जाणि L. घोड्यां-सोया A , बेटिया , रोडा , छोटी K L पान-बान ADLI, बान । मुशी परि-मुगु परि , मुपरि , निगुणी परि .. नवीनवि D. मान्यउ-आविउ BH, आयु कर, आव्या D, आन्यो K L मलिक-नेय B, मिलक L. तुरी-तेजी , तरी 1. तारवी-तावरी .. ११० A transp as वेढि हुई. हूई-हुइ . सरोवर-सरवर A, सूरवर D, सरोवरि . तिणि-विण A, निगे B, तेणी , देह - पार-वारि ॥JK. राउति-राउन C DIK मला-भला A B DEL. कीयो-करिया BI, करि ०, करई D, करि , करइK, गा .. हथियार-धीयार B, हथीभार CD H I घउपर चरपर , चुपट B C D , चुपटि , चउपटि : पाद-घाय OD, पाउIK, पाय .. एकमना-एम्मना । र, समना .. मिटया-भिडीया A, भटिया , भन्या 0 D., भडिया छपग:- लगा BD, लपम0, लपण , लपमणु नह-नि BO,.. 1, मई 1. साबहउ-सान्दु 0 0 D, साहुल, सान्दो to transp as सा हु नि रुपमण रिग-रगि B C D पक्ष्या-पदीया A, पडिया x. n inter. polates foll line after rs l10. मलिक ने एपद जस टी पीज नवि को पा गयु । जसि, तसि, तृतीय खंड १२५ . मलिक नेव जीतउ संग्राम, पातसाहनइ करिउ सिलाम । तउ आणंदिउ असपति राउ, तसु आप्यउ पंचांग पसाउ । १११ हूई वात जालहुर माहि, सुद्धि पूछइ सोनिगिरु राइ । जीतइ फलइ न आव्या वही, राय भणइ कां सारखं रही। ११२ दूहवण राय धरइ तिणि वार, व्यास भणइ नवि टलइ हुणहार । श्रीमालीनी चाडइ मूआ, देवलोकि ते राउत हुआ। ११३ वेटउ महिप देवडा तणइ, कांधिल माइ प्रतिइ इम भणइ । भोजन वारि कांसीआ तणउ, बाट प्रहार म वालिसि घणउ ।। ११४ १११ मलिक-मलक D. नेय-नेवई c, नबेज D, ते वि म. जीतउ-जीतुं A D H, जीतु B I L. संग्राम- संग्राम D, संग्रामि . पातसाह-पातिसाह न, पातशाह र, पातिसाहि L. नइ-नि B, नि C H I, नई र, छड L. करिउ-करइ A, करं D, कीऊ र, कयर K, क्राउं L. सिलाम-सलाम A B C L, सलाम D, संग्राम , सिलाम K. उउ-तु B G H I, तुं D, तव K, तो L. आणदिउ-आणेयर K L. राउ-राय CD, राउं .. तसु-...A BK, तस C. आप्यउ-आपि B, आपु c, आपिउ D, आपीउ R, आप्यु , आप्यउ तव र, आप्यउ L. पसाउ-पसाय BC, पशाउ K. ११२ हूई-हुई 40 D, हूइ H, हुईय L. जालहुर-जालोरइ A, जालोहर B, जाल्हुर C, जालहुर , जालउर K, जालउरह L. माहि-मांहि C D H I. मुद्धि-शुद्धि B, सधि D I, विधि र, सुधि K, शुधि पूछह-पूछि B G H I, पूछई ! सोनिगिर-सोनगिरउ A, सोनगिरु B, सोनगिरि , सोनगिर DJ, सोनगिरिज H, सोनिगिर K, सेनिगिरो L. राइ em-राउ A K, राय B C DIL, राउं H, जीवह-जीति BOLI. फलइ-फलि B, मिलि , सइंफलइ D K, पलिमि र, फलई 1. वही–तही L. राय-राउ A. भणइ-भणि BOHI, भणई D. कां सारउं-को सारडं A, कहि सारूं B, वा मारिउं C, कां सारं D, का सारिपुं 1, को साऱ्या , कइ हास्या E, वरास्या L. रही-सही ACE E. ११३ D I omit vs 113. राय-राइ B. घरइ-भणइ 4, घरी B H, घरि . 0 transp as धरि राय, Kr transp as धरइ राय. निणि-तिण A, तेणि c, तेणी म, ति L. वार-वारि H. भणइ- मणि BO H. टलइ-टलि BI, टालग , टंलइ र. हुणहार-हूंण्हार A, हणार B, हार C, हणीहार 1, हुउणहार .. श्रीमालीनी-ब्रह्मगाइनी H घाइ-वाडि B, चाहि C , चाहिइ .. मूभा-या A, मूया B. देवलोकि-टेवलौव II, देवलोक L. ते तीह K. हूमाहूया B, होआ 1. ११४ चेटउ-बेटु A BH, बेटD देवडा-देवडी D. तणइ-तणि B C H I, तणउ L. कांधिल माइ- तात B, काधिल C D I, काधिल प्याय E, वाधिल माय । प्रनिह-प्रतिं वान R, प्रतिज्ञा जो , प्रतिई तेउ D, प्रति ते , प्रतई K. इम-ईणी परि H. भणइ-भगिद B, भणि C + L omits vs 114 b. पारि- वार D RE कामोआ-कासीआ A, कासीया B, कासीया C, सीया D, काशिआ K. सणउ-तण A, तमि B, तणु , तणू D, तण । पाट-त्राटि BK. प्रहार-प्रहारि A, मप्रहार B, प्रवाह C. म वालिमि-म लिनि A, म वाले 0D, स चालिमि न, म वलि र. घणउ-घणई A, घ[ BD, घणु ल, पण 1. I reads 114 bas: भोय अझे करशें करतलि शत्रु मारी करशु बाटलि, १२६ कान्हडदे प्रवन्ध नासीनइ ऊगारिउ आप, लोह तणइ भइ वीहइ वाप तव लाजिर महिपउ देवडउ, किम सांसहइ वोल एवडउ ॥ ११५ तर महिपइ मोकलाव्या राय, चढीउ कटक राडद्रह जाइ। मलिक सरूप विहुँ सइ साथि, महिपइ हणिउ आपणइ हाथि ॥११६ महिपा साथि पड्या पंचास, तेह हुन अमरापुरि घास । ह्यिइ रोस पातसाहि धरिउ, गढ जालहुर भणी सांचरिउ ॥ ११७ जास तणउं सीताई नाम, आगलि ऊभी करइ सिलाम । जाती समरण काकरत लहूं, शुकन सरूप विमासी कहूं ॥ ११८ ११५ omits i qr. नइ-नि B CI, D. जगारिउ-उगाचूं A, ऊगारिज B, ऊमाझ्या D, ऊगरिउ न, उगरशूग, उगराउ K. लोह-लोही प, हीया L. तगइ-तणि BC, तणे I L. भइ-भिइ B, भई ०, भय DJ K L, मुंह H. वीदइ-वीहि B C, वीर् . वाप-चाप H, आप L. लाजिउ-लाजु , लाजीउ H, वलीउ I, लाज्यउ 5. महिपउ-महिप B DI, महिपु c देवडउ-देवड B C D H. किम-किंम D. सांसदह-सहासि B, सासह ८, सासहूं D, सांसहीइ । र, सांसk K. एवढउ-एवड B C D E I. L reads 115 bas : तव लाज्यो महिपो शुणि आप । तव धायो महिप देवडउ किम सासेइ बोल एवडउ ॥ ११६ तउ-त A, तु BE , तव , तुं D, महिपइ-महिपि BI, महिपि ०, महिपिई D, महिपो .. c transp as : महिपिं तर मोकलाज्या-मोक्लावी A K, मोक्लाविउ D, मोकलाव्यउ म, मोकलाव्यो .. चढीउ-चढी , चढी DK, चढीउँ , भिव्यउ L. कटक-कट कि BH. राद्रह-रडुद्रि , नि धुढी ०, नि द्रोही D, राइद्रह I, नि डि I, राहुदइ K. जाइ-जाय BO, माहि म,..... मलिक-मिलि B, मिलक .. सरूप-सरुप , स्वरूप उ. विहुँ सइ-वि ससि B, विहुं सि DI, बिहो मइ म, विहु सइ L. साथि-साथइ म, साय K. Komits iv qr. महिपह-महिप BI, महिपि , महिपति D, महिम H, महिपई .. इणिउ- हीउ A, हिणिउ H, हण्यु , हण्य , मापणइ-आंपणइ A, आपणि BOHI. हाथि-हाय L. ११७ iqr in ris • पन्या पंचास महिपा साथि महिपा-महिप B, महपा म. साथि-साथइ ८. पड्या- पडीया A, पडिया B पंचास-पचास H. तेह-तिहानि A, तिहां 0 H L, ,तियां र. हुउ-इऊउ B, हुआ D, होउ H, हुउ K. अमरापुरि-अमरापुर D. After ii qr Kinterpolates the following line : जई तिहां करइ लीलविलाय हियइ-हीइ A D, हईयदि B, हईइ ०३, हइइ , हीयइ ८. पातसाहि- पातसाह D, पानशाह र, पतिमाहइ र, पातिमाहि धरिउ-धरीउ A, धरि , धनउ , धखर्ड .. जालहुर- जालोर AKL, जालहुरि B, जाल्हुर ०, जालहर म. सांचरिउन्माचरिउं DH, सांवरि ३, संचखउ र, साई.. ११८ जास-जामु प्र. सगडे-तणी B, तj 0K, तf , तणू , तणि र, तणउ L. सीताई-सीतादमा म, शीताई र. नाम-नाम D NIK आगलि-आगइ A, आगलि L. काइ-करि B 01 . सिलाम em- प्रणाम A, सीलाम B, सराम 1 D, सिलाम , मलम L. जाती-जाती K. समरण-समरि AH, समर B, समरणिक, स्मरमि D. काकरत-कावरत B, कारस्त , कारंत D, कारस्त HEL, कागत. पहूं-लाहुं A, लहुँ 0 D, लहू 1 , हुं रहुं K. गुकन-शान RD, मुकन 0, शकुन , सन , सरूप- खरूप , शान प.. पिमासी-विचारी BIL. कहूं-कहुं 40 DK L.

तृतीय खंड १२७ नवि अवतारि देव अवतस्या, जीणइ असुर सवे संहस्सा । चाहूआण कुलि दसमी वार, आदि पुरुप लीधउ अवतार ॥ ११९ पंप सहित वालई निज अंग, जउ दीवइ जइ पडइ पतंग । जउ चाली जाइसि सुरताण, सही कान्हडदे लेस्यइ प्राण ॥ १२० वोल न मांन्यउ असपति राइ, गढ जालहुर भणी दल जाइ । तिणि अवसरि बइठी उछंगि, कुंयरी वात करइ मनरंगि ॥ १२१ आम तात सांभलि अरदास, वीरमदे छइ लीलविलास । रूप वेप क्य सरीपइ भावि, कान्हकुंयर मुझनि परणावि ॥ १२२ बोल्यउ पातिसाह परि करी, गहिली वात म करि कुंअरी । ताहरइ मनि कूडउ उछाह, हीदू तुरक नही वीवाह ॥ १२३ ११९ नवि-नवे A D H I, नव K L. भवतारि-अवितारि B, अवतारे DIK. अयतस्या-अवतरिया BI, अवतरीआ , अवतखो .. जीणइ-तेणि B, जेणि C H, जणि D,जिणि अवसरे , जीगई K, जिणइ L. असुर- असुरु A, असूर :, असुर .. सवे-सवि . D transp as सवे असुर ; I transp as सवि असुर. संहस्या-सहरियां B, सिंहसा , सहासा K. चाहूआण em-चाहूयाण A, चहूयाण B, चहूआणा 01, चाहुआंण D K, चहूआणि उ, चाहुआण L. कुलि-कुल L. दसमी-दशमी D I K. वार-वारि . भादि- आविउ H. पुरुष-पुरष A D L, पुरपि , पुप . लीधर-ली B C H I, लीधर D. अवतार-अवतार HL. १२० पंप-पंच .. बालइ em-वालिउ A, वालि BH, जु बालि 0, जु वालई D,जु बोलि , जइ बालइ K, बोलइ निज .. निज-... DI K. अंग-अगि A. जउ-जईनि B, जु C D U, जिम . दीवइ-दीपक A, दीवि B C H, दिवडि D, दीवडि J. जइ-जिम A,...B D, जई 03, जउं L. पाह-पडि B C D E I. जउ- जु BOHI जाइसि-जासू A, जासि BOHI, जाइससि D, जासे L. सुरताण-सुलताण A, सूरताण , सूरताण , सरताण , सुरताण K, शुरिताणि L. कान्हडदे-कान्हडदे AI, काहानडदे 1, कन्हड़दे .. लेस्यइ-लेसइ' A, लेसि BCHI, लेसिई D, लेसी L. प्राण-प्राणि A, प्राण , प्राणि D I. १२१ मान्यउ-मान्य A, मानि B, मानि , मानइ D, मानिउ H I, मान्यउ E L. राइ-राउ A, राय BODHI K. जालहुर-जालोर A, जान्होर , जालहु D, जालहर 1, जालउर K L. दल-ते ०. जाइ- जाय . तिणि-तिण A, तेणि D, तेणी 1, भवसरि-अवसर ति L. बहटी-विसी B, विठी 0H , बिइठी D, बइयठी K. उछंगि-उन्सग , उछागि D, उछरंगि H, ऊगि र, उअगि K. कुंयरी-कुमरी ODI, कूअरी R, बुरि K.. वात-वाति L. करइ-कहि B, कहइ , करि . मन-मनि A F L. रंगि-रंग 0. १२२ माम-अह्म B, आम I. समिलि-सभलि L. अरदास-अरदासि A, अरदासि D. वीरमदे-कुअर वीरम ०. छइ-छि BI,.. c, विरमदे D रूप येप-रुपि , रुपवेष म, रूपवेस .. यय-वि B, वे 0, वइ D, छि र, देपी .. सरीपइ-सरिपि B, सरपि ०, सरीपू D, सरिपइ 1 K, सरीपि र, सरसइ L. भावि-भवि D, भावि .. कान्ह कुंयर-कान्हनु कुंयर A, कान्ह —यर B, वाहन कुयर ०, काहन कुमर P, वहान कुअर , कान्हडदे , कान्हकुर K, कान्ह कुमर L मुझनि-मझस्यूं B, मुंझनइ ०, मुझनइ DL, मझ सिउँ 1, मझनि मुझमु र. परणावि-परणाव L. १२३ बोल्यउ-वोलइ बोलिट BD I, बोलि ०, वालि II, वोल्याउ E, पोल्यो .. पातिसाह-सातसाह 4, पातसाह B C D I, पातशाह र, पातिसाहि .. करी-वरि ODI, गहिली-गिहिली 1. म-...BIE. करि-करी, करइ .. कुंअरी-कुंयरी A C, यरी B, कुयरि D, कुअरी 1 L, अरी 7. वाइरह- ताहार BON, ताहारि । कूडउ-एवढी D, कुडु ० , बुटउ 5, ए कुही .. उठाह-आहि Br, उत्साह ०. हीद-हीदं ।, हींदू B D, हिंदू , ही K. तुरक-तरक 1. नहीं नहीं B, नुहि , न हूउ D. A, दीवाह-वी D.

१२८ कान्हडदे प्रवन्ध नयरि योगिनि मुसलमान, जे साहजादा मोटा पान । ताहरइ चिंति गमइ वर जेह, करडं वीवाह अणावर तेह ॥ १२४ कुंयरी भणइ तात तुम्हे सुणउ, हीदू तुरक आंतरउ घणउ । भोग पुरंदर हीदू एक, हीदू जाणइ वचन विवेक ॥ १२५ हीदू भोजन भाव अढार, हीदू तणा भला सिणगार । तुरक कोई वर नवि सांसहूं, वरि हूं तात कुंआरी रहूं ॥ १२६ कइ कुंयर वीरमदे वरूं, आम तात कइ निश्चइ मरूं । कुंयरी बोल कहिउ ए जिसइ, गोल्हण साह तेडाविउ तिसइ ॥ १२७ N १२४ नयरि-नयर B C D I. योगिनी-योग्य छि B, जोगिनी D, जोगनी H, योगनी K L, मुसलमान- मुसलमान A D H, मुशलमान B, मुसलमान 0, मुसुलतान , मुशलमान K, मोटा पान L. जे-ये 0,...DI. साहजादा-साहिजादा A, शाहा जी B, स्याहयादा 0, साहाजादा नई D, साहाजादा I, साह्यादा नि . पान-पान AC Rs. ii qr in u is : मीर मिलक जे इछा मानि. ताहरइ-ताहरि BOD H, ताहरी र. चिंति-मनि 0, चीति DH, चीत K, चित्त L. गमइ-वसि B, गमि 0, गमिउ - H, आवि J. जेह-जेउ A, जेअ U, जह K, जेय ८. करउं-करूं B DI, करं , करू न. अणावउं-आण, B, मणायं ० , अणावि D, अणावू , अणावी, अणावउ L. तेह-वेउ , तेय .. १२५ कुंयरी-कूयरी A, कुमरी ०, कुमरी D I, कुअरी H K, कुंअर ८. भणइ-भणिइ B, भणि 1, कहि . छात-वात H L. तुम्हे-तम्हे B H I, अम्ह .. मुणउ-मुणु BO I I, सj D, गुणउँ L. हीदू-हींदू A B D, हिंदू.०. तुरक-तुरुक 0, तरक D, तूरके H. आंतरउ-आंतरु B, जो अंतर , छइ अंतर DK, अंतर .. घणा-घणु BOH, घf D, घणउं L. ii qr in s is : हीद सरिपु को मन गणु. पुरंदर-पुसदर K. होदू-हींदू,B D, हिंदू 0 B transp as : हींदू भोग पुरंदर एक, हीदू-हिंदू.०, हींदू 0 K. जाणइ-जाणइ AD, जाणि B, जाणि 1. विवेक-ववेक D, विवेकि .. १२६ हीदू-हींदू, हिंदू.०, हींदु जोगइ D. भाव-भोजन भाव D, भार I, भावइ र, भक्ष पं. मदार- अपार 0, आहार L. हीदू-हिंदू 0 D, हींदू.K. तणा-तणि I. सिणगार-शंगार A, सणगार ०, शिणगार D, शणगार , शृंगारि .. तुरक-तुरका A, असूर II, नुरको L. कोई-को BOI, कोइ Dr,..... घर-परि B. or transp as : दुरक वर को. सांसहूं-सासहुं A K L, साहि B. हूँ-हुँ A K L,...B. साठ-तति .. कुंभारी-न्यारी A B, कुमारी D, कूआरी , कुआरी I L. रहूं-रहुं 40 K, रहि B, रडू 1. १२७ फर-फि DO, कहि DJ, यहइ K. कुंयर-हू यर ०, ईयरि D, कुमरी, पुअरी र, फुर .. पीरमद-वीरमनि , वीरदे D. यरूं-वर 0 D K, वह ॥ .. भाम-आम 0, कि आम . कइ-कि, हु , वेद , हूँ . निग्रह-निधिDO, निND, निधई 1, निम्य स. मर-मर O K L, मरू D, मकर कुंपरी-यरीई०, उमरी, पुअरी I K L. पोल-योल ३ A. कहिउ-कहिउँ A, यहीउ DJ, काउK. D transp as ए वहीउ; L transp as ए बहिर, जिमड-जिसिउ , जिगि ०, जसिद , जाराइ II, जिवि . गोदण-गोहलD, गोलण ॥ L, गेल्हण 1. साह-साहि BL, सादा D. तेदारिउ-विदापर A, तंटागु , नेहायुप, तेहाय्य , नेदान्यो । मिद-तिग्गु ,सिमि, नगिईD, नमिइ , निगि, तगइ.

तृतीय खंड पातिसाह बोलइ परि घणी, वेगि जाउ कान्हडदे भणी । कुंअरी अम्हारीवर ताहरउ, कान्ह विछेदइ वीवाह ज करउ ॥ १२८ जउ कान्डदे वोल मानसइ, तउ देस्युं जे मुपि मागस्यइ । गोल्हण साह जाल्हुरि गयउ, जई वेगि राउल भेटीउ ।। १२९ सभा मांहि सहू को सुणइ, गोल्हण साह इणी परि भणइ । पातिसाहनी वेटी जेउ, ते वर मागइ वीरमदेउ । १३० जासइ कटक आपणइ ठामि, गूजराति आपसइ अनामि । करि वीवाह मनि आणी रुली, छपन कोडि धन देसइ वली ॥ १३१ . १२८ पातिसाह-पातसाह A B E, पातसाहिं 0, पातशाह , पातिसाहि ८. बोलइ बोलि BH,...ODI. परि-परि कीधी 0 D, परि कही I. H transp as परि बोलि. वेगि-विगि .. जाउ-जा E . कान्ददे- कान्हड़दे ACI K, कांहांनडदे म, कान्हदे D. भणी-भणि D. A repeats the ii qr. कुंअरी-कुरि A, कूत्यरि B, कुमरि , कूयारी D, कुअरी , कुमरी , कुंभरि K, कुंअर L. ताहरउ-ताहर 4, ताहरु BODI. कान्ह-कान्ह AK, काहनड D, काहान E, काहान र. विछेदइ-विटेदि B, वठेदि 0 D E, विछेदि 12, विछेद र. वीवाह ज-वीहवा B, वीवाह 0 BI, विवाह D. करउ-करिउ B, कर 0 H I L, करूं D, करू इ. मानसि D, १२९ जउ-जा B, जु 0 DH, जो L. कान्हढदे काहानड B, काहनहदे D, कांहांन H, कान्हड़दे , कान्हड K, कान्हइ .. बोल-बोलिउँ म, बोल्यु , बोल्यउ K L. मानसह em-मानसई A, मानसिइ B, मानसि R 3, मानिस्यइ र, मानसे .. सउ- A D, ते BI, तु 01, विउ L. देस्यु-देसू A, देसिउ BORE, देशू ३, देईसइ ८. जे-...A, D, जु म. मुपि-मुखि BC, मुष .. मागस्यइ em-मांगइ दिसू 4, मागसि B C E I, मागस्ये D, मागस्यइ र, मांगसी L. After 129 a A interpolates following lines : गोल्हण साह इण परि भगइ पातसाहनी वेरी येउ । ते वर माहि सहू को मुणइ । गोल्हण-गोलग PL, झोहालग , गेल्हण . साह-साहि B. जाल्हुरि-जालोर A, जालोहरि B D, जालहरि H, जालहुरि , जालउरइ र, जालउरह L. गपठ-गयु B 03, गD, गव्यु म, गयो .. जई-जै 10, H. वेगि-विगइ 4, वेग K. L transp as देगि जई. मेटीउ-मेटीयु ०, मेटिउ DH, भेटियउ .. १३० सभा-सूभा म, मुमा K, शुमा L. माहि-माहि A K. सहू-सहु DK, सहूइ , सहूं .. को- कोई B E, यम ०. सुणइ-मुणिइ B, मुणि DI, सूणि E, गुणइ .. गोरहण-तिम गोड़ण , गोहलण D, गोहालण E, गेल्हण , गोलण L साह-सह ६. इणी-इण A, ईणी B D, एणी म, ते ईणी . मगह- भणिइ B, भणई ०, मणि . पातिसाहनी-पातसाहनी A B C D H, पातशाहनी , पाविसाहिनी .. जेठ- जेह 01, जेय DL. iv qr in B reads : वीरमदे परणावु तेह. ते-तेय L. मागह-मागि DI, मांगइ KL. धीरमदेउ-वीरमदेय ०L, वीरमदे , वीरमदेश . आपनि १३१ जासइ-जासि B C H I, जासि D, जास्यइ 5, जासे . भापणइ-आपणि B D H I. ठामि- ठामि B 0 J. गूजरानि-गूजरात A B, गुजराति 0 1 E, गुजरात 5. मापसह-आपनि BCE !, D, आपस्यइ K, आपसी - अनामि-अनाम A, अनमि RE, इनामि .. करि-वरी DH, कर B. धीवाह- वीवा म. भाणी-आणे , आणि , आणु D, आपणि ।, भाणी प आणे K, आपगइ स्ली-रली DIE. छपन-उप्पन B D, छप्पन C. देसइ-देसि BRI, देवि ०, देनिइ D, देम्पई र, देसी . 17 १३० । कान्हडदे प्रबन्ध । बोलिउ वीरमदे मनि हसी, पातिसाहि परि मांडी इसी । पातिसाहनउ इस्यउ निवेस, इणि परि मांडी लीजइ देस ॥ १३२ नवि देस्युं वेवाही मान, नही आवइ तुरकाणइ जान । मेरु सिपर जउ त्रूटी पडइ, चाहूआण चउरी नवि वडइ ॥१३३ हाथेवालइ हाथ नवि धरूं, नही वइसूं जिमण माहिरूं । चाहूआणनउं कुल निकलंक, जिस्यउ पूनिम तणउ मयंक ॥ १३४ सूरिज.तणइ सि हुं आज, वडा पुरुपनि नाणूं लाज । गोल्हण तुं मनि झंपिसि आल, हिव लाजइ'माहरूं मुहुसाल ॥१३५ . १३२ बोलिउ-बोलइ A, बोलि 0, बोल्यI K L. पातिसाहि-पातसाह A D H, पातसाहि Bo, पातशाह J, पातिसाह र. इसी-तिसी L, क्सी H. पातिसाह-पातसाह AD H, पातशाह , पातिसह K, पातिसाहि L. नउ-Y BOD. इस्यउ-इसु A B, इसिर ODF, स्यउ, एह K, इसउ .. निवेस-निवेसि , नवेसि म. इणि-ए A BER, एह ०, एणि D, इह . लीजइ-लीधा A BR L, लीजि र, लीग्य र..देस- देश BI, देशि .. १३३ नवि-धन K, नवइ ८. देस्यु-देसइ A, देसि B, दे{ 0, देस I L, देशं र, देशेइ र. धेचाही- वेवाइ 1, वेढाई र, वीवाही L. मान-नाम A, मान ODHIK, मामि L. नहीं-नहीं B, नवि .. मावह- आवि B CHI. तुरकाणह-तुरकाणा B, तुरकाणि 0, तुरकौणि न , तुरकाणइ L. जान-जान A 0 E IE. मेरु-मेर A H K L. सिपर-सिहर A, शिखर ०, सपिर D, सपर H, शपरि , शिपर र. जर-जु BOHI, ...D, जइ x, जो L. त्रूटी-त्रुटी D, तूटी .. D transp as त्रुटी जउ. पटइ-पडिइ B, पडि H. चाहूभाण- चाहूयाण A, तु चहूयाण B, चहूआंण 01 , चाहुशि K, चाहुआण 1. चउरी-चोरी B, चुरीइ ०, चुरी D E I. B transp as नवि चोरी. चडइ-चडिइ B, चडि 0 ३, चढई .. 1 २३४ हाथेवालइ-हाथि हाथ A, हथेवालि B, हाथेवालि 0 H I, हायेवालु D, हयि लेवउ L. हाय-मेलि 43; हाथि DH L. धरूं-ध: 0p K, धरिउ , धरू L. नहीं-नवि B, नहि D. बइसू-विसि BE, बिसु ०, बेइसि , बिसू , वैस K, बइसउ .. जिमण-नमणा 0, नाइण D, नमणू १, नमणि , नमणड K, जीमण 4 माहिलं-माहरू A B, माहिरं , माहरुं DJ K, माहारु म, माहरू .. चाहूआणनई-चाहृयाण A, चाहूयाणनु B, चहूआणा नि 0, चाहूआग D, चहूआणन् H, चहूआण , चहूआणनउ K, चाहुआणनउ L. कुल-छि ८. जिस्यउ-जिमउ A, जिस्यु B, जिसिउ 0, जिस्यु ज D, जसिउ E, जिस्यउ होइ , जेसउ K, जिसउ होइ .. पूनिम-पुनिम , पूर्णमा .. तणउ-तणु B D H, आसोई , ह ,..... १३५ सूरिज-सूर्य BO DIL, सूरजि F. तणइ-तणु B,...0, तणि J H. सि-वंश , वंशी, वंशि DK, वसि H, वम L. B transp as सूर्य वंश तणु. हुं-हूँ , हुआ , हु D, हू, होइ म. वडा- वडा AE J K पुरुषान-पुरपनि A, पुरुषनी 01, पुरुष नहीं UK, पुरुष न E, पुरष नही .. माणूं- आविइ B, आणु , आ[ D K, आणू E, आणू , आणउं L. गोल्हण-गोहलण 01, गेल्हण . तुं-तुझे , तु I L, तूं . मनि-मन B HI, म , मम K, ममि , झंपिसि-झंपु , पसि प, झंषिस I. हिव-हवि BOI, हविइ D B transp as माहरूं लाजिइ; H transp as माहारु लाजसि; L transp as माहरउं लाजइ. लाजइ-लाजिइ B, लाजि CI, लाजमि , माहरूं-माहरु C D I, माहारु H, माहरउ K, माहरडं L. मुहुसाल-मुहसाल A D, माल OK L, मुसाल H.

. . कृतीय खंड १३१ | कुंयर घणी मनि आणइ रीम, लाजइ राजकुली छत्रीस । । एकवीस जे पृथवी राज, तिहां नीर ऊतरई आज ॥ IT लाजइ राजंगोत्र अहिठाण, लाजइ चाचिगदे चहआण । हूं तां नही विटारूं आप, हिव लांजई कान्हडदे बाप ॥ १३७ 'गोल्हण तुं मनि निश्चउ जाणि, इसी यात नवि सुणी पुराणि । कुंअरि यात विमासी कही, आगह हई न होसइ नही । १३८ । अमृत हाथ थ• किम ढोलीइ, भवइ भव सु किम योलीइ । ५.'; - गोल्हण वात विमासी जोइ, पूटइ काल मरइ सह कोइ॥ १३९ जनम मरणना अक्षर माहि, आधी पाठी घडी न थाइ । चाहूआण नवि मूंकइ माण, रूठउ किस्यूं करइ मुरताण ॥ १४० १३६ कुयर-कुअरि 0, कुअर म, अर , कुअर E, घशी कुमर .. घी-..... पाणह-आणी BOH , आणी 5. लाजइ-लाजिद B, लाजि 01 I. एकत्रीय-एकवीर ०, एकवीयद र. जे-...AL, जी. पृयतीराज-पृथ्वी वीराज A, पृथिवी राज B, प्रयवी राज D , पृथ्वीनर राज .. निहा-नीह B, वेद 01 , देहु D, तेहट र, विहानंट L. उतरह-स्तारिदं 0, उतारि B, ऊतरि , सतार, उतार र. १३७ लाजइ-लाजि BOH. राजगोत्र-राजागोत्र A, गोनराज L. अहिटाण-अहिटग A DI JR. हाजह-लाजिइ B, लाजि 0 RI. चाचिगदे-चाचगदे BOLI L. घट्टमाग-चायाग A, चट्टयाण B, चहूआंग DHI, चहुआंग K, चमुआण .. हूँ-हूँ . L, ६ म. ता-ता 01, तुं .. नदी-नह, नहीं DR. विटा-पिटाल BK, बटार्ट 0 D, वटा म, विटाल .. हिव-हवि B, हवि CHI, विइ D, हवद K. पाना लाजिइ B, लाजि 1 1, लाई .. कान्हद-ग्रंन्हद A, कानढदे D, काहानदे , कान्हदे र. १३८ गोरहण-गोला , गोहोलप -तं.. मनि-मन I K. निश्वर-निशचत , निश्रु B, निश्चल OD, नियुप, निवइ .. जाणि-जापि DIK. इसी-दनि D. नवि..... L. मुगी-शुणी A, मुणीद, सूणी म, शुणीयइ .. पुराणि-प्रानि A, पुरानि , पूणि घ, पुराणि I K, पुराण . कुंअरि-कूयरि A, त्यरि B, कुंभरि ०E, ऊयर D, अरि H, कुंवर L. धाव-धीत D. विमानी-वमामी , वर्गवी . पही-कहीं इ. मागह-आगि B 0 1, भागिद P, नवि . ई-हूई , होउ H, होइ र. न-नि .. होसह-होमि BOD H, होस र. नहीं-नहीं B, वटी u. I reads iv qr as: इसी बात तव पोरदही. १३९ हाय-हायि BODI. थ-पि BD , यई 05, नु म, मिई 2. किम-नहीं B,...0, नवि UL टोलीह-दोटीई D, ढोलियई 8, टोलीयइ .. मवह-मावि A B DHL, भा भव , एकि मदिर, भाई E. भव-मEि AE L, भटु ०, सो मन , मु-,... DJ, कुल , मुर, किसठ .. किमनहीं B,... , माप .. बोटी-मोठीइ A, बछियद K, बोटीयइ .. गोरहण-गोहलग I, गोलग K. विमामी-तिमागि D, दिमासी । जोइ-तीय 01. पूरह-पूटि 101, पूटिद, काल-कलिं, अDि11. माह- मदि B, म. मह-मवि L. कोइ-कोय , कोई 1, १४० जनम-जन्म BODL. मरगना-मरणार. मशर-अप्यार K, बासर ..मांदि-माहिD. घरी- कीर, वान रन-नवि D. याद-पाई, जाड DE, थाय .. चाहभाग चाहूयाग 4, चहयाग B, चहभाग 01, चागर, चाहाग र, चादुआग 4. {का-मूब AL, मृति B', मुंद, मुदित. माग-भाग O DHIR स्टट-टिट B, र , ई D, मठि .फिस्यूं-infA, किम् , लिमुर, कनिट घ, कि, दिगई .. कद-ममा A, B, करि CH, द. मुराग-गुराग DIK, भूगनांग 1,रिताण १३२ कान्हडदे प्रवन्ध मूंग कोरी मांहि रहइ सदैव, कर्म न छूटइ'तउही जीव । कीधां कर्म सह पामसइ, पांचमि सिरजि छठि नवि हुसइ ॥ १४१ आवी लाज हूउं अपमान, बोल न मान्यउं वलिउ प्रधान । कटक मांहि जई कीधर जाण, गोल्हण तेडाविउ सुरताणि ॥ १४२ गोल्हण भणइ पातिसाह सुणउ, मानइ नही वोल आपणउ । साम दाम विधि च्यारि उपाय, मई संभाल्यउ सइंभरिनउ राय।।१४३ मई वोलीया बोल गंभीर, राय भणइ तुम्हे पूछउ वीर । लोभ तणी परि मई सवि कही, वीरम वोल सांभलइ नहीं ॥ १४४ १४१ मूंग-मुंग A,...B, मुग 0, मग D 11, मूग K. कोरी-कारेउ A, कोरीनइ .. माहि-माहिइ A, माहि B DH K. रहद-रहि BDI, पिसीइ 0, रह K, पसीयइ .. सदैव-... ...01, सीवर, सदेव . कर्म-करम J K. छूटइ-छुटि BOHI, छुटइ D. तउही-वेहू A H, तेहि B, तुहि 0, तेहु D, तोहि । जीव-जीइ ०. . reads ii qr as : कीधा कर्म ते नवि छूटयइ. कीयां-कीधा .. कर्म-करम HIK. सहू-सहूं .. पामसह-पामिसइ A, पामसिइ B L, पामसि 0, पामसि DH I, पांमसइ ई. पांचमि-पचिम H, पाचम .. सिरजी-शिरजी A, सरजी 0 1 . छठि छठि B C D. नवि-किम OI K, कि D. हुसह- हुसि RD, हसि H, होमि , हुस्यइ K, हुसिइ .. १४२ भावी-आंवी .. लाज-लाल B. हूउं-हूउ BK, हुई D, ह , होऊप, हउ L. अपमान- उपमान A D, अभिमान B, उपमान 0 1 (ख), अपमान E K. मान्यउं-मांन्यू 4, मानु B, मांनिउ , मांन्यु D, मान्युर्ड म, मांन्यु , मान्यउ E, मान्यो .. यलिउ-वल्या ०, वल्यु DE, वल्यउ K, चल्यो .. प्रधान-प्रधान H I K. माहि-माहि A KE. जई-जइ , जीई .. कीधउं-की● BI, कीy O DRE, कीधा .. जाण-जाण O DH IE, जाणि L. गोल्हण-मोहलण , गिलण .. तेदाविउ-तेडाव्यु , तेडाव्यउ र, तेही पूछ्या L. सुरवाणि-सुरातागि B, मुरताण D K, सूरताणि , सरतांणि उ, शुरितागि L. १४३ गोल्हण-गोहण B, गोहलण 0 H. मणइ-भणि BOE I, भइ D, कहइ .. पातिसाह-पातसाह ADH, पातशाह र, पातिसाहि - सुणउ-सुणु B 0 E I, Kणु D, शुगउँ 1. मानइ-मांनइ AKL, मानि B, मान्यु ०, मानि H I. नहीं-नहीं B, आपणउ-आपणउ A R, आपणु BHI, आपणु 0D, आपण .. सामदाम-सांमदाम AI K, सामदान B, स्यामदाम 0, सांमदांन E, सामदा .. विधि-वधि , विध.. च्यारि-त्रिणि 0 D, च्यार H, च्यारइ K L. उपाय-उपाइ D, प्रकार , पाउ L. मई-मइ A D E K, मि B, मि0, मीइ .. संमाल्यउ em-संभाल्यु A, साभलि B, सांभल्या ०, संभाल्यु D, सभलाविऊ म, संभारिउ र, साभाल्यउ र, संभाल्यउं L. सइंभरिनउ-सोनगिरा A, सिंभरि BOI, सइंभर D, सइभरि EK, सिइभरिनउ .. राय-राउ A H, राइ DL, वारि . १४४ मई-मि B, मि CHI, मइ K L. योलीया-बोल्या छह A, बोलिया B, बोलीआ K, बोल्या , बोल्यउ L. भणइ-भणि B 0 H I. सुम्हे-तझे B, तर H, जई , तुम्ह र, तुम्हि .. पूछउ-पूछिउ B, पूर्छ 0D, पुर्छ , पूछ्यउ K. तणी-तणि । मई-मइ A K L, मि BO, मि H J. सवि-वसि H. H transp as वसि मि; - transp as सवि मि; L transp as सवि मइ. कही-कहीं B. iv qr inc reads : कुयर वीरम ते नवि लही. वीरम-वीरमदे D E L, वीरमदेइं . सांभलइ-सांसहि B, सासह , सोसहि I, मान्यु र, सांसइ , नहीं-नहीं B.

तृतीय खंड १३३ भय आपणउ चिति नवि धरइ, चाहूआण वीवाह नवि करइ । इसी वात बोलइ परधान, मछरीक मोटर अभिमान ॥ १४५ हईइ रोस पातिसाहि धरिउ, चाहूआणखू हठ आदरिउ । दल ऊपड्यां राडद्रह थयां, जांगी ढोल दमामां दीयां ॥ १४६ वापडुद्रि आव्यउ सुरताण, वीजइ दिनि गोअलि मेल्हाण । तरूअर छांहि निरमला नीर, आव्यां दल सुंदरला तीर ॥ १४७ करी वालि वांध्या केकाण, पालइ दीधां मयगल ठाण । ठामि ठामि फोज राहवी, भला काठगढ पाई नवी । १४८ , १४५ मय-बोल A, भु BH, कहिउ .. आपणउ-आपणउ A K, आपणु BOHI, आपणु D, आपणउं प.चिति-चिंति ,चित्ति , चंति म, चीति र, चत्ति .. घरइ-धरिइ B, धरि H I. चाहूभाग-चाहूयाण A, चहूआण 0, चहूआंण H I, चाहुआण 1. वीवाह-जो वीवाह 0, विह्वा D. नवि-नही A, नहि D. करह- करिद B, करि R 3. इसी-असी , इसीय L. बोलइ-वोलि BOR, कही . परधान-परधान A CHK, प्रधान D, परधांनि र, परिधान L. मोटठ-मोटू A, मोटु BO E, मोटुं D, मोटउ J K L. अभिमान- अभिमांन A DHIEL. १४६ ईइ-हीइ A, हैइ B, हईई D, हइइ म, हियइ र, हीयइ L. पातिसाहि-पातसाहि ACH, पातसाहिं B, पातसाह , पातशाह र, पतिसाहइ 5. परिउ-घरीउ A, घरगुं D, धस्यउ K L. चाहुमागस्- चाहूयाण शु, चहूयाण सूं , चहूआणासुं०, चहूआंणस्युं D, चहूआंणसु म, चहूआंण ग, चाहूआणसु , चाहुआणसु. हठ-हठि .. भादरिउ-भादसु D, आदरिउ E, आदस्यउ EL. After 1462H interpolates the following two lines : बोलि वात धरी अभिमान काफर सेती बेइमान। रवा नहीं मुह देषि पदी भिस्त न पावि सूणि पुंगडी 1. ऊपड्यां-ऊपहीयां A, ऊपडिया B, ऊपड्या .. रादह- राहदहा A, रइद्रि B, रादडि ०, राहुद्रह ग, राड, र. थयां-थक 4, यया 0, थीयो D, गयो :, गया ., ढोल-ढोली D. दमामां-दुदामा A, दमामां BI, दमामा 0 K, ददामा म, दुमामा L. दीयां-दीया A L, दीप, दिया .. . दीआ, १४७ बापबुदि-वापडत्रइ A, बापट्ठडि , आप रदि, वापडद र, बापडिद्र K, राहद्रह .. भाग्य- आव्यु AI, आविउ B H. सुरताण-मुरताण 05, सूरतांण H, सरताण , शरिताण .. बीजइ-बीजि BOD E I. दिनि-दिन D E I E,..... गोमलि-गोलि B, गोले C D E K, गोवल दीया .. मेवाण- मेहाण B, मेहलाण 0, मेहलाण D E, मेल्हाण . तरूमर-तरूवर A, तस्यरि B, तरुअर 01, तस्य प. छोहि-छाया B, छोहनइ ०, छांहनि D, डाहि , यह x, छाह .. निरमला-निरमल A, निर्मल BD, निरमल 01. नीर-नीरि AJ. मान्यां दल-आंबा वाडी B, आव्या दल सुंदरला-संदरला A, मुंदर B, सिंदला 0, मुदरला , सदरला , ते शुरला .. तीर-दीरि AH, वीर . १४८ वालि-वालि D, वाल K, लेई करवाल L. बांध्या-बाधा A, बांध्यां , धाया .. फेवाण-केवांग ODE K. पालइ-पापलि A, पालि BD, पालि 0 1 I. दीघा-दीयां A, दीघा 0KL, दीठा D. मयगछ- मेगल A E, महगल .. ठाण-मेल्हाण A, ठाण DHI K. गमि ठामिठामि २ A L, ठमि ठामि BOY, ठामि २ DR. फोज-मुंई B, पांज इ. राहवी-रहावी A H, रहावीउ , ते सरी .. मला-मल 1. काटगद- कटक गढि B. पाई-पाही B, याइ H. नवी-करी ..

" . 0 १३४ कान्हडदे प्रबन्ध असपतिदल नवि लाभइ पार, पापलि फिरतां कोस अढार । पातसाही दल दीठउं जिसइ, राउलि गढ सिणगारिउ तिसइ ॥१४९ पट्टकूल मेघवन्नां करयां, कोठइ कोठइ विमणां धयां । रत्नजडित चंद्रूआ थिकां, दीसइ मोतीनां झूबषां ॥ १५० १ . ऊपरि वली त्रिकलसां घणां, झकलत दीसइ सोना तणां। तारा तणां किरणसूं मिलइ, कोसीसे दीवा झलहलइ ॥ १५१ :: गीत गान सांभलीइ घणां, कोठइ कोठइ हुइ-पेपणां । को वर्णवी न जाणइ मान, जेहवु इंद्र तण विमान ॥ १५२ ॥ राग अंदोला धन्यासी॥ • लंक त्रिकूट सिरीपडउ रे, गोरीअडे गढ दीठ । कनकसकोमल फूदडी ए, विचि विचि रतन बईठ ॥ १५३ . १४९ असपति-असपतिनां B. नवि-न B. लाभइ-लामि BOI, लभि स. पापलि-पापलें D, पापल .. फिरता-फिरता 0 E L, फरतां D. कोस-कोश ८. पातसाही-पातसाहि A, पावसाह H, पातशाह र, पातिसाह K, पातिसाही L. दीठउं-दीहूं BI, दीठो 0, दीठं D K, दीठउ H L. जिसइ-जिसिइ BI, जिसि ०, जिसई D, जसइई H. राउलि-राउल H I L. सिणगारिउ-सिणगारूं B, सणगारिउ ०, सिणगाखु D, शणगारिउ सिणगाखउ र, सिणिगाखउ .. तिसइ-तिसिइ , तिसि , तसिइ , सतिसेइ .. १५० पहफूल-पटकूल D H L. मेघवन्ना-मेघवनो B DI, मेघवन्ना 0, मेघवता H, मेघवन्ना K, मेघवना म. कहां-करिया BI, क्या 0 , करिया म, धया L. कोठइ कोठइ-कोठि २ B, कोठे २ ० ८, कोठिई २०, कोठकोठि म, कोठि कोठि , बिमां-साहमा B, बिमणा 05, बमणो D, बइसणो 11, बमणा .. धयां- धरियां BI, धया 0 K L, काँ !,. रत्नजडित-रत्नजटित B, रतनजडित CE, रतनजटित उ, रमजडति 2. चंदूमा-चिहुं पासिं B, चंद्र्या 0, चंदुआ D, चद्रूआ : 'थिकां-थिका A, थका 0 FE, जया . दीसह-दीसई A D, दीसि B G H I. मोतीना-मोतीना H, मोती . शंवपां-भूवपां & B, झुबका , 'मुंब- रका D, झूबका म, झूमण पज्या . १५१ विकलसां-त्रिकलसा 0 1. घणा-घणा 0 .. झलकत-झलकति B K. दीसह-दीसि BoHI. सोना-सोना RD K. तणां-तणा , घणां K. तारा-सूर्य र. तणां-तणा 0 H, तणे . किरणसू-किरणस्यू BD, किरणसु , करणसु म, किरणशं ग, किरणासु K. मिलइ-मिलिइ B, मिलि 03, मलि #. कोसीसे कोसीसि B. दीवा-दीवा K. झलहलइ-झलहलिइ B, झलहलि H I, ii-iv qrs in u are : ठामि २ हुइ पेषणं । कोसीसे ते दीवा बलइ । ऊपरि थकी ध्वजा ऊछलइ ॥ १५२ गान-गांन A B D E I K. सांभलीइ-सांभलीई D, साभालियइ K. कोठई कोठइ-कोठइ २ A, कोठि २ ३D, कोठे २ ०, कोठि कोठि H I. हुइ-हुई B, नितु हुइ ०, हुई D, होइ , हूइ म. को-कोइ p, कवि . वर्णवी-वर्णवा B, वर्णवावी I, जाणइ-जाणि B I, जॉणि 0 H, जाणइ PK. मान-मान D H I. जेह-जेहूं A, जेहवू म, जेहवू , जेहवउ हूइ F. इंद्र-इद्र H K. तणउं-तY BI, तणं 0 D, तणू , तणउ K. RAIT-PHA A D A J. L omits 152 a (cf ii qr of ys 151 in L), and reads as 152 b. सो वर्णवान न जाणइ मान । जेहवउं इंद्र तणजे विमान ॥. H interpolates the follow; ing line after vs 152: जसिउ मेरउ पइ कैलास देव इद्रनु जिसिउ निवास । १५३ राग-गीता राग ABI K. अंदोला-धवल E, अंदोसा उ, अदोल K. धन्यासी-..., धन्यासी ऊपरि अंदोला गीत .. लंक-लंकि B. त्रिकूट-त्रिर B, त्रकूट H. सिरीपडड-शिरीषडउ A, सरीषड़ B D, - , सरीपडा ए N तृतीय खंड तरल त्रिकलसां झलहलइ रे, धज धरीइ विसाल । "रचीइ चंद्रूआ चउफला ए, मांहि मोतीयडे जाल । १५४ पंचवर्ण पटउलडां ए, रचीइ परीयछि चंग। धवल धउलहर पेपीइ ए, विचि विचि चित्र सुरंग ।। १५५ पंचशब्द हुइ पेपणां ए, नाचइ नाटिकपात्र । गीतसंगीत सलूणडा ए, सुणीइ स्वर सात ॥ १५६ कान्हमेरि कोठा घणा ए, दीसइ दीपकमाल । चाहूआण चामर ढलइ ए, कान्हडदे कुलपाल ॥ १५७ ॥ चउपई॥ पातसाह मनि अचिरज भयउ, कमालदीन तेडी पूछीयउ । आगइ शृष्टि सुणीइ वि वार, वली शृष्टि सी त्रीजी वार ।। १५८ H, सिरीषड र, सरीषडं K, सरीपो रे .. गोरीभडे-गोरीय B, गोरीवडे D, गोरडीए E, गोरीयडे | L. दीठ- दीठउ L. फूदडी ए-फूलही ए A, फुटडी रे B, फूटडी रे D, कूठडां रे , मुंदडी ए , सीयल .. विचि विचि- वचि २ B, विचि २D K L, वचि , स्वइ रे . रतन-रन B DI. यईठ-यइठ B RE, बइठ .. C NS ormits the entire song,i.e. vs 153-157. १५४ तरल-कनक D I, निरमल K. निकलसां-त्रिकिलसां A, त्रिकलसा .. झलइला रे-झलहलि ऐ B, झलहलि रे , झलहलइ .. धरीइ-धरीय A, घराइ B, धरीम , करी र, फरइरइ .. विसाल-विशाल B3, सुविशाल D. रचीइ-रचीया B, रचीय D L, रची H, रचिइं .. चंदूमा-चंद्र्या B, चंद्वआ DK, चद्रोआ .. घउफला-चुफला A B , चुंफला D. माहि-माहि A E R. मोतीयडे-मोतीअडे A, मोतीयहा B, मोतिडे D, मोतीहां B, मोतिअडे .. १५५ पंचवर्ण-पंचवरण 1. पटउलडां ए en-पटोलडा A, पटुलडा ए BK, पटुलडा ए , पटुलाइ ए H, पउलो एप, पटउलडा ए .. रचीइ-परठी A, रचीय D, रची , रचि र, रची ते .. परीयलि- परीयचि B D, परीअचि , परीइचि र, परियर्छ र, परियड .. चंग-चंप म. धवल-धुलां D, धवला . घउलहर-लहर A R, धुलहर B, घवलहर DI, धोलहर K. पेपीइ-झवझवि म, पेपिई र, पेपीयद L, ए-रे H. विचि विधि-विचि २ B DIE, देवी ८, वचि H. चित्र-विचत्र AL, विचित्र र, त्रीत्र H. सुरंग-मुचंग D K, सूचंग म, सोचंग , शुरंग L. १५६ पंचशब्द-पंचसवद H I L. हुह-हुई D, हु म, होइ . पेपणां-पेषगा HK L. ए-रे 1,...... नाचह-नाचि B H I. नाटिक-नाटक A K. सटूणहाँ em-सला A, सोहामणा B, सणडो D E, सलूगडा प, स्यणडा E, रसाल्डा L. ए-रे 4. सुणीह-सूणीइ 1, मुपियई , शुणीयइ .. स्वर-जे खर , सखर D, सस्इ, वे सवि L. सात-साद D, सनत H, सादि JL. १५७ कान्हमेरि-कान्हडमेर A, क्हुमेरि B, कान्हमेर D, कहिानमोर 1, कनकमेरि .. कोटा-कोठा B. घणा-घणो B. दीसह-दीति BHP, दीसे D. चाहूमाण-चाहूयाण A, चहूयाणनि B, चहूआंग H , चहुआ K, चाहुआण .. चामर-चामर 1 I. ढलइ-टलि B F I. ए-रे ३. कान्हददे-कान्हा, काहानडे , कान्हडेद , कान्हडने L. कुलपाल-पूरपाल P, करपाल , अरपाल , कुभरपाल र, सविसाल .. १५८ घउपई-हिव चउपइ कहीइ छइ ३, चुपै Bi,..., घुपई: D, सुपर B, चोपही .. पावसाह-पातशाह , पातिमाह E, पातिसाहि .. अचिरज-अचरिज , अचिरत Dn, अचरजि ८ मपट-मउ A, भयु B C D E 7, भयो .. कमालदीन-कमाल्दी B, कामलादे .. पटीयर em-छोउ १३६ . कान्हडदे प्रबन्ध बंदइ इसी करी अरदास, इणि गढि राउलनउ छइ वास । विसमउ गढ विसमा झूझार, ऊपरि विसमा पोलि पगार ॥ १५९ इसउ बोल जव बंदइ कहिउ, पातसाहि सिर कंपाविउ । मालदेव नइ वीरमदेउ, रातीवाहि ऊतरिया बेउ ।। १६० पाई बूरि घणे विनाणि, काठ.तणउ गढ भांजिउ प्राणि । एकइ रातिइ तुरका तणा भूगल बचा वारसइ हण्या ॥ १६१ निति काठगढ पाई करइ, रातीवाहि निति अतरइ । दीहइ तुरक करइ जेतलं, नितु हींदू भांजइ तेतलूं ॥ A B HI, पुछीर्यु D, पूछियउ K, पूछियो .. भागइ-आगि B 0 R I. ऋष्टि-सृष्टि BO, श्रेष्ट - L. सुणीह- सुणी 30, शुणिE D, सूणी म, शुणी .. विचार-बि च्यारि B, बे वार 0, ची चार D, विचार K, बेवारि .. बली-नवी BE L, वलि K. शृष्टि-सृष्टि BO, श्रेष्टि D E, श्रेष्ट L. सी-ए A, सं 0,...., को .. १५९ यदइ-बंदु A, बंदि B 0 H I, वंदइ K L. इसी-असी BE, सी ३. करी-करइ A, कही .. भरदास-अरदासि A, उरदास D. इणि-इण A, ईणि B I, इंणि 0, ईणइ D, एणि , इणइ र राउलन:- राउल तणउ A, राउलनु B D E I. छह वास-निवास A, छि वास B, ए वास , वास I K. विसमड-विसमु BOD, विसमि H I, विसमुउ घ. गढ-गढि I H. विसमा-विसमु ०. झार-जूझार , सुझारि .. अपरि- उपरि 0. विसमा-विसमी D. पोलि-पउलि .. पगार-पागार A, पगारि .. १६० इसउ-इमु A , इसिउ B C, इस्यु र, इशु र, इसउ L. बोल-वोल K. H Ms ends here. जव-तव आ. बंदह-बंदि R OI, बंदइ र. कहिउ-कम्युं , करिउ , काउ K, कहिउँ प. पातसाहि- पातसाह BD, पातशाह , पातिसाह K, पातिसाहि 1. सिर-शिर , सर D, शर, सिरि K. कंपावित-- कंपावयु B, कंपावीउँ ०, कंपावीउ DI, कंपावियउ K, कंपावियो L. मालदेव-मालदेउ 0, मालदे D, मालदेय ८. नइ-नि BOJ. धीरमदेउ-वीरमदेव A K, वीरमदे B, वीरमदेय .. रातीवाहि em-रातीराहि A, रातीवाइ BE, रातीवाई ०, रातिवाइ D, रतेवाउ प, रातीवाहइ ८, अतरिया-ऊताया AI, उतस्था, रुतस्या DKE.बेउ-बेय BL, बेऊर, बेव E. १६१ पाई-काढी .. पूरी तरी ग, छुरी .. धणे-घणि BO, घणउ .. विनाणि-विजाणि A, पराणि , विनाणि K, विनाण .. तणउ-तणि B, तणु 0D,..... गढ-गढि B. भांजिउ-भांज्यु D, भाजीउर, भाज्यउ K, भांज्यो .. प्राणि-प्रणि C D E, विनाणि I. L omits 145 b. एका-एक A 0, एकि B, एकई D, एकि र. रातिइ-रातिमा, राति B D, राति 03, रातई र. तुरका-तुरकह BI, तुरकज 0 D. Tणा- तणां BD I. मूगल-मूगल BI, मुगल 05, मुंगल D. यचा-...B, बच्या उ. पारसइ-बारह सइ 4, रसि B, वारसि , बारसिं , बारहसई इण्या-हण्यां न १६२ निति-नित A K, नितु D. काह-करिइ B, करि ०, करई D, पणि 1. रातीवाहि-रातीवाई ०, रातीवाइD, रातेवाई , रातीवाहइ K. निति-नितिइ A, नितु BOD, नित K, ऊतरइ-ऊतरिइ , उतरि , मतरि . दीहद-दीहं , दीहिं B, हीहि र, दीहई D. तुरक-तरइ A. करह-रलिइ B, करि ०, रलई DK, रलि ग. जेतल-जेतलु 0 PK मितु-नित Ax. हीन-हीदू AJ. भाजइ-भांजि BI, भाजि ०, माजई , भेजइ र. तेतलू-तेतलं 0D K. L reads as vs 162 : एकइ रातिइ तुरक नितु पेहुँ भिाइ । यतीवाहइ भांजई भेउ । काठगढ़ भाजई दिन २ वेउ। विभाणि, तृतीय खंड तुरके हीदू नवि आंगभ्या, सात दिहाडा ईणि परि गम्या । पातसाह ईणि परि भणइ, कथन सवे सीताई सुणइ ॥ १६३ आधी राति देवकीनंद, स्वपन मांहि दीठा गोविंद । शंप चक्र छइ करि हरि तणइ, पीलां पट्टकूल पहिरणइ ॥ १६४ माथइ मोरपीछनी धडी, काने लोलि रलतूं जडी। देव तणउं सामलूं सरीर, कटि मेपला शब्द गंभीर ॥ १६५ चित्त मांहि हिव निश्चय धरिउ, साचउ वोल हूर ताहरउ । कान्हडदेवि भगति आदरी, ततपिण तूठी आसापुरी ॥ १६६ कोलाहल सांभल्यउ अपार, कटक मांहि वूठउ अंगार । [कटक मांहि सहू दपीऊ हूऊं, घोडूं माणस विलपूं थy ॥] १६७ १६३ हीदू-हींदू B D, हिंदू 0. भांगम्या-आगम्या .. दिहाडा-दीहाडा A D, वरस K. इणि-इणि B E, इणी ०, ईणी D, ईणी I K. पातसाह-पातशाह र, पातिसाह K, पातिमाहि .. ईणि-राणी A K L, राणी B, इणी ०, ईणी . परि-प्रति A BK L. भगइ-भणिइ B, भणि . कथन-ऋत्थन A, मुणइ-मुणिइ B, मुणि र, , . शुण... १६४ मापी राति-आधा रातइ र, देवकीनंद-देवकिनंद D, केवकीनंद L. स्वपन-खन A BO, सपन D, शुपन्न .. मांहि-.. ....., मांहिं B, मझिल, माहि र. दीठा-देपइ 4, आव्या 0, दीठउ I L, दीठ र. गोविंद- गोव्यद र, गोविद . L. संप-दस , संप L. चक्र-चक L. छइ-छि BC, अछि र. करि हरि-हरि करि B, हरि . तणइ-तणिइ B, तणई ० ८, तणि 1. पीलां-पीला B C L, पीली D. पकूल-पटकूल A L. पहि- रणइ-पहिरणिइ B, पहिरणि कप, छई पहिरणइ L. १६५ मायइ-माथि BO I. पीटनी-पिंटनी A, पिनी B, पिन्छनी , पींछनी 5. घडी-व्ही .. काने- काने AOD K. लोलि-होलि 4, लेल C D K, लालि , कुंडल E. रनसू-रत्न सिई ०, रनर, रम, x, हीरे .. B transp as रत्न लोलिमु. तण-तणू Br, तj 0D, तणउ र, देह L. सामलूं-सामर्नु , सांमल3 D, सामल र, सामला E, श्यामवर्ग L. सरीर-शरीर B C D . कटि मेपला-कटिहि मेपला, वटी मेपला D E, कटि मेखला 1, कट मेपला L. शब्द-शवद , सवद L. गंमीर-गीमीर AJ. १६६ चित्त-चित्ति B,चित D, चिति र. माहि-माहि A L. हिव-हीइ , हिवि B, हवि 07, न ही D, मनि र. निश्चय-निश्चउ A, निश्चि B, नसि D, निस्यु , संका .. परिउ-धर 0 D, घरुप, घरउ K, घर ५. साचउ-साचे B, साचु 03, साचू D, साधू .. बोल-साचउ वोल 4. हुउ-...., सवे B, सहू 0, हुनि र, हूंउ .. साहरउ-ताहरु B DIL, ताहर ०, ताहरउ .. कान्हदेवि-कान्हडदेवि A, कान्हडदे DE, कान्हदे र. भगति-भक्ति A B C L. उतपिण-ततक्षिण A, ततषिणि BDI, ततक्षग 0, तपिग L. व्ही- गुठी D. मासापुरी-आशापुरी BF, आस्यापुरी० , आश्यापुरी D. १६७ सोमल्यठ-सांमलिउ A B, साभन्यु, सामन्यू D, सामलि . अपार-अपारि . माहि-...A, माहि Dr. वूठठ-छूटु B, चूछो , छार, छूटा .. अंगार-अगारि .. A BK omit vs 167b. माहि सहू-सहू ते D. दपीड en-दपी3 D, दुषीत हुहुई , थy 1. घोई-घोडा D. माणस en- मागस Dr. थy em- D, हुर्क I.0 reads as 167 b: मांगस घोडा नइ हापोआ देह सवे मनि विलया पया; r reads as 167 b: देवचरित्र नवि कहा जाइ अरमात्र धेलाहल याइ. 18 कान्हडदे प्रबन्ध . ॥ दूहा ॥ पुण्य तणउं ए पारपूं, जे दिन रूडइ जाइ । पदमनाभ पंडित भणइ, तउ सुर किंकर थाइ॥ हय गय सुहड सारथ सवि, जउ मदि माता होइ। नीर पवन पावक तणी झड नवि झालइ तोइ॥ १६९ ॥ चउपई॥ उलकापात हउ विकराल, विपम धूम धूंधूइ विराल । वलिउ कटक छांडि मेल्हाण, दीली भणी चाल्यउ सुरताण ॥१७० सोनगिरि जु छांब्यु घाट, वली मोकलिउ गोल्हण भाट । भाट भणइ राउल इम जाणि, वीरमदे तेडिउ सुरताणि ॥ १७१ वीवाह तणी न करसि वात, करी मेल देसइ गूजरात । कान्हडदे अवगुणना करी, गोल्हण साह आविउ ऊतरी ॥ १७२ १६८ दूहा-दुहा D, दूह 5. पुण्य-पुण्य A, पून्य L. तण-तणू BI, तj CD r. ए-जे .. पारपू- पारपुं A, पारिपुं GK, पारप्यो L. जे-जउ A. रूडह-रडा , रडि , रडई D, रूड , रूड L. जाइ-जाई C, जाय . पदमनाम-पमनाम BI, पदमनाभि , पद्मनाभि L. भणइ-भणिE B, भणि र, भणई ८. सउ- तु B,...J K, तुअ ०, तमु D, ता . सुर-मुर ते र, मुरनर , उरि .. थाइ-थाई D, थाय . १६९ Domits vs 169. मुहड-..... सारय-समरय A B, समर्थ , मछ, साहण L. सवि-सवे A, घर तुरी L. जउ-जु BOS, जो L. मदि माना-मद मत्ता 5. नीर-नीरि .. पावरु-पातिक L. RE- झडि O L. झालइ-लाइ B, झालि , लागइ K. तोइ-तोर B, कोइ , तोय .. १७० चउपई-चुपै B C , चुपई D, चोपई L. उलकापात-उलकापात C, उल्कापात र. हूउ-हउB, हर K. विकराल-विक्रालि L धूम-धूम ,..... धुंधूइ-धुंइ B, धुंधूई D, धूधुर, धूंधमइ .. विराल- अपार A D, वराल B, विसराल K. वलिउं-वलतुं D, वल्यूं , वल्यउ K, चाल्या L. कटक-नुरक 1. छोडिडे- छोडीउं A, मेरिहउँ B, छाडइ D, छाडिउ , छंड्यउ K, छाया .. मेल्हाण मेहलांग CD, मेल्हाण E. ढीली-दिल्ली । चाल्यउ-चालिउ B, गयु C D , गयउ , चाल्यउं.. मुरताण-सुरताण 01, मुरतान D, सुरिताण E, शुरिताणि . १७१ सोनगिरि-सोनगिरु BC, सोनगिर K, सोनगिरा L. जु-नउ K, नो .. छांड्यु-छंडिउ B, छोडउ ०, छाडिउ DI, छंघउ , छायउ , घाट-मुरताणि A, घाट D. मोकलिड गोल्हण-गोल्हण मोकलिउ B, मोकलिउ वीजड C D, मोक्ला वीजड , मोकल्यउ चीजड K, मोक्ल्यउ गोल्हण L.भाट-भाटि L. माट-म A, भाटि .. भणइ-भगि B C I. राउल-राउलि L इम-ईम J. जाणि-जाणि OT K. वीरमदे-वीरमदेनइ ३, वीरम कुंयर . तेडिउ-तेडउ A, तेडि र, तेब्यK, ताइ L, सुरताणि-सुरताण A, सुरताणि ०, सूरतांण D, सुरतान , सुरिताणि 5, शुरिताण L. १७२ वीवाह-वीहवा B, विहवा D. न-म 4,...0. करासि-करिशि A, करेसि , करसी र, करजे .. करी-करि D, करीय L मेल-मेलिL. देसइ-देस B, देशि C, देसि DI, देस्यई र, देसी .. गूजरात-गूजराति र, गुजरात K, गुजराति L. C interpolates after 172 a the foll line : एह वात कान्हड साभली वापबेटउ विमासि वली कान्हडदे-काहनडदे D, कान्हडदे, कान्हड वेगि , अवगुणना-अवहेलणा A, अवगणना B, अवगणी 5, अवगणना 4. गोल्हण-गोहल) 0 D. साह-भाट A, भाटि .. माविउ-आव्यु AI, आव्या K, आव्यर्ड 1. उत्तरी-सावरी A, उतरी 0KL. . ।

* । तृतीय खंड छडे पीयाणे पाछउ वलिउ, कटक जई वालहीइ मिलिउ । तिहां थिकां साहण ऊपडी इंद्रडीइ आव्यां सवि चडी।। १७३ चाल्यउ सहू दीयूं फुरमाण, वीजइ दिवसि गढइ मेल्हाण । तिणि अवसरि कान्हडदे राय शकति तणइ जई लागउ पाय ॥ १७४ तुझ वीनवू आदि योगिनी, पाछां कटक आणि तूं अनी । हमीररायनी परि आदलं, नाम अम्हारडं ऊपरि करउँ । १७५ शकति भणइ जउ गढयां चडी, जासइ कटक हिवइ चउकडी। आशापुरी कही परि घणी, जासइ कटक मेडता भणी ।। १७३ B omits 173 a. पीयाणे-पीआणे , पीयाणे D, पीआणे , पियाणं , पीयाणे .. पाउ-पाछु ०. वलिउ-वल्यउ K L. कटक-कटकि C. जई-जइ A BIK, जाईनई L. वालहोइ em-- वाही A B, वालीइ ०, वालीहीइ D, वालही , वालहियइ K, वेगो L. मिलिउ-मिल्यउ K, मिन्य.. निहां-तिहा D, तिहा 4. थिकां-था A, थिका C, यका , थकउ L. साहण-साहण A D. ऊपडी-उपडी , उपन्या 3. सूंदडीइ-संदही A, इंद्रदीई B, द्रटीई ८, मुद्रडीई उ, स्टूडीइ र, मुद्रहीय L. मान्यां-आव्या BD K L, सवि-...B, सवे L. चडी-चढी I. A reads as iv qr सवि सूददी आव्या चटी संदडीइ सवि आन्या चडी, L as सवे मुद्रहीय आव्या चही. Das . १७४ चाल्यउ-चालउ A, चाल्यू BI, चालिई , वलिई D, चाल्यउ , चाल्या L. सहू-सहूं B, सहुइ . दीयूं-दीऊ A, हू , हुई D, हबू , हू 5, दिया L. फुरमाण-परमाण DI, फुरमागि L. वीजइ- पीजि BO. दिवसि-दिवस AL, दिवनिई . गढइ-गुदइ 4,...B, गढि , गढ D, गढ जाय .. मेल्हाण- मेहलाग 0D, मेन्हाग I K. निणि-तीगि B, विणिं D, तीगइ K. अवसरि-दिवसि B C. कान्हदे-कान्हदे , काहनहदे D, कान्हडदे I K. राय-राउ A B, राइ K L. शति-दाक्ति A D, संगति B, सरति 1. तणइ- तगि B , तणे 0. जई-जै A, जइ 5, जाइ .. लागउ-लाउ B, लागु ODI L. पाय-पाइ EL. १७५ Dhruva's fragnent, E US, commences again from vs 175 a..तुझ-तई 4, ति B, f D , तोइ र. वीन—-वींनव्यउं A, वीनन्यूं B, विनवू 0, वीनj 5, वीनवउं L. भादि-आदि D, अदि .. योगिनी-जोगिनी A, जोगनि E, योगनी L. पाठां-पाठा A E F L, पार्टी B. कटक-कटिक E. भाणि तू आणि तु A, नु आव्या , आगि नि तुं D, आगिया तूंE, आण्या शा , आणि तु K, तु आणे ..अनी-अजील, अनि D, भणी. हमीररायनी-हम्मीररायनी B, इमिररायनी D, राउ हम्नीर तस ई. भादरूं-आदर BC, आदरं D, आदरं IK नाम-नाम D, नामि L. अम्हारउं-तम्हार B, भलाई CE, अम्हारउ र, अम्हार D, अझारू 2. कर-कर BOT, कर Dr, करंE. १७६ जाति-शक्ति A B, सरति ० मगइ-भगि B. जउ-जाउ B,...0 D, E, जि x, ते .. गदयां-गडि B, गइया 0, युद्ध प्या D, गडि जा E, मुदाया र, गाटा L. K L omits iv qr. घही-चढी 0FT, वढी L. जामह-बासि B CEP कटकाटक E. हिवइ-हिव B, हवि ODI, विहाणइ E. c transp as हवि कटक, चउकडी-चिहुँ घटी B, चुकडी 00, चूरीD K L omit ifi qr. भावापुरी-आस्पापुरी CE, आश्यापरि D. कही-कहि , वरी D, करीइ २. परि-अति D, वे ग. जासह- जासी, ज्यासई , जानिइ कटक-कटिक इ. मेहता-मेरता : a BCS, जाशिक्ष, कान्हडदे प्रवत्य तिहां फेरणूं करज्यो जई, पाछां कटक आवस्यइ सही । मालदेवनइ आयस दीउं, सारूं कटक राउलूं ली । १७७ आव्यां कटक पूनलइ वही, आठ फोज जूजूई रही। एकइ मालदेव जई रहिउ, वीजीइ वीरमदे गहगहिर ।। त्रीजीइ अणतउ सीसोदीउ, जइत वाघेला चउथी रहिउ । कटक तणउ महिमा एवडउ, फोजि पांचमी जइत देवडउ ॥ १७९ लूणकरण माल्हण छइ सही, छट्ठी फोजइ जइमल जई रही। सोभित देवडउ फोजि सातमी, सहिजपाल फोजइ आठमी ॥ १८० . १७७ फेरणू-पेरण A, फेरणां B, फेरणु 05, पेर" D, फेरइ .. करज्यो करयो A BI, करेग्यो , करिज् D, तुरक्नइ L. जई-जेई ३, वही E, सही उ. पाठां कटक-कटक पाठा A, पार्छ पटिक , पछी कटक ते, पाटा कटक L. आवस्यह-आवइ A, आवसि B, आधेसि , भावनिई D, जाति , आविसिह .. मालदेवनइ-मालदेवनि B, मालदेयनि ०, मालदेवनई D, मालदेवनि , मालदेयनइ .. भायस-आइस K. दीउं-दीउ 03, दी , दियु , दीय .. सारू-सार A, सा60, मार K, सारो .. कटक-कटिक D. राटल-राउल A, राउलु B, साथि र, राउलो .. लीउ-दी, लीॐ E, लीउ , मोकल्यु र, लीयो .. १७८ भाग्यां-आवियां E, आव्या D E. फटक-बटिक E. पूनलह-पनुली B, ऍनिनि , पूनल D, निगिरि , मुंतलं , पूनगिर K, पूनलउ L. वहीं-कही . माठ-आठइ F. फोज-भोज A, जूनई-जूजई र, हुई .. रही-यई E, जूजूई .. एकद-एकि BODI, एकई .. मालदेव-मालदेव ०, मालदव , मालदेय .. अई-जउ A, जइ ०. रहिउ-रहिउँ A, रहि BIK, रही , राउँ .. पीजीद-पीजी ABOKL, पीजइ, मीजि . गहगहिर emगहगहीउ A, गहिगहि B, गहिगहिउ , गहगह DK, गदिगहिर, पग.. १७९ श्रीजीइ-पीजी AON KL, भौजु B, श्रीजि इ. भणतठ-अगतो , अगत OD, आणंद, अनुप आणत L. सीसोदीठ-सीमुदीउ B, सीसोलीउ र, सीमोदियउ , सीसदीयो ., जान पायेलउ- जित वाघेड B, जयत देव , जयत वाघेलु D3, जयत बालउ , जयत वापत्ये .. घउथी-पुथी BEL चुइ ०, चूधी , चउयई .. रहिउ-गयु , राउ. Domits vs 179 b and 180 . कटक- दिक . उ-तणु BO, सेपि . महिमा एवाउ-महिमा एवड BO, महिम देवउ , महिपा देवर पोजि-रदिउ A,...100 .. पांचमी-पायमीइ BOE, पांचमी प्रेजहर, पांचमीय .. जस देवा- जित देवड B, जिनु देवड , जयती देवहउ , I reads as 179 b and 180: पांचमी जि देवट पहिड श्रेज छठी राबडज लहिउ. १८० एगमग-दागरण , दंगर K, कर्ग : मारहण-भाहलण 0. छह-छि 10. ण्टी- MAKE, एर फोगह-पोज । B, पोजि. जइमल जई-जमलि जे , अमलि ई B, यम, मदमसनी , अमलर जहर, हे जमती - सोभित देवाउ-रोततर , सोभुत देवा , सोभित देवड D, भी रावत र. पोति-दु , BORED, ये , क्षेत्र र गत सातमी-पारमी . सहिमपाट- जमाल, महिपाल, पहितगत D, यामराल. फोगह-ग्रेरित, पोज BODIRL भाटमी-पामी D.

तृतीय खंड पुहर पाछिलइ ग्या संचरी, वीटीउ पान पापलि फिरी। त्रिणि सहस मारीया अईयार, पइठा कटक न लाई वार ॥ १८१ घोडा लीधा नव हजार, तापति तणउ न जाणउं पार । समसपान नइ पुंजा हता, हींदूए झाल्या जीवता ॥ राजडीउ भाथाइत जेउ, नइ केल्हण रइवारी वेउ । राउल भणी गया परि सुणी, वेगइ मागइ वधामणी ॥ १८३ भली पात सहू को सुणइ, किणि परि जीतउ राउल भणइ । कही वात राउल अवधारि, चटकडीइ ग्या हेरू च्यारि ॥१८४ . १८१ पुहर-पोहरि B, पुहुर , पहुर K L. पाछिलइ-पाउलि B 0 E, पालिइ D, पारिलि र, पालद 2. ग्या-पोलि 0, अग्यारसि E, गया , ग्यां K. संघरी-साचरी , साचरी D L. बीटीड-वीटिया BF, वीटिउ ०, वीटउ D, वीटिउ र, वीट्यउ , वेट्या .. पान-पान A BOI E, पानने .. पापलि-पापलिई D, पापलि गढ , पाषल .. फिरी-फरी . त्रिणि-णि DE, श्रीस, तृण .. सहस-सहिस Bk. मारीया- मारिया BI, मास्या 0 D KE, मारिआ E. भईयार-ईयार A 1, मसवार ०, अईआर D, एआर x, ईआर E. I transposes 181 iv qr and 182iqr. पइटा-पिठां B, पिठा 0 D, कटकि र. कटक- कनक D, कटिक :, पिठा र, कटकि K. लाई-लाइ L. o transp iii and iv grs as : पिठा कटक न लाई वार निणि सहस मात्रा असवार. १८२ घोडा-घोडां AJ K. लीधा-सीधा K. D transp as लीया घोडा; IK transp as लोधी घोडां. नव-नवइ A, नवि B. वापति-तापित L. तणउन्तणु B 01, तM D. जाणउं-जाणं BE , लामि०, जाणं D, जाणE, जाणउ L. समसपान नइ em-समसपान A, समसपान नि B1, समसंपांन नि , समसपान नइ DK, समसपान नि E, समसपानना .. पुंजा-पोजा B D E JEL, पोजि . हता-हती . हींदूए-दीदूए AJL, हिंदूए ०. झाल्या-झालिया BP, झाली 0. जीवता-जीवती 0. १८३ राजडीउ-राजाडीउ E, राजडीयो .. मायाइत-भायायत A, भादाउत B, भयाउत , पायइत D, भयायत . जेउ-जेय 0 L, मेउ E. नइ केल्दण-केल्हण नि B, केलणीउ 0, नेइ केहल D, केलण राय , नि कोल्हण र, केल्हण L. रहबारी-बारी A B C D EL. येउ-वेय , तेउ , पीजउ जेय म. गया-गई. परि सुणी-पुर सुणी D, वधामणी E, परि शुणी .. वेगइ-वेगि A 0, वेगि B, वेगिई , वेगिइ .. मागह- मागि BOI, मागइ K L. वधामणी-वघापणी A, वद्धामणी B, वधामणी DIK. x omits iv gr. १८४ मली-चाली र, भीली .. सहू-सहूइ 4. को-कोई BK K. मुगइ-मुनि BI, मुगि 0, सूर्णइ DK, हणी E, शुणइ . A interpolates after i gr: नव हजार वेजी इणहणइ. किणि-किग AK, किणी ०, केणि D. केणी . जीतउ-जीतूं B, जीतुं 0 D, जीतुE I L. राउल-रायल .. मणइ-मनिद , भणि . Finterpolates after in gr: राउल प्रतापइ तम तणइ. कही-कहीय B ODIE, केही इ, व्हा .. भवघारि-अवधारी, अवधार L. घउकडीइ em-चुकटीई A BI, घुलीइ ०१, घडी , परियई र, चउकीए .. ग्या-गया B C D L, गयो । ईस्-हेरु , हेरा र म्यारि-प्यार OD, कान्हदे प्रबन्ध : सहेट पूनलू बोली छतइ, पातसाह तहींइ मेडतइ । सरिसा वीस सहस असवार, समसपान आवीउ शिकारि ॥ १८५ मोकलाणि सरोवरि हुतउ, हरम सहित आण्यउ जीवतउ । साहमु राउल मांडहीइ गयउ, मालदेव सिर नामी रह्यउ॥ १८६ आवी राउ जुहारइ सहू, कीरति बोलइ वंदिण बहू । कान्हडदेइ इसी परि करी, राउतनइ सवि आप्या तुरी ॥ १८७ एहबुं आयस लहइ प्रधान, ऊदलपुरि उतारउ पान । सरिसा एक सहस भाथाल, राजडीउ मेल्हिउ रपवाल ॥ १८८ १८५ सहेट-सहढ B, मुहड C, सहट D E, सहस प. पूनल-पूनोली B, पुनलि 0, पूनलि D, पूनिलु , पूंनलु उ, पूनल K, पूतलो L. बोली-वोला E, बोल्यो .. छतइ-उतिइ B, छति C D I, छतु E, छतिमइ .. पातसाह-पातस्याह E, पातशाह , पातिसाह र, पानिसाहि L. तहींइ-तईइ A, त्याहरि , हतु न, ते E, तहीई, तहियइ र, गयो L. मेडतइ-मेडतिइ B, मेडति 03, मेडतई D, मेस्तइ हतु E. सरिसा-सरिस्यु B, सरसा ODK, सिरसा E, सहस L सहस-सहिस B K. समसपान-समसपान A B DJ K, समतूंपान , समसपानि E, शहसपान L, भावीउ-आवउं A, आव्या 0 JL, आवीउं D, आव्यु , आव्यउ K. शिकारि em-शिकार A, सकार B, सकारि C D, हकारि E, शकार , सिकारि , सिकार .. - १८६ मोकलाणि-मोकलीनइ A, मोकल्या नई DI] (ख), मोकलाणइ E, मोकालानि I, मोकलाण K, मोकललीन L. सरोवरि-सरोवर E L. हुतउ-हनु B C D E I, हतउ र, हुंत L. भाण्यउ em-आण्यु A, माणिउ BF, आप्यु ०, साहिउं D, आणिE I, आण्यउ K, आण्यो L. जीवतउ-जीवतु B OF I, जीवतुं D. साइमु-सा, A, साहमु, साल्हउ K, साम्हउ L. राउल-राउ A, राउत B. मांडहीइ-माडइ 4, माडही B, मांडहीई ०, मादी D, माडवीइ E, माडहीं 2, माडही L गयउ-गयु B D E I, गयो .. मालदेव- मालदेय 0 1. सिर-सर B, शिर 0 , सिरि EK, शर. नामी-माडी B. नामी K L राउ-रहिट ABODJ. . १८७ भावी सहूउं 1. राउ-राय B, राउलि 0, राउल DI, को आवि .. जुहारइ-जुहारि B, जुहारि OF, जोहारि , जुहारिउ सहू-सहु D, सहूं F L. बोलइ-बोलिइ BF, बोलि I, बोलई D. बंदिण-- बंदीजन 0, वंदणि D, बंदण L. बहू-वहूं B. कान्हडदेइ-कान्हडदेवि AI, कान्हडदेई 1, कान्हडदेवि GK, काहनडदेइ , कान्हडदेय L. इसी-असी D, भली E, सी . राउतनइ-राउतनि B, राउतनि 01, राउतनई k, राउत .. सवि-शत प, सवेनइ , . १८८ एहयु-एहवउं A, एहवा C, एहy E, एहबु , एहवउ L. आयस-आइस BK, आयुस . लहइ- लहि BET, लही , लह र. प्रधान-परधान , प्रधान D I K, परिधान 1. अदलपुरि-ऊदल्लपुरि A, दलिपुरि , उतरपुर D, अदिलपुरि B, उदलपरि , ऊदल तुम्हे R. उतारउ-उतरिया B, ऊतरीआ 0, जताई DI, ऊनारिउं , सतारगं .. पान-पान A ODI K. सरिसा-सरम् A K, सरिसु B , सरसा , सरसं २, सरसो L. सहम-सरस B, सहस्र , सह , सहिस K. भाषाल-भात्याइल A, असवार ०, संभालि र, राजडीठ-राजमाणस E, राजीयु ग, राजडिली 5, राजदीयो .. मेल्दिउ-मेहलिउDI, मेल्हा म, मेल्ह्यउ K, मेल्यउ ..

तृतीय खंड एक सहस पायकस्यूं गयउ, वली संकथूउ जमलंड रह्यउ । दिवस एक तिहां अवलंबीउ, सुरताणी दलि गयउ बूंवीउ ॥ समसपान मोकलइ हृतउ, हरम सहित साहिर जीवतउ । हीदू वात असंभम करी, पीवी लीला सरसी धरी ॥ त्रिणि सहस मारिया अईयार, घोडा लीधा नव हजार । वीरमदे दलि आव्यउ चडी, मोटा मलिक भांजीया भिडी॥१९१ एहवी वात पातसाह सुणइ, पुंजा लाडण ईणि परि भणइ । आम तात अरदास अवधारि, भव आगिला तणइ भरतारि ॥१९२ १८९. सहस-सहिस BK. पायक-पादक E. स्यूं-सूं 4, मुं c E, सिउं DE, \ , S L. गयउ-गउँ A, गयु B D E I, थयु , गयो म. सक्यूउ-सकथिउ B, सगथूड , सक्थुउ D, सघूउ E, सक्यूं , सकति- यउ र, सकलउ L. जमलउ-जिमलु B, यलु , जमलु D, यिमणउ E, जमणु , जमलउं 1. रहाउ-रहिट AEI, रहिD, रह्य .. दिवस एक-एक दिवम ०, देवम एक इ. तिहां-...B. अवलंघीउ-विलंबीउ ०, अविलंविउ र, अलंदियउ E, अवलंगीयो .. मुरताणी-सुरताणी D I E, सरिताणी E, शुरिताणी .. दलि-...B, दल EK L. गयउ-आविउ B, गयु ०, गy D, गिउ E, ग्यउ र, गयो L. त्रीउ-बूंबूड AI, वियत र, वयो , १९० समसपान-सममपान A B DIE, सममूंपांन C, समसपान नइ . मोकलइ-मोकलिउ Br, मोकल , मोकलीउ D, मोक्लइ E, मोलि I, मोफलियउ K. हतउ-हनु B C D E I, यो ८. सहित- समेत E. साहिउ-ग्रहीउ C, साहिउं D, अहिउ E I, ग्रद्यउ K, धराउ L. जीवतउ-जीवनु BCI L, जीवतू D. हीदू-हींदूए B, हिंदुए . वीत्री-बूवू B D L, बुंग I लीग-लीला K, अला .. १२१ प्रिणि-निग A, अणि E, Tण L. सहम-महिम BP K, मारिया-मारीया A, माया ODI, मारिआ E, मास्यो K. अईयार-ईयार A, असवार , अईआर D, ईआर E, ऐआर K. घोडा-घोडां AT. लीधा-लीधा AI. नव-नवि B E. दलि-नवि c, दलिं D, वली E, दल .. माय्यउ-आव्यु ACT, आविउ आव्यिउ E, आव्यउं L. चडी-चदि D, चढी JL. मलिक-मिलिक 5, मिलक L. मांजीया- मारिया रगि B, ते भंजिल, भांजवा D, रमि भाजिया E, भाजेवा , भाज्या तिनि K, भाजीया .. मिडी- भणी 1, भही 0 DEI. BD, १९२ एहवी-एड्वी A B K. वात-वाति .. पानमाह-पातसाहि A, पातस्याहि , पातशाहिद, पातिसाह E, पातिसाहि .. मुणद-मुणी A DI, मुनि B, मुंनि , शुणी - After iqr E interpolates foll: झाल गई मस्तक भणी घुमा-पोजा AC, पुनी D, पोजा E, जो .. लाडण-गडणि B, लाड D, गडन .. ईणि-दण A, इणी VCK, ईपी DE परि-पार D भगइ-मणी । D, भाणइ B, भाग , भगई ... Finterpolates aft rii qr foll. एक वात मुलतान जा धुणइ. आम-आम E. भरदास-अरदाति AE, भरदासि D. अवधारि-अपधारी 5, अवधार L. भव-ए मन C, मवि .. मागिला-आगल्या ODI, आगला E. तगह-तणउ A, तY BO E, तणिई D, तणि . भरवारि-भरतार AO, मरयारि D, भरपार :, कान्हडदे प्रबन्ध धखां वहिनि बहिनेवी बेड, ग्यउ जीवतां जालहुरि लेउ । सवि अहिनाण आगिलां कही हुं मूंकावी आविसि सही ॥ पातसाह बेटी प्रति भणइ, किम भरतार वीरम तुम्ह तणइ । जाती समरण भेद सवि लहइ, ते वृतांत पिता प्रति कहइ ॥ १९४ पहिलउ वापलरा सुत एह सिंघराज जाणीजइ जेह । हुं जइचंद तणी कुंअरी सुरजनदे नामि अवतरी ॥ १९५ बिहुं वेवाही मनि उछाह, नयर योगिनी करिउ वीवाह । अंतरवेध छइ रूयडउ देश, तिहां करिउ मई अगनिप्रवेश । सतीधर्म साचउ अभिमान, अंतरवेध हू अवधान ॥ १९३ धयां-माहत्या A, धरी B, धरिओ E, धस्खा K L. बहिनि-बहिन A, बिहिनि 0, बहनि , बांन J. पहिनेवी-बनेवी 0, बहनेवी D , विहिनेवी E, बन्हेवी उ. येउ-जेउ B DE K L, दोय , तेउ . ग्यउ- ग्यो छ, जु0, गर्यु D, गयु , ग्युर, गयो L. जीवतां-जीवh D, जीवंता E, जीवतु IL, जीवता K. जालहुरि- जालोरह A L, जालोहोरि B, जाल्हुर , जालहुरिइD, लावू छ, जालउरइ K. लेउ-लेस 4, बेउ BE, लेय 0, जेऊर, तेउ .. सवि-सवे B. महिनाण-अहिनांण C D E I K, सहिनाण L. भागिलां-आगिल्या B, आगल्या C D E, आगिला , आपणा .. कही-कहि K. हुं-हूँ BF I, कहउ L. मूंकावी-मूंकाविस A, मुंकावी 0, मूकावी FL, मूकाविस K. भाविसि-आईं A, आqo, आविसु D, आवसि E, आविस K, भाव .. २९४ पातसाह-पातस्याह E, पातशाह I, पातिसाह K, पातिसाहि .. बेटी-बेटि D. प्रति-प्रति D. भणह-भणिइ B, भणई D, भणि प, भणंइ L. भरतार-भरथार D, भरतारि ८ वीरम-वीरमदे A I, वीर BF. तुम्ह-...०, तझ E, तुझ J K L. तणइ-तणिइ B, तणि 0I. समरण-समर A, समरि BFK, समरणि ०, स्मरण D. भेद-भेदि D L, लहइ-कहइ A, लहिइ BE, लहि , लहेइ D, लहर, लहू . ते-तु BI, पूर्व 0, तु D, ए , एह K. घृतांत-वृत्तांत A BO, वरतात D, बत्तांत :, वृतत र, विरतांत .. कदइ-भणइ A, कहिइ BE, कहि , कहई .. १९५ पहिलउ-कहि B, पहिलु 0K, पहिलं DK, पहिलं. बापलरा सुत-बाप लषमसी A, बांपलराय सुत B, वो तरस्थत ०, राय सुत बापल E, बापला राइ शुत ८. एह-एय A, देउ , एउE, एअर. सिंघराज- शंघराणी A, सिंहराज B D, संघराज 05, ते घरि जे L. जाणीजइ-हुँ हूती A, जाणीजि BI, जाणीजि 0, जाणीजई , जाणीजइ र, जाणिजइ .. जेह-तेउ 40, एह B, जेउ E, वेह I, जेअर. हु-हूं FDI,...0, हू. जहचंद-जिचंद B, जयवंद राय , जयचंद D I, जयवंत F K, जयवित ८, तणी-तिणी R. कुंभरी-कूयरी AB, कुंयरी 0 D. सुरजनदे-सुरजनते 4, सरजगदे , सरजनदे D, सिरीआदे , मुरजनादे , शुरजन म. नामि मानइ A, नामि 0, नामिइ , नामिइ हु .. १९६ बिहु-बेहु B, विहूं 0 , बिहु D, बहु म, बिहू . चेवाही-चीवाह A RL. मनि-हूउ A, मनि हूउ B, मन 0 D, हूऊउ 8, मानियउ K. उछाह-उछाहि A, उच्छाह ०. नपर-नयरि A, नगर . योगिनी-जोगीनीपुर D, योगिनीपरि , ज्योगनी र, योगनी , करिउ-कीउ Ar,...D, कस्खउ K. अंवरवेध- अंतरवेद BO, अंतरि वेध .. छह-...B OFE L, छेइ , छि . रूपाउ-रूयड BE, रूअडु ०, रहुं D, रुअडु र, रूअडउ K, वडा म. देश-देस A FI K L. करिउ करि B, करु D, कीधु म, कीड , पत्यउ K, करिड ८. मई-मि A, मिइंB, अझे D. अगनिप्रवेश-अग्निप्रवेस 4 L, अग्निप्रवेश BC. सती-सिती B. धर्म- धरम 0 D. साचउ-सा— B, सा, 0, आचरिउ D, साचा , साचु , साचो .. अभिमान-अविधान , अभिराम D, महिनाण , अभिमान I K L. अंतरवेध-अंतर्वेद B, अंतर्वेध DI, अंतवेध , अंतरवेधि . हुई-इड A.B, D, साचूंE, देवधर्म 1. भवधान-अविष्टान A, अवसान B, अभिधान , अवधान D, ते ठाण, समान L.

तृतीयं खंड १४५ . कासीपति घरि वीजी धार, वीर तणउ केल्हण अवतार । अजयपालनी कुंतादेउ, ढीलीइ परणाव्यां वेउ । अंतरवेध रूयडउ देश, तिहां करिउ मि अग्निप्रवेश ।। १९७ वासुदेव घरि त्रीजी वार, वीरमदे लीधउ अवतार । महंगराय तणी कुंअरी हुं मयणा नामइ अवतरी ॥ माणिकराय घरि चउथी वार महीपाल लीधउ अवतार योगादे घरि हूं कुंअरी सरूपदे नामइ अवतरी ॥ १९९ पृथ्वीराय पांचमी वार देवराज लीधउ अवतार । जइतलनइ धरि हुं कुंअरी नामि करी सहिजू अवतरी ॥ २०० १९७ romits vs 197. कासीपति-कासीप्रति D, कामीपति र, काशीपति र. घरि-...B. वीर तणउ- वीर तणु BORI K, विरमदे D. केव्हण-केलण , वेलण P, कोहण , कीयउ K. अजयपालनी- अजिपालनी 0, अजइपालनी 5. पुंता-बूता DE. देउ-देवि A E, देइ B, देऊ . ढीलीइ-ढीलीई B, डिल्लीइ , टिलीई K. परणाप्यां-परणाविउ B, परणावी E, परणाव्या I K. बेउ-वेय B, बेऊ . अंतरवेध- अंतर्वेद B, अंतर्वध D. रूयउउ-स्यडु B, स्अडु , छे स्ड D, छि रूअडुप, स्अडउ K. देश-देस Ar, करिउ-कीड AJ, फरिउं D, क्राउ E. मि-मि B, अञ D, मइ K. भग्नि-अगनि / E. प्रवेश-प्रवेस AOL. E omits 197 c. १९८ वासुदेव-वासदेव E, वाशुदेव L. घरि-धुरि .. श्रीजी-पीजी AB, निजी D. लीधर-घरि वली B, वली लीड C, ली DE, लीउ र, लीयउ ६, पीजउ L. अवतार-अवतारे L. E omits 198 b. महंगराय-महुधा राय A, मयंग राय B, महेंद्र राय , महिग D, मुहुरा देवि E, मिहिग राणी , महंग राय .. कुंअरी-पूत्यरी A, कुयरी B D, द्रूयरी E, भरी हुं....B0E, हD, हु L. मयणा-सरूपदे BE, माल्दणदे C, मीणा DI, मयण L. नामइ-नामि B, नामि CI, नाम D, नामइ E, नामिइ .. अवतरी-अंबतरी .. B interpolates after 198 b: देउ वेवाही मनि उचाह । न । । विहा । [न appears to stand for नयरि...वीवाह; s for अंतरवेय...देस; तिहा for लिहा...प्रवेस ] १९९ 0 omits 199 b and gives 199 a after 201 b. Komits 199 2. माणिकराय- माणिकरायनि B, माणिकरा , माणिक्यराय E, माणिकराय प. चउथी-चुथी BET, सातमी ०, चोथि D. महीपाल-महीपालि तिमि B, देवराज DI, महिपाल C. लीघउ-कीयउ A, ली3 BOET, ली D. अवतार- अवतार .. योगादे-जोगादे B D K, हूँ योगाद , योगदेव , Dr transp 199 band 200 b. हूं कुंअरी-कुयारे बरी A, हुं कुयरी B, हूं कुंयरि D, अवतरी E, हू कुंअरी 1. सरूपदे-सहसादे , सरूपादे . नामइ-नामि B, नामि DE, नामई 2, नामि र, नामइ 5. B interpolates after 199 b: बेहु. नय० अंत• विहां.. २०० पृथ्वीराय-पृथिवीराय B, पृथ्वीराज , प्रथविराज D, प्रथ्वीराय , प्रयवीरजहर, पृथ्वीराजि , प्रथ्वीराइ , पांचमी-पंचमी B, ली. वार-वारि A D L, अवनार : देवराज-देवरानि , महीपाल D, देवराज राय E. शीघउ-लीधु BODI, पाचमी E. अवतार-वार , अवतार L. I reads as iii gr:दु जयदेव तणी कुअरी. जइतरनइ-जयतदेवनइ , जिदेवनि B, जयराय , जयतलंदै , जयतलनि पहुंकुंअरी- त्यरी 4, हूँ कुयरी B, है कुंअरी, हुं कुंयरी D, अरी, हूँ कूमरी, हुकुंअरी 5. नामि करी सहित- सहजू नानि करी 4, नामि सहि हूं B, नामि करी सहिन , नानि सहि करी , नामि करी सहिप, नानई करि सहि 5, सहिजू ननि करि . भवरी-कूयरी B. B interpolates after 200 b: बेहु नय. अंतविडा.. 19 कान्हडदे प्रबन्ध सोमेसर घरि छट्ठी वार पृथ्वीराज लोधउ अवतार । पाल्हणनइ घरि हुं कुंअरी पदमावती नामइ अवतरी ॥ २०१ तिणि अवतारि पाप आदरिठ, गाइ विणासी कामण करि । साधिउ मंत्र गर्भि गाइनइ, चित्ति विकार हूउ रायनइ ॥ २०२ राय वसि कीधउ लोपी लाज, हण्या प्रधान नीगम्यउं राज । घाघरि नदी तीरि राय सुणिउ साहावदीन सुरताणइ हणिउ ॥२०३ सतीधर्मि करि राउ उधरिउ, अगनिप्रवेदा अजोध्या करिउ । तेह पुण्य नवि लाभइ पार, मोटइ कुलि लाधउ अवतार ॥२०४ २०१ L omits vs 201. सोमेसर-सोमसिरि B, सोमेखर , सोमसरि D, सोमदेव उ, सोमेसरि छट्ठी-छठी AEI K. पृवीराज-पृथवीराज BC, प्रथवीराज D 3. लीधउ-लीउ B, लीधु ODI, लीधुउB. पाल्हणनइ-चाहूयाणनइ A, पाल्हणनि BI, माहलणनि , पाहलणनई D. घरि-वरि A. ई-...A, हूँ BO EI. कुंअरी-कूयरी A, कूयरी B E, कुंयरि D. पदमावती-पद्मावती B, पदमा E. नामइ-नामि B, नामि 03, नामिइ D, तिणि नामइ R, नामइ K. भवतरी-कूयरी B. After 201 b o interpolates vs 199a. २०२ तिणि-तिण A, तेणि B, तेणइ इ. भवतारि-अवसरि DEI K. भादरि-मइ किरी A, आचरि B, आद6 D, आदरिउ E, आद्यराउ K, आचरिउ L. गाइ-गाई ०, गाय DJ L. विणासी-वीणासी D. कामण-कामण A E I K. करिडं-करीउं A, करुं D, करिउ K, कखउ K. साधिउ-साधिउD, साध्यु सो K, साध्यउ L. गर्भि-गर्भ A B I L, गरभि c, गर्भ D, अर्भ E. गाइनइ-गाइनिइ B, गाइनि , गायनई , नइ गाइ , गायनि , रायनइ K, गायनइ .. चित्ति-चित A D, चित्ता, चिंत . विकार-विचार है, विकराल .. हूउ-थयु B, हुडं D, हुउ K L. रायनइ-रायनि ACI, रायनिइ B, रायनई D, राय मन माहि E, राइनइL. २०३ / omits 203 a. राय-रा0 E, राउ K. वसि-वशि BE L. कीघउ-कीधु Bo, कीD, कीधो र. लोपी लाज-ते सेक्पाल L. हण्या-जाणी .. प्रधान-प्रधान ADJE L. नीगम्य-नीगम्यउ A, नीगमू B, नीगमि , नीगमिर्ड D, नइ नीग, E, नीगम्या K. iii yr in E: राजा राय राणी रूसणउ. घाघरि-घाघरि A, घाघर BODI. तीरि-तीर 0 DE, तटि R, नदी नर . राय-रा 05, राइ . सुणिउ- सुण्यु ०, सणिउ D, मुणउ E, सुण्यउ K. E transp as घाघरि राय नदी तटि मुणउ. साहावदीन- साहवदीन AI, साहवेदी , सावदिन D, साहाबदीन , साहदीन L. सुरताणइ-सुरताणइ A, मुलतानि B, सुरताणि C, सुरताणिइ D, सुरताणई E, सरताणि , शुरिताणी .. हणिउ-हण्यु , सुणिउ , हण्यउ K, हण्यो .. , २०४ सती-सतीरा A, ती B, सती F. धर्मि-धर्म A B, धरमि C, धर्म D, धर्मइ .. करि-किसइ 4,... B C D I L, मइ र. राउ-.. A, राय B D E I, I K, राई .. उधरिउ-अवतारि A, उद्धरित B, मदरिउ 0, उधसिउ D, उधखउ , क्यउ L. भगनि-अग्नि B CE, अग्न L. प्रवेश-प्रवेस A, प्रवेशि .. मजोभ्या- भयोध्या A B, अयोध्याई , अयोध्या D, अयोध्या E J, अज्योध्या L. करिउ-क्राउ K. तेह-तेहि , तेहज L. पुण्य-पुण्य A, पुन्य 1. नवि-न E L. लाभइ-लाभि B GI, लाभई 1, पार-पारि .. मोटइ-मोटि ROI, मोटे D, मोटो . लाघउ-कीधउ A, लाधु B G, ली D, लोधु , लीघउ L. अवतार-अवतारि-" १४७ २०५ तृतीय खंड [आम तात विहं पापि करी तुरक तणइ कुलि हुं अवतरी।] कान्हडदे घरि सातमी पार, वीरमदे लीधउ अवतार। आम तात वेटी ताहरी, हुं पोजा लाडण अवतरी ।। ॥ दूहा ॥ पदमनाभ पंडित भणइ, जनमंतरि जे रीति । जाति हुई जूजूई, पूठि न छांडइ प्रीति ॥ २०६ ॥ चउपई॥ वेटी भणइ अवधारउ तात, संवत तेर अठसठइ वात । पप्टी दिवसि मास वैशाप, ते गुरुवार ऊजलइ पाप । २०७ तिणइ दिवसि वेढि मांडिसइ, वीरमदेव प्राण छांडिसइ । मस्तक तणउ अम्हारु नाह, जमली रही कराविसु दाह ॥ २०८ २०५ D omits 205 (a bc). आम-आम 0 E. विहुँ-चिहुँ BIKL, हूँ , चिहूं .. पापि- पापे A K, पापि B, पापिइ ८. सुरक-तरक इ. तणइ-तणि B C, तणई K. कुलि-घरि A B, परि म हुँ-हूँ B0, हुE, हु L. कान्हडदे-कान्हड तणइ A, कान्हड तणि B, कान्ह E, काहानड I, कान्हड र. घरि- घरि हूँ E. लीधउ-लीउ A, वली B, लाधु 0, लीधु E, लीयो L. अवतार-अवनारि .. - omits vs 2050. माम-ओम E. ई-हूँ B,...0, इ. इ. पोजा लाइण-पुंदालम परि A D, पोजा लाडण नामि , पोजां लक्षण K.अवतरी-अतरीE. २०६ दूहा-दुहा D. पदमनाम-पद्मनाभ BE, पदमनामि K L. मणइ-मणिद , भणि .. जनमंतरि- जम्मतरि E, जन्मातर 0, जन्मतरि E, जनमतरी K, जनमरति L. जे-एह B. रीति-रीत A. जाति-जातिज DE, जीव E, जात L. हूई-हूई छइ A, हुइ पणि B, हुइ जु , हुई D, अवतरिदं , होइ , हुँई र, पगि हुइ .. जूजूई-जूजुई D L, जूजूआ BI,. पूठि-पणि पूंठि 0. छांडइ-छाडि B, छडि 0, छोड D, छाडिंग, छेडइ 5. प्रीति-प्रीत , प्रिति D, प्रीती E. २०७ चउपई-...., पुरै BI, चुपई , चोपई : D, चु॥, चोपई .. मणह-मणि B. मवधारउ- अवधारु B C D EI, अवधारू L. तात-वात B. संवत-सर्वत D. अठमलइ-अठसहि B, अमठा , अठस- ठिDE, अठसठि . वात-वाति ८. पष्टी-उठि १. दिवसि-दिवस AO D, दिवशि E, माम ८. मास-मासि ER, दिवस , वैशाप-वैशापि , वैसापि र. ते-...0, से I. गुरुवार-गुरुवारि A. उजलइ-जलि BDI, ऊजल ०, अजूआलइ , उजालइ ६, ऊजल L. पाप-पापि A D K, पांसि E. २०८ तिणइ-तेगि B, तीगि ०, तिगि DJ, वीगद ६E, तिणेइ .. दिवसि-दिवधिE, दीवति , दिवम . पेदि-डे D, ममवेद, वेदि .. मांडिसह em-मंडिसइ , माइनिइ B, मोडनि 0 DE, मंडेसि, मांडिस्पद E, मांडसे .. वीरमदेव-वीरमदे BODE L, वीरमदेउ र. प्राण-प्राण ODEIK, प्रागि.. सांडिसह-अंडमई A, छाडति BC, छैदानि D, छांटमिइ E, ठंडेमि प, धादिस्यइ , घडिसइ.. romits 208 b. मसक-ममुक , मस्तकिं D, तगउ-तणा B, तj CD, तर. अम्हार-अम्हा , अमारा BI, अति द्वारा ०, अम्हारो L. नाह-नाम A, नेह 0. जमली-जन मिली A, जिमनी B, जमल K. रही-एही, करी. कराविमु-कराविस AF, कटायोस , कराविसि , करावीस .. दाह-विदाह , देह ०.

कान्हडदे प्रबन्ध जेठ मासि मुझ एवडी आहि, जई झंपाविसु जमना माहि । सूरिजवंश आठमी चार, वीरमदे लेसइ अवतार ॥ यादववंश वली अवतरूं, भर्तुभक्ति हूं साची करूं । सती धर्म साचउ आदरूं, थानकभ्रष्ट थिकउ उद्धरूं ॥ २१० वेटी वचन ऊचरइ इसू , देवलोक अम्हि वे पामितूं। देवलोकथा नुमी वार, प्रथवीइ नही हुइ अवतार ।। २११ पूछइ वोल पातसाह इसिउ, जनम आगिलउ माहरउ किसिउ । साचउंघचन माइ तुम्हे भणु, किसउ जनम कान्हडदे तणउ ॥२१२ २०९ . omits 209 a. जेठ-जेष्ट B, येठ 0, जेठि .. मासि-मास L. मुश-मझB, ज D. एवडी- एवड B, जई-जइ K. इंपाविसु-झपावू B, झंपाव्योस ०, झंपाविसि उ, झंपाविस L. जमना-यमुना BOIK, यमना D, यमना E. माहि-माहि CEL. सूरिज-सूर्य BOE K, सूरज L. वंश-वंस A L, पेशी. काठमी-वली आठमी B, आथमणी L. लेसह-हुसिइ B, लेशि, लेसि DET, लेश्यइ र, लेखी .. अवतार-अवतार .. २१० यादव-जादव L. वंश-वस A L, वंशी 0. वली-यली K, लीया अवतरू अवतरिउ A B, अवत: 05, भवतिरुउ E, अवतारि .. भर्तु-भर्तृ A BRI, भर्तु ०, भर्ता D K, पित्री ८. भक्ति-भगति ODE, भक्तिं र. हूं-...DI, तेणइ ई, हु K L. साची-भलेरि D, साचु , भलेरी I. करूं-करं 0 Dr, करिउ E. सती-सिनी E. धर्म-धर्म D. साचउ-साचु B OF I, साचूं D. भादरूं-आदरउं A, आदरं 05, आदरिउ E, थानक-स्थान A BO, थानिक , स्थान , स्थानक K, थान L. भ्रष्ट-मृष्ट A BORIE, भिष्ट .. थिकउ-यकु A, थिI B, काया 0, थिका EN, थका K L. उद्धरूं-ऊध6 A, उद्ध०, धरूं D, उधर E, उधर JL, उद्धर र. २११ बेटी-यंदा 0. ऊचरइ em-उचिरइ A, उचरि B, उबरु, उचरिद DI, उचरइ , उधर , इश इस्-इस्यू B, असु ०, इसिउँ DE, इर्श , इK, मनि घर घ. देवलोक देवलोकि AOK. ii पुर in ris देवलोक वेह अवतरइ. अम्हि ये-अझे वि B I, अझे , वली मी D, ए ममि र, अम्हे घे र. पामिसं- पाम, ।, पामस्यु , पामिस्र्यु D, पमिसिउ , पांमy I, पॉमिमु र. देवलोक-..... था-थी ACK, थका ... नुमी-नवमी Ar K, पीनी B L. चार यार .. प्रथयीइ em-पृथ्वी A RK, पृथिवी B, पृथवीई ०, प्रथवी D, प्रथवीई ३, प्रवी .. नही नहीं B, हि D. हुइ-होइ - L, हुई . भवतार-भवतारि .. २१२ पटइ-पछि BI, पूछिउ 0, पावसाह-पातशाह BI, पातसाहि , पातश्याद , पाविसाह र, पातिसाहि .. इमिड-दसू A, इसि D E, शुभ, इमु र. जनम-जन्म BODEL. आगिराउ-आगलि B, भागलिउ OFJ, आगिलिउ D, आगिर्नु K, भागलउ L. माहरठ-माहरु 03, माह Dx, माहारो L. B transp as माहरु भागलि. किमिठ-विराउ 4, किमु 0K, फिमिउँD, किशु , पिराउँ .. साबई- साचूं FDI, गाउँ छ, साचउ , माचो .. माइ-मात D, माय . L. तुम्हे-तुम्हि A, तो र, अझ D, ता, तुम L. भणु-भणि A, भD, भणउ - 1. किसठ-बइमु A, मुि BO, विमुं D, पहिमु , विप, शिम जनमन्वयन A, जन्म BL, जमाह , जन्म इ. शहरदे-कान्हदे ARIK, कान्हवे , काहना D. उ-तगई AL, तY BO8, त D.

१४९ तृतीय खंड कूयरी भणइ तात अवधारि, हुंतउ कान्ह देव अवतारि । आम तात माने अहिनाण, तहीइ असुर हूतु सुरताण ॥ २१३ कलियुगि मांहि कान्ह चहूआण, तुं ते अलावदीन सुरताण । पूछइ पातसाह कूयरी, कलियुग मांहि कान्ह सिइं करी ॥२१४ हूं अवतरीउ दानव भणी, वेटी भणइ वात छइ घणी । आगइ तारा दीधु शाप, विण अपराधि वालिनु पाप ॥ २१५ वीजु वली न लाई ताल, थोडइ वयरि हणिउ शिशिपाल । त्रीजुं ईश्वरचं वरदान, तुरक तणु छोडिसि बंधाण ॥ २१६ २१३ कूयरी-कुंयरी B D, बुमरी I L, कुमरि E, कुंअरी 5. भगइ-मणिइ B, भणि CI. हुंवउ-हूंतु B DRI, हुतु , हुतउ K, हूउतू .. कान्ह देव-कान्हडदे A E, कान्हडदे BOJI, कोहनडदे D. अवतार-अवतार B C DI. आम-आंम E 3. माने-जाणे A, माने C K. महिनाण-अहिनाण O DEP Kr.iv gr in Ais : अमुर तणउ तही हूतउ ठाग. वहींइ-तहीई , तहीइ D, तेही , तहियइ , तीजइ .. असुर-अशुर .. हूतु-हतु C, हता D K, हूउEL, हूंतु प. मुरताण-मुरतांण CK, परमाण :, मुरतांन प, सुरिताण L. २१४ कलि-कुल 0, क्ल . युगि-युग B FIR L, जग D. माहि-...0. कान्ह-कान्ह AD, कान्हड B, कान्हडदे , काहन E, काहान I. चहूआण-चहूयाण B, चहूआग D E K, चहुआण L. नू-तूर, तुम्ह L. ते....A L, तु D I. अलावदीन-अलावीण A. सुरताण-मलताण A, मुरताग 0 D K, सरतांग , शुरिताणि L. पूटइ-पूछि BCI. पातसाद-पातशाह I, पातम्याह , पातिमाहि L. P transp as पात- स्याह पूछइ. कूपरी-कूयरी A, कुंअरी GK, कुंयरि D, मरी ... कलियुग-वलयुग BEP, कुलयुग c. माहि-माहि A K. कान्ह-कान्ह A, कइ नि , काहन D, कान्हनि , काहान I. सिई-सइ A, सा B, मैं , सं D, शंप, शिर, जिउं.. २१५ हूं-हुँ K L. A omits vs 215 अवतरीउ-अवनरियउ र, अवतरीयो L. दानव-दानव ARI, दाणव 0, दाणव K, कान्ह ते .. भणी-मणइ A, भणिड B, भणि प्र. वात-वान L छइ-छि BC, सिप, छई ८. मागइ-आगि B C . तारा-भवातरि , ताहरु D दीधु-दीर्धा D, दीघउ L. साप-श्राप 0 FIE, साप D. विण-विणा 0, वणि D, वणE अपराधि-अपराधि B, पराधि , अपराधिई D, अपराध PIE, अपराधि , वालिd-वालिन B, वारिनु , विणासिदE, चालिनु प, विणाम्यर K, चालतइ .. पाप- चापOFK. २१६ A omits vs 216. वीजु-बीजी B0, यी , वी E, बीजो .. वली-काई 1. ताल-चार छ, चाल D, बचाल L. थोडइ-थोडि BO. वरि-विरि B, विहरि , वयर DK L, विरह . हगिउ-इम्यु, हण्यउ K L. शिशिपाल-शशुपाल 01, मसिपाल D, शशिपाल इ. ग्री-बीजिइ B, त्रिजि , श्रीज D, त्रीजु र, नीजउ L. ईश्वर-ईखरनु 05, ईश्वराने र, ईश्वरन3 L. वरदान-वरदान O DRIK. तरक-तरयं E, तारा ०. तणु-तणं B, तणु , तणां D, तगि र, तगर 5 L. छोडिसि-रेडिमुं CE, ग्रेन्यो , छोटि र, छोडिस .. बंधाण-बंधान B1, बंधान D, बधाण , पान .

१५० कान्हडदे प्रयन्ध शिव मूंकाविउ त्रीजी वार, तेह भणी कलियुगि अवतार । कहइ सुरताण कान्हडदे राय, काइ अवतरिउ जालहुर माहि ॥ २१७ चेटी यात संभालइ घणी, मुगतिपेत्र आठy भणी । वली यात पूछइ सुरताण, देवलोकि जासइ चहूआण ॥ २१८ कलियुग मांहि सत्य पूटसइ, अम्हे दैत्य किणि परि छूटसइ । पातसाह प्रति वेटी भणइ, तुम्हे भगत छउ ईस्वर तणइ ॥ २१९ एह जनम पूठइ सुरताण, शिवगण माहि पामसउ ठाण । पाछउ वोल पूछीउ वालि, होसइ मरण केतलइ कालि ॥ २२० २१७ A omits i-iii grs. शिव-सिव D, शव 3. मूंकाविउ-मुंकिउ हूँ ०, मुंकाव्यु E, मकाव्यु , मूकाव्यउ K, मूकाविउ L. ग्रीजी-पीजी ई. कलियुगि-कलियुग BE L, कुलियुगि 0, कलयुगि DJ, कलिजुग र. अवतार-अवतारि L. कहइ-कहि B OF I, कान्ह .. सुरताण-मुलतान B, सुरतांण O I K, सलतान D, सरतांण E, प्रधान L. कान्हदे-कान्हडदे A E I, कान्हदे B, काहनडदे D, कान्हणदे .. राय-राउ Dr. कोइ-का BOD, कोई 1, कार्य , कान्ह र, जाय 1. अवतरिउ-अवतरीउ A BI, अवतस्वउ र, अव- तरियो L. जालहुर-जालोर A, जाल्होर 0, जालिहिर E, जालउरह र, जालोरह L. माहि-माहि AKE, मझारि B. २१८ बेटी-बेटि D. संभालइ-साभलि BI, संभालि C, सांभलइ D, साभरइ , संभलियइ र, मुगति- मुक्त D, किन्न । पेत्र-त्रि c. आटमू-आटर्मू ए A, आठमा C D I, आठमुंE K, आठमु .. पूछइ-पूछि BI, पूछि ०, बोलइ E. सुरताण-सूलतान D, सरितांण E, मुरतान र, सुरतांण K, शुरिताणि L. देवलोकि- देवलोक L. जासइ-जासि B DI, जास्यइ ०, जाश्य E, जासे L. चहूआण-चहूयाण A B, चहूआंण DE JK,चहुआणE. २१९ कलियुग-कुलयुग 0 D, कलयुग I. माहि-माहि 4 K L. सत्य-सत्त B, सत 01, एE, शत्य र. पूटसइ em-घूटसई A, पूटसिइ B E, पूटमि 0 I, पुटसि D, छूटसि E, पूटिस्यई र. अम्हे-अह्मो 0 D, तुम्ह ५. दैत्य-दित्य D, देवलोक किणि-किग A, केणी BE, किणइ E, किणी .. परि-परि . छूटसह- छूटसूइ 4, छूटसि BI, कीजीसि , छूटसिउँ म, टिस्यइ ई, हुसिइ ८. पातसाह-पातस्याह E, पातशाह र, पातिसाह K, पातिसाहि L प्रति घेटी-बेटी प्रति B I. भणइ-भणि BI, भाणइ H. तुम्हे-तम्हे A BI, तुम्ह र, अम्हे 1, भगत-भक्ति A, भगति D E, भक्त F I, मूरति 5. हउ-छु A B E, छउं D, छइ .. ईस्वर-ईश्वर BO J. तणइ-तणिइ B, तणि 0 J, तणी KL. २२० जनम-जन्म B CEL, जन D. पूठइ-पूठि AL, पू&ि B, पूंठि, पूD, पूठिई . सुरताण- मुरतांग D, सरिताण , सुरतान , मुरिताण K, शुरितागि L. शिवगण-सवगुण B, शवगुण D, सिदगुण ..., शवगण , शिवगुण र माहि-माहि A K L, माहे D. पामसउ-पाममु B C, पामसिइ D, पॉमिसि E, पामिसि , पामिस्यउ , पाउ , ठाण-ठाण AC D E, अहिठाण उ. पाछउ-पाछु BF, पहिलड L, पूलीउ-पूछीउ A, पूछिउ , पूछियो र, पूछिउ L. वालि-वली A, वाल L. होसइ-हुशइ 4, हसि , होसि C D I, होसी 5, होसिई L. केवलइ-केटलि B, केतलि 0 J. कालि-कालें D, काल L.

तृतीय खंड १५१ जउ जालहुरि पीयाणउं करइ, सतावीस दिवसि तूं मरइ । सवि आगिलां वयर वालिया, लइ अवतार वली तूं नवा ॥ २२१ ढीली जाइ तु मरण ज अछइ आठ मास कान्हडदे पछइ । हईइ कान्ह सांभरइ सही, पूटइ पाप अवतरइ नही ॥ २२२ साचूं भणि हुइ जेतलं, गढ जालहुरि आय केतलूं । सात वरस को नही आंगमइ, जासइ दुर्ग वरस आठमइ ॥ २२३ सीताई प्रति राजा भणइ, हविइ जाईइ ठामि आपणइ । चेटी भणइ काम छइ घणलं, मुप जोइसु कान्हडदे तणउं ॥२२४ . २२१ जउ-जु B C FI, जो D L. जालहुरि-जालोरि A, जालहुर 0D, जालउरि K, जालउर .. पीयाणउं-पीया" B, पीआणु C, पीयांY D, पीआj E, पीआy 3, पीआणउ K, पीयाणउ L. करइ-करु B, करि ३, करिउ 5. सनावीस-सत्तावीस BI, सत्यावीममि C, सातवीस E, सतावीसमै K. दिवसि-दिवसे A, दिवस BCK, दिवशि D,..... तू-तुं AC, तु BE,...D, तोहि L. मरइ-मरु BE, मारे ODI, आगलि मरइ .. सवि-सिव , शिव L. भागिलां-आगिला B, आगल्या , आगल्यां D, आगलां E, आगिल्या , आगला L. धयर-चैर A. OE, विर B. वालिवा-वालवा B C D. लइ-लिउ B L, वली , लीऊ z, लेसि , पली-लीइ ८. भववार-अघतार D.तूं-तळं Ar,...B, तुं C D K. नवा-पालिवा B, जो नवा D. २२२ ढीली-दीलीइ B, डिल्लीई ०, ढीलीई र. जाइ-गई ०, जाइ E, अइ 5. तु-त A, ते 0, PK, ...., तो .. मरण ज-मरण A BO, मरण तोहि ..c transp as मरण ते. भइ-छिइ B, अछि ०, छिर, अछई ८. माठ मास उठि मासि र, अठ मास L. कान्हडदे-काहनड ते B, कानडदे D, कान्हडदे . पछह- पछई A L, पछिइ B, पछि . हईइ-हीइ A, हैयडि B, हवि 0, हईय E, हियइ र, रहीयइ ८. कान्द- कान्द AOR K, काहान र सांभरइ-सभार B, साभलसि C, सांभरसि र, साभरिस 5, सइभरिनउँ .. पूटइ --पूटि BOI, पूठइ . पाप-पापि B E. अवतरह-अवतारइ A, अवतलं BE, अवतरीइ ०, अवतरि, अवतरणउ ८, नही-नहीं B. २२३ साचू-साAC D, सानु BE, साचइ र, साचो L. भणि-भणे A, भण्यई , भणइ L. - हु, हुईमा D, होइ 1 , हुई 5. जेवलं-जेतलं B C D E, जेनलु छ, जेतलई L. गढ-गहि A. जालहुरि- जालोरि ., जालुहर 0, जालहुर , जालउरि K, जालउर .. आय-आयि D, आउ E, आयु र. केवलू- केतलु 0 DE, केतलु , केतलो L. वरस-वरति र. को-j E. नही-नहीं B E. मांगमह-अंगमइ 4, आंगमि BOI, अंगमई , आगमई ८. जासइ-जास B, जानि , जासे D E, जास्यइ K. दुर्ग-दुरम A, दुर्घ B D FIEL, दुरंग 0. वरस-वारेस B, वरसि र आठमइ-आठमि BCI. २२४ सीताई-शीताई 0 K. भगइ-भणि BOT, भगई ८. हविइ-हवि 40, हिवई D, अहविग, हवइ र, हिव L. जाईइ-जईइ 4, जाइ B, जाईय E, जाइयइ , जाईजई L. टामि-ठान B DEK, थानकि ०, ठाम 1. मापणइ-आपगि B C , आपणइ ई. मणइ-कहइ , भगिइ B, भगि, भगिङ E. काम-कर्म B, काम DIK, एकम E. छह-ठि B 01. घणउं-पy BDI, घणु 0E, घाउ K L. मुष-मुखB0. मोइसु-जोवस् , जोएम् B, जोमुं , जोस् , जेदनि E, जोग, जोनिइ .. कान्हदे-कान्हदे A PE, कान्हड B. वण-तणे BI, तणु 0D, तणु , तगर , ५५३ . N . कान्हंडदे प्रवन्ध भेटि करेवा छु आकुली, वीर तण मुप जोइसू वली । करूं सनान कुंडि जावालि, यूटइ पाप केतलइ कालि । धरियां वहिन बहिनेवी जेउ, जई जालहुरि छोडावउं तेउ ।। २२५ सातवीस दीधी पालपी, वापइ साथि मोकली सपी। चाली कुंयरी हुई विदाइ, समसपान ल्यावउं गढि जाई ॥ २२६ कमले आवी कुंयरी सुणी, गयउ रवारी पद्धामणी । कूडी वात कुणइ ए कही, कुंयर वीरमदे मानइ नही ॥ २२७ दीइ सीपामण साम्हउ जाइ, वीजड भाट मोकलिउ राइ । ऊतारी सुंदरला तीर, आव्या तिहां राय नइ वीर ॥ २२८ , ܝܗ २२५ भेटि-मेट DRIK, भेटे .. छं-छइ D L, छु E K, छि . तगडे-त" BI, तणु 08, तणु D, तणउ K L. मुप-मुस B C. जोइसूं-जोइसि B D, जोयसु , जोसिउँE, जोशू उ, जोइस र, जोमिउ .. करूं-कर 0 0 K. सनान-सनान A D K L, मान c. कुंडि-कुंड 0 FL, हूं DI, कुड K. जावालि-जमाल L. पूटइ-छुटूं B, पूटि , छूटउँ छ, छूट L. केतलइ-केतला B, केतलि 0I. कालि-काल B. A reads as iv qr: पाप सहूइ तिहा पपालि. धरियां-धस्खा 0 K, घरखा L, यहिन-बहिनि 0, बहनि D, बिहिनि E, बांन , बहिन K. बहिनेवी-बहेवी ०, विहिनेवी E, विन्हेवी . जेउ-जेह 0, जोय , जेअ K. जई-जइ 4. जालहुरि-जालोरि A, जालुहरि , जालोर K L. छोडाव-ठंडाविसु A, छोडा B 0 E, छोड D, छोडावर, छंडावु . तेउ-बेउ A, तह , बेउं D, तेअE, तोय र, तेय K, २२६ सात-साठ 1. दोघी-मोकली . यापइ-यापि A B 03, वापिं D, वापई E, वाप म. साथि-साथि B, सा , साथ L. मोकली-मोकलि D, दीधी , मोकलावी .. सपी-सखी B. चाली-वली ०. कुंयरी- कुंयरि B, युमरी ०, मरि E, कुंअरि , युअरी K, कुमर .. हूई-हुई 4, हुइ B, हईइ ०, हूँ , हुई र. विदाइ-दम थाई ०, वधाइ , वदाइ E, वदाय . समसपान-समसपान A RIK, समसपानि 1, सम पान ०, समसपान D. ल्यावउंचालिउ B, लावू , ल्याj D, लावू E, ल्यावू , ल्यावउ E, ल्याऊं .. गदि- गढ A ODI K. E transp as: गढी लावू, जाई-जाइ B D E K, जाई 01, जाय . २२७ कमले-युमार ०, कुमार D, किमले 2, मलिकि र. भावी-आपसि B. कुंयरी-यार B, फुमरी 0 FL, पुअरी | F. सुणी-घणी E, मुंणी D, शुणी .. गयउ-गयु A 0 E, गि3 B, गयु D, गयो .. पदामनी-बद्धावणी 4, वधामणी CK L, वधामणी तणी D, वर्धामणी B. कूडी-कुटी 0. कुणइ-पुणि A, कुणि BI, किणि ०, युणीइ K, पुण L. "-..... कही-कहीं , वही . कुंयर-कूयर , कुंअर OK, पुमर E L, अरी. मानइ-मानइ A FE, मानि B1, मनि , मानई क. नदी-नहीं B. २२८ दीह-देई ०, दि D E, दिइ , दीयहर, दिउ .. सीधामण-सीपावण A, सीपांमण OPEN साम्हउ-साम्हउ A K, साहामु B, माहमु 01, साहामु D, सांगु इ. आर-जाई ०, जाय , मीजा- वीजह A OD K. मोकलिउ-मोक्ली3 AD, मोकन्युर, मोरल्यउ K L. राह-राय A BOL. ज्वारी- स्तारीय A, दल सतारी ०, तारा आप्या E, उतारि . मुंदरला-संदरला A, सदरला 1, सईदला 0, नगरि , मुरीनि:, शुदरला .. वीर-तीरि AI. Di transp as: विहां भाव्या. राप-राइ K, नह- नि Bo, नई २३० तृतीय खंड जव साहमी ऊठी कूयरी, ततपिण आडी परीयछ धरी । वोलइ वात कूयरी घणी, वीती छइ जमारा तणी ॥ २२९ ॥ दूहा ॥ पदमनाभ पंडित भणइ, प्रीति परीक्षा एह । अंग विहुं जण उल्हसइ, नरनारी नवनेह ॥ ॥ चउपई वीर भणइ ए साचूं सही, पणि मुप ताहरूं जोइसि नही । तइंस्यूं नही परगूं छइ रोस, वीजू जे मागिस ते द्योस ॥ २३१ ॥ राग शिपरी॥ एक पनुती हो बगलडी जी, तेहचा प्रेम अपार । प्रिय पोपइ पावसि चडी जी, सुप लीजइ संसारि ॥ २३२ २२९ जव-जब D. साहमी-सांम्ही A K, साहामी B, सांहमी D I, साझी E, साम्ही .. ऊठी आवी B. कूयरी-कुंअरी 05, कुंयरी D, कुंअरी, कूअरी L. ततपिण-ततक्षण AC, ततपणि B, ततपिणि उ. माही-आडि D K. परीयछ-परीयचि B, परीअचि CBI, परिचि D, परियछ K. B transp as : परीयचि आदी. घरी-धरि D. बोलइ-बोलि B C I, बोलई D. कूयरी em-कुयरी A D, कुंयारे B, कुंअरी C K, कूत्यरी E, कूअरी 3, कूअरी L. घणी अति घणी B. वीती-वात B,..., चिंता E, वीतक K. छह-छइ जे A, छि BI, अछि वीनती ०, अछह र. जमारा-जमारा A, जवारा B DI, जिमहर ०, यमराजा E. २३० पदमनाम-पद्मनाभ BE, पदमनाभि K, पमनाभि प. पंडित-पंडित D. भणइ-मणि B 3, भगई .. प्रीति-पीरति B, प्रीत K. परीक्षा-पुरषा B, परिक्षा D, परीष्या , परिक्ष्या .. पह-एउ 1. अंग-अंगि BO R.बिहुं-बेहू B, विहूं , विहूंना E. जण-..... उल्हसइ-उल्हसि BI, उहलसइ , उल्हस्या K. २३१ धउपई-...., चुपै BI, चुपई 0 ई, चूपई D, चोपई र. वीर-वीरम इ. भगइ-भणि B . साचू- साच A, साचे 00 K. पणि-...A, पणिं D, पिणि K. मुप-मुख BC, मुपि L. वाहरूं-ताहरू A, ताहरु 0 DIK, जोसिई .. जोइसि-जाइटू A, जोयम , जोदम D E, ताहरउ L. नहीं-नहीं B E. सईयू- तइम A, तूंसू B, तुK 0, तु स्यूं D, तमनई E, तू सिई र, तईमुंह, तुझनइ ८. नहीं-नहीं B. पर'-परणे ०, परणइ , परण 4. छह-छि B 01, छE. रोस-रेसि , रीस .. घी-बी CD, यीजउ , वीज .. 4 DL. मागिस-मागियु , मागेसि B, मागसि 0E, मागिसिप, मागिस K. से- DL. पोस-देमु , देसि BK, दोस , घोसि 5, २३२ राग-राग ( शिपरी-सिपरी A, सपरी B, विराटी गीत , शिपरी गीत D, देशाप E, शरि गीत , शिपरी गीतं , सकरी L. पनुनी-पंनुती , पुनुती E, पनउती K, वनउ L, हो-...BCEJE, होइ.. मगलडी-बगलो ..जी-रे B,.. 0. तेहचा-तेहज A, तेहवा BK, तिहाँ ते E, वेहशु .. अपार-अपारि AL प्रिय-ग्रीय A L, पीउ B, प्रीयुं D, प्रभE. पोपद-पेपउ A, पेपि B, पोपिर, पेपइ ८. पावसि-पावस 0. घडी-चज्यु र, यकी L. After iii qr a interpolates तेहल प्रेम अपारि, r interpolates तेहनइ प्रेम अपार; F interpolates वेहना प्रेम अपार हो. मुष-प्रिया सुप , शुर L. लीना- संजि B, सीइD, सीग्य , लेय .. मंसारि-संसार D. ir grindis तेस परी संसार. 20 देशि L.

१५४ कान्हडदे प्रबन्ध ॥ द्रुपद ॥ कइ मइ मनमथ दूहविउ जी, कइ हूं निरगुण नारि । प्रीयु परदेसणि वीनवइ जी, आपइ आप संभारि ॥ २३३ कइ मइ मनमथ दूहविउ जी॥ दिवस दोहिलइ नीगमू जी, रयणि घणेरी थाइ । विरह वेदन माहरी कहिनि कहूं जी, प्रीयु विण रहिणु न जाइ । कइ मइ मनमथ दूहविउ जी ॥२३४ जउ जलहीणी माछली जी, जीवइ नही जग मांहि । कंत विहूणी कामिनी जी, तिम तिम पीणी थाइ ॥ कइ मइ मनमथ दूहविउ जी ॥ २३५ ॥ चउपई ॥ कुंयरी भणइ राय अवधारि, वीजां मागिसि वानां च्यारि । सादल सीह मलिक जे सखा, सोमनाथ छूटतइ धस्खा ॥ २३६ २३३ द्रूपद-...A B C D E J K L. कइ-कि B 01, कसइ नी F. मइ-...AE, म BI, मि, मई D, मन्मथ 1. मनमथ-मिनमथ A, मन्मथ D, भनि , मई L. दूहविउ-दूहविर्ड A, दूहवीउ B, दूहन्यु ०, दूहव्यू D, दूहव्यउ K L. जो-...D. कइ-कि BCS, कहइ F. हूं-हुँ B D E, छउं 1. निरगुण-निरगुणि , निर्गुण D, निरगग , निगुण K. मारि-नारि ॥ द्रूपद ॥ E. पीयु-प्रीय A L, प्रीउ BC, प्रिय र. परदेसणि-- परदेसि DI. बीनवइ-वीनचि BE I, बीनवु ल, विनवइ D, बीनवइऊ K. भापइ-आपि B C D I, आपई RK, मापिइ .. माप-आस B, आपइ ८, आपि L. संभारि-संभारिजी A, संभरि . कह मइ मनमथ दूहविउ जी- ....B OF L, कइ मई. D, कि मन० 1, हो प्रीयडा सुप. K. २३४ दोहिलइ-दोहेल A, दोहिलि B, दोहिला D I, दोहिल र, दुहेल L. नीगमू-हूँ नीगk A, नींगमू B, नींगमुं०, हु नीगमू D, नीगk EK L. रयणि-रयण A K, रयणी 8, राति L. धणेरी-घणेरडी AE, घणेरणी B. थाइ-थाई ०, थाय J. विरह-विरहिं B, विरहइ K. चेदन-वीनती B, वेदना 0 . माहरी- माहरीजी 0 DIK,..... कहिनि em-कहनइ A, ..B ODI K L, कहि . कहूंजी-कहुंजी AL, करूजी B, .0 DI K. श्रीयु-प्रीय A 0 L, प्रिय B K. विण-विj ०. रहिणु-रहुण A, रहि ०, रहण P, रयणि E, रहिण JK, रयण L. जाइ-जाई A, जाय . कइ मइ मनमथ दूहविउ जी-...BO FL, कई मई, मि, हो प्रियडा मुप लाज्य २३५ जउ-जA, जिम B, जु OF I, जू D, किम L. जलहीणी-जल विण L. माउली जी-माछली A, माछिली जी BCE I, रहइ माछली जी. जीवइ-होजे जीव A, जीवि BI, किम जीवइ ० तु जीव EL omits ii gr. नहीं em-...A CD, नहीं B, न E, ते I, जउ K. जग-...A, युग D E. माहि-माहि 4, माहि जाइ D. कंत-कंथ , तिम कंत L. विहूणी-विहुंणी D, विहूंणी E, विहुणी .. कामिनी-कामिनी A DI, कामनी x, नारि L, iv gr in L is . राजेम्वर दिवस दुहेलउं जाइ v interpolates the refrain कि म. after iii qr.तिम तिम-तिम B, क्षणि क्षण , तिम ते E, तिम २ . पीणी-विलपाणी B, हीणी , पिणी २ र थाह-थाय J, कइ मइ मनमय दूहविउ जी-...B OF L, कई मई० D, कि म०, हो प्रियडा मुष लीग्यइ ससारि र २३६ चउपई-चुपै BI, चु० ० ६, चोपद L. कुंयरी-कुयरी A, कुअरी 0 K, कमरी , कुमरी .. भणइ-भणि BC. राय-राउल 0, राउ E अवधारि-अवधारे । बीजां-धीज्यां B, बीजा Dr. मागिसि- मागिस A, माग्योस , मागसि ।, वाना 1, मंगसि ६, मागिम L. वानां-वाना B DE, मागिसिर, चाना र चाना .. च्यारि-च्यार ०, चारि E सादल-सादूल C, सादिल K, साद L. मलिक-मिलक .. जे-से, बेम, सखा-सस्था A, सरिया , सरिउ , सरिया । I, धस्सा ५. छूटतइ-छूटवि BO, चूंटईत्तइ , टूटता E, छुटिति , छूटनइ । धखा-धरिया B E , धरिउ C, धवां, १५५ कृतीय खंड पातसाहनइ आवइ पोडि, समसपान नइ पुंजा छोडि । सुरताणी दल आवइ जेय, रातीवाहि म मारिस तेय ।। २३७ जनम आगिलइ कामण करिलं, तेह पाप जाएज्यो परहुं । पातमाह वोल्यउं पालिस्यह, वीर भणइ तउ साच हुस्यइ ।। २३८ देडल तणउ न भाजई रंग, देसि अम्हारइ न करइ भंग। पीडइ नही विप्र नइ गाइ, सत्य वचन तउ पालइ राइ ॥ २३९ पातिसाह टलतउ जे सह, देसि कटक मोकलज्यो बहू । सापि कीउ ऊगमतउ भाण, कुंयरी करिउ घोल परमाण.॥२४० . २३७ पातमाह-ते माह E, पातगाह , पातिमाह , पाति L, नह-नि B, नदं , तइ , निर, नी L. मावह-यावि B C , आवी E, एहवी L, मम्मपान-सममपान A B D K, समपान 0. नइ-ते B, नई DE, नि . पुंजा-पोजा BDI K L, बीपी c, जणावड .. मुरताणी-मरणीइ DI, सरतांणी E, मुरताणी K, शरताणी .. दल-दलि K. आवइ-श्रावि Bc, आविउ , आव्यात .. जेय-जे A, जेउBI, जेहा, जेइ D. रातीवाहि-रातीवाट B D, रातीवाद , रानीवाह L. म-में L. मारिम-मारिमि BODHI. तेय तेम A,वेउ B DI, तेह ० , जेय L. २३८ जनम-जन्म A, जे मि B. मागिलइ-आरंगिला A, आगि B, आगलि CE, आगलद .. कामण- कांमण ACI K. करिउं-कीरडं A, क्राउ K, करिउ L. तेह-ते DEL, ठेठ . पाप-पसाउ L जाएज्यो- जादजो A, जाज्यो , जाइ यम , जाएयो । र, जाइ जर L. परहुं-पहरू B, हरि पं. , परहई E, पर, परं 5, पहुं .. पातमाह पातम्याह E, पानशाह र, पातिमाह र, पातिसाहि .. वोल्यद-बोली, बोलिई BE, वोल , वोन्यु D, चो, प, योल्यर K. पालिस्पद-पालमइं A, पालनिद BE, पालनि , पालिसइ D, पालसे L. धीर-विरम D, वीरम - L. भगइ-मात BI, भगई L. तउ-तु - E, ते ,...D, dr. साथ-साचे BC, साचू DJ, साचू E, साचउ EL. हुम्यइ-हुसई A, हमिइ BD, हसई ०, हनि , हनिई .. २३९ देठल-देव L. सणउ-ना BCE I, तY D. न-नये A C. भानइ-मजमि B, माजि.रंग- रंगि L. देमि-देग BK,देशि, देश, दिम L अम्हारह अनार , अमारि C, अमारि , तुम्हारइ Lन काइ-आवड , न करि BI, करि नदि , न का D पीह-पीडी A, पीहि BOT. नही नहीं R. नह-नि BJ, नई K. गाद-गाय BDI K L मन्य-निर तइ-टम् 4, नु BDI, तब , जुE, L. पालइ-पालन A, पाटि BL, आप्यु , अपट D , आपि । राह-गर A, गय B C DEI. २१० पातिपाह-पातमाह A B C D, पानम्याह E, पानपाट, पातिमाहि .. टलनर-टर्नु AD, वलन B, जु टस्तुं ., टलतू प. जे-ये।, ६ महू-महूँ , मदु ।. देमि-टेम A B, देशिल, देवर, देशित कटक-टिक. E, कटक मोकतन्यो मोरयो BCI, मोक्योर, मौकाटम्यो र, मोकलने .. यहू-राहु सापि-मापी वीउ- B, कार D कच, की, पर K, का L. उगमनट- गवर्णगान A BE, जगन, उगमनु , सामा, पण I. माण-भा7 AC DOK. कुंयग-क्यग B, कुअरीई०, कुमर्ग L, भरी , अरी 5. करिड-कीट 1, करिया, कपट , करीट L. परमाण- परिमागAL, प्रमाग BC, परमाण DJK, प्रमाण कान्हडदे प्रबन्ध तु कुंयरी वोली इणि परि सुणी, अम्ह इछा गढ जोवा तणी। दीइ सीपामण राउल कान्ह, साथइ मोकलीया परधान ॥२४१ ॥ अथ भडाउली॥ श्रीनगर जालहुर तणी रचना'। गढ मढ मंदिर पोलि पगार'। अहालीयां मालीयां टोडडे त्रिकलसां गगनचुंबित कोसीसां । सातपणां धवलगृह । रम्य प्रवेश सूकडीया गवाक्ष । मलयागिरी जाली'। कृष्णागिरी थांभली । - २४१ तु-...0 K L. कुंयरी-कुंअरी 0, कमरी E, द्रुअरी 3, कुंअरी K, कूअरी .. बोली-बोल , बोलइ E, बोलि I, बोल्यउ L. इणि परि-परि A B D I, इंणी परि , ते परि K. सुणी-मुंणी , गुणी .. अम्ह-...DE. इछा-इछा छइ A, ईच्छा , ईछा . जोवा-जोया 0. तणी-भणी उ. दीइ-दि BOE, D, दीउ र, द्यउ K, देय ८. सीवामण-सीप तव , सीपांमण D E I, सीपामणि K. कान्ह-कोन्ह AND K, काहान उ. साथइ-साथि BO, साथि D E J, साथ L. मोकलीया-मोकलीआ 0 FI, मोकलिया K, मोकल्या .. परधान-प्रधान A, परधान ODI, प्रधान E, प्ररधान L. Jomits the भटाउली. अथ भडाउली-अथ भिडाउली A, अथ श्री नगर जाल्हुर वर्णनं 0, अथ नगरवर्णन:D, अथ गढ जालुहरनी भडाउली E, अथ भिडाउलि चालि । नगर जालउर वर्णन । र, अथ भटावली गढ वर्णनं 1 श्री-...D. नगर-नगुर . जालहुर-जालोर A L, जालोहोर B, जालुहर ०, जालुहरु . तणी-नी BEL, तणां D. रचना-...D, वाचना E. 2 पोलि-पोलिं D. पगार-पाकार AJ, प्राकार D. 3 भट्टालीयां-अटालीया B, अट्टाल , अटाली E, अटालिया K, अटालिया L. मालीयां-मालीया A B L, मालिआंE, मालिया K. टोडडे-लोडिला A, टोडाटोडली पोलीपडकी माढमतवालणा 0, टोडाटोडी D, टोदडी F L, टोडा K. विकलसां-त्रिकलसा A, विकलासा तोरण , तृकलसा घणा .. गगन-गगनि 0w,..... चुंवित-चंवित A, झूबती ०, चुबित , लवित K, सोमित L. कोसीसा-कोसीसा ), कोशीसां DE, कोसी.. 4 सातपणां-सातपूणां A, सातपणी B, सात लाप, सातषवणां D, सातपिणा .. धवलगृह-रम्य धवलग्रह ०, धवलग्रह DE, घवलहर .. 5 रम्प-राज्ञ L. प्रवेश-प्रदेश A B D, घरवेस , प्राशाद K, प्रवेस L. 6 सूकडीया-सूकडिआला B, मुम्हीया D, मुकदी E, सूकडिया र, सूकडिया 2. गवाक्ष-गवाष्य , गवाप ,गुवाप्य E,आवास L, 7 मलयागिरी-मलियागरी A, मालीयागरी B, मिलीयागरीना , मलियागिरिनी E, मलीयागिरनी .. जाली-लाप 0. 8 कृष्णागिरी-कृष्णागरी A B, कृष्णागर तण ०, कृष्णागर D, कृष्णांगचीनी E, किसागरनी .. थांमठी-प्रह, स्थम ..

दांचनबद्ध, तृतीय खंड १५७ मणिवद्ध काचवद्ध भूमि । उराउरी वलभी। पगथीयारां चउकीसर चूनालूआं" । शतभूमिका सहनभूमिका सभानी रचना"। महाराजाधिराज श्री कान्हडदे सभा पूरी बइठउ छइ"। सिंहासनि पाउ परठिउ छई। मेघवना उलच वांध्या छई। परीयछ ढली छइ"। केतकीना गंध गहगहीया छई"। सोरंभना सोड सांचरिया छई" । सभा मांहि सेरी मेल्हाणी छई। जाइ वेली वाला पाडलना परिमल पंचवर्ण 9 मणिबद्ध-मणिवध्य B, मणिबंध संभ , माणिक्यवंधD, मणिबुध E, सोभित मणिवध .. काचबर- काचवाध्या B, काचदंघ D, काचवुध E, काचबध L. भूमि-भूमी B, भूमिका .. After 9 L adds foll: थांमइ २ पूतली नाटिक करइ छई। पणि ते आवास केहवा छई 1 एकवीस भूमिकाना आवास । सहस भूमिकाना आवास । इक्वीस सहश्र घरि ठकुरालांनां गढ माहि वसइ छइ। बत्रीस सहन धरि विवहा- रीयानां वसइ छइ। चउरासी चउहटा नगर माहि सोभिता छंई। बे सइ प्रासादि नगर माहि छई। ऊपरि डंडकलस ध्वजा उछलइ। राजा श्री कान्हडदेना रोग सोग ते घजा अपहरइ छइ। अनइ कान्हडदे प्रमुष सर्व चोरारासीया नइ विवहारिया तेहनइ मागिलिक्य करती छई ।. 10 Lomits ll 10-11. उराउरी-उरीऊरा A, उराउर B, उरडारी , पगथिआं , उरां K. वलमी- पडकी , भला E, वलीमी र. 11 पगीमारा-गपथीया B, पगयीआरां 0 DE, पगयिारां K, चउकीसर em-चुकामुर A, चुक B,...0, चूकासरि D, चुकीसर E, चउकीसरि K. चूनालां-चूनाला A, चूनाल्या B,...0, भलानाला E. 12 शत-शित A, सात B,...०. भूमिका-भूमिक B,...0, भूमिका ६. सहस्र-सहश्र D E,...K. भूमिका- भूमिक B, भुमिका D, भूमि E,.... समानी-समासुभानी A, सुभानी K. 112 in L reads : हिवइ राजा श्री कान्हडदेनी सभानी रचना। ते सभा केहवी छ ।. 18 महाराजाधिराज-माहाराजाधिराज D. श्री कान्हडदे-श्री कान्हडदेउ A, कान्हडदे BEL, काहनडदे D, राउ श्री कान्हडदे E. सभा-शभा K. पूरी-पुरि D, पूरित 2. बहटउ-बिटु B, बेहठो D, बइठो .. छइ-छिइ B, छि ०, छदं 1. A transp as : छइ वइठउ. 14 Komits ll 14-15 and adds instead पाउइ चामर ढालई छइ. Domits ll 14-15. सिंहासनि-सिंहासन B O, सहासन ऊपरि E, सिघासण L. पाउ-...B६. परठिउ-परिव्यउ A, परहूँ B, बइठो ६. छह-छि BC, छई .. 15 मेघवना-...D, मेघवना L, उलव-उल्लेच B, उल्लेच ०, चंदू 0 .. पांध्या-यांया A0r, वाधिE. छह-छिइ B, cि. 16 romats 1 16. परीय-परीयचि Bo, परियचि D, परीअचिE, भीते परियछ .. दली-ढाली B, आदी ०, बांधी 2. छइ-डि B, धरी Cि C. 17 केतकीना-केतकीना K, केतुकी .. गंध-वाम A. गहगहीया-गहिगहिया B, गहहि 0, गहिगया Dr, महिमया E, गह २ . उइ-छिB, Eि D, ३ L. E interpolates 1 22 after 1 17. 18 सोरंमना-मुरेमना B, मुरमिना , शुरेभना L. सोड-मुह B, सहर 0, सोरिम E, मोग .. सांवरिया- सचरिया BE, विम्तरि , सावता D, सचसा K L. छह-रई, ठिइ B. 19 समा-समा L. माहि-माहि । सेरी-सारंम , सेरि D, सयार E, गमनागमन मेरी L. मेन्हाणी- मेल्हाणी ADE, पुप ०, मेहलाणी E, मेन्ही L, छह-छि B D,...0, .. .

. 21 L. कान्हडदे प्रबन्ध पुष्फजातिनो प्रकर पाथरिया छइ । गुल्लालना गंध गहगहीया छई। पडीयां कपूर पाए चंपाइ छ । घोडा वहीआलइ घालीया छई। हाथीयानी सारसी आगलि कानि पडिउं कांइ नथी संभलातुं । पंचशब्द याजिन वाजइ छई। गल्यां पीतल रतांजणी तणां पपावज धौंकार करइ छई। नृत्यकी पात्र नृत्य करइ छई" । ततवितत धनशुपिर पंचवर्ण वाजिन वाजइ छई। पंचवर्ण छत्र धरियां छई। चामर व्यिजन विहुं पपि हुइ छइ । अमात्य प्रधान सामंत मंडलीक मुकुटवर्द्धन श्रीगरणा 20 बेलि-वेल DL, वेडल K. वालउ-...B, वालु ० E, वालु कंद मचकंद दमणु मरूउ D, चांपा .. पाडलमा परिमल-पाडल चंपक 0, पाडल मोगरो सेवंती महमहइ छ। .. पंच-अनेक पंच L. वर्ण- ...B. पुष्फ-पुस्फ A, पुरफ 5, फूल L. जानिना-जातिना A, तेहना 4. प्रकर-प्रकार A D, पगर ०८, प्राकार K. पाथरिया-पाठवा A, पथराई ०, पाथस्या D E, रच्या L, छइ-छिइ B, छि 0D, छे .. OK omit 121. गुल्लालना-गुलाल B, गुलालना D, कृष्णागरनी E, गुलालना म. गंध-गंधि BE, गंधराग D. गहगहीया-गहिगहिया BE, गहिगह्या D, महमह्या L. छइ-छि B D,..... 22 OK omit1 22. पडीयां-पडिया B E, पञ्चां D, पड्या L. कपूर-कपुर D, कपूर नइ कस्तूरीका .. पाए-पगे B D K, पग नीचइ .. चंपाइ-चांपीइ A E, चापीय D, चंपाय L. -छि BD, 23 घोडा-धोड A, घोडानी L. वहीमालइ-वहीयालि B, वहीआलीइ , वालही D, विहालई E, वालि र, ल्हाशि L. घालीया em-घलीयां A, घाल्या B, फिरई ०, झाल्या D, घाला E, हिपारव करइ , हणणइ .. छप-छि BOD, छै .. 24 हाथीयानी-हाथीआनी 0 E, हाथिआनी K. सारसी-सारसी करइ छै L. भागलि-सब्द 1. कानि- कानि A C D E, काने B , कान L. पडिउँ-पडियां E, पज्य र, पडिउ .. काइ-...Bi, काई BK. नथी संभलातुं-नत्थी साभलीनु A, सांभलीइ नहीं B, सभालातुं नथी , नथी सोमलतुं D, सांभलीइ नही E, साभलिय नही .. 25 पंच-पाच A. शब्द-सयद 0, शिब्द E, शब्दि K, सन्द L. वाजइ-वाजि BD, वाजे D. छह-छिइB छई DK. DE omit 126. गल्या-गल्या B. पीतल रतांजणी तणां पपावज-पीतल रताजणी तणां नीसाण A, पीतलहरना मादलनो B, पीतलि तथा रतांजणी तणा पपावज र. धौंकार-धंकार A K. करइ छइ-करई छई 4, वाजिइ छि B. 0 reads : मप्रतिमा, वाद करि छइ मृदंग तणा धोकार सब्द वाजि छि; E reads रतांजणीनां पपावज धौगार करइ छ । ढाल ध्रमूकइ । रिणकाहलानां क्लक्लाट । नफेरी नइ सरणाईनो तडतडाट हूई रह्या छइ ।। Domits 1 27. नृत्यकी-निरतकीया .. पाय-...BO. नृत्य-निर्त्य E, नृत्यगति र, निरत .. करह-करि BOE. छह-छिE, छै.. Dromit128.0 reads as 128 भा गावविवाद करि छइ नीमणिनिधाप गाजि छि. त- तंति K, ..... वितत-वित A, विमम K, .... घनशुपिर-घनशिपर A, धनविशेष वरीया , भांति २ ना .. पंचवर्ण-पंचशब्द B, पांच शब्द , L. वाद-वाजि B, वाजई K L. छह-छई A, छि B, छ 29 धरियां-धयां AC, धया DK, धग छह-हिद , दिOD, .. 30 चामर-चामर OD, निर इ. बिजन-विजमान A, व्यंजन OF, बजन D, ..... पिहुं-...c, बहुE. पपि-परि A, पासिं B, ...0 D, पपइ ५. हुइ-करि , टरइ .. छह-छई A, छि Bo, छै .. Komits 1 30. 26 - । 27 28 तृतीय खंड वइगरणा धर्मादिकरणा मसाहणी टावरी यारहीया पुरुष बइठा छई। ॥ चउपई॥ कोठा नइ कोसीसां घणां, गुप वार मढ मतवारणां। वली धवलहर जोयां चडी, रतनजडित वइठी फूदडी ॥ २४२ राजलोक जोया कुंयरी, जिहां कान्हडनी अंतेउरी। कुंयरि करइ केतल वपाण, जोया पंचवर्ण केकाण ॥ २४३ -- -- 31 अमात्य-आतमा D, ..... प्रधान सामंत मंडलीक-मंडली प्रधान सामंत B, ...०, प्रधान सामंत मंडलीक D, प्रधान मंडलीक E, सामंत प्रधान मंडलिक K, सामंत प्रधान मंडलीक L. मुकुटवर्दन- मुकुटप्रधान B, ...0 K, मुकटवर्द्धन D, मुंदाधा E, मउदाधा मुगटवर्दन .. श्रीगरणा-श्रीगुरुणा D, सदगरणां .. यहगरणा-विगरणा E, वयगरणा DE. D transp as : श्रीगुरुणा वयगरणा मुटवद्धन. धर्मादिकरणा-. .BE, अंगलेहा , अगलेह D, मउडव्या अंगरक्षक K, कोठारी मंडारी .. मसाइणी- ममाहणी A, मसाणी B, मसाणी CK, साहण E. टावरी-टाउरी E, पटवारी कोठारी K, करी .. बारहीया-चारही A, वाराह B, वाहरि , वराहीआ E, वारहिआ K, बारहीय .. पुरुष-पुरप AL, परघो आवी , एवंधि परघु D, परघर K. यइठा-बिठा B, बइठो ०, वय D, बिइठा E, धयठउर, छइ-छि B C, छइ: D. After 1 31 0 adds : इसी समा राजा श्री कान्ह्इदे तणी जाणवी; E adds इति श्री जालहुर गढनी शोभा जाणिवी. Ladds after 131 foll: छत्रीसइ राजकुली बइठी छइ । तेहाना नामि जाणिवा। शशिवंस गोहिल। १ परमार १ कैमधुज ३ राठउड ४ चहुआण ५ सीगउदिया ६ सोलंकी ७ देवदा ८ चंद्रवत , सांपुला १० यादव " महूयडा १२ ढोडीया १३ पडिहार १४ कछवाहा १५ मोरीया १६ मकुवाणा १७ बोराडा १८ हुणि १९ गउडि २० झाला २१ भाटी २२ सिघल २३ मिंदा २४ वींदा २५ दाहिमा २६ चाऊदा २७ चंदेला २८ पहियगा २९ ज्यावडा ३० रिमा ३१ वाला ३२ वाघेला ३३ डामीया ३३ (१) सोनगिरा ३४ तुअरि ३५ हाडा ३६ एहवी जे राजकुली ते राजाश्री कान्हदेनी सभा माहि वइठी छई। २४२ चउपई-हिव चउपई , चुपे B, चुपई 0E,...', चौपई L. E reads as 242 कोसीसा नइ कोठा पगा गढ़ मह मंदिर मतवारणां; L reads गढ जालउर कोसीसा घणा, गठपि जालीया ते नहि मणा. कोठा-काठे D. नह-नि BCI, ई D. कोसीसां-कोसीगा . घणा-घणा 0. गुप-गुष्य D, गटप .. पार-मार A, मरम B, गुवाप्य , वा . मढ-नि E, ... मतवारणां-मतवालणां ०, मंपारण. बली-. D. धवलहर-धडलहर A L, धवलाह , धवलहरे D, धुटहर E, जोया-टोयां B, जोया 01, से जाइ D, जोयूं , जोयुं चही-चढी JL, रतनजडिव-रत्नजटित B, रमजडित D. r reads as ir पदठी पूतली रतने जदी यहढी-विठी , दीठी 01, दिठा D. दडी-पूतली AKL, भूमिहार D, सुंदरी २४३ जोया-दीठडं , जोयर्ड D, मेयो , जोयु ६. कुंपरी-बुमरी, अरी, फुअरी, कृमरी .. कान्हदनी-कान्हद्दनी A, काहाननि B, कान्हड़दनी ०, काहनहनी D, कान्दनी K, काहाननी लि, कान्हडनी .. कुंपरि-कूपरि A, वुअरीई , कुयरी D, अरी, कहिनइ कुंअरि , कुंअर L. E transp as: कदि धुमरि. करइ-परि BI, करि c,..... फेलडं-केतद र, केटB, केतलं 0D, केतलउ K.D transp as केनई करइ; I transp as केतलं करि. वयाग-पाण A DRE, वखाणि .. जोया-जोयां केकाग-केगAO DE, केकाण B, कंकाणि ..

. १६० कान्हडदे प्रबन्ध [राजरिद्धि दीठी निरमली, राय तणूं सिंहासन वली।] जोया राजसभा परिवार, जोया राय तणा भंडार । जोई वाडी जोई वावि, कुंयरी जोवा गई तलावि ॥ २४४ देउल देव जोया सवि फिरी, नगरलोक दीयं कुंयरी। गढ ऊपरि कुंयरि तिणि कालि, करइ सनान कुंडि जावालि ॥२४५ कुयरी जोवा आवी भणी, राउलि दीधी पहिरामणी । सोमनाथ छूटतइ लीया, हाथी राउलि पाछा दीया ॥ २४६ जे जे मलिक राइ झालीया, ते कुंअरीनइ पाछा आलीया । आगेवाण दापवइ वाट, साथि मोकल्या बीजड भाट ॥ २४७ सहू साथ वुलावी करी कटक भणी चाली कुंयरी। तु जहिमती हुउ सुरताण, पाछउ वलिउ दीउं फुरमाण ॥ २४८ २४४ 0 DI K interpolate राजरिद्धि...वली before 244 a. A BE L omit it. रिद्धि- अद्धि , रFि D, रिधि K. तणूं-तणं, तणउ K. सिंहासन-सिहासन D, सिंहासण K, जोया-जोई ०, जोया र जोयो K. समा-तणा B, मुभा :, सभा , शुभा .. परिवार-तिणि वार .. जोया-जोयु ०. राय- द्रव्य B, राज CIL, धान E. तणा-तणु , तणां D, घणा L, भंडार-कोठार E, परिवार .. वावि-वाव .. कुंयरी-कुयरि A B, कुमरी 0 F, बुमरी , कुंअरि K, कुंअर L. जोवा-जोइवा A K. गई-गइD L. सलावि- तलाव 0EL. २४५ देउलदेव-देवल देव D E, देव देहरा E, देवलदेहरा L, जोया-जोयां A, ते जोया , जोइया र. सवि-...B DEI K L. फिरी-परी OD. लोक-लोकि ०३. दीठां-दीठी 07, दीठ D, दीठा EL. कुंयरी- कुयरी , कुंअरी 0KE, कुंअरी ३. उपरि-ऊपरि D. कुंयरि-ते A, कूरि B, कुमरी , कुमरि E, कुँअरि, कुअर .. -त्रिणइ A, तेणि C, तणि D, तेणइ E. करइ-करि B, करि 01 L. सनान- सनान AGRIK L कुंडि-कुंड B0BI,..... जालि-जावाल , जाइवालि x, जवालइ मालि.. २५६ कुयरी-कयर A, कुयरी B, कुंअरी 0, कुंरि D, फुमरी E, कुमरी 3, कुंभरि K, कुमर .. जोवा- जोइवा A. भारी-भाव्या DI, आवई E. O transp as आवी जोवा. भणी-पणी EL. राउलि-राउल .. दीपी-कीची B. पहिरामणी-पहिरावणी A L, पहिरोमणी DE, वामणी, सोमनाथ-सोमनाय B, सोम- नाथि L. एटतइ-टूटति BON, छूटतइ D, छुटतां B. लीया-सीधा , लीआ E, मुआ x. हाथी-D, हाथि DK.राउलि-राउन .. दीया-दीमा ०E, दिया .. २४७ जे जे-ये ये E, मलिक-मलक , कुमर L. राइ-रायि A, राई 30, राय DK L.सालीया- मालीआ , झानिया x L. ते कुंअरीनइ-युत्यरीनइ 4, कुयरीनि B, ते कुमरीनइ ०, ते कुमरीनई D, कमरीनई , ते परीनिरकुमरीन ने L पाठा-गाव .. मालीया-अर्थिया A,दी, दीयोD, आलीमा E, दीया , आलिआ र, राउंपीया भागेगण-आगेवाण A 03 K, आगइयांण D, आगलि घोणी .. दावा-देटि , देशा, देशदा, देवि , हुइ दापइ ८. सावि-साधि Be. मोकश्यउ मोकलित ABD, मोरडल, मोकल्या, मोरलियो K. धीजल-पीजेड AE, पीजल B, वीर ODIKL. मार-मटि..

तृतीय खंड दल मेडता थकां अपड्यां, तु हरसुरि जाईनइ पड्यां । वहि पालपी उतावली, कुंयरी जई सइंभरि मिली। २४९ चालि चालि ऊतावलि करी, ग्यां आंवेर कटक सांचरी। चाल्या कटक दमामां दीयां, वीजइ दिनि वाहदरपुरि गयो । २५० मदनभरि चाज्यां नीसाण, तु ढीली पुहुतउ सुरताण । पदमनाभ पंडित मति कही, त्रीजा पंड समापति हुई ॥ २५१ २४८ सहू-सहूइ E, सहूई र, सवि L. साथ वलीउं A B G, बलिउँ DI, साथि E, साथिइ L. वुलाबी- सजाई A E, जुहार ज B, वोलावी D, वउलाव॑ K, कलावी 1. कटक-कटिक इ. भणी-तणी B. कुंपरी- कुंअरी ०L, कूयरी E, अरी, कुअरी K. तु-त A D, तो L. जहिमती-जहीमती A, जो जैमति , जिहमति D, जहमती , हिजमती K. हुउ-हूउ BO, हूंउ D, थयु E, है , हुई .. मुरवाण-गुरताण A, मुरतांण UE K, सुरतांणी D, शुरिताण L. iii gr in sis: हरपवंत होऊ सरताण. पाछउ-पाला A, पाडा B, पायुb. बलिउ-वलीया A, वलियां , वली RI K, बल्यो .. दीड- दीर, दीर, दीपड , हु, पुरमाण-मेल्हांग 01 K, मेहलाण D, फरेमांण E, फुरिमाण L. २४९ भेडता-मरुता E, मेडता . थका-थिका BI, थिकुं D, या E, थका , थकी .. अपत्या- उपडीयां A, ऊपडिउ D, ऊपडिया , ऊपड्या .. हरसुरि-हरसरि A, हरसूरि , हरिसुर , हरसोरई र, जाई-जई 40, जाइ K. नइ-नि BOI, नई D, ....EE L. पड्यां-चच्या A , पडियां B, चढी3 D, पडिया E. ii qr in r is : तिहा सह जायइ दडवघ्या. बहि-वहइ A, वहिल 5. पालपी-पालपि D. ऊवावली-ऊतावलि A, उतावली D L. A omits iv qr. कुंपरी-कुवरि A D, कुरि B, कुंअरी ०, कुमरी EL, फुअरि र, कुंअरि K. नई-जईनइ A, जाई B, जाइनइ .. सईमरि-सांभारे A, संभारे B, सिमरि , सीभरि D, सिभरि निप, सइभरि . मिली-मली B E, २५० चालि चालि-चाली चालि A, चालि २ B DEI K, चालि चालइ L. उतावलि-उतावली , उतावली ., करी-..... यां-गया AI, गया D L, ग्या K. आमेर-अंबेरि BO, आविर , अंधेरे ४, बेगि , अबेर र, आबेसरि ८, कटक-कटिक E. सांधरी-सांचरी, संचरी EI K. पाल्या-चाल्या ( L, बालियां B, च्याल्या K. कदक-कटिक र दमामा-दामा BE, दमामा , दुमामा .. दीया-दीमा, दीर, वरी L. बीजइ-भीजि B, बीजि . दिनि-दिन A K L, दीनें D. बाददरपुरि-वाहादरिपुरि B, वाहडपुर , बाहुडपुरि B, बाहादरपुरि , वहादरपुरि , वाहडपुरि .. गयां-गया 0 D, गई .. २५१ भदनभेरि-मदनमेर DET. धाज्यां वाया 0 J, बागां, वाज्या .. नीसाण-नीसाग B, नीसांग DE, भींसाण K, नीसाणि L. तु-तुं D, तउ 5. टीली-डिटीई ८, ही , दिली K. पहुतर-पुहतउ A, पुतु BE, पुहता ०, पहुर्नु D, पहोतु , पहुतड , पहुतो .. सुरताण-सुरतांग OEIK, मुरतान , शरि- arfon L. z interpolates after 251 a करी सनान नइ उमा रहिया आपापणे घरे सह गया; Kinterpolates : करी सलाम नइ उभा रहा आपापणे परे सहु गया. पदमनाम-पदमनाभि E. पंडित-वाणी . मति दम OK. श्रीजा-पीजी 5. पंड-संह . समापति-समाप्ति E. हुई-हुई, हु3 K. L reads as 251 b: नितीय घड ए पूरी थाइ कान्हददे पवाडो यहवाइ, A B Dr omit rs 251 b. The respective colophons are : इति तृतीय समाप्त सह ॥ समात ॥ ; इति तृतीय पंड. ॥ B, इति श्रीकान्ह्वदे तृतीयखंड संपूर्ण तृतीय पंड मध्ये वाहडमेर भीनमालभंग पात- साह जाटहरि आगम मुंगलभम पातसाह दोलीचलन समस्थान हरमसहित बंदिकरण शीताई गदि आगलबंद- शेडन वीवाहचातकरण पेश ३ गाभा २३९ 10% इति कान्हडदे तृतियपंह स ३ ॥ Dn॥ इति श्री सोनिगिरावशे श्रीकृष्णरि तृतीयपंड ॥ श्री॥ इति श्री तृतीयपंर ममाप्तः ॥3॥छ ॥ इति राजा श्री कान्दादे नितीय मर्ग समाप्त ॥ 2I चतुर्थ खंड ॥ चउपई॥ चउथा पंड तणउ आरंभ, बोलइ पदमनाभ कवि वंभ । संतोप्यउ सजन संयोग, तउ पातिसाह थयउ आरोग ॥ सरि काज मनि पूगी रली, पातसाहनइ वेटी मिली। ततपिण पूछिउं असपतिराइ, किम तई मलिक छोडाव्या माइ॥२ पोल वापनउ हईइ धरी, सकल सरूप कहिउँ कुंअरी । कान्हडदे छइ जीणइ ठाय, ते जालहुर किसुं छइ माय ॥ ३ एह वचन पातिसाहि कहिउँ, कुंअरी पीरोजा आयस दी । गढनी वात पिरोजउ भणइ, सावधान राजा सुणइ॥ १ चउपई-...RJ K L. घउथा-चुथा B DEL, उचाया .. तणउ-तणु BODI, तणो . मारम- प्रारंभ A WO, भारंभ .. पोलह-बोलि BOT, बोलेइ D, योलई .. पदमनाम-पद्मनाम B, पदमनाभि Ex, पद्मनामि .. संतोप्यउ-संतोप्य , संतोप्यिउ B, सतोपि ०, संतोपिउँ D, संतोप्या ते 8, संतोप्यु , संतोष्यो ६. सजन-खजन B, मुजन 0, सज्जन K, राजा L. संयोग-संयोगि D E K, संमागि र, संतोष .. सउ-त A, तु Bo, D,..... पातिसाह-पातसाद A BOD, पातस्याहनि , पातशाहर, पातिसाहि .. यव-पिड A B, थयु ०E , D, थयउ 5, थयो L. मारोग-आरोगि AIE, आरोग्य 0, मासिंग . २ सरिठ-सरिङ E, सरिउ , कर्यु , सखर .. मनि-मन D . रली-रली 0 F. पावसाहना- पातसाहनि , पातसाहनि , पातशाहनी , पातिसाहिनी .. मिली-मली इ. ततपिण-ततक्षिण AE, ततपिणि B, ततक्षण D, ततप्यण र, पछि-पछि B 01, पछह DEL, पूज्यउ र. राइ-राय BODEX, राउँ L. ई-तइ AKL, तिं B,...., ति DJ. मलिक-मिलक .. छोटाध्या-ग्रेडाय्यु , ज्याम्या र. माइ em-माई A, माय B C D E K L, जाय , ३ In Drs 4 precedes vs 3. r omits vs 3. योल-पोलइ . यापनउ-पापतु B, पापन 003 पापन .. हर-हीइ A, हेइ B, इंडइD, हीअडिप, हिय , हीअड L. सरूप-स्वरूप BO. कहिद- कहि ० ., कम K. कुंभरी-कूयरी , कूयरी B, फुयरी D, संदीर, पुअरी . कागहरदे-कान्हडरे, मान्दड तणि B, काहनहदे D. इ-छि 80, एई. जीणह-...A, जे B, जेणि ०, जेणED, मोटिग, जिगइ .. ठाय-टामि A, ठाउ B, ठाइ , ठामि ते-जे A, मालहुर-जालोर A, जालहुरि , जालर , जालर K. रिमुं-रिम् 4, फिस्यू , कपिउ०, किमु D, किर, किम K. छह-जि. माव-माइ Ar.ir qr in t is: जे ग्रेडाम्या ते पहुं तमि. ४ यु-एई, एहवर, एहवउ .. पातिप्ताहि-पातसाह A, पातसाहि 10, पातसाहिई D, पात. म्याह E, पतिया, पातिगाहद र कहिउंबई , कहिइ , काउ र, पहिउ ..बुभरी-प्यरी, परी, सुमार , पुमरि , भरी 31, भरि K. पीरोमा-पीरजो D, पीराजा , पीरोगान , राश.. भायस- भाइम A. दीड-लहि D, E,031, दियउ र, दीयो .. गनी-यटयनी म फटिकनी , गाकी.. पिरोजउ-पीरोनु , पीरोगा 0 D L, राजा , पीरोगर K. भगद-भगिइ B, मणि 1. साधान- गरपान, सारपान | K. विज राना-पयु रामा , पातगाह , मुलगान , शिराकार, ममपति र. मुगल-मुनिद B, गति, समद D, गमिनि, गुगद .. Linterpolates foll rs after vs 4: जियायत बगि आणइ ठाम विलोक गाणि मनिराम । गामा मेरि पनि प्यार। बाबरम ना भारि ॥

चतुर्थ खंड ॥ दूहा ॥ कणयाचल जगि जाणीइ, ठाम तणउं जावालि। तहीं लगइ जगि जालहुर, जण जंपइ इणि कालि ॥ विषम दुर्ग सुणीइ घणा, इसिउ नही आसेर । जिसउ जालहुर जाणीइ, तिसउ नही ग्यालेर ।। चित्रकूट तिसर नही, तिसु नही चांपानेर । जिसउ जालहुर जाणीइ, तिसउ नही भांभेर ॥ मांडवगढ तिसउ नही, तिसउ नही सालेर । जिसउ जालहुर जाणीइ, तिसउ नही मूलेर ॥ ६ ७ ८ ५ दूदा-दूहाः D. कणयाचल-कणयाचलि र, कणियाचलि L. जगि-जुगि A. जाणीइ-जाणीइ र जांणी D, जाणिये K, जाणियइ 1. ठाम-ठामि A L, ठाम C DIE, ठामि E. तण-तणी B, तणा 0, त D, तणइ E, तणु , तणउ K L. जावालि-जावाल A. वहीं-तही A D , तेह B, तिहां ०, तईया. लगइ- लगि BOE I, लगि D, लगई र, लगेए L. B transp as जामहुर जगि. जालहुर-जालहर AK, जालहुर 8, जालउहर L. जण-जन D E, ते .. जंपइ-जंपि BOJ. इणि-इण A, एणि B, जयकार र १ (ख), एगइ E, ईणि र, तिणि . कालि-...DI, (ख). ६ विषम-विपर्म इ. दुर्ग em-दुर्ग A BEI K L, दुरग 0, दूरग D. सुणीइ-मुंणीइ ०, आगइD, सुप्यार, जगि E, शुणीयइ L. घणा-घणु0, जाणिय K. इसिउ-तिसू A, जिसिउ B, इसु ०, अतिउ D, इशं , इसोर, अइसा .. नही नहीं B. भासेर-आसरे A, आसोर B, आरेस E, आसेरि , आसमाण L. जिसउ-जिस् A, जिस्यु B, जमु ०, जेसिउ D, जिनु , जिशु र, जिसो र. जालहुर-जालहर A, गढ जालहोर B, जालहर गढ 0, जालहुर E, जालोर K, आलउहर L. जाणीइ-छि B, जाणीई०, जाणिई D, जाणीइ घर, जाणिय , जगि जाणीयइ .. तिसर-तिसु A, तिस्यु B D, विशु , तिसो K. नही नहीं BF. ग्यालेर-साल्हेर B, भामेर , गुवालेर E. ७ चित्रकूट-चित्रकोट 05K, चित्रकोठD, चित्रकूटि. तिसर-विम, विस्यु B, ठिमु०,तिसिउD, विशुप, विसडउ K. नहीं-नहीं B. तिसु-तिसू A, तिस्यु B D, तिशु , तिमो E, तिमउ L. नहीं-नहीं B, नइ ..चांपानेर-चंपानेर , चापानेर BEI, चांपाने D, चापेनर , चंपानेरि .. जिस-जिसू A, जिस्यु B, जमु0, जसिउ , जिमु , जिशु , जिसो 5. जालहुर-जालोर A K, जालहोर B, जालहर , जाटहुर :, जालउहर L. B transp as जालहोर जिस्यु. जाणीइ-जाणिई D, जाणीइ , जगि जाणिये र, जाणीयइ .. तिसर- तिहूँ , तिस्यु B, तिमु 0E, तसिउ D, तिशुर. नही-नहि ०. मांमेर-भंमेर A E, मोल्हेर B, गुआलेर ०, भामेर D, सभेर , एकूनेर L. ८ Bomits vs 8. मांदव-माडप A, मंडव E, बघव 2. तिसर-निमु ० E, तिस्यु , तिशु, विसडउ र, ए तिसउ ..तिसर-तिमु ल, त्स्यु D, लिसिउ E, तिगुर. सालेर-मूलेर D 8, महुलेर . iii 97 in Lis: जालउर सरिपो ये नही. जिसउ-जिमो A, जमु, जस्युं D, यसिर :, जि. जालहुर- जालोर A, जाटहर 0E, जालोर गढ K. जागीइ-जाणीई D, जाणीइ E, जानिये . निसउ-तिस् , तिमु OF, तिस्र्यु D, विशु , तिसो .. मूलेर-रानेर D, मुमुले , रानेर , जेसलमेर .

१६४ कान्हडदे प्रबन्ध ॥ चउपई ॥ वसइ नगर गिरि ऊपरि घणउं, किसूं वर्णव तलहटी तणउं । वेद पुराण शास्त्र अभ्यसइ, इस्या विप्र तिणि नयरी वसइ ॥ ९ विद्या वाद विनोद अपार, विनय विवेक लहइ सुविचार । राजवंश वसइ छत्रीस, छिन्नू गुण लक्षण वत्रीस ॥ चाहूआण राउ तिणि ठाइ, अवला विप्र मानीइ गाइ । छत्रीसइ दंडायुध धरइ, हीण कर्म को नवि आचरइ ॥ च्यारि वर्ण उत्तम जाणीया, विवहारीया वसइ वाणीया। वुहरइ वीकइ चालइ न्याय, देसाउरि करइ विवसाय ॥ १२ ९ चउपई-चुपै BJ, चु० ८, चुपई: D E, चोपई 1. घसइ-वसि B 0 E J. गिरि-गिर , गढ B, गिx. घणउँ-घणु B, घj 0, धणू D E I, धणउ F L. किसूं-रूड B, सुं०, स्यू D, किसिउंE, शं, किसउ K, सिंउं .. वर्णवउं-लोक B, वरणवू 0, वर्णवू DJ, वर्णन E, वर्ण K, वर्णवु , तलहटी-तलहद्दी K. तणउं- तणु , तणु 0 D E, त" , तणउ K. वेद-वेदि .. पुराण-पुरांण C D E JE, पुराणि .. शास्त्र-सहिस B, सास्त्र 0, स्याश्र L. अभ्यसह-अभ्यसई 4, अभ्यसिइ B, अभ्यासई D, अभ्यसि I. I reads as iv gr: ईशानगिरि विप्र ते वसि. इस्या-इसा A, इशा K, इसा .. तिणि-तेणें B, तेणी , तिहाँ D, तेणि इ. नयरी- नगरी B E, वासिं D, नयरई र, नगरिइ ८. वसइ-वसई A D, वसिइ BE, वसि 0. १. In a rs 11 precedes vs 10. वाद-वेद B. विनोद-विनोदि .. अपार-अपारि .. लहद- विनोद B, लहि CI, लहिइ E. सुविचार-विचार B, आचार , शुविचार .. वंश-वंस A0 L. वसइ-वसि BOI, वसई D. E reads as iv gr.लक्षण गुण जाणइ बबीस. छिन्नू-छिर्नु A, छन्नू B 9, छर्नु D, छन I, छनउ D. गुण-गण K. ११ चाहूमाण em-चाहूयाण A, चहूयाण B, चहआण 03, चाहुआण DL, चाहूआण E K. राउ- राजा B C D E K L, राय . तिणि-लिहि A, तेणि B 0, तेणइ D E, नउ L. ठाइ-ठाय 0 D E IL. मानीइ-मानीद C D E I, मानियई र, मानीय L. गाइ-गाय 0 D L, छत्रीसइ-उनीसि B 01. दंदायुध- डडायुध E, डंडायुध , डंडाउधि 1. धरह-धरिइ B, धरि . हीण-हीन 03, हाण K. कर्म-कर्म B, करम . को नवि-न को D, कोइ नवि र, नवि को KI, भाचरइ-आचरई 4, आचरिइ B, भाचार , याचरइ .. १२ च्यारि-च्यार OK, चारि E. वर्ण-वरण B, उत्तम-उतम A, उतम K, उतिम .. जाणीया- जाणीमा A, जाणिई D, जाणीआ E, जाणीया , जाणिया K. विवहारीया-व्यवहारीया B, विवहारीआ 0 E, विवहारिया D E, व्यवहारी , विवाहारिया ८ घसइ-वमि BOI, वसई D, वसिइE, वाणीया-वाणीआ 0, वाणीया D , वाणीमा E, वाणिया K iii qr in u is : वुहरइ व्यानि करइ विवसाय. युहरइ-बुहुरि B, बुहरि , चुहरई D, युहुरिइ E, बहुरि , वहरइ र. थीकह-वीकि B, येचि 03, वीकिइ E. चालइ-चालि BEI. न्याय-न्याइ B, न्याउ | K. देसाउरि-देसाउरे A B D, देमारी E. फरइ-करे B, करि , विवसाय-व्यवसाय BCE, विवसाउIRL.

" चतुर्थ खंड जलवट थलवट चिहुं दिसि तणी वस्त विदेसी आवइ घणी। वीसा दसा विगति विस्तरी, एक श्रावक एक माहेसरी ॥ १३ फडीया दोसी नइ जयहरी, नामि नेस्ती कामइ करी। विवध वस्तु हाटे पामीइ, छत्रीसइ किरीयाणां लीइ ॥ नगरि मांडवी वारू पीठ, आछी पेरा चोल मजीठ । पाडसूत्र पटूआ सालवी, वुहरइ वस्त अणावइ नवी ॥ कंसारा नट नाणुटीआ, घडिया घाट वेचइ लोहटीआ । कागल कापड नइ हथीयार, साथि सुदागर तेजी सार । तल्यां सूपडां तोलइ मान, नागरवेलि अणीआलां पान । इणि परि वस्त विकाइ बहू, जे जोईइ ते लाभइ सह ॥ १७ १३ जलवट-जलवटि E. थलवट-थलबाट न. चिहुं-चिहूं F. दिसि-दशि 0 F, दसि D, दिशि L. वणी- घणी B, तणा L. वस्त-वस्तु B C D I, वस्त्र L. विदेसी-परदेसी A, विदेसि B D, विदेशी ०, विदेसई र. आवइ-अणावि B, आवि c I, आवई D. धणी-घणा L. वीसा-वति 0, वीम K, वासइ .. दसा-देस , दिसा D, दशा K, वास .. एक-दक E. श्रावक-श्रीमाली . एक-बीजा A, नि एक B,...०, नइ .. माहेसरी-महेसरी B, माहेश्वरी , महेश्वरी DE, माहेस्वरी K L. १४ फडीया-फडीआं , पटीआ 0E, पहीआ 3. नइ-नि BOT. जवहरी-विवहरी K. नामि-नाम A, नामि B, नामि D K, नाम E B. नेस्ती-नेसती Bउ, नेस्तीआ 0, नसती K. कामइ-कामि B, कामि ODI, कामिई छ, किमई K. ii qr in L is :कामे नामा तिहा करी. विवध-विविध स. वस्तु-वस्त A FI, बतु .. हाटे-हाटि B. पामीइ-प्रामीइ A, पामीइ ० २, पामीई D, पामियइ K, पामीये 1. छत्रीसइ-नीति BI, छत्रीसई , छत्रीस .. किरीयाणां-त्रीयाणा B D, क्रियाणा , कृयाणा E, कीआणांर, क्रियाणा K, किरियाण म.लीह-लीई D, लीजीइ र, वैचीइ , लियई र, दियइ .. १५ नगरि-नगर BO EIL. वारू-चार ०, वार्स D, वार . माठीपेरा-साजीपारु , आद्यापेरा E, आळीपरी K, भावि विषेरइ .. मजीठ-मंजीठ BK. पाडसूत्र-पडसूत्र A, पाटसूत्र BK, पटसूत्रीया , पटसूत्र , पाटिसूति L. पट्टा-पटूया B, पटुआ 0 D E, पादआ र, पटुवा L. सालबी-सालवी A, चालवी .. वुहरद-युहुरि B, युहरि ०, वहइD, बुहुरइ E, कहि , बहुरइ र, बहुरइ L. वस्त-वसु BODI, बस्तु .. प्रणावह-अगावि BO, अगावई D, अणावी म. नयी-परी .. १६ नट-नि B,..... नाणुटीमा-नाणुटीया B, नाणूटीआ , नाणुंदीया D, नाण्टीमा E, नाणोटिआ E, माणानाटीया L. घडिया-घडीआ A, घल्या ODIE, घडि E वेचइ-वेचि BOL. लोहटीमा-लोहटीया A B, लोटीआ 0, लोटीया DL, लोहदीमा E, लोटिआ र, नइ-नि BOI. हथीयार-हथीमार , हथियार K. साथि-साथ A L, साधि B, साथि ०. मुदागर-मोदागुर E, सउदागर K L. १७ वल्या-तली B, नल्या 0 1 सूपढां-सूपहा A, सूपदी B, मुण्डा D K, पहा .. सोलह-तोलि 80, तोलई DE, तोली . मान-मान A DE, मानि , मानि 5. नागरवेलि-नागवेलि A. मणीमाला- अणीयाणा A, अणीयाला B, अणीआला D, अणियाला K, आणीयइ L. पान-पान O DEI K. इणि-इण A, आणी B, इणी , इणि D, ईणी Er. परि-...B. वस-वस्तु BODI, वरनु .. विकाइ-वीकार A BE, वेचाइ ८, विवाई D, वेयाविर, वीवाई र, विकाय .. बहू-बहु Dr. जे-जANE L. जोईइ- जोई , जोइ ०, जोई D, जोईयद , जोईय. ते-तं L. लाभइ-बुरि B, लामि, हर .. सहू- सहु DK, सहूँ ..

कान्हडदे प्रबन्ध घडी घडी घडीयाले सान, रातिदिवसर्नु लाभइ मान। . चहुटां चउक चउतरां घणां, ठामि ठामि मांडइ पेषणां ॥ १८ सेरी सांथ मोकली वाट, नगर मांहि छोह पंकित हाट । घांची मोची सूई सूतार, वसइ नगर मांहि वर्ण अढार ॥ १९ गांछा छीपा नइ तेरमा, विवसाईया वसइ नगरमा । आपापणि काजि सहू मिलइ, चहुटइ हईइ हुई दलइ ॥ ૨૦ आसापुरी आदि योगिनी, देव चतुर्मुप गणपति अनी। कान्ह स्वामि गिरूआ प्रासाद, शिपर तडोवडि लागु वाद ॥२१ आठ पुहर नित पूजा करइ, ईडे ध्वजावस्त्र फरहरइ । वलतइ वारि हुइ नितु जात्र, नाटक नृत्य नचावइ पात्र ॥ २२ १८ घडी घडी-घडी घडीनी c, घडी २ D K L. घडीयाले-घढीआले 0 FI K, घडीयाले D. सान- सान AO DEI K. राति-रात L. दिवसk-तिवसनु A, दिवस तु B, दिवसनां 0 D, दिवस , दिवसनी उ, दिनसना K, दिवसजिउं .. लाभइ-लामि Bo, लामि , लाभई ८. मान-मांन AO DIK, माम .. चहुटो em-चुहटी ACD, चुहुर्दा BE, चुवटा र, चहुटा K L. चउक-चुक BODRI, चरंकि .. घउतरां-चीतरियां B, चुतरा , चतुरां D, चुतरांप, चउतरा K L. घा-घणा OK L. ठामि ठामि- ठामि ठामि A B, ठामि २० DE, ठामि ठामि प, ठामि ठामि K, ठामि २ .. मांडह-मांडिया B, मांड्या D, माख्यो I K, हुयइ .. पेपणां-पेषणा K. १९ सेरी-सारी c. सांथ-साथ A BK, साथि ८. माहि-माहि A KD. छोह पंकित-छोह पंक्ति, पटणीयट B, चुपक्षत , पीटहर E, छोह पखित 5, पीटणीघाट L. घांची-धाची .. सूई-सई BORI. सूतार-सूत्रधार E, सोनार K L. वसइ-वसि B C . माहि-माहि 4 K L. I transp as नगर माहि वसइ. वर्ण-वरण 0. २० गांठा-घांची र. छीपा-छीपा B, छीपांE, पीछा .. नइ-नि B 1, नई D, अनइ 2. विवसाईया em-विवसाईआ A D, व्यवसाईया BI, व्यवसाइया 0, विवसाई र, विवसाहिया L. घसइ-पसि B 03, D, आवि , आवइ र, वसई .. नगरमा-नगर माहि A, नवनवां B, नगरमा D K, मनिरमा ६, नम्रम, L. मापापणि-आपापणे AO EK, आपपणे D, आपापणई .. काजि-कामे , काज K L. मिलइ-मिलिइ Br, मिलि 0, मलिइ . पहुटइ-चहटइ , चुहुटि B, चुहटइ 0 D, चुहुटिइ , चहूटि , चहुंटइ .. हह- नित हीइ A, हीआर, हईप, हीयइ र, हीया L. इईउं-हीॐ A, ईआK , हदउँ D, ही सिई B, हई प, हीयु र, हीयाइ .. दलह-दलिइ BB, दलि 01, दलई .. २१ B p omit vs 21. भासापुरी-आस्यापुरी, आश्यापुरी FL, आशापुरी I K. आदि-आलि .. योगिनी-योगनी .. चतुर्भुप-चतुर्भजE, चतुर्मस र, चुर्तुमुप म. गणपति-गुणपति E. भनी-अंनी A. कान्ह-- हरि ०, काहन E, कान्ह | K, कुंभ .. स्वामि-स्वामी ०, स्वामि EIK. गिरूमा-गिरूइ A, गिरज 0.. प्रासाद-प्रासादि A L, प्राशाद K. शिपर-शिपिर , शिपरि र, परि .. तोयहि-तहोवड 1. लागु-लागू 4,लागा. २२ पुहर-पदर A, पहुर BE I, पुहरी D, पहुर ई. नित-निनु BO FIL. फरह-परिइ B, करि , करई 1.5-इंडि, ईड, दंड , परि परीम्यजायन-यन्न ध्वना , भजारन 0D, धजावत र, प्वमा . परहरह-परहरई , परहरिद B, फरहरि , परिहरि , उदरइ स. वसतर-वलति BO, यलते DIK, पालीति .. पारि-तारे D, वहारइ .. हुइ-जोइ , हुई, हुई KL. नितु-नित A, नव x, ..... जात्र- यात्र ०. नारक-नाटिक OF I. नृत्य-निरति , निय .. नचावइ-नचावि DJ, नाचि ०, नचावे D.

चतुर्थ खंड १६७ . . पूरइ प्रत्या ध्याइ लोक, भूप दूप नइ टालइ शोक । जोइ जिणालां ठाम विसाल, वसही देहरां नइ पोसाल ॥ २३ गढ ऊपरि जलठाम विसाल, झालर वावि कुंड जावालि । वारू वावि मांडही तणी, साहण वावि अति सोहामणी ॥ २४ राणी तणी वावि गंभीर, नटरप वावि निरमल नीर । सोभित बुर्ज बुर्ज काकरउ, नदी तरूअर उमाहरउ ॥ २५ साल्हा चउकी करहडी जाणि, कान्हमेर रूयडउ चपाणि । साल्हा वाडी तरूअर चंग, राय तणउ छइ मंडप रंग ॥ २६ जीणइ वसइ जालउरउ कान्ह, राजरिद्धि छइ इंद्र समान । रामपोलि अति रुलीआमणी, त्रिणइ पोलि तलहटी तणी ॥ २७ २३ पूरह प्रत्या-प्रत्या पूरइ A, पूरि प्रत्या B 3, पूरि प्रतज्ञा ये 0, पुरइ प्रत्या DR. ध्याइ-जे ध्याइ , प्यावइ ,जे ध्याय L. नइ-नि BI, नी c. टालइ-टालि B 0 EI. शोक-सोक C K, रोग L. जोइ-जोया B, जे ०, जोउ . जिणालां-जिनाला A E, जिनाला B, जैनालय , जिणाला D. ठाम-ठाम B DI, ठामि E, ठामि र. विसाल-विशाल BE T K. B omits iv gr. देहरा-देहरासर , देहरा D E, देहां K. नह-...0, नई D, नि . . reads as 23 b: देव जेनाला ठामिइ ठामि देहरा वसही पोसालइ ताम. २४ Bomits iqr. जल-छइ , जो L. ठाम-ठाम D E, वावि E, ठामि L. विसाल-विशाल DEK. झालर-झालर K. धावि-वाव L. कुंड-कुंडि A. जावालि-जावाल BC, जावाविर, जो पोलि K. चारू- वारूं L. वावि-वाव .. मांडही-माडवी B, माडही ०, मांडणी EIL, मांडह K. वणी-घणी .. साहण- सोहण J K, साहिण .. वावि-वांव L. भति-ते BCI L. सोहामणी-सोहामणी D E I. २५ राणी-राणी D E . नटरप-नाटरप A, नटलप B, नाटिक ०, नटरप्य E, निटरपर वावि- वावइ ३. निरमल-निर्मलां B, निरमल ०, निर्मल D K, निरमळू , मरिमलो L. सोमित-शोभित B DEVE, जसो मृत , सोभि .. धुर्ज-बर्ज B, वरजे , वन D, वर्ज EIL, वव र, दुर्ज-वर्ज B, ..., बरु D, वन E, नरूप, घबर, वर्ज L. काकरउ-काकर्स B, काकरु 0 D E, काका , काकरो .. नदी-नंदी AL. वरूअर-तस्यर B, तरुअर 0. ऊमाहरउ em-3माहडउ A, माहि वरूं B, उमाहरु , फल बावरु D, उमाहरु E, उमाहर K, उमाहरउ , २६ Komits vs 26 a. साल्हा-साल्ड B, साहला 0E, साम्हा L. चउकी-चुक BE, चउक 01, वावि D. करहडी-करडीया L. जाणि-जाणि D E, .... कान्हमेर-कान्हडमेर A, कामेरु B, कहि नाम 0, कान्हडमेर D, कान्हमेर E, कान्हमेरु र, कान्हमेरेि .. स्याउ-स्यड B, रूअई ०, स्यई D, स्डर, रुअडर, स्थडउ L. पपाणि-चपाणि D, वपाणE. साल्हा-साहमी B, शाहाला , साहला १. वाही-वडी वाणी . वरूअर-तस्यर A B. राय-राइ ८. वणउ-तणु A, तणा B, तणि मनि ०, तणा DE L. छह-छि B प,..... मंडप-बहू ०. रंग-शुचंग .. २७ जीण en-जीणि A, निगिं B,जिपि ०, जेणई D,जेगइ E, जीणई K, जिहां L. वसइ-विवि BI, बइसि 0, बेइसइ D, घइसइ म. जालउरट-जालोरउ A, जुलहुरो B, जालहुरु ०, जालहुर D, जालउ. कान्ह-कोन्ह 10 BI, काहान रिदि-ऋद्धि A BOE, रीदिन, रिधि र, रिद L. छह-टि Bई D. इंद्र-मंद .. समान-समान ADEI, रामान K. iiiqr in Fis मुदर ठाम मद अति घणी. राम-रांम EI. पोलि-पउलि L. अति-ते० स्लीभामणी-स्लीयाणी, रठीयामणी B, रलीआमणी DE, रलियामणी . विणइ-त्रिणि BEP, प्रणि OD, राम र, तृग .. पोलि-पउलि र. तसहटी-शितलहटी , तलहरी A, , कान्हड़दे प्रबन्ध पोलि फूटरी पाटण तणी, चीत्रुडी नइ ढीली तणी । वारी पोलि भलेरउ भाव, कुंअर तणउं तलहटी तलाव ॥ सुंदर नाम तलावह जेउ, भोलेलाव कचोली वेउ । पाणी तणी पर्व अपार, सहू को मांडइ सत्कार ॥ जे पहिरइ मुद्रा कांधडी, आवइ जती जोगी कापडी। देसंतरि पंपीया भाट, अन्न अवारी पूछइ वाट ॥ तरूअर छांह परस चउवटे, राउत रमइ नितु जूवटे । नगर नायका रूप अपार, नितु नितु करइ नया सिणगार ॥ ३१ तास तणा मंदिरि वीसमइ, भोगी पुरुप तेहस्यूं रमइ । वावि सरोवर वाडी कूआ, नगर निवेसि ढलइ ढीकूआ ॥ ३२ २८ पोलि-पोल D, पउलि L. फूटरी-फुटही 0. चीत्रुही-चीनोदी 40, तलहटी L. नइ-नि Bos. ढीली-छानी B, होली ०. तणी-भणी इ. पारी-बार B, बाली र. पोलि-पउलि L. भलेरउ-भले BODE, भलेस , भऐद्र K. भाव-भावि I L. कुंअर-कूयर A, कुयर B D, कुंअर ०, कमरि , पुअर K. तगडं em- तणउ A K L, तणं BI, तणु 0 D, तणु F. वलहटी-तलहटी A, तलहटीइ 04, तलहटीई . २९ सूंदर-सुंदर BODI K, संदर B, शुंदर .. नाम-निव ०, नामई E, नाम I K L. तलावह- तलावा , तलाव E. जेउ-तेह A, जेह B, येह , जेअर, जेय . भोले-भोलि B C . लाव-भावि Bo, लाउ D I. फचोली-कबोल B, किचोली D, कभोली . बेउ-बेअ A, बेह B, बेडं D, तेउ E, बेय .. पाणी- पाणी D E K. पर्व-परव AG, जे परव D, छई पर्व 2. अपार-अपारि .. सहू-सवि र. मांडइ-मांडि BO प, मंडइ र, माडइ .. सकार-सत्रुकार , शत्रुकार D. ३० जे-जेह B, ये cx. पहिरइ-पहिरई A, पहिरि Bos. मुद्रा-मुंद्र A, मुद्रि B. कायडी-काण्डी B, कैथडी 0. भावह-आवि BOI, आविइ D. जती-जिती A, यती BO FIR, यति D. जोगी-योगी B C D E I L. देसंतरि-देशातरी B C DIE, देसतरी , देसातरी .. पंपीया-पीआ ODI, पंखीआ है, पंषिआ K. भाट-भाटि .. भन्न-अंन AR, अन्न र, अन्नि L. भवारी-यवारी D, अचारी म. पूछा-पूछि BI, पूरी ०, पूछई D. ३१ तरूअर-तरूयर A B, तरुअर ०. छांह-शाह्या ०, छांहि . परस-पुरुस AE, पुरस B L, परKC, पर्व प. चउवटे-चुवटि B, वाट , चुवटे DET, चउवटे K. राउत-राउत्त K. रमइरमि BI, नितु ,, रमई D. नितु-नित २ 4, रमि , नितुं D, दिहा नित E, नित्य K. जूबटे-जूवटिइ B, जूवाट 0, वावटे .. अपार-अपारि .. नितु नितु-नित २ A K, नितु २ B 0 FIL, नितु २ . करइ-करि BOJ, नवा D, करिइ ३. नवा-करइ D,...E, नवला I K. सिणगार-शृंगार AI, सणगार , शृंगारि .. ३२ वास-तिहा , तासु E, तीणे 5, ताशु L. तणा-तणि BI, तेणि C, तणइ ,...., तणो म. मंदिरि- मंदिर ODEL, मंदिरे K. वीसमइ em-वीससई A E, वीसमिइ B, वीसमि 0 3, वीसमे D, वीससइ .. भोगी-भोग B. पुरुष-पुरदर B, पूरुष , पुरप , तेह-तीह A, तिहा OF L. स्यूं-SA L, KO K, सिउंE, शं. रमइ-रमिइ B, रमि 0 , रमई D, रमइ हसइ . सरोवर-सरोवरि . कमा-कूया B0, कुआ K. नगर-नगन K. निवेसि-निवे A, निवेस र, निवेशि .. ढलइ-ढलि B C . ढीमा-दीकूया B, दिकूआ, टीकुआ र, ढिकुंआ .. जे वीसमइK, चतुर्थ खंड गढ गिरूउ जिसउ कैलास, पुण्यवंतनउ ऊपरि वास । जिसउ त्रिकूट टांकणे घडिउ, सपतधात कोसीसे जडिउ ॥ ३३ घणी फारकी विसमा मार, जीणइ ठामि रहइ झूझार। झूझवाणनी समदा वली, विसमा चार वहइ दीकुली। गोला यंत्र मगरखी तणा आगइ गढ ऊपरि छइ घणा। ऊपरि अन्न तणा कोठार, व्यापारीया न जाणूं पार ॥ ३५ माणिक मोती सोनां सार, गढ मांहि गरथ भरिया भंडार । टांकां वावि भस्यां घी तेल, वरस लाप पुहुचइ दीवेल ॥ जूनां सालणां सूकां पड, ईधण भणी घणां लाकड। जालहुर गढ विसमउ घणउं, चाहूआण रायनूं वइसणउं ॥ ३७ ३३ गिरूउ-गिल्डं 5, गिरुउं .. जिसउ-जैमु B, जिम ०, जेस्यू D, जिसिउ E, जिशु र, जिस .. कैलास-कैलाश , कैलासि उ. पुण्यवंतनउ-पुन्यवंतनु B, पुन्यवंतनु , पुण्यवंतनु न, पुण्यवंतना E, पुण्यवंतनु प, पुन्यर्वतनउ L, ऊपरि-उपरि E. जिसउ-जिमु B, जिस्यु 0 D, यसिउ E, जिसिउ र. त्रिकूट-निकूर, चित्रकूटि .. टांकणे-टांकले A, टाकणे D, ब्रह्मांइ E, ढाकणे I. घडिउ-घन्यु D, ढडिउ I, घध्यउ K L. सपतघात-सप्तधातु BOL, सपतधातु D, सातधात E. जडिउ-जधु D, जव्यउ K. ३४ धणी-घणि D. विसमा-विसमी B. मार-घाट L. जीणइ em-जीणइ , जेणि B, एणि , जेणिइ , जेगइ E, जीणि I, जीगई K, जिणइ L. ठामि-ठामि 0 D E J K. रहइ-रहिं B, रहिइ , रहि I. झंझार- साझारि .. झमवाणनी-झूझवांगना , धरम तणी , झूझणद्वारना D, झुझयांगनी E, झूहावांणनी र, इझवाना .. समदा-समदा ते ०. वली-यावली L. विसमा-विसमा A, विसमि , वसमी D, विसमी BJL. पार-वाट B, ठामि 0. वहइ-वहि BOI, वहिइ E. दीकुली-ढीकली B, ढिंकली , दीकली DEI K, टिंकुली .. ३५ मगरवी-मगरवा B, मगरवै , मागरवे D. तणा-तणां B D, तणी K. भागइ-आगि 80, आगे K. उपरि-परि D. छह-अति A, छि BI, छई E. घणा-घणा B D L, घणी K. उपरि-ऊपरि D. अंग EK L. तणा-तणा A D. कोठार-कोठारि .. व्यापारीया-च्यापारीआ CE, वापरिआ x. न-नवि . जाणू-लाभइ A, जाणु ०, जाd D, जाणू E, जागइ , जाणू .. ३६ माणिक-माणिक A OJ K, मांणक D, माणिक्य E, माणिक्य L. सोना-सोना DL, सोनुं ०. सार- पार .. मोहिमांहां B. गरय-गुस्य , छइ भरय ०, गर्थं 2. भरिया-...०, भस्खा DEL, भरिआ r. टोका-टोकी DL, ढोक्यो , टोकि K, भखां-भरीया A, भरिया BE, भरी L. वरस लाप-वरस लपि A, लाप वरस 0 K. पहुचह-पहचइ A D L, पुहुचि B, पुहचि , पहुचि , पहुचइ र. दीवेल-दीवल D, दीवाले .. ३७ जूना-सूका B, जूना D. सालणा-साला D, सीला , सालणं E, सालना 2. सूका-सूका A, मुको ०, संग्रह, सूकी 2. पर-पां BJ, पढी .. ईधग-इधग इंधण D, इधण E. मणी-मार ०. घणां-मली E, धगा L. हाका-लाकडा BI, लकट D, लाकिड , लाकडा L. जालहुर-जालोर A, जालोहर ०, जालु- हुर :, जालउर 5, जालउरे .. विसमड-विसमु B DET, विसk K, विसमो .. घणउँ-घf B, प्णु ODE K, घण3 L. चाहमाण em-चाहूयाण A, चहृयाण B, चहूआग 01, चाटूआंण DEE, चहुआग L. रायन-राय त BDI, राय- ०, रायनु K, राजा , बहसणउं-विम B1, विस , बइमणु DRE, बसगड .. 22 भर-अंन १७० कान्हडदे प्रवन्ध कान्हडदे पाटनउ धणी, वीजी भूमि भोगवइ घणी। राजरिद्धि, किसूं वपाण, वालइ पंचवर्ण केकाण ॥ चरइ सेलडी साकर द्राप, अति रूअडा तुरंगम लाप। पाणीहारि पोलीआ सूआर, दासदीकोलां संप न पार ॥ श्रीगरणा वइगरणा भला, साणहिता महिता राउला। नगर तलार देस सेलहुत, देहरासरी विप्र प्रोहित ॥ अवधानीया अनइ टावरी, करइ मसाहणी चिंता तुरी। [इसी अवधि वरतइ राउली, त्रिणि वार घोडां जाउली ॥] ४१ भंडारी कोठारी जेउ, पूरइ वरउ रालगुनि तेउ । आव्या-ग्या-नइ दीजइ मान, बुद्धिवंत राउला प्रधान ॥ ४० ४२ ३८ फान्हददे-कान्दटदे A Eर, कान्हडदेय 0, काहनडदे D. पाटनउ-पाटनु B C D, पाटणनु , पाटणनउ र, पाटणनउँ L. घणी-घणी K. भूमि-भूमि A E, भोमि 3. मोगबह-भोगवि BO, भोगवी र रिद्धिनूं-ऋद्धि A B C, रिधिनुं D E, रधि :, रिधनउ L. किसू-परि B, कर्तुं ०, कसि DE, किशं , किमुर, किस .. वपाण-वाण AO DEI K, वखाणि L. वालह-वालि AOI, वालि B, चालई D, चालि E, वालई .. पंचवर्ण-पंचवरण 0, पाचवर्ण E. फेकाण-केकाण AOD PIK, किकाण .. ३९ घरह चरि B, चारि , चरिइ D. साकर-सावर में D, साकर नि . अति-अनि B. रूमहा-स्यडा B, रुडा D, रूडा BI, वडा L. तुरंगम-तुरंगम L. पाणीहारि-पाणहरी BE, पाहाणारी, पाणीहारि D, पाणहिरी , पगिहरी र, पणिहारी L. पोलीआ-पोलीया ARD, पोलि , पोलिमा K, पउलिया .. सूमार-- स्यार A B D, अपार C. दाम-दारा D, दासि , दसि K. दीकोला-दीकला D, दीकोटी ८. संप-शंख D, संपि. ४० श्रीगरणा-श्रीगुरणा D, सइगरणा L. वहगरणा-विगरणा , वइगरणा D, वयगरणा इ. मला- मलां D. साहिता-सांहण A, सागहिना B, साहाणादत , साणहता D, साणहता E, सेलहत्य .. महिवा- मुहता छइ A. नगर-नगरि A. तसार-तल्हार , तलहार D, तारे, तलारउ .. देस-देसि , देह B, देश 01, दिE, दिय .. सेळहुत-सेलहय A E, सेटहोत B, सेटत , सेहत्य E, सेलहत्य .. देहरासरी- देरासरी A, देहरामार B, देहरासिरि D, करइ देहरासर E, करइ देरासरी र, देहरासरिइ .. प्रोहित-परोहित BD, विहिदय E, पुरोहित. ४१ भवघानीया-अविघानीया , अवघानी DIK, अवर्षानीमा :. भनइ-दीसि B, अनि 01, अने D, नइ .. वरी-टाउरी E, टाहुरी , ये टापरी K, वावरी 2. करह-परि BOR, रोइ र. मसाइणी- मसाणी AC D E , मसाहाणी B, मसाहणी K. चिंता-पिता KE. BODIK L omit 41 b. ग्रिणि-त्रिण. घोड़ा-घोडा .. ४२ जेउ-जेह AD, बेऊर, जेय .. पूरा-पूरि BOL. याउ-N BODE. रागनि-राउल ADI, राउ ०, राल्गुनि , राज्रगुन , रावरदं .. तेउ-वेह 4, वे3 BK, तेहD, तेय .. भाम्या-माया , या-या A BEE, गया o DIL नह-नई A DE, निं B, नि03.दीनद-दीजि BAROD. मान-मान , मान ०, नि DE, मानि .. दिन-युपीत D, युधिवत र. प्रमान-प्रधान AODHIK.

, . चतुर्थ खंड १७१ .नित नित करइ राउलां वतां, पोसातां दीजइ कणहतां। चाहूआण घरि आगई लगइ, ठकुराला राउत उलगइ ॥ सोलंकी वाघेला सुहुड, रोसाला राउत राठउड । । एक राउत चाउडा हूण, अति फूटरा ऊतारा लूण ॥ ४४ जइवंता यादव परमार, गृहिल सवे सवल झूझार । इणि परि राजवंस जे सवइ, लहइ ग्रास ग्राम भोगवइ । ४५ तरूआरे सोनहरी मुंठि, करडां पेडां घालइ पूंठि । कडिहि कटारी हीरे जडी, पाडसूत्रनी छइ दावडी ॥ मेघवना फाडा बांधिवा, पाए मोजडा पोगर नया । पांडां पटा तणा गजवेलि, अलवि आगिला हीडइ गेलि ॥ ४७ ४३ नित नित-नित २ A E K, नितु B, नितु २ ० ३ , नितुं २ D. करइ-कीजि B, करि , करेई , करई R. राउला-रालगुनि B, राउलई L. वतां-वितां A K L पोसाता-पांसंतां K, पोसाना L. दीजइ-दीजि B0, दीसि I, दीज्यइ , कणहतां-क्णुहतां E, कणहता L. चाहूआण-चाहूयाग A, चहूयाण B, चहूणह ०, चाहूआण D E K, चहूआणा , चहूआण ते .. भागई-आगि B, आजह 0, आजु D, आव्या , आजज , आजे E, आगिलइ L. लगइ-सगिइ B, लगि GI,..... ठकुराला-ठकुराला A, ठाकुर ०, ठकराला , ठकराला E, ठाकुराला K, राउत-राउल A B C D, राऊत L. उलगइ-उलगई A, उलगिइ B, ते उलगि 0, उलाई D, उलगि उ. ४४ सोलंकी-सोहलेकी 0 D. सुहुड-मुहड A C D E L, होड B, सहुड E. राठउद-राठोड A D K, राड B E. राउत-रावत . चाउडा-चावडा I. हूण-हूंण 0 F, हुण D, नइ हुंण K, हुणि L, फूटरा-फर B, फूटरी ग्, फूटरां K. ऊतारा-ऊतारूं B, ऊतार, उतारइD, ऊतारू :, ऊनारि. लूण-लूंग A D E, ण K. ४५ जइ-जय B C D E IE, जेई 1. परमार-परिमारि .. गृहिल-गोहिल B C D K L, गुहिल E, गोहल 1. सवे-वसि B, सवि ०, वसइ L. सवल-सबला DJ. झंझार-झूझारि .. इणि-इण A, ईणी B1, इणी 0 , एणि D. परि-परि B D. राजवंस-राजवंश B BIF, रायर्वस , राजवंशी D. जे-ये E,...K. सवइ-वसर 4, सवे BOD I L, उलगइ K, लहइ-लि B, लहि 03, लिइD, लहिता E. प्रास-ध्रास A, गरास BOK, ओमप्रास E, प्राम L. ग्राम-गाम B D, गाम 0 2K, प्रास .. भोगवइ-भोगवि BOI, भोगविइE, भौगवइ .. ४६ तरूमारे-तल्यारे A BI, तस्मारे ०, तरूआरिई, तरूआरंद र. सोनहरी-सोनानी B DEL, सोनिरी0. मूठि-मुठ D, मुंठिE, मुठि .. करडां-करडू B, केरा D, करडा .. पेड-पेई B, पेडा .. घालइ-घालि BI, पाति , घालई D, डायइ ८. ठि-पूठि A B DK L. कहिहि-क्डइ A, कडि B, कहिडि ०, केडि D, कडहि EL. कटारी-कटारे E. हीरे-हारे A. पाडसूत्रनी-पट्टमूतीनी , पटसूननी FL, पाटसूबनी I K. छइ-छि B 01. दावडी-डाभडी , दामणी D, टारडी L. Dadds after 46b: भला भलेरा देशइ हायि, वयरी सिउं ते वाहइ वाय, radds भला भाला ते दीसि हाथि, वियरी ते वाहि वाय. ४७ मेघवना-मेघवाना B, मेघवना DET, मेश्वना L. फाडा-पालिया B, फाला , फडा D, मोली पाली २. फल्या वांधिवा-वाधवा BOSE, बंधवा D, वाधवी L. पाए-पाई .. मोजा-मोजडा AD, मोजड B, मोजडी ०८, मोजा, पोगर-पोडरना , नितु L. नवा-नवां , नवनवी .. पांढा-पांडा ०८, घाट D. पटा-तटा AD, पाट ( तणा-तणी A BE, तणा . मयवि-अलविई D, अलवइ .. मागिला-आगला BEL, आगलि 0, आगेला .. हीडइ-हीहइ A 1, हीडि B, हीडि0, हीटई . र गेलि-गिलि.

१७२ ४८ , कान्हडदे प्रबन्ध 'सावलोह भाला नइ सांगि, लीइ हथीयार सवे मनरंगि। नवां सावटू ठेसइ पाय, उलगीइ कान्हडदे राय ॥ रंगि बिरंगां मुहगां मूलि, पहिरइ एक कणयरी झूलि। भोजन वार मांडीइ त्राट, कीरति वोलइ चारण भाट । सेव संहाली लाडू गल्या, आछा मांडा पापड तल्या। पाजे पडक सालणे वडी, कूरकपूर तली पापडी ।। पंचधार लापसी कंसार, धान रसोई भाव अढार । अति ऊजलां ढेपालां दही, भुंजाई ए राउल लही । पान कपूर दीइ थईआत, चोआ सुर तुर चोलीइ हाथ । मुडोधानी कुंअरी घणी अंतेउरी कान्हडदे तणी ॥ , ५० . ४८ सावलोह-सावलोहमय C, सांवलोह . भाला-भला E, भाला K. नइ-नि BI,...0, ने D. सांगि- संगि ०. लीह-लि Br, लिं 0, लिई D, लेई , ल्यई K, लेय .. हथीयार-हथीआर ORI, हथियार DL, हथिअर K. मन-मनि A L नवां-नवा O DJ L. टेसइ-ठेसई A, ठेसि BOI, टेसिई D, ठेसवइ R, वैसइ K. पाय-पाई ०, पाइ F. उलगीइ-इम उलगइ A, उलगीइ B, उलगीई 0D, तउ उलगियै र, उलगीयई .. कान्हडदे-श्री कान्हडदे A, कानडदे 0 D, कान्हडेदे , कान्हडदे K. राय-राइE. । ४९ रंगि-रंग D E L. बिरंगां-बिरंगी D I, विरंगा E, विरंगइ 5, विरंगा L. मुहगा-मुहुगां B, महघि ०, मुहगई D, मुंहगइ , महुगि, महुगइ K, मुइगा L. मूलि-मूलिं DF, मूल L.पहिरइ-पहिरि B 0I. कणयरी- यरी E. झलि-झूलि A. भोजन-भोजनि B. चार-वीर B, वेलाई ०, वारि , वारइ .. मांडीइ-मंडाइ B, मांडीई D, माडियद K, माडीयइ ८. पाट-बाटि उ. योलइ-बोलि B 0 3. चारण-बांभण A, बिंदिणि E. ५. सेव-सेवे F. सूहाली-मुंहाली A, सूहाला BI, सूहाला , सुहाला K, शुहाली .. लाडू-लाई । गल्या-गिल्या B, गल्या 5, गुल्या .. आछा-आछा 0 E K, आठा L. मांडा-माज्या 0. पापड-पपड र. तल्या-तलिया B, तल्या D E K, पाजे-पारेक C, पार्जा D, यमीइ , पाजे E, पाजा .. पटक-पडके , षटु , पाड र, पडकई .. सालणे सालणां A, सवाणि B, सालणि ०, शालि ते E, सालने F, सालनइ. वडी-चली D K. तली-तणी B. ५१ पंच-पांच AK. धार-धान K. लापसी-लाफसी E, लापशी र. कंसार-कैसारि .. धान-धान रसोई-रसोना A DI, रसोईना C. ऊजलां-उजला D, कजली र, उजला L. ढेपालां-मेथालां A, सथ , ढेपलां DI, थेपला E, ढेफाला K, ढेफाला , दही-दही B, दहिं ०. मुंजाई-भूजाई AI, भुजाइ R. ए- ...A ODI, ई B, सवि र, एह L. L transp as एह भुंजाई. राउल-राउति B, राउत ते ०, राउत Dr. लही नइ सही A, लहिई D, तणी E, लहि सही , लहइ K L. ५२ पान-पान D E I K. दीइ-दीजि B, दि ई, दिइ , द्यइ र, देय .. थईआत-थईयात BD, ईआत ०, रात x, थईयाति , त्रोमा-चूया BI, चूआ 0, चोया D, चोवा L. सुर तुर-सरसा R, सूरमी , सररस D, सरवर E, सरस उ, सुरतर 5, तेय चोलोइ-चोली A, चालि B, चोलीया D, चोलिये आलीयई L. हाथ-हाथि A B C, हात E. मुझेधानी em-मुडोधानी A, मुडुधानि 3, मुडाधानी OD E L, मुडधानी 3, मोदोधानी र. कुंभरी-कुयरी A B, कुमरी D, कुमरी FIR, कुअरी ८ घणी-वली .. अनेउरी-अतेउरि ०, अतेउर , कान्हडदे-कान्हडदे 40 FI L, काइ रा B, काहनडदे D. वणी-मिली . कघोलपE, चतुर्थ खंड सवि सुकुलीणी रूपि अपार, माणिक मोतीना शंगार। वडइ रालगुनि एहवी रीति, हीइइ सवि रायनइ चिंति ॥ ५३ कान्हडदे राजा सुविचार, रूपि जिसउ अश्वनीकुमार । बोलावीइ नितु परधान, छए दरसण दिवराइ दान ॥ मंडपि मुहल दीइ भूपाल, नाचइ पात्र ऊगटइ ताल । जाणइ जेह भरहसंगीत, पाडप्रबंध ते गाइ गीत ॥ पित्रीवट जे साहस धीर, मालदेव छइ लहुडउ वीर । जिसी प्रीति लपमण नइ राम, राज अनरेइ एहवी माम ॥ ५६ ५४ ५३ सवि-सवे . सुकुलीणी-मुकलीणी A, सुकलिणी 0, सूकलीणी .. रूपि-रूप BDI K, घुधि .. अपार-अपारि .. माणिक-माणिक AJ K, माणिक्य E. मोतीना-मोतिना D K, मोतीनां BL. शृंगार- सिंगगार BD, शणगार , शिणगार E, अंगार E, शृंगारि .. बडइ-वडि B, वडे 0 DE. रालगुनिरालगुनि A, रालगुने ०, रालगंने :, राउले उ, राउलगुन L. एहवी-एही A F. हीइइ-चालइ A_E, हीडि BO. सवि-सवे BO DIK L, सवि ते P.A transp as सवि चालइ; E transp as सवि ते चालइ. रायनइ- रालि BO, राउल E, रायनि , राउलइ म.चिंति-चीति BEK, चीति र, चिती D. ५४ कान्हडदे-कान्हदे A, कान्हडदे 0 BI, काहनडदे D. E transp as राजा कान्हडदे. सुविचार- सविचार :, शुविचारि .. रूपि-रूपिं B, रूपिई D, रूप .. जिसउ-जिमु A, जिवित B, यमु०, जसिई D, यसिउ :, जिशु . अश्वनी-अश्विनी BOD, अखनी K. बोलागीह-वोलावी , बोलावियै , बोलावीयइ .. नितु-जिहां नितु A, उत्तम , नित BK. परधान-परधान A DIE, प्रधान E, परिधान L. छए-छहां 4, छ BK, छD L. दरसण em-दरसिणा A, दरिसग B, दरसणे ०, दरसननई D, दिरसिंगनई E, दरशन', दर्शन K. दिवराइ-दिवाइइ A, देवरावि B, देवराइ ०E, दीजई D, देवारि , देवाई र. दान-दान A DIE, मान B,धान,मान 4. ५५ मंडपि-मंडप OEL. मुहल-मुहुल BI, मांहि ०, महल E, महुल K. दीइ-लीनु ०, दियइ .. भूपाल-भूपालि .. नाचइ-नाचि BOF I, नाचई K. ऊगटइ-गटीइ B, उगति , उगटइ D, ऊगाट 7, ऊमटइ K. ताल-लाल 0. जाणइ-जाणइ A E, जाणि BO, जाणि उ, जाणे .. जेह-जे A,...: 0, योतिष E, जुस, जेउ K. भरह-भरह मेद B C. संगीत-सींगीत L. पाइप्रबंध-पाइप्रधे A, पदबंध B, पदप्रबंधक, पाटबंध D, पाटबंध EK, पडिप्रबंध ..ते-...A, त K, L. गाइ-गाई र, गायइ .. मीत-गीति .. ५६ पित्री-सनीय A, सन BO, क्षिनी K. वर-वर्टि ०. जे-ये 0. साहस धीर-महासधीर B, साइसधार . छप-छि B. लहुदउ-लहंदउ A, लहुहु PD, लहड ०, राहुहउ B, लुदुडुप, लहुदो .. जिसी-यशी 0. रुपमण-रक्ष्मण BI, लप्मग K L. नइ-नि BI, नई D. राम-राम AODEI KL. राज-राजार, राजि K. मनेरह em-अनेरे , अनेर B, अनेरा CK, अनइरइ D, अनेरा , भनेरी , एवी-एड़ी 5. माम- ATACEJEL, ETH B.

, कान्हडदे प्रबन्ध : जिसी प्रीति हणूया सुग्रीव, जाणे नहीं जूजूआ जीव । सीकरि छत्र चमर ढालीइ, साचइ न्याइ लोक पालीइ ।। देसदेसना आयइ माल, कान्ह माल विवइरीसाल । मोटिम घरि चहूआणा तणइ, राज करइ थानकि आपणइ ॥ दूहा ॥ राजरिद्धि निरमल सुणी, पुण्य तणइ परमाणि । पदमनाभ पंडित भणइ, सिर धूण्य सुरताणि ॥ ५९ ॥ चउपई॥ कहइ पातसाह सांभलि माइ, इसिउ दुर्ग किम लइणउ जाइ । कुंअरी तई अणजाणिउं कीउं, जई जालहुरि वचन कांइ दीउं ॥ ६० ५७ जिसि-यसी ०. हणूया-हणूआ A E, हनूया B, हनुआ C, हथुया D, हणमंत K, हणुआ L. सुग्रीव- समीव , शुप्रीय 4. जाणे-जाणे AOR, जाणि D, आणई .. नही नहीं B. जुजूमा-ज्या A B D, जूजवा K. सीकर-सिंघासणि ल, सिकिर D, सींकरि E, सीफिरि , शीकरि K, सीकर 1. छत्र-...c. धमर- चामर ODI, चामर L. ढालीइ-ढालीई 0 D, ढलिये K, ढालीयइ .. साचह-साचि BOT, साचवई D. न्याइ-न्याई ०, न्याय D K, न्याई , ज्ञाय L. लोक-प्रजा B. पालीइ-पालीई 0 D, पालियै K, पालीयई .. ५८ देसदेसना-देसदेशना , देस २ ना DE, देशदेशना K, देस २ ना .. मावह-आवि BOJ. माल- मान B. कान्ह-कान्ह A K, श्री कान्हडदे ०, कान D, कहिन E, काहान . माल-मालदे BK L, .... वि-वे AK,...०, बेउ D. बहरीसाल-विरीमाल B, लीलभूआल 0, वयरीसाल E, ऊपरिसाल D , यरीसाल .. घरि-घरे र. चहूमाणा-चहूयाणां A, चहूयाणह B, चहआणह 0, चाहूयाणह D, चहूआंगi xx, चहुआण .. तणह-तणिइ B, तणि , तणी D, तणे I K. करइ-करि BOJ. यानकि-यानकि AORT,यानक P, थानिक K, थानिक L. आपणइ-आपणि B CE, आपणे D I K. After 58 br interpolates : बंदइ इसी करी भरदाधि चाहुआण छइ लीलविलास. ५९ दूहा-दुहा D. रिद्धि-ऋद्धि B 0 E, रिद्ध D E, रिधि K. निरमल-निर्मल B DE, निर्मल L. सुणी- घणी B, सूंणी D, णी K, शुणी 2. पुण्य-पुण्य A, पुन्य 01, पूंन्य D. तणइ-तणि BOJ. परमाणि-परमाणि AO, परिमाणि D, परिमाणि E I, परिमाण K, परिमाण L. पदमनाभ-पद्मनाभ BJ, पदमनाभि E, पमनामि म. भणह-भगिइ B, भणि C I, भगई .. सिर-शिर C K, शर , सिरे L. धूण्यउं em-धूण्य A, धूणिउ B, धूयु , धुणि D, धूणइ RK, धूण्यूं , धूण्यउ , सुरताणि-सुरताणि 01, सूरताणि D, सुरताण K, शुरिताण L. ६० घउपई-चुपै B, चु००, चउपे D, चुपई E, चुपै. , चउप्पई 1, कहइ-कहि BODI, पहिइ र. पातसाह-पातस्याह E, पालशाह , पांनिसाह K, पातिसाहि L B transp as पातस्याह कहिइ. सांभलि- तुं साभलि , सभलि : माइ-माय C D J K L. इसिउ-इमु A, इस्यु B, इसिउं D, इशुप, इसउ K. दुर्ग- कोट A, दुर्ग B D E K, दुरंग ० क्मि-किऊँ L, लइणउ-लीधु B, रेणु CE I, रेणुं D, लेणउ E, लिणउ L. जाइ-जाई ०, जाय I कुंअरी-कुंयर A, कुंयरी B, वुअरी OF L, कुमरी P, कुमरी F. तई-तइ A, नि B, ति, तई ८ अणजाणिउ em-अणजाणदं A, विणजाण्यु B, विणजाणु, वणजाणिउँ छ, अणजाणिइ ६, अणजाणिउं प, विगजाण्यु र, अणजाण्यउं कीडं-किऊं D, परिऊ , कीयु र, कीयो .. नई-जे र, जाई L. जालहुरि-जालोर A, जालहुरि E, जालउर K L. वचन-बोल A. काइ-काई , का B C D I, वाई .. दी-दिउँ P, दीऊ EI, दिऊं E, दीयउ म. RCD, .

चतुर्थ खंड कुंअरी भणइ अवधि मई कही, तिणि दिनि गढ भेलासइ सही। तिणि अवसरिवोल्यउ सुरताण, शुकन वोल ताहरउ प्रमाण॥ ६१ राजा भणइ मुहल मांहि आवि, सुरताणी चंदा बोलावि । नामि समरकंदी जेहनइ, बोलावइ वंदा तेहनइ ।। ६२ कमालदीन मलिक तेडीयर, सीह पातलउ साथइ गयउ । सादी मलिक मान छइ घण, मलिक अमादल मांटीपण ॥ ६३ निजामदीन मलिक बलवंत, मलिक नेव जाणे जयवंत । मलिक वाहादीन वोलावीउ, लाप लाप साहण आपीउ ।। बंदा तणा सवे अईयार, हुंसे मुसे नइ वरपुरदार ।' अहिमद महिमद नइ हाजीउ, आबू बाबू नइ गाजीउ ॥ . ६१ कुंअरी-कुंयरी A B, कुमरी D, कुमरी E, कुंभारे 5, कूअरी 2. भणह-भणि BCE, भणई .. मई-मइ A, मि BOT, मिई D, जे .. तिणि-तीगइ A K, तेगि BO, तिणि D, तेणइ 2. दिनि-...B, दीन K. मेलासइ-मेलसि B, मेलासि C D BI, मेलाइयइ E, मेलासिइ .. तिणि-विण A, तेणि B 0, तिगिं D, ईणइ F. योल्पट-बोल्यु A C, बोलिउ B DE, वोलि I, बोल्या L. सुरताण-मुरताण A FR, सूलतांन , सरतान , शुरिताणि L. शुकन-सन A, शकन B, शकुन CEIK, मुकुन D. योल-वोन A. साहर:- ताहर A, ताहरु BEL, ताहरो ०, ताहरा D. प्रमाण-परमाण B, प्रमाण DEE, परिमाण . Note-e us ends here; its remaining folios are missiog. ६२ भणइ-भणि BOL. मुहल-मुहुल BIL, महिल र. माहि-माहि AD K. आवि....B. सुरवाणी- सुरताणी 03, मुलतानि D, शुरिताणी .. बोलावि-तेडावि D. Dr omits vs 62 b. नामि-नामि 0., नाम K. समरकंदी-समरदी A, शमरकंदी K. जेहनइ-जेहनि B, जेह , जेय ८. बोलावइ-बोलावि B, बोलाव्यु ०, बोलावइ र, वोलाव्योउ .. बंदा-बंदु 0, चंदो .. तेहनह-तेहनि A, वली वेद , महिल माहि तेय .. ६३ कमालदीन-मालदीन A, कमलादीन L. मलिक-मिलक L. तेडीयउ em-तेदी पूछी A, तेडीउ BODJ, वेडियउ K, तेढीयो L. पातलउ-पातलु B C D , पाविलउ L. सायइ-साथि ACT, सरिसु B, सायिई D, सरिसउ L. गयउ-मोकलउ A, गयु B, लीउ 0, गर्यु D, दीउ र, गयो L. मलिक-मिलक .. मान- मान A ODI, नाम K, भानइ 1. छह-छि BOJ, छई . घट-घy B D, घणु , पगार, घगउ K, घणउ L. मलिक-मिलक L. भमादल-इंमादल A, सादल B, उमादल , अमादलें D, मादल र, मादिल .. मांटीपणउं-मोटापर्ण B, माटीपणु ०, माटीप" , माटीपY , मांटीपणउ K. ६४ निजाम-निजाम AIK, नजाम , नयाम D. मलिक-मिलक L. बलवंत-अतिहि रलवंत र, बलवंत K. जाणे-जाणे A DIE, जाणि, जाणइ ८, बाहादीन-वहादीन A, बाहदीन 0D, बादादर .. योला. घीउ-बोलावियउ र, बोलावीया L. साप लाप-लाप २D L. साहण-साहा A K. भापीउ-आली3 B, बोलियउ K, आवीयो .. १५ चंदा-बंदि D, बंदा : तगा-तगढ़ L, तो D. अईयार-अईआर 03, अभार K. हुसे-हू 0D, हुँसे र मुसे-मुंने B, भूमे , मुंगेर, मूमे L. बरपुरदार-दुरपुग्दार A, वेपरदार ०, पपरदार D, बपढदार , वरपरदार , यरपूरदार L. महिमद-अहमद A, अहिम्मद B, महिमुंद. महिमद-महमद 4, महिम्मद B, महिद ०. नइ-.... L, नि, ने D. हाजीउ-हानी बे3 B, गाजीआ 0, इजियउ , हात्री जेज, भाव-अयू B. नइ-नि Bor,..... गाजीउ-हाजीआ , याजियउ E, गालिम जेय ८, कान्हडदे प्रबन्ध मीर गदाई ताजन मीर, मोजदीन आराहइ पीर । साहावदीन पीरोजउ वली, क्यामदीनसूं आव्या मिली ॥ ६६ दहीरदीन नइ वगसू भणउ, ताजदीन बंदउ तेह तणउ । नाथू थाहरू नइ मरगूव, इसमाइल रजब आकूध ।। दुलतईयार बहादर हमीद, पइरदीन कालूउ फरीद । समसदीन आदम अभिराम, सालमान अवदल करीम ॥ आली मीरण {मण जिसउ, ई भीपू मीठउ तिसउ । चिगुनउ चांदउ नइ मारूप, काविल भरमु भयंकर रूप ॥ ६९ ६६ मीर-मलिक B, मार D. गदाई-गदाईत A, गयाई 0. ताजन मीर-ताजनजीर .. मोजदीन-मोजनदान ०, मोमीन . भाराहइ-आरोहइ A, आरोहि B, आराहि C D I, आराधाइ .. पीर-वीर B. साहावदीन- साहदीन A, साहाबदीन BI, साहबादीन D, सहाबदीन L. पीरोजउ en-पेरोसा A, पीरज H, पीरोज ODI, पीराजउ र, पीराजा , क्यामदीन-कामदीन B, कमालदीन 0, क्यामदीन DIK.y- ने B,...0, सिउ D, शं I, KK, स्युं .. माव्या-साथि B, सजाई , जाय D, जाए , जाई, आवइ .. मिली-मली D, अली र. ६७ दहीरदीन-बुदरदीन B, दहरदीन, बहिरदीन D, हीरदीन K, नारदीन L. नइ-...B, नि ODI. बगसू-वगसु ०, बगमुं D, वेगस L. भण-ते भणु B, भणु ०, भग3 DK, भणु उ. ताजदीन-ताहरदीन B, राजदीन D, दरदीन L, बंदउ-बंदु BODI, बंदो . तेह-तिहा A, तह र. तणउ-तणु B 01, तणूक, तण .. नाथू-नाथु 4, नी) B, नाथु 0, नथू . थाहरू-धार B, पह, प्यार उ, प्याहरू E, धारू . नइ-अनि BI, नि, नई K. मरगूब-मीर हब , मरघुब , मरगाव E. इसमाइल-ईसमाल Bh, भवलमीर.०, शमाल , इसमाइल K, रजब-रूड B, नि साह , रजबुर, नइवू . भाकूब-नच 0, आकब K. D reads as 67 b. मलिअ इभाज प्यार मीर नथू अबू गदाई वीर. ६८. c omits vs 68-70. D omits 68 a. दुलतईयार-दुलतीयार B, दोलतीआर 3, दोलतिअरू र, दउलतीयो .. बहादर-बाहादुर B, बाहादर / L. हमीद-हम्मीद B, हमीर , हम्मीर K. पहरदीन- पिरदीन B, पिइरदीन , अरदीन L. कालउ-काल B. फरीद-पिरीद B, हमीर , पनीर K. समसदीन- सावदीन D. भादम-अहिमद , आदन D. अभिराम-अभरीम B, अभीराम D, अभिरांमI K. सालमान-- सलेम B, सलेमान D, सहलमान , सलेमान K, सलेमास L अबदलु-अबदल B, अबलु , अबलो. ६९ माली-अली BE, आसी D, आला . मूमण-छि यम B, मुंमण B, पूरण .. जिसड-...., निसिउ B, नस्युं D, नमु , नाम K, नसउ L ई-ईछु D, ईपू K, भीपू-.. K, भीडूं 1. मीठउ-मींडू , मीटर, बूढण K, मोढण L. तिसउ-तिसिउ B, सीमु D, सिमु, ग्यान K. चिगुनउ-चिगन B, विगर्नु , चिगनु र, चकतउ K, चिगुनी L. चांदउ-चंदू B, चादु न, चागु , चंद K L. नइ-अनि B, निI, अनई .. मारूप माकूप A, मारूफ , नीरूप र, काबिल-काबिल , कवन B. भरमु-मीर A, महा B, सर, पान , रामा 4. रूप-भूप K L.

चतुर्थ खंड वदरदीन नइ सेप नसूध, वाहादर ईसप.पइरू वूध । मलिक अईयार हासम जंजीर, गादिक कडु कमासु मीर ॥ ७० तुरका तणउ पार नवि लहूं, इणि परि नाम केतलां कहूं। गमे गमे चडीयाता फिरइ, ढीली नयरि मेलावा करइ ॥ ७१ एक तणी नवि जाणउं भाप, चाल्यां कटक चडी नय लाप। असपति राय तणइ फुरमाणि, पानज्यांह रापिउ दीवाणि ।। ७२ दीधी सीप पातसाहइ घणी, फोज करेग्यो आपापणी। वचन दी जालउरइ राय, कटक न आवइ रातीवाय ॥ ७३ मारगि रहेज्यो जूजूइ गामि, तिहांथा जाज्यो एकि ठामि । ल्यउ असवाव सामटउ अनइ, वरस आठ तणइ माजनइ ॥ ७४ ७० धदरदीन-वहादरदीन x.iiqr in sis: वहादरदीन नि पाप मुवधू, नइ सैप नसूध-सेप न मधू , सेप नइ सघू , नि सेपर सधू , नइ शेष नि मुर K, नइ सेपर सधू - वादादर-बाहर A, यादर B, वहादर K. ईसप-इसप A, ईसफ B, ईसप्प र, ईपद L. पइरू-पिर B, प्यार D,...K, पयर L. दूध-वधू , बधु D, मुमुद्ध K, नइ बंधू L. I otnits vs 70 b. मलिक-मिलक L. भईयार-ईआज D, आर , अरही नई .. हासम जंजीर em-हममाजरी A, हसामु मीर B, हासा मंजीर D, हासाम जंजीर , सवे वजीर .. गादिक-गदू B, गादि , गट्ट D, गादिल E, गदो L. कडु-फोदर A, कदू B, गहिल K, क्यो ८. कमासु- या A, कमामु B, भवापा K, कमांशु ७१ - omits vs 71 . तुरका-तुरकागा B, तरक , नुरक D. तणउ-...B, तणु C D, तणां.. पार-पारि .. सहूं-न लू A, लहुँ C D K, लहू ८. इणि-एणी E, दणी ०, इंणि D, विणि .. परि-परि D. माम-नाम D K, पार L. केतलां-केतल्य A K. केतला .. कहूं-कहुँ AC D K. गमे गमे-गमे २B0V, नुरंगम तेजी .. चडीयाता-चढीयायत 0, चडीआता D, चढीआता र, चडिआता K, चन्या .. फिरह- पिरिइ B, पिरि . ढीली-डिसी 0. नयरि-नगारे 0D, नयर L. मेलावा मेलाविउ B, मेलावु , मिलावट L. घरह-मिलिइ B, करि . ७२. एक-एका ८. वर्गा-तणा . नवि-ना D, न I. जाणउं-लहीइ B, आणु , जाणुं D, जाण र, लहिये K, माप-साप , पार L. चाल्यां-चान्या AKL, चिई B, चढी 0. चही-मिली B, वाल्या 0, चदी. चच्या E, करी. तणइ-तणि BI, तिणि 0, तणइं . फुरमाणि-फुरमाणि AOK, फरमाणिक, फुरिमाण L, पानग्यांह-पानज्याह A, पानजिहां B, पानय्याह , पानज्या D, पानज्याहाँ र, पानग्याह र, पानजांह L. रापिउ-राप्यु, राप्य ६, राप्यो .. दीवाणि-दीवाशित, दीर्वणि K, ७३ सीप-शीप K. पावसाहइ-पानसाहि BC, पातसाह , पातमाह , पतिमाहइ , पातिसाहि .. करेग्यो-बरेयो , करेजो K. भापापणी-आपआपणी D. दीउंदीर, दियउ र, दीघ3 L. जालउरइ- जारइ A, जालयेहोरि B, जालहरि , जालहुरिं D, जालटुरि . राय-राइ B. भावह-आवि BOJ. रामावाय- रातीवाहि 41, रातीवाह .. ७४ रहेज्यो-रहु A C, रहियो B, रहीआ I, रहग्यो ६, रहेजो L. जूह-जूजूए , जुआ , जूभए , जाई .. गामि ताम , गाम D E, गाने , गाम L. निहाया-विहाया B, विहाथी D, निहयां र, विहायो । जाग्यो-एजो A, जायो BJK, मिलयो , जाजर्ड 1. कि-एकि B, एक०, एके , एक KL, टामि-यम BODI. स्यउ-त्यु A, लिउ BIL, लेई 0, ल्युं D. अमर-मुमुदाय A, समदा B, अमवाप , असयांवर, समदास , सामटem-सामदु A cा, सह को B, सामटु D, समिट , समिदोय .. अनइ-अनि BO7, अनई D, मइ ८ वरस-परग्स AL. तगइ-तणि BOL. माजनइ-माननि B1, जनिक, माननेइ . 23 . दीवाण..

१७८ कान्दडदे प्रबन्ध लाप लाप साहणनी वाट, दस दस सहस दीवाणी हाट । लाभइ चाउल मूंग नइ लूण, आटा गुल धी पाइ कूण ॥ ७५ लाभइ पांड तेल नइ मिरी, करइ सालणां लाभइ सुरी । अजमा जीरा लाभइ बहू, वेसण विरहाली लइ सह ॥ लाभइ नवी तिली नइ विही, कोठीबडां तणी काचरी। आदां सूरण केला हूआं, बीजोरां दाडिम लीवूआं ॥ लाभइ पारिक फोफल दाप, वली नालीयर लाभइ लाप । लाभइ सावू नइ कंटोल, हाटि हाटि छइ निरतां तोल ॥ गांधी हाटि पामीइ पुडी, रोग न आवइ एकइ घडी । साथि आवइ घोडानी लास, कटक मांहि मांडीइ निपास ॥ ७९ ७५ लाप लाप-लाष २ A DI L. साहणनी-सहिणनी A K. दस दस-दस BK, दहु दसि 0, देश २ D, दश दश , दस २ ६. सहस-सहिस BK. दीवाणी-दीवाणी 0 D, देवाणी K, In Jus Vss 75b- 90 a are lost. B . omit vs 75 b. लाभइ-लाभि 0. घाउल-चूला 0. मूंग-मुग A C, मंग R. नह-नि ०, नई D, न K. लूण-कण A, लूण 0 D. पाइ-पाई K. कूण em-कुण A, कुण D, कूण र. ७६ लामा-लाभि BO, लाभई 1. नइ-नि B 0, मई D. मिरी-मीरी D. फरह-करि , तल्या , कर .. सालणा-सालणा E, सालना 2. लामइ-लाभि B, मुंकि 0, नइ लाभइ .. सुरी-सही 4, सिरी 3, करी, सही D, शुह्रौ .. अजमा-अजमां B D, अजमु L. जीरां-जीरो .. लामइ-लाभि B 0. बहू-सह 4, बहु K, बहु .. विरहाली-नि वेरहाली B, बीहाली D. लइ em-नइ A, लि OD, ल्यैउ K, दिय L. सह- महू, सहु DK. ७७ 0 omits vs 77. लामा-लामि B. नवी तिली-तिली नवी B, नउवात विली .. नह-नि इ. बिही-विरी B, मिरी .. कोठीबडां-कोठीवो B, कोठीवडी K, कोठीवडा L. मादा-आदा DK L केला केला .. मां-हूआ A K, बहू B, हूआ L. बीजोरा-बीजोरा .. दाडिम-दाडीम K. लीमा em-लीन्यो 4, लीबहूं B, लीवूआ D, लीबुआ र, लीवूआ L. ७८ खामह-लामि B0. पारिक-पारिकि B, पारकि 0. फोफल-दाडिम L. A transp as: फोफल पारिक. पली-लीला A. नालीयर-नालेर A, नालीयरना 0 D, नालिअर K, नाल्यर .. लामइ-लाभि B. Ctransp as लाभि नालीयरना; Das लाभइ नालीयरना; Eas लाभइ नालिअर. A interpolates foll line after vs 78a: लाभइ साबू नइ कंटोल वारू लोक माप लापरा. लामा-लामि B, तिहाँ लाभि ०, वली लामेइ D. साबू-वस्त 4, सांबू र. नइ-नि ,...0 D. कंटोल-कटोल D, कंकोल E. हाटि हाटि-हाटि २०D, हाटिइ २ . छह-छि B,छे D,..... निरवां-निरता .. ७९ गांपी-धि D. हाटि-हटि B, हाटिइ .. पामीह-मांदीइ A, पामीइं D, पामियइ र, लामइ .. पुदी-यली B, पढी 0 D. रोग-रोगइ ३. न-नइ D. भावह-आवि BC, आवई .. एकह-एकि Bo, एके D, एो र. भावह-हूई A, आवि BO, आवै र, आवई L. घोडानी-घोडानी AK, खास-लासि 4, ल्हास .. माहि-माहि . मांडीइ-मंग B, माडिउ , माडिया, माडीयद म. निपास-पास AB, निवास , नपास चतुर्थ खंड लाभइ कापड नइ हथीयार, मोजां कुसि न लाभइ पार। एवडउ वरउ दीवाणज सहइ, सहू चउगुणउ मुसारउ लहइ ॥ ८० हाटां तणउ पार नवि लहइ, घणा लोक विवसाया वहइ । पांडा तरकस तीर कमाण, जरहजीण पूरइ दीवाण ॥ मोटा मलिक गुंदरइ वलइ, घोडां मरइ नवां मोकलइ । चाल्यां कटक सोनिगिरि भणी, पूठइ वगनी आवइ घणी ॥ ८२ भोई मेहर घणा तवाक, भठीयारा धीवरना लाप। दाढी मरतय गाइ गीत, ठामि ठामि नीपजइ मसीत ॥ आगलि उड समारइ वाट, बार सहस सूतार सिलाट । माली तंवोली सोनार, चालइ घाटघडा लोहार ॥ ८० लामह-लामि B, लाभाइ 1. नइ-नि B, नई .. हथीयार-हथीआर C D, हथियार K L. मोजां कुसि- कुसि मोजडा ०, मोजां कोसि D, मोजां कोश , मोजा पुंउस लामइ-लामि B, लाभैइ K. एवढउ-एवडु Pon, एवंडो .. वरउ-वरु B 0, वरु D, वरो L. दीवाणज-दीवाण जे B, दीवांणज O D, दिवाणज K, दिवागज प. सहा-सहि BO, सहई ८. सहू-सहु K. धउगुणउ-विमणउ A, चुगणा B, चउगणा 0, धुगणणं D, चउमाणा K. मुसारउ-मुशाहारा B, मसरो , मसारा D, मुंसारा K, मुसारो .. लहह-लीइ B, लहि ०. ८१ हार्दा-हाट BODE. वणउ-तणु B, तणा , तY D, तणां .. पार-पारि .. लहह-लहूं B, लहि 0, लहुं . घणा-घणां D. विवसाया-व्यवसाईया B, व्यवसाईआ ०, विवसाई D, विवसाई E, विवहास्या L. वहइ-कहइ A, हूं B, वहि ०, रहइ .. पांडां-पांडा 0 K. वरकस-तरगस .. कमाण-कमांण OD, कवांण . जरहजीण-जीण रहित A, जरहीजीण D, जिरहजीण K. प्रह-पूरई , पूरि B 0. दीवाण- दीवाणि BOL, दीवांण DK. ८२ मलिक-मिल म. गुंदरइ-गूदरइ A D, गूदरि B, गुदरि ०, गुंदरइ K, गुंदाइ ८. धलइ-बलिइ B, वलि ०, मिलइ र, वर्लई .. घोडा-घोड BO, घोडे, घोडो . मरइ-मरि B C. नवां-ते नवां A, नवु B, नवो L, नवु न. मोकलह-मोकलिइ B, मोकलि 0, मोकलई D. चाल्या-वाल्या B D L. सोनिगिरि-सोनगिरि BD, सोवनगिरि , सोनिगिर र, सोनगिरां 2. पूठइ-पठि AB, पूठि 0 D. यगनी-वेगि B, वनगइ ०, बनगइ D, बांनिगइ .. मावह-आवि B, भावी 0. ८३ मोई-मोइ 4, माहि B. घणा-पर्गा B D, नई L. तवाक-तबाप Dr. भटीयारा-भठीभारा ०, भठीयारां D, मठिमारा K, मठियाराना .. धीवरना-कठीयारा B, दींवर नइE, आवइ .. दाढी-टेढी B, ढढी x. मरतब-मागता B, मरतबि , मतरव D, अमृत K. गाइ-गाई AD, गावि , गावद र, गाई 4. गीत- गीति L, ठामि टामि-ठामि २ B , ठामि ठामि 0, ठामि २ ०, ठामि ठामि .. नीपजइ-नीपजइ ,नीपजि B, निपजइD, नींपजइ . ८४ मागलि-आगि B. उर-रह D, टडि L. समारह-समारि B C. सहस-सहिस B. सूवार-सूत्रार , सन्यारा B, सूतारि - सिलाट-मलाट , सिलावट x. माली-माली K. संबोली-तंबोली.. सोनार- तिहाँ सार ०. पाटइ-चालि BO. घाटघदा-घटपडा , घाटहीडा D, पाट हिडा , पारहान L. लोहार- कुमार AL, कुमार B.

कान्हडदे प्रवन्ध "कंसारा त्रांवहिडा सवइ, चालइ कारूनारू नवइ । तीरंगर वगनीगर वली, पास पवास सांचरइ मिली ॥ भाठी मद वेचइ पमार, चउद सहस चालइ चमारं । द्राम रोकडा आपइ हाथि, उरति पूंगडां लीधां साथि ॥ } मलिक लहइ विमणी किरीयाति, चालइ कटके दीस नइ राति । : जीणइ ठामि कटक ऊतरइ, वेगि काठगढ पाई करइ ॥ चड्यां कटक सीपामण हुई, ददा सनावर साथइ देई । 'दीइ सीप कुंअरी तिणि भावि, वीरमदे जीवतउ लेई आवि ।। ८८ एक वात हीयइ जाणग्यो, वीर तणउं मस्तक आणज्यो । संसालिज्यो फूल मांहि करी, छानी बात कहई कुंयरी ॥ ८७ ८५ कंसारा-कासा L. नांवहिडा em-नावहडा A L, बाबाह B, प्राविडा , बावहिडर D, बांबहिडा 5. सवइ-सवे A, सविइ B, सवि ०, ते सवे . घालइ-लीजि B, चालि C. कास्नारू-नारूकारू A R. नवइ-सवि B, नवि , नवी K, नवे L. तीरंगर-तीरगरा B, तीरगर C D K, तीरगरी L. बगनीगर-गरीबइ 2. वली-गुली A, मिली L. सांचरइ-संचरि B, साचरि , षोसरा K, साचखां 1. मिली-वली A BO. ८६ मद-मद्य 0. घेचइ-वेचि B 0, विगइ ८. पमार-पंभार D, पूमार K, घुमार L. चउद-चौद : 0 D, चवद् K. सहस-सहिस BK, सहेस .. चालइ-चालि Bc, चाल्या L. चमार-असवार A,"चंमार D. दाम-द्रोम A0 K. आपइ-आपि B C. हाथि-हाथ L. पूंगडां-पूगडां A, पुंगडो D, पूंगडा K, पूगडा .. लीधा-लोधा ..iv qr incis: पवास सघला चालि माथि. ८७ मलिक-मिलक A 1, मलीक D. लहइ-वहई A, लहि BO, लहई ८. चिमणी-विसणी A. किरीयाति-क्रियाति A, किरीआति 05, करियाति D, किरियाति .. चालइ-चालि B 0. कटक-क D. दीस-दीड 00 K. नइ-नि B C, ने D, नई L. जीणइ em-जिणइ A, जीणि B, जेणि C, जेणेई D, जीणई र, जिणई म. टामि-ठामि 0 5, ठामे p. ऊतरह-उतरिइB, ऊतरि ०, उत्तरइ D, ऊतरई 1, वैगि-विहां A, बेगिं D पाई-पाही B. करह-करिइ B, करि ०, करई D. ८८0 omits rs 88 8. घड्या-चडीयां , चडिउँ B, चल्या .. सीधामण-सीपांमण D, शीपामणि K. ददा-ददा A D, जीव L. सनावर-सुनावर A, सनावर D, जनाउरि L. साथइ-साथि AE, साथि B. देई-गई , देइ D, दै थई K, लेई .. दीइ-दीघी A, दि CD, दीई र, देइ .. सीप-सीपमिण , सिप D, सीपामणि र, शिराचा . कुंअरी-राजा A D,... L. तिणि तेणि C D, तेणइ र, विणई .. भावि- वारि A, भावी , जीवतउ-जीवतु AC D, जीवंतु B, जीवतुं .. लेई भावि-ल्यावि B, ले आवी , लेइ भावि ..cadds foll line after vs 88 b• एड्वु एहज क्रसि काम तेहनि हूँ आपुं अनाम. ८९ घात-वीर B, वयग L. हीयह-हीद A, तेहि B, हईइ CD, हियै K. जाणज्यो-जाणज्यो , जाणयो ०, जाणिजे D, आगज्यो 5. वीर-वीरम ०. तण em-त" A B, तर्ण C D, तणउ K_.. मनक-मुस्तक B. माणग्यो-आणज्यो A , आणयो B, लावयो , आणिजे D, आणजो 4 संसालिग्यो- संसालयो B, समाली , ससालिजे D, शंशालियो , सगालियो .. फूल-पुल D. माहि-माहि AK, माहि B, माहि D. छानी-छांनी 40D. वात-वाति L कहइ-कहि B, कही 0 D, करइ .. कुंयरी-वुअरी 05, कूअरी .. B, आणयो जोअग जोअग र, चतुर्थ खंड लाल सिराचा तरकस जिहां, मलिक मसूरति वइसई तिहां । वली वचन वोलइ सुरताण, अम्हनि इणि परि करज्यो जाण ॥९० जोयणि जोयणि पाला सइ वीस, मेल्हां वली ढोल च्यालीस । घोडा एक सहस असवार, सुरताणी ढोउ हुइ जिणि वार ॥ ९१ वोलइ ढोल सवे जेतलइ, जाणूं पवरि अम्हे तेतलइ । कटक मेडतइ चाली गयां, नवइ लाप एक थाहरि थयां ॥ ९२ वीजड भाट चालीउ जिसइ, गोल्हण साथि मोकलिउ तिसइ । गोल्हण गयउ जालहुर मांहि, तउ अवगुणना कीधी राइ ॥ ९३ जोउं मलिकनउं मांटीपण, सज थाजो करिस्युं फेरण । लेप लिपाणा पाद्रि पाद्रि, तेडां गयां साचुरि थिराद्रि ।। ९४ ९० लाल-लाल A, लल K. सिराचा-शिराचा BK, मराचा . तरकस-तुरकज D. जिहां-जह B, जीहा R, लीया L. मलिक-मिलक L. वइसइ-बिसि BC, वइसई D, वइठा L. तिहां-तांह B. I commences again from vs 90 b. बोलइ-वोलि BC, योलिउ . सुरताण-मुरतांग D, मुरतांन , मुरितांण E, शुरिताण .. भम्हनि-अम्ह DOI, अम्हनई K, अनइ L. इणि-इग A K, एणी 00, ईणी . करज्यो- करयो BOT, करिज्यो D. जाण-जाण DIK, जाणि .. ९१ जोयणि जोयणि-जोअणि जोयणि A, जोयणि २ B C I, जोयण २ D, जोवण २ ५. पाला-पला B, पाली L. सइ-मि BOI, सई D. मेल्हां-मेहलिउ B, मेल्हे 0 D, मूकयो । मेल्ह र, मेल्या L. I transp as : वली मूक्यो. ढोल-ढोले B. च्यालीस-पंचास K. Jomits vs 91b. घोडा-घोडा. सहस-मुB, सहन , सहिस K. c transp as सहस्र एक; DL as सहस एक. सुरताणी- सुरताणि DK, शुरिताणी .. ढोउ-टो A, टोल c, टोवउं .. जिणि-जिण A K, तेणी ०, जेणि D, विणि .. धार-वारि DL. ९२ बोलइ-बोलि B, वाजि , वाजई D. o transp as सवे टोल. जेतलइ-जेतलिइ B, जेतलि , qr in Jis : एक सांमटा वाजि जेनलि. जाणूं-जाणु A, जाणीइ , जाणु DE, जांगडं .. परि-पबर D L, पवरि F. भम्हे-इहा , अझो D, सवे L I transp as परि अह्मे जाणू तेतलइ- तेतलिई है, वेतलि , तेतलई D, तेतलिं , जेनलइ L. मेढतइ-मेडति B O I. घाली-चोली 5. गया-गया L. नवह-नव BD L, नवि 0I. एक-एकि B, इक L, थाहरि-ठो A, थाहरि c D, ठाहरि K, थाहर .. थयो-थियां 4, होयां B, रह्या ,थयार ९३ माट-भाटि चालीउ-चालीइ र, चालियर K, चलान्यउ L. जिसइ-जिसि B, जसि, जिसिइ प, तिमइ , जिसिई .. मोकलिउ-मोकळीउ AO, मोरलिउं D, मोकन्यउ र, तिसइ-तिसिं B, तिसि 07, विमई D. गोल्दण-कलि A गयउ-प्यु A, गयु B 03, गयु D, गयो L जालहुर-जाहलहर A, जालोहर B, जाल उरह . माहि-माहि AK तड-तु AC D, तुरी B, तिहां . अघगुणना-अवगणना ABOK. राह-राय A BOJr. ९४ जोडं-जु B, जोयु D, जूउ , जोउ EL मलिकनडं em-मलिक तYA, मलिकन BJ, मलिक्नु ०, मलक ममरने D, मलिकनउ L मांटीपणउ-माटीपY BI, माटीप cा, पणुं D, माटीपणउं .. सज- सझA, सज्ज B, सब L. थानो-यायो A B, धाज्यो D, याउ L. करिस्युं-करनिडे A, करस्यू B, करमुक, परस्यु D, करप, करिमुं र. फेरणउं-मारलू A, फेरऽ BI, फेj C, पेरj D, फेरपुर. लिपाणा-लपाणां D, ल्याणा, लियाणां L. पानिपादि-पाटिं पाटि B, पादि पाद , पाटोपादो .. तह-तेहा A, वेडी .. गो- गया L. साचुरि-साचोरि A, साचिारे , साचउर L. थिरादि-वरादि C D, हद L जेतलई D. i :

१० कान्हडदे प्रकार काकरिनयर वाराही वेउ, कांथगेहडी राउत जेउ । अमरकोटि नइ वीकमपुर, जेसलमेर गढ वाधणहुर ॥ ९५ पारकर पूगलू मारोट, धाट पोकरणि आसलकोट । काछ जांगलउ जासेहर, सारणि चित्रा नाहेसर ॥ जीहलवाडू नइ देवेर, कइलवाडू गढ वाहडमेर । सिंधु सवालप नरवर जाणि, सवि देसुत बोलावी आणि ॥ ९७ वली पमाल अनइ नावरज, ढीकोडउं सोझित वाहरउ । पादाडउं गिरूट रीछेर, डोडिआलि राणिक काछेल ॥ ९५ काफरिनयर em-काकारिनयर A, काकरनि B, काक्रतयर , काक्रनयर DL, करिनयर र. पाराही-वराही A K. बेउ em-वेअ A 5, जेउ B, बेउं 0 D, बेऊर, चेय .. कांथ-कंटू B, फंय 05, काया , काय म. गेडी-गेहदीना C D JK. राउत-राजा L. जेउ-जे A K, तेउ B, जेह , जेय . अमरकोटि-अमकोटि A, अमरकोट BODI K. नइ-नि B C I, न L. वीकमपुर-वीकमपुरि A B, वीजमपुर , वीरमपुरि .. जेसलमेर-जेमलमहिर D, जेसलमेरि नइ L. गढ-अनइ A, वढ B. पाधणहुर-वधणोरि A, वाधणहर B, वाघणुर , वणुहुर , वाणहुर , धनउरि .. ९६ पारकर-नि पारकर 0, पारगर , पाराक्रा र, पारकरी 1. पूगल-पूगल B., पोगल 0, पोगल , पूगर्व , पुंगल K. मारोट-माराट A, मरोट BODr. o transp as पोगल मरोट नि पारकर. पाट- घाणक B,..... पोकरणि-पोपरनि B, पोगरणि नि C, पुकारण र, पोकारणि K, पुकरनइ बलि L, भासलकोट- माल्दणपुर , आल्हणकोट DIK, आसलकोटि L काछ-क्छ B, काछो D, काछा उ. जांगलTem-जांगल AJE, जागलु नि , जांगल , जागलू D, जांगल L जासेहर-जासहर DJ, नइ जासेर , ज्योयोसहर .. सारणि-सारण BOL. चित्रा-चेत्रा AD, चैत्र B, चीना 0, चैना L. नाहेसर-नि नाईसर B D, माहेसर । नाहीयेमुर , नहींसार .. ९७ जीहलवाइ-जीहलवाइइ A, जेहलवाई B, नीलवाडि 0L, जीहलवाहा र. नइ-नि 07, नई 0. देवेर-देनेर D, देवहर . कहलवाहू-बइलवाइ A, कहिलदारू B, कियलवाई ०, पहलवाई D, किइलवाई, कदलवाड , किलवाहू L. बाहदमेर-बादलमेर B, याहडमिरि .. सिंधु-संघ B, सिंधू D, सिधु x. मरवर- नि वर B, तरवर , नइ वर .. जाणि-जोणि C DIK. सवि-सवे ICDS, सर्व .. देसुव-देसे A, देसना , देशि स.पोलादी-बोलावि A. माणि-आणि O DIK, नरवर, ९८ 0 omits rss 98-99. पमाल-हिमाल A, पमा D, जामालू , हीमाचल x. भनाइ-अनि B, नई , नि, नेइ K, नइ .. नायरउ-नायरू , नावई , नायरू D, यापहः, यालीस K, नोपुर दीप-टूको नि , दीयेई 03, टीग्रेड र, दीडो . सोरित-गोझति , गांति B, सोजित , सोअति . बाहरउ-बारई B, याहDI, पाहोर , सेहुरई .. पाना-पादई B, पादाई Dx, प्रादाई २, पदार .. गिरूठ-गिरऊ , निरहूं B, गरीयो , गपुर, गिर. रीटेर-रेरि A, सीले ,रोटेरि र. रोरिभालि-टोडीयालि, टोरीमालि, पोडियालि D, होडियाल .. राणिक-नि, पीक B, रोनिक , पण काडेछ-काडेलि BDE, कालि . रिसोलि D.

चतुर्थ खंड १८३ घाटउ सीसोदउ छवाण, भाइलिवोरी मोटउं ठाण । चंडाउलि चांगु किरी आप, सीमाडास्यूं मांडइ व्याप ॥ जलहर पायवरा सातसा, आबू तणा देवडा तिस्था। त्रिसी गv दांतूं भेलडी, वाघेला वारड ग्या चडी ॥ पोसीना नइ भड सेहुर, गढ तारंगउ पाल्हणपुर । समीयाणा राडद्रह रोहावि, सिंघ महेवा धणी वोलावि ॥ १०१ भाद्राजण मंडोहर तणा, सूराचंदी राउत घणा । नवइ कोटना राउत जेह, ग्या जाल्हुरि मेलावइ तेह ।। १०२ वालीसा नइ सीसोदीया, सोढा नइ सिंधल आधीया । ते पंचास सहस असवार, राउल भेटी कस्खउ जुहार ।। १०३ ९९ घाटउ-घाटु B, घाटु D E L, घांचु ३. सीसोदउ-सीमुद्रं B, सीमुटुं D, सीमुद्र, सीमुं वेल K, सौमउ वली .. छवाण-छेवाण B, छवाणि K L. माइलि-भाइल B, भाइलें D, भायल , भाइले K, भोयल .. योरी- मोरी र, बेरी E, वारी .. मोटउं-माढू B, मोटुं DI, मोटू R, मोटा L. ठाण-ठाण D 3, ठाणि L. I omits vss 99 b-103. चंडालि-चुंडाउलि D, चाडाउलि र. चांगु-चांग B, चागु र, चंगा L. किरी-री B, परि L. आप-याप A. सीमाडास्यूं-सीमाडासू 4, शीमाडामु ा, सीमाडास्युं L. मांढइ-मांहि B, मांडाइ ... १०० जलहर-झलहल B D E, ऊहल C, झलहल्या K. पायवरा-देवराउत B, पाइ सांवस्या , पाद्रवरी D, नवरा K, पादिवरा .. सातसा-निस्या B, इस्या G, सातसइ E, स्या जिसा L. भाबू-अबू A, आबु D. देवदा-दिवडा L. तिस्था-तिसा A, तस्या , जिसा D, तिसइ K. निसीं गर्मू-वसीं गv B, त्रिसं गमुं०, असा गम् D, त्रिसी गk K, श्रीस गम् .. दांतू-दातुं A, दातुं 0K, दातउ L. मेलडी-मीलही 30, भेडली K. पारड-वारोड 0, बारड K, बोरड L. ग्या-गया 0 D. चडी-चढी .. १०१ पोसीना-पोसीनउ प. नइ-नि B L,... D. भड-भट A,नगर 0, नगर नई D. सेहुर em-शेहुर 4, सेहर B D, जासहुर 6, सेहरउं .. तारंगउ-तारगु A B C, तारंगा D, वारंगु .. पाल्दणपुर-पाल्दणपुर A, पाहलणपुर D, पाल्हणपुरउ L, समीयाणा-सेनाणे B, समीआणा OK, समीयाणा D. राहद्रह-राडुदा BD, रादेडर्ड ०, रडहां र. रोहावि-रोहाइ A, रोहवि B. सिंघ-सइंघ A, शुद्ध B, सिंधु 0K, संधि D. महेवा- मेहेवा D. योलावि-बोलवि B. १०२ भावाजण-भादजा B, माद्राजन 0, भद्राजोण E. मंदोहर-मंडोयर A, मंडोरह 0D, मंडोवर KL. सणा-तणा B D. सूराचंदी-सूराचंदेरी B, सूरावूदी , देवसूरीना x, चंद्रा 2. घणा-घणं BD. D omits vs 102 b. नदह-नवि BC, नव L. कोटना-कोटीना 2. जेह-जेय A L. K omits iy qr. ग्या- स्या 4, गया .. जारहुरि-जालोरि A, जादहुरि B, जालउर .. मेठाबह-बहीनि B, मेलावि , मेलावउ L. सेह-तेउ A, लेउ .. १०३ चालीसा-चालीस 0D. नह-नि C, ना D, ने 5. सीसोदीया-सामुदीया B, सिसोदीआ सीसोदिआ E, सीसउरीया .. सोदा-सोढल 0, सोरठीआ x, सूदी L. नइ-नि B, नि , नई D. सिंघल- सीपव D, सींघल K. भावीया-सवि आविया B, आविया .. पंचास-पंचस ६. सहस-सहिस BE, सहस्र ०. मेटी-मेटिया B. कसर-कीउ A, करिउ B, कर , वरु , इ 4 जहार-जूहार D.

१८४ कान्हडदे प्रबन्ध M - , . एक लाप पांडाधर वली, छत्रीसइ राजकुली मिली। हीदू घणा जालहुर माहि, कटक कहिउं जई गोल्हणसाहि ॥ १०४ गढ मेडता नइ सुंद्रडी, दीयां पीयाणां चाल्या चडी। पंचवीस सहस असवार, विमणा पाला झूझणहार ॥ राउल मालदे चालिउ चडी, पुहतु वाडी पटूकडी। । मालदेव दल जेतलू, वीरमदेव तणुं तेतलं ॥, १०६ राउल कान्हइ आयस दियउ, कुंअर वीरम भाद्राजणि गयउ । एक दिवसि कुंअर दलि भिडइ, वीजइ दिवसि मालदे चडइ॥१०७ हीदूए दल प्राणइ दम्यां, इणि परि वरस च्यारि नीगम्यां । ढीली भणी लिपी अरदास, हीदूए दलि पाडिउ त्रास ॥ १०८ १०४ पांडाधर-पंडाघर A. छत्रीसइ-छत्रीसि BI, छत्रीसदं D L. c transp as राजकुली छत्रीसइ; , transp as राजकुली वीसई. हीदू-हींदू, हींदु 0 K. घणा-तणां A, घणा जे , पर्णा जे D. जालहुर- जालोरइ A, जालोहर B, जाल्हुरि , जालउरह K L माहि-माहि BOJ K. कटक कटकि A. कहिउँ- पहुं D, क्युं K, कहिउ L. जई-जै A, जे 0 K, ते D. गोल्हणसाहि-गोहलणसाहिं D, गोल्हणसाह , १०५ गह-गुढा .. मेहता-मेडतां A. नइ-नि BI, अनि 0, नई D. सुंदडी-स्टूडी A, संदी, सिउडि D, शुद्रदी .. दीयां-दिक A, दीआं c, हुआ र, दीया L. पीयाणां-पिया A, पीआणा , पीआ २, पयाणा K, पीयाणा L. चाल्या-चालियां , चाल्या . घडी-चढ़ी . सहस-सहिस BK, सहस्र ०. मसबार-असवारि .. विमणा-विरमा A, निमणा B, विमला L. झूझणहार-नइ झूझार A, झंझणहार D. . १०६ राठल-राउत A. मालदे-मालदेव ३. चालिउ-चाल्यु ०, चालिउँ D, चाल्यउ K L. घडीवढी I L. पुइत-पुहुतु B2, पुहता D, पहुता K, पहु .. पटूकही-पडोपली A O, जिहाँ दूकसी B, पटुकी , पोडाकही र, मइ पटुढी , n interpolates vs 107 a after 106 a. मालदेवन-मालदेव B, मालदेउनु 0, मालदेवनु K, मालदेनउ L. जेतलं-जेतलु B C D K, जेतल3 L. धीरमदेव-कुअर वीरमदे D, चीरमदे K. हणु-त' BS, नु पणि , देल D, तणु र, तु तेतलं-तेतलं 10 bK, तेतला. foue o transp i and ii qrs, and interpolates them between 106 & and 106 b. राउल-राउलि B. कान्हइ-वान्हि AG, कान्दि , काहन D, बहिनि र, पान्हइ 5. भायस- आइस A K. दिया-दीउ , दी307, दीयु , दीयो .. कुंभर-कुयर A, कुंबर 1, यर D, भरी थीरम-वीरमदे AL, धीर .. भादानणि-भड B, माताजग , भद्राजनि D, भवजनि, मादामनि , भारणि .. गयर-गयु BODI, गयो L. दिवमि-दिवग CJKL. कुंभर-युन्यर ADD, आरि. दलि-णि D, दल I K L. भिव्ह-मडि 10, भद D, भिदि, पीजह-पीजि BC. दिवसि-दिवस 0. मालद-...., मालदेव । पह-चडिइ , चदि , माडिक, जुइ ८. १०८ हीए-हींइए BO, हीए D. दल-कल L. प्राणइ-प्रापि, प्राBिODI, प्राण. दम्यां- दम्या ., नम्यां B, इणि-इण A, एणी , इणी ०, ईणि D. प्यारि-च्यार C. नीगम्पो-नांगम्या 10, नीगम्या .. ii gr in D is 'आठ वरग इति परि गम्यो. ढीली-हिली , दिर्गर. लिपी-लिखी ०, सपी मरदाम-अरदाशिहीए-हीरा BD, हिंदुए ०. दर-दल ODIK, कल .. पाडिउ-पायु, पाध्या,पाया.

चतुर्थ खंड कटक तोरकइ थिउ संहार, सतर सहस पाडिया अईयार । मोटा मलिक किसी परि करइ, हीदू तणउ कोइ नवि मरइ ॥१०९ चलतउ पातिसाह इम भणइ, नवइ लाप साहण आपणइ। लाप दस छइ झूझणहार, मारीतां नवि आवइ पार ॥ सहस पंच्यासी हिदू तणइ, एक लाप साहण सह भणइ । जां हींदूथा विमणा मरु, तां तुम्हे पाछा मत असरउ ॥ १११ वचन कान्ह नवि लोपइ सही, रातीवाहि आवसइ नही ॥ ११२ ॥ दूहा ॥ पदमनाभ पंडित भणइ, जउ दू चंचल होइ। सज्जन जे अंगीकरइ, वचन न चूकइ तोइ ।। ११३ १०९ कटक-कटकि . तोरकइ-तुरक B P, तोरकी C, तुरकनु र, तुरक्इ र, तुरकी L, B transp as तुरक कटक; L transp as तुरकी कटक, घिउ-ययुं B, थयु 0 DP, मथउ K, कीयो L, संहार-संघार D. सतर-सत्तर AC, सित्तर L. सहस-सहिस B, से D. पाडिया-मारीया A, पाख्या 0 DKE, पञ्या इ. भईयार-ईआर AO, अईआर D, एआर र, ईयार .. मलिक-मिलक K L. किसी-सी 0. परि-धबार . करह-करिइ B, करि ०३, करई .. हीदू-हींदू B D, हिंदू . तणउ-तणि B, तणु 0D, तणु प. कोइ-एक A, कोई ०, कोय . मरइ-मरिइ B, मरि 01. ११० चलतउ-वल A D K, वलनु BOIL. पातिसाह em-पातसाह A BOD, पातशाह, पातिसह र, पासिसाहि .. इम-ईम I. भणइ-कहइ A, भणिइ B, भणि C . नवइ-नवि B, नव 01, नव्य D. लाप-लपा उ. साहण-सांहण K. आपणइ-आंपणइ A, आपणिः B, आपणि , आणइ .. B omits vs 110 b. दस-साठि A B, देशि , दशप, एक K. छइ-सिइ D, सि I. K interpolates foll line after iii gr: बडा माझी भला ऐआर. मारीता-मारीता CL, मारता D. भावद-आदि CI, १११ B omits vs 11l a. सहस-सहुस 0, सहिस K. पंच्यासी-पंचास D, पंचासी .. हिदू-हिंदु ०, हींदु D, हीदू L. तणइ-तणि ODI. सह-सवि A B, सहु 0. भणइ-मिलइ 4, भणि र, तणिइ .. जां-जिहा 0, जो L. हीथा-हीथा A D E, हींदूयां B, हिंदुथा 0. c transp as हिंदुथा जिहां. बिमणा- बिमणा B, यमणा . मर-मिलु A, मरू B, मरू D L. तां-विहां C, तु L. तुम्हे-तम्हे 81, तुम्ह ८, पाछा- पाछा ०. मग-मन B, का , मम D, नवि र, माते L. अपरउ-उसरउ A L, उसरु B 07, उसरु D. ११२ कान्ह-कान्ह 4, काहन D, काहान I. B transp as कान्ह ववन. लोपह-लोपि B. रातीवाहि- रावीवाइ B, रातिवाहि D, रातेवाई ग, रावीवाई ६, रावीवाहिइ .. मावसइ-आवस्यां A, आवसि BI, आविसु K, आवसी .. नहीं नहीं B. Creads as rs 112: उत्तम जे भुपि बोल्या बोल पालि पाण परि सृण तोलि । कन्हि बोल ते हीयरि परि रातीवाहि नवि ऊतरि ॥ ११३ दूहा-दहा: D. पदमनाभ-पद्मनाभ B, पदमनाभि K, पद्मनाभि . पंडित-पंडित्य L. मणइ-मगिइ B, भणि , भगे D. जउ-जु ABC, जो DIL. दू-द्रव B, द्रव्य CE, द्रवि , द्रव्यज र, हूँ.. चंचल-- सवि . सजन-सपुरम A, सजन B DI जे-जन K. c transp as जे सज्जन; DIAS जे सजन. अगीकरह-अगीकरि B 01, अगीकरई 1. वचन-वचनि A, चूकद-चूकि B 01, पइ D. दोई-तेह B, कोइ ८, सोइ D, सोय. 24 १८६ कान्हडदे प्रबन्ध , ॥ चउपई ।। गढ लागइ गढपाई करउ, इणी परि आधा संचरउ । नित मेल्हाण सर्व पालटउ, कटकि करउ ऊलटपालटउ ॥ ११४ एहवी बुद्धि सबे आदरउ, इणी परि आघा संचरउ । हींदूसूं तुम्हे वोला इस्यूं, सरपे दलि आपण झूझस्यूं ॥ ११५ ए पंचास सहस मूंगला, असी सहस सीधी भड भला । एकाएकइ झूझाडज्यो, मारीनइ प्राणइ पाडग्यो । मलिक इस्यूं हिंदूनइ कहइ, वीजां कटक तडोवडि रहइ । अम्हे साम्हा आवउं जेतला, तुम्हे राउत भिडन्यो तेतला ॥११७ ११४ चउपई-चुपै B, चु००, चउपैः D, चुपैः ।, चोपई L. गढ-मेहलाणि 0. लागइ-आगलि A, लगि BI,...0, लागि D, लागइ K. पाई-पाइ B C D. फरउ-वरइ A E, करु BODI. इणी-इण AK, एणी B D, ईणी I, इणि .. परि-पणि A, परिद र. माधा-आधा यई A, आषा तुम्ह .. संचरउ-संचरइ A K, संचर BI, सांचरु C D. c omits vs 114 b. निन-नत D, नितु I L. मेल्हाण-मेहलांण D, मेल्हाण K, मिल्हाण L. पालटउ-पालटु B D K. कटकि-कटक BK, कटके D, ईणी परि र, कट L. करउ- करु BI, करुं D. उलटपालटउ-उलटपालटु B D, गढ पालटु र, उलटपालटउं .. ११५ ० omits vs 115 a. एहवी-एड्वी A K. बुद्धि-बुधि D E L. सवे-सहू DJ. भादरउ- आदरु B DI, आदरउँ L. इणी-इण A, एणी B, एणि D, ईणी र, इणि .. परि-परइ 5. आपा-तुम्हे आधा A, तुम्ह आया L. संचरउ -संच6 B, साचलं D, सांचरु र, साचाउ L. हींदूतूं-हीसं A, हिंदु सरसिउँ , हींदूमे D, हीदूशू , हीसु K L. तुम्हे-तम्हे B, अम्हे 0 DI, तुम्ह र, तुम्हि .. बोलउ-बोल B, बोलिउ D, बोलो .. इस्यूं-इसू A,...cs, इसिउँD L, इ# K. सरपे-सरिषे BF, सरषि ८, सरपइ ५. दलि-कटकि 0, दले DK, घाय I, दल . आपण-आपणा D, अझे . मुझस्यूं-मुझसू 4, झूझ ०, झझसिउँ D, झूझशू , झुझिK K, झूझस्यउं .. बोलमुं० बोलशूप, ११६ सहस-सहिस BF. मूंगला-मूलिगा A, मूलगा B D , मुंगल K. असी-इसी B p I. सहस- सहिस B K. सीधी-सींधू B, सिंधू , साधा D, सीधी I K, सीधा L. भड-दल B. भला-भला A, मिल र. एकाएका-एकाइकि A, एकिएक 1, एकाएकि , एकाएकि न, एकेएकि J, एकाएकइ 4. झूझाडज्यो- झूझाडियो A, झूझाक्यो B, झूझाडयो 03, झूझडयो D, झूझाडिज्यो .. मारी-माटी B, वकारी, माटी L, नइ-नि B, नई D, नि उ. प्राणइ-प्राणिइ ३, प्राणि B, प्राणि 0 D3, प्राणइ र. पाडज्यो- पाडयो BODI. मारि, ११७ मलिक-मिलक .. इस्यू-इसू 4, असिई , इसिउं D, इसी 3, इK, इसु L. हिंदूनइ-हीनि E, हिदूनई D, हीनि उ, हीदूनइ र, हीनइ .. कहइ-बहि BI, कही D. बीजां-बीजा BD L. तडोवडि- तरोवडि A, तडोबड L. रहइ-रहई A, रहिइ , वहि 03, रेइ D, लहइ र. अम्हे-अम्हि A, अम्हो B, माम्हा K, अम्ह साम्हा-साम्हा A K, साहमा B 0, साझा D, साहामा J. भावउं-आB C D, आर्दूप, आबु K. जेवला-जेतलइ 1. तुम्हे-तम्हे A, तुम्हो B, तुम्ह .. राउत-राउल .. भिडन्यो em-भिटिज्यो , भडज्यो B, भेजु ODI, भिडउ , भिडयो L. तेतला-तेतलइ ..

. चतुर्थ खंड इणि परि वीस दीहाडा हुआ, दस सहस राउत रणि मूआ। वीस सहस मूंगल रणि रह्या, गढ नीपाता आघा गया ॥ ११८ वली पड्या विमणा हबसी, वात चिहूं दिसि वाजी इसी । गढ ऊतरइ नितु नवनवइ, गयां कटक पाडूलइ सवइ ॥११९ इस्यूं सांभल्यूं कान्हडदेउ, दल रजपूत मराव्या वेउ । मालदेव नइ वीरमदेउ, व्यास पाहि तेडाव्या तेउ । १२० कटक तोरकां तिणइ समइ ग्यां उडवाइ वरस पांचमइ । इस्यूं कहइ कान्हडदे राइ, गढ ऊपरि जल थोडउं थाइ ॥ १२१ व्यास भणइ मंत्रनइ उपाय विहिली वृष्टि हुसइ गढ माहि । गढ ऊपरि गढरोहा समइ वूठा देव दिवस चउदमइ ।। १२२ १२८ इणि-इण A, एणी B 0, एणि D, ईणी . परि-परि B. वीस-...B, वीसज I. I transp as दिहाडा वीसज. दीहाडा-दिहाडा 0 D. हूआ-गया A, हौया B, हूया D. दस-दसइ A. सहस-सहिस BK. रणि-रिणि A, रिण K L. मूभा-या A B, मूया D. सहस-सहिम B K. मूंगल-मूगल A, मूंगला B, आगलिग, मुंगल K. रण-रिण A, रिणि र. रह्या-रहीया A, रहिया B, नह्या ..नीपाता-नींपाता B. आधा-आधा . ११९ पड्या-पडिया , पाख्या 0. विमणा-विमणां D,...K. हवसी-हवसीह A, हवसी सइ सात K, हाबसी .. चिहुं-चिहूं ०. दिसि-दसि C D, दिम .. वाजी-जांणी A, जाणी B, वागी , जाणइ .. ii qr in r is :चिहु दिसि वाजी एहवी वात. गढ-गडि A D J. उतरइ-ऊतइ A, ऊपरि B, उतरि 03, उतरिइ D. नितु-नितू A, नित BO K. नवनवइ-नवनवई , नवनविइ B, नवगवे 0, नवनवि र, नवनवे .. गयां-गया ODKL. B transp as कटक गया. पाडूलइ-पङ्कलइ A, पादलि B, पाल.C, पाल्य D, पाल्हइ , पालनइ K. सवई em-सवि A B L, सवे 0, सिवइ D, शिवइ K. १२० इस्यूं-इसू A, इसिउं c, इशं , इसु र, इसिउ L. सांभल्यूं-सांभलिउँ A, साभल्यु र, सांभलीयो L, कान्हडदेउ-कान्हडदेउ A, कान्हडदेव B, काहनडदेउ D, कानडदेउ र, कान्हडदेय 1. दल-दलि A, लेई .. रजपूत-रजपुत D, रजपूर्ति .. मराज्या-मराव्या A, मरा , मराति D, मरावइ .. बेउ-सवे B L, वेई , बेऊ . मालदेव-मालदेय 0 , मालदे D. नह-नि B C 3. वीरमदेउ-वीरमदेव A K, वीरमदेय L. ध्यास- व्यासह A, गढि व्यास उ. पाहि पाहि A, पाहइ K. तेउ-बेउ A B, बेऊर, बेय .. १२१ तोरकां-तुरकी B, तोरकी ०, तूरकइ D, तुरकना , नुरक्ना .. निणइ-तीणि B, तेणि ग, तेणि D, दीणइ K. समइ-समिइ B, समि . ग्यां-ग्या B, गया 0 D L, गयां , ग्य K. उडवाइ-उडवाडि B, , उडवइ D, उडविप, उर्लचे , उड L वरस-चरिस A, वरसि र. पांचमइ-पांचमिद BD, पांचमि o, पंचमइ र, इस्यूं-इसं 4, इसिई c, असिउं D, इशू , इमु र, इसउ L. कहह-कहि । कहिउँ 07, की K. कान्हडदे-कान्हड़दे A J, काहनडदे D. राइ-राउ A B, राय 0 D E. मोडलं-थोड B, थोडं , थोडउ DK, योई, थोडो L. थाइ-थाउ B, थाय DIL. १२२ भणइ-णि BOI, भगिइ .. मंत्रनइ-मनने A B C D, मंजिनि , मंत्रनउ L. उपाय-उपाइ D, ऊपाय L. विहिली-मेह B, वहिली C DIE, विह्ली L. हुसइ em-हुमई , होसि BI, होस्यइ Cr, हति D, हुसे ८. माहि-माहि 40 DI, मांहिं B. iii qr in sis: गगनि विकी पृष्टि ते नमि. गढ उपरि -गिरि ऊपरि B रोहा-पाही , थाहि D, रोहो । समय-समिइ B, समि , हुसे L. बूटा-तूठी र, यूठा .. देव-मेघ B, देवि , घण 1. L transp as पग ठा. दिवस-दिवसि A, दवसि D. चउदाह-पंचमि B, चौदमि 0, चऊदमइ D, पाचमि , चवदमई 5, चौदमइ ..

१८८ कान्हडदे प्रबन्ध - ॥ दूहा ॥ मंत्र महोपधि देवता अनुदिन पूरइ रिद्धि । पदमनाभ पंडित भणइ, पुण्य तणी परसिद्धि ॥ १२३ ॥ चउपई ॥ जूनां धान हूई बलहीण, तिणि करी शयर थाइ पीण । इसी वात राउलजी भणी, बीजइ दिवसि महाजनि सुणी ॥ १२४ पहिलउं मंत्र सुपरटु करी, रायंगणि सवि ग्या संचरी । जईरालगुनि भेटणउं करिडं, मोती तणउ थाल लेई धरिउ ॥ १२५ विवहारीया राय वीनवइ, अम्हे आलहिणूं करिस्युं सवइ । करिज्यो वेढि म छंडउ माण, वरस साठि पूरिस्यउं धान ॥ १२६ १२३ मंत्र-मंत्रि A. महोषधि-महिप द्विज B, महोषध 0K, माहोषध D, महूषध .. अनुदिन- अनदिन A, अनुदिनि B, अनइदिन D, अनुदिवस .. पूरइ-पूरि BOD I. रिद्धि-ऋद्धि BO, रीघि D, सिद्धि J, रिधि K. पदमनाभ-पद्मनाभ A B, पदमनाभि K, पद्मानाभि L. भणइ-मणिइ B, मणि 0. पुण्य-पुन्य 0. परसिद्धि-परिसिद्धि 40 L, सवि रिधि र, परसिधि K. K interpolates foll Prakrita vs after vs 123: देवाण वर सिद्धाण दरसणं गुरनखंदसनाणं । इगई भूम दिव्व नट्ठउ पाइयइ पुन्यरेहाइ ।। - १२४ चउपई-चुपै B, चु००, चऊपई: D, चुपैः उ, चौपई ८. जूना-जूनां 40, जूना DI, जूना .. धान-धान A D K. हूई-हुइ B_0, हुआ D, होइ L, हुय K. बलहीण-वलीहीण , बलहीणी र. निणि-तेणि BO, तिणइ K. शयर-सिर A D, देह B, सिरि K, हुइ .. थाइ-स्थाइ A, थाय D, अंग .. पीण-खीण B. इसी-असी D. राउलजी-राउल जव B, राऊल जे D. भणी-भणइ ..बीजह-यीजि BOI, वीजा D. दिवसि-दिविसि B, दिवस .. महाजनि-महाजन C D K, माहाजन , माजनइ .. सुणी- सुणी ०, सुणइ D. १२५ D reverses i and ii qrs. पहिलई-पडिउ B, पहिलु 0 I K, पहिलू D. मंत्र-सवि D. सुपर-सपर B, सपराठो ०, सहू मेलि D, सफर , सपरठो र, सुपरठउ .. रायंगणि-रायेगणि B, रायअंगणि 0K, राय २ अंगणि D, रायंगण L. सबि ग्या em-ग्या सवि A, सवि गया B C D J, ग्यार, संचरी-सांचरी . जई-जे, जाई D. रालगुनि-रालगुनि A, रालगु B OD, रालगुन K, राउलगुन .. भेटणउं-भेटणं BI, भेटणं 0 D K, मिटिउ L करिउं-कर B, करुं 0D, की● I, कर\ K, करिउ L. मोती-माची . सणउ-तण A, त" BI, तणु ०, भरिउँ न, तणो K. लेई- D,...., लेइ र, ले .. धरिउ-धरि A BO, घर D, मेल्हीऊ, धनउ र. गया १२६ विवहारीया-विवहारिया A, व्यवहारीया B, विविहारीया .. राय-सघला 0,...D. बीनवइ- वीनवई , वीनविद B, वीनवि 0 ३. अम्हे-अम्हो D, अम्हि .. भालहिणू-आलहिण , आलिहिणं , आलहण D, जालपणि K, भालj L. करिस्यु-परिशु , करितूं B, करसिउ , करेसिउँ छ, करशं , परिस्या .. सवइ-सविइ A, सवे B DIL, सवि 0. करिज्यो-करयो B C D IE, परिजे .. येदि-वेढ K. म-म .. छंड-एंड BD, छोड ०३, छडिज्यो K L, माण-मान B ODI, मांग KI. वरस-वरसा . परिस्पर्ड- पूरेस्यू 8, रेसं ०, पुरसिउं D, अम्हे पूर्व र, पूरेस्यां 5, अम्हे पूरा L. धान-धान AODI K.

- चतुर्थ खंड रामसाह फडीउ इम भणइ, कण कोठार घणा अम्ह तणइ । मुग चोपा जव काठा गहूं, पूरूं वलहट आयस लहूं ॥ १२७ वीरम भणइ ऊधारउ जीउ, वरस त्रीस हूं पूरसं घीउ । मागू सीप पसाउ अम्ह करउ, भुंजाईइ पूरूं विमणउ परउ ॥ १२८ जइतसीह दोसी इम भणइ, वस्त्र वपारि घणी अम्ह तणइ । लेवा तणी म करस्यउ माठि, कापड पूरउं वरसां साठि ॥ १२९ भोलउ साह भणइ लिउ तेल, असी वरस पूरलं दीवेल । वोल एतलउ छइ पाधरउ, वलतइ वारि नाहण करउ ।।१३० राय भणइ महाजनि परि कही, कोरडं अन्न जिमाइ नही। जमला सापि दीइ परधान, ईधण विण नवि पाचइ धान ॥१३१ १२७ रामसाह-रामसाह ०, रामसीह DI, रामुसाह L. फडीउ-फडियउ K, फडियो .. इम-इंम D, अह्म . मगइ-भणिइ B, भणि C, तणि . कण-वस्त K. कोठार-वपारि K. घणा-घणां B, अछि , घणी K. मह-आम्ह र, अम्हि .. तणइ-तणिइ B, तणि . मुग-मग B D , मुप K. जव-नि , नइ D K. गहूं-गहू B, गहुं 0 D E, गहू ५. पूरूं-पूरउ A, पूरुं B O I K, परू 1. बलहट-वस्जु B, वलहट D EL, वलहंट . मायस-आइस A. लहूं-लहुं 0 DK. १२८ वीरम-वीरमसाह A, वीरु 0. भणइ-भणि B I, भगिउ ०. उधारउ-ऊधारि A, उधार BOD, अवधारु र, अवधारउ L. जीउ-जी B, जीअ 0, जीयु र, राइ L. श्रीस-तीस .. हूं-...A K, हु ०८. पूरउं-पूरवर्ड A, पूर BODI, पहुचाईं K. घीउ-घी B, घीय 0 L. मागू-मागु 0D, मांगउ E, मांगु.. सीप-सीप 0. पसाउ-पसाया A, पसा B, पसाय 0 Dr. From vs 128 iii qr L Ms stops, its folio 32 (vss 128 b-159 a) having been lost. भम्ह-..... करउ-करु BI, करो, कर D. भुंजाईइ-करउ भुजाई A, भुंजाई 05, भुजाईई D, भूजाईइ . पूर्व-पूरउँ , हुइ ०, कीजि र, घउ K. विमगउ-...A B, बिमणो , विमणउं D, विमणु , विवणउ E. घरउ-वर BOT, वावरु D. १२९ जइतसीह-जितसी B, जयवंतसीह 0, जयसीह . इम-ईम र. मणइ-भणिइ B, मणि 1. वन- वस D, वस्त : K. धपारि-व्यापार , वपारि D. घणी-घणा 0, अछि . अम्ह तणह-आपणि BI, भम्ह तणि क. लेवा-लोक B. करस्यउ-वरस्यु B, करमु०, रसिउ D, करिसिउ , करिस्यउ र. माठि-अठE. कापट-कापड D. पूरटं-हूं पूर्व B, पूर्व 01, पुई D, पहुचवत र. परसां-वरस B, वरसह ०, परम जी D, वरसज. साठि-माठ D. १३० भोलउ-भोलु BO, भेलु D, भोला , मोल्हउ 5. भणइ-भणि BODr. लिउ-ल्यु , ल्यउ F. मसी-इसी .. पूरा-पूर BOD JK पुतलउ-अइ 4, एतलु BOJ, एतल D. छह-एव वलि A, छि BOJ. पाधरउ-पाधर B DJ, पाधई ०. वलतह-वलति B, वलते 0 DIE. वारि-वारि B, वारे OD. नाहणडे-नाहा" B, नाह[ ०, नाहण D, नाणू , नाहणउ E. करउ-कर BCI, कर Dr. १३१ भणइ-भणि B ODI. महाजनि-महाजन B C D E, माहाजन I. कही-कहि . कोरठं-को B, कोरं 0 E. अग्न-धान , धान D, अन K. जिमाइ-जीमाइ ३, जमाइ , जमाय D, जिमाई र. नही- नहीं B. जमला-जमली BK. सापि-सापी D. दीइ-दियइ र, परधान-प्रधान 0, परधान DIE.ईघण- इंघग 0D, इयण E, विग-पापि, विना र. नवि-न . पाचह-पाचि ०.धान-पान AK.

कान्हडदे प्रवन्ध मोल्हणसाह कहइ परि करी, वात एतली छइ पाधरी । सूकडि अगर अम्हारइ घणां, वरस त्रीस पूरउं ईधणां ॥ १३२ । राय भणइ ए साचलं सही, पापइ घोल न सकीइ रही। सूदउसाह कहइ परि करी, छासि पहिलङ आउरी भरी ॥ १३३ वाहणि चडतां लीजइ साथि, जोउ पारपुं आपणइ हाथि । मीमुसाह इणी परि भणइ, देउल मन भांजउ आपणइ ॥ १३४ वरस अढार लगइ त्रापडा, गुल ढीकलीइ पूरू गडा। तेहु पारिपुं जोउ राय, गुलनु गोलउ विमणउ जाइ ॥ १३५ वाजइ ते नवि पाछउ जाइ, जीवंतउ गुल रोटी पाइ । एहवी यात मलिक सांभली, ढीली नफर चलाव्यउ पली॥१३६ १३२ मोल्हणसाह-गोल्हणसाह A, गोल्हणसा B. कहइ-कहि BOI. परि करी-परि कही A, ए परी B. एवली-एह पणि . छइ-छि BC. सूकहि-सूकिडि . अगर-दल J. अम्हारइ-अम्हारइ A, अम्हारि BOI, अम्हरइ र. घणां-घणा 0 K. वरस-वरसा A, नीस-साठि C D I. पूरर-पूरुं BCI, पूरु D, पूरइ K. इंधां-इधणां A D, इंधणा 0, इधणार. १३३ मणइ-भणि BOI, भणे D. ए-इD. साचउं-साचूं BI, साचुं D E. पाषइ-पापि B 0. घोल-बोल B. I transp as घोल पाषि, सकीइ-सकइ A, सकि BK. रही-कही B, मइ रही K. सूदउ- सह B, सूदो ०, सूयु , मुटु र. कहइ-कहि B C D I. फरी-परी K, छासि-छास D. पहिल-पुलो B, पहिलू , पिहिलु D, पहिलं , पहुचाई र. माउरी-आउली B, आर्डरी D, आसुरी , सधली K. भरी-भरीउ प, पुरी . १३४ वाणि-वाहण B C DI, वहिणि K. घडता-चढतां B C. लीजइ-लीजि BOS, लीजई D, लीज्यइ K. जोउ-जूड B, जोउं D K, जोऊ 1. पारपुं-पारy B DI, पारिपुं ०. भापणइ-आपणि B. भीमुसाह-मीमोसाह , भाणुसाह , भीमउसाह 5. इणी-इण A, एणी B, इंणी 0, ईणि D, ईणी . भणइ- भणिइ B, भणि . मन-मम 0 D. भांजउ-भाजु BO, भाजु DJ, भाजइ . आपणइ-आंपणइ 4, आपणि BJ, अझ तणि . १३५ अढार-अग्यार 0. लगइ-लगि BOI, लगई K. त्रापडा-त्रापडा AC D I. गुल-गोलइ ढोकलीइ-ढीकलीई B0, ढीकलीई, टीकुलियई K. पूरु-पूरउ A, पूरु 0 DK, पूरु . गडा-गडा A D. तेहु-तेहूं , तेह GK, तेहू DI पारिपुं-पारj A, पार> BI, पारि! D. जोड-जोऊ I, जोयु र. गोलउ- गोल BODI, लगोलू K. बिमणउ-विवाउं A, विमणु B ODI. जाइ-जाय DJ. १३६ वाजइ-वाजि BOJ. पाठउ-पाछु B C D. जाइ-जाई ०, जाय , थाइ K. जीवंतउ-जीवितु B, जीवंतु 01, जीवतुं D, जीवतउ E. रोटी-रोटउ J. पाइ-पाई ०, पाइ र, एहवी-एही A, एहवि D, इसी K. मलिक-मलिके मलकि D, मलिकि . ढीली-डीली , दिली 5, चलाम्यउ-चलाविउ B, चलाव्यु ०, चाल्या,चलाव्या.

चतुर्थ खंड गढ ऊपरि एहवू परमाण, सकल सरूप सुणइ सुरताण । पातिसाह मुपि बोलइ इस्यूं , विमणउ वरउ अम्हे पूरिस्यूं ॥१३७ दिवस केतला रहिन्यो मांडि, भांजी मन आवेस्यु छांडि । असी सहस तुरक आवट्या, त्रीस सहस हींदू दलि घव्या ॥ १३८ सोमचंद राय पूछयउ व्यास, वार वरस नई हूआ छ मास । वेढि करंतां वरस सउ जाइ, पणि गढि तुरके कांइ न थाइ ॥१३९ जउ भांजी छांडेस्यइ ठाम, किम आपणउं रहेसि नाम ॥ १४० ॥ दूहा ॥ पदमनाभ पंडित भणइ, जउ जस संपति होइ । अंग तणउ आदर किसउ, वीर न वंछइ सोइ ॥ १४१ . . १३७ पहq-एहउँ A, एहवू , एहतु 5. परमाण-फरमाण , परमाण D, फरमाण , फुरमाण र. सरूप- खरूप B . मुणइ-मुणउं A, मुणि B C, मुगिउं J. सुरताण-सुरताणि AJ, सुरतांण D E. पातिसाह- पातसाह A B, पातशाह J. मुषि-मुखि B 0, मुप K. बोलइ-बोलिइ B, वोलि . इस्यूं-इस A, इसे CK, इश उ. विमणउ-बिवणउ A, विमणु BCI, बिमj D. वरउ-वरु Bop 1. पूरिस्यूं en-पूरसिउँ 4, पूरस्यूं B, पूरK , पूरस्युं D, पूरिस र. १३८ केतला-केटला B, केता . रहिन्यो-रहियो BOI, रहज्यो र. मांडि-मंडि B DI, ठामि K. भांजी-भाजी ०, भाजि . मन-मम A, नवि 03, मत 5. आवेस्यु-आवज्यो A, आवसिउ B, आवे , मास्यु , आवेमुं K. छांडि-इंडि BI, छाडि E. असी-इसी 3. सहस-सहिस K. भावव्या आवय्यां B. श्रीस-वीस A. सहस-सहिस BK. After सहस A interpolates : राउत रिण पडीया. हींदू-हीदू.A, मांहि हींदू B, हिंदू.०. दलि-...B, दल J K. घट्या-टय्या A, घटिया B, पझ्या 0. १३९ सोमचंद-सोमचंड B, सोमचंद्र ODI, सोमवंडि E. राय-राउ A, मांहि B, राइ ०. पूछ्यउ- पूछा , पूछि BI, पूछिउ ०, पूछ। D. ध्यास-वास D. नइ-नि B,... D 1. हुमा-हया A Bछ मास- छम्मास उ. वेढि-वेढी A. करता-करता A, करता र. वरस-वरंसां B. सउ-..., सई ०, सु, इम, सइ K. 'जाइ-जाई, जाय DI. पणि-इणि C. गहि-गहें D, गढ K, कांह-काई BODI. न-नवि 3. थाइ-थाई OD, थाय . १४० जउ-जु BODI. भांजी-भाजी BOD. छांडेस्यइ-छोडेस्यु A, छडसि B, छांडेसु ०, छोडेसि D, छाडेसिउं 1. ठाम-ठांम A DI, ठामि K. किम-तु किम C D, तु . भापणउं-आपणडे A, आप BI, आप OD, आपणउ K. रहेसि-तरहसि A, रहिसि ०, किम रहिसि , रहेसी K. नाम-नाम DIK. o transp as तु विम रहिमि आपणु नाम. १४१ दूहा-दुहा · D. पदमनाभ-पद्मनाभ A B, पदमनाभि 5. मणइ-भणिइ B, भनि . जउ-जु जगि 5. जस-धारे B, जय DI, जउ K. संपति-मुंपत D. अंग-अन्न B. तणउ-तणु BOD. किस-किसिउ B, कसिउ ०, विस्यु D, विशु . छह-छेडइ A, छि B 01. सोह-मोय . BDI, १९२ कान्हडदे प्रबन्ध -- ॥ चउपई॥ 'व्यास बोलीया वचन विचारि, माल वीर गढथा ऊतारि । वली कटक ऊतारइ घणचं, जिम मुप दीसइ तुरका तणउं ॥ १४२ राउलि विहुं सीपामण कही, वीरमदे गढ छंडइ नही । त्रीस सहस सरिसा असवार, विमणा पाला झूझणहार ॥ १४३ राउल कान्हइ आइस दियउ, गढ अंवेरि मालदे गयउ । राउल कान्ह तणइ आदेसि, पाडइ सोर तोरकइ देसि ॥ १४४ पातसाहि कासीद मोकल्यउ, मालदे वीर साहु एकलउ । कमालदीन कहिउं सांभले, विण लीधा मत पाछउ वले ॥ १४५ मलिफइ तिसइ पीयाणां दीयां, चिहुं मासे सुंदरला गयां । राउल भणइमाल ग्यउ परइ, तउ हजी तुरक तलहटी फिरइ ॥१४६ १४२ धउपई-चु००, चुपई D, चुपैः ।, चपई r.i gr in K is : बोलि व्यास आवली सुविचार. बोलीया-बोलीउ A B, बोलीआ C, बोल्या हवि . विचार-विचार B. माल वीर-मालवी D, वीर माल . गल्या-गढथी A, गढिया 3. ऊतारइ em-उतारेइ ति A, ऊतारि B IK, ऊतारे , उतारइ D, ऊतारो .. घण-घणूं BD I, घM C, घणउ K. जिम-तु B C D , तउ K. मुप-मुख B, मूष D. दीसह-दीसि BOF, दीसई D.तुरका-तुरकह B D . तणउं-तणूं BD I, तणु ०, तणउ K. १४३ राउलि-राउल OD, राउल भणि प. बिहुँ-सहू B, यहू 0 . सीपामण-सीषांमण AO, सीपामणि K. कही-होइ ३. छंडइ-डि B, छाडिउ , छांडेइ D, छांडि I. श्रीस-पंचवीस D. सहस-सहिस BK. सरिसा-सिरसा B,...0 DI. विमणा-विवणा A, बिमणां D, वीमणा K. इझणहार-नइ सुझार A, झणहार D. १४४ B reads as i qr: हुइ विदाइ पीया दीडे. राउल-राउलि A. कान्दइ-कांन्हि A, कोहइ , कानि D, काहानि . भाइस-आयस C D J. दियउ-दीउ A, दीयु ०, दिउ D, दीउ उ. अमेरि- अबिर , अंबेर | K. गयउ-गयु BODI. कान्ह-कान्ह 40, पाहान 3. तणह-तणि BO. भादेसि- भादेस BK, आदेशि , आदेश I. पाइ-पडि B, पाडि 07. तोरकइ-तरकनि B, तुरकौनि , तुरकनि DI, तुरकानइ र. देसि-देशि ,देश , देस र. १४५ पातसाहि-पातसाह , पातसाई D, पातशाह , पातिसाह K. कासीद-कागल B, कासद , फोसित D, काशद . मोकल्यउ-मोकलिउ ABOJ. मालदे पीर-माल निवारि A, मालनि वीर B, मालदे देश ०, मालदे देस D, मालव देव र, मालदेव नइ वीर K. साहु em-सहू A, साहिउ , माहि , मारह D, मारि i, K. एकलउ-एकल BODI. फहिउँ-कहि ०, कयुं D, कपउ र. सोमले-सांभलि BI, यभिजी ०, संभले K. विण-वण 0, गढ D. हीधा-सीधा A, लीधो , लीघां I K. मत-मम A, विण BDI, do. पाउ-पाछु BJ, पाझे, पार्छ D, पाठे x. घले-वलि 11, वली . १४६ मलिका-मलिके A B, मलिक 03, मलकि D. सिसइ-तिसिं , नइ०, तसई D, तसि उ. पीयाणा- पीया B, पीयाणा , पीयोगा D, पियाणा K. दीया-दीउं B, दीआ 0, कीया , दिया K. चिदु-पिहूँ, पुह , चिदु K. मासे-मासि D. मुंदरला-सुंदरला A, संदरि B, मुंदला , मुंदरल D. गया-गयु , गया OK. मगह-भपिड , मगई D, भाग J. माल-मला K. ग्यउ-गिट BK, गयु, यु D. पाइ-L, परिद B, परि ३, परई र. राठ हजी em-तहिन A, तुइज़ B, तुहि, तहजी , तहजि . लहटी- सलहरी, तलहटि D.फिरा-शिर, फिरिइ B, गिरि, पीरइ, n चतुर्थ खंड उलंभा नवि राउत सहइ, नितु नितु यंत्र मगरवी वहइ । गोला वहि नालिथ्या वली, आठ पुहर वाहइ दीकुली ॥ १४७ राउल आवी रहइ करहडी, फेरी वीटि तुरकि दडवडी । मलिके तां मनि हठ आदरिउ, जमलउ दुरगतलहटी करिउ ॥१४८ हेठउ कोई न ऊतरी सकइ, न को ऊपहरु चडिवा लहइ । जेठ मासि जउ जल पूटिसइ, लोक भणइ जीवीसइ किसइ ॥१४९ लाधर सुपन राय तिणि कालि, एहवं वचन कहिउँ जावालि । आगइ देव तण वरदान, गढि नवि पूटइ पाणी धान ॥ १५० एहq वचन कहिउँ गंभीर, पछइ ऊपहरां आव्यां नीर ॥ १५१ १४७ उलमा-डलिभा D. राउत-राउल CI. सहइ-सहि A B C I. नितु निनु-नित २ AK, नतु २ B, नितु २० DI. यंत्र-जंत्र K. मगरवी-मगरवै AC, मगरवे D. वहइ-बहि BOJ. गोला-गोहला D, गोल . वहि-यंत्र 0, वहइ 5. नालिथ्या-नालिया B 0. पुहर-पुहुर BJ, पहुर K. वाइ-वाहि A, वहि B, वाहि , वाइ D. ढीकुली-डी. A, ढीफली B C D, ढीकली . १४८ भावी-आविउ , आवइ D, आवि K. रहइ-रहि BOJ, रही D. करहडी-करडि D, करहट्टी र. फेरी-फेरिउ B, फेरि D, फीरी K. वीटि-वीटि A, वेटि B, वेढि , विटी D. तुरकि-नुरके BC, तुरक Ir. मलिके मलिक D, मलके . ता-नी ०, तु . भादरिउ-आदसू D, आदस्यउ K. जमलउ-जमलु B C D . दुरग-दुE BIK, दुर्ग , गढ D. तलहटी-असभम A, तलहटीई B, तलहट्टी ब. करिउ-कर , क्सउ K. १४२ हेठउ-हिचउ A, हेठि c D, हेलो उ. कोई-को AI, कोइ D. न-नवि A. x transp as न कोई. ऊतरी-उतरि K. A transp as उत्तरी को नवि सकइ. सकइ-रहि 0I, रहइ D. iqr in B is: कटक माहि आव्या नवि लहि. न-नवि . ऊपहर-हेतु अपरि B, उफर , उपरि DJ, उपरि र. धडिवा- चवा B DE, चढवा 0I. लहइ-लहि BOI. B transp as: हेतु पारे न को चडवा लहि. जेठ-- जेठि क. जड जल-जल जउ A, जु जल B C D J. पूटिसइ em-यूटसइ 4, शोषसि B, यूटसि , पुटसिद्ध V, पूटिसई र, भगइ-मणि BOI, भणिइ D. जीपीसइ-जीवीसि BI, जीवीमुं , जीवीसिं , जीवस्या र. किसइ-किमद A, किसिइ B, कसि ०, किसई D, किसि . १५० छाघर-लावू BDI, लाई K. सुपन-सपन्त , वन B, सपन C D, स्वपन . राय-...., राइ B. o tranp as राय सपन. निणि-तत B, तणीद , तगि पहयु-एहर A, एहबू 1. कहिउँ- कहि BI, कहुं D K. भागइ-आगि BOJ. तणउं-तBI, तणुं 0 , तणउ K. वरदान वरदान ADI K. गदि नवि-अवि गढि B, गहें नवि D, गढ नवि .. पूरइ-पूटई , पूटि B. पाणी-पाणी A DE, आगि B. धान-धान AO DJ K. १५१ एह-एहवई , एह , एडु कहिट-क्यूं D, कर्वा K. गंभीर-गंभिर D, गंभीर 1. पर- पछि BODI पाइ र ऊपहर-कारा ODI K. After vs 151 c interpolates the following line: पदमनाभ पंडित इम कहइ पुण्यपमाइ सवि सिद्धि लड्। 25 कान्हडदे प्रवन्ध ॥ पवाडु ॥ तेडाबीउ कान्ह अलीचउ, राउल सीप कहावइ । वेगि करी भोलाइनी वाडी लेई कटक चलावइ । १५२ दस सहस साहण मोकलीया, ऊदलपुरनइ पासइ । निजामदीन मलिक जई रूंधउ, रपे अवर को नासइ ॥ १५३ कलस थिका कान्ह ऊलीचइ कटकि मोकल्या हेरी । परे विपुहुरे जई दलि विलगा, तेजी वाल्या फेरी ।। १५४ चउपट घाइ भिडइ घडीयाता, हींदू तुरक अपार । पायक पडइ लडथडइ मूंगल, ततषिण कीधा मार ॥ १५५ तुरक तणां भांजी दल प्राणइ नडी नाद ऊताखउ । निजामदीन मलिक बलिवंतउ, ते हींदूए मारिउ ।। १५६ १५२ पवाहु-ढाल A B, पवाडु: D, पवाडा ढाल K. तेडायीउ-बोलावी A B, तेडा , तेडावइ . कान्द-कान्ह A, कान्हडदे ०, काहान , राउल कान्हड़दे म. अलीयउ em-तिहा राउलि A, डुलावि B, लिंबु ०, उलेचु D, उलीतु , राउल K. राउल-इसी A K, राउलि B. कहावइ-कहावि B. गि-वेगि . करी-...B, कार D. भोलाइनी-भोलाईनी BI, भोलानी 0. iii gr in Ais :वेगि जई विलगउ तुरकोण: in Kis:वेगि जाइ विलगउ तुरकाणइ. चलावइ-चलावई , चलावि Bo, चलावु D. १५३ सहस-सहिस K. साहण-असवार A, सांहण K. मोकलीया-मोकलीयां BD, मोकलीआ , मोकलीप, मोकलिआ र. उदलपुर-उदलपुर , ऊदिलपुर . नइ-नि BOI, नई D, जइ . पासा- पासि BO. निजामदीन-निजामीन 03. मलिफ-..... जई-जे B, इहाँ ०, इंहा D, ईहां र, आइE. रूपर-संघिउ B, रहिउँ ०, रंधून, कंप्यु , रूघउ K. अयर को-कोई A. नासइ-नासिइ 1, नासि 0. १५४ पिका-थका A, थकी B, पि, पार, कान्ह-कान्हं A B, काहन , कान्हिइ छ, कोहान, कान्हदे र. उलीचन-उलींचि , ऊनीचि , सन्हीचइ D, उलीचि , नीचइ र कटकि-कटक ARd. मोकल्या-मोरया 10. हेरी-हेरू K. विपुहुरे-विपुहरे AK, विपुहुरि B, विहुँ पुरे ०, मिपोहरे D. पलि-नि B, मादल D, दल र. पिलगा-विलगा B, लागा 0, लागी D, वलगा . वाक्या-पाला B, वाल्या . १५५ पउपट-घुपट BOD, सुपटि , चउपटि र. पाह-पाय , घाउ D, पाई , मिाह-भडि, मन्मा 0 D, विन्या र. घडीयाता-बहीभाता , घडीमाता , चडियाता र, हीद-हिंदु , हीड , हो । पर-पडि B OF. यह-लायटि BO, लइया , लप्पाइK. भूगल-मुंगल Dr. पिण- ततपिण, तपिजि Bीपा-दीया 0 D, सीमा, माझी x. मार-मारि n. १५६ सालमा मांगी-मानी BC. Dr transp as दल भाजी. प्राणइom-tणEA, प्रागि B, श्री, प्राणी D. नहरी-नरीदी A, मागि B. नापउ-स्तारा, मारिउBO, नामा, नामाउK.निमामदीन-निजामीन DIK. पटियाउ-पल्यंतउ, पस्य BOD.ए-हीए, ARC. मार-मारिउBo, मामु D.

, चतुर्थ खंड हरम धरी हठि घोडां लीधां, वेगि चडाव्या डूंगरि । लूणकरण माल्हण ग्यउ साम्हउ, मिलीया ऊदलपुरि। १५७ वधामणीउ पहिलु चालिउ, तीरथ मांहि दल ल्यावइ । सोभित वर्ज कुंड जावालि, वारीई थई आवइ ॥ १५८ रामपोलि जई राउ जुहारिउ, अधिक पसाउ जि लाधउ । रामचंद्र हणूआनी परि राइ रिणवटि वाधउ ॥ १५९ वात एतली कटकि सांभली, सवि साचां अहिनाण । वेगि प्रधान मोकल्या ढीली, संभाले सुरताण ॥ १६० करी पराण विपुहरी वारइ, हीदू आव्या चांपी। निजामदीन मलिक रिण मारिउ, हरम भीलनइ आपी ॥ १६१ १५७ धरी-धस्या ०. हठि-हवि K. घोडा-घोडा BC. लीधा-लीधा BO. वेगि-वेगिं B. चहाव्या- चहीया A, चडिया B, चडाव्यउ K. इंगरि-गढ उपरि A, मंगुरि B, डुंगरि , डूंगर , इगिरि K. ii qr in sis: वेगि डूंगर चडाव्या. लूणकरण-खूणकर्ण D, लूणकर्ण J. माल्हण-साहलण 0. ग्यउ-गिउ B, गयुप, ग्यु D. साम्हउ em-सांम्हडं A, साहामु B D, सामु , साहमु , साम्हउ K. मिलीया-मिलीआ ०, मिलिया K. ऊदलपुरि-दल ऊपरि A, ऊदिलपुरि K. iv gr in Jis: जई अपितहि वधाव्या. १५८ पधामणीउ-वधामणीउ BC, वधामणीउँ D, वधामणीउ , वधांमणीयउ K. पहिलु-पहिउ A, पहिल्यु D, पाछउ K. चालिउचाल्यु , चाल्युं D, वाल्यउ K. तीरथ-तीय B, तिर्थ D, तीर्थ I K. माहि- माहि A D K. ल्यावह-ल्यावि B O I, ल्यावाइ F. सोमित-शाभित A, शोभित I K. बर्ज-बुर्ज A, वर्ज, वर्ज, वज्र K. कुंड-कुंजर C D, कुंजरह . जावालि-जावालि B, चालि c, वालई D, चाल्यु. पारीई- बारी B, वाहरीइं०, बारीइD, यारीई , वारीयई K. थई-यई नि B. आवइ-आवि Bos. १५९ रामपोलि-रोमपोलि D I, रामपउलि K. जई-थई B, जाई J. राउ-राय B, राउल ODI, रावल K. जहारिउ-जुहारिउँ D, रहीउ , जुहारघउ र. पसाउ-पसा A B. जि-इम A BK, ज . लाघउ- लाधु BOD I. I. As commences again from vs 159 b. रामचंद्र-रामचंद ०, रामचंद्र D, रामचंद्रि र, हणूभानी हनूयानी B, हणुआनी C, हणूयानी , हणूवानी र, हणूआ तणी :, परि-परि B, पइरि, परई D, परिइ .. राइ-राइ B, राई CJK, राय Dr. रिणवटि-रणिवटि B, रणवटि , रणवट DI, रिणवट E L. बाघउ-बांघ्यु B, वाभिउ , वाधु , यांच्यउ K, वाघिउ L. १६० एवली-एटली B, एकली . कटकि-कटिक B, कटक L. साचा-साची A B, साचा 2. महिनाण- महिनाण A DIE, अहिनाणि B, इहनाण c. iii gr in c 1s : डिल्ली भणी वेगि मोकल्या. वेगि-वेग K, प्रधान-प्रधान AIR, जण D. ढीली-हेरी B, ढील I. संमाले-सभालिउँ A, सामलिया B, समिले , संभाल्या 4. सुरवाण-सुरताग C D E, सरताण, शुरिताण L. १६१ करी-कीरी पराण-पराण ACD, पराणि - विपुहरी-त्रिपुहुरी B, विहुँ पुहरे ०, विपुहरे DK, विपुहुरे. वारइ-वेलां B, वाहरि ०, दाहारइD, आव्या , वाहरइ K, वारिइ - हीद्-हींदू B, हिंदू 0, हींदु . निजामदीन-नशामदीन , निजामदीन D. मलिक-मिलफि र रिण-.. B, रणि C DI. भारिउ-मासु , माघाउ , मायोउ L. मील-भीम , लीधू , हमी .. नह-न B, नि, नई, नवि.भापी-आवी., १९६ कान्हडदे प्रबन्ध सहस त्रिणि तेजी ऊदाल्या, रिणवटि सूंड्या साथी। मारी म्लेछ सवे थल कीधउ, लीया रिणंगणि हाथी ।। १६२ कमालदीन मलिक सीपामण, मोकलीउ फुरमाण । साथि वली सिलह दिवराव्या, तरकस तीर कमाण ॥ पानज्यांह साथि मोकलीउ निजामदीननइ वाहरि । पातिसाह वाहादरपुरि आव्यउ मालदेवनी वाहरइ ॥ १६४ ॥ राग धवल धन्यासी ॥ वहादरपुर अंवेर कि, अंतरि चउक आलेपीउ ए। चउपटि परठीया पाउ कि, कुण हारइ कुण जीपसइ ए ॥ १६५ एक सोनिगिरउ राउ कि, बीजउ ढीलीनउ पातसाह ए। कान्हडदेनउ वीर कि, मालदेव सुरताणस्यूं जूए रमइ ए॥ १६६ १६२ सहस त्रिणि-पाच सहिस B, सहस ऋणि I, सहिस बि K, सहश्र त्रिर्ण ८. ऊदाल्या-ऊदालिया B, उदाल्या .. रिणवटि-रणवटि B 0 DI, रिणवट 1. सूंड्या-सूड्या B L, मुंड्या 0 D I, स्युंड्या K. साथी- साथि A. म्लेछ-मेछ , मलेछ , मिला L. सवे-सवि ल, सहू .. कीधउ-कीधु 1, कीधा C D I. लीया- लीयां D, लिया K, लीधा L रिणंगणि-रणंगणि BC, रणेंगणे D, समरंगणि I, रिणंगण र, रीणगण .. हाथी-साथी D. १६३ मलिक-मिलक L. सीपामण-सीधामण A, सीमिण , सीषामणि K, सीषाण 1. भोकलीउ- मोकलीउ B, भोक्लीयु D, मोफ्लीऊं , मोरलियोउ , मोकलियो L. फुरमाण-फरमाण A 0, फरमाण D, फरमाण , साथइ K, सिलह-सलह BI, सल्हि G D. दिवराच्या em-दिवडाव्या A, देवरावी BO, देवराव्या DK, देवराव्या , वराव्या L. तरस्स-तरगम L. कमाण-कमाण A O P K १६४ पानज्यांह-पानज्याह A, पानजिहा B, पानय्याह , पानज्याहा D, पानयहां , पानजिहाज 5, पानजाहा L. साथि-साथिं B D, साथइ R, ते साथि L. मोकलीउ-मोकलिउ D, मोकलियउ K, मोकल्यउ .. निजामदीन-निजामीन C J K नइ-नी BO K L, नि D I. चाहरि-गमि A, वाहारि B, वाहारई D, वाहारि , वाहरई र, थाहर L B interpolates after ii gr: निजामदीन मलिक्नी वाहारि. पातिसाह -पातमाह 40 D, पातशाह BI, पातिसाहि L. वाहादरपुरि en-बहादरपुरि A, वाहादुरिपुरि B, चादरपुरि ०, बाहदरपुरि D, बाहादरिपुरि 3, बहादरपुर K, बाहादरपुर L. आव्यउ-आविउ BO, आप्यु DJ. मालदेवनी -समादेनी A, रामदेवनी L, वाहरइ-वाहारि B, बाहरि ०, वाहारई D, माहरि , थाहर .. १६५ omits the song, i.e. vss 165-168. धवल-...K.धन्यासी-धन्यासी , धन्यासी ॥ छ ॥ K. बहादरपुर-यहादरपुर A, वाहादुरपुर B अंतरि-अतर DI. घउक-चुक BI, चूक D, चउकि .. भालेपीउ ए-आरेषीउ ए B, आलेपीई ए D, अलेपीउ ए K, आलेपीयो ए .. 'चउपटि-चुपटि A, चुवटि BDI, चउवटि परठीया-परख्या B, परठव्या D E, परल्या र, परिष्या पाउ-पाव L कुण-कुंण D. हारह-हारि . कुण-कुंणी D जीपसइ-जीपमि , जीपस्यइ K. iv qr in B is कुण बिहुँ माहि जीपति रे; in L is कुण जीपासिई विहुँ जणाए. १६६ एक-इफ L. सोनिगिरउ-सोनगिर B D I, सोनिगरउ K, सोनगिरा L. राउ-राय B L. B omits vs 166 11 qr-vs 168 वीजउ-बीजु DI, बीजे L नउ-नु Dr. पातसाह-पातशाह , राउ K, पातिसाह .. ए-.A, कि D K, कान्हडदे-कान्हडदे A J K. नउ-नु D3. चीर-विर D. कि-की D. मालदेव-मालदे D K L मुरताणम्यू em-मुरताण, 4, सूरताणस्यूं D, मुरतानशं , मुरताणस्यु , शरिताणशु .. जूए-जूAD, जूबइ ८, रमइ-रमिर, रमिउ L, .

चतुर्थ खंड सोगठडां केकाण कि, गयवर पासा ढालीयइ ए। पांडडे दीजइ दाउ कि, झडप दीइ रिण मालदे ए॥ १६७ एक सोनिगिरउ गढवाउ कि, जूआरीपणूं मांडीउ ए । कइ जीपइ सुरताण कि, कइ गढ जीपइ मालदे ए॥ ॥ पवाडु ॥ पानज्यांह दल ताजां ल्याव्यउ कटक आगिला माहि । हींदू वेढि करइ सपराणी, आवइ चउपट घाइ ॥ १६९ जाणी वात मालदे राउति, ततपिण छांड्यउं ठाण । वेगि करी वनाद्रि आविउ, ढीली ग्यु सुरताण ॥ १७० देसि देसि मोकल्या हकारा, सहूइ आवू आवउ । राउ मालदे रोसि आगलु, तेडावइ मेलावउ ॥ १७१ १६७ सोगटडां-सोगठा , सोगठडा L. केकाण-केाग D. गयवर-गयमर D,...., गइमर K, गयंवर L, दालीयइ em-ढालीइ A D I, टोलियइ ए K, ढालीय ए . पांडडे-पाडडइD, पंडहो र, पाडे L. दीजह- हो दीजिप, दीज्यइ र, दीजे L. दाउ-दाह D. झडप-झडपडे A, झडपि .. दीइ-दीजइ A, दी K, दियइ L, रिण-रणि DJ. मालदे-मालदेव A D I. ए-कि A,...Dr. १६८ एक-एकसा. D,. ... सोनिगिरउ-सोनगिरु DJ, सोनिगिह सोनिगिर , सोनगिरौ .. गढवाउ- गढठाउ A, गढवाऊ D, गढराय I L. जूआरीपणूं-जूयारीपुण A, जुआरीपणुं D E, जुआरीपणउ L. मांडीउ- माडीऊ , माडीयो L. कइ-एफ 3. जीपइ-जिपइ D, जीपि . सुरताण-सरतान , शुरताण .. कि कइ-कइ A, कि कि प, कि किउ - जीपइ-जीपि I, L transp as जीपइ गढ. मालदे-मालदेव DIR. ए-...A K D. D adds as refrain after 168 : एक सो; K adds : एक सोनि०. १६९ पवाड-चउपई A, चालि B, C, पवाडुः D, पवाडा, पवाटा दाल ॥ छ ॥ K, अथइ पवाडा ढाल L. पानज्यांह-खानजिह A, पानजिहा B K, पानज्याह ०, पानज्याहाँ Di, पानजाहा .. साजो- ताजीआ B, तिहाजा , त्याहा , ताजा K L. ल्याच्यउ-लाविउ B, लव्यु ०E, ल्याव्यु D, जालव्यु , ल्याव्य .. आगिला-आगला B L, आगल्या 01, आगल्या D. माहि-माहि A B C D I L. हींदू-हीदू AJ, हिंदू 0 DE, हीदूं... करइ-करि B 0 1. सपराणी-सपराणी A D I, सपराणा K. भावद-आव्या A, आवि BOJ. घउपट-चउपटि A K, चुपट BD I. घाइ-पाए AJL, घाई B, घाई ०, थाउ र. १७० जाणी-जाणी AODI K. मालदे-मालदेव ०, मालदेवनी . राउति-राइ B, राई , राय D, राउत K, राइ .. ततपिण-तनक्षिण A, ततपिणि BI, ततक्षण 0. छोट्यउं-छायूं A, छाडि3 B, छांडु , छायुं D, छाडिउ , छज्यउ ठाण-ठाग AC DIK, प्राण L वैगि-विगि L करी-करि , करीनइ .. वनादि-विनाई B, वीनादा, वनाद्रा D, विनिद्रा , वनाद्री K, नाद्री L. आविउ-आविर्ड A, आव्यु , आव्यु , आव्यउ K, आव्यई L ढीली-डिही , दिली K. ग्यु-गिउ B, गयु , ग्यउ K, गयो L. मुरताण- मुराण A D E, सरतान , शुरिताण L. १७१ देसि देमि-देसि २ A B D, देमिः, देस देग र, देस २ ८. मोकल्या-मोकल्यां 0 D K. इकारा- हकारिया B, हकारा OD K, हमारी . सहूइ-सहू , सह को र, सहुअइ K, सहअ L. मा५-आधू Br, आबूबी 0, आबुइ D, आल्यू र, आनू मावउ-आतुं B, आविर्ड , आयु DJ, आव्यउ र, आब्याउ .. राउ-राउल O DIK, मालदे-मालदेव C D K. रोमि-रोस CL, रोसालउ K. भागलु-आगलं D,...., आगला L. तेदावइ-तेडाव3 A, तेडावि B ODI मेलावर-मेलावु B ODI. ir qr in Lis: घणड़ मेला वेडाव्यउ. माढी DK, १७२ कान्हडदे प्रबन्ध सिंधु सबालप अनइ पारकर, सवे देसुत वोलाव्या । अढारसा सातसा तणा भड मेलावइ आव्या ॥ तुरी सहस छत्रीस मेलीआ, लाप पांडाधर ल्यान्या । कटक तोरकां ऊपरि सूंडी राखूधइ दल आव्यां ॥ आव्यउ सुणी मालदे पडीउ तुरक तणइ दलि त्रास । संकटि पड्या असुर ढीलीइ मोकलावी अरदास ।। एकइ पासइ राउल मालदे, वीजइ राउल कान्ह । विहं राउ विचि रही न सकीइ, इम वोलइ परधान ॥ १७३ १७४ १७५ १७२ सिंधु-मिंध, संधु B L, सिंधू , सिधु . सवालप-सवालाप , भनइ-नइ A, अनि B, नि0. पारकर-पारकरी L. सवे-सवि A L, सव D. देसुन-देसोत A, देसउति .. बोलान्या-बोल्याव्या .. मढारसा सातसा तणा-अढार सहिस हासरू घोडा B, अढारसा मातसा तणा , अढारसा सतेसा तणां D, अढार सहन सांत तणा , अहर सातसा तणा K, अटार सहस भड मिल्या मिलावई .. भड-घणि B, मुभट 0D, भड वला 5. मेलावह भाग्या-मेलावि आव्या B, सवे मेलाव्या , वली मेलाव्या , वलि मेलावि आव्या र, मेलावद वे 204 , L omits iv qr. १७३ तुरी-तुरीय A L, आव्या तुरी B. सहस-सहिस B. उन्नीस-छत्रीसा A, चुवीस ODI. मेलीमा- मेली A B, मेलीया DJ, मेलिआ K. पाढाधर-पंडाघर A L, पाडाघर . ल्याम्या-आव्या A B L, लाव्या c, ल्याव्यु D, आव्यु K. कटक तोरकां-तुरक कटक B, कटक तोरकी , कटक तुरका , तुरको .. सूंडी- मुंडी 0 DI, मुदी र, सूदी .. रासूंघइ-रातूंधि B, राय सिंघल , राय सीधल DI, राइ तुरकिK , जाणे जरासिंघ ८. दल-दलि 0, डीलइ K. भाव्यां-आव्या B, आब्यु 0 D, आव्यउ K, ल्यावउँ .. After vs 173 r interpolates the following : कोपि करी तुरकानइ. १७४ पायउ-आन्यु B DI, विहा आव्यु नि , आदिचउ E, आविउ .. मुणी-शुणी .. मालदे- मालदे राउत A, मालदेवनि , मालदेव D, मालदेव राउल . पडीउ-वडीउ B, पडिउ 01, पडीउँ D,...', पीयउ र. नुरक तगइ-तुरका A, नुरक तणि BJ, तुरकानि , तुरक तणा 4. दलि-...AO, दल .. o transp as : तुरकानि पडिउ. ग्रास-वासी L. संकटि-संकट 0KL. पड्या-पडिया B, पडिमा र. मसुर-अशुर L. ढीलीह-दीलीई B, डिल्लीनि ०, ढीलीनइ DL, दीलीनी , दिलीअइ x. मोकलावी-करावी L. भरदास-मरदाति AL,उरदास D. १७५ एका-एकि BO7, एईD, एक ... पासह-पाति B C I, पासई D. राउल-राउ A, रायर, राटत र. मालदे-मालदेव 007. यीनइ-बीजि BO, वीजि , पीजई .. कान्ह-कान्ह ३, कार Bd, काहान . विटु-विहूं 11. राउ-राय B, रारले ०, राउवे D, राउत प. विधि-वचि BOT, विचइ .. रही न सकीइ-किम उगरीइ A, रहीनइ ०, रही न...D, रही न सकि र, रही न सका ह, रही न सकीयइ .. इम-ईम.. बोलइ-पोलई A, योलि BOJ. परधान-परपान AK, प्रधान L. Note-There is a long lacuna in ys D after fifth in ys 173. In the left-hand margin of the folto there is a note by the copyist: 'उपरन (--) पानु २७ नयी ते सप्यु नपी.' .

१ ९९ चतुर्थ खंड असपति राउ भणइ परधानां, जाई मलिकनइ कहिज्यो । वरस आठ कुंयरी कहीया, तही पाछइ मन रहिज्यो ।। १७६ आगइ ए गढ कहिउ सदैवत, प्राणइ कांइ न थाइ । ऊपरि चाहूआण सपराणा, लीधउ किमइ न जाइ ।। १७७ राउल भणइ मालदे प्राणइ जउ थाणउं छंडावइ । कोड आपणउ किम पुहुचिस्यइ, वली कटक नही आवइ ।। १७८ सीप मोकली राउल कान्हइ, वाहडमे थाणउं । मान्यउ बोल मालदे राइ, जइ द्रउडिउं तुरकाणउं । १७९ आठ वरस मांहि आठज दिहाडा, थाकइ करी सजाई । पाछां कटक सहू को चालउ, मलिक सीप फुरमाई ॥ १७६ असपति-अमुपति C. राउ-राय B. भणइ-मणि B, कहि . परधानां-परघांना A, परधान B, प्रधाननई ८, प्रधाननि , प्रधाने K. जाई-जइ A, ई 0 I F. मलिकनह-मलिक सविहुनि A, मलिकनि B, मलिकनि म, मिलिकनइ K. कहिग्यो-कहज्यो A, कहीया B, कहियो CI, कहजो K. आठ-आठ जे CJK. कुंपरी-यरि B, कुंअरी ०, कुंअरीइंग, कुंअरि , कुंआरी ८. कहीया-कहीआ 0, कहीयां , कहिआ K, कहीयई .. तही-तेहीइ A, तहीं B, तिहा 0. पाछइ-पूठइ A, पाम B, पछी 03, पछइ .. मन-मत 0K, मरत . रहिज्यो-रहज्यो A K, रहियो BC, हुयो . १७७ भागह-आगि o , आगई L. ए-एह . कहिउ-कहइ A E, अछि B, कहि . सदैवत-सदैवइ A, सदेवत OKL.प्राणइ-प्राणि B, प्राणि , प्राणई 1, काइ-किंपि A, काई B, काईय र, काइ , काय L. थाइ-याई ०. चाहूआण-वाहूयाण A, चहूयाग B, चहूआण , चहूआगार, चाहुआण EL. सपराणा- सपराणा AK, सपराण , सपराणउं .. लीघउ-लीधु B, लेणु , लीघो E, लेणउ L. किमह-किमि B, किमि , किमहि . जाइ-जाई ०, जाई र, जायइं .. १७८ राउल-राउ A. मणइ-भगि BOJ. मालदे-मालदेव प. प्राणह-प्राणि 40 I, प्रीति B, प्रांणइ ई. अर-जु B 03, जो .. थाणउं-थांणर्ड A K L, थाणू BI, या 0. छंडावह-छडावि BOI, छोडावउ .. भापणउ-आपणउँ , आपण Bi, आपणु ०, आपणउ K. पुहुचिस्यह em-पहचेसिस्यई ३, पुहोचेति B, पुढचेसि 0, पुहुचेति र, पहुचिस्यइ र, पुहचेसी .. नहीं-नहीं BK. भावद-आविइ B, आवि ०२, आवई .. १७९ मोकली-मोकलि A. कान्हइ em-कान्हि 4, कान्हि B, काहि , काहानि र, कान्हइ ई, कान्हई .. बाइग्मेरु-बाहडमेरिं B, बाडमेहलु ०, वाहडमेर ।, याहहमेरइ .. याणर-याणं B, थाd KE. माम्यउन्मान्यउ A,मानिउ B, मानु 0, मानिउर, मान्यो .. मालदे-मालव , मालदेव र. राइ-राई Bo, रायइ ८. जह-जई B, जै, जे , जिK, आई .. उबिट-बुदिउँ A, B, पुर, द्रोड्युं , दउडइ ८. दरकाणउँ-तुरका B1, तुरका 0K, शुरिताणइ .. १८० माहि-माहि , माहि B. भाउज-आठ BOJ K L. दिहादा-दीहाडा , पीया रथाकर- थाकिद तुरके B, थाकि , याकाई , थाक K, काइ .. सजाई-सेनाई ८. पाठां-पाछा EL. को-अ.. चाळर-चाल B, चालि ०, बालउ E. मलिक-मिलक At, मलिक B, मलिक , सीप-इसी B', पुरमाई-फरमाई ०३.

१७२ कान्हडदे प्रवन्ध सिंधु सवालप अनइ पारकर, सवे देसुत बोलाव्या । अढारसा सातसा तणा भड मेलावइ आव्या ॥ तुरी सहस छत्रीस मेलीआ, लाप पांडाधर ल्याव्या । कटक तोरकां ऊपरि सूंडी राखूधइ दल आव्यां ॥ आव्यउ सुणी मालदे पडीउ तुरक तणइ दलि त्रास । संकटि पड्या असुर ढीलीइ मोकलावी अरदास ॥ एकइ पासइ राउल मालदे, वीजइ राउल कान्ह । पिहुं राउ विचि रही न सकीइ, इम वोलइ परधान । १७३ १७४ १७५ १७२ संधु-सिंध , संधु B L, सिंधू , सिधु प. सवालप-सवालाप . मनइ-नई A, अनि B, नि 0. पारकर-पारकरी L. सवे-सवि A L, सव D. देसुन-देमौत A, देसउति L, बोलाव्या-बोल्याव्या .. मदारसा सातसा तणा-अढार सहिस होसरू घोडा B, अढारसा मातसा तणा 0, अहारसा सतेसा तो D, मदार सहस सात तणार, अहर सातमा तणा र, अढार सहस भड मिल्या मिलाई L. भड-णि B, मुभट 0D, भड घला K, मेलावइ भान्या मेलावि आव्या B, सवे मेलाव्या ०, वली मेलाव्या D, चलि मेलावि आव्या , मेलावइ ते आव्या E. L omits iv qr. १७३ तुरी-तुरीय A L, आव्या तुरी B. सहस-सहिस B. छत्रीस-छत्रीसां A, चुवीस 0 DJ. मेलीमा- मेली A B, मेलीया DI, मेलिआ E. पांडाघर-पंडाघर AL, पाडाधर . ल्याम्या-आव्या A BL, लाव्या ल, ल्याव्यु D, आव्यु K. कटक तोरका-नुरक कटक B, कटक तोरकी , कटक तुरको ग, तुरको .. सूंडी- मुंडी 0 0 3, मुदी र, सूडी 2. रासंधह-राधि B, राय सिंघल , राय सीधल DJ, राइ तुरकिK E, जाणे जरासिंध L. दल-दलि 0, डीलइ र. भाव्यां-आव्या B, आव्यु 0 D, आध्यउ K, ल्याव L. After vs 173 L interpolates the following : कोपि करी तुरकानइ. .. मालदे राउत, मालदेवनि , १७४ श्राव्यउ-आव्यु B DI, तिहां आव्यु नि , आदियउ , आविउ .. सुणी-शुणी .. मालदे- मालदेव D, मालदेव राउल . पडीउ-वडीउ B, पडिउ ०८, पडीउं D,...', पदीयउ K. तुरक तणइ-तुरका A, तुरक तणि BI, तुरकानि , तुरक तणा 4. दलि-.....0, दल .. O transp as: तुरकानि पडिउ. प्रास-वासी L. संकटि-सकट CK .. पड्या-पडिया B, पडिआ . असुर-भशुर ८. ढीलीइ-ढीलीई B, डिल्लीनि C, ढीलीनइ D L, ढीलीनी , ढिलीअइ र. भोकलावी-करावी L. अरदास-अरदासि AL, उरदास D. १७५ एका-एकि BCI, एकई D, एक L. पासइ-पाति BCI, पासई D. राउल-राउ A, राय , राउत K. मालदे-मालदेव ODI. धीजइ-बीजि Bo, वीजिप, बीजई ८, कान्ह-कान्ह ३, काब Bo, काहान . बिहुँ-विहूं | L. राउ-राय B, राउले , राउते D, राउत . विचि-वचि BOT, विचइ .. रही न सकीइ-किम ऊगरीइ A, रहीनइ ८, रही न...D, रही न सकि , रही न सकइ र, रही न सकीयइ .. इम-ईम र. बोलइ-बोलई A, बोलि BO J. परधान-परधान A I E, प्रधान L. Note-There is a long lacuna in M3 D after fir tha in ys 173, In the left-hand margin of the folio there is a note by the copyist: 'उपरलू (=नू) पान २७ नथी ते लख्यु नथी.'

चतुर्थ खंड १९९ असपति राउ भणइ परधानां, जाई मलिकनइ कहिग्यो। वरस आठ कुंयरी कहीया, तही पाछइ मन रहिन्यो । १७६ आगइ ए गढ कहिउ सदैवत, प्राणइ कांइ न थाइ । ऊपरि चाहूआण सपराणा, लीधर किमइ न जाइ। १७७ राउल भणइ मालदे प्राणइ जउ थाणउं छंडावइ । कोड आपणउ किम पुहुचिस्यइ, वली कटक नही आवइ ।। १७८ सीप मोकली राउल कान्हइ, वाहडमेहं थाणउं । मान्यउ वोल मालदे राइ, जइ द्रउडिउं तुरकाणउं ।। १७९ आठ वरस मांहि आठज दिहाडा, थाकइ करी सजाई। पाछां कटक सहू को चालउ, मलिक सीप फुरमाई॥ १७६ असपति-असुपति C. राउ-राय B. भणइ-भणि B, कहि . परधानां-परधानां A, परघान B, प्रधाननई ०, प्रधाननि उ, प्रधाने K. जाई-जइ A, जई 0 K. मलिकनइ-मलिक सविहुंनि A, मलिकनि B, मलिकनि , मिलिकनइ ई. कहिग्यो बल्यो A, कहीया B, कहियो , कहजो K. भाठ-आठ जे OK. कुंपरी-यरि B, कुंअरी ०, कुंअरीइंग, वुअरि K, कुंआरी .. कहीया-कहीआ 0, कहीयां ग, कहिआ x, कहीयई .. तही-तेहीइ , तहीं B, तिहा ०. पारइ-पूछइ , पाछा B, पठी , पछइ .. मन-मत 0K, मरत . रहिज्यो-रहज्यो A K, रहियो BC, हुयो . १७७ मागइ-आगि ०, आगई L. ए-एह . कहिउ-कहइ A K, अछि B, कहि . सदैवत-सदैवइ , सदेवत OK L. प्राणह-प्राणिं B, प्राणि C I, प्राणई .. काइ-किंपि A, काई B, काईय र, काइ र, काय .. याइ-याई 0. पाहूमआण-चाहूयाण A, चहूयाण B, चहूआण 0, चहूआणा र, चाहुआण K L. सपराणा- सपरांणा A R, सपराणु , सपराणउं .. लीघउ-लोधु B, लेणु 01, लीयो K, लेणउ .. किमइ-किमि B, किमि , किमहि . जाइ-जाई ८, जाई , जायई .. १७८ राउल-राउ A, भणइ-मणि B C J. मालदे-मालदेव . प्राणइ-प्राणि ACT, प्रीति B, प्राणइ र. जउ-जु BOL, जो .. थाणउँ-यांणउं A K L, थाणू BI, थाणुं 0. छंदाबइ-छंडावि BOT, छोडावउ .. मापणउ-आपणउं A, आपण BI, आपणु ०, आपणउ K. पुहुचिस्यइ em-पहचेसिस्यई 4, पुहोचेसि B, पुहचेसि , पहुचेति , पहुचिस्यइ E, पुहचेसी L. नहीं-नहीं BK. आवह-आविइ , आवि , आवई .. १७९ मोकली-मोकलि A, कान्हा em-कान्हि A, कान्हि B, काहि , काहानि र, कान्हह , कान्हई L. बाहरमेरु-बाहडमेरि B, वाहडमेहलु ०, बाहहमेलं, याहडमेरइ .. याण-या BI, या 0KL. मान्यउ-मान्यउ A, मानिउ B, मानु , मानिउ , मान्यो L. मालदे-मालव , मालदेव र. राइ-राई 80, रायद .. जह-जई B, जै0, जे , नि E, जाई .. द्रविडं-दिउ A, B B, धुर्मुर, द्रोन्यु र, दउडइ .. दरकाणउँ-तुरकाएँ BI, तुरका 0K, शुरिताणइ .. १८० माहि-माहि A, माहि B. आठज-आठ BOJ K L. दिहादा-दीहाडा A, दहिया रथाह- पाकिइ तुरके B, थाकि , थाकाई र, याक K, कांइ .. सजाई-सेनाई .. पाहां-पाठा - L. को-म .. पाठ-चालु B, चाल 0, वालर K. मलिक-मिलक AL, माल B, मलिर, सीप-इसी B', शरमाई-फरमाई 0.

२०० कान्हडदे प्रबन्ध जहाँइ सीह मलिक गढ ऊपरि, वंदीपाणइ रहाव्यउ । सेजवालसुं तहीनउ सगपण जण हाथि मोकलाव्यउ॥ १८१ वीकइ नीटरडकनी वावि सीह मलिक तेडाच्यउ । आधी राति ऊठी छांनु सहेट मलवा आव्यउ ॥ १८२ पीकउ भणइ म पाछा जास्युं, वचन कहेस्युं वेद । जउ अम्ह पातिसाह गढ आपइ, तउ देपाड भेद ॥ १८३ रूदउ भाइल जमलउ रापी, कस्खउ वोल परिमाण । मलिक भणइ जे बोल अम्हारउ, ते माने फुरमाण ॥ १८४ ॥ चउपई ॥ सेजवालि गढ कारणि करी, पापी पापबुद्धि आदरी । लोभइ एक विटालइ आप, लोभइ एक करइ घण पाप ॥ १८५ १८१ जहीइ-जईनइ A L, जहि , जहीई उ, जहियइ 5. गढ-विउ गढ A,..... अपरि-तेडाव्यो .. दीपाणइ-बंदीपाणि BI, बंदीपानि , बातीपाणइ R. रहाव्यउ-जही रहाव्यु AJ, रहाविउ B0. सेजवालसु- शेजवाला शं.A, सेजवाल BI, सेजवालमु , शेजवालमु र. तहीनउ em-तेहt B, नही नु , तहीने 1 तही नही K. हाथि-हार्थि B. मोकलाच्यउ-मोकलाव्यु A, मोक्लाविइ B, मोक्लावि 0. L omits ii-ir grs. १८२ - omits 182 a. चीकइ-वीकि B, वीका . नीटरडकनी-नाटरडकनी B, फीकाटोडर 03, नाइक करी K. वावि-वाविं B, वीनती K. सीहमलिक-शाह मलिक K. तेडाव्यउ-चडाविउ A, तेडाविउ BO, पोलाविउ उ. भापी-आधि A. राति-रातिं B, रातई K. ऊठी छांनु-छांनु ऊठी A, ऊठी छंपनु B, ऊठी छमद R, छानउ L. After iii qr A interpolates foll : आव्यु छानु बाहि साहीनइ राउत ल्याव्युः L interpolates मिलक सवे विमासी चाल्या. सहेट em-सहेटि A, सहटि B, सुहटि , सहटर, सहिटइ र. मलवा-मेलावउ A, सहित ते प, मलिक ज र, मिलावइ .. आव्यउ-आविउ A, आव्यु , आव्या .. १८३ पीकर em-वीकु A B, वीकम 0 IK, वीको L. भणइ-भणि B C J. म-...K. पाठा-पाछी K. जास्युं-जा A, जासिउ BI, जामु ०, जाजो 1. कहेस्युं em-कहेसिङ A, कहिसं B, कस्योस , कहिस्युग, कहेK K, कहेसी L. वेद-ते वेद , वाद K. जउ-जु B C I L. अम्ह पातिसाह-अम्ह पातसाह AB, पातसाह मुंहनि ०, पातशाह मुंहनि , अम्ह पातिसाहि .. आपइ-आपि FOJ, आवइ . तउ-तु ABO J. देखाउं-देषाई BI, देषार्ड 05, देषाडा .. भेद-नाद र. १८४ रूदउ-रूड B, सालु 0, शरल I, लहुडउ E, रूल्ह .. भाइल-भवाडि B, भायल 0, भावि र, माइ र, भाईए .. जमलउ-जमलु B, जमलो 0, लाजमाम , जमलोउं .. फखर-कर A, कर्यु , फरि, फीउ, करिउ ... परिमाण-प्रमाण B L, परिमाण 01, परमाणी K. मलिक-मिलक L. भणइ-भणि B I. जै-..... मम्हारउ-अम्हारउ A, अह्मारि B, हमारा 01, अम्हारा K, अम्हार .. माने-माने A, मानु, मान्यउ .. फुरमाण-परिमाण 01, फुरमाण र, फुरिमाण L. १८५ घडपई-चुपै B, चु००, चुपैः , चउपई ॥ छ ॥ K. सेजवालि em-सझवालि A, सेजवाल B03 1, श्येजवाल K. गद-काढि B कारणि-कारण B K L. पापी-पापी A, पापीइ ०. बुद्धि-बुधि AK, सुष्य .. लोमइ-लोभि , रोभि , विटालइ-विटालि BI, वालि C. लोभह-लोमि , लोभि . करद-करि B 01.

चतुर्य खंड २०१ लोभइ एक नर लोपइ धर्म, लोभइ करइ पाडूआं कर्म । लोभइ मिली माल आथडइ, लोभइ एक नर वाहणि चडइ॥१८६ लोभइ एक विदेसइ रुलइ, लोभइ एक नर पाला पुलइ । लोभइ एक दापवइ अणाथि, लोभइ बूदां वालइ हाथि ॥ १८७ लोभइ एक करइ दारिद्र, लोभइ चोर न आवइ निंद्र। लोभइ काजि पियारइ मरइ, लोभइ कन्याविक्रय करइ ॥ १८८ लोभइ जमलउ वासि म वसइ, लोभइ एक चूंटाइ सांडसइ । लोभइ एक थाइ अन्यान, लोभइ एक ऊपाडइ वान ।। १८९ लोभइ धर्मलोप आदरइ, लोभइ सगासहोदर मरइ । लोभइ एक नर पाडइ चाट, मारइ विप्र नगारी भाट ॥ १९० १८६ Komits i-iii grs. transp i and ii grs. I reads iqr as : लोभिइ एक करइ अधर्म, लोमइ-लोभि BC, लोभि प. लोपइ-लोपि B 0 I. धर्म-धरम . लोभइ-लोभि B, लोभि . करह-करीइ B, करि ०३, करई L. पाडूमां-पाट्या A, पाइआ L. कर्म-करम A, विक्रम . After 186 at interpolates foll line : लोभिई उलिघइ पर्वतमाल लोभइ स्लइ नर निर्णद काल. लोभइ- लोमि A OI, लोभि B, लोभिइ L. मिटी-मीली , वंघव र, मल्या L, माल-मली B, मिली , जेठी L, मायढइ em-आयडई A, आयडिइ B, आयडि 0 I, भिडइ L. लोभइ-लोभि A 1, लोमि B, लोभिइ L. एक-इक A. वाहणि वाहिणि प, वाहण E, वाहण 2. चह-चडिइ B, चढि , चडि र, चटए L. १८७ x omits vs 187. लोभइ-लोभि B, लोमि 0. विदेसइ-विदेसि A, विदेसि B, विदेशइ K. स्लइ-चदिइ B, रलि 0, रुलई L, लोभइ-लोभिं B, लोमि c. एक-इक L. पाला-पालइ K. पुलइ-पुलिइ B, पलि . After 167 a k interpolates the following lines : लोभइ नर विदेसइ मुलइ । दुहा ॥ दूधइ सीच्यउ लींबडउ थाणु कियु गुलेण। तोइ न छंडइ कडवपण जातइ तणइ गुणेण ॥ लोमड-लोभिं B, लोमि . एक-..., एक नर A. दापवइ-दापवि B C, दापवई .. अणायि-आय .. लोमह-प्रेमि B, लोभि , लोभई E, लोभिइ .. बूंदा-वृंदा 0 L, बुदा K. वालइ-वालि A BO. हायि-हाथ L. १८८ लोमइ-लोभि B, लोभि , लोभई , लोमिइ ८. एक-एक नर L. करइ-करि B 01. दारिद्र- पुकर्म , ज दादि .. लोभइ-लोभि B, लोभि , लोभिइ L. चोर-चोरी K, एक L. न-...J K. भावा- आवि B C, जोइ र. निद्र-निद्र B, नींद्र , मर्म ग, बुधि , नीद .. लोमइ-लोभि BC, लोम प्र. काजि- काम , काज L. पियारह-पीयारि B, पीआर , ज्यारि, पियारा K L. मरइ-मरई , मरिइ B, मरि २. लोभइ-लोमि BI, लोभि , लोभिई .. करइ-करिइ B, करि . १८९ लोमह-लोमी ACIL, लोभ B जमलउ-जमलु BOJK. वासि-वाशि A, वाश K, वाम .. मन - घसइ em-चसे A, वनि , वाग K, वास .. लोभह-लोभि BI, लोमी ०, लोभिदं .. एक-दक A, प्रोडि र,..K. चूंटाइ em-चाइ A, सेडि B, ताढि c, शरीर , चूदाई K, चुंटइ .. सांडसह-सादसे A B, साढनि सान , सडाम 5. लोमइ-लोभिं B, लोभि CL. एक-इक A. याइ- पाई र, थायइ .. मन्यान-अन्यान A, अज्ञान 01. लोमइ-लोमि BI, लोभि , लोमिइ .. पाइ- पदाचि B, पीटीइ ०, पाटी, पडइ नर K, उपाइप, बान-दान A BK. १९० लोमह-लोपड, लोभि BC, लोभिई L धर्म-धरम A, अधर्म , अति र, धम्म . लोप- लोभि 4, लोक ०, विक्रम, लोभ 5, पान .. भादरह-आदरिइ B, आरि 01, अदसउ K. लोमह-लोमि B, लोभि . मरह-मरिट , मरि . लोमइ-लोमि BI, लोभि , लोभिइ .. नर-ज. पाह-पाडि FOJ. मारह-मारि BOI. विप्र नगारी-अबला वाभग L. 26 ०, २०२ कान्हडदे प्रबन्ध लोभइ एक नर छांडइ मान, नीच तणइ घरि पाइ धान । लोभइ एक तणउं मुप रापि, लोभइ एक दीइ कूडी सापि ॥ १९१ सेजवाल मनि एवडउ लोभ, पाप तणउ नवि आवइ क्षोभ । हीया सरिसु विमासी जोइ, लोभ समउ नवि मइलउ कोइ ॥१९२ लोभ विहूणउ जे नर मरइ, पदमनाभ तस पूजा करइ । सीह मलिक ते रातिज मांहि, सेजवालनइ देई कबाहि ॥ १९३ वली लोभ देषाच्या घणा, टंका आप्या सोना तणा । कटक चलाव्यां कहीउ मेल, वेगि गढि पाडेसूं भेल । १९४ लाधउं सुपन राय तिणि वारि, ब्राह्मण देपी करीउ जुहार । पूछइ राय, कवण तुं नर; विप्रवेपि हुँ गढ जाल्हुर ॥ १९५ १९१ लोभइ-लोमि B, लोमि CI, लोभिइ L. नर-..... छोडह-छडि BI, छाडि 0, छडइ र, छाडइ .. माम-मान AJ K. नीच-नीच B. तणइ-तणि BJ, तणे K, पाइ-पाई .. धान-धान AI. लोभइ-लोभिं B, लोभि उ, लोभिइ L. एक-...K. तणउं-तणूं BI, तणइ र, तणउ L. मुप-मन B, मुषि पडइ सी र, रापि-राप र. लोभइ-लोमि B,...s, लोभि L. एक दीइ-यइ बली A, दीइ वली , एक भाइ K, भरइ L. कूडी-ते कूडी 1.0 omits 191 b. १९२ सेजवाल-जेसवाल A. मनि-मंनि I. एवडउ-एवंड A, ए बडु B 03, एवडो .. तणउ-तणु BOT. नवि-मनि B, भावइ-नाणु B, आणइ 01, आवि 3. क्षोभ-प्योभ K, क्षोभ .. हीया सरिमु- हीयासू A, हैया सरिसु B, हीयाk , हईअडा सिउंद, हिंया सरिस K, हीया सरस .. विमासी-विमांसी . जोइ-जोय . समउ-समु A B C I L. मइलउ-मिल BOI, मइलो र, रूडो L. कोइ-कोय 3. १९३ : omits 193 a. विहूणउ-विहूणु B, विहुणु , विहुँणउ .. मरइ-सरइ A, सरि BO, मरई 4. पदमनाभ-पद्मनाभ A B, पदमनाभि K, पद्मनाभि L. तस-तेहनि A, तेह B, तशु .. पूजा फरइ-अणसरई A, पूजा करिइ B, पूजा करि , पुजा करई ८. सीह-शीह र. मलिक-मिलक .. ते-जे K. रातिज- रातिजा K. माहि-माहि 5. सेजवालनइ-सेजवालनि BI, सिजवालनई .. देई-दीइ ०, दिइ र, देइ 5, देय .. कवाहि-कवाइ .. १९४ देषाड्या-देषाडियां B, दिषाल्या L. घणा-घणा B. सोना-सोवन L. तणा-तणां B... चलाया- चडेवा E, वडावी 0 K, चडाव्या , चलाव्यउ L. कहीउ-व्हीयउ K, कहिउ L. मेल-समेल .. वेगि-वेगि BI, वेगइK, बेगि करी .. गदि-गढ 03 K L. पाडे -पाडेसि B, पाडेशन, पाडेलु र, पाडिया भेल-भैलि BI, भिलि L. १९५ लाधउं-लाधु B, लाई , लावू , लाघउ K L. सुपन-स्वप्न A, सपन , स्वपन , गुपन 2. राय-राइ.,...B, राई ०, वारि .. तिणि-तेणी B. वारि-वार OK, ब्राह्मण-ब्राह्म A, ब्राह्मण BOK, वित्र ३. देपी-देषि उ. करीउ-परिउ B L, करि ०, कीधुप, कस्खउ K. जुहार-जोहार . पूछइ-पूछि Ba, पूछ्युं . सुं-1 B I. नर-विप्र K, वेषि-वेष , कहि , कहइ र. हु-हूं 3 01, जाल्हुर-जालोर AL, जालहोर B, जालहुर, जालउर .

चतुर्थ खंड २०३ चड्या तुरक जो माहरी पूठि, गढ भेलाणउ वहिलर ऊठि । अछइ पाप माहरइ जेतलउं, हुं भोगविस काल तेतल ॥ १९६ पुण्यवंत प्रीति पामस्यइ, वली वंसि गढ ताहरइ हुस्यइ । पाछउ विप्र गयउ सांचरी, स्वपन दिपाडइ आसापुरी॥ कहइ पीठि अम्हे जास्यूं आज, तई वांछिउं ते सीधउं काज । वली वंशि ताहरइ नर कोइ, माहरइ वचनि पामसइ सोइ ॥ १९८ वली गणेश ते सुहिणा माहि, एहज चात जणावइ राइ । चउथ सुपनराय जव लहइ, कान्हस्वामि इम आवी कहइ॥ १९९ एहज वात चतुर्मुपि कही, राय विचारइ साचउं सही। कमालदीन मलिक सुप्रमाण, सेजवाल थिउ आगेवाण ॥ २०० १९६ चड्या-चडियां E, चयां उ, चन्या L. तुरक-कटक BC. जो-जु BI, जे L. माहरी-माहरी A, माहरि 03, माहारी .. पूठि-पूंठि 0. भेलाणउ-मेलाणउ A, मेलाणु B C . पहिलउ-पहिलु B, विलु 0, वेगिर, विहलउ L, ऊठि-उठि 1. अछह-अठि B, अछि I. माहरइ-माहरि BIK, माहरु, माहारउ L. जेतल-जेतलु BO, जेतलं , जेतलK. -हूं BI,..... भोगविस-भोगविसू A, भोगविमु Bu, भोगव्योस , भोगवेसि J. काल-कान्ह L. तेतलडं em-तेतलं AI, तेतलु B C, तेतली K L. १९७ पुण्यवंत-पुण्यवंत A, पुन्यवंत 0, पुन्यवंत .. पामस्यइ em-पामसिई A, पामसि B, पांमस्यइ ०, पामसि प, पामिस्यइ र, पामसिइ L. वली-वलीय L. वसि-वंश BIE, वंस L. गढ-गढि BK. बाहरइ- ताहरु B, ताहरि , ताहरउ K L. हुस्सइ-होस्यई A, हसि BO, होसिर, हुस्यइ र, हुसिइ L. पाछउ-पाछइ , पाछु B, पाछो 0. विप्र-पुरुष ३. गयउ-गय A, गयु BOI, गयो L. सांचरी-संचरी K. स्वपन-खप्त AO, मुपन B, शुपन L. दिपाडइ-देषाडि BI, देपाई ०, देपाड्यउ E, दिपाडिउ L, भासापुरी-आशापुरी BI, आस्यापुरी 01. १९८ कहइ-कीहि B, कहि ० उ. पीठि-पीठ L. अम्हे अझे B 03, अह्मि 1. जास्यूं-जासिउँ A, जास्यु , जास्यां K, भाजु L. I transp as पीठ भार्जु अम्हि आज. तई-जे BL,...0, तुझ R. वांछिउं-वंछिउ A, वांई , वायु , पछित K, वाघ्यउ L. ते तइ A. सीध-सीधां BK, नवि सीधैं ०, नवि सीधू , सीघउ ८. बली-वलीय .. शि-वैश : प, सि 0, वंस K L. ताहरइ-ताहरि BI, ताहारउ L. B transp as नर ताहरि. कोइ-कोय 03, कोई 5. माहरइ-माहरि B 0 J. वचनि-वचन , वच .. पामसइ-पामसि B, पामसि , पामिसि र, पांमस्यइ र, पामसी L. सोइ-सोय CJL. १९९ वली-वलीय L. गणेश ते-..शह A, गणेश B, गणेस 0, गणेशज , गणेस जे L. मुहिणा-मुहूंगा B, सुहणा JK, शुहो L. माहि-माहि BJ. पहज-एह AL, एकज I. जणावइ-जाणावइ A, जणावी , जणावि 0. राइ-राय BO E, जाय , राई .. चउयर्ड em-चथर्ड , चुy B, चुधु , चउयउ K L. सुपन-खान A, खपन / E, शुपन L. राय-राइ ३. जब-तब L. लहइ-लहि BOP, लाउ K L. कान्द- कान्ह A, काह B, काहान 01. स्वामि-खामी A B C L, स्वामि ! 5. इम-अह्म B, मइ L. I transp as आवी इम. कहइ-कहि BI, वही ०, कह्यर K, कहिउ L. २०० एहज-एह B0. चतुर्मुपि-चतुर्मुपि , चतुर्मुखि B, चर्नुमुख KL. विचारइ-विचारि BJ. साचलं- सा BI, साचे ox, साचL, मलिक-मिलक .. मुप्रमाण-सप्रमाण ०, सो प्रमाण , गुप्रमाग .. थिउ-थयु, थयउ र, ययो L. मागेवाण em-आगेवागि आघेवाण B, आगेवाण ०, अगेवाण, अगेवाण र, अगेवाणि .. A, २०४ कान्हडदे प्रवन्ध दलि , माहिली राति मलिक दडवडी, कान्हमेरि दल ल्याविउ चडी। आगलि थई वीकमसी गयउ,इसउ वोलघरणी प्रति कह्यउ॥२०१ हीरादेवि भणइ चंडाल, सूं मुप देपाडइ तुं काल । जेह पसाइ कीयां राज, तेह तणउं विणसाडिउं काज ॥ २०२ एक डील कारणि तइं आज गढ भेलावी आव्यउ लाज । जे नर नित करइ प्रतिपाल, दूध तेहनूं पीइ विडाल ॥ करइ रीस ऊभी घरवारि, गढि दल चडतां देपइ नारि । इसउ चोल हीरादे भण्यउ, सेजवाल वालू हण्यउ । २०४ सास न आवइ ए अहिनाण, पड्यउ धरातलि गया पराण । अबला अंगि एतली आहि, हीरादेवि गई गढ माहि ।। २०५ राउल भणी गई पाधरी, ऊमी रही वीनती करी । राउल एक अवधारउ पात, सेजवालि गढ कीधउ घात ॥ २०६ २०१ माहिली-माहली BL, माहिथु ०३, माहिलइ 3. राति-...0, चउकि K. मलिक-मिलक .. दढवही-दलवडी A, चञ्यु दडवही 0. कान्दमेरि-कान्हमेर A, काडमेर B, कान्हडदे , काहानमेरि उ. दल- गढि B, गढ .. च्याविउ-चालिउ B, आव्यु ०, आव्या , ल्याव्यउK, आव्यउ .. चडी-चढी B.. भागलि-अगलि K, आगल L. थई-थिकु B, थी I L, थकउ K. वीकमसी-बीकसी , कर्मसी K. गयड- गयु B 01, गयो L. इसउ-रसु A, इसिउ BOL, इशु . काउ-कहिउ AB, कहु ०, कहउ L. २०२ हीरादेवि-हीरादेवी A, हीरादे ते .. भणइ-भणि BI, भणई .. चंडाल-चांडाल I. सूं-सं, स्टुं , शु , मुंह, सिउँ .. देपाडइ-देपाडि BI, देपाडि ०, देषालइ .. तु काल-आ काल 0, विकराल . पसाइ-पसाई B, पसाई ० ३. कीचों-कीजइ A, कीबूं , कीघा .. तण-तणू B, तणु 0, तणं , तणउ KE. विणसाडिउ-विगसाडउ A, विणसा» B, वणसाडिउँ ०, विणसाड्यउ र, विणसाडिउ L. २०३ कारणि-कारण .. सई- B, ते ०, नि, तइ KL. B transp as : d कारणि. माज-लाज 01, भाजि .. मेलायी-भेलाणु B, भिलाव्यो L, भाल्यउ-आव्यु , लोपी BL. छाज-आज APK. Finterpolates the foll vs in faulty Sanskrit after vs 203 8: दूहा ॥ लोभमूलांनि पापानि रसमूलानि व्याधयः। महमूलानि दूषांन प्रयत्यक्ता सुपी भव ॥ नित-नित्ति , नितु 0, नित्य इ. फरह-करि B. तेहन-तेहk BOK, विहन् L. O transp as तेह दूध, पीह-पियइ K, करिइ . विडाल-विला: 04, विडाल E. 203 bin sis: जेहना दूध पीइ नितु काल वेहना स्तन काप्या ति भाल. २०४ करह-करि BO, करी , वरीय L, रीस-रीस ते ०, घरवारि-वारि , परिवारि .. गहि दल- गदि दलि B, दल गढि0, गढ़ दल K L. चहा-चढता ०६. देपह-देपि BOT. इसठ-इनु A, इसिउ Bo, इशुप, एक L. भण्य-भणी3 A, भपिउ र, भणउ K. सेजवाल-सेजवाला .. अंबालू-अंगाल , बाळ B, प्रागडी ०, चंयाल र. हण्यउ-हणित BCI. २०५ साम न-म, साम मइ L. मावद-आवि B, भय्यु, थाव्योउ ..ए-९६ ८. महिनाण-अहिनाण Ar, महिनाणं .. qr in dis: सास न भाय्यु विल्नु जाणि. पच्यठ-पडिट A B, पशु, पज्यो .. घरातलि-धरानल L. गया-नीमरीमा र. पराग-पराग AK, प्रांग . गि-अंग .. हीरादेवि-हीरादे .. मोहि-माहिं B, माहि . २०६ रही-रहे .. पीनती-विनती o. ivqr in lis:ठमी नारि फरर बीनती. एक भारत- उपारित, पापा 012. सेमवालि-सेप्रदान A, सेमवाले B, सेवाला, शेजवाल र, सेजवाल - गा कीपट-गति 3A,गाधु B, गड0, गर ठीषु . i २०५ २०७ चतुर्थ खंड सुहिणा तणी वात सवि मिली, कान्हडदेवि वूव सांभली । कांधिल तणइ साथि तिणि वार दस सहस धाया झंझार ॥ उल्हीचउ भड जाणी इसु, राउल रिणवटि आवइ तिसु । कांधिल मिड्यउ कटक माहि जाई,सीह मलिक माखउ घण घाइ॥२०८ मलिक सवे दल मांहि पलभल्या, कान्हमेरि जण पाछा वल्या । कांधिल करि सइंफलं भलं , राउलि सहू पूठि मोकल्यु । कटक तोरकू सूंड्यउं भलूं, आठ पुहर कीधउं सइंफलूं। स्वामी काजि एकमना भिड्या, पांच सहस राउत रिणि पड्या॥ २१० २०७ Note-p Ms commences again from vs 207, after the preceding big lacuna. सुहिणा-मुहुणा B, तेह , सहु D, सविडं उ, सुहणा K, शुमणा L, मिली-भीली D. कान्हडदेवि- कान्हडदेवि A, कांदडदेई 0, काहनडदेइ D, कांहानडदेवि र, कान्हडदेवि x, कान्हडदि .. बूंब-चुंबारव A, बुबा K, बूब L. कांधिल-कांधल B, काधिल D, काहांन J. तणइ-तणिइ B, तणि 0 J. साथि-सायइ K. तिणि-विण A, तणि D, तिणी R. वार-वारि I L. दस-दसइ A, दश D. सहस-सहिस BK. घाया-मास्या ०, झाझा DI. झार-झूझारि .. २०८ उल्हीचउ-उलीचि B, उलिंबु , उल्हसीउ D, पालटीउ , उल्हेचउ , उल्हीच .. मड-गढ . जाणी-जांणीइ 4, जाणी C D I K. इसु-इसिइ B, इसिउँ 0 L, इसिउ D, इशुप, इसु K. राउल-राउलजी AL, राउलि D. रिणवटि-रिणि आवइ A, जाइ रणवटि B, रणवटि , रणवट D, रणिवटि , रिणवट E, अम्हि रिण L. भावइ-...B L, तिहां ०, आलिउ D, वालिउ , तिसु-इसिइ B, आयसिउं , इसिउं D, धसिउर, तिसउ K, जादसिउँ L. कांधिल-कांधल B D, काहानि I. भिव्यउ-भडीउ A, भडिउ BOD, मेल्यूं , भियर्ड प्र. कटक-भड उ. जाई-जई A, जाइ 00 ....... मास्पउ-मास्स A, मारिउ B 03, मारीउ D. घणे प, रिण K L. घाइ-थई B, घाय 01, मांहि .. घण-रणि B, वह, २०९ मलिक-मिलक 1. सवे-सवेना उ. दल माहि-दल माहि AK, माणि रण B, दल . पलभस्या- पलभल्या A B, सलभल्या 0, पडभल्या , पलिमल्या .. कान्हमेरि-कान्हमेरि A, कामेर B D, काहमेरि ०, काहानमेरिथीर, कानमेर .. मण-मेछ B, जन0D,...., दल L. पाठा-पाछा . वल्या-चलिया B, वल्यां कांधिल-कांधलि B, कांधल D, काधिल JE.फरिउं-कीर्ड A, कीऊंग, व र, कस्खउ L. सईफलं em-सांपटू , संपलं B, सिंफ्लु ०, सइंभल D, सिफलू , साल र, सइफलल 1. मलं-घणउं A, भर्ख B D, फल्यु ०, घf E, घणउ L. राउलि-राउल . सहू-सहु D K, सवि प. पूठि-कटक B, पूठि , पूठिं D. मोकल्यु-मोकलिउँ । BD, मोकन्यो L. २१० तोरकू-तुरक्न B1, तुरकी ०, तोरकुं D, तोरकी E, तुरक्नउ L. सूत्यर्ड-सूयूं B, सुंडि 0D, सुदिन, मुंगाडइE, सूबउ L. मलू-पणे A, भलु BO, भिक्षु K, घj L, भाठ-आठ L. पुहर-पहर A, पुहोर B C, पुहुर DJ, पहुर E. c transp as : पुहोर आठ. कीधउं-की— BI, कीर्षु C D K, कीपड .. सइंफर em-सांप A, सूफल B, सिंपल 0, सइपलं D, सिफल र, सीफ्लु र, सइफ्लड L. स्वामी-खामि खामि , खोमी D, खामि J K. काजि-काज K. एकमना-एकमनार, इक्मना 2. मिख्या-भिच्या 4, मडियां B, भव्या OD, भया. पांच-प्यार ०, च्यारि DJ. सहस-सहिस BE, सहस C. रिणि-रमि BODI,Rण KL पख्या-पडिया B. AB, २०६ कान्हडदे प्रवन्ध उल्हीचइ कर ऊभारीया, वार सहस म्लेछ मारीया। विहाणामांहि वात मनि धरइ, आन्या राय कोठइ कांगरइ॥२११ ॥ पवाडु॥ गमे गमे जो दल दीठउं, जई सिंहासनि वइठउ । वालि दोट ऊथिला देई, कांधिल भिडतउ दीठउ ॥ २१२ राउल भणइ आगि तुं कांधिल इसिउ योध नवि जाण्यउ । पांडाभरत काकरउ कोठउ, इसिउं कही वपाण्यउ । २१३ चडिउ वीररसि कांधिल वोलइ, राउल जाणि म जाणि । आगइ अम्हे सवे दीहे एहवा, इणि वेलां म वपाणि ॥ २१४ २११ उल्हीचइ-उलीचि B, उलिंचइ , उलासि I, उल्हेचा K, उछी .. कर-भड K, वेढि L. उभारीया- उभारीया A D, कताखा B, उभारीआ 0, उमारीआ र, ऊभा रह्या , नहीं भारीया L. सहस-सहिस B. म्लेछ-मलेछ , मेछा B, भूगल ODI. मारीया-मारीआ 03, मारिआ K, मारिया L.c omits vs 211 b. विहाणा-विहणा A, वाहणा D, विहांणा , विहाणां L. माहि-माहि A K, मांहिं . मनि-मनें D. घरइ-धरिइ BI. कोठह-कोट BK, कोठि प. कांगरह em-काकरई A L, कांगरिइ B, कांगरई D, कांगरि.उ, कागरइ र. After vs 211 h interpolates foll : दीठा राउत रिण पड्या अपार म्लेडानउँ कीघउ संहार. २१२ पवादु-...A K, चालि B, पवाडा र, अथ पवाडा हाल L. गमे गमे-गमे २ A0TH, गमे B, गमि गमि D. जो-जोउ , जोयु o K, जुजु D, झा , जूवउ 1. दीठउं-दीठ A K, दीठ , दीठ3 L. आई-जोई 1, जे I. सिंहासनि-सहीनि आसनि B, सिंघासणि , संघासनि D, स्वंहासन 5, सिंहासन ... बइठउ-राउ बईठ A, आसनि विठु B, बइठिउ D, विइठउ , राय बठ। पवाडा ढाल । K, बइठा .. After 212 a a interpolates : आव्यउ तुरक सबल सनाहि नामि भीर छइ मीठउ राय interpolates :तुरक सवल संनाहइ भारी भीर मुगाल छइ मीठउ. वालि-वालइ AK, वालई D, कालिग बोलइ . दोट-होट B D, देठि 0, घोहि , दोटि L. अथिला-उथरा BOK, उयला DL, उथलु . दे- दीइ , दे D, दीधु उ. कांधिल-कपिल B, काधिल I. भिडतउ-भद्तु B C D, ढलतु प. दीठउ-दीठउ राही ,दी B. २१३ मणइ-मणि BI, भणई D. मागि-मि 0, अज D....., मजे आगइ र, आगई .. H-1B...D. कपिछ-कांधल B, कपिल करडर,..., काधिल L. इसिउ-इमु A, इशु , इमा , इसउ .. योध-जोध AL, योर 1. जाण्यट em-जाणिउ A D, जाणं B, जाण्युप, जाणु , जाण्यउ L. iii qr in kis: पांदा तुरक अमुर मूलाला. पांडा-यांडी BOD, पाडा. भरत-मरथ B, भरोत ८. कारउ-बार , फारस, काकरे D, काकस , कारू .. कोठउ-कोटिइ 1, कोठ, कोठार D. इसिउँ-इस A, भम् B, इसिउD, गुर, इमर, इस .. कही यहाँ B, वहीय . पाण्यउ-वपाणं , धाणित , वपाणीउ D, पनिउ, पा. २१४ परिह-वडिठ, चष्टि D, चाडि र, चाइL. वीरमि-वीररस BL, उपरि रमि K. कोधित- राउल . बोष्टर-बोलि 103. राउछ-कांधिल . जाणि-जाण ०, जानि K. जागि-आण D, जागिर जागीर. मागद माहे-आगे अम्हे A, भागि अझै B, अन्ने भागि 01, भन्यो भागइ D, भागइ भन्दै र. स-सपि D. दोहे-दी, दल र. गृहया-पहा A, जीता x. ii qr in ris : अम्दे आगि दोहे निवे दरा राउन in tis भागई गरीव अम्दे एहया. इनि en-दश A, एणी nor,D, रवि, दणी बेटा-पन्य B04 पराणि-वपनिABODOr, राणे ..

चतुर्थ खंड २०७ दीधी झांप पांचसइ राउति, नीची कांधिल पूठि। मारी म्लेछ पड्या सवि पायक, कान्हडदेनी रेठि॥ २१५ तिणइ ठामि कान्ह उल्हीचर रिणवट वांधी धायु । परे बिपुहरे घणूं दल गंजी पछइ पडिउ रिण घाउ ॥ २१६ त्रीजइ पुहरि वांधीउ रिणवटि, शोभित सांझी वार । ऊड्यां लोह घणा भड भागा, पडतइ कीधउ मार ।। २१७ आधी राति जइत देवडउ तुरक तणइ दलि भिडीउ मारी म्लेछ भीछ मचकोड्या, पछइ प्रहारे पडीउ ॥ २१८ जइत वाघेलउ पुहर पाछिलइ भलउ भिड्यउ रिण माहि । मारी म्लेछ पडिउ घण घाए, अंगि एतली आहि ॥ २१९ २१५ दीधी-दीठी L. झांप-झापिइ .. पांचसइ-पाचसिं B, पाचसि 0 DI, पावस L. राउति-राउत B DIL. ii qr in K is : तुरकी दलनइ नाणि. नीची-नींची B, नाची .. कांधिल-पांधिल , काधिल L. पूठि-पूंठि , पूठिं D, पूठिई L. मारी-माया A, मारिया B. म्लेछ-म्लेच्छ AD, मेछ 3, मलेछ . पड्या-पाडीया A, पडिया B, पडीआ I, पाड्या ८. पायक-पाला B, पूठिइ .. कान्हडदेनी-कान्हडदेनी A, काहनडदेनी D, कान्हडदे र. ट्रेठि-पूठि A, द्रठि र, इम जांणि र, देठिई .. २१६ तिणइ em-तिण A, तेणे B, तेणि ०, तीणि D, तिणि I L, तीणइ .. ठामि-ठामि BDI, ठामिड L. कान्ह-कान्हड A, काल B G, कान्ह I L. उल्हीचउ-ऊलींचि B, उलिंबुल, उलिचिउD, चहूआणु , उलउ देपइ K. रिणवट-रणवटि B, रणिवटि , रण D, रणवट इ. बांधी-बांधिनि D. धायु-घाउ A D, पाउ K, धायो .. परे-परा A D, परां K. विपुहरे-विपुहर AG, विपुहुरे B, विपूहर D, बिपुर प, विपहुर K. घणूं-घणां AK, धणू B, घf 0D, घणाज ८. दल-..... गंजी-झगढी B D K, थोभिङ , मारी. पछह पडिउ-पछि पडि B, पडिउ पछि , पडिउ पछइ D, पछि पडिउ र, पछइ पच्या K. रिण-रणि Bo, घण, रण उ. घाउ-माहि AK, घाय . iv qr in Lis: पाड्या पड़ी रिण धायो. २१७ Domits vs 215. श्रीजइ-त्रीजि BO 1. पुहरि-पुहोरि B, पहुरि K, पुहर .. पांघीउ- वांधी A, रही ०, बांधी , बाघी K, वाधीयो .. रिणवटि-रिणवट A L, रणवटि BO, रणि वावट . o transposes as : रणवटि रहीउ, शोभित-सोनत B, सोभित O K L. सांझी-साझी A, सारी , सांझि ०. वार-वारि L, उड्यां-उही A, उच्यु०, ऊडिउ , उज्या 5 .. घणा-घ) B. भद-घड B, विहां ०, भिड L. भागा-भागा B पडतइ-पइते A, पडति B 07, पडतिइ L. कीघउ-कीधु B 01. २१८ राति-रातइ र, राविइ ८. जइत देवदउ-जितदेवडु B, जयत देवड 0 DJ, जयति दिवडउ .. सणह -तणे A, तणि BC, तणिइ , धणे .. दलि-दल .. भिडीउ-मदीउ B C D, पदीउ र, भिडियउ 5, भिडियो .. म्लेछ-मेल B, मलेछ . मीछ-भुंछ B, भूछ , भीच्छ Dr. मचकोड्या- मचकोटीया A, मचकोडिया B, मचयउ ८, पछइ-पछि Bc1. पडीउ-पडियउ K, पडियो .. ivar in Jis: पछि विमानि चढीउ, २१९ जइत-जित B0, जयत DJ, जयति L. वाघेलउ-वाघेलु B ODI, वाघलो .. पुहर-पहर A, पुहोरि , पुहुर, पहुर K. पाटिलइ-पाउलि BOD, पाछिलि , पायलई ८. भलउ-भल A, भलु BO D, भल्ये ८. मिट्यउ-भिडीउ A, भडिउ B C DI. रिण-रणि BD, रण 1. माहि-माहिं B, माहि 003L. म्लेड-मेछ B, म्लेच्छ 0D, मलेछ . पडिउ-पढीउ ।, पन्या K, पायउँ . धण धाए-रिण माहि , धणे पाए , रिण घाए .. अगि-अग L. पुठली-एतलि P. भाहि-आहे .. B omits ir gr. रेस्छ ०, २०८ कान्हदे प्रबन्ध लूणकरण माल्हण लोहनइ चालीउ साम्हइ पूरि। म्लेछां सरिसु भिडिउ घण घाए, पडिउ ऊगमतइ सूरि ॥ २२० चंडाउला अरजननइ बांधीउ रिणवटि कान्हड राइ । सोमचंद रायि व्यास तेडाव्यउ, ततषिण तेज्यउ जाइ ॥ २२१ राउल भणइ तुरक किम लेसइ, व्यास वचन अवधारउ । वेगि दीउ मसाणी आइस, तेजी पांडे मारउ । २२२ व्यास कहिउ करणनी परि अंतकालि धउ दान । आपु तुरी हाथ मई उडिउ, एहवं मागिउं मान ॥ २२३ मान्यउ बोल राय चहूआणइ, वेगि पपाल्या पाय । जाणि व्यास लेई ऊतरसइ, घोडा आप्या राइ । २२४ २२० Bomits i-iii qrs. लूणकरण-लूणकरण , लूणकर्ण D L. माल्हण-माल्हणनइ , माहलण D.. लोहनइ-लोहन C, लोडणनि र, सपराणउ K, लोहनर L. चालीउ-चाल्या 0 D, चाल्यो , चाल्यउ EL. साम्हइ em-सांम्हउ A, साहमि 01, साहम्में D, साम्हइ र, साम्हउ .. परि-पूरे र, पूठिइ .. म्लेला- म्लेच्छ 0 D, मलेछ , म्लेछी K, म्लेछ L. सरिसु-सरिस A, सरीसु 01, सरिसउ K. भिडिउ-भडिउ 001, पज्यउ K, पड्यो .. घण-रणि ऽ, रिण L. घाए-माहि L. पडिउ-पडीउ A, पाउ K, पछइ .. ऊगमतइ-जगति BCI, जगतइ K, ऊगतइ . सूरि-सूरि B, सुरि D, सूर K, सूरइ .. २२१ I omits vs 221. igr in t is: चव्यउ राउल अर्जनजिउ बांध्यो. चंडाउला em- चाउडा A, चटीऊली B, चंद्राउला C, वडाउला D, वीडाआलि K. भरजननद-अरजननि BO, अरजननेई D. यांधीउ-चाघिउ BC, बांधु D K. रिणवटि-रणवटि BO, रणवट D, रिणवट K L. कान्दड-कान्हड A, काइड B, काहड 0, कान्हइ K. राइ-राउ A L, राई B, राय 0 D K. सोमचंद-सोमचंद्र B DE, सोमचंड ८. रायि प्यास-रयि व्यास A, व्यास B L, राई व्यास , व्यास राय D. तेडाग्यउ-तेडाव्यु A, तेडाव्या B, तेडाविउ , तेडापि D, तेघ्याव्यउ K. ततपिण-ततक्षिण A, ततषिणि B D, ततक्षण 0. तेड्यउ-तेडिउ A, तेई B, तेई 0, तेडउँD, वेज्यो .. जाइ-जाई .. २२२ राउल-राय , राउ D. भणइ-भणि B C 3. तुरक-तरक B. किम-कीम D, मिम L. लेसइ-लेसि B ODI, लेस्यइ , लेसे 1. अवधारउ-उधारु B D, अवधारु , अधार I, अवधारं .. गि-वेग र. iii qr in L is : वेगि करी मसाहणी तेडउ. दीउ-दिड D, दीउ , दियड 5. मसाणी-मसाहाणी B, मसाणी CJK, मसाणि D. भाइस-आयस C D K, आयुध र तेजी-घोडा ०. पांडे-पार्ड र. मारउ- मारउ A, मारु BJL, मारिउ , माD. २२३ omits vs 223. i qr in t is : व्यास कहिउ अम्ह बोल मानीजइ. व्यास-त्र्यासई 0. फहिउ-मण AD, यहि , कहिउँ 0, कपट K. करणनी-राउ रणनी ०, करणनि D. परि-परिं B. अंतकालि-अतकाल K L. घउ-घु A, दिउ B DL, दीउ ल. दान-दान A D. भापु-अपउ र, भाप्यो .. तुरी-तुरीय A, तुरी 10K, तुरि D. मई-मि A, म B, मि , मइ PKL. उडिउ-उड B D, उम्पन x, उच्यो . एयु-एई, एह● D, एहवुड K, एहवउ L. मागि:-मागिउ A, मागु B, मागि 0, मांगु , मोम्यु, माग्यउ L. मान-मान AC D EL. २२४ मान्यउ-मान्यउ A, मानिउ B, मानिउ 0 D, मांन्युर, मान्यो .. राय-राउ B, राइ .. घरमाणा em-चहूयानि A, यहूयाणे B, चहूआणे , चहूर्याण D, चढूआणे २, चहुआगइ र, चहुआणे .. वेगि-येगि प, वेग K. पपाल्या-पपालीया A, पालिया B, पापल्या D. पाय-पाई K, पायइ . जाणिउ-जाणी3 4, जानि B,..., आण D, जाणुर, जाभ्यो .. सरसह-उतरपिइ BD, नरिउ तेह सवि०, उनरशिप उतरस्पद , नरसी L. घोडा-पोस , पा. माया-आप्यो गह-राई, राय 01.

२०९ चतुर्य खंड चउवीस सइ तुरंगम राउला, व्यासि मेल्हाव्या टाली। दीधां दानपुण्य राउलनइ, इसी वात संभाली । २२५ घोडा सवि जीवता मेहलान्या, ते अह्म पुण्य अनंत । विप्र तणूं धन जेह ग्रहेसइ, ते जासइ भसमंत ॥ २२६ राउल भणइ इस्यूं कां कीधउं, व्यास प्राण छांडेसइ । व्यास भणइ कुण वीजउ राजा कांधि पालपी लेसइ ॥ २२७ जउ तुम्ह पूठि रहुं जीवतउ, तउ अपकीरति पा । गढ जाल्होर भेलातां निश्चइ अंग आपणउं हो ॥ २२८ जइतलदे भावलदे ऊमादे नइ कमलादे राणी। जमहर तणी करइ सजाई, वात हीया मांहि आणी ॥ २२९ २२५ घडवीस सह-चरवीमइ सइ A, सातवीस B, चउवीससिं 0, चुवीससई DI, सत्तावीस .. राउला- राउलि र, राउल K. व्यासि-जाक B, व्यासिं , व्यास I L, व्यासइ र. मेल्हाव्या-मेहावी B, मेहलाव्या DI, मेल्हा K. टाली-ठी L. दोघां-दीधि B, दीघई D, दीजि र, दीजइ K, दीघउ L. दान-दानि A, दानि B, दोन OI K. पुण्य-पुण्य A, पुन्य D E. राउलनइ-रायनि B, राउलनई D, राउलनि . इसी-इसीय .. २२६ घोटा-घोडा A BIK. सवि-सवे B L. जीवता-जीवता A BI, जीविता D, जीवत र. मेहलाव्या- मेन्हाव्यां A, मेहलाविया B, मुंकाव्या 0, मेहल्यां 1, मूंकाव्यां K. ते मह्म-अह्मनि A, ते अमि L. पुण्य-पुण्य A, पुन्य D L. तY-तणु B, तणि C, तणउ K L. धन जेह-जे घन A 0 D, धन जे B L. अहेसइ em- प्रहेसई 4, गहिसिइ B, असक्किति , निप्रहसिइ D, असीइ र, संग्रहाइ , धन हसे L. जासह-जाति BOT, जासिइ D, जासी L. I transp as जासी ते. भसमंत-लसमंत , भशमंत K. २२७ J omits vss 227, 228. राउल-राय B. भणइ-भणिइ B, भणि 0. इस्यूं का इस् काइ A, संका 0, इस्यूं स्यू D, इमुं का , काई तुम्हि .. कीधउं-कीy B, की। ०, कीघउ EL. प्राण-प्राण ०, प्राणि D. छांडेसइ-छंडेसि BO, छंडसि D, छाडेस्यइ 5, ठंडेसी L. मणइ-मणि B 0. कुण-कुंण . धीजउ-बीजु B, बीजो CL, वीजउ K. राजा-राज A. कांधि-कंधि B, पाधि OD, कांघइ म. पालपी- पालपि K. लेसइ-लेसई A, लेसि BO, लेस्यई , लेसी .. २२८ जउ-जु BC,...D, ते ८, तुम्ह-तुद्म B 0, तुंम्ह D, दुम्हि .. पूठि-पंठि ०, पूठइ र, पठिइ ८ रहुं-रहि B, हु जो D, हुं K, रहइ .. जीवतउ-जीवतु B 0 L, जीवं D, जीवंतउ र. तउ-नु BOD, तो .. अपकीरति-पकीरति A, उपकीरति 0 L, अपकिरति घण D. पाv-पा, A, पामु , पाK D, पांमुउ र, तामइ .. जाल्होर-जालोर A E, जाहोरि B, जालहुर D, जालउर L. मेलावा em-भेलतां A, भेलाति B 0, भेलता D K L. निश्चइ-निसचइ, निश्चिं B D, निश्चई ०. अंग-देह B L. भापणउं-आपणउंज A, आपणु B, आपणु 0D, आपणउ . .. होम-होमउं , होर्मू 0 D, होमुंउ र, होमई .. २२९ जइतलदे-जितलदे BC, जयतलदे DIL मावलदे-भावल .. उमादे-टमादे BODI. नइ- ...A B, अनि 01, अनइ D. A transp as उमादे भावलदे कमलादे; B transp as कमलादे मावलदे उमादे; L transp as कमलादे भावल नइ उमादे, राणी-रांगी A DI K. करइ-करी B, करि . L transp as करइ जमहर तणी. वात-सत्त L. हीया-हैया B, हीमा CD, हईआ , हिया र. माहि-माहि, मोही D. पाणी-आणी ODIE. 27 कान्हडदे प्रबन्ध साथि घणी दीकोडी सूंडी, करइ आवीनइ वात । लोक भणइ अम्हे राउल ताहरा नही छांडर्ड संघात ॥ २३० पहिलउं विप्र उच्चरइ आसीस, राउल आयस मागइ । विवहारीया सवे सकुटंबा, पाए राउले लागइ ।। २३१ राउत सविहुं तणां जे माणस, तेहू साथ न छोडइ । करइ जुहार सूद्र सवि आवी, धरि धरि जमहर मांडइ ॥ २३२ गण गायण नइ नगर नाइका, गांछा छीपा माली। करइ जुहार मगावइ आयस, तेली नइ तंबोली॥ २३३ कारू नारू नइ विवसाई, आवइ वर्ण अढार । पाए लागीनइ कामा सारइ, आयस करइ जुहार ॥ २३४ २३. सायि-साथि B 03, राथि K. दीकोडी-दीकोली 0, दोडी D, दीकोली .. झंडी-मुंदी BIK. करइ-कारे B 0 . भावीनइ-आवीनि BO, आविनई D, जमहरनी र. मणइ-भणि B . मझे राउल-- राउल A L, ए राउ B. ताहरा-राहरउ A, तदारु B, तुम्हारी .. नही-ग्रेस B. छांटउँ-मेल्हीइ A, करि B, छोड ०, छाई र, छडॉ K. iv qr in Lis: हिव नही छाडा साथ. २३१ पहिल-पहिल AI, पहिलं B0, पहिलइ पुहरि D, पहिला .. उधरह-अचरइ A, ऊचरि BI, उपरि ०, उचरइ D, ऊचरइ ८. भासीस-आसी BI,...D. राउल-सहूइ A. भायस-सीपज A, मासी Br, आसीसज 0, आसीस D E. मागइ-मागिइ B, मागि ०२, मांगइ ... वियहारीया-व्यवहारीया BI, विवहारिया D K. सकुटंबा-सवि कुणबइ 4, सकटंबा 0, सुकुटंबा D, सकुंटबा E, शुकटंय .. पाए-पाय राठले-रायने B, राउलने ०, राउल Is transp as राउल पाए. लागह-लागि BOI. Bh २३२ राउत-राउल K. सविहुँ-सविहूं A, सवे DIL. वां-तणा K L. माणस-माणस 014, मागश D. तेहू-तेहूँ 0, वेह D, तेहु , ते? ८. साथ-साथि ८. न-नवि D. छोइ-रटि B, छाडिक, छडइK, छोडई .. करइ-करिइ B, करि 07. जुहार-जहार D, जोहार . सूद-शूद्र B. भावी-आवि . iii qr in Jis करि जोहारशं प्रहि सवि मादी. घरि घरि-घरि २ A BO DIR, घिरि २८. मांग- मंडिइ B, मागि०, माहि. २३३ गण-गुण BOL. गायण-गाइण A, गाइ B, गाई ०, गाय D. नह-...Bo, जे DI. नाइका- नायका 03, नायिका D, नायका र. गांठा-गाछिणि प, गाछी .. छीपा-छींपा , छीपणि उ. करब-करि BO. हार-जूहार , जोहार 1. मगाइ-मग्गवि B, मगावि , मंगावइ K, नई मागिइ .. मायस- माइंस A. तेली-माली D. मइ-...., नि Bo, नई D. २३४ / omits vs 294. नह-नि B, अनइ .. विवसाई-विवसाइ , म्यवसाई B, विवसाई , विवसाईया D. भावा-आवि B 0. पर्ण-वरण 0, पाए-पाइAB, पाय OF बागीन-लागीनि Bo, लागीनई ..कामा-कीमा A, काम , मार, रमसा L सारह-सारिइ, समारि . भापस-वाइस AB, भावी . कप-परिह B, की, का सहार-बार D.

चतुर्थ खंड झालर वावि मांहि अंतेउरि लेई आभरण नाषइ । पुरसउ पाणी मांहि बोलाविउ, गढ मांहि कांई न रापइ ॥ २३५ माणिक मोती हीरा आणी, सोनां रूपां सार । ऊंडइ नीरि अणावी राउलि वोलाव्या भंडार ॥ २३६ चाहूयाण कुलि जे धोरीधर, जाणइ राजविवेक । तेडावी वीरमदे कुंअर, सिरि कीधउ अभिषेक ॥ २३७ लागउ पाय मांजीयां आंसू, जणणी दीइ आसीस । वंशि अम्हारइ तुं अजरामर, प्रतिपे कोडि वरीस ॥ २३८ चंदनकाठ अगर नइ तुलसी, वीली आमली आणी । करी सनान देव आदितनइ अर्घ दीइ सवि राणी ॥ २३९ २३५ झालर-झालरि K. माहि-माहि र, अतेउरि-अंतेउर A B C D, अंतिउरि .. लेई-लेइK. भामरण-आगरण्हां A. नापइ-नापइ A, नाषिइ B, नपावि 0 I, नपावइ D K, लंपाई 1. पुरसउ-पुरुसु B, परK OD, परसु JE, पुरिस K. पाणी-पांणी A D. मांहि-माहि A, माहे D. बोलाविउ-चोलीउ A, बोलावि ०, बोलाव्यु D, बोलाव्यु , बोलाव्या E, बोलाविउँ 1. मांहि माहि A K. काई-काइ 4, कांड 0, को D. रापह-रापिइ B, रपावि , रपावइ D. २३६ माणिक-माणिक A DI, माणीक R. मोती-मोति ०. हीरा भाणी-नइ परवाला A, हीरा आणि DK, हीरा भाणी . सोना-सोना ODIE. रूपां-रूपा OJ K. ऊंडह-अडइ A, अडिइ B, इंहि, उरढे D. नीरि-नीर A0K, ने D. अणावी-अणांवि D. राउलि-राउल K, रामलि .. मंदार-सवि भार A, भंडारी. २३७ चाहूमाण em-चाहूयाण AD, चहूयाण B, चहूआण 0, चहूआण , चहुआणा K, चाहुआण .. मे-जेह ०. घोरघर em-धीरीधुरि A, धुरंधर B, घोरंधर 0, धुरंधुर D, घोरीघर , धारिधरि , धोरिंधर. L. जाणइ-जाणि BO, राणिम D, जाणि र, जाणइ र. राज-राय र. तेदावी-तेडावि D. कुंभर-कुयर A, कुंयर BD, फुअर K. सिरि-शिर A, सरि D, शर, सीर :, शिरि .. कीघउ-कीउ A, कीधु BOI, कीधु D. २३८ लागउ-लागु BOKL, लागुं D. पाय-पाइ ८. मांजीयो-माइ , मांजी BP, माय , मांजीमोर, नापियाँ र. मांसू-बापनइ A, आप B, तायने ०, आसू , आy L. जणणी-जणणी , जिYणी ..दीइ-इ A, दि BO, दिइ र L, दियइ . भासीस-आशींस L. वंशि-वसि OD, वंश, बम K, अम्हारइ-अह्मारि BOJ.t-BD I. अजरामर-अजरामर K. प्रतिपे-प्रतपे 0KL, प्रतिपई D. वरीस- चरिस, वरस D. २३९ भगर-अगावी 5, नह-नि B1, ने D,..... तुलसी-तलसी D. बीली-धील A, लौंब B. भामली- आविली B, मामली , अमली K. भागी-आणी ADJ, आसीस , करी-करीय A. सनान-सनान AODI, शिनान .. देव मादितनह-दैव आवीनइ , देवादीतह B, देव आदित्यनि ०, देव आदित्यनई , देव आदितनि प, देव आदीतनइ र, देव आदीतइ , मध-अरप, अरय B. दीइ-दीई D, दियइ ई, दिइट, राणी- राणी, स.

. , , - कान्हरदे प्रबन्ध हाहाकार हूउ तिणि वेलां, राणी जमहरि पइसइ । सरलइ सादि सहू हरि वोलइ, जमहर इणि परि दीसइ ॥ २४० ॥ राग नूछी देसाप ॥ बांधव पुत्र कलत्र धन यौवन, जाणे मायाजाल । जिणि दिनि हुइ दैव अफराठउ, तिणि दिनि सहइ आल ॥२४१ ॥ द्रूपद ॥ हा हा देव दोस कहि दीजइ, दीसइ किस्युं विहाण । नयणे अजी रुहिर नवि आवइ, हो हीयडां थ्यां पापाण ॥ २४२ हा हा दैव ॥ पंनरसइ चउरासी जमहर गढ जालोर निवेसि । लोक सवे अंतेउर पूठि, हो जमहरि करइ प्रवेस ॥ २४३ हा हा देव ॥ विषम कर्मगति किम टलइ, हो मनि विपवाद म आणि । भगति मुगति दानेश्वर सुणीइ, समरि न सारंगपाणि ॥ २४४ हा हा देव ॥ २४० हूउ-हूऊ र, हूयउ K. निणि-तिग A K, तेणी BO, विणिं D, तीणी .. येलां-बेला K. राणी- रांणी A DIK. जमहरि-यमहरि ०, जमहर K. पइसह-पिसिइ BI, पासि , पैसइ K. सरलइ-सरले A. सादि-सादे A. सहू-सहु र. हरि-इम .. योलह-योलि B 0 3. अमहर-जमले B, यमहर 0. इणि-रहि , दणी , ईणी DIL, राणी र. परि-पाइ B,..... दीसह-दीरिइ B, दिमइ D, दीसिर, पइमाइ , सई . I transp as ईणी परि जमहर दीसि. २४१ राग-दति राग र. नटी-भूटी ,...., भूपाली ८. देसाप-देशप , देगाप ।। गीत ॥ . ODI omit the song-rss 241-244. यांधय-बंधव 1. पुन-पत्र म यौवन-जोवन र, योवन .. जाणे-जाणे AK, जापि . निणि-जिश A K, जीर्ण .. दिनि-दिगि B, दिन K. दुह-होइK. देव-देवर. अफराठ3 cm-अपराठउ हो A, उपराष्ट्र , उपराठ3 K, काराटा हा .. तिणि-तिग AK, तिणे .. दिनि- दिनि हो , दिन K. सह-राहूई र, सह .. माल-आल रे र. २४२ पद-...AD K. देव दोस-दोस दे, देव दोस र, देव दौरा .. कहि-कम , हि t. पीमा-दीजि हो . दीमइ-दीसि B. किरो em-किसु, शिशि, xि,rj L. D transp as : गि ON रिहाग-यहाण, विद्वान्द र. नपणे-नईणि D. मजी-हजी र. रहिर-विहार D. I transn निहरि भनी, मरि-न D. भाग-भावर हो हो हरिइ A, भावि आरि B. हीपटो-हीया, देश, दिसत र, हीदना .. प्यो-पा. पाण-पापाग रे . हा हा देव-...., दाहा॥K. २४३ पनरसह em-पनरहगड, पनरगि B, पारइरादा, तरदगई .. परासी-जुरागी BL, चउराशि जमहर गा-गाजमहर B. जालोर-जाटोहर , जालार X, आलुर .. नियमि-निरेग fres, निवशिद प. सलग दो.. अनेउर-मिर .. पूटि-टिया, पूर, पूठि 1. समहरि-उमदर K. फार- रिता, . प्रथेम-प्रोशि. दादा-दादेश दोगह ही सहा ॥ Dx. २४४ मं-कम्मरमा-१, पलदा मानि-frK. भगत-गुणी . गुगति-गुणित मी B, मगही दावा-दनेशर A, पानेगर र. मुनी रा-गुणी हो, उ, पद र पदी. समरि- उपर सारंग-पगानि , पारंगी राहारंप-हा रासदोग होग, Tak: as:

N . चतुर्थ खंड २१३ ॥ चउपई ॥ डूंगर तणां शिपर डगमगइ, थy अजुआलू सायर लगइ । दिग्गज आठ रह्या अवलोकि, धूम विराल गई सुरलोकि ॥ २४५ जाणी वात न लाई पेव, ततपिण जोवा आव्या देव । हस्ति चडिउ ऐरावण इंद्र, अंतरि देपइ सूरिज चंद ॥ २४६ नैरति वरण सवे सुर मिली, नरवाहन तिहां आविउ वली । जे तां चउसठि जोगिणि हती, हंसि चडी आवी भारती ॥ २४७ गुरडि चडी हरि आव्या अनी, आवी शकति सिंहवाहिनी । सपत ऋपीश्वर साचउंचवइ, ब्रह्मादिक तिहां आव्या सवइ॥२४८ आव्या वृषभ सज करी, महिपासुर आविर संचरी। पाछां रह्यां आवसइ पोडि, आव्या सुर तेत्रीसइ कोडि ॥ २४९ २४५ चउपई-...., चुपै BI, चु००, उपइ D. इंगर-डुंगर B 0 K. तणां-तणा A, तणइ K. शिपर-शिखर , सिपर J, शिपिर L. डगमगइ-डगमगिइ B, झगमगि ०, डगमगि I, टगमिगइ K, टगमगई L. थy-थिउ A, \ B, थयु ०, घj D, थयउ K, थऊ L. अजूलालू-अज़्याल A B, अजूझालं ODK. सायर-साचुरि D. लगइ-लगिइ BI, लगि , लगई Dr. iii gr in g is : देव वर्म तणा रया अवलोक. दिग्गज-दिगज A, दिग जे 0, दिनाज , आठ-...B रहा-रयां A, आवि B, कृष्ण 0, रहीया D, रहिया उ. अवलोकि जे लोक B. धूम-धूप D, अमि, धूम K. विराल-चराल B, विकराल र, गई-लागी B. सुरलोकि-मुरलोक B, सरलोकि . २४६ जाणी-जाणी o DIE. ततपिण-ततक्षिण A, ततपिणि B I, ततक्षण , ततपिणे D, ततक्षिणि 1. जोवा आव्या-जोव्या D. I transp as आव्या जोवा. हस्ति-हस्ती B D, हस्तीइ 0. चहिउ चढिउ , चही D, चड्यउ K. ऐरावण-ऐरावण B C, एरावण D K, ऐरावणि .. अंतरि-अतेउर A, अंतर D, वली र, अचरिज K. देपइ-दैपि BOI, पिइ D, देपई L. सूरिज-सूर 0. चंद-नइ चंद D, नि चंदर, चंद्र .. २४७ I omits vs 247. नैरनि-नैरत A, नैऋत B, नयरित K. वरण-वरुण B, चरण D, वह .. मुर-मुर 4. नरवाहन-नरवाहन K. तिहां-त्याहा K. भाविउ-आब्यु 4, आव्यउ 5. जे-जो BL, तेहां D, जोई र, तां-ती 30, ता D,.... घउसटि-चुसठि BOD. जोगिणि-योगिन B, हती-हुंती A. 0 transp as चंडि हसि. इंसि-हंस A. चडी-चंडि , चढी K. आधी-आवि B 0. भारती-सरमवी D. २४८ 0 omits vss 248-249. iqr in Jis : हरि भाव्या तिहां गुरुदासनी. गुरहि-गरुड B, गुरट K. हरि-...B. माध्या-आवि B. अनी-इनी L. शकति-शक्ति वि A, शक्ति B, सकती D, सकति , शिवति .. सिंहवाहिनी-हंसवाहनी A, सिंहाहनी B, मघवाहिनी D, संपवाहिनी , संघवाहिनी 5. सपत- सप्त BD I.अपीश्वर-रपीम्बर A, रपीवर DL, ऋषीम्बर K. साउं-साचूं BDL, सापट x. चबह- चवि B, तवइ D, सवि . ग्रह्मादिक-ब्रह्मादिक A DI K L. सबइ-सवई , सवि B, सवे D, सेव र, सर्वई .. २४९ वृपभ-उपभ . सज-सब .. महिपासुर-महिषासन B. भाविउ-आन्यु A, आव्या K L. मंचरी- सावरी A. ii qr in J 13 • महिष चदी आव्यु सचरी, पाठां-पाठा B D. रयां-रहीया A, रहियां , रहि D, रह्या म. मावसइ-आवसि B DI, आविस्थई , आविशिइ .. सुर-सूर D. वेतीमइ-वेनीसि BI, वेत्रीसइD. योगिणि DL, जोगणि र. .

, २१४ कान्हडदे प्राध स्वर्गलोकथी साचूं मानि, सवि अपछरा चडी विमानि । सवि देवता अंतरिप रही, दिव्य चक्ष विण दीसइ नही ॥ २५० वली मलिक चडीआ तिणि समइ, लेसिउं घाउ दिवस पांचमइ । कान्हस्वामिनइ देउलि वली करइ विणास वात सांभली ॥ २५१ ततपिणि चडीउ राउल कान्ह, सवे राउते करयां सनान । गोपीचंदनि चरच्यां भाल, कंठि धरी तुलसीनी माल ॥ २५२ एकमना राउत संचरइ, अंतरि थकी अपछरा वरइ । भिडइ रिणंगणि राउत भला, साहमा मलिक दीइ उथला ॥२५३ मलिक कपूर कमालदीन, तोगां मलिक अनइ ताजदीन । अहिमद मलिक अनइ ऊंवर, आबू महिमद नइ सूबरु ॥ २५४ २५० / omits vs 250. स्वर्ग-खन A, स्वम्र B K L, सरग D. लोकथी-लोका , लोक ते 0. साचूं-सांचु A, साचु B 0, साचुं D, साचउ K. मानि-मान D, मांनि L. सवि-सवे BOK, सवेई .. अपछरा-अपसरा ०. चडी-चडि D. विमानि-विमानि A K, विमान D. सवि-सवे BOD. देवता-दवेत .. अंतरिप-अंतरीप B, अतरिक्ष 9, अंतरपि D, अंतरीक्षई L. A transp as : अंतरिष देवता मवि. रही- रहई A. दिव्य-देव , दव्य D, दिव्याव L. चक्ष-चक्षु B0, चक्षु D, विचक्षण K. विण-तिणी D,...K. दीसह-दीसि B, दिसइ D. नही-नहीं B. २५१ चहीमा-चडीया B, चडी O, चही आव्यउ K, चही आव्या .. तिणि-तिण A, आव्या ०, तणि D, तीणइ L. समइ-समिइ B, सवि 0, समिर, समई L. लेसिउं-लितूं B, लेप, लेस्यु र, लेसिंउ L. घाउ- घाय D. दिवस-दिवसि A L, दीण . पांचमइ-पांचमि BOI, पाचमिई D. कान्ह-कान्ह AK, काई B, काह 04, काहन D, काहान . स्वामिनइ-खामिनि B, खामिनि उ, खोमिनइ र, सामिनइ .. देउलि- देहरइ D, देउल I, देवल K. करइ-करिइ B, करि , करई .. विणास-विलास A. यात-पात ODI K. सांभली-इम सुणी. २५२ ततषिणि-ततक्षण 40, ततपिणि D, ततषिण K, ततक्षिणि L. चडीउ-चडियउ K. राउल-रावल K. कान्ह-कान्ह A L, काहान I. सवे-सविहुँ A B, सिहं .. राउने राउत B. करयां-कीर्ड A, करियां B, तव कीया I. सनान-सनान A DIE, सिनान 1. गोपीचंदनि-गोपीचंदन C D K. घरच्यां चर्चा A, चरचि c, चरच्या D K. भाल-भली A, भालि D, भला 2. धरी-वरी A, ठवी BJ. तुलसीनी-तुलसीनि D, alta L. Folio 49 of 6 bis, containing vss 252 b-274 i qr, is missing. २५३ एकमना-एकमना B I. राउत-उलग I, राउत्त ८. संचरइ-सांचरइ , संचरिइ B, संचरि 01. अंतरि थकी-अंतरक्षथी B, अंतरीक्षथी ०, अतरष्यथी D, अतरि थिकी JL. अपछरा-अपसरा , अपर D. वरह-वरिइ B, वरि 1 मिडइ-भडि BOI, थाइ D, भिडई .. रिणंगणि-रणंगणि BOD L, समरंगणि J. राउत-राउत्तम. भला-भला D. साहमा-सम्हिा A, साहामा B, सारा L. दीइ-दि ०, दिई 1. उथला- मथिला A, उथला . २५४ 0 omits vss 254,255. मलिक-मलि B D. कपूर-कपुर B, कपूर नइ D, पूरण नि. मनह-- नि. ताजदीन-हरदीन D, जहदीन . अहिमद-अहमद A, अहिम्मद B, अहिदर D L. मनइ- अनि B, नइ D, निI. अंबरु-ऊमरउ A, उमरु D, असु ऊंबरूर, अमर L. माबू-अबू B, आवू.. महिमद- अहिमद A, अहिम्मद B. नइ-नि B D I. सूंवरु-मरगूव A, सुंबर D, मुंबरूप, तूबर .. अनि B, " चतुर्थ खंड २१५ कइरीजंघा पापरपान, मीर मलिक मोटर्ड अभिमान । तिमरस मलिक अनि वहिराम, वीजा तणां न जाणउं नाम ॥२५५ अंगोअंगि भिडइ मनरंगि, सहइ प्रहार तेहनइ अंगि । हठि चडीउ सोनिगिरु राउ, प्राणइ वि हथी मेल्हइ घाउ ॥२५६ दीइ उथला साहमा इंडि, वीरहाक वाजी ब्रह्मांडि । राउत नवि पाछा उसरइ, अपरि पुष्पवृष्टि सुर करइ ॥ २५७ साहमा छइ सपराणा मीर, सींगणि धका विछूटइ तीर । ऊघाडां पांडां थरहरइ, वीज तणी परि झवका करइ ।। २५८ देव दैत्य जीणइ परि भिडइ, विहुं कटकना पायक पडइ । आगइ कुरुपेत्रइ घाउ जिस्या, हीदूतुरक भिडइरणि तिस्या ।। २५९ २५५ कइरीजंघा em-कइरीजघां 4, कहिरीजारी B, कइरजंघD, किरीजंघा I, क्इरीनीधी म. पापरपान- पापरपान A, पापरपान E, पोपरपान D, पापरपान . मलिक-वरां A, मीरां .. मोटउं-मोटु BI, मोटा D, मोहूँ .. ममिमान-अभिमान D I. तिमरस-तिमर समा A, तमर B, तिसर J. मलिक-मलि D. मनि-...A L, ताज B, नि . बहिराम-बहिरांम B I. बीजा-बीजां A L. तणां-तगउ A, तणा D, तणू . जाणउं-जाणू BIL, जाणू D. नाम-नाम D . २५६ मिदइ-भडि BOI, भडइ D, मिडई ८. मन-तिणि 0, ते प, तीणइ .. रंगि--अंगि ३. सहइ- सहि B DJ L. तेइनइ-तेहनि BD, जेऊ तेहनि ०, तेहू , तेहने L. अंगि-अंगिई A, मनरगि . चडीउ-चडिउ 0 D. सोनिगिर-सोनिगिरउ A, सोनगिरु BODI. राउ-राय A B D I. प्राणइ-प्राणि B, प्राणि 01, प्रणि DI. नि हथी व हथी B, व्योहत्यि 0, वि हयि D, छेहमी .. मेल्हह em-मेल्हीउ A, मेहलि B 0, मेहलइD, मेहलिउ , मेहेइ ८. घाउ-पाय B D. २५७ दीइ-दिइ A B. ऊयला-उथिला A. साहमा साम्हा A, साहामा B, सांहमा , साझ L. सूरि- सूढिA, सुडि 01., मैडि D. वाजी-वाजीव A, वाजइ ०, वागी J. ब्रह्मादि em-ब्रह्मटि AL, ब्रह्माडि 0D. राउत-राउत .. उसरह-उसरिइ B, उसरि 0 , उसरि , उसरई 1. पुष्फ-पुस्क A, पुष्प ०, पुप्फ DL, पूष्फ . दृष्टि-विष्टि L. सुर-मुरि A. करह-करिइ B, करि J, वरई DL. २५८ साहमा-सांम्हा , साहामा B, साझा L. छह-छि BI, छई .. सपराणा-सपराणा A D JE, सींगणि-सिंगणि ०, सीगिणि D, सीगणि र, शीगणि .. यका-यिकी B, तणा, थिका PIL. विछूटइ- परठि , पटि , विठुटइ D, विटि , विछूटई ८. उघाडां-उघाडा BC. पांदा-पाडांर, पाना . थरहरह-फरफरिइ B, फरहरि 03, फरहरइ D, थरहरई .. धीज-धीज B .. परि-परि D. सपका-सयका B, मलका 0. करइ करिइ B, करि ०३, करई 4. २५९ देव-दैव B. दैत्य-देत B, दौत्य .. बीगह-जेणी B OP, जिणि ग, जीपी .. मिाइ-मडिइ B, भदि , नहइ D, मिडई .. बिहुँ-चिहुँ A, देय ०, बेहू D, बहु , बिहु .. पाइ-पदिइ B, परि 07, पहई 1. मागह-आगि B 01. कुरुपेत्रइ-बुक्षेत्र B, कुरुषेनि , कुरुक्षेत्र D, कुमेने L. धाउ-प्या A, पाइ E, घा, जिस्सा-जिस A, विस्या 2 ही-हीदू BL, हिंदु , हींदु D. मिरा-भटि Bo, महइD, मिर रणि-बिग , पि. विस्मा-विस , इसा D, इस .. .

कान्हडदे प्रबन्ध पूठि रहिउ करइ संधान, वापूकारइ राउल कान्ह । नामि नाम लीइ भूपाल, धोलावी परठइ कर माल ॥ २६० राउत वली वीर रसि चडइ, चाचउ सुहड साल्हु रिण भिडइ । रही रही नइ लीधा घाउ, जीव ऊगाया छांडी ठाउ ॥ २६१ मुहिता कुंडलिया टावरी, भला भिड्या रिण आदर करी । लूंढउ सेलहुत चउरासीया, चडी कटकि ते नासी गया ॥ २६२ अरसीमेर विजेसी बली, सांगउ सिलार सलूणउ मिली। जेसल लपमण लूणउ जाणि, ए नीसत नाठा निरवाणि ॥ २६३ आगइ भड सपराणउ हुतउ, रीछाउत नइ नाठउ पतु । अरजन वीहल नइ मूलराज, धांधलसूर सोमउ गिउ भाजि ॥ २६४ - २६० पूठि-पूठिंई B, पूंठि , पूठिई D. रहिउ थाउ A, रक्षा 'D, रहीऊ J, करइ-परिद B, करि०, राठल I. संधान-संधाण , संधांन D, काहान I. यापूकारह-वापुकारइ A, पाप पुकारि B, यापूकारि 0I. राउल-राउलि B, करि . कान्ह-कान्ह A, काह B L, काहन D, संधान I. नामि-नामि B, नाम 0, नाम DI. नाम-ठांम 0, नाम D, आप , नाम L. लीइ-लेई 0 DI. वोलागी-बोलावि उ. परठह-परठि BOT. कर माल-किर माल A, करवाल , करि माल L. २६१ राउत-राजा A, राउत्तं .. वली-ते A, भणि J. वीर-वीरम A. रसि-रस L. चडह-चडिइ B, चडि ० , चडई .. चाचउ-चाचु B C, वच्छु , वाछु , सुहड-मुहउ A, सीहम D, सुहुड 3. साल्हु- साकु B, भलु ,...D, मन्छ र, शिल्ल L. रिण-रणि B C D I, रिगि .. भिडइ-पडिइ B, भडि 0, भडइD, चडि उ, भिडई ८. रही रही-रही २ 401, रहीउ B, रहि २ D, रही .. नइ-तिण A, थिर नि B, नई , नि उ, उत्तरिनइ L. लीधा-दीघउ A. घाउ-पाय B D. ऊगाखा-ऊगारिया A, उगाया , जगारि , छांडी- छंडी .. ठाउ-ठाय B. 262-264. D omits vss 262, 263. मुहिता-महिता B I E. कुंडलिया कुंडलीया B, कुंडलीआ ऽ, कुंडिलीआ L. टावरी-ठावरी . भिड्या-भिडीया A, भड्या B I. रिण- रणि B I L. लंदउ-लुहड B, लहुडा , लढउ L. सेलहुत-सेलहय A, सेलहन B, सेलहुत नि , सेहत .. चउरासीया em- चउरीया A, चुरासीया B, चुरासीआ I L, घडी-वडीए A, चडि B, चढेर, चाड .. कटकि ते-कटके A, क्टक ते . नासी-नाशी .. २६३ अरसीमेर-अरसीमेरु BI, अरशीमेर L. विजेसी-वजसी B, विजसी 3, वजेशी L, सांगउ em- सागउ A, सागु B, सागुंड, साग L. सिलार-सितार , शिलार .. सलूणउ-सूलणु B, रलंणु L, जेसल- जेसउ A, जेसु B. लूणउ-छलभु B, लपउ, लूंभू L. जाणि-जाणि AJ. निरवाणि-निरवाणि प. २६४ भागइ-आगि BJ. भड-भड एप, भिडइ .. सपराणउ em-सपरांणउ A, सपराणु B, सपराणं D, सपराण I L. हुतउ-हतु B I L, हर्नु D. रीछाउत नइ em-रीछउ नइ बली A, रीछुत राउत B, रीछाइत ते D, रीछाउत ते प, रीछाउत्त नइ ८. नाठउ-नाठ A, नानु B, ना । पतु-पत्तु .. धीहल-हलु B, वीहलि .. नइ-इ 4, नि BI, नई D मूलराज-मूजरात D, मूलराजि .. धांधलसूर-धाधलसू BD, धाधल सूरु , धाधलीउ L. सोमउ-मुम B, सोमु DJ L. गिउ-गु B,...J. भाजि-भागि , २६२0omits म चतुर्थ खंड २१७ वापलदे महीडइ परि सुणी, नाठउ घुघलीउँ साहणी । लोलइ नइ नरसइ घालीया, राठुड रिणवाटि नासी गया॥२६५ दीठां दल नइ आवी हारि, जगसी नाठउ धर्मदुआरि । कर्मसीय रयणी निदानि, फूटरीया नाठा इम मानि । २६६ करी हाक जिम ऊठइ माल, भला भिड्या अरजन अडवाल। लूणकरण माल्हण भडसी, रिणवट आहणसी लूणसी ॥ २६७ वेदि तणा जाणइ परपंच, सोम तणा रणि भिडीया पंच। मेघ सोम नइ देवाइत, मूलरोज वागण नइ जइत ॥ २६८ आल्हणसी महीडउ भीमसी, रिणवटि सातल नइ सोमसी। 'करी हाक रिणि हठ आदरिउ, एहे भिडीनइ भारत करिउ ॥२६९ महिप जइत कीतल जगपाल, साल्हासुत म्लेछांनु काल । मंडलीक मारू झूझार, एहे राउते रणि कीधउ मार ॥ २७० • २६५ / omits 265+a and gives 265 b after 266 a. बापलदे-पापलदे , वापडदे , यापु पदम D. महीदइ-महीयलि A, महीयडि B, हडि 0, महीडि D. परि-पुरि D. सुणी-भणि , णी D. नाठउनाङ B, नाठो ०. घूघलीउ-धूधणीउ A, धुंधलीउ B, घुघलीउ 0. साइणी-साहणी A, मसाहणी ०, मसाहणी D. लोलइ em-लोल A, लोलि B, भोलि , भोला D, भोलो र, सोलइ ८. नह-नि B..... मरसइ-नरसि B, नरसिं 0, नरसिंघ , घालीया-थालीया B, जोवालीया 0, चालीया D, वालीआर, पालीआ L. राष्टुद-राठोड A, राम B, राउड 0, राठउडि , राठ .. रिणबटि-रणवटि BO_PL, रणि 1. मासी-नासिनइ .. २६६ 0 omits vs 266. Dr omit 266 b. दीठांदीहूं B. नह-नि B,...DI, दलनइ .. भावी-आवता D , आ L. हारि-निहालि D, निहारि . जगसी-नागु . नाठठ-नाउB. दूमारि- दुवारि , यारि B. फर्मसीय-कर्मसीह A, कर्माथीआ L. रयणी-रयणीमा 1. निदानि-नि दिनि . फूटरीया- फूटरसीमा B, फूटरीआ ..इम-म A. २६७ फरी-आकरी A, करीइ B, कार D. जिम-..... उठा-उडि B, अठिउ 07. माल-रणि माल, माल .. मिड्या-मडिया B, भध्या 0 D. भरजन-अर्जन , भड अरजन प्र. पटवाल-अदमाल 0, वाल प. A reads as 267 :आकरी हाक भरजन अहमाल भला भिडइ जिम जीपइ माल. DJ omit vs 267 b. माल्हण-माइण B E, माहलण , महसी-भडअसी A, भडक्सा, भिड इश्या . रिणवंट- रणवटि BOL. माणसी-साल्हणन A, आलणसी, आइणशी.. लूणसी-लूणसी A, खूण विस्या , इस्या.. २६८ 0 omits vss 268-274. I omits v3s 268 b-274. वणा-तणु A, तर्ण D L. जाणह-जांगद 4, जाणि B, जाणिउ D, जोणि . परपंच-प्रपंच A. रणि-रिण A. मिडीया-पाडिया A, मदीया B, मडिया D, भीआ . मेघ-मे D. नइ-नि BP. देवाइत-देवाईत Br, देवाईवे D. बागण नइ-नइ बागण A, वीकु नि B, नि वांण D, बोगण नइ ८ जइत-जित B, जयत D. २६९ मारहणसी-आइसी A, भाहलगसी D, आइणशी ८, महीउ em-महीयडउ A, महीड BD, महिउ L.रिणवटि-रणवटि B, रणवटि D L. सावल नह-सातलु B, सातलनिइ D. Domits rss 269 b- 275. रिणि हर-हठ रणि B. एहे-एह ३. मिडीनह-भहीनि B. भारत-भारथ B, करिउ-कीर्ड २७० महिए-महिम L. जइत-जिव B. कीतल जगपाल-कीवल महिपाल A, कीरा हरपाल B. म्लेखानु- मेछना B, म्लेटनु म. एहे राउवे-एहे 4, एह राउति .. रणि-रिण A. कीघठ-कीयउ पण AK, की B. 28 .

. कान्हदे प्रबन्ध [वीरम लोहट वीहल जाणि, लीधा घाउ धाधलइ भाणि । ': पूनराज राउत पातल्ल, भला भिड्या राउत रिणमल्ल ॥] २७१ मेहु राजु तेजु जाणि, कीतले भलु भिडीउ भुजप्राणि । राउत अणतर अनइ अवीह, देवसीह घडसी.वे.सीह ॥ २७२ तेजउ मुंजउ वे राउत, भलु भिडिउ कान्ह गुहिलुतं । । धारउ सोढल हरसू.जाणि, हादंड दूदउ भिड्या भुजप्राणि ॥२७३ 3. पूनराज.राउत पातल्ल, भला.भिड्या राजड रिणमल्ल । सामतीउ बाहड वजूड, जिणि हमीर न जाणइ कूड । २७४ 1. सीधल सहसमल्ल झूझार, झांझण नइ पातउपडिहार । भाचु भीम पवडावीकल्ल, भलउ भिड्यउँ राउत सातल ।। २७५ । . साल्हउ सोभित सूर अपार, सवे सुभट सबला झूझार । पूंनड मुंजउ भारहमल्ल, लापणसी महीडउ रायसल्ल ।। २७६ २७१ लोहट-लोहडुउ B. वीहल जाणि-वीरम नाणि B. माणि em-मांणि A. पूनराज em-पूनराज A. from em-fatte A, B L omit ii-iv qrs. । २७२ Bromitiqr. भलु-सतउ A, भूभु B. भिडीउ-भडिउ B, भिडिउ. राउत-राउतु B, राउत ८. अणतउ em-अनंतउ A, अभंग B, अणतु .. अनह em-अकल,...B, अनी .. देवसीह-देवसी B, देवशीह .. घसी-नारद , घडशी .. सीह-शीह .. २७३ तेजउ-तेज A. मुंजउ em-मुंजु , मंजु B, मुजउ 1. बे-वि B. राउत-राउ A, राउत्त भला .. भलु-भलउ B. भिडिउ भडिउ B. कान्ह-कान्हड A. गुहिलुत em-गिहिला A, गहिलत B.. पारउ- धीरू B, धारु L. सोढल-सोढउ A, साहढल B. हरसू-हरस्यूं B. जाणि-जाणि A, जाणी Br. ivar in Bis: लीधा पाउ धूध नि भाणि ; in his : धांध धांधल नइ भाण. २७४ पूनराज-पून .. पातल-पतिल B, पातल ए पया L. K MS commences again from vs 274 ii qr. मला-वली B. मिट्या-मडियां B. राजा-राजु A. रिणमल-रिणमल A, रणमल B L. सामतीउ-सामंतीउ A, सामती B, सामतियउ K. बाह-चाहड A, साहड B, बाजड K. वजूद-जड , जिणि-जिण A, मीणइ र, जीण L. हमीर-हम्मीर B, मीर K. जाणइ-जाणिउँ B, जाण्यउ र, जाणिकं .. फूट-फूल A, फूड .. २७५-सीधल-सीपली , सीधट, शीधल K, सीधल .. सहसमल-सहसमल A, उमडमाल, सहुड- मार, मुहडमल K. सांझण-झाझण 05. नह-नि BOIL. पात-पातु 01, पासु B. परिहार-परीहार , पडह्यार .. o omits 275 b-276. iii gr in Jis : भादु परबत वीकम भल; in k is : मीचउ भांमउ परवत वीकल. मात्-चाचु B, मीचड K. पय:-भड A. बीकछ-चीकल B. मलड-भल BUL. मिड्य उ-मडु B, भडिउ र, भिडिउ म. राउत-राउत्त L. सावल-खोतल B, सांतल , सातिल K. २७६.romit vs 276. साबहर-साहु A, साहुE, साइल D, पाल्ह .. सोमित-सोमत 1. सवे-सवि x. मुमट-सवटा D, शेमटा K. सबला-सबल A, राइल K. Domits vs 276 b. पूना- पूलल B, पुनार. मुजउ-मजि B, MK. मारहमाल-अनि भारमल B, शाषणसी-लाषण , महीपत- महीयाउ, महीएम, माउ ६. रायस-रायांसल , विण . . - , चतुर्य खंड २१९ साल्हड राउत नइ धारसी, एता सवे हूंआ साहसी ! मुंजिग मेरउ सामतसीह, तेजउ सूरउ विन्हइ अबीह ॥ २७७ धीजड लीव कडूउ जाणि, भंडारी भड भलु वपाणि । वारहीउ गोल्हण आदरइ, ए राउत रामायणं करइ ॥ २७८ पीमंडावीरउ नइ पदमसी, भला भिडिया सुहडे मोषसी । भडसी भीम सुणीई साहसी, कुंअरपाल लोलउ पेतसी ॥ २७९ पूनउ,आसड वीजड जेड, धारसीह नइ दूदउ वेउ । ए राउत एकमना जाणि, रिणवटि भला भिज्या भुजप्राणि ॥२८० मई,सांभलीया आगिली.भास, रहीया साथि पड्या पंचास । हीदू भिडीया इणि परि घणा, भिड्या अंगरप राउल तणा॥ २८१ २७७ सालदउ-साल्हु A B, साहु , माहल D, साहल र साल्ह L. राउत-राउल , राउत्तम. नइ-नि B. धारसी-धारिसी D, साहसी, धारशी L. एता-एता DL. सवे-सविर, सवइ .. हूमा-हूया A B, होआ .. B transp as : हूया सवे. C D omit 277 b. मुंजिग-मूंजग B, मूजउ , मुंडिग र, मंजिग .. मेरउ-मे BIKE. सामवसीह-सांमतसीह A, सामंतहसीह र, तेजउ-तेजु B३. सूरउ-सदउ A, सूह BIL, बिन्हह-अकल A, बिनि B, चिन्हे र, विनइ K. २७८ पीजड-वीजड A IL, पीजउ E. लीबउ em-लीबु A CD, लींबु , लीवुर, लीबउ र, लीई L. कडूड-कडुउ D, भदीउ , कडुओ K. जाणि-जाणि DIK. भड-भल , भंड K. भलु-मटीउ र, भलउ . यपाणि-वाणि 0 D E, पराणि . A omits vs 278 b. बारहीउ-बारहिट R. गोरहण- गोहलण D, गेलण . आदरह-आदरि BOJ, आरइ .. राउत-राउत्त L. रामायण-ग्रंमायण ०, रामाइनि D, रामायण र, रामायण र. फाइ-करिइ B, कारे ० . २७२0 omits vas 279-280. Domits vss 279-281 a. पीमउ-पीमु BIL. वीरउ- धीर A, वीक है, भीम , वीरु ८. नइ-नि B२. पदमसी-पदमशी .. मिडिया-भडिप, भिच्या र, मिडइ म. सुहर-मोहण A, मोल्हग B, रणमा ग, मोह ८. मोपसी-सुहडसी A, पेतसी 1 K, मोडइ पशी. A omits iii qr. भडसी-भरुसी B, भड , भडशी .. भीम-भड BK, भिड 1. सुणीह-तणी , सुणिये K. साहसी-साहमी B. कुंभरपाल-कुंयरपाल A, कुयरपाल B, कुंरपाल L. लोलउ-लोल ।, तालु B, जोर, लोलु .. पेतसी-जयतसी र, तशी .. २८० Jomits vs 280. पूनउ-पूनु B, पूंनउ K, पूतां .. भास-आसल E, आसीसल L. बीजा- वीजड Kजेउ-ठेय , उ B. धारसीइ-धारसी B, धारथीह L. नइ...., नि B. दूदउ-दु B, दूदु .. भेउ-बेय, जेद B, बेभ .. राउत-राउत्तम. जाणि-जाणि र, रिणवटि-रणवटि B , रिणवट K. मला भिव्या-भिज्या भला A, भला भज्या B, भला भिडइ .. प्राणि-प्रांगि र, २८१ मई-मई , मि BO, महि . सांमलीया सांभठी BCE, सामली . आगिली-कहीया A, आगली 0, आंगली र.रहीया-रहीउ A, रही B, रहिआ 5. सावि-राउत A B, पख्या-या A, मूआ B, परीमा u reads as 2818:मइ साभलीया ए भास रहीउ सत्तरही मूआ पंचास. हीदू-हींदू BK, हीदु ०. भिडीया-भडीया B, भच्या 0D, पल्या , मिडिया E, भिठ्या .. इणि-इश A, एणी, इमि D, ईजी घणा-या D. मिड्या-भिडीय A, भया BODI, मिडिया 5. अंगरप-अंगरक, संगापि D, रावत , अंगिरस 4 राउल-राउत AD, २२० कान्हदे प्रबन्ध एकमनु तुरकांसू भडिउ, जईतकरण राउ साथइ पडिउ । जेहे राउते आंगम्यां लोह, तेहे मास्या म्लेछ समोह ।। २८२ : खामिकाजि एकमना भिड्या, जे जे घणे प्रहारे पड्या । रणि सइंफलू न ग्या जे छंडि, ते कीरति पाम्या नवपंडि ॥२८३ : 'धारातीरथ पाम्या जेउ, अमरलोकि सवि पुहुता तेउ । जेह तणी घरणी घरबार छांडी पूठि गई भरतार ॥ २८४ तेह सरिसु गंभीर निनाद, करइ अपछरा अंतरि वाद । दिव्य कुसम माला अणुसरइ, राउत रंगि अपछरा वरइ ॥ २८५ पूठि न ग्या जे राउल तणी, ते अपकीरति पाम्या घणी । जेह पसाइ सोनां सार, पट्टकूल पहिया सिणगार ।। २८२ एकमनु-एकमना A. सुरकासू-तरकस्यूँ , तुरकौ९ 0 , तुरकसि D, तुरकर, सुरक, म. भटिउ-भिडीउ A, भडि I, मिज्या K. जड्तकरण-जितकरण B, जयकर्ण D, जयकरण I, जयतकरण K. राउ-राइ , राय DJ E. साथइ-साथि AJL, तसी B, साथि ०, साथिइ D. पटिउ-पडीउ A, भडिउ R, पडि र, पञ्या K. जेहे-जे जे 0, जेह. भौगम्या-अंगम्या B, आगमीया ०, अंगा, आगमीआर, आगम्या , भांगम्या L. लोह-लोही P. तेहे-जेणि B, तेणे D, जेह र, जेहे ८. मात्या-मारीया 0, मारमा K. म्लेछ-मेछ मलेच्छ ०. समोह-संमोह इ, समूह L, iv gr in sis:तेह राउत पड़ीआ समोह. B, २८३ स्वामि-सामि D. काजि-कानें D, पाज K. भिख्या-मिटीया A, भडिया B, भज्या 0 D. जे जे-ते जे A, ते राउत , भला प्रासीया B, जेहे K, जेज L, घणे महारे-धण प्रहारे B, ते साहमा ०, जे रणि D. पड्या-पदीया A, पडिया B. I reads as 283 2:खामि काजि भला रणि पज्या भला प्रासीआ ते रणि चख्या. रणि-रिग A. सईफलं em-साफल A, सूफळ B, सिंफलं 0, सीफल , सईफलइ र, सइफल L.म-...B. ग्या-गया B, गयो 0. जे-...०. इंडि-छांडि BK. कीरति-किरती D. पाम्या-पाया 4, पम्यिा DR. नवपंडि-अपंड B, नवखंडि L. I omits 283 b. २८४ p omits vss 284-285. पाम्या-पाम्या A, पडीआर, पाम्या र.जेउ-जेह 30, जे. भमरलोकि अमर तीरथ प, अमर लोक K. सवि-.... पुहुता-पुहर्ता A, पुहता 0, पहुता K L. तेउ-तेय , वेह ०, रणि तेउ I. I omits 284 b. धरणी-जे घरणी B. घरवार-घरवारि AO, पारि B. छोटी-छदी BL, छांहि ०. पूटि-ठि 0. २८५ तेह-ते B 0. सरिसु-सरिस A, सरीमुर, सरिसर K. निनाद-निदानि A, करह-कार 07, मपरा-अपसरा 0. वरि-अंतर A, अगि OI K. वाद-विवाद 01 K. कुसम-कुमुम B. माझा-माता B. भशुमरइ-मणसरइ A, अणुसरिह B, अणुसरि , भणसरि . राउत-राउर K. परह-परि Bor... २८६ पूठि-पू&ि B, पूठि ०. न ग्या-न गया B, नम्या 0. जे-ते ....:. राउल-राउलि D, राउत गे, रावल र. तणी-भणी . ते-तेहे . अपकीरति-उपकीरति AL, उपकीरति 0. पाम्या-पांमी., पोम्या 0K. पसाइ-पसाइ BKL, पसाई 0DI. सोना-सोना BK L, पहिया D. पाल-पटक्ल . पहित्या- पहिरीया A, पहिल्या B, पाम्या 0, पहिरिया सिणगार-सणगार , घगगार , शिणगार , चतुर्थ खंड :२२१ तेह काजि आणी परिताप गढ छांडी ऊगारिउं आप। अंतरि पक्ष प्रहारे भिडइ, वालइ दोट पंपीआ पडइ ॥ २८७ गृध्र सेन रूआछयां फिरइ, आमिप लोमि चंच वावरइ । पड्या योध थिउं वीहामणूं, कटक तोरकुं भागू घणूं ॥ २८८ माया म्लेछ असंभम करिगं, लोहि ध्रायउ पाछ5 ऊसरि । करी वेढि गढ माहिला माहि, अंगरपे पधराव्या राय ॥ २८९ व्यास भणइ राउल अवधारि, देववचन जोइयुं विचारि । आगइ धारातीरथ एक, वली पामीइ पुण्यविवेक । २९० राउल भणइ व्यास कुण सापि, ताहरउ धूम न जोसिउं आंपि। ध्या ऊसंकल अवसर भलइ, दीधउं वचन जनमि आगिलइ ॥ २९१ २८७ p omits vs 287. तेह-ते B. काजि-काया B, कजि K. आणी-आंणी 0 JK. परिताप- परताप AI K L. डांडी-छाडी .. जगारिउं-ऊगा BI, अगघु K, ऊगारिऊं 2. अंतरि-अंतर A. पक्ष- पपि B, पंथि 0, पंथ J K, पक्षि L. प्रहारे-पहारे B, पंपीया , प्रहारि . भिडइ-पडइ A, पडिइ B, पडि 0, भडि उ, भिडई 1. पालइ-वली B 0, वाली I K, वीटी ८. दोट-मोटा 0, डोट . पंपीभा-पंपीया A B, पंपिआ र, पंक्षीआ L. पदइ-पडिइ B, पडि 01. २८८ गृध्र-गृध A, प्रध्र ०, प्रधD, प्रधु .. सेन-पंपि ३. रूआग्या-रूपि आव्या A, स्यांछु B, पण आव्या ०, रूयाव्या D, पण लोभि, रूआल्या .. फिरह-परिइ B, फरि ०. मामिप-आमिप A B. लोभि- लोचन ०, लोथि र. चंच-चांच 40, वाच B. पावरह-वापरई 4, वावरिइ B, वावरि 0. पड्या-पदीया A, पडियां B, पडियु र. योध-जोध A, योद्ध B. थिउं-थयु 0D, ययूं ग, भ्यु र, थिऊं .. वोहामणूं-धीहावणउँ A, पीहामणं 0 D K, बीहामणू .. तोरकुं-नुतुं B, नुरकर्नु ०, नुरकनूं , तोरकी र, तोरकू .. भागू-भाग छ, भा0 D K, भागु L. घY-घणउं A, घणु 0D K. २८९ मात्या-मारी A, मारिया B, मारीया र. म्लेछ-मळेछ A I, मेछ B. असंभम-सइफल .. करिडं- किउ A, कर्पु र, करिऊ .. लोहि-लोह BOD L, लोही र, लोहई .. प्रायउ-ध्रायु B, द्यु ०, ध्रायू D, धाई , धार्यु छ, हृयु ८. पाठउँ-पाछउ A, पाछु B, पार्छ , पाठऊ L. उसरिठं-उसरिउ, ऊस B, ऊस ०, सरि , उसखू , उसयु र, उमरिॐ .. करी-वरि 0 D. वेदि-वेद र, वेग ८. माहिला- माहिल्या 0, माहल्या D, माहिला र. माहि-मांहि BOD. अंगरपे-अंगरक्ष , आगरपे D, आगरपे .. पधराव्या-पधारिया B, पधासा D, पधराया . २९० मगइ-भणि BOT, भणई .. देववचन-वेदवचन A, साचुं वचन 0. जोइयु-जोर A, जोयु B, देव , योयो D, इवि भयुर, जोईऊ .. विचारि-विचार D. आगइ-आगि BI, आगिइ D. धारा-उपास्या D. पामीह-पामीसइ A, पामीइ D, पामियइ K. पुण्य-पुण्य A, पूण्य .. २९१ राउल-व्यास B. भगद्-भणि BOL. कुण-कुंण AD, म . सापि-सापि D, भाषिर, साखि .. वाहरउ em-ताहर A, ताहरु B2, ताहरु 05, ताहरू D, ताहरू ८. घूम-दुष ०, धूम 4. जोसिउँ-जोइ B, जोयु 05, जोउं D, जोयसि र, जोशुं .. भांपि-आपि B, अखि L. iii gr in a is: सोमचंद व्यास सागलि. प्या-याउ B, याउ D, था | K, प्या L. संकल-सींकल B, उसीकलि D, उसीकल र, उसकल E, उधीकल .. भवसर-अवसरि D .. मलइ-भलिइ B, भाले D. दीघउं-दी B, दी( OD, दीधूप, दीघु L. जनमि-जन्म BO, जनम D, मि. भागिलइ-पालिइ B, आगलि 0D, आगिलि .

१२२ , कान्हडदे प्रबन्ध 'अलूपाननउ भांजी कंघ, रुद्र तणउ छोडाव्यउ बंध। निरपराध जे मारिउ चालि, प्रतिपन्नू पालिउं शिशुपांलि ॥ २९२ पृथवी तणउ अतारिउ भार, म्लेछ तणउ कीघउ संहार । संवत तेर भणीजइ जिसइ, अठसठउ संवत्सर तिसह ॥ २९३ ते वैशाप मास पंचमी, शुक्ल पापि सवि अरीयण दमी । तिणि दिवसि हूतर बुधवार, सकललोकप्रतिपालणहार ॥ २९४ कलियुग मांहि देव अवतरी, वचन आपण साचूं करी । आदि पुरुष भणीइ अभिराम, पाम्यउ चली आपण ठाम ॥२९५ जे मारतां मलिक ऊगरिया, करवा वेढि वली सांचरिया । चाहूआण कुलि साहसधीर, बोलिउ वीर वचन गंभीर ॥ २९६ - . २९२ मलपाननउ-अलूपाननु A CL, अल्लूपाननु BI, अल्पांनन D. भाजी-भाजु A, भाजी BODE. कंघ-पंप BOD. रुद्र-स्द्र 0. सगउ-तणु BOL, तणु D. छोदाम्यउ-ग्रेडाविउ A, छोडाव्यु ३०. निरपराध-निरपराधि A, निरापराध 0K, नरापराध D, विनापराध , निरुपराध .. जे-..... मारिठ-याधिउ A, माख3 K, मारिउं L. वालि-चालि D, जे वालि उ. प्रतिपy-प्रतिपसू A, प्रतिपर्नु , प्रतिपर्नु , प्रतिपनं I , प्रतिपनउ R. पालिउं-पालं B, पालि D, पालू र, पाल्यउ E, पालिऊ .. शिशुपालि- शिशपालि A, शिशपालि, राशुपालि , शिशिपालि R, सिशिपालि L. २९३ पृयत्री-पृथ्वी A D K, पृथिवी B .. तणउ-तणु B C DI, पणउ .. ऊनारिउ-उतारि B 07, ऊतारिक D, सतायउ K. भार-तार D. म्लेछ-मेछ B., मटे30. तणउ-तणु BODI. कीघउ- की 00, की 2. संहार-सिंहार , सिहार D, संधार L. संवत-सर्वत D. तेर-१३ तेर र भणीजा- भगिजइ A, भणीजि BOS, भणीज्यइ र. निसइ-जिसिइ BL, जेह 0, जसिइ D, जिसि , तिसइ ४, भटसटउ-अठरा B, अइसठउ 0, मठसठ D, अठगठि र, आठगइ र. संवरसर-संवकर A K, संवच्यर D. संवच्टर .तिमइ-जिमद A, तिमि B, तेइ , ते तिसि . २९४ ते....... मास-मागि KE. पंचमी-तिथि पंचमी, पंचमि . शुद्ध-शुकल A, मुकर. पापि-पस , पक्षि , पपि .. सवि-सिवि ., भरीयण-अरिअण 0, भरीभग 11, भरियण .तिणि-तेणि ABOD, वीण दी .. दिमि-दिनि , दिन K. हत3 em-हूउ B, हतु 0 D E, तुप, शिहर K. बुधवार-युद्धवार 0. सललोक-सकललोग्नु प. प्रतिपालणदार-पालगहार . २९५ कलियुग-फुलयुग OD, कलयुग . माहि-माहि ... अवतरी-अवतरि . पचन-बोलिउ , मापगई-आTB, भापY OD K L. सार्च-गाचुं Dr. I transp iii and ir पूरुष D मगीइ भनि , भनियइ ममिराम-अभिराम A DIK. पाम्यउ-पम्यि A, पाम्यु BD, पाये ०, पमितभापगई-आप ID, भार, माप, भापगउ K. टाम-ठाम B DIR, ठामि .. २१६ जे-ये, मारा-मरता , मारता ०, मारता D. मलिक-मलिक .. गरिपा-गरीया , अारियां B, MAI BK4. पेडि-बैटर. सांपरिपा-रायसा (BK, बझा प. चाइमाण on- पाहूपनपापा , चहमान , पाहूग D, यहूआणा र, पोहुभाग र, पाहुआण टि-भूति . पोटिठ-दोगु, मेयर . qrs. पुरुष- २२३ , चतुर्थ खंड ल्यु संनाह थाउ असवार, सात सहस पापरउ तुपार । सवि झूझार पडंग वावरइ, मारी म्लेछ रामायण करई ॥ २९७ वीरमदेव वंश घण काज, अहठ दीहाडा कीधर राज । अंतेउरी अकुलीणी नथी, जमहर तणी करी सागथी ।। २९८ स्नान दान देहरासर करी, जमली रही सवि अंतेउरी । राणी वचन उच्चरइ इ , एकोतर कुल अजूयालितूं ॥ २९९ ॥ राग छाहुली ॥ रूपइ सलूणडी, सवे साहेलडी, वेलडी रहीअ रा निहालती ए॥ ३०० टोडडे आवीय, आंसूडां रोहावीय, जालउर परवत वधावीउ ए॥ २९७ BODIL omit vs 297 a. ल्यु-लिया K. संनाह-सनाह A. थाउ-थया K. सहस- सहिस K. पापरउ-पापस्या K. तुपार-तोपार K. सवि-सवे B. बावरइ-वावरई A, वानर B, वावरि ३, वावलं L. मारी-मारिया . म्लेट-मेछ B L, मलेछ ०. रामायण-रामायण 0, रामाइण D. करह करई , करु B L, करि ०. २९८ थीरमदेव-वीरमदे BOJ K, वीरमदेवि D, वीरमदेव 1. वंश-वंसि A,...B, संघासणि ०, संघासण D, पशि K, वश .. घण-...AO D, घण कीधा B. काज-सिणगार A, काजि I K. महूठ-अऊठ BKL, उठ 0 D. दीदाढा-दिहाडा BIL. कीधउं-की— B D , की 05, कीघऊं .. c omits vs 298 b and 299 8. मंतेउरी-अंतेजरी D, अंदेउर र, अतेरि K. अकुलीणी-कुलीणी B. जमहर तणी-जमहरनी र. कीधी. करी-करि D, २९९ बान-मांन A D 1. दान-दांन A DI K. देहरासर-देरासर A, देहरामरि B, देहेरामुर .. अमली-जमलि DJ K. राणी-राणी DJ. वचन-वचइ ८. उच्चरह-उचिरइ A, ऊचार B, ऊचरित ०, उचरई D, उचरि र, उच्चरिॐ L. इसू-इस्यू B, इति0 D, दशं , इमु र, दशं .. एकोतर-ईकोतर ०, एकोतरमु D, एकोत्तर | L, अग्रेतरसउ E. कुल-मुकुल 0,...D. अजूयालिसू-अज्यालस्यू B, अजूआल, अजूआलसिउD, मजुआला, अजुआलि{ , अम्हे अज्लशु L. After 229 b interpolates the following line:राम २ वाणी उच्चरइ सजन लोकनइ आस् पिरइ. ३०० 03 omit the song, i.e. vis 300-304. ठाहुली em-छाहोली A, प्रहुली B, छामली: D, छाहली K, छाउली .. रूपइ-रूपि A BL, रूप D. सलूणही-सलंगदी D, स्अडी K. सर्व-सवि मिली A, सवि B. साहेलदी-सहेली 5. पेटटी-वेलही B, वेलडे D, बेलडे L. रहीम-रही A B, रहीआ g. रा- रोरे B, राउ EL. निहारती ए-निहालवी रे B, निद्दालीआ ए L, ३०१ रोडडे-तोडडे K. मावीय-अवीआ A, आवीइ D, आविध K L. मांसूदां-आसूयह D, आमुंअहे K, आम्ही ८ रोहावीय-रहावीय A B, रोहावी . जालउर-जालौरउ A, जालहर B, जान्हुर , जाटर 4. परबत-पर्वत K L वधापीठ ए-वधावीइ ए , वधावीई एK.

२२४ कान्हडदे प्रबन्ध सुंदरी सोहामणी, परवतनइ कहइ घणी, आणइ जमारइ मोकलावणी ए॥ ३०२ सर्वगुणजाणनइ, वंशि वली भाणनइ, वीर अवतरज्यो चहूआणनई ए॥ ३०३ वली रलीआमणूं, अरधासन वीरम तणउं, पामिस्यूं सोनिगिरनूं वइसणउं ए॥ . ३०४ ॥ चउपई ॥ राणी वचन इस्यां उच्चरी, जमहर तीर गई संचरी । पावक विपइ सविहुं तिणि रंगि, आहुति करी तेहनइ अंगि ।। ३०५ वीरमदे जाणि अनुमानि, वीटी तुरक झालिसइ वानि । वीर वचन मुपि विसमां जंपि, ऊंडी उदरि कटारी चंपि ॥ ३०६ ३०२ सुंदरी-सूदरी A D, सुंदरि K. सोहामणी-सोहांमणी D K. परबतनइ-परवतनि B, परबत , पर्वत K L. कहइ-कहि B, ऊपरि D K, कहिं L. धणी-पाणं P. भाणइ-आगि रे B, आणई D, आणइ र, आणई .. जमारइ-जंवारि B, जमारइ D. मोकलावणी ए-मोकलामणी ए B L, मोकलामणी ए , मोकलांवणी ए. ३०३ सर्वगुण em-सवगुण A, अवगुण B, सर्व गुंण D, स्तव गुण , श्रव गुग L. जाणनइ-ज्याण्यानि B, जोणनइ Dr. वंशि-वंश BK L, वंसि D. वली-वलि D. भाणनइ em-भांणनइ Ar, भाणनि B, चहुआणनइ D K. भवतरज्यो-अवतारयो B, अवतरियो र, अवतरयो 1. चहूभाणनइ ए-चहृयागनइ ए A, चहूयानि ए B, चहुआणनई ए D, चहुआंगनइ ए K. ३०४ वली-चली ए A, वली २ B. रलीमामणू-रुलीआमणं A, रलीयामणु B, रलीआमj D, रलिआमणु 5. भरधासन-अरधान A, अरधागनइ D. वीरम-वीर D. तण-तणु B, तj D E, 'ता' ५. पामिस्यू- पामिशुं , पामस्यू B, अने पामस्युं D, अम्हे पामिK E, पामिशु म. सोनिगिरनूं-सोनगिरा B, सोनगिरि D, सोनिगिरनु र, सोनगिरिनू L. बइसणउं ए-बिस" ए B, बइसणं ए D, वइसणु ए र, चइस" ए .. ३०५ चउपई-चुपै B,...0 , चुपई: D, चुप्पई ८. राणी-राणी AI. वचन इस्यां-वचन इसा है, वचन इस्यु B, इस्या वचन 01, वचन अस्यां D, इसा वचन र, इश्यो वचन .. उच्चरी-ऊचरी 20, उच्चरि D, उचरी उ. जमहर-जमहरि B I L. तीर-तीरइ 4, वीरि BOL, तीरी D. गई-गइ D. संघरी-सांचरी 0 D. o omits 305 b, पावक-प्रावकि K. विषइ-मुखि B, विषय D, विषयज र, पइठी K. सविर्तु- सहिज B, सेव्यु Dr,...K, शिड .. तिणि-तिण A, तेणि , तीणइ र, तीणं .. रंगि-अंगि B, रंगे D. आहुति-आहुत K. करी-करि D. तेहनइ-वेहनि BI, देहने Dr. ३०६ वीरमदे-विरमदे D. जाणिउं-जाण्y 4, जाण्यु D, जाणु E, जाणि 1. मनुमानि-अनमानि A, अनुमानि D, अनुमानि उ, अनमागि L. वीटी-चीटी , वीटी L. झालिसइ em-झालसइ 4, मालसि 20, झालिसई D, झालेसि , झालिस्यई E, झालिशि ८. बानि-बान A D, बानि 0 EL, बादि . iii grint is :वीरे विषम वचन मुषि पि. मुपि-मु D, मुखि .. विसमां-विसमा 0 K. जंपि-जपइ 4, जपे अंडी em-उडी A, ऊठी B, उंदी 0 , ॐठिउ , आदी र, उही म. उदरि-उरि E, उदर / K. कटारी- फ्टारि D. चंपि-चाप 4, चापि .. D.

२२५ चतुर्थ खंड राउल तणइ अंगि उछाह, ऊपरि दृढ वांधींआ सनाह । वडवाहरू कोपि धडहड्यउ, तुरक तणां दल साम्हउ चख्य ॥३०७ चड्या रोसि राउत तिणि समइ, लोह तणी झड कुण आंगमइ । लघुवइ कुंअर आविर भार, राउत भलां करइ हथीयार ॥ ३०८ बोलइ विरद सवे वंगाल, हींदू तुरक मिलिउ रिणताल । हींदूए रिणि लाधउ लाग, मारी म्लेछ मेल्हाव्या माग ॥ ३०९ परा विपुहुर कटक तोरकू, झगडिउ राय रिणंगणि थक् । वीरमदे पडग घण घाइ, मारी म्लेछ पडीउ रिण माहि ॥ ३१० हईइ घणउ मनोरथ हुतउ, वीरमदे साहस्यूं जीवतउ । ऊपरि मलिक गया सवि मिली, दीठउ राउ नइ पूगी रली ॥ ३११ लपवि, ३०७ तणइ-तणि B 01, तणई D. अंगि-मनि B. उद्याह-उत्साह 01, उच्छाह D, रसाह K. दृढ- दद B, दुढ . यांधीआ-चांधी A, बंधी B, वघ्या C D. सनाह-सन्नाह BOI, संनाह D. वटवाहरू- वढवा सारू B, वडवाहरूं 0, दडवढीउ . धडहड्यउ-धडहडिउ BOL, घडहब्यू D, घडही र. तुरक- तरक 3 .. तणां-तणि BO, तणइ D, तण, तणं L. दल-दलि BK, साम्हउ em-साम्हउ A, साहामु B, साहमु ० DI, सामु .. चयउ-चढीउ A, चडिउ BOL, चड्यु D, चडी . ३०८ घढ्या-चदीया A, चडिउ B 0, चडिया K. रोसि-रोस B O I K, रोसे D. राउत-राउल D, राउत .. तिणि-रणि B, तेणइ ०, वीर्ण 1. समइ-समि B C . झढ-जड B, झडि ०. कुण-कुंण D. मांगमइ-आंगिमइ A, अंगमिइ B, अगिमि 0 3. लघुबह-लघवइ A, लघुवि B, लघुवय 0, लघूवय D, लघवइ ८. कुंभर-कुयर A B, कूअर . माविउ-आव्यु A, आव्यउ K. मार-भारि र. राठत-राउत L. मला-भला O DIK. करइ-करि BOI, करई D. हथीयार-हथीआर 0 , हथियार K. ३०९ बोलइ-बोलि BCI, बोलिइ - विरद-विरुद. हींदू-हीदू A L, हईइ 01, हवई D. तुरक- तुरूकर, तरक L. मिलिउ-मिन्या B, मिल्युल, मिल्यू D, मिल्यउ K, मिलिडे .. रिण-रणि B DE, रण. हींदूए-हीदुए AI, हिंदुए ०, हींदुए D. रिणि-रिण A, रणि BOD, रण 1. लाघउ-लाधु B L, लाधु 0D, लीप, लीघउ K. लाग-माग BK. मारी-मारि D. म्लेछ-मेठ B L, म्लेच्छ , मलेछ . मेल्हाव्या- मेल्हाव्यउ A, मेहलाव्या 0 0 1, मेन्हव्या र. ३१० परा-परे B. विपुहुर-विपहर A, विपुहुरे B, विपुहर C, पोहर D, विपहुर .. कटक-कटकु B. तोर• em-तोरई AO DIE,तुरक B. B transp as: तुरक कटकु. प्रगहिउ-झगडु B, जगडिई ०, झगम्युं D, झगहिर, जगळ्याउँ , मगडिॐ L. राय-राइ 4,...B, रणि , रायि .. रिणंगणि-रायंगणि 31, रणांगण 0, रसुगणिं , रण .. यहू-यकु B, थकुँ ,थिक । ८, यकर .. वीरमदे-वीरमदेव .. घण-तणइ A, तणे B. धाइ-घाय . म्लेट-मेड B, मलेच्छ ०, मलेछ DI, मत्स L. पडीउ-पडिउ BO, पञ्यु D, पझ्यउ र. रिण-रण BODI. माहि-माहि B 01. ३९१ हुईइ-हीइ A, हइD, इंदिर, ही र, हई - पणउ-पशु BIL, घf D, घणो E. हुदउ- हनु B 03, टुं , इतउ K. साहy em-साहस्या 4, साहास्यू B, साह ०, साहर\ D, साह, साहुँ र. जीववउ-जीवन BODIL. उपरि-ऊपरी . मलिक गया-गया मटिक A. मिठी-मिलि x. दीठउ-दी B 0. राठ-राउत B, राय OVE,...D. नड्-न 10,...B, नि, नी ..रली-एटी .. 29 . २२६ कान्हडदे प्रवन्ध जोयउ अंग तणइ अनुरागि, तुरक ऊगखा दसमइ भागि । सरोवरपालि तलहटी अनी, लाप विच्यारि घोरि नीपनी ॥ ३१२ जोवा मिसइ मलिक तिणि वार, ऊपरि चड्या धषइ अंगार । हुई मेल्हाणि वात ए जिसइ, ददा सनावर आवी तिसइ ॥ ३१३ हिअइ दूहवण आणी धणउं, मुप दीठउं वीरमदे तणां । वांदी बोलइ आंसू भरी, धन्य धन्य जणणी ताहरी ॥ ३१४ पूरव प्रेम हीया मांहि धरी, साचउ बोल काउ कुंअरी। रत्नजडित पांजरूं अमूल, चंदन अगर जाइनां फूल ॥ ३१५ वीरवदन महिमा एवडउ, चांपा कुसम अनइ केवडउ । इणि परि जितन घणेरां करी, लेई मस्तक ढीली सांचरी ॥ ३१६ ३१२ iqr in A has crumbled away. जोयउ-जूउ B, जोयु ०, जोयुं D, जोयूं . तणइ- तणु BO, तणइं D, तणि र, तणउ K. अनुरागि-अनुराग B OK, अनूरागि J. तुरक-तरक - अगस्या- ऊतरिया B, ऊगरिया र, ऊगास्या L. दसमइ-दसमि B 0, दशम D, दशमि , दशमइ K. सरोवर-सरवर A, सरो ०. पालि-पालि B . तलहटी-तलट्टय A, तलहठी 1. अनी-नी B, तणीं . विच्यारि-२/४ A, विच्यार ०, विच्यार K, विच्यारि L. घोरि-गोहरि B C D , घोर K L. नीपनी-नींपनी B. ३१३ मिसइ मलिक-मिसि मलिक B, मलिक मसि , मर्सि मलिक D, मिलइ मलिक , मीशि मलिक K, मिशि मलिक L. तिणि-तिण A, तेणी B C, तेणि D, तीण L. चार-वारि - K, ऊपरि ऊपरि D, उपरि K. चड्या-चडिया B, चढ्या C. धषइ-धषिइ B, धषि , घपई D. हूई-हुई D, है K, दीइ L. मेल्हाणि- मेलाणइ B, मलाणि 0, मेन्हाणि D, मेव्हाण I L, मेल्हाणि F. जिसइ-जिसिइ B, जसि , जिसि . ददा- ददां 0 DK L, दादा . सनाघर-सुनावर A, सनावर D, कुंअरी , सनवर K, सनावरि .. भावी-आवी छि आवि L. तिसइ-तिसि B, ३१४ हिभइ-हीइ A D, हईइ BC, हीभडि उ. दूइवण-दूह्वण L. आणी-आणी 0D, आणि . घणउं- घY BI, घj 0 D KE. मुष-मुख B C L. दीठउं-दीठउ A, दीढू B, दीडं D K, देषि , दीठऊ तणउं-तणू B 3, तणु C D K L. बांदी-बैदी A. बोलइ-(letters lost in) A, बोली B, बोलावी 0 D L. मांसू-( ) सू A, अंसू र. धन्य धन्य धन्य A, धन २ BO, धन्य २ , धन्य २ . जणणी-जणनी ०, जीणणी D. तादरी-ताहरी घरी B, ए ताहरी 0. ३१५ पूरव-पूर्व D. हीया-हईया B D, हईआ , हीअडा प, हिआ K, हैआ .. मांहि माहि ... साचउ-साचूं A, साचु BOJ L. बोल काउ-बोलीउँ तव A, बोल हवु B, बोल कहि 0, बोल कहिउँ D, बोल कहीयु , कहिउ L. कुंअरी-कुयरी A B D, सुंदरी . रन-रतन L. जडित-जटित B I. पांजलं-पाजल्य J, जासू र, पांजरू .. चंदन-चंदनि A. अगरनाइनां-अगरज (..)A, अगरजायना D, अगरजायना , अगरजाइना.. ३१६ वीरवदन-वीरबदनि A B, वीरवंदन K. महिमा-बहिकि B, महि महिमा K. एवढउ-एवडु BODI. चांपा-चंपा B कुसम-कुमुम B. अनइ-अनि BOL. केवडउ-केचड BODI, केवडर्ड .. इणि-इण A, इणी 0 1, एणी D, ईणी . जितन-जिन A, यन B, जतन C K, जन्न D, यतन . घणेरां-धणेरि B, घणेरा 5. लेइ-ले A, लेइ K. मस्तक-मुस्तक B, मस्तकि K. ढीली-डिल्लीई ०. सांचरी-संचरी Krivari in Jis: ढीलीई रेई संचरी. , तसि०, तिसिइJ.

चतुर्थ खंड २२७ पुहुती वेगि नयरि योगिनी, असपति रायि वात सवि सुणी । पातसाह मनि आणइ शोक, ततपिण जोवा आवइ लोक ॥ ३१७ ददा सनावरि तीणइ कालि, मस्तक धरि कनकमइ थालि । असपति राय तणी कुंअरी, जोवा आवी अंतेउरी ॥ ३१८ दीठउं वीरवदन तिणि ठाइ, पित्रीतेज न सहिणउं जाइ । पामइ उदय जिसउ अकलंक, जाणे पूनिम तणउ मयंक ॥ ३१९ जिस्यां कमलयुग नयन विशाल, तेजि आगिलूं दीसइ भाल । अंतेउरी भणइ किरतारि, इस्या पुरुष सिरज्या संसारि ॥ ३२० लागू वली अणूरूं मानि, जोतां आवइ मरण निदानि । कुंअरी भणइ प्रतिज्ञा जाणि, आगइ वचन दीउंचहूआणि ॥ ३२१ ३१७ पुहुवी-पुहती A, पुहति D, पहुती . वेगि-वेगें D, वैगि L. नयरि-(...)A, नगर , नयर D, नईरि L. योगिनी-योगनी C E, जोगिनी D. रायि-राय A, राइ B, राई . सवि-इम A, ईम . मुणी-सूणि D. पातसाह-पातशाह BI, पातसाहि , पातिसाह K. माणइ-आणि B, आणिउ , आणइ D K, आणि . शोक-सोक 0. ततपिण-ततक्षिण A, ततपिणि BI, ततक्षण 0, ततक्षिणि L. जोवा-जोइवा K. आवइ-आवि BOD, आविउ . ३१८ ददा-ददां D K. सनावरि-मुनावर A, सनावर B O, सनावर D, सनाउरा I, सनिवर K. तीणइ- तीणि A, तेणि B, तिणि र, तेणइ D, तीणई र, तीणं .. मस्तक-(..)क A, मुस्तक B, मस्त र. धरि- कह B, धतूं , कीऊ र, कञ्जु र, करिऊं L. कनकमइ-कनकमि BI, कनकनि 0, कनकनइ .. थालि-याल . कुंअरी-कुंयरी A B P, कूमरी . आधी-आवि ०, आवई D, आवइ K. अंतेउरी-अंतेऊरि D, अंतेफरी .. ३१९ दीटउं-दीठउ A, दीठ Bc, दीठ र, दीठऊ L. वीरवदन-चदनवीर B, विरवदन D. तिणि-तीणि B, तेणि 0D, तीणं .. ठाइ-ठाय C D . पित्री-क्षत्री A, विनी C. न-नइ D, नं L. सहिणउं em-सहj A, सहिणु B, सहिणं C D, सहिणं 1L, सहिणउ K. जाइ-जा (.)., जाई 0, जाय . पामह-पाम्यइ A, पामिउ B, पांम्यु, पामि , पामइ K. उदय-ऊदय 0, उदइ K. जिसउ-जिमु A, जिम B, जिस्यु , जसिङD, जिसिउ प, जिशु L. अकलंक-निकलक BC, अकरकर, कलंक L. जाणे em-जाणे A OJ K L, जाणि D. पूनिम-पुनिम A, ऍनिम D. तणउ-तणु B C D I L. K interpolates after iv qr: दीठउ वीरवदन तिणि ठाइ. ३२० जिस्यां-जिसां A, जिस्या B, यस्या , जिशा , जिसा , जिझ्या 2. कमल-कमलि 0. युग-युगल B0, वे . नयन-नयग 0I. विशाल-विसाल A C, विशाला F. तेजि-तिस्यूं , तेज C D I, निमें दीमइ K. आगिलं-आगिलं BK, आगलं C D, आलिउं , आगलू L. दीसइ-दीति BOT, दीसई D,..... माल- भाल .. अंतेउरी-अतिउरी D. मणइ-(.)गइ A, भणि B I. विरतारि em-करतार A, किरतार BODI, करतारि :, किरनारि L. इस्या-इमा A, इशाह, इझ्या 2. पुरप-पूरप D, पुरिप K, पुरप 4. सिरज्या- सिरज्या A, सरज्या BOL. संसारि-समार B. ३२१ लागू-लागुं D E. भyरूं-अरुं A, अनारे , अY D, अरु र, अणुहे र. मानि-मानि 0DI, मानि .. जोता-जे ता, येर्नु र, योतो L. आवइ-आवि BOJ. निदानि-निदानि A C, निदान D. कुंअरी- कुयरी A, कुयरी B, कुरि D, कुअरी र. मगइ-भणि BO1. प्रतिज्ञा-प्रतज्ञा , प्रन्या K, प्रतिन्या .. जाणि-जामि A, जाणे B, जाणी K. मागह-आगि B 0I. वचन-(...)३. दीउं-दीड , दि D, दियउ र, दयं । पहभागि-चहूयानि A B, चहूंआणि D, चहूआणि , चहुआनि र, चहुआणि .. जिसिड B, दी, २२८ कान्हडदे प्रबन्ध वीर वचन लोपइ आपणूं, जे मुप नही जोउं कुंअरी तण ॥ ३२२ ॥ दूहा ॥ जे सुकुलीणा साहसी, ते मरणि न मूकई माण । मस्तक ऊपराठउं थयु वीर तण चहूआण ॥ ३२३ सिद्धि निरंतर ते लहइ, सत्त न छंडइ जेउ । मरण पूठि पाम्यउ वली कीरति वीरमदेउ ॥ एक असंभम ते भणउं, जे नीर तस्या पापाण । मरण पूठि मस्तक फिरिर, वीजू ए परमाण ॥ ३२५ ॥ राग मालपसू सामेरी ॥ पूरव प्रेम संभारीज, आंसूडे मीनंउ हार जी। गुण फीटी अवगुण थया, अम्ह कहि कारणि सिणगार जी ॥ ३२६ ३२४ . ३२२ वचन-वत्त A. लोपइ-न लोपइ A, लोपि B, पालिङ G, न लोपई D, लोपिं . भापणू-आप A, आपY 0 D, आपणउ K. जे-...0 D I L. मुप-मुख B L. नही-न A B, नवि 0. जोउँ-जोयुं o D, जोऊ JL, जोयु K. कुंअरी-कुत्यरी A, कुमरी B G, कुमरी D, कुअरी L. तणउँ-तणं PIL, तf a D, तणउK. After 322 0 interpolates : एह वात असंभम हूई मूआ पछी मुष जोयु नही; D interpolates माणसनु तु ए विवहार बोल बाप एक ज सार. ३२३ दूहा-दुहाः D,..... जे-ये ० सुकुलीणा-सुकलीणा A BI, सकुलीण नि, सुकुलीणा D, सकुलीणी K. साहसी-साहशी .. ते-...BOJ. मरणि-मरण DI K. मूंकइ em-मूकइ A, मूंकि B 03, मूकई D, मुंकइ र, मूकई L. माण-माण O I K. मस्तक-म (..), मुस्तक B. उपराठउं-अफराटिड B, उफराटर्ड 0, ऊपराकुं D, ऊफररोटर्ड 3, उपराठउ K. थयु-थउं A, थयउ K. तणउं-तY BIL, तM OD, तणउK. चहूमआण-चहृयाण A B, चहूआण DJ, चहुंआण K, चहूंआण L. ३२४ सिद्धि-सिधD, सिधि K. निरंतर-निरतिर K. ते-जे B L. लहा-लहि BOJL, सस-सत 40, सत्व BK. छंडइ-छंडि BI, चूकि , छाडइ D. जेउ-जेह A, तेउ 01, येउ L, पूठि-पछी ०, पूंठी D, पूठिं पाम्यउ em-पाम्यु , पाम्यू B, पॉप्यु प्रीय 0, पामिउ D, पायु , पाम्यउ K, पामिउ L, घली- बलि D. वीरमदेउ-वीरमदेय A, विरमदेउं D, वीरमदेऊ . ३२५ ते-(.), वात K, ता .. भणउं-भर्ण BI, भ[ 0P, हुआ र, गिj L. नीर-पाणीइ 0, नीरि .. तस्या-तरीया A, तरिया B, तस्यां L. पाषाण-पाषाण 0 D. मरण-मरण B, मूआ 0. पूठि-पूंठि 0. मस्तक-मुस्तक B फिरि-फरिउ 0 D, फिरिद , फिर्यु र, पिरिऊं 2. बीजू-बीजु 0D, बीजउ K. ए-एह ०, ते .. परमाण-परिमाण A, परिमाण 0, परमाण D. ३२६ राग-...A, हवई गीत ॥ राग L. मालपसू-मालपीसू A, मावसू B, मालपशूर, सामेरी-सामेरी राग A, सामिरी - 0 omits the entire song, i. e. rss 326-329. प्रेम-प्रेन K. संभारीउ- सभारिउ A, सभारीयउ र. मांसूडे-अं (.) हे , आमुडे P, आंसूअडे .. मीनउ em-मीन A, मीनु BIL, मीन D K. गुण-गुण D. अवगुण-अवगुंण,p. थया-ध्या . भम्ह-इम B. कारणि-करणि सवि B, कारण DI, सिणगार जी-शिणगार जी KL. 1 । I २२२ चतुर्वखंड ॥ द्रुपद ॥ सगुण सलूणा राउल रूम' कित्यूं। हूं ता प्रेमगहेलडी, तूं सोनिगिरर चहूआण जी । सगुण ॥ तूं तां ग्राणव माहरट, हूं ताहरडी धरि नारि जी। जनम एक अंतरि गयर, सो नेहलुम वीसारि जी॥ सगुण ॥ ३२८ हीयडलूं घणूं गहिवरिलं, तुं मुणि न अन्हारा नाथ जी। तुं अमरापुरि संचखर, हुं मरणि न मेल्डं नाय जी ।। सगुण ।। ३२९ ॥ चउपई ॥ कुंअरी कारण हीचडइ घरइ, थई ऊपराठी आंसू भरइ । कुंअरी तण अंग पलभलइ, लिप्य विधात्रा ते किम टलइ ॥ ३३० ३२७ पद-...A B DIE. म्गुन-मन AB, मगन सगा-मई- AL, समता र राउल-राउन में . मन A, DE, मुन्ना कित्यूं-कोर 4, B, र,x, कियां D E. ठा- BIL. गहेली-हेल (.), गहिटदी L. - 1 D, तुर. सोनिगिरठ-मोनार B DI, सोननिर , गोन्गर L. चहूबान डी-बहूपा A B, वाहूझान D, चहूमत E, चाहूमानगुन-गुम- आमी. ३२८ दं- kBE. टां-नु , टा. प्रानव-नद ,नजर, . माइस्ट-माहर B, माहरू DL, माहरा, महर र हूं-हुँ A BK, हूं टा D, हूं दा. ताहरडी-टाहरी BDI. घरि-घन A, पर 1. As omit rs 328 b. ठार-अंदर इ. गट-TY DIL को नेहलु मन्द रहल्द्ध । म-मीर, मेर बीमारि जी-दकारी जी D, बजार, सबर को . सगुन-उन स्वराल, सग B,स्पून,सपना,...,मग-L ३२९ होयर-अचरज हाई B, दृईवडलु D, हईवट , हर्नुि , हटई.. - AL, वं Dr. गहार-हदार , हेवी B, ग्हदयं , गहिवर , महेन्द्र र मुनि-(..) न- निए, अन्दार-अन्धरा , अन्दरा जी-....तुं-. मंचपट-कांची B, मुबारलं .. ई- B, हूं 14 मरने-मरम, नरम DIEL. मेण्डं-नेट , मेहलु D, नेदलं , म्हे, मन्दं . साथ-माथि डी-..... मगुर-सुम ., मपन• BL,शु.. ३३० चउरई-चुरे BJ, चु.c, चई कुंवर्ग-वरी AE, कुपर D, गे, श्र. r tranep as: कारण छुअरी. होरद-हेपाई B, हैडि c, हंड, हॉट, हिहेह, घरइ- परी, पाद B, धा धार D, FRI. पराग-.) परात्र A, कमी BC, Enी D. आम्-मट D, कई L माइ-परइ B, मी, मराद D, पिइ 5. कुंप्री-वर्ग, कुंवर्ग B, C D, मी र उगई em- BIL, ejcD, ठन्ट . पटमद- .टनल, पटविद , पतमले C. दिप्म-jि, हD, रवि मि. विरात्रा-दिवाटा B C D, दिवाना से-२.... किन-नव रटा-रन्दिा, टि, न रदं. मावर, तेणी कान्हडदे प्रवन्ध यमुना नदी जई तिणि वार, मस्तक तणु करिउ संस्कार । मरण भणी एकमनी थई, मा मंदिरि.मोकलावा गई । पातसाहनइ चलणे लागि, वेगि संचरी आयस मागि ॥ ३३१ अबला अंगि एतली आहि, झंपाव्यु जिमनाजल माहि । नरनारी वे पुण्यप्रसंगि, देवलोक पाम्यां मनरंगि ॥ ३३२ आगइ अवधि कही कुंअरी, वचन सवे हईआ मांहि धरी । आठ मास अवधि परिमाण, पाम्यउ मरण पछइ सुरताण ॥ ३३३ कान्ह तणउ उत्तम अवतार, कलियुगि पट दर्शन दातार । तीणइ वंशि वीरमदे नंद, मेगलदेवि दीउ आणंद ॥ सोनिगिरां कुलि साहस घणउं, अंबराज मेगलदे तणउ । पदमनाभ मति वोलइ इसी, आंवा तणउ पुत्र पेतसी ॥ ३३५ ३३१ यमुना-यमना A, यमूना D, यमुना , जिमुना .. जई-गई B, जाई र, तिणि-तिण तेणि , तीणी .. वार-वारि A B I. मस्तक तणु-वीर मुस्तक B, मस्तक तj D, मस्तक तण्यउ K. करिउ- कीउ AI, करि B, करिउ D, कस्खउ K. संस्कार-सं (.) र A, संचकार B L, ससकार , संस्कारि D. थई-भई ०, थइ D, होई , हुई K. मा-माय , मंदिरि-मंदिर O D K, मंदर .. मोकलावा-मोकलावी x, मोकलामण L. पातसाहनइ-पातसाहने BOD L, पातशाहनि , पातिसाहने ई. संचरी-साचरी D. भायस-यायस A, आइस B, याजस०, यमुना K. ३३२ अबला-अवला K. अगि-अंग L. एतली-(..) ली A, एतलि D. पाहि-आहि 0. झंपाब्यु- संपाव्यु A, संपाविउँ B, जइ झंपाव्यु ०, झापायुं 5, झंपाविऊ L. जिमना-यमना B, यमुना ODI K, जिमुना L. जल-...c. माहि-माहि BOJ. बे-वि i. c omits 332 b. पुण्य-पुन्य A, पुन्य L. प्रसंगि-प्रशगि K. देवलोक-देवलोकि BIK, देवलोके D. पाम्यां-पाम्या B L, पुहता D, पुहुतांग, पाम्या K. ३३३ . omits vs 333. भागइ-आगि B CI. कुंभरी-कुंयरी A B D, कूअरी . हईमा-ही(.) A, हैया B, हीया D, हीअडा , हिआ र. माहि-(.) हि A, माहि BK, माही D. पाठ-अठर, मास- मासि D. परिमाण-परमाण B, परिमाण OD, परिमाणि , परमाण K. पाम्यउ em-पा, 4, पामिउ , पाम्यु 0 D, पायु , पाम्यउ K. मरण-अमर D. पछइ-पछि BOJ. सुरताण-सुरताण D K, सुरतोणि . ३३४ फान्ह-कान्हड A, कान्ह 0 L, काहान , कान्हड K. तणउ-तण A, तणु BODI L. उत्तम- उतम A, उत्तम ०, उत्तिम K. अवतार-अवतारि K. कलियुगि-कलियुग BK, फुलयुगि ०, कुलियुगि D, कलयुगि , कालियुगि 1. पट-पट A B. दर्शन-दरसन A B, दरसण 0, दरशिन L. तीणइ-तेणि Bo, तिणि प, तीणइ र, तीग L. चंशि-(..)A, दिवसि , वसि D, वंश J. मेगलदेवि-मेगलदेव A, मयगलदेवि र, मालदेवि र, मेलगदेवि .. दीउ-ठूउ A, थयु B, जयउ र, दयु .. मागंद-आनंद 0 D, अंगद .. ३३५ सोनिगिरा-सोनगिरा BOI, सोनगिरी D, सोनिगरा K, साहस-सहस K. घण-पy B, घणु 0D, पणु , घगउ K. E omits iiqr. अंबराज-अलवराज B, अंधुराज D. मेगळदे-मेलगदे D, मयगलदे र, मेलिगदे .. तणउ-तY B, तणु 01, तणु D L. Iomits rs 335 b. पदमनाम- पदनाम B L, पदमनामि K. मति-मुपि .. योषह-पूर 4, बोलि 10. तणउ-तणु A BL. पुत्र-(..) प.पेठसी-षेमसी ०.

चतुर्य खंड २३१ लिप्मीवंत पेतसी तणउ, अपइराज सोनिगिरउ भणुं । ब्राह्मण तणा कराव्या ज्याग, सवा लाप जिणि दीधा त्याग॥ ३३६ अपयराज केतलू वपाण, जिणि सवि सांभल्यां पुराण । कीरति पुण्य तणी विस्तरी, विष्णु भगति जिणि साची करी ॥ ३३७ भोजन वारि नितु अपइराज, अतिथि भणी मूकावी वाज । जनम लगइ जयवंतउ सुण्यउ, परनारीसहोदर भण्यउ ॥ ३३८ अपइराज उत्तम अवतार, जेहनां पुण्य न लाभइ पार। जीणइ कीरति कान्हडदे तणी, अपइराजि अजूआली घणी॥३३९ वीसलनगरउ नागर एक, पदमनाभ कवि पुण्यविवेक । एहवू विरद आदरइ अनी, लहइ बुद्धि कविजनरंजनी ॥ ३४० ३३६ लिप्मीवंत-लक्ष्मीवंत A L, लपमीचंद B, लपमीवंत , लपिमीवंत J. पेतसी तणउ-तणु षेतसी तणु B, पेतसी तणु 03, पेतसी तj D L. अपइराज-आपणि राजि B, अपिराज ८, अपयराज D3. सोनिगिरउ-सोनगिरा B, सोनगिरु 0 DI, सोनिगरो K, सोनिगिरु .. भणु-तणु B, भणु 07L. ब्राह्मण- बाह्मण A 0 L, ब्राह्मण I, ब्रह्मण K. नणा-पांहि , तणा D. ज्याग-याग B C D J, जाग L. जिणि- जिण A, जेणि o, जीणं L. दीधा-दीधु ०. ३३७ अपयराज-अय(...) A, आपिराज B, अपिराज 0, अपइराज L. केतलू-केतलं A D, केटल , केतलज K, केतलू... वपाण-वांण C DIR, जिणि-जीणइ A, जेणि B 0 D, जीणे L. सांभल्यां-संभलीयां A, सांभलिया B, सांभल्या 0 D E L. पुराण-पुरांण 0 D K L. पुण्य-पुन्य A.सणी-... D.विस्तरी-विस्तार D. विष्णु-विष्ण A, विष्णुं D, विप्र .. भगति-भक्ति A, भक्तिं D. जिणि-जेणि BOD, जि , जिण , ३३८ वारि-वेला A 0, वार D K. निनु-निति A, जे 0, नितुं D, नितू .. अपइराज-आपिराज , अपिराज 0, अपयराज D I. अनियि-अतिथ 0 E, अतीय D, अतीथ्य प्र. भणी-तणी A. मूकावी-मूंकावि 0, मूकव्या D, मूंकान्या , मूकाव्या E, मुंकावी ८. बाज-बाज K. लगइ-लगि BOI, लगई D. जयवंतउ-जइवत A, जितु BC, जयवंतु DIL. सुण्यउ-मुण A, मु B D, मुणिउ , सुणु म. परनारी-परनारीअL. भण्यउ-मAD, भण् B, भणिउ , भणु .. ३३९ अपहराज-अपय (..)A, आपिराज B, अपिराज , अपयराज D. उत्तम-उतम A, उत्तिम K. जेहना-जेहां A, जेहना BD I, तेहना 0, जेहा L. पुण्य-पुन्य A. न छामइ-न लामि B, तणु नहीं ०१, नवि लाभइ . जीणइ-जीणि B D, जेणि , जाणि र, जीणं .. कीरति-किरत D. कान्हदे-कान्हडदे AJL, अपइराजि-आपिराजि B, अपिराजि , अपेराजि D, अपयराजि , अपइराजे L. अली-अज्याली A B. K interpolates after vs 339• तास पुत्र पुहवी निरमला राजकुली छत्रीसइ भला। शंकर मीम ज ते उदिवंत चाहूआग भूपति पुलवंत ॥ ३१० वीसलनगरउ-वीमलनगरु B D, वीसलनगर माहि , वीसलनगर L. नागर-...., नांगर K. पदमनाम-पद(...) A, पद्मनाभ B L, पदमनाभि K. कवि-(.)वि A, कहि .. एहपुं-एहू 4, एहवी B, एह D, एड्युप, एदु .. विरद-पुण्य B, विरुद्ध DI, यघि .. मादरइ-आदरि BI, आदरे D. अनी-अन्य A, अवनी 5. लहइ-रहि BIL, लही D. बुद्धि-बूधी D, मुधि K L. रंजनी-राजनी . 0 reads the vs as foll : कविजन एक पद पोति का वीमलनगर नागरे मयुं । पदमनाम कवि माहगंजनी रहुँ बुद्धि कविजनरंजनी॥ जीणे L.

२३२ कान्हडदे प्रबन्ध माइ भारती तणइ पसाइ, अक्षरबंध वुद्धिरस थाइ। अपइराज सीपामण सरी, पदमनाभ कीरति विस्तरी॥ ३४१ सांभलतां सरीर उल्हसइ, चउपई बंध इसी इग्यारसइ । च्यारि पंड जिस्यां नवनीत, दूहा चउपई मधुरां गीत ॥ ३४२ पंचतालीसउ पूठि वरीस, मास मागसिर पूनिम दीस । संवत पंनर वारोतरज, तिणि दिनि सोमवार विस्तरु ।। ३४३ जालहुर गढ उत्तम ठाउ, राउल कान्ह मालदे राउ। पदमनाभ मति आणी नवी, तेह तणी कीरति वर्णवी ॥ ३४४ एकचित्ति जे नर सांभलइ, तेह तणां सवि दुकृत टलइ । जे फल लाभइ दीधइ दानि, जे फल गंगा तणइ सनानि ॥ ३४५ ३४१ माइ-माय 0D, माता I. मारती-भगवति . तणइ-तणि BOJ. पसाइ-पसाय BOD, सुपसाय उ, पंसाइ ८. अक्षरबंध-अक्षरविधि B, अप्यरबंध K. बुद्धिरस-वधिरस :,' वाधिउ रस , बुद्धि विणि र, युधि रस K L. थाइ-थाय ODI. अपइराज-आपिराज B, अपिराजल, अपयराजि D, अपयराज , आपइराज .. सीपामण-(.) पामण A, सीपांमण 0D, शीपामणि K, शीपामण .. सरी-सरि D. पदमनाभ-पद्मनाभ B, पंदमनाभि र, पद्मनामि L कीरति-किरति D. विस्तरी-वीस्तरी D. ३४२ - omits vs 342 a. सांभलतां-सोभलता K. सरीर-शिरीर A, शरीर B, सरिर D, सिरीर .. उल्दसइ-उल्हसिइ B, उलसि 0, उल्हसे D, उल्हास K, उल्लसइ ८. चउपई-चुपई B 0, चूपई , चउपई E, चुपइ .. बंध-बांधी ०. इसी-इशी A, असी BO, सइ , इसी L. इग्यारसइ-नुवसई A, सातसि B, नवसि , सातसइ D, च्यारिसइ .. च्यारि-च्यार 0 E. जिस्या-जिंसा A, जस्या B, जस्या 0, जेस्या D, जिस्या , जईसा , नवनीत-निशि दीस B. दूहा-दू(.) A. घउपई-(.) उपई A, चुपई BOL, धूपई D, चुपे , चउपही र. मधुर-मुधरा A, मधूरा D, मधुरा F L. Note- Ms ends here; its last folio is lost. ३४३ पंचतालीसउ-पंचतलीम A, पंचतालीम B, पंचतीजमुं D, पंचतालीसमु उ. पठि-पूठि D. मागसिर- मागशिर D, मागसिरि . पूनिम-निम A. संवत-सवंत D. पनर-१५ पनर A, पनर , १५ K. वारोतरउ- वारोतरु BI, वारोतरू D, १२ तरइ र. तिणि-तिनि B, निणइ D. दिनि-दिवसि , दिन'K. सोमवार- सोमवार B. विस्तर-(..) A, विस्तरइ K. 0 reads vs 843 as below and places it after Vs 844 : संवत पनर १५१२ वारोतर सार माह मास पुन्यम सोमवार । जान्हुर गढ पण उलट धरी गायु कान्ह विशेपि करी॥ ३४४ जालहुर-जालोर A, जालोहर B, जालहर 0, जाल्हुर D, जालउर K. उत्तम-उतम A, उत्तिम .. ठाठ-ठाम A B, ठाम J K. राउल-राय . कान्ह-कान्ह A, कान्हड D, कान्हड़दे 1. राउ-नाम B, नाम Pr, ii qr in ois : राज करि कान्हडदे राउ, पदमनाम-पद्मनाभ B, पदमनामि x. माणी-आणइ AD, आणि प, भाणी K. B transp as : कीरवि तेह तणी. वर्णधी-वरणवी 0. ३४५ % omits vss 345-350. वित्ति-चिति A, चित्त BOD.जे-(.)A. सामला-सांमलिद B, सामलि ०. दुपत-दु.कृत BOD टलइ-रलिइ B, टलि C. लामह-लामि B0. दीघर-दीघि ०. दानि- दानि A, दान OK. गंगा-ग B D. Nणइ-तणि B, वेणE D. समानि-सनानि AK.iv qr inois: ए सामलि हुइ मैगसनान.

. चतुर्थ खंड जे फल हुइ तप कीधइ सदा, जे फल हुइ दर्शनि नरवदा । जे फल सत्य वचन प्रमाण, जे फल हुइ सांभलीइ पुराण ॥ ३४६ जे फल पामइ तपसी सवे, जे फल हुइ वांद छोडवे । जे फल पामइ कीधइ यागि, जे फल भेट्यां हुइ प्रियागि ॥ ३४७ जे फल पामइ गंगाद्वारि, जे फल हुइ भेटि केदारि । जे फल हुइ विद्या उद्धरी, जे फल भेट्यां गोदावरी ॥ ३४८ जे फल नारायण दीठइ नेत्रि, जे फल हुइ दानि कुरुपेत्रि । जे फल पामइ साहसि सती, जे फल हुइ नाह्यां गोमती ॥ ३४९ जे फल लहइ द्वारिकां छमासि, जे फल भेट्यां हुइ प्रभासि । जे फल हुइ मुगतिपुरी साति, रामनाम उच्चरइ प्रभाति ॥ ३५० कान्हडचरिय जि को नर भणइ, एकचित्ति जि को नर सुणइ । तीरथफल बोल्यु जेतलूं, पामइ पुण्य सवे तेतलूं ॥ ३४६ हुइ-वइ K, कीधइ-कीइ A, कीधिइ B, कीधि c. सदा-छमा A, वली 0 D K. फल-पल E, हुइ-हुई K. दर्शनि-आबू A, दर्शन B K, महादानि 0. नरबदा-नर्वदा B, मिली c, नीमली D, निरमली र. प्रमाण-परमाण B, प्रमाण 0D, परमाण K. हुइ-हूइ K. सांभलीइ-साभलि B C D, सोभ..... KAS its last folio is lost. पुराण-पुराणि B, पुराग D. ३४७ पामह-पामइ A, लहि , हुइ ०, लही D. वपसी-तपस्वी C, तापसि D. हुइ-हुई D. बांद-वाघ 4, बंद BD, बंदी 0. छोडवे-(.) डवे A, छोढवि B. पामइ-पामइ A, पामि B, पामिइं D. कीधइ-कीधि B, किधइ D. यागि-ज्यागि D. भेट्यां हुइ-हुइ भेटि B. प्रियागि-प्राग B, C reads as 347 b: जे फल हुइ गया प्रयागि गढ जाल्हुर कान्हडदे राजि. ३४८ 0 omits vs 348. पामइ em-हुइ A, पामि B, पामई D. मेटि-पाम्यइ A, मेटे D. उदरी- (.) A, उधरि D. भेट्यां-मेटीया A, भेटिइ B. गोदावरी-गोदावरि D. ३४९ जे-जें B. फल-... D दीठइ-दीठि B 0. नेत्रि-नेन D. जे फल हुइ-जे० (जे पल हुइ) B, दानि-दानि A, दान 0, दान D कुरपेत्रि-कुरुक्षेत्रि B, कुरुपेत्र D. जे फल पामइ-जे० , जे फल पामि , जे फल पांमई D. साहसि-साहस B. हुइ नाझा-हुइ नानि A, माह मास B, नाह्या हुइ D. गोमती-गोमति D. ३५० 0 omits vs 350. जे फल-जे. B. लहइ-लहि B, हुइ D. उमासि-छम्मास B, पट मासि D. qr in A is • जे फ्ल पामी स्वामी पासि. B omits ii qr. फल हुइ-फलइ D. मुगनि-मुक्ति B. साति- सात A, तास B. रामनाम-रामनाम D. उच्चरइ-( )A, उच्चरि B. After 350 b B interpolates विष्णुभक्ति करिइ दिनराति. ३५१ कान्हढचरिय em-कान्हडचरिय A, कान्हचरिन B C D, काहानचरिन र. जि-य , DI. को के A, जे D,...J. नर-...D. मणइ-ममिइ B, मणि , साभलि . एकचित्ति-एकचिति A, वित्त करीनि 0. जि-जे A,..0, जो D. को-के A,. , क D. नर-श्रवणे c. सुणइ-मुणिइ B, मुनि , सूट D. ii 97 in Bis: तेह तणी आशा सवि पलि / omits vs 351b नीरय-तीर्थ D. फल-मि B, पुण्य ०. योन्यु- बोल्या B, वोलु , वोल्यूं D. जेतलं जेतला B, जेतलुं c D. पामइ-पामई , पामि BO, पामइ D. पुण्य-पूण्य D. सवे-सर्व B. तेतलूं-तेतलां B, तेतलुं D. ends here; ii 30 कान्हडदे प्रवन्ध प्रेम संगि सवि सजन मिलइ, आसे मनोरथ सहूइ फलइ । प्राकृतबंध कवित मति करी, कलियुगि कथा अभय विस्तरी॥३५२ चाहूआणकुलि कीरति घणी, पूगउ आस सविकहि तणी । पदमनाभ पंडित मति कही, चउथा पंड समाप्ति हुई॥ ३५३ ३५२ 0 3 omit vs 352 a. प्रेम-पुण्यि B, प्रेम D. संगि-(.) गि A, संग B. सवि-सवे D. सजन-सजन A, जन D. मिलइ-मिलई A, मलिइ B. यास-पुण्यि आस B, पूज्येइ आस D. सहूइ-...B D. फलइ-फलिइ B. माकृतबंध-प्राकृतबंधे D. कवित-वित J. मति करी-मुत्तरी A, मति धरी B. कलियुगि-कुलयुग ०, कुलयुगि D, क्लयुगि उ. अमय-उभय BI, अमिनव 0. विस्तरी-विस्तार D. ३५३ चाहूमाण em-चाहूयाण A B, चहाग C, चाहूआंण D, चहूआणा . पूगड em-पूजइ A, पूगि B, फल, पूजू D, पूगु . सविकहि-सवे मन A, सविक्ह B, सवि सजन C, सवेकहि D. णी-तणी B. 0 D I omits 353 b. पदमनाभ-पद्मनाभ B. मति-मनि A, B transp as : मति पंडित B. कही- भणी B.iv gr in Bis: आशा पूरि सविक्ह तणी, Note-The colophons of the fourth Khanda are: इति श्री कान्हचरि(य)सपूर्ण मिति ॥ सवत १५ आपाढादि ९८ वर्षे श्री जालोरगढ महादुर्गे विहारीवंशे मलिश्री अलीसर विजयराज्ये श्री अंचलगछे गछाधिराज श्री गुणनिधानसूरि विद्यमाने वा० श्री वेलराज सिप्य साप्रत श्री पुंन्यलब्धि महोपाध्याय शि वा. जयलब्धिगणि वा० श्री भानुलब्धिगणि लिपतं ॥ पं. चारित्रलब्धि- वाचनार्थ ॥ कात्ती वदि ९ गुरुवारे लिपत(म्) | A; चतुर्थ पंड ॥ स (...) पोप मु ५ B; इति कान्हडदे चहूआण चतुर्थ खंड संपूर्णम् चतुर्थ खंड मध्ये जालुरि गढरोहु वर्ष ८ संवत् १३६८ गढभंग पश्चात् अलावदीन कान्हडदे पछी मास ८ अलावदीनमृत्यु तिहारपठी संवत् १५१२ पदमनाभ पंडित रास उद्धरता सं० १७११ वर्षे कात्तिक बदि १४ सोमे 03; इति कान्ददेप्रबंध चतुर्थ पंड समाप्त ॥ ही सं। १९:३० माहा शुद २ वार भोमे। ऋषभप्रशादात् गादीसानयरे । ल। 4 । कल्याणविजयजी तत् । शीप्य मुं । मोतिचंद । मय पं। दयाविजयजी चतुर्मासे कृत्वा । ५ मी वसंत P; इति श्रीराउल कान्हडदे पवाडु रास । सपूर्णः ॥ श्रीरस्तुः ॥ शुभं भवतु ॥ लेषकपाठकयोः॥ .

परिशिष्ट APPENDICES Appendix I Sammary of omissions and readings common to the different manuscripts A-Common ornissions Khanda I-BOK omit a 33. Dy reverse the scree-order of sss 16-17 ( 19 17n, 169; 1Gb, 17b.) Bhar!áull-Order of ll in ADFOK Order of ll in op is 43–59. is 49-54, 13-16, 55-58, 47, 48, 59. Dionit II 60-62, 78-80, 87-88. Bil omit 1 110. omit II 115, 122-124. CD ADDIK omit 9 256 L). 1 cu give us 256 b. Khand. II DJ > OD omit vs 6. 119. CDJL give ys 167 b. ODJK gire the interpolated caran, Khanda III-BL omit vs 21. BOK 56. ABK 167 b. A BBL the interpolated carann preceding vs 244. ABD Jomit vs 251 b. J Khanda IV-BODJKL omit vs 41 b, DJ 0 D J BL 75 b, omit vs 62 b. omits vs 68-70 53 68 a V3 70 b 2) > परिशिष्ट २३७ omits ys 99 53 99 b } J 9) 102 b 102 3) OD omit yss 241-4. CD 262-3. 33 с omits vs 266 Domit vs 266 b DJ omit vs 267 b. BL omit vs 271 ii qr-272 i qr. C omits vss 268-274 D 269 b-275 268 b-274 CJ Lomit vs 276. OD 277 b. » с omits rss 279-280 279-281 a D J o} VS 280 omits An VSS 58 1) 284-5 284 b 300-304. CJ omit VSS A B omit vs 828 b. OJ omit 78 352 a. 353 b. CDJ » २३८ B-Common Readings vs no A K B E G(H) L I35 omits omits omits " " नवि छाड " " हइदगि " वनफल नीला बहु केला " " देव गया " " " 52 पहिलउ पहिला पहिला 53 (A Ms starts हिवडा छल हवि छल हिवडा छल from vs 62), नवि छांडे नवि छांई 62 कोट पाडि पाणि कोट 66 भेलिउ भेल्यउ लीधु दीठउ 70 धाइ अतिहि चोर थोर 74 हुइ हाक हूई हाक हईआढक 75 पजूर पिजूरी पजूरां (8 ms sta- बीजोरा केलिहरा rts from केलहिरां vs 83) 85 असण आसणि असन असणि असण 87 चिहुं दिसि चिहुं दिसि चिहुं दिसि चिहुसई चिहोसइ 90 जे हूंतउ |बीजि दीहि जाणे बीजइ दी बीजि दी 96 भाजई भाग नांगी नांगइ नांगइ 97 देव गया देवि लीउ देवउल दैव लीउ 118 प्रधान प्रियाण प्रधान प्रधान 114 जीता जीता जीता 118 गंगा गोरी गंगा गौरी गग 123 थोडइ उछइ तछ 135 सोलंकी सोलंकी शोभतु 143 कइ कान्हड टलतउ टलतु नाडूल टलतु कुणहीनइ 164 उलवइ यइसी उलवइ उलवि बिसी बइसी 177 विगूपत विगूचता विगूचत विपत विगूपति 183 करी सजाई पुहर री सजाई करी सजाई पुहुरि | करी सजाई | करी सजाइ पुहर पाछिलद तेड्या |पहुर पाछिलइ| पाछलि तेज्या |पहुर पाछिलइ | पाछलि तेड्या राउत रांगा तेज्या राउत राउत राणा तेडिया राउत राउत राणा राणां राणा 214 होई जाणिइ ति लहीद जणाइ 216 कीधा गाला गाला गाला गाला 256b omits omnits omits (BMs stops omits लीधा लीधा " टलतु हूं साचिं " उलवइ वयसी " क्हाइ " " at I 242) भणि लूशा वोलाव्य भणि लमा आव्यु कूड " II7 24 29 42 43 45 99 भणइलूस्या आव्यउ कूच इम जोयु वाइ अवला धान " इम वोलद इम जोइ वाहि विउ कूछ मंजोहारि वाहि अवाला कण वाइ अचाला धान " LMS starts from 1999) धान नि अचलु " कथ परिशिष्ट C D J F सूर धीर अनइ सपराणु पातसाहि तव तेड अझे हवि बल न छोड़ें अल्पान बलवंतु बंदउ | अलूपांन बलवंतु बांदु महुल मांहि वेडावउ महल मांहि ते तेड साहमा सामु छयल भणइ नवि छांडर्ड छिल भणि नवि छाई अलूअपान वलवतु बंदउ मुहलि आगिलइ वेडउ पहिला छयल भणइ नवि छांड पोलि दीठउं घणु हुई हाक बीजोरां नालिकरां छीडूं दिठउ धार हीया द्रगि बीजोरा केलेहरा दीठउ गोर हईया ध्रगि बीजोरा केलिहरां कटक कटक चिहु दसि चिहुं दिसि असूर चिहूं पषि जे कहीई नागी देव गयु मत्रि प्रधान जीता गिवरि जे कहींई नागई देव गया प्रधान नांगि चिहंसइ जे कही लांगइ देव गउ देव हवा प्रधान मंत्रि जाता प्रधान जीता गौरी जीता सोभाउत उछ। नि सोमुतु बलतुं कान्हजी तुछि सोभित टलतु कहि मा इल सोभायत टलतूं कान्हडदे टलतु कान्हजी राति अंधार रात्रि अंधार रात्रि अंधारी उलवइ बइसी बलबला बिगूचता विलविलता विगोपत (FM8 ends ) कान्हडदेनि जो वली कान्हडदेने जो वली वचने| कान्हडदेने उत्तम वचने घवनि मिल्याज राणो राणि मिथ्याज राणो रा राणी मिलीआ राणोराणि चाहि कीधा पदमनाभि वात इंम कही पहिला पंड समापति हुई लहाद माली omits लहीद कीधा प्रथमनाभ पंडित ईम कहि प्रथम पंड समापति कहि नापि आभरणद अणानु लूम्या दीसि लम्या दीसइ तेडाविउ ते आविउ कूच मजोहरि भाजि अवेशा मजोहार भाजद मंजोहार भाजि अवेझा धान वण २४० कान्हडदे प्रबन्ध Vs no A. K B G (H) L " ते झडपई " " II 109 111 113 116 122 126 128 150 " 152 164 165 " " " जागइ जाई जागि नई नई नि झडपीनइ झडपीनइ झडप देईनिइ पाउल पाउल पाउल प्रतापि प्रशाद प्रतापि धाई धाई धाइ पडत पडतउ कान्हडदेय काल्हि तुम्हे देव कालि तम्ह तेउ प्रभावि प्रमाणइ प्रभावि मोटा लोहे टोले देवासुरि हठ वेडि वेदि जिसउ किसु पालटुं छंडावू पालट घण घण भड कीज कीज कीजि वाची काढी वाची बापल घापिल बावल वींधइ वीध्या आहाणि कई कि असुर सातिल देव भमुर (देव अशुरा III 8 जिसउ जागि जागो अनि नइ ऊहीनइ पाउल बाला प्रतापि प्रतापि आवि थाइ फिरतु फिरितो कालि तम तेह | कान्हडदेय प्रवाहि प्रमाण टोलि मोटा देवासुर वेदि हठि जासि किसउ पालटुं भड भड दीजि कीजइ चाची वाची बापड बापल आहाणइ हणायद कई पसीयइ सांसह सासह फूदही ए सीयल H Ns ends) छूटा दिया " पालटुं " " " " 17 18 20 31 40 43 99 127 141 144 153 167 174 " " " सामलइ " साभलइ फूलही ए मुंदडी ए सांसहि फुटही रे " " चूठउ वूठज दी दीयूं देवराज " (EMS starts again from vs 175) देवराज राय साचु विणासिउ ਚ किमले गयणगणि पूतली omits देवराज साची घालिन छुट्टै " " " साची चालतउ सूट कमले गयणगण पूतली omits " " गयणगणि फूदही omits " " 200 'देवराज देवराज 210 साची साची 215 विशास्यउ 225 227 कमले 240 गयणगणि उगमतउ 242 पूतली पूतली 244 omits राजरिधि दीठी [unterpolated तण सिंहासण carana) वली 247 अलीया आलिआ IV 8 मूलेर जेसलमेर 19 रोह पंकि छोह पखित 41इसी अवधि वरता omits राउली त्रिण वार घोडा जाउली निरमली राय आलीया सउँपीया मूलेर पीटणीघाट omits " आलीआ मुसलेर पीटदर इसी अवधि वरतइराटली पटणीयट omits त्रिणि वार घोडा जाउली परिशिष्ट २४१ T - तिहां ईम योध झडपीनि पात्र प्रसार्दि धाइ पडतु T जाई अस्था योघ झडपीनि पात्र प्रसादि ढालि पडतु कालि तम्ह तेह प्रभावि टोले युध असुरां वेढि कतिउ एंडावं कालि तुम्ह तेह. जाइ इस्या जो झडपीनई पात्रज प्रसादि ढालइ पडतु कालि तुम्ह तेउ प्रभावि टोडे वासुदेव अभुर वेदि इसिउ छंडावु भड दीनइ कादी वारड विधी प्रमावि टोलि वासुदेव असुर वेडि जिसिउ छंडावू भड दीजि काढी वारड वीधि कादि घारट वीधि पिसी रहि साभला फूटढी रे वूठउ मांन्यु कूठडा रे चूठा हवू देवराजि साची यांछिनु पूटि कुमार सुगमतु फूदही राजनादि दीठी निरमली राय तणु सिंहासन वली महीपाल महीपाल मलेरि भटेरी वालिनु चालितुं पृटि कुमरि मलिकि ऊगमंतु ऊगमणु भूमिहार सूदरी राजरदि दीठी निरमली राजरिधि दीठी निरमली राय तणू सिहासन बली | राय त" सिंहासन बली बीआ दीया रानेर खेहपंकित omits चुपक्षत omits दीया रानेर छोहपकिन omits 31 २४२ कान्हडदे प्रबन्ध ys no A K, B G (H):. . Fsxs ends, at vs G1 IV46 [interpolated caran after 46 b] 66 आव्या जाई 225 चउवीसइ सइ 287 पक्ष पंथ 297 ल्यु सनाह थाउ ! लिया संनाह असवार सातसहस थया असवार पापरउ तुपार सात सहिस पापस्या तोपार चउवीस सइ " साथि सातवीस पपि omits आवइ सत्तावीस पक्षि ornits "" "

परिशिष्ट
२४३
D
J
| मला भलेरा देशइ हाथि मला भाला ते दीसि हाथि
वयरी सिउं ते वाहइ वाय वियरीशू ते याहि वाय
सजाई
it चउवीससि ।
पंथि
pmits
जाय
• चुदीमसई
।
जाए
चुवीसमई
पंथ
omits
-"! omits

5 Appendix II Critical Notes on the Readings adopted in the present edition Khanda I Verse जालहुरउ emended (cf. lacets 7) preferable in the context; it is an adjective qualifying सामतसीमुत (कान्हडदेउ). 14 Want or (FJ)' is the proper owr form; nazil BD, TAF aro scribal restorations. 15 Heat preferred to alas ra (BDJ) as a Rajasthāni form. pataz () preferred to pete Bru(ODA) for metrical reasons. 18 Fes emended (cf. Frey r) for metrical reasons. 20 पातिसाहनइ x preferred to पातसाहनइ as a Rajasthani form. 25 ata o (cf. 19 K) preferred ; ath GJ (BDT) also possible. 28 na D preferred; (cf. Khanda itt vs. 111). 30 TEE K pref, to 3etays as an earlier Rājasthāni form. 32 सिद्ध D is the original reading (of. सिद्ध D, सघ 1; ut 4); मध्य B, सहित I5 are later synonymous substitutions. 35 Note-BGK omit the verge;cdru give it. The verse is necessary in the context as a connecting link between vs 34 and 36, without which vs 36 well be abrupt and hang loose in the contexte सूर धीर अनद सपराणु पातसाहि तव तेड c is pref. to अलूपनि बलवंतु बंदउ महुल माहि 793 DJ (F), as the former fits in well with the idea in the preceding carana and avoids the repetition of the latter (with vs 36 i qr). 39 TER D is the original reading (cf. 11 39, 40; 111 59 ; IV 164) X AFEA K, चाहरि , बाहिरि, बाहर F. 41 qui qui a fits in the context better. wara (R) is the original form from which Modern Gujarāti vertet is derived. 42 वलबाल F (0) is the original reading > बिलिवाल , बहूवाल G. 48 ark is the older reading and is also preferable in the context. 49 देसाउत Kis the original reading (of. देसुत IV 97)> देसु ते DG, देसहतह . 50 gafsat (BR) pref. for metrical reasons; gett os or gats also acceptable. 1 MSS giving a closely similar, though not identical reading, are indicated in the brackets. Here, for instance, 3 reads sferal and preads start, which are closely similar to , bat not identical with it. ? This aigu > - 'from which is derived परिशिष्ट २४५ 3 Khanda I Verse 53 हिवडो छल नवि छांडूं BGK preferable to DIF reading [छयल भणइ नवि छांडउं], being more relevant in the context and also more representative. 57 at BJ (K) pref. (cf. 1 1 154; dfeur 1 236, 1 187); at ODA (Y) also is acceptable. 59 वाउसू K is the original reading (of. वावसू F, वायसू 0)> वायस a. corruption. 60 aradtente emended from BD; ARTAR C (FJ) is also acceptable. 62 ait K(B) pref. for rhyme ; et a Q is also acceptable. 66 73 K () pref. as more fitting in the context; 8C(DOJ), however, is also acceptable. 70 धार D is the original reading >धाइ A, थार II (ख), थोर G, गोर , चोर B. 71 ATE A (BK) preferred to T3 D (CJG) as a more representative reading. 74 g ETA CR (a) pref. to ur B or 443 D (u), as a metrically more correct reading. (cf. 1 200; 111 73) 75 पिजूरी E is pref. to पजूरां B as a Rajasthani form. केलिहरा Ks is the original form > केलहिरा a and केलेहरा D. 82& Note-B reading an artista a Ei Tes Tea is an interesting example of scribal emendation of the text which was not properly understood by the scribe. The correct meaning of the words ats1 and in the original has eluded the scribe, who by false analogy understood area as musical instruments' and' 80 emended the preceding word te into aife. Similarly rest has been read by him as mest and then misconstrued by him as a contraction of जेड हुआ, which he promptly restored to जुद्ध हया. In this context steh would be entirely out of place, and is there. fore, emended to us at, which is phonetically similar and suitable to the context of the scribal restoration. There are several examples of such scribal emendations, unconscious or deliberately made by the scribe either due, to misreading or misunderstanding the original text or merely with & viow to improve it. Often an ordinary scribe like that of Da or kl happens to preserve the text better than a sophisticated one like that of J or cor B. 85 उलट्या D() pref. to उल्टइ A, and ध्रसूक्या DK pref. to धासूकइ 4, भ्रमूकि Bo, as the context requires & verb in the past tense. 89 बालति F appears to be the original reading > चालति D, वारत Pa. पापलि (फेरी) A Brr pref. to पापरीया , पापरीए D (E), पापरा G, as more representative (cf. 997 fit iu 181).

कान्हडदे प्रवन्ध + . Khanda I Verse 96 MEN ACD pref. (cf. 1 93); mFG5(E) is also acceptable. F DEG (JBC) (=defacing)' is the original reading > astir P, { । भांजई A, भागई K.. 97 alert Ak pref. as a Rājasthāni form; it also rhymes better. Aques is another Rājasthāni variant. 100 feet (= three pairs of bullocks')-failing to grasp the meaning, J emends the reading by substituting a Sanskritized variant, 29. 103 कोलाहल A BCK pref. as a more representative reading; हालाहल , or ETAPES E (ro) (cf. Els partes 1 73) is also possible. 111 HA BPG (4) pref; TACJE (DE) is also acceptable. 114 मुहिम em. should be the original reading > महिम PK, महम A (F), मुहि G(D). 116 मिलवा A BFG pref. to मलवा ODE as the Rajasthani form. 118 for () pref. 3 a fet BCE, PINOT D, which also, are acceptable. 121 POR ABDJK (CGEP). 1 (Derīsari) emends it as fast 129 # DE FG pref. as more representative, and also as rhyming with देस just preceding. From नेस > लेम A. 131 संभालउ IK (cf. संभाल B, साभलयो c) pref. to संभाले ACF, संभलावे D, as the context requires here a verb in the Imperative. 134 fost pref, as a Rājasthāni form. 135 साल्हु सोभतु वलवंत राउत restored; cf. माल्हउ सोभा अति बलवंत 111 35. 136 ms a pref. to avoid tautological repetition with 136 jü qr, and $5, 137 iqr. 140 77 Ar pref. as the original reading (cf. 77 ADFJE '151; * ABL 18 176); #7 QK is also possible. 145 arrefer D (F) is the original reading > variants erae a, aere ak, which drop the case-termination.' 149 grata em. from saobra is the original reading > or car B, a mislection, and to 1, an antarranted restoration. 154 afar pref, to eft abskas it rhymes with an in 'the next carro. 161 TT A pref. as a Rājasthāni form, 177 विगूचना DK (B) is the original reading > विगूपन, विगूपनि ।, विगोपन र. 181 MB BDO is accepted (cf. The C); TATS 4K (JF) is also possible. शायां वान अपार ABEC is more representatire than यान न लाभह पार . (OJ) and also avoids repetition with ji qr preceding. 182 + pref. to 7 TE OG ER I ODGJ for metrical reasons. att = 477), Runt; el Palasulod of Samgr. masimba; 'Pricina Gujarati Dalya Sanchurbha', p. 212 परिशिष्ट २४७ Khanda I Verse I fo 1 183 Pfer A E (K) pref, ;' ama CDG (J) is also possible. 183 b reading in cou represents only one us-family and is unsuitable in the context. 187 धरणी ABO pref. ; धरती C D EIK also acceptable. Bhadāuli Line भडाउलौ B pref. (ef. भट्टाउली C, भटाउली D); भिडाउली AREE is also possible. 3 ferro is the original reading (cf. 'iqet 1'255; if iv 57)> संहथि A, सिंहत्यि B, सहथिJ are seribal restorations. 9 मुहाडि Ag is the correct original reading (ef. मुहटि G, महीडे B, माहि डाहे D); SETIA c is a scribal restoration. 10 2164 A adopted ; Ad D, dnem. (B) are also acceptable. 45 BREAD (AC) is the original reading > mislections Fragan B ( and la interchanged, and misread as a), creçat E (a being a slip is of the scribe for E). 51 zazi AEG (cf. also afazer D, vaz JK) is the proper Old Western Rajasthani form; प्रतिष्टा , प्रतिष्टिन Bare Sanskritizations. 56 a gives better sense; however, YIT BK (E) is also possible. 65 SAT ABODJK -- FYT E, F G are noteworthy variants. 73 41 Ax (cf. qnat B) pref. as more representative and preserving the initial rhyme; Alats (op) can also be accepted. 85 591 A (JK) noteworthy as the original form > 5597 BCEA. 103 Tao(4 m) is the prevalent Gujarati form; fra ADEK, probably a Rājasthānī variant of the word, would be misleading here. 104 da pref.; K (DE) noteworthy as an instance of use of parallel expressions both conveying the same sense. Or, perhaps, it may be an instance of interpolation of marginalia into the text- 17, a variant reading for a, noted below the latter, having crept into the text. 111-112 ref A (EN) pref, to FTE BD (OK); (cf. cfH BODEJ; 1 204). 129 रूप हारव्यु x preferable in the context; रूप हारतु : (CD) may also be accepted. 140 994 E (cf. g4 a) pref, as a Rajasthani form. Khanda I Verse 193 AE s (D) preferable to Art791 CK( EPJE), as a present tense verb suits the context better; however, a em (CK) or 71 LS LS also acceptable. 196 am (VÍKB) preferred. HCD (U14) I wnother Wurunt of the Sume rond, und is also uoceptable. > > 286 फान्दडदे प्रबन्ध Khanda 1 Vorso 202 असमुहीया A preferred to द असमुहिया : (DHK) as usually the odd quarters end in a verbal form in adjoining verses, and also as the initial rhyme is preserved. ATA A (VDE) prof.; OU (K) is also possible. 214 T D pref. to sEs for rhyme. Per is the original forn >, कहाइ A, चाहि, होई. 216 STAO (1) pref. to TIKAI DENE (D) as tho context requires a vcrb here. 220 for A (K) prof. as a Rijasthāni form. 221 avia A (E) prof. ; $TÀ DDJ is also acceptable (cf. 11 80, 101). 225 aft ABK (u) pref. to 47 ODEJ for mctrical rcasons. 229 AM BDJ (-8K fio) pref. to eta E, AM 11. 232 AR DJ accepted ; fifke A, APET I also equally acceptable. 233 33 afa (BOK) reads better in the context thon af * (DJAN). 234 Note - The word dit in afat #c bas, by association, lead BK to restore us धावन वीर. Efter A (11) pref, metrically to HTCY BODE (J). 219 af d(u) (cf. $793) preferable in the context to the A. 255 TH ABODJk cmended as ta to rhyme with gut in the next caruņa. सईवाडी (A) is the original reading > सिवाडी B, सउवाडी D (or), वाडी र. 256 b reconstructed from cs; necessary for uniformity with the ending cararas of the remaining Khandos (Vide u 168, 1 251, IV 353). Khanda II Verso 1 R (DRI) pref, as the proper owe form (cf. 19): Ate A BO is a Sanskritization, 2 TT ABK pref. to CJ (D) as u inore representative reading. 3 gen A K (B) pref. to Toz 11 D (OJ), as a Rājasthani form, 4 Fat A (6) pref. to IT BCDJ, as a Rājasthāni form. aft B(A) pref. to a CDK as an earlier form (cf. 1 18, 111 124). 6 FOTO AK adopted; gretter BCD 3 is, probably, & feminine form of the same. 7 BAT D (C) pref. to ne chat E (BH) as more suitable in the context, 8 got is the original reading, which, through false analogy with मुह (SK मुख)> {पि C, मुह थइ . 10 Ar pref. to FEJ, RBCDI, as a Rājasthānī form. FERMT (AJ) prof. as an earlier forza than RMTC (BDAK). 11 एकइ एकि AK pref. to एकाएकि (D); cf. Alodern Gujarati एके एके.

परिशिष्ट Khanda II Verse gulia A (JK) pref. as a more representative form; Autor em (ABD) also possible. 12 tao (ak) pref, to 7414015 A (BDIC) as a proper Rājasthāni form. 13 a alg A (CH) pref, as more representative and conveying better sense than a giat D3(K). 14 भारया K is certainly the original reading (ef. मारी AD; also ef. मारीया II 13, El 11 15). From AD > the mislection - BORJ. 16 afete 473 K is the original reading (cf. art Arabic=master, lord) > वाहला मन , वाल्या मन, वाहाल मन H, वाहपण D, all mislections. 21 farenist AJ(K) pref, to quife O (DAB) as a Rajasthānī form. 24 ge en (KBR) pref. to gens af OD (JA) for metrical reasons. 27 TIE B pref. to a AK (DJ) as the context requires a verb in the Imperative (cf. Fra 11 27 i qr). 28 29 O(KA) pref, to 3 BDJ as more representative and more suitable in the context. Det > A (by transposition), H. 80 परमाण BC (D) pref.; फरमाण , फुरमाण K, would be a repetition of आयस immediately preceding, and its rhyme with cam in the next carana will be rather unusual. In fact परमाण > फरमाण I, emended to फुरमाण by K. 31 KTHEU A () pref. to ENAT I (JBOD), as a Rājasthani form. (foratets) AC(KB) pref, as a more representative and also a more current phrase. (cf. 1 71, 11 28, 11 66). 38 ST A pref. to 3 BODJ (RK) as a Rajasthāni form, 992 Bas pref. to 7542 ACD (K) to suit the metre. 40 TETT B pref. to PET DS, ENT o, as the correct form (cf. arett 1 39); Pagts a, faare o, are, evidently, corruptions. 42 inter CDJR pref, as giving better sense than B (), a corruption. 43 TEAK (BE) pref. to 11 D (cs) as more representative. fres A (K) preferable to the usual form TDR for the initial rhyme with the preceding word (i. e. armire). 45 97 is the original reading (cf. SK 3477 > PR 3) > ATSTA, 1 K, both mislections. Bat CJ is a scribal restoration. factor (AHI) pref. to parent (BK) for the ending rhyme. 46 24 em (cf. 9 , da o) preferable as a more correct form than ads and preserving the ending rhyme (with TRA) better than aka. 50 24 em (cf.3D) pref, to 33Bs and ack for same reasons as above. 53 B BODAJ is the original reading > 0 4; artis & scribal emendation giving the same sense. 82 1 1 - 1 कान्हडदे प्रबन्ध Khanda II Verse 161 Felas A (o) pref. to SA BDAJ(K) for initial rhyme (cf. I 139). 65 DJ MSS emend gan to , a place in North Gujarat, thus betraying their Gujarati origin. Similarly MS B which emends the names of the Rajput clans of Saurastra (पाला, जेटुआ and चूडासमा 1 82) most probably comes from Rajasthān. 169 TDK (C) is the original reading > ET A, TRT J, scribal emendations. STE AB pref. to NYE CDK(J), as a Rajasthānī form. 72 ATPK (A) pref. to Allen J, FISH D (B), as giving better sense. 76 geg (D). It is interesting to note how the gave rise to variants like F and having an entirely different sense : les CDJ > an>(x) > scribal emendations B. 77 Fals AO (BJA) pref. to the usual Rājasthāni forma sinan (DK) on metrical grounds. 84 करइ पलूका PR (BI) pref. > करि पलकता , परी पलूकइ र. 88 TBCDJ pref. as more suitable to the contest; qa AX () is also possible. 93 Seitet OD (JX) pref. to TERTAI A B(A), being more suitable in the context (cf. 1 82). 95 95% ADK adopted ; af cu also possible. 98 Fatest 3 (HKD) is the original reading and is metrically more suitable; 577 15 A (B) is, probably, a scribal emendation, 100 वालि A0 H I adopted in preference to वालइ ५ (K), वालिं BD. वालिइ would have been preferable, if found in any of the ass; though, perhaps, alfas here - alles, which having two s-s in immediate contact, dropped the last, and was contracted to afe. 110 TOTTIE AJ (HL) pref, as the original reading > Tratate B (ODK). (cf. 1 160, 237; also 1 151). 112 at a accepted here as the usual form ; ad BJ (CL) also possible : It is interesting to note here how as in the original, misread by c as a (3 and 7 being very much alike in the script of this period), was promptly restored as Sesilà, which, however, has, no relevance in the context here. 120 विछूटउ A (D) pref. to विछुट्टै B, वछूटउंc, as तीर in Rajasthani belongs to the masculine gender. 121 artwr (ops) pref. to 2198 (BL); (cf. net 119).. 122 sata AH (B) preferable to a CD (JK) as a more current phrase. TEEME K (ODJ) is the original reading > variants et B, HITTAS A (L). 126 YTE BJ (AK) adopted > 4T L. MD () also possible. , 4 - 1 .

परिशिष्ट २५१ Khanda II Verse 4 - It is noteworthy how met > the mislection through the similarity of letters and in the script of this period. 127 B A (BR) preferable to del DK (CJ) as more suitable to the context and preserving the initial rhyme. '128 AZER JK is the earlier Orr form. It is interesting to note how &791 D (Sanskrit) > FETETT JK ( earlier owe) > heart # (later Owe)> PETR C (modern Gujarati). 133 ESHTE À (OJ) adopted; SEAT BD (u) also acceptable. 140 7195 AH (L) pref. to 1931 3 (BK) for metrical reasons. ,142 fuit pref, as a Rājasthānī form. 144 amat 607 A (C) is more suitable to the context than 9255 K (LBDHJ). at a pref. as giving better sense than El BL (DAK); FF or at also possible. 147 at Bjk is certainly preferable to get ACDHL, which is quite pointless here. It fact as in the 'uss is very likely a mislection for पली. fesant is preferable as a Rājasthānī form. 148 मोल इसड () adopted; इसउ बोल K also acceptable. 152 (E) HET FIRE A pref, to () 4794 AfĘ BAK (COL); (cf. 11 146 ans सवे जमहरि पइसिस्यूं). -154 3 A. It is difficult to determine the correct reading here. 23 A(D) may be also possible. 125 azet A adopted as giving better sense; the more representative reading, however, is geet BDAK (meaning ?). 159 TETE A (BBL) pref. as rying the initial rhyme better than TET K (CDJ). 167 वीरायतन Dr is the original reading (ef. वीररायनान , वीररायतन )> धीरातन AC. Khanda id Verse 3 TA prefto 747 BODIJKL AS a Rījasthānī form. 5 It is interesting to note hot safe ABDK gave rise to c:a> [>] c, by transposition. 7 AB is adopted (though CDRJKL omit it), as the postposition dur immediately preceding the word presupposes the existence of a noun in the locative. 02 Ak pref. to 75 RODIIJ, as a Rajasthani form. IR (*) preferable to ITC ABCDOJ for ending rhyme with (cft in ) the next carina, 342 कान्हडदे प्रबन्ध Khanda III Verse 9 CH ( 11 B), a Rājasthāni form, preferable to SDK or Bras for ending rhyme with (ata in) the next caraņa. afe BKL pref. to las A (CDJ) as more suitable in the context, 16 fra D (KLJ) pref. as a proper owe form; HER E, PHETT. ABO are, probably, restorations. 17 frere A (HJ) is pref, to RUS I (BO) as more representative and also agreeing better with her in the iv qr. 18 gr (ABAL) pref, to 081J (ODK) as more suitable in the context; (of. विषम दुर्ग मई सवि पालटीया II 75). 19 84 AL (n) pref. to BÍBDJK as preserving the initial rhyme better, 20 AK pref. to ** BODBJL, as it gives better sense. 22 सहिस BK pref. to सहस ACDH as a Rajasthani form. RA ( supported by gu KL) pref. to TODJ for ending rhyme with the preceding carana. 23 35 AAL(B) pref, to gra (DK); gfe, however, also possible. 25 at DK, a lectio difficilior, is the original reading > 4 , Hat BL, AT C, PHAT A, all mislections. forsatt er (BCDJK) is pref. to 776378 A(L) as a Rājasthānī form. 37774, a lectio difficilior, is the original reading > auf A, exraft 3 > अवस्य (हुइ) 0> आवश्यक K. 27 At K (LI) adopted as a more representative reading; strat : (DO), too, is possible. 29 TCE A R pref. for metrical reasons ; T CDHIL also is possible. 30 ES3 (CPJ) adopted ; FI (AKL), another form of the same word, is also acceptable. It is interesting to note how साहमी > हांसमी । by transposition. 31 de (cf. k) is certainly the original reading > T ABODL, & mis lection. EN AKL (B) is pref; 4. (OHJD) is also possible. 32 It is noteworthy how LI AB (LAK) > Od (-), a mislection through similarity of the letters a and in the original. 38 xHK A pref, as the Rājasthāni form (cf. 1976 XL) and also as metrically more suitable. 39 trim B (A) pref. as the Oyn form current in popular speech; (cf. Protarat 131 96). 40 FOTOTEK (AL) pref, to stafo BNJ as a Rajasthāni form.

परिशिष्ट २५३ Khanda III Verse TE AK (1) pref. to #3 ODJ as more representative and also preser. ving the initial rhyme better; (cf. 111 64). Foga JL preferable to eat A (BKL) for the ending rhyme. 47 g A pref. to BDJKL; cf. 111 64, 51 HEA (D) adopted, as my B, TUE 9, 15 K, L, are all unsuitable. tu AK adopted; (* CJL (D) also possible. 60 195 (DJ) pref. to loss A, 513 1,514 K, for metrical reasons. 61 HSE BA (DJ) is the correct form; f 4, FASSE KL are, evidently, mislections. 62 मूला B preferable fhm AD (UJ), fást KL, to avoid repetition with eine immediately preceding. 63 m3 A prefto dla BAJ(DK) for initial rhyme with my immediately following. y A pref, to y DJ(K), which, however, is also possible. In that case to y Tret will be the alternate reading in the iv qr. 65 TD (A) is the original reading > Men BH, qarala .. 67 grans I (HB) is the original reading. It is interesting to note how पुरातल > परातलि H> धरातलि CDK, a mislection. 72 बलीय 4 (1) pref. to वली D EL and अनइ वली : (B) for metrical reasons. 79 Jeans ABB (K) pref. to a CDJ; both are onomatopoetic words having the same sense. Tu Bu pref. to the usual Rājasthāni form for KL (A) as it (a cur) rhymes better with our immediately following. 82 अवालं is the original word ; निराल B (L), अवेर | are restorations. 87 ATD (JC) pref. to <a A (BAL) as giving better sense. fes4 CK (AB) (> DAT BL) is preferable to testet (DJ) in the context. 89 It is interesting to note how the proximity of pure led scribes to emend & lectio difficilior like eets to fts 4 B, which, in turn, was restored as दर्भ लीया , राउ सारइ . 94 ofits AK (L) pref. to BODJ, as a Rajasthāni forn. 95 ST A pref, to SM BODAJKL As a Rājasthāni form. 96 Avafot A (BHJL) noteworthy as a contraction of for at the current in spoken speech; cf. IT II 39. 99 atuts d (ACJK) pref. to set (B), TUTTE Le as more representative and preserving the initial rhyme. 105 Part AC (LB) is the proper owe form; me J() emended by the scribe is a Sanskritization of the same.

392 कान्हडदे प्रबन्ध Khanda III Verse 9 A CB (11 B), a Rājasthāni form, preferable to dr or as for ending rhyme with (an in) the next carana. afe BKL pref, to als A (adj) as more suitable in the context. 16 Four D (KLI) pref. as a proper owe form; XER 7, FETETT ABO are, probably, restorations. 17 PAS A (8J) is pref, to #HEL (BC) as more representative and also agreeing better with fans in the iv qr. 18 quer (ABIL) pref. to 10 (CDR) as more suitable in the context; (of. विषम दुर्ग मई सवि पालटीया II 75). 19 # AL (1) pref. to 5 BDJK as preserving the initial rhyme better, 20 Ak pref. to HE BODEJL, as it gives better sense. 22 AFET B K pref. to REA ACDA as a Rājasthāni form. FA A (supported by sa KL) pref. to ni odu for ending rhyme with the preceding carana. 23 3 AHL(B) pref. to gra (DK): gia, however, also possible. 25 asht DK, a lectio difficilior, is the original reading > att , #BL, ftatc, PFAT A, all mislections. Met B (BCDJK) is pref. to TESİ (L) as a Rājasthānī form. 3744, a lectio difficilior, is the original reading > A, trafen J > अवस्य (हुइ) 0> आवश्यक K. 27 Hai K (LHI) adopted as a more representative reading; utsat(po), too, is possible. 29 * A K pref, for metrical reasons; T CDASL also is possible. 30 ES3 (CDs) adopted; FRIS (RKL), another form of the same word, is also acceptable. It is interesting to note how साहमी> हांसमी । by transposition. 31 c 13 (cf. K) is certainly the original reading > E ADODL, a mislection. ZAKL (B) is pref.; ** (CLJD) is also possible. 32 It is noteworthy how to AB (LAK) > OD (u), a mislection through similarity of the letters a anda in the original. 38 HTC A pref. as the Rājasthāni form (cf. T KL) and also as metrically more suitable. 39 A B () pref. as the owe form current in popular speech; (cf. Rui m 96). 40 TACTE (AL) pref. to TRT BAJ AS & Rajasthani form.

परिशिष्ट २५३ Khanda III Verse FA AK (1) pref. to #CDJ as more representative and also preserving the initial rhyme better; (cf. III 64). ga JL preferable to meet A (BKL) for the ending rhyme. 47 es A pref. to ES BDSEL; cf. 111 64. 51 HEA (D) adopted, as IB, HIVE 9, 737 K, PRAT L, are all unsuitable. TAK adopted; 517 CJL (D) also possible. 60 TV3 (D3) pref. to EST A, FIS 1, Ftesa K, for metrical reasons. 61 HP BH (DJ) is the correct form; as, PA EL are, evidently, mislections. 62 मूलग : preferable to सिंघ AD (HI), सिंघो EL, to avoid repetition with fiz immediately preceding. 63 713 A pref. to st BHJ (DK) for initial rhyme with 125 immediately following. 279 A prof. to my DJ(K), whích, however, is also possible. In that case is te will be the alternate reading in the is qr. 65 वेलाउत D (A) is the original reading > वेलाउल BH, वेलाउलि L. 67 graos L (HB) is the original reading. It is interesting to note how पुरातल > परातलि H> धरातलि CDK, a mislection. 72 anita A () pref. to an DHL and tas at K(B) for metrical reasons. 79 403 ABA (K) pref. to yestes CD3; both are onomatopoetic words having the same sense. W Bu pref, to the usual Rājasthāni form for KL (4) ag it (à 2) rhymes better with act immediately following. 82 अवालू is the original word ; निरावं B (L), अवझू I are restorations. 87 Pa D (JC) pref. to cha A (BAL) as giving better sense. EPOST CK (AB)(> ATBL) is preferable to tate (DJ) in the context. 89 It is interesting to note how the proximity of spatah led scribes to emend a lectio difficilior like gets to fiz ATT B, which, in turn, was restored as दर्भ लीया , राउ सारइ र. 94 aforas AK (L) pref. to II BCDJ, as a Rajasthani form. 95 T A pref. to EU BODUJAL, 89 a Rājasthāni form. 96 fornfort (BRIL) noteworthy as a contraction of fur afro current in spoken speech; cf. TITET 39. 99 aug D(ACJX) pref, to states (B), MPEL a more representative and preserving the initial rhyme. 105 FIAT AC(LB) is the proper OwR form; RITE AJ(DK) emended by the scribe is a Sanskritization of the same.

कान्हडदे प्रबन्ध € 1 1 Khanda III Verse 106 gift AB (A) is the original form, and gives better sense than efa सूरासुर, सुर सिव K. 109 विसरि K is the original reading > परसिरि B, सरसर H, समुर , सिरि , all mislections ; cf. in 93. 110 फीयो A pref. to करियां B 1, करपा L, for metrical reasons. 112 em. (from 74 BCDJL) for ending rhyme. al (ABDJ) is the original reading > mislection 47 as C, and scribal emendations at Hifi , FETYT K, ATTRIT L. 114 म वालिसि BI is the original reading>म लिसि A, म वलि K (a letter dropped out in each), 1 safe H, a mislection. 123 TAKL (B) accepted; pre ou is a contraction of 7 (cf. TED). 125 artana AL(B) is the proper owR form; siae CDHK is a Sanskriti. zation of the same. 135 It is noteworthy how नि in पुरुपनि B (AO) was restored as नहीं [gw t] by Dr (L). ate prefas a colloquial own contraction. 144 * ADK pref. to wiele B (BL) as more suitable in the context. 1537 a adopted as giving better sense (cf. 11 242); td(B) also possible. 162 * A (c) adopted ; ta (DKBJ) also possible. 167 AD (CJ) pref. to E B (1) as giving better sense. Note-It is difficult to determine whether 167 b existed in the original or not. 170 3743 A (BL) gives better sense than a K (ads). 171 nrut A (BL) is the correct reading; E ODJK is a corruption. (vide the next vs, ir 172 b). 173 mets em. from DJK (ABC); (cf. n 16; 111 220). 174 * B (AL) is pref, to O(DJK); (cf. 1 36). 180 744 Br is the original reading > HEAS ABL a mislection. '182 पुंजा A pref. to योजा BDEJ K L, as the proper owR form; cf, III 192. 193 43 A adopted; however, 4 if recorded by any us, would have boen more suitable for rhyme (with 4 A, which is preferable to es), 194 TRABD pref.; JA JAL(R) also possible. 204 T5 a pref. to 174 BDXJ AS a proper OR form. 193 * (80) pref. to FTE L (23) as a verb with the sense of the passive will suit the context better. 208 anfag BD prof. as an earlier owR form than FTT AX(L). 215 entfernt (B) is the original reading > mislections at the C, fe is, चालतउ.

परिशिष्ट २५५ Khanda IL Verse 1 216 ARIAS BRL (DE) pref, as a Rajasthānī fórm; it is also more repesentative (than 143 CJ). 221 Both सतावीस & Dr and सातवीस r are earlier OVE forms > सत्तावीस BF (0), a modern Gujarati form. 234 Ft (AL), though dropped by cdjk, is necessary in the context.. It is interesting to note how रहिणु B (0)> रहण D, रहिण JK> रयण रयणि E, scribal mislections through false analogy. 239 I (BLA) pref.; 3119 DI (J) also possible. 240 Erment (ODJ) pref. ag giving better sense than quit ABE (L).. Khanda III Bhadāuli Line 3 टोडडे B adopted ; टोडली 0 or टोडही EL also possible, 4 martor L is a noteworthy Rājasthånī variant. 12 at Ax is another noteworthy Rajasthānī variant. 31 धर्मादिवरणा A agrees better with the preceding words than अंगलेहा (D). Khanda III 1 Verse 1 - 242 en OK pref. to GTX A EKL for the ending rbyme. 247 BAT B (AEK) pref, to #27 3 (DO) as more representative. 248 It is interesting to note how gen B (ADEL)> Ped K through scribal error of transposition, STATUT AB (BL) pref, as more suitable in the context. Khanda IV Verse 1 It is noteworthy how AOK > mislection 5714 L by transposition; 2 TI A pref. to 74 BCDEJK as the context requires a noun in the Instrumental, 6 gif adopted; gH ABBJKL, in the ove script of this period, probably - दुर्ग. 8 माडव CDJK> मंडव , वंधव L, both mislections. 11 T A pref. to TBCDEKL as an older form. 12 =453 JR is & noteworthy variant. 15 4547 DJ (4) adopted (cf. i7 46); 97342 BK (BLC) also acceptable, 17 apta (SBXDRL) pref.; it is an older form than any c(s). 30 watt A (B) is the original word > BCDJ5, & scribal restoration.

२५६ कान्हडदे प्रबन्ध 1 Khanda IV Verge 31 It is interesting to note how UDK (9CBL), the original reading > GT AB, & restoration by the scribe through false analogy. 38 The original reading 9173 A (BOD), lectio difficilior was restored by scribes as 420143 (LEJ). 42 Tayla, the original reading, a lectio difficilior, simplified by scribes as राउल AD, राउल, रावलई .. Hra the original reading, emended to aia by Dk through the in. fluence of immediately preceding. 45 Tees A (E) is an older form than lees BODKL. 52 It is interesting to note how go A(K), the original reading > सरवर ,, सररस D> सरसा B, सरस , both emendations>सुरभी , तेय , restorations. 55 46773 (AL) is the proper owR form ; 9277 B, o are Sanskrit izations of the same. 58 माल वि ADI pref. to मालदे वे on metrical grounds. 64 It is interesting to note how THE ACD > TAS BJ, a variant haring the same meaning > K, a mislection. 66 21704 [***] A (L) gives better sense than se [AT] (DK). 67 It is noteworthy how NIET AD, the original reading > 415 L > 418 J, ones > 98 C on account of close similarity between the letters य-ध, य-प्य, प्य-य, 70 3D (BL) is both more representative and also rhymes better. 79 It is interesting to note how fauna DK (L), a lectio difficilior was simplified by scribes as fata C, E AB. 81 P2A (DK) is the original reading > qariga B (C), a Sanskrit ization > ETUT L, & scribal restoration. 85 तीरंगर A pref. on metrical grounds to तीरगर ODKE. 100 FT A, a lectio difficilior, is the original reading > B DL(K), a scribal emendation. 474227 A (C) the original reading > 7297 (DL), a scribal restoration. 119 47 DJK (0), a lectio difficilior, is the original reading and rhymes better than luft B(AL). 122 Afecit A (1) is a noteworthy Rājasthāni form. 125 JL (KD) pref.; ERS A BO would suit the ending rhyme better, but would be grammatically incorrect. 126 HRFUTA (L) pref, to FAT BODJK as a Rājasthānī form. 127 42 ABL pref. [to DE (CJ), equally representative ] as giving better sense.

परिशिष्ट २५७ Khanda IV Verse 137 It is interesting how AIUT AB(D) has been emended as <HT" C(1) > THtut K; cf. u 30. 139 E IL CJ is a noteworthy colloquial own form. 140 stepe K (DB) pref, to c A (CJ) as more suitable in the context. 145 मालदे वीर (reconstructed reading) is preferable to माल नि वीर B (R); (erde gerne immediately following). ETE (reconstructed reading) preferable to ATT D (J); (vide aten IV 145 iv qr). 153 TA (BK) pref. metrically to a C(DJ). 156 afins x, a Rajasthani form, pref. to gaias A (BCDJ) as rhyming better with #, immediately preceding. 171 ang AL (DC) is the original reading > BATİ BJ, a scribal emendation. 172 archT ESTAT AU A (), the original reading, has been variously emended by scribes who failed to catch the correct meaning of the phrase. 173 ans (oC) is the original reading, and is preferable for rhyme; 3041 ABL (K) are scribal emendations. 191 976 (ATR) KL is a noteworthy phrase. 201 as A (K) suits the context better than atas L (C), 3 J. 207 It is noteworthy how yê A> UEUS B> HED, USB , scribal emendations through false analogy. 212 féerulat A (LK) pref, as it is read by the Rajasthāni uss; (cf. 11 Bhadāuli, line 14). 216 गंजी A pref. to झगही BDK, or मारी JL, as characteristic of the author's style. 221 dens () K (AL) is an instance of the usual owe passive construction; it is emended to as() D (BO), which shows the use of a verbal noun instead. Such a construction, however, is not very xual in the OTR. 224 T CDJK would give the rhyme better; bat A (BL) pref, as the context requires a noun in the Instrumental. 231 nia L is a noteworthy colloquial form. 248 gr ADL (K) is the proper owR form. 252 BJ is & noteworthy variant. 275 HH BL (4) pref.; HR (10) may also be possible, 287 921 A (L) is the original reading > (49 (cf. afa B) >] JK (C). 292 ftans 3D (03) pref. to friends (1) for rhyme (with the preceding word) 33 २५८ कान्हडदे प्रवन्ध Khanda IV Verse 297 AK give 297 a, while BODIL omit it. The carana is necessary in the context as a connecting link between 296 b and 297 b, representing the speech of वीरमदेव (वीर वचन बोलिउ, “ल्यु सनाह...पापरउ तुपार"). 318 धरिउ A0 (D) reads better than करिऊ - (KBI). 332 जिमना A (1) rhymes better than यमुना CD I K. 342 इग्यारसइ K pref. for rhyme and correctness; (for, the total number of verses in the text is about 1100). 346 सदा B pref. for rhyme with नरवदा in the ii १. 352 आस मनोरथ सहूइ फलइ A pref. to पूज्येइ आस मनोरथ फलइ to avoid repetition with 353 ii qr (पूगउ आस सविकहि तणी).

४ १ १ २ १ १ प . १ १ Appendix III Verse - Index The first quarter of each verse is given below in the alphabetical order with its number mentioned against it. If the verse is an interpolated one, and cours, therefore, in the footnots only, the fact is indicated by the addition of ns to the Verse-number. Thus, for instance, I 38 indicates verse 38 in Khanda I, while II 92 - Indicates that the verse is an interpolated one and occurs in the footnote to Verse 92 of Khanda II. श्लोक खंड पाक ग्लोक खंड पांक असपति राइ भणइ परधानां अदला अंगि एतली माहि ३३२ असपति राय इसू मुपि बोलइ २ अमृत हाथ यकू किम ढोलीइ ३ १३९ | असुर दली धरि भावीउ २३८ अरसीमेर विजेसी वली २६३ ) असुरां पूठइ एक भड धाया ३ अलची पलची मनंइ कनोजा ९२ अंगा टोप रंगाउलि पांडां अलावदीन पातिसाह मोटड ३८ अंगा रंगाउलि दाटर टोपी २ ९२ अलावदीनि हरप भागिनि ३९ | अंगोअंगि पटे मणीयाले २१० अलपान आयसि पूनारद १४५ आ अलपान एकलउ नाठठ २१८] आगइ मा परांसउ वीतउ मरमान एवडु भडवाउ २ १२ भागइ भवधि कही कुंभरी अल्पान एहवू संभाल १३. भागइ ए गढ कहिउ सदैवत मलूपाननइ यइ सवि शाप २ १० भागइ पानिसाह अवगणोड जलपाननउ जाणी दोस २३ | बाग मड सपराणउ हुतर बलपाननउ मांजी कंध २९२ | आगइ रुद्र घणइ कोपानलि १०१ अल्पान बलवंतउ बंदर ३६ बागइ वार विच्यारि हराध्या अलमानि भापणपूं दीठउं १०८ भागलि उढ समारह वाट ९८ आगलि थिका कुदाला चालइ १३९ थागलि थिकां चागडू साविज अल्पानि पहवू नवि जाण्यु ११.भागलि रही करि मरदास ३ अल्बानि जण साथि मोकल्या १ १५२ आगिवर्ण उइंता मावह २ १२० अलूपानि जूजूमा दिवास्यां १३८ थाज लगह सहू को जाण अलूषानि पाटणगढ मेल्यउ ६६ आठ पुहर नित पूजा करइ ૨૨ २. माठ वरस माहि भाउज दिहाहा १८० अल्पानि हाथी पपराव्या २०६ , आणी धार जालहुरि जईनइ १०६ आदा सूरण नई पीडालू ४. मादिपुरप अवतार धुरि १५९ | आधी राति जहत देवडर अपहराज उत्तम अवतार ३३९ आधी राति देवकीनंद ३ ३३७ | भापापर्ण प्रोड तणे ८५ आपपिरारा विगति न छामद ३ १४९ भाम वाव विहुँ पापि की ३ भाम तात सामलि भादास १ 2 १७७ १ २ ५ ४ १ १ २ १ ८४ अलमानि एहQ फुरमायूं अल्पानि एह फुरमायु १ ४८ १ १९ १ १ १ १ बलूपानि विणसाडिर्ड काज २ ५ १ २ . भलव नेजा घणा मरातब अवधानीया अनइ टावरी अवधि एतलद पहुतड काल ४ , २ २ १ अपयराज फेजल वाण मसण ऊलव्यां ढोल ध्रसूक्या बसपतिदल नवि लामइ पार मसपति राई घोलिडं सुं दुल . ९ २६० कान्हडदे प्रवन्ध खंड पद्यांक श्लोक खंड पद्यांक ४ ४ ११२१ ३ ६९ उ २६९ उतम जे मुपि बोल्या बोल १७ | उलकापात हूउ विकराल ८१ | उल्हीचड़ कर भारीया १८७ | उल्हीचड मड जाणी ३ ४ १ ४ ३ २०८ ३ १ २०३ ४ ३ ३ ९९ श्लोक माली मीरण {मण जिसउ माल्हणसी महीडउ भीमसी मारहणसी वीरु सोमसी भावी पाद्रि सईफलउं मांड्यउं भावी राउ जुहारइ सहू भावी लाज हूउं अपमान धाव्यउ तुरक सबल सनाहि भाध्यउ मलिक सरोवरि देषइ थाय्यउ सुणी मालदे पडीड भाव्या तुरक पाडूऊं करिडं आव्या रुद्र वृषभ सज करी भाज्या सुणी म्लेछ मूछाला ाच्या सुरताणी परधान माव्यां कटक पूनलइ वही माव्यु छांनु बोहि साहीनइ भासाउलि धुलकू पंभाइति भासापुरी भादि योगिनी भासापुरी आसिका मापी मासापुरी तणे पाए लागी मांगा जरहजीण ऊतास्या २ ७२ २ ४ २ १ २ १ ३ ३ . २१२m | ऊंचे हाथि धाहि पोकार | उठिउ वीर मोडी भालस १७४ ऊख्या सुहड सवे सूंडीनइ उडणभमरा माहि जे विसमा ३२ | ऊड्यां लोह न लाभइ पार २४९ उतावली दीकुली ऊपरि ५२ | ऊदाली लीधां हथीयार उडी पेह थy अंधारू १७८ ऊपरि चढ्या न अंकुश मानइ १८२१ ऊपरि थकी दीकुली ढालइ अपरिथा पूतार विछूटइ अपरि थिका ऊतरह हींदू १९२ ऊपरि थिकां सांचरइ साहण १३८ उपरि थिकू ढीबज धाइ ९. उपरि वली निकलसां घणों उलंभा नवि राउत सहा १ ४५ ४ २ १ १ ४ २ १ १ १४ २१३ ११० १९३ १२६ १५१ १४७ २ २ ३ ४ ४ ४ २ ३२५ " २०७n २०७n २ १ , २ २ ५० २ ४ इ इछू वीजू इणि परि योलि इणि परि वीस दीहाडा हूमा इम जाणे साचा महिनाणि इसउ बोल जब बंदद कहिट इसउ वेष नवि भावइ भलउ इसी वात योलइ परधान इसी बात सामली प्रधाने इसी बात सांभली सुरताणि इसं कही नवि लाई वार इस्यूं कहिउ भम्ह वीतूं जेह इस्यूं प्रधान कहा तिणि समह इस्यू सांमली सरूड सादि इस्यूं सांभल्यू कान्हदेउ २ २ ४ ९२ | एक असंभम ते भणडं एकह एकि सुणीजइ सगइ १६० एक ऊठी जंगल मांहि जाइ एक उंघाला हडबडी ऊठि एकई गम ऊतरीउ सांतल २२ [एकइ पासइ राउल मालदे १७७ | एक घूमंता जाइ घाइ ५८ | एकचित्ति जे नर सोमलइ १५. एक जूजूओ हालरा की १५० | एक हील कारणि तई आज ५ एक तणा बांधव भरतार २३ /एक वणी नवि जागई भाष १२० एकतः ऋतवः सर्वे एकतो भयभीतस्य एक नवि रहद पुहर नह घडी ९३ | एक नाठा भाइ दिसि मुहुव्या १५.एक नांपइ एकाउलि हार ३ १४५ १५० २ २ ४ ३ २ ९ १ ४ १ १ २ ८ ईटे घच्या असुर मारहिता ईणि परि जाणयह हींदू २ २ .

परिशिष्ट २६१ खंड पद्यांक १९६ - २ १ ११४ ४ ४ १२१ १ ४ ४ १ ४ १ प १८१ ४ २२७ ४ ६३ ४ ४ श्लोक रांड एक पनुती हो बगलडीजी ३ एक भणइ-भम्हे जनमि भागिलइ । एक भणइ ए हुंदउ भरंसउ एक भणइ-कान्दडदे टाली एकमना राउत संचरह एकमनु तुरकासू भडिउ एक मांदा एक न सकद ऊठी एक लाप पांडाधर पली एक वात हीयह जाणज्यो एक बार भागह दैत्यधु एकवीस ऊथिला सपराणा एक सहस पायकस्यूं गयउ ३ एक सुहड ऊठ एकमना ३ एक सोनिगिरउ गढवाउ कि एक सोनिगिरउ राउ कि एक पांति पूरवउ अम्हारी एपेचास सहस मंगला एजनम पूठह सुरताण ३ पहज यात चतुर्मुषि कही एक पात मसंभव हुई एह पात कान्हड सांभली ३ एडवो षचन धामणों वोलइ १ एयी बुद्धि सवे भादरउ एहपी भूमि विषम मई चांपी २ एहवी यात पातसाद सुणइ ३ एहयी बात हुई नवि होसह एह मायस लहइ प्रधान ३ एवं पचन कहिउँ गंभीर पहयु षचन पातिसाहि कहिउँ पाउ अंग तणउ अनुराग २ १ १ ३० १९७ २९ ४ ૨ ४ पयांक श्लोक २३२ | कइ विश्वासघात भम्हे कीधा १५९ कटक ऊपडीयां करी दमार्मा १७५ कटक तणी सामगरी दीठी १४. कटक माहि तेजी पापरीया २५३ | कटक तोरकइ थिउ संहार २८२ कटक तोरको तिणइ समइ १५६ कटक तोरकू संख्यउं भलू १०४ कटक मांहि परधान पुहुता कटक माहि हाथी पापरीया १२० कटक सनाहु हाथी घोडा १०२ कणयाचल जगि जाणीइ १८९ | कमले भावी कुंयरी सुणी १०१ | कमालदीन मलिक तेडीयड कर रीस उभी घरपारि करस्यूं काम विछेदइ जाई करी केडि तुरकोणा पूठि १६ करी कूच जाई नइ लेग्यो २२० करी मंत्र जालहुर कान्हड २०० करी पराण बिपुहरी घारह ३२२॥ | करी प्रतन्या राउल कान्हडि १७२१ | करी वि फोज मालदे राउल १७४ करी भेटि राउले प्रधाने करी मसूरति देई सीधामण करी वालि योध्या केकाण १९२ करी विछोह जूजूभी कीो फरी सजाई दीयो दमामा १८८ करी सजाई सहू सांचरि १५१ करी सनान ऊगव्या पाल करी हाक जिम ऊठड् माल २४ करी हाक हीदू दल साम्हउ १६३ कह पातसाद सोभाल माइ कदइ प्रधान भवधारउ राय १६२ | कहइ प्रधान एक परि फीजह १७३ | कलयगुंद्र नइ मानागंदी कलस थिका कान्द उलीचा १२७ कलियुग माहि देव भवती १६४ कलियुग माहि सत्य पूटसर २३३ | कलियुगि माहि कान्ह पहूभाण २५५ | कंए कर्वध पच्या रणि दीसह ४ १८२ १ ४ ३ १४८ १ १५८ १ . २ ४ २ ४ २६७ . ३ १ ४ ६० - , ૨ २ - ७. कह भम्हे कुलाचार लोपीठ कइ भम्हे मीचसंग भापरियड कद भम्हे माययाप नवि भान्या कह भम्हे सप्त विसन भारीयो कर मम्दे स्वामिद्रोह भाचरीया का फुयर पीरमदे बरूं कर परनारीगमन भाचखां का मह मनमय दूहविड जी कदरीजेधा पापरपान - ५ १५४ २९५ ३ १ ३ ३ ३ १ १ २६२ खंड पद्यांक ४ १ ४ ३ २४२ १६७ २ ३ ४ ४ १ १ १३७ २४ २ २ ४ ४ १०५ ३ ४ ११५ २३३ ३ ३ 2 ४ १ १०० २१२ २०२ १ २ २ २ ३ १ ८५ ७९ ३ कान्हडदे प्रवन्ध पांक श्लोक १६ कोटई घणा घूधरा वाजह ८५ | कोठइ कोठइ कलां रपोप ९५ कोठा नइ कोसीस घणां १०१ कोलाहल सांभल्यउ अपार ३५१ ग २४९ गढ उपरि एबुं परमाण २३६ गढ ऊपरि जलठाम विसाल १४९ गढ उपरि नितु हुइ पेपणां ५१ गढ मेडता नइ सुंद्रही गढ लागइ गढपाई करउ गण गायण नह नगर नाइका गमे गमे घण धाड धाइ २३४ गमे गमे जोउं दल दीठई गमे गमे दीसइ मजूयाला ९२ गमे गमे मारेवा लागा गमे गमे सहूइ दलि भाग्य १९७ गयवर थाट बेसरा हीदू ग्या प्रधान कान्हडदे भागलि ६३ गंगा भणइ-उठि अजरामर गाइ तणां कह गोचर पेढ्यां गाइ तणां मस्तक जलि तरइ ७८ गांगउ गाजण नह रामदे ११५] गांछा छीपा नइ तेरमा १४७ | गांधी हाटि पामीइ पुढी २०५ | गिरि उपरि गढथाहर विसमी गीत गान सोमलीह घणां गुरडि घडी हरि आन्या मनी ६. गुहिल कान्ह नइ भाण ५९ गूजरानि सोरठ सोमईया १५५ गोरी मलिक दीउँ फुरमाण १३६ | गोला यंत्र मगरा तणा २४६ गोल्हण हुँ मनि निवउ जाणि २१३ गोहण भणइ पातिमाह मुगउ १२५ गोहण माह इण परि भणइ २३१ गौरीनंदन पीन गृध्र सेन रूमाया फिर १० घ २३५] घडी घडी घडीपाले मान लोक कसारा नट नाणुटीमा कंसारा यांवहिडा सवइ काकरिनयर वाराही घेउ काठी रण वरम सु पहुचइ कान्हडचरिय जि को नर भणइ कान्हडदे जीवे घणूं फान्ददेनह पुण्यइ करी कान्हड़देनी धरणी हती कान्हडदे राजा सुविचार कान्हडदेवि कही परि घणी कान्ह तणड उत्तम अवतार कान्हमेरि कोठा घणा ए कारू मारू नइ विवसाई काला मूंछ तेटीया मोई कारमा कीसोरा कहीजि कासीद तेडी छटे पीआणे कासीपति घरि वीजी वार कादतगइ संपति इसी किम गोहर साई दिवराह फिस्यां रूपफल राउ अवधारउ किस्यूं पभायत भणहलपुर कीधउ कूच पीयाणइ नवइ कीय सूत्र ऊपडीयां साहण कीधा बंदि भूत मि तेरा कीधी सान पानि मूगलनह कीधी पथरि पान भागलि बई कुल कीरति भागइ घणी कुंभरी कारण हीपद घरइ कुंअरी भणइ अवधि मई कही कुंभ करणउ सापु नइ फणउ कुंयरि कोहाली मेटही फुयरी धणी मनि भागह रीम कुंयरी जोवा मायी मणी कुयरी मणद तात मधारि कुंपरी भगह तात तुम्हे मुणड कुयरी भणइ राय भयधारि कूनी कलहप जाशमंदिर की सापि का भम्हे दीपी कारन मीधडं काज १ १ . १ १ २ ११३ ३ ७. - ३ ६५ २० १ ४ १ ४ १ २ १ ८ ३ १.३ १५२ २४८ ५९ ४ ४ ४ ३ ३ २ ३ ३ ४ ३ ३ ३ ३ २ १ २८८ . १ १८ परिशिष्ट २६३ संड खंड पद्यांक १ पद्यांक ग्लोक ५५ | च्यारि वर्ण उत्तम जाणीया ३४ | च्यारि सहस राउत रिण रहिया ४ ३ २ ४ ग्लोक घडी विच्यारि घणउं दल थोम्यउं घणी फारकी विसमा मार घणे दिहाडे डांडी जासह घाटउ सीसोदड वाण धुंधलीउ नरसू बेयसी घोडा तणी फोज जूजूई घोडा लीधा नव हजार घोडा सवि जाल्हुरि मोकल्या घोडा सवि जीवता मेहलान्या घोडा हाथी ऊंट पोठीया ३ ३ १४ १ १७३ १९० १२५ १ छडे पीयाणे पाछउ वलिउ छत्रीसह दंडायुध लीघां छोडवि स्वामी अझ तणउ छोडीयां वान सांचवा पाछा ४६ १ १८२ ३ २ ३ ८५ १ ३३ १ ४ १ ४ ४ २१९ ४ ४ २२९ १ १२९ १५ । २ २ १८० १ १ 8 १३२ १२ ४ ३ ४ ८८ ३ ४ २३५ ३ ३ ४ 8 २२८ २२६ ज २१७ जइतकरण पूनउ जगमाल जइत देवडइ करी वीनती जइत देवडउ लपण सेभटड १५५ | जहत वाघेलर पुहर पाटिलह २२५ / जइतलदे भावलदे उमादे २१४ जइतसीह दोसी इम मणइ ११७ जइवंता यादव परमार १०४ | जई प्रधानि जालहुरि कान्हड १९६ जई प्रधानि पान वीनविया जउ पावसइ पातसाह वली जउ कान्दडदे वोल मानसइ जउ जलहीणी मारली जी जउ जालहुरि पीयाणउं करइ २३९ जर तुम्ह पूठि रहुं जीवतउ जउ भांजी हांडेस्यइ ठाम जट वैस्वानर वाढउ थाइ ३५३ जटामुगट मांहि गंगा दाटी २३७ जनम मागिलइ कामण करिडं २२४ जनम मरणना अक्षर माहि जन्म लगइ जहनां धन लीजइ "जरहजीण जीवरपी आंगा ९२॥ जलवट थलवट चिहुँ दिमि ती २५० जल विण को जीवह नही जल विण पिण किम जीपीइ १०४ जलहर पायवरा सातसा १६६ जब साइमी की कुंयरी १३५ जमिठ मेरउ पइ कैलास ७ ! जहींह सीह मलिक गढ अपरि ८२ जागा वाठ देमि दल मान्यां ६९ | जाणी वाव न लाई पेव ४ चउथा पंड तणउभारंभ चउपट घाइ भिडद घडीयाता चउवीस सइ तुरंगम राउला चडिउ वीररसि कांधिल बोलइ चही विकलसह सांतल बासह चडी विकलसइ सांतलि जोयूं चड्या तुरक जो माहरी पूठि चड्या रोसि राउत निणि समई चढयां कटक सीपामण हुई चरइ सेलडी साकर द्राप चंडाउला भरजननइ बांधीउ चंदनकाठ अगर नइ तुलसी चाउडा हरीयड डोडीया चाचु मांडण राघव हभु चाहूमाणकुलि कीरति घणी चाहूमाण कुलि जे घोरीधर चाहूआण कुलि पुण्य अपार चाहूआणनङ गिरूउं राज चाहुमाण राउ तिणि ठाइ चालिउ दल मुलांनी ठाठ चालिचालि ऊतावलिकरी चाल्यउ माधव ढीली भणी चाक्यउ सहू दीयूं फुरमाण चित्त मांहि हिव निश्चय धरिट चित्ति चमस्यउ चिंतवद चित्रकूट तिसउ नही चिहुं गमे उपहाणा धाया पीण मोट दंदूर देमपति १ ३ १५३ ४ २ ३ २३८ १ ३ २ १४८ . १६८ ४ ३ ४ ३ २ १५३ १ १८ २ ३ ૨ ३ १५ ४ १८" २ २ १ २१९ २६४ कान्हडदे प्रबन्ध खंड पद्यांक ४ ४ ९४ २ पद्यांक श्लोक १७० जोडं मलिकन माठीपणउं ५७ | जोयउ अंग तणइ अनुरागि २१ जोयणि जोयणि पाला सइ वीस २३ जोवा मिसइ मलिक तिणि वार १ ४ ९१ ४ १ ४ २ ९६ २ ४ ठामि ३४४ झाझा नीर सरोवर मोटो झालर वावि मांहि अंतेउरि १३. झांझण नइ पातु पडिहार झरमहरा करइ विमासइ ११८ १९९ टूके काने भूगरभेला ३ ३ ३ १ ५२ १७६ ७ ३ १ ९२ १२४ टोडडे भावीय ४ १ १७ टोले टोले पढइ करापि ૨ १ ३ २०४ १ ठामिठामि साबाण सिराचा २ १०५ ४ ४ १ ४० १ ४ २४५ ४ श्लोक जाणी वात मालदे राउति जाणी वात सांडीउ आव्यु जाण्यउ परदेसी परधान जाण्यड राउ घणउ अम्हे नडीउ जालहुरउ जगि जाणी जालहुर गढ उत्तम ठाउ जालहुर गढ विसमउ पछद जासह कटक आपण जास तणइ तेजी लप माठ जास तण सीताई नाम जांगी दोल सातसइ वाजइ जि को बंधन छोडवइ स्वामी जिणि देसइ सहू तीरथि जाइ जिणि यमुनाजल गाही जिरहजीण लिवराइ भवला जिसी प्रीति हणूया सुग्नीव जिस्या कमलयुग नयन विशाल जिहां पीडीइ विम नइ गाय जीणइ घसइ जालउरउ कान्ह जीतउ कान्ह वात इम सुणी जीवतव्यनीवास्या टली जीहलवाई नइ देवेर जुभम्ह भावी सांतल मिलद जूनउ गद गिरनार वुलीउ जूनां धान बलहीण जूनां सालणां सूकां पड जे जे माण्या धानर वीर जे जे तुरक नासी ऊवल्या जे जे मलिक राह झालीया जेठ मासि मुझ एवंडी माहि जेनीसाण तोरको तिहाँ सिरि जे पद नहीं ज्याग नह तीरथि जे पहिरइ मुद्रा कायही जे फल नारायण दीठइ नेवि जे फल पामइ गंगाद्वारि जे फल पामह तपसी सये से फल लहह द्वारिको छमासि ने फल हुइ तप कीघह सदा जोई बार राउल कान्हदे १ २२२ २ ४ ९७ २ ३ १ ४० ४ १४८ ४ १ १ ६९ १ . २ ३ ३२० | डहिली दोर साबाण सिराचा ३३ डूंगर तणां शिपर डगमगह २७ २३८ । ढीली जाइ तु मरण ज पछई ३ १४७ त तई बालिउ काम त्रिपुर विध्वंसिर १ १६१ तउ महिपह मोकलाच्या राय १०७ तउ श्रीगिरणइ घांची वही ३ १२४ | तडंग समेति तेतलइ लपणइ ३७ तडीयां नगर सवे धंधोल्या २३४ | ततषिण ठउ असपति राय २ | ततषिणि घडीड राउल कान्ह २४७ तरल विकलसां झलहलहरे ३ २०९ रूमर डांह परस घउवटे ९३ | सरूभारे सोनहरी मूठि ९२ वाजू राजू छोग छोगाला घाम मुतं मस भनि तिलबटु ३४९ तास तणा मंदिरि यीसमह ३५० ] तास पुत्र पुहवी निरमला ३४. तिगह ठामि कान्ह उल्हीचउ ३५० तिण दिवमि अमावस हूंसी ३ ३५६ | तिणइ दिवसि वेदि मारिसद ३ ३९ | तिणि भवतारि पाप भादरि २५२ १५४ ४ ३ ४ २ ९२n २ ९२१ ३२ १ १ 8 ४ ८९ ४ २०० २ ३ परिशिष्ट पद्यांक ९३ २४९ १ ४ १५३ ३ ४ ६७ ३ १ १९ १ १३८ १ २५७ २२८ २ १२४ ९५ २ १ ४ १ ५४ २१११ ३ ४ ३ १ श्लोक तिणि अवसरि गूजरघर राय तिणि दिवसि हूउं सुपनंतर तिलक करु कुंकुम तणां तिहां फेरगूं करज्यो नई तीमिइ परि सोनिगिरि ल्योस तीन्हा तुरी ऊडवइ राउत तीन्हा तेजी तुरक तारवइ तु कुंयरी वोली इणि परि सुणी तुझ वीनवू आदि योगिनी तुरक चडी गढ साहमा भावइ तुरक तणा देस ऊतरीया तुरक तणां भांजी दल प्राणइ तुरक वचा मूंगल करकटीया तुरक सबल संनाहइ भारी तुरका ये नीसाणज होता तुरका तणउ पार नवि लहूं तुरके हीदू नवि आंगभ्या तुरी पुरातल धरणी पणइ तुरी सहस छत्रीस पापरीया तुरी सहस छत्रीस मेलीमा तुलसीपानि कान्ह नवि पूज्या उ पान भणइ-तूं हींदू तूं तो प्राणर माहरउ तेजउ मुंजउ चे राउत तेजवंत नवि मानह साट तेहाबीउ कान्ह ऊलीचर ते वैशाप मास पंचमी तेह काजि भाणी परिताप तेह घरणी घरि रापी राइ तेह सरिसु हठ मवि मांडिइ तेहनी पापर ती भली परि तेह सरिसु गंभीर निनाद चाट कर करि कनकमह श्रीजइ पुहरि बांधीउ रिणवर्टि त्रीजा पंड तणउ प्रारंभ जीजीह भणतउ सीसोदीउ ग्रीस सहस कटकीया पाणीया ३ ३ ४ ९४ हुउ गढरोहउ ८० ४ पद्यांक श्लोक १३ । दल चालंतां धरणी कांपइ २ दल मेडता यहां उपड्यां ३ २४७ दस सहस साइण मोकलीया १७७ | दहीरदीन नइ बगसू भणउ ९ | दिन इकेकु छोडी दीह २०८ दिवस केतला रहिन्यो मांडि १११ / दिवस दोहिलइ नीगर्मू जी ३ २४१ दीइ उथला साहमा इंडि १७५ ] दीद सीपामण साम्हउ जाइ १२५ | दीठउ तुरक पडिउ सुरताणइ २ ३६ | दीठ कटक बलि ऊताया ३ १५६ | दीठडं वीरवदन तिणि ठाइ १४६ दीठा तुरक रह्या रिण थोमी २१२ दीठा राउत रिण पक्ष्या अपार ९३१ दीठां दल नह भावी हारि ७० | दीठां नयण निणि मुप पांचइ २ दीधा रपत जई दरवाजइ दीधी झांप पांचसइ राउति दीघी पोलि १ १७३ दीधी सीप पातसाहइ घणी दीधी वाट समरसी राउलि दीवी सहस विच्यारि करावी ३२८ दुलतईयार यहादर हमीद २७३ ६८ दूधइ सीच्यउ लीवडर १५२ | दूद्दवण राय धरइ तिणि वार २९४ | देउल तणउ न भाजइ रंग ३ २८७ | देउल देव जोया सवि फिरि २६ देव तणइ प्रासादि चिहुं दिसि ८ | देव तणा मढवइ चउरामी ९२० | देव दैत्य जीणइ परि भिडइ २८५ देवसीह भोजउ भड बेड ३ २४६ | देवाण वरं सिद्वाण दरमणं २१७ देपदेमना भावइ माल देस सबिहुँ माहि तिलक शिरोमणि । १७९ देसि देसि मोकल्या हकारा ८८ | दोर सिराचा फेरी पाइ घउ अरदासि पासि तुम्ह दीधी १४२ | द्रुडी हींदू धालिसु रानि घ धयां बहिनि यहिनेवी घेउ ३ ३10 घरयां बांद मुहुदासू भागू ४ ७३ १ १७१ १५० १ १ १ ५० १९८ ४ ४ ४ ३ ४ १८७n ११३ २३९ २४५ ४ ४ १ १ ८७ ३ २ ८८ २५५ ४ ४ १ ४ ४८ १२३॥ ५८ ३९॥ ४ १ ३ २ १ १ ३ ययु प्रभात तव तुरणी नारि थानविडोद्या बालक रोवह १ १ १५५ १९३ ४ ददा सनावरि तीणइ कालि 31 १ २६६ कान्हडदे प्रवन्ध खंड खंड पद्या १ २४१ - प्रोक धरी मेटि घोडानी लास घाया सुइट माले फूटने धारातीरय पाम्या जेउ धांधुलोत्र सोमउ सुविचार ३ ३ ३ १ ३ १ ३ १ १ . १ १ १९५ ४ ४ ३ १ ४ २३१ ७६ ३ १ १ ४ १ ३ १ ३ ३ नउघण सिवउ वीरउ मजु नगर निगेसि धारगइ दीघी नगर भणी सांचरीउ राउ नगरि मांढवी चारू पीठ नयरि योगिनि मुसलमान नरकपात उरद जेड नयइ लाए यान मूकाम्यां नवकोटी नामि भणूं नवि भवतारि देव अवतस्या नवि देस्यु घेवाही मान माटउ कर्ग पर गढ नामजाद मयगल मदमाता नारी करह लालूछणां नापि तीर कोस भुंह वहि मामीनह ऊगारिउ माप नाहर मलिक उसरीउ पाउ नाहर मलिक तगह दलि मिलीया निजामदीन मलिक यलपंत नित निन करइ राउलां यता नित नित मूंहीनह गदि भावह निति काठगढ पाई कर नितु निनु पूना हुइ नानी नरति परण सये मुर मिली २ २८ ४ १ ३ २ १ १२ ३ २ पद्यांक] श्लोक पद्मनाभ कवि इणि परि भणइ पद्मनाभ पंडित भणइ २८४ पद्मनाभ पंडित भणइ पद्मनाभ पंडित भणइ पद्मनाभ पंडित भगइ ६२ | पद्मनाभ पंडित सुकवि ४९ परग्इ सांगि लागि लोहडानी २३७ | पहिलउ जई मिल्यउ दीवाणि १५ पहिलउ यापलरा मुत एह १२५ | पहिलउं मंत्र सुपरछु करी २५३ | पहिलउं विन उच्चरइ आसीस २२३ पहिली तुरक तणी ऊठवणी पंचतालीसउ पूठि वरीस पंचधार लापसी कंसार १३३ / पंचवर्ण तेजी पापरीया ६४ पंचवर्ण पटउलड ए पंचशब्द हुइ पेपणा ए पंनरसइ चउरासी जमहर २४० पंप सहित बालइ निज अंग ९२१ पाडी पांडि कर्ण राउ नाठउ ११५ पाणी घान घलावउ सायइ पाणीपंथा नइ पुरसाणी ४२ पाणी भरियां सरोवर ऊपरि ६५ | पातल पूनराज रिणमल्ल ४३ पातसाह भागलि परि सुणी १११ पातसाहनइ आवइ पोहि १६२ पातसाह नवि जाणि सिद्धि ૨૫૨ पातसाह बेटी प्रति भणइ २४० पातमाह मनि मचिरज भयउ पातसाहि कासीद मोकल्यउ १५. पातसाहि दीघउं फुरमाण १२१/ पातसाही साहरी परिमाण पातसाह रलतउ जे सहू पानिमाहनी माण न मानद पातिमाहनी जोउ वात १२ | पानिमा योलह परि घणी ९५ पातिमाह मान घात विमामी २०१ पानिमाह मूहद पल घाली पानिमाहि जा करी प्रतिज्ञा 11]पादिपिका उमरीया राठत १३ पान कपूर दीद पहुंभान पापी तगी यात पी कीम्यद २ १८५ २ ४ ४ २ ३ ३ ३ २ ३ १ २५० 10 १९१ १५८ १ ३ ४ ३ ४ ३ २२ १४ २ ३ २ २ ३ १७८ १२ " १२८ पहल मेघवी करयां पर प्राय भटकीयां मिस्टर पदग्राम महवाय मुरकनद परसाद सारदी सेनगा पाउकटा करी मेलावट परी घरातरि उमर भागू परी भेट प्रामाद देना पी भेल दुपारम धरण्यु पदमनाम परित इम कदर पदमनाम पंरित भगद पदमनाम पति मगह पनाम उचार प्रमाग २ २ १२ ८ ४ १५in ४ ३ परिशिष्ट २६७ खंड पद्यांक। श्लोक खंड पद्यांक ३ ९२ १४४ २ १ १ २५६ फडिया दोसी नइ जवहरी फेरिउ वीर पाडीउ त्रास व चगतर तास लीयां उदाली वगनीघडा कावडि चालइ बदरदीन नह सेप नसूध बरगां ढोल नफेरी वाजइ वरगां ढोल नफेरी वाजद ३ २ ४ १ ७० १ १ २ २ ९४ १ बहादरपुर अंवेर कि ४ १ ३ ४ १ १५९ ५८n १ ४ १ १ १ १ १०५ १ १ ३ ३ ४ २५ १४७ १ ४ १०३ १०३ १ पारकर पूगल मारोट पारकरी संधूना कहीजि पालि भावी जोइ लोक पापलि कस्खा काठगढ पाई पांच लिंग जे पूजा कर पांडव दीइ चासणी पाण भाणि पुरातलि धरणी बूंदद पिंट प्राण हुइ प्राहुणा प्रीति सहोदरस्यूं धणी पुण्यइ करी राय दीइ मान पुण्यइ पामीइ विद्या चली पुपयइ मयगल बाझइ बारि पुण्यइ मुषि कूडङ नवि चवइ पुण्यइ रोग न आवइ अंगि पुण्यइ वाही नही वियोग पुण्यइ सूईइ तलाई पाट पुण्यइ हुइ सुकुलीणी भारि पुण्य तणउं ए पारपूं पुण्यवंतनां दुसकृत टलह पुण्यवंत प्रीति पामस्या पुहती वेगि नयरि योगिनी पुहर पाछिलइ ग्या संचरी पूछह बोल पातसाद इसिउ पूछइ वात-राज कुणि दीधर्ड पूछइ षान-कान्ह धरि केना पूजा करी कुसम नइ चंदनि पून आसड पीजड जेड पूनर भारमल्ल भुज प्राणि पूनराज राउल पातल्ल पूठिन ग्या जे राउल तणी पूठि रहिउ करइ संधान पूरइ प्रत्या भ्याइ लोक पूरव प्रेम संभारीउ पूरव प्रेम हीया मांहि धरी पूरव सागर लगइ कटक लेई पृथवी तणउ ऊतारिउ भार पृथ्वीराय पांचमी वार पोलि फूटरी पाटण ती पोसीना नइ भड सेहुर प्रेम संगि सवि सजन मिलइ ४ ४ २ ३ है ३ ९२ ३ १ १ २३१ बंदह इसी करी भरदास २३२ बंदइ इसी करी भरदाशि २२९ | बंदा तणा लचे भईयार २३३ / बंदीवालू घणा सीदाता. २२६ } बंदीपानुं साथि चलायु २२७ | बाजी नाटक विद्या घणी २३° | बापडुद्रि भाव्यउ सुरताण २२५ बापलदे महीडइ परि सुणी १६८ | बालीसा नइ सीसोदीया २२८ बाल्यां गाम देस ऊजाड्या बावन मण सोना तिणि लागा ३१७ बाहड घूजड नइ हम्मीर बांधव पुत्र कलन्न धन यौवन २१२ विमणां झूझ अंगि आगला ११८ विसई हाथी रुलिया सुरताणी १४९ / विहुं गमे बलवंता हींदू बिहुँ वेवाही मनि उछाह २८. बीजह दिन राउति रिण सोधिडं बीजड भाट चालीउ जिसइ २७४ बीजड लीबउ कदउ जाणि बीजा पंड तणउ प्रारंभ २८६ बीजी ऊठवणी हींदूनी २६° | बीज वली न लाई ताल २३ वे अबला बोलइ इस्यूं जे ३२६ | ये कर जोडी करी वीननी ३१५ बेटर महिप देवडा तणइ ६६ | बेटी भणइ अवधारउ तात २९३ | बेटी वचन ऊचरइ. इसूं २०. बेटी बात समालइ घणी २८ बोडां माथां चित्रा पाय 101 वोलइ ढोल सवे जेतलाइ ३५२ ' बोलइ विरद सवे वंगाल ३ २ ३ १ ५३ १ ४ २२० ४ ३ १ ४ २ १ ४ ३ ४ १२२ ४ १ २ ४ २ ४ ३ ३ ३ २०७ ३ ३ ९२ ४ ३ ६ २६८ कान्हडदे प्रवन्ध खंड टोक खंड पद्यांक ४ ३ ४ लोक बोलइ बोल मलिक सपराणा बोल न मान्यउ असपति राइ बोल बापनउ हईइ धरी बोलिउ वीरमदे मनि हसी बोलि धीजी बार प्रधान वोलि बात धरी अभिमान बोल्यउ पातिसाह परि करी . ३ ११on ३ ३ ७१ ३ ४ ४ ३ १ ३ ८८ ܩ ४ ३ १ ३ भली वात सहू . ४ १२३ १ ५८ ४ २ ४ १ ४ ४ ३ भणवा तणउ न आणइ पेद भणी कटक ऊपडयां असाउलि भणी जालहुर सीपामण धई भय आपणउ चिति नवि धरह भयां सरोवर पालि ऊसासी को सुणह भंडारी कोठारी जेड भागा देस काहानम चरोत्तर भागां झाड बीड थिर्ड पाधर भाजइ कंघ पद रिण माथा भाठी मद वेचइ पमार भाते पंधि चमरज सोहि भाद्राजण मंडोहर तणा भिडकिमाड राउलि हठ कीधउ मियां कटक रिण काहल वाजद भित्रमालकिस्यूं घपाण भिमालि थ्रीमाली धसई भेटि करेवा छु भाकुली भेट्यो पातिक जाइ नासि मेल्यउं नगर रया गद थोमी भोई मेहर भनइ ठाठीया भोई मेहर घणा तयाक भोजन वारि नितु अपहराज भोलउ साह भणइ लिउ नेल पांक ३४ | मलिक इस्यूं हिंदूनइ कहइ १२. | मलिक कपूर कमालदीन ३ | मलिक तणा जूजूआ मरातब १३२ | मलिक नेव एवड जस लीउ ९ मलिक नेब जीतउ संग्राम १४६१ मलिक नेब बलवंत अपार १२३ | मलिक लहइ बिमणी किरीयाति मलिक सये दल माहि पलभल्या २३ | मलिक सवे भांजेज्यो भिडी ६७ | महिपउ जइत देवडउ पहिलउ २९ | महिप जइत कीतल जगपाल १४५ महिप जइत देवडउ वपाणि १६५ महिपा साथि पड्या पंचास १८४ | मंडपि मुहल दीइ भूपाल ४२ | मंत्र महोषधि देवता माइ भारती तणइ पसाइ ६५ माणिक मोती सोनां सार २१४ माणिक मोती हीरा माणी ८६ | माणिकराय धरि चउथी वार ९२n माणस तणा घर्ण भदार १०२ माता मयगल मतगयंद ३९ माथइ मोरपीउनी घडी माधव महुतइ कस्खउ मधर्म २४ माधव मुहतउ सायि मोकल्यड २९ मान्यउ बोल देई सोपामण २२५ मान्यउ चोल राय चहूआणइ २७ मारइ देस फिरइ घण फोजह ६. | मारगि रहेग्यो जूजूद गामि मारी देस नेस उजाडिसु ८३ मारी मलिक भवाला कीधा ३३८ | मारी म्लेच्छ पदंतर दीठउ १३. मारूमाहि मांदि कटक पुहूतां माया म्लेछ भसंभम करिडं माया म्लेच्छ सईफलर्ड जीतुं माया पोहर पास पवास २८१ माल तणी परि पाये भारह माहरा दल साह कुण मांडा ४५ माहिएइ महलि मसूरति पइसी २५ | माहिटी रानि मलिक त्यही 11९ मांयगढ निमड नही १४६ | मांडवि मिलिय मुद्दामगी १०५ | मि पूरय दिसि जमणापुर मथुरा २३६ १९९ २५०n ९२॥ २ ४ २ १ २ ३ १ १५ ३ ३ १ १ १९५ २२५ ४ ३ १ ७४ २ ८७ २ ४५ ४ ४ . १२ १ २८९ ११४ ३ ३ २ ९१ ११ २१२ ४ ३ ' मई बोलीया योल गंभीर मई ठीधा मालय चंदेरि मई मामलीया मागिली भास मदनमेरी पाग्यां नीसाण माद माता मयगल मिणगाया मरण तगह मयि भोजन बार मलिक माइलकेर देउ महि निमद पीयाणा दीयाँ मटिका सोही सरगा तगई - ४ २ ८ ४ २४१ ६५ २ परिशिष्ट खंड पांक ३ ३ २४१ ४ ३ २९५ १८१ १ ४ ३ ३ ३ २ ४ ३ २५ ५ १ ३ ३ ४ १ २ पद्यांक लोक ६६ राजरिदिदीटी निरमली २६२/ राजरिदि निरमल मुगी २५५ राजलोक जोया कुयरी १३] राजांप छत्रीमह मिलीया १११ राजा भणद मुहल माहि आधि १६) राज योरमदे देवमी १० राणी मगह विमापट किम्यूं ५५ राणी तणी यावि गंभीर २७२/राणी वचन इम्यां रवरी १८६ रानि एतां थया दिन घशा २०९५ रामलि जई राट जहारिट ८१ राममाह फटी इम मशद ८२ | रामाद राटठ रोगाट ९२१ राय मगढ़ ए.माचटं मही २६] राय मण महाजनि परि कड़ी १३२| राय यमि कीपट टोपी हाज रापद जीव दीव मांहि पहा ३३१ रांध्यां धान चालना पाद १२० गमाविट राटट मग्रीजट २१.गमाय्यु मूला प्रधान मुरबाण भववारिट २० रूहट माइट जमएर रापी ८९ म्पद पशडी ४९ रुंदमुंद रहवद रिणंगगि ५४ रोमाडा राटन रगि मूंख्या १ १५५ १२. १ ४ ३ २ १ २ ४ २०३ य ३ १ १ २ १ २ ३ स्टोक मीर गदाई दाजन भीर मुहिता कुंठिया टावर्ग मृरनि एक जालहुर माहि मूलराज नद मारू जाणि मुंग कोरी माहि रहइ सदैव मेयर सोलु नह देवाइट मघवना फाडा बांधिवा मेरट तेजट नह सामंत मेहु राजु तेनु जाणि मोकलागि मरोवरि हुदर मोगर घाय परि ममरंगगि मोची गांटा नह सत्मारा मोटा मरिक गुंडरह बलद मोटा मटिक तस्यु भर मोटा मठिक सवे तेदाच्या मोल्दगमाह कहद परि की अमुना नदी जई निगि धार मंत्र मगरवी गोला नांपर यादववंश वली भवत र रणि राटन यावरह कटार्ग इणि वाटला दोट टटीना रंगि विग्गां मुहगां मून्द्रि राटत मोदि घट मपरागट राटत वली वीर रमि पर राटन मविहुँ तणां जे मागम राउट मावी रहद करही राटल कान्दा भाइम दियट राइट कान्दर थायम दियट राटल तदर्थगि रशाद राउट मण मागिन काबिल राइल मगह इस्यूं को कीपट रादर भणइ मुरक किम टेमद राटर भगद महिप मन जरि राउट भगद माउंदै प्रागह राटल मगह श्रीर मामाद राटल मगह भ्याग कृग माषि राटल मणी गई पारी राटस माद चालिट चरी राठि पिहुं मीरामग कही राबरीट मायाजेट राजनीति बागद धना १४ १ २ दति ३ १८३ १ १ 2 २ ३ १ ९० १ ३ a ४ ४ १ ३ ३ १ १५० १९५ ३ ४ १ ७. ३ २३२ टंक त्रिकूट मिर्गपडढरे ११८ लागट पाय मांजीयां साम् १४ लागू वली अणूझ मानि 14.टाजद राजगोग्र महिटाग १०. साधर्ट मुपन राय निगि कालि २९३ हाधर्ट मुपन राय निगि वारि २२० लामट्ट कापट न हनीयार २२२ लामह नवी तिटी नद विही २० लामह पारिक फोफल द्वाप 100 डामह पांट लेट नह १५.यामह माव न कंटोट २९१ हार मिराशपरकम विदा २०६] हार विध्यार गुशि नह ग्रारद १.६ टार विश्वारि वागिनू चाट ११ टारगमी माद चारमी १८३ सार हार माइगनी वाट १२ र शनिट या वीश्या १ 2 १ १ .cn ४ १ १ २ २ ४ ३ ४ ७५ २७० कान्हडदे प्रवन्ध श्लोक खंड पद्यांक ४ ४ ३ ४ . ४ १३६ १ ४ २ १८ १ ર ११३ ५९ २ १ ८२ ९८ ४ २ ८. ४ १० ४ १ ९७ ३ ४ १ ४ ४ १२३ १२६ २१४ ४ ४ ४ पद्यांक श्लोक ३३६ वली पमाल अमइ नाबरड १२३ | बल्यां कटक नइ ऊग्यउ भाण १२१] वसइ नगर गिरि उपरि घणउं २ वाइ वाउ वेडि दव बालइ १८० वाजइ ते नवि पाछउ जाइ २२० वात एतली कटकि सांभली ४१ वात वात छेहि करइ सलाम ११६ वानर तणी परि झडपीनइ १८३ वारइ वारइ हारि सांभली १६२ वाला वाजा अनइ जेठूमा वाहणि चडतां लीजइ साथि ९१ वांचिउ लेप सजाई कीधी विद्या वाद विनोद अपार १८७ विरूई वात वरतेवा लागी १८८ १८९ / विलगइ वयरि देव दैत्यनइ १९. | विलवह वे सती १८७ | विवहारीया राय धीनवह १९३ | विषम कर्मगति किम टलइ १८६॥ विषम दुर्ग मई सवि पालटीया २०३n | विषम दुर्ग सुणीइ घणा ९९ / वीकइ नीटरडकनी यावि ७५ | वीकउ भणइ म पाठा जास्र्यु २९७ वीज तणी परि लोह झबूकइ वीनयीया जई नइ सुरताण १३ | वीरउ भडसी नइ मोपसी १२) वीर भणइ ए सानूं सही ९२n | वीरमदे जाणिउं अनुमानि ३५] बीरम भणइ ऊधारउ जीउ १५८ | धीरमदेव वंश घण काज वीरम लोहट पीहल जाणि १३५ वीर वचन लोपह भापणूं वीरवदन महिमा एवढउ १०९ धीरहाक घाजी गयणगणि थीदाह सगी न करसे वात २५१ बीसलनगरउ नागर एक ३०१ घेटि तणा जाणइ परपंच ग्याम कहिउ करणनी परि ६६ म्यास मणइ राउल अवधार १३. व्यास योठीया यघन विचारि लिष्मीवंत पेतसी तणउ ली बाण सींगिणि गुण परठिउ २ लीजइ मोर त्रिहुं उडाणे लीघउ गढ आणीउ अभिमान ३ लूणकरण माल्हण छइ सही ३ लूणकरण माल्हण लोहनद ढूंढउ नइ रीठाउत पतु ३ लेई भेटि कइ मिलवा भावे लेष लिपाणा मायस दीर्धा लोक उतारीया करी उपाय लोक सवे नासी गदि चडीया २ लोभइ एक छोडइ मान लोभइ एक नर लोपइ धर्म लोभइ एक विदेमइ लइ लोभइ एक करइ दारिद्र लोभइ जमलड वासि म वसह लोभइ धर्मलोप मादरह लोभइ नर विदेसइ सुलह लोभ विहूणउ जे नर मरद लोभिई उलिघह पर्वतमाल लोममूलांनि पापानि लोहाइ जडी फरक नइ रहिकल लोहन सणी काटकडि उडी ३ स्यु संनाह थाउ भसवार च वचन अवधारउ मसपति राइ यचन कान्द नवि लोपइ सही घजीर मलिक सवि एणी परि बोलि २ वडा वीर विप्यात वदीतउ पधामणीउ पहिलु चालिड परनी मेल देवकर पाटणि परप्त अदार लगह वापडा बलतउ पानिमा इम भगइ वली गणेश ते मुहिणा माहि चली पड्या चिमणा हवसी पली मलिक घडीमा तिगि समद पली मलिक मुंडीनह भार बली रठीभामणू पली होम देपाच्या घणा पली रिजेमी उठ जाणि ३ बठी विमामी पामह हुंदर २ २ ४ १ ४ ४ ६ १८२ १८३ ४ ४ ८१ २ ५७ ३ २३७ ४ १ १ ४ १२८ २९८ ४ ४ ४ ४ १. ३२२ ३१६ ४ ४ ३ ८. ४ ३ ४ २ ४ ४ ३५० २६८ २२३ २९० ११२ ४ ४ परिशिष्ट २७१ श्लोक खंड खंड पद्यांक ३ ४ २ ४९ शकति भणइ जउ गढयां चडी शिव मूंकाविउ ब्रीजी वार श्रावण मासि ऊनया दीसह श्रीगरणा चइगरणा भला ३ २ १ २३९ ५३ ४ ९१ ४ २ ३ २८ २ ४ १६२ २ ९२ ४ २ ३ ३ ३ ३ ४ २४८ १८५ २२३ ९९ २ २ ४ १ २ १५४ १ ३ २ ४० ४ २२६ २३० ९२n ४ २ ४ ૨ १७ १ पद्याक श्लोक सरोवरि विसरि मुण्या नीसाण १७६ | सर्वगुण जाणनइ २१७ सवालाप पांडायत सरसु ८५ सवि तलीयातोरण झलहलइ सवि सुकुलोणी रूपि अपार सवे सिलावट सांचरइ साथि ३१० सहम अध्यासी भागइ सखा ९२ सहस त्रिणि तेजी ऊदाल्या महस पंच्यासी हिदू तणइ ९२n सहू साथ बुलावी करी १६१ सहेट पूनलू बोली छतइ १६९ साचूं भणि हुइ जेतलं ६० साठि वरस वावरतां पहुचइ १६४ १४४ सात वरसनइ माजनह ७५ | सातवीस दीधी पालपी साथि घणी दीकोडी झंडी साथिथी नादि गोला चालि २७९ सादल सीह मलिक जे हता २०६साम्हा सीह किसी गजमाल ९२१ सालिहोत्र जेहनी कसुटी ६८ साल्हउ राउत नइ धारसी साल्हउ सोभित सूर अपार २२१ साल्दा चउकी करहडी जाण साल्हु सोभतु ते समरगणि ३२७ साव दलइ चालिउ सुरताण २०४ सावलोह पापर नइ चामर साव लोह भाला नइ सांगि सास न आवइ ए महिनाण १२४ ९२० साहमा छइ सपराणा मीर साहस प्रमावि एतली माहि १२८ साहस प्रभावि एतली आहि ३२ साहिया लोक बंम नइ बालक १९० सांतल तणी अंतेउरी ४८ सांतलसीह हुंतउ झंझार ९२n सांतलि सुरवाणी दल दलिउ " सांधिइ सांधि जूजुई कीपी १३६ | सांमलतां सरीर उल्हह्मद २५० सिद्धि निरंतर ते लहइ २। सिंचाणा परि योघ झपि ३ १८ २ २ ८६ २ २७७ ३ ४ परा विपुहुर कटक तोरकू पलकपहरि कावली आया पलची षम बडु पलपलीइ पाइ भांगि मद पीइ सलार पाई बूरी घणे विनाणि पानज्यांह दल ताजां ल्याव्यउ पानज्यांह नइ मलिक इमादल पानज्यांह साथि मोकलीउ पान भणइ-कुणि कारणि भाज्या पारिक दाप नालीयर नीलां पित्री तण तेज सपराण पित्रीवट जे साहस धीर पीमउ वीरउ नइ पदमसी पुदा पुदा करी पोकारि पुरतालि घरती पडहडि पुरासाण मई पुरवलि पूंघउ पेडां तणी ठाठरी मांडी पेड पांडां पढ़यां जूजूब स सगुण सलूणा राउल सतीधर्मि करि राउ उधरिउ सपराणा सींगिणि गुण माजइ सपराणा सुरताणी बंदा सप्तजन्मार्जित पापं सबदवेध सीधूमा बोलबु सभा माहि जई राउल भेट्या सभा मांहि सहू को सभा सिद्ध रा बोलइ मर्म समसपान मोकलइ हतउ समीभाणे गढरोहउ कीघउ सरली मुदि दीपता सरवरि जल पीध पोपटइ सरपे घोडे साथि मोरल्या सरसा संबल नइ पहिरगां सरि काज मनि पूगि रली २७६ - ४ २६ १०३ १९ ३ ३ १ १८८ १ ४ ४ ३ १ २ २०५ २५८ ४ २ १६७ १ ३ सुबह ३ १५२ १०४ १ २ १५८ ३ २ २ ३ ३ ३ १ ९५ . ४ ४ ३२४ २१३n ४ १ कान्हड़दे प्रवन्ध पद्यांक | श्येक खंड पांक ४ २ ३११ १४६ ३ ३ १ २ १५ २ ९२१५ २ १ १६९ १५७ ४ ३ २ ३१ ३ २ ३ १४ ४ १३४ २४५ १ १ १ ४ २४० २४२ १ १८५ ४ श्येक सिंधु सवालप भनइ पारकर सीगिणि तणां वि कोसां मेली सीताई प्रति राजा भणइ सीप मोकली राउल कान्हा सींगिणि गुण सपराणा गाजइ सीधल सहसमल इमार सुणी वात रणि कीधउ रोल सुरतागनी वाणी सुणी सुहिणा तणी वाव सावे मिली सुंदरी सोहामणी स्का पड चिणानी पूली सूरउ पीजल लींबउ भY सूरिज तणह चंसि हुँ माज सूर्यकांत जु हुइ सांम सुंदर नाम तलावह जेउ सूप्या द्रोद कह अम्हे कीधा सेजवाल मनि एवउ लोभ सेजवालि गढ कारणि करी सेतबंध रामेस्वर सुगीइ सेरी साय मोकली बाट सेव सूहाली लाडू गल्या सोगडहां केकाण कि मोनगिरि ज छांव्यु घाट सोनगिरी कुलि साहस घणउं सोमउ मुहरउ सल कर्णदे सोमचंद राय पूख्यउ प्यास सोमनाथ भाराध कान्द सोमनायनीह करेजे सोमाउत पांचउ मपाल सोमेसर परि छठी पार सोरठ मणी पधराम्यउ मोरटमा सेन गिरि मोटु मोरट माहि मेगलपुर महमा कोनालाई सोएंशी राठउर प्रमार मोलकीवाला मुहुर धान दान देहरापर करी एमृतिपिधारना बाद मर्म मांगेस्थीमा मानि मामिकाविडमना मिच्या ३ ४ ४ ह १२० ईइ घणउ मनोरथ हुतउ २२४ हुईइ रोस पातिसाहि धरित १७९ हठ कोधउ सुरताणस्यूं ५२ हण्या हवसी पांडाधार २७५ इबसी पतन नेजा वाजो हयगय सुहड सारथ सवि ३० दरम धरी हठि सोडां लीयां २०७ हरराज देभउ नइ विजपाल हल हल करी कटक सामहणी ५६ हाजी मलिक मलिक भडताजन हादसणउ पार नवि लदइ हाथी सहस बिच्यारि पापरीया २९ हाथेवालइ हाय नवि धरूं हार निगोदर यहिरपा १७२ १९२ हाहाकार उ तिणि येलो हा हा देव दोस कहि दीजह ७४ | हिअइ दूहवण आणी धणठं १९ / हियह हरप अपार कि ५. हिव आपणनइ भावह पोडि १६७ हीदूए दल प्राणइ दम्या 11 ही तुरक नही को इसउ ३३५] हीदू तुरक पडइ पोसाता ६५ हीदू भोजन भाव मदार १३९ हीदूर मारीथल कीधर ही सये एकमना मिदह हीयडलं. गहियरि हीरादेवि भणह चंडाल हींदू घरह घेटि सपराणी हींदूस्थानी भनइ पंडूमा ११/हुई यात जासहुर माहि ई येदि सरोवर तिणि पार ३८ हुई हार कोलाहल मुणी ४५ पसाउ अविका सूटी २९९ । ई मयारीउ दानव मणी २६] हूं चाहयूं पुद्धि भारणी २५. देठउ कोई म उतरी १२८ । होप ना ना बिहू दल मुहर २५४ ४ ३ ४ ४ ३ १०६ २ ३ १२६ . २ १ १२७ १ ३ ४५ ४ २०२ ३ 1 २५४ २ ९on मोठ माहि सह ३ . ३ १ ४ २ ३ " १४९ ३ ܩܢ जीतउं em भयि em १ १ " " .. CORRIGENDA TEXT Khanda Verse For Read Khanda Verse For Road १ ठोरधार ढोरधार ३ पूरि पूरी ऊपडीया ऊपड्यां ४ १७ वहू २ चीडोत्र चीत्रोड बहू ६४ २ आणि आणी चाहूयाण चाहूआण CRITIOAL APPARATUS १ १५ आगिला आगिलां em २२४ चाहआण चाहूआण em ។ १९ सूरतांण KG सूराण G कलि D " कलि । १ मकर्दम मकर्दम १ २४७ जीत १ २१ TODGJ FETE OD POJ ૨ ३३ विद० किइD १ २५ भयि २ कीधुं० की, CH १ २६ मोकलु D मोकलुं D २ चुपट घाउB १ हींदू em २ कान्हडदेअ कान्हडदेअ em सीपामण २ एकई एकई AK ३० अवधारOFअवधार २ ५४ साम्हउ em सिंभरिनउ सिंभरिनउ em २ १ ३१ अवधारउK २ वारई वारइ वारइ वारइ em १ ३२ झालीइ बान झालियइ वान कीसी किसी ath & BOJ ATE 3 BOFJ २ ६२ मूछा मूछइ em पातिसाह पातिसाह em २ ६४ मइA म: AHR घडी BGJR घडी Bad ૨ ६७ afit BCJ for BO २ १ बूंबडिया ५० वहुरइ HK बहुरइ AK यूंवडिया em पडी3 B DFG पडीउ BD FOJ पहिरीइ पहिरीइ em " १ सारि B चाहूआणनउ चाहूआणनउ em २ Folio 3 Folio 4 ८२ आणइ १ आणइem in F in F २ ९२ उलगाणा उलगाणा em १ लीy B00 लीवू BO सपराणउ सपराणउem १ दाढा दाठा २ १०७ आविड B आविउ BH १ ८१ सिंपल सिंफलं २ ११९ चूक १ साधिइ साधि साधिइ साधि em २ १२४ आवसि AH I आवसि ABHI १ ११७ पधारीयो पधारीयां em २ १२८ नाप नोपइ em १२१ जाणइ जाणइem २ १४२ हूतुं हतुं em १३१ संभाले ACF संभाले ACF JK २ १५० आणइ आणइem परगण परगणउँ em ३ २ कहावीउं कहावी em १५२ पूठि भंडारि १ १५७ वाने BOF वाधे BOFJ हूंतउ हूंतउ em सनाद्ध र सनाद्ध ३ साम्हा em १ १८२ जिमीसह जिमीसइ em ३ १८ पालटुं पालटू en १ विवस्यइ जई विढस्यइ जई em ३ २० पुहुता पुहुतो em १ २०१ दिसि मुहुड्या दिसि मुहुल्या em ३ जाण्य जाण्य em १ २०० ऊठवइ AK ऊदवइ AEK ३ २४ पिस्यूं किरयूं em १ १ " सारि BI चूकइ em १ " भंडारि em २७४ Corrigenda Khanda Verse For Read ३ २२३ दुर्ग दुर्ग em ३ भडाउली1.2 पाकार AJ पाकार A कुंयरि कूयरि ३ कुंयरी B २४७ राइ राइem २४९ कुंयरी कुयरी em १ थयउK १० छनउD छनउ १८ दिवसर्नु दिवसर्नु em ४ २. विवसाईआ AD विवसाईआ ADE ४ चाहूआण चाहूआण em दरसण em दरसण. दान दान em ७२ पानज्यांह पानज्यांह em " " चउवटे र " ४ ४ कुण A कुण AG ४ ४ ८२ ८९ Khanda Verse For Read २५ ब्रह्मपुरी B ३ २६ भिन्नमालि मिन्नमालि em ३ ३१ करज्यो करज्यो em ३ ४१ ਕੁੰਢਤ लूंढउ em ३ ४४ बेयसी ३ सहसमाल, सहसमा ५६ पल्हाण पल्हाण em ३ कुंअरपाल कुअरपाल em ३ दुरजनसाल दुरजनसाल em बूंदइ em शाणउ शाणउ em ३ ८५ मेहलांण मेहलाण H सघलउ सघलर em ३ ८७ मेहल्यु मेहल्यु em ३ वींधी पींधीइ em ३ १०९ नीसाण नीसाण em ३ काकस्त ३ १२१ मान्य मान्यउ em ३ १२३ बोल्यउ बोल्यउ em ३ १२४ मुसलमान मुसलमान em ३ १२८ कुंअरी कुंअरी em ३ १३४ माहिलं माहिरूं em चाहूआणनउँ चाहूआणनउं em ३ भव भवsem ३ १४१ पामसइ पामसइem ३ १४२ मान्य मान्य em ३ १४३ आपणउ आपणउem मई मई em सईभरिनउ सईभरिनउ em ३ १४५ आपणउ आपणउem ३ १७४ चाल्यउR KL omits KL omit ir qr. ii qr. १९७ प्रवेस A0 प्रवेस AC २०३ प्रधान ADJKL प्रधान ADKL २०४ सती : सिती : २०५ पुंदालम धरि AD पुंदालम परि A २१. भर्नु । २१५ दानव AE दानव DEJ भणइ भणइ० २१७ कान्हडदे कान्हडदे प्रति केटी प्रति बेटी ४ १०१ ४ नई A नइA,...B गुंदर गुंदरइ em आणज्यो आणज्यो em कइलवाडू कइलवाई em सेहर Bp सेहर BDK वलतुं A DK वलतुं AD साठि AB साठि A बिमणउ विमणउ em पूरसिउँ । पूरसिउं A कान्ह कान्ह em पानज्यांह पानज्यांह em थाणउँAK थाणउँAK " " " ४ १२८ ४ ४ १५४ " " ४ १७८ " " ४ ३ ४ २१४ ४ ४ २२८ २३९ २७६ ال سي سي اس اس اسی : سه سعی रिणवटि रिणवटि em ऊभारीया ऊभारीया em वपाणि वपाणि em Domits Domits vs 215. vs 217. आपण आपण em देवआदितनइ देवआदितनइ em साल्ह ऊसरिर्ड कसरि em हूउB पामिस्यू पामिस्यू em सांम्हउ. सांम्दउ AK तोरकू em तोरकू ४ ET AB ४ ३१.

Corrigenda २७ APPEXDIX I Lins Pazo Colon Yor Press टेच्या देदीया APPENDIX II " दगि। 236,III 187 f.1200 मागद ट, उहाडीग ददि 115 f1201 भागट f. जरहाग २४७ १६ 28 कूल 29 कृत्व जाBA गुरमी APPESDI III गाई मानी १३ . १२ १ त्याचट ४५ नेह मरमु छानवि मांटिक पदी मेल टुंदाग्न पाटमाइटर' १ २ " 1 पूनराज गुटल ३ दम्याचल १५ दद मरिम र नवि मोदी पटी मेल वारवं पातिमाद टरदर" प्रदराज गठन पन्यासी मठी बात'३ १८४ मार्गा३३५ delete the line मटाया मारवरी मनमा १ १५ १८ १ . दिया दमा मटी दाट1१८४ भागा माई निकिमाइ राहिट धवट १३: मटी माखर मदनमर्ग' " " ३८ " " . " " . येन्द्रनर४१८७n . 3.1 भाग १८. होट ८. पुग्दानि यादी मी दार्ट .. यान... पदावि घाटी मली दान १ ८ १ : • Ecto-The Ent quarter of the foloring TOTS I, 1r!ton through oterugh, shaald bind 10 the Peris-Indez 111,12,52,71, 11:0,283,118, III 13,191,193,11 17,33,33,12,163,123, %255323

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Kanhadade Prabandha Vol-1

Author
Padmanabha
Title
Kanhadade Prabandha Vol-1
File name
Kanhadade Prabandha Vol-1
Text
OCR done
Citation
1953
Published
2011/08
Publisher
Bambai, Laxmibai Narayan Choudhary, Nirnyasagar Press
Language
Sanskrit
Pages
354
Library
Acharya Shri Vinaychandra Gyan Bhandar, Jaipur
DLI number
314052
Barcode
99999990312204.00
Scanning centre
Banasthali University
Digital publisher
Digital Library Of India
VMLT id
13f6qwuEQji
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