Shree Jubilee Naagari Bhandar Bikaner
Sharbat Ice Cream Squash
Front matter
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ताजगी, तरावट, तरन्नुम ! हर कोई ताजगी चाहता है, हर कोई तरावट का दीवाना है, हर किसी को तरन्नुम की तलाश है। ये तीनो वरदान आप साल के ३६५ दिनो मे पा सकते हैं, बशर्ते कि मामूली- सो लागत और हल्की-सी मेहनत से अपने मन- चाहे ठडे मीठे पदार्थ धर पर तैयार करें। विधिया प्रासान-सी है और लगभग तीन सो विधिया है। आइसनीम, ठडे पेय, एक बार बनाकर तो देखिये सारा मुहल्ला आपसे खरीदने या जाएगा। खुशिया बाटिये और यश कमाइये । आप चाहे तो घर-बैठे सम्मानपूर्वक दस रपये मे लाखा-करोडो कमा सक्ते है।
इस मौरीज को अन्य पुस्तके
। मानक पारा
1 प्राधुनिक मिठान नना
मचार नमी मुरब्ब
। गभस्थिति प्रमव भोर शिशुपालन
L.मुबाघ मेक अप (शृगार कला,
O परेलू इलाज
माधुनिक मिनाई गई
PER
सुबोध पब्लिकेशन्स
आधुनिक जलपान कला
शर्बत
आइसक्रीम
स्क्वैश
२७५ प्रकार के ठण्डे पदार्य बनाने की
सरल विधियां।
GIFTED BY
RAJA RAMMOHAN XOY
LIINAXY FOUNDATION
CALCUTTATROL
मीनाक्षी सेठी
सुबोध पक्टि बुक्स (१६८०)
A35-00
सुबोध पब्लिकेशन्स, २३ बी, भसारी रोड, नई दिली २/
समरण! १९६१ / मुक
जयमाया आफसेट, माहदरा, दिल्ली-३२
SHARBAT-ICE CREAN--SQUASH
by Migakshi Sethi
क्रम निवेदन तालिका (१) ७ " " १५ १६ २१ पहला खण्ड ठण्डे पेय व प्राइसक्रीम (Cold Drinks & Ice Creams) (१) पदार्थों मे सरक्षण का महत्त्व (२) शरबत (Sharbats) (क) मांच पर पकाए परबत (ख) विना मांच पर पकाए शरबत (ग) एसन्म वाले शरबत (घ) युनानी-मायुर्वेदिक शरवत (ड) विदेशी परबत (३) स्क्वैप (Squashs) (४) पारडियल (Cordials) (५) भांति भौति वे पय (६) भाइसलीम (Ice Creams) ठडे पेयो के साथ क्या परोसें दसरा पण्ड गम पेय (Hot Drinks) (७) चाय (Tea) (4) बॉपी (Coffee) (९) पूप वाले पेय (१०) सूप (Soups) गर्म पेयों के सापस्या परोसें ५२ ६४ ६२ १२ ૨૨ ६७
१०५
सीसरा पल्पाहार (Snacks)
(११) पोडे-समोस (Pakoras & Samosss)
(२) कटलेट (Cutlets)
(१३) बडा (Vadas)
(१४) टिकिया घाट-ऑमलेट
(Tikas Chats & Orueltete)
(१५) फुटकर भोज्य पदाथ
पीपाल विविध (Miscellanmous)
(१६) सब्जियो व फला को सखाना
(१७) पापड-बडिया
(१८) देहाती-अल्पाहार
परिशिष्ट (Tables)
निवेदन पाक कला और मिष्टान्न कता पर अपनी दो पुस्तको के बाद मुझे 'माधुनिक जलपान क्ला' लिखने की प्रेरणा हुई । आज के युग पशिष्टाचार के मानदह बदल गए हैं। मात्र पाक फलामे दक्ष कोई गृहिणी पाधुनिक नहीं कही जा सकती, जब तक कि उसे मेहमान नवाजी की माधुनिए टैक्नीक का ज्ञान न हो । खाना खाने समय कोई मेहमान घर पर माना है तो उसे इतनी घबराहट नहीं होती, जिवनी कि दूसरे समय मेहमान के प्राने पर होती है। गृहिणी की समस्या गृहिणी को मेहमाल से पूछना पडता है-माप ठण्डा लेंगे या पर्म ? मेहमान अपनी रुचि बताता है या कभी टाल-मटोल की भाषा प्रयोग करता है और कहता है कि कोई खास मावश्यकता वहीं । पर वह तो गृहिणी है-पर-परिवार के शिष्टाचार की भरक्षिका । भला वह ऐसे उत्तर पर कुछ खिलाए-पिलाए बगैर कैसे पान सफी है। उसे कुछ न कुछ तो परोसना ही है। पब या तो वह कंम्पा कोला या सोडा वाटर की बोतल के Firए पञ्चे को दुकान तक दौडाए या फिर घर मे चाय-कॉफी बनाए । पर इतने से ही उसका कर्तव्य पूरा नहीं हो जाता । उसे अपडे मा गर्म पेय के साथ कुछ अल्पाहार के लिए भी रखना होगा। तो शरवत, स्ववश भादि बागार से बन-बनाए मिल जाते हैं। पर एक तो वे बहुः महंगे पडते हैं, दूसरे वे उतने उम्दा भी नहीं होते पौर फिर वह माधुनिक गृहिणी ही क्या जो गाथासपीजों पर निर्भर रहे। 1 मेरी सखी रजनी ने मुममे इस प्रकार की बात कही और मुभा प्ररणा दी कि मैं माधुनिरुजलपान ला पर एक स्यता पुस्तक लिखू। परिणामस्वरूप यह पुस्तक पाठकों के सम्मुग प्रस्तुत कर प्रस्थाहार में मवकी अपनी-अपनी रुचि होती है। कोई गमे पमद करता है तो कोई ठण्डा। फिर हर पीजकी एक बहार होती है, गमियो मा जाती है तो ठण्डे पेयों की समस्या मागे होती है। रखती भोर स्क्वंशा के लिए लाग सरसने लगते हैं। इस पर पाजार के गरबत और स्क्वैश प्राय घटिया किस्म के मिलते हैं। अपवा बहुत महगे पड़ते हैं। यदि ऐसी स्थिति में महिलाएं अपने पर म शरबत व स्वश बनाना चाहें तो उनके सामने यह पठिनाई भाती है कि प्रासिर शरबत वेश बनाए कैसे भाग की इस बड़ी समस्या का हत सरल के लिए मोप्रा भग्बत स्वदेश बनाने की सुगम विधियां दी हैं। षया दाररत विदेगी पेय हैं ? सरवतों के बारे में कुछ लोगो की भ्रान्त धारणा यह है कि विदशी ५य है जो हमारी सभ्यता मे कालातर मिल गए हैं। ऐमा सोचना सरासर गलत। भाइ, हम थोडा अपने प्रतीत पर दष्टिपात करें। प्राचीनकाल मे भारत में प्रतिधि सरकार पर घमावत दिमा गया है। वह घर, पर नहीं माना गाता या जरा हा मेहमानों रा म्वागत नहीं हाताया। किसी के द्वार पर कोई प्रभावश चला जाना उसे जलपान कराए रिना वापस नही जान दिता या प्रबोकि उस युग में प्रानिग्य धम के साथ जुगमा था। मा मेएकोमा यताची-- सवदेवमयोऽतिथि। प्रति प्रतियि देवता रूप ही है। घर में अतिथि प्राते हो लोग धवा-सत्कार म जुड़ जाते थे। य' कहा जापा-अनिधि के लिए
मासन, जलपान, खटिया भौर मधुर वचन तो हर कोई ये चार
चीजें जुटा हो सकता है। लोगों को धारणा थी-
अतिथियस्य भग्नाशो गृहात प्रतिनियतते ।
स तस्मै दुष्कृत इत्या पुण्यमादाय गच्छति ॥
मर्यात् कहीं प्रतिथि घर मे निराश लौट गया तो समझो कि वद्ध
अपने पाप छोड गया और हमारे पुण्य लेकर चला गया।
इस प्रकार धम के भय से एव सामाजिक विश्वास वेवारण
सोग मतिथि सत्कार के प्रति जागरूप थे। जब भोजन करने का
समय होता था, उस समय तो गृहिणी याली परोसकर लाती थी।
कोई मेहमान भागे पीपा जाए तो गृहिणी क्या परे उतो ऋतु
के अनुसार ठण्डा या गम पेय प्रस्तुत करना होता था। इस तरह
पेयों का प्रचलन हुा । गेय दो प्रकार के थे--(१) मादप पेय मौर
(२) मादकताहीन पेय।
प्राचीनकाल में यद्यपि भारत मे मदिरा वा प्रवरान रहा
है। किंतु अधिकतर समाज में मदिग सेवन को घृणित पाना
जाता रहा है। प्राचीनकाल से हमारे देश में अनेक पोकेरमो से
अनेक प्रकार के शरबत बनाए जाते थे। भगवान बुद्ध भी पाट
प्रकार के सो के प्रयोग की अनुमति अपने शिष्यों को दी थी । वे
प्राट रस इस प्रकार -(१) पक्के ग्राप का रंग, ()गुनाती
रोव वा रग, ३) केले पेपरा रग, (८)अगरा का ग्ग (५) पालग
पा रम (६) नारियन मा ति जुना रस, (७) चीनी या
शाकर मे पास मिला पनाया हुअा रम गोर (-) गुरु में
पानी मिलावर नापा पा रस । बौद्ध भिागभी शरदना को
म या वे भोगन वे ग्यान पर नते थ। जैन यो म मी (१) माली
का रस, (२) इमम्मी गानो म घुला रस, 12) मजूरों से
१ पोमप्रसाफा एप-मि इन गेट एरिया में में
उदधृत पृष्ठ
A
1 बनाया रस और (6) पनार का रस ग्रहण करने का उल्लेख मिलता है। ये रम पानी और चीनी या शहद मिलाकर सेवन किए बाने थे। प्राचीनकाल मे मायुर्वेदिक पद्धति से तैयार किए गए मासव और परिष्ट । पेय माने जाते थे। ये औषधि के रूप से प्रयोग होते थे। मासव में तरलता अधिक होती थी और अरिष्ट में स्थूल तत्त्वो की प्रधानता रहती थी। इन शरबतो के अतिरिक्त चिरकाल सक, हमार देश मे--(१) दही, (२) छाछ, (३) मट्ठा, (८) फलो का रस और गुड का शरबत पेयो के रूप मे चलता रहा । तीसरी, बौधी शताब्दी तर लोग अनाजों और खटटे माड से बनाए गए सूपों का प्रयोग पेय के रूप म करने लगे थे। अगूर, खजर, मलूचा, शहद और गन्ने के रस के साप भोक प्रकार के शरबत बनाए जाते थे।ये शरबत दो तरह के होत थे -(१) खट्टे भोर (२) मीठे। मट्टै पारबत अगूरा के रस और इमली के रम स बनाए जात थे। इनके अतिरिक्त देश के भिन भिन्न क्षेत्राम मलग अलग पंया का प्रचलन था। नारियल के प्रदर का पानी बहुत अच्छा पेय माना आता या। जो लोग शराब का सेवन नहीं करते थे वे ऐसे ही पेयो को प्रयोग में लाते थे। मेरा कहने का प्राशय यही है कि हमारे देश में विभिन शरबत बनाने की परम्परा बहुत पुरानी है । प्रस्तु । मैंने यहा विभिन्न प्रकार के शरबता को बनाने की विधियाँ तो दो ही है, साथ ही प्रग्रेजी पति से बनने वाले स्क्वैशा को भी दिया है। वह पुस्तर इस पुस्ताको चार खण्डा में बाटा गया है---(१)ठण्डपय---- शरबत वैशव अन्य ठण्डे पय तपा प्राइसत्रोम प्रादि (२) गम पेय जस-चाय, कॉफी, सूप तथा गर्म दूध मादि। (३) गर्म पेयों के साथ परोसनाने वाले मल्पाहार (snaks) मादि। (१) इसरे प्रतिरिक्त, चौपे खण्ड में विविध पदाथ बनान की विधिया दा हुई विहे गृहिणियां पहले से बनाकर सुरक्षित रख सके और बाद में जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग कर सकें। कुछ महिलाए समझती है कि शरबत स्ववेश बनाना बहुत सठिन काय है या मे घर में मच्छ नही बनते। पर उनका यह सोचना वीक नही है । यदि माप ठीक विधि अपनाकर घर में इन्हे बनाने का प्रयाप्त करें तो भाप बाजार के बने बनाए पदार्थ प्रयोग करना भूल जाएगी। मैंने अपनी मौर से माधुनिक समाज में परोसे जानवाल का पदार्थों एव पयो की माधुनिकतम विधिया देने की चेष्टा की है। अनुभवी महिलाए अपने मनुभन के साथ उसमे बढोत्तरी कर सकती यदि मेरा यह प्रयास मेहमानों के मातिथ्य में गृहिणियों के कुछ काममा मका तो मैं अपने-मापको धन्य समझगी। इस पुस्तक के लेखन में जिन पार विशेषज्ञो से मुझे सहायता मिली है, उनकी मैं अत्यन्त मामारी है। यहां श्री अमिताभ द्वारा किए गए सहयोग के लिए मैं उनका कृतज्ञता प्रकाश करता अपना कर्तव्य समझती हू। माशा है, मुझे भविष्य में पाठकों से भी सहयोग प्राप्त होता रहगा। शाखी, १३ अप्रैल, १९५० --मीमाली सेठी हमारा अनुरोध कुछ महिलामो मे यह भ्रात धारणा है कि घर मे शरबत, स्क्वैश, प्राइमरीम आदि अच्छी तरह नही बनाए जा सकते। इमलिए प्राय वे बाजार की शरण में जाती हैं। दरअसल ऐसा सोचना गलत है। यदि ठीक विधि से उनसभी पदार्थों को घर पर बनाने का प्रयत्न किया जाए तो आपको सुखद् आश्चर्य होगा कि आपके द्वारा तैयार किए गए ये पदार्थ बाजार के पदार्थों से वही अधिक स्वादिष्ट हैं। यह पुस्तक आपको ऐसे असख्य पेय एव खाच- पदार्थ बनाने में प्रवीण चना देगी। फिर भी मापसे अनुरोध है कि प्रापपुस्तक मे दी गई विधि के अनुसार पदाथ तैयार करते समय पीरज से काम ले। यदि पहले प्रयास मे कोई पदाथ आपसे मनचाहा तैयार न हो सके तो घरराइए नहीं, उसे फिर-फिर बनाइए। प्रापको यह देखकर बडा सुम मिलेगा कि आपके नारा पेयो पय गाय पदार्थों की सभी प्रामा कर अपने हाथ मे पाइए। फिर अपने ही हाथ से मेहमाना एप घर के सदस्यो को परोसकर सतोग- लाभ कीजिा।
चम्मच, तालिका (१) प्रावश्यक सामान पतीली, स्टील की अगीठी, या कलाही, कलईदार गैस का चूल्हा, या जग स्टोव बदलोई सिल-बट्टा गिलास, स्टील का दोरी-डण्डा प्लेटें,मलग-अलग साइजो की जालीदार पौनी कलछी, स्टील की नमकमानी छोटा साचे, माइसक्रीम के चम्मच, मंझना मलमल की छलनी चम्मच,बडा नीबू-निचोडनी मम्मच, लकडीका चाक पलटा छुरी बोतलें, शरबत या स्ववैश के बोतल साफ करनेवाला अश लिए छननी, रस छानने के लिए मथनी, लकडीवी छलनी, चाय-कापी के लिए पाक तवी, गहरी और हकी लेबल पेतली, चाय की ढक्कन, वोतल वा टीसेट दे,मादि-प्रादि m
(२) प्रावश्यक सामग्री
(१) अदरक (Ginger)-नर गर्म होता है, पाचक होता
है, इसका भरवत वटा स्वादिष्ट होता है।
(२) अमचूर (Powderof raw mango)-यह पाचन-शक्ति
बढ़ाता है,म्वाद बढाता है,स्नक्स मे अधिवर प्रयोग होता है।
(३) इमली ((Tamarind) --स्वाद बहुत बड़ा होता है,
इसका शरबत बनता है।
(४) इलायची छोटी (Cardamom-स्वाद मे घटपटी
होती है, चाय को स्वादिष्ट बनान के लिए भी इसे डाल सकते हैं।
(५) इलायची बो (Black Cardamom)-नासीर में
गर्म म्वाद मे चटपटी, इसको गध तीव्र होती है।
(६) केसर (Saffron)-~रवतों को रग एव सुगत्र देने के
लिए पका प्रयोग किया जाता है।
(७) खसखस (Poppy seeds)-इसके दाने छोटे-छोटे होते
है, इसका शरमत बनाया जाता है । नासीर मे ठण्डी होती है।
(5) गुड (Unrefined Canesufar)- इसका प्रयोग चीनी
स्थान पर दिया जाता है, यह चीनी मे कम मीठा होना है,
मत मात्रा में अधिक पडना है।
६) जीरा (Cumin Seeds)यह दो प्रकार का होता है-
सफेः पौर काता । यह गरम मसाले मै भी पड़ता है।
(१०) धनिया (Coriander green or seeds)- यह दो
प्रकार का होता है-हरा और मूबा म्वाद में पटपटा होता है,
गवन शक्ति बढाता है।
(११) नमक (Salt)-~यह दो प्रसार का होता है-सफेद
पौर काला । इमरे बिना रसोई के बाद की कल्पना नहीं की जा
सक्तीगर्म और पावर होता है ।
११२) पुरीना (Mint)- यह बहुत तेज होता है। इसका जन
पीरा बनाया जाता है। इससे पटनी भी बनाई जाती है।
{१३) प्याज (Onion)-~-इसका प्रयोग चटनी अनार में
किया जाता है। स्वादिष्ट पकोडे बनाए जाते हैं।
(१४) काली मिच (Black Peeper)-~यह नीखी भोर
परपरी होती है । गला साफ करनी है।
(१५) लाल मिच (Chillit~-यह बहुन नापी होती है। म्वाद
में चटपटी होती है।
(१६) मेयो (Fenugreek)~-यह दोप्रकार की होती है-
हरी और सूखी। इसके पकोडे बनाए जाने हैं।
(१७) राई (Masturd Seeds)-~~इसे प्रचारों में डाला
भाता है। इसकी काजी भी बनती है। यह टाम के लिए प्रयोग
की जाती है।
.
(१८) लोग :Clove)--तासीर मे गर्म, खून को माफ कना
है।कपा में लाभकारी होता है।
११९) सौंफ (Anuseed)-~पाचक एव गेवक, सुपिक
निरा चाय मे डाला जाता है। जी और पिन को शान्त करता
१२०)हींग (Asafoetida)-पाचनशक्ति को बढ़ानी है
गप नीव होती है। वायु विकार का नाश करनी है।
(३) पुस्तक मे पाए विशिष्ट सन्द
लान कला वी भनेक क्रियानों के लिए कुछ विशिष्ट पद
पयोग में पाते हैं । कुछ प्रमुख शन्द मोर उनके मर्य पाठको की
मुविधा के लिए यहा दिए जा रहे हैं ।
(१1 छानना-- हननी या मलमन के परम किमी दवा
सानना।
२) उबालना--क्सिी फल या सम्मो का पानी के मगध प्रति
पर इतना गर्म करना कि ये गन पाए।
(३) चलाना-किसी पदार्थ को बतन में डालकर कलछी से
हिलाना।
(४) दुचलना--परे या गलाए हुए किसी पदाथ को
कुचलना।
(५) पीसना-सिलबट्टे या दोरी-डण्डे से वारीच कूटना।
(६) मथना-पके फल को पिसी चम्मच से इतना पलाना
दि वह एक-सार हो जाए।
(७) घोलना-चीनी प्रादि किसी पदाय का पानी मे डालकर
इग प्रकार चलाना कि पदाथ बिल्कुल घुल मिल जाए।
(5) कलहारना-बिना धो वे किसी चीज को भूनना।
(९) घोटना-सिल-बट्टे या दोरी डण्डे से किसी पदाथ को
बहुत बारीक परना।
(१०) पटना-विसी पदाथ मे पानी डालकर हाप से इतना
घताना दियह एकसार हा जाए।
(११) निथारना-किसी पदाथ मे पानी डालकर उसे साफ
पपा जस पावलो को पानी में धोकर नियारना।
(१२) चलना-विमीय को मोटा मोटा पीसना, जैसे
नायची के दानों कोदलना।
(१३) सपना-मिमी पाथ या हती पाल पर भाना।
(१४) तलना-सल घी मे पदाय को पका।।
(१५) जमाना-फ्रिज मा धर्फ भर बर्तन म माइसक्रीम
अमा
(१६) विलोमयागा भगे गादि से छाछ या लस्सी
पादियो भगना।
१५
गु०-५०७
पहला खड'-
१ ठण्डे पेय
(COLD DRINKS & ICE CREAMS)
(१) पदार्थ सरक्षण का महत्त्व
हमारे देश की जलवायु गर्म है । अत मामा य अवस्था मे पदार्थ
जल्दी ग्वराब हो जाते हैं। इसके लिए खाद्य सरक्षण का नान होम'
प्रत्येक गृहिणी के लिए आवश्यक है ।
प्रादर्श गृहिणी जानती है कि ताजा भोजन कीटाणुओ से मुक्त
रहना चाहिए ताकि वह दूषित होने से बच सके । खाा पदाथ के
खराब होने का मुख्य कारण उनमे उत्पन होनेवाले कीटाणु है।
ये कीटाणु मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं---
(१) फफूदी, (२) खमीर, (३) बैक्टीरिया
१ फफूदी-अधेरे, नमी तथा गर्मीवाले स्थान पर उत्पन्न
होती है तथा माहारीय पदार्थ में विष फैलाती है।
२ खमीर--समीर भी उण तापमान मे उत्पन हो जाता है
और खाद्य पदाप के नत्वो को विवृत कर देता है।
बक्टीरिया-पाहार में दूषण बक्टीरिया द्वारा भी होता
है। यह भूषण दो प्रकार का होता है-(१) रोग फलानेवाले
बोटाणु द्वारा (२) रोगन पलानेवाले बीटाणु द्वारा। कि तु इन
दोनों प्रकार कीटाणु द्वारा खाद्य-पाय के तत्वो मे बड़ा परिवर्तन
श्रा जाता है। इसम राग फलानवाले कीटाणु बहे पातक सिद्ध
-
होते हैं और ऐप भोनको खाने वाला व्यक्ति अनेक समय रोगो
से ग्रस्त हो जाता है। सफल गहिणी को दैनिक जीवन में रसोई
तैयार करने मे और उसका रख रखाव करन में इन समस्याग्रो से
दो चार होना पडता है। जिनके घरो मे फिज की सुविधा है के
महिलाए पाहार को उसमें रखकर प्राहार यो दूषित होने से बचा
लेती है कि तु जिनके पास फ्रिज की सुविधा नही है ये भी अपने
गधे हुए मारे नो पानी मे रख कर बनी हुई तरवारियो को ठड
हवादार स्थान पर रखकर व हरी सब्जिया का हल्के गील पदे म
रापेट पर टण्डी जगह पर रखकर उहे सराब होने से बचा सकती
हैं
प्राहार को सरक्षित करने के 7 उपाय हैं जिनमें प्रमुर
-
१ मुखी--(१) पूप मे "मगीनों द्वारा सुखाना-जत
गोनी, गलजम गागर बचागाम, अदरक मादि यो गौतम मै
सुराकर, उस समय के लिए रखना, जय य सतिश प्राप्त नहा
होती । इस विषय म इसी पुस्तर के तीसर खहम विस्तार रो दिया
गया है।
२ बोतल याnिा मे बदरसे वायु से माहार को दूर
रसनायायु रोगाणुमो का मूल स्रोत है । इस लिए पदापों या
पायम दूर रमपर इहे रोगाणुगों से सरक्षित पिया जा सरता
है। सीििपस हम गरबत सर्व जम, जली व मोरमलेट को
गुरक्षित रमते हैं। दूध मक्खन प्रपा पी वो नी इसी विधि ।
मुरक्षित राहा जाता है।
३ किरणों द्वारा सारा पदायों फोटामों से रहित
स्रना-प्रमार, मुरग और चवों को समय समय पर महिलाए
धूप रहा है इस तरह य प सहन र बच जाते हैं। वर
हिमा स पापों को भी या धूप दिमाई जाए तो
होणाको नमरिया जामरता है।
१८
४ कोटाणुनाशक घरेलू द्रव्यों का प्रयोग करके खाद्य पदार्थों पो रोगाणुओ से बचाना-शरवत, मुख्या, जैम, जेली मादि मे चीनी-पदायों को नष्ट होने से बचाती है और अचार, चटनी में तेल, राई सिरका नगक तपा अन्य अम्ल खाद्य पदार्थों को सुर क्षित रखते हैं। ५ रामायनिक पदार्यों के प्रयोग द्वारा रोगाणुषों को Tष्ट वरना--साइट्रिक एसिड, पोटेशियम मैटा-चाई सल्फाइट, सोडि- यम-बै गोएट आदि कुछ ऐसे पदाथ हैं जिसमे पाहार को सझाने- वाले पदायो को नष्ट करने की क्षमता होती है। इसके प्रयोग से यस्तुग्रो वो काफी समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। स्क्वैश, कॉर- दियल, जम, जली यादि में ये तत्व प्रावश्यकतानुसार डाले जाते रबत, स्क्वेश, जैम, जेली प्रौर मॉरमलेह मे फल सरक्षण के उपायो को भलो भाति प्रयोग में लाया जाता है। तीये पदाथ टिकाऊ बने रह सकते है। हाके यार म ययास्थान निर्देश दिया जाएगा। २ शरबत (SHARBATS) गों का ऋतु में खूब पसीना प्राता है। शरीर का पानी पसीन के रूप म निकत जाता है तो शरीर में पानी को कमी हो जाती है। इस ममी को पूरा करने के लिए ही अधिक प्यास लगती है। मियो मे शरबत, स्ववैश प्रादि ठण्डे पेय पीना अच्छा लगता है। उनस गर्मी शात होती है और प्याम भी उझती है। इमो अावश्यकता की पूर्ति के लिए ठड पेय बनाने की विषियों दी जा रही हैं।
- ॥ फलों के रस का सरक्षण चीनी डालकर ही किया जाता है, मत शरबत मे चीनी की मात्रा अधिक होती है। इसमे साइट्रिक एसिड डाला जाता है ताकि चोगी दानेदार न हो सके। इसके अतिरिक्त अय रासायनिक पदाय की इसमें प्रावश्यकता नहीं होती। गरबत बनाते समय ध्यान देने योग्य वात- (१) पाप ऐसी होनी चाहिए जो इच्छानुसार कम व तेज की जा सके। अगीठी मे कोयले का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योरि मोयले की पांच बहुत तेज होती है। (२) शरवन बनाने के लिए कलई स्टील या एल्यूमीनियम के यतनों का ही प्रयोग करना चाहिए। बिना बलईवाले बतों का प्रयोग नही करना चाहिए। (३) जडी-बी, पतें जिनका शरबत बनाना हो बिलकुरा साफ हो। (४) गाय के मसाले गरम-गरम भरवत में नहीं डालने चाहिए क्योंकि उसमें पोप्टिर तस्व मादि नष्ट हो जाते हैं। (५) मगर फूलो का शरबत बनाना हो तो फूल ताने व खिले हुए होने चाहिए तथा फूल एक ही तरह के व एक ही रंग के होने पाहिए। (६) फलों के शवरत के लिए फल ताजे व दागरहित होने पाहिए ना जानवर) व कीडो वे खाए हुए फला वा भी प्रयोग नहीं करना चाहिए। (७) शरबत कराने के लिए पानी, चीनी व साइट्रिक एसिर को मिलाकर दो तार की चाशनी बना लेनी चाहिए । चीनी ही शरबत को अपिय दर क सुरक्षित रखता है । इसलिए चीनी की मात्रा ७५ प्रतिशत से ७८ प्रतिशत होनी चाहिए । ताकि जब फला का रस मिलाया जाए तो भारत में चौनी६८ प्रतिशत तक रह जाए। (८) चामनी बनाते समय उस पर माईहई मैल साफ करने २० के लिए दूध म पाठ गणा पानी मिलाकर उसके छोटे पासनी पर देते जाइए। इस चासनी की मैल झाग के रूप में परमाती जाएगी। उसे छलनी से उतारते रहिए । इस तरह चासनी तैयार हो जाएगी। (६) जब चासनी बिलकुल ठडी हो जाए तो इसमे रस मिला लेना चाहिए। (१०) अब इसमे आवश्यकतानुसार रग मिला देना चाहिए। (११) अब जब शरवत तैयार हो जाए तो साफ, सूखी य कीटाणुरहित बोतलो में भर लेना चाहिए। (क) आच पर पकाए शरबत १ अगूर का शरबत सामग्री ३०० ग्राम मोटे प्रगूर, ५०० ग्राम चीनी, १सिटर पानी। विधि-(१) चीनी और पानी को मिलाकर भाष पर चढाइए। (२) फिर प्रगूरो का रस निकाल लीजिए। (३) मब रस को चासनी में मिलाकर एकसार कर लीजिए। फिर घोल को प्राच पर चढाकर एक उबाल पाने पर उतार लीजिए। मिश्रण ठण्डा होने पर छान लीजिए। (५) मत्र स्वच्छ की हुई बोतल मे. भर लीजिए। Non- लीजिए, शरबत तैयार है Rec २ प्रदरक का सामग्री ३० ग्राम अदरक कुतरा हुमा, ३० ग्राम किशमिश (बीजरहित), २ बड़े नीबू, ५०० ग्राम चीनी, डेढ़ - .
बोतल पानी।
यिधि--(१) नीयू पी छाल से उसके गूदे को अलग कीजिए
पर नीबू मो टुकडो मे मत काटिए। (२) मय पानी में चीनी
घोलिए। फिर उसमें नींबू की छाए मोर मदरक के टुपरे डाग
दीजिए और तीस-तीस मिनट तक उबालिए। अब उसे भाग में
उतारिए। (३) जव नीम गर्म रह जाए तो नींबू का रस डात
पीजिए। (४) मब बतन में बीज निकली किशमिश हालिए।
(५) उपर से शरयत डालिए। (६) शरबत को दस मिनट तक
प्रतिदिन हिलाते रहिए । (७) फिर छलनी में छानबर साफ बोतलो
मेरिण।
३ अनार का शरबत
सामग्री
२५० ग्राम अनार का रस, ७५० मि. लि. पानी,
५०० ग्राम नीनी।
विषि-(१) अनार वे रम मे २५० मि. लि. पानी गिता-
पर उबालिए। (२) पिर वाकी बचे पानी में चीनी मिलाकर
चाशनी तयार कीजिए। (३) तत्पश्चात् चाशनी म उबला हुमा
मनार का रस मिलाइए। (४) भव मिश्रण को छानबर शुद को
गई बोतलो मै भरकर रख लीजिए ।
बर, मनार का शरबत तैयार है।
४ अनार का शरबत (दूसरी विधि)
सामग्री
५०० मि. लि०मनार पा रस, ५०० ग्राम चीनी,
३ ग्राम साइट्रिप सिट, ३ ग्राम सानेवाला लाल रंग।
विषि-(१) स्टील रे तन मे रस, चीनी और साइट्रिक
एसिड को डालकर पंच पर पढाइए। (२) जब उबाल या जाए
२२
तो पोच पर से उतारकर उसमे रग मिना दाई जाने पर स्वच्छ बोतला मे भर कर रखि शरबत तैयार है। ५ इमली का शेखर Blu- (11.5 सामग्री। CARE ५०० ग्राम इसली,१ किलो पानी, विधि-(१) इमली मे पानी डालकर पाच पर चदाइए। इमली गल जाने पर कपडे से उसको छान लीजिए । (२) फिर छने रस मे चीनी मिलाकर १५२० मिनट तर पाच पर पकाते रहिए। (३) तत्पश्चात् उतार कर स्वच्छ बोतलो मे भर लीजिए। लीजिए इमली वा चटपटा शरबत तैयार है। ६ किशमिश का शरबत सामग्री २०० ग्राम किशमिश, २५० ग्राम चीनी, २५० मि० लि• गुलाबजल, २५० मि.लि.पानी। दिधि-(१) शिमिश को पानी मे धो लीजिए। फिर इसे पानी में उबालकर पतले कपडे मे छान लीजिए । (२) गब गुलाब- जल मे चीनी डालकर प्राच पर पकाइए। (३) जब चाशनी बन जाए तो किशमिश के रस में मिला दीजिए। (6) एक बार फिर पाच पर चढाकर एक उबाल दिलाइए और बच्छ बोतलो मे भर- पर रखिए। ७ केले का शरबत सामग्री ६ पेले, ६ सत्तरे, १ गिलास दूप, चीनी स्वाद पे भनु- सार, २ गिलास पानी। २३ 11405 - - विषि-~(१) केलो रो छीलकर मप लीजिए। (२) फिर पानी पोभाच पर चदावर उसमे मैले डाल दीजिए। (३) एक उबाल माने पर मिश्रण को कपडे म से छानकर स अलग कर लीजिए। (४) अब इस रम में सतरोया रस निचोडकर गुठलिया अलग कर लीजिए। (५) तत्पश्चात् दूध में चीनी मिलाकर रसवाले घोल डालकर अच्छी तरह हिलाइए। लीजिए केले सतरे का स्वाशिष्ट रक्त तैमार है । इसे बना- कर तुर त परोसा जा सकता है। ८ केवडे का शरबत सामग्री ३०० ग्राम बेवडे फूल, १ किलो चीनी, २ लिटर पानी, आधा ग्राम साइट्रिक एसिड, १ ग्राम पोटेशियम मेटागई सल्फेट। विधि--(१) पेवडे की पखुड़ियों को पानी में भिगोकर रात- भर पडा रहने दीजिए। (२) म पश्चात पानी और पखुडियोवाले बतन को धीमी आंच पर चढाइए। परत गवते जब पानी लगभग १ लिटर रह जाए तो उतार कर ठण्डा कर लीजिए। (३) फिर घोल को मलमल के कपड़े म ठान लीजिए। (1) भब बतन का धीमी भान पर चढाकर धोनी डाल दीजिए। (५) १५ मिनट पश्चात् साइट्रिक एसिड मिला दीजिए। (६) फिर वतन को भाच पर से उतारकर पोटमि मेटाबाई सल्फेट को पानी म घोलकर मिश्रणवाते यान म हाल दीजिए। लीजिए वेवड का सुर्गा धत गरमत तैयार है। इसे स्वच्छ बोतलों म भर नीजिए। ६ केवडे का शरबत (दूसरी विधि) सामग्री पाम केवडे के फूल, ४०० ग्राम चीनी, २४
०
२०० मि लि. पानी
विधि-(१) बडे से फूलो-को सियोकर पूर्व रात
रख छोडिए। (२) इसके पश्चात साचे
से अगका रस छान लीजिए,
रवानिरव
दीजिए । जब रस प्राधा रह जाए तो
तारकाचाशनी
बनाकर रस म पिला दीजिए। (४) अब शरबत को स्वच्छ बोतल
मे भरकर रख दीजिए।
लीजिए, गरबत तयार है।
१० खजूर का शरबत
सामग्री
१क्लिो खजूर, २ लिटर पानी।
विधि+(१) एक किलो खजूर को अच्छी तरह धोकर काट लें
तथा गुठली निराल ले । (२) फिर उन खजूरो को ३ लिटर पानी
में उबाल लें। जब माया पानी रह जाए तो उतार पर ठण्डा कर
लें। (३) प्रब किमी स्वच्छ कपडे से छानकर फिर पका लें।
(४) ब एक तार की चाशनी बन जाए तो उतार लें। अब परबत
तैयार है। (५) मत्र इसे ठण्डा करके साफ बोतलो म भरकर बोतल
का ढक्कन अच्छी तरह से बाद कर लें।
यह दमा तथा खांसी मे अपन लाभकारी सिद्ध होता है।
दारबत तैयार है।
११ खसखस का शरबत
सामग्री
२५० ग्राम खमखस, ६०० ग्राम चीनी, ६० मि. लि.
गुलाबजल, ढाई लिटर पानी।
विधि-(१) खसखस को ढाई लिटर पानी में पकाइए।
(२) जब पानी सूखकर दो लिटर रह जाए तो उसे पांच पर
से उतार कर खसखस को निचोड लोजिए। (३) फिर चीनी
एक तार को शासनी बना लीजिए । (४) मब उसमें स्वससस का
रस तथा गुलाबजल डालकर उसे स्वच्छ बोलो मे भर लोमिए ।
१२ गाजर का शरबत
सामग्री
१ किलो लाल गाजरें, चीनी स्वाद के अनुसार।
विधि-(१) गाजरों को छीलकर उनका रस निकाल लीतिर।
(२) फिर रस को भाच पर चढावर चीनी डाल दीजिए। जब
उबाल पा जाए तो उतारकर यातला मे भर गीजिए। ध्यान रहे
अनाते समय मिश्रण को चलाते रहना चाहिए सार चीनी घुले
लीजिए, गाजरा वा पोष्टिक शरबत तैयार है।
१३ गुलाब का शरबत
सामग्री
१ किलो चीनी, १ डोटी चम्मच गुलाब की खुश्बू,
५ ग्राम नींबू का सन,प्राधा छोटा चम्मच केवडा, ४००
ग्राम पानी, लाल रग इच्छानुसार।
विधि-(१) चीनी तपा पानी को मिलाएर उबाल लें। फिर
नीबू पा मा डालिा तपा २-३ सवाल दिला दीजिए। (२) इस
मिश्रण को छानकर फिर से उबालिए तथा एष तारवाली चासनी
गयार न पर पाच से उतार से। (३) अब इस मिश्रण कोटा
पर उममे गुलाम को सरवू देवडा तथा साल रग हिला दें।
(१)मबरवाया है। इस परत को कीटाणुरहित तथा स्वच्छ
योरतों म भरने।
१४ गुलाय का शरबत (दूसरी विधि)
सामग्री
२५० पाप मुलाव रे प्रयतिते फूल, ६० मि. लि.
गुजावर ४०० प्राम चीनी, ४०० मि.लि. पानी,
घोडा मिरामाला गुलाबी रंग।
विवि (१) को पानी में डालकर प्राय पर चढ़ाए'
(२) जव पानी रागभग आधा रह जाए तो उतार कर छान लीजिए।
(३) पिर गुजायजा मिला लीजिए। भव मिश्रण में चीनी डालकर
पकाइए। सपश्चात् प्राच पर से उतार कर पहा करीजिए।
(४) साथ ही पास में रग मिला दीजिए।
वस, गुलार का मुनि शरबत तैयार है। यह शरवन दिमाग
लिए लामागे होता है।
१५ चेरी का शरबत
inानाल २५
मामग्री
७० ग्राम चेरीमा रम ३०० गाम चीनी, १५ मि
१ ग्राम ॥इट्रिक एमिड, १ साम रचन
ह, गाम भेरी नापसन्स १ ग्राम
यम मावाईगरपाइट ।
धि (१) वैरिया को पानी से धोकर साप र नाजिरा
फिर उसे भलारमामा तथा महीन पद, मन पर निमार
लीजिए। (२) अब उसमे चीनी पानी प्री काट्रिय नि मिला
करसार का नीजिए औरणार पर पनाएजर मिश्रण प्रक्षी
1 IT जाग तो गाय पर मे उतारकर ठण्डा कर लीजिए।
() fमिश्रण म पोटाशियम मेटाबाई सरफेट को घोलकर मिला
दीजि । (४) माय ही रंग को भी घोलकर मिश्रण में मिला
दीजिए। (५) अब मिश्रण को अच्छी तरह एक्सार कीजिए।
तत्पश्चात रसमे चेरी एसेस को भी मिला कर हिलातो रहिए।
लीजिए धैरी का शरबत तयार है। भाप रग की मात्रा को
थोडा बढा भी सक्ती हैं।
२७
- १६ जामुन का शरबत मामग्री भाधा किलो जामुन, १ विली चीनी, २ लिटर पानी। विधि--(१) चौसी की चाशनी तयार बीजिए। (२) जामुनों को धोकर मय नीजिए। फिर जामुनो को पानी मे डालकर उबालिए । (३) मद घोल को कपड़े से छान लीजिए । (४) फिर रस मोर चाशनी मिसे वतन को गाय पर चढादा मार पर से उतार- करक बार फिर छान लीजिए। लीजिए, शरबत तैयार है। १७ नींबू का शरबत सामग्री ५०० ग्राम नीबू का रस, १०० ग्राम पानी, डेढ पितो धोनी। विधि-(१) चीनी तथा पानीवामिलादर दो तार की चासनी बताइए । चासनी बनाने से पहले चीनी तथा पानी में घोल को छान लें। इससे धोनी की मैल साफ हो जाएगी। (२) अब दो तार को चासनी बनाइए। (३) जय दो तार की चासनी तैयार हो जाए तो उतार दीजिए तथा ठण्डा होने दें। (४) जब चाशनी कुछ ठण्डी हो जाए तो उसमे स्वच्छ वियामा नीबू का रस मिला दें। फिर मियण कोलकडी के चम्मच से अच्छी तरह मिला दें। ताकि रस पूर्ण रूप से चारानी म मिल जाए । (५) अब सरवत तैयार है । इस स्वच्छ बोतलो में भरकर मोम से गील कर दें। १८ नीयू का शरबत (दमरी विधि) सामग्री १०० ग्राम नींबू ५०० मि.लि. पानी, चीनी स्वाद मनुगार। २९ F विधि-(१) बाबुओं को निचोड पर उनका रस छान लीजिए। फिर रस को एक उबाल दिलाइए। (२) फिर चीनी की चामनी बनाया। साथ ही उसमे रस मिला दीजिए। (३) ठण्डा होने पर बोतलो म भर कर रखिए। लीजिए, नी या गरवत तैयार है। १६ पपीते का शरक्त सामग्रो आधा किलो पपीते का गूदा, १ किलो चीनी, १ लिटर पानी, १ ग्राम साइट्रिक एसिड, १ ग्राम शरबत का - - पीला रग। विधि--(१) पपीत के गूदे वे छोटे छोटे बडे कर लीजिए। (२) फिर किसी मलईदार बता म गूदे के टुबर्ड और पानी डाल दीजिए और अच्छी तरह मसलकर एकगार पर लीजिए। (३) अत्र बर्तन धोधोमी पाव पर चढ़ाइए । (४) जब पानी प्राधा रह जाए तो पाच पर मे उतार कर ठण्डा कर लीजिए। (५) फिर धोल को कपडे म छान लीजिए। तत्पश्चात रस को धीमी पाच पर चढा- पर चीनी डालकर पकाए।१५ मिनट पचात मा.ट्रिक एसिड मिलाकर उत्तार लीजिए। (६) प्रब मिश्रण मे रग मिनार एफ- सार कर लीजिए। लीजिए, पपीत का पाचन शक्ति बढ़ानेवाला स्वादिष्ट शरबत तपार। २० पिस्ते का शरबत सामग्री २०० ग्राम पिस्ता, प्रामापिलो चौनी, १ लिटर पानी। विधि-(१) पिस्ते पो पानी में भिगोकर रखिए । तत्पश्चात् उसका छिलका उतारकर सिल पर पीमिए । (२) पिरसमे भाषा लिटर पानी डालकर प्राच पर चढ़ाइए । (३) जब दो-तीन साल
पा जाए तो पाच पर से उतार लीजिए।1) चीनी म शर
बचा पानी डालकर चासनी तैयार वीजिए। (५)फिर चासती म
पिस्टेवाला रस डालकर मिश्रण को एक्सार कर लीजिए। फिर
घोल को छान कर बोतला में भर लीजिए।
रचत तैयार है।
२१ पीयूष
सामग्री
२ कप चीनी, १ कप पानी, योहा मा पीला रंग, ८ दाने
इलायची, १ छोटा चम्मच जायफल वा पाउडर
यिधि-(१) पानी मे चीनी घोल लीजिए और म र प्राच पर
चढा दीजिए। (२) हो ऊपर से इलायची तथा गायफल का
पाउडर डाल दीजिए। मिश्रण उवल जाने पर प्राय पर से उतार
लीजिए । (३) जव मिथण ठण्डा हो जाए तो उसम पीला रग गिला
कर सम्बन्छ बोतलो मे भरकर रख लीजिए।
रा प्रकार के शरबत के लिए हमेशा पीले रंग का प्रयोग करना
चाहिए।
२२ फलों का शरबत
सतरा, नीबू अनार, पालसा, इनम मे योईगा भी शरबत
गुगन गैति से बना सकते हैं।
(१) जिस पल का परवन बनाना हो उस मच्छी तरह साफ
पस, रस निकार पर छान में। (२) रस को तो सें पा मार
में। एर लिटर रग म दो रिला दानेदार घासी दातार पाए ।
(३) धारानी चे टपरा पर देखें । नासनी गती हो जाए और
गिरते हा गोर-गी हो तो उनार बरठहार लें। पिर साप बोरी
में भर में
एप गिलास म एर बहा यम्मच खामिपर पानी में
पोरारपरामें।
Sate
२३ फोलसे को शरबत
सामग्री
२५० गाम पालसे, ५०० ग्राम चीनी मिल
गुलाबजल, १ लिटर पानी।
घिधि ---(१) फालसों को पानी में उबालिए। (२) जब पानी
भूखबर ७५० मि. लि. रह जाए तो उतारकर उन्हें निचोड
लीजि गौर छान लीजिए। (३) पिर चीनी की एक तार की
चासनी बनाकर उसमें फालसे का रस तथा गुलाबजल डाल दीजिए।
मिधग ठण्डा हाने पर साफ धोतलो मे भरकर रखें।
२४ फालसे का शरबत (दूसरी विधि)
सामग्री
५०० ग्राम फालस, २०० मि. लि. पानी, चीनी स्वाद
प्रामार।
विधि--(१) फालस साफ घर लाजिए और मथ लीजिए।
फिर उनका रस निकाल लीजिए । (२) उस विसी मिट्टी के बतन
में डालकर उबाल लीजिए। (३) अब किसी कलईदार वतन में
पानी और चीनी को मिलाकर चासा तयार कीजिए । (४) साप
हो चासनी में रस डालकर मिश्रण को ठण्डा होने दीजिए।
(५) फिर घोल को छानकर बोतल में भर कर रखिए।
नीजिए, फालसे पा स्वादिष्ट शरबत तैयार है।
२५ बादाम का शरबत
सामग्री
१५० ग्राम बादाम को गिरिखा, मया दो किलो चीनी,
है। लिटर पानी।
विधि-~(1) रात को बादाम की गिरिया पानी में भिगो
पर रस दीजिए । (२) तत्पश्चात् गिरियो के छिलके उतारकर
सिल पर बारीक पीस लीजिए। (३) फिर पिसी गिरिया को पानी
मे डालकर पाच पर चढा दीजिए। (४) साथ ही चीती भी मिला
दीजिए। जव मिश्रण उबलने लगे तो पाच पर से उतार लीजिए।
ध्यान रहे, इसे धीमी पाच पर पकाना चाहिए।
यदि माप इसे टिकाऊ बनाने चाहें तो इसम ५ ग्राम पोटा
शियम पेनाबाई सल्फट मिला दीजिए।
२६ बादाम का शरबत (दूसरी विधि)
सामग्री
२०० ग्राम गिरी बादाम १ किलो चीनी, ४०० ग्राम
पानी।
विधि--(१) २५० ग्राम गिरी बादाम रात को पानी में
भिगो दी जाए। मुबह होने पर छिलका उतागर घिर पर
खूब पारीक पारीक पीस लें। (२) अब इसे भाग पर गम मोगिए ।
थोडा पो पालीगतते रहिए | जब पानी लगभग १५० ग्राम पड
जानो मार लीजिए और एक क्लिो चीनी का माग पर च।
हैं। (३) उपयुक्त बादाम की सामग्री उसमे डाल दीजिए। एक
उबाल कर मल निवाल कर फेंकिए । (४) मैल अच्छी तरह गफ
हो जाए तो उस चीनी की चाशनी तयार कर लें। उसे रिसी बोतल
में भर कर रख लीजिए। शरबत तयार है। अब इसे ठण्डा करके
पानी म घोल कर पी लीजिए।
२७ बादाम का शरबत (तीसरी विधि)
सामग्री
२५ ग्राम यादाम की गिरिया, ५०० ग्राम चीनी,
२५० मि.लि. पानी १ ग्राम पोटाशियम मेगवाई
सफ्ट।
विधि-(१) बादाम का गिरियो को गन में भिगार
३०
MA-3-troMAL रखिए। (२) फिर उनके छिलके उतार कर बारीक पीस लीजिए। (३) प्रब पानी को मांच पर चढाकर उसमे पिसी गिरियां मिला दीजिए। (४) कुछ देर बाद उसमे चीनी डालकर पकाइए। (५) जब चीनी घुल जाए तो पाच पर से उतार कर ठण्डा होने दीजिए। (६) तत्पश्चात उसमे पोटाशियम मेटावाई सल्फेट मिला। कर बोतलों में भरकर रखिए। लीजिए, स्वादिष्ट शरबत तैयार है। २८ बादाम का शरबत (चौथी विधि) सामग्री २५० ग्राम बादाम की गिरिया, डेढ लिटर पानी, ५ ग्राम छोटी इलायची, चीनी स्वाद के अनुसार। विधि-(१) बादाम की गिरियो को दस घटो के लिए पानी में भिगो कर रखिए । तत्पश्चात् उहे छीलकर पीस लीजिए। (२) फिर उसमे पार भर पानी डालकर छान लीजिए । इसी प्रकार बाकी पानी को फोक मे एक बार फिर छान लीजिए। (३) अब उसमे चीनी डालकर माच पर चढाए । साथ ही इलायची को पीसकर मिश्रण मे मिता दीजिए। घोल पोहा करके बोतल मे भर कर रखिए। लीजिए. बादाम का स्वादिष्ट शरबत तयार है-मानी भर्फ डालकर उपयोग मे लाइए । पिपी २६ बेर को शरवत सामग्री २किलो बेर, धोनी स्वाद के अनुसार। विपि-(१) २ विगे बेरों को कुचल लें। फिर वेरों को लगभग ५० मिनट तक धीमी मांच पर गर्म पर लें। (२) इसके पश्चात् पुचले हुए वैरों को एक पपडे मे डालकर उनका र गरी SM
तैयार है। उसे साफ बोतलो मे भर लें। यह जुमाम तथा बुखार के
निचोड लें। (३) फिर रस की मात्रानुसार पुर चीनी डाल कर
मच्छी तरह घोल लें। (४) फिर रस को स्टील के बतन में डाल
पर, उस वतन को पानी में डाल कर १५ मिनट तक उबाल लें।
बतन गम हो जाने पर बाहर निकाल लीजिए। (५) अब शरबत
--
रोगी के लिए प्रत्य त गुणकारी है।
३० वेल का शरबत
सामग्री
१ पका हुआ बल, १ विनो चीनी, १०० मि. लि.
गुलाबजल, ढाई लिटर पानी।
विधि--(१) वेल का गूदा निवाल कर अलग कर लीजिए।
फिर लिसी स्टोल के वर्तनम इस पानी के साथ डालकर अच्छी
तरह उबालिए। (२) जब पानी दो लिटर रह जाए तो बतन को
पांच पर सारवर निचोड लीजिए । (३) फिर चीनी की
एक तार की च मनी बनारर बेर तथा गुलाबजल अच्छी तरह
मिला दीजिए। अब मित्रण को साफ तपा वीटाणुहल बाला
मे भरकर रख दीजिए।
३१ लीजी का शरबत
रामप्री
प्राधा रिला तीची या रस, डेढ बिताचीनी, माया
लिटर पाती ६५ ग्राम साइदिव एपिड ।
विपि -(१) चीनी पानी गौर साइदिय एशिष्ट यो मिना
पर एक बार प्रान दीजिएर भासनी को छान लीजिए
(२) पर चाराती टही होने दीजिए। तलनात उसम लीची
रस मिलाप र प्रायो तरह चलाया 1(३) माय ही मिश्रण को सा
बोतसोम भरा स्थान पर रमिए।
सोनियामागरमा तयार है।
३२ रसभरी का शरपत सामग्री १ बिता रसभरी, ७०० ग्राम चीनी, २ नीवुमो या विधि-~-रसरियों को पोइए और कुचलकर मलमल के कप मे छानकर रस निकाल लें। चीनी डालकर रस को वालिए। चासनी पर भाई मैल को साथ-साथ उतारते रहें। चासनी पक जान पर ठहा करके शरबत बोतल में भर दें। ३३ शहतूत का शरबत सामग्री ५०० ग्राम शहतूत, ७५० ग्राम चीनी, १ लिटर पानी, ३ ग्राम साइट्रिक एसिड, १ प्राम पोटाशियम भेटा बाई- सल्फेट विधि---(१) शहतूतो को साफ करके पानी में मिलाकर हाथ मे अच्छा तरह ममल लाजिए तादि पानी में व अच्छी तरह धुल जाए । (२) फिर घोल को फलईदार पडाही डालकर घीमी पांच पर भूध दर तक पकाइए। (३) तत्पश्चात् घोल को गलमल के कपड म छान लीजिए। (४) अव घोल को बराईटर जलन में डानबर चीनी मिला दीजिए और धीमी पाव पर पकाइए। (५) कुछ समय पश्चात् उसम साइट्रिक एसिड मिलाकर भाच पर से उतार लीजिए। (६)फिर पोटाशियम मेटाबाई सल्फट को पानी में घोलवर मिश्रण में डालकर प्रछी तरह हिलाइए। लीजिा, शहतूत का शरबत तैयार है। ३४ सतरे का शरबत सामग्री १० मध्यम विस्म मतर, ६०० गाम चीनी, १ पिट रबना पानी।
विधि-(१) सतरो का रस निकालकर उनके छिलके मोर
गूदा पानी में डाल दें। एक पिट उबलते हुए पानी मे माघे घटे तक
ढक्कन लगाकर पड़ा रहो। (२) चीनी यो पानी मे उबालें ।
पासनी पर से मल उतारते रहें। (३) तब चासनी मे सतरे का
रस तथा छिलका के पानी को निचोड कर डाल दें।खुले वतन में
ठडा करके बोतलो मे भरें।
३५ सतरे और नींबू का शरबत
सामग्री
४ सतरे, २ नीबू, २०० ग्राम चीनी, १ लिटर पानी।
विधि-(१) पतरों और नीमों के छिलके उतार लीजिए।
(२) फिर पानी को उबाल लीजिए । साथ ही छिलको के साथ चीनी
को किसी बतन में डालकर ऊपर से उबलता हुमा पानी छोडकर
ऊपर से ढक दीजिए । (३) अब उसमे नींबुप्रो पोर सतरो का रस
मिला दीजिए । साप ही मिश्रण को हिलाइए मोर बोतलो मे भरकर
रखिए।
३६ सतगे का खट मिट्ठा शरबत
सामग्री
५ मोठे नागपुरी सतरे, २ सटटी मिटठी नारगिया,
८०० ग्राम कागजी नींबू, १ लिटर पानी, डेढ किलो
चीनी।
विधि-(१) मनरो, नारगियो पोरनीबुप्रो को छील लीजिए
मौर उन्हें निचोड गोजिए। (२) मब रसा के मिश्रण को छानकर
परपर के पतन में डाल दीजिए। (३) फिर चीनी और पानी की
चासी वनावर उसमे रस मिला दीजिए। तत्पश्चात मिश्रण को
धीमी माच परपरा लीजिए।
बम सट मिटठी गरवत तैयार है।
. ३७ सदल का शरबत सामग्री २५० ग्राम सफेद सदल का चूरा, २५० ग्राम शहद, २५० ग्राम चीनी, प्राधा लिटर पानी। विधि-(१) सदल के पाउडर को रात मे भिगोकर रखिए। (२) तत्पश्चात् उसे मांघ पर चढाइए । जब तक तिहाई पानी रह जाए तो शहद और चीनी की पासनी बाकर सदल के पाउडर- वाले बतन में मिलाकर चलाइए। लोजिए, स्वादिष्ट सुगन्धित शरबत तैयार है। यह दिमाग को ताजा रखता है। ३८ सादा शरबत सामग्री. १ किलो चीनी, १५० मि. लि. दूध, भाषा लिटर पानी। विधि-(१) कलई की हुई कडाही मे चीनी की पासनी बनाइए । (२) फिर दूध मे तीन गुना पानी मिलाकर रख लीजिए। । (३) जब उबाल माने लगे तो थोडा-सा दूध डाल दीजिए। ऐसा करने से पासनी का मैल ऊपर मा जाएगा। उसे धम्मच से निकाल दीजिए। (४) इस तरह जब-जब उबाल पाए थोडा-थोडा दूष 1 डालती रहिये। जब मल पा माना बन्द हो जाए तो भाच पर से उतार लीजिए। फिर इसे ठण्डा करके छान लीजिए। शरवत तैयार है। ३६ सेब का शरबत सामग्री भाषा किलो सेय, १ लिटर पानी, माधा किलो चीनी। विषि--(१) सेबों को छोलकर छोटे-छोटे टुकड़े काट र में
लीजिए । (२) फिर टुबडा को माधा लिटर पानी में उबालिए।
(३) अब उनको रपटे में छान पर रस मला बर दीजिए।
(४) तत्पश्चात् बावी बचे पानी में चोरी डालकर पासनी तयार
कीजिए । (५) पिर चासनी मे सेबो माग्स मिलाकर छान
लीजिए।
लीजिए, सेवा या स्वादिष्ट शरबत तैयार है।
(ख) विना पाच के बनाए शरबत
४० प्रामवाशरबत
सामग्री
डेढ मिलो प मामी या गूदा, हेढ लिटर पानी,
३० ग्राम साइट्रिक एसिह, २ माम पोटाशियम मेटाबाई
सल्फेट, डेड रिलो चीनी।
विधि-(१) भाम का गूदा, साइट्रिक एसिट, चीनी और
पानी को मिलाकर किसी कपडे मे से छान लीजिए। (२) अब छने
हुए रा मे पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट हाल दीजिए। (३) इसे
स्वच्छ एव जतु रहित बोतलो मे भर कर रखिए।
लीजिए गरबत तयार है।
४१ फसेर का शरवत
सामग्री
५०० ग्राम कसेरू, ४७५ माम चीनी पिसी, घोडा सा
गुलाबजल
पिभि-(१) बसेरू को पानी मे ४ ५ पटे के लिए रस
दीलिए । तत्पश्चात करोरू यो मसल कर छान लीजिए। (२) फिर
रस में पोनी गल पर पोलिए। (३) पव मिश्रण में गुलाब जल
जिकिए।
मस, परवत मारहै।
१
--
३८
Jos.
४२ किशमिश का शरबत
सामग्री
१५० ग्राम किशमिश, ७५ प्राम चीनी मिश्रा
लि. पानी।
विधि--(१) फिदामि को धोकर २४ घटा के लिए भिगो
दीजिए । (२) गूदे को निचोडिए। (३) अब चीनी मिल कर ४८
घटे तक रख दीजिए। (४) निचोड कर छलनी मे छान लीजिए।
४३ तरबून का शरवत
सामग्री
एक पका हुमा तरबूज, थोडा सा केवडा, चीनी स्वाद
के अनुसार।
विधि--(१) तरबूज के बीज तथा गूदा अलग कर लीजिए।
फिर तरवूज के गूदे को काट लीजिए। (२) अब उसमे भदाज से
चीनी मिलाइए ! (३) साथ ही देवडे का घोल बनाकर डाल
दीजिए। फिर मिश्रण को स्वच्छ बोतलो म भर लीजिए।
बस, तरबूज का स्वादिष्ट पेय तैयार है। इसमे पानी डालने
की आवश्यकता नहीं रहती वयाकि तरबूज म पानी बहुत होता है।
४४ तरबूज का शरबत (दूसरी विधि)
सामग्री
२ किलो माल तरबूज, चीनी स्वार के अनुसार
विषि-(१) तरबूज को काटकर समका गूदा अलग कर
लीजिए । (२) गूदे मे से वीज प्रतग कररे छोटे-छोटे काट
दीजिए। (३) पर गूदे को किसी वतन मे फैलाकर ऊपर से चीनी
छोड दीजिए। साथ ही उसे मथ लीजिए । ततारचात उसे छान
लीजिए।
लीजिए तरबूज का शरबत तयार है । इसमे पानी नहीं
मिलाना चाहिए क्योकि तरबूज में बहुत पानी होता है।
४५ पुदीने का शरबत सामग्री २५० मि. लि. पुदीने का रस, २५० मि०नि०मनार या रस, ५०० ग्राम चीनी। विधि--(१) पुदीने के रस में मनारमा रस मिलाकर छान लीजिए। (२) फिर उसमें चीनी को डालकर घोलिए। जब पीती घुल जाए तो मिश्रण को एक बार फिर छान कर परोसिए। इस शरबत से प्यास शात होती है। (ग) ऐसेंसवाले शरबत ४६ अनार का शरबत सामग्री १ किलो चीनी, १ लिटर पानी, ७ ग्राम प्रनार का ऐसे स, ३ ग्राम शरबत का लाल रंग, ४ ग्राम साद- दिक एसिड, ३ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट । विधि---(१) चीनी की चासनी तयार कीजिए । (२) फिर उसभे साइट्रिक एसिड मिलावर नीचे दी हुई विधि के अनुसार घासनी पवा नेमवयतन दोनोच पर से उतार कर हा कर लोगिए । (३) ठडा हो जाने पर उसमें पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट कोडे से पानी में घोलकर मिला दीजिए । (४) प्रव मिश्रण में रग और ऐने स मिलाकर अच्छी तरह चलाइए। बस मनार का श्रिम शरवन नैयार है। पासनी बनाने की विधि-ऐसे सवारी सभी शरबतों की पासनो मपम घोर न छोटे देते जायें ताकि मल साफ होती रहे। इसी बीच माइदिय एसिड का पोसवर चासनी में मिला ५जिए। जर भाग पानी बदहा जाए तो इण्डस्ट्रियल पर्मामीटर से जाप पर ल । जब पर्मामीटर का तापमान २१२ डिग्री फॉरेन- हाइट तक पहुंच जाए तो बर्तन को भाच पर से नीचे उतार लेना चाहिए। यही विधि सभी ऐसे सवाले शरवतों में अपनानी है। ४७ श्राम का शरबत सामग्री १ किलोचीनी,१ लिटर पानी.३ ग्राम माम का एसेस, ४ ग्राम साइट्रिन एसिह, ३ ग्राम शरबत का नारगी रग, ३ ग्राम पोटेशियम मेटाबाई सल्फेट । विषि-(१) धोनी की चासनी बनाकर इसमे साइट्रिप एसिड डाल दीजिए। (२) फिर मिश्रण को पांच पर से उतारकर उसमें पोटेशियम मेटाबाई रास्फेट को पोहे से पानी में घोलकर मिला दीजिए और फिर वर्तन को पांच मिनट तक धीमी आंच पर रखिए। (३) तत्पश्चात उसमें लालरग और माम का एसेन्स मिलाकर मच्छी तरह चलाइए ताकि एक्सार हो जाए। लीजिए, मामा स्वादिष्ट शरबत तैयार है। ४५ केवडे का शरबत डेढ़ किलो चीनी, १ लिटर पानी, ३ ग्राम साइट्रिक एसिड, ४ ग्राम केवई का एसेस, २० मि. लि. दूध, ४ाम पोटेशियम मेटावाई सल्फेट। विधि-(१) कलईदार बतन मे चासनी तयार कीजिए । (२) फिर दूध मे थोडा-सा पानी मिलाकर चाशनी मे छोटें डाल- कर मैल उतारती जाइए। (३) जब चासना मे मल मानी पद हो जाए तो उसमें साइट्रिक एसिड मिला नीजिए। अव पोटेशियम मटायाई सल्फेट को पानी में घोलकर मिश्रण में मिला दीजिए। (6) फिर बर्तन को पांच पर से उतारपर ठण्डा कर लीजिए। ,
साप ही मिश्रण मे केवडे का एसेस मितावर स्वच्छ बोतल में
भरिए।
लीजिए, सुषित शरबत तयार है।
४६ गुलाब का शरयत
सामग्री
१ किलो चीनी, १ लिटर पानी, २ ग्राम साइट्रिक
एसिड, ३ ग्राम पोटेशियम मेटाबाई सल्फेट, ४ ग्राम
शरबत का लाल रग, ३ ग्राम एमेम गुलाव, २५ ग्राम
दूध।
विधि---(१) फलईदार कहाही में पानी और चीनी डालकर
घोल लीजिए । (२) फिर कमाही को भाव पर चढाइए । (३) मन
दूध में पानी मिलाकर चासनी में छिडकिए। मल माने पर चम्मच
मे अलग कर लीजिए। जब मल भानी बाद हो जाए तो उसमे
साइट्रिक एसिड पीसकर मिला दीजिए। (४) दम मिनट पश्चात्
मांच पर स उतारवर पोटाशियम मेटावाई सल्फेट को घोलकर
मिला दीजिए। (२) फिर रग और एसेस मिलाकर इलछी से
पताइए ताधि मिश्रण एक्सार हो जाए।
लीजिए, गुसाव मारवत तैयार है।
५० नींबू का शरबत
सामग्री
१मिली चीनी, १ सिटर पानी, ग्राम साइट्रिक
एसिर ३ ग्राम रारिप एगिड, ३ ग्राम नीबूपाएगेन्स,
२ ग्राम शरना पीना रग, १५ भि० लि. दूध ।
विपि-(१) चीनी और पानी को मिसार घोलिए।
(२) फिर पोल रो मार पर पार पागनी संपार पीलिए।
(३) पनप म पाली मिमाररानी में पोहा घोडरर
डालती जाइए मोर चम्मच से मैल उतारती जाइए। (४) फिर
घोल मे टाटरिक एसिड, साइट्रिक एसिड और रम मिलावर भाष
पर से उतारकर ठण्डा होने दीजिए। (५) तपश्चात् मिश्रण मे
एसेन्स मिलाकर भच्छी तरह एकसार कर लीजिए।
लीजिए, नीबू का एसे समाला स्वादिष्ट शरबत तैयार है।
--
५१ बादाम का शरबत
सामग्री
१ लिटर पानी, १ किलो चीनी, ७ ग्राम बादाम का
एरोस, १५ ग्राम वादाम की छिली हुई गिरियां,
३ ग्राम पोटाशियम मेटानाई-सल्फट ।
विधि-(१) चीनी की चासनी बनाकर पोटाशियम मेटा
बाई सल्फेट को पानी में घोलपूर उसमे मिला दीजिए। (२) फिर
बादाम की गिरियों को बारीक पीसकर पासपी में मिला दीजिए।
(३) साथ ही मिश्रण को प्राच पर से उतारकर ठण्डा होने
दीजिए। (१) अब उसमें बादाम का एसेन्स मिलाकर एकसार
कर लीजिए।
लीजिए, बादाम वा स्वादिष्ट एसेन्सवाला शरबत तैयार है।
५२ सन्तरे फा शरबत
सामग्री
१मिलो चीनी,१ लिटर पानी,५ ग्राम साइट्रिक एसिड,
३ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट, ४ नाम एसेस
पोरेज ऋश।
विधि-(१) चीनी और पानी की चासनी बनाए ।
(२) जव चासनी बन जाए तो उसमें साइट्रिक एसिड मिला
दीजिए। (३) फिर चासनी को आंच पर से उगारकर ठण्डा होने
दीजिए। (४) ठण्डा हो जाने पर पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट
-
थोडे से पानी में घोलकर मिश्रण में डाल दीजिए। (५) तत्पश्चात्
मिश्रण में एसन्स मोरेज ऋश मिला दीजिए।
सत्तरे का स्वादिष्ट शरवन तयार है।
.
-
५३ सन्दल का शरबत
सामग्री
१ किलो चीनी, १ लिटर पानी, ३ ग्राम साइट्रिक
एसिड, ३ ग्राम सदिल का एसेस, ३ ग्राम पीला सिरप
कलर, २० मि.लि. दूध ।
विधि-(१) कलईदार रहाही में पानी और चीनी मिलाकर
चासना तयार पीजिए। (२) फिर दूध मे पानी मिलाकर चासनी
मे उसने छींटे डालिए । मैल को हटाती जाइए और साइट्रिक
एसिड मिलाइए। (३) जब मैल पानी बदहा जाए तो भाव पर
से उतारपरसण्डी होने दीजिए। तत्पश्चात् पीला सिरप कलर मिला
कर अच्छी तरह हिलाइए और रा दल एसे स भी मिला दीजिए।
लीजिए स दल का स्वादिष्ट 'गरबत तैयार है।
(घ) यूनानी आयुर्वेदिक सरबत
५४ उनाव का शरबत
सामग्री
१०० ग्राम उ नाव, ३५ ग्राम गुलाब के फूल, ७ ग्राम
मुलहटी १७० ग्राम लसोडा, १५ ग्राम सौंफ, ५००
मि.नि.पानी, २७५ पाम चीनी।
विधि--(१) उ नाव मुलहटी, लसोडा सौफ और गुलाब
में फूलो को मिलाकर बारीक पीस लीजिए। फिर मिश्रण म
पानी मिलावर रान भर के लिए रखिए । (२) अब मिश्रण को
भाच पर पकाइये। (३) जब पानी लगभग आधा रह जाए तो
छान लीजिए। (४) फिर घोल में चीनी मिलाकर धीमी आंच पर
N
पकाइए। (५) चीनी की चासनी तैयार हो जाने पर उतार
लीजिए।
लीजिए, पेट के रोगो मे लाभकारी शरबत तैयार है।
५५ नीलोफर का शरबत
सामग्री
५०० ग्राम नीलोफर के फूल, १ किलो चीनी,
२ लिटर पानी।
विधि--(१) फूलो को भिगोकर रमिए । (२) तत्पश्चात
उन्हें माच पर चढाकर पकाइए। जब पानी लगभग प्राधा रह जाए
तो छाकर उसमें चीनी मिलाकर चासनी बनाइरा पोर पाच पर
से उतार लीजिए।
लीजिए, नीलोफर का शरबत तैयार है। यह दिमाग के लिए
लाभदायक है।
५६ बनपशा का शरबत
सामग्री
५० ग्राम बनपशा की पत्तियों, २५० ग्राम चीनी,
५०० मि. लि. पानी।
विधि---(१) पत्तियों को पानी में डालकर रात को भिगो-
कर रख लीजिए । (२) तत्पश्चात उहें पाच पर पकाइए । जव
पानी लगभग आधा रह जाए तो छानकर व उसमे चीनी मिला-
कर चलाती रहिए। (३) बासनी बन जाने पर उतार लीजिए।
लीजिए शरबत तैयार है। यह गले की खराबी, खासी
जुकाम मौर सिरद मे लाभारी होता है।
५७ ब्राह्मी का शरबत
सामग्री
२०० ग्राम ब्राह्मी की पत्तियां, ४० ग्राम
41
३
-
गिरियो, ८०० ग्राम चीनी, ४० ग्राम मुनका,
२ ग्राम साइट्रिप एमिह, १ ग्राम पोटाशियम मैटावाई
सल्फेट, डढ़ लिटर पाती।
विषि-(१) मुनको को साफ पानी में धोकर भोज निकाल
लीजिए । (२) बादाम भी गिरिया पानी म रात भर के लिए
रखें। तत्पश्चात् गिरिया का छिलका उतार कर सिल पर मुनको
के साथ पीस लीजिए। (३) अब एक पतीसी में ब्राह्मी की
पत्तियो को भिगोकर रख दीजिए । (४) फिर पत्तियोंवाले
बर्तन को भाव पर रखकर पनाहर। जब पानी लगभग भाषा रह
जाए तो काढ़े का एवं स्वच्छ कपड़े छानकर रस लीजिए।
(५) भव काढे म बादाम की पिसी गिरिया मोर मुननका हालकर
अच्छी तरह हिलाइए। कुछ समय पश्चात् घाल को पिर छान
पीजिए । (६) फिर मिश्रण को स्टील के बर्तन म उठेलार चीनी
हाल दीजिए और भाच पर चढाइए मार साइट्रिक एमिड भान
दोजिए। तापमान २१२ डिग्री पॉजहाइट तक पहुच । जाए बतन
को पाच पर स उतार कर ठहा हान दें। (७) जब घाल ठडा हो
जाए तो पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट यो गम पालीम धोनकर
मिश्रण में मिला दीजिए।
बर, ब्राह्मी का शरबत तैयार है। यह मुद्धिवत रहे।
५८ रह-प्रजा का शरबत
सामग्री
२०० मि.लि. मीठे प्रनार का रस, २०० मि. लि.
खट्टे भनार का रस २०० मि. लि. मीटी विही का
रस, २०० मि.लि.सटी बिही या रस,
लि० अमादा रस २०० मि. लि. मीराब का
रस, २००म० लि. पानी ६०० ग्राम चोनी।
विधि-~(3) सभी रसो को मिलाकर पाय पर चढ़ाए।
००मि.
साथ ही उसमे पानी मिलाइए । (२) जब अच्छी तरह उबलने
लगे तो चीनी डालकर चलाती रहिए । (३) फिर मिश्रण को
पाच पर से उतारार ठडा होन पर छान लीजिए।
लीजिए स्वादिष्ट रूह-अफजा पार है।
(ड) विदेशी शरबत
५६ प्रदरक पच
सामग्री
१०० ग्राम प्रदरष, ७५ मि. लि. (Lemon) नीबू
का रस, १२५ मि. लि. पानी, १०० ग्राम चीनी,
७५ ग्राम सतरे का रस ।
विधि-(१) पदरक को बारीक तरकर पोनी घुले पाना में
मिलाइए। (२) १५२० मिनट तर साधारण पांच पर पकाइए।
(३) गव नीबू और सतरे का रस डालकर छलनी मे छानकर
बप मिनार टण्डा कर लीजिा। अब ठडे पानी में घोलकर
सेवन नीति
-
६० प्रनानास पच
सामग्री
एस अन नास (छोटा) एक मोठा, एक सट्टा, एक
बोतल सोहा १५० ग्राम (ण स्वाद के अनुसार) पीनी ।
विधि--(१) अन नाम के कुछ टुकडे मोर ट्ठि के कुछ
पटे हुए छोटे बडे एक मोर बचा कर रख लीजिए। (२) क्षेप
सभी पलो पा रस निकाल लीजिए। (२) मब सारी सामग्री को
मिलाहा--देवर सोडा मत डालिए। उसे ठण्डा कर लीजिए।
(४) जर परोसना पाह तो मनानास और मिटठे के टुकडातार
उपर से सोडा डाल दीजिए।
४७
-
भरनमका
६१ औरेन्ज ड्यू
सामग्री
४ सतरे, २ चम्मच शहद, १ नीबू का मर्क, चुटकी
विधि-(१) सन्तरो का रस निकाल लीजिए मोर उसमे नींबू
का रस मिला लीजिए। (२) फिर शहद को घोडा सा गम करके
मिश्रण मे डाल दीजिए। (३) अब उसमे नमक मिलाकर बर्फ
डाल दीजिए।
लीजिए पोरेन उयू तैयार है।
६२ चायपच
सामग्री
३०० मि. लि. डी चाय, ८० ग्राम चीनी, एक नीबू,
एक डे मारे का रस, प्राधा मन नास (छोटा)।
विपि-(१) टडी चाय मे अनानास, नींबू और सतरे का
छना हुप्रा रग डाल दीजिए । (२) मब इस घोल में चीनी को
मन्छी तरह पोलिए। (३) गिलासो मे थोड़ी थोडी नर्फ डालिए।
कपर से द्रव डालकर पीजिए।
६३ फूट पर
सामग्री
२०० ग्राम धोनी, ३००मि. लि. मन नास का रा,
१५० मि. लि. नीबू का रस, १५० मि.लि. सतरे
का रस, १२५ मि.लि.माधारण पानी।
विधि--(१) पानी मे चीनी गलर दस मिनट तक उबा
लिए। (२) भय फलो के रस डालकर ठण्डा कीजिए । (३) ठण्डे
पानी में पोलर पीजिए।
४८
मु-१०
६४ मैंगो फूल सामग्री ७०० ग्राम कच्चे प्राम, ५०० मि. लि. दूध,५० ग्रा० चीनी विधि-(१)मामो को छीलिए । फिर पानी मे उबाल लीजिए। नर्म पड जायें तो उतार लीजिए। (२) अब गूदे को अच्छी तरह मथिए । थोडा सा दूध मिलाकर गूदे को द्रव की शक्ल का बना लीजिए । (३) फिर उसे ठण्डा कर लीजिए। (४) अब चीनी को दूध में मिलाइए। फिर उसे उबालकर ठण्डा कर लीजिए। तब भाम के द्रव मे मिलाइए । इच्छानुसार त्रीम भी मिला सकते हैं । (५) उसे ठडा करके परोसिये। यदि प्राप गाढा रस पसन्द करते हों तो दूध उबालने से पूर्व उसमे पोहा-सा कस्टर्ड पाउडर मिला सकते हैं। रक्त-वर्धक शरवत ६५ सादा शरबत इस एलोपथिक रक्त वधर परवत को बनाने के लिए सब- प्रथम सादा पारवत तयार करना पडता है। सादा शरबत बनाने की विधि इस प्रकार है- सामग्री ढाई किलो पीनी ईट लिटर पानी, २०० मि. लि. दूष। विधि--(१) चीनी एक लिटर पानी में डालर भाच पर चढा दीगिए। जब एक सवाल मा जाए तो पाच को धीमी कर दीजिए। (२) पिर मनग बतन म दूध प्रोर दोष पानी मिलागर पोडा पोटा चासनी मालती जाइए ताकिमस
पर मा जाए। (३) इसी प्रकार मल से चम्मच से प्रतापरती
रहिए । जब मैस उठना बद हो जाए और तापमान २१२ नो
फारेनहाइट पर पहुंच जाए तो पाच पर से उतार कर ठण्डा होने
दीजिए।
बस, सादा परवत तैयार है।
.
६५ (अ) रक्तवर्धक शरबत
सामग्री
५०० ग्राम सादा शरबत, ६ ग्राम फेरिएट समोनिया
साइट्रास, ४ ग्राम शरबत का लाल रम।
विधि-(१) तैयार सारे शरबत मे गरवतबाला रग और
फरिएट एमोलिया साइट्रास मिलाइए । (२) फिर मिश्रण को
मन्छो सरह चलाइए ताधि पोल एपमार हो जाए।
लीजिए, स्वादिष्ट एव रक्त वधक शरबत तयार है।
६६ ग्रेमाल्ट सिरप
सामग्री
८०० ग्राम चीनी, " लिटर पानी, २ ग्राम पाटा
शियम मेटावाई सल्फेट, २ ग्राम शरबत का लाल रग,
१५ ग्राम हाइपो फास्फेट ऑफ लाइम १५ ग्राम हाइपो.
फास्फेट मॉफ सोडा।
विषि-(१) चीनी और पानी को बतन में डालकर पिछली
विषि के अनुसार सादा गरवत बना लीजिए। फिर उसमे रंग
मिला दीजिए। (२) फिर शरवत मे हाइपो फास्फेट प्रॉफ लाइम
भोर हाइपो फास्फेट मॉफ सोहा मिलाकर अच्छी तरह एक्सार
कर मीजिए। (३) साथ ही उसम पोटासियम गल्फेंट मिलाकर
पसाती रहिए।
सीजिए स्वादिष्ट और प्रारषा शरमत तैयार है। यदि
*
माप इसे भोर भी पापक बनाना चाह तो इसम सिरप क्लर भी
मिला सकता है।
३. स्क्वैश
(SQUASHS)
प्ला क रस को सौग नायर अघिय गमय तब सुरक्षिा
रखा जा सकता है। स्वा वा परोसन गगय इस बात का ध्यान
रखना चाहिए कि उसमे तीर-चार गुणा पानी डालकर परोमना
चाहिए । इमरा एक प्रसत स्वादिष्ट पेयनयार हो जाता है।
म्ववश बनाते समय ध्यान देने योग्य बाते-
(१) स्क्वंदा बनाने के लिए पर्षे रसदार फल ही लेने चाहिए।
नाम प्राव निव रग, स्वाद, सुर्गा ध अधिक मात्रा मे प्राप्त हो
सके।
(२) पानी म साइट्रिक एगिड व चीनी मिलाकर एक उबाल
हो दिया जाए ताकि चीनी अच्छी तरह घुल जाए ।
(३) प्रब चासनी वो साफ नरातिए इरा मलमल के
कपडे मे छान लेना पहिए।
१४) फलोक र चाशनी मे मिलान से पहले ध्यान रखना
पाहिए वि चासनी बिल्कुल ठण्डी हो जिससे पौष्टिक तत्व व स्वाद
अधिक मात्रा में सुरक्षित
जा सक।
(५) रासायनिक सरक्षण पदाय पो थोडे ग पानी के साथ
मिलाकर ही स्ववेश मे मिलाना चाहिए।
(६) स्वंश मे कृत्रिम रग घ सुर्गा सती ही मामा म
मिलाए सिरा प्रयोग करते समय ये दोनो वसी रहें जैसी प्राकृतिक
फलो में पाई जाती हैं।
(७) फिर बने हुए स्ववश को साफ, गूखी व बीटाणुरहिा
बोनली में भर प्रेम चाहिए ।
(८) जव मापने स्क्वैश में रासायनिक सरक्षण पदाम डाली
हो तो उसे कम से कम १०-१५ दिन नम इस्तेमाल नहीं करना
चाहिए।
(E) यदि मापने इसे जल्दी ही इस्तेमाल करना हो तो माप
इसम रासायनिक सरक्षण-पदापन डालिए।
(१०) पर ध्यान रहे ऐसा स्ववंग मधिक दिनों तब पड़ा
रहने से खराब हो जाता है।
६७ प्रौरेन्ज स्ववंश
सामयी
६०० मि. लि. सतरे का रस, ७५० ग्राम चीनी,
५०० मि.लि. पानी, ३ ग्राम पोटानियम मेटाबाई
सल्फेट, १ माम खानेवाना नारगी रंग, १ ग्राम
साइट्रिक एसिड, ३ मि. लि. औरेन्ज ।
विधि---(१) एक कलईदार या स्टील के बतन में पानी पौर
पीनी को मिलाकर पांच पर पाइए । फिर उसमे साइट्रिक एसिड
मिला दीजिए। (२) पद्रह मिनट पश्चात् उसमे सतरे का रस
मिलावर रग और एस स मिला दीजिए। (३) दम मिनट तक
पलाती रहिए। पिर मिश्रण मे पोटाशियम मेटालाई सल्फेट मिला
दीजिए।
लीजिए, सतरे का सर्वानयार है। दो सप्ताह बाद प्रयोग से
६८ गोरेज वंश (दूसरी विधि)
मामणी
पापा शिरो मारेरा रण
६०० ग्राम पीजी
१.२ ग्राम का नाम शादिय गिर/ प्राम
प्रति frii रचा पोशियम भरावाई-मल्पात
५०
११ चम्मच एसेन्स, आवश्यकतानुसार रग। विधि--(१) चीनी की चाशनी बना सें भोर माग पर पड़ा दें। (२) जब उबाल पा जाए तो उसमे साइट्रिक एसिट व रग मिला दें। (३) जब २-३ उबाल आ जाए तो छानकर ठण्डा कर में और सतरे का रस मिला दें। (४) अब पोटाशियम मेटाबाई सल्फाइट थोडे से पानी में घोलकर सतरे के स्क्वैश मे मिला दें। (५) फिर स्वच्छ तथा ज तुरहित बोतलो मे सवंश को भरकर काफ लगाकर पार्क के किनारो पर मोम लगा दें। (६) मन बोतलो को ठण्डे स्थान पर रख दें।मन भाप बोतलो पर लेबल चिपका- कर जिलेटिन पेपर में लपेट सकते हैं। ६९ ओरेन्ज स्क्वंश (तीसरी विधि) सामग्री ४०० मि. लि. सतरे का रस, १ छोटा चम्मच नींबू का भकं, २५० ग्राम कैस्टर शूगर, २ कण पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट (अधिक उपयोग न करें), १/३ छोटा चम्मच सतरे का एसेस। विधि--(१) पके हुए सतरे लेकर उसे धो लीजिए भोर छिलका उतारकर फांको से मदर के सफेद रेरो भलग कर दीजिए। (२) सतरा को काटकर बीज भलग पर लीजिए। रस निकालने की मशीन से रस निकालिए और छान कर स्टील के बर्तन में रखिए । (३) अब इस रस मे पीसी मोर नीबू का रस मिलाकर तब तक हिलाती रहिए जब तक फि समकुछ एकसार न हो जाए। (४) प्रव पोहे से सतरे के रस मे पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट डालकर मच्छी तरह घुला मिला कर ऊपर बने मुख्य द्रव में डाल- दीजिए। (५) भव माधे पन्टे तक एष सतरे के परे हुए छिलके छोटे भाग को पानी में भिगोकर रखिए। (१) भीतरी सफेद भाग पोपुरमार दो-तीन बार पानी मे धोइए। म उसे बारीक काट- .
पर पपसे मे से छान पर स्क्वंश मे मिला दीजिए । इसा माच सतरे
का एमे स मिलाकर शुद्ध बोतल में भर नीजिए। इसे ठण्ड मौर
मूखे स्थान पर सभालकर रखिए।
.
७० प्रौरेन्ज स्वंग (चौथी विधि)
सामग्री
४ अच्छ सतरा वे छिलने तथा रस, २० ग्राम एपसम
साल्ट, २० ग्राम टार्टरिक एसिड, ३७ ग्राम सिट्रिक
एसिड, ७०० ग्राम चीनी, एक लिटर पानी (उबला
विधि-(१) सभी वस्तुए वतन मे डालिए । (२) पिर
उसमे गर्म, उबला पानी डाल दीजिए। (३) उसे अच्छी तरह
हिलाते रहिए। जब सारी चीजें अच्छी तरह घुल मिल जाए तो
मलमल के कपड़े में द्रव को छान लीजिए।
यह स्क्वै। कई महीनों तक खराब नहीं होता।
७१ पालू-बुखारे का ग्यवंश
सामग्री
प्राधा किलो पालू बुखारे वा रस, ७५० ग्राम चीनी,
४०० मि. लि. पानी, १०.१२ ग्राम साइट्रिक एसिड,
१ ग्राम सोडियम जोएट ।
विधि-(१) चीनी पानी भोर साइदिव एसिड को मिला
पर उबलने रविरा। एक स्वाल पाने पर उसे मलमल ने पर
म छान लीजिए। (३) जब नासनी ठण्डो हो जाए तो उसमे भालू
बुखारेमा रस डालकर अच्छी तरह चलाइए । (३) अब घोडे से
पानी मे सोडियम जोएट से घोलवर मिश्रण में मिला दीजिए।
(4) अब इस घोल को साफ बोतलों में भरकर रखिए।
लीजिए, स्वादिष्ट शरबत तैयार है।
-
M
७२ पाइन ऐपल-प्रेप नेकटार
सामग्री
१ कप मनलास का रस, १ कप नीबू का रस प...
पानी,१ छोटी चम्मच दालचीनी ।
विधि--(१) सभी चीजो को मिलाइए
मे
मनुमान से बर्फ डालकर घोल तैयार करें।
ठण्डा होने पर परोसिए।
बस, अनन्नास का स्वादिष्ट पेय तैयार है।
७३ पाइन ऐपल स्ववैश
सामग्री
प्राधा किलो मनन्नास का रस, ६५० ग्राम चीनी,
४०० मि. लि. पानी, १०-१२ ग्राम साइट्रिक एसिड,
१ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई-सल्फेट, घोडा मा रग,
सुगध मावश्यकतानुसार।
विधि-(१) चौनी, पानी भोर साइट्रिक एसिड को मिलाकर
भाच पर चढाइए। (२) एक उबाल आने पर उतारकर छान
नीजिए। (३) मन नास के रस को पन्द्रह मिनट तम उबालिए।
(४) अब रस को चासनी में मिलाकर अच्छी तरह मिलाइए।
(५) फिर इस मिश्रण मे ग मौर सुगध मिला दीजिए।
(६) तत्पश्चात् थोडे से पानी में पोटाशियम-मेटाबाई-सल्फेट का
घोल मिश्रण मे मिला जिए । स्वच्छ बोतलो मे भरपर रखिए।
लोजिए, अनन्नास का स्क्वैश तैयार है।
७४ पाहा ऐपल स्क्वैश (दूसरी विधि)
सामग्री
६०० मि.लि. अनन्नास का रस, ५०० मि. लि.
पानी, ७५० ग्राम चीती, १ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई.
-
सल्फेट, ३ ग्राम साइट्रिक एसिड, १ ग्राम खानेवाला
पोला रग, २ मि.लि. अनानास का एसेस ।
विषि-(१) एक कलईदार या स्टील पतन मे चासनी बना
लीजिए। (२) चासनी बन जाने पर उसमे साइट्रिक एसिड मिला
कर प्रांच पर से उतार लीजिए। (३) अब उसम अनलास का रस
मिला दीजिए। (४) दस मिनट तक कलछी से चलाती रहिए।
(५) मब मिश्रण मे रग, एसेस पोर पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट
मिला दीजिए।
लीजिए, सुगधित स्क्वैश तैयार है। इसे पद्रह दिन बाद
उपयोग में लाइए।
७५ फालसे का स्वयंश
सामग्री
१ किलो फालसे का रस, ढाई किलो चीनी, ७५० ग्राम
पानी, २० ग्राम साइट्रिक एसिंह, २ ग्राम सोडियम
बेंजोएट।
विधि-फालसे सेपर, फालसों को मात्रा का दो तिहाई भाग
पानी लेकर पन्द्रह मिनट तक उबालिए। उबल जाने के बाद किसी
साफ मोटे कपडे से दवाकर छान लें। फिर रस और चीनी मिलाकर
धीमी भाव पर पकाइए। दस मिनट पश्चात् उसमे साइदिर एसिड
मालकर भाप पर से उतार लीजिए। अब मिश्रण मे सोडियम
देन्जोएट को मिलाकर ठण्डा होने दीजिए । ठण्डा हो जाने पर साफ
कपडे से छान सीजिए।
बस फानो मामबंश तैयार है।
७६ मेंगो स्वयंश
सामग्री
हरिमो माम का रस, द विमो धौनी, दरिलो
पानी, ५. प्राम सादिक एसिड, घोग-सा पाटानियम
मेटाबाई सल्फाइट, इच्छानुसार नारगी रग (मीठा)
विधि--(१) साइट्रिक एसिड और चीनी को पानी मे मिला-
कर प्रांच पर रखें। (२) उबल जाने पर उसे छान लें। (३) ठण्डा
होने पर उसमे आम का रस मिला कर उसमें पोटैशियम मेटाबाई
सल्फाइड मिला दें। (४) तिर स्वच्छ बोतलो मे भरकर रख
दीजिए। वोतलो के काक के चारो तरफ मोम लगा दीजिए। इस
स्ववंश से ६ बोतने तैयार होगी।
७७ मैगो स्क्वैश (दूसरी विधि)
सामग्री
सवा किलो ग्राम का रस, सवा किलो चीनी, १ किलो
पानी, ६ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट, ३ ग्राम
साइट्रिक एसिड, ५ मि० लि. प्राम का एसेन्स, ३ ग्राम
सानेवाला पाला रग।
विधि---(१) पानी और चीनी की चासनी बनाइए ।
(२) फिर उसमे साइट्रिक एसिड मिला दीजिए। (३) अब बर्तन
को मच पर से उतार कर ठण्डा होने दीजिए। (४) ठण्डा होने पर
उसमे रग पोर एसेस मिला दीजिए। (५)कुछ देर बाद पोटाशियम
भेटावाई सल्फेट भी मिला दीजिए।
सीजिए, स्वादिष्ट स्यवंश तयार है।
७८ मैंगो स्क्वैश (तीसरी विधि)
सामग्री
४०० ग्राम पाम वा गूदा, ५०० ग्राम केन्टर शूगर,
४६० मि० लि. पानी, २ छोटे चम्मच साइट्रिक एसिड,
एक छोटी चुटको पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट, मीठा
यौला रगयोडासा।
विधि---(१) शूगर, साइट्रिक एसिड और पानी को एक साप
मिलाइए और तब तब उबालिए जब तक पीनी बिल्कुल पुल न
के
जाए। (२) पिर ठण्टा कीजिए। मरमामों का गदा मसला
कारवाला शामिला। (३) फिर इस रसोमलमल
पपड़े म मे छान नीजिए। (४) अ पोटा-सा मानकारक
लेकर उमम पोशियम मेगवाई सल्फेट मिलाइए । साम हो मीठा
21 ग मिला दीरिरा नापि वंश या रग निसर जाए ।
(६१ भव बोतला मा माफ बरसे उनमे वश भरिए मोम से
सोलपद पर टण्डेय गुप्त स्थान मे रदिए ।
७६ लेमोनेट
सामग्री
५ नीबू, २५० ग्राम चीनी, सवा लिटर पानी।
विधि-~~(१) नींबुप्रो को धोकर उनका पतता छिलका उतार
लीजिए । (२) पिर एव यतन भ नींबू के छिलके और चीनी और
पर ऊपर से गम-गम पानी डाल दीजिए। (३) कुछ देर
वाद तक चम्मच में हिलाती रहिए । फिर उस बतन में नीयुमा का
रस निचोड़ दीजिए। (४) अब घोल से छान लीजिए और बोत"
मे भर कर रखिए।
नीजिए, स्वान्टि लेभोनेड तैयार है । न वुमा के छिलके डालने
से तीखापन बढ जाता है या इसे तीखान बनाना चाह ने
छिन न डालें।
০ তমন কয়
सामग्री
प्राधा किलो नीबू का छना हुमा रम
१०० ग्राम पानी, ढाई रत्ती पोटाशियमबाई सल्फाइट,
नारगी का मीठा रस इच्छानुसार।
विधि-(१) अन्छी किस्म के ताज नीवुनो हा रस निकाल
फर जालीदार पटे मे छान लीजिए। (२) भब रस मा जितना
धजन है उसमे दुगुनी चीनी डालिए। (३) नीवुशो का जितना रस
१किलो चीनी
५८
है उसका चौथाई भाग (१०० मिली लिटर) उबाल कर टण्डार
लीजिए। (४) व रस चीनी और पानी नी को गरम
पतीली मे डालपर लकड़ी की चम्मच मे अच्छी तरह हिनापर एक
मार कर लीजिए। अगर चीनी जल्दी 7 घुले तो पानी को गुन गुना
करने । (५) भाधा क्लिो रम मे ढाई रत्ती या पाच ग्रेन पोटाशियम
मेटाबाई सल्फाइट मिला लें। पोटाशियम को पहले घोडे नीबू
दे रस कप मे हामर अच्छी तरह घोल लें । (६) फिर उमे
सारे घोल में मिला लें। प्रय घोल म नारगी का रस मच्छी तरह
मिलाकर साफ बोतलो मे भर लें। (७) यदि लेमन म्क्वंश को
मधिर स्वादिष्ट बनाना हो तो नीबू के छिनको को बुतर पर चीनी
मिले पानी मे मसल लें। (८) फिर छान कर मुग्य घोल मे भिता
.
यह पद्रह दिन तक टिकाऊ रह सकता है। अधिक जाक
बनाने के लिए साइट्रिक एसिड भी डाला जा सकता है।
८१ लैमन स्क्वैश (दूसरी विधि)
सामग्री
६०० मि. लि. नींबू का रम, ५०० मि० लि. पानी,
७५० ग्राम चीनी, ३ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई मल्फेट,
३ ग्राम साइट्रिक एसि।
विधि--(१) एक स्टील के बतन मे चासनी बनाइए और
फिर टण्डा होने दीजिंग। (२) साथ ही उसमे नीबू का रस मिला
दीजिए। (३) तत्पश्चात उसमे सादटिा एसिड पोर पोराशियम
मेटाबाई सल्फेट मिला दीजिए।
बम स्क्वैश तैयार है । पन्द्रह दिन के बाद उपयोग में लाए।
८२ लैमा स्क्वैश (तीसरी विधि)
सामग्री
४५० ग्राम चीनी, पाषा पम्मच नींबू का सत्त,
३५• मि. लि. पानी, एक छोटी घुटकी पोटशियम
मेटाबाई सल्फेट, ५ नीयुप्रो का छिलका, ६ नीबू (रस),
एक तिहाई नीबू का एसेंस।
विधि-(१) पाच सतरो का छिलका उतारकर स्टेनलेस
स्टील के वतन मे डालिए। (२) अब चीनी, नीबू का सत्त और
पानी मिलाकर तब तक उबालिए जब तक सभी पदाय मिलाकर
एकसार न हा जाए । (३) प्रब बतन मे पडे सतरे के छिलको पर
उबलता हुआ शरवत डालिए। फिर उसे ढक्कन
३० मिनट तक पटा रहने दीजिए। (४) फिर पदाथ को हाथो स
मसलिए । (५) ठण्डा होने पर सतरो का रस डालकर मलमल के
फपडे म छान से लीजिए। (५) अब पोटशियम मेटाबाई सल्फट
मोर नीबू के एसेंस को थोड़े से सनरे के रस में घोलकर मुख्य
स्रवेश-द्रव म मिला दें। (६) अब वैज्ञानिक रीति से साफ की हुई
बोतला म भरपर, पैराफिन वैक्स (मोम) से मुहरबाद करके,
खुश्क मोर ठण्डे स्थान पर रखिए।
'ढक कर २५या
८३ लेमन स्पवंश (चौथी विधि)
सामग्री
५०० ग्राम नींबू का रस, ५०० मि. लि. पानी,
६.० ग्राम चीनी, २ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट,
२ ग्राम साइट्रिक एसिह।
विपि-(१) एक स्टील के बतन मे नीबू के रस को छान
लीजिए । (२) प्रब एक मलईदार वतन में चीनी की चासनी
भनाइए । (३)'जय पासनी गाढी हो जाए तो उसमें नींबू का रस
डासदीजिए
साप ही पोत मे साइट्रिक एसिड, पोटाशियम
मेटाराई मरोटमादिशो मिला दीजिए।
घम स्वादिष्ट सर्वदा तैयार है।
६०
*
५४ स्ट्रावेरी स्यवंश सामग्री ४०० ग्राम स्ट्राबेरी पा रस, ५०० ग्राम चीनी, ३०० मि. लि. पानी, २ ग्राम पोटाशियम मेटाबाई सल्फेट, १ ग्राम खानेवाला लाल रंग, २ मि० लि. स्दाबरी का एमेस, १ ग्रामसाइट्रिक एसिड । विधि-(१)क स्टील के बतन म पानी को उबालकर चीनी मिला दीजिए। (२) अब उसमे साइट्रिक एसिड मिला कर बतन पाच पर से उतार दाजिए । (३) जब मिश्रण ठण्डा हो जाए तो उसमें स्ट्राबरी का रस मिला दीजिए। (४) अब घोल मे पोटाशि यम मेटाबाई सल्फेट, रग और एसेम भी मिला दीजिए। लीजिए रसभरी मा स्वंश तैयार है। ४. कॉरडियल (CORDIALS) कॉरडियल पाने के लिए प्राय खटट व रसदार फतो का प्रयोग किया जाता है । खट्टे फल जैसे-~नीबू, गलगल मादि। कारडियल बनाते समय ध्यान देने योग्य पात- (१) फल साना पका हुमा व रमदार होना चाहिए। (२) फल का रस निकाल कर उसे निधारने के लिए रस । दीजिए । यह ध्यान रखें कि रम को सुरक्षित रखने के लिए उसमे 15 KMS प्रति पोटाशियम मेटाबाई सरफाइट डाल देना पाहिए। दो दिन तक इमे वैसा ही पडा रहने । बाद में निथार- बरसान लें। (३) अब पाप रस को ध्यान मे अलग कर लीजिए पर ध्यान रह कि इस रस म गूदान मिलने पाए। (४) प्रब आप इस रस को प्रयोग म लाकर कॉरडियन बना - सकती हैं।
बम, रवादिष्ट कौडियन तैयार है। भाप चाहे तो कारडियन
८५ मिश्रित फलोकायापल
सामग्री
४००मि.लि.मिथित पनो का रस
i100
पानी, २ ग्राम पोटाशियम माबाइमला१०० ग्राम
विधि--(१) फना के रस को साप वपटे म छान लागि।
३) अब स्टील ने वतन पाना मे उबाल लीजिए और चाना
मलाकर प्राच प. रा उतार लीजिए । (३) जब चारानी ठण्डो हो
गर तो उसम रस मिलाकर गोटाशियम मटाबाई सल्फेट या पोड
से गम पानी म घोलकर मिला दीजिए।
धोनी।
३
मोकपन बनाने के लिए रग मिला सकती हैं।
८६ लाइम पाररियत
नामग्री
नोवृ " याम नौनी लिटर पाती।
विधि-(१)नीवुमा को काटकर पतीनी म उबान लीजिए ।
(२) उबलने पर पाच को धीमी वरव पदमिनट तक पकाइए।
(३) नी गल जाए तो पोनी डाल दीजिए। 18) जब चीनो
घुल जाये तो अच्छी तरह बनाइए और प्राय पर स मार
नीजिए । (५) अब घोल को टण्डा होने नीजिए । (६) फिर छा।
कर स्वच्छ बोतला मे भर कर रखिए।
बस,म्यादिष्ट कारडियल तयार है।
८७ समन कॉरडियल
यिघि--(१) प्राम पूरे पके हुए तथा स्य ३ कागजी नीनू
मो पौर उन्हें साफ पानी में पोइए और काटकर रस निकाल लें।
(२) ग रस को साफ-सुपर कप से छानकर बोतल में भर लें।
६२
(३) प्रब रस मे ढाई रत्ती या पाच ग्रेन पोटाशियम मेटावाई
सल्फाइट अयवा दो रत्ती या चार अन सोडियम मेटाबाई सरफाइट
मिराए । (८) अब इसमे रस को दस-पन्द्रह दिन तक बिना हिलाए
रखा रहन दें तथा बोतल का ढक्कन अच्छी तरह बद कर दें।
फल का गूदा नीचे बैठ जाएगा तथा केवल स्वच्छ और शुद्ध रस
ऊपर या जायेगा। (५) अब इस माफ रस को बिना हिलाए
माहिस्ता माहिस्ता दूसरे तन मे निकाल लें। (६) ५०० ग्राम
पानी ६०० ग्राम चीनी तथा ५०० ग्राम रस लेकर एक वतन में
मिला लें। चीनी को अच्छी तरह घोलने के लिए रस को थोडा
गुनगुना कर लें। (७) चीनी मे थोडा मैल हो सकता है, प्रत रस
को छान लें। (८) इस भित्रण मे पानी और चीनी के नाप के
अनुसार पाच ग्रेन पोटाशियम मेटालाई सल्फाइट अथवा ४ ग्रेन
सोडियम मेटाबाई मल्फाइट मिलाए । (६) इग ररा यो किसी
स्वच्छ कपडे मे छानकर स्वच्छ वातलो में भरकर दकर सील
पखे बाग में लपेट कर रख दें।
नयू के बचे हुए गूदे का उपयोग
नीबू का साफ रस निकाल लेने के बाद बोनल की पेंदो मे जमा
गुदा भी काम में लाया जा सकता है।
सामग्री
१ विलो गूटा, १००-१०० ग्राम जीरा, सोठ, प्रजनायन,
२५ ग्राम सपा नमक।
विधि--(१) गूदा, संघा नमक, सोठ मोर मजवायन एक बतन
म हातकर धूप मे सुखा कर चूण बना लें। (२) यह चूर्ण मुखाद्धि
के लिए पाचक और उत्तम होता है।
८८ लैमन कारडियल (दूसरी विधि)
सामग्री
२५० मि. लि. नीबू का रस ५०० ग्राम चीनी,
२५० मि. लि. पानी, १ ग्राम पोटेशियम मेटाबाई
सल्फाइट।
विषि-(१) नीबू के रस में माथा ग्राम KMS मपति
(पोटेशियम मेटाबाई सल्फाइट) डालकर दो दिन के लिए इस
मिश्रण को रख दीजिए। दो दिनों के बाद मार पर से रस निधार
लीजिए और इसे भलमल के कपड़े से छान लीजिए। (२) मब पाती
मे चीनी डालकर पाच पर चीनी घुलने तक ही रखें। अब इस
मिश्रण को भी मलमल के कपडे से छान लीजिए। (३) चागनी
यो ठण्डा होर व लिा रख दीजिए। जब चाशनी ही तरह ठण्डी
हो जाए तो ऊपर छना नीबू का रस इसमे मिला दीजिए। (१) मन
बचा हुआगेटशियम मेटाबाई सल्फाइट (माधा मि. लि.) थोडे से
पानी म घोलकर उपर वने तैयार मोरडिल में गी तरह मिला
दीजिए। (५) अब तैयार मारडियल या साफ सूखी व कीटाणु
रहित बोततो म भरपर मीन बद कर दीजिए।
५ भाति-भाति के पेय -
८९ ओरेन्ज मिल्क शेक
सामग्री
२५० मि. लि. सतरे का रस, ५०० मि. लि. दूध,
४५ ग्राम स्टर शुगर, २ बूदें बादाम रोगन, नमक
स्वाद के अनुसार।
विधि-(१) फ्लो का रस ठण्डा भर लीजिए । (२) दूध
पता स टण्डा योजिए। (३) जब इस्तेमाल करना चाह तो सब
पृष्एन साय मिला लीजिए।
मिल्प दोर तयार है।
सु-३०
. } L ग्वावा मिल्क शेक सामग्री २०० ग्राम प्रमाद, ५ छोटे चम्मच चीनी, ढाई कप दूध, १० बुदें गुलावजल। विधि-(१)म्मरदो को छीलकर उनके बीच के बीज अलग करके गूदे को मथ लीजिए। (२) अब गूदे में चीनी डालकर एक बार फिर मिलाइए। (३) फिर दूध मे गूदा मिलाकर फेंदिए । (४) तत्पश्चात् निश्रग मे गुलाबजल मिला दीजिए। लीजिए, ग्वावा मिल्क शेक तंमार है। -577१.पाइन ऐपल मिल्क शेक सामग्री ४२५ मि० लि. पनन्नाम का रस, ५५० मि. लि. दूध, स्वाद के अनुसार चीनी। विधि--(१) अनन्नास के कुछ टुकडे ऊपर से डालने के लिए रस छोडिए । (२) प्रब मनन्नास का रस दूध और चीनी एकसाथ मिलाइए।(३) ऊपर से मनलास के टुकडे डालपर कोई-सी मन पसद रूह कार से छिडक कर प्रयोग में लाइ' पाइन ऐपत मिल्क शेक तैयार है।' ९२ बनाना मिल्क शेक सामग्री ४ पवे केले बडे ,८०० मि. लि. दूध, २० ग्राम चाय लेट पाउडर, कुछ बूदें वेनीला या कोई दूसरी सेंट। विधि (१) वेलो के गरे को मय लीजिए। (२) फिर योडा सा दूध मिलाकर इस गूदे को कुछ पतला कर लीजिए । (३).पब वाक्लेट पाउडर डालकर फिर स अच्छी तरह मथिए। (४) अब दूध मिलाकर रूह डालें। (1) फिर ठन्डा कवे गिलासों में परोसिए। केल का मिल दशेक तैयार है। . - + .
६३ मैगो शेक
सामग्री
२ गिलाम दूध, २ मामों का गश, चीनी स्वाद के
मनुसार, १बाटुण्डा मः।
वधि--(१) प्राम के गूदे के टुकड़े कर लीजिए मोर उन्हें बफ
में लगा दीजिए।१२) दुप में भी वफ डालकर ठण्डा कर साए
(३) फिर दूध मे गदे के टुकड़े मिला दीजिए। (४) भर उसमे
नीनी मिला दीजिए । मिश्रण को चम्मच से चलाती रहिए।
स्वादिष्ट भैगो गेप तैयार है । यह शीतलता प्रदान करता है ।
६४ सादा मिल्क शेक
सानी
५०० मि. लि. दूध,मदाजे स चीनी, योडी-सी क्रीम,
बफ वश्यकतानुसार।
विपि-(१) सबरा पहले दूध म बर्फ लगा लीजिए।१२) जब
दूध ठण्डा हो जाए तो उसमें चीनी डालकर कलछी से हिलाए ।
सब तक हिनाती रहिए जब तक कि चीनी घुल न जाए। (३) पर
क्रीम को फेंटवर मिश्रण में डाल दीजिए।
मिल्क शेक तयार है।
६५ चॉकलेट मिल्क
सामपी
३ लिटर दूध, ३५ ग्राम को पाउडर,५ ग्राम सोडियम
मलगीट, १५० ग्राम चीनी, ५ व धेनीला एरोन्स ।
विपि-(१) दूध से उबालिए। इसे तब तर उबालनी रहिए
जब तक कि इसका तापमान १६०°फरिनहाइट तक न पहुच जाए।
(२) फिर दूध को अच्छी तरह चलाइए। (३) कुछ दर बाद कोको
पाहर सोडियम ग्रसगीनट और चीनीको मिलाकर पोहा-यो।
करके दूध म मिलाती माइए। (४) जब सारा मिश्रण दूप में
मन्छी तरह एक्शार हो जाए तो उसमें नीला एसेन्स की बूदे मिला
दीजिए। (५) फिर तुम इतना टण्या कर लीजिए कि वह ।५"
फारेनहाइट तक पहुंच जाए। (६)मर दूध को उकार दो घण्टी
के लिए रख दीजिए । तलाश्चात् बोतलो मे भर कर रखिए।
बस, चॉकलेट मिल्य तैयार है । यदि माप इसमे रग देना चाहे
तो इसमे पोहा सा रोमल मिला दीजिए, इससे यह पाकर्षक
लगने लगेगा। यदि दूध गाढा हो तो उसमें सोडियम प्रसगीनेट की
कोई मापश्यता नहीं।
( ६६ चॉकलेट मिल्क (दूसरी विधि)
सामग्री
६०० मि. लि. दूध, १० मि. लि. लिक्विड ग्लूकोज,
१० ग्राम कोको पाउहर, ग्राम मक्का या स्टार्च,
६५ ग्राम चीनी. ३ दें देनीला एस रा।
विषि--(१) दूध में अच्छी तरह चीनी घोलकर लिक्विड
ग्लूकोज मिलाइए। (२) अब मिश्रण को अच्छी तरह चलाइए ताकि
वह एकसार हो जाए। (३) फिर स्टाच को धोडा थोडा करके
ोल मे डालनी जाइए । जव मक्की का स्टार पूरा मिल जाए तो
पोड़ा पाडा करके सार कोको पाउडर मिला दीजिए। (४) प्रव
दूधवाले वतन को य खुले प्राकार ने बतन मे नगलकर भाच पर
चढाइए। साथ ही बाहरी बतन में पानी डाल दीजिए। (4) दूध
को तब तक पकाती रहिए जब तक कि उसका तापमान १८० डिग्री
तक न पटच आए। लगभग पन्चीस मिनट बाद उसमे एसेन्स मिला
दीजिए।
बस, स्वादिष्ट पेय तयार है । यदि दूध गाढा न हो तो उसमे
अगर अगर मिला दीजिए । मह एक समुद्री काई है।
. . । पब उसमें सोग ६७ ठण्डा दूध सोडा सामग्री। २ गिलास दूध, १ बोतल सोडावाटर, चीनी स्वाद के अनुसार, पोहा सा शरवत गुलाब, बफ को एक टुकड़ी। विधि-(१) गरम दूध मे से मलाई उतार लीजिए। फिर दूध म बर्फ डालकर ठण्डा पर लीजिए। (२), शटर की बोतल डाल दीजिए। (३) साथ ही उसमें धोनी और पोडा-सा गुलाब पा शरवत मिला दीxिए। (४) ठडा करना चाहें तो बफ डाल दीजिए। लीजिए, दूध सोहा तैयार है। ९८ मीठा पेय सामग्री २ कप दही, २ छोटी चम्मच शहद, १ गगन, २ छोटी चम्मच फलों का जैम। विषि-(१) दही मे पोडा सा पानी मिलाकर पन्छी तरह हिलाइए। (२) फिर उसमें शहद मिलाकर अच्छी तरह पसाती रहिए। (३) पब गलगल पा रम मिश्रण मे मिला दीजिए। (४) फिर घोल में जम मिला दीजिए। सीजिए, मीठा पेय तैयार है। इसे ठण्डा करके परोमिए । EL इमली ट्रिक सामग्री १४० ग्राम इमी है। लिटर पानी, ५० ग्राम चीनी । विपि-(१) इमली पीने पटे तक पानी में भिगोए। (२) फिर धीर और छाल प्रादिको प्रसग करणे उसरा गुता निघोर मीबिए। (३) प्रब गूदे को २०.२५ मिनट तक गनिए। (1) फिर पानी र पुर २५ मिनट तक उबालिए । 11 . 1.
+ (५) इसके बाद उतारकर छान लीजिए। () ठण्डा होने पर माफ की गई बोतलो में भरिए। (७) जब प्रयोग करना हो तो पानी में घोल कर तपा बफ हालकर सेवन कीजिए। (८) सुविधा हो तो फितानी किनकर मिसाइए । १०० ऐपल ट्रिक सामग्री चार सेव, १-१०० लिटर पानी, ४० ग्राम धोनी, बाधा छोटा नीयू (गूदा). कुछ बूदें नींबू का रस। विधि-(१) सेबों को पोछ लीजिए। (२) प्रब सेबों के पतले-पतले टुकडे काटिए। (३) पब स्टील के एक बतन मे नीष का गुदा, चीनी के साथ सेयो के टुकड़ों को डालकर ऊपर से ढक दीजिए। (४) अब अपरी हक्कन पर उबलता हुमा गर्म पानी डालिए । पानी वण्डा होने पर ऐपल ट्रिक को ठण्डा करके परोसिए। पॉम कोला सामग्री १प सोनी, ३ कप भनार का रस, २ कप प्रगूर का रस, २ कप मिट्ठा का रस, कप पानी, १टुकड़ा बफ। विधि-(१) चीनी की चाशनी पकाइए। एक तार की चाशनी तैयार होने पर उसे ठण्डा कर लीजिए। (२) फिर उसमे फलो का रस डालकर अच्छी तरह एकसार कर लीजिए। लीजिए, स्वादिष्ट पॉम कोला तयार है । यदि माप चाहें तो इस ठण्डा सोडा भी डाल सकती हैं। १०२ ठडाई म - “सामग्री ११ किलो चीनी, ७५० मि.लि. पानी; १०० ग्राम . N
खसखस, ६० दाने काली मिर्ष, ६० ग्राम चारों मात्र,
१० ग्राम छोटी इलायची छिलके समेत, ३बड़े पम्मच
सॉफ, ३०० ग्राम गिरी वादाम, घोडे-से लाल गुलाब
के सूखे पत्ते (इच्छानुमार)।
विधि-(१)गदाम भिगोकर रख छोडे । ८ घटे बाद उन्हें
पीसकर धौनी में मिला दें। (२) सारी सामग्री कोसिल पर महीन
पीस लें। फिर से मलमल के कपडे मे छान लें। पोड़ा सा
पौर मिलाकर इसी मे पीनी हाल हैं। (३) फिर ५०० मि०नि
पानी डालकर शरबत की तरह पकाए । चाशनी नीचे गिराने पर
गोल-सी बन जाए तो उतार पर ठण्डा र लें। फिर उसे बोतलों
पानी
में भर लें।
१०३ शिकजबीन
सामग्री
१ लिटर पानी, नीबू का रस, चीनी स्वाद के मनु
सार, १ टुकटी बर्फ मावश्यकतानुसार।
विधि-(१) पानी में पानी डालकर तब तक चलाती रहिए
जन तक कि धोनी पुस । (२) ब पर से नीबू को
निपौड़ दीजिए। (३) मन ऊपर से बर्फ हाल दीजिए।
लीजिए, शिकावीन तैयार है। लू के दिना मे पीने से एका
असर महीं पड़ता।
१०४ ठीकॉफी
सामग्री
४ छोटी चम्मच कॉफी पाउडर, ४प गरम पानी,
१/२ कप गरम दूध, चौती स्वाद के अनुसार, क्रीम
लिपि-(१) पपी के पावडर को एक बर्तन में डालकर
पर से दो चम्मच गरम पानी लिए पौर चम्मच से सब हिला
प्रदाजे से।
कर घोल लीजिए। (२) फिर बतन को पांच पर से उतार कर गरम पानी डाल दीजिए। (३) मय इस काफी को पांच पर उदालिए। (४) जब कॉफी उबलने लगे तो इण्डे पानी का छींटा देकर उतार लीजिए । (५) कॉफी का पाउडर सलो पर बैठ जाने पर सावधानी से पॉफी के पानी को गिलास में निकाल लीजिए भोर उसमें दूध ध चीनी घोलकर बर्फ में लगा दीजिए। (६) जब ठण्डी हो जाए तो ऊपर से फेंटी हुई क्रीम डालकर पीजिए। १०५ उडी कॉफी (दूसरी विधि) सामग्री २०० मि. लि. कॉफी स्ट्रांग, २०० मि.लि. दूध ३० प्राम धोनी, वेनीला सुगप (पोड़ी-सी) विषि-(१) सारी सामग्री को मिलाइए । फिर उसे ठक- कर ठण्डा कीजिए। (२) ण्डा होने पर प्रयोग मे लाइए। १०६ उडी चाय सामग्री ५ कप पानी, चीनी मावश्यक्तानुसार, चाय वी पत्ती अन्दाजे से थोडी-सी पुदीने की पत्तियों, नीबू का रस स्वाद के अनुसार। विषि-(१) पानी को उबालकर उसमे पुदीने सपा पाय की पत्ती डालकर घोल तैयार कर दीजिए। (२) अब घोल को छान लीजिए । (३) जब घोल ठण्डा हो जाए तो उसमे नींबू का रस मिलाफर अच्छी तरह चलाइए । (४) ठण्डा करो परोसिए। लीजिए, ठण्डी चाय तयार है। १०७ उडी चाय (दूसरी विधि) सामग्री २५० मि. लि. ठण्डी हल्की चाय, नीबू, २ टुकडे । . - - । रातरा, टप यक, स्वाद के अनुसार धौनी। निधि-(१) नाय, सतरा और नींबू के गूदे को मिताइए। (२) यफ के टुकड़ा को हालिए । (३), डण्डा करके गिलासो म परोसिए। ठण्डी पाय तैयार है। १०८ फूट-जूस सामग्री १ कप मगूर का रम, ४बढे चम्मच नींबू का रस, ३ कप चौनी वी पासनी, २ छोटी-छोटी गडिया पदीने की पत्तिया, २ कप पानी, ४ कप सोडावाटर, १ मही टुरटी वर्फ। विधि-1) पुदीने की पत्तियों को सिलबट्टे पर बारीक पीस लीजिए। (२) फिर चीनी की गर्म पानी में मिलाफर लगभग १ घटे तक पड़ा रहने दीजिए । (३) अब चाशनी का छानकर और फलों का रस मिला दीजिए। (४) साप ही सोडा वाटर भी मिलाकर एक्सार कर लीजिए। (५), फिर-बर्फ भित्ता कर उपयोग में लाइए। वस, फूट जूस तैयार है। 3 - - 1 १०६ टमाटर का जूस सामग्री ६ बडे टमाटर, सलग के कुनले हेद बडा नम्मच फ्टा हुमा प्याज ई उड़ा चम्मच कटी हुई हरी मिच, डेद छोग नम्मर वारसर मॉम, देद छोटा चम्मन नमक द आर्टी चम्म नीबू का रम, ६ दाने लोग, १/छाटा चम्मच पिस ली मिथ । विषि--(१) एक पतीली में टमाटरो कोट लीजिए। . -
(२) फिर उसम सेलरी के कतले, हरी मिच, प्याज, पोरकेस्टर
सॉस, लौंग और कालीमिच डालकर प्राच पर घढाइए ।
"(३) १०-१५ मिनट तक धीमी भांच पर पकाने के पश्चात् उसमे
नमक डाल दीजिए। (४) मब पांच मिनट तक चलाती रहिए।
(५) फिर मिश्रण को पाच पर से उतारकर छान लीजिए और
नींबू का रस मिलाकर ठण्डा करके परोसिए ।
११० सब्जियो का जूस
सामग्री
२ लाल गाजर, २ छोटे-छोटे प्याज, १५० ग्राम मटर,
थोडा-सा हरा धनिया, पुदीना,
अजवायन, १ छोटा टुकहा मदरक, मिच भन्दाजे से,
नमक स्वाद के अनुसार।
'विधि-(१) सजियो को पाट कर उबाल लीजिए।
..(२) फिर उबली हुई सब्जियों को कपडे मे छानकर रस निकाल
दीजिए। (३) इस रस में नमक, मिर्च, पुदीना, हरा धनिया,
मजवायन आदि को डालकर ठण्डा कर लीजिए।
1 लीजिए, सब्जियो का चटपटा जूस तैयार है।
२ छोटे-छोटे शलजम,
1-
-
1
१११ गेहू का सत्तू
सामग्री
१ किलो गेहू, ढाई लिटर पानी बालू भूनने वाल।
विधि-(१) गेहू को पानी में उबाल लीजिए। (२) फिर
पानी भलग कर सीजिए। (३) फिर गेह यो सुखापर शालू की
कडाही मे डालकर चलाती रहिए। (३) ध्यान रहे नि दाने पूलने
न पायें । जब गेहू खूब गम हो जाए तो फिर से गम-गम यान मे
लाभग पाव-पाव भर डालर भून लीजिए। (४) फिर
से छान सीजिए। (५) इहें बारीक पीसकर पाटा बना
लिए।
विषि-(१) पावलों को साफ करके पानी में उबाल
लीजिए। (२) तत्पश्चात् घायलों को अलग करके कपड़े पर
फैलाकर धूप में सुखाइए। ३) जन चावल सूख जाए तो कडाही
सत्त संयार है। (६) उचित मात्रा में पानी डालकर गाढ़ामा
पतला पोल बना लीजिए। कुछ लोग गाढ़े सत्त, पसन्द करते है
पोर कुछ पतले। (७) इस गाडे या पतले घोल में रुचि सपा
पावश्यकतानुसार चीनी या पकर डालकरते।
११२ चावलों का सत
सामग्री
१ किलो चावस, दाई लिटर पानी, बालू भूनने के
में बालू गर्म करके चावल डाल दीजिए मोर कलछी से पताती
रहिए । गर्म हो जाने पर छानकर निकाल लीजिए । (४) भव
एक बार फिर बालू गर्म करके उसमे छोड दीजिए । जब भुन जाए
तो निकालकर छान लीजिए । (५) फिर चावलो को पीस
लीजिए।
पावलो का स्वादिष्ट सत्तू तयार है। मन भाप चावलो है
सत्त को गेहू के सत्त की तरह गाढ़ा या पतला तयार करके धोनी
या शक्कर सालपर परोस सकते हैं।
११३ भवियो का पना
सानपी
३ कच्ची प्रनिया, ६ गिलास पानी, ३बहे धम्मच
धोनी, १ छोटा चम्मच पिसा हमा जीरा!
विधि--(१) भबियों को उबाल लीजिए। साथ हो रहे
छोलकर गुदा प्रसग पर लीजिए। (२) फिर पानी मे गूदा मिला
र पन्छी तरह हिलाइए । (३) मन घोल में चीनी मिला
दीजिए।
-
७४
लीजिए, प्रवियों का स्मादिष्ट पना संमार है। यदि इस चट. पटा बनाना चाहें तो इसमें गमक मोरपिसी काली मिप भी डाल ११४ प्रामफापना ४ादे पाम, गेली स्वाद के अनुसार, १ वाटा यफ। विषि-(१) पध्धे मामो हो उबाल लीजिए। जब उनल जाए तो पानी में ठण्डार लीजिए और छील लीजिए। (२) फिर गूदे को छलनी में छान लोभिए । (३) फिर चीनी डालकर दिलाती रहिए। (४) फिर म्फ सालकर पीजिए। यह बहुत स्वादिष्ट होता है। यदि माप चाहें तो उबालने के स्थान पर मून मो सकती हैं, पीनी स्थान पर नमक का उप- योग भी पर मरती हैं। पाम फर पना गर्मियों में स से बचने में लिए बड़ा उपयोगी सिद्ध होता है। ११५ प्राम का पना (दूसरी विधि) सामग्री ६ पच्चे माम, डेढ़ गिलास पानी, बिरे धम्भव चीनी, १ छोटा चम्मच इलायची के पिसे दाने, डेक छोटा धम्मच पिसा जीरा, नमक स्वाद के अनुसार। विषि-(१)मामो को भून लीजिए भोर छीलकर मथ लीजिए। (२) फिर धीमी को घोलकर उसमें मधे हुए प्रामो के गूदे को मिलाकर एकसार कर लीजिए । (३) अब पाल मे जीरा, इलायची पोर नमक मिलाकर एक बार फिर मन्छी तरह पलाइए। (४) इसके बाद मिश्रण को गफ से ठण्डा कीजिए। लीजिए, पाम का पटपटा पना सेयर है। यदि आप चाहें तो पामा को मूनने के स्थान पर उबाल भी सकती हैं।
.
7
पानी।
११६ अमरस
सामग्री
४ कम पके ग्रामो का रस, १३० ग्राम घीनी, २ कप
विषि-(१) पानी मे चीनी को घोल लीजिए । (२)
फिर
धोनी के घोल मे मामों का रस साफ करके डाल दीजिए ।
(३) अब मिश्रण को अच्छी तरह हिलाती रहिए ताकि एकसार
हो जाए।
लीजिए, पाम का पेय तैयार है। यदि प्राप पाहें तो इसमें
बफ भी हाल सकती हैं।
११७ गाजर को कांजी
सामग्री
हेद किलो काली गाजरें, सेढ़ यही चम्मच पिसी हुई
लाल मिच,६ बटे चम्मच राई, नमक्ष जरूरत के
प्रनुसार।
विपि-(१) गाजरो को काटकर छील लीजिए और पानी
मे पछी तरह साफ करके लम्बे रुप मे काट लीजिए। (२) अब
राई को पीसकर मटके मे डाल दीजिए। साथ ही मटके में पानी
भर लीजिए । (३) फिर उसमे लास मिर्च मोर नमक मिलाकर
पछी तरह हिलाइए। (४) पश्चात गाजरा के टाडे डालकर
मनमल कपट से ढक कर घूम लगवाइए।
भरा एर गप्ताह भर में रोजी तैयार हो जाएगी।
११८ गाजर को कालो (दूसरी विधि)
सामग्री
५०० ग्राम वासी गाजर, डेढ लिटर पानी, ४० प्राम
मिर ५प्राम सास मित्र, ४५ ग्राम राई,५०ग्रा.
विधि--(१) गाजरो को मच्छी तरह धो लीजिए। फिर छीलकर चार-चार टुकड़ों में काटिए। (२) राई को फूट लीजिए। (३) सभी मसालो को गाजर के साथ एक साथ मिलाकर मतबान या मिट्टी के घडे में भर दीजिए तथा ऊपर से पानी डालकर हिलाइए। (6) ढक्कन को अच्छी क्स पर लगाइयं या घडे की छुनी को मुह पर रागाकर ऊपर से कपडा बांध दीजिये । (५) ४५ दिन तक इसे वैसा ही पटा रहने दीजिये । फिर प्रयोग मेलाइये। , 1 ११६ भल्ला कांजी सामग्री भल्लों के लिए ३५० ग्राम उहद की दाल, ४० ग्राम अदरक, १० ग्राम प्याज, एक छोटा नीबू, मीठा सोडा । (एक घटकी), हीग (पोडी-सी), नमक (स्वाद के अनु- सार), हरी मिच ३ ४ घी तलने के लिए। विधि-(१) दाल को रात को भिगो दीजिए। सवेरे उसे , सिलबटट पर बारीक पीस लीजिए । (२) अब प्याज प्रदरर और हरी मिन को बारीक कुतर लीजिए। इस मसाले को मीठा सोडा, हींग और नमक के साथ पिसी दान मे मिला दीजिए । (३) फिर । एक बडा चम्मच गम घी और नीव का रस भी पिसी हुई दाल में मिलाइए भोर डेढ दो घण्टो तर उसे बसे ही पडा रहने दीजिए। (४) इसके बाद भरला को गहरो तवी या पडाही में तल लीजिए। भल्ले तैयार है - । १२० ला काजी (२ सामग्री काजी के लिए २० ग्राम लाल मिर्च, ६० ग्राम नमक ६० ग्राम राई, २ लिटर पानी। । ७७
विधि-(१) मतबान मे सारी सामग्री एक साथ मिलाकर
पानी डास दीजिए । ध्यान रहे, पहले राई को अवश्य कट
लीजिए। (२) दो-तीन दिन तक काजीवाले पानी को पछी
तरह ढक्कन से बाद पिए मतमान मे यो ही पड़ा रहने दीजिए।
() तीसरे दिन उपयुक्त विधि से भल्ले तैयार कीजिए। फिर
रहे काजीवाले पानी में डालकर भीचिए जिससे वे कानी का
पानी पी जाए। (४) एक दिन मस्तो को पानी में पड़े रहने
दीजिए। फिर प्रयोग मे लाइए ।
१२१ चावल की माजी
सामग्री
१ बड़ा चम्मच चावल, ३ कप पानी, नमक स्वाद
के भनुसार।
विधि -(१) पावलो को अच्छी तरह से साफ करके था
लीजिए। (२) फिर एक वर्तन भे पानी गलकर उबालिए । जब
पानी चल जाए तो उसमे चावल डाल दीजिए। (३) चावल नरम
हो जाने पर बतन को भाच से उतार लीजिए।
दहें परोसते समय इसमे स्वाद के अनुसार नमक डानिए।
बड़ी स्वादिष्ट बनती हैं दावल की मेजी।
१२२ जलजोरा
सामग्री
२०० ग्राम इमसी, १ छोटा चम्मच वाला जीरा, १ छाग
चम्मय काला नमक, हरे पुदीने कौ १५ गुन्छिया,
१ टुकड़ा गुड, माशा छोटा चम्मच निगी हुई नाल मिच,
म स्वाद के अनुसार।
विधि-~-(१) इमली को दस-बारह गिलास नीम प्राय
पटे र भिगोकर रसिए। (२) पिर उसे मसलर हान लीजिए।
३) अब पुनीने मोरपी सामग्री के साथ पीस लीजिए। (४) पिर
७८
१२३ नौबू को ठण्डी चाय
पिमे मिश्रण को इमलीवाले पानी में डाल दीजिए intm
बस, स्वादिष्ट जलजीरा तैयार है। Camera
.
सामग्री
५ कप पानी, ४ छोटे चम्मच चाय की पत्ती, २ नीबू
का पर्क, चीनी स्वाद के अनुसार ।
विधि--(१) पेतनी मे पानी डालकर उबालिए। उबाल मा
जाने पर उसमे चाय की पत्ती डालकर मांच पर से उतार लीजिए
मौर छान लीजिए। (२) अब उसमे पीनी डालकर हिलाने रहिए ।
(३) फिर घोल मे नींबू का मकं डाल दीजिए।
लीजिए, चाय तैयार है। ठण्डा करके परोसिए।
१२४ केले और समरूद का पेय
सामग्री
४ छोटे-छोट अमरूद
७ पके हुए रेलै, १२५ ग्राम
चीनी, पोडी-सी काली मिच, ४ नीवुपो का रस, पोहे
से पते पुदीना, ४ गिलास पानी, काला नमक स्वाद के
मनुसार।
विधि-(१) अमरूद और केले छीलकर छाटा छोटा काट
लीजिए। (२) अब एक स्टील के बर्तन में अमरूद और देले के
टुकडे, पानी और चीनी डालकर चलाती रहिए। (२) जब टुबह
घुल मिल जाए तो उसमे नींबुमो का रस, बाली मिर्च और काला
नमक डालकर अच्छी तरह पताइए । (४) फिर घोल को वारा
करके पूदीने के पत्तोसे सजाइए।
लीजिए, ठण्डा पेय नैयार है।
.
१२५ छाछ
सामग्री
ढाई किलो दही, १ लिटर गानी, नमक, काली मिच
स्वाद के अनुसार। विधि-(१)दही को मटकी में डालकर मथानी से बिलोइए। (२) बीच बीच मे योडा पानी डालती रहिए। (३) पापा घण्टा तक बिलोने पर मक्खन छाछ के ऊपर पा जागा हाथ से मक्खन सो कटोरी में डालती जाइए। (४) ऐसे ही दो-तीन बार दिलोकर मक्खन निकाल लीजिए। इस तरह छाछ में से सारा मक्सन निकर जाए तो मलमल के कपडे मे छाछ को छान लीजिए और छाछ की छीजन (छिको) निकाल दीजिए। घाछ तैयार है, नमक मिर्च डालकर प्रयोग में लाइए। छाछ तासीर मे टण्डो होती है। इसलिए बर्फ डालने को पाव- श्यक्ता नहीं है । कि तु गर्मियों में इसका स्वाद बढ़ाने के लिए प्राप मर्फ भी डाल सकती है। इसे पीनी डालकर भी पिया जा सकता - - छाछ गावों का सबसे उत्तम पथ है । यह पजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश राजस्थान और बिहार के गांवों में बहुत प्रचलित है। पजाय ये गांदा म तो माज भी भातिथ्य का साधन है। प्रायुर्वेद म खाछ की बड़ी महिमा बताई गई है-'तकम दारस्य दुर्लभम्' अर्थात छाछ पीने लिए वोहर भी सरसते हैं । इतना उत्तम पदाथ है यह। यह शरीर की गर्मी को हर लेती है मोर पीनेवासोपी छाती ठण्डी हो जाती है। मान के व्यस्त जीवन म यपि हमारा समाज छाछ रे महाय से भूल गया है, तो भी जहां मुविधा प्राप्त है सोग भव भी छाछ पोते हैं। वैसे तो हा चिसोने के लिए दहीमो मात्रा जितनी अधिक होती मयत उतनी मरना म निरनेगा। पर यदिहीम है तो भी पराशा हीं। घाटी मवानी या भने म पगातार रिसोरी मिशन निपन प्रागाजा पूगमसिम पाए नोपहोनीमालिकानमोजिा ! ८.
मक्खन जल्दी निकालने के लिए गमिओं मे बफ डालकर बिलो
सकती हैं मोर सदियो मे गुनगुना पानी डालकर बिलो सकती हैं।
पजाव मे इसी को लस्सी भी कहते हैं। पर ध्यान रहे, यह लस्सी
माखन निकली हुई होती है।
मागे दही की सस्सी बनाने की दो विधियां दी जा रही हैं।
उनमें मक्खन नहीं निकाला जाता।
१२६ दही की लस्सी (नमकीन)
सामग्री
७५० मि. लि. पानी, ३५० ग्राम दही, १ छोटा
चम्मच काली मिच (पिसी हुई), नमक स्वाद के अनुसार।
विधि-(१)दहीमो स्टील के बतन में डालकर झगे से फेंटिए।
(२) अब उसमे पानी मिला दीजिए। मिश्रण को चलाते रहिए
ताकि घोल एक्सार हो जाए । (३) फिर मिश्रण मे
नमक,
काली
मिच मिलाकर ठण्डा करके परोसिए।
लीजिए, स्वादिष्ट लस्सी तैयार है।
१२७ दही की लस्सी (मीठी)
सामग्री
७५० मि. लि. पानी, ४०० ग्राम दही, १०० ग्राम
.
चीनी।
विषि-(१) दही को स्टील के धतन में डालकर झग्गे से
फॅटिए । (२) फिर उसमे पानी मिला दीजिए। (३) उसे झग्गे से
चलाती रहिए ताकि एकसार हो जाए। (४) अन पोल मे चीनी
डाल दीजिए। मिश्रण मे भाग पान पर ठण्डा करक परोसिए।
लीजिए, दही की स्वादिष्ट मीठी लस्सी तैयार है।
१२८ दूध की लस्सी
सामग्री
४०० मि. लि. पानी, १७५ मि० लि. दूध, चीनी
स्वाद के अनुसार।
विषि-(१) एप स्टील ये वतन मे दूध और पानी मिलाइए।
झगे से चलानी रहिए। (२) पिर घोल मे चीनी डाल दीजिए।
चीनी घुल जाने पर ठण्डा करके परोसिए।
बस दूध की स्वादिष्ट मीठी लस्सी तैयार है।
१२६ पावले और चुकन्दर का जूस
सामग्री
२५ ग्राम प्रावला १० ग्राम चुकदर, ५ छोटे चम्मव
चीनी, १नींबू का प्रक, २ गिलास पानी।
विधि-(१) मावले और घुकदर को कद्दूकस कर लीजिए।
(२) फिर पानी मे चीनी को घोलकर उसमे मावले और चुकन्दर
के लच्छे डालकर छान लीजिए। (३) मब छने हुए रस में नींबू का
रस डालकर अच्छी तरह दिलाइए।
लीजिए स्वादिष्ट जूस तैयार है।
ठण्डे पेयों के साथ क्या परोसें?
ये रहे ठण्डे पेय । इनमे से माप जब चाहें अपने मेहमानो अषवा
घर के लोगो के लिए परोस सकती है। पर ह हें भरेले नहीं परोसना
पाहिए। आप अपनी पहुच के अनुसार बिन्कुट केक, पेस्ट्री बर्फी,
पेडा पप कोई मिष्टान्न पथवा नमकीन भी परोस सकती हैं। ये सब
पक्वान माधुनिक मिष्टान कला मे मैंने पहले ही दे दिए हैं।
पारबत या स्क्वैश के साथ परोसे जानेवाले पदायरे लिए भाप
मभ्यागतो की रुचिमा भी ध्यान अवश्य रख लें। इससे भाप प्रशा
की पात्र बनेगा।
६. आइसक्रीम
(ICECREMS)
गर्मियो के मौसम में प्राइसत्रीम माविका प्रचलन माजल
काफी बढ़ता जा रहा है। प्रागे प्राइसत्रीम बनाने की कुछ विधिया
4
८२
--- दी जा रही हैं । उहें बनाते समय निम्नलिखित पातो का विशेष रूप रा ध्यान रखना चाहिए- (१) प्राइसीम जमानेवाला बतन साफ होना चाहिए। (२) मिज़ मे प्राइसक्रीम जमाते समय बालू, प्याज, टमाटर मादि कोई ऐसी चीज़ सुली नहीं होनी चाहिए जिससे उसकी गय माइसक्रीम मे मिलने की प्राशका हो। (३) दूध गाढा हो तो प्राइसक्रीम जल्दी जमती है। यदि पतला हो तो जमने मे देर लग जाती है। इसलिए दूध गाढा रखना 7 चाहिए। । है (४) प्राइसक्रीम जमाते समय जव उसकी पहली परत जम जाए तो उसे काटे या स्टील की चम्मच से दो-तीन बार फेंट देना 'चाहिए। (५) भाइसक्रीम बनाने की सामग्री की मात्रा ठीक होनी चाहिए। (६) यदि दूध पतला हो तो उसमे एक छोटा चम्मच चॉकलेट पाउडर प्रति लिटर दूध के हिसाब से डाल देना चाहिए । (७) यदि माप चाहे तो दूध के स्थान पर सूखा दूध भी डाल सकती हैं, पर ध्यान रहे कि सूखा दूध डालने पर चीनी कम पडेगी। (4) माइसक्रीम 'जम जाने पर फिज की सुई की नार्मल पर से पाएँ। (६) यदि माइसक्रीम के साथ फलो को परोसना चाहें तो पाइसक्रीम जम जाने पर उस पर फलो को काट कर ऊपर से फैला - सकती हैं। प्राइसकोम बच्चा को परम प्रिय है ही, बडे मोर बूढ़े भी पसन्द करते हैं। क्या पुरुष, क्या नारी, मॉडर्न सोपाटी मा प्रत्येक व्यक्ति इसे बडे चाव से साता है। जो पाइसक्रीम नही साते, उहे वैर वई सा कहा जाता है। इसलिए भाइसक्रीम बनाने की विधिया प्रत्येक माधुनिक महिला को पानी चाहिए। - *
सतरे के टुवडे,
विधि-(१) भण्डो की जी पो फेंटिए। फिर नमक तथा
१३० वेनीला प्राइसक्रीम
सामग्री
५०० मि. लि. दूध, १०० ग्राम चीनी, १बडा चम्मत
कानफ्लोर, ४ अण्डो की जर्दी, १ कर मलाई, १का
वप अन नास मा रस, १ चम्मच
नीयू का रस, भाधा कप चॉक्लेट के टुक्डे, २ छोटे
चम्मच वेनीला प्राइमक्रीम, चुटकी भर नमक ।
विधि-(१) दूध को गर्म करके उसमे रानफ्लोर, नमक,
चीनी मिलाकर एक्सार कर लीजिए । (२) फिर वतन को भार
पर से उतार कर अण्डो को केवल जर्दी मिलाए। (३) भव पतन
को दो मिनट तक धीमी याच पर पकाइए। जब मिश्रण ठण्डा हो
जाए ता उममे वेनीला मोर मलाई वो फेंट कर मिला दीजिए।
(४) अब घोल को अच्छी तरह एफसार करवे फिज़ मे जमने के
लिए रखिए। (५) तत्पश्चात् नीबू के रस में पानी डालकर उसे
सतरे और चॉकलेट के टुकडो पर डाल दीजिए। (६)
श्रीम के पो फो प्राइसग्राम से प्राा भरकर पर से सतरे ३
कतरे और भन नाम या रस डाल लीजिए। (७) फिर कपो में
मोटी-मोडी प्राइसक्रीम डालकर चॉक्लेट के टुकडो से सजाइए।
लीजिए स्वादिष्ट वेनीला आइसक्रीम तैयार है।
१३१ कॉफी आइसक्रीम
सामग्री
भाषा क्प पिसी हई चीनी, २ कप मलाई, २ कप गरम
पानी में बनी काणे ७ अण्डा की जर्दी, नमक घुटकी भर।
मव माइस
वीनी को मिलाइए। (२) प्रवतपारकॉफी मे एक कप मलाई मस:
पर एक्सार कर लीजिए। (३) फिर मिश्रण में जर्दी मिलावर
दुगारा पॅटिए मोर भाप पर घढाइए। कुछ समय पश्चात् मिश्रण में
नमक, चीनी और, शेष मलाई डालकर फेंटिए मोर फ्रिज में रस दीजिए। फ्रिज से निकाल कर उसी विधि से फेंटकर जमाइए। १३२ पिस्ता प्राइसक्रीम सामग्री १२५ ग्राम पिस्ता,२५० ग्राम चीनी २५० ग्राम मलाई माया चाय का चम्मच वेनीला, प्राधा नाय का चम्मच बादाम वा एसेन्स, चुटकी भर नमक, थोडा सा गुलाब- जल, ७० मि. लि. दूध, माधा चाय का चम्मच प्राइस- श्रीम का हरा रग। विषि-(१) पिस्ते को थोडे ने दूध मे भिगोकर छील लीजिए। (२) फिर सिल पर गुलाबजल छिडक कर उस पर पिस्ता पीस सीजिए । (३) अब पिस्ते को किसी बतन में डालकर उसमे वेनीला एसेस, ६० ग्राम चीनी, आइसक्रीम वा रग, बादाम का एसे समादि मिला दाजिए। (6) फिर मलाई यो गम बरके बाकी बची चीनी और नमर डाल दीजिए। (५) जव मलाई ठण्डी हो जाए तो उसे फ्रिज में जमा कर ार का मिश्रण मिलाकर साचो में भरकर जमा . १३३ बनाना आइसक्रीम सामग्री २३प दूध, १ कप चीनी ४ छोटे चम्मर मंदा, २ पडे, ४पके देने, २ क्रमलाई, प्राधा छोटी चम्मच गीता एसन्स, चुटकी भर नमक । विपि-(१) पिसी हुई चीनी मे मंदा, नमर मोर दूध मिलाइए। (२) फिर मिश्रण म अण्डो योमर फेटिए। (३) इस गाहा करन के लिए भाप पर पकाइए। (6) अर मिश्रण को भाप परस उतारकर केले मसलकर मिला दीजिए। (५) साथ ही मलाई तथा वेनीला एपेस को न हातकर फेरिए मौर फिज में जाने के
विधि-(१) दूध को उवालिए। जब वह लंगभग पावर
लिए रख दीजिए।
लीजिए, केले की स्वादिष्ट माइसकीम तैयार है।
१३४ मैंगो प्राइसक्रीम
सामग्री
१ लिटर दूध, २ ग्राम, ५ छोटी इलायची (पिसी हुई),
भोडा-सा गुलाबजल, चीनी (पिसी) स्वाद के अनुसार।
सूस जाए तो उसमे ग्रामो का गूदा डालकर अच्छी तरह चलाए।
(२) फिर उसमे इलायची, चीनी मोर गुलाबजल डालकर मच्छी
तरह हिलाइए ताकि मिश्रण एक्सार हो जाए । '(३) फिर मिश्रण
को साचा में भगवर फ्रिज में जमाइए।
लीजिए ग्राम की कुल्फी तैयार है।
१३५ मैगो प्राइमक्रीम
सामग्री
२ पवे भाम, १५०० मि. लि. द्ध, १ कप मलाई,
चीनी स्वाद में अनुसार।
विधि-(१) दूध को प्रांच पर नढाइए। इस बीच पामो को
धीलर गूद को पाट लीजिए । तत्पश्चात दूप में बाटे हुए टा
डाल दीजि । (२) फिर उमम मलाई और चीनी मिलाकर
चलाइए ताकि मिश्रण एकसार हो जाए। (३) अब तयार मिश्रण
मोसाचा म भरकर जिम जमाया।
१३६ सादो माइसक्रीम
सामग्री
२पितोप, ६७ वूद येनीला एमेस, ४ गुलाब
बल, १०० ग्राम चीनी, पोटी-सी बर्फ नमर ।
पिपि-(१) दूप से उचालिए । र दूप ७५० मि.नि.
.
स
रह जाए तो उसमे चीनी डाल कर घोल लीजिए। (२) फिर दूध
को माच पर से उतार कर ठण्डा कर लीजिए। (३) अब एक बड़ा
पतीला लेकर उसमें एक छोटा-सा पतीला एल्यूमिनियम का
डालिए। बीचवाले पनीले मे दूध डालकर एसेस छोड दीजिए।
(५) फिर दोनो पतीलो मे बीच के रिक्त स्थान मे बफ को पीसकर
भर दीजिए। साथ ही रिक्त स्थान मे नमक डाल दीजिए। (५) बीच
वाले छोटे पतोले को हिलाती रहें मोर उसमे गुलाबजल डाल
दीजिए। (६) जब मिश्रण गादा हो जाए तो कटोरियों में भरकर
फिज मे जमने के लिए रख दीजिए।
१३७ तिरगी फूट प्राइस कीम
सामग्री
१ लिटर दूध, ४ अण्डे, २ टिरियां मिल्क चॉकलेट,
२ कप फलों के कटे टुकडे, २ छोटे चम्मच जिलेटिन,
थोडा सा पीला रग, पोडा सा केवडा, पीनी स्वाद के
अनुसार।
विषि-(१) दूध में चीनी मिलाकर फस्टड या लीजिए।
(२) फिर मण्डो को फेंट पर कस्टड में मिला दीजिए। (३) प्रय
मिश्रण में जिलेटिन को घोल कर डाल दीजिए। (४) साप ही
केवडे में पीला रंग घोल कर मिश्रण मे मिला दीजिए। (५) फिर
निरक चॉकलेट को कुतर कर पटोरी मे डाल दीजिए पोर पटोरी
को गर्भ मे इस प्रकार रखें कि यह पानी में डूब जाए। (६) मन
प्राइम ट्रे मे से क्यूर ' स निकाल भर उममें पिघली हुई कीम
डाल दीजिए और उसे फिज में जमने के लिए रख दीजिए।
(७) जय पॉकलेट जम जाए तो भाइस ट्रे के मध्यभाग में स्टोरी
को रख दीजिए और उसके दोनों मोर दूष-मण्डेयासामिश्रण फैसा
दीजिए। (6) प्रव माइस-ट्रे को पिरफ्रिज में जमने थे।
दीजिए। (6) गमने पर कटोरी को हटाकर इग भाग गे
~
।
फलों को डाल दीजिए। एक बार फिर फ्रिज मे दस मिनट रखकर
निकाल लीजिए।
लीजिए, स्वादिष्ट तिरंगी फूट प्राइसक्रीम तैयार है । अण्डा के
स्थान पर क्स्ट पाउडर भी डाला जा सकता है।
१३८ सादी प्राइसक्रीम
सामग्री
५०० मि. लि. दूध, १/३ पैकेट कस्टड पाउडर,
१०० ग्राम मलाई, कुछ बूदें वेनीला एसेन्स , १ छोटी
चम्मच जिलेटिन, पिसी चीनी स्वाद के अनुसार।
विधि-(१) थोडे से दूध म क्स्टड पाउडर को घोलिए।
फिर पूरा दूध मिला कर कस्टड बनाइए। (२) साथ ही उसमें
चीनी मिलाइए और मिश्रण को ठण्डा कर लीजिए। (३) अब
मलाई को फेंटिए और कस्टड मे मिला कर एक बार फिर फेट
लीजिए।
।
१३९ मजेदार प्राइसक्रीम
सामग्री
१ लिटर दूध, माधा पैवेट प्राइसक्रीम पाउडर,७० ग्राम
क्रीम, ७५ ग्राम चीनी।
विधि-(१) दूध मे भाइसमीम पाउडर को घोल लीजिए।
(२) मब उस पाच पर पराइए । जस घोल गाढा हो जाए तो
धौनी डालकर घोल लीजिए। घोल ठण्डा हो जाने पर क्रीम मिला
पर फ्रिज मे जमा नीजिए।
बस, माइगमीन तयार है।
१४० प्राइसक्यूब
सामग्री
२५० ग्रान परी, २५० ग्राम प्रगर, २ माटे।
विपि-(चरी मोर पगरायो धोकर उनका रस निकाल
-
लीजिए। फिर रस को छान लीजिए। (२) प्रब माटे छीलकर
उनकी फा कर लीजिए। तत्पश्चात् उहे रस में डालकर जमने
कलिए रख दीजिए। जमने पर निकाल लीजिए।
लीजिए, भाइस क्यूब तैयार है।
१४१ लाईवाली बर्फ
सामण
४०० मि. लि. दूध, मापा कप मलाई, ३०० प्राम
पिसी चीनी, ५ गिरिया बादाम, ५ गिरिया पिस्ता,
योडी-सी इलायची (पिसी)।
विधि -(१) दूध को उचालिए। तब तक उबालती रहिए
जब तक कि दूध गाढ़ा न हो जाए । (२) प्रव दूध में बादाम मौर
पिस्ते को गिरियो को कुतर कर डाल दीजिए। (३) फिर मिश्रण में
इलायची, पीनी पोर मलाई को अच्छी तरह फेंटकर मिला
दीजिए । (४) मब घोल को अच्छी तरह चलाइए ताकि वह
एक्सार हो जाए। फिर मिश्रण को फ्रिज मे जमा लीजिए।
बस, मलाई बफ तैयार है। यदि फिज की सुविधा न हो तो
प्राइमक्रीम जमाने के लिए एक बड़ा सा मरका लीजिए। उसमे
पिसी बफ मोर मोटा नमक मिलाकर डाल दीजिए। भाइसक्रीम वे
मिश्रणवाले बतन का मटके में इस प्रकार डालें कि बतन बफ मे दर
जाए। ऊपर से ढक्कन लगाकर वनडे से अच्छी तरह ढक दीजिए
तादि हवा न लगने पाए।
१४२ मलाईवाती बर्फ (दूसरी विधि)
सामग्री
४०० मि. लि. दूध, माधा कप मलाई, ३०० ग्राम
चीनी, २ ग्राम छोटी इलायची के पिसे दाने, ३ ग्राम
पिस्ता, ग्राम बादाम की गिरिया।
विषि-(१) दूध को भाव पर पकाकर गाढ़ा होने पर उतार
८६
लोजिए। (२) फिर दूध मे मसाई, पीनी, पिस्ता तथा बादाम को
गिरिया, पिसी इलायची को मिलाकर धीमी प्राप पर पकाइए।
(३) इसक मिश्रण को जमाइए ।
लाजिए, मलाई बर्फ तैयार है।
१४३ कुरफी
सामग्री
२ का दूध, १ कप मलाई, प्राधा कप चीनी, पाधा कप
कुतरे हुए मेवे, दो चम्मच गुलाबजल, थोडा-सा गुधा
हुमा माटा।
विधि-(१) दूध को उचालिए । जब दूध लगभग आधा रोप
रह जाए तो उतार कर रख लीजिए । (२) गब एक कप मलाई को
फेंटकर उसमें उबला हुमा दूध डाल दीजिए। (३) फिर उसे अच्छी
तरह हिलाकर उसमे चीनी, मेवे, गुलाबजल डागकर एकसार कर
नीजिए। (४) भव मिश्रण को साचों में भरकर ऊपर से गुधा हुमा
माटा लगा दीजिए मोर फ्रिज मे जमने के लिए रख दीजिए।
फित्र की सुविधा न होने पर किसी मटके प्रादि में कुटी हुई
यफ मे मोटा नमक मिलाकर भर में मोर इस बफ मे पुल्पी के सांचे
लगा दें। थोड़ी देर बाद स्वादिष्ट बुल्की जम कर तैयार हो
जाएगी।
-
१४४ फालूदा
सामग्री
६बड़े चम्मच कानफ्लोर, भाषा कप मलाई, टण्डा दूध
प्रावश्यकतानुसार, २ बड़े चम्मच गुनाब का सिरप,
२का पानी, १ चहा बडा बर्फ।
विपि-(१) क बर्तन में पापा कप पानी गर्म कीजिए।
(२) पर भाधारप पानी को एक भय बर्तन में डालकर उसमें
कार्नफ्लोर मिलावर नम पानी में उबलिए। (३) दो मिनट में
1
बाद उतार कर टण्डा होने दीजिए। भव बतन मे बर्फ रखकर
ऊपर बडे छेदोगनी छलनी रखकर उसमे काफ्लोर के मिश्रण
को छलनी मे में पानी में छान ली।
लीजिए, फालूदा नैयार है। जन परोसना हो तो टण्डा दूध,
मलाई, गुलाव शिरप और बर्फ डालकर ऊपर फालूदा डालकर
प्रहण कीजिए।
१४५ प्राइसक्रीम पाउडर
सामग्री
१०० ग्राम मिल्य पाउडर, ३ ग्राम क्रीम माफ टारगर,
३ ग्राम मोडाबाई कार्बोनेट, रेठ मि. लि. वेनीसा एसेस,
७० ग्राम चीनी।
विधि-(१) मिल्य पाउडर मे सोडाबाई कार्बोनेट मौर श्रीम
भोंक टारटार मिला लीजिए। (२) अब मिश्रण मे वेनीला एसेम
मिला कर एकसार कर लीजिए । (३) फिर चीनी को बारीक पीस
लीजिए। एक बार फिर अच्छी तरह मिलाइए।
बस, माइसक्रीम जमाने का पाउडर तैयार है । इस पाउडर मे
पानी मिलाकर स्वादिष्ट भाइसत्रीम जमा दीजिए।
1
दूसरा खण्ड
गर्म पेय
(HOT DRINKS)
७ चाय (TEA)
चाय माज संसार मे सभ्यता का प्रतीक बन गई है। इसने
माधुनिक भारत को एक अच्छा पेप प्रदान किया है। नगर हो या
गाव, माज चाय प्रत्येक व्यक्ति को पसन्द है।
कहा जाता है कि चाय ६५० ई० मे घीन म प्रचलित थी।
भारत में अग्रेजो के प्रागमन के साथ चाय से हमे परिचय मिला।
१७०२ ई० मे कलकत्ता मे बोटानिकल गाहन लगाया गया।
उसमे चाय के पौधे लगाए गए। ग्राज हमारे देश मे चाय पसम,
बगाल, दाजिलिंग और हिमालय की तराई मे एव दक्षिण के पठार
भौर दक्षिण की ढतानो में अधिक मात्रा मे पैदा होती है। इनमे
दार्जिलिंग की सबसे अच्छी होती है।
भले ही चाय मे कुछ हानिकारक तत्व विद्यमान है पर इसमे
कुछ स देह नहीं कि यह सुस्ती भारीपन और सरदद को हटाती है।
यह मूत्राशय को साफ करती है। यह नमा की उत्तेजना को मिटा
पर उनम शाति प्रदान करती है। यह शरीर में स्फूति लाती है।
यह वाबु रोगो के लिए लाभधारक है क्योंकि इसमें पसीना बहुत
माता है।
एम वात गयो मधिक ध्यान देने योग्य है। यह यह दि चाय
हाती पेट कभी नहीं पीनी चाहिए । इसीलिए गहिणियो म मरा
निवदन है कि सवेरा होना शाम---चाय साथ कुछ न कुछ खाद्य
पदाप परम परोसें।
१२
१४६. अदरक विधि---(१) पानी भी घायरी सामग्री ५ का पानी, २ बडे चम्मच कोटा दुई भदरक, इच्छानुसार दूध। पाटकर या कूट कर डास दीजिएसजवल्यानी अच्छी तरह खोलन लगे तो वतन को आच पर से उतार लीजिए। (२) अब उस- मे चीनी डाल दीजिए। चाय तयार है। यदि भाप चाहें तो इसमे दूध भी डाल सकती हैं। १४७ तुलसी के पत्तो की चाय सामग्री ५प पानी, २ बड़े चम्मच चीनी, १/४ छोटा चम्मच चाय की पत्ती, तुलसी के तीन-चार पत्ते, थोडी-सी पिसी काली मिर्च, इच्छानुसार दूध । विधि--(१) पानी को बतन में डालकर प्रोच पर चढ़ा दीजिए । (२) जब पानी खोलने लगे तो उसमे तुलसी के पते, काली- मिच तथा पाय को पत्ती डाल दीजिए । (३) जब दो उबाल मा जाए तो भांच पर से बतन को उतार लीजिए। (१) साथ ही चीनी डाल दीजिए। चाय तैयार है। यदि आप चाहें तो दूप डान सकती १४८ नींबू की चाय सामग्री १० कप पानी, स्वाद के अनुसार बोनी, २ नीबुप्रो का विधि---(१) पानी को पांच पर चढाकर नीवुभों का रम उसमे डाल दीजिए पोर स्खलने दीजिए। (२) जब पानी समभग पांच पप रह जाए तो उसे पांच पर से उतार मीजिए।
- - - (३) साथ ही चाय में चीनी मिला सीजिए । चाय तैयार है। यदि प्राप चाहें तो नीबू के रस में साथ नीबू का छिलका भी हात सकती हैं। १४६ पुदीने की चाय सामग्री ५ कप पानी, २ बड़े चम्मच घीनी, पुदीने वे कुछ पत्ते, इच्छानुसार दूध। विषि-(१) पानी को माच पर चढाकर पुदीने के पत्ते धोकर डाल दीजिए। (२) षय पानी अच्छी तरह सौल उठे तो बतन को आंच पर से उतार लीजिए। गर्म पाय मे वीनी डाल दीजिए। यदि माप चाहें तो इसमे पाप दूर भी डाल सकती हैं। १५० पुदीने की चाय (दूसरी विधि) सामग्रो ५ का पानी, ७८ पत्तिमां पुदीने, १ कप दूप, चीनी स्वाद के पनुसार। विधि-(१) पानी को पतीली में डालकर पाव पर बढाइए। फिर उसमे पुदीने की पत्तियां छोड़ दीजिए। (२) जब पानी उक्त जाए तो बतन को प्राध पर से उतार लीजिए । (३) साथ ही उसमे पीनी डाल कर दूध डाल दीजिए। लीजिए, पुदीने की स्वादिष्ट चाय तैयार है। यदि माप चाहे तो भाप इसे दूध के बिना भी पी सकती हैं। १५१ सतरोपे छिलकों की चाय सामग्री ५ कप पानी, २ बड़े चम्मच चीनी, १ ममरे के सिनके, इन्टानुसार दूध। विधि-~(१) पानी को प्रांच पर घटाकर उसम सतरे के छिलो द्वारा दीजिए। (२) जब पानी अच्छी तरह खौल उठे तो - .
आच पर से उतार लीजिए। (३) साथ ही चीनी डाल दें। इसमें दूध भी डाल दीजिए। चाय तैयार है। १५२ सादी चाय A . । सामयी ५ कप पानी, २ बड़े चम्मच चीनी, डेढ छोटे चम्मच चाय की पत्ती, १ कप दूध । विधि--(१) पानी की पतीनी में डालकर माव पर चढाकर बतन को ढक्कन से टक दीजिए। (२) जब वह उबलने लगे तो उसमे चाय की पत्ती डाल दीजिए मोर वतन को दान से एक बार फिर ढक दीजिए। (३) अब पानी का रग सुनहरा हो जाए तो चीनी डाल दीजिए। (४) कुछ देर के पश्चात उसमे दूध डालिए। एक उबाल केमा जाने पर पार पर से उतार दीजिए । चाय - तैयार है। . १५३ सादी चाय (दूसरी विधि) सामग्री ५ कप पानी, २ बड़े चम्मच चीनी, ईद छोटे चम्मच चाय की पत्ती, योडी-सी पिसी दालचीनी, मालीमिच, लोग के दो दाने पिसे हुए, १ कप दूध, २ बड़ी इलायचिया। विधि--(१) पानी को बतन में डालकर उबालिए। (२) जब पानी खोलने लगे तो उममे दालचीनी, सौग, इलायची तथा काली- मिच डाल दीजिए। (३) कुछ देर बाद उसमें चाय की पत्ती डालिए। (४) अब पानी का रंग गहरा सुनहरा हो आए तो उसमे चीनी डाल दीजिए। (५) अब उसमे दूप डाल दीजिए। (६) बाल पा जाने पर उतार लीजिए। इसमें दालचीनी प्रादि मसाला अधिक नहीं डालना चाहिए। नहीं तो चाय कहवी हो जाएगी। .
८ कॉफी
(COFFEE)
कॉफी की खेती अरब देशो मे हजार वर्षों में की जाती रही है ।
भारत मे कॉफी अधिकतर कुर्ग, त्रावणकोर, वईनाद पश्चिमी घाट
की तराइयो पर तथा मैसूर के कुछ भागो मे बोई जाती है।
समार का पहना कॉफी-हाउस १५वी शताब्दी मे तुर्की में
स्थापित हुपा था। भारत मे १७-० ई० मे प्लासी के युद्ध के बाद
काफी-हाउस क्लत्ता में स्थापित हुमा था।
कॉफी तासीर मे खुश्क होती है, इसलिए यह नाय के समान
पधिक लोकप्रिय न हो गयी। वैस डाक्टरा के अनुमार कॉफी में
चाय से मधिक पौष्टिक तत्त्व विद्यमान होते हैं।
जिन लोगो को शराब की पादत बन गई है वे यदि कानी पीन
की प्रादरा डालें तो वे शराब से छुटकारा पा सकते हैं ।
माग पीषिण भारत में अधिर प्रचलित है। उत्तर भारत
मे भी इमना प्रचलन बढ़ रहा है। माज महानगरों मे कॉफी हाउस
पापुनिक सोसायटी के प्रतीक बन गए हैं। वॉफी सचमुच बड़ा
शालीन पेय है। इसे बौद्धिक लोग मोर मोहन सोसाण्टी में उठने
बैठने वाले बड़े चाव से पीते है।
कॉफी ठीक विधि से बनाइए और सवनो पिलाइए।
१५४ एस्प्रेसो फॉफी
सामग्री
२ पपानी,२५प दूप१ छोटीधम्मपॉफी पाउडर,
५ोटे चम्मच पीनी, पोहा-सा चॉरलेट पाउडर।
तिप-(१) एक गिलास में कॉपी-पाउडर और पीनी रात
पर पोत मौगिए। (२) फिरकेतली में पानी पौर दूप डालर
६९
उबालिए । (३) अव उसमे चॉक्लेट पाउडर और फैटी हुई कॉफी
मिला दीजिए।
लीजिए, स्वादिष्ट एस्प्रेसो कॉफी तैयार है।
१५५ सादी कॉफी
सामग्री
४ कप पानी, ८ बडे चम्मच दूध, ५ छोटे चम्मच चीनी,
ढाई छोटे चम्मच कॉफी पाउडर।
विधि-(१) केतली मे पानी को उबालिए। (२) प्रब एक
कप मे थोडा सा उबला हुआ पानी डालकर उसमे कॉफी-पाउडर को
मिलाइए। (३) फिर पाउडरवाले पानी को केतली मे हाल
दीजिए। (४) अब इस घोल मे गम दूध और चीनी मिलाइए।
लीजिए, सादी कॉफी तैयार है।
९. दूधवाले पेय
दूध वैज्ञानिक दृष्टि से पूर्ण माहार है । इसे बच्चा, जवान,बूढा,
स्त्री, पुरुष सभी को उचित मात्रा में नियमित रूप से पीना चाहिए।
रोगियों के लिए तो यह अमृत के समान है। सामाय-रूप से एक-दो
उचाल माने पर दूध को नीम गर्म करने पर स्वाद के लिए थोडी-
सी चीनी मिलाकर दूध पीया जाता है। यह प्रत्य त गुणकारी होता
कुछ लोगो, विशेषकर कुछ बच्चा को दूध का स्वाद अच्छा
नहीं लगता। मातागो को उहे मना फुसलाकर दूध पिला पडता
है। ऐसी स्थिति मे यदि गहिणी दूध में दुछ मिलाकर परोस तो
सभी उसे चाव से पीसकते हैं।
दूषवाले पया की कुछ निधिया दी जा रही हैं।
१५६ पिस्ते, बादामवाला दूध
सामग्री
४०० मि. लि. दूध, १० दान पिस्ता, २५ गिरियो
बादाम, स्वाद के अनुसार चीनी।
विधि-(१) वादाम की गिरियो को रात म भिगो दीजिए
और सुबह गिरिया का छिलका उतार करवीचम से दो फाह कर
लीजिए। (२) प्रम पिस्ते के बीज को भी दो फाह कर लीजिए।
(३) अब दूध को एक वतन म डालकर आग पर रखिए। जब दूध
मे दो उबाल मा जाए तो इसमे बादाम व पिस्ता डालिए और गाढा
होने पर उतार लीजिए और स्वाद के अनुसार चीनी डालकर
परोसिए।
सुगप के लिए प्राप उबलते दूध में छोटी इलायची डाल
सकती हैं।
१५७ दूध का कॉर्नफ्लोर
सामग्री
२५० मि. लि. दूध, १५ ग्राम वानपलोर, स्वाद के
अनुसार चीनी।
विधि-(१) दूध में कार्नफ्लोर डालकर अच्छी तरह
हिलाइए 1 (२) गब इसे भाग पर रख दीजिए और पकने दीजिए।
थोडी देर पकने के बाद तार लीजिए।
दूध का कॉनफ्लोर तैयार है। अगर प्राप गाढा करना चाहते
हैं तो इस मिश्रण को आग पर थोडी देर और पकाइए।
१५८ दूधवाला साबूदाना
सामग्री
७५० मि. लि. दूध, १२५ ग्राम साबूदाना, स्वाद के
भनुसार चीनी।
विषि-(१) साबूदाने को अच्छी तरह साफ करके पानी में
।
भिगो दीजिए । (२) अब दूध को उबालिए । जब दूध अच्छी तरह
जल जाए तो उसमे साबूदाना डाल दीजिए और आग पर पकने
दीजिए। जब पक जाए तो धीमी भाच करके थोडा दूध व थोडी
चीनी डालकर और पकाइए।
साबूदाना तैयार है। यदि आप चाहे तो साबूदाना दूध के
बजाय पानी में भी पका सकती हैं। इसे आकषक बनाने के लिए
वेसरी रग भी मिला सकती हैं।
१५६ अरारुटयाला दूध
सामग्री
१२५ मि० लि. दूध, १ चम्मच अरारुट, १ चम्मम
चीनी।
विधि--(१) परारूट को थोडे से पानी (लगभग ३० नि०
लि.) मे घोलिए । (२) प्रम दूध को उबालिए । जब दूध उबलने लो
तो घोडा थोडा करके परारूट उस मे डालिए और हिलाती रहिए,
ताकि गाठे न पडें । लगभग ५ मिनट पको के बाद उतार दीजिए।
नीजिए, प्रराष्टवाला दूध सैयार है। इसमें पिस्ता भी डामा
जा सकता है। इसमें चीनी डालकर परोसिए।
१६० अण्डेवाला दूध
सामग्रो
१ अडा, ३०० मि. लि. दूध, चीनी स्वाद के अनुसार।
निधि-(१) भण्डे को तोडकर उसकी जी एक गहरी प्लेट
या कटोरी मे फेंट लीजिए। (२) अब गिलास म य लोजिए और
उमम पानी डालकर अच्छी तरह हिलाया। (३) भव गिलास में
फेंगे उण भी डाल दीजिए और अच्छी तरह हिलाइए।
यस, मण्डेवाला स्वादिष्ट दूध तैयार है।
१६१ दूध का पानी
मामग्री
२५० मि.नि. दूध, १ नोवू ।
विधि-(१) दूध को फाउने के लिए उबलते हुए दूध म एक
नींबू का रस निचोट कर डाल देना चाहिए। (२) अब फटा हुमा
दूध एक साफ मलमल कपडे मे छान लें। (३) अब छो हुए दूध में
से पानी मलग कर लेना चाहिए । जब यह पानी ठण्डा हो जाए तो
साफ बतन में डालकर रोगी को देना चाहिए।
यस, दूप तैयार है। इसमे भाप मेसरी रग भी हाल सरती
है।
१६२ छेने का पानी
सामग्री
३०० मि. लि. दूध, २ छोटे चम्मच नींबू का रस,
स्वाद के अनुसार नमक।
विषि---(१) एक बतन मै दूध डालकर माग पर रखिए भोर
उसमे नींबू का रस डाल दीजिए। मपर तब तक रखें, जबकि
दूष फट न जाए । (२) जब दूध पट जाए तो बर्तन को माग पर
रख दीजिए और दूध को मलमल के कपड़े में छान लीजिए।
लीजिए, स्वादिष्ट पेय तयार है। परोससे समय ममक साल
दीजिए।
१०. सूप (SOUPS)
पश्चिमी शो में भोजन प्राय मूप से भारम्भ किया जाता है।
भव हमारे देश में भा इसका प्रचलन बढ़ गया है। प्राय टमाटर का
सूर सरस अधिक प्रयोग में लाया जाता है क्योंकि यह विटामिन सी
का सबसे बढ़िया स्रोत है। बसे भोपाल, नोकी, पल मम, मटर,
गाजर तपाया य दालों में भी सूप बनाए जाठे हैं और ये मत्यन्त
स्वारस्यप्रद होते है।
मूर हमारी पाचन शक्तिकोमढ़ाता है। भामाशय में भरे औरा
द्रव्यो को बाहर निकालने में सहायता करता है और हमारी गूख
को बढाता है। इसे रोगी और निरोगी दोनो व्यक्ति ग्रहण कर सकते
हैं । सूप को छोक लगाने से यह अत्यन्त स्वादिष्ट बन जाता है, पर
यदि किसी रोगी को डाक्टर ने घी मना कर रखा हो तो उसे बिना
छोक के सूप देना चाहिए।
वैसे तो मैंने पापनिक पाक नना मे विभिन सूप दिए हैं।
उसके कुछ प्रकार यहां भी दिए जा रहे है।
१६३ गाजर का सूप
सामग्री
५०० ग्राम गाजरे, १ गुच्छी हरा धनियाँ, थोड़ी-सी
पिमी कालीमिच, १ नींबू का रस, नमक स्वाद के
अनुमार।
विधि-(१) गाजरो को उबालकर उसमे थोडा-सा मक
डाल लीजिए। (२) फिर एक साफ कपडे मे गाजरो का रस छान
लीजिए । अब उसमे नमक, कालीमिच मौर हरा धनिया काट कर
छिकिए । साथ ही उसमे नीबू का रस डाल दीजिए।
लीजिए, स्वादिष्ट सूप तैयार है।
१६४ टमाटर का मूप
सामग्री
५०० ग्राम पके टमाटर, २ छोटे-छोटे टुकड़े दालचीनी,
भाषा छोटा चम्मच कालीमिय (पिसी हुई), १ छोटा
साप्याज, नमक स्वाद के अनुसार।
विधि-(१) टमाटरा को घोरर छोटे-छोटे टुकड़े कर
मीजिए। (२) प्याज को काट लीजिए । (३) अब टमाटर, प्याज
पौर दालचीनी के टुकडे पतीली में डालपर पकाए । (४) पप
रमाटर गल जाए तो मिश्रण को छलनी से छान लें। (५) मब एने
१०१
हुए रस मे नमक, कालीमिच मिलाकर हिलाइए ताकि घोल एक
सार हो जाए।
लीजिए, टमाटर का स्वादिष्ट सूप तैयार है। यदि भाप गाय
करना चाहें तो इसमें कानफ्लोर मिला दीजिए।
१६५ मटर का सूप
सामग्री
४०० ग्राम मटर, ५० प्राम गाजर, डेढ़ छोटी चम्मच
कानपलोर, डेढ़ छोटा चम्मच मक्खन, थोडी सीमाली-
मिर्च, १७५ मि.लि. दूध, ३ फ्प पानी, ससने के
लिए धी, नमक स्वाद के अनुसार।
विधि-(१) गाजर और मटर के दानों को पानी मे गल
पर यालिए पोर मय पर छसनी म से छान लीजिए । (२) फिर
कड़ाही में घी गर्म पाखे यानंफ्लोरको धीमी पांच पर भूनिए मौर
दूप हातपर पलछी से चलाने रहिए । (३) मब मिश्रण में सूप
मिसा दीजिए। इसमें माद मिश्रण म नमर, शामिय मिता
पर परोसिए।
सीजिए, स्वादिष्ट भूप तयार है।
१६६ मिश्रित सरिजयों का सूप
सामग्री
१५० पाम सोसी, १ गुणी पार, २ छोटे-छोटे
परयन, ३ जेटी-मोरी गागरें, थोड़ी-गी पिसी हुई
पानीमि. गुग्छी हरा परिमा, मी, ममर
स्वरमगार
विधि-(१) सभी सब्जियो को काट फर धो लीजिए।
(२) फिर इन सब को उबाल लीजिए और उसी मे पोडा-सा नमक
हाल दीजिए । जब सब्जियो गल जाए तो कपडे मे से उनका रस
छान लीजिए । (३) प्रब छने हुए घोल म नमक कालीमिच पौर
हरा धनिया काटकर छिडकिए। (४) परोसते समय उसमे नीबू
निचोड दीजिए।
लीजिए, शक्ति-वधक सूप तैयार है।
१६७ मूग को धुली दाल का सूप
सामग्री
१५० ग्राम मूग की धुली दाल, अदाने से नमक, पिसी
कालीमिच, छोकने के लिए थी।
विधि-(१) भूग की धुली दाल को साफ करके धो लें।
(२) फिर एक बतन मे नमक डालकर दाल उबलने के लिए रख
दीजिए। (३) जब दाल अच्छी तरह उबन जाए तो बतन को पांच
से उतार लीजिए। (४) अब सूप छाननेवाली छाननी से दाल के
पानी को छान लें और उबली दाल को कलछी की सहायता से
दबा दया पर सूप निकाल लीजिए। (५) प्रब दूसरे बतन मे घी
डालकर पिसी कालीमिच डाल दें और ऊपर से छना सूप डालकर
दो मिनट के लिए पांच पर रखें। (६) अब उतार लीजिए।
सूप तैयार है । यह सूप अत्यन्त गुणकारी होता है । इसे रोगियो
को भी दिया जाता है।
गर्म पेयो के साथ क्या परोसें?
ठण्हे पेयों की भाति गर्म पेयो के साथ भी बिस्कुट, केक मिष्टान्न
या नमकीन एक समान परोसे जा सकते हैं। पर गम पेयो के साथ
गम गर्म जमकीन पकोडे, समोसे, करनेट, टिकिया प्रादि (स्नक्स)
१०३
अच्छे लगते हैं। कुछ लोग दालमोठ या दालबीजी के साथ चाय या
कॉफी पीना अधिक पसद करते हैं । कुशल गृहिणी अपनी सुविधा
के अनुसार मेहमानो तया पत्नी और बच्चो की वाहवाही लूटना
जानती है।
यहाँ सुभाव के लिए कुछ स्नैक्स दिए जा रहे हैं ।
१०४
तीसरा खण्ड अल्पाहार (SNACKS) ११. पकौडे-समोसे (PAKOPAS & SAMOSAS) १६८ पकोडे (PAKORAS) सामग्री ३०० ग्राम बेमन, ६०० ग्राम घी, ३०० ग्राम सब्जिया, घोडा-सा धनिया, लाल मिच, २ छोटे चम्मच अनार- दाना, अदाजे के अनुमार नमः । विधि--(१) यदि पाल तथा गोभी के पकोडे बनाने हो तो पहले इहे योहा-सा उबालिए। (२) अब बेसन मे एक चम्मच दही तथा थोडा सा घी डालिए । साथ ही पानी डालकर खूब अच्छी तरह पेंटिए ताकि बेसन म गुठली न बन जाए। (३) फिर बेसन में अनारदाना लालमिच, धनिया मादि डालकर एकसार कर लोजिए। साथ ही नमक गी डाल दीजिए। (१) अब पाल तथा गोनी को काटकर नमक तथा लातमिच डाल दीजिए। (५) फिर कड़ाही मे घो गम करणे श्रेपन के घोल में मालू तथा गोभी के टुक्डो को डवो डुबोकर कडाही में डालती पाइए। रंग बदल जाने पर निकाल लीजिए। १ हैं चाय के साथ परोसना चाहिए। १०५
.
लीलिए पालू-गोमी के पकोडे तयार है, इहे चाय के साप
गरमा गरम परोस सकती हैं। इसी प्रकार प्राप में कमलरकडी को
उबालकर और उसमे मसाला भरकर उसके पकोडे बना सकती
₹में के पकौडो को अपेक्षाकृत प्राव अधिक देनी पड़ती है।
बडाही स शहर रिवालने से पहले यह अवश्य देख लेना चाहिए कि
में गल गया है या नहीं।
१६६ घिये के पकोडे
मामग्री
२ • ग्राम पिया, १५० ग्राम बेमन, हीग, नमक मिष,
हरा धनिया स्वाद के अनुसार, २ हरी मिच, घी तलने
दे लिए।
विधि-(१) पिये को छील कर सके पतले क्तले काट
नीजिए । (२) प्रब वैसन मे पानी के अलावा होग, Fमा मिच,
बारीक बटा हरा धनिया तथा हरी मिच डालकर घोल बना
लीजिए। (३) पर इस घोल में पिये के पतले क्तले डवो वोमर
गम घी मे हल्ला लाल सल लीजिए। पिये वे खस्ता व स्वादिष्ट
पौटे तैयार हैं।
इसी प्रकार माप बॅगन साल पेठा प्याज प्रादिने पतोबाट
कर उनसे पनी बना सकती है।
१७० परवी के पत्तो के पोडे
सामग्री
१०१२ परवी के मुलायम पत्ते, २५० ग्राम तेल,
२५० ग्राम मन, हींग थोड़ी मी, नमम स्वाद में
अनुसार मिषं ही जीरा, प्रजवायन, प्रमपूर
पावश्यमापार।
दिपि-(१) परवी रे पप्ता को घोगर, उसरे ठससे
कारण (२) पत्ता को बारीकसारीर पाटर, ममर
,
प्रष्टी तरह लगाए और लगभग १५-२० मिट इन पत्ता गो
रखिए। (३) प्रय नमद-लगे पत्तो मे बेमन र प्राय मसाले डानकर
गाढा पोत बना लीजिए । (४) कडाही में तेल डालकर मि
कीजिए। पर तेन अच्छी तरह गम हो जाए तो पत्ता पे पो तन
लीजिए । जव पकोडे हवे-हल्के लाल हो जाए तो निकाल कर गम
गर्म परोसें।
इसी प्रकार प्राप मेथी या मालय के प्रबोई भी बना सकती
१७१ भुटटे की पकौड़ी
सामग्री
१५० ग्राम मुट्टे के दाने, १ काममा लामा
मिच, हल्दी, धनिया, हरी मिच स्वार के अनुसार ।
विधि--(१) मुट्टे के दातो वो सिल पर बारीर बारी पीर
लीजिए। (२) अब इस मिश्रण मे सभी मसाने व बारीक कटा हरा
धनिया व हरी मिच डालकर अच्छी तरह हिलाकर मिला दीजिए।
(३) मब कड़ाही में घी या ते गम कीजिए और उसमे छोटी छोटी
पकोडी गम तेल में डालकर तलतो जाए।
स्वादिष्ट भुट्टे की पकौडी तैयार हैं । उसे चाय के समय हरे
धनिया की चटनी के साथ परोसिए।
१७२ चने की दाल की रसभरी (पकौडी)
सामग्री
३०० ग्राम चने की दाल, थोडा सा मदरस, नमक,
मिच, मसाला प्रदाजे से, पीतलने के लिए, इमली की
घटनी, प्रनारदाना स्वाद के प्रसार ।
विषि--(१) दाल को साफ करके रात में पानी में भिगो कर
रखिए। फिर उस दो पीस लीजिए । (२) तत्पश्चात् पिसी दाल मे
कटा हुमा अदरक, नमक, मिनं, मसाला, अनारदाना प्रादि डाल
भर अच्छी तरह फेंटिए । (३) अब घी में मिश्रण को छोटी छोटी
पोडिया तल लीजिए। ये अन्दर से सस्ता होनी चाहिए। फिर तली
हुई पकौडियों को हाथ की हथेली से दबावर चपटा कर लीजिए
तथा फिर से घी मे तल लीजिए। इहें इमली पी. पटनी के साथ
परोसिए।
यह पजाबियादा स्वादिष्ट भोजन है ।
१७३ डबल रोटी की पदोडी
सामग्री
प्राधा छोटी हवलरोटी की स्लाइस, ५० ग्राम बेसन,
२ चम्मच मैदा, ३ हरी मिच, माघी छोटी गडडी
पुदीना, १ टुकडा अदरक, प्राधा नींबू, खानेवाला
सोडा थोडा-सा, Tम स्वाद के अनुसार, पी तलने के
लिए।
विधि--(१) हरा धनिया, हरी मिच, अदरक पुदीने को
सिल पर बारीक बारीक चटनी पीस लोजिए और इसमे नींबू तथा
स्वाद के अनुसार नमक डाल दीजिए। (२) अब एक कटोरी या
किसी तय बतन मे मैदा घोल लीजिए। (३) अब डबलरोटी की
स्लाइप पर ऊपर बनी चटनी लगाकर इसवे किनारा को मैदे के
घोल मे चिपका कर रोल बना दीजिए। (४) फिर चाकू या तेज
छुरी से डबलरोटी वी स्लाइन के छोटे छोटे टुकडे काट लीजिए।
(५) गब एक बनन मे बेसन का घोल बनाकर इसमें नमक व थोडा
सा खाने का सोडा डालिए और इस मिश्रण को अच्छी तरह
हिनाइरा । (६) अब डालरोटी के छोटे जाट कटे टुकडे वेसन के
घो। म डुबो र गम घी मे तल लीजिए।
लीजिए इवलरोटी की चटपटी पकोडी लेयार है। यह बहुत
स्वादिष्ट बनती है। इसे सवेरे के नाश्ते समय या शाम की चाय
ये समय गम गर्म परोसिए।
१०८
१७४ शकरकंद वोडा सामग्री ५०० ग्राम शकरकन्द, ५ छोटी इलायची, २५० ग्राम मक्की का पाटा, १२५ ग्राम चीनी, नमक स्वाद के अनुसार। विधि-(१) चीनी को दो तार की चाशनी बना लीजिए। (२) अब शकरकद को गल कर व छील कर मथ लीजिए और कार बनी चाशनी मे मथी हुई शकरक द व इलायची के दानो को पीसकर डाल दीजिए। इस मिश्रण को अच्छी तरह से हिलाइए। (३) मब मक्की के आटे में पानी डाल कर घोल बनाइए । इसमे स्वाद के अनुसार नमक डालकर अच्छी तरह से हिलाइए। (४) ऊपर बने मिश्रण की गोल-गोल पेडिया बनाइए । फिर उन्हें इस घोल मे दुबो डुमोक्र गर्म घी में हल्ये भूरे रग थे तल लीजिए। शकरकद के स्वादिष्ट बोडे तैयार हैं। १७५ शालू बोंडा - - सामग्री ५०० ग्राम पाल, १२५ ग्राम प्याज, ५० ग्राम घी, ६० ग्राम बेसन, १ नीबू, स्वाद के अनुसार नमक, ७९हरी मिर्च, प्राधी छोटी चम्मच हल्दी, चुटकी भर गई, घोडा सा खाने का सोडा, ३४ मीठे नीम के पत्ते । विधि-(१) मालभों को उगल लीजिए। फिर उह सोलर कुषल लीजिए। साथ ही प्याम, प्रदरम भौर हरी मिर्च को शरीष काट लीजिए। (२) भब रडाही म योडा-सा घी गर्म करके उसमे राई और मीठे नीम के पत्ते डास दीजिए। जव पटे मसाले, कुचला पालू, हल्दो तथा नमक डाल दीजिए। साथ ही मिश्रण में नीयू पा रस शसकर अच्छी तरह हिलाइए । फिर भाच पर से बता को उतार लीजिए। (३) मब मियण के रोस बराबर- फूटने लगे तो
।
बराबर वाण्ड बनाइए । 6) फिर वसन म नमव', सोडा मोर पानी
मिलावर घार बनाइए। (4) क्टाही मे घी गम करपे एक एक
पण्ड सो घाम डुदो डुबोकर तालाजि ।
साबुत सब्जियो के पकौडे
सानुन भिंडी, प्याज, पाल और हरी मिच के भी पकोडे
बनाए जा सकत हैं । सब्जिया को धो या गीले नपडे रा पाछकर
साफ कर लें।
(१) साबुत भिंडी और हरी मिच में पकोड बनान हो तो
लम्बाई के रुख चोरिए और चीरो म मसाला गरिए। फिर बेसन
मे घोन म डबोपर गम तेल मे तल लीजिए।
(२) प्याज को भी इस तरह दो तीर जिसरा प्याज की
चार फीके बन जाए, पर ये प्याज की गाठ से जुडीरह, टुकड अलग
सलग न हा । पर भिडो की तरह पाया गे गमाता मरिराफिर
येमन ये पोल मे डुबोरर गगन म तल लीजिए।
(1) साबुत प्रातमा गत वर, इस [ में गोत म हवा
परमोपकादेमा जा सकते ।। पर इस विधि मे पाल ने
पदोडे अदर मिन-नमक सम रह जाता।"मय लिए उवर
भालुप्रायोमगार या उगम नमक मिच तपा ममाला पिलाकर
गोल मावार को पहिया बना लें। फिर उर बैगाम दुशेषर घो
मतल लें।
म तरह सब्जियों के साबुत पकोडे बहुत मच्चबाने ।
१७६ बीकानेर को भुजिया
गामपो
१रितोचमन
५० गासमोठा तेल १५ ग्राम माबुत
धनिया पोटी मोहाग १. दान यानो मिन नमक
सात मिा म्या+ प्रगार गी गोय1 4 Tनने म
निए।
।
प्राकार में काटिए। (२) फिर बेसन मे नमक, मिच धनिया, गरम
को उबालिए। उहे छीलकर कुचल लीजिए।(४) पवमुपते हुए
विषि-(१) बेसन मे घी का मोयन देकर कहा गूध लीजिए।
(२) इसके बाद सभी मसालो को मिलाकर थोडा पीस लीजिए।
(३) फिर सारी सामग्री वेमन मे डालकर अच्छी तरह एक्गार
कर लीजिए। (४) मय मिश्रण को पौनी में से निकाल कर घी में
तल लीजिए।
लीजिए, सस्ता बीकानेरी मुजिया तं पार है।
१७७ कादा भुजिया
सामग्री
१ कटोरी बेसन, ३ छोटे प्याज,योडा सा पिसा धनिया,
पोडा-सा हरा धनिया,४ हरी मिर्च, घी तलने के लिए,
नमक स्वाद के अनुसार।
विधि--(१) बेसन मे पिम्रा धनिया, हरा धनिया, हरी मिच
(कटी) तथा नमक डालकर उसका घोल बनाइए । (२) फिर
प्याजो को लम्बे रुख में काटिए तथा टुकडों को घोल मे डुबो दुवो
कर गम घी मे नलिए। (३) जब टुकडे सुनहरी लाल हो जाए तो
घो म स निकाल लीजिए।
इहें चटनी के साथ परोस सकती है।
सामग्री
८ स्लाइस बडे, ३ कटोरी वेसन, २०० ग्राम मास,
योडा-सा सूखा धनिया, गरम मसाला, तलने के लिए पी,
स्वाद के अनुसार नमक लालमिच ।
विधि-(१) डबलरोटी के स्लाइसा को मनाहे किसी एक
मसाला मादि डालकर पतला घोल बनाइए। (३) गय भानुमो
१७८ ग्रेड-पकौडा
मालुमो मे नमक तथा मिर्च डालिए। (५) फिर स्साहसा पर
, भालुप्रो का मिश्रण लगाकर एक एक स्माइसो से ढक्ती जाइए। (६)प्रब कडाही मे धी गम कीजिए। साथ ही स्लाइसो को वेसन के घोल मे डुबो-डुबोकर तलिए। जब कुछ रग बदल जाए तो निकाल- कर थाली मे रसिए । ये गम-गम परोसने से स्वादिष्ट लगते हैं। १७६ दलिया-पकौडा सामग्री १०० ग्राम दलिया, २०० ग्राम पाल, १/२ प्याज, ३० ग्राम निल, अदाजे से नमक, मिर्च, तलन के लिए घो। विधि -(१) दलिए वो साफ करके थोड़े से पानी म लग भग पौने घटे तक भिगोइए । (२) पालू को उबाल लीजिए और टडे होने प छीन पर मरान नीजिए। (२) यान पाछीला बागवानी या पिए। (४) अव मथे मालू, पटे प्याज, लिया, लि Tमर व पिचं मिगकर मिश्रण बा लीजिए। (५) प्रथम गार हुए मिया यो पोडा थोडा मा लेकर गोल गोन काटी छोटी टिकिया बना लाजिए पोर उसे घी मे सुनहरे लाल रग हाने तर तल लीजिए। इस प्रकार स्वादिष्ट दलिया पकोड़ा तैयार है। HHHT (SAMOSAS) १८० समोसे . . सामग्री ४ कटोरी मैदा, १० मध्यम प्रकार के मालू, ८ बडे पम्मच मटर के दाने, चुटकी भर पिसी फालीमिच , पोहा सा हरा धनिया, २ छोटे चम्मच नींबू का रस, मोपन तथा तलने के लिए घी, स्वाद के अनुसार नमः। विषि-(१) मैये में नम गलकर तथा घी का मोयन मु०-३०७ लिए। चिपका लीजिए। थोड रो भालू नर, गाठवर मुहबद कर दें। जब देकर सहन गूध लीजिए । (२) फिर मैदे के छोट छोटे पेड बना कर पतला बेल लीजिए। अब उन्हे चाकू के साथ बीच मे से काट लीजिए। (३) फिर पाल तथा मटर को उबालिए । पालुओ को छोलकर कुचलिए मटर को भी । (४) अब आलू-मटर मे नमक, पिसी कालीमिर्च, कटा हरा धनिया नीबू का रस आदि डालकर एकसार कर लीजिए । (५) अब कटे हिस्सो म मिश्रण भरकर समोसा के प्राकार मे लपेटिए । (६) इसके बाद कडाही म घी गम करके हल्की पांच पर तल लीजिए। हल्का लाल होन पर निका- १८१ समोसा (दूसरी विधि) सामग्री २५० ग्राम मैदा, २५० ग्राम घी, ५०० ग्राम भालू, १ चम्मच धनिया, १/२ चम्मच मिच, २ चम्मच मनार- दाना, २ चम्मच नमक विधि-(१) पालुप्रों को छील लें। फिर छोटे छोटे टुक्छे पाटकर धो लें। (२) कडाही मे ६० ग्राम घी डालकर उसमे भालू छारूदें और नमक डालकर ढक दें। जब पालू गल जा तो धनिया. मिन, पटाई डालकर भून लें। (३) मदे मे ७० ग्राम घी का मोयन दकर पूरी के भाट से कुछ सख्त गूथिए । (४) छोटी छोटी पेडिया बनाकर गोल पतली पपडी बेल लें और चाय स काट कर बीच से दो टुकडे कर लें। वटा हुदा एक दम लेकर काटा है, यहा पोडा-सा पानी लगाकर टुक्डे को गोल मोड पर सारे समोरो इस प्रकार वन जाये तो (५) वहाही मे शप घी छोट कर हत्यी मान पर रख दें और समोसा को गुलाबी होन दें। पात के स्थान पर मेवा मिता हुमा खोया भर कर माडे . उहा से सम्मोस भी बनाए जा सकते हैं। - १३
१८२ मुट्टे के समोसे
सामग्री
२०० ग्राम मुटटे के दाने पिसे हुए, १ टुण्डा अदरक,
३०० ग्राम मंदा, घी तलने तथा मोयन के लिए, ३४
हरी मिच, हरा धनिया, पोहा-सा नमक, ममपूर, मित्र,
होग धनिया स्वाद के अनुसार।
विधि--(१) कडाही मे घी तथा हींग डालकर पिसे दानों को
छोक लगा लीजिए। छोक लगाने के बाद भी इसे पलटे से चलाती
रहें क्योकि भुट्टे की पिट्टी कहाही से चिपक जाती है। (२) जब
पिट्ठी मच्छो तरह भुन जाए तो इसमे बारीक कटा हरा धनिया,
हरी मिर तथा अदरक डाल दीजिए। फिर इसमे नमा,अमर,
नात मिच, होग, सूखा पनिया भी डालकर अच्छी तरह से मिता
लिए। (३) भन मैदे मे घी मोर पानी डालनर उसे थोडा सख्त
गध लीजिए फिर उमके छोटे छोटे पेडे मनाकर पतली पपनी
लिए मोर बीच मे से काटकर समोसे के माकर का बना होरिए।
(४) उसमे ऊपर बनी मुट्टे की पिट्ठी भरपर बदीजिए।
१४) फिर गर्म घी मे हल्की मांच पर तल लीजिए मोर चटनी के
साथ परोसिए।
मुट्टे के स्वादिष्ट व सस्ता समोसे तयार है। ध्यान रहे कि
समोसो को हमेशा ही हल्की मांच पर पकाइए। तेज पांच पर
पकाने से समोमे मदरसे कच्चे ही रह जाते हैं। प्रार चाहे तो
माप समोसो के लिए मैदे की जगह पाटे वा व घी की जाह पेल का
प्रयोग भी कर सकती हैं।
१५३ शफरक व के समोसे
सामग्री
३०० ग्राम शकरक द, ३ चम्मच मापी का गाटा,
१२५ ग्राम मटर, १५० ग्राम भालू, ३ हरी मिभ, हरा
नीजिए। (३) म भानु मो में प्याज हरी मिच, पुरोनाव हरा
धनिया, थोडा-सा नमक, लाल मिर्च, स्वाद के अनुसार धी
तनने के लिए।
विधि-(१)मटर, पालू व शकरकन्द को अलग अलग उबाल
लोजिए। (२) शकरव द को छीलकर मथ लीजिए। अब भालू
को छोलकर छोटे-छोटे टुकडो मे काट लीजिए। (३) फिर एक
बतन म घी डाल कर कटे मालू के छोटे टुकडे व मटर डाल
दीजिए। इसके बाद नमक, लालमिर्च, बारीक कटा हरा धनिया व
हरी मिच गलकर योडी देर मालू-मटर को छौंक लीजिए । (४) प्रख
मपी हुई शकरकद में मक्की का भाटा मिलाकर गूध लीजिए।
फिर आटे के पेडे घनाकर पतली पपडी बेलिए और फिर बीच में
से काट कर, दो माग फरके समोसे के साकार का बना लीजिए।
(५) उसमे ऊपर बना पाल-मटर का मिश्रण भरकर गम घी मे
हल्की मात्र पर हल्की लाल होने तक तल तीजिए।
गर पाप पाहें तो ततने के लिए घी के स्थान पर तेल का
१२ कटलेट (CUTLETS)
सामग्री
२५० ग्राम माल, २.. ग्राम घी, १ प्याज, ३ हरी
मित्र, थोडा-सा पुदीना, धी तलने के लिए ।
विषि-(१) प्याज, हरी मिच, हरा धनिया, पुदीना प्रावि
को काट लीषिए। (२) पालो को उबालकर व छीलकर मथ
धनिया डालकर मच्छी तरह से हिलाइए। (४) फिर इस मिश्रण
भी प्रयोग कर सकती हैं।
१८४ पालू के कटलेट
क कटलेट बनाकर गम घी मे तलिए । लीजिए, मालू के कटलेट तयार हैं। १८५ प्रालू तथा मटर के कटलेट पामग्री १५० ग्राम मालू, १२५ ग्राम मटर, ४ हरी मिर्च, पोडा सा हरा धनिया, घी तलने के लिए, नमक, लाल- मिच इच्छानुमार। विधि-(१) पालू तथा मटर को अलग अलग उबाल लीजिए। (२) पालुप्रो को छीलकर मथ लीजिए और मटर को भी मथ लीजिए । (३) अब मालू तया मटर के मथे हुए गिश्रण को मिलाकर उसमे नमक, लाल मिर्च अच्छी तरह मिला लीजिए और पटलेट बनाइए । (४) फिर उहें गम घी में लाल लाल तल लीजिए। १८६ दाल के कटलेट सामग्री १०० ग्राम भूगगी दाल, ५० ग्राम मैदा, आधी सूखी स्वलरोटी का चरा, ३.४ हरी मिच (शरीक कटी), इच्छानुसार नमक, मिच, मूखा पनिया व गममसाला, तलन के लिए धी। विधि--(१) दाल को मन्छी तरह साफ करके पो लीजिए। पौर उमे माप मे थोड़ी देर परालीजिए। (२) जब दाल नर्म हो' जाए तो उसे सिल पर वारीर-बारीर पीस लीजिए। फिर पिसी दाल ने नमन, मिच गममसाना, हरा धनिया हरी मिव सूसा पनिया रासार पन्छी तरह हिलाइए पौर इस मिश्रण से टिपिणे बना लीजिए। प्रब एक वतन में मदा पालिए । पर चमी टिरियों को एर एप से मैदे में घोल में हुबोइए और रबलरोटी के पूरे सा पसोपन सगार गम घी मे साल-साल रग .
होने तक तल लीजिए।
बस, कटलेट तैयार हैं।
१८७ उडद की दाल के कटलेट
सामग्री:
२५० ग्राम उहद की दाल,२५ ग्राम मैदा, १/२ प्याज,
घोडा सा दूध, २-३ हरी मिर्च, २ ३ मीठी नीम के
पत्ते, १ छोटी सी गुच्छी हरा धनिया, थोडी-सी खस
सस, १ छोटा टुकडा मदरक, इच्छानुसार लाल मिर्च,
पावश्यक्तानुसार घी, पोड़ी-सी पिसी कालीमिच,
स्वाद के अनुसार नमक।
विधि-(१) प्याज तथा बाली मिच को तलिए। फिर इहें
कुचलिए, पर अधिक बारीक न करें। (२) भव दाल मे मिच तथा
हरा धनिया डालकर आच पर पकाइए । जब मिश्रण सूख जाए तो
छोटे-छोट गोले बना लीजिए। (३) फिर मैदे का घोल बना कर
गोले डवो डुबोकर तवे पर तलिए। फिर ऊपर ससखस छिरकिए।
(४) जब टुकडे एक तरफ से पक जायें तो पलट दीजिए। जब
लाल हो जाये तो उतार लीजिए।
१८८ केले के कटलेट
सामग्री
३ कच्चे केले, १ कप साबूदाना, २-३ हरी मिच, १ गाठ
पदरक, हरा धनिया, सूखा धनिया, नमक,
पिसी लाल
मिच, इच्छानुसार घी तलने के लिए।
विषि-(१) कच्चे केले को उबाल लीजिए और इहे ठण्डा
होने के लिए रख दीजिए। ठण्डा होने पर लो को छील लीजिए।
(२) भव साबूदाने को पानी में भिगो दीजिए। पोड़ी देर पाद
साबूदाने को पानी मे से निकाल लीजिए । (३) फिर भदरक व
हरे धनिए को बारीक बारीक काट लीजिए। (४) भय उबसे केले,
.
साबूदाना तमा बारीक पटे भदरव को मिलाकर पीस लीजिए।
इस पिसे हुए मिश्रण म नमक, सखा धनिया, बारीक कटा हरा
पनिया, पिसी साल मिर्च डाल दीजिए। (५) पर बने मिश्रण
की गोल गोल टिकियां बना लीजिए मोर गम तवे पर घी डालकर
टिकियो यो तलती गाए। जव भन्छी तरह से लाल हो जाए तो
उतार लीजिए।
लीजिए, पेले के ये स्वादिष्ट कटलेट तयार हैं। रहें माप
पटनी के साथ परोस सकती हैं।
१८६ मिमीकन्द के कटलेट
सामग्री
२५० प्राम जिमीकद, १०० ग्राम मक्की का माटा,
१०. ग्राम मटर के दाने, १ प्याज, ३ हरी मिष,
१ टकदा मदरक, हरा धनिया पोटा-सा, Tमर स्वाद
के अनुसार,धी तलने के लिए।
विधि-(१) मटर को उबाल लीमिए । (२) प्याज, अदरक,
हरी मिच हरे धनिए को बारी-बारीक काट लीजिए।
(३) जिमीकद को छीलकर काट लीजिए। फटे टकडों को उबाल
लीजिए। उबालरर टुकडो को मथ लीजिए । (४) अब इसमे
उबले मटर व बारीक टे अदरक प्याज, हरी मिच, हरा धनि ।
वनमक डालकर अच्छी तरह हिला दीजिए। (५) फिर इस
मिश्रण के लम्बे या मेल कटलेट बनाकर गम भी मे लाल-लाल
सन लीजिए।
गरम गरम परोसिए। ये बहुत स्वादिष्ट लगते हैं।
१९. जिमीफ द के पटलेट (दूसरी विधि),
पामग्री
२५० ग्राम जिमीक्द, २ प्याज, ५ हरी मिप, हरा
पनिया पोरा सा, १ टुनहा पदरर, ३ चम्मच बेसन,
कटलेट बना लोभिए (७) मन गेहू के पाटे में पानी डालकर
नमक, हल्दी इच्छानुसार, घी तलने के लिए।
विधि-(१) प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक, बारीक
पाट लीजिए। (२) मब जिमीक द को प्राग पर गम करके कद्द..
कस से कस लीजिए। (३) कह कस किए जिमीक द मे नमक,
हल्ली तमा बारीक कटे प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, मदरक
डालकर अच्छी तरह से हिलाइए । (४) फिर छोटी-छोटी लोइयो
बाकर बेसन के माटे मे बेलकर तल लीजिए।
लीजिए, जिमीक्द के कटलेट तैयार है।
१६१ पालक के फटलेट
सामग्री
१ गड्डी पालक, १०० ग्राम पाल, २ प्याज,
१ कटोरी डबलरोटी का चूरा, १/२ कटोरी चने की
दाल ३ हरी मिर्च, गेहू का माटा, हरा धनिया, सूखा
धनिया, नमक, लाल मिर्च इच्छानुसार।
विषि--(१) प्याज, हरा धनिया, हरी मिर्च को बारीक
काट लीजिए। (२) अब पालक को साफ करके बारीक काद कर
पोलोजिए। फिर उसे थोडे-से पानी मे पका लीजिए। (३) मन
इसी प्रकार बन की दाल को साफ करके पानी मे पका लीजिए।
भव मगर पालक व दाल मे पानी हो तो निकाल दीजिए।(४)फिर
पालुओं को उबाल नर छील लीजिए । (५) सूखी पालक,
दाल व उबले हुए मालमों पो एक्साम इक्ट्ठा परके कुपल
लीजिए । मत उसमे नमन, लाल मिच, अदरक, हरी मिच, धनिया
भालकर हिला दीजिए ताकि ये ममाले मापस मे मिल जाए।
(६) भव हायो पर पोडा-सा पी लगाकर ऊपर बने मिश्रण के
-
भोल बना लीजिए और नटलेट को घोल में डुबोकर और उसके
कार डबलरोटी का चूरा लगार तल लीजिए । इसी प्रकार
सभी वटलेट तलें। ये कटलेट बढे स्वादिष्ट होते हैं । इह गम-गम चाय के साप परोस। नमक १६२ भुट्टे के कटलेट सामग्री ८ दानेदार भुटट ३ बड़े चम्मच बेसन,२ टुपडे पनीर, ४ मालू हरी मिच, १ टुक्डा मारक, मिच, अमचूर, धनिया मदाजेस, घी सलने के लिए। विधि-(१) पालुप्रो को उबाल लीजिए। (२) अब मुझे के दाने निकाल कर सिल पर बारीक पीस लीजिए मोर फिर उबले पालुप्रा व पनीर को यह क्स कर लीजिए। साथ ही उसे पिट्ठी मे हाल दीजिए। (३) अव घेसन को पिट्ठी मे डालकर उसमे तमक, हरा धनिया, कटी हरी मिचं, अदरक पिसा हुमा डालकर हिला लीजिए। इस प्रकार सब चीजो को मिला दीजिए। (४) अब इस मिश्रण के कटलेट बनाकर घी मे तल कर पाली में रखती जाइए। रह चाय के साथ गम गम परोसें। ये पडे ही स्वादिष्ट बनते है। १६३ मसूर की दाल के कटलेट सामग्री १ कटोरी ममूर की दाल, १ छोटा प्याज, १ गुच्छी हर धनिया, थोडा सा सूखी डबलरोटी का चूरा, चुटकीभर पिसी कालीमिच , ३.४ हरी मिच, माव- श्यकतानुसार घो, स्वाद के अनुसार नमक । विधि--(१) दाल को साफ करके पानी में भिगोइए । माघे घटे बाद उसको पकाइए ।(२) जब दाल कुछ नरम पड आए तो उमम पानी डालकर बारीन पीस लीजिए। (३) फिर पिसी दाल १२०
म कटा हुमा प्याज, हरा धनिमा, हरी मिच, काली मिच मादि
डाल दीजिए और पला दीजिए। (४) दाल के फैले हुए मिश्रण
के ऊपर इवलरोटी का चूरा लगा दीजिए। (५) भव इसे गर्म घी
मेलाल होने तक तल लीजिए।
१६४ मूगफली के कटलेट
सामग्री:
५० ग्राम बेसन, १०० ग्राम मूगफली, नमक, मिच ,
अमचूर, गम ममाला, धनिया इच्छानुसार, तेल मा
घी तलने के लिए।
विषि-(१) मूगफली को भूनकर उसका छिलका उतार
लीजिए और बारीक पीस लीजिए । (२) बारीक पिसे भाटे मे
वेमन, नमक, मिच, अमचूर, गम मसाला, धनिया अपनी इन्छ।
नुसार डालकर माटा गूध लीजिए। (३) प्राटे की गोल-गोल
पेडिया बनाइए। फिर पेडो को हाथ से घोडा बेलवर गम सेल या
घी मे नल लीजिए।
१६५ मूगफली के कटलेट (दूसरी विधि) (अण्डवाले)
सामग्री
१०० ग्राम मगफली, २०० ग्राम पाल, २ स्लाइस
डबलरोटी, १ मण्डा, २ हरी मिथ, योडा-सा हरा
धनिया, ३'बडे चम्मच हबलरोटी का चूरा, मदाज
से नमक, अमचूर व मिच मादि, तलने के लिए पी।
विधि--(१) मालपो को धोकर उबाल लीजिए और ठठे
होने पर छीलकर मथ लीजिए । (२) - मिर्च व हरा धनिया
धोकर बारीक वाट नीजिए। (३) पर माफली को साफ सूखी
रडाही मे डालकर भून लीजिए ताकि लाल-लाल छिलका मासाती
से उतर जाए। (४) प्रब लाल-लाल छिलका उतार कर मोटा
१२१
मोटा पीस लीजिए। (५) अव डवलरोटी की स्लाइम को पानी
मे भिगोकर निचोड लीजिए। (६) प्रव भाप इस सारे मिषण
को मिलाकर समी मसाले (नमक, मिच, अमचूर) मिलाकर
भन्छी तरह हिलाइए। (७) मा इस मिश्रण से भाप क्मिी भी
प्राकार के जैसे गोल, तिकोने चपटे प्रादि यो मापको पसद हों,
बना लीजिए।(८)भर मण्डे को तोड कर फेंट नीजिए। (९)कपर
बने मटबेट को माहे में भिगोइए व कपर से टबलरोटी का
धूरा लगाती वाइए। (१०) गरम बी मे तल लीजिए भौर प्रत
बार या खाकी कामन पर रसती जाइए। ताकि जो फालतू ची है
यह निकल जाए।
गरमनारम चाय व चटनी के रच कटनेट परोसें ये अत्यन
स्वादिष्ट लगते हैं।
१९६ सूजी के कटलेट
सामग्री
२.. ग्राम सूजी, १०० ग्राम बेसन, १/२ चम्मच हरा
धनिया कटा हुपा, २-३ हरी मिच कटी हुई, पौना
छोटा चम्मच राई, १० ग्राम भदरक कटा हुप्रा, स्वाद
के मनुसार नमक, तलने के लिए पी।
विधि-(१) एक साफ व सुखी कडाही मे घी डालिए और
पी
'गम करके उसमे राई हाल दीजिए । (२) पब दो मिनट तक
मब राई गुताबी हो जाएगीइसमे सूजी डाल दीजिए मोर हिलाइए।
मन मोर मोमीपर दीजिए। (३)जब सूजी भूरी लाल रग की हो
नाए तो इस मिश्रण में पोहा-सा पानी डालिए और हिलातो
भाइए मोर पोटी देर इसे पकाइए । (४) जब सूजी गाढी हो जाए
मो इसम हरा भनिया, हरी मिन कटी, राई भदरव व स्वाद के
अनुसार नमक डालनार भन्डी तरह दिलाए । मन एक पाली पर
पोडा-मा भी लगाकर अपर बना मित्रण (मनी) डाल दीजिए।
१२२
(६) जब यह मिश्रण टाडा हो जाए। तो इसे भाप अपनी हा
के अनुसार बर्फी या गोल विस्कुट के मामार के पाट नीजिए।
(७) फिर इन टुबडा भो भी मे एक बार फिर स सीजिए।
(क)मव माप एक सुरो भर्तन मे बेसन पोम लीजिए और राले
टुकडों को बेसन में डुबो दुमो पर गम घी में तमती जाए।
यस, कटलेट तैयार है।
१९७ सजियो के कटलेट
सामग्री
२०० ग्राम पाल, ४-५ हरी मिष, २०० ग्राम मटर
१ छोटा टुक्रा भदरक, १ छोटी फूलगोभी, १ प्याज,
१ छोटी बदगोभी, १ नीबू का रस, १ गुच्छी हरा
धनिया, पोडा-सा गरम मसाला, १ जेटा पम्मा बेसन,
५० ग्राम पनीर।
विधि-(१) सभी सम्गियों को छीलकर पाट मीजिए।
(२) फिर सभी सम्जियो पो उपालिए। पानी वा हा कि
सन्जी गलने के पक्षात् पानी सूख जाए। (२) जर सब्जियां गल
नाए तो पीस लीगिए। (४) फिर पिछी सम्जियो मे हरा धनिया,
हरी मिच, प्याज, गरम मसाला, नीबू का रस, मदरस मादि माल
। (५) अब मिश्रण में बेसन डालकर भून लीजिए । (६) फिर
पटलेट मै पनौर वा टुण्डा रखर प्तलिए।
.
१३. वडा (YADAS)
।
१६८ दालो का बडा
सामग्री
२०० ग्राम उदय भने की दाल, १.० ग्राम प्याज का
मच्छा, ५० ग्राम सरटी दही, २.प्राम शररफ झटा
१२३
हुमा, १ वटा पम्मच हरा धनिया क्टा हुमा, ५.६ हरी
मिर्च, १ वही चम्मच जीरा, तलने के लिए घी, मदाने
से नमक।
विधि--(१) दालों को साफ करके धो लीजिए और लगभग
१२ घण्टे के लिए भिगो दीजिए। (२) अब दाल को सिल पर
मोटा मोटा पीस लीजिए। (३) अब इस मिश्रण (दाल को
मोटी पिट्ठी) में कटा प्याज, मदरक, हरा धनिया, हरी मिर्च, दही,
जोराय नमक मिला दीजिए और लगमग प्राध घटे तक इस मिश्रण
का पडा रहने दीजिए। (४) भव बडाही मे घी डालकर अच्छी तरह
सम कीजिए। अब ऊपर बने मिश्रण के गोल गोल बड़े बना कर सादे
यहे की तरह तल लीजिए।
इन बडो को धीमी भाव पर ही पाना चाहिए क्यापि दाल
मोटी मोटी पिसी हुई होती है। तेज माच पर पकाने से यदर से
बड़ा कच्चा रह जाता है।
१६६ चने की दाल का बड़ा
सामग्री
२५० ग्राम चने की दाल, १ टुक्डा अदरक, २ प्याज,
३ हरी मिर्च, हरा धनिया थोडा सा, घी तलन के लिए।
विधि--(१) चने की दाल को अच्छी तरह साफ करके व
घोकर भिगो दीजिए। प्रात काल दाल वो घोडे-से पानी के माप
मित्र पर वारीक-बारीक पीस लीजिए। (२) अब अदरक, प्याज,
हरी मिच व हरे धनिये को बारीक बारीक कर लीजिए और पिसी
हुई वाल में डाल दीजिए तथा नमक डालकर अच्छी तरह हिलाइए
और लगभग डेढ घण्टे के लिए रयी रहने दीजिए। (३) मच इस
दाल की छोटी छोटी पेडी गम करके पी मे तल लीजिए। घी इतना
हा कि बड़े प्रासानी से हुब सके । इहें चाय के साथ गम गम
-
परोसिए।
१२४
२०० चने की दाल का बड़ा (दूसरी विधि)
सामग्री
१०० ग्राम चने की दाल, १प्याज, २३ हरी मिच,
थोडा सा हरा धनिया, अदाजे से नमक व लाल मिच ,
तलने के लिए धी।
विधि-(१) चने की दाल को साफ करके धो लीजिए और
थोडे से पानी मे रात भर के लिए भिगो दीजिए । (२) अगले दिन
दाल को पाना से निकालकर मोटा मोटा पोस लीजिए । (३) प्याज
को छीलकर वारीक बारीक काट लीजिए। (४) हरी मिच व हरे
धनिये को धोकर बारीक बारीक काट लीजिए। (२) अब पिसी
दाल मे बारीक कटा प्याज, हरा धनिया व हरी मिच डालिए और
उपर से म दाज मे नमक व मिच डालकर अच्छी तरह से हिलाइए।
(६) अब इस मिश्रण वे ब बना लीजिए । (७) कडाही मे गम
घी में इन बहो कोहल्वे सुनहरे रंग के तल लीजिए।
बडे तैयार हैं । इहे गम गम चटनी के साथ परोसें। अत्यन
स्वादिष्ट लगते है ये बडे ।
-
२०१ साबूदाने का वडा
सामग्री
१२५ ग्राम साबूदाना, २५० ग्राम भालू, १२५ ग्राम
मूगफली, ३ ४ हरी मिर्च, थोडा सा हरा धनिया,
स्वाद के अनुसार नमक, मिर्ष य अमचूर, २५ ग्राम सूखा
नारियल।
विधि--(१) गायदाने को थोडे-से पानी म डालमर लगभग
२ घण्टे के लिए भिगो दीजिए ।(२)मालू बोधोरर उबाल लीजिए।
ठण्डे होने पर छोलकर, मथ लीजिए। (३) मूगफ्नी को मम्मी
पडाही में भून लीजिए मोर मोटा मोटा पीस लीजिए। (४) मब
मूखे नारियल को रददक्स वर लोजिए। (५) भव साबूदान को
१२५
पानी से निकालकर उसमे मूगफली पिसी, आलू, नारियल व मय मसाले डालकर अच्छी तरह हिलाकर मिश्रण बना लीजिए। (६) अब इस मिश्रण के छोटे व गोल-गोल बडे बना लीजिए और गम हुए घी मे हल्के भूरे रंग के तल लीजिए। - २०२ भालू का बडा सामग्री २५० ग्राम माबू, १२५ ग्राम बेधन, पोडा-सा हरा धनिया, ४ तिरियां लहसुन, सतने के लिए घी, १ मध्यम माकार का प्याज, पोडी सी हल्दी, गम- मसाला, चुटकी भर खाने का सोहा, १ छोटा टुकडा मदरक,२ हरी मिर्च, स्वाद के अनुसार नमक । विधि- (१) मानू उबालिए भौर उन्हें छीलकर टुकडे कर लीजिए। (२) अब सहसुन प्रदरफ, हरी मिच, हरा धनिया, प्याज मादि को बारीक काट लीजिए। (३) फिर धो को गम करके माल, लहसुन, अदरक, प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया मादि को भून मोजिए। (४) भव मिथण मे हल्दी तथा नमक डालिए और उस पच्छी तरह हिला दीजिए। फिर यतन को आच पर से उतार मोत्रिए। (५) पिर मिश्रण के बराबर-बराबर बडे बना लीजिए। (६)प्रय बेसन का घोल बनाइए भोर फिर बडाही में घी गर्म कीजिए। (७) फिर सभी बडो को एक एक करके बेसन के घोल मे दुबोकर घी मे तल लीजिए। बदन जाने पर निकाल लीजिए। इसे चटनी के साप परोसिए। २०३ बटाटा वडा (मराठी) सामग्री ५०० ग्राम पाल, ३ छोटे चम्मच पिसे चापत, १ छोटा चम्मव बेसन, ५० ग्राम नारियन ककस किया हुमा, १२६
२-३ हरी मिर्च, चुटकी भर हल्दी, थोडा-सा पदरक,
स्वाद के अनुसार नमन।
यिधि-(१) चावल के माटे में पानी डालकर घोल तैयार
कर लीजिए। (२) फिर माल उबालकर छीलिए तथा कुषस
लीजिए । (३) कुचले मालू, मेसन, मददूकस किया नारियल, हरी
मिर्च, हल्दी नमक तथा अदरक डालकर मिश्रण को एकसार कर
लीजिए। फिर उनकी गोलिया बना लीजिए। (४) मध इन
गोलिया को घोल मे डुबो दुबोकर धीमे तल लीजिए।
बटाटा बड़े पाय थे साथ वडे स्वादिष्ट लगते हैं।
२०४ कलमी बडा
सामग्री
२५० ग्राम चने की दाल, १ टुकडा मदरक, हरा धनिया
घोडा-सा, नमक, मिर्ग, जीरा, अजवायन इच्छानुसार,
घी तलने के लिए।
विधि---(१) चने की दाल को साफ करके व घोपर भिगो
दीजिए। (२) प्रात पाल दाल को पानी में से निकालकर मोटा-
मोटा पीस लीजिए । (३) भर पिसी दाल मे बारीक कटा पदरस,
हरा धनिया, नमक, मिष, जीरा, अजवामन भालकर अच्छी तरह
हिला दीजिए ताकि सब वस्तुए मापस में मिल जाए। (४) अब
इस पिसी दाल के गोल-गोल पकोडे बनाकर गम घी मे लाल-लाल
तल तीजिए।
लीजिए, कलमी ब तमार हैं । इहें माप गर्म चाय या चटनी
के साथ परोसिमे।
२०५ कामी का बडा
सामग्री
१ कटोरी उडद की दान, ३ रटोरी मूग की दाल, मन
मल का पतला सफेद स्पडा, नमक, मिच, पिसी राई
स्वाद के अनुसार, २ हरी मिर्च, घी तलने के लिए। विधि-(१) उडद की दाल व मूग की दाल को साफ करके व पोकर भिगो दीजिए । अगले दिन दाल को पानी में से निकाल- फर सिल पर वारीप बारीक पीस लीजिए। (२) अवधीको वडाही मे डालकर गम होने के लिए रख दीजिए। (३)फिर एक थाली पर, मतमल के कपडे मे छोटे-छोटे बडे बनाकर रखती जाए।(४) जब घी अच्छी तरह से गम हो जाए तो ऊपर बने बडो को घी मे तल लीजिए। (५) अव एक बतन मे पानी डालकर उसम नमक, पिसी राई व मिच मिलाार अच्छी तरह हिलाइए । फिर इसमे तले हुए काजी के बडे डाल दीजिए । लीजिए, काजी बहे तैयार हैं । १४ टिकिया, चाट और आमलेट (TIKIAS CHATS & OMELLETE) २०६ अरबो की टिकिया सामग्री २०० ग्राम परबी, ५० ग्राग नारियल, २५ प्राम प्याज, थोडा सा खान का सोडा, ५० ग्राम बेसन, १ छोटा टुण्डा प्रदरक, तप्सने के लिए घी, ५ सूखी ताल मिर्च, स्वाद के अनुसार नमक। विषि-(१) मरवी को उबाल कर छिलका उतार लीजिए। (२) फिर अरवी को कुचलिए। (३) प्रव सूखी मिच, अदरक, प्याज नमक और नारियल को एक साथ पीस लीजिए। (४) फिर पतीली मे घी गम मरते पिसे मसालो को भून लीजिए। (५) बेमन मे पानी डालकर घोत बना लीजिए। (६) फिर पिसी हुई परवा की टिकिया बनार मसालो का मिश्रण भरिए। (७) अब कड़ाही में पी गम करवे टिरिया को बेसा के घोल मे डबो टुबोदर तलिए। इह स्वतत्र रूप से पगैसा जाता है। सु.-३०७ २०७ मालू की टिकिया सामग्रो २५० ग्राम मालू, ७५ ग्राम प्राटा, ५० ग्राम मक्खन, स्वाद के अनुसार नमन । पिषि-(१) मालुमो को उबालकर छिलके उतार लीजिए। भव उन को कुचल लीजिए। (२) फिर चले मालुमो मे पाटा, नगक तथा मक्खन मिलाइए। (३) अब मिश्रण को गोल-गोल पेडिया बना लीजिए। (४) साथ ही तवे पर घी चुपडकर पेडिया डालकर टिकियां बना लीजिए। फिर टिक्यिो पर मवखन चुपड- चुपडकर परोसिए । साप चाहे तो मक्सन की जगह वनस्पति घी भी लगा सकती हैं। २०६ केले की टिकिया सामो ४ कच्चे केले, २ वडे मालू, २ हरी मिर्च, १ प्याज, थोडे से हरे धनिए के पत्ते, नमक स्वाद के अनुसार । विषि-(१) वेलो तथा पालुनों को छिलको समेत उबालिए। जब ये नम हो जाए तो छिलका उतार कर कुचल लीजिए। (२) प्याज, हरी मिच हरा धनिया प्रादि को काटकर कुचले हुए केलो तथा पालुप्रो मे नमक समेत मिला दीजिए । (३) फिर मिश्रण के गोल पैडे बनाकर गम घी मे तलिए। इसे पुदीने को चटनी के साथ परोसिए। २०६ मुट्टे की टिकिया सामग्री २५० ग्राम मुट्टे का हरा दाना, ४०० ग्राम भालू २५० ग्राम घी, ३-४ हरी मिर्च, थोडा सा हा धनिया, नमक, मिच, गरम मसाला स्वाद वे मनुसार। १२६ विधि-(१) पालुओ को उबाल लीजिए । ठण्डा होने पर छीलकर बारीक-बारीक पीस लीजिए । (२) अब हरा धनिया, हरी मिच को धोकर वारीक-बारीक काट लीजिए । (३) अब हरे मुद्दे के दाना को सिल पर बारीक-बारीक पीसिए। (४) मब बारीक पिसे माल व भट्ट के दाने नथा बारीक कटा हरा धनिया व हरी मिच को मिला कर छोटी छोटी गोल गोल पेडिया बना लीजिए। (५) फिर धीमी पाच पर घी में पेडियो को तल लीजिए। लाल हो जाने पर उनका घी मे से निकाल लीजिए। मुटे की स्वादिष्ट दिक्यिा तैयार हैं । उ हैं चटनी आदि के साथ परोस सकती हैं। २१० भुट्टे की थाली पोठ टिकिया सामग्री २०० ग्राम मुटटे के मुलायन दाने, १०० ग्राम बेसन, २०० ग्राम मूगफली का तेल, २३ प्याज, थोडा थोडा औरा, होग, नमक, लाल मिच स्वाद के अनुसार, पोडा सा हरा धनिया। विपि-(१) भुट्टे के मुलायम दानों को पीस लीजिए। (२) प्रब एक कड़ाही में थोड़ा सा तल डालकर वेसन हाल दीजिए और पोडी देर भून लीजिए। जब मुन जाए तो निकाल लीजिए। (३) प्रब दूसरी कड़ाही में घी डालार भुरटे पिसे दानो को साल भून लीजिए । पिर उसे मन वगनमामिला दीजिए।(४)मर साली पडाही म तल डालकर उमन वारी कह प्याज डालकर भून सीलिए। फिर दूसरी कड़ाही में रखा, मुना मा मिश्रण में शल- कर कारवाले मसाले-ममम, पिसी लाल मित्र, जीरा, हींग, हरा यनिया भी लिए। (५) मब उममी छोरी छोटी टिकियाना सीलिए।फिरतवे पर पोडा पोहा तेल डालकर टिरिया तस मीविए।
.
२११ मोठी टिकिया
सामग्री
२०० ग्राम वेमन, ५० ग्राम शक्कर, १ चम्मच खसखस,
५६ बादाम कुतरे हुए, घी तलने के लिए, थोडा-सा
मक।
विधि-(१) वेपन मे थोडा सा नमक व पानी डालकर घोल
बना लाजिए। (२) खगखम, रायकर व कुतरे हुए बादाम वेसन के
घोन म मिला दीजिए। (३) फिर छोटी छोटी टिकिया बनावर
पम घी मे तल लीजिए।
२१२ साबूदाने की टिकिया
सामग्री
२५० ग्राम बालू, १५० ग्राम साबूदाना, थोडा-सा हरा
धनिया, ३४ हरी मिर्च, घी सेवने के लिए, स्वाद के
अनुसार नामा
--(१) पालुप्रो को रवातकर व छीनार मथ लीजिए।
(२) अब साबूदाने को भी उधान घर मथे पालुप्रो मे मिला
दोगिए । (३) फिर हरी मिच व हरा धनिरा काट लीजिए। अब
साव और मथे पालुप्रा मे नमक, बारीक कटा हरा धनिया व
मच डालकर अच्छी तरह से मिला लीजिए । (४) अब इसकी
गोल गा र टिकिया बना सीजिए। (५) फिर तव पर थोडा-सा भी
डालकर टिकिया सेक लीजिए।
साबूदाने की ये टिपिया वडी स्वादिष्ट होती हैं ।
२१३ साबूदाने की टिकिया (दूसरी विधि)
सामग्री
५०० ग्राम माल, ३ बडे चम्मच साबूदाना, ४ पड़े
चम्मच भूगफली, १ वडा प्याज, तेल हल्का तलने के
-
लिए, नमक स्वाद ये मनुसार, २ छोटे चम्मच नीबू का
रस इच्छानुसार, १ छोटा चम्मच धनिये के पत्ते (कुतरे
हुए), २हरी मिच वुतरी हुई इच्छानुसार।
विषि-(१) तेल को छोडकर ऊपर दी हुई सारी सामग्री को
एक साथ मिलाइए फिर पानी मिलाकर उसकी पेरिया बनाइए।
(२) तवे पर तेल गर्म कीजिए और एक साथ ४ या ५ पेडिया
तलिए । भूरी लाल हो जाने पर गम गम परोसिए।
साबूदाने की टिशिया करारी मोर खस्ता बनती है। यह
पश्चिमी भारत मोर विशेषकर महाराष्ट्र में बही लोकप्रिय है।
२१४ सिन्धी टिक्की
सामग्री
५०० ग्राम पाल, १ छोटी उबलरोटी, २ कप मूगफली
का तेल, थोडा-सा भदरक, हरा धनिया, जीरा,१नीबू,
५ हरी मिचें।
विधि-(१) पतीली में मालू उबालिए। जब वे उबल जाए
तो छिलका उतार कर कुचल लीजिए । (२) फिर डबलरोटी को
५ मिनट के लिए भिगोकर रखिए। (३) प्रब बुवले पालुप्रों मे
हबलरोटी, नीबू का रस, धनिया, मिच, प्रदरक जीरा और नमक
मिलाइए । (४) फिर मिश्रण को एकसार करने टिक्किा बनाइए
पौर तवे पर तलिए।
यह टिक्की टमाटर के सॉस के साथ परोसने पर स्वादिष्ट
लगती है।
२१५ सोयाबीन व भालू की टिकिया
मामग्री
५०० ग्राम माल ६० ग्राम सोयाबीन, ३ बठे चम्मच
मंदा, ५६ हरी मिर्च पोडा-सा हरा धनिया, नमक
- मिच मोर गरममसाला स्वाद के अनुसार, तेल तलने के लिए। विधि-(१) सोयाबीन को एक रात के पिए मिगो डर रख दाजिए । सुबह सोयाबीन या छिलका उतारपर मोटा-मोटा पीस लीजिए । (२) मालुमो को उबाल लीजिए। ठण्डे हो जाने पर छील- कर कुचल लीजिए। (३) हरा धनिया व हरी मिच को धोकर बारीक बारीक काट लीजिए। फिर इसे पिसी सोयाबीन में मिला दीजिए। (४) प्रय मथे पालुमो में मैदा डालकर अच्छी तरह से मिला लीजिए। फिर उस मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां बना लीजिए। (५) इन लोइया मे सोयाबीन की पिटठी भर कर टिक्की के माकार का बना लीजिए । (६) तवे पर घी डालकर टिकिया छोड दीजिए। सोयागीन की टिक्की तैयार है। इमली की खटटी मिटठी चटगीन साथ परोसें। २१६ फलो को चाट सामग्री २ रोब, १ माम का गूदा, २ वेले, १ सतरा, १ भमरूद, १ नही, १सीरा, १ नीबू, २ केले के पत्ते, १ बड़ा टुकडा अन नास, पाट का मसाला स्वाद के प्रसार । विधि-(१) केले के पत्तो को काटकर प्लेट पर बिछा दीजिए। (२) फिर सेब, केला, अमरूद अनानास, प्राम का गूदा, ककडी मोर म्बीरे को काटकर पत्तीवाली प्लेटो में सजाइए। (३) अब सतरा छीलकर का भी मिश्रण पर डाल दीजिए। (४) इसके बाद चाट मसाला डालकर हिलाया और ऊपर से नीबू निचोड दीजिए। लीजिए, फलो की स्वादिष्ट चाट तैयार है । यदि माप चाने तो चाट म चुकदर मी डाल सकती हैं। १३३ .
। २१७ सिंघाडे की चाट सामग्री २०० ग्राम सिंघाडे, आधा छोटा चम्मच सफेद जीरा, माधा छोटा चम्मच पिसी लाल मिर्च, २ हरी मिर्च बारीक कटी हुई, एक रडा चम्मच घी, २ बड़े चम्मच पानी, नमक स्वाद के अनुसार, हरे धनिये के कुछ पत्ते। विधि--(१) सिंघाडो को छोल लीजिए । (२) घी गम कीजिए। उसमें नमक डाल कर सिंघाडे डाल दीजिए। (३) दो-ती। मिनट तक पकाइए । फिर उसमे जीरा और लाल मिच डाल दीजिए। (४) अब उस समय तर पकाइए जब तक सिंघाडे भुनपर लाल न हो जाए । (५) अब मानी डालकर तब तक पकाइए जय तक गिधाडे गलवर नम न हो जाए। (६) पकने पर भार से सार लें। अब कुनरे हुए धनिये तथा कटी हरी मिच ऊपर से बुरक पर परोसिए। २१८ सतरे की चाट सामग्री २ नागपुरी सतरे, ५ ग्राम जीरा, ५ ग्राम काला जीरा, ५ ग्राम बड़ी इलायची, ७७ ग्राम नमक लाल मिच तथा काली मिच, ५०० ग्राम शरबर, २ नीबू । विधि--(१) जीरा, काला जीरा,बडी इलायची, धनिया प्रादि को भूनकर पारीक पीस लीजिए । (२) लाल तथा काली मिच भी मला अलग पीस फर राव सोजिए । (३)नागपुरी सतरो को छील- कर उनके बीज निकाल लीजिए। पाका की परी मिली उतार सीजिए। (४) मय पापा को प्लेट में सजाकर कपर मे मसाले छिटर दीजिए।
२१६ अकुरित मूग की चाट सामग्री २०० ग्राम साबुत मूग, भाषा नीबू, हरा धनिया, हरी मिच थोडी सी, नमक, पिसी लाल मिच, ममनूर स्वाद ने भनुसार। विधि-(१) साबूत मूग को साफ करके किसी खुले बर्तन में भिगो दीजिए। अगले दिन गीले तौलिए मे रखिए। (२) ४-५ घटे के बाद तोलिए में निकाल कर भकुरित मूग को साफ कर लीजिए। अकुरण करने के बाद जो साबुत मूग रह जाए उन्हें निकाल दीजिए। (३) अब किसी दूसरी प्लेट में मकुरित मूग बाल- फर नमक, पिसी'लाल मिच व अमचूर डालकर तथा हिलाकर बारीक कटी हरी मिर्च व नीबू का रस निचोड लीजिए मोर घुले धनिये के पत्तों से प्रकुरित मूग की चाट को सजा लीजिए। भगर पाप चाहे तो धनिये के पत्तो को बारीक-बारीक काट- कर भी ऊपर फैला सकते हैं। २२० सोठ-पापडी सामग्री ४ बड़े चम्मच मैदा, तेल या घी गहरा तलने के लिए, २आलू, प्राधा कप मट्ठा, २ बडे चम्मच पानी, १ छोटा पम्मच मसाला, नमक स्वाद के अनुसार, सोठ पापडी के साथ खाने के लिए। विषि-(१) मैदे मे घी, नमक और पानी डालकर सस्त गूधिए। (२) अब पेडिया बनाकर उन्हें बेलकर ५ ६ सेंटीमीटर प्राकार की, पतली-पतली पट्टिया बनाइए। (३) गहरी सवी में तेल गम करके उहें तलिए। सस्ता लान होने पर छलनी से निकाल लीजिए। (४) माल उबालकर छील लीजिए, फिर उन्हें मसल सीजिए। (५) भव एक एक पापडी में एक चम्मच मसाले, पालू,
दो छोटे चम्मन साठ मोर दही डाल दीजिए। ऊपर से चाट मसाला
तथा नमक स्वाद के अनुसार बुरस दीजिए।
सोठ-पापडी साोम बडी स्वादिष्ट लगती है। महिलाए इह
खाना बहुत पसद करती हैं । यह उत्तरप्रदश मे मत्यन्त लोकप्रिय
२२१ सोठ पकौडी (दूसरी विधि)
(१) सोठ
सामग्री
१०० ग्राम इमली,२ छोट चम्मच सफेद जीरा,१ छोटा
चम्मच सोठ का पाउडर, माधा छोटा चम्मच काला
नमक, २ बड़े चम्मच गुड का चरा,माधा छोटा चम्मच
काली मिच, पिसी लाल मिच स्वाद के अनुसार, नमक
म्वाद अनुसार, हीग चुटकी भर ।
विधि-(१)इमनी को पानी से अच्छी तरह धोइए । अब तीन
कप गनी मे भिगो दाजिए । (२) फिर माधे घटे बाद उसे कुचलकर
छलनी मे स छान लें और मारी सूखी सामग्री डाल दें। फिर उसे
तब तक उबालिए जब तक रसा गाढा न हो जाए । जब पानी तीन
कप का लगभग एप कप रह जाए ता उतार लीजिए। (३) फिर
ठडा पर लीजिए। अब उर मे उडद या मूग की पकौडी डालकर
परोसिए।
(२) पपोडी कैसे बनाए
(१) चौथाईप उइट युती दाल रात भर भिगोकर रखें।
(२) दूसरे दिन पानी निथार कर दाल को सिलबटे पर पीसकर द्रव
बना लें। (३) इसे तब तर रगडती रहें जब तर द्रव हल्ला न हो
जाए। हरपाठ पानी की कटोरी मे डालकर देखें, यदि द्रव भी
दें तैरने लग तो समभिए पवौडी नाव ठीक तरह ने पुट गया
११६
7
है। इसके विपरीत, यदि द्रव की बू डूब जाए तो पोर रगडिए। (४) छ बडे चम्मच तेल तेज गर्म कीजिए। (५) पर इस गाढे द्रव के छाटे-छोटे सहरसौलते तेल मे डालिए। जब लड्डू भूरे लास हो जाए तो निकाल लीजिए । (१) फिर पौडियो को वफ से शीतल किए नमकीन पानी के, पत्थर के, पटोरे मे दस मिनट तक. छोड दीजिए। (७) अब पकौडिया को निकालकर नित्रो और फिर इमली की साठ में डाल कर परोसिए। २२२ दही भल्ले'. सामग्री १०० ग्राम उडद की दाल, ३५० ग्राम दही) दीर पम्मच जीरा, १ छोटी चम्मच पिसी हुई लालमिय धी तलन के लिए, नमक स्वाद के अनुसार। विधि-(१) उहद की दाल को रात में भिगोकर रखिए। (२) फिर उसे अच्छी तरह मसलिए ताकि उसके छिलके अलग हो जाए। (३) अब दाम को सिल पर पीस लीजिए । तत्पश्चात् जीरे को तवे पर भून कर टाल मे डाल दीजिए। (४) पिर चक्ली पर मलमल का गीला कपड़ा बिछाकर उस पर दाल के छोटे छोटे गोल- गोल पडे बनाकर सुखाइए। (५) जब पेडियां सूख जाए तो धी मे हल्ला लाल होने तक तल लीजिए। (६) इसके बाद उहे कुछ देर तक पानी मे भिगोकर रखिए। (७) अव दही में थोडा-सा पानी डालकर फेटिए । साथ ही उममे भरले हाल दीजिए। लीजिए, स्वादिष्ट दही भल्ले तैयार हैं। २२३ केले के दही घडे सामग्री ६ बड़े धडे कच्चे केले, ५०० ग्राम दही, थोडा सा जीरा और गरममसाला, लाल मिच मन्दाजे से, नमक स्वाद १३७ के अनुसार, पी तलने के लिए। विधि--(१) बेलोको उबाल कर छील लीजिए और कुचल लीजिए । (२) भब पिसे केलो की छोटी छोटी पेडियो को बनाकर तल लीजिए । (३) तत्पश्चात् दही मे पोटामा पानी मिलाकर मच्छी तरह हिलाइए। (४) साथ ही जीरे को भून कर दही में मिला दीजिए। (१) फिर मिश्रण मे नमक, लाल मिप पीर गरमान मसाला मिला दीजिए। (६) मब मिश्रण मे तले हुए केले के बडे साल दीजिए। वस, केले के स्वादिष्ट वडे तयार है। ऑमलेट २२४ टमाटर ऑमलेट (अण्डा रहित) सामग्री २ टमाटर, २ कप बेसन, २ प्याज, १ टुकड़ा अदरक, १ चम्मच जीरा, ३ हरी मिच, १ चम्मच धनिया (हरा) कुटा हुमा, भी तलने के लिए। विधि-(१) टमाटर हरी मिच, प्याज व अदरक को बारीक- मारीक काट लीजिए। (२) फिर बेसन मे हरा धनिया, जीरा नमक र बारीक कटा प्याज, हरी मिन, भदरक व टमाटर डालकर हिलाइए। (३) अब नवे को गरम कीजिए। उस पर थोडा सा भी डालिए । फिर कलछी की सहायता से बेसन तवे पर डालकर फैला दीजिए । ध्यान रहे कि मामलेट पतला न बन जाए। अब तवे पर योग-सा यी चारों तरफ डालिए । इसे लगभग एक-दो मिनट पकने दीजिए। फिर यही सावधानी से इसे पलट दीजिए । (३) मम उसी प्रकार दूसरी तरफ तलिए। जब दोनो तरफ स प्रॉमनेट लाल हो जाएं तो उतार सीजिए। १३८
लीजिए, टमाटर मॉमलेट तैयार है। यह शाकाहारी ऑमलेट
२२५ टमाटर-ऑमलेट (दूसरी विधि)
सामग्री
२ टमाटर, १०० ग्राम बेसन, २० ग्राम अदरक कटा
हुप्रा लच्छा, २ बडे चम्मच हरा धनिया (कटा हुआ),
२ प्याज, २-३ हरी मिर्च, १ बडा चम्मच जीरा,
इच्छानुसार Tमक, तलने के लिए भी।
विधि-(१) एक खुले बतन मे बेसन लीजिए । (२) अब उसमे
टमाटर वाटकर, अदरक, हरा धनिया बारीक काट कर प्याज व
हरी मिर्च, नमक व जीरा डालिए । अब उसम पानी डालकर गाढा
घोल बना लीजिए। ध्यान रहे, घोल पतला न हो जाए।(३)प्रब
तव पर घी डालिए । जब गम हो जाए तो उस पर दो बड़े चम्मच
घोल ढालिए और क्लछी की सहायता स गोल आकार में फैला।
दीजिए और हल्की पाच पर पकाइए ।(४)मब थोडा योडा-सा धी
किनारी पर डालती जाइए ताकि नीचे न लग जाए। थोडी देर
पकाने के पश्चात् इसे सावधानी से पलट दीजिए ताकि टूट न
जाए। (५) जव यह दोनो तरफ से पक जाए तो घी लगाकर
उतार लीजिए।
माप चाह नो वेमन के स्थान पर चावल के आटे का प्रयोग
भी कर सकती हैं।
1
२२६ स्पैनिश प्रॉमलेट (प्रडा रहित)
सामग्री
१ कप बेसन, १ छोटी गाजर, मापा चिमना मिच,
२ हरे प्याज, मी, हरा धनिया, झाली पिच
-
नमा, गरममसाला, पिमो लाल मिच स्वाद के अनुसार।
विपि-(१) सब्जियो के डोट-छोट व पतले-पतले टुकडे
काट लीलिए पिव इसमे बेसन वारोब कटा हरा धनिया, काली-
मिर्च, नमक, गरममसाला, पिसी लाल मिच तपा पानी डालकर
घोल बना लीजिए। (२) मब तवे पर घी डालकर गम कीजिए।
कलछी की सहायता से ठार बने घोल की एव कलछी तवे पर
हालिए मौर चारो तरफ गोलाई मे फला दीजिए। (३) नौवे का
हिस्सा पक जाने पर पलट कर किनारो पर घी लगाकर दूसरी
तरस पलटिए । पर जाने पर उतारिए और घी लगाकर गम गम
परोसिए।
इप ऑमलेट को घोमी पाच पर ही पकाइए। मॉमलेट जब
भूरे रंग का हो जाए तो समझिए वह ठी। बना है। यह महा
एहित मॉमलेट भी बडा स्वादिष्ट बनता है।
१५ फुटकर भोज्य पदार्थ
२२७ दूधिया पालू
सामग्री
३०० ग्राम मालू, ७५ ग्राम घी, ७५ मि. लि. दूध,
७५ मि. लि. पानी, २५ ग्राम मैदा, थोडी सी काली.
मिच , Tमक स्वाद के अनुसार।
विधि-(१) मालमो को उबाल कर छील लीजिए पौर
छोटे छोटे टुकडे काट लीजिए। (२) पिर कडाही ग घी डालकर
उसमे प्रालू डाल दीजिए। (३) अब पढाही मे दुध और पानी
मिला दीजिए । (४) तत्पश्चात् नगक और कालीमिच मिलाकर
पाच तेज कर दीजिए। (५) जब घोल लगभग प्राधा रह जाए तो
बाकी बचा घी और मंदा डालकर मच्छी सरह बसाइए ताकि एक
१४०
.
सार हो जाए।
मस, दूधवाले माल तैयार हैं।
२२८ माल के पातरे
सामग्री
२५० ग्राम पाल, पोडी सी लाल मिष , चुटकी-भर
काली मिच, घो तलने के लिए, नमक स्वाद के
अनुसार।
विधि--(१) मालुमों को छोलकर पतले-पतले गोल मोल
टुकडो मे काट लीजिए। (२) मव उ हैं घी मे तल लीजिए।
(३) जब वे अच्छी तरह लाल हो जाए तो निकालकर नमक,
लाल मिच और काली मिर्च को बुरककर अच्छी तरह हिलाइए।
बस, चटपटे पालू तैयार हैं।
२२६ प्रालू के पाप
सामग्री
२५० ग्राम भाल, १२५ ग्राम मटर के दाने, ५० ग्राम
सूखी डबलरोटी का पूरा, ५० ग्राम मैदा, ५० मिली
लिटर दूध, ५० ग्राम अदरक का लच्छा, ४ इलायची,
४ लोंग, २ हरी मिच, ५० ग्राम घी, स्वाद के अनुसार
जीरा, दालचीनी, तेजपात के पत्ते, नमक व पिसी काला-
मिच भादि।
विधि-(१) मालुमो को उबाल लीजिए। ठण्डे होने पर छोल
लीजिए । (२) अब भालुनो मे दूध, कालीमिच, नमक डालकर
बारीक-बारीष नसल लीजिए । (३) अब एक बतन मे धी
हालिए। जब गम हो जाए तो उसमे तेजपात, लोग, इलायची,
जारा प्रादि डालकर पोडी देर तक तलिए। फिर उसमें अदरक
व मटर डालिए मौर हल्का लाल होने तक तल लीजिए मौर
,
-
उरगर कर पिसी बतन मे रख दीजिए। अब मसले हुए मालुमा
की छोटी-छोटी टिकियां वनाइए। अव टिकियो मदर रूपर
बना मिश्रण भर दीजिए। अब एक-एक बतन मे मंद का घोल बना
लीजिए। कपर बनी टिक्यिा को मैदे के घोल मे डुबोकर प्राप
डबलरोटी के चूरे का पलोथन लगावर गम-गम घी मे तल
लीजिए।
मालू वे स्वादिष्ट चाप तैयार हैं।
२३० राजसी टोस्ट
सामग्री
एक आधी हवलरोटी, १२५ गिलोलिटर दूध,
१०० ग्राम चीनी, ५० ग्राम घी (तलने के लिए),
४ छोटी इलायची (पिसी हुई), ५० ग्राम बादाम,
किशमिश, काजू प्रादि।
विधि--(१) एर पतीले में पानी व चीनी डालकर प्राच पर
रख दीजिए और एक तार की चाशनी तैयार होने तक पकाइए।
(२) र डबलरोटी की स्लाइसों को थोडे स दूध मे दुबो
दीजिए। (३) अव पडाही मे घी गम कीजिए और उसो दूध
मे से स्लाइसो को निकाल कर घी मे डालते जाइए। (४) पी म
स्लाइसो को हल्का हल्का तल लीजिए। (५) भव तले स्लाइसौ
को चाशनीम डाल दीजिए। (६) जब स्लाइस नम पट जाए तो
चाशन: निकाल लीजिए। हर स्लाइरा वो अलग मलग रखिए।
(७) अब हर स्लाइस के ऊपर सूखे मेवे व पिसो इलायची डानती
जाइए।
राजसी टोस्ट तैयार है।
२३१ मोठे टोस्ट
सामग्री
प्राधी डोटी डबलरोटी के स्नाइम, ३०० मिलीलिटर
१४२
दूध, दो तार की चाशनी के लिए चीनी, तलने के लिए
घी, इच्छानुसार मेवा।
विधि-(१) दूध को मोटा कर गाढा बना लीजिए ।
(२) डबलरोटी को छोटे छोटे टुकडों मे पाट लीजिए और
सुले घी मे कडाही में तल लीजिए 1 (३) दो तार की चाशनी बना-
कर उतार लीजिए। (४) तले हुए टुकडो को गाढे प्रौटाए दूध
दो-तीन मिनट डुबो रखिए। (५) जव उनमे गाढ़ा दूध अच्छी
तरह भर जाए तो उन टुक्डों को दूध स निकाल दीजिए और
चारा ) मे डाल दीजिए। (६) अब पांच मिनट बाद चाशनी में
से डबलरोटी के टुकडो को निकाल कर तश्तरी मे सजा दीजिए
पौर ऊपर से मेवा बुरक दीजिए, अब परोसिए।
२३२ पालू का जर्दा
सामग्री
५बडे पाल, चौथाई मूखा नारियल, ५ बड़े चम्मचे घो,
१ कपीनी, १ वडा चम्मच चिगेजी, ४ छोटी इला
यची (पिसी), बडा चम्मच किशमिश, १२ कानू,
१० कप पानी,थोडा सा मीठा पीला रग।
विषि-(१) मालुभो को छीलिए और लम्बे क्स पतले पतले
कतले काट लीजिए। फिर २५-३० मिनट तक पानी में भिगो कर
रखिए। (२) सूखे खोपरे के लम्बे प्रौर पतले कतले काटिए।
(३) अब पानी उबालिए और उसमें पीला रंग तथा मालू के टुकडे
डालिए । पतीली को उतारकर ढक्कन लगाकर ५ मिनट के लिए
एक मोर रख दीजिए। (४) अब पानी बहा दीजिए। फिर नल
के नीचे मालुप्रो को ठडे पानी से धोइए । बालू के टुकडे ठहे हो
जाए तो हटा लीजिए। (५) गहरी तवी में घी गम कीजिए।
तवी को नीचे उतारकर क्रमश पालू, चीनी सूखे मेवे, किशमिरा,
पतला कुतरा हुमा सोपरे की तहें लगा वीजिए । (६) मव तवी
.
को धीमी पाच पर तब तक पकाइए जब तक वे गल न जाए ।
(७) अब ऊपर से पिसी इलायची वुरककर परोसिए।
२३३ चिवडा
सामग्री
१०० ग्राम चिवडा, ६० ग्राम मूगफली, स्वाद के
मनुमार नमक, अमचूर, काली मिच व हल्दी, तलने के
लिए धी।
विधि-(१) कडाही मे घी डालकर गम कर लीजिए।
(२) गम घी मे चिाडा तल लीजिए और निकाल लीजिए।
(३) अब इसी घी मे पाप मूगफली भी तल लीजिए और निकाल
लीजिए। (४) अब एक प्लेट मे चिवडा व मूगफली डालर ऊपर
से अमचर नमक में पिसी काली मिच डाल दीजिए। (५) अत्र
कडाही मे थोडा सा घी डालकर उसमे घोटी सी हल्दी डालिए
पौर थोडा गम कीजिए। (६) अब इसमे चिवडा भी मिला
दीजिए। (७) हन्दी डालने से चिवडा पीले रग वा हो जाता है
पौर इस प्रकार चिवडा माप त स्वादिष्ट लगता है।
२३४ मूग की दाल की पेटीज
सामग्री
१०० ग्राम मूग यी दाल की पिट्ठी, ५० ग्राम नारियल
बदवस क्यिा हुमा, २० ग्राम प्रदरव' पटा हुमा,
४ हरी मिर्च कटी हुई, ३० ग्राम हरा धनिया कटा हुमा,
बेला के पत्तो वे म इच के वर्गाकार टुकडे, अदाज से
सानेवाना सोडा हल्दी, नमक प्रादि, २ बढे पम्मष
थी।
विपि-(1) एक बतन में मूग की पिट्टी लीजिए । (२) भर
उसमे नारियल, हरी मिष, अदरक, हरा धनिया, नम्म, हल्दी
सु.-३०७
४
है
-
खानेवाला सोडा आदि डालकर मच्छी तरह से हिलाइए । भव
केले के टुकडे पर इस मिश्रण की मोटी तह फैलाइए। फिर इस
परत को दूसरे वेल वे पत्ते से ढक दीजिए। अव तवे को गम कीजिए
और इस मिश्रण को रखिए। जब केले के पत्ते दोनों मोर से लाल
हो जाए भर्थात् दोनो भोर से पक जाए तो इस भाग से उतार
लीजिए मोर भव दोनो और स केल के पत्ता को हटा दीजिए।
मूग की दाल के स्वादिष्ट पेटीज तैयार हैं।
२३५ पालू के पेटीज
सामग्री
१२५ ग्राम भालू, २५० ग्राम मटर के दाने, १५ ग्राम
मैदा, १० ग्राम अदरक का लच्छा (कटा हुआ),
२५ ग्राम नारियल कद्दूकस किया हुमा, आधा चम्मच
राई,२ हरी मिच (कुतरी हुई), स्वाद के अनुसार नमक,
पिसी वालीमिच, हींग, आधा कलछी थी।
विधि-(१) मालू को धोकर उबाल लीजिए । लण्डे होने पर
छील लीजिए। (3) मटर के दानो को भी उसी नाति उबाल
लीजिए । (३) अब एक बतन मे थोडा घी डालिए और उसमें
राई, हींग, हरी मिच कददूकस किगा नारियल, अदरक, पिसी
काली मिच आदि तल दीजिए। (४) मटर और पालुप्रो को मथ
लीजिए। अब उममें नमक डालपर अच्छी तरह गूध लीजिए।
फिर उमम मिश्रण को डालिए और थोडी देर पकाकर उतार
लीजिए। अब इस मिश्रग की लोईया बना लीजिए। फिर इन
लोइया को मैदे का पलीयन लगाइए और तवे पर घी डालकर लाल.
लाल रग रे होने तक तल लीजिए।
२३६ स्वादिष्ट फ्लिप (अण्डेवाले)
सामग्री
३ मण्डे, ३ पम्मच छोटे पानी, ४०० मिलीलिटर दूध,
१४५
-
पोडा सा जायफल(पिसा हुआ)चीनी, स्वाद के अनुसार।
विधि-(१) अण्डा को किसी गहरी प्लेट या कटोरी मे फैट
लीजिए और इ7 अण्डो को थोडे से दूध मे चम्मच से चलाकर
एकसार कर लीजिए । (२) अब दूध को एक उबाल देकर उतार
लीजिए। (३) फिर चीनी तथा जायफल गिला दीजिए।
बस, स्वादिष्ट पिलप तैयार है।
चौथा खण्ड
विविध
(MISCELLANIOUS)
१६. सब्जियो व फलो को सुखाना
मग्रेजी में एक कहावत है-'कुछ वस्तु वर्षा काल के लिए
बचाकर रखिए।" (Lay by something for a riny day)
इस मुहावरे का चाहे भय दूसरा अर्थ भी प्रचलित हो गया हो,
पर गह बात शब्दश भी सच उतरती है। इसे कुशल गहिणियो
भली भांति जानती हैं।
मभी सब्जियां अपनी वहार में पानी हैं। एक समय तो वे
इतनी अधिक होती हैं कि वे काफी सस्ती मिल जाती हैं और
एक समय ऐसा भी माता है जब या तो वे बाजार से अचानक
गायब हो जाती है या फिर छह से आठ गुना तक महगी मिलती
वषा ऋतु म हरी सब्जियां बहुत कम हो जाती है । वप म
कुर समय नो ऐसा भी माता है, जब गृहिणी यो सोचना पडता है
कि वह क्या पकाए । उन दिनो हर कोई सब्जी बाजार में नहाने की
शिरायन करता है। परिवार के लोग गहिणी से सूखे मौन
केतिए वोमते हैं।
पर हर गहिणी के सामने यह समस्या हो पाती। कुशल
गृहिणियो/ममय समय पर सब्जियां या शाफ सुपाकर रख लेती
है, जब ये सब्जियां पूरी बहार मे होती हैं ।
भाप भी चाहें तो टमाटर, गोमा गरा, मथी, पालक,
मिण्डी, प्रनार प्रादि सुखापर रख सकती हैं और पाडे समय मे
इनका उपयोग कर सकती हैं।
भागे कुछ सब्जियां सुखाने के सुझाव दिए जा रहे हैं। सूखी
सब्जियो को सभालते समय एक बाता का ध्यान रखें कि उहें
साफ एव ज तुरहित डिब्बो मे डालकर सूखो ठण्डी जगह पर रख
लेना चाहिए।
२३७ टमाटर सुखाना
सामग्री
५०० ग्राम लाल कच्चे टमाटर।
विधि-(१) टमाटरो को धार टुकडे बाट लीजिए। फिर
२ हे सुखा लीजिए। (२) जब मच्छी तरह सूख जाए तो स्वच्छ
मोतलों में भरकर रखिए।
इहें दाल या सब्जी मे डालकर पकाइए।
२३८ फूलगोभी सुखाना
सामग्री
५ किलो फूलपोनी।
विपि-(१) लगोभी को छीलकर उठलों को निकाल
दीजिए। (२) भर गोमी को टुकडो मे काट लीजिए । (३) मन
इन दुषो दो किमी वतन म अपवार पर पदे पर या हार
बन कर मुमा लीजिए। (४) मच्छो नगह सूख जाने पर पीटाण
रहित डिम्बाम - परके सगेजिए।
जय भी रहे माप प्रयोग में लाए पहले भली प्रकार पो
लाजिा।
२३६ शलजम मुसाला
सामग्री
५पितोसमजमा
विधि-(१) शलजमो को धोकर छील लीजिए। (२)अब
इन्हें छोटे छोट टुकडो मे काट लीजिए। (३) भव इहें भी कपड
पर या हार बना कर सुम्मा लीजिए । अच्छी तरह सूख जाने पर
कीटाणुरहित डिवो मे डालिए ।
जब कमी मी इहें प्राप प्रयोग मे लाइए वो पहले मच्छी
तरह से धो लीजिए।
२४० मयी सुखाना
सामग्री
२ किलोमंथी।
विधि---(१) मैपी को मच्छी तरह से साफ करके काट
लीजिए। (२) अब अखबार पर या किसी खुले कपड़े पर फैला-
कर सुखा लीजिए । जब ये सुख जाए तो इहें भी पायुररित डिल्लो
में भर क रख दीजिए।
जब इसे प्रयोग मे लाए तो पहने पच्छी तरह से धो लेना
चाहिए।
२४१ सरसों सुखाना
मामग्री
२ किलो सरसो का साग।
विधि-(१) सरसों को धोकर काट लीजिए। (२) प्रय
कपड पर या पिसी बतन मे फेफर धूप मे सुखा लीजिए। जब
सूस जाए तो वायुरहित डिटबों मे डालकर रख दीजिए।
जव प्रयोग मे लाइए तो पहले मरठी प्रकार धो लीजिए।
२४२ हरी मिर्च सुखाना
सामग्री
१क्लिो हरी मिष।
विधि-(१) हरी मियों को भी क्सिी वक्षन मे या कपड़े
१४६
पर फैलापर सुखा लीजिए। (२) जब ये सूख जाएं तो इहे हिलो
में बद करके रख दीजिए।
जब प्रयोग में लाना हो तो कूट लीजिए।
२४३ भिण्डी सुखाना
सामग्री
१किलो भिण्डी।
विधि-(१) भिण्डी को टुकडा में बाट लोजिए और
प्रखबार पर फैलाकर धूप में सुखा लीजिए। जव मच्छी प्रकार
सूख जाए तो वायुरहित डिव्या मे भर दीजिए।
प्रयोग में लाने से पहले धो लेना चाहिए ।
२४४ कच्चे प्राम का प्रमच र बनाना
सामग्री
२किलो कच्चा माम।
विषि-(१) मामो को धोरर, छील लीजिए मोर टुक्डा
में फाट लीजिए। गुठलियो को निकाल दीजिए। (२) अब इन
तुकडा को फैलाकर धूप म मुखाइए । जब ये अच्छी तरह से मूख
जाए तो इनकी सूखी हुई फायडियो को सुरक्षित रख लें।
जब प्रावश्यक्ता हा तो इहे कूट लें । प्रमचूर तैयार हैं।
२४५ प्रांवले का पाउडर
सामग्री
१किलो पावले, ५० ग्राम नमक ।
विधि-(१) पावसा को पदकम कीजिए। (२) फिर नन
पर "मक छिपकर मार कर लीजिए। (३) अव बतन यो
खुला रहो दीजिए । ध्यान रह बमे हुए प्रांवला को छाया म ही
सुखाया जाए। (४) अच्छी तरह सूख जाने पर समभिए कि
पाउडर तैयार है। इहें हवारहित बोतलो म मरकर खिए ।
२४६ अनार का अनारदाना बनाना
सामग्री
५ किलो अनार।
विधि-(१) अनारो को धोकर, छोल लीजिए और उनके
दाने निकाल लीजिए और सफद भाग निकाल कर फेंक दीजिए।
(२) अब इन दानो को स्टील के बतन मे सुखा लीजिए। (३)जब
यह मुख जाए तो कीटाणुरहित डिब्बो मे बद कर दीजिए।
प्रनारदारा तैयार है।
२४७ अदरक से सोंठ बनाना
सामग्री
५०० ग्राम प्रदरव।
विधि-(१) अदरको को टोलर फैलाफर सुखा लीजिए।
(२) जब यह अच्छी तरह से सूख जाए तो इहे कूट लीजिए ।
लीजिए, अदरक की सोठ यार है। इहे डिब्बों में भरकर
रखिए।
१७ पापड-बडियाँ
बिना घरनी के घर नहीं इसी तरह बिना पापड-बडियो के
भोजन नहीं । सचमुर भोजन के साथ पापड न हों तो स्वाद नहीं
भाता । एक समय ऐसा प्राता है जब सब्जियो मे मालू ही मालू
प्रधान हो जाता है । जब गहिणी भाए-दिन पालू की सजी परो-
सती है तो परिवार के लोग, विशेषकर बच्चे विद्रोह कर उठते हैं।
पर कुशल गृहिणी इसका भी उपाय जानती हैं। वह भाति भाति
प्रकार की दडिया पहले से हो सुखाकर तैयार रख लेती हैं और
भाडे समय में उनका उपयोग करती हैं।
यहा पापड बडियो बनाने की कुछ विधि दी जा रही हैं
और प्रालू के भय उपयोग भी । समय रहते बनाकर सुरक्षित रख
लीजिए।
- २४८ बालों के पापड सामग्री ५०० ग्राम मानू, योडी-सी होंग, जीरा मिच भदाजे से, नमर स्वाद के अनुसार, पी चुपड़ने के लिए। विधि-(१) मानुषों को उबाल कर छीलिए मोर पीस लीजिए। (२) पिसे मालुमो मे नमक, होग, मिच और जीरा डाल- कर एक्सार कर लीजिए। (३) अब पिट्ठी को लोया बैलकर वेल से चुपडकर धूप मे सूसने के लिए रस दीजिए। लीजिए, मजेदार पापड तैयार हैं। इहे पोलीपीन की थैलियों मे पैक करके रखें। जब पाप परोसना चाह घी म तलकर परोस सकती हैं। २४६ उडद की दाल के पापड सामग्री १/२ किलो उडद की दाल का माटा, १५ ग्राम पिसी काली मिच , ५ ग्राम सोडा, थोडी सी होम, जीरा, चुटकी भर मजवायन, थोडा सा सरसो का तेल, १/२ कटोरी दही का पानी, नमक स्वाद के अनुसार। विधि-(१) नमक, सोडा, होग, काली मिच मादि को पानी में पोल लीजिए । (२) फिर जीरा और अजवायन मी मिला दीजिए। (३) मब माटे को दही के पानी मे गूध लीजिए। (४) साप ही उसमें घोल मिला दीजिए। (५) फिर उसकी लोइयाँ बनाकर पाण्ड पेलनेवाले बेलन से बेल लीजिए। (६) अब उहें कपड़े पर फैनाार धूप मे सुखाइए। लीजिए, पापड तैयार हैं। जब उपयोग करना हो तो पो मे तल कर परोसिए।
२५० साबूदाने के पापड सामग्री ३०० ग्राम साबूदाना, थोडी-सी काली मिच, चुटकी- भर जीरा, नमक स्वाद के अनुसार, धी चुपड़ने के लिए। विधि-(१) साबूदाने को थोडे से पानी में डालकर उबाल लीजिए। (२) जब घोल नुछ गाढा होने लगे ती उसमे नमक, फाली मिच और जीरा डालवर अांच पर से उत्तार लीजिए। (३) फिर थाली को भी से चुपड कर पाल फैलाइए मोर धूप मे सुखाइए। लीजिए, स्वादिष्ट पापड तैयार हैं। २५१ प्राम-पापड सामग्री ५०० ग्राम पाम, थोडा-सा भी घुपडने के लिए। विधि-(१) मामो पो उबाल कर गूदा अलग कर लीजिए। (२) फिर गूदे को अच्छी तरह मसलकर ग्लमल के कपडे मे से छान लीजिए । (३) अब एक थाली को घी से चुपडकर उसमे माघे रस की एक तह फैला दीजिए। (४) दूसरे दिन बाकी बचे रस को सौ तह के ऊपर पला दीजिए। (५) फिर रसवाली थाली को धूप मे कुछ दिन तक रखती रहिए । (६) जर प्राम-पापड बन जाएगा अपने माप पापड की तरह थाली से छूट जाएगा। पर उसके छोट- छोटे टुकडे पाटकर कांच के यतन मे रख दीजिए। २५२ ग्राम-पापड (दूसरी विधि) विधि-पके हुए रसीने माम लीजिए। स्टील की पाली मे घी या सरसो का तेल चुपड दीजिए । मब इन पामो का रस थाली में निचोड दीजिए ! रस को पाली मे बरावर तह म फैलाइए और घूप में सूसने रस दीजिए । सूखते ही पापड अपने माप पाली से छूट जाएगा। २५३ अालू के चिप्स सामग्री ५०० ग्राम मोटे पालु, घी तलने के लिए, चाट का मसाला स्वाद के अनुसार, नमक पदाजे से। विधि-(१) मालुमो को छीलकर धो लीजिए । (२) फिर पासुओं को चिप्स के भाकार में काटकर धो लीजिए। (३) अब उहें अच्छी तरह सुखा लीजिए। (४) जब सूस जाएँ तो घी मे नल कर हल्वे लाल कर लीजिए। (५) फिर उहें छलनी मे रख- कर घी निचुढ जाने दीजिए। (६) इसके बाद चाट मसाला और नमक डालकर अच्छी तरह हिलाइए। २५४ पालू के लच्छे सामग्री ३०० ग्राम मोटे भालू, घी तलने के लिए, चाट-मसाला प्रदाजे से, नमक स्वाद के अनुसार। विषि-(१) मालुमो को छीलकर वह कस कर लीजिए। (२) प्रब लच्छों को अच्छी तरह निचोड लीजिए । (३) फिर उन्हें घी मे हल्ला लाल होने तक तल लीजिए। (४) इसके बाद उहें छलनी में रख कर पी निघुडने दीजिए। (२) प्रत्र ऊपर से पाट-ममाला और नमक मिलाकर अच्छी तरह एरसार कर लीजिए। लीजिए, मालभों के स्वादिष्ट मळे सैयार हैं।
प्रालू की बडिया २५५ सामग्री ५०० ग्रान भालू, ५०० ग्राम उपद की दाल, १०-१५ दाने काली मिर्च, ५ ग्राम दालचीनी, ५ ग्राम जीरा, ५ ग्राम लोंग, ५ माम मोटी इलायची के दाने, १५ माम भावुन सूचा धीया, पिसी हुई लाल मिर्च, ५० ग्राम प्रदरक। विधि-(१) उडद की दाल को बारीक पीस लीजिए। तत्पश्चात पालुमो को उबालकर छील लीजिए मोर पिटठी बना लीजिए । (२) फिर रिमे हुए प्रालुमों मे पिसी दाल मिलाकर अच्छी तरह एकसार कर लीजिए। (३) प्रब प्रदरक के लच्छे तयार दीजिए और सभी मसालो को मिलाकर पीस लीजिए। (6) फिर सारी सामग्री को पिटी के मिश्रण मे मिलार कपरे पर छोटी छोटी बडिया डाल दीजिए। सूखने पर डिब्बे मे डाल दीजिए। २५६ उडद की दाल की बडियां सामग्री ५०० ग्राम उद नी दाल, ६० ग्राम पेठा, १५ प्राम पिसी लाल मिच, १० ग्राम साबुत धनिया, २५ ग्राम साबुत गरममसाला, घोडी सी होग, पानी भावश्यक्ता अनुसार। विधि--(१) उपद की दाल को भिगोकर रखिए। लगभग ५ घने बाद दाल को पीस लीजिए। (२) प्रव पेठे ये लाछे तय र लीजिए। इसके बाद पिट्ठी में लच्छे गरममसाला मोर हींग डाल- कर एकसार पर लीजिए । (३) फिर पिटठी में पानी डालकर मच्छी तरह फेंगिए। (४) इसके बाद पोल को एक कपडे मे गत- - कर छोटी छोटी निकालसे बाइए। सुख जाने पर डिव मे भरकर रखिए। लीजिए, चटपटी बल्यिा बयार हैं। २५७ मुग की दाल की बडिया सामग्री ५०० ग्राम मून फी दान, थोड़ी सी होग, पानी पाय- श्यकतानुसार। विधि--(१) मूप को दान को रात मे भिगोकर रखिए। और सुबह बारीक पीस लीजिए । (२) बम हीन को पोर्ड से पानी म घोलकर पिछी म मिलाकर पिट्ठी को अच्छी तरह फेंटिए । (२) फिर घोल को कपडे मे डालकर छोटी छोटी वडियो के प्राकार मे कपडे पर फैलाइए । सूखने पर डिब्बे मे भरकर लिए । लीजिए, मूग की स्वादिष्ट बडिया तैयार हैं। घोडा-सा वसन, २५८ टमाटर की बडिया सामग्री २५० ग्राम टमाटर, १ टुकड़ा अदरक, पोडी-सी होंग, लहसुा,१ प्याज, २ हरी मिन , चुटकी- मर लाल मिच, पोटा-सा जीरा, कारा नमक, १ गुग्छी हरा धनिया, गरममसाला स्वाद के अनुसार। विधि--(१) कलईदार गा स्टील पतन में टमाटरों को मसल- पर सिलको को अलग कर लीजिए। (0) फिर उसमें वेसन डाल- कर गाढा घन तयार फर लीजिए। (३) साथ ही सभी मसाले मिला दीजिए। (४) प्रब प्रदरक, लहसुन, प्याज और हरा धनिया पाटकर मिला दीजिए। (५) फिर मिश्रण को छोटी छोटी वडिया .
-
कपडे पर फैला लीजिए । सूख जाने पर कीटाणुरहित रिब्बे म
रखिए।
वस, स्वादिष्ट चटपटी बडिया तयार है। जन चाहे प्रयोग में
लाइए।
१८. देहाती अल्पाहार
जब मैं इस पुस्तक को लिखने में व्यस्त थी तो एक दिन मेरी
देहाती सहेली जसबीर मुझसे मिलने पाई और मेरी पुस्तक का
विषय देखकर प्रसन होती हुई बोली—"दीदी, तुम्हारी पुस्तक
तो बहुत उपयोगी है हर भारतीय गहिणी के काम की है, पर
एक बात बतानो, मीन, तुमने देहाती अल्पाहार भी दिए हैं
क्या
मैंने जसवीर को बताया-"मैं सोच ही रही थी। तुमने तो
मेरी मुह की वात छीन ती। मैं देहाती मल्पाहार अवश्य दूगी।'
माज की नई सभ्यता घे चकाचौंध में भले ही कुछ गृहिणियो
नाक भौंह सिकोड़ें, पर इसमें कोई ग देह नहीं कि इन अल्पाहारो
मे प्रचुर खाद्य-तत्व यिद्यमान रहते हैं।
आगे कुछ विधिया दी गई हैं। गृहिणी अपने परिवार की
रुचि को देखते हुए कुछ साद्य पदाथ अपने घर पर बना सकती
हैं। भले ही ये पदाम देखने में सीधे सारे होते हैं, परन्तु हैं उतने
ही स्वादिष्ट ।
२५६ म गफली को पट्टी
ধাময়ী
१५० ग्राम माफली के दाने, ३०० ग्राम गुड, डेड बडे
चम्मच घी, २ छोटे चम्मच पानी ।
विधि-(१) मूगफली के दानो को कड़ाही मे भून लीजिए
मोर उनका लाल छिलरा उतार दीजिए। (२) फिर उसी
पडाही गुट को पीस कर मिला दीजिए । कुछ देर बाद पानी
शाम दीजिए । रो तव तम पराती रहिए जब तप कि सफेद भाग
माना याद न हो जाए। (३) मय उसमे भूगफली के दाने हात
पर एफसार कर लीजिए। (४) तत्पश्चात् स्याही को माच पर
से उतारकर एक याली को घी से चुपहिए । साथ ही उसमे कहाही-
वाला मिश्रण फैना दीजिए। (५) फिर इसे वेना से बेलकर
चाकू से निधान लगा दीजिए । जम जाने पर अलग कर लीजिए।
लीजिए, मूगफली की पटटी तैयार है । यदि आप चाहें तो
इसमे साफ भी डाल सकती हैं।
२६० मूगफलो की पट्टी (दूसरी विधि)
सामग्री
२० ग्राम मूगफली के दाने, १०० ग्राम गुड, थोडा-सा
धी, १ चम्मच पानी।
विधि-(१) गुष्ठ को बाराक बारोक का लीजिए।
(२) मूगफली के दानो को साफ, सूको कडाही मे डाल कर अच्छो
तरह भून लीजिए। जब भून जाए तो मूगफलो को कडाही से
निकाल लीजिए और छील लीजिए। (३) अब आप कड़ाही में
घी डालिए। फिर इसमे बारीक कटा गुड व पानी डालकर
हिलाइए । (४) इस मिश्रण को तब तक पकाइए व तम भाग
बनमा बदन हो जाए। (५) अब इसमे म गफली कीले दाने
डाल दीजिए और लगभग दो मिनट तर ही पकाहा । (६) फिर
वाली पर थोडा सा घी लगाकर ऊपर बना मिश्रण डालकर फला
दीजिए। मन बेलन की गहायता से मोटी चकली बैल लीजिए।
(७) अब गम गम मिश्रण पर ही चाक से प्राप गोल निगान लगा
पा(जब यह मिश्रण जाहा हो जाएगा तो यह चाली
जम जाएगी। इसे थाली से उतार कर कागज में लपेट लीजिए।
बस, स्वादिष्ट पट्टी तैयार है।
.
२६१ तिल की पट्टी
सामग्री
२ किलो चीनी, १०० ग्राम तिल, थोडी-सी चिकनाई।
विधि-(१) चीनी की सख्त चाशनी बना लीजिए ।
(२) फिर तिलो को वडाही मे विना घी के भून लीजिए । ध्यान
रहे, तिल लाल न होने पाएँ । (३) चाशनी बन जाए तो पाल
को चुपडकर उसमे फैला दीजिए। (४) जब ठण्डी हो जाए तो उसे
खूटी पर चढावर खीचिए। सफेद हो जाने पर तिल छिहक दोजिए।
(५) फिर बेसन से बेल लीजिए।
लीजिए, तिल-गटटी तैयार है। चीनी के स्थान पर गुड का
प्रयोग भी किया जा र'कता है।
२६२ रेवडी
-
सामग्री
१०० ग्राम तिल, २पिलो चीनी, ३ दें नीबू कारस,
५ बर्दै केवडा।
विधि--(१) चीनी की चाशनी बनाइए । ध्यान रहे, चाशनी
मस्त ऐनी पाहिए । (२) पिर चाशनी को दूध मे छान लीजिए।
(३) प्रब चाशनी मे नीबू या रस मिला लीजिए। नीबू का रम
डालने से चाशनी मे गुठलिया नही पड़ेंगी। (४) फिर तिल को
हलको भौच पर भून लीजिए। ध्यान रहे, वे लान न होन भाग।
(५) अब पानी को सोचिए । पद सोचते सोचते सफेद हो जाए
तो सूटी पर केवडे का इत्र लगावर चाशनी वो पिर सोचिए।
(६) फिर उसकी पतली-पतली पत्तिया बनाकर चाक से रवही में
भागार में काटनी जाइए । (७) प्रव तिलो दो या म फंसार
ऊपर से रेवडी ये प्रापार को कटी टुकडिया छोड़ पर हाय से
हिलाइए ताकि तिल टुकडा मे विपर जाएं। (८) फिर बहाही
को पीनी पांच पर चढाकर रेवहिर्ग डाल दीजिए और रेवडियो
प्रो हार से गोल-गोल कर लीजिए।
२६३ गटटा
सामग्री
.
१ किलो चीनी, २५ ग्राम मदा, ३ बूदें नीबू का रस,
योडी-सी चिकनाई।
विधि-(१) चीनी की चाशनी बनाइए। याद रहे यह
पाशनी रेवडी की चाशनी से पुछ मुलायम होती वाहिए ।
(२) फिर इसमे नीबू का रस मिला लीजिए। (३) मब पाली
को चिकनाई से चुपटर रस पर चाशनी को उलट दीजिए।
(४) मिश्रण टण्डा हो जाने पर खूटी पर डारावर ग्वीचिए । व
मिश्रण सफेद हो जाए तो उसकी लम्बी-लम्बी गोल गोल
टुकड़ियों काट लीजिए। (५) फिर एक थाली मे मदा विछा
लीजिए और 7 पर टुडियां हाल पर हिलाइए ताकि टुक
दियां सूख जाएं।
२६३, चावलों-खील
सामग्री
२ निलो पान, प्राधा क्लिो बालू, २५० मि.लि. पानी ।
विधि-(१) पान को फटककर साफ कर लीजिए मौर
धूप में रखकर सुखाइए। (२) फिर पानी को प्रांच पर चाइए
मोर प्रच्छी तरह उबलने दीजिए। (३) प्रब पावतो पर छीट
मलिए । (४) तत्पश्चात गम-गम धान को ढक दीजिए और रान
भर पड़ा रहने दीजिए। (५) फिर कड़ाही मे बालू गम कर
तोजिए। (१) जब बालू गम हो जाए तो लगभग पाव-पाव पान
दानकर भून लीजिए। (७) चान के फूलने पर उत्तनी से छानकर
14
सु-३००
--
रख लीजिए। (८) भव पान को कड़ाही में डालकर कपर से
गम गर्म बालू डाल दीजिए । फिर उसे चलाती रहिए और
फूल जाने पर अलग कर लीजिए।
लीजिए, चावलो की खील तैयार है।
२६५ मोठ भूनना
सामग्री
३०० ग्राम मोठ, उचित मात्रा मे भूनने के लिए बालू ।
विषि--(१) मोठ को साफ करके फटक कर साफे क
लीजिए। (२) फिर पतीली मे पानी भरकर उसमे मोठ डाल
दीजिए। दो दिन तक योही पानी में पड़ी रहने दीजिए । (३)इसने
बाद पानी अलग कर लीजिए भोर मोठ के दानो को धूप मे सुखा
लीजिए। (४) जब दाने सुख जाएँ तो बालू में डालकर भून
लीजिए। (५) जब दाने कुछ चटकने लगें तो निकाल कर एक बार
फिर से भूनिए । (६) दाने फूल जाने पर उन्हें छलनी की सहायता
से बालू स मलग कर लीजिए।
लीजिए, मुने हुए नोठ तैयार है।
२३६ स्वार भूनना
सामग्री
४ मुटटे पूरे पके हुए, बालू भूनने के लिए, छाज ।
विषि-(१) मुटे के दाने अलग कर लीजिए। (२) फिर
उहें धोकर सुखा लीजिए। (३) अब उहें बालू में भून लीजिए।
(४) जब दाने फूल जाए तो निकालपर पीस लीजिए। (५)फिर
रहे छाज से फटक लीजिए। (६) मव उसे सुखाकर बालू में
डालकर एक बार फिर भून लीजिए।
लीजिए, भूने ज्वार यार है।
२६७ मिश्री
,
सामग्री
४०० ग्राम धोनी, पानी मानानुसार।
पिपि-(१) पीनी को पानी के साथ पांच पर पढ़ाजिए।
(२) जब पानी गुन्छेदार हो जाए तो एक साफ पाली में पानी
को पलट दीजिए। उसे पाली में रातभर पहा रहने दीजिए।
(३) इसके बाद रिसी गहरे बतन में पानी को खडा कर लीजिए।
परिणामस्वरूप मिश्री गहरे बर्तन में लिपर पाएगी।
परिशिष्ट भार एवं माप (TABLES) १प में बडे चम्मच छोटे चम्मच मे प्रान वस्तु प्राम मे ग्राम १दूध/दुग्ध पदार्य २० मि० ५ मि० १८० मि० १८० २२० -- २५ ७ दही सूखा दूध पनीर (कटा हुआ) मक्खन (पिघला हुमा) २ चीनी/गुड/शरबत चीनी १०० - १७० २० शरबत १६० २० ५ २०० २० २१० १ कप मे प्राम १ मई धम्भव श्यरेचम्मच में छोटे चम्मच मेप्राम ४ २ तेल/वसा/व शुद्ध घी (जमा हुमा) (पिघला हुमा) वनस्पति घी (जमा हुमा) बनस्पति घी १२ ५ १८० २० ४ (पिघला हुमा) १२ तेल पानी १५० १७० १ कप मे १८० मि. I - वस्तु १ कप मे पाम १बडे चम्मच मे प्राम ४ मेवे सूखे फल गिरी बादाम १५माम काजू १२० ग्राम १५ ग्राम २० चेरी-५० ग्राम - १०० ग्राम १०प्राम खजूर गिरी मूगफली १२० ग्राम १५पान मिश्रित फल (कटा हुमा) १२० ग्राम १५ग्राम पिस्ता - १५प्राम किशमिश १२० ग्राम १५ ग्राम मन्न सन - १०० ग्राम मैदा ११० प्राम माटा ११. प्राम मनी १४. प्राम
६ मसाले
बीज २ ग्राम -~१ छोटा चम्मच
पिमा दुमा १ छोटा
चम्मच बीज
-~-१ छोटा चम्मच पिसा जीरा
यनिया
बीज २ ग्राम
-~-१ छोटा चम्मच
पिमा हुमा १ छोटा
पम्मच वीज -~-चौथाई चम्मच पिसा धनिया
साल मिर्च
मती ५ ग्राम
-~-७ सूसी मिच
पिमी लाल मिच २ ग्राम-१ छोटी चम्मच पिसी लाल मिर्च
हरी पिसी मिच ७ प्राम-५ मझले चम्मच हरी मिर्च
इलायची
४दाने
पिसी हुई ४ दाने
-माधा छोटा चम्मच पिसी इलायची
मोटी २ ग्राम
पिसी हुई २ दाने
जेट छोटा चम्मचपिसी हुई इलामधी
हन्दी पिसी हुई ३ प्राम-१ छोटा चम्मच
सफेदप्राम
--२ दाने
पहा-(प्रम और मिली प्राम मे) फल/पूखे फल जामुन पदा-मूल्यों को तालिका (चालू) प्रोटीन खनिज दूसरे का विटामिन विटामिन विटामिन, लिलोरी ए वी सम्जिया ०४ - - ०२ ००२ १०६ २६ ५६ नींबू मौसम्बी पाम (पका) o ५० M ० ११८४,८०० ३ . ००४ ००२ ०१२ ०२ ०३ संतरा पपीता ५३ ०२,११० ०८ ००२ ५० ०४ ० १ बगोशा नाशपाती फालसा पनन्नास भालूबुखारा . ००२ १२४ १४७ ०६ २२ . ०४ ०५ ३० ०२० . .
. सब सुवानी .१२ ००४ २ ६ ० २१ ७५८ ५ मंगूर मनार ००४ ००६ . माल्टा . A .२ २७० ३७ . २१२ a २.८ ५६६ ०७ २६ ५२ . ०२४ . बादाम विस चिरोजी पिस्ता पुदीना २५० १२१ . ५ २८ २४० । ०६७ २,७८० ००५ ४८ १०६ २७ ३ २७ ४८ ४८ २० टमाटर ०२ ०५ ५८५ ०१२ पार्ष-(पाम पौर मिलीग्राम में) प्रोटीन वता खनिन दूसरेकाओं विटामिन विटामिन, विटामिन कलोरो पाय | हाइटस ए ची सी मालू २२६ ४० ०१० १७ जिमीपद १२ ४३४ . १६८ १२ . ११ मटर १ १५६ ०२५ ६ २० ७ २९४३०० २८ २६ मसाले इसापची १०२ २२ ४२१ ०२२ . २२६ . . २६७
२८५
.
(२२
२८८
.
२११९,५७०
०२२
LREjn Luck
८७०
१८५, १५
८
.
-
४६२१८,००
२४२
.
५०
२८३
६
६७
.
२६२
मेषी
५०
२४६
६२
Aty Bu
. ममपुर ७८ ४१ मिमित-गेहरा पाटा १२१ ७ २७ ४३ ०४९ o ३४१ सूची ७४८ ०१२ - --- ३४८ मैदा . ७३६ ४३ ०१२ । ३४८ १७. पी वनस्पति . - - . - ६०० गीता १००० - २५,०० - - ६०० दूप, गायका ०८ ००५ २ दूप, मेसमा ४३ ११ ००४ १ दूम, फरीका १८२ १ ७२ ००५ १०२ ६० ३१ ४० - -- ०९ छाछ -- ३४८ पनीर २४१ २७३ २५१ ४२ ४२१ २०५ धोया १८६ १,४०० ६० २५८ ४६६ ०३१ पूण दुग्ध-पाउडर मलाई रहित दुग्ध ३५७ . ०४५ •१ १ - २६ - ईर्गत २५
-
जानते हैं महिलाओं की प्रायु क्यो नही पूछी जाती?
इसलिए कि यौवन और बुढापा उनके अपने हाथ मे है ।
A woman is as old as she looks
यह नारी पर निर्भर है कि वह सदा जवान रहे।
स्वस्थ, सलोनी, सुदर और सुडौल कैसे रहे,
इस विषय पर एक ही रोचक पुस्तक छपी है-
स्त्रियों का स्वास्थ्य और रोग'
यह मां की ममता और सहेलियो से भी प्यारी लगेगी।
इसके लेखक आपके चिरपरिचित वैद्यराज हैं
सुरेश चतुर्वेदी
जिनसे देश-विदेश की लाखो जिज्ञासु महिलाएं
दैनिक 'नवभारत टाइम्स' की माफत
स्वास्थ्य सम्बन्धी परामर्श लिया करती हैं।
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वालिका, विशोरी, कुमारी, युवती या प्रौढा,
हर उम्र की महिला के मेकअप, रहन-सहन,
खान-पान, दवा-दारू, वेश-भूषा और व्यायाम,
सभी विषयो पर ऐसी रोचक पुस्तक केवल यही है।
प्रकाशक
सुबोध पब्लिकेशन्ज
२, असारी रोड, नई दिल्ली-११०००२
जिस घर मे 'गीताजलि' नही है
वह सच्चे प्यार को तरसता ही रहेगा।
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर की
गीताजलि
ससार के सर्वोच्च काव्य-साहित्य के रूप मे
'नोबेल पुरस्कार' से सम्मानित है।
इसमें महाकवि की मूल वाणी (नागरीलिपि मे बगला)
के साथ उसका सरल हिन्दी-रूपान्तर भी है।
भारतीय काव्य-गगा की पवित्रता को
विश्व ने पहले-पहल इसी से जाना-समझा
और इसी से साहित्य के आकाश मे
भारत का भाल उज्ज्वल किया।
जिसने 'गीताजली नहीं पढी
उसका ज्ञान उथला और अधूरा है
नये रूप मोर नये प्राकार में नया सस्करण
प्रकाशक
सुबोध परिलकेशन्ज
२ असारी रोड, नई दिल्ली-११०००२
क्या प्राप जानते हैं ?
इलाज के लिए दवागो से दालें उत्तम हैं ।
प्राकृतिक इलाज के लिए प्रकृति का सहारा लें।
अनाज, दाल, 4 द-मूल और सूखे मेवे
प्रकृति के दिये हुए बहुमूल्य उपहार हैं ।
इन्हीं का अदल-बदलकर सेवन करने से
आप ससार-भर के रोग मिटा सकते हैं।
इस दिशा में वर्षों की खोज के बाद
एकत्र किये गये रहस्यो को पाने के लिए
स्वय पढ़ें और पूरे परिवारजनो को पढाएँ ।
डा० समरसेन लिखित
मर्वाधिक विकनेवाली अनमोल पुस्तक
'घरेलू इलाज
प्राप्ति स्थान
सुयोष पग्लिकेशन्ज
२० असारी रोड, नई दिल्ली-११०००२
स्वेट मारा 'सुबोध' के सर्वश्रेष्ठ प्रकाशन बोवनोपयोगी धजपमहला त्रिवट एनसाइक्लोपीडिया पाप क्या नही कर सकते प्रकाश भारनी वि तामुक्त नसे हा पर का डावार (होम्याथा, हसते हसते कैसे जिए महिला उपयोगी जो चाहें सो से पाप सुशीला कपूर अपना सच कस घटायें सुवोध मवअप मवार को पहपानो मीनाक्षी खींगड़ा अपने माप पहचानिये माधुनिक पारवाना भाप सफल से हो माधुनिक मिष्टान कला उन्नति फंसे करें शवत प्राइसक्रीम म्रवेश पनकुवेर करो बनें प्रचार मुरबे चटनी स्वास्थ्य सम्बधी सुरेश चतुर्वेदी सौ. लक्ष्मानारायण शर्मा रित्रयों का स्वास्थ्य और गा मुख के साधन खेल व्यायाम जूडो (हिना यग्रेजा) हपय रोग पारण निवारण गने राजीय गमस्ािन प्रसत्र जहा कगफू पगटे शिशुपालन पोगाचाय भगवान देव ग. सगरसेन म्वास्थ्य और यागार घरेलू इलाज विविध प्राकृतिक चिवित्सा अनिल कुमार माटापा कसे पटाएं अग्रेजी वासना कामाम यागासनों से इसाज मनहर चौहान ज्योतिषी रामायण 1. नारायणरत्त बीमाली महाभारत मुबाष हस्तरेसा गोपालकृष्ण कोल सदाच प्रारम्भिक ज्योतिष पचता व्यगकेतु तकनीकी हेमा भोर हसायो हयात मधवार बटकुले रेडियो ट्राजिस्र मैकेनिक योग मोर सरस
यगर माप चाहते हैं कि
जुल्फों में काली घटाप्रो गे छटा बनी रहे
माथे पर सूर्य जैसी प्रामा दमकती रहे
प्रखिो मे पशिश की बिजलियां कोदती रहे
गालो मे सेव जैसी लालियां भरी रहे
होठो पर अनार-जैसी करियां चटव ही रहे
मग प्रग से यौवन की मस्तियां छलकती रहे
तो फिरनवली मेकअप के सहारे छोड दीजिये
और कुदरन की रगशाला से रग चुनिये।
इन्सान जिन पांच तत्वो से बना है
उन्ही तत्त्वो को पूर्ति कर दीजिये
पांच-पांच सौ वर्ष जीमेवाली की पद्धति भपनाइये
डॉ० समरसेन सिखित
प्राकृतिक चिकित्सा
यह इतनी रोयक शलो मे लिखी गई है कि
मुस्कराहटों से मापके वामन भर जाएंगे।
सुबोध पग्लिकेशन्ज
२, असारी रोड, नई दिल्ली-११०००२
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