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Paeya Lachchhinamala

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पूज्यश्री काशीराम जैन ग्रंथमाला प्रथम पुष्प
MANAKAMAKAMKARAMAKARAAKAAXAAKAAMAARAAMANRAKARMANARAAAMKARAXXXXXXXXXBAARKARITRAM
पाइअ-लच्छीनाममाला
(प्राकृत-लक्ष्मीनाममाला)
: प्रणेता:
महाकवि धनपाल
संपादक और संशोधक
बेचरदास जीवराज दोशी

:प्रकाशक:
श्रीशादीलाल जैन
आर.सि. एच. बरड एन्ड को.
२३९, अबदुलरेहमान स्ट्रीट
बंबई-३
आवृत्ति १ली
विक्रम संवत् २०१६ :: ईस्वीसन् १९६०
.
मूल्य : दस रुपये
'मुद्रक:
जयंतिलाल घेलाभाई
घसंत प्रि. प्रेस
घेलाभाईकी बाडी, पीकांटा
अमदाबाद

पिताजी.
भगवंत महावीरकी वाणी के अनुसार*
आप का ऋण चुका नहीं सकता।
नम्र पुत्र
शादीलाल
*"तिण्हं दुप्पडियारं समणाउसो! अम्मापिउणो, भट्टिस्स, धम्मायरियस्स"
हे चिरंजीव शिष्य ! मातापिता, पोषक और धर्माचार्य-इन तीनोंके
उपकारका बदला देना असंभवप्राय है। -(स्थानांगसूत्र, सूत्र १३५ )

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-- स्वर्गीय लाला रतनचन्दजी का संक्षिप्त परिचय लाला रतनचन्दजी का जनम चैत्र शुक्ला अष्टमी विक्रम संवत् १९४५ को अमृतसर में हुआ। अिनके पिता का नाम लाला जगन्नाथजी था और माता का नाम जीवनदेवी है । बचपन से ही आप बहुत होनहार और प्रतिभावाले बालक थे। १३ साल की छोटी सी अवस्था में ही आप अपने पिताजी के साथ मूंगा के कारोबार में शामिल हो गये। १४ वर्ष की आयु में ही कलकत्ता जैसे बड़े शहर में अकेले जाकर पारिवारिक कारोबार को उन्नति दी। आपने न केवल व्यवसाय में ही बल्कि अनेक सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी सदा बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और हर जगह पूर्ण सफलता प्राप्त की। पंजाब की समस्त जैन सम्प्रदाय में आप सर्वप्रिय थे। पंजाब एस. एस. जैन सभा में आपने बहुत काम किया और अपने साथियों की सहायता से बहुतसी सामाजिक कुरीतियों को जडं से उखाड़ने में सफलता प्राप्त की। जिस वर्ष आप की मृत्यु हुई आप सभा के प्रधान थें । आप अपने धर्म के पक्के, विशाल हृदय और प्रगतिशील विचार के आदमी थे। आप कभी किसी का बुरा न सोचते। कई बार विचारधारा की भिन्नता के कारण अपने साथियों से गुस्सा हो जाते, परन्तु जल्दी ही उसे भूल जाते और कभी बदले की भावना मन में न रखते थे। , .

सन् १९३३ में All India s. S. Jain's Conferenceने जब
अजमेर में साधु सम्मेलन करने का विचार किया था तो उस सिलसिले में
कमेटी साधुओं को संमेलन में एकत्रित करने के लिये व उस को सफलता
देने के लिये भ्रमण में गई थी, पंजाब की ओर से चुने गये उस कमेटी के
मेम्बरों में एक अग्रणी आप भी थे। जिन्होंने सारे भारतवर्ष में भ्रमण कर के
उस साधु-संमेलन की सफलता के लिये काम किया।
व्यापार में आप हमेशा सत्यवादी थे और अपने सद्गुणों के कारण
अपने कार्यों को बहुत तरक्की दी। जिस को उन के सब से छोटे भाई लाला
हंसराजजी के नेतृत्व में सारा परिवार तरक्की पर ले जा रहा है।
पूज्य सोहनलाल जैन धर्म प्रचारक समिति-वाराणसी के आप
स्थापकों में से थे और जीवनभर समिति के हर काम में पूरा पूरा हिस्सा लेते
रहे । आप के इसी प्रेम के कारण आप के सारे परिवार को समिति के साथ
विशेष लगाव है और उन के भाई लाला हरजसरायजी के नेतृत्व में वे सब
समिति के काम में पूरा सहयोग दे रहे हैं।
लाला रतनचन्दजी का स्वर्गवास १६ फरवरी १९४३ ईस्वी को
अमृतसर में हृदय की गति रूक जाने से हुआ।
प्रस्तुत पुस्तकमें महाकवि धनपालका जीवन वृत्तान्त
दिया गया है। उसकी हिन्दीभाषाकी शुद्धिके लिये एल.
डी. आर्टस् कॉलेज के हिन्दी के प्रधान अध्यापक भाई
रणधीरभाईने जो सहायता दी है उनके लिये मैं उनका
सविशेष आभारी हूँ।
बेचरदास

पाइअ-लच्छीनाममाला *

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प्राकृतकोश का प्रकाशन आजकल प्राकृतभाषाओं का अभ्यास बढ रहा है. विनयमंदिरों, महाविद्यालयों तथा विद्यापीठो तक प्राकृतभाषाके अभ्यासकी व्याप्ति हो चुकी है. उसके कई छोटे मोटे प्राचीन व्याकरण भी प्रकाशित हो गए हैं, ये सब व्याकरण संस्कृत के माध्यमसे लिखे गए हैं, अतः सबको सुगम नहीं होते, इसी कारण से कई संस्थाओंने तथा पंडितोने लोकभाषा गुजराती, हिन्दी तथा बंगाली में भी प्राकृतभाषाओंके छोटे मोटे व्याकरण सबको सुगम हो इसके लिए रच कर प्रकाशित किए हैं. हमारे सहाध्यायी और प्रियमित्र स्व. पंडित हरगोविंददासजी सेठने 'पाइअसद्दमहण्णवो' (प्राकृतशब्द- महार्णवः ) नामका एक अच्छा बडा कोश भी हिंदी में बनाकर प्रकाशित किया है । यद्यपि यह कोश आजकल महंगा है और दुर्लभ-दुर्मील भी है। फिर भी यह कोश विद्यार्थियो को तथा विद्वानो को प्राकृतभाषाके अध्ययनके लिए बडा सहायक बना है. इस प्रकार प्राकृतभाषाके अभ्यासके लिए वर्तमान में अच्छी साधन- सामग्री उपलब्ध है। फिर भी छोटे व्याकरण की तरह प्राकृत भाषाके एक छोटे कोशकी अपेक्षा बनी रहती है, जिसको सब विद्यार्थी व अध्यापक खरीद सकें. यह कोश हिंदीमें भी हो और अंग्रेजी में भी हो यह भी अपेक्षित है. इस अपेक्षा को ध्यानमें रख कर यह एक छोटा प्राचीन प्राकृत शब्दकोश प्रकाशित किया जा रहा है. कागज तथा छपाई वगैरह का व्यय अत्यधिक बढ जाने पर भी इस कोश को अधिक उपयोगी बनानेका विचार किया है, जिससे सब छात्र व अध्यापक इसका उपयोग कर सकें तथा वे अपने प्राकृतभाषाके अभ्यासमें समुत्साहित होकर आगे बढ सकें.

२ प्राकृतकोश के प्रकाशन का वृत्तांत २ यद्यपि भारतीय जनता विद्याप्रेमी नहीं हैं ऐसा नहीं, 'विद्ययाऽमृत- मश्नुते ', ' न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते', 'पढमं नाणं तओ दया' (प्रथमं ज्ञानम् ततः दया ) इस प्रकारकी घोषणाएं भी भारतीय जनता आज हजारो वर्षों से लगाती आई है, फिर भी पूर्व की अपेक्षा आज कल पश्चिममें जिस प्रकार ज्ञानभानु वा विज्ञानभानु उदित होकर अधिकाधिक जगमगा रहा है इसका वर्णन करना कठिन है. पश्चिमके पंडितोंने बडी बडी कठिनाइयों को सहकर भी पूर्व के विविध शास्त्रोंके अतिशय सुंदर संपादन व प्रकाशन किये हैं तथा वर्तमान में भी करते हैं. ये संपादन व प्रकाशन इतनी उत्तम कोटिके होते हैं जिनको पढकर हम तो आनंदविभोर हो जाते हैं और लज्जासे अधोमुख भी. ये पश्चिमके लोग हमारी परिभाषामें अनार्य हैं वा यवन हैं तो भी उनकी ज्ञानपिपासा कितनी उत्कटतम है, यह सोचकर आनंद होता है और .. हम आर्य-आर्यत्वके बडे अभिमानी होकर भी हमारे ही शास्त्रों के उत्तमोत्तम प्रकार के प्रकाशनमें व संपादनमें कितने मंदतम है, इस सोचसे अधोमुख ही होना पडता है. देखिए, पश्चिम के पंडितोंका कितना बडा पुरुषार्थ है कि आजसे बरा- वर अस्सी बर्ष पूर्व अर्थात् ईस्वीसन् १८७९ में डॉ. बुल्हर महाशयने बड़े प्रयत्नसे पाइअलच्छीनाममाला (प्राकृतलक्ष्मीनाममाला) नामका महाकवि धनपालविरचित एक छोटा कोश मूलसहित, पाठांतरसहित अपने देशमें छापा और उसमें अंग्रेजीमें अर्थोके साथ एक अकारादि शब्दानुक्रम भी लगा दिया. अधिक आश्चर्य की बात तो यह है कि जब हमारे देशके पंडितगण प्राकृत ' किस चिडिया का नाम है यह जानते थे या नहीं यह विवादा- स्पद है और जो जानते थे वे जैन मुनिमहाराज तो बिलकुल इस प्रकाशनके - क्षेत्रसे सर्वथा अनभिज्ञ थे और जैन श्रावक तो शास्त्रको पढते ही नहीं थे. ऐसी परिस्थितिमें एक जर्मन पंडितने इस प्राकृत कोशका अच्छेसे अच्छा संपादन व प्रकाशन किया है. खूबी तो यह है कि भारतीय पंडित व मुनिजन सदाकाल सरस्वती पूजनमें और शास्त्रों के पूजनमें बडा रस रखते आए हैं. फिर भी उनको अपने शास्त्रों का अच्छा प्रकाशन व संपादन का कार्य नहीं सूझा, इतना ही नहीं कई पंडित तो ऐसे भी विद्यमान थे जो प्रकाशन प्रवृत्ति के ही खिलाफ थे. ऐसी भारी अज्ञानदशामें डॉ. बुल्हर महाशयने इस कोशको छाप कर हम पर बडा ही उपकार किया है. ऐसा कहने में व मानने में लवलेश भी अत्युक्ति नहीं है. आजसे बयालीस साल पहिले अर्थात् विक्रमसंवत् १९७३ में हमने ही बी. बी. एन्ड महाशयानां मंडलीके नामसे फिर उस कोशको अच्छी रीतिसे सशोधित करके और साथमें प्राकृत शब्दों के संस्कृत समानरूपोंको तथा गुजरातीमें अर्थ को दे कर और शब्दोका अकारादि अनुक्रम लगाकर के छपवाया था. यह हमारा प्रकाशन अभी सर्वथा अप्राप्त है. उसके बाद विक्रम संवत् २००३ में इस कोश को श्रीकेसरबाई जैन ज्ञान मंदिर पाटण ( उत्तर गुजरात )ने फिर छपवाया. उसमें संशोधकने संस्कृत के समानशब्दों के साथ कोशस्थित प्राकृत शब्दो का अनुक्रम नहीं दिया है. इस प्रकारके संपादनसे पुस्तक तो तैयार हो जाती है परंतु 'कौन शब्द किस जगह है ' इसका पता कोई विद्यार्थी व अन्य जिज्ञासु कैसे लगा सके ? बिना शब्दानुक्रम दिये यह कठिनाई दूर नहीं होती. भाई शादीलालजी जैन का सहकार ३ अब हम फिरसे इस कोश का प्रकाशन कर रहे हैं. हमारे परममित्र और जैनधर्म के यथार्थ प्रेमी तथा जैनशास्त्र के रसिक भाई शादीलालजी जैन (अमृतसर वाले-संचालक आर. सि. एच बरड़ एंड कं० बंबई) की संपूर्ण आर्थिक सहायता पाकर हम इस प्रकाशनको तैयार करनेमें समर्थ ४ हुए हैं. इस काममें उनकी प्रेरणा तथा सहायता न होती तो हम इस कामको नहीं ही कर पाते. अतः कोशके उपयोग करनेवाले विद्यार्थी व जिज्ञासु गण तथा हम भी भाई शादीलालजी जैनके बडे आभारी हैं. और हम आशा करते हैं कि सानुवाद प्राकृतव्याकरण (आ. हेमचंद्र कृत) इत्यादि और भी ऐसे उपयोगी ग्रंथोंके प्रकाशन करने में वे जरूर इस प्रकारकी अपनी सहायता देनेकी परंपरा चालू रखेंगे. प्रस्तुत संपादन का परिचय इस संपादन को हमने अपने प्रथम संपादनके ढंगसे प्रकाशित किया है. शब्दों के अर्थ प्रत्येक पन्नेमें हिंदीमें दिये हैं तथा पीछे कोशमें आए हुए सभी शब्दोंका अकारादि क्रमसे अनुक्रम तथा हिंदी और अंग्रेजी इन दो भाषाओंमें अर्थ बताया है. अब कोई विद्यार्थी हिंदी नहीं जानता ऐसी बात नहीं है- गुजरातके क्या और महाराष्ट्र के क्या सभी विद्यार्थी हिंदी अनिवार्य रीतिसे पढते हैं अतः हिंदीमें अर्थ बताना समुचित है और जो विद्यार्थी व जिज्ञासु हिंदी नहीं जानते परंतु नागरी लिपि जानते हैं और प्राकृतभाषाके अभ्यासमें रस रखते हैं ऐसे तामिलादि प्रांत के तथा पश्चिम के जिज्ञासुओं के लिए हमने अंग्रेजीमें भी अर्थ बताना समुचित समझा है. अंग्रेजीके अर्थ के लिए हमने डो. बुल्हरकी आवृत्तिका सहारा लिया है. एतदर्थ सद्गत डो. बुल्हरके हम सविशेष आभारी हैं. हम खुद इतना अच्छा अंग्रेजी नहीं जानते हैं, इससे अंग्रेजीके द्वारा अर्थप्रदर्शन में हमारी अनेक गलतियां जरूर हुई होंगी, इसके लिए हम सब जिज्ञासुओंसे क्षमा मांगते हैं तथा इस संबंधमें सूचन करने की भी उनको सविनय विनंति करते हैं. मुनि श्रीजिनविजयजी का सूचन पहिले तो हमारा विचार केवल हिंदीमें ही अर्थ देनेका था, परंतु दो एक फारम कोशके छप चुके तब हम हमारे स्नेही और माननीय मुनिश्री जिन- विजयजीके पास वे फारम लेकर उनके अनेकांत विहारमें (अमदावाद) पहुंचे. मुनिजीने फारम को देख कर प्रसन्नता प्रकट की और हिंदी के साथ अंग्रेजीमें भी अर्थ देनेकी खास प्रेरणा की. उनकी यह प्रेरणा हमको भी समुचित अँची अतः छपे हुए उन दो फारमों को हमने रद कर दिये और शुरूसे अंग्रेजी में अर्थ लगाकर कोश का प्रकाशन किया श्रीमुनिजी के उक्त सूचनके लिए हम इधर उनका सादर स्मरण करते हैं. सहायक ६ कोशकी सारी प्रेसकॉपी तथा शब्दानुक्रमकी भी सारी प्रेसकॉपी हमारी छोटी पुत्रवधू चि. पुष्पा पंडितने बडे उत्साहसे कर दी है तथा हमारे विद्यार्थी भाई कानजी मंछाराम पटेल (बी. ए. अर्धमागधी ओनर्स )ने कोशके अंग्रेजी अर्थवाले भागकी सारी प्रेसकॉपी करने में तथा उसके संशोधनमें पूरी महेनत की है. एतदर्थ हम उक्त दोनों महानुभावोका इधर सस्नेह स्मरण करना खास समुचित समझते हैं. छापने के लिए शारदामुद्रणालय के मालीक और हमारे स्नेही भाई गोविंदभाई शाह तथा सुप्रसिद्ध लेखक भाई बालाभाई (जयभिक्खु) देसाईने वसंतप्रेसमें प्रबंध कर दिया है. वे प्रबंध न कर देते तो हमसे कोश का प्रकाशन नहीं हो सकता यह निश्चित हकीकत है. अतः एतदर्थ उन दोनों महाशयों के भी हम सविशेष ऋणी हैं। वसतप्रेसके फोरमेन भाई शांतिलालने भी हमारे इस काममें दिलचस्पी लेकर यथाशक्य कामको अच्छी तरहसे संपन्न करने में योग दिया है अतः इन भाई का भी नामस्मरण इधर अवश्य करना चाहिए. १२ ब, भारतीनिवास अमदावाद६ संपादक सप्टेंबर १९५९.

प्राकृत भाषा का संक्षिप्त परिचय 10 प्रकृति शब्दका अर्थ स्वभाव है अर्थात् जो भाषा मनुष्यकी स्वाभाविक है उसका नाम प्राकृत भाषा-तात्पर्य यह हुआ कि जो भाषा जिनकी मातृ- भाषा है- जन्मते ही जो भाषा जिनको अपनी मातासे प्राप्त है- जिस भाषाको बोलने के लिए किसी भी प्रकार की किताबों का अभ्यास जरूरी नहीं है उस भाषाका नाम प्राकृत भाषा. प्राकृत शब्दका ऊपर जो अर्थ बताया गया है वह उसका यौगिक अर्थ है- नामानुरूप अर्थ है. इस अर्थको लेकर जगतकी सब मातृभाषामें प्राकृत के अर्थमें आ जाती हैं- क्या गुजराती, क्या मराठी, क्या बंगाली, क्या अंग्रेजी और क्या अरबी वगैरह सब भाषाएं जिन जिनकी मातृभाषारूप हैं वे उन उनके लिए प्राकृतरूप हैं. प्रस्तुत में जिस भाषाका संक्षिप्त परिचय देना है वह एक समय में भारतीय आमजनताकी बोलचालकी-जन्मजात-भाषा थी, अतः यद्यपि वह भाषा वर्तमान में किसीकी भी मातृभाषा नहीं है-जन्मजात भाषा नहीं है तो भी उसके पूर्वके स्वरूपको लेकर वह वर्तमानमें जन्मजात भाषा न होकर भी 'प्राकृत' शब्दसे प्रसिद्धि पा चुकी है- यह भाषा वर्तमानमें केवल साहित्यिकरूप में विद्यमान है- नाटकोंमें, जैनग्रंथों में तथा बौद्ध पिटकग्रंथोंमें विशेषतः प्राकृतभाषा का व्यवहार हुआ है. वर्तमानमें हमारी भारतीय आर्यशाखानुगत सब भाषाओंके विकासके मूलमें यह ही भाषा है-गुजराती मराठी सिंधी पंजाबी बंगाली वगैरह भाषाओंमें द्विवचनका कोई अलग रूप नहीं है- प्राकृत में भी द्विवचनका कोई अलग रूप.

नहीं हैं. भूतकालके तथा भविष्यकालके विविध प्रकार उक्त भाषाओमें नहीं हैं- प्राकृत में भी भूत भविष्यके कोई विविध प्रकार नहीं हैं. उक्त भाषाओमें निसर्गतः संयुक्तव्यंजन युक्त शब्द अत्यंत कम हैं- जो अभी अधिकाधिक दीख पडते हैं वे संस्कृतके संसर्गसे आये हुए हैं- प्राकृत भाषामें भी संयुक्तव्यंजन युक्त शब्द अत्यंत कम हैं. क्रियापदों के प्रयोगोमें उक्त भाषाओं में कोई अटपटी व्यवस्था नहीं है-सरल समान व्यवस्था है- प्राकृत भाषामें भी क्रियापदोंके सब प्रयोग एकदम सरल सुगम हैं. नामोंके रूप तथा प्रत्यय उक्त भाषा- ओंमें करीब करीब समान होते हैं-प्राकृत भाषामें भी नामोके रूप तथा प्रत्यय करीब करीब समान-सुगम होते हैं. हमारी वर्तमान उक्त सब भाषाओं के साथ प्राकृतभाषाका तुलनात्मक अन्वेषण व परीक्षण करनेसे उन भाषा- ओके साथ प्राकृत भाषाका विशेषतः अनन्तर संबंध स्थापित हो चुका है. अतः उक्त भाषाओंके इतिहासको बराबर समझने के लिए, हमारे पूर्वजो के साहित्य को समझनेके लिए और हमारी सस्कृतिके स्वरूपको समझने के लिए भी प्राकृतभाषाका अभ्यास अनिवार्य है. इसी हेतुसे विनयमंदिरों से लेकर विद्यापीठों तक के अभ्यासक्रममें प्राकृत भाषाका अभ्यासक्रम नियत किया गया है. गहराईसे तुलनात्मक परीक्षण द्वारा भाषाशास्त्रके अन्वेषकोने भी वेदोंकी भाषाके साथ प्राकृतभाषा का घनिष्ठ संबंध सिद्ध कर बताया है इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि प्राकृतभाषा कितनी प्राचीन है. देखिए:- वैदिकरूप प्राकृतरूप क्रियापद १ हनति हनति हणति, हणइ सयते, सयए भेदति-भेदइ २ शयते ३ भेदति मरते, मरति ४ मरते ५ दाति दाति-दाइ ६ धाति धाति-धाइ ७ भोजते ८ वर्धन्तु ९ वर्तते १० कृणोति भोजते-भोजए वड्ढंतु वट्टते, वट्टए कुणति जिण मथी दुहिरे कत्तवे, कातवे, करित्तए ११ जिन् (धातु) १२ मथीत् १३ दुहे १४ कर्तवे पतिना, पइणा नामरूप १५ पतिना १६ गोनाम् गोनं, गुन्नं गोण १७ युष्मे तुम्हे १८ अस्मे अम्हे १९ त्रीणाम् तिण्हं, तिनं २० नावया नावाय, नावाए २१ देवेभिः देवेहि २२ इतरम् इतरं, इयरं २३ ओषधीभिः ओसहीहि २४ मासम् मांसं २५ सो चित् सो चि उक्त वैदिकरूपों का व्यवहार मात्र वेदोंमें होता है, रघुवंश वा कादंबरी जैसे कोई साक्षरीय साहित्यमें नहीं होता है. उक्त वैदिक क्रियापदोके तथा .

- * २१ देवैः . ९ वर्तते १७ यूयम् नामरूपों के स्थानमें कालिदास वा बाणभट्ट जिन रूपोका प्रयोग करते हैं वे अनुक्रमसे इस प्रकार हैं: १ हन्ति १० करोति १८ वयम् २ शेते ११ जि (धातु) १९ त्रयाणाम् ३ भिनत्ति १२ अमथ्नात् २० नावा ४ म्रियते १३ दुहन्ति ५ ददाति १४ कर्तुम् ६ दधाति २२ इतरत् ७ भुङ्क्ते १५ पत्या २३ औषधीभिः ८ वर्धयन्तु १६ गवाम् २४ मांसम् २५ सः चित् महावैयाकरण श्री पाणिनि तथा अन्य पतंजलि महाभाष्यकार, कालिदास बाण वगैरह पंडितगण इन शब्दप्रयोगों को लौकिक प्रयोगरूप वा संस्कृतरूप कहते हैं. इधर जो वैदिकरूप, प्राकृतरूप तथा संस्कृतरूप दिए गए हैं वे परस्पर अत्यधिक समान हैं, भेद है तो थोडा बहुत उच्चारण की शैलीका भेद है, इस प्रकार थोडा बहुत शैली भेद से इन रूपोंको लौकिक वा संस्कृत कहना तथा वैदिक व प्राकृत रूपों को अलौकिक वा असंस्कृत कहना क्या ठीक प्रतीत होता है ? इस प्रकार भेद करनेसे मानवके चित्तमें भाषाविषयक एकता के स्थान में भेद आता है और वह भेद बढ़ते बढते विषमता का रूप लेता है और वर्तमान में इस भेदका नतीजा यह हुआ है कि एक समाज अमुक भाषा को देवभाषा व उत्तम भाषा समझता है और अन्य भाषाको अनुत्तम भाषा समझता है- नीच भाषा समझता है- परिणाम यह हुआ है कि हमारे वर्तमान पंडित लोग अपने ग्रामीण बंधुओं की भाषा से सर्वथा अनभिज्ञ होनेसे उनसे एकदम विच्छिन्न हो गए हैं और उनको अज्ञानी समझने तक लग गए हैं- यह दोष, कोई कम अनर्थ नहीं माना जा सकता- ? - २ १० यह तो एक प्रकारका देशद्रोह है व आत्मघात है. दूसरा परिणाम यह हुआ है कि जिन जिन नाटकों में प्राकृतभाषा का प्रयोग हुआ है, संपादक लोग उन प्रयोगों की तरफ उपेक्षित भाव रखकर उनको बराबर समझनेकी कोशिश नहीं कर पाते, अतः नाटकों में आए हुए प्राकृत गद्य भाग के प्रयोग तथा पद्य भाग के प्रयोग प्रायः आजतक अशुद्ध ही छपते आये हैं और अभी भी अशुद्ध ही छप रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि उन उन नाटकों के वृत्तिकार भी बिना ही समझे बुझे प्राकृतप्रयोगों की मनमानी वृत्ति लिख गए हैं जो व्याकरण की दृष्टि से अधिकतर शुद्ध नहीं हैं. मेरी समझमें तो ऐसा आता है कि प्राचीन भाषाओं के प्राकृत संस्कृत अपभ्रंश ऐसे नाम न देकर देशभाषा, लोकभाषा, जनपदभाषा, शास्त्रीयभाषा ऐसे ही नाम प्रचारित करने जरूरी हैं, जिससे प्राचीन भाषा विषयक हमारी मिथ्या अस्मिता व खींचातानी कम हो जाय. भाषाका प्रयोजन अर्थवहन है, विचारों की लेन देनमें व प्राचीन लोगों के विचार समझने में भाषा एक माध्यमरूप है और भाषाकी सार्थकता इसीमें ही है, इससे ज्यादा किसी भी भाषाका मूल्य ही नहीं है, चाहे वह भाषा वेदकी हो, जैन व बौद्ध शास्त्रों की हो अथवा किसी भी आदिवासीकी हो वा किसी ग्रामीण जनकी हो. प्राकृत का एक व्यापक अन्य अर्थ भी इस प्रकार है: पुरानी वैदिक भाषा और भारतीय आर्यशाखानुगत कोई भी हमारी वर्तमान अर्वाचीन भाषा-इन दो भाषाओं के बीच की संकलनारूप-अनुसंधानात्मक-जो भाषा है इसको भी प्राकृत नाम दे सकते हैं. प्राचीन पंडितों के बनाए हुए जो जो प्राकृत व्याकरण वर्तमानमें उपलब्ध हैं वे सब संस्कृत के माध्यमसे लिखे गए हैं और उन सबमें अमुक अमुक परिवर्तन की प्रक्रिया संस्कृत शब्दों को माध्यम रखकर बताई गई है. अतः उन प्राचीन पंडितोंने प्रकृतिः संस्कृतम् ऐसा भी निर्देश किया है. यह निर्देश केवल माध्यम सापेक्ष है. , किसी अंग्रेज को संस्कृत समझाना हो तो अंग्रेजी शब्दों को माध्यम करके 'काउ' के स्थानमें 'गो' 'कमल' के स्थानमें 'क्रमेलक', 'स्वेट' के स्थानमें 'स्वेद' 'त्रि' के स्थानमें 'थ्री' 'फाधर' के स्थानमें 'पितर' इत्यादि ढंगसे समझाना सुगम होता है, इसी प्रकार संस्कृत जानने वालोंको प्राकृतभाषा समझाने के लिए संस्कृत का माध्यम सुगम रहता है. इसी हेतु से उन उन प्राकृत व्याकरणोंमें संस्कृतको माध्यम बनाया गया है. बाकी प्रकृतिः प्रयोगका संस्कृतम् अर्थ कभी भी शक्य नहीं और किसी भी कोशमें वा ग्रंथमें उसका ऐसा अर्थ निर्दिष्ट भी नहीं. अतः ऊपर कहा गया है कि प्रकृतिः का संस्कृतम् अर्थ माध्यम सापेक्ष है स्वतः नहीं. स्वतः तो प्रकृतिः का अर्थ स्वभाव ही प्रसिद्ध है और प्रचलित भी है. प्राकृत शब्दों के प्रकार २ हरेक भाषामें यौगिक शब्द होते हैं और सूढ तथा मिश्र भी होते हैं. यौगिक का अर्थ है कि जिन शब्दों की व्युत्पत्तिका हमको पता है. रूड का अर्थ है कि जिन शब्दोंकी व्युत्पत्तिका हमको पता नहीं है. मिश्र शब्द वे हैं जिनकी व्युत्पत्तिका हमको कुछ अंशमें तो पता है और कुछ अंशमें पता नहीं है. वैदिक भाषा, प्राकृत भाषा तथा संस्कृत भाषा इन तीनों भाषाओं में भी इन तीनों प्रकारके शब्द हैं. रूढ शब्दका दूसरा नाम 'देश्व शब्द है. प्रस्तुत कोशमें इन तीनों प्रकारकै शब्द पाए जाते हैं. शब्दकोशमें अनुक्रममें जहां* ऐसा निशान किया है वे सब देश्य शब्द हैं. बाकी के शब्दों में से कई शब्द संस्कृत शब्दों के साथ सर्वथा समान हैं और कई शब्द अल्पांशमें ही स्त्रमान हैं. उन सब शब्दों का एक नाम इधर संस्कृतसम का तत्सम रक्खा गया है. अब्दानुक्रममें प्रत्येक शब्द के साथ संस्कृतरूप सर्वत्र बताए गए हैं, इसको देखने से इन सब तत्सम शब्दों का पूरा परिचय हो सकेमस ૨ - mandu कोश की रचनाशैली ३ कोशकार धनपाल महाकविने प्रारंभकी दूसरी गाथासे लेकर १८॥- साढे अठारह गाथा तक सारी-पूरी-गाथा द्वारा अमुक अमुक अर्थके पर्याय शब्द बताए हैं. बादमें २०वीं गाथा से लेकर ९३।।- साढे तेरानवीं- गाथा तक गाथा के आधे आधे चरण द्वारा अर्थात् पूर्वार्ध द्वारा और उत्तरार्ध द्वारा अमुक अमुक अर्थके पर्याय शब्द सूचित किए हैं. फिर ९५- पंचानवीं गाथासे लेकर २७५वीं गाथा तक प्रत्येक गाथाके एक एक पाद द्वारा- एक एक चरणद्वारा अमुक अमुक अर्थके पर्याय शब्द बताए हैं. इस बातकी सूचना कोशकारने स्वयं कोशमें ही दी है. यह बात पृ० ३ में तथा पृ० ११ में *इस निशान का जो टिप्पण दिया गया है उसको देखने से अधिक स्पष्ट हो जायगी. अमुक अर्थके कितने नाम कोशकारने दिए हैं इस बातकी सूचना करने के लिए कोशके टिप्पणमें हमने सर्वत्र पर्यायोंकी संख्या के निर्देशके साथ एक शब्द को स्पष्टरूपसे बताया है. जैसे १ पृ०, २ ब्रह्मा १० अर्थात् ब्रह्मा के दस नाम पर्यायरूप बताए हैं. ३ पृ०, ११ मुक्ति ६-मुक्ति के ६ पर्याय बताए हैं. ११ पृ०, १६८ अमरावती २-अमरावती के दो पर्याय सूचित किए हैं. जहां समुची गाथा पर्याय वाचक शब्दों को दरसाती है वहां हमने गाथा पर शुरू शुरू में अंक लगाए हैं, जहां आधी गाथा पर्यायवाचक शब्दों का सूचन करती है वहां आधी गाथाके आदिमें अंक लगाए हैं तथा जहां गाथा का एक चरण मात्र पर्यायसूचक शब्दों को बताता है वहां सर्वत्र गाथाके प्रत्येक चरणके आदिमें अंक दे दिये गए हैं. ऐसे सब अकोंकी संख्या ९९८ होती है.

१३ कोशकारकी व्यापक मनोवृत्ति कोशकार धनपालने प्रथम गाथामें (पृ. १) नाभिसंभवं शब्दसे जैन तीर्थंकर श्री वृषभदेवका वा ऋषभदेवका जो नाभिराजा के पुत्र थे- स्मरण किया है तथा पुरुषोत्तम नाभिजन्मा ब्रह्माका भी स्मरण किया है. कोशग्रंथ सर्व व्यापक है, इसको सब कोई पढते हैं अतः इस सर्वव्यापी दृष्टि को लेकर जैनधर्मानुयायी होने पर भी कोशकारने दोनो देवोका जो समादर भावसे स्मरण किया है वह सर्वथा समुचित ही है. और साथमें पुरिसुत्तम पुरुषोत्तम ) शब्द से श्रीकृष्ण भगवानका स्मरण करना भी चतुर कोशकार . नहीं चुके हैं. यही तो इनकी विशाल मनोवृत्तिका द्योतक है. अर्थात् प्रथम पद्य मंगलरूप है. अतके २७६ से २७९ तक के पद्योंमें ग्रंथकारने अपना समय, अपना नाम तथा यह कोश किसके लिए बनाया है इत्यादिका सूचन किया है. कोशमें सब मिलकर शब्दपर्यायसूचक २७५ पद्य हैं. क्षमाप्रार्थना हमने टिप्पणमें अर्थ बताया है और अकारादि क्रमयुक्त शब्दकोशमें भी अर्थ बेताया है. इसमें कहीं कहीं कोई विसंवाद भी हो गया है तथा किसी प्रकार की हिन्दी भाषा की तथा अन्य भूलें रह गई हो तो उससे हमारे हंससमान मनवाले विद्यार्थी गणको व सब जिज्ञासुओं को थोडी बहुत तकलीफ जरूर होगी परंतु “ सहभूर्भ्रान्तिर्दुर्वारा” न्यायसे ऐसा होजाना अनिवार्य सा है, तो इस तकलीफ को वे सहन करनेकी जरूर कृपा करें और जरूरत लगे तो खुलासे के लिए संपादकको सूचित करने की भी कृपा करें. नम्र बेचरदास दोशी ...

कोशकार महाकवि
धनपाल
-
धनपाल महाकविने स्वयं ही इस कोश के प्रांत भाग में अपने नामका,
समयका तथा कोश के आदि श्लोक में कोश के
नामका
जो
सूचन किया
है वह इस प्रकार है :-
विक्कमकालस्स गए अउणत्तीसुत्तरे सहस्सम्मि ।
मालबनरिंदवाडीए छडिए मनखेडम्मि ॥
धारानयरीए परिट्ठिएण' मग्गे ठिआए अणवज्जे ।
कजे कणि?बहिणीए 'सुंदरी' नामधिज्जाए ॥
कइणो अंध ज ण कि वा कुस ल त्ति पयाणमंतिमा वण्णा ।
नामम्मि जस्स कमसो तेणेसा बिरझ्या देसी" ||
- (पाइअलच्छीनाममाला गा० २७६-२७८)
शुरू की प्रथम गाथामें लिखा है कि
"वुच्छं 'पाइअलच्छि' ति नाममाल निसामेह " ॥
अर्थात् विक्रमसंवत् १०२९ में जिस समय मालवराजने छल करके
मन्नखेड-मान्यखेड-(मनखेड. जि-नासिक ता. पेंठ) नगर पर हमला करके
उस नगरको लूट लिया तब कोशकार धनपाल धारा नमरी में प्रतिष्ठितरूपसे
१. 'अणजे मग्गे परिष्टिएण' इस प्रकार भी अन्वय कर सकते हैं
अर्थात् 'निर्दोष मार्ग पर प्रतिष्ठा पाये हुए धनपालने' ऐसा भी अर्थ बराबर है.
२. कोश के अलमें इन पद्योंका जो अर्थ सूचित किया है उसको इस
अर्थके अनुसार समझ लेना तथा संगत करना चाहिए, (संपा०

रहते थे और निर्दोष मार्ग पर प्रतिष्ठा के साथ स्थित थे, उसकी छोरी बहन सुंदरी निरवद्य मार्ग पर याने धर्ममार्ग पर रही हुई थी, उस समय अपनी छोटी बहन सुंदरी के लिए अंध ज ण कि वा कुस ल इन शब्दों के अंतिम अंतिम वर्ण अनुक्रमसे जिस कवि के नाममें लगे हुए हैं उसने अर्थात् धणवाल-धनपालने इस देशी (भाषाके कोश ) की रचना की. पूर्वोक्त प्रथम गाथामें ही " : पाइअलच्छी' को कहूंगा", ऐसा कह कर के कोशकारने ही इस कोश का 'पाइअलच्छी' (प्राकृतलक्ष्मी) नाम सूचित किया है. इस कोशमें देशी वा देश्य शब्द भी दिये गए हैं अतः इसका दूसरा 'देशी' नाम भी ग्रंथकारने ग्रंथ के अंत भागमें बताया है. अथवा प्राकृतभाषा देशकी--- जनपदकी--भाषा है ऐसा सूचन करने के लिए भी ग्रंथकारने 'देशी' नाम बताया हो यह असभवित नहीं. उक्त पद्योंसे-धनपालने ग्यारहवीं सदी में इस कोश की रचना की- ऐसा सुनिश्चित रूपसे प्रतीत होता है तथा उसकी छोटी बहनका नाम सुंदरी' था यह भी निश्चित होता है. उस समय मालव नरेशने मान्यखेट नगर पर छलसे आक्रमण किया था ऐसी भी सूचना मिल जाती है. क्योंकि धनपालने इस कोश को १०२९ में रचा है इसलिए उसका जन्मसमय दसवीं सदीमें माननेमें कोई बाधक प्रमाणका होना संभव नहीं जान पडता. कोशकार धारानगरी के प्रतिष्ठित पुरुष हैं और निर्दोष मार्ग पर चलनेवाले हैं ऐसा भी ‘परिद्विएण' तथा 'अणवजे मग्गे परिट्टिएण' पद से सूचित होता है और कोश की रचना धारानगरी में हुई है यह बात भी धारानयरीए' पदसे सूचित होती है. धनपालकी छोटी बहन प्राकृत भाषाकी विद्यार्थिनी थी, संभव है वह संस्कृत भाषाको अच्छी तरह जान चुकी होगी, तथा धनपालकी पुत्रीने धनपालरचित तिलकमंजरी नामक कथाकी अपनी स्मृति के बलसे रक्षा की थी. इससे मालूम होता है कि धनपालका कुटुंब एक प्रकारका सरस्वती .

मंडलरूप बना हुआ था. श्रीप्रभाचंद्रसूरि द्वारा विक्रमसंवत् १३३४ में लिखे गए प्रभावकचरित्र में श्रीमहेंद्रसूरिजीका सविस्तार प्रबंध दिया गया है. उस प्रबंध में महाकवि धनपाल के जीवनका वृत्तांत जिस प्रकार दिया गया है उसका सार इस प्रकार है : . मध्यदेश में संकाश्य नाम के स्थानमें (गांवमें) रहनेवाला देवर्षि नामका एक ब्राह्मण था, वह किसी प्रकार के व्यावहारिक कारणसे मालवदेशकी राजधानी धारा नगरीमें आकर रहता था. उसके पुत्रका नाम सर्वदेव था. सर्वदेवके दो पुत्र थे; एक धनपाल और दूसरा शोभन. एक समय चंद्रगच्छ के आचार्य श्रीमहेन्द्रसूरि ग्रामानुग्राम विहार करते करते सर्वदेव के स्थान में अर्थात् धारानगरी में आए. सर्वदेव ब्राह्मणने श्रीमहेन्द्रसूरिकी प्रतिष्ठा तथा व्याख्यान शक्तिका प्रभाव सुना. वह ब्राह्मण आचार्य के समागम के लिए उपाश्रयमें गया. और तीन दिन तथा तीन रात्रि तक उपाश्रयमें ही समाधिमग्न होकर रहा. तब आचार्यने उससे पूछा कि क्या आप हमारा परीक्षण करने आए हैं वा और किसी कार्यसे आए हैं ? सर्वदेवने कहा -- महात्माओं के दर्शनसे सुकृतकी प्राप्ति होती है तथा मेरा निजका कार्य भी है इस लिए मैं आपके दर्शनके लिए आया हूं. सर्वदेवने अपने कार्यका वृत्तांत कहते हुए आचार्य को कहा कि मेरा यह कार्य गुप्त है. मेरे पिता राज्यमान्य थे और लाखों की दक्षिणा पाते थे. अतः मेरे घरमें किसी भी जगह उस धनकी निधि गडी हुई होनी चाहिए, मुझे उसका पता नहीं लगता, अतः आप कृपा कर के उस को बतलाइए. , आप परोपकारी हैं अतः इतना मेरा कार्य कर दें. आप धननिधिको बताएंगे तो इस दरिद्र ब्राह्मण के सारे कुटुंब को बड़ा आनंद होगा तथा हमारा दारिद्रय भी दूर हो जायगा. . A आचार्य ज्योतिष शास्त्र तथा निमित्त शास्त्र के भी ज्ञाता थे, उनको यह मालूम हुआ कि मेरे बताने से इस ब्राह्मण द्वारा उत्तम शिष्यका लाभ होना संभव है. आचार्यने कहा कि आपका कार्य जरूर कर देंगे; परंतु आप हमको क्या दगे? सर्वदेवने कहा कि उस सारी निधिका आधा भाग मैं आपको भेट दूंगा. तब आचार्यने कहा कि मैं आपकी वस्तुका आधा भाग मेरी रुचिसे पसंद करके लंगा. सर्वदेवने आचार्यकी बात को मान लिया और साक्षी भी नियत किये. आचार्यने सर्वदेव के मकान पर आकर जहां धननिधि गडी हुई थी उस जगह को बता दिया और वहां खोदने से चालीस लाख सुवर्णमुद्रा उस धननिधिसे निकली. सर्वदेवने अपने वचन के अनुसार बीस लाख सुवर्ण मुद्रा आचार्य को देनी चाही. पर आचार्यने कहा कि मैं अपने वचन के अनुसार मुझे पंसंद होगी ऐसी आपकी वस्तुका आधा भाग लूंगा. इस विवाद में काफी समय वीत गया. आखिर आचार्यने कहा कि आपके दो पुत्रों में से एक को मुझको दे दें. आपकी देनेकी प्रतिज्ञा सच्ची हो तो जिस वस्तुको मैं मांगता हूं उस को दे दें. यदि नहीं देना हो तो आप अपने घर चले जायें. सर्वदेव ब्राह्मण आचार्य की यह मांग सुनकर किंकर्तव्यमूढ हो गया और बड़ा चिंतित हो कर तथा 'आपको आपकी मांग के अनुसार आधा भाग दूंगा' ऐसा कह कर अपने घर पहुंचा. घर जाकर चिंतातुर ब्राह्मण टूटीफूटी खटिया में पडकर सो गया. जहां चिंता हो वहां निद्रा कैसे आवे ? जब बडा लङका धनपाल राजप्रासादसे लौटकर घर पर आया तब पिताको चिंतातुर देखकर बोलाः पिताजी ! मेरे , ३ जैसे आज्ञांकित पुत्र के होने पर भी आप चिंतित क्यों हैं ? अपने विषादका कारण बताइए. पिताने धननिधिकी तथा उसके संकेत वगैरह की सब बात बता दी और कहा कि धननिधिको बतानेवाले जैनाचार्य तुम दो भाइयोमें से एक भाईको मांग रहे हैं और मैंने ऐसा उनको वचन भी दे दिया है. तो हे पुत्र ! अब तुम मुझको ऋणमुक्त कर दो. पिताके इस वचनको सुनकर धनपालको बडा गुस्सा आया और उसने बाप को थोडा डांटा भी. धनपालने कहा कि हम लोग संकाश्यके रहनेवाले तथा चारों वेदों को जाननेवाले उत्तम ब्राह्मण हैं. मैं राजा भोज का बालमित्र हूं और बडा प्रतिष्ठित ब्राह्मण हूं. ये जैनमुनि पतित शूद्रों के समान हैं, उनकी ऐसी निंदित प्रतिज्ञा के खातिर मैं अपने पूर्वजों को नरकमें डालना नहीं चाहता. आपका यह कुव्यवहार है और सजनोंसे निंदनीय है अतः मैं आपके कथनानुसार नहीं कर सकता. आप जानें व आपकी प्रतिज्ञा जाने. इस प्रकार पिताका अपमान करके धनपाल वहांसे अन्य जगह चला गया और पिता सर्वदेव निराश हो गया तथा उसकी आंखोंसे आंसू टपकने लगे. इतने में धनपालका छोटा भाई शोभन वहां आ गया. पिताने उसको जो बातें धनपालसे हुई थी सब कह दी और धनपालका डांटना भी सुना दिया. और अंतमें कहा कि तुम तो अभी बालक हो अतः हमारी किसी प्रकारकी सहायता नहीं कर सकते. तो तुम जाओ और हम अपना किया आप ही भुगत लेंगे. तब शोभनने अपने पितासे कहा कि आप मत घबड़ाइए, मैं जरूर आपका वचन पाढंगा. मेरा बड़ा भाई राजमान्य है, कुटुंब के सारे भार को उठाने को भी वह समर्थ है, वह बडा पंडित भी है अतः उसने आपको कुछ * भी कहा जो उसकों ठीक लगा. मैं तो बचपनसे ही सरल हूं और आपकी किसी भी प्रकारकी आज्ञा को माननेवाला हूं. आप मुझको कुएँमें डालें अथवा मारनेके लिए चांडालोको सौंप दें- आपको जो जंचे सो करें. उसमें मैं किसी भी प्रकारका विचार नहीं करता. अतः अब आप चिंता को छोड दें, उठकर स्नान पूजन कर लें और भोजन करके स्वस्थ हो जावें. बादमें मुझको आचार्यके पास ले जाकर उनको भेटके रूपमें दे दें. फिर सर्वदेव ब्राह्मण अपने छोटे पुत्रको लेकर आचार्य के पास गया और शोभनको आचार्य के चरणो में भेंट किया. आचार्यने भी सर्वदेवकी संमति लेकर अच्छे दिवस मुहूर्त इत्यादिक को देखकर शोभनको अपना शिष्य बना लिया. धनपाल राजमान्य था अतः आचार्य को (अपभ्राजनशङ्किताः) शासनकी अपभ्राजना होने की शंका हुई. इस कारण आचार्यने अपने नए शिष्यको लेकर प्रातःकालमें ही धारानगरीसे अणहिल्लपुर की तरफ जाने के लिए विहार कर दिया. धनपालने तब देखा कि पिता सर्वदेवने निधान के लिए अपने छोटे भाई को बेच दिया है, अतः पिता अनुचित कर्म करनेवाले हैं. धनपालने पिता को अपने से पृथक् कर दिया और वह (धनपाल) गुस्से में आकर सोचने लगा कि जैनमुनियोंका मुंह देखने लायक नहीं है, ये कहां कहां से आकर संयम और शमके बहानेसे स्त्री तथा बालकों को ठग लेते हैं, दीक्षाधारी शूद्र हैं, इनका पाखंड बडा अद्भुत है. राजाको कह कर अब इस प्रदेश में इनका आना जाना रोक देना जरूरी है. धनपालने जैनमुनियों पर कोपाविष्ट होकर 'जैनमुनि बनकर शोभन चला गया' इत्यादि जो वात बनी थी राजा भोज को कह दी. तब राजा भोजने अपने राज्यमें बारह वर्ष तक जैनमुनियों का आनाजाना निषिद्ध घोषित कर दिया और तबसे सारे मालवे में किसी भी (श्रीपीताम्बरदर्शनम्) पीले कपडेवाले मुनि का विहार नहीं हुआ. जब आचार्य महेन्द्रसूरि गुजरातमें थे तब धारानगरी के श्रीसंघने धारानगरी में जैनमुनियों के खिलाफ जो कार्रवाई हुई थी वह उन्हें विदित की और मालवे में पधारने की विनंति की. आचार्यने अपने शिष्य शोभनमुनिको अच्छी रीतिसे पढाया, लिखाया और बाचनाचार्य बना दिया. अवंती के अर्थात् धारानगरी के संघकी धारा में आनेकी विनंति सुनकर शोभनमुनिने वहां जानेका विचार किया और अपने निमित्तसे जो बखेडा हुआ है उसको उपशांत करनेका तथा अपने बडे भाई धनपालको भी प्रतिबोध करनेका संकल्प अपने गुरु को विदित किया. बादमें श्रीमहेंद्रसूरिजीने गीतार्थ मुनियोके साथ वाचनाचार्य शोभन- मुनिको धारानगरीकी तरफ विहार करने की आज्ञा दी. श्री शोभनमुनि आदि मुनिमंडल अणहिल्लपुरसे ग्रामानुग्राम विहार करतें करते एक दिन धारानगरी को पहुँच गए. उचित समय को देख कर एक दिन शोभनमुनिने अपने साथके मुनियों को धनपाल के घर पर भिक्षा के लिए भेजा. मुनियोंने धनपाल के घर जाकर 'धर्मलाभ ' ऐसा कहकर भिक्षा मांगी धनपाल की स्त्रीने कहा 'सरस्यस्ति' अर्थात् धर्मलाभ तो तालाव में है। लब शरीर पर तेलकी मालिश कर के स्नान के लिए उद्यत ऐसे धनपालने कहा कि घरमें आये हुए अर्थिको कुछ न कुछ देना चाहिए, यदि ये खाली हाथ चले जाएंगे तो बडा अधर्म होगा अतः इनको थोड़ा दहीं दो. , . सब धनपाल की स्त्री उषितानम्-वासी-ठंडा-अन्न लाई. मुनियोंने अल को के लिया, फिर वह बहीं लाई नब मुनियोंने पूछा कि यह दहीं कितने दिनका है ? तब स्त्रीने कहा कि क्या इस दहीं में जीव पडे हैं ? यह दहीं तीन दिनका है, लेना है तो ले लो अन्यथा चले जाओ. मुनियोंने कहा कि ऐसा पूछना हमारा आचार है, इससे आप नाराज क्यो होती हैं ? यह सब वातचीत सुनकर धनपाल पंडितने कहा कि यदि आप इस दहीं में पडे हुए जीवो को बता देवें तब आपका वचन निर्दोष एवं सत्य माना जाय. तब मुनियोनें दही में अलते की गोली डलवाई. तब दही का रंग बदल जाने से उस के अंदर जो छोटे छोटे जंतु उत्पन्न हो गए थे वे प्रत्यक्ष दीख पड़ने लगे. यो दहीं सफेद था और उस के अंदर उत्पन्न हुए छोटे जंतु भी दहीं के समान रंग के थे, अतएव नहीं दीख पडते थे । जब दही का रंग बदलने के लिए उसमें दूसरी वस्तु डलवाई तब वे जंतु दही में चलते से साफ साफ दिखाई देने लगे. महाकवि धनपाल इन जंतुओं को देख कर अचंभे में आ गया और दहीं कितने दिनका है ? ' इस प्रकारका मुनियो का प्रश्न समुचित ही था- ऐसा विचार उनके मन में आया तथा मुनि-जैन मुनि किस कदर वा किस हद तक दया-अहिंसा-का विचार करते हैं, किसी भी छोटे मोटे जीवकी रक्षा के लिए वे कितने सावधान रहते हैं और अपनी संयमयात्रा वे इस तरह चलाते हैं जिससे किसी भी प्राणी की हिंसा न हो, अपना मन चंचल न हो, इंद्रियाँ भी अपने वश में ही रहे जिससे रागद्वेषके परिणाम धीरे धीरे क्षीण होकर समवृत्ति बनी रहे. इस प्रकार विचार करते करते उसके मन में जैन धर्म संमत दयावृत्ति ठीक ऊँचने लगी और हिंसाप्रधान वैदिक कर्मकांड से उसका मन हटने लगा. फिर उसने भिक्षार्थ आए हुए मुनियों को पूछा कि आप लोग धारानगरी में कहांसे आए हैं? आपके गुरु कौन हैं ? और आप इधर आकर कहां ठहरे हुए हैं ? ?

२२ मुनियोंने कहा कि हम गुजरात देश से आए हैं. हमारे गुरुका नाम शोभनमुनि है, जो आचार्य महेन्द्रसूरि के शिष्य हैं और हम इधर श्रीआदि- नाथभगवानके मंदिरके पासके निर्दोष स्थानमें ठहरे हुए हैं. भिक्षा लेकर जब मुनि चले गए तब धनपाल भी अपने नित्य कर्मसे निवृत्त होकर भोजन कर बडी श्रद्धाके साथ भक्ति नम्र बन कर उन मुनियों के उपाश्रय में जाने को उद्यत हुआ. जब धनपाल महाकवि उपाश्रयमें पहुंचा तब अपने बडे बंधुको आते हुए देखकर शोभनमुनि उसके आदर के लिए खडे हो गए, शोभन मुनिने अपने आसन के आधे भागमें अपने बड़े भाई को बडे स्नेहसे बैठाया. अब दोनों भाई एक दूसरेको देखकर प्रेमगद्गद हो गए. धनपालने कहा कि पूज्य तो तुमही हो, तुमने ही उत्तम ऐसे दयाप्रधान धर्मका स्वीकार किया है और इस धर्मका पालन भी बड़ी सावधानीसे सयमपूर्वक कर रहे हो. ऐसे दयाधर्मी मुनियों को धारानगरीसे निर्वासित करके मैंने बड़ा पापपुंज उपार्जित किया है. तुमने ऐसे अहिंसाप्रधान धर्मका स्वीकार करके अपने जीवन को सफल बनाया है। तुम धन्य हो और पिताजी सर्वदेव भी धन्य हैं. मैं हिंसाप्रधान यज्ञ- यागादिको धर्मके रूपमें समझ कर उसीके कर्मकांड में आजतक फंस गया. परंतु अब मैं सच्चे अहिंसारूप धर्म को समझ सका हूं. तुम्हारे ये मुनि मेरे घर पर आज भिक्षा लेनेके लिए आए थे, मेरे मनमें जैनमुनियों के प्रति आदर नहीं था तो भी घर पर जो याचक आता है वह भिक्षा, पाए बिना चला जाय यह मुझको बडा अनुचित लगता है, अतः मैंने गृहिणी को भिक्षा देनेको कहा. मेरी तरह उसको भी आदर नहीं था अतः वह ठंडा अन्न लाई और . दहीं भी लाई.

२३ मुनियोने वह ठंडा अन्न तो ले लिया, मगर जब वे दहीं देने लगी तब मुनियोंने पूछा कि-यह दहीं कितने दिनका है ? उसने खीज कर कहा कि क्या दहीमें भी जीव पड गए हैं ? पानी में तो पड़नेकी बात जानती हूं. तब मुनियोने बड़ी नम्रता से कहा कि बहिन ! बिना पूछे वा बिना जाने हम कोई चीज लेते नहीं हैं. हमारा आचार ही ऐसा है, इसमें खीजने की कोई जरूरत नहीं है. तीन दिनका दहीं होगा तो जैसे बिना छाने जलमें जीव होते दीखते हैं वैसे उस दहीं में भी जीव उत्पन्न हो जाते हैं और दिखाई भी देते हैं. तब मैंने कहा कि, एक तो मांग कर खाना और दहीं ताजा है या वासी है वा कितने दिन का है ? ऐसा पुछना यह भिखमंगे को क्या उचित है ? मुनियोंने मेरे अनादर को नहीं गिन कर विनय भावसे जवाब दिया कि, हमारा धर्मकर्म सब अहिंसाप्रधान है-दयावृत्तिप्रधान है. हम कोई ऐसी चीज खानेको वा पहनने-ओढने को भी नहीं लेंगे जिसमें जीवों की हिंसा हो. हम भूखको सहन कर सकते हैं तथा शीतको भी अच्छी तरह सहन कर सकते हैं, परंतु जहां जीवोंकी हिंसा मालूम हो ऐसा कार्य मरणांत तक नहीं करते हैं. हमारा ऐसा ही आचार है. हमारे ज्ञानी अनुभवी ऐसे पूर्वपुरुषोंने बताया है कि तीन दिन के दहीं में जंतु उत्पन्न हो जाते हैं. अतः हमने ऐसा पूछा, इसमें 'दहीं ताजा है वा वासी है ? ' ऐसा कोई सवाल केवल स्वाद के लिए हमने नहीं किया है वा ऐसे सवाल केवल स्वादेन्द्रियके वश होकर हम कभी भी नहीं करते हैं और इस प्रकार स्वादेन्द्रियके वश होकर ऐसे सवाल करना हमारा आचार भी नहीं है. तब मैंने (धनपालने) कहा कि सचमुच ऐसा ही है तो आप दही में जो कीडे पैदा हुए हैं उन्हें मुझको प्रत्यक्ष बताइए, केवल श्रद्धासे मैं माननेवाला नहीं हूं. तब मुनियोंने कहा कि दहीं श्वेत जैसा प्रायः होता है और तीन २४ दिनके दहीमें जो जीव उत्पन्न होते हैं वे भी श्वेतसे प्रायः होते हैं. अतएव दहीं का रंग विना बदले वे दीख नहीं सकते, तो आप इस दहीमें थोडासा अलता डाल दीजिए, जिससे इसका रंग थोडा बदल जायगा, तब आप देखेंगे तो इसमें चलते हुए कीडे नजरमें आवेंगे. फिर मैंने (धनपालने) अलता मंगाकर दही में डलवाया तो जो बात मुनियोंने कही वह बराबर सही मालूम पडीः दहीमें चलते हुए कीडो को मैं प्रत्यक्ष देख सका. तब मेरे (धनपालके) मनमें मुनियों की दयावृत्ति का और उनके अहिंसाप्रधान धर्मका सच्चा ख्याल आया तथा जिस धर्मका आचरण अभी कर रहा हूं इस हिंसाप्रधान यज्ञ यागादिक कर्मकांडमय वैदिक धर्मका भी बराबर ख्याल आया. दोनों धर्मोकी जब मैंने बुद्धिपूर्वक तुलना की, विश्लेषणा की, तब मुझको आपके इस अहिंसाप्रधान धर्मपर प्रीति हुई, विश्वास हुआ और धर्मविषयक मेरी परंपरागत गलती समझमें आ गई. अतः हे मुनिराज ! मैं धर्मके विषयमें आपकी शरण चाहता हूं और आजसे . मैं जैनधर्मका स्वीकार करता हूं. इस प्रकार गदगद बोलते हुए धनपालने शोभनमुनि द्वारा जैनधर्मको स्वीकार किया और तबसे वह यावज्जीवन जैनधर्मपरायण बन गया. उसने श्रावक धर्मका स्वीकार किया और अंतकालमें जैन धर्ममें जिस प्रकार संलेखना विधि बताई है इस प्रकार संलेखना विधिसे मरण पाकर धनपाल सद्गतिका भागी हुआ- [जब मरण समय नज़दीक मालूम होता है तब व्रतधारी श्रावक था मुनि अपने गुरुकी शरण लेकर तीर्थंकर भगवंत को नमस्कार करके अपनी सब बाह्य प्रवृत्तियों को छोड़ देते हैं और अपने घरके कोई एकांत स्थानमें जा कर बा उपाश्रयमें जा कर ऐसा नियम लेते हैं कि अब मैं मरण तक सिर्फ आत्मध्यानमें स्थिर रहूंगा, खानपानका सर्वथा त्याग कर दूंगा और मनसा २५ वाला तथा कर्मणा किसी प्रकार के दुःसंकल्प, दुर्वचन और दुर्व्यापार को महीं करूंगा. ऐसा निश्चय करके श्रावक व मुनि एक आसबमें स्थिर होकर जीवनांत तक धर्मध्यानमें बैठे रहते हैं वा अशक्त हो तो दर्भके बिछौने पर सो रहते हैं और अपनी क्रोध मान माया लोभ बगैरह दुर्वृत्तियोंको क्षीण, क्षीणतर, क्षीणतम करनेके लिए देहद्वारा कठोर तप भी करते रहते इसका नाम मरणांतसंलेखना विधि है.] इस प्रबंधसे नीचेकी बातें फलित होती है. १. धनपाल जन्मसे ब्राह्मण था और जैनधर्मके प्रति नफरत करता था. वह सरलस्वभायी था तथा सदाचरण का जिज्ञासु रहा अतः दहीमें जीव होनेकी वात सुनते ही उसकी अहिंसाविषयक जिज्ञासा तेज हुई और वह जैन श्रावक बन गया. गुप्तकालसे अहिनकुलम् की तरह श्रमण-ब्राह्मणम् इस प्रकारकी कहावत चली आई है, फिर भी जैनपरंपरामें प्रथम गणधर इन्द्रभूति गौतम से लेकर जो बडे बडे दिग्गज महावादी और आध्यात्मिकवृत्तिप्रधान आचार्य हुए हैं वे प्रायः जन्मजात ब्राह्मण हुए हैं. ऐसा अनुमान करना अनुचित न होगा कि प्राचीन ब्राह्मण कुलके संस्कारों में सरलता और सत्यान्वेषण वृत्ति उनमें विद्याप्रियता होने से अधिक सुलभ होगी। २. प्रबंधमें शोभनकी दीक्षा का जो प्रसंग आया है उससे मालूम होता है कि उस काल के जैनमुनि किसी भी बहाने से शिष्यप्रिय होते थे. संथमके लिए सच्चे वैराग्यके प्रति उपेक्षा हो गई थी. मंत्रतंत्रके प्रयोग करना आदर्श संयमीके लिए सर्वथा निषिद्ध होनेपर भी किसी भी प्रकार के बहानेको धार्मिकताका रूप देनेमें सकोच कम हो गया था. वर्तमानमें भी इसी बातावरणकी प्रतिध्वनि जैनमुनियोंमें क्या नहीं दीख पडली है ? वर्तमान हमेशा भूतकालका प्रतिध्वनिरूप होता ही है.

१ ३. श्रीरामचंद्रकी तरह शोभन बडा पितृभक्त था ऐसा मालूम होता है अथवा वह भोलाभाला इतनी छोटी उम्रका लडका होगा कि जिस उम्र में भक्ति व प्रीति विशेषतः टिकी रहती है. ४. धनपालके समयमें वैदिकपरंपरा का कर्मकांड इस प्रकार चलता होगाः " स्पर्शोऽमेध्यभुजां गवामघहरः वन्द्या विसंज्ञा द्रुमाः स्वर्ग छागवधात् हिनोति च पितॄन् विप्रोपभुक्ताशनम् । आप्ताः छमपराः सुराः शिखिहुतं प्रीणाति देवान् हविः स्फीतं फल्गु च वल्गु च श्रुतिगिरां को वेत्ति लीलायितम् १ ॥ -(प्रभावक चरित्र पृ० २३२, महेन्द्रसूरि प्रबन्ध श्लो. १३४) अपवित्र पदार्थोको खानेवाली गौओंका स्पर्श पापहर माना जाता है, जड प वृक्ष वंद्य माने जाते हैं, बकरेकी बलि देनेसे स्वर्गप्राप्ति समझी जाती है, ब्राह्मण लोगोंका किया हुआ भोजन, जिनकी विद्यमानताका व स्थानका पता तक नहीं मालूम है ऐसे पितृलोक तक पहुंच जाता है ( मानो ब्राह्मणलोग एक तरह के पोस्ट ओफिसरूप हैं जो विना पनेके सामानको भी पहुंचा सकते हैं) अग्निमें डाला गया घी वगैरह हविष देवोंको प्रसन्न करता है- ये सब अनुष्ठान वैदिक परंपरामें चल रहे हैं- वैदिक वाणीकी लीलाको कौन जान सका है। ५. धनपालकी सत्यवादिता और निःस्पृहताः धनपाल धारानगरीके राजा भोजकी सभाका प्रमुख कवि था, राजसम्मानित था तथापि वह वडा सत्य- वादी और निःस्पृह था. देखिए:- एक दफा जब राजा शिकारके लिए चला तब कवि धनपाल को भी साथमें ले चला. राजाने एक बड़े वराहको जब एक ही बाणसे वींधा और वह वराहू जब घरर घरर आवाज करता हुआ गिर पड़ा तब साथमें आए - - ? हुए अन्य कवियोंने राजाके असाधारण बलकी प्रशंसा की, तब राजाकी दृष्टि धनपाल पर भी गई कि वह भी इस प्रसंग का थोडा बहुत वर्णन करे. धनपालने शीघ्र ही निःसंकोच कह दिया कि- "रसातलं यातु यदत्र पौरुषं क नीतिरेषाऽशरणो ह्यदोषवान् । निहन्यते यद् बलिनाऽपि निर्बलो हहा महाकष्टमराजकं जगत् ” । अर्थात् महाराज ! तुम्हारा यह बल रसातलमें जाए. जो शरणहीन है और निर्दोष है वह मारा जाता है. क्या यह भी कोई नीति है. बलवान द्वारा निर्बलका मारा जाना तो सरासर अन्याय ही है. हाय, क्या किया जाय ? जगत् अराजक बन गया है, यह बडा कष्ट है"। राजाने चुपचाप सुन लिया. फिर एक दूसरा भी प्रसंग ऐसा ही आ गयाः- राजाने दूसरे किसी प्रसंग पर कविसे कहा कि कोई अच्छी जैनकथा हो तो हमको सुनाओ। तब धनपालने बारह हजार श्लोकप्रमाण गद्यप्रचुर रसमय ऐसी तिलकमंजरी नामकी एक जैनकथाकी रचना की। जब कथा गूंथी जाती थी तब पुत्री उसको सुन लेती थी वा पढ़ लेती थी। एक बार पुत्रीने कविसे पूछा कि पिताजी, क्या अब वह कथा पूरी बन गई ? कथा पूरी बन चुकी थी। बादमें जैनशास्त्रके विरुद्ध ऐसी कोई बात कथामें अनजानसे न आगई हो, इसका निर्णय करके कथाको शुद्ध करने के लिए कविने अपने असाधारण सम्माननीय वादिवेताल श्रीशांतिसूरिको धारामें आनेके लिए आमंत्रण भेजा, उन्होंने आकर कथाको शुद्ध बना दिया, फिर कविने राजाको कथा सुनाना आरंभ किया । कथामें मुख्य चार वस्तुएं थीं- अयोध्या नगरी, भगवान् वृषभदेव आदि तीर्थकर, शक्रावतार तीर्थ और नायक रूप श्रीमेघवाहन नृपति. .

२८ राजा सारी कथाको बडे चावसे बहुत दिनों तक सुनता रहा। जब पूरी सुन ली तब राजाने कविसे प्रार्थना की कि कथा तो बडी ही मनोहर हुई है परंतु मेरी इच्छा है कि आप इस कथामें ऐसा क्यों न परिवर्तन कर दें कि जहां अयोध्या है वहां धारा नगरी कर दें, जहां भगवान् वृषभदेव हैं वहां वृषभध्वज महाकालका नाम बना दें, जहां शक्रावतार तीर्थ है वहां महाकाल तीर्थका उल्लेख कर दें और जहां नायक मेघवाहन नृपतिका नाम है वहां राजा भोज का नाम रख दें. भोजकी यह बात सुनते ही कविने चटसे स्पष्ट कह दिया कि महा- राज! कोई पवित्र श्रोत्रिय ब्राह्मण के हाथमें दूधमरा कटोरा हो और उसमें मद्य का एक बिंदु भी गिर जाया तो जिस प्रकार वह दूध अपेय बन जाय, ठीक इसी प्रकार आपके सूचित परिवर्तनसे यह कथा अपवित्र हो जाय- भ्रष्ट बन जाय, ऐसा मुझे स्पष्ट प्रतीत होता है अतः मैं कभी भी ऐसा परिवर्तन नहीं कर सकता। कविकी इस अत्यंत स्पष्ट निर्भय वाणीको सुनते ही राजा कोपाविष्ट हो गया और उसने उस कथाकी पुस्सकको जलते हुए अंगारोंसे भरी हुई अगिठीमें डाल दिया। यह देखकर धनपाल ककि उठ खडा हुआ अब और 'फिर मैं इधर कभी नहीं आऊंगा' ऐसा राजासे कहते हुए उद्विग्न होकर अपने घरकी तरफ चल पड़ा, कविको बड़ा खेद हुआ । का जलाकर भी वह स्नान, देवार्चन, भोजन इत्यादि नित्य कर्म भी, न कर सका, किसी कोई बाता भी नहीं की और चिंतामग्न होकर और मुंह करके बिना बिछौनेके जमीन पर पड़ा रहने छमा । कितासे उसकी निद्रा भी चली गई। कविकी ऐसी परिस्थितिको देख कर उसकी नौ. वस्सकी पुत्रीले. अपने ** ૨, पितासे चिंताका कारण पूछा । तब कविने ' राजाने कथाकी सारी पोथी जला दी' इत्यादि घटी घटना सुनाई। तब पुत्रीने झट कहा कि आप चिंता न करें, मैंने वह कथा जितनी सुनी है उतनी सारी कथा मुझे बराबर अक्षरश: याद है । आप अब चिंताको छोड़ दें और झटपट उठकर स्नानादि कार्य कर लें और मेरे मुखसे उस सारी कथा को सुनकर फिर लिख लें। अपनी पुत्रीकी बात सुनकर कवि बड़ा ही प्रसन्न हुआ और फिरसे वह कथा पुत्रीने जितनी सुनी थी सारी लिखवा दी। प्रबंधकार कहता है कि मूल कथा बारह हजार श्लोक प्रमाण थीं, उसमें से नौ हजार प्रमाण बराबर लिखी गई और शेष तीन हजार प्रमाण कथा पुत्रीने नहीं सुनी थी उतनी नयी रच डाली. इस प्रकार कथा का नया अवतार हो गया और ऐसा भी कहा आता है कि पुत्रीके नामसे कथाका नाम तिलक- मंजरी रखा गया। उक्त इन दोनो वृत्तांतोसे कविमें सत्यप्रियताके कठोर व्रत की तथा • निःस्पृह वृत्तिकी भी स्पष्ट झलक मालूम होती है। और उसकी नौ वर्षकी पुत्रीका शिक्षण भी कितना उत्तम कोटिका था यह भी स्पष्ट दीखता है । धन्य है धनपालके कुल और कुटुंबको । ६. कक्कि प्रबंधसे मालूम होता है कि जब राजाने कविका अनादर' किया सब वह धारासे पश्चिमकी ओर सत्यपुर ( साचोर जि० जोधपुर) में चला गाया । वहां भगवंत महावीरस्वामीका पुराना एक बड़ा चैत्य-मंदिर- था। कविने वहां रह कर भगवंत महावीरकी आराधनामें मन लगा दिया और सत्यपुरीय महावीर स्वामीकी एक बड़ी उत्तम काव्यमय विरोधाभास- अलंकारसंयुक्त स्तुति प्राकृतभाषामें रच डाली। प्रबंधकार कहता है कि उक्त स्तुलिका आरंभ इस प्रकार है:- 'देक निम्मल' इत्यादि। वर्तमान में जो यह स्तुति प्रकाशित की गई हैं उसमें आदिमाग इस प्रकार है:- ३० निम्मलणहे वि अणहे जिणाण चलणुप्पले पणमिऊण । वीरमविरुद्धवयण थुणामि स-विरुद्भवयणमह" ॥ १ ॥ तथा अतभागका पद्य इस प्रकार है। इय सयलसिरिनिबंधण पालय पञ्चल तिलोअलोअस्स । भव मझ सया मज्झत्थगोयरे संथुइगिराणं" ॥ ३० ॥ . इस अंतिम पद्यमें 'धण पालय' शब्द द्वारा कविने अपना नाम भी सूचित किया है। इन तीस पद्योंकी सारी स्तुति संपूर्णरूपमें जैनसाहित्यसंशोधकके तीसरे खंड के तीसरे अंकमें छपी हुई है। वहां उसका संपादन और सारा स्पष्टीकरण इसी लेखकने किया है। ७. प्रबंधकारने लिखा है कि कवि धनपालने अपने धनका सात क्षेत्रोंके उद्धारार्थ उपयोग किया। श्रावक, श्राविका, साधु, साध्वी, जिनचैत्य, जिन- बिंब और शास्त्र, ये सात क्षेत्र जैनपरंपरामें प्रसिद्ध हैं। कविने एक बड़ा प्रासाद-जैनप्रासाद बनवाया और उसमें अपने आचार्य महेन्द्रसूरि द्वारा श्रीऋषभदेव भगवानकी प्रतिमाकी प्रतिष्ठा करवाई. श्रीऋषभदेव भगवानकी स्तुति करते हुए कविने श्रीरिषभपञ्चाशिका नामकी पचीस पथोंमें एक प्राकृत भाषामय स्तुति बनाई। उसका आरंभ इस प्रकार है: " जय जंतुकम्पपायव" इत्यादि । यह स्तुति निर्णयसागर प्रेससे छप चुकी है। ८ कविने अपनी मातृभाषामें 'सत्यपुरीय श्री महावीर उत्साह' नामकी पेंतीस पद्यमय एक और भी स्तुति बनाई है। यह स्तुति जैनसाहित्यसंशोधकके उक्त अंकमें संपादक महाशयने सविवेचन मूलपाठके साथ प्रकाशित की है। इस स्तुतिसे मालूम होता है कि कवि कोरंटक, श्रीमालदेश, धार, आहाड- (आघाट ? आग्रा ? ) नराणा, अणहिलवाड़ पाटण, विजयकोट्ट और पालीताणा- ?

" है ऐसे सब स्थलोंकी यात्राको गए हुए थे, क्योंकि उक्त 'उत्साह' नामकी स्तुति में कविने स्पष्ट सूचित किया है कि " पिक्खिवि ताव बहुत ठाम अर्थात् इन सब स्थानोंको देखकर प्रतीत हुआ कि जैसी भगवंत महावीर की मूर्ति साचोरमें है, वैसी लावण्यमयी मूर्ति और किसी जगह नहीं है। इस 'उत्साह में कविने अणहिलपुर, सोरठ, सोमनाथ, चंद्रावती, श्रीमाल- देशके तीर्थ देलवाडा वगैरह तीर्थोंमें तुर्कों द्वारा जो मूर्तियों का भंजन हुआ उसका अतिस्पष्ट उल्लेख किया है। संवत् १०८१ में महम्मूद गिजनीद्वारा किये गये मूर्तिभंजन को यह उल्लेख सूचित करता है। और यह बात जिन- प्रभसूरिरचित तीर्थकल्पसे समर्थित होती है । तीर्थकल्पमें सत्यपुर तीर्थ का भी एक कल्प है. ९ धनपालकी उम्र मर्यादा पाइअलच्छी नाममाला १०२९में बनाई। १०८१में जो मूर्तिभंजन हुआ धनपाल भी उल्लेख 'उत्साह' में किया है, अतः जब पाइअलच्छी० बनाई तब • उसका की उम्र करीब बीस वरसकी मानी जाय तो भी ‘उत्साह' बनाने के समय उसकी उम्रका अंदाज बहत्तर वरसका किया जा सकता है। संभव है कि 'उत्साह' बनाने के बाद दस-बीस वरस तक अधिक कविका जीवन रहा हो। तो उसकी ब्याशी अथवा बयानब्बे सालकी उम्र असंभव नहीं. , 'उत्साह' में कविने अपना नाम दो दफे इस प्रकार स्पष्ट दिया है- " एकजीह धनपाल भणइ " (एकजिह्वः धनपालो भणति) तथा “ तइ तुट्ठइ धनपालु" (त्वयि तुष्टे धनपालः) 'उत्साह जिन पन्नोमें लिखा गया है वे संवत् १३५७-५८ में लिखे गए हैं अर्थात् 'उत्साह के पन्ने इतने प्राचीन हैं। १० धारामें धनपाल का पुनरागमन और अपने वतनकी प्रतिष्ठाकी दृष्टि- ३२ जैसे वर्तमानमें कई राजा अपने पास ऐसे ऐसे मल्ल रखते हैं कि बाहरके कोई भी मल्ल इमकी पराजय नहीं कर सकते थे अर्थात् राजालोग मल्लोकी एक सभासी संस्था अमाकर रखते हैं, ठीक उसी प्रकार पुराने जमानेमें बड़े बड़े राजाओंके पास बड़े बड़े पंडित रहते थे, उनकी खास करके अपराजित ऐसी एक पंडितसभा होती थी। इसमें ऐसे ऐसे पंडित रहते थे, जिनकी पराजय बाहरके कोई भी पंडित नहीं कर सकते थे । एक समय भोज की राजसभामें बाहरका दिविजयी एक धर्म नामका कौल तंत्र-मत-का महाकवि पंडित आया और उसने भोजकी सभामें आकर कहा कि- " आचार्योऽहं कविरहमहं वादिराट् पण्डितोऽहम् दैवज्ञोऽहं भिषगहमहं मान्त्रिकस्तान्त्रिकोऽहम् । राजन्नस्यां जलधिपरिखामेखलायामिलायाम् आज्ञासिद्धः किमिह बहुना सिद्धसारस्वतोऽहम् " ॥ २६३ ॥ -(प्रभावकचरित्र पृ० २४१) अर्थात् “ मैं आचार्य हूं, कवि हूं, वादिराज हूं, बड़ा पंडित ई, ज्योतिषी हूं, वैद्य हूं, मांत्रिक हूं और तांत्रिक भी मैं हूं। हे राजन्! इस समुद्र वेष्टित सारे भूमंडलमें मैं आज्ञासिद्ध हूं अर्थात् मैं चाहूँ सो कर सकता हूँ, अधिक क्या कहना ? मैं सिद्धसारस्वत हूं अर्थात् सरस्वती मेरे अशमें है।" इस पंडितकी ऐसी घटाटोपमय वाणी सुनकर राजा भोजकी सभाके सब पंडित घबड़ा गये और राजा भोजकी राजकीय पंडित सभा निष्प्रतिभ सी बन गई। आए हुए पंडितको बिना जीते भोजकी पंडितसभाको प्रतिष्ठा नहीं रह सकती। तब भोजने धनपालको बुलानेका विचार किया। परंतु भोजको याद आया कि जिस कविका मैंने भयंकर अपमान किया है वह मेरी सभामें फिर कैसे आ सकता है ?

भोज को मालूम हुआ कि कवि धनपाल इस समय साचोरमें है. भोज के भेजे हुए विश्वासपात्र पुरुष धनपालको बुलाने के लिए साचोरमें पहुंचे. उन्होने धनपालको भोज का संदेश वैनयिकी भाषा द्वारा सुनाया. तब धनपालने कहा कि अब मैं इधर रहकर भगवान महावीर की सेवामें लगा हुआ हूं और सभाके जयविजय इत्यादि खेदवर्धक झंझटो में मेरा मन नहीं लगता, मैं उससे उदासीन हो गया हूं, अतः नहीं आ सकता. इस बातको सुनकर राजा भोजको, अपनी प्रतिष्ठाकी तथा पंडित सभाकी भी प्रतिष्ठाकी बडी चिंता हुई. तब राजाने फिरसे अपने खास आदमियों को मेजकर कहलाया कि- श्रीमुञ्जस्य महीभर्तुः प्रतिपन्नसुतो भवान् । ज्येष्ठ; , अहं तु कनिष्ठोऽस्मि तत् किं गण्यं लघोर्वचः ॥२७०॥ पुरा ज्यायान् महाराजः त्वामुत्सङ्गोपवेशितम् । प्राहेति विरुदं तेऽस्तु श्रीकूर्चालसरस्वती ॥२७१॥ त्यक्वा वयं त्वया वृद्धा राज्यमाप्ताश्च भाग्यतः । जये पराजये वाऽपि-अवन्तिदेशः स्थलं तव ॥२७२।। ततो मत्प्रियहेतोः त्वमागच्छ गच्छ माऽथवा । जित्वा धारां त्वयं कौलः परदेशी प्रयास्यति ॥२७३॥ तत् ते रूपं विरूपं वा जानासि स्वयमेव तत् । अतः परं प्रवक्तुं न साम्प्रतं नहि बुध्यते ॥२७४॥ प्राकृतोऽपि स्वयं ज्ञानं कुरुते नेतरत् पुनः । किं पुनस्त्वं महाविद्वान् तद् यथारुचितं कुरु ॥२७५॥ 1. धनपाल इति श्रुत्वा स्वभूमेः पक्षपाततः । तरसाऽगात् ततो ज्ञात्वा राजाभिमुखमागतम् ॥२७६॥ दृष्टं च पादचारेण भूपं संगम्य धीनिधिम् । दृढमाश्लिष्य चावादीत् क्षमस्वाविनयं मम ॥२७७|| ५ धनपालस्ततः साश्रुरवादीत् ब्राह्मणोऽप्यहम् । निःस्पृहो जैनलिङ्गश्चावश्यं तद्वतसस्पृहः ॥२७८॥ ........... भवेद् मानाऽपमानो हि नयुदासीनचेतसि ॥२७९॥ .. .... .... त्वयि जीवति भोजस्य सभा यत् परिभूयते ॥२८०॥ पराभवस्तवैवाऽयम् इति श्रुत्वा कृतिप्रभुः । प्राह मा खिद्यताम् , भिक्षुः अक्लेशात् जेष्यते प्रगे" ॥२८१॥ -(प्रभावकचरित्र पृ० २४१-२४२) अर्थात् धनपालको भोज कहता है कि- महाराजा मुंज के आप बडे पुत्र हैं, मैं छोटा पुत्र हूं, क्या इस छोटे पुत्रका वचन गण्य-मान्य-हो सकता है ? पहिले बडे महाराजाने-मुंजने-अपनी गोदमें बैठा कर आपको 'दाढीवाली सरस्वती'- कूर्चालसरस्वती' इस प्रकार विरुद दिया है. भाग्ययोगसे अब तुमने हमारा-हम बूढोंका-तथा हमारे राज्यका त्याग कर दिया है. अवंतिदेश आपका है, अब उसकी पराजय हो वा जय हो इस बातको आप समझें. जिसकी आजतक किसीसे पराजय नही हो सकी ऐसी धारा- नगरीकी पंडितसभाकी पराजय करके यह कौलमतका तांत्रिक परदेशी पंडित कल चला जायगा. अब यह परिस्थिति आपके लिए अच्छी है वा विरूप-बुरी है यह बात आप स्वयं समझ लें. अब आपको इससे अधिक कहना मैं उचित नहीं जानता. सामान्य पुरुष भी इस बातको स्वयं समझ सकता है कि इस मौके पर तो जाना ही चाहिए-दूसरी बात नहीं हो सकती. आप तो बडे चतुर हैं, अतः जैसा उचित समझें करें.

राजा भोज द्वारा आए हुए पुरुषोंसे इस बातको सुनकर धनपाल अपने वतनके पक्षपातसे तुरंत धारानगरी तरफ जानेको तैयार हो गया और राजा भोजके दरबारमें आ पहुंचा. जब राजा भोजने कवि धनपाल को अपने सामने आते हुए देखा तब राजा स्वयं खडे होकर उसको लेनेके लिए चलकर के उसके सामने गया और उस धीनिधि धनपाल कविसे खूब स्नेहसे भेंट करके राजा बोला कि मेरे अविनयको क्षमा करें. तब धनपालकी आंखोंमें आंसू आ गएं और कवि बोला कि मैं ब्राह्मण हूं तो भी निःस्पृह हूं तथा जैनधर्मकी आराधना कर रहा हूं. अब मैं इन राजसभाकी झंझटोसे मान वा अपमानसे उदासीन हो गया हूं. अतः मेरे चित्तमें इनका कोई असर नहीं हैं. फिर राजाने कहा कि आपमें ऐसी उदासीनता आ गई है सो तो ठीक है, परंतु आपके जीते जी भोजकी सभाकी पराजय कैसे हो सकती है ? भोजकी सभाकी पराजय मानो आपकी ही पराजय है. तब कविने राजाको कहा कि महाराज! आप खेद न करें, उस कौल भिक्षुका कल प्रातःकालमें ही पराजय हो जायगा. ११ कविका संमान राजा मुंजने धनपालको 'कूर्चाल सरस्वती' तथा 'सिद्ध सारस्वत' ऐसे दो बिरुद दिए थे. इस बातका निर्देश प्रबंधमें है. १२ लंकामें पहुंचनेके लिए हनुमानने जो सेतु बांधा था, उस पर कोई पुरानी प्रशस्ति थी, ऐसा उल्लेख प्रबंधमें है. उस प्रशस्तिको लेनेके लिए राजा भोजने अपने कुशल आदमियो को लंकामें भेजा था. प्रबंधमें लिखा है कि प्रशस्ति श्रीहनुमानकी बनाई हुई थी. जिन आदमियोंको प्रशस्ति लेनेके लिए भेजा गया था वे तैरने में बड़े कुशल थे, तथा समुद्रमें जाने पर उन्हें आँखोंसे बराबर सव कुछ दिखाई प दे इस हेतुसे उन्होंने अपनी आँखोंमें मछलियों की चरबी का अंजन लगाया था, प्रशस्तिकी प्रतिलिपि लेनेके लिए उन्होने अपने पास मोम की स्लेट- पाटी-रक्खी थी, मोम की स्लेट द्वारा शिलालिपिकी प्रतिछाप बराबर आ सकती थी अर्थात् रबिंग (Rubbing) ठीक हो सकता था. इन मोम की स्लेटोसे रबिंग करके उस रबिंग की नकल करनेके लिए दूसरी तेल लगी हुई पट्टिकाओं को भी वे साथ ले गए थे, क्यो कि लिए हुए रबिंग तेलकी उन पट्टिकाओ के ऊपर बराबर आ सकते थे. प्रबंधोक्त इस बातसे मालूम होता है कि सेतुके ऊपर जरूर कोई प्रशस्ति थी और उसके प्रणेता स्वयं हनुमान थे. प्रबंधमें प्रशस्ति के खंडित पद्य भी दिए है. इनको मैं यहां नहीं उद्धृत करता. अधिक जिज्ञासु लोग इस वातको समझने के लिए प्रभावकचरित्र पृ० २३४-२३५ श्लो० १७१ से १८० तक देख लेवें. . उन खंडित प्रशस्तिके पद्योंकी पूर्ति राजाको संतोष हो इस प्रकार अन्य कवि नहीं सर सके परंतु धनपाल कविने उन पद्योंकी समस्यापूर्ति करके राजा भोज को संतुष्ट किया था, इतना ही सूचन करनेके लिए यह उल्लेख इधर दिया गया है. १३ धनपालका छोटा भाई शोभनमुनि भी अच्छा कवि था, उसने 'शोभनस्तुति' नाम की स्तुतिमाला बनाइ है जो चौवीस तीर्थंकरों की स्तुतिरूप है तथा यमकालंकार युक्त गभीर अर्थ सहित है. उस स्तुति पर विवेचनरूप वृत्ति महाकवि धनपालने बनाई है. १४ धनपालने तिलकमंजरी नाम की जो कथा रची है उसमें बहुतसे पुराने जैन तथा अजैन सब कवियोंका सादर स्मरण किया है. सबसे पहिले भगवंत महावीर के प्रथम गणधर इन्द्रभूतिको सविनय याद किया है. बादमें महाकवि तथा आदिकवि वाल्मीकि ओर व्यास, प्रवरसेन, तरंगवतीके कर्ता पादलिप्त (जैन), जीवदेव (जैन), कालिदास, बाण, माघ, भारवि, समरादित्य कथाकार हरिभद्र (जैन), भवभूति, वाक्पतिराज, भद्रकीर्ति अपरनाम बप्पभट्टि (जैन), यायावर राजशेखर, महेन्द्रसूरि जैन-(धनपालके धर्मगुरु) रुद्र और कर्दमराज, इन सब कवियोका सादर स्मरण किया है, उसमें कवि कालिदास का स्मरण करते हुए कवि धनपालने कवि कालिदास को 'आसन्नवर्तिना' ऐसा विशेषण दिया है, इससे मालूम होता है कि कवि कालिदास धनपालका पूर्ववर्ती होनेपर भी आसन्नवर्ती था. धनपालके इस उल्लेखसे कालिदासके समय पर जरूर संशोधनीय दृष्टिकोगसे विचार करना आवश्यक है। आसन- वर्ती अर्थात् धनपालसे सो दोसौ वरस पहिले हो इतना सभवनीय है. ज्यादह पूर्ववर्तीको कोई 'आसन्नवर्ती' ऐसा विशेषण नहीं दे सकता. १५ कवि विरचित ग्रंथ १ पाइअलच्छी नाममाला २ श्रीरिषभपंचाशिका-बृहट्टिप्पनिका नामकी प्राचीन जैन ग्रंथसूची इसका नाम 'धनपालपंचाशिका' लिखा है तथा प्रभानंदसूरिने इस पर वृत्ति बनाई है ऐसा भी सूचन किया है. ३ श्री सत्यपुरीय महावीर उत्साह ४ महावीरस्तुति (विरोधाभास अलंकार सहित) महावीरस्तुतिका नाम बृहटिप्पनिकामें 'वीरस्तव' लिखा है तथा 'निम्मलगहे' पदसे स्तुतिका प्रारंभ बताया है और सूराचार्यने इस पर वृत्ति बनाई है ऐसा भी लिखा है. ५ तिलकमंजरी (इस ग्रंथके ऊपर कवि के परमस्नेही श्री वादिवेताल- शांतिसूरिने पंजिका बनाई है) धनपालकी रची हुई यह कथा चंपूरूप वर्णनप्रधान है, तथा शान्त्याचार्यने इस पर टिप्पन, लघु धनपालने तिलकमंजरी- सारोद्धार बनाया है ऐसा बृहट्टिप्पनिका में लिखा है. ६ शोभनमुनि कृत शोभनस्तुति के ऊपर वृत्ति । इतने ग्रंथ श्री धनपाल महाकवि के बनाए हुए विद्यमान हैं. में आचार्य हेमचंद्रने अपने अभिधानचिंतामणि' नामके कोश की स्वोपज्ञवृत्ति में “व्युत्पत्तिर्धनपालतः" ऐसा स्पष्ट निर्देश प्रारंभमें ही किया है. इससे ऐसा मालूम होता है कि धनपालने व्युत्पत्ति के संबंधों कोश जैसा कोई ग्रंथ बनाया हो. इस संबंधमें श्रीविक्रमविजयमुनि (श्रीमद्विजयलब्धिसूरि शिष्य) लिखते हैं कि " तेमणे १८०० श्लोकप्रमाण संस्कृतभाषानो कोष बनाव्यानो उल्लेख मळे छे' इत्यादि-(केसरबाई जैन ज्ञानमंदिर प्रकाशित पाइअलच्छी- नाममाला प्रस्तावना) अर्थात् 'धनपालका बनाया हुआ कोई संस्कृत कोश है' ऐसा कोई उल्लेख उक्त मुनिश्रीने सूचित तो किया है परंतु वह उल्लेख किसने किया है, किस ग्रंथ में किया हैं ? इत्यादि कुछ भी सूचित नहीं किया है. अतः श्रीहेमचंद्राचार्य के उक्त उल्लेख से केवल एक ऐसी कल्पना होती है कि श्रीधनपालने कोई कोश भी बनाया हो. धनपाल इस प्रकारका महातेजस्वी, निःस्पृह, जैनधर्मका परमश्रद्धालु तथा असाधारणकोटिका पंडित था, श्रावक था. धनपाल जैसी प्रतिभा वर्तमानकालके श्रावकों में भी प्रकट हो यही अंतिम प्रार्थना. बेचरदास दोशी

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महाकवि-धनपालविरचिता-
पाइअलच्छीनाममाला।
१-नमिऊण परमपुरिसं पुरिमुत्तमनामिसंभवं देवं ।
वुच्छं 'पाइअलच्छि' ति नाममालं निसामेह ॥१
२-कमलासणो सेयंभू पिामहो चउमुंहो य परॅमिट्ठी ।
थेरो विही विरिंचों पयावई कमलैंजोणी य ॥२
३-दक्खायणी भवाणी सेलमुआ पवई उमा गोरी ।
अन्जा दुग्गी काली सिवा य कच्चायणी चंडी ॥३
४-अक्को तरणी मित्तो मत्तंडो दिणमणी पयंगो य ।
अहिमयरो पचूहो दिअसेयरो असुमाली य ॥४
५-इंदू निसायरो ससँहरो विहूँ गहेंबई रयणिनाहो ।
मयलंछणो हिमयरो रोहिणिरमणो सेंसी चंदो" ॥५
६-धूमेद्धओ हुअवहो विहावम् पावओ सिंही वही।
अणलो जर्लंणो डहेणो हुआसणो हैववाहो य ॥६
७-मयरेद्धओ अणंगो रईणाहो वम्मैहो कुसुमबाणो ।
कंदप्पो पंचसरो मर्यंणो संकप्पेजोणी य ॥७
८-मयरेहरो सिंधुवैई सिंधू रयणायरो सलिलँरासी ।
पारावारो जलही तरंगमाली समुंदो य ॥८
१ मगल । २ जिस अर्थके सूचक जितने पर्याय शब्द हैं उसकी संख्याका
अंक प्रत्येक शब्दके साथ लगाया गया है। २ ब्रह्मा १० । ३ पार्वती १२ ।
४. सूर्य १०। ५ चन्द्र ११ । ६ अमि ११ । ७ कामदेव ९।
८ समुद्र ९॥

२
९-पीलू गेओ मर्यंगलो मायंगो सिंधुरो करेणू य ।
दोघंटो दंती वारणो कैरी कुंजरो हत्थी ॥९
१०-अंबुरुहं सयवत्तं सरोरुहं पुंडरीअं अरॅविंदं ।
राईवं तामरसं महुप्पलं पंकयं नैलिणं ॥१०
११-फुलंधुआ रसाऊ भिंगा भसला य महुअरा अलिणो ।
इंदिदिरा दुरेही धुअंगाया छप्पैया भमैरा ॥११
१२-रामा रैमणी सीमंतिणी वैहू वामलोणा विलया।
महिला जुवई अबला निअंबिणी" अंगणा नौरी ॥१२
१३-सच्छंदा उद्दामा निरगंगला मुकला विसंखेलया।
निरर्वग्गहा य सईरा निरंकुसी हुंति अप्पवंसा ॥१३
१४-रुइरं रोहं रॅम्म अहिरॊमं बंधुरं मणुजं च ।
लँट्ट कंत मुहेयं मणोरेम चोरु रमणिज ॥१४
१५-मसिण सणिों मैट मैदं असं जडं मराँलं च ।
खेल निहुअं सहर वीसत्यं मधेरै थि मिअं ॥१५
१६-संधुकिअं उद्दीविअं उज्जॉलिअं पलीवि जाण ।
संदुर्मिअं ऊसिक्किों उन्भुत्तियं च तेविअं ॥१६
२७-सयेराहं नैवरि य दुत्ति इत्ति सहसत्ति इकसरिअं च ।
अविहाँविरं इकए अतेकिअं तखंणं सहेसा ॥१७
१८-उप्पंको ओप्पीलो उक्केरो पहर्यरो गणो पयरो।
ओहो निर्वहो संघो संघाँओ संहरो निरो ॥१८
.
९ हाथी १२ । १० कमल १० । ११ भ्रमर ११ । १२ स्त्री १२ ।
१३ स्वच्छदी स्त्री ९। १४ सुदर १२ । १५ अलस १३ । १६ उद्दीपित ८ ।
१४ तत्क्षण.११! १८ समूह १७ ।

संदो हो निउरेबो भैरो निहओ समूह-नामाई ।
*इत्ताहे गाहद्धेहिं वण्णिमो वत्थुपज्जाए ॥१९
१९-लोअंग्गं परमपयं मुंत्ती सिद्धी सिंवं च निर्वाणं ।
२०-मुद्धोअणी दसैबलो सक्को सुगंओ जिणो बुद्धो ॥२०
२१-सउरी दसौरनाहो वईकुंठो महुँमहो उविंदो य ।
२२-मूली सिवो पिणाई थाणू गिरिसो भवो संभू ॥२१
२३-कुंचारी खंदो छऍहो विसाँहो गुंहो कुमारो य ।
२४-अमरी तियों वंदारया य विबुंहा सुरों देवा ॥२२
२५-अखंडलो मुरवई पुरंदैरो वासँवो सुणांसीरो ।
२६-रोमो सीरी मुसलाँउहो बैलो कामपालो य ॥२३
२७-पेओहिवो कयंतो कीणांसो अंतओ जमो कालो।
२८-वेसमेणो निहिन हो जक्खाँहिवई कुबेरों य ॥२४
२९-अणिलो गंधवेहो मारुओ समीरो पहंणो पर्वणो ।
३०-विणयंसुओ खयरीओ तखो पन्नयरिङ गरुंलो ॥२५
३१-उरेओ अंही भुंअंगो भुअंगमो पनओ फणी मुंअयो।
३२-हुंति दइच्चा दणुआ सुररिणो दाणवा असुरों ॥२६
३३-अब्भोई धूमजोणी बलाह्या जलहँरा य जीमूओं।
३४-खं अब्भं अंतरिक्वं वोम नेहं अंबरं गयेणं ॥२७
* साडे अठारह गाथा तक संपूर्ण गाथा द्वारा पर्याय शब्दोंका
सूचन किया गया है।
। अब आधी आधी गाथासे पर्याय शब्दोंको बताते
१९ मुक्ति ६। २० बुद्ध ६। २१ उपेन्द्र ५। २२ शिव ७॥
२३ स्कंद-कार्तिकेय ६। २४ देव ६ । २५ इन्द्र ५। २६ राम-बलराम ५ ।
२७ यम ६। २८ कुबेर ४ । २९ पवन ६ । ३० गरुड ५। ३१ अहि-
सर्प ७। ३२ दैत्य ५। ३३ जलधर-मेघ ५ । ३४ गगन ७ ।

३५-अंबु सलिल वणं वारि नी र उदयं दयं पयं तो यं । ३६-सरिओ (सरिया) तरंगिणी निणया नई आवयाँ सिंधू ॥२८ ३७-वसुही वसुंधरी वसुमई मही मेइणी धर्रा धरिणी । ३८-अब्भपिसोओ राहू गहकल्लोलो विर्डप्पो य ॥२९ ३९ ढयरों पुर्याइणो पिप्पयाँ परेयाँ पिसल्लयों भूख । -यर्णियर-जाउहोणा कव्वाँया कोणवाँ रक्खा ॥३० ४१-मंदाईणी सुरणई गंगा भाँगोरही य जण्हुर्मुआ। ४२-मेहो मई मणीसा विनाणं धी चिंई बुद्धी ॥३१ ४३-जईणो तवस्सिणो तावसा रिसी भिक्खुणो मुणी समणां । ४४-मंगलपोढय-मागेह-चारण-वेऑलिआ बंदी ॥३२ ४५-आँसो सत्ती वाहो हैंओ तुरंगी तुरंगमो तुरओ। ४६-संगोमो संजुअं आहवं रण संगैरं समरं ॥३३ ४७-रोलो रोवो वयलो हलबोलो कलयलो वर्मालो य । ४८-सेणो वरहिणी वाहिणी अणीअं चमू सिन्नै ॥३४ ४९-रोरो' अकिंचणी दुविहो दरिदो य दुग्गैओ निस्सी । ५०-सत्तू अरी अमित्तो रिऊँ अरॉई य पडिवक्खो ॥३५ ५१-कर्णओ सिलीमुंहो मग्गणो इस सायओ सरो विसिंहो । ५२-पको सही समस्या य पक्कलौं पञ्चला पोढा ॥३६ ३५ नीर-पानी ९ । ३६ नदी ६ । ३७ मही-पृथ्वी ७ । ३८ राहु ४ । ३९ पिशाच ६ । ४० राक्षस ५। ४१ गंगा ५ । ४२ बुद्धि ७ । ४३ मुनि ७ । ४४ चारण ५ । ४५ अश्व-घोडा ७ । ४६ समर-युद्ध ६ । ४७ कलकल- कोलाहल-घोंघाट ६ । ४८ सेना ६ । ४९ निःस्व-निर्धन ६। ५० शत्रु ६। ५१ शर-बाण ७ । ५२ समर्थ ६ ।

५३-कोयंडं गंडीवं धम्मं धणुहं सरॉसणं चांवं ।
५४-खग्गं असी किवाणं करवाल मंडलंग्गं च ॥३७
५५-सिण्हो नीहोरो धूमिआँ य महिओं य धूममहिसी य ।
५६-कल्लोलो उल्लोलो उम्मी वीई तरंगो य ॥३८
५७-नीलुप्पलं वियाणह कुवलयं इंदीवरं च कंदुटुं ।
५८-चंदुजयं तु कुमुंअं गद्दहयं केरैवं सप्फ ॥३९
५९-धयरहो कायंबा हंसाँ धवलसउणा मराला य ।
६०-सउला सहरी मीणा तिमी झसों अणिमिसा मच्छों ॥४०
६१-सउणो खगों सउता पत्तरहाँ अंडयाँ विहंगा य । .
६२-साणो भसणां इंदमहकाँमुआ मंडला कविला ॥४१
६३-पियमोहवी परहुओं कलयंठी कोइला वणसवाई ।
६४-मोरो सिंही बरहिणो सिंहडिणो नीलकंठा य ॥४२
६५-साहोमओ बलिमुहो पवंगमो वाणरो कई पर्वओ।
६६-पंचाणणो मयारी मयाहिवो केसरी सीहो ॥४३
६७-बलिंउटा रिहो बुक्कणाँ य ढंका य कार्यला काया ।
६८-इल्ली पुल्ली वग्धो सर्दूलो पुंडरीओ य ॥४४
६९-नंदी तंबो बहुलाँ गिट्टी गोला य रोहिणी सुरही।
७०-एणी हरिणी कमला मयी कुरंगी य सारंगी ॥४५
५३ धनुष ६ । ५४ खड्ग-तलवार ५ । ५५ नीहार-कुहरा ५ ।
५६ तरंग ५ । ५७ नीलोत्पल ४ । ५८ कुमुद ५ । ५९ हस ५। ६०
मछली ७ । ६१ पक्षी ६ । ६२ कुत्ता ५। ६३ कोयल ५।
६४ मोर
५। ६५ वानर-बंदर ६ । ६६ सिंह ५ । ६७ कौआ ६ । ६८ वाघ ५ ।
६९ गउ-गाय ७ ।
७. हरिणी ६ ।
.

७१-गोसो रयणिविरोमो गोसग्गो दिणमुहं च पच्चूंसो ।
७२-धम्मो तोवो डाहो उम्ही उण्हं निरों हो य ॥४६
७३-अंमू रेस्सो पाया करी मऊहा गहत्थिणो किरणा ।
७४-रयणी विहारी सव्वरो निसा जामिणी राई ॥४७
७५-आलोओ उज्जोओ दित्ती भासा पहा पयासो य ।
७६-संतमसं अंधयारं घेतं तिमिरं तमिस्सं च ॥४८
७७-भवणं घेरं आवासो निलयो वसँही निहेलणे अगारं ।
७८-रित्थें दविणें दव्वं सारो वित्तं वसुं अत्थो ॥४९
७९-सेलो अयलो अंदी सिलोच्चयो महिहरो धरो सिहरी।
८०-हेमं' कणयं चामीअरं पसिडि" च तवणिज्जं ॥५०
८१-वाणी वाया भणिई सरस्सई भारई गिरी भासाँ ।
८२-ओयंको ऑयल्लो वाँही तह ऑमयो रोओ ॥५१
८३-मैग्गो पंथो सरणी अद्धाणं वत्तिणी पहों पर्यवी ।
८४-उत्तंसो अवयंसो कनोली कन्र्नेऊरो य ॥५२
८५-दुरिअं कलुसं दुक्कयं अहं अहंम्मो य कर्मसं पाँवं ।
८६-मिच्छो मोहं विहलं अलिअं असेंचं असब्भूअं ॥५३
८७-सोही विडैवी वच्छो महीरुहो पॉयवो दुमो य तरूँ ।
८८-कुंचल-कुंपल-कोरय-छाय-कलिओउ मलं ति ॥५४
७१ प्रातःकाल ५ । ७२ ताप ६ । ७३ किरण ७ । ७४ रात्रि ६ ।
७५ प्रकाश ६ । ७६ अंधकार ५। ७७ घर ७ । ७८ वित्त-धन ७ । ७९
पर्वत ७ । ८० कनक-सुवर्ण-सोना ५ । ८१ भाषा ७ । ८२ रोग ५ ।
-रास्ता ७ ॥ ८४ कर्णपूर-कानफूल-कानमें पहननेका गहेना ४ ।
८५ पाप ७ । ८६ असत्य ६ । ८७ वृक्ष-पेड ७ । ८० फूलकी कलि ।
८३ मार्ग-र

८९-अवले'ओ अहंकारो मओ मरेट्टो मडप्फेरो देप्पो ।
९०-उप्पेहेडं उड्डामैरं उभंडं आडंबैरिलं च ॥५५
९१-अहिसोरिआ अडयणौ य पंहुँली छिर्छई य दुस्सीलों।
९२-जायो पत्ती दारों घरिणी भज्जों पुरंधी य ॥५६
९३-कबेरी कुंतलहोरो धम्मिल्लो केसहत्थओ मउँडो।
९४-चूलो सिही सिहंडो सिंहलिऔं छिडओ चर्डओ ॥५७
९५-दहेरो डिभी चुलो सिम सिलेबो य अभओ पोओ।
९६-चेडी दिल्लिंदिलिआ य दुद्धगंधिअमुही बालों ॥५८
९७-मुत्ती गत्तं बंदी संघर्यणं विग्गेहो तणू काँओ।
९८-दुइओ बिइजओ अणुअरो सहाँओ सहयरो य ॥५९
९९-चउरा निउणां कुसला छेाँ विउसा बुहाँ य पत्तट्टा ।
१००-मगुंआ नरी मणुस्साँ मच्चों तह माणवा पुरिसा ॥६०
१०१-वच्छीउत्तं जाणह य चंडिले हाँविरं च रत्तीअं ।
१०२-रमेणो केतो पणई पाणसमो पिययमो दईओ ॥६१
१०३-विच्छहो सामिद्धी रिद्रो विहवो सिरी य संपत्ती ।
१०४- अलो जुओ कुँआणो पुअंडेओ वोद्रेहो तरुणो ॥६२
१०५-विवर कुहरे रंधं कुच्छिल्लं अंतरं कुडिल्लं च ।
१०६-ओली माला रोई रिछोली आवेली पंती ॥६३
८९ अहंकार ६ । ९. आडंबरवाला ४ । ९१ व्यभिचारिणी स्त्री ५ ।
१.२ गृहिणी-स्त्री ६ । ९३ केशकलाप-गुन्थे हुए केश ५ । ९४ केशकी चोटी
६ । ९५ बालक ७ । ९६ बालिका ४ । ९७,शरीर ७ । ९८ सहायक-सहचर
५। ९९ चतुर ७ । १०० मनुष्य ६। १०१ नाई-हजाम ४ । १०२ पति-
प्रियतम ६ । १०३ श्री-वैभव ६ । १०४ युवान ६ । १०५ छिद्र ६ । १०६
श्रेणि-पक्ति-हार-लाइन ६

८
१०७-मइरेअं महुवारो सीहूँ सरओ मॅहुं अवकरसो ।
१०८-कोयंबरी पसैन्ना हालाँ तह वारुणी मइरी ॥६४
१०९-घोरा दारुण-भासुर-भईरव-लल्लक-भीम-भीसणया।
११०-दुसिक्खिअ-दुचंडिअ-दुल्ललिऔं दुविअड्ढा य ॥६५
१११-चौउल्लो जबुल्लो मुंहुलो बहुजंपिरो य वायोलो।
११२-वुत्तंतो य उअंतो वैत्ता य उत्ति-नामाई ॥६६
११३-कालो वेला समओ पत्याओ अंतरं अवसरो य ।
११४-इहेइं संपेइ ईण्हि इत्ताहे संयं दाणि ॥६७
११५-चिंधोई वेजयंतीओ पडाया सेउँणो धयाँ हुईमा ।
११६-कुप्पासो कंचुअयो गि(ल्लो वार्रवाणो य ॥६८
११७-जाण सिंचयं कडिल्लं निसणं साहुँली य परिहणेयं ।
११८-चेलें वास वसणं च अंसुअं अंबरं वत्थं ॥६९
११९-हेलो ललिअं लीला बिब्बोओ विभेमो विलासो य ।
१२०-ईहो इच्छा वंछाँ सैद्धा कोमो य आसंसी ॥७०
१२१-बाला मूंढा मंदा अयाणया बालिसी जी मुक्खा ।
१२२-पामेर-गहवई-सेऑल-का या दोणयों हलिआ॥७१
१२३-पोरेच्छो पिमुणो मच्छरी खेलो मुहुमुंहो य उौलो ।
१०७ मधु-सरका-विशेष प्रकारका मद्य ६ । १०८ मदिरा-दारु ५ ।
१०९ घोर-भयंकर ७ । ११. दुर्विदग्ध-स्वाच्छदी ४ । १११ वाचाल ५ ।
११४ संप्रति हाल-वर्तमान
में-अमी ६ । ११५ धजा ६ । ११६ चोली-कांचली-जनानी कुरती ४ ।
११७ कटीवस्त्र-कमर पर पहननेका वस्त्र-घाघरा ५ । ११८ वस्त्र ६ । ११९
विलास ६ ।
१२० वांछा ६ । १२१ मूर्ख ७ । १२२ गृहपति-खेती
करनेवाला ६ । १२३ खल-दुर्जन-चुगलीखोर ६ ।
११२ समाचार ४ ।
११३ वखत-समय ६ ।

१२४-कलमो कुसुमालो तकरो य पाडञ्चरो थेगो ॥७२
१२५-निद्धंधेसा निसंसो निच्छुड्डा निकिवा अकरुणा य ।
१२६-रुंदा पीणा थूला य मंसला पीवरा थोरी ॥७३
१२७--सरिसो सैमो सरिच्छो संकासो सच्छहो समीणो य ।
१२८-कढिणा य ककैसा नि?रा खरा खप्पुरा फरुसी ॥७४
१९-उत्ताणा उत्तणुआ थिन्ना थड्ढा य गआि दरिऔ ।
१३०-लोला लालस-लोलुअ-उल्लेहँड-लंपडा लुद्धा ।।७५
१३१-सैन्नं किन्नं सुठिों उवायं नीसह किलंतं च ।
१३२-आईग्गं उव्विग्गं उच्चे यं वुन्नं उत्तत्थं ॥७६
१३३- घडिअं विणिम्मिअं विद्दिों आहिअं विरईअं कयं जणिों ।
१३४-वत्थं कलि असिअं विलंपिनं वंफिअं खईअं ॥७७
१३५ -सचेविअ-दि8-पुलईअ-निन्छिआई निहालिअ-ऽत्थम्मि ।
१३६-पच्चोलिअं आउंबॉलिअं च सलिलुच्छेयं जाण ॥७८
१३७-रोमंचिों आरेईअं असलिअं पुलईकं च कंटइंअं ।
१३८-पामुक विच्छेड्डिअं अब है त्थिों उज्रिं चत्तं ॥७९
१३९-निर्दुइअं खिरिझं छिप्पिं च नी संदिअं च पज्झरि ।
१४०-वेअडिअं पज्झुत्तं खचिों विच्छेरिअयं जडिझं ॥८०
१२४ चोर ५ ।
१२५ क्रूर ५ । १२६ स्थूल-मोटा ६ । १२७
समान ६ । १२८ निष्ठुर ६ । १२९ गर्विष्ठ ६ । १३० लंपट ६ । १३१
थका हुआ ६ । १३२ उद्विग्न ५ । १३३ किया हुआ ७ । १३४ खाया
हुआ ६ । १३५ देखा हुआ ५ । १३६ ग्लावित-डुबाया हुआ अथवा पानी
वगेरे प्रवाही पदार्थ से व्याप्त ३ । १३७ रोमांचयुक्त ५। १३८ छोड दिया
हुआ ५ । १३९ टपका हुआ ५ । १४० जडित ५ ।
२

१४१-चोलीणं वुकंतं अइच्छिंअं वोलिअं अइकतं ।
१४२-पडिहत्थं उद्धुमायं अहिरेमइअं च अण्णं ।।८१
१४३-हक्खुत्तं उच्छृढं उक्खित्त-उप्पाडिआई उद्धरियं ।
१४४-कोवासि विअसिझं विणि उम्मिल्लं उप्फुल्लं ।।८२
१४५-वजरिअ-सिद्ध-सूईअ-उप्फॉलिअ-पिसुणि आई साहिअयं ।
१४६-पव्वायं वमुआयं मुसियं वायं मिलाण-उत्थे ॥८३
१४७-विच्छूढं उच्छित्तं पणुल्लिों पिल्लिअं गलत्थिअयं ।
१४८-पेढोल-निअक्कल-चट्ठलाई परिमंडल-ऽस्थम्मि १८४
१४९-टिविडि'किअ-चिश्चिल्लिअ-चिंचइअ-पसाहिआई मंडिअयं ।
१५०-आलंखिंअं आलिद्धं छिक्क छित्तं परामुसि ।।८५
१५१-सामग्गिअं अवोसिअं आलि गिअयं उऊठं ओसत्तं ।
१५२- अग्घेइ छज्जैइ रेहई विरॉयए सोहए सहई ।।८६
१५३-सई अविरैयं अविरामं अणुवेलं संतयं सर्या निच्च ।
१५४-छोयं छउँअं लयणं तणुअंतलिणं किस खामं ॥८७
१५५-लेलिअं वैग्गुं मैजु मंजुलयं पेसलं कलं महुँ ।
१५६-कोमलय मुहैफंसं सोमॉलं पेलेवं म य ॥८८
१५७-वियर्ड विउँलं पिहुँलं विन्निं वित्थंय उरे विसॉलं ।
Home
१४१ बीता हुआ ५। १४२ पूर्ण ४ । १४३ उत्क्षिप्त-ऊंचा किया
हुआ ५ । १४४ विकसित ५ । १४५ सूचित-कथित ६ । १४६ म्लान ५।
१४७ विक्षिप्त-बहार निकाल दिया हुआ ५ । १४८ वर्तुल ४ ।
मंडित-शोभित ५ । १५० छुआ हुआ-आश्लिष्ट ५ । १५१ आलिगित ५ ।
१५२ वह शोभता है ६ । १५३ नित्य ७ । १५४ कृश ७ । १५५ मधुर
७ । १५६ कोमल ५ । १५७ विशाल ७ ।

१५८-खरिअं उचिवलयं पटुहि जाण कलुसजलं ॥८९ १५९-गोद बोटं बलियं धणियं देढं अइसएण अच्चत्थं । १६०-सइदंसणं सईमुहं चिंतादिम्मि सइँलभं ॥९० १६१-अब्भासं अब्भण्णं आँसन्नं सविहं अंतिनिअहं । १६२-कलिंअं विइंअं विण्णायं अहिंगैयं बुझिंअं मुणिअं ॥९१ १६३-सामेलं असिंअं सौम कॉलं कसिणं सिएअरं कण्हं । १६४-सेअं सिरं वलँक्खं अवॉयं पंड्डे धर्वलं च ॥९२ १६५-कक्लिं कविसं पिंग पिसंगैयं पिंगयं कारं च । १६६-अरणं सोणें रत्तं पाईंलं आयंबिरं तं बं ॥९३ १६७-फसलं सबैलं सारं किम्मी र चित्तलं च बोगिल्लं । * इत्तो नामग्गामं गाहोचलणेसु चिंतेमि ॥९४ १६८-अमरोवई सुरपुरी । १६९-तिविट्ठयं तह सुरीलओ नाओ। १७०-अलया कुबेरैनयरी। १७१-तित्थाहिवई जिणो अरैहा ॥९५ १७२- कमला सिरी य लँच्छी। १७३-हेरंबो गय हो गणाहिवई । १७४-रिक्खं उडै नक्वत्तं । १७५-पुन्नयणा गुज्झया जक्खा ॥९६ १७६-नंदणं अमरजाणं । १८७-कणयंगिरी सुरैगिरी सुमेरू य । १५८ क्षुब्ध-डोला हुआ पानी-कचरा वाला पानी ४ । अत्यधिक ७ । १६० चिन्तनदृष्ट-विचार पूर्वक देखा हुआ ४ । नजीक ६ । १६२ विदित ६ । १६३ श्याम ७ । १६४ श्वेत ६ । १६५ भूरा ६ । १६६ रक्त-लाल ६ । १६७ चितकबरा ६ । *अब इधर से गाथा के एक एक चरण द्वारा वस्तु के पर्याय रूप नाम के समूह को बताता हूँ। १६८ अमरावती २ । १६९ स्वर्ग ३ । १७१ जिन ३ । १७२ लक्ष्मी ३ । १७३ गणेश ३ । १७५ यक्ष ३ । १७६ नंदनवन २ । १७७ मेरु ३ । १५९ गाढ- १६१ १७० अलका २ । १७४ नक्षत्र ३ ।

१२ १७८-फलिहेगिरी कइलासो। १७९-बिहेस्सई सुरगुरू घिसणो ॥९७ १८०-वासर्वसुओ जयंतो । १८१-पुलोमतेणया सैई य इंदाणी । १८२-अईरावणो सुरंगओ। १८३-विज्जू सोमणी य तेंडी ॥९८ १८४-असणी वजं कुलिसं । १८५--सुराउहं तिअसचावं इंदधणुं । १८६-अंगारंओ य भोमो। १८७-उसणो सुको दइचगुरू ॥९९ १८८- अणं जयं च लोओ। १८९नरनाहो पत्थिवो निवो राया। १९०-मित्तो सही वयंसो। १९१-मंती सईवो अमच्चो य ॥१०० १९२-अंतेवासी सीसो। १९३-छलिओ छप्पण्णओ छइँल्लो य । १९४-- अड्ढा ईभा घेणिणो। १९५ बंधू सयणो सणाही य।। १०१ १९६-विप्पी दिओ दिआई य । १९७-अंगया नंदैणा सुआ तणया। १९८-अहिआयो कुलजायो। १९९-अणुजीनी सेवेओ भिंचो।। १०२ २००-नीसोमन्ना गैरुआ। २०१- अहेमा ईयरा य पायया नीा । २०२-रहयौरा वडूढईणो । २०३-चच्छीचा वच्छवाला य ॥ १०३ २०४-सोसाइं छत्तधेन्नाई। २०५-गोमणी भोईओ य गामवई । २०६-कुंभारो य कुलोलो । २८७-गोवाला वल्लेवा गोवा ।। १०४ १७८ कैलास २। १७९ बृहस्पति ३ । १८० जयंत-इंद्रपुत्र २ । १८१ इंद्राणी ३ । १८२ ऐरावत-इद्रका हाथी २ । १८३ बिजली ३ । १८४ वज़ ३ । १८५ इंद्रधनुष ३ । १८६ मंगल ग्रह २। १८७ शुक्र ३ । १८८ जगत ३ । १८९ नृप ४ । १९० मित्र ३ । १९१ मंत्री ३। १९२ शिष्य २ । १९३ रसिक पुरुष-छेल ३। १९४ धनवान ३ । १९५ बंधु-स्वजन ३ । १९६ विप्र-ब्राह्मण ३ । १९७ पुत्री ४ । १९८ कुलीन २। १९९ मृत्य-चाकर ३ । २०० गुरु-माननीय-बडे लोग २। २०१ साधारण लोक-प्राकृत ४ । २०२ वर्धकि-बढई-सुथार २ । २०३ बाछडों के रक्षक २ । २०४ धान्य-फसल २ । २०५ ग्रामणी-गांव का नेता-मुखिआ ३ । २०६ कुंभार २ । २०७ गोवाल- ग्वाला ३ ।

१३ २०८-ओवणिआ वाणिअया । २०९-मायंगा तह जणंगमा पाणा । २१०-पाउग्गिओ य सैहिओ। २११--केवेट्टो धीवैरो दाँसो ॥१०५ २१२-बंदीओ करैमरिओ । २१३-पुप्फञ्चिणिओओ पुप्फलाईओ । २१४-थंभो थेवो बिदें । २१५-खेच्यो हेस्सो य वामणओ ॥१०६ २१६-रोअणिमा लामाओ य । २१७-मूओ मूअल्लिओ य तुण्हिक्को । २१८-वयपरिणामो य जरी। २१९-'थेरी जरई गयेवया य ॥१०७ २२०-सोवणयं इमंदिरं । २२१-ओली तह मोउआ सही अत्ता । २२२- परेयत्तो पैरछंदो। २२३-विक्खोओ विस्सुओ पर्यडो ॥१०८ २२४-नक्खो नहीं कररहा । २२५-केसों चिहुरी सिरोरुहा वॉला। २२६-चलणो कमा य पाया। २२७-पयोहेरा तह थणों सिहिणा ।।१०९ २२८-पाणी हत्था य करा। २२९-केत्ती चम्म अणं छवी खल्ला । २३०- दसणा रयणों दंता । २३१-सिरोहेरा कंधरा गोवा ॥११० २३२-वयेणं मुहं च आणणं ।२३३-अच्छी नयेणं च लोअणं नितं । २३४-नासो घोणं घोणा । २३५-सीसं सिरं उत्तमंगं च ॥१११ २३६--भालं अलिअं निडाल । २३७-म खड्डे च मासुरी कुचं । २०८ बनिया २ । २०९ चांडाल ३ । २१० जुआ खेलने वाला २ । २११ घीवर-ढीमर-मच्छीमार ३ । २१२ बांदी-बलात्कार से आनी हुई स्त्री २ । २१३ फुलों को चुनने वाली मालन २ । २१४ बिंदु ३ । २१५ बौना- वामन ३ । २१६ डाईन २ । २१७ मूक-नहीं बोल सकने वाला-गूगा ३ । २१८ बूढापा २ । २१९ बूढिया ३ । २२० रतिमंदिर-शयनगृह २ । २२१ सखी ४ । २२२ पराधीन २ । २२३ विख्यात ३ । २२४ नख ३ । २२५ केश ४ । २२६ पग-पैर ३ । २२७ स्तन ३ । २२८ हाथ ३ । २२९ चमडा-खाल ५ । २३० दांत ३ । २३१ गर्दन ३ । २३२ मुख-मुह ३ । २३३ नेत्र-आख ४ । २३४ नाक ३ । २३५ माथा-सिर ३ । २३६ ललाट ३ । २३७ .दाढी-मूंछ ४ ।

२३८-उअरं जरं तुंदं । २३९-बफ बोहो य नयणजेलं ॥११२
२४०-इंदियं अक्वं करणं । २४१-छाया कती छवी लायणं ।
२४२-पिसि मुल्लं मंसं । २४३-कीलोलं सोणिों रुहिरं ॥११३
२४४-खुखुणओ नक्कैसिरा । २४५-वच्चं बिट्टा पुरीसं उच्चारो।
२४६-लंछणं अंको चिंधं । २४७-धम्मजलं समजलं सेओ ।।११४
२४८-रेमणं तियं निअंबो। २४९-कच्छा कची य मेहला रसणा।
२५०-मुत्तावली य होरो। २५१-मउली मैउडो किरीडो य ॥११५
२५२-नीरंगी अंगुट्टी। २५३-ओहरणं भूसणं अलंकारो।
२५४-विनोसो विच्छित्ती। २५५-कनायसो य तलवैत्तं ॥११६
२५६-तलिमं तप्पं सयणं च । २५७-अंगेराओ विलेवेणं चञ्चा।
२५८-बोउल्लो पुत्तलिऔं । २५९-विवणी तह औवणो हटो ॥११७
२६०-छत्ताई आवत्ताई । २६१-हंसय नेउरं च मंजीरं ।
२६२-भद्दासेणाई सीहासैणाई । २६३-उवहोणं ऊसी सं ॥११८
२६४-वायर्यायणो गक्खो । २६५ - अदाओ दप्पणो य आयरिसो।
२३८ उदर-पेट ३ । २३९ आंसु ३ । २४० इंद्रिय ३ । २४१
कांति-लावण्य ४ । २४२ मांस ३ । २४३ रुधिर-खून ३ । २४४ नाक का
छेद-नसकोरा २। २४५ विष्टा ४ । २४६ चिह्न ३ । २४७ पसीना ३ ।
२४८ नितंब-कामक्रीडा का साधन-रमण ३ । २४९ कमर पर पहिनने
का गहेना-मेखला ४ । २५० गले में पहिनने का हार २ । २५१ मुकुट ३ ।
२५२ बुरखा-धूंघट २ । २५३ गहेना ३ । २५४ विन्यास २ । २५५ कान
का गहेना-कर्णावतस २ । २५६ शयन ३ । २५७ विलेपन ३ । २५८ पुतली
२। २५९ हाट ३ । २६० छत्र २ । २६१ नुपूर-झांझर ३ । २६२ सिंहा-
सन २ । २६३ सोते समय सिर के नीचे रखने का-सिरहाना-ओसीका २ ।
२६४ जिससे हवा आती हो वैसी खिडकी-गवाक्ष २। २६५ आरिसा-सीसा-
कांच ३।
-

२६६-वेरेलिओ वेढुज्जो । २६७-कलेहोअं रुपयं रययं ॥११९ २६८-सो'वीरं आरनालं । २६९- ने'हो पिम्मं रसो य अणुराओ । २७०-पीढं विट्ठरं आँसणं । २७१-अहिरोहेणिआ य निस्सेणी ।।१२० २७२-सी रं हैलं च नंगलं । २७३-औउहं अत्थं च पहरणं होइ । २७४-मोढी कवयं उरत्थयं। २७५-असिमुठ्ठी पालिऔं य छ6॥१२१ २७६-चकोई रहंगाई । २७७-सित्थं जीवों गुणो पहुंचों य । २७८-तलिम पैटुं च तैलं । २७९-विवंचिआ वल्लई वीणा ॥१२२ २८०-छी पैयं च दुद्धं । २८१-सि सिरं दहि चिरैड्ढिहिल्लं च । २८२-अज्जं सप्पि च घयं । २८३-अमेयं च मुहाँ य पीऊँसं ॥१२३ २८४-पारोवओ कवोओ। २८५-चंडो घरघंटेओ य कलविको। २८६-चिल्लो घोरी सउँणी । २८७-भिंगोरी झिल्लिओं चीरी ॥१२४ २८८-चक्कोयओ रहंगो । २८९-कयौओ कुकुडो य तंबसिहो । २९०-वरलाओ हंसीओ । २९१-कण ल्लो पूंसओ की रो ॥१२५ २९२-गहरो वैओ अ गिद्धो । २९३-सारंगो चायओ य बप्पी हो। २९४-पिच्छाई पेहुणाई । २९५--नी डे निड्डे कुलायं च ॥१२६ २६६ वैडूर्य मणि २ । २६७ रूपा-चांदी ३ । २६८ काजी-साबुदाना २ । २६९ स्नेह ४ । २७० आसन ३ । २७१ निसरणी-निसनी २ । २७२ हल ३ । २७३ अस्त्र ३ । २७४ कवच-बख्तर ३ । २७५ तरवार की मूठ ३ । २७६ पैया-च -चक्र २ । २७७ धनुष की दोरी ४ । २७८ तलि- फरस बंदी जमीन ३ । २७९ वीणा ३ । २८० दूध ३ । २८१ दही ३ । २८२ घी ३ । २८३ अमृत ३ । २८४ कबूतर २ । २८५ चटक-चकला- गौरेया पक्षी ३ । २८६ । समडो-चील ३ । २८७ एक प्रकारका कीडा ३ । २८८ चक्रवाक २ । २८९ कूकडा ३ । २९० हंसी २ । २९१ तोता ३ । २९२ गीध ३ । २९३ चातक ३ । २९४ मोर के पीछ २ । २९५ घोंसला ३ ।

१६ १ २९६-कोलो किंडी वराहो । २९७-भुल्लंकी य भसुआ महाँसदा । २९८-फलहो बालो हत्थी । २९९-करेणुओं गयबहू करिणी ॥१२७ ३००-करिमंयरो जलहत्थी । ३०१-कडुयोला कुंबरी य लहुमैच्छा। ३०२-रिच्छो य अच्छहल्लो । ३०३-लंगूलं वॉलही छिप्पं ॥१२८ ३०४-तोलूरो आंवत्तो। ३०५-कुलीर-कुरु विल्लया य कक्कडयाँ । ३०६-उग्गालो छिछोली । ३०७-जंबोलो खंजेणो पंको ॥१२९ ३०८-अयडो अँडो य कूबो । ३०९-मेअलकन्ना य नम्मयों रेवाँ । ३१०-पल्ललं अखायतल्लं । ३११-पुरैवरिणी दीहिओ सरसी ।।१३० ३१२-रो'हो वैप्पो य तडो । ३१३- सालूरो ददुरी या मंडुक्काँ । ३१४-अरहट्टो घेडिजंतं । ३१५-केओरो वप्पिणं वप्पो ॥१३१ ३१६-नारुट्टो कूसारो। ३१७-ओहोरा कमैढ -कन्छहा कुम्माँ । ३१८-गोवरी य गोला । ३१९-डि'डीरो पुप्फओ फेणो ।।१३२ ३२०-उवेलो गांवो य सिलौं । ३२१-तूहं तित्थं नईए उत्तारो । ३२२-तण्हो तिसा पिवासों। ३२३-गुहिर अगाहं च गंभीरं ॥१३३ ३२४-विरयों तणुसरिआओ । ३२५-सेवालो सेवलं च जंबालो । २९६ वराह ३ । २९७ सियार मादा ३। २९८ हाथी का बच्चा २ । २९९ हथनी ३। ३०० जलहाथी २ । ३०१ छोटी मछली ३ । ३०२ रीछ २ । ३०३ पूछ ३ । ३०४ आवर्त-पानी का गोल गोल घूमना २ । ३०५ केंकडा - करचला ३ । ३०६ पानी का लघु - छोटा - प्रवाह २ । ३०७ पंक - कीचड ३। ३०८ कुआ ३ । ३०९ नर्मदा ३ । ३१० छोटा तलाब २। ३११ दीर्घिका ३। ३१२ किनारा ३। ३१३ मेंडक ३ । ३१४ कुंएसे पानी नीकालने का रहट २ । ३१५ क्यारा ३ । ३१६ खड्डा जसा स्थान २। ३१७ कछुआ ४ । ३१८ गोदावरी २। ३१९ फीण-झाग ३ । ३२० शिला - पत्थर ३ । ३२१ नदी का घाट २ । ३२२ तृषा - प्यास ३ । ३२३ गंभीर-ऊंडा ३ । ३२४ वेरा - छोटी नदी २। ३२५ सेवाल ३ ।

३२६-दोणीयो कुट्टिवा । ३२७-कोटुंभो जलकरप्फालो ॥१३४ ३२८-जालो अञ्चीओ सिहोउ । ३२९-अद्धरा सत्ततंतुणो जन्ना । ३३०-पाया कडया साँणू । ३३१-कतारं काणणं रनं ॥१३५ ३३२-सिंगं सिहरं कूडं । ३३३-साला साहा य साहुली डाला। ३३४-कणेई लयणी य लया। ३३५-कुसुमं पसैवं पसुंअं च ॥१३६ ३३६-कुसुमरेओ मयैरंदो। ३३७-रेणू पर रओ पराओ य । ३३८-कोसी सैमी य सिंबा । ३३९-दैलं पलोसं छैयं पत्तं ॥१३७ ३४०-छेल्ली तया चुडुप्पं । ३४१-किसलयाई पल्लवा पाला य । ३४२-तिगिच्छी कमलेरओ। ३४३-लओ उज्जोणं आँरामो॥१३८ ३४४-जल हैरणं आलवालं । ३४५-तोमैरिगुंडी य मंजैरीगुंडी। ३४६-वेल्लीउ वेल्लरीओ। ३४७-थवेया गुच्छा गुलैच्छा य ॥१३९ ३४८-पत्तसमिद्धं पत्तलं । ३४९-आमेला चुन्भेला य सेहरया। ३५०-मल्लं मौला दाँ। ३५१- सद्दौलं सिंजिरं कणिरं ॥१४० ३५२-उम्मालो निम्मेल्लं । ३५३-गुविले कलिलें च वल्लंरं गणं । ३२६ द्रोणी-जहाज २ । ३२७ तैरते समय पानी पर हाथका आघात करना २ । ३२८ ज्वाला ३ । ३२९ यज्ञ ३ । ३३० सानु - भाग ३ । ३३१ अरण्य ३ । ३३२ शिखर ३ । ३३३ डाली-शाखा ४ । ३३४ लता ३ । ३३५ फूल-कुसुम ३ । ३३६ मकरंद २ । ३३७ पराग- रज ४ । ३३८ सेम-शिंग-बालोल बगेरे की शिंग-फली ३ । ३३९ पत्ता ४ । ३४० छाल ३ । ३४१ नया अकुर-किसलय ३ । ३४२ कमल की रज ३४३ उद्यान-बगीचा ३ । ३४४ पानी ले जानेकी नीक-क्यारा- आलवाल २ । ३४५ मजरीगुंडी-विशेष प्रकारकी लता २ । ३४६ वल्ली २ । ३४७ गुच्छा ३ । ३४८ बहुत पतला-तीक्ष्ण २ । ३४९ शेखरक-छोगा-चोगा ३। ३५९ माला ३ । ३५१ नुपूर ३ । ३५२ निर्माल्य २ । ३५३ गुपिल- गहन ४ । पर्वतका मूल .

३५४-दांवो देवो वणग्गी। ३५५-खंधग्गी खोडपंजाली ॥१४१ ३५६-वेल्लरं अरन्नछित्तं । ३५७-गुहं तह गोउलं वओ घोसो। ३५८-छिप्पीरं च पलोलं। ३५९-छेलं अवएसो निहं च मिस ॥१४२ ३६०-थूणा दिअली वेली । ३६१-टंकछिण्णं झसं च छिण्णयडं । ३६२-पंकं पिके परिणयं । ३६३-इक्खू उन्छु य उच्छवणं ॥१४३ ३६४-वंसो वेणू वेलू य । ३६५-वजुलो वेडेसो य वाणीरो । ३६६-तह जासुंअणो य जवा । ३६७-फलिणी पियमा पियंगू य॥१४४ ३६८-सिंदोलें खजूरं । ३६९-अंबो मायंद चूअ-सहयारा। ३७०-तरवट्टो पामाडो। ३७१-अंबिलिओ चिचिणी चिंचा ॥१४५ ३७२-कोहेलिआ कोहंडी। ३७३-बरेओ सामुंडेओ भमासो य । ३७४-हयमारो कणवीरो। ३७५ - सुलेसा तह मंजुआ तुलसी ॥१४६ ३७६-मयणाही कत्थूरी। ३७७-मलयेरुहं चंदेणं च इक्कंग । ३७८-घणेसारो कैप्पूरो। ३७९-ओमोओ परिमैलो गंधो ॥१४७ ३८०-बिबेवयं भल्लायं। ३८१-पोआईआ य वयली मयाली य । ३८२-कंटेल्लं ककोडं। ३८३-मौलूरं सिरिहैलं बिल्लं बिल्लं ॥१४८ ३५४ दावानल-वन की अग्नि २ । ३५५ मोटी लकडी की अग्नि २ । ३५६ अरण्यक्षेत्र २ । ३५७ गोकुल-गोष्ठ ४ । ३५८ घासफूस-पराल २ । ३५९ मिष-बहाना ४ । ३६० स्थूणा-बूंटी २ । ३६१ टंक से छिन ३ । ३६२ पका हुआ ३ । ३६३ इक्षु-सेलडी-ईख ३ । ३६४ वंश-बांस ३ । ३६५ बेंत-नेतर ३ । ३६६ जपा-जासुद २ । ३६७ प्रियंगु वृक्ष ३ । ३६८ खजूर २ ।। ३६९ आम ४ । ३७० एक प्रकार का पेड २ । ३७१ आंबली-इमली ३ । ३.७२ कोहले की वेल २ । ३७३ बरू-एक प्रकार की घास ३ । ३७४ कणेर २ । ३७५ तुलसी ३ । ३७६ कस्तूरी २ ३७७ , चंदन ३ । ३७८. कपूर २ । ३७९, सुगंध ३ । ३८० भिलामा २ ३८१ निद्रा लाने वाली लता ३ । ३८२ कंकोडा २ । ३८३ बीला-बिल्व ३ ।

३८४-अमिलोणो कोरंटो। ३८५-नलेयं लामजयं उसीरं च ।
३८६-पुन्नाओ सुरेवन्नी। ३८७-भिसिणी नलिणी कमलिणी या॥१४९
३८८-सुरेगोवो इंदोवो। ३८९-कोलिअयो उन्ननोह-मक्कडया।
३९०-मज्जोरीओ बिरौलीओ। ३९१-रांसहो गद्दहो य खैरो॥१५०
३९२-भोओ फडा फण-ऽत्थे। ३९३-कुंदुल्लुआ-कोसिओ उलूआ य ।
३९४-रोमंथो उग्गोलो। ३९५-उरवा वसहा य वच्छीणा ॥१५१
३९६-जंतू सत्ता पूँआ य । ३९७-कोल्हुआ जंबुआ य गोमाँऊ ।
३९८-उडवो तावसैगेहं । ३९९-गामहेणं खेडेयं पदं ॥१५२
४००-दुद्दोली दुवाली य । ४०१-फुफेमा कोउआ करीसग्गी।
४०२-पत्यारी सत्थरओ। ४०३-लेढुको लेडेओ लेई ॥१५३
४०४-
-वारिजयं विवाहो । ४०५-तग्गयमण-तप्पैरा य तल्लिच्छा।
४०६-तुप्पाई कोउआई। ४०७-पईवे-पञ्चत्थिणो
वामा ॥१५४
४०८-दलिअं दारुं कहूँ। ४०९-पत्थयणं संबलं च पाहिजं ।
४१०-भोवो वत्थु पयत्थो । ४११-खुजं कुडिया कुडिल्लं च ॥१५५
३८४ कोरंट वृक्ष २ । ३८५ मृणाल-कमल के तंतु ३ । ३८६ पुंनाग
२ । ३८७ कमलिनी ३ । ३८८ इंद्र गोप नामका कीडा २ । ३८९ मकडी
३ । ३९० बिल्ली २ । ३९१ गर्दभ-गधा ३ । ३९२ सापकी फणा ३ ।
३९३ उल्लू ३ । ३९४ जुगाली करना २ । ३९५ बैल-वृषभ ३ । ३९६
जतु ३ । ३९७ सियार ३ । ३९८ तापस की झोंपडी २ । ३९९ खेडा-गाव
२ । ४०० वृक्षघटा-वृक्ष की श्रेणी अथवा हरी हरी दूब २ । ४०१ कडे
की आग ३ । ४०२ बिछौना २ । ४०३ ढेला ३ । ४०४ विवाह २ ।
४०५ तत्पर ३ । ४०६ कौतुक २ । ४०७ वाम-विरोधी ३ । ४०८ काष्ठ
३ । ४०९ मुसाफरी में साथ लिया हुआ खाने का भोजन-पाथेय-भाता ३ ।
४१० पदार्थ-वस्तु ३ । ४११ कुब्ज-कूबडा ३ ।

२० ४१२-इंदमहो कोमोरो। ४१३-कोअ कुड्डाई कोउहल्लम्मि । ४१४-सुरेही महूँ वसंतो। ४१५-वासारत्तो य घणसमओ ॥१५६ ४१६-माया कबडं कईअवं।४१७-अहा दिणा वाँसरा दिऔं दिअही। ४१८-तुहिणं हिम तुसार। ४१९-घणनिवेहो कालिऔं महिओं ॥१५७ ४२०-कुर्णवं सैवं च मयं । ४२१-पेअधणं पिउँवणं मसाणं च । ४२२-इंगोलो अंगारो। ४२३-खोयं तह खोइआ परिहा ॥१५८ ४२४-ओवौइअं नवसि । ४२५-विग्धा पच्चूहं अंतर्राया य । ४२६-वेयेल्लं असांमत्थं । ४२७-मुंहं आणंदो सुहेल्ली य ॥१५९ ४२८-उग्धाओ औरंभो। ४२९-संखेवी संगहो समाँसो य । ४३०-निञ्च निअयं साँसयं । ४३१-अव्वोहारो अणोलवओ ॥१६० ४३२-वावडया अखणिआ। ४३३-सन्ना गुंत्तं च नाम अहिहाणं। ४३४-अत्ती विअणा पीडा। ४३५-संरंभो अमरिसी मन्नू ॥१६१ ४३६-मुल्लोई वेअणाई। ४३७-पञ्चग्गं अहिणैवं च सक्किं । ४३८-ओवायो पमुहं उरो। ४३९-हेला य अणायरो रीही ॥१६२ ४१२ इंद्रमह-कुमारी में पैदा हुआ २ । ४१३ कुतूहल ३ । वसंत ऋतु ३ । ४१५ वर्षा ऋतु २ । ४१६ कपट ३ । ४१७ दिवस ५ । ४१८ हिम ३ । ४१९ मेघघटा-मेघका समूह ३ । ४२० मुडदा-मृतक ३ । ४२१ श्मशान-मसाण ३। ४२२ अंगारा २। ४२३ खाई ३ । ४२४ उपयाचित-मनौती २ । ४२५ विघ्न ३ । ४२६ असामर्थ्य २ । ४२७ आनंद ३। ४२८ आरंभ-शरूआत २ । ४२९ संक्षेप ३ । ४३० नित्य ३ । ४३१ अव्याहार-बोलना नहीं २ । ४३२ अक्षणिका-स्त्री पुरुष की विपरीत रतिक्रीडा २ । ४३३ नाम ४ । ४३४ पीड़ा ३ । ४३५ मन्यु-झोध ३ । ४३८ आपास-मुख्यला३ । ४३९ अनादर ३ । ४१४ -- - w ४३७ प्रत्या-ताजा.३। - -- २१ ४४०-जाण करंब तोत्तडि । ४४१-अवरेत्तयं अणुसयं च अणुतावं । ४४२-कूर चं. ओअणें । ४४३-ओणयं ओयत्तं ओमत्थं ॥१६३ ४४४-थाम सौर च बलं । ४४५-थैवं लेसो लवो कला मत्ता। ४४६-सारिच्छे समसीसी । ४४७-अदिही अरई य रणरणओ ॥१६४ ४४८-इत्तोप्पं एअप्पभिइ। ४४९-संभमो औयरो पयत्तो य । ४५०-मंतु विलिय विप्पिय । ४५१-अच्छरियं अब् अं चुज ॥१६५ ४५२-दीहत्तणं आयामो। ४५३-चवलं चढुलं च चंचलं तरलं । ४५४-एमेये मुहै। मुहिआ। ४५५-केली नम्मं च परिहासो ॥१६६ ४५६-पलेयो निहणं नासो । ४५७-पुण्णं सुकेयं च भागहेयं च । ४५८-हित्थं विलियं लज्जि। ४५९-अस्थाणी तह सहा परिसा ॥१६७ ४६०-उनोहो उस्सेहो । ४६१-विक्रखंभो वित्थरो य परिणाँहो । ४६२-परिरंभणं अवऍडैणं । ४६३-ओमोओ पहेरिसो तोसो ॥१६८ ४६४-नेट लोसं तंडवं । ४६५-अणुपुच्ची-परंपरांउ परिवाडी। ४६६-आरक्खो पुररैक्खो । ४६७-अब्भोसो गुणणिआ जुग्गो ॥१६९ ४४० दही और चावल के मिश्रण से बना हुआ खाद्य पदार्थ- करंबा २। ४४१ अनुताप-पश्चात्ताप ३ । ४४२ ओदन-भात ३ । अवनत ३ । ४४४ बल ३। ४४५ लेश-थोडा ५। ४४६ सादृश्य-बराबरी- स्पर्धा २ । ४४७ अरति-अधैर्य-उत्सुकता ३ । ४४८ यहां से शुरू करके २। ४४९ आदर ३। ४५० विप्रिय ३। ४५१ आश्चर्य ३ । ४५२ आयाम- लम्बाई २ । ४५३ चपल ४ । ४५४ एक्मेव-व्यर्थ ३ । ४५५ परिहास ३ । ४५६ नाश ३ । ४५७ पुण्य-भाग्य ३ । ४५८ लज्जित ३। ४५९ सभा ३ । ४६० उमाह-ऊंचाई २ । ४६१ विस्तार ३ । ४६२ परिरंभण-आलिंगन २ । ४६३ तोष-आनद ३ । ४६४ नाटय-नृत्य ३ । ४६५ परंपरा-क्रम ३ । ४६६ पुररक्षक-कोटवाल २ । ४६७ अभ्यास-बारबार करना ३ ।

४६८-अवहिअंइक्वग्गेमणं । ४६९-तेदिअसिअ-दिअसिऔई अणुदिअहं । ४७०-ओलुग्गो नित्थामो। ४७१-दुजायं आंवया वसणं ॥१७० ४७२-छैट मडेहं लहुअं। ४७३-रेप्फा वैम्मीअ-वामलूरा य । ४७४-पायालं च रसायलं । ४७५-ओउलं ओहित्थं उप्पित्थं ॥१७१ ४७६-वेसाहो मंथांणो । ४७७-सीटुं चिन्भिंडं च वाँलुंके । ४७८-कुंभो कुँडो य कलसो। ४७९-पिढेरो ढमेरो य कोलंबो ॥१७२ -कुंडिलं के भंगुरं । ४८१-ओएसो सोसणं च निद्देसो । ४८२-खिप्पं तुरिअॅ सिग्छ । ४८३-छेओ परंतै-अर्द्रता ॥१७३ ४८४-दीहं दीहरं आँययं । ४८५-अहिउत्तो उजओ य उज्जुत्तो। ४८६-कल्लो संत्यो य प । ४८७-हेढो य मैड्डा बलामोडी ॥१७४ ४८८- पंउणं निरौयं उज्जुयं । ४८९-ओलईअं परिहि पिणद्धं च । ४९०-अवरिलं -अवरिल्लं उत्तरिज । ४९१-उअट्टी उच्चओ नीवी ॥१७५ ४९२-दुद्धिअं अलोबु तुबं । ४९३-निबंधणं कारणं निर्माणं च । ४९४-विलेओ मूरत्थमणं । ४९५-संखोहो संभैमो ताँसो ॥१७६ ४६८ एकाग्रमन २ । ४६९ अनुदिवस-निरंतर ३ । ४७० अवरुग्ण- रोगी २ । ४७१ व्यसन ३ । ४७२ लघु ३ । ४७३ राफडा-बांबी ३ । ४७४ पाताल २ । ४७५ आकुल ३ । ४७६ विलोने का दंड-रवाया २ । ४७७ चीभडा ३ । ४७८ कुभ ३ । ४७९ पिठर-थाली ३ । ४८० कुटिल- टेढा ३ । ४८१ आदेश-आज्ञा ३ । ४८२ शीघ्र ३ । ४८३ पर्यंत ३ । ४८४ दीर्घ ३ । ४८५ उद्यत ३ । ४८६ पटु-निरोगी ३ । ४८७ हठ- बलात्कार ३ । ४८८ ऋजु-सरल ३ । ४८९ पिनद्ध-पहिना हुआ ३ । ४९० उत्तरीय-पहिना हुआ ऊपरका वस्त्र २ । ४९१ नीवी-नाडी ३ । ४९२ दूधी-लउकी ३ । ४९३ कारण ३ । ४९४ सूर्यका अस्त होना २ । ४९५ त्रास ३ । PAR २३ ४९६-उल्लेरिअं उक्कैडिअं। ४९७-जिंघिअं ओसिंधिों च अग्घायं । ४९८-निचिट्ठ उवैहुत्तं । ४९९-तिरोहिंअं पिहिअं अंतरिकं ॥१७७ ५००-उद्दोलिअं अच्छिन्नं । ५०१-अवित्तं अंछिअं च कढिअयं। ५०२-पनोडिअयं परिहैट्टि च । ५०३-ओसरिअं ओसकं ॥१७८ ५०४-उत्थल्लिअं उच्छलिअं। ५०५-पच्छोइअ-नूमिओई वइआँई । ५०६-निद्धोडिअयं नीणिों। ५०७-ओहीरंतं च सीअंतं ॥१७९ ५०८-उन्नौलिअं उन्नौमिश्र।५०९-उवगयं उवैसप्पिच अल्लीणं । ५१०-चुणइअं चुण्णाहयं । ५११-उचिंडिमं मुकमज्जायं ॥१८० ५१२-उद्धं कयं ऊसैविधे। ५१३-फुडिअं फुलिअंच दलिअंउद्धरि। ५१४- संवेल्लिअं मउलिअं । ५१५- परिहोयं दुब्बलं झीणं ॥१८१ ५१६-मुसुमूरिअयं चुण्णि। ५१७-उड्डिडिअ-उवोडिआई उक्खित्तं । ५१८-मुरुमुरिअं अं । ५१९- उन्नुइअं झुक्किअं जाण ॥१८२ ५२०- अवैचिअंउच्चिणिअ-ऽत्थे। ५२१ डिअंतड्डेविअयं विरैल्लिअयं । ५२२-उव्वमिअं उग्गिलिअं । ५२३-छुहोइअं भुवि छाँयं ॥१८३ ४९६ तोडा हुआ २ । ४९७ सुंघा हुआ ३ । ४९८ उपभुक्त २ । ४९९ पिहित-ढका हुआ ३ । ५०० फाडा हुआ २ । ५०१ आक्षिप्त-खिंचा हुआ ३ । ५०२ दबाया हुआ २ । ५०३ पीछे हटा हुआ २ । ५०४ ऊछला हुआ २ । ५०५ वाडसे ढका हुआ ३ । ५०६ बहार निकाला हुआ २ । ५०७ सोया हुआ २ । ५०८ नमाया हुआ २ । ५०९ उपगत-पासमें आया हुआ-आश्रित ३ । ५१० चूर्ण किया हुआ २ । ५११ मर्योदार हित २ । ५१२ ऊचा किया हुआ २ । ५१३ स्फुटित-खिला हुआ ४ । ५१४ संवेष्टित २ । ५१५ क्षीण ३ । ५१६ चूरा किया हुआ २ । ५१७ उत्क्षिप्त ३ । ५१.८ कामचिंता-उत्सुकता २ । ५१९ कुत्ते का भोंकना २ । ५२० अपचित २ । ५२१ विस्तीर्ण-तना हुआ ३ । ५२२ उद्वमित २ । ५२३ क्षुधात ३।

+ ५२४-तोडिअं आंओडिअयं । ५२५-निमुंअं आयण्णिअंनिसौमिअयं । ५२६-पंजत्तं च पंहुत्तं । ५२७-पोमिअं दिण्ण उवणीअं ॥१८४ ५२८-संदिद्धं संसईअं । ५२९-घोलिअ-दुंदुल्लिआई भैमिअ-ऽत्थे । ५३०-संदिट्ट अप्पाहि । ५३१-उल्लं तित्तं च तण्णायं ॥१८५ ५३२-रेखोलिरं पैहोलिरं । ५३३-उव्वेल्लं पैसरिअं पयल्लं च । ५३४-संकोडिअंनिउँचि। ५३५-उत्तेजिअयं च तोरेविअं ॥१८६ ५३६-ऊसित्तं ओलितं । ५३७-पयोरिअं वंचिों च वेलविरं। ५३८-उब्भोलिअं उपपुणिों। ५३९-लहुइ ओहोमिअं तुलिअं॥१८७ ५४०-पडिवन अब्भुवयं। ५४१-चिद्देविअंविउँडिविणांसिअयं । ५४२-अईसइअं च विसेसिंथे । ५४३- उम्मेदं पुछि फुसि ॥१८८ -विखित्तयं पईण्णं । ५४५-खितं निग्घत्तिअं च ऑइद्धं । ५४६-उग्गोहि उच्चालि। ५४८-अंबुसइअं अंकुसीयारं ॥१८९ ५४८ :-ओवडिअं अभिडिअं । ५४९-अहिड्डुयं पीडिों परैद्धं च । ५५०-पम्हेटं विम्हेरिअं । ५५१-चुलुचुलिअं फैदिरं रिकं ॥१९० ५५२- भैह्र फिडिअं चुकं । ५५३-परिहअं अहिलिअं परौहूअं । ५२४ ताडित २ । ५२५ आकर्णित-सुना हुआ ३ । ५२६ पर्याप्त-बहुत २ । ५२७ दत्त ३ । ५२८ संदिग्घ २ । ५२९ भ्रमित ३ । ५३० संदिष्ट २ । ५३१ आर्द्र-गिला ३ । ५३२ डोलने वाला २। ५३३ प्रसृत-फेला हुआ ३ । ५.३४ निकुंचित २ । ५३५ उत्तेजित २ । ५३६ अवसिक्त २ । ५३७ वंचित ३ । ५३८ उद्भालित २ । ५३९ तुलित ३ । ५४० स्वीकार किया हुआ २ । ५४१ विनाशित ३ । ५४२ विशेषित २ । ५४३ छुआ हुआ- स्पृष्ट ३ ।। ५४४ विक्षिप्त २ । ५४५ क्षिप्त ३ । ५४६ उच्चालित २ । ५४७ अंकुशित २ ५४८ आपतित २ । ५४९ पीडित ३ । ५५.. विस्मृत २ । ५५३ हिला हुआ '३ । ५५२ भ्रष्ट ३ । ५५३ हारा हुआ ३ । ५४४- २६ ५८२-कजलइ कसणिअं । ५८३-कयपरिवेसं परिक्खित्तं ॥१९८ ५८४-वेढिअयं परिऔलि।५८५-उत्थरिअ-ओवग्गिाई अक्कतं । ५८६-परिलीणं च निलीणं । ५८७-गंधुग्गिरेणम्मि निम्मैहि॥१९९ ५८८-निव्वडिअंनिम्माय । ५८९-दोविअयं देसि च दखविधे। ५९०-तिक्खोलिअंनिसांअं । ५९१-पुलट्ठयं पैउलिअं दड्ढे ।।२०० ५९२-पल्हथिअं उल्लंडिअं । ५९३-उच्छुण्ण मंदिरं च निलिअं। ५९४-पेसविरं पढविों। ५९५-घडिअं लग्गं च संसत्तं ॥२०१ ५९६-पयलाइ ओहीरेइ । ५९७-सकई चयई य तरेई पारे । * अव्वोछिन्नं वुच्छं संपइ इक्किकं अहिहाणं ॥२०२ ५९८-करडा कुंजरेगंडा । ५९९-ओलाणो हथिबंधणक्खंभो । ६००-करिबंधणं अक्खाय उवैओ। ६०१-वारणमओ दोणं ॥२०३ ६०२-रवं अलसं कलमंजुलं । ६०३-ओरैल्लिं महुरंदीहरं जाण । ६०४-मुईविरसं गदेब्भं च । ६०५-गग्गरं कंठदरैखलिअं ॥२०४ ५८२ काजल वाला २ । ५८३ परिक्षिप्त २। ५८४ वेष्टित २ । ५८५ आक्रांत ३ । ५८६ निलीन २ । ५८७ गंध का फैलना-निर्मथित २ । ५८८ बनाया हुआ २ । ५८९ दिखाया हुआ ३ । ५९० तीक्ष्ण किया हुआ २ । ५९१ जला हुआ ३। ५९२ बिरेचित-बहार निकलवाया हुआ २ । ५९३ मर्दित ३ । ५९४ प्रस्थापित २ । ५९५ संसक्त ३ । ५९६ सोता है २ । ५९७ समर्थ होता है ४ । अब इधरसे अविच्छिन्न भावसे समग्रतया आखिर तक एक एक पर्याय कहूंगा । ५९८ करट-हाथी का गंडस्थल २ हाथी को बांधने का स्तंभ २ । ६०० करिबंधन-हाथी को पकड़ने के लिए बनाया हुआ खड्डा ३ । ६०१ हाथी का मद २ । ६०२ मंद-धीमा-मधुर शब्द युक्त ३ । ६०३ लम्बा मधुर शब्द २ । ६०४ गधे के अवाज के समान सुनने में विरस २ । ६०५ गद्गद अवाज २ । + ६०६-ओऊलं पोलंबं । ६०७-हरिअंदणं अमरचंदणं जाण । ६०८-जच्चतुरंगं भायलं । ६०९-आयावलयं अरुणतावं ॥२०५ ६१०-सीमंतिथे दुहाविअं। ६११-अपच्छिमं चरमं । ६१२-उद्धरं उच्चं । ६१३-वायेणयं च पहेणेयं । ६१४-इंगोली उच्छुगंडीरी ॥२०६ ६१५-विसढं विसमा६१६ वियलिअं उच्चत्ता६१७-कत्तिय-आसिणासरंओ। ६१८-सिसिरो फग्गुण-माहो। ६१९-हेमंतो पोस-मग्गसिरो ॥२०७ ६२०-दुप्परियल्लं असकं । ६२१-पुकाओ अलिअपोरसौलावा । ६२२- पुंजोयं पिंडलइअं। ६२३-उँऊ रिऊ। ६२४-चोत्तओतोत्तो॥२०८ ६२५-उवैयारो पुप्फैबली । ६२६-कुसुमं कालिंजणीए तांविच्छं । ६२७-जवेसं गवित्तं । ६२८-उलेवी वीरैणं । ६२९-ओलोवओ सेणी।।२०९ ६३०-अग्गक्खंधो अणिों। ६३१-पाड्डुच्ची तुरयदेहपिंजरणं । ६३२-गरेलं विसे । ६३३-विसाणं सिंगं । ६३४-रज्जे वरत्ता य ॥२१० ६०६ प्रालंब-झूमणा २ । ६०७ हरिचंदन २ । ६०८ उत्तम घोडा २ । ६०९ अरुणताप-अरुणोदय २। ६१० सिर के बालो में दो भाग किया हुआ २ । ६११ अंतिम २ । ६१२ ऊँचा २। ६१३ वायणा-भोजन का बांटना- वारी वारी से भोजन के लिए जाना २ । ६१४ इख की गंडेरी २ । ६१५ विषम २। ६१६ उत्त्यक्त २ । ६१७ शरद-कार्तिक और आसो १ । ६१८ शिशिर-फागुण और महा मास १ । ६१९ हेमत-पोस और मिगसिर १ । ६२० अशक्त २ । ६२१ पौरुष का मिथ्या घमंड-झूठा पुरुषपणे का आलाप- पोक मूकना २ । ६२२ पुंज-ढिग २ । ६२३ ऋतु २ । ६२४ हांकने के लिए बैल को मारने की आर वाली लाठी २ । ६२५ उपचार-पुष्प का बलि चढ़ाना-पुष्पपूजा २ । ६२६ तापिच्छ-तमाल के पेड का फूल १ । ६२७ गवत-पशु का खाद्य घास-खाण २ । ६२८ वीरण-पानी को ठंडा और सुगंधी करने वाला घास २ । ६२९ श्येन २ । ६३० अनीक-सेना २ । ६३१ घोडे के शरीर का शृंगार १ । ६३२ विष २ । ६३३ सिंग २ । ६३४ रस्सी- बैलों द्वारा कुंआ से पानी निकालने की रस्सी-बरत २ । - -- २८ ६३५-जगलं पिंगलसरओ । ६३६-विटमुरा पिट्ठखउरिआ मैंइरा। ६३७-हिज्जो कल्लं । ६३८-निव्वं पडेलं । ६३९-कोहिल्लिआ तवैओ॥२११ ६४०-अणुरोहो दखिष्णं । ६४१-लग्गणओ पडिहुओ। ६४२-देरं अई। ६४३-हीरइ जं आणंदे वत्थं तं पुणवत्तं ति ॥२१२ ६४४-संविअं संगोविश्र। ६४५-अणुह मौणिअं। ६४६-मुंई वेओ। ६४७-पासायस्सोवरि जा साला सा चंद्रसोल त्ति ॥२१३ ६४८-निभरं अइसयभरिश्र। ६४९-पत्थरिअं अत्थुआ६५०-छेडा छंटा। ६५१-रोसेणं उण्हिकं वयणं जं तं थुडंकि अयं ।।२१४ ६५२-सौहिज्जं अत्यारो। ६५३-हिरिबेरो वोलजो। ६५४-भिसी सौरी। ६५५-जं पिच्छइ तं वंछइ जो सो जंपिच्छओ भणिओ ॥२१५ ६५६-पच्चोएसं दिद्रुतं । ६५७-ओझरं निज्झेरं । ६५८-देहं दुक्खं । ६५९-कयगंठि थणोवरि विरइअंसुअं गिधुरं जाण ॥२१६ ६३५ मध का नीचे जमा हुआ भाग २ । ६३६ मदिरा ३ । ६३७ कल २ । ६३८ छप्पर या घर पर छाया हुआ पानी को बहने वाला कवेल- नेवा-पडाल २ । ६३९ रोटी पकाने का मिट्टी या लोहे का तवा २ । ६४० दाक्षिण्य २ । ६४१ प्रतिभू-जामीन २ । ६४२ अर्ध-आधा २ । ६४३ आनंद प्रमोद में जिस वस्त्र को हरा जाय-खींचा जाय वह पुण्य वस्त्र १ । ६४४ बराबर व्यवस्थित रखा हुआ केशकलाप-संगोपित २ । ६४५ अनुभूत २ । ६४६ ऋग्वेद आदि २ । ६४७ चंद्रशाला-अगासी-छत-मकान के ऊपर का खुला भाग १ । ६४८ निर्भर २ । ६४९ विस्तीर्ण २ । ६५० छटा २ ॥ ६५१ रोष से निकला हुआ गरम गरम वचन १। ६५२ साहाय्य २ । ६५३ हीबेर-पानी को सुगंधित तथा ठंडा रखने वाला घास २ । ६५४ ऋषिको बैठने का आसन २ । ६५५ जिसको देखता है उसको चाहने वाला १ । ६५६, दृष्टान्त २ । ६५७ निर्झर २ । ६५८ दुःख २ । ६५९ स्तन ऊपर गांठ आवे इस तरह बनाया हुआ पहिना हुआ वसा १ ।

२९ ६६० पडिमा पैडिबिंब। ६६१-केज्जवो कयैवरो। ६६२-विओणं जेल्लोओ। ६६३-उभओवासुत्थल्लणं उच्चत्तवरत्तयं भणिअं ॥२१७ ६६४-रिक रित्तै । ६६५-पत्ताई भायणाई। ६६६-सिरि हो पैविआ। ६६७-मुहविक्कोणो छिचोल्लउ ति जो निंदणथम्मि ||२१८ ६६८-दि विहाँविआ६६९-मिढिओओ अविलोओ।६७०-से रिही मैहिसी। ६७१- परिपोसउ त्ति छेत्ते जो पुरिसो सुअइ राईए ॥२१९ ६७२-घुसिणं कुंकुम । ६७३-उको चुडैली ।६७४-खोणी खंणी।६७५ कुंढ कूवं । ६७६-उच्छंटेउ ति तुरिअयरचोरिआहत्थवावारो ॥२२० ६७७- बद्धं संगिल्लं। ६७८-तणुरुहाई रोमांई। ६७९-चित्तओ दीवी। ६८०-हुत्तवयं जस्संते सुब्बइ तं तस्स सुमुह त्ति ॥२२१ ६८१-कूलं तीरं। ६८२-असोओ केकेल्ली। ६८३-रंजणो अलिंजरेओ। ६८४-खुन्नं च मैढि। ६८५-ॐढा परिणीआ। ६८६. मिहुणयं र्जुअलं।।२२२ ६६० प्रतिबिंब' २ । ६६१ कचरा २। ६६२ चदुआ २ । ६६३ दोनों बाजु से ऊंचा नीचा करना १ । ६६४ रिक्त-खाली २ । ६६५ पात्र २ । ६६६ श्रीद्रह-पक्षीओं के लिए पानी पीने का पात्र २ । ६६७ निंदा सूचक मुखभाव-मुख की निंदा सूचक आकृति-मुह बिगाडना १ । ६६८ निरीक्षित २ । ६६९ मेषी-मेंढी २ । ६७० भेस २ । ६७१ रात्रि के समय खेत की रखवाली के लिए खेत में जाकर सोने वाला पुरूष १ । ६७२ कुकुम २ । ६७३ उल्का २ । ६७४ खान २ । ६७५ चुराई हुइ चीज की खोज के लिए प्रयास करना २ । ६७६ शीघ्रता पूर्वक चोरी करने के लिए हाथ चलाना १ । ६७७ बद्ध-संग युक्त २ । ६७८ रोम-रोंगटे २ । चित्ता-चितकबरा बाघ २ । ६८० सुमुख-जिसके पास बेठ कर सुना जाय वह सुमुख 91 ६८१ तीर-किनारा २। ६८२ अशोक वृक्ष-आसोपालव २ । ६८३ बडा कुंडा २ । ६८४ मढा हुआ २ । ६८५ विवाहित स्त्री २ । ६८६ युगल-जोडा २ ।

६८७-उअपिच्छे । ६८८-धरइ जीवैइ ६८९-दुचं दूअत्तणं । ६९०-दिसो आंसा। ६९१ संखोयं थीणं । ६९२ संदेणो रहो । ६९३-सोरही मुंओ ॥२२३ ६९४-रोसांणि मैसिणि। ६९५-वेणं पहोरो। ६९६ पयामं अणुपुवं । ६९७-लंचो उक्कोडा। ६९८-सौरहं महुँ । ६९९-बाहिरं बोहि ॥२२४ -वुत्थो वैसिओ।७०१-वत्थी अवाणं । ७०२-आहोरणो गयारोहो। ७०३-खेत्तं खन्न । ७०४ - साहू मुंअणो। ७०५-खेओलुओ असहो॥२२५ ७०६-लहुदोरु किलिंचं । ७०७-मंथरा कुमुंभी। ७०८ तुरंगिआ वडेवा। ७०९-संखो कंबू । ७१०-गेयं गंधैव्वं । ७११-बंधणं बिटें ॥२२६ ७१२-सीमा मेरी । ७१३-वोस बुट्ठी। ७१४-हालाहलो य बंभणिआ। ७१५-कोर सिप्पी। ७१६-करहो कमेलेओ। ७१७-रोहिओ रोझो ॥२२७ ७१८-केऊरं अंगयं । ७१९-विदुमं पालं । ७२०-केणेड्ढिआ गुंजी । ७२१-झोडं कुडंगओ। ७२२-कलुसं विलं । ७२३ सित्थयं मयेणं ॥२२८ ६८७ देखो २ । ६८८ वह जीता है २ । ६८९. दूतपना २ । ६९० दिशा २ । ६९१ जमा हुआ घी वगेरे प्रवाही पदार्थ २ । ६९२ रथ २ । ६९३ रथ हांकनेवाला २ । ६९४ चमकिला बनाया हुआ २ । ६९५ लगा हुआ-पडा हुआ-घाव २ । ६९६-अनुपूर्व क्रमसे-वारीसे २ । ६९७ लांच- रिश्वत २ । ६९८ मधु-शहद २ । ६९९ बहार २ । ७०० रहा हुआ २ । ७०१ बस्ती-गुदा २ । ७०२ महावत २ । ७.३ खोदा हुआ २ । ७०४ शाह-सुजन २ । ७०५ सहन करने में असमर्थ २ । ७०६ लकड़ी का छोटा टुकडा २ । ७०७ कसुंबी कापड २ । ७०८ घोडी २ । ७०९ शंख २ । ७१० गेय-गांधर्व २ । ७११ डिटा २ । ७१२ मर्यादा-सीमा २ । ७१३ वृष्टि २ । ७१४ एक प्रकार का कीडा-ब्राह्मणी २ । ७१५ कारीगर २ । ७१६ करभ-ऊंट २ । ७१७ रोझ २ । ७१८ केयूर २ । ७१९ विद्रुम- प्रवाल २ । ७२० चिणोठी-धुघची २ । ७२१ लतागृह २ । ७२२ डोला हुआ-मैला २ । ७२३ मोम २ ।

३१ १ ७२४-बुका सुट्टी। ७२५-सग्गेहं उवैरत्तं । ७२६-लोट्टेयं सुवंतं च । ७२७-परतीरं पोरं। ७२८-अट्टये कल्लिं जाण कैडिखंभं ॥२. ९ ७२९ लोहं कालोयसं।७३०-उम्मुअं अलायं।७३१-विसेसओ तिलओ। ७३२ कोणो लेउडो।७३३ जउणा कालिंदी।७३४ गंजिअंथेणि॥-३० ७३५-दुव्वा हरिओली।७३६ कोटेओ कुमूलो। ७३७-कड्डेच्छुओ दैव्वी। ७३८ भे' तुब्भे । ७३९ कुल्लडेयं कोडैयं । ७४० अप्पुल्लयं नियं ।।२३१ ७४१-डोला पिखौ । ७४२-मायहिआ झला । ७४३-पाउसोगमो झंझा । ७४४ -दुट्ठो कैली। ७४५-पयंगो सलहो। ७४६-कलहोइअं रैडिअं॥२३२ ७४७ साहेरिअं साहट्टि। ७४८ अंसो मौओ।७४९-पिहाणिआ मंडी। ७५०-तोर दित्तं । ७५१-वेसो नेवेत्थं । ७५ -मखिरं तुप्पं ॥२३३ ७५३ जाण कडेक्खं अवंगें । ७५४ कलहं परिवारं। ७५५-उभयं उद्धं । ७५६-सायं पैओसं । ७५७-उत्तप्पं उद्धयं । ७५८-दूसहं तिव्वं ॥ ३४ ७५९-दोराई दुवाराई । ७६०-नेलेच्छो पंडओ । ७६१-जडं सिसिरं । ७२४ मुष्टि-मुक्की २ । ७२५ उपरक्त २ । ७२६ सोता-लोटता २ । ७२७ पार-सामने का किनारा २ । ७२८ कमर पर हाथ देकर खडा रहना ७२९ लोहा २ । ७३० जलती हुई लकड़ी २ । ७३१ तिलक २ । ७३२ लकड़ी २ । ७३३ यमुना २ । ७३४ गजित २ । ७३५ दुर्वा-दूब २ । ७३६ कोठला-अनाज भरनेका कोठा २ । ७३७ कडछी २ । ७३८ तुम २ । ७३९ कुलडी २ । ७४० अपना २ । ७४१ हिंडोला २ । ७४२ मृगतृष्णा- झांझवा २ । ७४३ वरसाद का तुफान २ । ७४४ दुष्ट २ । ७४५ पतगिया २ । ७४६ कलयुक्त २ । ७४७ संहृत २ । पिधानिका-ढकनी २ । ७५० दीप्त २ । ७५१ वेश २ । ७५२ म्रक्षित-चुपडा हुआ २ । ७५३ कटाक्ष २ । ७५४ तरवार का मियान २ । ७५५ खडा- ऊभा २ । ७५६ सायंकाल २ । ७५७ उद्धत २ । ७५८ तीन २ । ७५९ द्वार-दरवाजा २ । ७६० नपुसक २ । ७६१ शिशिर २ । ७४८ भाग २ । ७४९ ७६२-कोडी अगं । ७६३-पंगू पंगुलओ । ७६४-तण्णओ वच्छो ।।२३५ ७६५ छोया छोही । ७६६-पोहुडं उघायणं । ७६७ सारियो सौलहिआ य। ७६८-भेदं सिवें । ७६९ सयज्झो संमोसिओ।७७०-छिपओ उछो॥२३६ ७७१-सोलो पोयारो।७७२-मैजिआरसौलाउ।७७३-सोज्झओरयो। ७७४-हेरिअं सद्दलं।७७५ अंको उच्छंगो। ७७६-अवयं अणेहं ।।२३७ ७७७-मणेयं ईसि। ७ ८-कुविंदो य तंतुवायो। ७७९-दुरोअरं जूअं । ७८०-पंजा अहिऔरो।७८१-अईरं अंगणं । ७८२-मेज्जिअंण्हाय।।२३८ ७८३-ऑसत्यो वीसंतो । ७८४-वैज्झो बैद्धो । ७८५-पयट्टयं चैलि। ७८६ करणी रुवं । ७८७-चलिअं वइकैलि।७८८-परिसरो पांसा॥२३९ ७८९-आरेद्धं आहेत्तं । ७९०-निय निवयं।७९१-अवेसिणो फलिही। ७९२ फेरिसो फैसो।७९३ तुमुलं मुहेलरवो। ७९४-पोयसो खीरी।।२४ ७९५-उम्मेलणं उच्चलेणं।७९६ - इहरा अन्न है । ७९७-सहोसओ सब्भो। ७६२ किनार-कोर-अग्रभाग २ । ७६३ पगु २ । ७६४ वत्स-बछडा २। ७६५ छाया २ । ७६६ भेंट की वस्तु २ । ७६७ सारिका-मेना २। ७६८ भद्र-भला-कल्याण २ । ७६९ पडोसी २ । ७७० कपडे को छापने वाला व रंगने वाला-छिपा २। ७७१ प्राकार-किला २। ७७२ रसाला-सुगंधि वस्तु से मिश्रित दूध २ । ७७३ धोबी २ । ७७४ हरित-लीला घास वाला प्रदेश २ । ७७५ खोला गोद २ । ७७६ आखा-अक्षत २ । ७७७ जरासा थोडा २ । ७७८ वणकर-जुलाहा-सालवी २ । ७७९ द्यूत-जूआ २ । ७८० अधिकार २ । ७८१ आंगन २। ७८२ मार्जित २ । ७८३ विश्रान्त १ । ७८४ बध्य २ । ७८५ चलित २ । ७८६ आकार-रूप २ । ७८७ वैकल्य-अस्थैर्य २ । ७८८ परिसर-पास २ । ७८९ आरब्ध २ । ७९० निहत २ । ७९१ चौखट- दरवाजे में लगा हुआ काठ आदि का तख्ता २ । ७९२ स्पर्श २ । ७९३ तुमुल-ककलाट २ । ७९४ खीर २ । ७९५ मसलना-मलना ३ । ७९६ अन्यथा २ । ७९७ सभ्य २ । ------- . ७९८-चित्तं माणसं।७९९-अखो बहेडेओ।८००-संगमो मेलो॥२४१ ८०१-समओ मेयं । ८०२ विरायं विलीणं । ८०३-उप्पोहलं च उक्कंठा। ८०४-संचारी ईई। ८०५-सालिरक्खिआ कलमैगोवि त्ति ॥२४२ ८०६-युग्गं भग्गं । ८०७-मंगुलं असुंदरे । ८०८-वेविअंच थरहरिकं । ८०९-पप्फोडिअं च पक्खोडिअं । ८१०-विसर्ट विहडिअ-अत्थे ॥२४३ ८११-परिहत्थो दैच्छो । ८१२-कोवणो असहैणो। ८१३-पईवओ दीवी। ८१४-ईअ ऐवं । ८१५-रेसणिआ कैरोडिआ। ८१६-चंदिमा जॅण्हा ॥२४४ ८१७-पौडिकं पत्ते। ८१८-उंबरेओ देहली। ८१९-विही दिव्धं । ८२०-तंतू गुणो। ८२१-दुगंछी गरिहा । ८२२-खेलिअंपडिप्फैलिअं॥२४५ ८२३-ओसारो रयवुट्टी। ८२४-पम्हेलयं रोमसं। ८२५-जओ वेओ। ८२६-कीस किणो ' ८२७-हलहेलओ तरी। ८२८-विअट्ट विसंवैइअं॥२४६ ८२९ संबोहं संकिण। ८३०-वलग्गं आरूढं । ८३१-अहिंअं अईरित्तं । ८३२-ओहओ वोहित्तो। ८३३-विअत्थणं निअगुणसलाहा ॥२४७ ८३४-जाण सायं डौबं । ८३५-सोंड मज्जवं । ८३६-अयंडं अणवसरं। ७९८ चित्त २ । ७९९ बहेडा २ । ८०० संगम-मेला २ । ८०१ मत-संप्रदाय २। ८०२ विलीन-पिगला हुआ २ । ८०३ उत्कंठा २ । ८०४ दूती २ । ८०५ कलमी चावल के खेत की रखवाली २ । ८०६ भन्म २ । ८०७ असुदर २ । ८०८ कांपा हुआ २ । ८०९ प्रस्फोटित २ । ८१० विघटित-बिगडा हुआ २ । ८११ दक्ष २। ८१२ कोपन २ । ८१३ दीपक- दिया २ । ८१४ इस प्रकार २। ८१५ करोटिका नाम का कांसे का पात्र- कथरोट २.। ८१६ ज्योत्स्ना २ । ८१७ प्रत्येक २ । ८१८ घर का उंबरा २। ८१९ दैव २। ८२० तंतु २। ८२१ गर्हा-निदा २ । ८२२ स्खलित २। ८२३ धूल की वृष्टि २ । ८२४ पापण युक्त-रोमयुक्त २। ८२५ वेग २ । ८२६ प्रश्न सूचक अव्यय २ । ८२७ त्वरा २ । ८२८ विसंवादयुक्त २ । ८२९ संकीर्ण २ । ८३० आरूढ २ । ८३१ अधिक २ । ८३२ बोलाया हुआ २। ८३३ विकत्थन-स्वप्रशंसा २। ८३४ डोंब-चांडाल २। ८३५ मद्यप २ । ८३६ अनवसर-अकस्मात २।

३४ ८३७-सरेडं च कंकलासं । ८३८-छेणं महं । ८३९-लोद्धयं वाहं ॥२४८ ८४०-लक्खें विजाया८४१-इंगिों औयारो।८४२-अहे ईमो।८४३-ईमा अन्जा। ८४४-थोहो थग्या। ८४५-तोणो तोणीरो।८४६-कंदुओ [लिओ॥२४९ ८४७-कंठो गलओ। ८४८-अवैडू किओडिआ। ८४९-झंपणीउ पम्हाई। ८५०-गुप्फा खुलहा । ८५१-जंघा टंको। ८५२-गंडा कवोला य॥२५० ८५३-रसणाजीहा ।८५४-सवेणा कन्ना।८५५-वेच्छं उरं।८५६ भुआ बांहू। ८५७-भुमैया भमुहा। ८५८-कक्खा भुअमूलं ।८५९-जण्हुआ जाण ॥२५१ ८६०कन्ना कुमैरी।८६१धुंआ दैहिआ।८६२बेहिणी ससा।८६३पिआ जणओ। ८६४-माया जणी। ८६५-मुण्डा पुत्वहू । ८६६-देअरो दिअरो॥२५२ ८६७-मोउच्छा माउसिआ।८६८-अत्ता सौम्।८६९-सहोअरोभाया। ८७०-मल्लोणी मामी।८७१-पुष्फिआ पिउँच्छा । ८७२-पई भत्ता ॥२५३ ८७३-रंभी कयली। ८७४-सिंदी खजूरी। ८७५-सत्तला य नोमाली। ८७६-गुम्मो जाली । ८७७-बोरी कैकंधू । ८७८-केसेरो बैउलो ॥२५४ ८७९-पलेही वर्वणं तूंलो वो।८८०-देभो कुसो। ८८१-जेवो गज्जो। ८३७ सरट-गिरगिट २। ८३८ उत्सव २। ८३९ शिकारी २ । ८४० विजात २ । ८४१ आकार-इंगित २ । ८४२ आ २ । ८४३ आ (स्त्री) १॥ ८४४ थाह २ । ८४५ भाथा २। ८४६ गेंद २। ८४७ कंठ-गला २। ८४८ कंठमणि २॥ ८४९ पांपण २ । ८९० धुंटी २ । ८५१ जांघ-टांग २ । ४५२ कपोल-गाल २। ८५३ जीभ २। ८५४ कान २ । ८५५ छाती २ । ८५६ हाथ २। ८५७ भों-भवां २ । ८५८ कांख २। ८५९ जानु-घुटना २। ८६० कुमारी- कन्या २। ८६१ लड़की-पुत्री २। ८६२ बहिन २। ८६३ पिता २। ८६४ माता २ । ८६५ पुत्रवधू २ । ८६६ पति का छोटा भाई-देवर २ । ८६७ मौसी २ । ८६८ सासू २ । ८६९ सगा भाई २। ८७० मामी २ । ८७१ बुआ-फुई २ । ८७२ पति २॥ ८७३ केले का पेड़ २ । ८७४ खजूरी २ । 4७५ नवमालिका २॥ ८७६ गुल्म २। ८७७ बेर का पेड २। ८७४ बकुला 34 aps ई-कपास ४ । ८८० ड्राम ३ । ८८१ जन-धान्य २ ।

८८२-थंबी संढा। ८८३-कैलंबो नीवो। ८८४-गोल्होफलं विवें ॥२५५ ८८५-अइमुत्तो माहविआ। ८८६-लवओ गुंदो।८८७-पियंगुणो कंगू। ८८८-कलमो सौली य । ८८९-बिसं मुणालं । ८९०-उल्लूढं अङ्कुरि।२५६ ८९१-नग्गोहं वडैरुक्खं । ८९२-सिग्गुं सोहंजेणं । ८९३-तेलं तौलं । ८९४-चौरं पियौलं । ८९५-अजुअलेवनं सत्तच्छयं जाण ॥२५७ ८९६-बीअयं असणं । ८९७-पिप्पलं औसत्थं । ८९८-तिदुअंच टिंबरुंअं। ८९९-रायछुअं च वेडिसें। ९००-अलंबुसं बोडेघेरं च ॥२५८ ९०१-खलिणं कवि।९०२-मैइलं मलीमैसं।९०३-सीहरा जलतुसारा । ९०४-थोणू खण्णुअं।९०५-अलया कुरेला।९०६-दंतेच्छओ उट्ठो।।२५९ ९०७-सीलं पर्यई । ९०८-तत्तं परमैत्थं । ९०९-गोरं पंओली य । ९१०-रयणी इत्थो। ९११-भीओहित्थो। ९१२-सोहीणं अप्पैवसं।२६० ९१३-दीणो वरैओ।९१४-विहिरं आँडोवो।९१५-रग्गेयं च नवरंग। ९१६-लण्हं मैसिणं । ९१७-ठोणं ओवोसो। ९१८-गोअरो विसओ॥२६१ ८८२ वहाण का सढ अथवा गुच्छ २ । ८८३ कदब २ । ८८४ बिबी का फल २। ८८५ माधविका २। ८८६ गुंद २ । ८८७ कांग २ । ८८८ कलमी चावल २ । ८८९ मृणाल-कमल की नाल का रेसा २ । ८९० अंकुरित २ । ८९१ वड २ । ८९२ सरगवा २। ८९३ ताड २। ८९४ प्रियाल २। ८९५ सप्तपर्ण-सादड २ । ८९६ अशन-बीया २। ८९७ पिप्पल २ । ८९८ टिंबरु २। ८९९ वेतस-बेत २ । ९०० एक प्रकारका छोड २। ९०१ लगाम २ । ९०२ मलीन २ । ९०३ पानी की बुंदें २ । ९०४ खीला-स्थाणु २ । ९०५ केश की लट २। ९०६ ओठ २ । ९०७ प्रकृति-स्वभाव २। ९०८ तत्त्व २ । ९.९ पोल-महोल्ला २ । ९१० हाथ-गज (माप) २ । ९११ भोत-भय प्राप्त २। ९१२ स्वाधीन २ । ९१३ गरीब २। ९१४ आटोप २। ९१५ नवरंग- नया रंगा हुआ २ । ९१६ ममृण-नरम-लीसा २ । ९१७ स्थान-अवकाश २ ॥ ९१८ विषय-गोचर २ ।

३६ ९१९-औरोवि वलैइ।९२०-धोअंविच्छोलिअं। ९२१-दसा अवैत्था। ९२२-संकू कीलो ।९२३-रुटिअं अलिविरु।९२४-सीरिओ भिन्नी॥२६२ ९२५-असमंजसं अनिर्बद्धं । ९२६ पंडिसिद्धो वारिओ।९२७-चरो पैणिही। ९२८-निहेसो कसो। ९२९-समंता सव्वत्तो। ९३०-चौरओ कौरा ॥२६३ ९३१-विहुलं विसंठुलं जाण । ९३२ सामरि सिंवैलि ।९३३-थैलिं भूमि । ९३४-घरेवाडयं परोहेडं। ९३५-ओयइं अजंतकालं च ।।२६४ ९३६ वोलिअयं परिअत्ति ९३७-ऊढिअयं पाउअयं। ९३८ मिअंतुच्छं। ९३९-हुंडी घडी । ९४०-पंउट्ठो कलोइआ। ९४१-गंडओ खंग्गो॥२६५ ९४२-खंड वणं । ९४३-मुइंगो मुरओ य।९४४-विवेज्जओ विवज्जासो। ९४५-पमेहा गणा । ९४६-कलोवो तिउँडो। ९४७-वत्थं दुगुलं च ॥२६६ ९४८-महुरं साउं । ९४९-चोरी करिधरणट्ठाणं । ९५०-अगला फैलिहो। ९५१-विसंयं फुडें । ९५२-तैरतं परिप्पैवंतं । ९५३ हिंअं नी ।।२६७ ९५४-लक्खारुणि पल्लविअं। ९५५-औविअं पोईं।९५६--घेढं यूँह । ९५७-रूढं पणं । ९५८-जोमो पहरो।९५९-बहुलो कसणेपक्खो ।।२६८ ९१९ आरोपित २। ९२० धोया हुआ २ । ९२१ अवस्था २ । ९२२ खीला २। ९२३ भ्रमर का गुंजन २ । ९२४ भिन्न २ । ९२५ असमजस २ । ९२६ प्रतिषिद्ध २ । ९२७ गुप्तचर २ । ९२८ कसोटी का पत्थर २ । ९२९ चारों तरफसे २ । ९३० जेलखाना २ । ९३१ विह्वल २ । ९३२ सेमल का पेड २। ९३३ स्थली-सपाट भूमि २ । ९३४ घर का वाडा-घर का पीछला भाग २ । ९३५ आयति-भविष्यकाल २ । ९३६ वला हुआ-फिरा हुआ २ । ९३७ ओढा हुआ-प्रावृत २ । ९३८ मित २। ९३९ घटा २ । ९४० प्रकोष्ठ- हाथ की कलाई २ । ९४१ गेंडा २। ९४२ वन-वनखंड २ । ९४३ मृदंग २ । ९४४ विपर्यास २ । ९४५ शंकर के गण-प्रमथ २ । ९४६ कलाप-मोर पीछ २ । ९४७ वस्त्र २ । ९४८ स्वादु २ । ९४९ हाथी को बाधने का स्थान २ । ९५० चौखट २ । ९५१ स्फुट २। ९५२ तैरता हुआ २। ९५३ ले जाया गया २ । ९५४ पल्लवित २ । ९५५ पोया हुआ ।। ९५६ टीला २ । ९५७ रूझ गया हुआ घाव २ । ९५८ प्रहर-पहोर २ । ९५९ कृष्ण पक्ष-बहुल दिवस-ब. दि. २ ।

- १ ९६०-पडिभेओ पच्चारणं । ९६१-आसंदी पीढिआ। ९६२-रणो संदो। ९६३ सयडो गती। ९६४-तंसं तिरिच्छं ।९६५-असिधेणुआ छुरिआ।।२६९ ९६६-छोहो विखेवो।९६७-हिअयं औसओ।९६८-कंदरो य कप्फोडो। ९६९-कूणिअं अद्धनिमीलिअं । ९७०-अच्छोयंतं निसायंतं ॥२७० ९७१-संमंदो संघहो । ९७२-रांसो हल्लीसओ । ९७३-खमं चिअं। ९७४-गुज्झं रहेस्सं । ९७५-आंसा मणोरैहो । ९७६-कोसंयं चसयं ॥२७१ ९७७-रंगो पिच्छौभूमी । ९७८-देरी गुहै। । ९७९-चूडओ वळयबाहू। ९८०-खंजो खोडी य।९८१ नेडो कुसीलैंचो।९८२-नोलिआधुडिआ।।२७२ ९८३ पोसाओ हम्मिआ९८४-अणुअघंटिआ किंकिणी।९८५-कणी फुरणं। ९८६-पोओ वहेणं । ९८७-सबेरा य किराया। ९८८-मौलई जाई ॥२७३ ९८९-'जे'त्तिय पयपूरणे।९९०-विम्हयम्मि हो।९९१ विलविअम्मि अविहाहा। ९९२-अंतो मैज्झे । ९९३-पुरैओ य अग्गओ । ९९४-मग्गोपच्छा ॥२७४ ९९५-खेआइसु अव्वो हंदि उत्ति । ९९६-आमंतणम्मि दे सद्दो । ९६० प्रतिभेद-उपालंभ २। ९६१ पीठिका-पीढा २ । ९६२ शब्द २ । ९६३ गाडी-छकडा २ । ९६४ टेढा २ । ९६५ छुरी २ । ९६६ क्षोभ २ । ९६७ हृदय-आशय २। ९६८ गुफा २ । ९६९ आख का आधा मिचना २ । ९७० निशातांत-धारदार २ । ९७१ संघट्ट-भीड २ । ९७२ रास २ । ९७३ उचित २ । ९७४ गुह्य-रहस्य २ । ९७५ मनोरथ २ । ९७६ चषक-दारु का प्याला २ । ९७७ प्रेक्षाभूमि-नाटक करने की जगह २ । ९७८ गुफा २ । ९७९ हाथ का चूडा २ । ९८० खोडा-लंगडा २ । ९८१ अभिनय करने वाला नट २ । ९८२ समय नापने की घटिका २ । ९८३ प्रासाद-महेल २ । ९८४ छोटी घुघरी-छोटी टोकरी २ । ९८५ स्फुरण २ । ९८६ वहाण २ । ९८७ भिल्ल २ । ९८८ जाई का छोड २ । ९८९ ‘जे' पादपूरक । ९९. 'हो' विस्मय सूचक । ९९१ 'हाहा' तथा 'अवि' विलाप सूचक । ९९२ मध्य २ । ९९३ आगे-आगल २। ९९४ मग-पाछल-पीछे २ । ९९५ 'अव्वो' । हदि तथा 'उ' ये तीन अव्यय-खेदादि सूचक । ९९६ 'दे' आमंत्रण सूचक ।

३८ ९९७- तच्छीले । ९९८-इंल्लो इत्तो आँलो य मउअत्थे ॥२७५ * विक्कमकालस्स गए अउणत्तीसुत्तरे सहस्सम्मि (१०२९) मालवनरिंदधाडीए लूडिए मन्नखेडम्मि ॥२७६ धारानयरीए परिद्विएण मग्गे ठिआए अणवजे । कज्जे कणि?बहिणीए 'सुंदरी' नामधिज्जाए ॥२७७ कइणो अंध जण किवा कुसल त्ति पयाणमंतिमा वण्णा । नामम्मि जस्स कमसो तेणेसा विरइया देसी ॥२७८ कन्वेसु जे रसड्ढा सदा बहुसो कईहि बज्झन्ति । ते इत्थ मए रइआ रमंतु हिअए सहिअयाणं ॥२७९ ॥ पाइअलच्छी नाममाला समत्ता ।। emaindereummaNaampie ९९७ 'इर' स्वभाव सूचक प्रत्यय । ९९८ ‘वाला' अर्थ सूचक अर्थात् मत्वर्थीय प्रत्यय तीन-' इल्ल' इत्त' तथा आल * विक्रम के १०२९ वर्ष बीत जाने पर जब मालव के राजाने मान्य- खेट-मलेखडा-नगर पर धावा किया तब धारा नगरी के निर्दोष मार्ग पर रही हुई ‘सुंदरी' नामकी अपनी छोटी बहिन के लिए धनपाल कविने यह देशी कोश प्राकृतलक्ष्मी नामका बनाया । २७६-२७७ कविने इस पद्य के पूर्वार्धके पदों के अंतिम अक्षरों से अपना नाम: धणवाल अर्थात् धनपाल सूचित किया है । नाम सूचक अक्षर बडे करके मुद्रित किये हैं । २७८ काव्योंमें जो शब्द रसाढ्य हैं तथा कविजनोंने जिन शब्दोंका बहुत प्रयोग किया हुआ है उन सब शब्दोंका इस कोशमें संग्रह किया हुआ है, वे सब शब्द सहृदयोंके हृदयमें रमण करो । २७९ ॥ प्राकृतलक्ष्मी नाममाला कोश समाप्त ॥ - --

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शब्दानुक्रम संकेतसूचनाः-वि०-विशेषण. क्रि० वि०-क्रियाविशेषण. स० वि० सर्वनाम विशेषण न०-नान्यतर-जाति-नपुसक लिंग. पु०-नरजाति-पुलिंग, स्त्री०-नारीजाति-स्त्रीलिंग क्रि०- क्रियापद. अ० अव्यय. अंक प्राकृत संस्कृत लिंग हिन्दी अंग्रेजी १४१ अइक्कत अतिक्रान्त वि० अतिक्रान्त Passed १४१ अइच्छि अतिगत वि० गया हुआ Passed २२९ अइण अजिन न० चमडा Skin ८८५ अइमुत्त अतिमुक्त पु० माधवी लता Gartnera Racemosa ७८१ अइर अजिर न० आंगन Court १८२ अइरावण ऐरावण पु० ऐरावण हाथी Airavana ८३१ अइरित्त अतिरिक्त वि. अधिक In excess ५४२ अइसइअ अतिशयित वि० अतिशयित-विशेषता- Exceeding युक्त १५९ अइसएण अतिशयेन अ० गाढ Exceedingly ६४८ अइसयभरिअ अतिशयभृत वि० • बहुत भरा हुआ Filled to over flowing ४ असुमालि अंशुमालिन् पु० सूर्य Sun ११८ अंसुअ अंशुक न० वस्त्र Garment, cloth ७३ अंसु अंशु Ray ७४८ अंस अंश पुं० अंश-भाग Share १२५ अकरुण अकरुण वि० निर्दय Pitiless ४९ अकिंचण अकिञ्चन वि. गरिब, निर्धन Poor ५६६ अकंतभरोणय आक्रान्तभरावनत वि० भार से दबा हुआ- Bending under अवनत ५८५ अक्वंत आक्रान्त वि० व्याप्त-दबा हुआ Attacked ४ अक अर्क पुं० सूर्य Sun ५५८ अक्कोसिस आक्रोशित वि० आक्रोश युक्त Reviled पु० किरण a load २ ३१० अखायतल्ल अखाततल २५ अक्खंडल आखण्डल २४० अक्ख अक्ष अक्षणिका ४३२ अक्खणिआ ७७६ अक्खय अक्षत ६०० अक्खाय आखात ५०१ अक्खित्त आक्षिप्त ७९९ अक्ख अक्ष पु० बहेडा ७७ अगार अगार ३२३ अगाह अगाध ९९३ अग्गओ अग्रतः अग्रस्कन्ध ६३० अग्गक्खध ७६२ अग्ग अग्र न० विना खुदाई किये Pond बना हुआ छोटा तलाव पुं० इन्द्र Indra न० इन्द्रिय Organ स्त्री० विपरीत मैथुन Improper वि० अक्षत-नहीं टुटा हुआ Unhurt न० हाथी को पकडने के Pit for catching लिए खोदा हुआ खड्डा elephants वि. आक्षिप्त Drawn near Beliric myrobalm न० घर House वि० ऊंडा Deep अ० आगे-आगे से Before, in front पु० रणभूमि का अग्र भाग Van of an army न० आगेका भाग-किनार- Point कोर स्त्री० दरवाजा बंध रखने का आगलिया Bar क्रि० सोहता है-सुशोभित He shines है Smelt at वि० अंकुरित-ऊगा हुआ Sprouting न० अंकुश के आकार का Hook-shaped Hook-shaped पु० चिह्न-निशान Mark पुं० गोद-खोला Lap न० आंगन Court स्त्री० स्त्री-नारी Woman न० केयूर, पाँची Bracelet Daughter ९५० अग्गला अर्गला १५२ अग्घा अर्घति-राजते वि० सुंघा हुआ आघ्रात अकुरित . अकुश कित . अङ्कुशाकार अङ्क ४९७ अग्घाय ८९० अंकुरिअ ५४७ अंकुसइअ* ५४७ अंकुसायार २४६ अंक ७७५ अंक ७८१ अंगण १२ अंगणा ७१८ अंगय १९.७ अंगया अङ्क अङ्गण अगना अङ्गद अङ्गजा स्त्री० पुत्री * ये शब्द देश्य हैं।

३ अङ्गराग पु० विलेपन अङ्गारक २५७ अंगराअ १८६ अंगार ४२२ अंगार २५२ अंगुट्ठी* १५९ अच्चत्थ अङ्गार पु० अंगारा अत्यर्थ अचिस् आश्चय ३२८ अच्चि ४५१ अच्छरिय ३०२ अच्छहल्ल* ९७० अच्छायत न० आश्चर्य पु० रीछ ऋक्षमल्ल आच्छातान्त Ointment पुं० मंगल ग्रह Planet Mars Fire-brand स्त्री० अवगुठन-बुरखा Veil वि० अधिक Exceedingly, much न० अग्नि की ज्वाला-जाल Flames Wonder Bear वि० तीक्ष्ण Sharpened at the Point वि० छेदा हुआ Split Eye न० सप्तपर्ण-छितवन का Alstonia पेड़ Scholaris पु० भविष्यकाल Future time Clarified butter स्त्री पार्वती Parvati स्त्री० यह स्त्री वि० खींचा हुआ-आकर्षित Drawn near ५०० अच्छिन्न २३३ अच्छि आच्छिन्न अक्षि न० आँख ८९५ अजुअलवन्न* अयुगलपर्ण आयत्काल न० घी ९३५ अजंतकाल २८२ अंज ३ अज्जा ८४३ अज्जा* ५०१ अंछिअ* आज्य आर्या आञ्छित-आकृष्ट किया हुआ ७२८ अट्टयकल्लि* ९१ अडयणा* अटनी ३०८ अड* अवट पु० कुँआ १९४ अड्ढ आढय क्रि०वि० कमर पर हाथ दे Placing the कर खडा रहना hand on hips स्त्री० व्यभिचारिणी स्त्री Unchaste woman Well वि० धनवान्, HTCTT Rich पुं० कामदेव Cupid Fire क्रि०वि० आकस्मिक Inopportunely वि० अक्षत-अहीन Unhurt पुं० अपमान Insult ७ अणंग अनङ्ग अनल अनवसर पुं० अग्नि ६ अणल ८३६ अणवसर ७७६ अणह* ४३९ अणायर अनघ अनादर ४३१ अणालव ६० अणिमिस ६३० अणि अनालपक अनिमिष अनीक पु० मछली पुं० वायु न० सेना पु० नोकर २९ अपिल अनिल ४८ अणी अनीक १९९ अणुजीवि अनुजीविन् ४४१ अणुताव अणुताप ४६° अणुदिअह अनुदिवस ६९६ अणुपुव्व अनुपूर्व ४६५ अणुपुव्वी अनुपूर्वी ९८४ अणुअघटिआ अणुकघण्टिका ९८ अणुअर पु० स्नेह २६९ अणुराअ ६४० अणुरोह १५३ अणुवेल पु. मौन रखनेवाला Not-addressing Fish न० रणभूमि का अग्रभाग Van of an army Wind Army Servant पु० पश्चात्ताप Repentance क्रि०वि० रोज, हमेशा Daily क्रि०वि० क्रम से-क्रमवार Successively स्त्री० परंपरा-क्रम Sequence स्त्री० छोटी घंटडी-धूघरी- Small bells टोकरी पुं० सहायक-सहचर-सेवक Servant Affection पुं० दाक्षिण्य Kindness क्रि०वि० निरंतर Constantly पुं० पश्चात्ताप Repentance वि० अनुभव किया हुआ Experienced Bird वि० खोजा हुआ Sought after वि० तत्क्षण-आकस्मिक Suddenly स्त्री० सखी Female friend Mother-in-Law स्त्री० पीडा Pain न० अस्त्र Weapon स्त्री० सभा Assembly पु० सहाय Help वि० विस्तीर्ण-आस्तीर्ण Strewn Wealth Anxiety पुं० दर्पण Mirror अनुचर अनुराग अनुरोध अनुवेल अनुशय अनुभूत अण्डज अन्वेषित अतर्कित ४४१ अणुसय ६४५ अणुहूअ पु० पक्षी ६१ अंडय ५६१ अण्णेसिअ १७ अतक्किम अत्ता २२१ अत्ता . स्त्री० सासू ८६८ अत्ता ४३४ अत्ति अत्ता आति २७३ अत्थ अस्त्र आस्थानी ४५९ अत्थाणी ६५२ अत्थार* ६४९ अत्यु ७८.अत्थ ४४७ अदिहि २६५ अदाअ* आस्तृत अर्थ अधृति पु० घन स्त्री० अधैर्य ५ पु० पर्वत ७९ अद्दि अद्रि ६४२ अद्ध अध ९६९ अनिमीलिअ अधनिमीलित अध्वर अध्वान्त पु० मार्ग अध्वन् अनिबद्ध अन्तक अन्तर अन्तर पु० विघ्न ३२९ अद्धर ४८३ अद्धत* ८३ अद्धाण ९२५ अनिबद्ध २७ अंत १०५ अंतर ११३ अंतर ४२५ अंतराय ३४ अतरिक्ख ४९९ अंतरिक्ष १६१ अंति १९२ अन्तेवासिन् ९९२ अंतो ७६ अंधयार ७९६ अन्नह ६११ अपच्छिम वि० ढका हुआ अन्तराय अन्तरिक्ष अन्तरित अन्तिक अन्तेवासिन् अन्तर् अन्धकार Mountain न० आधा Half वि० आँख आधी मींचना-Half closed आंख मीचौनी पुं० यज्ञ Sacrifice पु० अंत-पर्यत-रास्ते का अंत Ends limits Path वि. अव्यवस्थित Inappropriate पु० यम, काल Yama न० छिद्र-छेद Hole, cleft न० समय Opportunity Obstacle न० आकाश Sky, air Hidden न० पास में Near पुं० शिष्य, चेला Pupil अ० अंदर-बीचमें In न० अंधेरा Drakness अ० नहीं तो Other wise वि० अंतिम Last वि० स्वाधीन Independent स्त्री०स्वच्छंद स्त्री Selfwilled woman वि० संदेश दिया हुआ Pointed out वि० अपना-निजका-आपुला Own Filled स्त्रो० स्त्री Woman पु० बालक वि० पास-समीप Near Rahu न० आभ-मेघ-वरसाद Cloud न० आभ, आकाश Sky अन्यथा अपश्चिम ९१२ अप्पवस आत्मवश १३ अप्पवसा आत्मवशा ५३० अपाहिम संदिष्ट ७४० अपुल्लय १४२ अप्फुण्ण* वि० पूर्ण १२ अबला आत्मभव आपूर्ण-आक्रान्त अबला अर्भक अभ्यर्ण अनपिशाच ९५ अब्भ Little boy पुं० राहु १६१ अब्भण्ण ३८ अब्भपिसा* ३३ अन्म ३४ अब्भ অম্ব अभ्र ४६७ अब्भास अभ्यास १६१ अब्भास ५४८ अभिडिअ अभ्याश संगत न० आश्चर्य ४५१ अब्भुअ ५४० अब्भुवगय अद्भुत अभ्युपगत अमात्य १९१ अमञ्च अमृत २८३ अमय ६०७ अमरचंदण अमरचन्दन पु० अभ्यास-एक ही Repeate, study काम को वारंवार करना क्रि०वि० पास-निकट Near वि० आपतित-मिला हुआ-United, joined समागम हुआ Portent वि० स्वीकार किया हुआ Obtained पु० मत्री-प्रधान Minister न० अमृत Nectar न० हरिचदन-गोरुचदन Goshirsh chandan God स्त्री० देव की नगरी-स्वर्ग Town of gods Anger न० देव का वन-नन्दनवन Indra's garden Enemy पुं० कोरंट का वृक्ष Yellow Amaranth न० आकाश Sky न० वस्त्र Garment पु० आम का पेड-आम का Mango पुं० देव २४ अमर १६८ अमरावई ४३५ अमरिस १७६ अमरुज्जाण ५० अमित्त ३८४ अमिलाण ३४ अंबर ११८ अंबर अमर अमरावती अमर्श अमरोद्यान अमित्र पुं० क्रोध पुं० शत्रु अम्लान अम्बर अम्बर ३६९ अंब आम्र अम्लिका न० पानी ३७१ अंबिलिआ ३५ अंबु १० अंबुरुह ३०८ अयड* ८३६ अयंड अम्बु अम्बुरुह अवट अकाण्ड स्त्री० इमली Tamarind Water न० कमल Lotus पुं० कुँआ Well क्रि०वि० अचानक Suddenly, Inopportunely पुं० पहाड Mountain वि० मूर्ख Fool स्त्री० अधीरज-बेचेनी Anxiely न० जगलमें आया हुआ Field in the खेत forest ७९ अयल अचल १२१ अयाणय ४४७ अरइ अज्ञायक अरति अरण्यक्षेत्र ३५६ अरछित्त ५० अराइ पुं० शत्रु, वैरी पुं० गेहना १० अरविंद अरविन्द न० कमल Lotus १७१ अरहा अर्हन् पुं० जिन, पूज्य, पूजा के Tirthaankara योग्य ३१४ अरहट्ट अरघट्ट पु० रेंट, पानी निकालने Water wheel का रहट अराति Enemy ५० अरि अरि पुं० Enemy ६०९ अरुणताव अरुणताप पुं० सुबह की धूप Morning sun १६६ अरुण अरुण वि० लाल Red २५३ अलकार अलकार Ornament ९०० अलबुस अलम्बुस न० एक प्रकार का कोमल Kind of छोड sensitive plant १७० अलया अलका स्त्री० कुबेर की नगरी-अलका Kuvera's town ९०५ अलय अलक पु० वाल की लट Lock १५ अलस अलस वि० धीरा-ढीला Slow ६०२ अलस अलस वि० मीठा और गंभीर Sweet and अवाज वाला low sound ४९२ अलाबु अलाबु न० लौकी-तुबा Bottle-gourd ७३० अलाय अलात न० जलता हुआ लकडा Fire-brand ६८३ अलिंजरअ* अलिञ्जरक पु० रंगने का बडा पात्र Jar अलि Bee ६२१ अलिअपोरुसालाव अलीकपौरुषालाप पु० मिथ्या अभिमान Bragging अलीक न० झूठ-असत्य Falsely २३६ अलिक अलिक न० कपाल Forehead ९२३ अलिविरुअ अलिविस्त न० भमरे का गुजना Humming of bees ५०९ अल्लीण आलीन वि० पास में आया हुआ Closely approached ३५९ अवएस अपदेश पु० बाना-छल Pretence १०७ अवकरस* अपक्वरस पु० मधु-मद्य Rum अपाङ्ग पुं० कटाक्ष Side-glance ५२० अवचि अवचित वि० फूलों की इकट्ठे करना Gathered from a tree ११ अलि पु० भँवरा ८६ अलिअ ७५३ अवंग ८ अवटु ८४८ अवडु १६४ अवदाय ८४ अवयस अवदात अवतस पु० हडीयो-कंठमणि Nape of neck वि० उज्ज्वल White पु० कान में पहेरने का Garland, flower गेहना Stuck into the ear वि० आलिंगन किया हुआ- Embraced १५१ अवयासि श्लिष्ट भेट हुई अपरक्तक उपरितन ४४१ अवरत्तय* ४९० अवरिल्ल ४६२ अव एंडण* ८९ अवलेअ ११३ अवसर १३८ अबहत्थि अवलेप अवसर अपहस्तित ४६८ अवहिअ ७०१ अवाण ९९१ अवि १५३ अविरय १५३ अविराम ६६९ अविला १७ अविहाविअ ७९१ अवेसिण* अवहित अपान अपि अविरत अविराम अविला अविभावित न० पश्चात्ताप Repentance न० उत्तरीय वस्त्र-खेस Upper gament न० परिरंभण, आलिंगन Embrace पु० अहकार Pride पुं० काल-समय Opportunity वि० तिरस्कृत-छोड दिया Abandoned, part वि० सावधान Alert न० गुदा Anus अ० विलापसूचक Alas! क्रि० वि० नित्य, हमेशा Constantly वि० Constantly स्त्री० मेडी-मेषी Ewe क्रि वि० अचानक-विना विचार Suddenly पुं० द्वारफलिह-द्वारपरिघ-Panels of the दरवाजे में लगा हुआ door काठ आदि का तख्ता . अव्याहार ४३१ अव्वाहार ९९५ अव्वो अशक्य ६२० असक्क ८६ असच्च असत्य पुं० नहीं बोलना अ० खेदादि का सूचक वि० अशक्य वि०, झूठ, असत्य न० अशन वृक्ष पुं० वज्र वि० असत्य क्रि०वि० अव्यवस्थित Not addressing Ho! Feeble False Tree Thnderbolt Falsely Inappropriate अशन अशनि ८९६ असण १८४ असणि ८६ असब्भू ९२५ असमंजस असद्भुत असमञ्जस ८१२ असहण असहन वि० ७१५ असह असह वि० असामर्थ्य न० छोटी छुरी ४२६ असामत्थ ९६५ असिधेणुआ २७५ असिमुट्ठि १३४ असि १६३ असि ५४ असि असिधेनुका असिमुष्टि अशित असित असि स्त्री० स्त्री० वि० वि० ८०७ असुदर ३२ असुर असुन्दर असुर अशोक पु० वि० पुं० पु० असुर, दैत्य ६८२ असो अदस् अहकार ८४२ अह ८९ अहकार ८५ अह २०१ अहम ८५ अहम्म ४१७ अह ४८५ अहिउत्त सवि० पुं० न० वि० अघ सहन नहीं करनेवाला-Angry क्रोधी खेद करनेवाला Feeble निर्बलता-कमजोरी- Feebleness Knife तरवार की मूठ Sword-hilt भोजन किया हुआ Eaten श्याम-काला Black तरवार Sword खराब Ugly, nasty Asura आसोपालव का पेड- Jonesia Ashoka अशोक वृक्ष वह-परोक्ष वह This, that अहकार Pride पाप Sin नीच Low अधर्म-पाप Sin दिवस Day उजमाल, उद्यत-तत्पर Intent on जाना हुआ-पाया हुआ Understood दुःखी Tormented नया, ताजा New अधिक Eexceeding, in excess सूर्य Sun नम्र-कुलीन-खानदान Noble अधिकार Topic सुन्दर Lovely पूर्ण-भरा हुआ Filled निसैनी-सीढी Ladder, stairs पराजय पाया हुआ Defeated अधम अधर्म न. १६२ अहिगय ५४९ अहिड्य अहन् अभियुक्त अधिगत अभिद्रुत अभिनव अधिक वि० वि० वि० वि० वि० ४३७ अहिणव ८३१ अहिल पु० ४ अहिमयर अहिमकर १९८ अहियाअ अभिजात वि० ७८० अहियार अधिकार पुं० १४ अहिराम अभिराम वि० १४२ अहिरेमइअ* पूर्ण वि० २७१ अहिरोहणिआ अधिरोहणिका स्त्री० ५५३ अहिलि* वि० ** ९१ अहिसारिआ अभिसारिका स्त्री० व्यभिचारिणी स्त्री Unchaste न० नाम, संज्ञा ४३३ अहिहाण ३१ अहि अभिधान अहि woman Name Snake पु० सर्प आ Frightened Thrown १३२ आइग्ग आविग्न वि० भयभीत-डरा, हुआ ५४५ आइद्ध आविद्ध वि० फेंका हुआ-विधा हुआ, व्याप्त १३६ आउबालिय आप्लावित वि० जल से छाटा हुआ- जल से भीगा हुआ ४७५ आउल आकुल वि० आकुल-गभराया हुआ २७३ आउह आयुध न. अस्त्र ४८१ आएस आदेश पुं० हुकम, आज्ञा ५२४ आओडिअ आकुटित वि० कुटा हुआ-मारा हुआ ९० आडबरिल्ल आडम्बरवत् वि. आडबरी ९१४ आडोव आटोप पुं० आडंबर-घटाटोप ७८९ आढत्त आरब्ध वि० शुरू किया हुआ २३२ आणण आनन ४२७ आणद आनन्द आनद, खुशी ८२ आम आमय पुं० रोग, दर्द ३४९ आमेल आपीड पु० कलगी-छोगा ३७९ आमोअ आमोद पु. सुगंध Sporting in the water Confused Weapon Order Beaten Proud Pride Begun Face Pleasure Disease Tufts, garland Perfume, fragrance Joy Future मुख - मुंह पुं ४६३ आमोअ आमोद आयति ९३५ आयइ पु० हर्ष-आनंद स्त्री० भविष्यत्काल-आनेवाली स्थिति पु० रोग ८२ आयंक ५२५ आयण्णि १६६ आयबिर आतङ्क आकर्णित आताम्र वि० सुना हुआ वि० वि० लम्बा Disease Heard Brown Long Mirror ४८४ आयय २६५ आयरिस आयत आदर्श पु० आरिसो-दर्पण ११ ४४९ आयर Disease ८२ आयल ४५२ आयाम ८४१ आयार ६०९ आयावलय* न० ४६६ आरक्ख ७८९ आरद्ध न० राब, आदर पु० आदर-मान Respect, Under standing पु० रोग आयाम पु० लम्बाई Length, extent आकार पुं० आकार-दूसरे को Deportment समजाने की चेष्टा आतापलव सुबह की धूप Morning Sun आरक्ष पुं० नगरको रक्षा करनेवाला, Watchman कोतवाल आरब्ध वि० आरब्ध-शुरू किया हुआ Begun आरनाल कांजी Sour gruel आरम्भ पु० प्रारंभ-शुरूआत Beginning आराम पुं० वाडी Garden आरूढ़ वि० चडा हुआ-सवार हुआ Ascended आरेचित वि० रोमांचयुक्त Horripilated ओरापित वि० चडाया हुआ-आरोप किया Placed on गया आलवाल न० क्यारी-छोटी क्यारी Basin round a tree आलान पु० हाथी को बांधनेका खीला Post for tying elephants आलिङ्गितक वि० मेटा हुआ Embraced आश्लिष्ट वि० भेटा हुआ-चोंटा हुआ- Touched २६८ आरनाल ४२८ आरंभ ३४३ आराम ८३० आरूढ १३७ आरेइअ ९१९ आरोवि बगीचा, ३४४ ३४४ आलवाल ५९९ आलाण १५१ आलिंगियय १५० आलिद्ध चिपका हुआ २२१ आलि १५० आलुखि आलि आश्लिष्ट ९९८ आल मतु १प्र० स्त्री० सखी Female friend वि० भेटा हुआ-चिपका हुआ Touched 'वाला' अर्थका सूचक प्रत्यय-Affix' जैसे 'दयाल'-दयावाला पुं० प्रकाश Light वि० संगत United पु० व्यापारी Merchant ७५ आलो ५४८ आवडिअ २०८ आवणि आलोक आपतित आपणिक बनिया, १ प्र०-प्रत्यय १२ आपण २५९ आवण २६० आवत्त आतपत्र आवर्त ३०४ आवत्त आपगा ३६ आवया ४७१ आवया १०६ आवली ४३८ आवाअ आपत् आवली आपात आवास ७७ आवास ९५५ आवि* ७२२ आविल १२० आसंसा आविल आशसा ९६७ आस आशय २७० आसण आसन न० अश्वत्थ ८९७ आसत्थ ७८३ आसत्थ पु० बजार, हाट Market छत्र Parasols पुं० पानी में होनेवाले गोल Whirlpool गोल कुडाले स्त्री० नदी River स्त्री० आपत्ति, आपदा Misfortune स्त्री० पांती, श्रेणी Row पु० आरम्भ किसी भी कामका Beginning, पहला समय Present time पुं० घर Dwelling वि० परोया हुआ Stiched, Pierced वि० भीगा हुआ- मैला Muddy स्त्री० इच्छा Wish पु० आशय, हृदय Heart आसन Seat पु० पीपल का पेड Asvattha वि० विश्राम पाया हुआ, Rested आश्वासन पाया हुआ वि० बेठनेका ऊचा आसन Seat कुरसी जैसा आसन वि० पास-समीप Near स्त्री. दिशा Quarter of the horizon स्त्री० आशा, मनोरथ Wish पुं- धूलकी वृष्टि Hard Shower पुं० घोडा Horse पुं० आसोज महिना Month Asvin न० गेहना Ornament न० लडाई Battle वि० त्रास पाया हुआ Confused वि० बना हुआ-धरा हुआ Made वि० बोलाया हुआ Called आश्वस्त ९६१ आसंदी आसन्दी १६१ आसन्न आसन्न ६९० आसा आशा ९७५ आसा आशा आसार अश्व आश्विन आभरण ८२३ आसार ४५ आस ६१७ आसिण २२३ आहरण ४६ आहव ४७५ आहित्य १३३ आहि ८३२ आहूअ आहव आत्रस्त आहित आहूत १३ ७०२ आहोरण आधोरण पुं० महावत Mahout इ Intent on १७ इक्कवए इसारा-संकेत " ९९८.इत्त ४६८ इक्कग्गमण एकाग्रमनस् न० एकचित्त ३७७ इक्कग* एकाङ्ग चंदन, सुखड Sandal एकपदे अ० शीघ्र-एकाएक Suddenly १७ इक्कसरिय* अ० Suddenly ३६३ इक्खु इक्षु पुं० ईख-ऊख Sugar-cane ६१४ इगालि* स्त्री० ईख का टुकडा-गडेरी Stem of Sugar-cane ४२२ इगाल अङ्गार पु० अङ्गारा Fire-brand ८४१ इगिअ इङ्गित न० Gesture, deportment १२० इच्छा इच्छा स्त्री० इच्छा Desire ११४ इण्हि इदानीम् अ० इस समय Now ११४ इत्ताहे इदानीम् अ० Now मतु संबधसूचक प्रत्यय-देखो Affix' "आल' ४४८ इत्तोप्पं एतत्प्रभृति क्रि० वि० इधरसे शुरू करके-यहीसे Hence forth लेकर १८५ इंदधणु इन्द्रधनुष् मेघधनुष-सूर्यकी feftü Rainbow वादलों पर पड़ने से आकाश में जो विविध रंगी धनुष आकार दीख पड़ता है वह ६२ इंदमहकामुअ*इन्द्रमहकामुक पु० कुत्ता Dog ४१२ इदमह इन्द्रमह पु० कुमारी में पेदा हुआ Born from a Virgin १८१ इदाणी इन्द्राणी स्त्री० इद्राणी Indrani ११ इदिदिर* इन्दिन्दिर पु० भौंरा Bee २४० इंदिय इन्द्रिय न० इंद्रिय Organ ५७ इदीवर इन्दीवर कमल Blue lotus इन्दु पुं० चद्र-चांद Moon १४ ३८८ इंदोव* १९४ इब्म ८.२ इम ८४३ इमा ८१४ इअ hur २०१ इअर इन्द्रगोप पु० एक प्रकार का कीडा Insect Cochineal इभ्य पु० धनवान्-धनवाला Rich इदम्-अयम् स०वि० यह मनुष्य This masc म्-इयम् स्त्री० सर्वनाम० आ-यह-स्त्री This fem अ० इस प्रकार, समाप्तिसूचक Thus इतर वि० नीच, अन्य Bad प्र० स्वभावसूचक प्रत्यय-जैसे- -जैसे- 'Affix नच्चिर-स्वाभाविक नाचनेवाला पु० वाघ Tiger मतु प्र० संबधसूचक प्रत्यय देखो-'आल' ' Affix ' इषु बाण Arrow ऋधक् अ० जल्दी Now इतरथा अ० अन्यथा, नहीं तो Otherwise ६८ इल्लि* ९९८ इल्ल पु० ५१ इसु ११४ इहई ७९६ इहरा thor ७७७ ईसि १२० ईहा ईषत् ईहा क्रि० वि० थोडा स्त्री० इच्छा Little Desire ९९५ उ ६२३ उउ ४९६ उक्कडिअ ८०३ उक्कठा ६७३ उक्का १८ उक्केर ६९७ उक्कोडा* ३९५ उक्ख १४३ उक्खित्त ५१७ उक्खित्त ५१७ उक्खोडिअ ३०६ उग्गाल ओ Particle अ० खेदादि का सूचक ऋतु पु० ऋतु Season उत्कटित-उत्कृत्त वि० काटा हुआ-तोडा हुआ Split, injured उत्कण्ठा स्त्री० उत्कंठा-होश Longing उल्का Fire-brand स्त्री० उल्का उत्कर पुं० समूह Heap, collection उत्कोटा स्त्री० लांच Bribe उक्षन् पु० बैल Bull उत्क्षिप्त वि० ऊचे फेंका हुआ उत्क्षिप्त वि० उखाडा हुआ Thrown out उत्खोटित वि० Thrown out उद्वार पानीका छोटा प्रवाह Brook Thrown up १५ पुं० ९७३ उचि ३९४ उग्गाल उद्गार पुं० उगलना-जुगाली करना Chewing the cud ५२२ उग्गिलिअ उद्गीर्ण वि० वमन किया हुआ Vomited ५४६ उग्गाहिअ उद्ग्राहित वि. उद्ग्राहित-ऊचा किया हुआ Raised ४२८ उग्घा उद्घात आरम्भ-शुरूआत Beginning उचित वि० उचित, ठीक Proper ४९१ उच्च उच्चय पु० घाघरे की नाडी Knot to fasten the petticoat ६१६ उच्चत्त उत्त्यक्त वि० पड़ा हुआ-छोडा हुआ Loosened fallen ६६३ उच्चत्तवरत्तय* क्रि० वि० दोनों बाजु ऊचा नीचा Turning from करना-इधर उधर करना one side to the other ६१२ उच्च उच्च वि० ऊचा High ७९५ उचलण उच्चलन न० उन्मर्दन Rub, Shampoo ५११ उच्चिडिम उच्चिटिम वि० मिजाजी-मर्यादा हीन Boundless ५२० उञ्चिणि उचित वि० चुटा हुआ Gathered from a tree १५८ उचिवलय* न० गदा पानी Muddy water १४३ उच्छूढ उत्क्षिप्त वि. ऊचे फेंका हुआ Torn out वि० चिंतातुर-उदास Sad ७७५ उच्छंग उत्सङ्गा पुं. गोद-खोला Lap ६७६ उच्छंटअ* उच्छण्टक शीघ्र चोरी करना Sleight of hand in Stealing ५०४ उच्छलिअ उच्छलित वि० ऊछला हुआ Moved upwards १४७ उच्छित्त उत्क्षिप्त वि० फेंका हुआ Thrown out of order ६१४ उच्छुगडीरी इक्षुगण्डिरी स्त्री० ईखका टुकडा Stem of Sugar- १३२ उच्चेय उच्चेतस् cane ५९३ उच्छुण्ण उत्क्षुण्ण वि० टूटा हुआ Broken, crushed Sugarcane field ३६३ उच्छुवण इक्षुवण न० ईखका खेत-वन ३६३ उच्छु ४८५ उज्जअ Intent on ३४३ उजाण १६ उज्जालिअ Intent on ४८५ उज्जुत्त ४८८ उज्जुय सरल, ७५ उज्जो १३८ उज्झि ७७० उछ वि० Thrown up Flown up ऊडा हुआ ३९८ उडव १७४ उड ९० उड्डामर ५१७ उड्डिहिअ* ५७४ उड्डीण ३८९ उन्ननाह ७२ उह ८४ उत्तस १२९ उत्तणुअ १३२ उत्तत्थ ७५७ उत्ताप २३५ उत्तमग ५७५ उत्तम्मिर ४९. उत्तरिज १२९ उत्ताण ५३५ उत्तेजिअय ५८५ उत्थरिअ* ५०४ उत्थल्लिअ पुं० ईख-ऊख Sugarcane उद्यत वि० उजमाल-तत्पर उद्यान न० वाडी, बगीचा Garden उज्ज्वालित वि० चमका हुआ-जलाया हुआ Shining उद्युक्त वि० उद्योग युक्त ऋजुक वि० सीघा Straight उद्योत प्रकाश Light उज्झित वि० छोडा हुआ-त्यक्त Abandoned पुं० छीपा-कपडों को छापनेवाला Dyer ओष्ठ पुं० ओठ Lip उटज न० झोंपडी Hermitage उडु नक्षत्र Constellation उड्डामर बि० आडबरी False, showy ऊपर फेंका हुआ उड्डीन वि० ऊर्णनाभ पुं० मकडी-करोलिया Spider उष्ण वि० गरम Heat उत्तंस पुं० कान में पहननेका गेहना Ear-ornament उत्तनुक वि० अभिमानी Proud उतूत्रस्त त्रास पाया हुआ Frightened उत्तल्प वि० उद्धृत Proud उत्तमाङ्ग माथा- सिर Head उत्तान्त वि० थका हुआ-खेद पाया हुआ Distressed उत्तरीय दुपट्टा-खेस-उपरणी-चद्दर Upper garment उत्तान वि० चित पडा हुआ,ऊर्व मुखवाला Proud उत्तेजितक वि. उत्तेजित Encouraged उत्स्तरित वि० दबाया हुआ Attacked उत्स्थलित वि० मूल जगह से हटा हुआ- Moved उछला हुआ upwards उदक पानी Water उदृप्त चि० स्फुटित Torn out वि० ३५ उदय ५१३ उद्दरिअ १३ उद्दामा उद्दामा स्त्री० स्वेच्छाचारिणी स्त्री Self-willed woman पुं Flown up ५०० उद्दालिअ उद्दालित वि० टूटा हुआ Split १६ उद्दीवि उद्दीपित वि० प्रकाशित Shining ५१२ उद्धकय ऊर्ध्वकृत वि० ऊंचा किया हुआ Raised ७५५ उद्ध ऊर्ध्व वि० ऊपर High ७५७ उद्धय उद्धत वि० उद्धत, उन्मत्त Proud १४३ उद्धरिअ उद्धृत वि० उद्धार किया हुआ Taken out १४२ उद्धमाय* पूर्ण वि० पूरा Filled ६१२ उद्धर उद्धर वि. ऊँचा High ५०८ उन्नामि उन्नामित वि० चडा हुआ Bent upwards ५०८ उन्नालिअ उन्नालित वि० Bent upwards ४६० उमाह उन्नाह उंचाई Elevation ५१९ उन्नुइअ* वि० कुत्तेने भोंका हुआ Barking ५७४ उप्पइअ उत्पतित वि० ऊचे गया हुआ १८ उप्पक उत्पङ्क पु० समूह Heap, collection १४३ उप्पाडिअ उत्पाटित वि० उद्धार किया हुआ Torn out ८०३ उप्पाहल* उत्कंठा, होश Longing ४७५ उप्पित्थर वि० व्याकुल Confused ५३८ उप्पुणि उत्पूत Winnowed ९० उप्पेहड़ वि० आडबरी False, Showy १४५ उप्फालिअ उत्स्फालित न० सूचन-पैशुन्य करना Spoken १२३ उत्फाल* उत्स्फाल Wicked १४४ उप्फुल्ल उत्फुल्ल वि० फुला हुआ Blown as a flower ९० उब्भड उद्भट वि० उन्मत्त Hypocritical उद्भटवेष वि० उन्मत्त की तरह पहनाववाला Splendidly dressed ७५५ उब्भय ऊर्ध्वक वि० ऊँचा-खडा-ऊभा High ५३८ उम्भालिअ उद्भालित वि० उद्भालित-सूप आदिसे Winnowed साफ किया हुआ वि० उत्पूत पु० दुर्जन ५६७ उब्भडवेस ५६ उम्मि Wave १६ उन्भुत्तिअय* प्रदीप्त वि० उद्दीप्त-शोभा युक्त Shining ८१८ उबरअ उदुम्बर पु० गूलर का पेड Tree ७९५ उम्मलण उन्मर्दन न० मर्दन करना Rub, Shampoo ३५२ उम्माल निर्माल्य निर्माल्य देव को चडी हुई Residue वस्तु १४४ उम्मिल्ल उन्मिलित वि० खिला हुआ-विकसित Blown as a flower ऊर्मि पु० पानी के तरंग ५४३ उम्मुट्ठ उन्मृष्ट वि० छूआ हुआ Wiped out ७३० उम्मुअ उलमुक न० लूका-अलात Firebrand ७२ उम्ह उष्मन् पु० बाफ-गरमी Heat ६८७ उअ उत अ० देखो Look ४९१ उअट्टी* स्त्री० नीवी, नाडी Knot to fasten petticoat ११२ उअत उदन्त पु० समाचार-वृत्तान्त News २३८ उअर उदर पेट Stomach ३१ उरअ उरग पुं० सप Snake २७४ उरत्थय उरस्त्रक छाती को बचानेवाला-बख्तर Coat of mail ८५५ उर उरस् छाती Breast १५७ उरु उरु वि० विशाल Wide ४३८ उरो* न० शुरूआत, आरंभ Beginning ६२८ उलवी* स्त्री० पानी को सुगधित करनेवाला Andropogon एक प्रकार का घास. Muricatus ३९३ उलू उलूक पु० उल्लू-घूड Owl ५९२ उल्लंडिअ उल्लण्डित वि. विरेचित-बहार फेंका हुआ Emptied ५३१ उल्ल आर्द्र वि० गिला-आला Wet ५७२ उल्लिहिअ उल्लिखित वि० घीसा हुआ-पीसा हुआ Scraped, thinned ८९० उल्लूढ वि० ऊगा हुआ-अंकुरित Sprouting ४९६ उल्लूरिअ* उल्लुनित वि० काटा हुआ-तोडा हुआ Split, injured .१३० उल्लेहड* उल्लेह वि० लालचुलब्ध Covetoug उबूढ १९ ५६ उल्लोल* ६६२ उल्लोअ उल्लोल उल्लोच उपगूढ उपग BB १५१ उवऊढ ६०० उवअ* ५०९ उवगय ५२७ उवणी ६२५ उवयार उपगत उपनीत उपचार से ग्रस्त पानीका तरंग Wave कपडे की चांदनी Awning वि० आलिंगित Embraced पु० हाथीको पकडनेका गड्डा Pit for catching elephants वि० पास गया हुआ Approached बि० पास लाया हुआ Given पु० उपचार, सामग्री, उपाय Offering of flowers वि० राहु Eclipsed वि. पाषाण, पत्थर Stone पु० पास गया हुआ-प्राप्त Approached सिरहाना-उसीसा-तकिया Pillow वि. उपभोग किया हुआ Enjoyed न० मेट में देने की वस्तु Present पुं० उपेन्द्र Upendra वि. वमन किया हुआ Vomited वि. थका हुआ Distressed, tired वि० उद्वेग युक्त Frightened वि० उद्भट पहनाववाला Splendidly dressed वि० फैला हुआ Stretched out पुं० शुक्र Sukra न० कमल का ततु Andropogan Muricatus पुं० ऊचाई Elevation ७२५ उवरत्त उपरत ३२० उवल उपल ५०९ उत्रसप्पिअय उपसर्पितक २६३ उवहाण उपधान उपभुक्त ७६६ उवायण उपायन २१ उविंद उपेन्द्र ५२२ उव्वमि उद्वान्त १३१ उव्वाय उद्वात १३२ उविग्ग उद्विग्न ५६७ उबिव्व उबिम्ब ४९८ उवहुत्त ५३३ उव्वेल्ल १८७ उसण प्रसृत उशनस् उशीर . ३८५ उसीर ४६० उस्सेह उत्सेध ६८५ ऊढा ९३७ ऊढिअय ऊढा ऊढितक ५७८ ऊअट्ठ अववृष्ट स्त्री. विवाहित स्त्री Wife न० ओढना-ढकना Covered वि० अववृष्ट-वरसाद से बिगडा Rained on हुआ वि० रोमांचित-उल्लसित Horripilated १३७ ऊसलिम उल्लसित २० ५१२ ऊसवि उत्सवित १६ ऊसिकिअ* प्रदीप्त ५३६ ऊसित्त अवसिक्त २६३ ऊसीस उच्छीर्ष वि० ऊंचा किया हुआ वि० दीपित वि० न० सिरहाना तकिया Raised Shined Anointed Pillow छांटा हुआ ए ७० एणी एणी ४५४ एमेअ एवमेव ४४८ एअप्पभिइ एतत्प्रभृति ८१४ एव एवम् ५६० ओइण्ण ६०६ ओऊल अवतीर्ण अवचूल अवझर अवनत झुंड अपमस्तक ६५७ ओज्झर ४४३ ओणय १८ ओप्पील* ४४३ ओमत्थ ४४३ ओयत्त ५६० ओअरिअ ५८१ ओरत्तर ५८१ ओरंपिअ* अववृत्त अवतीर्ण स्त्री० हरणी Doe अ० ऐसा ही In vain अ० यहांसे वा इधरसे लेकरके Hence forth अ० ऐसा Thus ओ वि० अवतार पाया हुआ. Descended न० झूमणा-विशेष प्रकार का A pendant लंबा गेहना ornament झरना Torrent वि० अवनति पाया हुआ Bent, down पुं० समूह, जत्था, Heap वि० माथा नीचे किया हुआ Bending down वि० अधोमुख Bending down वि० अवतार पाया हुआ Descended वि० फाडा हुआ Split, torn वि० पतला किया हुआ-छोला Torn, split हुआ वि० शोभायमान Beautiful वि० लम्बा और मधुर Long and sweet वि. पिनद्ध, ढका हुआ Dressed, accontred पुं० श्येन-बाज पक्षी Falwn वि० उपलिप्त Smeared स्त्री० श्रेणी Line, row वि० रोगी Feeble, disease अवतष्ट औदारिक ५७१ ओरालिअय ६०३ ओरिल्ल* ४८९ ओलइ* ६२९ ओलाव* ५३६ ओलित्त १०६ ओली ४७. ओलुग्ग उपलिप्त आवली अवरुग्ण २१ उपवल्गित उपयाचित Attacked Prayer अवकाश Place, space ५८५ ओवग्गिअ ४२४ ओवाइअ ९१७ ओवास ५०३ ओसक* ५६५ ओसद्ध* ५०३ ओसरिअ ५६८ ओसरिअ ४९७ ओसिंघि ५३९ ओहामि ३१७ ओहार* ५९६ ओहीरइ ५०७ ओहीरंत १८ ओह अवशुद्ध अपमृत उपसरित वि० आक्रांत, व्याप्त वि० मनौती पुं० अवकाश वि० अपमृत वि० अवशुद्ध वि० पीछे हठा हुआ वि० पास में आया हुआ वि० सुघा हुआ वि० तुला हुआ पु० कछुआ-काचबा क्रि० निद्रा लेता है वि० निद्रा लेता हुआ पुं० समूह अवघ्राण तुलित Departed Thrown down Departed Gone to meet Smelt at Weighed Turtles He sleeps Sleeping Heap, Collection निद्राति निद्रात् ओघ ४१६ कइअव १७८ कइलास ६५ कई ३०५ कक्कडय पु० केकडा ८७७ ककघु १२८ कक्कस ८५८ कक्खा ८३७ कंकलास ६८२ ककेल्लि* ३८२ कंकोड* कैतव न० कपट Fraud कैलास पु० कैलास पर्वत Kailas कपि पु० बन्दर Monkey कर्कटक Crab कर्कन्धू स्त्री० बोरडी का बृक्ष Jujube tree ककश वि० निष्ठुर, कठिन Hard कक्षा स्त्री० कांख-बगल Armpit कङ्कलास गिरगिट-काकीडा Lizard पु० अशोक वृक्ष, आसोपालव Jonesia Asoka कर्कोट ककोडा A kind of vegetable fruit, Kantola का स्त्री० कांगन Pahicum Italicum कात्यायनी स्त्री० पार्वती Parvati कच्छप पुं० कछुआ-काचबा Turtles कच्छा स्त्री० कमर का गेहना-कटिमेखला Girdle ८८७ कगु ३ कच्चायणी ३१७ कच्छह २४९ कच्छा २२ ५८२ कजलइअ कज्जलित वि० काला-काजलवाला Smeared with Collyrium Stack of ६६१ कज्जव* पुं० कीच-कचरा २४९ कची काञ्ची स्त्री० कटिमेखला पु० चोली-काँचली कञ्चुकक grass Girdle Coat of mail Wood Side glance Ridges काष्ठ न० ११६ कचुअय ४०८ कट्ठ ७५३ कडक्ख ३३० कडय काष्ठ-लकडा कटाक्ष पु० कटाक्ष पर्वत का मूल भाग वा कटक मध्य भाग १६५ कडार ७२८ कडिखभ* Iron spoon ११७ कडिल्ल * ७३७ कडुच्छुअ* ३०१ कडुयाल ५०१ कड्डिअय १२८ कढिण ५६९ कणइअ* कडार वि० भूरा रंग Brown कटीस्तम्भ पुं० कमर पर हाथ रखना Placing the hand on the hip कटीभव न० कटी संबंधी वस्त्र Lower garment पु० बडा कडछा-कडछी पुं० छोटी मछली Small fish कर्षित वि० खींचा हुआ Drawn near कठिन वि० कठोर Hard छोटे छोटे बिंदुओं से युक्त Covered with Spots पुं० तोता Parrot लता Creeper पुं० बाण Arrow कनकगिरि पुं० मे रु Meru कनक सोना Gold करवीर पुर कनेर का पेड Oleander कणाकीर्ण वि० छोटे छोटे बिंदुओं से युक्त Covered with spots क्वणित न० नुपूर-झांझर Anklet वि० फरकना-धडकना Quivering स्त्री० २.९१ कणइल* ३३४ कणई ५१ कणअ* १७७ कणयगिरि ८० कणय ३७४ कमवीर ५६९ कणायण्ण . ३५१ कणिर ९८५ कणी* २४ ३४२ कमलरअ ७० कमला १७२ कमला २ कमलासण ३८७ कमलिणी २२६ कम ७१६ कमेल ७०९ कंबु ८५ कम्मस १३३ कय २७ कयंत ५८३ कयपरिवेस ८७३ कयली ६६१ कयवर* २८९ कयवा कमलरजस् पुं० कमल की रज-कमल का Pollen of पराग lotus कमला स्त्री० हरणी Doe कमला स्त्री० लक्ष्मी Laxshmi कमलासन पुं० ब्रह्मा Brahma कमलिनी स्त्री० कमलिनी Lotus pond क्रम पु० पांव-पग-पेर Foot क्रमेलक पु० ऊट Camel कम्बु पुं० शख Conch कल्मष पाप Sin कृत वि० किया हुआ Made कृतान्त पुं० यम Yama कृतपरिवेष चारो तरफसे व्याप्त कदली स्त्री० केल Plantain tree कचवर पुं० कीच-कचरा Stack of grass कृकवाक पुं० कूकडा Cock करट पु० हाथी का गंडस्थल Elephant's check करण इंद्रिय Organ करणी स्त्री० आकार, रूप Body, form पुं० बलात्कारसे आनी हुई स्त्री Woman abducted by force करम्ब न० दही और भात का बना Flour mixed हुआखाद्य पदार्थ with curd कररुह पुं० नख Nail करवाल तलवार Sword करभ ऊट Camel कर पुं० किरण Ray कर हाथ Hand करिन् पु० हाथी Elephant करिणी स्त्री० हथनी-हाथनी Female elephant ५९८ करड २४० करण ७८६ करणी* २१२ करमरिअ* ४४० करंब २२४ कररुह ५४ करवाल ७१६ करह ७३ कर २२८ कर ९ करि २९९ करिणी - २५ पु० Brass cup ९४९ करिधरणट्ठाण करिधरणस्थान न. हाथी को बांधने का Elephant trap डोर-रस्सा ६०० करिबंधण करिबन्धन न० हाथी को पकडनेका खड्डा Pit for catching elephants ३०० करिमयर करिमकर पु० जलहाथी Water elephant ४०१ करिसग्गि करीषाग्नि पु० गोबर-कडे-की आग Fire of cowdung ९ करेणु करेणु हाथी Elephant २९९ करेणुआ करेणुका स्त्री० हथनी-हाथनी Femaleelephant ८१५ करोडिआ करोटिका स्त्री० कांसे की कथरोट १५५ कल कल न० मधुर Sweet ८०५ कलमगोवी कलमगोपी स्त्री० कोलम जातके चावल की Woman-watch- रखवाली करनेवाली ing a rice field ६०२ कलमजुल कलमजुल न० शब्द से मधुर Low and Sweet १२४ कलम* कलम पुं० चोर Thief ८८८ कलम कलम पुं० कोलम-उत्तम जात के चावल Rice कदम्ब पुं० कदंब का वृक्ष Nauclea Kadamba ६३ कलयंठी कलकण्ठी स्त्री० कोयल Female Koil ४७ कलयल कलकल पुं० कोलाहल Noise २८५ कलविङ्क कलविक पु० चटक-गौरैया पक्षी Sparrow ४७८ कलस कलश पु० कलश, घड़ा ७५४ कलह* कलह तलवार की म्यान Scabbard २९८ कलह कलभ पुं० हाथी का बच्चा Young elephant ७४६ कलहाइअ कलहायित न० कलह करना Quarrel २६७ कलहोय कलधौत न. रूपा, चाँदी Silver ४४५ कला कला स्त्री० कम मात्रा-थोडा Particle ९४० कलाइआ कलाचिका स्त्री० कलाई-हाथ में पहनने का Fore-arm एक प्रकार का गेहना ९४६ कलाव कलाप पुं० समूह Girdle, Cord ८८३ कलंब Water pot ४ २६ १६२ कलिअ कलित वि० युक्त, ज्ञात Understood, joined Bud Thicket ८८ कलिआ ३५३ कलिल ७४४ कलि कलिका कलिल कलि Bad man कलुषजल १५८ कलुसजल ८५ कलुस कलुष ७२२ कलुस कलुष स्त्री० फूलकी कली न० गहन पु० दुष्ट-खराब अस्वच्छ पानी पाप वि० मैला-अस्वच्छ न० कल-गया हुआ दिन अथवा आनेवाला दिन वि० स्वस्थ-नीरोगी पुं० पानी के तरंग कपट कल्य कल्य कल्लोल कपट ४८६ कल्ल ५६ कल्लोल ४१६ कवड २७४ कवय १३४ कवलि ९०१ कवि १६५ कविल ६२ कविल १६५ कविस २८४ कवो ८५२ कवोल कवच कवलित कविक कपिल कपिल कपिश कपोत कपोल बख्तर वि० खाया हुआ लगाम वि० भूरा-मांजरा पुं० कुत्ता Muddy water Sin Muddy, turbid Yesterday and to-morrow Lever, able Wave Fraud Coat of mail Eaten Bit or rein Brown Dog Brown Pigeon Cheek Rakshasa Dark half of month Smearid with collyrium Black Touch stone Body Forest Balarama, वि० भूरा पु० कबूतर गाल पुं० मांस खानेवाला-राक्षस पु० कृष्ण पक्ष ४० कव्वाय क्रव्याद ९५९ कसणपक्ख कृष्णपक्ष ५८२ कसणि कृष्णित वि० काला-काजलवाला १६३ कसिण कृष्ण ९२८ कस ९७ का काय वि. काला पु. कसोटी का पत्थर पुं० शरीर न० पुं० बलराम कानन वन, जंगल ३३१ काणण २६ कामपाल कामपाल २७ १२० काम १०८ कायंबरी काम कादम्बरी ५९ कायंब कादम्ब काक काक ६७ कायल ६७ काय ४९३ कारण ९३० कारा कोरण कारा (७१५ कार कार काल १६३ काल २७ काल काल पु. ११३ काल काल ७२९ कालायस कालायस ७३३ कालिंदी कालिन्दी ४१९ कालिआ* कालिका ३ काली काली १२२ कासय कर्षक ६३९ काहिल्लिआ* पु० वांछा, मनोरथ Desire स्त्री० मदिरा Spirituous liquor पुं० हंस Goose पु० कौआ Crow पु० Crow न कारण Cause स्त्री० केदखाना, जेल Prison पु. कारीगर, शिल्पी Artisan वि० काला-श्याम Black यम, काल Yama पु० वख्त, काल, समय Time लोहा Iron, steel स्त्री० यमुना-जमना नदी Yamuna स्त्री० मेघ का समूह, बादल Cloud स्त्री० पार्वती Parvati पु० किसान-गृहपति, घरमालिक Husbandman स्त्री० रोटी पकानेका तवा Pan for baking bread स्त्री० घुघरी Little bell पु० वराह Boar अ० प्रश्नसूचक क्यों ? किस लिए ? From whom वि. चितकबरा Variegated स्त्री० गले का ऊचा भाग-कठमणि Nape of neck Ray Kirata • पुं० मुकुट-मुगट Diadem वि० थका हुआ Tired, distressed छोटी लकडी Thin board तलवार-तरवार Sword वि० दूबला पतला Emaciated ९८४ किंकिणी किङ्किणी २९६ किडि किरि ८२६ किणो किन्नु १६७ किम्मीर किर्मीर ८४८ किआडिआ कृकाटिका ७३ किरण किरण ९८७ किराय किरात २५१ किरीड किरीट १३१ किलंत क्लान्त ७०६ किलिच* ५४ किवाण कृपाण १५४ किस पु० किरण पु० भिल्ल न० ३४१ किसिल २७ कोणास २९१ कीर ९२२ कील २४३ कीलाल ८२६ कीस किसलय कीनाश कीर कील कीलाल २८९ कुक्कुड कुक्कुट कूर्च २३७ कुच्च १०५ कुच्छिल्ल* ८८ कुंचल* २३ कुंचारि ५९८ कुंजरगंड कुञ्चल क्रौञ्चारि कुञ्जरगण्ड ९ कुंजर कुञ्जर ३२६ कुट्टिवर न अंकुर Young shoots पु० यम Yama पु० पोपट, तोता Parrot पु. खीला-कील Post रुधिर Blood अ० प्रश्नसूचन क्यों ? किस लिए ? From whom पुं० कूकडा Cock न० दाढीमूछ Beard न० छिद्र Hole, cleft न० कुंपल Bud पु० कार्तिकेय Kartikeya पुं० हाथी का गंडस्थल Elephant's cheek पुं० हाथी Elephant स्त्री० द्रोणी-जहाज Tub पु० लतागृह Bower of creepers. वि० बौना-कुब्ज Crooked, dwarf वि० वांका टेढा Crooked न छिद्र Hole, cleft बौना- -कुब्ज Crooked पुं० घडा, पानी का घडा न०. कुतूहल, आश्चर्य Wonder न० चुराई हुई वस्तु की शोध Following up करना न० मुडदा Corpse पुं० संवारे हुए बाल Braid न० उल्लू-घूवड Owl Coat of mail स्त्री० कुबेर की राजधानी Kubera's town पुं० कुबेर Kubera ७२१ कुडगअ* कुडङ्गक कुटित कुटिल ४११ कुडिअ ४८० कुडिल १०५ कुडिल्ल* ४११ कुडिल्ल ४७८ कुड* ४१३ कुड* ६७५ कुढ* वि० कुट Water pot stolen property ४२० कुणव कुणप ९३ कुंतलहार कुन्तलहार ३९३ कुदुल्लुय* ११६ कुप्पास कूर्पास १७० कुबेरनयरी कुबेरनगरी २८ कुबेर कुबेर पु० चोला ८६० कुमरी पु० कार्तिकेय २३ कुमार ५८ कुमुअ ६७२ कुकुम कुमारी कुमार कुमुद कुकुम कुड्मल ८८ कुपल ३०१ कुबर* २०६ कुंभार कुम्भकार ४७८ कुभ कुम्भ कूर्म कुरङ्गी कुरल ३१७ कुम्म ७० कुरंगी ९०५ कुरल ३०५ कुरविल्ल* १९८ कुलजा २०६ कुलाल २९५ कुलाय १८४ कुलिस ३०५ कुलीर ७३९ कुल्लडय* ५७ कुवलय ७७८ कुर्विद ९९ कुसल ७ कुसुमबाण ३३६ कुसुमरअ कुलजात कुलाल कुलाय कुलिश कुलीर स्त्री० कुवारी कन्या Girl, virgin Kartikeya न० कुमुद, चदविकासी कमल White-lotus न० केसर-ककु Saffron न कोंपल Bud पुं० छोटी मछली Small fish कुम्हार-कुंभार Potter पुं० कुभ, घडा Water Pot पु० कछुआ Turtles स्त्री० हरणी-मृगली Doe पु० केश की लट Locks पु० करचला-जलचरविशेष Crab वि० कुलीन-खानदान Of noble birth पु. कुम्हार-कुंभार Potter न घोंसला Nest वज्र Thunder bolt पु० करचला-जलचरविशेष Crab न० कुलडी Small vessel न० चद्रविकासी कमल Blue lotus पु० जुलाहा Weaver वि० कुशल, चतुर Clever पुं० कामदेव Cupid पुं० मकरंद The honey of a flower न० Flower Thief स्त्री० कसूमे का पेड-कसुबे का वृक्ष Safflower पु० अनाज भरने का बडा कोठार Granary पु० कुशा-डाभ Kusa-grass न० छिद्र Hole, cleft न० शिखर Top कुटलक कुवलय कुविन्द कुशल कुसुमबाण कुसुमरजस कुसुम पु० चोर कुसुम्भी ३३५ कुसुम १२४ कुसुमाल* ७०७ कुसुभी ७३६ कुसूल ८८० कुस १०५ कुहर ३३२ कूड कुशूल कुश कुहर कूट ३० वि० क्रूर ९६९ कूणि ४४२ कूर ६८१ कूल ६७५ कूवर पु० कुंआ ३०८ कूव ३१६ कूसार* ११५ केउ ७१८ केऊर ३१५ केआर ५८ केरव ४५५ केली २११ केवट ६६ केसरि ८७. केसर कूणित न० आधा मींचा हुआ Half closed क्रूर Cruel, furious कूल न० नदी का कांठा-किनारा Bank कूप न० चुराई हुई चीज की शोध Tracking करना stolen property Well कूप कूषार पु० खड्डा जैसा स्थान Pit केतु पु० ध्वज-धजा Banner केयूर न० हाथ में पहनने का एक गेहना Bracelet केदार पु० क्यारा Field कैरव न० कुमुद White lotus केली स्त्री० क्रीडा, हास्य-हांसी Sport कैवत पु० मच्छीमार Fisher केसरिन् पु० सिंह Lion केसर बकुल वृक्ष Mimusops Elenchi केशहस्तक पु० केशकलाप-संवारे हुए केश Braid केश Hair कोकिला स्त्री० कोकिला-कोयल Fimale koil कौतुक न० कौतुक, आश्चर्य Wonder स्त्री० कडेकी आग Fire of dry cowdung कौतुक वरमाला Marriagethreads कुतूहल न० Wonder पुं० हाथ से आघात पाया हुआ Water stirred पानी with hand कोष्ठक Granary कोटक कोडिया-छोटा शराव Little platter कोटि स्त्री० कोर-धार Tip कौणप पु० राक्षस Rakshasa पुं० केश ९३ केसहत्थ २२५ केस ६३ कोइला ४१३ कोउ ४०१ कोउआ* ४०६ कोउ न ४१३ कोउहल्ल ३२७ कोटुभ पु० कोठार ७३६ कोट्ठ ७३९ कोडय* ७६२ कोडि ४० कोणव ३१ ७३२ कोण १५६ कोमलय ४१२ कोमार ५३ कोअंड ३८४ कोरंट कोण कोमलक कौमार कोदण्ड कोरण्ट Pot, pan ८८ कोरय कोरक ४७९ कोलब* ३८९ कोलिअय कौलिक २९६ कोल कोल ३९७ कोल्हुअ* ८१२ कोवण कोपन १४४ कोत्रासिअ विकसित ९७६ कोसय कोषक पुं० लाठी-लकडी Club न० कोमल, नरम Soft पुं० कुमारी संबधी Born of virgin धनुष्य Bow पु० कोरंटक वृक्ष Yellow amaranth न० कोंपल Bud पु० पिठर-थाली पु० मकडी-करोलिआ Spider पु० वराह Bowr पु० सिआर Jackal वि० क्रोधी Angry वि० विकसित Blown न. दारू का प्याला Drinking Vessel पुं० उल्लू-घूवड Owl स्त्री० सेम इत्यादि की फली-सींग Pod स्त्री० कोहला की वेल वा कोहली Benincasa Cerifera स्त्री० Benincasa Cerifera ३९३ कोसिस ३३८ कोसी ३७२ कोहड़ी कौशिक कोशी कुष्माण्डी ३७२ कोहलिआ* कुष्माण्डी ख ३४ ख वि० खाया हुआ १३४ खइअ १५८ खटरिअ ६१ खग खादित क्षुब्ध खग वि० क्षुब्ध जल-मेला पानी पुं० पक्षी न० तलवार-तरवार ५४ खग खङ्ग Sky Eaten Turbid water Bird Sword Rhinoceros Joined, studded Date-fruit Date-palrm. पुं० गेंडा ९४१ खग्ग १४० खचि खड्ग खचित खजूर खर्जूरी ३६८ खज्जूर ८७४ खज्जूरी वि० जडा हुआ त० खजूर स्त्री० खजूरी का वृक्ष ३२ खज खञ्जन ९८० खंज ३०७ खंजण* २३७ खड्ड* ६७४ खणी खनी ९०४ खण्णुअ स्थाणु खात स्कन्द स्कन्धाग्नि पु० कार्तिकेय ७०३ खत्त* २३ खद ३५५ खंधग्गी* ७०३ खन्न* १२८ खप्पुर* ९७३ खम ३० खयराअ Dug क्षम खगराज १२८ खर खर ३९१.खर ९०१ खलिण ८२२ खलिअ १२३ खल खर खलीन स्खलित वि० लंगडा Lame पुं० कादव-कीचड Mud . न० दाढ़ीमूछ Beard स्त्री० सोने रूपे वा कोयलों की खान Mine पु. कील-खीला Post वि० खोदा हुआ Dug Kartikeya पु० मोटे मोटे लकडेकी आग Conflagration वि० खोदा हुआ वि० निष्ठुर Rough, harsh वि० समर्थ-उचित Proper पुं० गरुड Garuda वि० तीव्र-निष्ठुर Harsh, rough पुं० गधा Donkey न० लगाम Bit, rein वि० स्खलना पाया हुआ Stumbling वि० शठ-लुच्चा Wicked man चमडी Skin वि० बौना-वामन Dwarf स्त्री० खाई Ditch स्त्री० खान Mine वि० दुर्बल-कृश Emaciated न० खाई Ditch वि० फेंका हुआ Thrown वि० खेदयुक्त Tired, distressed अ० शीघ्र-जल्दी Quick Dripping, dropping स्त्री० खीर, दुधपाक Milk and rice पुं० नाक का छिद्र Nostril वि० बौना-कुब्ज Crooked खल स्त्री० खाल, २२९ खल्ला* २१५ खव्व ४२३ खाइआ* ६७४ खाणी १५४ खाम ४२३ खाय ५४५ खित्त १३१ खिन्न ४८२ खिप्प १३९ खिरिअ खर्व खातिका खानी क्षाम खात क्षिप्त खिन्न क्षिप्रम् क्षरित वि० झरा हुआ ७९४ खीरी क्षीरी २४४ खुखुणअ* ४११ खुज्ज कुब्ज ३ वि० क्षुण्ण क्षुण्ण गुल्फ खेटक ६८४ खुन्न ८५० खुलुह* ३९९ खेडय' ७०५ खेआलुअ* १५ खेल ३५५ खोडपज्जाली ९८० खोड* Crushed पुं० घुटी Ancle न० छोटा गांव Village-site वि० असहनशील Feeble वि० शिथिल-ढीली Slow, inert स्त्री० मोटी मोटी लकडीओंकी आग Conflagration वि० लगडा Lame खेल ग ९ ग Tজ ६०५ गग्गर ४१ गंगा गद्गद गङ्गा गर्जित ७३४ गजिअ ८८१ गज्ज* जौ-यव ९४५ गण गण गण गणाधिपति १८ गण १७३ गणाहिवइ ९४१. गंडअ ८५२ गंड ५३ गंडीव . गण्डक पु० गेंडा गण्ड गाण्डीव 0 १७ गत्त गात्र गार्दभ्य पुं० हाथी Elephant न० गद्गद Faltering स्त्री० गगा नदी Ganges वि० गर्जित Thunder पुं० Yaya पुं० महादेव का सेवक Siva's attendant पुं० समूह Heap, multitude पुं० गणेश Ganesh Rhinoceros पुं० गाल Cheek धनुष-गांडीव Bow न० शरीर Body वि० गर्दभ का अवाज-सुनने Braying, disagr- में जो अच्छा न हो eeable to the ear White lotus न० पु० गधा Donkey स्त्री० गाडी Cart पुं० पवन Wind गीत Music न० गंधका फैलना Exhaling perfume पुं० गंध, वास वि० गंभीर Deep ६०४ गद्दब्भ ५८ गद्दहय* ३९१ गद्दह ९६३ गंती २९ गंधवह ७१० गधव्व ५८७ गधुग्गिरण गर्दभक गर्दभ गन्त्री गन्धवह गान्धर्व गन्धोगिरण पुं० perfume ३७९ गंध ३२३ गंभीर गन्ध गम्भीर ३४ न पु० गणेश + Old woman पु० झरोखा ३४ गयण गगन आकाश Sky १७३ गयमुह गजमुख Ganesh २१९ गयवया गतवयस् स्त्री० डोकरी २९९ गयवहू गजवधू स्त्री० हथनी Female- -elephant ७०२ गयारोह गजारोह पु० मावत Mahant ६३२ गरल गरल न० विष, झेर Poison ८२१ गरिहा गर्दा स्त्री० निदा Blame २०० गरुअ गरुक वि० बडा-भारी Venerable, Renown ३० गरुल गरुड पु० गरुड Garuda ८४७ गलअ गलक पुं० गला Throat १४७ गलत्थिअय गलहस्तित-क्षिप्त वि० गले में हाथ देकर बहार Turned out निकाल देना २६४ गवक्ख गवाक्ष Window ५६१ गविट्ठ गवेषित वि० खोजा हुआ Sought, looked for ६२७ गवित्त न० पशुओंके खाने का एक Fodder प्रकार का घास १२९ गवि गर्वित वि० मगरूर, अहंकारी Proud ३८ गहकल्लोल ग्रहकल्लोल पुं० राहु Rahu ३५३ गहण गहन न गाढ-गीच Thicket ७३ गहत्थि गभस्ति Ray २९२ गहर गृध्र पु० गीध Vulture १२२ गइ गृहपति पुं० मालिक Husbandman ५ गहवइ ग्रहपति पुं० चन्द्र Moon १५९ गाढ गाढ वि० गाढ-बहुत Much २०५ गामणी ग्रामणी पुं० ग्रामका नेता Headman or lord of a village २०५ गामवइ ग्रामपति पुं० Headman or lord of a village . पु० .किरण " ग्रामधन ३९९ गामण ३२० गाव ६९ गिट्ठि २९२ गिद्ध ६५९ गिंधुअ* ग्रावन् गृष्टि गृध्र पु० गीध ११६ गिधुल्ल* ८१ गिरा २२ गिरिस २३१ गीवा गिर गिरिश ग्रीवा ३४७ गुच्छ गुच्छ ९७४ गुज्झ गुह्य १७५ गुज्झय गुह्यक गुजा ७२० गुजा छोटा गांव Village-site पत्थर Stone स्त्री० एकवार वियाई हुई गाय Heifer Vulture स्तन ऊपर गांठ देकर Cloth tied in a पहिना हुआ वस्त्र knot over the breast पु० चोला Coat of mail स्त्री० वाणी Speech पु० महादेव Shiva स्त्री० डोक Neck गुच्छा Bunches of flowers म. Secret पुं० यक्ष Yaksha स्त्री० चिणोठी Berry of Abrus Precatorius गाय का वाडा Cow-pen स्त्री० अभ्यास करना-पढे हुए Repeat पाठ को फिर फिर गुणना studying पुं० गुण-दोरा-धनुष्यकी दोरी Bow-string पु० दोरा, धागा Thread वि० धूलयुक्त Covered with dust न० गोत्र Family-name पु० एक प्रकार का वृक्ष Saccharum Sara पुं० घुटी Ancle वि० मोह पाया हुआ-जिसका Confused मन गुम हुआ पुं० झाडी Thicket पु० गोल आकारवाला गेंद Ball ३५७ गुट्ठ गोष्ठ ४६.५ गुणणिआ गुणनिका २७७ गुण गुण ८२० गुण गुण गुण्डित ५५७ गुंडिअ गोत्र ४३३ गुत्त ८८६ गुद ८५० गुप्फ गुन्द्र गुल्फ ५८० गुम्मइअ* मुग्ध । ८७६ गुम्म ८४६ गुलिअ गुल्म गुलिक ३४७ गुलुच्छ* ३५३ गुविल ३२३ गुहिर २३ गुह ९७८ गुहा स्त्री० गुफा गुपिल गुहिर गुह गुहा गेय गोपुर गोकुल गोमायु गोचर गोदावरी गौरी गो . ७१. गेय ९०९ गोउर ३५७ गोउल ३९७ गोमाउ ९१८ गोअर ३१८ गोआवरी ३ गोरी ६९ गोला ३१८ गोला* पु० सिआर पु० गुच्छा Bunches of flowers वि० गहन-गाढ-सघन Thicket वि० गभीर Deep पुं० कार्तिकेय Kartikeya Cave न० गीत, संगीत Music दरवाजा Gate-tower न० गोकुल Cow-pen Jackal पुं० विषय Province स्त्री. गोदावरी नदी Godavari स्त्री० पार्वती Parvati स्त्री० गउ-गाय Cow स्त्री० गोदावरी नदी Godavari न० टिडोरा-घोला Bimba-fruit पु० गोपाल-गाय को पालनेवाला Cow-herd पु. Cow-herd पु० प्रातःकाल Dawn पु० Dawn ८८४ गोल्हाफल* २०७ गोव २०७ गोवाल ७१ गोसग्ग ७१ गोस गोप गोपाल गोसर्ग " " घ घटा ९३९ घडा ३१४ घडिजत १३३ घडिअ ५९५ घडिअ ९८२ घडिआ ९५६ घढ* ४१९ घणनिवह ४१५ घणसम ३७८ घणसार १३४ घत्थ घटियन्त्र घटित घटित घटिका कूट (2) घननिवह घनसमय स्त्री० .घटा-समूह Troop रहट Water-wheel वि० बना हुआ-घडा हुआ Made वि० लगा हुआ Joined स्त्री० घडी Watch, clock न. टीला, स्तूप Monument पुं० बद्दल Mass of clouds पु० चोमासा-वरसाद की मोसम Rainy season पु० कपूर Camphor वि० ग्रास किया हुआ-खाया हुआ Eaten घनसार प्रस्त ११४ घम्मजल ७२ घम्म २८२ घय २८५ घरघटअ चटक-गौरैया ७७ घर ९३४ घरवाडय धर्मजल न० पसीना Sweat धर्म पु० घाम-ग्रीष्म ऋतु-धूपका मोसम Heat घृत न० घी Clarified, butter, Ghee घरघण्टक पु० Sparrow गृह घर House गृहपाटक न० छाई हुई जमीन वाला घर- House घर का बाडा Surrounded by a fence गृहिणी स्त्री० स्त्री Wife घ्राण न० Nose घारी स्त्री० चील-समडी Hen-sparrow घुसूण न० केसर Saffron घोणा स्त्री० नाक Nose घोर वि० निर्दय, भयानक, कठोर Terrible घुर्णित वि० घुला हुआ Revolving घोष पुं० गौओका वाडा Cow-pen नाक, घ्राणेंद्रिय ९२ घरिणी २३४ घाण २८६ घारी* ६७२ घुसिण २३४ घोणा १०९ घोर ५२९ घोलिअ ३५७ घोस २ चउमुह ९९ चउर चतुर्मुख चतुर २७६ चक्क चक्र पु० ब्रह्मा वि० होशीयार, चतुर न० पहिया पु० चकोर पक्षी स्त्री० विलेपन २८८ चक्काय चक्रवाकक चर्चा २५७ चच्चा ४५३ चचल चञ्चल Brahma Clever Wheel Brahmani duck Perfumed oin- -tment Agile Top-lock Sparrow Agile Cruel, Furious Barber Parvati ९४ चडअ चटक चटक चटुल वि० चंचल पुं० चोटी पु० गेरैया पक्षी वि० चचल वि. तीन-क्रोधी पु. नाई-हजाम स्त्री० पार्वती २८५ चडअ ४५३ चडुल ४४२ चड १०१ चंडल चण्ड चण्डिल चण्डी ३ चंडी ७२० चणटिआ* त्यक्त १३८ चत्त ३७७ चंदण चन्दन ६४७ चदसाला चन्द्रशाला स्त्री० धुंगची-चिणोठी Berry of Abrus Precatorius वि० त्याग किया हुआ Forsaken न० चदन, सुखड Sandal स्त्री० अगासी Hall on the top of the house, Terrace स्त्री. चांदनी Moonlight न. कुमुद White lotus चद्रमा Moon स्त्री० सेना Army न० चमड़ा Skin कि० कर सकता है, समर्थ है He can, is able ८१६ चदिमा चन्द्रिका चन्द्रोद्यत ५८ चदुजय चन्द्र ४८ चमू चमू चर्मन् २२९ चम्म ५९७ चय* शकति- शक्नोति ६११ चरम चरम ९२७ चर चर पैर २२६ चलण ७८५ चलिआ ७८७ चलिअ चरण चलित चलित चपल ४५३ चवल ९७६ चसय ८० चामीअर २९३ चाय ९३० चारअ चषक चामीकर वि० अंतिम Last पु० दूत, जासूस Spy पुं० पग, Foot वि० चलित Moved न० वैकल्य-चंचलता Shaking, trem- -bling वि० अस्थिर-चचल Agile न दारुका प्याला Cup of wine न० सोना-सुवर्ण Gold पु० चातक पक्षी Chataka पु० जेल-केदखानु Prison पुं० चारण, भाट Bard प्रियाल वृक्ष-चिरोंजीका वृक्ष Buchanania La. tifolia Fine घनुष Bow स्त्री० बुद्धि Intellect चातक चारक ४४ चारण चारण ८९४ चार चार वि० सुदर १४ चार ५३ चाव ४२ चिइ चार चाप चिति ३९ ." " पु० चित्ता मन, २४६ चिंध ११५ चिंध १४९ चिंचइअ मण्डित वि० भूषित Adorned ३७१ चिचिणी* चिञ्चिणी स्त्री० इमली-आंबली Tamarind ३७१ चिचा* चिञ्चा स्त्री० १४९ चिचिल्लिअ* मण्डित वि० भूषित Adorned ६७९ चित्त चित्रक Panther ७९८ चित्त चित्त न० चित्त Mind १६७ चित्तल* चित्रल न. चित्रविचित्र Variegated ५४१ चिद्दविअ* वि० विनाश पाया हुआ Destroyed १६० चितादिट्ठ चिन्तादृष्ट वि० विचारपूर्वक देखा हुआ Carefully looked at चिह्न न० आक, निशान, चिह्न Mark चिह्न न० ध्वज-धजा Banner ४७७ चिब्भिड चिर्भट न० चिभडा Cucumber, Cucumis २८१ चिरड्ढिहिल्ल* न० दही Curd २८६ चिल्ला* चिल्ला स्त्री० चील-समडी Hen-sparrow, Onomat २२५ चिहुर चिकुर पु० केश, बाल Locks २८७ चीरी चीरी स्त्री० एक प्रकार का कीडा Cricket ५५२ चुक्क च्युतक-भ्रष्ट वि० भुला हुआ, भ्रष्ट Lost, Missed, Forgotten न० आश्चर्य Portent, wonder ६७३ चुडुली* स्त्री० उल्का. Firebrand ३४० चुडुप्प* चमडी Skin ५१० चुण्णइअ* चूर्णायित वि० चूर्ण किया हुआ Powdered ५१६ चुण्णि चूर्णित वि. छेदा हुआ Crushed, broken ५१० चुन्नाहय चूर्णाहत वि० चूर्ण किया हुआ Powdered ३४९ चुन्भल* पु० कलगी-शेखर-सेहरा-छोगा Tufts, garland ५५१ चुलचुलिअ* चलचलित- वि० हिलता हुआ Quivering स्पन्दित ४५१ चुज* क्षुल्ल चूडक ९५ चुल्ल ९७९ चूडअ ३६९ चूअ ९४ चूला चूला चेटी चेल चोत्रक पु० छोटा लडका Little boy पु० चूडा-ककण Arm-ring पु० आमका वृक्ष Mango tree स्त्री० चोटी Top-lock स्त्री० छोटी लडकी Little Girl न० वस्त्र Garment Cloth पु० वॉसका बना हुआ प्राजन दड Goad ११८ चेल ६२४ चोत्त* १९३ छइल्ल* १५४ छउअ* १५२ छज्जा ६५० छडा ८३८ छण ६५० छंटा* २०४ छत्तघन्न २६. छत्त ११ छप्पय छेक पुं० चतुर-छेल Clever क्षत वि० दुर्बल Emaciated, Weak राजते क्रि० शोभता है He shines छटा स्त्री० छटा Spraying of water क्षण उत्सव Festival छण्टा स्त्री. छांटना-जल इत्यादिक को छिटकना Spraying of water छन्त्रघान्य न० धान्य-सस्य Crops, corinder न० छाता-छत्री Parasol षट्पद पुं० भौंरा-भ्रमर Bee षट्प्रज्ञक पुं० बुद्धिमान् Clever षण्मुख पु० छ मुखवाला-कार्तिकेय Kartikeya न० वृक्षका पत्ता, पक्षीका पीछ Leaf, Feather त्सरु पु० तलवारकी मूठ Sword-hilt Fraud छलित Clever स्त्री० छाल Skin छवी स्त्री० चमडी Skin छवी स्त्री. कांति, लावण्य Beauty छात-क्षाम वि० भूखा Hungry छद १९३ छप्पणय* २३ छंमुह ३३९ छय २७५ छरु ३५९ छल १९३ छलिअ* ३४० छल्ली* २२९ छवी २४१ छवी ५२३ छाय वि० चतुर १५४ छाय* छात वि० दुबला, पतला Weak Emaciated २४१ छाया छाया स्त्री० काति, तेज Beauty ७६५ छाया छाया स्त्री० बृक्ष की छाया Shade ८८ छारय* न० कोंपल Bud. ७६५ छाही छाया स्त्री० वृक्ष की छाया Shade १५० छिक्क छुप्त वि. स्पर्श किया हुआ Touched ६६७ छिच्चोलअ* पु. निदा सूचन के Pursing the लिए मुह को टेढा करना mouth in contempt ९१ छिछई* स्त्री० व्यभिचारिणी स्त्री Unchaste woman ३०६ छिछोली* स्त्री० पानीका छोटी प्रवाह Brook ९४ छिडअ* पु० चोटी Top-lock ३६१ छिण्णयड छिन्नतट? शंकणे से छेदा हुआ Cut with a chisel १५० छित्त छुप्त वि० स्पर्श किया हुआ Touched ३०३ छिप्प* न० पुछ Tail छिप्पि स्तिपित Dripping ७७० छिपअ* पुं० छिपा-कपडे को छापनेवाला Dyer २८० छीर क्षीर न० दूध Milk वि० छोटा Small ९६५ छुरिआ क्षुरिका स्त्री० छुरी Knife ५२३ छुहाइअ क्षुधायित वि० भूखा Hungry छेक Clever छेद पुं० छेडा-अंत Limit क्षोभ पुं० क्षोभ Scattering . १३९. त्रि० झरा हुआ ४७२ छुट्ट वि० चतुर . ९९ छेअ ४८३ छेअ* ९६६ छोह* यति पुं० जती साधु ७३३ जउणा यमुना स्त्री० जमना नदी ८२५ जअ जव १७५ जक्ख यक्ष पुं० यक्ष २८ जक्खाहिवइ यक्षाधिपति पुं० यक्ष का स्वामी-कुबेर पु० वेग Ascetic Yamuna Speed Yaksha Kubera ६ १५ जड ८६४ जणणी ६३५ जगल* नीचे जमा हुआ दारुका Yellow rum पतला भाग ८५१ जंघा जडा स्त्री० जांघ Thigh ६०८ जचतुरंग जात्यतुरंग पुं० उत्तम-अच्छा-घोडा Best horse, horse of Good race जड वि. अलस Slow, Inert ७६१ जड जड वि० जाडा से ठंडा हुआ Cold १२१ जड जड वि० जड-मूरख Fool १४० जडिअ* जटित वि० जडा हुआ Joined, studded २३८ जढर जठर न०. जठर-पेट Stomach ८६३ जणअ जनक पु० बाप-उत्पन्न करने वाला Father २०९ जणंगम जनगम पुं० चांडाल Chandala जननी स्त्री० माता, उत्पन्न करने वाली Mother १३३ जणि जनित वि० पैदा किया हुआ Made ८५९ जण्हुआ जानु स्त्री० घुटना-जानु Knee ४१ जण्हुसुआ जनुसुता स्त्री० गगा नदी Ganges ३२९ जन्न यज्ञ पु० यज्ञ Sacrifice ३९६ जतु जन्तु पु० जीव, प्राणी Being २७ जम यम पुं० यम, जम Yama ६५५ जंपिच्छअ* यत्प्रेक्षक पु० जिस किसीको देखे उसकी Desiring what इच्छा करने वाला one sees ३०७ जबाल जम्बाल पुं० कीच-कचरा Mud ३२५ जंबाल* जम्बाल पु० सैवाल-सिबार Duckweed ३९७ जबुअ जम्बुक पुं० सियार Jackal, Fox १११ जंबुल्ल जल्पाक पु० बकवादी-बोल बोल करने वाला Talkative १८८ जय जगत् न० संसार World १८० जयंत जयन्त पु० इन्द्र का पुत्र Jayanta २१९ जरई जरती स्त्री० डोकरी Old' woman २१८ जरा जरा ३२७ जलकरप्फाल जलकरास्फाल पु० पानी में हाथ मारना Stirring water with the hand जगत, स्त्री० बूढापा Old age ६ जंलणे आग, अग्नि ९०३ जलतुसार ३०० जलहत्थि ३४४ जलहरण पु० मेघ ३३ जलहर ८ जलहि ६२७ जवस ३६६ जवा ८८१ जव ९८८ जाइ . ४० जाउहाण ८५९ जाणु ७४ जामिणी ९५८ जाम ज्वलन पु० Fire जलतुषार पुं० पानी की बुदें Spray जलहस्तिन् पु० जलहाथी Water elephant जलधरण न० पानी का क्यारा Basin round a Tree जलधर Cloud जलधि पु० समुद्र Ocean यवस न० घास, तृण-चारा Fodder जपा स्त्री० जपा का फूल-गुडहल का फूल China rose यव पुं० जौ-यव Yava जाति स्त्री. मालती Jasminum grandiflorum यातुधान पु० राक्षस Rakshasa जानु पु० घुटना Knee यामिनी स्त्री० रात्री Night याम पुं० प्रहर Watch जाया स्त्री० स्त्री Wife ज्वाला स्त्री० ज्वाला Flame स्त्री० सघन झाडी Thicket पु० गुडहल का फूल-झपा का फूल China rose घ्रात वि० सुघा हुआ Smelt जिन पुं० जिन-राग द्वेष को जितने Shakyamuni वाला-शाक्यसिंह-बुद्ध जिन पुं० रागद्वेष को जितनेवाला Jina-Jnatputra- महावीर Mahavir जीमूत Cloud जीवति कि. वह जीता है He lives जीवा स्त्री० धनुष की दोरी Bow-string जिह्वा स्त्री० जीभ Tongue योग्य पुं० अभ्यास-बार बार करना Repeate Study, application ९२ जाया ३२८ जाला ८७६ जाली* ३६६ जासुअण* ४९७ जिघि २० जिण - १७१ जिण पु० मेघ ३३ जीमूअ ६८८ जीवइ २७७ जीवा ८५३ जीहा ४६७ जुग्ग Moon-light Couple ८१६ जुण्हा ज्योत्स्ना स्त्री० चांदनी ६८६ जुअल युगल न० जोडी-स्त्रीपुरुष की जोडी, नर मादा की जोडी १०४ जुअल युवन् पु० जुवान १०४ जुअ (य) पु० १०४ जुआण (याण) पु० १२ जुवई युवति स्त्री० जुवान स्त्री ७७९ जूअ द्यूत न० जूआ ५७५ जूरिअ ज्वरित-खिन्न वि० खेदयुक्त अ० पादपूरक शब्द Young man Young man Young man Young woman Gambling Distressed Particle without meaning ९८९ जे झ ७४३ झझा १७ झत्ति ८४९ झपणी* ७४२ झला* झन्झा स्त्री० प्रचण्ड पवन का तुफान Storm, breaking of monsoon झटिति अ० जल्दी-झट Suddenly स्त्री० आंख की पांपण Eye-lashes स्त्री० मृगतृष्णा-मृगजल-कडे धूप Mirage को दूर से जल समजना टांकणे से छेदा हुआ Cut with chisel पुं० मछली Fish न० लतागृह Bower of creepers झिल्लिका स्त्री० एक प्रकार का कीडा Insect cricket क्षीण वि० क्षीण Emaciated ३६१ झस* न० ६० झस ७२१ झाड* २८७ झिल्लिआ ५१५ झीण टांकणे से छेदा हुआ ३६१ टकछिण्ण ८५१ टंका* ८९८ टिबरुअ* टऋछिन्न टङ्का टिम्बरुक स्त्री० टांग-पेर न० टिंबरु Cut with chisel Leg Diospyros Embryopteris. Adorned १४९ टिविडिकिंअ मण्डित वि. भूषित ४५ ९१७ ठाण स्थान न० स्थान Place ६ डहण ९५ डहर ३३३ डाला* ७२ डाह दहन पु० आग पु० बालक दलिका स्त्री० वृक्ष की डाली दाह दाह-ताप डिण्डीर पु० फेन डिम्भ पुं० बालक डुम्ब पुं० श्वपाच-डोंबनी जात दोला हिडोला Fire Littl boy Branch Heat Foam Little boy Out cast, Domba Swing ३१९ डिंडीर ९५ डिभ ८३४ डोंब* ७४१ डोला स्त्री० झूला, ६७ ढक ४७९ ढमर* वाङ्क्ष पु० कौआ Crow पु० पिठर, एक प्रकार का वर्तन Pot, pan पु० पिशाच Pishacha गवेषित वि० खोजा हुआ Revolving ३९ ढयर* ५२९ ढु ढुल्लिअ* स्नान किया हुआ ७८२ पहाय १०१ पहावि स्नात वि० स्नापित पु० Bathed Barber पु. नावी ९६४ तंस १२४ तक्कर ही १७ तक्खण ३० तक्ख ४०५ तग्गयमण ५२१ तडिअ १८३ तडि ३१२ तड ५२१ तविअय* त्र्यस्त्र वि. तीन कोनेवाला-त्रिकोण Triangle, Horizontal, Across तस्कर पु० चोर Thief तत्क्षण क्रि० वि० शीघ्र, जल्दी Suddenly ताय पुं० गरुड Garuda तद्गतमनस् वि. तत्पर, एकाग्र Intent on तनित वि० विस्तार युक्त-ताना हुआ Stretched तडित् स्त्री० बीजली Lightning तट पु० तट Bank तत वि० विस्तार युक्त-ताना हुआ Stretched तनया स्त्री० पुत्री, लड़की Daughter १९७ तणया ९७ तणू Wet तल्प ५७२ तणुईकय तन्वीकृत वि० पतला किया हुआ Thinned १५४ तणुअ तनुक वि० पतला Emacited ६७८ तणुरुह तनुरुह न० केश-वाल, रोम-लोम-रोंआ Hair ३२४ तणुसरिआ(या)तनुसरित् स्त्री. छोटी नदी Brook तनू स्त्री० तन, शरीर Body ४६४ तडव ताण्डव न० तांडव नृत्य Dance of Shiva ७६४ तण्ण तर्णक पु० बछडा Calf ५३१ तण्णाय* वि० गीला-भीगा हुआ ३२२ तहा तृष्णा स्त्री० तृष्णा Thirst ९०८ तत्त तत्त्व न० सत्य तत्त्व Truth ४६९ तद्दिअसिअ तद्दिवसित क्रि० वि० अनुदिवस, निरंतर Daily ७७८ ततुवाअ तन्तुवाय पु० बुनकर-जुलाहा Weaver ८२० तंतु तन्तु पु० ततु-तागा-धागा Thread २५६ तप्प बिछौना-बिस्तर Bed ४०५ तप्पर तत्पर वि० तत्पर Intent on तमिस्र अंधेरा Darkness १६६ तंब ताम्र वि० लाल Red २८९ तंबसिह ताम्नशिख पुं० कूकडा Cock ६९ तबा ताम्रा स्त्री० गाय-लाल गाय Cow (Red coloured) ३४० तया त्वचा स्त्री० चमडी Skin ८ तरंगमालि तरङ्गमालिन् पु० समुद्र Ocean ३६ तरंगिणी स्त्री, नंदी River ५६ तरंग तरग पुं० समुद्र के तरंग Wave ४ तरणि पुं० सूर्य Sun. ९५२ तरंत तरत् वि० तैरता हुआ Swimming ४५३ तरल तरल वि० चपल Agile, moveable ३७० तरवट्ट* पुं० एक प्रकारका वृक्ष Cassia Pera or Alata ८२७ तरा त्वरा स्त्री० त्वरा-जल्दी-उतावल Haste, hurry १०४ तरुण तरुण पुं० जवान-युवान Young man ७६ तमिस्स तरङ्गिणी तरणि ८७ तर ५९७ तरेइ २७८ तल ८९३ तल न. २५५ तलवत्त न० १५४ तलिण २७८ तलिम २५६ तलिम ४०५ तल्लिच्छ ६३९ तव Intent on ८० तवणि ४३ तवस्सि ५२४ ताडिअ पु० पेड-झाड Tree तरति क्रि० वह समर्थ होता है। He can, is able तल न० तल-जमीन का तल, समुद्र Ground का तल तल ताड का वृक्ष Palmyra treeel तलपत्र न. कानमें पहनने का एक Ear-ornament का गेहना तलिन वि. पतला Thin तलिम तल-एकदम नीचेका भाग Level ground तलिम न० बिछौना-तलाई Bed तल्लिप्स वि० तत्पर-परायण तपक पु० रोटी पकाने का तवा Pan for baking bread तपनीय सोना Gold तपस्विन् पुं० तपस्वी Ascetic ताडित वि० ताडन किया हुआ Beaten तामरस न० कमल Lotus तार वि० चमकवाला-दीप्तिमान Shining ताल न० ताड का वृक्ष Palmyra tree तालूर पु० पानीके आवर्त Whirlpool तापसगेह न. तापसों का मठ Hermitage तापस पु० तापस Ascetic ताप पु० ताप-धूप. Heat,hot-season तापिच्छ न० कालिंजनी का फूल Flower of xanthochymus pictorius त्रास पु० त्रास Fright त्रिपुट पुं० समूह तीन पुट किया हुआ Girdle or cord of three strings तीक्ष्णटित वि० तीक्ष्ण Sharpened स्त्री. कमल की रज-पराग Pollen of lotus तिप्त वि. गिला-भीगा १० तामरस ७५० तार ८९३ ताल ३०४ तालूर ३९८ तावसगेह ४३ तावस ७२ ताव ६२६ ताविच्छ ४९५ तास ९४६ तिउड ५९. तिक्खालिअ ३४२ तिगिच्छि* ५३१ तित्त Wet न ३२१ तित्थ १७१ तित्थाहिवइ तीर्थ नदी का घाट तीर्थाधिपति पु० तीर्थकर ८९८ तिदुअ तिन्दुक न० टींबरु Ford Jnatputra- Mahavira Diospyros Embryopteris Darkness Fish Hip Rainbow God Horizontal, ७६ तिमिर तिमिर न० अंधेरा ६० तिमि तिमि मछली २४८ तिय (अ) त्रिक न० नितंब १८५ तिय अ)स-चाव त्रिदश चाप न० इद्रधनुष-मेघधनुष २४ तिय अस त्रिदश ९६४ तिरिच्छ तिर्यक् वि० टेढा पु० पु० देव across ४९९ तिरोहिअ तिरोहित वि० छुपा हुआ ७३१ तिलय(अ) तिलक पु० तिलक १६९ तिविट्ठय ७५८ तिव्व ३२२ तिसा ६८१ तीर ७६८ तुच्छ २१७ तुण्हिक्क Covered, concealed Mark of The forehead Heaven Difficult to bear Thirst Bank Little, small Mute वि० तुच्छ २३८ तुंद त्रिविष्टप न० स्वर्ग-तिबेट देश तीन वि० तीन तृषा स्त्री० त्रिषा-तरस-प्यास तीर तट-कांठा-किनारा तुच्छ तूष्णीक वि० मूक मौन रखनेवाला- चूप रहेने वाला तुन्द न० तोंद-फांद-पेट वि० घी से चूपडा हुआ न० कौतुक युष्मद्-यूयम् स० तुम न० कोलाहल-घोंघाट तुम्ब न० तुबा तुरग पुं घोडा तुरङ्गिका स्त्री० घोडी तुरज पुं० घोड़ा ५ ७५२ तुप्प ४०६ तुप्प Abdomen Anointed festival You ७३८ तुन्भे uproar, tumult ७९३ तुमुल ४९२ तुब ४५ तुर ७०८ तुरंगिआ ४५ तुरंग long gourd horse mare horse ६३१ तुरयदेह- पिंजरण ४८२ तुरिअ ३७५ तुलसी वि० वरायुक्त ५३९ तुलि ४१८ तुसार ४१८ तुहिण ८७९ तूल १६ तेअवि ८४५ तोण ८४५ तोणीर ४४० तोत्तडि* तुरगदेह- न० घोडे को सजाना Painting a horse पिञ्जरण त्वरित quick तुलसी स्त्री० तुलसी Ocymum Sanctum तुलित वि० तुला हुआ Weighed तुषार न० हिम Frost, Snow तुहिन Frost, Snow तूल न० रूई Cotton तेजापित वि० झगमगाता हुआ Shining, lighted तूण पुं० भाथा Quiver तूणीर पुं० Quiver स्त्री० करंबा Flour mited with curd तोत्र आर लगाई हुई वांसकी Goad लाठी-परोणा तोमरि गुण्डि स्त्री० एक प्रकार की लता-वेल Pollen of Creepers? तोय Water वि० उत्तजित Urged on तोष Contentment १ ६२४ तोत्त न० पानी ३४५ तोमरिगुंडि* ३५ तोय ५३५ तोरविअ* ४६३ तोस पु० तोष-संतोष ८४४ थग्घ* स्ताघ १२९ थड्ढ स्तब्ध २२७ थण ७३४ थणि ८८२ थंब* स्तन स्तनित न० मेघगर्जन स्तम्ब वि० गहेरा-ऊडा Deep वि. गर्वित-अक्कड Proud, against पुं० स्तन Breast Thunder पुं० होडीका थंब-सढ (2) गुच्छा Sail of a Ship, cluster पुं० बिंदु Drop वि. कांपा हुआ Trembling स्त्री० थली-स्थल Place, Ground पुं० गुच्छा Bunches of fllowers २१४ थंभ* ८०८ थरहरि* ९३३ थलि स्थली ३४७ थवय स्तबक २२ थाणु स्थाणु स्थाणु पु० शिव पु. कील-खीला ९.४ थाणु ४४४ थाम स्थामन् ८४४ थाह स्ताघ पु० गहराई स्तिमित स्त्यान १२९ थिन* १५ थिमि ६९१ थीण ६५१ थुडंकिअअ ३६० थूणा १२६ थूल ९५६ थूह स्थूणा स्थूल स्तूप Shiva Post न० Power Deep वि० गर्वित Proud वि० धीमा Slow, inert यि० जमा हुआ-जमा हुआ घी Heap, Quantity न० रोषयुक्त वचन Scolding स्त्री० खूटा-खंभा Pillar वि० मोटा-जाडा Fat न० टीला Buddihstic monument पुं० चोर Thief स्त्री० बुढिया-माता Old woman पुं० ब्रह्मा Brahma थोडा-लेश Particle वि० टीपा-बिंदु-थोडा-कम Drop वि० मोटा-जाडा Fat १२४ थेण २१९ थेरी २ थेर ४४५ थेव २१४ थेव १२६ थोर स्तेन स्थविरा स्थविर स्तेप स्तोक स्थूल १०२ दइ १८७ दइच्चगुरु Lover, husband Ushanas ३२ दइच ५८९ दंसिअ Asura Shown द दयित पुं० प्रीतिपात्र-धणी-पति दैत्यगुरु पुं० शुक्र-राक्षसों का महामान्य-गुरु दैत्य पु० दैत्य-राक्षस दर्शित वि० दिखाया हुआ- दरसाया हुआ दर्शित वि० दाक्षायणी स्त्री० दाक्षायणी-पार्वती दाक्षिण्य न. मायालुता-स्नेहिपन दक्ष वि० दक्ष-चतुर-कलाज्ञ वि. दृढ-मजबूत, गाढ ५८९ दक्खवि ३ दक्खायणी ६४० दक्खिण्ण Shown Parvati Kindness Clever, handy. Firm, Solid, Hard, Much ८११ दच्छ १५९ ढ ५९१ दड्ढ ३२ दणु ३१३ ददुर ९०६ दतच्छ २३० दत ९ दंति २६५ दप्पण स्त्री० गुफा ८९ दप्प ८८० दन्भ ३५ दय ६४२ दर १२९ दरिअ ४९ दरिद ९७८ दरी ३३९ दल ५१३. दलिअ ४०८ दलिअ ३५४ दव ७८ दविण ७८ दव्व ७३७ दवी २३० दसण २० दसबल ९२१ दसा २१ दसारनाह २८१ दहिअ ६०१ दाण दग्ध वि. जला हुआ Burnt दनुज पुं० दानव-राक्षस Asura दर्दुर पु० दादुर-मेंडक Frog दन्तच्छद पु. होठ-ओठ Lip दन्त पु० दांत Tooth दन्तिन् पु० दांतवाला-हाथी Elephant दर्पण पु. दर्पण-आरिसा Mirror मुह देखनेका काच दर्प पु० दर्प-अभिमान Pride दर्भ पुं० डाभ-कुशा Kusha-grass दक पानी Water दर न० आधा-कम Half दृप्त वि० मिजाजी Proud दरिद्र वि० दरिद्र-निर्धन Poor दरी Cave, hole दल न० पत्ता Leaf दलित वि० दला हुआ-काटा हुआ Split दलिक न० लकडा Wood दव पुं० दावानल-जंगलकी आग Conflagration द्रविण द्रव्य-धन Wealth दव्व द्रव्य-घन Wealth दर्वी स्त्री० कडछी Spoon दशन पुं० दांत । Tooth दशबल पु० गौतम बुद्ध, शाक्यसिंह Shakyamuni दशा स्त्री० दशा-स्थिति State दशाहनाथ पुं० दशा) का नाथ-कृष्ण Krishna दधिक न० दही Sour milk दान न० हाथी का मद Ichor from an elephant's temples दानव पुं० दानव-राक्षस-असुर Asura इदानीम् अ. अब-अभी Now ३२ दाणव ११४ दाणि ५२ ३५० दाम ९२ दार ७५९ दार ५७३ दोरिअ ४०८ दारु १०९ दारुण ५८९ दाविअय ३५४ दाव २११ दास १९६ दिअ ८६६ दिअर दामन् न० माला Garland दार पुं० दारा-स्त्री Wife द्वार पु० दरवाजा Door दारित वि० बिदारा हुआ-चीरा हुआ Torn, cleft दार न० लकडा-काष्ठ Wood दारुण वि० भयकर Terrible दर्शित वि० दिखाया हुआ- Shown दरसाया हुआ दाव पु० दावानल Conflagration दास पु० दास-मच्छीमार Fisher द्विज पु० द्विज-वर्तमान जीवन में Brahman दो जन्म पानेवाला- ब्राह्मण देवर पु० देवर-देर-स्त्री के Brother-in-law पति का छोटाभाई स्त्री० ढिगली-पूतली Pillar स्थूणा-खूटा दिवसकर पु० दिवसका करनेवाला Sun सूरज विसिक वि० दिवस का काम-रोज Daily work का काम-नित्य कर्म दिवस पुं० दिवस Day दिवा अ० दिवस Day द्विजाति पु० द्विज-ब्राह्मण Brahman दृष्ट वि० देखा हुआ Seen दृष्टान्त दृष्टांत-उदाहरण Image, Counterpart दिष्ट वि० चितन किया हुआ Shown -विभावित दिनमणि पुं० दिन का मणि-सूरज Sun ३६० दिअली* ४ दिअसअर ४६९ दिअसिअ ४१७ दिअह ४१७ दिआ १९६ दिआइ १३५ दिट्ठ ६५६ दिटुंत ६६८ दिट्ठ ४ दिनमणि दीपा हुआ ७५ दित्ति ८१३ दीव ६७९ दीवि ७१ दिणमुह दिनमुख न० दिन का मुख-दिन का Dawn प्रारंभ-सवेरा ४१७ दिण दिन न० दिन-दिवस Day ५२७ दिण्ण वि० दिया हुआ Given ७५० दित्त दीत वि० Shining दिप्ति स्त्री० दीपना-चमकना-प्रकाश Light ९६ दिल्लिंदिलिआ* स्त्री० बालिका-छोटी लडकी Little Girl ८१९ दिव्य दैव दैव-विधि-भाग्य Fate ६९० दिसा दिशा स्त्री० दिशा Direction ९१३ दीण दीन वि० दीन-क्षीण Distressed दीप पु० दीपक-दीया Lamp द्वीपिन् पु० चित्ता-दीपडा Panther ४८४ दीह दीर्घ वि० लबा Long ४५२ दीहत्तण दीर्घत्वन न० दीर्घता-लबाई Length ४८४ दीहर दीर्घतर वि० लबा Long ३११ दीहिआ दीर्घिका स्त्री० दीपिका-वाव-चापी Oblong well or lake द्वितीय वि० दूजा-दूसरा-अनुचर-साथी Companion दुष्कृत दुष्कृत-पाप Sin ६५८ दुक्ख दुःख न० दु:ख-पीडा Pain, misfortune ८२१ दुगछा जुगुप्सा स्त्री० घृणा-नफरत Blame ४९ दुग्गअ दुर्गत पु० दुःखी-गरीब Poor ३ दुग्गा दुर्गा स्त्री० दुर्गा देवी-पार्वती Durga दुकूल न डगला-सुदर वस्त्र Fine cloth ११० दुचडिअ दुश्चण्डित वि० दु:शिक्षित-स्वच्छदी Silly, ill-bred दुर्जात न० Misfortune ७४४ दुट्ठ दुष्ट Bad man १७ दुत्ति द्रुत अ० द्रुत-शीघ्र Suddenly ४०. दुद्दोली* द्रुदुआलि स्त्री. वृक्ष की श्रेणी Row of trees ९६ दुद्धगंधिअमुही दुग्धगन्धिक- स्त्री० अभी जिसके मुह में दूध Little Girl मुखी की गंध आती हो- छोटी बालिका ९८ दुइअ ८५ दुक्कय न ४७१ दुजाय वि० दुष्ट ।

वि० दूबला ८७ दुम २८० दुद्ध दुग्ध Milk ४९२ दुद्धि दुग्धिक न० अंदर से दूध जैसा सफेद Bottle-gourd, -दूधी-घीया White Gourd ६२० दुप्परिअल्ल दुष्परिकल्य वि० अशक्त Weak ५१५ दुब्बल दुर्बल Weak द्रुम पु० द्रुम-वृक्ष-पेड-झाड Tree ८५ दुरिअ दुरित न० पाप Sin ११ दुरेह द्विरेफ पु० भमरा-भौरा Bee ७७९ दुरोअर दुरोदर जूआ-छूत Gambling ११० दुल्ललिअ दुर्ललित वि० दुर्विदग्ध-स्वच्छदी Ill-bred ७५९ दुवार द्वार द्वार Door ७३५ दुव्वा दुर्वा ४०० दुव्वाली द्रुमाली स्त्री० वृक्ष की श्रेणी Row of trees ११० दुविअड्ढ दुर्विदग्ध वि० स्वच्छंदी-दु शिक्षित Silly, ill-bred ४९ दुविह दुर्विध वि० दुर्भागी-गरीब Poor ६८९ दुच दौत्य न० दूतपना-दूत का काम Embassy, office of messanger ११० दुस्सिक्खिअ दुःशिक्षित वि० स्वच्छंदी Self willed ९१ दुस्सीला दुःशीला स्त्री० शील रहित स्त्री Unchaste woman ६५८ दुह दुःख न० दुःख-पीडा Pain, misfortune द्विषाकृत वि० बीच में से दो भाग Parted, divided स्त्री० दूब Durva-grass . किया हुआ ८६१ दुहिआ ६८९ दूअत्तण ८०४ दुई दुहितृ-दुहिता स्त्री० पुत्री Daughter दूतत्वन दूत का काम Embassy, office of messanger दूती स्त्री० दूती-दूत का काम Female- करनेवाली स्त्री messanger दुःसह वि. तीव-सहा न जाय ऐसा Difficult to bear अ. 'ओ' इस प्रकार A Sign for आमंत्रणसूचक calling ७५८ दूसह - ८६६ देअर २४ देव ८१८ देहली ९ दोघट्ट १२२ दोणय देवर देव देहली द्वि+घुट्ट द्रोणक पु. देवर-देर Brother-in-law पु० देव God स्त्री० चौखट Threshold पु० दो से पीने वाला हाथी Elephant पु० गांव का मुखी Chief of the village स्त्री. छोटी नाव Boat ३२६ दोणी द्रोणी ५५६ धंसाडिअ १९४ धणि १५९ धणिअ* ५३ धणुह ७६ धंत ५३ धम्म ९३ धम्मिल्ल ५९ धयरट्ठ ११५ धय ६८८ धरइ ध्वंसापित वि० ध्वस्त किया हुआ- Avoided छोड दिया हुआ धनिन् पु० धनी-श्रीमान Wealthy अ० गाढ, गाढ, दृढ Much, Firm, Solid, Hard धनुष धनुष्य Bow ध्वान्त न० अंधेरा Darkness धर्मन् न० धनुष्य Bow धम्मिल्ल पु० बधे हुए केशों का Cluster of hair जूडा केशपाश धार्तराष्ट्र पुं० हंस Swan ध्वज पु० झडा-धजा Flag धृ+धरति क्रि० वह धारण करता है- He lives जीता है-जीवनयुक्त है स्त्री० पृथ्वी Earth धरिणी स्त्री. Earth धर पुं० पर्वत Mountain धवल वि० सफेद-धोला White धवलशकुन पु० श्वेत पक्षी-हस Swan धिषण पु० बृहस्पति-गुरु Ptor of gods Bee दुहित-धूआ स्त्री पुत्री Daughtër ३७ धरा धरा ३७ धरिणी " ७९ धर १६४ धवल ६० धवलसउण १७९ घिसण Juptier, prece- पु० भौंरा ११ धुअगाय* ८६१ धूआ धूम वज पु० अग्नि ३३ धूमजोणि धूमयोनि पु० मेघ-बादल Cloud ६ धूमद्ध Fire ५५ धूममहिसी धूममहिषी स्त्री० कुहरा-कुहासा Mass of clouds ५५ धूमिआ धूमिका स्त्री० ५५७ धूसरिअ धूसरित वि० हलका पीला-फीका पीला Light yellow ९२० धोय धौत वि० धोया हुआ Washed ५७५ नडिअ १७६ नंदण ३६ नई नदी स्त्री० नदी River २४४ नक्कसिरा नक्रशिरा स्त्री० नाक का छिद्र-नसकोरा Nostril १७४ नक्खत्त नक्षत्र नक्षत्र Constellation २२४ नक्ख नख पु० नख-नाखून Nail, tallon ८९१ नग्गोह न्यगरोह पु० वड का पेड Banyan tree -न्यग्रोध २७२ नगल लागल न Plough ४६४ नट्ट नाट्य न० नाच Dance ९८१ नड नट-नृत्य करने वाला Acctor, dancer नटित वि० व्याकुलता-खेद Grief नन्दन न० नन्दनवन -देव का वन Flysium १९७ नंदणा नन्दना स्त्री० पुत्री Daughter नन्दी स्त्री० गऊ-गाय Cow ४५५ नम्म नर्मन् हास्य-मस्खरी Joke ३०९ नम्मया नर्मदा स्त्री० नर्मदा नदी River Narbada २३३ नयण नयन नयन-आंख Eye २३९ नयणजल नयनजल आंखका पानी-आंसु Tear १०० नर नर पु० नर-पुरुष-मनुष्य Man १८९ नरनाह नरनाथ पुं० नरों का नाथ-राजा King ३८५ नलय नलक कमल के ततु Lotus-fibre १० नलिण नलिन कमल Lotus ३८७ नलिणी नलिनी स्त्री० कमल वेल-कमलिनी Lotus plant 8 ये 'न' आदिवाले सब शब्द 'ण' आदिवाले भी समझने अर्थात् णई णसिरा पक्खत्त णक्न इत्यादि रूपसे भी उनका प्रयोग होता है । ६९ नदी न ९१५ नवरंग नवरङ्ग Red cloth न० कसुबी वस्त्र-लाल रंगा हुआ कपडा अ० सहसा मनौती १७ नवरि ४२४ नवसिअ नमस्यित ३४ नह न० नभ-आकाश नभस् नख २२४ नह नख पुं० स्वर्ग नाक १६९ नाअ ४३३ नाम १२ नारी ३१६ नारुट्ट* ९८२ नालिआ नामन् नारी न० नाम स्त्री० नारी-स्त्री पुं० खड्डा स्त्री० समय नापने की घडी नालिका Suddenly Vow Sky Nail Heaven Name Woman Pit Period of 24 minutes Destruction Nose Mean Clever Mass Hartless Beaten Established Widely fragmented Come out Established Permanent Heartless Streamlet Dripped Heartless Forehead Nest ४५६ नास नाश पुं० नाश-विनाश २३४ नासा नासा स्त्री. नासिका-नाक ५३४ निउचिअ निकुञ्चित वि० संकुचित ९९ निउण निपुण वि० चतुर-कुशल १८ निउरंब निकुरुम्ब पुं० समूह १२५ निक्विव निष्कृप वि० निर्दय ७९. निक्खय निक्षत ५६३ निक्खित्त निक्षिप्त वि० स्थापित ५७९ निग्गयामोअ निर्गतामोद वि. जिस की सुगध खूब फैली हो ५७६ निग्गिण्ण निर्गीर्ण वि० बाहर निकला हुआ ५४५ निग्यक्तिअय निक्षिप्तक वि. स्थापित नित्य वि. नित्य स्थायी १२५ निच्चुङ वि. निर्दय ६५७ निज्झर निर्झर न० पाणी का झरणा १३९ निट्टइअ* क्षरित वि० टपका हुआ १२८ निठुर निष्ठुर वि० निर्दय ललाट ललाट २९५ निक नीड घोंसला वि० मारा हुआ १५३ निच २३६ निडाल ३६ निण्णया निम्नगा स्त्री० नदी River २३३ नित्त नेत्र नेत्र-आंख Eye ४७० नित्थाम निःस्थामन् वि० निर्बल Weak ५९३ निद्दलिअ निर्दलित वि. नाश किया हुआ Destroyed ४८१ निद्देस निर्देश पुं० निर्देश-सूचन Hint १२५ निबंधस निर्द्वन्धंस वि. ध्वस करनेवाला निर्दय Cruel ५०६ निद्धाडिअ निर्धाटित वि० बहार निकाला हुआ Gone out -भगाया हुआ ४९३ निबधण निबन्धन न० कारण Cause ६४८ निब्भर निर्भर कि० वि० भरा हुआ Filled ५७३ निम्भिण्ण निर्भिन्न वि० मेदा हुआ Split ५६३ निमिअ निमित वि० स्थापित Established ३५२ निम्मल्ल निर्माल्य न० देव को चडा हुआ Remainder of प्रसाद-शेष present made to god ५८७ निम्महिम निर्मथित वि० मथा हुआ- हिसित Straggled ५८८ निम्माय निर्मात वि० निर्माण किया हुआ Created ११७ निअंसण निवसन न० कटीवस्त्र Waist-band १४८ निअक्कल निचक्रल Round shape ८३३ निअगुणसलाहा निजगुणश्लाघा स्त्री॰ अपने गुण की प्रशंसा Self-praise १३५ नियच्छि निदर्शित वि० निदर्शन किया हुआ- Seen बताया हुआ १६१ नियड निकट वि० पास में रहनेवाला Near २४८ निअंब नितम्ब पुं० कमर की दोनों बाजु का Hips नीचा भाग-कूला १२ निअंबिणी नितम्बिनी स्त्री० नारी-स्त्री Woman ४३० निअय नियत वि. नियत-नियमित Constantly ७४० निअय निजक वि० निजका-अपना One's own १८ निअर निकर पुं० समूह Heap, quantity ५७७ निअलि निगडित वि० बेडी डाला हुआ Fettered ४९३ निआण निदान न० कारण Cause गोल आकार १३ निरंकुसा निरङ्कुशा स्त्री० स्वच्छद स्त्री Self-willed woman Self-willed १३ निरग्गला निरर्गला स्त्री० १३ निरवग्गहा निरवग्रहा स्त्री० woman Self-willed " woman वि० सरल ६३८ निव्व वि० उपभुक्त ४८८ निराय* Straight ७२ निरोह निरोध ताप Heat ७७ निलय निलय पुं० घर House ५८६ निलीण निलीन वि० लीन, एकाग्र Completely merged १८ नित्रह निवह पु० समूह Heap quantity १८९ निव नृप पुं० राजा King ५८८ निव्वडिअ निष्पतित वि० सिद्ध-निष्पक्ष Produced नीन नेवा-छप्पर का अग्रभाग Thatch, rimround, Tile १९ निव्वाण निर्वाण न० मोक्ष Final liberation ४९८ निविट्ठ निर्विष्ट Eaten, enjoyed १२५ निसंस नृशस वि० क्रूर Pitiless, cruel ७४ निसा निशा स्त्री० रात्री Night ५२५ निसामिअय निशामितक वि० सुना हुआ Heard ९७० निसायंत निशातान्त न० तीक्ष्ण धारवाला Sharpened at the point ५९. निसाय निशात वि० तीक्ष्ण Sharpened ५ निसायर निशाकर पुं० चन्द्र Moon ५६६ निसुढिअ* नत वि० भार से नमा हुआ Bent under a load ५६५ निसुद्ध निशुद्ध वि० गिराया हुआ Thrown down ५२५ निसुअ निश्रुत वि० सुना हुआ Heard २७१ निस्सेणी निःश्रेणी स्त्री० निसरणी-सिढी-निसैनी Ladder, stairs ४९ निस्स नि.स्व वि० निर्धन Poor ४५६ निहण निधन मरण Death .

६० पुं० समूह • ३५९ निह निभ न० बहाना-छल ७९० निहय निहत वि० मारा हुआ ९२८ निहस निकष पु० कसोटी का पत्थर १८ निहाअ निघात १३५ निहालिअ निभालित वि० निभालित वि० देखा हुआ २८ निहिनाह निधिनाथ पुं० कुबेर ५६३ निहि निहित वि० स्थापित १५ निहुअ निभृत वि० धीरे ७७ निहेलण घर २९५ नीड नीड न० घोंसला ५०६ नीणि* गत नीत २०१ नीअ नीच वि० नीच २५२ नीरंगी नीरङ्गी नीर पानी ६४ नीलकंठ नीलकण्ठ पु० मोर ५७ नीलुप्पल नीलोत्पल न. ४९१ नीवी नीवी स्त्री. नाडी-नाडा-इजारबंद Feint, prentence Slain Touchstone Heap, quantity Seen Kubera Placed Inert House Nest Gone out वि० निकला हुआ वि० हरा हुआ ९५३ नी Taken away स्त्री० घूघट ३५ नीर नीला कमल Bad, low Veil Water Peacock Blue lotus Knot for fastening petticoat Nauclea Kadamba Dripping Tired, weak Venerable ८८३ नीव १३९ नीसंदिअ १३१ नीसह २०० नीसामन्न ५७६ नीहरिअ .५५ नीहार नीप पुं० कदंबवृक्ष निःष्यन्दित वि० टपका हुआ-झरा हुआ निःसह वि० भार से नमा हुआ निःसामान्य पु० बड़ा-साधारण नहीं निःसृत वि० निकला हुआ नीहार पुं० कुहरा Gone out ५०५ नूमि २६१ नेउर ७६० नेलच्छ* ७५१ नेवत्थ २६९ नेह ८७५ नोमाली छादित वि० ढका हुआ नूपूर न० झांझर पुं० नपुसक नेपथ्य वेष स्नेह पुं० स्नेह नवमालिका स्त्री० नवमालिका की वेल Hoar-frost, mass of clouds Shaded, Covered Anklet Eunuch Dress Affection Arabic jasmin + ६२ ६५६ पञ्चाएस प्रत्यादेश पुं० दृष्टांत Image, counterpart ९६ पच्चारण* उपालम्भन न० प्रतिभेद-उलहना देना Scolding ७१ पच्चूस प्रत्यूष पु० प्रात काल Dawn ४२५ पच्चूह प्रत्यूह न विघ्न Obstacle ४ पच्चूह प्रत्यूह पुं० सूर्य Sun ९९४ पच्छा पश्चात् अ० पीछे से Afterwards ५०५ पच्छाइअ प्रच्छादित वि० ढका हुआ Covered, Shaded ५२६ एज्जत्त पर्याप्त वि० पूरता-काफी-यथेष्ट Sufficient, much ७८० पज्जा पद्या स्त्री० अधिकार-लायकात Topic १३९ पज्झरिअ प्रक्षरित वि० टपका हुआ Dripping १४० पज्झुत्त* वि० जडित Joined, Studded ७ पंचसर पञ्चशर पुं० कामदेव Cupid ६६ पचाणण पहचानन पुं० सिंह Lion १५८ पटुहिअ क्षुब्ध वि० क्षोभ पाया हुआ पानी- Turbid water डोला पानी २७८ पट्ट पृष्ठ तल-भूमितल Level ground ५९४ पट्टविअ प्रस्थापित Sent forth २७७ पडंचा प्रत्यञ्चा स्त्री० धनुष की डोरी String ६३८ पडल पटल न० नेवा-छापरका अग्रभाग Thatch, Tile ११५ पडाया पताका स्त्री० पताका-वज Banner ८२२ पडिप्फलिअ प्रतिफलित वि० प्रतिबिंबित Trembling, Tripping प्रतिबिम्ब न० प्रतिबिम्ब-परछांही Image प्रतिभेद पु. प्रतिभेद-उलहना देना Scolding प्रतिमा स्त्री० प्रतिमा Image ५० पडिवक्ख प्रतिपक्ष पु० शत्रु Enemy ५४. पडिवन्न प्रतिपन्न वि० स्वीकृत, प्रतिपत्तियुक्त Obtained ९२६ पडिसिद्ध प्रतिषिद्ध वि० निषेध किया हुआ Forbidden, hindered १४२ पडिहत्थ प्रतिहस्त वि० पूर्ण Filled, full ६४१ पडिहुआ प्रतिभूक पुं० जामीन Surety, bail ४८६ पडु पटु वि० चतुर Clever, able वि० भेजा हुआ ६६० पडिबिंब ९६० पडिमे ६६० पडिमा - ६३ प्राप्तार्थ चतुर, पडित पात्र, बर्तन १०२ पण प्रणयिन् वि० स्नेही Lover, husband ५२७ पणामि प्रणामित वि. वि० समर्पण किया Given ९२७ पणिहि प्रणिधि पु० दूत, जासूस Spy १४७ पणुल्लिअ* प्रक्षिप्त वि० प्रेरित किया हुआ Thrown ७६० पडअ पण्डक पु० नपुसक Eunuch १६४ पडु पाण्डु वि० फीका White ९९ पत्तट्ठ वि० Clever ३३९ पत्त पत्र न० पत्ता, किताबका पन्ना, Leaf, Page कागज का टुकडा ६१ पत्तरह पत्ररथ पु० पक्षी Bird ३४८ पत्तल पत्रल वि० बहुत पत्तावाला, तीक्ष्ण-पतला Sharp, pointed ६६५ पत्त पात्र न Vessel ९२ पत्ती पत्नी स्त्री० पत्नी, स्त्री Wife ८१७ पत्ते प्रत्येकम् क्रि०वि० एक एक Each ४०९ पत्थयण पथ्यदन भाता-मार्ग में प्रवास करते Food for a हुए खाने का खुराक Journey ३४८ पत्तसमिद्ध पत्रसमृद्ध वि० तीक्ष्ण Pointed sharp प्रस्तृत वि० बिछाया हुआ Strewn ११३ पत्था प्रस्ताव पुं० प्रस्ताव-प्रसंग Occasion ४०२ पत्थारी प्रस्तार स्त्री० बिस्तरा-पथारी Couch of straw १८९ पत्थिव पार्थिव पु० राजा King ३९९ पद्द पद्र न. गांव का अंतभाग Village-Site या पीछे का भाग १०६ पंति पक्ति स्त्री० पंक्ति-श्रेणी Line, row ८३ पथ पन्थ पुं० Path ३. पन्नयरिउ पन्नगरिपु पु० गरुड Garuda ३१ पन्नय पन्नग पुं० सर्प Snake ५०२ पञ्चाडिअय* मर्दित विक मसला हुआ Crushed ८०९ पप्फोडिअ प्रस्फोटित वि० प्रस्फोटित Disentangled ९४५ पमह प्रमथ पुं० महादेव का सेवक Shiva's attendant ४३८ पमुह प्रमुख Beginning ६४९ पत्थरिअ मार्ग-रस्ता वि० प्रमुख पक्ष्मल न० ८२४ पम्हलय ८४९ पम्ह पक्ष्मन् Hairy Eyelashes Forgotten Sun प्रमुष्ट ४ पयंग रोम युक्त-रोमवाला न० आंख के बाल, पांपण वि० विस्मृत पुं० सूर्य पु० पतगिया-फतंगा-दीयेमें पड़नेवाला कीडा न. पानी पतङ्ग ७४५ पयंग पतङ्ग Moth ३५ पय २८० पय पयस् पयस् प्रकृति ९०७ पयइ ७८५ पयट्टय न० दूध स्त्री० स्वभाव वि० प्रवृत्त प्रवृत्तक २२३ पयड ४४९ पयत्त ४१० पयत्थ १८ पयर ५९६ पयलाइ ८३ पयवी ५३३ पयल्ल* ६९६ पयाम ५३७ पयारिअ प्रकट वि० प्रकट, स्पष्ट प्रयत्न पुं० प्रयत्न-आदर पदार्थ पु० वस्तु, तत्त्व प्रकर पुं० समूह प्रचलायते क्रि० नींद लेता है पदवी स्त्री० पदवी प्रसृत वि० फैला हुआ पकाम न० अत्यंत प्रतारित प्रजापति पु० ब्रह्मा प्रकाश पुं० प्रकाश परच्छन्द वि० पराधीन Water Milk Temper, Nature Rolling on, going on? Famous Respect, steem Substance Heap, quantity He sleeps Path Stretched Successively Cheated Brahma Light Subjected, dependent The other bank Tormented Truth Final liberation Brahma Order, succession वि० ठगा हुआ २ पयावइ ७५ पयास २२२ परच्छेद ७२७ परतीर ५४९ परद्ध ९०८ परमत्थ परतीर न० सामने वाला किनारा अपराद्ध वि० अपराधी परमार्थ न. सच्चा परमपद न. मोक्ष परमेष्ठिन् पुं० ब्रह्मा परम्परा स्त्री० परम्परा V १९ परमपय २ परमिट्टि ४६५ परंपरा ३६२ परिणय वि० पका हुआ २२२ परयत्त परायत्त वि० पराधीन Dependent ६३ परहुआ परभृता स्त्री० कोयल Female koil ३३७ पराअ पराग पराग Dust, Pollen of fllower १५० परामुसिअ परामृष्ट वि० छुआ हुआ-परामर्श किया हुआ Touched ५५३ पराहूअ पराभूत वि. पराजय पाया हुआ Defeated ५८३ परिक्खित्त परिक्षिप्त वि० परिक्षिप्त Put on, dressed परिणत Ripe ६८५ परिणीआ परिणीता स्त्री० विवाहित स्त्री Wife ४६१ परिणाह परिणाह पु० विस्तार Circumference, extent ५५४ परिदेवि परिदेवित वि० विलपित Lamenting ९५२ परिप्पवत परिप्लवमान वि० तैरता हुआ, गोता लगाता हुआ Swimming about ६७१ परिपासअ परिवासक पु० खेत में जाकर रक्षण के लिए Night-watchman सोनेवाला मनुष्य १४८ परिमंडल. परिमण्डल न. गोलाकार Round ३७९ परिमल परिमल पु० परिमल, सुगध Perfume ९३६ परियत्तिअ परिवर्तित वि० बदला हुआ Turned round ५८४ परियालिअ परिवारित वि० वि० वींटा हुआ Clothed, enveloped ४६२ परिरंभण परिरम्भण न० आलिंगन Embracing ५८६ परिलीण परिलीन वि० विलीन Completely merged in ४६५ परिवाडी परिपाटी स्त्री० रीति-क्रम Succession, order ७५४ परिवार परिवार तरवार का मियान Scabbard ७८८ परिसर परिसर पु. नजीक, बाजू Border, circumference ४५९ परिसा परिषद् स्त्री० सभा Assembly ५०२ परिहट्टिअ परिघट्टित वि० , चूरा किया हुआ Crushed ११७ परिहणय परिधानक न० पहरण-पहेरने का कपडा Dress ८११ परिहत्थ परिहस्त Clever, handy ९ चतुर, सिद्धहस्त ४५५ परिहास ३९ परेय ४२३ परिहा परिखा स्त्री. खाई Ditch- ५१५ परिहाय परिहीण वि० क्षीण Emaciated परिहास पुं० हँसना Laughing at, irony ४८९ परिहिअ परिहित वि० पहिरा हुआ Dressed, put on ५५३ परिहू परिभूत वि० पराजय पाया हुआ Conquered प्रेत पुं० पिशाच Pishacha ९३४ पराहड* न० घरका वाडा-घरके House surround- पीछे का आंगन ed by a fence ४५६ पल प्रलय पुं० नाश Destruction ८७९ पलही* स्त्री० कपास Cotton ३५८ पलाल पलाल नं० पुलाल-पराल Straw ३३९ पलास पलाश म पत्ता Leaf १६ पलीवि प्रदीप्त वि० प्रदीप्त हुआ-सुलगा हुआ Shining ३१० पल्लल पल्वल न० तलाव Pond ३४१ पल्लव पल्लव पुं० पल्लव Sprouts ९५४ पल्लवि पल्लवित वि० पल्लव-युक्त Dyed red . with lac ५९२ पल्हत्थिअ* पर्यस्तित वि० विरचित Emptied ६५ पवअ प्लवग पुं० वानर-बंदर Monkey ६५ पवगम Monkey २९ पवण पवन पुं० पवन Wind ७१९ पवाल प्रवाल प्रबाल-परवाला Coral ६६६ पविआ प्लविका स्त्री० पक्षीओं का पानी पीने का Vessel for watering birds ३ पवई पार्वती स्त्री० पार्वती Parvati १३६ पव्वालि* प्लावित न० पानी से व्याप्त Sporting in the water ? १४६ पव्वाय* म्लान वि० सुखा हुआ-मुरजाया हुआ Faded ५३३ पसरिअ प्रसूत वि० फैला हुआ-पसरा हुआ Stretched forth 4. पर्सिडि* न० सोना Gold प्लवंगम पु० का वर्तन .

१०८ पसन्ना ३३५ पसव १४९ पसाहिअ ३३५ पसूअ २९ पहंजण पु० मार्ग ८३ पह १८ पहयर* २७३ पहरण ९५८ पहर Weapon ४६३ पहरिस ७५ पहा ६९५ पहार ५२६ पहुत्त वि० बहुत न ६१३ पहेणय* ५३२ पहोलिर २१० पाउग्गि प्रसन्ना स्त्री० मद्य, दारु Spirituous liquor प्रसव न० Flower प्रसाधित वि० शृंगार किया हुआ Adorned प्रसूत Flower प्रभञ्जन पुं० पवन Wind, storm पथ Path पुं० समूह Heap, quantity प्रहरण न० प्रहर पुं० पहोर Watch, Period of three hours प्रहर्ष पु० आनद Joy प्रभा स्त्री० प्रभा, प्रकाश Light प्रहार पुं० मारना Beat प्रभूत Much खानेकी वस्तु की भेट Present of food प्रघूर्णक वि० हिल हिल करने वाला Swinging जूआ खेलाने वाला Gambling house keeper प्रावृतक वि० ओढा हुआ Covered प्रावृष् - पु० चोमासे का आरंभ Storm, breaking आगम of monsoon पाटचर पु० चोर Thief पाटल वि० लाल Red प्रत्येकम् क्रि०वि० एक एक Each पातित वि० पाडा हुआ-गिराया हुआ Thrown down स्त्री० घोडेको सजाना Painting or adorning a horse प्राणसम पुं० प्रियतम-प्राण समान Lover, husband प्राण पुं० चडाल Chandalas पाणि पुं० हाथ Hand पामर पुं० खेती करने वाला Husbandman. प्रायोगिक पु० ९३७ पाउअय ७४३ पाउसागम " १२४ पाडच्चर १६६ पाडल ८१७ पाडिक ५६५ पाडिअ ६३१ पाडुच्ची* १०२ पाणसम २०९ पाण २२८ पाणि १२२ पामर ३७० पामाड* १३८ पामुक २०१ पायय ८७ पायव ७९४ पायस ७३ पाद २२६ पाय ७७१ पायार पु० कीला पारेवा-कबूतर ४७४ पायाल ७२७ पार २८४ पाराव ८ पारावार ५९७ पारेइ ६०६ पालब प्रपुनाट पुं० पमाड का पेड-एक प्रकार Cassia Tora of का वृक्ष Alata प्रमुक्त वि० छुटा हुआ Abandoned प्राकृत वि० नीच-अधम Bad पादप पुं० वृक्ष-झाड Tree पायस पु० दूधपाक Milk and rice पाद पु० किरण Rays पाद पु० पैर-पग-पांव Feet प्राकार Rampart पाताल न० पाताल Nether world पार न० किनारा The other bank पारापत पु० Pigeon पारावार पुं० समुद्र Ocean पारयति क्रि० पार करता है-समर्थ होता है He can, is able प्रालम्ब न. पेंडलवाला एक प्रकारका Pendent आभूषण ornament पालिका स्त्री० तरवार की मूठ Sword-hilt. edge of sword पावक Fire पाप पाप Sin पार्श्व पुं० पास-नजीक-बाजू Border प्रासाद पुं० महेल Palace पाथेय भाता Provisions for a journey प्राभूत न. भेंट Present पितृ+पिता पु० पिता-बाप Father पितामह पुं० ब्रह्मा Brahma पितृष्वसा स्त्री० पिताकी बहेन-बुआ-फुफा Fathers sister पितृवण न० श्मशान Burial-ground, Cemetry पक्व वि० पका हुआ Ripe प्रेक्षा स्त्री० हिंचका Swing २७५ पालिआ ६ पाव पु० अग्नि ८५ पाव ७८८ पास ९८३ पासाअ ४०९ पाहिज ८६३ पिआ २ पिआमह ८७१ पिउच्छा ४२१ पिउवण ३६२ पिक ७४१ पिंखा १६५ पिंग १६५ पिंगय २९४ पिच्छ पु० पिशाच २६९ पिम्म पिङ्ग वि० पीला Brown पिङ्गक वि० पीला Brown पिच्छ न० मोर पीछ-पंख का भाग, Feather पांख, पूछ ६८७ पिच्छ प्रेक्षस्व क्रि० देखो Look! ९७७ पिच्छाभूमि प्रेक्षाभूमि स्त्री० रंगमंडप, स्टेज Stage, theatre ६३६ पिट्ठखउरिआ* स्त्री० मद्य-दारु Liquor mixed with flour ४७९ पिढर पिठर पु० एक प्रकारका बर्तन Pot, Pan ४८९ पिणद्ध पिनद्ध वि० पहिरा हुआ-सजा हुआ Put on, dressed २२ पिणाइ पिनाकिन् पु० महादेव Shiva ६२२ पिंडलइअ पिण्डलकित वि० पिंडाकार किया हुआ, Heaped up समूह में किया हुआ ३९ पिप्पय* Pishacha ८९७ पिप्पल पिप्पल न० पीपलका पेड Pipal tree प्रेमन् न० स्नेह, प्रेम Affection ८८७ पियंगु प्रियगु स्त्री० प्रियगु का वृक्ष, ककूदनी Panicum Italicum का पेड, काँग ३६७ पियगु प्रियगु स्त्री० मालकांगनी का पेड Medicinal plant ३६७ पियमा प्रियतमा स्त्री० Medicinal plant ६३ पियमाहवी प्रियमाधवी स्त्री० कोयल Female koil १०२ पिययम प्रियतम पु० अधिक प्यारा पुरुष Lover husband ८९४ पियाल प्रियाल न Buchanania latifolia १४७ पिल्लिअ* क्षिप्त वि. उत्क्षिप्त Thrown ३२२ पिवासा पिपासा स्त्री० प्यास Thirst ३९ पिसल्लय पिशाच पु० पिशाच Pishacha १६५ पिसंगय पिशङ्गक वि० पीला Brown २४२ पिसि पिशित न० मांस Flesh १२३ पिसुण पिशुन वि. चुगलीखोर Wicked १४५ पिसुणि पिशुनित- वि० कहा हुआ, Spoken कथित चुगली किया हुआ " प्रियाल वृक्ष ७४९ पिहाणिआः ४९९ पिहिअ १५७ पिहुल २८३ पीऊस ४३४ पीडा ५४९ पीडिअ २७० पीढ ९६१ पीढिआ १२६ पीण ९ पील १२६ पीवर पिधानिका स्त्री० ढकनी Cover पिहित वि० ढका हुआ Covered पृथुल वि० पहोला-विस्तार युक्त Broad पीयूष अमृत Nectar पीडा स्त्री० पीडा Pain पीडित वि० दुःखी Tormented पीठ न० पीढा-बेठक, आसन Seat पीठिका स्त्री० मच-एक प्रकार का आसन Seat पीन Fat पील पुं० हाथी Elephant पीवर Fat पूत्कृ-व्याहार स्त्री० जोरसे आवाज करना, Bragging वि० पुष्ट वि० पुष्ट ६२१ पुका* पोकार करना ३११ पुक्खरिणी ५४३ पुछिअ ६२२ पुंजाय पुष्करिणी वि० तालाव प्रोञ्छित पुज वि० पुंज किया हुआ-ढेर वि० पोंछा हुआ Lake, pond Wiped Heaped up किया हुआ ६८ पुडरीअ पुण्डरीक पुं० बाघ Tiger १० पुडरीअ पुण्डरीक न० Lotus ४५७ पुण्ण पुण्य पुण्य Merit, Fate ६४३ पुण्णवत्त पुण्यवस्त्र खींचा हुआ वस्त्र-आनंद Holiday-dress होने से हरा हुआ कपडा २५८ पुत्तलिआ पुत्तलिका स्त्री० पूतली Doll, effigy ८६५ पुत्तवहू पुत्रवधू स्त्री० स्त्री० पुत्र की बहू-पतोहू Daughter-in-law १७५ पुन्नयण पुण्यजन पुं० पुं० यक्ष Yaksha ३८६ पुन्ना पुनाग पु० पुनाग का वृक्ष Rottleria Tinctoria २१३ पुप्फञ्चिणिआ पुष्पचायिनी स्त्री० फूलों को इकट्ठा करने Garland-makers वाली-मालण ३१९ पुप्फ पुष्पक पुं० फेण-झाग Foam ६२५ पुप्फबलि पुष्पबलि. पुं० पूजा-उपचार-पुष्पकी बलि Flower, offering ७१ २१३ पुप्फलाई Garland-makesr Father's sister. Young man Pishacha Before, in front अ० आगे पुष्पलावी स्त्रो० फूलों को चुनने वाली मालण पुष्पिका स्त्री० बुआ-फुई-फुफा पौगण्ड पु० युवान पुयादिन् पु० पिशाच पुरतः पुरंदर पु० इंद्र पुरन्ध्री स्त्री० स्त्री पुररक्ष पु० कोटवाल पुरुष पु० पुरुष पुरीष विष्टा-मल पुलकित वि. रोमांचित प्रलोकित-दृष्ट वि० देखा हुआ ग्लुष्टक पुलोमतनया स्त्री० इद्राणी पुं० वाघ पुष्यक पेढाल वि० गोलाकार प्रेतवन न० मसान-श्मशान ८७१ पुप्फिआ* १०४ पुअंडअ ३९ पुयाइ ९९३ पुरओ २५ पुरंदर ९२ पुरंधी ४६६ पुररक्ख १०० पुरिस २४५ पुरीस १३.७ पुलइअ १३५ पुलइअ ५९१ पुलुट्ठय १८१ पुलोमतणया ६८ पुल्ली* २९१ पूस* १४८ पेढाल* Indra Wife Watchman Man वि० जला हुआ - पु० तोता ४२१ पेअवण Excrements Horripilated Seen Burnt Shachi Tiger Parrot Round Burial-ground, cemetry Yama End, limit Soft Charming Sent Feather Stitched, pierced Little boy Ship Strong, able २७ पेआहिव ४८३ पेरंत १५६ पेलव १५५ पेसल प्रताधिप पुं० यम पर्यन्त पु० छेडा-अंत पेलव वि० नरम, कोमल पेशल वि० सुदर, रम्य प्रेषित वि० भेजा हुआ न० मोरपीछ प्रोत वि० पोया हुआ पोत पुं० छोटा लड़का पोत पुं० वहाण-जहाज प्रौढ वि. प्रौढ-समर्थ ५९४ पेसवि २९४ पेहुण* ९५५ पोइअ* ९५ पोज ९८६ पो ५२ पोढ ३८१ पोअइआ* स्त्री० नींद लानेवाली लता A kind of creeper Wicked पु० पौष मास-पूस महिना Pausha पु० दुर्जन १२३ पोरच्छ* ६१९ पोस पौष ७९२ फंस " ६१८ फग्गुण ३९२ फण ३९२ फडा ३१ फणि ५५१ फंदिअ ७९२ फरिस १२८ फरुस ३६७ फलिणी ५१३ फलिअ १७८ फलिहगिरि ९५० फलिह ७९१ फलिह स्पर्श पुं० स्पर्श Touch फाल्गुन फागुन महिना Phalguna फण पु० फणा-साँपकी फन Snake's hood फटा स्त्री० फणिन् पु० फन वाला नाग-सर्प Snake स्पन्दित वि० वि० चचल-कुछ हिला हुआ Quivering स्पर्श पुं० स्पर्श Touch परुष वि० कठोर Cruel फलिनी स्त्री० प्रियंगु Medicinal plant फलित वि० विकसित फुटा हुआ अंकुर Split, cleft स्फटिक- पु० कैलास Kailasa गिरि · परिघ पु० परिघ-आगलिया अर्गला Bar परिघ पुं० दरवाजे में लगा हुआ-काठ Part of Door आदि का तख्ता-चौखट वि० चितकबरा Variegated पाटित वि० फाडा हुआ-भाग किया हुआ Pierced torn स्फेटित-भ्रष्ट वि. भ्रष्ट-नष्ट Lost स्फुट वि० स्फुट-स्पष्ट Clear स्फुटित वि० खिला हुआ फूल वा अंकुर Rent, cleft स्त्री. वन कंडे की आग Fire of dry cowdung स्फुरण न० स्फुरण होना-फरकना Quivering, winking? स्फुरित वि० स्फुरित-स्फुरा हुआ Quivering १६७ फसल* ५८१ फालिअ ५५२ फिडिअ ९५१ फुड ५१३ फुडिअ ४०१ फुफमा* ९८५ फुरण ५५१ फुरिअ ७३ ११ फुल्लघु पुष्पधय पुं० भँवरा Bees, Flower shaker' Wiped Foam वि० छुआ हुआ ५४३ फुसि ३१९ फेण स्पृष्ट फेन पु० फेण-झाग ब ८७८ बउल Mimusops १४५ ब(व)ज्जरिअ* बकुल पुं० बकुल वृक्ष elengi उच्चरित- वि० कहा हुआ Spoken कथित बद्ध वि० बंधा हुआ Fettered bound बद्ध वि० संमुक्त-जुडा हुआ Joined, united बद्ध वि० बध्य-कैदी अथवा वाधरी-Prisoner or चमडे की दोरी (2) Leather strap ? बन्दिन् पु० चारण Bard बन्दी स्त्री० बान्दी-बलात्कार से लाई Captive women ६७७ बद्ध ७८४ बद्ध अथवा वर्ध ४४ बदि २१२ बंदि ७११ बंधण वि० सुन्दर १९५ बंधु १४ बधुर २९३ बप्पीह २३९ बप्फ ७१४ बंभणि बन्धन बधन-जिसके सहारे वृक्षपर Tying, bandage फल लटकता रहता है-डीट बन्धु पु० बधु, भाई Relative बन्धुर Lovely बप्पीह पुं० चातक, बपैया-पपीहा Chataka बाष्प न० गरमी, भाप Tear ब्राह्मणिका, स्त्री० एक प्रकार को जंतु Halahala हालाहला नामका कीडा बहिन् पुं० पुं० मोर Peacock बरक पुं० विशेष प्रकार का घास-जिस A reed resem- केराडे से कलम की जाती है. bling sugarcane बल बल Power पु० बलात्कार-हठ Violence बलाहक पुं० बांदल Cloud बलिपुष्ट पुं० कौआ Crow ६४ बरहि ३७३ बरु ४४४ बल ४४७ बलामोडी ३३ बलाय ६७ बलिउ? १० ७४ न० ६५ बलिमुह १५९ बलि २६ बल ८६२ बहिणी १११ बहुजंपिर ६९ बहुला ९५९ बहुल ७९९ बहेडअ २५८ बाउल्ली* १५९ बाढ १२१ बाल ९६ बाला बलिमुख पु० बंदर Monkey बलिक गाढ-दृढ Much बल पुं० बलराम Balarama भगिनी स्त्री० बहेन Sister बहुवावदूक वि० बहुत बोलने वाला-वाचाल Talkative -बकबक करने वाला बहुला स्त्री० गाय Cow बहुल कृष्णपक्ष Dark half of the month बिभीतक पुं० बहेडा-जो त्रिफला में Myrobalan आता है स्त्री० पूतली Effigy, doll बाढ वि० गाढ-दृढ Much बाल पु० मूर्ख, बालक Fool बाला स्त्री० छोटी लडकी-दुधमुंही लडकी Little girl बालिश वि० मूर्ख Fool बहिर अ० बाहर Outside बहिर अ० Outside बाष्प पुं० आंसु Tear बाहु पु० हाथ Arm द्वितीय वि० दूसरा-दूजा Attendant, servant वृन्त न० फल वगेरे का बंधन Binding, जिसके सहारे वृक्ष पर फल bandage? लटकता रहता है-डीट-भंट स्त्री. विशेष प्रकार की मदिरा Liquor mixed with flour बिन्दुकित वि. बिदु बिन्दुवाला-टपकीदार Covered with 'drops or spots बिम्ब बिबीफल-कुंदरुन का Bimba-fruit फल-टींडोरा १२१ बालिस ६९९ बाहिं ६९९ बाहिर २३९ बाह ८५६ बाहु ९८ बिइज्जअ ७११ बिट ६३६ बिटसुरा* -- ५६९ बिंदुइ ८८४ बिब ७५ ३८० बिबवय* ३९० बिराली ३८३ बिल्ल ८८९ बिस बिडाली बिल्व बिस ८९६ बीअय बीजक न० ६७ बुक्कण ७२४ बुक्का पु० कौआ १६२ बुज्झिअ ४२ बुद्धि बुक्कन बुक्का बुद्ध बुद्धि बुद्ध न० भिलावां Marking-nut स्त्री० बिल्ली Cat बेल का फल Wood-apple न० कमल के नाल का तंतु Lotus-fibre अशन वृक्ष-बीया का पेड Terminalia Tormentosa Crow स्त्री० मुक्का-मुष्टि Fist वि० बोधयुक्त Understood स्त्री० बुद्धि Intellect पु० वुद्धदेव Shakyamuni- Gautama स्त्री० शरीर Body Clever स्त्री० स्थूणा-खूटा Post वि. चितकबरा Variegated एक प्रकार का छोड़ A sensitive plant पु० जुवान Young man स्त्री० बेर का पेड Jujube tree २० बुद्ध ९७ बुंदी* बुध पु० पडित ३६० बेली* १६७ बोगिल्ल* ९०० बोडघेर* १०४ बो(वो) द्रह* ८७७ बोरी बदरी १०९ भइरव वि० भयकर ८०६ भग्ग ४८० भगुर ९.२ भज्जा ५५२ भट्ठ ८१ भणिइ ८७२ भत्ता २६२ भद्दासण भैरव भन्न वि० रोग से पीडित भङ्गर वि० क्षणिक-क्षणभगुर भार्या स्त्री० स्त्री भ्रष्ट वि० भ्रष्ट-नष्ट भणिति स्त्री० वाणी भर्तृ भर्ता पु० पति-स्वामी भद्रासन न भद्रासन भद्र न० कल्याण भ्रमर पुं० भँवरा Terrible Broken Crooked, curved Wife Lost Speech Husband Thrones Lucky, auspicious Bee ११ भमर ३५३ भमास भमास पु० विशेष प्रकार की घास ५२९ भमि ८५७ भमुहा भ्रमित भ्रू स्मृत वि० घुमाया हुआ स्त्री० भाँ वि० याद किया हुआ वि० विकसित ५६४ भरिअ ५५९ भरिउलट्ट* १८ भर ३८० भल्लाय ७५ भवण ३ भवाणी २२ भव Reed resembling sugar-cane Rvolving Eyebrows Remembered Opened Heap, quantity Marking-nut House Bhavani Shiva Dog Bee Jackal-bitch Vessel Share Fate, luck . Bhagirathi A horse of good race Brother भर पु० समूह भल्लात भिलावा भवन न० घर भवानी स्त्री० पार्वती भव पुं० शिव भषण पु० भोंकनेवाला-कुत्ता भ्रमर भषिका स्त्री० सियार भाजन न० बर्तन-भाणा भाग पुं० भाग भागधेय भाग्य भागीरथी स्त्री० गगा ६२ भसण ११ भसल पु. भंवरा २९७ भसुआ* ६६५ भायण ७४८ भाअ ४५७ भागहेय ४१ भागीरही. ६०८ भायल अच्छा घोडा ८६९ भाया ८१ भारई २३६ भाल ४१० भाव ८१ भासा ७५ भासा भ्रातृ+भ्राता पुं० भाई भारती स्त्री० वाणी-सरस्वती भाल न० कपाल भाव पुं० पदार्थ-भाव भाषा स्त्री० भाषा-वाणी भासा स्त्री० प्रकाश भासुर वि० घोर भिक्षु मुनि पुं० भँवरा मृङ्गारी स्त्री० एक प्रकारका कीडा मृत्य पु. चोकर Speech Forehead Substance Speech Light Terrible Ascetic Bee Cricket Servant १०९ भासुर पुं० ४३ भिक्खु ११ भिंग २८७ भिंगारी १९९ भिच्च ९२४ भिन्न ३८७ भिसिणी ६५४ भिसी ९११ भी १०९ भीम १८९ भीसणय " ८५६ भुअ ५१९ भुकिअ ५२३ भुक्खिअ भ्रू भिन्न वि० भेदा हुआ Split बिसिनी स्त्री० कमलिनी Lotus-plant वृषी स्त्री० एक प्रकार का बेठने का A mat or cushion आसन-ऋषिको बेठनेका of grass आसन भीत वि० भय पाया हुआ-डरा हुआ Afraid भीम वि० भयंकर Terrible भीषणक वि० Terrible भुज पु० हाथ, भुजा Hand बुक्कित न० कुत्तका भोंकना Barking बुभुक्षित वि० भूखा Hungering, hungry स्त्री० माँ Eyebrows भुजग Snake भुजगम पु० Snake भुजग पु० Snake भुवन जगत् World भुजमूल भूजाका मूल-काख Arm-pit स्त्री० सियार-शृगाली Jackal-bitch भूत पु० पिशाच Goblin भूत पु० जतु Being भूमि स्त्री० • भूमि-स्थल-थली Ground, place भूषण न० गेहना Ornament युष्मद्-यूयम् स० तुम You भोगिक पु० गाँवका मुखिया Headman or lord of a village भोग पुं० नाग की फेण Snake's hood भौम पुं० भूमिपुत्र-मंगलग्रह पु० सर्प ८५७ भुमआ ३१ भुअय ३१ भुअगम ३१ भुअग १८८ भुअण ८५८ भुअमूल २९७ भुल्लुकी* ३९ भूअ ३९६ भूअ " ९३३ भूमि २५३ भूसण ७३८ मे २०५ भोइअ ३९२ भो १८६ भोभ Plant mars म स्त्री० मदिरा १०८ मइरा १०५ मइरेअ मदिरा मैरेय Spirituous liquor न.

७८ ९०२ मइल ४२ मई १५६ मउ ९३ मउड* २५१ मउड ८८ मउल ५१४ मउलिअ २५१ मउलि ७३ मऊह ८९ म २४२ मंस १२६ मसल २३७ मंसु ३८९ मक्कडय पु० किरण ७५२ मक्खि ९९४ मग्गओ मलिन वि० मैला Dirty मति स्त्री० बुद्धि Intellect मृदु वि० कोमल Soft मुकुट पुं० बालोंका जूट Toplock मुकुट पु० मुगट-मोड-मुकुट Diadem मुकुल न० कलिका Bud मुकुलित वि० संवेष्टित Closed मौलि पु० मुगट Diadem मयूख Ray मद पु० मद-अहंकार Pried मांस न० मांस Flesh मांसल वि० ० मांसयुक्त-पुष्ट Fat श्मश्रु न० दाढी मूंछ Beard मर्कटक पुं० मकडी - जाल Spiders बनाने वाला कीडा म्रक्षित वि० चुपडा हुआ-चीकना Anointed मार्गतः Afterwards मार्गण पुं० शर Arrow मार्गशिरस पुं० मगसिर मास Margashirash मार्ग पु० रस्ता Path मङ्गलपाठक पुं० चारण Bard महुल न० .बूरा-खराब Ugly, nasty मर्त्य पुं० पुरुष Man मत्सरिन् पुं० मत्सरी Envious, wicked मत्स्य पुं० मछली Fish मद्यप वि० दारु पीने वाला Drunkard मार्जारी स्त्री० बिल्ली Cat मार्जित वि. मांजा हुआ शुद्ध Bathed मार्जिता स्त्री० शकर तथा सुगंधि वस्तु से Curds mixed मिश्रित दूध या दही with spices मध्ये अ० बीचमें-मध्य में In the midst अ० पीछे ५१ मग्गण ६१९ मग्गसिर ८३ मग्ग ४४ मगलपाढय ८०७ मगुल १०० मञ्च १२३ मच्छरि ६० मच्छ ८३५ मज्जव ३९० मज्जारी ७८२ मजिअ ७७२ मजिआ ९९२ मज्झे ७९ ३४५ मंजरीगुंडी २६१ मंजीर १५५ मञ्जु ३७५ मजुआ १५५ मजुल १५ मट्ठ ८९ मडप्फर* ४२० मडय ४७२ मडह* ४८७ मड्डा* ६८४ मढि थोडा-कम ७७७ मणय ४२ मणीसा १४ मणुज्ज १०० मणुअ १०० मणुस्स १४ मणोरम ९७५ मणोरह ५४ मडलग्ग मजरीगुण्डी स्त्री० एक प्रकार की बेल Pollen of creepers मञ्जीर न० झांझर Anklet मजु वि० सुन्दर-मीठा अवाज Sweet मञ्जुका स्त्री० तुलसी Ocymum Sanctum, Tulsi मञ्जुलक वि० सुन्दर Sweet मृष्ट वि० मंद-जंड Inert, lazy मदस्फर पु० गर्व Pride मृतक मुडदा Corpse वि० छोटा Small अ० हठ Violence मठित वि० मढा हुआ-वींटा हुआ Crushed मनाक् अ० Little मनीषा स्त्री० बुद्धि Intellect मनोज्ञ वि. मनपसंद- सुन्दर Lovely मनुज पु० मनुष्य Man मनुष्य पु० मनुष्य Man मनोरम वि० मन पसंद-सुन्दर Lovely मनोरथ पु० इच्छा, मनोरथ, अभिलाष Desire मण्डलायन तरवार Sword मण्डल पु० कुत्ता Dog मण्डितक वि० शोभित Adorned मण्डी स्त्री० ढकनी Cover, lid मण्डुक पु० मेंडक मार्तण्ड पुं० सूर्य Sun मात्रा स्त्री० थोडा-कमती Particle, mora मर्दित वि० मसला हुआ Crushed मन्त्रिन् पुं० प्रधान Minister मन्तु न० अपराध Fault मन्थर वि० मद-धीमा Slow, inert मन्थरा स्त्री० कसूमे का पेड-कसुंबी Safflower , ६२ मंडल १४९ मंडिअय ७४९ मंडी ३१३ मंडक Frog ४ मत्तड ४४५ मत्ता ५९३ महिअ १९१ मति ४५० मंतु १५ मंथर ७०७ मंथरा ४७६ मंथाण ५५५ मंथि १५ मंद १२१ मंद ४१ मदाइणी ४३५ मन्नु वि० ९ मयगल Bee's wax ७२३ मयण ३७६ मयणाहि ७ मयण ८०१ मय ७ मयरद्ध ३३६ मयरंद ८ मयरहर मन्थान पु० दही मथने का दंड- विलोने का दडा Churning stick मथित वि० मथा हुआ- -विलोया हुआ Churned मन्द वि० मंद-धीमा Slow, Inert मन्द मूर्ख Fool मन्दाकिनीस्त्री० गगा Gange मन्यु पुं० गुस्सा Anger मदकल पुं० हाथी Elephant मदन न० मोम-मीण मृगनाभि स्त्री० कस्तूरी Musk मदन पु० कामदेव Cupid मत अभिप्राय Opinion, decision मकरध्वज पु० कामदेव Cupid मकरन्द पुं० मकरंद Pollen मकरधर, पु० समुद्र Ocean मकरगृह मृगलाञ्छन पुं० चाँद Moon मृगारि पु० सिंह Lion मदकरी स्त्री० नींद लाने वाली लता A kind of creeper मृगाधिप पु० सिंह Lion मृगी स्त्री० हरणी Doe पु० अहकार Pride मराल वि० मद-धीमा-अलस Slow, inert मराल पुं० हंस Geese मलय पुं० उद्यान-वाडी, बगीचा Garden मलयरुह न० चदन Sandal मलीमस वि० मैला Dirty माल्य न० माला Garland स्त्री० मामी Maternal uncle's wife श्मशान मसाण-श्मशान Burial-ground मसूर्ण वि० मंद धीमा Slow, inert ५ मयलंछण ६६ मयारि ३८१ मयाली ६६ मयाहिव ७० मयी ८९ मरट्ट* १५ मराल ५९ मराल ३४३ मल ३७७ मलयरह ९०२ मलीमस ३५० मल्ल ८७० मल्लाणी ४२१ मसाण १५ मसिण ८१ ९१६ मसिण ६९४ मसिणि मसूण वि० नरम मसृणित वि० चमकाया हुआ-शुद्ध Soft, smooth Polished किया हुआ ८३८ मह ५७९ महमहिअ २९७ महासद्दा ५५. महिअ ५५ महिआ ४१९ महिआ १२ महिला ६७० महिसी ७९ महिहर ३७ मही ८७ महीरुह १० महुप्पल १०७ महु ६९८ महु २१ महुमह ११ महुअर १५५ महुर १०७ महुवार ४१४ महु मह उत्सव Festival प्रसृत वि० मघमघता-सुगंधसे Perfumed मघमघता महाशब्दा स्त्री० सियार-शृगाली Jackal-bitch मथित वि० मथा हुआ Churned महिका स्त्री० प्रातःकाल में घूमायमान Hoar-frost वातावरण महिका स्त्री० काले मेघों की घटा Mass of clouds महिला स्त्री० स्त्री Woman महिषी स्त्री० भैस Buffalo-cow महिधर पु० पर्वत Mountain मही स्त्री० पृथ्वी Earth महीरुह पु० वृक्ष Tree महोत्पल न० बडा कमल Lotus मधु मद्य-दारु Spirituous liquor मधु न० शहद-मध Honey मधुमथ पु० विष्णु Vishnu मधुकर पु० भौरा Bee मधुर वि० सुन्दर Sweet मधुवार पुं० मद्य-दारु Spiritous liquor मधु पु.० वसंत ऋतु Spring मातृष्वसा स्त्री० माताकी बहिन-मासी Mother's sister मातृका स्त्री० माता समान-सखी Female friend मातृष्वसा स्त्री० माता की बहिन-मासी Mother's sister मागध पुं० चारण Bard पुं० बख्तर Armour मानव पुं० मनुष्य Man मानस न० मन-चित्त Mind मानित वि० अनुभूत Experienced ८६७ माउच्छा २२१ माउआ ८६७ माउसिआ ४४ मागह २७४ माढी* १०० माणव ७९८ माणस ६४५ माणि ८७० मामी* २०९ मायंग ९ मायम ७४२ मायण्हिआ ३६९ मायंद ४१६ माया ८६४ माया २९ मारु ९८८ मालई १०६ माला ३५० माला ५७१ मालिअय ३८३ मालूर २३७ मासुरी* ८८५ माहविआ ६१८ माह ८६ मिच्छा ६६९ मिढिआ* ४ मित्त १९० मित्त ९३८ मिअ १४६ मिलाण ३५९ मिस ६८६ मिहुणय मामी स्त्री० मामी Maternal uncle's wife मातङ्ग पुं० चंडाल Outcast (Mangs) मातङ्ग पु० हाथी Elephant मृगतृष्णा स्त्री० मरुमरीचिका-किरणों में Mirage जलका भ्रम-झांझवे का जल माकन्द पु० आम Mango tree माया स्त्री० कपट Fraud मातृ-माता स्त्री० माता, मा Mother मारुत पवन Wind मालती स्त्री० मालती की वेल Jasminum grandiflorum माला स्त्री० माला-पक्ति-श्रेणि Line, row माला स्त्री० फूलों की माला Garland मालितक वि० सुशोभित Beautiful माटर न. कपित्थ-कैथ का पेड वा फल Wood-apple स्त्री० दाढी मूछ Beard माधविका स्त्री० एक प्रकार की वेल Gartnera racemosa माघ पुं० महा मास Magha मिथ्या अ० झूठा Falsely स्त्री० मेढी-मेषी Ewes मित्र पुं० सूर्य Sun मित्र पुं० " मित्र, दोस्त Friend मित न. परिमित-थोडा Little, small म्लान वि० मुरजाया हुआ Faded मिष न० बहाना Pretence, fraud मिथुनक न० Couple मीन Fish मुक्तमर्याद वि० मर्याद रहित Boundless मुत्कला स्त्री स्वच्छंद स्त्री Self willed मूर्ख पु० मूरख Fool जोडा-युगल ६० मीण पु० मछली ५११ मुक्कमजाय १३ मुक्कला १२१ मुक्ख ८३ ७२४ मुट्ठि ८८९ मुणाल १६२ मुणि ४३ मुणि २५० मुत्तावली १९ मुत्ति ९७ मुत्ति ९४३ मुइग ९४३ मुरअ ५१८ मुर्मुरिअ* Wages २६ मुसलाउह ५१६ मुसुमूरिअय* २३२ मुह ४५४ मुहा ४५४ मुहिआ १२३ मुहुमुह* मुष्टि स्त्री० मुठी Fist मृणाल कमल के नाल का तंतु Lotus-fibre ज्ञात वि० जाना हुआ Known मुनि पुं० मुनि Ascetics मुक्तावलि स्त्री० मोती की माला Pearl-string मुक्ति स्त्री० मोक्ष Final liberation मूर्ति स्त्री० शरीर Body मृदङ्ग पु० मृदंग Drum मुरज पु० मृदंग Drum न० काम का आवेग-उत्कठा Desired, desiring मूल्य न० मूल्य-किंमत मुसलायुध पुं० बलराम Balarama भन्न वि• टूटा हुआ-चूरा किया हुआ Broken मुख न० मुह-मुख Face मुधा अ० व्यर्थ, फोगट In vain मुधिका अ. In vain मुहुर्मुख वारंवार बक बक करनेवाला Wicked मधुमुख खल, मुखसे मीठा-दुर्जन मुखररव पुं० ककलाट-कोलाहल Uproar, tumult मुखर वि० वाचाल-बकबक Talkative करने वाला मूक Mute मूक वि० मूंगा Mute वि० मूढ Fool मेदिनी स्त्री० पृथ्वी Earth मेकलकन्या स्त्री० नर्मदा-रेवा-नदी Narmeda मर्यादा स्त्री० मर्यादा-हद Boundary मेल पु० मेला Meeting मेखला स्त्री० करधनी-कमर का एक गेहना Girdle मेधा स्त्री० बुद्धि Intellect मोर पुं० मयूर, मोर Peacock " ७९३ मुहलरव १११ मुहुल वि० मूगा २१७ मूअ २१७ मूअलिअ १२१ मूढ ३७ मेइणी ३०९ मेअलकन्ना ७१२ मेरा* ८०० मेल २४९ मेहला ४२ मेहा ६४ मोर ८६ मोह मोघ वि० निष्फल Falsely ७ रइणाह २२० रइमंदिर ४० रक्ख ९१५ रग्गय ५३२ खोलिर* ९७७ रंग ६३४ रज्जु ६८३ रंजण ७४६ रडिय ४६ रण ४४७ रणरणअ ९६२ रण १६६ रत्त १०१ रत्ती* १०५ रंध रतिनाथ पु० कामदेव Cupid रति न० काम का घर-सोने का मन्दिर कमरा-शयनगृह Pleasure house रक्षस् पु० राक्षस Rakshasa रक्तक वि० कसुबी रंग का Cloth dyed with लाल कपडा safflower दोलक वि० हिंचकने वाला Swinging रङ्ग पुं० रंग मडप, स्टेज Stage, theatre स्त्री० रस्सी-बेलोंसे कूए में से Rope पानी निकालने की रस्सी रजन पुं० रंगने का कुडा Earthen jar रटित न० कलह करना-लडना Yelling, quarrelling रण न० लड़ाई Battle रणरणक पु० उत्कंठा-अधर्य Desire, longing रण पुं० शब्द Sound रक्त वि० लाल Red रात-हजाम Braber रन्ध्र छिद्र Hole अरण्य न० जंगल Forest स्त्री० बांबी-राफडा Anthills रमण नितंब Hips रमणीय वि० सुन्दर Lovely रमणी स्त्री० रमणी-स्त्री Woman रमण पति Lover, husband रम्भा स्त्री० केला का पेड़ Plantain tree रम्य Lovely रजत न० चाँदी Silver रदन पुं० . दाँत Tooth रक्तिक पु० .रण, ४७३ रफा* २४८ रमण १४ रमणिज्ज १२ रमणी १०२ रमण ८७३ रंभा वि० सुदर १४ रम्म २६७ रयय २३. रयण ८ रयणायर ५ रयणिनाह ४० रयणियर ७१ रयणिविराम ७४ रयणी ९१० रयणी ७७३ रय ८२३ रयवुट्टी ६०२ रव २४९ रसणा ८५३ रसणा रत्नाकर पु० समुद्र Ocean रजनीनाथ पु. चद्र Moon रजनीचर पुं० राक्षस Rakshasa रजनी पु० रजनी का पूरा होना- Dawn विराम प्रातःकाल रजनी स्त्री० रात्रि Night रत्नि पु० हाथ का नाप Distance from the elbow to the closed fist रजक पुं० धोबी Washerman रजोवृष्टि स्त्री० रजकी वृष्टि-धूल का वरसाद Hard shower of dust रजस् पु० धूल Dust रव न० शब्द से मधुर Law and sweet रसना स्त्री० करघनी-मेखला Girdle स्त्री० जीभ Tongue रसायुष्- पु० पुष्परस ही जिसका जीवन Bee रसाद है-भँवरा अथवा पुष्परस को खाने वाला-भंवरा रसातल न० रसातल-पाताल Nether world रसाला स्त्री० शक्कर तथा सुगधी वस्तु से Curds mixed मिश्रित दूध या दही with spices पु० रस Affection रश्मि पुं० किरण Ray Wheel रथाङ्ग न० रथ का पहिया-चक्का रथाङ्ग पु० चक्रवाक Brahmani duck रथकार पु० रथ का कर्त्ता-बढई-सुतार Carpenter रहस्य न० तात्पर्य, गुप्त बात Secret रथ पुं० रथ Carriage रात्री स्त्री० रात्रि Night राजि स्त्री० श्रेणी, लाइन Row ११ रसाउ* ४७४ रसायल ७७२ रसाला २६९ रस ७३ रस्सि २८८ रहग २०२ रहयार ९७४ रहस्स ६९२ रह ७४ राई १०६ राइ १० राईव १२ रामा १६ राम ८९९ रायछुय* १८९ राया ४७ राव ३९१ रासह ९७२ रास वि० सुदर १४ राह ३८ राहु ५० रिउ ६२३ रिउ ६६४ रिक १७४ रिक्ख ३०२ रिच्छ १०६ रिछोली* ६७ रिट्ठ पु० रीछ राजीव न० कमल Lotus रामा स्त्री० स्त्री Woman राम पु० बलराम Balarama वेतस का पेड़ Citron tree राजन+राजा पु० राजा King राव पु० अवाज Noise रासभ पु० गधा Donkey रास पुं० खेलने का रास Circular dance राघ Lovely राहु पु० राहु Rahu रिपु पु० शत्रु Enemy पुस ऋतु Season रिक्त वि० खाली-रीता Empty ऋक्ष नक्षत्र Constellation ऋक्ष Bear स्त्री० श्रेणी, हार Row, line रिष्ट Crow रिक्त वि० खाली-रीता Empty रिक्थ न० धन Wealth ऋद्धि धन Prosperity ऋषि पु० ऋषि, मुनि Ascetic रीढा स्त्री० अनादर-अवहेलना Contempt रुचिर वि० सुदर-रुचिकर Lovely रुग्ण वि० रोगी Broken रुत वि० रोना-भंवरे की गुंजन Humming of bees रुन्द पु० हृष्ट पुष्ट Fat रुप्यक न० चाँदी Silver रुधिर न० लोहू-खून, रुधिर Blood रूढ वि० नीरोगी-रूढ-घाव का रूझ Healing (of wounds पु. कौआ स्त्री० ऋद्धि, ७८ रित्थ १०३ रिद्धि ४३ रिसि ४३९ रीढा १४ रुइर ८०६ रुग्ग ९२३ रुटिय* १२६ रुद २६७ रुप्पय २४३ रुहिर ९५७ रुढ ५१८ रुइअ* ७८६ व ८७९ रव* स्त्री० धूल Brass cup ३३७ रेणु ५६२ रेअविअ* ३०९ रेवा ८१५ रेसणिया* १५२ रेहइ ८२ रोअ ७१७ रोज्झ १३७ रोमचिय ३९४ रोमंथ पु. रोग रोरुचित न० काम का आवेग-उत्कठा Desired रूप न० शरीर, आकार Body रूत पु० रुई कपास Cotton रेणु Dust वि० खाली शून्य Emptied रेवा स्त्री० नर्मदा नदी-रेवा नदी Narmada रेषणिका स्त्री. कांसे का एक बर्तन रेखते-राजते कि. वह शोभता है He shines रोग Disease रोज्झ पु० रोझ नामका जंगली पशु Stag रोमाञ्चित वि० रोमांचयुक्त Horripilated रोमन्थ पु० जुगाली करना-रोमस्थ Chewing the cud करना रोमशः पुं० पक्ष्मल Hairy रोमन् , न० रुंवा Hair रोदनिका स्त्री० डाइन-डाकन Witches रोर वि० गरीब Poor रोल पु० शब्द-६ -कोलाहल-रोला Noise मृष्ट वि० चमकदार किया हुआ- Polished ८२४ रोमस ६७८ रोम २१६ रोअणिआ ४९ रोर ४७ रोल ६९४ रोसाणि* मांजा हुआ ७१७ रोहि ६९ रोहिणी ५ रोहिणीरमण ३१२ रोह रोहित पु० रोझ नामका जगली पशु Stag रोहिणी स्त्री० गाय Cow रोहिणीरमण पु० चद्र, Moon रोधस् पुं० पुं० किनारा Bank ७३२ लउड लगुड पुं० लकडी ८४० लक्ख लक्ष्य ९५४ लक्खारुणिय लाक्षाऽरुणित वि० लाख से रंगा हुआ ६४१ लग्गण लग्नक पु० जामीन ५९५ लग्ग वि० लगा हुआ-संसक्त- जुडा हुआ Club stick Aim, object Dyed with lac Surety, bail Joined, united ३०३ लंगूल १७२ लच्छी ४५८ लजिअ ६९७ लंचा २४६ लछण ५६४ लाढय ९१६ लण्ड १३० लपड १५४ लयण* ३३४ लयणी* ३३४ लया ११९ ललिअ १५५ ललिय लाल पूछ Tail लक्ष्मी स्त्री० लक्ष्मी Lakshmi लजित वि० शरमाया हुआ Ashamed स्त्री० लांच Bribe लाञ्छन न० निशान Mark वि० सुदर Lovely स्मृत वि० याद किया हुआ- Remembered लढा हुआ श्लक्ष्ण वि० अधिक महीन Smooth लम्पट वि० लंपट-लालची Covetou वि० कृश-पतला Thin स्त्री० लता Creeper लता स्त्री० बेल ललित विलास-लीला Languishing, coquetry वि० सुदर Beautiful वि० भयकर Terrible लवक पु० गोंद Saccharum Sara grass Small portion, particle वि० तोला हुआ Weighed लघुदार न० लकड़ी का छोटा टुकडा Small piece of wood लघुमत्स्य पुं० छोटी मछली Small fish लघुक वि० लघु-हलका Little न० विशेष प्रकार का घास- Andropogon पानी को ठंडा तथा सुगंधित muricatus करने वाला घास स्त्री० डाइन-डाकन Witches लावण्य नं. शरीर की कांति Beauty १०९ लल्लक ८८६ लव ४४५ लव पुं० थोडा ५३९ लहुइअ* ७ ६ लहुदारु ३०१ लहुमच्छ ४७२ लहुय ३८५ लामजय* . २१६ लामा २४१, लायण्ण १३० लालस ४६४ लास वि० लंपट न. विशेष प्रकार का नृत्य लास्य लीला स्त्री० लीला वि० लुब्ध-लालची लुब्ध पुं० ढेला ११९ लीला १३० लुद्ध ४०३ लेडुअ* ४०३ लेडु ४०३ लेढुक्क ४४५ लेस १८८ लोअ ७२६ लोट्टय ८३०. लोद्धय १९ लोयग्ग २३३ लोयण १३. लोल १३० लोलुअ ७२९ लोह पुं० लेष्टुक पुं० लेश पुं० थोडा लोक पुं० लोक, जगत् लोट्यत् वि०व०कृ० लोटा हुआ लुब्धक पु० शिकारी लोकाग्र न० मोक्ष लोचन आंख लोल वि. चंचल-लालची लोलुप वि० लालची लोह न० लोहा Covetou Dance (of females) Sport, coquetry Covetou Clod Clod Clod Particle World Sleeping Hunter Final liberation Eye Covetou Covetou Iron steel २९२ वअ* ३५७ व ७८७ वइकलिअ वैकुण्ठ व पुं० गीध Vulture व्रज पुं० गोकुल-गोष्ठ Cow-pen वैकल्य न. चलित-विकलता Trembling, agitation पुं० उपेंद्र-विष्णु Vishnu वृत वि० ढका हुआ Covered, shaded वंश पु० वांस-बांबू Bamboo वल्गु Beautiful व्याघ्र पुं० वाघ Tiger वक्र वि० टेढा वांका Crooked वर्चस् विष्ठा Excrements वक्षस् न० छाती Breast वत्सपाल पुं० बछडों को पालने वाला- Cowherd वाला २१ वइकुठ ५०५ वइअ* ३६४ वंस १५५ वग्गु ६८ वग्ध ४८० वंक २४५ वच्च ८५५ वच्छ २०३ वच्छवाल वि० सुदर । न०. १२ ९० उक्षन् पुं० बैल ३९५ वच्छाण १०१ वच्छीउत्त २०३ वच्छीव. ५६४ वच्छ ८७ वच्छ १८४ वज्ज ७८४ वज्झ ५३७ वंचि १२० वंछा ३६५ वजुल वात्सीपुत्र पुं० हजाम वत्साऽऽजीव पुं० वाला "वत्स पु० बछडा-बच्चा वृक्ष पुं० वृक्ष-झाङ-पेड वज्र न० वज्र वध्य वि० वध्य वञ्चित वि० ठगा हुआ वाञ्छा स्त्री. वांछा-इच्छा वजुल पुं० बेत का पेड़ वर्तुल वि० गोलाकार वटवृक्ष न० वड का वृक्ष वडवा स्त्री० घोडी बढई-सुतार वनाग्नि पुं० बनका अग्नि-दावानल वन न० पानी १४८ वट्ठल ८९१ वडरुक्ख ७०८ वडवा २०२ वड्ढइ वर्धकि पु० ३५४ वणगि ३५ वण Bull Barber Cowherd Calf Tree Thunderbolt Criminal Cheated Wish, desire Ratan cane Round Banian tree Mare Carpenter Conflagration Water Wound Wood Female koil Fire Tidings, news Path Dress, cloth State Abdomen Substance God Field Bank Field Noise त्रण व्रण-घाव वन-जंगल ६९५ वण ९४२ वण ६३ वणसवाई* ६ वहि ११२ क्त्ता ८३ वत्तिणी ९४७ वत्थ ९२१ वत्था, अवत्था ७०१ वत्थि ४१० वत्थु २४ वंदारय ३१५ वप्पिण* ३१२ वप्प ३१५ वप्प वन न० वनश्वपाची स्त्री० कोयल वन्हि पुं० आग वार्ता स्त्री० बात, समाचार वर्तिनी स्त्री० मार्ग वस्त्र न० कपड़ा अवस्था स्त्री० अवस्था-दशा बस्ति स्त्री० अपान-गुदा वस्तु न० वस्तु-पदार्थ वृन्दारक पुं० देव न० क्यारा वप्र पुं० किनारा-कांठा वप्र पुं० क्यारा पुं० कोलाहल-भारी अवाज वर? . ४७ वमाल* १३४ वंफिअ* ७ वम्मह पु० कामदेव पु० मित्र ४७३ वम्मी १९. वयंस २३२ वयण २१८ वयपरिणाम ३८१ वयली* ४७ वयल* ९१३ वरअ ६३४ वरत्ता २९० वरला २९६ वराह ४८ वरहिणी ९१९ वलइअ काक्षित वि० खाया हुआ Eaten मन्मथ Cupid वल्मीक न० बांबी-राफडा Anthill वयस्य Friend वदन न० मुख Face वय परिणाम पु० उमरका परिणाम-बुढ़ापा Age स्त्री० निद लानेवाली लता A kind of creeper पु. कोलाहल-भारी अवाज Noise वराक पुं० गरीब-दीन Distressed वरत्रा स्त्री० रस्सी-कूए से बैलों द्वारा Rope, girth जल निकालने का रस्सा वरला स्त्री० हसी Goose, swan वराह पु० वराह Boar वरूथिनी श्री. सेना Army वलयित वि० गोलाकार किया हुआ- Placed on चढाया हुआ-धनुष वलक्ष वि० श्वेत White अवलग्न वि० लगा हुआ-आश्रित Ascended चडा हुआ वलयबाहु पु. चूडा-हाथ में पहरनेका चूडा Bracelet वल्लकी स्त्री० वीणा Lute वल्लर गहन वन Thicket न. अरण्य में आया हुआ क्षेत्र Field in the forest वल्लरी स्त्री० लता-बेल Creeper वल्लव पुं० विलोने वाला-ग्वाला Cowherd वल्ली स्त्री० बेल-लता Creeper वपन न० कपास Cotton वसन न० वस्त्र Dressed व्यसन दुःख Misfortune वसन्त पु. वसंत ऋतु Spring वृषभ Bull १६४ वलक्ख ८३० वलग ९७९ वलयबाहु २७९ वल्लई ३५३ वल्लर ३५६ वल्लर* ३४६ वल्लरी २०७ वल्लव ३४६ वल्ली ८७९ ववण* ११८ वसण ४७१ वसण ४१४ वसंत ३९५ वसह पुं० बैल ९२ ७७ वसहि ७०० वसिअ ७८ वसु ३७ वसुंधरा ३७ वसुमई १४६ वसुआय* ३७ वसुहा ९८६ वहण १२ वहू १११ वाउल्ल ६५ वाणर २०८ वाणिअय ८१ वाणी ३६५ वाणीर २१५ वामण ४७३ वामलर* १२ वामलोअणा वसति स्त्री० घर उषित-वसित वि० रहा हुआ वसु धन वसुधरा स्त्री० पृथ्वी वसुमती स्त्री० उद्वात वि० सूखा-मुरजाया हुआ वसुधा स्त्री० पृथ्वी वहन न० वहाण-जहाज वधू. स्त्री० बहू-पत्नी वातूल पुं० वाचाल-बकनेवाला वानर पुं० बदर वाणिजक पु० बनिया वाणी स्त्री० वाणी वानीर पुं०. बेत का वृक्ष वामनक पु० बौना-कुब्ज वामलूर पुं० बांबी-राफडा वामलोचना स्त्री० स्त्री वाम वि० बांया न० वाय'-खाने की भेट म्लान वि० मुरजाया हुआ वाचा स्त्री० वाणी वाचाल वि० वाचाल वातायन पुं०. झरोखा-गवाक्ष-हवा आने का द्वार वारणमद पुं० हाथी का मद Dwelling Residing Wealth Earth Earth Faded Earth Ship Woman Talkative Monkey Merchant Speech Ratan cane Dwarf Anthill Woman Opponent Present of food Faded Speech Talkative Window ४०७ वाम । ६१३ वायणय* १४६ वाय* ८१ वाया १११ वायाल २६४ वायायण ६०१ वारणम ९ वारण ११६ वारवाण वारण पु० हाथी वारवाण पु. चोली वारि पानी वारित वि० रोका हुआ Ichor from an elephant's temple Elephant Coat of mail Water Forbidden, hindered ३५ वारि ९२६ वारि ९३ ४०४ वारिजय ९४९ वारी १०८ वारुणी ६५३ वालअ वालधि पु० ३०३ वालहि २२५ वाल ९३६ वालिअय ४७७ वालुक ४३२ वावडया* ११८ वास ७१३ वास ४१७ वासर वर्यक न० विवाह Marriage वारी स्त्री० हाथी बांधने का स्थान Pit for catching elephants वारुणी स्त्री० मद्य-दारु Spirituous liquor वालक पु० सुगधी वाला-जल को ठडा Kind of Andro- व सुगधित करने का एक pegon प्रकार का घास Tail वाल पुं बाल-केश Hair वालितक वि० मोड खाया हुआ Turned round वालुङ्क न० चीभडा Cucumber व्यापृतता स्त्री० विपरीत मैथुन-स्त्री पुरुष Improper, की विपरीत रति क्रीडा reverse वासस कपडा Dress वर्ष न० वरसाद Rain वासर Day वासवसुत पु० इंद्र का पुत्र-जयंत Jayanta वासव पु० इंद्र Indra वर्षहत वि० वरसादसे नष्ट Rained on वर्षारात्र. पुं० वर्षाऋतु Rainy season वाह Horse व्याध Hunter वाहिनी स्त्री० सेना Army व्याहृत वि० बोलाया हुआ Called व्याधि पुं० रोग, व्याधि Disease विदित वि० जाना हुआ Known विकुटित वि० विनाशित Destroyed विपुल वि० बिपुल-अधिक Extensive विदुष पुं० विद्वान Clever विष्कम्भ पुं० विस्तार Extent, breadth विख्यात वि० प्रसिद्ध Famous पु० दिवस १८. वासवसु २५ वासव ५७८ वासहय ४१५ वासारत्त पु० घोडा पु० शिकारी ४५ वाह ८३९ वाह ४८ वाहिणी ८३२ वाहित्त ८२ वाहि १६२ विइ ५४१ विउडिअ १५७ विउल ९९ विउस ४६१ विक्खंभ २२३ विक्खा - पु० शरीर पुं० विन्न ५४४ विक्खित्तय १६६ विक्खेव ९७ विग्गह ४२५ विग्य १३८ विच्छड्डिअ १०३ विच्छड २५४ विच्छित्ति १४० विच्छुरिअय १४७ विच्छूढ ९२० विच्छोलिअ ८४० विजाय १८३ विज्जु २७० विट्ठर २४५ विट्ठा ३८ विडप्प* ८७ विडवि ९१४ विहिर* विक्षिप्तक वि० फेंका हुआ Scattered विक्षेप पुं० क्षोभ Scattering विग्रह Body विघ्नः Obstacle विच्छदित वि० त्याग किया हुआ Abandoned विच्छर्द पुं० वैभव-ठाठ, विस्तार Prosperity विक्षिप्ति स्त्री० विन्यास Arrangement विच्छुरितक वि० जडित Joined, overspread विक्षिप्त वि० विक्षिप्त Thrown up विच्छोलित वि० धोया हुआ-वींछला हुआ Washed विजात न० लक्ष्य Aim, object विद्युत् स्त्री० बिजली Lightning विष्टर न० बेठक Seat विष्ठा स्त्री० विष्टा-वीट Excrements पु० राहु Rahu विटपिन् पुं० झाड-बीड Tree आडंबर-घटाटोप Pride (?) विद्रुम परवाला Young sprout, coral विनयासुत पु० गरुड़ Garuda विनाशितक वि. विनाश किया हुआ Destroyed विनिद्र वि० विकसित Opened as a flower विनिर्मित वि० बनाया हुआ Made, produced वित्त धन Wealth विस्तृत वि. विस्तार युक्त Extensive विस्तर पु० विस्तार Extent विस्तीर्ण वि० विस्तार युक्त Broad. extensive बिन्दु पुं० बिंदु Drop विज्ञान न० विज्ञान Intellect, against ७१९ बिड्डम -- ३० विणयसुअ ५४१ विणासिअय १४४ विणिद्द १३३ विणिम्मि ७८ वित्त १५७ वित्थय २२३ वित्थर १५७ वित्थिन्न २१४ वि (वि) ४२ विनाण . पु० विलास १६२ विण्णाय २५४ विनास १९६ विप्प ४५० विप्पिय २४ विबुह ११९ विब्बो ११९ विब्भम ५६१ विमग्गिअय ५५६ विमुक्क ८२८ वियट्ट* १५७ वियड ४३४ विअणा ८३३ विअत्थण ६१६ विअलिअ १४४ विअसि ६६२ विआण १३.३ विरइअ ५७० विरमालिअ* ३२४ विरया* विज्ञात वि. विशेषरूप से.जाना हुआ Known विन्यास पु० स्थापन Arrangement विप्र ब्राह्मण Brahman विप्रिय अनिष्ट-अपराध Fault, offence विबुध पु. देव God विव्बोक पु० विलास Coquetry विभ्रम विमागितक वि० गवेषित Sought after विमुक्त वि० विमुक्त Freed, loosened विसंवदित वि० अप्रमाणित Disputed विकट वि० विकट Large वेदना स्त्री० पीडा-वीण Pain विकत्थन न० स्वप्रशसा Boasting विगलित वि० गला हुआ Loose विकसित वि० विकसित Opened वितान कपडे की चांदनी-चद्रुवा Awning विरचित वि० (चा हुआ Made, composed प्रतीक्षित वि० प्रतीक्षा किया हुआ Expected विरता, स्त्री० छोटी नदी-बेरा Shallow river विरजा (१) Stopping in the dry season तत वि० विस्तीर्ण Stretched रा+ क्रि० वह शोभता है He shines विराजते विलीन बि. विलीन-पिघला हुआ Dissolved विरिञ्च पु० ब्रह्मा Brahma विलोलित कि० किलोया हुआ-मथित Churned विलय पु० सूर्य का अस्त होना Sunset वनिता स्त्री० स्त्री Woman क्लिपित स्त्री० क्लिपित-विलाप किया हुआ Lamenting विलास पु० क्लिास Sport, coquetry न० ५२१ विरल्लिअय* १५२ किरायए ८०२ विराय* २ विरिंच ५५५ विरोलिअ* ४९४ विल १२ विलया ५५४ विलवि ११९ विलास " ४५० विलि ४५८ विलिय ८०२ विलीण १३४ क्लुिपिअ* २५७ विलेवण ९४४ विवज्जअ ९४४ विवज्जास २७९ विवचिआ २५९ विवणी १०५ विवर ४०४ विवाह ९१८ विसअ ८२८ विसंवइअ १३ विसंखलया ८१० विसट्ट ६१५ विसढ़ ९३१ विसंतुल ६३२ विस ६१५ विसम ९५१ विसय ६३३ विसाण १५७ विसाल २३ विसाह ५१ विसिह ७३१ विसेस व्यलीक न. Fault वीडित वि० शरमाया हुआ Ashamed विलीन वि० गला हुआ Dissolved विलुप्त वि० खाया हुआ Eaten विलेपन न. विलेपन Unguent विपर्यय पु० विपरीतता-उलटा Change विपर्यास पुं० Change विपश्चिका स्त्री० वीणा Lute विपणी स्त्री० दुकान-हाट Market विवर पु० छिद्र, बेरा Hole विवाह पुं० विवाह Marriage विषय पुं० विषय-गोचर-अधिकार Province विसंवदित वि० अप्रमाणित Disputed विशृङ्खला स्त्री० स्वच्छद स्त्री Self willed woman दलित वि० विघटित Split वि० विषम Uneven विसंस्थुल वि० विह्वल Agitated विष विष-झहर Poison विषम वि० सम नहीं-असम Uneven विशद वि० उज्ज्वल Clear विषाण Horn विशाल वि० विशाल Large विशाख पु० गणेश Karttikeya विशिख पु० बाण Arrow विशेषक पु० तिलक Mark on the forehead विशेषित वि. विशेषतावाला Exceeding विश्रुत वि० प्रसिद्ध Famous विहङ्ग पुं० पक्षी Bird विघटित वि० विघटित-बिगडा हुआ Torn विफल वि० व्यर्थ Falsely विषम . न० सिंग ५४२ विसेसि २२३ विस्सुअ ६१ विहंग ८१० विहडिअ ८६ विहल चद्र १०३ विहव विभव पु० बभव Wealth १७९ वि-(बि-)हस्सइ बृहस्पति पु० गुरु-बीफे Brihaspati ७४ विहावरी विभावरी स्त्री० रात्री Night ६ विहावसु विभावसु पु० आग Fire ६६८ विहावि विभावित वि० विभावित-विचारेलु Shown १३३ विहिअ विहित वि० विधान किया हुआ-किया Made हुआ २ विहि विधि पु० ब्रह्मा Brahma ८१९ विहि विधि पु० विधि-भाग्य Fate ५७० विहीरिअ* प्रतीक्षित वि० प्रतीक्षा किया हुआ Awaited, expected ९३१ विहुल विधुर वि० विधुर Agitated ५ विहु विधु पु० Moon ५५० विम्हरि विस्मृत वि० भूला हुआ Forgotten ५६ वीइ वीचि पु० तरम Wave २७९ वीणा वीणा स्त्री. वीणा Lute ६२८ वीरण वीरण जल को ठडा व सुगंधित Andropogon बनाने वाली एक प्रकार muricatus की घास विश्वस्त वि० विश्वासपात्र Inert, slow विश्रान्त वि० विश्राम किया हुआ Rested १४१ वुकत व्युत्क्रान्त वि० वीता हुआ Passed, surpassed ७१३ वृद्धि स्त्री० वरसाद Rain ११२ वृत्तंत वृत्तान्त पुं० समाचार Tiding ७०० कुत्थ उषित वि० रहा हुआ Residing १३२ वुन* वि० त्रास पाया हुआ Distressed, frightened वेद पुं० ऋग्वेद वगेरे वेद Veda वेग Speed वैजयन्ती स्त्री० वैजयती धजा Banner वेतस पुं० बेतका वृक्ष Ratan cáne, 4 १५ वीसत्थ ७८३ वीसंत वृष्टि पु० वेग ६४६ वे ८१५ वे ११५ वेजयंती ३६५ वेडस १३ Wage ८९९ वेडिस २६६ वेडुज्ज ५८४ वेढिअय ३६४ वेणु १४. वेअडिअ* ४३६ वेअण ४२६ वेयल्ल ४४ वेआलिअ २६६ वेरुलिअ ५३७ वेलवि* ११३ वेला ३६४ वेल ८०८ वेविअ २८ वेसमण ४७६ वेसाह ७५१ वेस वेतस एक प्रकारका खट्टा फल Citron tree वैडूर्य पुं० वैडूर्य मणि Lapis Lazuli वेष्टितक वि० वींटा हुआ-धीरा हुआ Covered, clothed वेणु पु० बांस Bamboo खचित वि० जडा हुआ Joined, studded वेतन मूल्य-पगार वैकल्य न० विकलता-असामर्थ्य Feeblenees वैतालिक पु० चारण Bard वैडूर्य पु० वैडूर्य मणि Lapis Lazuli वञ्चित वि० बचित Cheated वेला स्त्री० समय Time वेणु Bamboo वि० कंपित Trembling वैश्रमण पुं० कुबेर Kubera वैशाख पु० दही मथनेका दंडा Churning stick वेष पुं० पोशाक Dress व्योमन् आकाश Sky गत Passed, surpassed अतिक्रान्त वि० Passed, surpassed विकसित वि० विकसित Opened पु. वांस वेपित . ३४, वोम वि० बीता हुआ १४१ वोलिअ* १४१ वोलीण* ५५९ वोस १५३ सइ १६० सइदंसण १३ सइरा १५ सइर १६० सइलभ १९१ सइव १६. सइसुह वि० मदता सदा अ० हमेशा स्मृति दर्शन न० विचारपूर्वक देखना स्वैरा स्त्री० स्वच्छंद स्त्री स्वैर स्मृतिलम्भ पु० स्मरणपूर्वक देखना सचिव पु० मंत्री-प्रधान स्मृतिसुख न० स्मृतिपूर्वक दर्शन- स्मृतिसुख शची स्त्री० इंद्राणी Always Looking carefully Selfwilled woman Slow, inert Looking carefully Minister Looking carefully - १८१ सई Shachi.

१०० ९७ संघयण १६ संघा १८ संघ १३५ सच्चवि १३ सच्छदा १२७ सच्छह* ४३७ सज्जुक्क* ८०४ संचारी ६४४ संजवि ४६ संजुआ ८८२ सढ १९५ सणाहि १५ सणि ८९५ सत्तच्छय संहनन न शरीर Body संघात पु० समूह Heap, quantity संघ पु० Heap, quantity सत्यापित वि० सत्य किया हुआ- Seen प्रमाणित किया हुआ स्वच्छन्दा स्त्री० स्वच्छद स्त्री Selfwilled woman वि० समान Similar वि० नया-ताजा-सोजा New, fresh संचारी पु० दूती Female messenger संयमित वि० संगोपित Entire, safe संयुग न० लडाई Battle सटा पुं० गुच्छ Cluster सनाभि वि० स्वजन-बधु Relative शनैस् अ० धीरे धीरे Slow, inert सप्तच्छद न० सादड का पेड़ Alstonia scholaries सप्ततन्तु पु० यज्ञ Sacrific सप्तला स्त्री० जूई Arabic jasmin सत्त्व पु० जीव-जंतु Beings सप्ति पुं० घोडा Horse शत्रु Enemy संस्तरक Couch of straw स्वस्थ पु० निरोणी-पटु Clever शाद्वल हरी घास Verdant शब्दाल वि० शब्द युक्त अवाज करनेवाला Anklet, noisy शार्दूल पुं० वाघ Tiger शब्द पु० अवाज-साद Sound श्रद्गा स्त्री० श्रद्धा Faith संतत निरंतर Always संतमस अंधकार Deep darkness स्यन्दन पु० रथे Chariot ३२९ सत्ततंतु ३९६ सत्त ४५ सत्ति ५० सत्तु पुं० शत्रु-वैरी पु० बिछौना ४०२ सत्थर ४८६ सत्थ ७७४ सद्दल ३५१ सद्दाल ६८ सद्कूल ९६२ सद्द १२० सद्धा १५३ संतय न. संदण ५७७ संदाणि ५३० संदिट्ठ ५२८ संदिद्ध १६ संदुमिअ* १८ संदोह १६ संधुक्कि* १३१ सन्न ४३३ सन्ना २८२ सप्पि संदानित संदिष्ट संदिग्ध प्रदीप्त संदोह प्रदीप्त वि० बधा हुआ संदेश दिया हुआ वि० संदेह किया हुआ वि० जला हुआ पु० समूह वि० जला हुआ वि० थका हुआ स्त्री० नाम सन्न संज्ञा सर्पिस् न० घी ५८ साफ शष्प कुमुद ९८७ सबर शबर पु. भील १६७ सबल शबल न० चितकबरा ७९७ सब्भ सभ्य पु० सस्य ११३ समअ ८०१ सम २४७ समजल Fettered Pointed out Doubtful Shining Heap, multitude Shining Tired Name . Butter White lotus Shabara Variegated Assistant at an assembly, , assessor Time Decision Sweat Ascetic Able All round Battle Resemblance Equal, similar Collection, abbreviation Pod Wind Ocean Met, encountered Equal, similar Neighbour ४३ समण ५२ समत्थ समय पु० समय-बखत-टाइम समय पु० संप्रदाय-मत श्रमजल न० पसीना श्रमण पुं० साधु समर्थ वि० बलवान समन्तात् अ० चारो तरफ समर न० लडाई समशीर्षी स्त्री० हरिफाई-स्पर्धा समान वि० समान समास पु० संक्षेप ९२९ समता ४६ समर ४४६ समसीसी १२७ समाण ४२९ समास ३३८ समी २९ समीर ८ समुद्द ५६८ समुहागय १२७ सम शमी पु० सेम-शिंग-सेम की फली समीर पु० पवन समुद्र पुं० समुद्र संमुखागत वि० सामने आया हुआ वि० समान सम्+आ+ पुं० पडोसी उषित-समोषित ७६९ समोसिन संप्रति संपत्ति ११४ संपइ १०३ संपत्ति ११४ संपय ४०९ संबल साम्प्रतम् शम्बल ८२९ सबाह सबाध सभ्रम संभ्रम ४४९ सभम ४९५ संभम २२ संभु ९७१ संमद्द ५८० संमूढ शभु संमद संमूढ सविध्य वि० मूढ पु० पडोसी ७६९ सयज्झ ९६३ सयड शकट शयन २५६ सयण १९५ सयण २ सयंभु १७ सयराह* स्वजन स्वयभू अ० हाल-अभी-वर्तमानमें Now स्त्री० लक्ष्मी Prosperity अ० हाल-अभी-वर्तमानमें Now न० पाथेय-मुसाफरी का भाता Provisions for a journey पुं० सकीर्ण-सॅकडा स्थान-भीड Crowded पु० उत्साह, चपलता Activity, zeal पु० संक्षोभ Fright पु० महादेव Shiva पु० भीड Friction, conflict Confused Neighbour पु० छकडा-बेलगाडी Cart न० शयन Bed पुं० कुटुंबी Relative पु० ब्रह्मा Brahma अ० शीघ्र Suddenly कमल Lotus अ० हमेशा Always पु० मद्य-दारु Rum पु० शरद ऋतु Autumn पुं० गिरगिट Lizard स्त्री० पानी की नीक Path स्त्री० दीर्घिका-विशेष प्रकारका Lake लंबे घाटका जलाशय स्त्री० सरस्वती Speech धनुष Bow वि० समान Similar स्त्री० नदी River वि० समान Similar पुं० बाण Arrow १० सयवत्त शतपत्र १५३ सया सदा १०७ सरअ सरक ६१७ सरअ शरद् ८३७ सरड ८३ सरणी ३११ सरसी सरट सरणी सरसी ८१ सरस्सई सरस्वती ५३ सरासण शरासन । १२७ सरिच्छ सदृक्ष ३.६ सरिआ (या) सरित् १२७ सरिस सदृश ५१ सर शर १०३ १० सरोरुह सरोरुह ७४५ सलह पु० शलभ सलिल कमल पतगिया पानी Lotus Moth Water ३५ सलिल ८ सलिलरासि १३६ सलिलुच्छव सलिलराशि पुं० समुद्र सलिलात्सव पु० जलक्रीडा ८५४ सवण श्रवण ४२० सव शव शब, श्वपाच ८३४ सवाय ५५८ सवि शप्त पुं० कान न० मुर्दा पु० चडाल वि० शाप दिया हुआ न० निकट-पास अ० चारों तरफ स्त्री० रात्री १६१ सविह ९२९ सम्वत्तो ७४ सव्वरी सविध सर्वत: शर्वरी ५ ससहर शशधर ८६२ ससा ५ ससि १५२ सहइ ९८ सयर ३६९ सहयार स्वसृ-स्वसा स्त्री० बहिन शशिन् पु० चन्द्र राज्+राजते कि. वह शोभता है सहचर सहायक सहकार पु० आम शफर पुं० मछली सहसेति अ० शीघ्र-एकाएक Ocean Sporting in the water Ears Corpse Outcast Cursed, reviled Near All round Night Moon Sister Moon He shines Companion Mango tree Fish Suddenly Suddenly Able Assembly Companion Assessor Gambling-house keeper Friend Femail friend ६० सहर १७ सहसत्ति सहसा अ० १७ सहसा ५२ सह वि० समर्थ ४५९ सहा सभा स्त्री० सभा सहाय ९८ सहाअ य) ७९७ सहास २१० सहिअ सभासद सभिक पु० सहायक पुं० सभासद पु० जूआ खेलने वाला १९० सहि २२१ सही सखि सखी पु० पुरुष मित्र स्त्री० स्त्री मित्र १०४ पु. शिखर ८६९ सहोअर ९४८ साउ ६२ साण ३३० साणु १५१ सामग्गिअ* १६३ साम ९३२ सामरि १६३ सामल १०३ सामिद्धि ३७३ सामुंडुअ* सहोदर पु० सगा भाई Full brother स्वादु वि० मिष्ट Sweet श्वान पु० कुत्ता Dog सानु Table-land, ridges श्लिष्ट वि० आलिगित Embraced श्याम वि० काला Black शाल्मलि स्त्री० सेमर का वृक्ष Cotton tree श्यामल वि० काला Black समृद्धि स्त्री० वैभव Prosperity सामुद्रक पुर एक प्रकार का घास-भमासा Reed resembling, Seurg cane सायक पु० बाण Arrow सायम् अ० संध्या काल Evening शार वि० चितकबरा Variegated सार बल Power सारङ्गी स्त्री० हरिणी Doe सारङ्ग पुं० चातक Chataka सारघ न० शहद-मध Honey सारथि पुं० रथ हांकने वाला Charioteer साक्ष्य न० सरखाई Resemblance शारिवा स्त्री० मेना Maina शारि स्त्री. ऋषि के बैठने का आसम Mat or cushion ५१ सायय ७५६ साय १६७ सार ४४४ सार ७० सारंगी २९३ सारंग ६९८ सारह ६९३ सारहि ४४६ सारिच्छ ७६७ सारिया ६५४ सारि of kusha grabs पु० धर्म ७८ सार सार Wealth ७६७ सालहिआ* स्त्री० मेना Maina ३३३ साला शाला स्त्री० शाखा Branch ८०५ सालिरक्खिआ शालिरक्षिका स्त्री० चावलों के खेत की रक्षा Woman watching करने वाली rice-field ८८८ सालि शालि पु० चावल Rice ३१३ सालूर शादर Frog ७७१ साल शाल पुं० किला Rampart पु० मेंढक १०५ शासन ४८१ सासण ४३० सासय २०४ सास न० आज्ञा वि० नित्य शाश्वत सस्य न० घास Order Constantly Crop Mother-in-law Covered, ibidem स्त्री० सासू वि० समेटा हुआ ८६८ सासू ७४७ साहट्टि ७४७ साहरिअ ३३३ साहा संहृत संहृत वि० शाखा स्त्री० शाखा ६५ साहाम ६५२ साहिज १४५ साहिअय ८७ साहि ९१२ साहीण ३३३ साहुली* ११७ साहुली* शाखामृग पुं० बदर-वानर साहाय्य न. सहायता साधितक वि. कहा हुआ शाखिन् पुं० वृक्ष स्वाधीन वि० स्वतंत्र स्त्री० शाखा स्त्री० कटीवस्त्र साधु पु० साधु सितेतर वि० काला स्त्री० चोटी शिग्रु पु० सरगवा का पेड ७०४ साहु १६३ सिएअर ९४ सिंहलिआ* ८९२ सिगु Branch Monkey Help Spoken Tree Independent Branch Lower dress Saint Black Toplock Hyperanthera moringa Quick Top Horn Lower(2)garment Noisy, anklet Hoar-frost, fog Rope, string Bees wax Spoken Final liberation Date-palm Date-fruit शीघ्रम् शृङ्ग सिंचय शिजिर ४८२ सिग्धं ३३२ सिंग ६३३ सिंग ११७ सिचय ३५१ सिजिर ५५ सिण्हा* २७७ सिस्थ ७२३ सित्यय १४५ सिद्ध १९ सिद्धि ८७४ सिंदी ३६८ सिंदोलन अ० जल्दी न० शिखर न० सिंग न० कटीवस्त्र अव्यक्त अवांजवाला स्त्री० कुहरा न० धनुष्य की दोरी न० मोम-मीण वि० कहा हुआ स्त्री मुक्ति स्त्री० खजूरी न० खजूर सेक्त्र सिक्थक सिद्ध सिद्धि १०६ » पु० हाथी . ५ ९ सिंधुर ८ सिधुवइ ८ सिंधु ३६. सिंधु . ...४८. सिन्न ७१५ सिप्पि ९३२ सिबलि ३३८ सिंबा १६४ सिअ २३५ सिर, ६६६ सिरिद्दह* १७२, ३८३ सिरिहल सिरी १०३ सिरी २२५ सिरोरुह २३१ सिरोहरा' ९५ सिलंब* ३२० सिला ५१ सिलीमुह ७९ सिलोचय १९ सिव १७६८ सिव स्त्री० वैभव सिन्धुर सिन्धुपति पु० समुद्र । सिन्धु समुद्र सिन्धु स्त्री० नदी सैन्य सेना-लश्कर शिल्पिन् पु० कारीगर शिम्बलि त्यो० सीमला का पेड़ शिम्बा स्त्री० सेम की फली सित वि० श्वेत शिरस न० शिर-माथा श्रीद्रह पुं० पक्षीओं के पानी पीने का पात्र श्रीफल बेला का फल-बिल्व श्री स्त्री. लक्ष्मी देवी श्री शिरोरुह पु० केश-बाल शिरोधरा स्त्री० डोक बालक-बच्चा शिला स्त्री० पत्थर शिलीमुख पुं० बाण शिलोचय पुं० पहाड शिव न० मुक्ति शिव न० कल्याण शिवा स्त्री०. पार्वती शिव पु० महादेव शिशिर ठंडी-जाडा शिशिर ज० दहीं शिशिर पुं० फागुन और माह दो महिना-शिशिर ऋतु । शिशु पुं० शिखण्डिन् पुं० मोर Elephant Ocean.. Ocean River Army Artizan Cotton tree Pod White Head Basin for watering birds Wood-apple Shri Devi Prosperity Heir Neck Little boy Stone Arrow Mountain Final liberation Lucky, luck Parvati Shiva Cold, torpid ३ सिवा 'म २२ सिव ७६१ सिसिर २८१ सिसिर ६१८ सिसिर Curd, şour milk Dewy season * - बालक ९५ सिसु ६४ सिइंडि. Little boy Peacock - W शिखरिन् पु० ९४ सिहंड* ३३२ सिहर ७९ सिहरि ९४ सिहा ३२८ सिहा २२७ सिहिण ६ सिहि ६४ सिहि ७१२ सीमा १२ सीमतिणी पु० अग्नि पु० मोर ६१० सीमति ५०७ सीअंत २७२ सीर ९२४ सीरिअ २६ सीरि ९०७ सील ४७७ सीलुट्ट* २३५ सीस ११२ सीस ९०३ सीहर २६२ सीहासण ६६ सीह शिखण्ड पु० चोटी Toplock शिखर न० शिखर Top पहाड़ Mountain शिखा स्त्री० चोटी Toplock शिखा स्त्री० दीपशिखा Flame शिखिन पु० स्तन Breast शिखिन् Fire शिखिन् Peacock सीमा स्त्री० सीमा-हद Boundary सीमन्तिनी स्त्री. स्त्री Woman सीमन्तित वि० बराबर दो भाग किया हुआ Parted, divided सीदत वि० सोता हुआ Lying down, sleeping, falling, perishing सीर न० Plough शीर्ण वि० टूटा हुआ-भिन्न-भेदा हुआ Split, torn सीरिन् पुं० बलराम Balarama शील न० स्वभाव Character न० चीभडा Cucumber शीर्ष न० सीस-माथा Head शिष्य पु० शिष्य-चेला-सिक्ख Pupil शीकर पु. पानी की बुदें Spray सिंहासन सिंहासन Throne सिंह पुं० सिंह Lion सीधु पु० मद्य-दारु Rum श्रुति स्त्री० ऋग्वेदादि वेद Veda सुकृत न अच्छा काम Merit, fate. शुक्र पु० शुक्र का ग्रह Shukra - सुगत पु० बुद्ध Shakyamuni वि० थका हुआ-भार से नमा हुआ Tired शुनासीर पु० इद्र. Indra ... " १०७ सीहु ६४६ सुह ४५७ सुकय -१८७ सुक २० सुग १३१ सुढिअ* २५ सुणासीर स्त्री० पुत्रवधू ५६२ सुण्णइ ८६५ सुहा २० सुद्धोअणि ५६४ सुमरिअ ६८० सुमुह १७७ सुमेरु ७०४ सुअण १९७ सुआ १८२ सुरगअ १७७ सुरगिरि १७९ सुरगुरु - ३८८ सुरगोष शून्यकित वि० सूना-खाली Emptied स्नुषा Daughter-in-law शौद्धोदनि पुं० बुद्ध Shakyamuni स्मृत वि० याद किया हुआ Remembered सुमुख न० जिसके संमुख-पास-बैठकर Before whom सुना जाता है वह उसका one sits to near सुमुख कहा जाय सुमेरु पुं० मेरु पर्वत Sumeru. सुजन पुं० सज्जन Saint सुता स्त्री० पुत्री-लड़की Daughter सुरगज पु० ऐरावण हाथी-देवका Airavana हाथी सुरगिरि पु० मेरु पर्वत Meru सुरगुरु पु० बृहस्पति Brihaspati सुरगोप पु० एक प्रकार का कीडा- Cochineal insect * इद्रगोप सुरनदी स्त्री० गंगा Ganga सुरपुरी स्त्री० स्वर्ग Town of the gods सुररिपु पु० असुर Asura सुरपति पु० इद्र Indra सुरपर्णी- स्त्री० पुंमाग Rottleria tinctoria सुरवर्णी सुरभि स्त्री० गाय Cow सुरभि पु० वसंत ऋतु Spring पुं० देव God सुरायुध म० इंद्रधनुष Rainbow सुरालय पुंछ स्वर्ग Heaven स्त्री. तुलसी Ocymum sane tum, tulsi नर एल द्वारा पकाया Flesh ४१ सुरणई १६८ सुरपुरी ३२ सुररिपु २५ सुरवई ३८६ सुरवन्मी ६९ सुरहि ४१४ सुरहि २४ सुर १८५ सुराउत १६९ सुराल ३७५ सुलसा २४२ सुल्ल १०९ सोता हुआ ७२६ सुवंत १४६ सुसि १५६ सुहफंस 3 ४२७ सुह १४ सुहय स्वपत वि० Sleeping शुष्क वि० सूखा Faded सुखस्पर्श वि जिसका स्पर्श सुखरूप हो- Soft नरम सुख सुख Pleasure सुभग वि० सुदर Lovely सुधा स्त्री० अमृत Nectar सुखकेली स्त्री० सहेल-सुख क्रीडा-आनद Pleasure सूचित वि० कहा हुआ-सूचित Spoken २८३ सुहा ४२७ सुहेल्ली १४५ सूइअ किया हुआ पु० महादेव पुं० पसीना ६९३ सूअ ४९४ सूरत्थमण २२ सूलि २४७ से ४८ सेणा ६२९ सेण १६४ सेअ (य) १२२ सेयाल* ६७० सेरिही ३ सेलसुआ Charioteer Sunset Shiva Sweat Army Falcon White Husbandman स्त्री० भैंस पु० रथ हांकने वाला सूरास्तमन न० सूर्य का अस्त होना शूलिन् स्वेद सेना स्त्री० लश्कर श्येन पु० बाज पक्षी श्वेत वि. सफेद पु० खेती करनेवाला सैरिभी शैलसुता खी० पार्वती शैल पहाड सेवक पु० नौकर, चाकर शैवाल न. सेवार-सेवाल शैवल न शेखरक पु० चोगा शोधक पु. धोबी शोण वि. लाल शौण्ड क. . दारुडीआ शोणित न० लोहू-खून सुकुमार वि० नरम सौदामिनी स्त्री० बिजली Buffalow-cow Parvati Mountain Servant Duckweed " १९९ सेव ३२५ सेवाल ३२५ सेवल ३४९ सेहरय ७७३ सोज्झ १६६ सोण ८३५ सोड २४३ सोणि १५६ सोमाल १८३ सोभामणी Tufts, garland Washerman Red Drunkard Blood Soft Lightning २२० सोवणय २६८ सोवीर १५२ सोहए स्वपनक न० रति मंदिर-शयनगृह सौवीर न० कांजी शुभ क्रि० वह सोहता है शोभते शोभाञ्जन न० सरगवा का पेड़ Pleasure house Sour" gruel He Shines ८९२ सोहजण Hyperanthera moringa - हसक . ४५ हअ (य) पु० घोडा Horse २६१ हसय न० नुपूर-पायल" Anklet पु० हंस Goose, swan २९० हसी हसी स्त्री० हसी Female of the prect १४३ हक्खुत्त* उत्क्षिप्त वि० उत्क्षिप्त Thrown up. pulled out २५९. हट्ट हाट पु० हाट Market ४८७ हद पुं० हठ Violence २२८ हत्थ पु० हाथ Hand ५९९ हस्थिबंधणक्खंभ हस्तिबन्धन- पु० हाथी को बांधने का स्तम्भ Post for tying स्तम्भ elephant ९१० हत्थ हस्त पुं० हाथ का नाप-गज Distance from elbow to closed fist-measure of tow feet ९ हथि हस्तिन् पुं० हाथी Elephant ९९५ हदि हन्त अ० खेदादिसूचक Ho! ९८३ हम्मि हर्म्यिक न० महेल Palace ३७४ हयमार हयमार पु० कणेर Oleander हरिणी स्त्री हरिणी-मृगी Doe ६०७ हरिअंदण हरिचन्दन न० हरिचंदन" ," One of the trees of paradise ७७४ हार tog samt हरित न. हरी घास. Verdant . ७. हरिणी है क ७३५ .हरिआली. ४७ हलबोल* २७२ हल ८२७ हलहल - १२२-हलिअ ९७२ हल्लीस पु० अग्नि ६ हव्ववाह २१५ हस्स २५० हार १०८ हाला ७१४ हालाहल ९९१ हाहा हरिताली स्त्री० दूब-हरियाली Durva grass: पु०, कोलाहल Noise, onomat न.: हल Plough पु०, त्वरा Hurry हलिक पु० खेती करने वाला-हल Husbandman चलाने वाला.. हल्लीसक पु० गोलाकारमें वो चलते किरते Circular dance खेलने का रास-दांडीया रास वगेरे हव्यवाह Fire हस्त्र वि० बौना Dwarf हार Pearl-string हाला स्त्री० मद्य-दारु Spirituous liquor हालाहल पु. एक प्रकारका कीडा-बांभणी Halahala हाहा अ. विलाप सूचक Alas! ह्यस् अग गत कल-बीती हुई कलका Yesterday समय ह्रीण विलज्जित Shame त्रस्त वि० भयप्राप्त Afraid हिम बरफ Frost, snow हिमकर पु० Moon हृदय हृदय Heart हृत वि० हरा हुआ-ले लिया हुआ Taken away हीबेर पुं० पानी को सुगंधी व ठंडा Kind of andro- करने वाला एक प्रकार pogon का घास पुं० धजा Banner हुण्डी स्त्री० घटा Troop, assemblage हुतवह पुं० अग्नि Fire ६३७ हिजो ४५८ हित्थ ९११ हित्थ ४१८ हिम ५ हिमयर ९६७ हिअय ९५३ हिअ ६५३ हिरिबेर . ११५ हुडुम* ९३९ हुंडी* ६ हुअवह

६ हुआसण
६१९ हेमंत
हुताशन पुं०
Fire
हेमन्त पु. मगसिर और पोस मास- Winter
हेमत ऋतु
न० हेम सोना
पु० गणेश
१५३ हेरंब
११९ हेला
४३९ हेला
९९० हो
हेमन्
हेरम्ब
हेला
हेला
हो
स्त्री० विलास
स्त्री० अनादर
अ० विस्मयसूचक
Gold
Ganesha
Sport, coquetry
Disrespect
Ah !

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Paeya Lachchhinamala

Author
Ghanpal
Title
Paeya Lachchhinamala
File name
Paeya Lachchhinamala
Text
OCR done
Citation
1960
Publisher
Shadi Lal Jain
Language
Sanskrit
Pages
197
Library
Allahabad University
Classification
Literature
DLI number
485308
Barcode
5990010098366.00
Scanning centre
IIIT, Allahabad
Digital publisher
Digital Library of India
VMLT id
5Z2YiyAOhNE
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