Bhartiya Vidya Mandir Shoudh Pratisthan,bikaner

Sabe Tar

Marismeterlink · 2010/12

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शवे तार
थानी
अंधेरी रात
मेया
मॉरिस मेटरलिंक
ममुपादक
प्रेमचंद
हत्य प्रकाशन
TETTE

० अमृतराय
प्राम
ईस प्रकाराम माहाबार
भाषय प्रेस इलाहाबार
पापरण
प्पर मीमास्तर
मूम्य
हाया

दो शब्द
प्रस्नुस माह सितम्बर-मातबर १९११ जमाना में निकला पा।
इस सम में मुमो प्रेम का हितमारा यह पर, बो उन्होंने
'मामा' सम्पार हो तिपावा, यम है-
" ताराम्यिा हिस्सा रवानाता है। मेटरतिरा एक
ETAT Sighilo 7 Scott Library & formftant a fentire
उसमें एषामा और भी है। उसका नाम Pleasand archanda
है। मैं पते हिगी में तमा रहा है। ये रिता मुझे बहुत पसार
है। यह डामा परम हो जाये तो पापो पास भेवर रामने हरपाभिम
OfR Aegory कोतमा जिरो कामपायो महा।
गतामहिमो एगेन मप गाने के शापा हानि यह
सीमापाप पौतमोत है।"
'पदे तारा हिमो एम हारेनने में नहीं प्रापा । पतामही
पपा भी पा तिगत होम एमपी । पुस्तक में तो पापार
4 महीं मिला।
releas and Mdinda मनुगा गा बि रिती
भाग परत प्राप्त नहीं हो सकमाया' करितो मरे
माहित और म पुस्तासार।
पसार ग्योंगों पर राज रिया पापा
है-रहिर भोजपच प्रमोटरिया पसा है।
ममतण्य

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लेखक परिचय
१
मेटनिक रियम का मिरा-माने ड्रामेपिस्ट, मायर पार
सनिपार मोबेत प्रार वार हासिल रहा है।
ग्रामों में तमचरप पाहिब है, सेरिन हसपुर महीनो
पो-रायबर पोकन' पर हिम-मो शिवालमुत
महताबी बहसमापुरबो बहामी मसने, प्राणिमा
हपालप्यो-ममा पारदर"दीमाहीयर कर
तर" और मुस्लिराए पातर ऐसी रहनी परियों पर
बना है महा पाप मोपरा तापो परवार पर बनते हैं।
बह महर ममा महो निता, जो निमाहेगामिन
है। उसने पानी मुशाहिरात हिपे है पारस रप में पोरस
सामोरनहीं रखता
प्रेमपंद
NATimrit.लाये
Auranबारामावोबरेलीया
Indanारापमारत वर्ग को सारा
uTORAMपयश

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शवे तार
यानी
अँधेरी रात

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(मसात
-एक बहुत पुराना बितर-यमातोका जंगल वितसे
सिमाके माता'नुमापार है। प्रासमान तारों में पुरापत
बस्त' में, पानी मत करो एक वा पर स्याह बारा मोरे
बठा दुपा है। उसका सर और निगम चबाना हिस्सा हो रिती
परोपेको हापा और मितान हिम-गो-हरमत है एक
भाइबसूत के परतर से टिपा है। पहरल या मंग और
पतमार है । रमना चेहरा बिनमन है । गत पर वादो-ती रेरको
पायो हपौर रतो मीने होठ मुनेहए। उसकी बामिर और
पपरापोमा परके पुरे गहिरको वरफहीं तो पौर
प्रपहाए-रोमा सेमिमामूम हो रही है । उसरे भूरामी पौर
सात उसरेहरे पर पियरे ए है जो इस तहराए तारीका
तमार पोरों से पगरा मुबमाहित"मोर रोमर है। उसके निहापात सायर
एप रम सीने पर पोहए पो।। रात पाहिने आणि इसे
पौर पंपे पारमी पट्टानों, मूखी पत्तियों और पलों पर
एरापी तक के मुसाबित फोपो पोरते ठी।
रमियान में एक पिरा हया परल और परपर से हापत है। तीन
प्रपी पोल एक पर-मुपरितर" पास से एपा कर दी है भोर से
हो है । एक औरत निहायर सिमिन' है। पांच प्रोरत यूपो पोर
समानी है। सपोर ए पोमा नाम मोहा है। पी
पोल पमी मौगान है और उनके पातों में रम सारा निगम
र है।मा पौर मी तर सब ए-होमिरे स्माह
redatr प्राचीगासवगरमाग
.tum.ANEmमामाल
रामेन बाबासuकरात
सातामा पुरती
पौर
स्बे पार

१२ये तार
होले साले कपोहने हुए हैं। उनमें से प्रकार कहानियो रों पर पसे
हए और वह को हाथों से दिसापेर मुरते तयार ठहै। ऐसा
मालूम होता है कि शारे पर प्रेसर की प्रारतको
भूत
पास पनीर हम शोरो-पुस परसरामी परमही हिनाते । यो
में मातमी परत पर-परम पार बत मनोबर पन्हें अपने
तारी और चार चापे दिपापे हुए। पाप से मोड़ी पर
न-परममितों के त चिनेर । बाबरे कि ही की
चिरने पत्तियों का पनार जमीन पर माती पोर तारोको
हपने की कोशिश करती है, फिर भी पवन में अमीरवारोडी पापी
पहला मावीना
क्या वह ममी मही पा रहे हैं?
दूसरा माबोना
तुमने मुझे पगा दिया।
पहला माबीना
मैं भी सो गया था।
तीसरा माबीना
में भी सोता ही पा।
बाब HATNERATगामी

बेतार १५
पहसा माबीना
नपा वह प्रभी नहीं पा रहे है ?
इसरानापोना
मुझे पिसी के प्रामे को प्राइट नहीं मिसप्ती ।
तीसरा माबीना
पर पानवाह' में लौट गाने का वक्त परीप होगा।
पहसा मामीना
?
हम यह नामना पाहते हैं कि हम कहाँ है
सबसे पुणा नावोना
कोई गानता है कि हम पहाँ है?
सबसे युट्टी संघी मौरस
हम बहुत देर तक पसवे रहे पे । हम बार सानाह से बहुत
सो पर है।
पहमा मधा मारमी
पो हो क्या पौरते हमारे मुहाविम है ?
सबसे दुप्पी मंघो मौरत
हो हम तुम्हारे सामने पेठी हुई है।
पहसा मंधा मारमो
दरो, मैं तुम्हारे पाम मा हा हूँ। (यह उठार पर-नपर
टटोमवा है।) तुम कहाँ हो ? योसो तारि मुझे पापार से भूप
पता पसे ।

१४ देवार
सबसे पुरी अंघी मौरत
हम यहाँ पत्थरों पर बैठी हुई है।
पहला माबीना
(बह मागे पड़ता है और गिरे हुए दरों पौर चट्टानों
से ठोकर साता है।) हमारे पर्मियान रुप हायसर है।
दूसरा नावीना
वहाँ बैठे हो वहीं मैठे रहो । यह बेहतर है।
तीसरा माबीना
तुम कहाँ बैठे हो? मया हमारे पास माना पाहते हो।
सबसे पुती मंधो मारत
हम सड़ी नहीं हो सकती।
तीसरामाधीना
इन्हाने हम मौर्यों को पतग प्रमग क्यों कर दिया।
पहना मावीमा
मुझे पौरखों की तरफ से दुमा करने की प्राचार भा रही है।
प्रखरामाबीना
हो दोनों गुरी मपी पौरखें हुमा कर रही है।
पहमा माबोना
मेकिन यह तो पुमा करने का मास नहीं है।
दूसरा माबीना
तुम मोग बावर्षीठाने में गाकर ममार पड़मा ।

शोवार १९
(तीनों प्रौर मदस्तूर दुपा परती रहती हैं1)
तीसरा माबीना
में यह मालूम करमा पाहता हूं कि मैं किसी परीनवर पेठा हुमा
दूसरा नायोमा
शायद मैं तुमसे परोव हूँ।
तोसरा माबीना
हम एक दूसरे से मिस नहीं सकते।
पहला माबीना
मेकिन हमारे दमियान स्यादा फाससा नहीं है ( वह पर-उधर
हायों से टटोसता है। उसकी पड़ो से पाप मधे पो चोट सग
चाती है पर यह कराह उठता है । ) बहरा हमारे शरीर मेटा
हमा है।
इसरा माबीमा
मुझ सब पादमियों को प्रापा महीं मुनायी देती। हम पुन
पमादमी पे।
पहला मापीना
मुझे अब मुषभुष हीरत गुमने सगी है। पौरां से भी पूछ
मना पाहिए। यह पारी है कि हम मूरते-हाम' से वाशिक
हो जायें । अभी तक तीनों पौरतों पी दुपाग्यानी'मी पापान
मेरे गान में पा दो है । सा पर एक ही माप बेटो?
randमामाबाये

२६ } शार
कहाँ गये ? उन्हें कोई मजार महीं है कि हमको तनहा छोर पार्ने ।
सबसे बड़ा वषा मावमी
बह पाठदर गये है, शायद पोरों से इसका विक्र किया था।
पहला मागोमा
सो पम यह प्रोग्तों ही से वोमसे है ? यस्या हम सब के सब
मर गये। विस माहिर हमें उनकी शिकायत करनी पड़ेगी।
सबसे पुरवा मधा मारमी
फिस शिकायत करमो?
पहमा मावीमा
ममी यह नही मालूम है । और, देखा पायमा । मेडिम ग
गये कहाँ ? में मौरवों से पूछ रहा है।
सबसे पुस्तक मेयी मारत
यह इतमी दूर मात-पाते पक गये थे। मुझे सपाल भावा है कि वह
पारा दर तक हमारे पमियान बैठे थे। कई दिनों से बाबत
विसगिरता और प्रतीस है। पप से मटर का तमाम
हुमा उनकी ठवीय० परेशान है। यह चदास एते हैं। ग्राम
ही किसी से बोसते है। कुछ सबर महीं कि क्या सानिहार
हो गया है । पात्र बह सैर करने पर मुसिर हुए ।बा कहते
थे कि मैं मरमा शुरू होने के पहले पागिरी पार धूप में
पोरे को देषमा पाहता हूँ। ऐमा मासूम हम्सा कि सरमा महत
सई और तूमानी होगा। अभी से शुपास को पानिम से बर्फ
ममाnिen tamataram
--

रावे वार |
पाने मगो है। यह कुछ मनदिर भी पे। भोग रहते है कि
पिएम दिनां में तूफानों से मान्यों में सेना पा गया है
पौर पुस्से मुनहादिमा होत जाते है । वह यह भी कहते
पेरि मुझे समुंदर स पौफ मासूम होता है । पह पिसा बरह
मुत्तमातिमा हो रहा है और परीरे पी पहादियां काफी
तौर पर हैपी नहीं है । यह गुर पपमी मोगा में देगना पाहने
प मेपिन उन्होंने हममे कुछ महा पतमापा कि क्या देगा।
मुझे पान प्राता है कि वह पगनी पोरत के लिए रोटी
पोर पानी माने गये है। बद पहले पेनि सायद मुझे दूर गाना
पर। हमा। मममूरन सिगार करना पड़ेगा।
मोमपान मपी औरत
जात बात उनाने मेरे हाप पकड़े पे । उनो हाप बाप रहे थे।
पोया पर सर रहे तब उन्होंने मेरा बोमा मिया ।
पहसा माबीमा
पधा।
मौजवान मंधी मौरत
मेने उनगे पूमा किरा यान हो गया। उसने पहा मुझ
मही मासूम दिया हेनगापा है। पर परि मुर्गे की
हामन पर गरम हेनेसामा है। ग्रामिरन
पहला मागेता
गर्भ नरीमा मंगा पी
Mirrrry

२. रामे वार
मोमवात यंधी मारत
मैंने भी उनका मतसन न समझा। उन्होंने मुझसे यही बताया दि
में उस बड़े रोगनी के मीनार मी तरफ़ मा रहा हूँ।
पहसा मादीना
क्या यहाँ कोई रोशनी का मोनार भी है?
नौगवान मधी मौरत
हाँ मजीरे के शुमाम में है । मेरा वयास है कि हम उससे
बहुत दूर नहीं है ।यह मुझसे कहते थे कि मुझे मीभार को ग्रेगमी
यहाँ की पत्तियां पर पड़ती हुई नर माती है। मुझे मार के से
प्रमुर्दा-खातिर बह कभी न मालूम हुए थे और मेरा ज्यान है
कि यह कई दिन से या करते थे। मासूम नहीं पर्यो ! मैं नुए
भी गयी। मैंने उन्हें बाते हुए महीं सुना । इससे स्यादा मैं
उनसे मीर खम पूछ सकी। में मुम रही पी कि वह बहुत
समीदगी से मुसरा रहे थे। मैने यह
भा
बंद कर रहे मे पौर मुक्म चाहते थे।
भी सुना
पामा माबीना
उनि यह सब बातें हमसे नहीं कहीं।
मानवान मंधी मारत
तुम उनकी बातें बद सुनते थे।
सबसे दुशा मेधी मौरत
पर बह योसते है वो तुम मा रे मा पानापुसपी बरन

शोधार|२१
मगती हो।
दूसरा माबीना
पपते पान उन्होंने मित यम्मसाम महा।
तीसरा माबीना
गत स्यादा मा गयो।
पहसा माबीमा
पमत यात उन्होंने दो-तीन पार बस्सलाम' हा गौया
मोन गा रहे हा । जब यह ममाम पर हे पे सो मुझ ऐमा
मागम होता पारि यह मरी तरफ तार रहे हैं। उप मोई रियो
पौर मी तर गौर म दाता है तो उसरी पावार तीत हो
पाती है।
पापवा मादीना
उन नागा पर एम परो मिना प्राग नही है ।
परता माबोना
म पौन वाहियात गवे पर रहा है !
सरा मायोना
शाप यह पो है वो मुन नदी गावा।
परसा माबीना
नागो, पहरोन सा पास नहीं है।
तीसरा माबीना
महापामारी पार पानी मेमे का पसे रे?

२२ / तार
सबसे पुखो मंधी मौरस
बह समुदर की सरफ गये।
तीसराभाबीना
पस सिन-मो-साम पर कोई इस तरह समुंदर की तरफ नहीं
बावा।
इसरा नावीना
क्या हम समुर के करीब है?
सबसे पुष्टी बंधी माप्त
हो, एक समहा खामोश हो कामी, तुई उसकी पापार मुनायो
(रीम से समुंदर की भीमी-धीमी सदा )
दूसरा मागीमा
मुझे तो सिफ तीनों मारतों के मा करने पी पावार पा रही है।
सबसे पुरी बंधी मौरत
पीर सुनो। उनकी प्रापों के पीप-बीच में तुम्हें उसकी
पापार सुनायी देगी।
सरा माबोना
हो, मुझे कोई ऐसी भावार मुनापी रेती है जो हमसे दूर नहीं है।
सबसे दुखी मंधी मारत
बह सौपी हुई पी ऐसा मामूम हम्सा है कि मरमाग रही है।

गये धार| २१
पहसा मामीमा
महारमा पो को हम यहाँ म सामा पाहिए पा । मुझे इम शोर से
प्रविशा होता है।
सबसे युवा आरमी
तुम पूर्व गानते हो कि जजीरा पहुत बड़ा महों है और ग्योंही
पानकाह से बाहर मिफ्नो यह सरा पाने सगती है।
इसरा माबीना
मैंने भी इसकी तरफ़ प्यान नहीं लिया ।
तीसरा भाबीमा
मुझे एमा मासूम होता है कि पार यह बहुत रोष हो गयी है।
मैं इसे इसने पास से नहीं मुनना पाहता ।
इसरा माबोना
मुझे भी यहपम महो । फिर हमने पानाह से पाहर पाने में
सिए ममी नहीं रहा।
तोसरा मायोमा
हम इतनी दूर पभो यही मही पाय । हमे इनी दूर माने म
पया पाया?
सयमे गुटी मग्री औरत
पार मुबह मौसम बहुत मुहामा पा । यह पाहत ये रिहम गर्मी
पागिरी निोरा मुप उठायें पम एगो रिगो भर
सिरा गानाराहम मुर यद' हो जाय ।
".

२.ये तार
पहसा नायोना
मेकिन मुझे जानकाह में पड़े रहना ज्यादा पसंद है।
सबसे पुस्ती-संघी औरत
वह कहते थे कि हम जिस बोरे में रहते हैं उसका कुछ हास
बहर मानना चाहिए। उन्होंने मुद भी पूरा बोरा मही देखा
है। यहाँ एक ऐसा पहा है जिस पर कोई महीं पा सका, ऐसी
वादियाँ है यहां कोई नहीं जाना पसंद करता, और ऐसे ग्रार है
जिनमें पार तक कोई वासिम नहीं हो सका। प्रसारख उनका
मंशा पा कि हम सोगों को माफमाय' के तगार में हमेशा
खानकाह के फेरे-सायाबैठे रहना मुनासिब नहीं। इसलिए वह
हमको साहिम तक माना चाहते थे। वह यहाँ तनहा गये हैं।
सबसे पुरा भंघा मारमी
उनका कहना सही है। हमको जिंदगी का सपास रखना चाहिए।
।
पहमा माबीना
सेक्नि यहाँ मैदान में देखने के क्राविम कोई चीज नहीं है।
इसरा माबोमा
क्या हम इस बात धूप मे है ?
तीसरा मामीना
क्या प्राफतार अभी तक निकमा हुमा है ?
छठवां मावोमा
मेराययास है पिब महीं है। मासूम होना है कि रात म्यादागयी।

रादेतार|२५
दूसरा मायोना
गया परे ?
और सबके सब
कोई महीं मानता।
सरा मघा
क्या पभी सफ गरानी है ? (घटय नामोना स) तुम कहाँ हो?
हमें तो बुधमुष गुभापी देता है। यहाँ पापो ।
घटयो मायीना
मरे पयाम में हम बात सूप अंधेग है। र धूप होती है तो
मुझे पमों के नीचे मीली मोर-मी मगर पाती है। मात
पर्मा गुराग मैंने मी सपीर दपी पी परिन प्रय मुझ मुखमा
निपापी नहीं दता।
पहमा मायोना
पौर मुझे पो दर होन पी गबर उम परत हाती है जब मुझ
मग मगती है और हम काम में मृगा हूँ।
तीसरा मायौना
मरिन पाममानी तरफ तो देगो पाय बुध नगर पाप ।
( मकर सब पाममान की तरफ मर रहा है उन तीनों को
कर यो मादरमा प्रधे पे मा बमीन सी तस तारन

२५ सदे तार
छठा नावीना
मुझे नहीं मासूम होता कि हम मोग बिसकुम पासमान के मीपे हैं।
पहना माबीना
हमारी भावा इस तरह गूंज रही हैं गोया वह किसी गार' में हों।
सबसे दुखढा नावीना
मेरा तो सयाम है कि उनके गंगने का सबब शाम का वक्त है।
नौजवान मंधी मौरत
मुझ ऐसा महमूस हो रहा है कि मेरे हापों पर चांदनी फैसी हो
सबसे पुरती संधी मौरत
मेरा खयाल है कि सितारे निकले है। मैं उन्हें मुम रही हूँ।
मौजवान मंधी औरत
भी सुन रही हूँ।
पहमा नापीमा
मुझ तो कोई पाबार महीं सुनायी देती।
इसरा नापीना
मुझे तो अपने सांस मेने की प्रावास सुनायी दे रही है।
सबसे पुरखा मावोना
मेरा खयाप्त है कि मौरतें राही महती है।
पहसा नानीमा
मैंने कभी सितारों को मावार नहीं सुनी।
पोग

गावे तार | २०
दूसरे मोर तीसरे मधे मारमो
हमने भी नहीं सुनी।
(तापराने-बगाएक गोत या पतन पत्तियों पर उतरता है।)
इसरा मायोना
7
मुमो मुमो ! यह उपर क्या है ? सुन रहे हा
सबसे पुरखा मायोना
हमारे मोर मासमान में बीप से कोई चोर गुगर गयो ।
ध्या मावोगा
हमारे बाताए-सरसोई पीर हरकत कर रही है सपिन हम
उसे पा मही राक्से ।
पहप्ता मावोना
इस प्रागार को घोषठ मरो ममम में नहीं पाती। मे पानापर
पी सरफ सौटना चाहता हूँ।
दूसरा मावीमा
हम यह सामना पाहते है कि हम पता है.
छठया मामीना
मैने पड़े होने की बोशिय मी। हमारे पारा तरपटि हो ?
है पौर मुष महा । पत्र में पपने हाप भी पैमाने पी जापन
नही र गाया।
तीगरा माबीना
मासूम मही हम नही है?

२८ शबे तार
सबसे युवा माबीमा
हम इसे नहीं मान सकते।
छठया माबोना
हम बानगाह से बहुत दूर है। मुझे वहाँ को कोई पाबार नहीं
सुनायी देती।
तीसरा नाबीना
बहुत पर्मे से मुझे सूखी पत्तियों की पा रही है।
छठया मामीमा
हममें से किसी ने इस पोर को पमानए-गुरिश्ता' म देता है
भौर वह बतला सकता है कि हम कहाँ है
सबसे दुखी अंघो मौरत
जब यहाँ पाये तो हम सब के सब प्रधे थे।
7
पहमा माबीमा
हमें कभी दुध दिसायी ही नही दिया ।
इसरा माबीमा
हम सामस्खाह परेशान होने की क्या पसरत है। वह मन्द वापस
प्रायेंगे। परा देर और उनका इतगार परो सकिन पाराम
हम फिर उनके साप म पार्यो ।
सबसे पुला माबीना
हम प्रवेमे भूमने नहीं नियम सकते।
परोपमा

शरे तार | २९
पहसा मादीना
हम निकमगे ही न । मुझे पूमना पसंद नहीं।
इसरा नाबीमा
हमारी गाहर माने की स्वाहिश नहीं पी गिसो मे उनसे यह
बस्ति नहीं की।
सबसे बुटी अघी औरत
परीर में यह तातोस का दिन है । सातीमों म हम मन मेर पाने
निमसते हैं।
तीसरी मंधी औरत
में सो हो रही पी कि उन्होंने पाकर मरे पंधे मो हिमाया पौर
कहा, उठो-तठो, पात पा गया धूप निम्तो हुई है । क्या पूप
निरन्तो हुई पो ? मुझे इसको गुवर नहीं। मैंने कभी पूप मही
सपसे पुटा मागोना
में
बढ़त पाटा पा सर मैंने पूप देगो पो।
सबसे दुलो यो मौरत
मैने भी बहुत दिन हुए जब मैं बहुत पोरी पी मेशिन पर
विन्मुस याद नहीं।
तोसरा माबोना
हर बार जय धूप निरमती है तो पहपयों हम पाहर साते है ?
पया हम इगमे दुध र मापद हो जाते है ? मुझनो पिन
म मासूम मही होता रि गत है या दिन।

..ये वार
छठया माबीना
मुझे दोपहर के बस पूमना पन्छा मालूम होता है। मुझ उस
बात यहत पमक महमूस होती है और मेरी मासे खुमने को
कोशिश करती है।
तीसरा नाबीना
मुझे तो अपनी लावगाह' में कोयमे के सामने बेठना स्यादा पसंद
है। भार सुबह खूब माग रोशन बी।
दूसरा नायोमा
वह हमें धूप विमाने के सिए सहन में मा सकते थे। यहां दोबारों
की हिफ़ारत में तो रहते । जब दरवाजा बंद पहता है तो कोई
सौफ़ नहीं मालूम होता । मैं हमेशा दरवाजा बंद कर दिया
करता हूँ। तुमने मेरी मुहनो क्यों हुई?
पहता माबीमा
मैंने नहीं हुई। मैं तुमसे बहुत दूर हूँ।
इसरा माबीना
मैं सब कहता हूँ कि किसी ने मेरी कुहनी दुई है
पहमा मागोमा
हममें से किसी ने नहीं हुई।
दूसरा मावीमा
मैं यहाँ से जाना चाहता हूँ।

रवार १
सबसे पुगी अपी मौरत
या गुदा । गुदा ! हम यहाँ है?
पहना माबोना
हम यहाँ हमया नहीं बैठे एमने।
(गिसो दूर को पड़ी में पाहिस्ता-पाहिस्ता मारह परसे है।)
सबसे दुष्टी यपी मौरत
उफ हम मोग यानबाद में किसनी दूर निगम पाये है।
सबसे पुरा माबीना
मापी रात हो गया ।
.
इसरामापोना
दोपहर है। पोई जानता है? योनी।
घ्य्यामापीना
मुझ मालूम नहीं मपिन में रायाम करता हिम मोग साये
पहमा मापीना
मुमच महा मातम होता । में बदल दर सा मी गरा।
इसरा माबीना
मुझ मग मगी हुई है।
मौर सबने सब
हम भी भूगे पोर पाग।।
रारामारोना
परा हम यहाँ पाए ।

१२|श वार
सबसे बुरडी अंधी औरत
मुझे तो ऐसा मासूम हम्सा है कि मैं यहां सदियों से है।
छठया माबीमा
मुझे कुछ-कुछ मामूम हो रहा कि हम कहाँ है।
तीसरा माबोना
हमें उस तरफ पामा बाहिए गिभर पाए गगने को पावर
पायी है।
(तायराने शय यकायम तारीकी' में शार करने लगते है।)
पहसा मावोना
तुम मोग सुनते हो ? सुनते हो?
इसरा मावीमा
यहाँ हमारे सिवाय कोई और भी है ?
तीसरा मावीमा
मुझे बहुत देर से इसका शुवहा है। कोई हमारी बातें मुन रहा है।
क्या यह मौट पाये।
पहमा माबीमा
मासूम नहीं क्या है । यह हमारे उपर है।
दूसरा मागीमा
?
क्या दूसरों ने पुष नही मुना ? तुम माग हमशा सामोश पता हो
सबसे पुरम मावीमा
हम तो ममी तक मुन रहे हैं।

राडेतार|N
मौजवान अंधी मौरत
तुम अपन प-गिर्द हर दिन को मापार पा रही है।
सबसे बुडी मधी मौरत
। गुदा ! ऐ गुदा ! हम पहाँ है ?
छठवां माबीना
मुझ पृष्नुप मासूम हो रहा है कि हम यहाँ है । मानप्राहम
नही मदो उम पार है। हम पुराने पुम से होकर प्राय है ।
महामा ली हमरो पोरे के शमाम म माय है। हम नदी पर
नहीं है । प्रगर हम एफ समहा और ग मुन सा उसनी मागाव
भी गाय- मुनायो । मगर महारमा गी म मोरेंगे तो हमरो
पानी मिनारे वर पाना पड़ेगा। वही गोरोग' बरेया
महार पावे-चावे रहते है। महारा मन्याह हम किनारे पर
गरे देश मेंगे। यह भी मुमरिन है कि हम उस अंगम म हॉजी
रोशनी मीनार को पेरे हुए है। सपिन मुझ गाहर नियमन
सागरना नही मासूम है। कोई मेरे माप पमने पर तपार है ?
परला जाबीना
पुपवार यटे रही । उनरासार रिय पापी शाम पटीमा
मा राखा महीं मामूम है मार सानपाद के पारों का दाम
।बग उनरा तगर परमा पाहिए । पर पापे पार
पारंगे।

३४ो पार
छठया मावीमा
कोई पानता है कि हम किस रास्ते से माये हैं ? अब हम मा
हे तो उन्होंने हमें समझाया था।
पहसा मादीमा
मैंने यिसबुस ध्यान नहीं दिया ।
छठया माबीमा
क्या मोर किसी ने ध्यान से सुना पा?
तीसरा नाबौना
माईदा हमको उनकी बातों को गौर से सुनना चाहिए।
छठया माबीमा
क्या हममें से किसी की पैदाइश इस जगीरे महुई है?
सबसे मुसा मारमी
तुम्हें खूब मासूम है कि हम सब यहाँ दूसरी जगह से पाये हैं।
सबसे पुती मंधी मौरत
हम समुंदर के उस पार से माये है।
पहसा नाबौना
मुझे मंदेशा हवा था कि समुंदर ते करते-करते मर न पाऊँ।
इसरा नावीना
मुझे भी। हम साथ-साप माये थे।
तीसरा माबीना
हो महास से पाये।

शवे ठार |
पहसा माबोमा
माग महते हैं कि हमारा गांव शुमास पी तरफ यहाँ से मार
पाता है, ते कि मासमान साफ हो । उसमें पोई मौमार
तीसरा माबीना
हम इसफाक से पहाँ उतर पड़े।
सबसे पुती मंधी मौरत
में दूसधे तख से पायो ।
दूसरा माबीना
तुम ही स पापो हो।
सबसे उपखो मंधी मौरत
मुझ पर इसमा रापास परते हुए पौष मासूम होता है । मुझे
पर उममी पाद मही हो । बढ़त दिन गुगर गये। वहाँ यहाँ स
मारा मरी पड़ती पी।
मौजवान मंधी मौरत
में भी बहुत दूर में भायी है।
पहना माबीना
मागिर तुम पहा ग पापो हो?
भौगवान मंगो मौरत
यह पाना पल मुगिय है। मैं उम र बरान पर
है। यह यहाँ मनिहारत दूर है गर्मुदगें रम पार।
बर मल बड़ा मुहै। मैं मिया मे उगराहामा

१/बेसार
सकती हूँ मेकिन पा तो है ही नहीं । मैं बहुत दिनों तक भटकती
फिरी हूँ मेकिन मैंने सूरव पौर माग और पानी और पहार भोर
लोगों के पेहरे पोर मचीन किस्म के पूस सब देते हैं । मेसे फूस
इस भजीरे में नहीं हैं। यह तो विमास पीगन, मुनसान पोर
ग है । बब से मेरी निगाह गाती रही है मुझ फिर एका
एहसास नहीं हुमा । लेकिन मैंने अपने वास्दैन' भौर बहना को
दया है। मैं उस परत बहुत मोटी थी पौर विमान म पामती
थी कि कहाँ हूँ। में उस वक्त तक समुदर के किमार खेसा
करती पो ताहम माक्षों से देखने की याद मब भी सूर है
एक दिन ममे पहाड़ की पोटी पर से बफ की तरफ देवा उही
दिनो मुझे उम सोपो की पहचान होने सगी पी को गुमनसीब
होनेवासे है।
।
1
पहला माडीमा
तुम्हारा मसमय क्या है?
मोजदाम मंधी औरत
मैं पर भी कभी-भी ऐसे प्रादमियों को उममी पावाब स
पहवाम सकती है मेरे दिम में ऐमी यामी रमादा रोगम
हो जाती हैं मगर मुझे उनमा ध्यान म हो ।
पहमा मायोमा
मुझ पुष या नहीं में
चार

(पहीबा पिड़िया का एप गौर गौर मपाता हपा
पत्तियार गर म गुजरता है।)
सबसे माबोना
फिर पागमान ने मोप माई पार गुउर रहा है।
इसरा माबीना
तुम यहाँ नयाँ पार्यों?
सबसे युवा मासोना
रिंग ग पूछ रहो।
दूसरा मादीना
अपमो नौजवान सापिन मे।
मौजवान मपी मौरत
मोगा मे मुभमे पहा रि मारमा गी मुझे पन्या पर साठे
है । पहपदी है कि नि मेरो पर्गि सर गुमेगी । तर
मग मेरे ग पमो जाउंगी।
पहमा मायोना
“म बारोमोगरतारना माले हैं।
दूसरा माडोना
या पर हमेशा पद देंगे।
तीसरामायोगा
मनग्मा जीपल गरम मेगा को पन्या
परन:सि पर परामही है।

३- | हवे तार
मौजवान मधी मौरत
मेरी पमर्फे मंद है मेकिन मुझे मालूम होता कि मेरी पानों
में बीनाई है।
पहना माबीना
मेरी पासें तो सुमी हुई है
इसरानाबीमा
मैं सोता हूँ तब भी पाने सुनी रहती हैं।
तीसरा भाबीमा
पासों का जिक्र छोड़ो।
सबसे युमा नादीमा
एक रोग शाम को दुमा करते वक्त मुझे औरतों की तरफ से एक
ऐसी पावाज सुनायी दी कि जिसे मैं पहमान न सका । तुम्हारी
पाबाट मासूम हो पाता है कि तुम नौजवान हो मैं
तुम्हारी पावार मुनकर में तुम्हें देखना चाहता पा
पहसा मावीमा
मुझे कभी इसका इम्म नहीं हुमा ।
सरा मावीना
वह हमें कुछ बतमाते ही महीं।
छठवां माबीना
मोग कहते है कि तुम पूबसूरत हो, जैसे कोई पौरत जो बहुत
दूर से प्रायी हो।

पवार
मौजवान मो मौरत
मैंने अपने पद पर बनी नहीं दया।
सबमे पुमा मंगा मारमो
हमने कभी एक दूसरे को नही दमा।हम सा मापम में मुबास
करने, पवार ये है माप गते हैं माय पनो फिग्न,
मरिन बिनम नही पानत मिहम क्या है । एक दूमर को देना
हायों ममने म पग जमा है । प्रांग हापों म पाग
सागर देती है
घटा माबोना
पर तुम मेोग पुर म निरस्त हो तो कमी-कभी मुम तुम्हाग
मारा रियाया दता है।
मरमे गुण माता
हमन सम पर मोनरी या डिसम रत है। बोबागें पौर
गिरयों को हाप मनमा है। हम बिनाम मरी
गाना रिहम पर गत।
मबर्म बुम मपी मौरत
मेर पान रिमा परिपान मार गिरणा पुराना
हिमा है। इस पर मिग रिसम मपी एल जमी
पनीमरर नही पानी
पमा मारामा
रिना नही है नहेरना बाबा रा है'

१८ वे पार
मौजवान मंधी मौरत
मेरी पलकें बंद है मेकिन मुझे मालूम हता कि मेरी मालों
में वीनाई है।
पहला माबीना
मेरी पौने दो मुप्ती हुई।
दूसरा माबीना
में सोता हूँ सम भी पासे मुनी रहती है।
तीसराभाबीमा
प्रोमों का जिक्र छोड़ो।
सबसे पुरानाबोना
एक रोग शाम को दुमा करते वक्त मुझे पौरतों की तरफ से एप
ऐसी भावान सुनायी वो कि जिसे में पहचान न सका । तुम्हारी
पावार से मासूम हो पाता है कि तुम मौसवान ही में
तुम्हारी प्रावार मुनकर मैं तुम्हें देखना पाहता पा
पहना नावीना
मुझे कभी इसका इस्म नहीं हुमा ।
इसरा माबीना
यह हमें कुछ बतसाते ही नहीं ।
छठया माबीना
मोग कहते है कि तुम पूबसूरत हो, मेसे कोई पौरत को पहन
दूर से पायो हो।

२१ तार
नौबवाम बषी औरत
मैंने अपने ता सुप कभी नहीं देखा।
सबसे पुरता मंधा मावमी
हमने कभी एक दूसरे को नहीं देना । हम तो मापस में सवास
करते है पवाब देते हैं साप रहते हैं साप पमते फिरते हैं,
मेकिन बिसफुस नहीं जानते कि हम क्या है । एक दूसरे को दोनों
हापों से छू लेने से क्या होता है । पाखें हापों से स्पारा
बाबर होती है
छळ्या मावीमा
पब तुम मोम भूप में निकलते हो तो कभी-कभी मुझे तुम्हारा
सामा दिसायी देता है।
सबसे दुला नाबीना
हमने उस पर को नहीं बना जिसमें रहते हैं। दीवारों पोर
विड़कियों का हाम से फ्ते से क्या होता है। हम विमाम नहीं
पानते कि हम कहाँ रहते हैं।
सबसे पुणी मंधी मौरत
सोम कहते है कि यह एक बिलकूम तारीक शिकस्ता पुराना
निम्मा है । इस गर्न के सिवा बिसमें साधू जी रहते हैं मही भी
रोयनी नपर मही माती ।
पहता माबीना
जिमके पास नहीं है उन्हें शमी को क्या परस है।

४. [ये वार
छठया माधीमा
जब म बानकाह के भासपास भे पराता हूँ तो शाम के यस
बह दुर्ग की रोशमी पवार पाप ही माप पर पहुँच गावी है।
उन्होंने मुझे कभी नही भटकाया।
सबसे पुरमा माबीमा
हमें साप एते मुह गुजर गई लेकिन हमने एक दूसरे को
कमी नहीं देखा, गोया हम हमेशा तमहा रहते हैं। बिमा बसे
मुहम्मत नहीं पैदा होती.
सबसे पुरी मधी मौरत
मुझे कमी-कमी भाव में मामूम होता है कि में पैठ सकता है।
सबसे दुर्ग मंधा
मुझे सिर्प सपने ही म दिखायी देता है।
पहसा भाबीना
में भासर प्राधी रात को स्वाब देखता हूँ।
दूसरा माबोना
जय हार्यों में हरपत ही नहीं होती तो ईसान भिन्म पीपमा
स्मार देख सकता है?
(एक तूफाम पंगत को हिसा देता है और पत्तिा माने
मगती है।
पाचन मागीना
पिसमे मेरे हाप पुए?

राये तार | ४१
पहता नाबीना
हमारे चारों तरफ कोई पीय गिर रही है।
सबसे दुखा नानीना
ऊपर से पा रही है । मासूम नही क्या ह
पांचा नावीना
किसमे मेरे हाप हुए। में सो रहा पा । मुझे सूप सोने दो।
सबसे पुरा नाबीना
किसी ने तुम्हारे हाप नहीं खुए ।
पांचों माबीना
किसने मेरे हाप परे ? डोर से बोलो। मैं परा कैका मुनता हूँ।
सबसे खा नावीना
हमको मुद नहीं मालूम ।
पांच माबीना
क्या कोई हमें सबरवार करने माया है ?
-
पहसा माबीमा
इसको जवाब देना फिस है । उसे कुछ सुनायो नहीं देता।
तीसरा मापीना
यह मानना पडेगा कि बहरे बड़े वक्षमसोय होते हैं।
सबसे पुरता माबोमा
में पेठेठे पक गया।
छच्या माजीना
में यही रहते रहते पक गया ।

४२वे पार
सरा मावीमा
मुझे ऐसा मासूम हवा है कि हम मांग बहुत दूर वठे हुए है।
मामो परा और करीब भा जायें पड़ने मयी।
तीसरा माबीना
मुम सो होते पर मासूप हेता है । यहाँ बेठे हो नही बैठे रही।
सबसे पु माबोना
मासूम महाँ हम मोर्गों के बीच में क्या हो।
छठया मागीना
मेरे दोनों हापों से भून निकमतामा मासूम होता है। जा
हाना पाहता था।
तीसरा माबीना
भागार से ऐसा मामूम होता है कि तुम मेरी तरफ मुके हुए हो।
(अपी पमनी पौरत जोर से अपनी पासी ममठी है और
कराहते हुए बार-बार मेगान सापू मी तरफ सर फेरती है।)
पांचा नामोना
मुझ प्रब सय शोर सुनायी दवा है।
सबसे पुछी मंधी मारत
मेरे नपाम म हमारी पममी बहन पासे मस रही है।
दूसरा नावीना
बस यह भी पया करती है में रोज रात को सुना करता हूँ।
तोपरा कायोना
बह पगमो से कृष नहीं बोलती।

गये तार|
सबसे दुखी मंधी मारत
बब से बच्चा पैदा हुमा वह एक बार भी नहीं बोसी । मासूम
होता है यह गरती है
सबसे गुस्सा भाबीना
तो क्या तुम मोगों को यहाँ पर नहीं लगता
7
पहला नावीना
किसको?
सबसे पु माबीना
बाकी बाहम सब मोर्गों को ।
सबसे पुती मधी औरत
हो हम सब यहाँ रखे है।
नौजवान अंघो मौरत
हम बहुत दिनों से रहे है।
पहला माबीना
तुम यह स्पों पूछते हो?
सबसे पता नाबीमा
में मुद महीं जानता कि क्यों पूछता हूँ कोई बात ऐसी है बो मेरे
बेहन में नहीं पाती एसा मासूम होता है कि मेरे कानों में यका-
यक किसी के रोने की भावान पायी
पहसा माबीना
ररने से क्या होता है। शायद पगमी पौरत रोती है।

गर
सबसे पुराना नावीना
नहीं इसके ममावा मुध पोर है यकीनन बुध पार है सिफ़
उसके रोन से मुम लौफ नहीं मालूम होता ।
सबसे पुरती बंधी मौरत
यह जब अपने बम्मे को दूध पिमाने लगती है तो हमेशा रोती है।
पहमा मावीमा
सिफ़ बही इस वह रोती है।
सबसे एगो मंधी औरत
मोग पइसे है कि अब भी भी-कभी उस दिसायी देता है
पहला मादीना
हम किसी का रोना नहीं सुनत ।
सबसे पुसा मागोता
रोनेके मिए देखना परूरी है।
मौसमान मंथो मौरत
मुझे यहाँ कहीं से फूमों की महक मामी है ।
पहमा माबोना
मुझदो सिर्फ मिटटी की पाती है।
मौजवाम मपी मौरत
हमारे करीब फूल है, फूष है।
दूसरा मावीमा
मुझे तो सिर्फ मिट्टी की भावी है।

हवे तार |
मौजवान मंधी औरत
मुझे प्रभी हवा में फूलों की सुगबू पायी ।
तीसरा नाबीना
मुझे वो सिफ़ मिट्टी को भा रही है ।
सबसे मुसा माबीना
मेरा पयाम है कि मौर सही कहती है ।
छठयामाबीना
फूस कहाँ है? मैं भाकर पुमा ।
नौरबाम मधी औरत
मरे हो पामो तुम्हारे दायीं तरफ है ।
(एमा मंधा माहिस्ता माहिस्ता सड़ा होता है और वरों
पौर झाड़ियों में उनझवा हुपा नर्गिों की तरफ जाता है
चिन्हें यह पैरों से पुनम गलता है।)
मौनयान बंधी मौरत
मुझ सुनापी देवा है कि तुम हरी गामियों को सोरे गलते हो।
हो, व्हरो।
पाहता नाबीना
फूलों की फिक्र मत करो सोचो कि क्योंकर मोटोपे ।
छठया माबीमा
पब मै अपने कदमों को फेरने की मुरमत नहीं कर सकता।
नौजवान मनी मौरत
हरगिय मत माना । टहरी (बह उठवी है) माह । पमीन कितनी

--
सबसे पुसा मावीमा
मैं समझता हूँ कि भार वही कहती है।
तीसरा मागोमा
सच तो यह मही प्राता होगा।
पहला मावीना
हमा कहीं से भाती है?
दूसरा मावीमा
समुपर से।
सबसे दुगा मागोना
हवा इमेया समुदर की तरफ से माती है। समुदर हमें पारा
सरफ से मेरे हुए है। यह किसी दूसरी तरफ से महो मा सकती।
पहसा माजीना
भई समुंदर का सयाल मत करो।
सरा माडीना
यह पोकर मुमकिन है। यह तो परा रे में मारे पास मा
जायेगा।
पहसा माबीना
तुम्हें क्या मासूम नि मह समुदर की ही मागर है।
दूसरा मामीमा
मुझे उसकी सहर ऐसी करीब मालूम होती है कि में उसमे अपने
हाप वा सम्वा हूँ। हम यही मही टहर तासे । ही वह हमें
पावरफ से घर म है।
1

सबे वार |
सबसे युग माबीना
सुम कहाँ पाना चाहते हो?
सरा मावीमा
इसकी कुछ परवाह नहीं इसकी कुछ परवाह नहीं । अब
पानी की यह गरब नहीं सुन सकवा । यहाँ से भाग चमो चलो ।
तीसरा माबीना
मुझ ऐसा मासूम होता है कि कोई मार मायाम भी है । कान
मगामी । (तेज पौर दूर के कर्मों की पावाप सूखी पत्तियों में
सुनायी देती है।)
पहसा माबीना
कोई भीय हमारो तरफ पा रही है !
सरा नाबीना
साधू बी है। साधू बी है ! वह वापस पा ऐ है।
तीसरानाबीना
बह घोटे-छोटे उपम रस रहे हैं, विमकुम एक घोटे बच्चे की
इसरानादीमा
प्राय सम्हें कुछ दुरा-भमा मस कहना !
सबसे पुरी मधी मौरत
मेरे सयाम में यह मादमी के स्वम नहीं है।
( एक बड़ा पत्ता अंगल में पाता है और उनके सामने से
मुरखा है । सन्नाटा है।

५ बेसार
पहसा माबीना
पह कौन है ? परे तुम कौम हो। हमारे ऊपर रहम करो हम
बहुत देर से बेठे हुए है (कुता क पाता है और मौटकर
मपने अगले पंजे को पहले नावीना की मुटनियों पर रस देता
है।) मरे ! पाह ! तुमने मेरी मुटमियों पर क्या रम दिया?
यह क्या है ? मरे, यह तो कोई पानबर है ! कुत्ता मासूम होता
है हो हो कुत्ता ही है । यह हमारी खानकाह का कुत्ता है। पर
मामो भर मामो । हमें यस्ता विसाने पाया है। पर पा
परमा!
पहता नामीगा
यह हमें रास्ता दिवाने भामा है। हमारे पैरों के निशाम दसवा
पसा पापा है । यह मेरे हाप बाट रहा है गोपा मुझ सदियों
के बाद वेसा है। तुथी के मारे गुर्राहा है गुणी के मारे मर
म पाये ! सुमो काम मगामी !
मौर सब के सब
परमा! इधर मा ।
सबसे मुगा माबोना
शायद यह मिसी मारमी में प्रागे-मामे पापा है
पहला माबीना
महों, मही बिलकुम परसा मामा है। मुम और गिमा पाने
पी पाहट नही मिसती । प्रबहमें दिमो दूमर मालिक को पारत
नहीं । इसस प्रन्या मोर कौन होगा। हम यहाँ गायेंगे वहीस

सधार ११ बायगा, हमारा हम मानेगा... सबसे दुमी मंत्री औरत मे रसके साप नहीं जा सकती। मौजवान मंधी मौरत में भी नहीं पा सकती। पहला माबीना क्यों ? हमारी निगाह से इसकी निगाह बेहतर सरा नाबीना इन औरतों को मकने दो। तीसरा माबीना मेरा पयाम है कि पासमान में कुछ वगैयुर' हो गया है । हवा भब साफ है --में सूब सांस से सकता हूँ। सबसे मुखी मधी मौरत समुंदरी हवा हमारे चारों तरफ पम रही है। छला माबीमा मुझे ऐसा मासूम होता है कि रोशनी पा रही है । शायद माफ- ताब निकल रहा है। सबसे पुरा माबीना मेरा प्रयास है कि सर्वो पानेवाली है। पदमा मामीना पब हमें पस्था मिस गायेगा । कुत्ता मुझे सीप रहा है। वह परबत

४ वार
पहसा मावीमा
मेरा समान है.मेरा समास है कि यह साधू श्री है । बहसा
है। पामो मामा।
दूसरा मादीना
क्या यह सोहै?
तीसरा नावीना
सब वह मरे नहीं है।
सबसे पुह्म नामोमा
कहाँ है?
छठया मावीना
पाकर देखो।
( पगली पौरत मौर बहरे अंधे के सिवा सब उठते हैं और
टटोमते हुए मुर्वे की तरफ जाते है।)
सरा माबीना
क्या यही है? यही?
तीसराभाबीमा
हो हो, मैं उन्हें पहषामता हूँ।
पहना माबीना
या मुद्दा, या सुदा, हमारा क्या हाल होमा !
सबसे पुरती मंधी औरत
स्वामी जी क्या यह तुम्ही हो। तुम्हें क्या हो गया है?
हमारी बातों का पुछ जवाब दो । हम सब तुम्हारे पाम

सये वार]
जमा है। हाय हाय
सबसे
नाबीना
योड़ा-सा पानी लामो । शायद अभी कुछ बान है ।
छठया माबीना
हाँ, उन्हें मचाना चाहिए --यासिबन् मह हमें सानकाह तक पहुँचाने
के काबिस हो आयेंगे।
सोसरा माबीमा
बिमकुम वेकार. मुझे उनके दिल की भावाब नहीं सुनायी रसी
बिमकून ठरे हो गये।
+4
पहता माबीना
एक सपन भी न बोमे.
तीसरा माबीना
उन्हें माविम पा कि हमें बता देते ।
इसरा माबीना
हाय यह कितने बुरे हो गये पे । मैने प्रवकी पहली बार
उनका चेहरा दुपा है..
तीसरा भाबीना
(मारा को टटोमकर ) हम सोमों से संबे है !
इसरा माबीमा
नमी पार्म नमो हुई है। हाप यांमे हुए मरे हैं।
पहना नाबीमा
उनने इस तरह मरने की कोई मजह महीं पी

१६ मे तार
इसरा माबीना
यह सरे महीं है। एक पत्परपर बठे है
सबसे पुगो मंधी मारत
या नुवा! मुझे यह सब म ! मानूम पा न मासूम पा..बह
इतने दिनों से बीमार पे.प्राय उन्हें बहुत सममीफ हुई होगी
हाय-हाय ! बह कमी शिकायत का एक इस बयान पर नहीं
माम ..सिफ़ हमारे हापों का दबाकर अपना दर्देदिप्त पाहिर
किया...इंसान हमेशा इन बातों को मही समझता..मी नहीं
समता....मामा मिनार उनक मिए एमाए बैर परें।
(पौर भुटमों के बस बेठकर कराहती है।)
पहसा नावोमा
मुझे भूनते हुए पर मासूम होता है.
इसरा मावीमा
क्या मासूम किस बीर पर पुटने पर
तीसरा नाबीमा
क्या वही बीमार थे। हमसे कभी नहीं मम्मा !
इसरा मादीना
पाते वक्त यह बुध पाहिस्ता प्राहिस्ता मह रहे थे। वापर
हमारी मोरवान बहन से कुछ कह रहे थे। क्या उन्होंने क्या कहा'
पहमा नापीमा
बह पवार म देगी।
सरवाया

ये वार | सरा नाबीमा क्या पब तुम हमारी बातों का अवाघ न दोगी तुम कहाँ हो बोमो। सबसे दुखी औरत तुम लोगों में उन्हें बात परीशान किया । तुम्ही ने उन्हें मारा है। तुम मागे नहीं बसे थे। तुम सड़क के किनारे पत्परों पर बैठकर साना चाहते थे। तुम सारे दिन भुनभुनामा करते थे। मैने उन्हें पाहे नीचते हुए सुना है पाक्षिर वह मायूस हो गये सबसे दुखी हमें कुछ नहीं मासूम पा । हमने उनको सूखममी नही दली इम इन फूटी पामों से क्या देख सकते हैं ! उन्हेंनि कमी किसी का गिता नहीं किया ..मय मौका निकल गया मैने तीन पाव- मियों को मरते देखा .. मेकिन इस तरह कोई महीं मरा.. अब हमारी बारी है. पहना नावीना मैंने उन्हें हरपिन नहीं परीशान किया...मैंने कभी कुछ नहीं इसरानाबीना म मैंने हो । हम मेटा उनका हुक्म मानते थे। तोसरा माबीना बह पगती के वास्ते पानी माने जा रहे थे, बही मर गमे ।

कतार
पहला माघीमा
अब हम क्या करें । कहाँ गायें।
तोसरा मागीना
पुता कहा गया?
पहना मावीमा
मह बैठा है । वह मारे पास से हटवा ही नहीं।
तीसरा मावीना
उसे हटा दी भगा दो, भगा दो !
.
पक्षमा नाबाना
यह इस साय को महीं मोपता।
सरा मावीना
हम एक मुर्श पादमी के पास महीं बैठ सक्त...हम इस तरह
तारीकी में नही भरमा पाहत ।
तीसराभायोला
भाभो हम मोग मिसकर बैठे इमर-उपर न मिग, एक दूसरे
हाप पाट में। सब इसी पत्थर पर बेठे। मौर सोग कहा"
हो पा पामो सर मी मा पायो ।
सबसे उखा माबीना
तुम यहाँ हो?
सीतरामाबीमा
मै महाँ हूँ। हम सब एप साप है न? जरा और र
जापो । तुम होपों कहाप यहाँ है ? सन्त सी है।

राये पार |
मौमवान मंधी औरत
मोफ़ ! तुम मोगो से हाथ कितने सद है।
तीसरा माबोमा
सुम क्या कर रही हो?
भौमवान मंधी औरत
में पानो पर हाथ फेर रही थी । मुझे ऐसा मासूम होता मा
कि मेरी मासें सुसा ही पाहती है।
पहला नाबीना
यह रो कौन रहा है?
सबसे पुसी मधी मौरत
वही पगमी सिसक रही है।
पहसा माबोमा
पौर प्रभी तक उसे हजीकत मालूम ही नहीं ।
सबसे गुमा माबोना
मेरा सयाम है कि हम सब यहीं मरेंगे ।
सबसे पुरती मेघी मौरत
मासिवन् कोई पायेगा -
सबसे पुराना माबीमा
और कौन मानवाला है?
सबसे बुढो अघी औरत
यह नहीं मामूम।

१२ सये तार
सबसे बुरी अधी औरत
बही पगती सबसे श्यादा परपरा ही है ।
तीसरा माबीना
मुझ सड़के की मावान महीं सुनायी देती ।
सबसे पुती मंधी मौत
शायद यह पमो तक दूध पी रहा है।
सबसे दुग्गा नाबीना
एक वही है जो देख सकता है कि हम कहाँ है ।
पहसा माबीना
मुझे शुमाली हवा की भावान पा रही है।
छठा माबीना
मेरा खयाम है कि सितारे पि मये। प्रम बर्फ गिरेगी।
दूसरा नायीमा
तब तो हमारा माम ही तमाम हुमा ।
तीसरा नाबीना
प्रगर हममे से कोई सो जाये तो उसे पौरन जगा देना चाहिए।
सबसे दुस्सा मागीमा
मुझे पोर से नोंद मा रही है।
(एक मापी पसिया को उगा दी है।)
मौजवान मधी मीरत
तुम सोग मूवी पत्तियों को माया मुन रह हो ? मेरा पयाम है
कोई हमारी तरफ पा रहा है।

रावे तार |
दूसरा नाबोना
हमा है, कान मपाकर सुनो।
तीसरा माबीना
पर कोई म मायेया!
सबसे गुणा माबीना
शायद कामी सर्वी पा रही है।
मौजवान बधी औरत
मुझे किसी पादमो के पूरो पर चलने को प्रावाज सुनायो वेतो है।
पहना माबीना
मुझे सिर्फ सूखी पत्तियों की प्रावाम सुनायी देती है !
नौजवान मधी मौरत
मुझे किसी के कदों की माहट मिल रही है।
इसरा नावीना
मुझे सिर्फ़ शुमामी हवा की प्राणाय सुनायी देवी है।
मौजवान बंधी मौरत
मैं तुमसे सभ कहती हूँ कोई हमारी तरफ पा रहा है !
सबसे पुसी मधो मौरत
मुझे भी किसी की बहुत धीमी पान की प्रावाज सुनायी देती है।
सबसे गुहा माबीना
मेरा समाल है कि मौतें पैक कहती हैं।
(प के टुकड़े गिरमे सगते हैं।)

६४|श पार
पहसा माबोना
उफ़ उफ ! यह मेरे हापों पर इतनी ठो गौन-सी बोग
छठया माबीना
पहसा माबोना
पायो पौर सिमटर बैठे।
मौजवान मधो मौरत
मेकिन वमो की पाबानो तरफ मान लगामी।
सबसे गुढी मघी मौरत
सुवा के लिए एक ममहा चुप हो जाम्रो ।
भौगवान मंधी मौरत
करीब हन्तो बातो है । हाँ, करीब होतो पाता है । मुमी !
(स्फमतन् पगमी मौरत का बम्मा पेपेरे में गोर से ?
मयमा है।)
सबसे बड़ा माबीना
मौरत
यह देग रहा है, देस
है। (यह बम को
बनती है जिपर से

रावे वार |
है। दूसरी औरतें मुतफकिर अंदाज से उसके साप उमटी है
भौर उसे मेर सेती है। ) मैं इस भावान की तरफ जाती है।
सबसे पुन माबीना
होशियार रहना।
मौरवान मधी औरत
उफ ! किवनी बोर से रोता है, क्या है ! मत रोबेटे | ग्रो
मस ! परसे की कोई बात नहीं है, हम सम तुम्हारे पास है।
तुम क्या देख रहे हो ? परो मत | इस तरह मत रोभो ! तुम
या देखते हो हमसे बससानो, प्राबिर यह क्या थीम है?
सबसे एणी मधी औरत
बन्दमों की भाषाण रीब पाती भाती है, सुनो गौर से सुनी !
सबसे पुसा नावीना
मुझे मूखी पत्तियों में किसी के कपड़ों की सरसराहट सुनायी
देती है।
समाबीना
गया कोई पौरत है!
सबसे पुणा नावीना
सिर्फ प्रादमियों को मानाय है।
पहला माबीना
पायद समुदर सूखी पत्तियों पर मह रहा है?
(Na

६४रामे तार
पहला मायोमा
उफ़ उफ ! यह मेरे हार्यों पर इतनी ठंगे कौन-सी पोर गिर
छठयों माबीना
पदमा माबोला
भाम्रो पौर सिमटकर ।
मौजवान मंधो मौरत
मेकिन सत्यमों को पावार को तरफ काल समामी।
सबसे दुरठी मो औरत
सुवा के लिए एक ममहा चुप हो पापो।
नौमवान अघी मौत
रोम होती पाटो है। हाँ करीब होती जाती है। सुनो।
(दफमत पगमी मोरता या पंधेरे में और से रोने
सयता है।)
सबसे युवा माबीमा
उम्पारी रहा है।
मौजवान बंधी मौरत
वह दरा रहा है, रेल रहा है। तब ही इतनी बार से ऐसा
है। (बह मम्मे को मपनी गोद में है मेती है और उस तरफ
सती है रिपर से प्रदापी भागार माती हुई मातम होतो

राखे तार |
है। दूसरी मोसें मुसफस्किर मवार से उसके साप पसती हैं
पौर उसे घेर मेती है।) मै इस पावाग की तरफ माती हूँ।
सबसे युवा माबीना
होशियार रहना ।
नौजवान बंधी औरत
उफ ! कितनी मोर से रोता है, क्या है | मत रो बेटे 1 रो
मत ! रमे की कोई बात नहीं है, हम सब तुम्हारे पास है।
तुम क्या देख रहे हो ? रो मत ! इस सरह मत रोमो ! तुम
क्या देखते हो हम बतमामो, मासिर यह क्या पीर है ?
सपसे एसी मंधी मारत
सन्दमों की पापाय करीव माती माती है, सुनो, गौर से सुनो !
सबसे पुरण नादीना
मुझे सूखी पत्तियों में किसी के कमरों की सरसराहट सुनायी
देसी है।
छठर्मानाबीना
पया कोई मौत है।
सबसे पुरा नाबौना
सिर्फ पावमियों की भावान है।
पहला मादौना
घामद समुदर सूखी पत्तियों पर बह रहा है ?

१/तार
मौजवान मंधी औरत
नही महीं, कदमों की भावार है, कदमों की भावान है।
सबसे दुखी मंधी मौत
हमें ममी मालूम हुमा जाता है सूखी पत्तियों की तरफ काम
मगामे रहो।
मौजवान मंधी मौरत
सुन रही हूँ सुन रही है । बिमस पास ! मुमा सुमो ! बन्ने,
तुम क्या देत हे हो? तुम क्या देख रहे हो?
सबसे दुखी मंधी मौरत
वह किस सरफ़ साफ रहा है?
मौसमान मंधी मीरत
बह कदमो की भावार हो की तरफ मुंह किये हुए है। देखो,
देखो जब मैं उसका मुंह फेर देती हूँ वह फिर उसी तरफ सामने
सगता है।बह देख रहा है हाँ देस रहा है। वह कोई मसीबो-
गरीब पीर देख रहा है।
सबसे पुरती अधो मौरत
(माये बकर) उस हमसे ऊपर उठा दो ताकि खूब देख सके।
मौजवान मंधी मौरत
हट गामा ( यह बच्चे को अंपा की ममात स पर उठाती है)
दमों की भागार निसास हमारे सामने माफर समयी है -
सबसे पुडा माबीना
हा बह बिसात हमारे सामने मा गयी, ठीक सामने ।

सखे तार |
मौजवान मंधी औरत
तुम कौन हो?
सबसे दुखी मंधी मौरत
हमारे उपर रहम करो!
(बामोमा)
(सन्नाटा है । बच्चा गला फार-फाड़कर रोने मगता है।)

१५/सी वार
मौसवान मनी मौरस
मही नहीं, अवमों की पावार, दमों की पावार है।
सबसे पुरणे मंधी मारत
हमें भभी मासूम हुमा पासा है, सूखी पत्तिों की तरफ
सगामे रहो।
मौजवान मंधी मौरत
सुन रही है सुन रही है । विलकुम पास ! सुनो सुमो 14
तुम क्या देख रहे हो ? तुम क्या देख रहे हो?
सबसे पुरती मधी मारत
बह किस तरफ ताक रहा है ?
मौजवान मभी मौरत
वह कपों की भामान हो की तरफ मुंह किये हुए है।
देमो, बब में उसका मुंह फेर देती हूँ वह फिर उसी तरफ़ वा
समता है।बह देख रहा है, हा देस हाई बह कोई भी
गरीब पीर देख रहा है।
सबसे पुरानी मंधी मोरत
( मागे पड़कर) से हमसे ऊपर उठा दो ताकि सूप रेस स
मौसवान मंधी मौत
हट पामो ( वह बचे कोया की पमात से ऊपर उटाती है
अपमा की पावार विसस हमारे सामने माकर म गयी है-
सबसे पुरम माबीना
ही यह मिसगुम हमारे सामने भा गयी, बेक सामने ।

राये तार |
मौजवान मंधी मौरत
तुम कौन हो ?
सबसे दुगी मधी मौरत
हमारे उपर रहम करो।
(खामोश)
( सम्नाटा है । बना गसा फाय-फारकर रोने ममता है।)

Sabe Tar

Author
Marismeterlink
Title
Sabe Tar
File name
Sabe Tar
Text
OCR done
Citation
1960
Published
2010/12
Publisher
Varanasi .hindi Eilhabad,hans Prakasan
Language
Sanskrit
Pages
66
Library
Bhartiya Vidya Mandir Shoudh Pratisthan,bikaner
Classification
Literature
DLI number
514643
Barcode
4990010022341.00
Scanning centre
C-DAK, Kolkata
Digital publisher
Digital Library Of India
VMLT id
7rdabOInFjJ
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