Agarchand Bhairondan Sethiya Jain Parmarthik Sanstha, Bikaner
Vidhya Gyan Prakash
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Simultifutilltiillitilitil
॥ श्रीः॥
विद्याज्ञानप्रकाश।
व्यास मथुरादास कृत.
Con
जिसको
खेमराज श्रीकृष्णदासने
बम्बई
येतवाड़ी ७ वी गली खम्बाटा हैन,
निज"धविइंटवर" स्टीम-मुद्रणयन्त्रालयम
मुहितकर प्रकाशित किया
सवत् १९७०, सा १९१३ इ
इस पुस्तकका रजिस्टगे हा "श्रीबेघर" या पारने
समाधीत माया
Irutal ! the "obzi VenkalorLyar Slow I'rc- ty Lumbav
भूमिका। । दोहा । सर्व प्राणवल्लभ अवशि, अवशि मान जगदेत। अवशि कार्य यह सीखबों वालापन ते हेत॥ प्रियपाठक ! क्याही आनंदका विषयहै कि, यह कहावत (दुनियाँ सोने फूल फूली है ) अत्यन्तही सत्य है, विचारनेका स्थल है कि दुनियाका फूल क्या पदार्थ है ? अतः विद्या'सो विद्या इस समयमें हरीच्छा व श्रीमहारानी राजराजेश्वरी कीअतुल उदा- रतासे सारे संसारमें छत्रवत् छायरहीहै.अहाहा हा !! एक दिन वेथे कि कालवश विद्याकी जगह चारों ओर अविद्याही वर्तमान थी, बडी शुश्रूपा, बडी विनय, वडे उद्योगसे विद्या प्राप्त होती थी परंतु जबसे विद्यारूपी महारानीका प्रबल प्रचंड मार्तड उदय हुआ तबसे अविद्या अंधकारका लेश भी न रहा. पाठक ! यह जो विद्याज्ञान प्रकाश है यथा नाम तथा गुणाः इसमें प्रत्यक्ष प्रकट है, क्योंकि ! श्रीमन्महाराजाधिराज रणजीतसिह साहव वहादुर वमुन्शी शामत- अली साहब सुप्रीनटेड रतलामकी सम्मतिसे श्रीयुत व्यास मथुरा- दासजी वैकुंठवासी पुष्करणा ब्राह्मण जैसलमेरनिवासीने अपनी उज्ज्वल उदारयुद्धिसे परमसरल रीति सह हिदी भापामें निर्माण किया यह महाशय परमदयालु गुणज्ञ नीतिज्ञ और धर्मवान थे गणित भापाके तो मानो स्वरूप थे सैकडो अनाथ बालकोको इन्होंने विद्यादान दे पोपण भरणका द्वारा किया और सहस्र साहूं- कारोके लडके इनसे पढ़कर हिसाव कितावमें निपुण हुए इन : महाशयका यह नियम था कि प्रातःकालसे उठ पहर दिन चढे पर्यत विद्याध्ययन कराना पश्चात् वही खाता लिखनेके नियम : - 4 - भूमिका। (३) वताना और यह सब काम परमार्थ ही करतेथे कुछ काल रतलाम- में मैंने भी इनके पास विद्याध्ययन किया है यथार्थमे इनकी योग्यता प्रशंसाके योग्य है। प्रथम इनकी पुस्तक रतलाममें छपीथी अब उनकी आज्ञानुसार हमने बडे परिश्रमसे शुद्ध करके और बहुतसे हिसाब जिनका लिखना आवश्यकथा नवीन बनाकर सम्मि- लित किये जैसे अंगरेजी चलन पैसेका कोठा, अंगरेजी सोना- रोंकी तौल, डाक्टरोकी तौल,काठ जमीन आदि मापना,चौकोर जमीन मापना, क्यूमेजर अर्थात् धन, कपडेकी अंगरेजी माप सराब की माप, वीर सराबकी माप, अन्नकी अंगरेजी माप, हिन्दुओके छःऋतु, मुसलमानी महीना, ज्योतिपविचार, नक्षत्रोके नाम, योगोंके नाम, करण, होढाचक्र, नक्षत्र नाडीभेद योनि- विचार, वर्णविचार, नक्षत्रयोनि, गणविचार, एकसौ एक शिक्षा- की रीते, पगारका कोठा अंगरेजी गिनती, आदि, अव यह ऐसा अनूठा ग्रंथ बनगयाहै कि देखतेही बनिआवे पहाडा ककहरा, सवैया, ड्योढा, हूंठा, ढयोचा, प्यौचा, एकना, गेरहा, छपका, मिश्रजोड, जोड, गुणा, वाकी, वाशिलवाकी, भाग चैराशिक,सब प्रकारके हुडी पुरजा लिखनेकी रीत, वही खाता जमा खर्च लिख- नेकी रीत, चिही सरानामे लिखनेकी रीत, बोटपर लिखनेकी रीत सराफीके कायदे,सोना, चांदी, मोतीके सुगम हिसाब, पैमायश अर्थात् जमीन, खेत इत्यादि मापनेकी रीते, आढत विषयके सब हिसाव, व्याज लगानेकी सुगमरीते,व्यापार सम्बन्धी सवप्रकारके हिसाव इत्यादिके सिवाय वालवोध भी इसमे सम्मिलित किया गया है जो बालसे वृद्धतकको उपयोगी है अब विशेष प्रशंसाक्या लिखें आप लोगोके दृष्टिगोचरही है,आशा है कि इसका अलभ्य लाभ उठाकर कर्ताको धन्यवाद दीजियेगा। खेमराज श्रीकृष्णदास श्रीवेङ्कटेश्वर स्टीम्प्रेस-मुंबई विद्याज्ञानप्रकाशकी अनुक्रमणिका । A - .. - १९ हिमावखर्च २० सराफीकायदा .. - १३४ . . . . विषया 'पृष्ठाका विषया पृष्ठांका. कवित्त ३ कच्चीगेकड पट्टीपहाडा ५ पकारोकड ६८ अंकरुपाका संख्या ९३ विगत जोट लगावणेकी रोजनामा उतारनेकी विगत बादवाकी, गुणाकार, भागाकार व्याज १२६ दुंडी या लेखा कचाकापका और पका- धानका हिसाब का कचा चारतरह २४ मोतीका हिसाब सोनेका हिसाव १३२ २८ चादीका हिसाव पेमायस २९ अमलाका हिसाब विगत हिसावकी १४१ अफीमका वोजा ३१ जागाकाकुवाँका १४३ रुईका हिसाब ३१ सटेका जमाखर्चनृद १४४ कपडाका हिसाब ३३ कवित्त और दोहा कनारीगोटा ३४ अंगरेजी चलन पैसेका कोठा १४७ रुजगार आदमीका ३५ अंगरेजी मुनाराकी तील १४७ हडीपेठपर पेठमेजर ३५ अंगरेजी व्यापारकी वस्तुकी तौल १४७ दसखत जमावना १४८ जमाखरचकी विगत हमारे घर और तुमारे घर काट जमीन आदि मापना १४८ ३९ निमानी दोड्डीकी तथा सीगेको जमा चौकोर जमीन मापना १४८ खरच ५८ क्युमेजर अर्थात् घन १४८ चिही पिछा देशावरकी आवे उमका कपटेकी अंगरेजी माप जवाब लिखना ६. सगव की माप १४९ अंमलबधाईका खर्च ६६ वीर मराव की माप चिककाागेका जमा खर्च ६६ अन्न की अंगरजी माप १४९ खातारसतानकी विगत खातेममेत ६८ विलायती कोयलाकी माप . ३९ डाक्टरोंकी तौल १४८ .
अनुक्रमणिका । (५) विषया पृष्ठाका विषया प्रष्ठांक: . . १५१ गण, देवतागण . .. गिनती का कोठा १५० योगोके नाम १५४ अगेग्जी कालज्ञान १५०करण अगरजी मामका निर्णय १५० हाहा चक्र अर्थात नक्षत्र के चार चरण- मुबई चलन पैमा १५० क चागं अक्षर मरहठी ताल १५० नक्षत्र नाडीभेद १५६ मुंबईम सोने रूपेकी तौल १५० वर्गविचार १५६ व्यापारी लोगांकी तील १५१ वर्णविचार १५६ मुंबईम हीग मोतीकी तौल १५१ नक्षत्रयोनि १५७ चौरस जमीनकी माप १५१ नक्षत्रक्रमस गण, मनुष्यगण, राक्षस- चीन देशकी तील चलन १५७ चीनमे टुकडे चादीसोनेके चलते है १८१ शिक्षाकी गत १५८ १५१ वे गुप्त अक, जो व्यापारी लोग अपने मुबईमै अन्नकी माप १५२ व्यापार सम्बन्धमे वोलते है १६१ कपडा या काठकी माप १६२ मुबईमें नमक की माप अगरेजी और हिन्दुओका कालज्ञान१५२ वाघ लोखडी और शृगालकी वार्ता १७० १५२/काजीकी वाता १७१ हिन्दुओके महीना १५३ विल्लीकी वार्ता १७२ हिन्दुओके उऋतु १५३ पगार देनेकी रीत मुसलमानी महीना १५३ अग्रेजी गिनती ज्योतिष विचार १५४ महीनोका नाम २७ नक्षत्रोके नाम १५४ हफ्तेके दिन जमीनकी माप . १५२ बोधवचन १५२ / किहानी . अगरेजी वक्त . इति । १
श्रीगणेशायनमः।
ॐनामासिधं
मूलाक्षरे.
स्वर.
,
अ आ इ ई उ ऊ ऋऋ
ल ल ए ऐ ओ औ अं अः
व्यंजने.
क ख ग घ ङ च छ ज झ ञ,
टठडढण, तथ द धन,पफबभ
म. य र ल व श ष स ह क्ष त्रज्ञ
वाराखडी.
क का कि की कु कू के कै को कौ कं
कः
ख खा खि खी खु खू खे खै खो खौ खं खः
ग गा गि गी गु गू गे गै गो गौ गं गः
घ घा घि घी घु घू घे घै घो घौ घं घः
ङ ङा ङि ङी ङ ङ्क डे डै डो डौ डं ङ ङः
वाराखडी।
जं जः
(७)
च चा चि ची चु चू चे चै चो चौ चं चः
छ छा छि छी छु छू छे छै छो छौ छं छः
ज जा जि जी जु जू जे जै जो जौ जं
झ झा झि झी झु झू झे झै झो झौ झं
झः
जा जि जी झु जू जे झै ओ औ अं अः
ट टा टि टी टु टू टे टै टो टौ टं टः
ठठा ठि ठी ठूठे है ठो ठौ ठं ठः
ड डा डि डी डु इ डे डै डो डौ डं डः
ढ ढा ढि दी टुढे हे ढो ढौ ढं ढः
ण णा णि णी णु णू ण णै णो णौ णं णः
त ता ति ती तु तू ते ते तो तौ तं तः
थ था थि थी थु थू थे थै थो -यौ थं थः
द दा दि दी दु दू दे दै दो दौ दं दः
ध धा धि धी धु धू धे धै धो धौ धं धः
न ना नि नी नु नू ने नै नो नौ नं नः
प पा पि पी पु पू पे पै पो पौ पं पः
फ फा फि फी फु फू फे फै फो फौ फं फा
व वा वि वी बु बू बे वै वो
बो वो वौ बं बः
भ भा भि भी भु भू भे भै भो भो भौ भं भः
रं
म मा मि मी मु मू मे मै मो मो मं मः
य या यि यी यु यू ये यै यो यो यं य
र. रा रि री रु रु रे रै रो रौ
ल ला लि ली लु लू ले ले लो लौ लं
व वा वि वी वु वू वे वै वो
वौ वं वः
श शा शि शी शु शूशे शै शो शौ शं
शं शः
ष पा पि पी पु षू पे षै पो पो षं पः
स सा सि सी सु सू से सै सो सौ सं सः
है हा हि ही हु हु हे है हो हो हं हा
क्षक्षा क्षि क्षी क्षु शू क्षे क्ष क्षो क्षौ कं क्षः
व त्रा त्रि त्री त्रु त्रू त्रे त्रै त्रो त्रौ त्रं त्रः
ज्ञ ज्ञा ज्ञि जी जुज ज्ञे झै जो ज्ञौ ज्ञ ज्ञः
बाराखडी समाप्त.
.
गणेशजी
शारदा.
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हनुमान
त्रमा
भीकन्नरमी
त्यानमथुरालालजी
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-
१॥श्रीगणेसजी
१॥श्रीचैमाहादे
व पारबती धन
जाको गुण सा
यहठोफलआ
'योचढेछद्र
भअषडी थाही
१२३४५६७८८
।
श्रीगणेशाय नमः। विद्याज्ञानप्रकाश प्रारंभ। - दोहा। श्रीवल्लभसुतसूं विनति, कृपा करहु करतार । गोविदगुण गायन करूं, चित मन हिरदे धार ॥१॥ नगरजेसाणा शुभ वसो, रावल वैरीशाल । विद्याज्ञानप्रकाशकू, कथियो मथुरालाल ॥२॥ श्रीकृष्णहि नित रटतहूं, एक मुक्तिके काज । विघ्न हरो सब सुख करो रखो हमारी लाज ॥३॥ ज्ञान बिना विद्या नही, विद्या विन नहिं बुद्धि । बुद्धि बिना ऋद्धी नही, ऋद्धि बिना नहिं वृद्धि ॥४॥जो विद्याकू नित रदै, दिन दिन दूणी थाय । जूं वरते त्यू नित वढे, करै विदेशसहाय ॥५॥ गणपति सरसुति सुमिरि कै, कर विद्या अभ्यास । विद्याज्ञानप्रकाशकू, कथियो मथुरा- स॥६॥ वीरमाह ध्वज विदितहै, सातदीप नवखंड । दुष्ट- दमन सब दीनको, पूरणहार प्रचंड ॥ ७ ॥ तिनके अतिप्रिय मारुती, होतभये जनु भान । कार सहाय सब देवकी, किय असुरनकी हान ॥ ८॥ चाहतहूँ कुछ चित्तमे, वर्णन अति गुणगूढ । सुनत पढतही पुरुपकी, मिटत सकल मति मूढ ॥ ९ ॥ विद्याज्ञान प्रकाशते, मिटिहै सबकी पीर । जाको गुण वर्णन करूं, बुद्धी दे ध्वजवीर ॥१० ॥ वालवुद्धिके कारणे, बहुत प्रका- श िहोत । याके पढ़न रु सुननसो, वाढत ज्ञान बहोत ॥ ११ ॥ ज्ञानी ज्ञान विचार के, याकू हिरदे धार । याहीते सब होतहै, " (२) विद्याज्ञानप्रकाश। वणिज और व्यापार ॥ १२ ॥ बिना कांचकी आरसी, तामें सूझत नाय । ज्ञान बिना नर है पशू, मनुप नामके आय ॥ १३ ॥ विद्याधन ये गुप्तहै , विद्या सुखकी बेल । विद्याकू नृप पूजते, विद्या कुछ नहि सेल ॥१४॥.विद्यासे बड़ होतहै, आदर करत जहान। जा घट विद्या है नहीं, वो नर पशू समान ॥ १५ ॥ विद्या- ज्ञानप्रकाशकू, आदिहिते घोपंत ॥ याही ते सब लखपडे, मूल आदि औ अंत ॥ १६॥ पढ़ो पढावो औरकू, याहै इसमें रीत । विद्याज्ञानप्रकाशको, पढ़े सो होय निचीत ॥ १७ ॥ विद्यामें जो निपुण है, ता समान नहि कोय । ऊँच नीच देखे नही, विद्या आदर होय ॥ १८ ॥ जहाँ रहत विद्वान् नर, ताकी शोभा होत । जा घरमें दीपक वरै, निश्चयकरे उदोत ॥ १९॥ विद्याज्ञानप्रकाशते, होत सबनको काज । विद्याकू सब चहतहैं, विद्या चाहत राज ॥२०॥ तारां शिक्षा देतहूं, मत रह निर्भय कोय । विद्या गुणकी खान है , हिरदे दीपक होय ॥ २१ ॥ चतुराई सब जगतमे, है विद्याको फूल । विद्यार्नू पंडित कहे, ये विद्याको मूल ॥ २२ ॥ विद्याबिन नर अंध है, कछू न सूझत ताय । जाघट विद्या नित वसे, वाकू सबै दिखाय ॥२३॥ समझे वाकी रीत तो, कधी न आवे हार । जिस सरितामें नाव है, बैठ उतरजा पार ॥ २४ ॥ तन मन वशकर राखिये, सुरत निर- तको खेल । गुणी उडावतहे कई, डोर न दूरी मेल ॥ २५ ॥ सुरेतराख विद्या पढो, जबहि होयगो सुःख. । विद्यावान कोई पुरुपहै, कधी न पावैदुःख ॥२६॥ विद्या सबको सारहै, विद्याही गुरुदेव । विद्याके वश सर्व है, विद्या सांची सेव ॥ २७ ॥ नगर " विद्याज्ञानप्रकाश। (३) रतनपुरपर अजंट, सुप्रीनडंट सुनशीसाहब । सलामत आली. खान, बहादुरजीकी शट खाय ताव ॥ २८ ॥ विद्याज्ञानप्रका- शकू, आज्ञा कियो हजर । सब दुनियाके कारणे, ग्रन्थहि करो जरूर ॥ २९ ॥ मथुरादास विचारकर, कर हिरदे उल्लास । अमोलपकू मेहग्से, दीनों ज्ञानप्रकाश ॥ ३० ॥ चाकर अपनो जानके, किरपा कीनी पर । अमोलपकी वीनती, रेहूंदास हज़र ॥ ३३ ॥ भूल चूक सब देखके, पंडित लेहु सुधार । माफ करो सब मोयकू, गुणको अत न पार ॥ ३२॥ हेतराम हिरदे ग्टे, विपुल वलीको नाम । कृपा होय हनुमानकी, सर्वसिद्धि हो काम ॥ ३३॥ उगणीसे गुणतीसके, दीपमाल गुरुवार । विद्याज्ञानप्रकाशकू, कीनो व्यास तयार ॥ ३४ ॥ व्यास अमो- लप कृपासे,- अपण इटकी मान । विद्याज्ञानप्रकाशकू, कियो नयार सुजान ॥ ३५॥ कवित्त। गोवर्द्धनधारीको ध्यान घर बनायो ग्रन्थ, मथुरादास व्यास आज बुद्धि फयलाई है ॥ शिक्षाके कारण प्रकाशनान कीनो त्यार, वालवुद्धि कारण ऐसी रीति सो चलाई है ॥ विद्याको दान- आज जानसो जगत, बीच, काढ़ काइ सार सबकी रीतिही मिलाई है ॥ पढेगा सुनेगा चित्त मनमूं याकू याददेके, ममूहूर होगा सुप्रिन्डंट साहवकी भलाई है ॥ १॥ श्रीपत सुजान ऐसे राजा रणजीतसिंह, अत्री वंश सॉचे तेग तलवारम शूरे है ॥ रत- नकुल प्रगटे आप युद्धीके सागर हो, मुनशीजी एसे हाकम एवी तोरेपूरे हैं ॥ बमा दियो माणकचौक बहोत रोजगार जहाँ, - (४) विद्याज्ञानप्रकाश। ऐसा काम ठाना कोई काम ना अधूरे हैं ॥ चैन करे वस्ती रतन- पुरी बीच सब आज, इनकी तपस्या आगे शत्रुनको चूरे हें ॥२॥ सुप्रिन्डंट साहब मुनशीजी वडे आप अकलके सागर ऐसे यशधारी हैं ॥ खुदाकी मेहरन्याव करे अटलनीत , चारखूट बीच शोभा इनकी तो भारी है ॥ जहाँ जहाँ रहे वहां बस्ती आबाद करी, लंदनसे लिखा हुकुम इनका तो जारी है ॥ आत्मा राम कहे मीर मुन्शीजी शामत अली, आपकी तो हाकमीमें सुखी नर नारी है ॥३॥ रतनपुरी बीच आप पधारे इखत्या- रीले, बडे बडे काम किये सुकृतिके विचारी है ॥ मदरसा बनाया ऐसा जंबूद्वीप बीच नांय, सडक बनायी सब मेहेलहोत त्यारी है ॥ लखां रुपये खरचदपर लगाय दीने, ऐसी है उगम रीत नीतीसूं सुधारी है ॥ वाग वागातोंपे हमें शांतचितरहे सदा, सुखी है अमल जानु खुली गुलक्यारी है ॥ ४ ॥हुकुम दिया हाकमने बुद्धिसं विचार आप, व्यास मथुरादासकू ऐसी फर- माई है। करो ग्रन्थ त्यार सब लड़कोंके खातर येह, व्यास घर आय ऐसी अक्लही उपाई है ॥ हुजुरके हुकुमसो खरी बनी किताब ऐसी, जो किताब और जगे देखी कहुँ नाहीं है । विद्याज्ञानप्रकाश ग्रन्थ कियो त्यार आपीनेसो, सफलकरी विद्या ऐसी सुरतही दौडाई है ॥५॥ दोहा। वासी जेसलनगरको, माधोरायसुत जान । ब्राह्मण पुष्करणा मही, व्यास डवाणीमान ॥१॥ 1 विद्याज्ञानप्रकाश। (५) गिन्ती. १ ९३ ९४ ११॥२१॥३१॥४१५१ ४१५१ ६१ २|१२|२२|३२४२५२ ४२/५२६२ ६२/७२/८२ ३|१३|२३| ३३४३५३६३/७३/८३ ४|१४|२४|३४४४५४६४/७४/८४ ५ १५/२५/३५४५५५/६५/७५/८५ ६|१६|२६|३६ ४६५६६६७६८६ २७/३७१४७९५७६७७०७ २८३८४८५८६८७८ १९ २९/३९४९५९ १६९ १७९८९ २० ३ ४०५०६० ८० (१४) एकाके पाहडे १ १ २ २ ४.३ २ ६४ २ ८५.२१० ३ ६,३ ३ ४ ३ १२/५ ३१५ ८३ ५ ५२ ५१०३ ५१५/४ ५२०४५ ५२५ cc १ १ १ १ १ e 61 ७२/४ २८५ ८३२५८४० १ ९४५ ११०१०२१० २०३१०३०४१०४० ७१४/३ ८ १६/३ ९१८३ ८ .
(६)
विद्याज्ञानप्रकाश।
एकाके पहाडे.
(१५)
१
६ २१२/७ २१४८ २१३/९ २१८/१०.२ २०
६ ३१८७ ३ २१८३२४/९ ३२७/१० ३३०
४ २०८४३२/९ ४३६१० ४४०
६ ५३०७ ५३५/८५४०९ ५४५/१० ५
६ ६३६/७ ६४२८ ६४८९ ६५४/१०६६
७ ५६/९ ७६३/१० ७
८७२/१०
९६३/८ ९७२/९ ९८११० ९
६१०६०/७१०७०/८१०८०९१०९०/१०१०१००
.
(१६)
ग्याराके पहाट.
१४५१ १५
३१२ २२/१२२ २४१३२ २६/१४२ २८/१५२ ३०
११३ ३३/१२३ ३६१३३ ३९/१४३ ४०३५३ ४५
११४४४१२४ ४८१३४ ५२/१४४ ५६/१५४६०
११५५५/१२५ ६०/१३५६५/१४५ ७०३५५ ७५
११६ ६६/१२६ ७२१३६ ७८/१४६ ८४/३५६ ९०
११७ ७७१२७ ८४१३ ७ ९३/१४७ ९८१५७१०१
११८८८१२८ ९६१३८१०४/१४८११०१५८१२००
१३९ ९९१२९१०८१३९.११७/१४९ १२६/१५९१३५॥
१९ १० ११ १२ १० १३०/ १३ १०१३०१४ २० १४० १५१० १५०
विद्याज्ञानप्रकाश।
(७)
ग्याराके पहाडे
(१७)
१६१ १६/१७१ १७१८१ १८/१९१ १९/२०१ २०
१६२ ३२/१७२ ३४३८२ ३६/१९२ ३८२०२४०
१६३ ४८/१७३ ५१/३८३ ५४/१९३ ५७/२०३ ६०
१६४ ६४/१७४ ६८३८४ ७२/१९४ ७६/२०४ ८०
१६५ ८०/१७५ ८५३८५ ९०१९५ ९५/२० ५१००
१६६ ९६१७६ १०२३८६ १०८/१९६११४२०६ १२०
१६७११२१७७११९/१८ ७ १२६/१९७१३३/२०७१४०
१६८१२८/१७८१३६३८८ १४४/१९८१५२/२०८१६०
१६९१४४/१७९१५३३८९१६२/१९९१७१/२०९१८०
१६१० १६० १७१० १७० २८ १० १८०/१९१०१९०/२०१० १००
(१८)
इबीसोंके पहाडे
॥२११ २१/२२१ २२/२३१ २३२४१ २४/२५१ २५ ॥
२१२४२२२२ ४४/२३२ ४६२४२ १८/२५२ ५०
२१३ ६३२२३ ६६/२३ ३ ६९२४३ ७२२५३ ७५/-
२१४ ८४२२४ ८८२३४ ९२२४४ ९६२५४ १०
२१५१०५/२२५११०२३५११५/२४५१२०/२५५१२५
२१६१२६/२२६ १३२२३६ १३८२४६ ११४२५६ १५०
२१ ७१४७२२७ १५४२३७१६१२४७ १६८२५७ १७५
२१८१६८२२८ १७६२३८ १८४/२४ ८ १९२२५८२००
२१९१८९२२९ १९८२३९ २०७२४९२३६२५९२२५
२११०२२०/२२१०२२०९३ १०२३० | २१ १०२४० २५१०२५०
(८) विद्याज्ञानप्रकाश। - ० ० ० इक्कीसोंके पहाडे. (१९) २६१ २६/२७१ २७२८१ २८२९१ २९/३०१ ३० २ २६२ ५२२७२ ५४/२८२ ५६२९२ ५८३०२ ६० २६३ ७८२७३ ८१२८३ ८४२९३ ८७३०३ ९० २६४ १०४/२७४ १०८/२८४ ११२२९४ ११६/३०४ १२० २६५१३०२७५१३५/२८५१४०२९५१४५/३०५१५० २६६ १५६/२७६ १६२२८६ १६८२९६ १७४/३०६१८० १२६७१८२/२७७ १८९२८७ १९६/२९७ २०३३०७२१० २६८२०८२७८ २१६२८८२२४/२९८२३२/३०८२४० २६९२३४/२७९२४३२८९२५२२९९२६१/३०९२७० १२६ १० २६० ७२१० २७० | २८ १० २८० २९ १० २९०३.१० ३०० (२०) एकतीसोंके पहाडे ३११ ३१/३२१ ३२/३३१ ३३/३४१ ३४३५१ ३५ ३१२ ६२/३२२ ६४३३२ ६६/३४२ ६८/३५२ ७० ३१३ ९३/३२३ ९६३३३ ९९/३४३१०२/३५३१०५ ३१४१२४/३२४ १२८३३४१३२/३४४१३६/३५४१४० ३१५१५५/३२५ १६०३३५१६५/३४५१७०/३५५१७५ ३१६१८६३२६ १९२३३६ १९०/३४६ २०४३५६२१० ३१७२१७३२७ २२४/३३७२३१३४७२३८/३५७२४५, ३१८२४८/३२८२५६३३८ २६४/३४८२७२३५८२८० ३१९२७९/३२९२८८३३९२९७३४९३०६३५९३१५ ३११०३१०३२१० ३२०३३१०३३० ३४ १० ३४० ३५१० ३५० विद्याज्ञानप्रकाश । (९) एकतीसोंके पहाडे, (२१) . ३६१ ३६/३७१ ३७/३८१ ३८३९१ ३९४० १ ४० ३६२ ७२३७२ ७४३८२ ७६/३९२ ७८४०२ ८० ३६३१०८३७३१११३८३११४३९३११७४०३ १२० ३६४ १४४/३७४१४८३८४१५२/३९४१५६४०४ १६० ३६ ५१८०३७५१८५३८५१९०३९ ५१९५४०५२०० ३६६२१६/३७६२२२३८६२२८३९६२३४४०६ २६० ३६ ७ २५२३७७२५९/३८ ७ २६६/३९ ७ २७३/४ ० ७ २८० ३६८२८८३७८२९६३८८३०४/३९८३१२४०८३२० ३६ ९ ३२४/३७९३३३३८९३४२३९९३५१/४०९३६० १३६ १०३६०/३७१०३७०/३८१०३८०/३९१०३९०४०१०४०० (२२) सवाया १११।१३।।। २११।२६। ।३१११३८।। २१. २॥ १२१ १५ २२१॥ २७॥ | ३२११४० ३१॥ ३॥ १३ १६। । २३ १।२८३३ १४१॥ १४ १।१७॥ | २४ ११३० ३४१॥४२॥ ५१।६। १५१1१८२५१।३१। ।३५१।४३।।। ६१।७॥१६१। २० २६१।३२॥ ३६१।४५ ७ १।८।१७१। २३1 २७३।३३।। ३७१।४६। ८ ११० १८१॥२२॥२८ ११३५ ३८ १॥४७॥ ९ ११११॥ १९ ॥ २३॥ २९ ॥ ३६।३९ ॥४८॥ १०१।१२॥॥ २०११२५ ३० ११३७॥ ४० ११५० (१०) विद्याज्ञानप्रकाश। सवाया. ४१११५३ ५१११६३।।।६१ ११७६। ७११८८ ४२११५२॥ ५२११६५ ६२ ११ ७७॥ ७२ १४९० ४३११५३॥५३११६६। ६३११ ७८॥ ७३ १॥ ९॥ ४४१५५ ५४१४६७॥६४११८. ७४ १९२॥ ४५११५६।५५११६८।६५११८१॥ ७५ १॥ ९३।।। ४६१४५७॥५६११७० ६६१।८२॥ | ७६ ११ ९५ ४७११५८५७११७११६७११८३।।। ७७ १। ९६। ४८११६० ५८११७२॥६८११८५ ७८१ ९७॥ ४९१।६। ५९१।७३॥ ६९११८६। ७९१ ९८|| ५.११६२॥६०११७५ ७० १८७॥ ८० ११ १०० (२४) सवाया. दिदा ८११।१०१ ९१११११३॥ ११॥ १॥ १११॥ १६॥ ८२११०२॥९२१११५ २१॥३ १२१॥ १८ ८३१1१०३|| ९३१।१६। ३३॥ ४॥ १३१॥ १९॥ ८४१।१०५ ९४१।११७॥४१॥ ६ १४१॥२१ ८५१।१०६। ९५१।११८॥५१॥ ७॥१५॥ २२॥ ८५११०७॥ ९६१।१२० ६१॥ ९ १६ १॥ २४ ८७३।१०८९७१।१२१॥ ७१॥१०॥ १७१॥ २५॥ ८८११११० ९८११२२॥८१॥१२ १८१॥ २७ ८१।१११९९१।१२३॥९१॥१३॥] १९१॥२८॥ ९०१।११२॥१००१1१२५/१०,१॥१५/२०१॥ ३० 1 विद्याज्ञानप्रकाश। (११) डेगा १२१ १॥ ३१॥३११॥४६॥ ४११॥६॥५११॥ ७६॥ २२१॥ ३३ |३२१॥४८ ४२१॥६३ ५२१॥ ७८ १२३ १॥ ३४॥ |३३ १॥४९॥ ४३१॥६४॥ ५३१॥ ७९॥ २४ १॥३६ ३४१॥५१ ४४१॥६६ ५४१॥८१ २५ १॥ ३७॥३५१॥५२॥ ४५१॥६७॥ ५५१॥८२॥ २६ १॥ ३९ ३६ १॥५४ ४६१॥६९ ४६१॥ ६९ ५६१॥८४ २७ १॥ ४०॥ ३७ १॥ ५५॥ ४७१॥ ७०॥ ५७१॥८५॥ २८ १॥ ४२ ४८१॥ ७२ (५८१८७ २९१॥४३॥ ३९ ॥५८॥ ४९१॥७३॥ ५९१॥८८॥ ३०१॥ ४५ ५०१॥७५ ६०१॥९० " (२६) ६१ १॥ ९३॥ ७११॥१०६॥८१३॥१२१॥९१ १॥१३६॥ (६२१॥ ९३ ७२३॥१०८८२१॥१२३ ९२ १॥१३८ ६३ १॥ ९४॥ ७३१॥१०९॥८३१॥१२४॥९३१॥१३९॥ ६४१॥ ९६ ७४१॥१११८४१॥१२६ ९४ १॥१४१ ६५१॥ ९७॥ ७५१॥११२॥८५१॥१२७॥१५॥१४२॥ ६६१॥ ९९ ७६ ॥११४८६१॥१२९ ९६ ॥१४४ ६७१॥ १००॥७७१॥११५॥८७१॥१३०॥ ९७१॥१४५॥ ६८१॥१०२/७८१॥११७८८१॥१३२ ९८१॥१४७ ६९ १॥ १०३॥७९॥३१८॥८९१॥१३३॥ ९९१॥१४८॥ ७०१॥१०५ ८.१॥१२०९०१॥१३४ /१००१॥१५० (१२) विद्याज्ञानप्रकाश। ढाया. (२७) ११२॥२७॥ २३२॥ ५२॥३१२॥ ७७॥ २२॥५ १२२॥ ३० २२२॥ ५५ ३२२॥८० ३२॥ ७॥ १३२॥ ३२॥ २३ २॥ ५७॥३३२॥८२॥ ४२॥ १० १४२॥ ३५ /२४ २॥ ६० ३४२॥ ८५ ५२॥ १२॥ १५२॥ ३७॥ २५२॥ ६२॥ ३५२॥ ८७॥ १६२॥४० २६ २॥ ६५ ३६२॥ ९० ७२॥ १७॥ १७२॥ ४२॥ २७२॥ ६७॥ ३७२॥ ९२॥ ८२॥ २० १८२॥ ४५ २८२॥ ७० ३८२॥ ९५ ९२॥ २२॥ १९२॥४७॥ २९ २॥ ७२॥ ३९ २॥ ९७॥ १०२॥ २५ २०२॥ ५० ३०२॥ ७५ ४.२॥ १०० (२८) ढाया ४१२॥१०२॥५१२॥१२७॥१२॥ १५२॥७१२॥१७७॥ ४२२॥ १०५ ५२२॥१३० ६२२॥ १५५७२२॥१८० ४३२॥ १०७॥५३२॥१३२॥६३२॥ १५७॥७३२॥१८२॥ ४४२॥ ११० ५४२॥१३५६४२॥ १६० ७४२॥१८५ ४५२॥ ११२॥५५२॥१३७॥६५२॥ १६२॥७५२॥१८७॥ ४६२॥ ११५ ५६ २॥१४० ६६२॥ १६५ ७६ २॥१९० ४७२॥ ११७॥५७२॥१४२॥६७२॥१६७॥ ७७२।१९२॥ ४८२॥ १२० ५८२॥१४५६८२॥१७० ७८२॥१९५ ४९२॥ १२२॥५९२॥१४७॥६९२॥१७२॥ ७९२॥१९७॥ (५०२॥ १२५६०२॥१५०७०२॥१७५८०२॥२०० विद्याज्ञानप्रकाशा AUQURCHA JO SKAINODAN JAN UBRARY, (१३) ढाया' ८३२॥२०२॥९१२॥ २२७॥१३॥३॥ ११३॥ ३८॥ ८२२॥ २०५ ९२२॥ २३० २३॥७ १२३॥४२ ८३२॥ २०७॥ ९३२॥ २३२॥३३॥ १०॥ १३३॥४५॥ ८४२॥ २१० ९४२॥ २३५४३॥१४ १४३॥४९ ८५२॥ २१२॥९५२॥ २३७॥५३॥ १७॥१५३॥५२॥ ८६२॥ २१५ ९६२॥ २४० (६ ३॥२३ (१६३॥ ५६ ८७ २॥ २१७॥ ९७२॥ २४२॥ ७ ३॥ २४॥ १७३॥ ५९॥ ८८२॥२२० १९८२॥ २४५ ८३॥ २८ १८३॥६३ ८९२॥ २२२॥ ९९२॥ २४७॥ ९३॥ ३३॥ १९३॥६६॥ ९०२॥ २२५ /१००२॥ २५० /१०३॥ ३५ २०३०॥ ७० हटा २१३॥ ७३॥ ३१३॥१०८॥४१३॥१४३॥५१३॥१७८॥ २२३॥ ७७ ३२३॥११२४२३॥१४७५२३॥१८२ २३ ३॥ ८०॥ ३३३॥११५॥४३३ ॥१५०॥५३३॥१८५॥ २४३॥ ८४ ३४३॥११९४४३॥१५४ ५४३॥१८९ २५३॥ ८७॥ ३५३॥१२२॥४५३॥१५७५५३॥१९२॥ २६ ३॥ ९१ ३६३॥१२६ ४६३॥१६१ ५६ ३॥ १९६ ॥२७ ३॥ ९४॥ ३७३॥१२९॥४७३॥१६४॥ ५७३॥१९९॥ (२८३॥ ९८ ३८३॥१३३ ४८३॥१६८५८३॥२०३ २९३॥ १०॥३९३॥१३६॥ ४९३॥१७१॥ ५९॥२०६॥ ३०३॥ १०५ ४.३॥१४०५०॥१७५६०३ ॥२३० (१४) विद्याज्ञानप्रकाश। इटा. ६१ ३।२१३॥७१ ३॥२४८॥८१ ३।।२८३॥९१ ३।। ३१८॥ ६२३॥२५७ ७२३।।२५२ ८२३॥२८७ ९२३॥ ३२२ ६३३॥२२०॥७३३॥२५५॥८३३॥२ ९॥९३ ३॥ ३२५॥ ६४३॥२२४ ७४३॥२५९ ८४३॥२९४ ९४३॥ ३२९ ६५३।।२२७॥७५३।२६२॥८५३॥२९७॥९५ ॥३३२॥ ६६३॥२३१ ७६ ३।२६६ ८६३१३०१ ९६ ३॥ ३३६ ६७३॥२३४॥७७३।२६९।।८७३॥३०४॥९७ ३।। ३३९॥ ६८३॥२३८ ७८३॥२७३ ८८३३०८९८३॥ ३४३ ६९३॥२४॥७९॥२७६॥८९३॥३११॥९९ ३॥ ३४६॥ ७० ॥२४५ ८०३॥२८० ९०३॥३१५ /१०० ३॥ ३५० (३२) पोणा २॥॥१॥ ३॥२॥ ४ ॥३ ५॥३॥ ६॥४॥ ७॥५॥ ८॥॥६ ९॥६॥ १०॥७॥ 1११॥८॥ २१ ॥१५॥ ३१ ।।।२३। १२ ।। ९ २२॥१६॥ ३२॥२४ 1१३॥ ९॥ २३॥ १७॥ ३३ ॥२४॥ १४ ।।१०॥ २४॥ १८ ३४ ।।। २५॥ २५॥ १८॥३५ ।।।२६। २६ ।।। १९॥ ३६ ।। २७ १७॥ १२॥ २७ ॥२०॥३७॥२७॥ १८॥ १३॥ २८ ।।२१ ३८ ॥२८॥ १९ ।। १४॥ २९ ।।। २१॥ ३९ ॥ २९॥ २० ।। १५ ३० ।। २२॥ ४० ॥ ३० विधाज्ञा पोणा ४१ ॥३०॥५१ ॥ ३८६१ ।।४५७१ ।। ५३। ४२ ॥३१॥५२ ।। ३९ ६२ ।।। ४६॥ ७२ ।। ५४ ४३ ॥ ३२॥ ५३ ॥३९॥६३ ॥४७॥७३॥५४॥ ४४ ।।। ३३ ५४ ॥४०॥६४ ।।४८ ७४ ॥ ५५॥ ४५ ॥ ३३॥ ५५ ॥४१॥६५॥४८॥७५ ।।। ५६। ४६ ।।।३४॥५६॥ ४२ ६६ ॥४९॥ ७६ ।।। ५७ ४७ ॥ ३५॥ ५७ ।।। ४२॥६७ ।।। ५। ७७।। ५७॥ ४८॥ ३६ ५८ ॥४३॥६८ ।।। ५१ ४९ ॥ ३६॥ ५९ ॥४४||६९ ।।। ५१॥ ७९ ॥ ५९॥ ५० ।।। ३७॥६० ।। ४५ ७० ।। ५२॥ ८० ।।। ६० (३५) पाणा ८१ ॥६०।। ९१ ॥६८।१४॥४॥ ११४॥४२॥ ८२ ।।।६१॥ ९२ ।। ६९ २४॥ ९ १२४॥ ५४ ८३ ॥६२।९३ ॥ ६९॥३४॥ १३॥ १३४॥ ५८॥ ८४ ।।६३ ९४ ।।। ७०॥४४॥ १८ १४४॥६३ ८५ ।।।६३॥ ९५ ।। ७१।५४॥ २२॥ १५॥ ६७॥ ८६ ।।। ६४॥ ९६ ।।। ७२ ६४॥ २७ | १६४॥ ७२ ८७ ।। ६५। ९७ ।।। ७२/७४॥ ३१॥ १७४॥ ७६॥ ८८ ।। ६६ ९८ ।। ७३॥८४॥ ३६ १८४॥ ८१ ८९ ॥६६॥ ९९ ।।। ७४।९४॥ ४०॥ १९४॥ ८५॥ ९० ।।६७॥ १०॥ ७५ १०४॥ ४५ । २०४॥ ९० (१६) विद्याज्ञानप्रकाश। ढंचा. (३५) २१४॥९४॥ ३३४॥१३९॥४१४॥१८४॥५४॥२२९॥ २२४॥९९ ३२४॥१४४ ४२४॥१८९ ५२४॥ २३४ २३४॥१०३॥३३४॥१४८॥४३४॥१९३॥५३ ४॥ २३८॥ २४४॥१०८३४४॥१५३ ४४४॥१९८५४४॥ २४३ २५४|११२॥३५४॥१५७॥४५४॥२०२॥५५४॥ २४७॥ २६४॥३१७ ३६४॥१६२ ४६४॥२०७५६ ४॥२५२ २७४॥१२१॥३७४॥१६६॥४७४॥२११॥५७४॥२५६॥ २८४॥१२६ ३८४॥१७१४८४॥२१६ ५८४॥२६१ २९४॥१३०॥३९४॥१७५॥ ४९४॥२२०॥५९ ४॥२६५॥ ३०४॥१३५४०४॥१८०५०४॥२२५६०४॥ २७० (३५) उचा १६१४॥२७४७१४॥३१९॥८१४॥३६४॥९१४॥४०९॥ ६२४॥२७९ ७२४॥३२४ ८२४॥३६९ ९२ ४॥४१४ ६३४॥२८३॥७३ ४॥३२८॥८३४॥३७३॥९३ ४॥४१८॥ ६४४॥२८८७४४॥३३३ ८४४॥३७८ ९४ ४॥४२३ ६५४॥२९२॥७५४॥३३॥८५४॥३८२॥९५ ४॥४२॥ ६६४॥२९७ ७६४॥३४२ ८६४॥३८७ ९६ ४॥४३२ ६७४॥३०१॥ ७७४॥३४६॥८७४॥३९॥९७४॥४३६॥ ६८४॥३०६७८४॥३५१ ८८४||३९६९८ ४॥४४१ १६९४॥३१०॥ ७९४॥३५५॥८९४॥४०॥९९ ४॥४४५॥ ७०४॥३१५८०४॥३६० २०४॥४०५ १००४॥ ४५० विद्याज्ञानप्रकाश। (१७) घडीएका (४१) १ - १ १११११२१/२१२१४४१३१३१९६१ १२१२१४४/२२२२४८४/३२ ३२१०२४ १३ १३१६९/२३२३ ५२९/३३ ३३१०८९) ४ ४ १६/१४१४ १९६/२४२४५७६३४३४११५६ ५ ५२५१५१५२२५/२५२५६२५/३५३५१२२५ ६ ६ ३६ १६१६२५६/२६ २६६७६/३६ ३६ १२९६ ७ ४९ /१७१७२८९/२७२७ ७२९/३७३७ १३६९ ८६४११८१८३२४/२८२८७८४/३८ ३८१४४४) ९८१ १९१९३६१/२९२९८४१३९३९१५२१ १.१००/२०२०४००३०३०९००/४०४०१६०० ७ ८ (४२) बढीएका. ४१४११६८१५१५१२६० १६१६१३७२१७१७१५०४१ ४२४२३७६४/५२५२२७०४/६२६२३८४४७२७२५१८४ १४३४३ १८४५/५३५३२८०९/६३६३३९६५/७३७३५३२९ ॥४४४४ १९३६५४५४२९१६६४६४४०९६७४७४५४७६ ४५४५२०२५५५५५३०२५/६५६५४२२५/७५७५५६२५) ४६४६२११६/५६५६३१३६६६६६४३५६/७६७६५७७३३ ४७४७२२०९/५७५७३२४९/६७६७४४८९/७७७७५९२९ ४८४८२३०४/५८५८३३६४/६८६८४६२४/७८७८६०८४ ४९४९२४०१५९५९३४८१६९६९४७६१/०९७९ ६२४१ ५०५० २५००६०६० ३६००/७० ७० ४९००८०८० ६४०० २
(१८)
विद्याज्ञानप्रकाश।
मटीएका.
चढीग्यारा.
(५३)
.
१८१६५६१९१९१८२८१/११११ १२१/१२१११३२
१८२८२६७२४९२९२८४६४|११ १२ १३२/१२ १२ १४४
८३८३६८८९/९३९३८६४९/११ १३ १४३/१२ १३ १५६
१८४८४५६७०९४९४८८३६,१११४ १५४ १२ १४ १६८
८५८५७२२५/९५९५९०२५/१११५१६५/१२ १५१८०
८६८६७३९६/९६९६९२१६/११ १६ १७६/१२ १६ १९२
८७८७७५६९/९७९७९४०९/१११७१८७१२१७२०४
[८
८८८८७७४४९८९८९६०४|११ १८ १९८१२१८ २१६
८९८९७९२१/९९९९९८.११११९२०९/१२१९२२८
१९०९०८१००१००१००१००००११ २० २२०/१२ २० २४०
(४४)
षडीग्यारा.
१३ १११४३ १४ ११ १५४१५१११६५१६ ११ १७६
१३ १२ १५६/१४ १२ १६८१५१२१८०१६ १२ १९२
१३१३ १६९१४१३ १८२१५१३ १९५/१६ १३२०८
(१३ १४ १८२/१४१४ १९६१५१४२१०१६ १४ २२४
१३१५१९५१४ १५२१०१५१५२२५१६१५२४०
१३१६ २०८/१४ १६ २२४/१५१६२४०१६ १६२५६
॥१३ १७२२११४१७२३८१५१७२५५/१६ १७२७२
१३ १८२३४/१४ १८ २५२/१५१८.२७०१६ १८२८८
१३ १९ २४७१४ १९ २६६/१५१९ २८५ १६ १९ ३०४
१३२० २६०/१४२० २८०१५२०३००१६ २०३२०
विद्याज्ञानप्रकाश। ( १९) मडीम्यारा १७१११८७१८१११९८१९११२०९२०११२२० १७१२ २०४१८१२२१६१९१२२१६/२०१२२४० १७१३ २२१/१८१३२३४/३९ १३२४७२० १३ २६० १७१४ २३८१८१४२५२/१९१४२६६२०१४२८० १७१५२५५/१८१५२७०१९ १५२८५/२०१५३०० १७ १६ २२७/१८१६२८८/१९१६३०४२० १६ ३२० १७१७ २८९/१८१७३०६/१९१७३२३२० १७३४० १७१८३०६/१८१८३२४/१९१८३४२२० १८३६० १७१९ ३२३/१८ १९३४२१९ १९३६१२० १९३८५ १७ २० ३४०१८ २० ३६०१९ २० ३८०२० २० ४०० ५) পানা । 1-mun myn 13 =ju JumEJI U 1-JI MEn -Jin IHEJI | DJ ॥m in ॥ 1%Dju Nyt - EU Ulll SJI BjI EJAL IIUR INE 1= JIJ 1115) mym-JI IMEJn U - (२०) विद्याज्ञानप्रकाश। संख्या. 9 .... १० ० . १०० . . १ ००००० ..... . . एक. दश सौ. हजार. दशहजार. .लाख. दशलाख. करोड. दशकरोड. अर्व. ....खर्व. दशखर्व. . . १०००००० १००००० १०००००००० o . १००००००००० ००० १०० १०० १०००० ०००० ००० ००००० पन.. ००० ०००० .. ००००० १. १००००० १००००००००० १०००० १००० ०००० महापन. जलधि. .अत्य मध्य. परार्ध. ००००० ०००० 1 विगतजोडलगावणेकी. पसतर तो कच्ची पायां लेपणी फेर आना लेपणा फेर पछी पायां लेपणी पछे पेला अपर लेपणो पीछे जतरा अपरा होवे सो लेपे जाणा इणीतर लगाणी.
विद्याज्ञानप्रकाश। (२१)
और पेलां कच्ची पायां लेपणी एक पायी आवे तो एक
धरणी दो पायी आवे तो दोय धरणी तीन पाई आवेतो तीन पाई
धारणी चार आवे जदी आलायदो) करणो हाथको एक आनो
गुणो असी तरे चार पायांपर एक एक आनो बधायाजाणो
और आनामे पण आनो एक आवे जठे एक आनो करणो
दोय आवे जठे दोय आना कग्णा तीन आवे जठे तीन
आना करणा और चार आना आवे जठे आलायदो) करणो
हाथको एक पावलो लेपणो इसीतरेसे आनाकी जोड लगावणी.
चार चार आनापर एक आलायदो देणो और चार चार आनापर
एक एक पावलो हाथको वधाये जाणे और पक्की पायांकी
जोड़माहे एक पावलेकी एक पाय धरणी दोय पावलेकी दोय पाय
भरणी तीन पावलेकी तीन पाई धरणी चार पावलेकी आर करणी)
हाथको एक रुप्यो लेपणो आसीतरे चार पक्की पायांपर अरा दीय
जाणो हाथको रुप्यो एक एक चार चार पायांपर वधाय जाणो
और रुपयाकी जोड लगावणी जदी कच्ची पायांकी लगायने हाथको
आवे सो आना सामल लेपणो और आनाकी जोड़ लगायने
हाथको आवे सो पकी पायां सामल लेपणोप्र रूपयाम एकसे लगा-
यने ९ तक तो आवे जूं आंक जोडम धरणो और दश आवे जठे
मिडी मेलणी हाथको एक लेपणा असीतर दश दशपर एक एक
सुभ लगाणी हाथको पण दशलासे एक एक वधाय जाणों इस
तरे जोडलगाणी
(२२) विद्याज्ञानप्रकाश। जोड लगावणेकी रीती. ३ ९३ १ ३५४०१= ३३५४॥ ६४५५५॥1॥ ३५४५॥ ७८५४७-31 ३५४५४॥ २३०५४॥ ७३५४३९|| ७९३५४३|| ९७३४५४|| १००००४॥ ७३५४०३-1 ६५०३०३०॥ ६७४५४|| ७३५४३०१॥ २७१३३०३%3D11| १४८६२७७९|| ३ ९३६ . ३ ३६१० ८ बाकी काडणी जणीकी विगतके ऊपर जो अंक होये उस माहे मूंनी चल आंक काटने वाकी जो अंक तथा आना पाई आवे सो लष देणी. वादवाकी. ३३५४९॥ ३५४५०३ बाद ३५४५ बाद १५४९ बाद३५४०५|| बाकी २१९०९ बाकी ३२००० बा.३१९०९७11 १३४९०१०१ १०००००००१॥ १००००००००१ बाद१३४९०१०॥ बाद १००००००० बाद१०००००००॥ बा.१२१०५०९०॥ बाकी ९००००० वाकी १०००००००० विद्याज्ञानप्रकाश। (२३) गुणाकार। गुणाकार- १३५४५३५४१ गुणाकार२१ १५४५४ गुणाकार ३०९०८ १७७२७५ इसतरे ६७७२६७७०५ १४१८२०० करणी ५४१८१४१६४० ३२४५३४ ৭৩৩৩০ ০ जुमले ६७७२६७७०५०० १०६३६९०० ६७७२६७७०५००० १२५६८७९७२ ५४१८१४१६४०००० १२५३३३४२५/ ६७७२६७७०५००००० जुमले १३५४५३५४१०००००० २०९३४९५४३०२१८९५ भागाकार। ३२४५३१ भाग १२९६८ १०६३५ वाकी १९३३७ १७७२५ वाकी १६१२९ १४१८० वाकी १९४९७ १७७२५ वाकी १७७२५ १२५६८७९७९ जणाने भागदेणो. ३५४५ जणेकारु ३५४५५ प्या हुवा 이 ८४ ११३ १०५
(२४)
विद्याज्ञानप्रकाश।
विगत हुंडियाका लेषाकी.
लेपा पक्का रुप्या होवे उणाकां कच्चा करणा सो भावप्रत
१०६ होवे तो एक आनीको वट्टो प्र. ११२॥ण होवे तो दोय
आनीको बट्टो प्र. ११८) होवे तो तीन आनीको बट्टो प्र
१२५ Jहोवे तो सवाया लिपणा प्रत १३१ होवे तो रु० १३
को बट्टो और प्र २३७॥ होवे तो रु १= J को बट्टो और
भाव प्र. इणसू कमती जादा होवे तो जतरे आनेको बट्टो होवेने
भाव वधा होवे तो बधा देणो भाव घटती होवेतो घटाय देणो और
रुप्या एकका अंकजणी भाव घाले जणी भावलेपणा और
रु. १७ का अंक १०० भागणा आणी तरे सूं पक्का कच्चा करणा
वट्टो बारलो.
१८२२॥ ) रु. १५०० ) पक्का जणांका कच्चा करणा प्र २
बट्टा. रु १= J नेका अंक २)को हुवो जणीने पनरेका गुणा
देणाजणाकारु २ को सेकडा हुवो सोरु. १७८१ बाकी अंक
२) वध्या सोउणाका रु ४१ । । हुवाजुमले भेला करने सिरे
चढादेणा.
२८१०- २२२२J पकाजणीका कच्चा करणा प्र२६॥J
लेपे सो बटोप्र 110 Jआपको हुवो सवाया करनेअंक
)का दाम बधाय देणा
२३०२॥- रु. १७५१ पक्का जणका कच्चा करणाप्र १३१॥
लेपे बट्टो प्र. - Jअंक । काहुवो सोरु. १७००)का पांच
अनी अंक । के हिसाबसू रु. २२३५॥ हुवा.
विद्याज्ञानप्रकाश। (२५)
रु.५१ का आना २५५ अंक. १२॥ हुआ जणीका रु.
६७J हुवा जुमलै ० २३०२॥-Jहुवा.
३८७७)m रुपया ३४३१ ।। पका जणीका कच्चा करणा
प्र. ११३ जणीका रु = Jअंक । हुवा
लेपा कच्चा रुप्या जणाका करणा वट्टो वारलो.
भावप्रत २५ ) लेपे होवे तो भीतरमं सवाया करणा. भाव
प्रत पच्चिस सं बधती हो तो भीतरसू सवाया करणा जणां
माहेसं आंकरा दाम घट्टाय देणा और पच्चीससं घटती भाव
होवे तो आंकरा दाम वधाय देणा अंक रुप्या १J का रुप्या
१००Jलेपणा जण भाव घाले उतग अंक रुप्या १ का मां-
गणा
७९ ॥ रुप्या १०० कच्चा जणीका करणा प्रत १२६ ॥ लेपे
सो भीतर| सवाया रुप्या ८० Jहुवा फेर अंक १॥ बध्यो
जणाका अंक १२० हुवा सो प्रत १२६ ॥U के भाव मूं काट्या
जणाका रुप्या =JIबाद करणा रु ८०J माह
८०१३ रुप्या १०० कच्चा जणेका पक्का करणा प्रत १२81J
लेपे सो भीतरतूं सवाया रुप्या ८० तो एक हुआ फेर
अंक ॥३) वधाया जणीका अंक ५५ सो प्रत
१२४-Jलेपे आना रुप्या = Jहुवा सो रुप्या ८०)
में वधाय देणा
२८५९ रुप्या ३५३१७ कच्चा जणेका पका करणा
प्रत १३॥U
(२६) विद्याज्ञानप्रकाश।
२७११॥ रुप्या ३४५१कच्चा जणाका पका करणा
प्रत १२७॥
लेपा हुंडावणका कच्चाका पक्का करणा बट्टो भीतरलो
रुप्या १ का अंक जणे भाव घाले जतरा गुणना और
रुप्या १७ का अंक प्रत १०० के भाव भांगणाभाव प्रत ८०J
लेपे होवे तो सवाया माहे मुं करणा और भाव प्रत असीसू बधती
होवे तो सवाया करणा जणमे बधायदेणा और भाव प्रत ८०)सं
कमती होवे तो सवाया घटाय देणा.
२८९३ रुप्या ३१५०J कच्चा जमाका पका करणा प्रत
८१॥ सो भीतरतूं सवाया रुप्या २८४० ) एक हुआ
और रुप्या १७वधायो जणे का रु. ५३ । एक हुवा
जुमले रुप्या २८९३ ।। हुवा इसी तरेसों करे जाणा.
२४४९३ रुप्या ३१५०कच्चाजणाका पका करणा प्रत ७७॥)
लेपे जणाका रुप्या भितरमूं सवाया रुप्या २५२०J हुआ
फेर अंक २७ काटणा सोरु ७० बाद किना
चाकी रु २४४९-
१२0 रुप्या १५॥) कच्चा जणेका पका करणा' प्रत ८२॥
जणेका भितरमं सवाया रुप्या १२) एक हुवा अंक २
का तौ एक बधाण और आना रु.॥) का एक बधाणा जणेका
अंक ३३ अंक हुवाऔर आना आठका अंक ४१३)
जुमले अंक ७ जणेकाप्रत १०० रुप्या=Jहुआ.
सो सवाया बधायमें बधाय देणा जीणीका रुप्या १२॥
-
--
विद्याज्ञानप्रकाश। (२७)
१६%) रुप्या २१॥ कच्चा जणाका पका प्रत ७८॥ जणा
का रू. १७ बाकी रु.॥U तो एक बंचो और अंक
३१% अंक वध्या जणीका सो घटाणा रुप्या ।।
१९Jवाद वाकी अंक १२U का आना रुप्या = }
घटाणा वाकी रु १६||J
लेपा पका रुप्या जणांका कच्चा करणा जाणीकी विगत.
वट्टो भीतर लो रु. १ का अंक १०० लेपणा और जणे
भाव घाले जतरा अक मुप्या १ का काटणा और भाव प्रत
८० लेपे वाले तो सवाया करणा और भाव प्रत ८०JV
बधती होवे तो सवाया माहे सूं घटाय देणा और भाव प्रत
८०)सं कमती होवे तो सवायाम म वधाय देणा
१२२= JIरुप्या १०० पक्काजणेका कच्चा करणा प्रत ८१॥
वाकी रुप्या १८0 वध्या जणाका सवाया रुप्या
२३= Jहुवा जणा माहे म अंक ) का दाम घटा-
णा सो अक ३४॥= ) हुवा उणाका प्रत ८१ ॥) लेपे
रुप्या । हुवा सो रुप्या २३= Jमधे वाद कीना.
बाकी रुप्या २२DU ग्हा
१२९ = रुप्या १०० पका-जणाका कच्चा करणा प्रत
७७ लेषे सो रुप्या १०० ) तो एक हुवा बाकी
रुप्या २२॥ रहा जणाका रुप्या २८= Jहुवा और
अंक २॥का वधाणा जणाका अंक ७८ रहा सो
(२८)
विद्याज्ञानप्रकाश।
प्रत ७७ लेपे रुप्या १) हुवा सो रुप्या २८= Ji
बधाणा जुमले रुप्या १२९/D Jहुवा.
विगत लेपा सोनेके हिसावके लिपनेकी तरह.
सोनो तोलो १ कारु, घालने मासे एक को केवतो जणी
भाव घाले उतराई अंक हुवा रती एकरो घाले तो पण जणी
भाव तोळो होवे उतरा अंक लेपणा और मुंगरो घाले तो-
पण जणी भाव तोळे घाले उतरा अंक लेपणा अंक भांगणा
ईणी भांत मासामे तो रुप्या १ ) का अंक १२ काटणा और
ग्ती यामे आने एकका अंक ६ काटणा और मुंगामे आने एक
का अंक १८ काटणा इणीतरमूं सोनेका लेपा करणा. और तो
लाका तो जण भाव घाले और जतरा तोलाको घाले उणान
उतग गुणदेण और इणी सिवाय फेर जतरे रुप्या तोलो घाले
जतग आनाको पूण मासो लेपणो और पूण मासाका उतराई
--
१
दाम लेपणा.
१
-
३४५॥= |सोनो तोळा १९ मासा रती १ प्रत २२॥
३॥ सोनो मासा २ प्रत २१J लेपे तो अंक ४२J हुवा
प्रत रुप्या १J का अंक १२
1-01 सोनो रती ॥ प्रत २२॥ लेपे अंक ३३ हुवा
जणाका प्रत-J का अंक ६ काटणा
सोनो मुंग २॥ प्रत २१॥ लेपे अंक ५३॥ हुवा
जणेका प्रत -Jका अंक १८ काटणा
१॥ सोनो मासो प्रत २२॥
-
विद्यानानप्रकाश।
(२९)
रती॥ मुंग।) सोनो तोळो १)का रु. २१ जदी रु. १ को
लेणेसो रु. १ का अंक ९६ लेवणा और रती एक
भारका अंक २१ काटणा.
मंग11) सोनो तोळे अंक का रु २२॥जदीको लाणो सो
१८) हुआ मुंग एकका अंक २२॥ ) काटणा
लेपा चांदी कारी विगत लिपते
रुप्या १ . की चांदी मासा जतरा घाले उतरां मासाका रु.
१२) लेपणा और मासे एक का अंक १६J लेपणा और रु. १)
की जतरा मासा घाले जतरा अंक आने एक का काटणा इसतरेयूं
भाजकार करणी और रु.-J को तथा दो या चार आनाकी
चांदी मगावेतो आने ५ककी जितरे मासे रुपये १ )कीहोय उससूं
आधी रती केहेणी.
२७) चांदी तोळा २१॥J प्रत रु १३ की मासा ९)
=Uचांदी रुप्या की मासा ९॥ जदी मासा २ को
कार्ड हुवोके अंक ३२ ) हुवा और आने -J का अंक
९॥U काटणा.
रती ४ मुंग। चांदी रु १)की मासा जदी आना रु-J
की कतरी अंक १४0 हुवा रती अक भरका अंक )
काटणा और चांदी का लेपा घालेने मासे १ को घाले
तो मासे १ ) का अंक १६ । लेपणा और आने एक का
अंक रु १का जतरा मासा घाले उतरा भागणा
मासो॥अंकचांदी रु १ का मासा८॥जदीआना रु
की कतरी हुई जंदी जतरा मासा घाले उणाका डेढा मुंग
(३०) विद्याज्ञानप्रकाश
करने बताय देणा फेर मुंग मासा १ के अंक २४ काटणा
किसवास्तेके कहां कहां मासमें ग्ती छे भी होती
हैं. जीससे मुंग २४ सब जगे होतहें तो मुंग पे हिसाब
होवेतो भुल न पडे
लेपा अंमलकरी विगत लिपते.
आमल घडी १ का रु जतग घाले उतरा अंक सेरऽ।
का लेपणा और रु०-भरका पण उतराईज अंक लेपणा
और रुप्या १ भरका घाले तोपण उतगईज अंकलेपणा और सेरमें
जतरा सेरका घडा होवे उतरा अंकको झप्यो १ । लेणो और
आनाभरमे उतरा अंकगेरुप्या - लेपणो और रुप्या भरमे सेर
जतरा रुप्या भारको होवे उणोना सोलाका भाग देणो मोलाके
भागसुं जतरा होवे उणाका जतरा सेस्की घडी होवे उतरा उणा'
देने उतरां आकारो आनो रु. - ) गुण लेणो
९००९ अंमल मण ४५॥ प्रत १९॥ लेपे घडी १० की.
१०॥ अंमल सेरऽ२प्रत ५१॥ लपे घडी १६३०) की जणेका
अंक १०३) प्रत रु अंक १० काटणा.
॥अंमल धडी १ का रु.४७॥ जदी रु.= Jभरको काई
हुवोजणोका अंक ९५ हुआ आने एकका अंक १०
काटणा.
= ) दमडी २॥ घाट अंमल घडी १ का सप्या ४८॥ जदी
रुप्या १0) भग्को काई हुवो सो अंक ७२॥ हुवा
आने एकरा- अंक २५ काटणा करण १ रु. ४०J
विद्याज्ञानप्रकाशा
भरको छ सो सोलेके भागसुं अंक २॥ हुवा जणाना १०
मुणादीना सो अंक २५ हुआ.
रु ८ भार होवे रु.५०)की अंमलधडी १)जदीक १)कोला
वोऽ १ रु ४०J भारको धडा 15१० का जतरा रु भार
को सेर हुवोने जतरौ सेरकी धडी होवे उतरा आकारो रु १)
का गुणना जतरे दुधडी १ होवे उतग आंकारो रु १)
भर लेपणो अंक रु. १ का ४००Jहुवा भाव प्रत ५०J
कारु १ भर काटणी.
और अफीमका बोजाका लेपा पण घडाइं होछे.
बोज १ मण छ६ को घडी १।। की जणी भाव घाले तो
चोवीस गुणे देने बोज एकका के देणा
१२३६) प्रत ५३॥ लेपे धडी जदी बोज १ का
और अमलकी पेटी मण ३॥ की होवे छे पेटीमे रतल
१४० ) ममाई मधे गणीजे छ सो पेटीको भाव होवे उतरा अंक
रतल १ का गुणना और रु १ का अंक १४० काटणा.
२२) पेटी १ का रु १५४०जदी ग्तल २ का कार्ड हुवा सो
अक ३०८०हुवा रु. १ का अक १४० के भाव काटणा.
लेपा रुईका लिपते.
जतरा रुपे बोरी १ जदीs१ को काई हुवो जतरा रुप्या
गोरी होवे उतरा अंक सेर एकका लेपणा और जतरा मणकी
चोरी होवे गुणना अंक ७ इ गुणाकरने उतरा अंक को
रु.-Jलेपणो और आनेरु -भरको घाले तो जीता रु बोरी.
(३२) विद्याज्ञानप्रकाश।
होवे उणा आनाका रु. प्र. होवे उतरा अंक आने एक
भरका लेपणा. और आने एकका काटना. जातामणकी बोरी
होवे उणांनां अंक ७ री गुणा देणे उतरा अंकको आनो
एक लेपणो.
--
SI
और रुप्या १ को लावणी होवे जदी जता मणकी बोरी
होवे उणा अंक ७ या गणने उतरा अंक रु १ का लेपणा और
सेर १ का जतरा रुपे बोरी होवे उतरां आनाका रुप्या करने
उतरा अंक लेपणा और रुप्या-३ को धाले तो पण इण मुजब
अंक करणा. रुप्या-J भरका अंक इण मुजव काटणा.
= रुईकी बोरी १ का रुप्या ७० बोरी मण ८ की जदीड के
कार्ड होवेके 5१ के अंक ७० ) हुवा अने एकका अंक
२० करणा.
रुईकी बोरी १ का रु ८० वोरी ८ की जदी रु०-
भरको काईहुयोके आना असीका रु० ५Jहुवा सो आने
एक भरका अंक ५ हुवा सो अने एकका अंक २० काटण
जदी अंक ५ को ऽ। सेर हुवो.
se= J बोरीका रुप्या ८१ ) वोरी रुई मण ९ की जदी रुप्य
१J की किती हुईके रु. १ का अंक नव अढया २२॥
लेपणा औरऽ१ भरका अंक जता रु वोरी रु. उतरा आन
कारु. होवे उतरा लेपणा सो अंक ५-J कोऽ १ लेपणो
सेर । रुईकी वोरी १ का रु ८० जदी रु०-J की लावण
बोरीमण ८ की सो आने एकका अंक आठ अढाय
२० हुवा आने एक भरका अंक ५ काटणाके जते रु
IM
विद्याज्ञानप्रकाश। (३३) री होवे उतरा आनाका ३५ करणा उतरा अंक आने एक का लेपणा. जितने रुपये बोरी तो मणका उससे दूणा आना और आद- गका उतई रुप्या और धडीका उससे आधा आना और नसेरका उससे चौथाई आता. लेपा कपडाका जतरे रुपे कापडो होवे, उतरा अंक नगाका लेपणा और .१ का अंक २० काटणा और जतरा रुपये थान होवेने थाको लावणो सो थानका हाथ पूछ लेणा जतरा रुपे थान वे उतरा अंक हाथ एकका लेपणा और जतरा हाथ को थान वे उणना १६ को भाग देदेणा सोळेके भागसूं जतरा अंक बैठे उतग अंकरो आनो एक लेपणो और रु. १ को लावणो होवे जदी थानका हाथ होवे उतरा अंक रुपे का लेपणा और जणभाव घाले उतरा अंकारो हाथा काटणो और एकको लावणो होवे तो जतरा रु. थान होवे उतरा अंक रु.-J का गणना और हाथ १ का जतरा हाथाको थान होने उतरा अंक काटणा. विगत कपडो वगैरेलेपाकी 10 कोडी १ का रु. ३५) जदी नग १ को करणो कोडीमें नग २० होवेछे सो नग १ का अंक ३५ हुवा प्रत २० का EJकपडो थान एकका रु. १० थान हाथ ४५ को जदी हाथ २ को लावणो जदी अंक २० हुवा आनेके अकरा अंक २||1-Jकाटणा.
(३४) विद्याज्ञानप्रकाश।
हा कपडोथान १ का रु. १२॥थान हात ७२ काजदी
रु. १ को कतरो आयोके अंक ७२ हुवा हाथ १ का
अंक १२३
हा. ॥) कपडो थान १ कारु. १२ थान ५० हाथको जदी
१०) को कतरो हुवोके अंक २५ हुवा. अंक ५० की
हाथ १ लेपणो.
॥ कपडाको थान १ का रु० १० थान नग ४२ को जदी
गजमे अंक ८ जदी अंक ३ को कांई हुवो सो अंक ?
का अंक १० ॥) लेपणा आने १ का अंक जतरा गजको
थान होवे उनसूं आधा काटणा सो २१ का काटणा
अंक ३१॥) हुवा आने १ क अंक २१
लेपा कनारगोटो तथा कलावत्तु तथा पेमपराकी.
कलावत तालो १ का रुप्या २।) जदी मासे १ के लावणो
जतरे रु. तोलो होवे उतरा आना होवे उतरा अंक मासा १ क
लेपणा और रत्ती १ का पण उतराई लेपणा भागणा मासेको
घाले जदी तोलो रु.२ का १२ और रत्तीको वाले जदी
मासेकी रत्ती ६ होवे तो रु०- ७२ काटणा और मासे की रत्ती
८ होवे तो अंक ९६ को आनो लेपणो.
॥ कलावतु तथा कनारी तथा पेमप तोलो १ का रु.
२॥-जदी मासे १। को काई हुयो अंक ५१ हुवा
का अंक १२.
॥ दमडी' १॥ तोले का रु० २=Jजदी रती क्या
हुवा मासेमें रत्ती ६० अकरा अंक ७२. .
- विद्यानानप्रकाश। (३५) Ji | दमडी तोलो १ का . २= जदी रत्तीशको काई होवो मासे एककी रत्ती ८ लेपा रोजगार आदमी वगेरे नोकगकारी विगत. जतरा रुप्याको महिनो होवे उतग दिन १ का अंक लेपणा और रुप्याका जतरा दिना को महिनो होवे उतरा अंक काटणा. DJ मास १ का रु ११ जदी दिन २॥ को अंक २७॥ १J मास १ के रु.॥जदी दिन७ को अंक ३१॥ प्रत३० NEL ) मास १ का रु ५Jजदी दिन 2|| को मास १ का दिन ३२ जदी अंक २॥ हुवा रु १ का अंक ३२ १॥ सिधश्री · सवाई जेपर शुभसुथाने भाई नारायण दास गणेशदास जोग श्री रतलाम लपतु गणेशदास सिव- परमादको जैगोपाल वांचजो उपग्च हुंडी १ रुप्या १०००J अपरे रुप्या एक हजारकी नेमे रुपे पांचसोहोका देवणा पुग इठे गपा सोभागमल चांदमल पास मिती आसोज वदी १ थी दिन २१ पीछे साहा जोग रुप्या हुंडी चलणका सनद दरसनदको जवाब देजण जोगदीजो संमत १९२९ आसोज वदी १ । हुडीसरे मनीमका सकत तथा नेसाणी होवे जी करणी हुंडीके पुठेपर इसरे करणो, रुपया१००० । नेमे नेम रुपे अढ़ाईसो का चोगणा पुरा रु. एक हजार कर दीजो.
विधाज्ञानभकाशा
रुपमा १०००)
१॥ सिधश्री सवाई जेपुर शुभसुथाने भाई नारायणदास
गणेशदास जोगश्री रतलाममुं लषतु गणेशदास शिवप्रसादको
जैगोपाल वांचजो उपरंच हुंडी १ रुपे एक हजारको अपरे रुपे
एक हजारकी नेमे रुपे पांचसोहोका दुणा पुरा इठे राषा सो-
भागमल चांदमल पास मिती आसोज वदी १ थी दीन २१
पीछे साहाजोग रु. हुंडीचलणकी लपी हती सो रापावालो धणी
केवे छे के हुंडी पोईगई छे सो हुंडी पोयगई होवे तो आपणो
रोजनामो पातो नकल रोकड चोकसदेपने इण पेट परमाणे
सिकार दाम दीजो कदास हुंडी आगे सकारी हो तो
पेट रद्दछे वांचीने फेर दीजो सनत नग २ तुमारे ऊपर कीनीछे
जणे मधे सनत नग १ का दाम सुजरे भरदे सो संमत १९२९
आसोज सुदी १
। नेमे नेम रुप्या
दोसो पचासका चोगणापुर
रुप्या एक हजार करदीजो,
। पेठ इणीतरे करणी.
१०००)
पेठछे
१॥ सिधिश्री सवाई जेपुर शुभसुथानेक भाई नारायणदास
गणेशदास जोगश्री रतलामसुं लपतु गणेशदास सिवप्रसा-
--
विद्याज्ञानप्रकाश।
(३७)
दको जैगोपाल वांचजो उपरंच हुंडी १ रुप्या एक हजारकी
अपरे रुपये एक हजारकी नेमे रुपये पांच सोहोंका दुगणा पुरा
इठे राषा सोभागमल चांदमल पास मिती आसोज वदी १
थी दीन २१ पीछे सहाजोग रुप्या हुंडीचलणका लपाहता जणेकी
पेठलपी मिति आसोजसुदी १ लपी जो रुप्या वालो धणी केवछे
के हुंडी तथा पेठ दोनों पोयगयीछे सोहंडी तथा पेठ दोनोई पोई
होवे तो आपणो रोजनामो पातो नकल रोकड चोकस देपने इणे
पर पेठ परमाणे सिकार दाम दीजी कदास इंडी तथा पेठ आगे
सकारी होवे तोपरपेठ रद्दछे वांचीने फेर दीजो सनत नग ३तुमारे
उपर किनीछे जणे मधे सनत नग १ का दाम मुजरे भरदेसा
संमत १९२९ आसुज सुद ११
परपेठ छ
। परपेठ इणेमात करणे
। नेमेनेमरुप्या आदाई सोहोकाचागणा.
पुरा एक रुप्या हजार करदीजो.
॥ सिधश्री सवाईजेपूर शुभसुथाने सरवोपमा लायक
सकल सराफेकापंच समस्त जोग श्री रतलाममुं लपतु सरव
। सराफेका पंच समस्तका जोहारवांचजी उपरंच हुंडी १ रुप्या
१००२) नारायणदास गणेश उपर लिपी ईठासू गणेशदास
शिवप्रसादकी रापा सोभागमल चॉदमलपास आसोज वदी १
(३८)
विद्याज्ञानप्रकाश।
थी दीन २१ पीछे सहाजोग रुपया हुंडी चलणका जणेकी पेट
लपी मिती आसोज सुदी १ परपेट लपी आसोज सुद ११ की
लपी हतीसोरापावालो धणी केवे छे के हुंडी तथा पेठ तथा पर
पेठ तीनोई पोईगईछे सो हुंडी तथा पेठ तथा पर पेठ पोई गई
होवे तो थे उणको रोजनामो पातो नकल रोकड वहां चोकस
देपने अणे मेजर परवाणे सरकार दाम दीजो कदास हुंडी तथा पेठ
तथा परपेठ तीनोई माहेली आगे सकारी होवे तो मेजर रद्दछे वांगेने
फेरदीजोसनतनग४ चार उणारे उपर किनीछे जणे मधेसनत नग
१ एकरा दाम मुजरा भर देसां संमत १९२९ काती वदी १
साप १ मगनीरामजी वभूतसिंघजीकी.
। साप १ गणेशदास कसनाजीकी.
साप १ धनरूपमल राजमलकी.
साप १ लछमणदास फतेमलकी.
साप १ शिवलाल मोतीलालकी.
१॥ लडकोका दसकत जमावणा जदी पाटीपे ईणेभात
लपदेणा सो उस मुजब नीचे लडको देपा देप मांडे तो दसकत
जलदी जमे,
१
--
.
.
विद्याज्ञानप्रकाश । ॥ श्री पर मे सर जी. १॥ श्री दा ता धन को सभा व बा ला मा हे ष गु घंटा आई पुठ ज ड ढ रु तु च रे छे था णीञ फा; १२३४५६७८९ श्री। ॥ विगत नकल जमा परच करणेकी के कुल हुडीकी नकल १६ होवे छ जणे मधे नकल नग ८ हमारे घर और नकल नग ८ तुमारे घर केवेछ और हमारे बरु किसनें केवेछे के जो रु. आदे- सावर चलण उसना तो हमारे घर और रु जणी गांममें दुकान होवे वा रु तुमारे घरु. केवेछे सो वाजव छ सो नकल लेहणी जठे भाव होवे तो मिती कची करणी जठे भाव नही होवे जठे मिती पकी करणी. - विगत नकल नग ८ हमारे घरु जणीकीके हुंडी. आपा आपणी पुसीसूं देसावर उपर करा. २ आपा आपणी पुसीसूं देसावर वाले पासे करावा आ- १ पके उपर ३ तीजी आपा आपणी पुसीघ्र लेपी भेजी ४ चौथी आपा आपणी घुसीसूं मंगावी
(४०) विद्याज्ञानप्रकाश।
५ पांचमी आपा आपणी पुसीसूं देसावर वाले पासे दूस
देसावर की करावां
६ छठी आपा आपणी पुसीसूं देसावर वाले पासे दृ
देसावर ना भेजवां
आपा आपणी घुसीसूं दुसरे देसावरकी मॅगावां. अ
८ आपणी पुसीसूं दुसरे देसावरकी बटावणी भेजा त
दुमरे देसावर वटावणी भेजवां
ए
1+
आसिद्धश्री बम्बई बंदर शुभसुथाने भाई गणेशदास ठाकु
दास जोग श्रीरतलामसूं लपतु गणेशदास शिवप्रसाद
जगोपाल बांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० ) अपरे रु.
हजारकी नेमे रु. पांचसोहोका देवणा पुग डठे रापा में
गणेशदास किसनाजी पास मिती भादवा बदी ८ थी कि
४५ पीछे साहाजोग रु हुंडी चलणका दीजो संमत १९२८
मिती भादवा वदी८
या हुंडी आपा आपणी घुसी कराजे कोछे
१२५० भाई गणेशदास किसनाजीके लेपे मिती भादवा व
९हुंडी १.
रु. १००० श्रीबम्बईकी तुमाना दिनी भाई गणेश
स ठाकुरदास उपर लिपी इठा में हमारी रापा तुम
पास मिती भादवा वदी ४ थी. दीन
साहाजोग रु. हुंडी चलणका प्रत २५ लपे पा
७९/१००० श्रीवम्बई पाते भाई गणेशदास ठाव
विद्याज्ञानप्रकाश। (४१)
दासका जमा हमारे घ । रु. मिति आसोज सुदी ९
हुंडी १ तुमारे उपर किनी. पाना ७३
२५०J श्रीहुंडावण पाते जमा पाना ८०
1
निसाणी तुमारे
श्री।
घरू मांडजो
॥सिधश्री रतलाम शुभसुथाने भाई गणेशदाश शिवप्रसाद
जोग श्री बम्बईतूं लपत गणेशदास ठाकुरदासको जयगोपाल
वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० ) अपरे रु० एकहजारकी
नीमे रु. पांचसोहोका दुवणा पुरा इठे रापा भाई गणेशलाल
सोभागमल पास मिती आपाड सुदी १५ थी दीन ५१
एकावन पीछे साहाजोग रु हुंडी चलण का दीजो समत
१९२९ आपाठसुदी ६
चिट्ठी बम्बईकी गणेशदास ठाकुरदासकी आई जणीमें
समाचार लिपा हुंडी १ रु १००० तुमारे खाते
रतलामकी किनी छे प्र. ८० लेपे सो जमापरच कर
लीजो देणी पुगा सिकार दीजो चिट्ठी लिखी मिती
आपाढ सुदी
याहुंडी आपा आपने उपर आमारे पाते करावाजीरो
१००० भाई मगनी गमजी वभुतसिघजीका जमा भा-
दवा वदी ११ हुंडी १ हमारे उपगलिपी श्रीवम्बईसुं गणे-
शदाम ठाकुरदासकी गपा गणेशलाल मोभागमल पास
(४२) विद्याज्ञानप्रकाश। मिती आसाढसु.५ थीदीन५१ पीछ साहाजोग रु. हुंडी चलणका. पाना ७८. ८०० श्री वम्बई खाते भाई गणेशदास ठाकुरदास के लेपे हमारे घरु मिती आसाढ सुदी १५ हुंडी १ रु. १००० श्रीरतलामकी हमारे पाते हमारे उपर किनी भाव प्रत ८० Jलेपे सो चिट्ठी तुमारी आपाढ सुदी. ७सूं जमा परच किना पाना ७३. २०० ) श्रीहुंडावणपाते लेपे. पाना ८० श्री। १॥सिधश्री मम्बई बंदर शुभसुथाने भाई गणेशलाल सोभाग- मल जोग श्रीरतलामसू लिपतु मगनीगम बभूतसिधको जोहार वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० ) अपरु एकहजार की निमे रु. पांचसोहोका देवणा पुरा इठे रापा गणेशदास सिवप्रसाद पास मिती भादवा वदी० ९ थी दीन ४५ पीछे साहाजोग रु, हुंडी चलणका दीजो संगत १९२९ मिती भादवा बदी ९. याहुंडी आप आपणी पुसीसू हमारे घरु देसावरनालेणी भेजीतकेछ १२५० भाई मगनीगमजी बभूतसिंघजीका जमा मिती ० भादवा बदी ९ हुंडी १ रु. १०००) श्रीमम्बईकी तुमारी लिनी गणे शलाल सोभागमल उपर लिपी इठामं तुमारी रापा 1 । - हसारे पास विद्यानानप्रकाश। (४३) भादवा वदी ९थी दीन ४५ पीछे साहा- जोग रु हुंडी चलणको प्रत २५ ) लेपे पाना ७८ १००० ) श्रीमम्बई पाते गणेशदास ठाकुरदासके लेपे हमारे घरु मिती आसोज सुद ९ हुंडी श्रीमम्बईकी लेणी भेजी. पाना ७३. २५० ) श्रीहुंडावणपाते लेपे. पाना ८० 1 श्री। १॥ सिधश्रीरतलाम शुभसुथाने भाई मगनीरामजी वभु- तसिंघजी जोग श्रीमम्बई सू लपतु गणेशलाल सोभागमलका जोहार वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० अपरे रु. एक हजारकी निमे रु. पांचसोहोका देणा पुरा इठे रापा गणेशदाश शिवप्रसाद रतलामवाला पास मारफत गणेश ठाकुर दासकी मिती सावण वदी ९ थी दीन ५१ पीछे साहाजोग रु हुंडी चलणका दीजो. या हुडी मम्बाईवाले पास आपा आपनी पुसीनं मगाई जो छे चिट्ठी मम्बाईकी गणेशदास ठाकुरदासकी आई. १०००Jहुडी रतलामकी हमारे पाते प्रत ८० Jलेपे परीदने काल दिन बीडीछे सकरायने जमा करजो. Jचिट्टी लपी मिती सावण वदी १० सम्मत १९२९ १००० ) भाई मगनीराम वभुतसिघजीका लेपे मिती भाद- - (४४) विद्याज्ञानप्रकाश। वासुदी १५ हुंडी १ तुमारे ऊपर लिपी श्री मम्बई मुं गणेशलाल सोभागमलकी राषा हमारे पास मार- फत भाई गणेशदास ठाकुरदासकी मिती सावण वदी ९थी दीन ५१ पीछे साहाजोग रु. हुडी चलणका पाना ७८. ८०० श्रीमम्बई पाते भाई गणेशदास ठाकुरदास के जमा हमारे धरु मिती सावण वदी ९ हुंडी १ रुपया १००० श्रीरतलामकी तुमारी हमारे पाते प्रत ८० लेपे भेजे सो चिट्ठी तुमारी सावणवदी १० मूं जमा परच किना. पाना ७३॥ २००) श्रीहुंडावणपाते जमा. पाना ८० ०॥ श्री। । - । निसाणीरतलामपाते गणेशदाससिवप्रसादके नांवांडजोः १॥ सिधश्री सवाई जेपूर शुभसुथाने भाई गणेशदाम नाराय- णदास जोग श्री मम्बईतूं लपतु, गणेशदास ठाकुरदासको जैगोपाल वांचजो उपरंच हुंडी १रु. १००० अपपरे रु एक हजारकी नेमे रु. पांचसोहोका दुवणा पुरा इठे रापा नेणसूप विद्याज्ञानप्रकाश । (४५) मुलतानचंद पास मिती सावण वदी १० थी दीन ५१ पीछे साहा- जोग रु. हुंडी चलणका दीजो संमत १९२९ सावणवदी १० । याहुंडी आपणे पाते मम्बाईवाले पासे जेपुरकी कराई. । चिट्ठी श्रीमम्बाईकी भाई गणेशदास ठाकुरदासकी आई समाचार इणी मुजबछ चिट्ठी मिती सावण वदी ११ की आई. १०००) हुंडीरु १००० ) श्रीजेपुरकी तुमारे पाते कराई सो भावप्रत १०३॥) लेषा किनीछे रापा नेणसुप मुलता- नचंद पास गिती सावण वदी १० दीन ५१ पीछे सो जे- पुरनो समाचार लपदीजी. स १०३५ J श्रीमम्बईवाते भाई गणेशदास ठाकुरदासके लेपे हमारे घरु मिती सावण वदी १० हुंडी १ रु. १०००) श्रीजेपुरको भाई गणेशदास नारायणदास उपर लिपी हमारे पाते श्रीमम्बईतूं तुमारी रापा नेणसुप मुलतानचंद पास मिती सावण वदी १० थी दीन ५१ पीछे साहाजोग हुंडी चलणका प्रत १०३।। लेपे चिही तुमारी सावण वदी ११ सू जमापरच किना पाना ७३. १००० ) श्री जेपुरपाते भाई गणेशदास नाराय- 10 णदासका जमा हमारे वरु मिती आसोज वदी १ तुमारे उपर हमारे पाते मम्बईतूं गणेशदास ठाकुरदास किनी पाना ७५ ३९Jश्री हुंडावण पाते जा. पाना ८०.
- (४६) विद्याज्ञानप्रकाश। १॥ सिधश्री सवाई जंपुर शुभस्थाने भाई सपाराम गंभी- रमल जोग श्री मुम्बईमूं लपतु गणेशलाल सोभागमलको जोहार वांचजो उपरांच हुंडी १ रु. १००० ) अखरे रु. एक हजारकी नमा रु. पांचसोहोका देवणा पुरा इठेरापा गणेश- दास ठाकुरदास पास मिती सावन वदी १० थी दीन ५१ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका दीजो संमत १९२९ सावण सुदी १० चिटी मुम्बईका भाई गणेशदास ठाकुरदासकी मिती सावण सुदी ११ की आई जणीम समाचार १००० ) हुंडी १ श्री जेपुरकी तुमारे पाते जेपुरना गणेश- दास नारायणदासना भेजी प्रत १०३७ लेपे सो हमारी जमाखरच करलीजो १०३२॥) श्री मम्बईखाते भाई गणेशदास ठाकुरदासका जमा हमारे घरु मिती सावण सुदी १० हुंडी १ रु १०००Jश्री जेपुरकी तुमा हमारे पाते श्रीजेपुरना गणशदास नारायणदासना भेजी सुपरामगंभीर- मल उपर लपी श्री मम्बईतूं गणेशलाल सो भागमलकी रापा तुमारे पास मिती सावण सुदी १० थी दीन ५१ पीछे माहाजोग रु. हुंडी चलण प्रत १०३॥Jलपे चिट्टी तुम्हारी सावण सुदी ११ मूंजमापरच किना. पाना ७४. १०००J श्रीजेपुरपाते गणेशदास गणेशदास नारायणदासके लेपे । हमारे वरु मिती आसोज सुदी १ हुंडी १ Jजे- (१७) विद्याज्ञानप्रकाश। पुरकी हमारे पाते मम्बर्डसं भेजी पाना ७५ ३२॥ श्रीहुंडावण पाते लेपे पाना८० 10 श्री। १॥ सिधश्री मंदसौर शुभसुथाने भाईगणेशदास पुनमचद जोग श्रीमम्बई बंदग्सं लिपतु गणेशलाल सोभागमलको जोहार वांचजो उपरच हुंडी १ रु १००० अपरे रु एक हजारकी नेमे रु. पांच- सोहोका देवणा पुरा इठे रापा गणेशदास सिवपरसाद रतलामवाले पास मारफत गणेशदास ठाकुरदासकी मिति सावणवदी १ दीन ५१ पीछे साहाजोग रु हुँडी चलणका दीजो संमत १९२९ सा- वण वदी १ चिट्टी मम्बईकी मिति सावण वदी २ की गणेशदास ठाकुर- दासकी आई. १००० ) हुंडी श्री मंदसोरकी तुमारे पाते तुमाना भेजी सो इणचिट्ठीमधे सारलीजो प्रत ७९॥J लेपे हमारी जमा करजो. १०००J श्रीमंदसोरपाते भाई पेतसीदास गोविदरामके लेपे । हमारे घरु मिती भादवासुदी ७ हुंडी १ श्रीमंदसोरकी लेणी भेजी, गणेशदास पुनमचद उपर लिपी श्रीमम्बई मुं गणेशलाल सोभागमलकी रापा हमारे पास मारफत गणेशदास ठाकुरदास मम्बई वालेकी मिती सावण वदी ३ थी दीन ५१ पीछे साहाजोग रु हुंडी चलणका पाना ७२. J (४८) विद्याज्ञानप्रकाश। ७९६।। श्रीमम्बई पाते गणेशदास ठाकुरदासका जमा हमारे घर मिति सावण वदी १ हुंडी रु १०००J श्रीमंदसोर की हमारे पाते तमा भेजी प्रत ७९॥=J लेपे सो चिट्ठी तुमारी सावण वदी २ सूं जमाप- रच किनो. पाना ७३. २०३॥ श्रीहुंडावण पाते जमा पाना ८० १॥ सिधश्री सवाई जेपुर शुभसुथाने भाई सुपरामजी गंभीर- मलजी जोग श्री रतलामसू लिपतु मगनीरामजी बभुतसिघजीको जोहार वांचजो उपरंच हुंडी १ रु १००० अपरे एकहजारकानीमे रु० पांच सोहोका देवणा पुरा उठेरापा गणेशदास शिवप्रसाद पास मिती भादवा वदी १० थी दीन २१ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका दीजो संमत १९२९ सावण वदी १० चिही मम्बईकी गणेशदास ठाकुरदासकी मिती सावण सुदी १ की आई जणीमें समाचार इणभांत. १०००Jहुंडी जेपुरकी भेजी सो पूगीछे प्रत १०३७ वटाईछ सो सावण सुदी १ की मितीरी हमारे नामे मांडजो. १००० भाई मगनीरामजी वभुतसिंघजीका जमा मिति सावण वदी १० हुंडी १ रु. १०००J श्री जेपुरकी तुमारी लिनीसुवराम गंभीरमल उपर लिपी इठासू तुमारी राषा हमारे पास मिती सावन वदी १० थी ।
(४९)
विद्याज्ञानप्रकाश।
दीन २१ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका प्रत ३० लेपे
पाना ७८.
१०३५) श्रीमम्बई पाते भाई गणेशदास ठाकुरदासकेलेपे हमारे
वरु मिति सावणसुदी १ हुंडी १ रु १०००J श्री
जेपूरकी तमाना वटाणी भजी सो तुमांप्रत १०३॥
लेपे वटाई सो चिट्ठी तुमारी सावण सुदी १ सूं नावे
मांडा पाना ७४.
३५) श्रीहुंडावणपाते लेपे. पाना ८१.
०॥
.
और हुंडी देसावर की वटावणी आवे जणेनां रात दनसुं
वटावणी रातदन जणे देसावरकी हुंडी होवे और उणे देसावरका
दन उठे पडता होवे जतरा लपीमितीसूं रापदेणे अने उपरा दन
जादा हुंडीमे होवे तो लपी मितिमाहे हुंडी देणीजणेने भरदेणा तथा
दीन हुंडीमे लपी मितीमूंकमती होवेतो हुंडीवेचणी जणेसू भरलेणा
कदास दनाको व्याज भाव माहे करलीनो होवे तोजणदन सब दो
हुंडीको करनो जणी मितीका नावे मांडणा कदास भाव माहे नई
भरलेवैतो लपी मितीसूं दन काटणे नावे मांडणी सो व्याजपातेमें
आई जावे
अणेभांत नकल नग ८ तुमारे घर की?
१ हुड़ी देसावर वाल आपकी पुसीसू करें.
२ दूजे देसावा आपणे उपर करावे.
(५०)
विद्याज्ञानप्रकाश।
३ देसावरवालो आपनी लेहेणी भेजै.
देसावर वालो दूजे देसावर भेजावै.
देसावरकी वटावणी भेजै.
आपके देसावरकी मॅगावै आपके घरु.
देसावरकी आपरे घरु करावै.
आपणी नेसाणीकी दुजे देसावर उपरे करै.
आणि भांत विगतछै.
हुंडी आपणे उपर देसावरवालो तमारे घरु किनी जणीरी.
१॥ सिधश्री रतलाम शुभसुथाने भाई गणेशदास शिवप्रसाद
जोग श्री मम्बई वंदर लपत गणेशदास ठाकुरदासका जैगो-
पाल वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० ) की अपरे रु.
एक हजारकी निमे रु. पांचसोहोका दुवणा पुरा अठे रापा
माई गणेशलाल सोभागमलपास मिती आसाडसुदी ११ थी
दिन ५१ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका संमत १९२९
आसाड सुदी ११
१००० श्री मम्बई पाते भाई गणेशदास ठाकुरदास को लेपे
तुमारे घरु मिती भादवा सुदी २ हुंडी १ हमारे उपर
लिपी तुमारी रापा गणेशलाल सोभागमल पास मिती
आसाडसुदी ११ थी दीन ५१ पीछे साहाजोग रु. हुंडी
चलणका. पाना ७१.
१०००J मगनीरामजी बभुतसिंघजीना जमा मिती
भादवासुदी २ पाना ७८. काकी
विद्याज्ञानप्रकाश।
(५१)
निसाणी तुमारे धरु
मांडजो.
श्री।
सिधश्री मम्बई बन्दर शुभसुथाने भाई गणेशदास
ठाकुरदास जोगश्री रतलाममूं लिपतु गणेशदास सिवप्रसाद
को जैगोपाल वांचजो उपरंच हुंडी १ रु १०००J अपर
एकहजारकी निमे रु. पांचसोहोका दूवणा पुरा इठे रापा
भाई मगनीरामजी बभुतसिंघजी पास मिती भादवा वदी
१३ थी दीन ४५ पीछे साहाजोग रु हुंडी चलणका सनद
दरसनदकी जाव देवे जणी धणी जोग दीजो सम्मत १९२९
भादवा वदी १३.
चिट्ठी मम्बईमा
मम्बईमां गणेशदास ठाकुरदासना मिती-
भादवा वदी १४ संमत १९२९ के लपीजणीमे समा-
चार १०००Jहुंडी श्रीमम्बईकी तुमा तुमारे पाते कराई सो प्रत
२४॥U लेपेकिनी रापा मगनीरामजी वभुतसिंघपासे
भादवा वदी १३ दीन ४५ पीछे इसी लपी.
१२४६॥ भाई मगनीरामजी बभुतसिंघजीके लेपे मिती भादवा
वदी १३ हुंडी १ रु १०००) की मम्बईकी तुमाना
दिनी गणेशदास ठाकुरदासउपर लपी इटासूं. पाना
७८ हमारी रापा तुमारे पास मिती भादवा बदी १३
थी दीन ४५ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलनका सनद
.
(५२) विद्याज्ञानप्रकाश दरसनदका जबाव देजणे धनी जोग प्रत २४॥=J १२४५) श्रीमम्बडपाते भाईगणेशदास ठाकुरदासके जमा तुमारे घरु मिती भादवा वदी १३ हुंडी रु. १००० श्रीमम्बईकी तुमारे पाते तुमारे उपर किनी प्रत २४॥पे पा. ७२ 210 श्री हुंडावणपाते जमा. पाना ८० याहुंडी देसावरवालो आपना उणीके साते लेणी भेजीतीकी १॥ सिधश्री रतलाम शुभसुथाने भाई मगनीरामजी ब- भुतसिंघजी जोग श्रीमम्बईतूं गणेशलाल सोभागमलका जोहार वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० अपरे रु. एक हजारकी निमेरु, पांचसोहोका देवणा पुग इठे रापा. भाई गणे- शदास ठाकुरदास पास मिती आसाड सुदी ८ थी दीन ५१ पीछे साहाजोग रु. हुंडीचलणका सनद दरसनदको जबाब दे जणे धणी जोग सिकारजो संमत १९२१ आसाड सुदी ८ १०००) भाई मगनीरामजी बभुतसिंघजीके लेपे मिती भादवा वदी १४ हुंडी २ तुमारे उपर लपी श्रीसम्बईतूं गणेश- लाल सोभागमलकी गपा गणेशदास ठाकुरदासपास मिती आसाड सुदी ८ थी दीन ५१ पीछे साहाजोग रु. १ हुंडी चलणका सनद दरसनदको जवाब देवे जडी जोग. पान ७८. १००० श्रीमम्बईपाते भाई गणेशदास ठाकुरदास- विधानानप्रकाश। का जमा तुमारे घरु मिती भादवा वदी १४ हुंडी श्रीरतला- मकी लेणीआई पाना ७. हुंडी दिसावरवालाके पाते दूजे दिसावर सुं भेजावे जनकी. १॥ सिधश्री रतलाम शुभस्थाने भाई धनरूपमल राजमल जोगश्री अजमेरमूं लिपतृ धनरूपमल बागमलको जोहार वांचजो उपरंच हुंडी १ रु १००० Jआपरे रु. एकहजारकी निमे रु पांचसोहोका दूणा पूरा अठे राप्या गणेशदास ठाकु- रदास मम्बईवाला पास मारफत भाई हसराज गंभीरचंदकी मिती सावण सुदी १५ थी दीन २१ पीछे साहाजोग रु हुंडी चलणका दीजो १०००J धनरूपमल राजमलके लेपे मिती भादवा सुदी ६ हुडी १ तुमारे ऊपर लपी श्रीअजमेग्मं धनरूपमल बाग- मलकी रापा गणेशदास ठाकुरदास श्रीवम्बईवाले पास मारफत हंसराज गंभीरचंदकी मिती श्रावण मुदी १५ थी दिन २१ पीछे साहाजोग रुपैया हुडी चल- णका, पाना ७९. ३००० श्रीवम्बई पाते भाई गणेशदास ठाकुरदासका जमा तुमारे घरु मिती भादवा सुदी ६ हुंडी रतलाम की तुहारे पाते श्री अजमेग्मूं मगज गंभीरचन्दने भेजी पाना ७२ (५४) विद्याज्ञानप्रकाश। श्री । हुडीयेची सवाईराम हिंमतराम गणेशदास ठाकुरदास जोग मार्फत हंसराज मेघराजकी रतलाम माह बेची गणेशदास शिवप्रसाद सिव । लाल मोतीलाल जोग, . श्री ॥ सिधश्री मम्बई बंदर शुभमुस्थाने भाई सुरतराम राय- भाणजोग श्रीसवाई जैपुरसूं लिपतू लिछमणदास सिवप्रसा- दको जैगोपाल वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० । अपरे रु. एक हजारकी निमे रुपैया पांचसोहोका दूणा पूरा आठे राख्या' सवाईराम हिंमतराम पास मार्फत पदमसी तेजसीकी मिती भादवा वदी १ थी दिन ५१ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका. दीजो. या हुंडी मम्बईवालाके पाते इंदोरसूं आई सो वटाई जिणकी नकलछै. १२६५॥ भाई शिवलाल मोतीलालके लेपे मिती भादवा सुदी ७ हुँडी रु. १०००) श्रीमम्बइकी तुमाने दीनी सुरतरामगयभान उपरा लपी श्रीसवाई जेपुरतूं लछमणदास सेवादासकी पाना राषा सवाईराम हिंमतराम पास मारफत पदमसी तेजसी की भादवा वदी १ थी दिन ५१ पीछे साहाजोग रु.. . - विद्याज्ञानप्रकाश। (५५) हुंडी चलणका भाव प्रत २६॥-J मिती याको व्याज भावमें लिनो. १२६५J श्रीमम्बई पाते गणेशदास ठाकुरदासका जमा तुमारे घरू मिती भादवा सुदी ७ हुंडी १ रु. १००० । श्रीमम्माईकी तुमारे पाते श्रीइंदोर . हंसराज मेघराज भेजी सो भावप्रत २६॥ गई मिती सुधी वे- टाई सो तुमारी जमा किनी. पाना ७६ Jश्रीहुंडावणपाते जमा. पाना. ८१. ॥ १॥ सिधश्री मन्दसोर शुभसुथाने भाई गणेशदास पुनम- वन्द जोग श्रीइंदोरसूं लपतु गंभीरचन्द लपमीचन्दको जु- हार वंचजो उपरंच हुंडी १ रु १०००) अपरे रु. एकहजार की नेमे रु पांच सोहोका दूणा पूरा इठे रापा हंसराजमे- वराज पास भादवा वदी १ थी दिन ५ पीछे साहाजोग रु. हुडी चलणका या हुंडी देसावरवाले वटाणी भेजी जिणाकी नकल छे. २९६ श्री इंदोरपाते भाई हंसराज मेघराजका जमा तु- मारे घरु मिती भादवा सुदी ७ हुंडी १ रु. १०००) श्रीमन्दसोरकी तुमां बटाणी भेजी गणेशदास पुनम- चन्द ऊपर लिपी श्रीइंदोरसूं फत्तेचन्द सेवगकी राष्या तुमारे पास भादवा वदी १ थी दिन ५ पीछे प्रत ९९॥J लेपै गई मितीकी वटाई सो जमा किना पाना ७७ 10 (५६) विद्याज्ञानप्रकाश। १०००। श्रीमन्दसोर पाते भाई पेतसीदास गोविन्दरा- मकै लेपे हमारे घरू मिती भादवा सुदी १०. हुंडी १ श्री मन्दसोरकी लेणी भेजी. पाना. ७५ ३) बादश्री हुंडावण पाते जमा. पाना ८१. ९९६) वाकी परा. या हुंडी देशावर वालेके पाते मोलले के भेजीतको. १॥ सिधश्री मम्बई शुभमुथाने भाई गणेशलाल सोभाग- मल जोग श्रीरतलाम लपतु मगनीराम वभूतसिंघको जुहार वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० ) अपरे रु. एकहजा- रकी नेमे रु. पांचसोहोका दूणा पूरा इठे राण्या गणेशदास ठाकुर- दास मम्बई वाला पास मारफत गणेशदास शिवप्रसादकी मिती भादवा सुदी ७ थी दिन ४५ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका सनद दरसनदको जबाव देजिणधणी जोगदीजो. चिट्टी श्री मम्बईने गणेशदास ठाकुरदासनै दिनी मिती भादव मुदी ८ जणमैं समाचार इणभात लिष्या १००० हुंडी १ श्री मम्बईकी तुमा तुमार घरू मंगाई सो इणी चिट्ठी मधे सार लीजो प्रत २५= Jलेपे हमारी जमा करजो १२५६।। श्रीमम्बईपाते भाई गणेशदास ठाकुरदासके लेपे तुमारे घरू मिती भादवा सुदी ७ हुंडी १ रु. १०००) श्रीमम्बईकी तुमारे पाते तुमाने भेजी गणेशलाल सोभागमल ऊपर लपी उठायूं मगनीराम वभुत- सिंघकी रापा तुमारे पास मार्फत हमारी मिती विद्याजानप्रकाश। (५७) भादवा सुदी ७ थी दीन ४५ पिछे साहाजोगरु हुंडी चल- णका सनंद दरसनंदको जाव दे जिण धणी जोगसिकारजो प्रत २५ पाना ७२ १२५५ ) भाई मगनीराम बभूतसिवका जमा मिती भादवा ०॥ मुदी ७ हुंडी १ रु १००० ) श्री मम्बईकी तुमारी लीनी प्रत २५ लेपे पाना ७८ 10 श्री हुंडावण पाते जमा. पाना ८१ ०/- या हुंडी देसावर वालो आपणी निसाणीकी दृजे देसावर उपर करी निसाणी श्रीरतलामपाते गणेशदासशिवप्रसादके पाते मांडजो . श्री १॥सिधश्री मम्बई शुभस्थाने भाई हंसराज मेवराज जोगश्री इंदोर लिपतु गणेशदास ठाकुरदामको जैगोपाल वाचजो उपरंच हुडी १ रु. १००० ) अखरे एकहजारकी नेमे रु पांचसो- होका दूणा पूग इठे रापा भाई गणेशलाल सोभागमल पास मिती भादवा सुदी ७ थी दीन ४५ पीछे साहायोग रु हुंडी चल- णका दीजो संमत १९२९ भादवा सुदी ७ चिट्ठी १ श्री मम्बईकी गणेशदास ठाकुरदासकी (५८) विद्याज्ञानप्रकाश। मिती भादवा सुदी ७ की आई जिणमें समाचार इण भात. १००० Jटुंडी १ श्री इंदोरकी तुमारी निसाणीकी हंसराज मेघराज ऊपर कीनीछे सो सिकरावणेका समाचार इंदोरनें लिप दीजो राष्या भाई गणेशलाल सोभागमलपास मिती भादवा सुदी ७ थी दिन ४५ पाछ. १२६५ ) श्रीमम्बईपाते भाई गणेशदास ठाकुरदासके लेपे तुंमारे घरु मिति भादवासुदी ७ हुंडी १ रु. १०००) श्री इंदोरकी तुमा हमारी निसाणीकी कीनी हंसराज मेघराज ऊपर लिपी तुमारी राष्या गणेशलाल सो- भागमल पास मिती भादवा सुदी ७ थी दिन ४५ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका प्रत २६॥ J पाना ७२ १००० श्री इदोरपाते भाई हंसराज मेघराजका - ०॥ जमा हमारे वरु मिती काती - वदी ७ हुंडी १ तुमारे ऊपर हमारे पाते श्रीमम्बईसू गणेश- दास ठाकुरदास कीनी सो जमापरच कीनो.' पाना ७६ २६५) श्री हुंडावणपातेजमा. पाना ८१. ०॥ या हुंडी एक जिसमें दो निसाणी होती हैं सो आधी हमारे घरू और आधी तुमारे घरू मंडतीहै सो उसका जमावरच इसतरहसे वहीमें मांडना.
विद्याज्ञानप्रकाश।
(५९)
श्री
। हुडी रु ५०० ) तुमारे धरू नामे माडजो.
हुढी रु ५००) हमारे घरू नामे मांडजो.
१॥ सिधश्री मम्बई बंदर शुभसुथाने भाई गणेशदास ठाकु,
रदास जोग श्रीरतलामसूं लिपतु गणेशदास शिवप्र.
सादको जैगोपाल बांचजो उपरंच हुंडी १ रु
१००० । अपरे
रु एक हजारकी निमे रु. पांचसोहोका दूणा पुरा इठे राष्या भाई
गणेसदास किसनाजी पास मिती भादवा सुदी ७ थी दिन
४५ पीछे साहजोग रु हुंडी चलणका सनंद दरसनंदको जवाब
देजिण जोग संमत १९२९ भादवा सुदी ७ रु. १२५१
भाई गणेशदास किसनाजीके लेपे मिती भादवा सुदी ७ हुंडी
१ रु. १०००J श्रीमम्बई की तुमाने दीनी गणेशदास
ठाकुरदास ऊपर लिपी इठासं हमारी राप्या तुमारे पास
भादवा सुदी ७ थी दिन ४५ पीछे साहाजोग रु हुंडी चलणका
सनद दरसनदको जवाव देजिण जोग प्रत २५-३ पाना ७९.
५००Jश्री मम्बई पात भाई गणेशदास ठाकुरदासका जमा
हमारे घर काती वदी ७ हुंडी १ रु १०००J तुमारे उपर
कीनी जिणमधे रु. ५००। हमारे घर मांडजो पाना ७४
(६०) विद्याज्ञानप्रकाश। ६२५) श्रीमम्बई पाते गणेशदास ठाकुरदासका जमा तुमारे घरू भादवा सुदी ७ हुंडी १ रु. १००० ) की तुमारे ऊपर किनी जिण मधे रु. ५००J तुमारे घरू मांडी प्रत २५ लपे. पाना ७७. 이 १२६।। श्री हुंडावणपाते जमा. पाना ८१. १२५१॥ श्री । सेरे निसाणी रु ५००) की तुमारे घरु मांडजो । सेरे निसाणी रु. ५००) हमारे घरू नावे मांडजो १॥ सिधश्री रतलाम शुभमुथाने भाई गणेशदास शिवप्र- साद जोगश्री मम्बईसं लिपतू गणेशदास ठाकुरदासको जेगो- पाल वांचजो उपरंच हुंडी १ रु. १००० ) आपरे रु. एक हजारकी नेमे रु. पांचसोहोका दूणा पूरा इठे रापा गणेशलाल सोभागमल पास मिती सावण सुदी १ थी दिन५१ पीछे साहाजोग रु. हुंडी चलणका दीजो संमत १९२९ मिती सावण सुदी १ दुडीके पुठे हुंडी सहीकरा ५०० सहीकरी ठाकुरसीतेजपाल जोग - विद्याजानप्रकाशा (६१) 1 इण हुडीका रु० ५०० Jठाकुरसी तेजपाल भरपाया. ५०० सहीकरी निमाजी पेमगजजोग. | इण हुंडीका रु. ५००J निमाजी पेमराज भरपाया TA । हुण्डी १ रु. १००० श्रीरतलामकी श्रीमम्बई सूं गणेश- दास ठाकुरदासकी रापा गणेशलाल सोभागमल पास सावण सुदी १ थी दिन ५१ पीछे सहाजोग हुँडी चलणका. ५०० ) हुंडी उपर सेरे नेसाणी गणेशदास ठाकुरदास मम्बईवालेके घरु ५००Jश्रीमम्बईखाते गणेशदास ठाकुरदासके 10 लेपे तुमारे घरु मिति आसोज वदी ६ हुंडी १ रु. १००० जणमधे रु. ५००J निसाणी तुमारे घरू मांडी. पा.७६ ५०० । हुंडी उपर सेरे निसानी हमारे घरू. ४००J श्रीमम्बईपाते गणेशदास ठाकुर- दासके लेपे हमारे घरु सावण सुदी १ हुंडी १ रु १००० मधे रु.५००J की हमारे पाते किनी प्रत लेपे चिट्टी तुमारी सावण सुदी सूं पाना ७४ मा .
(६२)
विद्याज्ञानप्रकाश।
१००J हुंडावणपातेलेपेपाना
01
१०००।
५०० । ठाकुरसी तेजपालका जमा आसोजवदी
। हुंडी १ रु. १०००३
हमारे ऊपर आई जिण मधे रु. ५०० ) तुमारे जो
सिकारी पाना ८०
५०० । नेमाजी पेमराजका जमा मिती आसोज वदी
हुंडी १ रु १०००)जिण मधे रु.५०० ) तुमारे जो
शिकारी पाना ८०
१०००J
। यो जमापरच सीगेवालो छ। चिट्ठी देसावरकी आवेर
श्री।
। सिधश्री रतलामशुभसुथाने भाई गणेशदास शिवप्रसा
जोग श्री तालसू रामजी कालूरामको जैगोपाल वांच जो अठा
समाचार भला छे थारा सदा भला चाहिये उपरंच कागद
तथा ४ आमैं दीनाछा सो पूगा लिखजो और समाचार
वांचजो सम्मत १९२९ सावण सुदी १
1 और चोकारा थेला नग ५ बंधाई दीजी और थेलानग
भाव सारू बेंच दीजो.
१०००Jहुंडी २ तुमारी निसानी की इंदोरकी हसराज में
घराज उपर किनी छै राप्या विट्ठलदास सुभकरणदास
विद्याज्ञानप्रकाश। (६३)
पास सावण सुदी १ थी दिन १५ पीछे सो सिकारदेवणेकी
लीपदीजो.
चिट्ठी पीछी दिसावरकी आवे जिणको जबाब इणभांत लिखणा.
सिधश्रीतालशुभसुथाने भाई रामजीकालूराम जोग श्रीरतला
मसू लिखतु गणेश शिवप्रसादको जैगोपाल वांचजो अठाका
समाचार भला छै तुमारा सदा भला चाहिजे उपरंच कागद
२ तथा ४ आगै दीनाछ सो पूगा लिपजो.
। और कागद तुमारो सावण सुदी १ को लिष्यो सावण मुदी ३
ने आयो समाचार लिण्या सो बांच्या कागद हमारो पूगो
लिष्यो सो ठीक छै जठा पीछे फेर दीनो छै सो पूगो लिपजो.
। और अफीमका थेला नग ११ भेजा सो पूगाछे.
थेला नग ५ तुमारा लिष्यां मुजब बंधाय दीनाछै
जिणकी गोटी नग १५५० हुई छै चीक मण २८
अठाका तोलरो उतो छै.
। और थेला नग ६प्रत ४४ लेपे काचासू बेचासू बैचा
छै सो जाणजो.
१००००Jहुंडी श्रीइंदोरकी किनी सो सिकारदेवणे की लिप
दीनी छै सो प्रत २६॥ ) लेपे हमारा जमा करजो.
३ संमत् १९२९ सावण सुदी ५ फेर दिसावरांका भाव
होवे सो लिपणा.
अफीम बंधायो जिणको वधाईको परच नामें इसतरे
से देसावरखालेके नामे मांडणो.
-
(६४) . विद्याज्ञानप्रकाश।
९९||Jश्री ताल पाते रामजी कालूरामके लेपे तुमारे घरु
सावण मुदी ५ चीकरा थेला नग ५ तुमारा बंधाया
जिणकी बंधाई परचका चीक मण २८॥ ऊपर जिण
का वोजा नग ४ का परचका नावे मांडा. अब
सिरस्ता वोजाका १ का १३ से लगात १६॥
तकका है, पाना७७.
९) तेल मण १॥ प्रत ६ बोज १ लारे सेर
30J= Jपाली पासीमण १॥ प्रत १५ वोन
१लारे रु. १५
६) पाली आपी माणी १ । प्रत ६ वोज १
लारे मण २
४२ वधाई तथा फिराई तथा आदमीको रोजगार
मालरे पास सोमेजणीको मास ४ का उथा माल
बंध जणेका थणी गौल तथा फेराईको मुंगडा तथा
'तमापू माजमवगेरेके परचा मण २८॥U का प्रत
मण १ लारे प्रत १॥ उघडा.
,
moet
५९|| J वलता श्री आफीमके परच पाते
जमा पाना, ८१
अफीमकी गोटी दिसावरवालाकी वेची जिणको जमा-
परच इसी तरेसे करणो,
५५०५
|| भाई वगसीराम मंगलचंदके लेपे मिती काती
सुदी १ आफीमकी वटी मण २३। Jपरी प्रत
५९॥ Jलेपे परासू ताल वालाकी तुमानै दीनी
विद्याज्ञानप्रकाश। (६५) जिणका नामे मांडा हस्ते दलाल रुघजी कोठारी तथा नायलचंद वागडो पाना ७९. ५४१५॥श्रीतालपाते भाई रामजी कालूराम- का जमा तुमारे घरू मिती काती सुदी १ आफीमकी बट्टी मण. २३।१= परेसो प्रत ५४J परासू तुमा- री बेची सो तुमारा जमा की- ना पाना उतार भजो. ५४९३॥0 असल बट्टी- मण २३J 9%3.प्र- त ५९ लेपे जणी का पाना.७७ ७८=Uबाद परचका. २७||Jआडत रु.५४९३॥1)की प्रत Jसत १ |||-J दलाली का मण २३। प्रत-J धडी १ लेपे. EJघरमादाय प्रत -Jमण १ लारे २% आफीमको खरच परचुणमा- । लवाला लेवालका तथा छोक- राका प्रतना मण १ ३६॥=U .
(६६); विद्याज्ञानप्रकाश। ४१हासलमण ३० काम- त Jलेपे थेलानग ५ प्रतथेला १ मण ६ ७८=U ५४१५॥ वाकी खरा. ३९-॥ श्री आडतखाते जमालेवाल पास वेचवाल पास. 1 १॥२७DUपाना ८१J ५॥ श्रीदलालीखाते जमा. 9U श्रीधरमादापाते जमा. 01. ११U श्रीहासलखाते जमा. पाना ८१ पाना ८२ पाना ८२ पाना८१ २J श्रीआफीमकेखरचखाते जमा. ५५०५॥ । अमलको चीक दिशावरवालेको दो धणीने बेचणो जि- णको जमाखरच इसतरह काढणो. । मिती सावण सुदी ५ चीक मण ३४। तालवाला रामा- नी कालुरामको प्रत ४३॥॥ लेपे खराझू बगसीराम मंगल चन्दनें तथा ठाकुरसी उदेराम बेचो हस्ते दलाल रुघजी तथा धरमचन्द. २९८३॥ भाई ठाकुरसी उदेरामके लेपे चीकमण १७ प्रत ४३॥ J लेपे परेतूं तुमानै दीनो छै जणीका सावण सुदी ६ प्रत ७९
विद्याज्ञानप्रकाश।
(६७)
३०२७=J भाई बगसीराम मंगलचंदके नामे सावण
मुदी ५ चीकमण १७ प्रत ४३॥ ) लेखे
तुमाने दीनो जणीका पाना ८०
५९००।-॥ श्री तालखाते रामाजी कालूगमका जमा तु-
मारे घरू सावण सुदी ५ चीकरा थेला नग ६
तुमारा बेच्या जणको चीकमण ३४ परापत
४३॥ लेखे वेच्यो जिणका जमाखरच कीना
ऊपनाको पानो १ उतार भेज्यो. पाना ६५
५९९३॥ अमल चीकरा
९३१वादपरचका
३Jआडत रु.५९४३ प्रतासित
८||-J दलाली मण ३४। प्रत।। ६
४९) हासलमण ३६ का थेला
प्रत १=Jमण १
३॥ आफीमके खरच छोकराव
माल खरीदनेवाला वगैरे मण
१ प्रतदेढ-U
२=Jधरमादो मण ३४१ का
प्रतमण १
५९००1-Jवाकी परापरे
।।
(६८) विद्याज्ञानप्रकाश।
४७-10 श्री आडतखाते जमा बेचवालपास लेवालपास
1
पाना ८१३०१७%DJ
४९)श्रीहासलखाते जमा पाना ८२
이
८॥-Jश्रीदलालीपाते जमा पाना ८१
०
३॥ श्रीअफीमके परचपाते जमा. पाना ८१
o1
२=Jश्रीधरमादायपाते जमा. पाना ८२
०॥
६०१०॥3
॥ विगत पातो पताणेकी को जो पातो इसमुजब इणी विगत
मुं पतावे तो हिसाब देशावरने भेजै तथा और किसी दुकानदार
हिसाब करे तो और वहां देषणेको काम पडे नही पातेसं देपने
सब काम होई जावे.
विगत रकम देशावरकी पतावे जिसकी.
। हुंडी लेणी भेजां तथा लेणी आवे तथा वटाणी भेजां तथा
वटाणी आवे जिणमें विगत इण भात करणी नकल होवे
तो नकलको पानो करणो रोकड होवे तो रोकडको पानी
करणो मिती करणी हुंडी भेजी तथा आई होवे तो करणी जणी
उपरा होवे तो औ आसामीको. नाम लिपणो लिपी मिती होवे
सो करणी तिथी दिन करणा भाव होवे तो करणो इणी भांत
हुंडीको देशावर पातो पतावणो.
हुडी आपा करा तथा करावा तथा देशावरवालो करें
तथा करावे जणकी नकलतथा रोकड होवे जणे को पाणो करणो
विद्याज्ञानप्रकाश। (६९)
ती होवे सो करणी हुंडी उपर होवे सो करणी, राषा
। करणा मितीलपी करणी तथा दीन होवे सो करणो
व होवे तो करणो जितनी विगत नकलमें होवे सो सब
तामें करणी फकत धणीको नाम नही करणो सो नामपा-
में होवे जछे जणेसं
और देशावर सूं माल मंगावा तथा भेजा तथा उणीको
बेचवा वास्ते आवे जणीकी विगत पातेमे इस तरे-
हसू करणी
माल जिनस कपडो वगैरे मॅगाई जिसकी.
रु. का अंक और नकलको पानो मिती जो होवे सो
करणी रकम तुमा भेजी सो तुमारे लिपे मुजव जमा
किनी माल जिनस वगैरे देशावरवालोने आपणे पास परीद
मंगाई नकलको पानो रु. को आंक, करणे मिती होवे सो
करणी रकम तुमाना भेजी जणीरो पानी एक उतार
तुमाना भेजो जणी मुजब नामे मांडकर इतनी विगत
करणी और माल अमल वगैरे चीज देशावरवालों या वेचनेकू
भेजे सोनकलमे तोजमापरच विगतवार होवेछे पण देशावरके
तिमे इसमुजव विगत करणी.
नकल पाना मिती करणी कपडा तुमारो वेचो जण
ग उपनाको पानो तुमना उतार भेजो सो . जमापरच
.
जमा करणो मिती होवे सो करणी अमलको चीक होवे
1 , . (७०) विद्याज्ञानप्रकाश। तो चीक करणो वट्टी होवे तो बट्टी करणी मग 'गत, चेतावणीके माल मण इतनो तुमारो वेचो जलेको उह- माको पानो एक उतारभेजो इतनी विगत पातेमें करणी 1 और बजारको पातो पताणो जिसमें फकत रुपीयाको अंक और नकल होवे तो नकलको पानो और रोकडा होवे तोरोकडको पानो मिती होवे सो करणी जमा जे रकम होवे तो जमा पासे पताणी लेपे होवे तो लेपवास्ते पताणी और नकल रोकडको पानो तथा रु. को अंक तथा मिती सुवाय बजारु पातेमे दूसरो दापलो काई करणो नहीं फकत उपर लपो सो करणो. और माल जिनस वगैरे की रकम पताणी जिसकी विगत पा- तेमें इसतरे करणी. । माल अमल जिनस घरु लेवे उस पातेमे विगत इतनी करणी नकल तथा रोकड होवे जिसको पानो और रु. को अंक माल जिनस मण होवे तो मण करणा और नग होवे तो नग करणा और कुछभी करणो नही और माल जिनस किसीकी पाती पाते लेवे उसकी विगत इसतरे पातेमे पताणीके रु. को अंक और · नकल रोकडको पानो होवे सो और मिती होवे सो मण होवे तो मण करणा और 'नग होवे .तो नग करणा, सो पाते सो माल जिनसकी झडती मिलजावे और पाती दारको व्याजपण पातपै जड जावे और वही देपणको कामकरें नही सो इसतरेसे रकम पातेमें उपर लिपे मुजब पताणी - विद्याज्ञानप्रकाश। (७१) और परच का पाता व व्याज तथा वटा तथा, दुसरा पे- रीच सहा वगैरे हुंडावणका पातेमें विगत इसतरेसे क- रणी के नकल तथा रोकडको पानो रु.को अंक और कांईबी करणो नही और सीरकार वगैरे चागीरदार का पाता होवे तो इसतरेसे पातामे विगत करणी विगत लेप पासे जो रकम होवे जणीकी नकल तथा | रोकडको पानो होवे सो करणो रु. को अंक करणो मिती होवे सो करणी चिट्ठी १ आपकी आई जिसकी दिया जिसका नाम करणा तो पाते सो हिसाव होय जावे नही तो सब वहां देपणी पड़े । विगत जमा पासे जो रकम होवे उसकी पातेमें इसमु- जब करणीके नकल तथा रोकडको पानो और रु. अंक मिती होवे सो करणी और जिसने रु. में भरे जिस ध- णीका नाम करणाके आपके बदल जिसने भरा होवे उसका नाम करणाके भरेसो जमा कीना पावती १ लिपदिनी. मिसल तुमारे घरु १॥ पातो १ श्री मम्बईपाते भाई गणेशदास ठाकुरदास सेती- लेखो तुमारे घरुरुप्या. १००१)नकलपान ५२भादवा १००० नकलपान ५० भादवा वदी १४ हुण्डी १ रतला सुदी २ हुंडी १ हमा (७२) विद्याज्ञानप्रकाश। मकी लेणी आई मगनी-1 उपरालिखी तुमारी रापा राम बभूतसिंघ उपर आ गणेशलाल सोभागमल- साढवदीदीन५१ पीछे. पास आसाढ सुदी ११ १२४५)नकलपान ५२ भादवा थी दीन५१ पीछे. बदी १३ हुंडीरु१०००/१२५६ नकलपाना ५६ भाद- श्रीमंवईकी तुमारे खाते वासुदीपहुंडी १रु १०००० तुमारे उपरा लपीइठा मूं श्रीमुम्बईकी तुमारे पा- हमारी रापा मगनीराम ते तुमाना भेजी गणेश- बभूतसिंघ पास भादवा लाल सोभागमल उपरा वदी१३थी दीन ४५ पीछे भादवा सुदी ७ थी दीन १०००)नकलपान ५३ भादवा ४५पीछे. सुदीपहुंडी १ रतलामकी १२६५)नकलपान ५८ भादवा तुमारे खाते अजमेरसुं सुदीहुंडीरु. १०००) हंसराजगंभीरचंद भेजी श्रीइंदोरकी तुमा हमा- धनरूपमल राजमल उ री नेसाणीकी किनी है- परा सावण सुदी १५ थी सराज मेघराज उपरा- दीन २१ पीछे. लिपी तुमारीरापा गणे- शलाल सोभागमल ३२४५ पास भादवासुदी ७ थी दीन४५पीछे. प्रत २६॥ लेगया. . पातेर । धडप्रत ७५ 4 विद्याज्ञानप्रकाश। (७३) मिसल हमारे घरु ॥ पातो १ श्रीमम्बई पाते भाई गणेशदास ठाकुरदासको सेती लेपे हमारे घरु. । १००० नकलपान ४१ मिती ८०० )नकलपान४२आपाढसु- आसोज सुदी ९ हुंडी दी १९हुंडीरु १००० तुमारे उपर लिपी हमारी रतलाम हमारी हमारे रापा गणेशदासकिसना उपरा लिपी हमारेपा- जीपास भादवा सुदी ९ ते तुमारी रापा गणे- थीदीन ४५ पीछे, शलाल सोभागमल पास ८००Jनकलपान ४सावणव- आसाढ सु० ५ थीदीन दी ९हुंडी १रु १००० ५१पीछे प्रत ८० लेपे रतलाम की हमारे पाते चिट्ठी तुमारी आसाढ लेणी भाई मगनीराम सुदी ७ जी बभुतसिघजी उपर |१००० नकलपान ४३ आसो- सावण वदी थी दीन५१ जसूदी ९ हुंडी १ श्रीमु- पीछे. म्बईकी लेणी भेजी गणे- - ७९६ निकलपान ८सावणव- शलाल सोभागमल उपर दी १ हुँडी रु १००० लपी मिती भादवा वदी श्रीमंदसोरकी तुमा है- ९थी दिन ४५ पीछे मारे पाते भेजो गणेश-१०३५)नकलपान४५ सावण- दास पूनमचंद उपर सा वदी१०हुंडी रु १०००० वण वदी १ थी दीन ५१ जेपुरकी तुमा हमारे पा- पीछे ते किनी गणेशदास ठा- ।
(७४) विद्याज्ञानप्रकाश। ५०० नकलपान ९९कातीव- कुरदास उपरांरापानेण- दी हुंडी १ रु. १०००० सुप मुलतानचंद पास तुमारा उपरा लपी हमा- सावणवदी१०थीदीन५१ रीरापागणेशदास किस- पीछे प्रत १०३0 नाजीपास भादवा सुदी १०३५) नकल पान ४९ सावण ७ दीन ४५ पीछे जणम- सुदीप हुंडी रु.२००९ धेरु ५०० ) तुमागवलं जेपुरकी तुमाना वटाणी मांडा. भेजी सुपराम गंभीरम- १०३२॥ नकलपान ४६साव- ल उपर लिपी सावण ण सुदी १० हुंडी १ रु. वदी १०थी दीन २१ पीछे १००० कीजेपुरकी तु- प्रत १०३॥ तुम वटाई मे हमारे पाते जेपुरना तीरा. गणेशदास नारायणदास ४०० नकलपान६१सावण सु- ना भेजीसुपराम गंभीर- दी १ हुंडी १रु.१०००० मल उपर सावणसु० १० तुमारीलिपी सिकारी रा- थीदीन५१ पीछे प्रत३।) पा गणेशदास सोभागम- ल पास सावण सुदी १ दीन ५१ पीछे जणमधे रु.५०० तमारा घरु और रु.५००। हमारे घरु क- राई सो प्रत ८० लेपे तु मारी चिट्ठी सावण सुदी १ सुं. - -- विद्याज्ञानप्रकाश। (७५) १॥ पातो १ श्री जेपुर पाते भाई गणेशदास नारायणदासका सेती लेपे हमारे घर ov १००० नकलपान४५आसोज- १००० नकलपान ४६ आसो) वदी १ हुडी १ तुमारे ज सुदी १ हुडीश्रीजैपु- उपरा हमारे पाते श्री रकी हमारे पाते मुम्ब- मम्बईमुं गणेशदास ईमूं गणेशदास ठाकुरदा- ठाकुरदासकी रापा नेण स भेजी सुपराम गंभीर सुप मुलतानचंद पास मल उपरा लिपी मिती सावण वदी १ थी दीन सावण सुदी १० थी ५१ पीछे. दीन ५१ पीछे. १॥ पातो १ मंदसोर पाते पेतसीदास गोविंदरामके सेती लेपे हमारे घर १००० नकलपान ४७ भादवा सुदीपहुंडी १ श्रीमंदसो- रकी लेणीभेजी गणेश दास पुनमचंद उपर सावण सुदीपथी दीन ५१ पीछे १००० नकल पान ५६ भादवा सुदीप हुंडी १ श्रीमंद- सोरकी लेणी भजी गणे- शदास पुनमचंद भादवा वदी १ थी दीन पीछे.
(७६) विद्याज्ञानप्रकाश। ३॥ पातो १ श्रीइंदोरपाते हंसराज मेघराजको सेती हमारे घरु. -- १०००)नकल पान ५८ काती वदी ७ तुमार उपर लिपी हमारे पाते वम्बई सूं गणेशदास ठाकुरदा- सकी रापा गणेशलाल सोभागमल पास भादवा सुदीपथी दीन ४५ पीछे. मिसल देशावरु तुमारे घरु. १॥ पातो १ श्रीमम्बईपाते भाई गणेशदास ठाकुरदास तुमारे घरु. ३२१५)धडी जमाकोप्रत७१/३५२१। धडीलेपेके प्रत७१ सुलाया सूलाया. १२६५ नकल पान ५५भादवा ५०० नकलपान ६१ आसो सुदीहंडी रु.१०००३ वदी हुंडीरु. १०००) श्रीमम्बई री तुमारी पाते तुमारी लीपी सिकारी श्रीडदोरसूं हंसराज मेघ राज भेजी सुरतराम- रापा गणेशलाल सोभा- गमल पास सावण सुदी गयमाण उपरा भादवा वदी १ थी दीन ५१ १ दीन ५१ पीछे जण प्रत २६॥ गई मिती.
(७९)
विद्याज्ञानप्रकाश।
१॥ पातो १ धनरुपमल गजमलको.
१०००) रोकड पान८३भादवा १००० नकल पान५३भादवा
सुदी ७
सुदी ६
१॥ पातो १ शिवलाल मोतीलालको सेती
१२६५।- रोकड पान८४भा-/१२६५॥ नकल पान५४भा-
दवा सुदी ७
दवा सुदी ७
१॥ पातो १ गणेशदास किसनाजीको सेती लेपा.
३५०१ रोकड पान८४भादवा) १२५० नकल पान४०भादवा
२२५०
वदी।
वदी ९ भादवा मुदी ७/१२५१। नकल पान५९भादवा
१२५१
मुदी ७
१००० रोकड पान८३ भादवा
वदी १४
१॥ पातो १ वगसीराम मंगलचंदको सेती
८५३२॥ रोकड पान ९० ५५०५ नकल पान६५काती
३०२७%3D सावणसु-
सुदी १
दी १५ ३०२७%
-नकल पान६७सा-
५५०५॥ काती सु-
दी
८५३२/-U
वण सुदी५
(८०) विद्याज्ञानप्रकाश। १॥ पातो १ ठाकुरसी तेजपाल. ५०० नकल पान६२आसोज ५०० रोकड पान८४आसोज वदी६ वदी ६ ॥ पातो १ ठाकुरसी उदेरामको सेती लेपी. २९८३॥ रोकड पान८५सावण २९८३॥ नकल पान६६साव- सुदी १५ ण सुदी ५ १॥ पातो १ नेमाजी पेमराजको सेती लेपो. ५०० नकल पानदरआसोज ५०० रोकड पान८४आसोज वदी वदी६ मिसलपरच वगैरिके पाताकी ॥ पातो१ श्री वीरध. २॥) रोकडा पान ८५ 9 रोकड पान८६परच पातेर ८६ रोकडपान ८६ वीसीपरचका ॥ पातो १ श्री हुडावण सेती. नकल पान मेळ दीन १५ को नकल मेल दीन १५ को २५०)नकल पान ४१ २००Jनकल पान ४२ २०० नकल पान४४ २५०Jनकल पान ४३ ३५ नकल पान ५४ ३२Uनकल पान ४७ २०३0नकल पान ४८ १)नकल पान ५२
विद्याज्ञानप्रकाशा
(८१)
नकल पान ५५ २६५ नकल पान ४९
३॥ गकल पान ५६ १०० नकल पान ६२
नकल पान६७
८४७U
२६५ नकल पान ५८
१२६ नकल पान ६०
३५ नकल पान ४९
१०८६॥3
१७ रोकड पान ८६
॥ पातो १ आफीमको परच.
३७ रोकड पान ८४
२९॥नकल पान ६४
२%3110 नकल पान ६६
३)नकल पान ६८
१॥ पातो १ श्रीआडत सेती
३९-11 नकल पान ६६
१७-11)नकल पान ६८
१॥ पातो १ श्रीदलाली सेती
। ५|| नकल पान ६६
८||-Jनकल पान ६८
६
(८२)
विद्याज्ञानप्रकाश ।
॥ पातो १ श्रीहासल सेती
४१ नकल पान ६६
६८) रोकड पान ८५
४९॥ नकल पान ६८
९०11U
१॥ पातो १ श्रीधरमादायसेती
DUनकल पान ६६
२-नकल पान ६८ १ रोकड पान ८६
१ पाता १ श्रीसकराई परपाईसेती.
।
-
॥ विगत कच्ची रोकड उतारणी जणोकी.
पेलां तो श्रीपरमेसरजीको नाम देणो पीछे मेलजर्ण
मितीसू सुरू करणो और जहांतक मेल होवे वो करणे
जितरा दीनाको मेल होवे सो करणो.
श्रीपरमेसरजी.
श्रीमहालक्ष्मीजी साहेछे संमत १९२९ मिती भादवा सुर्द
१सूं लगाईने मिती भादवा सुदी १५ सूधो मेल दीन १५ कं
कच्ची रोकडकोछ लाभ सुप घणो होईजो.
। श्रीमहालक्ष्मीजी भंडारभर-१३०० भाईमगनीरामजी बभूत
पूरहो.
सिंघजीके लेपे सा-
विद्याज्ञानप्रकाश। (८३) २११०१ श्रीपोतेवाकी वण वदी१०रोकडादीना १२४६ ) भाई मगनीरामजी सो मांडा पाना ७८ वभुतसिंघजीका जमा मिती भादवा बदी१३ १३०० ) रोकडा हस्ते रामरप. रोकडा आयासो जमा १२५० भाई मगनीरामजीबभु- तसिंघजीके लेपे मिती किना पाना ७८ १२४६) रोकडा हस्ते भादवा वदी ९ रोकडा दीनासोमांडा पाना७८ रामरप. १०० भाई मगनीरामजी भवु- १२५० रोकडा परपरा तसिघजीका जमाभादवा तुमारेवती सीवलाल मोतीलाल परपाया हस्ते वदी १४ रोकडा परपरा रामरप, गणेशदास किसनाजीना १००० भाई गणेशदास किस- परपाया सो तुमारा नाजीके लेपे भादवा वदी जमा कीना पाना ७८ १४ परपरा मगनीराम १००० परप गणेशदास वभुतसिंघपासे दररीस किसनाजीकेलेपे. मांडा पाना ७९ २२५० भाई गणेशदास किस- १००० परपरा मगनी- नाजीका जमा भादवा वदी ९ रोकडा आया रामवभुतसिघजीकाजमा- सो जमा कीनां हस्ते १००० भाई मगनीरामजीवभु- नयालजी. पाना.७९ तसिघके लेपे भादवा वदी २२५० रोकडा परपरा ११ रोकडा दीना सो १००० धनरूपमलराजमलका मांडा पाना ७८ जमा भादवा मुदी ७रो-१०००J रोकडाहस्ते रामरप . (८४). विद्याज्ञानप्रकाश ।। कडा आया सोजमा की ५०० ठाकुरसी तेजपालके । ना, पाना ७९ लेपे मितीआसोजवदी६ १००० रोकडा परपरा. रोकडा दिना सो माडा १२६५||J सिवलाल मोती पाना ८०. लालका जमाभादवासुदी ५०० ) रोकडा हस्ते ७ रोकडा आया सोजमा लछाराम. कीना पाना ७९ १०००J मगनीरामबभुतसिंघ- १२६५ रोकडातुमारे जीके लेपेभादवासुदीरो वती ठाकुरसी कडा दीना सो मांडा उदेराम पर- पाना ७८. १००० रोकडाहस्ते लछीराम- पाया. 1) रोकडा ५०० नेमाजी खेमराजके लेपे हस्तेनरसिग । आसोज वदी ६ रोकडा १००० भाई मगनीरामजी बभु- दीना सो मांडा हस्ते पुद तसिघजीका जमा भादवा पाना ८०J सुदी १५ रोकडा आया ५०० रोकडासोनारकी सो जमा कीना. परपरा दीना.. १००० रोकडा परपरा १२५५ मगनीरामजी बभुतर्सि- हस्ते रामरप पाना ७८ घजीके लेपे भादवा. १२५११) गणेशदास क्रिसना सुदी ७ रोकडा दीना सो जीका जमा भादवा सुदी मांडा पाना. ७८३ ७ रोकडा आया सो १२५५ रोकडा हस्ते जमा कीना हस्ते दल रामरप. पजी पाना ७९ ३७) श्री आफीमकी परचपाते १२५१ रोकडा परपरा लेपे भादवा वदी १ रोकडादी- पाना ८१ विद्याज्ञानप्रकाश। (८५) ३०२७= बगसीराम मंगलचंद ना हस्ते हमाल पासी का जमा सावण सुदी१५ रोकडा आया सो जमा- ६ तेलमण, १ असलका प्रत ६ कीना हस्ते हिरासरावगी., १७ पालीपीसी मणप्रत १५ पाना ७९ ५पाल आषी माणी १ २९८३॥ठाकुरसी उदेरामका २५ बंधाई तथा केराई तथा जमा सावण सुदी १९ परचुरण मजुरी तथा थेलाउ- रोकडा आया सो जमा तराईका चुकता भादवावदी कीना हस्ते पुनाजी. पा. १४ हस्ते हमाल घासी. ना८० २९८३॥० रोकडासोना- ३७॥ रकी परपरा ६८ श्रीहासलपाते लेपेसाव- ५५०५)वगसीराममंगलचंदका ण सुदी ११चीकमण५५ जमा काती सुदी १ का हमालका थेला ११ रोकडा आया सो जमा का सरकारमधे दीना प्रत कीना पाना ७९ .Uमण १ पाना ८२ ५५०५ रोकडा था ६८) रोकडा हस्ते सोनारकी पर भागीरथ. परा हस्ते १०००० श्री तालपातेगमाजी हिरासरावगी कालूरामके लेपे तुमा- २॥ श्रीवटेपाते जमा भादवाव रे घरु भादवासुदी ११ ०॥ दीररु २०० वजार चलण हुडी १ हमारे उपग लाया सो परपरा दीना लपी तुमारी रापा पुन- जणेकावटेरापापाना८० मचंद दीपत्रंदपाम भा- १०० श्रीतालपाते भाई रामा- जी कालूरामका जमा है- पीछे मानायोग म. 1 दवा वदी १मंदीन ११ , (८६) विद्याज्ञानाप्रकाश। मारे घरु सावणसुदी १५ डी चलणका रोकडा चिट्टीतुमारा उपरकीनी दीना सोमांडा. जणीका सोनार जसराज १००० रोकडा मगनीराम- नादेवाया सोतुमाराजमा जी बभुतसिंघजीनादे कीना पान ७८ लपीसा वाया सो जमा मांडा वणसुदी १४. हस्ते रामरष. १०१ रोकडारापावाला श्रीधरमादेपातेलिषीमितीभा- धणीका आया. दवासुदीपना दीना.पाना८२ १। श्रीपरचपाते लेपे भादवासुदी १ बाद श्री हुंडावणपाते २ साईको मसालो तथा १०० बाकी परा काजल आई जणाका दीना १) श्रीहुंडावणषाते जमासाव- हस्ते भगरा. पान ८० णसुदी१५चिट्ठीरु.१०० ता १३ रोकडा दीना. लकीकीनी जणीकाजमा-८६ श्रीवीसीपरचपातेलेषेभा- कीनी पान ८१. दवासुदी ३ पान ८० २१ गहुँ मणी १३ २९०००J२३०९ ३० ३१URU २१ धीरत मण १३ ४१६३२॥UR २१मुंग तथा चावल. ४१६३३॥ ५)मिरच मसाला वगैरे परचुण. २७गाडा लकडको. गुड मण १J ११ Jषांड मण १३ १६००९ J१७००J २७०JJ१॥
विद्याज्ञानप्रकाश। (८७) २३६३४॥ श्रीपातेबाकी. २२००० रोकडतोडा नग ११ १६३० रोकडी थेली १ VIJ॥रोकडाटका. २३६३४UL ४१३३३||| UG ४१६३३॥७॥ श्रीः। १॥ विगत पकी रोकड उतारणी जणी कीके कची रोक डमे जुमले लगावे जूं पकीमे पण लगादेणो और लेपे एक पान उपर कची रोकडकी पतानी करलेणी एक धणीकी दो कलमआवे तो एक पेटमें उतारणी न्यारी न्यारी नही उतारणी फेर जोड लगाके मेल कची पकी रोकडको वरप मिलाय देणो और देसावर तथा बजारकी रकम पेला उतारणी परच की रकम सबके नीचे उतारणी ।
(८८) विद्याज्ञानप्रकाशे। ॥श्रीपरमेसरजी॥ १॥श्रीमहालक्ष्मीजीको भांडारभरपुर होईजो सम्वत १९२९ भादवा सुदी १ सूं सुदी १५ सुधोमेल पकी रोकडको दीन १५ को छै लाभ सुप धणो होईजो. २१००१ श्रीपातेवाकी ५८०५)मगनीरामजीवभुतसिं- ३२४६ मगनीरामजीबभुतसिं घजीके लेपे रोकडादीना घजीका जमा पाना ७८ सो नांवे मांडा हस्ते रा- १२१६ रोकड पान ८३ मरप. पाना ७८ भादवा वदी १३ २५५० रोकडपान८२ १२४६।। रोकडहस्ते १३००J सावण सुदी १० रामरप. १२५० भादवा वदी २००० रोकडपान ८३ रोकडपान ८३ भादवा वदी १४ २५५० रोकड तुमारे ब- १००० भादवावदी ११ दले गणेशदा १००० ) भादवा सुदी २ स कीसनाजी प १२५५ ) रोकड पान ८४ रपाया सो जमा भादवा सुदी ७ कीना. १००० गणेशदास किसनाजीके १००० परया- लेपे रोकड पाना ८३ मि यागणेशदा ती पाना भदवा वदी १४ स कीसनाजी रोकड तुमारे बदलेमगनी रालेपा राम बभुतसिघना दीना १००० रोकड सो मांडा पान ८४ भा १०००परपाया मगना २ घजीके जमा. विद्याज्ञानप्रकाश। (८९) वासुदी १५ रामजी वभुतसिं- रोकडा आ या सो. १००० रोकडहस्तेरामरप ५००० ठाकुरसीतेजपालके लेपे रोकडपान ८४ आसोज ३२४६U ३५०१ गणेशदासकिसनाजी वदी ६ रोकड दीना सो काजमा रोकड आयासो मांडा. जमा कीना पाना ७९, २००७ रोकड हस्ते ल- २२५० । रोकडपान छीराम. ८३ भादवा वदी ५००) नेमाजी पेमराजके लेपे , ९ रोकडा हस्ते . रोकडपान८४ आसोज नवलजी, वदी ६ रोकडा दीना सो २२५० रोकडा मांडा हस्ते पुढ १२५१ रोकडा पान ५००) रोकडा परपरा ८४ भादवा सुदी १००००) श्रीतालपाते रामाजी ७ रोकड आया कालूरामके लेपे तुमारे सो हस्ते दलसु- घरू रोकड पाना ८५ पजी, हुंडी १ हमारे उपरा १२५१ रोकडा लपी तुमारी रापा पु- ३५०१U नमचंदपास भादवा १००० धनरूपमल राजमलको वदी १ थी ११ पीछे जमापान७९रोकड पाना ६६भादवासुदी ६रोकडा साहाजोग रु. हुडी च- आया सो जमा कीना लणका पान ७७ १००० रोकडा परपरा १०००० रोकड मगनीराम- १२६५||सिवलाल मोतीला जी वभूतसिंघजी- लका जमा रोकड पा ना दीना सो तुमारे 1 1 (९०) विद्याज्ञानप्रकाशः। ना७९ भादवा सुदी ७ नाव मांडा रोकडा आया सो रामरप कोठा कीना हस्ते ३७॥ श्रीआफीमके परच : नरसिंग. लेषे नकल पान८१ १२६५॥= रोकडातुमारावतीठा वा सुदी१०रोकडाख कुरसी उदोराम परपा आई जणीकाहस्ते हम या१२६५॥= )रोकड पासी १२६५॥ ६) तेल असलको मण ८५३२%D100वगसीराममंगलचं पालीपासी मण दके लेपा रोकडपान ७९ रोकडा आया सो २५ हमालीके बंधाई फे Jपाली आपी माणी जमा कीना हस्ते ही- रासरावगी पाना ७९ तथा परचुरण हमाल दानगीयाका. ३०२७- सावणसु दी १५ रोकड पान ८५ ६८॥ श्रीहासलपातेलेपेरोव ५५०५॥ काती सु- पान ८५ सावण सुदी रोकडा चीक मण५५ के हासन पान ८५ का सरकार पाना८२ ८५३२%D10) चबुतरेवालाना दीना २९८३॥ठाकुरसी उदेरामकाज स्ते भागीरथजी मा रोकडपाना८५ साव १ श्रीपरचपाते लेपे रोक ण सुदी १५ रोकडा आ पाना८६भादवा सुदी या सो जमा कीना हस्ते साहीको मसालो आर पुनो प्रत १२७ तथा काजल आयोज २९८३॥ रोकडापरपरा णीका दीन सोमांडा १००० श्रीतालपातेरामजी कालू स्ते भगीरथ, " १ + 2 1 विद्याज्ञानप्रकाश। (९१) रामकाजमाहमारे घरु रोकड ८६॥ श्रीवीसापरचपाते लेपे, पान८५सावणसुंदी १५चिट्टी रोकडपांना ८६ भादवा तमारे उपरा लपी हमारी मुदी ३ ३ रापा सोनारजसराज पास ४२) गेहूं माणी १२१ चिट्ठीलपी सावणसुदी १४ धीरतमण १२१ थी दीनपीछे साहाजोगरु. हुंडी चलणराषा पान ७८ २१) मुंग तथा चावल १०१७ रोकडा रापावाला ॥J ॥J धणी पासे आया. १०J वेसवार सरब ५) गुड मण १JU ११ पांड मण १ १)बादश्रीहुंडावणपातेजमा २। लकडीकी गाडी १०००बाकी सरे २॥ श्रीबटाव पाते जमा-रोकड ८६U पान ८० भादवा वदी ५१ श्रीधरमादेपातेलपे रोकडपान रु. २०० बजार चलणी ।० ८६ भादवा सुदी १ नाजणी का वटेकामत १६०००J१८००४१७०) १) लेपे पानो ८० १) श्रीहुंडावणखाते जमारोक- २८J१॥U डपान ८६ सावण सुदी १५ १७९९९॥ हुंडी रु १००Jश्रीनकलकी १३६३४॥ श्रीपोते बाकी कीनी जणीकी हुंडावणका ४१६३३॥JI ३९०००३२४००)२१०) ४१६३३॥ २१३२॥ ४१६३३|| ४१६३३॥JI
(९२) विद्याज्ञानप्रकाश।
विगत हिसाब देशावरना तुमारे घरु
भेजा जणीमें हिसाब षरच लगावणो
जणीकी विगत.
आडत जणेकी लगाणीके जमा चावे लेपेके जोडा पाताकी
होवे जणी माहे धणी जोड होवे उणीका प्रत= सेकडा १ लारे
लगाणो और जुनी बाकीकी रकम उण जोडकी आडत लगाणी
जणी माहे सूं बाद करणी. बाकी आडत लगाणी और कोई
जिनसकी रकमवी जोडमाह आवे तो आडन लगाणी नहीं; कारण
के उणी रकम माहे तोवी किवा परीदे उणी वपत प्रत 10
सेकडेकी लग जावे छे. सो पण जोडमे बाद करणी बाकी
रहे उसीकी लगाणी.
सकराई प्रत ।- Jहजारकी लारे लगाणीके जो हुंडी देशावरकी
लपी सिकारा जणीकी हिसाबमाह लगाणी.
परपाई प्रत॥U हजार एक लारे लगाणा जमा पासेकी जोड
आवे उणाकी लगाणी जुनी बाकी जमाकी जोडमें आय जावे तो
वाद कर बाकी जमा रु होवे उणीकी लगाणी
दलाली प्रत ।-J हजार १ लेपे लगाणीके ईस रकमकी लगा-
णीके हुंडी परीद भेजा तथा उणीके पाते करा जणीकी.
चिट्टीकी मुपडी साल भरके पातेमें काम पडा होवे सो
विद्याज्ञानप्रकाश। (९३)
देषकर अंदाजसे लगाणी इसका सुमार छे नही काम मुजब
लगाणी.
और व्याज ज्यो व्याज बहीमें आंक आवे उणाको प्रत ||
सेकडा एकलारे लेणो वादेणा साहुकारी बाकी बोलतावणे
जणमुजब जोडनो.
इस तरहसे देशावरना हिसाव भेजणो जणीको परच इस
तरहसे लगाणो और इस तरहसे देशावरवाले हिसाब भेजे सो
कापणो पातेमे मीलालेणो परच पण इस तरहसे मिलायके
जो उपर लिखी जीसी तरहसे जाच लेणो भूलसे जादा लगा-
यलीनो होवे तो भूललिपणी और देसांवरवालो जितनी
रकम पातेमें भरेने बाकी काटनेमे ले उणी मुजब काटणी
जोके नवे सालमें मुजरे लेवे तो आपणे पातेमे रेत
काटणी जितनी बाकी देशावरवालोकाटे उणे मुजब आपापण
काटलेणी
कायदो सराफकीजन कोईणे मुजव.
साहुकार लोक आडता देशावराकी करे जणे कोईणी
मुजब छे. सो साहुकार कोई सयेलके माफक चलना चाहिये.
१ आडतीयेको माल बंधावे. जणेमें जल जोपाम आस
मानी पेमाली माल
वंधावणवाले आडतीयेकी छे.
साहुकार सुदावो नहीं जो आडतीयो दावो करे तो
झुटा छे.
* (९४) विद्याज्ञानप्रकाशा २ आडतीयेके' पाते हुंडी परीद, कर भेजे जणीमे गपा आडतीये का कराणा मारफत आपणी कराणी कदास सीधो पुरजो मोल लेके भेजे तो बेचाण आडतीयेके नामकी कराणी. मारफत याके साहुकार परीदणेवालेकी कराणी नहीं. करावे तो आसामी कचीपकीकी जोपम आपणी रहगा. ३ हुंडी साहाजोग सिकारणीके जो पेठपर पेठ और मनं दाको जबाब देवे जणे जोगसिकारणी और कची आसा मी जोग सिकारणी नहीं. कोई जालसाद हुंडी लावे तो बिना साहाजोग सिकारणी नहीं. आसामी येसी देपणीके जिसके घरमें रु. १०००) की ऐवज होवे उसधणी जोग हुंडी रु. १००J की सिका- रणी जादा सिकारणी नही. ५ देशावरना हिसाव तुमारे घरु काती सुदी १ संमत १९२९ सुधो उतार भेजणो जणेकेपुटे उपर आडी आल पेचके इणी मुजब विगत करणीके हिसाब तुमारे घरु जिस मि- तीतक होवे उसीतकका करणो फेरसार लेणा तपासने जमा परच कीनो लप जो रुप्या हमारा लेणा छ सो तुमा पण देणा काटलीजो. और हुंडी कोये नईण मुजब साहुकार- कू चाहिये। ३ हुडी या मोललेके देशावरना भेजी विचमें डाक माहे विद्याज्ञानप्रकाशा। मूं. जालसाजने हुंडी चोरके. देशावरमधे धोका देके सिकरावलिनी तो हुंडी बेचनेवाला धणीके तो साह जोगकी भरपाई बतावे नही तो पेठपर पेठ वह सन- द देवे वो सनद नही मिकारे तो फेर बेचनेवालो रुप्या देवे और हुँडी पिछी आवे जणेको सरसतो सबसेरांमे साहुकारके इणे मुजब छ. १ व्याज प्रत ॥ सेकडाको लेणो. २ हुंडी जिस दीन पीछी आवे उणी वपतको भावसरे आसामीको होवे सो लेणा और जिस भावमें ली उसे कमी भाव बजारमें होवे तो जिस भाव ली उणमुजब रुप्या लेणा. ३ नकराई सिकराई इणी मुजब लेणेके जो हुडीकी मु- दत दीन २ सूं दीन २१ तक तो रु. १J सेकडा लार लगाणो और ईकिसदीन सूं मुदत जादा होवे तो रु. २Jलगाणा ४ और आगे सरकारी टपा नहीथा जब हुंडी पिछी आती जब बेचनेवालेसे कासीदीका जितना लगता जितनी लिया जाता वो अब सरकारी डाक होनेसे टपेका महसुल देपकर लेना अंदाजसे ये सिरस्ता कासीदीका है. ।
ब
(९६)
विद्याज्ञानप्रकाशा
। विगत रोजनामो उतारणे कीके पेलां तो रोजनामाको मेल
लगाणो जणेके उपर श्रीपरमेश्वरजीको नामो देणो वो मेल जितना
दीनाको नकलमें होवे उतना दीनाको करणो रोजनामो उतारणो
जदी नकल तथा कचो पातो कने रापणो और पेसतर पातेमें
रमक देपलेणीके इसमेलमें इणी धणीकी रकम प्रत इतनेसे
लगाईने इतनेतक जिस धणीकी रकम होवे सो एक पेठे
उतारणी और उपर चाव जमा चावे लेपो उतारो जठे सारी
विगत नकल मुजब करणी और पेटेमें जमा चावे लेपे
बलतामांडणा जठे कुछ विगत करणी नही. देशावरका पेटमे
जमा लेपो होवे तो फकत तुमारे तथा हमारे घरु करणा
और कुछ करणा नही. पेला पेल चाव देशावर तथा बजा-
रकी रकम उतारणी पीछे परच वगैरेकी रकम उतारणी पीछे
रोजनामेकी जोडा लगाणी फकत हुंडावण जोडो लगायने मेल
मिलाया पीछे उतारणी. जोडा जमा चावे लेपेकी लगाय
उणीको नीचे हुंडावण उतारणा. फेर बरावर जोड लगाय मेल
रोजनामेको मिलाय देणी इसीतरेसे नकलको मेल रोजनामेमे .
उतारणो फेर उणी मेलका दांडा देने उणीके नीचे करको
मेल उतारणो पकी रोकड मुजब पातो पण पास रापणो सो
पातेवालेकी तथा नकल रोकड़ वालेकी भूल होवे तो
निकल जावे.
.
(९७) विद्याज्ञानप्रकाश। श्रीपरमेश्वरजी. १॥ श्रीगणेशजी साहेछै श्रीमहालक्ष्मीजीको भंडारभरपूर हो. ईजो संमत् १९२९ मितीभादवा सुदी १ मुं लगायेने मिती भादवा सुदी १६ सुधोमेल नकलजमा परब रोकडकोछै लाभ सुप घणो होईजो. ४१२८॥Jश्रीमम्बईपाते भाई २५०१। भाईगणेशदास किस- गणेशदास ठाकुरदासका नाजीके लेपेहुंडीररु.२००० जमा हमारे घरु सा- श्रीमम्बईकी तुमाना दी हा जोग रु. हुंडी चल- नी गणेशदास ठाकुरदास णका. उपरलिपी इठास १०००J नकल पाना४० आ- हमा रापा तुमारे पासथी सौज सुदी ९ हुंडी १ तुमारे उप- दीन ४५ पीछे साहाजो रलीपी ईठासू हमारी रापा गणे- ग रु. हुंडी चलणका. शदास किसानजीपास भादवा १२५°J नकलपान४०भादवा वदी ९ थी दीन ४५ पीछे वदी ९ प्रत २५ १०००J गणेशदास किसना- १०००Jश्रीमम्बई पाते जीके लेपे. गणेशदास ठाकुर ८०० नकलपाना ४४ सावण दासका जमा है- वदी हुंडी रु १०००) मारे घरु. श्रीरतलामकी हमारे २५० श्री हुंडा- पाते तुमा भेजी मगनी वणपातेज- रामजी बभुतसिंहजी मा.
। मुं मारे घरु. मारे घरु. (९८) विद्याज्ञानप्रकाशा उपरा लपी श्रीमम्बईमूं। १२५११नकलपान५९भादवा गणेशलाल सोभागम सुदीपहुंडी लीपी मिती लकी रापा हमारे पास भादवासुदी प्रत२५-३ मारफत तुमारी सावण ५०० श्रीमम्बई पाते वदी ९थी दीन ५१ पीछे गणेशदास ठाकुर- प्रत ८० लेपे चिट्ठी तु- दासके जमा है- मारी सावणवदी १० ८०० ) मगनीरामजी ६२५) श्रीमम्बई पाते बभुतसिंघजीके गणेशदास ठाकुर- लेषे. दासका जमा ह- १०३२॥ नकलपान ६सावण सुदी१०हुंडीरु.१००० १२६॥ श्रीहुंडावणपाते श्रीजैपूरकी तुमा हमारे जमा. पाते श्रीजेपूरना गणे २५०१॥ शदास नारायणदास ना ४२७० श्रीमम्बईपाते भाईंगणे- भेजी सुपरामगंभीरमल शदास ठाकुरदासके लेपे उपर लिपी श्रीमम्बईमं हमारे घरु साहाजोग'रु. गणेशलाल सोभागम हुंडी चलणका. लकी रापा तुमारे पास ८००Jनकलपान ४२ सावणसुदी१० थी दीन आपाद सुदी१६ ५१ पीछे प्रत । लेपे हुंडीरु१०००० चिट्टी तुमारी सावण श्रीरतलामकी है। सुदी ११ मारे उपरा लपी १००० श्री जेपूर पाते हमारे पाते श्रीम- भाई गणेशदा- म्बईमंतु मारी ग- - सोभागमल पास जी वभुत- जीगणेशदास पु- विद्याज्ञानप्रकाश। (९९) स नारायणदास पा गणेशलाल के लेपे हमारे वरु आसाढ सुदीरथी ३२॥ ) श्रीखंडावण पाते दीन ५१ पीछे प्र- लेपे. त ८० लेपे. ७९६ नकलपाना४७ ८०० मगनीराम सावण . सुदी १ हुंडीरु.१०००) सिंघजी- श्रीमन्दसोरकी ह का जमा. मारे पाते तुमामे १०० नकल पाना४३ आसोजमुदीहुं- नमचंद उपर लि- डी श्रीमुम्बईकी पी श्रीमम्बईमूं लणीभेजीगणेश- गणेशलाल सो लाल सोभागमल भागमलकी रापा उपगलिपी ईठासं हमारे पास मा- मगनीगम वभुत- रफत तमारी सा- सिवजी गपा है। वणवदी १ दीन मारे पास भादवा ५१ पीछे साहा जोग रु हुडी पीछे १००० मगनीरा- चलणका ७९-J चिट्टी तुमारी सावणव- तसिघजी- दी२ सू का जमा- ७९६७ श्रीमदसोरपाते १०३५ नकलपान १९ सा सुदी थी दीन४५ 1 मजीवभु- (१००) विद्याज्ञानप्रकाश। पेतसीदास गो- विंदरामके लेपे हमारे घरु. ५०० नकल पाना ५९ काती वदीहुंडी १ तुमारे उपराल पी ईठासूं हमारी रापा गणेशदास किसनाजी पास भादवा सुदी थी दीन ४५ पीछे जीमे हुडी १ रु. १०००मधे रु. '५०९) तुमारे घर मांडा. ५००J गणेशदा- स किसना जीके लेपे ४१२८||U ५८०५ भाई मगनीरामजी बभु- तसिंघजीका जमा सा- हाजोगरु. हुंडी चलणका १०००नकलपान ४१ भादवा वदी ११ हुंडी १हमारे उप वणसुदी१०हुंडी रु. १०००जे- पूरकी गणेशदास नारायणदास - परा लपी हमारे पाते तुमारा रापा नेणसुप मुलता- नचंद पास साव. ण वदी १० थी दीन २१ पीछे- प्रत१०३॥ लेपे चिट्ठी तुमारी सा- वण वदी ११९ १००० श्रीजैपुर पाते भा- ई गणेश- रायणदा- सका ज- मा मारे घरु. ३५)श्री- हुंडावण- पातेजमा. १०३५J नकलपान४६सान विद्याज्ञानप्रकाश। (१०१) रा लिषी श्रीमु वणसुदी १ हुंडी म्बईसुं गणेश- १ रु. १००० दास ठाकुरदास श्रीजेपुरकी बटाणी की रापा गणेश भेजी सुपराम लाल सोभागमल गंभीरमल उपरा- पास आसाढ लपी ईठासूं मगनी- सुदी १५ थी रामजी बभुतसिं- दीन ५१ पीछे. घजीकी राषा .८०० Jश्रीमुम्बई पाते हमारे पास सावण गणेशदास ठाकुर वदी १० थी दीन दासके लेपे हमारे २१ पीछे प्रत३॥ घरु लेपे तुमारी चिट्ठी २०. Jश्री हुंडावण पाते सावण सुदी १ लेपे { नावे मांडा १२५०J नकल पान ४२ १०३५ । भाई मगनीराम- भादवावदी ९ हुंडी जी चभुतसिघ १रु १०००)श्री जीका जमा. मुम्बईकी तुमारी ४००J नकलपाना६१ सावण लीनी गणेशलाल सुदीप हुडी १ रु. सोभागमल उप- १००० श्रीरत- रालिपी ईठासु लामकी हमारे उपरालिपी तुमारी पास भादवा । गपा गणेशलाल वदी ९ थी दीन सोभागमल पास ४५ पीछे प्रत दीन ५१ पीछे जणे हमारी रापा हमा- सावण सुदी १ थी २५J लेपे जमापरच कीना. (१०२) विद्याज्ञानप्रकाश १०००) श्रीमुम्ब मधे हुंडीरु. ५०० ईपाते गणे हमारे घरु प्रत ८० शदास ठाकु- लेपे तुमारे कीनी रदास के सो चिट्टी तुमारी लेपे हमारे सावण सुदी १ सं घरु. २५० श्रीहुंडा ४००J ठाकुरसी वणपाते लेपे तेजपालका १३०० नकलपाना४८ श्रावण जमा. वदी १० हुंडी १ रु. ४२७० १००० जपूरकीतुमारी लिपी ईठाएं तुमारी वभुतसिंघजीके लेपे साहा- ३२४६।। भाई मगनीरामजी रापा हमारे पास सावण जोग रु हुंडी चलणका. वदी १० थी दीन २१ १०००J नकलपाना ४३ छेप्रत ३०Jलेपे. १०३५ श्रीमम्बई पाते भादवा सुदी १५ गणेशदास ठाकुर हुंडी १ तुमारे दासके लेपे. उपरा लिपी श्री हमारे घरु. मम्बईतूं गणे- २६५Jश्रीहुंडावण खाते लेपे- गमलकी रापा १०००) नकलपान ५० हमारे पास भादवासुदी २ हुंडी मारफत गणे- हमारे उपरा शदास ठाकुर- लीपी श्रीमम्बईमूं। दासकी साव-- । शलाल सोभा- १ । . विद्याज्ञानप्रकाश। (१०३) गणेशदास ठाकु- ण वदी ९ दीन रदासकी रापाग- ५१ पीछे णेशलाल सोभा- ८०० श्रीमु- गमल पास आ- म्बई पा- पाढसुदी १५ थी ते गणे- दीन ५१ पीछे. शदासठा- १०००Jश्रमिम्बई पाते गणेश- कुरदास- दास ठाकुरदा- का जमा सके लेपे तुमारे हमारे घरु घरु. १२५५ नकलपान५६भादवा २०० ) श्रीहुंडा- सुदी७ हुंडीरु १००० वणपाते जमा. मम्बईकी तुमारी लनिी गणेशलाल सोभागमल १२४६। नकलपानाभादवा वदी१३हुंडीरु.१०००) उपरा लिपी ईठासंतुमारी श्रीमुम्बईकी तुमाना रापा हमारे पास मिती दीनी गणेशदास ठाकुर- भादवासुदी७ थी दीन४५ पीछे प्रत २५॥ लेपे १२५५श्रीमम्बईपाते ग- सू हमारी रापा तुमा णेशदासठाकुरदा- थी दीन४५पीछे. प्रत सके लेपेतुमारेघरु ५८०५७ ९१३५ श्रीमम्बईपाते भाईगणे गणेशदास जमा कुरदासका शदास ठाकुरदासकाज- मा तुमारे घरु साहाजो तुमारे घरु. दास उपरा लिपा ईठा- पास भादवा वदी १३ २४Jलेपे. १२४५) श्रीमम्बई पाते १ (१०४) विद्याज्ञानप्रकाश। ग रु. हुंडी चलणका. 91) श्री हुंडावणपाते १०००)नकलपानाभादवा जमा. वदी १४हुंडीश्रीरतलाम १०००J नकलपान कीलेणीआई मगनीराम भादवा वदी १४ हुंडी बभुतसिघ उपरालिपी तुमारे उपरा. श्रीबम्बईतूं गणेशलाल लीपी श्री मुम्बई सोभागमलकी रापा गणेशलाल सोभा- तुमारे पास आसाढवदी गमल की रापा ८ थी दीन ५१ पीछे. गणेशदास ठाकु- १००० मगनीराम बभु रदास पास तसिंघजीके लेप आपाढ वदी २४५ नकलपाना ५१ भादवा थी दीन ५१ पीछे वदी १३ हुंडीरु.१००० १०००J श्रीमम्ब- मम्बईकी तुमारे पाते ईपाते तुमारे उपर लिपी ईठासू गणेशदास हमारी रापा मगनीराम ठाकुरदा- बभुतसिंघ पास भादवा- सका जमा वदी १३ थी दीन ४५ तुमारे घरु. पीछे प्रत २४॥ लेपे. १२४५ मगनीरामबभु- ३२४६७ तसिघजीके लेपे १०००। श्री जैपुरपाते भाईग- १०००)नकलपाना५२ भादवा- णेशदास नारायणदासके ले- सुदीहुंडी श्रीरतलामकी पे हमारे घर नकलयाना तुमारे पाते श्रीअजमेर हंसराज गभीरचंद भजी ४६ असोज सुदी पहुंडी धनरुपमल वागमलउप १ श्री जैपुरकी हमारे या - J विद्याज्ञानप्रकाश। (१०५) रा लिपी श्रीअजमेरसूं ते मम्बईमूं गणेशदास धनरूपमल बागमलकी ठाकुरदास भेजी सुपरा- रापा तुमारेपास मारफत म गंभीरमल उपरा लिपी हंसराज मेघराजकी मि- श्रीमम्बईतूं गणेशदास सोभागमलकी रापा ग- ति सावणसुदी १५ थी णेशदास ठाकुरदास पा- दीन २१ पीछे. १००० धनरूपमल रा- स मावण वदी १० थी दीन ५१ पीछे साहा जमलके लेपे. जोग रु. हुंडी चलणका- २२६५)नकलपाना५४ भादवा १००० Jश्रीमम्बई पाते सुदी ७ हुंडी १रु. १००० गणेशदास ठा- श्रीमम्बईकी तुमारे पाते कुरदासका इदोरसू हंसराज मेघराज मा हमारे घरु. भेजी सुरतराम रायभान २००० श्रीमंदसोर पाते पेतु- उपरा लिपी श्रीजेपूरसू सीदास गोविंदरामके लेपे लछमणदाससिवादासकी हमारे घर हुंडी २ श्री रापा सवाईराम हिंमत- मंदसोरकी लेणी भेजी राम पास मारफत पदम- सीतेजसीकी भादवा वदी गणेशदाम पुनमचंद उ १ थी दीन५१ पीछे प्रत परा साहाजोग रु हुडी चलणका २६|| -गया मितीईसु दी वटाई सो तुमारी ज-१००० नकलपाना ४७ भादवा मुदी ७ हुंडी १२६५ सिवलाल मो- लिपी श्रीमम्बइ तीलालके लपे सू गणेशलाल सो- ६२५ नकलपाना ५९ भागमलकी रापा हमारे पास मार- भादवासुदी ७ हुं- । मा किनी (१०६) विद्याज्ञानप्रकाश । डी १रु.१००० फत गणेशदास ठा- तुमारे उपर ली कुरदास मम्बई पा- पी इठासू ह. तेकी सावण वदी मारी रापा गणे थी दीन ५१ पीछ. शदास किस ७९६।। श्रीमम्बई नाजी मगनी- पाते गणेशदप राम बभुतसि- ठाकुर दासका घ पास भादवा जमा हमारे घर सुदी७ थी दिन २०३॥ श्री- ४५ पीछे तीके हुंडावण मधे हुंडी रु० पाते ज- ५००) हमारे मा. घरु मांडी प्रत १००० नकलपाना५६ भाद- २५ लेये. वा सुदी १० हुंडी १ ६२५ ) गणेश- लिपी श्रीइंदोरमूं फ- तेचंद सेवगकी रापा सनाजी हंसराज मेघराज के लेये. श्री इंदोरवाले पास भादवा वदी १ थी ५१३५ दीन द पीछे. १००० श्रीजेपुरपाते गणेशदास ९९६)श्री इंदोरपाते नारायणदासका जमा है- हंसराज मेघ- मारे घरु नकल पाना४५ राजका जमा आसोज वदी १ हुंडी १ तुमारे तुमारे उपरा लिपी ह-३॥ श्री हुंडावणपाते जमा. मारे पाते श्री मुम्बई ग- २००० दास कि- । 1 (१०७) .- -- विद्याज्ञानप्रकाश। गणेशदास ठाकुरदासकी ४०२१।। श्री मुम्बईपाते भाई रापा नेणसुप. मुलतान- गणेशदास ठाकुरदासके चदपास सावण वदी १० लेपे तुमारे घरु साहा- थी दीन ५१ पीछे स- जोग.रु. हुंडीचलणका. हाजोग रु. हुंडी चल- १०००)नकलपाना५० णका. भादवा' सुदी २ १०००Jश्रीमुम्बई पाते हुंडी १ हमारे उ- परा लिपी तुमा- गणशदास ठा- कुरदासके लेप रीरापा गणेश- लाल सोभाग- श्रीइंदोर पाते भाई हंस- मल पास आ- पाढ सुदी ११थी दीन ५१ पीछे. १०००७ मगनी- रामब- भुतसिं- घका जमा. १२६५)नकलपाना५८ भादवासुदी ७ हुँ- हमारे घरुः ०० राज मेघराजकाजमा है- मारे घरु नकलपाना९८ मिती काती वदी ७ हुंडी तुमारे उपर लिपी ह- मारे पाते श्रीमुम्बई गणेशदास ठाकुरदासकी रापा गणेशलाल सो- भागमल पास मिती भा- दवा सुदी७ थी दीन ४५ पीछे साहाजोग रु हुंडी चलणका १००० Jश्रीमुम्बई पाते गणेशदास ठा- कुग्दासके लेपे तुमारे घरु. डीरु.१०००) श्री इंदोरकी तुमा हमारी नेसाणी- की कीनी हंसरा- ज मेघराज उप- रा लिपी (१०८) विद्याज्ञानप्रकाश । ५०० ठाकुरसी तेजपालकाज रापा गणेशलाल मा नकलपाना ६२ मिती सोभागमलपास आसोज वदी ६ हुंडी १ भादवा मुदी ७ हमारे उपरा लिपी श्रीमु- थी दीन४५ पीछे. म्बईसू गणेशदास ठाकुर- १००० श्रीइंदो- दासकी रापा गणेशलाल र पाते हंसराज सोभागमलपास सावण मेघराजका ज- सुदी १ थी दीन ५१पीछे मा हमारे घर साहाजोग रु. हुंडीचलण २६५ श्री हुंडावणपाते जमा का जीमेंहुंडीरु १००० १२५६ नकलपाना५६ मधे रु.५००J नेमाजी भादवासदी हु- पेमराज जोग सीकारी. डीरु.१०००) ५०० श्रीमम्बईपाते ग- श्रीमम्बईकी तु- णेशदास ठाकुरदास- मारे पाते तुम- के लेपे तुमारे घरू- ना भेजी गणेश- ९०० नेमाजी खेमराजकाजमा लाल सोभागम- नकलपाना६२मितीआ- ल उपरालिपी इ- सोज वदीहुंडी १ हमारे ठासूं मगनीराम उपर लिपी श्रीमम्बईमं वभुततिघजीका गणेशदास ठाकुरदासकी रापा तुमारे पास रापागणेशलालसोभाग- मारफत हमारी मलपास सावण सुदीपथी मिती भादवासु- दीन५१पीछेसाहाजोगरु दी थी दीन४५ हुंडीचलणकाजुमले हुंडी पीछे भाव प्रत रु.१००० मधेरु ५०० २५||DJलेपे.
विद्याज्ञानप्रकाश। (१०९) कीठाकुरसी तेजपाल • १२५५ भाई म- जोग सिकारी. गनीराम ४०० श्री मम्बईपाते ग- बभुतसिं- णेशदास ठाकुरदास घजीका के लेपे हमारे घरु १०० श्री हुंडावण पाते जमा लेपे. १ श्री- ९९६ श्रीइंदोरपाते हंसराज मे- हुंडावण घराजका तुमारे घरु नकल पाते पाना ५५ भादवा सुदी ७ ५०० निकलपाना ६१ हुंडी १ रु. १००० श्रीमं- आसोज वदी ६ दसोरकी तुमा वटाणी भेजी हुंडी १ हमारे उ- गणेशदास पुनमचंद उपरा परा लिपी तुमारे लिपी श्रीइंदोरसूं फत्त- रापा गणेशलाल चंद सेवगकी रापा तुमारे ठाकुरदास पास पास भादवा वदी १ थी सावणसुदी १ थी दीन ५ पीछे साहाजोग दीन५१पीछे हुंडी रु हुंडी चलणका प्रत रु.१००० जणी रु. ९९। Jलेपे बटाईगई मधे रु.५००३ मितीसुधी. निसाणी हमारे ९९६ श्रीमंदसोरपाते पे तसीदास गोविदरा- ५०० नेमाजी पे- मके लेपे हमारे घरु मराजका जमा. ११३१५॥॥॥श्रीतालपाते ४०२१ भाईरामजी कालु-१९॥श्रीतालपाते भाई रामा रामका जमा तुमारे! जी कालूरामके लेपे तु- घर मांडी.
(११०) विद्याज्ञानप्रकाश। घरु आफीमकी मारे घरु नकल पाना६४ वटी तथा चीक तु मिती सावण सुदी ५ जी मारो वेचो जणी करा थेली - मण५ तुमारे का जमा परच बंधाया जणेका मण२८॥ कीना उपनाका जीकरा बंधाई परचका पाना २ तुमाना प्रत २-11 मण १ लेप उतार भेजा जणे ५९॥Jश्री आफीमके मजव. परचपाते जमा. २११५॥ नकलपाना ६५/८५३२Uबगसीराम मंगल- कातीसुदी आफी- चंदके लेपे. मकी वटी मण. ६५०५ नकलपाना६५काती २३) = भरप सुदी १ आफीम की बटी री प्रत ५९ लेणे मण २३१-परा प्र- परा तुमारी वेची. त ५९) लपे परामु ५४९३||U असल वटी- तमाना दीना १ जणे- मण २३।१U का नावे मांडा हस्ते प्रत २९ दलाल रघजी कोठारी तथा नाहालचद. ७८%JIवाद परचका ५४१९॥ श्रीतालपाते २७%DUआडतरु ५४९३॥3॥ भाई रामजी ५॥-दलाली मण २३ प्रत. १-धरमादाय प्रत-मण घरु. २%JIL परचुरणपरच मण ३९॥ श्रीआडतपा- प्रत देड आना ते जमा. कालूराम का जमा तुमारे ܢܝ पाते जमा. ते जमा. . विद्याज्ञानप्रकाश। (१११) ४१ नासल मण ३० का || श्री दलाली प्रत १=U ८%3DU 9%DJ श्रीधरमादायपा- ५४१५॥ वाकी परा वगसी- राम मंगलचंदके ४१) श्रीहासलपाते लेपे. जमा. २९००11-Jनकलपाना ६७ २- श्रीआफीमके सावण सुदीजीकरा परचपाते जमा थेला मण ६ तुमारा २५०५॥ वेचा जणेको चीक ३०२७ नकलपानदाणसावन मण ३४ परा प्रत सुदीपचीक मण१७॥ ४३॥ लेपे बेचा तीरा प्रत ४३% DJ लेपे ५९९३॥ असलचीक तुमाना दीनाजणेका मण३४॥ जमापरच कीना. प्र० २९७३Jश्रीताल ९३% बादपरचा घाट ३० Jआडत रु ६९९२) गमका प्रत ॥U ८॥-दलालीका प्रत ।। मण १ घरु. १९॥U हासलमण ३६ प्रत २३%DJश्रीआडत 3%मण पाते जमा ३) परचुरण परच प्रत-U -Jश्री दलाली- २-Jघरमादाय प्रत-J पाते जमा पाते राम जी कालू जमा तुमारे मण १ पाते जमा. लेपे. (११२) विद्याज्ञानप्रकाश। 911311) श्रीआफीम ९३-10 परचप २९००1-110बाकी परा जमा. २९२७/-) ठाकुरसी १-Jश्री घरमादा उदेरामके लेपे. २९७३/%3DJ बगसीराम ३०२७-U मंगलचंदके ८५३२||JI २९८३ भाई ठाकुरसी उदेर २९००1-110 मके लेपे नकलपान ११३१५|||-U ६६मिती सावण सुरु ९. श्रीहासलखातेजमा मिती ५चीकमण १७) सावण सुदी ५जीकराथे ४३॥ लेपेपरातूं लानग ११ श्रीतालका आ माना दीनो जणीक याजणीके हासल मण ६६ नावे मांडा. २९२६||श्रीतार को प्रत १Jलेपे ४११) पाते रामज नकलपान ६६ मण ३० ४९|| नकलपाना ६८ कालूरामका चीकमण ३६ जमा तुमा घरु. ९०11 २३ श्रीआडतपा ते जमा ६४॥Jबगसीराम मंगलचंदके २६. श्रीहासलपा लेषे ४१२३-U तेजमा २६३ ठाकुरसीदास ४U श्रीदलालीपा उदेरामके लेणे. ते जमा . * 1 ] । .
पर्चपातेजमा. सत १ लेपे. विद्याज्ञानप्रकाशा (११३) ८६ श्रीआडत पाते जमा 20-Jश्रीअफीमका बटी तथा चीक तालवाला रामाजी कालूरामको बेचो 91-J श्रीधर्मादाय- तकर आडतका. प्रत ॥J पातेजमा. २९८३U ४७-0नकलपाना ६८ सावण १००० Jधनरूपमल राजमलके सुदी ५ चीक मण ३४. लेपे नकलपाना५३भाद- ३०॥3) वेचवालपासे रु. वा सुदी ६हुंडी तुमारे ५०९३|| उपरा लिपी श्रीअजमेरसू १७%)लेवालपासे प्रत=Jधडी धनरूपमल वागमलकी ४७% DU रापागणेशदास ठाकुरदा- सका मम्बईवाले पासेमा- २३=U ठाकुरसीदासउदेराम रफत हंसराज गंभीरचंद- की सावण सुदी १५ थी २३॥-वगसीराम मंगलचंदके दीन२१ पीछे साहाजोग लेपे. रुप्या हुडी चलणका ३९-नकल पाना६६काती १०००J श्रीमम्बईपाते सुदी १ वटी२३।१% की भाई गणेशदास २७) वेचवालपास रु. ठाकुरदासका ज- ५४९३%311 प्रत -11. मा तुमारे घरु. ११॥Jलेवालपास १२६६॥=)सिवलालमोतीलाल प्रत ॥ मण १ के लेपेनकलपाना ५४ ३९-बगसीराम मं मिती भादवा सुदी ७ गलचंदके लेपे. हुंडी १रु.१०००। श्री मम्बईकी तुमाना दी- के लेप.
1 (११४, विद्याज्ञानप्रकाश १४-श्रीदलालीपातेजमाआ नी सुरतरामराय भा- फीमकी बट्टी तथा चीक ण उपरा लिपी श्री- तालवालाको बेचो जणी सवाई जैपूरसू लछ- का दलाली रा. मणदास सिवदासकी ५||-J नकलपाना ६६ रापा सवाईराम हिंम- कातीसुदी १ बटी मण तराम पास मारफत २३॥ पदमसी तेजसीकी भा- ५॥ बगसीराम दवावदी १ थी दीन५१ मंगलचंद पीछे साहाजोग रु. के लेपे. हुंडी चलणका प्रत ८|| -नकलपाना ६८ २६॥-Jले मितीया सावण सुदी ५ ची को व्याजभावमेलिनो. कमण ३४॥ प्रत १२६५) श्रीमम्बई पाते ४) ठाकुरसीदास गणेशदास ठा- उदेरामके लेपे. कुरदासका ज- ४ वगसीराम मं- मा तुमारे घर गलचंदके लेपे = Jश्रीहुंडावण पाते जमा. १४13 ६५Jश्रीआफीमकेपरच पाते २८०००।२९००J३६९/२७J= l जमा. ३०८८०%U ५९॥ नकलपाना६४ ८४७॥ श्रीहुंडावणपाते लेपे. सावण सुदीची २०० नकलपाना१मिती कमण २८॥रा आपाढ सुदी ५ हुंडी माजी कालूराम रु. १००० श्रीरत- की वधी जणीका लासकी हमारे पाते J हमारे घरु. विद्याज्ञानप्रकाश। (११७) सावणवदी ९ हुँ ५०० उणाको घरु मं- डी १रु १०००३ डाई वाकी रु ५०० रतलामकी हमारे हमारे घरु मंडाई पाते बम्बई जणी की हुंडावण आई जणीका प्र- का प्रत ८० लेपेल- त ८० लेपे. गासो नावे मांडा. २०० jमगनीराम वभुत-१००J मम्बईपाते भाईगणेश. सिंधके लेपे. दास ठाकुग्दासका जमा- २०३|| नकलपाना४८सावण वदीपहुंडीरु.१००० ८४७||U श्रीमंदसोरकी हमारे पाते मम्बई आई प्रत ३१७२७॥ ७९=Jलेपे. ३१७२७=JI २०३०॥ श्रीमंदसोरपा- ५८०५भाईमगनीरामजी बभुत- ते पेतसीदास गोविंद- सिघजीके लेपे रोकड रामके लेपे हमारे २ नकलपाना२भादवावदी१३ पाना८८ रोकडादीनासो नावें मांडा हस्तेरामरप. हुंडीरु १००० मम्बईकी १३०० सावणसुदी १० मगनीरामबभुतसिघने दीनी १२५० भादवावदी ९ मम्बईवाले गणेशदास ठाकु- १००० भादवा वदी११ रदासके पाते कीनी तीरीहक १००० भादवा सुदी२ साहीरा प्रत-U १२५५ भादवा सुदी ७ 9 भाई मगनीराम बभुत- सिघके लेपे. ५८०५) ॥ नकलपाना५५ भादवा १००० गणेशदामकिसनाजीके हेपेरोकडापाना ८८भा- । १ranani (११८) विद्याज्ञानप्रकाश। मम्बईवाले गणेशदास ठा दवा वदी १४रोकडा तुमारे कुरदासके पाते वटाईतीरा वदले मगनीराम व तसिं- 3 ) सिवलाल मोती घना दीना सो नावें मांडा लालके लेपे. १००० तथा मगनीराम ३॥निकलपाना २५ भादवा बभुतसिंघका जमा. सुदीपहुंडी १ रु. १०००/५०० ठाकुरसी तेजपालके लेपे मंदसोरकी इंदोरमूं हंसरा- आसोजवदी ६ रोकडादी- ज मेघराज वटाणी भेजी नासो नावे मांडापाना८९ तीका प्रत. ९९/U ५०० ) रोकडा ३॥ ) श्रीमंदसोरखातेपे-५०१ नेमाजी पेमराजके लेपे तसीदास गोविंदरामके, रोकड़ा पाना८९ आसो- लपे हमारे घरु. जवदी ६ रोकडा दीना सो ) नकलपाना९७भादवासुदी मांडा. ७हुं० १रु.१००० मम्बईकीमग ५०० रोकडा नीराम वभुतसिघकी लीपी १०००० श्रीतालपाते भाईरा- मम्बईने भेजी तीका. माजी कालूरामके लेपे 910 श्रीमम्बईपाते गणेशदास तुमारे घरु रोकडपाना ठाकुरदासके लेपे तुमारे घरु. ८९ हुंडी १ हमारे उ- २६५)नकलपाना५८ भादवी सु परा लिपी तुमारी रापा दीपहुंडीरु.१००९ इंदोरकी पुनमचंद दीपचंदपास हमारे नीसाणीकीश्रीमम्बई भादवा वदी १ थी दीन गणेशदास ठाकुरदास कीनी पीछे साहाजोग ती काई हुंडावणका प्रत२६॥ रु. हुंडी चलणका. २६९श्रीमम्बईपाते गणे १०००० रोकडा परपरा शदास ठाकुरदासके .लपे। मगनीरामजी वभुत मिलतीता दीना ។ .
विद्याज्ञानप्रकाश। (११९) ॥२६ भादवा सुदी ७ हुंडी ३७ श्रीआफीमकेपरचपातेलेपे रु ५०० मम्बईकी गणे- रोकडपाना८४ भादवावदी शदास किसनाजीना रोकडा रकम आईं जणीका दिनी जणीका प्रत दीना हस्ते घासी हमाल. २५%) लेपे जमा रु. १००० मधे रु.१०००। ६J तेल आलसको मण तुमारे घर मांडा प्रत पालीपीसी मण २५) लेपे तीकेरी ५Jपाली आपी मणी हक साईरासुदा नकल २५ Jहमालीका तथा बंधाईका पाना ५९ परचुरणका चुकतादीना. १२६। गणेशदास-किस ३७U नाजीके लेपे. ३५) नकल पान ४८/६८॥ श्रीहासलपातेलेपेरोकडा सावण वदी १० हुंडी पाना ८५ सावणसुदी ११ १ रु. १०००। जै- जीकरा थेला नग ११ ताल पूरकी हमारे पाते मम्ब- का आया जणीके हासलका ईसू कीनी तीकाइ सायर चबुतरे दीना. हुंडावणका प्रत ३॥ ३५ श्रीमम्बईपाते गणे- रथजी शुदास ठाकुरदासके १ श्रीपरचपाते लेपे रोकड ६८॥रोकडा हस्ते भागी- लेपे हमारे घर साहीको १०८६ ३१७२७||-U ३१७२७|12U । श्रीमहालक्ष्मीजीको भंडा- पाना ८६ भादवासुदी २ मसालो आयो तीका दीना. ८६ श्रीवीसी परनपाते लपे रोकडपाना ८६ भादवासु- दी३ रकम आई तीका रोकडा दीना. रमरपुर होई जो - ( १२०) विद्याज्ञानप्रकाश। २१००१ श्रीपोते बाकी. ६३ गेहूँ मणी १ ३२४६ मगनीराम वभुतसिघ २१) वीरत मण १ का जमा रोकड पाना८८ १०॥ मूग मण. रोकडा आया सो जमा १०चणा. कीना. ५) वेसावर परच. १२४६ भादवासुदी१३ Jगुड मण १ हस्ते रामरप. १००० भादवावदी १४ ११३ पांड मण १ तुमारेबदले गणे- २Jलकडीको गाडो शदास किस श्रीधरमादाय पाते लेपे रोकड नाजीतूं पटा. पाना ८६ भादवा सुदी १०००) गणेश १६००।१८००२७०२८ दास 90U१७९९९॥ किस- नाजी २३६३४ पाते बाकी. केलेपे. ४१६३३॥ १००० भादवासुदी१५ हस्ते रामरप. ३२४६। ३५० भाईगणेशदास किसना जीका जमा रोकड पाना ८९ रोकडा आया सो जमा कीना. २२५० भादवावदी ९ हस्ते नालाजी. ।
विद्याज्ञानप्रकाश । (१२३) ॥ श्रीपरमेसरजी। १॥ व्याजको फेलानेकी रीत सादेकी रकम बरावर. १०००Jमाह सुदी४ १०००J काती सुदी १ ११०१)चेत सुदी ९ ११०१७ पोह वदी ५ १०००) सावण सुदी १५ १००० फागुन सुदी १५ ३१०१३ ३१०१० ५८॥-वाकीलेणासं०१९३०५८॥-व्याजका सावण मुदी सावण सुदी १५ सदी १९ संमत १९३० सधाआंक ३१५९||-U १२१०० प्रताप ३१५९- ३१५९॥1॥ १॥ व्याजकी फेलावट ३१५९/-U ५८॥-10वा०ले सा०म०१५ रु. १००० माह सुदी ४ ३१००रु. १००० कातीसदी रु० ११०१७ चेतसुदी ९ म ३J३ दीन रु. १०००),सावण सुदी १५/४०००रु. ११०१ पोहवदीम. ३॥ ४ दीन ५०००रु १००० फागुणसुदी १५ १२१००J ६०॥ व्याजका प्रत।। सेकडा ||EU बाद छुटका प्रता 1५८|| -वाकी परा
१२४) विद्याज्ञानप्रकाश।
और व्याजको फेलानो जेठे महिना का तो अंक जितना
रुप्या जितना आंक एक महिनेका और दीनोंमें पण जितना
रुप्या होवे उतरा आंक एकदीनका काचा होवेळे सो आंक
३० को आंक १ लेपणो और दीन दीनका आंक करणा
जितना रुप्या होवे उतरा आंक माहे सो एक आंक दवा देणो
जो आंक दबे उणीनो तीन गुणा देने फेर तीसके एकके हिसासें
होवे तो अंक दबने वाकीरहे जिसमें मिलायदेणा और
विंदी देवे तो जितना आंक होवे उतना आंक दीन २ का करणा
इसतरहसे व्याजका कचा दुकडा करणा और कचादु-
कडाका रुप्या करणाके जितरा आंक व्याजका होवे उणामा
सुदो आंक दाबदेणा और दो आंक दबे जणेका जीस भावसे
व्याज होवे सो प्रत १ सेंकडासे करके दो आंक दबे फेर बाकी
रहे जीमे मिलादेणा. सो व्याज प्रत १ लेपे तो इतरा होवे छे
और आठ आणाको व्याज होवे तो आधा करणा और प्रत ।।
को व्याज होवे तो पुणा करणा दो आंक दावणा जणेका बाकी
रहे जणेना
-
१॥ हिसाब १ भाई गणेशदास किसनाजीको
or
७०० संमत्१९२७कातीसुदी १/५०० संमत् १९२६ जेठसुदी
२००० सं० १९२८ चेतवदी १/११०० सं० १९२७माह सुदी३
२१५१ सं० १९२९ चेतवदी २/१५०० सं० १९२८जेठ वदी ५
3००० सं० १९३०जेठमुदी२५३५०० सं० १९२९ चेतसुदी ३
-500
.
विद्याज्ञानप्रकाश! (१२५) १२३२॥। बाकी लेणा संमत ४३२॥व्याजका अंक८९२८६॥ १९३० कातीसुदी प्रत.काती ० १ सुधा. लेप सं १९३० ७०८३॥ ७०८३॥ ७०८३॥U ७०८३॥ १२३२॥ वाकीलेणा काती सुदी १ संमत् १९३० सुधा. १॥ व्याजकी फेलावट छे. ० ६१३३ रु.७००संमत् १९२७/८५०० रु.५०० संमत् १९१६ कातीसुदी १ जेठ सुदी १ रु.५०० U १२०९० रु.११००सं० १९२७ ६१३। रु. २००३३% माहसदी ३रु २००३ रु.२०००० संमत १०२८ १२०९०रु.९००J१३॥ चेत वदी दी २धा १९६२६॥ रु.१५००सं१९२८ रु.११००३ जेठ वदी ५१०८५३॥ रु २१५१ । सं १९२९ रु. ११००१Jधा० चेत वदी३ ८७७३ रु.४००J २२३२धा रु.१७५१७ ४९६८३ रु ३५५१स १९२९ रु.१०००J संमत् १९३० चेतसदी२रु. १७५१) जेठ सुदी १२ ११॥ १४४०० रु. १०००J१४३धा० ००
१२६) विद्याज्ञानप्रकाश।
रु.८०० ) वाकीलेणा सम १५११६॥ रु.८००)
त् १९३० काती
१९७२धा०
सुदी १ सुधा.
८९८९९॥
६१३
६१३बाद तुमारा
८९२८६॥ ) वाकी हमारा.
४४६% व्याजकाप्रत।सेकडा
१३|| बात छुटका प्रतना.
४३२॥ ३ बाकी छुटता परा.
१॥ व्याज एकंदर फलाणो जणेरी केफियत इसमुजब है. जिल
वणीका हिसाब होवे उसका लेपाकरना हो तो जदे जिस मिती
सुधा लेपा करे जिस मिती सुधी दोनो रकम देपलेणी. व्याज
जमाका होवै तो रकम जमाकीपेली लेणी लेपकी व्याज होवे तो
पेली लेपके रकम लेणी जिम मिती सुधो व्याज जोडे जणे मिती
सुधी रकम व्याजकी जोडणे रुपिया वरनामे मांडदेणा. जणीरी
विगत पछ। आगाडी दोप नामे लगी है.
१॥ लेपो भाई पदमसीजी तेजसीशी श्रीजेपूरवालको
तुमारे घरू संमत १९२९ कातीमुदी १से लगाई संमत १९३०
काती सुदी
७०००मितीजातीसुदी वाकी ५००० मिती मागसरवदी
९००० जमितीमागसरवदी १३.१००० । मिती मागसरसुदी
विद्याज्ञानप्रकाश। (१२७)
४००० )मिती माह वदी ३ ५००० )मिती पो वदी
८०००)मिती फागण वदी १२५००)मितीह माहसुदी
४५०० )मितीचैत सुदी १ १५००० मिती चेत वदी
५०००)मिती जेठ सुदी १ १०००मिती चेत सुदी
९००० मिती आपाढ वदी २/२०००) मिती वेशाप सुदी
२०००)मिती सावण सुदी १/१००० ) मिती आपाढ वदी
३००० )मिती आसोज नदी२/१९०० । मिती आसोज वदी
२०००)मिती काती वदी ७
५२०००
४३५॥ व्याजकासंमत्१९३०
२९३५॥वा ले०सं०१९३० काती सुदी १ सुधा अंक
काती सुदी १ ८९९३३ प्रत घाट
५२४३५%3
६२४३५=U
२९३५॥ बाकी लेणा संमत
१९३० काती सुदी
१॥ व्याजकी फेलावट भाई पदमसीजी तेजसीजी श्रीजेपुरवा-
लेकी संमत् १९३० काती सुदी १ सुधा.
४३५-Jव्याजका काती सुदीप सं. १९३० सुधा अंक
८९९३३ प्रत ॥ त घाट
४४२८६६॥ रकम लेपे पासकी
६७९०० रु.६००० मागसर वदी १ मास ११
११००००रु १०००० मागसर सुदी १ मास ११
५२९०० २५००० ।पोह वदी १ मास १०॥
१२६)
विद्याज्ञानप्रकाश।
रु.८०० ) वाकीलेणा सम १५१४६।। रु.८००)
त् १९३० काती
१९J२धा०
सुदी १ सुधा.
८९८९९३॥
६१३)
६१३ वाद तुमारा
८९२८६॥ ) वाकी हमारा.
४४६% व्याजकाप्रत॥सेकडा
|१३||Bात छुटका प्रतना.
४३२॥ वाकी छुटता परा.
१॥ व्याज एकंदर फलाणो जणेरी केफियत इसमुजव है. जिस
वणीका हिसाब होवे उसका लेपाकरना हो तो जदे जिस मिती
सुधा लेपा करे जिस मिती सुधी दोनो रकम देपलेणी. व्याज
जमाका होवे तो रकम जमाकीपेली लेणी लेपकी व्याज होवे तो
पेली लेपके रकम लेणी जिप मिती सुधो व्याज जोडै जणे मिती
सुधी रकम व्याजकी जोडणे रुपिया वरनामे मांडदेणा. जणीरी
विगत पछ। आगाडी दोष नामे लगी है.
१॥ लेपो भाई पदमसीजी तेजसीशी श्रीजेपूरवाले को
तुमारे घरू संमत १९२९ कातीमुदी १ से लगाई संमत १९३०
काती सुदी १
७०००)मितीकातीसुदीप बाकी ५००० । मिती मागसरवदी
५००० मितीमागलरवदी १३ १००० । मिती मागसरसुदी
विद्याज्ञानप्रकाश। (१२७),
१००० )मिती माह वदी ३ ५००० मिती पो वदी
१००० )मिती फागण वदी १२५००Jमितीह माहसुदी
१५०० मितीचैत सुदी १ १५००० )मिती चेत वदी
१०००)मिती जेठ सुदी १ १०००मिती चेत सुदी
१००० मिती आपाढ वदी २२०००) मिती वैशाप सुदी
१००० जमिती सावण सुदी १/१००० ) मिती आपाढ वदी
३००० मिती आसोज नदी२/१५०० ) मिती आसोज वदी
१००० मिती काती वदी ७
५२०००
४९५००
४३५||व्याजकासंमत् १९३०
१९३५॥-या ले०सं० १९३०
काती सुदी १ सुधा अंक
काती सुदी १ ८९९३३ प्रत.घाट
२२४३५3
५२४३५%
DJ
५२४३५%3D
२९३५॥Jवाकी लेणा संमत
१९३० काती सुदी
१॥ व्याजकी फेलावट भाई पदमसीजी तेजसीजी श्रीजैपुरवा-
की संमत् १९३० काती सुदी १ सुधा
४३५॥Jव्याजका काती सुदी१ सं. १९३० सुधा अंक
८९९३३ प्रत ।। तबाट
४४२८६६॥ रकम लेपे पासेकी
६७१०० रु.५०००मागसर वदी १ मास ११॥
११००००रु १००००Jमागसर सुदी १ मास११
५२२०० रु ५००० पोहवदी १ मास १०
(१२८)
विद्याज्ञानप्रकाश।
२२५०० रु. २५०० माह वदी १ मास ९
११२५०० रु. १५००० चेत वदी १ मास ७॥
७०००० रु. १०००० चेत सुदी १ मास
११९३३।रु.२०००) वैशाप सुदी २ मासाघाट
४४३३।रु.१०००Jआसाढवदी ३ मासार घाट
१५०० रु. १५०० आसोज सुदी ११ घाट
४४२८६६॥
३५२९३३। बाद रकम जमा पासेरी
८४००० रु. ७००० कातीसुदी १ मास २
५५०० रु.५००० मगसरवदी १३मास।उपर
३७७३३।रु.४०००)माहव दी३ मास ९.१२दी.धा.
६८००० रु. ८००० ३ फागण वदी १ मास८)
३१५००रु. ४५००० चेत सुदी १ मास ७
२५००० रु. ५००० जेठ सुदी १ मास
४०२०० रु. ९००० आपाढवदीर मास ॥घाट
६००० रु.२०००J सावण सुदी १ मास ३
४४००रु.३००० आसोज वदीरमास ॥.१चा
६०० रु. २००० )काती वदी ७ दीन ९
३५२९३३
८९९३३ । बाकीरहा.
४४९॥3॥प्रत लेपे.
विद्याज्ञानप्रकाश।
(१२९)
१४ वाद छूटका
४३५||- वाकी परा सिरे
लेपा जो रकम सरांसे बिके जिसका.
। रुपया १ की सेर ५ जदी मणका करणा सो रुपे एक की
जितरा सेर होवे उतरा मणका रु. ४० लेपणा और जिता आना
भरको आनो एक काटणो. और रुपे एक की जिता आना भर
होवे तो उतरा सेरां का रुप्या १६ हुवा और जितरा मणका
रु.६४० Jहुवा इसीतरे से जितरा मणाको लेपो पालो उतराको
हिसाब जोडदेणा.
४०८ रुप्या १ की ३५ जदी मण ५१ )का मण ५ का रु.
४°Jहुवा.
२४० रुप्या १) कीऽ३-जदी मण २०० का कतरा मण३)
15५ का रु.४० हुवा.
११२ रुप्या १)की 5-J भर जदी मण १ सेर २ का
कितरा सेर ६ का रु. १६ हुवा. भर हुई.
SEJ रुप्या १ की २७ जदी रु. कि कितरी.
३८५६॥ रुप्या १)की 50 भर जद मण ३९७६॥ का कितग
हुवा मण ६॥का रुप्या ६४० Jहुवा.
भर 5१४-रुप्या १ की ३Uजदी रुप्या की कितरीसो
जितानाजिता गुणा देने उणाको अध घटायने रुJ
वधाय देणो.
मण भर ८-३१, कीड)जदी रु, ४ की कितरी सपो-
(१३०) विद्याज्ञानप्रकाश। ण इणे मुजब गुणाकार देने आधा बधाने रु.-Jफेर बधाय देणा. मणरु. १ कीऽ४ाजदी रु, ४॥ की कितरी होई सो रुपे की जता सेर घालने उता रुप्याकी पूछे तो उतागुण देने साठमें उताई बधाय देणा. फेर रु. बंधावणो. मण ॥३.रुप्या १ की ४ ) जदी ४॥= की कितरी हुई पांच गुण देने चोथी पाती घटायने न बधाई देणा, शाहिसाबधान वगैरेका जोरकममा- णीयासं विके जणीका लिषते. । जितने रुपे माणी होवे ने मण एकका पूछे तो जिते रुपे माणी जिता अंक मण एकरा लेपणा और रुपे एकका अंक १२ काटणा. जो माणी मण १२ की होवे तो कदास माणीमें मण ओछाहोवे तो रुपे १ का अंक माणीमे जितना मण होवे उतरा काटणा और सेर १ को पूछे तो पण जिते रुपे माणी होवे उतरा अंक सेर १ का लेपणा. और रु.-J का अंक जि- ता मणाकी माणी . होवे उणीसूं अढाई गुणा करणे. उतरा आकारो आनो १ का काटणो और रु. १ को लेपो. पूछे तो रु. १ का अंक माणी मण १२ की हो तो अंक ४८०J लेपणा और जो माणीमें मण कमजादा होवे तो उतरा म- णका सेर होवे उतरा अंक रुप्या १J का लेपणा और जिते रुपे माणी घाले उतरा आकारोऽ१ लेपणो और इणीसुबी जलदी किया चोवतो रु.१ का अंक जिते मणाकी माणी विद्याज्ञानप्रकाश। (१३१) होवे उणीसूं अढाया करणा और जिते रुपे माणी उत्ता आ- नाका अंक सेर लेपणो. और रु. - को पाले तो पण मणीमें मण१२J के होवे जदी तो आने एकका अंक ३० लेपणा. सेर एक भरका अंक जिते रुपे माणी उतारा लेपणा. फेर जि- ता मणकी माणी होवे उणीसू आढाया अंक रु १ का पण लेपणा और रु.-) का पण लेपणा रुप्याको लावणो जदी तो जिता रुपे माणी उता आणा अंको सेर १ काटणो और आनेको लावणो जदी जिते रुपे माणीउता अंकरोऽ१ गुणनो. 9-J रु. २१ को माणी १Jजदी मण एकको कांई होवे के मण १ का अंक २१)रु. १ का अंक १२ काटणा. ७॥२ रु २७=J माणी १) जदी सेर १ को काई हुवो सो सेर १ का अंक २७/%DJ आने एकरा ३० काटणा आने एककी अंगरेजी पाया १२ होवे सो अंक २॥ पाई १ का काटणा सो आनो पूणने पाई २ हुई मण ५। रु. ३२॥कोमाणी १जदी रु. १ को कतरो हुवो माणी १२ की जदी अंक ३० हुवाऽ१ भरका अंक ३॥ काटणा जदी मण ५ हुई. भरऽ। रुप्या ३१ को माणी १ जदी रु-को कितरो हुवो अने एकरा अंक ३० हुआ सेर १ भरका अंक ३११काटणा सो सेर। भरहुवो लेषो मणाखू रकम विके जणिका लिषते. जिते रुपे मण १ जदी रु. १ को पूछे तो अंक ४० गुणता
(१३२) विद्याज्ञानप्रकाश।
और जिते रुपे मण उता अंकरो 5१ काटणो और आने)
को पूछ तो मण अंक ४० लेपणा. जणे भाव होवे उतरा अं-
कारो आने एक भरका करणा और जिते रुपे मण १ होवे तो
उतरा आनाकीऽ२॥ लेपणो और जिते रुपे मण होवे ने सेर
एकरो लेपो पूछे तो सेर एकरा आंक उतराई लेपणा और
आने एकरा आंक २॥ काटणा और आने एक भरको लेपो
पूछे तो पण आनिते रुपे मण होवे उतरा लेपणा अने-का
अंक ४०J काटणा इणतरेहसूं लेपा पुछे जणेको जवाब देणो
591-Jमण १ का रु० २६॥ जदी रु० १ की कीतरी होई
आंक ४० लेपणाऽ१ ) भरका अंक २५॥ काटणा.
5-JIII मण १ का रु २२॥ जदीरु-Jकी कितरी आंक ४०
हुवा अने) भरका अंक २२॥ काटणा.
=Jमण १ का रु ३५0 जदीऽ १ को कांई हुवो सेर एकरा
अंक ३५॥ हुवा प्रत -J का अंक २॥)
-) दमंडी मण १ का रु. ४५॥ जदी आना-भरको
अंक १५॥Jहुवा आनेका अंक ४०)
हिसाब मोतियोंका
जतना रतीको दाणो केवे तो उतराना उतरा गुण देणा
फेर म आंकना आंक एकको रु. ॥J गुणना फेर जतरा
आंक गुणाकारका होवे उतरा कचा अंक फेर गुणना जण
को अंक को एक चव गुणो ओ आगल नव आणाके हि
विद्याज्ञानप्रकाश। (१३३) साबका होवे उणांके सामील कचा आंका कापणा ९६ के हे- साबसू होवे सो सामील करके हिसाव वताय देणा. चव १४॥ १ मोतीको दाणो १ रु. को जणका अंक २५ हुवा सो अंक १ का रु. के हिसाबसूं चव १४- हुवो और अंक २५ काचा फेर बधिया जणांका ९६ के हि- साबसूरु । १ हुवो सो चव १४-J के सामल करदि- यो सो चव १४-J तुकड १ हुवो मोजणे भाव चव होवे उणे भावका दाम जोड देणो. १६०९/-) मोतीका दाणा ५ टांक २ रु ५ टांक एककीरु. २४ जणेकी रु. ५३ होई जणेनां तरपन गुण देने जो आगे उपर करी जण मुजब चव करणे जतग दाणा होवे उणांको भाग दे देणो चव १६०९-Jहुवा उणा नाप- को भाग दीयो ३२१॥Jचव हुवा. जरीव वनानेकीरीत. और 'मुलकोमे जरीब बनानेकी और गति है लेकिन यहां ये कायदा है कि ५ पांच आदमीके पांच हात और पांच ऊंगलीसे नापे तो एक बीसवा यानी एक गध होता है. इस तरहसे वीस गट्ठा १०० सौ हातके नाप ले वोही जगव होती है और अंगरेजी फुटसे पेमायस जरीवकी हुई तो फी गहा फूट ७ इच ४ के हिसाबसे फूट १४६ इंच ४ की है विधा विसवा करनेकीरीत. गट्टा गट्ठामे गुणा करनेसे विसवानमी और गट्टा जगव-
-
(१३४) विद्याज्ञानप्रकाशा
गुना करनेसे बिसवा और जरीब जरीबके गुणा करनेसे
बिघा होते है,और बीस २० विसवांसीका एक बिसवा और
बीस २० विसवाका एक बिघा होता है,
रीत पेमायश त्रिकोनषेत.
समबाहु त्रिकोन यो पेत है कि जिसकी तीन भुजा बरा-
बर हो और दो समकोन हों और दो भुजा बराबर हो और
दोसमकान हो उसकी ये रीत है कि, कोनेसे सामनेकी भुजा
पर लंब डाले चाहे लंबव चाहे भुजाकी जिसपर लंब गिरा है
दोनोंमेंसे एकका आधा करके आपसमें जरख यानी गुनाकरे
हांसील उसका छेतरफल होगा.
य
३०
३०
३५
ख/२२
व ३०
प२०
तीन भुजा बराबर समकोनकी ये रीत है कि य कोनेसे
रा भुजा ल पर लंब डाला तो २८ गट्टा आये और ३० गट्टा-
की ३० तीनी भुजा हैं इसवास्ते लंबके आधे गट्ठा १४
और भुजा ल र की जिसपर लंबगीरा गट्ठा ३० है १४, ३०
में गुना करनेसे ४२० बीसवांसी उसके बीचे ११ विश्वा
यही छेतरफल हुवा.
क ख ग त्रिकोणकी जिसकी दो भुजा बराबर हैं उसपर
विद्याज्ञानप्रकाश। (१३५) क कोनसे लंब भुजा खग पर लंब क प डाला तो २२ गट्ठाऔर कख भजा २० गट्ठा है. और उसीपर लंब गिरा है दोनोसे एक यानी भुजाके १० आधे हुये आपसमे गुना करनेसे२२० बीस- वांसी उसका बिसवा ११ यही छेतरफल हुवा. प क ४० इस त्रिकोनकीपक भुजा नापी तो गट्ठा३०और कवभुजो नापी तो गट्टा४० आये उनमें एकके आध किये तो ३० केआधे १९ उसको ४०मे गुना करनेसे ६०० विसवानसी जिसका डेढ १॥ बिघा छेतरफल हुवा. त २५ २० द ५२ म इस त्रिकोनके थ द भुजापर लंव सिधमे पडा तो गट्ठा २० आये और उसके आधे गट्ठा १० भुजा थ द गठ्ठामे (५२) गुना करनेसे ५२० वीसवांसी उसके 19 विधा छेतरफल हुवा.
(१३६) विद्याज्ञानप्रकाश। रीत चोकोन. य ४० र ४० ४० ४० इस पेतके चार भुजा बराबर हैं आपसमे और चारो समको- नहैं उसकी ये रीत है दो भुजाको नापके आपसमें गुना कर- नेसे छेतरफल होताहै मसलन य र भुजा गट्ठा और य व गट्टा (४०) आपसमें गुना करनेसे १६०० विसवानसी जिनकी विधा ४ छेतरफल हुवा. प ४० ४० ३६ व ४० म जिस पेतके चार भुजा बरावर आपसमें हो और सम- कोन न हो तो उसपर बमुजव इसके यानी व ग भुजापर
विद्याज्ञानप्रकाश। (१३७)
लंब डाला तो गट्ठा (३६) और उसको ४० म गुना करनेसे
१४४० विसवानसी उसका ३२ बिघे छेतरफल हुवा.
लंबा षेत.
त
ठ
जिस पेतके आमने सामनकी दो दो भुजा आपसमें
राबर हो और चारो सम कोन हो उसके अंक छोटी एक बड़ी
जाको नाप आपसमे गुना करनेसे छेतरफल होताहै
सलन डत भुजा गट्टा ५० और डठ भुजा गट्ठा २० आपसमें
ना करनेसे बीसवानसी १००० उसका बिघा २॥
तरफल हुवा
च
६०
ग
४.
४०
३
इसतरहांके पेतकी ये रीत है कि इसके आमने सामनेकी
दो भुजा आपसमे बगवर है और चारो समकोन नहीं हैं
.
।
(१३८) विद्याज्ञानप्रकाश। इस वास्ते छज भुजापर लंब सीधमें डाला तो गट्ठा ३६ आये उसको ६० गटामें गुना करनेसे चझ वीसवानसी २१६० जिसके बिझा ५।७३ छेतरफल हुवा. क १८ म २० २२ २२ ३७ घ २० व ४८क य टेढा षेतकी रीत. इसमें पहले चौकोन कस ३७ २८ म घ नापा तो क स भुजा गहा १८ और घम भुजा गट्ठा २० ३० दोनोको जोडा तो ३८ उसके आधे १९ हुये और दोनो भुजाके २२।२२ है उसके २२ हुये आपसमें गुना करनेसे ४१८ वीलवांसी 955।।। १३ छेतरफल हुवा और इसीतरहां चौकोन घन पब ५५॥ ४८ गट्ठाको जोडा तो १०३ उसके आधे ५१॥ और दोनो भुजा ३७ । ३७ जिसका औसतमें ३७ गुना करने १९०५॥ विसवांसी जिसके बिघा ॥छे- तरफल हुवा और त्रिकोन मग व को इसरीतसे की भुजा गब गट्टा ८ के आधे ४ और भुजा मब गट्ठा १७ आप- समें गुणा कीधा तो ६८ वीसवानसी जिसके वीसवां ऽ३।३ छ- तरफल और त्रिकोन प फ य है. उसमें प भुजापर ५ य र लंव गट्ठा १८ को भुजा फ प गट्ठा २८ आधे के १४ मे गुना करनेसे वीसवांसी जिसके २५२ वीसवा ॥२॥२॥ छेतरफल जुमला ६३॥ छेतरफल हुवा.
(१३९) विद्याज्ञानप्रकाश। गोल पेत. । श D ई ११० रीत लंब व गोलाई दरयाफत करनेकी. जिसका लंबापनी कुतर मालूम हो उसको २२ मे गुना करके ७ का भागदेदो हासील गोलाई यानी मुहीत होगा मसलन श ह लंबपानी कोतर गट्ठा ३५ उसकी २२ में गुणा करनेसे ७७० हुये ७ पर भाग देनेसे ११० गोलाई यानी मुहीत हुवा और अगर गोलाई याने मुहीत मालूम हो उसको७ गुना करके २२ पर तकसीम करनेसे हांसील वयानी कोतर होगा. मसलन गोलाई ११० है उसको ७ गुना कर- नेसे ७७० हुये उसका २२ पर भाग देनेसे ३उई लब यानी कोतर हुवा. पेहली रीत छतरफल निकालनेकी. गोलाई यानी मुहीत लंब यानी कोतर दोनोको आधे आधे करके आपसमें गुना करनेसे छेतरफल होता है मिसल उइ गोलाई यानी मुहीत गट्ठा ११० व लंब यानी शह कुतर
(१४०) विद्याज्ञानप्रकाश।
-गट्ठा ३५ दोनोंकी आधे ५५॥ १७॥ गोलाई लंबको आपसमें
-गुना करने ९६२॥ वीसवानसी २।३७२॥ छेतरफल हुवा.
दूसरीरीत.
अगर कोतर यानी लंब मालूम है उसका वरग याने उसको
उसीमे गुना करके हासीलको ७८५ में गुनाकरके १०००
भाग दो हासील छेतरफल होयगा मसलन लंबयाने कोतर
गट्टाका बरां.
३५.५.१५.१७८५-४६९३८ ९६१६ वीसवांसी जिसका बिघा ११३७१४
छेतरफल हुवा,
तीसरीरीत.
अगर गोलाई यानी मुहित मालुम हो उसका वरगयानी
उसको उसीमें गुना करके ७९६ में गुना करके १०००० पर
भाग दो हासील छेतरफल होगा मसलन गोलाई यानी
मुहीत गट्टाका वरग करके ७९६ में गुणा करके १००००
का भाग दिया जैसे ११०+ ११०= १२१०० +७९६०
९६३१६००-१००००-९६३३००० अपवरतत यानी
मुफ्त
सीर भीनयानी कसरको करनेसे ९६३ ३. वीसवांसी जिसका
बिधा २।३३३ ५. छेतरफल हुवा,
विद्याज्ञानप्रकाश। १४१) विगत हिसाबकी. और जिता आना कोन होवे और उता मणका करणा होवे तो उतराना उतरा गुणा देने एक विंदी धरदेणी तो उत्ता म- णका रु. होय जावे. ११५५|| ) रु. 1111 से २७/ जदी मण १०॥ का क्या हुवा के पुणाअगारेना पुणा आणारे गुणादी- मातो रु. ११६॥-Jहुवा और उसके उपर मिंडी दी तो रु ११५५||Jहुवा. और रु. कीऽ ४॥ जदी रु. १४॥ कि कितरी हो- ईतो पन रेना पांच गुण देणा और पनेरेना और पांच वीसका Jआन गुणके हिसाबमूं पनरेपचु ७५ माहे मूं वीस दुणाचालीस आनाका २॥ बादकरके उपर बाकी रहे जिसमे आना पाव और मिलादेना सो मण ॥२॥ १॥ जगाकाचांदा जो मकान बणावे जिसकी राह इस मुजब है सो इसतरहसो जो चाले तो चांदेका झगडा मकान वणा- नेवालेकीन रहे. । जगा बणती है उसमे चांदा दो होता है एक तो जगा वणानेवालेका और दूसग पडोसकी जगा इसतरहसे तरीका कदीमी है और जगा बणावे उसकी जगाकी मंजल ऊंची चढलेने पडोसकी मजल नीची रहे तो उ- चे चांदे चढनेकी कीमतका रु जंगा बणाणेवाला और उस पडोसका हक नीची जगावालेका इतना रहे. अव्वल - (१४२) विद्याज्ञानप्रकाश। तो राजीनामा दूसरा उसके घरमें आला भंडारा एक चसमेमें इसका रहे एक चसमेमें नीचलं जगावालेका रहे और थंवा तथा वलचणी मगराका हक बराबर रहे. और एक धणी जगा वणावे और उसका पडोसकी जगा बीर न रहे तो जगा बणाणेवाला उसवेरान जगा वालेसे कुछ देकर वणावे और कदास जादाये उसका हकरपीयासे न बणावे देवे तो दूसरा चांदा वणाना होवे तो उसकी आपणी हदमें वणे तो पडो- सका हक दिवाल उसचांदेमें कुछभी रहे नहीं अपनी मोज आवे सो करे. । और एक जगा निची होवे पडोसकी जगा उची होवे तो उस पडोसकी तरफ जाली वारी कुछबी रहे नही. 1 और जगाके बीचमें रास्ता आयजावे तो जगामें जाली तथा बारी वे तलास कमें किसीका अटकणेका दाखल नही फकत सरकारके सिवाय. | और जगा भीतडा गारेका बणे जिसकी मापणेकी यह रीत है इस मुलुकमे जगाकी भीता कतरीका उंची हाथ ३ और पना हाथ १ और लंबी कात्रा व हाथ ८ सूं लगायने हाथ २० तकका भी भाव रुप्या १ एकका होता है और इस- मे भुरज तथा भीताकी दिवाल तथा चांदा होत है उसकी माप- की रीत इसतरहसे है. दिवाल बाहरसे हाथ ३० भीतरसे हाथ.२८ उंडी हाथ ४ तो अठाईस और तीसका भेला करने उसका आधाकर उसको चार गुणाकरणे जिस भाव होवे उसका दाम काटणा
विद्याज्ञानप्रकाश। (१४३)
और जोपना डेढ़ा होवे तो डेढा दाम देणा सवायी होवे तो
मवाया दाम देणा और दुणा होते तो दुणादेणा यह जमीन
भापणा और इसतरहसे चांदहवी मापता है. इसतरहसे उसकोबी
दाम जुडते है.
और भुरज मापणे जावे एकदफे तो बारसेमापणा और एक
दफे भीतरसे मापणा उणाका आधा करणाजे हाथ होवें सो
दोनोका आधा धरणा और इस सिवाय ऊची बहोत होवे तो
उचाईमे तीन जॉयगे मापणीमां थारे और गरभमे और
गोडमे इण तीनोना भेलीकर और पीछे तीनको भाग देने
और जमीन तथा आगे दोका भागकी जमीन होवे उणाना
भेलीकर और दोनोका आधाकर जितनी जमीन ऊची होवे
उसका तो तीनका भागसे कर लबाईके वीचमें मिलाकर
जिस भागकी निरप होवे उम भाव काट देणा, पानेके उपर
लिपे मुजब.
और कुवा तथा तलाव पोदे उसकेवी नापकीमपती
इसीतरहसे होवे है के हाथ १० लंबी और १० हाथ चवडी
और हाथ १ ऊंची उस पानेका भाव रु २Jसे लगावने रु ४
तकका होता है और अब पुदाई मापणा जब हाथोसे मापणो
चवडी और लंबीका गुणा देणा और उडीकुबी उसमुजद
गुणा देने जितना सो होवे उतनाका भाव सेठेका चुका देणा
९७॥ कुवा एक लंबा १३ चवडा हाथ ९ उंडा हाथा ११
प्रत सेकडा सो तेरे और नवकागुण ११७
हुवा और उसकु ११ गुणदिया तो हाथ १२८७
हुवा प्रत ४॥ के हिसाव रु. ५७॥
(१४४) विद्याज्ञानप्रकाश।
१॥ और सठो वगैरे का नूंध तथा जमा परच करणकी विगत
इणीतरे.
॥ और सटा लेणाचावे देणा जिसकूँ नूंधणा इसमुजबका
मिती उपर देणी.
। वोज १ गणेशदास किसनाजीको लीनो प्रत ६१। )
लेपे हस्ते दलाल कुंदनमल सराफ चिट्ठी आई और लिपदी
नी करनी.
१ जिसके पाते होवे उसके पाते करणी.
। और जमा परच करणकी रीत नकलम.
१४७० गणेशदास किसनाजीके जमा मिती काती सुदी १
बोज प्रत ६१) लेपा तुमारे लीना हस्ते दलाल कुंदनमल
१४७० जिणपाते होवे उणीके नामें मांडणा.
और पातेमें पण सटाका मेल इसमुजब पातापानाके
नकलको पानो रु ५ का अंक-सटा नग होवे सो करणा.
पातो गणेशदास किसनाजीरे.
1
१४७० नकलपाना
आडतेके पाते पण इणतरे घालणा.
भाव काटणा.
१४७० नकलपाना.
जकलपान अडत परच
आडत
दलाली
विद्याज्ञानप्रकाश।
(१४५)
इस तरहसे सेठको.
इस मुजवपातो सटाकी
विगत वही माह.
कवित्त.
श्रीपत सुजान श्रीवेरीसालजी महाराज यादव कुल गादी जेसल-
मेर कीतो भारीहे । लक्ष्मीनाथ इष्ट जाके अटल भंडार भरे
नारायणदास व्यास हुवा वोई अवतारीहै । ताके वंश हूके
पांचसे प्रतापी जान व्यासोका पडा जामें खुली गुलकारी है ।
मथुरादास आमोलप उनहूके वंशमे इस्ट महाबीर वाके
चितमनसे धारीहै ॥ १ ॥ व्यासोमें सूरजके मंदिरकी पूजा होत
किला गढ बंका जेसलमेरका तो जंगी है। कुवा बुलासरगंगा
समान वाचनकरे वसती वा जबरहे पुनवाः आनसके दुरगीहे ।
गडीसरतलाव परपूरणभरारहे आत्माराम कहे वाकीरअ-
य्यत सुशरगीहे । व्यास आमोलप ईस्टरसे बली हुकसदाफ
तरहे जाके महावीर संगीहे ॥ २ ॥ मथुरादास वैकुंठगये
तादिनकी वातकहूं अकलके सागर जाकी वडी हुसियारी हे
सवनकू भलवान देके याखुसीरी जो सवैः आमोलपकू
कया भाई यातुतो आज्ञाकारी है । ग्रंथकू चलाय दीजो
छापामें छपाय जाय मोयंक भरोसा बडा तेरी अखत्यारी
है । कहे गुनी आत्माराम उमर करतूत ओ मथुरादास भये जगमे
यशपारी है ॥३॥
(१४६) विद्याज्ञानप्रकाश
विद्याज्ञानप्रकाश ऐसो दूजो ना ग्रंथ कोई जगतको हिसाब
सारो याहीमें पेहचानिये । एकसूं लगाय करोडतकको
हिसाब जान ग्रंथकू विचार फेर अकलमें जानिये । याके परस
ते ज्ञान बुद्धि यश कीर्ति होत जो कोई पढेगा लाभ होवे बहुमा-
निये । आत्माराम कहै याते कोई मत दूररहो नीतिका हिसाब सब
याहीमें जानिये ॥ ४॥
दोहा-व्यास हि मथुरादासजी, उमर कर गये नाम ।
मनुप्य नही वे देव थे, पोचे वैकुंठ धाम ॥ ज्ञान ध्यान परवी-
ण थे, पुण्य रूप थी जाय ॥ भलो केहीयो कोकण ये, ऐसा
ना कोई आज ॥ १ ॥
मथुरादास आज्ञा करी, आमोलपकू आप । विद्याज्ञानप्र-
काशकू, जलदी डलावो छाप ॥ आमोलप अरजी करे, चाकरकी
अरदास । हुकुम आपको शीशपै, हो वैकुंठो वास ॥२॥
इति विद्याज्ञानप्रकाश सम्पूर्ण ।
व्यासमथुरादासकृत कविता तथा दुहो बणावे
जणेमें दध अपर इतर छाटण इणीकी विगत.
दोहा-वरण छंदको बंदसे, तीन वरण गनमान ।
मनत्रयसत जर आठहै, अदपिंगल करत बपान ॥१॥
हजन घरषुव आग्यो, अक्षर अशुभकेदान ।
कबित आदणीगल कहे,भूल न कबहूं आन ॥२॥
मनभावे चारी सुचारहे, कवित आदसुपदान ।
अपर अशुभ चारु कहे, भूल न कबहूं आन ॥३॥
दोधनको विचार ॥ प्रगन लगन दोय मित्रहे, भगन यगन बिर-
तमान ॥ जगनरगन दोय शत्रु हैं, सगन तगन समजान॥४॥
॥ रुपया २॥ रुपया ५ रुपया १० रुपया (४७) अंगरेजी चलन पैसेका कोठा ४ फार्दैिगका १ पेन्स या ४ दोकडा ४ पेन्सका १ ग्रोट १५ दोकडा १२ पेन्सकी १ शिलिग ४ शिलिग ६० २रुपया ५ शिलिग १ क्रोन ६ शिलिंग ८० १ नोजल ३रु ८ दोकडा १९ शिलिग १ आंजल १३ शिलिग ४ पे० १ मारक ६॥ रु. १५ दो० २० शिलिग १ पौण्ड २१ शिलिग १ गिनी १० रुपया २३ शिलिग १ करोलस ११॥ रुपया २७ शिलिग १ मयडोर १३॥ रुपया २५ शिलिग १ जकोवश १२॥ रुपया ३६ शिलिंग १ जेनिस १८रुपया २ शिलिंग १ फोलोरिंग १ रुपया ६पेन्स १पर ।आना अंगरेजी सोनारोंकी तौल २ ग्रेन १ पेनिवेट २० पेनिवेट १अश १२ अंश १ पाण्ड अर्थात् पन अंगरेजी बेपारकी वस्तुकी तौल। ड्राम १ औश १पौण्ड पौण्ड १ कारटर ४ कारटर १ हण्डरोट २० हण्डरवेट १ टन . २६ १६ औश १ लाट १ स्क्रुपल ८ ड्राम (१४८) विद्याज्ञानप्रकाश। १४ पौण्ड १ स्टोन २ स्टोन १दाट टाट १वे २वे १साक १२ साक डाक्टरोंकी तौल। २० ग्रेन ३ स्कुपल १क्षम १ औश १२ औश १ पौण्ड काठ जमीन आदि मापना। ३ वारलेकरन १ इंच १२ इंच ३ फुट १ गज १ फादम ५॥ गज १ पोल ४० पोल १ फाग ८ फलांग १ मेल ३ मेल १ लीक ६९६ मैल १ डिगरी चौकोर जमीन मापना। १४४ वर्ग इंच १व० गज ३० वर्गगज १५० पोल ४० वर्ग पोल १रुड ३ वर्ग रुड क्यूमेजर अर्थात् घना १७२८ घनइंच १ घनफुट १ धनगज ४ घनगज १ लोड ४२ धनगज ५० घनगज १ टन या लोड काठ वजनमें कपडेकी अंगरेजी माप। २।इंच १नेल नेल क्वाटर १ फुट ९ वर्ग फुट १ एकर २७ घनफुट १ टन 4 ४क्वाटर ६क्वाटर ४ जिल ४क्वार्ट १८ ग्यालन् २ टीआर्स २ हगसेड विद्याज्ञानप्रकाश। (१४९) ५ क्वाटर १ इंग्लिशएल १ फेरेंचएल ३ क्वाटर १फेलेमिशएल सेरावकी माप १ पैण्ट २ पैण्ट १ क्वार्थ १ ग्यालन १० ग्यालन १ अन्कर १ रनलेट २४ ग्यालन १ टीआर्स १ पंचीअन ६३ ग्यालन १ हगसेड १ पाइप २ पाइप १ टन वीरसराबकी माप १ क्वार्ट क्वार्ट १ ग्यालन १फारकिन १८ ग्यालन १ किलडरकिन १वारल ५४ ग्यालन १ हगसेड १वट २ वट १ टन अन्नकी अंगरेजी माप १ पटल २ पटल १ ग्यालन १ पेक १ १ स्टईक ४ वुशल १ कम १ वाटर ५ क्वाटर १ लोड २ पैण्ट ९ ग्यालन ३६ ग्यालन २ हगसेड बुशल २ काट २ ग्यालन २ वुशल ८ वुशल, २ लोड १ लाट १ वुशल ४ पेक ३६ वुशल विलायती कोयलाकी माप ३ वुशल साक १ चालड्रन् -- ५ (१५०) विद्याज्ञानप्रकाश। गिनतीका कोठा १२को १ डजन १२ डजन १ ग्रोस २० को १ स्कोर १२० को १ लांगहाण्डरेड २४ ताव कागज १ दिस्ता २० दिस्ता १रीम १० रीम १ वेल्स अंगरेजी कालज्ञान ६० सेकन्ड १ मिनीट ६० मिनीट १ घण्टा २४ घण्टा १ दिन ७ दिन १ हफ्ता अंगरेजी मासका प्रमाण ३१ दिन जानेवारी ३१ दिन जुलाई २८ दिन फेब्रुवारी ३० दिनआगस्ट ३१ दिन मार्च ३० दिन सपटंबर ३० दिन अप्रेल ३१ दिनआक्टोबर ३१ दिन मै ३० दिन नवेम्बर ३० दिन जुन ३१ दिन दिसेम्बर ४ बरस अंतर २९ दिनका फेब्रुवारी होता है। मुंबई चलन पैसा ३ अद्धियां अंगरेजी पाईका । पाव आना. ४ पाव आनेका १ आना १६ आनेका १ रुपया १६ रुपयाकी १ मोहर. । मरहठी तौल ८ रत्तीका १ मासा । १२ मासाका १ तोला । २८ तोलाका दोडी अरी सेर । ४० सेरका १ मण । २० मनकी खांडी। मुंबईमें सोने रूपेकी तौल २६ रत्तिया १वाल. ४१ ग्रेन ८ रत्ती अथवा १मासा. १४३ ग्रेन ४०वाल १चव १४ चव विद्याज्ञानप्रकाश। (१५१) ३३वाल १२ मासा तथा १तोला. १७९तोलेका ग्रेन. वेपारी लोगोंकी तौल १टांक २०४८८ द्राम ७२ टांकका १ सेर ११ अंश ४० सेरका १ मन औ २८ पौड २० मन १ खांडी ५६० पौड. मुंबईमें हीरा मोतीकी तौल १०० दोकडेका १आना १६ आनेका १ रत्ती २४ रत्ती १ टंक चौरस जमीनकी माप ४ आंगुलकी १ मुठी ३५ मुठीकी १ काठी २० काठी १ विसा २० विसा १ वीचा चीनदेशकी तौल चलन २३ टांकका १ तोला १ रत्ती- ४ पन याने ४ चोजा चीनमें टुकडे चांदी सोनेके चलतेहैं चीनम टकशाल नथी इसमे रुपये पैसे भी नहीं थे चलन डाल- रका है सो भी और देशका है १० कास की १ टुंदरी १० टुंदरी १ मास १० मास १ टेल १६ टेलीकचाटी १०० कचाटी १ पीकल टेल ९वाल मुंबईके मनका १ पीकल १ तोलाके ३०० कास. जमीनकी माप २४ अंगुलका १ हाथ ४ हाथका १ दंड या बांस २ गाइ २४ तम् ( १५२) विद्याज्ञानप्रकाश। २०००दंडकी १ गाइ १ गव्यूति या २ कोस २गव्यूतिका १ योजन या ४ कोस. मुबईमें अन्नकी माप २ नवटांक का १ पासेर २ पासेर १ टिपरी २ टिपरी १ सेर २ सेर १ अधपाईली २ अधपाईली १ पाईली १६ पाईली १ फरा. ८फराका १ खांडी. काडा या काठकी माप २ अंगुलका १ तसू १गज मुंबईमें निमककी माप १०॥ अधोली का १ फरा १०० फग १ आना १३ आना १पास २५ फरा १ मुंडो १ फरा-3 १६७६११ आना-3 १६७६० २॥टन% १ आना ४० टन= अगरेजी और हिन्दुवोंका कालज्ञान ६०विपल का १पल अंगरेजी २४ सेकन्ड. १ घडी अगरेजी २४ मिनेट. ६० घडीके ८ प्रहर १ दिन रात अंगरेजी २४ घण्टा ३० दिन १ मास १२ मास १बरस. सरकारी चलन १०० रेसका १ पावला ४ पावला १ रुपया- अगरेजी वक्त ६० सेकन्डका . १ मिनेट ६० मिनेट १ अवर या घण्टा १रास ६० पलकी १बरस विद्याज्ञानप्रकाशा (१५३) २४ अवर १ दिन ३६५ दिन ६घण्टा का १ जुलियन बरस ३६५ दिन ५ घण्टा ४८ मिनेट ४८ से- कन्डका १ सोलर बरस ३० दिनका १ महीना. १२ महीना ७ दिनका १ वीक या आठवडा.४ आठवाडा १ महीना ५२ आठवाडे और १ दिनका १ वरस. १३ मास ६ दिनका १ लीनर वरस. हिन्दुओंके महीना संस्कृत भापा संस्कृत भापा १ कार्तिक कातिक ७ वेशाख वैसाख २आग्रहाण अगहन ८ ज्येष्ठ जेठ ३ पोप पूस ९आपाढ आसाढ ४ माघ माह १० श्रावण सावन फाल्गुन फागुन ११ भाद्रपद चैत १२ आश्विन कुआर हिंदुओंके छः ऋतु। १ वसन्त-चेत वैशाख. शरद-कुआर कातिक. २ ग्रीष्म-ज्येष्ठ आपाढ. ५ हेमन्त-अगहन पूस. ३ वर्षा-श्रावण भादों. ६शिशिर-माघ फागुन मुसलमानी महीना १ मोहर्रम ५ जमादिउल्अव्वल २सप्फर ६जमादिउल्सानी ३ रविउल्अव्वल ७ रजव रविउम्सानी ८मावान भादो ६चैत्र (१५४) विद्याज्ञानप्रकाश। ९ रमजान ११ जिल्काद १० सव्वाल १२ जिल्हेज. अथ ज्योतिष विचार यह जानो कि जब हरएक बालक जनमते हैं तो उनके नाम रखनेकी रीत यह है कि जन्म होनेकी वेला जिस नक्षत्रका जो चरण होय उस चरणका अक्षर नामके अक्षरोमें प्रथम राखै. और एक नक्षत्रके चार चरण होते एक एक चरण १५ घडी रहताहै और सवा दो नक्षत्र अर्थात् ९ चरणकी १ राशि होती है. राशि १२ हैं. १ मेप २ वृपभ ३ मिथुन ४ कर्क ५ सिंह ६ कन्या ७ तुला ८ वृश्चिक ९ धन १० मकर ११ कुम्भ १२ मीन. २७ नक्षत्रोंके नाम १ अश्विनी १० मघा २ भरणी ११ पूर्वा २० पूर्वापाढा ३कृत्तिका १२ उत्तरा २१ उत्तरापाढा ४ रोहिणी १३हस्त २२ श्रवण ५ मृगशिरा १४ चित्रा २३ धनिष्ठा ६आर्द्रा १५ स्वाती २४शततारका ७ पुनर्वसु १६ विशाखा २५ पूर्वाभाद्रपद १७अनुराधा २६उत्तराभाद्रपद ९ आश्लेपा १८ ज्येष्ठा २७ रेवती. अथ योगोंके नाम १विष्कम्भ २ प्रीति ३ आयुष्यमान ४ सौभाग्य ५ शोभन ६ अतिगण्ड ७ सुकर्मा ८धृति ९ शूल १० गण्ड ११ वृद्धि १२ध्रुव १३ व्याघात १४ हर्पण १५ वन १६ सिद्धि १७ व्यतीपात १९ मृल ८ पुष्य विद्याज्ञानप्रकाश। (१५५) १८ वरीयान १९ परिध २० शिव २१ सिद्धि २२ साध्य २३ शुभ २४ शुक्ल २५ ब्रह्म २६ एन्द्र २७ वैधृति. अथ करण १ बव २ बालव ३ कौलव तैतिल ५ गर ६ वणिज ७ विष्टि होढा चक्र अर्थात् नक्षत्रके चार चरणके चारों अक्षर। १चु चे चोल १० म मी मु मे १९ जे जो भ भि अश्विनी मघा २ लि लु ले लो ११ मोट टि टू २० भूध फढ भरणी पूवा पूर्वापाढा ३ अई उ ए १२ टे टो प पि २१ मे भोज जि कृत्तिका उत्तरा उत्तरापाढा ४ ओ व वि बु १३ पु पाणठ २२ खि सुखे खो रोहिणी श्रवण ५ वे वो क कि १४ पे पो र रि २३ ग गि गुगे मृगशिग चित्रा धनिष्ठा ६ कु घ ड छ १५ रू रे रो त २४ गो स सि सु आर्द्रा स्वाती शततारका ७ के को ह हि १६ ति तु ते तो २५ से सो द दि पुनर्वसु विशाखा पूर्वाभाद्रपद ८हु हे हो डा १७ ननि नु ने २६ दुथा झञ पुप्य अनुराधा उत्तराभाद्रपद ९डि डू ड डो १८ नो य यि यु २७ दे दो च चि आश्लेपा ज्येष्टा ग्वती -- । (१५६) विद्याज्ञानप्रकाश। नक्षत्र नाडी भद आदिनाडी मध्यनाडी अन्तनाडी अश्विनी भरणी कृत्तिका आर्द्र मृगशिरा रोहणी पुनर्वसु पुप्य आश्लेषा उत्तरा पूर्वा मघा हस्त चित्रा स्वाती ज्येष्टा अनुराधा विशाखा मूल पूर्वाषाढ उत्तरापाढ शततारका धनिष्टा श्रवण पूर्वाभाद्रपदा उत्तराभाद्रपदा रेवती जो वर कन्याके जन्म नक्षत्र एक नाडीमें पडे तो नाडी वेध लगता है. अर्थात् विवाह नहीं होसकता है. अथ वर्ग विचार जन्म नामके प्रथम अक्षरके अनुसार वर्ग होता है जैसे- अवर्ग कवग चवर्ग तवर्ग गरुड बिडाल सिंह सर्प टवर्ग पवग यवग सवर्ग थान मूस मृग मेष जिस वर्गका जिसके साथ जैसा भाव हो सोई जानो. अथ वर्ण विचार विप्रवर्ण क्षत्रियवर्ण वैश्यवर्ण शूद्रवर्ण कर्क मेष कन्या तुला वृश्चिक सिंह वृष मीन धनु मकर मिथुन वरके वर्णसे अधिक वर्णकी कन्या अयोग्य है।
आर्द्रा मूल उत्तरा तीनो स्वाती हस्त अथ नक्षत्र योनि। गज छाग अश्विनी शतभिषा रेवती भरणी पुष्य कृत्तिका नाग श्वान मूष रोहिणी मृगशिरा पूर्वफा० मघा मार्जार गऊ महिप पुनर्वसु आश्लेपा मृग व्याघ्र वानर ज्येष्ठा अनुराधा चित्रा विशाखा श्रवण पूर्वापाढा सिंह अभिजित नकुल योनि है। पूर्वफा० धनिष्ठा इन सबका भी वैर प्रीति लोकरीतिसे जानोगे । अथ नक्षत्र क्रमसे गण कहते हैं। मनुष्य गण ३ उत्तराई पूर्वा आर्द्रा रोहिणी भरणी. राक्षस गण कृत्तिका मघा आश्लेपा विशाखा शतभिपा चित्रा ज्येष्टाधनिष्टा मूल देवता गण अश्विनी मृगशिरा रेवती हस्त पुष्य अनुराधा श्रवण स्वाती पुनर्वसु । अपने अपने गणमें प्रीतिहोती है और मध्यम देव मनुप्यकी प्रीति है तथा कलह देव राक्षसमे और राक्षस तो मनुष्यको खाताही है। इति ज्योतिष विचार।
(१५८) विद्याज्ञानप्रकाश । शिक्षाकी रीत. -- १ सूर्य उदयके समय देवता १३ झूठी साक्षी देना नहीं. किसी गुरुका स्मरण करना सबेरे उठ की जामिन होना नही. नहाय धोय लेना, १४ कोई बुलावे तो आदरसे २ पहले पूजा देवताकी करना बोलना. ३ पीछे मा बापको नमस्कार करो १५ आवो, बैठोजी, कुछ जल- ४ माता पिताकी आज्ञा विना पान करोजी. कही जाना नही. १६ आतेहें जी. लावते हैं जी. ५ बैठनेको कहैं तो वैठो और कहां पधारोगे जी ? उठनेको कहें तो उठो १७ किसीफो कही मारना नही ६ शिक्षा मानके गुरुके यहां बहुत चढके बोलना नही. पढने जाना. १८ पराई लडाई सिरपर लेके ७ पाटी खडी भूलना नही, लडना नहीं. नंगे पांव चलना नही १९ अनजानकी चीज कुछ ८ कपडा अच्छी तरह हरना खाना नही. ९ रस्तेमें अकेले जाना नही २० अनजानी बात कहना एस्तेमें कुछ खाना नहीं. नही, बहुत किसीकोहराना नहीं ३० ग्रह चलते दौडना नही, २१ रुपये विना बाहर निकलना बेजाना फल खाना नही. मुँहसे नही. भोडी बात बोलना नही २२ बेजानी राह जाना नही. ११ तमाशा देखनेको खडे रहना २३ बेपारमे किसीकी बराबरी नही. करना नही. १२झूठकुछ बोलना नही किसी २४अपनी गांठका भरोसा करना का कुछ चुराना. नही. २५ लेना देना देखके करना- विद्याज्ञानप्रकाश। (१९९) २६लहनेका तगादा करना.. ४२माता पिताकी सेवा करनी २७राठमें जोखमथोडी रखना, ४३ बिना बुलाये बोलना नहीं २८ खरच विचारकै करना. ४४जितना पूंछ उतना उत्तर २९ गुमास्ता जानकर रखना.देना. ३० गुमास्तेपर वही खाता छोड़ ४५ जीव पर दया करना. ना नही. धर्मका काम तुरत करना - ३१गुमास्ता नादान होतो खाता ४६ जीव वचे तो उठ बोलना अपने हाथ रखना बही खातारी ४७किसीके घर बेबोलाये जाना ज मिलाये विना सोनानही नही ३२ खातेको वढने देना नहीं.-४८सुपारी थोडी खानीऔर पान पयकी थैली उलटकर रुपया बहुत खाना लेना नहीं ४९किसीसे अवगुणकरना नहीं ३ चेसे लेन देन न करना. ५०रातको बहुत जागना नहीं ४ जोखम बीमाकेबिना छोडना दररोध किसीपर बहुत करना ५१गहरे पानीमे पैठना नही. नही नही ३५ मुनाफा बिना माल बेचना नही ५२क्केश बहुत बढाना नही. ३६ सबके साथ भलाई करना. ५४राह चलते आगे पीछेकी ख- पानीकी लकीर करना तिनका बर रखना. तोड़ना नही ५५ कमरपर हाथ रखके चलना ३७ जीवजंतुको दवाना नहीं नही. ३८ एकबारगीलहनालगानानही ५६दो हाथसेमाथा हिलानानहीं ३९वजारजाकेसवकाभावपूछना ५७कान बहुत खोदना नही. ४० भले आदमीके आगे ऊंची २८ वात वातमें कसम खानी नीची बात वोलना नही नही. ४१ परस्त्री मॉ बहनकर जानना/५९किसीको गाली देनी नहीं.
ना नही. (१६०) विद्याज्ञानप्रकाश। ६० कोई चार गाली देय तो स-७९ बासीअन्न खाना नही. हिलेना. ८० नई फसिलका अन्न रखना ६१ रास्ते चलते भलेसे तगादा ८१वे छाना पानी पीना नहीं. करना नही. ८२सूर्यकी पूजा करना. ६२ बहुत चञ्चल होना नही. ८३ताला भारी रखना ६३ अपने कुटुम्बकी खवर लेते ८४सोनेका घर दिया वार देख रहना लेना. ६४ नंगे शिर बहुत रहना नही. ८५ अनजानकाविश्वासनकरना ६५लडकेका बहुत विश्वास कर ८६भरोसा भगवान्का रखना. ८७अपने मतसे विचलना नही. ६६वैर किसीसे करना नही. ८८ अच्छे बुद्धिमानसे पूंछके ६७हुनर सब सीखना भला काम करना. ६८ स्त्रीके साथ बहुत गुजवात ८९ श्रीभगवानका नाम मुखसे करना नही. लेना ६९स्त्रीका विश्वासरखना नही. ९०पउपकार करना. ७०स्त्रीका कहा सब सच मानना ९१भूखे प्यासेकी खबर लेनी- नही. ९२अन्न चोरी करना नही ७१परोसीसे वैर करना नही ९३ससुरको गाली देना नही. ७२भांजा और दामादुके साथ ९४आँख देखनासो सचमानना. लडाई न करना चाहिये. ९५किसीके रंगमें भंगकरना नही ७३ धन हो तो इनको मानते र-९६किसीसे झूठा वाद करनानहीं हना. ९कपडे सफेद पहरना. ७४ अपनाधर्म छोडना नही.. ९८कोई किसीसे बात करता हो ७५धनका अभिमान करनानही तो बीचमें वोलना नहीं. ७६ देहकाअभिमान करना नही ९९बडेआदमीसे वातकरनानहीं. ७७वस्तुबहुत जाकड रखनानही १००देवा अनदेखा करजाना. ७८सुले हुए अन्नको खानानही १०१ बजारमेंकिसीसेलडनानहीं . विद्याज्ञानप्रकाश। (१६१) नीचे अंक जो एकसे लेकर वीसतक लिखे हैं सो सव आद- मियोको मालूम नही हे फकत व्यापारी लोग अपने व्यापारमें बोल चाल करते है. और अनजान लोगोके समझमें नही आते इससे वे गुप्त अंक यहां नीचे लिखे बमुजिब जानना. सांग ..१ फोकलाय . .१४ स्वान... २ वुधलाय १५ एकवाई ३ डहंकलाय. फोक ४ तलाय ...१७ बुध .५ मंगलाय १८ डहंक ६ कोनलाय १९ ७ सुत. ...२० मंग २५ कोन सलाय ...१० पैसे को छव्वी आने को रत्ती एकलाय ११ चार आने को मासा कहते आठ जोलाय १२ आने को टाली रुपयेको वजना रेकलाय ..१३ और चिट्टा भी कहते हैं सांग दहाई १० स्वान दहाई २० एकवाई दहाई ३० फोक द- हाई ४० बुध दहाई ५० हडंक दहाई ६० पैंत दहाई ७० मंग दहा- ई ८० कोन दहाई ९० सलाय दहाई १०० टाट १००० लकी १००००० वोलने को उकडो कहते है। पैत . .८ सुत पचोतर ९ . ..
(१६२) विद्याज्ञानप्रकाश। बोधवचन। बडे सबेरे उठके ईश्वरका सुमरन करना. बडे सबेरे उठके पढे तौ विद्या जल्दी आवे. विद्यामें चित्त लगाये विना विद्या आती नही. पढ़ते पढ़ते खेलवाडमें चित्त देना नहीं. विद्याविना सयानपन कहे चातुरी नही. सयानपन विना लोगोंके बीच प्रतिष्ठाभी नहीं होती है. लोकमें जिसकी प्रतिष्ठा नहीं उसका जीवन वृथाहै. विद्यावान्की गर्न सबको आन पडती है, इसवास्ते जो लड़कोंको पढ़ानेका अ- भ्यास रखता है उसके ऊपर सब लोग हित करते हैं. यह लडका कैसा है यह देखके सब लोगोंको अचरज होता है. घरमें सबकी और मॉ बापकी आज्ञासे चलना सोलह वर्ष तक लडके लोगोको अपनी बुद्धिसे चलना नहीं पाठशालामें जाना तो गुरुकी आज्ञा से चलना. लडकपनमें जो विद्या आती सो बडेपनमें आती नही, इसवास्तेलडकपन खेलमें जाने देना नही. भलाराजोगुण बालपनमें लगजाता सो सारी उमर छूटता नही. नरम पेड जैसे नवावो वैसे नवै कठोर होनेसे झुकता नहीं; ऐसेही मनुष्यकी बुद्धि बडेपनमें जड होजातीहै.मॉ वाप गुरु या अपना धनी जो कहै सो करना आनाकानी करना नहीं. अपने जव बालकथे तब माता पिताने जो रक्षा किया है इससे मॉ बाप जो कहैं सो अपने भलेके वास्ते कहते है. माता पिता जो कहै कि गुरुकी आज्ञासे चलो तो वैसाही चलना इसमे अपना कल्याण है. मॉबाप जो कहें कि ओछे छिछोरे की संगत न करो तो उस बातको मान लेना इसमें अपना भलाहै. मॉबाप कह सोही करना उसमें अपना भला है विद्या पढा- नेवाला, अन्न देनेवाला, भयसे बचानेवाला ये पिताके समान हैं येजो कहें सो सुनना. पढ़ने जानेका वक्त चूकना नही. नित्य जाते , विद्याज्ञानप्रकाश। (१६३) रहना. पाठशालाम जाके बैठनेकी जगहमे लड़कोके साथ उ8में समय बिताना नहीं क्योकि जो बेला एकवार वीत गई सो फेर आती नही. पाठशालामें लड़कोके साथ खेलवाड करके वेला व्यर्थ जाने देना नहीं.सव लड़कोसे अपना पाठ हम जल्दी सीखे ऐसा मन- मे रखना गुरु जो पाठ पढ़ावे उसकी तरफ चित्त रखना,नसमझमे आवे तो पूछके समझ लेना. आजहम नया कितना सीखे इस बात का विचार करते रहना जो लड़का पाठशाला जायके ज्यादा सीखता नहीं तो उसके बराबरके लड़के उसको पीछू डालके उसे हॅसते ऐसी विडम्बना दूसरी नही. विद्या पढ़नेके लक्षण शास्त्रमें कहा है. जो पाठ लिखते हो सो अपने जोडीदारोके आगे पढ़ देखाना, अर्थ कर कुछ पढ़ना हो तो आप अर्थ कर देख- लेना और दूसरेसे भी अर्थ कराय लेना आठ पहर पाठमे लय लगानी, इसीका नाम अभ्यास, वाकी मेहनत वृथाहै हम एकदम पढ़ना सीखे ऐसी जल्दी न करना.थोड़ा थोडा पढोगे तो भूलोगे नही. पाठशाला जाते राहमे खेलवाड़ी लड़का बुलावे और अपना भी मन हो पर जाना नही कोई काम आरम्भकर जो पूरा न करे तो वह कीहुई मेहनत वृथा जाय और लोग हॅसेंगे. जिसको चार चतुर कहते हों उसकी संगत करना.जिसको हर तरहका व्यसन है उसके पास खड़े होना नही क्योकि वह अपने को बिगाड़ेगा. किसीकी निन्दा करना नही इसमें अपनी निन्दाहे किसीकी चाई चुगुली करना नही लोग चुगुल कहेंगे और विश्वास उठ जायगा. सबसे नम्रता रखना, अभिमान किसीसे करना नहीं दूसरेका अच्छा कपड़ा गहना देख अपने मॉ वापसे हठ कर मॉगना नही क्योकि जो वे दे न सकें तो कहांसेलावेगे जो परमेश्वरनेदिया उसीमें संतोप रखना,सन्तोप विना किसीको कुछ सुख होता नहीं वरियोके वीचमें वैठना नही कोई नादानी या खिलाफतकी बात (१६४) विद्याज्ञानप्रकाश करै वहां ठहरना नही. जहां जुआ होता हो वहां खड़े होना नहीं जुआरी और रण्डीबाजका संग करना नहीं, उनके संगसे चोरीकी लत पड़जाती है और उससे जानपर भी खतरा है और अपनी सात पीढ़ी पर बट्टा लगता है. जुएके पैसेसे कोई आजतक सुखी न हुआ. जुएके सबब कितने मारे मारे फिरे कितनोंका पता न लगा कितनोकी जान गई. हॅसते हँसते बात न करनी. लजाते लजाते बात न करनी. निडर बोलना चाहिये. अभिमानसे बड़ा बोले बोलना नहीं. जैसी जिसकी योग्यता हो उस प्रमाण उसके साथ बोलना. अपने बड़ेसे अधीन और नम्रतासे बोलना.अपने बराबरीवालोसे हिलमिलके बोलना. अपनेसे नीचहो तो काम मुवाफिक बोलना. अपना लाभ देख उससे कम खर्च करना लाभसे अधिक खर्च करै तो बजारका देना होता है जो देना कर खर्च करते वे अन्तमे पछताते हैं. जिसका देना होउसको वादापर देना और वादाखिलाफ हो तो वह राहमें आंख दिखावेगा इससे दूसरी और शरम नही. अच्छे कामोंसे पैसे पैदा करना और अच्छे काम विना वह पैसा खर्च करना नहीं. धन सफल वही जो पर उपकारमें लगे. बुरे कामसे द्रव्य इकट्ठा करना नही. क्योकि उस तुरे कामका पाप आप अकेलेको लगेगा और पैसा खायेंगे. हम तुम्हारा काम करेंगे ऐसा भरोसा देना नही और जो देना तो काम करनेसे चूकना नहीं. विश्वास देकर घात करना इसके समान दूसरा पाप नहीं. कहै कुछ और करै कुछ वह जो- सच भी बोले तो लोग विश्वास न करेगे. और जो उसपर झूठीतोह- मत लगे तो लोग सच कर मानें जो आदमी सत्यवादी हो वह सब लोगोमें मान आदर पावे. सत्यके ऊपर सब व्यवहार चलते हैं इससे सत्य छोड़ना नही. एक बारभी झूठ बोलते जो पकड़ा जाय तो उसकी प्रतिष्ठा जन्म भरको गई, इसवास्ते झूठ बो- ।
विद्याज्ञानप्रकाश। (१६५) लनेकी टेंव लगाना नही मित्रकी परीक्षा सङ्कटकी वेला होती है. पहले विचारे बिना कोई काम एकाएकी करना नही. जो क्रोधके वश भया सो अंधेके समान है भली शिक्षा न सुने वह बहरे के बराबर है, अपने योग उचित अनुचित काम हे कि नही, यह जो न जाने सोई पशुहै, समयके अनुसार जोबोलना नजाने सोई गंगा है शूरवीर वही है जो वैग्यिोंके मोहजालके फंदेमे न फंसे और धीरवीर वही है जो सङ्कट आनपडे निडर होरहै सयाना उसको कहिये जो अपना काम अच्छीतरह करै और दुसरेको कुछ दुःख न होय, शत्रु उसको कहना जिसका कुछ काम नही है या निर उद्योगी हो सावधान वेहे जोधन यौवन और आयु का भरोसा नहीं करते हैं धनवान वही है जो सदा सन्तोप से रहे. और दरिद्री वही है जिसकी आशा न पूरी होय लोभ बढ़ताही जाय और सु- खी वह है कि जिसका चित्त चञ्चल नहीं है वडा संसारमे वह है जिसके हाथसे हमेशा पर उपकार होता रहता है. देखो परोपकार समान और दूसरा पुण्य नहीं है, चोर जगत्मे सो हे जो अपना विभव आपही भोग करै. कोई अपनी स्तुति कर उसपर भूलना नही,क्योकि अपना काम निकारनेके वास्ते लोग झूठ भी बोलते हैं. कही कोई अपनी निन्दा करै तो उससे लडनान ही क्योकि पीठ पीछे सब सबकी निन्दा करतेही है मित्र के साथ किसी बात का परदा रखना नही मित्रतामे फरक पडता और अपना हरतरह का नुकमान है, भाई बन्धु इष्ट मित्रको बेउकुर न करना, प्रतिष्ठा अपनी चली जायगी,मुद्दई कैसाभी हो उससे हमेशा डरते रहना समर्थके साथ वैर न करनावैर कर पारन आवोगे,अपनेसे अनहोनी बात पर कमर न बांधना वहपूरीन पडेगी, गरीब विचारे की इसी नकरनी क्योकि क्या जाने वह वक्त अपने परभी न-आन पड़े बडोकी मर्यादा रखना इसमें अपना भला है अपने बडे को जो (१६६) विद्याज्ञानप्रकाश। मानेगा तो उसकी भी बडाई लडकोंसे रहेगी किसीके साथ हो हित कर मीठी और सत्य बात बोलो, अपना गुण और वडाई नेबतकहे जबलो दूसरेसे मांगना न पडै, मांगने बराबर दूसरा दुःख नहीं है और याचकके समान कोई वस्तु हलकी नही है. शरम वहां खोल- ना जहांसे काम निकले और फेर परदा पडजाय. अपने पास धन हो तो प्रीति करने सब आगे पर तुम भी भला बुरा आंखसे दे- खो खरी बात कहना बहुत कठिन है. सबेरे घडेमें पानी ठंढा होता पर टूटे को माटीमे मिला देता है शरण आवे तो उसे रखना और बल बुद्धिके अनुसार रक्षा करनी. मरे मनुष्य की निन्दा करनी नहीं. अपने जीकी बात हरएकसे विश्वास कर कहनी नहीं द्रव्य संग्रह करना दुःखकी बेर काम आवेगा आगे धन मिलेगा इसपर भरोसा रखना नही, जो करना हो आज करो कल पर उसे छोडना नहीं क्योकि जीना बेतादाद है. दमडी दमडी जोड रुपया होय है इससे दमडी का अनादर न करना. व्यसन में पैसा खर्चना नहीं वह वृथा हे विद्या और गुणसे जो मनुष्यकी शोभा है सो टाम टीमसे होती नही. और धन चोरी जाय सकता पर विद्याका चोर से भी डर नहीं हैं विद्या सफल तब हो जब दूसरेको पढावे क्योकि धनमरेबाद दूसरेके काम आता और विद्या पीछे रहती नहीं धन खर्च करनेसे घटता और विद्या ज्यो ज्यों दूसरेको देय त्यो त्यो बढ़तीजाती है. कपडे गहने शरीरकी शोभा हैं पर हलके काम हैं स्त्री की चर्चा हो या नाच रंग गान हो वहां विद्यार्थीको जाना न चाहिये. नाहक बेकाम इधर उधर फिरना नहीं. मनुष्यको खाली बैठ रहना ठीक नही पर नीदमें और खेलमें भी दिन काटना नही. गाली देनेकी बानि डालनी नही; जबान खराब होजातीहै. वृथा वैर किसीसे करना नही किसीकी चढाया उतार कर न,बोलना इसमें निन्दा है. किसीके मर्म की बात खोलना नहीं लोग ऑछा- विद्याज्ञानप्रकाश। (१६७) कहेगे. किसीके ढके दोपको उधारना नहीं बने तो मुट्ठीभर धूल डालनी. किसीकी नकल करना नही मेवा, मिठाई खानेकी बहुत टव डालनी नही. लुच्चोके संग बैठना और उनसे व्यवहार रखना नही. हिसाव ठीक रखना.अपनी आमदनीऔर खर्च लिखा करना उधार लेनेकी बानि रखना नही. बहुत दिन खाता बढाना नही. व्यवहारकी रीतिमें शरम रखना नही.हम तुम्हारा काम करेंगे यह कहकर उसे पीछे लगाना नही धर्मका काम तुरंत करना उसे घडी भर भी टालना नही. दूसरेकी वगवरी कर खर्च करना नहीं पेडपर चढना नही ये बड़ी भूल है जहां झगडा हो वहां खडे रहना नही.राज्यकी मसलहतमे चित्त डालना नहीं किसी की हो खोटी बात उडावना नही जो अच्छा काम किया हो तो जब याद पडे तव सुख हो बुरा काम हमेशा दुःख देता है.अपना किया भलाका- म आप अपने मुंहसे कह सुनाना नहीं क्योकिधर्म जाय औरलो- कनिन्दा हो. अपना गुण अपने मुख बखानना नही इससे मूरखप न ठहरता है किसी गुणी आदमीको जो बुरा व्यसन हो तो आप देख उसको करना नही खालीगुण लेना अवगुण देखना नहीं युक्ति की भलीवात छोटेसेभी लेलेना. विद्या नीचसे भी सीखलेना. हम जो करते सो ईश्वर देखताहे यह जानते रहना हम धनवान् हैं यह गर्व होतो अपने से बड़े धनीकी ओर देखना मैं बडा दुःखियाहूं ऐसे मनमे संताप हो तो अपने से अधिक दुःखीको देख संतोप करना. हम धर्मात्मा है यह अहंकार' होतो अपनेसे वडे अभिमानी को देखो छूट जायगा. दूसरे आदमीसे हम थोडा पाप किया यह मनमे लाना नही. आदमी जहां बात करते हो वहां वे बुलाये जाना नही. अपनी बात जो चित्त दे न सुनै तो उसे बरजोरी कर सुनाना नही. आप किसी काममे है और दूसरा कामको आवे तो उसकी हर्ज करनी नहीं. इस बेला उस बेला आवो ऐसे वादेसे (१६८) विद्याज्ञानप्रकाश किसीको हैरान करना नहीं लंबी जबानसे बोलना नही. बात करते बात बातमें युक्तिसे अपनी बात जनावनी भलीनहीं बातका वजन जाता रहता है, अपनी बडाईकी बात हितकर सुनना नहीं विद्याका स्वार्थ यह कि अच्छी समझ हो और किसीके साथ वादविवाद करना नहीं. धनका स्वार्थ यह कि धर्म करना खाली अपनाही पेट भरना नही, बल सामर्थ्यका स्वार्थ यह कि दूसरेकी रक्षा करना और पीडा किसीको देनी नहीं, धर्मका स्वार्थ यह कि उसको जहां लों होय गुप्त रखना उघारना नही. आप. बुद्धिमान बनके आगेसे आगे बोलना नही. गुण दूसरोंके जरूर कहना और सुनना दोष कहने सुनने से नाहक अपनेको दोष लगता है. जिस बातमें वहुतोंका भला हो उसमें आलस करना नहीं.. दूसरेको थोडा और हमको बहुत श्रमहै ऐसा चित्तमें लाना नहीं चार आद- मीके भले होनेमें जो पैसा खर्च हो उसको गया समझना नही. आहार नींद भय मैथुन और प्रीति आदि अपने कामोंमे पशु पक्षी भी लगे हैं पर मनुष्यको यही अधिक है कि धर्म चीन्हें और पर उपकार करै, जो घरमें कजिया चुकि जाय तो सरकार दरबार जाना नही, बडे पहाडको भी जो नित खोदो तो एकदिन वराबर हो जाहीगा. रगरा ऐसी चीज है कि रस्सीसे पत्थर में भी निशानी पडजाती है, और बडी भी इमारत हो पर रोजके काम होनेसे एक दिन तैयार होहीगी-बडी पोथी नित्य पढो तो उसका पार भी एकदिन देखोगे. विद्या कैसी भी कठिन हो पर मनदे नित्य सीखे तो आवेहीगी. धनसे प्रतिष्ठावडी है क्योकि धनजायके फेर भी मिलता प्रतिष्ठा गई फिर आवती नही सरवस जाय परशरीरकी रक्षा करनी, क्योंकि शरीर रहने से फेर सब मिलेगा. शत्रुता जिससे एकवार होजाय फेर मित्रता कर उस पर विश्वास करना नहीं. हर एक काम करनेका ख्याल रखना प्रारब्धके ऊपर रहना नही. जो विद्याज्ञानप्रकाश। (१६९) आदमीप्रारब्ध पर काम छोड बैठता है,उसकी सहाय ईश्वर करता नही,क्योंकि श्रम विना प्रारब्ध लंगडा है. भूत प्रेत साधनकी विद्या सीखना नहीं. जो वात आप चूके हो और कोई कहे तो हठ छोड़ मान लेना.अपनीभूल और बुरी वातपर वादविवाद कर चौकसाई कराना नही बोलते बोलते गर्म हो जाना नही. जो बातचीतमे क्रोध हो उठे तो गाली गुप्ता करना नही कोई क्रोधकर गाली दे तो आप गरम हो बदलेमें गाली न देना उसकी बगवरी हैं दूसरेकी पूरी बात सुनके उसको उत्तर देना,और बीचहीम उकताके बोल उठना नही एक काम पूरा करके तब दूसरेमे हाथ डालना. सब काम इकट्टा करै नो एक भी हो उठता नही. कोई कुछ बोले उसका सार अंश लेलेना जो दूसरा कोई तिरस्कार या अनादर करै तो क्षमा करना इसमें अपनी बडाई है. जो किसीकी दुष्टता या अ- न्याय आप, क्षमा करलें तो ईश्वर इसपर राजी हो उसको सजा देगा. अपनी इच्छा न हो पर तोभी जो किसीका भला करै इसका एहसान ईश्वर मानेगा और अपना भला करेगा. तू मनमे समझ कि सब तेरी करनी तेरे ऊपरहै.जैसा करोगे वही होगा,अमृत पि- ये अमर और विप खाये नाश है. मान अपमानसे अमृत विप हो- ता है विपह अमृत समानते बखानो है, असमयमें कोई किसी का मीत होता नही,लोग सब मुंह देखीवात करते हैं, बनावते ब- हुत दिन लगते पर विगाडते कुछ देर होती नहीं प्रीति बहुत दि- नोमे होती उसको चट पट तोडना नही, तोड़के जो जोडेगा तो गांठ उसमे पडेगी, हम कौन हैं, और क्या करते कहते हैं इस पर ख्याल रखना चाहिये अपनी सामर्थ्य देख काम करना उचित है, संसार झूठा स्वनेकी ऐसी संपत्ति देख कर ना भूलो जगत्मे जी- ना अचरज और मरना सचमुचहै, जो तुम वडाई लोकमें चाहो तो नमके चलो.निंदा किसीकी न करो छल अधर्मसे दूर रहो, ब्राझ- (१७०) विद्याज्ञानप्रकाश। ण देवता हैं प्रणाम करनेसे पाप दूर होजाते हैं इससे ब्राह्मणको दे- खतेही प्रणाम करना. यथालाभ सन्तोषमें बडा सुख है यत्न कि- तनो करो होगा उतनाही जो विधाताने लिख दिया. जीव मारनेके बराबर और पाप नहीं है,पर इससेभी बढके जीविकाको मारनेमें है जगतमें एक धर्म छोड और कोई अपना नहीं है. संग मरे बाद धर्मही जाता और सब यहांही पड़ा रहता है. कहानी। एक दिन एक बादशाह पुत्र सहित शिकार खेलनेकोगये. गर्मी- के तो दिनहीथे, इसपर तप्तवायु (लूक)चलने लगी तब बादशाह घबड़ाकर अपना दुशाला उतार सेवकको दिया सो देख पुत्रनेभी वैसाही किया तब बादशाह हॅसीसे बोले कि अय सेवक । अब तो तेरे ऊपर एक गधेका वोझा होगया, सेवकने चट उत्तर दिया कि नहीं साहब दो गधेका ॥ खुलासा यह कि दूसरे की हँसी करनेसे अपनी भी हँसाई होती है। बाघ लोखडी और शृगालकी वार्ता । एक सियारन गर्भिणी थी.उसने अपने पतिसे कहा कि स्वामी अबकी बार ऐसी जगह चलिये जहां आनंदपूर्वक बच्चा जनूं और कोई न आवे, सियारने शोचविचारकर कहा प्यारी और कहां ऐसी जगह मिलेगी? चलो बाघके घरमें रहैं तब उसने उत्तर दिया कि ऐसी जगह तो मै कदापि न जाऊँगी जानबूझकर कालके मुंहमे पोसियारने कहा घबडावो मत में एक युक्ति करूंगा जिस काल बाघ आवे तब तुम अपने बच्चे रुलादेना मै पूछूगा कि बच्चे क्यो रोतेहैं तब तुम कहना ताजा बाघका मास मांगते हैं ऐसा मताकर नाहर के घरमे रह इतनेमें नाहर भी गर्जता हुआ अपने घरको चला विद्याज्ञानप्रकाश। (१७१) सो सियारे ने देखकर कहा प्यारी ! बच्चोंको रुलादो बाघ नजदीक आगया,जब बच्चे रोने लगे तब सियार बाघको सुनाकर सियारिनिसे पूछता है कि आज क्या है जोभोरही से बच्चे रोरहे हैं उसने उत्तर दिया कि स्वामी। ताजा बाघका मांस मांगते हैं, सियारने कहा पलमात्र बिलमावो वह देखो बाघ चला आता हेअभी मारकरमांस लाताहूं. नाहर यह बात सुनकर निपट डरा और जाना कि कोई मुझसे भी अधिक वली यहां आया निदान पिछले पांवो भगा यह सब हाल एक लोखरी दरसे देखती थी सो वाधको शपथ दिलाकर खड़ा किया और कहा कि बनराजा क्यों इतनाभयातुर हो भगेजाते हो? तुम्हारे मकान मेतो सियारिन व्याईहै मै आगेरचलतीहूं और तुम मेरे पीछे२चलकर सब माजरा देखलो ऐसा कह दोनो चले सि- बार ने देखा कि लोखडी वाघको लौटारे लिये आतीहै सियारिनसे कहा फिर बच्चोको रुलादो,बच्चोका रोना सुन सियार अपनी प्रिया - से से कहता है कि किचित् धैर्य रखावो देखो लोखडी जो हमारी परम मित्र है सो वाघ को भगाजान फुसलाकर लिये आती है अभी मारकर ताजा रक्त पिलाऊंगा, सो सुन बाघ लोखडीको सियाग्का मित्र जान और भी भगा और एक चपेटासे लोखडीकी जानले अपना क्रोध शांत किया ॥ - खुलासा यह कि बुद्धिमान बुद्धिवलसे सब कुछ कर सकते हैं और चुगुलखोर हमेशा फजीहत में पड़ते हैं. काजीकी वार्ता। एक काजी ने गतके समय पढ़ते पढ़ते एक किताब में यह देखा कि जिसका शिर छोटाहो और डाढी बड़ी वह अवश्य मुर्ख होता है, चुनाचे काजीकाभी शिर छोटा और डाढ़ी बड़ी थी-विचागकि
( १७२) वियाजानप्रकाश।
शिरतो बड़ा नहीं हो सक्ता परन्तु डाढ़ी कतरनेसे छोटीहो जायगी
ऐसा ध्यान में आतेही कतरनी ढूंढनेलगे जब कतरनी न पाई तब
दियाकी टेम में डाढ़ी लगाई, लगाते ही चोटीतक जल बल मुख
काला हुआ तब तो बडा पश्चात्तापकर कहने लगे कि किताब में
जो लिखा है सौ अत्यंत ही सत्य है ।।
अभिप्राय यह कि जो बात लिखी देखो या किसीसे
सुनो उसको बहुत विचारपूर्वक सावधानी से करो.
बिल्ली की वार्ता।
एक बिल्लीने कुम्हारके घर कच्चे घडेमें बच्चे दिये उसदिन कुम्हार
ने आंवालगाया और अनजानसे वह भी घडा जिसमें बिल्लीने
बच्चे दियेथे ऑवामें रख आग लगा अपने दूसरे काममें उद्यत हुआ
जब बिल्ली आई और देखा कि मेरे बच्चे प्रबल प्रचंड आगमें गये
ऐसा शोच परमेश्वरका ध्यान धर और परमेश्वरके नामसे अवाके
तीन परिक्रमा कर तीन रात तीन दिन तक पास बैठे राम राम
जपकिया. जबॲवा पककर तय्यार हुआ तब कुम्हारने सब बडे
निकाले तो एक घड़ेसे बिल्लीके बच्चेभी (म्याऊं म्याऊ) करते
निकलकर भगे कुम्हार यह देख आश्चर्यमें हुआ ।
तात्पर्य यह कि परमेश्वरकी भक्ति होनेसे सब काम
मुलभ हैं और किंचित् भी आश्चर्य नहीं है.
विद्याज्ञानप्रकाश । (१७३) फलाने पगारसे १ दिनका क्या इसका कोठा. २८ दिनमा ३० दिनमा ३१ दिन०म० आ० पै० रु० | आ० । पै० रु० आ० पै० ६ १ १ रु० measu पगार रुपिया. ६ १ १ १ ३ ९ ROUND- GG G १० 1११ [१२] . و ع م ه م م rrrrrr9 १० २ ८ . . m ९ ur w ३ ९ ९ ३ १८ १९ २० २१ २२/ १०२ ८ ११ १० १० १२ १२ ७ १३/ २ १३९ ... १२३ १२ १०] ११] १० १२५ . oh 0771707 (१७४ विद्याज्ञानप्रकाशा फलाने पगारसे १ दिनका क्या इसका कोठा. २८ दिन०म० ३० दिन०म० ३१ दिन म रु० आ० पै० रु० आ० रु० आ० पै० रु० आ० १३ १२] ११ २ १४ १० १३ १० १३ १३/११ २८१ ११ २२] १ ६ २ १९ १ ९ १ રર ૧ ३ ។ ។ १ २ १ १ २ ३ ३ 1३९१ ३ ४ १ १ २ १ ८ ४११ द १ १ w ur । RESERVएपपगार रुपिया NANG) १ १ १ १ १ १ १ १ १ m.comMNNOD १ १ १ و ع م ه مه می १ ६ ११ १ ९ २ १ ६ १ ९ ९ १ १ १२ १० । ८ पच्यासतक हिसाब करणेकी रीत. 6 NG द १ १ १ विद्याज्ञानप्रकाश। ( १७५) INGLISIL NUMBER अंग्रेजी गिनती. 1One वन् 210 ३ .२७ ४ 5 FINE फाइन्ह ८ 9 Ninc नाइन् unrthi कार्टर पाय, चार भाना 22 Twenty two quatre વર 3 IIalf हाफ भाधा, आट आना 23 'I wenty three टुण्टी श्री The Quarters afta of 24 Jnenty four टुएटी फोर 21 25 1 wenty hse टुएटी फाइ 26 Juventy six टुएटी सीकस २६ 3 lhice of ३ | 27 Tyonty seven हुएटी सेवन ! Tour फोर 28 lueuty eight get me ૨૮ 29 Twenty nume टुएटी नाइन् 6 SI सिक्स & 30 Thirty pret ३० 7 Screu REET 10 Forty फॉग्टी १० 8 Eight एट. 50 hifty फिफ्टी 60 Sixty मिक्सटी ६० 10 In t-- 20 Seionty Freret 11 Eleven इलेव्हन् ११ 12 Tyclv८ टुएल्व 80 Enghty एटी 90 Ninety नाइनटी ९० 13 Thirteen थरटीन् 100 Hundred हण्डरेद १०० 14 hourteen फोरटीन १४ 25 lifteen ff Fire 1000 Thousand थोजण्ट १००० 26 Sixtceu FATATE Ten thousand टेन्योजण्ट १०००० 17 Seventeen सेवनूटीन् १७ | Lac लाक १००००० IS Pighteen एटीन् १८/fillion मिलियन १०००००० 9 Nineteen नाइन्टीन् One crore वन कोर १००००००० 20 lienty टुपटी Ten crores TWICE দায়ী El Lorenty one gmoet 77 २१ | lundted crore देहमोग्स सोकरोट,
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( १७६) विद्याज्ञानप्रकाश।
NAME OF MONTHS महीनोको नाम.
31 January जानेवारी
31 July. जुलाई
28 February फेब्रुवारी
31 August आगस्ट
31 March मार्च
30 September सेन्टेम्बर.
30 April एमिल
31 October अक्टोबर
31 May मे.
30 November नोबेम्बर
30 June जून
31 December डीसेम्पर
WEEK DAYS इफतेके दिन
Monday [ मण्डे ] खोम
Friday [मायडे ] शुक्र.
Tuesday [चुईसदे] मङ्गल
Saturday [ साटरडे] शनि
Wednesday [वेडनसडे ] शुध Sunday [संडे ] मादित
Thursday [ थसंटे ] गुरु
Week [ उइक] हफ्ता.
इति विद्याज्ञानप्रकाश समाप्त ।
पुस्तक मिलनेका ठिकाना-
खेमराज श्रीकृष्णदास,
"श्रीवेङ्कटेश्वर" छापाखाना--मुम्बई.
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