Bhartiya Vidya Mandir Shoudh Pratisthan,bikaner

Choiboli

Kumar,jenendar · 2010/12

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भी मर्यरस पारीफ स्मारक प्रग्ममाला
प्रथम पुप्प
11
चौबोली
२८
समारक
ग० मनमानान साइल
साहित्यरत्न पं. पदराम गौर 'विराई' एम० ५०
भूमिमा मेसक
भी बैनेन्द्रमार
KNFOnIS
GOOKC
THE
मितने का पता
दी एडेण्टम पुक कम्पनी
जयपुर
१९६२
सोधपुर
मूल्य ८० नये २०

प्रकाशक- दी डेएट्स बुक कम्पनी भयपुर जोधपुर यूनाइटेर मिपटर्स जयपुर।

विषय-सूची
भूमिका
भामुख
१ राणी चोमोसी री पार
२. सीया पीजे री बात
३ राप्रा मानपामारीबात
४ सूरी पर सतपादी री पान
१
२४
४३

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-
।
भूमिका
या गया कि मैं इस पुस्तक पर मुखशाद लिम्, शायद इस
लिम कि मैंने कतिपय मानियों निम्बी है। कहानी के पादित
पता चलना कठिन है। इतिहास में उसकी इति मी होने वाली
नहीं है। मनुष्य न भाषा अब से सीम्बी और पारस्परिकवा जीपनमें
भारम्म, तभी से जानी नपरी और मनुष्य में आपसीपन
सर तक रहेगा. कहानी रहेगी।
भाजन पापा भौर पहुव से भम्बयार निकलते है। लग
भग सभी को उनमें बापने के लिए कानी पाहिए । इस वरह
कहानियों का एक नया रंग मी चल पा है। जैसे पहा फे नये
वर्ष निकलते है, पहानियों के भी रगरूप नये निसने भगे है।
यानी इस के लिए हानी दरी साम्प हो गयी है। पापे से पहले
ऐसा नहीं था। हव यानी हमेशा साधन थी। पट से
यही पा सको किया मनोर मन का साधन भीमा मे
परफर नी धर्म-तत्व का रूपफ हो वापी थी। यहानी अपने
भाप में कना न पी यपपि दी जाने भोर मनी गाने
के घरण उसमें एक प्रकार की कक्षा ऐना अनिवार्य
था । पापे से पहले की प्रानी में इसीसे एक मित्र
मयता है। सप पानी समा मुननेगाने से परोष पाने
राने के लिए झिम्बी याने लगी, तब उसकी इस पिशामकता में,
सगता है, कमी मी मा पही। उसमें प्रसाद कम हुमा, उस
पस्तु को फम मांग रह गई, जिसको भमेजी में छते हैं
और यह इस अध्ययन-मनन की पौन मनने लगी। मैं नहीं
मानवा किमान की अवधारो कहानियों को पानी विक
पटकर

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भूमिका फा गया कि मैं इस पुस्तक परम शाम सिई, शायद इस- लिए कि मैने कतिपय कहानियाँ लिसी है। कहानी के भाविक पता पलना चहिन है। इतिहास में उसकी इति भी होने पाली नहीं है। मनुष्य ने मापा जसे मीसी मोर पारस्परिकता जोपनमें भारम्म भी मे पानी उपसी और मनुष्य में पापसीपन मर तक रहेगा, हानी ली। पारफल पापा और बहुत से प्रसार निकलते । मग मा सभी को सममें छापने के लिए कानी चाहिए । इस परह मानियों का एक ममा रंग भी बन पा है। जैसे कपड़ों के नये निम्नते है, मानियों के भी रगस नये निमने भगे। पानी कुछ के लिए हानी परी साम्य हो गयी है। पापे से पहले ऐसा नहीं था। हानी इमेशा सापन पी ) पर से घर पही कह सकते हैं कि र सनोरखन का सामन पी. पर से परपर परी धर्म-सस्थ मा इपक हो पाती पी । पानी अपने भाप में स्नान भी मपपि श्री जाने भीर मुनी साने मे. धरण उसमें 0 प्रघर की कसा का होना अनिवार्य पा । पापे से पाले नै कहानी में इसीसे एकत्रि मयता है। अब मानी समा मुननेगाने से परोप पाने पाने के सिम सिखा दाने लगी, दय उसकी इस मित्ररममा म, सावा, मी मी मा पली। इसमें प्रसार कम हुमा, उस बस्तुको पम मांग पगई, पिसको भोजो में tी पीर पर अध्यपन-मनन की पी बनने लगी। में नहीं मानता कि भाव की भरमारी कहानियों को पानी माविक सित रूप कहना ठीक होगा । उनमें मुझे टिनऊ तस्म कम दीखता है। मानप की सम प्राकृतिकवाकी जगह भारत पनागसमें बिशेष है। फहानी मैने जिसी वो है, लेकिन या मुझे भविष्यमिक अनुमव होवा योकि जिसमें प्री गाने न गुण मिलान नहीं रह गया है, उसे पानी मी नहीं सकते हैं। जोड़ी मही जा सकती बरभासपास के भावमी रे ममापित से फर सकती है? बापे से भाग सुविधा मिली है किहम ऐसी मापा विस सक्त है मिमे पास-पड़ोसी न समझ, इने गिने शिक्षित सोग ही समझ । प्रस्पर प्रोता उससे अप्रमापित रते और उसम्म प्रमाण परोष पाठक के लिए दो टूट जाता है। इस सुविधा से पानी जन-सामाम्य फे दिस के लक्ष्य से रक्षा पदा है। अब यह एक म्पसन व पन गइ है। पश्चिम की कहानी की बारीकी का मैं प्रयस हूँ, मेकिन यह भी है कि असम सफ- माफ म्यादाम कम। मारस के जनपदों में अनेकानेक कहानियां सुवि-कम से पत्नी भाई है। ये हमारी रीति-नीति, हमारे भादरा और हमारे सीपन-दरानको चाम्स में अपने में धारण किये हुए है। इतिहास में विधि भीर प्यक्ति होते हैं।कमा में पैसा परी इन मही यवा । कान-भेर सुप्त हो जाता है और भावमी रासस मोर पता, पशु भौर पमपति संक्षेप में प्रसिज प्राप्ति साय एकगवदो नावाच्या पाप फेमस संसति मन्त रग पान करने लिए है। सच अपने भाप अस्तित्व नहीं । इससे पह पयार्प से भी परिपट नहीं पायोली में रामा भोज के मित्र उसके समफल नहीं है। एक है पैताप दूसरा है सुपारी दोसरा मवाण और पीया भीर । यानी पहा राजा भपन रामत्य से पिरा नहीं, शेप दुनिया के लिए पह सुना

.
है।पों को, दुनिया नहीं यह तो पानी का राया है। उस
राशा पो किसी रापसी के फेश में फंस एनेपाली एक नम्बी
पनने में कठिनता नहीं होती। ऐमेही एमके मित्र मी एप न कुम
पन बान-प्रधान मन कहानियों में सम्माप्रसमस के बीच
करना नहीं प्रोकी गई है। मुना मगोलियन ने छापा
विसम्मप जैसा राम पसलकोप में नहीं है पर हमार
पानीकार फे भागे नेपोलियन की जमता मेंगडीही समझनी
पाहिए। नेपोलियन के लिए मोटींग हो सकती हमार फहानी-
पर के लिए हो पा नित्पप्रति कासन है। भाव बुदि
मादी पाटफ अप मी पर, पर या मूळ नही है कि हमारे
पानीकार ने मानर-अमानप पेवन भवन पऔर भारा
पासान के मेरों से एमएकरने की बहूदगी करके भी हमारे
साठीय बीपन कपको यामे रस्सा। पिन कानियों में पशु
पी मनुष्य की माषा में पाव करते हैं, ग्न कहानियों ने पयार्य
की मषमुपही रिनी हानि की, यह तो हमें नहीं मालूम पर
मानप-आति का पयास प्रयोमन मनसे सपा, इसमें इमै सन्देश
नी।
भादरीपा में नही र सम्मा । पफ पहिनार राद में
पाद या हो पाया है। इसमें शाद पर सटा दो पोम पर गमा
पिपाररान मे रमा पा जाता है, पर भार महा रामानीत
है। राप मरत मे पसे रवाहीमा पर नहीं सकता। इसी
से शुद्ध प्राणवस्तु म्पस पर भामयापिकामों के रूप में मप
सभ्य है। प्रानन्द पार भनुमति एफ से सर तक, और भाप
से फल तक यदि पहुँ पाये आ सगे दो किम माम्पम मे ? पा
माप्पम फ्या। सम प्रतिपादन नही, मात्र रपाटन।सर्फ
पेबल से नहीं, रस फे योग से च्या प्रमाकोठी है। स्पष्ट

है कि पा रस अप्पास्म की ऊँचाई से भोग की निवाई कर
परातल पर नाना रूप में क्या प्रा विस्तार पाता रहा है। पर
मी स्पष्ट है कि यह रस विक्षना मोग से भम्पात्म की मोर ठसा
दुभा होगा फहानी उतनी ही भेद होगी। पर कहानी पराय की
विशेषता हो मी दो वर्णन की विशेषता मी पदों परफार है।
कहानी बहानीपन मसन की मरित्रवा में है।
प्रस्तुत हानियाँ धर्म-गाया नही मोककमाएँ है। मीकिक
रीति-नीदि के बारे में उनमें बग्य है। मपश्य काही मनारजनही
अपना इष्ट पन गया पीखता है। मनोरंजन से ध्मुत कहानीयो
बिफळ ही सममिए, सास पौर से अब कि मुननेपामा सामने
हो । मुननेपाले का मन उबटा कि कहानी ही व्यर्ष हो गए।
इससे मन मगामे रखने की अतिरिक्ष पेय भी इन फहानिर्या
मै नमर भावी है। पर पह पम्प होनी चाहिए ।
दिदुस्तान के विविध प्रान्तों में लोकपपक्षिय रोसी कयापों
पा संपादो को मना हो। भाषा पढ़ी उन बोनपास की रहे।
नीपे सरस हिन्दी में सल्मा हो। ऐसे हमें अपने बाधीय इतिहास
भोर अपने पतमान के भी यतरंग प्रत्या दोगा और
भारत के मनपर निमाण में सहायता मिलेगी।
1
पपपटी मुसरापर
(टोफमगा)
२५मृन १६५
जैनेन्द्रामार
-

श्रामुख संसार के प्रत्येक देश सिएम में पालो की प्रथमा दी है। रायस्पानी साहित्य पो इस पिपस में पोई अपवार नहीं है। उन माट पोर पारणों की व से जो पाने गासोपी प्रयस्ति न करने में सियन के पार भी हम प्राचीन रागस्पानी कामों और पापों का रमाप्पारन कर सकते है । पम्प पापियों की तरह रागपूतों में भी बहानी पहल-मुमने की परिपाटी प्राचीन श्रम से होमो मानी । इस सम्मान में एक बार निरोप समेतमीप है। मापारण मोमो का पार हो साता है पौर उमरा ऐसा विचार ऐना स्वाभाविक समयसम्पानी साहिल में दो पहारिया उपमय है उन सबमें पपूर्ण पीडीपा और उनके गाई की ही भान है, उनमें बीनरी दिविपना नहीं पाईबानी पिनु राम्दब में बम्नुम्पिति ऐमी नहीं है। यह तो लिपप सस्प है कि पपिय पस्पानी पहानिया पर गायों की वीरता को मेकर निकी मनिप्रेस..अमिय, माम मा नीति के पते पो पर सब स से पिता रानियों न मी रस्माती साहिप में प्रमार नही है। सीप परिव करणी पर पानी सम्यता रारपूर्वो के अनुरम पुर-कोपर, उनी र-प्रतिश, प्रारमगारपी परिवरा मानन के पित, माता पार पारी पूपीमा पनप रम पे पौर उमरा पिणाम पा हि एसटी सम्पदा पीर सानिमा रिण करने आती रामस्थानी पहानियों के प्रपन में परस्पानी पोर पापी मार दिनी-महिपकी मी पौष्टि होती पोर मी गरेप में रहने मने प्रपम प्रपाम में बीता से समाव एपने मामात ऐपिसमिकरानियों पापमा 'रायस्पाली दा के नाम मे रिमा पा।

म यह भी कमी सडेगारपर्म मौति पानि वर शिपों में सम्पन्न नेपातीपानियों का संगमन बीमलसर पस्क्विमिया माय । मिण विधि-विधान wिय से अपने मान मन माम पर अपने सामोपचार के लिए प्रमेय को को पये का से बोरकर कोई नही पापा । स्वयि पारीकमी की भी पम्पम या की कि परस्थापी बापा की ममानिस बनी मार-मछि हिन्दी पद के सम्मुख रखी पार्य । प्रा सम्मान पसी nि मर्म को पागे पनि लिए, एक प्रयास है। समापियों में पानुनिक चि के मानोज कोमा माप विपिस देखने को न मिलेपा को पानाम की नातिरों में पाया माया। परि यस्पामी कहानियों में पापुनिक कहानियों की गोति मनप्रन्तस्वान को स्पर्श करले वा महापनमें नाम पों के लिए की रस्ता मोर प्रसना की म मन परस्प मिलती है। परि न पामिक पाठक परिश-विषय विना मोप- कमर और मामास्वामी का सपना कम से कम प्राचीनता- मी पाए गर्म मोरान पार पर्याप्त सामी परम है। एक मतमीसरी पनि पिसमय है, वरी उपम । एक प्यक्तिगत मनुति को वीजा मियपपिपम पतिपर। सापानी म्हामिपा किसी व्यजिनमोपदी मिमी ही। एषा सन्म पण! मानो समूई मार पानी का पात्र या गुनने वाला हो गया है। इस प्रभार भी मोरणापा पपूर्ण सपार की मनोवृत्तियो एक हाप प्रतिविमित है। इसमें नपुति मासर पर.पी. पानी हा प्राचीन पाकिस मिtो परपान में प्राचीन संसदि पार सम्मतारा परिवारका । पानिर्मा परमा-प्रसार पसानियों में पनोरमा की - को पूर्ण पार प्रत्युत्तम पापी है लिनु पापोषित रस पीनमी है।

पिर भी पे मोगापार गत सोमप्रिय पार इनकी लोप्रियता का मुस्पारण पनागर बम है। सोकप्रियता पार कसा म परस्सर मेम भी नही , मोकि मास्मक कृतियाँ पार कम मोकप्रिय हुमा - पूरस्थानी बावों की पसे बी विपनामा किये लिखित मानिया नहीं है शि. मौखिक परमय के मापार पर भी पाती.हो. पाते।। सिमित पौर फपित पानी में पड़ा भारी मन्तर होता है। स्मानी माता के पते पर या मन्तर स्पष्ट प्रतीत देता है। पिव पानी में रागों पर एवना संगम नही रखा पा सकता । परम्त पर पणी पर हर परकर हरपारण "घर ममस्या पर का कहोए रसपूरक अपनी पानी के प्रभाह को भाये रसपा है उस पर योवा न पाने किस पनिरचनाय पानन में इस दवा है। राजस्थान की निधि पपने मग गोटे एस इन सानिदै नन्हे-नन्हे नाम पृटपता को मिला पर एमाले , बस समय आवासक की-सी सरमता मौर भोलेपन पर मोवा का मुखोला सामाविक ही है। इस प्रकार मनोरम वा वा मनोर बह बात पूर्व सम्मिनस से भान रिमुखिव हो बाबा दिविषता मी परस्थानी कहानियों की प्रामपुनम विपेरता है। एक पौर पनमें माही परेबियन नाइटस सी पनि मानियो । दूसरी पोर हिवोस पावन सी परेपरमा मानियों की भी कमी ही। मई इन हमें विश्पपूर्ण विमस्मानी सानिया मिलती है, यहाँ पानसी शानियों के रंग की पानियों की बी कमी नहीं । कहीं मी पपरिपरस में एयस्मानी कहानियों में पानिए मनोरंशनिक समा पपाय पार पार्य-प्रवान मानियों के बीच मिट सने है। पिता अधिक पर पहानिया एसी है गिरने प्रमाणित पार कमानक अन्तर्मन मानक पापा पाता है । एक मोर पसानिया खनी नमामि पर एक पत्र में एमार मी न हो तो एसरी और कपमानियां इतनी -- दी है कि १.५मिनट में ही मासानी है समारको बा सकती है। इन पानियों में हास्य मयानक प्रसुन दीर पारि सभी रस मिले है। इस पहानियों ने प्रापौर वन पम पार प्रपन, पशु, पक्षी पौर मनुष्य सभी को अपना विषय बनाया है। किन्तु स्प-चित्रण पार रस- वन इन मानियों में सिमपूर्वा पौर विपता के साप मिया गया है वह प्रशंसनीय है। हतियों पर पत्तियां मामों पर उपमानों की ममी मौर बात का रस बहो बनता है। पहरण- "सो पना किरण मांदरी सीसरी सोमा नारेण परवाण निनाद दोबिरी ऑणि पद नासिन जाणे दीपकरी लोइ। 3 पपो कोमल वरसावे जिने पीपा पाणी निबर मारे। प्रोगस्यों मृगाय से तुले नाहि । जापे गुप्ताप रो फू। हास मद मानी कक्षा पोत पर इन बातों को एक विशेषता यह भी है कि इनमें पनेक पुनरा वृत्तियाँ हाते पर भी एकवानना का मूपापन यापही किसी कहानी में पता हो। पौ-मा पानी पा प्रवाह मागे पता। सोया पोता को अत्मस्ता भी पती पाती है। पित पहानी में इस प्रकार मानस का पमार होने पर महानी का सारा मना हो किरियो पाता है। पानी में या मारभृति माधुनिक समानता के मवानुमार मपन्त पारस्या है। यदि पहली कापस पहले ही मालूम हो बाप वापानी रमासान में पापा सस्थित हर दिला नहीं हेमा । प्रभार पी एला बहानीकमा की सबसे पीक्षिा है। परि मिमी पानी में हम एपमा प्रमार हो तो उसे पानी पी समाही नहीं मिल सस्पी। रास्पानी पहानिरों में भी पह एमा प्राप. सर्वर पापा नाता है। कमी-सी ऐना पान पाता है कि पका ने पहानी र पार पानी पहना प्रारम्म जि शि सन मूषको म प्रशार पुमाता किसे पोज दो कमी-भी पर प्रम हो - ममता है कि अपने विषय से बाहर का रहा है जिन्तु र पहानी समाप्त हा को ती! वो या मूत्र इस प्रकार पुमा श्मिा माता- पाता पाली एक-मूत्रता को देशार एक पारपर्यमी प्रसरता 4 मण हो पाता है पर पूर्वापर पटनापों का सम्बन यह ममी मावि मम सेवा है। प्रस्तुत पुस्तक में पास्पानी समादिल की बार बिमिधरपयम प्रतिनिपिचामियों का सानुसार समान है। पहानियों में सर्वपम् मनी अबोली कम की टि से ही नामपिता जी टिममा मापूर : मोर पसी के माम पर पुकर पानामरष्टप.शिया मया है। इसके विशिष्ट बोरोरी प्रताप पार सानिया मेशीव तपा प्रत्येर पानी में बार पुन भानिया है। इसलिए केवम पीबोगी ही बोटी भीति वा महानियां पायोमी है। शीर्षक को समनाना इसलिए- भी मावस्या का डिपो पाठा 'चौदोपी को प्रमोर दुसरो पाते चौबोले मसपम। हाविपतिएम को टिसे भी इन पानियों व मूत्व कम नहीं है । मापुनिक साहित्यिों का प्यान भी परस्थान के कपा-साहित्य की पौर, पापनि माथी मोहर पुर म... या पयस्पानी: एवंम सारिपके प्रमपण अनुसंधान E विशेष अभिषि रखने का श्रीप्रसर पारे साहित्य के इस उपसि पल की पूनिकर परबोर मा। हिन्दी में प्राचीन मर-पिपा प्राप' ममान है पितु परम्पातीचा पप-साहित्य वापर है जिसके पास में माने पर हिनी पच-साहित्य पी लिस-परमण का बा दुनिपिन- माल ममापा वा सस्ता है। चाय पार पानी रेस में परस्पानी रियम गपमा मम प्रर मी मुरक्षित है। यामी नरोत्तमरामनी राम्दों मन सा उप यिा पाप होम गारे पिने सामरिसाएर पा बसायना परिर-पार हो जाएं। द पपुस्प मावि साहित्य को भूमि-परमपके पास है भारपारश कम स पर पति

पही काम के मन मरिमीन न हो नाप लिए इसके प्रकार की
निठार मारपक्वा प्रतीकवाद।
सके प्रतिरित इस प्रकार के साहिल को पपपोपिण एक दूसरी
टिभी है। इस पर पारी में हमें रामस्वामी यो प्रति
Freeीने को मिलता है। पहिरन पायोनी' की चार महानियों
राष्टिपात्र तो रसमें भी में परिलम, सावियापार, पस
पालम एसिता भीम-भवन, मुस-NOT-गति पनाविक बायों में
लियास सम्मारिता और गर्म पाक्षि ममेक टपाया प्रमापास
उपत्य हो सकते हैपितु इस हम्मर में हम यह न सुनना भासिरि
समें से पनि मनियारा रेन पगली बीपन और लो
पर मन पापित पारण पीर बाट है। फिर भी पेपर दो सम
पलस्तीन सभ्यता और सदि मनुस बार के लिए भी मसाबा मिल
बीपुर मियोपी हरियो रे बागी पुकारले पुष्पारया
गृपनाएं पीएम मशीन है। हिल्साहिल प्रति
मापा रम्पार पी नगगी - YIE भूमिरा
नवरसे ma featबिसी लिए रहें परेक बम्पादकर की
समपनी पार्सममती रमले।
कोपाजास सात
पापम गौर पिरा

चौबोली

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॥ श्रथ राणी चौबोली री बात ॥
उजेणी नगरी राजा भोज राय करे। नर पारी नगरी
पोपसी चोइटा, पतीस पोसी । च्यार परम से। तीस
परन जाति लोसबसे। फोडीपत्र म्यापारी है। पट परसणी
। तिण नगरी र लिप राजा भोज राम्य करे । पतीस राज
फसी एजारी सेवा कर तिरण गवारेच्यारि मित्र । भागीयो
पेवाज । करियो जुपारी । माणिकडे मदयोण । खापरी भोर ।
मु राजा भोज रे भरे पापा । पणा कायदा किया । भनेक माविरी
भसि हुई । पर्ण सनमान देने यो पानी पिपा मोमु
जिण मौत मात्र तिम रीवा मार्ग होकप्री-जु पारादी
मीरे जाइ ने पूजा भारपीन की देवी भापहिस्पो । पिण
पन नमरी में पमा मोर पम्प पणा पा । रहमी परवानों
बानी नपरी दी। चौरासी पोहे (पौर ) चीस पौती पी। उसमें
पायें पर्ण पठे थे । सब मनर के पठीसा गाति के मोप (मह)
पहले पे । ऐति प्यारी हो । पानी (पति) एथे।
मस नपर में पग भोर म्यपणापा। पीसो पाने सोय
मामी पापो रे। उस रामापारमियरे। पापिया जाना
परिया पाप । माणिकरे मनाए । बारा बोर। राम माम
के पर मापे । पग ने उनकी बहन एयर की। अनेक प्रकार से उनकी
पारमगत हुई । बहुत सम्मान देकर पाने पर कि पनी रिपा
मुझे गिर मानि माये पैसा पसे । इस पर पारों ने ही परिवायही
ती यह बार पूरा-मावाहन पर हम बी पी पारापना

देक पोक माहाराज फरसो छ । पण राणीजी भर यो गाड़ी सुख
है।ई पात पूर्व वो नटो मा । भर नटोवो कहो मा ।
मरु पात नदि ने कहीयो खो यारो मरण इसी
पमा कमोगरे क्या ही मु कहिरयां पिक दिन राजा
भागवो दुवो और रोशी भी माम्पो हारवा हुवा 1 ग गरी
रोभागसी थी, तिवरे एक कीड़ी चायन से नहाली ती विरे
पीमी माइखोसण नु म पी । साइरी फीडी पोली-मो भागा
वासू सोसे । म बापम राजा मोजरी यानी माहे पणाही
पहिया के । तू मीर ने बाद । वाद कीड़ी पी-मारे पासा
भायाले बार्पण ऐ मोमु । इसी पात सामणि ने राजा
मोज इसीपी । रामा बीवमापा सरम नायवी। वाइरा रोगी
पूत्रीयी-जु महाराज कृष्ण पासवै रसीया । रामा नटीयो । रोखीमी
पसे । परतु महापर ITE बाद नमको कली कि नीली
पौर तुन म पनि प्रेम है, महिपे परि १ कोई बात पे तो इन्सर
मत कमा पार पनि भरपर रो तो करमा मठ । पौर परिवारको
कार करने पर होने तो तुम्मण बरण होता ।
पाने महा किम यो रहे । एक दिन राग भोग्न कर पा
रानीगी मतिमा रम ही पी। पसा पावन पाही
एकबाट भारत पर पती । उसी समय दूसरी बीटी पार
नने लिए टि मई । तर पीये मे पर मेरे पापे सेक्यों
धीनती है ? पार पमा भोग पी पापी में बहुत पोहै और
+गा। ल पर पीये । पहानमार मेहमान प्राय है, मुम मे गाने
है। एमी गार गुनार पमा भोग मा । राग सब पापी
माग गाना बा । तर एनी मे गृक्ष कि महापर, पाप मिमा
पापौर

स्माप
बहुत गा की पृषण लागी । नु महाराज, मोनु रसीया
रापिरन पीने का मन में विषारीयो नटीपी दो कहण री
नहीं की तो मरण हुये । राणी वाटप फाई नहीं। वारा
रामाच्या पात्र मैगा सीरे घट हीसी । राजा पानीमो।
गंगातीर सिरफर मर हुतौ । बाहिर आर उतरीय
दो होस पापै पर नही रे मंठे अंगन माहे रेरा हया।
नदी देव पर अंगल पपारीयो । पनव पनारोपा।
मागे क्यो है। मारे अबरारो बेल बहुत फली है। हर
घंटे पवा परे । एफ वाला वारे नु कद दे- माहि
अगर तेरेसो वोनु पर । वाहरा वाकरो बोलीयो-म्हारी
पफा राम मोप मिली नहीं है। बाहर ही मरण नु
१? पग में माया । रामी र पाप करके पूले नही
कि महापर मुझे इंसने का हतास हो । पाने मन में विचर
यिानर र परा तो प्रब में पलेरामा । परिपामा
टो मा होला। नीतुन नहीं बसी । तब पारिपानी
घट पर पपा । एमा पाप।
पंप के समीर मिसर पर पायम पार पाम या
रूप । हैदर कोम सीप पर एक गरी समीर मन में
सामा । म पी गोमा चार यमा अंगत में या नहीं
एर पा । पामे एक पापापुर पनर समीकी पर मे
मरे रपे । पुए के पन मेापा मगर पर पापा ।
एकरी परेको हो पाए सपा पार पहिलेकर रेटो
म तुम्मे का सुपरमा-मेरी एशिया मोर मी

साये। सिर साय मी म्याइ पण । ति पात समिनि ने
रामा रिचारीयो सुवर विषारी निधान मु मारी मति
पाकर कही। पमा पाथी रे भायो गंभी पाय हर बेटी
2। पपी को-गवन गंगारी बाप का करमी नाही रापले
पिमा रसी। राशक-पपीती, म्हारे दिमाइ वापरली
नहीं । महाराज विमार अवस्य परिस्पी । बीमा की दो चोमोती
परयीत्रिस्यो । युएईमा सो पाई। पमा गादीयो, रोमी
मारे बन नहीं। वाइरा मोदो मंगा तोसमान मुरी भरि
सबैक्टक एसी पदि कीची। वारता भावां वेसे वो
पासू पफ पादार मारे एमस रावससी रे गोरे माधी है
सूत्रो ।
हजोभीपन पर मरते मा पारिवाल दो माह पसे ।'
पहबान मुगकर पगारे रिचार च्यिा पौरह रिपा-निधन
और 40 मिना एक परे में मेर प्रष्ट कर मिा (पोन पन्न
१), एग नोट करारे में मामा । पनी पार सामने है।
फनी मे बहन मापकी पाती-पापा तो एकजी महीं-
पाप दो (एमए) पिगह करपे। पणा में रहा-पानीग मुम विरार पो
मोसाहाँ । पनी-पापर । हि मारय । विगा
करो पौरोमी में परिप मिमे में भी सम कि सौरतो
पाई । परा । पानी मेरे पहले मनही । तर पो मेगा
पर योगन मोहे पर रोगापा शेगार राम मामा
नि । मालेमा पारंगापा पम एनी
पुरने पर माता रपे हर सोधमा है।

( - सेसरी काही उक है। भगर रा लाफा देठे घुस । रामा मगर री पास सु मन में रिपारीयो-जे एप कोई खप राजा। पवनबंध भोगी है। अगर बसे पाव है। राजा मोग मगर री पास सु ग्य पायी। राससणी रागा मु देखि नै सारी रो पक्षो फेरियो। समस्या कीपो तू एप क्यु भायो । मोनु रामस खासी। रावसणी सोचनमानी रामा करिने अटा माहे रास्त्रीयो। रामा ध्यारे ही परम- भाई समरिमा। भागीयी। करीयो। सापरी । माणिकरे। घरम-माइ प्यारे ही कमो हुती । रामा पोनु फाई दोहरी परीया हुयेतेप महानु समरे । भाइ हाजिर हुस् । रामा राखसणी ी मटा माहे विमासे थे। म्हारी भकन एक जु गंगानी रे सेन का काइ उपम रहा है। मगर की बीया नीचे बन ही है। पमा पगर की मुबि से मन में विचार मिया कि यहाँ को शक्तिशाली मा है मपम प्रासायामी पोमी है जिससे पपर मम पा है। ए मोर ममर की मुवि से 4 माया । उपती ने यमा को देनार साडी न मागत (मुह पर) गम सिपा पौर प्रश्न पिया कि यहां परों पाया ! तुमै पक्म वा वायगा । पदमी मे परीस्वसममी बना कर धनर रह लिया। पीर एरा में पपने चारों पर्म-भासा-प्रापिपा, पश्यिा वापरा पौर मागिरे स्मरण यिा। चाही वर्म-पाइयों ने मापा कि भी तुमारे तामन प्रातिमाम सस्पिड से भी हमें स्मरण पर मैना-पार हागिर हो जायेगे । पमा पनी पी क्य में पिचार-विमर्श कर पामो हममे मिलती भूम हुई मिपानी या बर

मरस हुमेरस पी मुगठि आता तेवी न गयो । हि माग
घरम-आई वा सोर न समरीस भुपु माली हुरी नीसरीस ।
सुपारे ही पीर बई पालिसाद री चोरी गया था।
पणो ही मान न्याया इसा म पायही देगीरी पूजा करे
थे। माहरा सदा गोणीयो- राजा सोकरे पड़ीयो । मान समरे
। पादरी पोरे परि पर सहरीया । राम्बस हुती तप भाया
। नारो पापन मोहे विमार मांगयो-पापो कासू परस्यो ।
साइरा सापरी पोलीयो । मो . उपाप मली है। परमारी
फोपरी में अमन पाड़ीयो । सिफो अमल रस में पाठिस्यो ।
नास्पी । पावसाही मूगका गति हो । वाह राससणी २ मा
सोपनमाखी २ सप राया हुती सुकादि दो लीयो । साह
पास मरण होता हो मुक्ति मिमयी । मई में नहीं गया ।
मोमो धर्म-पाई ६, पनको स्मरत करा गिसे मस्ती की
मोनि मे एकाप पर। चारों ही बीर म्सिी मारण्य पहा
चोरी करने बये।
सो गहन मास माये पे । रामिण वापसीवीसी पूग पर पे
पे। उस समय उनो पा हि एमा पर विपत्ति परी मार
हमें
स्मरमान पोरे परपर कर पल पो । यहाँ पक्षम
मामा । तर पन्ही पास में पिचार या हमे क्या
कला पाहिए । वारे परा-मेरे पाह पच्या रुग्रम या
कीमागमानी (मुमारानी) में पाया हुपा (यार मिया मा) है।
गह परत इतरी (प्रानों में पिगम सा। रानी पनी
मधिसे । व प्रपसी मस्तक पर पोसणं-मम्मी के रप में परा
पापको सनर पपप में पपे । र उममोपी रामा है

रामानु पुछीयी-सु यो कास् विपार कीयो । म्हांती मानु
प्रीती | वाह राशा को-मा पात परमेश्वर री बाही
हुई। राणी मालु पोतीया-जु पौधोती परणीमा म परणी
पाहोथे। बाहरी सबै को राजा पोपोली री पाव माहा कठिन
। पिण थारी माग पडी है, मु सपाय ससरी करियां ।
वा भेसा ने पी बानीया परती लोपि भर पीपोष्ठी
सार पापिया 2
माझीर परे सबरी वाइगा बागीचा माहे रेरी सीयी।
माझंण नु मोरी बोधी। बीमण परायी। मेरे सा बारतो
कीपो ( वर माक्षण न पुरे -पीबोजी नु पोखारण पारे
के किसी भाव पोकाये । राति बोबोली न बोले की
पूष दि मातु या ममा । हमने दो तुम्हे पपने ही पापा।
पएमा गाभा नगमा की मर्माह। रानी
मुम्म हाली से विवाह करो । इसलिए उससे सिराह
कजा पाहिए । जब सहन सहा कि प्रमा। पौधोनी को पप
पनि नि तुम्हरा माप का है, इसलिए भरसक पाय पसे।
तब होकर रास्ते का पो। यस्ता पार करके गोबोली के
गरम पाये।
माती पर मदर बनाने में प्री-पी अपहरेप ममा । मालिन
पो एक मोटर र मोर रस्ने मनरे बोरम में मरमा फरकी पा
रेपूरा गाया कर दिया I (परा ) मागिन से पूछा कि
यो पोमो से सुभगाने के लिए (मुस से राम निकलाने के लिए)
पासि प्रारमराते है ? (उसने सवर पिया )-पदि रात में

मरण पेइंतही मुगवि साप्त । तथी न गयो । रिस म्हारा
परम-माई तानु ममरीस म्पु माझी पुची नीसरीस ।
मुसबे प्यारे ही पीर कई पालिसाच री चोरी गया था।
पणीही मान न्याया इण म पारादी रेपी री पूजा करे
थे। वारा सा बोणीयौ-राजा सांको पाीयो । मानु समरे
। ताइपे पोरे परि भर मडीया । पसस हुमी तेच भारा
थे। बार पापन मदि विधार मांगयो-मापा कास् करिस्यो ।
साद सापरी पोडीयो । मो क उपाय भसी है। पेश्यारी
फोपरी में काम पाड़ीयो । तिको अवह इस
पाविस्या
नायो। पाववादी मूरमा गति रूपी । बाहरी रामसपी रेमा
मोपनमाली २ सप राजा हुती म पदि हरदो लीयो । बाहरी
के पास मा हागे मुक्ति मिमी । यहाँ में नहीं गया।
नब मो मेरे गर्म-भाई , को स्मरण करना विषसे पानी की
पोनि से एभय पाउने पारों ही वीर पिली गारपरक पदो
बोरीकरने गये थे।
बहर पल समे 4 इसलिए बारपी देवी की पूगा पर
थे। उस समय सो भाउ पा राग पर विपत्ति पर है और
इम स्मण रहाणबारे पर पा र पत से। यहाँ पल्म
पा रही माये । र उन्होंने माय ६ फिर रियालि स्या
कला पादिए ! सारे महा-मेरे पाम पम उपाय है या
की परगावी (इपानी) म यत पाहुमा (यार पिया हमा)।
यहरयम की (पायों में)ी कमान मना। रामी पनी
मुचित होना पसौ मस्तर पर पोसल-परवी रेस में मा
पायनियरममा गपे । तर उनलोगों में प्रगावे

७
राजा I पुष्टीयी-जु वा फार विचार कीयो । म्हांसी यानु
पपीती वाइ पमा को-मा पात परमेश्वर री बादी
पुरांणी मानु योनीया-जु चोपोली परणीया मु परणी
पादो। वा सौ को राजा चोपोली री यात माह टिन
है। पिए पारी माग पोदे, मु उपाय सहरी करिस् ।
पाप भेसाहाने पर पानीया । भरती नोपि भरपोबोली
रेभार पधारीयादे
माझीरे परे ससरी बाइगा मागीमा माहे डेरी लीयो।
मारण नु मोहरी दोषी। धीमण करायो । रेरै सावतो
कीपोरावर माळस न पुरे दे-पीयोनी नु पोखारण माये
से मुकिमी माय मोसावीने राति बोबोली न पोसवी
पूष मितुम्हें क्या मूल्य ? हमने वो तुम्हें पहने हैमा पा।
तर एमा मेरा--पह बात नपाइ की मर्जी से हो । रानी में
मुम्मे परामि सेती : RATE करो । ममिए उसमे विषय
परला पाहिए । तर उन्होने पर कि मा! परोसी बात नहीं
पनि मेकिन तुम्हारा पाप इसलिए भरसक साय परपे।
वाकर रास्ते बम पौ। यस्ता पार के पोयोनी
यदर में माप।
माती पर बार बारे में प्रदीपौवह रे मला । मामिल
को एक मोहर री और उसने न ओमन में मास्पा र रीमा
रेरा पूरा पाता र पिा ! तब (पाने) मातिन से पूण कि
गोबोरी से दुगने के लिए (पुर से पन नितराने के लिए)
पाते है, यि प्रसाराने (उसने एतर सिा पनि रात में

परमात हुने भागा पाणी रोगाये है। सारु परिचारि गाइ
पेसिया। लेसर रामा मोम । मागीयो पेवाल । कारीयो
मुवारी। सापरी चोर । मासिकदे मवाण पाच ही पेसि पिचार
कीयो-मापां फिस्यो मांति योनायिस्मा । म फूल सुहासी नहीं।
वाहरा मोससी--में पाये ही यार ममस पाणी सदीय हुने
परपार उदासीया। ताइये मारे ही पोसीया-सूपी पवाबासी
सारे पैसीस वाहसं म्हारी बोर कोई चालिसी नहीं।
पिण म्दे का वीर काया मोम करि पिडू ठिकाणे वार सिमा
वाइरी पे याति पहि नै मानु पुरीया मे का मोखिस्यो मारा
रोणी पोनसी । वारा सापरो पोर हार मैं माइ पेठी) वरीयौ
नुपारी रोसीये मे हाइ बैठी।
पोषोती, बोली दो प्रथाव होने पर या नीकर की तप पानी भर
पाठी है। सारी बात कर बाहर से पाकर बैठ गये। इस पर रामा
मोर, पामिपा वास कीया पुपारी, पापण पो, माशिम मा
पाण-न पत्रों में बैठ कर विचार लिया कि हमें किस
गुमरामा पहिए । क पनी मोवी नहीं ।
पसमे (मरा
पामय लेने है) बोसमी । पास ही सप्पर फीम पर
मारि मित्त होकर रखार की तरह पसे । तर पार पाकि
परा पुप पो पार [बमोती] के पार पापी मार रि
हमारा ईपय बनेपा महा परतु हम पीर।पर को मारम करो
पार स्पालों पर मा ठगे। हर तुम पा रहार हममे पूजा-एस
मूल बातमे वा रातो बोनी । र वापरा पोर [वी हर
म याना परिसा गुमाया पर पाय ।

माणिकरे माण मारी असर बाइ पेठो। भागीयो साल
वी बार पेठो। ए मारे गीर मानी रो रूप करि पिटु ठिकाणे
बाइ पेटा । राजा मोड बाइ परमार मीणो। पादरी मागे
दरबार माई व्यार भमराव उमा हुवा म राजानु पूषण नागा-
रामा, पीयोनी नु पोवापिस्यो । राजा पोस्यो-मना, पोमा
विस्मा । बारां सचे अपर पोजीया भगला राजा पारा परस हुना
पाणी भरवां । पति न पोती ही परमावि येई यो मेला
इस्मी । वर रावा बोलीयो-म्हाई नु उयां पाणी भरणी जिम्झीयो
बतो म्हेई पो भेला हुस्यो। पिण एकरसा यांनु बोलापिस्यां ।
पाहरा मांदि गिलमो विधा । भर पावरा विधायो । ताहरा
राजा मु ले गया। भारी मीच तांणी हुती नै पारि राय नु
मारिएको मसाण मापे (बर्टन रियेप ) पर पाबेग । पापिया
tamपक पर मात्रा पारी बार मात्र काम बनाकर पाएँ
स्थानों पर पामेटे या मोगरवार में गाकर हुमा । सब दरबार
के मदर बोमकुर उमण पापे से पे, समा से प्रको वर्ग-पों
पमा बोनी को गुसमापोगे ? माना है, दुमपा गा ।
पर मारी सरे कि प्रपणे पापों को पानी मखे पाह
वर्ष ऐपए। बोपनको बानी र पौमी यो प्रभाव होते ही प्रम भी
एन पामिप्त हो बापाले । तब मारे महा-मेरे माम्म में भी यदि
समी उप पानी मरला लिया है तो में भी उनमें पमिन हो गया।
पर एक बार इसे पुषयमा मगरम । तब पर मनोन विमपे मरे ।
उन पर पार विपाई गई। कोई से पमे । मागे पमा तना
हमारास बाहर पापो लिगाया । भीवर रानी पोती

पद
पेसारियो । भीतर राणी पौषोशी पेठी । यीमो सोक पासी
सवास परप पहुगया । रामा भरु राणी पीर मीष दीयो महां
माोया प्यारे पीर पिट ठिपणे मासी रूम पैठा।
हममता राजा भोज मोतीयौ गु मदनरी पपीयाली बोले
नहीं प्यार पर यदि किसी भांति पिवीत दुसी। ते उमर कप
कीयो सुवारी रोजीये पर माली सप बैठी एसी सु पोलीयो-
हे रामा, मणि । पहिली दो पाहा में आठ हुतो स मुई ने
भुपार रोटीयो परीयो। पाठे ठोरे बांधीयी। नवार म पणीयो
परि सागातीन मणी ही पाबासी तपस्या करे। बाप की
करि सगु नहीं । म हुँ पाप को को हुकारो युपमा कारे
साबास रेगेसीया सापासा मरो वो वो सारीमो कास्।
पौ। मम्म बसोम पसी, माई पानि पापिस पा गए । मापौर राना
पौष म पर पिरम्मत के पमर 8 मे । पाd पीर बारी स्पानों
पर मस्ती में है।
इस प्रकार हुए परा भोग मे पाक मदत की मालकिन
बोलती मही-3 पर पर लिन पणी पर साहिये
पुपा को मिप र नापी में सपा रहा है या
मुमो-माने तो पहाा पर यो पापा, रसको मुवाकर पा
मच लारा मार मा टोरा का ये पिया पिर निशा B
पुमा । एच पर माई तीन मन नयन बानी पोगोनी तपस्या कर
है। इसलिए बार में नहीं सता पो म बात हो तो में
हसरताप पिणारे पापापाय परप्रय विकार
ताणे तुम्-सा पोर मौत कापमा भोर पास पहना एक

पाएपमा भोज वाव हे के। एक हुवी मापण रोटी। एक हुवी
सिजापटे रो पेटो । एक हुवो सुनी ऐबेटो । एक हुवो मुनार री
बेटोपा पारेही मित्राचारीची मुभेला हुइरेसावर नु एलीया।
खापता यावा एकै उधान पन रिपे माथुण हुयी। वारी पारे
पोलीया-रोही रो समीयी छ । पुरे पूक्षी सावपेत रही। पहले
पर सिमामटेरी बेटो पेठी बाहरी सिमावटै मन में विषारीयो।
निम्मान गवि पटे नहीं कई भावय कीजी। वद एक पम्पर पीठी।
विरा पूतली निहूदी। तिवरे पार रितीत हुपी । पादरी
सूजी नु बगायी। वारा मुत्री पृतनी देखि पिचारीमी साथी
पड़ी। बाहरों सूचीमा सीवि पहिराया। इतरे वोइ पार विवीर
हुए। शाहिरा सोनी नु बगायो । सोनी पूतली देशि भर गइ
पा प्रामसभामा एकसागर का नाका। एक पा सूर्य
का माप । एकपा मुमार का नाम न बारों में मित्राचार पा
इसलिए वे रद होकर पपेय को पो। एष बनोधाम में पते
परमो मुम्त हमा । म पारों गहने नगन 47 सम परे
बहरे से सामान पना पाहिए । पहले पार कारीगर समएका बख
समीपर मन में विचार किया। मिठो 48 पटेपी नही
समय बिताने का उग्रप करें। तब से एक पपर रिण दिया।
उस पर की रसने पुरानी बनाई। सन में एक पहर बात पया
सपी को बाया ।बी में पुती को रेखार सोपा कि सापी
गावोस पर ी मे को तोपर पहना रिसे। इतने में ।
पाहर त गये । १मुनार में पाया । सुनार में पुराती को देश
मोर पहन दर पर पहना सि ।

परि पहिराया। वितरे तीसओ पार विसी । तारा प्राण
नु अगायो । मापण पूतशी रवि ने मन में विचारीयो। भागसे
सामीये पूलली वैयार कीवी । बि भी परमेरपर रो भयन पर
प' सीर परे । साहरा पूतली फिरण मागी । जो मारे ही
चिरसीया। कोम्हारी पाइर, फोदारी भारतीया,
उमा री पार पाइय गोलियी पोनियी--पहा पहिराया
हेरी पार । ताइप राणी बोपोली गेलीये नुमाव पाही।
रोसियो धर दूर पोवाइरा को-क्ये रे कुठ कपूच ! पर
कपा बेटी पार पहिरा। गरणा पहिराया देरी पार पाये
पानीसाण पडीया। वोपरि राजा भोज पफ की दीयो ।
वाइरा पीबोली मावीत सादर झोक सप सुसी का।
इतने में तीमय पर पौट गया सम को बनाया । आपस
पुरानी से कर मन में सौरान पपवे पापियों में पुरानो को पार
कररिपार में श्री परमेश्वर का नाम मा रिममे पर सीब हो
पाय । पानी पानने-फिरने मगी। परों माप में प्रमाने
मामले ना-मेरी स्त्री, मह पहने समान्मे लो। (पगमे
पूप)लापो हिस्सो सिर? पर बने तर या
किसिने सो पानाचे स्थली है। पन पर रानी पोमोसी । पर
मान मारी, जिसने मर रोगा। पौर मामले ममी-पों
रेसुमार बता पो तो बेटे को मार पाया। रिसने मइने पहला
मी स्वाहाँ पर मासा ममापा हुमा पा । उस पर पग
जोर म.पी बोर भारी पोपोली मार-शा पार
एरोसा पाश्मी नुगए ।

पाइ फोई रामा पैठी यो मुफ परीयां बोलाई । इतरे एक
पाहर मितीव हुची। दिवे बीजे पहर रे अमल माद राधा मोब घर
मोनीयो सीन पार रावरदे मालरी भणीपाणी वोले नहीं, राति
किसी भांति विवीप हुसी तारा माविषये मदबाए मारी में
पेटोहयो सुमोलीया-राजा मुणी, हू मारी पनी भर पाणी
मुं मरी। किसी मावि पोन् । यात ग्रीस मो हुंभरी देवी को
सारोपी पीसी यु नहीं । पारा मारी हुंकारी दे बै। राजा पात
को छ । एक हुवी प्रामण र पेटी पर कुमार दुधी । मलारणा
प्पार टोर पाती हुती । मारे ही टोरे सगाई करि एक साही
पापि दीमो । व्यारे ही बानो भाइ उतरीयो । मामय न विचार
अपनी बेटी एक ने आना प्यारि भायो । दिप असु कोजसी ।
पारी पेटी मोला-बाप पिनता मवि को मारी थाप निवे
(मानों में सामा) मार मोई यमा पारस सिमने पोती में
पार पुरासिया ।सने में एक पार बीना । पर दूसरे पहर के प्रारम्प
पणा भार मे पग-उन पारो रानबाली, महासरी माननिवासी
पी सिपए वी! तर पाणिकरे मापण बो भारी पर
बसपा पहले नपा-२ मा मुनो में भी दो पहा पौर
पानी में
बम मि उपग पग में मकिपा
पाने परमारानी ऐ हो तुम्-मरीकी इमरी मोई नहीं। दर
मराराम मपी पोर रारा पर बहने लगा। एक वा माझाए ।
समयी मामारी पोरीन पर पपा मेश पापा
स्वारों पर समाई र मन तरित कर रिपोरडे
पान । पण के मन में सपार हुा- एक पौर परापार
पाई । प्राय घ्यिा गामा . ये बानी-4 ठिा लिान

बीस । वाइरों प्रामण पिहुं ने सीधा पांसी दीया । पोरेस- रीय वागा पहरि ने तोरण भाग। गाग प्यारि पंपण मगाइ मरु मारोगीपणा ने माहे मासस पेटी गाइ पेठी। प्यारे पीर पोरण पाय मा राणा। वारी प्रापणी पोली-मोसे हमलेषो मो? ए भाषी । वारा एक बींद पोई स्तरि हपतेबो नोरि मैठो। बीजा जमाहीर रा । दादरी बार्नु भगनि मगाय दीपी । वाहतं घीद तरि ने पाया भर फकीर हुना। जानो मापरे परे गया । वाइरा एक तो श्री गंगामी फूम से गयी। बीजी देसापर वसवो रमो। पीजी मसास पेषण पैटी । अको रेसावर र्नु एतरीयो म एके गरे मतीव से पेशी हुयी। पारा सपा मेखली पानि पर मिममा मौगि मारे। मेमली पे । पपने मात्र इसमे निबटपी। इस पर साझल पारों के वाने पीने का प्राय किया और पाकसपिणा बापा पान कर पोरण निए मापो । पानीपार मामियां मंगा कर पीर पिता मारप्राइसपीमारी उस पर पाये। पारी देवोरमारे लिये पारमये । तर Aणी में पस-यो मुझमे पाणिपण २, वह मारे । एक पोरे से गर र पारिहण मिा । दुसरे पो ही थे। र गहोंने मणि मगा। मोगापौर से सरकार पर रिये पार पीर हो गये। पप पापिनमा पई । उनी म एक टोपी मपानी म ने पया । इमय पाय पाप पपा 1 तीसरा ममान मले नमा। जो परेय मपा शाह र पूरन्यापीपा पोसाासस्थापौर मेरा समार मिया मापार मा। नपा में एक सी पी को पौर ।

(
मारे एक माकडी म मगरा लागे । बदरी गुरु यो मेमनी
पीप समोसुल ऐको। वाहसं गुरु मोतीयो-तकनी पहन
गुरसारी है।शक्षण री नही। बाद मो-पावामी, साली
मारे गुण है सौ कही वो रमा, नही तो गा देवा । सो वो
इस माजी को गुण है मो मुभारमी हारी सगाइ ठी
भादमी मपी सीपे । वारा एक समइये साकसी से बसती हुयी।
मासे ३,१ मसाण पायो । गंगा पूल परमादय गयी हुमो सई
भायी समाधी माणि मसाण सुसगाई।
समेत सठि बैठा हुवा । बाहर पितु मापनीच मगहो
हुगो । इको-मारी पार, करेलमारी माहवारी मारी
बोली-मसारण सेमीयो वैरी पार पाए पोपोली रीस गरि
अपमपि भारी फोहोर पापण मागीरी पार जो साथ
मपी की। तब गुप से पहा मेसा को नही मारो गमरे
क्या ? तर मुर नेपाली पर पुणवानी है या नहीं
अदिए । उसमे पापारी मी की गुणहरेमामी, सब
को लेभीवाल। उसने एस मरी में यह पुर। कि
मोसे प्रारमी वीपी नरेनो पूर्ण को उठा र एक
रममममेकर बालावी-बार महाने बार मतान में पाया ।
सापूर गले मह सेवा परा पा पद मामा । रम
सभीगी को मनान नपाई।
सोनो BE105 रन पारों में प्रापड में भमा हुमा ।
पमामा-मेगस्ती पहा मरी र प्री रोसने
समान मेरा पा, रसपी पी। इस पर मोदी से पा
पारमारीपोरानी पोर रहने नदी-गमको नौ दो माप

पलीयो । साहरा रामा नीसाण भाष दीयो। दोइ बेला पीबोली
पोती। यदि पहर दोइ विवीत हुई। हिवतीची बात की है।
दिये तीजे पहर के अमन राजा वोलीयो। दोपहर राव रहे।
महसरी घणीयाणी पोझे नहीं राति किसी मोवि विवीस हो।
वाहरा दीपे उपराभागीयो देवान पोलीगी-पहिसे मोहरी परियो
वीपी । माहि पातीयो तेसाईरी पाटी जगाई। पोश सगू नहीं।
सावास रे सायास दीप ! हूँ कारोदे वो सापास है। बाहरी राजा
भोग पास की। एकती रामारी कुपरी। एक हुवी मुइवे रो
पेटो। एफ हुवी प्रामण रोमेटो। महत रोपेटो पनि विपिन हो
प्रामणरी पेटो भूरस रयो । ताहरा सर्प लोक पण नू
मूरिमो मोतारे । वाइरी रामारी बेटी ने मुंरते रेपटै मती
कीयो मोने से नीसरे वोहू भारै साथै हार।
सबा था। तब पानबारे पर का सवाया। रोपार चौबोली
बोमी पहर एप्पीत हुई। पब तीसरी बात रहता है। पर
ठीसरे पर प्रारम्भ में एका पोको पार नही है। मानकी
मारिन बोलली नहीं। एक भिम पद टेपी? व रोपकमर
बाहुपा पानिया देशात पहने नपा-पाने नर ना पE गड़ा
पया । एनो प्रपर गा पपा वेम। ई की बती मनाई गई ।
मिसिए म बौन हो सकता नहीं। बारा रे पाय पापरि
हमारतो तुम वायपर पगा बोर बात पहा है। एक पी
एनारी एकपा मापी माना, एक पा प्राण माता।
मनीमा नाका परमिनार होम्पिार हमा। मामला मा मून
एण। सरनोप बामण को मूगार सारो मादी
मातीमोर मनी गरे माही-परिन मुझे नर नान
बने तो तुमारे सारा

साह मुहोरटे पातु परे साइतेयार हुइपास ५ ।कुपरी न् कली ये राजार पाइगहरा पोहा २ वय विजयप्स माम मुले मरदानी मागी पार मरची से ने बाग में भायो । मरिस न् मेलि समस्या प्राविम्यो । मिम म्हे पिण म्वरप ले सन् भाषा । वाय रामारी कुबरी महल में गई। बाइ भागना कपड़ा उसारि मरदानगी कपड़ा पहरि मुरी सु सोसवान मर छोकरी १ ते ने पाइगह गह। पाइगह याइ राति रे समइये अय- पिचय पोहा योगाया । पोई परि पाग में पाया । माइरा परी मुरी नु नेल्दीयो-मुमुहतरे मेंटेनु को स्यु पेगो पारे । पारा मुरस्रो “साम दौड़ती भारती। देवी पारवा साम्ही भाई। वारा पूछोयी-सू एप है। बाहरी प्री- देशी सारदा । वादरा मुरमो माठो ले सिर पोषण लाग्यो। हूं पर मन्त्री के सरेपर-4 पर गाकर पार हर मात्रा। पामारी मे पहा कि तुम पराकी मन में परिग्य नाम के हो रोपाई है उनमें मगर, मना बामा पहन कर, माग-पप र माग पपा गाना । मर्मको मेगार मूषना सिरा देना ताकि मेस में पाई। एमुमारी मास में बार पहने हुए सो वारकर, मति को पनार, माहरों मे ठोसशन मगर तपा एक छोरी धार र पुरमाप में मई। पुसमान में पाकर के समय पपरियप पारे मूट में घोर पे। दौरे पर पार बाग में पाई। तर प्रगामारी म पागा वि मत्री बेटे को पहो कि यह पनी मारे। पूर्व मामले साहुपा पा पापा। ती सारच सामने पाई। उमने पूछा-मौत ? रमने पहा में वीणा र मू परपर मेटर प्ररना निर ग्रेने ममा पौर पणे नगा-में गाएपमा

-
( १८
पाम री बेटी पर मूरन । का विधा का लोही पाटीस ।
वारा सारदा पोसी-मह मागि। वारी मुहरे माहि राम
मेसी । वारा मूरिख । तीन लोक सूमण मागा।
मरस्त्रो पापरी मुरवे को गयो । मु इसे नु यो सारो
अकीयो । मूरी न कपका पहराय, इपीयार पंपाय वासवान मुहरा
रे मुह कमी से आह । मूरमी राम रीकुमरीमा भायो ।
इमरी वासीयोमुस्तै री बेटो भायो । हे पोहे मूरिस परियो।
रेक पोपरी पड़ी। पदि सहीगा। आपको पता प्रमावि
हो। वारा कबरी मोती-मुरवा य बेटा पति पार पहर
मारिग पालीया पिल पोलीवा बरे नहीं सु किसी संपीवाई ।
ताहरा मूरिमी बोलीयो मरिख । महत रोबेटी में इस
पपीपी मारा रामारीपरी सीव हुई। मो पाबा गाजे
माता पौर मू। पाटो विघा ३ का पी पागिन बन । तर
ग्रामसमुह पोस। तर मुह अमर पाल पम पर
पूल हिलोरी हो गया।
पूर्व सीमा स्त्री के पास गया पौर माती सारा प्रयास गए।
मनको कपन पदमा कर, इविसर पार टोमशन में मोहरं भरकर
मात्री ने कहा-नेगा। मूत्र गुमरी के पास पाया। रामारी
मममम मन्त्रीमा मापा । एक पो पर पूर्व पा। एक
पोोपर एगमारी पड़ी। रनों पर रिप । बमले पाले मतमान
हमा I र पमनारी गोपीन मवी मारे ! पार पार
एस्पे परनु म बोले सो नहीं ? ऐसी क्या vिit? तब मन
महा-4 पूर्ण, । मन्त्री मो मत्री ने दिया। इस पर
पगमा कोरिया परि मौतो पानी। मा तो

वो ठीर मही। दिल भूरसै गहि। तारा मूरको बोलीयो-जी
देसी साररा मोतु पर दीपी दिव हूँ मरिस नहीं। सीव मक्षा
बोमर एकै सार बार ठिकाणी ने नै भाइ खरीया।
मास २ ६३ तिहारमा । सिवरे सहर दिल एक समाव सोबती
पी। विज में कीरतपम नौसरिसी । विष कमर पनामा सु
किणी रे नहीं । एक दिन मरिसी बा नीसरीमो म मरिने
नामो गांधीयोनीपे सवा कोर पिव पवायो। वा राजा
मुखाय पिघलायी।
वाहरा मुरसरी नाम रखनपारम् पीयो । रतन परस्त्रावण
मोफ पारे । खोटे मरेरी मरि करि । वारा परी कही
सिस भागा इसी रावही पाई। नापी ती भावमी ।
फसमै सूबटो करि सरियों की मुलपान करता जीयो।
बार सदर रेरामा रीपरी पंचम्की ने मियो परीकता
श्री पाप । पूर्व माहिती यारा ने मुझ पर
मिा, पर में पूर्व हीपिता मत करत प्रपर मार को हुए
एक पर में मार एक स्पान मेरा नमे । २५ महीने हो ।
में एकतामा पुरया पारपारहम काति-स्याम मना)
पपरे मार एक ऐमा नाम था रिसे कोई नही मिपूर्ण
(पर) मा निता । मू में नाम पाया । के नीर बाबा
मापन मापा र पमा कर पानिमा सिपा।
व पूर्वाना मार मा पा लपक माने
लिए मोन पान मगे। (पूर्व) सोटे-सरे की मार कर पेशा र पर
सुमारी मे किली सिंह एक ऐसी राणी बाई पिसाबमै छ
मामी हो बाबरला पदी है। एक समय रमन गुपा पर उसे विमा
पापा पप विचार को पायाफर पर पानी मागे
परमी मिना गे पसे की कोिं में तुमनी पी । मानिए

२
।
मुहुलती । तेरो नाम पंचफली पहापती । र मेहस जाइ बैठो।
पंपकली पकमि भीयो । भर स्याल परवा मे दी रामही है।
रामकी ही दो मनिन हो । राति मनसि करे। दिनै सुनटो
कर। इम परवा सपै मु पूछ। म् मालम फूल ल्याई मुसी-
जुस नहीं । मालण जाय रामा सु वीनती की। कुपरी फूना सु
1वारा राजा नगरनाइन तेली। हुपरी रे महल
में निगा कर । साहरा नगरनाइन जाइ महल में दिप बैठी ।
वाहर नगरनाइन पोर पोर कर पुत्ररी । बाहरी रामारा लोक
सही दीड़ीया। बाहरी मुरिलो रामारी गरी २ मैहन हैसादरी
पर हुती है माहेश पड़ीया । साइनु कसो-हू राजा री पोर
किस विध अरू । साहूकार रैया कुमार पेटी सूवी पी । मैलो
सुयायो । राजा रा भादमी भाइ फिरि गया ।
उसमनाम परासी था। उसके मान पर पाकर बैठ गया। पंपसी
उसे पम सिमा पार सम्झन पर या तो एपी पिचाई। रानी
प्योंही दुई वह मनुष्य हो पया । इस प्रसर रात को उसे मनुष्य
बमा पौर रिन में मूपा बना राम प्रधर से हुए। पाप
होप । मानिन र माई। चिन्तु परमारी बराबर मातुन पारी ।
तब माचिन मे जाकर परा से प्रार्पना श्री छिपामारी का मानन
जाने प्रमों से पवित्र क्यों रो पमा ? वर पराने पर भी पापिताको
पुगा भेगा पौर पर जितू परमारी के महल में गासर बादा
पता नपा । व मगरलापिस पाकर महन में फिर 40 गई। पर
नगरपापित 'पोर पोर हो पुपारी पा र पर्मचारी को पूर्ण
एमाप के मान के नीचे को साहारा परमा पसम र पा ।
सारभर तेस-रे पासपोर सेगमसार बोकमार
कौनसी सोपी पी-गिसके साप पूर्ण पो मुभ रिया । पगारे
पारमी पारयापम परेम।

( २१ )
पोर नाम गर्छ । प्रमामि साहरी पेटीको-म्मारि पहर श्यमेली
सूपी । मोनु पोहीच परणाइ । ताहरां सार पौहीन परणायो ।
एक दिन मुरसी पाजार गयो हुवी ताहरा पहिन फी षरीरी
पहन
पोकरी मसीयों । पाइरा स्वारी पिण उस भाइ। पप्रकली
पिण भाइ मेसी हुए। माहरा तीने को -पाकी म्हारी मरवार,
उमाकीमारो मरतार कार दीपा । पी को मरतार । साहरा
दीपो की-जिका ले नीसरी ठीये री मरतार । तारा वोली
सकरि दीवी फोदि दीवी । पर फोमाटीxबीये रो सीय
मारीत्री राखियो । मारी बेटी री मरसार । वारा वसे राना
मोम नीसास पाप दीयों । वन फेरापीबोली पोली। तीन पार
थितीत हवा वामे पार र प्रमल राशा बोजीयो । पाणिती पछि
पर महल री पणिपारखी मोसे नहीं। राति फिस भाति वितीय
पोर मग पपा । प्राकाम साकार की सामने नहा कि
पार पर इसके साथ सोई पी इसलिए मेरी सी से ग्राम करो।
तब मापार म इसी से यारी कर री । एकति मूर्ष बागार मया हुमाया।
उस समप मे वामी पगमारी की मांगरानी में पहचान Fमा । तब पर
राममारी यहाँ पाई । परम्मी भी पई प्रापर मिल पा र तीनों
मारम में ममले मपी-हहही मेरा पति एकहती मेरा पति।
हैरीप बनुमानो यह मिसरा पति है? तब पक ने राहामूर्त
जिसमे मेकर मिना पा रसम्म पनि पायोमी रेप करके
पीक घेर रिया पौर पहले ममी हि रिसने मारे बारे हुए
को बोनसन दिया, सम सामार भी महली पा मह पति है। तब
रिपगा मोग ने नवा पर पोर मावान पर पौडोसी दोन पुरी।
चीन पर मौत हो गये। पापे पहर के प्रारम में राणा पहने नमा-
x भारीपति

( २२ )
।
हुये। वाहरा साफरी चोर हारम पैठो हुतो सुपोशीयी । सुमिही
रामा मोन पायोमी रा मरवार बार इसी मोवाइरा पोपोसी
रीस करि समा फोररी हार हुती म वोडियो । छोरि ने बोली-म्यु
रे सरम ! राजा मोम पोयोली का परणी हुवी १ वाइरो
रामा मोम नीसाणी पायहीयो ।
वाइरा पाय परिस सपासी सदस्यो पीबोली भागमाइ
अम्या रमा । पारी को भागनु पारो नेम ही रखी भर रामा
भोप भरवार पापी । ताहरा चौबोली को-मोनु रीसस मोनाई।
माहरा बहारण सममार मर कमी-मारे भाग में हुवी सुपर पापी
पाइरा राजा रे विवाह री साजत हुई। पाइरा च्यारे पीर मानी
हमा । पमा भोग भाइ तोरण की। भाना नीमा कमस करि
रात का प्रतिम कर पीर मदन की मालकिन दोमटी नहीं-
राव पिस कप पटेगी। तब वापरा चोर मो झर में सपा पहले
लगा-मुनो है परा योग । पौषोती मरणार ! हार में प्यों हो यो
मा कोही बोली मे गोप करके सरा कम मोहर पा उमे
दोरममा । वोडकर बाप्ती-यों गरम ! ए और बारोमी
देकर विवाह किया पारामा चोरमबारे पर कीचो मारी।
तर पाप तिवमान और सहेनिया बानी पाने पार
पड़ी हो [पौर पहने भगी ] कि तुम्हाण वोगाप्प है कि तुम्हाण
प्रय भी पपा मार गया भोर पैसा पति भी मिल गया। तय
पोमोती में पाकि मुमै गोप करपा र सश लिया । तर से
दूधियों में जमकर कहा-तुम्हारे माप में दो पर निI पा रह
मिनमा । एसो पार पग विगाह की सारी हुई और पापार
पपत्री बने । पपा भोग में मार सोम माग यस से भरे इस मीमाम्म

( २ )
राजा भोज पीबोली परणीयौ । सपरि रामा जितरा पाणी भरता
सरप कोड़ीयो । सायो भाप आपरै देस बसापी। रापी घोड़ा
सिवाना कोपरमाँ पणों वाइजी दे भर इलाया। राजा भोज
पणी चौबोली नु ले भर परे मामी। उणा सदाह का पणी
मानमती पपाया । मोल पोसीया हुवा हुँ राणी मानमवी पास
राशी पोबोली भरिपी यसाणी । पाव पापोती री संपूर्ण ।
रसारमा भोगायोसी से विवाह किया। सबेरै पगा ने रिम्ने
पानी भरने वाले थे उन सबको पुष्मिा पार पहा-वामी प्रपने
प्रत्ते देश को बसानो । सो ए हावी पोरे पार पसिर्या पा र
पन देकर (पमा मोर को) विश किया गया । एका मोल रानी पोहोली
मेर पर प्राया । रानी मानमी के यो रस्साह के साप बगा।
मी भानमतीने वाला मारा पा सो उसके पास रामा भोर में बोली
को मार ठिमा रिमा । बायोमी की महह्मानी समार।

।
-
खीवै वीजे री बात
सीपी-पीजी पागधी पादोदा पहा थोर । पीली सोमिय
पसे । सीयो नागेन पसे । मेरा मोसार पहा । हमारी नाम
जा। पण रो नाम बा । पिण मित्तीया करे नहीं। एफ
समीये पीछे मन में मापीयो । सू नाइन परी जायगा पर
माइसकी पोती न की। नाइल चोरी वो भसा । परसा
रितु । मेर पनीया । इसा समीया मी पीसो नाइन पायो
। पीजी नाइस पाइने दिन दोइ रमी। गमी इपी सरप
पाठी।लि ने मारा ममापसरी राति भाई, भाषा मावा
भापी राव गईम पाइरो फारशीयन री गावी मारे टोपी माये
मेदि आपीयो पहिरि हुरो का पाधि भर सदर माहे.
खोया और बीना की कहानी
माग और बीमाधोपोर मार देगी मूरमार । बीमा
सोमित में रहना पापौर बीना नागेन में। दोनों का सएम बन
बाबा पा । पसने पसम नाम मुना पा, उसने उस नाम मुमा
था, पर मिले कभी नहीं थे। एक समय बोरे में मा म विचार या
निमारोतबही पा और माहोस यी चोरी पी मी मागे
चोपकर यो पम्प ऐ। न । पल समाप। एमे समय
रोगाम मापा । योग माम मार दिन पर। सानी
देने। उसने ताकि ममावस्या पीठ पाई, मारे पर
भीमाची जन तक पानी बल गरि पर समेटकर और रोती पिर
पर साबपिया एला, पुरीमा में पिर पर में पोरी

.
पोरीनु पासीयो। सर माहे फिरता फिरता विशाहीरी पर
प्रमा नायो । विसे समीपे वी पणे माई मारीयो । घर
पापी पति मिल गईदागीनीच्य ठाम भार मोमन
मरिपार गणिश्य पोरीये मुदीन्यु मजा ।मजी
पत भावे शप भरमारीज को पिण मर्मा भाइने पदी.
नेपामा रमो। मारे लीयी सूची है, आगे है।
स्वीपो मारे सूती बीव, मार पोर । सीने पर सम
झो गोने मताटे सु हजार लो वतार लेतां यत्रं मानी
सो तेरे पौने दिमासीपी तु पर रोपसी बागायो। पी पीने
म्यादी प्रणम् करि म ।वारा पपाव सोरणी हनीपीत
पको मोरं । सोदते सोइ गली की जिसरी में मामी मारे।
सीनो तरबार ति ने मारी मापी माये में तर
मए निशानामा पूरने-पूरे यि पापा में , माni
ऐले समय पासीर में माता पारी है।
पींगस स्माल में पारामा में सम्पएप कता है।
महको मौरीला म मा मी पो मन्त्री वीर हप कमी
पौर माप मारतो मी यो पारपीटे में पोर मुरकर
पापिया पदरामा सिरहा।
मारमा हुमा या घोष या परर।।रे में
पसी कोपाया कि मामा । भूटी से प्रसार समाये ।
प्रसारको समर माती ही, रिसले बोरा समम प पिरा
मातिक सम्सा है। दीरे मोरा-माण हो में इस सापा।
हर पसे प्रेबोने लिर 3 पन। निर्मपत होकर पर
पाई। पोस-पसे रस्ते पर में समा म पैर पर मिसा,
में गिर गुम मा । स बार निमा इएमtic

पाररी। इस मांगुली पास करने जोयो । मोनि वणवा
२ मा हाँग देइ नै भापी सीयो। विवर साई बम भरि नै वर
पार पाहीमारी सरा पामी । सूरी टि गई सीपीही
इसीयी भर बीमोई इसीयो। इसीण या पीसो बोलीयो ।
इसी में ती एक भी सुखीयो दुवो । भीनी श्रीयो इससे
पानी सुखीयो सीपीयो पीडियो मारी माम। वीपीयों
सीवती मारी माम । वो दीयो भात्री मिला। मार्नु पारे
मिलरी पीया हुती । नानीमी मार्नु ही मिमय परवाती।
भारने मिलीया । एकठा पैटा। पर व्हीपों पठि बजगी है।
और सठि मुंदर भाग भासि सुलो मेही।
मारी ठाम मासि मेतीयो । मद पीरले नागा।
समय माग इसे समय में दिन गी । पो दरसों।
पारिमाने को पार मि समारो । सने प्रति
wriका दौरे से पपीन पोप पौगार सिरे परानी
इंडिया रप कर परे कराने में बने देग से ममार पाबार
मिा पौर वनपार हीया मरगी । यो इपिा एमई। पीरा
भीर पोरवीगा भी हंसा रस पोरे पापना तो मैंने
घोराहीमा पार सीने पर ऐसा पारमी मने बीग से मुना
पार पसा-य मेरा मान उसने पा-वीप मेरा नाम है।
पर पहले रहा-मामी त भुमे तुमने निकले दी।
नरेगा -नमो वो पिता पी । मगर मिमै ।
हए। ची हे एका पता मी पाली में मगर
मरवाने पूनों (मांसपोर) सेसी ।
परमाता तारा | एर पाने मपे पार मांस ताने
मोमी बलि सपा सपा । पारमा ले ममी।

भक्ति हुमण सागीरिम गाव लागा गाठो संवोप हुयी। पणी
मेल हो । ३४४ दिन हुमा इसे समीय में पाविमो पहर बीमस
दईयार ही है। पाजषट विमाप नै मानि मारिने जीमण ठा।
कपा २३ लिया विसै स्त्रीया री और बोली । पीजाजी तू ने पारी
माई र मग रसपूत । याहरो पडो नाम । भाभी एक समर
बानी ये भेला हूया। मिकी एक बात करो सिगमा मानम हुई।
पीजी पोनीयो भामीछी तुको तिकाई परो । इस मोहूँ
फा। कर दो पीवाद पोही २ नय नै बिजय साह देवी-
पास रे जीयो रे पगे मागा जरी माय में टी पोडो भाको
तो ये हा पाइपी । बीजा दो थाहा पणाही फरो यो छोटा
मोटा।शरो फरतो बेठ अर्ण कठि ने बलू करे ने पोसीया।
पर मरि पाणी ले ने घीयो । मे परे पोया माणा दो एप माइ
में बीमा नहीं तो एकसमा कपारयो।
गेम पाने मने पम सन्तोर [पा । मूग मैग-ममाकात हुई। १४
लिइसपी । ऐसे समय पन्तिम घर का भोगन tमार हुमा ।
पोपी रियार, पात रखकर रे मोबन करते हैं। रो-तीन पास मिले।
इस समय सीमा की स्त्री बोलो-नौगामी दुम पार तुम्हारे माई नों
को रामपूर । तुम दो नामो हो । प्रपेड़ उम्र में तुम मिमे हो।
कोई ऐनी पर ये बो सब जगह प्रसिर हो बाप । पीनेने पा-
मामी होगी बही करेंगे । इसने कहा-4 मा । कई तो बात
मपित्ती में पोड़ी रो पर पौर विप नाम की यावीच
के यायो एमाले ऐ हमाऐ गाडी है। बोम्मिा पापोतो
दमपोगा हो । सरी सम्बो गेटे-मोटे गो सूप हो।
पना परेही होगों बने ठार माघमन पर दो-भू पर पानी
मेरमा-गा। पौरिया माये मी पापर मोचन कर नहीं वो
सपन हमारे मस्तक पर मनमाये ।

-
पोनु पितोर मचाती। पितोर बाइ मा । सीवी हुतो
विकीपाटा पाधि ने सारमारणे गाठो। धीमी रही सादर
माहि । सु करता य मायूण पारसममि करि करि आइ
समापार पूछ। पृथवा दिन १६६मा वठे सारी माहरम पाई।
'पर दोला परकोटा दीया वीष सातों परवी पिण मारे
पोही बमे पक कण लगी । पत्यो नि या सुझायो । सात
वासा मारे जीये। सादा ही परवाजी री कुपी सिरहाये रेने
साइपोग री पवाटी उमरा रियार सु माची मगइ नै मुरे।
साते परवाना माहिला पाला बसी। एपी सिरहाणे दे ।
मा सरि भी पीजे मुही । परै पीचि माद सोहाग रे मोहरी
खूटी पारियो । पारने प्रमापसरी राति भार ने पीजी
मागी। परीयारी पड़ी पाये दर खूटी - मारे। पते पड़ी
रोलो रिती को पसे । चितो; मा पर्छ । पीरा पट्टि बांकार
मारणारे पास बीग गरम पा । यो कणेर र्यास्त :
समय पार पीमा सास कर पाता पोर (सर) समाचार पूछपाता।
पूर. दिन हो गये सर पर मेर मानूम ही परा । पर
वारों पर परभेटे पे रनके बीच में सारा पारा वा पिसमें
ए-परपोते में एक-एक बोड़ी सी दी। शासान पर प्रमा
मा पाते उ मसे इए । डा लागेपासी
पिपारेर या पोहों को पिणी है सिमा नमार पौर रखा
पार समार होता बापानी सारी परानी पामे भी बीमारी
पार पहारी सिपाने र सोजाना । पापात्र सीरे बीरे से
सलाई । पर बीरे । पारमुप मेमोरी टिपा पाई।
Pामा प्रभातम्या रोग पनि मया । परिणाम में

3
मारे दोसूटी मारे । प्रवाए परकोटा मोपि ने पापा
पोको पार फिीयो । प्रा फिरि ने पपेबी पढीयो ।
पारंपरि ने एकै पापी बिमार हतारीया
पसराई भरती मया! मुकि ने पाठी पीने माहि
लै पासी पस खरीयो । उपरि नै रीपो बुझा दीयो । रीषी
गुम्बा मे माषा ए पागा शय उपर उठया मे पारपती या।
पारपती करिने सिरहाण र पले हलले भी सीधी। पीले
मे साते परपावा सोसीयारोलिने पर लगाम देने पड़ी।
भरि नै सलाम भरि नै यो मारी भागे हो जप हुम्मी ने
म्ही नु पाई। पफाइने अपूछा ताला बरती गयो । गरिने
ईपी सिपायरेने मापो बजे पिाहानु सगाई ने सीय मारिग
पायो हुनौतीय ही मारिंग पपूठी वरीयो । म म हता
बीररी तरय ५० मेख माखा । फिर बीवी सिर मेन
मणा । पोकरी हुए पयों परयों में पार करो को रेय ।
पिर पाकर चमके मर) SPP पर नो प्रसर
दाठी तारी।
प्रत जमीन पर रिसरी यी पनर
भोर पर मेसरमा । सवारीपक गुन्य पिमा पशुपकर
भमे रखापट को पासलकरपा । पार्ज कर लिपमेने
वीरे-पीर पानी पीकर बाणारे मानकर प
को गम्मम ममार पोला । मोर सनम को मारा
पी सोमेर नपारे मे का पक्ष र रि पान
पाया गटर पानी मिणाने जा, रिणिों से समा
रपिसे से पापा रपी रासे वापिस पाया। पपर रैमा

-
7
स्पहीम दीमी । पोडी सन यो स्त्रीयांनी पाहर सेरी रईये
से पापियो ।पको मोदी सेने भाषाहीम सीमा । सिर में
मास पाटी साहनु नींद भाई सुमागे नही । र पावर पार
ने मोसीमा साइजी स्मु यो मही। बाहरी साह जाम्मी । साह
जागि मे देस को पोड़ी नहीं। वाला बटीया दीठा मांची फिवाहा
म सागो । यो सियारों । युरेलि मे सार साइयी
साम्ही गोयो । सारणी साद साम्दी जोयो घोष ने किणा सोन्या।
होलि ने कार भादमी पापा हुवा दीया नु तेरिने र सरग
बोसे नहीं। मीत पदी वीसे नहीं वाइरा साही मिक्षि ने यो
सारी पोरी देवीर हुती पोटी पन गई । साहराच्या मारी
पावो कहीयो पीसी पपय अवनरोशिकी भारतिय
युज माप दिन ५७६ गुएरीया पाइप एक दिन दोपहर
पा साहोर दिया । बोड़ो मेकर रा-भावामी तुमारे हिस्से की
परम
मैठे भाना। वो भी बार पापे घम रिपा ।
नेपौ फटीपा नॉर
मापी पसलिए बना रही
मसके साजरा में पार भणगी पपठे क्यों नहीं ?
पााणकर या तो पौड़ी नही बन्द मिने पार किया
से मोरपी । पारियां मिपाने । पवार ने पानी की
मोरया मोर मनी में पोर रेजर महो।
बोसकर गोपारने पानी, पनको गुपपरहनुष का
पतीनही मी भीमा धीमही प्रवडी । बस,
मिरा-जागी पोष्ट नोकि पी पोड़ी दोगी
मरा-पतरसेवा-(मर या मोही वो मई सोमन) सरी
पोसाकारको माता पारगावाबास

परिका मीना रिगसता रिगसमो भायो । नाक सारा दीपाय मापसे । लोक बाहरीयो । सीबो योनीयो साइजी पोहोरी पाम् इया । कीया सीमा पोरी उपन गई । झायो राशि पर ही कोई पनायी। सो उपन नही पा हाँ! यो पोरे ही । सामोरे पोर म्यू घर घडे । इसे पत्रीयों हूँ दोर गेठाली कार कहीयो क्यु परि। गोंये भ्यु मुताइवा स्यु सूची। मुहरी गरिने सुनी । आणी वो मोनु मीभ संकारयो । मुरी माता रमेसी । सुनोती ती परमरीभय । करि मूला म्यू दास्पू । इस मीनपा मोइ मतीसी । पचरिने जा पाहा परिन खरीयो। सरिने सिरहाणेच्या सीया । मेने वाला ग्नेजीमा मोलि नै पोरी भाग गया। वे लगाम ने सोसि माने पोड़ी . 1 पो परक दिल दुपार के समय पीना समयमा गई माया । सर पारमी या प्रारमोम मा परे । जीरा पहले कना-प्पी घोड़ी का पापा ? - पोप पन्तल हो गई। गाने पहा -भाग पशु भीरमा पन्वत हुए हैप्प एपरि माननि नहीं हुई तो पापा' र पापोर Raन मो। संग्रह मे पहा-परेरेसि एनिमम एकता ? सो कम- मरब निमत भूमा। परम पूल-एसएउसने कहा- तुम रिस पप सोने हुए थे मो सो गानो मुसार सोपो। परि पामोरे गे मुमै बाम से पण नामुरमा बोला। पुरमोदो पर्व की सोपवलए करीनामे मो सोय एमावा को मुप रिया। बीम पार पाने के पार पुरमा सण। सरकर सिपने में पारिशमी समर सात पेपे । मोन कर गरेमा । लगार हार, मापा प्यार, मोती पर परपो

पाहिर पारीदि ने अपूठा किवाद पड़ीया नही पोती प्रसार
हुने बनाया । पोड़ी नेने देखमा भाग पहोर हुयी। गगह पिण
भीम निपक्षिपागोहीम रलो सन नेमे पोगोने परे भाया ।
पोपी पी शाख मास सना । रेठा सादिली की । मद पीजे
इम गपाई। ये सभीये मारे वैद्य एक दिन मीमै । सीवा
रीर पोली । पीजागी यो क्यु मामी । पर तो अपन
थाहरी नाम दुवो स्सु ये की पिण वे पाटम सा ग्रेड
सवयुग पे हो ये माणों दी थे पहा पानी। यी पझे देसि
नै यो मामी ने दिलगे थाइर मुहा मागे पाहिल्या वो
पार मुग पागे बीमस्मा हा साडूघर हुमा को सरेस
करि पारेरै स करि गरिसस्पिार करि । सोनम पालीपा
स्प्रभार फरि यो साहिब मे परेसी पाकर छामान एक
निकामी नित र पीपेनाली नि। पोड़ी पर सवार
होकर मन मसा। गोदी में मार देश-रेखते मुरमापे से बाहर
मित मया । मरीम गपसपता ही पसानीमा मोर मकर
परमा। बोरी देवी, नाच-गाय पर किये। पीपाय
साहिली का पारामा पाठा पा इर्मा है मीठ गबाग पा। इस समय
या एकनिमोन कर पा बा । काये की सी पूप-ब
परे पहा-मामाली । पाबात तो तुमने ऐसी की शिव कुमार
माम पम दोपमा मिनि पारण में यो घरा सर का सामी
कमण (म) को प्रापोवो तुरको गासने रोषार
पहावामीनी पापमय (पग) तुमारे सामने मार पर कोही मारे
बामने पोजन करें । तर पमोंने असारमा देय बनकर पार कर
पार विसपोर पो । रिमी पारपर-पार हम परेरी

( भेट 1 इसी ठोड यो मु एकही भाइमी बैठे रखवाशो । वारा पएट परेरो दिरायो । ग्यमी सात पीकी फिरे । ठा राहुक्म हुपौ। गएरा साहकमी मानु भपूठी हाटां पी। तारा पूरी हास दीयो । उठे है। मठ रहता करता बरस १वी वाद गोदरी पपो एक पालीयो । पाक्षि न बाटाही में सम्बई । सम्बई गसे भमर गरीबोधि में सम्बई। समार ने मारा पोह माहरा दिन भाया वर एक दिन भापी पव पमावसरे दिन से परमेसर से माम ने गोह पगा। डीयो ईनवारण समान जसीप्रसी। ईगे हीरा माणिक सकीया है।सारा परलो कीयो विण परि माहिकीयो पीठो मष्ठि दोनो ने अपरा मेस को सू सपेटि ने पट सू बोरि ने नीनो पडीयो .जिसो पोको पाला भाषे तरे रेरा नु सागि रो। मरहमें एक ऐसा स्थान से मई एकही पादमी रहनामी परवठा प्रबो मन्दिर की मापीय रेय रिझापा । इसके चारों ओर सात पोटीचरों पप पाहा महम मा । तब तो महा-में पीपे का दो। सब पीराम । या पने भने । बह पो दर पर एक बीत पया, पर एक मोरे का रमा पानी पानार सो रात में शिल्पा | सिमाकर बने में मेर-री बाप कर सराय । पिपाने पर बर पोर- मान प्रापे का एक दिन प्रमारस्मा की पापी जो परमेश्वर नाम मेकर पोप पापा मोर पापच में पाठीव की किस वाखे अयप पाषान मेंगे । हाराहीर माणिों से पा इम्प वा । of एक पाना बनाया । मिपित रहके पर मापक रीच पा था, इसलिए मर मोपनगमे से मरर पर पीया हा। पर पोती पाना पाटावर

-
पाकीदार जाइ नै पलं पटे। यू करती करताजा पहुची। पाचन
पीपाजयी पड़ी मारे हरें पीसी ठाकरे ने पीयाम पाई
पर यने पीसी महापाठमा नै कमस पारीयो । पारि ने
पूर कीया । सस भाप अपेटि नै मौषि ने लियो । एकण पर
नु पाय परस नाईरे पर मसा भर पेस्या रे परे
भटकलीमोईनु पोर नागा।
पीपीवारा पटलीयो नहीं। (रए दीये) मनी बात हुई।
उपरा दी जरीपामारी मो होसी । इयु करिग पारि
में हाट मा पसि रमा । पछिली पड़ी दो रातिहर दरवाजे
बार उमा। दरेवाग मु कमो दाबको परम दोहरी फीत हो
छ । उपानिमोहूँ या नहीं। वारा रुपिय पोइकादि
मगिर के पिक पाता। चौपरवाने पर फिर पता। पर्यों करते
करते बा पहरा। परने के बार हिमाम बगाने वाला बक्सिान
माता तरप बोली बम साबर फिर पहियाम पाटी दिर
पणी से माउडम कर कमरा निधन पिया । मिशनर र एख
सिमरा मने पर पो है नोट कर बार लिया । एक दूसरा
पोरगाहब से कमा लिए कोशिश कर पा पा और पाया
पर हा पाई। उतने अनुमान रिपा दमकेतोपोर
मदरे।
गोपीरार इस बात को पार नहीं सके । उनले (पोर) देवासी
बार हमरे में रखापा पौर मेरा भी हिस्सा होमा' यो पारta
रवार र साम में 48 पपा । बर पविक पन्तिम से पहर बादी हे, वो
सारे समारणा हो गया रसात मे गह-रो वर्ष र सय
पसा सिर वा। सनेमा-मार मोकारो

रीय। रेमिटकी उपादिदी। नीकलिया। वाणों धुन्नार में
डी मारा साथी नीलिया को जी मेरी बाइ। चसीया
पतीया मसाण नीरी। उप गया उस जाइ नै उमा। विसरे
पसिनी पोरि पहा माक्षि मन मन पार ने सूती । वारी
यो पीला जी मुर मारण । श्री भएणवारी नाही घर
१वीच जाइ ने मोतीया पडीयो श्ण सगला महार पमि कटारी
पे मारी । इस रिसर । उप दिसरा मारु सवारी
मारी । पोर सपेरे बागी साइरी पोलीयो ही नहीं । श्रीयो
श्री भोमणी परीयो । मुण सार में पूरी । तर सार सुणि
'कमस पूरीयो।
ठे धरि नेमापरे हाटे पाया । भाइ बैठा। ये सठि ने
कमस कारिन नपेटि नै येस्पार पर मायो । पाइने सस पूरि
सपे निकाल कर दिये। तर सिगी बोस पीर या निकम गया।
(सरा) सपने में पाग मुपगा कर दोमा-मेरा सापी पया है।रपान
* हामी प्रभी नया ही है। बात मत मसान समोर
पा, वह परमा। बार पाहो गया। इसी बीच में पिपमा चोर
कमो ग्तार कर मर मे माकर सो ममा । सीने में पीने के पा-ममी
पाया है। उसने बाद रया-पाठक 10 मसान के बीच बाकर
सीने मे पहा-सरिया में हम सा मुरों पर तोरण स्टाभि
पार करो । स या बालों के में माता है । बीरे में पवर
मिा--म रिया में पार कमाई । तरकारी बार म्यिा ।
पो रही और पा रसोपी परपोता नहीं । बीये मे बहाही
पौर की पापा मई । पोपर बड़ो को पूरा नही पासा बोर
पर मय पार दिया।
समको
पूरकर समन पर पा मये । प्राकर बैठ परे । पौरप
(पोर) रमन सिरकर, नोरर मेरा पर पापा । पार

में दिप रो। माम पूरी। वीवे री मोवि मंए पड़ी।प्यु दिन पर भागो स्यु स्युरारी मोवि मिटवी गई । वाइरी सोच जीपोलो माही । लोक पटा पानीपी मोरे ईसारीयो । पत्रामु महिपाठ शारीरसा भेलाएगा। साकार पारामा मन मारमही । लोक सरमा हाम्रा पये कागो । मानवी पोलीस धारे इस मोर सोना भागे दीदी भाभीयो ही मत पापी पी पर बस भयौपानी भर पावसार मीयां मारा पी। फेर ईगेको गीगा ही सायर सीमा पी। राजारीबाव मणि ने पर राजी हो । पो मुख पापी । पानी मा सिर में रामा म मीनती या महाराज पिमडग भारी।गि पाभर रो फ्याशपात मानी पास राईमा 1 पता पारपि पापी व्यापक की पोति कर पापा। यो-योनिमा त्यों-सा पपी ग्योति पाती है। परमोनो- पाग नही है। सोम र पौर समोर म warmirtरयाको भर पर पौराहे पर पर हुए। बगह याकार मन पपा । एमा पाप-पानी फोरिणामोप हहाकार समोर पार-वीरे पग-पग मी विधा क्यों कर पलेवी सोही भारमिमा पाला पाकिर नवा सय पाहो पोर ..) सपे पारे को निरtu सामोरे मार (मी) प ग मोबार सुनार पर पुणहम् । पर मुपी मात को रिचार को पग मे विनती पहायर सनिपुर भागमा मि सामनगाला भाईये । परा* बात मारला tasw

दिन ५६ भरसा पडीया । वाइरा लीवो पीशी बोनीया
भारीरीजोर भावां। परभाव राक्षे मोटो मैदाना रे मिस
नाये गया । भागे एसे पोसार मानी। पीजी पोजीयो लियो
में ही पी मुइमारण हीमोस पिनाणी । सहर माई
दी। पादा पाया इयों ने डीयो एक बाजार मू पैसि । एकै
पेस् । भर पाबर मारे जिचे पुणो मृग । सारो मास ।
फूलवाला निको मौशामु गोपीयु करपा माशार माहे फिरे
कपा मोमाय । इणगी एणगीबोरे । खबरदारी इयु करिता
मीसरा पर रीस पेस्या सिधगार करिने पणार बयार नेपाजार
महिपार में पुराणो मूग पूछीया । सोपी पोलीयों पीश भापणे
पुषणाम् ग न कहीयो मापे वो पो मही। कही पार
पोप नुबाहीजे। कडीयो पाप मौष पो पो बड़ी
लिपर्सा पा र वारे-पीने माफ्स में समार-पामो,
चिहमारें। मागासमय पर मिस होगर महास में
भये । प्रामे बार देखा तो बारा बाप्ती पारे में मानी।
गे पसबा, मी पाठक पार पृष्प-नये पहचानते हो? परमही
रहा है। पाक्षि पार पारनेर-एक मारम तुमको, एक
जापौर गागार में पुपमा मप, मध माछ पर यण म
मोमीन करणे, पस पर निपए एथे। इस उपसात करो इए
पागार में प्रमो मार मारपृष्ठ पते । सरसर निगाह
रख पौर स्याल पास उपरोको तीसरे पहर बरपा में
मार कर और बम-मार पागर म पाकर पुराने नपा धीरे
ए-मा!पले पहा पुराले मूपम! सपने रखर विमाप्रश्न
मोरपि । मने पस-कारे । पाने के एि दिए । नमने

-- । । । 1 लगारी जे पर तुरत पाय मिले। परै पस्या समितीमी । दीयो प्रस् त्रीयो बा । कहीपी बी को म्हार में वैमु पाप तुरत मिसे । मेस्पा मोदी ने रैमु घासी। पास सीपी पीजीही पानीमा । पेस्पा बार पर मी पैठी बांस सीबीपीपीवी फेठा । स्यार पांसो बास ही स गया । मागे । बाराला पाटो योपी सूची । तिरे पी वी राम राम कीयी। ही व्यवीया वो ही स्त्रीयो । वारा सीवी पीजी बोलीया में पुरी काम यो चोर रोमागे मही । इसी पाव ई परे । था वो सरमरी पाठको चोर होइन पाप ग्रह मीया। ये पडीयो हुाणी। जीमण करायी भमागदपा को मुहकरि । पिदा मागिर गया। दिन ५:. हमा । बाइसी पी दिमासीयो हिय पालीये। आगाम उचर रिया-बार बोले की तोपगोही सगाई मौरल पार मिटा। वर पण का उपर प्यान ।सने मा-या पानी। पता-पी हमारे पास बड़ी है जिसके पार बड़ी माती पर माता ।। परपा सौरागररेषसी। पसर पोप पाप गौरा पौर बीगा भी बो। परया पामर पर मी। धेि है पीय पार गोगा मी पुगे । माया के पीपीपे ही पये। पामे यापुर पट्टी बाधे सोपा हुपा बार बार गोरे-पीने में राम राम पिमा । रखने पनाता पौर म उसकी पहचाना। पी-बीरे नसकिने कुरा प्रम स्पिा और पाय नहीं। कोई ऐसी बात भी कोण की बात है । इसे बोपोर पर तुर पापस साइप ? नेपालीमार एनी ही थी । भोमन राय, एक साथ पे, पान मसारा । ति माप र रेप । बलिपुर मपे तोरेदी विचार रिमा बिना पाहिले । पारर पा ।

( १ )
।
मुजरी श्रीयाँ । कहीयौ महारा परोरी खपर पाई है। बेटी री
विवार राजा सिरोपाप ६ पिदासीन चोर गे गया। पापी
र विहानी। कड़ीयो दिपी। वाह स्त्रीबी पोजीयो एय मिटिं
पस्यां नहीं मारपाई मांहि नै जाइ नै पथ स्पिस्यो ।
पाइप ऊ पोर बोलीपी शिवराईसा करिस्पी पी तीन सी
करिस्मा।
बीयौ ना सी यु नहीं पार सो परिस्यो। कापी सी प्यारि
क्योहिरा पापांजी मे मस्या र हवा मारह परस हवा। इये माह
हमाफीया। पदीयीधी महा िरीमेसी होसी दी ।
पारा सीतीपोलीयो बी वैस्याही रोसो करी । ईमाही स्त्रिज
मत कीमी । वारा पैस्माही रासो कीयो । कमी तयारी करी
हालपरी । एकत्र होइन हालीया छ । भारत भाषा बाहरा
से मुगप मिया । पए-पापा ! पर समाचार पापा , बेटी का
निराइ । रामा मै सिरोपाव कर दिय पिया । ये पस पोर के पास पर
पौर
मास्मि करो। उसने पा-पहारीमती पहा-पह!
वहीरी मारवार में मार हिस्सा करपे । र सस पोर पूण-चिने
हिस्से परोपे ? सहनि उत्तर दिया-तीन हिस्से की।
उसने कहा-नही बी इस तए नहीं पार विस्से करणे । उन्होंने
पा-बार किसके । उसने मा-बी मुमै पपा के पास पते ए
१२. होमये । सने मेरी सेवा मी पौर मेरी स्त्री ही है, इसलिए
सहा हिस्सा ऐमा। तब तीये मे पा-प्री बार है, पपा का मी
पिस्ता पेया। इस मौ सपा की है। रया का माप भी निरिपत्र
हो पपा मा-पम्प पहले भी पारी करो। प? होकर सर पर
पो। पात-पात प नीबारे पपि नर बीमा पाल मगा--श्रीपनी

दांतीचा मापा गहरी पीपी मोसीयो सीधा जी इण भानु दूध पारी पाई नहीं मापा ही केय लेनाइयाँ । ई पाक्षि ने इण कोमाइ पठाइये विदापों कीया पार या ऐति में यो हो बांटी। स्त्री मोजीयो बोटपीट 1 मिरा भाग इसरिस्पा । पादरी नापियवानो मोनीपी मामी थोडीयो हुती । ई मु इसरी मुश्वारेही पाणी । रिपे मामू की। जिसरी मापस मे प्रसरची हौ। मापस मैं बोलणे सागा। वाहरा मी कटारी फाहि मे माही। महार वितर बीजे पिस कटारी बाही। पोर मारि मानीयी। तिवर माविण पोनी हारहार कमी ऊबह । मो हुन बम पत्रि में कई परिस्यौ । पादरी नाविण ही मारी। माज मे गे पोई परे गप्प | पहा प्रमश कीया । दिन ५० रणा पखोरम इस पाईपो पानी तिमाते ! पारे पद मे पानोपे । शेनों पाकर पास मापरिपना रिहर गया । पौम तार हा किस्से पे। पीपे में पा-हिम्सा या कला है? पोप को दस्ते कर मेमे । तर मतरी बाला चोर पहने सा- नही की, पूषने पार पास (रपा को) नीर म्हारे पाते ही तो नारा । पर मार करो कोने में प्रापत मतकरार हो पया, बोतवान हो पर सोमा निकाल कर मार मिा। सिरी म्यवाई। पोर को मार | पर मी पापर रिण मारमाने नपा-पुम पापो । रहोंने नए- रविवारसा मिकीको भी मार असा । बाम मेरा भर परमे। गृर पनमन । -

गाया। वारस पीजी पोलीयो सीमामान सीव पीएमु परे
बापाकणी पाहबार । ताहरा म्वीबो पोलियो जी म्हारी पाई
पोकीयो जी पहाई हरी झीयो भी मारा पर सू
पठीया मारी मार भानु मूकिया है म्हारी पाई। कहीयो की
स्वरा दिन ये की न पाया। भर पहिला माहीम पोड़ी प्राणी
महा पहिल की। यानु पहाई पहरी । पछे भापस मैं मसरपी
हुपी । मगरीया। पई पंपे गमा। पंचे देखि नै कमो पुरावली
राइंग स्यारी पड़ाई। वारा एकै पीपजरी माजी निवास
पापा पापिनी राधि पड़ी ४ यो पौदीयों नु तोचि ने सौ .
सोया । एलांतसी मोजी दादरी सी पीजे न कसो न ईर्ग
स्याव।
पीदे को बिनु मयिक री पाइ इसी तिको पतिसी ।
पारी स्त्रीचे बांपीयो पहिरी पलपट फसि नै कापर ४ पलट
मारेकसि ने पीपस माइ पढीयो।बी पिण पसट पोधि में
गौच गया। रबी मेमहा-पीना मुम रिदारोमो पर जाऊ ।
उसने पगा-बाह ! जब सारे ने गा मेरी पाई मुझे देकर मापो ।
बारे में पूष-गाई रिस बात की। उसने कहा-मेरे घर से निम्मे ।
मेरी स्त्री ने उन्हें भेगा, इसलिए मेरो भाई ने निममी
नहीं मा पापे । पार पहने में ही पोड़ी नापा-मन ही मीपणेय किया ।
तुमरोफाईस पाती? पाचे पारठ में पर हो पया (रोनी
मम पीर बार में पाके पास प्ये। पंचों में बार शायोपुर
सनीपोमाने, उसी की गई। तब एक औरत के प्रावर पोमध
कर पाये। पर पार पड़ी रात बीपी, कामों को चोर
बह पये का पुरानी दोमने नमी तर तीये मे परे है -
बांपो पीमापान
गोरे हारिसको पात पदापी, पोमा बनीया
बारिया पार पर सकर, कमपन्नावर फेरकर पीपण
परबा परनु बीमा भी समरपनप परना। एक तरफ पिरा

हस्सोयो । एकै दिसमीमी पड़ीयो एक दिस पीजी परीयो ।
खीमी बाइ ने कोकणीमार राईग लेतो गयो पर पीने
मवर कांफणीमाह पर स्वीचे दोन पर एस सीपी फापर
मेरिह पर ईगसे। भर पोशो सीनेरी पलट माहे मीगणी
मूके भर गे से । पु पो १ मीगण मू कीया एभमा
सीयाने भर एके दिस सीवी पतरीयौ पीई पिस धीजी उतरीयी।
ने गांम माया । भामने पम्बो भागमाया ! कत्रीयी स्यापी।
वाहरी सीपे कादीया । ऐसे तो मीगणों । वारा पीले
दिगईग दिया । वाह पम्पा मोईगप्पागोरीप्रधिको
१सी।सारा पीजी पोलियो जी हातो माधो-माप परिष
नेत्यारे भाइ मे पायो-माप परिषदीयो । मापस में पड़ी
मीठी की पणी परख करिमे वीजी मोमिन भायो। वीवो नाइन
गी। मुल समापे पिससे पीछे सी री पात सम्पूर्ण । भी।
-
पदा, एक तरफ बोरा बाजीरा बाहर काबर रमवा गया पौर समार
ममता गया पार बीरा पावर और पीये मों पर निपा रखता
बपापीदा पापर या मोर पंच मैता। और दौमासीकीफेट
कमीपण गम बानापौर परा वा बातापा। याँले
कर ससरे पार मीछे जो भार पारमो से मि। मेहर एक तरफ
वो पीपा रखा और पूसा गा रखरा ।फेलों पर पाये।
अपने परों के सामने पाप । मामा-माम्रो । तर पी ने
निकामेण तो मीगणे 1 बार मिलानर पो वि । तब
पनों मे मना-पो प्रम मापा है, उसका हिस्सा परिकारने
में पहलो, मापा-पापा कर मेगे ।रे पार पापा-मापा हिस्सा
गि पारस में पत प्रम रा । पित होकर पीरा जोगित
पापा सोरा मारा। प्रमा- एलेनगे। बोनी
बास गमान।

श्रथ वात राजा मानधातारी
राश युगनासर राजा पात में बहिन परखीपो । राना
सुखनार मरोगवा पीपपानी राजा गुपनार पुत्र नहीं।
सीय करि राधा ममीत रहे। साएरी रामा रिपोरपरी री सेवा
दिन रिपीपर मीरपान हुादेरामानु संतुष्ट
नपाणी मधपायी फमो राजामौ पाणी राणी मु पार पार
पुत्र हुयी । बारा रविवोध पाणी रोप्याती प्राण राणी
नु मेमा गया। राजानु बाबीमारिगई।रोमारीयो नहीं
अपांगी राणी पीयो सारा प्याजो पापी रोप्राइनी बारोपी
नामीणी पापी रोप्पानो मम उमर मंना मरघाने
ग्यायी दी राजा कही मन मेनीयो मुभा कादिमी । रामा
गदि महलो महि पाया पीपा आपापी रादि
गमा पुषमावर सनी लि मे सिाह हमापा ।
रापुरमारर मा पा पार उपसी नही पानी पी। राया
पुरनारसरो पर ही पारिप बह पिति पापा समिण
गा पास भी मेरी पनि स्वयं की पाई
माना और उन्होने पर से पशि मिा मान मिा। पा-
गरा पर पानी रानीलिमाता, म्हारे पुष होमा । रामाणि
दुपात पानी पाना मार मो के पाम एमपिा पार
साम गया और यह पता नहीं कि रानी या पानी तु मा।
परसरापातामार वापर जी को रिपा र एनीमेसम
पायपनयमारलार दिया 1सोपा--पणाने
पिमा रसाया! मो मारी। जो रामा माप में

.
पाक्षि म्हे सस्यों दुस्पो टावर पालिम्पो। म्हास न पसे । ५
पासिस्यौ । ताहरा प्रधान मुदता सरन एकठा हुमा । रामा नु सस्यों
असा मउन पहुँचायो । राजा रोकप कीयी । पुत्र रो नाम मानपावा
दीगो । टीको रामारे दीयो। बाहरी रामा बाए परसा रोखी
वाहन माँ नानापे गई। राजा ममयपाजले पगे लगायी है।
हिरामा पनपपास को राजा मानघासा रहे। अजयपान मामो
माम्पा रा मुजरा करे। एफ दिन राजा अजयपान रो राजतो
राशी १रेर एफी हुपी।
सिसे समीपे मारे माणोम मानमाता भाइ मुसरो कीमी ।
सरयाको मागोम पके समीये पारे मामो जी र्नु पूर्व
बुसीयस करि कल भर पूछे माहाराजा मोइल मारे पभारी बी
पार नीसासा क्यु नामो को वरीप्पोरो म्हाने से पेई । राजा
मानपावा रामा मजयपान में मुसिमाज पनि ने वीनठी फीधी
हम सनी होगी । हममे बना म. पपा तुमी पामना | तब सप
अपार मा हुए । सदियों के साथ पा को मभूमि
में मापा । पना का मन्तिम संस्कार मिया मया । बेटे म माम मान
पाता लामा । पम्पवित्रा पिया पपा । बा एमा वाण व का
हुपा तब मा सेकर मनिहाम पर। हमे परा पापान के परम पर
उपारे । पाएगा पारसन के पास मा माता पा। प्रसपाम
मामा।। मामियों को मानभाया प्रणाम कसा I OF नि रारा परप
पाम परपसेपक पनी रे मदए।
उस समय मागरे मानपाना में प्राकर प्रणाम म्यिा । fri
का मानो एक समय तुम मरे मामागे में पूना, मुप कसे पोर
पा मगर पता हिमापत्र | गा मा मास में पपासना
निनाम
पालना पोरा पारा । परा मानपावा
में एग पपगनमो मुख देवारमाना मी मामारी मिठी

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-
मामानी एक बीनती है। बाहरी मी माणोच कहि। मामानी फोल
पो वो सारी दोन योयो । साहरा माणोज को मामाजी
रापले परे पदा पण सोता परयो बेश्यों । ने महाराजा
रापीयों में पपारो तारो निसासास्यु मेलो । दाहरों या पात मुखी
राजा मजयपाज मायो पूष्पीयौं । न मानपावा ते पुरानीवी या पाव
पूटी। या पात पूर्वणी न मी। पर पूलीयी है मो मना कपन
सीयो पर पाव पृधी तो आइ में माइन मारे ग में मुझे भाव । ।
मानपासा महल माहे माइ म कांब नु हाम पाजीयो।कब सु
हाय पावव समान रोज दोजी फिरि गई।
मानपावान से सही है। मास समरा र पार एवरीयो के
राजा मानपावा दीठो गाइने फेम साहरा एक मारिग दीठो । वीर्य
मारिग पालीयौ। मागे आपमे ही पपसी च्यार पेटाई। पूर्या
। उनी पाहीं मानने । रमने पहा-मामा, रबर दो पो
यह In ने बचन रिमा ।वर माना महले ता-मासामी
मा परोपण की नोटिया है। पर महारार, या पाप
सपास में पाले हैननास पी गए? यह मात्र मुनी
परा मबयामा मस्तक पूमने ममा -(पार बह रहने मया) मालगाता,
महमने पुप पिया रि यह बात पूरी। पदयात्रा पूतीन पी । मोर
पूर्ण श्री तो मुमो पल भर बात पूर्ण। पर पार मान के
पनामा मनी पड़ी है उपे में पामो । मानपाडा में महप में बार
ममी पर हाप गपाप पनी नानी उसके पपी के कार्य मोर
रि।
ए मानपाडा का नकर नर माँ। गत समुने पार रम।
या मानाने सोपहिया मना पाहिए। य नमे एक एसा
Fres । रस रासपा प्रागे गार देश दो बार स्वी

,
पाम म्हे. मत्यो हुरयाँ पे टावर पालिम्पी । म्हास न पते ।
पासिस्मी । बाहरी प्रमान मुहता सरप एठा मा । राया सस्पी
साप माल पाँपापी । राजारोप कीयो । पुत्ररो नाम मानपाषा,
दीपी । रीभेरामा रे पीयी। गारो राजा बारह परसोरी हुषी
पारो मौ नानाणे गई। राजा भावमपास मे पगे लगायी थे।
कि राजा भयपाल को रामा मानभाता रहे। अजयपाल मामो
माम्माँ रा मुनरो को। एक दिन राभा जयपास रोरागतोक
पणी र एकठायो।
विसे समीप माहे माणोग मानपावा भाइ मुनरो श्रीयो ।
रयों को मारोग एके समीये पारे मामो जी में तू पूर्व
खुसीयाल करिअल पर मुझे माहापमा मोडल मार भारी
पाहर नीसासामु नामो को श्वरी म्पोरोमाने से रोई। राजा
मानपता रामा मजयपाल नु मुसिमात्र रमि में धीमठी भी
हम सती होगी । इमसे बचा न पोगा तुमी पासना | इन सब
प्रमाा मनी जहए । मतियों शाप रागो मामि
म पर पापा । पराका मन्तिम संस्कारमा क्या । ते गा माम मान
पाता रमा मया । पम्पतिक ना सा | पर ना जाए व कर
हमा क मा मकर मनिहाम से पणा मयनाम पर सरी
सापे । म मा मासाम के पास गया मानपाना पा। पापमान
मामा है। मामियों को मानमराता प्रवास करा लि एका मरय
पाराग्यसेवक रानी मदए ।
ग्स मप मानो मानपाना पाकर प्रमान मिा । गापा
पारे एक समय तुम प्रसे मामागीमा, य को पौर
पन मकर पता कि महाराण } मा प्राप मार माले, नव
मिनासा मेटामा पोप में मार ला । पग मानपाता
में पग परपरानमोगरा रेलार प्रार्थना किमामारी र निती
-

मामाशी एकरीनठी देवारामौ भाणोषकदि। मामाशी कने
पोचूं। बाहरी कोश दीयो । माइरा माशोज को मामानी
सन पर बन पहा रेसोता राण्या व्यौ । ने महाराजा
रागोगा में पारो गाइ निसासा न्यु मेलौ । बारा या बात मुसी
पमा माया मायो धूणीयौं । न मानपावा दुराकानी या मात
हो। पापाव पूर्वणी न पी। पर पीयो है मो कना कपन
सीनरी पर बात पपी को बने महल मारे प्रप मुले पार
मानाचा महस माहे बाइ में हाय पानीयो । कारम
समभावव समान डीज़ दोशी फिरि गई।
मालपान ले कही। सात समंदरा र पार परीयों है
रामा मानराता दीटो वारजे केय ताइएक मारिग वीटो । वीर्य
पारिग पानीया मागे शायरल होसपसी प्यार पेय है। पूर्यो
हो हो मानर । उहने महापामा बम से तो
वर उनि त दिया । मानमान ममा-मामी
रमेनीयों को मा-बाया है। पर हाणा या पाप
सात में पाटीद निरास भयो ? यह बात मुनर्ने ,
पा प्रमयरमका पवने नग्न--(पौरपरले मात्र) पाला,
मने उप पिया कि यह मात्र पूर्ण। यह पार पूती पी पीर
में भी वो मुम्मे ल मगर गाव पीदो पर बाहर महम के
दरबानी पीने पामो । मानवाता ने महम ६ पाटर
मी पर हाप तो ही नमी एव परिपार पोर
प पानावा कार पर पर सात समुनो पार
या मानाने सोचका सापादिए। दर उपे एक या
सिस नामापे सार गत पार पपी
रि

। । । ४८ ) पादोईईसाझी है। मारिपूईमागे प्यार उपसी पैठा है। रामा चाइभर तपसीयौ नु नमसभर कीमी। सपेसरीया प्रमो भार माणोप वोनु रामा भनेपाल मन्दीयौ थे। कली मोनु मामो- मी मेरहोगी में गहरांवपेसरीमा कसी राना उने पापरीस्पिाप । वारा मानपाठा बाइ नै पापरीयो ने हाय पातीयों में। हाय पावत समान पारीयों के रडीया है। मेर गिर पर्षद पर ने खाद वरीयौ है । भागे माा देस्पो दी अपहरा रा महल में। महल माहे पेठो भागे रोमीयो विधायो है। सरि सेज मिधारमा कसीपा है। बाद राजा विषारीयोन्य रोलीमे कोई सभामो एसी । वारा रामा होलीये उपर सूची मुनीर मा गई। अपहरोइतर प्रवाई म माया दिखे तो भागे राजा मानधाता सूक्षा । अपहरायां भाइ पैक है। बाहरी रामा मागीयो देवारा अपपरापाकसी भायोज tणी १२ पूणण रानी, भारमणियों के मापे पार तपस्वी 48है। रामे पार तपस्वियों को नमस्पर मि। वस्तियों में पहा-बानो पामो, तुर्मपणा परमपान में मेगा है। उसने पर- मुक मामारी भेगा। तब तपस्वियों । पहा- मन से मापो । दर मानपाडा ने पार पहा पराप चपापप गोसा वर उसे मे गौ । नुमेर पठ पर पार खाय । पापे पार रेसा हो मन्तपमों का पारपत में पुसा । मारे मर रिप हपा हा पा। पर रबी एमा मै पोषा-सर पर कोर पापा ऐसा । ता पण मर पर सा पा मोर उसे मी पाई। पसाए लोपो से पाई। सादो मा एमा मानपाना घोस मामय पर । तर प्रमानना । ता प्रयापों में सा-जातो तमारे मामानी

।
मामा मेलीयो । कयो जी ममाजी मेम्हीयो तारो एकैप
परा मागोवरमान पाती है। सुभपरण म सुख मोग
छ VI करतां मास ६मा । छठे महीने फोटार री जया माया
अपधराया कमी पार कोठार मां सोनेग्यो । पु कहि
अपलयमा इन्दू रे मुजरे गये। सारो भाणोज मानपासा बीटये
देखा पादरायो भयो फोअर मतो स्त्रोमेग्यो म कोठार
१ लेनीस ! वाह कोठार १ सोनीयो । देम्बे सो कोठार माह
एक गा-पस।वाह गहा-पख भासीस दीही। यो
भलो हो राजा मानधाता बारे पिना संसार से पायेरो कुप
दिसा । मोनु कई मरस हुइ गया हुवा यदीलाणे परीया ।
राजा मानपाता पृथे कसो गरुड-पंख दोन पिस पासवे रोफीयी
है। गरुष-पंख फो टाकुरा रो रम,मो ऊपर असमार
.
मेगा । उसने उत्तर दिया-श्री मामारी में येगा है। पब क
अप्सरा म मानरे के परमामा समौ । माउस प्रसरा साप मुस
भोगता है। इस प्रभर मास म्पनीट हुए। महीने पसाए कमरे
की चाबियां नाई है। मसयों ने हाशिये पार कमरे मा बोलना
यापार मप्सए वो इनका मुगण करने मई। तब मानन मान
पावा मे सोचा- प्रप्सरामा ने कहा कि ये समरे पड पापना।
परनु एक मप पोचू पारेपूवो मनर गया है। तब एक कमरा
सोन मिया। कमरे में देखा वो एक महत्व दिशा दिया। पर
मगाय ने प्रारोह चिरा पार कहा-ई ग मानवादा नुक्षरा भय
हो। ममरे बिना सुधार के दर्शन कर ! पीडाने में दो मुझे
परीत परे।
परा मानना ने पूण-दै गगन बनमामो पुरै तिमिए
पोरएस.? पराग ना:- पपारमी मगरी,
त

(५०)
1
हुवाती टापरी री दरसण कराइ ल्याऊ । रामा गस-पना असर
असपार ही में गरुडपस राजामु इन रेप्रवाई ले गयो ।
छठ परमेसरजी रो दरसण (गाई । अपहराया रे मलाई
माई नाप है। अपहरा नापती नापती मानपावाने दीठी छ।
वरवाल की दर को मानपाना नसर
मार
वैया देठे मानधावा फठा सुमारे । साहरां यु करवा प्रमाणे
विसरापी । मानपाता परे पायो । गा-पस नु प्राण
नवीपी के । राजा मारने साइरसी। पतरे में अपपरामा
मामा पाइने प्रेयर ममालीया । ती वा रोपाठ
सवारीयो । म यी राशा वालो उदासीयो हवा। ताइरो
रामा को में ताको उस्लीयो हुवो गहरीठो हुवी। वारा पडा
कोही सही लीधी। मास मग पी मल रासी ।
समारोपापो पोतो मैं तुर्म नपमान के दर्शन करा नाम । रामा पगा
पैर पर सवार हुमा मात्र राग को इन के प्रसारे मन गया ।
। भगवान न हुए। हो पप्सराए स्त्र के प्रडगो में भाग
दीनी । मनरामों में नाका-नाचते मानमाता को देखा। वा वाम पर
गई और पहा रि मानपाना नगर पा है। इचरी प्रमयमा में
पएमा मानपाना पहाँ गई मारा ? तब यो परपसार सिमित
हुमा । मानपाना र पारा । माधव को ताकर बन्द कर दिया । राणा
पातर सो पालने में प्रमण पाई। पार पमरे मम्मे । रेखा
तातामा पाठ मरा हुमा है। लाल पूधा-या तुमने पापा
सामा तप रामाने महा-मने वाला सोता ना 1 गरेता पा।
तरमा पारियो परिधीमान तापारियो भने पास रखी।
मोनार जब मर पमणाने मी-कमरे से बाबिया रन वापी

पर एक दिन सरव अपहरामा पोलायो कोठार री यूपी मेन
जायो । भागे फूपी मोन्त्री लागे छ । वारांच्या राजा
नु दीयां ने कमौदै रामा तालो मतां सोने तालो सोल्या
पारो हुस्वारय हुसी। ताइरोमी नहीं खोस् । राजा मिचारीयो
अपहरामा टाल मुफोटार मा खोलो। मुह मोइस जमाई
फा दे। वारा पातालो उम्पनीयो। रेलेवी माह मोरई।
मोर यो भन्य राजा तु मानु संसार रोपायरो लगायो । राडा
की मोर तो मार रिसा गुण है। ताहरां मार पी मुणो रामा
हवानु नागनीक दिखायू पिण उये तू नाग-कन्या दखिन मी
मवा रहा गा मा बिस २ ते पर। रामा को तुरव
भाषीस । ताहरा मोर को म्हार्य पर मार पैसिम्युल बार।
वाहरा रामा मोरर्स परी माह पैसो में। वाहरां मार त ने
सीमा।
पापे पारिता भी नगदी पिया रामा कोरेरी। एमा प्र
रेकरा-पमा वाला पत्र वोना । वामा बोमन में तुम्माय पहिस
होमा । तर सोपा-मही वापा । पम ने सापा-प्रमराए प्रेक
पाकिम मत बोनमा । सा में पूमा कि इसमें क्या है?
पमा मे प्रलोमा वो पनर मोर है। मोर पापम्प हा
पण तुमने मुम ससार पनपा। पगारे पूपा २ मार,
तुम में बौन-सा पुण? मारा-एमा मुनो में तुम्हें माप
मोर रिसार पितुबई मापकम्पा सारो पा एला । उसमें विप
है इसलिए पहला है। पग में पह-मनी मा गाये। तब मोर में
पारे पंखापरटो जिसमे से मूतब रास मोर पंखों पर
मार मोर मेहरगा।

) - पावानुमोक ले गयो में । सारी मेहा पवाया। सात लोक दिखातीया । फेर मोर ठिघ्रण हुतो तेष भामो छ। राजा मोर म ठिपणे लगायो । वाला अति नै चाप माइ ने सूती । सिवरे अपहरायां स्वर्गलोक सू भाया है। साइरा कोठार साम्हों जोयो जाइए दीठी मुवामो उपेलीयो । धाइ नै राजा मे बगायो छोरामा भानु यी हुवी वालो मा उस्लीयो, भेवासो क्यू खोस्यो । सो मैं आणीयो पा कोठार माहे घर । देखल न खोलीयो । वा अपपरा पूची रही लीपी। घमास बने हुमा फै। पादरी अपहरी इन रे मुजरे जापर्ण लाग्यां वाइरो बोलीया पूपी रामाचा धापा नहीं लगा। वाइरा कूपी रामा नु यी मी जी कोठार मा खोलीयो । म कहि नेन्द्र र मुभर गया रामा उठि ने कोठार रो मुंहतो सन्य- सीयी । बस दो माहे सपतमुसो पोहो । पोहो पासीसरे ब्ठीयो । मते पमा मानभावा ने बिगर मोनु उस छोडे। पावासमोरया। सारे स्पान दिलाये खातों मोनिमाले। हिर निस स्पान पर मोरपा उस स्थान पर पापिस मा मया। एया मै मोरोपपास्मान बन्दकर दिया। तामाबन्दर पार पाकर सो गया। इतने में प्रणए सर्ममोक से पार । पमरे नी भोर देखा । पर रेखा पोवामा गुमा मिमा। पाको एमामो बनाया पोर पोर पहा- पना मुम्हें हम यह पई पीcिaामा मत बोमना तुमने सामा पासोमा ? उमरे पहा-- याबानता पाहता था कि कमरे में क्या है? में मिए पापा ममयमों में पारियो वापिम से मों। पिर १ महीने बीन पए । उपमएममा मुगरापली बार ममी सबपाने नदीमारिपा पमा कोरेलमही मे पानी पारियां पमा बारी पार पाए-मरा मा गामा । या हर स्त्र का भरण करमई मे उरमोपाखामा योगाशा वो भन्दा मतानी पाम पोम पारिरथर रस पौर मले मनापा मानपाना रे मन्य हा तुसरे रिना ममे मील पाता?

-
माहां राजा को पोड़ा तो माहे किसो गुण है। पारी पोहो
कोरामा मो ऊपर पईवी सारी परवी प्रषिगणारा वारा
राज पोहो मोतिहाथ फेरि वीण करि पर प्रसवार हो ।
पोहो मृत्युलोक ले पायो छ। सारी धरती प्रदक्षिणा दी। राजा नु
सारा ठिकाणा पवाया है। पने ठिा पायो छ । रामा पोहम्
प्रतरि पोदो ठिच पायो । पाप माइने सूती अपहरा इनर
मागे नाटक फरि गाइ नै आयो ।काठे साम्हो वने तो फोटो खुली
है।वाद अपहरा राजा नु को जी मेवामो उसलीयो को जी
मे सम्पेनीयो। यो कमोजीमा भानु पाजीया दुवां । यो थी
मुवी म्हे उम्मीयो । तारा पी रही मीधी छ । रानी मास ३
रामा सुम्न मू पिलसे दे। विवर इन्द्ररे घसाडे नु अपर पार
दुपा है। वारा या राजानु दीयां छ। अपदरा इन रे
भन्माई गयी है ।वाद राजा वालो उत्पनि कपाट बोलीयी है
नब गया ने पूण-पोरे तुम में कौन-सा पुण है ? सभा में
पा-मा मुम पर मोनो मारो पृणो की परिणमा करणार
गगापा को मुक्त करके नीम मयापर, अपर कर कार पहा ।
पाहा उम मृत्युमार में प्रापा मारी पृथ्वी की परिकमारी। रामा को
मारे मान माप | शिर अरसे ससान पर मा मया । एमालेको
मे सरपर पारेको पनाम्पान बाप दिवा पौर पार पाकर मो गया |
पमा पासे नारा कर पीर पाकर पाई है। कमो पी
पारपाना मरा मानब अमरापों मे राणा में पूणो
मी तुमने गाय वाला का ? उसने M-मी मरे कामापा ।
नोसाम गुम मना कर दी। उसने भी मैंने तो
पत्र मिया । र पादियो बारिम से भी परमानन्दमी।
गमा मुग में पता था । इसे में 'पना में गाने के लिए
पप्माए पार तर भारिपा पगा। पमा ।
प्रमामें पी र पना ने मापा पोता साना गोगा।

दस दो माहे गदही धो है। वाहय गाहे राजा न
तसलीम की है। ज्यो के भम्म राजा तू मोन संसार रो शायरी
नगामो । राजा को पदोन में फुस गुण है। दी।
वोनू राग भनेपाल नु भटाम गाये राश हे मावास गमा
ने भनी पात भी। बाद राजा गरर न बार प्रहरीयो ।पमा
गदहे असपार पोदे। गोगीयों मु भामेर पायो । पाहा
गरी करतीपीठी 1 वारां रामा नामि में गवाहो सकती
लुगीमो । गबहा परता हुवां गाडू तीच गहां शार मिलीयो ।
वाह राजा उठि में गया नु ले गयी । गा गररा मिक्षि
जो सो गो प्रमोप दूधी । रामा अमर सानो भाई
गयी। माइरा रामा निको गरहोपको सुमसमेर नी । राजा
पपास रे पगे लागो । राजा मानपवा समपान मिसीवी।
पणी दरम्य कीमो । पहपी आपो माम्या नु सक्षामकरी।
वालो पर पपा बा । पई पाको तमाम
पिया पौर M4 प्रमा, दम बम्प हो कि मुमै संसार के राम
कएपे । एमपूण-पये, दुक में पौन सा मुग्प १ गई में
पहा दुई पमा मनापान में मिमामा मामा-
पापाप रे गये, मन मन्डी बात पहीतराग गणे को पार
मिमा पमा नो परमवारमा मा म तो परमेर पाया ।
र म एक पूण रेसा रामा को पटा र मयारे पर
मोर नगा । यही परे पापे सपनों में चार मिल गया।
सब मा गठ र गरेको बा । णि पपा पपी में मिर
पापामभिए पगामिन पदोमा नदी मरमर को रोका।
मा मा पा । ममा भत्तानो गया I पणा परमेर पाया।
मापसापरतो। पपा माला में परम
पार पिचाने गा मा । पायापी मानी मियों को
प्रगानपरो।

-
साहरा माया नु मनाम की है। पारो रामा अर्मपाल
मानपता नु यात पूही । सारी हकीत मातीम की ।
दारसं राजा भोपाल कायो माखो माटोर मसी कि
पाठोड वा फोमामासी उपाइ मनी। कयौ नीसासा
युं नासी हुसो । एक दिन रामा मानपासामु माम्या रोलावा
भाखार पारो मामो वो निसासा नसतो सुईमा । मा
बात तो अधिक हुई। बाद मागोम माम्पोनु मारी बात कही।
बात सगमे परगट दुई। वहां राजा भोपाल मानभासा नु राज
बने माप वपस्मा रखे गयो । राजा मानावा महो राजा हु।
पकौमाणाबरी साहिपी दुई।
इति मानपावा रो वात संपूर्ण ।
सामामिपोको सपानीमा प्ररमपाल ने मानधाता में
बार पूठा । मारे हानरम मासूम हिय । ना पग मापान में
पूछा-मानने पर स्थान
पबह स्कार'
तर उसनेमा-
मामागी, रह स्पान मना है। प्रसपान में झमें मिस इम
नि मा । एक पग मानपा को मामियों ने दुलाया
पौरपा-यानरे, तुम्हारा नामा यो निमा भागही पा पर मुम
भी पाले।एबार पार भी बुरी हो । मानने में मामियों
कासारी बालबान करण्ट । रासा प्रया
पास मानपाएपहिलो पप्पा करने से मपा । रार
मानाला मारी रामा मा 1 पाती नारा । रममा प्रम्प
मानपाना गीगानी माण।

टिप्पणी
राण मानधाता के मम्मम्प में प्रपमित उपास्यानों में मे एक उपा-
प्पान निम्ननिमित रप में मिला है.
'मानपाता एक प्राचीन सूर्यवंशी राग पा। पापुरनाम का पुष
पापौर मोमा उससे पानी पी । एते है कि रारा सुगनारब
को सन्तान न होने पर भी ममार त्याग कर अपियों के माप इने सगा
पा। इपियों ने उस परया को उसके पर मनान होने क पिए या
पिया | भापी रात के समय यह पा समाप्त हो मया ता अपियों
एकको म भनिधि पत्त मरार री म प दिया और प्राप सो
अमे। पर समय पा सुबमारम को बहुत अधिक प्यास नगी तब
वपने ककरही पन पी निया जिसके कारण उसे गर्म य पगा।
ममय पाकर सस से पाहिनी प्रेस कार पुष उत्सम इपा गो
मही मानता पाल ने इसे अपना पगू बुमा कर पारा पा ।
पामे चमकर रहा प्रतापी भोर पापी रारा हमा
पौर इसने
पानिमी कम्पा विन्दुमती के साप सिपाह रिमा जिसके गर्भ में
पुगुम्म भारीप पौर मुान नामक तीन पुत्र पौर पनाम पाए
उक पराम्पान सबा परस्पानी बात में मूमन' माम्य होने पर भी
रापानी सा पानी को ओ मनोहर परिपापा उमपी
मोमितता पा पूर्णन परिचायक है । सर्गपोक की रिप स्मृति मेकर
भापरिपान मेवामा प्रमर शिशु को पण भरपगप को
हप्पी पर माना पा सेपित स्वर्म की स्मृति की मी बरला सतरे
इस में मैया कमाली पी। रम मेला कारण यमन म मिमने
पे सब मानन मे तुम और ी मासूम पाने मो पौर निसाम
मात्र उत्तम पारामन प गया। नाना के पम्प के कारण ही
रामपानी पहानी में मामिरमा पोर माया पाया है । मानमाना भी
वह गो पागल निसाम मा पम्प गाना बाहेमा र निममाम
फोररीने ममम मोना।

अथ बात सूरी पर सतवादी
री
पर रामदीदेसरी। तेरो नाम पीरमाम । सुमो हुपर
सरप करती देखै क्यु नहीं। रुपीयी धनी बराबर कर पर।
पर ये रे धीर रण मेरा एक प्राय एक लोहार एक सुधार ।
मोसू परमो मार । बद रजपूत कामदारे मैले हुम ने
पर नकदी राम सरर निर्मय यात्रीशीर पदीस
भूवम् प्यार नही। सपन मण स्पै दो मही परी
श्री पर श्री सापण सरपणारी भर राजो बेनी
मी परमेसरी मेरा। डीम्हों सौ मसाल
मारीपही मे। बक्षा पुरी रा पीरी। विवर मात्र मया
श्वरे ये सरपगारा धो पर सरदाराज निपान हुई पदीद
दारा सा एसी, पर इतरी ही तर लोकेपी पारी
पुरवीर मौर सस्पवादियों की कहानी
सिौ या एक पराया। सरा माममा वीरमान । म
पर सजे बाद नहीं पा | मी सह परसे
पला पास तीन सामी पै। एक OF महार, पाई।
परका मेगा प्रम पाच पत समपारी, पर
पुरसे मार तुम प्रमा-माप पर पऐ मोर
सो गरा में सम्मण प्रसनही । म काम करदी ?
एक ना हो पर पाहि पाता और पम
होने परपरागोरीमतीनों प्रमिए
में मेरे पर मनाई बारी है। गिने नि पसारमा
FIR लिन मेरे हो पर या ममपर पी दया।
पी में होती है यमी हो र देसादाब

टिप्पणी
रामा मानपावारे मम्मन्य में प्रचलित उपास्यामों में मे एक उपा
पान निम्नमिमितप में मिला
'मानमा एक प्राचीन मूर्यग्री एगा मा। यह पुषनाव का पुष
पापौर मयोप्या सभे रामपानी पी । पहले कि रामा पुगतारण
पोई सन्तान होने पर भी संसार पाम र कृपियों माप इने मना
पापियों मे उस पर दया करके उसके पर मन्तान होने के मिए पत्र
झिया। पापी पत के समर पर पा समाप्त हो गया
पापियों
एकपड़े में विमति मा भरपरी में रख दिया और पाप सो
यो । यो समप र पुरनारस को बहुत अधिक प्यास मपो तब
उसने मर ही बन पी निया मिटके कारमा रमे गर्म पमपा।
ममय पार इस गर्भ मे पाहिनी मेण घार पुष उत्पन्न हुमा गो
पही मानपाना बाम से पपना म पुत्र दुसा कर पाना पा ।
पापे पार मह पा प्रतापी भोर मी रामा हुमा पौर इसने
पशपिनुनी रया लिनुती मा विवाह किया मिलो पर्व से
पुपुरस पमरीप मौर मुडाम्प नापक टीन पुत्र पीर पास पम्पाए
रक्त रमापान सपा रामामाती बात में मूमठ साम्म होने पर भी
परम्मामीयतापानी को मा मनोहर रूप दिया है वह उमरी
मानिस्तापा पूर्णन परिचायक है । स्वर्गलोक भी विप स्मृति मेकर
माप विशाल मिरर मा रिमा की तप पराम को
प्पी पर पाना पहा पिन वर्ग ी स्मृति श्री मीठी मेना उसके
हम में हमेण माती ही सपना कारण राममहम में मिने
पासे सर मानन उमे तुण्ठ पौर मी मामूम पानेको पौर निगम
बार उसका पारामन यया । इम मेला के पम्प पर ही
वापानी पानी में मारिता पौरपाषाण पाया। माना
पप गो पाम निसाना परप गालना पासा बाहर निसाम
फोररी ममम मागा।

अथ बात सूरा अर सतवादी री
।
एक रामा की देसरी। देरी नाम पीरमाए । ममी इबर
वरपरसो रेमे क्यु नहीं ! पीयो कोमी वयार कर बरपे ।
परे वाह वर्ण मेमा एक मामण पक लोहार एक सुपार।
पहासू वर को प्यार । तर रजपूत घामदारे मैले हुमने
इरनुपी राजथे भरप निर्मर पकरी कर कही रस
इव स् प्यार नहीं। मराज प्राण प्रो को कमही तरी
भी वन पर पड़ी भाषण सरपखारी भर राम वो मैने
श्री परमेरपरबी दीये देरा। दीदों सो मेल में । इसमें
मामी देही । येक्षा दुरी रासीरी। सिखरै म्हापब मया है
स्वरे ये सरप म्हारा छो। भर गएमापन किरपा नाईप पतीन्द्र
महा साप हुसी, पर इतरी पहीद होकभी पारी
-
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सुरगोर पोर सत्यवादियों की कहानी
पिसी रेशम : एमापा । रसमा मानवापीरमान सत्र
पर बरसे कुछ देना नहीं था । माता सो
पनामा दोन बाबी|काण मुरार, परगई।
पर पानसे या प्रमाण पगपुन कामरों मे पर
इससे पहा बिदुपार दुब मा जाप गप पर मार
मी पगपून रे माय प्रम नहीं । रामबापाप करा दिदी ?
सोमा पो पर पर मारियाना मना पौर. पम्प
मि परमेस्सर वा सो वा दल तीनों म, सात
4 मेरे होण्यापूर्ण मनाई जाती है। मिल पाया
पीपा ने सिप भए मेरे दो पौर मा सपा पीस
हेमा बता मेरे सानी राया या

पीरज दीसे दे। परमेसर इसी वणीव राम बसो । तर कुदर
कही म्हे यही मेसो हद परमेसर देसी घर बिके मनुपा
पीरमर्पत है विचरा पारस परमसरजी करसी। इतरी कहि ने
भी दूही को॥
दहो। सुरों पर सहमादियों धीरो मनाह। नई करेसी
समका पर फलेसी वा सो दही पुपर फीक्षा पाछे
माग सरक सरसमा करवर लोकांना राजारी छोटी राखी
नु भरमाषा ने ही जो पीरमाण मा पापी ती राज पारी हुदै ।
पदइ रामी रामान मरवाय नै परनु एसोटौ दिरापी मागण
मोहार सुपार ये तीहे साप । बाद में स्वर ऐसनु पानीमा
मायै । वठे श्री समुनरवीर गया । प रोहीती व रोही
मदिपक सुधार पर पासीदार है। सुपरस सोलापीरीनर
नीमों मारा ऐमा बसता है, परमेश्वर रेपा मी राम
तोके । तर सत्तर ाि िमी यूगा जब परमेम्बरमा
पौर यो मनुष्य बान मनर कार्य यावाद करेगा। यह पहर
पर यह योगदा-
पा-परपोर पानी बीऐवा माक।
पकणापामय एसया मे ।।
योग कर न नहा । इसके बाद नर नोपरी
कमरे । रमोनापमापी मोटी एनी पोसाकारायचो
बौरपान निनि रातो राणा माणोपाय ! मनी
पगाराबरपरी बनाम सिरा
रिस, गारप
मोर ई-तीनों मात्र 1 2 तर यी पर बरते।
।गानीमारियर बरे । पर करपा । उन पर
#भावी भानामा ए पापापा मालमणि नाममा

गणे। में परम ग्यार भाप नीसरिया । स्पारी रीनु पार री सीमो कवर हा प्रामण रसोर। मध्यरे जीम । इये मांद माना मला मुठ मुगार रे भाया । तर पर मुमार नु पृष्ठीयो । यार पटै यो सीरी। मारनी कोई नहीं जद मुमार भी मी घटे पार पणा मेरे हर पर ही र एक मास मारी पासे समर एत दी रात्रौ । तद इसी बीस- बाहरी मूतहर मु में रान हर कही रानटोलणी पुनर सीख पर भाप । मुथार नु रानिने मापा पानीया। दीन पर डापता पके सावता पके रोही मारे गया। रसोर बोहर र उ रोही महिवाले लोहार रेसाय नीसरिया। पर सोदार पण पूपीपीपी र परम्स पर मोहीमी है। पा पोर पोरस (गो) नामा एसा काउस हार से पार उपर मा पिसे । नपा मोरयाका प्राय उसे मन लाता मौरा मोगर ले। म पार पूरे जिले सपा पाम पारे । दुपा रे गा में पूछ- पोमा परेमाणे पा(पाम में) कोई दर पर नहीं। इस परी ने तर बिपा-भीमा पर एक और बनाना, शिम लिए या THREरगा-परे, एक माय माय तुम पर रेस में मोरप रा । गाना गई को पड़ी का पोर गा-गमयमो का मर चार पायको पररसारपसावीमा पर तो एक त में मार पाण्डे है कि नगर रम यह पता है।ये म मुहार के पास पर गौर को पूरा ना परना प्रोमा रोकपा मुबार में सतर कि-

सूस करेंगे। तर लोहार ही राम हूँ मठे वाली रे पाणी
स पाण देने परमार दु । मुसिका तरपार लान लाम्य रुपीया
सोहै। सदै कुपर लोहार नु कही रे लोहार एक तू म्हारो
पाकर सो पासे रात तो म्दे राखो । सद यही बी राखीम।
माहरोइपर लोहार नु पछी भठे रहि घर परमार रौ हुनर
सीख हर भाये। मोहार र्नु उठ रान हर भाषा पातीया । विफ
पालीमा पानीया परोही माहे श्राया। एफ ब्रामग्य री पर ।
ठे प्रापण सपरोही है । पद पर प्रामणरे पर गयो। ष्ठे
आप न प्रामण नुपूषी । कही स्वता तुमठे क्यू छ
रोही मारे । तर प्रामण ही भठेहूँ पर रिया सीम् ।
विषारी आप मुतनय री माप रे । जु पे मु सीन
परस रो मूपी बीरे पद पर भापरे प्रामण में पड़ी
पठे रवि भी मंत्र सीप पर चाये । वद प्रावण माही मी हूँ
थाने ले मिसीस । पद पर कही सूतदार सम्पटोलणीन
साइम पहाँ बागड़ी के पानी से तसभर के पार पाता भिमके
मारा-माप गये मिम है। एयर मे गुर में पा - पुगर तू
अपने पाम एहमारा मारमी मी रस मे।बर पर में
पाप और धमार पाहुनर पोरा पर पाना । मुहार को वहीं एप
करमाये वापरले पसे एक मन में पहुंचे। एक बाण
पा पर पा । बहा राणी पापा । तर पर
जामता पर पया और गार वामण में
पूधमा
यहाँ जगत में वर्षों पा? तब नाम पर एक
रिया सीग पा । विवा का उप मृतघ्रप का माहै।
पापमोटीन वा मुर्शमी नापारपुर पपने समय में
पहा-पदा पो पौर मय सीरा पर पाना । घर गत -
मी में पारा मिलगाताबा मे परा--' सलमाना

।
पासी रे माय मापाप्रामयनु राव दर मापी
परि कोमामा पाशीपी1 तिकी छिी पहा मदि गयी । पई
पारी गुच ठी।
हर मरिपोपों । मुभागो यादी
धम् पानपीवीस वर बने पापो गयो सव मागे पन्ने वा घस्
पर पा सदर है पा रानास मूनोस रात्रीयो । पामार री
घाटी मर्वा ममरी पड़ी है।म ने तो घर पर पग सूना
पीया। मवाद भनीही हे पण मनन री बात नहीं। तर यी
पोपरीयो पाप गया मागे रेन्यै दीघा गेट नालापन
है। एकपादीयवारी विधयनस ने भायो । म
पास में रेटी। नाम श्लमदी है।
पर न रेन पल पोरवासमती नु दन
भामा महल मदिमायो। वीयर पद मुन्दर पर रोमन
।
1
नारमा सरे बायपास्ता राब िमरा
कार पारे पर सरपरा पाये मारिणी का
मोगा। एक मुशरिपाई 0 grपुय
पुना । वा पापे माटो सौ पारिवारि
भाप mपो पाता पारी पर यि
पदम से मृग बना सारा माल में गरी
पण या mantr पर पूरे पो माम हो । पर मनुस
प्रभास नहीं रो पररा। पाप FIST It
रिपोपना रिमो पमा पीएसया से पर
पाया। हो में tी पी म सा ममती।
रोरेर
हर मोर
लर पाने मार में पायाला है (कुमरी ही

- इये मो लागो भर फूजमती कु पर न देख पोहत राजी हुई ।सर फूलमती पोझी रे मानमी तू मठे प्रम भायी। मठे रानस पायो तो दन मारसी। पर कबर कही तो देर गत मैह गत । हर फूलमती कही गत फाम् करे । वान रानस मारसी । तर कुपर कही राक्षस मारसी दी पक पार मोतू मोन् म गीगर कर। सब फूलमती करे । हू पारी, बदक पर ममती नु हाप पा भर फेरा ने परणीज पर रठे भोगनी सां में सम्बसरी र री मारी मंडोपीज भर रही सी वरपररी शाप लागी देसू फूल गई । वर ये ह पर मुश्री इ मू पल बाप पर राखस नु मार मही पो मापा लिहुन मारसी। पारी कुपर बग स सूर्ण हिप कमी है। पर रावस पापी वर भावतेज फूलमती नु फूली दीठी । राजस कही फूलमवी माम वी बोवन सू फुजीया है। मुराएर रग पर पासत से मया पोर पर को देखकर पूपमती बहुत नुय । इनमती रहने मपी है मानव मासे पाया ? परि पवन यही पा पपा तो तुझे मार समेमा। तर परमे पा- तुम्हारी मति होगी, वही मैप भी होपी । तब प्रामवी में पा-ममें पति बपा करगी. हद प्रम मार बर में रह-राएप मारेला (ो देता पापगा ) एक बार नगुमे मागीभर तो कर । नमनी मे महा-में वो मारी 11 तर कुमासमती ना हार पाएर नागर मकर सो विपद पर निरा पौर सा साप पानन मनापा मिसस बह पक्स रपी मासोर से पने पापी पर कदाप मपने मशिन ईब इमने पर मे मा-बदमदत हो जा मौर पन का मा, नहीं तो बहस गानों को मार गमेपा । पर यामरो में पिाकर पा हो मसा । एकल प्रापा । तब मात रहने मी पोनितोस । तर पवम मे पागली पार पोरन है मोह। सामेया ।

-- - ८. घर फूलमती ही राज फूलीमा का । इतरै राक्षस मारणे माह भीपो सिर र पायो हतो भर पर साग पायो तेमु रासस मारीयो। ए रानस मार भारी सहर र सूबी रसद सदर महि सिंह भायो । तार फूलमती कही-राम सिंगो हाइपर सिंह ने मारीयो । तर पीछे दिन हावीया से र पायो । तर पीरमाण जिकी धागे परीकुंजर इती तिको मारीयो । सदभीर हावी नाळ गयाबाहरी इधर रायी री मायो पीर भर गम भोपी समठी मोई पागे दिग कीयो। तसू एवं एक साड़ी पायरी मोतिर रो कीवी । शौसाहिनी । महीस राणी कल-पशी फास पाणी भरले माये पर सोई करे। पद पर पांच पावस परिसार नै रोय पातम भाप गुफी जीम पर वीम्ह पावल मपंखी मनापरी ने पाते। बाहर ऊपर नु राणी पदीयोबी राज ए पावन तीन ये परिसायर दर तम्ती हो, लोहाने में पदस साने सिर नीश करके उसने नमा पोरगर मेलापामार यिा निसे प्रयस मारा क्या । पर रावस से मारकर हर दो पना बनाकर मौर करने का रामसिंह पापा । समटी ने नामहरा Fat पाया है। पुराने खिो मार सका। इसरे नि हारियों का पामा | वीरमान बो पाने सबसे दादुरा, उसको मारमा पार हापी मा म | पापी मस्तक जीरकर बासमु निसाम र नमी के पुरमामे पैरा मिमा विवो इस एक सामाईगा मोठियोग साया में पम्प कले मनी से प्रवीण तो पानी गाय पाली और भोजन कापी । हर पांच ततों में भोगत परसर उनमें से दो पलों में स्वयं का रानी भोरन करते मोर को शेष न त उनको य-पक्षियों के सामने बाम लेस पर मोर पूल-माण! ये हीन ११ परम कर ।

( ४ ) जनावरा नै फेरे नाष पाती श्री मुनी । वा कुबर की राना साच पदीये नही । साहराणी कही वो हूँ योहरी भरप- सरीरी किसी पिप पर मैं पार पगा राखस ने मरायी घर ये मना सांप फही नही वा थारी प्यार फिसी । पारां फुपर कही महारा तीम्ह पार है। पीप राम मायौ । सेना प पावा पराम् । पुलामी राजा री पेटी छ । इये मांव नीसरीयो । मेडी भांत नीसरीमा सो पात मांदर ही । वे पापस बाहरी पापा देस मासा ।पकदिन राणी पाणी मु गावी प्ठे मोमड़ी सिसको मु पोसी महि गई। पर मोजडी ममरे हाय पाई। समय नीगली । वव राणी वीठी एक मोबड़ी मही वो दफे न घर फल । पद राणी पीत्री मोनही पग म पनाय पहारी गुफ मारे राखी। पशु-पक्षियों को रिसके नाम से सामने हो सो मुझे बलमामो। तब कुमार ने कहा-स्त्रियों को सबी बात नही पहली चाहिए । र पनी में मा-फिर म तुम्हारी मा मिनी पिस परह ? पोर मैंने तुमारे द्वारा पक्ष्म को मराया फिर भी तुम मुझे सपी बाल नहीं पायो तुमारा प्यारा ? तर पहा-मेरे दीन चार है जिनकी म पस्ते में होमचा मापा है। उनके मिए ये पत्तम परमाई । पमुफ पमा का मायाम प्रकार निरना। रिस तप निसिन हुपा पापह पात्र नमी भाति पह(वा यह भी कहा ) Fि मार ठप हम पान रेशर एक नि पनी पानी नान के लिए कई पी। वहाँ उसी ती मित मई तो पानी में मिरी । यह भी मारपम्प के हाप ममी गिरा ममरमन्ध निगा पया। दब रानी ने देता किफ बनी art नही तो एक बासा मा सनिए नी मेमरी मनी पर निशान कर पा की नुम मे गरी । मात्र पानी द्वार पर माई मोर

थाप पाखी से परे भाई भर मोनोको धीमो भोको परायी।
भर मम सीमांच से नदी नही पाजाची विकी ठेही
पक्ष दिसेदो राजार सभापी राजार मम वेत याणी
देसी परनरी मारे मात्र नासीयो हम सी जान महि
मामी का राजा महरो पेट पीपयी है मोहा हा मोतीयोरी
बड़ी मात्र पीयो से मीसरी । पद मोजड़ी बनारसने
स्रोफीयो डीवी मोगली मोदी पेस की मौजेनु
मापो पर पर पेटी परणाद भी ग्यारो पारेरनास
सो मारी मणीपी।सरमाईरीवानाइनुदीपो राजा
हैदोमा मोमही घरी पो मागड़ी रे परखबार नु दास
रानापणीवी । माई बाप राग ने भी माराहारी
मापम्प परे म्हापसी को मोमड़ी रीसस्पही मेरी मा
पूपियों का योगतामा प्रोर यह मम्म संमोमय 0
भी Trया उतारेर पार की प्रोर ठिी पाय
में पारा माण्णको मापनेत पार पाता।
एपनिरन पान लापा या वा हमर सपार में
मारा पाने मत्पमा पिसाव एकनास पलों
मोतियों की गोदिती। उस सी मे पर पह
हरा पिसागर सी बाप्पारमा कमै माया
म पारगासरे में माईपीजी
नुमान रेन्यामा किन ग्रमा पारी बरा
सारस पीसी प्रोवाओ को नाकर माइन टोपी।
माई ने मार राग यहार मेप्रे मार ही यदि
मसारोपय पी सिपोर ST

जोगीरी मोमड़ी वैन पैवास करू । पर राजा भी साशम
माही पाहीज पुरीयां ले भावी । पाहा मायण रामा पास
सरपी सेने पाश्मी दस बीस ले ने एक गेफरायने नदी नदी
चाळी। वठे मेही सहर माह नरी भाये सहर माहे जाप साइबर
रापर ऐसे पैरा गइसाबेस पहरीया तठे देने पद पाली भापरे
वेसे भापी पाले । ये मौत केही सहर पीटा। ४ मा देवी
ऐसती ने सूने सहर भाई । उद पठे पिपरी भी राम सहर
महिपाय लागी। वर पण खूणो वा पीसी पश मोजली पड़ी
दीठी । पद नापण ती घटाय सीधी भर पायी चाप झाली की
पालो मुवीवी । कही मूती की पसीवादी पण भले हुसी । तर
मापण गुफर मांडफार मीवर गइ। भागे सूनी हाय पड़ी है कोई
री पण दाट मिर्गस् भरी पड़ी छ । पद नायण मिरी
N
पैरास राजा ने मारा इसी बरु म पामो । जब
माइन एगा के पास से सर पर व्या दम-पीस पारमी मेकर कमाल
नाकर मी-नदी पती । तर रिस पर पास गरी पाये
होप बहावे + परों को भास नती-त्रियों
महमें सगाइनार सी
पिर पारिठ मार मार में बैठT
मागे पती । इस प्रभाई पर ले।मोर रतली-
लती रग मने पर माई। हाँ नार यही रोबरपहर में
दुसरे मी ना कोने में प्रमे पान तो हो नि
मान, पुती उप्र ती पौर. पारिन भाार पूती हो मोर
समीर महानी भी मान में यही गौ। भारत मुगा
पनर मे पुमो । पाये गाने सुनी पर कोई (लाई)ी मन
पि में भी नीरमान पिपई की प्रेमी भर कर पार बार

Para
पांड मार मार मार रसपूतो। देहपाई रजपूर्वा मे कळे
सरोही माहे गदिमाई । भर पाप मीवर गई । मागे मा वेसे
सो प्रस् नमनी यी है। हीमोलाट मारे हीर है। नायण
पार पना सीनां घर कही पोली मात्रा म्हारी मायोमी हूँ
पर। वरी पदी नाइन पास आइ पेटीबी सूमती माणोजी
मेर पारी मासी ।बर फूलमवी श्री तो पोहोस मनो।
वदनामण पाली कड़ी पारी भणी काय धी सिधर
गरीवर नायण ये नु पीलीभर सनान कार मामो गूप
नेमार पीपी। इतरे पर सिपर ले भायी।
पर नमवीं न पूचीयो भा कोण है। वर ऐणी कही
मारी मासी । येरे मन सयपादिवो पर है इसे नु
सभी ।भा मे मामय रोभरीका करै । रसपूर्ण सीधो मिठाई से:
गार परनामोपाई। पतों को कहा पगर में छोड़ पाई धपा
पाा भीतर मई । पाने वाटर पर सिमटी मे में ठी
पता मास में सारश मी मोरया-पानी पानी
परमोधर होती है। हार मान सात बार नई पौर
हारी मारी, म माय मौनी र फूलपाठी से कम---
मा पम्प । जना पूण-मारा पी। उसमें
-पार के लिए या है। माइन के पाटी (बटर कर
म 50 कर पा पार उमे पर रसिले में शिकार
मेमामा
का परम सती ने पूम-इसा है ? मीरा
मेग मोमी । तर सो मन रिसान रोया मार रम हो रन
मिरा या मान" ती मार सेवा परती। प्रमों के लिए मोन

आधि
ले जाय ऐये । श्यै मांध रहये । रतिया नायस फूलमती नु कही एक
हूँ म्न आयो को वसू तेनु पोहोष मुख हसी । पर ममती कही
तो वसाय | हर नायण ? मुफरी पक्षायो भर बायो कुवर
नु भर फुलमती मुंपोनों ही मुं। तेस पहुस रामी दुपा में मुफरी
खाये ये मांस रहिवो २० दिन नायण पने दी इयर नु एक
गोली बसाप्प को पसु ये राधी हुसी । तपऊपर या गोसी
बणाय ।यर नापण विस गोली पपायर पर मुंदीगी। भर
भापपो पाखती जाय सूती। हु पर पिण बाप सूती । तिको विसरी
गोली मुठे मुवी। पर पूनमदी पर न पणी ही पोसायी
पण छपर वो पोखे नहीं । या नायण देवै पो हाम्
(बर वो मृषी 1 तारों फूलमती विचारीयों जु हमे
का तो पापा रो कोई महीं पर इये बिनाम पर
मिया - पाकर ली । इस प्रकार पवे-पो नाम शामती
महा-में एक पौरप बनती। निगमे तुम्हें बहुत सुन मिनेमा । तब
ममत्री ने गा-तो पार करो वर मारत ने छह कर मुरुप बनाया
मौर पर मार समभी दोनों को बिमामा निसरी 4 मागण
गुरा बार मुख्य पात्र
इस प्राार पतेगो माल पर दिर
महने यी कि एक वटी नाती रिसमे म पुरा हागे पर पर
मे पहा-बाटी बनामो समान मे रिप बी गोनी बनार कुबर मी
रेदी पोर पोर पाप मान के बार में गाएर सो गाइबर भी मारतो
गपा । बह रिपनी मोमीन यही मर गया । ममी ने दुबारको
पूर पुपाय परपर तो दोशमा ही नही । माग गरेपी
मर मपा। हब फूलमी गे पिारा-परि
में रानी हो गई पर अपना कोई नहीं । म पुष्ण

।
नु मारीयो । देना को काम हुने र जमदी बिपी मी
कुबर से प्रापय मासे ही पासे अंजीयन विधा है।
सदीरासोर वमती करनु महनायत माह पर
हम दुवा रे पानो माह पेट भर पसरेस्स असर
रात्रीयो । परमात दूरी पर नापय दी पक्ष परजो कठे ।
वाहरा धीरती राठ मूवी। मु रावोयत राक्स स्टाय
से गयो । पढे रास मारे है। इठरी ये भी बदमायण
ही वो सो पापी भठे सु परी नौ । र प्रमठ पर
नरी पाई। भाप ट रजपूत ही लोप पठा है।
मापण फसमती नुरेसाण भर ही पसाए । म
पाजीया पापर सहर भाग । नायक फूलमती ने ले रीम
घर पर राम सीमर से रागरे पागै प्रोण सभाम |
महाराभा भठे मोदडीयेपहरण पाली बाई पर मठ मोगली
मार मनासिन मे क्या नाम होगा ! शमी - RO
नब सरकाबासाप पापे तो रसके पास सोमन-निवासी
मिला देगा त ममी रामानों में गो एराप्रपा
मा उसके पत्तों में सरे पर पापा पर रिला । बर पर
हुपा दो माल ने पूछा--भार का है? उसने तर मा-
रातो राज मर ममै सो पत्र में ही रास न करने पया । ई
राम प्रापा रखा है। टी पात्र पाइन नही-वर मान में-
सोनाम या निराम में वहाँ से उरी
पास पाई । पामे प्रगगामार मिरे। मालमती से
भाष पर पापा और भाव । मौ । बोलपडे मन पर में
पारे । माइन ने पूममनी को मार में पार कर पगारी रामियों को
प्रहरी र सलाम कई पौरा-यापन एयर
परपसी मन पामी मा प ५ पार ही र मो श्री

।
ज्या जर फीपी 1 मठे राजा ये री रुप देख पात रानी को।
मायण ना पण इनाम देने फूलमती नु भोवर से गयो 1पठे रात
पड़ीया रामा फलमसीरे मासीयै गयो । वर फूलममी काही रामा
खोसू मोनु हाप नायी वो हूं पण मरीस भर पर्ने मारीस भर
पक परस पाई र हेफ बदर महल रहीस एकै परस दिन
वाई पुम्प पर री परसो र पद्धे पार रोलीये माईस
इतर मनें मेरे मती । वाइरा राजा एक व मान फराय मे उसे
मुराबी। (पावची या नापण पर दीद वीमी रात्री पोफरी
कुपारी एक प्रामण री पेटी के पफ सुधार री बेटी क
लुहार री पेटी । 3 में वीन बोकी रात्री । उठे फूलमती सदा-
परव मांगयो जिकीई पाये चेनु सीघो वीजे । इय भाव रोठे
उरे नारी कुंवर तीन पार राममायो एवी विकाइनर सीसीया।
निये अपार पासीयो मु लोहार पासे पायी लहार से
पागिरी । बहा रामा तोप को पगार पुन रामा पार
भारतको नाम रेकर ममनीपा भीतर में गया । स पर हुई तब
रारा समनी के मास में गया । तब परमो मे कहा-रामा गो ने
मेरे ममाया तो मैं तो मागी पोर तुझे भी मार गभूमी
पौर यदि एक वा एन मन में मुझे पने रे पपा एक वर्ष न
पुगप पर की वर्षा पर मेने रवो गर में हरे पाम
पाऊमी। सने मुद मा घेर। हब गरा में पान मान बना
कर रमे यहाँ एपा । पात्र में मान प्रौर नौन दुसरी कुमारी पनि
एपीए प्रापण पी मापी है एप पाली पोश
मुशारी मतीनों पारियों को ग पिया | पा र
मनी में मार बोटना गुस्या । गोपाला एम भारत रिया गा।
सपने मतीन मीटर पिर्ट वर माया पा हुनर मीण भये ।
गोपापा वा परपरार पाम पापा । मुगा पो मार

भर प्रामण पासे पाया तीन भेला भर पर री स्पर
करण र्नु पानीया । ठिक पालिमा पालिया उये सहर माया मिके
सहर फूलमती भारती दर में सदापरत न लवण गया। कई
मा पार वणारी सीमो मांगीयो । पद होने मी पेवीह
दोश्यार सीघो क्यु मांगो। तराश्री म्ह च्यार हो
पिके सदाबरत देवा इवा भिके धाम कही पडूमी रावतीन्द जणा
माया विक प्यार रीसापो मांगेले कोण मावा रांजी
की दीयो । पद हा नै सीपो दीयो । लदीव मइल नीये
रूस ती बटे ही मामण रसाइ कीपी दर पार पावन परोसी ।
एक पावल भर लाटो पापो मन नमस्कार कर पर प्रापण
जीमण पेठो पर ये सुपार लोहार पिण पावस री परिक्रमा
कर जामण पैटा । वठे फूलमती दीठा । वद फूलमती पिपारी ए
सही पौर पर कहतो तिफ दीजावाद राणी भापरा कपड़ा
समायण के पाम पाकर तीनों पढ़े हुए पौर पर पा पा
समाने के लिए परेको बमले उम हर में पामे गिस पर में
फूलमती माई थी। तर यहाँ सा मने के लिए परे। रोने
पार पनों की सामग्री मांगी। लो पहा कि तुम तो चीन
बारी सामग्री को माप पेहो? मनति पहा-हम पार है।
पर गो AINS यिा रखा पा उमर गार पाएगी तीन
बने पार हुए है, पार की सामग्री मापते है, मग एम है? तर
मो ने महायो। तब इसको सामोरी मई। उसी मास के
मीरे एक चपा । बहो पामग्म ने मोरन बनाए और पार पतन
परसी।ए पापौर मोटा मागे लपरसपा ममसार कर बाग्म
मायकलन पोर पोर मुहार मो पत्ता का परिष्मा
कर भोर रस 42। म मपय ममता ने रेय पिरा तो
ममता ने रिपार
हिमा-पितो पिर में पर पा
करा पा रे ये 2 माश्मी है। जब रानी प्रने पड़े

उखार दासी रामा पार हो न भाई तर राणी पूछीयो
सापकही ये कोस दो पर पातमा रेनु पासै राब र नमस्कार
फरी की भर गोमो छी । तर यहाँ कही म पीरमांग पर रा
पारक। मुम्हाने पोसै राम्ब भायी हनी म म गरे पपररी
सबर करण बापा घो। तद राणी कही पाने के वास्ते बांस पलिया
रसा मुविधा सीस्त्री क नहीं । वहीडी म् श्वरी पूछ मुर्मू
कोख छ । तर इये मापरी हफीसदी। इयेकही इस मांत पर
परणी हती हू पर री राणी । मर्ने इये माव से भाग के
विधाहकीकत पण फूलमती हो ने कही। वर हा कधी पवा पिया
म्हे सीख माया मा तर या इहाँ मे मोहन मारेले पाप भरा
हरणखोलकी मुथार भर इतरा बेटा तीन वोन
पर राखी पीद घोरी पर नापस मे पैस पर प्या
म्पोनी मा कही मटोली थाधमो र जेय आर्य ने मारे
उतार कर पार पातीको पान र नो पाम पाई। तर मी
पूप-सपो म मौन हो मौर निमो निए पम्प एल कर नमनार
परफ मोन का हो? ता रहोम सा-इम पीरमान कुमार ।
राम पीपे को पापा पा सो प्राइम फुपर पापा
ने परा-तुम्हें मिन पस्ने र
1.
-
m

-
ऊपर रो पिर। पद खटोली सही बठे राज दरवार किसी
मैठी थे। पर नापण रो माटी मोरक्षा करे।ठे रांणीकही
भठे नावण मु नान दियो।वठे नायण र्नु पकाएर फही कर स पाये
इवरी कही ने नास्त्री तिका वरपार वीप माय पड़ी । पद राजा नाई
टीठी मी का हुयो । पत्तो नायण नु नान घालता हुषा । नायण तो
मर गई पर सागी सहर पाया । महल माहे माय भरार
का सुपर नै सतार पर प्रामण जाप कीयो तेसु कु घर बीयियो
ठे फेर कुवर मा हकीकत मुणी पद पर हरी की । सूरा
मोर सतपादियां, धीरो एक मनाह । दई करसी कामदा पररा
फलेसी बाह ॥१॥ भी दूही कहि क यर 3 मे छोकरी इसी सु
भामणी प्रामण न परणार सूतारी सूतहार नु परणाई लोहारी
लोहार न परणाई। पठे सहर माहे मया इसी सु ले ने प्रसपार
पसाया पोहा हायो से ने बडी लसकर कीयो । तर उठे मु चालीसा
परपोती नही। यहाँ एमा परबार दिया
टापा और मान
का पति पर ला पापा, रानी ने कहा कि यहाँ नाइन को पाकरो।
होंने मान को पटा कर कहा-करे सो पाये । इना का पर पाक
पिा । मह परमार के बीच में पाकर पड़ी। रामापीर माईन रेखा-
पा साहुमा । तो नाइन को पटक परपम बने । नानतो मर गई
पौर पे बैक उसी घर में पाये । महम में बाबर एरणा वृक्ष म
रमे वार कर ब्राह्मण मे बप दिया, जिससे मर जीति हो उय ।
गझे फिर घर में यह मा पताल मुना, तब नबर ने यह रोग
गुरवीर सत्पाती बोरों का मन एक।
करेगा काम म एरामा मा ।।
दोहा पाकर दुबर मे गई गो होरियां , उनमें से प्रायमी
बाइस को मान गई को नुरित मुहार को पाह से । उम घर
में गे मास पा से मेर पार पसारे बोनापी नेकर नी माये
मेरा यार । तब मई में बने ।

-
-
एवार दासी रा कपड़ा पार इहाँ कन्है भाई तर रोपी पूर्वी
साब कही ये कोण भी भर पावल के पासे राम र नमस्कार
फरी छीपर बीमी हो । सदरहो कहीं मेरे पीरमाण पर रा
पाकर दो। सुमाने पांसे राख्ख मायौ ईसी सुरमै मेरे संपररी
खपर करण बाबा पौ। तद राणी पदी पाने में मास्ते पांसे रात्रिय
देता मुविधा सीनी क नहीं। पद यहाँही त् इवरी पूठे मु,
प्रेण है। तव इये मापरी हकीमय कही।इये फही पण माव पर
परही इंपी हू फबर री राणी । मने इस मांत ने भाया है
सिका रफीका परम पूसमती पहा ने कही। वहां कत्री उमा विपा
म्हे सीस पाया वो दरभा पहा ने मौरस माद ने आय भरा
रहणम्पटोजणी सुधार
पर इसरा पेठासीन तो
भर राणी तीन छोरी भर नायस रे पैस भर प्यम
खगेली मा काही बटोसी बामणों स जेय जाये तेष म्हारे
सवार पर पौर पासी कमरे पहन कर नो पास पाई। जब रानी ने
पूष-सपो म मौन हो मार पिसके लिए पका रत कर नमस्पर
करके गाया करते हो ? तर दोंने इस बीरभान मार के
पाररबह दम पीछे का पारा पा मो मब हम कर पा पता
लगाने कमिए माने । र रानी मे जम-तुम्हें गिम पस्ते पीछे
पोर यावा यह रिण तुम मोगा में सीबी या नहीं? तब उन्होंने
मानी पूफ्तार करती है सो कोन है? इसने अपना पर
वृत्तान्त मुनापा। इसने महा-म प्रभार और मुम्मे निगम
पर लिया था। रमी रानी है। मुझे इस प्रकार से पाये है।
में ममी बालमनी ने नाबाई । सब इन्होंने भए हिम
विचार नीय पाये है। तब बह पनी सो माल में मई तमा
उपनडीरे पर इसन बने सगर हुए-तीन पी मार रानी तीन मिजा
पौर मान-सागर कर पाने में पर- परो ए सा
पानी मग माना है वही हमार र का ।

।
पर रो पिर । तर घटोली सही अरें राम पवार कि
बैटो । भर नायण री माटी मोरचा करे।ठेरोणीका
पठे नायण नु नाम्स दियो ।ठे नायण र्नु पकाएर फही फर सप
इतरी काही में नामी तिका दरबार वीष माप पड़ी।सद गगना
पीठो भी काम हुयो । मतो नायरमनु नार पक्षामा । मापण
मर गई घर सागी सहर चाया। महल माहे माप परेर
बसम करने उतार पर मामलजार कीची नेमुकपर वीभिर
वठे फेर कुपर माइकी मुरणी वा कुपर से कोर
भीर सतवादियो, धीरां एक मनाइ। दाफीसा काममा भरण।
पलेसी ताई ॥१॥ भी पूरी कति पर है ये घोगरी ती
आमची प्रामण जु परणार मूतारी मूबदार नु परणाई सोहार
लोहारनु परणादाछे सहर माह मया इनी सुने नै प्रमवार
पसाया पोका हामी से मेमोसमार कीपी। हर मु पापीय
वा स्टोती रोग प्राचार किम हुए या पोर मान
कापदि राम रामाया रानी ने कहा कि यह मामी करो।
समान माना पाकर महाकरे सा पारे । समाप करण
रिया वारीष में आकर पीकपडा पौर माईन देणा-
परस्परमा । ये सामान को पारप बने। माता मर माँ
और मै कि उसी पर में पाये । महल में गार एए
रको स्कारण मानिमा, विमने पर नीति को रन ।
फिर पर ने पर ना वृत्तामा मुगा, तब पर ने या
यापीर मपाती वीरोंमा मन एका
बोया प्रम पर देश
यहा मीमो पेरिया की, सम से ग्रहमी
समाप को गान राई नगरिन मुसारथा । उस पर
मकर मार मारे गएपी और बीमारी
नापार की। वर पपे।
म
में मो माया,

४)
तिक पाला पाजता पाप रे देस माया । मर राजा नु सपर गइ
शुकोई रामा वेरा पर पानीपो भावे । तव इयै राजा सादा
भापरा परपीन मेसहीया । पर पासे भाय पूक्ष्म नागा साय
है। वद पर रानाकर कही पर पीरमान फसायो रीपेटी के
सुपापरे पामे मा करेसोटै गयो इसी तिने भायी थे। परपाने
माय गमा न ही महाराज रावली पर पीरमाण मुरापस
पासे मारेर राजा रे छोटे महल रे बोलें यु नहीं । पया
परी पात सुफी राशी हुपा । राजा पण साम्हो पड़ीयो । जटे
नखीक भामा वरपर घोरे मुखर ने पाप रे पगे माय भागी।
ठे यमा बेटे सू मित्त हर यमी ड्यो । बामे पामते राजा पटै नु
मे परेमापी है। पर पर मां रजपूता न कभी भी परमेश्वर
मोनू राम देय हवो वो दोया के वी रअपूतो कही राम ही मु
सही। माव सरा सवमारीयो री संपूस ।
होममा मले किश में माये । तर एमा कोमा
हकिको प्रमाण पर मालमस करने के लिए पाया है। म
पने सामने अपने प्रधाना को मेगा । वे बर के पास पाकर
पुणे मोहि पनि नारक मामिया ने म्हा-
पा एमा के मारेर वीरपान के पत्ते पिता रामस्सय
ए पापे मनपास में पपे हुए थे सोनार कर पाये है। प्रधाना
पार राय मामि मापन | पापम पर गौरमान है, तो
प्रापर पलसर्य करने के लिए भा एप है। राणा की बाटी पनी
यो माया नहीं पा इसलिए राणा पर बात सुनकर ग
हमा । एमा मगरानी कनिए मया । अब नगर पाया तब
बा गिरा। तब पा पुष न
मिनार यापा । परा मामेभारे साथ पुर को मेटर पर माया ।
बने एगों में बहा भी परमेश्वर से मुझे राम ना पा
परिया हो । तर पतों ने मारा-पूरा पाने मानो ये है।
गर्ने पौर मापारियो में पासपूर्ण ।
बर पोरगर कर पिना पर

Choiboli

Author
Kumar,jenendar
Title
Choiboli
File name
Choiboli
Text
OCR done
Citation
1962
Published
2010/12
Publisher
Jaipur,the Stdudiyo Book Company
Language
Sanskrit
Pages
99
Library
Bhartiya Vidya Mandir Shoudh Pratisthan,bikaner
Classification
Literature
DLI number
514886
Barcode
4990010022559.00
Scanning centre
C-DAK, Kolkata
Digital publisher
Digital Library Of India
VMLT id
Ehqozwbm30i
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