Bharatiya Vidya Bhavan Library, Mumbai
Tatkala Bhrguprasna Atharth Prasna Kalpa Vraksa
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प्रश्नचक्रम् ३ ६ क १० १३ . १४ १६ १८ २१ २२ २३ २४ २५ २८ २९ ३६ ३७ ३८ ३९ १. 8 ४३ ४५ ४६ १८ ५२ ५३ ५४ ६१ ६२ ६४ ६६ ६७ ७२ ७ ७४ (७६ स M Pra ह ka "१/११२११३/११४ ११५] 100१७१११११६१२. १२ १२२ १२३ १२४१२५ १२५१२०१२८१२६/११. ३१३२/१३३ १३४१३५२३६५३०६१३८(१९१४. १४.१२१४२१४१४५११६ ११७/११८१४६१५. १५१५२ १५३/१४४/१५५ १५६१५७१५८/१५६ १६.
भोगधापनमः
अथ हरदेवका तात्कालिक प्रश्न भाषा
अचात प्रश्न करपथक
१.हेपच्छक ये जोतुमने प्रश्न किया है
जोहोगयासोहोगया अवखुशीकीवार्ता
होनेवालाईखोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हैंआरामहोकारजफतहोगाया जिसकी
चाहनाहैमिलेगाऔरयेजोचित्तकाम
विचाराहे देरसेहोगा दिन तुमको बहुत
दिनोंसे मध्यम, मर्जीकेमाफिक लाभ
नहींहैनष्टदशामेरंजक्लशपीडागप्तचिंता
शत्रताहोतीहैसोअपनीरासपैजोदोतीन
ग्रहनाकिसह दानमंत्र जापकरो तवघर
में आनन्द मंगलाचार जीव कीताप्ति
यात्रासे लाभ काम फतहोंगे गुप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारे शरीर पें व्रणयानी फोड़े.
फुसी का निशान है आलस्य रहताहै
नई नई बात का चितवन करते हो
हरदेव का तात्कालिकं प्रश्न २
२. हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नाकिस फ़िक्र से गुजरे और खर्च
विशेष लाभमध्यम सो अब प्राप्तिहोगी
जीवका लाभहोगा व्याधा रंजनष्टहोंगे
घरमें ख़शाहोगी चित्तकीचिंताचित्तमें
समाजातीहै समुद्रकी तरंगसीनई नई
उठतीहिंसोवृथाजातीहएकजीवमेचित्त
बहुतरहताहै अव ईश्वर चाहेतो कहींसे
खुशीकी बातसुनोगेउच्चपदवी प्राप्तहो
गी.नाकिस ग्रहोंकादानऔरसुवेश्याम
शिवजी का भजनकराकरो और येजो
प्रश्न किया है वो कामभी फतहोगा
मिलेगा फिक्र गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अव राख रही को
काम कावू से बाहर है सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरो काम फतै होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३
३.हेपच्छक तुम्हाराकार्य सिद्ध होगा
प्रथम दशा न्यून थी अब दशा श्रेष्ट
आनेवाली है जीवकी चिंता और लाभ
का उद्योग विशेष परन्तु लाभ अधूरा
होताहै और ये जो अब फिक्रहै खर्चसो
दूर होगाआरामगुप्तवोभी मिलेगा फते
होगा कष्ठ नष्ट होगा कई ग्रह नाम की
रासपरनाकिसह सोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकराओ बिनादानके
करायेकार्यसिद्धदेरसेहोगाइसकारणचा
वलमिष्टान्नस्वेतबस्त्र रजनित अर्थात श्र
द्वाप्रमाणचांदीदानका करनाबहुत श्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
भकीसुरतहोगी चित्त स्थिरकरकेकिसी
कालईश्वरका मजन कराकरोप्रश्न श्रेष्ट
है अंजाम कुशल है तीर्थ यात्रा श्रेष्टहै
1.
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४
४,हेमच्छकइससमयके प्रश्नका ये फल
हैकार्यआधीनसेवाहरअर्थातकामकाबू
सेवाहरचिताकष्टकई जीवशत्रुतागुप्तकरे
हैपरंतुउनसे कुछहोनहीं सक्ता१जीवमें
चित्तबहुतरहताहैदशामध्यमकेकारण
अनेकमकारकाहानवार्तालाप सोचोहो
समद्रकीलहरसीउठती है नईनईवातका
चितवनहोकरनिर्फल होताहै कईफिक
भारीलोहुवेजीवकीप्राप्तिहोगीफतैऔर
चंगांहोगाऔरयेजो अवचिंताहैसब दूर
होपीतदानकरोचनेकीदालहलदी पेला
वस्त्रप्लेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्ताचंता
दूरहोगी कार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्राप्तहोगादशान्यूनकेकारणफिऋचिंता
गह क्लेशहोताहै अबदशाश्रेष्ट आने वा
लीहैयेकार्यहोकरनवीन कृत्यकरोगे ।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्नः ५
५. हेप्रच्छकतुम्हारा प्रश्नचिंतारूपीक
ष्टकाहै खर्च विशेषजीवकीलालसाजीव
चिंतातरहउदवेगचित्तस्थिरनहींकाम
काबुसेवाहरहै दूसरेआदामयोंकोभीबहु
तफिकहै जवदशामध्यमहोतीहैअपनेभी
परायेहोजात,परंतुअभीकार्यमेविलम्ब
है कामनापूर्णतोहोगी परंतु पापगृहोंका
पूजन विधिपूर्वक बटुकभैरवका मंत्रभी
जपवाओ(मंत्र)डॉऐंहीक्लीं श्रींवटकभैर्वा
यआपदुद्धारणाय सर्वविघ्ननिवाीयम
मरक्षाकुरकुरुस्वाहा । इसमंत्रजापसे
मनोकामनापूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्घचिंताहैसोकामहोऔरमिलेगाखर्च
विशेषहैएकजीवमें चित्तंभीरहुतरहताहै
लाभअधुरेहोते. नईश्वार्ताकाचितवन
रहता है परन्तु अन्त में कुशलता है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६
६. हेमच्छक कामना पूर्णहोगी खशी
कीवार्ता होनेवाली है मिलेगामजीकेमा
फिक कामहो चित्त उस विना व्याकुल
सारहताहैदशान्यून केकारण ऐसेकाम
हुए धन का खर्च जीवकादुख काम
दुसरेके काबू में होना और दो तीन गृह
तुम्हारीरासपैकैडेहैं मध्यम है पंचाग में
देखो उनमध्यमग्रहोंका पूजनदानमंत्र
स्थिरचितकरके कराओकार्य शीघ्र सि
द्ध होगा और येजो फिक्त सोदूरहोगा
और कई फिक्र खर्च के आवेह सो काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परंतु चिलम्बहै पूजनदानसेकार्य
सिद्धहोगा गुप्त लाभहोगा अब अंजाम
अच्छा दीखहै कार्य में भी लाभ होगा
शिवजी का पूजन नित्य किया करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७
७, इससमयके प्रश्नका फलयेईकिका
मठीकबैठेगायान चैठगाइज्जतकाभय
होजाताहै ऐसीदशामंगवनभीहोता है
गुप्तचितारहेहै कभीचिंत्तमेंकुछ आता
कभीकुछआताहै ऐसीदशामें खचविशे
पहोताहैएक गुप्तमनार्थहैसोकबतकआ
रामहोगासोअवन्यूनदशावीचनेवाली
हैऔरश्रेष्टआनेवाली है परन्तकामदेर
हैइष्टदेवकापूजनकरानाचाहियेपित्रों के
निमितामष्टान्नवस्त्रकच्चा दूध पीपलको
जलदेनाश्रेष्टहै कई महीनसेभाग्यकीही
नतायानीमध्यमईपूजनकरनेसेधनकी
प्राप्तिजीवकामिलनाकप्टरूपी रंजका
दुरहोना येजो अब बहुतचिंता है काम
जरादेरसे मर्जीकेमाफ़िक होगा काम
काबू से बाहर होगया दशा मध्यम. हे
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८
८. हेप्रच्छकतुम्हारी रास पै आजकल
कईग्रहनाकिसह पंचांग खोलकरदेखो
जबऐसेग्रहरासपेआतेहैंलाभकमहोती
हैशत्रु उत्पनहोतेमित्र व प्यारोंसेजदाई
होतीहै कष्टरंजहोतेहैं आमदनीहोती २
रुकजातीहैजहांपूर्णलाभसमझोअधुरा
होताहैएकजीवलालसाआसलगीरहे है
व्यैदीर्घलाममध्यमहो कामहोनेकोहो
फिरतारभंगहोजासोअबमध्यमग्रहों
केदानजापकगओ आपभीयेमंत्रजपो
उऐंहील श्रीवासुदेवायनमः बटकभैर
वायआपदुद्धारणायममरक्षाकुरुकरुस्वाहा
दानमंत्रजापकरनेसेयेजांतुम्हारेमनकी
कामनाहै पूर्णहोगीप्राप्तिहोगीकष्टदुरहा
पुत्रों की लाभराजसेफ़तेमित्रसेप्रीतविशेष
इतने उपायसेवनेगादशा मध्यमरहेगी
।
।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्त ९
६. हेमच्छकयेजो तुमने प्रश्न किया है
अबदशाश्रेष्टआनेवालाहैकामनापूर्णहो
गीजोकामचिंत्तधारणकराईसोमिले.
गाचिंतादृरहोगीकामफतैहोंगे मित्रोंसे
प्रीतऔरकष्टपीडानष्टहोगीजोबिचाराहै,
कामठीकबैठेगेदशाब हुतादिनोंसेमध्यमः
थाव्यविशेपहुबाजीवकीप्राप्त होगीरिण
कीन्यूनताहोयप्रश्नश्रेष्टहै उद्योगवउपाय
पहलेतुमनेबहुतेरेकरेपरनिर्फरगये काम
काबूसेवाहरहै पपअवईश्वरआनन्दखुश
बराकीवाताकरेंगेगुप्तलामहोयेजोप्रश्न
विचारांहैइसकेवास्तश्रीदेवीदुर्गालक्ष्मी
कापूजनकराओ चावलचांदीस्तवस्त्र.
श्वेतफलकादानकराओं कईग्रहमध्यम
सोउपायकरनेसेशीघ्रमनकी कामना
पूर्ण होगी एकजीवका ध्यानरहता है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न...
१०हेपच्छककामकाबूम बाहरहै और
धनकाव्यविशेपहैअकस्मातयेमामलाहै
सोजीवकीचिन्ताह औरआदमीको भी
चिंताबहुत हैइज्जतका ख्यालहैवडे रखर्च
दीखेऔरतुमपर उपकारीसत्यवार्ताको
पसंदकरोडो छलछिद्र के कामकोपसंद
नहींकरतेतुम्हाराप्रश्नजांवऔर धन का
हैऔरइज्जतकाभयहोताईअनेकप्रकार
कीवातासोचोहो निर्फलंजाती है पता
नहीलगताजतनभाकरेअवनवग्रहों का
दानमंत्रजापंकराओये कामईश्वरचाहे
तोठीकहोनेवाला है औरआदमीभीसहा
यताकरेंगेकईशत्रु ग्रह इष्टदेवका पूजन
कराने से काम मनइच्छा पूर्ण होगा
और मिलेगा वंश को वृद्धि होगीजी-
व लक्ष्मी प्राप्त होगा आराम होगा।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११
११.हेपच्छकइससमयकैमश्नकरनेका
येमामलाहैस्वरदुस्वभावहैघरमेचमत्का
रीहोक्लेशमिटेव्याधाटलेजिसकाप्रश्नहै
दोशैमिलेगीयानमिलेगीमंगलाचारकद
तकहोगा लाभखशीकबतकहोगीऐसी
दशाकवतकरहेगी जीवकीचिंताहै बंश
कीवृद्धिहाआजकल तुमसोचोहो कुछ
हायकछ दोतीनग्रहरासपैनाकिसआ
रहहँसाउनकाउपायदानपुन्यजापकरा
नेसेचित्तकामनाथसिद्धहागा ख़शाहो
कामपरायेआधानहै अबतुमचींटीनाल
जिमाओतोश्रेष्टहभखोंकोभोजनदोका
यसिद्धहोगादशाउतरनेवालीहै मनोर्थ
पूर्णहोंगेअनेकप्रकारकीलाभकीसूरतहो
औरयेजो ऊपरसे फीक दीखेहैंसोसब
कांटासा निकलजायगा दशामध्यमहै
हरदव का तात्कालिक प्रश्न १२
१२. इससमयजो आपनेप्रश्नकियाहै,
ऐसेस्वरमेयेवार्ताई किंगप्तचिंता१जीव
कीलालमायनीरहतीधनसेहीसारकार्य
'सिद्धहाँ रोजगार मेंमध्यमलाभहसो
पाप्तहोगीयानही मंगलाचारकी सूरतक
तकहोजिससे घरमैचांदनाहोआराम
होकबतकदिनकैडे,गुप्तलाभभी होगी
येझगडाकबतकर्मिटेगादिनरातचिंत्तमें
चिंताल्लेशरहेहैकबतकदिनअच्छेआवेंगे
यप्रश्नब्राह्मणकोदहीलङ्गमिष्टानभोज
नदेनेसे कामहो अपनेइष्टदेव कापूजन
घर में पित्रपीडाका उपायकरोउपायके
कशनसेअवकेकामसिद्धहोइज्जतवढेगी
सवसेजीतोगेशवरूपीग्रह हानकररहे हैं
दिनरातनईनईवार्ता सोचोहोसवनिर्फल
जातीहै परन्तु अंजाम कुशलता है ।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३
१३ इमसमयके प्रश्न कायेफल जीव
चिंताभविष्यति धनन्यूनंदिनदिनेमंग
लाचारविलम्बस्यपराधीनकृत्ययोराज
द्वारकन्यायरिथरोकायद्रष्टय:ग्रहपीडा
चप्राप्नोतिभृगुणापरिभाषितःमध्यमद
शामध्यमकार्यहोजाते मनकीवार्ता
कबतकपूर्णहोगी मिलेगीयानहीं रोज
मारकीहानीहै कबतकवृद्धिहोगीआज
कलदिननाकिसहैं घरमैं चांदना केब
तकहोयेकामअबकेमीफतहहोगाजिस
सेवंशकीवद्धि हो तुम्हारीरासपैकईग्रह
मध्यमहैपत्रादेखोनाकिसग्रहोकादाने
मंत्रजापछायादानकरानेसे अबयेमनी
र्थसिद्धहोगाकामकाबूसेवाहरहेमामला
ईश्वरके आधीनहे परन्तुजोबातचित्तमें
औरहैयेगृहकाप्रभावहै अन्तअच्छाहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४
१४ हप्रच्छक तुम्हारा प्रश्न जीव की
चिंताकाहैकाम पराधीन कामेवाहर
होगया बहुतरेयलकरोडो बहुतेरीबातें
सोचाहो मंगलाचार खुशीवंशकीबृद्धि
राजद्वारविद्याकीसिद्धिधनकीजीतश्रेष्ट
दशामहोतीहे अवजोतम्हे येचिंताऔर
लालसा जीवकीहै सो काममेंविलंबई
परंतुमिलेगाऔरहोगापरंतुजतनउपाय
सेइच्छापूर्णहोगीघरमेंस्वप्नभी दीखेहै
आरामकी सूरतहोगी जीवप्राप्तिहोगी
इज्जतकाकामहो संदेहमिटेगाधनका
मनोर्थपूर्णहोगा देवीका पूजनकराओ
औरअपनेहाथसे घतखांडचावलचांदी
कादानकरोईश्वरचाहेतोउपायकरतेही
इच्छापूर्णहोगी औरतुमपरउपकारीहो
सत्यवादीहो असत्यकोपसंदनहीं करते
हरदेवं का तात्कालिक प्रश्न १५
१५. हेपच्छकचित्तचिंताभविष्याता
इक्लेशनसंशयःथनमानम हानिपीडा
देहदीर्धतामंगलाचारकंयोगवंशवृद्धिच
माप्तयेराजद्वारकंन्यायधनहानिविलंब
ताप्रइनकाफलयेइतरह२ कीवार्तालाभ
सोचोहोकामकाबूसेवाहरहै दशाक ईम
हीनसेमध्यमद्देन्यनदशा धन हानिवि
पेशव्ययलाभमध्यमचिंताक्लेशनुक्सान
होतेहैंराजद्वारभेभीकाममर्जीकमाफि
कनहींहोते सोकामकबतकहोगाजाघर
मेंचांदनाचमत्कारीहोबंशकीज्जतकी
बद्धिहोऔरवोमिले एकजीवमेंचित्तविपे
शरहताहैसोशिवजीकापूजनचींटीनाले
देनाश्रेष्ठहैऔरअपनेहाथसेगुड़गेंहलाल
वस्खलालपुष्पआदिदानकरके देईश्वरचा
हेतोअवकामशीनहोकामनापूर्ण होगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १६
१६हेपच्छयगुप्तचिताशरीरेनधनहानी
चदृश्यते गृहपीड़ा भविष्यति दृश्यते
भाग्यमंदताजीवचिंताचप्रामाोतमगला
चारहर्षकंधननष्टनसंदेहोजीवप्रश्नेचमा
तयेइससमयदलुभावस्वरहैइसमेंभाग्य
कीवृद्धिवंशकी द्धिमंगलाचारराजद्वार
मेंन्यायकिसीप्यारेकोचिंताविद्याकाला
भरोजगारकत्यपीडाकारत्नदुस्वभाव
स्वरमें इसप्रकारप्रश्नहोते सोतीन गह
तुम्हारीर सपैआजकलनाकिसपत्र में
देखोनाकिसहयानहींजरूरहैं इननाकि
.सगहोंकादानमंत्रजापकराओ जिससे
भाग्यकीवाद्रिकानालाखुलेऔर उच्चपद
वीमिले औरयेजीवकीप्रतीकेमंगलाचा ||
रकेकामहोओरगप्तगईहुईचीजप्राप्त हो
अंजामकुशलहैजिसे चाहोसो मिलेगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १७
१७. हेप्रच्छकतुम्हाराप्रश्न जीवरूप
लक्ष्मीकाहै चिंतादीर्घहै और स्वरदुस्व
भावहैप्रश्नदोतरहकैसेहैंएकशैका अल
गहोजाना रोजगारमध्यमहोना चित्त
कीचिंताचित्तौही समाजाती है. घरमें.
अधेरासाहै जीवकीलालसाइजतनभी
करेपरन्तुबथागएगुप्ताचंता इज्जत का
ख्यालहै औरयेख्यालहै अबकेभी काम
हागाराजद्वारकाउच्य पदवीकी अशा
हैअवचिंताइसप्रश्नकीहेसोकाम ईश्वर
आधीन हैदिनबहुतसमयसे मध्यम है
भाग्यउदयहोनेकोहोता फिररुकजाता
हेअवपूजनश्रीदुर्गादेवीकाकरानाचाहि
येकईग्रहरासपकैडहैं उनकाउपायकरा
नाचाहियकामफतहहोकष्टबाधनष्टहो
लाभकीसूरतअच्छीबनेगी वो मिलेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १८
१८.हेमच्छकदीर्घचिंताचप्रामोतिजीब
प्राप्तिनदृश्यतेभयभीतहृदादृश्यपराधी
नोपिकत्ययाराजद्वार कंकायधनव्यय
भविष्यतिअंतकार्यमहासिद्धिभृगुणाप
रिभाषतःतुमपेवहुतदशान्यूनथीअनेक
प्रकारकोफिक जीवचिंताधनका जाना
गुप्तक्लेशरहा तुम्हाराचित्तएकजीवमेंत
त्पर हैनईन वार्तालाभसोचोहोसोव्रथा
जातीहैअवरोजगारकीभीसूरतहोगीय
जोजीबकीलालसाई पूर्णह परंतुबिलंबहै
देरसफतहहोगाकामलामहोग छाया
दानगुड़गेहूंलालवस्त्रसुवर्णदानसे शीघ्र
मनकी कामनापूर्णहोगाऔरदसरालाभ
काकार्यभीसिद्धिहोगा कामदेवकीउन
मत्तामेंनीचबुद्धिहोजातीहै सोग्रहकाम
मावहैअंजामकुशलभूमि लाभ होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १९
१९.हेप्रच्छक तुम्हारा काम काबू से
वाहरहै दिनरातविचित्रतरहरकीवार्ता
लाभसोचोहोवन करकामकीआनन्दकी
सूरत मध्यमसीहोगई ऐसीदशामगुप्त
चिंताशत्रुकाचित्तौभयसाधनकाचला
जानाभित्रकाख्यालरहताहैरोजगारका
मध्यमहोनाकष्टव्याधाहोखोटीदशामें
बहुतबातोंकाख्यालहोताहै तुमपक्षियों
कोअन्नबाजराभाजनदोश्री बटुकभैरव
कापूजनकराओयमंत्रजपोह्रींलकीश्री
श्रीविष्णुभगवानममअपराधक्षमायकुरु
कुरुसर्वविघ्नविनाशायममकामना पूर्ण
कुरुकुरुस्वाहामंत्रककरानेसेवंशकीबद्धि
होताहैरोजगारश्रेष्टहोताहैजीवकीप्राप्ती
होतीईराजद्वारसेफतेहोतीहैगईहुईलक्ष्मी
फिर आतीहै सर्वकामना सिद्धहोतीहै
/
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २०
२०.हेमच्छक तुम्हारा काम फतहोगा
स्वरदाहना चलताहै इससमयकेप्रश्न
कायहफलहै चिंताफिक्रमिटंगा गईमो
गई अवराखरही जिसने उत्पन्नाकयाहै
देगावहीजीवकी प्राप्तिहोगीराजद्वारसे
लाभहोगाखुशीहोगीमंगलाचार होगा
एकमित्रमविशपमनरहे आधीनरहेगा
भूमिलाभहोगादशाबहुतदिनसेमध्यम
थाअबदशा बदलनेवालाई कामदेवकी
प्रबलतामें न्यून बुद्धिहोजाताहे जबजो
तुम्हारीरासप ग्रहमध्यम उनकादान
निश्चैकरकेकराओ कामहोताहोतारुक
जाताहेश हानिकरातेहैं काम औरके
आधीनहै कई आदमियों से मिल के
कामहोगा अबदशाअच्छी आनेवाली
है येजो और कामहे सोवहभी होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २१
२१. हेप्रच्छकप्रश्नजरामध्यममालूम
होताहैपुत्रकीलामसगाई रोजगारमध्य
मदशामशकिलसेहोत अर्थातहोता
लोभरुकजाताहै धनकानुक्सानधनहर
नहाताहैराजद्वारसेफतेहानामशकलहो
जाताहै उच्चपदवीनहींमिलताजीवकी
प्यारेकीचिंताहोजातीहै जोकामसोचो
तारभंगहोजातीगुप्तशत्रभाजीमारदेते
हैंएकमनोर्थ बहुतदिनसे सोचरक्खाहै
ईश्वरचाहेतवडोअवतमइष्टदेव औरघरके
पित्रोंनिमित्त कुछजपदानकराओजिस
समनोर्थसिद्धहोजिसकीचाहनाहैवोमिले
जीवकीमाप्तिहोरोजगारभारीहोराजद्वा
रसेफतहो गईचीजमिलेमंगलाचार हो
इतनेपूजननवनेगाकोईकार्यदुरुस्तनहो
गा काममध्यमरहेगा अन्तमकुशल है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २२
२२. मच्छकअबतुम्हाग मनोर्थसिद्ध
होगा श्रेष्टदशाआनेवाली है उत्तम दशा
गई चीजका मिलना रोजगारमें लाभ
अन्न लामजीवकीप्रातिराजद्वारों फतै
घरमें मंगलाकष्टव्याधानष्टयात्रालाभ
औरमनका मनोर्थभी सिद्धहोगा अब
तुम्हारी रासपर दोग्रह नाकिस और
वाकी पत्रादेखो उनकाजरा उपाय
और श्रद्धासे करादो और श्याम को
चींटीनालजबतक बनेतबतकदो दशा
उत्तम आने वाली पिछलेदिन बहुत
फिक्रसेवीचेसोअवईश्वरचाहे काम पूर्ण
होंगे आसपूरीहोगी मिलके लाभएक
जीवमें चित्त विशेषकर रहता है सो
आनन्द में बीतेगी काम देव की उन
मत्तता में वृद्धि न्यूनभी होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २३
२३.हेप्रच्छक क्याफिक्रकगंहातम्हे
खुशखबरी हाने वाली है रईसोगई अब
रखरहीअवध वृतदेगावही नोर्थपूर्णहों
गेपरन्तएफ फि.क भागदीखेद ऊपरसे
खर्चआंबहैपासधनविशेपनहीं दीखता
परंतुचिंतामतकरनाकामबडाइज्जनके
साथवनेगाऔर कई जगहसलाम होगा
करनेवालाऔग्वहफिक्रकररहाहै अंब
विशेपलाभकी सूरतहांगी मित्रमें चित्त
बहुतरहनाहैव. भोचित्तसेप्यारकर है अब
तुमशोनइमका कीसिद्धिच होतो श्री
गंगाजी के ब्राह्मणशखांडकेजिमाओ
औरसट्टचावर दहादानकगेकामशी
फहोगाऔरगुप्त लामहागाघरमंचांद
ना होगा एककाम गुप्तसे गुप्त न किस
बनाथा सोईश्वरका ध्यान रक्खे करो
-
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २४
२४.हेमच्छकतुमपर बहुतदिनोंसेदशा
नाकिसानहींतो निहालहोजातेलाभ
कीमरनमेंहानपैदा होगईगुप्तश बराई
करेह अबएकऔरखशीकीबाततुम्हेंहोने
कोहोरहीहैदशानाकिसमें धनमालका
निकलजानापीडाका घरमें बासहोना
इज्जतकाभयहांना रोजगारमेंहानहो
नाहुवाहुवायामंगलाचारका हटजाना
राजद्वारकोचिंताहोनी येसबवातनाकि
सदशामहोतीहैंअवतुमशामकोघृतका
दीपकशिवजीके मद्रमें प्रज्वलितकरो
औरजलकालोटाभरकेशिवजीकोऔर
पीपलकोदो औरइतवारको ब्राह्मणाज
माओकईग्रहतुम्हारीरास परनाकिस हैं
पत्रे देखोसोनाकिसदशाकाफलन्यून
होजायगाजोमनोकामना पूर्ण होगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २५
२५.हेप्रच्छकअवतुम्हारेखाटे दिनगये
अच्छेआने वालेहैं अबतक तुमनेबहुत
नाकिसदशाझली नाकिसदशा में ही
ऐसकामहोतेहै जोफिक्रतुमपर हैं बहुत
नुक्सान उठायालाभकमरहापाड़ रूपी
क्लेशमें धनखर्च औरचीज निकलगई
इज्जतकाभयहुवापरन्तु अवअपनेइष्ट
देवकापूजनपितृपीडाकाजतनऔरकर
ग्रहकादाननिश्चकरकेकराओफिराध
औरनयेलाभोंगे जीवकी प्राप्ति मित्रसे
मुलाकातजोहैविशेषहोगीघरमेंमंगला
चारउच्चपदवी प्राप्तहोगी ग्रहकीपीड़ा
नष्टहोगाशकानाश औरयेजोमनकी
कामनाहैसो पूर्णहोगी औरबड़े क्षिक
जोऊपर से खर्च केदीखेह सोसवानंदमें
कोटासानिकल जायगाकामसिद्धहोगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २६
२६.हेप्रच्छक प्रश्न इससमयकाबहुत
श्रेष्टतुम्हारादीखता बरेदिनगयेअच्छे
आनेवालेथे सोतुम्हारीरासपैदोतीनग्रह
मध्यमआगयेऔरतुमने उनकादानजप
करायानहीं इसकारण ऐसेफिक्रचिंता
झेलीलाभकमरहाखच विशेषहैपीडाकी
चिंताचित्त भयसाहोनाकाम उम्दाला
भकाअभीनहीं बनाजीवकीचिंताहैवश
कीबद्धिको मंगलाचारहोनाएकअपना
प्याराहै उसी चित्तबहुसरहताहै जहा
रकी चिंता अबछायादानऔर चौकी
दालपेलावस्त्र हलदीस्वर्ण दान कराओ
ईश्वर चाहतो मनकी कामना पूर्णहोगी
उच्चपदवीमिलेगी जीवकी प्राप्तिलाभ
बढे भूमिसेलाभ पीडा नष्ट होगीऔर
राजहार सेभी काम में फतह होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २७
२७.हेमच्छक प्रश्न मध्यम है अभी
तुम्हारीमर्जीमाफिककामहोने में देरहै
कष्टरूपीरंजकेशचिंताबहुत रही काम
होताहोतारुकजावेहैयेमध्यम दशाका
फलकहींगवनहोतोभी ताज्जुब नहीं
एकमित्रसेप्रीतबहुत है एकश गुप्त है
अबउसकामिलनाकठिन हैमंगलाचारमें
देरहैएकजीवकीभीअबलाषाहैअबतुम
नवगृहका पूजनदान करोदशा न्यून
बदलेगीश्रेष्टआवेगासो सब कामउत्तम
होंगेजीवकीलाभगईहुईचीजफिरआवे
गीकष्टवाधानष्टहोगाउच्यपदवीमिलेगी
राजहारसेकामसिद्धहोगागुप्तचिंतामिटे
गीचिंत्तमअनेकप्रकारकीवातचित्तवन
करतेहोचित्तकीवाःचित्तौसमाजाती
है अवखुशीकी वार्ता सुनने में आवेंगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २८
२८.हेपच्छकजब दशाजीवपै नाकिस
आती है औरग्रहचौथेआठवेंधारह होजा
तहतबऐसेकामहोते हैं खचविशेपलाभ
कमऔरएकजीवकाबहुतध्यानम्हताहै|
सोआराममिलेगा औरहाथसे निकला
धनदेरसेप्राप्तहोगा जिसकामकोकरना
विचाराहो समझकेकरना अभीभाग्य
उदयहोने मेंकिंचितविलम्ब एकमित्रमें
बहुतमनरहताहैसोउससेपीतबढ़ेगीऔर
मिलेगानयालामहोगादोतीनग्रहतुम्हा
रेनामकीरासपैकैडेहैंउनकापत्रादेखकर
यत्नकराओनहींतोविशेपक्लेशहोगादुख
होनहाँकायत्नहोतेहीआरामहोगाउच्च
पदवीहोगीकाभमेंफायदाहोएकजगह
सेविशेपमालमिलेगाविलंभसेखातरजमा)
रक्खोईश्वरकाभजनकराकरोभूलोमत
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न २९
२६.हेप्रच्छकतुह्मारीबुद्धिधमैणारहती
हैईश्वरकोसत्यनहीं मानतेजिसनेइतना
बड़ाकियाहै और बराबर रक्षा करी है
सोबहकहींचलानहींगयाहै बराबररक्षा
करेगा उस का भजन करो अन्त
आसा पूरणहोगी और गईसोगई अब
राखरही औरवो मिलेगा मौजदहैचिंता
मतकरो आगमकी सूरतहोरहीहै एक
कामविशेषलाभहोगा परंतुअवमंगल
कैवर्त और पक्षियोंको बाजरा भोजन
डाल दिया करो वड़ा पुन्यका कामहै
करग्रहोकाजपदान करातेरहाकरो मन
वांछितफलमिलेगा कार्जसिद्धहोंगे जो
बडेखर्चकेकाम समझरक्खेहैं कांटासा
आनन्दमें निकल जायगा कामदेवकी
उनमत्ता में बुद्धि न्यून होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३०
३०. है मच्छक इस समय के प्रश्न
का यह फल है कि तुमनेजो प्रश्न
विचारा है सो काम सिद्ध होगा और
लाभ की सूरत और आराम की सूरत
नजरआतीहेपिछलेसालमहीनेमध्यम
रहे खर्च विशेष आमदनी न्यून अब
भाग्यउदयहोगा और कामफतह होगा
थोड़ा विलंब है लाभकी सूरत होकर
हटजातीहै ईश्वरका स्मण चित्त लगा
करकरो और घृत सामर दानकरो अब
नये सिरेसे आनन्द का प्रबन्ध होगा
एक काम तुम से न्यून बनगया सो
ईश्वर भी जाने है अब भजन विशेष
करने से कार्य की सिद्धि होगी और
बहुतसी प्राप्तहिोगी नवीननवीन वार्ता
की समुद्र की तरंगसीचित्तमें उठतीहे
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३१
३१.हेमच्छककाम तम्हारेमें विलंब है
कामअभी ठीकनहोगा दशा नाकिम है
कईग्रह नाकिसह पंचांगखोलकर देखो
सोचोहोकुछहोहेकुछकईवार्ताकीचिंता
हैजीवकीधनकीमगलाचारका कष्टरूपी
क्लेशकीपरंतुतुम सतबादीहोसत्रावोलने
कोपमंदकरतेहोझूटसेक्रोधितहोतहोपरा
येकाममनसेगीतलगाकेकरतेहौकिसी
काबुरानहींचाइतेतुम्हे विद्या कमद्दपरत
वृद्धिअकलवडेविद्वानोसेविशेपहरएक
कीवातकीटमात्यकी परिक्षा समझलो
होएककामन्यूनबन गयाथासोईश्वरकी
भक्तिविशेषकरोश्रीगंगाजी२५ब्राह्मण
खीरखं डकेजिमाआमनवांछितफलमि
लेगालामहोगामिरपेरडाजेफिक समय
रकावा है सबकामआनंदमें होजायगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३२
३२ हेप्रच्छक तुम्हारा प्रश्न शगुण
इमवक्त बहुतश्रेष्टहै तुम्हे बिना कार्ण
चिंता फिक भयसा उत्पन्न होजाताई
बुद्धिभ्रमणहोजातीहै गयासोगयाफिर
आवेगा मिलेगा क्या मिलेगा आराम
मिलेगा धनमिलेगा मंगलाचार होगा
पीडाकानाशहोगा जीवकोखुशीहोगी
अकस्मात खुशखबरीहोगी अपने इष्ट
देव पित्रदेवताके निमित्त वस्त्र मिष्टान्न
कच्चादृध मावश्याको पिलातेरहाकरो
रोजगार बढेगा उच्च पदवी पाओगे
एकजीवकाध्यान मित्रकेच्यानोचत्त
बहुतरहताहै तुम्हे विद्यामध्यम है परंतु
अकलबुद्धितेजहे किसीकावुरा नहीचा
हतेसत्यवार्ताको परन्दकरतेहो खर्चहै
अंजाम कुशलहे राजद्वारसेअन्तफतेहैं
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३३
३३हेपच्छक येजोतुमने प्रश्नकियाहै
जोहोगयासोहोगयाअवखुशीकीवार्ता
होनेवालादेखोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हैआरामहोगाकारजफत होगाजिसकी
चाहनाहैमिलेगाऔरयेजोचित्त में काम
बिचाराहैदरसे होगा दिनतुमकोबहुत
दिनोंसे मध्यम, मर्जिकमाफिकलाभ
नहींहैनष्टदशामरजक्लेशपीड़ागुप्तचिंता
शत्रुताहोतीहेमोअपनीरासपैजोदोतीन
ग्रहनाकिसहँदानमंत्रजपाकरो तबघर
में आनन्द मंगलाचार जीवकी प्राप्ति
यात्रासे लाभ काम फतहोंगे गप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारेशरीर पै व्रणयानी फोडे
फुसी का निशान है आलस्य रहता है
नई नई बात का चितवन करते हो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३४
३४ हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नाकिसफिक्रस गजरे और खर्च
विशेषलाभ मध्यम सोअबप्राप्तिहोगी
जीवकालाभहोगा व्याधा रंजनष्टहोंगे
घरमें खुशीहोगीचित्तकीचिंताचित्त में
समाजातीहै समुद्रकी तरंगसीनई नई
उठतीहसोथाजातीएकजीवचित्त
बहुतरहताहै अबईश्वर चाहेतो कहीं
खुशीकी बातसुनोगे उच्चपदवी प्राप्तहो
गी नाकिसग्रहोकादान और सवेश्याम
शिवजीका भजनकरकरो और ये जो
प्रश्नकिया है वो काम भी फतैहोगा
मिलेगा फिक्र गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अब राख रही को
काम काबू से बाहर है सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरो काम फतै होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३५
३५ हेमच्छकतुम्हारा कार्यसिद्ध होगा
प्रथम दशा न्यून थीं अब दशा श्रेष्ट
आनेवालीहै जीवकी चिंता औरलाभ
का उद्योग विशेष परन्तुलाभ अधूरा
होताहै और येजो अवफिकखर्चसो
दूरहोयगाआरामगुप्त वोभौमिलेगाफतै
होगा कष्टनष्ट होगा कईग्रह नामकी
रासपरनाकिसहसोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकराओबिनादानके
करायेकार्यसिद्धदेरसेहोगाइसकारणचा
वलमिष्टान्नस्वेतवस्त्ररजनित अर्थात् श्र
द्वाप्रमाणचांदीदानकाकरना बहुतश्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
भकीसूरतहोगीचित्तस्थिरकरके किसी
कालईश्वरकाभजनकराकरो प्रश्न श्रेष्ट
हैं अंजाम कुशलहै तीर्थयात्रा श्रेष्टहै
।
हरदेव का तात्कालिक उन ३६
३६प्रच्छकडसममयकेप्रश्नकायेफल
हैकार्याधीनसेवाहरअर्थात् कामकाबू
सेवाहरचिंताकष्टकई जीवशत्रुतागुप्तकरें
परंतुउनमे कुछहोनहीं सक्ता १जीवमें
चित्तबहुतरहताहैदशामध्यपके कारण
अनेकप्रकारकीहानतालापसोचोहो
समुद्रकीलहरसीउठनीहैनईन ईबातका
चितवन होकरनिलहोता कई फिक
भारीलगेहुवेजीवकीप्रसिहोगीफतैऔर
चंगाहोगाऔरयेजोअव चिंताहैमबदूर
होपीतदानकरो चनेकीदानहलदीपेला
बचपेलेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्तचिंता
दूरहोगीकार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्राप्तहोगादशान्यून केकारणफिक्रचिंता
गृहमें लशहोताहै अबदशाश्रेष्ट आनेवा
लीहैये कार्यहाकर नवीनकृत्यकरोगे ॥
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३७
३७६प्रच्छकतुम्हाराप्रश्नचिंतारूपीक
ष्टकाहैखचविशेष जीवकीलालसाजीव
चिंतातरह २उदवेगचित्तस्थिरनहींकाम
काबू मेवाहरहैदूसरेआदमियों कोभीबहु
तफिकहैजबदशामध्यमहोतीहैअपनेभी
परायेहोजातेहपरंतुअभीकार्यविलम्ब
हैकामनापूर्णतोहोगा परंतुपापग्रहोका
पूजन विधिपूर्वकवटकभैरवकामंत्रभी
जपाबाओ[मंत्रऍहीक्लीश्रीबटुकभवी
यआपदुद्धारणायसर्वविघ्ननिवार्णायम
मरक्षाकुरुकुरुस्वाहा। इसमंत्रजापसे
मनोकामनापूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्धचिंताईसोकामहोऔरमिलेगाखर्च
विशेपहैएकजीवचित्तमीवहुतरहताहै
लाभअधूरहोते,नईश्वार्ताकाचितवन
रहता है परन्तु अन्त में कुशलता है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३८
३८हेप्रच्छक कामना पूर्णहोगी खुशी
कीवार्ताहोनेवाले है मिलेगामार्जकमा
फिक कामहो चित्त उसविनाव्याकुल
सारहताहै दशान्यून केकारण ऐसेकाम
हुए धन का खर्च जीवकादुख काम
दुसरेके काबू में होना औरदोतीन ग्रह
तुम्हारीरासपैकै मध्यमपंचांग में
देखोउनमध्यमेंगृहों का पूजनदानमंत्र
स्थिरचित्त करकेकराओकार्यशीघ्र सि
द्ध होगा और येजो फिक्र है सोदूरहोगा
औरकई फिक्र खर्चकेआई सो काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परन्तु विलम्बहे पृजनदानसकार्य
सिद्धहोगागुप्त लाभहोगाअव अंजाम
अच्छा दीख, कार्यमें मी लाभ होगा
शिव जी का पूजन नित्य किया करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ३९
३६ इससमयकेप्रश्नका फलये है किका
मठीकबैठेगायान बैठेगाइजनका भय
होजाताहै ऐसीदशामेंगवनभीहोता है
गुप्तचिंत्तारहेहैं कमीचित्त कुछआताई
कभीकुछआताहै ऐसीदशामें खर्चविशे
पहोताहै एकगुप्तमनोर्थईसोकबतकआ
रामहोगासा अवन्यूनदशावीचनेवाली
हैऔरश्रेष्टआनेबालीहै परन्तुझाममें देर
हैइष्टदेवकापूजन करनाचाहिये पित्रोंके
निमितमिष्टान्नबस्त्रकच्चा दूध पीपलको
जलदेना श्रेष्टहै कईमहिने सेभ ग्यकीही
नतायानीमध्यम है पूजनकरनेसेधनकी
प्राप्तीजीवका मिलना कप्टरूपीरजका
दूरहोना येजोअब बहुतचिंताहै काम
जरादेरसे मर्जीकमाफिक होगा काम
कासे वाहर होगया दशा मध्यमहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४०
४०हेपच्छकतुम्हारी रासपै आजकल
कईग्रहनाकिसह पंचांग खोलकरदेखो
जवऐसेग्रहरासपआतेहै लाभकमहोती
हैशत्रुउत्पनहोतमित्र व प्यारोंसेजुदाई
होताईकष्ट रंजहोतेहैं आमदनी होती२
रुकजातीहैजहां पूर्णलाभसमझोअधूरा
होताहैएकजीवलालसाआसलगीरहेहै
व्यैदीर्घलाममध्यसहो कामहोने कोहो
फिरतारभंगहाजाईसोअबमध्यमग्रहों
केदानजापकराओ आपभीये मंत्रजपो
ऐंहीक्लीं श्रीवासुदेवायनमःबबटुकभैर
वायआपदुद्धरणायममरक्षाकुरुकुरुस्वाहा
दानमंत्रजापकरनेमे येजोतुम्हारेमनकी
कामनाहै पूर्ण होगीप्राप्तिहोगीकष्टदुरहो
पुत्रोंकालाभराजसेफतैमित्रसेप्रीतविशेष
इतनेउपायनबनेगादशा मध्यमरहेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११
४१.हेमच्छक ये जोतुमने प्रश्नकिया है
जोहोगयासोहोगया अवखुशीकीवार्ता
होनेवालाईखोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हैंआरामहोकारजफतहोगाया जिसकी
चाहनाहमिलेगाऔरयेजोचित्तकाम
विचाराहै देरसेहोगा दिन तुमको बहुत
दिनोंसे मध्यम, म के माफिक लाभ
नहीं हैनष्टदशामेरंजक्शपीडागप्तचिंता
शत्रताहोतीसोअपनीरासपैजोदातीम
ग्रहनाकिसह दानमंत्र जापकरो तवघर
में आनन्द मंगलाचार जीव कीप्ताप्ति
यात्रासे लाभ कोम फतहोंगे गुप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारे शरीर में ब्रणयांनी फोड़े
फुसी का निशान है आलस्य म्हताहै
नई नई बात का चितवन करते हो
• हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४२
४२. हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नाकिस फ़िक्र से गजरे और खर्च
विशेष लाभमाध्यम सो अब प्राप्तिहोंगी
जीवका लाभहोगा व्याधा रंजनष्टहोंगे,
घुरमें खुशाहोगी चित्तकोचिंताचित्तमें
समाजातीहै. समुद्रकी तरंगसी नई नई
उठता,सोवृथाजातीहै एकजीवाँचित्त
बहुतरहताहै अब ईश्वर चादेतो.कहींसे
खुशीकी वातसुनोगेउच्चपदवी प्राप्तहो
गी नांकिस ग्रहोंकादानऔरसुवेश्याम
शिवजीको भजनकराकरो और येजो.
प्रश्न किया है वो काम भी फतहोगा
मिलेगा फिक गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अब राख रही को
काम काबू से बाहर. है सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरो काम नै होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४३
४३.हेपच्छक तुम्हाराकार्य सिद्ध होगा
प्रथम दशा न्यून थी अब दशा श्रेष्ट
आनेवाली है जीवकी चिंता और लाभ
का उद्योग विशेष.परंन्तु लाभ अधूरा
होताहै और य जो अब फिक्रहै खर्चसो
दूर होगाआरामगुप्तवो भी मिलेगा फतै
होगा कष्ठ नष्ट होगा कई ग्रह नाम की
रासपरनाकिसह सोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकेराओ बिनादानके
करायेकार्यसिद्धदेरसेहोगाइसकारणचा
वलमिष्टान्नस्वेतबस्व रजानत अर्थात् श्र
द्धाप्रमाणचांदीदानका करनाबहुत श्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
भकीसूरतहोगी चित्त स्थिरकरके किसी
कालईश्वरका भजन कराकरोप्रश्न श्रेष्ट
है अंजाम कुशल है तीर्थ यात्रा श्रेष्टई
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४४
४४,प्रच्छकइससमयकेप्रश्नका येफल
हैकार्यआधीनसेवाहरअर्थातकामकाबू
सेवाइरचिताकष्टकई जीवशत्रुतागुप्तकरे
हैपरंतुउनसे कुछहोनहीं सतारजीवमें
चित्तबहुतरहताहैदशामध्यमकेकारण
अनेकप्रकारकीहानवार्तालाप सोचोहो
समकालहरसीउठती है नई नईवातका
चितवनहोकनिर्फल होताहै कई फिक
भारीलगेहुवेजीवकीप्राप्तिहोगीफतैऔर
चंगाहोगाऔरयेजो अवचिंताहैसब दूर
होपोतदानकरोचनेकीदालहलदी पेला
वखपेलेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्तचिंता
दूरहोगी कार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्राप्तहोगादशान्यूनकेकारणफिकचिंता
गहमलेशहोताहै अनदशाश्रेष्ट आने वा
स्लोईयकार्यहोकरनवीन कृत्यकरोगे।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४५
४५. हेप्रच्छकतम्हाराप्रश्नचिंतारूपीक
ष्टकाहै खर्च विशेपजीवकीलालसाजीव
चिंतातरह उदवेगचित्तस्थिरनहींकाम
कावृसेवाहरहैदूसरेआदामयों कोमीबहु
तफिकहै जवदशामध्यमहोतीहैअपनेभी
परायहोजात परंतअभीकार्यमेविलम्ब
है कामनापूर्णतोहोगी परंतु पापगृहोंका
पूजन विधिपूर्वक बटुकभैरवका मंत्रभी
जपवाओ(मंत्र)डाऐंहीक्लीं श्रीषटुकभैर्वा
यआपदुद्धारणाय सर्वविघ्ननिवार्णायम
मरक्षाकुरकुरुस्वाहा । इसमंत्रजापसे
मनोकामनापूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्घचिंताहैसोकामहोऔरमिलेगाखर्च
विशेषहैएकजीवमें चित्तभीवहुतरहता है।
लाभअधुरेहोते. नई २वार्ताकाचितवन
रहता है
में
कुशलता है
परन्तु अन्त
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४६
४३ हपच्छक कामना पूर्णहोगी खुशी
कीवार्ताहोनेवाली है मिलेगा मर्जीकेमा
फिक कामहो चित्त उस विना व्याकुल
सारहताहैदशा न्यन केकारण एसेकाम
हुए धन का खर्च जीवकादुख काम
दुसरेके काबू में होना और दो तीन गृह
तुम्हारीरासपैकैडेहैं मध्यम हैं पंचाग में
देखो उनमध्यमग्रहोंका पूजनदानमंत्र
स्थिरचितकरके कराओकार्य शीघ्र सि
द्ध होगा और येजो फिक्र सोदूरहोगा
और कई फिक्र खर्च के आवेह सौ काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परंतु विलम्बहै पूजनदानसेकार्य
सिद्धहोगा गुप्त लाभहोगा अब अंजाम
अच्छा दीखहै कार्यमें भी लाभ होगा
शिवजी का पूजन नित्य किया करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४७
४७,इससमयके प्रश्नका फलये हैकिका
मठीकबैठेगायान बैठगाइज्जतकामय
होजाताहै ऐसीदशामेंगवर भीहोती है
गुप्तचिनारहे? कभीचिंत्तमकुछ आता है
कभीकुछआता ऐसीदशाम खविशे
पहोताहैएक गुप्तमनोर्थहैसोकबतक आ
रामहोगासोअवन्यून दशावीचनेवाली
हैऔरश्रेष्ट आनेवाल है परन्तकाममेटेर
हैइप्टेदवकापूजनकरानाचाहियेपित्रों के
निमितामिष्टान्नवस्त्रकच्चा दूध पीपलेको
जलदनाश्रेष्टहैकई महीनसभाग्यकीही
नतायानीमध्यमईपूजनकरनेसेधनकी
प्राप्तिजीवकामिलनाकवरूपी रंजका
दूरहोना ये जो अब बहुतचिंता है काम
जरादरसे मर्जीकेमाफिक होगा काम
क व से बाहर होगया दशा मध्यम है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४८
४८. हेमच्छकतुम्हारी रासपै आजकल
कईग्रहनाकिसह पंचांग खोलकरदेखो
जबऐसेग्रहरासपंआतेहैंलाभकमहोती
देश उत्पनहोतेमित्र व प्यारोंसेज़दाई
होताह कष्टरंजहोते. आमदनीहोती२
रुकजातीहैजहांपूर्णलाभसमझोअधूरा
होताईएकजीवलालसाआसलगीरहे है
व्यैदीर्घलाभमध्यमहो कामहोनेकोहो
फिरतारभंगहोजासोअवमध्यमग्रहों
केदानज़ापकराओ आपभीयमंत्रजपो
उऐंड्रीली श्रीवासुदेवायनमः वटुकभैर
वायआपदुद्धारणायममरक्षाकुरुकलस्वाहा
दानमंत्रजापकरनेसेयेजोतुम्हारेमनकी
कामनाहैपूर्णहोगीप्राप्तिहोगीकष्टदरही
पुत्रोंकी लाभराजसेफले मित्रसेप्रीतविशेष
इतनेउपायसेनगादशा मध्यमरहेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ४९
४६. हेप्रच्छकयेजो तुमने प्रश्नकियाहै
अबदशाश्रेष्टआनेवालाहैकामनापूर्णहो
गीजोकामचिंत्तभधारणकराईसोमिले
गाचिंतादुरहोगीकामफतैहोंगे मित्रोंसे
पीतओरकष्टपीडानष्टहोगीजोबिचारा है
कामठीकठेगेदशाबहुतदिनोंमेमध्यम
थाव्यविशेपहुबाजीवकीप्राप्त होगीरिण
कीन्यूनताहोयप्रश्नश्रेष्टहै उद्योगव उपाय
पहलेतुमनेबहुतेरेकरेपरनिर्फन्टगयेकाम
काबुसबाहर पग्अवईश्वरआनन्द खुश
खबराकीवार्ताकरेंगेगुप्तलामहोये जोप्रश्न
विचाराहैइसकेवास्ते श्रीदेवीदुर्गालक्ष्मी
कापूजनकराओ चावलचांदीसेतवस्त्र
श्वेनफूलकादान कराओ कईग्रहमध्यम
सोउपायकरनेसे शीघ्रमनकी कामना
पूर्ण होगी एकजीवका ध्यानरहना है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५०
५व्हेपच्छककामकाबूम बाहरहै और
धनकाव्यविशेप हैअकस्मातयेमामलाहै
सोजीवकीचिन्ताहैऔरआदमीको मी
चिंताबहुतहैइज्जतकाख्यालहैवडे२खर्च
दीखेल्औरतुमपरउपकारीसत्यवातीको
पसंदकरोहो छलछिद्र के कामकोपसंद
नहींकरतेतुम्हाराप्रश्नजावऔर धन का
हैऔरइज्जतकामयहोताहै अनेक प्रकार
कीवातासोचोहो. निर्फलजाती है पता
नहीलगताजतनभीकरेअवनवग्रहों का
दानमंत्रजापकराओये कामईश्वरचाहे
तोठीकहोंनेवाला है औरआदमीभीसहा
यताकरेंगेकईशत्रु ग्रहइष्टदेवका पूजन
कराने से काम मनइच्छा पूर्ण होगा
और मिलेगा वंश की वृद्धि होगीजी-
व लक्ष्मी प्राप्त होगा आराम होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५१
५१.हेप्रच्छकइससमयकै प्रश्नकरनेका
येमामलादेस्वरदस्वभावहेघरमेंचमत्का
रीहोलेशमिटेव्याधाटलेजिसकाप्रश्नहै
वोशैमिलेगीयानमिलेगीमंगलाचारकद
तकहोगा लाभखुशीकबतकहोगीऐसी
दशाकबतकरहेगी जीवकीचिंताहै बंश
की वृद्धिहाआजकल तुमसोचोहो कुछ
होय हैकुछ दोतीनग्रहरासपैनाकिसआ
रहसाउनकाउपायदानपुन्यजापकरा
नेसेचित्तकामनाथसिद्धहागा खुशीहो
कामपरायेआधान है अबतुमचीटीनाल
जिमाओतोश्रेष्टहै खोंकोभोजनदोका
यसिद्धहोगादशाउतरनेवाली मनार्थ
पूर्णहोंगेअनेकप्रकारकीलाभकीसूरतहो
औरयेजो ऊपरसे फीक दीखेसोसब
कांटासा निकलजायगा दशामध्यमहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५२
५२. इस समयजो आपनेप्रश्नकियाहै
ऐसेस्वरमेयेवार्ताह किगुप्तचिंता१जीब
कीलालमायनीरहतीधनसेहीरास्किार्य
सिद्धहाई रोजगार मेंमध्यमलाभहैसो
प्राप्तहोगीयानहींमंगलाचारकीसरतक
बतकहोजिससे घरमंचांदनाहोआराम
होकवतकदिनकैडे गुप्तलासभी होगी
येझगडाकबतकमिटेगादिनरातचिंत्तमें
चिंताल्लेशरहेहैकरतकदिनअच्छेआगे
येप्रश्नब्राह्मणकोदही लमिष्टानभोज
नदेनेमेकामहो अपनेइष्टदेव कापूजन
घरमें पित्रपीडाका उपायकरोउपायके
करानेसेअबकेकामसिद्धहोइज्जतवढेगी
सबसेजीतोगेशत्रुरूपीग्रह हानकररहे हैं
दिनरातनईनईवार्तासोचोहोसवनिर्फल
जातीहै परन्तु अंजाम कुशलता है ।।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५३
५३ इपसमयके प्रश्नकायफलहैजीव
चिंताभविष्यति धनन्यूनंदिनदिनेमंग
लाचारविलम्बस्यपराधान कृत्ययोराज
द्वारकन्यायरिथरोकार्यद्रष्टयाग्रहपीडा
चप्राप्नोतिभृगणापरिभाषितःमध्यमद
शामध्यमकार्यहोजाते,मनकीवार्ता
कवतकपूर्णहोगी मिलेगीयानहीं रोज
गारकीहानाहै कबतकवृद्धिहोगीआज
कलादिननाकिसबै घरमैं चांदना कब
तकहोयेकामअबकेभीफतहहोगाजिस
सेवंशकीब्रद्धि हो तुम्हारीरासपैकई
मध्यमहेपत्रादेखोनाकिसग्रहोकादान
मंत्रजापछायादानकरानेसे अबयेमनो
थसिद्धहोगाकामकाबूसेवाहरहेमामला
ईश्वरकेआधीनहे परन्तुजोबातचित्तमें
औरहैयेगृहकाप्रभावहै अन्तअच्छाहै
हरदव का तात्कालिक प्रश्न ५४
५४ हप्रच्छक तुम्हारा प्रश्न जीव की
चिंताका काम पराधीन कासेवाहर
होगया बहुतरेयत्नकरोहो बहुतेरदातें
सोचाहो मंगलाचार खुशीबंशकीब्रद्धि
गजद्वारविद्याकीसिद्धिधनकीजीतश्रेष्ट
दशाहोतीहै अबजोतुम्हेयेचिंताऔर
लालसा जीवकीहै सो कामविलंबह
परंतुमिलेगाऔरहोगापरंतुजतनउपाय
सेइच्छापूर्णहोगीघरमेंस्वप्नभी दीखेहै
आरामकी सुरतहोगी जीवप्राप्तिहोगी
इज्जेतकाकामहो संदेहमिटेगाधनका
मनोर्थपूर्णहोगा देवीका पूजनकराओ
औरअपनेहाथसे घतखांडचावलचांदी
कोदानकरोईश्वरचाहेतोउपायकरतेही
इच्छापूर्णहोंगी औरतुमपरउपकारीहो
सत्यवादीहो असत्यकोपसंदनहींकरते
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५५
५५. हेपच्छकचित्तचिंताभविष्यति
हक्लेशनसंशयाचनमानम हानिपीडा
देहदीर्घतामंगलाचारकंयोगबंशवृद्धिच
माप्तयेराजद्वारकन्यायधनहानिक्लिंच
ताप्रश्नकाफलयेइतरह२ कीवार्तालाभ
सोचोहोकामकाबूसेवाहर है दशाक ईम
हीनेमेमध्यमहैन्यूनदशामें धनहानिधि
पेशव्ययलाममध्यमचिंताक्लेशनुमान
होते हैं राजद्वार भीकाममर्जीकमाफ
कनहींहोतेसोकामकबतकहोगाजांघर
मेंचंदनाचमत्कारीहोबंशकाइज्जतकी
बद्धिहोऔरवोमिले एकजीवमेचित्तविपे
शरहताहैसोशिवजीकापूजनचींटीनाल
देनाश्रेष्ठहैओरअपनेहाथसेगुड़गेहुलाल
वस्त्रलालपुष्पआदिदानकरके देईश्वरचा
हेलोअवकामशीघ्रह कामनापूर्ण होगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५६
५६हेमच्छयगुप्तचिंताशरीरेनधनहानी
चदश्यते गृहपाड़ा भविष्यति दृश्यते
भाग्यमंदताजीवचिंताचप्राप्नोतमगला
चारहर्पकंधननष्टनसदेहोजीवप्रश्नेचा
प्तयेइससमयदुसुभावस्वरहैइसमेंभाग्य
कीवृद्धिबंशकीनधिमंगलाचारराजद्वार
मैन्यायकिसीप्यारेकीचिंताविद्याकाला
भरोजगारकत्यपीडाकायत्नदुस्वभाव
स्वरमें इसप्रकारप्रश्नहोते सोतीन गह
तुम्हारीर सपैआजकलनाकिसहै पत्र में
देखोनाकिसयानहींजरूर हैंइननाकि
'सगहोंकादानमंत्रजापकराओ जिससे
भाग्यकीनादिकानालाखुलेऔरउच्चपद
वीमिलेऔरयजीवकीप्राप्तीकमंगलाचा
रकेकामहोंऔरंगप्तगईहुईचीजप्राप्ताहो
अंजामकुशलहैजिसे चाहोसो मिलेगा
--
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५७
५७. हेप्रच्छकतुम्हाराप्रश्न जीवरूप
लक्ष्मीकाहै चिंतादीर्घहैऔर स्वरदुस्त्र
भावहे प्रश्नदोतरहकैसे हैंएकशैका अल
गहोजाना गेजगारमध्यमहोना चित्त
कीचिंताचित्तमेंही समाजाती है घरमें
अधेरासाहै जीवकीलालसाहैजतनभी
करेपरन्तुव्रथागएगुप्तचिंता इज्जत का
ख्यालहै औरयेख्यालहैअबकेभीकाम
होगाराजद्वारकाउच्यपदवीकी अशा
हैअवचिंताइसप्रश्नकीहैसोकाम ईश्वर
आधीन हैदिनबहुतसमयसे मध्यम है
भाग्यउदयहोनेकोहोताहैफिररुकजाता
हेअबपूजनश्रीदुर्गादेवीकाकरानाचाहि
येकईग्रहरासपेकैडहैं उनकाउपायकरा
नाचाहियेकामफतहहोकष्टबाधनष्टहो
लाभकीसरतअच्छीबनगी वो मिलंगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५८
५८.हेप्रच्छंकदीर्घचिंताचप्राप्नोतिजीव
प्राप्तिनदृश्यतेभयभीतहदादृश्यपराधी
नोपिकत्ययाराजद्वार के कार्यधनत्रय
भविष्यतिअंतकार्यमहासिद्धिभृगुणाप
रिभाषतःतुमपेबहुतदशान्यूनथीअनेक
प्रकारकफिक जीवचिंताधनका जाना
गुप्तक्लेशरहो तुम्हाराचिंत्तएकजीवमेंत
त्परहैनईनई वार्तालाभमोचाहोसोव्रथा
जातीहैअबरोजगारकीभीसन्तहोगीये
जोजीवकीलालसाई पूर्णहो परंतुविलंबहै
देरसेफतहहोगाकाममेलामहोग छाया
दानगुड़गेंहूंलालपस्नम्वर्णदानमे शीघ्र
मनकीकामनापूर्णहोगाऔरद मरालाभ
काकार्यभीसिद्धिहोगा कामदेवकीउन
मत्तामें नीचबुद्धिहोजातीहै सोग्रहकाप्र
मावहैअंजामकुशलभूमि लाभ होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५९
५९.हेप्रच्छक तुम्हारा काम काबू से
वाहरहै दिनरातविचित्रतरहरकीवार्ता
लाभसोचोहोबनकरकामकीआनन्दकी
सूरत मध्यमसीहोगई ऐसीदशामगुप्त
चिंताशत्रुकाचित्तभयसाधनकाचला
जानामित्रकाख्यालरहताहैरोजगारका
मध्यमहोनाकष्टव्याधाहोखोटीदशामें
बहतवातोंकाख्यालहोताई तुमपक्षियों
कोअन्नबाजराभोजनदोश्री बटुकभैरव
कापूजनकराओयमंत्रजपोडौंऐंड्रीलकीश्री
श्रीविष्णुभगवानममअपराधक्षमायकुरु
कुरुसर्वविघ्नविनाशायममकामना पूर्ण
कुरुकुरुस्वाहामंत्रककरानेसेबंशकीबृद्धि
होतीहैरोजगारश्रेष्टहोताहैजीवकीप्राप्ती
होतीहैराजद्वारसेफतैहोतीहैगईहुईलक्ष्मी
फिर आतीहै सर्वकामना सिद्धहोतीहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६०
६०.हेप्रच्छक तुम्हारा काम फतैहागा
स्वरदाहना चलताहै इससमयकेप्रश्न
कायहफलहै चिंताफिक्रमिटेगा गईमो
गई अवराखरही जिसने उत्पन्नाकयाहै
देगावहीजीवकीप्राप्तिहोगीराजद्वारसे
लाभहोगाखुशीहोगीमंगलाचार होगा
एकमित्र विशषमनरहेहेआधीनरहेगा
भूमिलाभहोगादशाबहुतदिनसमध्यम
थाअबदशा बदलनेवाली कामदेवकी
प्रबलतामें न्यून वुद्धिहोजातीहे जबजो
तुम्हारीरासपै ग्रहमध्यम हैं उनकादान
निश्चैकरकेकराओ कामहोताहोतारुक
जाताहैशत्रुहानिकराते काम औरके
आधीनहै कई आदमियों से मिल कै
कामहोगा अबदशाअच्छी आनेवाली
है येजो और कामहे सोवहभी होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६१
६१.हेप्रच्छकप्रश्नजरामध्यममालूम
होताहैपुत्रकीलामसगाई रोजगारमध्य
मदशामेंमुशकिलसेहोत अर्थात्होता२
लामरुकजाताधनकानुक्सानधनहर
नहोताहैराजद्वारसेफतैहानामुशकलहो
जाताहैउच्चपदवीनहीं मिलतीजीवकी
प्यारेकीचिंताहोजातीहै जोकाससोचो
तारभंगहोजातीहैगुप्तशत्रुभांजीमारदेते
हैएकमनोर्थ बहुतदिनसे सोचरक्खाहै
ईश्वरचाहेतवहोअवतुमइष्टदेवऔरघरके
पित्रोंनिमित्त कुछजपदानकराओजिस
समनोर्थसिद्धहोजिसकीचाहनाहेबोमिले
जीवकीमाप्तिहोरोजगारभारीहोराजद्वा
रसेफतहो गईचीजमिलेमंगलाचार हो
इतनपूजननवनेगाकोईकार्यदुरुस्तनहो
गा.काममध्यमरहेगा अन्तमकुशलहै
हरदेव का नात्कालिक प्रश्न ६२
६२.३पच्छक अवतुम्हाग मनोर्थसिद्ध
होगा श्रेष्टदशाआने वाली हैउत्तम दशा
गई बीजका मिलना रोजगारमें लाभ
अन्न मेलाभजीवकीप्राप्तिराजद्वारमें फतै
घरमेंमंगलाकष्टव्याधानष्टयात्रा लाभ
औरमनका मनोर्थभी सिद्धहोगा अव!.
तुम्हारी रासपर दोग्रह नाकिस और
बाकी पत्रादेखो उनकाजरा उपाय
और श्रद्धासे करादो और श्याम को
चींटीनालजबतक बनेतबतकदो दशा
उत्तम आने वाली पिछलेदिन बहुत
फिक्रसेवीचेसोझबईश्वरचाहे काम पूर्ण
होंगे आसपूरीहोगी मिलके लाभएक
जीवमें चित्त विशेषकर रहता है सो
आनन्द में बीतेगी काम देव की उन
मत्तता में बुद्धि न्यूनभी होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६३
६३.हेप्रच्छक अवकाफिक्रकगेहांतुम्हें
खुशखबरी हानेवालाई गईसोगई अब
रखरहीअवबहुतदेगावहीम नोर्थपूर्णहों
गेपरन्तएफ फिक्र भार्गदीने ऊपरसे
खर्चआंबहपासघनविशेषनहीं दीखता
परंतुचिंतामतकरनाकामबडाईज्जतके
माथबनेगाऔरकई जगहसलीम होगा
करनेवालाऔग्वीकिकररही है अब
विशेपल भकीसरतहांगी मित्रमैचित्त
बहुतरहनाहै भौचित्तसेप्यारकर अव
तुमशोधइमकामकीसिद्धिचाहोतो श्री
गंगाजी के ब्राह्मणवारखांडकेजिमाओ
औरसट्ठीचावलदहीदानकरोकामशीप
फतहोगाऔरगुप्त लाभढोगाधर चांद
ना होगाएककाम गुप्तसे गुप्त न किस
बनाथा सोईश्वरका ध्यान रक्खे करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६४
६४.हेप्रच्छकतुमपर बहुनदिनोंसेदशा
नाकिसथीनहींतो निहालहोजातेलाभ
कीमुरतमेंहान पैदा होगईगुप्तश चदाई
करेहेअबएकऔरखुशीकीबाततुम्हेंहोने
कोहोरहीहैदशानाकिसमें धनमालका
निकलजानापीडाका घरमें वासहोना
हज्जतकाभयहोना रोजगारमेंहानहो
नाहुवाहुबाया मंगलाचारका हटजाना
राजद्वारकीचिंताहोनी येसबवातनाकि
सदशामहोती अवतमशामकोघृतका
दीपकशिवजीके मद में प्रज्वलितकरो
औरजलकालोटाभरकेशिवजीकोऔर
पीपलकोदो औरइतवारको ब्राह्मणाज
माओकईग्रहतुम्हारीरासपरनाकिस हैं
पत्रेमदेखोसोनाकिमदशाकाफलन्यून
होजायगाजोमनोकामनाहै पूर्ण होगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६५
६५.हेमच्छकअवतुम्हारेखोटे दिनगये
अच्छेआने वालेहैं अबतक तुमनेबहुत
नाकिसदशाझली नाकिसदशा में ही
ऐसैकामहोतेहैं जोफिक्रतुमपर बहुत
नुक्सानउठायालाभकमरहापाड़ारूपी
क्लेशमें धनखर्च औरचीज निकलगई
इज्जतकाभयहुवापरन्तु अवअपनेइष्ट
देवका पूजनपितृपीडाकाजतनऔरकर
ग्रडकादाननिश्चकरकेकराओफिरशीघ्र
औरनयेलाभोंगे जीवकीमाप्तिमित्रसे
मुलाकातजोहैविशेपहोगीघरमें मंगला
चार उच्चपदवी प्राप्तहोगी ग्रह की पीड़ा
नष्ट होगीशकानाश औरयेजोमनकी
कामनासो पूर्णहोगी औरवड़ेफिक
जोऊपरसेखर्च केदीखे हैं सोसवआनंदमें
कांटासानिकलजायगाकामंसिद्धहोगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६६
६६.हेमच्छक प्रश्न इससमयकाबहुत
श्रेष्टतुम्हारादीखताहै बुरेदिन गयेअच्छे
आनेवालेथे सोतुम्हारीरासपैदोतीनग्रह
मध्यमआगयेऔरतुमने उनकादानजप
करायानहीं इसकारण ऐसेफिक्रचिंता
झेलीलाभकमरहाखच विशेषहैपीडाकी
चिंताचित्तभयसाहोनाकाम उम्दाला
भकाअभीनहींनाजीवकीचिंताहैवा
कीवद्धिको मंगलाचारहोनाएकअपना
प्याराहैउस।चित्तबहुतरहताहैगजद्वा
रकी चिंता अबछायादान और चने की
दालपेलावस्त्र हलदीस्वर्ण दान कराओ
ईश्वर चाहे तो मनकीकामना पूर्णहोगी
उच्यपदवीमिलेगी जीवकी प्राप्तिलाभ
बढे भूमिसेलाभ पीडा नष्ट होगीऔर
राजद्वार सेभी काम में फतह होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६७
६७.हेप्रच्छक प्रश्न सध्यम है अभी
तुम्हारीमर्जीमाफिककामहोने में देर है
कष्टरूपीरंजकेशचिंताबहुत रही काम
होताहोतारुकजावेहेयेमध्यम दशाका
फलकहींगवनहोतोभी ताज्जुब नहीं
एकमित्रसेप्रीतबहुतहै एकश गुप्त है
अबउसकामिलनाकठिनहैमंगलाचारमें
देरहैएकजीवकीभीअवलाषाहैअबतुम
नवगृहका पूजनदान करोदशा न्यून
बदलेगीश्रेष्टआवेगासो सब कामउत्तम
होंगेजीवकीलाभगईहईचीजफिरआवे
गीकष्टवाधानष्टहोगाउच्यपदवीमिलेगी
राजद्वारसेकामासिद्धहोगागुप्तचिंतामिटे
गीचिंत्तमअनेकप्रकारकीवार्ताचित्तवन
करतेहोचित्तकीवार्ताचित्तमेंसमाजाती
अवखुशीकी वार्ता सुनने में आवेंगी
cha
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६८
६८.हमच्छकजब दशाजीवपै नाकिस
आतीहै औरग्रहचौथेआठवेंबारहवेहोजा
तहतबएसेकामहोने खचविशेपलाभ
कमऔरएकजीवकाबहुतध्यानरहताहै
सोआराममिलेगा ओरहाथसे निकला
धनदेरसेप्राप्तहोगा जिसकामकोकरना
विचाराहो समझकेकरना अभीभाग्य
उदयहोनेमेकिंचितविलम्बएकमित्रमें
बहुतमनरहताहैसोउससेप्रीतबढ़ेगीऔर
मिलेगानयालाभहोगादोतीनग्रहतुम्हा
रेनामकीरासपैकै हैं उनकापत्रादेखकर
यनकराओनहींतोविशेपक्लेशहोगादुख
होनहाकायत्नहोतेहीआरामहोगाउच्च
पदवीहोगीकाममें फायदाहोएकजगह
सेविशेपमालमिलेगाावलंभसेखातरजमा
रक्खोईश्वरका भजनकराकरोभृलोमत
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ६९
६६.हेपच्छकतुह्मारीबुद्धिभ्रमणारहती
हईश्वरकोसत्यनहींमानतेजिसनेइतना
बड़ाकियाहै और बराबर रक्षा करी है
सोबहकहींचलानहींगयाहै बराबररक्षा
करेगा उस का भजन करो अन्त में
आसा पूरणहोगी और गईसोगई अब
खिरही औरवो मिलेगा मौजूदहैचिंता
मतकरो आरामकी सूरतहोरहीहै एक
कामविशेषलाभहोगा परंतुअवमंगल
कैवर्त और पक्षियोंको बाजरा भोजन
डाल दिया करो वड़ा पुन्यका कामहै
रग्रहोकाजपदान करातेरहाकरो मन
वांछितफलमिलेगा कार्जसिद्धहोंगे जो
बडेखर्चकेकाम समझरक्खेहैं कांटासा
आनन्दमें निकल जायगा कामदेवकी
उनमत्ता में बुद्धि न्यून होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७०
७०. है प्रच्छक इस समय के प्रश्न
का यह फल है कि तुमनेजो प्रश्न
विचारा है सो काम सिद्ध होगा और
लाभ की सूरत और आराम की सूरत
नजरआतीहैपिछलेसाल महीनेमध्यम
रहे खर्च विशेप आमदनी न्यून अब
भाग्यउदयहोगा और कामफतह होगा
थोडा बिलंब है लाभकी सूरत होकर
हटजातीहै ईश्वरका स्मण चित्त लगा
करकरो और घृत सामर दानकरो अब
नये सिरेसे आनन्द का प्रबन्ध होगा
एक काम तुम से न्यून बनगया सो
ईश्वर भी जाने है अब भजन विशेष
करने से कार्य की सिद्धि होगी और
बहुतसी प्राप्तहिोगी नवीननवीन वार्ता
की समुद्र की तरंगसीचित्तमें उठतीहे
हरदेव का तात्वालिक प्रश्न ७१
७१.हेप्रच्छक काम तुम्हारेमें विलंब
कामअभी ठीकनहोगा दशा नाकिसहै
कांग्रह नाकिम हैं पंचांगखोलकर देखो
सोचोहोकुछटो हैकुछक ईवाताकी चिंता
हैजीवकीधनकीमगलाचारकाकष्टरूपी
क्लेशकीपरंतुतुम सतबादीहोसत्सवोलने
कोपमंदकरतेहोझूटसेक्रोधितहोतेहोपर।
काममनोप्रीतलगाकेकरतेहौकिसी
काबुरानहीं चाहतेतुम्हे विद्याकमहपरत
बुद्धिअकलवडाविद्वानोमविशेपहरएक
कीवातकीटमात्यकी परिक्षा समहाली
होएककामन्यूनवनगयाथासोईश्वरकी
भक्तिविशेषकराश्रीगंगाजीके५ब्राह्मण
खीरखं डकेजिमाआमनवांछितफलामि
लेगालाभहोगामिरपेवडाजोफिक्रसमस
रक्खाहै सबकामआनंदमें होजायगा.
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७२
७२ हेप्रच्छक तुम्हारा प्रश्न शगुण
इमवक्त बहुतश्रेष्टहै तुम्हे बिना कार्ण
चिंता फिक भयसा उत्पन्न होजाताई
बुद्धिभ्रमणहोजातीहै गयासोगयाफिर
आवेगा मिलेगा क्या मिलेगा आराम
मिलेगा धनमिलेगा मंगलाचार होगा
पीडाकानाशहोगा जीवकोखुशीहोगी
अकस्मात खुशखबरीहोगी अपने इष्ट
देव पित्रदेवताके निमित्त वस्त्र मिष्टान्न
कच्चाध मावश्याको पिलातेरहाकरो
रोजगार वढेगा उच्च पदवी पाओगे
एकजीवकाध्यान मित्रकेध्यानमोचन
बहुतरहताहै तुम्है विद्यामध्यमहै परंतु
अकलबुद्धितेजहै किसीकाबुरा नहीचा
हतसत्यवार्ताको पमन्दकरतेहो खर्चहै
अंजाम कुशलहै राजद्वारसेअन्तफतेहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७३
७३हेप्रच्छक येजोतुमने प्रश्नकियाहै
जोहोगयासोहोगयाअवखुशीकीवार्ता
होनेवाला खोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हैंआरामहोगाकारजफत होगाजिसकी
चाहनाहैमिलेगाऔरयेजोचित्त में काम
विचारा हेदेरसे होगा दिनतमकोबहुत
दिनोंसे मध्यम, मर्जिकमाफिकलाम
नही नष्टदशामरजक्लेश
पीड़ागुप्तचिंता
शत्रुताहोतीहै मोअपनीरासपैजोदात न
ग्रहनाकिसहदानमंत्रजपाकरो तवघर
में आनन्द मंगलाचार जीवकी प्राप्ति
यात्रासे लाभ काम फतहोंगे गप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारेशरीर पै यानी फोडे
फुसी का निशान है आलस्य रहता है
नई नई वात का चितवन करते हो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७४
७४ हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नाकिसफिक्रस गजरे और खर्च
विशेषलाभ मध्यम सोअबप्राप्तिहोगी
जीवकालाभहोगा व्याधा रंजनष्टहोंगे
घरमें खशीहोगीचित्तकीचिंतााचत्त में
समाजातीहै समुद्रकी तरंगसीनई नई
उठतीसोबथाजातीएकजीवचित्त
बहुतरहताई अबईश्वर चाहेतो कहीं मे
खुशीकी बातसुनोगे उच्चपदवी प्राप्तहो
गी नाकिसग्रहोकादान औरसवेश्याम
शिवजीका भजनकरकरो और ये जो
प्रश्नकिया है वो काम भी फतहोगा
मिलेगा फिक्र गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अब राख रही को
काम काबू से बाहर है सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरो काम फतै होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७५
७५ हेमच्छकतुम्हारा कार्यसिद्ध होगा
प्रथम दशा न्यून थी अब दशा श्रेष्ट
आनेवालीहै जीवकी चिंता औरलाभ
का उद्योग विशेष परन्तुलाभ अधूरा
होताहै ओर येजो अबफिक्रहैखर्चसो
दुरहोयगाआरामगुप्त वोभीमिलेगाफतै
होगा कष्टनष्ट होगा कईग्रह नामकी
रासपरनाकिसहसोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकराओबिनादानके
करायकार्यसिद्धदेरऐहोगाइसकारणचा
वलमिष्टान्नस्वेतवस्त्ररजनित अर्थात् श्र
द्वाप्रमाणचांदीदानकाकरना बहुतश्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
भंकीसूरतहोगीचित्तस्थिरकरके किसी
कालईश्वरकाभजनकराकरो प्रश्नश्रेष्ट
है अंजाम कुशलहै तीर्थयात्रा श्रेष्टहै
हरदेव का तात्कालिक उन ७६
७६३प्रच्छ काससमयकेप्रश्नकायफल
कार्यआधीनसेवाहरअर्थात् कामकाबू
सेवाहरचिंताकष्टकईजीचशत्रुतागुप्तकरें
परंतुउनसेकुछहोनही सक्ता १जीवमें
चित्तबहुतरहताशामध्यमकेकारण
अनेकप्रकारकीहानीतालापसोचोहो
समुद्रकीलहरसीउठनी नई नईवातका
चितवन होकरनिर्फलहोताहैकर्डफिक
भारीलगेहुवेजीकी प्राप्ति होगीफतैऔर
चंगाहोगाऔरयेजोअव चिंताहैसबदूर
होपातदानकरो चनेकीदानहलदीपेला
वस्त्रपेलेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्तचिंता
दूरहोगीकार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्राप्तहोगादशान्यूनकेकारणफिक्रचिंता
गृहमें क्लेशहोताहै अबदशाश्रेष्ट आनेवा
लीयेकार्यहोकर नवीनकृत्यकरोगे ॥
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७७
७७६मच्छकतुम्हाराप्रश्नचिंतारूपीक
एकादखचविशेष जीवकीलालसाजीव
चिंतातरहरउदवेगचित्तस्थिरनहींकाम
कामेवाहरहैदूसरेआदमियोंकोभीबहु
तफिकहै जबदशामध्यमहोतीहैअपनेभी
परायेहोजातेहपरंतुअभीकार्यमें विलम्ब
हैकामनापूर्णतोहोगा परंतुपापग्रहोका
पूजन विधिपूर्वकबट कभैरवकामंत्रभी
जपावाओ[मत्र उऍहीलीं श्रींबटुकभी
यआपदुद्धारणायसर्वविघ्ननिवार्णायम
मरक्षाकुरुकुरुस्वाहा। इसमंत्रजापसे
मनोकामनापूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्धचिंताईसोकामहोऔरमिलेगाखर्च
विशेषहैएकजीवमें चित्तभीबहुतरहताई
लाभअधूरहोतेहैनई२वार्ताकाचितवन
रहता है परन्तु अन्त कुशलता
में
Tho
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७८
७व्हेप्रच्छक कामना पूर्ण होगी खुशी
कीवार्ताहोनेवाली है मिलेगामार्जकेगा
फिक कामहो चित्त उस विनाव्याकुल
सारहताहै दशान्यूनकेकारण ऐसेकाम
हुए धन का खर्च जीवकादुरख काम
दुसरेके काबू में होना औरदोतीन ग्रह
तुम्हारीरासपैकैडे. मध्यमपचांग में
देखोउनमध्यमेंगृहका पूजनदानमंत्र
स्थिरचित्त करकेकराओकार्यशीघ्र सि
होगा और येजो फिक्र सोदरहोगा
औरकई फिक्र खर्चकेआई सो काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परन्तु विलम्बहै पृजनदानसकार्य
सिद्धहोगागुप्त लाभहोगाअब अंजाम
अच्छा दीखहे कार्यमें मी लाभ होगा
शिव जी का पूजन नित्य किया करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ७९
७६ इससमयकेप्रश्नका फलयेहैकिका
मठीकबैठेगायान बैठेगाइजनका भय
होजाताहै ऐसीदशामेंगवन भीहोता है
गुप्त चिंत्तारहेहैं कमीचित्तकछआताहै
क कुछआता है ऐसीदशामें खर्चाविशे
पहोताहै एक गुप्तमनोर्थईसोकवतकआ
रामहोगासा अवन्यूनदशावीच वाली
हैऔरश्रेष्टआनेवालीहै परन्तुकाम देर
हैइष्टदेवकापूजन करनाचाहिये पित्रों के
निमितमिष्टान्नवस्त्रकच्चा दूध पीपल को
जलदेना श्रेष्टहै कईमहिनेसेभ ग्यकीही
नतायानीमध्यमहै पूजनकरनसेधनकी
प्राप्तीजीवका मिलना कष्टरूपीरजका
दूरहोना यजोअब वहुतचिंताहै काम
जरादेरसे मर्जीकेमाफिक होगा काम
कासे वाहर होगया दशा मध्यमहै.
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८०
८०हेमच्छकतुम्हारी रासपै आजकल
कईग्रहनाकिस हैं पंचांग खोलकरदेखो
जबएसंग्रहरासपआतेहे लाभकमहोती
हैशत्रुउत्पनहोतमित्र व प्यारोंसेजुदाई
होनाकष्ट रंजहोतेहैं आमदनीहोती२
रुकजातीहैजहांपूर्णलाभसमझोअधूरा
होताहैएकजीवलालसाआसरगीरहेहै
व्यैदीर्घलाममध्यमहो कामहोनेकोहो
फिरतारभंगहोजाईसोअबमध्यमग्रहों
केदानजापकराओ आपभीये मंत्रजपो
ऑऐंद्रीक्लीं श्रीवासुदेवायनमःबबटुकभैर
वायआपदुद्धरणायममरक्षाकुरुकुरुत्वाहा
दानमंत्रजापकरनेमे येजे।तुम्हारेमनकी
कामना पूर्ण होगीप्राप्तिहोगीकष्टदृग्हो
पुत्रोंकालाभराजसेफतैमित्रसेप्रीतविशेष
इतनेउपायनबनेगादशा मध्यमरहेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८१
८१.हपच्छक ये जोतुमने प्रश्न किया है
जोहोगयास हो गया अवखशीकीवार्ता
होनेवालादेखाटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
ईआरामहोकारजफतहोगाया जिसकी
चाहनाहमिलेगाऔरयेजोचित्तकाम
विचाराहै देरसेहोगा दिन तुमको बहुत
दिनोंसे मध्यम, मीकमाफिक लाम
नहींहैनष्टदशामें रंजलशपीडागृतचिंता
शत्रताहोतीहैसोअपनीरासपैजोहातीन
ग्रहनाकिसह दानमंत्र जापकरो तंवघर
आनन्द मंगलाचार जीव कीप्ताप्ति
य त्रासे लाभ काम फतहोंगे गुप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारे शरीर पें व्रणयानी फोड़े
फुसी का निशान है आलस्य रहताहै
नई नई बात का चितवन करते हो
हरदेव.का तात्कालिक प्रश्न ८२
८२. हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नाकिस फिक्र से गजरे और खर्च
विशेष लाभमध्यम सो अब प्राप्तिहोगी
जीवका लाभहोगा व्याधारंजनष्टहोंगे
घरमें खुशीहोगी चित्तकीचिंताचित्तमें
समाजातीहै समुद्रकी तरंगसी नई नई
उठतीहसोवृथाजातीएकजीवचित्त
बहुतरहताहै अब ईश्वर चाहेतो कहीं
खुशीकी वातसुनोगेउच्चपदवी प्राप्तहो
गौ नांकिग ग्रहोकादानऔरसुवेश्याम
शिवजीका मजनकराकरो और येजो
प्रश्न किया है वो कामभी फतहोगा
मिलेगा फिक गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अब राख रही को
काम काबू. से बाहर है. सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरी काम फनै होंगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न
३.हेमच्छक तुम्हाराकार्य सिद्ध होगा
प्रथम दशा न्यून थी अब दशा श्रेष्ट
आनेवाली है जीवकी चिता और लाभ
का उद्योग विशेष परन्तु लाभ अधूरा
होताहै और ये जो अब फिक्र खर्चसो
दूर होगाआरामगुप्तबोभी मिलेगा फतै
होगा कष्ट नष्ट होगा कई ग्रह नाम की
रांसपरनाकिसहै सोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकराओ बिनादानके
करायकार्यसिद्धदेरसेहोगाइसकारणचा
वलमिष्टान्नस्वेतबस्न रजनित अर्थात् श्र
द्धाप्रमाणचांदीदानका करनाबहुत श्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
भकोसुरतहोगी चित्त स्थिरकरकेंकिसी
कालईश्वरका भजन कराकरोप्रश्न श्रेष्ट |
है अंजाम कुशल है तीर्थ यात्रा श्रेष्टहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८४
८४,हेपच्छकइससमयके प्रश्नका येफल
हैकार्याधीनसेवाहरअर्थातकामकाबू
सेवाइरचिताकष्टकई जीवशत्रुतागुप्तकरे
हैपरंतुउनसे कुछहोनहीं सक्ता१जीवमें
चित्तबहुतरहवाईदशामध्यमकेकारण
अनेकप्रकारकीहानवार्तालाप सोचोहो
समद्रकीलहरसीउठत है गईनईवातका
चितवनहोकगनिर्फल होताहै कई फिक
भारीलगेहुवेजीवकीप्राप्तिहोगीफतैऔर
चंगाहोगाऔरयेजो अबचिंताहैसब दूर
होपीतदानकरोचनेकीदालहलदी पेला
वस्त्रपलेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्तचिंता
दुरहोगी कार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्र.प्तहोगादशान्युनकेकारणफिक्रचिंता
गहमें क्लेशहोताहै अबदशाश्रेष्ट आने वा
लीहैयेकार्यहोकरनवीन कृत्यकरोगे ॥
हरदेव का तात्कालिक प्रभ्न ८५
५. हेप्रच्छक तम्हाराप्रश्नचिंतारूपीक
एकाहै खर्च चिशेपजीवकीलालसाजीव
चिंतातरह उदवेगचित्तस्थिरनहींकाम
काबुसेवाहरहेदूसरेआदमियोंकोभीबहु
तफिकहै जबदशामध्यमहोतीहैअपनेभी
परायेहोजाते, परंतअभीकार्यमेविलम्ब
है कामनापूर्णतोहोगी परंतु पापगृहोंका
पूजन विधिपूर्वक बटुकभैरवका मंत्रभी
जपवाओ(मंत्र)उऐहीक्लीश्रीवटुकभैर्वा
यआपदुद्धारणाय सविघ्ननिवाणीयम
मरक्षाकुरकुरुस्वाहा । इसमंत्रकेजांपसे
मनोकामना पूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्घचिंताहैसोकामहोऔरमिलेगांखर्च
विशेषहैएकजीवमें चित्तभीवहुतरहताहै
लाभअधुरेहोतेहैं नई२वार्ताकाचितवन
रहता है परन्तु अन्त में
कुशलता है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८६
८६.हेमच्छक कामना पूर्णहोगी खुशी
कीवात होनेवाली है मिलेगा मर्जीकेमा
फिक कामहो चित्त उस विना व्याकुल
साहिताहैदशा न्यून केकारण ऐसेकाम
हुए धन का खर्च जीवका दुख काम
दुसरेके काबू में होना और दो तीन गृह
तुम्हारीरासपैकै डे हैं मध्यम है पंचाग में
देखो उनमध्यमग्रहोंका पूजनदानमंत्र
स्थिरचितकरके कराओकार्य शीघ्रसि
द्ध होगा और ये जो फिलहै मोदूरहोगा
और कई फिक्र खर्चके आवेह सो काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परंतु बिलम्बदै पूजनदानसेकार्य
सिद्धहोगा गुप्त लाभहोगा अब अंजाम
अच्छा दीखहै कार्यमें भी लाभ होगा
शिवजी का पूजन नित्य किया करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८७
८७,इससमयके प्रश्नका फलयेईकिका
मठीकबैठेगायानबैठगाइज्जतकामय
होजाताहै ऐसीदशाभगवनभीहोता है
गुप्तचिनारहेडे कभीचिंत्तमकुछ आताहे
कभीकुछआताऐसीदशा खत्रावशे
पहोताहैएकगुप्तमनार्थईसोकबतकआ
रामहोगासोअवन्यूनदशायीचेनेवाली
हैऔग्श्रेष्ट आनेवाल है परन्तकाम देर
हैइष्टदेवकापूजनकगनाचाहियेपित्रों के
निमिनमिष्टान्नवस्खकच्चा दूध पीपलको
जलंदनाश्रेष्टहै कई महीनमेभाग्यकीही
नतायानीमध्यमई पूजनकरनसेधनकी
प्राप्तिजीवकामिलना कष्टरूपी रंजका
दुरहोना येजो अब बहुतचिंता है काम
जरादरसे मर्जीकेमाफिक होगा काम
क बू से बाहर होगया दशा मध्यम हे
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८८
८८. हेप्रच्छकतुम्हारी रासपै आजकल
कईग्रहनाकिसहैं पंचांग खोलकरदेखो
जबएसेग्रहासर्पआतेह लाभकमहोती
हैशत्रु उत्पनहोतेभित्र व प्यारोंसेजुदाई
होतीहै कष्टरंजहोतेहैं आमदनीहोती २
रुकजातीहैजहांपूर्णलाभसमझोअधूरा
होताहै एकजीवलालसाआसलगीरहे है
व्यैदीर्घलाभमध्यमहो कामहोनेकांहो
फिरतारभंगहोजासोअवमध्यमग्रहों
केदानजापकगओ आपभीयमंत्रजपो
डॉऐंहील श्रीवासुदेवायनमः वटकभैर
वायआपदुद्धारणायममरक्षाकुरुकरुस्वाहा
दानमंत्रजापकरनेसे येजातम्हारेमनकी
कामनाहैपूर्णहोगीप्राप्तहोगीकष्टदृरह।
पुत्रोंकी लाभराजसेफनेमित्रसेप्रीतविशेप
इतनेउपायसेवनेगादशा मध्यमरहेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ८९
९. हेप्रच्छकयेजो तुमने प्रश्नकियाहै
अबदशाश्रेष्टआनेवालाहैकामनापूर्णहो
गीजोकामचिंत्तधारणकराईसोमिले
गाचिंतादरहोगीकाम फतहोंगे मित्रोंसे
पीतऔरकष्टपीडानष्टहोगीजाबिचारा है
कामठीकबैठेगेदशाबहुतादिनोंसेमध्यम
थाव्यविशेपहुवाजीवकीप्राप्त होगीरिण
कीन्यूनताहोयप्रश्नश्रेष्टहै उद्योगवउपाय
पहलेतुमनेबद्दतेरेकरेपरनिर्फलगयेकाम
|| काबुमेबाहरहै परअबईश्वरानन्दखुश
खबराकीवातकिरेंगेगुप्तलाभहायेजोप्रश्न
विचारादेइसकेवास्तश्रीदेवीदुर्गालक्ष्मी
कापूजनकराओ चावलचांदीस्तवस्त्र
तफलकादानकराओ कईग्रहमध्यम
सोउपायकरनेसेशीघ्रमनकी कामना
पूर्ण होगी एकजीवका ध्यानरहता है
--
हरदेव का तात्कालिक ईन ९०
९०हेपच्छककामकाबूने बाइरहै और
धनकाव्यविशेपहै अकस्मातये मामला है
सोजीवकीचिन्ता औरआदमीको मी
चिंताबहुंतहैंइज्जतक ख्यालहैबडेरखर्च
दीखेहेंऔरतुमपरउपकारीसत्यवाताको
पसंदकरोहो छलछिद्र के कामको पसंद
नहींकरतेतुम्हाराप्रश्न जावऔर धन का
हैऔरइज्जतकाभयहोता अनेकप्रकार
कीवातालोचोहो निलजाती है पता
नहींलगताजतनभीकरेअबनवग्रहों का
दोनमंत्रजापकराओये काम ईश्वरचाहे
तोठीकहोनेवाला औरआदमीभीसहा
यताकरेंगेकईशत्रु ग्रहइष्टदेवकापूजन
कराने से काम मनइच्छा पूर्ण होगा
और मिलेगा बंश की वृद्धि होगीजी-
व लक्ष्मी प्राप्त होगा आराम होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न.९१
६१.हेपच्छक इससमयकैपश्नकरनेका
यमामलादस्वरदस्वभावहैघरमेचमत्का
रीहोक्लेशमिटेव्याधाटलेजिसकाप्रश्नहै
वोशैमिलेगीयानमिलेगीमंगलाचारकद
तकहोगा लाभखुशीकबतकहोगीऐसी
दशाकवतकरहेगी-जीवकीचिंताहै बंश
कीवृद्धिहाआजकल तमसोचोहो कुछ
होय हैकुछ दोतीनग्रहरासपैनाकिसआ
रहहँसाउनकाउपायदानपुन्यजापकरा
नेसेचित्तकामनाथसिद्धहागा ख़शाहो
कामपरायेआधीन हैअबतुमचीटोनाल
जिमाओतोश्रेष्टहै खौकोभोजनदोका
यसिद्धहोगादशाउतरनेवालीहै मनोर्थ
पूर्णहोंगेअनेकप्रकारकीलाभकीसुरतहो
औरयेजो ऊपरसे फीक दीखे सोसव
कांटासा निकलंजायगा दशामध्यमहै
१
/
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ९२
९२. इमसमयजो आपनेप्रश्न कियाहै
ऐसेस्वरमेंयेवार्ताई किगुप्तचिंता१जीव
कीलालमाबनीरहतीधनसेहीसारेकार्य
सिद्धहों, रोजगार मेंमध्यमलाभहसो
प्राप्तहोगीयानहींमंगलाचारकी सुरतक
बतकहोजिससे घरमंचांदनाहोआराम
होकबतकदिनकै डेगुप्तलाभभी होगी
येझगडाकबतकमिटेगादिनराताचिंत्तमें
चिंताक्लेशरहेहैकबतकदिनअच्छेआयेंगे
येप्रश्नब्राह्मणकोदही लडमिष्टानभोज
नदेनसेकामहो अपनेइष्टदेव कापूजन
घरमें पित्रपीड़ाका उपायकरोउपायके
करानसेअबकेकामसिद्धहोइज्जतबढेगी
सबसेजीतोगेशवरूपीग्रह हानकररहेह
दिनरातनईनईवार्तासोचोहोसवनिर्फल
जातीहै परन्तु अंजाम कुशलता है ।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ९३
९३ इससमयके प्रश्नकायेफलहैजीव
चिंताभविष्यति धनन्यूनंदिनेदिनेमंग
लाचारविलम्बस्यपराधानकृत्ययोराज
द्वारकन्यायरिथरोकार्यद्रष्टयाग्रहपीडा
चप्राप्नोतिभृगणापरिभाषितःमध्यमद
शामध्यमकार्यहोजातेहैमनकीवार्ता
कबतकपूर्णहोगी मिलेगीयानहीं रोज
गारकीहानी है कबतकवृद्धिहोगीआज
कलदिननाकिसह घरमें चांदना कब
तकहोयेकामअवकेभीफतहहोगाजिस
सेवंशकीब्रद्धि हो तुम्हारीरासपैकईग्रह
मध्यमहैपत्रादेखोनाकिसग्रहोकादान
मंत्रजापछायादानकरानेसे अबयेमनो
र्थसिद्धहोगाकामकाबूसेवाहरहेमामला
ईश्वरकेआधीनहे परन्तुजोबातचित्तमें
औरहैयेगृहकाप्रभावहै अन्तअच्छाहै
हरंदव का तात्कालिक प्रश्न ९६
९६हेप्रच्छयगुप्तचिंताशरीरेनधनहानी
चदृश्यते गृहपीड़ा भविष्यति दश्यते
भाग्यमंदताजीवचिंताचप्रामाोतमगला
चारहर्षकंधननष्टनसंदेहोजीवप्रश्नेचना
तयेइससमयदुसुभावस्वरहैइसमें भाग्य
कीबृद्धिबंशकीद्धिमंगलाचारराजद्वार
न्यायकिसीप्यारेकीचिंताविद्याकाला
भरोजगारकत्यपीडाकायत्नदुस्वभाव
स्वरमें इसप्रकारप्रश्नहोते सोतीन गह
तुम्हारीर सपैआजकलनाकिस,पत्र में
देखोनाकिसहयानहींजरूरQइननाकि
सग्रहोंकादानमंत्रजापकराओ जिससे
भाग्यकीबद्धिकानालाखलेऔरउच्चपद
वीमिलेऔरयेजीवकीप्राप्तीकेमंगलाचा
रकेकामहोऔरगप्तगईहुईचीजप्राप्त हो
अजामकुशल जिसे चाहोसो मिलेगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ९७
९७. हेप्रच्छकतुम्हाराप्रश्न जीवरूप
लक्ष्मीकाई चिंतादीघहैऔर स्वरस्व
भावहे प्रश्नदोतरहकैसेहएकशेका अल
गहोजाना रोजगारमध्यमहोनाचित्त
कीचिंताचित्तमही समाजाती है. घामें
अंधेरासाद जीवकीलालस हेजतनभी
करेपरन्तुव्रथागएगुप्ताचंता इज्जत का
ख्यालहै औरयेख्यालहैअबकेभीकाम
होगाराजद्वारकाउच्यपदवीकी अशा
हैअवचिंताइसप्रश्नकीहैसोकोम ईश्वर
आधीनहैदिनबहुतसमयसे मध्यम है
भाग्य उदयहानेकोहोताहैफिररुकजाता
हेअवपूजनश्री दुर्गादेवीकाकरानाचाहि
येक ईग्रहरासपेकैड हैं उनका उपायकरा
नाचाहिये कामफतहहोकष्टबोधनष्टहो
लाभकीसूरतअच्छीवनगी वो मिलेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ९८
९८.हेप्रच्छकदीघचिंताचप्राप्नतिजीव
प्राप्तिनदृश्यतभयभीतहदादृश्यपराधी
नोपिक्रत्ययाराजद्वार कंकायधनव्यय
भविष्यतिअंतकार्यमहासिद्धिभृगुणाप
रिभाषतःतुमपेवहुतदशान्यनथीअनेक
प्रकारकफिक जीवचिंताधनका जाना
गुप्तक्लेशरहा तुम्हाराचित्तएकजीवमेंत
त्परहनईनईवार्तालाभसोचोहोसोबथा
जातीहैअवरोजगारकोभी सूतहागीय
जोजीवकीलालसाडे पूर्णहं परतुविलंब है
देरसफतहहोगाकाम लाभहे ग छाया
दानगुड़गेहूंलालबख सूवर्णदानमे शीघ्र
मनकीकामनापूर्णह गीऔरदमरालाम
काकार्यभीसिद्धिहोगा कामदेवकीउन
मत्तामेंनीचबुद्धिकोजातीहै सोग्रहकाप
भावहैअंजामकुशलभूमि लाभ होगा।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ९९
९९.हेप्रच्छक तुम्हारा काम काबू स
वाहरहै दिनरातविचित्रतरद्दरकीवार्ता
लाभसोचोहोबनकरकामकीआनन्दकी
सूरत मध्यमसीहोगई ऐसीदशामेंगुप्त
चिंताश काचित्तभयसाधनकाचला
जानामित्रकाख्यालरहताहैरोजगारका
मध्यमहोनाकष्टव्याधाहोखोटीदशामें
बहुतबातोंकाख्यालहोताहै तुमपक्षियों
कोअन्नबाजराभोजनदोश्री बटुकभैरव
कापूजनकराओयमंत्रजपोडोंऐंडील्कीश्री
श्रीविष्णुभगवानममअपराधक्षमायकुरु
कुरुसर्वविघ्नविनाशायममकामना पूर्ण
कुरुकुरुस्वाहामंत्रकेकरानेसेवंशकीबद्धि
होतीहैरोजगारश्रेष्टहोताहैजीवकीप्राप्ती
होतीहैराजद्वारसफतहोतीहैगईहुईलक्ष्मी
फिर आतीहै सर्वकामना सिद्धहोताहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १००
१००.हेप्रच्छक तुम्हारा काम फतेहागा
स्वरदाहना चलताहै इससमयके प्रश्न
कायहफ महै चिताफिक्रमिटंगा गईमो
गई अवराखरही जिसनेउत्पन्नाकयाहै
देगावहीजीवकी प्राप्तिहोगीराजद्वारसे
लाभहोगाखुशीहोगीमंगलाचार होगा
एकमित्रमेविंशपमनरहे आधीनरहेगा
भूमिलाभहोगादशाबहुतदिनसेमध्यम
थाअवदशा बदलनेवाली है कामदेवकी
प्रबलतामें न्यून बुद्धिहोजातीहे जबजो
तुम्हाररास ग्रहमध्यम हैं उनकादान
निश्चैकरकेकराओ कामहोताहोतारुक
जाताहैश हानिकरातेहैं काम औरके
आधीनहै कई आदमियों से मिल के
कामहोगा अवदशाअच्छी आनेवाली
है येजो और कामहे सोवहभी होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १०१
१०१. हेप्रच्छकप्रश्नजरामध्यममालूम
होताहैपुत्रकीलाभसगाई रोजगारमध्य
मदशामेंमुशकिल सेहोत अर्थातहोतार
लाभरुकजाताधनकानुक्सानधनहर
नहोताहैराजद्वारसेफतेहानामुशकलहो
जाताहै उच्चपदवीनहीं मिलतीजीवकी
प्यारेकीचिंताहोजातीहै जोकायसोचो
वारभंगहोजातीदगुप्तश प्रभाजीमारदेते
एकमनोर्थ बहुतदिनसे सोचरक्खाई
ईश्वरचाहेतवोअवतुमइष्टदेवऔरघरके
पित्रोंनिमित्त कुछजपदानकराओजिस
सेमनोर्थसिद्धहोजिसकीचाहनाहैवोमिले
जीवकीमाप्तिहोरोजगारभारीहोराजद्वा
रसेफतेहो गईचीजमिलेमंगलाचार हो
इतनेपूजननवनेगाकोईकार्यदुरुस्तनहो
गा काममध्यमरहेगा अन्तमकुशलहै
हरदेव का नात्कालिक प्रश्न १०२
१०२. हेपच्छक अवतुम्हागमनोथीसद्ध
होगा श्रेष्टदशाआनेवालीहैउत्तमदशा
गईचीजका मिलना रोजगारमें लाम
अन्न मेलामजीव की प्राप्तिराजद्वार फतै
घरमेंमंगलाकष्टव्याधामष्टयात्रामें लाभ
ओरमनका मनोर्थभी सिद्धहोगा अब
तुम्हारी रासपर दोग्रा नाकिस और
वाकी, पत्रादेखो उनकाजरा उपाय
और श्रद्धासे करादो और श्याम को
चींटीनालजबतक वनेतबतकदो दशा
उत्तम आने वाली है पिछलेदिन बहुत
फिक्रसेवीचेसोअर्वईश्वरचाहे कामपूर्ण
होंगे आसपूरीहोगी मिलके लाभएक
जीवमें चित्त विशेषकर रहता है सो
आनन्द में बीतेगी काम देव की उन
मत्तता में वृद्धि न्यूनभी होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३
१०३.हेपच्छक अवकाफिककगेहातह
खुशखबरी हानेवाली गईसोगई अब
र खरहीअक्बहतदेगावहीम नोर्थपूर्णहों
गेपरन्तएफ फिक भारतीखे ऊपरसे
खर्च आवहैपासघनश्शेिपनहीं दीखता
परंतुचिंतामतकरनाकामबडाइज्जनके
साथवनगाऔरकई जगहसलीम होगा
करनेवालाऔर हैवहकिनकर रहाहै अब
विशेपला भकी सूरतहांगी मित्रमें चित्त
बहुतरहताहैब भोचित्तसेप्यारकर अब
तुमशोधइसकामकोसिद्धि चाहोतो श्री
गंगाजी के ब्राह्मणवीरखांडकेजिमाओ
औरसठ्ठाचावलदहीदानकरोकामशी
फतहोगाऔर गुप्त लाभहोगाघर चांद
ना होगाएककाम गुप्तसे गुप्त न किस
बनाथा सोईश्वरका ध्यान रक्खे करे।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १०४
१०४.हेपच्छकता पर बहुत दिनोंसेदशा
नाकिसथीनहींतो लिहालहोजातेलाम
कोमरतमेंहानपैदा होगईगुप्ता बराई
करेहेअबएकऔरखशीकीयाततुम्हेंहोने
कोहोरहीहैदशानाकिसमें धनमालका
निकलजानापीडाका घरमें बासहोना
इज्जतकाभयहोना रोजगारमेंहानहो
नाहुबाहुवायामंगलाचारका हटजाना
राजद्वारकीचिंताहोनी येसबवातनाकि
स दशा होतीहैं अवतुमशामकोघृतका
दीपकशिवजीके मदमें प्रज्वलितकरो
औरजलकालोटाभरकेशिवजीकोऔर
पीपलकोदो औरइतवारको ब्राह्मणाज
माओकईग्रहतम्हारीरामपरनाकिस है
पत्रे देखोसोनाकिसदशाका फलन्यून
होजायगाजोमनोकामनाहै पूर्ण होगी
-
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १०५
१०५.इपच्छकअबतुम्हारेखोटेदिनगये
अच्छेआने वाले हैं अबतक तुमनेबहुत
नाकिसदशाझली नाकिसदशा में ही
ऐसेकामहोतेहैं जोफिक्रतुमपर हैं बहुत
नुक्सानउठायालाभकमरहापीड़ारूपी
क्लेशमें धनखर्च औरचीज निकलगई
इज्जतकाभयहुवापरन्तु अबअपनेइष्ट
देवकापूजनपितृपीडाकाजतनऔरकूर
ग्रहकादाननिश्चकरकेकराओफिरशीघ्र
औरनयेलाभोंगे जीवकीप्राप्तमित्रसे
मुलाकात जोहैविशेषहोगीघर मंगला
चारउच्चपदवी प्राप्तहोगी ग्रहकीपीड़ा
नष्टहोगीशत्रुकानाश औरयेजोमनकी
कामनाईसा पूर्णहोगी औरवड़े रफिक
जोऊपरसेखर्च केदीखे, सोसवआनंदमें
कोटासानिकलजायगाकामसिद्धहोगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १०६
१०६.हेमच्छक प्रश्न इमसमयकाबहुत
श्रेष्टतुम्हारादीखताई बुरेदिन गयेअच्छे
आनेवालेथे सोतुम्हारीरासपैदोतीनग्रह
मध्यमागयेऔरतुमने उनकादानजप
करायानहीं इसकारण ऐसेफिक्रचिंता
झेलीलाभकमरहाखच विशेषहैपीडाकी
चिंताचित्तमभयसाहोनाकाम उम्दाला
भकाअभीनहींवनाजीवकीचिंताहैवश
कीवद्धिको मंगलाचारहोनाएकअपना
प्याराहउस चित्तबहतगहनाहगजहा
रकी चिंता अबछायादानऔरचले की
दालपेलावस्त्र हलदीवर्ण दानकराओ
ईश्वर चाहे तो मनकीकामनापूर्णहोगी
उच्यपदवीमिलेगी जीवकी प्राप्तिलाभ
बढे भूमिसेलाभ पीडा नष्ट होगीऔर
राजद्वार सेभी काम में फतह होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १०७
१०७.हेपच्छक प्रश्न मध्यम है अभी
तुम्हारीमर्जीमाफिककामहोने में देरहै
कष्टरूपीरंजकेशचिंताबहुत रही काम
होताहोतारुकजावेहैयेमध्यम दशाका
फलकहींगवनहोतोभी ताज्जुब नहीं
एकमित्रसेप्रीतबहुतहै एकश गुप्त
अवउसकामिलनाकठिन मंगलाचारमें
देरहैएकजीवकीभीअबलापाहैअवतुम
नवगृहका पूजनदान करोदशा न्यन
बदलेगीश्रेष्टआवेगासो सब कामउत्तम
होंगेजीवकीलाभगईहुईचीजफिरावे
गीकष्टवाधानष्टहोगाउच्यपदवीमिलेगी
राजद्वारसेकामासिद्धहोगागुप्तचिंतामिटे
गीचिंत्तमअनेकप्रकारकीवार्ताचित्तवन
करतेहोचित्तकीवाःचित्तौसमाजाती
है अवखुशीकी वार्ता सुननेमेंआगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १०८
१०८,हेप्रच्छकजब दशाजीवपैनाकिस
आतीहै औरग्रहचौथेआठबारहवेहोजा
तहतबएसेकामहोने खचविशेषलाभ
कमऔरएकजीवकाबहुतध्यानम्हवाहै
सोआराममिलेगा औरहाथ से निकला
धनदेरसेप्राप्तहोगा जिसकामकोकरना
विचाराहो समझकेकरना अभीभाग्य
उदयहोनेमकिंचितविलम्बदएकमित्रमें
बहुतमनरहवाहसोउससेपीतबढ़ेगीऔर
मिलेगानयालाभहोगादोतीनग्रहतुम्हा
रेनामकीरासपैकैडे हैं उनकापत्रादेखकर
यत्न कराओनहींतोविशेषक्लेशहोगादुख
होग्रहोंकायलहोतेहीआरामहोगाउच्च
पदवीहोगीकाभमें फायदाहोएकजगह
सेविशेषमालमिलेगाविलंभसेखातरजमा
रक्खोईवरकाभजनकराकरोभूलोमत
में
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १८९
२०६.हेपच्छकतुह्मारीद्धिधमगारहती
हईश्वरकोसत्यनह मानतेजिसने इतना
बड़ाकियाहै और बरावर रक्षा करी है
सोवहकहींचलानहींगयाहै बरावररक्षा
करेगा उस का भजन करो अन्त
आसा पुरणहोगी और गईसोगई अब
राखरही औरवो मिलेगा मौजूदहैचिंता
मतकरो आगमकी सूरतहोरहीहै एक
काममेंविशेपलामहोगा परंतुअवमंगल
केवर्त और पक्षियोंको बाजरा भोजन
डाल दिया करो वड़ा पुन्यका कामहै
ऋरग्रहोकाजपदान करातेरहाकरो मन
वांछितफलमिलेगा कासिद्धहोंगे जो
बडेखर्चकेकाम समझरक्खेहैं कांटासा
आनन्दमें निकल जायगा कामदेवकी
उनमत्ता में वृद्धि न्यून होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११०
०.हे प्रच्छक इस समय के प्रश्न
का यह फल है कि तुमनेजो प्रश्न
विचारा है सो काम सिद्ध होगा और
लाभ की सूरत और आराम की सुरत
नजरआतीहैपिछलेसालमहीनेमध्यम
रहे खर्च विशेप आमदनी न्यून अब
भाग्यउदयहोगा और कामफतह होगा
थोडा बिलंब है लाभकी सूरत होकर
हटजातीहै ईश्वरका स्मण चित्त लगा
करकरो और घृत सामर दानकरो अब
नये सिरेसे आनन्द का प्रवन्ध होगा
एक काम तुम से न्यून बनगया सो
ईश्वर भी जाने है अब भजन विशेप
करने से कार्य की सिद्धि होगी और
बहुतसी प्राप्तहिोगी नवीन नवीन वार्ता
की समुद्र की तरंगसीचित्तमें उठतीहे
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १११
१११.हेप्रच्छककाम तुम्हारेमें विलंब है
कामअभी ठीकनहोगा दशा नाकिमहै
कईग्रह नाकिम, पंचांगखोलकर देखो
सोचोहोकुछहोहे कुछकईबार्ताकीचिंता
हैजीवकीधनकीमगलाचारकाकष्टरूप
क्लेशकीपरंतुतुम सतवादीहोसत्वोलने
कोपमंदकरतेहोझूटसेकोधितहोतेहोपरा
येकाम मेंमनमेप्रीतलगाकेकरतेहौकिसी
काबुरानहीं चाहतेतुम्हे विद्याकमद्दपरतुं
बुद्धिअकलबडेविद्वानोसेविशेपदहरएक
कीवातकी झूटलत्यकी परिक्षा समझलो
होएककामन्यूनवनगयाथासोईश्वरकी
भक्तिविशेषकरोश्रीगंगाजीके५ब्राह्मण
खीरखंडकेजिमाआमनवांछितफलाम
लेगालाभहोगामिरपेवडाजोफिक्रसमस
रक्खाहै सबकासआनंदमें होजायगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११०
११०. है प्रच्छक इस समय के प्रश्न
का यह फल है कि तुमनेजो प्रश्न
बिचारा है सो काम सिद्ध होगा और
लाभ की सूरत और आराम की सुरत
नजरआतीहैपिछलेसालमहीनेमध्यम
रहे खर्च विशेप आमदनी न्यून अब
भाग्य उदयहोगा और कामफतह होगा
थोडा बिलंब है लाभकी सूरत होकर
हटजातीहै ईश्वरका स्मण चित्त लगा
करकरो और घृत सांभर दानकरो अब
नये सिरेसे आनन्द का प्रबन्ध होगा
एक काम तुम से न्यून वनगया सो
ईश्वर भी जाने है अब भजन विशेष
करने से कार्य की सिद्धि होगी और
बहुतसी प्राप्तीहोगी नवीन नवीन वार्ता
की समुद्रकी तरंगसीचित्तमें उठतीहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १११
१११.हेप्रच्छक काम तुम्हारेमें विलंब है
कामअभी ठीकन होगा दशा नाकिमहै
कईग्रह नाकिम, पंचांगखोलकर देखो
सोचोहोकुछहोहैकुछकईवाताकीचिंता
हैजीवकीधनकामंगलाचारकाकष्टरूप
क्लेशकीपरंतुतुम सतवादीहोसलाबोलने
कोपसंदकरतहोझूटसेकोधितहोतेहोपरा
येकाम मेंमनप्रीतलगाकेकरतेहौकिसी
काबुरानींचाहतेतुम्हे विद्याकमद्दपरतुं
बुद्धिअकलबडेोविद्वानोसेविशेप हैरएक
कीवातकीझूटमात्यकी परिक्षा समझलो
होएककामन्यनवनगयाथासोईश्वरकी
भक्तिविशेपकराश्रीगंगाजीके५ब्राह्मण
खीरखं डकेजिमाओमनवांछितफलाम
लेगालाभहोगानिरपेवडाजोफिक्रप्तमझ
रक्खाहै सबकामआनंदमें होजायगा
हग्देव का तात्कालिक प्रश्न ११२
११२ हेप्रच्छक तुम्हारा प्रश्न शगुण
इमवक्त बहुतश्रेष्टदै तुम्हे बिना कार्ण
चिंता फिक भयसा उत्पन्न होजाताहै
बुदिभ्रमणहोजातीई गयासोगयाफिर
आवेगा मिलेगा क्या मिलेगा आराम
मिलेगा धनमिलेगा मंगलाचार होगा
पीडाकानाशहोगा जीवकोखुशीहोगी
अकस्मात खुशखबरीहोगी अपने इष्ट
देव पित्रदेवताके निमित्त वस्न मिष्टान्न
कच्चाध मावश्याको पिलातेरहाकरो
रोजगार बढेगा उच्च पदवी पाओगे
एकजीवकाध्यान मित्रकेध्यानमरित
बहुतरहताहै तुम्हें विद्यामध्यम है परंतु
अकलबुद्धितेजई किसीकावुरा नहीचा
इतेसत्यवार्ताको पनन्दकरतेहो खर्चहै
अंजाम कुशलहे राजद्वारलेअन्तफतेडे
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११३
११३६पच्छक येजोतुमने प्रश्नकियाई
जोहोगयासोहोगया अवखुशीकीवार्ता
होनेवालाईखोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हआरामहोगाकारजफतै होगाजिसकी
चाहनाहैमिलेगाऔरयेजोचित्तकाम
विचाराददेरले होगा दिनतुमकोबहुत
दिनोंसे मध्यपहैं मर्जिकमाफिकलाभ
नई नष्टदशामरजक्लेशपीड़ागुप्तचिंता
शत्रुताहोतीहैमोअपनीरासपैजोदोतीन
ग्रहनाकिसहदानमंत्रजपाकरो तबघर
आनन्द मंगलाचार जीवकी प्राप्ति
यात्रासे लाभ काम फतहोंगे गुप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारेशरीर पै व्रणयानी फोडे
फुसी का निशान है आलस्य रहताहै
नई नई बात का चितवन करते हो
में
हरदेय का तात्कालिक प्रश्न ११४
११४ हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नाकिसफिक्रसे गुजरे और खर्च
विशेषलाभ मध्यम सोअवप्राप्तिहोगी
जीवकालाभहोगा व्याधारंजनष्टहोंगे
घरमें खुशीहोगीचित्तकीचिंताचित्त में
समाजातीहै समुद्रकी तरंगसीनई नई
उठतीहसोत्रथाजातीहएकजीव चित्त
बहुतरहताहै अबईश्वर चाहेतो कहीं
खुशीको बातसुनोगे उच्चपदवी प्राप्तहो
गी नाकिसग्रहोंकादान औरसवेश्याम
शिवजीका भजनकरकरो और ये जो
प्रश्न किया है वो काम भी फतहोगा
मिलेगा फिक गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अब राख रही को
काम काबू से बाहर सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरो काम फतै होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११५
११५ हेप्रच्छकतुम्हारा कार्यसिद्ध होगा
प्रथम दशा न्यून थी अब दशा श्रेष्ट
आनेवालीहै जीवकी चिंता औरलाभ
का उद्योग विशेष परन्तुलाभ अधूरा
होताहै ओर येजो अवफिकहैखर्चसो
दुरहोयगाआरामगुप्त वोभामिलेगाफतै
होगा कष्टनष्ट होगा कईग्रह नामकी
रासपरनाकिसईसोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकराओविनादानके
करायेकार्यसिद्धदेररहोगाइसकारणचा
क्लमिष्टान्नस्वेतवस्त्ररजनित अर्थात श्र
द्वाप्रमाणचांदीदानकाकरना बहुतश्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
मकीसूरतहोगीचित्तस्थिरकरके किसी
कालईश्वरकाभजनकराकरो प्रश्नश्रेष्ट
है अंजाम कुशलहै तीर्थयात्रा श्रेष्टहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११६
११६२प्रच्छकइससमयकेप्रश्नकायफल
हैकार्याधीनसेवाहरअर्थातकामकाबू
सेवाहरचिंताकष्टकई जीवशत्रुतागुप्तकरें
इपरंतुउनसे कुछहोनहीं सका १जीवमें
चित्तबहुतरहताहैदशामध्यमकेकारण
अनेकप्रकारकीहानतालापसोचोहो
समुद्रकीलहरसीउठतीहैनईनईबातका
चितवन होकरनिर्फलहोताहैकईफिक
भारीलगेहुवेजीवकी प्राप्तिहोगीफतैऔर
चंगाहोगाऔरयेजोअव चिंताहैसबदुर
होपीतदानकरो चनेकीदानहलदीपेला
वखपेलेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्तचिंता
दूरहोगीकार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्राप्तहोगादशान्यूनकेकारणफिक्रचिंता
गृहमेंश्लेशहोताहै अबदशाश्रेष्ट आनेवा
लीहैयैकार्यहोकर नवीनकृत्यकरोगे ।।
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११७
११७६प्रच्छकतुम्हाराप्रश्नचिंतारूपीक
एकादेखच विशेष जीवकीलालसाजीव
चिंतातरहरउदवेगचित्तस्थिरनहींकाम
कामेवाहरहेडसरेआदमियोंकोभीबहु
तफिकहजबदशामध्यमहोतीहैअपनेभी
परायेहोजातेहपरंतुअभीकार्यमें विलम्ब
हैकामनापूर्णतोहाँगा परंतुपापग्रहोका
पूजन विधिपूर्वकबटकभैरवकामंत्रभी
जपावाओ[मंत्र]ऍहीक्लीश्रीबटुकभी
यआपदुद्धारणायसर्वविघ्ननिवाायम
| मरक्षाकुरुकुरुस्वाहा। इसमंत्रकेजापसे
मनोकामनापूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्घचिंताईसोकामहोऔरमिलेगाखर्च
विशेषहैएकजीवमेचित्तभीवहुतरहताहै
लाभअधरहोते,नईश्वार्ताकाचितवन
रहता है परन्तु अन्त में कुशलता है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११८
१८हेपच्छक कामना पूर्णहोगी खुशी
कीवा होनेवाली है मिलंगामार्जकेगा
फिक कामहो चित्त उसविनाव्याकुल
सारहताहै दशान्यून केकारण ऐमेकाम
हुए धन का खर्च जीवकादुख काम
दुसरेके काबृमें होना औरदोतीन ग्रह
तुम्हारीरासपैकैडो मध्यमपंचांग में
देखोउनमध्यमें ग्रहों का पूजनदानमंत्र
स्थिरचित्त करकेकराओकार्यशीघ्र सि
द्ध होगा और येजो फिक्र मोद्रहोगा
औरकई फिक्र खर्चकेआवह सो काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परन्तु विलम्बहे पूजनदानसकार्य
सिद्धहोगागुप्त लाभहोगाअब अंजाम
अच्छा दीखहै कार्यमें मी लाभ होगा
शिव जी का पूजन नित्य किया करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ११९
११६ इससमयके प्रश्नका फलयेहै किका
मठीकबैठेगायान बैठेगाइजनका भय
होजाताहै ऐसीदशामेंगवनभीहोता है
गुप्तचिंत्तारहे कमीचित्त कछआताई
कभीकुछआता ऐमीदशामें खचविशे
पहोताहे एकगुप्तमनोसोकवतकआ
रामहोगासो अवन्यूनदशावीचनेवाली
हैऔरश्रेष्टआनेवाली है परन्त काममें देर
हैइष्टदेवकापूजन कग्नाचाहिये पित्रों के
निमितमिष्टान्नवस्त्रकच्चा दूध पीपल को
जलदेना श्रेष्टहै कई महिनेसेभ ग्यकीही
नतायानीमध्यम है पूजनकरनेसेधनकी
पाप्तीजीवका मिलना कष्टरूपीरजका
दूरहोना यजोअब बहुतचिंताहै काम
जरादेरसे मर्जीकेमाफिक होगा काम
काबूसे बाहर होगया दशा मध्यम
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२०
१२०हेप्रच्छकतुम्हारी रासपै आजकल
कईग्रहनाकिसह पंचांग खोलकरदेखो
जवएसेग्रहरासपआतेहै लाभकमहोती
हैशत्रुउत्पनहोतमित्र व प्यारोंसेजुदाई
होनहिकष्ट रंजहोते हैं आमदनीहोती२
रुकजातीहैजहांपूर्णलाभममझोअधूग
होताहैएकजीवलालसाआसरगीरहेहै
व्यैदीर्घलाभमध्यमहो कामहोनेकोहो
फिरतारभंगहे। जासोअवम
केदानजापकराओ आपभीये मंत्रजपो
उऐंहीक्लीं श्रीवा
वासुदेवायनम:वबटुक
भैर
वायआपदुद्धारणायममरक्षाकुरूकुरुस्वाहा
दानमंत्रजापकरनेसे येजोतुम्हारेमनकी
कामनापूर्णहोगीप्राप्तिहोगीकष्टदृरहो
पुत्रोंकालाभराजसेफतैमित्रसेप्रीतविशेष
इतनेउपायनबनेगादशा मध्यमरहेगी
मध्यमग्रहों
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२१
१२१.६मच्छक ये जोतुमनेप्रश्नकियाई
जोहोगयासाहोगया अवखुशीकीवार्ता
होनेवालादेखोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हआरामहोकारजफतहोगाया जिसकी
चाहनाहैमिलेगाऔरयेजोचित्तकाम
विचाराई देरसेहोगा दिन तुमको बहुत
दिनोंसे मध्यम, मर्जीकेमाफिक लाभ
नहींहैनष्टदशामेरंजल्लंशपीडागृतचिंता
शत्रताहोती हसोअपनीरासपैजोदोतीन
ग्रहनाकिसई दानमंत्र जापकरो तबघर
में आनन्द मंगलाचार जीव कीप्ताप्ति
यात्रासे लाभ काम फतैहोंगे गुप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारे शरीर पै व्रणयानी-फोड़े
फुसी का निशान है आलस्य रहताहै
नई नई बात का चितवन करते हो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२२.
१२२.हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नांकिस फ़िक से गजरे और खर्च
विशेष लाभमध्यम सो अब प्राप्तिहोगी
जीवका लाभहोगा व्याधा रंजनष्टहोंगे
घरमें खुशीहोगी चित्तकीचिंताचित्तमें
समाजातीहै समुद्रकी तरंगसी नई नई
उठतीहसोवृथाजातीएकजीवचित्त
बहुतरहताहै अब ईश्वर चाहे तो कहींसे
खुशीकी बातसुनोगेउच्चपदवी प्राप्तहो
गी नाकिस ग्रहोंकादानऔरसुबेश्याम
शिवजीका भजनकराकरो और येजो
प्रश्न किया है वो कामभी फतहोगा
मिलेगा फिक्र गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अब राख रही को
काम काबू से बाहर है सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरो काम फतै होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२३
२३.हेप्रच्छक तुम्हाराकार्य सिद्धहोगा
प्रथम दशा न्यून थी अब दशा श्रेष्ठ
आनेवाली है जीवकी चिंता और लाभ
का उद्योग विशेष परन्तु लाभ अधूरा
होताहै और ये जो अब फिकहै खर्चसो
दूर होगाआरामगुप्तवोभी मिलेगा फते
होगा कष्ठ नष्ट होगा कई ग्रह नाम की
रासपरनाकिसह सोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकराओ विनादानके
करायेकार्यसिद्धदेरसेहोंगाइसकारणचा
वलमिष्टान्नस्तबस्न रजनित अर्थात् श्र
द्वाप्रमाणचांदीदानका करनाबहुंतश्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
भकीसुरतहोगी चित्त स्थिरकरके किसी
कालईश्वरका भजन कराकरोप्रश्न श्रेष्ट
है अंजाम कुशल है तीर्थ यात्रा श्रेष्टई
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२४
१२४,हेमच्छकइससमयकेप्रश्नकायेफर
कार्यआधीनसेवाहरअर्थातकामकाबू
सेवाइरचिताकष्टकईजीवशत्रुतागुप्तकरे
हैपरंतुउनसे कुछहोनहीं सता१जीवमें
चित्तबहुतरहताहैदशामध्यमकेकारण
अनेकप्रकारकीहानवार्तालाप सोचोहो
समद्रकीलहरसीउठती है नईनईवातका
चितवनहोकरनिर्फल होताहै कई फिक
भारीलगेहुवेजीवकीप्राप्तिहोगीतऔर
चंगाहोगाऔरयेजो अबचिंताईसब दूर
होपीतदानकरोचनेकीदालहलदी पेला
वस्त्रपेलेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्तचिंता
दूरहोगी कार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्राप्तहोगादशान्यूनकेकारणफिक्रचिंता
गहमें क्लेशहोताहै अबदशांश्रेष्ट आने वा
लोईयेकार्यहोकरनवीन कृत्यकरोगे ॥
हरदेव का तात्कालिक प्रान १२५
१२५.हेमच्छक तुम्हारापचिंतारूपीक
ष्टकाहै खर्च मिशेपजीवकीलालसाजीव
चिंतातरह-उदवेगचित्तस्थिरनहींकाम
कावृसेवाइरहे दूसरेआदामियोंकोभीबहु
तफिकहै जवदशामध्य महोतीहैअपनेभी
परायहोजात परतणीकार्यमेविलम्ब
हैकामनापूर्णतोहोगी परंतु पापगृहोंका
पूजन विधिपूर्वक बटुकभैरवका मंत्रमी
जपवाओ(मंत्र)डौंह्रीं क्लीं श्रीवटुकभैर्वा
यआपदुद्धारणाय सर्वविघ्ननिवाीयम
मरक्षाकुरकुरुस्वाहा । इसमंत्रजापसे
मनोकामनापूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्घचिंताहैसोकामहोऔरमिलेगाखर्च
विशेषहैएकजीवमें चिनभीवहुतरहताहै।
लाभअधुरेहोते. नईश्वार्ताकाचितवन
रहता है परन्तु अन्त में कुशलता है.
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२६
१२६.३मच्छक कामना पूर्णहोगी खुशी
कीवार्ताहोनेवाली है मिलेगा मर्जीकेमा
फिक कामहो चित्त उस विना व्याकुल
सारहताहैदशा न्यून केकारण ऐसेकाम
हुए धन का खर्च जीवकादुख काम
दुसरेके काबूमें होना और दो तीन गृह
तुम्हारीरासपैकैडे. मध्यम पंचाग में
देखोउनमध्यमग्रहोंका पूजनदानमंत्र
स्थिरचितकरके कराओकार्य शीघ्र सि
द्ध होगा और येजो फिक्र सोदूरहोगा
और कई फिक्र खर्चके आवेह सो काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परंतु विलम्बहे पूजनदानसेकार्य
सिद्धहोगा गुप्त लाभहोगा अब अंजाम
अच्छा दीखहै कार्य में भी लाभ होगा
शिवजी का पूजन नित्य किया करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२७
१२७,इमसमयकेप्रश्नका फलयहकिका
मठीकबैठेगायान बैठेगाइज्जतकाभय
होजाताहै ऐसीदशाभंगवन्भीहोता है
गुप्तचितारहेहैकभीचिंत्तमेंकुछ आताहै
कभीकुछआताहै ऐसीदशामें खबविशे
पहोताहैएकगुप्तमनार्थईसोकबतक आ
रामहोगासोअवन्यूनदशाबीचनेवाली
हैऔग्श्रेष्टआनेवाली है परन्तकाममें देर
हैइष्टदेवकापूजनकरानाचाहियेपित्रों के
निमितामष्टान्नवस्खकच्चा दूध पीपलको
जलदेनाश्रेष्टहै कई महीनसभाग्यकीही
नतायानीमध्यमई पूजनकरनसेधनकी
प्राप्तिजीवकामिलना कष्टरूपी रंजका
दूरहोना येजो अब बहुतचिंता है काम
जरादरसे मर्जीकेमाफिक होगा काम
का से बाहर होगया दशा मध्यम है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२८
१२८.हेपच्छकतम्हारीरासपै आजकल
कईग्रहनाकिसह पंचांग खोलकरदेखो
जबएसेग्रहरासपैआतेहैंलाभकमहोती
हैशत्रु उत्पनहोतेभित्र व प्यारोंसेजुदाई
होताह कष्टरंजहोते. आमदनीहोती२
रुकजातीहैजहांपूर्णलाभसमझोअधूरा
होताहैएकजीवलालसाआसलगीरहे है
क्यैदीघलाममध्यमहो कामहोनेकोहो
फिरतारभंगहोजासोअवमध्यमग्रहों
केदानजापकगओ आपभीयमंत्रजपो
डॉऐंहीक्ल श्रीवासुदेवायनमः बटुकभैर
वायआपदुद्धारणायममरक्षाकसकरुस्वाहा
दानमंत्रजापकरेनसेयेजोतुम्हारेमनकी
कामनाहै पूर्णहोगीप्राप्तिहोगीकष्टदृरह।
पुत्रोंकी लाभराजसेफने मित्रसेगीतविशेष
इतने उपायसेवनेगादशा मध्यमरहेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १२९
१२६.३पच्छकयेजोतमने प्रश्न किया है
अबदशाश्रेष्टआनेशलाहेकामनापूर्णही
गीजोकामचिंत्तमंधारणकराईसोमिले
गाचिंतादुरहोगीकाम फतैहोंगे मित्रोंसें
प्रतऔरकष्टपीडानष्टहोगीजीविचाराहै
कामठीक ठेगेदशाबहुतादिनोंसेमध्यम
थाव्यविशेषहुवाजीवकीप्राप्त होगीरिण
कीन्यूनताहोयप्रश्नश्रेष्टहै उद्योगवउपाय
पहलेतुमनेबहुतेरेकरेपरनिर्फलगयेकाम
काबुमेबारहै परअबईश्वरआनन्दखश
नवराकीवार्ताकरेंगेगुप्तलामहोयेजोप्रश्न
विचाराहैइसकेवास्तश्रीदेवीदुर्गालक्ष्मी
कापूजनकराओ चावलचांदी स्वतन्त्र
श्वेनफुलकादानकराओ कईग्रह ध्यान
सोउपायकरनेसशीघ्रमनकी कामना
पूर्ण होगी एकजीवका ध्यानरहना है
र
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३०
१३०हेपच्छककामकाजमे बाहरहै और
धनकाव्यविशेपहैअम्मतियेमामला है।
सोजीवकीचिन्ता औरआदमीको भी
चिंताबहत है इज्जतकोख्यालहवडेरखर्च
दीखहैंऔरतुमपरउपकारीसत्यवार्ताको
पसंदकरोहो छलछिंद्र के कामकोपसंद
नहींकरतेतुम्हाराप्रश्न जावऔर धन का
हैऔरइज्जतकामयहोता है अनेकप्रकार
कीवातासोचोहो निलजाती है पता
नहींलगताजतनभाकरेअवनवग्रहों का
दानमंत्रजापकराओयेकामईश्वरचाहे
तोठीकहोनेवालाऔरआदमीभीसहा
यताकरेंगेकईशत्रु ग्रहइष्टदेवकापूजन
कराने से काम मनइच्छा पूर्ण होगा
और मिलेगा वंश की वृद्धि होगीजी-
व लक्ष्मी प्राप्त होगा आराम होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३१
१३१.हेप्रच्छकइससमयकैप्रश्नकरनेका
यिमामलादेस्वरदस्वभावहघरमेंचमत्का
रीहोक्लेशमिटेव्याधाटलेजिसकाप्रश्नहै
वोशैमिलेगीयानमिलेगीमंगलाचारकद
तकहोगा लाभखुशीकवतकहोगीऐसी
दशाकवतकरहेगी जीवकीचिंताहै बंश
कीवृद्धिहोआजकल तुमसोचोहो कुछ
हाय कुछ दोतीनग्रहरासपैनाकिसआ
रहहँसाउनकाउपायदानपुन्यजापकरा
नेसेचित्तकामनाथसिद्धहागा खुशीहो
कामपरायेआधान अवतुमचीटीनाल
जिमाओतोश्रेष्टहै भुखोंकोभोजनदोका
यसिद्धहोगादशाउतरनेवालीहै मनोर्थ
पूर्णहोंगेअनेकप्रकारकीलाभकीसरतहों
औरयेजो ऊपरसे फीक दीखे सोसव
कांटासां निकलजायगा दशामध्यमहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३२
१३२. इससत्यजो आपनेप्रश्नकियाहै
ऐसेस्वरमेयेवादि किगुप्तचिंता१जीव
कीलालमावनीरहतीधनसेहीसारेकार्य
सिद्धहो रोजगार मेंमध्यमलाभहसो
प्राप्तहोगीयानही मंगलाचारकी सरतक
बतकहोजिससे घरमंचांदनाहोआराम
होकवतकदिनकै डे गुप्तलाभभी होगी
येझगड़ाकबतकमिटेगादिनरातात्तमें
चिंताक्लेशरहेहै कचतकदिनअच्छेआगे
येप्रश्नब्राह्मणकोदही लडमिष्टानभोज
नदेनेसेकामहो अपनेइष्ठदेव कापूजन
घरमें पित्रपीडाका उपायकरोउपायके
करानेसेअबकेकामसिद्धहोइज्जतवढेगी
सबसेजीतोगेशत्रुरूपीग्रह हानकररहेहैं
दिनरातनईनईवार्तासोचोहोसवनिर्फल
जातीहै परन्तु अजाम कुशलता है ॥
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३३
१३३इपसमयके प्रश्न कायफल जीव
चिंताभविष्यति धनन्यूनंदिनेदिनेमंग
लाचारविलम्बस्यपराधानकृत्ययोराज
द्वारकन्यायरिथरोकायद्रष्टयाग्रहपीडा
चप्राप्नोतिभृगुणापरिभाषितःमध्यमद
शामध्यमकार्यहोजाते मनकीवार्ता
कवतकपूर्णहोगी मिलेगीयानहीं रोज
गारकीहानीहै कबतकवृद्धिहोगीआज
कलदिननाकिसह घरमें चांदना कब
तकहोयेकामअवकेमीफतहहोगाजिस
सेवंशकीब्रद्धि हो तुम्हारीरासपैकईग्रह
मध्यमदपत्रादेखोनाकिसग्रहोकादान
मंत्रजापछायादानकरानेसे अवयेमनो
र्थसिद्धहोगाकामकाबूसेबाहरईमामला
ईश्वरके आधीनहे परन्तुजोबातचित्तमें
औरहैयेगृहकाप्नभावहै: अन्तअच्छाहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३४
१३४ इप्रच्छक तुम्हारा प्रश्न जीव की
चिंताका काम पराधीन क सेवाहर
होगया बहुतरेयत्नकरोदो बहुतेरीबातें
सोचाहो मंगलाचार खुशबंशकीवद्धि
राजद्वारविद्याकीसिद्धधनकीजीतश्रेष्ट
दशा होतीहे अवजोतुम्हेयेचिंताऔर
लालसा जीवकीहै सो काममें विलंबहै
परंतुमिलेगाऔरहोगापरंतुजतन उपाय
सेइच्छापूर्णहोगीधम्मस्वप्नभी दीखेहै
आरामकी सूरतहोगी जीवप्राप्तिहोगी
इज्जतकाकामहो संदेहमिटेगाधनका
मनोर्थपूर्णहोगा देवीका पूजनकराओ,
औरअपने हाथसे प्रतखांडचावलचांदी
कादानकरोईश्वरचाहेतोउपायकरतही
इच्छापूर्णहोगी औरतुमपरउपकारीहो
सत्यवादीहो असत्यकोपसंदनहींकरते
हरदेव का तात्कालिक प्रउन १३५
१३५.६प्रच्छकचित्तचिताभविष्यात
इक्लेशनसंशय धनमानम हानि डा
देहंदीतामंगलाचारकंयोगवश दच
माप्तयेराजद्वारकन्यायधनहानिविलंब
ताप्रश्नकाफलयेईतरहरकीवार्तालाभ
सोचाहोकामकाबूसबाहग्दै दशाक ईम
होनसेमध्यमहैन्युनदशाभंघन्हानिवि
पशव्यसलाममध्यमचिंत क्लेशनकमान
होतेहैंराजद्वार भीकाममर्जीकमाफ
कनहींहोते सोकामकवतकोंगाजाघर
अचंदनाचमत्कारीहोवंशकी ईज्जतकी
बद्धिहोऔरवोमिले.एक जीवमें चित्तवि
शरहताईसोशिवजीकापूजनचींट्रीनाल
देनाधष्ठहै ओरअपनेहाथ सेगुड़गेहुलाल
वस्त्रलालपुष्पआदिदानकरके देईश्वरचा
हेतोअवकामशीघ्रहोकामनापूर्ण होगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३६
१३६प्रच्छयगतचिताशरीरेनधनहानी
चदश्यते गृहपाड़ा भविष्यति दृश्यते
भाग्यमंदताजीवचिंताचप्रामातिमगला
चारहर्षकंधननष्टनसदेहोजीवप्रश्नेचमा
प्तयेइससमयदमुभावस्वरहै इसमें भाग्य
कीवृद्धिवंशकीनद्धिमंगलाचारराजद्वार
मेंन्यायकिलीप्यारेकीचिंताविद्याकाला
भरोजगारकत्यपीडाकायलदुस्वभाव
स्वरमें इसप्रकारप्रश्नहोते सोतीन गह
तुम्हारीर सपैआजकलनाकिसपने में
देखोनाकिसहयानहींजरूर हैं इननाकि
'सगहोंकादानमंत्रजापकराओ जिससे
भाग्यकीबादकानालाखलेऔर उच्चपद
वीमिले औरये जीवकीप्राप्तीकमंगलाचा
रकेकामहोऔरगतगई हुईचीजप्राप्त हो
अंजामकुशलहै जिसे चाहोसो मिलेगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३७
१३७. हेप्रच्छकतुम्हाराप्रश्न जीवरूप
लक्ष्मीका है चिंतादीघहै और स्वरदुस्त्र
भावप्रश्नदोतरहकैसे हैंएकशैका अल
गहोजाना रोजगारमध्यमहोना चित्त
कीचिंताचित्तमही समाजाती है घरमें
अंधेरासाहै जीवकीलालसा हैजतनभी
करेपरन्तवथागएगप्तचिंता इज्जत का
ख्यालहै औरयेख्यालहैअबकेभी काम
होगाराजद्वारकाउच्यपदवीकी अशा
हैअवचिंताइमप्रश्नकोहेसोकाम ईश्वर
आधीनहैदिनबहुतसमयसे मध्यम है
भाग्यउदयहोनेकोहोताईफिररुकजाता
हेअवपूजनश्रीदुर्गादेवीकाकरानाचाहि
येकईग्रहरासपेकैड हैं उनकाउपायकरा
नाचाहियेकामफतहहोकष्टवाधनष्टहो
लाभकीसूरतअच्छीवनेगी वो मिलेगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३८
१३८.हेमच्छकदीर्घ चिंताचप्राप्नोतिजीव
प्राप्तिनदृश्यतेभयभीतहृदादृश्यपराधी
नोपिकत्ययाराजद्वार कंकायधनव्यय
भविष्यतिअंतकार्यमहासिद्धिभृगणाप,
रिभापतःतमपैवहतदशान्यनधीअनेक
प्रकारकफिक जीवचिंताधनका जाना
गुप्तक्लेशरहा तुम्हाराचित्तएकजीवमेंत
त्परहैनई नईवार्तालाभसोचोहोसोबथा
जातीहैअवरोजगारकामीसूरतहोगीय
जोजीवकीलालसाडे पूर्ण ह परंतुचिलंबहै
देरसेफतहहोगाकामलामहेोग छाया
दानगुड़गेहूंलालबखम्वर्ण दानसे शीघ्र
मनकीकामनापूर्णहोगीऔरदसरालाभ
काकार्यभीसिद्धिहोगा कामदेवकीउन
मत्तामेंनीचबुद्धिहोजातीहै साग्रहकाप्र
भावहै अंजामकुशलभूमि लाभ होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १३९
१३९.४प्रच्छक तुम्हारा काम कावू स
वाहरहै दिनरातविचित्रतरहरकीवार्ता
लाभसोचोहोबनकरकामकीआनन्दकी
सूरत मध्यमसीहोगई ऐसीदशामेंगुप्त
चिंताशकाचित्तभयसाधनकाचला
जानाभित्रकाख्यालरहताहैरोजगारका
मध्यमहोनाकष्टव्याधाहोखोटीदशामें
बहुतबातोंकाख्यालहोताहै तुमपक्षियों
कोअन्नबाजराभोजनदोश्री बटुकभैरव
कापूजनकराओयमंत्रजपोडोंऐंहील्कीश्रीं
श्रीविष्णुभगवानममअपराधक्षमायकुरु
कुरुसर्वविघ्नविनाशायममकामना पूर्ण
कुरुकुरुस्वाहामंत्रकेकरानेसेवंशकीबद्धि
होतीहैरोजगारश्रेष्टहोताहैजीवकीप्राप्ती
होतीहैराजद्वारसेफतैहोतीहैगईहुईलक्ष्मी
फिर आतीहै सर्वकामना सिद्धहोतीहै
हरदेव का तात्वालिक प्रश्न १४०
१४०.हेप्रच्छक तुम्हारा काम फतहोगा
स्वरदाहना चलता है इससमयकेप्रश्न
कायहफरहै चिंताफिक्रमिटंगा गईमो
गई अवराखरही जिसने उत्पन्नाकयाहै
देगावहीजीवकीप्राप्तिहोगीराजद्वारसे
लाभहोगाखुशीहोगीमंगलाचारहोगा
एकमित्र विशपमनरहेआधीनरहेगा
भूमिलामहोगादशाबहुतदिनसेमध्यम
थाअवदशा बदलनेवालीहै कामदेवकी
प्रबलतामें न्यून वुद्धिहोजाताहे जवजो
तुम्हारीरासपै ग्रहमध्यम है उनकादान
निश्चैकरकेकराओ कामहोताहोतारुक
जाताहैशत्रुहानिकरातेहैं काम औरके
आधीनहै कई आदमियों से मिल के
कामहोगा अवदशाअच्छी आनेवाली
है येजो और कामहे सोवहभी होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १"
१४५.हेप्रच्छकप्रश्नजरामध्यममालूम
होताहैपुत्रकीलामसगाई रोजगारमध्य
मदशामुशकिलसेहोते. अर्थातहोता२
लाभरुकजाताधनकानुक्सानधनहर
नहोताहैराजद्वारसेफतेहानामुशकलहो
जाताहैउच्चपदवीनहीं मिलतीजीवकी
प्यारेकीचिंताहोजातीहैजोकामसोचो
तारभंगहोजातीहैगुप्तशत्रुभांजीमारदेते
हैंएकमनोर्थ बहुतदिनसे सोचरक्खाहै
ईश्वरचाहेतवहोअवतमइष्टदेवऔरघरके
पित्रोंनिमित्त कुछजपदानकराओजिस
सेमनोर्थसिद्धहोजिसकीचाहनावोमिले
जीवकीमाप्तिहोरोजगारभारीहोराजद्वा
रसफतहो गईचीजमिलेमंगलाचार हो
इतनपूजननवनेगाकोईकार्यदुरुस्तनहो
गा काममध्यमरहेगा अन्तमें कुशल है
हरदेव का नात्कालिक प्रश्न १४२
१४२. पच्छक अवतुम्हागमनोधाबद्ध
होगा श्रेष्टइशाआनेवाली है उत्तमदशा
गईचीजका मिलना रोजगार में लाभ
अन्न लाभजीवकीप्राप्तिराजद्वार में फतै
घरमें मंगलाकष्टव्याधानष्टयात्रा लाभ
ओरमनका मनोर्थभी सिद्धहोगा अब
तुम्हारी रासपर दोग्रह नाकिस और
वाकी पत्रादेखो उनकाजरा उपाय
और श्रद्धासे करादो और श्याम को
चींटीनालजबतक बनेतवतकदो दशा
उत्तम आने वाली है पिछलेदिन बहुत
फिकवीचेसोअवईश्वरचाहे काम पूर्ण
होंगे आसपूरीहोगी मिलके लाभएक
जीवमें चित्त विशेपकर रहता है सो
आनन्द में वीतेगी काम देव की उन
मत्तता में बुद्धि न्यूनभी होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४३
१४३.हेपच्छक अवक्याफिक्रकगेहातुम्हें
खुशखबरी हाने वाली गईसोगई अब
राखरहीअबबहुतदेगावहीम नोर्थपूर्णहों
परन्तएफ फिक्र भारदीखे है ऊपरसे
खर्चबहेपासधनविशेपनहीं दीखता
परंतुचिंतामतकरनाकामबडाइज्जनके
साथबनेगाऔरकई जगहसे लाभ होगा
करनेवालाऔर वहीफिक्रकररहाहै अब
विशेपलाभकीसूरतहोगी मित्रमें चित्त
बहुतरहनादेव भोचित्तसेप्यारकर अव
तुमशोधइमका कीसिद्धिचाहोतो श्री
गंगाजीके ब्राह्मणवारखांडकेजिमाओ
औरसट्ठीचावलदहीदानकरोकामशीध
फतहोगाऔर गुप्त लाभहोगाघर चांद
ना होगाएककाम गुप्तसे गुप्त न किम
बनाथा सोईश्वरका ध्यान रक्खे करो
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४४
१४४.हेमच्छकतुमपर बहुतदिनोंसेदशा
नाकिसधीनहींतो निहालहोजातेलाम
कीमूरतमेंहानपैदा होगईगुप्तश बुराई
करहै अबएकऔरखशीकीवाततुम्हेंहोंने
कोहोरहीहैदशानाकिसमें धनमालका
निकलजानापीडाका घरमें बासहोना
इज्जतकाभयहोना रोजगारमेंहानहो
नाहुवाहुवाया मंगलाचारका हटजाना
राजद्वारकोचिंताोनी येसबवातनाकि
सदशामहोतीहैंअवतुमशामकोघृतका
दीपकशिवजीके मद में प्रज्वलितकरो
औरजलकालोटाभरकेशिवजीकोऔर
पीपलकोदो औरइतवारको ब्राह्मणाज
माओकईग्रहतम्हारीरासपरनाकिस हैं
पत्रे देखोसोनाकिसदशाकाफलन्यून
होजायगाजोमनोकामनाहै पूर्ण होगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४५
१४५.हेपच्छकअब तुम्हारेखोटेदिनगये
अच्छेआने वालेहैं अबतक तुमनेबहुत
नाकिसदशाझली नाकिसदशा में ही
ऐसैकामहोतेहैं जोफिकतुमपर हैं बहुत
नुक्सानउठायालाभकमरहापीड़ारूपी
क्लेश धनखर्च औरचीज निकलगई
इज्जतकाभयहुवापरन्तु अबअपनेइष्ट
देवका पूजनपितृपीडाकाजतनऔरकर
ग्रडकादाननिश्चकरकेकराओफिरशीघ्र
औरनयेलाभोंगे जीवकी प्राप्ति मत्रसे
मुलाकातजोहैविशेषहोगीघर मंगला
चार उच्चपदवी प्राप्तहोगी ग्रहकीपीड़ा
नष्टहोगीशत्रकानाश औरयेजोमनकी
कामनासो पूर्णहोगी औरबड़े फिक
जोऊपरसेखर्चकेदीसह सोसवआनंदमें
कांटासानिकलजायगाकामसिद्धहोगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४६
१४६.प्रच्छक प्रश्न इससमयकाबहुत
श्रेष्टतुम्हारादीखता है बरोदिन गयेअच्छे
आनेवालेथेसोतुम्हारीरासपैदोतीनग्रह
मध्यमआगयेऔरतुमने उनकादानजप
करायानहीं इसकारण ऐसेफिक्रचिंता
झेलीलाभकमरदाखचविशेषहपीडाकी
चिंताचित्तौभयसाहोनाकाम उम्हाला
भकाअभीनहींननाजीवकीचिंताहैवश
कीवद्धिको मंगलाचारहोनाएकअपना
प्याराहै उसमें चित्तबहुतरहताहजहा
रकी चिंता अबछायादान औरच की
दालपेलावस्त्र हलदीस्वर्ण दान कराओ
ईश्वर चाहेतो मनकीकामनापूर्णहोगी
उच्यपदवीमिलेगी जीवकी प्राप्तिलाभ
वढे भूमिसेलाभ पीडा नष्ट होगीऔर
राजहार सेभी काम में फतह होगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४७
१४७.हेप्रच्छक प्रश्न मध्यम है अभी
तुम्हारीमर्जीमाफिककामहोने में देरहै
कष्टरूपीरंज केशचिंताबहुत रही काम
होताहोतारुकजावेहैयेमध्यमदशाका
फलहैकहींगवनहोतोभी ताज्जुब नहीं
एकमित्रसेप्रीतबहुतहै एकशगुप्त
अबउसकामिलनाकठिन मंगलाचारमें
देरहैएकजीवकीभीअबलाषाहै अबतुम
नवगृहका पूजनदान करोदशा न्यून
बदलेगीश्रेष्टआवेगासो सब कामउत्तम
होंगेजीवकीलाभगईहुईचीजफिरावे
गीकष्टवाधानष्टहोगाउच्यपदवीमिलेगी
राजद्वारसेकामसिद्धहोगागुप्तचिंतामिटे
गीचिंत्तमअनेकप्रकारकीवााचित्तवन
करतेहोचित्तकीवार्ताचित्तौसमाजाती
है अवखुशीकी वार्ता सुनने में आवेंगी
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४८
१४८.हेप्रच्छकजब दशाजीवपनाकिस
आती है औरग्रहथिआठवेवारहवेहोजा
तहतवएसेकामहोते हैं खचविशेपलाभ
कमऔरएकजीवकाबहुतध्यानम्हताहै
सोआराममिलेगा ओरहाथसे निकला
धनदेरसेप्राप्तहोगा जिसकामकोकरना
विचाराहो समझकेकरना अभीभाग्य
उदयहोने मेकिंचितविलम्बदएकामत्रमें
बहुतमनरहताहैसोउससेपीतबढ़ेगीऔर
मिलेगानयालाभहोगादोतीनग्रहतुम्हा
रेनामकीरासपैकैड़े हैं उनकापत्रादेखकर
यत्नकराओनहींतोविशेषक्लेशहोगादुख
होग्रहोंकायत्नहोतेहीआरामहोगाउच्च
पदवीहोगीकाममें फायदाहोएकजगह
सेविशेषमालमिलेगाविलंभसेखातरजमा
रक्खोईश्वरका भजनकराकरोभूलोमत
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १४९
१४६.हेपच्छकतुह्मारीबुद्धिभ्रमणरहती
हईश्वरकोसत्यनहींमानतेजिसनेइतना
बड़ाकियाहै और बराबर रक्षा करी है
सोवहकहींचलानहींगयाहै बराबररक्षा
करेगा उस का भजन करो अन्त में
आसा पुरणहोगी और गईसोगई अब
राखरही औरवो मिलेगा मौजूदहैचिंता
मतकरो आगमकी सुरतहोरहीहै एक
कामविशेषलाभहोगा परंतुअवमंगल
केवर्त और पक्षियोंको बाजरा भोजन
डाल दिया करो वड़ा पुन्यका कामहै
करग्रहोकाजपदान करातेरहाकरो मन
वांछितफलमिलेगा का सिद्धहोंगे जो
बडेखर्चकेकाम समझरक्खेहैं कांटासा
आनन्दमें निकल जायगा कामदेवकी
उनमत्ता में बुद्धि न्यून होजाती है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५०
१५०. हैं प्रच्छक इस समय के प्रश्न
का यह फल है कि तुमनेजो प्रश्न
विचारा है सो काम सिद्ध होगा और
लाभ की
सूरत
और आराम की सूरत
नजरआतीहैपिछलेसालमहीनेमध्यम
रहे खर्च विशेप आमदनी न्यून अब
भाग्य उदयहोगा ओर कामफतह होगा
थोडा विलंब है लाभकी सूरत होकर
हटजातीहै ईश्वरका स्मण चित्त लगा
करकरो और घृत सामर दानकरो अब
नये सिरेसे आनन्द का प्रबन्ध होगा
एक काम तुम से न्यून बन गया सो
ईश्वर भी जाने है अव भजन विशेप
करने से कार्य की सिद्धि होगी और
बहुतसी प्राप्तीहोगी नवीननवीन वार्ता
की समुद्रकी तरंगसीचित्तमें उठतीहे
हरदेव का तात्कालिक प्रइन १५१
१५१.हेप्रच्छक काम तुम्हारेमें विलंब है
कामअभी ठीकनहोगा दशा नाकिमहै
कईग्रह नाकिम है पंचांगखोलकर देखो
सोचोहोकुछहोहैकुछकईवार्ताकीचिंता
हैजीवकीधनकीमगलाचारको कष्टरूप
क्लेशकीपरंतुतुम सतवादीहोसलवोलने
कोपमंदकरतहोझूटसेकोधितहोतेहोपरा
येकाममेंमनसेप्रीतलगाकेकरतेहोकिसी
कावुरानहीं चाहतेतुम्हे विद्या कमहपरत
बुद्धिअकलबडेोविद्वानोसेविशे पदहरएक
कीवातकीटमत्यकी परिक्षा समझलो
होएककामन्यूनवनगयाथासोईश्वरकी
भक्तविशेषकराश्रीगंगाजीके५ब्राह्मण
खीरखं डकेजिमाआमनवांछित फलाम
लेगालाभहोगामिरपेक्डाजोफिक्रसमस
रक्खाहै सबकामआनंदमें होजायगा
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५२
१५२ हेप्रच्छक तुम्हारा प्रश्न शगुण
इमवक्त बहुतश्रेष्टहै तुम्हे विना कार्ण
चिंता फिक्र भयसा उत्पन्न होजाताहै
बुद्धिभ्रमणहोजातीई गयासोगयाफिर
आवेगा मिलेगा क्या मिलेगा आराम
मिलेगा धनमिलेगा मंगलाचार होगा
पीडाकानाशहोगा जीवकोखुशीहोगी
अकस्मात खुशखबरीहोगी अपने इष्ट
देव पित्रदेवताके निमित्त वस्त्र मिष्टान्न
कच्चादृध मावश्याको पिलातेरहाकरो
रोजगार बढेगा उच्च पदवी पाओगे
एकजीवकाध्यान मित्रकेध्यानचिन
बहुनरहताहै तुम्दै विद्यामध्यमहै परंतु
अकलघुद्धितेजह किसीकावुरा नहीचा
हतेसत्यवार्ताको पमन्दकरतेहो खर्चहे
अंजाम कुशलहे राजद्वारसेअन्तफतेहे
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५३
१५३हेपच्छक येजोतमने प्रश्न कियाहै
जोहोगयासोहोगया अवखशीकीवार्ता
होनेवाला खोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हैआरामहोगाकारजफत होगाजिसकी
चाहनाईमिलेगाऔरयेजोचित्त में काम
बिचाराहैदेरने होगा दिनतुमकोबहुत
दिनोंसे मध्यम है मर्जिकमाफिकलाम
नहीं नष्टदशामेरजक्लेशपीड़ागुप्तचिंता
शत्रुताहोतीहै मोअपनीरासपैजादोतीन
ग्रहनाकिसहैंदानमंत्रजपाकरो तवघर
में आनन्द मंगलाचार जीवकी प्राप्ति
यात्रास लाभ काम फतहोंगे गप्तमाप्ति
होगी तुम्हारेशरीर पै ब्रणयानी फाडे
फुसी का निशान हे आलस्य रहता है
नई नई बात का चितवन करते हो,
.
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५२
१५२ हेपच्छक तुम्हारा प्रश्न शगुण
इमवक्त बहुतश्रेष्टहै तुम्हे बिना कार्ण
चिंता फिक्र भयसा उत्पन्न होजाताहै
बुद्धिभ्रमणहोजातीहै गयासोगयाफिर
आवेगा मिलेगा क्या मिलेगा आराम
मिलेगा धनमिलेगा मंगलाचार होगा
पीडाकानाशहोगा जीवकोखुशीहोगी
अकस्मात खुशखबरीहोगी अपने इष्ट
देव पित्रदेवताके निमित्त वस्त्र मिष्टान्न
कच्चाध मावश्याको पिलातेरहाकरो
रोजगार वढेगा उच्च पदवी पाओगे
एकजीवकाध्यान मित्रकेध्यानमदिन
बहुनरहताहै तुम्है विद्यामध्यमहै परंतु
अकलबुद्धितेज किसीकावुरा नहींचा
हतेसत्यवार्ताको पसन्दकरतेहो खर्चहे
अंजाम कुशलहे राजद्वारसेअन्तफतेहै
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५३
१५३हेमच्छक येजोतुमने प्रश्नकियाहै
जोहोगयासोहोगया अवखुशीकीवार्ता
होनेवालादेखोटेदिनगये श्रेष्टआनेवाले
हैंआरामहोगाकारजफत होगाजिसकी
चाहनाहमिलेगाऔरयेजोचित्त में काम
विचाराहैदेरसे होगा दिनतुमकोबहुत
दिनोंसे मध्यम हैं मर्जिकमाफिकलाम
न होईनष्टदशामरज क्लेशपीड़ागुप्तचिंता
शत्रुताहोतीहैमोअपनीरासपैजोदोतीन
ग्रहनाकिसहदानमंत्रजपाकरो तवघर
में आनन्द मंगलाचार जीवकी प्राप्ति
यात्रासे लाभ काम फतहोंगे गप्तप्राप्ति
होगी तुम्हारेशरीर पै ब्रणयानी फोडे
फुसी का निशान है आलस्य रहता है
नई नई बात का चितवन करते हो
हरदेष का तात्कालिक प्रश्न १५४
१५४ हे प्रच्छक तुम को पिछले दिन
बहुत नाकिसाफिक्रसे गुजरे और खर्च
विशेषलाम मध्यम सोअवप्राप्तिहोगी
जीवकालाभहोगा व्याधा रंजनष्टहोंगे
घरमें खुशीहोगीचित्तकीचिंताचत्त में
समाजातीहै समद्रकी तरंगसीनई नई
उठतीईसोबथाजातीएकजीवचित्त
बहुतरहताहै अबईश्वर चाहेतो कहीं
खुशीकी बातसुनोगे उच्चपदवी प्राप्तहो
गी नाकिसग्रहोंकादान औरसवेश्याम
शिवजीका भजनकरकरो और ग्रेजो
प्रश्नकिया है वो काम भी फतैहोगा
मिलेगा फिक गया यात्रा से लाभ
होगा गई सो गई अब राख रही को
काम काबू से बाहर है सिद्ध होगा
ईश्वरका भरोसाकरो काम फतै होगा
.
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५५
१५५ हेमच्छकतुम्हारा कार्यसिद्ध होगा
प्रथम दशा न्यून थी अब दशा श्रेष्ट
आनेवालीहै जीवकी चिंता औरलाभ
का उद्योग विशेप परन्तुलाम अधूरा
होताहै और येजो अवफिकहैखर्चसो
दृरहोयगाआरामगुप्त वोभीमिलेगाफतै
होगा कष्टनष्ट होगा कईग्रह नामकी
रासपरनाकिससोउन ग्रहोंका उपाय
विधिपूर्वकपंडितसेकराओ विनादानके
करायकार्यसिद्धदेरऐहोगाइसकारणचा
वलमिष्टान्नस्वेतवस्त्ररजनित अर्थात् श्र
द्वाप्रमाणचांदीदानकाकरनाबहुतश्रेष्ट
हैमनकीकामनापूर्णहोगी अचानकला
भकीसूरतहोगीचित्तस्थिरकरके किसी
कालईश्वरकाभजनकराकरो प्रश्नश्रेष्ट
है अंजाम कुशलहै तीर्थयात्रा श्रेष्टहै
हरदेव का तात्कालिक इन १५६
१५६प्रच्छ कइसममयकप्रनकायफल
हैकार्यआधीनसेवाहरअर्थात्काम काबू
सेवाहरचिंताकष्टकईजीवशत्रुतागुप्तकरें
परंतुउनसे कुछहोनहीं सक्ता जीवमें
चित्तबहुतरहताहैदशामध्यमकेकारण
अनेकप्रकारकीहानतालापसोचोहो
समुद्रकीलहरमाउठनीहन ईनवातका
चितवन होकरनिर्फलहोताहै कईफिक
भारीलगेहुवेजीवकी प्राप्तिहोगीफतैऔर
चंगाहोगाऔरयेजोअव चिंताहैसबदर
होपीतदानकरो चनेकीदानहलदीपेला
वस्त्रपेलेपुष्पसुवर्णश्रद्धाप्रमाणगुप्तचिंता
दूरहोगीकार्यफतेहोगा मनवांछितफल
प्रोप्तहोगादशान्यूनकेकारणफिक्रचिंता
गृहमें लशहोताहै अबदशाश्रेष्ट आनेवा
लीहैयकार्यहोकर नवीनकृत्यकरोगे ॥
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५७
१५७६प्रच्छकंतुम्हाराप्रश्नचिंतारूपीक
टकाहैखचविशेष जीवकीलालसाजीव
चिंतातरहरउवेगचित्तस्थिरनहींकाम
कामेवाहर हैदूसरेआदमियोंकोभीबहु
तफिजबदशामध्यमहोतीहैअपनेभी
परायेहोजातेहपरंतुअभीकार्य में विलम्ब
हैकामनापूर्णतोहोगा परंतुपापग्रहोका
पूजन विधिपूर्वकवटकभैरवकामंत्रभी
जपावाओ[मंत्र]उऐंहीक्लीं श्रींबटुकभी
यआपदुद्धारणायसर्वविघ्ननिवार्णायम
मरक्षाकुरुकुरुस्वाहा। इसमंत्रकेजापसे
मनोकामनापूर्णहोगीऔरयेजोचित्तको
दीर्धचिंतासोकामहोऔरमिलेगाखर्च
विशेषहै एकजीवमेचित्तभीवहुतरहताहै
लाभअधूरहोतेहैं नई२वार्ताकाचितवन
रहता है परन्तु अन्त में कुशलता है
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न १५८
१५८हेप्रच्छक कामना पूर्णहोगी खुशी
कीवार्ताहोनेवाले है मिलेगामार्ज केमा
फिक कामहो चित्त उस विनाव्याकुल
सारहताहै दशान्यून केकारण ऐसेकाम
हुए धन का खर्च जीवकादुख काम
दुसरेके काबू में होना औरदोतीन ग्रह
तुम्हारीरासपैकैडेमध्यमपंचांग में
देखोउनमध्यमें गृहोंका पूजनदानमंत्र
स्थिरचित्त करकेकराओकार्यशीघ्र सि
द्ध होगा और येजो फिक्रहै मोदृरहोगा
औरकई फिक्र खर्चकेआवेह सो काम
सिद्धहोंगे धन मिलेगा जीवकी प्राप्ति
होगी परन्तु विलम्बहेपूजनदानकार्य
सिद्धहोगागुप्त लाभहोगाअब अंजाम
अच्छा दीखहै कार्यमें भी लाभ होगा
शिव जी का पूजन नित्य किया करो
क
हरदेव का तात्कालिक प्रश्न ५९
१५६ इससमयकप्रश्नका फलयहै कका
मठीकबैठेगायान बैठेगाइजनका भय
होजाताहै ऐमीदशामेंगवनभीहोता है
गुप्तचिंत्तारहेहैं कभीचित्त कछाताहै
कभीकुछआता एमीदशामें खर्चावशे
पहोत है एकगुप्तमनोर्थ सोकबतक आ
रामहोगासी अवन्यूनदशावीचनेवाली
हैऔग्श्रेष्टआनेवालीहै परन्तकाम
मिमें देर
इष्टदेवकापूजन करनाचाहिये पित्रों के
निमितमिष्टान्नवस्त्रकच्चा दूध पीपल को
जलदेना श्रेष्टहै कई महिनेसेभ ग्यवाही
नतायानीमध्यम पूजनकन्नसेधनकी
पाप्तीजीवका मिलना कष्टरूपीरजका
दूरहोना येजोअब बहुतचिंताहै काम
जरादेरसे मर्जीकेमाफिक होगा काम
कावृसे बाहर होगमा दशा मध्यमद