Acharya Shri Vinaychandra Gyan Bhandar, Jaipur
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法式出击者在本书的
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ईनमा
॥ अथ तेरे (१३) टालकीवड़ीसाधुवंदनालियने ।।
(दूहा n अरिहन्तसिधसाधुनमो ॥ ममताफोहक
वांग्य ॥ सावुतणांगुसगायसी ॥ मनमैग्राणंदत्राण ।। १
गुणगाउगोरूषांतणा ॥ मनमोटेमंडाण ॥गिरयास हजेगुण
करे । सोमत्र छितकांम ॥ २ ॥ इण हीनदीहोपमै ॥ जय
वंताजगदौस ।। भावकरोवंदनकर ॥ उछफमनचतिलीन
३ ॥ भाषप्रधानकष्योतिस ॥ सवम भाषमाय तिभावस
पकनम् ॥ धनंतचोयीसोनाम ॥४॥ उठमभातसमरोसदा
साबुदणांसार ।। सुपागायोमोटातां ॥ पापरीगसवजात
५ ।। ढाल. १ खो' (पोपनोधालमएदशी.) पांचभर्स
पाचरवजाय ॥ पा चमाहाविदेहयाण चिनतया
अरिहंत ॥ करजोडीप्रणम तिसन्त ॥१॥ हिवहाविधरें
जिणचंद ।। पेच विदेहसदासपकंद ॥ फरणोडोमणमूतस
पाच ॥धारत वधनसम्हटलजाय ॥ २॥ सिघनतापनरसे
द॥ तेपण नु मनधरीयउभेद ॥ प्राचारजमणमु गणधार ।
थोपन्चायतदासुपकार ।। साधुत्सदामणन केयसी॥ काल ।
强军军空军辉辛辛拜其琴琴琴辛军安路
ALLEHERE ASH (२) साधुवंदना। WEBATE घनादननतेपन्सी । मेहिवडाषिचरैगुमावत ॥ साधुसाधवी सहभगत ।। ४ ॥ तसह प्रयासमनाइनास ॥ अरिहतसि घनसाधप्रकास ॥ साधपदनाकरहितकार ॥ सांभलग्छी सहनरनार ॥ ५ ॥ दूहा । दगडीव दीपमै । भरतमना सपेच ॥ निमवरवचनलहिकरी ॥ निरमलकीयाने च ॥ १ तिहांची गोसजिणवा ॥ रिपभादिकमहावीर ॥ पूर्षभव कगैमणमीये पानीभवतीर ॥ ३॥ पूर्वभवचक्रवसथ या ।। रिपभदेमनरभीष ॥ मनताटिकतयीसमिण ॥ राजा सक्षमंडलीक ॥३॥ एतलेइपूर्वववदै। रिषभमण्यामनरग पूर्वमवतेयोसजिण ॥ भण्यारम्यारेचंग ॥ ४॥ वीसस्थानक तिहसिपीया ॥ बीजभव सुरगय ॥ तिहाथीचे विचौवीस जिण हुयामणमुपाय ॥५॥ ढाल २जी.) नमणीषम पो (एइमौएदेशी) थोचक्रवर्स पूर्वभवांस्य ॥धरनामति हानाभयपांण ॥ चटपभदेवप्रणम् जगभर्माण ॥ गुणगावतार जम्ममाण ॥ १ ॥ विमराईपूर्वभवनाम ॥ 'चं मतजिणेस रकरू पयांम ॥ विमलयाइन् पूर्वभवरीय ॥ थोसभेवपणन चितलाय ॥ ३ ॥ पर्वभवधर्मसीगजांन । अमिनंदनप्रणमें सुमध्यान प.वभवषयासुमतप्रसिध ॥ सुमतजिमोसरम एमसिध ॥ ३ ॥ पूर्वभवरापर्ममित ॥ • परमभु जीन यादुनित्य ॥ पूर्वभवजेस टरवाल 'तिसपास 'प्रणमनगनाय । ॥ १॥ पूर्यमवद्रगवाहमनीस ॥ चंद्रा मममगाम निाटीस ॥ जगवाह पूर्वभयजीव ॥ प्रणम् सु प्रजिन दसदीय ॥ ५ ॥ खटयाहपृषभवास ॥ योशीतल प्रथम पुकाम । दीनगई कुम्नलिक्सान । म योये पासप्रधान ॥ ६॥ इद्रटातमुनियरगुणवत।। पासपृनया ITILAREEFFFFFFF 出出出出撰时扣掉材
माधुर्यपगा।
भगवंत ॥ पूर्वभवतु'दरवहभाग ॥ वादविभलधरीमनरा
ग॥७॥ पुर्वनवजेरायमहिंदर ॥ तहवनंतजियप्रणमसु
सफर। साधसोरोमणसिंहरथगव ॥ धर्मनाथयाचितला
या पर्वभय घरयगुणगालं । सातिनाथमिणपरचित
स्वाट | पूर्वभयहानिमुनिकहोय ॥ नयनाथप्रणयांसपल
किये ॥ ६ ॥ रायसुदर्य यमनिषिष्यात । बाटुअर्जनचिभुवन
तात । पूर्वमानंदनमुनीचंद ॥ तेप्रणाम योमलिशियंद
१० ॥ सोइगिरोप र्वभवसार ॥ मुनिशुव्रतजिणजगवाधा
र अदीनसचुमुनिवरसिवसाथ ॥ करोडोप्रगमनजिना
*थ ॥२१॥ संपनरेसरसाधुसुजाण ॥रहने मोप्रणसगुणयां
ण ॥',गयसुहग्सपनेहमुनिस ॥ पार्श्वनाथप्रण निसदी
स॥ १२॥ छ भनपेटिननिमाण कोडिबरसपागनम
मामा ॥ चोधभवनंदनराजान ॥ करजोसीप्रणमवईमान
।। १३ ॥ पोषोभिणवरभगत ॥ ज्ञानटसणचारिषभ
नंत ॥ वारूपारकर प्रयोज ॥ घटकर्मचकरियाकाम
1॥ १४ ॥ दृहा । मेथको उत्तरदिस ॥ एकोजजंबूद्वीप !
रवपिनसुहाभयो । जिणविधमोतीसीम ॥ १ || जिहाको
'यौसेजिणहया ॥ चंद्रानदवारिणे ॥ एहोचोबीसीस
हो । सेप्रणमु समसेण ॥ २ ॥ टास्न ३जी) रागवेलायली
एदेयोर०) चहानदक्षिण प्रथमशिणेसए । दूजाचे सुत्र
दभगवंतक || गियसेणतीज्यात थकर ॥ चोथाथोनंद
परिहतक ॥ फिर्गसुहसदानणप्रणम् ॥ १॥ रव
परतणरिचोवीगक ॥ नम्पमादिकस्वामीचनुक्रमया ॥
एकसमै पान्मान गदीसके ।घि पांचमानिदिनथुणी
यतहारीछठानिणरायक ॥ सोमच दसातमालियासमराय
奖室军军生于安装资经理宝塔生理军容军头子居
(४) साधुवंदना ।। तिसरचाठमासुपसायका॥३॥ नवनीमनीयसे गाजियपरम दसमायोसियसैगउदारक ॥ देवसमांरम्यारमाध्याई । वा रमा नषतसहतसुखकारक ॥ ४ ॥ पि.। तेरमापस बम जिणतारक । चवदनाथीजिमनायअनंतक । पनरमंटप सतनमी सोलमायोराप्त संगमस्तक ॥ ५॥ पि• ॥ स तरमाचतिपारसुगीजे । पुणमुचठोरमाथीपासक ॥ उ गणीसमामरदेवमनोहर ॥ बीसमाधीधरपण हुशासक ६ ॥ चि ॥ रवीसमांसमकोठसुईकर | वावीसमा मशन घगोसणक । दोसमामगोपुष चनोपम ॥ो बोसमाप यसवारीखेगक ॥ ७ ॥ वि. ॥ घोवैचा घकीएशष्या ॥ अडतातीसनिणसरनामक ॥ कठचा कशासनिसुमत ॥ सुषविपाकमगाखामक ॥८॥ वि• ॥ निणपचासएम वचनवचने। एम अनंतनपारिह तक । पहरमानवोजिणवमिचरे। कैपकीसाधसामगव तक ne निसिपथयावलेस पतिपिचर। करजोरी प,गणम तसुपायक । हिवघागमनाम सुगिजै ॥ रीमुनिवर कहिस्य चितसायक ॥ १॥ प.धमजनिणपरगणघरसमी चक्रवत इलघरवमिति हक ॥ पूर्वभवतसुनाममगुरुगाय म्स । चोथाङ्गथकीतहक ॥ ११ पि• ॥ धोयोसजिनती धचतर ॥ कोउचत इयामुनी सहक ।। फहलोडोप पम् तपोसम ॥ नामकहंहियमेपरमिथक ॥ १२॥ निदान थी- (रागवन्यासरी) एदेशी ॥ पोसम पम पनि पोस। श्रीममदैयासिघसुहंकर ॥ चौरासीगबधारसिरी मी ॥ उसमसणमुनियरप गाम सुमणी चालो. तुउभगोप गाम भाजयमान नी ॥ सरमनीगसोम निको PERFTEREORITER HTTER
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गापदना।
锐志在弦定位定金支安吉克“游强猛击主主违法克克宏法法規
ससहसप्रण न केवलोवले॥ सिध्यया भुवनधयो॥ तीन
लापतजणोधूग्नन नितनानवाहीसौंदरी। सइसचालीसे
कालोबले ॥ नन माण चितपगे॥१ढाल. ॥ श्रागैव
रभरतनरेसम्॥ ध्यानवलेकरकेवललहवर ॥ सहसदसैमं
घातोनसती ॥ विघरवाजग मनल सुमसती० ॥ सुभ
सतोहीप पनौतीवपाणीयै ॥ मरतनीवलेपर केवलं
पेत्रवाणीये ॥ दीयेच क्रौदरलीज नि ॥ शयस
नितमनरली ॥ हियभरथपाटबाठअनुमान ॥ वंदौर
तृपके वली ॥ २ ॥ दाज. ॥ यौवा समाजसकेर
ली।। अवलमाहयलोजबिरियेवली ॥ कोरतविरीयदंड
बीरीयध्याये ॥ मलपिग्विानुनिनिवगुणगाइये ६० गाई
यैताणाअंगमुनिवरएइमाप्यास मती ॥ श्रीपटपमतलेध
जितअंतर ॥ हिप्सुणोकसभाती ।। पचासलापकोडसा
गर ॥ तिहास प्यायोवल घियाज निवरतहमण ॥ञ्च
सुभदुरमतिनिरदली ॥ ३ढा• ॥ धजित अनेसरनेऊगणध
क॥ धुरप्रण सीइसेणसुहकर ॥ मगम पोसमफगुसाह
णी॥ हर्षसुबासगठनाहान निाउ०महाजनीसगडती
सलापकोडधंतरजेथया केपलीस नीवरते घमणम दोय
करोडोसया ॥ धीस भवचार न निवरचितसामावगुण
रम,॥ लापदसे होकोष्ठ नागर ॥ अंतरसिधसहनस ।।४
टा.) थोप्रभिनंदनप्रपामु गुण्यपतो॥ वैरनामपुनिश्चणी
यासती ॥ सागरलाषनयकोष्ठचंतर ॥ केलीथयाद'ये-
सुभपरै ॥ ५८• ॥ सुभपरसुजतमिसरगणधर ।। चत
रकासविया ॥ नेऊनहरकोडागर॥ पिचर मेथित
यया थोपनिममुसीसनामीसुछियेषवंदये सोडणीतरना
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माधुवंदना। Kutttttttti.tammaNEHA त्तिसेनयाठमासुपसायका॥ नयनीअतीयसेनानिवपरम दसमायोसिषसेणउदारक ॥ देवममाडम्यारमाया। रमांनिपतसहतसुखकारक ॥ ४॥ पिग्मांप्रसपा जिणतारक ॥ चवदनांथीमिणनायक || पनरमारप सतनीने ॥ सोनमायोराप्तगमहतक ॥ ५॥ भि• ॥ स तरमाचतिपासनोजे ।। प्रथमुभारमायोगपासक । उ गणोसमामरदेयमनोहर । बीसमायोधरपशमनासक ६ ॥ बि० ॥ वनीसमाससकोठमुहकर ॥ वायीसमो पगम अगीसेयाक दौसाअगोपच मनोपम ॥को घौसमीप यसवारीखेणक ॥ ७ ॥ वि० ॥ चोवेषण थकीएशष्या ॥ घडतातीसमिणेसनामक ॥ छठन कशामुनिसुव्रत ॥ सुपविपाकणगापुस्खामक ॥८॥ वि. ॥ जिणपचासएप वचनवचमे। एमग्रनंतकवाचरितं तक । बहरमानवक्षेजिणवरपिचरै| कैवलीसाधसहुमगव नाक पि. ॥ सिहथयावक्षेस प तिषिच॥ करजोती पणम तसुपायक । हिवघागमनाम सुणिज । समुनियर फस्मि चितवायफ ॥ १॥ पथमनभिणयरगलघरसमयी चक्रवत इसघरमपितहक ॥ पूर्वमयतमामनगुरुगाय स्व ॥ चीथाअमथकीतहक ॥ ११ मि.॥ चौवीसजिनती र्थ चतर ॥ कोडपस चलवामुनी सहक । करजोड़ीप गर्नु तपोसम ।। नामकप्रियजेपरसिक्षक ॥ १२ ॥ वि०॥ दास ४थी. (रागधन्यासरी) एदेशी ॥ पोसमप णमुरपति सह। श्रीमरदेवासिघसुहकरु ॥ चौरासीगरधारमिरी मणी ॥ उसमसेणमुनिवरप बम सुखमणी ॥१॥ उमालो. सुखभणीप णम वाजवनम मी ॥ सहसौरासीम नि भी NEERINEERIORAKHARAREERAREE 4 ७ साधुवंदना ! 主密克生空中生活的 域名立志击击在连生在法主生 रकवली ॥ जेधयातेसहवंदीयैवरितवली। ८॥ खामोधन तमिणप्रणमीयजसुगणी ।। समणीपोमानम सुगरथ अंस मनि ॥ सौसनसोकसमणन प्रभयती ॥ मातपुरुषोतमके सवम् पती॥ ६॥ सागरच्यारनोवंतरोभापोय ॥ कैपलियं दनैसियसुपचापीयै ॥मिणवरधर्म चैरहगणधरकई॥ सती समणासेवावादिशिवसुपलई ॥ १० ॥ पूर्वभवकृष्णगुमलल ततशुसीसए ।। रामप्रगाम सुद्रसमनिसदीस ए॥धवपुरस सोमवभयो । प्रायवणंच समरपुढवीगयो ॥ ११ ॥ सा गरतीनविचचातरोभापीये ॥पुण्यपख्योपमरणोकरिदापी यै ॥ तिहाकणगयरिसी || मघयम निवरमयो । मेघनछो हिन सुधसंयमथयो ॥ १२ ॥ चोथोचक्रिसरसनतनु भारए ॥ वंदियघतकिरियाअधिकारए ॥ अन्तरसनि मुक्तिगयाजिक ॥ के बलिदियभावमगतिक ।' १३ ।। दाला ॥ ६ ॥ विरमिणेसरचरणकमल ॥ रवासो• (एहनि देगो• ) सोलसमायोसातिन्झ चमि जिनगया । पक्रायुधगणिसमणिसुप्रणम्यारूपपाया। पर्व भवगंगदत्तगुमतससिक्षधाराह संघयपरसप परिकरीम ॥ प्राण दच्छाह ॥ १॥बई पल्योपमतरए सिधाभेट ।। तेहम निश्वरदतानहितिथ छेद ॥ चकि थोथीकुंथनम स भवगणचार |अजुकरजायंदताजवैभेजे कार ।। २॥ सागरगुरुधम सनसिसनंदन हलधार बंधक भवदतनामसारमोविचार ।। कोहरहर घरिघगोपलि यचोभाग ।। पचवसरहसिंघवहादूध ग ग ॥ ३ ॥ध नचक्रीसातमोए ॥ मगणधरगाई ॥पियासमणिद ताए । सिक्स पतपाई। कोडसहसपंरए॥ सिषास 花 比基里安安安安年年型4步实实实空军纪 m4 कपनाक atta (1) गावदना । 版主动出出主主走去法击式:ELUN结击卡车出生法法 मे॥ प्रणम्यादुपटूपनिकंदीये ॥५ दा• ॥ वोह सहसनवमा गरविचघती॥ प्रणममुनिवरययायनी ॥ यीमुपासधि णविधगुणोदधि ॥ प्रणमुसोभाममणीगुणनिधी | उ•ए णनीधीनयसकोडसागर ॥ तरकैयती ॥ प्रामा यस्प ए ॥ दुषभावसहुटली ॥ थोपंद्राममुदोनगणधर । म तीसमणाध्याये । नेउसागरकोडतर ॥ केयलीगुणगा ईयै॥ ६॥ दाल०५ मी. ) सफलसंसारअवतारएइंगि एदेशी.) सुवधजिणेसमुनिधाराए ॥ यारणोमंदीयेषित उछाहए ॥ मंतरोकोडनवसागरसहुनिहा॥ २ ॥ कालिक सुमनोयोहमाष्योतिहां ॥१॥ स्वामी सतलजिनसाधनाणंद ए॥ सतीसुलसानमुवित्तयान दए ॥ एफसागरकोहतगो अन्तगेकच्यो॥ एकसोसागरचणोकरसंबधी॥२॥ सर सछावीसछ्यासठलापरपरै ।। कालिकसुघनोछेदर्गअतरै बीय यांसमुनिगोषधाइयै ।। धारपीसाजगोषलेवाचित माये ॥ ३॥ पूर्वमवगुरुकसाघसभूतए ॥ विसनंदिवले सुरुषस युक्तए । पच समुनियरनम पढमालधारए ॥ वध पभृपष्ट कैसयसिरधारए॥४॥चोपनसागरविचथयार्कवही॥ दीयेसुपनोबीचमाष्योयसी इमपिछेदविचसासमियचक्कर बाचियंशातिजियवरसाणपाखामीवासपूम्यमियसा धुसोधम घर ॥ सारणीयोबिहाधर्णिच पद्हर ॥सुगुरसु मद्रसुसंधवषाणोय ॥ विजन निवघ्यध्यिपष्टारिलायो ६॥तीससागरपिच धन्तरजेच्या ॥ कवशीषदीयमावभग तैमया। विममाजिनपदीये ॥ साधसिमन्धरसती । समगी धरणीघराचागमसामनी ॥ ७॥ गुरुद्रसपम मिसागरद तए । संभपहरिमंध्यमद्रसियपतए | नवसागरमिच प्रत HERE 至实的性中本中王4分 RECHAR BEE साधुवदना । attttttttitREET Etattattatrnat रीमाई ॥ कर्महणीन कैयलपाम्या ॥ पहुंतासिषपुरठांम रीमाई॥ थी.२ ॥ नवनिधचवदेरैणमिणत्यागी॥चको श्रीहरिसेगरीमाई ॥ श्राधमछडीस परमगड़ी॥ वेगवरी सिवजेणरोमाई ॥ थो०३ ॥ वरसबलेहापंचनपअंतर तिहाचक्रीजयगयरीमाई ॥ वलेअनेरामुन्नापहंता॥ तेव न्दुसनलायरीमाई ॥ ४ ॥ गोतमसमुद्रसागरगाउं ॥ गंभी र भौरउटाररीमाई ॥चल कपिलभपोभमसैणादशमी विष्णुकुमारीमार ॥ ५॥थी। पोसमप्रणमूथीने मोश्वर समणतेस इमघष्ठाग्गेमाई ॥ वरदतवादमुनिपनरसो।। ट्टिोवलधाररीमाई ॥ ६ ॥ थी. ॥ श्रक्षोभसागरसमुद्र बटु । हेमवन्तचनमचंगरीमाई ।। धरिणपुरिण अभिच दम्चाठमी ।। भण्याइग्यारै अङ्गीमाई ॥७॥थी. अन्धक विष्णु सुतधारणीअनज ।। मुनिवरएइअठाररोमाई ।। ८ वसुदेवदेयकीअगम ॥ पाणीसणणंतसैगरीमाई अजोसपान अणि हरिपु ॥ ट्रेषसे सघुसेणरीमाई ॥ ६ ॥ थी । सुनसानापरसुरजोंगे॥ वधोरमणभत्तोसरीमाई इंडीछठतपचवदशपुवी ॥ संयमवर सेषीसरीमाई ॥१० थी० ॥ वशुदेवदेवकोअगजबाठमो ॥ मुनिवरगणशुकमा लरीमाई । महिपरिसोमु कमाईतो ॥ सेमिफालरीमा ई ॥ ११॥ सारुप दारुणकुमरणाठी ॥ चव वैपूर्वधाररी माई ।। वीसयसस यमधाराधी॥ कीधोफार्मस हाररीमा ई ॥ १२॥ श्री. ॥ जान्नीमयास्तीनैवीयारलौ ॥ मुरिस सणवागैसैगरीमाई ॥ वारगेसोलागरम पाल्योस यमरीणरीमाई ॥ १३॥ ची ॥ वशुदेवधारची अनाजधाठे रमणीतजीप चासरीमाई ॥ सुमताभावसिषपुरपहुंता । FREEEEEEEERHITERNEERESEREFERE (८) सापर्यस्ना। FREETHE निहंट साता नरकम भूपमिानतोमट || मलि जिसरन्य।भिनयन गिद ।। गनिहुचाकर रख गण जयन्द ॥ सासपचार साधवी । साथसहसपालि स ॥ यति ससोकि जिमण सिदिस ॥५॥ समिति सरप्पपलधनगार || तातमलेसंबन्दिय बले निवारपार ॥ अचजशिययोपडीयवधर्ण चंद्रछाया ।। पूमा जितेशंस पर पय हाया ॥ ६ ॥ घेरुननीयटिसबुध भिच तिरनु"लरिफेरणनह गया पूर्वभनित्तु। नुनियर नन्दगानमा किरपाण वापरलमापनिरज रानतयाण् ॥ ७१ घणना रोगाचाठेनगयह जार ॥ मि लिसंघारीसाधषया ग्रंगठविचार॥ यत्रहावलेजांगी येलासपोपम्नवास ॥ कालोतिहमवदीयैधरीक्षपहला स॥८॥ वाटगोसरवीगारप्तुिमरुस्थानी ।। गणघर इन्द्रकुभपरसवतीमणस सिरनामी सुरवरसातकरय योमुनिवरगंगदत्तो ॥ कित्तीयसोहजरंद्रपणसुरथीयसप तो॥६॥राईयोमहापोपच मीटूिकर जोही ॥ समुद्रगु एचपराणीयोए । गाउमनलोडी ॥ रासरिपैससंदीयए नामपोत्रमई॥ फसवनारायणतणोए । वधषकतत ॥ 2. लहिवखसक्तगया । चाठमलदेव ॥ नयझोसुरसुप प्रतमय । लहसिसिव हेव ॥ मुनिसुमानमीपनरोए ॥'व संसान होई । कैपलीसीपाते । प्रणम सुनजोई।।११ हाल ७मो ॥ थीनघकारपोजनरग (एनोदेशी कमी साथीनेनिनबाट । गणधरसुभपरधानरीमाई ॥ सम ही अभिलागुणगावता । सफलइयेनिजलानरोलाई ॥१ थी मनसासामुनियरमदए.. ॥ भक्त निजसिरनाम SEARHTETFEERAILERIFIEFIFFERE - FREE ॥
माधुमदना।
(११)
पणो ॥ तु मानानासपारणोफीयोए ॥ स्वायसिधचवत
तदनरमवकरी ।। नेविदेहमेसिवगयोए । तमुनि
चंटता ॥ कर्मवलिनदता ॥ जन्मजीवतसफलोथयोए
२॥ समणीगुवानीया ॥ तिणरुपमालायां ॥ 'दिपीया
तासहंगुगामणुए । तिमवलीसुबता ॥ द्रोपदोस यता ।।
नमसासणगुणथुए ॥ विमलजियन त !तरैराय
महि ॥पलदेवपदसावतीए 1 तासरीच गर । कुमरविरङ्ग
ए॥ तरणीवत्तीसतरणोपतीए ॥३॥ तामसिद्धत्यगुरु ।।
पासस यमवर ।। अमालोकसुर उपनोए॥ चवित्रलदेवघर
रेवतीउपद्रवर ॥ निपटनामसुतसपनोए | नेमपाईअन
सूरी ॥ अथिरधनपरगे॥ रमणिपचासतजनतनयोए
करीवासमदमयरमनवस यमै ॥ पालीनैसर्वार्थसिलियो
ए ॥ ४ ॥ निविदेहम ॥ केनलम यम । सिकहोसीलेतेम
नोए॥ दणपरिनिवड ।। दोएगलीस ॥ सडयुलोकहुगु
साधु गोए ।। दसरहढरहै ॥ महाधनुतेह ।। सतधमुगु
णमुममनवस्याए । नयधमुदसधम् । सविधनु मुनिएक
भापीयोस भवनहोटशाए ।। ५॥ पुरवभव हरगुम् ।। नाम
इमसेण ॥ नन्ननोनामपूरवभौए ॥रांममलदेववस्ने निय
माइलधार ॥ मझ लोकसुरअसुभए॥ चविमिणतरमो
नामनिकसाय ॥ थायमीसहीसुरतमसमोए ॥ अघकसव
एकाचवतार ॥ असमहोसीजिणवारमोए ॥ ६ ॥ सहमव
मित्यांमीयां । मातसोभासीया ।। वरसपचासदहात्रस्त
गए ॥ तिहांसम्म चित्त सुनि ॥ सिहस पत्त॥ नासम्नईनै
कोरतकम्ए । पूर्वभववधव ॥ चक्रीयनदन्त ॥ सातमी
भकंगयोमरीए ॥ गश्चन्तरवलीनन ॥ य के बलीवेग
曾#¥¥¥¥¥平安书圣”组的军军乐发生?军驻足
法拉密结结
मान्मा। Pattttttttatusocixittttta प्रणमुनेहलनासरीमाई ॥ १४ ॥ श्री. ॥ ममपद मपनैकुवरएव ॥ यस्तदेवधारणीपूतर्गमाई ॥ बीमत्र रससयमधरसौम्भा ॥ चयद पूरथम तरीमाई ॥ १५ थी. रुपमणीरुप्णकइंकुमरपरजन ।। अयक्तीसुतस वर्गमाई परजनसुतघनरुपयनोपमा जामवेदरवीपरीमाई १t श्री ॥समुद्रपिजैसेवादेवीरानंदगा। सचनेमीढने मर्गमा ई॥वार गैसोलायरस रमणिपचासेमरीगई ॥१७ बी।समुद्रविणसुतमुनिरहनेमी।।एमडराजकुमारगेमाई कर्महणीनमतपडता ॥ तेप्रगम वारंवाररीमाई ॥ १८ यौ ॥चारज्यांनक्षणीचादसिक्षणी ॥ समगीसहस चासीसरोमाई ।। साधण्यासीधीतोनसहसत ॥ घोंदुकुम तिटालरीमाई ॥ १ थी.॥पोमांगोरीनगधारी॥ लपम णासुसमानामरीमाई । मयुषतोसतामारपमण ॥ हरर मणीयभिरामरीमाई ॥२. थी॥ मुलसरीमुखदत्तापट सपकुमररीनाररीमाई ॥चतगढप गएसभापी॥ पां मीभवनोपारगमाई॥ ११ थी । उसगध्यनरामती सती॥सयमसीमारीपांगरीमाई।प्रतियोध्योरहनेमीपायो सासतासुपनिरोणरोमाई ॥ २२ यो• ( ढाल.८मो. ) गोतमसमुद्रकुमारसागरंगमीर० ( एर्दशी० ) घायचा सुतसुषसेमागमाददे ।। पथकप्रमुषमुनीपांचसोए ॥ मास सोषणाकरीतपअतिषणों । ॥ पुसगैकगिरमिषपुरषस्यो ए॥राईजुहीयस्तो ॥ भीमचतिवाली ।। चर्नु ननकुलसा देवताए । रायथौप्रहरी ॥ सुधमयमधरी ॥ साधुलीसि यपदवीतजीए॥ १॥ चषदै पूर्वधरी ॥ थिवरधर्मघोषाध मरचीसीसगुगाभगोए । नागयोनाक्षणी ॥षिसटीयोपा 军率军辉辉 军军军军空军军 生物 ॥
साधुपदना। MAHAR 1 that . रौ (एदेशी) माइणकडनयरीनोअधपती ॥ माहण- कुलनाभन दोजी ॥ वीरजिणेसरतातनगुणनीलो || सप मदत्तमुशिंदोजी ॥ १ ॥ नितनितवाटूमुनिवरएसड ) चिकरणसुधत्रिकालोनी ॥ विधस्य देईतीनप्रदक्षणा ॥ करनलीनिनभालोनी ॥ २ नि० ॥ राईउदासिंहदस वीग्नो ॥ निर्मलसंजमधाग्योजी। सेठसुदर्शणमुनिमुक्ती गयो । सुगमहावलअधिकागेजी ॥ ३ निः ॥ कालस वेसीगंगयोगणी ॥ पिंगलनैशिवगनीजी ॥ कालउटाडू अवतोमुनि || वंदतासीमकालोनी ॥ ४ निमकाई मुनिकिकमचंदीयै । अर्जुनमालीहंतासोती । कासयम घधरजाणीये ॥ केवलरूपकैलासोनी ॥ ५॥ नि । म मिहरचंदवार तयैथली ॥ सुदरसणपुरणभदौजी ॥ साधु समणभद्रसमतावाटरै॥ सुपईसमयमदोनो ॥ ६ नि मेहमुनीखरवन्तोमुनि ॥ रायटपिघलक्षोजी ॥ श्रीजि ण सीसएसद्धमुक्त गया । सबैसुरनरसकोजी ॥ ७नि० ॥ सहसछतीसेसमणीचंटणां ॥ घाददेववसैसिधोजी।। देवानंदाजणनीयोग्नी ॥ केवसग्यानसमिंदीनी॥८॥ (नितनितबंदूसंमणोएसष्ठ०) समणीलवतीपढनसिझवात री॥ सीधीयलपांमोजी ।। नंदानंदवतीनंदोतरा ॥ वले नंदगीयानामोजी ॥६॥ नि॥ मरुतसमकतामाहा मरुतानच् ॥ मरुदेयाषलेभाणोनी ॥ भद्राभट्टासुमया जिणतणी ॥ पालीनिर्मलाणोजी ॥ १० ॥ नि० ॥ सम ग्यासमणीमुदीनानम् ॥ राणी यकगयोजी ॥ मासस लेपणतिरैसिथई ।। प्रणग्यापातिफनायोजी ॥ ११ नि कास्तीसुकालीमाहाकालीनम् ॥ कन्यासुकन्यारोमोमी ।। INTERESTERFEERGRALIAMERFTERAREERE (४) TTE .
गाधर्वहना। FttttttiMEANILEGETtHttitutti सिवसुन्दरीज् ायरीए॥७॥ दान.सी.) गमचंद कयागच म्योमोरीरहोरी (एहनीएदेशी) तेवीमा मिनतारफ ॥ पुरसादाणीयपास ॥ मुनियरमोसमास ।। गराधरपाठलास । धादिनेसुमसुभषोक ।। बांटुवास ठनाम।। यलेमचारीसोमल ॥ श्रीधरकम् प्रणाम ।। १ वीरभद्रनसवाददै ।। सीधामपस प्रमाण ॥ तहमुनिवग्य दता॥ परमपाल्याण ॥ साधीस प्यामचडतीस ॥ सहसयपांगु । पुमचुलादिकसहसदो मोधीरोगनगाण २॥ सनणीसुपासीयासीमासी ॥ मामीधर्मचौमाम ॥ ऐ अधिकारकही। श्रीठाणांगसठाम ॥ घोशपुवीप से ॥ चीनी कसीकुमार ॥ परदेशीमतबोधीयो ॥ की घोषउपगार ।। ३ ।। बरसचढाईसोचतर। सिधासाधु अनेक ।। सञ्जय दुसविनय ॥ पाणीवित बयेक ॥म निवरच उदइस ॥ गुरुप्रगम श्रीमहावीर ॥ सातसोके वस्तीवेदीये ॥ गधधरएकादशधीर ॥४॥ भुतीप्रमि भूत् ॥ सोमायादुवाइ विगत सधर्माबंदतां मुभमतगि पाखहोइ ॥ महीपूतमोरीपूप्त ॥ धर्फ पितन्तिमिवदाम अचलमयाज सायं ॥ प्रणम घोप्रभास ॥५॥ वीरगऐपीर मसामृपा सजणेनगोय । सतनस मरदायण ॥ नरप सस पक हाय ॥ वोरजिणेसरबाई ॥ दिक्षागाइमाण ॥ स निवरपोटिसवाद्यो । गोषतीर्थ करठांच॥६॥ पाज कमायकपुरते ॥ पादुसम पास्त ॥ पुन्य नपापैदीक्षेकरी सीधासाधदयास्त ॥नयरीवार थीदोलमिल्या किसीगीत म्वामी ॥ सोक्षारीस काकादमै ॥ पंचमहवयमीयासिरना मी ॥ ७॥ हाल १.मी.) परवाकम निवरपास्यागोष 强军军华军军空军空军军军军军强 Hasisis साधुवंदना। (१३) 亞立志在基本法 法院西院湖路袖在主花越走出去袋 रौ (एदेशी) माहणकुंडनयरीनोश्रधपती ॥ माहण- कुल्लनाभचंदोजी ।। वीरजिसरतातनगुणनीती ।। ऋप भदत्तमुणिंटोजी ॥१॥ नितनितवादमुनिवरएस० ) त्रिकरणसुधत्रिकालोशी ॥ विधस्य देईतीनप्रदक्षणा ।। करअंजलीनिनभालोनी ॥२ नि || राईउदाइसिंहटस वीग्नो ॥ निर्मलसंजमधारोमी ॥ सेठसुदर्शणमुनिमुक्त गयो । सुणिमहायलवधिकागजी ॥ ३ नि ॥ कालस' वेसोगगयोगणी ॥ पिंगलनै शिवरामोली ॥ कालउदाइ अवतोमुनि ।। वंदतासीझकालोनी ॥ ४ नि० ॥ मकाई मुनिकिकमवंटीयै ॥ अर्जुनमालीझुलासोगी || कासवम घघरमांणीये । केयलरूप:लासीजी ॥५॥ नि० ॥ मु निहरचंदवार तयैवली ।। सुदरसणपूरणमदौजी ॥ साध समणभद्रसमतावादरै॥ सुपसमयमदोनो ॥ ६ नि मेहमनीखर वन्तीमुनि ॥ रायपिघलक्षोजी ॥ श्रीणि ण सीसएसजमुक्त गया ॥ सबैसुरनरसकोणी ॥ ७निः ॥ सासछतीसेसमणीचंदणां ॥ यादेचवसै संघोजी।। देवानदाज़णनीवीरनी ॥ केवलग्यांनसमिंदीनी ॥८॥ (नितनितवंदूसमणोएसह.) समणीजवंतीपठनसिभरात री॥ सीधीयलपामोजी ॥ नंदानंदवतीनंदोतरा ॥ बले नंदसैणीयानामोजी ॥६॥ नि. ॥ मरुतसमकतामाहा मस्तानमा मरुदेयावलेजाणोजी॥ भद्रासुभद्रासुजया भिणतणी ॥ पालीनिर्मलचाणोजी॥ १० ॥ नि० ॥ सम णासमणीभुइदीनानम् ॥ राणीचेणकरायोनी ॥ मासस लेपणतेरेसिस्थई ।। प्रणयांपातिकजायोजी ।। ११ नि. कातीसुकालीमाहाकालीनम् ।। कन्यासुकन्यारीमोगी। FREEEEEEEEEEEEEEEE (४) साधुपंरना। 版主动去击弦古古 法力过IRON主主先去去去去去去去去去去去 महाकन्याषीरकन्यासाहगी ।। रामकन्यामधनेमोनी ।। १२ ॥ नि० मीयसेग्पकन्यामाहासेगाकन्यका ॥ बैटम थे णकनारोजी॥ निजनिजनंटनकारनसुकरी॥ नीधी सयमभारोजी ।। १२ ॥ नि• ॥ अटगममनोतपणावनी भाददैटयप्रकारोजी ॥ नहियग्नएसडमुक्त गा॥ तेकंद वडवारोजी ॥ १४ ॥ नौ ॥ दाल) ११मी.) सपकार गभषीयणसमरोनितनवफार० ) ऐनी०) एदंगी? ॥ श्रीधर्मषोकमुनिसर ॥ महिमलगुमसुतधार ॥ भिवपू ब्योगई। लोकालोकविचार | सास्तीसावए ॥ पिंगल नामनिरंत ॥ पर्वायकपुड्या ॥ पंधकसमयपाहत ॥ २ ॥ कालीपुषमेडल ॥ भायंदापयाग्यान ॥ वलकासची थो थिवरोंपाससँतान ॥ ३ ॥ मुनितीसकरुदप्त ॥ वल नियंतीपूत ॥ धननारदपुषमुनि,॥ सामहतीसयुत्त ॥ ४ सुनिक्षत्रर्पण । क्षिपरक चोप्राणद जिनमोसोल्या यो ॥ धनधनसिहो मुणिद ॥ ५ ॥ घलेपूछ्याजियन ॥ ते स्वादिकवठभेद ॥ गुणगामहामनि ॥ माक होवरमे द ॥ ६ ॥ जियणक सुतफा ॥ बाल कुमरमयाली ॥ उ ययाखौपुरससेण्ड । पारिसेणचापदाटाल ॥ देहटन्तमस्त्र ठदन्त ॥ धारणीमंदण होय ॥ बेहतनैवेयास ॥ चक्षणा गमहोय ॥८॥ईकमदानदण ॥ मुनिवर अभयमहत देहसेणनमहासण ॥ तहदतनगुढदंत ॥ सुघद तक मरदस्त ॥ मनममेश्य ।। गुणगाचमहान मसेन ॥ सीनसीपरीण - ॥ १०॥ मुनिवरमहासेच ॥ मन्य सेणपरधान ॥ - एघारपीसगज- ॥ तेनंतर बसमान ॥ ११॥ नृपणियनंदन ॥ईयदसतरकुमार ॥ पाठ 军军节军军军军军空军军学生的的的的的军空军军军军军军军 ॥
साधुवंदना ।।
(१५)
在法定古法由本法法出蓝线法在之法定在主法之主法,
वाठरमणितजी ॥ अणुतरमुरअवतार ॥ १२ ॥ तिणयष
सग्नयगे ॥ फाकदीअभिगम॥ तिणपुरषदेसमद्रा॥ सार
थवाहीनाम ॥ १३ ॥ तसुनंदणधन्नो ॥ सुदररूपनिधान
तिण परणोतरुणी ॥ वस्तीसरंभसमान॥ १४ ॥ जिणवैया
सुशीनै । लीघोसंयमजोग ॥ मुनितरणपणमै । छद्यारस
नाभोग ॥ १५ ॥ नितछठतपपारणो॥ श्रावलउमतभात
जससमणपणीमग ॥ काइनोतिलभात ॥१६॥ यति
टुक्करतपस्या । चाराधीनयमास ॥ एकमाससंथारै ॥ स
वार्थसिधवास ॥ १७॥ काकंदोसुनिपत्त ॥ राजगृहीसरी
दास। पेलकएवं ॥ एकानगरहुलास॥ १८॥ रामपुचने
"चद्रमा । साकतपुरवरठोम ।। पुठोमापिढाल। मुमवाणी
योग्राम ॥ १८॥ इथणापुरपोटिल ॥ सहुएधनाससान
तमणीतपमिणनी ॥ संयमवरसोमान ॥ २० ॥ हिक्षेत्रह
लकुमरकडं। गमगृहीयावास। सर्वार्थसिधपडतो। घर
स यमझम्मास ॥ २१ ॥ इकमवसिवगामी ॥ एपीमिणव
रसीस । सजनवम चंगे। भाप्यासुनितेतीस ॥ २२॥ हि
वपीममहापौम ॥ भइगुमद्रवपाण ॥ पीममदनैपौमसेण
पौमगुप्तमनाण॥ २३ ॥ निलणीगुल्मचागद ।। नटनए
हमुनिजाण ।। कालादिकनासुत ॥ कप्पाउंसोयाठाण।
२४ ॥ मुनिउटगपछ्या ॥ गोतमनै पचांय ॥ चौजामथ
कोकीयो पंचतणोपरीमाण ॥ २५ ॥ जिजिणमतनं
ही । छडीकुमतचनेक । सेघा, कुमरमुनि ॥ धनम्वुद्ध
विवेक ॥ २६ ॥ गर्दभालीवोध्यो ॥ संजयनृपचणगार।।
मुनीवधिभाया ॥ यहविधयर्थ प्रकार । २७॥ महिम
गहलपिचरै।। विगतमोऽधनाथ ।। गुणगावंतानहनिस
(१६) माधुवंदना। FRELtttttttamaarittRALLELI संपजेसिवपुरसाथ ॥ २८ ॥ मप गिबनरम ॥ मुनिष रमेयसुधाण ॥ तनमाठनंतर ॥ उमनोनिवबिमो ग ॥ २८ ॥ अपमाणीग्णां । बाटोमयमा बिष पालकमुनियर ॥ सोकममुग्थयोति ॥ • ॥री चोर चिम्नायती ॥ सुसमातातीधत्रो॥ पाराधीम यममी हमसरउपन्नी ॥ ३१॥ श्रीवीरनिगसर ॥ सामनम, निषरनाम।। निजभक्त गाई। शतणांगुणग्राम ॥ ३०॥ दाल०१२मी ॥ वैशालीयापिंगल [एदेशी०) धर्म घोष गुरसीसदत ॥ मासनपारणतेहपत ॥ प्रतिलाम्यो सुभचित्त ।। सुमपथयोभवषियसुमाई ।। सुरथयोसंगम सीसाड़। गुपतसुनित॥१॥ यीनगवाहमिमी घरमा । विकुमम्महिलाभ्योभाय ॥ वीजैभवमनंदी भोगतजीथयोसाधम पोंद ॥ करिसलेषणांतहासुमहद गुणतसुगातचाणद ॥ पभटत पहिलेभवसत ॥ तिण प्रतिक्षाभ्योमुनिपुष्पदंत। तिहाथीथयोसुजाता। तिगांसम जांणीसहरिषयात ॥धादरीपाठप्रवचनकास ॥ मरियम तसुगुर गात ॥ पूर्व भवन पतिधन पास ॥ घिसमनभद्र दानरसास ॥ शिवाधिययाय ॥ स यमतिम मिराय नहिकेवशनशिवमुरखाय ॥ देवदूमनसाय ॥ ४ ॥ पूर्वमेष मे घरथगजान ॥ सुधर्मम निदान बीजममजिन दास ॥ स घरपालीथयासिद । केवलदरमजामसमिंग यांदुरीहरसास ।। ५॥ मिलाई पूर्वमवार ॥ सम्भूतषि बैनंदोतु वपाँण ॥ कुमरतधनपत कोई ॥ धीरसमीपेस य मस्तीधी ॥ ततक्षिणकर्म हमीमसीधी ॥ दिमप्रतिवदूसो ई ॥ ६ ॥ पूर्वभवनागटसाधनेसा ॥ प्रतिसाम्योइन्द्रपुर REFEREFERENERIEFFERTIFFEE साधुपंदना। (१७) ॥ ॥ Hit मुनिसर । महिलनामकुमार ॥ संयमलेईकारनसापा भवसायरथोचेतनताया। तवंटूबहुवार ।।७।। गृहपति इंतोधर्मघोष । तिणप्रतिलाभ्योअतिमंतोष ॥ नाममुनि धर्मासीह ॥ वीजभवथयोभनंदी ॥ मुक्तिगयोमवबंधन छंदी ॥ तेवंदुसनोई ॥८॥ पूर्वभवनितसचुनरेसर ।। प्रतिलाग्योधर्मरतसुलेसमिहिचंदनामकुमार तिणछ सीपहराईकुमार ॥ पाचभअपचरनैठणीहार ॥ बंद कर खधार ॥ ६ ॥ विजलाश्यानारानान ॥ धर्मनचीनै दान ॥ यग्दत्तलवोभनबोभे ॥ संयमलाई सुरथीमामी।। क्षण तरजेशिवपुरगाँसो || कौत्तीतहनीकीजे ॥१०- पर्वभक्देश्दांनउदार ॥ वौजभवथयाराधकुमार ॥ त्यांत जोपाचसेनार ॥ सजथयावीरजियोसरसीस | सुखविपाके एइमनीस ॥ पंचमहायतघारी ॥ ११॥ नाममातंगने सोमलगाउं । रामगुतीसुदर्शणध्यानम जमातीभीगा जिाकिकमलककालीयेतीमोचतगढगेवाणियोनी ठाणांचंगसंभाली ॥१२॥ पूर्वमवमाहापौमसेवी ॥ तेत लोपुच मुनिप्रणमौले ।। महापौमपुहरीकतात । बवंद्र मितसबुसुषुद्दी।कर्मणीतिणकरीविशुचौ॥ तेवंदुविष्यात १३ ॥ मुनिजयघोपविजेधोपवाटु । यस्लथीनामनगापुषया ॥ कमलापतौइक्षुकार ॥ पुलपुरोहितपसेतसुनार ।। नांमनसासम्मेगॅसारी ॥ बदतानितनयकारी ॥१४ दाल १३ ॥ मी• ॥ चतुरविचारोयरे (एदेशो० ॥ मुनिदास मेधनोयोधर्माणीयो। सुनिखतकिन्तीयसंयुक्त।। संष्टांब सालमत्राणदरीततीरे ॥ दयार्णमद्रवत ॥१॥ सुनिगुणगाईयैरे.)गावतापरमाणंद॥ सियतुपसाधणेकरी 这里轻罗宾至军军牢牢牢实的路路路军书法联军驻军第宝出牙
(१८)
माधयदा!
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घउनिसमरजेरे ॥ भाजेभवनंद ॥ २ मु० ॥ अमुत्तरगंग
नोएडोमवीपीवाचनारे ॥ अटसमनिवग्नाम ॥ नटीस
त्रमै साधसुभद्दपणेकह्यारे । नंटोसेणयभीगम ॥२ म.
विपननदीफलप्यधिकारधन्नोमुनिगा धन्त्रोदेवदिनतात ॥
सुत्रतासमगीगुरण सिमगो मोटलारे ।। पुडगेसकुडरी
कानमात ॥ 8 मु. ॥ गुरणीसमद्राकरीसमगीमुमतार
पूर्णमद्रमुचग ॥ मांगभद्र दत्त शिववलमनोरे ॥ अणा
दीपुप्पीयाउपंग ॥ ५ मः ॥ धनरीकपिलजतीप्रतिनिमरन
मतीर । तिणतज्शलोभम ताप ॥ इंट्रपरिक्षाअवसरउप
समचादरीर ॥ नमोनमाकाप ॥६॥ सुरवरसेवत
यो परकेसीवल मुनीर ॥ सवरधारसुसेस ॥ सकनप्रेडीम
तिसंयमचादरार ॥ दशाभद्रनरेस ॥ ७ मु० ॥ मुनि
फरक/गणादेय करणीगनौर ॥ दमहीपंचम्पाल ॥ वले
विदेहोन तिनमोनामरतौर। निग्धाईगंवाररसाल ।।८
सुसेन यजैन वहिवलएसरामयोरेत ले ईथयाचा
गार ॥ क्षामकपायनिवारीसीतलपातमारे । थियरतक
गयघार । (मु०॥ दिययीवीरजियेस्सरसीससु इमगणोरे
तासपर परए ॥ मयुप्रभवयलिसयंभवनापीयर । म
नगपीयामुनि ॥ १. मु.।। थोजसोमनमुनिस भूतथि
नेपलीरे || मद्रवायू साभद्रएम ॥ घनेरामिणयरमागम
बेहुवार । सेम निगाकर द्र ॥ ११९० । कालअनतेमु
निवरपालगयारे ॥स मतिविचरसह ॥ नाणदर्शन
फर्णधुरपुरार ॥ योदेवपदैरीह ॥ १२ मु० ॥ कलाम )
सौपीसणिमयर ॥ प्रथमगणधर चक्र लघरमैइया । स
सारतारफ । केपस्तौयनिसमयसमणीस युषा । सया,
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साघुपदना। (१८) SttttttttitHEREITIESELLE तघरसादशखकर । अागनघणे मेसरया ॥ म्यानचंदगु रुसवसाये॥ यादेवचंदेसंथण्या ॥१३॥ ईति थोबडी साधुवंदणा १३ तेरे ढालकीचोपई ॥ संपूर्णम् नाता' ॥ । थसीलगनववाहन्तिव्वरी ॥ (दृछा) थोनेमिसरचरणन ॥ प्रणमुउठप्रभात वावीसमाजिणमगतगुरु ।। प्रधाचारमविष्यात ॥१॥ सु दरअपकासारखो। रतिसमराजकुमार ॥ सरसोधनमैजु गत॥ छोडीगजुलनार ॥ २॥ वासयलियपालो यो।। धरतादुम्बरजेच ॥ तेहतगांगुणयरगा। पामैभवज लाह ॥ ३ ॥ कोडकवलोगुणकरै ।। रसनासहसपनाय तोई वनचर्य गुणषणा | तमंगकधानकाय। ४ ॥ गलि तपस्तिनकायाई ॥ तोनिपुगीचास ॥ तरुणपणजेशनध रे।। सुबलिहारीतास ॥ ५ ॥ गोवब मासोमोय ॥ पि पमैगचे गिमार ॥ थोडासुखानैकारणे ॥ मतिनमारोहा र॥ दसदृष्ठात्तेटोझिलो ॥ लागेनरभवसार || सोलम ल्योनवयाडम्पूज्छ सफ्लक्षवैधयतार ॥ ७॥ सोलाहिगु गप्रतिपर्णा ॥ तेघुगक धानजाय थोडासापरगटकम् ॥ तेसुणज्योचितलाय ॥ ८॥ ढाल. १ली) मतकोकाया मायाकारमीजी० ( एनी.) चीमसुरतम्यरम्यीये। ते परताले गरयोगहरे ॥ सोलर शिवसुङपासीये ॥ त्यांसु खारोकदेनमायछेहरे ॥ सोलसुरतरुवरसबोय) १ ॥ सीलमोटोसषवत्तमै ॥ भाष्योछयोभगवतरे ॥ स्वाससकि तसहिततीनपालीयो ।। त्यांकीघोस सारनोचतरे ॥२॥ "EEEEREYSISE24 HERE
(२.)
सोसरोनयवाद।
密克志主主主违法违法主主去左们的方法主主主本是主去去
सो०॥ जिणसास पवनअतिभलो। तेनंदापन अनुसार।
मिनवरमालकतहना ॥ करनारसमंडार ३ सी.॥
क्षतिणवनमैसीलसपीयो।तिणर मूलट्रिटममकितनानी
साखामहानग्तांतणी ॥ प्रत्सापासुबरतनवाणी
४ सो ॥ माधुसाधवीथावफयायिका॥त्यांगगुणापपवत्र
नेकरे।। महकरकर्ष सुमधनी ॥ परजलगुणादिसखर ।।
५॥ सो ॥ उत्तमसुरसुसहपफूलगे। शिवप्रतिफलना
नरे। तियासोलरक्षन मतनकरो । ज्य वैगीपासोनिारवा
गारे ॥ ६ सी० ॥ स सारसीलधनीउधरै॥ पालनवको
टोअमंगर ॥ स्वयमुरमय जितक्षोतिरो। सेपरहीनदीग
गरे । ७सी । उत्तगधेनरैसोती॥ वभसमाईचाठाय
२॥ कीघी तपक्षनरापया ॥ नववाडदयमोकोटमापारे
प्सी 'दूशाहिषकमक साकीमतणीनवयाड ॥दसमी
कोटतोचिदिसा ॥ माहिमचर्य विस्तार ॥१॥पितगायन
गीर नरहेकोषाहारहसीसोषितणविधादोत्तोकीर्धा
वाह॥२॥ मनचारीविचरैनठेठांमठामधेना॥ तिणका
ग्पणमीतरी || धौरकहीनववाह ॥३॥ पाइननीपते
इनी ॥ रमेवरसच्चभग ।। षयरागीयिरकतथया । दिमदि
नचढतैग ॥ ४ ॥ पहलीवाहमदमधी॥ नारिरहेति
इरात । तिपठामराइयोनही ॥ रथा परसतीपयेषा
त ॥ ५॥ अथवानारीएकसी ॥ भसीनसंगततास ॥धर
मकथाफसीनदी ॥ वैसीतिमरपास ॥ ६ ॥ तिपथीम
यगुणउपने ॥ सकापामलोक ॥ पाठोधास्तसिर ।
वलेहोषयरतनोपोका तिणसु मलाचारीभनी ॥रणो
केएफस । चियफणजायगांवरणीया तरुणल्योमतपत
AttituRE
BHAR
तु सोलरोनयवाद। (२१) AttitittTRALttkittituttes ८ (ढाल ) २जि ) नणदलहनणदलचुहलेजोवनमिल रधी (एदेशी ) भावधरीनितपालीयै ॥ गोग्वोरचया चर्यसारहो ॥ब्रह्मचारी॥तिणमुशिवसुखपामोये ।। पाडमपंडलिगारडोमचारी ॥१॥ यापहलीवाडा पर्यनी एबी०॥ जोमजागेसंगतरमै ॥ कुकडमूसमोरहो वृ• ॥ कुशलकि हाथीतेजनो॥ मारकंठमरोडही ॥४०२ श्रा ( एहणी० )म्बीपसुनीपोसगतिहायसै ॥ ज्यांनाहीर हैवोपासहो ॥ ॥ तेहनीसंगतिनिवारीये॥ तरीकर विणासहो ॥ १० पै ॥३॥ हायपावछटनकीया ॥ का ननाकछेद्योछतासही ॥ ४० ॥ तोपिणसोयरसांरी डोकरी ॥ तोहीरहयोनहीतिणपासहो ॥ ४० ॥ ४० ॥ सझसिणगारदेवंगगां ॥ आचलावणतासहो॥०॥ ति णागतोचलीयोनही ॥ तोहीर हवीएकतवास हो| ह. ५पै ॥ स्त्रीवि इमावास रहे। कदेचनजावैप्रणांमहो • ॥ अबढरहणोदोहिलो ॥ भृष्टहुवैतिणठामही पै. • ॥ सीइगुफावसीयोजती ॥ रधोवस्याचिचसा लहो ॥१०॥ तोतुरतपद्योयसरी हनै ॥ गयीदेशनेपाल हो ट०॥०॥ कुलवालयोसाधथो ॥ तिणभाग्योपरतरसा लही ॥४०॥ फोगाकरी वेस्थावसपयो । रुस्त सम्बनतीका लहो । ॥८॥पै० ॥ मुसोमंजारोमेल है ॥ तोघातपामे ततकाल हो ॥१०॥ नागेहुतिहामनचारीरहे।तोभा गैसोलम्सालही पै० ॥ वाहसहितसीलपातीया ॥ पूरैमनरीखतहो ॥१०॥यासीनदीधीछेतोभणी ॥ तूरही ज्योजायगायेकत हो। वृ०१० पै० (हा) कथानकहणीना रनो। तेभिगफ होटूनीवाड ॥ नारीकथाकत इसु ।। वर ०
HALFARE
(२०)
मोसरीनयवाद।
或本市落击主主之WHIC益生在主站
सो०॥ जिणसास गवनग्रतिमन्नो। तिनंदगावन अनुसार
मिनपरपालकतेहना ।। करनारसभंडाररे सी.।
कृतिणयनमैसीलमपीयो।तिपरमनट्रिटसनकितनीनरी
साखामडावरतातणी ॥ प्रतापाचतुवतियाणरे।
४ सो ॥ माधुसाधवीथावफयाधिका॥त्यांगगुणरूपपवत्र
नेकरे। मकरकन सुमधनी ॥ परमलगुणादिसेखुरे ।।
५॥ सो ॥ उत्तमसुरतुसक्षपफलगे। शिवसुतफरूना
नरे। तिषसोलन जतनकारी ॥ ज्य वेगौमालोमिारवां
गर। सी॥ समारसोलघवीउधरै पालनवको
टीचभगर ॥ खयरमण जितलोतिषी॥ सेपरहीनदोग
गी॥सी ।। उत्तरानिरसोल॥ वभसमाईचोठा।
२॥कीधी तमक्षनरापया ॥ नववाहदशमोकोटनांगरे
प्सी 'दूहाहियकई सीलतणीनयमाड ॥दसमो
कोटतोधिदिसा ॥ माहियापर्यविस्तार ॥१पतगांयन
गीरचे मरकीर्वाधाहारसीतोषप्तपविधादोलोकीर्घा
वाडा२॥ मनचारोविचरज।।ठांमठामळेनारा तिखका
रईणमीनरी । वीरकहीनमार॥३॥ वासनलीपत
पनी ॥ रहेवरसधभग ।। क्यरागीविरवातथया । दिनदि
नचलतम ॥ ४॥ पालीवारमच्छो। नारिरीति
हरात तिपठमिरहयोनही ॥ रच्या परसतगोडवेषा
न ॥ ५॥ अथवानारीएकली ॥ भलीनसंगततास । घर
मकथाफहसीनही ॥ वैसीतिपरंपास ॥ ६ ॥ तिपयीय
यगुणउपजे ॥ सकापामरतीक । चामठोधास्वसिर ।
वलेहोयेवरतनोफोमा तिणसुमधाचारीभची ।। रणो
रएकात। हियकुणजायगावरलीमा। तरुणयोमत
मौलरीनववाड़।
(२३)
१० भ. ना॥ नारिकथासुगविगाधणारे ॥ तिया
रोकहतानावेपार ॥ वलेन्टहवावरतभागनैरे ॥ गया
जमारोहाररे ॥ ११ भ० ना० ॥ नोवुफलनीवारतासु
सयारे । सुखपाणीमेल छताय ॥ ज्यू नारीकासुगीयां
धकार ॥ प्रणामथोडामैचलभायरे ॥ १२ भा ना ॥ सं
काकखावितकंछामनउपजेरे ॥ सीलवरतपालं नाही
तीग्णसु नारीकथामाइणीनहीरे ॥ टुजीबाहरैमाहिर
१३ म. ना ॥ वारवारचसनौतणार ॥ कघानकाणी
ताम ॥ टुजीवाहसुधपालसोरे ॥ तपाससीअविचलठाम
२॥ भ० १४ ना. (दृन्हा) तीजीवाहमहमकयो ।न
मचारीनागिसहित ॥ एकणसिज्यानकोबैसगो। याजि
णमारगरीरीत ॥ १ ॥ अगनकुउपासरहे । तोप्रगलैट
तनोकुम्भ ॥ ज्य नारीस गतरुपनो ॥ रहेकिलोपरबभ
२॥ इन्हचारीजोगीजती ॥ मतफरनारीप्रसम् ॥ एमाया
सियासती । होवैवरतनोभग ॥३॥ पायकगालैमोह
ने ॥ भोरहेपावकसंग ॥ ज्य एकणसिज्यावसतां ॥ नरहै
बरतसुरग ।। ४ ॥ ढाल) ४ थी. अमीयाराणीकधाय
(एइनोएदेयी) तौजीवाहस्वैिचिन्तयिधागे ॥
नारीसहितएकासनिवारोहोलास्त । एकनासगावेट
ठामिदी । बृहचारीनैवाछोनाहीछेडीलाल ॥ ती
नीवाहिवैचित्त विचागे.१ ॥ एकचापासणवेठापास
गोधावै ॥ चासोकायाफग्नावहोलाल ॥ कायाफरसा
याविषैरसभामै॥ ईमफरतांजावकमतभागहोलाल !! -
तीनी ॥ पाटयाजोटादिकसन्यास घागे । एयायामण
अनेकविचारोहोलाल॥ नारीसघातेसोमतकोई। जिणब
CRI
॥कपुरहोवेअतिउनलोर htert (२२) सीमगेनयपा। FantatattTEGanti तरोतवैयिगाड ॥ १ ॥ जेभीरमायुशायरतमै । तिगरै विपनदोमनमाहि॥ ते विद्याचारीनैनारीकथा ॥ करवी सोमनाहि ॥ २ (दाल)३जी. मिरचाकरसग. ( एनीएदेशो०) नातरूपकुलदेश नोरे । नारीकथाकहनेह ॥ पारवारकहनाग्नीर ।। तोकिमरहमत नेहरे॥ भवियण ॥ नारीकथानिवा र ॥ १॥ श्रा० ॥ चन्द्रमपीसगतोययोरे। वेणीनाणेमु यंग ॥ दीपसिखामाणनासकारे । होठपरवालीरंगरे भ०२ना• ॥ वाणीकोयलजेहयोरे हाथपायराकरेयसा य ॥ सागतीकडसि षणीरे ॥ नाभतेकमलसमायरे म.३ना• ॥ कुक्षहणीचतिभलीरे ॥ वलेअदाउपङ्ग अनेक ॥ त्यानयारुनसरायगौरे। घागीमनमविवेकरे। भ ४ना ॥ कथातहकहतांथकारे॥ दोपनहीछतिगार विषकारणकहपीनहोरे ।। नारीरूपसीणगाररे। म ॥ नारीरुपसरावारे ॥ बांधेविषयविका र॥ परिणामचविचमेलवर परतरोजवैविगाडरे। म.ना. ॥ मसीकुमरीनोरूपसमितीरे॥ छउराजारा चलीयामणांम ॥ त्यांसगाईकरवादूतमोकल्पारे । विग योमाहौमाहितांगरे॥ ७ भना० ॥ म्गावतीरोरुपसा भलोरे॥ धडप्रद्योतराजान ॥ फोस योनगरीरोदीयो २॥ पोधोमिनखारोषमसायरो। ८माना ॥ तिणरहा धनपायोमगायतीरे। योजखरामा। फिटफिटडयो षणोसोफमेरे ॥ षणोपड़ाईयावर ।। ६ म ना ॥ पदमो तरनारदकनैरे ॥ द्रोपदीरारूपरीसुणीषात ॥ देव मगाईसिएट्रोपदोर ॥ सोजतपहाईसास्थातर । BRITIEEEEEEEEETTE ५ ॥ ना
सौसरीनववाड़।
(२५)
सनाणो ॥ एकचासणमतीवैसाणोझोलाल ॥ एक
पासणवेठताभागाधनत ॥ ईमभाप्पोथीभगवंत होला
स्न ॥ १३ तो० ॥ मजागीब्रह्मतिमलोपो॥ वृक्षाचर्यथि
रकररोपोहोलाल ॥ ज्य, सियरमणीवेगावरसो॥ धावा
गमणन होकरस्यो होलाल ॥ १४ सती• (दूहा) नारी
रुपनहीनिरखणो॥ याशिणक होचोथौवाह ॥ सुधमनजो
पालसीत्यासभलकीयोमवतार ॥१॥ चिचलिखितोपूत
लीतिपिणजोयबीनांशिकवलग्यानीमको।दसमीका
सकमाधि (दाल) ५मी.)॥ नारीसगतनहोकीमी
यै एहनी ( एदेशी ) मनोहररंद्रीनारनोरे ॥ तिणदी
ठाडीवधैविकार ॥ मगजालज्युनरमणोरे ॥ पासैरन्यो
ससार (सुगणनरनारीरुपनहौजीय) मारीरूपेटीवलो
२॥ भोगीपुरुपपतग ॥ वैसुखनैकारणैरे॥ दामोकोम
लग ॥ सु० ॥ २ ना० ॥ कामणगारीकांमणीरे ॥ तिमै
यसीकीयोसर्वससार॥ घाखोचाणीककर मोरे॥ सुरनर
गयासवहार ॥ सु० ॥ ३ ना०॥ रुपैरमासारखीरे ॥ व
लेमोठायोलीनारतेनीजरमरीनिरखियारे ॥ ग्रनचा
रीरोझवैविगाड। सु० ॥ ४ ना० ॥ रुपमैकडोदेखनरे ।
माहपोकामनाथ ।। सुषमाणेपिणांणनहीरे । सेपाटु
रगतनोषध ॥ सु० ॥ ५ ना० ॥ रुपमैषणीरतीयांमणी
रै ॥ अपछरनेउणिहार ॥ देयोनेरीझनोकिस्य रे ॥
श्रामलमुघनीमहार ॥ सु०॥६ ना० ॥ असुचचपवीच
नोकोथस्तोरे ॥ यलेकरलकामलरोठांम । पारसुरतबहस
दार ।। चश्मदीवडीनाम | सु० ॥ ७ ना० ॥ देहिचदा
रिफकारमौर ॥ क्षिणमाहिभिगुरथाय ।। सप्तधातरीको .
FREEEEEEEKSIVINEEEEEEE
(0)
- t.ttitutisment गोमरीनयवाद। FrtttitattirishiuTORIEasttituttitt रवचनसाहमोजोयहोलाल ॥ ३ ॥ ती•॥ स्त्रीसहित बहस एकधासग ॥ तोलोकमाविमासहोलास !) वाछतोहीअालदेकरफितुर ॥ वलीयोनयनेकविधि डहोलान्तु ॥ ४ ॥ तो० ॥ तिगटामधेचठीवना गे॥ तिगठामैनवेसमचारीहोलाल ॥ जोव हसतोएक मोहोरतटानी ॥ वैदमभावसभालीहोलात ॥ ती• ५ ॥ नारीवेदापुदगलतिणयो ॥ नारिविकारयेटमिगायो होलाल | महोनाग्निपुरुपजाणो ॥ माहोमादिवेद धिकारमिछायोडोहात ॥ईती० ॥ नारीफरसध्याड वैभोगरोरगी।। जयमावरत भागीहोरसाल ॥ कारणएकपासणसणोनही ॥ नारीफरससु उरणोमन मादिहोताल ॥ ७॥ती०॥ योराणीस'मूतवाद्यामनग्गी करपटस मुनितनलागीहोजास्त ॥ तिणचारिखोयनीया गोकीधी ॥ दुरगतिनीपघलीधोहोलाल ॥८ती ॥ देव यईनचकायतडयो ॥ भोगमाडिगिरधीयकोमुवोहोलाल सातमीनरकमाइमायपडीयो ॥ पापस पुरणमरीयोको लाल । ती ॥ नारोफरसवेध्यांस भोगणचनेक ॥ ती ससुशासनहसखोएकझोलाल ।स'काकस्पापीतकशा उपमनमादि ॥ सौलपरतपाल कैनाविहीसात ॥ १. ती० ॥ईयवाडलोपीतिगावरतरिमोयो । सिणदीयोजन बरतखोयोहोलास्त ॥ वनरकनिगोदमैनायपडीया ॥ सारमैग्डयडीयाझोलाम ॥ ११ तौ• ॥ काचरशोर सोफाडीफरकाटो तिणसु बाफतुटपाटोही लाल || तिणकारणएकनासपठाताम ॥ अनाचारी रोचलेपरणामहीताल ।। १२ ती० ॥ महिनटोर EZEFTTTTTTTTPISTARAMETERIEEETTETTE ॥
सोलरीनववाड़।
(२५)
*STARREATREAttrate
मजागो ॥ एकचासणमतीवैसाणोदोलाल । एक
घासणठताभागाअनंत ॥ ईमभाप्पोथीभगवंत होला
ल ॥ १३ तो० ॥ इमाणीब्रह्मतिमलोपो| हमाचर्यथि
रकररोपोहोलाल ॥ जय सियरमणोवेगावरसो ॥ पाया
गमणनहोकरस्योहोलाल ॥ १४ सती० (दूहा) नारी
रुपनहानिरखणो ॥ यामिणकहोचोथौवाह ॥ सुधमनजो
पालसीत्यासभन्जकीयोपवतार ॥१॥ चिघस्लिखितनेपूत
लीविपिणजोयवीनाहिाविलग्यानीदमकन्यो।टसमौका
लकाहि ॥२ (दाल) मी.) ॥ नारीस गतनहोकीनी
ये एहनी ( एदेशी.) मनोहररंद्रीनारनोरे ॥ तिणटी
ठाहौवधैविकार || सृगजालज्यु नरमणोरे ॥ पासैरस्थी
संसार (सुगणनरनारीरूपनहोनीय) नारीक्षपटीवलो
रे ॥ भोगीपुरुपपतग ॥ ॐवैसुख्नै कारणैरे ॥ दामकोम
लमग ॥ सु० ॥२ ना० ॥ कामणगारीकामणीर ॥ तिमै
वसीकीयोसर्वससार॥ पाखोमाणीकेकरच्योरे॥ सुरनर
गयासवहार ॥ सु० ॥ ३ ना० ॥ रुपैरभासारखीरे ॥ व
लेमोठावोस्ती हुनार॥ तेनीजरमरीनिरखियारे ॥ यमाया
रीरोष्टवैविगाड। सु० ॥ ४ ना० ॥ रूपमैरूहीदेखनैरे ॥
महिपोकामचंथ ।। सुषमाणेपिणनांणनहीरे ॥ तेपाटु
रगतनोवध ॥ सु० ॥ ५ ना० ॥ रुपमेधणीरसौयामणी
रे ॥ चपछरने उणिहार ॥ तेदेपीनेंरीमनोफिस्य रे ।।
श्रामस्तपुषनोमडार ॥रु. ॥ ६ ना ॥ असुप्प अपवीप
नोकोथलोरे॥ षलेकालैकामसरोठाम।। वारसुरतबहस
दारे ॥ चरमदीयहीनाम ।। सु० ॥७ना० ॥ हिरदा
रिकफारमोरे ॥ क्षिणमाहिमिगुरथाय ।। सप्तधातरीको
HEATREEEEEEEEEEEESIRETRIETTEEEEEEN
(०)
httEkti (२) सीसरीमयाड़। LStattattSRCISEttt.it का थलोरे । जतनकरतानाय ॥ सु० ॥८ गा० ॥ नारीविटन रपतिथयोरे ।। वलेचा कुमीनीयोघाय ।। याडभागला रसाभार ॥ एलीयोरूपौगय ॥ सु• ॥ ६ ना. ।। सेठपर मांमदीयोर ॥ नामइलामुषमाण ॥ नटवदिग्पीमोहीयारे वसीयोनटयारधरांग ॥ तु० ॥ ना० १.॥ वासटपर चयोखेलबारे ॥ मनमाहिहरपनमाय ॥ योजांछैधनराव नोरे ॥ रायबांछेईणगैधात ॥ सु• ॥ ११ ना ॥ मगरथबंधषमारीयोरीमियर शारीदिखीरुपामग्णपाम्पो तिम्पजोगस्य रे ॥ भावपयोअंधकूप ॥ सु० ॥ १२ ना० ॥ घरयाकसंयमवाटपारे॥ तिगादीघोससार ने पूठ । सेनारीरुपैमोहीयोरे ॥ नारीलीधीतिनैलूट । सु. ॥ १३ ना० ॥ एकचत्रीचाणतेनायतोरे ॥ तिणने मारगमैमिलीयोचोर ॥ क्षत्रीयांणवाचावणारे ॥ घोरफ रसीसु नाच्यासोर ।। सु.॥ १५ ना० ॥ एकवाणयाकीर योर ॥ नवस्त्रीदियोनीजकपदीखाय ॥रूपदेवीचौरमो डीयोर ॥ चौपाणसु दीयोतिणने ढाय ॥ सु.॥१६॥ ना॥ चौरपद्योदेखनेर ॥धीकरवालागोमाण ॥धीर कहेंगर्भ, किसरी । म्हारैनारीनपारानागावांग्य ॥ सु. १७ ना० ॥ इत्यादिकपडमानवीरे ॥ तकहितांनभायपा मेनारीपैमोझ्यिारे॥ तेगयाणनागेहार ॥ सु ॥ १८ ॥ ना• ॥ नारीरुपकनिसुण्यारे॥ मुष्ठ याछाने क ॥ सेदीठागुणवेकिसु रे ॥ घेसमोनरभाविवेक । सु. ॥ १८ ना० ॥ काचौकारोघाखनीरे ॥ सुरमसाइमो जोयाधन्धोया। उयूरुपनारीनिरखतारे ॥रस्याटमष्टत वोखोय ॥ सु० ॥ २० नापे । मानधारीनिरपोमतीर।। 主军军军好?军军空军男军军PINFI的强军空军空军军军军安
मीनगैमयवाह।
(२०)
HttttttttartENTERattttttails
नागेरुपसिणगाग॥ यासोक्षदोधीकैतोभणारे॥ नहिच के
लाचोथौवाष्ठ ।। सु. ॥ २१ । ना० ॥ (दहा) भीतरपरि
घटाटीच्यातरे ॥ तिहार हताहुवैनरनार ॥ तिहावा
चारीनैग्छवीनही ॥ एजिक होपाचमीवाड ॥ १ ॥ सं
नोगीपामैग्से ॥ अनचारीदिनरात ॥ तेतणासन्दा
भल्या ॥ हुवैवरतनीवात ॥ ॥ मेहरनेउरखलकरी ॥
सबटपायकान ॥ जवचलजायब्रह्मयग्तथी॥ लागेवि
पैसध्यान ॥ ३ ॥ ढाल• ६ठो० ॥ आणंटसमफितउपरै
रेलाल ) एहनीएदेशी) वाहणोहिवैपाञ्चमीरेलाल
सोलतणामस्थान । प्राचारीरे० ॥ ज्य बरतकुसलैरहे
सहोरलाल ॥ वलेनावश्चासतोप्राण ॥ १४॥ वाइस
गोहिवैपाच गौरेला ) भोतपरजेताटीयाम्तरेलाल ।
अस्त्री पुरुषरहताहुबैगत ॥ ४० ॥ तिइकुणकुणदोषउप
नरेलाल ॥ सामलज्योविण्यात ॥ ०२ वा. | कैलकरै
निजकतसुरेलाल ॥ वोलतीमगावकाम ॥ ॥ वि
क्रुद्रसबदकरैतिहारलाल ॥ रोदनसपटक तिणठाम
१० मा ॥ कोयलञ्च बोले कतसुरेलाल ॥ गावैमधुरम्या
में द ॥ १० ॥ कामवसैहहाहमैरेलाल ॥ बोलतोकरचटमा
ट || ४ वा || खिणवाटसपटकरतिहारेलाल ॥ व
लेपतिसवद होवैताम ॥ ४० ॥ तिहारतोएयासवदम्
ण्यारेलाल । चलजावरतपरिणाम ॥ ट०५ या ।। गा
जतगोसवटसाभल्यारेलाल ॥ रिस्पामेपपियानमोर
४. ॥ ज्योसोगसमैगसक्दसाभल्यारेलाल ॥ लागेपरत
तनेखोड ॥ १० ॥ मामलनेयोनहीरलाल ॥ सय
टपईतिहाकाना सातिहाबाग्वाररहवोनहीरताल ॥
TRETRET RELATERTRETRIEFTEFETTE
khanitatitutiatrinariatristiatitish
RaniRWEL (२८) सोमरीनपयाड़। 出力宏志宏主法益造主 生生法老出去去去去去追 सेक योशिनराज ॥ १.७मा० ॥ दृहा) छठीवाडगैरमक यो ।। च चलमनसतिडिगाय ॥ साधोपीयोबिलीयो । तमतियादग्राणाय ।। १ ।। मनगमताभोगभोगव्या । ते यादकियागुणनांहि ॥ याडमाग्योरतपैयडये ॥ यलेज सबैलोफामाहि॥२॥ ढाल०७ मौ. ॥ ली बमोसयामा कपानवाणी ) एहनी• (एदेशो) हावभावसवदना रीतगा ।। सुपौयावधेचिपयविकार ॥ एहवासबदमा गैसुणीयाजय ॥ त्यानयादनकरणालिगाररे ॥ छठ्ठीवाड हिवसुणोविरनचरजनौ• ॥ १॥ वरणगोगदिकसरीर ना ॥ स्पसोभायमान ॥ यनंतरेएहवीत्रीस भोगभोगव्या तेचितारनहीनतर ॥२ छ ॥ गधोयादिकनचद णा ॥ रसमहुरादिकमनेवार ॥ तेस्त्रीस घातभोगव्या सेपिण्यादनकारणाएकरी छ•॥ हाथपावसुष्माननारो तणासुखमालसरीरसुखदायर।एयीमारीसघात केली करीतचितारनहीमनमाहिरी॥४०॥ सबदरूपगंधरस फरस ॥पांच प्रकारनांकांमभोगरी॥तपिणलीसपातेंभोग व्यात्यानयादनकरणामोगरे ॥छ ५ ॥ रम्वासारपोसासुग टादिक । अवटादिकगमतपमे करे ॥ तोपिणनीस हातेंरामतकरी ॥ त्यांने यादनकर पीए कर ॥६ छ०॥स वसुण्यामागवाटपाचमी ॥ रूपसु चोथीथाहरे ॥ एफ एकसिज्यावेठातीसरी ॥ स्त्रीकांसुटुकोषाहर ॥ ७॥ छ । एफयादकरांमाहिती ॥ तिण भागछठीयास २॥ सगौयादकीयर्यायको । अध्न वृतनोवेविगाहर ।। ८॥छ• ॥ मनगमताभोगभोगव्या ॥ देसुरतस भारतले तिणधाडसस्तित्तस्याद्रीयो ॥ पाणीकिमर हेपटापासर PIERREE ॥ ॥
सोलरोगववाह
(२८)
HEREntrtREE
६ छः ॥ पुरवस्ताकांमभोगचितारने ॥ रांणोदेवीसुकी
धीपोतरे। अपजिणक्षनजक्षनाखीयो ।। रांणीदेवीमा
गोपीपरीतरे ॥१०॥ महरसहितछाछपीयचाती
या ॥ त्यांतोबाकोनहुवोपालर ॥ त्यांनघणावरसांपाछक
यो । तिमसु मरणपाग्योततकाली ॥ ११ छ० ॥ भाई
नेपवनमुष्योदेखनें ॥ माईनॅनमणाव्योताहिरे ॥ जाख्यो
तिणदिनधसकोपरयो । ततकालकोहीतिणकायरी ॥ १२
छ• ॥ एमुवानेहरयादश्रणावीयां ॥ पांमीत्रणचितवोच्च
समादरे ॥ ज्य मागहम्हचारीसीलसु ॥ कांमभोगांने
करायादरे ॥ १३ छ• ॥ कामभोगानेयादकीयांथकां ॥
सहाकखाउपजैमनाहिरे ॥ सोल पालकैपालनहो ।यस
नायकम्मटवताहौरे ॥१४॥छ. ॥ ईमामलनगर
नारीयां ॥ तस्मोपोछठीवाहरे ॥ तोसीलषरतसुधनीपने
तिणसुहवैवोपाररे ॥ १५ ० (दूहा) नितनितच
तिसरसमाहारने ॥ यरज्योसातमीवार ॥ तेष्टम्हचारीनि
तमोगवै ॥ तोपिरतरोडवैविगाह ॥१॥ एतादिकपू
रणभयो । एल्वोमारीयाहार ॥ तोधातदीपावप्रतिष
णी ॥ तिणसुवधैधिकार ॥२॥ खाटोखारोघरचरो॥ मी
ठोभोजनमे ॥ विविधपणैरसनीपन ॥ तैरसनासरपरस
ले। इनीरसनापसनही॥ तखाबसरसचाहार ।'
रतमांगभागलड़यै ॥खोवैमम्मटतसार ४ (दाल)
८ मी. ) नितकर साधुभीनवन्दणा० ) एदेशी०) कवलो
कराहारउपाहता ॥ एतविंदुधरतोचाहारमाररीए॥
एइयोसरसबाहारधापचापन ॥ नितनितनकरयम्ह
चारी (वाहमस्खोपोसातगी. १) ययतरुणीरोगरहित
EFFARPREETTERTRENDRAFFERRIERREERS
PRERHIT
सौसरोगययाह।
治虫书法书法,在这之HIS设主主力去支出法拉走出去
छ । सेकसिग्सयाहागेए । याहारमडीगेतपरगम
तिण वधेयत्वंतविकारोए ॥२ पाड || विकारवयांप्रम
वरतनै ॥ दोपणअनेकविधलागेए ॥ बस्ले अनलचेष्टा
उपजे॥जायकत्ततिहाभागोए ॥ बा ॥ सरसवाड़ा
रनितांपरकीयां ॥ एतभागविगडेयडलोगोए । संसा
ग्मेदुखीहवै। यधतानावैरोगनसोगोए ॥४॥ मा. ॥ व
यतरूणीकायाजीरणपो । नेफरसरसाहारोए । पेट
फाठपद्योतलफलै । वलेचाश्चमीरणहफारोए ॥ ५वा.
विविधपणेरोगउपजे ॥ नितसरसचाहारकीयाभारोए॥
अकालेमरेपरमखोयनै ॥ वलेहोयजावैधन तसंसारी
ए ॥ ६ वा० ॥ वयतरुणपणोधणौणविधमरै॥ नित
कोषांसरसञ्चाहागेए ॥ तोवुढारोफहयोकि । तिय
रेपेटतुरतमालमारोए ॥ ७ या• ॥ दुघटहीपकवानने ॥
सरसचाहारभावरहेसतोए ॥ पापसमणीकधीउपाध्येय
नमै तोसाधमांधीविगु तोए ॥ ८ या० ॥ चक्रवर्तनी
रसवती ॥ भोगभुतदेवाहनछोडीनस्तागोए । कामपि
डम्बमासिणवाही ॥ बैहन वेटोसु कौधोधकालोए ॥
४ वा. ॥ सरसचाहारतणोलपटीषणो ॥ मसुधाचार
मथायोए । सिमरनेंगयोध्यन्तरीकमै ।सनमशारजहाईखे
जोए ॥ १० वो० ॥ से लगगयपटखेसह ॥ सरसचाहारत
णोछवीगिरधोए । तिनिहायसपडीयोथको ॥ क्रीयाचस्व
गोघरदौधिए ॥११वा ॥कुरीकरसलपटीथयो । पालो
परमधायोए॥ भारीपाहारसु रोगउपजैसवो ॥ परीयो
सातमोनरकमैजायोए ॥१२वा ।। ईत्यादिकरसाधसाध
वो लोपनसातमीवाहोए ॥म्हचारमतरलोयन ॥ गया
FEEEEEEEEEEEEEEEER
सोमरौनपवाडा (२१) 曾胡之声连连点击 出现的主立主定金斗家吃点它,满 जमागेहारए ।। १३ वा ॥ सनीनातियोदुधमोधीपोव।। तिणसणीपातवधतोदेखोए ॥ ज्यूम्ह चारोसरसचाहा रसु। विकारवधैविसपोए॥ १४वा ॥ इमसाभलनेनर नारीया ॥ नितभारीसकरज्योचाहारोए। सीलर तसुध पालने । आवागमणनियारोए ॥१५ वा. ॥ सरसया हारतोज्याईरयो ।। तुखोई पिणाहारोए । चापरनित करणोनहो । हिकहस्य याठमीवाडोए ॥ १६या० ॥ हा) पाठ्मीयाहमैमकयो ॥ चंपनकारणोघाहार प्रमाणालोपद्धकोकरै। तोवरतरोजवैविगाड ॥ १ ॥ तीबाहारथीदुखहुवै ॥ गतरुपवलगाय ॥ परमांदगेग निद्राचाजसहये विलेनेफरोगहीवजाया प्रतीघाहार यौविवधीषिणोइमफाटैपेटार्धानमाउधरताहांडीफ टेनेठ ॥३॥ कवाडलोपैविकलयका करसोअधीकोना हार ॥ त्मारकुणरययगु णनीपजै ॥ तेसांमलज्योविस्ता र ॥४॥ (दाल) (मो.) बिजलयिनीएकरचपानग गे० (एदेशी )मरजोवनरेनाहिरे देहिनौरोगोहोथै ॥ माहिलेजसरोजोहोघणोए । चापकोधाबाहाररेमिछम तावसु । तोविषवतिरेपणी ॥ १ ॥ अवगमतालागे भोगरे ॥ ध्यानमैमाठोरहै ॥ वलेगमतोलागेश्यसपीए ॥ २ ॥ सोलपालु फेनाहिर ।। सकाउपवछभोग ॥ नारी ववछाउपजए।। ३ ॥ मोनैकाम होसीफेनाही॥ सीलपर तपालीया ॥ पिणसांसोउपजैए ॥ ४ ॥ जयभटडवैवरत भागरे । मेपमापियका ॥ भपकोडगिरसतीऐ॥ ५ ॥ चांपैकीधाचाहाररे। पछधकीतरे। तोईसहोचन रथनिपजेए ॥ ६ ॥ कारडवेरोगरे ।। तेश्याहारको SEPTER: --
॥
मोमरोमपवाद।
主主立之出出主站这:HER波法在中在于是赶去主主
छ। तेकरसरसग्राहागेए ॥ संधाधारमडाँगेतपरगमें
तिणत वचत्यतविकागेए ॥२ याह । विकारवध्यात्रा
यरतन ॥ दोपणचने कयिधनागेंए ॥ वलं अडकुचेष्टा
उपजे । नायफरततिहाभागोए ॥ ३मा ॥ मरसत्रामा
गनितचापरकीया || रतभागविगडेयडलोगोए । ससा
ग्मेदुखीहये ।। पचतामारोगनेसोगोए ॥४॥ पाव
यतरुणीकायाजीरणपहे ॥ शेकरैसरसन्चालारोए ॥ पेट
फाठेपद्योतलफलै । वलेचावचजीरणष्ठकारोए ॥ ५वा.
विविधपणेरोगउपजै ॥ नितसरसग्राहारकीयामारोए.॥
घकालमरघरमरपोयन ॥ पलहोयजावेचन तसंसारी
ए ॥ ६ वा० ॥ वयतरूणपणोधणोईणविधमरै॥ नित
फोघांसरसञ्चाहागेए ॥ तोवुढारोफहयोकिनु ॥ तिय
रपेटतुरतमालमागे ॥ ७ या• ॥ दुधटदीपकयानने ॥
सरसच्चाहारभाधेरहमतोए ॥ पापरामणीकचोउपाध्येय
नमै तोसाघपणांथीपिगु तोए ॥ ८ वा ॥ पवर्तनी
रसंवती ॥ भोगवभुतदेवाम्हनछोडीनलालोए ॥ कामपि
इम्बणासिणसाही ॥ वैइनटोसु कीघोचकाजोए ।
है या ॥ सरसधाहारतणोलपटीषणो ॥ मगुधाचार
अथायोए ॥समरनेंगयोप्यन्तरीकमै ॥सममलारंउडाईखे
होए ॥ १० वो० ॥ से लगरायखेसरू ॥ सरसमाहारत
योझवीगिरघौए । सेमिहापसपढीयोधको ।। क्रीयाचल
गोंधरदीधिए ॥११वा ॥क्त सरीकरसलपटीथयो ॥पाको
घरमैत्रायोए ॥ मारीचाहोरम रोगउपजैसवो ॥ पड़ीयो
सासमोनरकमैनायोए॥१श्वा•॥ इत्यादिकप साधसाथ
यो । लोपनसातमीयाडोए ॥टमचारजष्टतहोयनै ॥ गया
FREEEEEEEEEEEEEEEEEERAPE
सोसरीनयवाद। PatttituttitSINGERatatisthAS गोदोझिलोए ॥ २६ ॥ कोट्साघुकौरामरे ॥ योचाहार अधीकोकरें। तोषणोकुडतिणउपरए ॥ २७ ॥ मोमिल नकहेंअनेकरे ॥ तु याहारकोकरें। तोहीक छोनमा नोएकनोए॥२८॥पुरणभरेनितपेट॥ईधकोचीपर्ने । नवं पाणीपूरोमानहीए।॥ २६ ॥ तिरखालागेश्रनंतर ॥ पेट दूखेषणो । टलपलाटकरेंषणोए ॥३॥ खावेंधावली याहीतर ॥ जकनहीरोइन । अनकषणोइनेंए। ३१॥ असहीपहें विपत्तरे ॥ तोहीगिरधीप्रेटरो॥ निमश्र पगुणछोड नहीए ॥ ३२॥ जवरोगपोडले नागरी मारे माठीरीतरे ॥ थीमिनधर्मगमायनेंऐ॥ ३३ ॥ स्थागत रेमाधि ॥ भमणकरैषणो॥ धनंतकालटुम्मोगयेऐ ॥ ३४ ॥ कुहरीकरेंउपनीरोगरे । प्राहारईधकोकीयो । मरनेगयोनरकसातमीए ॥३५॥ होडीफाटेने ठरे| ईध कोकरीयो ।। तोपेठनफाटेकिणविधए ॥ ३६॥ पृमचारि इमलाणरे ॥ईघकोनहीमिमीए । घणोदरीमैगुणपणी ए॥ ३७॥ उत्तमपणोदरीतपैरे ॥ करतांदोडीली ॥ यरोगयीनां नहीए ॥ ३८॥ एफहीठिमीवाहरे ॥ प्रम्हचारीमणी चोखेचित्तपाराधजोए॥ ४० ॥ (दूहा) नयमौवाहविरमचर्यनी ॥ विमुपानफरणीचंग ॥ विमुषा कीघाथको । थायषरतनीमंग ॥१॥ सरीरविमुपानेक फरेंसनसिणगार ॥ रघठारीयामठारीया ॥ त्यां खोपीमतवाड ॥२॥ सरीरविमुपामेकरें ॥ संजो गीहोय ॥ म्हचारीतननसोभषे ॥ सकलपैनकीकोयामा वाहभाग्याकिणविधर है॥चमोलफसीलरतन्त्र तिणसुष्ट म्हचारी महबरतना ॥ किणविधकर जतन्न ॥ ४ ॥ 中国空军军军乐牢牢军的组成控辩率较军空军军军军 themmastram (२२) मोगरोगवाह। EttttthitHEORNकालाatithit करें।। बलेसासत्रायंचयधोधकोए ॥ ७॥ फाटेपेठ अनंत २॥वघडवनाहीया | वसातविटनाए॥ ८॥ होगे अजीरणरोगरी ॥ मुखवासयुगे॥ चले पेटभालाफरोण ८॥ उठेउकालापेटरे ॥ चान्नैफलमती ॥ वलेकुसिस थुफणीए ॥ १ ॥ डीलफिचकडोलर n पिलधुमेघमा चालमग्यो मुखकपीए ॥ ११॥ प्राधैमाठीपषीटकारे वलेघावैगुचन्नका ॥ नमनाहारभागउलटोपए ॥ १२ चालैमरोडापीडर । पेटटूखेघणो । यस्सेलोडीठाणपगेड वेए ॥ १३ ॥ नाद्यांमेलपमेंरोगरे । तिमाहागझलेंनही ज्य खावेज्यूनीकलए ॥ १४ ॥ यलेतावचढततकालरे ।। वंधडवेंमातरो। अधकोचाहारकीयाए ॥ १५॥ धणीदे होपडेकुथाररे। याहारमानही॥ भवासलोहीदि नदिमषटेंए ॥ १६ ॥ खोग्णपईनवदेहरे ॥ निपलाईपई बलेदाथपगांसोलोचढ़ए ।। १७॥ थनहीचतिसाररे ।। घोषधकरेधणां n दिनदिनफेरोईधकोहए ॥१८॥ पछलामकछुटै चन्चरे । चुकेधर्मध्यामथी ॥ वलेप्रोस्लेंषणो दयामणोए ॥ १६॥ वलेजसासनखासरे ॥ मनोधपष सुन्यषुन्यदेहीपडए ॥ २० ॥ व प्रयचोरोगरी ॥ चाहार प.नहीए Bषधकोलागेनहीए ॥२१॥ वलेउपजेदार सरीर ॥ सप्पलागीरहेरे ॥ पेटसृवचारघणीऐ॥ २२ वेदमायेचाष्याकानरे ॥ स्वामइयेषपीए ॥ यक्षगेग पोसणरउपनऐ ॥ २३ ॥यादिकषहरोगरे ॥ उपमा हारथी॥हकहिरनेकितगेकए ॥ २४ ॥ एजनाका रथीरोगरे । नाष भवानी ।। मारेकरवर्धेषगौए ॥२५ तिचापकरेंचाहारोर ॥ गिरधोपटगे ॥ तिवमैसाचयोस पोतरीनपपाड़ा (१२) REntetbasnet twittawazzEER नचालसोट ॥ १ ॥ कोटभायाभोयसछमाहने ॥ याडभा ग्यावरतननाय ।। तिणसुकोटहिगोयनही । तेडायो चतुरसुजाण ॥ २ ॥ कोटमांगवारापड्याथका बाड़माग ताफितीयकवार ॥ तिस्तु विशेषकीटरो। करबोज तनविचार ॥ ३ ॥ सहरकोटसै ठोहुवै ॥ तचिंता नपामलोक ॥ स्यग्रहगकोटमम्हचर्यनी ॥ तोसीलनपामै दीप ॥४॥ कोटवारगोझिणविधषाच्छो ॥ किणवि घकरगीजतन्न ॥ तिण तुम्हचागीविवरासुध ॥ सा भल ज्योधर मन्न ।।५।। (ढाल.) (११ मी.) विमा रानावसुणरगुणोण (एदेशो०) मनगनतीसमदरसाल। मणगौरवाधिकगज ॥ गनतीसपदण्वानहोरो म । अणगमतीसुण्यान हीखौ ॥१॥ कालानीस्वारा तामोलाबोला । पाचप्रकारनारपयोहोला ॥ गगनाणे भस्लामपदेस ।। जाठादेखनेनाणेघ ॥२॥ गंधसुंगधदुर गवडोय । गताचणगलतासोय || गमतासुरतमहोही य॥ प्रयागतासु अरतमहोहोय ॥ ३॥ रसपायप्रकार जागो ॥ सारासबदादिकक पायो । गस्तीस रागन हीरहणु' । यणगमासु धेफन्धरयो ॥ ४ ॥ पर साठनकारनातील ॥ त्यारा मुटान्छेनाम ॥रागागमता ययागमतांगेहप ।। याटोगमरहणोनिरापरख ॥५॥ वटएपगधरसफरस । मलामु डाइलकाभारोतरस ॥ त्या सुगगध पकरणोनहि ।। सोख हसीएएषाकोलाहि ॥ ॥ सौतरताष्टसछभारी ॥ हिरादूगाविधकरणाजत न ॥ चपलाहतानाकिटतमोटो ॥ तिणरीरक्षारणायाही कोठो॥ ७॥ सयदादिकम् अवैरामोतोकोटगायछ Marattimthit PRINFO Em
(५४)
गोतरोनयमाद
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(दाल) (१ मी.) धीशकरसोतासतौरेतात.) ए
नी(एदेशी.) सोमारा देशीर ।। नदीकरणोतन,
सिणगाररे || चागे॥ पीठीगटोकरगोनहिरे,
खाल ॥ मरदनकरणोनिगार ॥ ॥ १ (नयमोवादरम्ह
चयनोरेशान ) उंनाठंडापायीथपीर। सत्त करणी
अंगोल ॥ ॥ केसरचंदननदोचरचरनारेलाल टा.
तरंगनकरणोचोरत ॥ र २२ ॥ पक्षोललारे
शाख । परखपाहरगोनाशि •|| टीकातिलवाकरगी
नहोरेलायन्दनीयाहरकाहि॥३.३॥ कारणा
झण्डलमदहोलान । माताजीतीनीम ॥2 ||
छाचारीपहरनहीकाल | गायिविधाकार ||
४ न० ॥ नहीरइणोघाती ठार गरे । सानिकनसि
पागार ॥ ब० ॥ वरतादिकषिण पइग्नरेखाल ॥ सहन
फरणोसिमगार ॥ म. ५० ॥ विमुपाचगानुसोलनो।
रेवाल । तिणसु चिकणाकर्मचधाय ॥ ३० ॥ पर ससार :
सागरमीहिर फाल ॥ तिगरेपारगोन्हीचाय ॥ यी
न. ॥ सिणगारकियारोहनरेलास्त || यसोच ।।
लाय ॥ २ ॥ भष्टकरदेते हगेसाच ॥ ठालोकरदे
ताधि॥०७॥ न० ॥ रतनहारेक्षगकनरेगाला
देखिपोमस्या | प्र° ॥ ऽय बन्ह चारी बेमुषाकीया
लाल ॥ स्त्रीसीपरतन्सोसताय॥१०८नाथ
गाजमारकीरेतामा । वि पामस्फिरसरतिगाराम
असीलरतनकुशवररेहात ॥ तिणस उतरोभर्वपार
म. न ) डा.) नवमीषालकहोरम्हचर्यनीति
बदसलीशाकोट । तिवाड़दोलीवीटोरखो।तिशसस
- HERE ENTERTEERRIERREKERALS
Mitatokiimui
नजः ॥ अषदाकिजिरीचीपरलिस्यति । . TI 22-712 ॥ FREE ।। दृहा ॥ भदिलारनं मैनगर ॥ भरियाहमंडार ॥ तिहायसनागगाथा ।। सुलमाछतसुनार ॥ १ ॥ तुल साछ सामाडो ।। धगोवको वाह ।। हरियागयोदे बगे॥ सेवकरेषितलाय ॥ २ ॥ अणुकंपाारणीदेवता । सुलसावित्लखोजाण ॥ यौटादेवफातणा मेल्यागुतला घराण ॥ ३ ॥ सुक्रमेमोठाइया || कसावझोफर जाण ॥ नवयगतताजागीया डाहाचहुम्सुमाण ॥ एकणकुमरीउपनी ।। कन्यारानकुमार ॥ प्रगाईमुई दुई । वत्तोसरनार ॥ ५॥ दोधोनायतायायशो ॥ सु गन्धोधेविस्तारितगोवरणनकर धिरज्योचित्तामा सदादाल०)(१लो०) यीनवकारजपोलनर गे० एदेशो) बत्तोसतोयोहसोनइया । वत्तोसरुपारोकाइराजाई॥१॥ वप्तौसवामुयधदिया ॥ पत्तोसकाकरणरीजोडरौपाई॥ पुन्यतमाफल मोठाईजागो०) वत्तीसतोहारटकापल्ली। व तोसनयसगमायगेनाई॥ बस सेतोचठोतरीयादीना। वातीसीसरीयामाणमाई ॥२॥ पु० ॥ यत्तोसतोया REETEEEEEEEXIETIEFFEEFSFERE (१) - H
मोमरीनपया।
Fottttttt.COCLECttttttEEN
भाजी ॥ कोटभ्याज्यावाडचकञ्चरो ॥ अमरतपिम्मपडिया
यपूरी ॥८॥तिगस फोटराकर गाजतन ।। तोकुगलरहे
सीलरतन ॥ टलजासगिलाईटोप ॥ तिणमुपामचविष
समोक्ष ॥ ६ ॥ इमसभिलनेंट म्हचारीत् ॥ कोटमराठी
लिगारीज्य ॥ दिनरद्धकोयाण ट | ईमभाप्योरथोवी
रजिणंट ॥१०॥कोटसहितकहीनयवाडारमसांमलनेन
ग्नारि ।। इणरीतसुरम्हसतपालो ॥ ज्य मीटसमास
संजालो।॥ ११॥ उत्तराध्येनसोलमैमझारी।। तिणवीले
इने अमुसारो॥ तोकोटसहितकहीनवयाडो॥ तिमरोसं
नेपकचोविसतारो ॥ १२ ॥ फागुणवटछठगुरुवारी॥
गचाजीससमतपठारी । मोडफीधीसहरपादुमझारो ॥
सेतोसमझायणनग्नारो ॥१३॥ नववाह.६॥ इतिथी
सीलरीनवयाहरी (ढानां)
HEEMBER
॥ संपूर्णम् ॥
॥ histicate देवकिनिरोधोपर। PEREATENERAttituties मावसुरेलाल । वरसदाईसमाधरे ॥ भ० ॥ ४ थी॥ सहसपैठारमुनियसरे ॥ श्रारज्यासहसचालोसरे॥ भ. ज्यांरीवामनावतारेलाल चतारमवपारे॥ भ६ यी. केकड़ाधाकदपालखीरे करकपालाजायरे ॥ म. ॥ होडाहोहीनीसग्यारेलाल ।। सुणवाजिनमोनीवा परे। म ॥ ७यी० ॥ एकरनैवोलावतार । मनमें हरपि तथायरी॥भ०॥धापापरासममायतारेलालमिलाहोयने जायरे। भ• ॥८यी ॥ केद्कपरसनम झारे। केवी दणकामरे ॥म. ॥ केदकचरघचयधारबारेलाल || काफटरसगाकाजरे ॥ भ• ॥ ६ मी. ॥ के फतुहलजोय धार ॥ की देककुल चाचापरे । भवि ॥ केएकसासोमाजवा रेलाल । फोकलीकविवहार ॥ भ. ॥१० थी। जि दिनपिण सताधगार ॥ मारीक मढरे ॥ भ० ॥ श्रय गुणप्रणा ताफाढनैरलाल ॥ भालोमिथाातनोस्टर ।। ॐ ॥ ११ थी ॥ अंतरगतिनीपारप्यारे। कई विरला माणरे ।। म ॥ मोक्षतयोज्यानधासतारेलाल ॥ पाले जिणवागरे। भ० ॥ १२ थी० ॥ षणांनजातादेखनेरे नीसरीयाछटमायरे म० ॥ भवस्थितपाकीतहनोरेलाल श्रीनेमवादानशायरे ॥ म० ॥ १३ थी. ॥ (शा) वदगाकोषीमावसु ।। बैठासनमुखमाय ॥ मगवंतदीधीदै शना ॥ सगलांनहितलाय ॥ ॥ जीवादीकानवतत्वना ॥ भाष्यामिमरमेद ॥ मोक्षतणासुखसाचता ।। सरधोधाण उसेदा॥ २ ॥ वाणीसुणनपरखटा। आयाभिणदियजाव छतभावैरागीय नोकिणयिधवाय ॥ ३ ॥ हाथजोड नमक है। सरध्यातमरावें ॥ येताराभवनावरा॥ मो THE Statement (२८) देवफिजिरीपाप। tatttttttaCALCarts.ttta लासोनेरा॥ वत्तोसरुपैरायसागरीमाई।। यत्तीसेतोपासा सोनेगा । वत्तीसरपेगमागगरीमाई ॥ ३ ॥ पु० ॥ व त्तोसेतोपिलंगसोनग ॥ पांगारतनमहावरीमाई ॥ वत्ती सेतोवालोटसोनेरा ॥ वत्तीसरपरासरावरीमाई ॥ ४ ॥ पु• ॥ इणरीतैतोछउकुमगने । सरसनातागजोडरी माई ॥ पगेत गणरासामुदीना एकसोयाणवैसोलरीमा ई ॥ ५ ॥०॥ (दृहा) घागेधनछोप्रतिघणो ॥ श्रा योदायशोदान ॥ पुरयफमाईभोगवै॥ पन्यतणेपरमां ण ॥१॥ मादलबाग्रतिषणों । घरचिंतानझोकाय॥ वप्नीसविधनाटिकप? ॥ गचरहातिणमाधि ॥ २ ॥ ए पहवासखभावीमिल्चा । मन्तणेसंजोग । धरमकरमन हिटलरख ।। विलसणस्तागाभोग ।। ॥ जास्मीगोरखाषिरा जीया|गोषागतनमहोय।। कालनटीसजायतोमनगमता सुखथाय॥ ४ ॥भवसितिपाकीतहनी ॥ मिष्याचपूरवा प्य ॥ किणविधसमझघरममै । तेसुणज्योहितयाण ॥५ (दाल) २जी. (धीमकरसीतासतीरेकाल) एक नी० (एदेशो०) तिणकाखनतिणसमरे॥ वावीसमाधि नरामरे (भविकभिन• ) गांमनगरपुरविचरतारनाल ।। तारणतरणनिहाजरे ॥ भ १ ॥ योनेमनिणंदसमो समारेखास्त ॥ पायउतरौयावागमरे ॥ भयजोयारंभा गरे भमारगमतामोधमोरीलाल ॥ उपनावर रागरे । म ॥ २ थी• ॥ एकरमनिवरएहवारे रसोस्नीकायरे म०॥ सोसेरोगापरतहमारेक्षाला। खला रलगायाधयनायर ।। म ॥ श्री ॥ एवोक्यतणांध णीर ॥ यौनेमविदलीरासाधरे ॥ भ• ॥ ज्यानसोबादी REFERENERRETREATMEIFFFFERENERA HEAL तपक देवकिनिरीचौपर। (४१) PattittttttituttERRIERRERatt वैभिक्षा॥ विनयपंतपालेगुरुसिक्षा ॥ ३ (दूहा) छई सहोदरसारसा ।। नलकुवेरअणुहार। नयणनधापैनिरख ता॥ हीयो हर्पअपार ॥ तीनसीघाहानुपजुवा ॥ बहिरै माताहाथ ॥ परगटहोवैकिणविधै ॥ तैसुणज्योविख्यात (दाल) ५मी (वीरवखाणोराणीचेलगानी०) एहनौ० (एदेशी०)वसुदेवजोपरचावीयाजी||देवको हरपितथाय सातपाठपगसाइमोवायनली ॥ लुस्मिलस्लिलागीपाय साधुजीभलैपधारपानाम०॥ श्राजकृतोरवईथईजी॥ म नियरचायापार ।। ज्यापुरपारीचाहिनाजी ॥ ज्यारोमैदी ठोदीदार ॥ साधु०२॥ प्राजभलीभागिदिसानि ॥ दिठि मुनीतणीसोहि ॥ घासभसै दिमउगीयोगी॥ पुगीमा गमनहागेकोही ।। ३ सा ।। मोदकथानमरौकरीजी। देवकीमाधिसख्याय ॥ कृष्णजोरजीमातगामी ॥ वहि रायाउलटभाव ॥ ४ सा० ॥ सुनिवरवहिरपाकावल्याजी लागीथोडीसीवार || यौगोसिंघाहोयस्तावीयोजी ॥ दे वकीरघरसार ॥ सा० ५ ॥ मोदकपलियापलेभावसु मी ॥ वहिरचास्थामुनिराय । देवकोपोहोचायपाछोव लोगी। ॥ वैठोसिंघासणचाय ॥ सा. ६॥ तोमोसोषा डोषलेचापीयोभो ॥ देवकोरघरमांहि ॥ मोदकवारा यावलेभावसुनो । मनमेरलियायतथाय ॥ सा० ७॥ वो रवारघरचायामाहरणी ॥ योनहीसाधुवाचार ॥ सासो पद्योमनमाहरली ॥ पुछकरु'निरधार ॥८ सा० । जा अकगेपूछनहोली । मंकारहिमनमाहि ॥ पुठ्यांक्रोध श्रावसहीजी ।। दोसैमोटासनिराय 1 ८ सा•॥ दूहा. घरविचक्षण जये। कातुरतनिकाल | साचाहवैते FFERE Statthat ॥ म - 17 " न (४.) मेनोप SE * , * PLE तीयास चागा ॥ ४ ॥ तान गछन ॥ लम्बासयम भार ॥ स सारनायर नतम मरामार ॥५॥ व नतास डी.क। -लिममाय || वियानो नावलयि-किरपाराय 16 ॥ पिता नैपृछनै । नधि स य मार । तिगामा यार । नाली- यतार 1010'ट। 3 गो ॥ तपर पोजगासनको)एशनी• पदे। माघजी हाफम नाम ती॥नीसोमनायाहवारी॥गिरयो । दोने जोरियत ग--सा || रातो. १॥ प हिलेपारनिरिग बनायो घ्य नाध्यायोखाती। तो बोपारसीगी---- भिकर होरखामौ ॥ २ ॥ अ ॥ जिरिसडाफ मिचानसख्यायहीखा ली। ईपवमाया साटन ॥ प सयपरजायकोसा जो ॥ त्र. 3 ने मनमाय ।' महरषापा रहो खी। वररिकी। कोधितलब लाय होस्वान्दो मा० ४ ।। पारमान राप पागेया ॥ यावी समां जनराज स्वालो ।। प्रायजा गयायागप्रै॥ एपिष खायासाथ हो ॥ ॥ दूहा नाक बायोतिषणां सुयायीवर राय ॥ साधा पारणी ॥ पाएपहिलो पाय ॥ दाख ४घो रापत्तनी• ) पशिशोपहरसीक माग। योजीपीरसाध्यानजध्याय।। तोटोपोरसोगो चगेकाल | सान्या से वख्यातनकाल ॥१॥ नेमागणदगेले प्रादिस ॥ हारिकानाइयोधीपरपस ॥ छपत्ताधारातीन सिघाडा | सकागोचरोचमगारा ।। २ ॥ चपटानेच णपिसप ॥ उपगैलकुल मध्यदिसे ॥ भमरतगीपरल्या PERFARRRRRRMEREMEEEEEEEEEERA MithitARMER Emaitutti देवकिनिरोधोपई। (४३) LExtetituteRRIERRENA रंभातजीवाईविनीसरदाताकुटंबछोडयासहुरोवताया ई ॥ पिलरकरतीमाय ॥ १२॥ ॥ नेमतणीवापीतु गौयाई । नांगोपथिरससार । प्रतियोध्याछतंजगारवा ई। लोधोसंयमभार ॥ १३ ॥ दे० ॥ सुधसाधारावचनमै वाई ॥ सकामूलनाण ॥ थोरैवहिरनैगयावाई ॥ सेतो वीजामाण ॥ १४ ॥ ३० ॥ (दूहा०) वचनसुण्खामुनिव रतणा ।। मनमैहरषितयाय मोहिलिलुधौदेवको ।। जोय रहोषितलाय ॥१॥ (दाल)७ मी.)ष्ठितपांचसे पूजितपरषदारे० ॥ एहनी० (एदेशी ) नैणानी हाले होराणोदेवकीरे ॥ एछेवेचणगार | रुपतणीवारेस पदारे ॥ नलकुवरअणुहार । न० ॥१॥ सुरतमैदीसैद्य तिसोमतारे। घणामोधारहत ॥ जिणपरमेस्तुएछ उनीस पार ॥ साररहीयाकत ।। नै० ॥२॥ इणयोहारमाह रैराजमेरे ॥ वयरनदीसैकोय ॥तोङयाहीरकानजीरे एसोनेचचरिनहोय ॥३॥ने ॥ सगमणकोई निजरमा वेनहोर ॥हिवणासगपणएह ॥ मोनेसुधसवरनकोयडी २॥ इमकिमभाग्योनेह ॥ ४॥ नै० ॥ थावकरोचारिची याउपरे ।। हुवेधर्मसनेह ॥ मोज्य परनसकोउनापडैरे इमकिममाग्योनेह ॥ ५॥ दूहा॥ करयविसांसगदेव की। अवसिधारीतास ॥ एहवामुनियरदेखनें ।। पामीत्र हुतडलास ॥१॥ (ढास )८ मी. ॥ घदगुपतराना सुणो० (एदेशी.) बालपणमोनैकदोहंतो।। घयवंतो अणनारोरे ।। पाठजणेसौदेवको।। नहीकोईभरतमझारो २॥ १ (कग्यमिमांसपदेवको०) भरतक्षेपमेसामठा ।। किपामाताराणायारे । तीनसि पाहाचावीया ॥ मेंहार्या PYAR ने
(४२)
देयमिगिरीपोपर।
tatttttiDROICORattttttEET
सरदह ॥ सोटादेवटाल ॥ १ ॥ साधीसकिरतनी।।
यापोफा? फेम । कुगुमछोडेपनाकमै ॥ करतगुम प्रेम
२॥ (दाल) ६ ठो० ॥ (जगतगुणपिसनामंदनवीर
नी.) (एदेशी) भगवंतनगरीद्दारकानी ।। चारजोजन
परमाया || रुष्णनरेसरगजीयोजी ।। ज्यागतीनखगढ़ मे
भाग्य ॥ १॥ (सनिसरएककम् अरदास ॥ टेवलोकसरि
पोद्दारिकाजी ॥दयाइपितथाय । घरपणाईसामठा
जो ॥ पेव्याचितउल्लास ॥ मु॥ बहत्तरकोडरवाति
रैली ॥ नगरीमैसाठकिरोड ॥ लोकसहुमुखीयावसजी
रामकृष्णारीजीड || ३ मु.॥ खाखांफिरोहोराधणीनी
नगरीमाहेलोक ॥ खाणेपोणेपरचणेनी । पुन्यसु मिली
याथोक ॥ ४०॥ रागोषणाजिनधर्मनाजी ।। सेठसेनापति
रामान ॥ साधुरादरसरणविनानी ॥ मुखमैनपानधान ।।
५ मु० ! बातजन्य परिजकारणमो॥ माहरमनमेसमाय
फयाखासचकोनहोलिथिमकदारयोनमायामि ॥ई
पूछाधारणजी ॥ साधाननसाधोचाकार मारैमाग
राखोचीयाली ॥ पायातीलीमार ॥ ७॥ मेंतोसाकमेसा
भल्योली नहीग्रायवारवारा। एमासीमुझमैपद्योगी॥ पु
छकरु निरधारा| म ८॥ बक्षितामुनिबरसहीकरजी ।।
मगगेमवहोतदातार । तीनसिघाडाचावीयाणी ॥ मेछा
छटपणगार॥ ॥ देवकोस कामूमनधाण. ) ॥ फिनन
गरीरावासीयाजी।। क्यारितीनौता ॥ किणमाता
रामनमोयोनी। काईपोतारोनाम ॥ दे. ॥१॥ माग
सीरीराडीकरापाई ॥ सुलसामारीमाय ॥ मद्दमापुररा
वासीयाबाई॥ घरछोयाझचभाय।। ६० ॥ ११॥ यत्तोम
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Firsttitutitatitishti देवकिनिरीघोपई। (४५) 芬出本本古法本主法生赫连露段落機验露在古立克主法虫虫主出走 उभाकृष्णमाहाराय ॥ १ ॥ वलिताकदशीकपणजी॥क होचिंताईअाज ॥ सोचफिकरराखोमती । सारमा राकाज ॥ २ ॥ थेझोचिंताकरो ॥ औग्नशुखीयोकोय ॥ मांहरेंद्रससारमै ॥ मातसमोनहीकोय ॥ ३ ॥ अामा लोपीकिणयापरी ॥ माहराअंतवरमाहि ॥ तिगारोनाम बतायद्यो॥ काढहाथसमाय ॥ ४ ॥ वहंवाथांहराकथनमै मुलिलुस्लिलागु'पाय ॥सगलाने पगेलगावता n कालकिती एफमाय ॥ ५ ढाल०१०मी०) टढणऋपजीनबाटनाईया री. ( एहनीएदेशीछे ) हंतुझयागलसीकहकांनई या ॥ बीतकदुखनीवातरे ।। गिरधारीलाल०) जगमेसुख णोघणो ॥ का ॥ घणोदुखीयारोथारीमातरै ।। गि०१ तुझचागलसी.) एकनहीलरावीयो । का० ।। गो दनलियोखिणमातरे ॥ गि०२४०॥ छहंषधीयासुलसा घरे॥ कां० ॥ चाई परतिखदेखरे ॥ गि• ॥ वातकहीयो नेमजी ॥ कां• n तिनमीनममेखरे ॥ गि०३॥ यतो मोटाहवा ॥ का ॥ एकरोतु पासरे। गि ॥ तोखमायारागखता।का॥ अाछछमासरे। गि ४॥ वालपर्णरावोलहा ॥ का•॥ एफनपुरीचास २। गि• ॥ वास्याचलुधीहुरही ॥ का० ॥ भारम ईदस मासरे ॥गि ५ ॥ हरपनदीघोडालरो॥ का ॥ पाल गोयनेपोढायरे ॥ गि०॥हास्तरीयोदयातणो का ॥ई सरहीमनमाहिरे ॥ गि०६ ॥ मागणनकराड ॥ का अोलीयाविचलगायरे ।। गि•॥ सइनायातोनामिल्या का० ।। मांमगा केमफहायरे । गि ७० ॥ सोलवरसछा नोवध्यो । का• ॥ तु पिणनमूनातीररे ॥ गि ॥ नन्दल PRETREETEFEELARKIRFEEEEEEEEEEER HERE F 2th RMttitatttttttitttt3B (४४) देवफिजिगपाया। Satttttttt..MOOGHODatti सुमहरायारे॥ क.॥२॥ जोतिकभाप्योविचारमें। चनपडतोडेठोर ।।पुनदेखीपारका मामोपडीयोमोटोरा क. ॥ श्राजादितामातरी॥ नीवरहीमोगे । भी टारेउपरै॥ कैमरताची भोर ॥ ४॥ ॥ संसारशेडी नीसगा । लागोधर्मसमे मोरे ॥ याविटांविनामायडी: दिनकाछ केमोरे ॥ कः ॥ ५ ॥ सुंदररुपमहामणो । नाणेदेवकुमारोर ॥ जोतिक्रान्तिकग्दीपता || ए छठंध गगारो ॥ फ• ॥६॥ एहयासुतजन्माविना ।। को कर होयाणटोरे ॥ योमोनेसासोपयो।। भाजनेमभिणटोरे ॥ ७ क• ॥ पूछनचालीदेयको ॥ एधाहरघरमायारे । आगुचमाप्याथीनेमनी ॥ एतोथाइराजायारे । क• ॥८ (दूहा) वचनसुण्याजिनवरतणां ॥ मनमंहग्यापार। एहवासुतमैजनमोया ॥ धनमाहिरोचवतार ॥ १॥ (दाल)६ मी ॥ वेवेसमिधरवहिरणपांगुयानी। (एदेशी ) देवकोतीघाईन दनवादवारे ॥ उभीरहीछे साहमीनाली । कसटीकचुतणीरे ॥ छुटीछद्धांकरी घाररे । देवकीतोचाईमदनयोधवार) १॥धी॥ तममम हीयहोउसस्खोर ॥ फलनै फजीकृतिपरोदेहरे । पलिया मेवांइमानहीर ॥ देखतांशोधनपतनयायरे ॥२॥ मसितोभाज्योश्रीनेमनोरे ॥ एछछथाहरामालरे । घायामाहिासुपहरे । सागोजुटीछे मोत्यारीमाल। ३ ॥ दे० ॥ देवकीतोमनीसयानदिनैरे ॥ पाठीचा हिसामापिरी ॥ सोचफिफरममठीदेवकीर घारसम्यान मोध्यायरे ॥४॥ देवकीतो• (दहा) इणचय सरश्रीकृष्णको ॥ मांसाधदपजाय । वतलामामोसमही
देवकिजिरीचोपर।
(४७)
合击中变主本本空法超生器的路左主动击主出走出去主主遂
हुवीय हुत्तरकलारोजाणरे ॥ ५ पु० ॥ एकदिननेमपधारी
या ।। हारीकानगरीमझाररे ॥कृष्णमिसुणीवर्धावणी।। म
नमैदरपञ्चपाररे ॥ ६ पु० ॥ सानममनकीयाकृष्णजी
चन्दनले पलगायरी ।। चतरंगीसेन्यासमी ॥ चीनमयान्द
ण नायरे॥ ७ पु० ॥ गजशुकमालसायेखोयो ॥ पाछेड
वारुणयदुरायरे ॥ हस्त्रोस्क'धैवैसीनिसरीया ॥ दालची
मरविमायरे ॥८ पु०॥राजमारगजाताथको दीठीकन्या
धनुपरे ॥ लावनताकरसोभतो ॥ कृष्णणीमोधातिणरै
परे।।८ पु ॥ गजशुकमालपग्णायवा ॥ उपनीकृषा
जीरेंमनमाहिरे॥धाकरपुरसतेहीको ॥ पुचीमागीसो
मलपासजायर ॥१. पु०॥ चाकरसुयहरपितघयो ।
पुचीमागोसोमस्तुपासेंजायरे ॥ सोमलकाईमोटोकीयो।।
पुचीपरणकृष्णजीरोभायरे॥ ११ पु० ॥ सोमलरीलेई
घागन्या ।। कुमरीकिधीमहिलामाहिरे ॥कुमरीयन्तेवर
मेंरी ॥ जाययमांगीताहिरे॥१२ पु० ॥ एसगपणकार
गोसया ॥ भाषाचाल्यायदुरायरे। अतिसयदीठाभगवं
तरा ॥ देठाचतरोयादीउमायरे॥ १३ पु०॥ पांच अभि
गमसाचवी ॥ लुलिमुलिलागुपायरे ॥ परटक्षपाटीधी
मेमस । टोनूसनसुग्णवठाबायरे ॥ १४ पु ॥ भगवत
दोषोदेशना ।। सुणिहरपितथायरे ॥ लोकालोकतत्वत
रसा ॥ भिनभिनटिनायतायरे ॥ १५ पु० ॥ दूहा ।। वायी
सुणन कृष्णजी ॥ मायामिणदिशनाय ।। गजगुकमालय
गगीयो ॥ बोलफिग्यविधवाय ॥१॥ हाथजोडिणैर्मक
है। सरध्यातुमाराधैण ॥ घेतारकमयजीवरा ॥ मिलीया
साचासैण ॥ २ ॥ मातपितानपूछनै ॥ रसेश स यमभार ।।
REFERRIEREHORRORATEEEEEEEPEARE
胡姓拓染病研焊接
(8)
देफिनिरोपोपर।
VertstattatistattAGGREmontttttttt.
सोदानघरे । का• ॥ नामदियोईग्रहोरी || गि..
वालपपेछानोमध्यो ॥ का. ॥ अरउघडीयाांगभाग
२॥ गिः ॥ समनामनमनायने । का॥ नावोबासो
नागरे । गिटस ॥ जगमेमोटोमोहनी । का• ॥ उद
यथईमाहरचार । गिः ॥ कैजीवनाणेमाहरो, का.
कैजाणैमिनराजरे ॥ गि.१.ई. (दृहा) रुपाको
मातली ॥ धारतभ्यांननिवार ॥ लधुबंधवहोसीमां।
मतकरोफिकरलिगार ॥१॥धणसन्तोपीमातना पाया
पोपदसाल । मिच्देवचाराधीयो ॥ सेतोकीधोतियकाल
२ ॥ तोनढियसमूराया । उभोदेवताचाय ॥ फिशकार
णचाराधीयो । कारमनामवताय ॥ कृष्णकसुसमाज
रै| बन्धयरोछेचाइ ॥ दणकारणचाराधीयो।। विलस्सी
खांणोमाय ॥४॥बन्धवहोसीताहरे॥ देवलोकथीग्राम
पालपणेदीक्षासी ॥ भगयीदेवजनाय ।। ५ दाल• ११
मी ॥ नंबुझुगतसुप्रमयनै उपटिम (एहनी एदेशी.)
वयनसुखीदेवतासयो । कृष्णचायामातापासरे। धनी
सन्शोपीमातन । हिवनन्तरतास ॥ हि ॥१(सुचव
सुदेवरागजशुफमाखमोक्षगामोरे (एप्राक• ) कालकि
सोधगयापछै ॥ चवीयोदेवलोकश पायरी ।। वसुरामा
रोणीदेवकी ।। उपनीकुचमैघायरी ।। २पु. ॥ सवानवमा
सेखनमोवा । सुखमालसरीरसपरे ॥ कीषोमहोछार
कृष्णप्पी ।। मनहरषघरोनेचूपरे ॥३पु• ॥ तीजेदीमचन्द्र
सुरभनो । दरसपदेखायोतामर ॥ सुतकनिकालोदिन
सारमै । गनसुकमालदीयोमामी ॥४पु.॥ मातपितावन
लष्यासी ॥ वालोषणोबीवनावरी ॥ प्रष्टवर्षपितापर्छ
SITENREFERENTREENASEENEFFERENA
देवकिगिरीचोपड। (४८) छोडलेणीरवछकाछली ॥ रेमाई ।। सावजीवलगवाटन जोवणीपाछली ॥ रमाई ।। अरसनिरसरोपाहारकरणो वछपातरै॥ एसुखसेझ्याछोकसुवणोसायरे ॥ ७॥ नावे घोषनाहिमढेराखेमुहमती रिमाई। परमहलावेस जिनराजती ॥ नरणजीषारीवातमाताजीथाफ हो रेमाई ॥ द्योअनुमतबादेशसवमलेस्सही ॥८॥ काय रनै छैदुरलभसाताजीथाकही ॥ रमाई ॥ सूरानै छसहन कबरईसहीकहो ॥ सोमलनमिनारपरणारंपटमणी ।। रेमाई ॥ सोमलरीवेटीपरधानकलाचतुगाईघणी ॥६॥ परणोपुनवतानारणायाकुणद्वेजती ॥ रैमाई ।। कृष्णसरी सावीर ॥ रणोद्दारामतो॥ स्लीनापरणाममनषेरविपैमा हापापणी ॥ रेनाई॥ जगमैसगलीनारमाताकरथापणी १०॥ लीनापरणांनषेरविपैमहतिवही ॥ रमाई ॥ श्र शुच ररोभण्डारजामणनारीकही ॥ स्वारथीरीसगाईजा मणजिनपरफही॥ रमाई ॥ मलमुनरोभराहारमागपर शूनही ॥ ११॥ करणोउगविहारसहिगोसीतावही । रेजाया || मांहरोकडीयोमानतु नानडियावहो नहीपल करीचास ॥ वाणु कालपोयो ।। रेमाई ॥ धौजगनरतो देखभामणडकपीयो ॥ १२॥ द्वारामतीरोगमदिराठवछ तोभणी ॥ रमाया ॥ हाथोषोहारथपायकप्पोटलषणी ।। म पलटेरगपतगफिरतिणरोईसो ॥ रैमाई ॥ तिगाउपरवि सासजामणकरणोकिसो॥ १३ ॥ सहसयजत्तरमायपुष वसुदेवरा ॥ रमाई ।। लीवरीप्राणवाधारकृष्णयखदेवरा । मोनायांसहसवतीसतणोरमेकजो रिमाया ।। तुमच्चसुम तिदेवाकुणकारमीएकलो ॥१४॥ पडलामालकमाईतेगया Settite HTT (१६) . titi स जमावं (४८) विकिनिरोगीपणा atttttttttMCEFEE संसारमायोकाग्मोमोजतासुमसार |||षि ताजिन सहीको लोटिमात्राटाय || जिकापडीया वैतिका । फिरपाशनहीचाय ॥ वन्दनाकरीबीम सं॥ धायामातापास ।। प्राग्यामागविविध ॥ तिर ज्योटलाम ॥ ५ मी॥ दाल ॥ १२ मी.) चन्द्रावली कीचालमै ॥ ( एहनीएदेगी. ) वांगीथीजिन गयतणीकानेसुगीरमाई ॥ अन्तरहीयारीयाराज माहरीउपडी ॥ वसतीयोलमाययागथाहरीरत्रावा मुणीयमिण दरीवांग्यरडीगतताहरी॥ पुचकहेमेंयातसं धीमें सरटहरीमाय मीठीनागेंमोहिमाकरद्धा जिसौरेमाई ॥ दीयठमतिमोय ॥ सही ।। रमाई ।। नफरोधगन्यारीनेन । कुमरस होक ही॥ २॥ वश्चमपूरव मायाधररासांभख्या ॥ रेश ई ॥ घनीमरछागतियाय ॥धसकधरणीदलीरो ॥खसकी हाथारीचस। कसरणीवीपसारमाई ॥घोढयोगयो दूरधसकसोफलपरया ॥ ३॥ मोहतोषसमाय ॥ सरत चलतीरहो। रमाई ॥ उदासीसलपायसायचे तवठीक री॥ पुषभसाइमोलोयरहीमाशोवती ॥ रमाई। मोह तपसमायोसमायरोपती॥ ४॥ भाषपणोनहोस इस मायाजामणकाई । रेमाई ॥ तूना नहीयोयात ॥ परिसा किमस: मिविधरकरपचमहायतपालवा ॥ रेमाई मा न्डामोटादोषत्रशोनिसटालया ॥५॥ दोपवयालीसटाख करनीरेपगोचरी 'रेमाई भमरीममममपिताममें लोचगै ॥ रहयोसाधारपास ॥ पिन भाषणो॥ रमाई रातपद्यांपिछेसीतनवासीगसणो ॥ ॥ रसनकचोखा REPTETTESTREETERRORSEENET"F+++++ देवकिनिरीचोपर। (४८) छोडलेणीरेषछकाछली ॥ रैमाई ॥ भाषनीवलगपाटन जोवपीपाछली॥रेमाई ॥ अरसनिरसरोपाहारकरयो बझपातरै। एसुखसेझयांछोकसुवणोसाथरे ॥ ७॥ नावे घोषनाहिमढेराखेमुहमती रिमाई! परणमेहलास जिकजेनरामती ॥ नरणजीवणारीवातमाताजीथांकही रेमाई ॥ द्योगसुखतादेशसयमलेस्सही ॥८॥ काय रनेछटुरलभमाताजीयांकही ॥ रेमाई ॥ सूरांनछसहज कबरईसडीकहो ॥ सोमलनामैनारपरणापटमणी ।। रमाई । सोमलगवेटीपरघांनकलाचतुराईपयो॥ ६ ॥ परणोपुनवंतानारजायाकुणधेजती रैमाई ।। कृष्णसरी सावीर ॥ रणोद्दारामतो ॥ लीनापरणाममनघरविपैमा हापापणी ।। रेसाई ॥ जगमैसगलीनारमाताकरथापणी १० ॥ लीनापरणामनषेरविपैनहातेवही ।। रेमाई ॥ अ शुच २रोभण्डारभामणनारीकही ॥ सारथीरीसगाईना मणकेनिनवरकही ॥रमाई ।। मलमचरोभण्डारमायपर मही ॥ ११ ॥ करणीउग्रविहारसहिणोसीतायडो । रेजाया || माहरोकड़ीयोमानतुं नानडियावहोनहीपल करीचास ॥ सायुकालमपोयो ।। रेमाई ॥ ौनगमरतो देखजामणकपीयो॥ १२॥ हारामतीरोगमदिराठमछ तोभगी। रेशाया ॥ हाथोघोडारथपायकप्पोटजषणी । पलटेरगपतगफिरैतिणरोईसो ॥ रैमाई ॥ तिउपरवि सासभामणकरणोकिसो ॥ १३ ॥ सहसबसरमायपुत्र वसुदेवरा ॥रेमाई ।। जीवरीप्रांगयाधारकृष्णवलादेवरा मोजायांसहसवतीसतणोरमेकलो परिमाया ।। सुमधनम तिदेवाकुणफरसोएकलो ॥१४॥ वहलामालकमाईतेगया PREEEEEERRORISISFEEPRETTER (१२)
देवकिगिरीचापर।
FettttititititENTENDEtrutti
रेजाया ॥ परवाइज्य अनन्त सानीदेवाकया ॥ अनिमय
भुपासमाहायतबाटरी ॥रमाः ॥ नायनीवलगवातन
कर परमादरी ॥ १५ ॥ हाथोड़ीनै अरमकरमासुपर
माई ॥ द्योअनुमतियादेशमनोरथमुझेफले जोतमहोय
सुपयालुहातिमकरी ॥ रेणाया ।। आटक्कुलउभयालमुग
तियेगीवरो ॥ १६॥ चदीयामनवैरागमोहकर्म तोडीया
रेजा. निमसमी मेंजायदोमुहाथजोडीया ।।फहामोतीहा
रगहणासहखोलनरना॥दिक्षादोयीनेमभलीपुल्लमो
यने १७॥ नायजीवस्तगैसेवाकर तमयाकरीरमामुन्नथ
कोलडकाटूकर्मविपाकरी ॥ मोहरखिमागढफोजमाई
घाउचली ॥रेना ॥ वारभेदेतपयुवचीकीचद ॥ १८
वारेभावनारीनालचढाउँकांगररेजा ॥ तोटूघाठकर्म
विरामोक्षमै॥काउसगकीनीशायफायामनकरी ॥रला.
जीतामरिसाधोराताशिवपुरी ॥ १६॥हा॥ कृष्ण
जोसुणभायाहां ।। बोलवणीएम ॥ झीयहोकाठोभीर
नै । सुचारिन कम ॥१॥ सुखभोगायोससारना।
ऐमतकाढ़ोषात ।। माइरएकजघवो ॥ विरोखुम्बीम
जात ॥ २ ॥ (दाल) रेभायातोविनघड़ीरेछेमास
( एदेशी.) कृषानीसुमतादेवकीरे ॥ योनएबी
पाय ॥ राणवैठरु नानसारे ॥ माहरेदेसारोमन
माहिरबंधषकधी हमारोमान १॥ इमसामसयोल्यो
नहीरे॥ देवकोहरपितथाय । भलीडपरमरधोरे॥
देस्यांराजर्षठायरेनाया (तीविभषहीरेछमास २) षि
नययतथीकृष्णलीरे॥ मातानेदुखबीजाण ॥ पकेमोर
भाईतप्पोरे। राजसाणसाहिरेनाया ॥ तो०३ ॥
RESENEFFEREETTE
REE
देवकिनिरीषोपर।
.
मोटेंमबहानसरे ॥ मेल्यासगलासाज ।। सहायगजमुक
मालनैरे ॥ कृष्ण सांगराजर ॥ बंधवसुखपालज्योराक्ष
४॥ द्वारामतोनोराजवीरे ॥ तुसगलारीनाथ ॥ हालहक
मसवताहरार ॥ थाइरोकोयनलोपैकार ॥ बं० ५ सु.
राणवसहताहरार ॥ सगलानधाइरीधाण ॥ कृष्ण
कमनहरपसुनी॥ उभाराणीरापरे ।। ०६सु०॥ कु
घरकसुणवघधारे ॥ मोनैकीयोसगलारोनाथ ॥लारंगी
पोनपातरारे । माइरोधानमलोपोषातरे ।। ५.७ (द्योग
सुमतिमादेश) कामनहीकोईराजसुरे। लेणोस जम
भार ॥ घरमरतिपामुनीर ॥ जाण्योश्चघिरसंसाररे ॥
बं०८द्यो० ।। यचनसुणीनकृष्णसारे ।। हवाषणाटिलगी
र ॥ बस्तेविलखोईदेवकीरे ॥ नयणादलक्योनीररे॥ मा
यामकिमदीने ॥ ६ ॥ समरयनहीकोईरापधारे॥ ग
मसुखमालकुमार ॥ कोयोमहोछवकृष्णनीर ॥ सुममेघ
णोधिस्तारर ॥ जायाझटकनदीछह ॥ १० ॥ मातपि
तापलेकृष्णाजीर। राजसुकमाललेसाथ ॥ नेमनिणंटने
पागलजी ॥ बोलेंजोडीहाथरे । भिणेसर० ११ ( सुम
विनतसौचयधार० ) कराहारवहिरावसुझतोर ॥ व
सत्रमाननमाण ॥ कुवरहयोवैरागीयोर ॥ वापसमीमै
घाण ॥ जिणेसर ॥ १२ मु० ॥ देभोसावणदेवकोरे॥
सागकुणमैजाय ॥ गहिवरूउतारनैसी ॥ जोषलहि
रीयाजायरे ॥ मायाइमकिमदीनेके ॥ १३ ॥ दृहा.
मातापलगटमाडोयो । गहणालेतिणधार ॥ यांसुछुठा
किणविध ॥ जाणैमेघोघार ॥ १॥ दीडोरहारपोवीयो
मादलखस्यातिणवार ॥ तुटैहारमोतीपडे ॥ माणसासु
Kittsis
॥
दकिजिरीचीपर।
FEEtattitutGOMATOEtritik
रेनाया ॥ परवाइज्य अनन्त सानीदेवाकचा ॥ यौनेमाम
भुपासमाहातबाटरी ॥ रैमाः ॥ भावजीवलगवातन
फर'परमादरी॥ १५ ॥ हाथजोड़ीनैपरजकरमासुपर
माई ॥ द्योधनम तिवादेशमनोरथसमें फल मोतुमहीये
सुपवालुहातिमकरी ॥ रजाया ।। भाटवकुलउजयालमुग
तिधेगीवगे ॥१६॥ चढीयामनरागमोहकर्म तोहीया
रेना नेमसमी जायदीमुहाथजोडीया कडामोतीहा
रगहणासजसोलनारना |दिनाद्योयीनेमभरलीपुलगी
यने १७॥ नावजीयत्नगैसेवाकर तमश्राफरी ॥रेनामुलय
कोजडकाटूकर्मविपाकरी ॥ मोहरखिमागढ़फोनमाह
घाउचरली ॥रेजा ॥ धारभेदेतपयुधचोकीचदू ॥ १८
धारेभावनारीनालचदाउँकागरैरेजा ॥ तोढवाठकर्म
विराजमोक्षमकाउसगकीनोमायकायामनफरी रजा
जीतापरिसाधोरातांशिवपूरी ॥ १६ ॥हा॥ कृष्ण
जोसुणपायाइहां ।। बोलपाणीएम ॥ हीयहोकाठोभीड
मै॥ तुचारिपलेषकम ॥१॥ सुखभोगायोससारनी।।
ऐमसफाढीबात ॥ माइएकमधयो ॥ विरहीखम्योम
जात ॥ २ ॥ (ढात. रेजायातोविनषौरेछेमास
(एदेशी.) कृष्णानीसुगतादेवकीरे ॥ बोएहमी
॥ रानबैठा नामहारे ॥ माहरैदेषगरीमन
माहिरे वधयकोचमारोमान १॥ इमसाभलमोल्यो
नहीरे ॥ देवकोहरपितथाय ॥ भसीधग्मेरधोरे॥
देस्वारानबठायरेनाया (तीविनषडीरेछमास.२) वि
नयतथीवष्णनीरे। मातानेटुसमीणाण ॥ बमोर
भातपोरे॥राजवैसाणसाहिरमाया ॥ सो•३॥
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देवकिजिरोपोपर (५३) PLEAttitBSETETattatsA सोमलउपररोसनांण्यो ॥ यापगेसंच्योपातिकजाण्यो॥ nan ध्यायोनिरमलतफलध्यानो ॥ उपनायोफेवलज्ञानो घडतुटेनकर्मसोखे।मुनिनायविराज्यामोः ॥१०॥(दुहा दुनैदिनयीकृष्णजी॥ करमोटेंमहाण ॥ नेमबांदणनैनी सरया ॥ हरपषणेम डाग ॥ २॥ मारगमैकमानवी ॥ ईट लेभावैदुपदेप ॥ अणुकंपाषाणौलष्णाजी ॥ ईटउपाडीए क ॥ ५ ॥ साथैसेन्याप्रतिषणी । इकर ईटउठाय ॥ फेरा टाल्यातिनपुरुपरा ॥ याणीजूकीघरमाय ॥ ३ ॥ मायवां घ्यायोनेमनै । बैठासनमुखाय। गजसुफमालदीसेंनही पुछेकृष्णमहाराज ॥ ४ ॥ (ढाल)॥ २५ मी॥ (वी'छी यारीदेशी) हारेलालाफूलबागोछीफूटरो ॥किणनैलाधी होयतोवतायहो।हारेलालाहाथमोडीकम्वीनती वलो नीचोसीसनमायोखामौ ।। गजसुकमालदीसणही॥ वा दणरीमनमाहिसोखासीश्वरजकरूयासूबौनती ॥ १ ॥ वं धवगभशुकमाखनै । नेमकहेतुणोकृष्णजी ॥ सागजशुक साल होकान्हा॥जिणकारणदीक्षालीया सापात्रातमकाज होकाम्हा ।। कर्मखपायमुगतेगया ॥ ५ ॥ थीमरणसमाधी पामीयो ।। किमसागावातमकामहोखामी ॥ मारगमेंई कमानयो॥ चायनंदीधोसाजहोकान्हा॥हा॥ वाणी गौनयोकृष्णाजी ॥ यायीप्रीषत्रपारहोस्वामी॥ वधव गजसुकमालने ।। कुणछमारणहारहोकी ॥ ४ हा ॥ वाट गरीमनमरहो। कालोअमावसगेजम्मीयो ॥ होणचव दसरोरात होस्वामी ॥ काणनरापैमाहरो॥ अकालेकी घोपंधवधातहीस्था ॥५हा॥ नेमकहेंगोकृष्णजी ।। घायावादणकाजहोकान्हा ॥ मारगमेकमुरपरा फेरा REFERRESENTIRITERAREERRIERSES (१४) RtM (५२) विकिजिरोपीपर। Atttttttttt.touadaiamCt.ttTEX धार ॥२॥हीयहोफाठमातनो। साइमोशीयतिवार ।। मांइतारोजीवछ । पीछयानीछेवार ॥ ३॥ सीसटेवमाता हिवै ॥ म्हांनै छोर्डधान । बज तनतनकर गरज्यो ।। सा रोधातमकाज ॥ ४ ॥ पांच प्रमादनोपरहरे॥ अालस अगमवाण ॥ पाराधेजिनवागन्या ।। पोप,ज्योनिग्वा गा॥ ५ ॥ यागन्यादीधीयीनमनी । यायाजिगदिसजा व ॥ गणसुखमालसयमन्तीयो ।। बोलैकिणयिधवाय ॥६ दाल • १४ मी. ( डाभमूलादिकनीडीरही) एहनीछ। एदेशी.) भन्ममरणरीतायो॥ जीवभिलायोचिगत मायो । एवीलायमारकाढीने । सामायकचाग्निदीने १॥ ने मदिघोस यमभारी || सिक्षायोसरवाचारो॥ वि नयफरीयोलमोडोहाथोसोनवागन्याद्योजगनाथो ॥२ मोक्षमसाणभूमिकामा ॥ बारमीपडिमाठाउं॥ नममो स्थाभसतवाणी ॥ मुनिमोथानेसुखधायी ॥ ३॥ अगन्या रंगमगुफनालो ॥ गयामशाणभुममाहाफास्यो । गठे कायररोफाटेहीयो ॥ तिणठामकाउसगरीयो ॥४॥ सो मनचायोतिणकालो ॥ कोप्योदेखीगगएकमाती ।। का लोहीयभगवसरोगायो । मारीवेटीनदुःखलगायो ॥५ माहरीकन्यापकनकुधारौ । घरमादिसलायसायो॥ तोमारोनेकादु बरो ॥ जोईयामीनसनदीसने हो । ६ ॥ भीनिमाटोल्यायोतिणकालो ॥ याधीमस्तकठपरपालो खेरानाषराजावकारो ॥ घाल्यामसकसिणवारो॥७ पीचाहोज्य पदपदसी । लोडोसिउकलतोछीने त सतहासातसुटती ॥ सवदमोलकपालफुटती ॥ ८॥ म गीसीसधखोगीकोई॥ हिमाकीधीसमतादिखचाई। TATERESTEEEEEEEEEEEE 彩球印疗护研究子 *
utteAIIMSTitthi
॥ अथजणासतीरोरासलिक्षते ।।
दूहा) अंजणामोटीसती ॥ पाल्योसोलरसाल ॥ अ
शुभकर्मउदैहुवा ।। घायोअणहंतोपाल | सीलपाल्यो
तिणकिणविधै । किणविनायोपाल । हिवैधुर उत्म
तिकझं। सुपज्योसरतसंभाल ॥ २॥ ढाल.) १ ली.
कहखानीचालमै० ( एहनीएदेशो०) माहिदपुरीमुगना
णियै ॥ राजाहोमछिदवसतिणठामक ॥ तसपटरांणीछे
रुबडो सानवेगाराणीसहनोनामक । सोयुवराणीतिण
मनमीया ।। सकपमैरूवहीछचभिरामक ।। त्यारेकमाई
एकपालका । अनगांवमरीतेहनोनामक ।। सतौरसीरो
मणिचमणा ॥ पा० ॥ मातपितानवालीषणी ॥ वधयस
गला गमतीअत्यन्तक ।। रुपमछरलियामणी ॥ नगदी
ठांधणीहरषधरतक॥ सजनसगानेसुहामणी ॥ सखीस
इल्यामरसोनितपेनक । विद्यामणीमुखअतिषणी ॥ दि
नदिनवाजिमच पकवेस्तक ।। २सतौरेसीरीमणी० ॥ धं
मणाकुमरीमोटीसई ॥ चितवीनरायश्चित्तममारक ।
पछयेगप्रधानतेहायोयो । फहेमजणापरतणोकरोरधि
TRATE
(५४) दयकिजिगचोप। PratishthaarIEtatite टालदीयातेदसालहोकाना ॥ समताथीमपपामीयै ॥ ५ ॥ गजसुकमारत प्रणगाररो ॥ फेराटाल्याअनंताणहोग ना।। क्रोधकरी कियाफारणे || नायपोइतानिरवायहीका न्हा ॥ ६ स नामवतावोहनी ।। नमवीन्यातिमायारहो कांना ॥ धसकेपहसीतमदेपन ॥ जुदाहोयसीजीनने प्रा होकांना ॥ स ॥ वंदणाकरथीनमनै ॥ पायानगरीमा हिहोकाना ॥ पारतध्यानध्यातायका॥ मोहतणेवसथा यहोकाना ।स।। सोमलहरप्पोथतिषणो |पछाकरसीय दुरायही ॥ नेमसयातछानीनही ॥ देसीमीहिवता यहो ॥ कामोनेकुमीतगरसी ॥ १ ॥ जाणूकप्पयाधी काढेनही ॥ इंजाउ मूडोलेयहो ॥ इमचिंतवी घरसुनीसयो । सांहमां मिलीयाकृष्णमाहारामहो । सोमवहरप्पोचतिषणो ॥१०॥ धडाडतागोधजवा ।। धूसकोपहीयोसामोलाल हो ॥ धरणीढल्योतिण अवसर। सोमसकरगयोकालड़ी। मरीनमाठीगतिगयो० ॥११॥ दूता) कृष्णकहेासोमसै ॥ मारोगनसुफमास । प गांषघायोवेवष्ठा ॥हारकामाथिौटाल) ॥१॥ती नधारमारगमिले ॥धामोसामोर्ताण ॥ मुखमैथुकोएर ने॥ कोयमराखोकाण ॥ इमक हैचाकरपुरणमै ॥ पाया आपणठाम ॥ मोहतणेवसर्माणज्यो ॥ धर्मतयोनीकां म॥३॥ पाठपुषनायादवकी ॥ सातपडतामोख ॥ मा ठमाधीक्ष्णाजी ॥ करसीकरमारोसोक ॥ ४ ॥ गमसुरण मालतणोपरिच ॥ सांभलनेनरनार साधुधावकमतमा दरें। नेफरषयोपार ॥५॥ इति योगजसुफमास्तरान पिमातादेवकोजीरी चौपई ।। FFER22 的的的的的经书 ॥
प्रशनासप्तरीरास । (५०) EMittituttinction यरन हो ॥ वरसाठारमैचारिचले हक ॥ पाचुइंद्रीमजी यतो ।। वरसझावोसमैपांमसीमोपक ॥ तिहाकारणलरत्र रसयो ॥ कन्यानैवरतणोजाणीयोद्रूपक ॥ ६ सतीरे ॥ हिमणासुणाईसटचरै ॥ देघनतेनरनोचवतारक करमकरणीकरएकारने ॥ वेगोहोजासौमुगतमभाग्क ॥ गुणगाईतिणमुरपना ॥ पवनजोसुणीनधारीचतिह पक प्रातोरनारकुलपणी । उपनोरेक्रोधमैक्रोधविसेपक ॥१ सती ॥ शिवेपवनजीमनमा हेचिंतवै॥धानपक्षवडीय तंतत्रपागाका ॥ मनमाहिमेलीरेमापणी ॥ चितचोपोनही एकाठिकाणफ । पुरखपरायासुमनकरें। तोहिकरणो कवणउपायक ।। जोछोडतोएहमेंबरघग्धा ॥ परणने परह समृदुग्ग्यायका ॥ ११ सती० (दृहा । इमचितवतिहाप वनजी ।। पाछाचाल्याताम ॥ पायानगरीयापरी ॥ भोग बैतभिराम ॥ ११ ॥ ढाल) तेहिजछ । शियमात पिताचजणातगो॥ लगनलीपावोयोमीटम डाणका ॥ थी वाहकरवाच जमातणो ॥ रतनपुरोवेगमेलीयोजाणका महोछयमाहीयोतिषणी॥ वाजरघातिहाटोलनिसाण का।। मङ्गलगायछगोरही ॥ उपकररयाकोडकिल्याण क ।। १३ सतोरे ॥ हिवैरायपैलादतेडायया ॥ नानमें मायोवडबडारगणानक ॥ हयगयरयसभोयागा ॥ हतांसमनदीयोषणासनमानक | धनसाधेटीयोपरच वा॥मोटेमागचाल्वाले जानका।। सामतसावेदीयाघ णा ॥ जोधाशुभटसेन्यासावधानक ॥ १४॥ सती हिवे वोटबणावकीयोपगो । गैहणांघाभुपणप हरिया ताहिक सपिवागारसोडला ॥ देवशासीसकतुमतीमातक ॥ ल PHATIRLIATESTFEETFTER ११.) tatt. PRETRA trattitutti (५५) प्रजपाताराराम । PEtattttituteTRAuct.tttta चारक । मनएककगयगनैदोनीये ॥ एकक हंटीनी मेषकुमारक ॥ तेपुग्छराजागवणतगी॥ तिगगेशोवन रूपपणोथीकारक ॥ सतरिसिरीमणि ॥ नभएकको इमसांभलो। वग्सअठारमैमे पकुमारक ॥ चाग्मिनमी वैरागत ॥ वरमछोवीसजासीमीसमभारक | तोक न्यानसुपफिदाययी ॥ सपलाईकरदेखोमनमैपिचारक सेघजुनारनैद्योमती ॥ घोर विचारोकोईरामकुमारक । ४ सती० ॥ रतनपुगैतणोराजयी | रायपैनादविद्याधर तामक॥ तेहनोयुवधतिदीपतो॥ पवनकुमारछतैहनोन मक ॥धमणानैवरजोगछ। एराजकीयोवचनममाणक॥या छैदुतमेल्योतिणनगरीय। सगमणकीघोछमोटेंमण्डाणका सती० ॥ रुपनैगुणअनणातणो ॥ परगटहुवोछलोकमैता मक । सेपवनकुमारपिसांभल्यो ॥ नवप्रहस्तमचीनकर कैयामक । कहेंयापजावारूपफेरनै ।। जोयान चमणानी स्पतिणवारक ॥ पछेमतीकरीदोगुनीकल्या ॥ सेवाय उमामेरम्मतलतियारक ।। सतीर० ॥ छिपवननी नीरखेछनणा ॥ प्रहस्तनीचौपाखीरघोदिष्टक ॥ रुप मेजाणेदेवगणां ॥ वाणीवोलमाणकोयलयाणक ॥ चपक वरण चतुरपणी ॥ पाप्याजानेगनेनसमानक ॥ सती. ७॥चमणांबेठीसिहासणे ॥ दोसपासैअनेकसस्त्रीयांत ऐटदक ॥ वनामुषणचगे धरया ॥ सोभरहीलापू नमच दक ॥ हिषसतमालार्मउपर॥ वाईनेमोगली होमोल्योथीकारक ॥ मेहयोपवननोजागीय ।। सहवीपी मीरजणानारक ॥ सती ६॥ हियेवीणीसोहमत घरै॥ पैदलातोवरममचिंतव्योहक ॥ रोहयोपवनली HERETREEFERENERSEENETTERFATE Ektthalam : ENTER tahstatitiktattimilitattta समासतौरीराम (५७) 主主辛基本土主在车主主总统的设為主主立在左左左左右 वरन हो । वरसभाठाग्मचारिपलेइक ॥ पाचुइंद्रीमैनौ वतो। वरसावीसमैपांमसीमोषक ॥ तिहाकारणउरव ग्सयो ॥ कन्यानवरतणौजाणीयोदूपक ॥ ६ सतीर० ॥ हिनणांसाईसरचरै ॥ देवधनरसनरनोवतारक करमकरणीकरएकारनै । गोहोनासौमुगलममारक ॥ गुणगाई तिणमुरपना ! पवनजीसुणीनधारयोअति पफ पातोरनारकुलपणी ।। उपनोरेक्रोधमैक्रोधविसपक ॥१० सती ॥ शिवपवनजीमनमांचितवैयारुपमैख्वडीय ततयपायक ॥ मनमाहिमस्तीरेयापणी ॥ चितचोपोनही एयाठिकाणक । मुरखपगयां मनफरे॥ तोहिवकरणी कवणउपायक ।। जोछोड़तोएहनेवरधना ॥ परणनें परह र जूटुग्यायक ।। ११ सती (दूहा ॥ इमचितवतिहाप वनजी ॥ पाछाचाल्याताम ॥ पायानगरोत्रापरी॥ भोग बैतुखअभिराम ॥ ११॥ दाल) रोहिनछ । यिमात पिताश्रमणांतपो ॥ लगनलीपावीयोमोटैमडाणक । यी या डकर याजसातयो । रतनपुरोवेिगमेतीयोगांगक॥ महोछयमाडीयोतिषणो॥ वाजरचातिहाढोलनिसाण क ।। मालगावैछगोरही ॥ उछवकररयाकोडकिल्याण क ।। १३ सतीर० ॥ हियैरायपैलादठायौया ॥ जांनमें मावोबडबडाररामानका । हयगयरथसमीयाषणा ॥ नै हतग्रांसजननैदीयोषणोसनमानक ॥ धनसाघेटीयोपरच दा। मोटेंमहाणचाल्याईजानक ।। सामतसाधेदीयाघ णा ।। मोधाशुभटसैन्यासावधानक ॥ १४ ॥ सती हिवे योदयगावकीयोघणी ॥ गैहणांचाभुपयपहरियाताहिक मपिवांगावरसोहला ॥ देवशासीसकमतीमातक ।। लू है। FREETTERTAINSEREEFFFFFFFFEERY (१५) HIEFFEE (५५) "जास्तीरीराम । FRExtitattitutEGEMEGEattituttttta चारका । जवएककहरावणनैदोनीयै ॥ एफफाँटीगीय मेषकुमारक ॥ तेपुरानागयणतणौ ॥ तिणगेजोवन रुपयगीयीकारक ॥ सतीरेसिरोमणि ॥ नबएक मसाभलो ॥ यरसअठारमैमेषकुमारक ॥ चारिचलेसी वैरागत ॥ वरसोवीसमैजासीमोसमझारक ॥ तोक न्यानैसफिदायकी ॥ संघलाईकरदेखोमनमै विचारक सेघसामाग्द्योमती ॥ योरविचागेकोईराजकुमारक ।। ४ सती ॥ रतनपुरीतणोरामयी। रायपैलादविद्याधर तामक॥ तेहनोपुवधतिदीपतो॥ पवनकुमारछेतहनोन मक चिमणानवरणीगई।एरानकीयोवचनप्रमाणकथा छदुत ल्योतिणनगरीय॥ सगपणकोधोछमोटेंमण्डाणका सती० ॥ रुपनैगुणअनांतयो । परगटजवोछैलोकमैता मक । तेपवनकुमारपिसांमल्यो ॥ भवग्रहस्तमंचानक रामक ॥ कापिजावारूपफेरनै । जोयांनअसणानी रुपतिणवारक ॥ पछेमतोकरीदोमुनीकल्या ॥ तिचाय उमामहलतले तिणयारक ॥ ६ सतीर. ॥ विपवननी नीरखेछचमणा । प्रशस्तनीचीधाजीरयोदिष्टक ॥ रुप मेजयदेवगणा ॥ वाणीयोलमायकोयलयांणक ॥ चपक वरण चतुरपणी ॥ चाप्याजानमगनैनसमानक ॥ सती. ७॥ घमणांवठीसिहासखे ॥ दोउपासपने कसषीयांत गष्ट दक ॥ वस्नयामुषणअगेघरा ॥ सोभरहीजाणेपू नमच दक ॥ हिवेंषसतमालार्मउपरै॥ बाईनेलीगको होमोल्योथीकारक । मेयोपवनलीमागीये ।। वीपी मीरममणानारक ॥ सती ६॥ विधीजीससीइमरच चर। पहलातोवरमनचिंतव्योमे हक । तेहयोपयनजी सभाम Mattt.tERREE EtRELE.BE प्रममासतौरीरास (५७) FattttittTERESTERt.ttttitute वरना हो ॥ वरसवाठारमैचारिपलेहक ॥ पाचुइंद्रीमैनी यतो ॥ वरसछावीसमैपांमसीमोषक ॥ तिहांकारणतरव रसयो ॥ कन्यानैयरतणौनाणीयोटूपक ॥ ८ सतीर० ॥ हिजणांसुणाईमउच्च ॥ देवधनतेनरनो अवतारफ करमकरणीकरएकारने ॥ वेगोडोनासीमुगलमभाग्य ॥ गुणगाईतिणपुरपना । पमनजोसुणीनैधायोअतिहपक प्रातोरेनारकुलपणी ॥ उपनोरक्रोधमक्रोधविसेपक ॥१० सती० ॥ शिवपयनजीमनमांचिंतवै ॥श्रारुपमभवहीन ततयपायक ॥ मनमाहिमेलीरपापणी ॥ चितचोपोनही एकठिकाणक । पुरखपरायांसुमनकरें। तोहिवकरणो करणचपावक ।। भोछोड्तोएहनेवरघणां ॥ परणनपरह रु मुटुग्यावफ ॥ ११ सती० (दृहा ।। इमचितवतिहाप यनजी॥ पाछाचाल्याताम ॥ श्रावानगरोच्चापरी॥ भोग वैमुरचभिराम ॥ ११ ॥ ढाल) हिजछ । हियमात पिताश्रमणातगो ॥ लगनलीपावीयोमीटम हायक || वी वारकरवान जमातणो ॥ रतनपुरोवेगमेलौयोगायक ॥ महोछनमाहीयोतिषणो॥ वानरचातिहाढोलनिसाण क॥ महलगाछगोग्ही ॥ उछवकररयाकोडकिल्याण क ।। १३ सतीर० ॥ हिरायपैलादतेडावीया ॥ मानमें जागोवहवडाररागानक ।। इयगयरयसभोयाषणा ॥ नै हतांसमननैदीयोषणोसनमानक । घनसाधेटीयोपरच या ॥ नोटेमडाणचाल्याईजानक । सामतसाधेदीयाघ णा ॥ मोधाशुभटसैन्यासावधानक ॥१४॥ सती हिये वीदवणावकीयोधणो। गैहयांचाभुपणप हरियाताहिक सपिवागावेरेसोहला ॥ देवैधासीसकतुमतीमातक ॥ ल है। FFERRESTERTTAREEFEEEEEEEEEEES Et.ttetatutimes .
। (५८) अंजनासतीगेराम। 法主名臣式空法主主主义的民主法式生生主主 णउताररमैनडी ॥ रुपदेपमनहरपितथायक ।। जाचवावी लैविरुदावली आणविधपयनजोपरगनमायाक |सतोर। १५॥ सेन्यासिणगारोचतुरंगमौ ॥ गालीचवरवाये मीतूरक ॥ सजनसगामिलीयापणा ॥ भानचालेजांग गानोपूरक ॥ वरविद्यावरदीपतो ॥ सोभरह्योतिणरोवट नसनूरक ॥ चिहदिससाथेसेवकपणा ॥ हायजोडीगधा उभाइजरक ॥ १६ सती. • ॥ महिदपूरीनेहाभावीया ॥ धाईवधाईराजोड़योरायफ ॥ दोघीवधामणीतेहनै ।।। रपितहुचमांतणीमातक || चारतौनीमहोछवकर महिंदरामामनहरखनमायक ॥ सजनसगामिलीयाषणा सन्याईरानासांहमोमोजायक ॥ १७स ।। महिंदराजा साझामोधायीयो ।। टोजदामासानेपरनिसापक ॥ राणा होरांपसमिया ॥ व्यापीयोतिमरनेवाघम्बोभांणक ।। सुसरीसभिलेधावीयो|पवननौदेखनेवाणदयायक॥धवल महालगावैगोरडीलोकममणानोवरजोयवानायक ॥१८ समिपिदरानामोटारानाभणी प्रतिषणोदीयोचादरस नमानक ॥ उछरगमनमांदेप्रतिषणो ॥ भावभगतीसु मिलीयोरानानक ॥ नानउतारीरमापन ॥चापीयोभोज नविवधपकवानक ॥ उपरसिषरणसाचवे॥ पादिमखा दिमघाप्पाषयांमिष्टानक ॥ १८सती ॥ हितोरखपव ननोभावीया ॥ तोहीपनमाउपरषणोपमायक ॥ ना मगुण्याहीरानीमही, मलनीमनानीचावक ॥ध षतमालभावैगोरडी । पूरगासासकरवातक ॥ पिन मनमैनभावपवनने ॥ योतोपरणरच नणानेवालवादाह का २०सती• ॥रूपातखोरमण्डपरच्यो। सोवनातपी ENEFFEEFFERENEKARE METERELLER Autte अंजनामतीरोरास। (५८ EtattattattARRAREEREST तिहाविदक ॥ सोधनपाटमोत्याजयो ॥ वनणानपवन लोवेठाईतेहक । हथलेवैहायमेल्योतिही || नयननिहा सैकैच जणानारक ॥ पिणपवननेंमुलगमैनही ॥ धेषणा गेंपेहलीवातविचारक ॥ २१सतो. ॥ हिवैपयनजोपरण नेउतरवाकीधीपहरामणीअ मणीनतातक ॥ गयवर पापीयानतिषणा ।। तामातुरंगदोधाविख्यातक ॥ कनक रत्नवापीया।प्रापौछरुपातणीवनकोडक॥वस्तमाला दासीत्राटदे॥ पांचसे दासीयासरीपोमोडक ॥ २२सती हिपरणीनैरतनपूरीसंचया ॥ साइमोबायोतिहापैठ लादरायक ॥ मणामनहरपतथइ ॥ सासूससरानापू जीयापायक ।। पांचसोगांवरामादीया || पाप्मायाम रणरतनबद्धमोसक ॥ पायाछत्रीदवीदनी ॥ घाया छतिहाबाजतेढोलक ॥ २३स० ॥ ( दूहा) हिवे कालफितीयकगयापछे ॥ वायोभेटगोराय ॥ तिहा पवनरोई पपरगटहये । शुण्णञ्योचितलाय ।। १ ढाल तेहिम ॥ यौहरथोघावीरेसुपही ॥ वस्त्रयाभरणा पोयातासक ।। वस्तमाल देकरी ॥ श्रमणामेलीयाप वनरेंपासक । सुकडीपवनपाधीनहो। वस्नगाहणानेप हरियाचदाक || जणासु धेपच्चायन ॥ वकगणा प्राप्यामातगफ ।। २४सती० ॥ यस्तमालाविज्ञपीथई ।। घायफडीचमणानेवानक || स्वामीनापाउपरें। इत नदीसें कोई तिलमातक ॥ अजणायाख्यानासुधरें। मे सुपडीमगतकीधोरेषनेकक ॥ योतोनरदीसछनिरमलो प्रापणेदीमछेकर्मविसेपक ।। २५ सती० ॥हिश्र जणा बैठीरेमालीये। पवनीतुरीयषेलावणजायक ॥ घावता ELEFFREETHERITRAPATRITTEEFFEETTES #RM .
社称过许吉盐盐学东越狱 मनामतोगेराम । -SittttttitTITIESHIMELitt जावतानिरपती॥तिमरमनमैहरपितधायक पवनजीको पैरेपरजलै निभरटीठांमूलनसुहायक ॥नागेनिहालैमो भयो गोपेवाडीट नीभितचिगायका-६सतोपाचसोगां वपोतेकीया ॥ मातपितापाईसाभलिपूतफ || बनणास तीरसुलपणी ॥ वहुनसपीयैनिजपरसतक ॥ मोटें रैकुल तणों उपनी॥ गजाहोमहिटतणीवहेलाजक ॥ अमणा सुश्रादरकोनीय ॥ इमफकेतुमतीमहाराजक॥२७ स।। वापरायायाापावामेलीया ॥ बागोबायोयरवडीयीरक । घमणामहैनवीयावीयै । मेल्यापापायाभरणअदभुतची रक । खानीरेसनमान्यानही ।। पीहरेंचापनेसीकर का तक । इमक होवंधवमोकल्यो । दुयधरेषणोमायनतातक २८ सती ॥ वारेवरसयोच गया । एकवाउमाएतो सबषक ॥ हिरावणानेवरणकटकीयई ॥ माहोमाहिउप नोअगिदघक । हयगयग्थसर्मियाषणा ॥ पाजायोपुरपा नास्लोसमसेरका ॥ त्यानेसुपसिणगारिया ॥ चालीयोकटक वाजीरणभेगक ॥ २६ स०॥ एकोहोरतनपुरीचावीयो पहलादरायकरजावानेसाजक ॥ पवनजीहाघमोडीकी एतोयेयापजीमतणोकाजक ॥ तुमेघरठालीलाकरी। पूलजायानोएचप्रमाणक ॥ इमकहने प्रयघसास्ताम नगा हाथमेधनुपतिसीनोवाणक ।। ३० सती पपनजीचा रेफटकने । मनमा चिप्रमणानारक ॥ दूरथकीपाए लागवां ।। भाव कुमावदेपोएकवारक ॥ वन्तमालामाह रीवनही॥ दहीनोकचोस्तोतु मरोनशाणक | सुकनरड़ा मनायस्यां ॥ मारगाहसमीरशीजाणक ॥ ३१ सती ।। सुकनमिसेपीउदेपस्यां ॥ नमप्पकरीनै जलागम पायक INTERE FFEETTEFFER 3RELEARN
प्रजनासतोरीरास ।
(६१)
FittittttRAMRITERE
लोकसहंइमाणसी ॥ दहीनोकचोत्तोदेषसोताहिक ।
कटकमातामोठंवादम्वा ॥ अंजणांचादरीपवनकुमारक
मिहालगेखामीभानही ॥ तिहालगनाणसीलोकममा
रक ॥ ३२ सती० ॥ हिगयंदवैसीदलसंचयो। मात
पिताननमायीसीसक । सननसहुरेस तोपौया ।। अंजना
उपरचतीषणीगसक ॥ दृरथकीदृष्ठ पडी। चतुरचिता
रानोयोचितरामक । पुतलीलिपीरंभासारपी ॥ एह
चितारानैदेवोदूनामक ॥ ३३ सती ॥ मंषीक नहीपूत
लो॥ भीतउठेउभीजणानारक ॥ सांभलपयनकोप्यो
घणी ॥ कोईमीलीमोनमारगमभारक! दूरठे सोचावी
करी॥ चास्याचलधीमेलीचायोनातक ॥ वस्तमालामो
डेकरडका ॥ सुपनदेयाययातुसतणोनाथक ॥ ३४सती ॥
अमणाकईदासीभसीपोते समाहरतिपणापापक ॥गे
इलीएगालनवोलीये। कठकमातोकाईदीधोसरापक ।
भासामोटीमनमाइरें। काइकुसांवयफाढीयोएक ॥देर
उत्तभादासोभणी वाहमालोलेगघरमाइक॥३५सतो
शिवेन जणाफसुणसुदरी॥ मोनेंदुपमांधेदुपटपनो ॥
भाषक ॥ पाणोमाहेकारीपातती । सासरपीहरैगईमा
हरीखाशुकचारिचलेयोमोनसिरै॥ करया करसार यात
मकाजक ॥ नाममपूजगदीसनी ॥ तेहसुपामीयचचिच
लराजक ।। ३६ सती ॥ हिवनगरथफीदलसथयो।
मारगमेंदरकीयोरेनलायक ॥ चकयोचकवौतिहाठलपले
व्यापीयोतिमरनेवाथप्योभांणक ॥ एषनगीमंधीनदूमकर
चमणांनोमलनलीनीयनामक ॥ पुग्यपरायासुमनकरै
प्वकयाचकोनीपरमूकीनारक ॥ ३७ सती० ॥ मबी
FrithPint
HEREHENHA मनामतोगरास। HyattAMESTERt.tttttttttitt कईसुणोकुमरजी ॥ तुमेण्वहोकाईबागोमनभरमक ।। मोटफोसतोकेअनणा ॥ अहनिमसेवतीभिणतगोधर्मक मुरपपरायोवांछनी ॥ वचनकाजैतमेकायफगेई पक ।। वासीलसरोवरमूलती॥ गुणकीयासिवनानी मणीयिसे । घक ॥ ३८ सतो. ॥श्रीवैमवनजीशहितगोमधवो ॥ हुक टकमाउछनागनमतापक ॥ पाछोजातोपरभाइसे । मैं इस्लामाईलाजमाइरीयामक || भषीकईछानांनायस्था । तेढीसेनापतिकरुपयालक ॥ श्रमेनानाकरीनपावापा वस्त्रां ॥ तिहालगकटकनीकीजोरपवालक । ३८॥ सती. हिवैप्रछन्नपणेदोतु पापीया।।चावीन श्रमणानोउपाद्योकि वाहक ॥ वस्तमाजातवतधेरै उतावलीयोलेवेगालीटीय धारक । कसूरोपूरपगयोफटकमै ॥ को गरेसं पटनायो पठांमक ।। प्रभातें राजानेवीनसुं । वोढ़ायदेसु कुते इनोगांमक ॥ ४० सती०॥ प्रहस्तमजीइमञ्चरे॥ प्रायोपैहलादनीनदक ॥ अमर्यातपोवै सिग्धपी ॥ वस 'विषाघरदीपचंदक ॥ वसमालामावीउलयो ॥ नयण नीहालोपांमीचाणटक ॥ फिवारखोलीनैमाहितीया ॥ घम्समामाषघाय्यानरिंदक ॥४१॥ सतौरसीरीमयी। दूहा । अनयासतीतिणचवसरै वेठीसामायकमाहि॥ कर्मधर्मसंभालती॥ रहीधर्मणवस्ताय ॥ वसमाजातिण अवसर ॥ हायजोढ़ीकहधाम ॥ सतरसामायकतिज्ञा सगे। राजकरोषिथामक ॥ ५ सालते. ॥हियेप्रणयासा सायकपुरीकरी ॥ हाथजोडीलांगीपाउनै पायक ॥२॥ पवनजीकहैतु मोटोसती। लीनरहीथोजिणधर्ममाक्षिक पश्चनतूरामेंटुझ्यौ ॥ तिणवातरोमें ममारयलाधक || ॥
समनामतोरीराम। (4) 执法体 म हाथजोडीकर वोनती॥पमज्योरसतीमारीअपराधका ४० स० ॥ ग्रंमणापायनमीकह ॥ एणवावोलवोस्नोकाई खामक ॥ मेहमीपगतणपानही ॥ तेहयोपुरपने यसत रीनांणक || आयशोहीनत्रांणउभौर ही ॥ मधुसु हाम णावोलतोवैणक । कसैमापतिविणकिमपामीवै ॥ नाणे पथरगालीनेकीधोरमैयफ ॥ ४३ स० ॥ तीनटियसरन्या तिहापवनभी ॥ तिहाभावमगतितीणकीधौविसेपक ॥ घायटोलवीझाणेकगे॥ पटरसभोजनचापीयाअनेकफ ।। हावभावकर कैचमणा ॥ मौतमसघणीसाचयोरोतक !! पवमनीचाणंदपाम्बीघणो । मामाघरोयतिघणीनी तक ॥ ४४ सती ॥ दियषवनजोपाछानीकस्तै ।। माँ बोलोजोहोजीहायक ॥धासारहेकदोसमाहरै। लोक मान किनमाइगयातक । तिणस'मातपिताननणायज्यो वाहनाचामरणाप्पाचनाणक ।। सफापदिपालज्यो मातमितादिकसहुलेछसीमाणक ॥ ४५ सः ॥ हिवैवस तमालानेतेहोतिको ॥ पवनदीदेसनमानक ॥ माह च जयापरायसारासौर ॥ प्रतवचितामानसमानक । करनेज्जतनघणात इना ॥ जिमटांतनैजीभभेलार एक ॥ जिम लगानेतु भेलीरहे। किमदीजैषणीभीलाय णोतेयः ॥ ४६ स० ॥ वस्तमालानेसाणकमोतीहीया ॥ वोगोधनटीयोरेविशेपक ॥ घणीसतोपोछयचनसु ॥ व सतमास्ताहिरपयिसपक ॥ प्रहस्तमौनमक है ।। जत नक ज्योकुमरजीनातक । कसले पिवेगापधारज्यो ।। मेबाटजीवाजानै उमटयौमेहक ।। ७ सती० ॥ सोपदये घनणाचालता॥ रिणामायावेघणापुरपदृष्टक । सोए MEEREFERTAINEERESETTTTTTTRATE FREE 加強班部辞攻辨****AA EEEEEEEEEEEEEEE HEREERE प्रजनासतोरोरास । FARREAttitER पाषेवरगना । सेनियागलरपेफेरथोपूठक ॥ टुरज नकटकवरणनो । लोहनावांगाजांगणेसकै नमारक ॥ ति इछिनीतणीरीतरापज्यो॥ मराभल्योपिणनहीभलोहा रक ॥ ४८ सती० ॥ हियपोलयकोरेपाछीवली ।। नाम छटोछेजलतणीधारक ॥ मैकटुकवचनकचोकतनै ॥ म. पटीकोनैरोषैतिणवारक ॥ यसतमालाचायधीग्पै ॥ हि वडावायोजैसामायककालक ॥ देवगुरुधर्महीयैघगे। ह तपचपाणयेलेयोसंभालक ॥४८सती॥ हिनणामती तिणयसरी ॥ सडरितपास्टतरसालकाकिम धर्मसंभाल ति ॥ सुपैरेगमावरणविधकालकााध्यानघरदेवगुरुतखो ससारनीजाणवेकाधीनीमायका बोलसिझायगुगयोकहा इसपरमणणारादिननायक ॥ ५० सती० ॥ विमुदर वाधानमाणीकरी नयामनमाईहरपञ्चपारक ॥ धन परचकरघुपटा ॥ खोकीकदानदेषेसचुकारक ॥ भावना मावउस्लटमने ॥ पापसुपाषदेवसगतनेंतक । उपरगम नमातिषणो दानदेतीनगिषतकुतफ॥५१सती. शिवराशीराभामणीयीनये ॥ साभलीधीनतीमारीया पक । घनाकर धमधष्ठावया । इणसु घुरलगपयननें किधोमिलापक ॥ तोहीमनमाईमामराषषणी ॥ कटकना तापाढीएनीमामक ॥धापकहोसोज पहने ।। वरमया काजमारंतिणठामक ॥ ५२ सती• ॥ रावापिगदीधीवे घगन्याहिकमतीपासोमोटेंमाणका साथेसहल्या सीधीषणी ॥ मनमानबहरांणक ॥ प्रांगेयधोण्ढामे सोया॥ अलमासुपनेहरपसथायक ।। भावभगतफरी पसी॥ताहमीचायनमेटीयासासुरापायका १३॥सती. ETTEER EURREFREE 热体赫出站途东站4.統越路 HERE घंमनाससोरोगम। (५५) RESTERNET अादरसननानदै जणा ॥ सासनेलेगई निनघरमाहिका अासणटोध्येचैवसवा ॥ हायजोडलभीयैननमुपञ्चायक ।। कहेमनुष्यकरौमोनेलेपवो माहगमनोरथपुरीयाबायफ।। माईताविनाहमकुणकरै। मोहरोसासरैपी हवाधाचे लाजका ।। ५४ सती० ॥ शिवजनाचनदेपोकरी ॥ केतु मतीरागीधागोमनधेपक ।। बहुथाहगय गनोएडवो।। चैनक्यु टीमैविशेपक ॥ तु मोटारे कुलतणीउपनी ॥ वंश विद्याधरढोतु पप्पसारक ॥ तुसाचीसुझतेयापरकहै ॥ दरवाधानकैउदरविकारक ॥ ५५ सती० ॥ अंगणात तीतिणअवसरै॥ श्राभरणश्चैनाणायम क्यापायक ॥ क ठकाथोकुमरपाछाबली ॥ विरहणीजाणिनैयायियाताडि फ ॥ तीनदिवत्तर द्याधरमाइरै॥ शनैश्त्रायानेछानेगया तासक । घाभग्णनाणहामेलन ॥ विडवोछेसाय समसातमोमासक ॥ ५६ सती० ॥ बहुनावचनकाने गया । केतुमतीगगीयोले छोहक ॥ पूरबैलगतोनेपर गै। मुझपुवनेतुभाकिसोलनेहक !! वाजलग्रलपावणी तु घाभरणचीरीनेनिग्जलथायक ! विशठोरेदुघकाजीथ की ॥ हिसासरात परिपौहरनायक ॥ ५७ सती ॥ सासुगवचनकानेसुरवा॥ अभयारेमन उपनीदायक ॥ पुचतुमागेपाछोवले । तिहालगैमुमनैगपोषरप्रांहिक ॥ सासगमेसासुजीतुमतगौ ॥ सहोतोग्य ठपाईनकाददिन रातक ॥ चरणकमलसु गिररही ।। हुकलकलेई किमपी हग्जायक ॥ ५८ सतो. ॥ केतुमतीगणीक्रोधेचढी॥ पगारोक्रोधसु छलीयोसीसक ॥ घसरोष्ठीने उभीथई धहउडधूजीने तयणीरीसक ॥ अलगीरहेसझवाश्राप FFEEEEEEEDNETWARENEFTTTTTETTES 112 11 Attitute tatisthithinttituti (४) पंजमामतीरारामा SHEETTEREDEEMEROkittttta पाववरणना ॥ तैपनेधागलरपेफेग्योपृठक ॥ दुग्न नकटकछवरणनो । लोहनावांगालामुकतारक ॥ ति हाछनीतणीरीतगपज्यो ।। मरणभल्वोमिणनहीभलोहा रफ ॥ ४८ सती० ॥ हिवैपोराथकोरेपाछीयलो ।। नैगाम छुटोछेजलतगीधारक । मेकटकवचनकयोकतनै ॥ म हटाकोनेगवैतिणयारक ।। वसतमालाचायधीरपै।। हि वडाबायोछसामायककालक ॥ देवगुरुधर्महीयैघगे॥ तपचपाणथलेयोसंभाखक ॥४६सती ॥ हिजरणामती तिगायसर । सडरितपालेंतरसानकारकम धर्मसंभाल ति ॥ सुपैरंगमावणविधकास्नका ध्यानघरदेवगुरुतली संसारनीजाणेवैकाचीनीमायक बोलसिकाय गौथोकडा इग्मपरमनपारादिननायक ॥ ५० सती० ॥ शिवमुदर माधानाम्पोकरो। चमणामनमाईहरपञ्चपारक ॥ धन परचकरघुपटा॥ लोकीकदानदेसचुकारक ॥ भावना माय उमटमने पापसुपामदेवेसुगतने तक ॥ उवरगम नमा प्रतिषणोदांनदेतीनगिणेषतकुपतक ॥५१ सती हिवरांगीरामाभणीयीमषे ॥ सांभसीबीनतीमाजरीचा पक ॥ मनाकरधनरडायणा ॥ रणसु घुरलगैपयननें किधोमिसापक | तोहीमनमाहेमामरावणो ॥ कटकजा तापाढीएनीमामक ॥ पापफहोतोज एहने । वरमवा कामाउतिणठामक ।। ५२ सती• ॥ राजापिपदीघीये प्रगन्यार्षिकमतीचालीमोटेंमरोगक॥ साथेसहल्या सोधीघणी ।। मनमानयराणफ ॥ प्रांगेवधीसढ़ामे लोया ॥ प्रमणासुमनहरपतपायक ।। भाषभगतकरी पणी ।। सोपमीचायनभेटीयासासुरापायका ५३ सती. EXEFE FELEMERELATE । .
अजनानसोरोगम।
Pattitutta PARACHELttitute
लगेंनिग्मलजलाअापक ॥ तिहालगेसनमैसुहामणी
हरपयोलावश्य तुमतणोबापक ॥ भातान्नोरयपूरसौ ॥
भाईभोजाडुमिलसौपायक ॥ जिहालगेंस्वामीश्रायें
नही॥ ग्वेठातिहालगेंपोहर होयापक ॥ ६५ सतरे.
हिवनगरसरीयेसचरी ॥ गयटकाढीनेंनीचौमोजोयक ॥
हसतणीगतचालती ।। नगरनालोकगोवेंसजकोचक ॥ स
अनविछोझोएकामनी । नधिविहु गोएटोसीनारक ॥ पि
छाहीसें प्रजामिनीपणो। इणपरपो होतोळेवापटुबारक।
६६ सती० ॥ पालउभीरापोपोलीयै ।। मालुसकीचौगय
नेनायक ।। टोनु हायमोहीनीचोननी । अंगणवाहिर
भोछायफ ॥ गयसाभल हरपतहुयी ॥ नगरसिणगारने
करोविण्यातक ॥ सनमुपमोकलोपास्मपी ॥ ग्राघोतेहायो
राभापहलादनीसायक ॥६७ सती ॥कांनमै छानसेष
गाहे ॥ अजणासासरजेड्डयोतेइक ॥ तिणयातकाहीस
वमान ॥ गयसाभजटुषव्यापीयोदेहक | मुग्छागतम्रा
यधरणोढल्यो । सचेतवयोकिधोक्रोधविशेपक । माइग
कुलनरेकलकलगायोयो ॥ अायामतोमाहरीपोखप्तमा
रक ॥ ६८ सती० ॥ पालीयोपाछोआवोक है ।। सुमेटपर
न्ठोरमझिटरायक ।। मायावामतद्योएइने !! वचनसु
गोमेविसपीजोधायक ।। माताराभवणमैसचरी |! साधा
पाछापगपतिणवारक ।। मनाहिदुपधरतीधको । वि
तपीआयीमातानेदवारक ॥ ६८सती० ॥ मानवेगाति
गाअवसरै॥ अगगा अजनादीठिविरगक ।। गैग्नोरण
तेफिग्गयो । कानारेवस्त्रपहरणाघ गक ॥ अहेनाणदी
मैच्छवारका | नयणमरजाणेमोत्यानोप्टदक ॥ सुपाम
mi
Entrta भेजनामसोरीराम। TUESDEartitSTERSNETELEASitattt.it थी। जिहाजगमाहरानगरनीसीमक तिहानगेत्रमा दुहार है।जिहांस्नगेमुझनेशनपाणीतणानेमक ॥५८मती सौ. ॥ वस्तमालानैतडोफगे॥ वधावाधनेटेरीकेतहक तेजोग्यात्राभरणमाहगपुपना । चोग्देपामकछेटस दे हक । तेरैषहोरेटेगैरही॥ वाजैक्तानणागेवतीतहक वस्तमालाममुपभने । चोग्तीपवननीमाहतमिहक ॥ ६. सती ।। हिकालोरेग्यप्रणायीयो । कालाईतग्ग मोतखातेहक ॥ कालाहोयनमहराजीया । काली होम सरीदीधीतहक। कालीहोमस्तकरापही ॥ वलणाव स्नमातायसान्गीता एक ॥ सती. ॥ अनगांचालीपी हरभणी ॥ दुपपणोधरतीप्रतिमनमाफिक ॥ हिवैचा लौयारथलताबलो ॥ यायोछेष पतणीममतहक ।। दूरथफीमहलदेषीया ॥ खारथीरघपाछीवाल्योतिर क।। महारफराजपाभणी ॥ स्वारथोचित्तमारचित वैचांलक ॥ दुष्टचकारजमैकीयो ॥ मेवनमाइनगाम लोठामफ ॥ ६२ सती० ॥ हिमाझपडोदिननाथ म्यो ॥ रयाविहायोघोरचन्धारक ॥ हाथोहाथसझन हो येलामुभान कु पचाधारक ॥ नामनपूजगदीसनो॥ णविघकाटुषभरीरातक || सुधसामायकत्तचर ॥ एत लैसुरजउग्योप्रभासक ॥ ६३ सती• n हियनमाको सुणोसु दरी ॥ माइरामममेप्रतिघमोटुपक ॥ मोनेकहो रंकल चढाथीयो । हिवतातने कमदिपालसु मुषक ॥ मा सामोस मनफिमलसी। किमकरु भाोमायांसु वात का निहालगेंस्वामीभावैनहो ॥ तिहांलगेंकिमकादटि नरातक ॥ ६४ सती० ॥ बसमासावनतीक । विहान PERFERENERGREENERREERA A itthan ati SHRERRAN
मनासतीरोरान।
(६८)
tattisati
डाहासोज्यूनता ॥ एहकरोकिस्सुकर्मचं डालक ।। श्र
मेतोयबलासा करा॥ श्रीगणेउभारमोनेलिगारक ॥ष
मघरमायारायजाणसी। तुमतणावीरने काढसीवारक ।
७६ सती० ॥ वंधयकिणहोनपूछोयो। सजनपि राहीन
होकोधारेसारक ॥ जिगदौठोछेअभयासती॥ तिहाम्रो
हितमधानसुदियाटुबारक ॥ लोकारीमासंगपिनसवै॥
चमणानेतेडीराम घरमांधिक चादरभावकिहा नही
एहवाकर्सउदैवाायक ॥ ७७ सती० ॥ चजणांनैदेपै
यावतौ ॥ लोकपाहाडदेवैकिंवाहक ॥ घरमैकोईधावण
देवनही। वचनबोलैलोकविवधप्रकारक ॥ घमाटूपये
देवा । नाणकेवाहीछपरगनीधारक ॥ दुपमा हेटुपसा
लेषणो ॥ समरसपरेंमनमाहिअपारक ॥७८ सती.॥..
हिवैभजणातिसरेटलवले । जलसईबायोबाहाणतीरक ।।
रायमरीपाणीपौयो । सीतलउतमनिरमलनीरक ॥ व
लातीचजणाफ हसनै। नगरसहितोन्हीपीउपायक ।।
पोसवाहिरजलपीयम् ॥ इहातोछेमांहरावापनीचाणक
७६ सती. ॥ नगरवाहिरजलवापर। धांवस्तमाता
नैकटकैयामक ॥ गइनषनमोटीचमाडमै ॥ उमाशोपर्वत
विपमोठामक । मिहासूर्यकिरणनसचरै ॥ रातदिवस
नीपयरनकायक ॥माणसकोसपनहीपीये। तिनवनयां
हेतु समनैलेनायक ॥ ८० सतो. ॥ हिवैवसमाजातिय
अवसर। अषणांनोवचननीघोप्रमाणक ॥ दोनूजणीति
हाथीनीकली ॥ माहोमांदिवोस्ततीमोइसारीयांणक ॥
उझवनमाईसञ्चरो॥ जोयनैपरवतसवलमइतफ ।। पाघे
लेषणांभणी परवतजावनैवैठएकातका ॥ ८१सतो.
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14 (६८) अंजनासोगराम। httrittKATIOTSELIES लाणोटीसबरो॥ जागहर तरैदवगयोचं नया ॥ ७० मती० ॥ दमदेपोमाताधरणीटली । मचे तथईरोवेवागा जीद्यारक || हफायनसिरजोरेवामडो॥ दूग्णकालका एयोमाइगकुन्नरेजमारक ।। मगासवधीयान्समि प्राणोजटागेनेघसमाहारीक पक ॥ जिन पेमगाउ पनी ॥ दोगे दुपमैदुपयिशेपया ॥ ७१ सतो , रागाने रोयतीषने । दाग्यानिज भाई जगागानिपासका। घा दरमिक्ष गीउभीपिामै । मायछोटीबाईकुलतणीअाजक ।। सुसगनसामुन्नजावोया॥ लजायोयोपोटरसायसालक॥ कुषसविगोवाटपनी ॥ हि पापणीकुनढोनतीदेपाल क॥ ७२ सतीरमी० ॥ वसतनारमाननतीया ॥ एषी अच्क घेवोलोएवायया ।। पवनकुमारघरेयावसी ॥ पछ किमोनिग्योमननादिका ॥ यासतीतोसममत्सडी ॥ ग स्छगर्भतणोतिपासक॥ एवाल कचायाफाबान हीघरे॥ पवनजीनावार रापछयासक ॥ ७३ सती । भकही दीपाझोनोवाली ॥ भाईभरेणार्यातणयग्मायक ॥ वधव महिवतीरमा ॥ य प्रणाांगणउभौछनायक | चाई भोलाइमिलीतिहा। अनगिनातियापीछवाहक । र्या गुलीमरदाताधरी ॥ श्वावानदोघोतिणनै घरमाहिक ॥ ७४ सती ॥ इमच जणाघरपर हीडोषणी । किणहीन दीधीयावाघरमाहिक ॥ दीनवचनमुपवासतौ ॥ नयम झरीमपरोवतीसहक ॥ भूपसपाकरीमाली । धनपा णीयापैकुणतामक ॥ उभीर दीण टयामणी ॥ नर्षिनिस रसाठमीतिगठामफ || ७५ सती. ॥ हिवैमिलनभोमा यातरमक है । वाइयेापगेत्रापोस मालक ॥ धूरलगै ใน นนนนนนนนนนนนนนนนนนน ไปใน 较出名既,子主控本东京荣丰光安克宅在这比起去
भजणागतोरोरारा।
(०१)
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नापीमाहराकुलरेजमारक । लोपाही प्राणुधरेय
जगां । तोनगरनीनारही मनाचारका ॥८७ सतीर
हिवैगिरवरगुमशासाहमोजोयता ॥ तिहाविठोमुनिवर
ध्यानवरत्रीरक ॥ निग्दोमधाचारपालता ॥ तपजपपप
करीसोपव्योसरोक ॥ अधज्ञानेकवीचागला छन
णाजायभेट्यातसुपायक ॥ अतिदुपहिशाणंदहवो ।
भयरहोज्योत्सानोमणीमुरणक ॥८८ सतो. ॥ हिवै
हाथ जोडीअंजणाकरी ॥ पूर्वकिसकीयोकर्सचंडीलक ॥
किणकर्मासासीसाइरै ॥ रणभवमेयायोगणतोत्राल
क ॥ सासरासुकाढीमोमणी ॥ पोहररापीनदीवरमा
हिक ॥ सापकोरपायारोमोचपरै ॥ सगलोईसंबधदेवो
नोतुणायक ॥ ८८ सती० ॥ हिसाधु कहेवाईसाभलो ॥
पाछिलभपरीकविरतंतक ॥ धार सोक तीलिपसाव
ती॥ धावक धर्मपालतीकरपंतक ॥ सोहरयमुनथोतेइ
नै ॥ तेचोरीपाडोसणनेत्तु पीयोहक ॥ तेरैषम्हीधारीसो
फटलयली ।। दुग्धणोधरतोलनमाधि ६० स०॥ चांद
रोसोफरेंएकनिइचोळती ॥ जीसाधहोतिणनगरमझा
रक ॥ तोवादीयाणीतहने ॥ धनपानीनोहंतोपरिहा
रक ॥ विस्ताएकीधी तणचतिषयो।। सतपुषपाछीदीयो
सुपक ।। अन्तगयपहोदरसगातणी ॥ तिणसुबंधगईया
रेकीरीरासस ।। ८१ सती० ॥ कालकितोयकवीतापछे
साधव्यापाई तिगनगरमझारका ॥ सेवाणीसामलतइनी
फेंगगनु लोपोस यमनारक ॥ तमस्याकरीचणसयकीयो
आलोयाविनाएतलफेरक ॥ पौधुहोकननकुटी॥ तेरे
पहीरालयावरसग्क ॥ ६२ सती० ॥ सोहरथपुन्सेत
SHERE
katta:
PRIORRHERE
(७.)
अंजमामोरागाग।
PRETAILERICE
अंजशायनमाहिमचरी॥ लोकमाहोमांचियोले केएमक।
अंजगनिवाहिरकाटनै ॥ रायकीधी अतिभूडीशीकामक
नागदेवाडीरधरपरै॥ अग्निविटीधीविण होघग्माधि
क ॥ पेटनी पुत्रीने परहरी ॥रायनोग्रफलगईट कायक ।।
८२ सती० ॥ हिवैमाताकहरैदासौभणी ॥ गणांनेगी
वोरशिक्षिा हीठामया। टासोकषनमैगई॥ मालामन
माहिचितवैचामया ॥धनगाउपनाहगे ॥ वालपोई
तोत्रतिषणोरागक ।। यिननसाहिसिहादिकविणाससी
इमचिंतनीधरेंटुपनगारक ।। ८३ सती० ॥ नितमोजन
सीमतीरवालका | नगगमनाच्चार होयाहारका म
नमानेफिकरंधणो ॥ सहरमें नहील जाडमैनाबक ॥ अन
पाणी किनपामसी॥ भेसनजाण्योधरेकोईगपतीवीरक
इमचिसदीनेषगीचिताकरें| रोवतोप्यारो कादती
नौरक ॥ ८४ सती ॥ पियवस्तमालामउचरे ॥ याई
थारोवापछमूढगिवारफ ॥ मुरषणीमाताछैतमतची ॥
मायामें अफलनदीसैक्षिगारक । आगणन हीरापीरइक
घही ॥ कक्ष करीसुघनघूछीरेकायम ॥ वाईयाहरापीहर
उपर। कोई चचित्योधसकोपसेज्योनायक ।। ८५सती
चमणाफसुखसुदरो।। माहरोयापक चतुरसुजाणक।
माताविचक्षणप्रतिषणी ॥ माइछमाहरोषणावुधवानक
पिणपापसमाहरतिघातमममामुलनरोसनप्रामक
चापापूरवपून्यकीधानही ॥ एसडापणेफरमारोटोस
का ॥ ८६ सतौरसीरो ॥ शिवराजाराणोकनधाइने ।
बोलैसपथोएहषीयायफ | चितीकरीफिणकार॥ वेठी
ग्रापाजोगीनहोचतेहक ॥ मोटो बाकायणकीयो । मे
भगमता Hu न KA 至法它安安、沈这节 रवननेछेहक ॥ ८८ मती• ॥ माहजअजांभणी ।। देवताबीले छपवीवायक | सतीयांमाथि निरमली। घागगुणपगमोसु कयान होजायक । इिकलकउतर सीतांहगे। कुसलेवापसीपवनकुमारक ॥ वलेनामोर्चा - पुगेइहाधायसो || तुनचंतामइयायन मझारक IEE r मतो. ॥ एश्योपचनसुणोदेवतातया ॥ यनलाहेंटोनु रहेअटीटक ॥ वनपाललतिहागावरै ॥ जिनधर्मतणी नहीलोपरलीइका ससमतपागनिसला ॥ मझोनिसकर हे जगतपीजापक रुपम्य कातियाकरी ॥ चंज पाकासचीयामापक ॥१०॥ सतीरेसोगसगि नया इतलावारक ॥ १ ॥ मामघरअष्टमी ॥ पप्मनक्ष खवायोनीकारक ।सतगपाछतापोहरस ॥ जयान E मीयोमुमत्कुमारक ॥ असुचटालीतिणुअवसरै॥ दा मोनकहरन्गामासका काम होण्यकरतीकुपएहना कट कमैगयोछापणीस्थामक ॥ १.१ सतो. ॥ चाटोग तपूनिसतणी ॥ अजणाकरवाजे ठोछः टक ।। पंचलचप लसुहामणौ ॥ दौठांपाषणोघरपग्राणदंक ॥हरपयोजा येरेलायडो । कुजगतणीसघूतीवेमक ॥ तागनता कैरेपासडो॥ भागाकैच दर रम पटक ॥ १.२ सती. हिमामोसमास तीतो ॥ सु सेनगजातहनीनामक देसन्तरतायनैपालोबल्यो ॥ घाफास विजाणथनगेतिण ठामक ॥वनसाहिटीठौवैधालिका ॥ ईवर पामीनसोक जीनारक ॥ लवमालीय यमणां उसयो ॥ नैगामे छुटोछे मलतणीधारक ॥ १०३ सतो. ॥ गले लागोबिन्दयारडी एतस्तमामोसायोततकालक। चंजणासज्ञपिन मिल्यो। . 机 扭扭抵拉 ॥ 11 (१८) ARTMERAREE 州核抵扭扭好进出肖海洋进出 (०२) पंगणागीरोराम। HetatatuttaMDEtt पकरी ॥ तुमकृपधापतीयोअवतारक | साथपाडोमम्म दुपसह ॥ तपिनचीरीनाफनविचारक ॥ पवनजीयरस सुधकारी ।। पाशाययसोनिमपरममारक ॥ सती एसाधकलोस तोपवा ॥ योरनीकोईवारजलिगारक ॥ वीवासाधुनें निमसभापणीनदी|एतोनागावीहारीडंता अपगारका ।। त्याफधोटमगाअनाणन करदियोतिहाथी उग्रविहारक ॥ भार उयंपीतवीपरें॥ आचारपालेकैमि रतीचारमा ॥ ६४ सती ॥ हियतिणमाखनैतिणसमै ॥ तोटीशायनैगूनीयोसीमकाजवजीवनासपोम्योपणाधड इहधूसनेमामीयायोहफातिणहीसि इतयोसवदसाभल्यो मणामयाम्मोतिणवारदा ॥ टयरममालाइमरचरै वाईदेवगुरुधनसमरोनवफारका ।। ६५ मती० ॥ दिवस तमातापिर चढी । धमणासागारीकीधीर थारक ॥ नामनगगनाथनौ ॥ जानैरध्याभचयाचणगारफ ॥ चिं ईगतिजीवषमावति ।। च्चारसरणार्चितचितमझारक कोहरीरूठोकायाइ पिणमाहरोधरमनलेवेलिगा रक ॥६६ सती ॥ करवस्तमालास्वाइसरकार । कई चमणालाहासतीछनरधारक ॥ मोर्टरसबद इलाकरे । कोईदेवदेवीमायोइयवारक ।। योसजनहोत्रमाणात तणो । सेपिणवेगसु पायग्योधायक ॥ पसर्गपनोधति घयो । वसतमासापोएडयोवायक ।। ६७सेती ॥ ति पवनाहिय्यंतरजक्षर है ॥ तिवारगोजमतमोरूषधासक ।। सेजस भक्षणीभणी ॥ चापसरणचादीयबालक || शिणसुरेखाफरापामाए हनी ॥ मचिसोसादलोरम कीयोहः॥ तिणसाद स्वासीइनमाभयो । काढ़दीयोष्ट्र PRESE ArrantRRESP** EHELKAatti ॥ BELimitinAtEFERESTEETH अंजामतोरािस । E+REERASHTR+ntakti रबनने के हक ॥ ६८ सती० ॥ माइजदेईजणाभरगी ।। देवतायोलेछएहवीवायक ॥ सतीयांमाहितु निरमली ।। घागगुणपगमोस कचान होजायक || हिवैकलकउतर सीताहगे। कुसले चास्मीपवनकुमारक ॥ वलेनामोथा गेहाश्रावसो ॥ तुनचंतर हे गवन हमारक IICE मती० ॥ एवोबचनसु पोदेवतातणा ॥ वनमा हुँदोमुं रहेंटीहक ॥ वनफलफूलनिहायावरै ॥ शिनधर्मती नहीलोपरनी हक । ससनतपालनिमला ॥ होनिसकर के रामोशापक ॥ तपस्य वार अतिचाकरी ॥ प्रभ पानाटसचीयापापक ॥१०॥ सतीरेसोगसगियमणा मुम्तावारक ॥ १ ॥ चैमासधर अष्टमी ॥ सप्पनक्ष वद्यायोथाकारक | सतगपाछनापोहरमै । मंजणजि सोयोहमुमत्कुमारक ॥ सुचटालीतिगणअवसरै।। दा सोनका हर गाामक महोण्यकरसीकुणएहना ॥कट फागयोछैचापणोस्यामक ॥ १०१ सतो. ॥ चादयोग तपूनि नतणो ॥ अजणांकरधरवठौछ। दक ।। पलधप लसुहानणौ ॥ दौठोपाषणोपरपञ्चागादक ॥रपयोला येरेायडो । कुनरतणोधनपूजीबमक ॥ तागनेता कैरेवास्तहो ॥ मागकेचंटले यम पटक ॥ १०२ सती. शिवमामोसमासतीगो ॥ सु सेनगमातहनीनांमक देसत्तरमायनपाकोवल्यो ॥ चाफास विनाणथनगेतिण ठामक ।यमसाहिटीठोवेवालिका ॥ ईयरजांन्सीनसोक स्लीनारक ॥ जयमालीय श्रमणां उसयो ॥ नै गाने कूटोछे मलतणीधारकम १.३ सतो॥ गले लागो विचारही एतस्माजोप्रायोततकालक || धंजणासपिन मिल्यो । ॥ ATM ENA (१८)
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中法主生活
1415 Crma132
अजणागेवरयामडागात या डीनमुलगीदयेनही॥
निपिन्त गोर्शतारिफ || शत्रपोगान मागणी
घोरपै ॥ पाईहिन पुरसु रामतगोग्रामक ॥ १.४ पती'
हिगंभणाकडेमानभिगी ॥ मायायोलासर धात
तोबालक ॥ तिगसुसासगयोवादीमोमतो।। पीटरमे
किणहीनहीकोघीसभास्तुक ॥ ययागापाडीगयधरधरे
तिकारगोबाईवनभमभाग्या ॥ नामाजीपापपतिष
यो । कुरणांनकिधोमांहगैफिगाहोलगारक '। १०५ स०
हिवेत विमांगामेसचत्रा | अजणारेपोहणमंतबुला
रक ॥ दं ठोतिगमोत्यागेभानको ॥ फूटीन चलटीधीके
फालक ॥ तोडीमोत्यालसभुयें पद्यो । अनणांमुग्छापामी
तिणवारक ॥ तमामोलेईमुक्मणी यांणमेचाञ्चजणा
हीय पासक ॥ १०६ सती ॥ वांझालीयेठीयारी॥ मा
मोमोफोतिहापोखरमालक ॥ कदेसमदेसमडफियो ।
पिणएवीकठेहीन्देपोषालक ॥ एवाचनका यज
यांभयो ॥ प्रायोछष्णुपाटणजमारका ॥ करेंमहोछवध
तिषयो । नायटीयोहणुमनकुमारक ॥ १०७ सतो० ॥
चमणाणमा हार ॥ पयनसोपहतारकापुरीका
यक ॥ तिहरायणगनासु सुमरोफोयो । मषगवावीते
केएसबीवायक ।। पयनगीचादराकामयी ॥थेमेषपुगेषा
यफरोमांणक ॥ परम्पराननेपठायने ॥ वरतायजोति
हमांहरीयाणक ॥१०८ सती ॥ निमेषपूरीदलसच्च
यो । सामावरमैतिहांधायनामक ॥ पिणपवनजोप
गमहीचातरी । माहोमांटिमष्यमुषायति हक ॥ पर
सदिवस विग्रहोरहो।। पछेमाहोमाईमेसकीयोताहिक
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जपामतोगरास ।
(०५)
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शांतवरताईरावणतयो॥ पवनजो इम्पपाम्योमनमाहि
क ।। १०८ सत ० ॥ हिबेंकटकायोरेलकाभणी ॥ रा र
मारावगान कोयोहारक । अपरावणयनवागावापौया
बलेवाप्पारसीभताघणांसिणगारक ॥ कीवकदिनतिहां
रापोया। पलंगावणसीपढीधीतिणवारक ॥ पवनभोत्रा
दगाभणी ॥ रोवायोछनिननगरममारक ॥ ११० स.
पवनजौकुसलेघरधााया || पातपितातगेलागालैपायक
मेनस्लेमाताभोजनकरै। तेतलैजणानेघनायक ॥ सु
नामेहलनेमालीयादेषीया ॥ कूग्लेतिहातिषणीफाग
क ।। पुरवयोतीवातकानासुणौ ॥ अपवनरेलागोछत्र
तिषणीयाग ॥ १११ सतो. ॥ विपवनलौतिहाथो
नीकाया ।। मातापिणपाईलारेहगमारक ॥ वाहझारशी
पवननैइसकाई ।। हिबहातोनीपोच्या हौचाहारक :
इंबहुनाणस गावसु ॥ पवनजीसाहमोनें सोयरतामना
वाशझोडायमाताकने ॥ गयाछेगाजामदिन गामक ।
११२ स० ॥ विमातागेवैमुपटाफनै । काम वनारोन
हीकोधोरेएक ॥ दलमणीशननहोत्रोकल्यो । माया
नहीरापोरंगेहक | काचीरेवुधनारीतणी ॥ केतुमतो
गणोचित एमक ॥ धिगर मुझजीवतभणी॥ पापणी
फीधोतिष डोरेकामक ।। ११३ सती० ॥ दियपषननी
फरजौभणी ॥ संसासुसुसग किमकर प्रयापक ॥
माहगनातानेमाभवी ॥ तितु सुसरगर्दनापीमानक
विरंचोहोसरेंकिमयोलस | हिलसिलन्यातका ला
"कमक वलेचजणारागीलोटपरे। किग विधधरलीडर
पने प्रेजक ॥ ११४ स. ॥ अंदीक शुगोलरनी ॥ था
isasthani
। प्रोगाम। OEMOROS: 101313t पतोपगाथा कम्पपझारक ॥ हा काही मनगमगी यापरी पान-निगारक | पहनानी चाफमेली नीमगाभाया || कवनोग्रामपधागे या॥ पवमानपोरनापारया ॥ ११५ स. मनिक नेपालियों ॥ दुष्टकार नकोदोरे जागा फा ॥ शामिल लोहाणी || पिगाराडोनहीकोईच तरतुजापाक चादानी वान्तीको तीमाराम नरोउक्त सीऔरना कनीयागोमाधीयो हिद एकीथीके छरीसम ॥ ११६ सती ॥ पवनजीग्राणप धारीको काम रजार र ३ र पप होभालक ।। पेटकट दोन हाघम् ।। सटरमाधानकियारयालका ॥ मनाईदुपये देवयो । जाणकोईजोर नागवारया ॥ अंगानोटु पवेगोहिलघोले यतीयापक ॥ ११७ सती. • साथसन्यालईचत र गरो ॥ सोडवाईसारमोनी जायक ॥ वाहपसागेदोन् मिया ॥ नारे दुपयोघट मादिक ।। जयपवलीक राजामणी ।। सुमपुषीनकाळी सहमती मायक ॥ एदोसन होमचमाहरो ॥ सवरामा सुपोछोयोण्योनमा मायया ॥ ११८ सती० ॥ हिपवन जीने निजघरमागाजे मरदम्करनेकोधसौनक || पले चोयाष दनचरचीया ॥ गहायलप गीयाप्रधानक । पछभोगना 'टपकायाापरूसीयाभोजनयिष पकवान्क पीण नवनशीकोभरेंनही ॥ घमणासुपरमागरमोश्चत ध्यानक ॥ ११८ सतो. ॥ पिणनमोमन माईचितये मोपुमनायोडवतोयधाईजीघायया ॥ पसमालापिणदीसे- नहों। एफपिचार फरसन्मारिया । भणारोमोसिण REE RECERNEDREFREEEEEN FRAN -- अंजप्पासतीरीरास । UtttttttintHTTAREERatttttit अवसचितासनमैकरेजीअपारक ।। कहइंपापणीतो मोटकी । मेधभगाने नरापौरषरममारक ॥ १२० स० हिवसालानीसुतारेनाइनडि ॥ तिणनेपवनजीकिधौछ पोतममारक । कथारी भूषाशीस्स्फरै ।। तिरुदनकरीने योलीतिणवारक ॥ मातपितानेवंधवसह ॥-सगस्लाईको घोछकर्मचं डालक ॥-मांगणनरापीअदिहि ॥ करकस गोने काढीततकातक ॥ १२१ सती• || एडवायचनरुणी वास्नुकतणा ॥ पवनगौरफेकदोघोछयालक ॥ महेंद्ररा यपगामें आयपद्यौ । तपमनीकहेतृतीमूरखवानक ॥कलं कसुधीकोधिनही । विगरविचारपाकाढीरवालक प्रक तुम्नष्टजछताहरी॥ कटुकवच पाकच्चातिणवारका९२२ सतो. ॥ विग्रहस्तमधीकीपवममे। बोलेछसषयकीएक यौवायक ॥ उठोस्वामिकिमसीरया ॥ जणानीपरक रोवेगाजायक ॥ मूछ के प्रथयाजीवती ॥ सुपटुखमोगर्व कैकिणठामक ॥ एहवाषचणसुणीमंधीतणा।। नणाने दूसुजीवाचास्यारतामक ॥ १२३ सती ॥ जयमन्दिर रानापिणसार्थडयो ।“वलेपइसादायप्रायोतिसायक वलेमाता पणआइछरोवती ॥ सामसपुपएफमाहरोमा तक धम्हे पवरकरास्यांजणासणी ॥ येतोमायोनिमन' गरममारक | नारोफाजस्तानछोडोमती ।। पपणजीनही मानीवातलिगारक ।। १२४ सती. ॥ तवअनेकविमाण चस्तायौया ।। वस्लेसरमापुरुषफेगाप्रसधारक | ठांमठाम मोवैचजणाभणी ॥ सुषसुयोलछमषणकुमारक ॥ सोसती स्लामतोजीयतु । नाहीतोचकालेफरदेसुजोकालका ॥ देस 'परदेसफीरतांयका ॥ अजणासुणोनिजमीसातक । PRERREFERENTERNETTERS FREEEEEEEEE THI なかな生は中 1
(06)
जणामोरोगस।
SamastiststisattamaarattALLY
१२५ ।।जयपवनोचास्याश्रागले । पाइधावनीसगको
जीसाधक ।। नववसकामालायें पवनजीमे उसयो । का
गणामधाथ्यो मतमोनायक ॥ बाजषापायपा
येपंडि पोलासाघोहतकमारक ॥ १२६ सती.
वर्मतमालाचायपाएपडि | होमातुभिरिपवनकुमा
रक ॥ कहोमियादुपतमकिमसया ॥ बिमसहीमा
हरिमायनीमारक ।। किमकरोषनफलबागिया । किम
करीरसीवनइमझारक ||-फिमकरीकालगमावियो ।
'फिमकरीपाल्यौहणवंतकुमारक ॥ १२७ ॥ सती० ॥
"खामोजीचापकटफर्मपधारोया ॥ सासरपीचरम्हाने
'दीयोजीछे हक ॥ तिणसुतोमवनमैगई ॥ घनफल
भष्यनैकाढ़ीयादीरक ॥ तिहामोटामुनिवरभेटीया।
क्लेिदेवताफीधौछहमतणीसारक ॥ सतदिवसघरमपा
लता मामोर पायोईणनगरममारक ॥ १२८ सती.
बसवसन्तमाचाचानेअंगणा ॥ पवननेवालेछनीमधुरीवा
'णक ॥ पापकीममाढकमेसषसाना किमसहोराजावरण
"नावाणका नवपषयकुमारासटिकई। मवरणरानासु
कीयोहतयक ।। जवषावलागतिसावाजवा ॥ बोतफत
करबायोएथक ॥ १२४ सती.॥ हिमचनणाससौति
अवसर । सासुससनेमागीलीपायक ॥ जवसुसरो
पाण्यापासमर। मैकलंकदइनेकीषोणीअन्यायक ॥
जणापायेनमीक है।ापलीकेमकरोछोविलापक ॥दोसन
हीतुमसयो । पोतेमासरावोहापापक ॥ १३. स.
'वसमातापितासु जायमिनी॥ भाईभोलांयांसु प्रतिषयो
नेहक । मातपितातिरोषेषया ॥ अंजगामातपितानको
HWAR
.
॥ प्रजणासमोरोरास। (०८) FEELttitatttttttttta सहक चित्ताकरोकिंगकारण पोनकैनीमारीयोह 'लोपापक ३० "संतीने 'तिपकॉरणमर्दुषभोगव्या ।। मूलन:रजोर्कोदिसतापक ॥ १५१ स ॥ हियहणूपाटण "चोलीयरमणानमामापीघणीनायक ॥साथैचा "योपंहुचाययों गी चतुरगणीसेनालईसाधक ॥ साथैतोप रमाप्रतिघणो ॥ रतनपुरोधायामोठैमंडाणक । उँछरंग मनारतिषणो । ॥ घरघरघरत्याछकोडकल्याणक ।। १२ सती हिवसीखदेमामाभणी ॥ अंजणासतीने 'पवनकुमारक सुखमोगवैसंसारना | माहोमाहिलगी रहीमातिचंपारकमा कालफितीकगयापछी ॥ राजारा णोधारामाण्योसंसारक ॥ राजपवननीभणी ॥ मोर्ट महोणतासंगमभारक ॥१३३ सती० ॥ पवणनरिद रायमोगर्थे ।मणाराणीसुतविसषक ॥ हणक्तकमर विद्यामणे ॥ यांनरीधादिविद्यामणोचनेकफ ॥ चसुरविध क्षणप्रतिषणों ।। देसविपरदेसमडवोणीविष्यातक । यस तमतिरिमिमिवधारीयो ॥ अगलाई पुछोकरीहनेषातक १ सती ॥ षिवरुणराजातिणमास प्रापणा, पुनिजाणीनिोरका ॥ मर्ममाहिरिचंतिपभिमानक ॥ तिरणकॉमौदूतभोकल्यो'। 'जोरिहकरवातणोमा 'वक ॥ तोवीजासुमटदलमोफलो। तुम्हे एकरसुजोयोसम धायक ।। १५ सती ॥रावणसेनामेलीमणी॥ एकते 'होमस्योरतनपुरीमाहिक : n- जयपवर्णरायलायानेसन गया। जवाणवंतकुमारवोसएहयोवायक कोकाटक 'माझिजासु । जयजोपर्वणजीकहेछचामफ ॥मुमतू भनेवालकञ्चछ । कटकमाईनहीतारोफामक 11१३६ JEER 1 १ (८.) जपासतोगगमा SHERE.वालाना ***** सती-हणवंतहठकरमालीयो ॥ मोदपुरीशावधि योनीमिलासका तीनपहरदनाफस्यो । वक्षनर्माची नानाननायक ॥ सूरसेनरागाधामस्वामीयो । यो टिनकोयोजीपरणामक । कहेमाहरीमातानगपानकी तिणकारणमेचायकियोसंग्रामफ ॥ १३७ मती ।। शिवा चायतचायोखंकामाये ॥ साहमोगायोगावगायक ॥ प्रणयंतकुमारनेदेपने ॥ गायगापामीयोप्रतिारपत्रानं एक बोड़ोमालीनेहणयंतनीयस्ली । विजापिसवाला अतिषणारायफ । साम्हौयायोकटकवरणनी ।। बड़वी घणोमाहोमादिक ॥ १३८ सती ॥ रावणकीसन्यादेवी करी॥ सोपुषवरुणनाचाख्यातिणवारक ॥धकरवाया गातिणसम में सोहनावांगसाणेचंगारक ॥ वसीगो स्वानांणयषणा ॥ फाममायावहारजोधारका काराव एकीसम्यानासीगई ॥ सैठोठभोरहोहमयंतकुमार। १२८ सती ॥ घणासोककरणपतन ॥ समातपिताने अकषावमोयालफ ॥ तिशतसोनैरणमेमेखियोकटकम ।। तूवरण गुरुपीयांकरजावलोकातक ॥ प्रसतीहयवंत इसका वरपने पुपमिशीसावजीसाथक-॥, वातावीमा सुषवरनहीवलतखो ॥ पवरपहरणमेवावराहावक। १४. सती. ॥ वानरोविद्यासाधीकरी ॥ वानररुप -कीयोतिणवारका ॥ वारेजोवनमरक्षादिक होता । तलनाध्यावरणमीफोजममारक- ॥ काणाबाषि यावरणनीफोजमा वायोपुषितरप्योतिबा रक ॥ सोउनपरपरामाता -1, वांधलीरतिवपुरम भारम ॥ १४१ सती । परणराजाको पर्वतन ॥,तं HEREREFERENEPARTMENTER
अंजणासतौरीरास ।
(८१)
李志主主主在宝宝出生生花主密游戏發主孟古法宝,上弦定音器
वानरीविद्यानैमेलदेट्ररक्ष ।। पछेजीतपामजेरणविपै । तो
हंकाणूतीनेसोटपोशूरफ ॥ अवह एवंतविद्यामेलीवानरी
मुलगोरुपकरीमलेछयाणक । नववरणराजामचितवै
एवालकदीसै छसाहायलयानक ॥१४२सती० ॥ विपद
कीनवरणरागारठीयो॥ एणवंतलाम रसुसाडी कैराडक
दोनुमणा हाथचालब ॥ तिहामुष्टनावानिरवापरहारक
रायणराजासिणञ्चयसरै। हणमंतनेउपरकोंयोहायक ।।
नवडणवंतवरणरामाभणी ॥ याँधोनैनापदीयोरण मा
हिक ॥ १४३सती ॥ इणवंतवंधणतोडताहरा ॥ गोरा
पणराजारेलागेतु पायफ ॥ जयवरणफ हवितरागते विमा
चौररापायांदुनोगायक ॥ चारिषलेनोमाइरै॥ तय
हणवंतवंधणतीहियातामक । घरपालीयोचारिचयेरागसे
तिणरापुपनेगभदोमोरायणरायक ॥ १४४ सती० ॥ रा
यणहणवंतनै प्रसंसोयो॥ तूसूरपणोथारीलघुनीये शक
मोटारामान पठाचीयो ।। रोझचायोलयानरसक ।।
परणाइमाणेजीमापणो ॥'सीपर्देसनमांनसतकारक
बलेडणवतमीटाराजातणि ॥ स्पयंतपरएक हजारक।
१४५ सती ॥ पवननरिदरानमोगवे ॥ मानेतीराणी
जणानारिक ॥ वसम्तमालासु हेतपतिषशो ॥ बलमान
तोहणवंतकुमारक ।। तेसंसारनासुप्रभोगये ।।हणवंत
कुमरस हसनापासहितका ॥ रतनमाडितमहिलांमझ
साहोमानिसगीर हीचतिप्रीतम ॥ १४६ सती० ॥ शिव
कास्कीतोकगयापछे ॥ अणवाचितवंचितमझारक ।
परमांतेंराजानें पूछने । लेोसिरोमणसमममारका ॥ इ
मचितवधाईराजाकनै ॥ हाथजीडीवोलोसिसनमायक
MEFERTERESTERESTHEREFERISESSES
(११)
प्रनमारातारागग।
rittttitiladk**
धाग्यादोखामोजीमोभयो । चारिपदिउकरमपपाय
१४७ सती. ॥ जयरायक अधणामसी। कोटिमा
होरांशीधरहममारक । हियणापुनयालकर ॥ पहे
साथैलेस्यायापासममारक || तवममणाशातनोतिष
इमक है ।। मोनैकालयिस्खासनहीलगारक || सिमकारब
दिक्षालेस्य सही। अराजापिग साथैहवाईतयारक।
१४८ सती ॥हिवणयंतकुमरनेतेहनें ॥ पवन जीयो
सैछएहयो वायफ ॥ अम्हे चारिचलेसुषयरागसु । तर
वंतकुमररोयोधणोतायक ॥ पररानवेसानोमोटेंमंडार
सु॥ वसम्समाजानणापवनजीरायक ॥ पाग्यालेर
वंतवमरनी। ती होलिधोसंगमसपदायक ॥१४६ स.
मासमासषमणकीयोपारणो ॥ सरीरसुपायदुरवलवरी
कायक ॥ तीनारीनसाझाखदीसैनूनुई ॥ एल्योहाचाया
घणीविदनाायक ॥ तीसुमनावरागसु ।। प्यार चाहार
पचखोकीधोसंथारक ॥ कषलग्यांनउपायने ॥ कर्मतोरि
गयासक्तिममारक ॥ १५. सतोनैसिरोमणचसयाली।
ग्रयाग्रथ १०.. ॥ इति ।।
BH
थीवखासतौरोरास
॥ सपूर्थ
主本主去圣书本书本去接路路路路老店古法克苏吃盐去:
प्रों नमः
॥ सियाय लिख्यते
(ढारत) जगदारीनंदनगुणनिलोर (एदेशी) फायारेमा
याकारमौरे ।। संध्यारंगसमान ॥ पिमहकमें पिरजायगारे
घंजलीबलभिममानोरे ॥ १॥ धरमसदाघरो ॥ घरमते
उतरेपार ॥ धरमसदाकरो (चाकणी) मिमपंछोतर
निसवसे रे।। प्रातसविड़िजाय ॥तिमएणीवकायायिचरे
थितपूरेनर हायरे ॥ २॥ घ० ॥ जीवदयागुणवेलड़ीर ॥
तुमधारोचित ॥ असतवचननधिमापियर वोसमधारय
नितरे ॥ ३ ॥ ३० ॥ विनदीयनविकीजियर ॥ कचनभि
पनिनहाथ ॥ पंचविसपत्यागीयेरे । तोपावैशिवनाथोर
४॥ ध०॥ परिग्रहममतासषितजोरे ॥ समताकरसुप
होय ॥ इहसिप्याचेतनवरे ॥ मतविसरोनरकोयरे ॥५
घ. ॥ इति सिधाय ।।
(दास) जयवंताकी (देवी) पासीउदरअवतर
नरमाणीरे ॥ जायेपालीघाप ॥ सुनजानीरे ॥ भुलोमत
संसारमें। न॥ मतफरनोफोरपाप ॥सु. ॥१॥ जीव
दयागुणयेलहीन. | घरजोधिप्तमभार ॥ सु०॥ पट
फायामतिपालिये ॥ न•॥ पंचमहामतघार ॥२ सु.॥
क्रोधमानमायातलोन ॥ सोमनफीलिगार ।। सु.॥
FFERREFERRESSIFFEREFREETENT
(८२)
मनागोरोगम।
Fittitutti.hiCERNEatti
धाग्यादोखामोजोमोभगी। चारिरले देउपरमपपावन
१४७ सती० ॥ जयगयकवणाभनी।। कोदिनर
होरांचीधरहमझारक | हियणापुयालकह ॥ पई
साथस्था यापसलमभारक ॥ तवजणाशतत्रोटिन
इमक है । मोनैकालयिसासनहीलगारक | सिमकारर
दिक्षालेस्थ सही ॥ अराजापिणासाथैहवाछतयार॥
१४८ सती० ॥ विहगावंतकुमरनेतेहनें । पवननीयो
जैकेएइयीवायफ ॥ अम्हे चारिचलेसुषयरागस
वंतकुमररीयोघणोतायक ॥ परराजवेसानोमोटेमंडाव
सु॥ वसन्तमालाचजणापवनजीरायक ॥ पाम्यार
वंतवमरनी। ती होलिघोंसंगमसुपदायक ॥१४८ स.
मासमासषमणकीयोपारणो ॥ सरीरसुपायदुरवसकरी
फायक ॥ तीनारीनसामाखदीसैलूनई ॥ इल्यांहाचाया
घणविदनाायक । तीतमनाषेरागसु ॥ थारपाकार
पघस्वीकीघोसंथारक ॥ केवलग्यान उपायन ॥ कर्मतोरि
गयासहिममारक ॥१५. सतीनसिरोमणचंजणानी।
ग्रंथाग्रष १०.. ॥इति ॥
HABAR
थीभवणासतौरोरास
॥ समूख ।।
HERE
PattiDEEEERINNERState hat प्रो नमः MHARATAHARIFindiमम्मा hta 1 N नि ॥ सियाय लिख्यते। जालिये यियगुन तही मो (ढाण) जगदारनंदनगुणनिलोरे (ट- लतपभावना याकारमौरे ॥ संध्यारंगसमान ॥ दिन मापने पावोभव चंजलीजतमिमजानोरे ॥ १ अर कारिमा॥पिरतन उतरेपारर ॥ धरमसदायगे (T थिरनहीतिमरमणी मिसबसे रे॥ प्रातसविरहिम साहसुपसाखता। तोम थितपूरेनरहायरे ॥ २॥ ध सनतासुद्धकौनिय ॥ पावैन तेसुमधारोधित ॥ असत ॥ इति सिचाय॥ मित्तरे ॥ ३ ॥ध० ॥ णया (एदशी) चलचितव गनिजहाथ ॥ पं रिध्यांम || निनपटकपटपोलिये ४॥घ• ॥ पि होय ॥" तूमतधूकरमाणियाएसंसारप्रसार वा॥ सारथोपरिवार ॥ तूम.१॥ तन घ० ॥ मागसमान ॥ धिमकमेपिरजाय तू. ३॥ पालातरणारेष्टनम - तरपोयक । पहुकरसीपछि नये ॥ नहिंछुटेगोरेरो पाटेरेकीय ॥तू°५॥ · || चेतनतासुघ । इति सिचाय॥ TIEEEEEET T- (८४) मिनाय। FEELttattEEEEners अदत्तादानचोरीतगो । न• || परियिषयविकार सु•३ ॥ परिसरममताशेटयान | समतासुकरमीत सु०॥ मोहनयीको न०|| साधनश्री पिरीत ४ ॥ इमदुपारकरनीकरे न०॥ धगधनीयमगार । सु. पेतनतासुहहोय ॥न ॥ पार्यभयनापार । सु॥५॥ ॥ इति सियाय॥ (ढाल) नणदलनीदेगी) गिल्वागुनगुगदेवनो॥गुरुस मचयरनयोय ॥ साहिव ॥ मूरप पंडितकरे ॥ गुरुकिर पामवाहोयसाहिब ॥ १गि० ॥ गुरदीयोगुनदेयता र सुपावैज्ञानसायि । अहनिसगुरुपदसेवीयै। अगमेवाचे यान ॥ साहिब ॥२॥गि०॥ गुरुविनधरमनसूझतो ।। गुप पताधर्म ॥साला जीवाजीवविचारना॥ गुरुसु पावैमर्म सा० २ ॥ गिः ॥ सूत्रधरघसिद्धांतनो । घावगुरुपरसाद सा० ॥ गीतारथसपणनकहे ॥ नफरेंवादविवाद ।। सा०४ गि ॥ अषगुनपरिहरगुनग्रहो ॥ सुगुरुसीपममस्ताय ।। सामसहारीगुरदेवकी। चेतनलागेमाय॥ सा. ५॥ । गि० ॥ इति सिमाय ॥ टास) मछितपुरम. (एदेशी) घटकपटषोखोमायो। मसविसरोगुरुकीवाणी ॥ घरषरमत होमोमाई। मिलमा तमसुपरचेताई ॥ १ ॥ ममें रतिराम्यारा॥ तमतमानें कन्यारा | जामहटसु दिखदेषो। पापचापसदा पषो ॥ २॥ परमंगतकोछोड़ीमाया ॥ फिरमपिपामत, पाकामा ॥ मातपितासुतमिनदारा ॥ सपखारषोपरि, यारा ॥३॥ धनगोयनधिरनाहिरहे॥ निमफरनुसी नीरव ॥ षाजस्तकरधोलीजे॥ गिरयागुरुकीसयाकी) HERE 钟uran成由中中中中中中中中中中中女 4 सिधाय। 本站立,主虫虫主宝蓝连窗密銷的魏书密定在主虫害密密密密 मै॥३॥ तपजपकीमहिमाभारी ॥ मतविसरोकोदूनर नारी ॥ प्रातमसियाजोननगाये ॥ सुचचेतनाअविचल पाये ॥५॥ इति सिवाय ॥ दाल) मगनीयनमगकालाहो ( एदेशी) नारीनेहनि यारियै ।। भारीमको कर्मलासर । चितचोषग्रतपालियै सौलसमोनहिधर्मसालर ।। १ ना• ॥ अपलछनचयगुन भरी।अनच चपावनदेहलालरी। भूलनकोलेप्रीतडी ॥जो चाहे सवगेहलालरे॥ २ । ना० ॥दानसीयलतपभायना मारगमुक्त कच्चारखालरी । धरज्योचितमापने पावोभव नोपार ॥लालरे ॥३ना०॥ तनधनजोयनकारिमा।पिरतन लागेवार॥स्वालरे ॥ जिमजुलिननधिरनही|तिमरमणी कोप्यारतालरे॥४॥ ना ॥ भोचासुपसाखता । तोम ततजियसीत ॥ स्लासरे ॥ चेतनतासुद्धकीजिये ॥ पावैध विचलनोलस्तासरे ॥ ५ ना० ॥ इति सिच्चाय ।। ढाल ) करमनछुटेरेप्राणिया (एदेशी) चंचलचितष सकीजिये । थिरमनकीरध्यांन । निमपटक पटपोलिये उपनकेवलज्ञान ॥ तूमतचूकैरेप्राणिया ॥एसंसारप्रसार मातपितासतनंघवा ।। सारथकपरिवार ॥ तूम.१॥ तन धनमोवमकारिमा । सन्धारंगसमान ॥ पिनकमेपिरजाय गा ।। धृांधवस्तारेजांन । सू० ३॥ पाखातरुणारष्टइमे तूमहिचेतराप । तौणोपणतूंरेपोयके । यहुकरसीपच्छि ताप ॥तू •॥ हसिहसिकरमनवाधिये ॥ नहिंछूटेगोररी य॥ धापकियाफलपाषसी ॥ घबरनवाटेरीकीय ॥तू०५॥ जोसुपचाईरेयातमा तोसमतागुनधार ॥ चेतनतासुध होयकै । चालेंसकतमझार ।। सू• ६ ॥ इति सिधाय ।। 李军军军军军军装的极度的督军事军军空军军军军军里器 (२२) टाuttiMHARAममा क ॥ (८) मिजाय। ENREtatits.ttartment दाल) अतजिनंदसुमीतही (एदेशी) छोहिबाब विकारको । मतकरमोहोरीकोसमाविषयनरा चिया ॥ तमाहोटुरगतनोटुसकिं ॥ १छो• | सीखसबू 'णामानयो । जिहानायटोपावेहोपात्रामकि इसमय परभवसुपमहे ।।जिनमेगाहीकरमोंकफटकिं॥हो. मदनमलोजगजानिये । तिन्हगीतोहोममताकरिदूरविं समताप्करिणीतडी ।। मनगमताहोपासपपूरकिं ।।। छो० ॥ तनधनजोयनथिरनही ।। मतभूलोहीमाधीसंसा रकिं ॥ इहसुपजानोफारिमा॥ फिरनाहीहोमानमय तारफि॥ ४॥छो । जोनहितचापको। वेपोहोचप नोसधिकोणकि । चेतनतासुधकौभिय। तवपावतोपवि चलसिवरामकिं ॥५॥ छो० ॥ इति सिद्धाय ।। दास्त• (जोहोकीदेशो) जीडोनगनसकरलीविय जीडीपीसमतानीर ॥जीदोमायाममतापरिहरी॥ बी होमममेंरायोधीर भविकलन धरमसयकसुषकार ॥१ जीडोपालोमनपचकाय ॥मीझोटालोविषयविकार ॥२ म.॥ मोहोनीपदयामिसपाजिय ॥जीहोसुखमयादरबान जीचोयसतषचमनहींमोतिये ॥ जोहोमसलेपदासादान ३ ॥भ०॥ जीडोमैथुनपरिग्रहपरिसरो॥ बोहोरानीभोग नटार । जोशीतपनपसयमकीजिये। जीपावैभवनोमार ४॥म.॥जीहीचे तमसासुथहीयफ जीतोपचेचवि चक्षथाम ॥ जीसोडसिप्याजोमनधरै॥ भीझोपायधनु भवमान ।। ५॥ म•॥इति सिवाय ॥ ढाख ( खलनाकीदेशी) अठवचननविमोजिम । मठ मेंदोपचपारमणमा ।। झुठेकोचादनीं ॥ साचातरी *++r++
--
सिवाय ।
EstatitatistirtLERATRITERNE
पारललना ॥ १ ॥ ॥ निहाजावनरअठहा ॥ पावड
अपमानललना बोलयथाग्थत्रीलिये ॥ तोहोकल्यानल
लना ।। २ मा क्रोधमानमायाकरे ॥ झूठालोमीठोयल
लना ॥ तेहनोपजसलोकमें। तेजानेसड़कोयललना।
शाम ॥इहभवपरभयसपनही झूठादुरगतलायललना
मित्रापरिहरमाणिया ।सुपपावअधिकायललना १४.
सुरनरइंद्रसेवाकरें। अगमवाधनामललना ॥चेतनतासु
धकीजिये । पावैश्वविचलधामलखना ।। ५ । म ॥ इति
सिधाव॥
ढाख) भोलहाहंसाविपयनराचीर (एदेशी) नरतुम
समझीचापाघापमें । परसनतकरटूर ॥ निनघटदैपोसुधे
घातमा । उपनेंतुषभरपूर ॥१॥ न० ॥ धादिअनादिनि
गोदेगीवाडा ॥ भमियोकालबनत । पुरवपुन्यउदेमानवम
यो॥ धूकमतगनवंत । रन०॥ तनधनयोवनसत्तुपका
रिमा तूनिहमननांन ।परमातमरापोनीतही ॥जो
तूहोयसमान ॥३ न०॥ जयरामपावैयापसकपको ।तीनों
वेदमिटाय ॥ अभयसुखतुमपावासाखता ॥वसिकरिमन
पचकाय ॥४०॥ फिरनहिमगमें चायप्रापिया ॥ भवभव
कटुषमाय ॥ अविचलपदपावसुधचेतना । घन्तरघ्यानल
गाय ॥ ५॥ न० ॥ इति सिध्याय ।।
दाल) चापाहमूतयणगारणोरे (एदेशी ) टेकनछो
डोपुन्यको निरपोप्रापसरूपरे (चतुरनरापरसंगतनधि
कीजियहोशास्त्र ॥ निमघटकपटपोलिय॥देपोप्रगमचनु
पर॥ चतुरनर) परमपुरुपपरमातमाहीलाल ।१॥ पचम
हामतग्रादरीर । पालोनिरतीचाररे॥०॥ जीवदयाचि
王宝出生率军军半空空军对說該說些零零差率军军男军军绍
(c) मिनाय । . तधारियेहीलाल ॥ असतवचननविगोलिमर ॥ बामदार अपार ॥ ॥ अटतादानोगतमाशलाम ॥२॥ घिपययिकारकुनोतियर ॥ पंचांद्रीवसमान ॥चाप रिग्रहममताछोडियहोणालापंचमतमनमेंधगैरे। तो नसुपततूजानरे । घ• ॥ अष्टप्रयचनमातामलीला ॥ तपघपसयमसाधनार कीजैमनवचनकायरे॥प. सुरहोयनिनधातमाहीलाल ॥ पावेसिवरुपसाखतार भवभवकेटुपनायरे ।। च ॥ घानदमंगलकपणेहोसार ४॥इसियानरमानियैरे। सदगुस्याहसमभायरे॥ चेतनतासुधकीजियहोलखि। घरमकरोनरनारियार ॥ दुपसंकटसविनायर । च. ॥ सुपसंपतिविजससदाही जास्त ॥ इति सिद्धाय ।। दाण) सनेहिकीदेवी) ठीकरपोभनमापनो ॥चंचव चित्तनिवार ॥ सनेही । ध्यानकरोनिजमातमा ॥ एवं सरूपविचार ॥ सनेही ॥ १ ठी• ॥ मीजीटुविधाकोरिते तीनोघरमसमात ॥प्यारक पायपरिइरो ॥ पांचविषन सुषटाफ ॥ २ ॥ ठी•॥ पटकायाप्रतिपालिये ॥ सुजम वादरजांन ॥ स. ॥ सासविसनकोत्यागिये ॥ जगवाध वान ॥ स. ३॥ ठी• ॥ पाठोमदनविराषिये ॥ बाम दोषचपार ।। नवसीयलसुतामणी ॥ विपास्लोगरनार ।। स. ॥ ४ ॥ ठो• ॥ दसमोधर्मसदाधरो । साधनकीर रीत ॥ चेतमतासीयके । अषिचसकीजैमीत ॥ स. ५॥ठी ॥ इति सिधाय॥ दाच) बटनपने दना एदेशी) होशोमति संसारमेंडयारी॥ धिरम' VEERENEFTERS R सिनाय । (८८) htttttttENEERIERRIAttretarina खो० ॥ सात पतासुतप्रधवाझंवारो॥ यनितासहपरिवा ररी ॥ इंधारीलाल ॥ एसविसारथीमानियेडंवारी ॥ कोइनचालेवारर ॥ इंवारीलाल ॥२॥ हो० ॥ तनधनयो वनकाग्लिा॥हुंवारी । सन्धारंगसमानरे।हुबारीलाल पिनरक में पिरजायगा ।। हुवारी ॥ समझी आपसुजानरे हुवारोताल • ॥३॥डो॥ त पजपसंममशीजियै॥हुवारी नेमघरमचितलायरे । जवारीलाल ॥ तोतुखपावैधात मा०॥ हुवारी ॥ जनममरनटुपणाधर ॥ हुवारीलाल ॥ हो०४॥ फिरनधिजगत्रवतवारी। पावैधविचस्त धामरै ॥ हुषारीलाल ॥ चेतनतातुबाहीयकैयारीसार यातमकामरे ।। हुवारीखास्त ।। ५॥ही. ॥ इति । सिचाय॥ (दाल) धनराढोला (एदेशी) दाजघरमकरलीनि यैर ॥ खडगक्षमाचितघार ॥ मननामान्या ॥ मोहाली जगजानियैरे ॥ तिणसुतमतिहार ॥ गुननागेहा ॥ १ इंसफरोजुइमोहसुरे॥ जीतीतोसुपड़ोय ॥ म॥ भो धारभयमेंपरे । सेनानेसजकोय ॥ गु० ॥ २ ॥ पुन्य उदैभियनीतियोरे ॥ मागेमोहमियोत ॥ म ॥ मोचन गरमें आयकर ॥ जीतैबैरीसात । गु० ॥ ३ ॥ कोवलपद वीसंपरे॥ विलसेसुपश्चपार ।। म ॥ निरभयरूपसुहा मणोरे ॥ सिवदीधरनार । गु० ॥ ४ ॥ अविचलली लातेहरे ॥ भोवकरदिनरैन ॥ म. ॥ चेतनतो यापकोरे ॥ तोपासपचेन ॥ गु० ॥ ५ ॥ इति ॥ सिवाय ॥ (दाल) मोतीडाकोदेशी) नागानावनागाणाये भरमSINESENTERTI (१३) MARREEEEEEtact
(८८)
हिमाय ।
Attitattituttamodaalat
तधारियहोलान ॥ असतवचननविमोमिमरे ॥ सानदीप
अपार ।। च ॥ अदप्तादानोगतजोहोलान ।।
विषयविकारक नीतियैरे। पंचद्रीवसथानर ॥षा प
रिग्रहममताछोडियहोवालापंचमुमतमनमेघरोर ॥ तो
नगुपततूमानी ॥ ॥ अष्टप्रवचनमातामलीडोसार
। तपशपसयमसाधनार कीजैमनवचनकायरे॥प.
सुरहोयनिनग्रातमाहीलाल ॥ पावसिवसुपसाखतारे
भवभवकेदुपजायरे ॥ च ॥ यानदमंगलऊपजेहोसार
४॥इसिष्यानरमानियैरे ॥ सदगुरफहसमझायरे ॥च.
चेतनतासुधकीजियेहोलाल ॥ धरमकरोनरनारिमारे ।
दुपसंकटसविनायर ॥च. ॥ सुपसंपतिविलसंसदाहो
साल ॥ इति सिहाय ।।
ढाल) सनेहिकीदेशी) ठीकरपोमनचापनो ॥ चंचल
चित्तनिवार ॥ सनेही ॥ ध्यानकरोनिनपातमा ॥ एक
सरूपविचार ॥ संमेडी ॥१ ठी• ॥ मीजीटुविधाकोड़िये
तीनोंघरमसमाख ॥ प्यारकपाय परिहरी ॥ पांच विषय
सुपटाफ ॥ २ ॥ठी ॥ षटकायाप्रतिपालिये। सुक्षम
वादरान ॥ स ॥ सासविसमास्यागि। बगवांध
धान । स॥३॥ठी• ॥पाठोमदनषिराषिये ॥ सारी
दोषपपार॥नयमेंसीयतसुहामणी ॥ तपास्तोनरनार॥
सः ॥ ४॥ठी• ॥दसमोधर्मसदाधरी ॥ साधनकी
रीत ॥धेसमतासहहोयो । अविचलकीजमीत ॥ स.
५॥ठी ॥ इति सिध्याय ।।
ठा) हँठमवरपनदनाङ्गवारी (एदेशी) डोसोमति
संसारमेंझंवारी ॥ घिरमनकीध्यानर वारौक्षात ॥१
平军军军军事辩年军军政治的母女
सिमाया (21) 法法出海盗出金五本法主將费的出遊注本站书虫书法走出去婆 ढाल ) रामचन्द्रकेवाग । चम्पामौररहीर ( एदेशी) थिरमनकोजेध्यांन । चलचितटूरकरौरी ॥ तोपासपपू र॥ मायाममतहरोरी ॥ १ ॥ईहसंसारमतकोया यपरोरी ॥ दानसीयालतपभाव । निश्चचित्तघरोरी॥२ निजघटनिरपोचाप ॥ प्रातमरामपरोरी ॥ परमातम मीत ॥ करमनकानसरोरी || ३ ॥ कोज्योधरमविचार । पुन्य पोपटरोरी॥ दुरमतकोजदूर ॥ विपयाँ पापड रोरी॥ ४ ॥ इसिम्यामनधार ॥ घटविषम्यानमरीरो॥ चेतनताकरसुदभवनलबापतरोरी ॥ ५ ॥ इति ।। सिच्याय॥ • ढाल) रसीयाकीदेशी) दानसीयलतपमावसदाधरो जिनसुपायहोपार ॥तुम्यानी।। क्रोधमानमायासहपरिक्ष रो।। लोभीयांधहोभार || सुज्यांनी॥१॥दा ।। मोर ममतनहिराषिये ॥ चापियसमताहोनीर ॥ सु०॥ चंच लचपलाचितनितत्यागिये॥ नितमनकीनेहीधीर ॥ तु २॥ दा० ॥ तनधनजोवनजानोकारिमा ।। पिरतनलागे होवार ॥ सु० ॥ जिमकरघंनुलिनीरवईसदा ॥ विषयसु पदीछोटार ॥ सु० ॥ ३ ॥ दा. ॥ थिरमनध्यानकरौ निजमातमा ॥ घटपटपोलोहोनाज ॥ १० ॥ मनमनरंग नभननकरमको । धरमसंसारकोकान ॥ सु. ॥४॥ दा० ॥ निरभैपदसिवसुपनितसाखता ॥ अविचलपाये होरान ॥ सु०॥ चेतनताचितसुधकरलोनिये ॥ तौर हैतरीहोलान ।। सु० ॥५॥ दा० ॥ इति सियोय ॥ टाल) दीठी होप्रभुदिठी० (एदेशी) धरयोहीभविध TEREFERTREAMINEERFEERIFIELHI (c.) सिमाया Attititi.poorna घिरपदयोऽन्ये नरपाये ॥ सामिाणीवप्पारामाग। मोहनानीयथागजोधमकेतुमचेतीभार |तोपाप्रति चलठकुगाई ।। सा० ॥ मो॥१॥ क्रोधमानमायातम दीजै ॥ लोभलहरकोसननकीनै । सा० ॥ मो० ॥ दान सोयलतपभावनाभायो ॥ अगमगोचरलीलापायो। सा० ॥ मो० ॥ गिरुयागुमकिसिमामानो॥ तनधनजीव नकारिमानानोसा ॥मो०॥ बालतरुणहमनमअनंता अन्तकालसमझोगुनबंता ॥सा ॥मो० ॥३॥ नोवववतूपा पसंभारे॥ निजघटकेपटपोलनिहारी॥ सा ॥मो• ॥ दि व्यनैनपातमदेपै ॥ अभिन्तरपरमातममेपै । मा.॥ मो० ॥ ४॥ अलपत्ररूपीसाहिबमेरा ॥ पारनपायकोई सरा ॥ सा० ॥ मो० ॥ चेतनतोसुधफीमेमाणी॥ मतवि सरगुरुजनकीयाणी ॥ सा. ॥ मो० ॥ ५ ॥ इति ॥ सिन्याय॥ (दास) निरषिभिरपितमर्विषने (एदेशी ) सनधनयो बनकारिमा ।। जासनलागेवारभविकमनसांभरतो.॥ मादिकाखममतोफि॥ महिपावैभवपार ॥ मषिः ॥१ पूरषष्ठम्य उदभई ॥ पायमानयदा ॥ म० ॥ उत्तम जैनधरमलती ॥ परमातमसुनेह ॥ म ॥२॥ प्रविण खचातमसुषमिक्षा उपचठमषम्यान ॥भ ॥ फवसा मशिसुरकर ।। जिनकीन्होमिनध्यान ॥ म ॥ २॥ घरमसुफसदीयध्याममें ।। सुषपावैभवपार ॥ भ०॥ पा रिसरौद्रपरिहरी ॥ तोछूटेमंसार ।। भ० ॥ ४ ॥ सुगुरुसी पमनमेंघरो। नरनारीचिसजाय ।। भ• ॥ चेतनतासुध कीजिये ॥ भवभवकेटुपनाय । म• ॥ ॥ इति सिचाय + REMER
सिमाय ।
StattEHARELtta
सौयलतपभावनाजी॥ उफममारगच्यार ॥ चेतनतासुध
कीजियेजी । ती पावैभवपाररे ॥ जि० ॥ ५ ॥ इति ।
सिवाय ॥
ढाल) जेपभजिनेखरखामी ( एदेशी) पापकर
मतजिदी प्राणी ॥ पावैभवनोपारजी ॥ पुन्यउदेनरजन
ममोपायो ॥ मतभूलोसंसारशी ॥ १ ॥ पा० ॥ दानसीय
लतपभावनाभावो ॥ मुक्तीमारगयारणी॥ पंचमहावत
सुद्दे पालो ॥ टालोदूखनबढारनो ॥ २॥ पा० ॥ सर्वो
वकीरप्याकीजै ॥ मुखमयादरकायजो ॥ निरपनिरपध
रनीपगदीने ॥ करुणावंतसनिरायमी॥३मा०॥असतचट
सामथुनत्यागो । अम्हयतमनधीरजी ॥ परिग्रहमच्छोम
मतनरापो॥ चापोसमतानीरणी॥ ४॥ पा० ॥चेतनता
सुघकरनीधार ॥ सारैमातमकाणणी ॥ गुरुजनकोसिया
मोमानें। विस्खसअविचलरामजी ।। ५॥ पा० ॥ इति ।।
सिद्यार।
HERARMER
ढास) सुनिमनसरवरहंसली (एदेशी) फरसग्रीव
सगजपद्यौ ॥ ढोवैवभारोर ॥ ग्यानहोनबहोलतो
फर्मरूपयहचागेरे ॥ १॥ फ• ॥ रसाट्रोजिल्हातणो॥
मीनहरेनिअनागोरे । सेतुमजीतोमाणिया ॥ परमातम
गुनजाणोरे ॥२॥ फ• ॥ भमरसुवासे लोभियो ॥ धर्माण
इंदौरसमातोर ॥ दुस्ससंकटप हुपायतो॥ कमजमिलेजव
रातोरे ॥ ३ ॥ फ०॥ यांषनरससुमलें ॥॥ दीपकमा
पतगोर ॥ कुरंगणवयरसमोहियो । सुरनादयिम
गोरे ॥ ४ ॥ फ• ॥ इकाइफइद्रीसेवते ॥ पावटुष्यअनंत
SEEEEESHI
7
(८२) गिनाय । Patttttt.it.itaramarstitiati रयोनिजघटग्राम ॥ प्रातलशोभनियातमराममहामणा जी ।। करयोहोभविकरयोगंतरध्यान || पायसीसयिज्यू पावैमनभावणाजी ||१|| परसु सोभविपरगतकरि मीत ॥ नानोहोभविजानीकायाथिरनदीजी ॥ विणको भविषिणसे मुदगलरूप थिरनष्टीहोमविपिरन होईदेप्याकहोनी ॥२॥ भग्मे होभयिमग्मेकालयनंत थबकेहोभविश्चयपुन्यउदैभईनी ॥ उत्तम होमविउत्त मनर प्रवतार ॥ टुरमतिहोभविदुरमतिसहदरेंगईजी ३॥ यानंदहीभविनानंदउ पज्दाचाज ॥ विलसे होभवि विस्तसैसिवत्तुपसाखताजी ॥ अविचनछोभविअविचलपा यौराज ॥ फिरनहीशीभविफिरनहीनगमेधावताशी ।। ४॥ सीधेहोभविसीधसकतमगार || पंचमझोभविपंचम गतपायेपरेको ।। तनहोभषिचेतनताकरसुद्ध ॥ कारि नहोमविकारिजसहुअवसरभो ॥ ५ ॥ इति ॥ सिधाय॥ ढास्त) मायीवाणीहितकरीणी ( एदेयो) नरनारी सहचेतियणी ॥ मतविसरोनिलकूप ॥ दिव्यनयनसुदेपि यैषी ॥ प्रातमराम भनूपरे ॥ निषदा ॥ बापामापनिशा ल ॥ निरपनमतपासरे ॥ जि० ॥ मतसपटेलगजालर जि. ॥१॥ परमगतनतिकोनियनी ॥ कोमातमध्यान तोपावै परमातमानी ॥ उपके वसम्यानरे ॥ वि• ॥२॥ जीवदयाचितगपियनी ॥ सप्तनकड़िय वैन ॥ अदत्ता दानचोरीतमोजी ॥ पायातमचैनर ॥ जि•॥ ३ ॥ मम्ह प्रतमितचादरोमी ॥ त्यागोधिपय विकार ॥ परिग्रहमम तापरिरीणी ॥ रात्रीभोगनटाररे । जि• ॥ ४ ॥ दान PREETIRENTFFERICTERIMENESENTERNERAL Rituti ॥
सिधाय। (८५) ENTREENETISASTER यैरे। कोनातमकाम ॥ चेतनतासमकोयोरे ॥ पाये अविचलपामरे ।। मांणो० ॥ ५ ॥ इति सिवाय ।। ॥ HERE ढाल) सुगबहनीपोयहोपरदेसी ( एदेशी ) मोहमम ततजिदीजप्रांगौ ॥ समतानिजमनाणीरे ॥ इस पुदग लकोसंगनको । निमघटश्चातमलोरे ॥ १ ॥ मो० ॥ परवसनीवरतलपटाइ ॥ तपदुखसहतोभाईरे ॥ तनधन मोधनमालपजाना ॥ सन्धारंगसमझानारे ॥२॥ मो० ॥ मातपितासुतबंधूदारा ॥ सारथकै परिवारारे ॥ इहसवते राकामनन्याये। आपकीयाफलपावरे ॥ ३ ॥ भो दानसीयलतपभावनाधारी ॥ धर्मदयामतहारीरे ॥ निश्चलष्यानएकमनरापो॥ भागमवचनरसचापोरे ॥४ मो० ॥ सुगुरुसीयमानोनरनारी ॥ तीमावैगतसारीरे॥ चेतनतासुपचापसमालो ॥ पचमहायतपालोरे ॥ ५ ॥ इति ।। सियाय ॥ ताल) कोइलोपरवतधुधलोरे लो ( एदेशो) योगमत नचितधाग्यिरेलो ॥ दूरटतेदुपददरे ॥ भविकभन । म पतपमजमसाधनारेली ॥ कीजैसनमानदरे ॥ अविवाजन १॥ यो ॥ पचमहावतपालियरेलो ॥ साधुकोाचार भ० ॥ पहिलोबतसकफीमियरेलो ॥जीवाजीवनिहारे भ. ॥२॥ पटकायाप्रतिपालियरलो॥ सुक्षमवादरशान रे॥म० ॥ मपावादनहिवोलियेरेलो । मतदाता दानरे ॥३॥ यो ॥योथोवतचोपोकरीरेलो ॥ पंचविपय सुपत्यागरे ।भ ॥ परिग्रहममताछोडियरलो ॥ लोभ सहरसु भागरे । भ० ॥ ४॥ यो० ॥ समतासुपसाख KEENE Etatest पिशाय। (८४) witthartaRRIERIES antrik तोरे ॥ पंचयिपयसपपरिहरी । चेतनतासबसतो ।। ५ इति ।। सिद्याय॥ दाल) गापुरोरलियामणोरेलाल (एदेशी) पोलय थारथयोस्लियेरेलाल ॥ लागें सपा प्यार || सुपकागरे । इहभवजसकीरतवधेरैखाल ॥ परभवमुकतमनार ॥ तु पकारीर ॥१॥ वो.॥ असतवानिसुहामणोरेलाल ॥ कोकिलक ठरसास्त ।। सु० ॥ भापासहकरयापनीरलास पंचमहासतपाल ॥ सु० ॥२॥ वो. ॥ क्रोधमानमायात जोरेनाल ।। लोभलहरकरटूर ॥ सु० ॥ देवधरमगुरुसेवि यैरेलाल ॥ उपजेसपभरपूर ॥ सु० ॥ ३ ॥ वो• ॥ राग पनर्षिकीजियेरेलाल ॥ एफसरूपनिहार ॥ सु. ॥ नि अषटकपटपोलियरेक्षाल ॥ कीजैग्यानविचार || सु० ॥४॥ मो• ॥ प्रातमध्यानसदासुपीरला ॥ परमातमगुनमान सु०॥ चेतनतासुद्धहोयरेखाल ॥ पायधयिषलवान ।। सु.॥५॥ बो० इति सिचाय ।। ठाल) कपूरहोयअतिउजलो (एदेषी) भषमवमम तोगविहार ॥ सापचौरासीरूप ॥ मोनहितैपापक है २॥ सोपावभवकूपरेप्राणी ॥ भूलेमतसंसार (मांकणी) : दानसीयलतमभावनारे ।। धरलोचित्तमभार ॥ ध्यानघरो निनमातमारे ॥ मत्रजपोनवकाररे ॥रमा॥क्रोधमानमा यासमोर ॥ लोभल हरकरदूर ॥ पचमहानतपालियर। उपजेंसुपभरपूररे।। प्राणी ॥ ३ ॥ जीवदयागुमवेल हीरे। असत्यचदत्तात्याग ।। मैथुनपरिचाहछोहियैरे।। मनमैरपवैरागरे ॥माणी• ॥ ४ ॥ सुगुरुसोपसुनशीणि FFERENT सिद्ध्याय। HEETHERMEE जयनोसिप्य ॥ चेतनकई होखाल सिं० ॥ ५ ॥ इति ॥ सिधाय ॥ 17,4- बौदाल) कनककमलपगलाठवेंए (एदेशी) विपयावि सननिवारियैए । सातबिसनकरदूर ॥ मविकमन समिती ए। जूबाया भपपेरिहरीए । मदपोनरकर। भविक जनसामलोए ॥ गनिकागमननकीनियेए चापेट कबहु पाप चोरीतलोनग्नारियाए ।तभिपररमनीयाप भ० ॥ ३ ॥ विसनविलुघामानवीऐगानायनरकममारता भ० ॥ सिवमंदिरमावामणीए।तनियविषयविकार। अ । ३ । जीवेदयागुनवेलडीए । उतारेभवपार ।। पंचमहायतचादरोए ॥ पालोनिरंतीचार ॥ भाट इहसिप्यानधारियैए ॥सारव छितकाजामा चेते नाचितचेतियए । पावअविचलरोज गाभा इति ।। सियाय ॥ दोल) घालायकीदेशी ॥ घुमिषसमान ॥ राग मतयान | पाछेलाल ॥ धर्मदयाचितरापियेगी । पचमहायतधार पालोनिरतीचार। वारसास्त ॥" संतवचन विभापियनी॥१॥ चोरोचदप्तादान ॥ लोभ तमोगुनपान ।। आई ॥वीनदीयेली नहीणी ॥ जो चाइसियाम ॥ तोतनियेसुपयाम ॥ प्रा. ॥ विषयमलो नाफै हीजी २॥ परिग्रहकीर्जदूर ॥ सुपरपजेमरपुर घा तिपनपसंजमपपकरीजी ॥ कायसकतपचपान । थिरसनकीध्यान ।। ग्रा० । समतानिममनमेंधरोमी।। ३।। चंचलमनवसधान ॥ सुगुरुवचनसुनकांन ॥ या." पोलियोमहामणोजी | मायेनरचयतार ।। घरकतूम FREEEEEEEEEEERAL (२५) TI (41) गिधाय। StatEREtRATARATSELINE तारेलो ।। पावैयविचलधामरे ॥ भ॥ चेतनतासशीय करेलो ।। सारातमकामरेभ. ॥५॥ यो' इति ॥ सिधाय॥ ढाल) गिगवारगुणतनतनों (एदेशी) राग पनाह कीजिये ।। परिहरजमतामाया ममता करमीतीडी वसिकरमनवचकायारे॥१॥ ग. ॥ तनधनजोवनका रिमा ॥ करजजिनिमपांगीरे॥ पिणइया नेपिर जायगा पुदगल धिरनरिंभागीरे ॥२॥रा० ॥ मातपितासत धया ॥ धरपानीपरियागरे। एसयखारघोसगे ॥ फोन भासोलारारे ॥३॥रा ॥ मगविपतराफोनही ॥ तुं एकाधीशलार || जोत्रीनशोचतिया ॥ मिरनमिम इथलारे॥ ४ ॥रा ॥ सीपसुनोनरनारियां ॥ सुगुरू वचनममारे।। चेतनतासुदहोयके ॥ रागद्दे पनहिरा परे।। ५ ॥ ग. ॥ इति सिद्याय ।। ढात) थारामोपांचपरमेहमभूकेवाजली होलान । एदेशी) खोमण परकरटूर ॥ परि छोडियोलाल ॥ तीपासिषवास करमवघतोरियडोवाला।। क ॥१ लोभते टुरगतमाय ॥ बगतकापियाहोतात ॥ज ॥ प्रतिक्षोभेडोयहाण ॥ सागरदप्तवाणियादोलाल ॥ ॥२॥ लोभनफोसिगार ॥ धारमतियोशे खान ॥ या ॥ पदसमगुण्ठान ।। सोमयीफिर पडोहीलाल ॥ लो ॥ ३ ॥ शोभमहारिपुजान ॥ सुफ तमगरोफिया होतात ॥ छ ॥ माजेजेशीय ॥.. तिनविटोपियाशेजात ॥ तिः ॥ ४ ॥ पिचपापाय धाम ॥ सदामुपालाम।। स ॥ पाचकटचिपि, EPTETREENSINEERIES सा सिनाय । (e) भयोमानपरानवंतरे ॥ ३ ॥ सा• ॥ विनयकोजेगुरुदेवकी सीखीयेचागमग्यानर ॥ मनमसफल होयधापनो ॥ जोक रेत्रातमध्यानर ॥ ४ ॥ सा• ॥ इहसीषसुननरनारियां दयाधरमनि तपालरे ।परमपदलहेसुदचेतना ॥ नित होयमंगलमाल ।।५।। इति ॥ सिवाय ॥ ठान ) पिछीयानी), घरेप्राणायामायापनिहारिये मतभरमेसंसाररेप्राणी ॥ शांतिसरूपहीयेवसे ॥ एकच्या नचितधाररेप्राणी ॥ १॥चा. अरेमाणीटमेहेनहिं सुझाती ॥ एतोचघरमवातरमाणीं ॥ प्रापनदेपेकानको संगरहेदिनरातरीमायो॥२॥ ची ॥ घरेप्राणी तुझमें हेतेराघनी ॥ नझियहगाहोनीमारी।। पटपटपोस्लोदे घिय ॥ जोड़ोयेपरवीनरेमाणी॥३॥ मा० ॥"बरे प्राणी सिरसरूमीनीषहा । ग्यानहटसुदेपरप्राणों ॥ विनदेष चीन्हेनहो । अलपचरूपीभेपरेप्राणी ॥ ४ ॥ प्रा.।। रेप्राणोदेनमसुपतिरमंचमे ।। नरकनिगोददिपायरीमाणी लपचौरासीमरमियो । घटघटनामघरायरीप्राणी ॥५॥ या ॥ परमाणीसोबञ्चरुपीमानिये । पुदगलबंधनपाप मायो । पापपुन्य दोयाधिया ॥ सुपटुपछलगायरेमा ॥ ६ ॥धा० ॥ घरमागोवंधनछोडोनीवको ।। सिद्ध सफपीधाररप्राणी ।। पापागवनमिटाईये । चेतनरतरे पाररप्राणी ॥७॥ घा० ॥ इति । ॥ सिधाय संपूर्ण ॥
106) सिमामा t तहार ॥ धा• ॥तोपायमनभाषयोघो।४ ॥ नविचार ॥ मतभरमेंसंसार ॥ तमामेतिरानी। तनतोग्राम | मतकरजोकोपापा उपसंपत्ति पावैधणीजी, ॥ ५ ॥ इति । सिमाव ।। दाल ) नदीनसनाकैतीर ठरेदीमपंपिया [एमीर कायामतिपाखदयाचितमेंघरो॥ सुभमवादाजाशिवा यतादरो ॥ प्रथवीकायनोजीवजगतमामि ॥ परी जौरवायवनस्पतिमानिये ॥ १॥ एवं द्रौपावरमानच जनकीसुधनही॥ पितोचउरिद्रीपंचएकसकायावती। जीवदयागुणवखसदामनमेंरपो॥ पंचमहायतपासमपात केसुषसपो ॥ २ ॥ भूटनपोलियैवैनप्रदत्तनलीविय ।। चोरोमेमडपापविषयमहिकीजिये । परिग्राममताकोड सुमीसमतागहो॥ निरपनलेघाहार ॥ सचममेंविर हो। मनषचकायासबकरोषतपालना॥ थिरमनकी ध्यानचपतचितटावना ॥ मकरमोकरसापचलेसिवमाम में चिषिश्चलपायवास। परमपदनाममें ॥४॥ इसिमा नरनारसुनोमतियोधना कीत्रातमग्मानप्रभिन्तरसोष, ना, पायनिनषटकपसरूपसुहामणा ॥ तमसाकरता अति मनभावणा ॥ ५॥ इति । सियाम || - ! 1)सिनिनएफसमवीनती (एदेयो), साधनेच खाल ॥ या न्य। पंचपदमोजपामरी ॥ परपरिवारसवसा पहोशीस्तान ।। पासुतामरः॥ १ ॥ सा• समधनजीवन तमगरोफिया होतापाएकोयरे ॥ मुलमतिरसंचार तिन्हनविटोफिया होलापपरे ॥३॥सा.) पपररासोग धाम ॥ सदामुपग्हालारानी ॥ चपरदेपुन्वनिधायक, HTTTEEETTETमार - सा MES
सिधाय।
(e)
选车违法本法生生车主越的密封的车主违法本法在
本站
भयोमानवगुनवंतर ॥ ३ ॥ सा• ॥ विनयकोनेगुरुदेवकी
सीखीयबागमम्यानरे । मनमसफल होयमापनो ॥ जोक
रैमातमध्यानर ॥ ४ ॥ सा ।। इसीपसुननरनारियां
दयाधरमनि तपारे-परमपदलहरुबचेतना ॥ नित
झोयमगलमाखरी ।। ५ ।। इति ।। सिचाय ॥
ढाल ) पिछीयानी), घरेप्राणीयापायापनिहारिये
मतभरमसंसाररप्राणी ॥ शातिसरूपहीवेवसे ॥ एकध्या
नचितधाररमाणी॥१॥ धा ।। अरेमाणीपट नहिं
सम्तो ॥ एतोधचरनवांतरेप्राणी ।। 'प्रापर्नेदेपेकानको
संगरहेदिनरातरेप्राणी ॥ २॥ बागा 'श्रीमाणोतुझमे
तेराधनी ।। नहिममेहगाहोरमाणी।। घटपटयोलोदे
षिये ॥ जोहोयेपरबीनरेप्राणी ॥ ३॥चा० ॥ अरेमाणी
सिहसरूपीजीवहा । ग्यानदृष्टसुदेपरमाणों। विनर्देष
चीन्हनही ।। घलपत्ररूपीमेपरमाणो ॥ ४ ॥ प्रा. अ
रिमाणोदेवमनुपतिरखरमे ॥ नरकनिगोददिपायरमाणी
रूपचौरासीभरभियो । घटघटनामघरायरमाणी |1||
मा० ॥ परेप्राणीनोवञ्चमीजानिये ।। मुदगलबंधनमाप
रेप्राणी ॥ पापपुन्य दोयवाधिया ॥ सुपटुप यसगायरमा
णी ।। ६॥ प्रा० ॥ परमाणीपंधनछोहोनीयको ।। सिद्ध
सरूपीधाररेमाणी ॥ यावागमनमिटाईये । चेतनउतरे
पाररेप्राणी ॥ ७॥ घा० ॥ इति ॥
॥ सिद्धाय संपूर्ण ॥
FRESENTATEREFETEEFTER
(१९.) धर्मपरिका artistsittiOLIGOREGtt - IT - - - J ॥श्रयधर्मपरिवासियत ra - गुरुसमजगदातानही ।। गुरुविनजातनहोय ।। अनि सिदिछितफलें ॥ पापपंकसपिभोय-॥ धामारगवान तां ।।समेंनहींगमार पासारपस्मामको ॥ उतरणा यभवपार ॥२॥ गुरुवायोमिसतारहे। किहालगिकर षपाम । मनवचकायावसकरो चेतनहोयकल्यांन ॥३ दानशीलसमभाषना । इपच्यारोजगमार ॥ इहवयाधर्म रायको। सुणिपदयविचार ॥ ४ ॥ । दाल) जगजीवनमगाम होए ( एदेयो) चंपामगर सुहामणी ।। फिरलगिकविशार स्वासरे।।।। चपा.॥ तिहारकसनियर प्राविच ॥ अवधमानमरपूर खाली ॥,एकाकोविचरेसदा ॥ तपनपमें निमसूर ॥ खाँ तर, २ चा नामविमफखरचारपो।। चायनगरम मार-॥ ताल मासषमणाकोपारणे ॥ खेयोसुहमाहार साजरे ॥ ३॥ १० ॥ ममनीविचरेगोचरी सुइया हारफान ।। जावर । व्यायकक सुगोसाघुमी ।। सपाक रपिराण || लालरेट व चौमासोप्रभाकीजिये जोषदयाननलाय ।। लालर ॥ हितमानृमुनीसरहा ।। चेतनसिपसुपपायको सासरे ॥ ५-m Fo-+14 धर्मपरित। (१.१० 医生在挂车车主在车主在密的樹林法排出娃娃生在葛 चोमासोममिवररचाथावकसुणोषपान ।। धरमदेस मादमुनी ॥ धर्मतउपळग्यांन ॥ ६ ॥ घरमसमो नश्विातहा। धरमसमोनदिमौत ॥ घरमकरोरमारि या ॥ कटमरनकोमोत ॥७॥ दाल) धर्मदयाकरोप्राणीया ॥ तमनरमवपायेरे। दानसीयलतपमावना ॥ "कीनेमनषचकायेरे । ॥ ८॥ धर्म । कामक्रोधेमदपरिहरी ॥ समताननमें भामोरे इसंसारमै कोइनपना ॥ धूचितमनानोरा ६ धर्म मातपितासुतकामणी | सारथसवकोहरे॥ मादिनचायुपूरोभई ।। रोपनसके कोईरे ॥ ध• ॥ ईन्द्र नरिन्द्रसगिया । अच्यतेनासीर ॥ पापकरेंनरकादि कपामें। धर्मकरीसिषयासोरे॥११॥ध० ॥ देवधरम गुमसेवियै ॥ मातहोयछुटकारोरे ॥ मनयचकायथिरके राषो । चेतनहोयमवपारोरे ॥ १२॥०॥ दूहा ॥ देह देसनासुमिरची ॥ चतुरसुन्योदेकांन ।। थावकएककृष्टी तो बोल्योधरिष्याम ॥ १२ ॥ करजोरथावककहें परनसुणोमनिराय ।। सष्ठीपगमेंरोमया। ताकीकरोउ पाय ॥ १०॥ दाल) कपूर इति (एदेशी) वसतोसवसुनिवर करे। सुणवायफममलाय ॥ कर्मनीकोई कर भोगे धिमकिमणायरे ॥ प्राणीधर्मकरतोय ॥ गोरनचालको यरे (प्रयोकर्मकरी होय) सपदुषसषकर्मकरीरे ॥ हिय हेषिमासीनीयरे । प्रा. ॥ १८ ॥ थावककरलोरिनेर भाषेवचनरसात ॥ थोगुरुकिरपाकरोर ।। तोगाविसकस बंजारे।। प्रा.॥२. तुमजगजीधनमगधणोर। तुम EEEEEREIGRIFFEREEEEE: (२१) HA
धर्मपत्रि।
去法本法法之立法之立法主
जगतारमहार मेहरकरोसेमकभनौर सीमोनी
वाररे । मा॥ २१ ॥ कृष्टीकोममुभिलोरे। बोर
गरिवनिवाब | चेतनकोलमजपरे ॥ दवाबरीष
रानरे ॥ मा० ॥ २२ (दुहा) मुनिकोममायो।
इकउपायछेए॥ तीनवसाजिनजीतिया ॥ सामिया
उदेश॥ मा. कचनकायाहोयगो।।। टुपजायसवदूर ।।
मैनबंधकायावसकरो ॥ सुसउपभरपूर 11
'दास (चौतमकष्टसमारोजाय ॥ कोयाब
फएउपाय तवावकरदनकरपले मारगजातमी
गस मिले ।। २५ ॥ नासु मिलेंसोटुरदुरकरें। तबमाब
पाछेकोफिरे ॥ फिरपाछेप्रायोमुनिरकनें। वासोमि
खेसोदुरफहमने ।। २६ ।। सुनियरकोषसोमंतकार तो
नमसुजोतासोपर॥ उनसेनापमिलोतुमधाम ।), सुफ
महोयसवतुमरीकाम ॥१७ तबकुष्टीपूछेसीसनेवाय
फोनदेसउनकोसनिरामी अमुनामप्रकासोउनपेचलो ।
गुगमतापजीयमिता ॥ २८॥ मुनिवरशीवचनहलास
कासीदसहितिनकोषासामावरमरायनाममनभाव ॥ मनक
चकायावसकियोराय ॥ २८ (दुहा) सुसतनवाला
स्टमिटगीचंगकलेस, दिनाष्टमारगयोता, प्रजचे
फसिदिसtu दैबोमगरसीलावती ॥ काजमपुमो
यात ॥ चटाषिचनमामि सूरपसाभरात
टोलोसुणवहनीप्रीउपरदेशी ( एदेगी). पायान
गरविवथाकोठी । पासीहाटसायचोदी याकामग
कानिट्रांधा सीयर हितलाई १- प्रामा ।
मोहनि,
मिनरसविधर्मसणापासवेता सायरी
拜拜年
C
धर्मपरिष। (१.३) ॥ तेमूलगमाये ॥ जागेसिवसुखपावैरे ॥ ३३॥ सा ॥ इहा यापकसूतोनिचंतो ॥ धर्मसदागुनवंतोरे ॥धर्म रायट्रका नमेर हतो ॥ उदरपीरदुपसहतोर ।। ३४॥ या ॥ हर एकरैननवाई ॥ धर्म दूकानबढाईरे ॥ भावनिनमदिर सेतो ॥ दीपकमिहानविहतोरे ॥ ३५ ॥ पीरपणीस त्योधर्मग्यानी ।। स्त्रीभेदनजानीर ।। घागेचचरिणछोय पणेरा॥ चेतनचेतसवेरोर (दूहा ) रुपवतीतियराय को ॥ यांनपुरुपसुप्यार घर्घरातजस्वोतिया ॥ तमच्चायोतेषार ।। ३७॥ रंगरसफहयातहो । मुनष्या रोहितांन । गृहमरेड्फकान ।। हरतदेउरतिदान ।। ३८॥ दाव) मंछितपुरनग्रादिनमो (एदेशो) प्रेमविस्तू धोमेनारी॥ निपटकपटसेषिमचारी। धिरनडी चितमप नोरा ।। मिथयावचनसदाभाषे ॥ ३६॥ औरलेई मन्दिर धानी ॥ निजप्रीतमसूतोनहिमाली । भलिंगविछाईमद माती॥ इफपायापडियोपियछाती॥20॥ यांकासनम मुख्यारे पछरतीनघसौत्यारे।। कपरपेठरमेनारी॥ परपुरपस्फरेयारी॥४१॥ कोनहिंमानेमनलाने । पि पापरहेनहिंछाने ॥ पियहिऊपरग्पपाया ॥ धानपुरुष सुकरमाया ।। ४२ ॥ घरमरायसूतोदेषे ॥ - सुभध्यानमे मोनमयेपेषे ॥ इकतोपीरउदरभारी ॥ दूजेंशियविचष लिकाहारी ।। ४३ ॥ निजपतनीकर्मकरे ॥, धर्म देषेमन मानधरै ॥ एतोकफियापावे।। बिनभोगेकहोकिमजावे ४४ ॥ कोसकोदोसनहीदी। झूठीमायाकोनपतीजै ।। तनधनमोवननहिचपना ध्यारदिनाकोसवसुपना ।। ४५ ॥ भातपिताभगनीमाई॥ वटायटीकुटंबलोगाई ॥ 将军军空军军军军战岁钱的按军军宏军军军军 接好报 (१.४) परिणा *** सारथकोरासमनाता | मानवलेबोमजनपिपाता। ४६॥ धरमदेषपायसिम्या। मातहोयतबसू दिया किन मनमें भावधरमलाये | दरमौरपदूरपलाये ॥16॥ सुषउपजीदवसबभागा । निटिबामनवागा बनव पकायायसी । चेतनमनस दिपायोगा। ४८॥ टूडा) धरमरायसमध्यानमें ॥ बहुविधकारविचार ॥ प्रा तहोयदिप्यालेउं । प्रतपालोनिरधार ॥ ४६ ॥ मनव कायावसकियो । घरमरायसुभध्यान चागेपरवरी योतासुणदेकान॥ ५० ॥ सोरठा) पारपासोरात मारउठतियपासते ।। रासक्रीडाकरणात । ममन्दिर आपने ॥५१॥ कामपिरहोजोसोय ॥ पियहिजपरपर्ण गघर ॥ पाससमेंबर होय । उठोपियासषसेनत ।। ५२ ।। दूसा) मषनषोदेविया ॥ पियरपखंगपाय ॥ बता कम्पितमरीती ।। सपतेयोलन जाय ॥ ५३ । - ढोख) स्वक्षनाकी (एदशी) धरमसुमधानमै । महिमोसमुभवात । सलना ।। मन्दिरतिपायवारये।। कु टोलगायोगातखाना ॥१॥ धर• ॥ घरमरामकरेत इसु ॥ किमतामचंगखमना ।। मासकहोरियषोपर्व माधौतमसमरंगलममा ॥ ५५ ॥ धर• ॥ कुष्टीकरप्रभु सांभलो ।। तुमसमभगमतीकोषकसमा ।। कुष्टरोगगमोमा हर तुमसनजल धोयमलना ॥ ५६ ॥ धमधनसाधु मुनीरा ॥ निनदोनोउपदसमसमा ।। भावमिस्सीसबस पातही। मेयोचगकोसलखना ॥ ५७ । घरमकमुनि फिहापस ॥दरसनकोजायललमा । भाववचपान गरी तिहाधाएमभिरायजलना ॥ ५८. सर्वमा PREETEE 钟志孟连击击出去在劫部战甚么 धर्मपरिषा titi.ittETERIERasttitty तवाहिपोलके ॥ मुनिराप्योमोहिलाजललना ॥ चेतनको सुपलपजो ॥ मेघरकीयोजिनराज ॥ ललना ॥ ५८ ।। वर० (दूहा) सबविरतम्सय पीकाकयो । धर्मसुखाचित लाय ॥ धरमकथाहमानिये ॥ चेतनकवनोय ॥६॥ धर्मगयनयभापोया ॥ सुणचावकमोहिबात || दिप्याले उमुनिपरकने॥इचालोंतुमसाथ ॥६१॥ हाल ) चौपईकी) कहेश्रावकचलोमिनाज । सुफ लहोयसवतुमरीकाम चंपानगरचलेतयगय ॥ अष्टटि नाम पजचेयाय ।। ६२ ॥ शिहाबैठेसुपरपसार ॥ जि नकलपोजिनवरसमजान ॥ धरनदेपवाद्यासुभध्यान !! ६३॥ हाथजोरकहेंधमराय ॥ चारित्रपालामनयकाय झापाकरोसयकपरवाज ॥ दिप्यादीयोमुनिराज ॥ ६४ भावघारिषीमुनिवरमान | दिप्यादीउजनसुइचान । चारित्वलेधमकिरियाकरें ॥ तपनपम नमवतभादरे । थितिपूरीतवमएसणकियो ॥ सुकतपन्थकोमारगलियो असोसमझपातजिनधर्म ॥ कहे चेतनलागेनकर्म ॥ ६ ॥ दूहा) धर्मटयानपिशाहिये ॥ धर्मसदातुपदेत ॥ धरम करजेप्राणिया ।। तेयावसिषषेत ।। ६३ ॥ कथासरसधर्म गयको ।। पूगेमयोसुभान ॥ पडेसुशोभायसुतकोहोय करवान ॥ ६८॥ संपतअढारतोसमें ॥ यासोसुदिसुभ मान ।। ग्यारसदिनविषारको ॥ चेतनकीयोवपान ॥ ६६ नगरचइमदामादम ॥ कथाकियोसपसार ॥ जेनरचित दसामले ।। सेचतरीभवपार ॥ ७० ॥ हाथजोरसिरनायके चेतनलागेंपाय | भुम्लुप्चू कनोवातमें । सेपमदोननिराय में ७१ ।। इति चोधर्मचरिषसम्पूर्ण । (२०)
मिटाये।
SATithttLA
語法本出出出主体在站长
।। दुसरी सिधाय स्निग्यते ॥
थोत्रादिनाथादेनिनवग्वाटी ॥ सफलमनीग्धकी
जियेए ।। परभातउठोनमंगलिककामे ।। सोलसतोनाम
लीजियेए ॥ १ ॥ वालकुमारीजगहितकारी ॥ प्राइमी
भरतनीवेनडिए । घटपटव्यापकपक्षररूमे ॥ सोलमती
माहेमेवहिए ।। बोहयस्तभगनीसतिवसोरोमणि ॥ सुन्द
रीनामेऋपमसुताए । अकसरूपीचिमुवनमाहे ॥ मेकप
नोपमगुणजुताए ॥ चंदनवालावालमनाथी ॥ सोलयतो
सुघधाविकाए ॥ उड़दनेवालोवीरमतिलाभो । केवलल
हिमतभाविकाए ॥ ४ ॥ उग्रसेनधुवाधारणिनंदनि ॥रा
जमतीनेमषनभाए । योवनकामनोजौती ॥ सनमले
इंदुरस्तुमाए । पांचभरतारीपारवनारी । द्रुपदतनयाय
खापियेए । एफसोचाठचौरपूराणा ॥ सीलमहिभातसु
भागियेए॥६॥ दसरथमृपनीनारिनिरूपम ।। कौसल्या
कुक्षचद्रिकाए ॥ सोकसमणीरामममता । पून्यतशी परि
नालिकाए ॥७॥ कोसभिठामेसतामिक्षनामे ॥ गन
करेरगरामियोए । तसघरघरन्पोषगायतीसत्ती ॥ सुरभ
वनेजसगाभियोए ॥ ८॥ सुलसासाचीसौलनिवाचीराची
नदिविपियारसेए । मुपहोलोसापापपलाये। नामसेता
मनटवाइसेए ॥ ८ ॥ रामरघुघसीत हनौकामणि ॥ बनक
सुतासीतासतिए । मगसहजागोधीवकरता ॥ अनलसी
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सिधाय।
(१.७)
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तन्नथयोसोलथिए ॥ १० ॥ कांचेतातणचालणिवाँधी।
कुवाथकीजस्तकाडियोए ॥ कलंकउतारयासतोसुभद्रा ।।
चंपाधारउघाडियोए ॥ ११ ॥ सुग्नरवटितसौलम्रपडित
शिवाशिवपढगामनिए ॥ मेहनेनामेनिरमलषये ॥ व
लिहारीतहनामनिए ॥ १२ ॥ हस्तिनागपुरीपाडग
यनो॥ कूतानामेकामनिए ॥ पांडवमातादसयटसारनी
वेहिनपतीब्रतापदमनिए ॥ १३ ॥ सीलवतीनामेसीलय
तधारणी ॥ निविधेतेइनेवंदियए ॥ नामजपतापापपुला
ए॥ दरसनदुरितनिकदियेऐ ॥ १४ ॥ निरपंतानगरीन'
लनरिंदनी ॥ दवटतीतसगेहनिए । सकटपडियासील
मराप्यो ।। दिमुयनकीरततेहनिऐ॥ १५ ॥ चगमिता था.
नेशगजनपूजिता ॥ पुष्पचुलानेप्रभाषतिऐ॥ वीरविख्या
ताकामितदाता ॥ सोलभिसतिपदमावतिऐ॥ १६ ॥ वी
रेदापीसास्नछेसापी॥ उदयरतनभाषरुदाऐ।। प्रहठठी
नेजेनरभणसे ॥ तेलसिसुषमपदाऐ॥१७॥ इति ।।
दूहा) सासणनायकसमरोये ।। मनवंछितसुपदाय ॥
राजूलकवीसीक। सुणज्यौचितलगाय ॥ चितचली
योरहनेमनोदेवीरानुसरुप ॥ दृष्टान्तदेनेरापोयो ॥ पह
तोभयालकृपा
ढाल ) राममतोमवीनहो ॥ सुनियरमनवलीयो
तुर ॥ थोडासुपने कारनेहो ॥ मु० ॥ क्यूबारनग्भवफे
र१ ॥ सूणतूसाधुणीहो ॥ मनीवरमनचलीयोतघर ॥ १
पंचमहायतमादशाहो ॥१०॥ मेरुणितरोभार ॥ वमीया
रीबछाकरोड़ो ॥ सु. ।। घुगधारोक्तार ।। सु.॥ मु.
चि. ॥ वैरागमनपालन हो ।मु० ॥ लोधोसंजमभार ॥
美军军军军军军军军军军牌的组织的联军军军牢牢牢牢牢牢牢
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J - - - 1 - । - (१.८) मिलाय। PREttttttitik अबकायरहोवैफिनुहो ॥ मः ॥ देवपगईनार ॥ ३ ॥ सु० ॥ मु० ॥ चि० ॥ गनपंथने शोजनहो । मु० ॥ Ear मारगमतमाय ।। इमरतभोजनचापन हो । मु० ॥ अष ककसकिमपाय ॥ ४॥ सु० ॥ मु: ॥ चि० ॥ गमयसवा गछोडनेसी ।मु०॥ परउपरमतस ।। सुग्गतगासुपपाय नेहीम. • ॥ पातालामतपैस ॥५॥ तुः ॥ चंदमाबाल कोयलाफरहो । मः ॥ प्रावोकाटच बुलनुगवावैधराग हो । सु० ॥ ज्यूकाथारोशुल ॥ ६ ॥ सु• ॥ पर फिरसीगोचरोहो ॥ ॥ देपोससन्दरनार ।। हडनामात्र पनोपरै हो । सु० ॥ डिगतानलगतीवार ॥ ७ ॥ सु० ॥ यमीयानवाछोमतीको । सु० ॥ गन्ध गास्नमतिकोय ।। रतनचितामणमायने हो । मु० ॥ कीचमाहेमतपोय ॥ तुः ॥ कुल्लमोटोग्रापातणो हो। सु० ॥ तिणसारमा जोय ॥ कामभोगनेसवासीहो॥ भलोनके इसीकोय ।। ६॥ सु० ॥ गोवालभहारीनारिषोहो ॥ १० ॥ हमालक ठायोभार ।। योभमसूरीश्वरथीयोघो । मु° ॥ नहीमाला सिरदार ॥ १० ॥ सु ॥ अयोरुपनारोतरी हो ॥ सु.॥ वाग्रहश्यासार । देषदेषनसीवापसी हो ॥१०॥ बाप्लोज मारोचार ॥ ११ ॥ सु.॥ मनगमताइंद्रीतणाहो ॥म. सुपषिस्यसैघरमाए ॥ त्याचस्त्रीन्यारीरहेहो ॥ मु.॥ त्यागीफनाभिनराय ॥ १२ ॥ म ।। भावेश्चमणदेवता हो। मु. ॥ नसकुयरनीला त ॥ उपनामेवाम्शानही मु ॥ थारीवितरीकमात ॥ १३ ॥ सु॥ शिहातिहाई, विचरसीहो,,मनगरानैवलिग्राम ॥, अन्नोदपीचि तहोलसीहो। मु. नारीनरकनोटाम ॥ ११,सु.॥ Hot H KE.....
TI सिमाव। (१०८) HEREtRRENTRENERA सहसरीपागरमहीहो। म • ॥ नहोसगैपीनार ॥ कई भुरहाने के ईभरला हो । म • । चत्तीयाजायरासार ॥ १५ स, ॥ ब्रामीसुन्दर विइनडोहो ॥मु०॥ सतीयामेसिरदार करणीकरम गतेगयाहो ॥ म • ॥ नामल यानीसतार १६ ॥ सु० ॥ तीर्थकरवायोसमोहो। मु० ॥ जनमेमोटी सोय ।। बालपणेतजनीसचाहो ॥ मु०॥ बंधवसाइमोजोय १७ ॥ सु० ॥ नागेदुपनीयेलडीहो । सु॥ रमणीदुप नीपाण ॥ इमजागोनचेतज्योहो । सु० ॥ कहीयोहमा रोमान ॥ १८॥ मु० ॥ वचनसुयोराजुलतणाहो ॥ ९० छोयोठिकाणेयाय ॥ घनघनमोटीसतीहो ॥ गईमुगत मझार ॥ १६ ॥ सु. ॥ एटोनु तमन्डयांहो। पाम्पोक * वलग्यान ॥ ऐदोतमुगतेगयाहो । मु० ॥ कौतीहारी ध्यान ॥ २० ॥ सु ॥ सम्यत् (१८) बावनहो ॥ ९० ।। श्रावणमासमझार || चोथमतक पीपाडमेहो।मु०॥ सुद पाँचममङ्गलवार ।। सु० ॥ मु० ॥थित ॥ इति) रहनेम राजेमती ॥ सिधाय संपूर्ण ॥ सुपकारणमवियणसमरू श्रीनवकार ॥ जिणसासमा वागमघवदेपूरबसार ॥इयमन्त्र निमहिमा । कहितानस हेपार ॥ सुरतमिमचिंतितपंछितफलदातार ॥ १॥ सु रदानवमानवसेवफरेकरलोड ॥ भूमण्डलविचरतारीभवि यपकोह ॥ सुरकूदविलसतिसजासचनंत । पहिलेपद नमियेचरिगमणरिहत ॥ २ ॥ अपनरीभेदेसियाम गयत ।। पचमिगतपडताचष्टकरमकरित ॥ फलश्रकल सरुपीपचान तकदेह । सिसनापायप्रग्यमू बोलेपदवलिए ॥ गछभारधूरधरसूदरससिहरसोम करिसारणवारण FFEELATEFFERENIMHAREFEEEEEEEEEEESH (२८) Ram 说法法法法生态法在法点击落主任医生去库,点击主强 (११) सिमाया Ft.itttt.LTETaratttttt गुण छतीसेयोम ।। सुतनाणसिरोमासागरजेमगंभीर ।। तीजेपदप्रग्यमूधाचारजगुणधीर ॥ ४ ॥ सुतघरगुनमा गरसुपभणावेसार || तपविधसंयोगमाघेपरवषिचार ॥ सुनिवरगुणभूतविकडियेउपझाय ॥ चौधेपदमणमूषा निसरीहनापाय ॥ ५॥ पंचायवटालेपालेपंचाचार || तप सीगुणधारोवारीविषयविकार ॥ सयापरमोहरलोकमा हेलेसोध ।। चिविधैनितमणमू ।। परमारथबिनलाध ॥६॥ चरिकरिहरिसायणायणमूतवेताल ॥ सविपापपणास थाएमंगलमात ॥ दणसमग्रासकटटूरटलेततकाख । बपे जिणगुपदमसदगुरुसीसरसाल ॥ ७ ॥ इति । ॥ राघौभोजन सिधाय ।। पून्यसंयोगमामवभवलायो ॥ साधोधातमकाण ॥ विष यारसविषसरिषोणाणो॥ इमभाषेपिनरानर माणिराषि भोजमवारी १॥ पागमवाणीसाभलिकरिने । समकि तगुणसंभारीरे॥ पाणीराभोभोजनधारो० ॥ दानसनान मेधातिमोजम ॥ एटसोरापिनकीने॥ ऐसषिकरवीस रमनीसाब। नीतिवचनसममीमें रेप्राणी॥२॥ पसु पंपोकतमपिणपाले ॥रावीभोजमटाखे। तुमतोमानव नामघरावो || किमसम्तोपनचायोरे ॥ प्रा• ॥ ३ ॥ धम भावीसनेरयणीभोमम ॥ दोषकापरधान ।। तिशका रणरापेमतमीमो ॥ जोडीमियडेसांनर ॥ मा• ॥ ४ ॥ सूफडीनेफरोलियोमाषी ॥ भोजनमानेभावे । कोढ़जलो दरवमनकाराव ॥ एइमारोगउपनावरे ॥ मा. ॥ ५ ॥ छन्नुभषनीवहिसाकरतां । मातिएउपायो॥ योए फतलावभीडयामा । दूषणसुगुरुवतायोरे ॥ मा. ॥६॥ PREEFEREFERTIERREFREETERS tuti सिमाय। (११) tattREATERNITEtattatta एकडोत्तरभवलगैसरोवरफोडया ॥ एकटवदीधेपाप ।। घठहोरभवत्लगेदवढीधा ॥ एकलुषिणजनोव्यापाररे ।। मा० ॥ ७॥ एफसोचामालीसभवलगेकीधा ।। कुपिणज नाव्यापार । कूहीएकफरतकर्दयंता ॥ तेहयोपापनीपोखरे मा० ॥८॥ एकसोएकाश्नभयलगदीधां ॥ फूहाकलंक अपार ।। एकवारसीमखंडयांसहवो ॥ अनरथनोपिसता गरे । मा• ॥ ६ ॥ एकसोनवाणूभवस्सगेसंडया ॥ शील विषयमयंघ ॥ तेवीएफरानिभोजनमी ॥ कर्मनिकाधित पंधर ।। ।। प्रा० ॥ १० ॥ रामिभोजननादीयषणाछे ॥ क तानावपार केवलीकहेतापारनचावे ॥ पुरषकोष्ठिमझार २॥प्रा० ॥ एश्योजागोनेउत्सममाणी ॥ नितचोविहार फरोजे। मासमासपापक्षमणनो । लाभइसीविधतीजेर मा० ॥१२॥ सुनिलावन्यमिएहिसिपामण ॥ साभलजो नरनारी ॥ शिवगतितणांसुषविखसोभविका० ॥ मुशित पाधिकागैरे ॥ प्रा० ॥ १३ ॥ इति ॥ ॥ तमारनी सिधाय॥ मौतमसेतीवोनधे । मेमदागुणनीमाणमेरेलाख ॥ म नमोहनमकतने । साभखचसरसुजाण ।। मे ॥१॥ कंततमाखू परिहरी ॥ छोहोएनोस ॥ मे ॥ पंचमाहे जिमनसतहो। होरोषाधेवान ।। मे ॥ २ ॥ क ॥ तमा खूतेजाणिए ॥ खुरासाणोनीजात ॥ गन्धधणोछेचाकरो सुघोकहेलनवात ॥ मे ॥ ३ ॥ क. ॥ दूधदाहोतेपीजिए वलिपीमिएसाफरपाड़ मे ॥ एतपीधेतनुकसहसे ।। मे• ॥ तमाखूपरिछाड । मे ॥ ४ ॥ कं ।। मोटासेतीयो नवे ।। मनमानायलाम । मे॥ दिनपणए लेनीगमे । MEIRTEREFERENCERSISTERTAINE (११) मिनाय । tariETAHASRIDEATHER विणसाडेनिजकाज | मे० ॥ ५॥ क. ॥ होठसिहाला सारिपा ॥ सासगन्धाएतेण ॥ दातदोसैसामना || fr एडोदाझतेण ॥ मे ॥ ६ ॥ क• ॥ एठपियारीघाघरे। विटालेनिजजात ॥ मे ॥ विमनीवारयानवीरह॥ नगम नातपरनात ॥ मेः ॥ ७॥ क• ॥ ऐक जतला ॥ बाऊ कायहणाय । मे० ।। पसपससमकायाकर ॥ तोजवूई पन भाय । मे• ॥ के० ॥ गुडाखु करिनेपिए ॥ रोनरभूढ़ गगार ।। मे० ।। जननापेनिहावाने ॥ मापीनोहार मे ॥६॥ क° ॥ चौमासामा थुया । तेकिमसुद्दा थाय !! मे ॥ षडवीजसमकायाकर ॥ नवोपनमाय ।। १० ॥ * ॥ धुकेसमूग्छमऊपजे ॥ नरपचेट्रीमीय ॥ मे ॥ एयचस ख्याताशच्छा ॥ योमहापौर जगदीस ॥ मे०११ ॥ ॥ जनमोलोषकश्यापणा ॥ स पसयम नतमे ॥ भोलफूलतिहाउपजे ॥ अग्निप्रमालेजन ।। मे ॥ १२॥ क• ॥ तमाखू मोतायका ॥ ऐछहकाया णाय ॥ म ॥ मोतिघटनय पतियी ॥ सासेदेहगन्धाय से ॥ १२॥का ॥ घहीदोयरतकरी ॥ सैवीचीभग वान ॥ 9 ॥ दयाधरमजाणीकरी। सेयोचतुरसुजागा से॥१४॥ ॥ चतुरचिचारीसमझिए । धरिऐश्वरि तुमध्यानम ॥ वाणन्दसनिमनपरे ॥ तिलईकोड़क ल्याण ॥ मे• ॥ १५ ॥क ॥इति ॥ दौयाकरवलिधूपक्षपे ।। तो फक्तनी कस्तियार ।। पा मौस्यमगवतने म्हवाय ।। तौमाने मनमें रस्सियारे ॥ 'चतुर विचारफरीने दर्या ॥ १ ॥ जियपुमपागेनामलियास : कटपापअदभूतीरें ।। तिणमुरुपारीमन्नटतारै। किणमा 1+1+Har . SITAMARHTEEEEEETITLEHEN Autta
PutattituithuMauttartini.
सिधाय ।
titikitttttETSMARTISEMENT
मायोपूतौ ॥ चतु० ॥ २ ॥ फलामाहे जीवनसताता ॥
भगवतवायकाणारे ॥ फूलचढायामेंघरमपरूपै ॥ अंक
गुरविवाणोरे ॥ चतु० ॥ ३ ॥ करसपणाने बहल
संसारी ॥ यहसरधासावोमानीरे कुगुत्वीदचीवानर
कमावणने । वीजासायलियाजानीरे ॥ चतु० ॥ ४ ॥ देव
लसाम्हापगलामरतां ॥ तेतारोफलवतावर ॥ तौवासवे
लातेलाकरीनें । साताकुणपावैरे ॥ ५ ॥ मतिमालपर
पोछीफेरै॥ सौवासारोघरममाहोरे ॥ सौचौन्धोपर
'पणाकरिन ॥ मानवरोभषपोवैरे । धतु० ॥ ६॥ भगवं
तानवदणनावै ॥ तौसचित्तवलगाफाटगे केईभगवंत:
नानाम नें ॥ सिरऊपरफूलचाठेरे ॥ चतु० ॥ ७॥ प्र
तिमाने फलारीमालापहरावे ।। लषयासारोघरममधाईरे
सोपोटीपरपणाकरिने । दैनरकनोसाहौरे ॥ चतु० ॥
८॥ रातराभूलाधासारापै।। दोहानासूसूलारे ॥ कहो
नेवासाकिणविधरा ।। दिनदोपहरांराभूतारे ॥ ०६ ।
॥ इति सिद्धाय ॥
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(१९४) + यूनागमनिया FERENCitttti - ॥ अथ युढारी ढील लिखते ।। हा) दयाममातावीनवू ॥ गमधरलागुणाय !! पर मानचोवीसमा ।। वाटुसोसनमाय ॥ १॥ कन्धाननमी तणौ ॥ पईसोनलीजैकोइ ॥ यूढानैपरणावतागुशबुढा राजोय ॥२॥ 'ढाल) ईणपुरकयलकोइनलेसी (एदेथी) परदेस सुएफसेटमचायो। घनकमायनेमोइस्लोल्यायो || रुपोवा "नवसपाकरासाय।। वटावालागिणपाछादीया ॥सपरेल गनेसाहोसझाये। घरसारवलेजानघुला ॥ योदवीदरो चायोभारी॥तीनोभोजगचोथोनाई ॥२॥ ढास्त) में इलामयौठोराणोकमलायती॥ (एदेयो) वटीकडेएमातासुणी ।। साभलज्योमोरीमात ॥ रूपीबोरी स्लामाचतोदेषोचो ॥ देसोयूढानेपरगाय ॥१३ साभस्व मोरीमाता।।चवसावटोरोमोरफोनही। मोलकरायोए मातापिरो मूगतागिणायादाम ॥ घातोपरचीथोड़ा कालरी ।। क्यूकरचलसीधारोकॉम ॥ २॥ सा• ॥ १० ॥ मासमोठ्यारएटीसमापनी ॥ मरोडरापैपिताय ॥ रुपी यारोलानवाहोयश्चतिघणो ॥ तोपरदेसाक्युमीजाय॥ सा ॥ ३ ॥ प. ॥ मोटोजवैएमाताहायडौ ॥धीरनान डीयोभरतार । उणरोतोजीवहोरहरपसु ॥ मोटोमय TEEFFEFERENEFFFIEFIT huren . ॥ "दारास। ' (११५) PRETIREETTEERECHALEKAtta भासीदिनप्यार ॥ सा० ॥ ४॥ घ•॥ बारवरसागमाता हायडो ॥ अरसाठवरसगेगलैफास ॥ उणगेतोजीवहो मावेसीचमे ॥ निरंडापारीश्रास । सा० ॥ ५ ॥ सासुससरारोदुषहंसई । सोकरोदुपनगिणुकाय ।। साठ घरससिसीयौठोकरो || क्यों कर काटुनमवार । सा० ॥ ६ ॥ ५ ॥ बूढोतोगतापैठोर ॥ वालकपिणचलजाय उणरीतोपतमाताकोनही ॥ उणरोनीन्दानहीथाय ॥ सा० ॥७॥ ॥ घोलायायानगुगलापडगया ॥ गया जवाहावस कधीतोमाताडिगभिगकर ॥ चाप्यागईना ईपास ॥ ता. ॥८॥ १० ॥ (दृहा) सेठमोद्यायोपरगावा । लेसाधेपरयार ॥ घागैनोलैजा गधा ।। गावैगीतरसाल ॥ २ ॥ प्रायनकर्तगावागमे ।। नीमणरोबार । सपीसहल्यामनचितये॥ चासोदेया वरवोट । नापामारेलालापा? ॥ नहीछेचाप्यामजीस ।। करमपतखावौदणीतणा॥ कोणनैदीनदोस ॥३॥ दाल) ३॥ (चोपनी) वढोबोदपरणीजनावै।। घोडचढीयोनाडाइनाये । डाढीसाररंगकराये ॥ श्रा गलादातनिमरन होचाये ॥ १॥ देपैयाण लोकलुगाई होरासीयेटीनेरापलगाई ॥ कन्यावरनेदेपानाये।। देयो वीदनमुरछाचावे ॥ २ ॥ कन्याने हथलेबोटीयो ॥ पीट गौवेहसुभेटोनीनी ॥ देयोबीनने कुटेछांती ॥ भलोया योवायाशीबूढोडाको । सेठपरणीजघरैमावें ॥ लोग लुगाईदेपर धार ।। सेठभोकरीसपरोकमाई ॥ बहुगुणय तीधारनारीआई ॥ ४ ॥ वलतोसेठजमक| सामलिसुलछणनारि ॥ धरमैध PREFERENTIFFERERESTRICFTETFTFEERIES BAR प - महारासा 1 (११६) httTTENTIRECTET नछचतिघणौ ।। लाहोल्यौतिणवार ।। १ ।। एमंदिरपना लीया ॥ सुपभोगयोस सार । पुरणपून्यपूगकीया जो सिरोसोभरतार । कामणाचणयोलीरहो । मनमा -णीराग ॥ ते सगेपीजोडीमिलीफूटातिसराभाग ॥ ३ ॥ ढाल )-४ ॥ पामजिणेसरमुरणासा ( एदेशी) में तोसुगतीमायापाटी ॥ वैठीपावीन्धीवरवाटो । 'चुस्वाम जावोथारोघीयरयाटी ॥ तीनैदेपनीत कुटु छाती ॥१॥तूतो योलमुढासुबाटो॥ यारापाडूचीफेरादातो ॥ रहतूंरेबूढ लाकाठी ॥ पाछोषोल्योतोसीरसु फोमुलीहाडी॥२॥ दाल ) वीरसुणोमोरोयीनती (एदेशी), साघमीनग, रीसैचाबीया ॥ उंदरसणमयोजायोनी, ॥ पाठपीहर दिनरातरा ॥ मोनैघरमकदनसुहायोगी ॥ मापदैना रीतू मिली) कतलावफोडावीया ॥ - केमेवागवलायाजी पाठपोहरदिनरातरा ॥ काचाफसतोडायानी ॥ या. मपालोनेयजसोया ।। सटोगीसोस्लाथायोगी॥ उदरवि, संमभरावीया n उनारपाणीग्लायाणी ॥ ३॥ पा ॥ दूहा) हाथजोहोनारीक । साभलकंतविचार- पू रमपापमैकीया ॥ तू मिजोयाभरतार ॥ १॥ ठान ) हिवराणोपदमावती (एदेशो) कैमसाघसम तावीया ॥ कैम मासतीस ताई। कमेकूहाकाल कदीया, फैमेविरोषलाया ।। १॥ वातसुपोकतपाछली ॥ कदम लमैपायाषणा । घरमेंदवदोघा । सूसनेईचीतरागनाक् डामकीया ॥२॥ वा ॥ कौर हाफोद्याषणा | मानपंपो एदाया॥ फैलोलारुपबढायोया ।। मनमैदयलगाया ॥ ३ ॥ वा० ॥ कैकामशटुमाण कीया ॥ कापागरमगवाया mamarwarTERPFFERTER R ī - दारास (११) htsmRRAItihast कैभिवाणोढील्यापणा ॥ बालविछोहाकीया ॥४॥ वा ॥ धरमनेमकीयोनही । बहुलोपापकमायो॥ पातापान रेउदै ।। बूढोरपायो॥५॥ वा० ॥ ----- -ढाल) धणीयजयोल्योछकरजोह।।चारमाथारो मोडा सिपरवंदसोहेदेहगे ॥ १॥ भूपानभीषनरीया धार । जिसोनारीनैभरतार ॥ पहराउल्यासौलसिग्ण गार ॥ सुखउनलैसुहागणयाय ॥ सुहागणनारफहाय मोनेमेततूकरजभांड ॥ मोसयालयशासीराण्ड ॥ २॥ ला योकाचलरातोवेस | डोदिससीथारीयेस ॥ नहोजरई हु करतोमाठ ॥ हुतापरणाधीभेदकोडा कुहासेप क्षिप्याकरतार ।। त्ताजोहोनहीभरतार पितासाईना दोसायाम मेपूरयस्लेकौयापार ॥सेठजीवामणीयजसही राजमातइसहीतेकहि ॥ कलहकारिकभियाकीमूल ॥ ध वलामामडसौधल ॥छातीमाधमोहोलीयो पिरणोणता कामनपोटोकीयो । दुपरीटकिणयागनाव ॥ नहोटोसैष रणगीमाय ॥ ४ ॥ दूता) वातसुणोनारीतयो । उठीमनमैझारल ।। भूटा' पारोपरमयोडयौरुषराम ॥१॥ ढाल) ८(यसनोंदेशो) सेठसासुरकनचायो॥ मा होमुनरोकहायो । पाछी प्रासीमकारवाई। दीनीगादी मिछांछ । सेठसासुनैउस्लमोफहायो । थारोवेटोनैसममा यो । धोलेस ढामांहि मोनफाटी ।। मोनैक हेयुढोडाको विनाघुसाईपोहरणार्थ ॥ मनमनितोपरमैत्रावै॥ दिनच द्याचासूतोउठे।। अणसोच्यौनापीच होकूट ॥ केतोरा धेयोचअनुणी । भसकोमरपालतूणौ ॥गेट्यापरीसतीक EFFERE T
11
(११८)
पठारास ।
法生生法主名主密生苦主PRINESS主去土宝主主生产方式
रैतड़काभड़का ॥ पाछोवोलतोमोहवरका । पामीनार
तोपटकैमोटो॥ माछोयोलोतोलेदोसोरो॥ मावर सस
हेवेटो ।। इसहोक्यांहोवैत धेटो | माउंथारागरभमेधाई
उत्तीरुपीयासपितलाई ततोसमामरापोकाई (मानव
सानपरणाई 1 माहरामनमैषभोपानो । पिरतेमा
न्यौदादारोसाईनी ॥ पोय होबोबोसार९॥ जारी
तारणरेपर।
दाख) हमी ॥ करमपरीक्षाकरणकुमरचस्योरे(एदेशो)
वैटोकाइपिताणोसामस्तो ॥ श्रीधीषोटोकांम ॥ मोदवको
नांधीपारमेंमी ।। मांहरागिणायादाम ॥ १॥ पूरोनपंड
सोडोपियारादामसुजो) धारीवेटोवाबाविक हतोष
धक्षागाय सरनदीराण्योतमेसीकोकरोजी ॥ीयोकठोर
माइरोमाय ॥२॥ पू. ॥ संमियामिठाकदेयनजाणज्योती
जैसोसोमलपहर ॥ - रणभवछताहरीठीकरीबी ।
काढ्यौपुग्वलोधेर ॥ ३ ॥ दा• रोयाषावीदिनदसगल
गलीमी ॥ माथेधिोमुजरीपाग ॥ हमाहरैपूठामिशव
स्यांनी॥मतघरोमनमाहिराग ३ | प.-11-:
दाल) महसामपठीराणी कमलायती ॥ एदेशी),
यापक ईवटीसुणो । बोसोनीयोस्वविचार ॥दोहरीतोपास
मोटीकरी, दुपदेष्यातिगवार गुणगायोहबिडीवा
परा)यारपरसारीवरजंल्यायती ॥-अपग्दसान्सरजाय।
सासूनसुसरातोमदुपदेता ॥ कुडनोरेफरतीयारोमाय ॥२
शु॥ भूपगईएथारातनतणी ॥ हंसकरपूजीतेंगोर ।।
गु०॥ रणधमनसागोलाय ॥ पापोतोपाकोदेयोनही ।
दिनोजनमगमाय ॥ B गु॥धनसुपुरोरेवेटाइस सयो
HEFFEREFEERUTमामायाRATHERE
महारास। (११८) 盛密主本连击金本主走左去没密室的主密在书本书本卡在 यारोलाखच म्हे देयोनही। यारागलारोमाईसंस॥४॥ गु० ॥ मनमैतोय तोचतीघणौ ॥ करदीधीनिरास ॥ गु. गुणगा होकाईवापरा ॥ ज्यूज्य पितामीदुपदेषस। त्य त्य देसरासोस ।। गु.॥ दुहा) मायक हेपेटोसुणो ॥ वोलोबोलविचार॥ याप रेसारीवोलती ।। लम्बान हीलिगार ॥ १ ॥ ढाल) माननकीनोमानवों (एदेशो) महारारुपीया भाजील्यायनै । पाल्पायेखोरमाइलो ॥ पागभूखमकाढ सा ॥ गेट्याताजोपायजी (वेटीकमायसाभलो) फाटा फपहातूपहरती ॥ रहतीलोकारीटासज्यी। कपडामह सातसानटु ।। माज्योभारपरसादजी ॥३०॥ पगमेनईती पोसरी॥ नहीविछियारोवासभो । ताहोपडायामाजो वाजना मा० ॥ ३०॥ तरकारीनेतरसता ॥ नही कोपालतोगवनी ॥ वामजीपौवैनितरोराबयो । मा. ३० ॥ छाछमांगानभातूमावती ॥ नहीकोईघालतोया छजी ॥ धोलीटूजेमावारयै ॥ मा० ॥ वे• ॥ यापभाई विसपाहतारहतालोकारादासजी ॥ विमरोष्ठीमावे नही। मा० ॥ .॥ ढाल ) यत्तनो) वुढाननेंरोसमाधै। ईणनैलाता सुधमकायै ॥ देपनयालोगलुगाई | नागेनीचीघुनल गाई ।। युरोहोज्योरेघरगनाई ।। तिरकोनीमाणसगाई पुरवभवकीयापापो ॥ दूणघटिधिमारवायो।। मेंतोयो ठोकरीयकमाई । तरवूढारलारैचाई ।। मनेगोहोरा माग्यांचाता ॥ फिररनेपाछामाता || मारामागनैकठासु पायो । तोसुइथलेंवोमुडायो ॥ पंतसु णी पिरलोचढा 郑军军空军空军军军军此牌照到军军牢牢牢牢牢牢牢军军 Rashit (१२.) पढ़ागम। 盛由主生走在连吃法 先去4:本空 वै। चाप्यायतीलालकराये ॥ नोकसा पररवारे ॥ योगी परणुफेरसुवारे॥ थारीसाठीने युधनाठी ॥ इताचानित टुंछाती ॥ दूनोमणो श्राणकाईजोसी ॥ मारठीमा मीरासी ॥ टाल ) घरणकरो) नवमहीनासंगमान्यामाई॥ दुपदेप्यातिणवारोजी ताताशीतपिटापायन गरभक्षियी प्रतिपालोनी । मासु बेटीउधरपकान हो ॥ सीलवादरी तानेनोसरी ॥ पडदैलेई सुधाणोजी ॥ हाथासुबेटातनेत्री आयती॥ पावतीठोपाणीनी॥ मा•ाा यारोपीया बेटीमेलिया ॥ साल्याछातीमाहाजी ॥ एकदुखरेवेटामा तणो ॥ मममउरणनीयायोनी ॥ मा० ॥ ३ ॥ ढास्त्रचत्तरी) बैटीचनाकरसुगवाई ॥ चितामकरतू वाई ॥ पात्रतरुपीयारोचितल्यावे । तरबूढ़ाने पर थावे । म्हारीवापागजोरमहाले । बेठोरोक धोनचाल॥ भाषी कोढ़यान परणाये। येटीनाकोसलनहील्पाये ॥ चोर म्यानेदीधौ ॥ वैटीकालोकिफिनकोची ।। मलतीपोलेकोठी वाई ॥ पोताफियागरजनकाई ॥ सरपिसहस्थालाई जोडे । मुनेंदेषोम हमघकाडे बरनोनामलीयाज लामु ॥ सपीसहिल्यामेवोजनगान ।।।। ढास) जगतगुरुपि.) वीरोक नहसुगो । एमाल माइरोवात ॥मासपिताइनकिकहताजि॥ लागेचशि जात) वेनहमनरारासनिषार || चामंदीनुचपनारा मातारेगम्भप्राय ।। मातादुप देवापानी ।। फयाकठा लगनायो विगा लोकानकहासुपारी मतसोहीने तान ॥ड भाई बहमहीर म्हारीकंधार मान FETTEFFERINKITAAFFFFER .
बूढ़ारास । (२११) 莲花挂在法定就是指我出游线路本本本金注金由法出 दाल) वैनहफहैवीरासांभलो) वोलोयोलविचारोरे मेवहनतीनही । तोरहतीअकनकधारो ॥ सारथ रातोवीरासोसगा॥हीमांउहीवापली ॥ सहीवडोमा हरीभाईरे ॥ पावणनेमिलौरोटडी ॥ बाप्यागुदीपाछत्रा ईरे ॥२॥स्सा ॥ भाभीसप्टेबोलेनही ॥ देपीमुहमच कोडेरे॥ हावभावजठेहोरया ॥ उलटीकाडे म्हारोपोहो रे॥खा ॥ ३॥ नणदाईजोमगायावीया। सुबडेपो लालरि ॥ लुगाईयानेमेस्लीकरे। देषावाईरीभरताररीरे ४॥ स्वा० ॥ईवालकम्हारीचष सता ।। भग्जीवनमेसारी २॥ रुपीयारीलालच देपीयो । किमकाटजमवारीरे।। खा.॥५॥ मिनपजनमगाइयो। अहिजनमधीरापा ठरे ॥ थेसगलाएकाकीयो ॥ किणकिणकिणानैवीरारोडेरे स्वा० ॥ ६ ॥ ढाल कायारीमाडीकारमी । एदेगी। भाभीकहन णदससुगो । एकामारीवात ॥ घूढारजारमावताडकमै करैदिनरात ।। नणदलयाईसभिलो) १॥ नितनवावागा पारति ॥ नितमषलासिणगार ॥ कुमोनहिकिणवात री॥लोपैनधिकार ॥२॥न । साबरसपुराइसिरह सियाहरीराम ॥ धनमालरहसिमाकली ॥ पैठिय्यौहर मधीयान ॥३॥न.॥ दास्त) बैंगो मुनीमामहरिण (एदेशी) नणदलको भाभिसुनो। मानेंमतकरीभाडहो ॥ थाहरिमायगारो कोनहि ॥ मोनेटचाचराही ।। भाभिकरमतणि मापतपाइये ॥ व सदहलेदुषला। फाधीननापेकोही फन्यामुपथिनाकहे। घरलायामाहरेजोय ॥२॥भा को 錢军驻军军军军军军实实TT种型空军空军空军空军男军 (११) - ARREFERE (१२२) दारास ।' EtattatraMttitute ईजिमखाड्या) कोलूपायाफस फिसपाय हो ॥ पेलारामपदे पने । सुरपक्रमनमाहिहो ३ भा० ॥ दाख) चंद्रावतारी ॥ यावोनीपीयांचितस्याये ।। धापराक्कुलनकालोलगावै ॥ रुपीयाफुसमैमिलनासो । परैमाभोगीकाईभाठापासी॥ नीमामाजोहोनी ॥ १ ॥ रुपीयासेतीपोलोभरीयो । परमेसरसनहीहरीयो।बा पोचागलाभवरोरणाई ॥ म्हाहारामनमनैचापलगाई ।। २॥ जी० ॥ जोडीरोवरन होल्यायो । हीरारंगलपधर एयायो ॥ उरारैपरसामोजो ॥ उठसवारभाजीनैरोवू ॥जो० ॥ ढाल) धरणीमतामेषकुमरने ( एदेशी) हाथजोडी होकतनै ॥ सांभरलोचतरसुजाण ॥ संसारदीसँछसड़ कारिमो । सुणोधर्मरीयांण ( कारजसुधारोहोप्रीतमय रलोकनो) सामायकपरिकमणोहोपोसो ॥ पादरीमवत त्यतिरदम ॥ थावकरात्रतपालोजोमनसु ध । ची तारोचवदेनेम ॥ का० । शोसमसभापदोसुधादरी ॥ यां उमरपाईभरपूर ।। हीयोतोसराहोप्रीतममारो॥ तरी णीषयमसूरको ॥ प्रथूवी पाणी होधगमीचमायरी ।। उपनाममस्पतीमार ॥ नरकानिगीदमेंहोउपनाषरा ॥ का मरणसोरायझोप्रीतमनावीयो ।मफरीयासुबाद याराडकरयरहो ॥ करोमीषरीसार ।। पालफनैपरणी सुतोफरगयोकाक्ष ॥ धूढ़ानपारणीसुहासरीयोकुतराये। २॥ मावारयारका तर्ने । मनमैघरस्पौराग । थारोक्यून हीयिगयो । बेटीरापतस्लामाग। दालयसनी ) बेटोथारमाथारोमोडो ॥ तोनण PREFEEFERSIONERIFFAREERE ॥
“डागस ।
(१२३)
兰在克志在乱流先在帝在位游接强踏踏的路途虫革宝宝这些
विनफिसहीतोही ॥ इणसुहागणपणे ॥ सुधाई सामा
इककरस्युसदाई । माईनयतत्वहिरदैधरस्य ॥ तपस्याने
पोसोकरस्य ॥ घरसारूदानजदेस ॥ मनमान्याकारि
जकरस्य ॥ संवत् पाठार छतीसाणी ॥ मगसरमासए
जाणी ।। चंदपरतिपबपाणी ॥ सुणोकलजुगनीसुणी ।।
इति ॥ वुढाचरिघसंपुर्ण ॥
EentitattaMELA
॥ वृढारास संपूर्णः ॥
PAREEFEN
在实践经理的對军牢牢牢彩宝鉴
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(१२४)
माजोरास।
本店法违宪法连法击
出现
增生法生活生活法純
॥ अथ माजीरोरास स्तिस्यते ॥
बातोनामधरावैमाजी ॥ श्रातीधानधी राजी
रमाणी॥ धर्मकरणनेंगलोरमानी ॥ पापकरणने पहली
रमाजी ॥ धरममताकसेरीरमाजी ॥ पापकरणनंबडेरीरे
मामी॥मुनकरणोनहीभावरमानी वेठीटायरियारमाधेर
माजो ॥२॥ पाछलीरातमागैरेमानी। वासौदान लागेर
माजी ॥कामकरतीनहीथाकीरेमाजी ॥ सगलापहली
माडेचाकीरमाणौ ॥३॥माणीने प्यारादूकडारीमानो घाव
ठंडाटुकहारमाजी ॥ परभवरोहरमुखीरमाजी ॥राध
षषायेमूलीरमानी ॥ ४ ॥ घरमेतोषजसाररीमानी ॥ घर
फागडकलाताडेरमानी । बेठोपुर से भागोरेमामी।षिमीकद
रोयथागोरे ॥५॥ माजीकामदास गालीर॥ मात्रियो
सेवालपपालोर ॥ माजीनेंचरीषुस्वाधीरे॥ राइतामेलु
णपसावीरे ॥६॥ माजीगु वासीपामारेरे ॥ माजीसुघयो
मनमषिगाद्योर ॥ मामीकुभवएणासुभीती॥ माजी
फग्दीधापीहोलोर ॥ ७॥ माजीदीसे डोलनाडीर॥
माजीदानदेवगने चाहीरे॥ माणीकरेहरिरीकसस्तीरे।
माजीछाछजधान पतलीरेमाजीमामागीप्रगसोयोनाना
हरे॥माशोयाउपायलटरे ॥ भाजीपात्रभगीनयोगी
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माजीरास।
(१२५)
EktiSTATREAttitutt
परे ॥माजीभिवारागलामीसेरे ॥ ६ ॥ मानीसवसु
बहकायोलीरे॥ हातीपलारीतोलीरे ॥ माजीयाथव
याचीथरेमाशी ॥१॥ लालचशिवपुन्यपनानीमाजी
सेहथौधरनासगलाराणोरे। मानीपुन्यकोयापहवारोरे
माणेंलिपमौरोचवतारोरे ॥११॥ माजीरचीवसे गादीरे
मामोसातपोतानीदादीरे ॥ माजीदयाधरमरीनेमोर
जिणणायाधरभुनभीमोरेमाजि ॥१२॥ मानीपरमादमैन
हीपसेरे।। माजीसामाकलेवसरे ॥ माजीयोलचरचा
चीतारेरे ॥ १३ ॥ माजीपलिकमणीसुधजोवर ॥ मानो
अतिचारबाजोवेरे | माजीहरीकायसपत्यागीरे॥मा जी
जिनधर्मरीरागर ॥ १४॥ माजीसाचीसरघापार।।
माजीसबसघकीवारी ॥ माजीपाछलीरातरोभागेर ॥
तुमेसुणज्योवाइभाईरे । जिननीसुकरतकरसेएर ॥ से
तीभवसागरथोतरसोरे ॥ १६ ॥ इति ॥
॥ मानीरास संपूर्णः ॥
FEERIES
(५०)
FATीमांमैसि (१२६) माणिक वोवोकीरास । 魔法法去基本法未出生 生日的保险法是先出无主之言。 थीजगत्सेठानीजी साहिव थीमाणिक (देविजीको रास लिस्वते) घेणिकमनचरीमभयो ( एनीटाल) योगुरगोत मपयनमी ॥ सारदमासमनाउरे ॥ इषकीबुधिचपन गुणपुम्बतहिगाऊ रे ॥ १ (पुन्यवंतनरसभिलो ) नि रमलमतीयचरिचोर ॥ पापपंफमिहतैमिटे॥होमवय पविधीरे॥ २ ॥पुन्य ॥ श्रीसषधीजिनभाषीया ॥ धर्मना चारप्रसारोरे॥ मेमाणीनितमादरे॥ तपावैभवपारोरे ३ ॥ पुन्य० ॥ सतयुगसोलेसतीहई ॥ साघमीसाधने कोरे ॥ कलियुगमैमोटीसती॥ माणिकदेसविर्वकोर ॥४ पुन्य ॥ जोतपमतकरणीकरी ॥ प्रतकोधापाणोर ।। हिनीकुणगिणतीकर ॥ गिणतनचावग्यानोरं ॥५॥ पुन्य • ॥ तासतागुणगायया ॥ मनमैक्षधोउकाडीरें। करितालिभपविभहे। सोनभषमोलाहोरे ॥६॥ पुन्य • कणकुलननमलयोसती ॥ बोपनगरेकणदसौर।। कुम कुलमैमाताम्याहीया ॥ सोसयकह पिसेसोरे॥७॥ पुन्य • भरतपेवसोममली ॥ जदीपमझारीर मध्यमेरुनयर सौ॥ लापजोजनषिरतारोरे ॥८पु.॥ मध्यदेसमेदिपतो।व त्यदेसघतिचंगारे । नगरीकोसपीमती नदीवहनांग गारे ॥८॥ पुन्य ॥ पदनमालामहाभई 生军军关于王军军军野的OO有 FFFFFFFFERS ETER " माणिक देविजीकोरास। (१२०) 苦苦主密生主在连击超出政治路主出击连连生主,出去吃晚 रदारोर । नामजयंतीथाविका ॥ मृगावतीसपकारोरे १. ॥ पुन्य ॥ सायनाथीजहांझवा ॥ थावकसाधप विभोर ॥ पटममभुजहाजनमीया ।। कहालगिक परि चोरे ॥ ११ ॥ पु० ॥ तसनगरीपासभस्तो॥ साहिजादप रसारो । निकटय हैगगानदी॥ वासवरनपादारोरे ॥ १२ ।। पुना ॥ सुरपुरयरकी उपमा ॥ नगरनिरूपमदेषा रेनातचोरासीमाविमै ॥ उसवालसुविसपार ॥१३ पुना० ॥ प रणमलप नग्रातमा ।। थायकपरमसुझानीरे गोपयोराणोपरगहा ॥ धर्मवंतवतिदानीरे ॥ १४ ॥ पु. तसुघरणीवरगीसती ।। गुलोबइतिनामरे ॥ ननभग तिदोउंचादर । दिनदिनचढतप्रणामेरे ॥ १५॥ पु. तासकुपसे चपनी ॥ खर्गलोकथोचाईरे ॥ १६ ॥ पुन्य संपतस तरसतीसम । योयनमासदारोरे । कृष्णपक्षए कादसी ॥ मनमभयोसुविकारीर ।। १७ ॥ पुन्य • ॥ नां मकिसोरकुयरधनो । धनीकहियतलावर ।। ज्यो व्यावा घेनालिका । मातपितासुपपावर ॥ १८ ॥ पुन्य ॥ सव गुनसपल छिनमगा। विनयविवेकउदारोरे।। जोगुणति यउत्तम तणा ॥ प्रगट्यतिपधारोरे ॥ १६ ॥ पुना ॥ गतपितामनसोचीयो।कीनेएहनीविवाहोरे । मोर्णा सरिपोयरमिस ॥ तोलोनेस्लछमीलाहोरे ॥ २० ॥ पु.॥ देसमदेसविचारता ॥ बातठीकठहराईरे ॥ पटणको ठीकरी । मेजसहोदरभाईरे ॥ २१ ॥ पुन्य ।। दूहा) नगरसुषसपटणे यसै ॥ उसससिरदार ॥ गोगघिलहाजगप्रगट ॥ दोखतवतदातार ॥ होगनद नरिदसम ॥ मानसड़फोर्माण ॥ सातपुपरी हनप्रगट HEREFERREELKARETREEEEEEEEEEE (१२८) माषिक देविनोकोरास। MamtattKIRALARGEsttttit अदभुतगुणमणिर्माण ॥ २३ ॥ माणोकचंदनरिंद्रसम ॥ चौदेविद्याभंडार ।। लंछनअंगवतीसतह ॥ कामतोत्र वतार ॥२४॥ परदेपत हरपितभए ॥ कौन्होतिलकतिकार करिसजाईव्याहनी ॥ रघीयगविस्तार ॥ २५ ॥ जब गयरथपायकमवल। जनसनपरिकार ॥ लेवगतव्या नचले॥ पहुचेनगरसभार ॥ २६ ।। भागतभगतय गतक री । पुरन मसनवीन ॥ सुभदिनसुभग्रहसुभलगन । व्याहरलीसौकीन ॥ २७ ॥ दानदभिदीएवछत ॥ ननस जनसंतोप ॥ विदाकीएवरकन्यका ॥ भांतिभासिसौं पोप ॥२८॥ धोपई ) घराक्रमपुरपटणे घायीया ॥ मायभागाउम धाई दीया॥ हरयामातपितापरिवार ।। कीन्हेमोश्वन विस्तार ॥ २८॥ गृहप्रविसवरकन्याकीया ॥ दामपणा माचिकाफी दीया दिषिवदनकुलवतीय हु।हरयाणनपरि जनमिलसङ्गं ॥३०॥ दुलहनिपायधरधरजिस ॥ऋद्धिसिषि घरचाईतिस ।। मणिमाणिकमोतीभंडार । सोनापानी नहिपार ॥ ३१॥हाथोघोडामपालघौ ॥ पहलसुषासण नैनालको । दासीदाससमितीतीक । दिनदिनयाधधोका योय ॥ ३२ ॥ पनायतनपगपरस ॥ कौरतवाधीदेसा देस ।। वार्धपुत्रपोपपरिवार । वाधीलछमीवतभहार । ३३ ॥ नरदेहीधरीचाईवच ॥ परतछलछमीभाषेसह ॥ माणिकदेयादीम्हीनाम ॥ अदभूतरूपवतभिराम ॥ ३४ पूरथप नातणेपरमाण ॥ सुपभोगवैसुरेंद्रसमांण ।। माट कगीतसहीतरसाल ॥ नाच नाटकप्रतिसफमाल ॥ १५ ॥ वर्गसनागसुपभोगये ॥ धर्मपार्ज टोट जोगये । पतिमत है। FFEREALIFETEACROREFERENCE THANI 对于结出宝宝在出式对形 安装升研 FEAttttttttEEEEEEEEEMinist: माणिक देविमोफोरास। (१२८) 是主柱式玄克 志在这过就对出去走走主主本过去 नौदोसंबधिकसने ह॥जोचाचकसारदरतुमेह ॥३६ । देस बंगालीउत्तमदम ।। घाएमाणिकचंदनरेस ॥ नामन गरमकसूदाबाद । करिकोठोकीन्होत्राबाद ।। १७॥ ग मापरणाअउमगव ॥ फोमदारसूवानधाय ॥ सड़को मानलकुमप्रमान ॥ दिलीपतिदेअतिसनमान ॥ ३८ ॥ पादस्याहथीफरकसा ह ॥ से ठपदस्थदोयोउछाह ।। मी णिकचंदसैठभएनाम ॥ फिरीदुहाई ठामोटाम ॥ ३८ ॥ देसवंगालाकैरेधनी ॥ दिनदिनसन्ततिसम्पतिघनीमा केपुषसरेंद्रसमान ॥ प्रगटेफतेइचंदसुजान ॥ ४० ॥ दि म्लीमायटिलोपतोभेट ॥ नामपितावभयोजगतसेठा जगत सेठजगपतियतार ॥ कुलमणथंभगापग्विार ॥ ४१ ॥ ताको पटतरकहोकणकरै ।। दुषोयानादुपटालिट्रहर। पुषजुगमतिणकेघरभए । मर्यचंद्रविधिनानिग्मए ॥ ४२ सेठमुग्यानीयागादचंद ॥ दयाच द्रप्रगटेश्य रद ॥ पुन मोचभएराजकुमार ॥ दोकामदेवअवतार ।। ४३ ॥ या णंटच दफेपुवक हायः । जुगनुगमीषोमहतावराय ॥ द याचं दकैपपहेगुणधाम ।। सेठसरूपचंदताफीनाम ॥ ४४ धनधनमाणिकदेवीप न्य ॥ वेटापोतामुघरता ॥ सतसा पावाधोपरवार ॥ एकएकसोअधिकउदार ॥ ४५ ॥ भाई भतीजेमलापकसह ॥ वटीपोतीघरकुलवड ॥इंद्रसभास मासुपरिवार ॥ दिनदिनयाधोइरपचपार ॥ ४६ ॥ प्रा तसमें पूजिनदेव ॥ नितप्रतिसारसदगुरुसेव ।। सुणोजि मेस्वरवचनयांण ॥ नितनितसाधमतपचपान ॥४७॥ सातपघमें वित्तवावर ।। दुपीयानननादा लदार ॥ जो भोकरणीथावकतणी || माताजी कीमहीधनी ॥४८॥ FFFFFEETTETRIERRIERRERAKITAREEKEFFERS EEETHESEEEEEEES (१३.) मायिक टेषिजोकोगम। EkatttttttttRENTURESHERE लडकापणासौमोटकगही ॥ धादिचंतली सोनिरकहो।। दोलतवंतग्ररुचित्तउदार । दानदेतमनहरपञ्चपार । ४८ संपतसतरतरसार । माघमासदसमीगुरुवार , मी पीकच दखगंगतिलहौ ॥ जिनकीकीरतिनगरहि ।। ५० ॥ तिणदिनसीमाताकुलवति । जयतपदानकीयामड़ा सती॥ तोणकीगिणतोकहोकणकरै। धनाधनासवनग उच्चारै ॥५१॥ दोडा) मातामनोरथय कौयो। फरसो योसमिभन्द संघसमेत सपरतणो । कीमनचाणन्द ।। १२ । मनसुमा मातातणा ॥ जाण्याग्रीनगतसेठ । फरीसजाई सहनी मेजेस्रोफपचेट ॥ ५३॥ घाटवाटसपसमिकरो ॥ संघ घाजिराह ॥ हक्कमसुणतसममूपती॥ लागेकरमच छाइ॥ ५४॥ देसविदेस पई ॥ पचीपरमतवास ॥ ची वीहस पवुखाया ॥ परचौमेनोपास ॥ ५५ ॥ असवारी वाहनदीए ॥ पिइतिहमांगीतिम ॥ डेरायपास्सभल में दीम्हासपकोतम ॥-५६ ॥ संघसङ्गएकठायया ॥ मजाक मुत्लफनामाय ॥ सुरतयुनायाजोतपो ॥ महरतदियाषता य ।। ५७ ।। शुभदिनशुभग्रहसुभलगन ॥ शुभमुहरतसु भजोग ।। मानकरणको न सपा ॥ महातहासौ सौग ॥ ५८॥ माणन्दच दनरेंद्रतव ॥ संधपतितिलफषणाय ।। करिश्रसपारोम्द्रसम ॥ संघदयाच दमाय ॥ ५६ ।। टात) कडपानी) चल्योस घउछगरिमापनिनपरत णी ॥ प्रतिषणीपररिविस्तारकीही ॥ सरसगरवाफकी मपामयपमजतणा ॥ तंडेरातहामायदीन्हा ।। ६• ॥ (चान्योस घउछगसौजातभिनयरतणी) सालमनातकर FREEFTERESOSORREREFERERPPPER HTRA
东安东法活方式是害密
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मामिक देविनोकौरास । (१२१)
EntistATTHREHLEntitya
गाटकोछौटका। नबनधोमा सेनावालताण्या । दैपितुरलो
काईन्द्रलोकगृहसारिपा । मानहापसुरनाथप्राण्या । ६ ?
विकटपहाडसमप्रबलमदपूरीया ॥ इन्द्रगजसाविपासाशि
वाण्या ॥ मेघडबरचवावाडिहोदाकस्या ॥ हाथोयाजात
किणवपाण्यां ।। ६२ ॥ च. ॥ अवलगककबोजपुर
सांग ॥ औरचीचस्व जेषातिवंता॥ रतनसौवर्णरूपात
ऐसाजसौ ॥ संगलौम्हासुरौतेजवंता॥ ६३ ॥ १० ॥ वधि
लग्यपालपीनालकीप्रतिषणी ॥ तिहतणीकोणगिणती
वर्माण । अदिविस्तारइहभातीसोभासरस ॥ देपिनाही
कह रावरांग ॥ ६४ ॥ ५० ॥ ढलकतोढालसलादसवसा
जिया ॥ तौरतलमारिने जाबिराजै ॥ सरसत्तामतवाणी
फौजफाशेषगी। सुभटभटसूरमामगसाजै ॥६५॥ च?
रंगपथरंगनिसाणगजपीठपर ।। नवनवेनादनोव प्तवास
मषरनासौलहीरोलबागेचले ॥ देपोदलप्रपलभूपालमा
मे ॥६६ च ||साघचौरसाधपोखपटादिग्वद्यावारियायो
रउवझायफेले । मेपघटदर्शनीभाठभोगगुनी॥ को ए
गिणतीकरस गजेते ६७॥ च ॥ श्रवल उसयालयी
नालपोरवाश्यति ॥ न्यातचौरासीयांसङ्गालोन्ही । वडव
हासाइनरनाइसहचालोवा ॥ तहतणामानसनमानको
म्हा ।। ६८॥१०॥ प्रथमचीमासथीवीरजिनजधाकचौ
मगरयईमाननयण निहारती ॥ दृष्टिचंपापुरीदेपियाण
न्दभरी ।। मीण जिनराजमंदिरगुहागो ॥६६॥ च ॥
नगरपचेटरघुनाथजीमेटीया ॥ सतीयसीतारहजहावास
देषिपाहाडवनमाहलगुरदल ॥ स घमालोकसवर हातमा
से ॥ ७० ॥ ५० ॥ तिहाथकीनगरविदापुरी प्रावीश्या ।
॥
(१२) माषिक देविणीकांगम । पूजमिनराजभयोअतिउछाही ॥ तहायकी प्राधीवासिप रगिरतलाइटो। देपिगिरराजलीयोन्मताहो ॥ ७१ ॥ च ॥ इरपामाससौसिपरपरचढ्या ॥ मायजिनराज नोदर्शकोधी ॥ नाच पूजाप्रतिष्टाकरीभाषसु ॥ सातजीने मनोखाभलीनो ।। ७२ ॥ च० ॥ रतनसोवण नोविविध भागीरचौ । सातदसभेदपूजारचाई ॥ वीसह टीका हावोसजिनसिद्धभए ॥ वटिनिनचर गान हिमावधाई ।। ७३ ॥ च.॥ तीनदिनरातगिरसिपरकपररया ॥ भाव भगतैकरीतीर्थभेट्यो । शुक्रबालोथयोजनमसफलोभ यो । दुखतदोजगतयोमानपेट्यो ।७४ ॥ च ॥ मारक रित्रावीया ॥ सिषरगिरतखटो॥ स धनीभतिकोन्होस याई । पोपीयासंघसस विविधपकाबानकरि ।। सुपरमुन रतणीनणदीवाई।। ७५ ॥ च ॥ षासमरवाफपटकूत पहगाईया । सधपदधीतगीमाललीधी ॥ लोकधनधन करजयजयउचरै। एहकग्तू तिमतिसयलकीधी ॥ ७६ च० ॥ स परहंगसी निणधरनावीया ॥ मगरमेंबडतर छाएकोम्ही ॥ धन्यधन्यपुन्य माणिकदेवीसती ।। तुमस प तितणीलामखीम्ही ।। ७७ ॥ ५ ॥ दोडामातामाणिकदेतणौ ॥ असफेल्योससार । साच स्तायोसिपरको । परष्याम्यवपार ॥७८॥ नवतेजातपी गया। माताजीधरप्रेम। तमहोतमनद्रढ़करी। चभिग्र पन्नीनीएम ॥ ७९ ॥ जिनमदिरापातमा । मसरस पनाय ।। प्रतिमामोनारणतनी ॥ चापीयोभिनराय ॥ ८. ॥ पहरएक पृभाकर ॥ अपेमवनश्वार ॥ दानदेहि : पयहाथनों । तराफर बहार ॥ ८२ | Pठबपार EFFEFTFEFFE EXIYE TRA itter ॥ मापिका टेषिमोकोराम । (१३३) Eittttttt.HENTERTAIEEEEEEEEEEEE गो॥ जोकई तिथवढजाय ॥ तवतेलानिह चैकरे ।। एक टेकनमिटाय ॥ ८२ ॥ टीयनहरसास्त्रसुण ॥ संमाकर ढकाल ॥ पोसहअष्टभिचौटसी। पडिकमणाविहुकाल ८३ ॥ सचितवस्तुछुनही ॥ दीनहीनप्रतिदान ॥ कुण सरभरतहनोकर। सकैनराजागा ॥८॥ देसगा लैनधिहुता ॥ देहरारूपोसाल ॥ पुन्यप्रसादमातातणे घरघरथयायित्साल ॥ ८५ । मैंनीहोरीनग्रमै ॥ श्रागैघरदो यच्यार ॥ सोप्रसादमातातणे ॥ श्रावकभएहजार || ८६ लोनरचाएदेसके ॥ धनधनवस्त्रविहीन ॥ तिणकोमाता मौतुरत ॥ सहयपतोकरदीन ॥८७ ॥ रतनकनकनी मुद्रिका ॥ पहिरोनहीमिणनार ॥ सोप्रसाढमातोतण लदेकनकभार ॥ ८८ ।। कर्णमोजविक्रमभए ।। सतयुग मैदातार ।। कलियुगमाणिकदेजीसौ॥ देवानहोससा र ॥८८ ॥ यरणधवाअवमातजो ॥ नवसौ इहपुरत्राय तयसीयहपुरकीदसा ॥ दिवसदिवसअधिकाय ॥ १० ॥ ढाल ) कोइलोपरबतधूधलीएलो) जोतपमाणिकदे कीयोरेली। सीसवकर वपागरे । सुग्यानी। पंठितसु गिमनसरटहरतो ॥ मरवडीयहरगिरी ।। सुग्यानी ॥ ११) सुणतपसांगिकदेतणारलो॥ सुणतापतिकशायरे सु० ॥ इणयुगमेंकुणकरिसफरेस्तो ॥ सुणताअधिरज थायरी ।। सु.॥६॥ सुणि॥ प्रथमवीसथानिककग्रा रेस्तो । बैलाच्यारसेवीसरे ॥१०॥ उजमणारीइनोकपोरे लो।। परध्यायसुणगीसर । सु. ॥८३॥ सुग्छि । निन्नाण सेचूजतणारेलो ॥ छहकीयाभलभायरे ॥ मु० ॥ छठछम्मासिधन्नातणारलो ।। कीन्हांमनवच कायरे ॥६४ IFEFERITEFERNAMEANALIARREFLETTERTRE (४)
(१४)
मागिक देविमोकोरास ।
PrattituRAMAILtttttti
सुमि । गुणपरमेष्टीपंचनारलो ।। कहियेएकसोचाठरे
सु० ॥ जापजयातेखाफरीरेनो ॥ पाल्याकमकुवाठरे ।।
सु० ॥६५॥ सुणि ॥ चोवीसोतिडकासनीरसो ॥
होतरहथायर ॥१०॥ करिमतउनमयोकीयोरेलो।
श्रीमाणिकदमायरे । सु० ॥ १६ ॥ सु.॥ पीसो वोस
विपरमाननारीजो॥ सियकुमारपचीसर । सु. ॥ ग्वार
ग्यारगणधरतणारखो। छठकीधासुमगीसरे ॥ सु० ॥
सुशि ॥ कर्ममकतनामिणकीयारलो ॥ छठएकसोट
तास्वर ।। सु• ॥ कमरहितसिहतेदनार ॥ जापकियाधि
अकालरे ।। सु० ॥१८॥ सुणि ॥ कल्याणकचोवीसना
रेली । अतवीसासोथायर ।। सु. ॥ तेसपबलाथीकनारे
सो । जापभयाधरिभावरे । सु० ॥६६॥गि ॥T
विधछठछठपारणारखो ॥ कीनावरसबीसरे ॥सु॥
मोहनपाण्योदैछनोरेस्तो॥ सगतोदईनगदीसरे ॥ सु०
१०० ॥ सुणि ॥ जोहुकदंपारणोरलो॥ मोमेचम
पपाहाररे । सु० ॥ गणतिराषचन्नौरलो ॥ तिनक
माधिविचार ॥ सु० ॥ ११॥ सु.॥ दुश्वरमतकरताच
कारलो ।। तनरधोचस्थिसमानरे। सु.॥ तयईनका
ड्यामातजीरलो ॥ अपनायतपचकाणरे ॥ सु• ॥ १०२
सु.॥ स्वापी दानदीयासतोरियो । सापकोयाठपगार
सु.॥ लापशीषमतिमारतीयारेको । शापी मेजससारर
१.३॥ सु•॥ मोहनजोममतानझीरखास्त ।। रागनी
कारोसर । क्षमादयासमतामरीरलाल ॥ हरपनदिप
पसोसरे ॥ सु.॥ १.४॥ दानसीयखतपभावमार ॥ ध
*नाचारमशाग्रे मु.॥ माताजिनादेशमोर साल ॥
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时伊比拼路游批核杆苏坍科性性 माणिक देविनोफोराम । (१३५) 连连克立在主宝座击这冠 TIMERAREStatta पुगदेष्याच्यारर ।। सु० ॥ १०५ ॥ सु. । इन्द्राणीसम सुपकीयारे । सोराजासमगजर ।। सु० ॥ देहतपीमम तातीरैलो ।। जपीयाथोजिनराजर ।। सु० ॥ १०६ ।। नामबहोनातोयडोरलो ॥ वडोसुनसपरिवाररे ॥ सु.॥ भागवडोमातातगोरेलो। सुतजगसेठउदाररे ॥ सु० ।। १०७।। सु० ॥ दृष्हा) कुनकयह मेटेनही ।। माततणोजगतसेठ ।। तीनवारदिनप्रतिकरै ॥ चरणकमलकोभेट ॥ १०८॥ सतमागेनवस हदिय । सहयकदेलच ॥ मातानमा भेसदा ॥ परमेखरपरतक्ष ॥ १०८॥ दानमुन्यतीमातजी करताइताइसेस । घरसरयाजयकालके ।। तागकरनवि सेस ॥११॥ वसापाचनदानदिय ॥ जिहमाग्याजास घरसएकालगियरसोया ॥ सोनईयासुप्रकास ॥ ११२ ॥ मुहरसुदरलाहिणकरी ॥ सगतवहीजसलीन्छ ॥ असक रनीचाभरलगि ॥ दृकिणहीनकोन ॥ ११२ ॥ पुचपोप परिवारसौ ॥ हितसा करीयसीस ॥ रामहिपरिवार युत ॥ गोवोत्तापपरोस । ११३ ।। थोमपचनसनरावती सुहमावसभयान ।। दानपुन्यकरताछता ॥ गुणतांसुरु रुयघाण ॥ ११४ ॥ सपसी कोन्हापांमया ॥ करिप्रभूमि नोध्यान ॥ माणकदमातासती ॥ पडतीमरविमान ।। २१५॥ सवतसपेठाण । पोपकृष्णारविवार ॥ पहिया पुष्पनक्षपमें ॥ पड़तास्वर्गमझार ॥ ११६ ॥ ढाल) अस्तवखाकी) धनधन्यमणिफदसतीरलाल घनधन्यतुम्हीताररमहासती ॥ जनमसुधायाशापणा रेखास । करितपदानदारी॥ महासती ॥ ११७॥ FERRRRRRRIEFTERNENTERTIFFERENTREFERS Mutta (१३) माणिक देषिजोकोगस । 應由出生在密击主在生先生的的密险险認定生生虫主44 धन ॥ उससघनजाणोएरेलाल ॥ गोरगहलहासाररे म० ॥ धनमाणिकचंदसेठजीरेलाल ॥ तामधरपिसपका ररे। म ॥ ११८॥ध ॥धनधनपूरणमलपितालाब घनमातासुषकाररे॥ महासती ॥११६ ॥ ध० ॥ चोथै कालेपनौर। थाविकामयंतीसाररे॥ महासती ॥ दनवालष्टगावतोरेलास्त । सतिसुभद्रासाररे ॥ महास तो ॥ १२ ॥ध.1 तासपटतरजाणच्योरखा । पदम कालरे । महासती॥ जैनधर्मथिरपापियारेलाल ॥ ली होएचवताररेमहासती ॥ १२१ ॥ १० ॥ सालमाहि सुणताउतारे। साधसतोनीवातरे। महासती ॥ परत पदेषीधाषिसोंरे । माणिकदेवीमातर ॥ महासति ॥ १२२॥ध ॥ सतीतणायतसाभसीरला ॥मनहरमनभा वर ॥ महासती ॥ सुषकपस सारनैरेलाल । कुसती धर भावर ॥ महासती ॥ १२ ॥ घ ॥ पासच द्रगछ परगहार ॥ वाचकपीइपचंद ॥ तासञ्चसुमनसउपर रेलाल ॥ नामममीनिहालच दरे । महासती ॥ १२४ ॥ १० । स यतसतरचठागरे । पोषवष्णापजसाररमहा सती ॥ तिघतेरसजसणपियोर लाम ॥ मगसूदाबादम भार ॥ महासती ॥१२॥ध०॥पढेगुणेनेसाभलरेला सुगमनधरहिचान द ॥ ससुपरधर्मप्रसादधीर ताल । दिनदिनअधिकचान दरमहासती ॥ १२६ ॥१०॥ Silva माणिक देविजीफोरास मपुर्प Rati I
法法违法违法本法主法强的经验总是主去左连违法本法兰
॥ श्रथडोकरीनीपातलिख्यते ॥
एकदिनराजाभोजनेमाघमंडित ॥ सहरसेंकोसदीय
माथे एकवागछे।। तठेगयानायनेपाछामापरेसहर । चा
बताथा सोनावतांमारगसूला ॥ तरेराजामोजकडेवाला
गोके ॥ सुणोमाघजी ॥ वापिमारगमूला ॥ तरेमाघजी
पंडितको ।। सूरणोप्रथयीनाथ ॥ एकडोकरीगोहरोपेतर
पषाले सो ॥ उणनेपूछने ठोककरी ॥ तरेदीउअसवार
घाल्या ।होकरीफनचाया ॥ चायनेवेडामगारामराम
कीघो॥ होकरीकडे घावोवीरारांमरांम। तरडोकरी
बोलीवीराथेकुणको ॥ पाईमेतोछांवटाउ॥ वटाउतोदीय
तिकफिसा ।। एकतोसरण ।। बीजोचंद्रमा ॥ बीरासाच
वोलोथेकुण ॥ बाई मेतोछामाहुणा ॥ माजगातोदोयति
कैफिसा ।। एकतोधन ।। बीजोजोवन ॥ थकिसामानणा
बीरासायपोतोकुम ॥ चाईमेसोछाराणा । राणातोदो
य॥तिक किसा।। एकातोचंद्रराजा ॥ बोजोममरामा ।
थेफिसाराणा । वीरासायोलोथेकुण ॥ वाईसेतोछांसा
धू ॥ साधूतोदोय ॥ तिने किसा ॥ एकतोसीलवंत । बोलो
सन्तोपो॥ वोरानाचयोलोधेकुण ॥ याईनेतीशंकजला
हमलातोदोय ॥ तिकेफिसा ॥ एकतोसाधू ॥ दीगोपा
पोथकिसाऊणता ।। वीरासाधबोलोधितण ॥ वाईमतो
डोकरीमीयात ।
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छापरदेशी ॥ परदेशीतोदोय ॥ तिककिसा॥ एकतोजो
व ॥ योजोपवन ॥ किसापरदेशी ॥ बोगसाच वोलोधे
कुण । वाई मेतोछांगरीव || गरोवतीदोयतिकफिसा ।।
एकतोछालीरोनायो । वीनोमगतजन '। थकिसागरोग
वीरासाचबोलोधकुण ॥ बाईमेतोछांधवला ॥ धवलातो
दोय ॥ तिककिसा ।। एकतोवसद । वीभोकपास ॥ थेकि
साधवला ॥ बीरासाचयोलोथेकुण वाई तोकाचतुर ॥
चतुरतोदोय ॥ तिककिसा॥ एकतोअन्त॥ वनोमाशी
किसाचतुर ।। वाईमैतोकाहारिया | हारियातोदोव ॥
तिले किसा ॥ एकतोमेदीदीधीतियो हारियो॥ बीजो
माथेदेणोतिको हारियो । तरेहोकरीकडेवालागी ॥ तू
तोराजाभोजछे ॥ योमाषपंडितछे ॥ इतनियातपूछनेडो
करीनेनमखारकरीने ॥ असयाराई ॥ धापरसहर
घाया॥
(इति डोकरीनीवात)
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थसारपोसिमाय लिस्थते।
चोपडू) भगवतिभारतीचरणनमेवी ॥ सदगुरुनामस
दासमरयो। वोजिसचीपईऐचाचार ॥ जोरलेभाण
विचार ॥१॥परिहतरीनाणेगर्ष । सानीतेणेजाणेसर्व
तपसीतेनेनधीक्रोध ॥ करमचाठजोपितमोध ॥ २॥ उ
समतजेवोन्याय ।। धर्मरीजेमननेमाय ॥ ठाकुरपाले
वाच ॥ सदगुरतिमायेसाच ॥ ७॥ गिमरतजेगुनाचा
गानो ।। स्त्रीपरिसरफरर्तमम्तो ॥ मेरलीस निन्दाफरी ।।
FTFPETEETERDICTTEREFREE:
落客东书法法中客先注它在史书中东宝艺 साम्योस मिझाय। ResittituRGETHttiinsti म पापीतजेइिंवायाचरे ॥ ४॥ सातातिजिनवरतणी ।। कोरतिरोजेवीजेसुगी ॥ लवधितगीतरगाधार ।। वुद्दिषधिकोअभवकुमार ॥ चावकजेलहनवतत्व ।। कायरोमकेसत्व ॥ मंच परीसेयीनवकार ॥ देवपरीतस गतिदातार ॥ ६ ॥ पदयात्रेतीपयंसरतणी ॥ लतितेजे उपजेधापणी ॥ समकिततेनेसाचुगमे ॥ लियातितेजे भुलोमने ॥ ७ ॥ लोटोते जाण परपोतु ॥ धन यंततेजेभानमोड ॥ सनबधिया वलयंत ॥ या जसथीअधिकोमुन्धर्वत ॥ ८ ॥ कामोनरतेकहिए धंध ॥ मोहमालतमोटोफंद ॥ दारिद्रीतमेधर्महीण ॥ दुरगतिमारलेतेटीण ॥ पाप्मातेनिहायोलीदया ॥ मुनि वरतेनेपालेक्रिया ।। स तोपीतेसुपियाघया ॥ दुपियाते मेलीमेवया ॥१०॥ नागतेजेहोसती ॥ दरशनतिक घोमुहपती॥ रागद्देषटालेतेयती ॥ सुघमाय तेजिनसती ११ ॥ कायात बोलपवित्र ॥ मायारहित होऐतनिच वष्ठपियपालेत न पूछ । घरमहाणिपाडेत सनु ॥ १२ ॥ ययगगीत जविरमेराग ॥ तारात भयतरेग्रयाग ॥ रौरव भरपातणोएसाग ।। छागइगोजेम डेजाग ॥ १३ ॥ देशमा हिसारीजोड ॥ धरमघाऐसेनेपेदीद ॥ रसमाहितपस मरसलौह ॥ युरूभटमुनिमाईसि ह ॥ १४ ॥ साजपे रोगिननूनाम ॥ योगीतेजेजीपकाम । न्यायक्तकहिऐते राम । जिनधरमोवसतेगाम । १५ ॥ एडयोलमोल्वामेपग सारनथोएहथोमपरा ॥ कहेपण्डितलपीकल्लोल ॥ धर मरंगमनधरजोचोल ॥ १६ ।। ॥ इतिसाग्योलसिझाय ।। 坚牢牢坚实步沒錢克强姆半密密实实学军 这益总书记主立法出苦主,在苏德战法 (११८) होकरीनीवास। StituttttiSTRATEIttttt.. छांपरदेशी॥ परदेशीतोदोय ॥ तिकै किसा॥ एकतोमो व ॥ बौजीपवन ॥ थेकिसापरदेशो ॥ बोगसाचोलोध कुण ॥ वाईमेतोछांगरीव || गरीबतोदोयतिककिसा ।। एकतोछालीरोजायो।। वीनोमंगतनन । थकिसागरीत्र वीरासायबोलोथेलण ॥ वाईमतोछघियला ॥ धवलातो दीय ॥ तिके किसा ।। एकतोचस्पद ।। वीमोकपास ॥ थेकि साधवला ।। वीरासाचयोलोधेकुण । वाई मेतोछाचतुर ।। चतुरतोदोय ॥ तिककिसा ॥ एकतोअन्न ॥ वीभोपाणी धेफिसाचतुर ॥ वामेतीछाहारिया ॥ शारियातोदीय ॥ तिरूफिसा ॥ एकतोयटीदीधीतिको हारियो॥ वीगो माथेदेणोतिको हारियो ॥ तरीसोकरीफ हवालागी ॥ तू तोरामाभोजछे ॥ धोमाषपंष्टितछे॥ इतनियातपूछने हो करीने नमस्कारकरीने ॥ घसवारहाई ॥ बापरेसहर वाया। (इति होकरीनीवात) Hama imiREATHERE - अपसारमोसिमाय लिखते॥ " चोपड़) भगवतिभारतीचरणनमेवी ॥ सदगुरनामस दासमरवी।। बोजिसचोपईऐचाचार ॥' जोईलेअजाण विचार ॥ १॥ पण्डितले नाणेगर्ष । सानोतणेजाणोसर्व तपसोसनेनधरीकोध ।। करमपाठजीपिशोध ॥ २॥ उ समत योग्नेन्याय ॥ धर्मरीजेमननेमाच ॥ ठाकुरतेजपाले याच ॥ सदगुमतेजेभावसाच ॥ २ ॥ गिमठरीगुष चा गातो ॥ रत्रीपरिसरफरीभरती ॥ मेलोलेनिन्दाकर। FFFFFFFFFFEREपनरवाTEFFFFREETTE फनकी सिमाय। HitSAR थापीकरी ॥ इन्द्रत्तरलोदशावेरे ॥ दत्तधरमपालेसदा भेटमेचूजगिररायोरे ॥ १३ ॥ वी० ॥ प्रथबीजिनसंहित करी ॥ पाम्बोसुपचपारोर ॥ देशलोकसुषमोगयी । पामेमयपयलागरे ॥१४॥ वी० ॥ पांचलचाराने हसे पारदिवस होसीरे ॥ होघारीविसता जिनधरम अघजनासोरे ॥ १५ ॥ वीज पोइरेगगनीमावसे ॥ बीन गमनयोरे ॥चोवप हरमन्नोपना होचारोवेसेसाई २१६ ॥ दो० ॥ छर्छशारिरालाननौ ॥लियासीसरबहोसी २॥ वौसरसनोबाऊपो॥॥ छेदासनानरमधरसीरे ॥ १७॥'वो० ॥ वरससहसपोरासीपगो ॥ भोगवसोमयक रमोरे ॥ तीर्थकर हासभला ॥ येणकनोवसुमधरमारे १८॥ वी ॥ तासगणधरधतिसंन्दक ॥ कुमारपास्लम पालोर ।। यागमनाणीजोयने। रचियात्रयणरसालार ।। ११॥ वो० ॥ पांचनवागनामावए || वागमभाप्यावी रोरे ।। ग्रन्यजोययिधारोनेकहा। सांभलजोभयधीरोर।। २०॥ यी ॥ मचातांसमकित पजे॥ सुयतामङ्गलमाल रे। जिनसेफन्दिपीये। एइसिद्यावरसाजरे ॥२१॥ वी.॥इति ।। (कलंकसिझायसंपूर्ण) HERER ॥ यथारपानीसियाय लिखत येमुनिवरवहरणपागुरगारे (एदेशी) छाउपोता साधोकोनहीर॥ तिणकारणमकरोजीयनवादरे ॥ सग श्रायानेसरणोकोनहोरे । हिंसाकोडीने दयापालरे ॥१ FREEEETTESTHA (१४.) मालकी सिझाय। EASEEtttttttERMISEATMENA ॥ अथकलंकीसियाय लिख्यते । बोरकटेगौतमसुयो । पञ्चमबारानामावर ॥वो.॥ सहरहोसीतेगामसा ॥ गामडाहोसीमसागोर ॥ विच गोवालेधेमचरे ॥ २ ॥ पाषंडोषणामागसी । भागसीधर मनापंथोरे ॥ भागमसतमरहोकरी ॥ करसीनवानवाग्र न्धोरे ॥ ३॥ यो० ॥ सुमतोमामाकदाग्रही । थापस प्रापपाषालारे ॥ साशचनामारगमूकसे ॥ करसैनिन सुषवास्तार ॥४॥ वो० ॥ सुझकटेकमतीषणा ॥ हसित निरधारीरे। जिनमतनोधिनविगमे ॥ थापस निनमत सारीर ॥ ५॥ पौ• ॥ चामणिनीपरचालसे ॥ धरमन जाणभेदार ॥ पागमसामनेटालसे ॥ याजसमापउमे दारे ॥ ६ ॥ वी० ॥ राजाप्रमानेपीशस ॥ हीटसेनिरथम लाकार ॥ मांजानवरसमेहला ॥ मिथाहमियखाया गरे ॥ घोरचरडवाहुवागसे धालनपालसवालोर। सा धूमनतसिघायरी ॥ दुरजनघडतासाकार ॥ ८॥ यो.।। संपतगणीसचादातर ॥ सैकसकीरायर ॥ मात मामणीगसुजाणीये ॥ वापधहालकहिवाधार ॥६॥ असोयरसनोमाऊया ॥ पाहलीपुरमेहासीरे ॥ तसुसत टतनामेगसो । थावककुलसुधधरतीर॥ १. ॥ वी. कातकोदामघवापस || चरमतणातजोयोर॥ चायलेसे भिघातणी। महाधफरमीकक्षाययार ॥११॥ पी.॥ इन्द्रघयधिकरणावरी ।। देपसेए इसकपार ॥ हिणकपमा करी। एपसेपारसकोमपारे॥१०॥बी.॥दसनेरान TREEEEEEEETEROFEREFET मेपरहानिको पीपई। (१४१) 总站立法法立规发放的拉基亞先生连出立法出 । अयमेम्परेशाणिकाचीपद निस्यते । 热法益 दूजा) भुवालासदारुथकी करदेध्या मोग। जी पहिस्याचोरीलरपरनारीन्नेभोग ॥ १ ॥ ढाल) विसनसातमीपरनारीनों।। परतिषमापदिपा यो ।। रानणपदनोत्तरसारथराना ॥ तीनारोगजगगा यो ( रागयीबानरापीयारो) १ ।। मगरथरामाकरण नसोवा ॥ जुगवाहनाचौ ॥ श्रापमानरामगना यो । झाकछुनहोशयो ॥२॥रा ॥ रावणराजाम हिलीवावी ॥ पाईपदमोत्तरवायो ॥ तीणीकथामणरय राजानी॥ तेहणज्यौचितखायौ ॥ ३ ॥ रो•॥ जयूद्वीप ना भरथक्षेपसाहि ॥ नगरिन्दसणाभारि ॥ धनसमपूर्ण देषतीसुन्दर । प्रभातुषिगजारी रा०४ ।। लगरथराजा घारगीराणी रिक्तगोविस्तारो हायो सारथपायक सेन्या ।। वररीचीयोचारोरा सचक्रानेपरचक्राफेरो विरधन हौतिथयारी । मनरथराधारेजुगयाइभाई मांछोमा छियारो॥रा०६॥ पांचदन्द्रीतणाभोगभोगयतो नाटक पडेदिनरेगों। विविधपरफारणी क्रिडाकारतां । विधिक न्धसरहाणो ॥रा०७॥ मनरथरानाराजभोगवतां चहीयौ महिलाऊदारो॥तिणचवसरमेमयनरहादीही ।।जुगवाह नौनारी ॥रा०८॥रूमदेपोनेरानचरजपायौ।यहोरु REFERFEARINASHREEFFERENTIA (१४२) पाटपाणी सिमार। FENSEENERRRRRRENEtation था ॥ कुटंबफवोलोनारीकारणरे । सरसंधागडया गापरे ॥ चोरतणीपरछण्डीरसीरे॥ सहसीरखोक परजोकसन्तापरे॥२॥ धा० ॥ ऊंचाचिणायामंदिरमा लियारे॥ दैदेधरतीमरठीनीयर ॥ इकदिएपवासो जठोचल्योर ॥ सुपटुपसहेसिपापमोजीवरे ॥ भा• ॥ चयरत हरिदलरावासवोर ॥ जोयजीवसिइंद्रसुरारो नायरे॥ गीगीनवडीचामग्यारे॥ बोयजोको परिणयालीवातरे।॥ ४॥ प्रा. ॥चघिरसंसारतवीस निनीसगारे। करतांसनिनवकासपीविहाररे ॥मारं पंपीनीदीधीउपसारे॥नघरममताने इलिगाररी॥५॥ पा० ॥ धारिचपालेण्डोरीतसूरे॥ देवेसनिचपनीउपदे सरे ॥ तिकीमुनिवरसिधासौमोघनेरेजसरसोय रसोकरे ॥ ६ भा० ॥ एयदरूपदेषीसमताधररे॥मकरो मनिमणियागेअभिमानरे ॥ षचोघमनसूबदेषनरे॥ मोरकीपीनाजोरमकाररे॥७॥ धा• ॥ -- (इति पाउषानी सिझोय), - NROSEROFEREFERE मेपरहाधिको पीपर। (१४) 结并书的书法书法 栽培的技法虫生法 主体主题 - प्रथमेम्परेहानिकाचीप निख्यते । #张球班 分班 228 #MAHARisit THERE दूजा) सुवालासटारुथकी। मरेवध्यासुमोग ॥ जी बर्दिस्याचोरीकरपरनारीनोंलोग ॥ १ ॥ दात) पिसनसातमीमरनारीनों। परतिपमापदिमा यो । रानणपदनोत्तरमगरवराजा ॥ तौनांरोगगगा यो ( रानवीबानरामाणेयारो) १ ॥ भाग्थराजावारस नसोया ।। ढुंगयाहुनमानौ ॥ शापमुबानैराजगना यो । शाकभुनहीआयौ ॥ २॥ रा. ॥ रापणराजाम हिलीछवा ।। पाछपदमोत्तरवायो | तीजोकधामणग्ध राजानी ॥शसूणघोषितखायौ ॥ ३ ॥रो० ॥ जयदीप ना करथक्षेचमाहि ॥ नगरिक्तदंसाभारि ॥ धनस्मंपूर्ण देषतीसुन्दर । प्रजासुपिगमारी रा०४ ॥ लनरथरामा धारणीराणी ।रितगोयिस्तारो हापौधोसारथपायक सेन्या ।। वरतेचीप्योमारो॥रा। सञ्चारचक्रफेरो विपन होसियारी । मनरथराचारजुगयाइभाई माहोमा हिछप्यारो रा०६॥ पांचइन्द्रीतणाभोगभोगवतो नाटक पडेदिनरंगों । विविधपरफारसी झिहाकरतां । विपैविक न्धलगदाणी रा•७॥ मनरथरामारामभोगवतां चहीयौ महिलऊदारो॥तिणचवसरमेंमयारिहाटीट्ठी ॥जुगवाह नीनारी ॥रा०८॥ रूपदेपोनेराजयचरमपाग्यौ ।चाहोरु FREEEEEEEEEEEEERINEERFATERFAL (१४४) मेपरहाजिको पीपर। RELATERINETREETHARE... पमतमारो। ईनराणीनजगजमेरापू । मुपविलसुसंसारो रा०६॥ मनरथराजाकरमनसोवो जुगवाहनेवोसायो॥ करोसझाईचायुधसालानी पदेशलेवानेखायो । रा.१. हायजोडीमें मुगबाड़ेवोल्यों श्रौतोथोडोछेकोमो" ॥ राब विराजोराजसमा । हंजासूभाई तामोमे ॥ ग.११ ॥ म नरथरानाराजौड़वो ॥ उफमकीयोछभाई । देशकी लोकायनकारियादो ॥ लोमावोफोसमाई ॥ १२ जुगवाहतीउपयौसेताय । परपडयोमनमांदि। फिल्मो फायसकरपाशोघाउ सवसनरोकरूभाई ॥ रा० १३ ॥ ले फौजांभुगवानडियो ॥ जनतामजनामायो । जुगवाह तामनगनखान्दी।सनरधधौधोरपायरा.१४॥मनरथ राणामयनरेहाने मारोवलमगाये। गहनांजडापरापति रमासा। दासोरेहाथमालावे ॥रा. १५ ॥ दासीरा धारकांनेयस्त्र पक्क छाये । देशरायोनेलायो । मनरथराजा चोकमनायो। तिनरोपपरसायो । रा०१६॥ मयनरेगा नामाशिान्यो- । घनीचाजोगामी । संयनरहा मनगनीजानी।। ठपिताई ठासो ॥, रा० -१७ ॥ इम जासणीउरालिघा ॥ वरमधामृपयसागे । नेइसनेह यशमेलो। नाण्योधागोम्हारेलागे । रा०। १८॥ मबनरेहालेरिसगाई दोनिदासोझधारी । धनीता झारोपरदेससिहायो रानापच्यिाम्हारेलारो॥ रा०१६ दासोतीलामंदिलगीरमाई ॥ गजापसिचाई ॥ अयनरे जादोनापरलयलाई ॥ रा. २० ॥ नगरपाजारभने- नेटलाई नायी ॥ दर * पतिवाडीवादीठो ॥ लोनार छगयो-॥ रा. २१ घाताराझाकोपकगेने -- का : #TTE tattitutthanitat । मेगाषिको चीपर। (१४५) 密克丝虫虫虫虫之法理团党员在本在主主在本轮主注中生志 मयणरेहातोमनमहिनाण्यो। मणरथराजाचायो।बीजोतो काईउपायनदीसे । इसासुदूरैननायो ॥रा० २२ ॥ मयणरेहाती छनोजायनें । दोनोछेमनाया । अमलामि सतोमाताजास्यो । बेटोभोलैचायो । २३रा० ॥ पातोम हलबेटानुगवाहनो। महलपैलोकांनीथारो । बचनमाता नोसांभलरामा लाग्यौछतिणयारो।। २४ रा. ॥ मण रैज्ञायमनमैजाण्यौ । पडीयोगवैसेमाइरैतोकाशीदमे सीधनीने गायावज्रवारै । २५ रा. ॥ वोती यातलियोकागटमें। नीवतीमाणोमोनें । तोपाछापरवेगा प्रायज्यौ ॥ दगोकीय छैथाने ॥ २६ रा० ॥ काशीदफाग ददीयोसीतापसु । जुगवाजनेजाई || कागदयांचनेनुग वाडमाण्यो । दगोमायो भाई ॥ २७ रा• ॥ दमाणी में राजापाछोवस्तीयो। ढोलनकीनीकाई॥मोहरत नही रा जाम इलजायण । निमतोय वातवताई ॥२८ ग॥ कु गघाइतोडेरोवारकोनों । नगरीमेंनहीपायी ॥ मणग्य राजारोसरमांणीनं । राणीषणोकनेछगयो ॥ २६ रा.॥ मेणरेहामिपश्चापधणोगे। परपुरुषप्रीतनाणी ॥ पिरत गपणापरोसासू । तनकरैछप्रांणी ॥ ३. रा. ॥ मैं गरेहातोपखंतीसिताय । विघसुयातसुणाई । मुगया अतोमन नलाखो। मारेलोघांनभाई ॥ ३१ ग. ॥ जुग बाहुनचायोमाणीनें । उरकपनोंराजा ॥ मनरथराना करयनिमासण । एमरावछैदणसारै ।। ३२ रा. वाइराणोफहेछ। दगीवरलोभाई ।। साथसमानदण रेसारी। हतोपहिसोमारजाई ।। ३३ रा• । भाईमार पराजारातने चाल्यो । पढीयोएकसपाई ॥ दोढीटारचा ॥ मुग ॥ (१४) मेपारधामिर पापई। 培击违法生虫虫注节主主的法违法违法违者本封 फरपालतां । गयोधकायनेमांधि॥ ३४ रा. ॥ मैपरतातो मनरोदापयो । मशरथरानाधायो || रांगोकरेसावधान भयो । मारलीथानेभायो॥ ३५ रा-॥ मैणरहातोम्बा रोहई । गनानेहोबायो, सुगवाहतोनेपरोसूतो। मब रथषापमवायो।। ३६ रा. ॥ भाईमारनेरामापाशेवधि यो । होयघोडे असवारो॥ सरपपूछहीपुरहटे चीथी। पा घोछतिणयारो॥३७ रा. ॥ मणरथराजाठिोपडीयो। भरणगयोततकालो ॥ पवरनाहौकोईराजसभामै । करा कोनोछे चालो ।। ३८ रा. ॥ मैयरेहातोकने धाई। दुस घरतीमनमाई ॥ मैतीथान कछौछोमहाराजा॥ मारेखो यांनभाई ॥ ३६-रा० ॥ मेयरहातोकधणीने ॥ करोस थारोसोई ॥ प्यारशरणांघाने होइज्यौनही। किणहीरो कोई। ४० रा. ॥ मोरामोतममोद्यथांनंसीपा । बचनही यामेंधारो॥ साहिवतोपरदेशसिधायो । हंभातोनांधक लारो॥ ४१ रा. ॥ मोरा थारैदेवचरिइतके । ,गुरुनि ग्रन्ययीसाधो । घरमें केवलीमाप्यौदयामें। समकितने चाराधो ॥ ४२ रा॥ मोरा० ॥ थनिमीषमारणरौ ।जा वनीवपचषाणो । सरय प्रकारेस्टपावादे ॥ प्रसादानमे जाणो ॥४३रा. ॥ मोरा थाने मैथुनसेषणरी । नवविधवा हप्रमाणो ॥ मनुष्यदेयतातिरसंचसयन्धी। जावमिवपच पांणो ॥ ४४ रा० ॥ मोरा यानेक्रोधानरो। मायाखोम एथ्यारो॥ मनमे ताममतामतिरापज्यो । - बापभीयपरि हारा॥ ४५ रा. ॥ मोग निरागहपदाई । यौनकरा रामाणो । कल इचमीपमालिन्य चाडीपरपरबादपचर्चा यो ।४रा. मोरा रतिभरतिमणाबोमायामोसनहीं EFFEFFFFFFFFEOमामलाIDERE 招坪甘法 । मैपरहामिको चापर। (१४७) 法书本法主法志忠:強磁激生活在在本主法法起 भलो ॥ पापत्रदारैचिविधवोसगउ । मियादरथणशलो ४७ रा० ॥ मोरा मरणतणोभयनायो। घरमसाचोकरि जागो ॥ परमवमे तासाथैचालसी । गाठवाधानाणो। ४८ रा ॥ मीरा थेमोथकोसनघालो । मोमेनीवमत धालो । करीवालोयणकारजसरैज्य ।मतरापाकाईसालो ४६रामोरा घेदशदृष्टान्ते । मसुप्यजमारोदुहेलो ॥ण भवभेजोपुन्यकरता । परमवसुखसुहेलो ॥ रा० ५० ॥ मोरा कारीधरमविचारी । तुपनारीमावामाणो ॥ हाम अणोजलविजमजायो । मनशमतानाणी ॥ रा० ५१ मार घेदीसकरमारीजाणो। वीजानेदीसनदीने॥ ऋण बैरतीफाईनछागह। बन्धातभगतीने ॥ रा० ५२ ॥ मो रा किणरामातापिता । कुणकुटम्बकुणभाई । घररीता साहिवनहीअस्त्री । स्वारथसरवसगाई । रा० ५३॥ मी : रा नहीकायायापणी साचीधरमसगाई ॥शबुमिननेथ रोपामाणो । धयसरजालोठाई ॥ ५४ रा० ॥ मोरा. थारैशरदहणाशुधछ । चौविहारयणसणदीयो ॥ मर गोसहनेएफदिहाडै । से ठीरापन्वीदीयो।। ५५ रा. भुगवाहतास्थाराशरदयो । साहाय्यदोयाराणी।। पैलैमासकासकरीनं । नायरूपनोयिमानी ॥ ५६ रा०॥मेण रेकाछातीकाठीकरनें । कारजघणोनॉकीयो ॥ पूगमिच तापारकतारे। धननीवितव्य निणरीहीयो ।। ५७ रा. मी हमशहायकामविगाहे। भरणीधेरिनरकमेधाजे॥ स गानहीतापूरावैरी। सूसलेताजेपालै ॥ ५८ रा० ॥ मिच हायतामरणसुधारै। करैपरउपगारी । देशरदहणासूस कराये। तषिरमासंसारी ॥ ५८ रा. ॥ धनछस सारमें $岁岁军军军空军军实战的强军半空军军 REWA ॥ (१४८) मेपराजिवी चोपई। AtERABANNAGERtu मैणरेहाराणी। मोइनोनिवाग्रौ॥ यापतणाभरता रमाणीनें । तिौर पदेशदेईनेतानी ।। ६० ग. ॥ मैसर हामनमोहजारयो । रिसंपकडेखोमानेरायो | सबदलने परहीनाम् । दाशीनामधराया ॥ ६१ रा• ॥ उगम तीवार निकली | गईकमाइरेजायो ॥ पूरीआपदानही काईसाथै । राणोई कमरनायो।।। ६२ रा ॥ निणजा यादशोटणहीता । वाटताजियधाइ ॥ पिपयविनोगम कृमरणायो । पोइन्वौकरमकमाई ॥ ६३ ग । चापो पाछवासुराणोडरपै । रिसैद्यायैस्त्रोकोइलारो ॥ इमा पीनेकुमरऊंचायो । एकरमारसागे ।। ६४ रा । को मलकायाने कारणपड़ीयो । पायपहनहीठायो।। कुमरता राणोनिमतानाण्यो । यालको माया ॥ ६५ रा.॥ चिरबिछारपरसुवायो । याजमिछोहोजणी। हातम यारोहसीलिममाया । म गरेक्षाटुखांणी ॥ ६६ रा कुमरमे खरांणीधाषीचाली । अन्नविनासुनीकाया ॥ क टेसुधावडकुममनलगाम । करसविनदिपाया ॥ ६७ रा. घण्णांदायनेदापीहंता। राजमारनीधावा ॥ दोदोपह दामहिरहोती। रांगोएकालीमाया ।। ६८ रा भाताचागमदोचाई। पांचोपलपमाख्या ॥ सिनांनक रीनेतीरनबैठी। ऊठीदुरीमाला ।। ६८ रा. कोण यिनीगपद्यीमोमा। किसैठिकाणचाई ॥ रोहोमेंभमती एकमाही । रोपिसकाई॥७. रा. किणपरमनमो किरणपरमाई । गणारीरांगोफ हाई ।। साहिनमाहरीम वामेली। रोहीमेंधाई।०१ ग•॥ सुमपिशोहोमा तापितारी । सुगाभानुभाई ॥ सुगवाभपाछोमेन्यो जाता । utattit मेयरहाजिकी धोपई। (१४८) Lit.WHERERE बालकवनमा ।। ७२ ग ॥ महिलझरीपासोमानी लीरी। रानवीयारसनाई ॥ ऋद्धिसाहिबीभीमली। हुयायवैठोरणमाही ।। ७३ रा. ॥ विपमऊजाडनेतीर नदीनी । सुपनद्दीतिलरती ॥ मैंगरे हातीदुखकरदोरी सहटपद्योछसती॥ ७४ रा० ॥ मरेषणोनेकअणराई । टुखभरछातीफाटै | मैंणरेहानोदुखप्रभूजाणे । बैठीछत टमाटे ॥ ७५ रा. ॥ संयोगरूपिणीलाई इंती । घिनोगें तिणवाती । नाथविहगीदुखनीकरती । भानीरणमें राली ।। ७६ रा ॥ देपोसगाईदास'सारमै । बीछहता नंहीवारों ॥ इमाणोनेशद्गुरूसेयो। लाहोलेजोलारी ७७ रा० ॥ तिण यशरदेवताइमाणे । दुख्कर कैरी यो। यक्रियरूपकियोहाथीरो । रामतमाहीमाणी ॥ ७८ रा० ॥ दुखविसारनपिखंघनकीयो । सुसु छालैमा णी ॥ दुपभरीने हाथोदीठो । रामतपैराणी ॥ ७६रा जिमनिमरीमतदपेरणी । रिनरीमतभारी॥ धर्म अकुरोपुन्यस योगें। पायछनरनारी ॥ ८० रा ॥ देव तकैकोई परउपगारी। राणीनेंस उसुमोस ॥ जितरेने हामायनिकलिया। लकैषिमाणमें मेले ॥ ८१ रा० ॥ धि द्याधरताराजीड़यो । इपषणोर्णनारी ।। तुरतषिमाण लेपाछोलियो। सुपविलसास सारी ॥८२ रा ॥ मण रज्ञातामन गाणयौ। किग्गदिशएलेजावे । योतोनों दीशेळेचाछी । रप्योमुझथीलपंडाव ॥८३ रा॥ विद्याध रनेम गरेछापूछे । जाताकिणदिशसदाई ॥ अवेतोथेपा छापतीया। काईदिलमााई॥८४रामगवंतनेतीटर शणजस्तां ।। तोमरिपामिखोनारी। इमजाणीनेपाछोवलि REFREEEEEENSESEROFERESERE (९८) 菩狂步好好理
मेवरहाजिनोमोपी।
PattheREERARIAHE
यो । सुखविलसांसंसारी ।। ८५ रा. । महाबोम
बघनदापये । भगवंतदरशणजातां ॥ मारगयामेजन
मिलीछू ॥ नफोषणोदरपरकरतां ॥ ८ रा.॥तीय
रणोदरशणकरतां । परसन होसीकायो । विद्यावरतोपा
छोरलियो । मणरेहारेमनमायो । ८०रा. । समवयर
मसु नेहोबायो। विमानसुकतरीया । करपदणानेंतु
वांणो । कारणसगक्षासरीया ।। ८८ रा ॥ जुगवाजतो
देवताइयो। जन्यौछधर्मांणी ।। सेवकतोवरजोडीग
रषित है। मकरसषयांणी॥हरा ॥ पठामेसामी
पायजपनां । वाघमरानाथो । कोषगुरनीसवावीनी
दानदियोछे हाथो ॥६० रा ॥ म्यांमकरी देवतादीठो
पूरयमवनाविचारो॥ भुगमाहुतोहारोनामवहंतो।
परहामारीनारो॥६१ रा. ॥ मेंपरहारवारखमोमें
मणरयभामाग्री ॥ देशरणांनेसूसकरायो। मैंगरहामो
मेंताती ॥२ रा. ॥छपगारीमोगुणनखीने। देवता
दरमपनायो॥ देषमणरेशापठिकाणे। अठोपमोधरण
मायो । ६३ रा ॥ परगटरूपकोनो देवता। प्रमुनेंमद
ज्ञांदीधी ॥ साधसाधवीनेपंदणांकरिशै । मैसरकाने
पदणांफीधी ॥ ६४ रा• ॥ परषदादेवीने सवालागी
देवदीशैछगलो ॥ अलीनेतोपदनाकीधी। निणरीप्रमुउ
फारदैलो ॥ ८५ राः ॥ नुगवाटपरोनामबहुंतो । मैच
रहाणरीनारी। धरमतोंरचनेसामाज्यदीपो । हवी
सुरचषतारी ॥रा । मैणरेजारकारबननें। मबरम
भाईमापी ।। देशरणानें मूसकगयो । इयमपरीजाप्ता
पी८७ रा.॥
मगरिहातोमनमनांखा पचोदौथै
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।
मैगरिहानिकाचीपर ।
(१५१)
苦生生法出击连击出去在經驗的老生击挂在柱生生主密?
छमाहरो॥णअवशरमेसंजमावै । परविद्याधरनानहो
सारो॥ ६८ रा० ॥ भरीपरपदाममैणरेडाऊठी । बोले
के करलोडी। यानाद्योतोसजमलेऊ। टालूभवतणीपो
हो । ६८ रा. ना देवक हेयांनाजामहरी । ल्योथैसन
ममारो ॥ जुगवाङ्गतोऊरणइयो। मैणरेहानेंतागे॥
१.० रा ॥ मनतोविद्याधरल्यायो। परवशवातप्रकाशी
कठेविद्याधरकच्यौदेवता ॥ गयोविद्याधरनांगो ॥ १०१
रा. ॥ मणरेहातोसंगमखीघो । क्षानमणेगुरुणीपाश ।
पिनयकरीने प्रासापाले। सुमतिगुपतिकरपार्श ॥ १०२
रा० ॥ देवतातोमनमैहरपजपाग्यो । पूज्याप्रभुनीनापा
यो । साधुसाधवीसवबांदीनं । घायोजिदिशजायो ।
१०३ रा. ॥ देवतातोचपणेठामै पड़ोसो। मणरेशासंगम
पालै । वालकतोमारगमें मेल्यौ । चापरापुन्वरपवाले ॥
१०४ रा. ॥ नातोकोई हिंसकनेहोचायो । नहीकोई
पीपायो ॥ देषोपुन्याई नै प्रभावथी । सुकृतकीनसहायो
१.५ रा० ॥ मिथलानगरोनोपदमरथराना । पढीयोशि
कारनसोई ॥ पापकरंतांपडपाधरी। पुरवसुक्षत होई ॥
१०६ रा॥ करपथवारीराजारणमें फिरताजावजीर
सककोई ॥ रनमाहेतोषालकसूतो ॥ दीठोरामासोई ॥
१०७ रा.।। बास्सकनेडीराजाच्चायो। रूपदेपननेचचरि
जपायो ॥ वाखककोई पुण्यवंतदोशै । राजारमनभायो ।
१०८ रा ॥ माहराराजपुत्रन होछ । माहमहममें
वायो। तोद्णयालकनेऊरोजेऊ॥ सौ पूराणोनेंजायौ।
१०६ रा. ॥ कुमरलेईनेंराजापाछोवलीयो । प्रायोराजटु
पारो॥ पुष्पमालारांणीरायतेष्ठावै । पुषदीयोछकरतारो
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(१५२) मैगरहाजिको चाप। HEARTERS ११०रा० ॥ नवमासांतोभारमरछ । देवतापितरमनापी प्रापणेपुरवपुण्यकरीने ॥ कुमरस हनमेभायो-॥ १११ रा०॥ यांपणांरानम पुषना ही करोडदरी प्रतिपातो राजलायकयो कुमरदीशै॥ होसीरामरपगालो ।। ११२ रा० ॥ भारभोलायण राणीने । नमीयकुमरपोलैघाली पुण्यवतरानमें चायापछै । भोमियानेमनचाल्यौ ॥ ११३ रा०॥ भोमीयामाहरैचनमीता। कुमरराजमें पायो मोमीयासयमाचरेचाकरवा ।"नमीयनांमदीरायो ।। ११४ रा० ॥ नमीयकुमरपदमरथराना । दिनदिनवधतो होई मातपितामघवधीसाहो । सुखज्योसबोई ११५ रा. ॥ जुगबाटनेमणरयमाग्री । विषयारसरेचा यो॥ पाछावखताने सापमपाधो । ( गयोनारकोमायो । ११६ रा ॥ दोनूराजारीमरगडयो। पपरहुईनगरीमा हो ॥ मगरहातोनिकपनांटी । तिणरीषमरनहोकाई ११७ रा. ॥स सारनातोकारमीयो। रावलुगमनमने दीयो । कियनेंदोसनदीजैरमाणी। करमपापराकीयो १६८ रा ॥ जुगपलभतोराजकर छ । यस्तैछ चौथोपा रो॥ बापतणीमनम थोडीचाथै । पिन्दुस्पषरतमातारी ११६ रा ॥ नमीकुमरतोमोटोहुवो। भरपडीराजारो नमीकुमरने राज्यपेसांख्यौ । सुषविससससारी ।। १२. रा० ॥ नुगयाजतोदेवताहुयी। मगरज्ञास नमपालै॥ अगवत्तमनेनमीमाई । दोनूराजरपवास ॥ १२१ रा. आठकरमझमहामोरापर । जोउम फोहामाह।चारोगे तीन्यारीकीना । किरतय पेशदिपा । १२२ रा.। दोनू गांजाराजभोगवतां । अडयोपडीमेमोमा। भोमभापती HTTETTEFFEFFEETTERRINEER भ । मेरीहाभिको चीपई। (१५३) tattitutt Asttitute राषणसार । करेरामवीराहो ॥ १२३ रा. ॥ मुगवलभ सोमनमनाये। घायलडदीकठारी॥ देषानेमाहरीघ रतीलेशी । गजवीयांसहकारी ॥ १२४ रा. ॥ भुगवल भतीफोजालेचढीया । काकण्हसोमाणावै ॥नमीरानामन मेंकापकरीने । मनमें मगजनमाये ॥ १२५ रा.॥ नमी रायतकरिनेसमाई। वोलछवाकोवाणी ॥ मरममोसी बालैमातारी। चहीयोछईमनाणी ॥ १२६ रा ॥ तिण अयभरमेंमेणरेहानी । मनभेदूसडीनाणे ॥ अंगांतछ दोनमाइरा । नहीइठेमुन्यप्राणी ॥ १२७ रा० ॥ षणा जीवांनौघातमहासी । मरसोषणाचजाणो ॥ यांसजोका ईउपगारकी। में णरहामनाणी ॥ १२८ रा० ॥ कर अंदणानेगुरुणीनें पूछे ॥ पापकहताहुजाऊं । दोनूरा माररायमंडाणी । इमानिसमझाऊं ॥ १२६ रा. ॥ माहोमाताकाईनहठके। अंगमातछम्हारा ॥ घाणी यानीधासजहासो । परणामएकदयारा॥ १२० रा• ॥ देवापुण्याईराजवीयारी । गुरुयोंतान होंवरजे । यसत चापरीसेठोरापनें । परपरीपगारकरने ॥ १३१ रा.॥ करवंदणाने गरेहाचाली। लेसतीयांनसाथै ॥ जुगयस्लम तास धपिछाणी । पहिलीउणावाती॥ १३२ रा.॥ का कहसीमाठीडठिकाणे । फोजापडीकेदाई॥ जुगमस्वमनों लशकरपूछो । चालीम पर हासाई ॥ १३३ रा. ॥ में गण रहासतीचरमशरीरी। धापतिर परतारी ॥राणकड़ो सुनेखीचाईनिभरपड़ीरामारी।१३४रा०॥भुगषसमसी अयोसितायसू । मिमयकपीछभारी ।। सातघाठपगसाइ मोजाइन । महासतीयांक्य पधारो ॥ १३५ रा०॥ मैच FEEEEEEEEEEERIESARIES (१८) , (१५२) मै पारिवानिकोपर। SEARRINGRESH ११०,रा ॥ नवमासांतोभारमरके । देवतापितरमनायो घापणेपूरवपुण्यफरीने ॥ कुमरस हजमेभायो । रा०॥ यापणाराजम पुचनहीछ। किरोनरीप्रतिमांची रामलायकयो कुमरदीशा होसीराजरपनाखो -1 ११२ रा० ॥ मारभोलायण राणीने । नमीयकुमरपोलैघाली पुण्यवंतरानमें पायापछ । भोमियानेमनचाल्यौ ॥ ११३ रा० ॥ भोमीयांमाहरैचनमोहंता। कुमररानमें बायो भोमीयासयमादरचाकरडवा । नमीयनांमदीरायो।। ११४ रा ॥ नमीयकुमरपैदमरथराना । दिनदिनबघतों होई । भातपितायं धववीसाहो । तेसुराज्योसड़कोई। ११५ रा. ॥ जुगमानेमणरथमायौ । विषयारसरेचा यो ॥ पाछापलतानसापभषाधो । गयोनारकोमायो । ११६ रा ॥ टोनूराबारीमरराजयो। षवरईनगरीमा हो। म गरेहातोनिकलनांटी। तियरीषषरनतोकाई ११७ रा० ॥ संसारनातोकारजकीयो। रावजुगमामने दीयो कियनेंदोसनदीरमाणीकरमचापराकीयो १६८ रा० ॥ मुगवलभतोरामफरै छ। यरतछ धौथोपा रो॥ वापतमीमनम थोडीपावै । पिन्दुस्थवरतमातारी ११६ रा ॥ नमीकुमरतोमोटोहुयो । रपयोराजारी नमीकुमरने राज्यवैताण्यौ । सुषविलसंसारी ।। १२० रा० ॥ मुगवाहतोदेयताइयो। मबारशासनमपाले।। भुगवलभनॅनमीमाई । दोनूराभरपवाले ॥ १२१ रा. पाठकरमरमहाजोरावर । जोसम फोडापाडेचारमि तोन्यारीकीना। फिरतषपदिपा १२२ रा । दो गंजाराजभोगवतां पिहयोपही मीमाई। भोमनामनी FFICE Satta । मैरिहामिको चाप । (१५५) 这本书主体在志志志殺设發發發過主动选在容主志志宏 कासूकारणपडीयोथाहरै।इसअवशरम्बाई ॥१४८रा. किस कारणथारैटोनगमा। झगडोपडयोमाहीमाई ।। फोनबंधीयतीभैलीकीनी । तिणकारणहुआई ॥ १४६ रा० ॥ वापमानौनेमानिकलभागी। गई एकपरलारै॥ देपोनेएम्हारीधरतिलेथी। कड़ीसनमुखमातारै॥ १५० रा०॥ वेटातोथेराजबीयारा। बोलोयोलविधागे॥ उर तोयाऊपरकुणासो। भाईयोथारो ॥ १५१ रा० ॥ जु गवलभनेंतोमोटोमेल्यौ । पक्रय होचतुसारै ॥ नानो ॥ बालकजिमनाणोने । यातकहीचिसतारै ॥ १५२ ।। रा० ॥ वातसुणीनेंगनालाग्यौ ॥ नीचीसुखकरीजोवै भारीषचनकझियोमाताने । रामाननहीलोवै।। १५३ ॥ नमीराजामनमाहिनाण्यो ॥ जुगवलासरा जामाई ॥ नेहसने दोनूवेटारो। तिणसुमाशीबाई ।। E १५४ रा० ॥ नमोराजातोमिलणनेंचाल्यो ॥ जुगवल मसाइमोमाई ।। हरपभावसु वाहपसारी । मिलोयादी नूमाई ॥ १५५ रा• ॥ एकणहाथोरैहौदेवठा ॥ सुग बलमनमीभाई॥ जुगवलमराठेराकानी । प्राय हरप सवाई ॥ १५६ रा० ॥ लोक लडाईरीवाताकरता । लड ताहाडाहोहो । लोकांमनमचरिजपायो । काईकोयो कैदणमोही॥ १५७रा ॥ बैरमिटायनेमेलकरायो । घ गालोकधारामी । घणाजीपारामांथापडता ॥ राप्या छद्रणमामी ॥ १५८ रा. ॥ लोकरामारकुशलजहुयी। परषरहरपयधाई । मलोहोज्यौदासतौकरो ॥ असली घोजगमाई ।। १५८ रा. ॥ राजकच डीमै पाईयैठा । जुग यसभनमीभाई ॥ जुगवलमसुपथिरजाणीने ॥रा 党军军军空军军军空军空军军强军军军突变型军空军军發 रा०
॥
भेपरहाजिको चाप।
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रहाताया हैराणाम । कारपापडीयोकिमभारी ॥ पोष
धौतायेभेलीकीनी तिणरीको णविचारी॥ १३६ रा.
घायजामाहरीधरीतीलेशो । नीचडालघरमाया।
साथसमानर्णमेलाकोनो ।। तिणकारगचढ़ीपायो ।
१३७ रा. बेटाधोराजवीयारा । बालबिचारीवासी
उरथाऊपरको णचंदयाधी। योधारीभाईबहुमोलो ।।
१३८ ॥ यातसुमीणराजालाग्यो । मोधोमुखबरीवा
भारीपचनकचौमाताने ॥राजाने नहीसाथै ।। १३८ रा
जुगवखभतीफईमाताने । थैलीधासनममारी॥ मौतथा
पंदाकिणमिधई। यातकहोयिसतारी ॥ १४. रा.॥
मणरथरानाथारापितानेमासी ।रातने नीकलीपाई
जनमनमीरोयनम डयो। हुमतचाईमाई ॥१४१ रा.
तीरनदीनेवैठोड़ती। विमानविद्याधरनाचायो॥ देवलं
चार्यमोनेसाहेमली। हुईथमीशरणमायो॥१४२ रा
पिताताथाहरीदेवताइयो। दरयणप्रभुकैचायो पाजा
माझिम तीस जमलीनो। भेट्याप्रमुरेपायी ॥ १४३ रा.
दोसुंरागारमे धेरसुणीय।। लहसीमाहीमाई ॥ पक्षा
'वादमीमरणपामसी । तिणकारगडचाई ॥१४४ रा॥
अँगरलमराजायातसुणोनें । चिन्ताफिकरमनचाई । बुग
वसमतोक छैमाताने । मायमिरांहभार ॥ १४५ रा० ॥
ठोकनहोलनमीरायने । योछमाहरोमाई ॥ नहीविश्वा
सरासयीयांकरो। तिणसुमिल पछिस्तीमाई ॥ १४६ रा.
जुगपलभतोदोयोसमझाई । नमोरायफननायो ॥ शती
यानिमरपहीराणारी । मिनयकरीसामोंचायो ॥ १४७।।
रा. ॥ हाथजोडीराजामोल्यो। महागतीयांबिमाई
PREETTERRORTHEATRE
मपरहाजिको चौपई।
(१५७)
版本在立法法本法主法法 THEHRARiteshta
रा० ॥ मैंगरेहातोदीक्षालेई । मनशुधसंगमपालै ॥ जिन
मारगमेनामदीपायो । भयपणसइटालै ॥ १७३ रा ॥
मैंगरेशातीकुलतारकहई । लज्यायापरीरापी॥ विपोस
छोपिणशीलनभाज्ची। भगवंतनेहनोंसाषी ।। १७४रा०
मुगवाहनमेंणरेहाराग्यो । जुगवलभनमीभाई ॥ च्यारांरो
तोकारजसीघो। मणरथदुरगतिमाही ॥ १७५ रा० ॥
विशनसातमोपरनारीनो। जीवघातघर हाणी ॥ मणरथ
रामानरकैपहंतो॥ कुजबांधने प्राणी ॥ १७६ ग०॥
एककुवियनमणरयसव्यौ । बहुरुलीयोससारो॥ सातो
कुविथननेसवैप्राणी । तिणनेदुखकञ्चपारो ॥ १७७ रा.
विपयारशतोविपसमजाणीनं । सदगुरुसेवाको मनरथ
राजनीयातसुणीनें । परनारीस गनकीजै ॥ १७८ रा ॥
दांनशीलतपस जमपालो । टूखणसगलाटालो ॥ दयाघरम
रीशमताांगी। शुधकरीत्राचारो॥१७६ गाधिरमदयाई
कैवलीभाप्यो । तिसाचोकरीमाणो॥ सेवाणीभविना
सोनिमेनिराणो ॥ १८० रा.), नपतपसनमा
लोरमाई । विपयविकारगमाई ॥ जीवजितीशिवसुख
पावै ।। वीरवचन मनलाई॥ १८१ रा० ॥
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举行开学节节的至對革
।
इति योमणरेशानिकी पीपह
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(४०)
१५६)
मारहावियो बीपी।
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गरीमनमें पाई ॥ १६. रा•॥ जुगवसभालेमोरी
क्षालेणद्यो। रानकरीमहारायो । गरिबसर्वसंपदा
मेंथानेभोलायो ।। १६१ रा• ॥ बुगसमतोदीचा
लोधी । इरपधणोमनमाई ॥ भाई मिशेहोदुसरीखारा।
नमीकुमरने चाइ ॥ १६२ रा. ॥ नमोकुमरतोरावा
रामकरैछ। राणोएकसौपाठो होनाटियनेंधुरैनगा
रा। दोनूरानरोपाटो ॥ १६३ रा•॥ दापयरनेघोगक
गैनें । लेशीसमभारो॥ इन्द्रपरीक्षाकरवानाशी। उ
तराध्ययनपिस्तारो॥१५४ रा० ॥ दोन्यामागारमेला
गयो। मैंणरहापाछीधाइ ॥ गुराखीवीरपायेखागनें।
विधयातसुमार् ॥ १५५ रा. मोटारावारम खक
रायो । राषोषणांगवानी ॥ मगरहानागुमनानोमें।
गुरुणीलाछरानी॥ १६६रा. । छत्तीसरवारमाामा
है। गुरुणीच दनयाला। तिपरेपाटेंपदवीपार ॥ शिष्य
गौरतनारीमाला ॥ १६७ रा० ॥ चेडानीनेसातपुषी।
भगवंतचापमापी सणाबगावतीतीजीप्रभावती।
चौथोषाराणी ॥१६प्रा.पाचमोपदमावतीछटीज्य
टा। सुज्यष्टासासमीजांणी । सकटपर्यासतीपोलजरा
प्यो । दवदतीनमरांणी ।। १६८ रा. ॥ पवांपतीछ
महेन्द्ररामारी | पिपोसचौवनमाहीं ॥ मंकटपासतो
शीताराप्यो । मशफीरसिजगमासी ॥ १७. रा.॥स
तीद्रौपदीतोधागेहई । अथवीधोनगाहो ॥ मोठारा
शारीविरोधमिटायो। मैंपरेडारीपधिकाई ॥ १७१रा.
सजमसेनेसुकतकीव्यो। मिसुपनमारोमसपोम्यो। मि
नथाशनममणरहाकीनी। सिमसषयताईकोची ॥ १०२
HTETTEFFFFFAITHILTEEEEE
छकायानो धोनती। ENth tttttatsARMEtate) सवपरहोदयाल | हिंस्थापंपामाहि ॥ १३ ॥ सुइछिद्र समबाउ | जियघसंखघरीनि ॥ लिकसमानशरिर ॥ क रैतोदीपभरैनी ॥ १४ ॥ पवनयागजकृष्टितीनहजार वरससी ॥ पंवनकरतेगुलाम ॥ कहियेंदरनहोतिसको । १५ ॥ वनस्पतीमतितोहि । जीयर्स इकगई ॥ सपऽसंप ऽनंतदोभेदइनमाही ॥ १६ ॥ साधारणचौदेलाप ॥ द धमत्येकषपानी॥ साधारनसेनीव ॥ ऽनंतको ग्यानी ॥ १७ ॥ कोमलजेफलफूलडालपचफंदनेते ॥ जमहेपरवमिसहाल हे ॥ साधारनतेते ॥ तिलसमइस तनमाधि ॥ भोवकहकहजेते ॥तीनकालकसिद्धकीच्एक नतेते ॥ १६ ॥ सासउसासकलाहि॥नममरनकरेंनो साढ़ेसतरेंमाराऊबहीनघरेजी ॥२०॥ परतक्ष गौव संपास पपरसाना ॥ उत्कटोयाकीचाऊमर्पसहसदसना ना॥२१॥फलदायकतोरनहारदेषेकाच्छीपानी|जिगहोक हविगवारदुरगतीचागवानी॥ अषकठीनसफाययोतीची रोद्रीमाती। दोदोलपपरवानइंद्रीस ख्याती॥२२॥ ऽल सीयासमोखटजोकश्चिाऊयहोवपवागवडतयसेंजलाधि तातेछानिनसटारें ॥ २३ ॥ चेंटीपटमलदाम ॥ जूठांकां नसलाई । गदितेंइन्ट्रीजाननीवदयाफरोभाई ॥ २४ ॥ पाठदिनाउन चासउत्कृष्टी मिनभापी । चौइन्र्द्र बमरपत न ॥ मच्छरमागरमप ॥ २५॥ बीकुमकोडाादि ॥ श्रा कपडोछमासीमो ॥ एफाटघायजानीतौजनविनास । २६॥ नरपसुपपीमच्छादिपद्रिमानो नोएको विगार तोषीकरुनाबानो ॥ २७ ॥देवनरकचत्कृष्ट ॥आऊसागरते सोस ॥ धनसाहसदशवर्प ॥ भापीथीनगदीस ॥२८॥ 空军军军空军空军军安穿越级来要军事安安宋军军长室) MH (१५८) ऐकायानी पोनती। 非法违法违连击违法违法违的主法式古法生站走去, ॥ अथ थोछकायानी वीनती लिख्यते । KHARA छहकायारक्षाकरी॥ भएतीर्थकरदेव ।। यातैमनवच कायसी ॥ करीदयाकोटेव ॥ पृथोकायमतपोद जीवनस इमरे । माटोचहियेतोधि॥ फासुवडतपगेहे ॥२॥ माटोचणासमनीव ॥धारममरसमकाया ॥ तेलपयोजन मान ॥ अहीपनमाया ॥३॥ परसवावीसहबार ।। घायुवतीनुषपानी ॥ जघनमडरतमाहि ॥ सवथावरनि समानी ॥ ४ ॥ माटीषोदकुमार ॥ हिंसाबहुउपभाथै ॥ हिंसाकपरण्याम ॥ मरिकैदुरगतिमाच ॥ ५॥ अलकाया नविरोध । जीवचपारपिरामै ॥ जोजस्तचड़ियतोहि।। फासूस करिकामा ॥ ६ ॥ एकमिंटुकेलीय ॥ देहचथासम धार। मोइसहीपमाह ॥ केवलज्ञाननिहारे॥७॥ १ तकृष्टोजचाउ-॥-सातहजारबरसकी ॥ सातसातलष जाति ॥ भूजलप्रगनिपषनकी ॥ ८॥ जमकीभरणिभुन्हा रि॥ हिसकन परिहारी ॥ तनपरिकपरानांडि॥ तिदुर गतिकीप्यारी || निकायमतिदा ॥ जीवनसंखम रहे। अगनिधारमनिवार ।। गुरुकमचनपरहे ॥एमग निफणणीष ।। पोस्तवीजसमकाऊ ॥ करतोहीपनमा वहीतीनदिन धाम ॥११॥ भोलादिकयममाठि॥ पा पकदाइकरइया । फिरहेनगनपगनिघे । टुरगति? भरड्या ॥ १२॥ पवनकायफेमिय ॥ वहतमकठांति FEEEEEEEENSIDEREFEREFERE गदगुरु स्तषोयम् । (१६१) 海法市法孟玉主本本主經腹股接线在击本站立法法主生宝先走路 थापी | जिनशासनकीरतिछापी ॥ जगजीवनभेजिनपर लापी॥ २ ॥ साधुरतनथदगुस्यायें ॥ लेइदीक्षाअनुभव अभ्यास ॥ मटममतासोहचलगनाशै सुधसंजमपालसुवि ला” ॥ ३ ॥ गछनायकलायकजोगथदा ॥ वसिनहिकर विषयकयायकदा ।। सुपसोहगदेवेस पदा ।। समरताटाले सवषिपदा ॥ ४ ॥ सहजरिवमिलैसगलो ॥ पुन्ययोगेंपुन्य दशासवली ॥ पाशचंदमूरिदादाअतुत्लबली ॥ अभि लापाकरसवहीसफली ॥५॥ निशवाशरकुशलमंगलवेला नितउच्छवाहरपलकेला ॥ गुरुसुपशायॆसुनशमला ।। मिलेपुषवतीललनासुकला ॥६। सगसादिवशकोवैसफरना नितपानकपूरतणावोडला ॥ गगघोडापायकरथप्रयला ॥ घरमेकल्याणकरकमला ॥ ७ ॥ पुरैविजयनीशांणचमर डारे। नरपतियहाहानरदरबार । जयजयशवदनं ऊचा रै॥ करजोडीगुरूसेवासा ॥८॥ धपमपमादसनादर * ॥ नाटफयतीमरगसले ॥ प्रगटेमतस्तप्रतापछले ॥स पटुशमणदोपौटूरभजे ॥ ८ ॥ सुषमोठामोननसरसमिले टुखरोरदकालजरूरटले ॥ ममपंछितमाशासफसफले । गुरुसुनिनरहष्टिमसनमले ॥१॥ तनममगमतापट पहिरै। सिजनगमविशदकीरतिपसरे ॥ इफमनशद गुरुनेसमरै॥ सुरधनदरिषरमांकिम ।। ११॥ तत पिणटमंडधुमाये ।। करिधोरपटापनयरसाथै ।। शरि ताशरकूपकमरणावै ।। जलदायकविरुषलगतगावै ॥ १२ गहिराजस्लगहरतरगकरे ॥ भरसागरवाहणवोचहरे डूयंतांप्रवणरुसमर । तिणमापदधीततपिणउधर १३ । परापूरैथूभसहो । विक्रमपुरश्चपिपुरगागही 军军军军军军军军 EDIESETTER (४१) (१०) केफायानी योनती। 君出生者的生志忠主本本法主的 说法生在法生主主法 उत्कष्टोपल्यतीननरपसुभाऊयपानीम छसम्पदेषिपाउत पूर्व कोडिपरवानी ॥ २८ ॥ देवनरकतिरिक्षपचाररपष जानी ॥ चवदेलापमनुष्यएसवलपचौरासी ॥ ३० ॥ पत्र इन्द्रोवलतीनघाऊसासीउसास ॥ ईनदशमानन्मादि। थायर चिउभापी॥ ३१ ॥ विकलषयऐसाताठ प्राण मसोणी ॥ घरेयसनीसन्नपचर'द्रीनव दबी ॥३२॥ कपर्शायाहारसरीरफुनि'द्री ॥ सासटमासभापाम बचारधरीक इंद्री॥ ३३ ॥ विकल सन्नीकीपाचसन्ना कीछेमानो | पीयनवभेद गुरुमुख सु पहिचानो ॥ ३४ पर्याप्तीछकायहोयञ्चपर्याधारी ॥ सुषमवादरमेदकधासि हाम्तमझारी ॥३५॥ लोकपाकासमझा।।पूररहीछेकायाष टमांहि ।। जितुममानोमनवाचकाया ॥ ३६ ( कलश ) या माननिथिदिनदयापाचो ॥ भविक िशवसुषदायरे ॥ भव भेवतणीयहनुटवअपनो॥ लपोमनपचकायच्छटफायमें मिर्थयातकैमसरलतभिवानपनोकियो । प्रयतरनतारनलीन सीमी ॥ सरनथी जिनरामको ॥ जगमाधिभविभव ससितसमफित ॥ सरनतुमय दित ॥ निमदासलिपि यहयासपूरोचारकु च्छु मैनाचा ।। ३७ ।। ॥ इति थीछकायनी विनती ।। ittTrt ॥ अथ थीथदगुरुसायोयम् लिप्यते । चरणकमलयदगुरुजीफा ।। नितमणमोभायधरीमीका भगतपछलगुगाउगाहीफा ॥ सबसुरिशिरोममिगिरटी पा ॥ १ ॥ परघापुरणपरतापी ॥ य इतपगझनीमहिमा AT
(१५३)
मागसिक भरणा
httttttttt.THEREtttttta
णसाकणभुतडाहो ॥ भ०॥ सिंहचितानसुर ॥ वैरीदत्सम
णचोरदाहो ॥ म ॥ रहेसदाईगहि ॥ म० ५ ॥ तुप
सातावरतपणो हो। भ० ॥ जेष्याबैनरनार ५ परभवमा
ताजौवनेहो ॥भ०॥ सरणाकोबाधारहि ॥ भ० ६ मं०
रापोसरणाकीचासताहो ॥भः ॥ नेडोन हौसारोग ।।
परतत्राणंदसुखसहीहो ॥ भ० ॥ वालातणोस जोगही.
म. ७ मं०॥ निसदिनयाकुध्यावताहो। म जिीवतणेउ
धार ॥ कुमीनहीकोईवक्षनीहो । भ. ॥ याही नगमेसा
रहि ॥८म. ॥ मनचिंतामनोरथफलेको ॥ भ० ॥ वर
तैकोडकल्याण ॥ सुधमनारनै मरताहो ॥ भ० ॥ निश्चै
पदनिर वांग ही ॥ म० ॥ एसरमानध्यांवतांहो । भ.
नामतणोचाधार ॥ एसरणाकीकीरतीकहीही ॥ भ० ॥
घ्यावोमनमझार ॥ हो. ॥ मं० ।। संवतघाठारबावनै हो
भः ॥ पालीसेरसपफार || चोथममइनपिनको ॥ भ.
सुणज्योवालगोपाल ॥ही. ॥भ. ॥१० म || इति
मासीक सरणा ॥
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॥ ग्रन्य संपूरण ॥
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(१२) सदगुरु मावायम् । titattitutRETARTENMEAtttttttttti हरिगढमेंदुखदोषनहों । वलिसुभटपुरवाशितलही।।१४ राजनगरवीरमगाम ॥ पंभायतमांडलसुपठामै । राधणपु रपाटणचभिराम ।। गुरुनासुपसंपतिपांमै ॥ १५ ॥ द क्षिणउतरवतिहारी ॥ पुरवपच्छिमप्रतिसुपकारी॥ द पदिशिजनसेवासारी ।। गुणवंतागणधरमयकारी।। १६ जनपदपणपुरसगरै । गाईपाशचंदसवनगरै॥ पूर्व जनहितपवर ॥ शक्रवपदसरतवरै ॥ वावमवीर जोगणिसाघी ॥ वलिषत्रपालनेआराधी ॥ भूमंडस्वविध रेनिरुपाधी ॥ कपाषकमसियोध्यायाधी ॥ १८॥ सूरी शरबीपाशचंदसा ॥ सहसेवकजनसुपियारापै । समर तागुरुदरगणदारे । समिइन्द्रचंदमाचकभाषे॥ १६ ॥ ॥ ॥ इति थोशंदगुरु स्तयोयम् ।। ॥ अथ थीमागस्तीय सरणा सिस्थ्यते । प्रउठोनसमरीनैहो । भवीयण) मंगलीकसरणाचार चापदाटास्सैसंपदाहो ॥म । दोखतनोदातार ॥ हीयडेरा पीनेहो॥म. १॥ चरिहतसीहसाधांतणोही । म ॥ धीयतीभाष्योधर्म ॥ ऐयार जपताधकांहो। भ. ॥ टुट चाटुकर्मही० ॥ भ• २ ॥ एच्चारसुसयारीमाहो। भ० ॥ एष्यास्मनखीक ॥ एचार उत्तमकचाहो ॥ भ. २ ॥ पचास सहतोक ॥ ही॥म. ॥ गेलेपाटे चालताही॥भ• n समर पारंपार । गाानगरांचाल ताही। भ• ॥ विपननिवारणदारी•॥म । डाक TOTसमझायाBITEERIERE FREE NARETTESEthistatute संप्या, ठास, पाक तया गावा। ११ ठास B (गाथा), . ८४.' - ८५ INTERNATIHARRIERTAAR बड़ीसाठबन्दना सोसरी नव वाद देवकोकिरीचीपर rt घनमा ससोरीरास १५. (गाथा) सिधाया कायार मामा कारमी पालीसहरस अवतार ५ ८३ गिरवागुप गुरुदेवनी--- ५ घटोपट पोसामाणों नारीनेह निमारोये घपल चितपस किजिये- ६५ छोड़ियेकाम पिकारको मिही, जगमे बसकर शिनीये मुटवचननविधीरिये ८५ नरतुम समझी पापापापमें १५ का शेगोमुबार .५ ठोकर पोमन पापना बोसोमती संसारमापारी दास धरमकरोसोलीयर नागाभावनागाजावे तमधन मोवन कारिमा पिग्मन किने ध्यान ૧૨ रामसियसतप भाव सदा धरियो वो भवोपरियो সৰলাৰীৰবৰিলী पापकारमणि दिने प्राणी २६ फरसान्द्रो वसगजपही २० मोदयधारपवासोये AREEFFFFFFEEFINITIREFREETTERPRE - ८. - ८१ ८.४ -~- Hiगव सति। RELALREATrave ॥ मांगलिक सुति॥ आद्यं थी रिपमं जिन शियरत कैलाश नाबागिरी। चंपायां वसु पून नंदन तथा पौरंच पावापुरी।। सन्नी मिन नेमनाथ पिपर जैन पराः विंशति । एतेसर्वजिनेनरा प्रतिदिन कुर्वतयो मंगकं ।। १ ।। इत्वं गौतमसंस्तुतिः सुविहाता चंद्रेश पादिमा । भविस्फोत सदा वन गमतपादं बुरुट चंचुना है ये तस्य सरग प्रभात समये कुबतिचंगात्मका । से मित्य मनसः समाहित फल सगोलमन्तेतराम् ।।२।। विज्ञापन । WATER इस ग्रन्थ के छापने में अथवा संशोधन करने में जो कोई जगे अक्षर खोटा कानामाला भुलवा कोष प्रथया चौर कोई तरे। साना दिवा पनेम' पाशासना हवा होथ सो सकल थीसषसमचे मन- मधन कायाफर मिच्छामि दुबह होय । साधर्मिक थीस ध से प्रार्थना है कि इस पुस्तकम जो कुछ कहि२ अशुद्ध होय. तिसकुस थोधन करते अयना से उपयोग कर पाठ करणे में पाव इति थोरस्तु कल्याण मस्तु । उत्तरोत्तर मनसोक ॥ EFFFFFFFFFFFERRORIERRIA मम्पर नाम संचा, ठाल, | पनौक तया गावा। 1 H .८8. 4- बड़ीसाठबन्दना १३ ठार सोखरी नव वा ११ १८ देवकोगिरी चीपर- 8. अंजना समोरीरास १५..(गाथा) ५४ सिमाय। कायारे माया कारमी पासीउदरस अवतर. ५ ८. गिरुवागुण गुरुदेवनी-- घटकेपट पोलापाशी -मारोनेह निवारोये - •८५ पंपस चिसयस किनिये ८५ छोड़ियेकाम पिकारको- ८ १२ . जिहो, जगम नसकर सिनोये ८६ मुटवचननविपीलिये MER नरतुम समझो पापापापमें टेकन छोड़ोपुग्यकार ठोकार योमन पायना १०. कोसीमा संसारमै पारी ठाम धरमकरी सोमोयेर मागापावभागानावे समधन जोवन सारिमा २१ थिरमन किम ध्यान २२ दामसियससप भाव सदा २२ धरियो हो भवोधरियो २४ मरनागेसाचेतियेनो ८२ पापकरमनि दिन प्राणी फरसइन्द्रो वसगनपड़ो २७ बोमयपारयवासोयेर FREEFFERRIERREARRIFFFFFFEREFERE ८. . . -८८ ८८ पू ८.४ २८ २८ ५ ८.1 21 24 ५ 20 . ३४ २५ ८८ ५ ८८ भयभव ममतालीवहार मोहममततधिदिने प्राची जोगयतन पितधारियर रागरेप नही कीजिये सोभराहरकर दूर विषयापिसननिवारियर राग मतप्राम षटकाया प्रतिपाखदया 'साधी घरप नित पन्दिये परप्राची पापापाप धर्मचरित सिमाय। प्रादिनाव प्रादेविमवादी राषमतोम बिनवतो सहमारप मवियन समक रावीभोवन सिधाय तमापुमोसिमाम दिवाकरवचिधुपण 22 ४० ४१ . ४२ न्य ४३ 88 HTTERRRRRRIA ४५ 0 ११४ १२ मामRAN १३८ १४. पुकारास गाया माजीरास जगतमेठानीलीयोमाणिवदेवीकारास १२५ 8८ गवरोमोबास ४८ सारवार सिप्राय फरतो सिहाय पाछपामो सिचाय ५२ मपरीक्षापीप १८१ कायानोवोमती ५४ योगुरुदेवलोमामति गोमागलीकसरपा मुति रिमापन SEPTFEEFFICLon १४२ १५८
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