Bhartiya Vidya Mandir Shoudh Pratisthan,bikaner
Sarat-sahitya Shubhda (36)
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सुसम-साहित्य माला छत्तीसों पुष्प शरत्-साहित्य शुभदा ३६ ६ अनुवादयर्ता- रूपनारायण पाण्डेय सोउ एजेण्ट- हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर (प्राइवेट) लिमिटेड, मुबई प्रकापक- नापूराम मेमी, मेमेनिय गरेक्टर हिम्मी-नापरलाकर (माइवेट) लिमिरे, शीपणा, बा४ परस्म पर दिघार, १९५६ मुस्य रेड इपया पुनाप विपाजी देसाई, स्मारत मिटिम प्रेत, नेपाली, गिरगाँव, मारी।
. निवेदन प्रभा धरना प्रारम्भिक उपन्यास है। यह सिता खो गया था सन् १८९८ में, परस्त प्रकाशित हुमा सन् १९५८ रनमै, कोई . पाद, बब कि उनका स्वर्गवास हो जुफा पा। स्वयं उनके हापकी लिखी ठिके गुलाम के संकेतों मनुसर २० तसे लेकर २६ सितम्बर सन् १८९८ ता के बीच में इसकी रपना हुई थी। उस समप उनकी मबस्था ५२ वर्षी पी। उस समय पासा, ममिमान, भौर प्रमदैत्य नामरे तीन उपन्यास भौर मी सिरे गये पे मिनका मबाही पता नए स्ममा कि उनके मित्रोंने गानो दिये । 'पाषाण 'नामी एक कहानी मी उनक मामा मुरेमनाप गोगुलीने नो । भी नरेन्द्रदेव सितित पावनी मनुसार मोक्षा, कापीनाप, मनुफ्माका येम, मि, सीबहिन, पम्द्रनाय, हरिचरण, देवदास मोर पास्पस्मृति के बाद एमदारा स्तिना शुरू किया गया था। परतू सारिपके पाटने तक तब रचनायें पड़ी है। उनकारी तिमी हुई हानेकारन या नहीं माया सम्वा कि 'मदा' दिसपुर • धमदार पासे मेलरममें उतरे प्रकाराने उमठ मुत्तामा पोट प्रकाशित म्यिा, पिष्म ये वाराम हुई है। .
४
कप्पे दापोभे रचना है मौर उम्में शरद गनित्यकी विशेषता नहीं है। फिर
मी गान पड़वा है कि मम्ने मन्प नारी परिमों के समान में हमाके मया
एसना मादिके परित्रोको भषिक समीर बनाने के लिए इसमें संसोपन
परिवर्तन करना पारवे पे मौर इससिए ठमोंने इसे प्रकाशित न होने
दिया । परम्नु पिर समय नई मिम और दूसरी ना न रमनाम को
रामे कारण पाकाम न हो सका।
बत शुभदा सम्पमै भव में भौर कुछ ना कहना है ।पा
पाठकोंके हायमें है। मनुवादके सम्मपमें इतना ही या कि इसे 4
सपनारायणमी पाण्डेबमे किया है।
-
-प्रकाशक
शुभदा
१
पगारे मोतर गईन व पानीमनी प्लमिया मरराचिन्ने मौस-कान
मूदकर पीन बड़ी मामे बाद पीसी साम मरते-मरते करा-
मागमें सब माग साठी मी तर भावी है।
भाटपर मौर मी तीन चार मोर नहा दीदी, सब भामसे महरा
मिनो रध भोर तारने गी । झगडा भोर सपा समापी महरा-
मिनसे सादव को बाल पूछने या उसकी मिनी बावको कारमे पा
उका प्रतिवाद करने की हिम्मत कई मी नहीं पती पी। भीर फिर उस
समय बो मियों पारपर, की सब महमिनसे उममें पेय पी।
माराविन्न हिरीवी मिन्दा, भादमीरे मागमे गा
भाग लगती है तब इसी तरह सगठी है।
जिस माम्पतीलाप पर पर पाती गा, उस नाम पिप्प
पासिकी है।दो भादमाममोपाडी पहाव उमप
भने बाप पर माई।
फिदोने देसा, पात उसीसे ही गई, इसलिए सारत पर मरामा परे
उसने पूण-सा गुमाया।
२
शुमदा
मारादिनने का-सी हायक मुसीकी बात बार मा गई। झापान
से उन लोगों को पैर रलार गुना है।
किम्प्पयासिनी समाहा कि हारन मुख दुर्भापकी बात हो यसमा
मी मुनकर पुसित दुई। गमग एक महीना हुआ, रायन मुलीका पाँच
साकामा मर चुका है। उसी परनाका लपाठ करके मिन्होने कहा-
मगवान् छीन हैं तो उसमें मनुप्पा मा पर! फिर सम्म मौर मुस्स
रिसक परमै महाँ होसे पुमायो ।
दिदोडी बायका ममा कृष्णपिका मा तय समझ नहीं पाई। इस
देर बाद उठी-मार, महीना बा-महीना पहले एक मका पर
गुबर गगा, लेकिन पर बात नही पिन्दो, पर बात नह। मरना-बाना
मगवान्के हिपम , मा मेरा पाना ठीक है, मगर पह-शामर तूने
समुना नहाँ मेरी।
किन्दा कुछ नहीं कराया उन मरी मोर साच्चीयो।
कणप्रियाने फिर कहा-रान मुलगीष बारेम ने ग्रामद भी कुछ
नही मुना।
किगे-उनके मारेम भौर कसा सुननेही बात पुरे!
मायग्नि पोजी-पापही वो परणीय कि मपमान बम
मारते, मी मारते है। फितु उतमामो मसिए वो कर
नही रोता का होता है उस सोने की प्रतिमा परडी पाव पार करक,
ममागिनने इस के पस्ते पार पकनके लिए मो मुल नही पाया।
किमो मानिक महार यो पो से हो जाती रही। उसकी
समातम कुछ नहीं भाया । बिस मतबसे हामिया मूम बात छिपाप रसर
उपरके राम-पधे म यो पी, का मतलब पूरा हो गया । पारपर शिकनी
मुननेवारी थी, उनमसे इसी मौविस्मस मोर प्राण्डी सीमा नहीं दी।
रएर मम्ने मनमें यह सामनेगी किशरान मुनर्गती ऐसी स्पा भात रो
खम्ती बिहे नहीं जानती, भोर गाँवक भी ठोग मानते हैं।
पद देर हाताचारमनाने का मानी, पर पात क्या में
मन नही सम्वी।
शुमदा ३ महरामिन-यों नहीं सुन सकसी मै! लेकिन परतो कोई मुलकी बात नही-ससे कामेको दी मसपाहता । बा समाज मावा, तमा करना पने सगता है। भार, मगवान्ने ऐसी पीके माम्पमें मी बना कर ॥ - 4 " "काका पदुभागो!" "कर क्या एक म्य। किम्मे पका, मिनी तयकी लिया (म्पपा), लो तुम मोगोंसे गाँवक ।" "तो मी कुछ मुनें न आनी।" ना, अमीराने दो। कुछ मी छिपा नही रोगा, ममी सुन पामागो- और मुना मोगाने । कुछ पा मोर पौर-तुम मी सब मुन पामागी" 'मी कहो न।" 'ना ना, मन न Iौ । मैंने सोच लिया है कि भव लसीकी सी बसमें न ऍग्ग। पिम्दाने रेकर कहाभुमागी, हम सा नमारी मेरमौर फिर स्पा गुमसे कुछ हमनको प्रती है। 'पर से ! ममी गो गंगाबसरे मातर तड़ी होकर र पुरी हूँ मग पिसीपी रिसी बात में नहीं रेंगी।" पसपिया ममिया महाराम्नि पठे मानेपर समौ भौर एक-दूसरेका मुंवारती रह गरें। कोई कुछ नहीं समझा । विशेष बाद पापी कि रिसीने मारमाणमिनका कमी कोई बात ना गाते नहीं देना–परपंच उने बहुत प्रिय पा । लान समाप्त होनेपर सभी अपने अपमे परमे चल दी। विशे पर भार गीी पोती बसर मफ्नो माफ पास गई। माने कहा-विदा, इन्नी देर तक पानी में राना बफ नहीं। बीमार पर गई वो फिर सादगा, तू ही बता । 'भोर पा होगा, दो दिन भाग संगी। विशाली मामे विरा-बी साचो पाती, इतक नियमिता साहै। 'मा, हागन मुतार यहाँ मौर क्या हुमा !" 4 ।
। पुमदा " "भौर पदारोगा।" भाव पाम्मर मा जुमाकी प्रोके रंगसे मादम मा कि ठन लोगोरे माँ कोई भी दुपटना । पुमने कुछ महीना।" 'नही दुमाने क्या कहा?" "उमोने या कारन मुसीक परवाहको मगवान् वैसे सिरफर पैर रसार माये दे रोमन सम्मो मारे लिए तो कर नसोवा, र ऐसा है सोनेकी मविमा पारे लिए । बना पा, मोर इ. नस मखाना । करती है, मा फ्यये परपंचमें नही पांगी।" महाराधिनको इतने दिन पार न पैदा हुमा है।" मा, म क्यास्यमुपकुछ महीबानीं । महीं।" तो मान में दोपहरफो उनपर मामी। 'यो बापगीमा दुर्घटना हुई, पर बारने के लिए।" " H 'तू या पागाईगो बात उन्होंने ना पानी पाई, वही भाव पूरमेनू मारी। 4 प M . माने पुष्पर उस परेमहा- पीया महाराविन । कणा महामिन दा को मार रिमो नहीं रेंगी, या रिसायो म करना चाहिए। रन मामी यो पाएको बारी है।" सा होगा, मगर मैं बागी' 'पराई बातमि म पदोमीदोसाको।" "म मा, एक मामी मगर बरा होतो महसकर पियो बात क्या मताध, उस पाबपाना न पाहिए।" "दो उमेरमाने महीबासीरियो" "शनाया, परमादमदो तो माम मचानेपाम्मा। H 11 मदा . । रिन्दोली मा परेर सुप यार मोठी-कियो, में उनके पर मामेकी जरूरत नहीं है। हारन मुली भादमी महा नहीं है।तुमारे मापसे उसकी नुवा भी है। तुमय पा उन हमेमोके पर गाना देखने मया गता है। शरान मुखी भणे आदमी नहीं, यह में बानवी है, लेकिन मैं तो उनके पास नहीं जा रही है। उनकी भीके पास जाने सामोपी! मुझे निमय बान पाया कि उनपर को मुसीबत मा पड़ी है। हम पास- परोसकहर मगर इस समय उनकी मोरसे मोल फरे तो मेरी सतुपसमें मो मेरा मुर नही देखेगा।" "मपोरनाप (विदोका पति) मे क्या महका दिपा है कि माइस्ते- मोरस्से पर देखती पूमे कि सिपर सा मुसीबत पड़ी है, गो मुम्बीके परकी सर न सेने पर बारा मान देतेगे। मौर में जारी मा हराकर तसे मना कर यो पर या रे मुनमे गा मानने के मोम्प नहीं है।" 'मा मुझे गाना ही होगा।" बार क्या सुनेगी। दारान मुखर्जीडा मा हुमा है, यह बात परका काई भादमी नहीं जानता। "फिर तुमन कसे माना।" "हरे बापसे मुना है।" "वो फिर पदामो, क्या बात है!" 'नम्दी बाड़ी वालीम्से पर सर्च कर गई, इससे ठोंने दरानको पारा दिया है। नन्दी बागनगर जमीदार | इनकी पारीमै हरान मुती नोकर। फितन रपये पुराव" ज्यमग दो सौरपर। " पपिसीने जमानत नही?" कौन देता था। गाँवमें तुम्हारे बागीको हो सब बानते मानते । मोर पतपही अमानवदार से सम्वे, हेरिन उनोउस मासाने " . - " .
६
अपना गाना रना है। उसने एक बार उनसे समानत दे किएमा
मी पर उन्होंने मह नहीं किया।
विमाने बहुत देर तक तुप गार कुछ सोचा, फिर कहा-कोपारको एक
बार में उन होगोंके यहाँ गाउँमा बसे माई बसे एक बार मापाको
रेलने नहीं गई।
किमोडी मा निरिमन हुई म कुपित होकर बोय-या सम मान-मुनकर
मी बामगा।
किन्योने से सार भौर स्वाभाविक माबसे पनि निमार 'कहा,
उससे माता झिर 50 का नहाँसी । पर अप रहार किलोने मिर
परा-मरे उनके यहाँ गानेसे रिवन को हानि नहै। मैं कापीमा
कि मौका मगदा मौरतों तक न पहुंचना से भगा है।
दिन पर आया देलार मा परका काम करने उठ गई। गाते समय
बोमीर मुनेंगे तो बहुत तय होंगे ।
"मैं ऐसे भाऊगी परन सुन पाएँ।
मिधर मुन पामेंगे।"
तुम मुनाभोयी तमा मुनेंगे।
"मन मुनकर बहुत माराव होंगे।"
बिम्दाने मम्पमनक मापसे कायाममा सन्तानलका होते है मौर
शिर भून मी माते हैं। इसके लिए तुम चिन्ता न करो मा।
"
२
एन स्पाना नाम सरपुर है। यह गाँव रित सिमें , उसका नाम
कर रिमाली मी तेश महाना पाया। पारण इस स्थानमें म्सिीको
मी माता नही पोगा । यहाँ रेसले गुमने भर क मा मदी।मगर गो
बहुत ही बानने परत मा तो मेरा सिवा मरण पार मिहना समय
उखना हमश!
सुमदा हना है, इस मॉरमें पहले अनेक धनी गेप पते पे भौर पर सम्मा मोफरण, एक तो यह गंगार पर बसा है; उठपर बात दिनों दोचार पुराने टयूरे शिव मन्दिर बेदपन भौर जंगम सारियोंके पच माप छिपे हुए मौनम्वपारी योगीकी मूर्तिकी तरह दिखाई देते हैं। पाके पाबाछे धने पातरके न ठगे हुए तमको परवे विचरते हुए दो-एक गाय-बहरे मी रेल पाते हैं। मा बदेलकर यह अनुमान होता है इस गौरकी सहरमा इमेछा नहीं रही। किन्तु समय यह दस-बीस परवामयों भौर कापरपोका पचास सार भोसरे किसानों मोर गम बावियामे पारो मार अंगस और उसके बीच पराचित् दो बार भादमियोक भाने-आनेको एक पगारी। इसी गाँवमें हरानरमा मुनीका पर है। पर पावस्ता मोर पुरानी ईरोला बना है। ऊपरक वस्लेमें दो और मोपे पार-पाँच कोठरी । पारों भोर पाँटक मार, दो चार पायक पौधे, दोकपडे पर और दोसीन आमके पेर। एकमेका ए मा है। पी मनोपराम्पाप महाशयका पुसैनी पर भौर पार्थिव सम्पति। इसरपुरसे पफ मास र मानपाड़ा गाँव है। पोप बादार नन्ही बाजू अमादारी कचहरीम मुसजी नौकरी करते हैं। पास मपए महीना स्नता मिलती है। इससे उनम गिरिस्वी मम पसठी पी। हेकिन मब उससे पूरा नही पदता-हमेशा तंगी, उदा अमाव बना यता है। उनरे परमें पोप्पवर्ग मी मनेकात्री, दोमके,रोमलिंगी है, एसपना बड़ी बहन है।मात् मासिपोरे परमें साधारणता पैसा यता है, बेसा ही उनके पदों मी है।बाबा महीना पूरा होनेपर तपए मगर मीर रायम रेवे पे, तब उन परिवारमें मारकर तर निस्प गरीबी, नित्य भमान रिसोने नए रेस पापा, म सेगम इस सार रिसायो नही दुर।मी भौर पान, दोनों मिसार कापसे, नोरमासे गिरिस्का सपमा सेवा भी। मरमा मौरखी नहीं भौर परकी हंगा मौर अमाप माहित सरर नही होता । मात्र माय नहीं है, मार पावदामना, मा पन न हमसे रोई नहीं बन सकी। निस्प पर नहा, पानी ।
सुमा
संकटम पसार मुलमि पर मसत् उपाय निकाम, अपांत् मासिनी
वरीलपर मोदा मोड़ा हाप साफ करने मे । विसावी हारान बाफर पाते
पिसाने समेहता नर्स बिरा। किन्तु गाउपाय मयिक रिनों क नहीं
पमा ! मया वादार बापूको सन्देह होने लगा । सन्देह सब गारा हो उठा,
तब बमीनारने एक दिन लाता, रोग-महीमोग देखना चाहा। खाता
रेतनेपर उसमें भने गठिया, पाव गोपमा निकम । तापी बोरी भी
पली गई । इमान बाषु भवता माठ से रुपए उग उके ये । समाचार
मगवान मान्दो दवा भोर पारमा माघमारे। उनोंने हापन बापूको मकर
पूण-मिरने पर तुमने मुराये है।
"सो नहीबानवा।
" बानते नहीं ! साता-परेलनेसे मान पाता। तीन बारसे उपर
चुराये है। इतने म्पपेसा।"
'परो गये।"
'लता हो यो, न तुमने चारी मोकी।"
" बीस रूपएम सर्ग पूरा नहीं पता, इसीसे बारी परमी पड़ी।"
बीस उपमें मबतक, इन दिन, मुगारा काम पसता रहा मग न
पस्टनेका कारण मेरी समर्म नही माता । तर या बारे बोरो,
गुम्ने मुझसे पह क्यों नहीं कहा : मब बीस रपएम तुम्हारा निर्माद
नही दाता।"
पिनेस स्पा माप मुझे भविस तनवाद देव!"
"पापर २ देता अम्न इसे मान । मन मिल्ने इपये लिए,
उनमसे भाषके पगमग पर मी मगर गुम ठोरा दो दो में तुमको छोड़
"पित तर ,गा ! मेरे पास दो पुण् मी मही है।"
'तुपारे कोई जमीन, पाग बगैयो दोपगे।
ठ एपमा पर, पहा विमा थिए । मोर कुछ नहीं है।"
"नुदासपी मोर मरेबापरेंगे।"
"
है हामदा - 4 " "रोतले। भगवान बाबू बहुत देर सोचते है । इसके बाद हारान मुलमों के मुंहकी ओर गौरसे देतार बोले-गुगारी मसि इवनी यस यो । "यह में से पार्ने ! वहान मुलीको निदा फरके सरिश्ते के मोर एक माश्मीको दुमकर नन्दी बाबूने कहा-महारान मुखमा परी लर पा सकते हो। 'मा सबर पानी होगी। पर कि उनके परकी रात रेसी है, बमौन गावदाद कुछ कि नहाँ, रिसी तराका किन-पही सब । परमादमी दारान बाकी पशु-पी पाते बानता था। बाला-हाँ तक मैं वानवा है, मुसा मायके परकी दशा भी नहीं है। सम्पचि मी मान पाता है, कुछ नहीं है । ऐना या कि नहीं इस बारे में कुछ नही कर सकता। मप्या, मण्डी वय वा मार मुझे बताना। दो दिन पाद उसने भार बताया R पर-गिरिस्वी दासत वहाँटक सारो सम्वो उससे मी पर वर पर-गिरिस्ती पुरीभोर सत्र बावे जो परमता पुरा, सातप । नन्दी बाबूने पूण-मुर्गी पिसी क्या नयापणा करता था। " गाँगा पोत है।" तीस उनी भगिनी सा नशबाग सापका भोर मी कोई दार पा!' भमाने सिमकाये हुए स-सुनता ताकि। "वो पिर परम परोपित कोमि बार सरन मुगति नाम पोरी मरगया मुदमा दायर परो भौर पुम्तिमें मी रिसार रो।" भन्तका मतीमा पाहुमा कि मुत्तरी मागपको पुलिस हायो निरस्तार होटर हारवमें गाना पड़ा। ॥
निकर होने पर मी हरपुरा माया कोई मी भादमी पर माधार नई
मान पापा ।, लियो माप मक्वारन गांगुम इस बातको मान यये ।
जान पड़ता है, मन्दी बाबूने ही उसपनाकी लार की पीय प्रतिशत
मौर बनी-मानी मकिये।ारने पर जमानत देकर हरान मुनर्जाको
भनाबात सामवसे पुरा सफ्ते पे। किन्तु मनोने का मी मस किरा
सहार-संवम्यान मुनी सामवमें ही बनेगे। और एक बात है-
कम-पिया हम्मा मरराविनने या बात से सुन पाई, मात्रामही पता
तालकी दुपारी फाहे बारसे माई मोर धीरे धीरे मनकार हो
माया । इस समय हारन बाके परमें, रसोईपरक परामरे में उनकी स्त्री मौर
पसी प्रेम सम्ना आमने सामने हैं। दोनों का मरना हुमा है। भाव
एकापी-ना बाम् विपापपद पानी भी भाव मही पी
नवी । और उसकी मा- उनाने मी ममी बनाता-पिया है।
मानाने करा--मा, गान पड़ता है, पार गी बया नही भागे । बाद
पिर भागे हैं। भमर पानी बरस पड़ा तो रसोईपरमें हो होमेकी मी गया
नही रोमे। तुम कहला पो न ।
हनाकी मानेमा-
-मौर निफरेस।वीन दिनसे नही मागे-भाग
भगर भावें।
मा, बप्पाने दो ऐसा कमी नहीं किया। वान दिन नहीं आये-~मगर
भाग मी न मा।"
"से कई १ वही मावान् ।।
एकादौन रातममि (रारान बाकी पड़ी पहन) अगरेरखे स्नान
पूजा करदी पी। ममी ममी नित्यकर्म समाप्त करके माठा करती परती पास
आकर बितार बोली-उने ममी तक नहीं पाया!
बाहूने उपास मारसे मा-मौर मी तनिष्ण देत रही।
रामनि-रेल्वौ मही, मेरा माबर रही है। भोर तनिक ऐनमसे
स्पा होगा! पर समान नी देनमें क्या भागारबार रेत, गला
पाकर माम पुत दिौ भौखक परमें पड़ा रोगा।
4
1
उपमासके कारण रासमयिका मिनाब उस न कुछ यिनसिना हो उठा या। कोई छ न बोम, यह रेतर पर मोर मी कुछ मुपित हो उठी। मोही-मस्तोता पण मरेगा, बस हमोगोंके हापुड़ायेंगे! मन मनासे या न गया। उसने पुनित मापसे कहा-पुमा, एकादणके दिन कोस क्यों ही हो। 'एकादशीके दिन कोर स्यों रही हो।' पर बात रासमणिके एप पर पोर र गई। उमें मौतर म्पया दुई मौर बह इस बात पर स्वयं परम्मत हुई। लेकिन उनसे छोरी गरा-सी छोकरी समनाने बोयर र उमें मेग्मत किया, इससे दूना मक उठी। बोली- ममी फसडी छोरी मुश Jीमा एकादशी-दादीम सीन देने न आ। पर क्या तेरा ही बाप है, मरा कोई नहीं होता। पाते पते रासममिकी माँस गाठी हो माई। बोसी-म्या मेरा तीन दिनसे पर नहीं माया। मरे तक मौतर कैसा कैसा हो रहा है, इसे मरे हम दी जान सकते है। भौक्ससे मार पोछते हुए फिर क-मैं बूढ़ी ठारी । मगर कोई ऐसा- देवी बाव मुंइसे नाम बाप दो तुम सोग भाँलोम गठी रासार मेरी भूल दिनार पार पावें मुना !-कई जरूरत नहीं है ये, में भव दम्हारी रिसी पातमें एक नहीं गौ । म देलार कि खाना-पीना ठोसर बहू सुप-शुमार मरोबायी,दो पावे मोठे बिना नहीं या गाता। मसना बहुत दुषित हुई। बर दुदही या नहीं गानवी थी कि उसकी एक बावका स्ना गाए मतसा न सकता है और यह रोने-पोनेका कारण बन सकता है। पापोटी-भादी, मुतसे पर हुमा। अब मैं कमी ऐसी बात नहाएंगी। समुप इस वरना उचित नहीं था। उसकी माने मी मा-बेरी, धम मब सपानी रा गई हो-सब बातें समझ सार इसे नहीं निकास तम्ती । पाव पाने मुनने मोर दबाव राम्न पर सम्मादी मान कुछ मार रिसा । इस समय दिने मानी पाय पपकी पम्पा प्रमिला राप पारे हुए रान पाएक परम परेप किया। सामने दो पठमनि सीपी। या उसे देतार बोसी-चिन्दा, भव इस वररमातीमा बाद सबसे
१२
पिनो मप्रतिम होनेवागमन म । उसमे मी रिका-तुम ही
बीपी मारे उपर बाती हो!
रासमानिने का मुझे कहीं गानका मीनाकरी मितानपाना। छोटे
बरको बीमारी के कारण एक पग मीही हिम्का उपाप नहीं है।
उसे क्या हुमा है। क्या बीमारी है।"
"एकहो वो बताई। बुखार, विती, पेरका दर्द भी वो बाकी
नहीं है।"
बहू कहाँt"
4
ममी पनी देखो, यो और सार उसकारीमै समकके पास जाकर
म
"श्वनी देर क्यों हुई।"
हरानकी राह देत नेमे । पर तो सीन दिनसे फ्री नहीं माया ।
अगर मान भावे, मौर मरा रेल-पही परत परत इसनी देर हो गई।
बिमा बसि पर उस कोठरीम पहुंची नहीं बह रामदा अपने बीमार
कोरे सारे मापबके सियामे से उसे कहानी मुना दी थी। मावरान
मुनाका म सका। भरत्या रेषस मार वर्षकी है। मान एक वर्ष
हुआ पर मछेरिका भौर पिष्मी रोगसे पारित होकर पारपाईपर पड़ा है।
रोग उसका कुछ ऐसा दिन नहीं है। मगर रंगस गरगसे या दो
साता वा मबत माराम समाना। किन्तु बनकमभावमें किसी तरा मणी
वित्तिा नही पाहीहै। साधारण परेव दवाएं, सरका, पूरमपावन
भीर नैनक ऊपर मराठा करा किसी वय उठार मंठ महीपा गा
है। रानों शास्त, स्निग्ध उम्प मापसे माफ मुमा मोर ताकार
मापनमे रामा पानी मारवीन बार Rनसे मुक्त रेलमे सो नहीं माने।
पर पहीमही
होगमा!"
माने पृण पर उपर पका-मारी सा सेन मरे म ।
बातम्ने मात होरा-मोटी मामा, पी एस भव भौर मुसप्त
शुमदा खाई नहीं जाती। रेलो मा, माराम र सिर परसेकसिय मने फिरनेको मेरा मी चाहता है। कुछ देर पुप एकर पचा फिर आपा साप पूछ बैठा-मा,मैं मफा हो हो गाउँगान! माताकी मालमि माँसू मारे । पर मन-ही-मन पापी पी-नगदी- परफे मनमें सा है, वही बानते हैं। प्रम या कुछ पाने गावी पाकि पिम्दोने परपर पास भाकर कहा-यों न भन्छे होगे पेय मे पास राफर बस्से तुमको माराम कर दूंगी। मापर या उसकी मा, किसीने चिन्दोको मासे नहीं देता पा । हा दोनों ही पोर उठे। मिन्दोने चारपाईपर बैठत हुए पूण-मरा, मोगन तो कर पुकीन? सरान बाकी मीका नाम गुमरा।क्लिो भवरपामें उससे कुछ होरी दानेर मी नाम लेकर दो पुत्रारती थी । गुमदाने गर्दन मिसाकर कानों। गरीबदी समीणों है। "जान पावा है, ऊपर है। वा उसे बराबुता।" रखना कर मार दी पुकारमे स्गी-मसना, मोनमा ! समानाने उपरसे पा-यो ।स्सा है। मिन्दोनेा-वरा नौघे दो या बेये। सपनार मानेपर उतरे राप मानी म्याग र पिम्दाने - प्रमीसा सेवर जरा देर भपने मारे पास बेठ दो पेये। बहुत दिनों बार भैरहुई, वे मोरे साप उस परम -बार पावै र माऊँ। प्रमोसाको सना हायमै रम्य, रामदाका हाथ पका, पिम्दो एक दम उपरकी गोलीम आबर टीकोठरी बार दफे उसने कहा- माहागन दादा माग दिनसे पर नहीं माने। पवन दिनसे।" सानीपो मी मारे।" 'माछ नहीं।" 1 4 4
न्दिोजी बावकरंगसे उसे रसग पाया कि पीछे कही कुछ भयम
बातम मुनापे । बिन्दो मोन गर सोक्ने मी प्रमाक भी घरीरसे भगा-
सार पसीना छूमे गा बहुत देर बाद विनोने परा-गुमरा, पानती दो
हो, बहुत का एसी होती है कि पण पनपर मोमिने माम मानेवाडी
बनाकर नहीं कहा गसता!
शमाने सूबे हुए मुलसे मा-मानती मोक्या बात है।
बिन्दोने कहा-नारान दम्दा भाव तीन-चार दिवसे पर नहीं मारे । मान
को उन्दीक समयमै कोई मुरी सबर देना हो।
गुमराके मारे घरमै विनम्मकी बरसी दोन गो । एमाने -
जान पड़ता है, पामर गीवित नहीं।
पिम्दोनेा-यापा, रोती है। किसने कहा कि बा जीवित
नही।
पाबीवित
लि, बीवित म्यो न रोगे ! गोषित , शरीरसे मुख।'
पति मुत्प परीरसे बीवित यानेही खबर सुनकर मी एमदा कुछ
सकी। बहुत देर बाद मग्नि मुलसे परि-पारे उसने पूज-फिर क्या है।
पदरी गाव करने आई हूँ। किन त्यो ऐसा करेगी वो कैसे पेंगी।
'गुमपाने साम्बी साँस छोरा--अब मैं ऐसा नहीं करूँगी। क्या
हमा है, बतामो।
उन्होंने मारी, पापकर मी बाम्ने उनको स्वासाव पर
करा दिया।"
धमराने पबराबर मा-बापदम बमकरा रिया।
घमशका पारा ठा पा गया । पुनः बोगस सादरोगा।
पियाने सामाधि सरम होका-नगा भर मा उमासि
मना गा।
पर क्या हो सकता in
"होगा मही दास्पा हानात्मक एनेसे दी बेस हो जाती है।
1
शुमदा
पहुव र भुप पार एमदाने ग्रा-मिन्दो, मैं तुमारे पापक पास
एक बार बाऊँगी।
बिन्दोन गठन गई। मावानवी यों कि गुमदाता र देखकर पत्पर
पसाग उठेगा, लेकिन ममतारन गांगुली ( चिन्दोका बाप) नहीं पसायेंगे।
इससे सहमत नोकर उसने कहा-बापर स्पा होगा।
'मारे कोई नहीं। गभगर दया परके को उपासर ।"
"जिसके कोई नहीं है, उसक मगवान् तो न दादा भोर मरे पिताम
सपासे मुवा पती मा दी। इससे उनके पास नामेसे कोई फस न होगा।"
फिर क्या उपाय है।"
उपाप में रहूँगी। नहीं तो क्या के मातबर मुनानेक लिपी
माई है । लेकिन मैं बोगिय पर कर सकोगी।"
"
"
पारे पिकना पाठिन हो।
गुमराने पसरमै मानो।
"वो मुना । नदी बाबूने दो सौ पा वीन सौ पर वारीससे पुरानेकी
नासिय उनले नामी है।
पाठीन स्पर्म ! भदाणे प्रम हुमा किन्ने सपये ममा स्पा एक
साप भादमी पुरा सकता है। और पुरानेगा मी यो रऐगा।
एमदाने -रत्ने पये उौने कमी नहीं चुराये कि।।
"न पुपमे रो तो मष्टा दी। लेग्नि इस बावसे बम राम नहीं है।
में ममती नदी पाने पर सपना देकर सूप मनुनय-विनय रनम
परमारे मस्त ।"
" मगर पारेमे गाने पर देने में माँ पाऊँगी !"
ममवाती है। यह यात्रा समय नहीं है। तुम मरे दाना
हापो मेयर मार रावको मार दी मगवान बारे पाठ बामो । उमा-
बार मो मा सममा, गरो।
म
पुमता
"
एमदाने विस्मित होरा मारे दोनों को।
हो, मरे दोनों को। इनके दाम तीन-चार सौ रूपये होमे मेरेर
साप्म-सापना पिरोविनती परमेपारमा परेन दराराको और मी
दे सच्चे ।"
लेनिन पिन्दो-"
"इसमै किन स्वाहै। पाखामाको क्वामी, उतबार फिन्त-पात
करना । या स्पा कोरपननेका समम मौर म्पये पुरा रेनेशी ही
स्या चिन्तामह ! रामफामार मार देगा।
भोभावनीबा।"
"हो, मानी।"
"पिसके साम बा।"
"ताको विपाती भादमी पा!"
"कोई नहीं।"
वा मकमीही मानो। बसि मरम्मी मनाही असायोकि पार
बादमी मुन पायेंगे दोबसतपदी बाते मदते।"
तोभाव सा
", भामरी गाभो । रूपयाके पार एप मैच धोती पहनकर
एकर जाना हसी समय मै पिर एक बार माऊँगी।"
फिदोष नाते समय धमाकी मौसीसे मार गिरने सगे। जिन्होने स्नो
पूर्पकर पोछ विमा, मा-बसर , ब मम्म से। मगर उसे
काम नहीं बना सोमप उपाय मी कुण् मियाम करना ।
एसके बाद मौचसे पाप स्पो वोगर धमाके दाम पमावे
हुए मिलोम मा-पा, में देरी मारु पेको गीगान दी। मुतसे कोई
समानी है। ममी पाच सपने सेल्ममो छ तरीद देना।
मौष मारममामला दाब पारमिन्दोमे गा-न भर ए नही
है-सबेमे, पर पड़े। टमार पिया नारे उपर एक मेनिक
सपरिसरमा भन्ने पर गई।
१७ । ३ पाले रोपारको यो सब बारठ गायुके उपद्रवमे छिम-मिल होम माग गये थे, वे समाके बाद ही एकरे बाद एक सीमसे गामे बामे साप फिर भाग बमा होने पमो । समीने निभय र सिमा कि मात्र रातो पर्या हुए मिना नहीं रहेगा । मर्मी कम होगी-पार गे। माया सबके अपहर सिप होगी; यह एमराने समझा कि उसीके दुर्माम्पसे इस दुर्योगम सूमपात हुमा ।। एक तो पपुर गौरी या सारे पाच रोम है, उमपर पोर पनपय पिर मार है तो भी गुमरा मी नही पाचटर्म दोना कोपापा, मोती मपणे वय पानकर, एक विजनेत्री पादरम बरे परीने मी तर समर भपने परमे निकम्मे । यह परसे कमी सामनपा पोव नहीं गई पी । बस पाइना पाकि उसकी भोर में पम्नेस माप तप की सहक मिली है मौर बासि मोर मोन मागे बदन समानणा गॉन मिलता है। पर पहुँच पनेपर पीदार पर पहबान समें कुछ मी देर न होगी । कारण, नन्दी बाबुमोन पा मारी महत मॉरमें प्रवेश करते ही देख पाता है, ऐसा उसने मुन रखा था। किन्तु वापर मोरी र पार पासी साफ पाना ही उनके लिए पटिन । गता । समय अपभर पना ही गया-एक-दो पूरे मा गिरने लगी। पाठे एकमोर, मतम मुमतार पानीको पां एक रोपई। यह देलार प्रमाने एक के बने मामय माम किया । यह पटना मनम्मा पा । मपम ना गारा पाकिताप मरके प्रवकी भाग मी नहीं दम परती पीस मार्ग मोर उमके ताप विवीपमा और काफमा मीतर सोस्ने स्मी । टाने रेप, पारो भारसे बंगाली मात्र बन्नु रोते हुए उसी पपरे नीम भानप ऐने मा है। पाठ मार मनुष्यको मूर्ति या नही देगने होमपम रिप्रवर तुरन्त माम लो होने है। पपदा वासा पानपास भापाल मगर ईर या गावी बगा पनीसे करने के लिए मा परेको स्या होगा। उमे भग्न मारा मानही हुमा सिम प्रमोंमे मी भाषिक मुपचन् रोगोभी बड़ी उमझे पान यो, उमा तिर भन दुमा । स्काई पुणभरच उपाय और मन्ना माण-मरोमा यही होगबोटी दी
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गुमदा इसके से भाम सही हुई जय शामि सत्र प्रवाहन गया था
अंसारी रोचसे और उनके पास सबभंग -वित हो गये-परफा
पये ये मी अमरासीनी-पानी हो रही। एक बरे मिमी पपा
नही थमती पी पी मरफे लिए मी परमेषगरपमा बाविसमीप राना
मन मया । र पिस रफ, कहाँ पा यी ६ ठीक न था।
तथापि अगसके सामने हासेि एरवी गई या भागे मने मी!
बार देर पर उसे न पा से मपैपास पोम पचा समने रिपई
पा पाने यगासे मागे एम एमराने देना, मनमुन ही पीना
गरपाई।
लेकिन मा भौर एक पिता का पानी मिय पीक
उस यह र पानेकी चिन्ता ही मन बिस भमके लिए माई , सती
पिताम पड़ गई । सनी एका से मुमत होय । मुमार होने पर
मा प्रर्य सिख होगम ने पान ने, दुर्योग पर पर कैसे
और पपया! यह सब पते पोपते वतने पोरे धीरे गाँवरे मातर प्रदेश
पिया । कार मागे भानही परी मान भौर सवारो मोर उससे
माटुमा तापमोसे पिरा का रेकार ने मत निकिमहीनी
पराने पर है। लेकिन सके मातर से मा का पारसमोर प्रमेय
परने पर मी इक्नी गालो वर मावार प्रसे से मि प्रमेयी । एमाले
समई मा मा । भव सा ऐय! पासे पर पापी । परिणाम, मनाहर
भौर अमितासे या मुवपाप हो गई। मी पाठी मामने एक
किमन्दिर प्प | उसीके समरे परपर पर गई। उन मय वर्षा
विस्मर नहीं पी , मोदी बारी थी।
यजमार पड़ी मी रेडने रेलवे मारते है से ही
रम मरमें माना और गायब हो जाते है। उनके मत में मप में
रेमो रेसने भाभसरे घरमें पर अने हो । माय स हो गया।
परम्परनासे कार बमगा उठा। एमाले मनमें सपा, मा मोर
बाभरा स्मपामा भम्नी मोगा भोवी मीर बावर समाने लगी।
एपने से रेल पर, एक पुस्स नौकररे बाप, भो र बाप
रि, बागर पर मनामी भोर मारे। इनारसे
सपदा
भगर इस पक्षा मागाप, ऐसौ परमीच माणके सहारे गुमा प्रस्थान न
परके एक किनारे खड़ी रहीमने मन्दिरके परके सामने आन देसा, एक
मी पटसे मर रके बही है। पर कुछ नमार मन्दिर मौतर पले गये।
बहुत देर बार पार निकले यो रेला, या भी अप मी से ही ली।
रमे एट देशम पाले मनुमान मा पा कि किसी माहे परकी भी मी
पानीसे बचने के लिए यहाँ मा लाहुरे पो, मा परम पापपी। किन्तु भर मी
उसे म्मी वर सही देखकर पुरण उसके बारेमें बाननेका कवर हुमा ।
परने पूज-म फोन हो । मीने कुछ उचर नहीं दिया।
"कापामोगीनी।
प्रमदास नेमें मचा मा सीपी किन्तु मा ठसने पोरेसे ,
"चमापर प्राके पर।
"मारमा पर वो पा सामने हरी है। फिर बाँनगर यहाँ स्मों
प्रम उत्तर मरे
परने सिर पूष-मीवार परमें किसके पान पामोगी।
"माझे पत।"
'किन बापूके पास !"
महान पाले प्रत
पारने शिमत होकर मा-मावान पारे पाम ।
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।
"ये मरे साप मामो
पर मागे मागे पस्ने मगे। पमा पॉरनारे बारे में रोग
भौर सौम्प मूल रेसम निर्मग्रेप मागसे पीछे पीठे पाल्ने म्यो । प्रमा
पर पार होम, पाम पार पर, एक मरेन हार लोसार परने पुषारा-
इन ठम्मे मामी।
रामदान कमरेमें प्रवेश मफे देना, सूड सप मा म है।मारे पर
स्तो गर्यपा पिणहै। सामने मश्नर पिया समरमे उसम ठर
बनाने पर प्राधमे तिरसे पर का, कुछ सुसे हुए पर
लिना दलापातम्ता पा, गोरसे रेया रामदा एक समप स्मीया
मुपदा म मौर-प्रसे पर या मोति मा मी, तपपि रेखा बोकुर मग या उसासे पर मोहित हो गपे। बड़ी देर करेकर समोने पा-मी, तम्से गस्ती हुई। पान पश्ता, म किनार कसे मिना पाहवी हो। "बिनोरमा फोन है। "विनोद प्रमाान पाके मेरे मारे।" में सनसे नही मिना पाहवी " "तोमा मगपन पस जमारा प्रयोक्न ! "बी" " मगवान नन्दी मेपदी नाम है। लेकिन मैंने ममी रेशा, वाय नहीं पाता। "बी हो, आपने मुझे कमी नहीं देना ।" मगवान असूने मा-फिर मुमसे मारा सा प्रयोजन होसम्म धमरा ७ नमी । मगवान बापूने फिर कपा-मन चाप, यसो किसी भी प्रयोगन बिनोदके पास हो। इसनी तो मरे निकर मुमारामा ममोपन हो सका हैमेरी ममम नही मावा । प्रमाने नि मी १० उपर नहीं दिया। मारा पर कहाँ।" "पुरम। विरपुर । मुससे प्रोपनामसाहापनकी भी हो?" प्रमदान पर मौवरसे गर्दन दिमा-श्री। को, मायोक्न है! प्रमदाने मापसे पा सी सी सोलरबारे गरि भगवान मान्छे पैर पान एक दो और गद्गर पठसे पा-अग्ने गरीथिए । परनाममा गये। रोगी को हापमें कर मपटी तय बॉरर मनको बोले-हो मी मुझे गुणी दुई कि उसने इमोशतना मी रिया था। नो पर रोमाको नीर गपन दहे-मनोयएमे में माममनी म्यारे हारेगमहा मारना पारपना रीना कोपा। । निरीपुर उन्ने मा गिगमे परे सिप मेन गोमे मार मीले
प्रमा
-
पमराने माने भास्पोरमा-गेको तो पविएगा न।
इसम हो न थी। पर देख बदमउससे उसे लमिना ti
उपित पा । फिर मी नमार लपाससे सगा।"
मा मौलासे मान-मादी नदीमा गई तरह ग्रामप
कम्मा होममी मगर मागार देने वारस न कर सकी। मनी
मन उनन्यभार देकर, बिरबराम उनघ्र चारों तरह मंगल
मनाकर गएपने के लिए कहा।
माधान पाने मि उठार का भावी पर बामोगी।
प्रसाने गदन हिसडा बनाA मात्र ही पायी।
भगवान प्राने म-तुम्हारे साप मोर मारी।
" नहीं।
"पाई बेस्नी एखये मीन फो। एक मारमी माय
मा
प्रमरामा मी मसाकार करकेमोथी सगाके मौतरसे परहोगे।
पर उसने परमें प्रवेश मा, उत समम मर हो गया था कसना पाठे।
उठन परेम करने की पेशर गोपी। पीले बमोमें मारे देशलर
मनेरा-मान वरना माई।
रामदा 'हा'रम मीर पी गई।
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रामममि भोर मावि नाम न पार एमशमे को दोनों रिपोरे नाम
सम्ना भोर ना ले थे, इससे ननद नगरे मनपा स्तार या।
पया वेपामीर में पटना भोर स्ना पेरोलो नाम माठा पारसना
पानामा परी कमा नाम ले नि मा साना नहीं है। फिन
पि.-ना मी नाम! मरि मनाने को नहीं देय सम्वीमा,
उगम भापमै मरि कारस उमममा नाम था । मेयरसहिरोम
माम रेस-रेपिवार यामम रलवे सोधिरन पुमरममें मी मावान्ता की
रेपलामीनाम हो HिRU निनो गतिलो पुस्ताले
बार यो पारमा योगा योहा योहा मोर।
म्सनामपी, मसनामबी दोनों हागन प्रयापकी एक प्रेये। एक सभा माली, तरी माय है। एक रिफ्या, सयभाग। पाई परिचमी त । मा यो सम-गुल्प बात में से पार्ट। हाँ, पंगा पायेफ सम्ना स्नान परमे पाती पड़ी माफ्तमें प्रने मनने साठी, "मलानको विपणना था, रवीसे होगीको इक्ना रूप रिया | " साना और रणम फेरकर गोते माती परीहमीची भौरवों में पना मूसी होने माती । स्पा परवी थी, पाने, मगर उनके मास बान पाता है, उस वियपहाई नहीं परवी पी । मनाम से एक माता-बाया नहीं। पर मकियोमठी मी न थी भोर मात्र यो विशेष प्पान भी नहीं देती थी। दो-चार पा रवी, नहाची, प्राती समरवी मौर सीढ़ियों परम पर ची मादी 1 रन्तु नाम बाव और मोबा भपिकपात करना पन परती, स्प्रेगोन पातमि पाना उसे मज व्याया। परस माठ बजे मार पर स्नान परमे बालीमार बारा बगेसे पासे पर रकर न मानी । न म गहने न होने लय र पती । मोरे बास्तोत्र मालाया नही पाज-परसायनमसी । पाश्रमे मम्मे क्यों नहीं - पाकर माई पासी ठेस देवी नमें गोचरों इसी न्यो काम किया करवी । पर भी फ्रम मुदरी बी-उसले सरीरमें मौ र माता न था। सपे शन-सा रंग पा । गुमले समेतरा मुल पा । मुल-मसमें ऐनों मारे मे किसी रिवरेमे निमा (कपी) से पिषित कर दी हो। ऐनो पतर फ्ट होठो पान व्यवहाय हा नाममी निम्नमें माना प रेस्ठी मोर मोरष तपा गईसे साएद मर फायर मन-ही-मन पदी बस अपस्या वा इल्ना समतो भरपा प्रम- पानी में न बाने या रोग! सभी भगमि इतने गहने ऐगे--कहाँ भनन्त, यहाँ पर कहाँ, कि, कठी, माम-नी, रगीसी, भौर भी न पाने क्या क्या ना माना-मोर, वर योगा! रतने बरे मानरो या मरे। मम-न पती, पर मपनी पीरात पाल मा पेटीमा पूजी -सानों है। ज्या-जमग रमापसे पापोंगा
-
म्सना-प्रय पोहोगा पाय!
"न हुमा मा पोरी, हमारे गाँवम प्रे हाथ देखना
पानवारीमा
-यो !
"मैं अपना हाम रिमाऊँगा।"
क्सो, मथ"
पाप रेसर या देगा कि मेरे गहने होंगे किमही 1"
बनाकर मौहम मारमा पाते। पवी-दोगे पान, होगे। त
रामरानी होगी।
ना या पानी । मैंर रहे दोर भम्पा मग बाय। मामे होंगे
ही नहीं, बहीबाहीपी एमपनी ने माससने कही।
कमी भान ना पूछतीपीपी, हम मेरे इस को नहीं है।
समना कावी-नम गया दुखिपासलिए ।
गरी पुसी को दीगो में फोन हम लेगो व्य रेमे राग
है-ऐसल पाता है।"
रमे बिसे देता मनापानीक माम्पमें बैग वितरपा, उसे
उसी तरपना पाता
मा सी-परने भौर मिनी ऐका नही पनामा, कम
पोपोनीनी ऐनामाग।
"मारे पूर्वजन्मके पाप ti"
"कौन-मा पाप!"
"पण एकरापीएन ! णपर ऐम पर से कम लिये
परमे पारिए पापमाडौ महिना भरा नही की मनुचित समन
मोशनीमापा-परा रिसा। भोर मी न पाने सामासिवोगा।
नाम मुल मुगा गया ! पोच-खेवा सो सामारे दि
पीठेगेसाबमी मुल न मिलेगा।
“ऐया पोपची सपना पुरे न त बानेर मिरमर
इसके पर स्नेहपूर्व प्रनारे दोनो हाप भने हापोंमें रमापती- देस केना, हमे कितना मुल नाना पेपर्म, रिसने गाने, किसने पास- वासी तरे तेंगे- यमनी होगी। खाना बा-ठप यह बात पती थी । एक दिन मनापौपानेपर एम्ना मिना सोचे-समो माठी-और पाबी, म! मा पानी पी कि उम्मीदवारी सिपया है, तो भी पमित्रा मुखम बस्ताके कारण उसके से माफ्नी-माप मनापास पहात समई से प्रसना मिलकर चुप हो रही सनाने मुलाम में भी इसमें एंगी पन ।-या मुझे मा सना पी गई। मुख उसे मा पुपर ही पो। पास मालर सनाने पा-पो मा। समरामे कहा-मारे पापापे है ० रफ है- मात्र पूरी होने पाले पीना पापी पी। हागन पर साना साने बैठे त उनकी पान परमपि पूछ- स्ने नि ममें और सर नपाने गम्भीर मादसे मा-मामा मिला। एमपिने मामति माफैमरमा-पाकिस्सा सपोरको गलेके नीचे स्वागत पर कर मम्मीर मुमसे पसन- पानेमा-लिला पाल सिर परसे प्रारम धन निकास गया है। रासमतिले विप सीमा मस, मिन्ताता मत नहीं। याचे गतेसे कर उठी-सुचना परकेपायन । सरानचन गम्मीर मुन्में पसी-गमनार बोडे-नएन.के पो-गरीपरापतापनि पारी सेरेनाले मिन्द-सा है।औरण सांग वालपेप्रगतिपाप-पोषयो। पारस मिश या पानी ॥! मेरा यही एल मा था। चोरी गाम नन्दी बापूने मुहो-नाही, मेरे माम नसिशयी । "नारिणीपी" ", नासिएकी मी किन क बात कितनी देर टिकती । कुछ मी गति नहीं हो सका भान नही सदमा तारबर भागा। पंपटरे मीतर एमपने माँ पो । समपिने नन्दी पानेको गुन मस अम्नाकी, उनकी सात पीदियो मधि देनेके लिए गा मायनी परणाम प्रार्थना भइसके पादा-पितु वेसा मे मौरी कर बगे। हारनपत्रने माल ग्रस करणे पा, नौमीमें रखेगा। मैं बब मौतये रगतमी तो रखेयर रामचरे मगलान नन्दी र मेस ममें नहीं ज्य। भारीवा रहा ये इसका पदय संग मेराज मपमान किया उन्न परस्पर पलंगा। माम कुरमीत-निरिमन रिसे मपने पीर की भोर बाती रही। निधीरे पीर बारी-वो फिर परप्रसार-रप- पयनने एमवाय मा उनी चिन्ता न परो दी। में मदद गरा-मुझे रिक्षा मा tratी किसी भौर बगर नौकरी हुन देगा। हापनपत्रको इस पवार रामबिने सम्पूर्ण विश्वास र सिमा रो, पर पत्र न थी, सभ्यपि कुछ भावन-ठने कुछ बीरब एमा । सम्पूर्ण मानिकाल कर पेय इम राम मिचा हापसे पुरभरा पाने ए ऐस समय समीकी एप्स होती है। यम्मपिने भी राया। उन्होंने सपने मन समसापाक पर बोमवारपदी र परेगा। कमसेम मतो इस निरसित सम्प शो ममि मुयी। कुछ देर पुर गार राममदिन पराया मपम रोकना-नहीं वो पारा-पीमाम, बम्पम्प पर संकट भोर की सीमा मही रोगी! एकहा-मोड़ा उत्तर महारानराने मोम्म समास रिमा भोर हो ए । मा मापसे भैरउल्न ना पा दिपिल माये , सीसे मार उमर रोबर मफ्नो पारणांसपेठा था। हायनरदने पास मार उसकी देरम र फेरर प्रा-“मेरो मार ! भाव अम्मापा । म पने दिन माये स्पो नी !"
૧૮ छमदाने मुकामे हुए चेहरेसे कहा-मा भौर ने 50 न। पनचन्द्रने ते पुए मा-पानी हो सकता है। मारा मीण मार कमी नहीं पुस्ता। प्रमदाने मन ही मन मममी मसर त स्मरण । प्रस्टम कहा- सचमुच कुछ नही। मोन होगा। सो मैंने देखा पार से पेमे मोर एक रपया मी मा। प्रमरा चुप हो रही यम्पन्दने मिसाला मुझे रो पैसे देने तुमको विस्वास नहीं होता बापया देने में विस्त न हो तो चार माने पतोगरिमास परना चाहिए। पभराने मौरई भापचि नहीं श्रीदाप कर सामीरे में या उपना भी कर रख दिया। पनप दमारार हो तो पातेहारानधन रापुर गाँव पार होकर पामुनपाम माये। बाद एक बारेकी गा पार ६५ दरसे पिर हुए होपोम पुस गप । पो मनेर भादमी मा दोडर एक मोमेमें बैठे थे। पाएक मर पौमेवान मरणानबनु देखते ही मारमी सुपर मारे यात पो-माम्मरण कर उठे । भनेक प्रीति-समारब दुर- दिवाने हाम्नबमकी मया कार पुनय, साने गावापर मप, पिसीने मामा, रितीने मोता रस्त्यादि नाफा ग्रेगोने पापस मान्न तम्बोरे। हाफ्नरम मुरम्यम्न मेमोरे पीब विपम्मान पुरमा-यभनत पोन मिसिलबस्नेमाभिमेक पगा-महायमा मषी मारिका मुंह-पान बिमा गरा, सलों पपेरून रगत गर्म । पर मरमासान संगररे एक परमें मान और दूसरे प्रेम मदम पन | मसानमें मापय मी मिमुरले पराम दो फन । भोर पाम मि मापन समान भरमे मनाममरे मिामसे पनी मरम्प समानत चौमामें कमा होर पिता मन और मानेमा, ना ही एक एक सोपन ममा, -, ग, प्रेमाम, पारिप पारि मगुर बोहारी।
मुमदा
नरसार मनत मगर मे लगे । तिना पान, मिना मनिदान होने
मा ! मषि, मुख्य, सीप, जेना बॉडीसिने हो राम, मिनी हराया
मसार हीटे'मधुओं सीपनेपर बिना किसी बापाके उस माम
भागाते नबर भाने लगे । एकरम इतने म, मानसी समी धमनाम पतएँ
समाप मापकार भोर भाष उमाम, उस पर परमै, समीनार मुन्म से
यापी । ग्स इम-समाका बर्मन में न कर पाया।
या संपा हो रही है, या देला भनेक शामिदास, भनेक रितीक
पादचार मना नपान सिरायरोय, मनेा मिमा तानसेन एक एक दाणागेन
पार र भोक बाहर आने मागत नौर बगो साथ मिनाही
सकते उनसे मायकपरिरस या माचीव करना हम धामा नहीं देवा ।माएर
मेग गरके किनारे-किनारे पुपचाप माने-माने महान पर दिये।
हारानन्द्र मी ठन होगौमी तरह बाहर निकले लिनु बाहर भार पुण्
यापहीम पर गये । न चाने प्रति उस ममागे पेगो मापपप गाय पार मा
गा। साथ ही साप बदाने मनारकी का मी पार मा म भोर सनम
बोको हरा भरपाई विशेष ॐना पर पाम पार नहीं निकले थे, पिछ
मुंबले उत करेके मुकने उस मौके पम्पम विम्म विनय बी-सम-मुग
र विषा । दिशा (रायन ) मे ये एप पर रेला, राप्रप
मा म हो गया था। इतने में मारे पास पार से मोर
एक गमिषी विस्मो विग और इ० न पा । बन मम । उसीम सहारा
सारा पानी एक गौरी पूजनमें पुस मसे।
हेवारो मिर संभाप्रसे मुए पररे ग्रेठे-पाचा, मार पैसकी पुरिया
होना।
ठेगाने पर उम भाशाच पान सिपा।
पनपन्न वा मनो मानिस एक के नीच रपान जोगमक
रम हातास निगम सम्पन्न सिर पपसे मर र सिपा। माँगने
मरना, चिममें माता भौर भाग एपम रम मारना मारिन नाम बिपि
पूर्व साम पानेर म बात होत ऐलान रान पा १
भामरणार उठनो हुए। पान दूर बार एक लरेडो मोसम
हारको एपमार गाने पुमानास्पारनी !
पिसाने हसनही हिमा ।
पिन पुकार-मैं पावाप्रम्, परमें होता।
ये मी ठहर नही1
सीमार हसनपद्रने पासर पुत्रप-भरे परमै हो तोपरा भाकर
परवाया ताठ बामो ना!
एक बार बहुत सीन कठसे बस भागा-कौन है?
* मैं . - में।"
"मेरी नियत और नही है- उठ नहीं नंगी।"
"पर न होगा। उठोगदो। 14
बनी एक पचास स्पोमामय मावा अमेरमै मोम-माय गरे
अपने गोदना गोडापे, रमनदी नाक-नक्शेष पीने कसारा मार
अकरते र भार परसे राया लोस रिला ।
“भोर, पेरणे से मर सोना चिन्न
समोर हो
"रा गुणसे पिता 1 या परवाना मी तुम्ता वम् पीलना
पाया है।
पुष्वीर बोच-नाप मा खपाच मुहसे माँ हा अपग्न ।
भाना रोखोपरा मादी मामो । प्रत मारो पार नही, बा लो मत
सरा शिपमो, वरन गाना सम्म मुझे मना नहीं समन् ।
सपनचन्द्र ने मातर प्रयाप्रमाणावर कात्यायनी
भार रेसर 1-माह। मारे पैरमै बसेरा, पहतो मैं
बानता नहीबा।
"म से पानोग ! पनते हैं मोहोरे प्रेम । सममे इस पीक परमे
एक भी पानी मही गा!-मामाभो, स्वनी मधमे मारे।"
4
"सामापाम"
भिमानामा एकरिष्म दो तब तक भरथे।"
रामदा " प्रस्थापनाने असन्त कुयोम हायसे पला एक प्रैमा दिसाते हुए मा-उस कोने में सब सामान है। मालू पीना हो तो भपने आपमे भरगे। मुझ और परेशान न करो-मैं भय सोगी। सरानचन्द्र ने मपते हुए मा-ना, ना, मसे नहीं मा- मुझे लयास हो नहीं मार से गो-मैं भाप मरे सेवा है। बसमान मरकर का बाप परराफ्नरम् कालापनाके पास पारपाई पर मार बैठे । बल देर तमाम् पीवे एनेके बाद पोरे पोरे- पोरे, बहुत बोनस साम-जी मतभी भाषाव ण न मनाई-बारानबमने मार मुसे ऐपये देने होग। कास्पापनी कुछ नहीं बोली। मुना एमन । हो गईमा, भाव मुहे दो पये देने होंगे। पत्पावनीने पावर तो परस्प, पर बोम नहीं। बायनबनने स्पायनीके परफर राप एलमानोगी ! लापनी मन्त्री बी र मिन-मिन सो करते हो! सांस एंगी। "क्यो। हमारे पास नहसा!" "ati सो नहीं पकी बसत है।भाष पर बनी (पा मुझपर करना होगी। "पास गे दमी घोरसाय" रोपमे ही हमारे पास कार में मानापमान पोनेसे पराग जानेहो नही पाठे, मफ्ने रोपडाको महलाना छानर मस गया ।समा मोर अभ्यस मरी तो पीपातीमा मात्र मुशवाभोग कापापनीने भिका-तोरा। मेरे पास एक पैसा भी नही। मी सपनरोप पद भाया। -कमों न होगा खने उपपे मैंन मध , मोर मात्र स्लिपमें रो रपये मी नुमसे मह निम्ने! मधामी त्यो, सापेकर, रपये किनी। पापापन भौमि पम मितीने पुरी मीक एक माप भएर तुम पारेपाळमेठी । पप भौर पम मरे नबोले समन मुनरे सती र रिशारी-को, कम बोल हो, मोनूपपामारेगी गुमा या प्रेम बालिी -जीब बात नेमें उसकी जान नी माती। उसने मनामात हो परिभर प्रा- मुममे रख पान पसे दिये पेसलिए ला मारेहुरे समय में फर एंगी। पनवध मर एपम मुखी-सा हो गया। प्रत्यापना गरे सामने पर कमी लोनरी हो सपने माय मी नहीं रो सके। निरास भरम रोबर बेलेवो भी मारके साम्से सही कुछ उपार करना होता है। प्रतापनी वनमार बोम-बार पर है। ऐसे पारफे मुहम भाग! वन मालिसे क्या हमने एक मी पैसा विचार बोकमें प्यार की। “मिएर बात नको-प्रो क्या मुझसे प्यार मही" "रची मर मी नहीं । म त्यांना हाँ पेट भरता है, यही पाय है।म मा बम भेगोंकी परकी चोस कि गटपर दुरी फेरने पर मौ प्यार करेंगी। मारे विध क्या मेरी और गति नहीं। विससे पपमा मिन्ता है, उसीभम भावर पती-प्यार करती है। एमओ, पर चामो-नी मेरिकनपरो। प्रत्,समा स्मास हो गया। " समात ए प दिन दो गपे । इक्ने दिन मांगों के पीस मने सामने नहीं मामा बम एमने प्रत मी तो सप सोपी। गाय समाग-परिण पप- मेरे यहाँ भान माना। मागोता रपपा पुगकर मेमबारेम-नौकरी पानी मही किसी दिन मरे ऊपर मीराब मरा कर बैठाग । उक्स सही मसलपाटेसे दो मपनी पर देखो। भाव म पुनना। हाफ्नपद पन देर तक उसी पार वी रणमें मौन रोर ठे। पके पार पोरे पोरे सिर ठाम प्रम छो-मम नही होगा में पा माम मात्रामारी में मेरा सा गया--परी पद में। धमारे ही पारस में चोर बना; तुमारे ही पारम में सपर सम्मया; मुगारे फारम में मम्नी रवी भीर पुत्र मून्य इमामला मी- हागनचन्द्र पर ठारकर रि पसे-माय मेरी माँ पुगो- अब कालापानी भी नम हो। पेन PPINR सम्पनफ पाल बैठार मासी-मापान समारी मांस नवा हम प्रेम बाविभौरत, 6 " - प्रेम पक्किी पिन पर माठी किपाले सी-पुष पसार, खो पर हमपाले पेट प्रेम, पानने को, उसके पर पोरमौर नगपानी ! मैं माय मुरा नरी चारवी । मारे मरो सिम ही पातीकमा पनि माया को, गीगा-मरो मोमें भान पायो । पर पाभो, चार मपनी स्त्री और पुत्र देलो, र माये, नौरी-मारी करो, हायबम्बाधर पानेा मन इयो । उसके बाद भी पाहे वो वहाँ भामा। मात्यायनीने पोगसे उठकर ससार दस रपये पार निमसे मोर रनवरे मन रसमसालेभामा। पायनमम वेरा सिर धामे पठे रे। इसके बाद सिर हिलाकर से नहीं चाहिए। काराग्नी सीपमे हासनस्सन मरम्पर उठाकर मोसी देसा, पोइल पानवा न हो उनसे सटोममिमान करो।पे उपमे न सेवामोग anmम समये उपाठ ( उपमात) मना होण, पापानते हो। "0 उपायों मना होमा "हमारे गा कुछ भी नही है भनी मॉग मी नहीं। "हमने कैसे माना। "ममा हमने माप का पाकिण मरकरीनार । " 4 पदो महीम रानी च न मी वे दो मी में सब मानती भी। मैं माप पारे पर मार नरेल मारे।।" पायो। म पास मात्र तो पाकिमोरख बानिय सम्र हो रहा है पर सब भाप टी पेम्पनेकी रचती है । मनमामारी बिरादरी पर देन सुनार मार-मार पार पठे मिना हमाग प्रम नरीवा ममद मिलने मोर दो, हम भोत होर मी मनी नादान नी ।म मोली, पो, स-सान, एप्रिय नाम है-एक पर उगे बानेपा र एकर उस सम-नाम रोटीन एमपरी नहीं । रम पर भार मौता गा मई को रिवर मरी सकी। इस मुद्ध' प्रमा मा पायी दिसौमर या न भायेगी। ोग पाते कि सिरे गों नहीं, उसके ममनाम् ।।हमें परमपेज मी नहीं है। इसे तप पीर ना अपमानासे माप देख गुमर पल बिना परी इमारा निपार हो सकता है। समझे। धान पश्वा प्रत्पनीको पोशापा । वे सब बाते पते उसका सबमरके मिस दीदी, दरममें सम्पपाच ममुमन करना निमन्त मस्यामाथि नहीं है। किन्तु ख ही राख्ने स्तपर पर्दा गत दिसा । पान- परे मुमती बरा रिमा - मैने बोका, वसमत गये म. पेरपये मपनी पीके दाम बेना-सोएकदिन मयेसे करायेंगे। अपने पालन उपना हुना सम्पनन्ने सम्पमनल माबसे गर्दन हियरमा, "।" "राव मारा हो गई है।भार मानीन बाभी। पहीबेहो। ६ सदानन्द पाती यौनके मारे म 'सदा दारा' मोर माये सोय 'सरा पगम'मते मेावरपुर गॉयने ही रूम पर है। उसके पिता पर रिलूप । भमरेली म्हेपहोंच भाषा है, मैंगरेगी पानेसे कर्म ना हो साल मासे सलोंने पुमो सिजना-माना न मिलाया। भीर पने परम दोसार मोरम्पार बीच मौन , सो पराई नौरा म परमी परेगी। पिर पर पाति नर पनेस स्पा यमाय पा स्थानमा सात पानवाला बाकि नहीं चाम्य । पारोहोरस दिशपमें मतमे।पितुपा पागल है, इसमें पुष भी मतमद नही। मा--भोरवे, सम्पत्तीभर करते हैं कि दानन्दमें पीसी सना है।पर बमौनी रेसमा t, रामप्रसादी गाने म्या मुरे मना है, इस पर उन पर चूमता-पिरता है भोर इसी प्य मन मी उन दिन बीत राव है। एक नाती एक हुआ सिन मनारमैं माना पहनेको सो भौर कोई नहीसे गाँव मारेगोनोउम्मे समयतारामतीशिवरामपये माय गान प्ररि और निव-मुपादक।
तुमदा x x अपना बना लिया है। उनके समी मारमीप , समाके गप उसने एक न एक नाताबोर लिया है, समी परोम-रोगयेफ उमगा पाना-माना है। पाही पाकिमसमें उसका मफ्ना कार्य नहीं है। परफ्नमें ही सबानबके पिताने बान-मे स्पये पर देकर उपत्र मार दिया था किन्तु माम्प दोम्से सास मरक मीतर ही बहू मर गई । से मार छ सास हुए, सदानन्द भयो।पार उतने स्पपेपमा न कर पाने भरम हो, मौरपोरान रहने कारण हो, उनने फिर मार नहीं किया । न सोगको पापी रूपये देकर पार करना पाता था। ई फिर मार करनेकी बात बसतातोपर इतमा सोलरके माता-इक्ने रूपये पाँ परम्पार! मार वोनरे पार मा ममें सू पारस पिरे थे। सारी प्रान निभस, निलाम हो रही थी। प्रात पेमा मात्र पारन ये भी, से पारे अमी नूतसपार पनी परसा रे मोर नपारेचो पद ममी मोर दीन-पार पमे पानी समाना रोडेरी। x दुमा राममपिने मतीबीचे पुस्पाम मा-मो सना, परम एकदमी पीनम पानी नहीं है। पटपर मारसे एक मम्मी पानी दो से मा । साना कमनी पारदातर गग-पार माई। मकर से पग मागे मते न नवे पारमोमे पो परेर मरने भो। सना तेमासे पैर मार मान ली। सी पसें मानवप्र पर था। सारे किनारे पर परमदम य हुमा सदानन उस समय समयमादी मुग्में फासीमाका परमा गणपा। समाये माते देखा गाना रोकार उमने कहा - सपना, भीग रोहीहार सनाने निराकरमा-तुमने गाना यो मनमरिया! मरान भीमदिरासी मौर गाना माठों पर उमरे र सगरत यावर पोय -गाना पनपा। +गय कुन रिमा पन नियरिमा परमामय पपेमा रामे पर जाम बीनुसार बारम्पकाराम (मूल)सातार १६ मि प्रमाक्ति सम का इस बात को ।पर म मीमो । महोबरा रेर हार काम। सपना बरमदेम भाकर खड़ी हो गई। स्वामरने उसके मर मर कुछ देर वाकमका सही मत रहो, पराभो। समानाने कहा-बाप्पा! गुआमी परम नी पादरा औरसे मतने सम्मा तो बामोगी।" मनाने मनमें सोचा, पर भी बकाया रो फ्य मार्ग दी, जितु मि मेरभाई। सवानन्दनेमा-कोर क्यों पाई। " मुझे दुसार मा गया था । बसमें भोमोसे तमीपमा सकती है। " फिर न पास्मो, पहाँ सही रहो।" बरामद-मफ्नी मोम गाने सगा- कभू बरे पाने ना शि, मिलेगापे सारे मागि। जन्माबले मदिदो की मनधि पापापी मा। मामार मेनार व सम र बार- [मर्ष - म मना कि उसे कभी नही पाऊँगा । ( उसे पानेके लिए) मर्पी पपायेगा। कितनी माध्यम का मर या-बाद प्रयनी मा सा पानेगी! माली मेरी सानेकी मार देगी-] मनामनी नीपेनसर गाना-कुन रही थी। मीट गहरा मीठा पान सम बामणमाया था। एकाएक प्रेम र पाममे पम्मा का मी-पापा, कमों गपे। भर महीगाउँगा। मो? "भाग पार नही भाषा सानाने सुमधारमा- निमारा दीयो? "मैं याही गाव रहा है।"
उमदा तोपर कुछ देर मामयी भार हालसर ऐसा--मेपके सपर मात सिमक्षा, मने रेप। मनाने सदर माका, मैने ये नही रेल्प, मने रेय है। "रा, रेप।" "देवा" "प्रायः हरेला माताराम बादव दोन है, वमा पेन पावा।" समानन्दके मुम मम्मीर मा रेमन एमालनी आई। हमें पहारेकर उसने पर मीना होगा। “भो न होगा। प्रसवो बसमै स्वारे। पारसमें मी बसन्न मार नही है। फिर पापमों न सिमेगा!" "मिटी न रामेपर या सामे में मत स्वा" सदानन नारे मुसकी मोर पाव देर तक वारो राने पर योन्य- पही ठामीसे सूना बाया। सनाने पिर पुछ मही परा। सभी पनत कि नरा पगम नम ऐमी भने मनम्मा भोर ममम ते करता रहता है। पुण्रेर मौन राम मानन्दने फिर मा मम मना, पारदा मब हम सोग्ग पर नहीं पाता। छनाने ठरा ओर म फर किया ! एन पाता है, उस समपत्र भरने मुपपर दिमाना नहीं पाती थी। सानन्दने शिर पूज - नरी बाय। १ "न" । "सोमनीया मना" मदानादन सिमाना पर दिया। गाना पम ग्या मिनुपर्श स्मिीता पमना नहीं पाती। परिदमाभगमें पारसमोर पारे होने हग। म्यान बहीबममी उपर मार दी। देखार सननन्दने पा-पासा, पानी हो। पर पाऊंगा।" एक्ने पानी पाने पुसार एनप! 4
-
फिर सामाधि स्में पा-इस बात को मेडोपान मांगो । महीपरा
ठार बामो।
ना पमरेमें मार ली हो गई।
समानन्दने सो रकी मोर कुछ रे वासरमा सो मत रहो,
परपभो।
पासनानेमा-यासार
मुभा परमे नही ।पारा पोरसे बरसने स्मा तपामारी से।"
सम्मामे मनमें सेवा, पर मी टीकारा पा मागे पड़ी मिस्तु फिर
मे भाई।
पानबनेमा-कोरो मारे।
"कस रात मुझे एयर म् गपा मा । बसमें मंगलसे हसौप करा
कठी।"
"मिर न बामो, बहनही हो।"
वरदानभनी मौसम पाने मा-
"कम् बार पाबो ना पूति, मिठे हाय बागाये गाये महि।
मनाप म मरि, वानपि पागामी मा ।
मामार सोनार दरी रोएर-"
[भर्य - में समाता कि उसे कमी नहीं पाउँप । (रसे पाने के लिए)
मी मापे ता। फिनी नामसे या मर पा -पात्
पाराची मा साधनेगा 1 मा मेरी टोमेषी नार इम-]
मनामी मीच-बार मना-मन रदी पौ। मीठ गोत्र मीठा मान
उसे पराममाया पा। एमरक चहीम रूपानेम ना कर
च्छी-पामा, सम्मो गय!
"भानही गाऊँगा।
"wit
"भागे पार नहीं मान्य।
मसनाने मुगप्रवरमा-मि गाया क्यो।
"मैं तेही गा रहता है।"
सुमदा
10
-
एयर रेरमात्मा मोर साकार ल्यमेषके उपर काममा
मिaat, मने रेप।
सरनामे ईसरमा-माँ, मैन तो नहीं देखा, मने देखा है।
A
'माया होरेलामामधर्म पदस होते हैं, सभ्य देख पाया है।"
बार मुगको गम्भन मा रेकर सनाने सौ मा गई। मरमें
अपन देकर उन्हे मा-पार मीश्री है।
“यो नाम मत दो बसा। पदमें मी का
प्रभाव नहीं है। रिपो न सिगार
मन एनेपर बसा मे या कम या"
मानव समनारे मुसमै मोर बहुत देर कर सामने ग्रने पर प्रेय--
पीठीकामे हम बागा।
भने फिर कुपनही सी बात पेक मरासमरिनम ऐठी
भनेक मम्मत भोर मसाठे वागता है।
असार मोन पर शासनाने निमा मना, सारदा मा तुम
अगले पर नहीं पर
सनाने दूसरी भोर मर कर लिया । पान पना है, उस समपर मने
पुरा रिसाना मी साख यी | सादने कि पूल - नही गय?
"माता
यो
माननने सिमान्य कर दिया।
म पम नम, मिताधिमा दरापमय नही
मामाने
पारसमोर गार होने काममान की फल्ली उठारमान ।
देनार मारने प्रा-पा, बायको!
मारने पाम ने बरपन "
हमरा
“सा"
बनाके बचानेपर सामन सि गुनगुनाने ।
।
हारनपान मे बा मोके हापमें पूरे पूरे रख रपये रस पिए, तर महाके
मुलम सी प्रकार मी ने न पाई पनि मुरझा गई। उसने सिर मे हुए
पूछा-पे रुपये हमने माँ पाये।
परमी से रुपये मोरहाब सर नगरे । कार निरचर
यार मोने-एमरा, में सा यह पान पाना रे किये उपपे मैं चोरी
करणेभपा.
प्रमदान मुझ और मी मसिन हो गया । उसके पापी मारयम या बात
वापर एकपर सवितोबी पिपासाकडी बासठीईस्कर न
करें, पितु परि सही सेतो स्पा पे पपे सेना उचित है। पोराच पैना
लाने पर पर मना पर मर कवी हेपिन मौर बाग !
प्राभाषिक पुष भौर पम्पाएँ । पमहान समाहा A इस बातकी मालोचना
करनेका पा समय नहीं सीसे रुपए उतने म्यूम करके रख दिन।
कुछ मुन मोर वामवासे र रिन ने मंगे।हायन मुरी
मागास हरपुरम बन कम रिखते हैं। पर माने पर पम्मपि ममर पूच्ची
है कि दिन मर को रायरे। रानमा प्रवे-मुझे मिलने
ही काम । नोरा सम्मम वा पिता हैं।
गुमरा मी मस्ने मनमै मस्ती , पही समय मोकिमा पा उमम
पैमे माँगने नही भावे-4मग पाकर भाराभाने पार माने उपारक
नाम पर नहीं ले पाते।ापन पाडूकहाँ गते, या कोई अमर मुभम
पूणे ता में भाग, मोकि रसे में आना है। पर दिनभर मिना गुण
माप-पिय, बिना सिमाम विपे नौरीको उम्मरमा मते हालिने
मगर पत वापर मम्ने पानीपत रे । अदवियों के पास यहाँता
किमासूमपानरार पात मी साता-नही सित देने मार्पना बाराम
पानेधोशिश करतेन्तु नहीं भी कुछ गत नहीं मा । स वरप
।
गुमदा मपितर मग उमें पानवे पाबानते थे, इसीलिए कोई विसाल परके उनको रखना नहीं पाता । सप्याके समय रापनपन्द्र हल्ला हुमा मुँह सिमे पर सोर आते है। एमरा मसिन मुरझाये मुलासे पूख्ती-मावासावा-पिया! हारानवम् श्रीके प्रस्नपर सिनेभी पेश करते हैं। मुझे खानेकी नमो मुझे फोन नहीं माना। एमरा रित नहीं पती, पुर हो पाती है। भार पारे उसलमीला बसल्मा भा -पपे पुणे गा मौर रो-एक दिन र बागे फितु मा अपने स्वामी मह प्रेकर पर नहीं कर पाती किसी भौरकोसानेच उसनबीनही पाता। केबस अपने ही मनमें, बो फुछ पूगी उसी हिसाब सपा करती है। माम तीन दिन बार पती रात बीते परे मौदे सामीरे दोनों पैर पाते दाते, मन ही मन पुर-विमा, वर्ष-वितर्षक एमराने स्पारासे मुरार पा-भाव नहीं है। स्पपे पुरा गय। गनपने माल पर मपत साधारण माबसे हा- पपे भोर सिने निसने। मौर कुछ नहीं मा। दोनों ही बने गा रामको पुर रे । एमाने होगा पानिपत या होग-पहा पूरा चिन्नु पूछ न सकी। पिना परम भारतीभरापी मनमरगी। उमने सोचापा, परतेकरतापपेक्यों पुरुपते ३, नरे मिए उम पन्धिी बिप हि सुननी पोगी। उपमुख हामि मिनेर शायर पर नया रेनेग्र, उमस पार लमें नहीं है- पासानेरा प्रपात पानी किन्नु उमर पाले हानुभूति पार उमक रमे बस नही क्या पूसरे दिन सपय होत नाही हागनरन्द्र पर गप। ना से निस्प मानापानमारकरनी पी, प्रने समौ । ला नियमित स्लान पर मार मिशिरि नाम पम बैठार पूरा करने मौसम एमदार हाय और नहीं पन । मुरताय दुर पाम पमी परमी उपर टार सन्नी पासवठगी। माठपाते पहनाने परा-मानमार नराने-पने पाम नही नदिन सामान पर भाग है।
गुमा "अमावी। समनाने फिर कुछ देर बाद मै मार रेग्म, उसी मा उसी बमह उसी मा।विस्मित होकर वर प्रेमी-सा हुआ मा! 'कुछ नहीं। " 'पिर इसी को हो।" "मोरया यहम्मानहाभोमी नहीं रोई म पदाभोगी ?" एमवाने भफ्नी दोनों प्रतर माल कम्पाले मुसपर टिकर गते परते कहा-भाव कुछ नही है। "क्या नहीं। कुछ भी नही है। पर मुहीमर पास नहीं नाम पूछ गया । कम-सा होगा मा। लाम्मे क्या भागे। एमरामे ती मोर र फेरकर कामावान् पर्ने । कुबेर फार पिरोपे ससना, एक बार भफ्नी पिन्दो शुभारे प्रवचन ! “ति लिएमा, "मर पर तसना पमै गई । एमाभांस भर पाने लगे। ऐसी रात रखने भौर मी महीप्री- तय मिश मांगने के लिए न्यानो मोर कमी नहीं भयापही व उसके मन मा पी पी। मध्य ही पी, पर कुछ एमज मी दुई मीकि अपर! या पूछनेसे शायद मास्मीक मुन्नी बार पाले सपरी भोर पाप ठाम मती-उनके उपर! मापेपर साप सर पर रेसा रखी बगा पो । सममा म्पाद बानेश हमाल हो गया पथ्य समय हमनामबी एफस पुनरजरे परम या सपेरते लपेटो मोर पोठी माममे रखो बराम्परफे पास निम्ति मानेर गाँ मार डीई। पो-मा, एपने दो। गुपदाने माल उठान उतरे मात्र मोर रेखाचिन कुछपा नहीं। पनाने रिका-मप हो गया, स्पनेप्रेरोमा। सिमी कुछ चा नही मिथ्य।
इस हापो पुरे टस हारेर माने मौन भी बरा उपे सरसे
-ऐसे बन पाता है, ममी सनहीं बनी !
एमराने मिलिसकर मामी।
मनाने गाम शेरा क्यों नहीं पी। हम अगर र कक
मोदी ही।
सोमदनबारे स्पा खेपन पर रखेपरम पुन गई मौर मस्पत
चिम्मिा मोर र समर मिकरोड़ी-सम माम बफ ममी नहीं रही।
प्रमराने पारसे सिम मामे करा-सा पमऊगी।
एना मार मार पड़ी हुई । मात्र मुल देकर माथी बम पर कुछ
अप्रतिम हुन पान बैठा योी - मा, महुआ सो मी !
मा सरोग्य।"
"मा, म रसासरा स्पो हो।"
हमा समाप ठर मौतरसे रोम मामाने भीम पाठसे पुचए-मो मा ।
छमदा पर ठहरी हुई।
नामयीने लोरमा-म बैठा मा, मैं मापारे पास बार
-
महारा
पामे मिरर मानाने विपक्रमे मान गयापाप्पार पामें प्रवेश
रिपा विम्यवासिनी यहाँन थी। पहले दिन मागमक्स
पाई। उम भराना बाना पाग, नहापानिमय ही एक पर
छमसमे मिलकरीबाती।
मुग्माप मासे सना मोर माई । णाम त्रिी टप टने पर माग महापा
पर । गुल्मीर पर पाते समय पहले मी भाग मारे मागे नही पीये;
मिन्दुमा राम्रो भामले पर उसे भोर मोगा मानस पाने
मगर एक पोत पानी देर कर पाया। उन पर नाबाने
स्पा पर भोर रास परम पार मोर पसी । सदानन्द
पहलीश पर पार ज्या पराक्रमाले पोपुर
सार सारेपन को दुख्य पापा(मायने
महइमारलाारा-टना, मने।
समा " दुआ पामें "मही। अभी ममी कही गई। ससाना इस पर उपर से एप पर पीछे मारली हो । समानन्द पणेने दुष्मना मनाने की भोर करन- दुभाषीसे म्पा प्रम। बर दो परम महा। मुझसे पानेसे पयाम न होगा ।" समाना मी यही सोच रही थी। सिरानन्दो पूण्ने हो बासे उसन र एमम मस हो मया । परमे कुछ सामेको नहीं है, इसीलिए मारे - ठिा लिपापडीसाठी एमबराने मी एक रिम और यही प्रपोषी मी भारम्नाने मी सहा बोबा-तो मी मरसे बोस मी निकस्प। बोकमी इस भवरबाम पड़ा है, परी पाना किपर पितमा कठिन काम है। पीस समझगाकिमले भारमामती मापनेम रिपरपाकने समाती है जिनी बचत भोर पाव-प्रतिपात हो बामपने पात किस तय बीमार पर नत पाडर मापी माप महाबातमना मरमा पर नही पाई किनु स्वानरसे तमाम गपा-मानाले मुखपर पापर मौतर बानसभाबी, रणसे मनुमान करके म सदानन्दने उठन मनापाप का सिरा।पा पागह-जन मे सिरानन्द पगरेकी मन पर नहीं है। ऐसे मनापाम बामठमा बा, बिन मोर मर नहीं पर समता पान बिन कामा परमेमें भीर मोमों में संकोर हाय था, उनपर हाम्नमें कर पा मग्रेप नहीं करता था--भोरम घोमा म देव पापा भागद उमे पर बााया। इससे उसने बेला भान नाता राप पर सिम्पा। समय-माव यम ना भन्ने लादाराने साया माम दो गी! मा पागने की परमाना है। पिछेडकर ग्रेप मा ,यामामी ना! नानदार मौर मातरा र एकता पारमितामने मी ममेड मनप पनी बामदेवा पा, पिम मुनरभानोबस भारदरी उमा 14 मीसनाने पुण्मी मारमा महानदने निर ठार मिती गामार मार बारम प्रोप्रा-सोरीमना, इण्मासा
शुभदा
समाना मिर, बाद पोखर, अति स्वरमें बी- मुझे एक
रूपमारो।
सरानम्पने पासणी पर, बसि भौर मी ओरसे विकर मा-परमात
मामात शायद दा पायासे नहीं पीपा कठी। रेफिन पये की
क्या पत
तब भी टपर नहीं हुई सना इधर उपर करो, मासे मोर भी
योहा मस होमोसी पर परम नहीं है।
सदानन्दने परके मीटर दुसम्म एक पते पार रुपये समभर मनाक
पापी पमा दिपे । बोस्यो भावमीमा मादमी हो, स्पसे परमाना होता
है। पायमसे क्या परमाना।
इसके बार दूसरी ओर र पुमाकर सर मोग-या कमी गुण बस्त
होतात पाने मागे मारमना। क्यो, प्रागा तो!
सनाने रेखा, उसके आपमें बा मे पये पमा रिसे गपे हैं। इसीस
साने बरा-राने पर क्या होंगे।
"गले गनेस सहन बागे।"
"न मरे, रमें रखने पपपोकीमत नहीं है।"
एमना रपे सौय रो, पर ऐसार समानाने सिर भार उसका
पाप पाररिया और प्रवर मारसे पालन न परा । पोरा
प्रपोक्न न ए मोर दिन माग गैय ऐना । और अल्प, पापा बितीस
माना। भोर मगर पाना ही पोतोकाना-सदा पपउने पारा
सफ्पा म्पार पर उपार दिया।
दिन हम तरन गया । समन भोमन किया कि माने उमनि
हा मी नही किया। गठमसिन मारियों दी, एम्नाने बात और राग,
चितु रिमी सग उस रिन एमदाम उपापा न गया।
सल्याने गद हाम्नबन्द्र सात सिप, पैरामें पुग्नोता म्ने मरे, पर भाप ।-
उनी रची एक स्ट्रमें रो रोके मदार पास भी दमो में पारामा
ममा रो-भार मान, पान मस मोर एसी ही छ मौरी
दी। एक पात्र सम्म उनको बाहर रम्पत मय 'गुमा ।
सब एक से नही-म्नमें महीन, मोरे, प्रविया समी मिले थे। प्रमवा मन्त्री
तर समा गई । उसो स्वामी उन गोमिए प्रसार मिसा माँगर
पास कर पाये।
एमासे कुछ पहसे मापाने मा की दीदी, पान पाना है, मग
अमन रोया।
मम्मामे स्नेहसे माईके मायेपर राप सर दुमाते हुए मा-को
माई, मोमों न होगे ! रो-पार दिन में ही मसले हो बाभोगे ।
"कितने ही इस कारोबार रन पीव गये । कााँ, भावो नही
उमा।"
4
"भा महोबाभोगे।"
॥
मपम भगर मभाम्म हुमा ?
सपनाने तो दोनों एक और पाप, अपने बापमें लेकर कुछ गम्मीर
बोरा-मि, ऐसी बात मैंरपर न मनी चाहिए ।
मापा भिख महीयोमा महो।
कुछ देर बार समानाने मा-माम् , कुछ पग्न का।
मापाने मि हिसकर कमा मा।
कुछ देर बाद ही मौरर लानेभ मन मा । सनाने एक प्ररे से कारो
रिममें योग-सपमा पीसे वासर मापरणे मुरके पान से बाहर
का पियो।
मापरने पसेकी मासिर हिमपा। राया रिसीमानबारे पियेगा।
मा ऐना प्रामा होता था, पीबार ठिी व्यगा पाना न पाता
या। फिन्तु कुछ बोर गोप सेवा था।
"Dि, दुस्ता नहीं करते-पा।"
मारने शम्मत हापमें भरतारी वा नौपदी।
मापने मोर मी ऐसा नहीं दिया। मसना पिरिमापुरे, नाया।
रोम-बासा मार!
सुमदा “मैं भाग न सा-पियूगा । "सो।" “कार क्यों ना मगर मपण ही नही होना तोरपा सासर स्या शेमा !" “किसने मा किम न होये।" माधरपुर रहा। साना पाम भार पेठी। उसके घरीरफर य फरार पेटी मेरी बात मही मुनोगे मायू। बाम गुमम भमिमान (स्ठने) से रस मौसमि मौत स भाये । पोय-मरी बात नहीं मुमता-में मी फिमीती बात न मुनगा । "कौन सारी पत नहीं सुन्ध !" नमुनता हैप्रत पुण्यात मा सच होती, पपू ना होते हैं, मा बामही नहीं, हम भी नगर हावी हो।मि में क्यों बात में !" मापरकी भौगोंसे मौत एक पो। ससनाने म्नासे भात पोछम पामें देरी पत मुनगी मापी। 'तो पसाभो, में अपना ये क्या रोज इसी वरा पाएंग!" 'परेको रहोगे।" सा होगा रनार पोट कुछ सरग गये। पर कुछपा नहीं सकी। माप हुए देर उता मरकी भोर ताला रा । फिर पोय -को दीदी, हम मोगा यमाई पारसी तरह बीमार हुमा था, पिन पर मण मरी हुमा । ठमके पर मर गपा पाण्य, मा येथे, तब अंग रोये । मा भाता गीमितु या सिनरी भाषा । मैं मी भगर उसी . सामरगा। सनाने दोनों हापासे मरना र साखिया । मौर सपनाघेपर सिमसार कर मार दी, रिम समप या पेसा नाम समामापर भी दुपारपुर माल पार पोय-कामो नही दी, मर बानेसमग दाता। ससनाने में परमा-मानी, सिहम ग्रेप पेयेंगे।
सुमदा
पान पठापास समय मौऐसी पी1
नही पानवे, मापा ममा पागाया कि नही, किन्तु यह भाव जोया नहीं।
अनेक रिनासे बिस बातको पानने के लिए या माइस रा है, या भाव
सामान लगा। इसीसे उसने निकराीदी, मर बानेपरकोबाना होता।
सानाने उपर मोर नबर ठाकर 50-उन बगर, मामय उसर ।
मान्यपणे उपर ! बसोवा स्मिय मा । योग-रेफिन यहाँ किलो
पास रहूँगा
मनाने एसरी भोर वासे हुए मा-मरे पान ।
मापरा तोप उभा । तर पम-तब वो ठीच्या वाँ
गया हम स्मगोंडा पर है।
"ये मोर मी भजाम दोनो बने पहाँ ममें ग्रेम-पो।"
मानाने मनसामान प्रापना की कि मपान , ऐसा हो।
मापने पापसे भर मफ्नो मोर फेरपर बाबा बागे
पी पारी हामिम्मों।
“, मिला।
"यहाँ पर से मनार।
पानने मुगीसे सिर परपर परमाने स्ना भानम्र पर एक परमामें
एक सासे पोरम सम्पूण उपभोग न कर पायेगा । जिस पर
नाषी भार समय-सारा, पापना होगा।
माम् ।।
4
स्यारी
"मागे परन् मे पगा!"
4, मामी खेरपेगी।"
भरमबाप"
"ममम स पाउँगा।
मुमदा . भी मापत्र का लिममा । प्रेम-बी, मा क्या पहा कमी न बापमी! "पगी, लेकिन बहुत दिन पद ।' "कई ब नहीं। हम पाले पायेंगे; न हो, उसले पर मा भा बापगी। कुछ देर र रार फिर प्रेय मासे पूर्ण न सिमा पाप! “मही ( या पात मासे मने पर पर भी न वापी और मुझे भी न बाने - मामाने रखे हुए कहा- फिर न पूगा । म मा मुम दमा पिसार बार पमो-पिगे। मैं छेय एंग। मा पोम सफरसे शाणा सार- पानी पान मापस्पन्द्र मुखी मनस भागाकी मात खेचने सगा । पाँ न पाने क्या क्या करेग्य, रिखना पूमे फिरेगा, कितने मनात सापगा, दो-चार मीचे माके पास फेंक ग्य। अमो अप्ठे परेमनार भाप स्मारबिहे सना दीदीके सीब तीबकर मारेग्य उन जिलों में एक दाना मी न अगा। प्रसना पदी उसने मांगेगी- मुष्पमा परेगा, बात माँगेमी वा पर एक देगा । भौर मी न पाने निने नसा भी सी मन-ही-मन पार करते करते मापन सम रावधेमा। भोर मसना परमी रावर कितीधे न देख पी। पुमा स्तमगि, माना गुमा, पमना, हारनबन, सम्म मिलना ही पुकाय दिसे किन्तु उसने किसी तर उपर प्रेठा म सोम। मन ही पाव देसी सी-मिमें गार र मुझे पुकारो नही-मैं पिसी साउठ न पाउँगी, इस्पादि। तरे रिनसे मापार इ भोर वराम हो गया है।गा पोरी पन्त रापा, रसपर मोर मी पाठ गया है। मारपसानेमें रिस्कृत भापति नही परता । न पाऊँगा, यारोपन लाऊँगा, यारा-रत गरी विद एक पर मी मही पर भाष्य सरा प्रकम पुतवमा अपर कमी पाती कि मा मापा मारा है-यभो । या। " "हारे।" पद पर पदोई बात ही मही। पायो भने पुष ४८ सुमा 1 उपके बहुत पते परते व परामर । विहेमा पाने पर समाप हो बाद। भा पनपनी प्रस्थीम देख लेप नहीं। बहुत भनघ्न पा देगी होती है, तमीमा दो एक रुपये निमारदे देती है। प्रमश मानती है कि पपा बासि माता पम्मगि बेग्वीपमा मासिायनरन्माते परानचन्द्र ोरते-बुरा क्या है। पहले मानब से मी मारे में प्रति पर हाँ, एक प्रा मारह प्रायही उनके मन माती t-एक पतके लिए उनके मन में पिता अमल होती हैापियामामी मात्रा समय हुमा भावी है। पीच पीपमें दर्ने मन रोगलापन उप सम्मान परम पूय पाया है। मोर पूर की परतो तफाप क्या tमन गाने भर की मछम प्रति मिल सच्ची है। मिस पपसेरो, भौर बारेयोपले हो बा पेम्मर साने चार रोगिता मिली, तर उम (असम) पि मन न सका। मपणे दिन आनेपर फिर दो भागा । इस समय मे सोएँ। पुछ दिन बाद सदानन मुभा एकदन मर गई। प्यानन्दसे प्रेमी- भेपा, मुगो परपर प्रची-बाम एन राब। कुछ ठिकाना नरी किया मरपा। परबान ही पौन सा । इसम्मम ममम एक बार काविसनापतीनहूँ। सरानम् दुभाषी रिलीपनमें भापति नरी परता इनमें भापति नरी की रोएकरन बार पानी पाना तय किया। पानेक दिन सन्मादेमा, ना, ना' पुकारत-पुअग्ने पर पायम ठेम पर मापा । न्ना म मर करीबी मानसो हो उठी दो गई। बाद बोसार में मानक मगमप पये पार पाया गर्न मन्त्र एक बरेले मौवरपर सबके बार बेठा हम मारशी गायेंगे। पेटेंगे, मकानही मला । मगर बस्स पोरमें पप करना । सम्माने मिरमा-खने पर्य। नाव होगप मरानन्द भी नरम-किमाने पप ! पास पये गुण भारा प मही हात । बन गएम से भारत , पिरो व्मसमर्ष पानेमें हुन महारा।
१९ । शिवने- बाट पूरी न करने देवर सदानर एकाकी इसमगी पर एकदम नीचे भार रसोईपरमे प्रमदारे पास भा बैठा। "बाचीमा, भाग हम प्रणी बारे।" पुमा परमार मन की पी 1ोठी सोयगे। मानवने 0-4 मे हा मार हो, दुभाषीके सी देस पुम्ने पार ही पाप मेरमागा। प्रमदाने एक सयौ सौस प्रेरणा-ौं, होर आना मेपा। भावाद परवी पुस-क्षेमस रहा-निरापद यो। सदानन्द पारस विकर बस दिशा । पूसरे दिन समाने माधो गमग पसे अपने पास रहर माघे माना रेकर का मा, पते समय सदानन रारा मे पये रे गये हैं। गुदा मामपसे मौत प्रासर ने गिनने एगी। गिनना समात करके पम्पा मार रेसम पोथी-पान पठा है, सदानन्द भोर सम्ममें एम गोपई पा। सम्माने मिरियकर का-ऐका ही मान पाया। "इतने पप पापा मारमी सम्वाह!" मनाने पुण् उत्तर नहीं दिया। सपना, सदानन्दमा पाग। " " " " 'पागल नीरेवा ऐमा यो कदा दुम्मे र दोना स्या परभरा पामी!" पो फिर सग म पागम को मत।" समाने मरमा-मम मोदी करते हैं। x x सायन मुगम परिकारम मापन पर प्रारसे कोई कर नहीं है। साना- पानना मपनी तरह होता पायजामा चिन्तु य-मारके सबने दस गरम गर्ने काम मा रितीना-समान मान्न नती मोम दम
रपया मार सिमा सिनेमा साथ माया भारमी हो गया।
किमीने पा-मची शामरी-दोन्में पोस। परमें दोनों समय धूम्हा मी
नहीं बस्य । इसी तराध मने पटे होती थी।अंग पर बम
शाह रखने गे। किन्तु वो मामीर ये उनी मरिया और
इस मुबी-पारपरक मोगुरु मि सब निम्नेको पराकर भो।
एक दिन दोपारके समय रुपमापचिन्ने सादापनबम्पर एएन
देर कराया होगाटू वाना-पीना हो जसमा ?
", मी दुछtt।"
कम्प मापचिन व्मालूके साप पान पाते-पप्ते भौर पीक पटे
से उपयुक्त रवानपर बैठकर प्रेसी - मापा रवा।
प्रमाने और प्यारेगे-नीरा-पातशिश करते है।
कम्पमाराधिनमे फिर मम दिमा-फिरदोस पाता।
मुमाने पर उम्र नही दिला।
पण माराचिन फिर ऐस-मेग का किरान मुसने नयाँ
बापू पर मार रिमारामारमो-उसे पी-पीनेकी
या पितामो सास पानी से पृथ्वी । परमात्मा
पुमराने पर घर मा पोरी पिस्टम-पाटम
इप्पा मारबिनने मा-रामधारी सिनास पर पमुनपाकाकी पाती
(प्रयापनी)ीरत मनरपड़ी पर। समीरे मानोपनी पेषी
गांबीपासप्रमुख कार
पर पुमाने इस पर मान मरेर मा- मी, माप खाना-
पीना होगा
"रो मता बन | उस परमाणने तेरा नाच कराया।
हारान मुरणदिनी मास मी पर गपाभर पानवार स्पये
दने युग पे खेद नही गैरो गैरपये को नीलाम सर सा!
खे मी पुण्य पान एमा।
एमराने मपम्ने यि पण नाम नारा ।
१
सुर्मदा “भौर क्या नाऊँगी पान। आब देर हो गई मौ, सांसे राजमातके सिमा भौर पुष नहीं बनाया 1-0, सो उस पुन्सा बनिक मी परदेशी पिता सायनने पार दो हफ्पों के लिए माय बोरे, पैरों पा, का हराममाने परके पार निकाल दिया। फिन्त मगवान् स्सा नहीं हैं। यह सब देलते !ने चमनी सरपंच पैसे पर विगाहा है, मसी स्ती-मामी से स्मया , उसयल क्या नहीं पायेगी । बान, तू रेस सेना, मैं प्री- एमदा परपर कर उठी - ननंदगी, मम्म पिन्दो रस र मपानक समुयम क्यों पी गई-कुछ पानती हो। "मुनी । उतरे समुरमे अचानक एको प्रस्य दो गा पा । अपा भात मिररपी वसनेनगन्दोबस्त करेगी। "मैं भौर क्या करेंगी। सरपोरेंगे ही हो । हमा मायलिन एक सी साँस प्रेगरी-सो वो रोगा। सेरिन पियके ऊपर चिन्ता है सारी प्रेय मानी। चोरे पोरे गामड़ी योग- मा सम्र माह किये बिना रेसनेमें मी मण मी भोगा भोर मेग मी बार तापी प्रवें करेंगे। इस उपाय होगा। एमदा पर मुगसापे उस पारेसे सम्बी सॉस मेड सोपी, उसी समय माना गौ माकर उपरिपत हुई। सनाके परेमें माराग्निी का उसने नुन पई की भोर इण् मनुमान करके उसने मी वर मा सिमा कि बारेमोरिन पोरे दिन, गाय परमें सायरनमाये पिना प्रम नही पलेगा । सम्मा लिपातिप्त होना पड़े। ९ TE पार गत भाषी बन गई है। गंगवारे मारे जगलमे पिरे पटे हुए शिक-मन्दिर पोतरेरे उपर एक पास वा पुरस म पिनाकी गरेका हुमा बसी देग्मे बैठा हुआ है। सुराणा नाम जरदाररय राप है। महार और एकबोभारमानना एपमा स्तान है। पुराने दाँत शिप-पदा पा, पाबे म त मही 1:२ सिमा मापस किया विपरफ, हरिमान् मोर प्रमाामें निपुण है। पिताल सब प्ररोमा भौर प्रसार ही देखता है। माता बापित महासकामांकित मी, पापन मुसकि परसे इन गोभी बहुत पनि मास्मीयता यो । रामगि भौर मागासी मायने मत्पम्त प्रीति पी। माहाराची मा मी नहीं यी भौर परमात्मीयता भोर मैत्री मी माती । विशेयर पारारपके पिता राममोहन पार गरी साम ठिी राञ समय रहना मुछियत नहीं समझते। पहा पर मोही-सी तानाजी पनपा क्योंकि इस पानी में उत्ती पहुए भावस्मकता होय। नाना पाकिम भी, तमीस परराक साप उसका बत दम्मे पा-दोनोम अ-मुकाम स्मोपावाहापन पापूर्ण रया रतनी दुरीम पी। थोड़ी मौमा भापमा मिना कर ख, स्वनी धमक ताप हायनने पी सी नाम पार ये समम ही किराया मित माप-मोबस एपना दो सगे भीतर ही विधा होकर पर और माई। उस समय म्याराग्यको पर पार पती बी। पार कम नही हुआ उत्तरोत्तर पर्व होला । क्रमशा ऐनों पोती भास्पा पमे भगा मय, दोनों ही पर समझने मो किया पार परिणाममें मुम्बदापक न ऐगा। प्रमश लाना का प्यार पान बीरे-धीरे पद पर ऐन सगी । परमा शारदार पाम नही पाती, इससे भामेरे सिर नहीं पता, मा पाणी तरा पार नही मनाती, भौर निगम पारको क्या पत्र नहीं सिम्ता । पान दमनकर पारावर ही मुपरिमम पर गरा। पहले उसने मनायो पाहुन ममगारा मा माति की, भनेर पुतिनों दिमाई, पर सनान पैस भरनेमि उगी राह मे। एक दिन मनाने पर परिवा कि उस भरमा सामानही याता। परापरवा मी उन दिन प्रेप मा गला समने प्रा-मगर भण मी मोहने न यो मल मगा। लम दिन में जीपीएमा मानी हो गई। मोन पर पद्मासन माना पाहिए।" "म।" अपन देख-रुमकर या- " पुमदा मास पूरी न होने देश की ती म साना पाठी - मोर सोचने- समन्चमेकी पत नही है । म मुझे पुरी ध्यान देना । पारपरम विहार कर उठा मैं शायद हमको धुरी ममा देता है। "देते नी मोरया |" "देता हूँ। n 4 "पेठे हो। 4 मामो माग सब समाप्त कर। "अम्मत। वनमम मैं मन तुममे बात नहींगा। न करना। " फिर रोनों अपनी-मरनी रापले गम । पामर घारमागरम गरमा-परम्वा गग भौर सपना सारी गा मा पोते-पोवे गा। पाभार पार सास पासेकी बात है। चार साल बार मान पिर धारदाबाप मसनानगर देना उस स्टे मन्दिरमें बैठा है। पाठेबर बाब उसे एक सरासे भूत हो गई थी, मममे कम मूखी बाबी पी चिन्नु सपनाने से फिर भाने मनुरोपमो यहाँ दुम्बया है। इससे पहलकी बात एक-एक करो उन मसिपमें माने मी कावा किपरमा प्रेम नही फला। पाया कि पपन प्रेमापन होता। मामा पारबोहो, इस विश्यमें एनिमित नहीं है। समी मासा परिमाम सन्मालिक भी हो, बरनो प्रेमी एक पार मेणारे सिए रस मीटर एपाठी।बाद नि तर ठीको उत्पा क्यों न करा बाप, रा-सी, सेय-सी इसपा शासर रिनेम एगी यो पनीरे मित ही बाबी है। पारापरसप्रेमने पाते मारमाने पी। भारपार सपाद पाफिर भावेगी, पान ठेग, न करेग्य | रायमरप मौतर मास म पुण तिर नठा भानन्दसे से पुण् ऐमार होमामा 1 वियो। यो भाग परामा मुसम उमनसा सका। पल भाग एक बजेप्रत्मा होनेको मात्रामा परसे से
सुमदा
हुए समी पामें माती देत पी। शायदापरक्मे मेरा-मा साना।
साना है तो। किन्तु पाती हो गई है।
छाना भाकर पास खड़ी हुई। पाररावरमने मेष रम पा-ग।
का पतनके पदबानों बने चाँदनीके श्रीन प्रश्रम, रतीरे मन्दिरक
बौतरेपर मामले सामने बैठे। बहुत देर कमितीचे मासे पत नरी निकर्म ।
इसके बाद बस करके शारदारपने र यसक्षे महाँस्यों हुमाया t"
समनाने सिर उठाकर कहा-मेरा कुछ प्रम है।
"पाप्रमth
रिहारेर तमाम । शारदापरबमे का-सा, खाना नहीं ।
पाची। पास म मुझे पार पर पे, भव मी सा पार करते हो?"
मनके रंगर परदारको या स्लिप हुमा । सने का भाइस
पास क्याप्रमा
'मरे, समी-तो पूती
मगरलमा मा पा !"
भसनाने बरा मतम्यहरमा मापसेमा-गुमस मा परोग !
परापरक बय पोरगा । रेख-मही।
"यो नहाँकोग!
वहारावरारपरनेन मरी पाटि पीपापगी"
"महापौवाय।"
'हाऊँगामा!
"
साने पौने चिन्ग तम्मन पानी होगी।"
"शिनु तिा रामीम होग।"
"गीबाग । मो टन एपमा सवान राम पाहता
उनको गास्प्रेग।"
गरेपुर रामारराममे पा-योमीपरमारनी हो।
पोभीहरूमा
'मोपना भय । पाते घेरिकारे सामा होने ममी उससे मार
"
।
करते है हम पति के पार चाँगे। यति मात्र वरपुरमें राना
हमारे एि मुसापक न होगा। फिर मेरे पास ना मन भी नहीं मैं
उमरी विदेशमें पाएं । हरे, को हमास से गया था स्मास ही
पे-मा मरीज मी मोर इवीम मग मी है।
मसना इण् देर र रमणी-सा फिर ऐसा हो सही। लेकिन हम मा
मेग एक पाकरोगे!
"हो । कर सगा वो अवश्य मेंगा।"
समर सम्ते हो, लेकिन करोगे या नहीं-प नहीं सम्सी।"
पररारमने परा समानामो, मैं मरमेश करके रेगा।
"मेरी पन उसनासे मार कर थे।"
धावारणने इन 40-क्यो, उसके लिए क्यामर नमिता ।
"मिता। हम गरीब है। गरीर परम फोन में स्पार
करेगा।गत पहीलनी है।म कुसान दामोरे कुममें मार
देनेसे पावर साप मिस समय है। लेकिन तब कुलीनवाने विमसि देना
होगी। हम हमारे बयारके कुलीन हो । म म्यानमारी बात न
बाप । बोहो, गारगे!
"मैं पिताको माग सम्पूर्ण अधीन । उनका मामत पने पिता मत
परेमें कुछ भी न पसगा।"
वो उनकी भनुमति लेनमारपये।"
"पाक में बानता तम्मारके सिए मनुमति नहीगे।"
सामनाने उदाम हमा-मोनही रंगे।
"तो तुमसे मार दी, ग्रिनेसे रेसन | मेरे पिता पना
स्येमी है। उनमें इसी मरे मामे पुण् ता पेश कर । म मेग
भास दोन रेनगे मोर इमामे परमार नामा .
सम्मान पातर ऐरका-इम परीप, देना मा प्रगे। मोर
तुम म्गो पन जात होता है। सपेर स्पया-पैसा तोहै।
पाररावरभने पक्षमा मारसे पर मुनगार का पाकर में समाता
सन्निपा नहीं समझेंगे।
गम समसार मोमे तो पो समरेंगे।"
सुमदा
A
4
"मैं यह एक बार पईन | मझार मामगा।"
सपनाने ही यात बरा-बेमिसे रोया।
मनपाकर मरे पण बात नहीं है।
धान पावा, म्हारी म्मा मानेकी रण नहीं है। क्ये, छाना
पैसा तर तुम साबर्म नही मिगी मा मुम्बर, निम्तीभामरायी
है। इसके लिय एस गरी आरमाता इससे पपेर उपचार गया, एक मामी
पाति भौर कुम्मी रसा रोगी। बेमे परम्पार म पगमे।"
"पिताची पोकरेंगे, वहीबगा।"
भार उमसे स बात । यद इस बममें पिर कमी करने
मकर न पाउँमी, इसीसे पानी । दमस मा मैन कम्म नहीं की, माय मी
नहीगा। सब पापोनर कारबारेला, में मन रममासे प्यार
परती भार , भामा प्यार परणी ।। पात एक पर हमसे कही पी-
माय सिमा न बाद एक बार भागिरीपर करती हैं।मने मेरा एक
मान मनुरोप-पायर अन्तिम अनुरोलोनी रमा । को होना पा,
हुमा मा ऐमा कमी न रोमा। भर्प तुम मैने एवना हेप दिया, इसके
पिमा करो।
पारदराबरकने मन मन प्रेममनुमा दिसामना पीपपी है-
पारसमोम-शिबीस इस बारेमें मनुरोपमा ।
सनाने मोरे मिना पाते-बाते हीका-रना ।
"पितु में सिधी भावारे भान है।"
नान पोपले होमा-को छनधी।
"मपर इण् र उस यो पुमनाउँगा।"
"भप्टी बात
मान, मुसे माफ
मदिवा"
4
- " माना'.ई-पो भैगा पार भाने पैसे - वाश पारनेवाए दापमे पार माने पैसे स्कर गिनकर हायनरने पोलीके में पाप सिमे । "मामा-मा भाठ मामे भपकी गाय " करते हुए हारान- पन्ने सामने से बहसे पटरी पर्यापर ठोकले हुए रसभर ताराम पचा हायमें मिया । तमी स्पथ ससनेमामान उर्वठिय मारसे अपना मफ्ना सारा ऐना एकविरा । ममर मरहीरो-तीन पाप भपनी बगासे उसपर पारानचन्द्र पोल उठे - फिर ' नारे-मी तो पम्वू एक फ्पा । बोग्नेमानेने पारानचन्द्रको रुपया कर उनके सामने तापी गडी दी। भीर सासिमडी बरा-सी सूनी ती पर भफ्नी-अपनी तास व्यस्कर पैसे निकासमे सग। "भौर पाहिए--भौर पाहिए-मौर पाहिए।" कारो-मोर नहीं। पत्रापरफवाभा। याबा, सावाय-ए यह देखो मग फिर नाय है।" हारानपना नमस उठे ता प्राप पनि समाप्त होगा दी । उनी पवीग स्ट्रठा उमप रपये पेनडि झसे पा मारी होरा पा । उस रातो पर गाना मी हुा । लरे दिन मौरव मान-उम सानपर बैठते. उठते दोपहर बीत गये। गमग पार बस तीतर पारमा पर माये । उस समय उनी ऑन हर पनरोगी । मर, नाक, पाती, पारर यहाँ तक कि मारे परीरसे गौरि दुर्गम भा यो पी। रायनपद पान करो मोबन करने बेटे । उम समप गुमराने सामने पेठरा -माय नही देर हो गई। •ममा एमाले रशाद निपटससे TR मेरी है। ऐस-ये सालाना और एक मेरा सपा-ममतालगतापनेपन पर औरगया गता। भिर मावाti पुरमा १ पिरतीमा mmm-.-. ।
गुमदा
पानकनने मा-याभो, मान-अमके मारे देर हो पाती है।
घमने स्मा अमी कुछ नहीं लागा-पिपा !
शुभदा जप हो रही। स्पा करो!
हारानचमने फिर पूल-नहीं पाया !
प्रमाने प्रा-भव शाऊँगी।
रानचन्द्र ने मुक्षित रमा-गरमायया मनाप है। मेरा कुछ
ठी मी मगर दिनमर न मा होला म यो हो उपसत किय
बैठी रहोगी।
दा-एक पौर भर मरमें मार हानथमने प्रमरा मोर देखते हुए
मा-बेरेके समय तुम्ने मासे फुपये मांगे पेम!
एमराने महम पर कराया, मैंने ये नहीं माँगे।
"मही माँगे । मुझे पार पाकिसमे मांग में।"
सिमा तिरो मन ममि सी, रोदिन पर माँगना ही
मा-पाएको । मेयै म बादरके ममें माठ रपये पर,
म्नमसे पांच रूपये मते थे।
एखामे सिर रियलका-मप्य।
पा मार गत रिमित हुई। बहुत दिनों कमी पेमा नही हुआ कि
हागनने इस तरह मफ्नी मोरस निा मांगे पुल रिपो। मेगन मारि
नमाम रानर एमालेका- रपये तुमने कहाँ पाप !
भार रागनबनम दीयोल-भयो म छोयोग सपोर
हिर पिता नपरनी परी । मरे पट मार दुरि राती उसके
मिसारी दुनिपामे रपय पितर पोपतामही !
पाने क्या समझा, पीवाने, मिनु उमने कुछ प्रतिपद नही किया ।
ऊपर सिमी पटनारे बार रो महीने बीत गव।
भारमपार समर एमशने माझे पान बेठमा की मसित होकर
सपना, भारपा पुन!
' मी नही मा
मिली हो परने की बात हो पिरोसार मामे पैम
।
हमदा ५९ निपीरिये हैं। देस वो बेटी, मगर हो; नहीं हो रहा एकद पानी मौलिसी माम म बामगा। मावार पातर मुखी रेस मौर अप-गार स्वरको मुनकर ना रो पड़ी, बाप मी नीमा 1 मारे पैर पर प्री-कुछ नहीं है। वन पानी ही पनी रोने लगी। बम्पापर बार-१ मविलासा कर पेठ नपरब एमरा ऐने सो चिन्तु ससनाके रोनेन और ही कारय पाया भरवसामाकि पाठे कई पार 'ए नहीं' पर भी कुछ दे सकी थी किन्तु भार मालपमें ही कुछ मही रेकी, वानरके रिसेपुर पराम पपोता भाम्पिय ना मी माग सदरे तरं होगा| बोग मा लागे, सिमा पत करगा तानको न दे पाने के कारण मा मनकी सारा होम मेरे सिर हिरे पान मोर मांगने पाना होगा - महा सा शेरकर उसकी मासीम भाव मा गमे । मिरो मी, मी मर रहा नहरीसदानन पा, मी यहाँ नही है।सस इनाही ना, भाव रोरिनसे शरानपानकी मी तूस्त नहीं रेस पड़ी। सम्मा पापा को मदार मोमें रोग या पुरले मोमें। पहास पा-महारानचम्के परमें बाबा गाया मम्मर रम स्माने मस पौठे थे, पामाः पैमा मते प, रो-पार भाने पैसे प्रमदाम छ बाबर, बाना मार मय पे विनिरपाय होनेपा माप सार, हरमें रान सरफर, असमान तिम सि-मिठा माँगनेसा पेश मनिपार पावे या विमा कमी नही। भा पुमा मीनपन हो । शुभासनम पास-पात बना हुमा करा - भपात रा-पार पेममा स्म रोग, देना ही उनम मी हाप हुआ। पार र सने हे नियम पेमे दिन भने संग, मे म उनम माम्प मी उमें बोधारना । एमदामि रिन र पान पस उम्हाने सिम, हठी रिनभ उन पांगा पर ममा । बरगत तमी हर। उमर पार स्नान भी न पापा हो, यापन नही मी मी १० पाने मी पनि मामालीश्रीभरतपयध पटाहीमारी पर पाया। पापमुनगाम मम नामो विपिनका गाविसस मी मधमीनिमियता - ।
। माना, रोमाने, पार माने, इस पर प्रमे परिचितसे इस देनेा पारा करके उनोमिक से एला है। हर एक पूमनदारके पार माने, भाठ भामेरे कारावीच भरोसे भाषणमा पमनकामे बहुत कम रेस पावे।कुछ भपिक रान यब मरकर भोपर लोग पानसे पणे एक कोने में पर दिक्पो पाते हैं। और भकिस्त होनेपर पुएर भोप पर पारेस सोसम्म सो मौतर चुसठे में बीच पीपमें रेशा पाना है। भाषा उनी भषिक व सही स्तिानी पानी है। ना पात न होने के कारण माप नहीं मेल सकते, पिस दूरीको से बनी मिसार याचीवमें दो बार पैसे गान पा एम्पनेनाटे ममे बैठकर कोई उठना नहीं पाएन । रान पर स्म समर मानू मत्र सबने मितेहै। बसनेपोषी तरफदारी करणे, दो बातें करमररो-बार रितगी भो, एपमें बनेट परकर, मार पार एम मुगा प्रश्न विरली पमम मन स्तर मामा मामा दाम इय वेति दिन कुछ मषिक कमा लेते हैं, उस दिन भाप की दो राय गेसने बेट पावे ।। पातो पाते, नहीं तो उनकी उम कमाई पीरियों का पाती है। दो-चार माने चित दिन हो । उमरिन उनले फोन पा सस्ता है ! म भन्म माकर उसी पुरानी पानसे मुरली मनाम बैठ पाते। मन मेमोन रावा बबीर मारित पे मोहरे बारगर घमराके मुलगार भा बामपर ठप परमें माम उपरिन सामानानक सिप मप मोदी। प्रमहरा बीरारी कमी उमेगी नही-उनकी एममा मत भयपूर्ण है उसमाप कमी ही नही होगामी पि न हो, सो सिए महीम मम ये रम्मा हो गया। किन्तु पर भाव एमब इसठिनाई होती है। इस कुए पुण्य मावी, परके पान पाँचमेपर पैर मे छम बार रोगीसे उठना नहीं पाते। मरने पर भीवर पुन्म पर मेरे भोर मतिसम्मै पर पाते हैं। प्रा लि वर पर पोमरे लिए सहभाची, मिन मार पोप देने के लिए माती , पैसे सूने हुए मासे मम्मी पापे ममे रकार उस्बाप मिस कुल मान बैठी राती है, राममहारानसम्म मन मी मापने का होने मठा। मेनरको परम पे भर उतरना नहीं पाते से कर मरने परापार परत मौरबारे पवार वीन पोते-पापनप रेल पाव किएमा विना सामे, मिना विभाम किने उनके खानेकी बाम सामने रले एकही मासे है। एक बार बा मी नहीं पाती कितनी देर क्यों हुस्नी रामों की! आर सि मौन मुसने ही उनले भकि मतिमस्त र स्यी। यह समाने सात : पठि होने पर मी मा नामपनी भा, इतनी मदिरम्प नहीं है। इससे स्ना मान, इतना भावर साद मापसे सहम उपयोग नहीं कर पाते। यह देख पा एमादमी स्मातार मपरापरता भा भोर एक भादमी परापर माता पाइसीस गैसड़ी मोर मदारी होने पर मी उनकी मौन सम्मामे नीगं हो पाती है। मदा एक बार मी निररमर नहीं करती, एक बार भी प्रप नहीं करती, एक बार मुद्रासे मी पाक नही मीकि तुम ऐप न करो, मन मुससे तुम्हारी ये एक ही नहीं चाठी सपनपत्रे बान पाता है, से ठने निस्म भपना निराR माप ही करना पाया है। निय निब ऐसे प्रमाबर मरिचार भन्याप परनमें बीच बीच में काम माधम पाता है। पायो शे, इसी मा दिन बीत ऐप । मारन रान गये सरानचन्द भरमें भाम उपरिपत हुए । परके भीतर मोणकर मार ने कुछ भौर तरहम गा भार उमदा पै पाने के लिए पानी पर न भाई । निपि स्पानर मानेरे थिए हार बैठा न था। भेनेम एक का पारा धीमा पीमा रमारमा रस था। रीतकी रसी पदाने राबर हागनरखने ऐपा, उनमें सही नहीं है। यह गरे। भार रो दिनम पर पर नी भाप, रवी बीचमै यो उपना तो नहीं होगा। सरके एक सिरेफर बैठार पनपन्द्र भपने मनमें न पाने क्या का भाग- पखेपन सग। होय होमेको माया, तो भी कोई ने दम नही पाएनबन्द्र १७ सागर से बगाम फो मरने स्ने राय सबर पुलाप परक पार निम्म्भापा नारादा पर पारि पसा भर रेसने न पावे मोर मा पर पाये। सरिन ऐना मही हुआ | पौर पर मनम्मपी मेठी यौ । तने सारे, पासमी नही उठती कि भार नपान सो उठा पर मा बेठीबी। पररपन हो र नितारा उठी-पार म सभाप!
गुमरा
दापनपन पर ही अपते हुए बोडे-पास।
नाने प्रा-ममबइमारी मषित, याभोवो ! का
मा, मुभा,गी दीदी, किसाने एक द पनी मी पीनेने नहीं पाया भोर
सुम उपचाप बसे हाप से परके भामेचा रहे हो! आप म ग स्पा
सामंगे-बाभोये!
सराफ्नपा पान पान, छानामयीने से स्नम मिहीपर सिमा ।
पोप्न मापसे माप सिमकार नीचे गिर पो । सिपियर देर पो
रमानपके रस निम-यमुन पिसीने नही सापा।
सपनाने मोर मी रिता पुचरा-भो हुभाषी, मुनती हो गपूफी बावें ।
में से छातीयत म मा भौर की दरीदरी रोती ही-मा
गुम मम से मानोगे प्रारसा पनेरे किएमा वाते दो-तो सिन हम
मोगलाप तुमाप नावादी नहीं है!
राफ्नबन्द्र सोमपालेधपोत हापसे उबार सेसे पट मये।
बना भोर एक पर पिता रठी-भरे प्रा माग यसे ।
एपना पवित्र है, रिम, उसर बनी है। बिसेमा
पाना पाहिए,रसा काना पाहिए, पर उसने कमी सील्प महीना
भरा मारमें नहीज मुन रही थी। फिरेबठे पाने का पारे
चीरे नारेममे भारोम-सना, तुम्हारेसा निक मी विमारी।
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"पिसे पापना पानीप, मामले ममीतकमी सीमा पापसा
इस वरपरनोंसे पर पगार मप देना चाहिए।"
एनाने कित होरमा-मैंने ममा रिमा पापा भार भाग गये।
"णिपिसे ऐनी फारानी पाहिए।"
को न बानी पाहिए। प्रा प प्रा हो तो उसे पुनमा
पारि हेभिन ऐमे परमाण्पना वादिए। पर खतरा
और गम माम बाता शिप्रा गाँस्भपरम पीरा रहता है। मैं
पर भोर परेंगी।
मान साहमा पनि पाए।
मना-मैं सों मे पाई-पाटीबा। द मरे अम हुम्म बसाने न मापाकर। एR मानम मसना उपचाप पर मगर पर पी गई। 4 " उसी दिन दोपहर पीतमेपर गुमराने ठमणिके सामने एक कौंसत्र वर्तन रतार बा नन्दपी देर पड़ी हुई, पन पाहता है, भाव या न मागे । रेशान, पाय वीरबी रहार मगर कुछ मिस सहे। समषि शुभदाके मुंहकी भोर उगमर मालमेरे बार बारी-बड़ी एमा माम पानी बहू। छन्ना पहा तरी पी। उसने बय उठा सिपा । बासौ-मा, में पर पर रेन भाऊँ। गुमराने पे हुए उसे करा! मानाने बरा सिम, पद पर गुमारे मुन्नी और देवर काही, पोरी भनौ । तू बापगी मेयर "सो, उसमें सम्पमा। मैं इस दैत्री मी साफ्नसे समीमे मुख रेसाई- मुझे एस्या परेकी १ माहे पाहुरे दिन सिक नही . छानाकोपवे देसार समरिने उतक हायसे देय सीप सिमा। पा- सोभिमैं ही पाऊँगी। उस दिन तीन को पार सत्ता मेशन हुमा । परे हम रोबर नपर गुमाने सपना एक मोर पारा-मा, रमे पोप-बमारियो प्रबग बोरसन परी! समानाने पिरिमारा-इस समय मासा होगमा मुहे पाहिए।" स्याबरकोमा गुमरान बावरा-नरस्मोगी। माते मा! ॥ 4 सुमदा महौसा पानाचा सकता है|BB-परहेगा। किन मोडेसे पास फिरोसिसे लिपपरौबत मही। हारानचन ने पोयमे फिर मासकर पॉप सी, फिर उसी दूकान भातर लो पुए। पूषानदारको मावाब देकर पोते-पाये। पार पेसेमें गाना " "तो ससरीम गरे।" सपनबनने एक पामें पाप गार पैमोरे लिए शाप फेमपा । पूचन- गरमे चार पर हम कुछ दूर मार रारानसम्मै एक पर मर-पर रेत लिया। मापे का रामबादेने का दिया सा का पापा। मारेगमा पाक्स पर से । साग फादी नहीं मम दुकानदारने की इस पाण्याम पर नेत्री परादीनरी श्रीपरमात एक पारमीनारानचन्द्रो मनमें महीभाई पर मत-रमले सम्पास स्पधारमें मरकर भोप हॉपी (घर)कार सम्म पुगप भाइनम पीज मने पल नही|भारए, मन्यत्र पते। "पोपपनी पायरी!" तीन दिन उपमनपरोया मामाले महमें शाम सभर एमा राब पहुए आगस उपरम पर पड़ी। पानमे मामा भान पोउर समानाने मा-मा, इस रा बीरब क्यों पेनीपरिन पुण्मण नहीं मेंगे-सि मुदिन होगा। मुमराने रोन-गत परा-मातान् रे ऐमा हीरो, मफिन मा होता नही पाता । माओवर भीक मापने तुम गारी पर उरण-पर भत्र वा महीपमालो परी । मैं मेपाली गोदमे नमा बागी, न बेरी, निरोगान ग्रेग ऐना रनरसपा मीन मांगना- मैं-माहोहर सनेमामामा महीपाय। ।
शुमदा १७ शुममा बि सय फार पे उठी, बिस दर कमाके गोसे सिमगा, उसे रेलकर पत्थर पिपठ बाप मान बहुत दिनोंक पर वह अपने माग पा रही है, बहुत तामे के बाद आप भग्ना पीरब को है-इसीसे आग या अपने ऊपर प्रा नहीं पा रही है। मोमी मेप नहीं करता, उस कोष पास होता है, जो बात है, उसमें पा मापी माती है, वरना मकर मर ही बन पाया है। इससे सना ही विपटिम पर गई। पर किसी मा मात्र पर ममता मही ती ऐमा परनेसे पा मोर ना सरेगीपरमामार मार मार निकल पड़ा दो या उसे एक न पायेगी। बात पत गये मारी ऐनो उसी बगर र पेस्ते खो गई। एमरा स्वामीले सिए बहा रणगा। भावरिनसे पह पर नहीं मापे। उसके मन में यह विचार भाने ला किभी मम्मान भोर महिना मपसे दाने भात्मासान पर भी हो। मम्माम मचात् किसी समान होने सिप, भपनी या होम मी, मनाने उस रिन बेता भपमान किया पा, बेमा निरस्पर ना था, उमस मामात्या कर सेना को मामय मात मरा।यी सपास माठौं पार के मनमें बना रहता है। मार मी पड़ी दोपही तयार गई थी, एमदा कर उठी, सपना चमार पोसी-भरी, पर नहीं है। ससाना नीरको तुमा अपणी पर समान नहीं पाई। माता मुरकी मोर वासर मामी-कौन नहरीमा । "मैं ममी सना रेल रही थी किया पाक्ति नही "यो म दर परस्त्री होमा !" म पूर्ण होनेक ताप ही सपना मी रो पड़ी। बोका थोड़ी-सी या बाकी पी, उने दोनोने पर मिला दिया । सूप निको पारे पोरे दिन बहने भारत पर होग, इसी ममय या मायपिनन भेगमें स्नान पर भग्ने पर ठोस मप या पान मुपति परने पुनार भैग्नमे पुसाप-ए। प्रमाने पर भा परामदगी मेठी। महरिनन मा-भर देगी नही सरी-वर सेसी। नाम पर रही पी-अनमें भाश, पर हमे देखी पर्न।
६८ पुमदा प्रमरा चुप रही। कम्मा मायविनने स्मरपुर धीमा कपा-पाक्य भार मन सेवा। प्रमाः पाम मानेपर उमामेमा-नापनकी हसर मिनी । H " ना। माग दिनस या नहीं आता!" " दिन हुए । "करनसे नही भाया । पमुनपारामें पिसी को नहीं मेगा! "कसे फोन पाम्। "मामी चैक मी की वो मुझसे क्यों नहीं मारा एमराने मई महीं दिया । मसती मरमसे कुछ मिल रही पी, सझे पप-स्थान रहर माप- दिनने -नापम कुछ पपा-पैमा है। २७ नहीं । वा परमप्रमोम बसता है।" रामदास रही। "हारी तोक्त सी" " माम नही।" अपम सनाबरा मेरे पर मेव देना।" मामाचिनके पनेपर एमाले सानाने दुमत प्रा-मा मारिन उसे कुल मो, एक रोमा। "क्यों गुपपा tr पा दो साना प्रिपा परप्रभोर पहा पुण् दरबार मे भार माना सपने पसरपार बी-गुमाने रिप। गुमरा पर मिलने पापकर माम-नही। "बापामार्ग, तर उने तार दीमाप । एमझाने भन्ने ठाकुर ने मना प्राममा प्रारी, पूाभी प्रेटपमें रखे हुए मासी सरसकी भार परेरकाप बोदे बरती शुमदा ६९ रसी, मुख्ता पोतरेमें भनेर पर मापा टेन इसके बाद खाने-पीने सामान मयमा भोर भाप मारनानभाई। सन र समय पर मनके माफिज मोचन पार उसनामयी मनके मानपसे इस्तेमठे मपनी गुपियाके मारम सम्पप करने दूसरे मोहोकी गनके पर या पुण्य होने पर परेमें मर मिपाम भाव सारे दिनके बाद पनपन्ने परमें प्रवेश किया 10 दिन पहले पाबेस मे, मात्र मी मेरी उम् परिवर्तन नहीं हुमा । परिवर्तन हुमा १ स बोटीमें । रंग प्रेसेसे मीमो मारमौर पिनकर रेला बाप ये मोती में सौसे अधिक पानोपर गाँटा मिलेगी। रमेशलीप समय र सन सिम- पिर मरमे च्या मनाने गुमर पुण्डर माये, भगवान् करे रोग उठकर पर रामर रेखाहें- ससाना भी परावर बोमेस्पोमा! 'मार मैने मन पाया, पेण तपम भर की नहाँ पापा!" दूसरे दिन मेरे माने रमा एमासे पकर परा र रामको गा भार। हमा माग मुन्न किन उठा। से एक ही मिन्ता मिट गई । मुभाते पोल्मा गपा भपम! " । u "इव मन को पा! " पर तो नहीं मानती। "पर्ने पूण मी " ना।" वरी गुमाने मी!" "मी परोपमे क्षेत्री नहीं है।" "बोली नही क्यों ? "मैं नहरी पानी। पुप्रामारीपने।" पागपरेमा ममिषा मागविन गरे पोरब एक पत्याला
पार राममें सिये, प्रमथके पास मा। योगी-पोड़ी-सी परी मई
हाफना देना।
एमाने पर वरपरीम प्रब हापमें से भिमा भर पासकी एक ओठकी
मोर कापला पणा माउस कोठरीमें है।
प्पमियामे प्रमदान मम समम सिमामा-हने दो, इस समय
उसके पास न बाठमी परमें सब पीर शम्मी पड़ी।
हप्पपिपा कमी पा रही थी, कि माघे भैगन का परमर पड़ी।
पास भाकर एमासेमा-उपनसे एक सतत् पूछ सन्म।
क्या!"
।
"इतने दिन पानापार
एमदाने मिरिमारपा-मम्म।
एमदा पहिलो पर मोबन करने की च पोरे औरे उतने पूछने
दिनको १
सायनरमने मसिन मुजसे सिर नीचा करके कहा-पेड़के व
एमरा भौर कोई मत पूछ म सकी।
पूसरे दिन रोगरके समय सम्या महाविन फिर भाई। एक-सी पर
ठबाकी बातें करने पर योग- पापच पूजी पी
""
"उहने राहा
बोरे विपेपरेतलेया।"
इमरे पर मोर मोर बाले हाने सगे। उठते समय एप्पा पुमाने भने
पाम दो पेनिया मिरमा-परमें पड़ी थी इसासे से भाई मनन
पहनने लिए देना।
प्रमाने हाय फेनार नियों से भी।
इगदुमा पुण्र उतो मी मोर तादी रही। मिनिसीम
मम पसं-समापन मगर पूरे कि किन है वो भोर AST
नाम से देना, मय नाम म माना ।
एमाले पनि मरका-पापों।
शुभदा x रुपाने पर-उपर पर कहा- नहीं, यो ही। "भोर भगा माय नाम बता!" भली अप्पा पुभाने मी सर -- दुर्म दरी प्णा माफी सोमब रही। x x फिर एक दिन ये दिन करके दिन करने सगे । हारनपन मार्म से परमे भामे तसे परदे बाहर नहीं निम्त । प्रमरान इस बोरसे पर कुछ पूर हो गया है, इस दुमिन्या पूर हुई है किन्तु परम श्रम से चले। दुमिन्तामा परी । फितीने किसी दिन एक सपना दान कर दिया, पिसीने किसी दिन रपये मांस रे रिये, इसमय क्या रखने को परिवार पासन-पोपन होसम्ता चिन्तात्री पारस यही है। माप मर देखनेसहोरोपभाषा न पानी से पाता है। उम्पर नाऊ म्पारकी विन्धमा दिनदिन बड़ी रावी या हौ। मारी उससे गई। बावा कि-ठीन महीने के भीतर उसके प्याप समय (समापने पार पीभवधि ठहय१)निमम मी सम्व। पर या प्रमाकी रहि बाची है, मानों उपाम देख नहीं पाती। मारपरमया या मासा चिन्तु मैग्नपीके परमें मनाली सभी समन म्पार न हो तो माम नही सम्ने समार इन भरपपलमा नहीं पर तपठा। मामला मरेसनेमे सून पानी तो पाकिस्माता मैं ऐपनेमे परिपती पममी पानीपन याने समाती भिचार मा एमदा दिन-दिन पतीपाठी है, इस बासी भोर भई मोहन देस पाये, ति सपना भणी तरह रेम रही थी। मगरी प्रत समय भासू-परपरम हिमालत- सन एमरारा हाप र बाग है। सनाने पर माम पर बाठा है।याँमें एमालपर महीन मुख पर नहीं पर माती पी।पी उमा भागम गारी पायवीवो पुण् महीन भौर दुख मोय पाती है। साना माममा पती पी। उमीनराम गई है। दोना पसम नगर भागरम बार बस एक बार माना हमपासना क्षार पुण्य मानेर रिपती-मुनती है तो पुमरा पती कि उस पिकुम दोभून नही मा परन रेखा भौर जियल माने मार पीवी मी कमी
पुमदा
प्रेठरी लियो पदम मफ्ना मि कोने ममती पौ। रमसे फल होने
वाया ऐवा पो हो सम्ठा या फित मातमें ऐसा नाय ।
१३
भाव एमपी है। मनाने स्सोईपरमें पमरेला, की मा मावन ना
सासरे मीतर देशा, र पोच कर रही है।
उन पीमने पापान न पाने प्ररथ सानाने पूम-पामा
पूम-पामा मामा
मून ग्री।
कुछ तस्तके (पाते)।"
इनमस्मदोग्य
एना जारी। याच महारगैठे मर सेक्से बेरमो पी। मुझसे
भून रेमेरे लिए कराया, लेकिन बरमें सोम, तीसे केले पचे
सपेरनों ही भूने हो।
मसनाने सिकुल नही पूजा
मोबन मम सनाने बाबा मरिमेन मान नगापा,
उनी एव भोर सार देखनमा बा होगा और पेटी - महोणपर
तमने भूमारपोसार मग्न गपे।
एमान पर उपर प्रारम्भरा-सनिागपाये।
मनाने भौर मी बिगारमा में ऐस समेस प्रय भाई । व पर
अन्य दुई बीच मपणी माती है, इस भन्ने मनरे माहिए थार एस
रिया, भरला है, वहीं मना ।
मरपड़ी होती पनारम्नामे सपा और मानमें गल दिया।
पनाने की पुण्यामस्न मनः मारिसमा पा नही पर
नही पर सनचिना पर मास विभाने मनो मारिएका बीबम राम
पर दरम्प का समय बर नहीनाममा।
पक्ष नमन प्ररे-मार एपना का पाना प्यार पाम गई, तब
मानेमा-पा, मना दिन-रिन दिपावी पासी, सतुम पुण्पती
सुमदा
या गय्वी क्यों नहीं हो। मुझे उसे अपने पास नहीं होता। एक
गौ तोरस मुना देगी।
प्रमाने दममर पार करा- महरिमा मा म बेसी होती
बेये। बाकी पार गसिपी पाँच रा। में उसे सिष्य शिमा नहीं
पाती, पाना नहीं पाती । मगर पर नायब होबर रोपवे मुना दो साना
होउचित है।
"मगर यह सामा!"
'मस नहीं, पर मैं बानी । रिन्तु मा कमरे हैन भणे होते
सोना मीम करती मोर मुझे मौन हुनना पण!"
भन्नामे मी रुमहा माया पाना विसर नही है।
दूसरे दिन प्रापारी मप ससना मत्यन्त विषय मुसलिमे मावा पास
मारलाहो गई।
छमदाने उतनी मोर रेलरमा-स्या सुमा
मनाने एक अपया निकासा रेरा-पाहुभाने का है मा
पारने पर भी भोर रह नहीं मौरने पर भी मोर मांस नहीं है। अपने
पापसे कुछ उपाय माने-मानेको को नहीं में पुती गरीब भौर
रफ्पा पेला पुण्मरे सौगी।
उरिना सम प्रममा ऐपुम्ने र मा मपने माई पाक पाम
मारय।
मापाने पूण-दीश, उसका क्या हुमा !
मिलमा !"
मापने पुण् पमरमरा-हाँबाने।
अपनाने मी वय सार-बरा सोहर पानदी - भार इसमे
रोगीमधू।
पर मापारे अप शाम उर पैठा। बेश्य , मामा दोली !
करवाना होग!
“मैं साउंगी
"मादेश और मैं"
" पासेपासे, उस पद म माना।"
१ मापबने पख्ता साप मा-सो, एक साप ही क्यों न पढ़ें। "नहीं । तब मा परत गेगी।" मार सिल ला बोम-रोने रो। "ज, श्री यादोसा है।पारे में बाउंगी।" at फिर कर भाभोगी।" "बिस दिन हम पमोगे, उसी दिन भौर पर ममापी ।" "चम नही भाभोगी।" " ना। "मैं पाउँमा "नि दिन में मा।" 4 रामभागी!" " । . . “तुम्हारे पाने पर मा ऐरेंगी।' जबान सो पश्वा । मापन कुछ देर निस्तर यसपा-दी, फिर बानेन। 'मो भाई। मारोनच लपास भानेपर मेरी यहाँ बानेश्राम नहीं होती।" "तोनही बापमा मारने फिर कुछ सेलिकपुर परमा-रोपमा । "तो मैं कसबा . "बाभो।" मुझे रण म पान पर रोष को नहीं मुत मामाभागी!" "भौर पुनि माद।' मेमरोगा। मापा देल न पाये, हम माम्नामे मरने एक मापे हुए भार पोछ ।सिरममा उमरे सिरपर बाप रसार मा-मरे पर मानेपर पेरले मासे मना । भन्न, नहीं मंगा 4 H रामा ।
पुमदा "मामाबो, उसे सुनना किसी पर ना मन न होने पाये। मेर समय सापटेना। सा ग्य।" कुतरेर ठारसनाने पिरमा-माए, सरापादाय समय बाद है। " पा मगर माप-मगर तुम देखने आ-ोपनाहिदी पसी मई । एकिन गार्ग न हो, वरना । । मपणा, इसी समय प्रमाने भाकर पा-यही रायपुर मेमे मा बसे। मापान इसके उसमें प्रा-मा, दीपा भाष मेरे पट खोगी। उस समय बाबीले मेलनेग मापत्य किती माबीन मारता था। एमा मान पाता है, परम्मत गई। उसने सानासे मा-माम पीने दी-मकर नाके पस बार सोगा। धभरा पसे बने र म माईनानकी बात मान रकमची रही। सम्परमापा गया। दूसरे दिन सबेरे मानावा किसीने रेसन पापा । सबरे ही उठन परक सपनाम करती थी-भारतबाम मा कोही पड़े पर काम मही हुआ पामाठनो पनि उमप मा देसर एमदाम मापस पूर्ण- नाम भी पूछ-तरी हरीभाँगई?" सम्पनेमा-मनहरी बनत। बेस्म भविमान देपार एमा काम भारदीवानगी। उमरन एमान मी सव माता सापना | भोग्न वेपार एमा, मान पापा-पिपा। दोपहर मी बार मी या नही मार । नामदी भी मान पर मक-मासम्म मन निरयोजना हानी उन पर मेरा सम्पार पाए सममिन छोर भारपा किसीमा नहीं देख पड़ी-पर भारपा! "नी मार।"
०१ मायने म्पसहयोगमा-मो, एकर "मही 14 मा बहुल रोमी मापन हसिम कोरपोमाने । "हिकही पर होता है। पाठे "ये फिर रामाभोगी। "मित दिन एम वामागे, उसी दिन । "बीच नसभामेमी?" "ना, "मै कराउँगा। मिम दिन मेसेने भाई। " बममामो 1 " दारे बाने पर माम्।' "बान तो पाया। म मापन कुछरेर निरवर रारमा- सा माई!" "मार रोनम साबमानेपर मरी। "दोन महीपन माबपने पिर कुछ सेविसकर या "दी में पठान बाभी।" मुसे रेल न पाने पर रोगबम' दमकामाभागी "मोर कुछ दिन पार ।' "बगाभी, मैं न रोग।" मापर मन परे, नमाम' पोप गर। फिर स्नेहपूर्ण समके सि पाराले मासेनाना। मप्यमही गा। मुसहन १ -- a ७२ तुमदा मपमै पार-दोन भौर नई गये-सेमे पठे। उनमें एक गानेवारी मी पौ। माधिरोंने पास पड़ामर बदरम्रा नाम लेकर स्मनाराका नद (पही नही) में पबरा ला रिपा। मनुल माप पा कर पायके चोरसे बह यहा पर रापासीकी तप परपर रता हुभा पख्ने गा। मरके किनारे स्पानरपानपर गर गम पाने म्प । बगह-जगह मुरेन्द्रमा रस-भस सहित स्वरान सेर परने सगे । इसी क्रबल मोर पहरे मनेक स्थानोम भूमा-फिरा गया। इसमें अनेक दिन बीत गये । इसके बाद पालकमें आकर मगा। मोर की रम पी कि इस बगर मषिक दिन ठगरा बार सेकिन मुरेन्द्रमा सहमत नहीं हुए। उसने कहा- कलाको हसा भोर रपानाम भपेश पूपित है। यों नहीं माँगा । पम्य उचकी मोर मर करके पर दिया । बराबर समाचार सम्म, ठप पके दर-मित्र, नायक, बो सनके साप ये, भपने मनमें सोचमे गे पिन दिन बबरेमें रहा गया, बससमोसे मिमी ई निग्प तस नमुना सेग्न करके चूप भायम कर चुके, घरीरके सात्म्पकी मी ठपनि हो मां मन पर फोरमस्त्री-पुरोला मरण पावे तो पर परीरकी प्रन्ति पोड़ी और कर बाप । इस वा तरम उनमेसे अधिकांश वेगों मनमें अधिक दूर बानेशी रन मरी रही। एक दिनके पार रोष पादमी मेर भरपर पामा बैठे देशको मेरे मरिक दिन ए--मारका पर भी सम्पूर्ण मारोप हो गया, भामेर पसनेमें हानि क्या है। मुरमलाने पर तिर फरा-नानि ३० मी नहीं है। पिन अभी नहीं गे! । तुम लोगो मार परी पाद मन रुवा रही हो तो उस पले बामो । जापान परके सिप, तुमी मोर पसभामा यि मनका सराप होना प्रपरम्नस ससस सारमग पुन दो गपे, पिनोंने सोमेकी बात पम्पा थी। नुरेन्द्रपाने मी इन पारेमें रिपुछ नही पहा। पारा फिर कार पाने सा रेरित उमा भीतर पामग्र असम नहरी र सा । नुरपाले यि प्राय सभी संग उदास रहनसनय निाने •सामान मिी गामना गबारो मुसमान मी परत अमरापमा भी होता।-अनुपाए। ॥
दूसरा खड
१
नारपपुरके बींचार सुरेखनाप बोपरीके मनमै एक दिन पा समान
आमा कि ठनम स्वासा गिर यया है माम-परिवान न करनेसे कठिन रोग
सपा हो सकता है। मुरेन्द्रबाही मामदनी बहुत सारी । भात्या का
अधिक नहीं है। सागर पचीस जाम्से मकिन होगी। इसी अमरबाम उन
क्य तयो मौर हो गये है-मुनाहों मोर मोकी भी कमी नहीं है।
उनमने दो बार पनाको मात्र मा-मेरी गुम्बी एव भय हो गई
है, मगोत्री वा पप है?
ता समीने मुकाठस स्वीकार किया इस बारे में मीसारेर
नहीं है। गत दिनों से मापात ममा यमे में कितना भी मुरेन
बापू समान , रीसे मेमानेन साहस नहीं घुमा ।
नरेनषापूने करा-पन पता, सारी रा लाने-पीने की पस्त न
रोगी । मुत निस्तावनेसे हो हो बापमा ।
इनमें मौ मिनीने नो मही या । मने पही मन मा किया कि पापु-
परिपानर राम भौष मोर नही है।
पुरनमाने प्रा-म मंगा से रवानप्र समानु
समे उचम।
सामना यमि भनेक रानो नाम लिये।
मुन्द्र पाइने १० देषामा-मैं पाए रिन मरीक ऊपर
नामहीमो मायाप ।
मान एक परमे पा-पार को साम मम ।
पर समापी पूम पर गां। एकान गा पग वर तरसे समापा
पान मा चीन मराने कहर तब रस्साकी पौ अमें ली गई।
एमाप में भी पीनावरसार मुन्द्रिमा नापा मार पुर।
४२
नप पार-रोत भोई गोपनीये पहे। उनमें एक गम्मेवारी मी पी।
माझिपौने पाठ पढ़ाकर बदरमा नाम देकर मनाएपम नद (गी नरी) में
पारा रिसा।
मनुकूस गापु पार पायके चोरसे परपरा पसरा राबासीको तय सपर
रखा हुमा पसने सगा। नदरे किनारे स्पानरपानपर स्टार राम राने सगा।
बगा-सा मुरेममा रसपा सहित उतरत मरने सगे। इसी बात
मोर पसरे भने पानों में प्रमा-फिरा गया। इसमें मनेक दिन बीत गये ।
इतरे पार जय मामे भाकर भगा। मौर का रस पी कि रस पयार
मपिटरिन ठहय गाय रेफिन मुरेमा सहमत नहीं हुए । उनोने पा-
फसाती का भौर स्पानीकी मरोध दूपित है। यहाँ नहीं हारेगा।
पारा उत्तरी मोर मर करके पस दिया । बाया सत्ता प्रेम पण,
सरपके रस
मिलापबो उनरे साथ ये, मफ्ने मनमें मामने सगे
किन नि मरेमें रत गया, बसमसि मिसी पुर स्निग्ध वस नाया
संगनमतप मारम कर के धरो मारमकी भी रमनिरा गा, अग
पर होरसी-पुमोका र देश पायें तो शायर धरपी अम्ति योगी भोर
प बाप । इस सर पर उनसे मरिण गोंक फनमें अधिक दूर
पानी रस नही रही। दो-एक दिन के बार एक माश्मी र घार
पर बैठेल रेको मेरे मति दिन एए-भारभ पर मौ सपूर्ण
मारोप हो गया है, मगरनेमें हानि पाहै।
मुरेलपाने परामरामानि जमीनही नि ममी नही
होगा । इस मगो मार परकी मार ललनारसी रोता म पार पाभो।
मापारम पारेपी मोर पम्पक पिए मानसा होना
पारम्नका लम ममतारगपुर हो गप, पिनोंने गैर सपा
थी। मुद्रणाने मील बारेमें रिदुछ नही पता
पण सिकार पम्नेसनसनि उनके भीतर पाममा उत्रम
नहस र पा । मुरेपो सिम सप मा उमाम राम मनर सिान
•nter मी गमागमा मुनयान दी |
गाय का घर होगा। अनुपादर
८० शुमा भगे। तब बो दो दिन पहत प्रमरपन समार, बल पर मौ उस रष गपप, पोम्पक मधोमसिनही उठानेन मौन सोममे भो। मनममें हर पर अनेत्री मान मनमें उठने पगोस्लोग मा पार परके उनके पास और बाती इस एक पर होनेपर फिर उसे किसी तय पर र नहीं पा सकता । एक कारन एक एक बपके समान बीतता है। न सोमोध भी यही हुमा । फिर तो तीन-चार दिनके मातर ही प्रामा समी सामिार मौर समाप्रे विभगसि रेफर पर बने राम मट मनेगे। मुरेममाने भापति नहीं दी। भोर राजे पन्दननगर नॉपत न मॉषते दो मापातमी दिवस नौर-पार गर। बग्य मापा एल्प रोगका बारणे येगोंमें प्रेमात परभ रामेशप गलेगा और नरेन्द्र पाप मनुमा बिस पर पी, पर नर्तकी गई। पर मन मी तेहर मागे बसे | रेपो मेग्नेन एकर मी रा नहीं मिला। एक दिन बानरे पारकेश, सूर्य मा होने पर ही, पमिमकी भोर पारस पिरने मे। हरेलपमे माँमा कुमारमा -रेलवे से हरिवन, पादत पिरत मा रो। 4 धार भोपी मी मायेगा देवा पान पाता।" "मठो मानेमें मांगी मानायी मररव नही परी।" "मय एक बमहार पॉप।" हग्नि पाँई गौर नहीं ऐप पाबा सा पाहमै गम्य गा। पान नही दोसाइमन बन बना है।" मशीन पग रेतारमामेरे व मार नहीं है बाबूटी! भाषी मानः परतर दूंन! मुण्ट्रवान नौधारामा जान परमेसी बाल नही-स पारामादी घनार र हरिपानने मिन्परे पर एक माप मुमग बमा देगार परा तयार परिवार प्रमा सुरेन्द्र पारेधी पर मात्र पेठे। नौर माम् मरम रस गया। मार गुरगी नमै से मार एक नौतर गुमान देसरा उमा पुगरे। कुखप एक पछौरफ पनेमले उम्हादयी सिरपर पर मा लापि, पमीदो हिस्म करके सो ऐना और रोना प्रनाम सपेर मूडोंपर ताप देत हुए भार मोठे पा पुम पुर। मुरेन्द्र पार उस पार किनारे पर ERO का पाय- उपती पद पर एक मनुम्पा नि-सा बान पाया था। उसीलो पामगर प्पानसे देख र पापाते ठसारपीके पद उन ना ही नही मये । सारसी उमा न पार फिर ग्रेड-। मुगेछापूने मन्त्र रेना। उमावी रतार पारे--मादी, मा मान पारे, माँ नही मानेगा पाय गमगाना शे। उसने मिर हिम्पमपा बो पमा हरेन्द्र परिब रेसने हो। मोदर पारी एक पुम्ती मार मारे पास गयी परम। ननादली पारी तय राप देकर कार पर रेसलर मुरेन्द्रनापन गा-मसादरी, म नीचे बाभो। मात्र पार करत नाही, लार्म गाना होगा उतारवी पानी सोलहर मी मर गय । को पाले पेसी गन्यपे कम मारपेठी दौ, सना नाम पाती भरपा पान परे, न पनी होगी। पर मुऐप है। स्लोला, परामोप मी नेमे हुए ना। रिन्स मुमूनाप T, नी भाभियो परवाही। जामिना भागार पुरा भरिकन प। एप मा प्राय निधीमीभोर -एक गले पाने पिग पनप पर पर और बेटी पी। नरेन्द्र पर उसी मोर रेगर स्य टार 48-7, मार दमा रनमरमही रेस्या "सिरदरबारम दिननस्यपी भामा मपम होना। P "मदा " पारने बरा मुसाकर मा-पोडा कम हो गया। याना मा सप्रेमी बमाची भिसी । पोडी-स्म पीलिए । समसामोपी परि गामो।" पपावतीने माना किया। मुरेन बापू उस पार बसमें उारा रही उस कामाठी पीपल कपर नम रकम भम्बमानत मापसे पाना मुनने मे । मनवे मनसे कुछ देर बार, या स्वीप गान्य जमाव होने पहले हो, परम उठे-बना, पापीम रिती- इती पर उपर होगी-योन! बनाती गाना मेरमा पर विशेष रूपसे रेलर देखी-पान हो पाया। । " मेरो पूरन को।(नोम भरकर) मरे मासे मप दूरमानमा पासोमा मागे।" पूरपान मारे । बसमोर दूरीम निकाल नरेन मा मत देखा उतबारको देखते रो। भि पुरानी पाम करके उठ बोहुए। पगातीने पूण-ता पौर है। "कोई मारमीचान पाया।" "तरसे प्रनार मन्रसार "ये नही पानता । रेलना पाहिए उसे।" भारमी मेरदबिर।। "मैं भाप ही बाउँमा भाग पाते ही एक मशी पोड़ी देरमै पपरम समा हुभा एको (गेंगी): माना। नरेन्द्रना-उन पर ले पो । पर पर पान पोरा तन मुरेन्द्र बाबूने इना, एक ना समेतर पनीमापी पाउन मुनामो सिरे हुए पूस्ती वर मुरपाले देश पारमा माडे पो पर पैर नरेन पा भौर पाम मय, मी गायीपी वरुनही मो, टपर मोदी का पेपर परीण मीनी मा कोरेती रिवर होम पड़ी थी, मेसी दीपाश्रतहोसड़ी रही। मुरम्ट्र मासूम कुछ इपर-पर मोना-पान कोई गया!
धमदा “मैं नहीं जाती। पान पस्यो, नहीं है। “ो तुम पहाँकासि आई। पौष प्रेम नहीं। 'हमारा परसा की मामी है। 'बी नौ। बहुत दूर है। "हब यहाँ से मारे । हम स्प्रेगोपी नाब र गई।" 4 H " म 'तमारे साप मौर सोम कहाँ।" "मुझे माही मासा दमलनी रेरमे पाँवा सो हो। सातास मिमी गापा पता रोमीसगाया! मी निर पुर हो रही। मानी पातमा उक्षर न पाम दुरेन्द्र गपूने पा-माग पर पॉमि जिनी रहो। सप्रेडर रामग। "विमताका मुरन्द्र गधारा विपरपसापा, उमी मार ठेगर्सस दिपावर मीने का-सवर। दुगनूनापने इण् सोसरा-मैं पर ही पाउँन । म परेमक मीभार वन पिसी वा मारति न रोटा मर माप बसी में इनका नाम पर पाना इंग। सिमी पापी मौत होती। मुग उमो मन मा पुरामधन पार पग-पग। ॥ पर। कि भाभ। शि पुण् र पुर गम म ने कहा-पर्य ती नौ एमए n पर।
नदा 1 भर सुरेन्द्रनायी महम माय कि मामी हरानी से पानी मौतर मोनोई, पार नहीं निभाती परपुर ग्रेघे म्बर परे। माझौस पापागा प्रयास बरेसे एक पोती ते मारे। इसके बार उस पास मज-मोती भाने पर मेरे गाम बसेमी न । श्रीने सिरिसरमा-परमी । माँगी पोटी ते मागा। मनमर पर उस मी बार परेमें गैर माये। स्वरेम माकर एरेन भने उत्त नमागा मी मावीक परंप दिसा । ना मोठी बाते पके, पान मौर मामाता रिसाकर उस प्रीत मररे लिए अपने कमरेम है गई। मन कराकर, पन रेकर, पात बैठकर पानीने मासे मापान, म्हस्य नाम क्या। ने कहा-मय नाम मालती है। भोर माप नाम ! " मेरा नाम बनती है। माय पर कहाँt?" "मरेणपुर गाँवमें।" "मामि मिनी है।" "कामगार-मारत उत्तरम। "तुमारी मनुराम भोपान ! मासदाने परावर काकी मी नी। पापा-मा माद महामा। भा पा सीन पर सब लाम हो गया। पामे पुण्मलित भारसे मा-मिन दिन हुए । मातमी-बर दिन हुए । मुन मातीम पाते भण तर बार भी नही। पाखीने इस गाने पानी पिए मोर प्रश्न रिसा-मारे पर पौन कौत। unt नए पुमा पीएन पानामा भी नहीं सी।" सारखीन माहा, मार नेग प्रमग मा पता, भाएर त बातम पारना गाने मरनही समता देय - दम अग माँगा रोमन मानसीने पुण्षमा-हमीर। ।
शुमदा " योग तुमारे पप पे, स्नासा हुमा " मास नहीं। मर पर बाभोगी। "पही सोपती। बपानीमा सी। फिर एमए कर उठी-मेरे सायपोगी। मास्टीन का पचेगी तो पर्वगी। तुम्हारे सामने मेराणा उपकार किलोमोर परम मी मेयई नही पर माम किसके पास रहैया, पा मी नही पानी। मापतामे पप पस्नेत पाउप्रारही मानी पबन्तीपर बीमारजीपी माम्सीन उचर मुनकर पर अंकित रो उठी। सतीको पान पाकि मावाने से पाना हमारे लिए हम काम म होय। मुरेम.वान् मगर- मातीने करा-मस्योषा परमा। "नापपुर ।" “मोरबापो रही पी?" ॥ यो भूमने-गिरने । अदुध माप पुण् गारोपपा था,--1 सदसने निका भोर मोदी-पार पहुई। इसके बाद दानों खो गई। २ मातुरेखनाप भी रखे नहीं भरे, एसीसे दूनो रिन बन बारे परंपार उठ बैठे। पर मार गाणीम ना मरमे छाप पाश्री र माटासापर था। पान रदार मौसियामममि बाग म रिया । इस दिन बदनरर मुगेन्द्रनापने पाताला पुष्प मेगा । उनले मानेर पूछा-नत भीमता हम कुछ मास होता "हर । T "परो।" 'मरेपपुग्में।' 'मरेपपुर गाँti "पावोनी पनी पानि पर उनकी धमा " प्रपत्र नाममा "मैंने पूछा नहीं । मुरेन पाने सरप्रा-तब से देखता समपान न हो। लेप, स्वामीन नाम क्या है। "स्वामी नहीं था।" सनुरासपा -- "वाया नहीं। 'दुरेन्द्रपानने कोरममा पनि क्या है, पानठी होमा! "मा। नाम कानती हो। "बानी-नाम मावी है।" 'मम मासदाफी भयर छ मापधि न हो तो उसे एक पर मेरे कमरेमें दुम मे। मैं माप उससे न पाठे पूएंगा।" कुछ देर बाद एक नौकरने मारा-मरेमें चलिए। रेग वा तनिक मारेर न करके पोरन अपने कमरेमें भार उपरिणत दुए । माचे फाके गपचेप, माध सिर उभये पेठी पी गती मी पास महीपी।ति मरेन पारे प्रवेश करते हैमा मासे पर दी। बाप पा मानती थी, पर उसके सामने सब बाते न होके पर भरिश साया माती पी, रसासे ताममेसे हरमाई कि भाइमें बड़ी रही पीमा नही, सब पासबात सननेधीरज उसके मनमें बी या नहीं, पर नही मापातम्या नरेन्द्र पर एक प्रेमपर मार बैठ। स्वाबड़ी देर तक मामला मरण मोर बस्ते । मानी गुम्न बहुत मुरमाया मा पा भौर उसपर पिसारम जरा पी। पिट पिर मौन मनोर न पड़वा पा। पेष रंग पहा मुम्बर पा। भगोश मुपर्ण भौर मुलाना मनात मीनिधारामा नुरेन्द्रको पान पहा, एक मोमें एकत्र इतना सस उनाने पाल भानही देखा। रिपरा-चिन्नु न बानि । नरेन पडूने पूण-तरे फिलम नाम सा है। पनपन मुनोग्रमाप ।- 1 .
पापाotP
मातीने इ० रनमा-ना।परमही है।
मुरेम बने समय, उसके पिता मल हो गई है। प्रेम-परमे मौर
T
माम मादी तरेर पुन रही। वो बोरे पोरे पोर्मान
पाया, अब नहीं है।
"क्ने दिन मोदी?"
“ही मी टेनिम गंगास्वरमा रोकी यामे नाम स गई।
समारीनामा
पापाम"
"l मापन !"
रहेकिन मैं मग मी पाप
"कमीनही महीपी।"
"म्पासमप एक बार गई थी।"
हरेमा पान ए सोबारा-मारे परमे मो मोर नही,
समुप में भी ये नहीं है-ममे म में प्रसनी-मर
कौमाभोगी!
मध्या
'कतारमाय नरे
बोई नहीं
नहीं हो पिर रोगी हो"
"रिमा पररा"
4 उबार!"
मागी रही।
नगेन्द्र पाने पूज-म मोचन नाना पनीत!
"जानती
मामे भगर गीरोयनानेध काम मिस पार टोपहायोn
"
"
4
प्रमदा
मुरेन्द्र बापू कुछ देर धुप रो। फिर धीरे धीरे पंडि-माती, परसो
भयग्र भोरगी याम मिठे होगी क्या?
मातीने मिगिरमा-नही।
बान पहा, पैसे मुरेन्द्र माबू इस उत्तरसे कुए मार हुए । मौर पर
सोर-रिपारपर उन्होंने कहा- महसमें दो पानेकी माय मखी हो
उसका दुगना-पोगना भौर बगह मिलने पर मी नही सोयी स्मा।
माध्वीने पहले ही रा नामहरा बाहिराते हुए मिदिममा-
कसा सिया में मौरभी नहीं पड़ेगा।
मुरेमनापने एक डम्पी साँसी । न मर मा रार मापती समक्ष
गोल उतम उत्तर रेलनापके मनके माफिर नहीं हुआ। समस्त इससे
देहाय अनुभव हुमा है।
नरेन्द्र पाने पूरी मीर बारवे एए पा-योग कसर नहीं पानते
उनके लिए कमरचा पर मुरी बया है। हायकोबी पीरो, सेमिन
कामे गत वारपानीसे एना । मोर एक गत है। मेरा नाम नुरेननाप
पोप है। नाम्पगपुरमें मेरा पर है। भगर भी बात भा पोखे मुझे
सबर देना पा मेरे पर पी भाना। हो सय विमापधि-विपत्ति माग
अण् उपसार परई।
मामती प्रिपे मुस्की टीसी।
म एक स्मारक पर सोन वरप मौटये। वह तुम इसी बरेमें
रो। बस में गलाच पगा तब टखर बाना ।
दुग्न प्र उठार पस गये। मालती यही बैठरती गी। मुरेन्द्र बानी
माम उम बना पापी पी सम्नि उतके रोने भोर मी ते पारप में।
मोन पपूने यात्री घर, बहरेमें स्थान रिसा, मोर मी भषिक
उपार किया और मविप्पमै परनेग्रे मा चित्र पर पात रोग
बनान नौगरे सिप पनवेगारी स्नेहमयी माम, बीमार मार्ग,
भाष परिधर पाप भाईसा एस एनरोध गरी पभार
भाना पेर पापने सिर । प्रपिता मानवे एक माना भरमा
पनपमानापारी,मोर सारे सिधा पापन भी मिलता है।
बन ममामे पण मी ठग्ने मोडमेरेमाची स्पस्तौ पुस्ती।।पर
प्रसे मावस दो गना है कि उस घर म उमड़ा पाता है। भगवा जन पर है। यहाँ परस्प सेट पानसे इसे बचनेकी चिन्ता न करनी परेगी। वापर भाण मी क्लिनदी नहीं की बातरधीखना पन मिस सपना है। इसमे माता पाने के लिए उकन इतनी द प्रतिमा पर मीही। माँ उमा भानप, गरीसे धनमाली हागौ, प्रसे बीन कर रहा था, मा मुलते पीतेगा। दिर मी माल्टी रोजी मोरेम नरी बानत-उसकी पान ही बने। दूसरे दिन हदपुर गौर नीयेसे बना पाने लगा। माम्ची पपरेकी निरपी शिसमिम सोलर पर पान निहारने गी । पामें कोई मामी समय न था। मिस माणसे माती उपर शादी थी, या पूरी नहीं हुई। गाँव गोकर पाय र निगरा । मापी बिरामद करक मसार रोने लगी। बाती पाम भार पेठ गई। मास्वाके मौसू पोछार स्नेक पपी-पेमेसे मत्र क्या होगा पान। उन मंगोक दिन पूरे हो गये ग, वीसे गंगामेपाने सन्दमानी गोवम - सिमा। पगमतीने समानार इनेसे परिपार बीमार मर गये हैं, उनके सिप माती रही है। मालती मान पोर उठी। साची भरपामें मारतीसे ही, उससे स्नोकपी है, उस प्रेम पानी सा मानती है। ग्यमार पर भुनर कि माती में खरगापयो, उमा स्नो भौर मी पड़ गया। मनी बैठनेपर पासी भोर तार व्यत्री पाएपर उम पदहानेकी परा करने स्थी। ३ दिन्नुभोग स्थित है कि माशीपाम पाम गनेर सिर मास से पाप है। सीमे सदानन्दकी दुआ पाणी गारर मिनी बोटी, वहीं स्नग संगम हुमा | मदानन्द मुभानी परिध र गगानिारे बम्पर, उनम् निगराता शिक्षामें रहने गुजरया र पदपुर और भाग। एम परमें बात रस गप प्रवरा बारेमदा पारसमे भन्ने हायस गायों मेर पारं। एक बार सोपा, उन्ध ममप रान मारे पर बाहर पो सपर से भारे किन्तु इतनी पो रेसने मानेगा प्रमा सुविधा नहीं ले सस्ती, पापम विगैमा मिशन पर से सामान पते सम्म बापान बारे पुरे परिवार, प्रमोसमीक ससाना में तकरारकी पर बस सेवारता था।रोपी माम माम मो पने पर मी पर इन गोभे भूनही सापा। बीरमें एक पारसी विमान उसने पनि समाचार पान लिपे पे, लेकिन उठके पार सिकिसी भोरसे परमबहार महाँ मा। समान भी इससे मामय एक महीने मर उनीमार नही पा सा। भपने गाम मेभावर पा रही सप पम्पों मार परने म्। बाल गत पये व बागवे कर-पोति नारी नहीं भाई-पाके बाकी मोर एक पिसे बच्चे पर पाबने भगा कि परके समर कममा सिम्ता किनासानाने उसकी इस पातपर पापा : मिद्य स्निा मी हिना। उसन यापना मेष किनी मौर का बात सिने पी, अपने सामानापरतो छपर मस नरी सिसाबो कुछ हो, एसके पिते पार स्प्रे बाने पामे सदानन्दमे पाप पग पर मामा बादको उपर कमतरता है, पितु परमपित रिनोतमि नहीं टाउसके शुलपाने भाषिक सम्मापनापान पाता पठाहीबारा। चूतरे दिन श्रीमान् मानम पापी महाशन A, सिपा, निम्नाय- बीच प्रचार स्पारि पाना सामान आपमें लिये एमम एपन प्ररे परमें भार उपरिपत हुए। मौतर मन ही मामले ममदा रेह पड़ी। पर ऑग्न पुरार रही थी। सार, मापेमय मौरस बरा आगे लपत्र पमहाने बारेसे पुण- दुमका मापे मानर पापा समी तरान!" सरानमन पित मानस पग सिम मा- भौर कोना पुमाग भी खेसरमाय में ही स्थान पाई। एमा म र मम मही पाई । मोमे-सा गरे। "भापती मधुप्रीम ही होगा। ।
शुमा ९१ एमाइसकी लबर न थी। पमपना इस शोषसे उमड़ पड़ा। एमा रोने भोपाल रेर मार मोम-मैपा, सना मी नहीं है। सदानन्दमे निरिम रोलमा- नागो गई। एमशने रोले- भा - मोर माँ बाप बनाने संगर एम-प्रसे माने मार दे रिपे-मात्मात्या रस्मे । भाव पार दिन हुए, गया किनारे उसी पानी पी मिली है। रामदासमर रो उठी। सरानन्दने मी मफ्नी मलिक माप पोछे चिन्तु मर एकर या से हो। तर पर एमराबरकत नही होमी, हबसा या स्पर होरठा । एमके पत होनेपर सदानन्दने पानही गई। " का नहीं। " 'यस्पनदाराहीमामी" राममाने भाँग्लो मार पौषममा-पानी ठी। कभी कमी पर करमापाते। या मायम्स यापरतेkin यामीमही पानवी। मापरभ क्या हास" "मा पहले पा, रैमा हो।" “भौर साग!" "म है।" सानन्द बानो सिर उठने मा एमदाने पूण-मारे पाँ सामे कौन बनान्य मदानम्दन पा- भार पना एमदाने बय खेरपरा-पहीनता सेना। सदानन्दन पा सानेमें फोरलेन उसकी रूरत है। रोग्रेमामेरा मुझे भम्पान होग-पन होगा नगे, स्नि नही, मात्र तुम पही म्पना।" सदने एपसारा हरिन भार नरी मार से दुमात्र समाना है। छपने केपारेण मने रिमामा।
. 4 D a हरम मेमोने इस बारेमें विचार प्रनेत्रा भषिकार महामोर पा मन मी नहीं पान पस्ता !और, मैंने उससे परामें उमसे मार मही परगा। “पापी गरे। "ना । का भी नहीं गई। मनासे प्यार करने के लिए पाने । "पर तमने स्वीपर नहीं मिला। सानप पहरा देशार भौर उसके मनके मासो भनुमानसे बानम्, बरा (सार पारदापरमने कपा-मम्मीवार मी नहीं किया। मैने पापा बागी पनीरों को पता है। "तुम्हारे पिया राबी नहीं हुए।" ना। "मो?" "पाने रस मी पी, लेकिन मानो। पानी मेरे मासे कुछ फैन कमाना पारवे ।हान पाना मादे सकते।" मदनरने पाबात सुनकर मो से नही नी। रोषमारे पिता मदना पानेभाया करते हैं। "परतो मकानही सस्ता। "धनमाया पूरी होनेर भौर मी मापति तो नहीं होती। मोना तम्मर है।" 'मु पुरती भापति नहीं है? "कुछ नहीं।" बोलिर रेला बापगा।" कार मदानदरिद्वारा रश हुमा र पम। मारामानने पूज-मोबाने हो। बरा र बैठोगे नहीं ! " मा। "मशनर इनमें मराकार नहीं है।" "मासर नहीं है-मगगन् पने-में महामना । " नारारा गये। "मी 1 शुमदा सरानन्द पर सोकर कुछ देर इस प्रेठरीमे उस कोठरी मापातापा । इस पारपा मिरसे निष्पा पहा । गप-किनारे पो यह बाती पी, उस र पम्ने सा। गायीकी मेये-जय ठहरे पर भारणी लीदिगोस सवार B-RD-3 परखी हुई भाती है भोर मीट वाली है। सरानन्द कुछ देर साउन मरोंम पर मम देसवा रसाए पर एक बाग बरा प गरा हुआ मयत गंगाली मती पर देखा मा ा था। सदानन्द अपमनरू मावसे कुछ देर म उसमोर ताम्वापा। इसके बाद पारी सम्से निपी सादी पर बैठन पानीमें पैर इमाम मामयी मोर वाकतामा मनी मोर इस गाने गा। ४ उसी दिन राधिक समय बाँदनीसे पि हुए प्रशान्त गंगारे बस पर मारे मगाम वेस्ता-उतरता हुआ मुरम् पद्म पर पाप, भोरे धीरे आप पत्पनेसी पर - दो गैर पसा हुआ, उत्तरसे बधिया भोर भारतापा। जो अपर मुरेम पर मोर बापती, दोनों बैठे ग पर रोपे। नीमे पमरेम सिपी मे मामी गंगारे पसारपसमें उठनेपाली प्री प्रेय मारोगनती मोर माम पोज्नी बाती थी। माली समाह गई कि मा रद्रपुर मा रहा है। भौर इछ दूर माने पर उमे मंगा-निारेका वा पुराना पापल्या पर दस पहा । हमारे पास पाता पार पनुमा सिमि बममग्न गा पापर भी रेसा । भोर उसके पंछे हदपुर गाँव मा मा निमप पामा या । मन्त्री ताप या पर, प्रत्येक नर-नागने निहित मुना मन मेसि देने एगी। मौरपा पार-पापा ना नापम परिचित पी का रोना बेसारसी पगह नहाती थी, परे शेती थी, जब पैर मौर है फोन माती पीस पामे पानी भरसर बस से मप पिना पनि भोर रनारंपाम नही बना । मानी मा माली?-पाभव करना मही तो मी उस पासा भून्य नही पा समना, सपन मुमत भूम्य नहीं सम्पासासे गारठी पी मर प्रेस-एम जी भी। भोर मानम् पारसे भी परिसीमा भूम नही होगा को पासो मापने म शुभदा - होपर रेला या मातीने सेवा-सना, नि, कमाएमा, मिरिया, ऐपती, रमाको नहीं, नहीं, सदानर ही मफ्ना पासपोरा गए पए उसी स्मृतिके मासे मषिक माग मा हुआ बैठा है-पोंमें उसके गान गंबरी। माप्तीपान पड़ा, वैसे सदानन्द पागल प्रत मधुर सर कम होर भरपर-सा कातिमार उसने पानोरे मीटर पहुँच पाए। मातीचे विस्मय हुमा । पासपोर मुनने मी-सेक सदानन्दहालीवर गीत गागापरा मौर कुछ मागेम मावा। मास्तीने देखा, पाटके नीचे समें पराये एक मारमी बैठा। लेकिन गीत रोपापा भादमी कोन है, या ठीक पापान न पाने पर मी मामला सामावूम पन्न किपा रानपके मिया मोर नहीं है। पागम-सनमारमीक गिया एनीम और कौन मावा गीत इनाने भागा। हारने-विमारनेपर फिर उसमें ईसयो नही पा मादी फिर रोने मयारिखनी दी मदानन्दी का पारमाने समा, खनीही साना बाद माने मीएमा, एकना, मार दुमा भौर मागे हपन मुखी, समी सदानन्दकी यारो मालयन एपिर माने सगे। मनोबल रात पये रोते-रोते मातीको मीरमाया। नीर तुली, सरेरा हुमा, प्रमादर निप, दिन पहले सपा लेकिन मालतीसे रहा नहीं गया। बरी रेहमें बताया। गरम हो मारे थी। मिरमराया। भोर मी भनेक उपर उठ सरेपुर । राजने मार रस्पर हाप स्वार रेप भौर काम को रेलम्र है। माली रीरामाने भामरेपर परामर देखा। पाधी सुस्मै देतार बय मीठी माई। पर बिखर उपाय दाना पाहिए मर पुरा हवागनेमेनर हो माया। माननीने रवीवानमे 1- गई थी, इसलिए नहीं कर पुर। सुरेन्द्र ग बार हुई बेपतुर रेगने मार। स्पनुप पार पा। उनके पास होमियपरित सोश पनपा। मोरपा निर गोने मौर बताने पर पारिसा रोग सारनासे ररा। पती मानी पान मारमानिमियादी।मामी
मा
नहीं देस पाती थी। बरा पहरहा। बा लारे, गाभी या ठोक
नमझ नी पाही थी। कमरेमें बारवीर सिपा मोर कोई नहीं है, पर
रेसम मामतीने मा-दीदी, हम कितनी पूर आ गये हैं।
मनस्वीकोमा दीदी करने की थी।
'आठ-दस कोमके स्माभग मासे होंगे।
मामतीने यह नहरी पानना चाहा था। उसने कहा-साता अप कितनी
दूर रा गया है।
"अभी दो दिनकी गा।"
मामती पुप राकर कुछ सामने संगी। फिर बोसम-बारी, भगर दो
दिनमें मेरी सविस्त ठीक नहीं हुई।
माती उसकी बात समझ गई। नियों ऐसे ममय मनमें र्पा नारी
रमाइसीसे बनकर उसने 51 - हो हम तुमने कसमें फाइंग ।
मारती मी बरासी । पिस पायरी भोर मासठीकी रसी में योगाई
पा । मानवी रोष्ठी-पही अपवादरीदी।
पसास्ती ७ अप्रविम हुा । उनने पर मोरार पास नहीं देखा था कि
उतभी इस बात दूसरी तराम मी कुछ अप हा सम्यो । बासी-मि.
ऐसी बात मी कोरपन पर सातारे!
माप्ती रि होगा - कुछ उत्तर नहीं दिया । पर पुरचार स्प्रेसर
देबी पी बिपारखीही पा सरसो फेला रोमा भयो।
नरी, भपस न होगा। पर मरना नहीं पाती । उमस ई भी वह पूर्ण
वापर करेगा कि यपि या मरनेम भपिक बटा पा रही है, तयापि मर
नहीं नरेगी। मरनेमे पर रवीनरी, तथापि उसे मरने रम नही है।
बोपग परापार सम , उना पुष इसना मरिक नही है।-
उनी भागास रोमन रस परे।
बापास्तीने प्यारमे उनकी भाप पछदी। रेम्य-दिमाग परती।
पान र पुरवई यसलेम र इण् परम से भार है, इसके लिए पिन्टा
पानी ईबस्त नहीं।
सो उम्मच पुरखरम्, सारपान होकर उसने पा-मार
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९८ हुआ, उगारी पलित ठीक न हो सकी, सो मी एक उपाय है। पात ही कसत्ता-पहा गरीयोंकी मा कमी है। चिपित्तकोसी भी कुछ नहीं पी और पसत मी पुस नहीं हुई। पर मित दिन समतेम आम पांचा, स दिन माप्तीको दुखार भिकुल नरी पा, मलिन घरीर पहा दुक पा, भमी उसने कुए पानेको नहीं पाया था। कलाचा मरकर, कुछ पूरपर पूसरे किनारे पर बबरेषा मार गम गया । कमरेकी लिपी सम्म पी; माम्नी मिर निषभर पाहाय, मास, पीनी ना भोर माम्मे से दो मोर गेममनोभी पोटियाँ देलन समी। माम्ती डर मान्म हो गया। यहीमा सचा। तो इस मीमार और इक्ने गुम्पपामें कौन किसी बात सुन पायेगा। पने मस्त धारमै फोन उसकी भार देखनेत्री सन पायेगा। किन्तु या न होगा-ठस नहीं बाना ही होम्य । चिसके लिए उन्ने इतने साम्रा काम र गम है, जिनम मैंर रेम्सम-निन्धकारमानेके लिए उच्ने नरम्म इसनेमप्रकरार मिया-सोक मौर पर स्पीकिशी मी बाहो मनमें पान नही दिना, अमके उम मुग्नमे यह तनी सी भूम नहीं सकेगी । भाव न हो कस ही, मा मामय पाना ही होगा तब रमसा होगा। उसने कमार जानेता पमा रारा रान्ति मुरेना बापूने पर प्रचार र दिसा फिसगतीन-चार दिन भौर पही पा रहेग्य। मास्ती शरीर पर सिम को पावरा, प रतीकहाँरा हो या बायगी। पण मी तुमी समप सोस पावगा। सर सुनार मानीन मन ही मन उनका मारा पन्पराद दिये। मनमें पहली मना रही पी; पोरिपाद मिलना बसी उमा मह, बाप माफर बारे पसे पाने के लिए मनसाय पत्र नहीं सिाबा समा। इमर परीगानी बार लिप भरने मनर ताव मग काही पी-मा वेसे पनि सम सेवन मममायुमार पत्तनमही गम एक तरहम मनको मनानेभ उस मोगा मिल गपा। पूगर निरफ समय बासीन पसाचा मन बाना निमामिला। नगरी fru गाड़ी भोर पानम (प्रय रोगी) राफे नौरन पावर । तीन पर मर लिए रेमू पडूम पारा, गुणामामी, मुमदा ॥ । पिन परमी तर पम्नेको पमी नहीं हुए। माम्नीने गाना वास मा, मगर बापूने मना कर मेगा-पान मेगा कि उनकी तबियत ठनी, मिर दुलार मा समसार होर पानी बोले होदामी भोत नौसाको गप पर भूमने पसी गई। मामठी मरके मौतर स्टी । मौ । मुरेम पाम् परमामा मार मौवर मिड हुए.। माशी एकुलत होकर उठठी । मुरेम बापू पुण् पूरपर बैठ ग। बहुत देर इसी पर बैठे थे। पर कामेम पर भाये 4 पिन नम्र साहरा नहीं होप पा । सा दर बाद बरालय, रा सोच पर ऐल-मस्या निधन बहार सर मामोगी। सिर हिसार मातीने कहा-हाँ। "तुमने क्मा मस्ती तर सोच- रिराम देस मिग है।" दस सिरा, पाभोगी।" "वो कुछ नहीं बनती।" मुरेन प म परे । बाले-मिर या मोरकर देना। भाव नही, कामाचे बार एक पार लाने मीवरी रंगदग ऐप भाओ, उतरे अप भगर निधिको प्रडकर भनिम्भित ही अपण था तो पसी पाना । में मना नहीगा। माप्रती पुण्नही प्रेस्ट। मुद्र पर पुण् र पुर र पिर पदसमे भाषिक रान मारस ग्रेग मने पूरा घरमें रिना नही पा हो, अना मैंने सोम-पिसारकर रेमा । म प्रामी या हो-कोर मीराचि पा पाय गम नही पर सी। मन भाश्मीधी सीपम मिी मछे पल्में प्रपए मर पाभोगो को रमही न स पणमे मनापासर, मिना मिठी सारे लिवरलने पो पर तुम भामर म्पोज मगो, या मरा बमसमें नही माना। परेर ठार पाडून रिका-मोरगामी गौर पर हमारी भरकम मापा रामा नाप रतम, मम्रो गुमदा सैमातार मा दम र समेगा ! मुप्त रहे कि तुमको पम पगपर विपचिता मामना करना पोमा। माम्दी पुस्वाप रो पी पी। उसने इन तमी वापर विचार करके देमा मा, पिन उसके लिए इसके सिग मोर भई उपाय न पा कि यही स्तर बार । बाम पर ही परे । दुरेन्द्र पाडूने उमा सिमा कि माम्ती रोगी। माने मानी पड्स मी रेसा पा इस समय उमें भौर ही कुछ न पाने मान। उन्होंने पा-तो फिर हमने बानाही तर पर गिरा। मातीने माल पोकर मिरियर परा-बी हों। नाराममपुरके बादार मुरेम पो बहुत पय मूल पा माद, समावे पित गासपमें यह मोदू नहीं पायो बोग उन मोर् पते भ, उनसे मी जान पड़ता है, पर दोगुना अधिक बुद्धिमान प; किन्तु अनेक समप बाय प्रातिमाहे मनुप्पी तप मम पाट पे, इसीलिए उन तान नहीं पर पाना बाता था। माम्तीरे मन श्रीकर पर तार गर । रासे । म्स बार मालती का पानी मपसा गुम्परे, तब माना माती, उपयोगी परवीन! मा र भौमू फिर उस परे। धान परतापनका इतना पावन दुनिया में भौर सीमे नहीं है। "बड़ी बरती-योन" मातीने रोना पुण्मुररक ट्री-मी मामीम र सीपसम्त है। मुरेन पारस, मामाने कुछ बानीमही रहता पगाएप रसम नकोसीमा, सम्म मात्र पर पाकिदुर मगरे दोरम पर या भूम गपे किन सब (पपपमाठियों) मी रोनेपा पपा परत से सम्प, पेटमा साना लिए नहीं रोगी । सिर और पसी रसार ठमोने पर-atर तुम रोती क्यों हो। म स्ती हो बरान साचे पा रहामा तमको पनका पिन नी परनी होगी। मासेमें रोगसीना बिपरी पड़ी देख पायौ । मामानाबान पर, भस्मात् पासतरा सममिर पारा भगीरर नौपे पिर पर माला गया और परमेम मीर अतिम शुभदा होगी । मानी ऐमा ही कुछ परमे वा रही थी पितु सहसा उम न पड़ा, हममें पापा पड़ी। मूठिा होर और एक भारमाी गेदमें गिर पड़ी। किन्छ उठ गोदमे मे आग बिजी है। पापही कठिन मोर सफ्टीtti उहमें पेम नितमर मी मम नरे--तनिक मी कोमटा नहीं है। सब पायर , सब भमिमप है।मुसि मरवा मी माथ्वी शिर उठी।। उसे होश भाषा, तब उसे पान पहा कि पाकिधी प्रेदमें नहीं है। भोप सोप्तार देना, भपनी प्रयास ही पड़ी है। पिम्न सुरेन बाडू उसके पास उमा रती भार तारो हुए ठे। सासे उता मर म्मम हो गया। दोनो पाम र दाम उसने पर हमें। बुधर पारमुग्न बापून परा माती 4 मास में बरा साठ इंग; किन तमको नही र इंग्न । एमने मेरे साथ बाना होगा। सौन परपर मामी मुनने सगी । मुग्न सगा-जिनके लिए प्रम कममचे पाना गाती हो सो तुममे हो न मरेग । बान पड़ता है, मने पाठे पर सि कमी नही मी-मा मा नहीं कर सप्रेगी । तुम मिलने पनी परत होगी, मिने मुग भोर सपन्दताभ ममिव्यय रोगी, पर मैं मोगा । मापचीसी मोमो साप भाँचोम भी निरस भाये । रेन्द्र गपून पर समप्ता । बड़े प्यार भौर पम्नस मातीने भनी योरमें भीगरोटे- मामी, मर साप पथ्य । में ता पनी न होनेपर भी रविनी-मारा पर्च महमें उठा मरेगा। भोर ही बनभो मय, म मगर तुम यहाँ मेर पाऊतो मा दम दी रहोगी! या मी पात मनम मपने पर और सगा। मुग्म पाने उग भौर मी पो पाम वीर मरा स्नाकलाप भार पाए दिये--आमासे, जि. fo-मामे कादित न होठोटो मारने- पो, तो पयग् न ! मात्रा मारे शरीर पर पड़े गये, गरी दे दी पर भब पर पारसी समना नहीं है, या मास्टी मा मोर कोई ना, न समरगे। परम प्रनाय पिर-संगिनी, माम्म-प्रापिनी। प. मी र मात्रिी, पर एमपन्नी-मार मा पारियो नाम न सा काल! र पपा, पर पमारय विमें ही समदा पनि क्या है। मुम्ब, शान्ति, स्वर्गको गोरमे मान-अपमान क्या है? ना मर्मात् ईमान मास्टी निस्पन, अमेवन वर्ग-महिमा वर मुरेमनायी गरमें पड़ी रही। गोद बा मरियमय, का, फ्पर भौर भारोती सेब नहीं है-मा पर चय, जिप, प्रेमस, ममत- मपुर है। सपनाने पान पर, इतने दिन ठसे घाफ्सा गा मा पा, भव रिसर्गमे मा गई। इतने दिन बाद उसने अपना पुराना गा पन मेय पापा । मामतीके सिको दुर होठ फिर के गये । सुरेन्द्रनाथ स्न रोठोको पासमार धूमते १ भोर पापी पहली सीडी उतरकर, मफ्नो भूभर माना स्वर्गसुन मोम रही है। उस समय में भतार पा रहे थे, सुठी सिरीया सविसे र पापम विष देत गरे । म समर तीसरे पाली सूपकी रिमांक पस मुरेननायकी नगर सपनामा मनमपस पहलसे हमारगुना मन मोरनेवास पान पाउनाने चार भामेगस, वर तृणासे उस मुमो फिर चूमम पहा-माती, मो पछेगी न ! चवेंगी। 1 मुरेमनाप उन्मत्त रो उठ-दो पस्मे, ममी बनें। लेकिन दी। "मौन दीदी।" बमारी भी सुरेननाप से पोर पड़े। बासिहर उठे। ऐसे मेरी श्री। उसे मरे तो बन दिन हुए। परमाती.. मुरेन्द्रनापमं सून्य सी समरमहा परामरी मी नहीं है। उनमे मैंने कमी मारनरी शिला। “ोरियामा कुछ नही, कुछ नहीं । म मेरी सरह पर कई मही है-म ही पो-सब कुछ।" भासी माम्तीने दोनों हाप मुरमकी गइनमें राम दिये-उनमे सीमें मुर ग्रिलिपा लिटि मुकाष्ठ दोन बाप-मैं तुम्हारी बिपी रासा-मुझे मना नही। H
नगन आयेग माप मा-नहीं, कमी नी ।
"तो न मुझे मे पथे।
।
।
आधी।
D
" भभी, मी पड़ी।
इसी समय पार सेतो येग तरह-यत्री माता पिता उठे-को-
परो-
-र बाभा-मना-ममग, पई गई-इप गईमारनाय इत्यादि ।
मुरेन्द्रनाप और कमरेले पर भार; साप ही जाप माती मी नियस पड़ी।
मुरेन्द्रनापने ऐसा-इम पार, उस पार, पारो भोर मामा-मार कुम्ी मगर
सब बमा हेम रित र भौर दूरपर सामग गगाको बार बारामें एक
परी रोगी सीमरम सकपकर पारे-वारे बारही है।
फ्टमर मुरेन्द्रनापने पनाको समम मिा। पिता उटे-- उगमें
मरी बया है। आप ही साप बाप पोरे पार में किन्तु पास पड़ी
मारजीन उनको पा लिया । मुरेन्द्रनाथ पागली वह अपय परम पिता
उठ-पा नहीं-पमो न~मरी मा इपी बा रही है।
कामा परीसी रोगी टस पर रममर तसे पीर परेर गई।
मुरेमनाय मी मौसी-मद्रमा, नोर भारिक सपा मूपि हो गप ।
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"होय भानेपर माल पर मे पहले मुरेन्द्रनाम भाउम
भा मे उटे-बा।
पाम बेमे मामनी ननी मारही पी भोर भरने भात मी पोलीपाती
। मुनापा रिम राबपारो पुषग, टग का भौर भी भपिर
मुमान पोख्ने प्यो । मेकिन मुरेन्द्रने उपर ऐम्पा नहीं। पथम पार
उगी भोर देगा पा, तो पार मनि मेरे पो रद ।
बार देर सा एसी पर पाना पार एक मी सम पोरर पदा-
पपीगर नहीं मिमी
एमराल पुराना नौरमा पा । उसने शरम मेमा-न
१.१ सुमदा मारर नहीं मिली। वो पान पाता है, भामा नोकि नहीं है।" नौमरने सारविचारता-पन वो यही पाता है। एक लिनी रे" दस बरे होंगे। एस १ हो मी हार नहीं मिली। बी नहीं। मुरेन्द्रने मौर भपिशवाय होम मापेपर बाप रे मारा। फिर क-तुम सर प्रेग पाभो-सारे पहरमें, सारे गंगारे निायेंपर नाम सभा " गाभो। नौरने मनम तोमरा, हुम मुग नही है । मुनमे का -पो माग। रिमसि रठ मार मपनी ग्ग पर रह। कमरेम -पारेपर-माष्ठीके सि भोर मोई नहीं है। फिनु मुरेननाप उससे नहीबासे मुस्वार पेठाश भम् पान है। इसी तरह समय बीतने सपा पमरेकी पायम को पी पी बी परभानी पादसे म्यागक पार बपरह, उसके बाद एक, दो, चीन, पार इसी वर भपने मत्र माती पती गति रिसीमे ठपर प्यान रिया हो, ऐसा नहीं बान पड़ा। मुरेनाप पर उपर परम परम रोपे। माती पान बेठी उनी सम्ममा देखने सगी भोर माँग पाउने बगी। उम भी कर हुभा , हग्या हुई भौर उममे भपित मान पर प्रभा हुई है। यह मान भूत, मविण भौर नमान पर विचार पर सीधी। एमाम गगा-नरपर पामर मसान नहीं पता, पूमर भाबे पार पा गया। पारो मेर पोलिस मगोधपमेनी भारर मिप रही है। समोर पत्तनभिने भौर भाने-बानेश एम्द राने लगी। नगेन्ना एउठार पेठ गप, मामी भार वरत प, पिर पुण रे पार मोष -गममा पगर बागनेम का म्नम नहीं 1 म बामनोभा। मासी गठरही थी। मुम्दम उग पुरा पेटी, समी मही तुममे पुण्माना है। मालगीरो पग माग बड़ा पी; फिर बोरकर पहले ही मीरगहपर गई।
मुमदा १०३ मुग्ननापन एक बार माल रगी, एक पर मे क्या करेंगे, पर सोन मिया, उमरू बाद गामार रघरमें बार-माती, प्रिमो पारसे पर भा ! मम्मी के सिरपर बेमे भाग फर पहा । पर बाल पास ही पाहुन बार भरनेमे पूण् पुत्री पी । उचर भी एक तरी मने पा पिया पा । शिनु पर भनेमें उमम्र मुंह नहीं सुष्य, इसीम यह सिर साय निस्सर ठी रही। मुरेन मापूने मी बोकाने विचार किया था, पर न पसरा मम्छा पराफिर होगा - ममय तुम बाभो । मानी पामि भार माने मरमें रही। फिन्तु या उमेद आई। नहीं। बाकी गा पारगा पा पा पर पानी रही। भनेक पार उठार बैठी, भने बार लमे । अनेक देवी-देस्टाभों के नाम सिपे, भनेक पलं पाद की। इगर पाद सरेरे पाने मद्रासी सोरम तरह तरह सपन देपन समा। उमने देना, परामी समय माप भागामे की उमम पूर रही है। मी देखा, सदानन्द मनी मोमें गा । मी देम्बा, उमपी मा एमा रो रही रामगनपान पड़ा, म मा भार उमरे मिगलाने पोलिसी अनार में पपने सिर पर बार उम उनेमिस कर रहा है। मासनीसरी पी मानेकी नारे मिन ए रिमो धराशनी गरे। मामाकी भाग पाक पुष गई । भोप प्यररमा, जी पोई नही है। माता परीणि पुरी सिसीम भारर उन मुसा पर रही है। मारणी फगर पार भाई। उमरिन दिनमा मदनाप उम नहीं एप पो। पण् परसेहरी पर पजग जहार पर। दूगरे दिन भी पानी आप । सीमर रिन थामस पाल भार अपने मोमें गये, भोर मी रमे र बन्द पर सिग। यह दिन मी ऐम हीदीमापौर नियोंने मानीस सुम्य मेगा। मानी मीतर भार निर पारी रही। मुग्ट्रप पर पागर र सिप रदप। बान परासी परिय गरे । मातीने भाड़ी नरम नरम रेगा, उना पग पुरानी जग दुभा पा, मग मनाही थी, पप बगह कमी वीसरीरमी। मामी भारी मारगर उटी। उस बात पहा रेम पाही गरिन भगमा रिस LAT मरिरागमे पपा मारे।
अमदा मुरम मान्ने भाषा सिता पुमा यह कागल एप भोर रकम तिर उठाएर म्सकी मोर देखकर कहा-तारा घरीर मा ममी वर मुरप हो गया या। मातीने से ही सिर साये यईन रियार पानो गया है। नरेनने मा- मैं मार पपरा सोस गा। उस पार साता-मारा बीपी वादाती हो। मुनकर मस्तीकी ऑकम माम मा गरे । पर उसने ऋण कहानी। मुरेन्द्र बाबूने पसन पागल हाप पर कहा-यहाँ मर एक मित्र है। उनम कामगार या पत्र पर उनले पामो। पाहा कुछ उपाय कर दंगे। एपसे पण भासू मारतीय ऑबसे नीचे गमचे पर गिर पा । पान पता, मरेन पाइने भी उसे देख पाना । पय ठाकर बोले- तुमारे पास रपया-पैठा पापद कुछ भी नही है। दरेमूनापो किरपा-पह में पानता । पामो- पाका एक मनोग किये के नोपमे निसामार मारती पेरवि पस पंपर मुरेदने का-इसमें दो दुक उमसे, मिठी या ई उपाय न होने पर भी एक साम क माप काम मसमें पछ बारमा । समके पार सरके भागीदसेबी हो सो करो। भौर एक मामला द प पर स्पा पड़ा। नरेन्द्र ने कहा उन दिन उम्मत पा, पनीमे पूण पाक विमो पापम ऐना हुमा । किनुमा मुम होश मारा है। अपरेसना मरे पापम परम। तुम निरहोपफ्नी पपाही मैंने ही मार गम्पो। माप पर पसीनेक पुरबमा हो रहे, उदापसे पोछार नरेन्द्रमे पा- पर दुभा - मा पाप न परेमा । Tण दिन ७ मागर रहा -पापर इनमें सुप । माम्नीमड़ी रही, नुरेन पा पर पर समाप्त करोग । पत्र समास दोन परमिरनामा सितारा पाने मानवी भाग जरिवा। बार-बार ये। पामप्रपा'मैं पा ममा ऐना । बान परम पार होग। पान दुर रापरा मा तीन पा उठा मिरा ।
शुमदा मुग्मने कहा--पये ले । मातीने रपयोरा बटुमा मी उठा सिगा । परकामेडी मोर एक पग हो। मुरेन पाम बी पाने कैमा कर उठा । बोले- पर्मी यापर राना। मामती भोर एक पग दी। मी सुरेन्द्रनापन गमापा-माती, म दिनकी पान भूछ गाना- माटवीन दरगारीकी मुठियों पपार सीपी, रपय भाषा पुस गया। मुरेन्द्रनापापप्ठ भोर मी कॉप उठा-मनमबमें परमें पानेपर मुसको माम्ती पर निमारे साप ही साथ उन मौन मी भानुमोने मर गई। पुग-माती। माम्ती पहीली हाई। पिर पाय-मादी! भी मौतर भार पर वादोंफे सारे पड़ी हो गई। मानदार मुगनापने का पारा होड ममी का न भूमा- मानवी र प्रेसर कहीं बेटा, उमधी रेहमार रही थी। मुगद्रनाप पापकी तरह गे पो-माता, स्पा सेप मा पर तुम भगर मुम बाभोगी तो मैं नही बगा। पोपहार भी नीचे पराये गये। माती पाम भाषर बेठी । भनी गोदमें उनरा सिर उठार रस मिरा भोर उन भौन पेसी पोजी-में नही पार्टी। दर दोनों बने बारा रेसा रोते रो। मानीने पिर उनकी मौत पोरी। नॉननापरी भान मगही मी दर परे-पो उन्होंने हरेपुर सम्म पा-ठन रिन तुम्न क्या पापा, पाद है। स्पापरापा! "गिा-दामोपदावा। यही ममरते। + + गुने पेपरम पुजारा-तरिमग्न ! " " । M + १.८ " परस हरिपान मामीने पा-पोपुर! पारा ममी होम रो। "ममी!" "हो, ममी । ६ सारा दिखाई देव या, दबक सदानन्द गानादरके उतीती और देग्मय । उत्पाद परम भार स्पे पदा। भाप दसरा मन बराम होगा माननीय मी अपी लग नहरी भाई । प्राय गुमदारे पास मार उसने करा- मगर गीला सिपाबेश्या ऐमा हो समा। धमराने सगे हुए मुन्नी मा क्यो नहीं हो गया। सदानन्दन रा में पड़ी खेप रहा। मरे कोई रोग नानेपश्य नदी रोनो बाली रोमला मिपापा। शुभयान मार-विपारर फा-अम वो है। नामदन -दुभा ममुरासमें उनकी मीन है, पर मैने । पर राप दिनमै बागार मुझे हब रेसनानना होगा। "सो तो निमम ही बलना मनना होगा नहीं ब भौर कौन देगा!" 'मीमे सावता लिभपनी पानना मोठार पहरी बग-नीती धान और पुगमे मना है।" अमदा भीतरी पानी समक्ष मी-इन दिन ब किसीम पुपये नदी। न पक, किन भर तो पुण्य का साते है। गुभार होगी। TRAN-दिन भर दी मानी पानी ठार, दाडा मरम, भादा सोम, नारिपना वर, या पाग,नाएक-सा भार मुमपि परमरपान पाग। पापार एमधने - मदामन, प्रेममा पहेंग! सदानन्दा रंगार उपर रिपा-भांड मरी होगगी नही1 में यहाँ माताal m-मय पारमाणु भी सही गती। " " शुमदा १०९ पाराम मोहतक इस मारमी इस व्याधी मापने सगे । किसान पा-रानी चीन साननपर बाहर रिपा है। किसीमा-सदानन अब पूरा पागम हो गया है। किमीने या भागार पैम्प दी किनार साप समानामा रो रहा है। यानन्द यह मुनार मन ही मन (ग। मिन उसके मामा पा कान उठार, उम उम्न सिार एस रामप्रमारा गाना सुना रिना किमीम रितगी करके भा-में मांगा येोपीमा पमीन सुमारे नाम किन गाऊँगा ।रिमीस कुछ गम्मौर हारा पागल मादमी पागलान कर तो इस लिए तुम पिता न स्पे। मप गोशा दर एन स्था। किम्नु भो मेगा बरा प, ये मन ही मन बसन सग । ममारभ गांगुतीन पर मुनकर सदानन्दमा स्मार विप स्पस उपए या| विघन रूपम उपदेश पारमयाननने पुनित माप मा -निपा गोहो गया । भाको भारी समुरासस पेट भाकर पानी कोठार मापन परम पाणी गोगुम्पने बहुत ही मोर पसा-नुनो भी मदानन्द, तुम्हारे पिता मी मुसमानत और मरा भरपरत प। "मन मोरिनी प्रसार मापम पभरपी नही की।" aafar ऐमी पातमाही!" समान अप्रतिम र दिग्गरमा-भमा पीविएस, मरी परि राा ठिगान नी रहती। गापाप भोर मी पिप मे~म ना होने पाए रो-पान हो! सदाननन मुकरार परा-भार ग पाड़मीरा करत सो जापद सारपानेमे पर भी बा सापा। गगुलीना-म मरे सामनेस मत चाम्य ! "भागार मदानन्द पार भारर पर न मिग भोर रि प्रय रूग्ग राममनापा एक मन पररदया। पाममेकर पता मिरपर लिये सपोरा तापा। उमन मगमन्दसी भीगाम दमौकी पमा भौर मुग्ने बना देतारमा-मो लमी पुगी पारी। दारा
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समानाने स्स्सपा-पाको मशण पाव पोवा काम
फेर मगर हा मापा।
उसने कहा-
का मानना पसन्म माप सा है-या पूर, मोर एक पर सन्न
महान किये पुप गाने गा मा मनके मानबसे पर दिया ।
पीपा महामोर पा गया।
माफिर एकतापदिने सर्ग भोर नरक मनमें से
है। स-तम सहारम भरिस पत कम है। पह पर एक एस्प न
होनेपर भी एसके आशिल ल ऐनमें मनीष, गायनका
पासि मुक्ती दो मम्मि सीमा, मदा सन मुको बेला उपभोग नहीं
र पानी पनपन्द्र दोनों पर ममें मोक्न प्रवे , मापते
तरी मासे ऐसार माने ते का नाम न पा पाठे, उन्हें
मारने घर नहीं है। माया प्रमाणे मातर मि चा
ये भावेबात है, रिसी शाम एक पैन मी भर उनपर बर्ष
नी है। नये मोपलेने उनम पाठेम र सम्मानरे साप मोर
रिवा। भोर मा पादिर और बोस पी के लिए मनपा
भन्ने मनमें सोमते सिदाद मौरपरा पाठो पाप तब उसे भी पूर्ण
करगे । वामदी मान मात्र हो ओ मोर प रयमयी
बासापनीमापार रेंगे। सच पण सासन सजनमे उसके
मामने रग-रे मारमाथी भय। मुमी सावी है।
समाती भरे मारे मम्म भोर स्त्री परिकोरेगावात मही, वेप
पमा स्नी-भोर या भमान मदीना मारना है। उसके
पर गामने ही परमा मानगो मे माम सराना मस।
इस दिनो नए मोसे मौसमी गाता गुनगुनाये हुए समुरगा
गोमें पूमोमिने रहते है।
मकिन गुमरा मीसा ऐसा ही माना है। मगमन पानते ,
म्ममा मुर मने एक न मी मी पापा ममे म उसे मार मही।
शुमदा । उमी सामाचे मप्र-मंजन निमा देनमें उस बिना मानन्द, सिनी तृति मिनी, इससी रेटीर भरावा मार ही नही पाती। मानन्दसे उनी भीलोनाम भान् मर भाते हैं। किन्तु इसमोन देगा। देखने गम्प एफ म्पपिपा, मममनेशन एप भारमी पा; ठेमिन पर पहले ही पष्म गमा। सम पीया होगको प्रमहा इसी मुवमें पारित कहानी समानकरदे मम्मी रिनु उपासना दिन दिन बीती पाही। उममम का उपाय होगा। वो मर गया या तो बी गया । किन्तु मापरके मनमें सा है, यह शुमा फिमी मा एमा नहीं पाती | भागास उसी सिरिस्मानी समियत मोर पर नुयोग भी है, मरसा या मी दावा है मगर उमप कुछ फम होगा नही देस पाग । एमा मा मात्र पार माया पोरनी है, सपनारो पार करमाकुल होकर आप हमार मार मी और समना बौं गई। वहाँ उसीक प्रम बानेत्री कामना पनी है। फिर मरीपेनी, मेन बनाती है, साचे नियती-पिम्यती सीता दिन बीत पर पाते हैं। एकदिन दामलो मोक्न प्रने रेठकर मानन्ने प्रमार मुनी मोर बारा-एसना सानी होगा। एमगने मन्त्रि मुगम पा "भर पाये बिना भोर काम नही मागा-ऐपने समय मीन रागन" गुभाना-मा दुर्गा ही पाने । मानरमाल-माएगा तो पार न र बायेंगी। एमपुर रो। हारानर नेपा-मारन बार सदरे परराररमो साप मी हो भारतमाता! एमाभपणी वदम्मान पाई। देवीनारदास माप! सपनरदनमा-गे। 'निसा पर मर" 'मभरो।" I +सा बने।
११२ सुमदा या का समामे सम्पूर्व हसाए मावस ही कही। पास सदानन्द इम बासको समझकर हिसकर बग इस दिया। फिर हा-पर बात मैने एक दिन घरापरपस पी पी । गातो गयो। एमाले मुगार मामाफे रिह प्रष्ट हुए, फिन्तु बेस ही तुरन्त माश्य दो गर्म । अमदाने का-सेकिन उसके पिता, पासा राबी होंगे। मदानन्दने मा-मोन गयी होंगे। परोन रागीरोग वा प्रमदा समझती थी। सापेकी एमे पर भी, उमफ अपनी इच्छा मोन होगी, या भी यह गानवी पी चि मोसार पर नहीं सकी । एक पर उसकी इस हुइ कि पूछे फोन ठपके पिता पसी करन पारगा!पनि पा मी उसने नहीका । स पुरवार कार रिसे उमा मनकी भोर यावी रह गई। पागम सदानन्दमे का मौन मारा भी स्मनी । बोल्न उमकबार पनी रने के लिए मोमांच हो पेश करनी होगी। कारण, मामे करना । गुमान परत परत, माण-निया और, अफु स्वरमा-पारामा रोगमा: "निभरहोगे।' ॥श्रम बाना।" पागल सरानन्द फिर बरा ईमार पाम्म-मैं बानता है। आप चिन्ता न परिय; मैं निभय पनीरसँगा । भोर खमी एमोदनका रिन तर सगी वरना होगा मा नि तर गरी पिसाबा मला, पर तरानन पिकास पानता पा भोर रागबम होंगे, पर मी पानता था। पिन गुममा मही समापोका मौतर म मेरे सिर गई। निरा पेय पमै सबर ममारपानीम उममें एक स्म भी। र भी मिधान्य । भवतिम मारम बार भार बग्ग-चरा पठारावानर, पपरम्परा ना घटेम बार दूलीपदा में हाप तर गुमदान या मोर से
हिपान र भोर भी ऐसार यो यो भास पाटी र गियनेहे पर
माल पोनर एयरेम राख्ने म्पी।
प्रमरा रो मारमा लेकिन ये माँ को पीरनिगरकर
मही ये महिमाम मत होने को मानन्द का है, समर मौसम ।
इनमें ससनाके पास एक भूर, स्मीती पेदनाम पर पानी मी
मोग्न समास को मानम् मालश्री भोर पस्म । गाँस लेना ,
मिलान मम परत है, उस परत राव है। सदानन्द लेती मेपर १०
देर पूमता रहा। लिए पीपछी पा ठार -पौर मार मीरा नाम
सिमा, दापार सिम्म मात्र पाइने पार पासि उठकर मोहन पाक
बेठमलाने में मार उपम्पित हुमा।
रहरमोहन उस समय सर उठा पान पपरोसामने विसन मरी
रक्षा पी-रा ममी का रूप गरम नही हुभा पा-सिफ पोहा बार
मुमो निकल रहा था।
महानन्द देसर राउटे-मोजे, बहुत दिनों तुम नही
दगा-कास
साद पम्प पर पार्शमें बहुत दिन रहा।
परमोनिने मा-पाना पाहमा मा काठी सगामिनी
दुई -पा भी मुनामापाठी।
दानन्द राम नतिम मारस पर पान ही मैठ गया। नन्द मिठी मलने
मेरे लिए पुण् भूमिरा नहीं बोला, मिरा भामर उसे मस नहीं
स्मता । येस्ते दीपपेठा-भार प्रत निसारमा प्रसार मा मारा।
परमानने नारा-रिसके पिगमा
समानद-भाले पुषमा
मारी पर गम्भीर बोम्पे। मामलेग म्पहार पारसी
शिरोरामात मानसी नारमें उनो पुरे मार
नापी एकमा मनग्र या एक पत महाधम गात पोभमा
ललिम उमेरा दिमाग माना मना टान परे ।
उनी गमें मार ऐन बटिल रेनगने सप परनमें बात करनेमें पूरे
शुमा तीरसे दुरि न मारा के तो किसी मह एक म्यायोक्ति निर्णय नही पपासा । सनदी या बारमाही न पो सर्पद बायोगाते पाही-मन-सभापट पर मटिके मिला मौर रे कमसिन भादमी मारमा प्रक्षाप भपने मुसमे निमस कसा।इस समय एक नमको मुलसे ऐसे गम्भीर विपक्षी मारमा सुनकर हरमौरन इछ पिपल हो उठे। पुरन पहलेसे होगा मन परे ये कि दानसा मसिक भौर मधिक विश्नो गमा है। ल हमर उसके पागमन ऐठा प्रकल ममान पारबाहीको पनप पोर पूरी दौरसे गम्मर बनकर बोले किलम पार । पाराम। st, पर यमनल मानस मौकरती ओर उँगीन रणरा परो-चान परवापर धारा पायो। पुरी माति-पाति रेखाम इस कपना मवम्ब सरानन्दने स्मात मिया। परासिम प्रेम-पारपास मेरा काम नहीं मापहीले पास माना। परने पहले ही गये पूछा-मेरे पान । “जीहो।" “ो।" A मी मापसे काम कि मा पुनम सम्बर करने मापा । पाराला क्या मारिएगा!" "म, मेकिन इसमे वो सामनामा प्रयोगन !" पमा बिना प्रपोजन थापा" माय प्रपोमा मुद्यसे ।" "बहा" "सेनि नगारे थपब सब बातें नही रोसनी। मदानमरने ममसा कि निपारेल माके मारमियोंक भाग मुपर निक मी नामचिन रोपवीत मी पा सती । मुम्पका ही सही तरह बनाये बिना मेमने, पप-मेयी कान तनिक मी एमसी मान्यता है, इनमेलसम्मकार मनुप पारमा दो महीपरन्। समानर हा पररे दिलना हो सराहामा गम्भीर नारोप- शमदा ना हो सकती है। में बाबासम या मी मेरे पिता स्वर्गको गया भा। कम में ही उनकी म बायरा और मामको देना मुना-मा पर सरिक पारीत हम धोंगे होकरी पाती है। में बाधा कि माह मावरम मानेपर माने-देने का तप करनी होती है। मैं माया वा इस मामली चिक्ना मार समझंग उखना ही में स्मशा। परमोहन यही परम पार माल हुआ निमा बैंक पाकी-सी बात नहरीमती गई। मोरा लीपकर प्रेसे - माश्य । सेनेने पर फेम हा करना ही चाहिए। सामन साये नही सका। इसीमे फिर क्या फिर बास्य- यो पाने ही माफमे निवेदन पपुवा पीव मरे नामपरनेसे पिप मति न होगी। सेनेनेही पात तर करने के लिए भापम मग्रमें उपरिपत भा है। हरमोहन पुण् नरम पो । बाम-सिलीगीकहाँ। "वी गरम है, सपनपत्र मुझोपाप्मापी दूसरीया है। "वायन " बरसा देगा। " भार कोपागे हो। स्म पुण् मोपनर बारपा-सपी रेगने-सुनने में भी है।" "भाग्ने उमको रेग्य । पग्नि प्रार मारको पानी मी समसमें माफी मन-मननमें पुरी नहीं है। मारे पुग्ने उखा ऐसा है- रिश नमो भनि पुर मी नहीं है। भरपरपरा मे। पेठेरो यादीहै। भोर मार पहा परमें मोमसी पाणी भीष प्रपोजन नहीं है। देसन मुनने में निरापत दुरी न भर परम पामगार पर सम्ममा दीन पाहिए। पामार PP नियन र मार पर पेमा निशान उसी हालात भाभगनी। " T
गुमा
ना, हामत अली नहीं समा रहर माप को माता करेंगे,
यही पारगे।
परपरा मुस्लिम पर गमे। मन ही मन सोचा माहिरा खोल
न करना ही मम होता। फिर दुनिया मामले में तीस्य हरि मनेग्रते
पर इस्मोनिन अपनी इस मूमने पर मुषारखे हुए कहा-ममर पानवे से
भैगा, सरपीके पाहमें इस वर्ष तो रोगी।
"भवस्य ।
तब हरमोहन भन्यासले माफिल होठोंी सौर सीको विरार परवरके
भारमी नारपोरे-एक स मर रमठ-मसाले कमर में पाराम
विगाहसी रानी कर सकता।
सरानन्दन सिकर मा-पदी रिया पापणा ।
समानकी बात मुनार पर वे मरने ही सपर लीग उठे। सोने
मन ही मन अपने एक बा ना गमा ।। देद हबार रपये
यो मी को।पा भण्मोन उनके परमें एमीय गानेगा।
सेरा बा रस निष्त गई सारि सौर्ण महीप सक्ती। बोरो,
मा मिडी किनी मुपारी चा खनी मुपार सने उससे ऐसे
मोगाने मी भाप देने होंगे।
एक रेमे होंगे।
" दान-सामनी मी ती ऐनी पाहिए होगी ही।'
।
"भि में मी रामा।"
"डोक दिन पर पपिए ।"
गरने वग पूष परमा-मा विग्रह-समय मापस मम्ने माफ्नमें
होगा,भोर नागनने में कुछ मेर नही समाय मी प निगमोम
पामनपरक पसना गा"
गरानन्द पुणनिहोरा-निगम भोर साद
"निगम पहो कि मामी बार होनेपर मे उनी एक चिरापली हो
पानी पाnि
सुमा "मी माता है। सिम्पनी र मथिए । "म्न मिया-पढ़ी सिर साप हामी?" "मेरे ही सापकर यदिए।" म " समाननन ममर मारकर-एक महीन पार। पररावी हो गया। सब सदानन्दम का-मरा एक मनुराध है। क्या मेवा! 1 "बारेन-देने मातीन मारमी न मुन पर। "पो" " रमोन पाया मामी है। मानन्दो मनमा मार मार पर- उम्बार रान बरना पारतो। सदामादपुरोगा। मन मुख रेबार, पर नि:साप दसा देशम उमपीमाना मी सयमात्म पाने सो। फिन्तु म पसेका सुरकिपर पूरे मामयीचा पे होने इस मारो मषिक देर तक मनम नपिन दिया। एनी सो मार पते-मेगा, एम गरेक मगिमारी भन्में उसना मोठ या मनमें उना मुम्पदिय मी नाही गा। नही बे रानी में रिस्म ही पाना पैर, गुमर दारीमानोन गरमी रोने ना मानो में मी पुरवार उम रु नामो थिए म पिन्धन परो। मत प्रपुरा मुरमे नगमारपरके पहामि पम दिया। ७ एमान गुना, रागन पान मुना, स्नान मी मुना प्रसारमा माप गामा हो।परम्पार मरानन्दन पगा। नुनम राधीन राप पारिनल सदानन्द ममें एमसरा पुत्र सामानन्दा मानन मी पर गई दी। उन पुण् उत्तर नरम मीर Pग, प्रतिगरना दिया।
- ११८ मने मौके मारे मस्तक पर मपनी एमाबाबाद रेलने मारने नहीबासका याम समय पाकर उसने या पत-बानेत्री मपनी इस एमासेमी। मदाने सामति प्रकट की। सब पोरापोरी बापर कुछ नोमिए मीमान् सदानन्दने विदेयके लिए यात्रा की। शुमान परिवार मा राय परिकार हो गया है, माएर मुमदारे परमल प्रम परवाना बा नहीं मुहमा । साप दौम्यारी और बगारी पर रहने के एि एमाले विशेष रुपमे र गपा । पाँबार सदानन्दने मृत दुआती सारी मान- बापदाद मपली पदेसमन सी। इसके बाद एक मादमीने पास और मर्यात् उसरे हायर पना रनके मातर ही पावरपुर होर माता मोहन बप म्याइ टेने देनेकी, मिला-पदीकी, महमे दाये, तब बाल मut, म्याप दिन कलिया। इसके पार समर निमसार एक दिन पारदरापरबसे मुसाबरने ग्लाइस्मे दिनका एपन्त में शारदापरबसे रोग करने समय या मसाय नहीं मिल पाया पासमार बस रिनोके पारसनाने माफमें इस बापत मना पाही, इससे हापमें हाप गत पुए दोनों गंगा किनारे एक मार मार ठे। बैठार पदापराने सामानम्ब, सपनाही या बार। छठ पार क्यों नही। "पार माती में भारमको बाद पार करता था, बसपा इसीलो रिना तोयाबरता पा, तुम्हार भाग म्विनी भाग, जिनी प्राना, न पने मिती भौर कौन-कौन पावें समानता था, स्टनेस कितना ऐनापा भोर मर जातेप, मामेम्प-विएप परत मौर मनात प---- देहाप्रपा कमी दम मारभावी रानन्द "पार सो महाभानीपातो ममी कालान पाता मा-माठ माम्म भषिकन हुए होगे-हकिन उन बातोर म्पग-बिर को मैंने कमी नही रिया, " मुझ तो बान पर था, मे दम पिपमा पे। मेरे पर परियोहा लो पर ति दिन उनन मेरी माय भूममें मिम्मी- स्टा हम दोनों ही समाचारमान से लाए विरामपे, उम दिन मिनी रात से हमारे पास बैठाम में ऐया पा, मामले बाद मई। " 11 सदानन्द भयानक होता। लेकिन पर सनसो पोड़ी दूर पर गर्मासे पिएमर रामने प्रासारा मरी है। सदानपने पापा से सनी ही नहीं। गंगामे एक नार पास उगाने सेवा परवाची-सीतो पर ताना हारबारलने फिर क- मना इसी बगर मर गई। मी स्वावन्दने र मामा-पिस भार! से ना?" "यहाँ पानी पानी ईमो पी।" तार उसका गला मौराखेपमे, पर सीप दारमा। परदाररम पयादेस्म -पोवीसा ममी कहाँ पर्यो। “ोपरगा देस मारे।" नयरोनो बम र सोए । सानन्दमे पस कर मरता, और पोत माद सिमपारपान मारर रेठ गता। "नर, मुझे पापना रहा है। "क्यो!" भीमबार पनि होस मार In "यो।" "बरावे या माथु बाई पोरमी, न्नि मुले गार पलिमेमारवा दो बदमास मी मम्ती भी। हामन्द ने कहा कि पदोसारमा म साग। "यरपन | मे भार में माती मान भया . । मारमा
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दानन्द सा । पोप-पतिसे पो निधारिया।
धारदावरमने यह सोचा । बोम - हॉ, पाति हो पाती ।
"वो भितम और क्या कर सकते थे!"
शारदाचरणी मालोमि माँसू आ गये। केय-अब मा कर सकता
मेकिन सवना पन्जारा न होता।
मानन्दने पूछरी मोर देखते हुए पा~पोरे पोरे व दूर हो वायम्म ।
धारदाचरममे कहा-मारा, भपर मैं उसय माखिरी का मान मेता-
म्तो भन्दिम मनुरोपको रकम छ!
"क्या मनुरोध किया था !"
"उसनेमामा एक गरीपीवातिया मनासे मार थे।"
सदानाने रातो मुमती मोर बसर मा को क्या मनासे मार
न करोगे।
"ग, हेकिन बहमा उसके मनुरोपती रमा मना हुमा ।
“यो नहुमा ।
"एक रहसे हुमा मसर, डेटिन भासदानाद, पपू समने मे
रामकर किया।
लानन्द मुसनमाापा मैंने कहा कि यह म्पार करने उपाय
क
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विना दी।
'भोर या!"
में पा पाने बानप नहीं ?
मान गिब-वो सिर पूण्टे मोरो।
पून रपये देने हाये।
"माउनमम हमको बम नहीं 10
परानन्द, पर पापम बनी।"
मैंमार नाय अपन सरानमे पर।
"मप हानेस में दम पे पप्पे फेर म ।
गुमदा मण, करना, र सहानन्द उठसही माया यहाँ मनाती मोठी पड़ी मिल पावर टम रवाना मिरठाने म्मा । धारदाररमन विभिमत घरमा-पापा प्रत हो। मप्या मेस मिट्टी क्या उठा रो। मानर तर म उठाय-भारन राहूँ। मनुप पारदरापन के सपना अप उमा भमरा पिर मेर नही रेप मामी स्थान पर रख दो, गावे मी नीदार मरानन्दन मामलोग, माब। "ना ना, मन परो, मिर्छ र क्या पराग । ब्यानर-में मारा शिक्षा माता में गंगापय नही , इसमे मिता धारदारनामा समिनिभाना मा । मरामरने मिनिसार उसयप मापा, रिभ गंगो मोहरा और प्रेर पारदरारको पान मा मा गुमा । " मम्मे पारा, पर पहें। नमन महानरमा दिया "म्पिासा से तुमन भोरमदेम ही लिया।" '4, पिन्क सिर को मिस नहाँ स्पै ११ 'ना, भर गिनी ॥ "यो। 4 पर जिमी दिन पगा" पर रोने रने गार भार पुनर भन्न मन पगी मेर पण पे। माम मानन्दन म मा सि पानी कोश दाग नरगि। गा मेन मग्नोमा और भार्ग मरीम पुगन भर, मेरिना मानन्दम नही। हमा-आर सी दिन मालपर। पमा दानपछि मारिन उनमा मददेनारे पर परमार उभापर होई।
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पूसरे दिन तदेय होनेपर बह फिर उठा । मैदानमे सेव पर मा। मेपन
करन मावा सिर माना गाने म्। निमम बो रोब ना पापा सन
करमेगा । विन्तु यह नहीं समझ गया किया प्रतिदिन दस्ता पापा
है पैसा बा, माब क मा नहीं है। मछा मातारी सोमनी
लिपि-कसनारे प्पारन दिन-मा गई। माग तमोके पहरे पर मानी
मी समोरे मनमें उत्साह पारदम सेनेका भान नहीं है।
हाम्न मुवीपी पीस-पुपरी पर नहीं है। इमामोरे भोर बार बारी
।परम पो आवा है, उसाचे ऐर बनाती 8 ऐसे मुसके रिन मी
सपना भए उनका मन बालाप र साम्न मनमें रची म. मी मस
नहीचान पता है, उनमसे भरिमठि उनके पप सम्मका
भनुमय पर है-नाम ममात्र उमसारह एमा मात्र
भी पन्त, बहुव पीर है।
क्रममा पाई। बहुत बारेचे । बहुत प्रेम कमा ए। इसके बाद
UR मम पम पम पदापरले साथ सिनामयीप्रम्पारो गया।
भाग गाँव मरमें कपल हरमोहनकी मची भूम मनी है। उनक रा.
मागे मी मपने मनम पासापर नाकारण मन अपच उदार
है । मुन्नो उम उन गुणगान कर है वो पर मोहन बहुत ही
पुलिस माम्म प्रदे-पाए क्या करें, एकोप- उसकी
याम्पर परमेासपी में महाँ सोपसार भिमागमें हमारा ही पर
उनकी पार्गिका कौन है। भि भपने परासी पप देखना मी यो
रोप।
धारराबरन वा पत पुनहर माम मौह सिमेहता या।
म्पारके बरे मम -पोपसका प्रम निपरे । मा मायम करा दम
सना मण मान्न रापार दिन पापा माराम से उपमोम
मीलापमा कुल ममा मावसे निकम्मेडी वय ठे गनेमें भी
दिल न बाती है । नामयीम्र मारणे, सिप जिम एमोहन
भी रस्म पून रेकर, सारे भरपप को गपे मसामोरे पुकारा पानी
सविडोमेमे पार मनमानदसे तकिया वीमें रणलापर-उपर पर
परम सदानन्दने री-चार दिन पिना किसी प्रप्ट पिय रिपे। इसके
पद नसे पान पाइने रिमेना मे इस गरम है, सपिये पैसे कोदो
मये, प्रेठरीदे मातर मापार से इस अधिक स रा है। रामद
उठकर पहा भाकर साहुमा । उस समय सामा रुप्मा से गई थी। दिनभर
भामसे भूरे गिती रही थी, मोर दिपाना भी कम न हुआ था।
काल पातबास मेटे और हमाके सोसि बारपाची पर-उपर हर
भास्प बात पकिन्तु पनी परमाना मदन पर पदमा नहीं करेंगे।
ममे म सदानन्दने अपने मनमें यही समझ दिया। इस पर सिरपर 1
स्मार बार निक्स पक्ष । पल पेरकर उपर पाम पूम-फिरकर, कमरे
मिग्वेकर, फेमिकाया भरे हुए रामरता पर मीवर भार का हुआ।
मान पवार, एमा रोपि पी। दानम्ब स्वभोर नहीं गया। बुआची
प्रवद मोहलेका सफर ममाने गई पी। उनम भी क्या उसने नहरी गाया ।
पर भोर पर-उपर रेकर चितप्रेटेमें मापारन सोता था, यहाँ मार
उपरिपट मा
बस रिनामे माप एमने नहीं देगा। भाग उसम कुछ पास
करेंगे। ससाना बरसे गो तमासे पोरे पोरे पर एमादार रो गया है।
ममुम्सी मोर नमसरीमा ममी बातों में प्रेर-समाधम पर मपनी राप
माहिरका ऐना-देनी बीर सामने नहीं माँग । बिभी पाक मि
मरना नही ।भार यह कुछ प्रेमना नहीं। पुम्बार पाईनिकलीवर
हरिपाठीरे मारे पुरनार बेठा राउत म माये
पारेन भाष, पर उपर प्यान ही नहीं देव । भार मी पर इसी वह बेटा
पा। सरानम् भार उमा पारसा हुआ। उक्ती मोर मन मापरने
ऐगा। न्य-पदादरा, भर म मरे पास मान गयो मही!
गुप्त मिना पाम पा मा ।।
"हारोग्या
1
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सप्रेमीयोगाभारा
समा
खाना मार उसे हे बारगी, रिन ख्दा साने कुछ और ही कामे पास
कही है। उसके शरीर मा पनि-सी मी शक्ति नही, माया यहाँ प्रवनी
दूर को पासमा । सोच-रहर पल या बीतने पर उसने निभय किया
कि उसकी दादरी कमी नहीं प्रेगी--पा-समय निभप ही भावंगी।
माधवन्द्र सब पनपत मनमे सो पगा।
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भोर मी पुरन पीत गरे । जना साराससे पापा पर गे मार।
मारसेन मोत्ते भौर एक बार नये सिरेसे बाकी भौरामारो देस गये।
बिरनी ही सरिता मोर का हुन । हरमोहन भाप यहाँ भार तो
मपुर समोनोस निराम प्रणे, समभिनय नमत्पर रन करक पर मौर
गप । हाम्नमाने मरने या पूरी हुई पार सपेरकर बामुनपार एक
सूचनमें एक पार बैठन सत्ये मुग्ध कर लिया । इसी वारकी भनेर पटनाएँ
परित हुई।
मार मापानी पीड़ा बहुत दया । पिनेपर पड़ा अपय mt
भोर उभगम्यान, सिपाने, पैक पास दुमा परममि, हप्पा मायपिन
रामा बगेय म एमरा माँ नहीं है।पा रोपरम मे कुछ
बाना बना मौर पुण्यती है।लाद राय मुमने गया भोर
दान ममी माप पर मगमा दोन एपे हुए, पार निराम
गया। भोर ममी का सौर नहीं पाये। न सोम आमने सामन ठे।
सपा मगीन मापस घरमापारी १ भौर पसरपी गारेटी
मन ही मन रुमपत्र प्रदान सपा रही है।
प्रम सम्पाई। उनो पौडी रेर मार दीर मा पहुँम। पर
भारसा दिनमे निप भात , निस्य रोमेल पत हैं। पांडा पिसी
बार मनी रोगी, की भोर बर गोरे-बाबरपनन । रोगी बएगा
नी, पर मौदा नमत गर । मानेकी प्रमी मही पन्ति राम
पंपानेस भानप्रेमगार पुर।
मोर मान समारोगायोरेले, सब दग्नो बार बार
माफर सामरको दुस्पकर परेते, मतः उससे ोले-देखो मानन्द
बा, माय लूप तापमान बना। पान पाता है, साधभार रावो नहीं
मरानन्द भी यह मानता था।
बन एन बीते सायनयन्द्र मोर माये । पोरकी तर प्रेठरी के बाहर लो
गर यहाँ सम्मर था, मीनरम शाहबान मिला। इसके बाद दरगामा बग
सोसार निर मीतर मार से मासा है।
किमीने बानी दिवा | केसर एमरा बाहर निरस भाई। तानेकी
पासी सामने रखकर पात बैठ गई।
हागनपन ने पूछा-मापूध सविस्त मासी है।
"बाम पता भी नहीं है।
"मपणी नहीं है। बरा पमबर हायनपनने पा-" मग घरीर मी
कमही है।
क्या तोरकर मोंने यह पती, स्या बेरार होने मपने भमुस्प
रानेकी मार सतेज दिया, या हम नही पसरते, मौर में सब या
सह मिना पा, पामो हम नहीं मानते। लेकिन उनकी यह बात एमवाके
नोंमें महीनपाने मी मन ही मन गुल इय माना । स्त्री भागे
मनी कि मनुरफ्ताधापकर उना एक स्नेहमय उपर म पाना,
वीरा मागुमना न मर परना उन्हें ऐना भागमाविक बान पहा बिहान
मने मानो पपेर मम्मानित समता पा न बरसे मापे पे, रीमियर
यापारन मम्मान भकुर रोपार पड़ी ही मसिपा भीतर तपशाबा
प्रशायर पर भयानन्द्रने पीहर मारे बाप सामनेमे टेसदी
भोरा-मोक्पा मर पाई।
रानन्द्रमहामे उठार पर पता पर भपी पाठरीमें
परेय भोर भरने दिगनेरर मदेमे फेर पनार पर सा गप । एन पाता है,
गोने मनमें परमर पर रिपारिगामी पपा मग्प है।
पर एराप पार मापा पान माये। पर मर गया
मारिनने पूज-रान है।
" टन सरितारा
सम्म
कृष्णा मागविन इममर पुप पी। इसके पद पोरेसे प्रा-मारमारे
माया-ममय मठे ही मो, मसोधी परम तो गनी चाहिए मेप
मागेमा मांगे।
यह सुनकर मक्नेि होठ विधये।
कम रात मधिक होनेगी। या माराचिन मनेक मरमेवामे पाव
बैठकर रात बिना उनकी, भनेक मौत देखी दी। में पान पाकिमापरी
तास बामी पा है। देर बाद मप्रथर का उठा-सिम बहादसे
रहा है-सिर फ्याया।
रुप्पा हुमा उसके सिपर राप करने पसी । परा मार कर मामाने
-पेट पाव
ऐंठ पा! बीबहुत मत्सम पाहै।
ने परस्पर एक पूसरे मुंहको भोर रेप। वैसे हर एफने हर एक मुलपर
उसके मनी बात परमेश्री श्री।
मिर पातपाय पा । समी मौन मसिन मुखसे मात के लिए भपेध
किये पेठे थे।
पुरेर बाद मनाची हुई पपनसे पो प्रतरमापसे मारने पानी
प्पास।
इमाने पूपले बरसे रसके मुरगम गास रास्म । मामा मारे मानक पर
सपी सपा भोर पड़ी रखपुरयाप निम्म्म पड़ा रहा।
मा रोगीको सैन्न प पहले । समीने उस सस किया। रुपा पुमा
नाही देना बानती थी। बटुन देता सप फको नासी देखती ग्री। फिर
सानारने पास गुमार रा-मब इस नापे मौनम हम्पना चाहिए ।
सदानन्दपुर गा।
एमपिने पाकात मुन सी पीपा भपुर स्पनरेशापर उठी-
भावा देते हो सदानन।
उन्ना रो म्य, पप्पा पुमा ये उठी 1 मापदी साप माप मी प्रायः
भर रेनीचे उपर गई।
पार पर मापन भौर एक परमप्रपा-मा एआने पाते ही
तर उनमें पोहा-सा गमाल गप्पा मारल्में बेमे कुछ वन भा गई।-
- पर पर भी पेलान रेल्व, फिर मारते हुए मोहमा रापा, दादी माई है। असनामयी पहले पी। मार मा यम नहीं आई। वापर पर मा प्रम मोर पित्र पाठी। रामममिरे सारे पीरो संगो पोरोयये। पोर मरे पर मारपद मदन मरिपर रेन से उठा 1 पर दर सो मौत को बोरम मध्ने प्यो । देखभर र मुभाने येर का--मर भोर पा रोममय हो गया- राममति मिल उठी-रस चम्प री-ममीयोगमाब-- व सभी पेबरसे उपभर पसे रानरन्द्र नींद पर पर पर भाप । ऐना, मार ठार मार मारा गया है-4मी प्रम दो मोर मामन पुत्रके पर प्रेदमें सरेट मर । येका पुग-पय-मार- मामाने मी बान पाता है, में पोकर एक बार भा-या। शिरिष माम, रिषि कामरे कार, बर्ष मुनरी मामा मात्र भनी भाम्पम बामगारपासमार पपणे बने मारा- कार पोरे एमारानमे बची बप रही है। सीके माम मrs पुमा पर दी है। बिन मरेम मामी ली है पाएन मपिक मय मा म्तो पापण ििमत्र सपा विधा भीम पर वयर पर मोर पूर- भनि। उनक उर गुणमे निक, मनस्य मापा- an (सर), मिभीर, भेर मादि किप प्रगाम ली पग हुए। मममम पर माली मारियों पापी माया पदाने नि गुपिा । नर मामले मतगम एस, माली, री मोना रोनी पर कपासना मरा~ भा मार मान । ग्नस प्राय प्रतिमा पेट पर उगोगा मोगला दागा। उन भानामे मो असमस्ती में भोर मा अपर सफेद पपरके करने से है। चारों और सफेद, भो, पाले रंगी मगुप्मोकी मूर्तियों उस प्रेगनीम सचीन-सी प्रवीत होगी। इस राबकि शेष महम्म माती-समीप समरिमा-मीठी है। जिसमे से त पार्षिय सौन्वर्ग चार गुना पार पा यहाँ पेठी , माम- विसमत दोर मुग्प नक्नोंसे या प्रेमा देखने के लिए उस बगर भोर ई नहीं पा-सीसे माती बैठी पुरक प रही है। पद खाक रही है पछि पर पंधि मालकि आगेसे चितची चावी ६ पये पर परे पटते बावे । पितु एक मार मी मनके मौवर प्रमेय नहीं पता । चान पाना , पने बैठनेपाल पप रो रही थी क्मोकि सूने ऑममोरेदाग भमीक उसके गाठोपर पान पारी । र मुखले परम यह क्यों रोती मी, माम नहीं पनवे ठेभित्र पेपर निभव यी पी भोर उतीमांको रोकनेमिए मामे पुचकामी पापा की थी। माब्दी कर्म आम्पप नहीं पहने है। म्ती मामूली बात पारष पिपे है। माती रोगी पी। मामतीके मनमें दुलमी है। उसने पुष्कर कापि पर र दी। उफ्राप कोषले पारपर तिर मरठी रही। फिर बालमि भार मर माये । माय उसने उन्हें रोम्ने प्रपात नहीं किया । मतएर एक बार एक करके भावी प्रेरकी मममी पाररके अपर गिरने समी। गुलरेर पर रेगनापने कमरेम प्रवेश किया। स्ने मोरे गीपर बम बम्नेम पम मही होता, इसीलिए उनका माना मातीने धन मही पासा पासे रो रही थी। वैसे ही वी दी। सुरेमनाप गुपचाप सहेलो मारेलने व्यो । इपर बाद मौर थाहा पास भावर सोए । सो पार पुरा-माती माध्वीने पोसार उपर देस्य । प्रेसी-भाभी। मुग्ननाप मार पास बैठ गये। माचार दोनों पाप भपने पापमें हर ग्स पिकसर गरा-रोधी मागी रंग हापों पग गई बी इसीसे रात मी 'ना'नी पर सभी । पुरतो!" पोरी!" मावा नहीं।
उमदा
मुरेमनाम मी कुण्रेरकपुछ मी न त । त्रि मानी दोनों
दाय बप हापसे रपर बोरे पोरे देश यही है कि इम्नी पेश करके
मी में उमा मुख नहीं ना मना एरपसे हमार बाहर मी तुमारा मन
नहीपातमा
मारनामे इसकाई उत्तर नहीं मिश्र । मौर मी एक आम उमर
हाग न हुआ । इतो पहले, उसने मन ही मन प्रतिमा की दी किनारे बो
हा, पर मी नहीं। किन्तु भामुमो कार मफ्ना प्रमुख नापे न रस सत्री
—ौन उतो में नहीं आ सके।मे पिर ए मे, वैसे ही गिरने सगे।
मुग्न्द्रनाप करने सगे-सामने कोई भादमी मुखी हो सकता है, पर
मनुष्प समत नही तम्ता भोर देता ममम सन या नहीं, या मी में
नही कर सना। सिके सिप, मुझके सिए पर पर मैंने इस हर
मापा, पालाी प्रतिमा इस मनमें एक्ने पानस स्थानि भी न मा
मुन्नी ! मुहम बात पो देता-बान पड़ा है, मरे ममुग पा
सुमी की मात्रम गई है। दिमे मुभी गानो लिए मैने रखना पन किया,
ठम एक दिन के लिए भी मैंने मुन्नी नहीं रेख्य । हमने पसे
पापा, तरसे इन
पाठापर परमरके लिए भी सापक मी मने नहीं देती-
मामा नुरेन्द्रनापने आप पर भक्त भोर मात्रमे मामतीका
पर प्रभु-ममिन मुग उपर उठाया। फिर पा-मम्मष्ठी, रेखोनिन रिनो
गप!म पारिलो प्रमित महामारी! तुम्हाप पर उसी मोर
रोतामा पिली गएन रोगालिी क्षार एक बार सिम मरी भार
पती
माजीने पठार भान परे।
सुगमनाप पाने मग-परसोन्दर्य का मौर क्या है, हम मर में मा
नाप हुआ?-मापार मा नौ र म । मनी मापसे
मनाप-ल माय भोर ममिप्यराम किनमे भाभूएर मर्यद पपा,
स्नेि दिया पप एपरिप-उनि पड़ी रोमिए मी गुमम ने नही
पारा । मानी, नुन सा मुसएस नही समय
सल्या मुरेनापती गेरमें निर रमन ऐने
सुमदा मुरेमनामी मौत मी गरम हो भाई। पार और बुभर परके मासठीके मलकर बाप रकम गद्गद स्वरमें पोसे-तुम मुझे देख नहीं सकती, हमें नही माता । फितु मोर मौ भनेर पवे मेरे मनमें भाती है। तम बुरा न मानना, मुझे पोधन पणा है, 40 में मात्र एससे पर। मेरा रिमाल शिवमने को यह मफ्नाई , ठस या नौर नियों भपने मुलर सिस भफ्नाती है भोर मार, अम्मर भन-ऐप के सि जन और मा अन्न, पर में नही पाना । लेकिन मुझे हम न बैसी नहीं चान पाती है। इसलिए परमी में नहीं समझ पान कि स्पा करनसे मज पामोगी । अगर पर पाच हाती वो भव कम हसी हो पाती- काटे गत मुरेमनाप सबमरके रिए पुप हो गये। फिर कुछ गम्भीर माक्से बोले-माया, हमारे लामो क्या मौषित है। मातीने गोद में सिर दिलाकर बनाया कि उसलामी बीवित नहीं है। "फिरो, मुझसे विवाद परमा म मुली मोगी। पय- मामे, मैं उसके लिए भी तैयार है। माती माती प्रकार मुरेन्द्रनापरे पेपर मिर पड़ी। आपसे दोना पर पर उनमें उतने मफ्ना #र लिग लिया। मितु मुरेमनापन इनमें मनीपा मही भी। परम्न मास पर मना कि मौनुओंसे उनके पैर भीग र क्यापि मोने मापनीती ठठापा नी । प्रति एक सम्मो बस समापुर रो। बर पर पौड़ी बोनी । इनर पर म्पन मारस पोरे मारे कान बग- भगवान् बन, मुम सा हो गया है। पापा नहीं सकता कि तुमने मारपी पार परने पापा मुमार इम मनुन स्पने मुझे पागम बना दिया है। चिनुमानही कि मैं मानने मंग बैठा-ममधुग समानी एमप मुल पास पी नगरी एक बार पापर में मामला समा है। पर पानत , मण्मुगारा मन पामेरे लिए या पुसपने सिनी पवा, मसी पाला, में मग्न भा गया-बोरोना मानो रोपा-न पर परमानि मरे मा पानगे हो मुन्नी रामामा, मानवातिम, मान, निना मग पपना-नीमौरा सपाम मीरंग।- १५१ सुमदा प्रोमो मुरेन्द्रनापकी बा सान भाई, गम प गया। कुछ देर पमार, पोछ गठम्, बाहुन धीरे, बहुत प्रेम सरमें उगोंने करा- उमा पाद मामती, हम पेमे भादमीके लिए साफ यह पड़ी है-बा सहा न प्रापमा, सामामा परफे नरपती भोर सारे दो पय पाउँगा। भव मालीम सहा नहीं गया । रो-रोते पोग-पर ठन्म न कहो। हममे मर प्रान पाये , सम्मा-निधरण किया मा-मेरी सब रखी थी- दमा रोमाभव या या नहीं तो मैं चांदी न बरती, मा मुस बान पाता है। मैं नीच निन्दित किन्तु माता नही हैं। हमारी सा, मुमारा नह इस अनमें मम्मी न मदेसी । न सता पण त्या में इस मुखनापने क सम्मो बाँस कोरम करा-से बदय पुगा, गाईस बाने में नही पानता । नमें क्या साई किसी स्वय, केसी रमी बस्न माघ महीने मरस भी मभिक एमपसे मैं मोगवा मा याम मनमें पुरी म रोना-पात सम मापस पातीकात्मे पोरे दिनोंम एक बीम ऐमा दाम होगा-एक मी-कमी-तुम पारेपोरोम पारे हारिन में ये बापरेशमम्मान मियन के लिए गगी है- मातीने मी ऐती री ममी बालीम करा-में-मैं तुमारी दानीकी मी पापी दोन दाम्प नही-मोनो मरे सिए ना सगे-मफ्ने घोस मी दोर या रागे । कमसे ही हुन्नी। मैन भने गोपनमें एतनी परमा कमी नहीं पाई-भगर मत हो तो ईभरकरे, यही मेरा अन्त हो। नरेनापने म्नापूर मात्रा प पाम उठाया । इसके पार मे पास रिठार पोमे-हरिन राम रिमा तरको मुम्प नहीं पाया हो। मानाने मालों में भारत रेकरमा-मबो गरीब । "शन में गया महीमय बोइण्यासहाय मी है।" "में भग्नी या नही पाये।" #ो दिमती सामानहारे दोई नहीं है।" भगान् पार्ने, भर नहीं हैम्निमामाई मोटर सब मे।" पा! माररपानेस- पापामारी ही नहीं।
सुमा " 4 मरेतनाप सिमपसे मानता हमारने सो | शाल एक बार उनके मनमें पर दो सत्यम हुन किमान पा र मात । किन इस मुलसे की बात निम्ना सम्मत नहीं । टन मालोम, सम ममुमोमें मी प्रचारमा नायर हि य समय-ऐसा महीं बन पाए। कुछ देर बाद उनाने पुजाप-माब्दी। मा स्वच भाली माटी मुरेनन र काने सपी। देखते-देखते सीमाम मौत मर मारे । रेलनायव हुए। अपने हापसे माटो माँद पाराम बोले-दो सवालमा पर कहो। सा मामीने पोरे पोरे मुरेनके पुटनेपर सिर रताय, कमी रोम्, कमी 1 रपर होरपना एक मिा- मामे में पहुई वसे स गोदमें 10 पाकिम रोकाया। मेरे पितामे पभाटि रेल मनम मेय पार किया था किन्तु में ममागिन एक पर मर मिपा से गई । मिनो वाम मारमा, स्नको प्रपद एक पारसे मतिमैने नही देश प्रपा | मैं बापरे परमें भी बरा होने के बार लममग पाँच ही रही। मरे कि भन्ने गौर वरपरके पाम, गम्य एक मासरे पते पर, एक मारारके वहाँ मौर | सापार दी नमसार मिठी पीकिन खनेहीसे एक प्रश्र पुल-प्रमे, स्प्रिपत परीम, म योंग गुबर-मर से बाय पा। इस समप माशीम गम माँमुसि पम्पा । उन दिनो तुमारे परमे कौन कौन "समी पे-मिा, माता, कुमारी, हम दो गानें मोर एक सय भाई। लापादयोगमपमें शिरोध मौरपर्य गई। तमीम पर नीम भ गई विनियमित मागम बना कभीम स्टेगका माना नमोर मा भोर कमी भने होमो राना पड़ता । मारुती मामी थी-मॉग-बाप पो मनाया, उनम भोर ताने रियश्मि देती थी, भोर मार प्रायः नित्य उपगलमबादीदी-महाकस्मिार-रोहीन-तीन दिन- शुमादा पातेवावे मावी एफसर रो उठी। कुछ देर मस्ने समान पिर पने मगफिन मेरे पाप इन प्रतोंकी भोर पान ही मही देते थे। मरस पीते पे, पोसवे पे-कमी कमी पारम्पार परिमार दिन वर पर ही नहीं माठे थे। मेरा मेग माई माग एक साम्मे बीमार पाइला महो पाने पर किसी तरा मापम नहीं हो पा रहा था। पन पश्वी माकपा बीता मी न होगा। इस समय मुरेननायकी भाँतोंमें मी ऑस् मर आये। इतरे पर माम्दीमे या मागपिनरा विक किया, दरानन्दका राम करा, भौर मरनामपाकी पपा पयः। मासवीने करा--म्नाय म्यार स्पमत्पा गई, पितु मोनेके परम किसने उसे मार करना न पाराम सामोरे यहाँ स्पानी साकीला मार न होनेसे आदमी पाति-प्पु र दिपा बागारमारे यहाँ मी पावित होने की नौबत मा गइ। मरी माय दिलाके मारे नीद राम दो मो। फिाने उपर ररिपात भी मही दिला। केस दासा मरेता एगमा। लेकिन मा भी देत न पे-मम्नी दुमाने पर पाण गमे । स्विाती नौनी बाने पर धीरे-धीरे इसी तरह 5. मरिने गये। तेरिन पम-परीत येसे मोतो प्रेग भौर काँक सहायता करने । तदानम्म दारापानी पान नप पचास प्पपेरे गपे , मी पुगपे। इस सम्पन मुतसे भागेमानही बना। माहिर पने स्। मुग्मनाप मी रोपे। कुछ देर प्रदाँत पोहार - माय गमे दो-भोर दिन काना। मानौने मौन पोपरा-माना।-मेग मुझे इतर पाते परामदेपटी पी, काचे पान पन मागी। एक दिन मरठर मारे पिनारे भाई। वारा, किनारे-नारे बलम मचे पाय बागी। तब दाऐगम पात्र पिर्ममे गा मी न पूनी पहेगी। पागम मार देय, सही दर पर पाली नार पारो नहारे पीरे धीरे मपर गतिम नती वरत। में दग्ना मानती थी। नाव रनर मनमें होगा, पुर देर नाम पर देश भर मीनाता पर २२६ पहुँच पाउँगी । मैंने सुना था कि प्राचा इमारे गादसे मषिक दूर नही है- मार या ठीन बानवी पी कि किसनी पूर है। सोपा, पल बोरस-बीतत नाप निमम मम पांच बापगी, तब मैं मी किनारे पर सर पाऊँगी। पानीमें ठारी, तैरकर कुछएर गई। इसी समय पोती मेर पाप-पैरमे-गारे शरीरमें सिमट गई, मैं मी प्राय ने ई। किन्तु अन्तको पड़ी मुस्लिमसे धोती पंच कोस पाई। पर मोती मेरे पर्स सिससार निकल गई। इसी समयमा नाप मेरे पास मा पपी । मेरे हाप-पैर भी श्रम नदी रे रो पे। सोचा, भव मेर नपाम, इससे नाव 'सर पम लिया । नार बम्ने मी, मैं भी सास करके उसे भेष नहीं सकी । राति ही पाऊँगी । इसी बप नापके सहारे बात पूर पी मारे । फिर मे पानेा मी उपाय न था। मरने या पियामाचा गण-स्नान कनेमिए भने मिया भागा करती होगी। भोर उनके पास पाननेत्री धोती मी यती उनसे एक मोती मील मॉम एंगी- नंगी पेकर किसी श्री रमा मा ही पापा। इसके सनसममे मायम है। तुरन्द्रनाप नही देखा उप बेठे है। इसके पार पोरे पोरे मामग्रीको अपने पास लीय उमडोंने मा-बिसरे सिए ना किमा, इतने दिनों में उसका कुछ उपाय किया है। माम्तीने सिर दिपार कपा-मा। पा बानव । मौर इससे खेवता को रोमर एक पत नर्गरता उसने फिन स्याम्से इवना र गम!" माती पुर र हनने गी। र महीने रिल रपये होनस दम गोवा म पप्स बापमा। “म पप । पदी शिवको मिस्वा पा। 'मण हर महीने पहों पचास रुपये में रिपो" दम रोग, मरेमनाप कर ऐसे-, ग्रामौर बारातो भोर मी दूंगा। माससीन मन ही मनमा-इन रिनमें मेयरम्म पाएमा । "नो लिग भोर एक प्रम परो । मुतमे म्यादर यायोंकि मगरम नेपर मी-इतने साहसमें मैं आप नहीं मने एंग। " 4 ॥
मादीने सुरम्द्रकी प्रतीम सिमरियार कराना।
"यर'नही'सोरम सोबती हो कि इससे मेरी पाति पापमी सेकिन
मैं पहारा पमींदार मेरे पास बात पन है। मिसक पस दौमत है उसकी
पतिपदी नहीबाटी
"महराको मधेगी।
"मी एकिन मामी मति दिन नहीं किगी।"
41, ममान, प्रदिया !"
"मासपी । एक दिन सिथ म इस सम मूसने । कमरमें बार
मैने पर धन पाया, किन्तु मुख कमी नही पमा । एक दिन गिरी
पी, मुझे पसाप मुब होने ।
मुन्नापती बाल सुनार मावीमएम मोरसे काँप उठा, पिन उसे
उतने रच दिया। बार धीरे प्रेम में हमारे पास हमेण पसी।
सर परे, यही रो। म रमेण गोपीलेकिन में स्वाग मंगा ?
जमने दुनिया नहीं देती हाम्न मैंने देता है। मैं पाता कि मुसे मपमेपर
विमान नहीं है।शित प्रेममें तुम अपना साप चीन मोमें मिया रोगी, उस
पार में किसी दिन छिम-मिल करके माम पग्य । माती, समय रहत
मुम पर।
मामाने मी वरद मुना, बहुत दिनों पर और एक बार फिर
र मार लिया । उमो माद र सरमें बोम-प निमा, कता
इम एपनतो दासरे उपर भौर कपनी सास नहीं है।
"नही, मित मुझे है।"
पहने, मारम्पार नहीं हो सम्म
पो, मग विपसमे भार नपरना पाहिए।"
'किसे मारपना पाहिए, मान पाम नहीं
मुनापन भाग पर उठा। हम सारया ॥१
"नही तो साभारती सौरभ सोमय।"
"गड सपनर म यमी मे मे मिला प्यार का !
"मनिरपलर मा । नर्स पर मार करने
गturth
माती। a स्पा, 7 सब नुस्यसा करो। ",गी । तुमारे सिवा मेरो रोने पर भी किसी सपने स्पष्ट नहीं किया । फिन्तु मने मन-ही-मन एक मादमीको मफ्ना मनसरा - भव कर दिया था। "उसने पार " I बतिवाने मपप्से उसने मुझसे पार महा किम!" पर अपना मन मोर हाय एमने मैय से किया। से गहने औय मिया।' यहमसे हो सत्र मातीमे पप गुप गरमा-पाते ही मैं पेसा - मेस्मा पर दी है। परमादमी क्या ज्वानन्द!" “नरी, मोर एक मादमी है।" "म मारमा पापान नहीं पाई । उससे उममे मा पो नहीं मा समो प्यार करता था। साता माम्तीरे सारे परीरमें विकी प्रग्रह-रोगमा । यह पागल मुना मादीको वा पारिन पारमा गया हया स्मन पारसे बस होईपी। यहमें पानी भरमने म्या। मागनेसे गुहार मा पनेरे मबसे उसने सरानरहे परमें मामप मम किया । बार बागा, परी परत-पास उससे कपये-पैमी सदाफ्ता पाना, उसके पार निल हाप समय पम्प देना। पर खामी नेरा दिन पर दियेके नीचे टेरसे रपये एल पाना । मोर म बामे सपा-या। लिके समय या सानुभूति हिना मार मात्रा । पर मरमें उनकी पर भाँमुमोमे मारी हो गई। न्तुि भी परमेके पास माम्दीने उन पोप राय । किन नुरेन्द्रनाप उन मुभोभे नहीं देख पाये। का कोषरे वापपर धो हुए मौन पार मोर भनेर पाते खप रे में। औने-सरपरसामा ! "मायेनारदीपी।"
MAP
"मने सामने धरनोंमें स्थान रिया।"
पूरि म उसोने मममनल होकर दिया था। उधर मनपा में मपनी
मवी समान पहा ! उठकर बैठते हुए पेठे-मापी, मन से ! एनको
फुटपानम पाने मी उसे गरम पानना होता है।
"मिने ! सि एन एक मादमी गठेमे पाना है, उसे दूसरे
पर पैरम पम देने मी धाम मनुमा मतेम मुझे पत्ममि पान
देना- मैं मर न वै उमीने माना परम धौमाम्ब माग"
सुरेन्द्रनाय परा से । के-मानी में होता या किस माहो,
रेग्न राम मही रो।
माती मोक्ष भोर से मायबर पाडेयारक होठोंमें
दिखाई
स गहरसे रामाने -पाक ममोर बसूली याची मार
पारसी।
सोमनारमे विस्मय मा । मोर पहेनिस शामके माननमें मो?
"माने पाप
भैमिलनेमam
दुगनाप पटपर उठकर देते-मास को मामा मस्ती ।
"मास । नियामपस पापोन
पप
समोर पम् पूछना, मनमा एमा
हरेन्नापत्न पो । सामे कोई परियोमा !
"पान परब है।"
पेश गनेर पाता है भाग पर नेसे उस पर भूमिस
गिरना होता है। न मनेने जैसी पर पड़ना ना पो मानने सस
मनासा हो पर पनेमे ऐनामा होता है-HEIR निमोपी
सपा पमपम है। मिलमा निगम पिने पापा, पर
एमसी समरिममे सार भासे पानी मारी
गुमा निस पकामपणा मनुप छोम्स ग्रेगा, या ऐमा निरमम्से मटिम मापार रोनेरे पाम ना पाता, यह रोम पिसे पता सले , मिनाने पाले प्यार किया है मोर रि उस बाद पेम । म ममम है, इसका सार कमी नहीं पाया नहीं बोल पीपारपरे एक पर कर रोग-पर परीक्षा लिंगे। पारमा ऐना मीठा होया का। फिर इसमें एक बड़ी मारप्रय पाठ भी है। हुनते है, TR Eat पटनेकी मी मोका था बाली है । मे ही निरन्न मते सो पाप पौडेरा मोठे । मनमें बेचते हैं, का में नही पड़ेंगे। भाष मम नही सापाने, मी पण मम मनोमनी पानी परन मौना पासपने मैन पीपर इस्लायरे रिपारे । मयर पनने कौरस बना हुमा है। प्यार परवा में करके देय पर मिर्ष, किन मुखले ररत रखे अपेक्षा करके बेग राख t-अपर सत्र कसेगा परवानग्य भोर में रेल पाउँमा । सेकिन पर पाभव भैलो मार पणिम भक्त पय मारते उठ बैठता है, पर में शातित राम र पाता है। पर ऐसी नही पता किन मार कानेगमेकी राय पिने सादेखने मी व नायक प्रम दूर नहीं कर पा मार मी पीरेकनेरे लिए मासातीय पा भाषा रहा ,सभाप प्रतिमोतीमाया बर-मास प्यार के पर सामस पासा, मालतीर समे पार मार मार मपानरे परवमि ना को am सि उठते है। मरन मनार, गोल्प मधम्पदा विपरनाम एफ, पाय पसमि मास्टीम भाम-सिमानम रेस ममत्रम् मापना की जानी-मनुपम मोम्मुत।।।ग देतार पर पासमोर मन माता पहस भिनामापिनु तब मैं परमही समास पय पाकिम मा मेपाल सापारा परमें नहीं मिला। ऐम पारमा दोय मी पर समसे सपनसीमन ए मारमा रोती है। नरमनावरेप बनेर पिर परेमाची भरतीसरम। पानिमा मनाही याबान पायाखेरम रती थी हिमाल पार भोर पारमे सिवा मन्तर मामीने रेलको ।
मुम्ता सबमन पर निा, स पारमें गरमी मा मि मने मुसरण उस गार पर, मुरेखनाथो दिए सित देखते भने मरमरेसम्मी ममती मारी माप करने म्पी-म मो मानसे मो मति प्रिय हो- मा एक म मा बाम ने देखा उसके लिए मैं मर सती । म मेरे पिन मोड स्ग १ मा मेरे मम मम पाप ने दस तपकी से मंगे-ग-महा मे, म पाहोगे ! म महा-म-पाय- मुझे बालपपरपानवा नही, मुसा हम नही है। ति म महत् - मार संज, मारी ही सारे खवारम रेस बायी। थेग मंगे हमने एक यामे पाया , मामें कम हीन होमागे, माय लिन नत्य दोगा, तुम मममेरी पीराम ममुमय परोगे । मेयर नहीं रोमे एंगी। दिपार मालवीने बा-गान हो। मैं या निबार पिसी तय नही पाने मी माछा पर शेर पेठी। माँत फैसर ऐनों शप मोरगरी- माय मैंने इस पावन विना पार किया है, बिसने मारा किये , सम तुम बात हो नि वा दिन न मनायग्में मेरे पिए मौत का नहीं। रेभिन पर कमी ग दिन हो, मी कामांना तो साता पोहो उन दिन दप युक्त ठहा सेनापति दोनपर भी मम्न चरम रवान देना। मग मी उभी होगी दिन मारा, पर मुन्नाप नी माप । दिनम्र मात्रा पेटी यह देखती गौ। पी का मपे बोनाप भाप । उनले पारस मोर रिनोधे मपशा इस समय मत रिला भोर कीपर पौ। पर देगार पाकी छ प्रतिई पिन पमा प्रयापन हो मुरेमनापने पिर परा-मामी, पापद दिन मा मरा गाऐगी सौगही हो! मामा पाप गुयान होगा। पर एण्य मही। दुल्वाना-नुपी माझी, मुरमेम एक दिन भी बुध नानाम्यागिरिनारम समाप मा है। मातीना-मारसमय परत यो हो।
हम - M " 4 - " त सुरेन से। "यो कखा। यह परको समझ सेमा। पाले मेरी चामो-सारीकापायको मानी समाना सीहो, उस पर मामी कि मुरमे क्यो साता मामठी उप होममाफीठे अपने भी। दरम्हमेशा मावी, उठाके मरेमें तुमने कुछ पाया। कौन-पान " कौन-सी मत ! साधी बात मान ही भूव गरे । भूमी नहीं, बाद दोरोमी दोहन उसके बारेमें मेगा रेला मामा! 'हो, गार किसी पर नहीं हो तम्या। " नही हो तम्यायामापती" पा में पास हो। मा मेयरम्पार में परीकमा।" "मैं नही होने दूंगी। मुझे यहाँ भाये एक महीनेसे उपाभा । भार पही मारे मनमें पा, बपाटे मार पनीर लिया! अब सभी पा यमे कम मूव बातोरे स्थानमाम मर एप भी से माये । मुरेखनाप त मनमनम् हुए। ऐसेमी बे खेसाबार था सास- "म मानोग तो में रिली। नरेवनापने परा समभा--पर फिर पार समझ पायाममा सिलवतरिना तर दोपगारी | "ये सात दिन मोरोशिमुझे रसम पाभोग।" गुरेन रिम्म भावम पुछर मानीले मात्र भार सात रे। मोबामोगी। सी पारेगा। "पान रेरोगी!" "ममी नहीं कि मैं मम ममी। रिन कि पासे पानी मी, ती पाहेपी" -
सुमा
" मी पवन नही तीर ग्रेसी!"
"नहीं"
ऐन र तरतो मन मुरेन्द्रनापने मन्त्री मद उमा सिमा कि माझवी
कसरीएवी। कुछ गोपने पारसी सी एम टेम सा
कामयेगीय साम है! मी मागीली।
माली मानीने को नहीं दिया । मौन मुसा पर विरपर सह
दिन पर दोनों को नही। फिर मरेलानापने पूछा-
पर रपए मेबसा!
मारव समय रो रही थी। मिहिमान ने बनाया नही मेगे।
"स्पो नही मै
मानी रायी। मामी मुमनाम मावस भा कि माडी रो रही
परनामी रपये नी ?
' मीन पर
न
"ने दिन भा हुए. कुछ मी नहीं किया."
मन्त्री ने ममी म मुलनापने या मभ मय होता
पा। परम, गर मुरनिए पनवे सकि उसके पास कमी नहीं है।
पुणोपरार पर माळीने पास या निठारे पर नोने से
भाई सम्म भोमारेगा-अप REE मुसित मनकर पायो में
समापमानम्मी सामा। एएमय सहा नही पानायी, एक
गाना मी पानी सनद फाद, सा मटा समय है, पर मर
भार मानोगे। उन में क्या कर सर पर पारमे एक माटोचे गही
नाराने भने पनि एप इसमने सिनेमा उसने सपए
माना जा में भागदौरे साप तप करें। धन कीपर
मासिरामपए नाना सीखा।
मान्य पुरवार मुनधी पी।
भूना महार सर माना।
4
१११ -- " से मेही" "रबिस्ट्री करके फिीम मेबना।" "मुमसे या न हो सकेगा। म मोर पिसीके नामसे मेरो। "क्यों । यो बान पाने परती हो।" H "ये अपने बीस भपोर मामे का कामतेमें राते-पास मेग देंगे।" "मही ठी।नि भमर उनके पास मेरा पता मामेरे लिए भाषे-व! परदेसा समये कैसा बराब।" "नरी। उनसे मना कर देना कि या किसी तरह म्हारा नाम न पादिर रें। ऐसा ही होगा! " “ १२ बगावी मर गई, लेकिन मी मा दिया है। नागपपुरसे कुछ उपर भोर बामपुर मॉरमें बगावी पर था, वहीं बसा भार उस मा रही थी। सनम गुमरकार के सेना पा, माही बानती थी। भोर मनव है गाँसदो-पार पापम्न मग मी पापानते भिन्न हम सोमांचे पापस्त चाननेसे ई पम नहीं है। इस गाने मेड़ो।ण तय कुछ दिन पीव। इमरे परम माम लि उपापसे चपाती नापपरपुरके समीदार अनिमा मानो एमे पगह पा गा पी। बैम पर पहुंच सी तरह उसधी मामी भा गई। भोर पनौने भरनी पारपी पमा स्म । पितुबपा मारा माम्प सम्ण न था, एलीम पाय- मदीने पाम्ने नबीत मा पर्ममें पम्प होनेगी। दिन पर ऐना रागा किनाराम दोनों बच मिचिभर दोनों एक दूसरेपी मेगा पाना मोर म दी मर-पपनसे पुकारा पानी पिणेर प्रार्थना दिये मिना बप मान न बरती पी| इस तर मी नि बागने मग-भोर मी छा मान बीनाला बार मामा माम्मैरानेही मात्रा पर मपने पुगने परिसन मनपय गई। बान पाम, ठने पापामोलिए मिया मुमदा मरार र रिसा गा पा स्पोरिचाते समय यह बिस हर निमम मासे एता परत पीत भोर पारे यस्पायमिन भगवान्मे मांगते मागते गई की, उमे रेलर पालिी पर नहीं पान पावा किया हुदिना रहासे मुपमा बर पर मना रही है। तमीसे मुरन्द्रनारणी मनाही थी किया दरममारी किसी तरह इस परकी उपोटीम न पुमन पाये । किन्तु सा होता न पा। पर मागिनी फिर माती, फिर प्रदेश कढी, फिन्त कुछ न रोता पा, बहुत तयके गाय-ममेय, कोनाकाटी, मनुपत, चोर बोरसे माती पीटना, सिमराम नाबना भोर मन्तौ नौशहापन मपरन्द्र (गर्दनिण) इत्यादि उपयोरे ताप बपाच माती अनपुग्म पिर पासपने के लिए गैरवाना पाण। हर महीने पा दूसरे-सौतरे माने पर भगा-समेश्य निभप ही हुआ करता था। पान पठारे, ममें मौतर तो मीतर उन्मकुछ सम या नही तोप रहन पोतिए या इराना परिभम करणे इतनी र बार पर न भाया परळीम परिषी भौरत की, उससे पेता मानव इम्स कमलेगमें पर रगमन पर सकती थी। रोहिप इन बातोकी । ऐसा भी हो सस्ता है कि मा बस्ने मनमोस रान त्याने पाव पारती थी, इसीलिए मभामिनी हाने पर भी पर उस ममप मुन्प नहीं सुनी थी भोर समय-समय पर उसे देखने मा वाती थी। इसी दप भा परख पा। इसके बारमा टल्ने मना पपासी संगम र गई, तर पीतसर प्रदते पतपुरी भाषा मापदाचे उख्ने भन्ने पर सामनेबमा कर मिपा। प्रामपुरम मक्षिणिय बासि यही गत सीस मरिणी गहारिमाना परपी पुडी, भरे बचन समाई भोसे बारे परका रगत-रीनेणत मर गया । तत्र समाने पिरमपसे भी पाकर मार होप पर पानी बसाली मारे मरम मुनी कि पापीप पार, को एक पौर रिना पापा, मागः पाँप लगे राम-रामियों सहित बसलो हुन्थ्य नरी भाम बम्पा । रिकामे माने गाय पाहिदवना पाबा माता पर मामी। एक पुदिराने इमे सामने दुर का-कोचे नहीं। एक मा मोरव रिस्मा देठी-मसे
सुमा
बयाकी माने करा- मां बनी, रामाका साई सेसा पोता है। यह
भौख पर गई।
पाली माने का-रबर सापक रेसने आये थे।
पुतियों मन लोरफे उठकर बैठ गई।
बमाफी मा-शुदा जम करो पो। मेरी बबीचे समी पार
करखे पम!
पहा पर यात्री माने भोसरनेमें मारा गा सिमा । मोर सुनने
प्राप्तिको हासे भनेने मन-ही-मन भगवान्से परमार्पना श्री किसि
पुष्पमासे पूरे सम्म बनाती के रूप में उत्पप ते ।
बपासा मा प्रेम-बमाप्तीके की मारपी! सात् धुर्मात्री
मतिमा पी। माहाती नाल पी, सी मार पी, सी गगन मी! किन्दी
भगम क्या मी एक दिप भी दोष था?
मुमतियों चुप रही, किन हरिपा, प्रोदा यहाँका कि दो-चीन भने मी
यातीभर बियानी दोनी-सस सिद्ध है।
"भौर पर क्या कम चाहते थे। उसने पायो माँगा, बड़ी
पाया। रने से रामानुस मा माडी नममें पाना मा को छपारण
न मातको मन-ही-मन मापा सभी मुनर्गकालियान स्वीकार किया।
"मैं मी भानादा दिन नहीं बिगी -बाणेशमा माग्न ।
इसमें किसी फिर्मको प्रपद स्नेहमी पारिन सहानुभूति प्रकार
को नहीं मा
एपने पूम बीदार बापूधमा हुमा ।
"बामणी दरा। मरमा दूवरे बहार पर पं न, इनीसे पर गये ।
पन्ने पूज-दो सा दोनों ने मध्य मारय पपा ।
"भौर नहीं करा-दोनों बनो लिए एक बार पाये का था!
पाप मारमी पापम !"
-उन ससा सामा।
नगर सभी गये ।
H
नीने पूर्ण
मुम - मास्य रस वरच्या पर संप्पा रोमां, 'मामा काम मनोपर-नी''बापी। सिंदगी-मौतमें किसी (W)मही' अपना औरष परो-मण तो मा पा' इत्पारि पार समी एकसपणे निता माँ। स्मात् मा मी पदीस किसाद कुछ पा रही पार पापीक हो मौर पर नीद नही मार रिम विपकर पोमिनोधी नीद एम सी उनके पर गौर भने यो पाव भौर पर बारके रोनेकी याद साठी पी। दूसरे दिन प्रात:प्त होते ही स्मात्री मा नायपमपुरथ मोर पसी। भारपारे । नारायणपुरमें पहुंची। वही गर, वही पार, वही साधी पाँच, महा-समी परिमित पावसाली मारे गाव मावासीयासे पर पीपी मोर ती पहले वी पटवा हुई और माती थी। मब यह नहीं है। मा समरामा कमी न होगा साठी पौरको मीन मिसेया। सोशनी वेदनासे उमन एप भार उठा। पारगुने पारसे से अपनाको सनरी र स्थानी मा मागे पड़ी। मिस पररे सामने दोन पर बाती थी, उन्ध तो काम जारपीमसे कम एक बार सार या गिर मार मारप पा शेना माया था। माहुरेन्द्रग्राम पर माया tant सामने । यी दिनी ही ग्भूतियों उससे धी सामान भास मारने रोनेना बारात मारिया गारवा बमको पाने मीर ने नही दी थी। परम, जाने मना पर रवा पामा पाल टास्मिय व रोदने पुल पड़ी दरपनोम प्रपा रेनेसास लिन्य नहीं हुमा। स स्माया ताप प्रहार गरे। मोन्द्र पा कर कमर मेरो पनि मानेन प्रपास पर। सार माना गपशपापी माहै। माती पर होम्दनापरताना मौरी एक्त मनके हिरमपमासे एक मागान मोदी मो इराकर बैठ गई। इस पर मोर सभागेदन, पिपा मारत-पापात पूर्ण होना मि- रिमो. ( मावेन, रिस-सम्मारिक नापना स्पारि व्य TA रेत पुराने नगेनाप एमाम हित हिम ११८ समदा इसके पद मापा पाना, पोर बोरसे प्रती पाना, से गाना मोर बाल नोचना भारि से हुआ, उसका पूर्ण-पूरा विक्रधरसे पर्यन करना हमारे खरे पारधी का। साभन्तम पापान उसने अपना पचम्प समात किमाम मा उसके पात खाने-पीने के लिए एक पैसा मी नहीं है। अगर बागान करेंगे तो पा भूलों मर बायगी भोर नहीं हो रही गहमें इस्लीम सदा म उभी माती यहाँ गई,याँ पानी बापगी। सुरेलगाने का मजमा कितना मिसनेसे पाय प्रमाण बमापी माने, मौन पाउना -मैया, मेप प्रम तो बहुत पो हो बस बारगा-में रिपया मेर प्रेह नहीं है-मेरे पने-पानमें फितना गंगा! "तो मी मिलने पपये वाद हो?" "मा पर हर महीने पामेसे मेरा गुगर हो बापम" 'मन बी मिना । बा त यिोगी, महीने महीने परायसे पे पए हेबाना। सापानी माने बानू पर पहुन मनीसा, मनेक माप करनेवासमै बावे कहीं-नके बाद पापा ममा पारि उस तरा रोत-रोते नहीं मां, मिस भोर मी भनेर गते मनमें सोचती हुई गई। गारठी मर गई, मा रोना परा उसने एबमें मातम मा बनुमा गिनुि पुष तुरा मी दुई-बान समय पगाडी मा पा सोबना नही भूती । मुममे विशर पा मा सौपी नहीं पसी गई । रिस स्पानपर परके नौर-बार राते प, पहाँ भार उपरिपत दुई। यहाँ उनके परिमित मना रामानी प, ठनमेंमे मनेने ही नसाय मारे पुरसमे सहानुभूति रिपई, कुन प्रसपा ऐप बमे भी दिया। सा माने बा-सी बावे की, मुरेन्द्र पाली में पानी मिनु कमण गाय की मातमि वा उमने मुना किमती बसावी रवानपर भोर पानीमा गई भोर ग्राने उसे परे मातर-प्यारमे पागके परमें रपान रिस,बना माने भौर हौस प्रम दिसा। उसकी मानसि भाय बारेमान-प्रसारमोसने यही पारेपरमे रानेग्रम - १०९ मुमा -- शिए परे पौन-पासना भौर मापार करना शहरRIL रोने मात्र मा उपोहोने मा-पदम्प समासे नि नये सिरेसे बोबना भौर सी पौटना रोगबारामा सब, शान्त हानेरे सिर पर समझाया भन्छको पभर मी दिसापा, एमा नापन होम अ स्पर देना दर रंगे, चिसाकी माने गाल पर बस मन ही नहीं दिया। मत नोंमे प्रण पर भोर उपाय खेर निरासा, और सा की मुहिमसे क्याथी मारे शपस सदोंने राम मानबममा पारपरकी और पी। मात्र शोक सभा पोशना मा पारपाको भागने मी पाठियोंमे माग ममा दी है। उमे शान पान मालिपीने ही की त्यालो हुनौ दिवा, भोर मार साना व त्यानपा मा म है। गरम गरिने सराय मौने पाक पामे मोय रिमोबासी मामले पर उसकी मार से मरी का मास मोमे यारोप-या गाना। पाराको पथरीन माई थी। उसने रते ते पीछा- । पहिगने अन्य प्रात दिलासा की रचर पपा 11 भी उपसा भर्प सना मी ली। मोर एक पर पानांची मोर रेलर दिवाने एम- स। पा रहारी दिसावर सिमाली माँ मीडिपोमे करर पददै। पर एक मरे मोर कोठम भूमने - मिस भी नहीं हुई- मासी जेमा है। प्रिया मठया, किती सास! दिस पाने मुरेन्द्रपये न पा व दिन रह गई है। यहाँ गने पर-वी र भोर समान रेल,दिनु ऐसी तसार ये भी नहीं एमोदिता ऐण्डी पीना पुशासी पी पी एस नापिनीर उमे परगने परसबामा चामोर और मनन सो म सराहना विरमा तभी परजेमते उमने एकसमें एक m! गाय मानतमामशिरा गुमदा म " " "मन बेसी "में भाव यसका कुछ जिमना - टोना टोला मना म निकासगी। "निभस देना । या औरत सा है, पता ही न कर पाना ।' "ये कर सकेंगी। भामा मन्तस्कवर मी मानती है। मन्ठस्वमानती 'मामा पमक्या' से सरस आहै। मनुप्पो मेरा नाम रख सकती है। वैसे इन बापूध बना रहै-ठठमो पात सो उठते है, बेटमाटते है।" बमाम माम मुल कुछ रिद हो गया-भीम पर गया । सून्पे हुए मुम्मम बोली- मन्तर-सन्तर में भी बानती है। "पानागी को मही, भाष दरो पारो रक्त पर आमी बान मुम्हे में रिणागी। पान (मूठ) मारना बानती! "बानी मोम17 का भावगी कायो, रो पार बयाम माने मारपर पिकामे प्राणी भोर देगा। पान पड़ा, रोपार होमेमे भवितवर नहीं है। कुमार उपरोपी-सेनि माग मुम बहु-सा पामरना है-माय बालीमा । पाली मा उठकर खड़ी हो गई। "मा, ना, भाग यमाकर पाए। "कीरावावगी।" " मी देर न होगा "afर से परपर रेरे ।-तमा नाम क्या है।" "मय नाम माती है। माता, बारामप्य नाम है।" हमारे पार पाच माने नौब मार परम पुण् ग्या-पी लिया। मानवी पानी पी। दान देय दिपायमान ना का शुभानन मी mपान सरत-भापारी सुमत - "माँ, एकल ममी मारते काही फो।बस दीदीसे मैंने इस पसे टए पेरणेगी नही मामार मार दवा बरके मुत इस पसे नि प्रदेवरुप करेंगी!" राम मालमसमें पान मसी क्षय नहीं पारी साप। यह सरपसे मार है।" मुझे तुम होगी। क मापाने सम्म दस रपये मार दिया हापौ ग्न लिय। सीमा पर ऐर कर मामीण मसालीयो । इसके पद पीरे धीरे परी-बम, तुम निमप ही मने पर गयो। मानाने मुनागरा-ममी था। एपमा भरे दोनों का मरमा। पीछे रहो। हामी भूम पर सरन राती या रेना न ठे-मेल पी करेंगी- भरपरा आपमें बन रपस में टेक्नि मन मा स्नाकर पवे ने परस हद शाप ठान मुझे नहीं दिये। परासीमाने पर मानी ममि पेमा मीरम दुम्स परी मामी , न एम। मानन सा नमी स्पेय यह सफा रक। चन में, बीममामीन! "मगीन जोरि में मापा भनो मापन या विकार 11 --नी-पनी प्रनडी मखनी।" पामस्मे सोपा पाम प्रमाल पाये मकरमे पाहट पैदार पापा, मामाली समय में। परम्परराय। सनेमा-माणसे माता- देर में हो समारो। मग 1 A E १५१ पुमदा मान्ठाने या १३ पाये मारे माने पर लात मुनार सुरेन्द्रनाप सूप से । गोले उमाहे उसकागो गा सगरा क्यों होरा, ए मेहम्पा। "मन उससे मेसर पिा! मा "नि मानी समोसे मोमीनरी परळी पो हमेण मनान परगन होगाया।" “खे इन पुर्ण है। 4 " कि "हमने भाप होमो से मुझसे गम। छेनि मलप्रभाव मातीने सोपान नहीं। पास दीप प्रकरणापर टमने इमाना गतिमा दीपा मासी गरा-मुहे नी GI बिट गानप्रेम से मारणे, उसाकोपी बागानो रही हो।" “यो ने मन में होगामे भाई न।" "नमे मा को जहाँ 1 "मुझे गा पापान नहीं पां। एक रामी ममम लिया।" नरेन्द्रने पुण्य मारमे पामरे, सिग भोर येग क्या हमा मानी में भी सानिए मर गई ना पान पता १, सम्मान उस 4 . मार रानी" पनवेऐमा पाtin बारपाका दु" 4
ने
दिपा भमान यहाँ भी है। इस पर पली-में बाने
दे, माजीसा गायी
मुखनाप सिने समे।
मानकर पूछा कि उसने सुसमे ए सिम मे नही दिया। मैंने मा,
प्रमो परता to सिम का है, नहीं ये ठानेसे उठके-
पर मोह।
"मानही मा
परत नहीं
गाजर दया।-मिर पद"
माणी-हरे बाद उसने पूम मत-मत बानी र
। ममा- समानती है। सुनधास्स्से सौच मारे।
देवी- मेवाती है। रेन में समा गई कि पुरिया मन ही मन म
है। फिर उसने पूछ लियाबान (8) मार सकती है। मैंने
पा, मार सस्ती है।
मा मुम्द पास से रैस परे।
" र माग गरे ।
+-
म
" और ममी नहीं मानी।"
"माय स्पानी; निमारी मगानी पास न भायेगी-
भाना मरे मायेगी।
मिलान मारमा, भनिसमा मरे मामओ।"
मन्त्री भामेम सारे दोनों राम पर मुग्न्ने मा-मानी,
मा भोमिन लिपशिामली माप ऐसा मत भेलाममा
ऐसा मीचा
मान रोहोंमें रवासी कर पा-माने पहननेसे सामर
पन!
मारेममा नीति सीमा नई, उसे माता नर्सग
मनिमम मसानिए मी-
२५६ शुमा "पाने पानमे होमे।" मात्री-मैं पान सक्ती लेकिन पहले या बनायो कि मुझे मामे पानानेली में वन विद सोहै। सुरेन्द्र भार वा सो मनमें दुली तान से बामेगी। मादी-विटकुर नहीं। होन् -मनोमान्स मुनो मारी पर नियमग मूर्षि की मोनिमा -उसे पण करत मी मौसमी स एक सनर मनम या बना-सी पान पा से मरे पाप मार्गमा नगम कर पाते हममे पारे पास मेटा गत्यह किन्तम पक मनमाना मर मरासिनी तरह नही अद्य-ऐमा वा। में देना गुरमीता देये मम दिल-मिल नही समाा नीम पहने पानावर मुख म्हान पर दूंगा। माळीने पुसार भक्ने स भगोर धि राम-पल बोरपरमे पूर्ण प्रविषिम्म दे पा पाया, पर भी देग्य । उसे लगा, देम पर पापमै हो बड़ी उगी-योतिर्मपी है। उसे शाम पुयी भाव समवि मग मी पापा उमा रेणार गई नहीं। परिचमी भाभी हम देपर पुण् पु मोहरममतामा निशान मग्में मामला इस मम उरम मा । उसमे ऐग्य, सामन (पकमै एक समिति भोर समागम मापन रे माराम मुरम्मनाप नारेली। सिमप भीर मानन्दप्स मानीन भान रहे। वो दिन रुप्या मुरेनाप मोदन नयस्पेयमे मानीसमोमें दिया R ! यमें प्रो रे-गी, बम, फुल, अमिनो भरि सोमीभ सर मान्न गत East एक सपम गुमना भोर नरे हापम पम महा एक मुम्बदर नगरिन जोया पक गाने पाल। रेपर रेमी भोर रसमा मोही, पैराम पाने । हिने इको पपरम मामाने मामतीरोगपे । मा पेणम्रनारे सगरमाथी सार पोप-भार मासा नगेन्द्र को मपप" मिश यो में नहीं मानी। सुरेन्द्रनाथ पनार्य गरवा मरफर परम पूजा करनी हो। २५७ ती हैं। अनुगार पर पदन है। पदन बार मुझे सबारा--भाव मेरा मराप!" पाल सानो, मरे पर मन देना। मानी नीपम पवन पिस स्पई मोर मुरेलनापने अफी पर सबार पेय-भव साभा। पापा भन मी नही समझ पा!" सरपार गमेमे में मान्यएँ निसार एक पद एक मालवायो पाना मलम मममसे स्न-बो माम्पम निचलर पपारपान समान पानाने। मानाने ममें कमी मी बी नही देखा पिरिमत होकर देसने सब समास पर मुड-शुधन परफे मुरेन पाने कामसे मारपहिया लने दिनों मार मुम मेरी बीरे मामग्री माम नगी मान्य भाष मैने पानाई। उनके पनप्रेम-समान्तरमें मी मुमतग नहीं सोमा। मोति ममें भैयू मा गये, दोनों ही कुछ देर तक सनी ठो, का मामला भीम र सुरेन्द्रनापने परा-मा पर रथे, मम्मी पापा मार मस-मार्षद ऐटा । स मांगनमें सदा मुगा मी मुरत प्राम पर उनके पास बैठी। मात्र म माँतमि मौनुभोसरी पदाची मा गई है। पर , कोपर और मर माये। मेरमा बगद पता नरेन्द्रनाप मध य समय पेड- मान, मार पिटा मापार मारा। मचाने सिनियर-। हरेनने पासपो, समे ने मारी बारा गोवार Aमालवार नही बम प्रयव परियम अमरा पर मौर सिर एक गार पाप म । मारे माशा पिसार यहाँ गाउँमा । मेग पार पो वारे, मो मुखी होगा । (सम्पा हाँस मेकर) पर आय मय एक दुराया है। मातीसे मुरेग्ने पिर पूणमा पर पमेयी । मातीने कहा- "माग पर हाँ में रहा।" परसा मेरा पर नही है।" "तो माहानाभोगी।" ना। "मैंने मी मैक यही टोराया। 4 " " बालके दिन ऐरसे बीतते हैं, पर सब हेरिन की बात है। मे मही गला मारमन्पुरे परामदार दिन मी समीप बने भोर भर दिन पाठ गये। उन कप शिव पौम ये 4 पर-पाटमें बास रिमन्न । मा उपके पर प्रातभारा नमेगास, नर औररमा सिमध्न है। पर-मार सलामी मारोपकपको उसे ठरेपदीनी भाराम जीनामे ते देत पा। ममप प्रतिम मुरमा म्पन दिया था, भौगोंमें निस भाम् प, नित्य उतम मुप मलिया पाया पानी। कमी माविलायर मुन इ० महिन रोपाला, दास पानी मीभावाम पाणिमाके सिए प्रावितुरन्त मयू पॉपस शिर हमने मामीनप्रतिमे मिल एपडी मान्दिरा पस्योरी वर भामरे नी मना मनिरपप ग्रेनेमे प्राति गारमे मा कमी भाप रो उम्पोन्कि उनमें मर मरी है। कही यता मापन भपण मी मा म बात मे मतिरेपाने मी भा छ कुछ समार fratiपरिवरे पिना मारना, पान मी समावे, मन मी मामे रमपमनेपाच सरियाबणे या पैदा हो कर माना। एमशान में मनमें रिपार कर और
१५९
ऐसायनन्द पानी मोके पार पादमी देखते है-एमा पारसे
नारपी, पानी-मराठी मापर रसे पार गम्भौर गतिसे पट
पापी पर माता पिन्त नित्य धोत्र, नित्म विषादमसी।
दिमागता है-होमी मा कमी नहा-मार!
मिडिया कम्ती-ऐमी वाचार धाम मी न हो-मार।
पछि 'मार माह' समीपते। किन्तु सामने मापानेमें मया
मन्स होती है। समा मे गामात किया आर' एमदारे सम्म
यह नहीं माना । मोर एक काई पद-पापामें नहीं है, विसा माता
मिाने प्रग नहीं किया ऐमा एक पद ममर मिठे, तो यह प्रनेके
प्यारोगा। इसीसे प्रेई नही प्रवा । एमाले मानेपर उप हो
बात है। स्नान करते समय गरे पारपर सामग्री पर्वा उसने
घोर-मरत है, मत-करते प्रोदामाग्रे शिवपूरे मात्र मुन्य देते हैं, इसी
गए मना सात प्रते हैं। कित प्रमाणप पाटरे सबसे मन्तिम
पर काममा रकम निहायत मयस्य मीच पासिय मीत्री न संप्रेषके
साप पानाम उमरटी, पानाविप मा समन्स बाल मच
उदा मोर शोर-गुम न माना पाहिए, भनी नहीं उणना चाहिए, मम पुस
परि मनी मारे पा मोर लिख भने मावमारे भविस्ये
पार पोगना पीए । मुमरा ना-पारा सर पर्म पानी,
एनिवर भी बयान पर पहेम मार ही नहीं पर पाया।
एपदा माग समई, समना मी भूत मां है। रोनेसे
उमे शिरसि
होस पुरानी मोम विचार या सर्व मायेचना
पानमें परम सम ना हो पामा मपनी
मानुगत रोपनि माया रिना पर नहीं मानी। भोर कम्पन
पापा मापm 'माहो'नमो नित्य दोनों पक्ष पर
भार, रोमाने पार माने याम र मदामे कई काम
माननियोगा। बरी पर रोईपरके यस
भारत विसर पड़ी पीरूपा होनेपर पिर उनी , पारपर
mh स्कीदनाती-पन प्रो एक पाय मम
-
परोसकर स्वामी सिर रख देती है, सदानन्द मोग्न कराती है। फिर वेरा
होता है, फिर दोपार पीसरा पार होता है, फिर राव भाती है।
नित्य स होवा से ही भाव मी प्रमरा दोपरकेपार रसोईपरमें सेमे
दुई थी । भर मरानी मायबमें किसीने पुकारा-मानी।
प्रमाने मुना पर, मेकिन ऐसे नए । ग्रेना, प्रपद मौर किसानों
पुकाया है।
उस मारमीन रि पुनरा-मी मो माना-ई परमें है।
एमा मात्र उठकर बाहर भाई । बोसी-कोन है।
उस भादमीने मा-म गकिया ।निकीहै।
प्रमदाने रिमय हुभा । पिछी न मिया पात बार
देगी-यो।
गफिसेने मा-इस तप नहीं मिलेगी मामी मा रमिस्ट्री दिी है-
शुभरा पीक नाम । उनको साजत करने होंगे।
गुमदा रबिरी भर्ष मण्डी र समाल नही परे । पोग-प्रभो,
मपी नाम मुमारे।
गरियेने मी निकासी, भग रसीरता पागा निकासार रिया भोर
मा-इसर सही परीदिए ।
गुमरा सिलना बानती थी। ऐसी-कभामा बमो।
सकियने पुमपाने मुल भोर तार बातम मा-सम-रागात
मकहाँ पाऊँ मा १ मारम पर है। पामें मम्मत नहीं था।
गुमदान महा
अम-मापनपत्र प्रेगनेस उमे सपना पकभाषी दूर्ग मिी ।
स्पाही सूप गर्म पी । पानी पर किमी वर सिबने मा सारी
नाम्। पिम्म।
पपाए मदारी म्प्रपाक पम्नेन सपाल भाषा। उपरटेमें एक
कोममें एक प्रयोग उस बेटर पर भोर एपना पाने मिम्म
भपास बात से रुपमा नेपालीपीएमाने ठसर भामरेगा-एक
प्रेनम रमी मे बार मे ही एक परेने साहसे हने प्रापमा
मा मापरम पा पाएमा पर पान दिनों भाई म पी।
शुमदा
बहुत दिनोंसे इस मोर देय नहीं था, पर ससना श्रेठरी पौ। सनारे
मानपद भाग पासपर एमदा इस श्रेठरोमें भाई । मापान पला हापमें
हम पोरे पोरे प्रमदाने उसमे स्म । उममें एस स स्लेट, एक भाषी
रो, मगमित, दो विकासकाम, परम संटेकी परम, जेरी प्रेय दो
लेर पेन्सिते पुरान रोमे गरी गई पार पाप करि पी। रामदास
मारमे कमी-सी मारली स्लेटो कम पिर पड़ी। एक काम कर
प्रमाने पर मम नामान पनसे समासकर गॉपर रख दिया। परन, मा
पानती पीविन तामापरब बस्नस ला पा।
नीचे भार प्रमाने चिट्ठी से सामरक मौतर पार लागतो उसके
मीतर एक पगाम पपेका नो निता । निमप दी गयी हुई है। गरिमेको
पुगारमेरे लिए पापकर पार माई; सेम्नि पाया बस्य पा पा।
गौरती महारी, चितार पुधर नहीं की। एसीम नो लिय और भाई ।
प्रमाने तोरा या, या देर घर गरिसा भपनी गादी स्माा पामर पार
होमोपर मामा नि पर नहीं मावा | माने पाव सदानन्दमे
परीसराम्रने देत नारा-म्ती नहीं हुई। ल गारमें भारत
नामा भोर भी नही है ।सा सिसा है, न मुनाविपरमें | वरतो यह
आगमन सन्य भाषामान है।
एमाने पा-माम मरा नहीं है।
एरे रिन सानन्दन गापर यम का लगाया तो मारम हुमा-
भपोरनाप मुसीने कमातेस पे रपे मेय है।
प्रमदाने विमा रा-त नान पिस भादमी मता
मही पायाननी।
"RTI
मोगाय परो।"
मानादने मारा-उपर मोरसा पये मपर न टना
पाम टोय दीथिए।
पपरने पराभेग, र एमनों साप सान नही हुवा था,
तप में हार पर मैं नहीं लेनी मा मुसे कौन में
पराये मरे पर नहीं है। इस पाशरो।
शुमा
खेर-विचारकर सदाननमे सामाचे बार फामगाऊँगा।
सपए ममी सपने पास रख लिए। मगर होय देनेने हुमा तोय ,गा।
प्रमाने मा-तम स्पर पो पामो इसमें मा-ममत कुछ नही
१-एम्पारगी गैय ही माओ। सम्मत है, उमाने मौर किमी मरले गमसे
मुझे मेष दिये हो।
"र, कोकण होगा, यहाँ पाप ठीकगा।
"पहीको"
1
मने बरे से दफ्तर सास प्रमोरनाप मा बेटे है। और सामने रेमियो
दूमी भोर मापकपुरक समीर नुरेखनाप गर है। रविसो उपर यमके
भयरोपर है। पम्प मापसे रोमो बने उसी में भगे ।।
कुछ देर ब्यर मि उठातर सुरेन्द्र पाड्ने कामपोर शम्, बान पायो
पर मुरमा में नहीं संत मग्य ।
"भोप मी नहीं माना समठा।"
"सपी बाबा सा है। मैंने ठीक समझा, मुरमा
हारना ही हो ,
" हेरिन राईर खपर मौतो!"
" सेमिनाक मानेकीरणा नहीं है।
"सोपा मारपुरी पापदार र दीदिएगा !"
ननेता भौर उपाय मा।"
"मारकी भामदनी बान पर पापगी।"
", तगमग मामी र बापगा।"
भौर पर हो रे । मन ही मन थाम विरक हो मपे । मोति
समाने मी मात्र निया पाकिरेननापत्र भनुमान ही उमपपर सस्प होगा।
र मप एक नौमन मार कहा-बाहर एकमाएमी तो, मापसे
मिल्ना पाते।
मपोर पड़ने उसमे मेर कासार पूज-!
"
रामदा
नहीनता । रेलनेसे पान पाया कि ग्राम पमित है।
“पारबारे, इस समय मुझे न नहीं है।
गरेर पर मौमने फिर मार मार बाना नहीं पाते करते
मपोर पा मोर मसिनोस उठे। मिनु मुरव बापू बार देखन
-~सायहीं बुम्म हूँ
"क्या है।'
पौर पदने नौरथ ऐसी ही भाग दी । इण् देर कसमे मेरो
गोरे रंगरे मामर भान ठपरिपत हुए । गरमे बनेक, होपदीर सिया,
किन मापपर तिमा, किमी मारिए मी नस । मपमैत्री सादर दे
मौर मिना निाराम मोरी पानी पाने । परमि साम।। नो भूम
परी । दुरेन्द्र मौर मपोर पा पानोन उनम देवा । पोर बाड्ने परा-
पैठिए।
मामय पान होण कुमार बैठकर उस पर अपोग्नाप तुर--
"मनम्म मपारनाय पाहिए?"
"नि भागामे काम करना सरासरी परमाना
"असारदिए ।
माममने पारी मे एक भगर मारा-पर मोर का
एमादेरीधे मारनरी मेगा था।
भगो ने मोर उम-पार देग्नरु पादा-दा, मैंने ही
मेगा ।
अमम्ने रिमा-मरपुरा सनम बरमें एमा
M
", तिये।'
॥५२मा मेर"
“मानिसमभागा पी।"
"मातिान है।
अपार पाने मुरेम् पारी भेर प्रमिदास सामाना
बगानेगमप है।
,
सुमदा
"वो ये पर फर पिए । बिमापने मेरे नहीं लेगी, मारो
नहीं बानी भोर तम्मकता भापके मासिनो मी या नहीं बनत-पारामती |
समान मुझे यहाँ कामगार पर प्रैय देनेरे पिए मेगा है। हम सोयोने
समक्षा पा किमान पायद गस्तीसे एक बनेरे नामी बगर हरे बनेन
नाम पर मिलरया 17
मपोरासि पोर-ऐसी गस्ती रख देग नहीं कर सकते।
" न सही, लेकिन इस मा माप पान हे स्मविए ।"
पर मी नही र ना-मासिमी भासा मिना कुछ मी
नहीगा।"
तो शिर उनसे पूजर सर गरिएगा, मैं और दिन मार रेप।
प्रामय उठ रहे थे, किन्तु सुरेन मापसे पूछ बैठे-माया नाम !
"मेरा नाम सामनही है।"
दुग्म्द्रनाप पौक परे। कुछ सेतानन्दकी मोर खम्मे पर
त-माप यहाँगाँठगरे।
"हाँठागा पुण् ममी तर महीं किया। पहीपस्म भागा या भोर
जम्मशा आरमोर बाप
दरेमूनापने भपौर सबूम मा-ममी पत्ता , रातो पिर माउंगा।
हमके उपरान्त मानरम भोर रेलम देष-मापसे मुझे अपना।
"महिए।"
"सीन | मरा रेरा पानी। मा भयर पुण्मापति न हो तो
पमिए, पहरी पलंही सगा"
मदानको इसमें भापति नहीं थी। बाबानो बने मार गारठे।
बेटने पर नरने पा-नके पाले मारकमी देखा हो, ऐमा नहीं
पान पाता-पिन, मान्ने क्या कमीजी मुझे दम्मा पा!
"नी, नी देना । मेरिन भारको बानी।"
"होपर परिवही पगा।"
गोरम सहारेमा पहुँच गई । मुद्रापा-में मी वामन
बघ मी भपिक हो-भारपा मेडन रेहानिया।
सुमदा पुण नहीं, इसके बाद लाना-पीना स्नान करे दोनों बने पेठे। तर मुरेन्द्र माने पूज-एमरायी गरोज नही है सा! "गरीष पर है। सकिन इसीसिए स्पा-" "समा मया । इरान क्यों ? महीन! ", पुष यही का है। सवार राम नाम पर मासम न 4 "निम्मे हानि सालिने रियामा कायाकइसमें भूरा मनापाना कुरा नरीमनस भादमीग्रेसी रित मारे।" “सिने न किसा मान मेचिए, भपार बाडून हो- "मपोर पासोमा भपिनर।" दुरेन्द्र पाने पुण् भमतिम रमा-हेपिन रान करने को तमाम मधिकार ऐना। " awuपिन उत पानचे कमा समी मार परते !" "नहीपरते। हेरिन रिना नहीं पाया।" मदानन्द पुष उठा। डेम-धमा ग्रेग ऐप मिधामसे मी पत्त हो। पायद मारम बम हाफिन पुरा दिन पहले पपन या स्या! इन पामे मायया है। मोर मास्न नापना स्मि पर "मनी वा बारामान पाम् मान-समाते नहीं। उन भाग र मी है। भग्न प्री-पुष-परिचय पान नही मया, उन परया मा मोदी तापनारे पिना पर सही है। मानन्द दुधगयामाग्पा । म मप सारी उमर पाया। दोन पान रि पूजा-पान प्रभावमा पग्न है। - " नहीं "बेरमारपसापामे थानापीमा भमरना।' माम माम्तमये सर्प परीब।" माम रोरा u उमा " " 1 "होमपा।" कौपिसके साप!" "मारे गाँपो होग--पारदातरम राबके गाय।" माप माला पर नहीं थाउसने मरे मसा हुआ। माह-मपम उनी बड़ीमलीभव कहाँ" सदानरमे शिरिमत होकर प्रा-बहकि क्या माने । पर मौके नीबी।" "बपी नहाँसे मर गई।" ॥ गंगामें इमर भामहत्पारसी। से पानामा उसी या पाई गई " उसी समय पानीके उपर मही भाई लेकिन उसके पाननेकी बोटी मननारे मिर्म पी-रसे मालूम हुमा किसने मफ्नी बानी।" इस परेमें मासिलो सो नहीं है।" नहीं, छोरोनों बने पुप । सो परेननाप बोले-मा मान पविए, ये पर मार उसीने मरे हो। "किसने,नाने !" मनात न माम मा साना " . “मैं भूम मपाचा वैरी नाही पाससना मोर मापने भी-मोन।' 4 4 मगर मान थपिए, मगर उसने व पर मेरे ते ।। "माग, उमने!" रो, सीने । पर निारे उमली पोती मिमनेसी उमर मरनेम मिमा महीमा पर उसने रपए मेरे रोता!" माम्म पान हित हो उठा। परनर एप्रपे सेवा रात्रि परत नही होती तो पाती। T समा P पर मिलने में अगर उसे गया माम । "में मनाने पना | समान श्रम बरकम नपरेगी बीवित सारामी भपने नहीं गिपेगी। पर मरी नही सीमित है। नतीने पर मेरे और हर मारीने भेजेगा। नरामदने मफ्ना कार दोनों पोसे पधनमा-भाता नाम। "मुरेन्द्रनाप राप नियम IN नारापनपुर । "माफ्ने भारत पर मोर उनके परिवारकीरततो गते रिम वरा बानी ?" "सनाने ताई है। "सनाने नही पवार । पर मर भी।" "मरी मह, मुम्पर्यो। पर वर्ग गई।" मुरेन्द्रनाप उसे देस शिपार गेले-OPE , भौर परा ठारिए- P " 16 “मौर रोबा-. मपर कमी होतो दिएमा-60 पाने उसे मनेर मागीपाद दिपे।" "मी मासामना-" सिमको मोहै।" मरानन्द पोरे पोरे पय गामिनी मोग-मीठा। मोबान पर मुरेन्द्रनाप बारिता मोन निम बेठे पुष दिन पासे पार सपनो यो पमनेर ति भान मधमापन मन नामापे । जसमा पार नोरने पुनम पा, "पही देपर रहे
सुमा
१६
बाव रातो , तपापि मानी भने कमर की 'सीता मनपस'
परदी है। पर रोई है, पर भासू पोठे हैं, तो मी पा रही है। मारा।
पुजामात मी माती है-बहने कितीहीदी नी पाहता।
वीमप पारके राणायके पास मोहरकर मोरे गसे किसीने
पारा-साना!
मालती मुनम तिहा । संता-पनवास पुस्खा हापसे इलर गिर पड़ी।
ना।
मातीस मीटरसेप ग्ला साप पसे बोली-कोर।
मन सिसव हरेननापन माल प्रवेश करके फिर पुधा-सलमा !
"
॥
उम हो"
4
ते मलेकिन मा म कही गई। मामय पास माल को
किया मामने।
M
"रिवही कर उसके सून होटोंमें चुम्पन मैपिच प. पाम्,
"मैं ममी सामुन माया राना की पाँमाती पनी हो।"
दिना।
"मामि।
"माचे मुसे पार पानबारे!"
में कोई मही बाताबो पानता र वरपुरसे
भापाया।"
यौन भाषा मा ।
"जुगारे सदासर सामानोर गैप देने पर अपार अपूरे पान
भाय
"मीर पर देने
सुमदा २७९ -- P । "त, कही। मादी र दोरम रही। गरेर बाद मुरेमूनापने कहा-पुरमोहनी सो नही। “दा पारामे "भादगारी मा मदरासन मार्पित दण अब मुरी नही1,मारा पान मसी गीदार कडूने उनके दिन पर दिये है। "मेरा नाम समाससमन मेवाना ! "ननने ही नारान होगबानते है कि तुमने मागम हार माय दिसे। मामाने की। पनि मेनारिया किस दिन से मोर मुन्में हो।" "पापापा “साहब म नामित मी, मोर मुझे जान पानी मीदो-तीन रोपा!" हेकिन पासा मनन्दन पूर्ण पी?" "नही । मैंने मारपरा, मोर गारी माम मारनपानके लिए दिया पर मीमारियलिमेरे पर भेरे प" परिपा। इन मप मपाना पर भाप हो। परम। गा मा पा सिगारभार नोमिए में मर भी रिपो गुमन मम मापा सरा रिसा शिम गति गुरप्रताप या नरम बगम, रिer-दिम न मानी भी पानिपत नही कमी पापागल गा रोग रितु रमोल भानही हे। रनो सगरम को कर न होमोसनेमानेरा प्रिय एयब पानी ! "पारे माता!" "मने पनाने पर अमित गने महासमा पानेदराब सानेगा-जमा सम्मानमानी
१२
एम्मामा मन रानाकी मनकी पाठपर पीठ विभय समान पी रे
। पैरोंमें पूसमरे बानन्दो रेकर प्रेस -भोरे पार-पाँच दिन
इपर मचे रेप नहीं-काँ!
दानदमे मेटे बिना ही पनि भोर गली उठाया।
"कहाँसमुनपालाम !
"
P
"क्ने दिनक !
मानव वेपासे पैर रसता हुमा पस्ने सगा।
रामूराराम सीसर करा- पत् परेकी ! सापन, समक्ष दी
नही पात्र
स्मारने पर मना नहीं, या इन मी पया। पासीपा धमरा के पास
मार उपरिपत हुमा। नोट प्रमाके पास रहकर पोख-१७ फा
नहीपला
प्रमानेमा-दो पेपर कप पाना ।
प्रमाने किरमा-शि पप पर पाऊँगी।
"भारी वारपसाती पहा पप को नही रखा।
भगर मी पापा तोहयरिएगा।"
म्पचार र दाने नोर उठाार पस्नमें गलरिया।
सामान पूज
पायनामकहाँ।
एमरान पानी प्रेगन्धिारमा हो ।
"गिय मी
"प, मी गेयर माप है।"
उमरिन हमारे समय माँगी-प्रनाक भामार मगर भाम सग । एमाने
पदादी मोम ना सिमानपाना-पार पहेभरा देने देना ।
"मात्र मन बस नाना । ऐन्ने, माना गत पिए
भाबोरापानी परमेये
"रमेणास्प होय!"
पुमा 4 "सोने में प्रोगा।" न होना । मुझे पाना ही होगा प्रम।" वा, उम गुमा र बानी पी।सपालि उसने कहा--भाग एप है। उमपर नन्दगी तमिन रमा-गोप पड़ी। शायनमे पुछ नही मना । देय पैसे सोमबार छठा मिरर गाम, पेन्द्र भग दोनों देशपमें हार, पोती उमेरम बोमर पानी भोर कारी परमे निमन परे। प्रमशने सम्मी मौतम परा-समार नसे बाता! उसने मेरी अनुमान किया था। पारमर राज बीतते ही र पोरन पानी मामन या मागास राब पत पुमराको पोर-पोदा कुमार दो माता पापिल पर पान किसीम पाना तो दूर पर एक सबसे मफनेसे मी किती भी पा समाप पुनार माना पातमी उझे उसका सपास भावापा। पानी बरसमेरे माप दी माप उमेपासम सपो उसने पापा, महोबार भान ऊपर सस सिरा। पाया गये एमदासी मन ससने एका पानी परमी रस पापा, थनि उमम बोर कम हो गया था। परेप मुल धरम न्नाची मुमायमें एपदाको बानपा मे सारे रिमे दो पोड़ी-मीमय , अने बाप का मीतरी नरम पास गमनेसी पोशिरा। इस पर पम मिा पुल गप । परके भीडर महापा। पुमान भाग सबार उमी माम देण, पर भादमी कोठरीमें गुरु रहा है। रामो मे एक पानमा साठी जर घरीरमें स्पारी पुती मोर उनके द्वार पर पूनेसी परिया। सुमध मिसर पिता सली-मरे-यात है। उमभादमीने पमानेर मामा-जुर उन पानगामार राम पर एन मम । उन मारमाने पर हार समानरर स्मठी पायम एप एप्पाले पा मारा-मग्ने सीमामी है। न्य भोर मारी पापा मुग्नम एता पा, रमादमी पान गार परा के ऐनी मो माया म रहा है।
सुमदा
धमरा कुछ नहाँ पोखा
छ मादमीने फिर बेस ही सरमै भौर एक पर पधपर मठी ठोसर
का-पामा रेरे, मही वो गाल पोरम मार गया।
भगकी एभरा उठकर पेठ गाबिसे नीचेसे चामियोस गुप्ता निभा
कर उस मारमौके सामने फेक दिया पोर पोरे पोरे शात मापसे मा--
देखो, मेरे पो मातमै राहिनी वर वराब एक फ्यान पपेन नोट रना
है, यहां से सो। पाई तरफ निम्नापयाम्र प्रबर रता है, उसमें
हापन माना।
पैस घाव मासे प्रमाने पापा की, उससे मर नहीं मान पापा
हिमप उसके मनमें रची मर मी भप है।
पूना-स्पारी म्पसे हुए मा भारमा बामी सम यो बस्तके पास गया
और उस लोठ गम । पर उसने सिपुर हाप नहीं राम ।रादिनी
मौरी पामे पचास पपेन यह नोट हर उसने मे लोग। एमदार
हमे ममुम्पर उन्ने पैसे मायनासे उस पर सोम मौर बारिमी भोर
पापा म्गा सिपा, उतसे पान पाव, पैसे पा सत्र उमस मही
तरराबाना पहचाना था।
पर पर बने सपा प्रमाने एक साल सेडर भीरे धीरे --
नोटमें पापद नाम किया, नम्मर पोप ससपनीस मनाना ।
33
समासा
OM
सुलम साहित्यमाला
ससे सप्ती भोर र प्रन्पमस्य ।
मि.म पेड मागमा 1) भोर प्रत्येकी १०.१५.रेष्यमग]
शरत् साहित्य
रस प्रपपाम्पमें भारत के भर उफ्यास-मानी रेखा सीप पर
पोपाप्पासो सम्पूर्ण ताहिस्सो मतिपय एम मोर प्रामाणिक अनुसार प्रकाशित
किये गये हैं। इनमें मूली सी मोर मावोग्रेता सपसे मान रस्स्य गमा
हैमोर इनमें पाठकोको मूल प्रपोंके बैना मानत भाता है।
पहला भाग-सुमति (पमर मुमति), पथनिश मौर मनुपमाका
प्रेम मानिपौवाशीनाप, मा उपपात।
दूमरा भाग--मम्पकारमें मासोक, पानी । स्पामी मोर पेष्ठका
धाम-पत्र, रोरे उपपान ।
तीमरा माग-तसवीर (वि) मोर दप-यूप, पानिया ।
चयनाथ उपपामा
चौथा भाग-धीत्रात प्रथम पर ।
पायो माग-पादनकी पेटरी, मझोग उपपान । प्रधश मौर
या रिसामी, एकारशी सगी मोर पाम्पम्मृति, सानियाँ ।
उद्या माग-मोतात शिवीय ।
माता माग--भीमवलाप ।
माठयाँ भाग-रिमारा, बोझा, ममिर मुकदमेकामवीया,
परिपानरमी मोर पमागिनीय स्पर्ग, प नानानियों।
भवा माग-पाशी ना भौर मिपति (पुरा) पानी ।
इसी माग-देवदास भोर की पदिम (दो) नाम से
मामलेरस्पाला
पाएनी भाग-परिहती (फल मेपप) भोर माटी पटिन
(मेर दी), उम्पाम।
पप्पा माग-रमा नारा मोर परिणीता जेय दपपाल ।
तेपदयों-पौरपी भाग-पपई पारेर (मरिभर), अभिग
पत्रही माग--मनुरापा, महेश मोर पारस, रानियों भोर
नारीका मूल्य, ८८ एन विस्तृत निश्प।
सोममायाँ भाग- प्रकी पमध वियप खम्म, परवाह
उफ्याट।
मठारहवाँ माग-दसा सामाविक उपपास ।
अपीसी भाग-प्रामीण ममा 'पसी समार' नामा मेर रपम्यास।
बीमवारपीमा माग-शेप प्रम । पत् वाम भन्दिम भोर
भेत उपमास)
बाईसवी माग--श्रीचन्तन चतुर्ष पर्व ।
तेस-पौवीसवों माग-विमदास उपन्यास, तापमै '' उन
मी कहानी भोर तरमोम विमोर (निस)।
पपीसो माग-कार-पभापती । पण पोसिने से मति
पारा सेना।
पप्पीसा माग-जागरण, भागामी नाम, मला पुरा, मामेकी
माशाम भोर रसपा मारबनावें । तीन उपम्पावोरे भोर रोमानिया
भावान परत।
मत्ताईस भट्ठाईस रम्मीसा भाग-परित्रहीन र उपन्यानोमम
भम्पराम।
सीमा भाग-पिराजभौर बचपनकी सानियो । बिह
पर पारस्प्प सम्पास है। परपनी हानिएँ नही हो पर मोर उठी
मानव मामाते मोठमोव दो एस्की प्रतिम्मी।
एकनासो माग- शारतमापापसी । सारिप मोर सोग
सम्मपी जुने पुर २॥ निष्पोता समा।
पचास खेतीमा माग-देन गापना भौर नपा पिधाम सम्पाव।
बीटीम पतीमयों माग-शेप पग्यिप पग्न पाम मम उपन्यास,
दिन भीमती पानी पीने शिपम पूर्ण किया।
एसीसभाग~गुमदा । पत् पापा सको पाठ सिया
उभा ठम्मान, परन्तु प्रतिभा है उनकी मृत्यु उपरान्त । ते
माशि परसपना बाते पर नहीं सके।
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