Agarchand Bhairondan Sethiya Jain Parmarthik Sanstha, Bikaner

Rasayan Sangraha

Barma,bishvambhar Nath · 2011/01

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रसायन सग्रह।
289
विविध पुस्तकोंसे सासारिक परमोपकारी
पावश्यकीय वस्तुओके बनानेको
सहज विधियोका
सग्रह।
बीकान्र, साना
श्रीविश्वम्भरनाथ वर्मा द्वारा
सङ्कलित और प्रकाशित
प्रथम और द्वितीय भाग सम्मिलित।
द्वितीय मम्करण।
ASAYAN SANGRAHA.
OR
OLLECTION OF BOST USEFUL, AMUSING AND PRACTICAL
CHEMICAL PREPARATIO\S
COMPILED AND PUBLISHED
BY
BISHYAMBHAR NATH BARMA
No 6614 Cross Street Barabazar Calcutta
७५ न. कटन ट्रीट "नारायण" यन्त्रमें
श्रीरसिकालाल पानने
अन्यकर्ताकी अनुमति
छापा।
All mghts Reserved

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TIHARS HIGORIYA RATHORT !!!!
भूमिका।
यह तो सभी जानते हैं कि भाजकाल इस दीन भारतको
कैसी हीनदशा होरही है, यहा तक कि यदि हमें दीया बाल.
नेकी भी आवश्यकता होय तो जबतक विलायतसे दीया-
सलाई न आवे तब तक हम दीये बिना अधेर ही बैठे रहैं,
यह क्या कुछ सामान्य भाक्षेपका विषय है। इसी तरह
हम लोगोंको नित्य व्यवहार्य कितनीही चीजें हैं जिनके
लिये हमें विलायतवालौका मुह ताकना पडता है। विला-
यती चीजों में इस देशके मनुष्योंकी रुचि यहा तक अधिक
बढ़ गई है और उनका प्रचार भी इतना अधिक होगया है,
कि यहा को पूर्व-प्रचलित चीजोको हमलोग बिलकुल भूल
गये है और दिन पर दिन भूलते जाते हैं। आज कल बहुतसे
लोग ऐसे निकलेंगे कि जिन्होंने चकमक पत्थर देखा भी न
होगा और यह भी न जानते होंगे कि इसमेंसे केसे भाग
निकाली जाती है । । सत्यके अनुरोधसे यह तो कहनाही
पडेगा कि इस देशकी बहुतसी पूर्व प्रचलित चीजोंसे भाज
कलकी नवीन विलायती चीजे अधिक व्यय साध्य होने पर
भी उनसे कही उत्कष्ट, सुन्दर और जल्दी काम देनेवाली होती
है,तथा उनसे फल भी बहुत अच्श निकलता है। परन्तु शोकका
विषय है कि हम लोग अपनो नित्य प्रयोजनीय चीजें पापही
न बनाकर अन्य देशोंके मुखापती बने बैठे रहते हैं। जिन
चीजोंसे हम लोग अपना घर सजाते है, प्रायः जितनी
सुगन्धको चौजे लगाकर हम लोग वाबू बनते है, वह भी
,

[]
-
हम लोगों के लिये बिलायतसेही बनकर पाती है। विदेशीय
व्यवसायी तो हम लोगोंके हाथ यह सब चीजें वेचकर
धनवान होगये और होते जाते हैं और इस देशके व्यवसायी
अन्नाभावसे मरते है। यदि हम लोगोको प्रयोजनीय चीजे
इसी देशकै मनुष्य हारा प्रस्तुत कराके वैची जाये तो यहाका
बहुसा धन यहाही रहे और व्यवसायको भी उन्नति होय
अग्रेजीभापामें ऐसी बहुतसी पुस्तके हैं जिन्हे देखके सबकोई
अपने अपने घरों में बहुतसी प्रयोजनीय चीजें बना सकते है,
परन्तु हिन्दी-भापामें इस विषयकी कोई उपयुक्त पुस्तक न
रहनेके कारण मैंने अन्य भापात्रोकी पुस्तकोंमसे संग्रह करके
इस पुस्तकको बनाया है, अाशा है कि पाठक से सादर
ग्रहण करेंगे।
हर्पका विषय है, कि सम्बत् १८४४ में जब यह पुस्तक
प्रथमवार छपी थी तबसे यहा पर दीयासलाई, साबुन, सुगन्धित
एसेंस इत्यादि कई चीजोंके कारखाने खुल गये है और
बहुतसे व्यवसायियोंने इसमें लिखी कई एक चीजे बनाकर
विशेष लाभ भी उठाया है। परन्तु यह सब चीजें इतनी कम
बनती है कि जिससे एक बड़े शहरका खर्च भी पूरा नहीं
होसकता है। आशा है कि यदि यहाके सज्जन और धनी
महाजन लोग इस विषयमें दत्तचित्त होकर, जिन चीजोंकी
इस देश में बहुत कटत है, उन चीजोका कारखाना खोलेगे
तो यहाका बहुतसा अभाव दूर होजायगा और उनको विशेष
लाभ भी होगा।
अबकी बार प्रथम और द्वितीय भाग दोनों एकहीमें
छपाये गये हैं, और पुस्तकके अन्तमें अकारादि क्रमसे उन

अंगरेजी द्रव्योका एक कोप मिला दिया गया है जो इस
पुस्तक में लिखी चीजे बनाने में काम आती है।
इस कोपमें
उन द्रव्योंके रूप, रंग, गुण, पहचान तथा बनानेकी रीति भी
जहा तक होसका सुगमतासे लिखी गई है जिसमें सबकोई
जान सके कि वह चीजे क्या हैं और कैसे बनाई जाती है।
यह सभी चीजें प्राय डाकरी दवाइयों में काम आती है
और इनमेंसे बहुतसी ऐसी है जो इस देशमें भी बनाई जासकती
है। विदेशीय व्यवसायीगण यही सब दवाइया हमारे हाथ
वैचके प्रति वर्ष लाखों रुपये कमाकर अपने घर ले जाते है
और हम लोग बैठे उनका मुह देखा करते है। यदि यह
दवाइया यहाही बनाई जाय तो देशका बहुतही उपकार
होय और लाखों रुपये प्रति बर्ष विदेश जानेसे बचें। यद्यपि
बहुतसी दवाइया ऐसे हीसे बनाई जाती है, जो इस देशर्म
पैदा नहीं होते परन्तु अनुसन्धान करनेसे भली प्रकार जान
पडेगा कि उनके प्रतियोगी बहुलसे वृक्ष इस देश में भी पैदा
होते हैं, जिनसे वही काम निकल सकता है जो उत्त विदेशी
वृक्षोंसे निकलता है। आशा है कि यहाके सुविन्न देशहितैषी
डाकरगण इस विषयमें अवश्य उद्योग करेंगे। मेरी समझो
इस कोपसे देशी डाकरीको भी, नो अग्रेजी नही जानते,
बहुत कुछ सहायता मिल सकती है।
इस पुस्तकमै बहुतसी चीजे ऐसीही लिखी गयी है जो
विनायतसे बनकर आती है और जिनको यहा बहुत कटत
है। इन चीजोंक बनाने में जिन द्रव्योको आवश्यकता होती
है वे प्राय. सभी अंग्रेजी दवाईखानेमें मिलती है इससे बहु
तीका वज़न भी अग्रेजीही में लिखा गया है। प्रथम संस्करणक

[D]
प्रथम भागमेको कई एक चीजें जो परीक्षा करने में ठीक नहीं
उतरी उन्हें इस वार अलग कर दिया गया है।
सब पाठकोंसे मेरी सविनय प्रार्थना है कि वे इस पुस्तकको
काममें लावें न कि केवल उठा कर कनिमें फेंक रखें,
यदि वे इसमेसे दो चार चौजे भी अपने घरों में बनानेकी
चेष्टा करेगे तो मैं अपने परियमको सफल समझगा।
कलकत्ता
श्रावण शला एकादशी । श्रीविश्वम्भरनाथ वर्मा।
सम्बत् १८५३॥

रसायनसंग्रहका सूचीपत्र। ३ पृष्ठा। - दिपय। लहर सीप परत फायर सोप सिनेमन सोय या दालचीनीका साबुन पायोडीन सोय सलफर मोप या गन्धको साबुन द्वास पैरएए सोप या वन मावुन घरके झरच नायक थोडीमी मावुन अनेक प्रकारको सुगन्धित साबुन मुगन्धित एसेंस उडीकन्नोन सवेगदर वाटर फोरिडा वाटर उपाय , - मा गुम्नाय नल परेन फायर किम् मी-कुदक जौको, कब एसेस ॥ . । । A 11 1 . पसन्मा দুর্ন पसेन्म । एमन्म एसेन्स - २ रसायनसंग्रहका सूचीपत्र । विषय। पृष्ठा। ६ ८ ८ नीली अदृश्य स्याही हरी अदृश्य स्याही लाल अश्य स्याही गुलाबी अदृश्य स्याही पोलो अदृश्य स्याही लिथोग्राफी पत्थर पर लिखनेकी स्याही लिथोग्राफ छापनकी स्याही छापेको स्याही सूपरफाइन वा बढिया छापको स्याही अनेक प्रकारको छापेको स्थाही पत्थर पर खोदे हुए अक्षरों में ढालनेको स्याही जस्तके पत्र पर लिखने की स्याही तांबे वा अन्य धातु पर लिखनेको स्याही काच पर लिखनेकी स्याही सावुन उदण्डसर साबुन हनी सावुन स्पेनिश टायलेट साबुन कारबोलिक साबुन ग्लिसरिन सीप भायलेट सोय बोकेट सोप ऐमण्ड सोप वा बादामका साबुन रोज सोप वा गुलाबका साबुन १४ १४ १४ १५ १५ १५ S रसायनसंग्रहका सुचीपव। *- पृष्ठा। २७ .. विषय। घकोका तेल चन्दनका तेल दालचीनीका तेल लौंगका तेल जीरका तेल सौंफका तेल धनियेका संत सायनोमा तेल INMENT सांचौपानवादित- फुलेल बनानका सहन AEX na 'श IM वानि' । २८. । २८ छापेको ४ रसायनसग्रहका सूचीपत्र । विषय। पृष्ठा। २३ २३ २२ २३ २३ २३ २३ २४ स्पिरिट वा अर्क स्पिरिट एम्बर ग्रीस स्पिरिट केशीया सिरिट जेसमिन स्पिरिट अरज फावर स्पिरिट रोज स्पिरिट रोज जिरेनियम स्पिरिट स्याण्डाल ऊड स्पिरिट भायलेट स्पिरिट ऐमण्डस् वा बादामका अर्क स्पिरिट क्याम्फर वा कपूरका अर्क स्पिरिट लिमन स्पिरिट पेपरमिण्ट तैल विलायती उपायसे नारियलका तेल बनाना हेयार रेटोरर वा गन्न नाशक तेल हेयार इनभिगरेटर केश बर्दक तेल स्याकेसर श्रयेल सुगन्धित नारियलका तेल अनेक प्रकारके सुगन्धित तेल बनानेका सहज उपाय गुलाबका तेल नारगीका तेल कागजी नीबूका तेल २४ २४ २५ २५ २५ २५ २५ २७

रसायनहेग्रहका सूचीपत्र ।
८४
58
विषय।
विविध प्रकारको चोजें साफ करना
सोना साफ करना
चादी साफ करना
पोतल साफ करना
ताबा साफ करना
लोहा साफ करना
राग और सीमा साफ करना
हाथीदात साफ करना
जवाहरात साफ करना
लेस साफ करना
वेन साफ करना
तसवीरके कलईदार चौखटे
साटे
खट
C६
८
३
यो
इन्
*
-
-
दाग
A
बिल
४

रसायनसंग्रहका सूचीपत्र । पृष्ठान 4 - - ७४ - ७५ ७७ विषय। चमडेपर कलई करना किताबकी निल्दपर कलई करना किताबके पत्रीक किनारपर कलई करना किताबके पत्रीके किनारे पर नकासी करना जापानी गिलटी काठपर गिलटी करना कागज पर लिखे अक्षरों पर कलई करना ऐने पर कलई करना मिथित धातु बनाना जरमन सिलभर बनाना कृत्रिम सोना बनाना शात्रिम चादी बनाना ब्रोंज धातु बनाना पीतल बनाना कासा बनाना विटानिया धातु बनाना टाईप मेटाल वा छापिके अक्षरका धातु बनाना पिउटर धातु बनाना कोन्स मेटाल बनाना पिञ्चबेक धातु बनाना इलेकट्रम धातु बनाना सत्रिम प्लाटिनम बनाना क्यानन मेटाल बनाना धातु जोडनेका टाका बनाना ७४. ८१ ८१ ८. .

-8
21
-
श्री
नाना
.
ENTER
,
भने
JAM
2
.
AN

१४ रसायनसंग्रहका सूचीपत्र । विपया पृठा। .. स्मेलि बट्ल वा एमोनियाकी शीशी लाइमजूस एण्ड ग्लिमरिन हैयार डाई वा बालमें लगानका कलप स्थाण्ड पेपर वा बालूदार कागज सिल करनेको लाह . १०२ झत्रिम मूगा . कपूरका खिलौना १०६ कार्यानिक पेपर वालफीको बरफ इगुल वा सेदुर घडीका तेल कांच वनाना रशीन काच बनाना ट्रास वनाना काच काटना काचको नन टेढी वरना काचको चूर करना लोहे पर चीनोकी कलई करना हाथीदात पर नकमा करना सत्रिम हाथीदात पार्चमेण्ट कागज पुराने लिखेको नया करना पेन्सिलका लिखा पका करना सपछी मारनेका कागज ११३ ११४ ११४

ܫܐ
ܝܐ
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ܢܢ
ܕ ܐ
ܕܕ
ܬ ܡܕ݂ ܀
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܀

3;

TIE-रा
भोगार, जताना
रसायनसंग्रह।
.
स्याही।
सूखी स्याही--(१) कसीस १॥ छटाक, माजूफल
४ छटाक, अरबी गीद १ छटाक, सूखा काजल छटाक, इन
सब चीजोको खूब महीन पीमके रख छोडो, जब काम पडे
तब पानी मिलाके स्थाही बना लो। (२) माजूफलका चूरा
१० औस, सलफेट औफ जिक र श्रीस, सलफेट आफ पाईरन
8ौस, अरवी गोंद १ औंस। सबको मिलाय खूब महीन
पौसके रख छोडो। एक औंस चूरा आधा पाईट पानीमें
मिला कर खूब हिलायो , बहुत अच्छी स्याही बन जायगी।
काली स्याहो-(१) माजू फल १॥ सेर, कसोस
। सेर, पानी १० मेर। पहिले माजू फलको पीसके
पानीम ५ दिन तक भिगा रखो फिर लोहको कढाई में रख
आग पर चढाओ, जब गरम होजाय तव कसीस मिलाश्री,
जब देखो कि रंग खूब काला होगया तब उतारके छान लो।
(२) माजूफल १ प्रौस, सलफेट आफ आईरन २ ड्राम, सलफेट
आफ इण्डिगो ३ डाम, मलफिउरिक एसिड ५ वूद, पानी
औंस, काबालिक एसिड ५ मिनिम। (३) हर, बहेडा, टोरी,
इन तीनो चीजोंको बराबर ले खूब महीन पीस, पानी डालके
लोहेकी कढाईमें रख पाग पर चढायो नब काली होजाय
--

३ रसायनसंग्रह। तब उतनीही कसीस पीसके मिलाश्री और पाग परसे उतार लो। ५ दिन उसी कढाईमें रहने दो फिर छान लो। वुलू वाक वा नौलौ काली स्याही-कसीस ॥ सेर, माजू फल १॥ सेर, पानी १० सैर, कत्या १ छटाक, नीला रग आधा छटाक, पीला मजटर ५ ग्रेन। माजूफलको पीसके दस सेर पानीमें ५ दिन तक भिगा रक्खो फिर आग पर चढाओ, जब गरम होजाय तब कसीस और कल्या मिलानो । जब देखो कि रग खूब काला होगया तब उतारके छान लो और आठ दस दिन उसी तरह रहने दो, फिर दूसरी दफे छानके नीला रग और पोला मजटर मिलानो। नीली स्याही-(१) पूसीयन व २ औस, अक- ज्यालिक एसिड १ श्रीस दोनीको थोडेसे पानी में मिलाय काईकी तरह कर लो, फिर ज्यादा पानी मिलाके स्याही बना लो। (२) चाईनीज ब्ल. २ श्रीस, अकज्यालिक एसिड १ औंस, एक कार्ट पानीमें रगको अच्छी तरह गलाके फिर एसिड मिलाओ। हरौ स्याहो--(२) भरडीग्रीस (जगाल) २ श्रीस, क्रीम आफ टार्टर १ औस, श्राधा पाईट पानी में मिलाके आग पर चढानी, जब पानी आधा जल जाय तब उतारके छान लो। (२) क्यालकाइन-एसिटो-नाइट्रेट-आफ-क्रोमको पानी में मिलानेसे बहुत अच्छी हरी स्याही बनती है। (३) बुलू स्याहीके साथ पीली स्याही मिलानसे यह स्याही बनती है। (४) नीलको पानीमै घोलके उसमें हरताल मिलानेसे भी यह स्याही बनती है।

--
रसायनसंग्रह।
त
ग्रीन वाक वा हरौ काली स्याही-१५ भाग
माजूफलके चूरैको २०० भाग पानी में मिला श्राग पर चढाके
एक घण्टे तक उबालो, फिर उतारके छान लो। फिर उसमें
कसीस ५ भाग, लोहा चूरा ४ भाग और थोडासा अरक
जिसमें नौल प्राधा पॉईट और गन्धकका तेजाव ३ पाइट रहे,
मिला दो। यह स्याही लिखनेके समय हरी दिखाई पडेगी,
फिर कुछ दिन में काली होजायगी।
लाल स्याही-वेजिलउड २ औस, फिटकरी॥ श्रीस,
पानी १६ औंस, इन सबको आग पर चढाके उबालो,
नव प्राधा पानी रह जाय, तव उतारके छान ली। पीछेसे
।। औंस परबो गोंद मिला दो। यदि इसमें १॥ श्रास कटि-
फाईड स्पिरिट और आधा शाम कोचनियलका परक मिला
दिया जाय तो यह स्थाही बहुतही सुन्दर होजायगी।
किरमिनी लाल स्याही-लाईकार एमोनिया
२ ड्राम, कारमाईन ड्राम, पानी ड्राम, परवी गौद १०
ग्रेन। कारमाईन और नौसादरको पानी में मिलाकर भाग
पर चढाओ, जब उसको खार उड़ जाय तब गोंद मिला।
बैगनी स्याही-पानो १२० भाग, कैमपीची १२
भाग, सब-ऐसिटेट आफ कापर (भाग, फिटकरी १४ भान,
अरबी गोद ४ भाग। पहले पानी में काठको उबातो। वव
परक उतर पावै, तब और मसाले मिला दो। ४५ दिन
इसी तरह रहने दो, तय काममें लानी।
अदी स्याही-आठ औस लागउडको ३ पाइट

४
रसायनसग्रह।
।
पानी में डाल कर आग पर चढाओ। जब पानी जल कर
आधा रह जाय, तब उतारके छान लो; फिर १॥ औस गोद
और ॥ ौस फिटकरी मिलायो।
पौली स्याही-~-१ औस ग्याम्बोज पाउडरको ५ ,
औंस गर्म पानी में डालकर आग पर चढायो। जब ठण्डा
होजाय, तब पौन । औस स्पिरिट मिलाओ।
सफेद स्याही-मिउरिटक एसिड १ ड्राम, पानी ७
ड्राम, अरबी गोद पिसी हुई १० ग्रेन। तीनो चीजोंको मिलाके
सफा कलमसे नीले रंगके कागज पर लिखो।
कापी करने की स्याही-पानी २ गैलन, अरबी
गोद! पाउण्ड, ब्राउनसुगर पाउण्ड, साफ कोपरास पाउण्ड,
'पिसा माजूफल पाउण्ड सबको अच्छी तरह मिलाके दस
दिन तक रहने दो फिर छान लो। इस स्याहीका रङ्ग
सेकडो वर्षमें खराब नहीं होगा। (२) पाठभाग ऊदी स्याहीमें
६ भाग ग्लिसरिन मिलानेसे भी यह स्याही बनती है, इससे
बिना प्रेसके भी कापी हो सकती है। (३) १॥ पाईट काली
स्याहीमें १ श्रौंस मिसरी मिलानेसे भी कापीकी स्याही
बनती है।
सुनहरी स्याही--सोनेके वरक २४, ब्रोंजगोल्ड
॥औंस, स्पिरिट श्राफ वाइन ३० बूद, सहत ३० ग्रेन, अरबी
गोद ४ ड्राम, पानी ४ श्रोस, सहत और गोंदमें सोनेको अच्छी
तरह घोटो, फिर पानी मिला कर पीछेसे स्पिरिट मिलायो।
(२) मोजाइक गोल्ड वा सलफाइड आफ टिनको सोनेको

रसायनसंग्रह।
५
“जगह मिलानेसे भी यह स्याही बनती है और इसमें कम
खर्च पडसा है।
रुपहली स्याही-सनहरी स्याहीकी तरह बनाओ।
पर वरक चांदीके डाली।
। अक्षय स्याही-जेन्युईन आसफालटम १ भाग,
तारपीनका तेल ४ भाग, इन दोनो चीजोंमें सूखा काजल
"मिलामो वा छापेको स्याही मिलायो।
कपडे पर लिखनेकी स्याही-तूतिया ३ श्रीस
सोडाका ४ औंस, काष्टिक औंस, लाईकार एमोनिया १००
श्रीस । इन सब चीजोको मिलाके कलमसे कपडे पर लिख
कर पागका ताव देनेसे काले रङ्गक अक्षर होजायंगे। ये
अक्षर खूब पक्के रङ्गके होंगे और धोनेसे नही जायेंगे।
रवडकी मोहर करनेकी स्याही-विलायती
बुकनीका रङ्ग १ ड्राम, रेकटिफाइड स्पिरिट १ श्रीस।
घुकनोका रङ्ग माय सभी जगह मिलता है, जिस रङ्गको स्याही
बनानी हो, वही रङ्ग लेकर ऊपर लिखे मूजब स्पिरिटमें
मिलालो।
धातुनिर्मित माहर करने की स्याही-बुकनीका
रङ्ग १ ड्राम, म्लिसरिन १ चौस। दोनोको मिला डालो।
यह भी सब रङ्गको वन सकती है।
अदृश्य स्याही--(काली) छटाक गन्धकके तेजा-
वको एक बोतल पानी में मिलाके खूब हिलाओ , जब पानी
ठण्डा होनाय (क्योंकि गन्धकका तेजाब मिलानेसे पानी
है
भव

है
रसायनसंग्रह।
गरम होजाता है) तो उससे लिखने से पहले यही मालूम
पडेगा कि, कुछ लिखाही नही, परन्तु आगका ताव देने
काले अक्षर दिखाई देगें। (नीली) एक ड्राम कोवाल्ट
लोराइडको पाठ नौस पानी में मिलायो। साफ कलमसे
सफेद कागज पर लिखके पागका ताव देनेसे नीले अक्षर
दिखाई देगे, थोडी देर बाद फिर अदृश्य होजायंगे।
(हरी)-सोल्युसन श्राफ नाइटी म्युरियेट आफ कोवा-
ल्टसे हरे अचर दिखाई देगे और फिर अदृश्य होजायंगे।
(लाल)-एसीटेट आप कोवाल्ट को ८ औंस
पानीमें मिलानसे यह स्याही बनती है, नीली थौर हरी-
स्याहोकी भाति यह भी आग दिखानेसे लाल होती और फिर
अदृश्य होजाती है।
(गुलाबी)-सोल्युसन श्राफ ऐसिटेट श्राफ कोवा-
ल्टमें थोडासा सोरा मिलानेसे यह स्याही बनती है।
(पीला)-तूतिया और नौसादरको पानी में घोलके
लिखकर पागका ताव देनेसे पीले अक्षर हो जाते है।
लिथोग्राफ्री पत्यर पर लिखनेकी स्वाही-
गमस्याष्टिका औस, चपडा लाह १२ औस, मिनिस देशीय
ताडवीनका तेल १ औंस। इन तीनो चीजोंको एक साथ पाग
पर चढाके एक पौण्ड मोम और ६ स चवीं मिलायो।
जब देखो कि, ये सब चोजे अच्छी तरह मिल गई, तब खूब
काडी ४ बोस चर्वी मिलाओ, जब वह गल जाय तब ४ औस
सूखा काजल उसमें मिला दो। इन चीजीको अच्छी तरह

, रसायनसंग्रह।
मिलाके साचेमें ढालकर पिण्डाकार कर लो। इस स्याहीसे
पत्थर पर लिखा जाता है।
लिथोग्राफ छापनेकी स्याही- लिथोग्राफकी
स्थाही बनानेके लिये एक तावे वा लोहेका वर्तन और उसका
ढकना बनाना होगा। इस बरतनमें तीसीका तेल ऐसी
रोतिसे जलाना चाहिये कि, आग लगानेसे ही बल उठे। इसी
तरह तेलको तबतक जलाते जाओ, जब तक लेईको तरह न
हो जाय। जब गाठी होजाय,तब ढसना ढक दो, बस तेल आप
हो वुझ नायगा। फिर उममें पारिसलाक नामक स्याहीको
जलाके उसकी राख मिलाओ। उस तेलके साथ स्याहीको
राखको जितना धीटोगे, स्याही भी उतनी ही काली
।
होगी।
छापेको स्वाही,
'एक
बडी लोहेकी कढाईमे
१०.१२ गैलन तीसीका तेल भाग पर चढायो; जब उवलने
लगे, तब एक लोहके सीखचेसे चलाते जानी। जब धूत्रा
निकलने लगे, तब एक टुकडा कागज जलाके कढाईका तेल
वाल दो, थोडी देर बाद उतार लो। जब तक तलको
चासनी खून गाढी न होजाय, तब तक जलाते जाओ। फिर
कढाई पर उतनाही बड़ा एक ढकना ढक दो। जब उसमें
फेन नहीं रहे, तब एक कोबाट तेल में एक पौण्डके हिमावसे
काला धूना वा राल मिलायो, फिर आगपर चढायो और
पोली सावुन (टुकडे करको) १॥ पौरइ सावधानतासे मिलायो।
फिर भागपरसे उतारने ठण्डी जगहमें रक्खो। तब उस गाढे
तेलमै रा ओंम नोल, २॥ श्रीस पूगीयान बू. और on पौड

रसायनसग्रह। - होता है उसे स्थायी कहते है , यह भी दो प्रकारका होता है, एक तरहका जलदी सूख जाता है और दूसरी तरहका देरम सूखता है। जो तेल भाफ होके उड जाता है उसे अस्थायी सेल कहते हैं। यह भी दो प्रकारका होता है , एक सुगन्ध (Essential) दूसरा मटिया ( Mineral )। इन दो भातिके तेलोंमें स्थायी तेल ही सावुन बनानेके लिये विशेष उपयोगी है। जिन स्थायी तेलोसे साबुन बनती है वह दो प्रकारके होते हैं एक उद्भिज और दूसरा जान्तव। उद्भिदसे जो तेल निकलता है उसे उद्भिज कहते है इनमेसे तालका तेल (Palm oil), नारियलका तेल, बदामका तेल, विलायती जलपाईका तेल (olive oil), गाजेका तेल, सनका तेल, तीसीका तेल, और रेडीका तेल साबुन बनानेमें काम आता है। नारियलका तेलही सबसे अधिक परिमाणसे इस काममें लगता है। नान्तव तेल या चर्बीके बीच सूकरकी चर्वीही सबसे श्रेष्ठ है। भेंडकी चर्बीसे भी साबुन बनती है इसके पतिरिक्त घोडा, बैल और मछली आदिके सहारे जो साबुन बनती है वह अत्यन्त निकृष्ट है। प्राय जान्तव और उभिज दोनो प्रकारके तेल मिलाकर ही सावुन बना करती है। हमारे देशमें हिन्दूलोग जो साबुनसे घणा करते हैं इसका कारण केवल सावुनमें चर्बीका मिलनाही है। यद्यपि यह सत्य है, कि खाली तेलसे भी सावुन बनती है तथापि कौनसी साबुन बिना चर्बीकी बनी हुई है इसके जाननेका उपाय न रहनेसे लोग उसे शरीरमें मलनेसे घृणा करते है। सही लिये हमारे हिन्दू समाजमे अबतक भी सब्जीमट्टी आदि व्यव- हत होतो है। परन्तु इन वस्तुओंसे आशानुसार फल नहीं 1 रसायनसग्रह। मिलता इस हेतु जिस भातिसे साबुन का अधिक प्रचार हो सके उसकी चेष्टा करनी सबको उचित है। जब तक यहा पवित्र साबुन बनानका प्रवन्ध अच्छी तरहसे न होजाय तब क हमारी समझमें हिन्दू लोग कुछ कष्ट सहके अपने घरों में पापही साबुन बना लिया करे तो बहुत अच्छा है। चार-यह भी दो प्रकारका होता है एक पोटाश और दूमरा सोडा। क्षारयुक्त होको जला कर जो चार मिलता है उसीसे पोटाश बनता है। यहाके धोवी केलेके हक्षसे एक प्रकारका क्षार निकालते है वह भी यही पोटाश पोटाशमे कोमल (soft) और मोडासे कठिन (Hard) साबुन बनता है। पहिले क्षारसे साबुनके उपयुक्त क्षारजल बनाना होता है, अगरेजीमें इस क्षार- जलको ल्ये (Ley or Lye) कहते है। कठिन साबुन बनानेके लिये जो सोडाका क्षारजल बनता है उसे साबुन वाले ऐलकेली (Alkali) कहते है। बाजारमें जो सोडा मिलता है उसे कानिट आफ सोडा (carbonate of soda) कहते है, उसीसे कार्यानिक एसिड (carbonic acid) निकाल लेनेसे काष्टिक सोडा होता है। यही साबुन बनाने में काम पाता है। एक पेदमें छिद्रयुक्त लोहेके बरतनमें गूंडा चूना विछा कर उसके ऊपर सोडा विछाया जाता है, उसके ऊपर चूना और फिर उस पर सोडा बिछाते है। जव बरतन प्राधा भर जाय तब उसमें पानी डालके अच्छी तरहसे ढक देते हैं, एक दिन बाद नीचेवा छेद खोलके उसमेंसे पानीको चुधा कर एक सीसेके बरतनमें रख छोडते है। यही उत्तम चारजल है और बड़े बड़े कारखानोमें इसी तरहसे बनाया ।

१२
रसायनसंग्रह।
-
नाता है। कोमल साबुन बनानेके लिये पोटाशका क्षारजल
बनाया जाता है। पहले क्षारयुक्त वृक्षके पत्ते और डाल
प्रति जलाते है, फिर उसकी राख इकट्ठी करके जल मिलाय
कीचडकी तरह कर लेते है। उस कीचडको इकट्ठा कर
उसके बीच में चूना डालके थोडी देर तक भली भाति ढकके रख
देते है, फिर दोनोको अच्छी तरहसे मिलाके सोडाके क्षार
जलकी तरह इसका भी क्षारजल निकाल लेते है और शीशेके
वरतनमें अच्छी तरह ढक कर रख छोडते है। चारजल
बन जाने पर एक ताबे, लोहे वा मट्टीको कढाई लेकर आग
पर चढाके जिस तेलको साबुन बनानी हो, उस तेलको कढाई में
डाल कर गलाते है; तब उसमें क्षारजल मिलाते हैं , सोवुन
कढाईमें ताव न खाजाय, इस लिये उसे करशी वा किसी
वस्तुसे चलाते जाते है। १०० भाग तेलमें १४ भाग चारजल
मिलाया जाता है, तेल और क्षारजलका भाग ठीक हुआ
इसके जाननेकी रीति यह है कि यदि उसको एक बूंद जवान
पर रक्खो जाय तो उसका खाद मीठा लगता है। जब यह
पदार्थ गाढा होकर करछीमें लगने लगता है तब उसमें नमक
डालते है।
१०० भाग तेलमें ११६ भाग नमक डाला
जाता है। इस अवस्थामें कुछ देर तक रहने पर साबुनका
जलीय अश नीचे बैठ जाता है। फिर भाग परसे उतारके
कढाईके नीचे वाले छेदसे उस जलको निकाल देते है। इसके
बाद और थोडी देर तक आग पर औटानेसे साबुन गाढी
होनाती है फिर उसमें थोडासा चारजल डालकर औटाके
उतार लेते है
अग्नि जलानेक समय ऐसा होना चाहिये कि, जिससे
.

रसायनसग्रह। R . आग जलने पर उसकी लपट कढ़ाईके चारी और ने लगाकर केवल उसकी पेंदीमही लगे। ऐसा न किया जाय, तो कढाईमें साबुनके लग जानेको सम्भावना रहती है। सावुन पोटानेके लिये पत्थरके कोयलेकी आग जलानी उत्तम है, किन्तु सांव- धानीसे जलाव, नहीं तो कढाईमें सावुन लग जासता है। जिस कढाईमें साबुन आग पर चढाया नावे, वह ऐसी होनी चाहिये कि पाच लगने पर उसमें से मिश्रित पदार्थ नीचे न गिर जावें। इस कढाईके नीचेका छेद एक ठपोसे बन्द किया रहे। साबुन जमानेके लिये एक काठका ऐसा बक्स बनाते हैं जिसके चारों पल्ले इच्छानुसार अलग हो सकते हैं। पहिले साबुन पका कर उस बक्समें छोड़ देते हैं, जब वह अच्छी तरह जम जाता है तब उसे तारसे काटके वार ( Bar ) वना 1 उइण्डसर साबुन--(सफेद) जलपाईका तेल १ भाग, चर्षी ८ वादभाग, दोनोको मिलाकर आग पर चढानी और काष्टिक सोडाका,नार डालते जाओ, जब गाढा होजाय तब उतार लो। इसको कर्डसोप कहते हैं। इसमें अयेल आफ क्यारावे, श्रयेल बार्गमट, अयेल लवेण्डर मिलानेसे उदाहसर सावुन बनती है। यदि बहुत बढिया बनाना होय तो येल श्राफ केशीया, बादामका तेल, अथवा एसेन्स मस्क पोर एसेन्स एवरग्रीस मिलायो। १०० भाग साबुन में १३ सथा २ भाग उक्त सुगन्धित तेल (सब मिलाके) मिलाये नाते हैं। (ब्राउन)कर्ड साबुन १०० गोंस, अवेल आफ क्याराक १ औंस, अयेल लवेबर २ ड्राम, येल रोजमेरी छाम ।

रसायनसंग्रह। - इसमें रग करनेके लिये थोडासा केरामिल, अम्बर वा आउन ओकर मिलाओ। हनौ साबुन-उक्त सफेद कर्ड साबुनमें अयेल रोष जिरेनियम, अयेल बार्गमट और श्रयेल भारबीना मिलानसे यह साबुन बनती है। इसमें रग करनेके लिये थोडासा तालका तेल मिलानो। स्पेनिश टायलेट सावुन- चीनी ( यथोपयुक्त पानीमें गला लो) ३५ तोला, सूकरकी चर्बी ५० तोला, नारियलका तेल ५० तोला, रेंडी वा अरण्डका तेल ५० तोला, सोल्युशन आफ काष्टिक सोडा ३५ तोला, एलकोहल ४० तोला, ग्लिसरिन १० तोला, पाम श्रयेल १ तोला, पोटाश कम्पोजिशन ४. सोला, लिमन अयल १ तोला। पहिले नारियलका तेल, अरण्डका तेल और चर्बी तीनोको आग पर चढाओ, जब गाढा होजाय तब सोल्युशन आफ काष्टिक सोडा और एलकोहल मिलाओ। फिर दूसरे बरतनमें चीनी, ग्लिसरिन और पोटाश कम्पोजिशन भागमें गरम करके ऊपर लिखी चीजोमें मिलाओ, जब थोडा ठण्डा होजाय तब पास अयेल, लिमन अयेल और थोडासा एकेशीया एसेन्स मिलाकर साचे में ढाल लो। कारबोलिक साबुन-सफेद उदण्डसर साबुन १२ भाग, कारबोलिक एसिड १ भाग, पहले उदण्डसर साबुनको आग पर चढाओ जब गल जाय तब कारबोलिक एसिड मिलाओ। यह साबुन फोडा, फुन्सी, खुजली आदि ची- रोगोंको दूर करती है। . .

1
रसायनसंग्रह।
।
ग्लिसरिन साप-नरम टायलेट साबुन २० भाग,
ग्लिसरिन १ भाग। जब साबुन पतला रहै उसी समय
म्लिसरिन मिलाभो। सुगन्धिके लिये आयेल बार्गमट, येल
रोज निरनियम और अवेल केशीया मिलायो।
मायलेट सीप-सफेट कर्ड साबुन ३ पाउण्ड,
जलपाईके तेल का साबुन १ पाउण्ड, तालके तेलका साबुन
३ पाउण्ड,
तीनीको एक साथ गलाके थोडासा एसेन्म आफ
घोरिसरुट मिलाभो।
वोकेट साप-सफेद कर्ड साबुन ३० पाउण्ड,
एसेन्स आफ बार्गमट ४ औस, अयेन श्राफ लोभ्स, सासा.
फरास और थाइम प्रत्येक १ औंस, ब्राउन प्रोकर (रग करने के
लिये) ७ औंस। पहले साबुनको छुरीसे खुव महीन महीन
काटके थोडे गरम पानीके सहारे गलामो, फिर सब चीजें
इसमें मिलाश्री।
ऐमण्ड सोप वा वादाम का सावुन-सफोद
कर्ड
साबुन 0 भाग, जलपाइके तेलका साबुन १ भाग। इसमें
बढिया बादामका तेल मिलानेसे यह साबुन बनती है। ४ वा
५ पाउण्ड साबुनमें १ औंस तेल मिलाया जाता है। यह भी
बोकेट साबुनकी तरह बनाई जाती है।
रोन साप वा गुलावका साबुन-तालके तेल
का साबुन ३ पौण्ड, सफेद कई साबुन ३ पाउण्ड पानी।
पादर। पहले टोनो तरहको साबुनका खूब
महीन
करके पानी मिलाय एक साफ तावको कढाई में रक्खो फिर
एक बडे बरतनमें खूब गरम पानी करके उसमें उस कढाईको

रसायनसंग्रह। रक्खो जव साबुन गल जाय तब उसमें ४ ड्राम सेंदुर मिलायी। जब थोडा ठण्डा होजाय तब उसमें बढिया गुलाबका अतर २ ड्राम, अयेल वार्गमट १॥ ड्राम, दालचीनी और लौंगका तेल प्रत्येक पौन ड्राम, अयेल आफ रोज़ जिरेनियम आधा ड्राम मिलायो, जब अच्छी तरह मिल जाय तब साचेमें ढाल लो। लवेण्डर साप-५ पाउण्ड सादी उइण्डसर साबुन में एक औस अयेल आफ लवेण्डर मिलानेसे यह साबुन बनती है। इसमें रग करनेके लिये टिड्नचर आफ लिटमस मिलाया जाता है। अरंज फावर सोप-यह रोज सोपकी तरह बनती है परन्तु गुलावके अतरके बदले इसमें बढिया अयेल निरोली दिया जाता है और रग करने लिये क्रोम इयालो और सेदुर मिलाकर दिया जाता है। इसमें नरङ्गीको सुगन्धि पाती है। सिनेमन सीप वा दालचीनौका साबुन- बढिया कर्ड साबुन ६ पाउण्ड, तालके तेलका साबुन ३॥ पाउण्ड, नारियल के तेलका सावुन १ पाउण्ड, दालचीनीका तेल १॥ औस, अयेल बार्गमट और.सासाफरास प्रत्येक ४ ड्राम, लवेण्डर १ ड्राम, इयालो भोकर ४ औंस। आयोडीन सोप-एक भाग आयोडीन माफ पोटाशियमको तीन भाग पानीमें गलाओ, फिर उसमें काष्टा- इल सावुन १६ भाग दालचीनीके बरतनमें रख गरम पानीके सहार गलाके अच्छी तरह मिलालो। - -

। रसायनसंग्रह।
५
सलफर सोप वा गवकी साबुन-~-सफेद साबुन
(चूरा) ८ औंस, गन्धक र औंस, एलकोहल १ौस, सबैको
अच्छी तरह सलमे कूटी, जब खूब नरम होजाय तब गोले
बनाके रख छोडो। यदि चाहो तो कोई सुगन्धित तेल भी
'मिला सकते हो।
ट्रांसपेरेण्ट सीप वा स्वच्छ साबुन-पहले
कुरीसे ५ सेर साबुनको खूब महीन महीन काटके धूपमे
सुखाय पीस कर छान लो, फिर ३॥ सेर एलकोहलकी भाग
पर चढाओ जब उवलने लगे तब सायुनका चूग डाल दो,
फिर रग और सुगन्धि मिलायी। यह साबुन बनानेमे बहुत
चौडे मूहका बरतन नही रखना चाहिये (नहीं तो बहुतसा
एलकोहल खराब जाता है) और साबुनके बरतनको आग पर
नही रखना (नही तो सावुन वात स्वच्छ न होगी)।
पहले भाग पर एक बरतनमे पानी चढाओ, जब पानी
उबलने लगे तब उसमें साबुनका बरतन रख दो। चर्बीको
साबुन और राल और चर्बीको साबुनसें यह साबुन बनती है।
घरके खरच लायक घोडीसौ साबुन बनानेका
उपाय-कार्बोनेट आफ सोडामे साफ पानी मिलाके
थोडा सीपका चूना मिलाओ, जब पानी दूधकी तरह होजाय
तब आग पर चढायो, थोडी देर बाद उसमेसे थोडासा
निकालके २४ बूद सोरका तेजाव डालके देखो कि उसमें
बुलबुला उठाता है या नही, जब बुलबुला न उठे उसी समय
बरतनको प्राग परसे उतारलो, और एक दिन तका ढका
रहने दो, फिर ऊपरका चार अलग करलो (परन्तु सावधान

१८
रसायनसंग्रह।
-
रहना जिसमे बहुत हवा न लगे। फिर थोडा सा नारियलका
वा तिलका तेल वा दोनो मिलाके एक कढाई मे रख पाग
पर चढाओ, नब तेल अच्छी तरह पक जाय, तब उसमे
ऊपर लिखे क्षारका जल डालते जाओ और चलाते जाओ,
जिसमे जले नही। जब गाढी होने लगे तब थोडा सा नोन
डाल दो, और चलाते जाओ, इसो समय जो कुछ सुगन्धिको
चीज मिलानी होय सो भी मिला दी, और उतारली। फिर
इच्छानुरूप साँचेमे ढाललो, जब वह जम जाय तब ग्रहस्थके
रोजके खरच योग्य अच्छी सावुन बन जायगी।
अनेक प्रकारकी सुगन्धित सावुन बनानेकी
रीति-ऊपर लिखी सावुनमे जैसी सुगन्धि किया चाहो
उसी तरहका तेल मिलापो, जैसे चन्दनका साबुन बनाना
होय तो उसमे चन्दनका तेल मिलाओ। इसी तरह गुलाव,
मोतिया, केवडा, चमेली, खस, पानडी इत्यादि जिसका
असर डालोगे उसीकी सुगन्धि पाबेगी, अयेल निरीली
मिलानेसे नरगीको, अयेल लिमनसे नीबूकी, अयेल वार्गमटसे
चकात्रेकी, अयेल सिनेमनसे दालचीनीकी, अयल क्लोभस्म
लौंगकी, आयल क्यारावेसे जीरकी, अयेल एनिथाइसे सौंफकी,
अयेल कोरियाण्डासे धनियेकी, अयेल क्यानूपुटसे इलायचौकी
अयल सासाफराससे सांची पानकी और एसेन्स मस्कसे
कस्तूरीको सुगन्धि पाती है।
.
7

r, - सुगन्धित एसेन्स । - दूउडीकलान-प्रयेल वार्गमट १ औंस, अयैल लिमन ॥ श्रौंस, श्रयेल रोजमेरी २ ड्राम, अयेल निरोली ३० बूद, अयेल लवेण्डर (इलिस) ॥ औंस, अवेल अरेज २ ड्राम, रेकटीफाइड स्पिरिट २ पाउण्ड । सबको एक साथ मिलालो। (२) अयेल रोजमेरी ४ ड्राम, अयेल लिमन ४ ड्राम, श्रयेल वार्गमट २ ड्राम, अयेल लवेण्डर २ ड्राम, अयेल सिनेमन बूट, श्रयेल क्लोभ्स १५ बूद, अयेल रोज १५ बूद। सबको २ कार्ट बढिया एलकोहलमें मिलाके बोतलमे भरो और एक सप्ताह तक दिनमे २ वा ३ वार अच्छी तरहसे हिलायो। लवेण्डर वाटर-अयेल लवेण्डर ४ औस, कार्या- निट अफ म्यागनिशिया यधावश्यक, एलकोहल ३ कार्ट, गुस्ताव- जल १ पाइट । श्रयेल लवेण्डर और कार्बोनेट आफ म्यागनि- शियाको एक सङ्ग मिलाके गुलावजल मिलाओ, फिर वाटिन कागजसे छानके एलकोइल मिलायो। (२) अयेल लवकर ३ ड्राम, अयेल वार्गमट ३ ड्राम, अयेल रोजमेरी १ ड्राम, अयेल लोभम् ५ बूद, कस्तूरी ३ ग्रेन, वेजोनिक एसिड ३० ग्रेन, मधु वा शहत १ औंस, पानी ३ औंस, रेकटीफाइड स्पिरिट २० पौस । सबको मिलाके वाटिङ्ग कागनसे छानलो पोछेसे गुलावका प्रतर और अयेल लोभ्स् मिलायो। फोरिडावाटर-प्रयेल लवेण्डर ४ औंस, अयेल वार्गमट ४ औंस, अयेल निरोली २ ड्राम, भयेल लोभ्स् १ धाम कस्तूरी ४ पेन, रेकटीफाइड स्पिरिट १ ग्यालन, टिनचर -

रसायनसंग्रह।
टगा यथा प्रयोजन। सबको. एक साथ मिलायो। टिहचर
टगा केवल रंग करने के लिये मिलाया जाता है।
गुलाबजल (इंलिश)-अटोडी रोज (गुलावका
अतर) ॥ ड्राम, कार्बोनेट आफ म्यागनिशिया १ औंस, डिष्टि-
लड वाटर आधा ग्यालन। गुलावका अतर और कार्बोनेट
भाफ म्यागनिशियाको अच्छी तरह मिलाओ, फिर उपरोक्ष
पानीके साथ मिलाके वाटिङ्ग कागज द्वारा छानलो।
अरेज फावर वाटर-श्रयेल निरोली ॥ ड्राम,
कार्बोनेट अफ म्यागनिशिया यथा प्रयोजन, डिष्टिल्ड वाटर
२ पाइट । गुलावजलकी तरह बनाओ।
किस्-मौ-कुदक-(इलिश),-स्पिरिट जेसमिन
२ औंस, स्पिरिट परेन फावर ३ औस, स्पिरिट टद्वाविन
॥ औस, स्पिरिट एम्बारग्रिस १ ड्राम, कलोन स्पिरिट ११ औंस,
टिंड्नचर ग्रास (रग करनेके लिये) यथा प्रयोजन। सबको एक
साथ मिला डालो। (अमेरिकन),-स्पिरिट १ ग्यालन, एसेस
अफ थाइम ! औंस, एसेंस परेन फावर २ औस, एसेंस
निरोली औस, गुलावका अतर ३० बूद, एसेस जैसमिन
१ औस, एसेंस वाममिण्ट ३ श्रीस, पेटेल अफ रोज ४ औस,
अयेल लिमन २० बूद, केलोरस एरोमेटिकस औंस, एसेस
निरोली औंस, सबको मिलाके छानलो।
जौकीलव-(अमेरिकन),-स्पिरिट अफ वाइन ५
प्यालन, अरेन्ज फावर वाटर १ ग्यालन, बालसमपेरू ४ श्रीस,
एसेंस वार्गमट ८ औस, एसेंस मस्क ८ औस, एसेस लोभस्
इौंस, एसेस निरोली २ औंस । सबको मिलाके छानली।

रसायनसग्रह।
(२) (इग्लिश),-स्पिरिट अफ रोज ४ श्रीस, स्पिरिट केशीया
२ औंस, स्पिरिट जैसमिन ४ औंस, स्पिरिट एम्बर ग्रीस ४
ड्राम, टिचर ओरिस ४ ड्राम। एक साथ मिलायो।
एसेंस फाडीपानी--(इलिश),-स्पिरिट अरेख फावर
४ भौंस, स्पिरिट रोज ४ औंस, स्पिरिट स्याण्डाल ऊड २
औंस, स्पिरिट केशीया १ औंस, कस्तुरी २ ग्रेन, स्पिरिट
एवरग्रीस १ ड्राम । सबको एस साथ मिलायो। (२) (अमेरि-
कन),-स्पिरिट १ ग्यालन, अयेल वार्गमट १ औस, अयेल
लिमन १ औंस सबको मिलाके चार दिन तक रख छोडी।
परन्तु बीच बीचमे अच्छी तरह हिला दिया करो। फिर पानी
एक ग्यालन मिलाके अरेन फावर वाटर १ पाइट और एसेंस
भेनिला २ औंस मिलाओ।
एसेन्स वोकेट-स्पिरिट लोभस् २ ड्राम, स्पिरिट
निरेनियम ५ ड्राम, स्पिरिट सिटरन २ औस, स्पिरिट बार्गमट
२॥ औंस, स्पिरिट सासेफ्रास २ औंस, स्पिरिट रेकटिफाइड ६
पाइट। एक साथ मिलाके १५ दिन तक रहने दो फिर
काममें लाओ।
एसेंस ल्यांल्यां-अयेल आफ ल्याल्या ३ ड्राम,
स्पिरिट एम्बरग्रीम २ ड्राम, कलोन स्पिरिट १६ औंस ।
सबको एक सग मिलायो।
एसेंस ह्वाईटरोज-स्पिरिट आफ रोन ४ श्रीस,
स्पिरिट भायलेट ४ औस, स्पिरिट जेसमिन २ श्रीस, कस्तुरी
२ ग्रेन, टिहचर ग्रास यथा प्रयोजन (रंग करनेके लिये)।
सबको एक सग मिला डालो।

२२ रसायनसंग्रह। एसेंस मसरोज अटोडी रोग (भरजिन) २ ड्राम, चन्दनका अतर २ ड्राम, एसेन्स मस्क १२ प्रौस, एसेन्स भेनिला ४ औस, टिचर प्रोरिस २ औस, एसेन्स जैसमिन ४ औंस गुलाव जल ४ औंस, रकटिफाइड स्पिरिट ४ पाइट, म्यागनि- शीया कार्व यथा प्रयोजन। पहले दोनो अतरको म्यागनि- शीया कार्वके साथ अच्छी तरहसे मिलाओ, फिर उपरोता एसेन्स मिलाके गुलाव जल मिलाओ और वाटिङ्ग कागज द्वारा छान लो, पोछेसे स्पिरिट मिलानी। एसेंस स्थिङ्ग फावर-टिट्सचर प्रोरिस ४ औंस, एसेन्स जेसमिन ४ भोंस, एसेन्स मस्क ४ औंस, अयेल निरोली । ड्राम, अयेल बार्गमट २ ड्राम, अरनफावर वाटर ४ औस, रेकटिफाइड स्पिरिट ४ पाइट। एसेंस लेडीज धोन-स्पिरिट आफ वाइन १ ग्यालन, गुलावका अतर २० बूंद, एसेन्स आफ थाइम श्रीस, एसेन्स आफ निरोली श्रीस, एसेन्स आफ भ्यानिला श्रीस, एसेन्स आफ बार्गमट औंस, अरेंज फावर वाटर ६ औंस एसेस भिक्टोरिया -गुलावका अतर २ ब्राम, अयेल निरोली २ ड्राम, अयेल बार्गमट ४ औस, अटो पाइ- मेंट २४ बूद, अटो आफ लवेण्डर (इग्लिश) १६ बूट, एसेन्स जेसमिन २ औस, टिचर ओरिस १६ औस, एसेंस मस्क २ 'औंस, अरेंज फावर वाटर ४ श्रीस, रेकटिफाइड स्पिरिट ४ पाइट । एसेस मसरोजकी तरह बनाओ।

स्पिरिट वा अर्क। स्पिरिट एम्बरग्रीस-कलोन स्पिरिट आधा ग्यालन, एम्बरग्रीस १॥ औस। दोनोको मिलाय एक बर- तनमें रख १ महीने तक ढक कर रक्डा रहने दो। स्पिरिट केशीया-येल केशीठा ॥ औस, कलीन स्पिरिट ८ औस। दोनोंको एक साथ मिला डाली। स्पिरिट जैसमिन-अयेल जेसमिन बास, कलीन स्पिरिट ८ औस। दोनोको एक साथ मिला डालो। स्पिरिट अरेंज फावर-अयेल निरोली १ दाम, कलोन सिरिट ८ औस। दोनोको एक साथ मिला डालो। स्पिरिट रोज-अटोडो रोज १ ड्राम, कलोन स्पिरिट ६ पास। दोनोको एक साथ मिला डालो। स्पिरिट रोज़ जिरेनियम -अयेल आफ रोज जिरेनियम १ ड्राम, कलोन स्पिरिट ६ औस। दोनोको एक साथ मिला डालो। स्पिरिट स्याण्डाल जड-चन्दनका तेल १ ड्राम, कलोन स्पिरिट १५ औस। दोनोको एक साथ मिला डालो। स्पिरिट भायलेट-स्पिरिट कैगीया २ औंस, स्पिरिट रोज १ औस, टिचर योरिसरूट १ पौस । तीनोको एक साथ मिला डालो। स्पिरिट ऐमण्डस् वा वादामका अर्क-बादाम का तेल १ औस, स्पिरिट १ पाइट। । -

२४
रसायनसग्रह।
स्पिरिट क्याम्फर वा कपूर का अर्क-(२)
४॥ औस कपूरको १ ग्यालन रेकटिफाइड स्पिरिटमें गलालो।
(२) कपूर १ श्रीस, रेकटिफाइड स्पिरिट १० औस । (३)
चिह्नचर आफ क्यामफर १३ ड्राम, टिनचर आफ मई
(myrrh) १८॥ ड्राम, रेकटिफाइड स्पिरिट प्राधा ड्राम।
स्पिरिट लिसन-नौबूका तेल १ औस, एलकोहल
८ औस, ताजे नोवूके ऊपरका पोला छिलका (खूब महीन
छोलक) ॥ औस, ४८ घण्टे तक भिगा रक्खो फिर छान लो।
स्पिरिट पेपरमिण्ट-पेपरमिण्टका तेल १ औस
रकटिफाइड स्पिरिट ४ औस। दोनोको अच्छी तरह
मिला डालो।
तैल।
विलायती उपायसे नारियलका तेल बनाना-
कोकोआफबाट (नारीयलका दूध ४॥ पौंड, रंडी वा
एरण्डका तेल १ ग्यालन, एलकोहल १ ग्य लन, अयेल अफ
लवेण्डर ४॥ औंस, अयेल अफ लोभस् ११ औंस, अयेल अफ
सिनेमन (दालचीनीका तेल) २ औंस, रोज जिरेनियम
२ ड्राम। पहले नारियलके दूधको मन्दी पाचमें गरम करके
एरण्डका तेल मिलायो, फिर एलकोहल मिलायी; पीकेसे
बाकी चीन मिलाके छानलो और गरम रहते शोशीमें
भरलो।
4+

रसायनसग्रह। . हयार रेटोरर वा गञ्जनाशक तेल-त्याक सलफर) आने भर, पाउडर सूगर अफ लेड) भर, अयेल सिटरन) भर, अयेल मारबीना ८ रेंडी वा एरण्डका तेल ) भर, एलकोहल १६ भरी। सबको एक सङ्ग मिला डालो। हयार इनभिगरेटर-बेरम २ पाइट, एलकोहल १ पाईट, काष्टर अयेल १ औंस, कार्य एमोनिया ॥ औंस, टिचर केन्यराइडिस् १ प्रोस। इन सबको अच्छी तरह मिलालो। इस परकके लगानेसे वाल नही झडते, बरन बढ़ते है। केशवईक तेल-ग्लिसरिन ३ भरी, जवरेण्डीका पत्ता। भरी, सिन्कोनावार्क १ भरी, एलकोहल २ भरी, रम २ भरी, गुलावजल १० भरी। पहिले जवेरैण्डीका पत्ता और सिन्कोनावार्कको खूब महीन पीसो, फिर और चीजे मिलाकर दिन तक भिगा रक्खो, बाद छानलो। म्याकैसर अयेल-सनफावर अयेल ६। भरो, गून- श्रीज १५ भरी, टोराक्स लिकुइड ८ भरी, अयेल आफ एगस ८ भरी, कोकोवटर ८ भरी, क्यामफेट १५ भरी, अयेल ग्राफ थाइम ८ भरी, अयेल निरोली ४ भरी, व्यालसम पेरू ६ भरी, गुलाबका अतर) पाने भर। ब्यालसम पेरूको आग, गलाकर सबको मिलालो। 'सुगन्धित नारियलका तेल-नारियलका तेल १ मेर, चन्दनका तेल ॥छटाक, पचापात (बङ्गदेशीय क्षविशेष) ॥ पाव, बेनाको जड (सक्षविशेष) ॥ पाव, गुलाबका फूल ३ रसायनसंग्रह। सूखा ॥ पाव, हिनेका अतर १ भरो। पहिले नारीयलके तैलमे पचापात, वेनाको जड और गुलावके फूलको १५ दिन तक भिगा रक्खी, जब देखो कि तेलमें नारियलकी बी नहीं आतो, तब हिनेका अतर और चन्दनका तेल मिलाओ। रग करनेके लिये एलकानेट रूट मिलाओ, और तेलको माफ करनके लिये फलानेल बा वाटिग कागजसे छानलो। (२) सुवासित गुलाबी नारियलका तेल-नारियलका तेल १ सेर, एनकानेट रूट ४ ड्राम, हिनेका तेल ॥ पाव, इस्ताम्बूल काही २ ड्राम, स्थाण्डेल अयल (चन्दनका तेल) ४ ड्राम, हिनेका अतर ५ बूट। पहले नाग्यिलके तेलको धूप वा आगमें गरम करके एलकानेट रूटका चूरा डाल कर एक दिन तक भिगा रखनेसे वह तेरा लाल रगका होजायगा। तब बाटि कागजसे छान कर उस खच्छ तेलमें पहले इस्ताम्बुल काही मिलायो। उसके बाद चन्दनका तेल, हिनका तेल और सबके अन्त में अतर मिलाकर अच्छी तरह हिलाकर शोशीम बन्द करके रख टो। इस तेलको मनोहर सुगन्धि ३ दिन तक शिरमें रहती है। (३) बादामका तेल २ औस, वेलेका तेल २ औंस, अयेल वार्ग- मट १ ड्राम। रग करनेके लिये थोडासा एलकानेट रूट डालदी। यह तेल शिरोरोग आदिको महोपध नामसे बिकता है। (४) बादामका तेल ४ धौंस, अयेल निरोली १० बुट, अटो रोज ४ बूद। रग करनेके लिये मजीठ 'डालना। अनेक प्रकारके सुगन्धित तेल वनानेका सहज उपाय-साफ नारियल वा तिलके तेलको एलका- रसायनसग्रह। . नेट रूटसे रग कर छान लो, फिरणा औस तेल में नीचे निखी हुई सुगन्धिीको १० से २० बूद तक मिलायो। अब जिम चीजके मिलानेसे जिस चीजकी सुगन्धि होती है, सो लिखते (१) गुलाबका तेल-गुलाबका इतर मिलानसे गुलाबके फूलसी खुशबो होती है। (२) नारङ्गीका तेल अयेन निरोलो मिलानेसे नार- गीकीसी खुशबो पाती है। (३) कागजी नीवूका तेल-अयेल लिमन मिला- नेसे कागजी नीबूसी रख्नुशवो आती है। (४) चकोत्रेका तेल-अयेल वार्गमट मिलानसे बतावी नीबू वा चकोत्रेकीसी खुशवो आती है। (५) चन्दनका तेल-चन्दनका तेल मिलानसे चन्द- नकी खुशबी आती है। (६) दालचौनीका तेल- दालचोनीका तेल मिलानेसे दालचीनीकी खुशबी आती है। (७) लौंगका तेल-अयेल आफ क्लोभ्स् मिलानेसे नौंगकौसी खुशबी आती है। (८) जीरेका तेल-अयेल आफ कारई मिलानेसे जौरको सुशवो पाती है। १) सौंफका तेल-श्रयेल आफ एनीथाई मिलानेसे सौंफकी खुशबो आती है। - (१०) धनिये का तेल-अवेल आफ कोरियाण्डा मिलानेसे धनियेको खुशबो पाती है। -- रसायनसंग्रह। -- (११) इलायचीका तेल-अवेल आफ क्याजुपुट मिलानेसे इलायचीकी खुशबो पाती है। (१२) सांचो पानका तेल-अयेल आफ सासा- फरास मिलानसे साची पानकोसी खुशबो आती है। एक सेर तेलमें २ औस एल्कानेट रूट मिलानेसे तेलका रङ्ग गुलाबी होता है और २॥ वा तीन औस मिलानेसे घोर लाल होता है। बहुतसे मनुष्य अधिक सुगन्धित करनेके लालचसे ज्यादे मसाले मिलाते है, परन्तु इससे तेल खराब होजाता है। फूलेल बनानेका सहज उपाय-सन्दूकके ढक- नेकी तरह एक टीनका बरतन बनामो, जिसके दमें किनारेकी तरफ एक छेद रहे, और उस छेदमें एक नल बाहरकी तरफ लगाओ। खूब ताजे और खुशबूदार गुलाबके फूलकी पत्तिया तोडके उपरोक्त ढकनेमें विछात्रो ( पत्तियोको धाक ॥ इन्चसे लगाकर १ इञ्च तककी होनी चाहिये)। फिर उसमें थोडासा तिलका तेल ढालदी। जब पत्तिया तेलमें अच्छी तरह भीगजाय, तब उसके ऊपर और एक थाक पत्ति- यौंको लगादो फिर तेल ढालो, इसीतरह जितना तेल बनाना हो उतनोही थाक पत्तियोंकी लगाते जागो और तेल ढालते जामो फिर एक दिनतक पत्तियोंको तेलमें भीगने दो (एक दिनसे ज्यादे न रखना नही तो पत्तियोंके सड जानेसे तेल खराब होजायगा), फिर कापी प्रेसमें उस बरतनको रखके दवाओ ( क्योंकि कापी प्रेसमे चीज खूब दवाई नातीहै और तेलभी स्वराब नही जाता) और उस नलके नीचे एक । रसायनसंग्रह। परतन रख दो, जब दवावोगे, तब सब तेल नलके रास्ते उस बरतनमें चला धावेगा। यह तेल बहुत सहनमें अच्च्या खुश- बूदार बनताहै। इस रीतिसे वेला चमेली आदि जिस फूलका तेल बनाना चाहो, वही बन सकताहै। जितना ताजा और खुशबूदार फूल होगा, उतनाही तेलभी अच्छा बनेगा। वार्निश वा रोगन। कोप्याल वार्निश- [--आठ पाउण्ड साफ अफ्रिकन गम कोप्यालको पानीकी तरह गलाके दो ग्यालन गरम तेलमें छोड दो और खूब उबलने दो, जब गाढी हो जाय और तार बंधने लगे तब उसमें तीन ग्यालन ताडपोनका तेल मिलायी (यद्यपि मिलानेके समय बहुतसा ताडपीनका तेल उड जायगा तथापि वानिश बहुत चमकीली और स्वच्छ बनेगी और जलदी सूख जायगी), फिर छान लो। यदि देखो कि बानिश बहुत गाढी है तो थोडासा और ताडपीनका तेल गरम करके उसमें मिला दो। यह बार्निश बढीया तशवीरों में लगाई जाती है और सूखने पर कठिन और अधिक काल स्थायी होती है। (२) पहले ८ पाउण्ड अफ्रिकन कोप्याल, २ ग्वालन तीसोका तेल, पाउण्ड सूखा सूगर श्राफ लेड, ३॥ ग्यालन । ताडपौनका तेल लेकर उक्त रीतिसे उबालो और छान लो फिर दूसरे बरतनमें ८ पाउण्ड बढिया गम एनाइम, २ ग्यालन तेल, पाउण्ड ह्वाइट कोपरास, ३॥ ग्यालन ताड. पौनका तेल उसी तरह उवालके मरम रहते छान ली। इन' ,

। रसायनसंग्रह।
दोनोंको एक साथ मिलाकर लगानेसे बहुत चमकीली बानिश
होती है। यह जाडे में ६ घण्टा और गरमीमें ४ घण्टे में सूख
नाती है।
गाडीको वारनिश-(१) ८ पाउण्ड अफ्रिकन गम
कोप्याल, तौसीका तेल २ ग्यालन, दोनोको ४ वा ५ घण्टे
तक उबालो जब गाढी हो जाय तब ३॥ ग्यालन ताडपीनका
तेल मिलाओ और छान लो। (२) गम एनाइम ८ पाउण्ड,
तीसीका तेल २ ग्यालन ताडपीनका तेल २॥ ग्यालन। (३)
२ याउण्ड कोप्यालको गलाके १ पाइट तोसीके तेलमें
मिलाओ और आग पर चढाके खूब उबालो जब गाढी हो
जाय तब ३ पाइट ताडपीनका तेल मिलाओ। यह बानिश
गाडीके पहिये, स्पिन और बाहरी हिस्सों में लगाई जाती है,
और बहुत दिन तक खराब नहीं होती। (४) (काली),-गम
एम्बर १६
औंस लेके आधा पाइट गरम मशीने वा तौसीके
तेलमें मिलामो और ३ औंस ऐसफालटम, ३ प्रौस राल
मिलाके आग पर चढाओ, नब अच्छी तरह मिल जाय तब
उतार लो , जब ठण्डा हो जाय तब १ पाइट ताडपीनका
तेल (थोडा गरम करके) मिला दो।
लीहेकी बारनिशटार प्रयेल २ सेर, ऐस
फालटम ॥ सेर, राल । सेर, इतनी चीजोंको लोहको कढा-
ईमें रख पागपर चढाओ। जलानेके समय जिसमें भागको
ज्वाला उसमें न लग जाय इस पर विशेष दृष्टि रखनी
चाहिये, जब सब चीजे मिल जाये तब उतार लो और ठण्डी
होने पर काम में लाओ। यह बार्निश काठ पर भी लगाई
जासकती है।

रसायनसंग्रह। '३१ ऐम्बर वारनिश- ६ पाउण्ड खच्छ और महीन पीसा हुआ ऐम्बर लेकर २ ग्यालन साफ तौसीके लमें उवाली, जब गाढा होजाय तब ४ ग्यालन ताडपीनका तेल मिलायी। यह बार्निश बहुत अच्छी होती है और कोप्याल बार्निशके साथ इसको मिलाके लगानेसे बहुत चमकौली और अधिक काल स्थायी होती है। लोहकी काली बारनिश-४८ पाउण्ड ऐस- फालटमको लोहकी कढाईमैं रख पाग पर चढानो, एक घण्टे बाद उसमें सेंदुर ७ पाउण्ड, लिया ७ पाउण्ड, सूखा कोपेरास ३ पाउण्ड और तीसीका तेल १० ग्यालन क्रमसे मिलाके ३ घण्टे तक उबलने दो, फिर काली गौद ८ पाउण्ड को २ ग्यालन गरम तेल में मिलाके उसमें मिलायी और दो घण्टे तक और उबलने दो। जब उसमें गोली गोली सो वंधती दिखाई पडे तव उतार लो। जब ठण्डा होजाय तब ३० ग्यालन ताडपीनका तेल मिलाकर पतला कर लो। छापेकी तसवीर और म्यापको बारनिश- क्यानाडा व्यालसम औस, सफेद राल ६ औस, एक कार्ट ताडपीनके खेलमें गलालो। (२) गम स्याण्डाराक २० भाग, गमम्याष्टिक ८भाग, कपूर १ भाग। तीनोंको ४८ भाग एलकीहलमें गलालो। हाथको लिखी तसवीर पर लगानेकी वारनिश- "क्यानाडा व्यालसम १ औन्स, स्पिरिट आफ टरपेनटाइन २ श्रीन्स दोनोको मिसालो। पहले तसबीर

रिसायनसग्रह।
पर पानी में गला हुआ श्राइसिंग्लास लगाओ। जब सूख
जाय, तब उक्त बार्निशको लेके अंटक एक बुरुससे तसवीर
पर फेर दो।
तसबीरकी वारनिश-सहत १ पांइट,२४ अण्डे के
ऊपरका छिलका, प्राइसिङ्गग्लास १ औन्स, हाइड्रेट आफ
पोटासियम २० ग्रेन, साधारण नमक ॥
श्रीन्म सबको
मिलाके मन्दी आचमें गलाओ, (परन्तु बहुत देर तक भाग
पर नहीं रखना) जब अच्छी तरहसे मिल जायं तब सीसीमें
भरके रख छोडो। जव बार्निश करना होय तब एक चमचा
बार्निश लेकर आधा चमचा ताडपोनका तेल उसमे मिलाके
उसी समय तसबीर पर फेर दी। (२) गम स्याण्डारक २
भाग, गम म्याष्टिक ४ भाग, सफेद टरपेनटाइन ३ भाग,
स्पिरिट श्राफ टरपेनटाइन ४ भाग, व्यालसमक्यापीभी २ भाग
सबको ५० भाग एलकोहलमें मिलाय मन्दी आंच में गलालो।
(३) साफ तीसौके तेलमें थोडासा सूगर श्राफ लेड खूब
महीन पीसके मिलाओ।
फोटोग्राफको बारनिश-गमजूनिपर २ ड्राम
८ ग्रेन, गमफ्राझिन्मेन्स १ ड्राम १० ग्रेन, एलकोइल ४ श्रीन्म ।
सबको मिलाकर वाटिङ्ग कागज द्वारा छानलो।
ट्रान्सफर बारनिश.
साफ क्यानाडा बार्निश और
रेकटिफाइड श्रयेल आफ टारपेनटाइन दोनोको समान
मिलानसे यह बार्निश बनती है। इसे कष्टल बारनिश भी
कहते है।
गोल्ड वारनिश-चपडालाह १६भाग, गम स्याण्डा
रक और स्याष्टिक प्रत्येक ३. माग, क्रोकस १ भाग, गस

रसायनसग्रह।
ग्याम्बोज २ भाग, सबको पीसके १४४ भाग एलकोहलमें
गलायो। (२) सोडल्याक, स्याण्डारक, म्याष्टिक प्रत्येक ८
भाग, ग्याम्बोज २ भाग, ड्रागन्सवड १ भाग, सफेद टरपेन
टाइन ६ भाग, हलदी ४ भाग,
सबको पीसके १२० भाग
एलकोहलमै गलामो।
चमड़ेकी काली वारनिश-चपडा लाह १२
भाग, सफेद टरपेनटाइन ५ भाग, गम स्याण्डाराक २ भाग,
सूखा काजल १ भाग, स्पिरिट आफ टरपेनटाइन ४ भाग,
सबको ६ भाग एलकोलमें मिलाके गलालो।
सफेद वारनिश-नरम कोप्याल on औग्स, कपूर
१ौन्स दोनोको एक कार्ट एलकोहलमें गलाओ, फिर
म्याष्टिक २ औन्स ओर भिनिस देशीय टरपेनटाइन औन्म
मिलाके छान लो। यह बार्निश बहुत सफेद होती है और
'सूखने पर यहा तक कडी होजाती है कि उसके ऊपर
लिस को जासकती है। यह खिलौनों में लगाई जाती है।
देवल बारनिश ताडपोनका तेल १ पाउण्ड, मोम
२ औस, कलोफोनी १ ड्राम। (२) राल १ पौण्ड, स्पिरिट
आफ टारपेनटाइन २ पौण्ड, कपूर २०० ग्रेन। सबको २४
घण्टे तक गलामो फिर काम मे लाभो।
मेज कुरसौ आदिको बारनिश-चपडा लाह
१० पौण्डको १ ग्यालन न्यापथामें गलालो। (२) चपडा
१२ नौस, कोपल ३ औंस, न्यापथा १ ग्यालन । (३) चपडा
॥ पोएड, सोडल्याक ४ औंस, स्याण्डाराक ४ औंस, म्याष्टिक
१

रसायनसग्रह।
२ औस , मबको १ ग्यालन रेकटिफाइड स्पिरिटमें गलालो।
(४) चपडा २ पौण्ड, बेनजोइन ४ औस, स्पिरिट ग्यालन,
(५) चपडा १० औस, सोडल्याक ६ औस, स्पाण्डाराक
औंस, कोपाल बार्निश ६ श्रीस, बेनजोइन ३ औस, न्यापधा
१ ग्यालन।
साधारण बारनिश-चपडा १ भाग लेकर ७ भाग
एलकोहलमें गलालो।
कोपाल वारनिश-एक लोहेको कढाई में 'गम
कोपल ८ भाग रखके मन्दी आचमें गलाओ, फिर ब्यालसम
क्यापीभी २ भाग गरम करके उसमें मिलादो, और उतारलो,
फिर १० भाग स्पिरिट आफ टरपेनटाइन गरम करके
मिलादो।
फेच पालिस-यह बारनिश बहुत तरहकी होती
है। खाली खच्छ लाहको मिथिलेटेड-स्पिरिटमें गलानेसे
यह बारनिश बनती है। इसको सख्त करनेके लिये म्याष्टिका,
स्याण्डाराक एलिमाई और कोयाल बारनिश दी जातीहै।
लाल रग करनेके लिये खूनखराबी और एलकानेट रूट
भिगाना पडता है। पीला रंग करनेके लिये ग्याम्बोज और
फीका रग करनेके लिये अकज्यालिक एसिड प्रति पाईटमें
४ ड्रामके हिसाबसे मिलाया जाता है। बढई लोग इसी
वारनिशको सन्दूक वालमारी आदि काठको चीजोपर लगाते
हैं, इसीसे इसको अगरेजीमें क्याबिनेट मैकार्स वारनिश
कहते है। इस बारनिशके बनानेकी यह रीति है। (१)
खच्छलाह २॥ औस और गम स्याण्डाराक ॥ औसको आधा
--

रसायनसग्रह। पाईट रेकटिफाइड स्पिरिटमें गलानसे यह वारनिगबनती है (२) खच्छलाह (यह लाह विलायतसे सफा होके आता है) ५॥ श्रीस, गम एलिमाइ ६ ड्राम, एक पाईट रेकटीफाइड स्पिरिटमे गलालो। (३) स्वच्छलाह १ सेर म्याष्टिक ३ छटाक, ३ सेर रेकटोफाइड स्पिरिटमें गलालो। (४) स्वच्छ- लाह । सेर म्याष्टिक ३ छटाक स्याण्डाराक ३ छटाक, ३॥ सेर, रेकटीफाइड स्पिरिटमें गलाके १ पाईट कोप्याल बारनिय मिलाओ। और खूब हिलाओ, जिसमें अच्छी तरह मिल जाय। (५) स्वच्छलाह ॥ सेर गमस्याण्डाराक १ पाव, १॥ सर कटीफाइड स्तिरिटमें गलाके २। छटाक कोप्याल बारनिश मिलाओ। फिर ५ छटाक तौसीका तेल मिलायो। पोषवाली वारनिशमें लगानेके समय तेल नही मिलाना पडता, क्योंकि उसमें पहिलेसेही तेल मिला रहता है। पहिले काठको चौजको बालूदार कागजसे घिसलो। फिर एक टुकडे स्पञ्जको बारनिशमें भिगाओ, और एक महीन कपडे में रखके पोटलीसी बाधलो। फिर उस पोटलीको तेलमें डुबाके काउपर लगायी। दो तीन दफे लगानेसे खब सुन्दर और उज्ज्वल बारनिश होजायगी। मेहगनी वारनिश-गम स्याण्डाराक २ औन्स, चपडा लाह १ श्रीन्स, गम विङ्गेमिन १ौम, मिनिश देशीय ताडपीनका तेल १ श्रीस, स्पिरिट आफ वाइन १ पाइट। मबको एक बोतलमें रखके गरम जगहमें रख दी, जब गोंद गल जाय, तब छानकर काममें लायो। इसमें लाल रङ्ग करना हो तो, ड्रागन्स वुड, और पीला रङ्ग करना हो तो जाफरान मिलाओ। ।

रमायनसंग्रह।
मेहगनी अयेल-मसीना वा तौसीका तेल ॥ पांइट
और बढियां भिनिश देशीय ताडपीनका तेल ३ बौंस;
दोनोको मिला डालो और एलकानेट रुटसे लाल रङ्ग करके
फिर छान ली। कोई कोई इसमें १॥ श्रौंस कोप्याल बार्निश
भी मिलाते है। इमे सन्दूक टेट्रा-कुर्मी आदि काठकी चीज
पर लगानेसे खूब चमकीलो बार्निश होती है।
देवदारुकाठ पर करनेकी वारनि-रात ३॥
पाउण्ड, ताडपीनका तेल गैलन। रालको ताडपोन तेलमें
गला लो और काला करना हो तो सूखाकाजल मिला दो।
लाहको बारनिश-सिल करनेको लाइको मिरिट
श्राफ बाइनमें गलामो और अच्छी तरह हिलाके कोमल
बुरुमसे लगाओ। स्पिरिट प्राफ बाइन उड जायगी और
लाह नमी रहेगी।
तीसौक तेलको वारनिश-लीचार्ज २ भाग,
द्वाइट मिटरोल १ भाग। दोनोको महीन पीसके ६० भाग
तीमौके तेल मिलाय आगपर चढ़ाके उबालो, जब
पानी उड जाय, तन उतार लो।
सुनहरी वारनिश-जाफरान १ ड्राम,
ड्राम। दोनोको एक साथ मिलाके १ पाइट
वादूनमें मिलामो, फिर चपड़ा लाह २
लोग २ ड्राम मिलाके मन्दी प्रांच में गला
पर यह बार्निश फेरनेसे ठीक सुनहरी
स्वच्छ हरी वारनिश...
चाइनिन ब और क्रोमेट वाफ

रसायनसंग्रह।
यह बार्निश बनती है। इसे पतली करने के लिये ताडपोनका
तेल मिलाया जाता है। यदि धानी र किया चाहो, तो
चाइनिज बका दूना क्रोमेट आफ पोटास मिलायो।
सफेद कोप्याल वारनिश-काप्याल ४ श्रीस,
कपूर ॥ श्रीस, सफेद तौसीका तेल ३ औंस, ताडपौनका तेल
२ औंस! पहले कोप्यालको महीन पीसके कपूर और तीसीका
तेल मिलाओ, फिर मन्दी आचमें गरम करके और ताडपीनका
तेल मिलाकर छानलो।
बास वा सीकको वनौ चीजोंपर लगानेको
वारनिश-सिल करनेको लाह ॥ श्रीस, रेकटीफाइड
स्पिरिट श्राफ वाइन २ औस। एक शोशीमें स्थिरिट माफ
वाइन लेकर उसमें लाइ महीन पीसके मिलालो, और धूप,
वा आचके साम्हने एक नरम बुराससे लगाओ।
सफेद फरनीचर वारनिश-सफेद मोम ६ औंस,
ताडपीनका तेल १ पाईट , दोनोको मन्दी आंचमें गलालो।
(२) सफेद मोम भाग, पिट्रोलियम ४८ भाग। गरम रहते
लगाओ, जब ठण्डा होजाय तब मोटे कपडेसे रगडके वार
निश करलो।
ब्राउन हार्ड स्पिरिट वारनिश-याण्डाराक ४
औंस, पेल सोडल्याक २ औस, एलिमाइ १ औंस, एलकोइल
१ कार्ट। सबको आगपर चढाओ, जब गल जाय तय
ताडपौनका तेल २ भौंस मिलाओ। (२) गम जूनिपर
पौंस, चपडा ६ औस, साल्ट आफ टार्टर । श्रीस, मिनिश
टरपेनटाइन १॥ भौंस , सबको ४ पाईट स्पिरिट पाफ याइनमें
४
-

रिसायनसंग्रह। + । गलाओ। (२) र बहुत बढिया);-सोडल्याक १५ पाउण्ड, पोलोराल १॥ पाउण्ड, रेकटिफाइड स्पिरिट २ ग्यालन। सफेद हार्ड स्पिरिट वारनिश-गम म्याष्टिक ४' औंस, गम जूनिपर ॥ पाउण्ड, टरपेनटाइन १ औंस, स्पिरिट आफ वाइन ४ पाईट; एकसन मिलायो। (२) गम स्थाण्डा राक १ पौण्ड, साफ टरपेनटाइन हौस, रैकटीफाइड स्पिरिट पाटमें गलालो। (२) म्याष्टिक (टुकडे करके ) २ श्रीस, स्याण्डाराक ८ औस, गम एनिमाइ १ औंस, टरपेनटाइन 8ोस, रेकटीफाइड स्पिरिट १ कार्टमें गलाप्रो। यह धातु- निर्मित चीजोंपर लगाई जाती है। । म्याष्टिक बारनिश-स्पिरिट आफ टरपेनटाइन १ पाईट, साफ गम म्याष्टिक १० औंस। जब गल जाय, तवं महीन कपडेसे छानलो, यदि गाढा होजाय तो अधिक सिंरिट मिलाके पतला करलो। ब्रिलियाण्ट वारनिश स्याण्डाराक ६ औस, एलिमाइ( असल ) ४ औंस, एनाइम १ औंस, रेकटिफाइड सिरिट कार्ट। टरपेनटाइन वारनिश-१० औस साफ पिसी हुई रातको १ पाईट स्पिरिट आफ टरपेनटाइनमें मिलाय, एक टीनके बरतनमें रख आगपर चढात्रो और आधे घण्टे तक उबलने दो, जब, सब, राल गल जाय,,तब उतारके ठण्टा करलो, और काममें लाओ। शीशेपर लगाने की बारनिश-थोडी सी पिसी - कपूर॥ औस, .

इमायनसग्रह) - - हुई गम ऐड्राग्याण्ट लेकर प्राइट भाफ एग्सम २४ घण्टे तक गलामो, और बडुत पोले हायसे कोमल दुरुस हारा भौथ पर लगानो। डामर वारनिश-गम धामर १० भाग, गम स्वाहाराक ५ भाग, गम म्याष्टिक १ भाग, सबको २० भाग स्पिरिट आफ टरपेनटाइनमें मिलाके मन्दी पाचमै गलामी, फिर और स्पिरिट मिलाकर काम लायक पतली करलो। पालिशयुक्त धातुपर लगाने की बारनिश- क्यानाडा ब्यालसम और साफ स्पिरिट पाफ टरपेनटाइन, दोनोंको समान लेकर मिलापो, और खूब हिलानी। यह बारनिश बिना गरम किये ही लगाई जाती है, और जिस पर लगाया चाहो वह चौज भी गरम नही करनी पड़ती। चांदी पर लगाने की वारनिश-गम एलिमाई ३० भाग, सफेद अम्बर ४५ भाग, चारकोल ३० भाग, स्पिरिट आफ टरपेनटाइन ३७५ भाग। यह बारनिश गरम करके लगाई जाती है, और चादीकी चीज भी तपाकर गरम कर लियो जाती है। लोहे और इस्पात पर लगाने की बारनिश- साफ म्याष्टिक १० भाग, कपूर ५ भाग, स्याण्डाराक १५ भाग, एलिमाइ ५ भाग, सबको उपयुक्त परिमाण एलकोहलमें गलोयो। यह बिना गरम कियेही लगाई जाती है। लाह और पानीको वारनिश-चपडा लाइ ५ औंस, बोराका १ औंस, पानो १ पाईट, सबको मिलाकर . . ।

४० रसायनसंग्रह। - - आगपर चढायो, जब उबाल आने लगे तब उतारके शनलो। यह स्याही और पानीके रग पर लगाई जाती है, और सूखने, पर खच्छ होती है फरनौचर पेष्ट-२० औंस ताडपौनमें दो ड्राम एलकानेट रूट मिलाओ जब रंग चढजाय तब ४औंस, पोला- मोम डालके गरम पानीके सहारे गलाओ, और खूब हिलाके अच्छी तरह मिलालो। (२) मोम ४ औस, राल १,औस, ताडपीनका तेल २ औंस । (३) सफेद मोम १ पाउण्ड, काली राल १ौस, एलकानेट रूट १ औंस, तीसौका तेल १० औस फरनीचर क्रीम-पोला मोम ४ औस, पीली साबुन २ औंस, पानी ५० औंस , सवको उबाली और चलाते जाओ फिर पकाया हुआ तीसोका तेल ५ औस, और ताड- पीनका तेल ५ औंस मिलायो। फरनीचर अयेल-पकाया हुआ तौसीका तेल १ पांइट पोला मोम ४ औंस , अच्छीतरह गलाके एलकानेट रूटसे रंग करलो। नकाशीदार काठको चीज पर लगानेको वार्निश-२ औंस सोडल्याक और २ औस सफेद रालको एक पाइट स्पिरिट आफ वाइनमें गलाओ। यह बारनिश मरम लगाई जाती है, और जिस चीज पर लगाई जाय वह भी गरम करली जाय जूते पर लग सिर का १ सेर, पानी २० तो . पा हो। काठ तो -- रसायनसंग्रह। . ५) भर , सबको पानी मिले सिरकेमें मिलाय भाग पर १० वा १५ मिनिट तक चढाओ, जब सब चीजें मिल जायें तब उतारके पतले कपडेसे छानली और बोतलमें भरके रख छोडो। इसको एक टकडे स्थलसे जूते पर लगाओ, बहुत प्रच्छी बारनिश हो जायगी। (२) रेकटिफाइड स्पिरिट २४ भरी, लाह १भरी, सूखा काजल ॥) भर। पहले रेकटिफाइड स्पिरिटमें लाहको गलामो फिर काजल मिलाओ।यह बार्निश पानी में खराब नही होगी। (३)अरबी गोंद ४ श्रीन्स, उतनेही सिरकम गलामो और एक खरलमें रख ६ ड्राम नील मिलाके खूब घौटो, जब अच्छी तरह मिल जाय तब १ श्रीन्स मोठा तेल थोडा घोडा करके मिलानो, फिर १॥ श्रीन्स गुडका सौरा मिलाके २ औन्स सिरका और १ औन्म रेकटिफाइड स्पिरिट मिलाओ। इसे स्पन्न, फानेल वा कोमल दुरुससे जूते पर लगाओ, सूखने पर चमकोली वार्निश होजायगी। लाल बारनिश-स्पेनिश ऐनेटो ३ पाउण्ड, खून खराबी १ पाउण्ड, गम स्याण्डाराक ३ पाउण्ड रेकटिफाइड स्पिरिट २ ग्यालन और टरपण्टाइन बार्निश २ पाउण्ड । सबको मिलाकर एक सप्ताह तक भिगा रक्खो फिर छानके काममे लायो। । किताबकी जिल्द पर लगानेको बारनिश- चपड़ा ८ भाग, गम वेनजोइन ३ भाग, गम म्याष्टिक २ भाग, सबको पीमक ४८ भाग एलकोहलमें मिलाके गलानी और आधा भाग अयल ग्राफ नवेण्डर मिलायो। (२) चपडा ४ भाग, गम म्याटिक २ भाग, गम द्यामार १ भाग, सफेद रमायनर 1 आगपर चढायो, जब उवालाई यह स्याही और पानीके रग पर, पर स्वच्छ होती है। फरनीचर पेष्ट-२० एलकानेट रूट मिलाओ जब रग मोम डालके गरम पानीके सहा' अच्छी तरह मिलालो। (२) में, ताडपीनका तेल २ औंस । (३) राल १ औस, एलकानेट रूट १ फरनीचर क्रीम- साबुन २ औंस, पानी ५० औस जाओ फिर पकाया हुआ तीसो पीनका तल ५ औंस मिलायो फरनीचर अयेल पांइट पोला मोम ४ धौंस; अर रूटसे रंग करलो। नकाशीदार काठको वार्निश-२ औंस सोडल्याक और एक पाइट स्पिरिट आफ वाइनमें गला' मरम लगाई जाती है, और जिस चौज पर भी गरम करली जाय तो बहुत अच्छा हो। जूते पर लगानेको बारनिश-वा का १ सेर, साफ पानी । सेर, सरस १० तोला, बक्क २० तोला, नील ॥ भर, नरम साबुन ॥)भर, प्राइसि FL . JIO " रसायनसग्रह। N) भर , सबको पानी मिले सिरकेमें मिलाय भाग पर १० वा १५ मिनिट तक चढायो, जब सब चीजें मिल जायं तद उतारके पतले कपडेसे छानलो और बोतलम भरके रख छोडो। इसको एक टकडे स्पलसे जूते पर लगाओ, बहुत अच्छी वारनिश हो जायगी। (२) रेकटिफाइड स्पिरिट २४ भरी, लाह १ भरो, सूखा काजल ) भर। पहले रेकटिफाइड सिरिटमें लाहको गलामो फिर काजल मिला।यह बार्निश पानीमें खराब नही होगी। (३)अरबी गोद ४ श्रीन्स, उतनेही सिरके गलामी और एक खरलमें रख ६ डाम नील मिलाके खूब घोटो, जब अच्छी तरह मिल जाय तब १ श्रीन्स मीठा तेल थोडा थोडा करके मिलाओ, फिर ॥ औन्म गुडका सीरा मिलाके २ श्रीन्स सिरका और १ श्रौन्म रेकटिफाइड स्पिरिट मिलायो। इसे स्पन, फानल वा कोमल दुरुससे जूते पर लगाओ, सूखने पर चमकोली वार्निश होजायगी। लाल बारनिश स्पेनिश ऐनेटो ३ पाउण्ड, खून खराबी १ पाउण्ड, गम म्याण्डाराक ३ पाउण्ड, रकटिफाइड स्पिरिट ३ ग्यालन और टरपेण्टाइन वार्निश २ पाउण्ड । सबको मिलाकर एक सप्ताह तक भिगा रक्डो फिर छानके काममे लायो। किताबकी जिल्द पर लगाने की बारनिश- चपडा ८ भाग, गम वेनजोइन ३ भाग, गम म्याटिक २ भाग, सबको पोमर्क ४८ भाग एलकोहलमें मिलाके गलायो और आधा भाग अवेल याफ लवेण्डर मिलायो। (२) चपडा ४ भाग, गम स्याष्टिक २ भाग, गम ड्यामार भाग, सफेद -

४२
रसायनसंग्रह।
.
।
टरपेण्टाइन १ भाग, एलकोहल २८ भाग । (२) स्पिरिट आफ
वाइन ३ पांइट, स्याण्डाराक ८ औन्स, म्याष्टिक २ औन्स,
चपडा ८ श्रीस, मिनिस टरपेण्टाइन २ श्रीन्स ।
जपानी बारनिश-कच्चा तीसीका तेल ४०ग्यालन
लिया ४० पाउण्ड, सैदुर २० पाउण्ड, बाक अक्साइड अाफ
मेगानौज १० पाउण्ड, सफेद चपडा २ पाउण्ड। पहले तेलको
आग पर चढानी जब उबलने पर आवे तब लिथार्ज और
सेंदुर थोडा थोडा करके मिलाओ, फिर गोंद मिलाओ, जब
गल जाय तब मेङ्गानीज मिलाकर खूब हिलाओ, जब ठण्डी
होजाय तब २० से लेकर ३० ग्यालन तक स्पिरिट अाफ
टरपेण्टाइन मिलायो। यह बार्निश गाडीमें लगाई जाती है।
चीना लाहको वारनिश-२ भाग कोप्याल
और १ भाग चपडा मिलाके गलागी, जब पतला होजाय
तब २ भाग पकाया हुआ तोसीका तेल मिलाओ और आग
परसे उतारके १० भाग ताडपोनका तेल मिलालो। यदि
पोला रग किया चाहो तो ताडपीनके तेल में थोडा ग्याम्बोज
और लाल किया चाहो तो ड्रागन्स बुड मिलाओ। यह
टोनकी बनी चीजोपर लगाई जाती है।
टीन पर पीतल की वारनिश-सीडयाक ३
औम, ड्रागन्स वुड २ ड्राम, हलटी पिसी हुई १ श्रीन्स, सब
को बढिया रकटिफाइड स्पिरिट १ पाइटमें मिलाकर १४
दिन तक रक्खा रहने दो और एक वा दो बार रोन हिलाया
करो, जब सब चोजे अच्छी तरह मिल जाय तन महीन

रसायनसग्रह।
'४३
'कापडेसे छानलो। इसे टोन पर लगानेसे ठीक पीतलकी
तरह जान पड़ता है।
पीतल पर चढानेकी लाहकी बारनिश---
सोडल्याक, ड्रागन्म बड, ऐनेटो, ग्याम्बोज, प्रत्येक ४ औस,
जाफरान १ औंस, सिरिट आफ वाइन १० पाइट। (२)
हलदी १ पाउण्ड, ऐनेटो २ प्रोम, चपडा १२ औस, गमजूनी-
पर १२ औस, स्पिरिट आफ वाइन १२ औंस। (३) सोडल्याक
६ औस ड्रागन्स हड ४० ग्रेन, ऐम्बर वा कोम्याल २ श्रीम,
लाल चन्दनका सत ३० ग्रेन, जाफरान ३६ ग्रेन, पिसा हुआ
काँच ४ औस, बढिया एनवोहल ४० औन्स। (४) एक पाइट
एनकोहलमें हलदी (पिसो हुई) १ औन्स, ऐनेटो २ ड्राम,
जाफरान २ ड्राम मिलाकर ७ दिन तक रख छोडो, परन्तु
बीच बीच में रोज हिला दिया करी, फिर छानके एक साफ
बोतलमें रख ३ श्रीन्स सोडल्याक मिलानो और १४ दिन
वाद काममें लाओ। पहले पीतलको तेजाबमें डालके साफ
करो जब खूब चमकीला होजाय तब तुरन्त ठण्डे पानीमें
डुबानो और दो वा तीन पानीसे साफ करके उसी समय
सुखा लो, फिर बानिश लगाओ।
।
सौमेण्ट वा लेई।
कांच नोडनेकी लेई.
६ टुकडे गम म्याष्टिकको
'घोडेसे एलकोइलमे गलाओ, फिर दूसरे बरतन में २ शाम

४४'
रसायनसंग्रह।
प्राइसिंग्लास और २ ड्राम गम एमोनिकम, २ ओन्स नई
रममें डालके पागमें गलाओ, और ऊपर लिखे गम म्याष्टिकके
संग मिलाके शीशी में रख छोडो, जब काम पड़े तब उस
शोशीको गरम पानीमें रखदो, लेई पिघल जायगी। इससे
टूटी हुई काचको चौजे बहुत मजबूतीसे जोडी जाती है।
पत्थर जोडनेको लेई नदीकाबालू (खूब महीन)
१० छटाक, मुरदासङ्ग १ छटाक, चूना १ छटाक, तौसीका तेल
यथा प्रयोजन। इससे पत्थरकी चीजे जोडी जाती है।
रवड जोडनेकी लेई इण्डिया ग्बडको छुरीसे
खूब महीन महीन काटके बेलीनमें मिलाय, मन्दी आचमें
गला डाली। इससे जूता, बक्स आदि रबडकी सब चीजें अच्छी
तरह जोडी जाती है।
काठ जोड़नेको लेई एक दिन पहले सरसको
ठण्डे पानी में भिगा रक्खो, फिर एक गमले में गरम पानी रख
उसमें एक चीनी मट्टीका म्याला छोडदो, वह प्याला तैरने
लगेगा, तब उसमें वह सरस डालदो, पानीकी गरमईसे
जब सरेस गल जाय तब उसमें थोडासा काठका बुरादा
और
खडिया मिलाओ। जिन काठके टुकडोको जोडना होय
उनको आगमें थोडा गरम करो, और दोनोंमे थोडा थोडा
मसाला लगाके चिपकादो, और खूब जोरसे दबाके कोई
भारी चोज अपर रखदो, सूख जाने पर काठ ऐसा मजबूत
जुड जायगा मानो कोलसे जोडा गया है । (२) राल १ औन्स,
पोला मोम १ श्रीन्स। दोनों को एक लोहेके बरतनमें रख
भागपर चढाके गलाभो, फिर १ श्रीन्स भिनीशीयन रेड डालके
7

रसायनसंग्रह।
४५
खुव घोटो जब अच्छी तरह मिल जाय तब गरम रहते काम
में लाओ। यह सूखने पर पत्थरकी तरह होजाती है, और
काठको खूब मजबूतोसे जोडती है। (३) सफेदा, सेदूर,
लिथार्ज और खडिया चारोंको बरावर ले घोडीसी तेलको
बारनिशमें मिलाओ। यह काठको दरार पर अर्थात् जिस
जगह काठ फट गया होय वहा पर लगाई जाती है।
हाथीदात जोडनेकी लेई-१ भाग प्राइसि-
ग्लास और दो भाग सफेद सरेसको ३० भाग पानी में गलाश्री,
जव पानी जलके भाग रह जाय तव माग गम म्याष्टिकको
भाग एलकोहलमें गलाके मिलायो, और १ भाग जिद
हाइट मिलाके रख छोडो। जब काम पडे तब गरम करके
अच्छी तरह हिलायो और जिस चीज पर लगाना होय उसे
भी थोडा गरम करके लगाओ।
लोहा जोडनेकी लेई गन्धक २ भाग, काला
शीशा (वजन करके) १ भाग, गन्धकको एक पुराने लोके
बरतनमें रख आग पर चढायो, जब पिघल जाय तब शीशा
मिलामी। जब तक अच्छी तरह गलके न मिन्न जाय तब
तक चलाते जाओ, फिर चिकने पत्थर वा लोहेके पत्र पर
हालदो, जय ठण्डा होजाय तो उसके छोटे छोटे टुकडे कर
लो। निस जगह लोहका बरतन फट गया हो वहा पर यह
मगाला थोडा सा रसके उस पर गरम लोहा फेरनेसे (जैसे
टोनवाले टीनके पत्तरोको रागसे जोडते हैं) यह दरार मिल
जायगी। यदि बरतनमें छेदहो गयाहो तो एक तावेके
पत्रका येवन लगाके इसी मसालेसे जोडदो।

- ४६ रसायनसग्रह। जडाज गहनेको लेई-गम म्याष्टिक ५।६ टुकडे (मटर बराबर ) लेके थोडी स्पिरिटमें गलाओ; एक बरतनमें आइसिग्लासको पहले भिगाके नरम करलो, फिर रम- नामक शराबमें गलालो, जब दोनों मिलाके अन्दाज छटाक होजाय, तब थोडासा नौसादर मिलाके सबको' मरम करलो, और एक कांचक ढकनेवाली शीशीम रख छोड़ो। दकना कसा होना चाहिये जिसमें शोशीमें हवा न लगे। जब काम पड़े तब गरम पानी में शीशीको रख , लेईको पिघलालो। इससे होग, चूनी, पन्ना आदि जवाहरात जोडी जाती हैं। यदि अगूठी वा और किसी गहनेका नग खुल गया होय तो इससे जुड़ सकता है। बिना आंचके धातु जोडनेकी लेई-नौसादर १ छटाक, सेधा नमक छटाक, क्यालसाइण्ड टार्टर १ छटाक, सुरमा १ छटाक , सबको एक साथ पीस डालो, और कपडेसे छानके मलमलके टुकडेमें पोटली सी बाधके एक इञ्च रेह मही उसके ऊपर लेसदो। जब सूख जाय तब एक घड़ियामे उसे रख, दूसरो घडियासे ढाप, कोयले वा कण्डेकी पाचमें धीरे धीरे इतना गरम करो कि खूब लाल होजाय। जब नानी कि भीतरकी बस्तु लाल होगई होगी तब ,आगमैसे निकाललो और आपही ठण्डा होनेदो। अब उस गोलेको घडियामैसे निकाल, खूब महीन पीस काग लगाके शीशीमें रख छोडो। जब कोई वस्तु जोडना होय तो,पहले ,जोड़को रह महीसे सटाकर थोडी सी उसी बुकनीको छिडकदो। एक मट्टीके वरतनमें एक छटाक शराब गरम करो, और उसमें रसायनसग्रह, ४७ भाष छटाक मुहागा छोडदो, जब गल नाय तब एक बालको कूची वा परको कलमसे उसी जोड पर लगानो, लगातही बुल्ले उठने लगेगे और ठण्डा होनेपर बज समान दृढ हो जायगा । सिवाय लोहके पीतल, कासा, ताबा, चादी आदि मुलायम धातु हो इससे जुड सकते है। चमडा जोड़ने को लेई साधारण सरंस और प्राईसिग्लास दोनोंको बराबर लेकर थोडेसे पानीम कुछ देर तक भिगा रक्खो, फिर बाग पर चढायो जब उबलने पर होय तब थोडासा व्यानिन मिलाओ, चमडेको खुरदरा करके उस पर यह लेई लगाके जोडो। गहापर्चा को वाइसलफाइड आफ कार्वनमें गलानेसे भी यह लेई बनती है। 4 काठसे धातु वा काँच जोडनेको लेई- पहले रालको गलाके उसमें क्यालसाइण्ड माष्टर मिलाक खूब घोटो जब गाढा होजाय तब पकाया हुआ तेल मिलाके पतला करलो और गरम रहते लगाओ। (२) राल १८० भाग गलाके जला हुया अम्बर ३० भाग मिलाओ, फिर क्यालसाइण्ड प्लाष्टर १५ भाग और पकाया हुआ तेल ८ भाग मिलायो। (३) सरसको पानी में उबाल कर गाढा करो, फिर उसमें जले हुए काठको राख मिलानो और गरम रहते लगा कर जोडो। । चाइनीज सीसेराट-बटिया सुनहरी रङ्गका चपडा ४, मौस, रेकटिफाइड स्पिरिट ३ औंस , एक काग युक्त शीशी में भरके गरम जगहमें रख दो, नव गल नाय तब काम रसायनसग्रह। - में खाओ। इससे काठ, शीशा, हाथी दांत, जवाहरात आदि मब हलकी चीजे जुड़ सकती हैं। इलेकट्रिक्याल मोमेट-राल ५ पाउण्ड, मोम १ पाउण्ड, लाष्टर आफ प्यारिस २ श्रीस , सबको मन्दी आंच में गलालो। यह लेई बिजलीके यन्त्र आदि जोडनेके काम आती है। इसे केमिकल सीमेण्ट भी कहते है। धातुनिर्मित चीजें जोडनेकी लेई -सफेदा और सेदुर दोनोंको बराबर लेकर पकाये हुए तोसीके तेलमें मिलायी। इससे धातुनिर्मित चीजें जोडी जाती हैं। एसिड प्रूफ सीमेण्ट -राल १भाग, गन्धक १ भाग, इंटका चूरा २ भाग। सबको भाग पर गलाकर अच्छी तरह मिलाओ। (२) कनसेट्रेटेड-सोलिउशन श्राफ-सिलिकेट-आफ सोडा और कांचका चूरा दोनोंको अच्छी तरह मिलायो। (३) इण्डिया रबड, चर्वी, चूना और सेदुर यह चारों चीजें मिली हुई लेईसे जोडी हुई चीज उबलते एसिडमें भी नही खुलतो। पहले इण्डिया रबडको मन्दी पाचमें गलाओ, फिर १०० भागमें ६ वा ८ भाग चर्वी डालके अच्छी तरह मिलाओ, फिर इतना चूना मिलाओ, जिसमें मसाला कुछ गाढा होजाय, पीछेसे २० भाग सेदुर मिलायो। धातुको काँच वा पत्थरसे जोडनेकी लेई- कोप्याल बार्निश १५ भाग, पका तीसीका तेल ५ भाग, भिनिश टरपेण्टाइन प्रभाग, सरस बहुत थोडे पानीमें गलाकर ५ भाग , सवको एक साथ मिलाकर गरम पानौके सहारे गलालो और पिसा हुआ चूना १० भाग 'मिलाओ। (२)

रसायनसंग्रह।
काष्टिक सोडा १ भाग, राल ३ भाग, सासर ३ भाग, पानी
५ भाग। सबको मिलाकर उबालो। यह , प्राधे घण्टेमें
सूखकर कडी होजाती है। (३) लिघार्ज २ भाग, सफेदा
१-भाग, कोयाल १ भाग, पका तीसीका तेल , भाग।
सवको एक मात्र मिलाकर उबालो। इस लेईसे धातुनिर्मित
पत्र, अक्षर वा फूल जो चाहो सो शीशेके ऊपर चिपका
सकतेहो। (8) कोप्याल वा रालकी वारनिश १५ भाग,
टरपेनटाइन ॥ भाग, एसेन्स आफ टरपेनटाइन २॥ भाग,
फिश प्राइसिंग्लास (
चूर करके ) २ भाग, लोहाचूर ३ भाग,
ओकर १० भाग। (५) कोप्याल वा लाहकी बारनिग १५
भाग, पका तीमीका तेल ५ भाग, इण्डिया रबड वा गटा.
परचा ४ भाग, कोल अयेल ७ भाग, रोम्यान सौमेण्ट ५
भाग, प्लाटर ५ भाग। (६) स्थाण्डाराक बारनिश १५ भाग,
पका तीसीका तेल ५ भाग, टरपैनटाइन २॥ भाग, एसेन्म
आफ टरपेनटाइन २॥ भाग, मेरीन ग्लू ५ भाग, परल् वाईट
५ भाग, सूखा कार्बोनेट आफ लेड ५ भाग, सबको एक साथ
मिलायो। इस लेईसे उक्त चीजोको काच, मार्बल पत्थर वा
काठ पर भी चिपका सकते हो।
प्यारिस सीमेण्ट-अरबी गोद ५ भाग, मिसरी
२ भाग, सफेदा रग करनेके लिये यघा प्रयोजन। इससे सीप:
आदि जोडी नाती है।
धातुसे चमडा जोडनेकी लेई-ऐसफाल्ट'
और गटायरचा दोनोंको बराबर लेकर एक साथ गलागी
और गरम रहते लगाकर चिपकानो और जोरसे दबानी।
५

५०
रसायनसंग्रह।
मेरौन ग्लू-इण्डिया रबड (महीन महोन काटके )
१ भाग, कोलटार न्यापथा १२ भाग, टोनीको एक बरतनमें
रख मुह बन्द करके श्रागपर चढाओ, जब अच्छी तरह गल
जाय तब चपडा लाह पीसके २० भाग मिलायो। जब सब
मिलकर एक होजाय तब पालिस किये हुए पत्थर पर ढाल
दो, निसमें जमके महीन पत्तरको तरह होजाय । जब काम
होय तब लोहेके वरतनमें गरम करके गलालो, और बुरुससे
लगाी। इसको गलानेके समय बहुत सावधान रहना चाहिये।
(१२० से लगाय १२२८ की गरमोमें यह गलाई जाती है।
क्योंकि अधिक गरम होनेपर यह बेकाम होजाती है।
पूटीन-आलमारी, बक्स और किवाड आदिके दराज
बन्द करने के लिये पूटीन तैयारकी जाती है। इसके बनानेकी
बहुतसीरीति है, परन्तु साधारण कार्यके लिये यह उत्तम है,
पहले थोडा सा तीसीका तेल आगपर पकालो, और उतारक
ठण्डा करलो फिर जितनेमें तेल धना होजाय उतनीही
खडिया पीसकर मिलादी, और काठपर रखकर हथौडौसे
खूब पीटो, जिसमें कोमल होजाय।
फेच पूटीन -७ भाग तीसौक तेलमें ४ भाग ब्राउन
। अम्बर डालके आगपर चढाओ, और २ घण्टे तक उबालो,
फिर खडिया ५॥ भाग और सफेदा ११ भाग मिलाके सबको
अच्छी तरह मिलाओ। यह पूटीन बहुत मजबूत और
अधिककाल स्थायी होती है।
कलकांटे जोड़ने
१. भाग 4
।
.

रसायनसग्रह। १ भाग, सबको पके हुए तौसीके तेलमें मिलाके लगायो। इससे कलके पुरजे आदि जोडे जाते हैं। लोहको नल नोडनेको लेई. -लोहाचूर५ पाउण्ड, पिसा नौसादर २ श्रीस, गन्धक १ श्रीन्स । सबमे थोडा पानी मिलाके गोला करलो और उसो दम लगाओ। इससे लोहेकी नल वा और कोई ढली हुई चीजमें वा जोडके पास जो गटा रह गया हो वह भर सकता है। (२) सेदुर (तेलमें पिसा हुआ) ६ फाग, सफेदा ३ भाग, अक्साइड आफ स्याना-- नीज २ भाग, सिलिकेट आफ सोडा १भाग, लिथार्ज॥ भाग। सबको मिलाके पूटीनको तरह लगाओ। इससे कोई लोहेको चोज फट गई हो वा ढलनेमें कही गढा रह गया हो तो वन्द हो सकता है। (३) नौसादर २ पाउण्ड, गन्धक १ पाउण्ड, लोहाचूर २०६ पाउण्ड। इससे लोहेको चीज खूब मजबूतीसे जुडती है, परन्तु सूखने में देर लगती है। (४) राल । माग, मोम १ भाग, मिनीशीयन रेड ३ भाग। इससे गेसको नल जोडी जाती है। ढला लोहा जोडनेको लेई- अक्साइड श्राफ नेड, लिथार्ज ओर कन्मेण्टे टेड ग्लिसरिन इन तीनोको मिला कर जो लेई बनती है, उससे ढले हुए लोहेके पहियोंके टुकडे आदि बहुत मजबूतीसे जोडे जाते है। यह लेई लोहेसे लोहा और पत्थरसे पत्थर आदि जोडने में सबसे उत्तम है। शोथी और वोतल नोडनेको लेई-सरेस (गलाकर) ८ भाग, तीसीका तेल ४ भाग, थोडासा लिथार्ज मिलाकर वार्निश में उबालो, इससे काँचको बड़ी शीशी 1 ५२ रसायनसंग्रह। -- अच्छी तरहसे जोडो जाती है और हवा वा, पानीमै खराब नही होती। यह ४८ घटेमें अच्छी तरह सूखती है। मेहगनी सीमेण्ट-मोम ४ औस, इण्डियान रेड १ौंस। मोमको गलाके इण्डियान रेड मिलाश्री और जैसा रंग किया चाहो उतना इयालोरोकर मिलाओ। इससे महगनी काठकी बनी मैज, कुरमी आदिके फटे स्थान और गर्ट अच्छी तरहसे बन्द होते है। (२) मोमको जगह चपडा लाहको गलाके भी यह लेई बनती है परन्तु यह बहुत कडी होती है। रबडको धातुसे जोडनेकी लेई. चपडा लाहको पौसके उससे दस गुने ऐमोनियामें मिलाके गलाओ। तीन रोजमें यह काम लायक होती है। ऐमोनिया रबडमें घुस नाता है और लाह उसको थाम लेता है, कुछ देर बाद ऐमोनिया भाफ होके उड जाता है और रबड धातुसे चिपक जाता है जो किसी तरहके गैस वा पानौसे नहीं छूटता। कागज चिपकानेकी लेई-अरबी गोंदको पानीमें गलाकर लगायो। (२) डेक्सट्रोनको पानी में मिला- कर १ वा २ वूद ग्लिमरिन मिलायो (३) यदि टोन वा दूसरी पालिसदार धातु पर कागजका लेबिल चिपकाना होय तो पहले उस पर मिउरिटिक एसिड और एलकोहल मिलाके फेर दो फिर कागजमें खूब पतली लेई लगाके उस पर चिप- कादो (४) यदि बोतल वा शोशी पर चिपके हुए कागजको तेजाव वा सरदौसे बचाना होय तो उक्त कागज पर कोप्याल '

रसायनसंग्रह।
५३
पारनिश फेर दो। यदि सफाईके साथ बारनिग लगाई
जाय तो बहुत सुन्दर लगेगी और सरदी वा वेजावसे कागज
नही छूटेगा। (५) चपडा २ भाग, बोराक्त १ भाग, पानी
१६ भाग। इस लेईसे धातु पर चिपका हुआ कागज भी
सरदी में नही उतरता (६) घोटेको लेईमें थोडासा सोरेका
तेजाव मिलाकर गरम करो, फिर लगानी, यह भी बहुत
दिन तक खराब नहीं होती (७) २ शाम आइसिग्लासको
४ औंस सिरकेमें गलामो फिर इतनी अरवी गोंद मिलाओ
जिसमें गाढौ हो जाय। (८) आइसिग्नासको सिरके में मिलाय
गरम करके लगाओ। यह ठण्डी होने पर जम जाती है
इससे लगानेके समय मन्दी पाच गरम करके पिघला लेनी
चाहिये। (८) आधा श्रीस सरेस (एक दिन पहले पानी में भिगा
रक्खो), थोडी मिसरी, प्राधा औंस घरबी गोंद और तीन
औस पानी, सबको एक छोटे बरतनमें रख पागमें (स्पिरिट
ख्याम्पम हो तो बहुत अच्छा है) गरम करी, जव उबलने
लगे और सब चीजे मिल जायं तव उतार लो और कागजकी
चिप्पी, टिकट वा जिस चीज पर चाहो लगाके सुखा लो।
इसे जरा जीभ पर लगाकर (पानी लगाना बहुत अच्छा हे)
काँच, काठ वा कागज जिस चीन पर लगाना चाहो लगायो,
बहुत मजबूतीसे चिपक जायगा। (१०) डेक्सट्रीन २ भाग,
एसिटिक एसिड १ भाग, पानी ५ भाग, गरम पानौके सहारे
गलाके एक भाग एलकोहल मिलायो। यह भी टाम्प और
लेविलम लगाक सुखा रखने लायक अच्छी लेई है। (१)
पहले सरसको पानी में भिगाके नरम कर लो, फिर उसे तेज
सिरके में मिलाय मार्ग पर चढाके खूब उबालो और थोडा

५४ रसायनसंग्रह। -- गह का आटा मिलाके गाढी कर लो। (१२) चावलके पाटेको थोडा पानी मिलाके आग पर उबालनेसे कागजसे कागज जोडनेको साधारण लेई अच्छी बनती है। पोसलेन वा चीनीमट्टी जोडनेको लेई- श्राधा औस आइसिग्लासको उपयुक्त स्पिरिटमें गलायो, फिर प्रत्येक जाममें पाच ग्रेनके हिसावसे पिसी हुई ग्याष्टिक और उतनी ही गम एमोनिकम मिलाओ और गरम करके अच्छो तरह गलालो। पोर्मलेन और चीनौके टूटे हुए बरतन वा खिलौने जहा पर जोडना होय वह जगह थोडी गरम करो और इस लेईको लगाके जोड लो। इतना याद रहे कि निस समय स्पिरिटमे गला हुअा अाइसिग्लास गरम रहे उसी समय दोनो तरहको गोद मिलाओ, और जब लेई खूब अच्छी तरहसे सूख जाय तब चीज काममें लाओ। दीयासलाई। दीयासलाई बनाने में तीन चीजीको आवश्यकता होती है , (२) सलाई जो जलती है, (२) मशाला जिससे अग्नि उत्पन्न हो कर सलाईको जलाती है, (३) वह मशाला निस पर पहला मशाला घिसनेसे अग्नि उत्पन्न होती है। अव इन तीनो चोजीका वर्णन सक्षिप्त रीतिसे किया जाता है। सलाई-यह दो प्रकारकी होती हे, एक काठको और दूसरी मोमकी। सर्वसाधारणम काठको सलाईहीका अधिक प्रचार है। देवदारु (Soft Pine ) काठ ही इस कामके

रसायनसंग्रह।
-
लिये सबसे अच्छा है, क्योकि यह काटनेमे सहज, हलका
और जलदी जलनेवाला होता है। पहले इसको महीन
महीन सलाईकी तरह काट लेते है और सौसे हजार तककी
एक एक गडडी बाधकर एक गरम कमरमें रखके सुखाते है।
गडडो बाधनेके समय रस्मीको उसके बीची बीच ऐसी तरहसे
बांधते है जिसमें सलाईके दोनो सिरे फैल जायें। तब उन
दोनों सिरीको गले हुए गन्धकमें डुबाते है, जिममे मसाला
जलते ही गन्धकके जोरसे लकडी जलने लगे। जब गन्धक
सूख जाता है तब उस गडडीको एक गोल सरौते द्वारा वीचों
बीचसे ऐसी तरहसे काटते है कि एक एक सलाईको दो दो
हो जाती है। दीयासलाई जलानेके समय गन्धकको दुर्गन्धि
आती है इस लिये बिना गन्धकके भी यह बनाई जाती है।
बिना गन्धकको दियासलाई बनानेके समय सलाईके सिरेको
लाल तपे हुए लोहेके पत्र पर कुछ देर दबाके उसी क्षण
गले हुए टोराइन (Sterline) वा प्याराफिन (Paraffin) में
डुबाते है। गन्धक लगी हुई दीयासलाईम जब गन्धक जल
जाता है तब काठ जलता है परन्तु इससे मशाला जलते ही
काठ जलने लगता है। यद्यपि टोरादून वा प्याराफिनमें
दाम बहुत लगता है, किन्तु यह लगती बहुत कम है और
इसमें दुर्गन्धि भी नही होती। मोमकी दीयासलाई बनानेमें
१५।२० तार सूतके एक साथ इकट्ठे करके ५६ वार गले हुए
मोममें डुबाते है।
मशाला-यह ऐसा होना चाहिये जो सरटीकी हवा
में खराब न हो, थोडीही रगड लगनेसे नल उठे, और
जलानेक समय सलाईमें तब तक दृढतासे लगा रहै, जब तक
.

रसायनसंग्रह। , . काठ न जलने लगे। यह मशाला बनाने में दो चौजे मुस्थ हैं, फासफरस और क्लोरेट आफ पोटाश। फासफरस सूखा खुले में नहीं रह सकता, यह हवा लगनेहीसे बल उठता है, और बहुत जहरीली गन्ध निकलने लगती है, इससे इसकी सर्बदा पानी में डुबाकर रखते है। इसे बिना किसी दूसरी चीजके साथ मिलाये काममें लाना कठिन है। लोरेट प्राफ पोटाशमैं यह सब अवगुण नहीं है, इससे फासफरसकी जगह बहुतसे लोग इसीसे काम चलाते है, और कोई कोई दोनीको मिलाकर काममें लाते है। लोरेट आफ पोटाशमें एक बडा भारी अवगुण यही है कि इसमें तनिक भी रगड लगनेसे जोरसे चिनगारी उडती है, जिससे विशेष हानि होनेकी सम्भावना रहती है। जो दीयासलाई बिना क्लोरेट आफ पोटाशके बनती हैं, उसे (noiseless) बिना शब्दको कहते है। अग्नि उत्पन्न करनेवाले यही दो मशाले है। इनको जमाय रखनेके लिये इसमें सरेस और गोंद मिलाते है, और रगड बढानेके लिये कुछ महीन बालू वा काचका चूरा मिलाते है। इसके सिवाय कुछ चीजे इसमें ऐसो मिलाई जाती है जो खूब शोधतासे जलती है, जैसे नाइट्रेट आफ पोटाश (Nithate of Potash), परअक्साइड आफ लेड वा म्याङ्गानौज (Peroxides of Lead or manganese ) और सलफेट आफ ऐरिटमनि (Sulphide of antimony )। इसे टेखने में सुन्दर करनेके लिये बहुत तरहके रंग भी मिलाये जाते है। इसे लोग बहुत तरहसे बनाते हैं, केवल फासफरस ही १०० भागमें से लेकर ५० भाग तक मिलाया जाता है। बहुत फासफरस उसौमें मिलाया जाता है, जिसमें लोरेट श्राफ पोटाश नहीं रहता। . । . J यह पुस्त- यार नही रसायनसंग्रह। . । बक्सपर लगानेका मशाला-दीयासलाई दो प्रकारको होती है, एक सेफटी 'स्याच (Safety match) और दूसरी लूसोफर म्याच ( Lucifer match)। जो दीया- सलाई इस मशाले पर घिसनेमे वलती है, उसे सेफटी म्याच कहते है, यह बिना मशालेके नही जल सकती। लूसोफर म्याचके लिये इस' मशालेका कुछ प्रयोजन नही है, यह दीवार किवाड आदि सभी स्थानपर घिसनेहोसे बन उठती है। जिस मगाले पर घिसनेसे मेफटी म्याच जलाई जाती 'हे, वह यह है सलफेट आफ ऐण्टिमनो २८ भाग, वाइ- क्रोमेट आफ पोटाश से ४ भाग, अक्साइड आफ आइरन, लेड वा भङ्गानीज ४से ६ भाग, काचका चूरा २ भाग, सरस वा गोंद २ भाग। इस मशालेको बुरुस वा । चोसे वक्सके किनारे पर लगायो। साधारण टियासलाई- "साधारण फासफरस ४ भाग, सोरा १६ भाग, सेदुर ३ भाग, याङ्गलेड ६ भाग। (२) साधारण फासफरस ८ भाग, सोरा १४ भाग, बिन अक्साइड श्राफ म्याङ्गानीज १४ भाग, गोंद वा सरेस १६ भाग। पहले सरेसको तेज आचमें (२१२ F) गलायो और धीरे धीर फासफरस मिलाते जायो। जब देखो कि फाम- फरस सरसके साथ मिलके पानीकी तरह गल गया तब सोरा आदि दूमरी दूसरी चीजे मिलाश्री, फिर आगपरसे उतारके एक चिकने पत्थरको वा लोरेको थालीमें ढालदो। जिस बरतनमै यह मगाला ढालोगे, उसके नीचे दूमरे वरतनर्म गरम (20 F) पानी रख देना, नहीं तो मगाला ठण्डाहोके जम जायगा। फिर दीयासलाईका मुह उसमें एक एक करके .

रसायनसग्रह। डुबात जायो, दीयासलाई बनती जायगी। सरसकी जगह यदि गोद दीजाय तो भागका ताव देनेको कुछ आवश्यकता नही होगी, परन्तु गोंदकी बनी दियासलाई सरदौम शीघ्रही खराब होजाती है। (३) फासफरस १॥ भाग, लोरेट श्राफ पोटाश ४ भाग, सरस २ भाग, द्वाइटिङ्ग १ भाग, महीन काचका चूरा ४ भाग, पानी ११ भाग। (४) फासफरस २ भाग, क्लोरेट आफ पोटास ५ भाग, सरेस ३ भाग, सेटुर १॥ भाग, पानी १२ भाग। (५) जरमन लोग लोरटको जगह नाइट्रेट पाफ पोटाश और नाइट्टाफ लेड मिलाते हैं। इससे उनकी दीयासलाईमें जलानेके समय शब्द नहीं होता। इग्लिश भ्याच-पहले २ भाग बढिया सरसको पानी में भिगाके नरम करलो, फिर ४ भाग पानी मिलाके गरम पानीके सहारे गलानी, जब गलके पानीकी तरह होजाय तब गरम पानौमसे निकाल कर १॥ वा २ भाग फासफरस मिलाओ और खूब शीघ्रतासे काठको करछी द्वारा अच्छी तरह हिलायो, जब खूब मिलजाय तब ४ वा ५ भाग क्लोरेट श्राफ पोटाश ३ वा ४ भाग काचका चूरा और रंग करनेके लिये थोडासा सेंदुर लगाओ। इन सब चीजोको खूब सावधानतासे मिलाना चाहिये और जब तक ठण्डा न हो लाय तबतक बराबर चलाते रहना चाहिये। + साइलेण्ट म्याच-१६ भाग अरबी गोंदको जहा तक होसके कमती पानीमें गलामी और भाग पिसे हुए फास- फरसमें मिलाकर पीसो, फिर सोरा १४ भाग, सेदुर वा वाइ- रसायनसंग्रह। नौक्साइड आफ म्याङ्गानीज १६ भाग मिलाकर सबको एक कर लो। सेफटी म्याच लोरेट आफ पोटाश ६ भाग, सल- फाइड आफ ऐण्टोमनी २ से ३ भाग सूखा सरेस १ भाग। सबको अच्छी तरह मिलाके सलाईको उसमे डुबालो। लोरेट आफ पोटाशको दूसरी चीजके साथ सूखा कभी नहीं मिलाना, पहले सरसको गरम पानीमें गलाके उसके साथ मिलाश्री तब दूसरी चीजके साथ मिलाना। विना फासफरसकी दीयासलाई-क्लोरेट प्राफ पोटाश ४ से ६ भाग, वाइक्रोमेट आफ पोटाश २ भाग, अक्सा इड आफ आइरन वा अक्साइड आफ लेड २ भाग, बढिया सरस ३ भाग। (२) काँच ८७७ भाग, सरेस ७ १२ भाग बाइक्रोमेट आफ पोटाश ५ ५८, लोरेट आफ पोटाश ४६ ७६ फेरिक अक्साइड ४०८, म्यागानीज १३ ०७, गन्धक ७४१॥ (३) कांच १ पाउण्ड, सरेस १ पाउण्ड, वाइक्रोमेट आफ पोटाश पाउण्ड, लोरेट श्राफ पोटाश ॥ पाउण्ड, फेरिक अक्साइड ॥ पाउण्ड, म्यागानीज २ पाउण्ड, गन्धक १ पाउण्ड। गिल्डिङ्ग वा कलई करना। सोनेका मुलम्मा करना-पहले जिस चीज पर सोना चढाना हो उसे खूब साफ करो, फिर उस पर पारा

रसायनसंग्रह।
,
मलके सोनके वरक चिपका दो और विल्लीरकी कलमसे
बहुत धीरे धीरे सब जगह दबाओ। फिर उस चीजको भाग
पर गरम करो, सब पारा उड जायगा और वरक जमा
रहेगा। अब ओपनीसे पालिस करलो। यह मुलम्मा पीतल
चादी और ताबे पर होसता है।
चांदीका मुलम्मा करना-जिस चीज पर
चादीको गिल्टी करनी होय उसको पहले अच्छी तरहसे
साफ करो, फिर उस पर पारा चढाश्री। जब पारा चढ
जाय तब चादी वरक लेकर उस पर बहुत धीरजसे जमाओ
और कोयलेको आचमें गरम करो, सब पारा उड जायगा
और वरक चिपका रहेगा, फिर भोपनीसे जिला करलो।
यह सुलम्मा पोतल और तांबेही पर होता है।
सोनेका भस्म-विशुद्ध सोना ६० ग्रेन, वढिया
ताबा १२ ग्रेन, सोरेका तेजाय ॥ औन्स, नमकका तेजाव १॥
औस। सबको मिलाके एक टुकडे सूतके कपडेमे डालो,
(कपडे में सब अरक सोख जाना चाहियो, जब कपड़ा सूख
जाय तब भागमें जलाके भस्म करलो। इस भस्ममे सोना
रहता है। जब किसी चीज पर गिल्टी करनी होय तब
उसे माफ करके आगमें तपायो और नोने पानी में सोले
वा खुखडीको भिंगाके उससे उस भस्मकी, जिस चीज
पर गिल्टी करनी होय, घिसो। घिसनेहीसे उस चीज पर
गिल्टी होजायगी, फिर अोपनी द्वारा साबुनके पानीसे
पालिश करलो।
सोनेका घरक-पहले करोसिभ सविमेट और
.
-
?

रसायनसंग्रह। नौसादर दोनोको बराबर ले स्पिरिट आफ नाइटरमें गलामी, । फिर उसमें सोना मिलानेसे जो परक बनेगा उसे चाँदीकी चीनमें लगानेसे पहले काला रंग होजायगा, फिर आगमें तपानेसे सोनेको गिल्टी होजायगी। चांदीका परक-वाइटार्ट रेट आफ पोटाश २०० औन्स, लोराइड आफ सिलभर ६० श्रीन्स, इसमें १०० से १३० श्रीन्स तक पानी मिलाके कीचडकी तरह करलो और लगानेके समय अधिक पानी मिलाके पतला करतो, इस अरकको पीतल, तावा आदि धातुकी चीज़ पर बुल्स द्वारा लगानेसे सुन्दर रुपहली गिलटी होजायगी। (२) नाइट्रेट आफ सिलभर १ औन्स, साइनुरेट पोटाश २ औन्स, स्पेनिश हाईटिङ्ग ४ श्रीन्स, साफ पानी (मेहका होय तो बहुत अच्छा है) १० औन्स। सबको १ काँचके बरतनमें मिलाओ। जिस चीज पर कलई करना हो उसे अच्छी तरह साफ करके एक कोमल बुरुस द्वारा उस पर यह अरक लगाओ, सूख जाने, पर एक टुकडा चमडा वा अोपनीसे पालिस करलो। चांदीकी चीन साफ करनेका परक- साईनेट आफ पोटाग ॥ पाउण्ड, साल्ट आफ टार्टर पाउण्ड, पानी । ग्यालन। तीनो चीजोंको मिलाली। जिस चौजको होय उसे इस परकमें थोडी देर तक गरम पानी में धोडालो। यह पानी घावमें लगनेसे बडा अनिष्ट - ॥ - ।।१औंस

रसायनसंग्रह।
,
मलके सोनेके वरक चिपका दो और विल्लीरकी कलमसे
बहुत धीरे धीरे सब जगह दवाओ। फिर उस चीजको भाग
पर गरम करो, सब पारा उड जायगा और वरक जमा
रहेगा। अब ोपनीस पालिस करलो। यह सुलम्मा पीतल
चादी और ताबे पर होसता है।
चादीका मुलम्मा करना~जिस चीज पर
चादीको गिल्टी करनी होय उसको पहले अच्छी तरहसे
साफ करो, फिर उस पर पारा चढाी। जब, पारा चढ
जाय तब चादीके वरक लेकर उस पर बहुत धीरजसे जमायो
और कोयलेकी पाच गरम करो, सब पारा उड जायगा
और वरक चिपका रहेगा, फिर प्रोपनीमे जिला करलो।
यह मुलम्मा पीतल ओर तांबेही पर होता है।
सोनेका भम्म-विशुद्ध सोना ६० ग्रेन, वढिया
तावा १२ ग्रेन, सोरेका तेजाव ॥ श्रीन्स, नमकका तेजाव १॥
औस। सबको मिलाके एक टुकडे सूतके कपडेमें डालो ,
(कपडे में सब अरक सोख जाना चाहिये), जब कपडा सूख
जाय तब पागमें जन्लाके भस्म करलो। इस भस्ममें सोना
रहता है। जब किसी चीज पर गिल्टी करनी होय तव
उसे साफ करके आगमें तपायी और नोने पानीमे सोले
वा खुखडीको भिगाके उससे उस भम्मको, जिस चीज
पर गिल्टी करनी होय, विसो। घिसनेहीसे उस चीज पर
गिल्टी होजायगी, फिर श्रोपनी द्वारा साबुनके पानौसे
पालिश करलो
सोनेका अरक-पहले करोसिभ सविमट और
-

रसायनसग्रह।
+
।
-
जानी जब तक गल कर अच्छी तरह न मिल जाय। फिर
उसको पानी में डाल कर ठण्डा करलो। यदि पारा अधिक
होय तो एक साफ और मुलायम चमडे पर ढाल दो और
उसे जरा टेढा करो जितना अधिक पारा होगा उतना बह
कर अलग होजायगा और बाकी एम्यालगम मक्खनकी तरह
रह जायगा। इसमें तीन भाग पारा और एक भाग'सोना
रहता है।
गोल्ड एम्यालगमका मुलम्मा-यह चादी तावा
और पोतल पर होता है। जिस चीज पर मुलम्मा किया चाही
पहले उसको सोरका तेजाव मिले हुए गरम पानीमें अच्छी
तरह साफ कर लो। एक महीके गमले में थोडा एक्काफरटिस
डालके उसमें पारा मिलाओ, जब पारा सब गल जाय तब
एक कोमल बुरुम हारा जिस चीज पर मुलम्मा किया चाहो,
लगायो, जब तक सफेद न होजाय। इसे पारा चढाना
कहते है। पारा चढानेके समय इस अरकसे एक तरहको
भाफ निकलती है, जो स्वास्थ्यके लिये बहुत हानि कारक
होती है, इस लिये पहिलेसे एक बोतलमें एकाफरटिस भरके
उसमें पारा डाल खुली हुई जगहमें रख देते है, जिससे
उसका खराब भाफ पहिलेहीसे निकल जाता है। जब पारा
चढ जाय तब गोल्ड एम्यालगमको एक साफ दुरुससे उस
चीन पर फेर दो (यह सब जगह एकसा लगना चाहिये
कही कमती बढती नहीं होय ) और कोयलेकी मन्दी पाच
में उसे गरम करो। पारा सब उड जायगा और सोना
लगा रहेगा। सोनेका रङ्ग इस समय फोका दिखाई
अब थोडासा पिसा हुआ सोरों ओर फिटकरी
देगा।

रसायनसंग्रह। . 4 । ॥ , लोराइड ऑफ सोडियम १ औन्स, सोरा २ श्रीस, डिष्टिल्ड वाटर ॥ पांइट-1, सबको मिलाके पागमें उबाललो। इससे सोनेकी चीज खूब साफ होती है और रग भी खूब उज्वल होजाता है। पुरानी गिल्टीको उज्वल.करना-ऐनोटा १ प्रोस साल्ट आफ टार्टर १ औन्स, खून खराबो ॥ औन्स, डिष्टिल्ड वाटर ३ पाव। सबको आग पर चढाके उबालली जब चौथाई,रह जाय तब उतारके २० ग्रेन केशर मिलाके छान लो। इसे लगानेसे पुरानी गिल्टी उज्वल होती हैं। : तांबे पौतल पर चांदीका पानी चढाना- पहले नाइट्रिक ऐसिड १ तोला लेकर उसमें थोडी चादी डालके रख टो, फिर ६ माशे चादी १ चीनीके प्याले में डाल के ऊपरसे वह तिजाब जो पहले तैयार किया है डाल दो. और आग पर गरम करके नीचे बैठी हुई चादीको नितार लो, फिर पोटाशियम वा साभर नमक मिला कर काममें लामो और खडिया महीसे साफ कर दो, बहुत उत्तम चादी' चढ-जायगी। । गोल्ड एम्यालगम वा-सोनेको पारेके साथ--- मिलाना-एक लोहेकी कढाईमें (जो चीनी मिट्टीसे कलई की हुई होती है) थोडासा पारा रख कर आग पर चढाओ, जव धूश्रा निकलने लगे तब उममें सोना मिलाओ (यह सोना विशुद्ध होना चाहिये और पहले इसके खूब पतले और छोटे छोटे टुकड़े करके प्रागमें खूब तपाके पारमें मिलाना चाहिये) और लोहको 'करकोसे ' चलाते - -

UT! TE: रसायनसग्रह।
+
जानी जब तक गल कर अच्छी तरह न मिल जाय । फिर
उसको पानी में डाल कर ठण्डा करलो। यदि पारा अधिक
होय तो एक साफ और मुलायम चमडे पर ढाल दो और
उसे जरा टेढा करो नितना अधिक पारा होगा उतना बह
कर अलग होजायगा और बाकी एम्यालगम सक्खनकी तरह
'रह जायगा। इसमे तीन भाग पारा और एक भाग सोना
रहता है।
गोल्ड एम्यालगमका मुलम्मा-यह चादी तावा
ओर पीतल पर होता है। जिस चीज पर मुलम्मा किया चाही
पहले उसको मोरका तेजाव मिले हुए गरम पानीमें अच्छी
तरह साफ कर लो। एक मट्टीके गमलेमें थोडा एकाफरटिस
डालके उसमें पारा मिलाओ, जब पारा सब गल जाय तब
एक कोमल बुरुस, दारा जिस चीज पर सुलम्मा किया चाहो,
लगाओ, जब तक सफेद न होजाय। इसे पारा चढाना
कहते हैं। पारा चढानेके समय इस अरकसे एक तरहको
'भाफ निकलती है, जो स्वास्थ्य के लिये बहुत हानि कारक
होती है, इस लिये पहिलेसे एक बोतलमें एकाफरटिस भरके
उसमें पारा डाल खुली हुई जगहमें रख देते है, जिससे
उसका खराब भाफ पहिलेहोसे निकल जाता है। जव पारा
चढ जाय तब गोल्ड एम्यालगमको एक साफ दुरुससे उस
चीन -पर फेर दो (यह सब जगह एकसा लगना चाहिये
कही कमती बढती नही होय) और कोयलेको मन्दी पाच
मे उसे गरम करो।
पारा सब उड नायगा और सोना
लगा रहेगा। सोनेका रङ्ग इस समय फोका दिखाई
भव थोडासा पिसा हुया सोरा और फिटकरी
देगा।

1 रसायनसग्रह । दोनोको पानी में मिलाके उस चीज पर : लेस दो और भागमें तपात्रो, फिर ठण्डे पानीसे धोकर ओपनौसे जिला कर लो।। 'चांदीका पाउडर-आरजेण्टी कोराइड ३ भाग, पोटाम वाइटार्ट २० भाग, सोडा क्लोराइड १५ भाग। तौनोको मिलाकर पीस डालो। जब किसी तांबे वा पोतलको चीज पर चादीकी कलई किया चाहो तब इस मशालेमें थोडासा पानी मिलाय एक टुकडे कपडेसे उस चीज पर लगाओ, फिर थोडीसी खडिया महो महीन पीस कर एक साफ कपडेसे उस चीज पर घिसी, फिर पानी में धो कर सुखे कपडेसे पालिस करली। (२) नाइट्रेट आफ सिलभर ३०ग्रेन साधारण नमक ३० ग्रेन, क्रीम आफटार्टर ॥ ड्राम, सबको मिलाओ और थोडासा पानी मिलाकर लगायो। पीतलपर चांदीकी कलई करना-१६ प्रौन्स साफ पानी पाउण्ड साइनाइड आफ पोटाशियमको लगानी और दूसरे बरतनमें उतनेही पानी में नाईट्रेट श्राफ सिलमर औंस गलाओ। जिस बरतन सिलभर रहै उसमें एक चमचा साधारण नमक डालदो और एक साफ लकडीसे हिला कर छोड़ दो, जब सब चादी नीचे बैठ जाय तब अलग पानी थोडासा नमक मिलाकर उसकी कुछ बू दे उस पर- कमें डाल दो। यदि देखो कि अरकका रग खूब स्वच्छ नहीं हुआ तो समझना कि अभी सब चादी नीचे नही बैठी, तब उसमें पहलेको तरह और नमक मिलाके उसी तरह हिलाके छोड दो। अबकी बार नमक मिलानेसे भी यदि कुछ फल रसायनसंग्रह। नही होय तो बहुत धोरसे अपरके पानीको नितारके अलग कर ली और फिर उसमें थोडासा गरम पानी डालके छोड दो। इसी तरह तीनबार करके ऊपरका सब पानी नितारके फेक दो, फिर उसमें प्राधा पाइट साफ पानी मिलाओ और प्राधा ओंस साइनाइड सोल्यूशन (जो पहले साइनाइड आफ पोटाशियमको पानी में गला कर बना चुके हो) मिलाके अच्छी तरहसे हिलाओ, फिर पानी मिलाके उतनाही साइ- नाड सोल्यूशन मिलाओ, इसी तरह जब उसमें आधा ग्यालन पानी हो जाय और सफेदीकी तरह नीचे बैठी हुई चादी सब मिल जाय तब जिस चीज पर कलई किया चाहो उसे पहिले अच्छी तरहसे साफ करके इस अरकमें डुवाओ। यदि डुबाते हो उस पर चादी गाढी हो कर चढने लगे तो और पानी मिलाकर परकको पतला कर लो, और जो बहुत धीरे चढे तो उक्त रीतिसे और चादीका सफेदा बनाकर उसमें मिलायो। यह गिल्टी ऐसे कमरेमें बैठके करना चाहिये जो सूखा होय तथा उसमें सोल बिलकुल नहीं होय और गर्मी भी उस समय ६० तथा ७० डिगरी तक होय। (२)जिम चीज पर गिल्टी किया चाहो, पहले उसे अच्छी तरहसे साफकर लो, फिर सोल्यूशन आफ साइनाइड श्राफ सिलभरमै कुछ सेकेण्ड तक डुबानेहीसे चादीको गिलटी हो जायगी। (२) नाइट्रेट आफ सिलभर १ भाग, साधारण नमक १ भाग, क्रीम माफ टार्टर ७ भाग, तीनोंको एक साथ मिलाओ और घोडा पानी मिलाके लगायो। (४) नाट्ट याफ सिलभर १ भाग, साइनाइड आफ पोटाशियम ३ भाग। दोनोको थोडासा पानी मिलाकर लगाओ। यह ओर इसके पहले- रसायनसंग्रह। वाली रीतिसे जो कलई होती है वह बहुंत पतली होती है और बहुत दिन तक नहीं रहती। (५) एक पालिशदार मट्टीके बरतनमें १ औंस सोरेका तेजाब रखके मन्दी आग पर चढाओ, जब उबलने लगे तब शुद्ध चादोके कुछ छोटे 'टुकडे उसमें डाल दो। चादी उसी दम गल जायगी। जब चांदी गल जाय उसी समय १ मुट्ठीभर साधारण नमक उसमें डाल दी इससे तेजाबको तेजी मर जायगी, फिर उसमें थोडीसी खडियामही मिलाकर कीचडकी तरह कर लो। जिस चीज पर चादी चढानी होय, पहले उमे अच्छी तरहसे साफ कर लो फिर इस मशालेमें थोडासा पानी मिलाय उस पर लगाओ, और सूखजाने पर धो कर चमडेसे पालिश कर लो। यह गिल्टी वरपों तक खराब नहीं होती। तवि पर सानेका मुलम्मा करना-पहले ताबेको चीजको खूब साफ करके डाइलिउटेड सोल्यूशन प्राफ नाइट्रेट आफ मरकिउरीमें डुबायो, (इससे इस अरकमें जो पारा रहता है सो तर्वि पर चढ जायगा), फिर उस पर एम्यालगम आफ गोल्डको अच्छी तरह पतला करके लगानी और विना धूएंकी मन्दी आच पर रखके तपाओ! ६६ डिग- रोसे अधिक गरम होनेसे सब पारा उड जायगा और तावे पर सोनको गिल्टी हो जायगी। ताविपर रांगेको गिल्टी करना-जिस चीन पर कलई करना होय उसे अच्छी तरह मानके साफ कर लो, फिर आग पर चढाके खूब गरम करो (जिसमे राग डालनेसे पिघल जाय और फैलानेसे पल जाय), तब उसमें राग डाल, -

रसायनसंग्रह।
+
।
लोहको करछोसे घिसके गला लो, और बरतनके चारों तरफ
नौसादरको बुकनी छोड, कपडेसे गले हुए रागको जहाँ तक
कलई करनी होय, धीरे धीरे फेर दो। बस बहुत उत्तम,
श्वेत और उज्वल कलई हो जायगी। यह कलई तविकी
डिकची, रकाबी आदि बरतनों पर की जाती है।
• तावे और पीतल पर पारेकी कलई करना-
जिस चीज पर यह कलई करना होय उसे पहले अच्छी
तरह मान कर साफ करलो, फिर आगपर चढाके खूब गरम
'करो; तब उस पर राग डालके लोहको करछौसे घिसके
'गला लो और नौसादरकी बुकनी छोड, कपडेसे उस गले
हुए रागको उस चीज पर धीरे धीरे फैला दो। इस तरह
जब रागकी कलई होजाय तब उस चीजको अागमें खूब
तपाओ और ठण्डा होने पर पारेको संगमें मिलाकर उस
पर चढाथी और चर्च दो। मुरादावादी बरतनोपर ऐसेही
कलईकी जाती है। (२) पहले पारेको रागमें मिलाओ,
जब अच्छो तरह मिल जाय, तव गन्धकके तेजावके द्वारा उस
चीज पर चढाओ। बहुत उत्तम और चमकीली कलई
होजायगी।
मुलम्मा करने के लिये स्वर्ग चूर्ण बनाना-
सोनेके तवकमे सहत वा गोदका पानी मिलाकर खरल में खूब
घोंटो, फिर गरम पानीसे सहत वा गौदको धो डालो, सोना
चूर होकर नीचे बैठ जायगा। (२) नाइट्रोमिउरिटिक
एसिडमै कुछ सोनेके वरक वा थोडासा सोना डालके गलामी,
फिर उसमे एक टुकडा ताबा वा सलफेट आफ आइरन मिला
-
-

रसायनसग्रह।
कर पागमें गरम करो, (यदि ताबा मिलाना हो तो उसे
सिरकमें नरम कर लेना), फिर वारवार पानीसे धोकर
सुखा लो। (३) एम्यालगम आफ गोल्डको एक घडियामें
रख, कडी आचमें रक्खो और एक शीशेकी सलाईसे हिलाते
जाओ, जब सब पारा धूआ होकर उड जाय तव बाकी चीज
की एक खरलमें रख थोडा पानी मिलाकर पीसो, फिर
सुखालो। सोनेका चूर बनानेको यह रीति सबसे उत्तम है।'
बोंन पाउडर वा मोजि क गोल्ड बनाना-
गन्धक पौर हाइट अक्साइड आफ टिन, दोनोको बराबर ले
एक घडियामें रख धूम रहित आग पर चढाके गलाप्रो और
एक महीको वा कांचकी नलसे हिलाते जाओ। जब इस चूर
का रङ्ग पीला होजाय तब उनारलो। (२)पारा, राग, गन्धक
और नौसादर चारोंको बराबर लो। पहले रांगको गलानी
और उसमें पारा मिला दो। फिर इस मिश्रित धातुमें
गन्धक और नौसादर मिलाकर पीसी। एक महीको घडि-
यामें इसे रख धूम रहित आग पर चढाओ और काचको वा
महीको नल वा सलाईसे हिलाओ, ( इसमें लोहेकी मलाई
नहीं लगाना क्योंकि गन्धक गलने पर लोहेसे मिल जाता है)
जब पारा सब उड जाय और धूआ निकलना बन्द होजाय
तथा सोनेके चूरकी तरह होजाय तब उतार लो। (३)
१पाउण्ड रागको एक घडियामें गलाक ॥ पाउण्ड साफ पारा
मिलाओ, जब ठण्डा होजाय तव पोस लो। फिर पाउण्ड
नौसादर और प्रोन्म गन्धक पीसके उसमें मिलायी और
संबको फिर महीन पीसके एक कर लो, और ऊपर लिखी
रीतिके बनाओ। नौसादर खूब सफेद और साफ रहै तथा
.

।
रसायनसंग्रह।
६८
पारा भी विशुद्ध और निर्मल होना चाहिये। यदि सोनेका
रङ्ग कुछ लाल किया चाहो तो उसमें बहुत थोडासा सेंदुर
मिला दो।
मृगांग बनाना 'पारा, नौसादर, सेदुर, गन्धक
और हरताल पांचोंको बारवार ले बोतलमें डाल कर कोयले
की पाच पर रख दो, जब धूपा निकलना बन्द होजाय और
बोतलमें कुछ लाली लिये हुए सुनहरी रङ्ग रह जाय उसे
निकाल लो। इसीका नाम मृगाग है। जिस चीज पर
चाहो लगामी सुनहरी होजायगी।
इलेक्ट्रो गिल्डिङ्ग वा व्याटरी द्वारा कलई
करना -एक विशुद्ध तावेका डोलनमा वरतन (जो नीचेसे
ऊपर तक एकसा होय) बनवात्रो और उसी तरहका एक
दूसरा
महीका चोंगेनुमा बरतन बनवाओं। यह बरतन
तविके बरतनसे घरमें बहुत छोटा तथा उचाइमें बराबर होय
और चिकना नही होय, अर्थात् ऐमी तरहका बना होय जैसे
साधारण पानीके कूजे बनते हैं। इस महोके बरतनको उत्ता
तावके बरतनमें रक्खो और दोनोके बीच में जो चारों तरफ
जगह खाली रहै उसे पानोसे भरके ( पानी बरतनके मुहसे
एक इन्च नीचे तक भरा रहना चाहिये ) उसमें तूतिया डाल
दो। यदि सब तूतिया पानीमें गल जाय तो और डाल दो,
(क्योंकि तूतियेके टुकडे पानीमें बराबर पड़े रहने चाहिये)।
फर उस मोके बरतनमें पानी भरके उसमें साधारण नमक
डालो। यह नमक भी यहा तक डालना चाहिये, जिससे
यधिक और उस पानी में न गल सके, नमकको जगह पानी
में गन्धकका लेनाव मिलानेसे भी यह काम होता है। इस

रसायनसंग्रह। - - नमकके बरतनमें एक टुकडा साफ जस्तेके पत्तरको चोगेको तरह मोडके डाल दो (यदि इस पत्तर पर पारेकी कलई कियो होय तो बहुत अच्छा है)। इनदोनों बरतनोमें भरे हुए पानीको सतह ऊपरसे समान होनी चाहिये, यदि पानी ऊँचा नीचा होगा तो जस्तेका रग काला होजायगा और काम ठीक नही होगा। अव तारके दो टुकडे लेकर एक तावेके बरतनके साथ और दूसरा जस्तेके पत्तरके साथ बाधो (इन दोनोम ऊपरके सिरेको तरफ एक एक छेद तार बाधनेके लिये पहिलेहौसे किया रहता है, यदि पीतलके स्क द्वारा तार उसमें श्राट, दिया जाय तो बहुत अच्छा होय ), जो तार जस्तके साथ बंधा है उसके दूसरे सिरमें जिस चीज पर गिल्टी किया चाहो उसे बाधो, और जो तार तावेके बरतमसे बधा है उसके दूसरे सिरेमें एक टुकडा शुद्ध सोना वा चादी जिसकी गिल्टी किया चाहो, बाध दो। यदि चादीको गिल्टी करनी होय तो एक बर- तनमें साइनाइड आफ सिलभर २ भाग और साइनाइड पोटाशियम २ भाग २५• भाग पानी में मिलाकर मन्दी पाच पर चढायो (पानीको गरमी ६० से लगाय, ८० डिगरी तक होनी चाहिये) और उक्त दोनो तारमें बधी हुई चीजें इस अरकमे डुबादो। जितनी ज्यादा देर तक चीज इसमें डूबी रहेगी उतनीही चादी भी ज्यादा चढ़ेगी। कुछ देर बाद इन चीजोको परकमसे निकाललो। तावके बरतनमें लगे तारके साथ जो चादी बधी थी वह जस्ते में लगे तारसे बंधी हुई चीज पर चढ जायगी। यदि सोनेकी गिल्टो 'किया चाहो तो उस परकमें साइनाइड आफ सिलभरकी T

रसायनसग्रह।
जगह साइनाइड आफ गोल्ड मिलाओ। इसमें चादी, ताबा,'
पीतल, ब्रोंज, जरमन सिलभर आदिकी बनी हुई सभी
चीजों में गिल्टी हो सकती है। यदि लोहा, इस्पात, जस्ता,
राग और शीशेको वनी चीजोपर गिल्टी करनी होय तो
इसी तरहसे उन पर तावको गिलटी करके तब चादी वा
सोना चढाना चाहिये। ताबा चढानेके समय साइनाइड
आफ सिलभरको जगह तूतिया और थोडासा कार्बोनेट आफ
सोडा मिलाओ और ताके बरतनसे लगे तारके साथ
चादीको जगह एक तावेका टुकडा बाध दो। २ वा तीन,
व्याटरीको एक साथ जोडनेसे काम बहुत जलदी और अच्छा
होता है। इनको जोडनेको रीति यह है-एक ब्याटरीके
जस्तमें बंधे तारको दूसरी व्याटरीके तावेके बरतनमें बाधो,,
और दूसरी ब्याटरीके जस्ते में बँधे तारको तीसरी ब्याटरीके
ताबके बरतनमें बाधो। इसी तरह जितनी ब्याटरी चाहो,
एक सग मिला सकते हो। अन्तमें पहली ब्याटरीके तावके .
बरतनसे बँधे तारमें चादी-और शेषको ब्याटरीके जस्तेसे बंधे.
तारके साथ वह चौज बाधनी होगी जिस पर गिल्टी किया.
चाहते हो। जितनी अधिक व्याटरी होगी उतनाही जोर
भी अधिक होगा। जिन चीजों पर गिल्टी किया चाहो पहले
उनको आगमें तपा लो जिसमें सब चिकनाई उड जाय, फिर
एक कडे बुरुस द्वारा पानीसे धो डालो और सोरेके तेनावमें
डुबाकर निकाल लो, फिर साफ पानीसे धो कर सुखायो तब.
गिलटी करो।
शीशे और चीनीके वरतनोंपर कलई
करना-क्योप्याल बानिशमें थोडासा तीसोका गरम तेल'
।
-

रमायनसंग्रह।
,
और ताडपीनका तेल मिलाओ। शीशे वा चीनीके बरतन
पर जहा कलई करना होय वा फूल तथा वेल, बूटे जो कुछ
बनाने होय, उसी स्थानपर इस बार्निशसे खीच कर आंच
पर दिखाओ। वार्निश लसार हो जायगी। तब इस पर
सोनका वरक रुईके पहल पर उठाके लगाओ और २४ घण्टे
तक सूखनेदी, फिर कौडी वा और किसी घोंटनेको चौनसे
घोटनेसे उत्तम गिल्टी होजायगी।
तसवीरके चौखटेपर कलई करना-पीली
मही १ भाग, कोप्याल बार्निश २ भाग सोसौका तेल भाग
ताडपोनका तेल ४ भाग। पहले मट्टीको खूब महीन पीस
कर तेलमें खूब घोटो, जब अच्छी तरह मिल जाय तब और
चीजें मिलायो, यदि गाढा हो जाय तो थोडासा सीसीका
गरम तेल और मिलायो। इस मसालेको चौखटे पर लगानी
और सूखने पर बालूदार कागजसे घिसकर चिकना करलो।
बहुत सहज रीति यह है कि पीली मट्टी को खाली सरसमें
मिलाकर खूब घोटो और जव चौखटे पर लगाना होय तब
'जरा गरम करके एक अस्तर उस पर लगा दो, सूख जाने पर
बालूदार कागजसे रगडके चिकना करलो। यह सबरीति अस्तर
चढानेकी हुई अब सोनेका मशाला बनाना चाहिये। पहले
सोनेके वरकको गोदमें मिलाके खरल में खूब घाँटी जब वरक
अच्छी तरह घुल जाय तब गोदको पानौसे धो डालो (एमी
तरहसे धोना जिसमें सोना न बहने पावै), सोना सब चूर
होकर नीचे बैठ जायगा। अब सरेसमें इस सोनेको मिला
कर चौखटे पर लगायी और मोटे कपडे वा चमडेसे खूब
रगडके यालिस कर लो।
.

रसायनसंग्रह।
-
हाथीदांत पर कलई करना-एक टुकडा
नाइट्रेट श्राफ सिलभर लेकर खरलमें पीसो फिर उसमें साफ
पानी मिलाओ। जब किसी हाथीदातकी चीजको रुपहली
किया चाहो तब इस परकमें डुबा दो और जब तक उसका
रग खूय पीला नही होजाय तब तक डूबा रहने दो। फिर
निकाल कर धूपमें सुखाओ। यदि हाथो दातकी चीज पर
नकाशी किया चाहो तो बहुत महीन बालकी कलम लेकर
इसी अरकसे उसपर लिखो। जब इस लिखेका रग खूब पीला
होजाय तो उसे पानीसे धो कर धूपमें रख दो और बीच
बीचमें पानीसे गीला कर दिया करो। थोडी देर में लिखेका
रंग काला होजायगा, फिर इसको खूब रगडनेसे उज्ज्वल
रूपहली कलई होजायगी। यदि सुनहरी कलई किया
चाहो तो हाथोदातको सोल्यूशन आफ नाइट्रोम्यूरिएट श्राफ
गोल्डमें डुबानी और गीला रहते हाईड्रोजन ग्यास पर
दिखाओ, फिर साफ पानीसे धो डालो।
चमडे पर कलई करना-सूखा द्वाईट आफ
एग्स, पोलीराल वा स्याष्टिक गमको खूब महीन पीस कर
चमडे पर छीट दो और उस पर सोनेका वरक रखक, लोहेको
छाप गरम कर उस पर लगानी गरम छाप लगने पर
नीचेको राल पिघल जायगी और सोनेका वरक उस पर
चपक जायगा। फिर एक साफ और नरम कपडेसे उसको
धोरसे पोछो। जहा छाप लगी होगी वहाका सोना जमा
रहेगा और वाकी उठ जायगा।
कितावको जिल्ट पर कलई करना-किताबकी
.

- frate कान, बान रब मन्दिा मृद्र नट न रीमदर्यामाग्रनि (मर, अगदी दहान डोरी sur are a उमदाद परस्ट बोनेटदा दो। গিগ গুন্তী লিলা এ দুই না- मिमाधीही न कर दी और किवादशी शुद्र दम बांध दो। किन पिरिटम गठे बाडमिन्दामी किनारयामाग्री, दयोदा गीना न्द्रनाय तब उनपर पाका गियकादी पौर घुब मनहानपर कितावको खोलली। (चारमनियानयोल ४ माग, मिमग माग , टोनीको प्राट अाफा गगमर्म मिग्लानी । शितावको ब कम वाधलो धारमय किानाको राम प्रिमर्क वगवा करली, फिर Aur fAT मगाना नगायो। जब सूखने पर पाये तब उ गगयो धियाना कारली, और जग गीला म्पज उसपर श्री, फिर मनिया परक लेकर गृव मावधानतामे उम गगाग्री। जब ग्यूय मृगजाय सय घोटक पालिम करली यिसापक पाक किनारेपर नकासीक 'परतण्या प्रारम्नमें मोनक य धारा, अय गय मीना पुग्ननाय जगाती मीना रहजाय तब वाम एका प्रेम करोमिम म गौदया पानी मिनायार भीगी भरयो रणछोड़ी . । 1 भ . .

रसायनसंग्रह। -- . V पर नकासी करनी होय, पहिले उसे लाल, सबुज, व. वा जो । रग किया चाहो उसौ रंगसे रगो, फिर इस सोनेके पानी। उसपर बूटियां बनाओ, और सूख जानेपर गडके पालिस करलो। यह देखने में बहुत सुन्दर होती है। जापानी गिल्टी-यह गिल्टी जापानके बने सीक, कागज वा काठक परदे, पही और बसोपर प्राय दिखाई पड़ती है। इसके बनानेकी रीति यह है-तीसीके तेलमें गम एनिमाई और थोडा सा सेंदुर मिलाकर आगपर उबालो। इसी मशालेसे फूल, वेल प्रादि जो खींचना होय, बालको कलमसे खींची। जब प्राय सूखने पर पाये तब उस पर सोनका चूरा वा वरक लगाओ। तीसीके तेल मिले मसालेपर जो सोनेका वरक लगाया जाता है वह प्राय पानी मे धोनेसे नहीं उठता। काठपर गिल्टीकरना-काठको जिस चीजपर गिल्टी करना होय पहले उसे अच्छी तरहसे साफ और चिकना करलो। फिर गरम तीसोके तेलमें पीली मही मिला घोटो और उसका एक अस्तर उस काठको चीनपर फेरदो। जब प्राय सूखने पर आवे तब खूब सावधानीसे उस पर सोनेका वरक लगानी और रुईके पहलसे दबादो। यदि कोई जगह वरक लगनेसे छूट जाय तो उतनाही बडा वरकका टुकड़ा काटकर चिपकादो। जब खूब सूख जाय तब रगडके पालिस करलो। यदि चादीको गिल्टी किया चाहो तो तेलमें पीली महीको जगह खडिया मट्टी मिलाना। कर खूब ।

रसायनसंग्रह।
।
। कागज पर लिखे अक्षरोंपर कलई करना।
कागज वा पार्चमेण्टपर लिखे अक्षर वा चित्र तीन तरहसे
कलई किये जा सकते है। (१) स्याहीमें थोडा साईज मिलाओ
और उससे अक्षरीको लिखो; जब सूख जाय तब उसपर
मुहका भाफ देनेसे जरा लसार होजायगी, और उसी समय
उसपर सोनेका वरक जमाके दबा देनेसे चिपक जायगा।
साईज बनानेकी रीति यह है,-तीसीका तेल आधा पाउण्ड
लेकर एक शीशीमें गरम करो, फिर गम एनिमाई २ औंस,
महीन पीसकर उस तेलमें थोडा थोडा मिलाकर हिलाते
जाओ, जब गोद अच्छी तरह गलके मिलजाय, तब आगपर
चढाके उबालो, और अलकतरेकी तरह गाढा होजाने पर
उतारके मोटे कपडेसे छानलो। जब काममें लाना होय तब
उसमें सेदुर मिलायो और ताडपीनका तेल मिलाकर इतना
पतला करलो, जिसमें कलमसे लिख सको। (२) कडी साईज
में सफेदा वा खडियाको अच्छीतरह मिलाकर उससे एक
बुरुम हारा लिखो, जब सूखनेपर श्रावे तब उसपर सोनेका
वरक चिपकादो, फिर पालिस करलो। (३) साईजमें थोड़ा
सा स्वर्ण चूर्ण मिलानो और उससे उन अक्षरोंको लिखो।
ऐनेपर कलई करना-जितने बडे शीशे पर
कलई करना होय उतनाही वडा एक ताव रागेको पत्रीका
लेकर एक चिकने पत्थर पर, जिसमें बालके समान भी रेखा
न होय, बिछात्री, और एक काठका रूल उसपर फेरके अच्छी
तरहसे जमादो, जिसमें कही सिकुडन न रह जाय। फिर
थोडा पारा (जितनेमें सार तावपर फैलजाय) लेकर उसपर
,
-
-

1
रसायनसग्रह।
७७
डालो और कपडेकी पोटलीसे चारों तरफ फैलादो, फिर
शीशको लेकर बडी सावधानीके साथ एक तरफसे सरकाके
उस पन्नीपर जमादो। सरकानेके समय जितना अधिक
पारा होगा वह शोके किनारसे अलग होजायगा और
शोभेसे पनी चिपक जायगी, फिर एक भारी चीज (, ऐसी
भारी न होय जिसमें शीशा टूट जाय) उसपर रख कुछ देर
तक दवा रहने दो, फिर उठालो।
7
-
-
.
"
मिश्रित धातु वनाना।
जरमन सिलभर बनाना ताबा, जस्ता, निकाल
इन तीन धातुओके मेलसे जरमन सिलभर बनती है। यह
चाटोस कठिन होती हे और रग इसका कुछ भूरापन लिये
सफेट होता है। इस पर पालिम भी खूब हो सकती है।
ताबे और निकलको पहले गलाकर तब जस्ता मिलाते है।
निकल एक प्रकारका धातु है जो बडी कडी पाचर्म गन्तता
है। इस लिये पहले इसके छोटे छोटे टुकडे करो और ताबेके
भी टुकडे कर डालो, फिर दोनोको एक साथ गलामो।
नव गलजाय तब जस्ता मिलानी और २ माशे सुहागा भी
उसीके साथ छोडदो और सबको अच्छी तरह मिला डालो।
यह बहुत तरहसे बनती है। (१) तावा २५ सेर, जस्ता
१।। सेर, निकल १२॥ सैर। ढलाईके लिये यह बहुत उत्तम
है। (२) तावा २५ सेर, जस्ता १० सेर, निकल ५ सेर, यह
भी दालनेके कामकी होती हैं। (३) ताबा ३० सेर, जस्ता

रसायनसंग्रह।
मिलाना। इस पीतलका रग लाल होता है। (८) तांबा
२४ पाउण्ड, जस्ता ५ पाउण्ड, बिसमथ १ौस। विसमथ
पीछेसे ढालनेके समय मिलाना। यह ढालनेके लिये बहुत
अच्छा है और रंग भी इसका खूब लाल होता है। (८) ताबा
२ भाग, जस्ता १ भाग। यह नल बनानेके कामका अच्छा
है। (१०) ताबा १ भाग, जस्ता २ भाग। यह घडी
बनाने में काम आता है। (११) ताबा १ पाव, जस्ता ॥ पाव
सोसा १ वा १॥ तोला। पहले तावा और जस्ता मिलाके
फिर सीसा मिलायो, सौसा मिलातेही जो चीज बनाना
होय सो बना लो। बहुत देर रहनेसे रंग खूब उज्ज्वल
नही रहेगा। कासीका पीतल इसी तरह बनता है और
यह अपने रग और चमका कारण सर्वत्र प्रसिद्ध है।
कांसा वनाना-ताबा १०० भाग, राग २३ भाग ।
(२) ताबा २५ भाग, राग ५ भाग। (३) ताबा ७८ भाग,
राग २२ भाग। (४) तावा ७५ भाग, राग २५ भाग। इससे
घडीको घण्टी बनाई जाती है। (५) ताबा १०० भाग,
राग २० भाग। इससे बडे घण्टे बनाये जाते है।
ब्रिटानीया धातु वनाना-राग १५० भाग,
तावा ३ भाग, सुरमा १० भाग। (२) राग २१० भाग,
ताया ४ भाग, सुरमा १२ भाग। यह ढालनेके लिये अच्छा
है। (३) राग १०० भाग, हार्डनिङ्ग ५ भाग, सुरमा
५ भाग। इससे चमचा आदि बहुत अच्छे बनते हैं। दोभाग
ताबा और एक भाग राग मिलानेसे हार्डनिङ्ग बनता है।
(४) राग ३०० भाग, ताबा ४ भाग, सुरमा १५ भाग। इससे
स्याम्प आदि अच्छे बनते हैं।

रसायनसंग्रह।
.
1
टाईप मेटाल वा छापके अक्षरका धातु
बनाना–सोसा ३ भाग, सुरमा १ भाग। इससे बहुतही'
छोटे अक्षर बनते है, परन्तु टूटते जलदी है। (२) सीसा
४ भाग, सुरमा १ भाग। इससे छोटे और कठिन अक्षर
बनते है। (३) सीसा ५ भाग, सुरमा १ भाग। साधारण
अक्षरोंके लिये यह अच्छा है। (४) सीसा ७ भाग, सुरमा
१ भाग। इससे बडे अक्षर बनते हैं। सीसा और सुरमेके
अतिरिक्त १०० भागमें ४ से लगाय ८ भाग तक राग और
१ वा २ भाग ताबा भी मिलाया जाता है।
पिउटर धातु बनाना-
-जस्ता और राग मिला-
कर यह धातु बनता है। यह तीन तरहका बनाया जाता
है ,-(१) प्लेट पिउटर, यह रकावी आदिके लिये बनाया
जाता है और इसमे जस्ता नहीं मिलता, इसमें राग ८०भाग,
सुरमा ७ भाग , बिसमथ २ भाग, और ताबा २ भाग रहता
है, (२) ड्राइफ पिउटर, यह गिलाम आदि ढालनेके लिये
। बनाया जाता है, इसमें ८२ भाग राग और १८ भाग
सीसा मिलाया जाता है तथा कभी कभी किञ्चित् सुरमा भी
मिलाया जाता है , (३) ल्ये पिउटर, इसमे ४ भाग राग
और १ भाग सीसा रहता है, इसके बटखरे बनते है । ५ भाग
राग और १ भाग सोसा मिलानेसे बहुत उत्तम पिउटर
बनता है।
क्वीन्समेटाल वनाना-राग १०० भाग, सुरमा
८ भाग, विसमथ १ भाग, तांबा ४ भाग। यह देखने में ठीक

.
८२
रसायनसंग्रह।
-
१
चादी की तरह होता है। (२) राग भाग, सुरमा भाग
बिसमथ १ भाग, सीसा १ भाग।
पिञ्चवेक धातु बनाना-तांबा ५ भाग, जस्ता
१भाग।
इलेकट्रम धातु बनाना-तांबा ८भाग, निकल
४ भाग, जस्ता ॥ भाग। यह देखने में बहुत सुन्दर होता है।
कृत्रिम प्लाटिनम बनाना-पीतल ८ भाग,
जस्ता ५ भाग। इन दोनोको मिलानेसे ठीक साटिनम
धातु की तरह देख पडता है।
क्यानन मेटाल बनाना-राग १० भाग, ताबा
2. भाग। इसी धातुसे पहले तोप बनती थी इससे इसको
क्यानन मेटाल कहते है।
धातु जोड़नेका टांका बनाना-सोना १२ भाग,
चादी २ भाग, ताबा ४ भाग। इससे सोना जोडा जाता
है। (२) शुद्ध चादी २ भाग, पीतलका तार १ भाग,
पहले चादीको घडियामें रखके गलाओ, फिर पीतलका
तार मिलाओ, यह जलदी गलके उसमें मिल जायगा, फिर
थोडासा सुहागा मिलाके १० मिनट तब खूब कडी प्राची
तपाओ, तब उतारक ढाललो, और पोटके मोटे पत्तरकी
तरह करलो। इस टाकेसे चादीको चीजें खूब मजबूतीसे जोडी
नाती है। (३) जरमनसिलभर ५ भाग, जस्ता ४ भाग । इससे
नरमन सिलभर जोडी जाती है। (४) राग २ भाग, सीसा
१ भाग। इससे टोनके पत्तर जोडे जाते है। (५) पीतल

रसायनसग्रह।
है भाग, जस्ता १ भाग, राग १ भाग, तीनोको एक सग
गलालो और ढालके ठण्डा करलो। इससे ताबा जीडा
जाता है। (६) ताबा १० भाग, जस्ता भाग। इससे भी
ताबा जोडा जाता है। (७) राग २ भाग, सौसा १ भाग,
विसमथ १ भाग। इससे पिउटर नोडा जाता है।
(८)ताबा ३२ भाग, जस्ता २८ भाग, गग १ भाग, इससे
पीतल और ताबा दोनो खूब मजबूतीसे जोडे जाते हैं।
(८) राग ३ भाग, तावा ३८॥ भाग, जस्ता ॥ भाग ।
इससे लोहा और इस्पात तथा लोहा और पीतल
जोडा जाता है। (१०) राग १ भाग, सौसा ३ भाग,
विसमथ ३ भाग।
इससे विसमथ जोडा जाता है।
(११) चादी १८ भाग, ताबा १ भाग, पीतल २ भाग। इससे
इस्पात जीडा जाता है। (१२) पीतल और सुहागेसे लोहा
जोडा जाता है , पहले लोहेके दोनों मुह मिलायो और
पिसा हुआ सुहागा पानीमें मिलाकर जोडके अपर अच्छी
तरह थोपदो, फिर पीतलके छोटे छोटे पत्तर वा चूरा उसपर
रख पागमें तपाओ, पीतल गलजानेसे लोहा खूब मजबूत
जुड जायगा। (१३) ताबा और जस्ता दोनोंको बरावर मिला
कर गन्नाओ। इससे ताबा, लोहा, और पीतल तीनों जुड
सकते है, यदि पीतलका रंग फीका होयतो जस्ता कुछ
अधिक मिलाना। (१४) यदि छोटी धातुको चीजें जोडना
होयं तो इस तरहसे बहुत सफाईके साथ जुड सती है ,
जोडने की जगह अच्छी तरह साफ करके एक परसे पानी में
गला हुआ नौसादर लगाओ, फिर दोनों चीजोंको
बीच में रागका खुब महीन पत्तर रखके जोडदो। अब उस
-

F४
रसायनसंग्रह।
बोनको एक लोहेके ऐसे गरम तवेपर रखदो जिसमें रागको
पनी गलजाय । सूखने पर खूब मनबूत जुड जायगा।'
विविध प्रकारकी चीजें
साफ करना।
सोना-लोराइड आफ लाइम पानीमें गला हुआ २०
ड्राम, बाइकार्बोनेट आफ सोडा २० ड्राम, साधारण नमक
५ ड्राम, पानी ५। पाइट । सबको मिलाय १ शोशीमें अच्छीतरह
बन्दकरके रख छोडो। जिस चीजको साफ करना होय, इस
अरकमें थोडी देर तक डुबाके निकाललो और स्पिरिट द्वारा
धोकर सुखालो , यदि चीज बहुत मैली होय तो अरकको
गरम कर लेना। (२) ६१ पृष्ठामें जो सोनमें रंग करनेका
अरका लिखा है वह इस कामके लिये बहुत अच्छा है।
चांदी हाइपो सलफाइट आफ सोडामें थोडा सा
पानी मिलाकर बुरुस वा एक टुकडे कपडेसे चादीको चीजपर..
लगायो और धोडालो। (२) १२ श्रे
शियमको १ क्वार्ट पानीमें गलागी
करना होय, इस अरकर्म डुवाओ
फिर धोकर सुखालो।
साफ करनेका परक
पीतल
साधारण
"तेजाब १ भागे। दोनोको
4C

रसायनसंग्रह। ८५ - में रखो। जो पीतलकी चीज साफकरना होय, उसे इस तेजाबमें डुबाकर पानी में धोडालो और महीन काठके बुरादेसे सुखाके पालिस करलो। यदि पीतलपर मोरचा लगा होयती पहले पोटाश और सोडामें गरम पानी मिलाकर धोलो। (२) यदि पीतलके बरतनके कुछ अशपर पालिस किया चाहो तो उतनी ही जगहमें एक टुकडे कपडेसे सोरेका तेजाव लगादो, जब रंग हलका पीला होजाय उसी समय पोछकर सुखालो, खूब साफ और चमकीला हो जायगा। यदि एका वार, नही होय तो दूसरी वार लगायो। (३) अज्यालिक ऐसि- डमें थोडीसी सडिया मिलाय पीतलकी चीजपर लगायी, जब सूख जाय, तब सूखी खडियासे कोमल बुरुस द्वारा पालिस कर लो। ताना-अज्यालिक ऐसिड १ औंस, रौटन टोन ६ श्रीस, अरबी गोंद ॥ औंस, तीनोंको खूब महीन पोसके १ औंस मोठा तेल और थोडासा पानी मिलाओ। यह एक प्रकारको लेई बन जायगी। जो ताकी चीज साफ किया चाहो, उस पर घोडासा यह मशाला लगाओ और फानेल वा घमडेके टुकडे से घिसकर पालिश कर लो। इससे पीत- लकी चीजभो खूब साफ हो सकती है लोहा- ढला लोहा साफ करना होय तो दो वा तीन घण्टे तक उसे गन्धवाके तेजावके पानी में (जिसमें एक हिम्सा तेजाब और ८८ हिस्सा पानी रहे) डुवा रक्सो, फिर निकालके ठण्डे पानी में धोडालो और बालूसे सूब मालो। फिर किसी खटाईमें थोडोदेर रखके धो डालो। यदि पीटा ।

रसायनसग्रह।
क
.
लोहा साफ करना होय तो वह भी उपरोत उपायसे साफ
होगा, परन्तु उसमें बहुतसी खटाई टेनी होगी और देर तक
भिगाना पड़ेगा।
रांग और सौसा--रांग और सौसेकी चीज वडेही
कष्टसे साफ होती है। इसके साफ करनेका सहज उपाय
अभी तक नही निकला है। पटासलाईसे खूब घिसके
पत्थरके समान और किसी चीजसे घिसनेसे यह साफ होता
है। यह हाइड्रोक्लोरिक एसिडसे भी साफ किया जाता है।
हाथीदांत-जले हुए प्युमाइसष्टोन और पानीसे
हाथीदात निर्मित चौलको साफ बार सीसके ढकनेसे ढककर
धूपमें रख दो। डाईलिउटेड एसिडसे भी हाथीदांत साफ
होता है, परन्तु इसमें सावधानता और विशेष दक्षता
चाहिये। प्युमासष्टोन एक प्रकारका मामा पत्थर खूब
सख्त और हलका होता है और जल्दी टूटजाता है।
जवाहरात-मूल्यवान जवाहरात साफ करनेका
सहज उपाय हण्डीका भस्म है। जिस जानवरकी हड्डी
चाहो भस्म करलो। इससे मूल्यवान पत्थर बहुत जल्दी
साफ होते है।
लेस-खुडिया और फिटकरीको पीसके उसमें पानी
मिलाय एक कूचीसे धोनेसे लेस खूब साफ होती है। बार
स्पिरिट आफवाइनसे भी साफ होसकती
चेन-मोनेकी चेन ( जजीर)
को भरी
१.

रसायनसंग्रह।
चेनको डुबालो, फिर नरम साबुन और पानी में उबालके
। ठण्डे पानीसे धो डालो और फ़ानेलसे पोचलो।
तसवीरके कलईदार चौखटे-एक कपडे वा
स्पनके टुकडेको ताडपोनके तेल वा स्पिरिट आफवाईनमें
थोडासा तर करलो और हलके हाथसे कलई किये हुए
हिस्से पर लगा दो और फिर उसे मत पोंछो, सत सूख
जानेसे चौखटा खूब साफ और चमकीला निकल पावेगा।
सादे पालिसदार चौखटे-साफ गोंदको ठण्डे
पानीमें मिलाके एक टुकडे कानलसे चौखटों पर लगा दी।
पहिले चौखटेको धूल कपडेसे झाडलेना।
गलीचा-
चीनको सरेसको प्रागर्म गरम करके एक
सख्त युरुस्से थोडा थोडा गलीचे पर घिसते जाओ। इससे
गलीचेका र उज्वल होता है। यदि बहुत पुराना होय
तो जिस रङ्गका गलीचा होय वही रङ्ग सरेसमें भी मिला
दो, तो और भी चमकीला होजायगा।
स्पञ्ज-पहले स्पञ्जको दो चार घण्टे मठेमें भिगा
रक्खी, फिर ठण्डे पानी में घिसके धो डालो।
बोतल सडे पालूके टुकडे करके बोतलमें डाल दो
और एक चमचा नोन और दो चमचा पानी भी डाल दो
और खूब हिलामो जब तक सब दाग छूट न जायें, इससे
शराबका दाग बहुत जल्दी छूटता है। और किसी प्रकार
का सख्त दाग हो तो करें डालके हिलानेहोसे छूट जाना
-
1-

te
रसायनसंग्रह।
इन्ग्रेभिङ्ग-यदि जस्ते पर खोदी हुई तस्वीरको
साफ करना हो तो, पहले उसे एक साफ तख्ते पर रखें,
उस पर खूब महीन पिसा हुआ नमक छीट दो और उस पर
नीबूका रस निचोडो, जब नमक गल जाय, तब उसे थोडा
टेढा करके उस पर गरम पानी डालो। जब नींबूका रस
और नमक धुल जाय तथा उसमें दाग न रहे, तब सुखालो
कागजपरसे स्याहौका दाग उठाना-
ट्रौग सोल्यूशन आफ क्लोराइड आफ लाइमको एक शोशीमें
भरके उसका मुह कार्क द्वारा कसके बन्द करलो और
काले वा और किसी गहरे रगके कागजमें उस शोशीको लपेट
के रक्खी जिसमें उस अरक पर रोशनी नहीं लगे। जिस
जगह पर स्याहीका दाग पडा होय, वहा पर शोशीके मुह
परसे जरासा कार्कको सरकाके एक वा दो बूद इस परक
को डालो और वाटिङ्ग कागजसे पोंछलो। यदि स्याहीका
दाग ताजा होगा तो उसी दम उठ जायगा और यदि
कागज पर सूख गया होगा तो २ वा ३ दफे इसी तरह
करनेसे उठ जायगा। इस अरकको स्याहोके दाग पर टपका
के बाटिङ्ग द्वारा पोंछ लेना, घिसना नही। र
इस रेजर-२ का पानी में (जी पहलेहीसे गरम
करके ठण्डा कर लिया गया है) ४ औन्स साइट्रिक एसिड
मिलायो, जब मिल जाय, तब ६ वा ८ श्रीन्स स्याचुरेटेड
सोल्यूशन श्राफ बोरायस, और १२ प्रौन्स क्लोरिनेटेड लाइम
मिलायो। इसे एक बोतल में भर उसका मुंह कार्कसे बन्द
करके रख दो और बीच बीचमै खूब हिला दिया करो, फिर
-
-

- - रसायनसंग्रह। इसी तरह रहने दो, दूसरे दिन ऊपरका साफ पानी नितारके अलग करलो। इससे कागज कपडा आदि यावत चीनी परका स्याहीका दाग उठ सकता है। कपड़े परसे पक्की स्याहीका दाग उठाना- सोल्यूशन पाफष्ट्रीग साइनाइड आफ पोटाशियममें थोडासा बायोडीन मिलाओ। इसे लगानेसे कपडे परसे काष्टिकका पका दाग तक उठ सकता है। टेवल, चौकी आदि काठको चौन परसे स्थाहीका दाग उठाना-स्याच्युरेटेट सोल्यूशन श्राफ अकज्यालिक एसिडको घोडासा परमें लगाकर जहा स्याहीका दाग होय वहा पर लगाओ, यदि आधे घण्टेमें दाग नही छूट जाय तो फिर दूसरी वा तीसरी दफे लगाओ और पानीसे घोडाली। मार्वल पत्थर साफ करना कठिन सावुन और चूना दोनोंको पानीमें मिलाय दूधको तरह करलो, फिर पत्थर पर ढालके २४ घण्टे तक रहने दो, फिर साफ करलो। इससे पत्थर नया दोखने लगेगा। जलपाईके तेलमें घोडीसी खडिया मिला कर उस पर रगडनेसे खूब पालिस भी हो सकती है। (२) सोडा कार्बोनेट २ भाग, प्यूमासष्टोन १ भाग, खडिया (महीन पीसी हुई) १ भाग। तीनीकी थोडासा पानी मिला कर लेईको तरह करलो। इसे मार्बल पर लगानेसे उस परके सब दाग उठ जायंगे, फिर साबुन और पानीसे धोकर साफ कर लेना। (७) प्यूमाइस टोनको सिरके में मिलाय लेईको तरह करलो और पत्थर पर अच्छी तरह M - N U रसायनसग्रह। लगाकर २४ घंटे तक रहने दो, फिर पोंछ कर साबुन और पानीसे धोडालो; जब सूख जाय तब खडिया और चमडेसे रगड पालिस करलो। श्रयेल लाथ साफ करना-प्रयेल लाथको एक नरम ऊनी कपडेसे थोडा गरम वा ठण्डे पानीसे धोकर एक नरम कपडेसे पोछके सुखालो, फिर दूधसे वा स्पिरिट आफ टरपेण्टाइनमें मोमको गलाकर उससे पालिस करली। इसे बुरुस, गरम पानी वा साबुनसे कभी नहीं धोना नही तो रंग चटकके उठ जायगा। जनी शाल और चद्दर-एक पाउण्ड साबुनमें थोडासा पानी डाल कर उबालो, जब ठण्डा होजाय तब हाथसे अच्छी तरह फेटो और ३ चमचा स्पिरिट आफ टर- पेण्टाइन और १ चमचा स्पिरिट आफ हार्टस् हौन मिलायी। इसमें शालको अच्छी तरह धोकर फिर ठण्डे पानीसे धोडाली। जब सब साबुन भुल जाय तब पानीमें थोडा नमक मिलाकर उसमें धो लो। कपड़े परसे तेजाबका तक जल्दी होसके स्पिरिट आफ भ दो तेजाबका कुछ । वुरुस सा साफ होता है। रंग सूखकर कडा

रसायनसंग्रह।
वा ताडपीनके तेल में डुबा रक्खी, जब नरम होजाय तब उसी
तेलमें धोलो, जब सब रग निकल जाय तब साबुन और
गरम पानीसे धोडालो।
तेलका दाग उठाना-एका एमोनिया २ ओन्स,
पानी १ कार्ट, साल्टपीटर १ चमचा, नरम साबुन १ौन्स
सबको मिलालो। साबुगको अच्छी तरह गला लेना। किसी
तरहका तेलका दाग वा मैल जो इम कसे नहीं उठे वह
और किसी चीजसे साफ नही होसकता है।
सिरप वा शरबत।
सिम्पल सिरप-सफेद चीनी १० पाउण्ड, पानी
१ ग्यालन बढिया प्राइसि ग्लास औस। प्राइसिं ग्लासको
गरम पानीमें गलाकर गरम शरवतके साथ मिलाओ। इसे
बहुत मन्दी श्राचमें गरम करना चाहिये।
लिमन सिरप-नीबूके ऊपरका पीला छिन्तका
उतारके उसमें दानेदार बूरा मिलाओ और पीसलो, फिर
उसमें नीबूका रस निचोडो, एक पाइट नीबूके रसमें
एक पाइट पानी और ३ पाउण्ड दानेदार चीनी मिलायो।
यह चीनी और जो पहले छिलक में डाली गई है दोनो मिला
कर ३ पाउण्ड होनी चाहिये। फिर मन्दी प्राचमें गरम करो
जब चीनी गल जाय तब उतारको छानलो। (२) सिम्पन्
सिरप १ ग्यालन, अवेल माफलिमन २५ बूद, साइट्रिक ऐसिड

८२ रसायनसग्नह। १ १. ड्राम। पहले ऐसिडमें अयेल श्राफ लिमन मिलाश्री, फिर थोडासा सिरप मिलाकर बाकी सिरपमे मिलाओ। ष्ट्रावरी सिरप-ष्टावेरीका रस १ पाइट, सिम्पल सिरप ३ पाइट, सोल्यूशन आफ साइट्रिक एसिड २ ड्राम। (२) ताजी नाबेरी ५ क्वार्ट, सफेद चीनी १२ पाउण्ड, पानी १ पाइट। ट्राबेरीके ऊपर थोडीसी चीनी छोट दी और कुछ देर तक रहने दो फिर रस निकालके छान लो, फिर बाकी चोनी और पानी मिलाकर आगपर चढाश्री जब उब- लने लगे तब उतारके फिर छान लो। यह बहुत दिन तक रह सकती है। खास्यवेरी सिरप-खास्पबेरीका रस १ पाइट, सिम्पल सिरप ३ पाइट, साइट्रिक एसिड २ ड्राम। (२) ट्राबेरी सिरपकी दूसरी विधिको तरह इसका भी सिरप बन सकता है। भ्यानिला सिरप-फूइड इक्स्ट्राक श्राफ भ्यानिला १ औन्स, साइट्रिक एसिड ओन्स, सिम्पल सिरप १ ग्यालन। एसिडको घोडे सिरपमें मिला कर भ्यानिलाका सत मिलाश्री फिर बाकी सिरप मिलाश्री। जिजर सिरप-टिचर आफ जिञ्जर २ औंस, सिम्पल सिरप ४ पाइट। चौरज सिरप-अयल श्राफ औरत ३० `द, टार्टरिक एसिड ४ ड्राम, सिम्पल सिरप १ ग्यालन। पहले तेलको एसिडके साथ मलो, तब सिरप मिलाओ। .

रसायनर्मग्रह। पाइन्वाल सिरप...अयेल आफ पाइन्यात १ ड्राम, टार्टरिक एसिड १ ड्राम, सिम्पल सिरप ६ पाईट। शरवत सिरप.-भ्यानिला सिरप ३ पाइट, पाइ- न्यान् १ पाइट, लिमन सिरप १ पाइट। नेकटार सिरप भ्यानिला सिरप ५ पांइट, पाइ- न्याम सिरप १ पाइट, ट्राबेरी, खास्पबेरी वा लिमन सिरप २ पाइट। बनाना सिरप-प्रयेल आफ बनाना २ ड्राम, टार्ट- रिक एसिड १ ड्राम, सिम्पल सिरप ६ पाइट। काफी सिरप-काफी पकाई हुई पाउण्ड, गरम पानी १ ग्यालन। दोनोको उबालो फिर छान लो। प्राय ॥ ग्यालन अरक रह जायगा। अब इसमें दानेदार चीनी पाउण्ड मिलायो। उण्टरग्रीन सिरप-अयल आफ उइण्टरग्रीन २५ बूद, सिम्पल सिरप ५ पाइट। चाकोलेट सिरप-बढिया चाकोलेट ८ औंस, पानी २ पाइट, सफेद चीनी ४ पाउण्ड। पहले चाकोलेट पाको नौमें मिलाओ और मन्दी प्राचमें गरम करो, फिर छान कर चीनी मिलाओ। सारसापरिला-अयेल उदएटरग्रीन १० बूद, श्रयेन सासाफरास १० वूद, फ.एड एक्सट्राक श्राफ सारसा पेरिला २ श्रीस, सिम्पन्न् सिरप ५ पाइट, पिसा हुआ एक्स- ट्राक श्राफ लिबोराइस १ श्रोस । १ 48 सायनसग्रह। लिमनेड बनाना-२ पाउण्ड चीनीको २ काद गरम पानीमें गलागी, जब ठण्डा होजाय तब १ फ.इड ड्राम एसेन्स बाफ लिमन, २ औस टार्टरिक एसिड, और तीन कार्ट पानी मिलायो। (२) सफेद चीनी १ पाउण्ड, टार्टरिक एसिड ! औस, एसेन्स आफ लिमन ३० बूद, पानी ३ क्वार्ट। सबको एक साथ मिलालो। (३) आधी बोतल पानीमें कार्बोनेट आफ सोडा ॥ ड्राम, सक्कर २ ड्राम, एसेन्स प्राफ लिमन २ बूद, मिलाकर खूब हिलाओ। फिर उसमें ४० ग्रेन साइट्रिक एसिड डालकर कार्कसे बोतलका मुंह उसी दम कसके बन्द कर दो। लिमनेड पाउडर-सफेद चीनी १ पाउण्ड, सोडा बाइकार्ब ४ औंस, साइनिक वा टार्टरिक एसिड ३ औंस, एसेंस आफ लिमन १॥ श्रौंस , सबको एक साथ मिलाकर शोशीमें वन्द करके रख छोडो। एक चमचा भर यह मथाला १ ग्लास पानीमें मिलानेसे उत्तम लिमनेड बनता है। (२) टार्टरिक एसिड १ औंस, सफेद चीनी पाउण्ड, एसेंस श्राफ लिमन, औस। सबको मिलाकर रख छोडी। इसमेंसे एक चमचा भर लेकर एक ग्लास पानी में मिलानेसे अच्छा लिममेड बनता है। विना कलके सोडावाटर बनाना -एक ग्यालन पानी में पौन पाउण्ड चीनी गलाकर एक औंस सुपर- कार्बोनेट आफ मोडा मिलायी और एक एक याइटकी बोतलोमें भर दो। अब प्रत्येक बोतलमै बाधा ड्राम साइट्रिक एसिड डाल कर उसी दम कार्कसे बोतलका मुंह बन्द कर H

-
रसायनसंग्रह।
.
दो और तारसे बाध दी। फिर बोतलको अच्छी तरह
हिलाके ठण्डी जगहमें रख दो। इच्छा होय तो अधिक
चीनी भी मिला सकते हो। (२) सोडावाटरको जैसी बोतल
होती है ठीक उसी तरहको एक बोतल लेकर गरम पानीसे
खूब साफ करलो, फिर उसमें साफ पानी भरके २५ ग्रेन
बाइकार्योनेट श्राफ सोडा मिलाओ , जब सोडा गल जाय तब
२० ग्रेन टार्टरिक वा साइट्रिक एसिड मिला दो। बोतलमें
एसिड डालतेही एक साफ कार्कसे उसका मुह कसके बन्द
कर दो, और उस वार्कको तारसे बाघ दो। फिर उस
बोतलको अच्छी तरह हिलाकर थोडी देर बाद पीओ, इस
रौतिसे विशद और उत्कष्ट सोडावाटर बनता है।
मद्या
गवर्नमेण्टसे लाइसेन्स लिये बिना निम्नलिखित मय
बनाना प्राइन विरुद्ध है। यहा पर केवल यही दिखाया
गया है कि किस उपायसे मय बनाइ जाती है।
पोर्टवादून-सिडार (Cidar, old and Filtered)
५ ग्यालम, एलकोहल (95 PC Proof) ५ ग्यालन, दाल
चीनीका चूरा १ श्रीस, लोगमा चूरा १ौस, चीनी पाउण्ड,
फिटकिरी : पाउरद, मलो (Mollo) फूल ॥ पाउण्ड, पानी
२ ग्यालन । मलो फूलको पानीके साथ बाध घण्टे तक
। उबालो, फिर बाकी चीजे मिलायो। जब पुरानी होजाय
तब छानली।

रसायनसंग्रह। 4 । शरीमदा-सिडार ३ ग्यालन, एलकोहल (95 PC. Proof) १ ग्यालन, चीनी १ पाउण्ड, नरगीका छिलका २ ड्राम, पानो १ ग्यालन, कारमील (Carmeal) रग करने के लिये यथा प्रयोजन। सब चीजोको एक मग मिलाय एक बरतनमें ढक कर रख दो, और एक महीने तक भीगने दो। ब्राण्डी-एलकोइल ॥ ग्यालन, पानी १ ग्यालन, ऐसिटिक इथर (Acetic Ether) ६ ड्राम, कारमील (रग- करनेके लिये ) यथा प्रयोजन । सबको एकसग मिला डाली। कौग्न्याक् ब्राण्डी-एलकोहल (95 PC Proof) २ ग्यालन, अयैल श्राफ कोग्न्याक् ३० बूद, चीनी ४ श्रीस, म्यागनिशिया क्यालसाइण्ड यथा प्रयोजन, पानी १ ग्यालन, कारमौल (रग करनेके लिये) यथा प्रयोजन। सबको एक साथ मिला डालो। जिन्मद्य-एलकोहल (95 P.C. Proof) ३ ग्यालन, अयेल आफ जूनीपर ३ श्रीस, ग्लिसरिन ८ औस, पानी १ ग्यालन। सबको एक साथ मिलायो। ज्यामेकारम-एलकोहल ३ ग्यालन, रम एसेन्स ३ औंस, ग्लिसरिन ८ औस, कारमील ( रग वारनेके लिये) यथा प्रयोजन। लारेट मद्य-कुटा हुआ ऐनीसोड १ औंस, केनेल- सोड १ गोन्स, क्याण्डिक्यारटसोड १ औन्स, धनिया १ औन्स, प्रूफसिरिट ॥ ग्यालन, चीनी १ पाउण्ड। एक हफ्ते तक भिगा रक्खो फिर छान लो। - , है

प
। रसायनसग्रह।
राहुइस्को-जिनमद्य १२ औंस, टिझचरकाइनो
४ोस, ग्लिसरिन ८ औंस, एलकोहल ४ औस, पानी २ ग्यालन,
पूनम वा घालूबोखारेका रस ६ बोस, कारमिन ( रङ्ग
करनेके लिये) यथा प्रयोजन ! सबको एकमें मिलालो।
जिञ्जर वियर-कूटा हुआ ज्यामेका जिञ्जर १
श्रीन्स, क्रीम आफ टार्टर ६ ड्राम, अथवा टार्टरिक एसिड
॥ ड्राम, लम्प शर्करा ( Lump Sugar ) १ पाउण्ड और दो
तोन कूटे हुए नीबूको एक ग्यालन पानीके साथ मिला कर
ढके बरतनमें भिगा रक्खो और बीच बीचमें हिलाते रहो।
फिर थोडा गरम रहते ॥ौस मद्य फेना (Yeast) मिला
कर गरम स्थानमें रखके बोतलमें भरो। दो दिन बाद फिर
उसे थोडा अग्निकी पाचमें गरम करो और बोतलमें भरके
कार्कसे अच्छी तरह उसका मुह बन्द करके लोहेके तारसे
बाधो। उत्तम जिन्जर बियर इसी तरह बनता है। (२) महीन
सौंठका चूरा ५ ग्रेन, बाइकर्बोनेट आफ सोडा २० ग्रेन, साफ
शक्कर १ ड्राम और १।२ वूद नीबूके अर्कको एक बोतलमे
भरके भाग साफ पानी मिलायो। फिर टार्टरिक एसिड
॥ ड्राम उसमें डाल कर कार्क और तारसे अच्छी तरह बन्द
करके रख दो।
/
,
यह तो सभी जानते हैं कि मद्यका प्रचार हीमाही इस देशके लिये सवथा
हानिकारक है, और मेरी भो या न थी कि यह विषय म पुसकम
निम्ना नाय, परन्तु देना जाता है कि इसकी कटत दिन पर दिन प्रधिक
तीतो सातो रस लिये यदि यह सौ देश बनाई मायनो यातायाममा
धम यहोरहे।
८
"

-- २८ रसायनसंग्रह। अनेक प्रकारको चौजें बनाना । पमेटम सादा मोम २ औन्म, बादामका तेल १६ औम, अवैल निरोली २० वूद, अयेल रोज ५ बूद, अयेल लोभस् ३ बूट। मोम और बादामके तेलको श्रागमें गलांके थोडा गरम रहते अन्य चीजे मिलालो। (२) बादामका तेल १. औस, स्पारम्यासिटि २ औंस, अयेल लोभस् ५ बूद, अयेल लिमन ६ बूद। ऊपर लिखी रीतिसे बना लो। इसे मिरमे लगाकर बालौकी पट्टी जमात है। लोमनाशक औषध-वेरीसल्फाइड अरारोट १ सेर। दोनोको एक साथ मिला डालो। इस धुरको थोडे पानी में मिलाय कीचडको तरह करके लोम म्यान पर लगा दो और पाच मिनिट बाद धो डालो, गए उठ जायगे। ८ औस, सब भायलेट पाउडर-पाउडरटार्च १ पाउण्ड, पाउ- डर अरिस्रूट ३ औन्स, अयेल लिमन २० बूद, अयेल लभे- ण्डर १० बूद, अयेल लोमस् ५ बूद। सबको अच्छी तरह एकमे मिलाकर चलनीमे छानलो। यह पाउडर शरीरका सौन्दर्य बढाने के लिये लगाया जाता है। रोजयाउडर-अरारोट १ पाउण्ड, गेजपिड ५ ग्रेन, अयल प्राफ रोज १० बुद, चन्दनका तेल ५ बूट । एकमें मिलालो। यह भी शरीरको सुन्दरता बढ़ाने के लिये लगाया जाता है। 3. .

रसायनसग्रह।
-
फेसपाउडर- म्यागनिसिया कार्व ८ औस, अका
साइड आफ विस्मथ २ औन्स । एकमें मिलालो।
पर्ल पाउडर-फ्रोच चाक् (खडिया) १ पाउण्ड,
जिस अक्माइड रोन्म, बिसमथ औन्स, अच्छी तरह एकमें
मिलालो। यह और फेस पाउडर मुहमें लगाया जाता है।
बम पाफ रोज-कारमाइन ४० नम्बर १ ड्राम,
वाटर आफ एमोनिया २ ड्राम, गुलाबजल ४ श्रीस, एसेन्स
रोज २ डाम। कारमाइनको एमोनियाके जलमें मिलाके
फिर दूसरी चीजे मिलायी। इसे स्त्रीया अपने गालों पर
। गुलाबी रंग करनेके लिये लगाती है।
क्यालिडोर-बादाम 8 बौंस, गुलाबजल ८ औस,
करोसिभसलिमेट वा रसकपूर ५ ग्रेन, इउडिकलोन २ औंस
पहले बादामको गुलाबजलमें पीसकर उसका रस निकालो।
फिर दूसरो चीज मिलाके वाटिकागजसे छानलो। इसे
लगानेसे पसीनेको दुर्गन्ध, मासका फटना, होठका फटमा,
सिरका दर्द, सुहासा प्रभृति दूर
रोन लिप्सल्भ वा मोमगेगन-वादामका तेल
१॥ोन्म, एल्कानेट रुट वा रतनजोत २ ड्राम, सफेद मोम
६ ड्राम, स्पार्मासिटि २ड्राम, अटो डि रोज ६ वूद। इन सब
चीजोंको मिलाय गरम करके छानलो, तब अटो डि रोज
मिलायो।
कोल्डकौम-वादामका तेल ३ श्रीस, सादामीम
१. ड्राम, स्पार्मामिटि १ औंस, सुहागा २० ग्रेन, पानी ॥
औंस, अटो डी रोज ७ बुद। ऊपर कही हुई तीनो चीजोको
होते है।

रसायनसंग्रह। . कार्ट साफ पानी मिलायो।। न. २-एक औंस नाइट्रेट श्राफ सिलमरको एक औस कनसेनद्नेटेड एमोनियामें गला कर चार औस साफ पानी मिलाओ। दोनों अरकको क्रमसे जुदे जुदै बुरुससे लगाओ। (३) न०१-एक औंस पिरो. म्यालिक एसिडको एक औस एलकोइलमें गलाकर ! कार्ट साफ पानी मिलायो। न०-२ एक औस कथ्यालाइजड् नाद- ट्रट प्राफ सिलभरको एक औंस कनसेण्ट्रेटेड एक्का एमोनिया और एक औस साफ पानीमें गलाकर, आधा औंस अरबी गोंद और तीन औस साफ पानी मिलाओ, इसे भी ऊपर लिखी रीतिसे बालमें लगाओ। इसे रोशनीसे बचाकर रखना चाहिये। (४) न० १-पौरोग्यालिक एसिड १ औंस, व्यानिया औंस, दोनीको २ औस एलकोइलम गलामी, फिर कार्ट पानी मिलायो। न. २-१ औस कथ्यालाइजड़ नाइट्रेट आफ सिलभरको १ औस कनसेण्ट्रेटेड एका एमो. निया में गलाकर १ औस अरबी गोंद, और १४ औंस साफ पानी मिलाओ। (५) न० १-~१ औस पौरोग्यालिक एसिड और १ औंस व्यानियाको २ श्रीस एलकोहल में गलाकर एक कार्ट पानी मिलायो। नं. २-१ औस क्लध्यालाइज़ड् नाइ- इंट आफ सिलभरको, १ औस कनसेण्ट्र टेड एक्का एमोनिया में गलाकर, ५ औस पानो और ॥ औस परवीगोंद मिलायो। नं०३-१ औंस हाइड्रोसलफेट आफ पोटासको । कार्ट पानीमें गलाओ। यदि पहले और दूसरे नम्बर से बाल काला न होय तो यह तीसरा नम्बर लगाओ। (६) १ औंस साध्यालाइजड नाइट्रेट आफ सिलभरको २ औस एका एमो. नियामें गलाकार ५ औंस पानी मिलायो । यद्यपि इस एकही रसायनसंग्रह) अरकके लगानेसे उसी समय बाल काला नहीं होता, तथापि कुछ देर तक हवा और चादनेमें रहनेसे काला होजाता है। पहले बाली को चिकनाई दूर करके इस कलपको लगाना चाहिये। (७) ८ औंस सिरकेको उतने ही पानी में मिलाके २ श्राम गन्धक और २ ड्राम सूगर श्राफ लेड मिलायो। स्याण्ड-पेपर वा बालदार कागज-थोडेसे सरेसको ठण्डे पानी में भिगाओ जब नरम होजाय तब गरम पानीमें गला लो, जब सहतकी तरह गाढा होजाय तब (गरम रहते ) एक कू चौसे साफ मोटे कागज पर लगानी और उस पर बोतलका चूरा छींट दो फिर सुखा लो। इस कागजका एक टुकडा लेकर काठको चीज पर घिसनेसे पालिस होती है। टेबल, कुरसी, बक्स आदि किसी काठको चीन पर वार्निश करनेके पहले इमो कागजसे घिस कर काठको चिकना कर लेते हैं, तब बार्निश करते है। सिल करने को लाह-(काला), चपडा लाह ५भाग, टरपेण्टाइन ८ भाग, राब ६॥ भाग, खडिया ४ भाग, सूट सभाग। (२) चपडा ८ भाग, टरपेण्टाइन ६ भाग, राल ६ भाग, खडिया १॥ भाग, जियसम १ भाग, काजल २॥ भाग। (ब), चपडा लाह ७ भाग, टरपेण्टाइन ६ भाग, राल ३॥ भाग, म्यागनिशिया १ भाग, खडिया २भाग, दूर ३ वा २॥ भाग। (आसमानी ), वर्लिन बू में सफेदा वा नाइ- देट आफ विसमथ मिलानेसे हलका ब्बू रंग होता है , यह देखनमें बहुत सुन्दर और चीनी मट्टीकी तरह जान पड़ता है। (बोतल पर लगाने के लिये)-(काला), मिनिसदेशीय रसायनसंग्रह। १ टरपेण्टाइन २ औस, राल ६ श्रीस, चपडा २ औंस। सबको गलाकर ८ गौस काजल मिलायी, और साचेमें दाललो। (२) राल २० भाग, चर्बी ५ भाग, काजल ४ भाग। (लाल), राल २० भाग, चर्वी ५ भाग, मटिया सेंदुर ६ भाग । गरम करके मिलायो। (२) चपडा लाह ४ औस, भिनिसदेशीय टरपेण्टाइन १ औस, सेदुर ३ औस। एक ताबेको कढाई में लाह रखके साफ कोयले की आच पर गलाओ, फिर उसमें टरपेण्टाइन मिलाओ, और पीछेसे सेदुर मिलाकर लकडीसे खूब शीघ्रताके साथ चलायो। जिसमें अच्छी तरहसे मिल जाय। (ब्राउन), चपडा ७ भाग, टरपेण्टाइन ६ भाग, राल ४ भाग, जिपसम २ भाग, खडिया २ भाग, अम्बर २ भाग। (पारसल पर लगानेके लिये)-चपडा ॥ भाग, राल ६॥ भाग, टरपेण्टाइन ५ भाग, ताडपोनका तेल ॥ भाग, खडिया २॥ भाग, जिपसम १ भाग, सिनावार २॥ भाग। (२) चपडा १॥ भाग, राल ८॥ भाग, टरपेण्टाइन ६ भाग, ताडपोनका तेल ॥ भाग, खडिया २ भाग, ई टका चूरा १ भाग, कोल- कोथार ५ भाग। (बढिया लाल रगको लाह)-चपडा १२' माग, टरपेण्टाइन ८ भाग, सिनावार ८ भाग, ताइपौनका तेल २ भाग, म्यागनिशिया ३ भाग। (२) चपडा ११,भाग, टरयेण्टाइन ६ भाग, ताडपोनका तेल १ भाग, खडिया ? भाग, म्यागनिशिया २ भाग, सिनावार ८ भाग। (३) चपडा ५० भाग, भिनिसदेशीय टरपेन्टाइन १२॥ भाग चीनका सेंदुर ३७॥ भाग। (8) चपडा ६ भाग राल ४ भाग, ताडयौन , का तेल भाग, टरपेण्टाइन ७ भाग, खडिया १॥ भाग, जिपसम ॥ भाग, सिनावार ४॥ भाग । (साधारण लाल रग)। - रसायनसग्रह। . चपडा ५५ भाग, टरपेण्टाइन ७४ भाग, खडिया वा म्यागनि- शिया ३० भाग, जिपसम २० भाग, सिनावार १३ भाग । (२) चपडा ५२ भाग टरपेण्टाइन ६० भाग, राल ४४ भाग, खडिया १८ भाग, सिनावार १८ भाग। (३) राल ५० भाग, मटिया सेदुर २७॥ भाग, टरपेण्टाइन १२॥ भाग। (४) पोले रंगको राल १ सेर, चपडा ५॥ छटाक, ताडपोनका तेल ॥ छटाक, सेदुर १ छटाक। पहले तावेके बरतनमें साफ लाहको गलाके उसमें घोडा थोडा ताडपीनका तेल ढालते जाओ। थोड़ी देर बाट उसमें सेदुर डालदो, और शीघ्र- तासे चलाते जाओ। जब सेदुर अच्छी तरह मिल जाय तब उसे एक चिकने पत्थर पर ढाल, काठके टुकडेसे लुढकार्क गोल बत्तीकी तरह करलो। कृविम सूगा–२ छटाक चीनके सेदुरको १ सेर गलमें मिलाय, एक बरतनमें रख आगयर चढाके गलामो, ओर गरम रहते किसी गाछकी सूखी और छालरहित डालमें अथवा किसी काठकी चीजपर लेसदो, और मन्दी आचका ताव देते नामो, जब तक वह रग गन्नकर उस चीजके चारों तरफ न फैलजाय। यह देखने में ठीक मू गेसे गाछसा हो जायगा। यदि मफेद बनाना होय तो सफेदा और राल, और काला बनाना होय तो सूखा काजन्न ओर राल मिलाके बनायो। कपूरका खिलौना--पहले मट्टीके दो साचे बनायो। एक साचे कपरको चूरा करके भरदो, और दूसरेको ऊपरसे ढकके दोनोके जोडको महोसे बन्द 'करदो।

रसायनसग्रह।
"
फिर इसे मन्दी आचपर रक्खो, नौचेका सब कपूर धूओं
होकर ऊपरके साचेमें जम जायगा। जब साचा ठण्डा
होजाय तब छुगैसे उस जोडको धीरेसे खोलके खिलौनेको
निकाललो, और शीशेके ढकनेमें बन्द करके रख छोडो।
इसी तरह गिलास, कटोरी आदि सभी चीजें इसकी बन
सकती है।
कार्बोनिक पेपर-धोडा सा सूखा काजल लेकर
उममें मौठा तेल मिलाओ, और नेट वा चिकने पत्थर पर
रखके
खूब
घोटो. जब अच्छी तरह मिलजाय, तब एक टुकडे
फानलसे साधारण लिखनेके कागजपर लगायो (इच्छाहोय
तो दोनों तरफ भी लगा सकते हो)। यदि बहुत लग जाय
तो एक साफ कपडेसे ऊपरका कुछ काजल पोकलो और
सुखालो। (२) पिसे हुए सीसमें चर्बी वा तेल मिलाकर
गाढी लेईको तरह करलो, और एक टुकडे फानेलसे कागज
पर लगाओ, जहा मशाला गाढा लगा होय वा उसको
लकीर पड़ गई होय तो एक साफ और मुलायम कपडेसे उसे
पोछदो और सुखालो। इस कागनको किसी साफ कागजको
तहमें रखकर, अपरसे एक पेन्सिल वा काचको नोकोली
कलमसे दबाकर लिखनेसे नीचेवाले कागजपर स्याहीके से
अक्षर लिख जायंगे। इसी तरह ४५ कागज को तले ऊपर
रखके और सबको तहमें एक एक ऐसाही काला कागज
रखके, ऊपरसे दवाकर लिखनेसे सब कागजोपर एकसी
नकल होजायगी।
कुलफीको बरफ-पहले धतूरेके फूलकी तरह

रसायनसंग्रह।
२०७
न
घोडे से टोनके चोंग बनवा रक्लो, जिसकी चौडाईको तरक
ढकना रहै, और पतली तरफसे बन्द रहै। यदि मलाईकी
बरफ बनाया चाहो तो दूधको औटाके गाढा करलो और
थोडीसो चीनी मिलाय, उन चौगोमें भरके ढकनोंसे बन्द
करदो। यांटेको लेई ढकनेके चारो घोर लगा देना जिसमें
ढकना नही खुले तथा भीतरका दूध बाहर और बाहरका
यानी भीतर नहीं जाने सके। फिर एक हाडीमें बरफके
युकडे भरदो, ओर इन चींगोको उसमें गाडके ऊपरसे
नमक डालदो। अब उस हाडीका मूह ढक, उसके चारों
ओर कम्बल लपेटके ठण्डी जगहमें रखदो। २४ घण्टे बाद
दूध जम जायगा। जब बरफ खानी होय, तब उसमेंसे एक
चौगेको निकालके ढकना खोलो, और दोनों हथेलीसे पकड
के रगडो, बस उसमेंसे बरफ निकल पावेगी। यदि नीबूको
बरफ बनाया चाहोतो चीनीके शरबतम नौबूका रस मिला
'कर दूधको जगह उसीको चौगोमें भरदी।
इगुल वा सेंटुर-पारे और गन्धकके मैलसे सेंदुर
बनता है। यह प्राय पारेको खानसे बहुत निकलता है, और
'कविम भी बनाया जाता है। इसके बनानेकी बहुतसी रीति
है। ३०० भाग पारेमें ११४ भाग शुद्ध गन्धक मिलाकर
कुछ घण्टे तक खूब पीसो, फिर ७५ भाग काष्टिक
पोटाशको ४५० भाग पानी में मिलाके उममें मिलायो,
और कुछ देर तक और पोसते रहो। अब इसे नोहेके बरतन
मे रख मन्दी पाचपर चढाओ, और कुछ तक बराबर
चलाते जाओ, (थोडी देर बाद बीच बीच में चला दिया

! रसायनसंग्रह। है . मिलाकर गलानेसे काच बनता है। यह बहुत तरहका- बनाया जाता है। (बोतलका काच,), बालू १०० भाग,- केल्प वा मेला सोडा ३० भाग, काउको राख ४० भाग, कुम्हारको मट्टो १०० भाग, टूटा हुआ काच १०० भाग । इसका रग, हरा होता है। (फिण्ट ग्लास),-सफेोट महीन बालू ३०० भाग, मटिया सेदुर वा सुरदासङ्ग २०० भाग, साफ । को हुई पर्ल ऐश ८० भाग, सोरा २० भाग,..और थोडासा - आरसैनिक और मेट्रानीज मिलाओ इससे बडी शीशी, पानी- पौनेके ग्लाम, और दूरबीनके शीशे आदि बनते-है। (प्लेट ग्लास), खूब महीन सफेद बालू ७२० भाग, बढिया सोडा ४५०.भाग, चूना ८० भाग, सोरा २५ भाग, साफ काचके पत्रका चूरा ४२५ भाग, इसे गलाने और ढालने में बहुत दक्षता चाहिये तथा इसकी चीजेभी सवाबहुत, बढिया और • सापा होनी चाहिये । ( उदण्डो ग्लास ), बालू १०९ भाग, रखडिया ३५ भाग, सोडा ऐश २५ भाग, और-थोडासा टूटा हुआ कॉच मिलाओ। यह साधारण किवाड, खिडकी आदिमें, लगाने के काम आता है। (काउन ग्लास);-महीन सफेद बालु १०० भाग, कार्बोनेट आफ लाइम १२ भाग, कार्बोनेट प्राफ सोडा ५० भाग, क्राउन ग्लासके टुकडे-१० ०० भाग। यह भी आलमारी, किवाड, प्रादिमें लगाया जाता है, और. साधारण उदगडी ग्लामसे बढिया होता है। रगान काँचबनाना-वह कांच-साधारण काँचसे - कुछ, कठिन बनाया जाता है। इसके बनानको रीति यह है, बढिया बालू ( पानीले धोकर माफ किया हुआ) १२ पाउण्ड,. पर्लऐश... वा-फिक्सड एलक्यालाइन साल्ट - 7 । रसायनसग्रह। १११ (सोरसे साफ किया हुआ)७ पाउण्ड,' सोरा १ पाउण्ड, सुहागा ॥ पाउण्ड । पहले बालूको खरलमें खूब महीन पीस- कर बाकी चीजे मिलायो और फिर पीसकर सबको एक करलो, फिर गलाकर जैसे रगका बनाया चाहो वही रंग मिलायो। इसमें केवल धातव रंगही मिल सकते है। अक्साइड श्राफ गोल्ड मिलानेसे बढिया लाल माणिकाकासा रग होता है सब अक्साइडायाफ कापर मिलानसे लाल रंग होता है , सिलभर अक्साइड मिलानेसे पीला और सुनहरी रग होता है, अक्साइम् आफ आइरनसे सबुज, पीला, लाल और काला रग' होता है, अक्सापड आफ क्रोमियमसे सयुज रग , अक्साइड श्राफ कीवाल्टसे नीला रंग , अक्सा- इड आफ इउरेनियमसे लाल धूपछाहका रंग , और पारसे- निक वा अक्साइड श्राफ टिनसे सफेद दूधिया रग होता है। ष्ट्रास बनाना--साफ काष्टिक पोटाश १६ भाग, द्वाइट लेड वा सफेदा ८५ भाग, बोरासिक एसिड ४॥ भाग, प्रारसिनियस एसिड भाग, खूब महीन सफेद बालू ५० भाग। इन सब चीजोंको हेसियान कृसिन नामक घडियाम रख, पोसलेनको मट्टोमें २४ घण्टे तक गलाओ, फिर धीरे धीरे ठण्डा करलो। कृत्रिम हीरा इसौका बनाता है, और रंगीन काचमें जो सब रग मिलाये जाते है, वही मब रग इसमें मिलानेसे माणिक, चूनी, पन्ना, पुखराज, नीलम, फिरोजा श्रादि सभी तरहके कृत्रिम जवाहरात बन सकते है। काँच काटना-यदि कांच का ग्लास शीशी वा और कोई बरतन सफाईके माथ काटना होय तो जहाँ तक काटना चाहो वहा तक उसमे तेल भरदी, फिर १ 4 ११२ रसायनसग्रह। , द लोहेके सीखचेको गरम करो जब लाल होजाय तब उस तेलमें धीरे धीरे डुबाते जाओ, जिसमें तेलका ऊपरी भाग गरम हो जाय , जहातक तेल भरा होगा उसीकी लकीर पर काच चटक जायगा और ऊपरका हिस्सा अलग हो जायगा। (२) यदि काचकी छोटी नलको काटा चाहो तो जहासे काटना होय वहा पर एक सख्त इस्पातकी नोकसे वा हीरकी कनौसे लकीर करो और नलको दोनो तरफसे पकडके तोडदो, उसो लकौर पर टूट जायगी। काचके पत्रभी इसी तरहसे काटे जाते है। (३) यदि गोल शीशी वा बोतलको काटना होय तो साधारण सूतको स्पिरिट आफ टरपेण्टाइनमें भिगाकर उसपर लपेटो, फिर उसमें आग लगादो। सूत जल जायगा और जहा पर वह बंधा होगा उस जगहसे बोतल चटक जायगी। (४) क्रासिन तेलमें सूत भिगाकर जिस जगहसे काटना होय वहा पर बाधके जला- नेसे और उसपर ठण्डे पानीका छोटा देनेसे भी बोतल टूट जाती है। (५) किसी नोकदार लोहेको चीजको तपाकर लाल करलो, फिर जिस जगहसे कांचको काटना चाहो वहा पर इस गरम लोहेकी नोकसे लकीर करके उसपर ठण्डा पानी ढालदो, उसी समय काच चटक कर अलग होजायगा। कांचकी नल टेढो करना-काचकी नलको जहासे टेढी किया चाहो उस जगहको ग्यास वा स्पिरिट ल्याम्पको लाटमें गरम करके मोडनेहीसे नल टेढो होजाती है। यह सभी दीयेकी लाटसे होसकतीहै परन्तु स्पिरिट ल्याम्पको गरमी तेज होती है और उसमें धूआ नही होता कांचका चूर करना-काचको आग पर तपाके 1 ,

रसायनसंग्रह।
११३
लाल करलो, फिर उसी समय ठण्डे पानीमे डुबादो। पानीमें
डालतेही काच चूर होजायगा, फिर इसे छानकर सुग्वालो।
यह ग्लासपेपर बनाने तथा वारनिशको छाननेमे काम
आता है।
लोहे पर चीनीकी कलई करना-फूिट
ग्लाम १३० भाग, सोडा कानिट २०॥ भाग, बोरासिक
एसिड १० भाग। सबको एक घडियामें गलाओ फिर ठण्डा
करके सूब महीन पोमलो। यदि किसी लोहेको कढाईमें
भौतरको तरफ कलई किया चाहो तो उसे पहले तेजावके
पानीमें डुबाकर माफ करलो, फिर बानूसे खूब माजो, जब
चमकने लगे तब उसपर थोडासा गोंदका पानी फेरटो, फिर
उसपर ऊपर लिखे मशालेको छानके कढाईको प्रागर्म रख
यहा तक तपाओ जिसमें लाल होजाय और काचका चूरा
अच्छी तरहसे गलकर उसमें जम जाय। फिर निकालके
धौर धौरे ठण्डा करलो, (परन्तु जहातक होसके हवासे
बचाते रहो)। बहुत उत्तम कलई होजायगी। इसी तरह
ओर मब चीजों पर भी कलई हो सकती है।
हाथीदांतपर नकसा करना-पहले हाथोदात
पर मोमको खूब गाढा करके लेसदी, तब उसपर खूब
महीन सलाईसे फूल, बेल, बूटे आदि जो बनाना होय सो
खोंचो, परन्तु ऐसी तरहसे खीचना जिसमें अति स्थानके
नीचे जरा भी मोम न रहै और हाथीदात दीखने लगे। फिर
उम स्थानमें श्रयेल आफ मिट्रियल लगानेहौसे उसका दाग
पड जायगा और नफासी होजायगी।

रसायनसंग्रह।
कृत्रिम हाथीदांत-खूब महीन पिसा हुआ
अगडेका छिलका और आइसिग्लासमें ब्राण्डी मिलाकर गाढी
लेईकी तरह करलो, और गरम करके साचेमें ढालली।
जब तक सूख न जाय तब तक साचेमें ही रहने दो। साचेमें
पहलेही से तेल लगा लेना, जिसमें चिपक न जाय। यह
देखनमें ठीक हाथीदातसा जान पडता है। यदि इसमें किसी
तरहका रग मिलाया चाहो तो वह भी मिला सकते हो।
पार्चमेण्ट कागज--साधारण कागजको गन्धकके
तेजाव मिले हुए पानीमें ५ वा ६ सेकेण्ड तक डुबाके निकाल
लो, और साफ पानीसे खूब धो डालो जिसमें तेजाव का दाग
न रहै। ६ भाग तेजावमें १ भाग पानी रहना चाहिये।
धोनेके पानी में यदि थोडासा एमोनिया मिला दिया जाय
तो बहुत अच्छा है।
पुराने लिखेको नया करना-घूमीएट आफ
पोटाशको पानी में मिलाकर बालको कलमसे लिखे हुए
स्थानपर लगानी। यदि कागज नष्ट न होगया होय तो
इससे पुराने हाथके लिखे अक्षर जो अदृश्य होगये होगे,
पुनः दोखने लगेगे।
पेन्सिलका लिखा पक्का करना-पतला और
ठण्डा आइसिंग्लासका पानी अथवा चावलके माडको बुरुस
द्वारा पेन्सिलके लिखे पर लगानेसे अक्षर पक्के होजायगे।
मक्सी मारनेका कागन-लोराइड ग्राफ
कोबाल्ट ४ ड्राम, गरम पानी १६ औंस, शक्कर १ औंस
पानीमें शक्कर और कोवाल्टको गलाकर ब्राउन रगक कागज

रसायनसंग्रह।
पर अच्छी तरह लगाओ और सुखालो। इस कागज पर
मक्खो बैठनेहीसे मर जाती है। (२) अरण्ड का तेल, राल,
चीनी, इन तीनोंको बराबर ले भाग, गलाकै ग्यानिला
कागज पर लगादो।
चूहे मारनेको दवा-फासफरस ४ औस, गरम
पानी ॥ पाउण्ड, सरसों पिसी हुई ५॥ पाउण्ड, मक्खन
२॥ पाउण्ड, चौनी ४ पाउण्ड। पहले फासफरासको गरम
पानीमें गलाकर सरसो मिलाओ, फिर बाकी चीजे मिलायो,
इसे खानेहीसे चूहे मर जाते है। यह जल्दो खराब नही
.
होती।
चूहे दूर करनेको दवा-जिस जगह चूड़े रहते
होयं उसके आसपास तथा उनके बिलके मुहमें सूखा
क्लोराइड आफ लाइम छीट दो, सब चूहे वह जगह छोडकर
भाग जायगे।
मोमजामा-पकाया हुआ तेल १५ पाउण्ड, मोम
१ पाउण्ड, मुरदासन १३ पाउण्ड। सबको मिलालो,
और जिस कपडे पर लगाया चाहो उसे दीवारमें लगाकर
वा साफ जमीनमें बिछाकर बुरुस द्वारा लगाओ। पहले
कपडेको अच्छी तरह धोकर सुखा लेना।
बरफ जमाना-नौसादर १ भाग, मोरा २ भाग,
साधारण सोडा ३ भाग। नौसादर और सोरेको मिलाकर
खूब महीन पीसके एक मौशीमें ढककर रक्खो, और सोडाको
भी पीसकर दूसरी शीशी में रक्खो। नब बरफ जमाना
।

रसायनसंग्रह।
+-
होय तब एक बरतनमें दोनी चीजोंको गबर मिलाकर
रक्खी, और उसमें थोडासा पानी डालदो। अब पानी,
शरवत,
जो कुछ जमाया चाहो उसे पतले गिलासमे
रख, इस मशाले मिले पानी में रखदो, और ऊपरसे कम्बल
ढकदो। बहुत जलदो पानी जम जायगा। (२) नौसादर
५ भाग, सोरा ५ भाग, पानी १६ भाग। (३) नौसादर ५भाग,
सोरा ७ भाग, सलफेट आफ सोडा ८ भाग, पानी १६ भाग ।।
छुरी, तरवार पाटि पर नाम लिखना-
जिस चीज पर नाम लिखा चाहो पहले उसे अच्छी तरहसे
साफ करलो, फिर मोमको गरम करके कलमसे उसपर
लिखो, जब सूख जाय तब तूतियेको महीन पीसकर नीबूके
अरकम मिलायी और उसपर ढालो, जब अरक सूख जाय
तब पीकली। (२) जिस चीजपर नाम लिखा चाहो, पहले
उसपर मोमको गरम करके लेसदो, फिर लोहेकी कलमसे
उमपर लिखो। ऐसी तरह लिखना जिसमे अक्षरीके नीचे
मोम न रहै, और जमीन साफ दिखाई पड़ने लगे। अब
तूतियेको खूब महीन पीसकर नोबूक रसमें मिलाय उसपर
दालो, और सूख जाने पर धोकर साफ करलो। साफ तावेके
से अक्षर उमड श्रावेंगे।
धातुनिर्मित चीजोंपर नकसा करना-
जिस चीज पर बेल, बूटा आदि बनाना होय, पहले उसपर
मोमको गरम करके पोतदो, और जैसा नकसा बनाया
चाहो, एक लोहको कलमसे उसपर खोची, फिर उसपर दो
बूद सोरेका तेजाव डालो, डालते ही धूया निकलने
-

रसायनसग्रह। ११७ लगेगा और उस जगहपर नकसा होजायगा। यदि नकासी गहरी किया चाहो तो फिर ऊपर लिखी क्रियाको उमी पर करो। मेट ५ ड्राम, क्रिोसोट ६० बूद. पुस्तकोको दीमकसे बचाना-करोसिभ सब्जि- रेकटिफाइड स्पिरिट २ पाउण्ड । सबको मिलालो। यह अरक बडा भारी बिष है। किताबको सिलाईके पास पाठ दश पत्र बीच बीच में छोडके इसको एक एक लकीर बुरुस द्वारा लगानेसे कभी दीमक नहीं लगती। यदि किताव बाधनेक समय पहले ही से यह लेई वा सरेसके साथ मिला दीजाय तो बहुत अच्छा है। बढिया जिल्दको तेलचट्टे अक्सर चाटके खराब कर दिया करते हैं। इस लिये साफ और पतली स्पिरिट वार्निशको जिलद पर लगा देना चाहिये। इससे कभी किताब खराव होनेका डर नही रहता। टरप्रूफ कागज-८ प्रौस फिटकिरी, और शा औस काष्टाइल साबुनको ४ पाइट पानीमें गलाओ. फिर श्रोस अरवी गोद और ४ औस सरेमको अलग ४ पाइट पानीमें गलानो। इन दोनों परकोंको मिलाकर थोडा गरम करो और उसमें एक एक ताव कागजको डुबाकर निकाललो और लटकाके सुखालो। इस कागज पर पानी असर नही करता। (२) १॥ पाउण्ड सफेद साबुनको १ क्वार्ट पानी में गलाघो फिर दूसरे १ क्वार्ट पानीमें १॥ ौस अरबी गोट और ५ औम मरेस गलागी। इन दोनी अरकोंको मिलाके उसमें कागज डुवाकर निकाललो और मुखालो। यह कागज २

११८
रसायनसग्रह।
पुलिन्दा और पारसल धादि पर बांधनेके लिये अच्छा है
इसमे पानी असर नहीं करता।
रुज बनाना-कसीस १ औस, धकच्यालिक एसिड
१ श्रोस। दोनोंको अलग अलग साफ पानीमै गलाकर
मिलानेसे एक तरहका पीले रंगका चूरा नीचे बैठ
जायगा फिर उसे ब्लाटिङ्ग कागज द्वारा छाननेसे वह चूरा
कागजही पर रह जायगा। फिर इसे सुखाकर लोहेको
करछीमें रख पाग पर गरम करनेसे यह श्रापही बलकर
जल जायगा, और लाल रंग होजायगा। इससे जवाहरात
इत्यादि पर पालिश की जाती है।
आतशबाजी।
आतशबाजी बनाने में मुख्य तीन चीजीका प्रयोजन है,
मोरा, गन्धक और कोयला। इसके अतिरिक) लोहा,
इस्पात, ताबा और जस्तेका चूरा तथा राल, कपूर, हरताल
इत्यादि और भी कई चीजे इसके साथ मिलाई जाती है।
भिन्न भिन्न प्रकारको पातशवाजीके लिये बारूदभी दानदार,
मोटी, महीन कई तरहकी बनाई जाती है। लोहाचूर
फूल निकालनेके वास्ते मिलाया जाता है। इस्पात और ढले.
लोहे का चूरा मिलानसे फूल बडा और चमकीला निकलता
है। तावेका चूरा मिलानेसे रोशनी हरे रंगकी होती है,
जस्तेके चूरसे नीले रगको, सलफिउरेट आफ् एण्टिमनिसे
जशाली रगकी, अम्बर, कलोफोनी और साधारण नमकसे

रसायनसंग्रह। ११६ की, जगालसे फोके हरे रंगकी, तूतिया और नौसादरसे गकी, और सूखा काजल वा दीयेको कालिखको की बारूदके साथ मिलानेसे लाल रगकी और यदि - भाग अधिक रहै तो गुलाबी रंगकी रोशनी होती है। मलानेसे खूब सफेद लाट निकलती है और अन्यान्य को दुर्गन्धि जाती रहती है। प्रातशबाजी बनानेमें औजार कभी काममें नहीं लाना चाहिये, क्योंकि र इसको जोरसे रगडनेस चिनगारी निकलनेका भय है और बारूदमें जो गन्धक रहता है वह भी लोहेको कर देता है। पोतलके औजारसे काम चल मकता है सबसे उत्तम इस कामके लिये तायिके औजार है। सोरा-"आतशवाजी बनानेके लिये कलमी सोरा लाना चाहिये। इसके बनानेकी रीति यह है,-एक- में पानी भरकर भाग पर चढाओ, और उसमे जहा. न सके उतना सोरा मिलायो,' जब खूब उफनने लगे परका मैला झाग निकाल कर फेकदो और बरतनको चरसे उतारलो। फिर उस सोरके पानीको एक महीके में रख उसमे थोडीसी सौके पाडी करके लगादो और मलेको ठण्डी जगहमें वा रातके समय खुले में रखदो। माफ और दानदार होकर 'सौकोंके बीच में कलमको जम जायगा। इसोको कलमौ सोरा कहते है। इस निकाल कर बाकी पानी फेंक देना। - गन्धक है। साफ बत्तीको गन्धक ही इस काममें लायी maa

-
,
टन तक खराब नहीं होता। इसका दाना जितना लवा
रसायनसंग्रह।
कोयला-
अडहर, अरण्ड, सहजना, वेर, देवदारु,
अकौन श्रादि हलके काठका कोयला ही आतशबाजी में
मिलाया जाता है। इसके बनानेकी रीति यह है,-पहले
काठको चीरकर अच्छी तरह सुखालो, फिर जमीनमें गढा
खोदकर उसमें काठको सजादो, और आग लगादो। जब
मब काठ जल जाय तब उन अङ्गारों पर मट्टी डालकर दबा
दो। जब जानो कि आग बुझ गई होगी तब उसमें से कोयले
निकाललो। काठको जलाके मोमें न गाडकर उन अङ्गा-
रोको एक कलसेमें भरके उसका मुह बन्दकर देनेसे भी आग
बुझ जाती है, परन्तु कलसमें हवा न जाने पावे, नही
तो सब कोयला जलकर राख होजायगा। पानीसे कोयलेको
बुझानेसे उसका तेज नहीं रहता और पुराना होनेसे भी
उसका तेज जाता रहता है।
लोहाचूर-मुरशिदाबादसै जो अदरको लोहा आता
है, वहो पातशबाजीके लिये सबसे उत्तम होता है।
कान्तीका लोहा भी इसमें काम आता है, परन्तु अदरको
लोहाचूरसे फूल बहुत बढिया निकलता है। जिस दिन
आतशबाजी छुडाना होय उसो दिन बारुदमें लोहाचूर
मिलाना चाहिये, क्योंकि बारुदमें मिलनेसे दो तीन दिनमेंडी
इसमें मोरचा लग जाता है, जिससे फूल अच्छा नहीं
निकलता। इसे एक शोशीमें अलग बन्द करके रखनेसे बहुत
-
होगा उतना ही फून भी सुन्दर और चमकीला
लोहेको कूटकर और मोटी रेतीसे रेतकर ६
बनाया जाता है।

। रसायनसंग्रह। १२१ - नाइट्रेट पाफ ष्ट्रनशिया--एक साधारण महोकी कढ़ाई में नारि श्राफ ट्रनशियाकै टुकडे रखकर बिना धूएको पाग पर चढाओ, (बरतन बहुत गरम न होने पावे), जव गलकर मुलायम होजाय, तब एक लकडी वा चौड़े काठके टुकडेसे हिलाते जात्रो, जिसमें उसका सद पानी धुपा होकर उड जाय, और वह जमने न पाये। यह ठीक सूखे सफेद बालूकी तरह रह जायगा। यही ट्रनशिया रग और तारे बनाने में काम आता है। यह एक वारमें एक पावसे लेकर एक सेर तक अच्छा बनता है। इसी तरहसे नाइट्रेट माफ बेराइटा भी बनाया जाता है। रग-इसके सब मशालोंको अलग अलग खूब महीन पीसकर तथा छानकर बोतलोंमें मूह बन्द करके रखना चाहिये। पहलेसे एक सङ्ग मिलानेसे यह खराब होजाताहै, एस लिये काममें लाने रोज और जहातक हो सके थोडी देर पहले इसको मिलाना चाहिये। सब चीजें हिस्से मूनिव लेकर एक कांचके पत्र पर वा कागज पर लके काठको पटरीसे मिलायो। लोरेट आफ पोटासको खूब सावधानीसे मिलाना चाहिये, क्योंकि इसमें जोरसे रगड लगनेमे यह जल उठता है। लाल रग-कोरेट प्राफ पोटास १० भरी, नाइट आफष्ट्रनशिया ५० भरी, गन्धक १० भरी, वाक सलफिउरेट श्राफ ऐण्टिमनि १० भरी। (२) नाईट्रेट श्राफ ट्रनशिया ५२) भर, कोरेट आफ पोटाश ६) भर, गन्धक १७, कोयला १) । (३) कोरेट पोटास WH), नाइट्रेट ट्रनशिया उडीवा - - 1 १२२ रसायनसग्रह। - . ४३num, गधक २०७४, सलफिउरेट आफ एण्टिमनि दीयेको कालिख ११) । (४) नाइट्रेट आफष्ट्रनशिया ५७/५), गन्धक १६), कोयला १N/N), बन्दुकको बारूद,४W), (५) गन्धक, सलफिउरेट आफ एण्टिमनि, और सोरा प्रत्येक भाग, सूखा नाइट्ट आफ ट्रनशिया ५ भाग। (६) लोरेट आफ पोटाश २० भाग, गन्धक २४ भाग, नाइट्रेट आफ ट्नशिया ५६ भाग। (७) कोयला चूर २ भाग, बन्दूककी बारूद ६ भाग, गन्धक २० भाग, सूखा नाइट्रेट श्राफ ट्रन- शिया ७२ भाग। हरा रंग-गन्धक २६, नाइट्रेट आफ बेराइटा ३४, लोरेट आफ पोटाश १०, मेटालिक भारसैनिक ४, कोयला ६। (२) नाइट्रेट आफ बेराइटा ७७, लोरेट पोटाश ८, कोयला ३, गन्धक १३ । (३) मेटालिक पारसैनिक २, कोयला ३, लोरेट पोटाश ५, गन्धक २३, नाइट्रेट बेराइटा ७७। (४) कोयला १॥ सलफिउरेट आफ बारसैनिक १५, गन्धक १०॥, लोरेट पोटाश २३, नाइट राइटा ६२।। (५) नाइट्रेट वेराइटा इ) भर, गन्धक १०) भर, लोरेट श्राफ पोटाश ) भर। (६) नाइट्रेट बेराइटा ४८), गन्धक ३), सलफिउरेट आफ एण्टिमनि १५), लोरेट आफ पोटाश २४ कोयला HDI नीलारंग-गधक १५, सलफेट आफ पोटाश १५, एमोनिओ सलफेट आफ कापर १५, सोरा २७, लोरेट श्राफ पोटाश २८ । (२) मेटालिक एण्टिमनि १, गन्धक २, सोरा ५। (३) तूतिया ७, गन्धक २४, क्लोट पोटाश ६८. ?

'रसायनसंग्रह। १२३ (४) लोरेट पोटास ६०)1, जङ्गाल • १३/n); गन्धक ६)। (५) लोरेट पोटागा), गन्धक १), कार्बोनेट आफ कापर), फिटकिरी ), (६) सोरा २८), गन्धक ३८०), ब्लाक । एण्टिमनि emy, कोयला /y, हरताल /), ! बैगनीरग-लोरेट पोटाश ५, नाइट्रेट आफ ट्रन- शिया १६, रियालगार १, गन्धक २, दीयेको कालिख । (२) सोरा ५०, गन्धक २०, मेटालिक एण्टिमनि १०। (३) मलफिउरेट आफ एण्टिमनि २॥, बाक अक्साइड आफ कापर १०, गन्धक और नाइट्रेट आफ पोटाश, प्रत्यक २२, लोरेट आफ पोटाश ४२॥ (8) गन्धक १२, बाक अक्साइड अाफ कापर १२, कोरेट आफ पोटाश ३० । जदारग-कोयला ८, गन्धक १०, मेटालिक कापर १५, क्लोरेट आफ पोटाश ३०। सफेद रग-सोरा ६०, गन्धक २०, बाक एण्टिमनि ११०, मोल पाउडर ६, कपूर ४ । (२) सोरा ६॥, गन्धक २y, बन्दूकको वारूद १)। (३) बन्दुकको बारूद १२५,जस्ता चूर १८, गन्धक २३, सोरा ४६।। (४) कोयला १, गन्धक २४, सोरा ७५। पीला रंग-गन्धक १६, सूखा कानिट आफ मोडा २३, क्लोरेट प्राफ पोटाश ६१ । (२) सोरा २१४), बन्दूककी वारूद २१), गन्धक २१४), नमक १४५)। (३) नाइट्रेट पाफ सोडा ६०, गन्धक ११, टोयको कालिख १० । (४) सोरा , गन्धक ), सोडा बाइकार्ब २), दीयेकी कालिखा । - . - Co

१२४
रसायनर्सपह।
-
महताबी वा रंगमशाल सोरा १ सेर, गन्धक ५
छटांक, कोयला ॥ भरी, हरताल पथरिया १ छटांक।
(२) सोरा ६१), गन्धक १७॥), कोयला १)। (३) सोरा
३७), गन्धक १८७), बन्दुकको बारूद १५), जस्ताचूर
१४०।। (8) सोरा २८, गन्धक ३edy, काला सुरमा
EMI), कोयला), सफेद हरताल )।
पाफतावी-सोरा १ सेर, गन्धक १ पाव, हरताल
॥ पाव, नौल १ तोला, कपूर २ा तोला। (२) सोरा ५६,
गन्धक १8), हरताल , नील ) कपूर ) ।'
गुलरेज वा फूलझड़ी-सोरा १०), गन्धक ।)
कोयला ms), लोहाचूर ४)। (२) सोरा ५६), गन्धक ३॥,
कोयला ॥, लोहाचूर १६ । सोरा, गन्धक और कोयला,
तीनोंको मिलाके खूब महीन पीसो। फिर लोहाचूर बारूदसे
कुछ मोटा अर्थात् बालूकी तरह पीसकै मिलायो और
पतले कागजके एक इञ्चसे दो दश्च तक खोलमें भरदी।
इसको छुडानेसे गुलरेजके मूहसे जमीन तक फूलोंका गजरा
सा दिखाई पड़ता है।
अनार यह छोटा बडा सभी तरहका होता है।
इसकी बारूद जरा मोटी पिसी रहनी चाहिये, बहुत महीन
होनेसे बारूद जलदी जल जाती है, और फूलको बहार नहीं
रहती। इसके खोलका मूह कुछ बडा रहना चाहिये, और
इसमें बारूद रूल वा काठसे न ठासकर उङ्गलीही से भरना
अच्छाहै । खोलकी छुटाई बडाईके अनुसार लोहाचूरका दाना
भी छोटा बडा होना चाहिये ।
.

1
रसायनसंग्रह।
१२५
-
मोतिया अनार-सोरा ४०, गन्धक १२, कोयला
३, लोहाचूर १२ । (२) सोरा ४०, गन्धक १४vy, कोयला
३/), लोहाचूर १४४।
मोतियेकी कली-सोरा ४२४), गन्धक ५४),
कोयला २). पारा ) मुरदासन ), हरताल १९),
लोहाचूर १४)। पहले पारे और गन्धकको पीसलो, फिर
हरताल और मुरदासन पीसो, और पीछेसे दूसरी चीजें
मिलाकर पीसो। इसमें लोहाचूर सरसोंके दानेके समान
होना चाहिये।
हजारा-सोरा १२, गन्धक ४,
कोयला ११, लोहा-
चूर।
सूरजमुखी-सोरा २०॥४), गन्धक १२), कोयला
११), लोहाचूर १६) (सरसोंके समान), जस्ताचूर १८)
जस्तको रेतीसे रेतकर चूरा करी। पीटके जो जस्ताचूर
बनता है, उसका दाना अच्छा नहीं होता। यह अनारका
वजन वहुतही अच्छा है।
बादला-सोरा ४०, गन्धक १०, कोयला ५, लोहा.
चूर २५ । इसकी पिसाई मध्यम, कोयला बेरके काठका और
लोहाचूर सरसोंके समान होना चाहिये, तया खोल भी
छटसी वा आध छटनी होना चाहिये।
1
बतासा-सोरा ४०), गन्धक १७), कोयला
५४१), लोहाचूर २०४)। बेरके काठका कोयला, बहुत
वदिया, अदरको लोहेका चूरा सरसौं वरावर, तथा खोल
-

रसायनसंग्रह।
-
छटकी वा बाध छटकी होना चाहिये। (२) सीरा, ४०,
गन्धक १०, कोयला ५, लोहाचूर २५ । (३) सोरा ३७),
गन्धक १६191), कोयला MIN), लोहाचूर २१॥४) । (४)सोरा
४०, गन्धक १५, कोयला ५, लोहाचूर २०। (४) सोरा १२,
गन्धक ४, कोयला १, लोहाचूर है ।
जुही-सोरा ८०), गन्धक,२०), कोयला ६०), लोहा
चूर ( अदरको) १)। यह भो अनारको तरह होती है,
परन्तु हाथमें लेकर छुडाई जाती है. इस लिये नीचेको
तरफसे इसकी पेदी लम्बी बनाई जाती है। इसकी बारूद
खूब महीन पीसनी चाहिये, यह देखने में बहुतही सुन्दर
होती है।
हवाई-सोरा ५६४), गन्धक ४) कोयला १८४)।
(२) सोरा ५११), गन्धक ४on, कोयला १८)। हवार्डको
वारुदको ऐसी तरह पीसना चाहिये जिसमें यह न जान
पडे कि इसमे गन्धक मिला है और कोयला भी इसमें अरण्ड,
अरहर, सहजना आदि बहुत हलके काठका होना चाहिये।
इसके बनानेको रीति यह है। पहले एक टुकडे कञ्चे बासको
लेकर इस तरह काटो जिसके दोनों तरफ गाद रहै। फिर
उसे थोडासा छोलकर भारी द्वारा बीचसे काटलोइिससे दो
खोल बन जायंगे। फिर उस खोल वा चौगेको छुरीसे छीलकर
हलका करलो और लेई लगाकर ऊपरसे पाट लपेटके धूपमें
सुखालो फिर उसमें बारूदको खूब ठासकर भरो और गाठमैं
छेद करके उसमें पलीता लगा दो। फटे बांसका खोल
कभी नहीं बनाना, क्योंकि इसके फट जानेका डर रहता है।

रसायनसग्रह।
चरखी हवाईकी तरह, परन्तु उससे छोटे बांसके
खोल बनाकर उसमें वारूद भरी। एक वासटीको चका-
फार बाधक उसके चारों तरफ चार खोल बांधी और चारोंको
मुह पलीतसे मिला दी। फिर इस चमके बीचों बीच दो
सीधी वासटोयोको बाधी और बीच छेद करके एक लकडीके
ऊपर बैठा दो। इसे छुडानेसे परखी धूमने लगेगी। इसका
रहोल कागनका भी बन सकता है, परन्तु वासके खोलमें
जीर बहुत होता है।
पलौता बनाना बन्दुकको बारूदमें थोडा पानी
मिलाकर बुरुस द्वारा कागजको एक पीठ पर लगाओ और
सुखा लो। कागजको जगह सूतको रमोमें भी बारूद लगा-
कर पलीता बनाया जाता है। हवाई, चरखी आदि बनानेमें
सूतके पलौते पर कागजका यलीता लपेटके बनाना पडता
अस्मानतारा-
एक फुट लम्वा तला बास लेकर
उस पर पाट लपेट दो, फिर उसमें अनारको बारूद एक
इञ्च तक भरो और थोडीसी बन्दूकको बारूद भरके बासके
छेद बरावर एक तारा भरो, फिर उस पर अनारको बारूद,
फिर बन्दुकको बारूद और फिर तारा भरो। इसी तरह
अमसे भरते जाओ। बन्दूकको बारूद बहुत नहीं भरना
नहीं तो खोल फट नायगा।
तारा बनाने की रीति यह है-जिस रगका
तारा बनाना होय उसी रगको बारूदमें थोडासा पानी
मिलाकर गोली बनालो और उसपर पिसी हुई बन्दुककी
--

रसायनसंग्रह।
बारूदको लपेट कर धूपमें अच्छी तरहसे सुखा लो। पानीक
साथ यदि थोड़ोसी गोंद मिलादी जाय तो थोडेही पानीमे
गोली बध जायगी और जलदी सूख जायगी। इसके मशाले
सब खूब महीन पीसकर अलग अलग बोतलीमें बन्द करके
पहलेही से रखना चाहिये और बनानेके समय सबको
मिलाय, गोली बनाकर खूब सुखा लेना चाहिये जिसमें जरा
भी गीला न रहै।
लाल तारा-लोरेट पोटाश २४, नाइट्रेट ट्रनशिया
३२, केलोमेल १२, गन्धक ६, चपडालाह (महीन पीसकर)
६, सलफाइड आफ कापर २, कोयला (महीन) २ ।
गुलावी तारा-क्लोरेट पोटाश २०, कावों नेट याफ
ट्रनशिया ८, केलोमल १०, चपडा २, गन्धक ३, कोयला १ ।
यह सरदीमें जलदी खराब नहीं होता, क्योंकि कार्बोनेट
आफ ट्रनशिया नाइट्रेट ट्रनशियाको तरह जलदी सरदीमें
नही पसौजता और बहुत दिन तक (महीन चूर्णावस्थामें
रहता है।
हरा तारा-कोरेट पोटाश २०, नाइट्रेट वेराइटा
४०, केलोमेल १०, गन्धक ८, चपडा ३, कोयला १, जला
हुआ सलफाइड आफ कापर १
धानी तारा-नाईट्रेट वेराइटा १६, लोरेट पोटाश
८, गन्धक ६, एण्टिमनि ।
पीला तारा-कोरेट पोटाश ३०, सूखा सोडा १२
-
।
गन्धक।
सुनहरी तारा-क्लोरेट पोटाश २०, नाइट्रेट वेरा-

यनवप्रा इटा ३०, अक्सालेट भाफ सोडा १५, गन्धक ८, चपडा ४ । इसे लाहके पानीसे गीला करना चाहिये। नीला तारा-कोरेट पोटाश , चरटियर्थ कापर १२, केलोमेल ८, टोराइन २, गन्धक २, चपडा १। इसे गोंदके पानीसे गीला करना चाहिये और ष्ट्रीराधनको बहुत महीन पीसना चाहिये। वैगनो तारा-लोरेट पोटाश , नाइट्रेट इनशिया ४, गन्धक ६, कानिट आफ कापर १,कलोमेल १,म्याष्टिक । सफेद तारा-सोरा, गन्धक ३, एण्टिमनि २ । टुमदार तारा-सोरा १६, मीलपाउडर १२, सल- फिउरेट एण्टिमनि ८, कोयला (महीन) ४, गन्धक ४ । इस बारूदकी गोदके पानीके साथ तीसीका तेल मिलाकर गीला करना चाहिये। गोंदके पानीको शोशीमें रख खूब गरम पानीके सहारे गरम करो अर्थात् एक बरतनमें खूब गरम पानी रखके उममें शोशीको डुबाके गरम करो, और प्रत्येक ८औस गोंदके पानीमै १ औंस तौसीका तेल मिलाओ। फिर शोशीको खूब हिलाओं, जब तक तेल अच्छी तरहसे न मिल जाय, और गरम रहते बारूदमें मिलाओ। फाारोज सरपेण्ट-पीना पूशिण्ट आफ पोटाश और फायर आफ सलफर दोनोकोबरावर लेकर एक घडियामें रख भाग पर जलाभो। यदि पाच ठीक न लगे तो उममें थोडासा कानिट आफ पोटाश मिला दी। फिर उसमें पानी मिलाकर छानलो। इसीको सलफोसाइनाइड श्राफ पोटा.

रसायनसंग्रह।
शियम कहते हैं। इसे सोरके तेजावमें गले हुऐ पारेके साथ
मिलानेसे सलफोसाइनाइड आफ मर्करी बनता है इसीको
लेके पानीमें धोकर सुखालो. और छोटी गोटीकी तरह
बनाकर ऊपरसे रांगकी पन्नी लपेट दी। इसमें आग लगानेसे
साप निकलने लगेगा।
गुव्वारा-महीन कागजको कमलको पकडीको
तरह अलग अलग काटकर आटेको लेईसे जोडो।, परन्तु
इस तरहसे जोडना जिसमें ऊपरसे मुह मिला रहै और
नोचेकी तरफ खुला रहै। अब नीचेकी तरफ जो खुला मुंह
है उसे एक महीन बासटीके धेरैमें चिपका दो और बासटीमें
दो तार आडे करके बाध दो। , फूस वा बिचालोको जलाकर
उमके धू ए पर इस गुब्बारेको नीचे मुह करके हाथ से थाम
कर इतनाज चा रक्खो, जिसमें जल न जाय ।। थोड़ी देर में
'धूआं गुव्वारेमें भर जायगा। अब गुव्वारेके सुइके बीचमै
नहा, पर दोनों तार मिले है, दो तीन तोला कपूर एक टुकडे
कपडे में बाधक बाध, दो, बस गुब्बारा उडके ऊपर चला
जायगा। कपडेको कपूर वाधनेके २ घण्टे पहले ताडपोनके
तेलमें भिंगा रखना चाहिये और यह भी देख लेना चाहिये
कि गुबारके जोडमें कही छेद न रह गया होय।।
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"
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पेटेण्ट औषधि। १ हालवे पिल्स- -ज्यालाप २ ग्रेन, एलोज २ ग्रेन, जिञ्जर २ ग्रेन, मार २ ग्रेन। सबको मिलाकर गोली बना लो। प्रत्येक गोली ग्रेनकी होनी चाहिये। वास्तवमै यह दवा हाजमा है परन्तु इसके विज्ञापनमें यह सभी रोगीको महौषधि कहकर लिखी गई है, सत्य है जिसका पेट साफ रहता है उसे किसी तरहका रोग नहीं होता। 'हालवे अइण्टमेण्ट-यटर पाउण्ड, मोम ४ औंस राल १ श्रीस, मिनिगार आफ क्यान्याराइडिस १ श्रीन्स व्याल. सम क्यानाडा १ औस, व्यालसमपेरू १२ बूद , सबको मिला- कर मन्दी प्राचमै गलालो। यह मरहम अनेक प्रकारके घावोंको पाराम करती है। यह दोनो हालये साहबकी पेटेण्ट दवाइया है। सिरप हाइपो फासफेट आफ लाइम-हाईपो. फासफेट आफ लाइम ३८४ ग्रेन, गरमपानी ७ श्रीन्स साइ. ट्रिक एसिड १ ड्राम, सिरप वा चीनीका रस ८ ड्राम, कार- माइन (रङ्ग करने के लिये) यथा प्रयोजन। पहले गरम पानीको कारमाइनसे रङ्ग करके उसमें हाइपोफासफेट आफ लाइम और साइट्रिक एसिड मिलामो और शेपमें सिरप मिलानी। यह दवा खासी और दममें बहुत दोजाती है। यह प्यारिसके ग्रिमन्ट कम्पनीको पेटेए की हुई है। ।

१३२ रसायनसंग्रह। इमलशन आफ काड लिभर येल-काडलि. भर अयेल ४औन्स, पाउडर गम वागाक्यान्य ३० ग्रेन, साफ चीनी ४ ड्राम, अयेल उइण्टरग्रीन १५ बूंद, अयेल निरोली ३ 'द, गरम पानी ४ श्रोन्म। पहले गरम पानीमें दागा- क्यान्य और चीनीको गलाकर छानलो, फिर बाकी चीजें मिलाओ और जबतक दूधको तरह न होजाय तबतक हिलात क्लोरोडाइन-लोरोफारम, २ श्रीन्स, रेकटिफाइड- स्पिरिट २ श्रीन्स, गुड ४ श्रीन्स, एक्सट्रक आफ लिकारिस १५ औन्स, हाइड्रोलोरेट आफ मफिया ४० ग्रेन, सलफेट आफ- एट्रीपिया १ ग्रेन, येल पेपरमिण्ट ४ 'द, एसिड हाइड्रोसि- यानिक डिल २ शाम, झागाक्यान्य २० ग्रेन, डिष्टिल्ड वाटर १० औन्त। पहले मफिया, डागाक्यान्य और ,लिकारिसको एक साथ मिलाकर बोतलमें रखो, फिर स्पिरिट क्लोरोफारम पेपरमिण्ट, पानी और बाकी चीजें मिलाओ। इसकी मावा ५ से ३० वूद तक है। यह हैजा और अन्यान्य पेटके रोगों में बहत दीजाती है। बनवन-सफेद चौनी १ पाउण्ड, स्याण्टोनाइन यथा प्रयोजन, (यह प्रत्येक बनवनमें एक ग्रेन रहनी चाहिये। यह कृमिरोग वा केंचुएको बहुत ही अच्छी दवा है। फुडफारइनफााण्ट्स्-मयदा । औन्स, बार्ली औंस सोडा 'बार का ग्रेन, पानी औस। 'सबको मिलाकर ५ औंस गौके दूधमें मिलानी और मन्दी आंचमें पकालो। %3D ।

रसायनसग्रह।
१३३
7
।
.
फट सालट-सोडा बाइकार्ब ४। श्रीस, रोचिल
माल्ट १६ औस, टारटरिक एसिड ४ औस। सबको मिला.
कर अच्छी तरहसे पीसो और शीशी में भरके रख छोडो।
स्पिरिट क्याम्फर-कपूर और रेकटिफाइड
स्पिरिट टोनीको समान तोल कर मिलायो। पुसको मात्रा
५ से १० बूढतक है। यह अर्ककपूर डातर रूबिनी साहबका
पेटेण्ट किया हुआ है। होमियोप्याथिक मतसे यह हैजा,
डायरिया प्रभृति रोगोकी अदितीय औषधि है।
। बोरासिक एसिड मरहम-बोरासिक एसिड
१ औस, सादा मोम १ श्रीम, प्याराफिन २ गौस, बादामका
तेल २ औस। पहले मोम, बादामका तेल और प्याराफिनको
मन्दी पाच गलामो फिर बोरासिक एसिड मिलाओ।
टुथेक ड्राप्स् कपूर १ औम, क्लोरेड हाइड्रेट
औस। दोनों को मिलाकर खरनमें पीसो जब पानीको
तरह होजाय, तब शीशीमें भरके रख छोडो। यह दातके
बहुत अच्छी दवा है।
और कलेरामिक्श्चर-टिचर
'बाम्फर, और स्पिरिट आफ टरपेण्टाइन
પપ
7° बूट। सबको
4
बराबर।
-
4
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ބައްޕައިއި ޗެgޗެޗްޝީ ޝީޝާ ހޮޑުللސީންޓސް

रसायनिक शब्दकोष।
अर्थात्
इस पुस्तकमें लिखी अग्रेजी चीजों की व्याख्या।
-
अकज्यालिक एसिड (Oralic acid)---यह तेजाव अमरून
प्रमति बहुतसे हमें चूना, पोटाश वा सोडाके साथ
मिलकर नोनके रूपमें रहता है। इसके बनानेकी
रोति यह है :-सकर अथवा पालुसे निकाले हुए
खेतसारमै एक भाग सोरेका तेजाव और दो भाग पानी
मिलाकर गरम करो और गाढा करके दाना वाधली।
। फिर इसे खोलते हुए पानीमें गलाकर छान लेनेसे
विशद्ध अकज्यालिक एसिड बनता है। यह सफेद,
उज्वल, दानेदार, गन्धहीन और तेज खश होता है,
और पानीमें गल जाता है।
अक्साइड आफ आइरन (Oxide of iron)-लोहेके साथ
असजनका रसायनिक सयोग होनेसे यह बनता है। यह
। खानमें पैदा होता है , इसीके बडे टुकडोंको चुम्बक कहते
हैं। यह बनाया भी जाता है। के आइरन एक
प्रकारका लोडेका खनिज पदार्थ होता है, इसके साथ
चूना, मट्टी इत्यादि मिली रहती है, यह और कोयला
दोनोंको तले ऊपर चार पाच थाक सजाकर जलानेमे
इसका अङ्गारिकामा उड जाता है, और लोहा वायुस्थ
अन्नजनके
1
-
रत्र
25
प्राफ
1-
+

रसायनसग्रह। । . अक्साइड आफ इडरेनियम (Otude of uranium) साम्लजन इउरेनियम। यह एक प्रकारका, कुछ लालो लिये ब्राउन रंगका, खनिज पदार्थ होता है। जब जमकर स्वच्छ दानदार होजाता है तब इसमे धातुको तरह चमक दिखाई पड़ती है। अक्साइड श्राफ कोवाल्ट (Oride of cobalt)-साम्लजन कोवाल्ट। कोवाल्टके साथ अम्नजनकका रसायनिक सयोग होसेसे यह बनता है। कोबाल्ट एक प्रकारका कठिन धातु है। इसका रंग लाल होता है। यह और निकल दोनों एकही खानमें पैदा होते है। कोवाल्टके योगिक पदार्थों में मुख्य कोवाल्ट लोगइड है। साम्नजन कोवाल्टमे नमकका तेजाव मिलानेसे यह बनता है। पानी मिले कोवाल्ट क्लोराइडका रंग कुछ लाल होता है, परन्तु पागमे गरम करके पानी जला देनेसे रग नीला होजाता है। इसीको कोवाल्ट ब कहते है। यह नीला रंग करनेके काम आता है। अक्साइड आफ क्रोमियम (Oxide of chromium)-साम्ल- जन क्रोमियम। क्रोमियम एक प्रकारका धातु है। इसके यौगिक पदार्थ सव सुन्दर रंगके होते हे इमोसे इसका यह नाम पड़ा है। यह विशुद्ध अवस्थामें बहुत कम मिलता है, और प्राय अक्साइड आफ आइरनके साथ मिला हुआ खानमेंसे निकलता है। साम्लजन क्रोमियमको अङ्गारके साथ मिलाकर गरम करनेसे विशुद्ध क्रोमियम बनता है। इसका रंग सफेद कुछ पीलापन लिये होता है। अम्लजन और क्रोमियमके रसायनिक शब्दकोष। १३० -- रसायनिक सयोगसे और एक प्रकारका पदार्थ बनता है, जिसे तान्न क्रोमियम कहते है। इसका दाना लाल रंगका सूईकी तरह प्राय आध इसी लम्बा होता है। यह पानी में जल्दी गल जाता है, इसोको क्रोमिक एसिड कहते है। अन्यान्य धातुओके साथ इसका रसा- यनिक मयोग होनेसे जो नमककी तरह पदार्थ बनता है उसे कोमट कहते हैं। क्रोमेट सब लाल वा पोले रगक होते है। सिलभर क्रोमेट गाढे लाल रगका, और वैरियम क्रोमेट गाढे पीले रंगका होता है, इसीको अरेन क्रोम कहते है। पोटासिक कोमेटके साथ गन्धकका तेजाव मिला हुआ पानी मिलानेसे पीले रंगका दानेदार पदार्थ बनता है। इसीको वाइक्रोमेट आफ पोटाश वा क्रोम- इयालो कहते है। यह रग करनेके लिये काम आता है। अक्साइड आफ गोल्ड (Oxide of gold)-सोनेके साथ अम्लजनका रसायनिक सयोग होनेसे यह पदार्थ बनता है। अक्साइड आफ टिन (Oxide of tin)-साम्लजन राग। यह इसी रूपसे खानमें रहता है। इसे टिन टोनमी कहते हे। इसे अच्छी तरह पीसकर धोनेसे इसमें जो पत्थर वा बालू मिला रहता है, वह बहजाता है, फिर उसे अङ्गारके साथ मिलाकर तपानसे विशुद्ध राग वा टिन । बनता है। हमलोग जिस टिन कहते है वह यदार्थमें टिम नहीं है, लोडेके पत्रमें चब्बी लगाकर गले हुए। संगमें डुबाते हैं, यह राग लोहेपर ऐसा जम जाता है कि फिर नहीं छूटता।

रसायनसग्रह, . अक्साइड आफ बिससथ (Oride of bismuth)-साम्लजन बिसमथ। इसके बनानेकी रीति यह है .-सब नाइ- ट्रेट श्राफ विसमथ १ पाउण्ड, सोल्यूशन आफ सोडा ४, पाइट , एक साथ मिलाकर ५ मिनिट तक उबालो, जब ठण्डा होजाय और अक्साइड सब नीचे बैठ जाय तब ऊपरका पानी फैकदो, और भाफके पानीमे धोकर साफ करलो, ओर सुखालो। इस चूरैका रग कुछ पीला- पन लिये होता है, और तपानसे लाल होजाता है। विसमध एक प्रकारका धातु है, जो गन्धमाकी साथ मिल कर सगन्धक विसमथ (बिसमथ सलफाइड) के नाम से जमीनके भीतरसे निकलता है। इसे तपानेसे गन्धक जलकर शुद्ध बिसमथ रह जाता है। इमका रंग सफेद कुछ लाली लिये होता है। इसमें सोरवा तेजाव मिलानेसे सब नाइट्रेट आफ बिसमथ बनता है। अक्साइड आफ लेड (Oride of lend)-मुरदासङ्ग वा मुद्रा- सह। सौसके साथ अम्लजन मिलकर यह बनता है, और सानसे निकलताहै। इसे २४ घण्टे तक बरावर हवाम तपानसे बायुस्थ अम्लजन मिलकर लाल रंग होजाता है, इसीको रेडलेड शुक्साइड वा मटिया सेदुर कहते है। अक्साइड श्राफ मेगानौज ( Oxide of manganese) साम्लजन मेनानीज। मेनानीज एक प्रकारका धातु है, जो अन्सजनके साथ मिला हुआ खानमसे निकलता है। इसे अङ्गारके साथ मिलाकर तपानेसे विशुद्ध मङ्गानीज वनता है। यह कठिन, जलदी टूटनेवाला और लाली - -

रसायनिक शब्दकोय।
लिये हुए सफेद रंगका होताहै। इसके खनिज पदार्थाम
वाइनोक्साइड आफ मैनानीज वा हस्तमगानीज सबसे
प्रधान है, इसे सफेद काचमें मिलानसे बैगनी रग होता है।
अक्सालेट श्राफ सोडा (Oxlate of soda)-सोडाके पानी में
अकज्यालिक एसिड मिलानेसे जो पदार्थ नीचे बैठ जाता
है उसोको अक्सालेट आफ सोडा कहते हैं, अपरका
पानी फेंककर इसे सुखा रखते है।
अटोडी रोज (Otto de nose) गुलाबका अतर। इसे अयेल
आप रोज भी कहते है। यह चुनाकर निकाला जाता
.
अटो पाइमेण्ट ( Otto prmento)-~पाइमेण्टीका अतर वा
तेल। पाइमण्टो मटरको तरह एक प्रकारका फल
होता है। इसमें लौंग और गोलमिरचको तरह सुगन्धि
होती है। यह व्यामेका द्वीप में पेदा होता है।
अम्बर ( Amber )-यह एक प्रकारका गोद वा रानको
तरहका पदार्थ होता है, जो समुद्रके किनारमें बहुत
होता है। यह कभी कभी काट और कोयलेमेसे भी
निकलता है। (२) अम्बर ( Uubet )-क तरहको
मट्टी होती है। इसका रग ब्राउन होता है।
अरेन क्रोम (Orange chrome)-अक्माइड श्राफ
क्रोमियम देखो।
अन्न उइण्टरग्रौन ( Oil wintergreen )-उइण्टरवीन
- एक प्रकारका सुगन्धित वृक्ष होता है जो उरोप,
एशिया और अमेरिका उत्तर प्रदेशों में पैदा होता है
इसीके पत्तेको चुआकार पुसका तेल निकालते है।
।

१४० रसायनसंग्रह। 1 अयेल अरज (Oil orange)-यह तेल संगतरेके फूलसे चुाकर निकाला जाता है। अयेल आफ एग्स (Oil of eggs) यह तेल अण्डेमेसे निकलता है। अयेल आफ एनिधाई (Oil of anethi)-एनिधाई एक प्रकारका फल इगलण्ड और उरोपके दक्षिण प्रान्तमें होता है, यह देखने में जीरकी तरह और इसकी सुगन्धि सौफसे कुछ मिलती हुई होती है। इसीको चुआकर तेल निकालते हैं। इस देशका सोयेका बीज इसकी जगह काम आसकता है। प्रयेल आफ क्यारावे वा कारुई (Oil of earraway on carur)---यह तेल विलायती जीरेको चुआकर निकाला जाता है। अयेल आफ क्याजुपुट (Oil of caguput)-यह एक प्रकारका स्वच्छ हरे रंगका तेल होता है, जो मिलाल्यूका क्याजुपुटी नामक वृक्षके पत्तेको चुआकर निकाला जाता है। इसमें बड़ी इलायचीकोसो सुगन्धि होती है। नयेल आफ के शिया ( Oil of cassia)-यह तेल अमल- तासकी छालसे निकाला जाता है। अयेल आफ कोरियाण्डा ( Oil of colander)-धनियेका तेल। यह धनियेको पानीके साथ चुआकर निकाला जाता है। श्रयेल आफ लोभस (Oil of cloves) यह तेल लोगको पानीके साथ चुाकर निकाला जाता है। अयेल माफ जूनीपर ( Oil of Juniper) यह तेल जूनिपरस ।

रसायनिक शब्दकोष।
१४१
कमिउनिस नामक वृक्षक कच्चे पालको चुधाकर निकाला
जाता है। इसमें बडी सुगन्धि होती है। यह फल
इउरोपके उत्तर प्रदेशमें पैदा होता है। इसी फलसे
जिन नामक मदिग बनती है। इसी वृक्षके दूध
जूनियर नामक गोद बनती है।
अवेल निरोली ( Oil nuoli )-कमन्ना नीबू वा नरगौके
फूलको पानीके माथ चुधाकर यह तेल निकाला जाता
अयेल श्राफ पाइनाल ( Oil of punapple)~अनानास वा
अनारसका तेल।
अयल श्राफ पेपरमिण्ट ( Oil of peppermint )-यह तेल
मेन्या पेपरिटा नामक वृक्षके फूलको चुाकर निकाला
जाता है।
श्रयेल आफ बनाना (Oil of banana)-केलेका तेल।
प्रयेल बार्गमट ( Oil of bengamot)-बतावी नीबू वा
चकोनेके छिलकेका रस निकालकर वा उसे पानीके
साथ चुनाकर यह तेल निकाला जाता है।
अवेल आफ भरबीना (Oil of verbena)-भरबोना नामका
हक्षके पत्तेसे यह तेल निकाला जाता है।
प्रयेल श्राफ भिट्रियल (Oil of vitriol) गन्धकका तेजाब।
अयेन लिमन (Oil limon)-नीवूका तेरा। नीबूके छिलकेसे
निकालता है।
श्रयेल श्राफ लवेण्डर (Oil of lrrender ) ल्याण्डि उन्ना
बीग नामक वृक्षके फूलको पानी के साथ चुपाकर यह
तिल बनाया जाता है। यह इक्ष दक्षिण इउरोपसे पेटा
।

१४२
रसायनसंग्रह।
होता है। लपेण्डर पुष्प छोटा, जटे रगका, और सुगन्धि
युक्त होता है।
अयेल आफ रोज जिरेनियम (Oil of rose geranium)-
जिरेनियम नामक फूलको चुाकर यह सेल बनाया
जाता है। इसकी सुगन्धि गुलाबकी तरह होती है।
अयेल श्राफ रोजमेरी (Oil of rosemary)-रोजमेरी
नामक वृक्षको मनरीको पानीके साथ चाकर यह
तेल निकलता है। यह वृक्ष इउरोप और एशिया
माइनरमें पैदा होता है।
अयेल आफ ल्याल्या (Oil of ylang ylang)-ल्याल्यां एक
होता है। इसे चुमाकर यह तेल बनाया
जाता है
श्रयेल आफ सासाफरास (Oil of sassafras )-सासाफरास
नामक वृक्षको सूखी जडसे यह तेल निकाला जाता है।
यह अमेरिकामै पैदा होता है।
भयेल सिटरन (Oil citron ) नरगीके छिलकेको निचोड
कर वा पानीके साथ चुाकर यह तेल बनाया जाता
।
प्रकारका फूल
प्रयेल सिनेमन (Oil cinnamon )-दालचीनीका तेल ।
दालचीनीको चुाकर बनाया जाता है। यह सिहल
द्वीपसे आता है।
आइसिग्लास ( Isinglass )-एसिपेन्सार (ष्टरजन) जातीय
मत्स्यका वायुकोप। रूस राम्यके क्यासपियन झोलमें
यह मछलिया बहुत होती है। यह मारकीन और
वङ्गदेशमें भी बनाया जाता है। यह सफेद रगका, गन्ध

रसायनिक शब्दकोप।
१४३
।
--
और खाद रहित पतला टुकडा होता है और गरम
पानीमें गल जाता है।
पारजेण्टी लोराइड (Argenth chloride)-लोराइड
श्राफ सिलभर वा सहरितीन रौप्य। नाइट्रेट श्राफ
सिलभरको गलाकर उसमें थोडासा नमक वा नमकका
तेजाब मिलानेसे यह सफेद रगका चूरा नीचे बैठ जाता
है। फिर इसे छान कर सुखा लेते हैं।
पारमेनियन बोल (Armenian bole)-प्रारमेनिया देशीय
एक प्रकारको लाल मही।
पारसिनियस एसिड (Arsenious acid )-सखिया।
पारसेनिक एक प्रकारका धातु है जो लोहा, निकल
और कोवाल्टके साथ मिला हुआ खानमें रहता है।
इन सब खनिज पदार्थो को जलानेसे आरसेनिक धुआँ
होकर वायुस्थ अन्नजनके साथ मिल जाता है और यही
धुश्रा ठण्डा होने पर सफेद चूरेकी तरह होजाता है ।
इसीको सखिया कहते हैं। पारसैनिक वा हरताल
जन धातु गन्धकके साथ मिलानेसे हरताल पैदा होती
है। यह पीला रग करनेके काम आती है। इसी
तरह लाल हरताल वा रिलयालगार भी बनती है।
आरसेनिक ( Arsenic)-प्रारसिनियस एसिड देखो।
आयोडीन पोटाशियम ( Iodide potassium)-यह सफेद
रगका, दानदार, तेज नमकीन, गन्धहीन और पानीम
गलनेवाला पदार्थ होता है। यह गले हुए पोटाशम
आयोडीन चूर्ण मिलानेसे बनता है।
प्रायोडीन ( Iodine)-समुद्रके पानी और समुद्री गार्शम
।

रसायनसंग्रह।
यह पदार्थ रहता है। भालजी जातीय समुद्री वृक्षक
भरमको पानीमे गलाय आग पर उवालके गाढा करनेसे
कारूनेट आफ सोडियम, सलफेट आफ सोडियम, लो-
राइड आफ सोडियम और लोराइड श्राफ पोटाशियमके
दाने नीचे बैठ जायगे। यह सब नमक अलग निकाल
कर उस पानीमे गन्धकका तेजाब मिलानसे उसमेंका
कार्बोनिक एसिड और हाइड्रोजेन (उदजन ) वायु उड
जाता है, फिर इसमे परअक्साइड श्राफ मेगानोज
मिलाके भपम खीचनेसे ऊदे रगके धुएको तरह पायो-
डीन निकलकर दूसरे बरतनमें जमती है।
इण्डियानरेड ( Indian red )-एक प्रकारका लाल रग।
साधारण नमक ११ भाग, और हरे रगका कसीस २५
भाग दोनीको मिलाय खूब महीन पीस, पानीसे
धोके सुखा लेते है, फिर महीन पीस कर बुकनी
करलेते है।
इण्डिया रबड ( India tubber ) इसे सर्वसाधारमें रवड
कहते है। यह भारतीय महासागरके टापुत्रीके और
दक्षिण आमेरिकाको बहुतसे वृक्षोंके दूधसे बनता है।
दयालो श्रोकर (Yellow ochie)-पीली मट्टी।
उण्टरग्रोन (Wintergreen)-अयेल उण्टरग्रीन देखो।
एक्स्ट्राक्ट आफ लिकोराइस वा लिकरिस ( Extract of
liquolice )-मुलहटीका सत। मुलहटी वा मधुयष्टि
एक प्रकारके वृक्षको जड होती है। यह सुलतानको
तरफ बहुत होती है।
एक्सट्राक आफ सारसापेरिला (Extract of sarsa-parin)

रसायनिक शब्दकोष।
१४६
।
-सालसेका सत। सारसाप्रेरिला एक प्रकारके लताकी
सूखी हुई जड होती है। इसका रंग मटिया लाल
होताहै। इसकी जड ऊपरसे महीन महीन जोसे
ढकी रहती है। यह गन्धहीन और खादमें कुछ माल वा
कडवी होती है। यह अमेरिकामें पैदा होती है, और
ज्यामिकासे पाती है, इमोसे इसको च्यामेका सारसा-
पेरिला भी कहते है। इसका सत बनानेकी रीति यह
है:-ज्यामेका सारसापेरिला ४० औस, परिचित सुरा
२ पाइट, चौनी ५ औस, डिष्टिल्ड वाटर १२ पाइट।
सारसापेरिलाको सुरामें १० दिन तक भिगा रक्खो,
फिर दबाकर २० औंस परक निकालके इसे अलग
बरतनमें रखदो। अरक निकालकर जो बाकी रहे उसमें
पानी मिलाके १६ घण्टे तक भिगा रक्खो, फिर निचोडके
चीनी मिलाय गरम करके गाढा करलो। जब प्राय
१८ औस रह जाय, तब पडला २० औंस अरक
और थोडासा डिष्टिल्ड-वाटर मिला कर ४० औन्म
करलो।
एका फरटिस (Agra fortis)-२ पाउण्ड सोरा और १
पाउण्ड कोपरासको मिलाकर चुानेसे यह बनता है।
इसे साधारण एकाफरटिस कहते है। यह और भी कई
तरहका बनता है।
ण्क्कारीजिया (Aqua regna)~१६ औंस स्पिरिट श्राफ
नाइटर ओर ४ औंस साधारण नमक मिलाकर चुधानेसे
यह बनता है। सोरेका तेजाव और नमकका तेजाद
दोनो बरावर, अथवा सोरका तनाव, २ भाग और
-

१४६
रसायनसंग्रह।
नमक का तेजाव १ भाग मिलाय कर भी यह बनता
-
एकेशिया (Acacia)-यह एक प्रकारका वृक्ष होता है।
इममेंसे गोद निकलतो हे जिसे गमएराविक, गमएकोशिया
वा अरबीगोद कहते है। यह वृक्ष पूर्व अफ्रिका, उत्तमासा
अन्तरोप, वम्बई देश और निउहलेण्ड में पैदा होते हैं।
एनिधाई (Anethi)--श्रयेल आफ एनिधाई देखो।
एनेटो वा एनोटा ( Annatto or Annota )-अमेरिका
देशीय एक प्रकारके वृक्षके बोजसे यह पौला रग
बनाया जाता है। यह खानेकी चीजमें रग करनेके काम
पाता है।
एम्वर (Amber)-अम्मर देखो।
एमोनिया (Ammonia)-यह एक प्रकारका बाष्प हैं, जो
नाइट्रोजेन (यवक्षारजन) और हाइड्रोजेन ( उदजन) के
मिलनेसे बनता है। नमकका तेजाव और एमोनियाका
रसायनिक सयोग होनेसे सफेद रंगका नौसादर वा साल
एमोनियाक बनता है।
एमोनिया कार्य ( Ammonia carb )-एमोनियाके साथ
अङ्गार (कार्बन) का रसायनिक सयोग होनेसे यह
बनता है। इसे स्मेलिङ्ग साल्ट भी कहते है। इसके
सुघनेसे सिरका दर्द छूट जाता है।
एमोनिश्रो सल्फेट आफ कापर (Ammonia sulphate of
copper)--एमोनिया कार्व ओर तूतियेको एक सन
मिलानेसे उसमेंका, कावानिक एसिड उडकर जो घोर
नोबे रगका पदार्थ लेइको तरह रह जाता है उसे सुखा.
--
.
।

रसायनिक शब्दकोष। १४७ कर रख लेते है। इसोको एमोनियो सलफेट श्राफ कापर कहते है। एलकानेट रूट (Alkanet root) यह एक प्रकारके हलकी जड है, और लाल रंग करनेके काम आती है। एलकोहल (Alcohol) सुरासार, सुराबीर्य । एलिमाई ( Elemi) केनेरियम कमिउनी नामक वृक्षसे निकला हुआ गाढा रालयुक्त रस। यह कुछ कालमें जमकर कडा और पोले रगके दानेकी तरह होजाता है। यह एक प्रकारको गोंद है, म्यानिला देशसे पाती है। एनोज (Aloes)-मुसब्बर । यह एक प्रकारके वृक्षका जमा हुआ रस है। एसिटिक एसिड (Acetic acid )-सिरका वा सिरेकेका । तेजाव। एमिटिक ईथर ( Acetic ether )-इसके बनानेकी रीति -~C भाग एसिटेट आफ सोडा, ५ भाग सोधित सुरा, और १० भाग गन्धकका तेजाव मिलाकर चुालो। फिर सब मिलाकर जितना होय उसका प्राधा परिमाए लोराइड आफ क्यालसियम मिलाकर २४ घण्टेतक कार्क- युक्त बोतलमें भरके रख दो, फिर ढालकर साफ करलो। एसिटेट आफ कोवाल्ट (Acetate of cobalt)-सिरकेके तेजावमें कोवाल्ट मिलानेसे यह बनता है। एसिड हाइड्रोसियानिक डिल (Acid hydrocyanne dil)- पानीमें गला हुआ हाइड्रोसियानिक एसिड। फेरीसाइ. नाइड आफ पोटाशियम । पौन्स, गन्धमाका तेजाव १ - 1

--
रसायनसंग्रह।
centrated solution of silicate of soda) गाढा
पानीमें गला हुआ सिलिकेट आफ सोडा।
कार्ड सोप (Curd soap )-१३ पृष्ठा उइण्ठर सोप देखो।
करोसिभ सब्लिमेट ( Corrosive sublimate)-रसकपूर।
इसे मरक्यूरिक क्लोराइड भी कहते है।
कलोन स्पिरिट (Cologne sput)-पालोन देशीय
मदिरा।
कालोफोनी (Colophony) एक प्रकारको राल जो ताडपौनसे
निकलती है। ताडपीनको पानीके साथ चुपानसे उसका
तेल अलग होजाता है, और जो बाउन रगका पदार्थ
रालकी तरह रह जाता है, उसीको कलोफोनो
कहते है।
काडलिभर अयेल (Cod liver oil) मत्या नामक मच्छोक
लिभर (यात् ) से यह तेल निकाला जाता है। यह
मच्छी आटलाण्टिक महासागरमें बहुत होती है।
पुउरोपके नौरव और अमेरिकाके नीउफाउण्ड्ल्याण्ड
प्रदेशमे यह तेल बहुत बनाया जाता है।
काप्टर अयेल ( Castor oil )-अरण्ड वा रेंडीका तेल ।
काष्टाइल सोप ( Castile soap )-सोडा और जलपाएका
तेल मिलाकर यह साबुन बनता है, इसे हार्डसोप भी
कहते है।
काष्टिक (Caustic)-यह चादी और सोरेका तलाब मिलानेसे
बनता है। विशब चादी ३ श्रीन्स, सोरेका तेजोब २॥
श्रीन्स, डिष्टिल्ड वाटर ५ प्रीन्स , एक काचके घरतनमै
सोरेका तेजाब और पानी मिलाकर उसमें “चादी

रसायनिक शब्दकोष
-
मिलाश्री, और मन्दी पाचमें गलायो, जब गलजाये तब
ऊपरका स्वच्छ पदार्थ एक चोनी मट्टीके बरतनमें ढाल,
गाढा करके दाना बधनेके लिये रख दो। जब दाना
बंध जाय तब छानकर बिना गरमीके सुखा ली। इसको
नाइट्रेट आफ सिलभर कहते है। इसे चौनी मौके
बरतनमें रख पागके तावसे गलाय साचे में ढालके बत्तीसी
बना लेते है, इसोको काटिक कहते है।
काष्टिक सोडा (Caustic soda)-कार्बोनेट आफ सोडा २८
श्रोन्स, बुझा हुआ चूना (धोकर ) १२ श्रीन्स, डिष्टिल्ड
वाटर १ ग्यालन कार्योनेट वाफ सोडाको पानी में मिलाय
लोहेको कढाई में रख धाग पर चढाके गरम करो, जब
उबनने पर आवे तब थोडा थोडा चूना मिलाते जाओ
और १० मिनिट तक चलाते रहो। फिर उतारके ठण्डा
करलो और जपरका साफ पानी नितारके हरे रगको
काचकी बोतलमें भरके रख छोडो। इसको सोल्यूशन
श्राफ सोडा कहते हैं। इसी सोल्यूशन श्राफ मोडाको
घादी वा साफ लोहेके वरतनमें रख खूब तेज आच पर
जलदीसे उबाली, जब तेलकी तरह होजाय और उसकी
एक बूट काचके डण्डे पर डालनेसे ठण्डी होकर जम
जाय, तब साफ चादी वा लोहेके पत्र पर अथवा साचेमें
ढाल दी और जम जाने पर छोटे छोटे टुकडे करके हर
रगको बोतलमें भरके रस छोडी। इसोको काटिक
सोडा कहते है।
काटिका पोटाश ( Caustre potash ) यह ठीक काष्टिक
सोडाकी तरह बनाया जाता है, केवल कानिट वाफ

- १५२ रसायन संग्रह। सोडाकी जगह कार्बोनेट आफ पोटाशियम मिलाया जाता है। इसे हाइड्रेट आफ पोटाश भी कहते हैं। कार्व एमोनिया ( Carb ammonia)-एमोनिया कार्य देखो। । कार्बोनेट आफ म्यागनिशिया (Carbonate of magnesia)- यह गन्ध स्वाद रहित सफेद रंगका पदार्थ खडिया मट्टीकी तरह परन्तु उससे बहुत हलका होता है। यह इस तरह बनाया जाता है ,-सलफेट आफ म्याग- निशिया (यह नमक पहले एपसम नामक स्थानके झरनेके पानौसे बहुत निकाला जाता था इसीसे इसको एपसम- साल्ट भी कहते है, परन्तु अब किसी किसी स्थानको महोसे अन्यान्य नमकोके साथ मिला हुआ तथा समुद्रके पानीमसे भी निकलता है) १ पाउण्ड गरम पानीम गलाओ और दूसरे बरतनमें यवक्षार अर्थात् कार्बोनेट आफ पोटाश ५ पाउण्ड गरम पानी में गलाओ और दोनों बरतनका पानी कागजसे छानलो। फिर दोनीको एक साथ मिलाकर पाच पर थोडी देर तक उबाली और कपडेमे छानलो। कपडे पर जो कुछ रहेगा उसे खूब धोडालो और सुखालो। इसोको कार्बोनेट आफ म्यागनिशिया कहते है, और जो पानोरहेगा उसे सुखानेसे जो नमक मिलता है उसे सलफेट आफ पोटाश कहते है। सलफेट आफ म्यागनिशियाके साथ गन्धकका तेजाव मिला रहता है और कार्बोनेट श्राफ पोटाशके साथ कार्वोनिक एसिड मिला रहता है, इन दोनोको पानी में भिगानेसे गन्धकका तेजाब म्यागनिशियासे जुदा रसायनिक शब्दकोष। १५३ होकर पोटाशके साथ मिल जाता है और कार्यानिक एसिड पोटाशम जुटा होकर म्यागनिशिया माथ मिल जाता है। यदि शुद्ध म्यागनिशिया बनाया चाहो तो इसे एक घडियामें रख मुह बन्द करके प्रागमें जलाओ, इससे कार्यानिक एसिड उड जायगा और केवल स्याग- निशिया रह जायगा। इसे क्यालमाइण्ड म्यागनिशिया भी कहते है। कायोनेट श्राफ पोटाशको नगद कार्यो- नेट आफ सोडा मिलाकर भी कार्बोनेट श्राफ म्याग- निशिया बनाया जाता है। कार्बोनेट- आफ लाइम ( Chrbonate of lime)-खडिया मट्टी।- चूना ओर कार्यानिक एसिडका रसायनिक संयोग होनेसे यह पैदा होती है। सङ्गमवर भी एक प्रकारका कार्यानटाफ लाइम है। इन दोनोंको जलानेसे कावानिक एसिड उडकर शुद्द चूना रह जाता है। कार्बोनेट आफ कापर (Carbonate of copper)-यह बुलू रंगका दानेदार पदार्थ तानेके साथ अङ्गारका रसा- यनिक सयोग होनेसे बनता है तथा बहुत जगहसे मौके साथ भी निकालता है। यह रग करने के काम में पाता है। फिरोना भी एक प्रकारका कार्बोनेट आफ कापर है। कार्बोनेट आफ लेड (Carbonate of lead)-सफेदा। यह बङ्गल्याण्ड और स्कौटल्याण्ड प्रदेशको किसी किमी जमीनमैसे निकलता है और सब एमिटेट आफ लेडको गलाकर उसमें कार्बोनिक एसिड बायु मिलानसे बनता भी है।

॥ १५४ 'रसायनसग्रह। - - कानिट आफ सोडा ( Carbonate of soda)-भारतवर्ष, मिशर और उरोपके अनेक स्थानीको जमीनमेंसे तथा बहुतसी झीलोमसे यह नमक निकलता है। भारतसमुद्र, भूमध्यसागर और लोहितसागरके किनारके बहुतसे हक्षीको जलाकर भी यह बनाया जाता है। बिना साफ किये हुए कार्बोनेट आफ सोडाको सन्नौमट्टी कहते हैं; इसीको बारवार पानीसे धोकर साफ करनेसे कार्बोनेट आफ सोडा बनता है। यही बाजारमें साधारण सोडाके नामसे बिका करता है। सलफेट आफ सोडा (खारी नमक) को खडिया और अंगारके साथ मिलाकर जला- नेसे भी यह बनता है। कार्बोनेट आफ सोडाको बोतलम भरके उसमें कार्बोनिक एसिड वायु मिलानेसे बाई कार्बोनेट श्राफ सोडा बनता है। कार्वोनिक एसिड ( Carbonic nerd) अङ्गाराम्स । वायु किसौ किमी स्थानकी जमीनमेंसे बहुत निकलती है, तथा अनेक धातव भरनौके पानीके साथ मिली रहती है। अङ्गारके जलानेसे भी यह पैदा होती है और चूनेके साथ मिली हुई मार्वल और खडियाके रूपसे खानमें बहुत रहती है। खडिया पर गन्धकका तेजाब डालनेसे यह हवा बहुत पैदा होती है। कार्बोलिक एसिड ( Carbolic acid )-बिलायती कोयलेसे वने अलकतरेको चुआकर यह बनाई जाती है। पहले यह तेलकी तरह रहती है, फिर साफ करनेसे दानटार बन जाती है। यह पानी में कम गलती है और शराव ईथर और ग्लिसरिनमें सब गलजाती है। इसमें पागका 1 रसायनिक शब्दकोष। ताव देनेसे धुआ निकलता है, यह धुआ गन्धयुक्त तेज और कडुआ होता है। कारमाइन (Carmine)-एक प्रकारका लाल रंग। यह कोचनीलसे बनाया जाता है। कारमौल (Carmeal)-यह लाल रंग करनेके काम आता है। क्याण्डिक्यारट सोड (Candicarrot seed )-गाजरको तरह एक प्रकारको जड होती है उसीका बीज । क्यानाडा व्यालसम (Canada balsam)-पामेरिका । क्यानाडा प्रदेशमें पाइनास व्यालसामिया नामक वृक्ष होता है , उस पर अस्त्राघात करनेसे यह पीले रंगका शहतकी तरह पदार्थ निकलता है। यह कुछ कालमें नम जाता है। इसमें सुगन्धि बहुत होती है और स्वाद इसका कडुत्रा होता है। क्यामपीची (Campeachy)- यह एक प्रकारका काठ होता है, जो लाल रग वारनेके काम आता है। क्यालसाइन एसिटो नाइट्रेट श्राफ क्रोम ( Caleined aceto nitrate of chrome )-पिसा हुआ एसिटो नाइट्रेट । यह क्रोमियमको सोरेको तेजाबमें मिला- कर बनाया जाता है। इसका रग हरा होता है। क्रोमियमका हाल अक्साइड आफ क्रोमियममें देखो। क्यालसाइण्ड टार्टर (Caleuned tartar )-पिसा हुआ टार्टर। टाटर देखो। क्यालसाइण्ड, माष्टर (Caleaned plaster )-पिसा हुआ माष्टर। माष्टर देखो। क्रियोसोट (Cheosote )-यह बिना रगका, स्वच्छ, तरल J - - श्राफ कोम - रसायनसग्रह। . पदार्थ काठसे बने अन्नकतरको चुाकर निकाला जाता है। इसकी गन्ध तेज अलकतरेकी तरह और खाद कड़ा होता है। क्रीम आफ टार्टर (Cream ofstartar)-यह सफेद रगका दानेदार, गन्धहीन, खट्टा, पानीमें गलनेवाला पदार्थ अगूरी शराबके पीपेके भीतरसे बहुत निकलता है और भपकोंमें शराब खीचनेके समय अगरके रसमेंसे निकलकर दूमरे बरतनमें आपही जाकर जम जाता है। इसे पानीमें गलाकर अङ्गार और एल्यूमीना द्वारा साफ करके 'दाना बाध लेते है। इसे वाइटार्टरेट आफ पोटाथ भी कहीं है। आष्टालाइजड नाइट्रेट श्राफ सिलभर (Ciystalized nntrate of silver )-स्वच्छ दानेदार नाइट्रेट श्राफ सिलभर। काष्टिक देखो। केनेल सीड (Canella seed )-अमेरिका देशीय क्यानिला एलबा नामक वृक्षका बीना इसमें लोगकी तरह सुगन्धि होती है, और खाद इसका कड़ा होता है। केलोमिल (Calomel ) यह एक प्रकारको सफेद चिकनी, भारी, गन्ध और खादरहित, औपधि होती है, जो । रसकपूर और पारको मिलाकर बनाई जाती है। यह पानी वा-शराबमें नही गलती और पागका ताव देनेसे उड जाती है। कैरामेल (Caramel)-खूब कडी चासनी करनेसे जो चीनी लाल होकर जम जाती है उसे केरामेल कहते है। यह शराबमें रग करनेके लिये मिलाया जाता है। . ।

रसायनिक शब्दकोष। १५७ कोको बटर (Cacao batter)-थियोनीमा नामक वृक्ष फलके बीजमसे यह तेल निकलता है , यह गाढा, चर- बीकी तरह, पीले रगका और सुगन्धयुक्त होता है और हवामें खराब नहीं होता। इसे अयेल श्राफ थियोद्रोमा भी कहते हैं। कोचनील वा कोचनियल (Cochineal)-कमिदाना। यह एक प्रकारका कीडा होता है। इसे गरम पानीमें डुबा कर सुखा रखते हैं। यह लाल रंग करनेके काम आता है। कोप्याल (Copal)-एक प्रकारको चमकीली पीले रगकी गोंद। यह बानिश बनानेके काम आती है। कोपरास (Copperas)-हरा तूतिया, कसोस कोबाल्ट लोराइड ( Cobalt chloride )-अक्साइड आफ कोवाल्ट देखो। कोबाल्ट ( Cobalt blue)-अक्साइड श्राफ कोवाल्ट देखो। फोकस (Crocus)-केशर, नाफरान । मोम इयालो (Chrome yellow)-अक्साइड आफ क्रोमि यम देखो। क्रोमेट आफ पोटाश (Chromate of potash)--अक्साइड आफ क्रोमियम देखो। कोलकोथार ( Colecothar )-यह एक प्रकारका लाल रंग कसीसको लोहेके पत्र पर पौसके और उसे जलाकर बनाते हैं। यह कानिट आफ सोडा और कसीस मिलाकर भी बनता है।

- १५८ रसायनसंग्रह। 1 J - कोलटार न्यायथा (Coaltar naptha)-यह तेल कोयलेसे बने अलकतरको चुआकर निकाला जाता है। क्लोराइड आफ लाइम (Chloride of lime )-नमकके तेजाबमें खडिया वा सगमवर गलाकर उसमें थोडसा गीला चूना मिलानसे यह बनता है। फिर इसे छानके सुखाकर रख छोडते है। क्लोराइड श्राफ कोबाल्ट (Chloride of cobalt)-अक्साइड श्राफ कोवाल्ट देखो। लोराइड श्राफ सिलभर (Chlorido of silver)-आरजेण्टि लोराइड देखो। लोराइड आफ सोडियम (Chloride of sodium)-सामान्य लवण, नोन वा नमक। लोरिनेटेड लाइस (Chlorinated lime )-चूनेमें (जहा तक शोष सके ) क्लोरीन वायु मिलानेसे यह पदार्थ बनता है। लोरेल हाइड्रेट (Chloral Hydrate) एलकोहलमें लोरिन- वायु मिलानेसे क्लोराल बनता है। इसमें पहले गन्धकका तेजाव और फिर थोडासा चूना मिलाकर इसे साफ करते है फिर इसमें पानी मिलानसे यह गरम हो जाता है और गाढा होकर सफेद रगका दानेदार बन जाता है। इसीका नाम क्लोराल हाइड्रेट है। क्लोरेट आफ पोटाश (Chlorate of potash)-यह सफेद स्वच्छ, दानेदार, ठण्डा और नमकीन पदार्थ ठण्डे पानी में कम और गरम पानी में अधिक गलता है, इसे अधेरैमें घिसनेसे चमकीला दिखाई पड़ता है, और गन्धक वा A

रसायनिक शब्दकोष।'
फासफरसके साथ मिलाकर घिसनेसे पटाकेकी तरह
शब्द होता है , इसमें प्रागका ताव देनेसे अन्नजम वायु
निकल कर लोराइड आफ पोटाशियम रह जाता है,
इसके बनानेकी रीति यह है-२० औम्म कार्बोनेट माफ
पोटाश और ५३ औन्स गीला चुना थोडेसे भाफके पानीके
साथ मिलाकर एक करावेमें रक्खी, फिर बाक अक्-
साइड आफ म्याङ्गानीज ८० औन्म, नमकका तेजाब २४
पाइट, और पानोपाइट अलग मिलाओ, एस्से क्लोरीन
वायु पैदा होगी। इस वायुको नलद्वारा उस करावेमें
( मिलायो। जब लोरीन निकलना बन्द होजाय तब
उसे करावे से बाहर निकालके ७ पाट पानी मिलाय
२० मिनिट तक उवालो, फिर छानकर गाढा करलो
। और दाना बधनेके लिये ठण्डी जगहमें रखदो। जब
दानेदार होजाय तब उसे छान कर खोलते हुए
माफके पानीमें गलाकर फिर दाना बाधकर साफ
करलो।
लोरोफारम (Chloroform)-यह वर्णहीन, तरल, स्वच्छ,
पके फलको तरह मीठा परन्तु तेन गन्धयुक्त पदार्थ होता
है जो पानी में कम गलता है और सुराबीर्य, इथर और
। ताडपोनके तेल में सम्पूर्ण गल जाता है। इसमें डालनेसे
बहुतसी चीजें गल जाती है। इसमें हवा वा रोशनी
लगनेसे इसकी सब चीजे जुदी जुदी होजाती है, इस
लिये इसे शीशी में भरके ठण्डी जगह अथवा पानीके
भौतर रखते हैं। इसे थोडा सूघनेसे नशा होता है और
अधिक सूधनेसे मनुष्य बेहोश होजाता है। इसके बना
-
1

रसायनसंग्रह।
-
.
नेकी रीति बहुत विस्तृत होनेके कारण यहा पर नहीं
लिखी गई।
गटापरचा-(Guttapercha)-डाइकपसिस गटा नामक
हक्षका जमा हुआ रस ।
गम एनाइम (Gum anime)-अमेरिकादेशीय एक प्रकारके
वृक्षसे यह गोंद निकलती है। यह बानिश बनाने में
काम आती है।
गम एम्बर (Gum amber )-अम्बर देखो।
गम एमोनिकम (Gum ammonicum )-एक प्रकारक
वृक्षको गौद । यह वृक्ष पारश्य देश और पनावमें बहुत
होते है।
गम एलिमाई ( Gum elemr)-एलिमाई देखो।
गम एड्राग्याण्ट (Gum adragant)-एक प्रकारको गोंद ।
गम कोप्याल (Gum copal )-कीप्याल देखो।
गम ग्याम्बोज (Gam gamboge)-यह एक प्रकारके वृक्षको
गोंद होती है। इन वृक्षीकी ताजी डालें और पत्ते
तोडनेसे उज्ज्वल पीले रगका रस निकलता है। इस
रसको नारियलके खोल वा धांसके चौगमें भरके रख
छोडते है, जब सूख जाता है तब विकनेके लिये बाजारमें
पाता है। यह वृक्ष चीन, बर्मा, भारतवर्ष और सिहल
दीपमें पैदा होते है।
गम जूनिपर (Gum,juniper )-जूनिपरस नामक वृक्षसे
यह गोंद निकलती है।
गम यागाकान्य ( Gum tragacanth)-लिगिउमिनोसो
जातीय याष्टागलास वृक्षको गोद। यह रस वृक्षसे श्राप

रसायनिक शब्दकोप। ही निकलता है। इसका वृक्ष एशिया माइनर, ग्रामनिया और पारश्य देशमें बहुत होता है। , गम द्यामर ( Gum dammer )-एक प्रकारकी गोंद। गम फ्राज्ञिनसेंस (Gum frankincense')-अरब देशीय लोबान। गम वैज्ञामिन वा वैजोइन (Gum benzoin ) लोबान। वोर्णिी, सुमात्रा, जाबा और श्यामराज्यमें एक प्रकारका वृक्ष होता है, उसीका रस जमनेसे लोबान बनती है। जलानेसे इसमें बडी सुगन्धि होती है। 'गम म्याष्टिक (Gum mastick )-रूमी मुस्तकी। यह एक प्रकारके हक्षको गोंद है, जो रूम देशमें पैदा होते है। गम स्याण्डाराक (Gum sandarach)--यह एक प्रकारको राल होती है जो बार्निश बनानेके काम आती है। ग्याम्बोज (Gamboge)-गम ग्याम्बोज देखो। ग्लाम पेपर (Glass-paper )-बालूदार कागज १०३ पृष्ठा देखो। ग्लिसरिन (Glycerine)-यह वर्ण और गन्धविहीन, मीठा, स्वच्छ और तेलकी तरहका पदार्थ, स्थाई तेल और क्षार वा धातव धक्साइडको पानोके साथ उबालनेसे पापही अलग होकर पानीके साथ मिल जाता है। गूनग्रोज (Goose grease )-हसकी चरबी। चरटियर्स कापर (Chen ther's copper) यह चीज भातग- बाजी बनानेमें काम आती है। साधारण तूतिया और लोरेट आफ पोटाशको जहातक होसके थोडेसे पानी में अलग अलग गलामी, फिर दोनोंको मिलाकर मन्दा

रसायनसंग्रह।
और साफ पांचपर उवालो। जब सब पानी उड़ जाय
तब उसमें थोडासा एमोनियाका पानी मिलाओ, और
गरम जगह में रखकर सुखालो।
चाइनीज बु (Chinese blue)-यह नीला रंग नौलसे
बनाया जाता है।
चाकोलेट (Chocolate)-काकामी थिोत्रोमा नामका
एक प्रकारके वृक्षक बीजको पीसकर यह चीन वनती
है। (२) चाकोलेट एक प्रकारका रग कत्थई रंगकी
तरह होता है।
(Charcoal blue)-एक प्रकारका नीला रंग।
जबेरेण्डि (Jaborandi )-रूटेशी जातीय पाइलोकार्पस
पेनाटोफोलियस नामक वृक्षका सूखा हुआ पत्ता।
ज्यामेका जिल्चर (Jamaica ginger )-ज्यामका देशीय
चारकोल ब
सोठ।
च्यालाप (Jalap)-अमेरिका देशीय एक प्रकारको लताको
सूखी हुई जड। यह गुलाबासकी जडकी तरह होती है।
जिङ्क अक्साइड ( Zinc oxide)-यह जस्तेको फूककर
बनाया जाता है।
जिन हाइट (Zinc white ) जस्तेका सफेदा।
जिञ्जर (Ginger )-सीठ।
जेन्युइन ऐसफयालटम (Genuine asphaltum)-असल
ऐसफयालटम। एसफालटम देखो।
जिपसम (Gypsum) यह दानेदार, चमकीला, सफेद
चौनीकी तरहका पदार्थ एक प्रकारका चूना होता है।
इसे पीसनेसे झाटर आफ प्यारिस बनती है। इसे नमाकार
॥

रसायनिक शब्दकोप। - यत्वरकी तरह बनाते है जिसके पुतले इत्यादि बहु- तसी चीज बनाई जाती है। टरपेण्टाइन (Turpentine )-पाइन नामका देवदारकी तरह एक प्रकारका वृक्ष होता है उसीसे यह तेल और रालयुत्ता रस निकलता है। इसीको चुपानेमे ताड- पोनका तेल निकलता है और जो पदार्थ रालको तरह बाकी रह जाता है उसीको टरपेण्टाइन कहते है। टार प्रयेल (Tan oil)-अलकतरेका तेल। टार्टर (Tartar ) यह एक प्रकारका नमक शराबके पीपेमें जम जाता है। क्रीम आफ टार्टर देखो। टार्टरिक एसिड (Tartarue acid) द्राक्षाम्न । अगूर, इमली, इत्यादि फलोमैंसे यह खटाई और उसका क्षारयुत्ता नमक (क्रोम श्राफ टार्टर) निकलता है। अगूरके रसको नर शराब बनती है तब बहुतसा क्रोम आफ टार्टर और एसिड टार्टरेट आफ पोटाशियम नीचे बैठ जाता है। इसी एसिड टार्टरेट आफ पोटाशियममें खडिया, लोरा- इड ग्राफ लाइम और गन्धकका तेजाब मिलानेसे टार्टरिक एसिड बनता है। व्यानिन ( Tannin)-यह तेजाब माजूफलमें ईथर मिला- कर निकाला जाता है। माजूफलको पौसके ईथरमें मिलाय लेईकी तरह करके २४ घण्टे तक रख छोडते है। फिर कपडे में बाधक जोरमे दवाकर रस निकालने है ओर मन्दी,पाचका ताव देकर सुखा लेते है। इसे व्यानिक एसिड भी कहते है। यह माजूफलकै सिवाय प्रोक, कास्या, काइनो प्रभृति हमसे भी निकालता है।

१६४
रसायनसंग्रह।
टिचर ओपियम ( Tincture opium)-अफीमका अर्क।
१॥ श्रीन्स अफीमको १ पाएट सुराम १ सप्ताह तक भिगा
रखते है, फिर छान कर १ पाइट सुरा और मिलाते है।
टिचर क्याम्फर (Tincture camphor)-कपूरका अरिष्ट ।
अफीम ४० ग्रेन, बेंजोइक एसिड ४० ग्रेन, कपूर ३० ग्रेन,
सौंफका तेल ॥ ड्राम, परीक्षित सुरा १ पाइट । एक सप्ताह
तक ढके बरतनमें भिगा रक्खो, फिर छान लो और १
पाइटमें जितना कमती रहै उतनी परीक्षित सुरा और
मिला दी। इसमें प्रति ड्राममें ग्रेन अफीम रहती है।
इसे कम्पाउण्ड टिचर आफ क्याम्फर कहते हैं।
टिंड्सचर काइनो ( Tincture kino)-काइनो पलासकी
गोंदको कहते है। इसीका परक बनाया जाता है।
काइनोका चूरा २ औन्स, ग्लिसरिन ३ औन्म भाफका
पानी ५ औन्स, शोधित सुरा १२ औन्म। एक सप्ताह
तक ढके वरतनमें रख छोडो और बीच बीच में हिला
दिया करो। फिर छानकर और सुरा मिलाके एक
पाइट पूरा करलो।
टिचर केन्याराइडिस (Tincture canthandes) कन्या-
राइडिस एक प्रकारको मक्खी होती है इसका अरक
इस तरहसे बनाया जाता है। केन्याराइडिसीन्स,
परीक्षित सुरा १ पाइट। एक सप्ताह तक ढके बरतनमें
भिगा रक्खो, फिर निचोडके छान लो।
टिचर ग्रास ( Tincture grass)-बेना नामक घाससे
यह भरक बनाया जाता है।
टिचर प्राफ जिन्नर (Tincture of ginger )-सौंठका

.
रसायनिक शब्दकोष।
अरक। २ औन्स सोंठको 'एक पाइट शोधित सरा
मिलाकर यह परक बनाया जाता है।
टिचर मह ( Tincture myrrh)-गन्धवोलका परक ।
मई वा गन्धवील एक प्रकारके वृक्षको गौंद है, जो
अरब देशमें पैदा होती है। इसका परक इस रीतिम
बनाया जाता है। प्राधा औंस बोलको ८ औंस
पतले एलकोहलमें ७ दिन तक भिगा रक्खी फिर
छानलो।
टिहचर लिटमस (Tinoture itmus)-लिटमसका
परक । लिटमस एक प्रकारका बैगनी रग लिचेन जातीय
लिकानोरा नामक वृक्षक रससे बनता है। इसमें एसिड
मिलानेसे,लाल और चार मिलानेसे नीला रंग होता है।
डाइल्यूटेड एसिड (Diluted acid)-पतला एसिड। एसिडमें
पानी अथवा और कोई तरल पदार्थ अधिक मिलानेसे
उसे डाइलिउटेड कहते है, इससे एसिडको तेजी कम
होजाती है।
डाइल्यूटेड सोल्यूशन आफ नाइट्रेट आफ मर्करी (Dilated
solution of nitrate of mercury)-पारा चार औंस,
सोरेका तेजाब ५ औंस, भाफका पानी ॥ औस, सबको
मिलाकर मन्दी आचमें उबालनेसे नाइट्रेट आफ मर्करी
बनता है, इसमें अधिक पानी मिलानेसे यह सोल्यूशन
बनता है।
ड्रागन्स वड ( Dargon's blood) दक्षिण आमेरिकाक
वहुतसे वृक्षोंसे निकला हुअा लाल रंगका रस। यह रंग
करनेके काम आता है।
1
r

1: रसायन संग्रह।
M
डिष्टिल्ड वाटर ( Distilled water )-भाफका पानी।
यह साफ पानीको भफकेमें चुभानेसे बनता है।
डेक्सट्रीन ( Dextrin)-प्राय सभी चोंके बीजसे, भालू,
अरारोट इत्यादि कितनेही 'वृक्षोंकी जडसे, तथा जव,
गह , चावल इत्यादि अनाजसे एक प्रकारका सफेद, गन्ध ।
और स्वाद रहित पदार्थ निकलता है, जिसे टार्च वा
खेतसार कहते है। यह पानी वा सुराम नहीं गलता
परन्तु गरम पानी में गल जाता है और ठण्डा होने पर
गाढा होजाता है। इसी ष्टार्च वा खेतसारमें थोडासा
गन्धकका तेजाब मिला हुआ पानी मिलाकर पकानेसे जो
लेई बनती है उसको डेक्सट्रीन कहते है।
थाइम (Thyme)-एसेस आफ थाइम देखो।
नाइटर ( Nitre)-सोरा।
नाइट्रिक एसिड (Nitric acid )-सोरेका तेजाब । गन्धकके
तेजाबमें सोरा मिलाकर भफकैमें खीचनेसे यह तेजाब
बनता है।
नाइट्रेट आफ पोटाश ( Nitrate of potash )-सोरा।
नाइट्रेट आफ विसमथ ( Nitrate of bismuth)-अक्साइड
पाफ बिसमथ देखो।
नाइट्रेट आफ बेराइटा ( Nitrate of baryta)-कार्बोनेट
श्राफ वैरियमके साथ सोरेका रसायनिक सयोग होनेसे
यह बनता है। इसे जलानेसे हरी रोशनी होती है।
वेरियम एक प्रकारका स्वच्छ, सफेद रंगका दानेदार
पदार्य होता है जो खानमैसे निकलता है, इसे खूब महीन
पीसनेसे सफेदा बनता है जो रंग करनेके काम आता है।
.

रसायनिक शब्दकोष।
नाइट्रेट प्राफ लेड (Nitrate of lead)-पानी मिले सोरेक
तेजाबमें सुरदासङ्ग मिलाकर मन्दी आचमें गलाके छान
रखनेसे जो दानेदार पदार्थ नीचे बैठ जाता है उसीको
नाइट्रेट श्राफ लेड कहते है।
नाइट्रेटाफ नशिया (Nitrate of stronsia)-ट्रनशियम
एक प्रकारका सफेद, स्वच्छ और चमकीला खनिज
पदार्थ होता है। इसका सोरेके साथ रसायनिक संयोग
होनेसे नाइट्रेट आफ ट्रनशिया बनता है। इसे जलानेसे
लाल रोशनी होती है। लोराइड आफ ट्रनशियाको
स्पिरिट आफ पाइनमें गलाकर ल्याम्पमें जलानेसे लाल
रगकी लाट निकलती है।
नाइट्रेट आफ सिलभर ( Nitrate of silver )-काष्टिक
देखो।
नाइट्रेट आफ सोडा ( Nitrate of soda)यह सोरकी
तरह सफेद रंगका वा कुछ पीलापन लिये दानेदार
नमक होता है, जो अमेरिकाके चिली प्रदेशमें
नमीनमेंसे बहुत निकलता है, और सोरेको जगह काम
पाता है। यह पानी में बहुत जल्दी धुल जाता है।
नाइड्रोमिउरिटिक एसिड ( Nitro murratic aend )-एक
भाग सोरेका तेजाब और दो भाग नमकका तेजाब
मिलानेसे यह बनता है। इसे एकारीजिया भी कहते है।
न्यापधा (Naptha) यह साफ और जलनेवाला तेल
कोयलेसे बने अलकतरेको चुाकर निकाला जाता है।
नोटम् फुट अयेन (Neat's foot oil) यह तेल भैस, बैल
इत्यादि पशुओंके खुरको उबालकर निकाला जाता है।
है

१६८
रसायनसंग्रह।
पोटाश लाई (Potash lye)-पोटाशका क्षारयुक्त पानी।
पर अक्साइड श्राफ लेड ( Per oxide of lead)-अक्साइड
श्राफ लेड देखो।
पर्लऐश (Pearl ash)-पोटाशको पीसनेके समय जो
शुद्ध कार्बोनेट आफ पोटाश मिलता है उसीको पर्ल ऐश
कहते है।
पर्ल हाइट ( Pearl white)-यह सफेद रंग बिसमथ
नामक धातुको फूककर बनता है।
पाइन्याप्त ( Pinapple)-अनानास वा अनारस ।
पाउडर ( Porder )-चूरा।
पाउडर अरिस रूट (Powder orris roob )-पिसा हुआ
प्रोरिस रूट। एसेंस ओरिस रुट देखो।
पाउडर क्याटल फिशबीन ( Powder cuttlefish bone)-
कटल नामक मच्छोको पिसी हुई हड्डी।
पाउडर मार ( Powder myrrh)-पिसा हुआ मई वा
मार। टिचर मह देखो।
याउडर टार्च ( Powder starch)-पिसा हुआ ष्टार्च ।
डेक्सट्रीन देखो।
याम अयेल (Palm oil)-तालका तेल ।
प्यारिस ब्लाक (Paris black)-एक प्रकारका काला रंग।
म्याराफिन (Paraffin)--यह वर्णहीन, अईखच्छ, दानेदार,
गन्ध और स्वाद रहित, चिकना पदार्थ शेल (शिला
विशेष) को चुनाकर निकाला जाता है, इसका तेल
अलग करके जो कठिन पदार्थ रहता है उसीको साफ
करनेसे यह बनता है। यह ईथरमें गलता है और

fhina... रसायनिक शब्दकोष। जलानेसे अच्छी तरह जलता है। शल स्लेटकी तरहका पत्थर होता है, जो प्राय कोयलेको जमीनमैसे निक- लता है। झाष्टर आफ पेरिस (Plaster of paris)-जिपसम देखो। , पिड्रोलियम (Petroleum)-यह पौलापन लिये वा सफेद, खच्छ और उन्वल, तथा कोमल, तेलकी तरहका पदार्थ शिला विशेषसे चूकर निकलता है। इसे जलानेसे अच्छी तरह जलता है, और धुआ नही निकलता। यह पानी में नही गलता, परन्तु ईथर, लोरोफारम, वेंजोल प्रतिमें मब गल जाता है। यह तेल और क्षार मिलानेसे साबु- नकी तरह नहीं होता। इसे साफ्ट प्याराफिन और रोक अयेल ( rock oil ) भी कहते है। पौरोग्यालिक एसिड (Pyrogallic acid)-यह सफेद, टानेदार, गन्ध और स्वादरहित पदार्थ ग्यालिक वा व्यानिक एसिडको ४१० डिगरोकी गरमीमें तपाकर वनाया जाता है, इससे चमडा और बाल काला होजाता है। प्यूमाइस टोन ( Pumice stone)-यह एक प्रकारका कठिन, हलका, भामा पत्थर होता है, जो ज्वालामुखी पहाडोंसे बहुत निकलता है। प्रूफ स्पिरिट ( Proof spirit)-परीक्षित सुरा। वाइन वा शराबको भफकैम चुमानेसे शोधित सुरा वा रेकटिफाइड स्पिरिट बनती है। ५ भाग शोधित सुराम ३ भाग भाफका पानी मिलानेसे परीक्षित सुरा वा प्रूफ सिरिट

रसायनसंग्रह।
--
-
वृतती है। शोधित सुराको सूखे चूनेके साथ, चुमानेसे
एलकोहल बनता है।
पूशियान ब. ( Prussian blue )--एक प्रकारका ब. रग।
इसके बनानेकी रीति यह है।-२ भाग फिटकिरी
और १ भाग कसीसको थोडेसे पानीमें गलायो,, फिर
पोले शिवेट आफ पोटाशको पानीमें गलाकर उसमें
घोडासा गन्धकका तेजाव मिलाओ, और पहले अरकमें
मिलादो। जब रंग नीचे बैठ जाय तब उसे छानकर
धोलो, और सुरक्षा रक्खो।
यूशियेट आफ पोटाश ( Prussiate of potash )--यह
पीले रगका नमक, सीग, खुर और चमडे पादिसे
निकले हुए कार्बोनेट आफ पोटाशियमको लोहेके साथ
लोहहीके बरतनमें गलानेसे बनता है।
पेटेल श्राफ रोज ( Petal of rose )-गुलावको पकडी।
पेल सोडल्याक (Pale seedlac)-फीके रगका मोडल्याक ।
पोटाश (Potash )-यह क्षार बहुतसे वृक्षों में रहता है।
क्षारयुक्त बक्षीकी डाल और पत्तिओंको जलाकर जो
राख होती है, उसीको गरम पानी में मिलाते हैं, फिर
उम पानीको भागमें जला देनेसे जो पदार्थ रह जाता है
उसे कार्बोनेट आफ पोटाश कहते है। पोटाशके और
मव यौगिक पदार्थ इसी कार्बोनेट- आफ पोटाशसे
वनते है।
पोटाश कम्पोजिशन (Potash composition)-इसके
बनानकी रीति यह है -काष्टिक पोटाथ : ४५ औस,
सूखा नमक २४ औंस। दोनोंको २४० औस साफ पानी में
-

रसायनिक शब्दकोप।
गंलाकर फानेल कपडेसे 'छानली, और २४ घण्टेतक
लोहेकी कढाईमें रखके काममें लायी।
पोटाश कार्य (Potash can b) कार्बोनेट आफ पोटाश ।
पोटाश देखो।
पोटाश बाइटार्ट ( Potash bitart)-बाइटार्टरेट ऑफ
पोटाश। क्रोम आफ टार्टर देखो।
पोटाशियम (Potassium)-पोटाशका ख्याटिन शब्द।
पोटाश देखो।
फासफरस (Phosphorus)-नली हुई हडडीके साथ पानी
मिला गन्धकका तेजाब मिलानेसे सुपर फासफेट आफ
लाइम बनता है। इसी सुपर फासफेट आफ लाइमको
कार्वन वा अङ्गारके साथ चुमानेसे फासफरस बनता है।
यह मोमको तरह कोमल, वर्णहीन (पुराना होनेसे
लाले होजाता है), पियाजकी तरह गन्धयुक्त होता है,
और साचेमें ढालकर बत्तीकी तरह बना लिया जाता
है। इसे अधेरैमें रखनेसे दीयेकी तरह रोशनी होती
है, और इवामें रहनेसे बल उठता है। यह ११०
डिग्रीको गरमीमें गल जाता है। यह पानी में नहीं
गलता, परन्तु ईथर, तेला न्यापथा और गरम ताडपोनमें
गल जाता है। इसे हवाम जलानेसे फोसफरिक एसिड
बनता है।
फावर श्राफ सलफर (Flower of sulphur)-गन्धकका
फूल। यह गन्धकको पीसकर साफ गरम पानी होरा
'धोनेसे बनता है।
फिक्सड एलक्यालाइन साल्ट ( Fixed alkaline salt)-
-

रसायनसग्रह स्थाई चारी नमक । चार और अम्लके सयोगसे नमक बनता है। जिस नमकमें क्षारका भाग अधिक होता है उसे एलक्यालाइन साल्ट, जिसमें अम्नकाभाग अधिक रहता है उसे एसिड साल्ट, और जिसमें दोनो- बराबर होते है उसे निउमाल साल्ट कहते है। फिश प्राइसिंग्लास (Fish isunglass)-मच्छोसे बना आइसि- ग्लास । आइसिग्लास देखो। फ.इड एक्सट्राक आफ भ्यानिला (Fluid ertract of vanilla)-भ्यानिलाका तरल सत । एसेन्स श्राफ भ्यानिला देखो। फइड एक्सट्राक आफ सारसापेरिला ( Flund extract of saraparilla)-सालसेका तरल सत। एक्सट्टाक आफ सारसापेरिला देखो। फेरिक अक्साइड ( Feric oxide), अक्साइड आफ पाद- रन। इसका हाल अक्साइड आफ आइरनमें देखो। बटर (Butter )-मक्खन । बनाना (Banana)-केला।। बर्लिन ब. ( Berlin blue )--एक प्रकारका नीला रग। बाइक्रोमेट आफ पोटाश (Bichromate of potash)- अक्साइड ग्राफ क्रोमियम देखो। बाइटार्टरेट आफ पोटाश ( Bitantrate of potash)- क्रीम आफ टार्टर देखो। बाइनोक्साइड आफ मेगानीज (Binonude of manganese) -अक्साइड श्राफ मेंगानीज देखो। बाइ सलफाइड आफ कार्वन (Basulphide of car bon)- - । रसायनिक शब्दकोष। १७३] एक लोहे वा महीकी नलमें काठका कोयला भरके उसमें घोडासा गन्धक डालो, और उसे यहातक तपायो कि भीतरका कोयला लाल होजाय, गन्धका धुश्री होकर दूसरे बरतनमें (यह बरतन नल द्वारा इसी नलमें लगा रहता है) जाकर पानीकी तरह जम जायगा इसोको वाइसलफाइड आफ कार्वन कहते हैं। व्यालसम पेरू ( Balsam peru )-पेरूदेशीय ब्यालसम। यह गुडके शोरकी तरह होता है। क्यानाडा ब्यालसम देखो। व्यालसम कोपेभी ( Balsam coparvae or copaiba)-- कोपाइफेरा नामक वृक्षका तेल और गसयुमा रम । यह स्वच्छ, गाढा, कुछ पीले रगका, गन्धयुक्ता, जलनेवाला पदार्थ देखने में जलपाईके तेलकी तरह होता है। इसका वृक्ष ब्रेजिल देशमें होता है। च्यालसम क्यानाडा (Balsam canada)-क्यानाडा व्याल- सम देखो। ब्राउन भोकर (Brown ochre)-बाउन वाभूरे रंगको महो। ब्राउन सुगर ( Brown sugar )-शकर। वाक अक्साइड आफ कापर ( Black oxide of copper )- यह खनिज पदार्थ ताबेके साथ अम्बजनका रसायनिक सयोग होनेसे पैदा होता है। झाक असाइड आफ मेगानीज (Black oxide of mangar nese )-अक्साइड आफ मेगानीज देखो। वाक एण्टिमनि ( Black antimony)-सुरमा। विसमय ( Bis muth)-अपचाइड ग्राफ मिसमय देखो।

१७४ 'रसायनसंग्रह। . बेज़ीन (Benzine)--यह पदार्थ कोलटार न्यापथासे बनाया जाता है। इसे लगानेसे कपडे परका तेलका दाग छठ जाता है। बेजोडून ( Benzoin )-लोबान। गम वेंजोइन देखो। वैज़ोनिक वा वैजोइक एसिड ( Benzoic acid ) यह तेजाब लोबानसे बनाया जाता है। यह स्वच्छ दानेदार, खहा, गन्धहीन होता है। इसका रग मोतीकी तरह होता है। इसे आगमें जलानेसे पीले रगको लाट निकलती है। यह पानीमें थोडा गलता है, परन्तु सुरामें सम्पूर्ण गल जाता है। देरी सलफाइड (Berni sulphide)-सलफाइड आफ वेरि- यम। कार्बोनेट आफ बैराइटामें नमकका तेजाब मिला. नेसे क्लोराइड श्राफ बेरियम बनता है, इसे पानी में गलाकर उसमें गन्धकका तेजाब मिलानेसे यह सफेद रगका पदार्थ नीचे बैठ जाता है। नाइट्रेट वैराइटा देखो। ब्रेजिल उड (Braal wood)-एक प्रकारको लकडी जो लाल रंग करनेके काम आती है। बोराक्स ( Borax)-सुहागा। यह तिब्बत और ईरान देशमें झील के किनारसे बहुत निकलता है और वहीसे सब देशो में जाता है। यह इउरोपमें बोरासिक ऐसिडमें सोडा मिलाकर भी बनाया जाता है। बोरासिक एसिड (Boracic acid)-सुहागे पर गन्धकका तेजाव डालनेसे और स्वाभाविक 'दोरिक एसिडको शोध- नेसे यह हलका तेजाव बनता है। r

रसायमिक शब्दकोष।
१७५
पृष्ठा देखो।
ब्रोज गोल्ड (Bronze gold) -ब्रोज पाउडर ६८
नोज पाउडर (Bronze powder) J
भरडीग्रोस ( Verdigris)-जगार वा जगाल ।
रगका पदार्थ सिमें ताबा मिलानेसे बनता है और हरा
रग करनेके काम आता है।
भ्यानिला (Vanilla)-एसेस भ्यानिला देखो।
भिनिगर श्राफ क्यान्याराइडिस (Vinegar of cantharidis)--
क्यान्याराइडिसका सिर्का। यह क्यान्याराडिसको
सिरकेमे मिलानेसे बनता है। टिचर क्यान्याराइडिस
देखो।
भिनिश टरपेण्टाइन (Vinice turpentine )-भिनिश
देशीय टरपेण्टाइन। टरपेण्टाइन देखो।
भिनीशीयान रेड (Venician red )-एक प्रकारका लाल
म्याजेण्टर (Magenter) बुकनीका रंग।
म्यागनिशिया (Magnesia)-कार्बोनेट आफ स्यागनिशिया
देखो।
म्यागनिशिया काब (Magnesia carb)-कार्बोनेट श्राफ
म्यागनिशिया देखो।
म्यानिला कागज (Afanilla paper) यह कागज म्यानिला
देशसे आता है।
म्याष्टिक (Mastich) रूमी मुस्तकी।
मिउरिटिक एसिड (Murnatic acid)-नमकका तेजाव ।
एक पाउण्ड नमक एक बरतनमे रख आगपर चढ़ाके
लाल करो, जब ठण्डा होजाय तब भोगेको भट्टीमें रक्खो

1 रसायनसंग्रह। - - और आठ श्रीन्स गन्धकके तेजावमें छ' श्रीन्स पानी मिलाके उसो भट्टीमें मिलाओ और मन्दी श्रांच में टप कालो, जबतक सब सूखन जाय। इससे चूना अलग होकर जो अरक भफमें आवेगा उसीको नमकका तेजाव कहते हैं। नमक एक पदार्थ नहीं है, सोडे (चार) में नम: कका तंजाव मिला हुआ है। जब इसपर गन्धकका तेजाब डाला जाता है तब सोडा और गन्धक दोनो मिल- जाते हैं, नमकका तनाव तो भफमें चला जाता है और जो पदार्थ भट्टीमें रह जाता है उसे सलफेट आफ सोडा वा खारी नमक कहते हैं। नमकके तेजावको हाइड्रो. लोरिक एसिड भी कहते हैं, क्योकि इसमें नमकका हरितीन (लोरीन) वायु पानीके उदजन (हाइड्रोजन) वायुके साथ मिलकर भफकेमें आता है। मिथिलेटेड स्पिरिट ( Methylated spirit)-१०० भाग विशुद्ध एलकोइलमें १० भाग न्यापथा मिलानेसे यह बनती है। यह पीयो नहीं जाती। मेङ्गानीज ( Manganese)-अक्साइड आफ मेनानीज देखो। मेटालिक आरसेनिक (Metallic arsenic) विशुद्ध हरिताल- जन धातु । पारसिनियस एसिड देखो। मेटालिक कापर ( Metallhe copper)-विशुद्ध तावा। मेटालिक एण्टिमनि (Metallic antimony )-शुद्ध सुरमा धातु। मेरीन ग्लू ( Marine glue )-५० पृष्ठा देखो। मोजाइक गोल्ड् ( Mosale gold )-६८ पृष्ठा देखो।

रसायनिक शब्दकोप। १७७ रस, एसेन्स (Ram essence )- यह रम नामक मदिराको • चुधानसे बनती है। राम्पवेरी ( Raspberry)-रस मरी। रियालगार ( Realgu )-लाल हरताल | आरसिनियम एसिड देखो। रेकटिफाइड स्पिरिट(Rectified spuit)-प्रूफ म्पिरिट देखो। रोचिल साल्ट ( Rosel salt ~एसिड टार्टरेट श्राफ पोटाश और कार्बोनेट आफ सोडाको मिलाकर पानीक साथ उबालनेसे यह नमक बनता है। रोज पि (Rose pink)-गुलाबी रंग । रोदनटोन (Rottenstone)-यह एक प्रकारका कोमल पत्थर होता है। इसे पीसकर काच वा धातुपर पालिस की जाती है। लाइकर एमोनिया (Liquor ammona)-एक पाइट तेज एमोनियाके पानौम २ पाएट भाफका पानी मिलानेसे यह बनता है। १०० भाग पानीमें ३२॥ भाग एमो- नीया बायु मिलानेसे तेज एमोनीयाका पानी बनता है। इसे अगरेजीमें ष्ट्रात सोल्यूशन आफ एमोनिया कहते है। यह नौसादर और चूनेमे पानी मिलाकर भफर्कमें खीच- नेसे बनता है। लागउड (Logwood) यह लाल रगका काठ अमेरिकाके हिमेटक्साइलन् क्याम्पोचीयानम नामक वृक्षके भीतरसे निकलता है और रग करनेके काम आता है। ख्याक सनफर ( Lac sulphur)-गन्धकका दूध। इसके बनानेको रीति यह है -गन्धकका फूल (फावर श्राफ .

स
।
१७६
रसायन सग्रह।
सलफर ) ५ औंस, चूना ३ औस, एक पाईट भाफके
पानी मिलाकर १५ मिनिट तक उबालो, और अच्छी
तरह चलाते जाग्री, फिर छानकर उसमें पानी मिला
नमकका तेजाव मिलायो। जी पदार्थ नीचे बैठ जायगा
उसे छानकर भाफके पानीसे बार बार धोलो, जब तक
उसकी खटाई सब न निकल नाय। फिर १२० डिग्रीको
गरमी में सुखालो। इसीको ल्याक सलफर, प्रिसोपोटेटेड
सलफर वा मिल्क श्राफ सलफर कहते हैं। यह
चूरा कोमल और चिकना होता है, और रंग इसका
सफेदी लिये पीला होता है, तथा गुण सब गन्धकके
फूलकासा है।
लिथार्ज ( Latharge)-सुदामह, मुरदासग। अक्साइड
आफ लेड देखो।
लिमन श्रयेल(Limon oil)-नौबूका वेल। अयेल लिमन देखो
शोलस ग्रीन (Scheele's green)-एक प्रकारका हरा
रग। इसके बनानको रीति यह है :-१ भाग पिसा
हुआ सफेद सखिया और २ भाग पोटाशको २५ भाग
उबलते हुए पानीमैं गलायो, और छानलो, फिर गरम
रहते, २ भाग तूतिया उसमें मिलादो। जो पदार्थ नीचे
बैठ जाय उसे गरम पानीसे धोकर सुखालो।
ट्रनशिया ( Strontra)-नाइट्रेट आफष्ट्रनशिया देखो।
घाग लेड (Strong lead )-सोसा!
प्राङ्ग सोल्यूशन आफ लोराइड गाफ लाइम (Strong
solution of chloride of lime )-एक भाग लोराइड
श्राफ लाइममें ५ भाग पानी मिलानेसे सोल्यूशन आफ

रसायनिक शब्दकोष। १७८ क्लोराइड आफ लाइम बनता है, और लोराइडका भाग इससे अधिक रहनेसे उसे ट्रान (तेज) सोल्युशन कहते है। ट्राबेरी (Shawberry)-टिपारी, रसभरी। टोरान (Stearine ) यह कठिन पदार्थ भेडकी चरबीसे बहुत तथा पोर भी कई पशुओंकी घरवीमेंसे निकलता है। यह हवामें जलानेसे बहुत साफ जलता यह पदार्थ 1 टोराक्स लिकुइड (Storax liquid )-यह कोनिफेरी जातीय लिकुदडावर ओरियण्टालिस नामक वनका रस है। यह गाढा, देखनेमे शहतको तरह, और सुगन्ध युक्त होता है। इसके वृक्ष भूमध्यसागरके दोनों किना. रोम बहुत होते है। सनफावर अवेल (Sunflower oil) सूर्यमुखीका तेल स्पञ्ज (Sponge)-इसे सभी जानते है। पानीके भीतरके पहाड आदिमें बहुत लगा रहता है। यह पानी बहुत सोखता है। सब अक्साइड श्राफ कापर ( Suboxide of copper ) यह लाल रगका दानेदार ताबा. खानमेंसे निकलता है इसे रेड़ अक्माड घाफ कापर भी कहते हैं। सब सिटेट आफ कापर (Subacetate of copper )- जगाल। भरडिग्रीस टेखो। सलफाइड आफ एण्टिमनि (Sulpide of antimony)- गन्धकायित रसाचन वा सुरमा । यह इसी रूपमे खान- ममे निकन्नता है। यह वीनियो, मोलमेन, ईरान और - ।

रसायन संग्रह। म सलफेट आफ नि (Sulphate of aane)-सफेद तूतिया। ५ श्रोन्स गन्धकके तेजाबमें २ श्रीन्स पानी मिलायो, फिर उसमें ३ श्रोन्स जस्तेके टुकड़े डालो। जब उफान बन्द होजाय तब गरम बालूमें रखके थोडा गरम करो और निथरा हुभापानो कागजमें छान लो। इसी पानीको सुखानेसे सफेद तूतिया बनता है। सनफेट आफ सोडा (Sulphato of soda)-खारी नमक। मिउरिटिक एसिड देखो। सलफोसाइनाइड आफ पोटाशियम (Sulphocyanide of potassium) यह साइनाइड आफ पोटाशियमको गन्धकके तेजाबमें गलाकर सुखाके बनाया जाता है। सलफोसाइनाइड आफ मरकरी (Sulphocyande of mercury )-यह साइनाइड आफ मरकरी, गन्धकका तेजाब मिलानेसे बनता है। साइज (Size )--३ श्रीन्स गम एनाइमको पाउण्ड तीसौके तेलमें मिलाकर गरम करनेसे यह बनती है। साइट्रिक एसिड ( Citrue and )-नीबूका तेजाब। इसके वनानकी रीति यह है,-नौबूका रस ४ पाउण्ड, साफ खडिया ४॥ औन्स, गन्धकका तेनाव २॥ ौंस, भाफका पानौ यथा प्रयोजन ।। पहिले नौबूके रसको गरम करके खडिया मिलाश्री। इमसे उसकी चटाई खडियाके साथ मिलकर नीचे बैठ जायगी। इसे छानके अच्छी तरह धोकर १ पाइट पानी मिलायो, फिर ॥ पाइट भाफके पानोके साथ गन्धकका तेजाव मिलाकर उसमें क्रमसे मिलाश्री और प्राधे घण्टे तक GuTOr(रसायनिक शब्दकोष। १८३ उबालो तथा चलाते जाओ। इससे खडियाका चूना गन्धकके साथ मिलकर सलफेट श्राफ'लाइम बन जाता है और साइट्रिक एसिड अलग होजाता है। इसे छान- कर २४ घण्टे तक रहने दो। इसमें सलफेट आफ लाइमका दाना बध जायगा। इसे छानकर साइट्रिक एसिडके पानीको अलग करके गाढा करलो और ठण्डी जगहमें रख दो। साइनाइड आफ गोल्ड (Cyanide of gold )लोराइड आफ गोल्डके गाढे द्रवको साइनाइड श्राफ पोटा- शियमके गाढे ट्रवके साथ मिलानेसे यह बनता हे इसका रंग पीला होता है। साइनाइड श्राफ पोटाशियम (Cyanide of potassium ) -~~-शिएट भाफ पोटाशको जब तक धुत्रा निकलना बन्द न जाय, तब तक खूब कड़ी आचमें तपानेसे और गल जाने पर ऊपरका सरल अश फेक देनेसे जो नीचे बैठा हुआ सफेद रंगका पदार्थ रह जाता है उसीको साइना- इड आफ पोटामियम कहते हैं। साइनाइड श्राफ सिनभर (Cyande of silver)-पानी में गला हुआ नाइट्रेट पाफ सिलभरके साथ हाइड्रोसियानिक एमिड मिलानेसे यह बनता है। साइन्यूरेट याफ पोटाग(Cyanarate of potash)- साइनाइड माइनेट आफ पोटाश (Cyanate of potash)-- याफ पोटाशियस देखो। सारमापेरिलाः ( Sarsaparalls)-एक्सट्टाकट आफ सारसा पेरिला देखी।

१८४ रसायनसग्रह। - । साल्ट आफ टार्टर (Salt of tartar )-टार्टर देखो। साल्टपीटर (Saltpetre)-सोरा। सासाफरास (Sassafias)-अयेल आफ सासाफरास देखो। स्थानिश एनेटो (Spanish annatto)-स्पेन देशीय एनेटो। एनेटो देखो। स्पानिश हाइटिङ्ग (Spanish whiting )-पिसी तथा धोई हुई खडिया। स्पारम्यासिटि (Spermaciti)-यह चरबी तिमि नामक मछलीके सिरमेंसे निकलती है। यह बड़ी मछलिया भारत समुद्र तथा प्रशान्त महासागरमें बहुत होती हैं स्याण्टोनिन (Sartonin) यह सफेद, गन्धहीन, कुछ कडुआ पदार्थ स्याण्टोनिकामें चूना और नमकका तेजाब मिलाकर बनाया जाता है। स्याण्ट्रोनिका आरटि- मिसिया मेरिटोमा नामक बक्षकी सूखी हुई मञ्जरी होती है , यह तेज, सुगन्धयुक्त और कडवी होती है तथा खाद इसका कपूरकी तरह होता है। स्थायूरेटेड सोल्यूशन आफ अक्ज्यालिक एसिड (Saturated solution of oxaltc acid)-अज्यालिक एसिडका चूडान्त द्रव अर्थात् पानीम यहां तक मिला हुआ अक्- ज्यालिक एसिड जिससे अधिक और न घुल सके। स्थायूरेटेड सोल्यूशन आफ वोराक्स ( Saturated solution of borax)-सुहागेका चूडान्त द्रव अर्थात् यहा तक पानी में मिला हुआ सुहागा जिससे अधिक और उसमें न घुल सके। स्याण्डारक ( Sandarach)-गम स्याण्डारक देखो।

रसायनिक शब्दकोप। १८५ सिसोना वाक (Cincona bark)-यह एक प्रकारके वृक्षको छाल है। पेरू देशके पहाडाम यह वृक्ष पैदा होते है, जो छाल चम्पई रगकी होती है वही सबसे अच्छी है, यह दवाईमें बहुत काम आती है, इसकी पहचान यह है-लाल, सूखो और भारी होय, भीतरसे दाल- चीनीको तरह निकले, तोडनसे सीधी टूटे और टूटी जगह चिकनी रहे। मिडार (Cider )-यह मदिरा आपल नामक फलके रससे बनती है। मिनावार (Cinnabar ) सेदुर। मिम्पल सिरिट (Simple spunt ) माधारण सिरिट। मिलभर अक्साइड (Silver orude)-यह इस तरह बनाया जाता है -४ श्रीन्स भाफके पानीमें : श्रीन्स नाइट्रेट ग्राफ मिलभर गलाकर ३॥ पाइट चूनका पानी मिलाय एक वोतलमें भरके रख छोडो , जी पटार्थ नीचे बैठ जाय उसे छ आँस भाफके पानीसे धोकर २१२ डिगरीको गरमीमें सुखालो और काचको बोतलमें भरके रख छोडो। सिन्निकट आफ मोडा (Silicate of soda)-सोडाके साथ वालूका रसायनिक सयोग होनेसे यह बनता है। यह खानममे निकलता है। काच भी एक प्रकारका कृत्रिम मिलिकेट आफ मोडा है। स्पिरिट श्राफ अरेज फावर (Spirit of orange flower)- २३ पृष्ठा देखो। स्पिरिट आफ एमोनिया (Spirit of ammonia)-- यह नौसादरको चुया कर बनया जाता है।

१८८ रसायनसंग्रह। tate of eobalt)-पानी में गला हुआ एसिटेट ग्राफ कोवाल्ट। एसिटेट श्राफ कोवाल्ट देखो। मोल्यूशन आफ काष्टिक सोडा (Solution of caustic soda) ~पानीमें गला हुआ काष्टिक सोडा। काष्टिक सोडा देखो। सोल्यूशन आफ नाइट्दोमिउरिएट आफ कोवाल्ट (Solution of nitromunate of cobolt )-नाइट्रोसिउरिटिक एसिड में कोवाल्ट गलानेसे यह बनता है। सोल्यूशन आफ नाइट्रोसिउरिएट आफ गोल्ड (Solution of nitromuriate of gold)-नाइट्रोमिउरिटिक एसिड वा एक्कारोजियामें सोनेका वरक गलानेसे यह बनता है। सोल्यूशन आफ साइनाइड आफ पोटाशियम (Solution of eyanide of potassium)-साइनाइड श्राफ पोटाशि- यमको पानीमै गलानेसे यह बनता है। सोल्यूशन याफ साइट्रिक एसिड (Solution of entric acid) -~~-पानी में साइट्रिक एसिड मिलानेसे यह बनता है। सोल्यूशन आफ साइनाइड आफ सिलभर ( Solution of cyanide of silver )-पानीमें साइनाइड आफ सिल भर मिलानेमे यह बनता है। सोल्यूशन वाफ हाइड्रोफोरिक एसिड (Solution of hydrofluoric acid) यह तेजाब फोराइड आफ क्यालसियम और गन्धकका तेजाब मिलाकर तपानेसे निकलता है। इसके धुएसे बहुत बचना चाहिये क्योंकि यह शरीरमें लगनेसे छाला पड़ जाता है। यह सीसके बरतन में

रसायनिक शब्दकोष।
१८८
घनाया जाता है और इसे सोसेहीको बोतल में रखना
उचित है।
हाईड्रेट आफ पोटाशियम (Hydrate of patassium)-
काष्टिक पोटाश देखो।
हाइड्रो लोरिक एसिड (Hydrochlornc acid)-नमकका
तेजाब । मिउरिटिक एसिड देखो।
हाइड्रोफोरिक एसिड (Hydrofiuorne acid )--सोल्यूशन
आफ हाइड्रोफोरिक एसिड देखो।
इड्रोलोरेट आफ मफिया (Hydrochlorate of morphia)
-~-यह अफीममें नमकका तेजाब मिलानेसे बनता है।
हाइड्रोजन ग्यास (Hydrogen gas)-उदजन वायु। यह
वर्ण और गन्धविहीन एक प्रकारका वाप्प है, जो भाग वा
दीयेकी लाटमें लगानेसे जल उठता है और वायुस्थ
अक्सिजन (अम्लजन वायु) के साथ मिलकर पानी बन
जाता है , इसीसे इसको उदजन वा जल उत्पन्न करने
वाली वायु कहते हैं। यह हवासे १४ गुना हलका है,
इसी लिये व्योमयान (गुब्बारे में यह भरा जाता है।
हाइड्रो सलफेट आफ पोटाश(Hydiosulphate of potash)
-हाइड्रो सलफिउरिक एसिड एक प्रकारका वाप्प है
नो किसी प्रकारके गन्धको धातु (सलफेट श्राफ आइरन
वा कसोस, सलफेट श्राफ कापर वा तूतिया इत्यादि)में
पानी मिला गन्धकका तेजाब मिलानेसे निकलता है।
यह गन्धकयुक्त वृक्षोंसे तथा जीवीममें भी निकलता है
और पक्षिोंके सडे अण्डोमेंसे बहुत निकलता है। यह
ग्यास बहुतही जहरीला होता है, यहा तक कि यदि

१८० रसायनसग्रह। यह विशुद्ध अवस्थामें सासके साथ चला जाय तो तत्काल मृत्यु तक होजाती है। यह अन्यान्य धातुओके साथ भी मिल जाता है। इसोको पोटाशक साथ मिलानेसे हाइड्रो सलफेट आफ पोटाश बनता है। हाइपोफासफेट आफ लाइम (Hypophosphate of lime) -यह सफेद दानेदार नमक फासफरस और उससे दूने चूने में पानी मिलाकर उबालनेसे बनता है। हाइपोसलफेट आफ सोडा (Hyposulphite of soda)-- खारो नमकको पानीमे गलाके उसमें गन्धक मिलाकर कुछ दिन तक मन्दो आचमे तपानेसे यह स्वच्छ, दान- दार गन्धहीन नमक बनता है। इसका खाद ठण्डा और नमकीन होता है। हार्टस होर्न ( Hart's horn ) यह नौसादरको चुधाकर बनाया जाता है। इसे सोल्यूशन आफ एमोनिया वा सरिट आफ साल एमोनियाक भी कहते है। हाइट अक्साइड आफ टिन (White oxide of tin)- अक्साइड आफ टिन देखो। द्वाइट अक्साइड आफ पोटाशियम (White oxide of potassium)-इसे साधारणमें पोटाश कहते है। यह कार्बोनेट आफ पोटाशको चूना मिलाकर उबालनेसे बनता है। साइट आफ एग्म् (IVhite of eggs)-यह लसार पदार्थ अण्डोंकि भीतरसे निकलता है। द्वाइट कोपेरास (White copperas)-सफेद तूतिया । वाइट मिट्टोल (White vutrol)-सफेद तूतिया। स

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Rasayan Sangraha

Author
Barma,bishvambhar Nath
Title
Rasayan Sangraha
File name
Rasayan Sangraha
Text
OCR done
Citation
1883
Published
2011/01
Publisher
Cross Street Bara Bazar Calcutta
Language
Sanskrit
Pages
199
Library
Agarchand Bhairondan Sethiya Jain Parmarthik Sanstha, Bikaner
Classification
Literature
DLI number
546333
Barcode
4990010024818.00
Scanning centre
C-DAK, Kolkata
Digital publisher
Digital Library Of India
VMLT id
XApH2PsvME1
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Rasayan Sangraha