Agarchand Bhairondan Sethiya Jain Parmarthik Sanstha, Bikaner
Dahtumanjari
Front matter
घातु. गण. यर्थ. उदाहरण. मनुसन्ध. अष १ क १ अध अश अध १० विशेषण इ १ १ अनः गत्याक्षेपे (अथवा गतिनिन्दारभनवे भिंयतेमृगः भन्नानि (वा) अनने নিথুননী: अञ्चतिकृष्णम् १० व्यक्तायां वानि अञ्चयनि मष्टाको अश्यति गनिपूजनयो. সিনি(বা) সম্বল সিৰি उक आयाम अचति गनी (न)क्षेपे भननि १. मामि अजगनि प्रक्षणकान्तिगतिव्यनक्तिविद्यांसाधुः-अप उनि म्यनक्लिनाग. अनि पर्यटन अनिक्रमे भहते विनं यवनः अनादरे अहयनि अहः क पानी भटति ती अष्टने বাপৰ मोति नर उद्यम मरति पनाय भिषियोंगे पानि झानं मुनिः अट -- अह अट अठ अड १ १ १ अर धातु गण अध. খে, अनुपग्ध अण अण अत ६ ४ अन अन स अर अम्बा अभ अणति ४ माणने अपने यर मानत्यगमन मिति टोक हरि आत्मन् मात्मा न्धन भन्नति दुष्प गमा ૨ मसणे मिति (पाभदति १) मा दाएष्णः धने भन्नति दुरामा नाणने भन्यते शंशन भिक्षः माणने अनिति प्राण १० इक्षये अन्धयति अन्ध था-ध. शंद बने शिशु अंपतियोपितप्रिय. १ अम्मत अम्भ गती अप्रति अभ्रं { সিনসিনি अपगति २ गमी अम्बनि १ ली जयले-भगम् ११ भारामणि भरपति पारो स्थाय। १. ताने भयान अब ११ भरणे ट अम अम अम्म १.गेगे भय अगर ८ धातु. म. उमराह भनयन्ध हिंसायां (अया) मानि . १ अर्थ अर्म अन १. नायाँ গণন(কা গণনা কয় १ नायां मनने (नया) अनति १० नयने (त) म.अनंयति धनं उपाननं मारे भनति धनं उपार्जन अययन यानकोऽर्थ अर्थ- क त र अर्थ १ अनन १. पारने नि। अर्थः भई १ अई हिंसायां अईति (वा) अईते - यति अईने रक्षासहलागिनतुर्दशा १ रोडागतियाननेपदीत् मईति तीर्थ यनिःश- रद्घनं नाईति चानकोपि १० हिंसायां भयति (वा) अद्दयने १ हिंसापां गतो च अन्नति हिंसायां अर्वति १ योग्यत्वपूननयोः भर्हति १. पूजायां भहयति-अहणा कन अई अन अर्च अहं अर्ह क --- धातु. गण. मध. मगुरन्ध. म अर - अप अवधार ग अंबा. गातिवार अमति (वा, अने) के, पु शं माल्यन अनति कमाया हष्ण अनिनोर रामा १ पालने (न) प्री-अवनि णने १. अवज्ञायां भिवधीरयात ५ व्यामा (त) अनुने विश्व हरिः हना ९ मानने अनाति १. ममापते अंशयति द्रव्य भ्रातृवर्गः) कत अंश १ दीपिगनिग्रहेषु भपति वामदेवं परित्यज्य यो- १ दीप्न्यादानयो न्यवरामनि (वात्र (उपासने ११ उपतापे भगति ११ उपताले भम्यति ११ उपतापे अमृयति (पा)अमूयने अम्ति हरिः क्षपणे अस्यति सरंभः मते, ग ऊपर अप प अम ट ट अम् अम् अम् अस अम मद ल ४ न्यासः धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुयन्ध. कत १० ममायात १. भामे (यथांशः प्रथमागतः) अंहयनि अंहने अंम अह अह आछ आदोल आप ३ फत १० भने आप नम आम भायाम आउति नरणं वामनः १० भांदोलने भांदोलयति १ भने भापति भापयति धनं जनः व्याप्ती आमाति भुवनं विष्णुः १० गंगे भामयनि २ मोक्षमाशाप्त मुनिः भाग्नेगृह २ गता ति पषिकः आग अन्ययने दमीने नि: अपिटपमंगें माणे अध्यति गोवलं कृष्णः • শিক্ষাব্যবস্থার जाता पनि लो पति गनि २ पाने लहनि छ 1 EEEER १ तो नि 1 'मश्वर्ण ७ धातु. गण. भध. उदाहरण. भनुषन्ध. प दरम ट ट क इधे वन्हिरिंधनेन १ भगत भियते ११ रायां ईपनि (वा) ईयने ११ इर्यायां इरज्यति ११ ईर्यायां परस्पति १० प्रेरणे प्रिलयाने गती (न) क्षय इति पाय एदियीन ६ स इत्या एका ११ जिल्लाम शायति १ व्याप्ती इन्धी विध विष्णु गनी ६ पाया रिमसिमिरतिषि श ट य ६५ १५ प car ४ भाभिाज्ये प्यास्पर शिग अन पन तो कासि गरियामत (लाल) এসসনা? घमणिनीय निशाणं ल है २ ने धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. 14 ईन ज १ puch-.- comsirior १ इंगयां ईश्यात गती ३ १ गती दिनने मांचक गतो (तया) कुइनति (वा) इंनते त्सायां १० स्तवने ईडयति २ स्तुती ईटहरिविप्रः बन्धन इन्तति इ २ गतो कंपनेच दत्ते समीर. १. प्रेरणे क्षेपेच ईस्यति गनं यन्ता प्रेरणे ईरति १ इयर्थे पति माधुं पापी ईसा ऐश्वर्य ईप्टेराना ईशः ईश्वरः ए. ल ह श्वयं মান गनिदर्शनहिंमा- ईपते पांथः दाने १ विष्टायां ममीहते धर्माय माथुः श अवते अवि १ मेचने उसति रक्षा (उसन्) १ शोषणालमधयोः ओसनि हिमेन वृक्षः १ २ ईप उ ANAN १ १ N ह इ उक्ष उत्र धातु. गण. अर्थ उदाहरण. अनुबन्ध उन ३ य A गती ओपति उना १ गती उग्बति ममवाय उच्यति मंधुना वधु ओक उति धान्य निसामे (अथवा)उछति वर्जन बन्धन समाप नअतिक्रमे उनि वन सर्प १ उपर्शने आठति दने उनत्ति गंगामलेन गात्र घई पनि उदके उति त्वचसर्पः उनान ६ त्याग स उम उठ कार उ उम् उब्ज उभ आज বো (रमामयति कणाभिक्षु उन्नति कुना रुष्ण उभनि धनेनापिन वर्ण उभयं उभाने उभ उरी उरम् पूरणे उधमने ट धातु. गण, यर्थ. अनुबन्ध. कई क कड़ कह : १ कण्डू कति घनेन १० मिद ( तथा रक्षणकण्डयति ६ पदे ( तया) अदने कडति धनेन मर्वः १ संदे कण्डने धनेन मूर्खः १ तुपापकरणे कण्डने तंदुलं मी मार्कश्ये कतिपणा ११ गाविधपणे कण्डूयनि (वा) कण्डूयते पट गावं तो कणति काण कूण कणति का १० निमीलने तणयनि नेत्र झावाया कत्यते हरिकयां कवि कायति ন্যথা कपने हरिकयां कविः १० तास्यप्रवन्धे कथयति काव्यं कृषक: कथा कण १ क कण कण कत्य कत्र १० शिथिल्ये कथ ३ .. भाधानरोदनयो. दति दोसी (न) ग्रीनति दीप: नित्यो. ३ - धातु गण उदाहरण. धनृश्य १ नलने १-१०सानी कर्ष कर्ण आउप- जपने की निकर कान्ना कमत काम নিধন कम्पनि . माया पति . व्यपन शनि केशिनं कृष्ण कर्णयानि कर्ण प्रवण মাহদি १. शविगे कलयति यति त्यमाथि नानी मित राति बार निकी । माग पनि म १.ल्याने (महामने धन धनी कार १. पायान-गनीष यति . सिप रस्पति भयान प्रहार का फ १. विल्ये न to गण. अर्थ. उदाहरण. यनुयन्य. कर १ व कवनेकविःकाव्येन हरि र कवतचित्रकारः किशनि (वा) कशत कदा १ हिमायां काशः कदा. कप १ हिमायां कमति समूलकाशं कष्ट टं कप क १ गती ज ko कत कस कात कान काट काश काश कास कास १० हिमायां कशयति कटः टाटं कमति विकस्वरः २ गतिशामनयोः कम्न कसं हरिः १ कांक्षायां कांक्षति कांक्षा दीप्तिबध्ननयोः काञ्चते विभावमुः ३ १० कालोपदेशे कालयति दीप्ती কাহার Bह दीप्ती काश्यने यउड १ दोतो प्रकासते ह १ शब्दकत्सायां कासरोगी कासः(वा) क काशः ३ ज्ञान चिकेत लि र १ गती (त०) मय-टिति किट्टी लिर भीषयोः कि किट भई. उदाहरण. शित अनुपा धित ३ ६ रामा चिकित्मति रामिण प निकिरमा तान-निवासन निषि शिन्यकोडरयो.विति देह पन्दनन- किन्दत केलि । लिये कोट कीट १.धन (त) वर्ग,कोटयात बन्ध कालति कृष्ण माता की १ व हक च करते २ गई भातम्बरे कुवने दाशि शब्द १ भादाने विसकते रोषसपकाटिल्गा कोपनि तारशन्दे कोपनि कानी मंकाच मकोन ६ मंकोचे सकुचति धनी रामभ. ग चिन्तनेषु मकोचति चन्द्रावध- यात् धातु. अर्थ. उदाहगा. अनुबन्ध. कौटिल्यागीमाव-कृति पल-धनि उ योः मनो योगी १ नयकरणे कोनति नयनीनं कृष्णः- १ अव्यक्तरादे अति कुन (वा) नि- कुन उ 3 कुट कह क , कर इ वैकल्ये कुण्टति ६ काटिल्ये कुटनि बलः कोट. शशि १० प्रतापने छेदनेच कोटयने १ प्रतापने कुट्टति कुटयति (उदने (त०) कु-कुट्टयति कुट्टनी साया १. वृत्या पुरणे कुटुम्बयने । भालम्य प्रतिया-कुष्ठति कुण्ट । तर वाथ्य ( न०) अ-कुडति ज्ञानी ना शि दिने १. रक्षणे अमृतपरि-कुण्डयति मापवेष्टनेन. किवल्ये कुण्डति कुण्डं कुण्ड कृण्डी १ दाहे कुडते कुंटे कंमकारः कुंण्ही इस ना ठं ६ इ धातु. गण. भर्थ. उदाहरण अनुषध. १ মান ४ A । जामन्त्रंग कत कुण ६ शब्दोपकरणपो वणनि काक वृत्म १० अवसपणे उत्सगते कृत्स्यं साध कुप पनीभाने कुष्यति मृतक कुन्यति रावण राम ३ हिमामहशयो रावणारेण राम न पनि कुद्र १० भनृतभाषणे इन्द्रयति कन्य | मनेशन (न) कुन्भाति रोगी ग कुथ लिपि स्तुती ( अपवा) पति ( पा) कुंपयति १-१० रोप इप्यति ( अथवा ) कुय दर प्यतेोप १. भाषायें शुतो कोपयनि सदने कुम्मति तृणेन गृहं पुंचा इ १. छादने जयति १. आदने মিনি बुमार १. कीडायां कुमारयति गोकुले कृष्ण कुमार कि ४ धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. श ग दुमाल १० कली कुमालयति कत ६ शब्द कुरति चुकोर कुर्द १ क्रीडायां कुल १ बन्धुसंहतो कोलति लिपि कुश्यति कुश १-१०द्युती कुंशति (वा) कुंशयति ककि इ ९ निष्क रुष्णाति स्वणं स्वर्ण- कारः कोपः कुषम गुम्यति कन्दुकं विलासी पणे उस्यति कामिनी कान्तः य हर भाषा ( अथवा ) कुंसयति भासने विम्मारणे विस्मा: हयते फुहको मायया के तह पने विश्व राब्दे (तथा ) आ-कुवने काकः क स्विर भव्यक्तशब्दे(त. कमति पक्षी ट कइ कुह शशि १.भप्रमादि परितारेच दयते बल: १० वाहे कटपनि १० दामात्र रुटपति कत २१ धातु. गण. थर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. शशि यसने १०मको १०मकोने रति घासं तृप फूड कूणयते नेप रोगी कण कात नियन नेत्र रोगीनी] कतह कून कूण कृपयति फत १० दबल्ये क्रीडायो आवरण ५ हिंसाया क कृ . करणे पनले कुलति धर्म साधु फूलं कृणोति (वा) कृणुते, न म स्त यूगं करोति (वा) पुरुते दन सु स्टककारुका जयते धान्यं रिति रन्तति वृक्ष श रिति तरु केटकेन मान टाकार' कृत्ति. कृपते हरिभक्त पम हपयति कत करुपति Aar कृत वएने कृप दयायां १० सनिल्ये भवकहरने २ धातु गण. मथ. उदाहरण. यन्यन्त्र सामध्ये रूप -- कल्पते मोक्षाय हऊवल भ १० अवकल्कने कल्पयति कल्पना प कृव कृति कृश न कृप कृ १ विक्षेप ५ कृतिहिंसयो हणोनि जिघांसायां कृविणोति तनूकरणे कृश्यति देहं रोगः रुश या दर शा-शं १ आकर्षण रुपति औ ६ विलेखने कृपति (वा) कृपते क्षेत्र शन औ कृपकः किरति कुममं वायुः सं- कोपर्णः णा-णं ९ हिंसायां कृणाति कोण, णा णं ग न गि १० संशब्दने कोतिः १० आमन्त्रणे आव केनयति श्राद्धाय मुनि क त गचे गृही-केतनं गत्यां कंपनेच कपते भर गतो किलति केलि. कृ कृत कीर्तयति परगुणं साधुः केत केप केल १ १ 6 धानु. म. उदाहरण. मनुबन्ध. र फे की . १० प्रतिह ऋद १ ११ विस्यमे फिलायति विनासी कामात शिवने स्विते शब्द सायति हिंसायां कर्यात उपयति कम १० माया कापयति कम चन्दते भान्शनरोदनयो विन्दनि आन्ददश इ ग्रीन १. भाप्रत्यये आगामन्दगति शोर. दमानत्यरोदने गिदातोपे कमति ४ गदविक्षेप काम्गति (वा)माम्यते य उ वामनोमहीं शरद कसति दिन्यविनिमये कोणानि (वा) श्रीणीत ग म हु तिल योननः श्रीनः ता नं-क्रयः-ऋयरित्रयो १ विहारे कीरति १ शब्द उन्देच तनूयते नरः क्रम १ बम मी कीट ३० धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुसन्ध. । वर्न १ १ खर्द खब्ब खर्च खल खव खप खाद खिद खिद खिद १ वध ४ मानने (त)व्य खजति गात्रं खरः थायां Rহান सर्दति मूलो वालः गतो खप्रति वर्ष बा- बर्जति मूर्वः स्वर्वः वा- चलने संचयेन गलति खल: ९ मतप्रादुर्भावे खोनतिमनः खपति भक्षणे वादति विद्यते खेदः परिघाते विदति साधु दमी सेद श प औ खित्ते भिक्षुः १ शब्द खत्रते स्तयकरणे खोजति नवनीत कृष्णः उ खोडति खुण्डति संवरण वडति धनं धनिकः खो खण्डते १. वण्डने मण्डति (वा) मुण्डयति कि इ मरति धान्यं कृषकः वर पुरः ६ धड औ खू ह खड १ १ ३ १ खुड पुर-सुर उदादरण. अनुबन्ध निदने ब | बट के त मटनम ट विई १. क्षण १ उ म्वन - -- कीयो १० भक्षण विटयति माम आपट खट रा. उन्मामने नरनि कशी गोए आगे- टक बंद नियनि माती मेटति ग मेवने रिते गायति धननाशेन लोक १ र्य बननाहि गायनि मगो १ गयाघाते बोटति . सिप भरणेन गति प्रतिषाने मोइति खोडा-डाइ २. पे प्रदोउयति १गतिप्रतिघात नारति गनिप्रतिघाने बोलत प्रकपने म्यानि गुणेन लोक ज्याति. १ हमने गम्पति गमति गन. बार सोट जोर गोटयति शर ऋ कत १ मोर वोल 乐乐动 च्या गग्ध । शन्दे-मदेव पातु. मर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. गन गड गर गग गद गद क स म्वने गमति ३ मिचने ( डलयोरेक्यात ) गलति म निलं गाडः गाल: गडक १पनादेशे गण्डति गण्ड' ३ १. मंग्यान गणयति गणको ग्रहणम् का यकायांगानि गदति १० वशब्दे गदयति पन गद्गद्यति गन्धयते सुयो पसन्यो र १ गती शति গান तु आ गत्या गति गर्य पनि १. वाद अभिका गगति यः सायाम् गहन सिंह १. ताद भिका-गपति मिर ११ वाकाटने १० भर्दन गन्य गर गई क मध १. अभिकाशा पति मगं मिय शाति पनि ममः गयं गप्प अर्थ. उदाहरण अनुपम्प गर्न गई मह १०माने १. विनिम्दने गल निर्गयो मन गर्व कत यति विनिम्न महति करसने गहते पाप गहरी १. नाव गट यते भाने ( सनि गलनि मूलकं गलति मल १.आमन्त्रणे ग्राम यति १ स्मन गलते गाह १० अन्वेषण गवषयति हरिणं नर ग विपणा १. गहने गहयति गहन ना-नंग- प्राम गर गोष गाघ १ मरू २ नुता जन्मनि निगाति देवान् निगाति मुम्रयु' गती गाते प्रतिष्ठालिप्मयो गाधते धनं गाधिः गाध ग्रन्थ १ विलाउने गाहंत जलं वराह १ शब्द गवते विद्योत्सर्गे गुवति भने गोनति उ गाह गु ह 4b शशि औ थातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. गुज गुज गुठ ३ गुड যুগ ४ गुध गुध गुध गुप गुप गुप गुप ६ गुननि शशि अन्यक्ते शब्दे क्षति पक्षी गुना १० वष्टे शुण्ठयते रिक्षायां गुडति १. वेष्टने (त. गुण्डयति क इ रक्षणेचूर्णीकरणेच १० आमन्त्रणे गुणयति गुणः कत १ कीडायां गोदते शिशुः १ गोधने परिवेष्टने गुष्पति गुभाति १ गोपने गोपते पापं जुगुप्सा ४ व्याकुलत्वे गुप्यति लोकं कोपः रसणे गोपायति भुवं राजा १० भाषाय ( अथवा) गोपयति मासि ६ ग्रन्थे गुफति माल्यं मालाकार श ६ प्रथे मुंफति माल्यं मालाकारः श १ उद्यमे गारति माता बढुं हरि ६ उद्यमे गुरते धनाय वैश्यः शशि १ निकेतने-क्रीडायां गद्दते MOMRESS १ गुफ गुंफ गण. उदाहरण. भनुयन्ध. क ट गुल्म गवति रोगी गृह शशि य १. निकेतने क्रीडायां हयनि २ पाये गरमते দষণা गृहनि (वा) गृहते ६ पुरीपोत्समें हिमायांगनाच गयेने रिपुं परी १० भक्षणे उद्यमे गरयते मूलकं पान्धः १-१ निकेतने मीडायां गते (२) गदयति गरनि मेरो भूमि आन गर्मति १ शब्द गंजनि गृनन· ऐन क क गु १ मिनने गार १ बनी गृन गृज ३ गृथ उ गृह भभिकांक्षायां गृध्यमि गार्धप्यति गृध्र गृभः १० ग्रहण गृहयते गृहया कत निगरणे गिरति मूलक पपिक श नाण, णा, णं गणाति गुणसाधुः १० विज्ञापे विज्ञाने गरयते गतिनालयो पते गिवते गेव १ मिवने F धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्य. गेप में गोष्ट गोम ह अवछायां गिपने मुक्ति मुनिः कह १ दे गायनि १ मवाते गोष्टत धान्यं १. टपलेपने नामयति गोमयेन भूमि कत यस्वा १ काटिल्ये-संदर्भ प्रयते १ कोटिल्ये प्रयते चित्तं बलः ९ संदर्भ अय्नाति अन्य कवि ग ग्रंथति १० संदर्भ-बन्धनच ययति १ ग्रहणग्रासयोः ग्रसति १ अदने ग्रसते ग्रास भिक्षुः १. अदने-ग्रासे ग्रासयतिचन्द्रं राहुः क १-१०आदाने ग्रहति (वा) माहयति कि उ ९ उपादाने यहाति (वा) गृहीने ग उ धर्म धार्मिकः गृहीत १ संदर्भ प्रथ ग्रथ ग्रन्थ ग्रन्थ ग्रन्थ ग्रस ग्रस ग्रस ग्रह ग्रह क ड उ ता ता तं. ई गुर्व ग्रुच ग्लस ग्रह १ उद्यमने १ चौयें अदने १-१० भादाने गूर्वति फलायी फलाय योचति नवनीतं रुष्ण. ग्लसते पलहति (वा) ग्लयति | कि उ धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुपन्ध. ग्लूच ग्लुच १ M ग्लेप ग्लेव ग्लेप १ १ हपक्षय १ घाघ घट १ चौर्य लोचति नवनीतं कृष्ण उइर् गनौ सोनति १ तो टिश्चति १ देन्ये-गती-चाले लपले भिक्षु मेवने कपनेच लवत भन्विछायां अपने मुक्तिं मुनिः पल्टायति ग्लानिः १ हपक्षये लपयति हसने ग्धति चिटाया बिटते घटक घटः पम १० मंघातहिंसायावती घटयनि कुपितननं साधु १. भापार्थे-तो घण्टयति १ चलने बहते धन घट्टा १. चलने पहयति तरुं पक्षी दीप्तो पणोति (वा) घणुने १ गतो विचति १ गती पर्वति क्षरे विपते सनि रणे समते १ ग्रहणे विष्णते घट घट्टः घट्ट घण घम्ब पन्न घप घस घत घिण धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. वित धु घुट १ दे १ परिवर्तन ६ प्रतियाने ६ व्याघाते-रक्षे १ भ्रमणे ६ भ्रमणे वाटते प्रामी पुटनि गर्न घोटकः राशि स्टनि शशि युट घुण घुण ताणत तीर्थ मुनिः वृणति मिक्षाये भिसः श १ ग्रहण धुण धुर घुर-घर घुष घुप घुप घुप वण्णते ६ भीमातिशब्दे वरति भयेन शिशः घोर रा--धोरं ४ हिमाज्ञानयो पूर्यते यह १ वध घोपति १० वधे वोपयति १ शब्द माधुर्योपति गोविंद घोष १० शब्द घोषयति नीति जनेषु क इ र रामा घोपणा १ धूशे-कान्तिकर- पते णच १ भ्रमणे निद्रया पूर्णति क्षीयः पूर्णति भिक्षाय भिक्षुः घुप पूर्ण घूर्ण ६ घमणे गण. मयं. उदाहरण. अनुवन्ध. --- घू घृ १ मिनने १ महणे घृण घृण घृप घार प्रा उ ३ क्षरणदीप्त्योः निपत्ति मलं नियत्ति सइ र घृतं परति १. क्षरणदीप्पयोः प्रपरयति क मध्यकरणे परति दग्धं पयसा कृष्णले शृणोनि (वा) घृणुते द भ उ १ मध वर्षति काष्ट मूवं १ गतिचातुर्य धारत्यश्वः धोपादाने निप्रति पुष्पं भ्रमर. ध्वनी । दीप्तो प्रतिपात चकति (पा) पकते अम तृप्त्योः १ दीप्ती वकते विद्यया विप्र.पाक नवयति २ हप्ती चिकास्ति. २ व्यक्तायांचि भाचष्ट धर्मगुरुः चमोति १ गत्या चम्पति १० भिदे (त) पंप चाटयति नति चक १. व्यसने सकल चकास चक्ष घट घट ४० घात. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. चह १. कोपे चण चण चण चत चद चद to चण्डत चण्डे चण्डी चण्डयते कइ3 चणति १ हिंसागत्योः चणति मि चणति मणका म १ याचने चतते (वा) चतति चा- नउ तक: १ याचने चदते (वा) चदति १ आल्हादने दी- चन्दति-चन्द्रः-चचन्द- नाच चन्द्रोव लचारुचित्तौ वि- दर्भराजो मिलने मुरारेः १ हिंसायां-श्रद्धायांचाचनति म १ शब्द चनति १ सान्त्वने चपति शिप्यं १० कल्के पयति कम १० गत्यां चपति (वा) चपयति कि १ भदने चमति (वा) आचमति उ १ अदने आचामयति नलं पपिका उ साधुः ५ भिक्ष नम्नोति नउर १ गत्यां चम्बति चन चप 明明明明明明明明明 चप चम चम चम्ब धार. अपे. उदाहरण. मनुबन्ध. ती लयते गली (त.) अलरति १० क भिसंशय विनारयति धर्म पंडित विधारणा त्यां निति १-१० परिमापणतजन- नर्चते (वा) नयत यो. परिभाषणतर्ज चति नयोः १. भिध्ययने नञ्चयते पंदं शिः पा पर्च स म स १ नपनि नीति (वा) पर्नयति- चव भदने कि -- वन १ पने नलपति (वा) पालयनि म विरमने १० प्रत्या धे नलति भी नारी चलपति पनि चिनिया) पते पर १ घर १ क्षणे भ . .
ઇર गण. .अर्थ. তারে, अनुवाधा मह पह नि मान्य कः नि क निट १ रिकरने नहति तीर्थ सांकः १.परिकल्कने लहयति कपर्टी मानिशामनयोः बायपनि (का) चायन क्रम नम १ हंसायां খিনি १ नयन नयति (पा) अपने ५ लगने निनाति (वा) निनुन न म १. नयने नययति १ पासा नियति पटः पटरी मग लिटयति नितनि प्रतिनि निगत रामनरम শিলপি न चितगत मित्रीण नियति मित्रहार की नत्र त्रा--नियं नमन गंव निय (१.जितमायमानित राता निनि मृत्यं नित m किन .. मन्या - वा पित नित मनुवन्ध. अ. गण. क बीम चाय पीक १-१०भामपणे मांगे जति (पा) पीकया कि भावान मारणपोनीवनि (वा) वासे प्राम नीमने .मयाधानयोनीपति (वा) मायने र म १०मापा-दीमा पीपयति 'हमायोः मीयते भादान मरणयोभापति (वा) मायने १.यमन पक्ष्यति पुरय अभिपर यनि पाव व नति इ १० दिने भेदनेन नाटयति धान्यं नयति के शिशु अल्पीभारे मोरति द वली १ भरूपाभाव इटति १. भरपीमाये ( अनियति शोकेन देह वा) संहता १ स्पीभावे महति नुण्डयनि करणे परति हालकरणे नाति नटी मनि शाकं मिः श धातु. गण. अध. उदाहरण. अनुबन्ध. चुत वोतनि ३ क आसेचने १ निशान वृन्दति (वा) पुन्दते उदर इ. १० मंचादने नोदयति नोदना, १ मंदायां गतो चोपतिखलः तकसंयोगे नबति (वा) रयति इकि १.१०लये चोरति (या) चौरपति कि लारः नयंते चरण्यति १. निमचने समुच्छा नालयति गंगायां मुनि पिन नोलः चोला हारकरणे तष्ठान प्रियेण ना। चुणि ११चार्य ट क १० मंकाचे क नदम्पति সিৰি १.णि मानेन गति १ ने যিনি পাব: १ हिमागा (ति पपत १.१०मदीन तंति (1) चयनि শিপন क भनुपरभ भरी. भए बटन पनि वर kerai 4444 १ को বানি ज्योतनि वाषिः, अ १. राममानयोः १ भागने प्युत, घ्यात. त यामयति ध्यम ।। १.रानो महनेष अपवारणे अपवारणे दयनि पति पुत्रं घृतेन पि कारम इति (ना) छन्दगनि कि । यति . १० उर्जने १० मंचरण १.गनी १ अदने १.पमने ও কলা उम छ छिद इयत्य गेगी निति (पा)छिन्ते तृणं धमारी शिष्यः छेदः द्रयति कलशं मन ति : यति ११ विभेदे दे-संहतो १०दने-संहतो मवरणे ४ ३ धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. क छा स्पर्श पति श औ ६ दे (त०)लोपे हरति शशि १ मंदीपने १. मंदापने छर्दयानि तेमो ऽर्जुनम्य क कि ई हरि ७ देवनथतिवमने शत्ति (वा) मृन्ने उर १० मंदीपने उपयति १० विघकिरणे छादयति नरं नक्षा कत ४ विदने उयति धान्यं कृपाण ४ गती ट्यूयते १ दानगयो নিন २ मशहमनगो नक्षिति मदर ल समय সিননি नति महतो नति ३ नन ननन्ति वीन संलिमर निन-मनमा ४ लाभार मानादगे मायने १.जनन নিনাদ বিশ্ব শিল্প मानम निरन-1-मार দিব। ना मन m मट नटा 1.
धानु गण. अध. मनुबमा नम अभ मम मम नम नरम म पमने नमनि १ यमन निम्मति गानविनामे ममते ? শামাধনা भने गंभ १०मासने निभयनि राम अदने সিপি ] परिमापणन नति नयो परिमापणतर्ज ननि नयों परिभाषणार्ज नर्मनि नयोः परिभाषणामति नयोः १ परिभाषणतन्न-जासति योः (०) रसे १ अपारणे नलति १. अपवारणे नालयति रिमार्गादारमान नालं १व्यकायोपानि नापति रिसायां नपति (वा) अपते श मर्म श गल क म धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अमुक जप्त क ---- १०रक्षण .-- नागर्ति मुनिः ४ मोक्षणे नस्यति वासं गोपः १.हिंसायां (त. नासयति रिपुं राना (अनादरे निसयति १. ताडने नासयति (वा) नमति २ निद्राक्षये १ नये अभिमवेच नयति कृष्णः नयः १ अदन निमति ५ हिंसायां निरिणोति प्रीणने ५ निघांमायां जिविनोनि १ सेचने निपति १ पाणधारणे नीवति हरिकपया साधु जस जस् जागृ नि जिम निरि जिव जिवि निष जीव उ जिवति अव 44 नीव: ज जव. १ गती १ अंहासि १ त्यागे है धे इ मुड नवते नवति मुंगति नुहति जनः सूत्रेण व शशि वं, नोडः, नोडनं नुडति जुनोड श मुण्डयति मृत्यं रामा जुट १ तो १. मरण अनुपन्ध. समाहरणा. स. धातु. गण. १ गुन जप न ग ४ जर che गृ म १ मामने नोनने विषया नर. पर र पनी जननि 10पिपि नालमति १.१० परिरकण (मापनि (का) नोपयति दि समता ६पानिमपनगी नगन हरिभक्त नार्ण रिमायो नय्यत वृद्ध हान्या ध नाति १ माया नपनि (वा) अपने १त्यकार नानि मानविनाम नभने गापविनाम भने (न. ) नमति- इ. नमः-सभ भ नभण ४ योहानी जागति नाण--णा-अंग पम इस ९लयोहानी नणानि नरया मनः जी गण.--णा- १-१०याहानी निरनि (पा) गरयति नेपत प्रयत्न प्रा मायनि शुभ गगि - म क कि मेष १ सय -- ४ गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध नि ग गि ज्ञा ना कम क यम १ अभिभो जयति धर्म कलिः ९ ज्याने जिणाति ९ अवचाधने नानाति १० मारणतोपणनिशातपयति रिपुं राना - मने (न०) स्तुपयति मिनर अपय. বানিয়ান ন नि पाडित्य सभायां १० नियोजन ज्ञापगनि मृत्यं गना १० मारणने,पण निजपनि वामनपु स्तुतीन ९ नगया নিনাবি मत्या ज्यरत मामंन কানাৰ १ मामने ज्योतते नियमनादेशोवा-याने नानि गंग सत्यनार्गन पर दामा जति पनि गाला ग(या) जाल निमित्त र प्रा यति मन प्रति १ या यु न युत यो । पर जर अनुबन्ध. अध. उहादरण. गण. धानु. समनि श अदने म डान ६ परिभाषणतर्मनयो गीत श दा ६परिभापगनमनयो हाउनि १ परिभाषणतनयो मन शरीर M हामं ६ परिभाषणतर्गनयो मति म प्रह पिधाने-अपनि (वा) अपने सपति कापः र १ हिंसायां सानि मोरगति-गीण -णा-य मियांत-पि. १ लिंगाया ४ वहाना १० १ विजन गयां टक ति सरे टिप पनि न गाने टीक सक १ गया गग्यो धातु. गण. भयं. उदाहरण. अनुबन्ध. न १ विहले १० संहता १. संहती १०प क्षप उप उप इव डिप डिप डिप he ho १ श शि डिप हलनि उपयते क पियंत त्रियनि डिप्यनि यर डिपति पार डिश्यति क डिपयने ह डिंपयन रिचयति डिमयते डीयते पक्षी य इयत गगने हंसः, पडी- नं, संडीनं, उड्डानं क ३ क. ड सिप महती १०महता १० सप १० मियाने ४ जाता १ विहायसागतो डिप डिव ਵਿਮ M डी १० अदने १०मयात १ गते ईवयनि हुंभयते डुब इभ গাষ जख णव पट(इ ति)नट १ गती १ नृत्ये নান निवति नपति प्रयागान् काशी नाटयति इ म यर्थ. उदाहरण. मनुबन्ध. ट पद पद क णभ णम णम नम(वा) नम णय १ नृत्ये (त.) हिं-पति मायां लिटीती नद 10jमापNि (वा.)नादयति भासाथै ९ हिंसायां निनाति ग १हिमायो नमते नाभिः ४ हिंसाया निम्यति १ शब्द नमनि, प्रणमति गुर शिः या प्रणाम १ रक्षणे (म.) गती नयने इति नई) ध-गन्ध म नलति ४ भदर्शन नदयनि काम नारा. १ टिल्ग नप्रति (पा) नाते Kनिनाथ) (इसिनाध) १ दे সামন नामा ३ नति (स) ननिरो म-निरमओ रन पर निर्णजन " जल ना निसने बल णह णाथ णाध णास M धातु. गण. अर्थ. दहाहरण. अनुवन्य. च ई णिन २ शुद्धा अगिक्तं जलेन गावं लइड णिद १ कृत्मायां (त.)नदति (वा) नदने पापि- ऋ मन्निधी नं साधुः निद्यते णिद १ कुन्सने निन्दनि इति निद इ णिल ६ गहने निन्छति णिव निवति इ णिश १ समाधी नेशतिमुनिः নিয়া णिप निपति णिस २ चुचने निस्ने हरिमुख नन्दः णी १ पापणे लणं मथुरां नयने (वा) अ नयत्यऋरः नयः नायः नीति नायकः णील । इतिनील) जीव इनिनीव) शु २ नुता नाति ६ प्रेरण नुदानि (वा) नुदले पर-राज आ नाय पुत्रं पिता अ.) स्तवन नुवति हरि मुनिः श शि शु- १ कुत्मायां (त.) नंदनि (वा) नेदने ने गिद मान्निधी पद- धामु. गण. अर्थ उदाहरण. अनुयन्ध. -- । प तक तक m ऊ तक्ष तग नन तंच तंग मद उ उ -- नेपने १ महनहासयो तकति १ गती सकते १ कच्चा मायने तकति । মনুষ্য নননি নৃ লম্বা १ गतिपस्सलनपु नमान तनक्ति १ गती ननति तनक्ति उड़ाये नटाने १० भाहतो नटयनि १.आपात ( त. नाडयति तान ताम्रकार लिपि १ ताईने तररिपु संतम्यनि रूपाणे तन्दते गुरे नरः ३ ८ বিলা सनाति (ला) तनुते तन्मदन उ. तन्तुमाय बिमान. १.१० श्रद्धोपनापयोः तननि (पा) तानयनिता कि उ Kथा) उपहला नियनन. वितान धापतिसम्देष गति क सड ३ नंतम् bor ट - तन पनि धातु. गण. मयं. उदाहरण. अनुबन्ध तप तप तंत्र तम १ संताप तपति तापः आ ४ ऐश्वर्य तप्यने सेनया राना १.१०दाहे तपने (वा) तापयते तंवति ४ ग्लानी (त० )ताम्यति दुराचारेण विप्रः यम इर उ इच्छायां १ गतिरक्षयो तयते तरण्यति १० कुटुंबमरणे नन्नयतकुनन्त्रेणकुमतिः क इ १० मापाथें दीतितक तकयति योश्च तर्नति तं ततनानिलात्मनी नग्नयते १ हिंसायां तर्दनि এবং Ho तय तरण तत्र तर्क ११ गती ट क तर्न १०तर्नने तन १ गती तन्त्रीत तल १-१० प्रतिष्ठायां तम ४ उक्षेपणे निलति (वा) तालयति दे। कि वालये राना तलः तालुः तस्यति मल्लो मद्धं वि. य उ हर तस्तिः नसनि (41) सपति उ-किइ तंसः अवनंसः तम १-१० अलंकारे धानु. गण. भर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. तम् ४ उपमये तस्यति १ मनाने पालने बतायते धर्म सापुः तिक,ती १गता निकते ताय तिक तिग न न ५ नियांसायां तिकोनि ५ निघासाया (त.तिमाति कन्दनन निमोनि निशाने क्षमाया च तितिक्षते खल साधु. तिजयति शूलं महः বিশ্ব तिन ६ वानने तिम १. निशाने त तिप तिम तिल तिल १ क्षरणे (त.) १ भाद्रभावे य शुति तपते मल घटात् तिम्यनि तैलेन देह तिलतिटन मात्र तिल तिलयात तेलेन देह १० स्नेहने - गतो नियति तिल (ना तिल বি ११ भनी ट तिरम्यति कुटिले वासना मना तीपते गतो म the 7 धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. य त तीम तीर तीव तु ल क M तुन तुन तुन तुन mo क ४ आईभाव तीम्यति नलेन देहः १० ममाता नारयति तीरं १ म्याल्ये नीवति २ गनिवृध्रिवृत्तिहिमानौति पृर्तपु १हिमायां नोनति तृतीन १० भापायें तुनयति ३ १० हिमायां तुंनयति क १. हिमावलादान तानयानि निकेतनेषु १ हिंसाबलेवेष्ट- तुंनति तुंगः तुंगी ३ नप्राणनेषु ६ कलहकमणि तुटनि खलः पित्रा मह १ तोड़ने तोडति जराम भीमः ऋ ६ तोडने तुइति बन्धनं हस्ती श शि नोइन १ ताहन(न.)ये हंडन तृणं तुण्डं | १ भनादी ६ काटिश्य तृगति बन्द स्तृता तत्ययति (स. श शि नृट तुद्र तुड ५ निति ना नुण नृत्य श क त " 4 अनुबन्ध. उदाहरण. भर्थ. पाव गत. ६ व्यपने तुदति (वा) तृदने विधु शमी तदो विधं तोत्र तुन्दति मुखाय तुन्द इ १ नेष्टायां •- - प तुंप कि १ वधे नोपनि तरपनि हिमायां ६ हिमाया (त. पति शिशि तानि हिंसाया फनि ६ हिमाया फति फिनि मोनने विप्र. 12-१० भर्दने अदर्शने तृपनि (पा) नूरपनि- ची हिमाया तोमन हिमायों সুমন ९ हिसाय त्वरण तोति मुन्धो, पनाया नि रितं, मग तरंग, नाग तुरण ११वराया पुरण्यात ग सम मानि धातु. गणं. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. can तुर्व तुल तुल क ho तुप १ अर्दने तुह तूड तूण तृण त १ हिंसायां नुवति १. पूरणे तोलयते १-१० उन्माने तोलति (वा) तोलयनि कि कांचनं जनः तुला ४ तुष्टी तुप्यति तुष्टः, टा, टयल आनि तुष्टि तोमति तोहति १ अनादरे, तोडनेच तूडत्ति १० संकोचे तूणयति १० पूरणे तूणयते, तूणः, तूणा, क तूणी, तूणीरः ४ चरणे, हिंसाया पूर्यते यानका १ निष्क तृलतिकनकं तूलिका ? तुष्टौ नृपनि कृष्णः वृक्षति तृतः ताक्ष्य ८ अदने तृणोति (वा) तृणुते तृ- द म उ हिमादनयोः (त.)तृणत्ति (वा) तॄत्ते अनादरे तर तूप तृक्ष तृण १ गती ण वृपः तृद ७ वनइर है अ ६१ गण. अ. उदाहरण अनुपन्ध. तृप ४ माणने न तृप नृप ५ माणन ६ मीणने ६ पाणन प तृफ तृष तृह १-१०ीणने (त ) मे-नप्पनि (या) मप्पयनि कि जीसमदीप हविषा पन्हि निन तृप्यति पयसा चालत. य भिउ प्ति तर्पण तृमोति तृपति पनि श तृपति भोजने मित्र पिपामाया तृप्यान नानक तृद तृपा य इर भि नृष्णःणा-ण-तृष्णा ७ हिमाया तृणेटि रिपु जन तृहनि ३ रिमाया तृहनि राऊ १ तरणाभिम--- तर्गत गगा धीवरः तर. वप्लवनेषु णि तरणी तर तरी ९ हिसायां तणाति ९ हिमायां वणाति (या) णीते अग निपते [त्यांन नवते मा १ भनादरे तोडति v १ तेप १ कम्पक्षरणे व तोड धातु. गण. अर्थ, उदाहरण अनुबन्ध. नाकते १ गती १ गती तोक प्रक नम नत्र नग प्रद चप My ण त्रस नम क वस त्रुट १ गती अपनि खति नंगति इ १ चष्टायां दिति १ लजायो अपने वधूः त्रपाउ,इ, पनि मनि वस्यति खलासाधु त्रासः १० निवारण(त )ग्रेहवासयनि शत्रु भूरः निपंधेद्युती १.१० भाषा(वा)मासि सनि (वा)सयति कि १ दिने दृटयति विनि शशि त्रुट्यते पति पनि १ हिमायां त्रोफनि तम्करी धनाय पाये त्रायते १ गती ६ दिने १० छेदने त्रुट प बँप त्रुफ प्राक -- . ६३ पण अनुबन्ध . स्वक्ष १ करणे १ वचोग्रह १ निकम्ययोः ६ मारणे - इ स्ववनि वृक्षं त्वसनि वगति त्वनि दोष दानेन दा ता, त्वचे. त्वक, स्वचा त्विनति त्यजति गृह यतिः न १ गती १.हानी उ आ त्याग. स्वर विप ई १ सम्भ्रम वरत भोजनाय स्वरा मिपम १ उमगती मरनि खत त्मरु १ भाम स्वपति (वा) त्वेपत औन मवृत्ती घडति शशि १ हिंसायां थर्वनि १ हिमायां दिसते म पड १ हद्धा(त.) म्यदे दक्ष धर्मेश { দ্বিানন यति ५ गतने-पाटनेम दमोनि १०इनीपानने दण्यति दण्डयं रामा) के त HD MP १शन(न.) धृता ददन १ पाणन.) दान धिने
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अध. उदाहरण. भनुयम्ध. धातु. गण. Iw १० शता-दाहेर २ सने दा हयात ददानि गा विप्राय (अलि ह हु थिका) दत्ते, आ उपमंग आदत्त दाति दात्रेण धान्य यति धनं विप्राय २ उपने पाने "M दा दाणा- तिदा दान दाय दादा भवमण्डने(अपवा) दीदशमति ( वा ) दीसा- भावे सिने पाट वकि दायने १ दाने दाशति (वा) दाराने वि-- कम पाय दर दादायते ५ हिंमने दाइनोति नर दामति (पा) दामने कन १० साने दाश दाश दास दास दिप ५ मियांसायां(त.वधे दास्नोति रिपुं दिपयते १ याने दिपनि (वा)पिते १.नादे दिभयति १०मपात दिम .
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गण. शगुपन्ध. इ ५ उपरे अनुतापन नौनि मन कामेन न भी 2 इ दह १.फियागा यनि प्रियामा पनि नि । १.उन्क्षप दीदयति तृण माय दामा, दृषि, इप्यनिष्टमंगत्या माग पर भी दोष दोपण, दाणं दोहति २ अपूरण गा दोषि पयो गोषट औ दुग्ध-दृदोह गा महताय ४रिताप दुगने परगन माधुः ६ भादाने आदियत माधुरनिर्यि श र भादरः भादृत ता त १.१ मंदीपने दर्पति (या) दर्पयनि पगर्वयोःमोहनच दृष्यति यनिजहर (चाधने द्वपनि मायने ईपति (वा) इंपते म १०संघाते दृपयते दृति रिपु राना दाप यड गो दृप दृप धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. महशे दफ भ दृभ दृश १-१०मये १ प्रेक्षणे फति रिपु राना हमति माल्यं श सदंर्भ भनि (या) दर्भयति कि पश्यति इर् ओ दृह इ म ग गि ६ १ क्षण प्रा १ ली १ भये दृणानि दनि ९ विदारणे हणात ४ विदारणे यति ५ हिमागा जानि दान दगने पनि १ देवने -परिषदनेगवन देत वर्ग १ गान दायति मदन दह भावने शिर चात्रोरवयनि २ अभिगमने योती व्याकरण सती दमति परिमा दम्पति प ४ पानि रामो मरामर पागनि माई मात्र दम १ पम् ट अर्थ. उदाहरण. भनुपन्ध. २ सल्माया ( स० )द्राति निद्राया निद्रालु रिलायने १ गरवामिते (त.)द्वासति chr द्राध .. १ विवरण पर र आपणाटमपर्यो मागति हिमेन वृक्ष. पर भायागे-मामध्येनद्राने मोशे मुनि ध्र- मायामशकिषु द्वारत पुष्प नागरे, निक्षपेच वाहते दयनि लोह दाव । अनुतापे रण दोडति ६ मउनने शशि गनी, मेमे, व वणति हय दोण ४ निघांसायां हाति रिपुं रामा माहः य ल ऊ ९ हिंमायां-गती गुणाति (मा) पूर्णति १ शब्दोत्साहयो दिक्ते युद्ध धारः द्रायति रात्री लोक, निद्रा, निद्राः दरति मजनने utar KESAKriter १ ६ हिडति गम १ वप्ने १ म्यगने
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पा. गण. मर्य भनुपन्ध ५ भागने (धानियन हिरण्य- नइ तो तिम दिवाधि ४ अनादरे ( तीयते साधु सष्ट नोनि ( पा) नशा नन भधार पिने यी धनं वात nawati Se शशि प पर्य (सपा)मति विणे -सपणे हिमाया ( न पूर्यते रिपरी पूर्वति सपने विवति (या) पपने १ नायमन ५ पन धनानि (वा) धनुन नन गासिन बात. ६ विभूनने पनि हस्तं नटः ९ पने नाति पल्लो वात धून भियते पन वृक्षात् न पू धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध धू १० कोन ঘূণ १ मतापे धूप धूप क धूश वाश्यति ( वा ) धावय- ने धूनयनि (यथा ) वायुर्विधूनयति केसर- पपंजातं. १ मंदीपने जीवन-ले- क्षते वान्हः काटन शनच धूपायति १० भापार्थे (त० ) धूपयति दीप्नी दति घूस ( तथा ) धूप १० शे (इनिधूस) १० महतो हिमे पति १. सान्निकरणे मयत्यंगं कुंकुम ननः रति (वा ) धरने, घरं, धुय्यः धुरंधरः १०ती पारयति ६ अवम्यान धियत यावदेकापि रिपुं परति वरनि मेयो भूमि १ भवनमे धरते १ गती वनति क घूम धृ १ चारण क १ मिने धून गप्पा अनुयध पूज --- धूप ह क धे धक घोर ध्मा तो मिति बहमने-अमर्षेप अर्पति (वा) धर्षयनि कि धृष्टोधार्मिक १.तिवन्धे पर्पयते ५ मागरम्य कृष्णोति सभायो देवद न मि आ त धृष्ट , टा १ रान धनि बन्सो धेनुं धेकयति कपाहिन शेय गतिनातुर्ये घोरत्यश्व. १ सदानिसंयोगयो धमति शसं कृष्ण धमति लोह लाहकारः १रवामिते (स.)माक्षति ध्माक्षः साक्षे १ मिनाया यायति हरि यतिः, यानं धमति धनति प्रणति (तपा) ध्य गति ९ उत्क्षेप उछ प्रनाति ग उ १०उसमे घासयति h ध्माक्षत ध्रन इ १ गती १ दान मण,पण प्रस प्रम उ धातु. गण. मर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध n ध्राक्ष ऋ ध्रास ध्राध पाड धिन ध्रुव दा ध्रुव शशि ध्रक धे ध्वन वोरवासिते (तनांसति कांडे शोपणालमर्थयो धासनि हिमेन वृक्षः १ शक्ती धावते १ विशरणे धाडते पुष्पं गती निति ६ गनिम्यैय्ययो ध्रुवति ६ गतिम्थैर्य ध्रुवति १ राब्दात्माहयो कने १ तो चायनि १ गती विनीत ध्यान विमति । इनिध्वन) भवननि वनि १० शब्द जनयति ध्वनः वनि १.रादे को विनयति धनुद्धन्वा (वा ध्वानयनि (यपा) मा नयति वृक्ष वायु: गनी पूर्णने भंवमने Fष १ वर्ण, कौटिन्येष वराने व अलर ३ १ वाने मि चन चन 'दम ४ धातु. भध. उदाहरण. मनुबन्ध. नम नन नट ६ ओर नट नड नद { যেখান पांक्षति १० नासाने निश्यति १ मपणे नरानि नतः निये निंनते १ नृत्ये (त.) हिनति ना. माया १. मरने, भ्रंशे, नाटयति हम्न नटी क दीप्तान १० নাম্বাৰ १ अव्यक्तेश नवनि नदी नन्दति-ननन्द पारिलवर इटु नित्रया नृप नन्देन च द पुंमा १ गती नम्नति १० नयां नामयति (वा) नमयति अव्हेशन नमनि, मणमनि गुरुं शिन स्या, नमस्कारः नियते नर्दनि ननर्दनामुरः सपि नन्नति १. अपवारण नालयनि (पा) नलति कि मम नम नय न गण थध. उदाहरण. यनुबन्ध ती क यम नह नाथ नादयति ४ बंधने नानि (वा) मह्यने १ याचापतापेश्वर्यालायते (तया) मायति ( यथा) नायतिबल साधु नायनि याचकोवदा- मी: न्य नाथ: नाथ १ याचापतापेश्वानाधते ऋड शी पु निक्ष निद निय १ बने १ उत्सायां १ मंचने १.परिमाण ३ उ निक्षति मुखं निन्दति नेपनि निष्कयते नालनि पंट नीलः नाली नीरनि नडति नीर नीव १ माल्ये शशि मृत्यति नमः ৪ মিষিধিও १ नये २ नये १.रिग्रह नरनि नगाति नारामा वसति पक्ष. ककत पातु. गण. भध. उदाहरणा. पष अनुपन्ध. पनि (या ) पने भोप ना पार पगन पद पत्र पट पट पड १ यापीकरण पिनले गुणं काय १ यतीकरण परते १० पिम्नारे पनि पानीमा भिक्षु क १. प्रो (म मेटने पटयानि माल्य माल्यार कत १.पापायां-लिपि पाटयति पटनि १ यतायावाचि पठति पाटं पाटक १० महतो पडयनि १.महता-नाशनेच पण्डगति क पण्डते पण्डा पण्डित १ व्यवहारे (त.) पणते पणिगापणे पण स्तुती पणायते हरि विप्रः १.व्यवहारे प्रणयत्यापणे उपसर्गेम कत गणयति गत्यां ऐश्वर्य पतति पत्त्यते १ गती (३०) ऐश्ये पतयति पतं गोगगने कत । गती पथति पथ क पण पण पन रिश्ये पत पथ धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्य. १० प्रक्षेपे ए यह औ १० गों के तह ट- पथ संययनि पाय पय पाययनि पद १ म्यव्ये पदति पद पद्यते पदयते पन १ व्यवहारे (न.पनने वणिगापणे इति पण पनायति हरि विन पंपम् तपस्वति गदेनातः पंच १ गतौ पंचति ग्य १ गो ग्यते यसू ११ प्रमृती पियम्यति नर्ण १० हरितभावे पर्णयनि तरूपणं मेय पण, पर्ण प १ गतौ सम्पनि १ कुत्मितेशदे पर्दते गर्दभः व्यवहोर, स्तुतीच १ गती पर्वति व्वं १ पूरणे पर्वति स्नेहने पर्षते पुत्र पिना पर्पत्-म पर्वत E,पष्ट १ गतो पलति (वा) पति ड ट ผิว ज ज प्र भानु. गण. म. 1 अनुबन्ध १.रक्षणे पल पल्गुल पायर 1 पश पप पप 444444444444 पालयति (या) पलपति १० निपूत्यो ल्युलपति ९ पाधे-प्रयेच ते ( पा) पराते १०धे पाशयति पाशेन पसुंगो- प पाराः १०पनायो: शिपति पाशः पर्शगत्योश १ धनम्पर्शयों पपति (वा) पपते न्ध-पनि प्रपे १०)-अनुप सीन् पयति ती १०न्यवाधयो. पर्शगत्योश ग्रंथयो. ति (पा) पसते. यति १.नाने 'सयति पाम कर १ पाने पिरति २ रक्षण त पुत्रं पिता १.ममाप्ती पति रानसूयं गुषि एरः पारणारं न पम यति १० रन्धे म पस पा पा पार घातु. गण. मर्य. उदाहरण. भनुवन्ध स पुग ३ स .. १ उपसंग पुनि मई-बापरनेच पण्डति गम कर्मणि पूणति लानेन नन. पृष्य ज्या-ज्यं निपुणणा- मला, विपिन पाययति मापा पश्यति रिपुं वात হিমাধ্যম বিবি T य पृथ पृथ ३ पुष प्रगमन पुगत कारगान भीम गंग पति नंदन शादी 44 महत्व पाटनि 'मराने मिती राति मृगं कृपाशः पनि देर पुन्यति पगात दे मग. ..माग पनि कार्य कुमारः मंत्र निशा मन य PA प्रो धातु. गण. अर्थ उदाहरण. अनुबन्ध. पुम पुस्त पृ पुस्तक १ ने पवने गगा क य पू पूप्य क क १. मदें--अभिवईनेच पुसयति १. आदरानादरयोः पुस्तयति धनं ९ गे(त०)पवने पुनानि (वा) पुनीते ग म गि विश्वं गंगा पवन ४ रवन मघाते पूपयति १.नाया नयति गुरुं शिष्यः पूना "मघात पूर्णयति १ विशरण दुर्गधेच पूयते मृतक ४ आप्यायने पूर्यते जलेन तरुः १० भाप्यायने यति धनानक कर्ण १. निकेतन १. निकेतन पूर्वयनिगृही १ सघाने पूलति तृणानि प्रतिक्षणं पूपनि यस्य विक्रम २ वर्ण पणोति माधुरनिधी MR पूर्वयति क न धातु गण अर्थ उदाहरण. ह ६ व्यायाम ए धर्म व्याप्रियते सायरा है उियापारः १० पुरण ( स०) पा पारयति पयसा कलश लन ३ पालनपुरणयो पिपर्ति पुत्र धनेन पिता ११.मयमने ( न०मपति (पा) पनगति क एम एन 21 ना ग मग माभि मार माई मकिन कनापि पनि २ मा प्रात इति धार प्रति भाया पर .प्रसर पृययति पनि नाणाः 'गतिमिलेन ३ टनगी १ मम १ नागने गं. Ama १४ गानोगत 24 7 .. धानु. मर्थ. उदाहरण. मनुपन्ध. पक्ष १ मेवन शोषणे स १ १ प्याय प्युप खिने मिति गयनि हिमेन वृक्ष प्यायने न्यायने इ भाग-दाहे यूप्यति १.उत्मने प्युपयनि ६ मिहामाया पृच्छति गुरुशिष्यः शी प्रन्याने प्रगत विद्यया कविप्र म पढ १०प्रपणे (त.) माधयनि क ४ क मच्छ मथ म्यानी विस्तारे, प्रमधु मते परगणं माव: २ गण पानि नलेन घट ९न-फान्नान वीणानि (वा) मीणीत गट पिनर पुत्र. भीतः ता. प्रो न भीतिः प्री १ प्रामा प्रायने धर्ममाधु. प्रीतः यह ता, तं, प्रीतिः भी १. सर्पण प्रायपनि (पा)प्राययः देवता हरिपा पमा माणपनि घात. गण. मर्थ. उदाहरण. अनुबन्त्र हु ग्री शु पुष मुप १ तर्पणे प्रयत्ति (वा) प्रयते १ गती प्रवते प्रोपति ९ स्नेहनमोचनपूरणे-मुष्णाति पत्रं पिता-विषु दाहेच पविगुप् प्रोयति (वा) प्रोयते- १ नानाय कर्णः प्लक्षति (वा) पुसते प्रोथ १ पर्याप्तो १ (मक्षणे गतो लवते लीनाति ९ गतो १ गतो १ गती to the Web लवते प्ततः प्लोषति दाहे प्यति गात्रं वरेण य दृष्टः, टा, टं, प्लीप. ९ स्नेिहनमोधनपरणे गुणाति ४ दाह विमागयो 'स्यति १ मेयने प्वने २ पक्षणे प्साति [दाहेच ऋ प्सा अनुपन्ध. मयं. उदाहरण. गण. ण १ नोर्गनी ति फण ने (वा) पणयति मिण . पण मर्प य. फाणय- ते दुग्धं वति सममा निशा १ रणे लियति . १.मंचने रगना मगन निप्पत्ती १ विशाणे नि ति धर्म फाल नि आ विक्सने स्वति इलिया फलति फेस गती म १ ति नीषने १ गती १ टिल्ये १०मार्गणमंमार : चित्त बन्न सक वाजयतियोद्धा शानिनः 'टपनि धनं माना रति १०वंटने पट ज १०पल्ये श धातु. मर्ग. उदाहरण. बष बघ यन बन्ध बन्ध बभ्र ग विदनि चन्वने, निद्रायांनतात बीमन्मने पापंसाधु सीमन्मा १० नयमने वाधयति न केशान् द्रौपदी ८ यानने अनुते ९ बन्धन वनाति कृष्णं माना १०वन्धन विन्धयनि विभ्रति १ गत्यां विम्वति १ गत्यां विचति १ विधी दीप्तीच वहति २ मृतिहिंसा दान-बहते वाक्ष वहते १ दानवनिरुपेप बलते १ धान्यावरोधे जी-बलति १ गता चर्च ह बल बल he hot वनेच बल बल वल्ह १. भृतौ-प्राणनेच १०निरूपणे १ श्रेटे विलयति वालपिता वलयते विल्हते क इ मनुपन्ध मर्प. उदाहरण. पान. 3 बर १ म्यूनिहिमा दान-बल्हसे भाना क १० स्विपि(म०)भाषावल्हयति १.] अनादृत्याहत्योः रम्तयति भर्दनेन 1 माध दो विलोडने भयो ६.१०भेदने क्षेपम रहते राधने बिदति विगति (वा) बेटयति विस्यति नि बान पनि (ना) अस्यनि १.१.भपणे १० गसने ना रक्ष्यति रोटति (वा) बोरयति संवरण () रति उस्मर्गे नशामने PAR (1) बेन र इम १ रोपने शनि (ला) बाधनेसास भावोधन धनिया पान पोप. * धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्त्र. बुध 12 ६उन बुन्द बुन्ध बुन्ध धुल बृह १०बन्धे क क ww ब्युस मण बू अवगमने बुझ-बुध्यते ( अथवा ) नुय औ क्षायांच ध्यति १ निशामने बुंदति (वा) बुंदते १ निशामने बुन्धति (वा) बुन्धते |इर् उस न्धयति १० मज्जन नोलयति ६ उद्यम वृहति वैश्यः बृहती बर्हिः शउ ।। इति ) ४ हानी ब्युस्यति व्रणति २ व्यक्तायां वानि वीति (वा) यूते १० हिंसायो सयति व्याघ्रचार १ भक्षणे मति (वा) भक्षते १. अदने भक्षयति १ मेवायो भनति (वा) भगते वि.न औ बुधः भागः, भक्ति १. विश्राणने पाकन भाजयति मंत्रिण राज्य राना १० मापा-माप्ति भिनयति ३ ७ आमाईने मनक्ति पादपंदन्ती भंगः ध ओ ओ परिमापणे भटति म ल भ क मक्ष मक्ष भज क पज क E म. गण. उदाहरण. मापर. मट भर MKM भण भद १०.सुभे . भर्स १ मतों मटनि भृत्गं भर १० मतारणे मितिमाल भटक १ परिराम भिंडने १. शिवे भिंयनि মিনি वा प्रीत्यो शुभे कभन्दन स्याण मुर्गम भदयति क १ हिसाया भति हिसायां मिति १० वर्नने भर्सयते १. निरूप-आभडनष मलयते क परिभापणे-हिमा-मलने भा या-दानेन परिभाषणे-हिमा-भाहते भला यो-दानेच मित्मन मपति श्वा भषक भर्मनदीप्यो भस्ति दुखल दुष्ट लि २ दीप्ता भानु ल १० पक्कमर्माण भाजयनि धन भ्रामा पिन क भागः क ह पष भम ₹ भाति मूल्य भान , धानु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनन्त्र भिक्ष पिद मिट क भाम मामते मर्मः भामिनी भाम १०कोये भाययति ककन भाप १ व्यक्तायांगानि মিন भाषा र भाम मामत विद्यया विप्रः यातायां भिसतऽनं भिक्ष: भिक्षा विदारण भिनत्ति (वा) मिन्ने द-धन र आ विभादं रण., भदः १० भदने मिटयति भिपन "निफिन्मायां मिपश्यति मि ११ 'उपवाया मिष्णम्यनि द भी ३ मंग माम १ गती-सादेन भीमति ६ काटिलंग मनति भग आ पुन पाटनाध्यवसायो मनति मन ही भुmir दिपलं गृगः भोग माण मित कपर्ट मनाया महिला माति १.१.प्राप्त मत (का) भारत मासं मनी ८ विमति पासात् पुन गण म. मनयन्ध 4 १० भवकल्कने द्धिमिभावयति पदाध पदिक प (प्रणयो भावना १-१६ अन्वारे भिपनि (वा । भषयनि कि भूप द १ भरण भाति (at) भरने भिद सिहदर ( গাধা। विभूत धरा वामति लिई (1.) विमान ? भनेने भनी ६ निमनने भरति गंगाया गायि श मानि (या) भापति गि সিনি पभश यरर भामने भनी भनि पुष्पा भिपति का) पाराम है मा ४ श पतन भगमने दिने अंश गाने भ्रमति तानि १ लिन ४ (प्रस्थान धाम्मानिस धाल: मान मर्ग. १ भ्रता ग्रंश नम्न अपयंमने সিবান के ने भ्रट-टा- जिंदगति वृशालनग्रंग ही (का) मृत सभी मायने नाग भ्राम भ्री भ्रड निभृग प्रवमने भ्रमत मानने दामा १ दोनो धानयन दम ( इतिघ्रता) ९ मिरगे (न.) मय नागाति नाग मती ग नि संवृनिमंहन्योः वडति माशायां (त.) गयते पुत्रं वंध्या विशंकायां १ दीप्ता प्रिनने १ पत्रे भय निपति (वा) पन क्षति लाशते रणवा इतिमान) १ तो पनि १ मंडने सकन ननं कुंकुमेन कले न मुन माता हास १ पनी ब. भनुपन्ध. ३ ममत माने मसनि मन्दनात मक्षिका १ गती समति ካል मगति १ मपणे, ममोष महाति परिषेष्टने नानदाममध्यति मीन मग्न संग मगध M MN म्येष मम মথ बितरे गती आ-मने कितवो पतेन मष मम M । मप्र मट १ कराने मचत मूर्ख १ धारणे उच्चायधु-मधने मारय कठे मभ्रः त्यर्धाभाम १ पात्यां मननि १० गजाननयोः मनयति १ निवाम, मंदन मदनि मठ १. मंउने ३ १०मने मिंडयति (या) मंडति कि गइ महाति १ टने (त.)विडने भागे धातु. गण. भयं. अनुकर मह मह मह मह १०विपि क । 1 - य मा मा माक्ष माड म पूनायो महात संरगति १ इन्द्वी १० पूजाया महयनि २ माने मानि दंडन भर्मि- प्रमाण ३ माने शब्द वम मिमीन मुनि ४ माने मायन १ कक्षाया १ माने माइनि (या) मारने-क वण-मा नात इ १ (पूनायां नितामा- मीमामने शाम्वं युधः- मीमामा १०पनाया মানবি क १ माया मानति १० संस्कारसर्पयोः मार्गदर्शन १-१० अन्वेषणे मार्गति (वा) मार्गयति कि १. शब्दे (तथा ) मार्नयति-माग्नारः मायाँ माने माहति (या) माहते | उज माथ मान यांच मान मान मार्ग मार्ग मान r 14 7 । माह धान. गण. मर्थ उदाहरण. मि भनुपम मपणे मिनि (या) मिनत पृणं नम नाय मिन मिद मिद ६पाध, उस मनिचानि निगमि (वा) मिनयति । कि वे. मेधाया पनि या न मिति (वा) मिंदयति कि सपने मेदी मिति, मे, मेद, मेलमय ल हने दिन पु पिता आनि मदन १ मेधारमा मिते (1) मेली देक १ मेवाहिमगाः मधनि ( पा) मेने मिप्रगति पोन गन के ६रण मिति (41) मिल्नेश म मा मः मिद १० बहने न मित्र मिश्र मिल १०.मर.. न मिव मिश मिष मिप मशति RA गगने पदीया मपति कृष्ण शिक्षा श धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुसन्ध. मिह १ सेचने १ मी मायने म मी मीम मील मीव मुच मुच महति मेहः-प्रमह. आ महन १-१० गती मत्या च गयति (वा) माययति कि ४ हिंसायां मान यड ९ हिमायां मीनाति (व) मीनीत रिग १ गती मीमति १ निमेषण निमालनि मिया नेर ऋ १ योन्ये मीवति १० प्रमोचन मोदन च मात्रयति कंचु सपः ६ मोचने 'मुञ्चति (वा) त्वामंचन देशपत्रल निरक्तः १ करकन मोचते १ ककने १ गत्यां मुनि १० मृमाध्यनयोः मोजयति १ शब्दे-मृजा मुंजति मुंनः | क है नयोः १ महने क मुन मुच मुंच मुन मुन क मुद्र मोटति तरुं गनः मुंदति ३ मुट ६ आक्षेत्रमईनयोः गुटति कालीयस्य दणं शशि कृष्णः गल. वर्ष. भनयास. ने पलायन सांगत (ग) माटी गमा शिया मंटने गुरमुर गईन नापित मनिपुर मग मन kinnit प्रगति नियम मानी -- - मर मट मण ६मागतान ३ १०गम फ मुग मनटने स मदते यशमा कवि भागार मोदगनि गुडन धान्य नारी, मोदक मरति कंटकन पार्टी ए गक मुर. मुरा मोहममाडाययो मति मग सायं रा मृति विय मापनि १ नंगे-गिदि गुप्यति म्नंगे मुष्णानि धन पोरः इ मुष मृग मुर मुर यहर , ग
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उदाहरण. ९ नि गिराकर ग गे हमाn tor মৃণাৰি tিধ গ্য समाति की ग ग --- मृध है भामर्शन मानि मुरुगमनं साथ ना आ गमना. - 3 -- मृत मृष ५ क न अपने दोपं हरिः १.१. ततिक्षा अपने (पा) मषत मार्ग पीय (1) मृणत १. सांता, पहन बयान मृणाति निदान भने-तिलान्य-विनि- मय मेय. निमया - रुप. मियः मिटनि धनन नीषः 10 भर "गे मेधायांकनमेपनि धारियोः मिदति ( 41 ) महले मैद) मा म १०४ धातु. गण. अर्थ. उसाइरण. मनुष्य मेघ দখা ट मेव मोक्ष प्रस ग्रास प्रम १वधे नियनि ( वा ) मेघने स-कन याममार्ग मेधा, मेवः ११ भाग्रहण मनायति १. गत्यां पिने १पन मियते १? अमने मासति (1) मोक्ष निशाना ? अभ्याम मनति व भ भा. साय १ गाते सशनिमंटनामा १. प्राग लेने म वसतिरनमारमा prir १ उन्माद प्रति १ दिने देना पर पटी धागति त सुनत प्रतिपनन न. तो मनि पनि भनिन गोन है. (प्रगति t . J ग्रन 3 भ धान. गण. आध. उहाहरण. गनुपन्ध श KI MH यस फ ह पन १ उन्मादे मिति धनेन नाम: १ उन्माद मने मा १ मन्तिमक्षये पति, उपमापयति, पालापयति { সিমাখনাৰ यति पुष्पनानेन मानि १० माया गक्षयने १ (नामगति कर राजनि हरि-यजतिनाएएआन निए गं साथ पाना शिम यनने १पयन यसनमुशायना. १. निकारोपकारया गानयनिसरी-यात यति खानेन दर यतिः १मने यननि गमति १ उपग्मे নিধান্য . रितेपणाने यामयत्यविप्रायमाधु- অমসি বিমল पत यत M क पभ यम यम क १०शेषन सिंगपरिसंप्रेण सग क. 4 ना-मंत्र गण. अर्थ. उदाहरण. मनुवन्ध या याच ल ४ प्रयत्न यस्यति धनाय नरः-प्र-य हर यासः २ प्रापणे, गान याति १ याआयां याचति (वा) यानते दुदुमा धनं यागकः २ मिश्रणामिश्रणयोः योति घृतेनान्नं योति पर- भ्यः साधुः पयः याय. युनाति (या युनीने १० वगप्सायां शायने वृद्धं युगतिः क यु यु य 7 गुग १ वजन १ सादे १.१०मंयमने युन . यंगति छनि मिति (ना) योगा कि ति ह ां गौर. सनकि (वा) गंत गोमारा योगी योगः ग्यते गुहायां गोगी गानगत fint मा गत गोश. गनी गुप्यति युन युन माश गी भागने गाने गण. उसादरपा. भनुपम्प क ह गए मंध क N रस्त BESTE ZEELE DET BERE हिमाय সিগন २ प्रयत्न যিন म योटनि (वा) योरति रामणी कृष्ण. १० भाम्पादने (गकपनि मादक पाट पा) भापने गरने क्षति, रक्षा मि रगति १गत्या पति शोरणामया- गलति हिमन : मा १० बाद भाप्ती म गयान २गवामा रगति माय-लेम्प म ए रंगनि १. भाभि বিশ্বকাপ १ गों रिंचने रघु इ आम्बान सषयनिहाकरेजमार १० प्रमियन्ने, कृत्यां रथयात राम मनि (4) रजतेयुम आम गयुक्ती ( या ) रन. कारागारकासानं MM रघ मनुसन्ध गश হা মী रामन रिणानि मलिदानः पांग ५ हिनाया न गी प रि रिंग रिच 'ग्यति শনি रिल रिंगणं ... वियोजनमान- रचति (वा) नियनि कि प्या. राज्यं रिपीः रेषयनि ह- লিখা विरेचने रिणत्ति (वा) रिक्त धनदर गेगी-विरेकः रजते ६ कल्यनयनिंदा- रिति रिपुंभार: रकः- हिमादाने! फा-फ ६ वधे रिम्फति 'रिवति ६ हिसाया रिशति १ हिंसायां रपति ९ विप्रयोग रिप्णाति संन्यासी मंच रिफ श ६ r रिम्फ रिव रिश रिप श रिह दा त्यनयुद्धनिंदा- रिहति दुमेनः साधु हिमादाने पान. मध उशहरण. भमुपध. गयने ना घटत् यही ग है स (मा) . ४ रणे रपणे वयं गता परीणाति गि मननने गति नाग तु गंप, वा. गत्वा परन नागयगमा-रषः विः गरुणे निघाक्षा-1 क गनी प्रीनिया गमने गोरोपनाल शिया रोगे, भगे, मंग नामनि रांगेन हस्तः নিষাদ | प्रतियाने (न)राटने दशा १० रुपि एनी म रंटनि धनं १ उपनाने गठति कनिम १ मनिगते गटने या गत्यान्दम्यानय-टिनि १ नोट २ भविमानने गीत रोदन सदर दाभो भी गिळ्यति ལ ཤ ས ས धातु. गण. अयं. उदाहरण. अनुकत्र लप kor छ दन • সিন क लन १ शोपणे-गती गति मयादा लंपति पापी १.भापाथ-रियपि लघयति १ लक्षणे टनि चक्रेण गृह जयति १० मानिकननहिमाय-लनयनि टदानेपु १० प्रकाशन नयनि विद्यां विमः दाना १ भन्ने दिननि लजनि (4) लनने शज इ ओ वः १०मासन लंजयति १ वाल्ये वाल्योको लटति स्वार्थ लोक १ विास लडनि १ मिन्टोन्मथन इति रमनां परद्रव्य चोर. १० उपसेवायां लायति शिशुं माता १० वामाया लडयते १-१०माषणे भासनेच लंडति (वा) लंडयति | कि इ १ भमने ६वीडे ३ नि लंन कत टड घड दड एड क गण. अध. उहादरण. अनुबन्ध क्षेप दर । ई भ दम १.१० उत्सर र इति (वा) लंडयति. कि इ ओ १० भाक्षरे टडयति त १ व्यकायावानि पति बिलाप प्रलाप भालाप अनुनाप वि प्रलापः मन्दाप मुमलाप भरलार १ धमन अनलबते वाया । निशद्धग उभंत याप्ती भने भिक्षा एाभ मुह पहुआ म भा भ लभति पुन मत्थान लगने वति शफटेन गोकुन गत् मधुगर १.६माया गयत मुन बाला १ Kतिलस) पति (वा) सपने धर्म माधु ५ जान्नो पनि (या) लगने इतिग्म) लग ट १ गतो क . लश न एप रूप - धातु. गण. अय. उदाहरण. उस १ लिपविलमयोः लपति विलमनि विटामा १. शिल्पयोग लामयनि नटी वान्टो बिजने वधुः लजान्दनिश ड दा दाख लाघ भ लान २ दान आदानच त्यति १ शापणाटमथयो लाम्वनि हिमेन वृक्ष. ऋ १ मामध्ये दायत ऋ3 १ लक्षण लानि १ मार्सन भाव टानने इ १ भर्सने मर्गेच दानात ११ नीवन लाध्यति जीवनानमंधमा १० भाक्ष लाडयति क १० प्ररण वामयति लाभाय मूने के ड लाट ८ त बाभ विश्य लाभ लिस दिख श Fखति ६ दखने लिम्पनि लवको ग्रंथं - पवनं ट्रिग्वन पनी लिंगति चित्रीकरण लिंगयति पट रंगकारः ११ भलाकुसानयोः लिम्पनि पितरिपुत्रः है लिंग लिंग दिट ट म भाषा गण. नि गा) rain aft र मानन मम 1 1 ran गन, Int Fog .सर ना तर । आसाभार ५ भासान FI पा ४ ती . दीवारण मतगपनि नाहना पण m ९ नमामिपामगी गान अपग निगम मान गरन In I Prem.. प i foregro पण -- धातु. गण. मथ. उदाहरण. अनुबन्ध $ ब टनि धनं १-१०लगे (त.) ग-लंटति (वा) लुटगनि कि वज्ञायांन १ उपधाने लोटनि कलियम प्रतिवाने लोठित विरहेण भूमी रामल शशि १०चार्य टोटयति १ आलस्पे (त.) लंगति इ गत्यालम्यस्तेयखो- टेमू ? मन्यने लडति ६ संवृती, मिलप लडति लण्डयति १ हिमामलेशयोः दन्थति रावणं रामः रा ३ वणशरेण रामो नमुन्यति ४ व्याकुलत्वे लुप्यति लुड क लय य र लंपति (वा) ढुंपते का श प ज म र वर्किः लोप: लुम' ल औ ना तं १-१० अर्दने-गदर्शने टुंयति ( या ) लुपयति कि ।
अप. उदाहरण. अनुयन्ध धान. लम् श तुम १ गायें न्लू संन लचति ट द लावा गाय सभ्यति पुरवंध्या लो य प दुध घा ខ្ញុំ विमोहने लुभान गुमायिक. 1.हिमाया (नापयति नंगे १ नये, भूपायान लगने शहनि r उदने दिनानि । वा) लुनीत म जिन १ अपनयने निगमेम्नलनेन ख्यति धुत्ता मनसि ११ बिलामे म्बलनेच लेवायति दिनोऽतिभा. निने ११ घाय-पूर्वभारम्ब टाटयीन कामुरुः प्रिय- निच- याक्षरायां १ गमने दिन ११ दीप्तो लायनि लोकते १.भाषार्थ दीप्तीच टोकयने १ दर्शने लोना प्रा कम १०भापा स्विपि मपनि १. उन्मादे चोटनि ट २८ ba N लेला लोक . लोक सान सोच मोट भानु. गण. अध. उदाहरण. धनुयाय ट लोट लोष्ट लोड त्यो ल्वी वक वक वक्ष ११चार्य-पूर्वभावे लाट्यति धनः ? मयान लोटत धान्यं लाएः १ उन्मादने टाइति २. पण न्यानानि ९ गत्यां कौटिल्य विकन वंक १ गती १ गरे (त०) संवक्षति शिभु वक्षः ग লালানি 155 १ वख वव वग वर वृच इ वच वच गती विपति १गता विखनि है १गता बनेन वंगति १ गती-गत्याक्षेपेच वने १ वाचि দিনি आ २ परिभाषणे विक्ति ल और संदेशने वाचयति पत्रं कृष्णाया रुक्मिणीवाचिकः १ एकचर्यायां विंचने गत्या १० प्रलंभने वंचनेच वचयते वंचना क १ गतौ वनति वच वंच पंच सन इ ह उ धातु गण मनुसन्ध - म पट त ३ निधन त मंट १ माम्य . १ परिमाण नटति पर्यत पटकन वाटी पटगनि माय मागता प. वंटनं वाटयति १० विमान नाति भमि मार्मिक क ११.विमानने मदति (वा । पश्य भागे घरगति क बटनि कचर्याया बटन विभाग 'घरान १ वरन । न. । वि बने स्टकबाट भागे नई खणति १ यतायावानि बदति मंत्र १... भाषणे मदेशव बदते (वा) मादगते | कि चन स्यायें पदनि मेर अभिवादनस्तुत्यो बन्दने हरि वन्दना १ हिमाया १ हिंसायां वनति वण व . पति उ पन - धातु. अर्थ उदाहरण. धनवन्ध. बन १ वन संभक्ती (न.) नति शद्व १-१० उपकृतो श्रद्धा बनति (वा) वनयति कि गते शढे उपया- तेन १ व्यापूनी वनयति-परिउपसमें प-म रिचानयति याचने वनने भिक्षुः चीनतनुमंताने पनि बीनं सक्षेत्रे पदऐ ओ (नया) मुण्डे विपते तन्तुवायः उता वन m द वन वप १ म न वम दय वर १ गता १०प्माया विपान शाणिनं वयं वरगति वरं स्वयंवर के नरा. वरण्यति न N वरण वर्य पच्चं १ ११ गती गत्यां १ दीप्ता • নিতান্ত पञ्चत वघयति - पर थ. उदाहरण. अन्यन्ध १०वर्णक्रिया विम्नार-वर्णयति वर्णयति वर्ण गुणवर्णन वचने में रणन १० पूर्तिदोः वयात १०मा विपि वहनि (वा) वहयात १ अष्ट्य वहत १०] हिमायां (न) वहयानि यह क भ्रनि कलन धन पहने वाशि भने त १ गती मवरणे १ मवरण वहभ भागने १० भाषणे पल्कयनि बहक बल्क १ बजे वस्गनि ११ मायापुर्ययो. रस्मृति दिनोऽतिरै- भान १० सनिपूत्योः पनि ले द एल्यु रयान .५ भग Hदी मग से ॥ . TI -- r 41:4t aur m Kirit gra नाम . . न - मी A . . - - 7 -- marvari- गण. भर्ग उदाहरण. अनुबन्ध. ट १ an वाह २ निगंधनया शनिवार गममहिमा १ साक्षायां क्षनि AHI अगा पाति आलाय प्रामों से गंगागा मुनि न पात्र १० मुगमेवनय मासमान स्यमनन पनि nina १ | वराने गत मा गर ग्रा वापस "त दाम रान दिम १०/उपमेनाया समयान गुर र प्रयत्न पृधामा कि वा वित मरिस माना कि ph 1. भाषाएं, पित ३ सम्भाव सोनिसामान बिर ia मदरसा जोगा १६ मा. मा. अनन्य , विट पिट विटामि बित निय विद , विद ६ याम दिद न.) भाक्रांति १० रिया पिटपति ່ निरिअल. १.व्यांग বগীৰ बित कर गानने विगत पनिनं भिक्ष विनि विष्णु याः वेद বিনা' गिन्नेबाविकी ४ मत्ताया विधन विदति (1) विदते पुनप.म.न. यंदाता १० वदनाम्यानविद्या वेदयने दुग भितः मिष विधति विश्व वेगाःविधि- বান ६ दिने (न.) म्तृता विलनि तरुं हम्नी विनं ( इनिषितः) दा विशति विवश श औ विपति वेप वष्टि (वा) विष्टे दि इर् औ विश्वं विष्णः ९ विप्रयोग विष्णाति औ विध विप विल ६ विधान १० विश पिप ६ प्रक्शे १ मचने ३ व्याप्ती उ विप विप r ग धानु. गण. मध. उदाहरण. अनुयन्ध १. हिमायो ४ ৰচয়নি विम्यति विर्म विम ܗܰ; विश य उ द बीन হাসান नीर पी २ तानिगनियाप्ति मनि सपप्रजननादने १.व्यसन पीम सत्यने कपनं सीमन पिटाधा १०विकांता निारयति बीर: कत त्यागे एमति पले साधु । वृद्ध,पट-१हिम भारनि (वा) वाटयति कि मायम ४ उमर्ग यति कनुक मर्प पूर्ण य ५ सम्ण वृणाति (पा) वृाते व न म कन्या ग ९ गमा वणीत विष्णु विवेकी १ आवरणे विति (पा) वरते १० भागरण कारयति १ भादाने १ रणे संघानिय उसने कन्या परं ७ नौ पाति यक्ति १ धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन वृन वृन TelevNN वृण गुणनि ग , माती य3 न न वृत वृर वृष प वर्तयति क 1-10वर्नने वनति (वा) वर्नयति २ वनने वृक्त कपट साधुः धनने ( न ) नृती वृशक्ति बलं शिष्टः हदशाति ६ प्राणने मिले शणानि (या) गुणात दम अनन वर्तते वरण नृत्य 10 मापार्य सिरि 1.भपाय दीनी सदगति बढी द्धने घमण मनन 1. पवाति वृपः नियमया १०मान ने मगने वातसा मंत्री नने यन मापा गुना ति ( वा ) पनि १ सय शनिवः १ निरा. नि 1. क. . उ . पना 1 3.
तु. गण. धर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. - ग ग ९ वरणे (अथवा ) वृणानि (वा वृणीने भिरण तनु संताने वयति (वा वर्गत वन नतु ए वाय. हानचितानिझाम वंगणानि (मा) वणते म ग भ ग ना है + न १ याचन देषन गत बेष पर्ये, रवी मद्यनि ज्ञानी विषयेषु गविज्ञाननितानि पनि तपम्पत्यम्यामन शामनवादिप्रमा नरेनेपु १ नालन १.कालोपदेशे बलयनिदिन गणकला गतो बिलानि बेटा गती नेपने वातनवृक्ष त ज -- | कातिगतिव्याप्ति मेवात शिपममनसादनेषु वह १ तो विसति एने याने सिंहले देहत् क घातु. गण. अर्थ. उदाहरण. मनुबन्ध वै व्यच १ शोषणे १ गती ब व्यय व्पव व्यप व्यय व्यय व्यय व्युप व्युम घ्युस वायति औ ६ व्यानीकरण (त.)व्यचति साईं धूत्तः शशि सम्भव १ दुःखभयचलने व्ययते पापात्माधुः व्यथा प म र ४ ताडने विध्यति व्याधो मृगं य औ १०ये व्यपयति व्ययति (वा) व्ययमे व्याययनि १० वित्तममुत्सर्गे व्ययति धनं व्ययशील क १० उत्म, म्योपयति रोगवानाप, हानी-दाहेच न्युम्यति य ईर् ४ विभागे व्यम्यति मिव्ययनि (वा) संव्ययते म्तनं वस्त्रण नाग वनात १० मंकृतागोत्यागेच बनयति शब्द १. निविचूर्णने प्रणयति भीष्मं शरैरज क नि:, प्रणः, प्रण श्थति मूळं पापी सओ बायते परं नारी य संवरणे न नन १ गती अजः क वणति व्रण,त्रण व्रण, मण त तब्ध नि
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म. शि उदाहरण. मनुषन्ध शित शिष शिन । bar ine ५ निशाने शिनाति (वा) शिनुते शून १ विद्योपादाने হিষৰ शिक्षा गतो भिराति १ गतो হিম ३ भाप्राण शिंपति शुममं कृष्ण शिवान २ भव्यक्त गरे शिकोरमना सिनितं १.१. अन्य शरे शिमते (वा) शिनयते कि. भनादरे सिंटनि साभुं भरः शिलीत ध्यानं विमः १ हिमायो शिपनि शेषः १.रितोषीकरणे विषयान धन पत्रापति शिल ७ विशेषणे मिशिनधि गुणविष्णं धमिल भी मुमदापातुः (भा समान m)मलायामि १.१.भाषण -नाशीपति (पा)नाशयति -दीप्तो पने-सपर्टी सीको मेपो भूमि उ शिष शिष पि क कि सामने F भात. गण. ब. उदाहरण. मनुबाप. EEEEEEE उ १ इतगतो शशति शः १ जाये रापति १ हिंसायो रासति वंसं हरिः शसति १ भाउपसर्गे इच्छा भाशंसते मोक्ष मुनिः PAL नुनी दुगंतापि संसति स्तिति १ च्यालो गानि नासा गगनं शामा पाचागा साडने गणिनं ननः १ तनने नशामति (वा) को उ म जान न १.जय काम्यान १ रन नागे २ भाटसगर्ग भगिनमा १ बाटाममें भारी सामान सार . भिती TIET "2 - . गण. मपं. शि ५ निशाने भनुबन्ध शिनोति (वा) शिनुने न शिक्ष शिख शिख शिष r शिन शिन शिशट शिल शिप शिष १ विद्योपादाने क्षते शिक्षा भिसनि सिसाने आमाण शिंपति कुमुमं कृष्ण বিৰান २ भव्यक्त शडे शिरतेरमना शिनितं १.१० अव्यक्त गरे शिमते (वा) शिनयते कि र १ अनादरे रोटति साधु मंडः शिलीत ध्यानं विप्रः १हिमाया शेषति शेषः १.रिशेषीकरणे पियान धन पुत्रायपिना ७ विशेषणे विशिनष्टि गुणैर्विष्णु धमिल औ शेते मुमं भायातुः ( अर्थ वा) मंडलेशयामि १.१.मर्पण स्पोंसेशीकति (वा) शीकपति ल ता शिप शी क शीक गीक भि १ मिचने-पढ़ें कत्यने शोकते मेघो भूमि सीमते गण. मर्प. मनु शाल शील राक गुच शुच १ शाके Im 4M M १ समाधी शीलति सुशील: नि १० उपधारणे- अ-शीलयति नीलनिचोल कत म्यासे-अतिशायनशील १ गती-स्पर्श शोकति १ प्रतिघाते হানি যানা যাক। शोचति शोकः शुचिः १ पूतिभावे-विशरणे गुच्यति (वा) शुच्यतेय ना पसा विप्रः १ अमिपये शुच्यात १ शापण शठति मुंडी १० शोपणे गंठयति सुंठी गनः मुंठी क १ वाटने प्रनिघानेच शाति १ मांटने उति १. आरम्ये शोटयति १. मंकारगत्या ठयति है शोचे तर.शुद्धयति सरसंगात् य ल ी योगःपति सत्वेन शुश्वः सुधेन (वा) गंधपत कि. गनी गुनति शुनका रा सामति नशामात मामध्ये शुच्य गुठ शुठ गुठ पाठ गुठ गुठ वाष राष गुध गुन राम क सुदी । १ मामने म - पातु. गण. भ. उदाहरण. दा शुभ राम शंभ गुभ शोभन शोमा शोभाया गुपति विद्या विम प्रति सांभापा गंभी भासने भति 1.भापणे संघात जयति नरे- वमने-अनि पनि १.मान-सम गुल्मपति १.मने गुलपयति विध विधा भ भर 1.माने ५ तोरणे सन्नि सस्या मपिना र भर महाप गप्प का क १.विकांनी नरयों र हिमापाप गर्यो सूपति गण धान्य नारीणता राति बार पर समरसापा गृप धातु. मयं. उदाहरण. अनुबन्ध. मृव १ उदे वादति (वा) पद्धत निलन शिरः राधयति मूल दुषः दोल: गृष १.प्रहसने ९ हिंसायां शेल शेव १ मेवने १ गतो पाकेच १ निशाने ४ तनूकरण १ वर्णगत्योः य शोण शौट शौड थुन युत श्मील श्मीठ श्यै गणाति शीणः-णा-- गंग मि शिलति शिवने शायते श्यति शितः-ता-सं यानि काष्टं पद्धकिः सोगति पद्म शोण शोणितं शाटति मूर्वः शोडति श्रोतति ज्योतति अलं श्योनः मौलनि नेत्रं मोलति दयायते श्रंकते अंगति श्रणनि १ क्षरण १ क्षरणे १ निमेषणे १ निमेषग १ गती गती १हने श्रम प्रण 1 पार्नु गण. म. मनुबन्ध अण १०हाने कि प्रथ म १ वध १. दारव्ये त श्रय M अप ग्रंप ग्रंथ प्राणयति गां राना विश्राणन १.१.धने-मोसे-बधे श्रपति (वा) अपयति किमुमैः केशं नारी थति पयति १० प्रतिहर्षमोसयन-श्रययति गा. १ पिल्य श्रेपले नावों १-20मदमे (त०)वधे श्रपति (वा) अपयति ९ मानन प्रतिहपयोः. अनातिमुमुक्ष हरि भामा मंदम ति १ प्रमाद धमति बिदे तपसि श्राम्यति मागे पधिक श्रम' प्रान्तः-ता-त- श्रान्ति २ धाति पाके प्राति-अपयति पागू उ भ्रंभ प्रम ४ य भउनि धा श्रा श्रा २ राके धानि शाक म म ९ राके धागाति (वा) माणीत ग मागीत १५० भात. गण. मर्य उदाहरण. मनुबन्ध. १०मारे २ पाणने श्वस १ तिवृध्योः श्वस्कयति ग्वतिनि-विश्वामः--व लल घ मनं वयति धर्मेण राना औ ऐ हर बनतेगह-भेन -ता-तं ल आर विन्दते ज्ञानन जनः इ मगति ए मति श्वि श्चित श्विद प्वग पक्ष पच पच है म १ चौरल्ये मंचरणे ५ हिंसायां ममवाये १ सेचने न मचति साधुः भ घन अवयवे पट पह सेचते जलेन भूमि गतो मचति सजति तरुण्यां तरुण. / औ नि [आसक्त-तः-तं. सटति सटा १. निकेतनहिंसार-सट्टयति क लदानेषु १ सम्मक्ती सनति ८ दाने सनोति (वा) सनुते- द न उ विप्राय गां १-१ गतौ-आ उपसँग आसादति (वा) मा कि सादयति पण पण पद -- गण. म. उदाहरण. भनुबन्ध. पद पष पन पन पप पंर पम पम सर्पणे क त १.विशरणगत्यवसादामादति विरहेण पांप. तलन भी विषादः ५ निवांमायां मधोति न १ संमती मनति दान मनोति (वा) सनुते द नउ १ संबन्ध मपति मिति ममति १०वलय्ये आरोन समयति ने न मर्मति १ गत्यां मति सर्पणे हिंसायां च मति मलति सलिली २ स्पप्ने मस्ति सिमा हरिः १ गतो मजति (पा) सन्न म उ २ सप्ने मस्तिति महति (वा) साहयति कि मएवाय नागः मपणे पापं न सहते रामा अनने पल पह १.१०मपणे न १ सर्पणे, पयर्षे वदति धातु. गण. मर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. पाघ पान्त्व पि १. सामयोगे ५ बंधने पि ९ बंधने पिन पिट पिध विध शप औम (इति साथ) सान्त्वयति सिनोति (वा) सिनुते रुन प्णं यशोदा विषयः मिनाति (वा)सिनीते चौरं ग रामा सिंचति (वा) तिनते मेटानि माधुं भंडः संघनि मथुरा कृष्णः साये मांगल्ये न मधति शिष्यं गुरुः सिमोन यं मुनिः मिष्यति मुनियोंगन यओ दीप्ती हिंमने দিশৰ उ ६ क्षरणे १ अनादरे १ गत्यां 55 पिच विम ५ मराडो मिश्री रा पित उ १ नुमंताने मीव्यति कमां योगी-य मीनं भभिपये मन्यने घमुनोति (का) मनते सोप- न तारिणः १ मा गो सुमति पुननि-म न . १४५ धातु. गण. ग. उदाहरण. २ सये, ऐवर्षे मनुपन्ध प्रतीति पुत्रं प्रसवःप्र. स བ བླ ཐཱཤྩ ཙ क । चने १० साम्चे, अनादरे मध्यति तीतो हिंसने प्रभात मस्ययोः तृप्ती, शक्तीच मुति २ माणि गर्भविमो-प्रमते देवकी कृष्ण ४ पसरे सूयते मात्र धर्म प Pणने निराम मदन भोर रामा मदः १. आश्रुतिहत्योः नि मदयति राष AAAA पभो पक्ष्याचा) १ अनादरे या मर्याने य शर्य पूप मति (वा) मध्यति प्रसवे षेक मुरति पुत्र सानी १ नालगत्योः किने शिति धातु. गण, अर्थ. उदाहरण. अनुसन्ध. पेत १ (सेवने पो एक म ग एन एम ४ अन्तकरण १. प्रतिपाते १-१०संवरणे १ शब्द १ प्रतिबन्धे ब एम टम हट इस १ वहाव्ये १०वहटगे १ स्थिती नीनं समृद्धमपि सेवति मदन (वा) सेवते नीचः सायति म्यति कालो लोक म्तकानि म्तगति (वा)स्तगयति ए मि स्तनति मि नमते पापात्पुत्रंपिताइ ភ្នំ नमति स्तमयति क त म्थलति म तृक्षति म्तृहति दा म्तृहति लिभते पथिक टि. स्निपते नलं घटान् रितम्यति तदन दह य सवति म्नीम्यनिन देह गता न . ट्रिय टिप टिम टीव टीम ५ भाकदन १ शरण भाद्री माते १ नामने ४ ४ य , धातु. भर्ष. अनुपन्प. २ नती नावि (पा) स्तुते पर पए स्तुतिः १. उलाये १ नोभे एम उच्छाये १ तरण प १ निरगने स्ताभने कानेन मनः स्नोपयति गोभते नामी विचया लोभने पृद्धशीतम स्पति निपत मलं घरात एकति म्नापति न्यायति एशायाले लोग म्धगति स्थयति सिनिविरमुनि- মিয়া। पनि तपमाला १ टिणे भए छग : एम छा १ शम्नमंघाने मंचरणे नसे १ मिनिवृत्ती र हिर चिप in .नामने ५ निरमने निरमन मा सारि गंगादा मान १४८ पान. गण. अर्थ. उदाहरण. मनुबन्ध णिह प्णिह प्ण ल य प्णह मि १ मोती स्निह्म तिशिप्ये गुरुवहः य १.हिने हयति क २ प्रयवणे गीत मलं पटार ५ मो, निवासे नुम्यति नियति यउल १पद्धसने म्मयते स्मयः स्मित १० अनादरे मययते १ मपणे १ रिप्पंगे स्वगने पुत्रं पिता परि- वनति पांपाठी मध्यम आनिन गडनंदनं १०वाद है निरी आसाद प्रीतालिमस्ते हम २ गये तिलिचो हरिताप पत चिद विद १. स्याकयोः तयति सोचने, मोद पहले पार्ष तपमा मन:नि भार १ मातरम जयसि(ा) पर मग प्रार २४९ गण. मर्प. उदाहरण. संकेत अनुपन्ध सग संग्राम क संज सट सह सठ,स्पट • দিঘী संकेतयति रतये कामिनी कामुक १ रणे सिगति म ए संग्रामयते--संग्रामः कतर ५सायां समाति न १ सपणे संगति १.प्रकाशन सटयति १.हिंसायां सहयति १० (इति शठ-वठ १० सन्तानक्रियायो-सत्रयते पथिकम्योपार्मि- मंरे-सन्ततीकः, सत्री, सत्रं कतर सपति भरणे-सजायांच संचय॑ति गुरुदर्शनाद्वधः १० प्रतिसेवायां दर्श-समानयति गुरुशिप्यास कत मानना ११ अभूतमारे संभूयस्यति पयोवारिणा १ मर्मगे सम्बति १०मरन्धे सम्पयति मर्मति ने सनवि सप १ किले संबर tu भूगस् ट सर्ज स धातु. गण. अर्थ. उदाहरण. अनुबन्ध. सह और साट सांत्व १० सामप्रयोगे साघ साथ साम ४ शक्ती सह्याते मवहने वामुकिः । इतिपह) १० प्रकाशने साटयति कत मांत्वयति शोकाकुल कत ज्ञानी ४ मंसिद्धी माध्यति ज्ञानेन यति. यउ सिडः ५ संसिद्धी मानोति योगेन मुनिः १० मांत्वने, प्रयाणे मामयति वालं पयसापिता क त क मामः १० सम्बन्ध माग्मयति १० दौर्बल्ये मारयति सारः ६ क्षरणे सिंचति (वा) सिंचन निलेन गेहं विलासी-सेक:- अभिषेक १ हिमाया उ मिमनि कुमत्री रानानं १मक गत्यां मीकने मौकति (पा) सीकर- सान्त्र मिच शपम औ मिम मांक सांत १-10भाम मु १ गतो ऐश्वर्य प्रमोमाति मयालेदपीटामयेमुनोनि ( या ) पन्ने धातु. गण. अपं. उदाहरण. मनुबन्ध. ट मुख मुट क १०तक्रियायां मुखयति कत ११क्रियायों मुख्यति धनी संसारे १० भनादरे सहयति युनो हिंसायां सम्मति ऐश्वर्य दीप्तयोः सुरति राना मुरः अमुरः (इति) १ भनादरे भादरेम सूक्षति १० पैगून्ये सूनयनि परदोषं खलः क त पूषकः १० भवमोनने वेष्टनेष मूत्रयति सूत्रणे कलशं क त पुरोधा मूत्रं ४ हिंसास्तंभनयोः मर्यते रविविध योगी १ भनादरे याया सूयति स भूपति मरति तीर्य मुनिः मय सूप ससर्सि ३ ती १०स्तृती क सन सरयति समति विश्ववेधा ४ विसर्ग-उत्सादने समज्यते पिता पुत्रं मृत ज्यते विधविधाता सृष्टिः सति सपः सूप
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अनुबन्ध. अर्प. उदाहरण. धातु. गण. प स्तूप स्तृ ती ग ऊ समुच्चाये स्तृप्यति धान्यं-- स्तूप ५ आच्छादने (त. स्तृणोति (वा) स्तृणन पीतिरक्षाप्राणनेषु निया सप्ता विस्तृत--ता-तं ९ माछादने म्तृणानि ( वा ) स्तृणी- ग भगि ते गगनं मेघ' म्तीर्ण णा-~णं स्तृक्षति स्तृहति जादने-संवर स्तृहति नयति धनं स्तेनः स्नेपनि शब्दसंघाते त्यायति लोक १.छापायां ग्नोमयति स्तोमः क त १बरणे स्थगति १ मंचयं-स्याने पलति धर्म मुनिः स्पर परी १० परिवहणे स्यूल यति एलः ला सकता (इति णिह) १ किंपिचलने संपतिवातेन क १० पायें १.प FREEEEEEEE ५४ धातु. गण मथे. उदाहरण. मनुबन्ध- स्पर्श म्परा परपराभवेगयां पढ़ने कृष्णनितं सदा मिधर्षे १० ग्रहणे लपे पर्शयते क साधने ग्रंपच पशति (पा) सशने पशः ५ सीतिरक्षापागनेषु णाति सम्प पनि पुनं पिता १.इसाया परयति गंगाये मुनिःक म गृत श मा. प १० শদ ती प परति १ -ना. माय मापः सा- स(ा)मति हीत: सलमान १.या अनादरपति प्र हमने (1) sanlad धान गण. भधे. उदाहरण. मनुबम्प. सिह १० दिसायां (किटयति नाल. सर्प विकसने पुरति पुष्पं रफुट राशि १ विसरणे कोटति पुष्पं १० विसरणे माध्यति मोरयति १. परिहामे स्टियति भगिनी पति | । स्याल १. भिनारे यति १ विकराने टियनि বিশ্ব महतो परति गरिहामे भाभा-स्पुरम (1) पिण गरण संघरने परभित्र वो पनि विष्णु भोगी पनि बन पेपर म म्मप. दिन १.भमादरे मएपनि मि
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धर्ष. भगवन्य. विव प १ भिता-गती गयो पतिशोपणयोः वीव्यति रविः पयादी उ ध्यतिमात्राये गंगा सि णाम पनि १नी वायति दुध १ बिहे रिति मपणे भालिगमे बनते १ भारपादने १०भारपारने भा उपसर्गे गवा गति पयोपनि নাম १. বা १ सद पति (पा) पान पति भन: १ वामने एनपी शरमेने ती पाप नं ः १.आक्षेप वे दरबार पण धातु. गण. मयं. उदाहरण. अनुयन्ध. १० गती आतके स्वतयने स्वत स्वस्क स्वाद स्तृ स्वेक १ विधि १ आस्वादे स्वादते स्वादु शब्दोपतापयोः स्वरति ९ हिंसने म्वृणाति (वा) कृणीत ग गिन बकने हटनिचदः हाटकं १ बलात्कारे (वा) हटनिगना कीलबन्थे, तो परीपोत्समें हिदतरोगी २ हिंसागत्यो हन्ति हमति अहनत् निधान कंसंकिलवासुदेवः हम्मति १ गती क्लमे हयति हयः हायनं १ कलमे-गतो हर्यति १ विलेखे हलति १ हसने हसति हसः हासः हास्य निहीते लि डओ ३ त्यागे नहाति गेहं यतिः लिक ओ ५ गती वर्द्धन हिनोति १ अध्यक्तशब्द हिकति (वा) हिकने हम्म हय हय्ये हस ए ३ गती न हिक्क ।
भमुपन्ध. मर्थ. गण. क हरायो या ग पा हेमा १ १ १ भनादर-गनोरने १ आरोशे हिदी भोर भयासर हेदनात विकरणे रिलति रिहोल ने रिटोलयनि १.१.रमाया हमति (बा) रिमगति, कि रिसायो हिनस्तिरि' रिया सनातनया मीण-महानि पायरी विष्ण मटामनमानी जुहोति - याशि पाने, वर्ग मंशाने म धान्यं H R गरी . । १ मा BREEDED PE -- गण. मयं. उदाहरण. अनुबन्त्र ह ह म ३ समधारण नहर्ति परनार्ग दुधः १ माटीके हपति सलः साई श्यनिष्टः टाटं रास उनिहर १ वाघायां हिटति वायां हेटनेरिपुंगली हेठः हिदति अनादरे, गतौ हिटने १ गती हिते १ भव्यकशब्दे हपने हयः हेपा १ अनादरे, गती होडने होटते लुतेदुर्जनं सुननः झलति हगति ११ रोपे लन्नायांच म्हणायनेकमहांतरितापन ह १ गती (अपमा) हयान्हपते हेपति | ऋ होड 乐乐动 मल २ अपनयने चलने १ संवरणे म म म्हणी रासक्ताय हसति १ अव्यक्तशब्दे ३ टग्जायां দাবীব निन्दतियवनसेवयाविनः लि उदाहरण. भनुयाय व्ही १ टगनायो My to the हाउति इडते हडते होडते ल्हगति ल्हपयनि संस्कृत मनीमा हमति ल्हादते पिता पुत्रेण आ- के 1. यकायांवाचि श मुखे स्वने ₹ नलने म हलपति १ मिटिल्ये भरणेवरनि क्ले: पयां-यानि यति (वा) हेगते चाण रः कृष्णं आलयले पुत्र म ए বিনা আর मात्रा १ महतो १ आपाते (माणि) मोडति उदनि भारति भोलत भनि -- १ प्रतिस्मृत्योः -~
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भ. उदाहरण. भनुग्य. धातु. पण. मट पुष मादे १ मनने १त्सने पाते विमर्दै १ पट भारोहणे दिम शछ शिक মায়ায় ती १ मेमने १०सखे मटति योपति योपित् रिफति रेफः काफी रशति लतति लोलति विटति वरति विपते शति सकति मातयति शानपति मुन्दति मुन्दरः रा, री स्कमोनि (वा) क. नगउ जाति स्मोनि (वा) नग उ माति स्तनेति (पा) स्तमानि मग उ स्तुनोति (पा) स्तु. म्नाति स्कंभ ५.९ रोषने कुंभ ५.९ पने स्तंभ म्तुम ५.९ रोपने १.९रोधने समाप्त A -- -
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अनुबन्धगरेता मृगना,
गरपण
प
।
१
२
সানিতা
भा आकारेरफुल्तात्या आदिवति
भावायम्
इदिम नंदनीन्यादी इदिनानुम् घा
निनुपर्थम्
१. {hta
शक्यता
भागातील हवा
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NE TREN इयादा जादा
निएRE धाधम्
उदरमिया इत्यादी उ
दिमा पनि निsrrin
उनि मूति 3
लिमा मापन का
विराग
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अनुबन्धसंकेतापना. ना भर्थ. राम्पि अनवग्य प अ २ - २ ३ २ १ २ १ -- সালমাখা आ | आकार वफल्नइत्यादी आदितश्रेति इमावधिम् १ [इदिनं नंदनीत्यादी इदिनानुम् धा तोगिनिनुमधम् हर रिच अन्यनत् अन्योनीत् इत्या- वो इरिनोवेनि बेग्याल्पाम ईदित उसउत्तः इत्यादा दिन निहाया इतिहण निधाधम उदिम शमित्या शारदा न्याउ [दिनीया इनिइष्ट विकरुपाम उदित नानि मूनि मपति गज दिनोवा इति मंदा मेधिता इत्यादा খুবিধা मर ऋदित्वं अन्दुलोकन इत्यादी नागो- | বিবিচিনি খান। या प्राइविण्यते रस निकरूप मृना.. ३ ३ . - २ २ २ १०२ २ लदितं अगमत् अगदत् इत्यादी पादियादितः पाम इति परम् - २ २ -
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অন্বষাককালা, कौमुदी भयं. सारस्थत. मनुबन्धन यू न २ २ -- ३ २ २ द २ न इनिम्नादिमाममयमगणांत:पालि. अनादिगगमकः संकेत: निरंजन उर्णने इत्यादौरतरित- जितः कर्षभिवाये क्रियाकले इस्राम. यादापा नि मोर इत्यादी मोत का इति पनमानेका प्रत्ययाम् ट इति पोडशपकरणरूपक कहा- दिगणमूमनायः मनः द हितविपण रित्यादी हितोऽथन् इति हि पवित्रमित्यादिनः त्रिरि. ति प्रस्थया कगित् प्रिमर इति घदनि ण इनिम्बादिंसहकप्रथमगणात पानि. फणादिगण मनकः सफेतः सनि अंडे अशापामार माः संता द निनादिसंसारमगण मूषकः संकेत: अधुम् प्रत्ययार्थम् ३ . न २ २ २ १०२ द २ २ -- .
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Yोर. पंतपक. " गुणाति कुणीते नाति नीते " " " परिवेदन तातं तन्ति पीप रवानीपेन क्षजयति शाक्ती ति माने भम' सुपर्ष पा धं परिदेवने न्तान्तं प्लान्तिः लोष रुच्चमीवने सपाति शकी " ६ " २९ मोपने जनः क्षब्ध व्या षं ३ ३ " खहयषि दर्शने सम्म गति सनः सर्व सट्टयति दंशने " " " मति गर्ज सर्पति सर्व सर्व सर्वति गर्भ ४ पृष्ठांक. पंचयंक. मशुद्ध ८ ९ कशति समूलका वघ्ननयोः कालोपदेशे भयमीपयोः काशी संकाच कपति समूलका बन्धनयो: कलापदश मयमीपणयोः काञ्ची संकोन: १८ " १९ " ७ कुढते कुण्डते म्मृते स्मृती लुम कुम कृष्णाति कुष्णांति | बीमारण विस्मारणे कृम्जते ऋन्दते आप्रत्यये अप्रत्यये कौटिल्यापी मावयोः कौटिल्यापामावयो क्षेति कुञ्चति घा घं दुगन्धादस्वयोः दुर्गन्धात्वयोः ९ २४ १ " " o/ टाक. पंतपक. पार. " " 1 260- मृणाति प्रणीते मा ने परिषेदन ता लिन्ति फीव | रचाभीवेन सायात शाको ति माषेने नमः पर्ध पाई मनाति नीते आ परिदेवने न्तान्त तान्तिः सीव एचामीतने क्षपाति शकी सी मोपने गन: " । गरपति दान गायपि दान मानित " " द सर . गत ia " पृष्ठांक. पंचयंक. अशुदा शुद्ध " गर्जति गर्ज गर्जयति गई गईति गईयति गई, गर्धयति गर्न गन गई गर्मति गर्व १७ गर्मति गर्न गर्नयति गर्द गर्दति गर्दयति गर्द गर्धयति गर्व गति गर्व गर्वति गर्व अव्यक्तवान्दे गुना गुष्ठयति क्रीडायां " १ ३४ १६ २ " शहे गुवा गुष्ठयति कोडे गुई. गईति " गुदति " निकेतने पूर्वनिकेतने ७ पृष्ठांक. पंचयंक. मगुर. " गुयति गई | गते (१) गपति गनिमालयोः अन्वेच्या पग्ध पग्धति पश्यति गर्दयति | गर्दति (पा) गुपति गतिनलनयो अस्विमापी - ९ " पति पारपति o पर्म " पति शंद पये पति भरिस पर्णशीर " पूरिसीरः पपने ध्यान पापनि पम पति (B)पति) कम " wire क ६.
पृष्ठांक. पंत्तयंक. भगुर. गुर. चते " च " परिमापणतजनयो. चर्चति चर्चति चर्च परिमापणमसनयोः चर्चति " ७ " ८ " चर्च ९ ४२ ९ चर्चयते चची चर्चयते चर्चा चब वर्ष पति चति धर्व | पद्धति (वा) चय-चति (वा) पर्वपति ति चर्वणं चर्वणं चययति चययति (वा)प. यति संवेदने | हावकृती मावकृती आमपणे आमर्पण व्यसने चांटयति चोटयति हावकरणे मावकरणे चुन संचेतने । " ८ न्ययने " " or पृष्टांक. पंचयंपा. भनय. गुर हावकरणे हानी उर्जने भावकरणे हासे ७ सन परिभाषामनया परिभाषणतनया 1 न | परिभाषणतर्मनयोः परिभाषणतजनयो. गर्ज परिभाषणतजनयो मजति मापति पविण परिभरणभनयो अनि मरगति ममता परिण मलनि " भ माण मा भन्न मानिस)भापतिमानमर परिमाणमयो. म " पृष्ठांक. पत्यक. अशुद्ध. ५२ " " १० नह: १ . ९ . ५६ नवति नरति प्रहरादे महत्ये हेच गई णद नर्द दादी प्रणित प्रणित निस्ते निस्ते स्थौल्ये तगति तहति संकुची संकोचने तपेत (वा) तापयते । तपति (वा) तापयति तन्जयते तर्नयते तर्ज तब्बति तर्वति निघांसायां गतो निघासायां गती स्कन्दनेच आस्कंदने च समाय समायां च वाता वाता समाप्तो कर्मसमाप्ती | गतिवृधिवृत्तिहिंसापूप | गतिवृद्धिहिंसापूर्वेषु " . ६७ ४ " " स ४ गुर. पृष्ठक. परयक.. मर. আধা स्मृती तुम्पति 2:21 तुपति मोनने भोजनेन मरण त्वरणे सूप्यते तूयते सप्पंति (1) तापयति तपेनि (त) तर्पयति १ १० " নি निहनिएती त्वयति गतिकम्ययोः सुंहति प्रहनिपे पुती स्वक्षति गतिकम्पयोः १ " पोति दण्डनीपातने दश दधाति दरनिपातने दंश " १२ " १४ १ दमयते दंसति माग आमेरे " दंसयते गात्रं आर्जन पीक . " पृष्ठांक. पंत्यफ. भद्र विवादोन सहज्ञाय उपतपे अनादेश च सयज्ञाप उपनापे आदरे आदाने ९ ४ दृफति निद्राया द्राच द्रायने दाहः निद्रायां द्वाप दायते १३ " दायति. रामौ रोकः द्रायनि राम्रो लोकः द्वपति (वा) दपते द्वेषति (वा) द्वेषने -- " शुद्धीच " शुनी च १ " अपारे हिसायां कपन केसरपुष्पं नातं आधार हिमायां कम्पन | केसरपुष्पमातं - पृक. पतपक. " " " " ४ कुंभमे जन कुंकुमेन नन घर्पयते घपयने कपनि कपर्दिन उत्समे उत्क्षपे ध्वणति ध्वणति घाड नाद गनिम्यर्ययो गतिम्पययो धनुईवी धनुर्धन्वी याञ्चोपनापैश्वर्यामी:पु यानोपनापश्चर्याशी ! याञ्चोपतापैश्वर्याशी. यानोपताश्वयोशप सचने सेचन न् ९ 00222::::::: न पतं गोगगने मापट्टा पनगो गाने भाषा शिमा ८ शिभुः श्रीप्स पूप्पयति फकति पपने प्यात -- २ बघते
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क. पत्या. यगुय. २० १ १४ ९ युध्यन युध्यत गूपपते युपते पाशी पापड़ी रामश्य रामस्ये रह यति रहति राद्यते युवायवीरः रापने युद्धाय वौरः मंमिसौ वृद्धी रिक्तगी रिक्त रोगी कल्पनयुद्धीनन्दाहिंसा- करधनयुद्धनिन्दाहिं. दानेषु सादाने घूती प्रती गतानस्यास्तेयग्नोटे गत्यालस्पस्तेयोसटे गाय' (पपा) गोप्य (अपवा) रुणधि কি रोहति मृतिकाया घट: रोहति मृत्तिकाया घरः पूर्व गताप मगनी ३ " १२ गौ " " स्वाशपने गती মান भने ८ भरर्सने पनने .
पृष्ठांक. ) पत्यक. अब. शुन. लेपणविलसयोः लपति ८ ९ २ " ग्लेषणविलासयोः लसति मनने मनने लामति मंगैच भर्गे च लांनते - ट ११८ : ته لهم १० स्वलन च " १२२ १२३ लुंट लुट्यनि लुत्यति लुष्ठ लुटति ( वा ) लुमति लुमति (वा ) लुष्ठयति लण्डयति लुण्डयति म्बलनेच पूर्वभावे स्वने च पूर्वभावे स्वप्ने च इप्साया ईप्सायां वद्ध वर्थ पूर्तिदीः पूर्तिछेदनयोः वद्रयति वधयति मुखाप्तिगतिसबोम मुखातिगतिसेवाम वाछति वाञ्छति विछ विच्छ विछति विच्छायति २ १२५ ३ "
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पृष्ठांक. पंक्तयंक. था. गुदा " १४२ " ३ ८ इमील स्मील इसीलति स्मीलनि अवस्यामद्यान्नलं शृणोति पग सेचते सचते सन्नोति सनोति वैकल्ये अवकल्ये | भम्ययो. ऐश्वर्यदीप्त्योः प्राणि गर्भविमोचने प्राणिगर्मविमोचने क्षेप प्रेरणे क्षणने क्षरणे पूर्य (वा) सुर्य पर्य (वा) पूर्य चालगत्या. चलनगत्योः वैलव्य अवकल्ये अवकरये ल आदीमाये आदीमावे आदीमा आदीमावे नीति (वा) मनुने सबः | स्तीति (वा) नुनयः । प्रमादे हव हैव " २ व्य " प्रमदे " पृष्टांक. पंचयंक.. मगर. छनति स्थायनि " ४ गाप्रपक्षरणे . ऐवति स्थसति गाप्रपरक्षणे धमण सठपठ सन्तान रियायो सर्न आने समर्मत सर्च सम्मति ऐचपदासयो घर्षण सठ स्वठ सन्ताननियाय मर्न अर्मने पति स मान ऐशयदीपयोः . " १ १९ क्षति गूषणे मत्रेण आपने उसे भाव उसमो पार्जुन मानः गुन्दा गरम सारसान्तर NER . " रिमाल " पाल्पा: .. " - Tir. संगपं. " मलेगा ममा आगन मनयं-यांन मृगानि १० ..ती नने या मनी आच्छादन मंगये म्यान म नयानि मर्ती ५ " . " বিকন विमरण विमरणे विकाने टयति विकपन विसर विशरणे विक्रमन मंति " " १० ६ स्यन्दते " " " ६ बनने स्यम स्टेको पयोयनि: केशं कुंकुमेने नारी आतके सह स्यम टेकने पयो यतिः केगान् कुंकुमेन नारी आनंके }१५८ १
२१
पृष्टांक. पक्षपफ.
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