Bhartiya Vidya Mandir Shoudh Pratisthan,bikaner
Rajasthan Puratn Granthmala Bhag I
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राजस्थान पुरातन ग्रन्थमाला
प्रपान सम्पादक-पुरातत्वापार्य बिनविजय मुनि
[सम्मान सपासा, स्पाम माध्यविधा प्रतिष्ठाम पोपएर )
ग्रन्थाङ्क ४४
राजस्थानी-हस्तलिखितग्रन्थ-सूची
भाग १
प्रकाशक
रामपानराम्प-संस्थापित
राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान
ANJASTHAN ORIZATAL RZSERRCH INSTITUTE, JODHPUR
जोधपुर (राजपान)
राजस्थान पुरातन ग्रन्थसाला गजम्यानी-हस्तलिग्वितग्रन्य-मची
राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान
राजस्थानी-हस्तलिखितग्रन्थ-सूची
भाग १
प्रधान सम्पादक
मुनि जिनविजय, पुरातत्त्वाचार्य
सहायक
मीनुष्योत्तमालात मेवारिमा
एम ए. (प्रो.) साहित्यरत
प्रवर सोप-सहायक
भौरमामन तारस्वत
शास्त्री, मोतिरावाय
सोष-सहायक
प्रकाशनकर्ता
राजस्थान राज्यासानुसार
संचालक, राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान
बोमपुर ( राजस्थान)
विमाय २०१७
...) भारतराष्ट्रीय शकाम्द १८८२
प्रथमावृत्ति १००
मूल्य ४५.न4
मुद्र-इमिवार पारी साधना प्रेस पोषपुर
राजम्धान पुरानन मन्यमालाके
कुद अन्य
प्ररागित प्रग्य
मागतापापब-१ प्रमागरी-वाति मीणावा गुस्प ...।
२ मारणामा-हारामा माई पामा मुप्प ११ । महागुरुवार
पोपपनाम पामा मुम्प १.७१। .तरमाह- मारवाण, मुम्प
बापमापातापात-4. समर्ना र मुग्म १५ तिरापिसा-4. मौनिया
ट्रम्प २..10 पागल मूर २... पपीति-दिमाममा मृस्य ११
। शनापारावती-नरपि मुम्प २०५।१० गागिरिमपमहासम्प-t. मामी
परमह गुस्प ३५. 1 | पश्निोपरि गमपर नप १२५ । १२ र
सुपर 10 पात्लोग प्रथम भाग-महाराणा पुम्मा भूपति-
रभाकर-• नापारमति मप्प ४०1१५ पाr-. दुर्गामार frti
ब्रम्प । २५।१६ रासपा पानी-मोरामार पुस्प १०। पर
frnम माम्मापा मा मुम्य १११ । १८ पमुतापी-गिरामानिधि
श्रीपणा र ४. रमपित-frareममा मूग्य २..।
राजरानी पोर रिसी पापा पाप- पारो प्रापरि पपनाम पप्प
१२२५। २ गमगारामापरि जान पुस्प ।। मागारागा-नार गुप
100 पोपीरागरी मार-महाnि मुस्प ... । परापानीमा
पर पाप पुष्पपुगम रिमागरीपन पुष्प १.१।७
महा-मापा पूर २..। ८ भामा-
बारामती, प..
गगाहार पुरातारापति एमनिगिर पारी मृषी भाग भूप...।
१. मुलानीसम्मान भाग १ माय. राम बनायी
पास २५ । १२ बवारी नितिन बान ..
सयाजकीय वक्तव्य राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठानमें मार्च सन् १९५६ ई तर संगृहीत ४००० हस्तलिखित ग्रन्पोका विषयवार सूची-पत्र हम "हस्तलिखित ग्रन्योंकी सूची भाग ।" के रूपमें प्रकाशित कर चुके हैं मौर मार्च सन् १९५८ ई तक सगृहीत हस्तलिखित ग्रन्योंका विषय- वार सूची-पत्र सप्रति यन्त्रस्थ है एव शीघ्र ही प्रकाशित होगा। प्रतिष्ठानमें सस्कृत, प्राकृत, अपघ्र श मौर हिन्दीके साथ ही राज- स्थानी भाषाके हस्तलिखित ग्रन्थोका भी वहा सग्रह हो गया है, मिनके सूची-पत्रकी मांग सवड विद्वानों मौर भन्य जिनासुमों द्वारा बराबर की जा रही है। वस्तुत देश विदेशमे सर्वत्र प्राप्य राजस्थानी भापा-निवद समस्त हस्तलिखित ग्रन्पोका सूची-करण एक विशेष महत्त्वपूर्ण माय है, जिसके लिये सुचारु प्रयत्न होना अपेक्षित है । इसी दृष्टिसे हम राजस्थान प्रायविधा प्रतिष्ठान, पोषपुरमें मार्च सन् १९५८ ई तक सगृहीत २१६६ राजस्थानी हस्तलिखित ग्रन्थोंगी प्रस्तुत सूची प्रकाशित कर रहे है। भविष्यमे भी राजस्थानी भापाके हस्तलिखित ग्रन्योंकी पृषक सूची प्रकाशित करनेका कार्य चालू रहेगा और यपावसर थे सूचियाँ विद्वानोंके सामने प्राती रहेंगी। इस प्रतिष्ठानमें प्रपवा भन्यत्र प्राप्त होनेवाले वयकित सग्रहोंकी सूधियां भी यपाक्रम उपस ग्रह-सूची या परिशिष्टके रूपमे प्रकाशित करते रहना हमारा लक्ष्य है। प्रस्तुत सूची प्रकाशन-व्ययका पशि केन्द्रीय भारत सरकारने प्रान्तीय भाषा-विकास योजना अन्तगत प्रवाम करमा स्वीकार किया है तदप हम प्राभार प्रशित करते हैं।
[ २ ]
जिज्ञासु पाठक और अनुसधित्सु विद्वान् हमारे इस प्रकाशनसे
लाभान्वित होंगे, ऐसी माशा है।
मुनि बिनबियम
सम्माम्पसभामा
परस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्मन
पोषपुर।
महाशिवरात्रि वि से २०१५
भारतीय विचा-मबम
बम्बई।
राजस्थान पुरातन प्रन्यमाला
पुरातस्मादाय मुनि बिनबिनय द्वारा सपारित पातिपय प्रन्य
१ त्रिपुरामारती पुस्तक - मह्मपपिमपतिव
२ रामप्रीप - सायम्पसाय
करमामृतप्रपा कवि सोमेम्बरठाकुर व
४ बालधिमा व्याकरण
अनुर सपामसिंह
१ पारिनमम्पा - प पप्पमिभक्त
१ मुम्बायोपारि प्रीतिक संग्रह . प्रने विकृतिम्प
प्रास्तानाब 4 रघुनाबस्त
कुर क रचित पदाप्ति (प्रात)
रे एस्तिरलाकर 4 धासुन्दरमणि
१ रहोगरीमावति • रागस्पानी भापानिपट ऐतिहासिक रचना
११ रामस्थानी सुभाषित संग्रह
१२ इमोर महाकाम्प मयपत्रमूरिस
१५ मभिरत्नानि परीक्षा प्रन्य संग्रह
विषय - सूची
पृष्ठ संस्पा
विषय
१ परब-मची-महाराभिमसे
२ परिमिष्ट १
कतिपय प्रालीका विशेष परिचम
. परिप्रिष्ट २
पबहार नामानुमषिका
१.१-१m
१४-१५२
राजस्थान प्राध्यविधा प्रतिष्ठान -रामस्पामो हस्तलिखित प्रप-सूचो माप-१ ] भिपि समय पषमा कत्तीपादिशातम्प मा विप उस्लेखनीय प्रबनाम पाटी ११-२१ • पारीमा नीतिगये २ .(१) १०-२२ 01-1 H ४ २५(१) भावनि निमसिह मूरि मासिका १२(२२) गरम बिचार १९२२ पंचना बोबाई १५वी १.पा पुष्पसागर H ८ H (सचिम) पि, प्रारंभ १० पुल- सापर वाली प्रति से मिलते .रचना निक नोमय पाम पीही, मापत राय ११ २४ . १९४९ १९२२ अन्तिम पर मुटित प्रेगना राष ११४१९४(१) प्रमना सती राम १२.१० प्रबल सतीगो रात ३३५५५ (१) अंजना तुंबरी चोपाई १४२८. २१ १०२-१२ मि स्पा पागोर मि स्याहीपासर सपना सं० १५१ सांचोर। नि FIL.कारणाम ति या पा(वा) रीमामी बरा प्राम २७ १७पर H भुवनाति ति मा ग्रपूर
विषय - सूची
भिपयः
पृष्ठ संस्था
१-१०५
१०१-१४३
१ पम्म-सुधी-प्रकारारिम्मसे
२ परिमिष्ट १
कतिपय प्रावों का विधप परिचय
३ परिमिष २
प्रचार नामानुभमणिका
१४-११२
राजस्थान प्राम्पविता प्रतिष्ठान-रामस्पामो हस्तसिसित पंप-सूचो माग-१ ] मिप सत्मेवानीम कर्नामादिशात्म्म मिपि समय पण सध्या प्रम्प नाम १५-२९ • पाटी के नीचे नीति के पहे। पंग पाटी ७. १५-२२ होरमसम होरपतन ४२८१४(१) बानि विहि भूरि प्रासिका L/२(५२) अंगरकप विचार १९२२ अंगना बोपाई ४०१८ १८५ (सचित्र) १७वी १८वीं १७१ १.51 पुष्यसागर २. " ४५ प्रारम १. पुष्प सापर पाली प्रति से मिलते है .चमा ११० लि. मोतपर प्राम-पीही, म्बापत राग्य २४ । ४.४. अंगना रास ११ ४११४(१) अंगना सतो रास पंचा सतीनो राह १५/३५५५ (३) बना सुंबरी बोपाई १९२९ १८बी अन्तिम पत्र वित १०२-१२० ति स्वा मायोर लिया होयारेसर रखना . ११५ सांचोर में लियासकार प्राम ति सा पा(मा) रोमानी परा प्राम मि स्पा सयपुर , " मुक्नीति प्राण प्रतिकार-रामस्वामी हस्तनिश्चित पप चो, माप-1 ] २ - समा प्रबमाम कामादिशातम्म लिपि समप पा संम्पा विप उल्लेखनीय - २२६७ २२२३ अंगना री बोला भुवनकोति २२ सि स्वा बीकानेर प्रश्न भ १९११ १७२२ पो " प्रपर माम पबमबप्रिया प्रजमा दुररी हनुमत परित १८बी तिमी मार्या होरी बीकानेर में सिमित १. पुष्यतामर पात मुनि (1) . निस्वा पीपार मि स्वा पोरकर माग प्री में सिक्षित भावदिनप १५२२ १९वी 1 • पामगणावर में विलित ५२८१ २४ १२२. २१ ६९ २१ अंतरिक्षपाबमा २१.४(२) रोवी रात २१ 1८२२ परिवार रास २२१२ प्रधाजीडी मारतो २२४. १२ २८९५(२२) नारा मात ३२. E. प्रतिस्तोत्र २२.२(१) प्रहसनामा ". प्रकवरनामो ७ (0) प्रथम महारत हात मंगसमाधिस्य पिदार स्वामी पुप्ताह २०ी १ N M P १२२१ २ मपनीमाष १ १०दर जयपुर में जिन १४ ४९-१८ रागामान प्राषिया प्रतिष्ठान-राजावानी हस्तलिखित पंच तूपी म] [. का प्रापिशाचम्म सिपि समम पत्र संख्या पिप सोशनीय सुमति हर्परत मिष्य ५५(२०) पतरो मात २५/ ११२४(8) अपमत्त गोपा ६२१ प्रपम्तोबय तवा मुरम विचार ४१ १९६२(१४) पचतात हौधौरी पापा प्रमापुत्र बोप १५२९ मुमतिप्रम 5 १२-११२ .६० १६१ में रचित १ . #. १५२२ में सापोर में रपित ति वा बालोतरा १२ । मुं. १९६१ सोनी प्राम में रचित जि स्वा (कपुर १२५-१२१ १५ •बाप्पा में निषित ३५.१ R १५ो . M १६षी २० M mum(१) प्रपिततिपनीरी पारता रोक्ति ४५ २३६८ (४) सोतोको ro प्रति प्रशिस्तक ४८ ११४५(२) (५) ५. () पद्यावीस ममिस्तवम २१२(११३) प्रसारमार बनस्पति पवन १२ २०(२०) प्रबारमात बोगाई ५ १५४१(१) पनवस १४२८२(१२५), अस्तिबार पत्तन रागावतो ११ | २०४२(१) प्रतिधारमा स्नात्र विधि १२०(१०) प्रगतबारको कपा २४-२५ २४१-२४ १४-१७ पर्मबर्थन ११-१४ हीरकता मानासाह ११८२ १-२ | मगरवाडा म मिचित भाष करियम () पय मोत्रीय । १बी पिराप उस्लेखनीय रासापान प्रायणि प्रतिष्टान-पानो हस्तलिखित पाप धो भाप-1] कर्जा प्रादिवातम्य पत्र संस्था लिपि समय १८ प्रम्यापम पीता कर अपूर्व प्रथम प पर प्रप्राप्त पाही में लिखित अम्त भरेकरमदेववना बोपा मापी •ाई सिरबरी लिखित साबरमये .स. १.६५ रपित ११२-११४ २५ पापामविचार .१२४ १५ रामसिप अध्यात्म रामायणमापा १५ो 10 wom मिरात प्रप्यारम मारमाना h १२१-१२४ २१२-२१५ २२.३ १५६७(३०)मपूरा पूरा १२ २१२(२) पपुर पूरा १८(११) अनंतचतुरमो या rer(१५) पनत पत रास (११) प्रताप साव(ब)सारी बाता १४६(8) पतराय माप(ब)नारो रात प्रमापी संधी गरिमात . ४ १७११ देमो ८ पपूर्व जैन पिमती सहित २०ी २०पी - १८बी २४ सिमपुर में लिखित सिपासन बत्तीसी पंतपत ११४२ मायरोप्रान १८(१) प्रबरी पायावती २७४२ पानावानी २०४८ ७२ / २३०४(३)/ोतानी मारता १११२४(७) प्रमगडमार रास सतौरास ७.
राजापान प्राध्यमिया प्रतिष्ठान-राजस्थानी हातनिबित पंच सूची माग-1] अमा पब माम मी माहिमाम्य बिसेप उत्खनीय तिपि समय ७४ २८ मनपरेवतरि पम्पनिमय १२. परमप्राय यलोके प्रयतरपई १५१ पत्र में प्रम्प पन्ध ४ मुनियों को साक्षी है पत्तन में लिखित मिल होरकसपा १५ची १५ २(११)/ प्रमिमारिका वन पीत पारि ११२४(१) प्रमरतन रामा परि मंत्री रास २-१८ ४७ ममररत मिपानरपरिधरास देवगुप्त बामरीवर प्रथम पत्र मप्राप्त ८११०३ मरचित सं...मेरचित सारण मम्प पिपरामग्राफ विष्य मिषित २८ २५-२५ | २१६८(२) प्रमरसिंपनी को सिनोको १२१॥ २.१०(१) अमरसेन बपरसेन बोपाई अपर १७७२ स. १७.० में रचित पत्तन में १२ १८ची सं. १९९५ में सांगानेर में ररित पुष्पीति विजयह तं. १९९७ में पानोरम रचित पा १० १९वी २०७५ सरास ११२२(१)| प्रमस रो र ११.२ प्रमितसागर ४२.५ २. २५ ३-४ २२५ २०४ सपा प्रतापसिंह परमप्राप्त 40 1 t राजपालापरवा प्रतिष्ठान-राजमानो हस्तनिरित प्राय सूची बाग-1] प्रमा अम्बनाम पता प्राविमातब्ब सिपि समय पत्र संख्या पिप सम्मानीय सपा प्रतापसिंह ११ मपूर्व M १८ प्रमिलतागर EL 4" २५२१ प्रपनामकरण विधि पारि प्रपती २२.४(२) प्रपती जमात वाप्याय 3 पातिहप १५१२ मि पनापत सम्मा पामे पा परमास " मुषितनिधान १८२५ मुबाईबपि में लिखित क बिनोतबिमल १५ो २ २१ २२५३(६) प्रकर्षन २४१८९ (एम) मग पोहा २४ wom/२) २११. मन मानोरी चोपाई परवर हमीररी बात २८ पर्यापन मोर २६२८१३(३२) पति शमसार परहमा पनि परि १.१२८३(३) पाप मनुवार परतार मौता (परित ) २२१५ ०२४ मवतारहित १.१/७२ बिमहर्ष मुरि ११पी . " १५२६ पूनरासर में निश्चित महरितात बाप २१. १९१४ mहरिरामबीरपषीरा पनोर म निषित रामस्थान प्रात्यषिता प्रतिप्यम-राजस्थानो हस्तमिलित पम्प सूची, माप-1] कत्ता मावि जाम मिपि समय पर संस्था विप सम्मेखनीय बिनहप - १८.१ १५वी प रचना स. १७४१ २१-१४ १.८ ११५(१२)| भवती मामात बोलाई २१४१ ११. | २३०४(८) १५१ (२) ११२ (१५१०१३) मातीत रातो पापपरोला ११४ | २.४१ प्रपप्रकार पूमा बर्मन T २ गयरत १.२१ २०ी १४.-१४५ २१६-२१ २३१-२१२ ११०४(१९) प्रप्टमीमा ११७ १५७५(४८)| तबम ११.१४(२४) प्रमानी परतमो रारा ११९ | १५४४(.) प्रवापर तीर्थराज स्तरम १२.१५४१(२) प्रप्सरमा परम्प १०. मक्षय तृतीया विचारावि १२२ २८१३ प्रापमान बोपाई (कुमति विर्ष समापिकार) १२३ पानमसारोवार १२४ । २०११ १२५ १५६२(१६) पाठपहोराहा २१४. पानी सपि १२७ | २१७ २० १५२ १२वी १६२१ १ होरकतम २०२-२० २बी १.२४ भीसार १२ . सि स्पा रामतपेसा रामपान प्राध्यरिणत प्रतिष्ठान-रावापानी हातहितित पाव दुबो माग-1] पिप सम्मेपनीय मिपि समय पत्र संस्था कामादिमावस पाबमाम १८बी भीसार पानामपि बर-७ १२६ २२१. १२५ १२.१(३७) ७ . म १८वी २३ रचना १०४२ तिमरी प्रान में सिमित पर्ममपिर १०२ १८ २०ी प्रात्मप्रसारौपाई १॥ ३५४८(१) पात्मदोष सम्माप १३४|११०(४) प्रामसंबोप रास १३५१५७५(५२) पारमोपरि साप्पाय १५.१५(५८) प्रारमिन बहुमी १५.१७() ११.१५(२) पारिप पत पदा बनारसी भबिमत विरा समयर सूरजी पार २२०-२१ २२-1.. ४-४५ २२२-२२५ १८७१ 4 १-४२ M h पर्पमान १५ १५५00(२) १४.७६(१) (पोटी) १४१ १८१५(२) प्रारिमाप हमारी ११२३५४५(५)| प्रारीवर बीमती पानरमरि रास १४ पार्मर पापक १॥४.२ ११(१२) मानगो दोहे m/१२२(२८), पागोनो -- २१५ २२ मिक साम्यो राना गाडीमा १५ ] मिक स्वभा पोसार तषि H 7 कमोदि 1-3- 4
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रामपाल प्रतिष्टान-रागावामी हस्तमिलित प्राप सूची माप-१] एबमाम मत प्रातिप्राकम्प मिपि एमय पत्र संख्या विपरस्मखनीय भिमपसमगमि पर पापापविधिकरण १०.११२२(५०) पाया पुरासरी माता पापायाभूति चतुरित १२. प्रापानभूति बमा १४||(1) " २ भावप्रम कमसोम H २०१४ २ 1 १७० २५३११ M M H ममतागर H . . ११ . २.१५ २१५४ १२ ८१८ H " " H . M . " ३ २९२. १६ (११) पातपानगोरी मारता २६८१ प्रामाविचारवीत .०२ इपकारीतपी १२२ सरी बेमराज १ रामापान प्रान्पविद्या प्रतिष्ठाम-रामपानी इस्तलिखित व मुशी, भाग-1] कर्ता प्रारिमातम्य सिपि समय पत्र संस्था बिसेष उस्लेखनीय पनाम गराच " इतुगारी तपो १९१ | २२१(१) १९२१५() प्यारतकोया-पत्र इगिय-पराजबातक 1-1 | मिसनगद सिमित ११९-१२. अपूर्ण साइमार पोपाई TRETT १४ी हमाचीकुमार रात • रचित श्रेषपुरम २.n ३०५५ १८७२ २०६८ १७ १५-२२ २०-२५ २२ २०१७ २.1 | २१७४(३) २.४ २.१ १.२२(११)| चमन १५पी १च्या मराम ४ मिरी पा पिरो एक १६षी H २०७ २.११२९(४५) २. २०० सिरमिता २१.er(२८) / रमतीती भावना सिर १-४ २ २४६-२७ रागाननिया-राबरपालो इत्तसिमित वषो माम-11 1 [ १२ पिप सस्तेयनीय ममाम पा प्राषितम्म सिपि हम पम सम्पा गतपयुमार बोसाई विनइप १ स्मिा मोपपुर १५ बोरापुरमें सिमित २११११७४ २१२।१२१२ २१॥ गतरामपर पाबातारकोष 1.10 उत्तराभानीत क्षतिगतरो २१६ १११ पतरति गोत २१४ २२ मत मानी २१८ २१ २२४३ गमप मेात्यारोपवरों २२. (4) पुरी पनत २२१ परमविकिपात २२२ १२००(१५// पी राठो १२वी ११२२ १२वी १५२९ " गरपुर मणिम साताब । रामा २ १.१-११.सं १७५७ में रपमा मुरबार लिखित २८-११४ मदिरा मिबित रबमा १.२६ या पर्वत •पातृणममें सिमित पौहार १८३५ पोमाता पाए २२४ २११३(२) रपरेनसत्तरी ५२५ ॥२(1) २२१ ११२२(१)ता हावीरमान २२७२(10)/अपरिगरेमना २२३७१(३३अपमरेगी मौत २५ ४ अपापाजो (पात) २५ १५२४ कत्ता पारिशावम्म मिपि समय पत्र संस्था रिपेप उस्मेवनीय प्रमाण १५ १०२१ १८पों २१२ अपमषिवाहनो २॥ १५॥ (२०) २१४१.६ पिभापित प्रविमापितकुमार अपिमापितहमक २.5 इपिरना २१८ | २३.(4) एकापिर वाराही बात २४. (१९) २४१ २(५) २४२ | ४११५() २०७२६१ एपश्चिति स्वामक प्रहरण २४ २५011) एतरारो पारता प अपूप सिरसेनमूरि लिए सुमतिहम माहमय चोपाई RC प्रथम पत्र प्राप्त २४२१२२ एबारधी सा २० १४८ | १२८४ (४) २४९ कपा मापा (गण) २५. ४२११(२) एकामी कसा संग्रह विष्णरास हरियास N १९वी २६६चार्योका संग्रह .९ वार्मोका संग्रह सिक बोगी मानाराम लिमा, सोनुबास (अपपुर) एकातरमाममाता रतन पौरमान ५ राजस्थान मारिया मतिप्कार--राबरयानी हरवलिखित प्राव भी, भाग-1] जमाए पापा प्रमादाम प मालिमातम्म तिपि समय पासमा विषेप सीखनीय प्रेमान .४ २५२ बोला हरण १२८ २५४ 14 पौरमपुराण भाषा पर २५४ | २३.१(३)निम्नन पररात १४-१५ पृषीराव १९ों ७१२ १७२२ १७५५ T २१७ १८९०(पापमो मेलो २४ २.७. पर २१.१०(२) सरोह २६४२ २१२ २१॥ २०५४(i १२० तिकालय लिश प्रीवलीमाय H मर-१.. २१९me)महीनापन हामोरो प्याडतो ४ H . १पी २६१ २८२५ पनगी ११ .
रामस्थान प्रायविता प्रतिष्ठान-राजावानी हस्तलिखित सूची भाप-13 सिपि समय पत्र वा पन्चार मा प्राधिमाटम विशेष सत्सेखनीय प्रम्बमाम १५पी विचावितात पावर दोपो . २ २.101(१५)/ पालामास २०४om/२.)/सानिमय २०५ काहाकी पनापती २.६ २. ४.४६ कामकाठी बोपी २७-०२-(२२) कपाल कपोत पपोतमारी पारता २५.१५०(२) बारीकी मामी मानधिमत बिनाप १६की अन्तिम पत्रमप्राप्त स्वी १२ १.९-१० २८१५-(B) २८२ २१२ परमा चोपाई जयरंग M २८४ ९१ H M H १८१ १८ची बयर २बर २२.५ २५ २५० १९२१ जपबना चोपाई २८४.४०(९) २५१ २८. १८ २२ . म H खतापर कि परब म १५वी प्रपम पम प्राप्त लिए पापा हीरा २८१ २०१२ पपरोणा मन्दिर -- . --- प रापान प्रापरिक्षा rem-रासापानी हमतिक्षित प्रपथी, माप-१ ] मा ! पापा कर्ता प्रातिमातम्प सम्पमाम मिपि ममय पत्र संम्पा विष उम्मलमीय प्रेमान . मो(२)ता हरण १२बर २५४४१ पौवषणुराम मापा पग २५. २१.६()रप्पागल पिबारमात २५० १८१८(४)मनो बेतो २१ २०७. २.८५ २९ ..(२) सटी हितमरास पूरीराज १७२२ २६२ ३१४५ २६३११४-(४) ४.. . २४ मि. भापश्चिम लि... प्रीतसौभाग्य H २१५/11मसोता रमन ४ परमपि गयी २.. २९२ P साही २ २ mult M *.
राजस्थान प्रापविमा प्रतिफान-बमानी हस्तलिखित पत्य ची माग-1 ] मत पारिसाहम्म सिपि समय पर्व संस्था विष गत्लेखनीय २.१५(५) कामात २०४(२०) कलातरम्प बाहोंकी रमावती २७५ २.४७ विवाधिताल भावामोपो १२४-१२६ . १२.४ मालबिमम चिनहर्ष २५ अन्तिम परमप्राप्त १बी २७८ -०२-(२२) पासवान पोत कपोतमीरी बारता २. | १९५.(२) कबीरबीकी पानी १२ १.1-150 १८११- लिक रामबाट A १२वी १५२॥ व्यवमा गोपाई बयरंप २८१ | १५५० (१) २२ २०१२ २८, २८४ २१५४ २२.1 १८ २१ . h बरंप २८० १५.४८(१) 01 १५ों १९८२ २२ 4 H H " पुखप्तामर १८वी रचना १०४१ हि.. भरव प्रथम पाप्राप्त नि पाप हीरा २६१ ४.४ २०६२ मतिमेवर १ हान-समायो हस्तसिमित सूची भाप-१] मा पार । प्रापबाम पारिजात मिपि मम पत्र मसा बिप उम्मेवनीप २५ २२४ २०१० ७ मात हार भापा पाहताच प्रकार पमित है म २५ पपपर मति २२१ १४.1 मापा मादेशति है . २४१-२१५ २२८ .." २१ ४१(1) ... .n(R)मपत्तीती १०२ १११२५(१२) सगर १५२. २०ी भी - मुलतानने रथिप विश्यमा एपी ४ कसाता चोपाई मामाहाम्प १८१८ 1.1४.९. भीमार ३.९ . १.१ १२(११) १५ २०ी ११२ १२(५४) n पोत मावि mm२(१५) १२२ रार प्रमाप पा प्रारिवातम्म प्रपा मिपि समय विर्भप रस्मेवनीय पत्र संख्या १८ ११४ | (२) कपित्त गोल पारि ११५ ११२२(५६) ११]unl ध्यारा महा प्रह १२(१. १५.(१४) १८को " केसरसिप १५६-१४१ १५वी H मिनहर्व गौराम १ी २४-२१ . १२५ १२१m२(२९)| १२२ २(n) दिपा माथि २१m२(११) सप्टापतीचा १२४ २८१३(१) यसरप १९१५(१५)गरी मस्त १२ २१॥ काठियातोपा १९०/१५४(५) (८८७ १८४२ १९वी १८४१ १८बी १४ १५-१७ H . प R प २.बी १२ ४.११ ४.. विवाहमो १५२(२) कापा नगर कार १.२१ कासकामा सर २११५(३) बालकाचा जपा १४ महान मापा . १९ो मम्मोमानमणि गरासार सम्पत्ति प्रनिटा-पानी एतिपित प्रायची, पाप-1] [१५ पाबमाम कर्ता प्राषितम्य सिपि समय पासपा पिप उस्मेपनीप २०४ ११२७ २ सपणे ६-८७ १८१४ रातिशतोष Nursia) नानिमागे राहा-पोरठा २१२ स्नोतरा पारती 11१२४ टीपारतो ४.१२ कामीमामामय पायो कामबिपाम २ H १५ी गया है समित भर २०ी ११-१.४ प पर्मपर्यन १७२० २१-१.४ नि मापो २ | ११(Rळ पोहा पिण्मीतमी भारता तिमीरी रामा निपावारनी पम्स १३() २१४ सन पाहमारापेमारता २१(१०) १५.(२७) कुपति रामो पुमति हिमाई मारपान रात २१२ RJt.r(१) पावातो पौषमातागोपे का D १५२१ ११वी १-१४ १८८. १.८ । होरकसम १-४ दिकापातामा परापान प्रामादमावतOP-UNIना ताना-17 4 कर्ता भाविप्रातम सिपि समय विशेष सत्महनीय पा संस्पा १९१६ १५४७१७२(१), केवात राबाडीमा १५५ १५००(२) देयकास प्राधिक ११२३(१४) मी मौतम साप १५५ १५०-) अप्पपनार्ष २५८ ११२२(१९) फोटेपरनो पर कोकमाष पापा (साम बिलास) ७॥ ३११-१२५ विसराम (1) १४ी १बी ६ हीरकतप्त हीरार ११२ " १८ची १ ५ो समान १५२२८४(१) परतरमुपमाम संस्तन २१ २०१५() बरतरामिणच्योत्पत्ति कम्पय (५) पातच भरि विचार १(1) विचड़ी रासा बीपी मालबासकी बात 1-4(२) पी(वी) विरी बात २(१५) पबला मातात्वीरीनीसाची १९४५८८ औरसिडि पर १२(४) तरपानजीरो पर १५५ (२)तमानीरो कम १५॥ २१७४(१२) बेमासानो राप्त 1ur १८६(५) पाकमुनि बोमती मान कबीसर १४.८ १५४ लिक चतुरमियपनि भिमाननियम महिमोपप १२१ १८बी १६षी समीरतम 11-४. ४-७ २२-२७ [२. पान प्राररिण नियाम-रासापानी गतिषित पाय धी, नाप-1] पत्र मंग्या निरोप उम्मेपनीप मिपि समय जापारिजातम्य पम्पाए २.बी १२वी २०८ 1(r) पनि योहानी M() मारी गावं स्तबम In(१४) पनि पौरतो १४ (२) परिहाईभर या 101(११) परमात पीत ११२॥ पालीयो १५वी २४-४ पून मप्रति सव ए - प दूतावपि २०ी मपूर्ण नि.क सहप १८९० म H । १४ी २०५२ १४१५(२२) बाध्याप परमामाम परित्र १४१ राम १८७ गणपरवारानारदोषबावा २८९(२३) परिवार कोई गमित र साठी रोहा १९. (९) पनपनी प्रस्तापनि ५११ पतेपहरण निधि १२ | ११२(१) परम पितामनी गोत्पत्ति स्तवन २२६९ मापादेठोरी बात ॥ ५(३) पारस मारली हीरकसम महिमोग्य १७५७ १२. २ पोसार १५ची २ ११-१५ राजस्थान प्राषिता प्रतिष्ठान-राजस्थानी हस्तलिमित बची भाप-१ ] [ २१ प्रन्य माम कर्मा प्राषिशातम्प मिपि समय पत्र संख्या बिशेप पम्मेखनीय TRT अपमात बारता १-२० १४-१६१ २०बी ५४ ११४-११५ ठी तम्पदास १८वी प्रत्य पर मप्राप्त सरमाय १२८ १५५६(3) गिबोसोरीचा १९७ ११५(२) ११८ | m4(४) १५५ ३५१२(१८) गोरको बारता भिरलारकी पचत ४.१ ४.१५(५) बोत ४०२ ४३१५(१५) गतयोविन्द भापो ७५१८ ४. २(२.) गीत सबैमा पारि २२. ४०७/१०४(१) गीता महम्म्य ४. २) पुजाकांचन संपाय . ११२३ (२३) पुरी पारसमाप कर १११(२) पुन एकापनी महात्म्य ४.२२ पुनार पुषापली चौपाई ४१२ ४१५८२. ६.२५ १४२ १० मवानसिंह प्राषि २.बी १२ मांगा मै अपि बीप (1) १४ी २२-1 १५-२५ २२ २७ लिभार्या भाषी २. स १५५७ में रखना लि मनिषिविनय राप्त १८॥
ARI गाया प्रतिम-रापाती हमतितित पापी मान-१] [ २२ मिति समय का प्रारिमातम्प पिपेर उसोवनीब पब माम -- । १७३४ २१-१४ 4 १७/२०१५(३) पुनमार भान ४१५२(२) १९.११ पुमहरित पुजापती चोपाई हामवर १८ची १५४३ H २४ २१ २-४ १९७१ स १०४ मत्चित पीपो ४.17 पातिहर्ष पतसागर १८७४ १ची १०१८ १६ N H १८८१ १८ ४२४ मुनापती पुरोगात परिशो पुपारनी भूमिकाम राम १८२ पुनारी पठ १.१४ ४२९ (R), गुप्ता ११.४ पुरेसारी मा १२ (1) गुणी महती RE(१२१)| पुष्परामरापुरमी ॥४.१. ३१ (२३) गोरीनिम तमन H २०॥ २३-१२ । २] दुटित पण 1.04 १७६-100 १२ १०४-१.१ होरकसप पाधिमत प्रतिबिमा मोडीवीरोपण १८२४ २.पी 100(१.) गोरी पारय निमा पपातरम समयम ४५-४ रामणाम प्राप्मरिया प्रतिष्ठान--राजस्थानी स्तमिति प्रष सूत्री माप-1] [२१ कमाए का माविमवम्प पत्र संख्या प्रमाण भिपि समय विषेप उम्मेखनीय उपसेवक प्रोतिविमल मेमविषय १-२ H १.२५ ४ ४ लिक मुनि संपनी १८८५ H मिनमूरि सम्यगर जयवंत ११. १० ११२२(२१) गोरीपार्म पर २.११ २२१॥ २०१२ mmam(1) गोतम रामा गोतमपण्या चौपाई बाताबर्बोच m.1(७), पोत्तमतपुस्तान स्वामी रास mm | () mam(११) पोतम राप्तो १४ भोपीराबापर ५४() मोरममापीरो पर १.२७ पारपसमोर भाषा me(s) १५४५(३)| गोरमगीरोपण ४२११ मोराबारतकमा कोषात १५(२५) रीवात '२.५-२१२ १ १०५४ १. १२वी १५२८ समत १११-१४१ भाग्पविषय हेमरतन mr] १९पी २१ [ २४ मारामाणिनितानरावरपाती हमलसितिष यो माप-1] पता प्रारिशासम्म बिमाप भिपि समय पश्वा विप उत्पनीय तापोडय १७११ . H २१ + १७ मैं रचित १४तियाँ तह -१५ सागी रक्ति १-१५ लि.. जयप्तीपाप म हेमरतन " R | पोकारलाई ४. प्पा मारि गुरका १२ | RAM Our(३) 11) मोरात्वोचलो समपरोरुपा पोगर (1) मा प्रमोटर त nam(m) गौराल पारि 10/110() पौरापर परिवार मापी अपम पापा ११५-११ सारपसमय १२वी म M H y २ H २ सापक १७r परिवार (४) प्रहार उत्त . प्रतापवतारिणी तिथि १२४. १२० पहरिचारा ४०२९ | पटीगान vorm२(१), पुष ११२ १५ची 7 १२॥ तम्बापी विचार अन्त में नाहरवान राबतिपातरो PM राजस्थान प्राषिया प्रतिष्ठान-पवस्वामी हस्तलिखित प्रावची माग-1] प्रम्ब माम कर्ता प्रातिप्रातम मिपि समय बिपेप रस्मेवनीय पत्र सस्या १२वी ११-१२ ne | १५३(4) पोगवन तवा पर्वावर हा ४८.२४(१०)| पोगरा बाराम at m२(es) ४०२ परपरपीचरपई ४८५ बरसठी (पोनिमी) पार तपा १५बों तमयनुपर २. १५ची २०ी १४॥ ४४२१२३(२) बम्मेवनी van(७४)/रबरो स्तवन चतुमपुरवातकिरत ४- २(१) पविमति बिनमनपर संस्पा रोनती हौलमा ४८ २01() निति निमपंचनाम्यानक स्तोत्र ck (RR)| स्थानक सूची ४१. १९१२ बी समाधान ४११४(१०)परितालाप गोत ४१२ चातुर्मातिक प्यास्पान बातावबोम | मुरड १२वी १०. १८बी २४-२४ २०३ ११२-१३ १२ । h ४२४ प्यास्पान पति । ७२५१ पार भावना (पथ) १२६२ पारिपत्येक पुरावरिण ve८ ५६(१०)| बागरो पम्प २७ समयनुम्बर कुनोताम २०ी प्रपम पम प्रमाका रचनास्पत-सोपत १५-६.
बरपान प्राप्परिणमिठाम-जापानी हामिपित पंपरी भाग-१] [२१ कर्जा पारिजातम मिपि सपर पषमम्पा ग पिप मननीय २ १०४८ रचना Ye ११ t १०.mu( H १२ Porn(), चितो बोपपुर परमेर प्रारिकी ऐतिहासिकौत १५ १२१-१२५ १८ रामविनय साध्मस्थ । १५वीं . १४१ जिन पपावती बोराई 101() भूत बोड़ातीपो चौपई Rai() त्तत्र विधि १.२०(१४) पेपन पौत २११.१.(1), रासको वापी ५१२ (११)/पन mam२(१)/ बोसोती राबरीमा mamm)चोलियो (पानसीम तपतबार) हीरखतम ममराम २१-२९५ H १५४ । १८वी रिमार्प मममसुम्पर २१-२५३ ४ १८५ मातारीपात २ ४ |mmm H h रामायन प्राध्यापित प्रतिष्ठान-समस्यामा हस्तानात प्रममा भाग | बनाम कता पारिजातम्य मिपि समय विषेष उत्खनीय पा सम्पा १५ विलायम सिमित - अमृत कवि मिक भामुफोति पुर पर्मविषय सिस्वा काम २०बी 7 ११८ ३१५५(५२) बायको १२. ५२१ ५५() चौबीस एकापीको कमाऐं १२२ २३६५(३) यति मागति विवरण बौबीती १२४ चौबीस तीर्थकको पुनामिपि १२५ १५(११) १२ । १२४ चौवीसी विमान ५२७ , (२) २२८ १५७४() २२६ ११२२(२८)बोवीस तासना पित्त ५१. २()ौरासी सोल प्रास्ताविक पारि बांसठ मार्गमा विचार १५२ श..(0) बरात ५३ १४४(२) १५४ १५५२११२१ ५७(1) १४. ५१०४११३(१०) बचा जिनरावरि १४२-११ २५वी ११-१२ । 14-८१ " १५.४ १४-4. कविराय १२५५१(२)| तपा फिर वित्त रामस्थान प्राप्परिया प्रतिष्ठान-रासापामी हातमिपित पाय मी, माम-१ ] [ २८ मा पाधिशासम्म लिपि ममय परमम्या विमेग उम्मेपमीय पद सम्हरीति २०१७ १० ४ R ४.1118) रारत मात ४१ (१) m/१२ मा गई भगवती गौत बरसमसयापिरियोपाई मन्तिताम मासेम म रिखमपुरम रचित १८९ १८बी ४ लिपमेश्चम WW पोर्टम fam२(४०) १.१-१.२ प १च्ची १८४(२) ११२ । ७.०२ मोहनविय १२वीं h राप्त ४ पाप्रापा १५मपूर्ण प्रथम व प्रतिम पत्र प्राप्त अंतिम पत्र प्राप्त १m सिरोहीम रचित स. १७१८ राबममर तिमिय . 1८४ (4t. चौपाई विवाधि मोहमरियम ११. १te २०१२ २.८४ ४(२) H h १५२१ .
राजावान प्राम्यपिया प्रतिष्ठान- राजापानी इस्तमिक्ति प्राय सूची माग-1] [ २९ पत्ता प्रादिशातम्म मिपि समम पत्र संख्या विषेष रल्सेषमीय बार प्रबनाम मम्बिाधि १८.२ ११/ २२२५(१) १५ मत पाना मीता ६ पच निचे मोहनविक्य . स(२) मोरास ५.९२४२ ७४२ १५० | ११३(१) सराको पात १२१ पहनापिकार २२५ आमुपत सोम स्वप्न सामाय १५० १५४९ ११वी ७०-११४ ६८ १२. २.-12 शिक हरकपाल पारे सं. १७३ सपना लिक पुप्पीराब बिबमबी होरकास २४१-२४.१६२म राबमबेसरम रचित २२१-२२७ १४२ (४) बाप्रमनिमस्तवन बानेपाचौपाई पाहा चोपई मतिमम १७०८ १४४ २० मिस्मा नापासर हर्षति मतिकुपन २२२९ २५ १७॥ म पानापत्ति प्रति-पामो दरतिपित पंप मची, भाग-1] कर्ता पाविनाम सिपि ममय 1 सस्था विमेव सम्मेतमीय २७ मतिपत्त पातेहा दो सिस्वा पीपा हिस्सा (मे)एका Irr २०७० २. १८१ १९२६ 1- H M त १७२८ रचना ht १५पी २४ २५ H १५ों पर फिदोग समयनुसार १६:२२११ १८वी २ २११-२१५ मलयप्रति " " १६४२ १०.(16) 12 बगा तीन प्रध्ययन पान २११(१)| पोत रात माम १९९२(१.८ पापा बार १९५२७६(११८ दिया जिन समाचार २१४ २८() ५५५() ४३ (३) तरबातमीका सपा ७४ १५५ हीरकममहारा सिमित १०४-१७५ ६-७ होरपतम म १८वों १२५॥ भीतरबाट - ४ ज्योतिष (सार हा) . १५५१५७(२) H राबत्मा प्रामणिया प्रतिमन-रामावानी हस्तसिसित बाब सूची माप १] [१ प्रम्बनाम का प्रादिसाम्म्म मिपि समय पप संख्या विशेष सम्मेखनीय कषिपाराम मिक रामगार १३॥ सीतो २रा . न्यौतिष पारि ११२८ सार (१५) बचत भरारी मारता ०४/११२२(१) सपनो कप । सानो बस ५.६ (२१) बमरेष परमार पात 100 २(१४) बमरेर पमारराषित 10.201(२) . १२-४१ हाती माटम(1) १ी १८. ११.| EN() १११ (1) भरपरा कहा तोक पारि १२. बामणी विचारापि बी १२वीं प्रपून r १२१॥ |मारवाहि पौर बम्पुरके रामाका २१ २५ ४प ११४४१२४ ४.४ परमपत्री पषित (भमबमस्य) १०११ प्रपम परमप्राप्त पाना बेदमस परमचम्म मुनि ४११७ ७.४५ चरिण राप्त १६वी १५.२ सापान प्राप्त प्रतिप्यान-सानी समितित पम्प ची भाग-१ सर्ता पारिनावम लिपि ममय पण सत्या बिऐप उस्मानीय कामाम . बम्यूपति राम १२ १५१ १८ बीरमनि १२ १२४ बप्पा राम १२४ १२५ | 100(3) सापामीरा # १५८पमें पारम रचित ते १.२८ पारचम रचित मि - बिहारीपुरमप्ये निषित M ४ रति १८ी H जोगाई परभान . . ११४८ ११वी प r७२ 101(१४) २४ १२ १२ ११ मि स्वा बाट "तुमा प्राममें लिखित सं १९२२में रचित २८-४२ | बोगप्रति १५ से २३ पण मप्राप्त से १rमें मिति ४ १९४२म रमित ११-४॥ २८ सं १९५१में पापराम रचित सिक मतिविमल M माविमन ११४ H १५६१ 10 (0) उमामारा या महामायिक जपषिजय चोपाई जयनुपम १.३५ १४.४१(११) अमपातन विधि wri(३) समान महोणेरी वारता रामस्तान प्राषिया प्रतिष्ठान-पावरवाली हस्तनिक्षित वर्ग भाग-1] का प्राविशाराम भिपि समय पत्र संमा पिप उम्मेखनीय बतास बहानोरी पारता १२ () १j२(३२) ४]Y.१२ १८०० १८१५ २-४२ १२ चि१२ । १९वी १८१ १४ मतास बना बारता सचिन ४२२ स्वरको म १४. २१५२()जसबसिहजीरा पारित ४८ [३५४(१) तरा प्रगीतसिंहगीरा १ " . सिस्वा बीकानेर १५. ११२२(१)/माप्तबारी मीसामी बामबती बीपी तरसाबर (1) बामोर पार्ष विपि राम स्तवन | पुष्पनरि २४९ बामपरपुराम ११४४५१. बेनीराम . २०ी १५१ १६वी हौरम्मत १७वीं म १५७ २८॥(1) सिमपानकातवन १५-२०(१२२ धिनकारि पीत १२८ २९५(१२ ५ (१२५) ११.२५(१४) १५१ १०(१) गिनप्रतिमापिकार चोपाई H २१२-१६ १५-100 स्तुति विरह हीरकतम स ११२ रचित मा पvिण निपटान- रामामामी हामिभित की भाग-1] [४ पत्ता पारिमानम बिमाम सिपि मम पा संम्पा पिप सम्मेहमीय poonpur २०ी बिन्दप निरंप २४१-२४८ २ २५१-२६. २१४-२९१ चिव काति ६५ ५(३१) मित (शिमप्रतिमा स्वार बन सिमरप गहतरी It (४)मानित गिराम बोहात्तिपो ९. रा. निगराची स्तुति 1. २(१) निधीमतो १६. (1) मिहरि मात ए 101(1) ... २(1) हिमरिमीत २१२१ विसर पूरा पति umr(s) परिवार १२सी २०ी सिवा ker-zel भा १च्ची मैमित्तामर १२१-१२ सोमाविरब प्रचार २२-२४ से मिल mur२९)। गौसिनामय रात vt.(-), पानीरा हा माथि 1. ५(१) ततो रातो मारता ११ गोत संण्ड ६५ (१) गोप पायो २१५ बोयीसी १८११४(२४)/ बोगोराता १५२ २४१२(२) गोरखनाथ बोम - राजापान प्राम्यपिया प्रतिष्ठान--रागापानी स्वलिमित पंचमुची माग-1] का प्रादिभावम लिपि समय पासमा शिप मनीम भगोतीयास विपास १४-१५ लि. रामचा ran v१८(२५)/ मोमीराता ar | ४२०(४) बोगी रातो २१ १(१)/प्रगे १६१८(11) दंगना मोत १० ११२२(१२) सकरपचीती १२(४)| मेकरीरी बात रोकतो . मतपहपादि बोषमत रचमा ११५ सं ११५मरचना बासागर पुषसागर १यो H १८१ १८२१९.२ ११२२ ६१४ १९ ५७२२४ १९ ५५ तिक मुनाती पुषसामर १.४ m १२८ ति. बोपमची . परिषठ (7) प्रेम १-२८ ...११२२(२५) रहिमानो म तपा सरमा ... ११४(१)/ोपामारपनी चोपा ..२ २२. रोतामाकर्ता ... १८५१(२)ोतायो पात १५२५ १२वों २१-१ मा प्रावि ताम-मानी हातमितित पाव ची माफ-१ फर्ता पारिजाम शिपि समय पर संस्था विष पस्मेपनीय मार (१) होतानामपित ... | 2011) पोलाबार पोत पिताम २०५९ . १-२० २४ मि स्पा-बसलमेर ११-११४११. रचित चित" पित पुमतमाम ...(१३) .११(२) मायापार .१२ तपाप बिमहर्व ७..७ तामिाताभारा १८२. २१ हर्पन १५ .१५९(२५) सारा मारो रायप .m(३) तारानमोगरी वार्ता २१ १०४ तिम्मतहारी परतोगीमारा -- सीताराम १८१. २१ १२वी 12 .१९१m(s) पात पावन ता मापोर रित्तोरिक एतिहातिर संमत गतिहीन सबमा *२१ ११(०), तेरह गठिया .२२ संगम देपानिप पान प्रपम पम प्रताप पार्षद M- मोतीबर भरती कर्ता पारिभातम्य प्रतमाम लिपि समप पत्र संस्था विषेप गनेहमीब हरवी बोली समयसुन्दर बमायाम .१५२१६२(१२) संबापतीपमा ०२४ .२४ .२५ १५(1) चावचा मुनि मोडाकियो २२२६ ७२० 1८८८ ०१८ | mor(२) पावर पारी बात तममम्बर H १९९१में रचित जिपपासोमाय सं १०४में रचित मि राबविजय पूममा बरसो ४८.२ प १८१२ १५ची १८८१ २ २१-२. मतताभ Rom(१४) |१५७१(२४) ४२१ परसस्तबक MIRom(s)| १९२१ पसंपदबाताबोप . १.२५ औरती चोपाई १११-१४१ तिमबिक्प " पर्वत धर्मापों १६८९ H २. स १५सलमेरमें रचित RC लोक प्राममें सिषित मारपपर पा " " पीरात समयमुम्बर २. से १... भामरागारमें .४२ १पी ४१ससमेरम रचना H नापरिनिया-नास्तमितितकी भाग-1] पर्वा पारिजातम्म प्रपनाम मिपि समय पत्र म्या विष उमेसनीय ४. Nो रात १५वी ४ on (1) तामा onlin(s) स्तनालारोमो रामर मवतीती १२ रचित रानमुनि परिबिप | ११ H H हरकत दापो . .५२ २०५(७) रपाश्चिारकोप्टर 00) पापीत चौडालियो जमावती १५(३) गाहाना एकमाताराही पारिता सेवारता १४१ मारता 10११२२(१८) पातार मुरमो संचार मा बाची पात पुरका पत्र पर्फ-भूरित सिस्वा पाहिपुर लिक उपाध्याय पपरपाधि + २२० समान R F H १८१७ १८८८ पिभिपतकि.पान (८२६ १७६० unt २२५ १.
रामपाल प्राध्यविद्या प्रतिष्ठान- रागवानी हस्तलिखित प्रत्व का भाष- J L का मादिमातम्य सिपि समय पर स्पा बिमाम विप मोपनीय १४ पानी का प्रम .४५(1) माधीको सानो १२वी तिक सामरहबास १वी " नधीत तपमाबमा संचार ४ समक्तभर त १५५२में सामानरम मित २५२ ... १९२९ २-४. २२.२(२) २.40 mr R१७४(११) २२१ " H १५४१ २बी . wr-1(४) m-12(4) १२-१५4 १७-१८१|| H ४ unt (8) ४ H बधार्ग माराम 4 ४-१५ १८४५ ANIन प्राप्तिान-बालानी हततितित पावनी भाप-] [. फर्ता पारिभातम मिपि सपय पथस्पिा पिच उस्मेपनीम 0.00 सामारिका ५४१६/१७)सापिसार vt [.) सपना योग १२४-१५० भ प्रणामील पारित्रमुगर १०ी ४ १२-१५ २१ सौरास मना देसरसिंह तापत 1१२४ शिमारोन vt 111) रिलमानहर ७.७७२ (४) मिती पाताहोरो सिणे बातोपासामारोप २ '१११५(३) बीपanोटो सुपोतो पारी पसन .tr 01(२) हा utt (24) ut २१(१५) हो तरतसिहयो रो रसोरो पता १२.२ रोनालीया out m२(१) पोषक ११२३(१) gh रीगोको गति ८.२ (२९) ततरी दर २१॥ २.. पर्वतसिंह १२५ १ १९वी १९२. १२वी ...-११२ .४ होपरेवती १ नि...मानसिंह रामापान प्राषिया प्रतिमन-राबरपानी हातमिति प्रबधी माग १] का प्रादिसाम्प सिपि समय पत्र संख्या प्रम्बमाम प्रमा पिप गीबानीय प पोपावली १५२२ १५ची " ८.० १५५४(१५) ८८१) हायता ८.९] ११२३(३)| पमारित रास १. | ११२४(१) पर मतिका ११२-१६५ २२-1. ८. १५१ रचित ४२-१ कम्मापतिहर १५-10हसमरमें रचना करपान सं.१९५५ रचित १२ | २०१४ बमारास ५१३ १५-१(२१)| पाना सचि .१४ १५५.(१२)] पमा सम्माप ८१५१ बम्य बितास ५११५(११) पमान ११. fam२(२१) पमास पसंत ८१८२१८१ पर्मरत्त पनयतीरीचौपाई ११(१५)| गर्मवतीती १८४-11 १८वी पुमत १२वी १११-१२१ पर्मसी . ११५२ ४ H ८.२ ५.(8) ५२३ (१५)| पर्माननी ५२४ | ७११९ पर्मबुद्धि चोपाई १२५ | ४.६ पातरि पोप १८१७ १०-१२ प्रपूर्ण सं. १०२रचना जापान पिया मिष्टान-पानी रातसितित पंचमी पार-१ ] पारिजातम्य पसंम्मा रमाम पिप सम्मेलनीय पर्मन १२वी १४-१४ प्रथम पत्र प्राप्त 11.(1) परिपारीिरा .२० (२१) पानिप पानी २६ पॉपरोप .२१ १४४(१४) पराती मोत पारि ... १५८२(१३६) बनात १० (१.) भूति Y4.0 ॥ ॥(१३) सरकारोबालियो परमार २-७५ अगम (1) - पुषामा प्रेपानर १५५३ १८५१ १८५८ १८बी पापप्राप्त र २५४२) मरती माहेरो ५५ ११) ११२ १४ २५ से १५.पना मामंडनमा मप्ये ११२३(२५) अपराम ७२ २० । H १५वी १-२१ २१५.(1) मत एमाली बात २९ मसापनोबार or ५५(२) म पाण्याम (नकारान) mI मरारानाकोप पवरपान प्रापिया प्रतिष्ठान-रामस्वामी हतानिर्मित प्राची भाप-] मतमाम कर्ता प्रारिमातम भिपि समय पय रुपा विमेव मनवमीय नवहारबामायबोप १८बी २११२ . SYS २ नवकार मंत्रर्मन पर• (R) नवकार बानी स्तवन बालीमी सम्भाप .१२३५४(१५) मबार सम्मप्रम कर बसोम तपिपरिचय २१पा १७ १८.५ 2.416, १९९५ २०पी १५वी २२९३ संडवानाबमोग ८१०८१०(२५) ममिपान नमक चौपा। हीरकम १४१२ मनपर पूषा १५ १७३ (२१) स्तबम बिमसाम २.४१ नववारसपमाय २०. ५६२२५५१(१) बाल ना पाल्पात ८९७ ५५(1) नवरस पाम्प नारायनराप्त मरों २१५१ नमा परति मसीहतनामा और बीवान केषित ६१ १९८० भपजग्म विचार - ४-१. १८-२५ १८० ११ Fट पत्र पमान प्राप्ता भिटाम-पानी हम्नलिखित पर पूर्ण भाग-1] [४२ भानु प्रमानाप कर्ता प्राविमासम्म मिपि समय असल्पा पिप रस्मैपनीप - १४-१४ पवन प्रथम प्राप्त १५.(३) | धर्मगरि पारीिरा १२. ३५५५/२३)मिप बावनी १२ २१२॥ पापोप २६ (१) पराती पीत पारि ai• १२(१३भुवपरित १२१ (परित | -- परमार पुपात (1) - १५५५ (१३) परोमालियो परतीमा र १३५४(२) बरती माहेरो पुणतापर प्रेमावर ( पत्र प्राप्त बसम्त मनावरती पोप समयनुगर सं १ मा पानवार मम्पे । 1 ११२३(२५) सर पर-१४ ७२ २७ अपराम M समयनुपर | १५ ४२ ४.७० ११.(१) मत रामाको गत मसापनोगार १५९(२)| भर पायान (मान) nu मपमुम्मा एपी ४ ।
राजस्थान प्राषिता मतिष्ठान-रामस्वामी हस्तलिखित पत्र ची माग-1] प्राम कर्ता प्रारिमातम्प मिपि समय पप संमा विप सम्मेवमीम ४५ २ १२वी २.दी १ H १२वी २१ १८७५ CY m नपार मंत्रवर्मन ८. 10. (११) बकार पामी स्तवन राबतोम मातीमी सम्माय १२ (१५४४(१५)मबहार सरमाय 1 नवपन १५४ " मरतापवासापोष २१११ विचार संग्रह पानासोष ८५० २०१०(२५) मनिरान पुनम चौपई हीरकम ४१२ | सबपर पूजा ११(२१), स्तवन बिनताम भरबारसरमाप बिनहर्व २.५ ५६२ | १५५१(२) नवरत्न नब प्राम्यान ८५॥ ३५५५(३) बरस काम नारायनास महबों २१११ मसीहतनामा प्रौरीराम के पित्त मप्टबाम विचार १८८५ २०वी १२वी ११७ १८-२६ १८८७ १२वी स्कृष्ट पत्र रावारिता प्रतिप्मस--सपासी हाततिरित पाप षी पाय-1] की प्रारिपाव किपि सपप पासम्पा पिभेष उस्मेपनीय भी ११११() सामानो 10 बर11)मामरबल योग ..(१९) मारपत्र maitun) १५.४ पोबारी पाम सिमित " १२१-१२६ ८२-८५ । 4 mms(v) १पी । १९२४ र (पशुपतिमा) " ०३. १बी ४ १२. १९. tr(1) मारना मापदातालाई १५-१८ . १६षों ४ माग #तु Sumi(२२) मागमतर ४ १४२ २३ वा सर्प मिल पतारण मेर २ . ८८ १२ माधिपागोरख २१.१() मारिनी वारता १.४१ १६पी राजपाल प्राषिता प्रतिष्ठान-रामापानी हातलिमित पाव ची बाप-1] L४५ माम मा मादिशातम्म लिपि रामब पम पंचा मिष उत्पनीय पर १५७-२०१ कि रामजात मारायना मध्ये रामपरख मावोबास १९सी ११ जनप्राब १२५०(8) नामोरवीग सबर ४९ नामप्रताप १.१५(३) मारापन नीला २(५) नातिका विचार ८१२ २१४१ नासकेतु भारपान १५(1) मासमेत मावासापोप १४ 201(४१) ५६५ | १५०() मानवेतरमेसरजीरी या 11 | U() मातसपुराण का २२८३ १७. भाषा १५.७ 11 जमाप्रमोर १५वी सोबास गारम - १५४५(1.) निमोष पिचार स्तवन निर्मपतित मापा ०११(1) मिनिकाण १.२ १५१७(१०) भीगानी १.१५४८(११) मीताची पवित १० fam२(२२) ११५१६() मेमगीला बारहमारा 11.. मरानुन नसरी कार्यपा ११२. ७४-७५ १५त्री २४॥ ४१-४. श्यामयुताव कातिविनय २ - बारमात १८ची ४ पान प्रक्रियाम-राजपामतिविन च भूची भाप-१] पापानिजाम पवनाम निपिसमय पम संस्पा निष उमेगनीम १८.२ १२वी ४.-४२ ४पा ३)ममपत्रीमती मम्भाप २११/१२)मेबमापी कीमतो गरमान २१२ २२९(१)मपि पोन १० ११२॥(२२) ममिनाप साप मोत १४ (४) बोग २८२ हीरकता भारा मुनि अमृत १-८२ १२-१४ १२वी . प . " 4 अपनर कमोति पुष्परल १च्या . ४ M बोरविनय १८५४ ७ वीसतमपरमै सिमित मितिमा मिनाम ७. रिचाहनो (२१ १२२ ९२१ २१७४(१)| ममिनावारमाम ९२४ () १२८ 10() रापूर्व २ १५ी १९वीं रबियप निविशेष २१-२० २७-२८ २८वा २ १२-१४ २५५-२१ १११-११४ १५९१५ रचना १९॥ १२७ २१९(१) मेमिनाम पतन १२. (३४)विनाको माती २१५ २)बिनाप होडोनमा हौरकामा रामस्थान प्राध्यापचा प्रतिष्ठान-राषस्थानी हमामात प्रवचा भाम-१ ] [. का प्राविशतम्म प्रबनाम मिरि समय पण मा विप्रेष सोनीप पत्तमविषय मेरिन्प १५दी सिपमम २१४ पानसामर मेमामा ती रागमाला तिबन १९२९ मपाणिमिकामा नबत्तीप्तो भोगाई रिपेच चोपाई २५.१(१५) रीयर स्तमा २०५५(३०) यी सामाप सम्बोचर कुमार रात पृथ्वीराब रातो .१२ २०ी १२ २९१-२२२ २५२-२२५ पुषसापर . बीच प्रति " M १४२ [११ , । बुटकर " " ११-१२ पत्र प्राप्त सं १९२३ रचित ४१५२(१३) पनवाडा ३५४(१२) पंचप्रकोष २५१ पांत्र प्रापि बाएं im१५(२०)| पंचपतिकी ती १४८ २५(१)चतीची ममबार १४१२९६(४. १५. (१२) इपकाति १६५-110 M " होरकसप समापार प्राप्पविता प्रतिष्ठान-मामानी रितिलित पंच ची भाग-1] का प्राविमात्मा सपनाम मपि समय पत्र संम्मा विषेष उलेखनीय । १८.२ . नमरामुतागरमात १.०(२)| नमराजीमती सम्माय १११ (१२)/ मेमनावर्गको बीमती बारमात २१५ २०१३(ममि पीत १११ ११२ (२२) ममिनाप बंगाच पोत ११४५४(४) १५२ चौबीतबोध होरम भामा मुनि अमृत १-१२ ६२-१४ पपत भपतर राग २१०. 1010 पुथरल २ ४ " बीरविनय H ७ १८१४ १५ १५ो १५वी बीमसमपरम शियि अमिताबबाग रामहर्ष अपर्चर २ १९. १०. पिवाहनो १२१ अनिधिमप्रप LRY १२५ १५०४(2) लमिलाप मारमात २२४ २१.४(१) १२५ १५.0) १२.३ १२० २।(१७) ममिभाव स्तवन २२८५१(३४)| ममिमापनो पामो ११८ २८५४(१६) नेमिनाथ हाडानमा कारियन विनयविध २५-२. २-२५ २पना २ १२-१४ ९५८-२११ होरकसा + १५२६ रचना राजस्थान प्रामाविया प्रतिपान-रावस्थामा हस्तलिखित प्रावी भाप-2 ] सिपि समब कर्ता मादिसाम्म पत्र संख्या विशेष उलेपनीय मार मापार प्रबगाम उत्तमरिचय १८० H सिंघमत १सयों २.१. मेमीम्बर महतो रम्पमाता बन २१२ ५२९ तापिशिषा सार्व भरबत्तीती चोपाई २०१४ मारिनोगा १५५ १५.१(१६)ीवर स्तवन ५. 202(.) सूत्र सम्मान पुचीची मार एस पृथ्वीराब राठो प .१२५ १२ २९१-९९२ २१२-२२ सिवा गुनासापर । १६पी पुटका | बीर्ष प्रति स १८याँ २०बी गुरका . . h २० १२वी १२ परमप्राप्त ७४ १५२म रचित १५६२(१५) पदमाग १४५ १४१(१२)| पंचप्रयोप २५१ रंचतंत्र पारिवारिक ४१(२५) पंचपतिकी ती १४. २८२(१)चतीची गमाकार (४१ एयर(४. ११.२८(९ हमोति १९५-१६७ स्मृति [४८ पार प्राविण प्रतियान -रामस्माती हस्तलिखित बचो माप-1] स्वा पादिशावम्प लिपिसमय पासमा पिप सम्बनीय प्रन्पनाम १पी २०ी १५१ (१) पंचपरमेष्ठि नमाकार १५२ (१) चाप सम्माप २.१ पंचमीचाच RLEROY . १५वों ४ पचमेष पूजा ६ २०१४ चिन तीर्थमाता स्तन ५५ ५४(१) चारपान पाहायचोप १० ११२२(१३), चापती देवी ५८ १५(४) गिव चोपाई २११-२२ ४ मेह (?) ठाकुरसो मौरी R - ५२६१ निम्पियोपाई १४. यिनी १५२ ४११(१०) २५ १८५२(१२८ पर १५४ १८२(१) पर २५५ ११(11) १९११(७४) १६० १६०(५२) २५ १९.(0) १५ (८८)| १५२ वा २-१४ ११-१२ " H बरसी मौत राजमा प्राध्यरिता प्रतिष्ठान-रावानी हस्तलिखित प्रंच सूची भाग-१] - कत्ता प्रादिमातम्प सिपि पमम पत्र संख्या रिसेप उत्तेचमीव प्रमा ४२११(२) पर मीरा १२वी " " " ४वा १.४ ११.(११ १७१ १८८२(१६) १४ १८५२(११० २७० १८४२(१३ ४८ १२(१३) h मीरा मुरलीराम भरती मौरी . ४८ १२६ १२.बा P । . २५११६-१७ २५११८१०(१५०) गरपी P " मोरा ११-१२२ D १५४ १८१०(२० २०११ (२०६४ । १८६०(२२॥ २०१८(९२०) एप (1) " " मोरा शिवा २०० न २९५-२६५ २.. २४-२४३ १६-१७ ५. १(३१) १५१ १८५२(१२० २५२१०१. (५) 7 मरसी १५पी " h बात प्राविण प्रनियमन-राबरमानी हस्तलिखित मन्य सूची भाप-1] [ १२ कत्तामादिशाम मिपि समय पण मम्मा पन्धमाय विप समेखनीय OIL (1) प्रोनिका होरकतम ४५-2. ४पा १२ ११९ मि.महताबर मोहनविय १५ १ २८पा H १६२९ प्रागमनापती प्राकृतप्रबंपतप्प प्रास्ताविक पत :.४.११२२(३०) १.४१२०(९) Son( .४५ २५४३(२) . ५५.(-) निया २१२(५), भ १५ों " समिया पर्मबर्मन --18 .४४ 01(.) २दी १५ी F १२० बर्मनी १.१५ (१) प्रताविक बनी १११ ११२२(२४)। सुमाक्ति प्रास्ताविक १.१४ Ys. मास्ताविकहा १८ ।
रामापान प्राषिया प्रतिष्ठान-रामस्थानो हस्तलिखित चची माय-१। प्रबनाम फर्ता प्रारिमातम्म भिपि समय पासस्पा पिप गोपनीय प्रास्ताविका १८वी ११२-१४ प H " १०२ १५पी ७ तिसम्बनीतिपनि माति प्रास्ताविक पत्र ११ प्रिपमेतरोपाई २७४ १.१२ २०१०(२)| १२.१ प्रिपमेनरोपई सम्सुम्पर १.१४०२१ (40 १२०(१) प्रेमरोलिप महिमोप पतकारियावरी पात ४.४४ पापापति चौपई साभन ७७२३ परिवभिनय 1.00 ११५(११) परिमोंकी समय १.०२ २१६१ पातमाह मामोपरि मामारती म पातसाही भोगवी विपरी विगत १.0४/२५.(१) पायुषीरी मोप्तानी Pon | १५.(४) पानुपा पोतोतरा हा १.04E१४(५५) पाबनाम पारिस्पबारमा सि - पापुत्री ११में रचित तिकबीताराम बाम का १८१ २ २०२-११ रामाधान प्रापपरिया प्रतिष्ठान-राजस्थानी इस्तलिखित प्रत्य मूवी बार-१] [ प्रबमाम का प्रारिशम्म मिपि समय पण पेस्पा मिव उन्मेशनीय -- ११२ मिरबाती चिमपविजय १०४ १-२ n . १.४ fam२(२८) गौमात्य १२.१ १२.१ २.२३(१) मरमौवा १२.६ १५ (१) कमरबी सम्मान १२ भरताधिकार १२.1() बानीगीरो पर १२.० २१२(२)| भवानीगतीरो पीत पारि २१॥ १२. २२.८ भापतापमानावा १२११ २८१५(10)/ भागापीत १२१२ (२) भावातीलावती २-४ मिक मिकमची १२-१३ गो साराम सेवक १५२. १-१ | बीकानेर महाराचा पसिंह के प्रमाब कोठारी, वतीने पुत्र तसीको प्रार्थना पर इतके पुरद्वारा मनात २. परी भुसारपिचार १२१४०२२(१), मेरम पारिणी बोलीपिचार २५५ मोबसलाय (पोत) भोपतपुरम १२१. भोगवरिषधोपाई | ११० सिमराठ पा १४.६माया रागापान माभाविद्या प्रतिमान-पानी हस्तनिलित र सूनी भाग- 1 मा कता प्राविम्म लिपि समय पत्र म्या पिप गलेपनीय H सं. १५२४में रचित . सावितरि मपनयम मममीहर्ष नरमीनीति समतोम पौप्तिविषय १-१२ १८५६ . " १७४ १८५६ १भी ४८ १२९ ११२१() मसतरचरित्र RE बोई १२२. ३५४() १२२१ ५५०४ १२२२ पाग १२२॥ २०२९ १२२४ । २०५१ १२२५ २८०(११३ मगम पारिश नमरमा पामों की संख्या १२२१ मास्वोरमाराम १२२५ ४५२२ मोपर पोप १२२ ७t मानवार्ता १२२६/m२(१) मरन पात १२.२११(१)मरनपतवारीमा १९९१ | ११४२(१) मपुमामतीचोपा १२१२ २१५. (११) १२१५/१५(४)| १२३४५(१२) पुष्पडीति भातिहर्ष सुम्पिासावर पासवरी १४८ १५वी २ प्रपून बतुपास १०1. १८ १५वी ११२८ १०२-२११ +-५. अपूर्व h १२१९ | १३१८(१) १२. १८ १६वी १२ राजस्थान प्राप्पषिया प्रतिप्यम--रामस्थानी हस्तलिखित पन्च पी माप-१] कसा मागितम मिपि समम पत्र संख्या बिऐप सस्मेवनीष ४ २ H सातिमुरि गृहात पापविश्य नरसिंबचारम भगवान भोचग सारंबधि माटो दूरसोनी १६पी माणिमा पम १२०० २०१० १२. (0) मातागीरो पप १२८१ (१.) १२८२ १०(१२) १२५ m(११) १२४ २(१२)| माताजीरो पीत १२५ m२(१.) रीवरचा १२ me(११)| से पर १२0 me(42) १२- २१(११) १.४ माधवानलकामनायोपाई H " ११बी निप्रीतियोमाप्प १५वी १२६वी H कविहारंव पालपशिरिया पतमाम M ११४५ " १च्ची H H २. २. १२ १४-1. १२८१ १२५ २२२२ १२९४ | २११.() १२९५ १२९१ | १५५() १३ () । २०२१ म [५ रामाबानप्राध्यमिया प्रतिम्मन-राबापानी इरतलिग्नित मुची माप-11 भत्ता पारिजातम्म मिपि रामद पत्र संख्या विप्रेमलेखनीय १४ मापबाममपामरता चोपाई गमनकाम १२२ १२८१ १९४५ M १८. , H .te४(१६) २७१ मानपमानवती रोपई प्रमपमोम • १५२ रचित, विस्मयूर लिखित १०.५ . " मोहनविन १२वी १५ों १८१३ " २१ २१ २१ H H २०१७ २०४५ २४१ १२८१ १५१२ २५५४(१०) १०५. १५ो ४१ २२ सिमा रामागर सं. १७१-म रचित १५वि.८८ सचित्र १९७५ H , १६२१७ १९१४ १८२४ हिर मामममम्म समस्यापी हस्तलिखित प्राय सूची, माय-1] पापान "ा मिपि समय पत्र संस्था मा पारिभातम्म विशेष उल्लेखनीय परमार उपनाम १४ मानतुंगमानबती चोपाई मोहनविय प्रबक्सोम मोहनविकप J प्रेमात १८ - २ १८६. २० । RR . ११२२ १२२२ मामेव १५२१ २८६५(n) मानमनिरा मौत १५२४ mit-)| मातषित्र ११२१ मीपादोरी बात ११२१ मीराबीर पारिनेक पर संग्रह १३० २११(२६) मुखमरिया विचार दोपाई १३२ १४.२ ११२५ २२१ मणिपतिवरित रोपाई २११ १२९(२४) १९६१२१ हीरकम २ बर्षप बर्ममदिर १८१८ हीरकम १५-१६ २१ h १२३४ चोपाई ४१४ १५पर १४ पनमविर बारित संघ रामापान प्रायणि प्रतिष्ठान-मामानी हस्तलिखित प्रावधी भाग-1 ] प्रबनाम का प्रापिशाम्प भिपिराभव पत्र संख्या पिप मनमानीय मंपाराम सरप १२वी १२ सं. १५२२६सममेरम रति प रतिमोर लिमाररास १४१५११२३(२४)| लाकमार परपर १बी वी 7 १-१२ १५५४(4)| २५.२ १९५२ म १५ १२ रपुपति १८२४ २०१४ H १२.२२. १४२१ ११२२ १२५ . मोहनविनय हवनिपान पुरविषय १५०० २५ १२ २४ रास M मि स्वा. पोतका सं १७१२ रचित तिक हितप्तौभाप . 17 . मोहमषियम मरपिवय 1 १४२. १२ सेवा सूर १०२० प्रथम पत्र प्राप्त सं १ १४२ रतनमहेमदासोतरी पनिका ४१३ ७ विडियो बनो कि प्रमोबमुनि रामापान प्राप्परिणत प्रतिष्ठान-रावापानी हस्तलिमित पंच सूची, भाप-१ ] पिष्ठप रस्मखनीय कत्ता पारिजातम्य मिपि समय पत्र संम्मा पबमाम पिरिमोपणे रतन रातो १९२१ हिस्था मेड़ता पा.प्रप्राप्त ११.२.१. क १५ी H २४-११ H १ma १३४४(२) १०वी 4 . M १२४-१५ ११-४६ सं. १५ रचित २४५नी ११(१) ११. ११२१ (6) प्लपार रात १४॥ mer(1.) रलाय १४. | ४१() रखना हमीररी बस १m रमनप्रम्बमापा लि. प्रमुबान १५० १८१७ ४ मामम ०२२ रमतानपिचार रमनमानावती रसिटमुरतीमात my4(२१) रविणता para 4*?*(RD) रापार Leelall रापपरफोत्तरी १५वी २ १५४-१५ मि. रामसागर ११४-१११ मामुग्रीति मालपम .
राममा । रामाधान प्रायविधा प्रतिष्पन-राजस्थानी हस्तलिखित पवधी माप-] मिपि समय कत्ता मारिहातम पत्र संख्या बिऐप उत्पनीय एबमाग ४२0(0)/ राम परसंह १.५-१७६ १-११ प्राप्त होरपतम ७१-४ PRE(३४)| रागरातापत्र १४५४१.(२१) रामनामोपरिबिय तुमापित १५ | २०१२(१)/ रामवीय हितावही बियात १४१ २. राबसिंह रतनपती पंचामा रास ११.२९५(३) १me | १५३२(२) राबानराबाबत बातचाप me (4) राबा भोवरी परमी विपारी बारता ११. २११.(२) रामा मोगरीबात ११] 1.1(२) राजसमारंजन ११२१५(१७) रामाबरी भातरा बहा १.] १५(२) राजा भोज माय परत में करोरी भवानीवासभात R " रसिक्षा •-v• m-४१ १५०४ मि. सौभाग्यगमि . सिरियोपों १९९३ ११८-१४१ १४.७२१(3) राजा रतनरी निका ११५२ (२१) रामावती सं.१२.सेस.१०० तक केसीसोपिया रामामोंका बम परिपम भामपरा मरेमसे प्रमरसिंह पुत्र सपासिहता १वी रामारोपावनी १ ४-१५ २ ११०१.६ रामीमति ममत सामान प्राषिता प्रतिष्ठान-रागापानी हस्तलिवित पाय दुधी, माप-1] पश्चात का पारिजातम मिपि समय पर संध्या विशेष रस्मेवनीय रायुतपचीसो वाएमाती | साना रामुक्त प्रार १९१४(4) em. (१५) १९-२६५ निवामिपि सि.. सम्पा ११ W १५॥ २ R प्रपम पम प्रमाप्त १७२ ७२० विडियोचो राठोर रवन महेमरातोतरी सिक मर्मतुमा १२२ पारखमाबोगस " प्रेमानर १wr (8) रागारो बतायती mmonster १mt]४०३४ राठोर मदरसामरोम १e/mv) रापानी मागणी राधाविनाप बारमात १७tor(s) रापाविमाप्त १४ ११२२(१९)| रापिका संचार १४xt m२(१९), रामनिममगीरो रामहम चोपाई १४०३ १४४ पर १४] (1) १४५४५(३) tull ११ १०वी रबमा १० भावचकीत मावोबास रामपुष तो A h " । म .Y- राजस्मान प्रापरिपा प्रतिष्ठान~रामापाती हातलिवित मन्त्री पाप-1] कत्ता प्राणिमातम विषेष सचमीम मिपि समय पप सम्मा हिक बयतीमाापमणि माबोबास १ ४() रामपुषरातो १४.७२१(२) १४८ १८२५ २१-२५ " M १४११/११(२)/ राम परिष १४६१ | un(s) रामापीरो सपतरो ४. रामबासबारी १४१४/१०(२)/ रामबरमाप्तमीसंग्रह २६-२.. रामचरणपास १५२४ १२वी ११-१७० १४५५ (.) रामरासबीरी बात wom()/ राममनरी २. रामयवोरसायन पोषियमास फेमराज १५०१ " M १८२४ १ रामरता भाषा २१०६ (२) Iure(२) रामानरची ८८-२२ ११॥ P M रामबिनोद भाषा पनिका रामपंचमति पत्र १०० से १.४ तथा ११७ से १९एममा १५.५ ant २८ २८२. १५.११२२(१४) रोमामेश्वर .१४० रामप्रमनिमम्मे पाए प्रम बेस कवि २.बी विषेप नेसनीय रागवान प्राणित प्रतिष्ठाम-रामाधामी हस्तांतति चिमूची भाष-१। तामादिशातम्य मिपि समय एबमाम १८ साम्पसमय १२० ११.४४ रापमवार १५१० ११२३(२) १९ ४२२(4) राब सामानरो नीत १५१२m२(11)/ रातमा रएरिचार १९१४ २२१५ रात्रीयोजन चोराई धर्मसना ७ १.२३ D २६-२७२ २११ २१-२५ १५१er/n) ११५(१) १५२०१४(२) रोतातू परीवारता इबियन १-२५ लि प्रलपविजय १५.५ . पुरका d..tr १५२४ १४२५/१.५(१-२ १५२६ (m)/ रोतामुरा हा ११२..१२२ पश्मिनीमपन (मनजीको म्याहनो) .... रविमनी म्याहतो रामपानमामाया HR-17 -........." पिपल्लेखनीय पर सन्ना मिपि भमय कामानिमातम बिमाम ३ सिबीवनात ही कुमलनारपनि अपिमनीको समानायबोप ११२५ पम्माराम १८२१ ही सम्बिविज्ञान शिबनियान १७८९ २०ी ४. । का ४.७% H ११.४ १२ मवानीवास पुष्करमा १८१५ * रामपानी प्रसहित ०२ पश्मिनीपास 50 २२१. १२२१ १५. | २१५४(२)/ पीपक पित २४ रूपसेनमार रात तचित्र २५.(४) मोगरी कमा १४.) १५१(२) रेटिमा समय १५४१ (४) रेवाप्सर पर १५४२ १५४०(५९) रोहिनी तपमहिमास्तकन ११ ( २५(५) पत्र.११२मप्रापा •सं० १. रचित १५. साम्मी मेरमा H मा२ २०१-२०१ मिरामात वास बीमार १४ी २.वी १नी २१.-२१४ २२ ए ४२७ १८२५ ११२४९ सामरोवावती १५४४५५(२०)माचा पूनावारी बात १५० ११२२(११) १५४० तीसापती चोपाई हेमरतन सामवर्जन 4.१.७१ पासीम रचना पत्रमप्राप्त रायापार प्राभ्यपिया प्रतिष्ठान-राबरपालीहस्तलिपि पावतची माप-1] का प्रापिातम्म भिपि समय पत्र सत्ता पिप उल्लेखनीय प्रमा प्रबनाम १५ो तोतामती बोपाई १५५१ ५४(२) मोनापती बापा ७१ सामर्मन नाम त. बौकानेर मरचित P १२वी 11 H राठ रायम सिदा स.११ रचित १२५ M. १९याँ १९४२ सीमान्ती तुपतिविलास रात २.१. १२२. H १८०१ १८बी १४ी १७७ १११ १९७(4) सेवा १९९९ ५१४(२३) मगायत निराकरण प्रतिमा स्थापन तुमतिकोति २१४-२४२ १९वी १ (1.) बहुतरी १५६४ २५६(१२३) गुरिती परमपर निवार-पास १५ (१९)/ परमपानको पो समाजोपाई दीपो १५ मातरपिपाम बिमोरय ११०मि. ग्रीतितौमाम्य २१ ... पबिजय १. प रामामा प्राषिया मतिम-राजापानी हातमिमित पंच मुर्ग भाग-1] पत्ता पापिहासम्म मिपि समम पत्र संख्या विषालेखनीय बिनाम कि बाबालावासबी ११४. H सहवार्नर म्यामा ८५ २ ११वी पोतोकापी . मेरा ४-५ rvat म्याकम्प सभास्कर ०२. वचनामृत १५७४ |११२२(१) भिव ज्याम्मनपरति २२५१ १५७० / २०१५(4) बर्तमानादि बोबोसोनमस्कार १५०० / ०२१(३) बमेक बाररी निसाली १५/१२४(१) बाबत्ति बात्रा कवित ११८२ २१५ बसीकरवरिष १५८५११५() बस्तुपात तेमपान रास १५८४ | २२१५(३) गानुरेशकुमार चोपाई राबमन मापा २(२०)। पारमनमुनिका १५ () बामप्रास्ताविक २१२४ बाम्प पुकाम रास १२१०२१७४(१५) १-१४ | हि यतोमाम्य २ मिक स्वास २.बी समपतम्बर . हर्पन १पी २२१-२४२ हीराला २१ २०१० -सपल का प्राषितम सम्पमाम लिपि समय पत्र संख्या विपरस्मेवनीय रिकममापराधोपाई प्रमयतोग H २७ 1201 किमचरित प्रबंध १११४१४१४ चोपोतोस्तीयोपार १५५४(१) पिकानोगोली चोपाई हेमानव प्रपपसोम बिन्द अमपसोम १९वीं ११२ . १०२४में रचित M १८१. ११(१), विकत घोबोमरी पात • गोपाई २२ त्य २१ पत्र प्राप्त २२१९ H १२ २ १२वी निकम योगोती तथा प्रहेलिका ११.१२.१(1) सिम पंचारमा १२१ चोपाई चिन्धर्व तोफ्लाप्त ७२ पएस ११.२ 1 M १८८१ " २.50 २१२६ १९२५ विषम रात कीत भरपति सामवर्षन परमत्तावर (} १८१७ किमय बोपाई L रामपान प्रायविधा प्रतिष्ठान-रामापाती हस्तलिमित पन्ध सूची भाम ! ] कर्ता प्राधिकासम्म मा पि मलेखनीय सिपि ममय पण संध्या प्रथमाम मा १०२४ १६१९ विकासेनचोपाई परमसामर मानधामा H १७.४ H १५१-१५१ अपूर्व रका १०२४ निस्मा देवगड १२०० * १८४ १९१६01(१६)/रिका मनीतर भारता १९१७..१ किमारित्व भूपात पंचरक चरित्र | समीक्लम पनि विषमारित्वमावनी धर्मदेवी (1) परिज बोपाई गरपति कवि ११२. मवसेनाया बोपाई सामर्थन १६२१ २०१२ पिचारबातायोप १५२२ ११२३(१५) धिारस्तमम १५२३ ११२२(३) बिममममूरि नीसानी का १५२४ १५५(२१) विजयपेठ विषयाप्रेठानी बोजामियोपानीतिमूरि १६२५७६२ सावनी २२२७ विवापिनासबोचाई रामसिंह १६२७ | १९५२ १६२६ मिन्पर्व १६२५ ११११ ११.१२(१) पवाटक हीरावर १५५१ १८२४२) १६१२ ११२. २०बी . १८१० १५२९ १८ W N विशेष सम्मेवनीय पान शाम्यविता प्रतिप्टाम-रामावानी हस्तलिपित पंप सूची, भाग-1] पर संस्था मिपि समय कळपारिजातम्य होगपति होरावर सं. १.१.मरचित पिादितास पवाफ २१ H ३५ . विरमा पेप्टिमा विमामंत्री राम मारपतमम १८१७ ४१२ २१२३ ४५-४० पातिबियत १५वी १५ो १४.२(1) विमनसाएगीरो सितोको ११४-१२१ सोराव १२(१), विमेकबाररी नोटाची " . H H १५५ (२२) ११(७), ११११ १२ ४ ११-५५५(२५) मरमरे सोनगरारोबात २११७ विवाह दोष पल बोपाई २०१४ विवाह दोष मानावबोप सहित रिवाइपरतभाषा १९५२ २५१७(११८) विषिपात पौत १॥ २५॥(१. • महर्वनमात्र विचार मरता तोममुम्बादिम मतिपत्र सगरमान प्राप्यर्षिया प्रतिष्ठान- रायमानी हस्ततिनित भी, भाग-1] कर्ता प्रारिमातम ििपसमय पत्र संख्या बिसेष मानेमनीष १५.१५(२५) विक्रतबन १५-m२(१)/ पिपहरा विचार १५१४ १५(४) विद्यापहार स्तोत्र प्रघातीति १२१५ वितरजन १६५ (८७)। बिहरमान स्तवन १९ ६५ (१७) बीकानेर पान प्रापि न स्तुति १५५५(३) बीमा सोरठरी बात १५५२ १२(१३) मिरान प्रमसो होरकता बो विचार २. २९९वा १४-१५२ पपभिनयात मासासीर महिए ५५४(१)/ बीरनिन पायावर स्तवन ३२७-३४. २१७-२१ मिवर पाठक , १८वी .लि. प्राग्राम १५५(५) बीरनिनस्तुति १५०५५(५) वीरधना स्वबन ११(२) २१४ पीरमाण रबमान चौपाई ११.२२(१४)ोरम रेगरिया पारिक कवित १९४१ / ८(१) पीरमरे पनारी पारता पवित्र बीरसेन रामपा बाधि ४म १४२ ममतापर . १६२ सं० १०nमें रमित सिमबीवो २१४१(४) बीसत्तरेर मर सिकाररो पात गाल प्राषिerrळान-रामपानी हातबिपित मन्द सूची, माप-1] माप म प्राविहातम्य बिपि समय बसतो मुनि १९ ४४(२३ बीवस्वानमन बौघामानात Mar (1) -रमा राबिपि १५.११२३(१५)/बोसार पर १५४ १९४२१/O ११०१() ११/२014) सामीमुरि अपरनुपर १२बी n बतात? रेबीवाल नपठा २८-४ (१४ W १५. ११.१(1) हेमापरहीरकर गिप्प M एपछि हिराव १२(२) १४४ सिक पुपोत्तम .सि.सिरेब mसिप बास्तुति माया भोपाई १८बी प पंचमुसार मुखता राम प्रान्पषिता प्रतिष्ठान-राजापानी हस्तलिमिती नाग-1] विशेष सोनीप प्रारिहातम सिपि एमप ११-१२९ १२वो १११ २४ विच्या २१.२ १६१५३५५(१) रायतामा १५०.२५४८(१)/ हलमरो पात १५१ (१) मतमा रात १८वी धर्मता १५पी १.७५(३४) पानामती १७.४१ मनुमरीपिका चोपाई १०.२(१) पनराशाषित १५वीं १२० को सवाई सिंह और पवेसमय का भी वर्णन है ११-१२ | प्रपूर्ण १.tm२(1) परी चोपाई १.००/mR(0) २ 7 १४ १.१.२८॥ (२८) मत दिन प्रहर महर्व पड़ा- सिरपा चौपाई भत्तसंपन्यरोरुपा राभित १०१२ १२ २२ १८६१ १८२७ " H विशेष उम्मेडमीप पत्र संसा राबवान प्राम्पविया प्रतिष्ठान-राजस्थानो हस्तसिमित पंप दूधी भाष-१] पत्ता पारिबातम्म मिपि समब २ २ १११ लि. प्रीतितौभाग्य २१, सिक. मोपात मिथ M प्रतवासरो १०१/२५ १४१५३५९४(१) पनिधार पनिनुततर विचारादि ११(१५) पनीतररो गुप पर प्रमोसरकपा हेमकषि १८४. १२वी २०॥ १ २ प्रजमेर लिखित H ४६२४ अपनीराम १.२१ बामागीली प्रारती १८४१ १०२४ २१ प्रपूर्ण १५(२) पाविधिप्रकाश १.१०५०(१५)/ पावकारी बोलतो तरोपन १७२५ um(s) पावर प्रतिधार १५२५। ७१२२ स्- १वी १२ " २.२६ भीमानी का मीचमोवती रास भीरतमीमतीरीका सिपि समय विपतीय पत्र संख्या मामाम रलहीवर १७११ २४ परिवजापा ५८ मि.मानूमत प्रषम पत्र प्राप्त ११२ १०.७ 4 पीपामगोपा पुरसतियप महिनीरप निगह १८२५ १५१४ ४॥ नियामर हेमर सिमोसाद पीपालनका २०४५ ७२४८ १० भोपासस ८ चिनपविजय जानतापर बिमहर्ष बिनपविमम १५१४ xall 107) ११२४(२) ९.१५ २११ २१२४ YER १८५ १405 4 . " 1201 Exal विनयविवर बिना मिना पुनरल मिहर्ष बिमयविनम २२ २५ १८४२ १७१२ कत्ता प्राहिमाम्प मिपि समय पर सम्पा प्रम्बनाम मा १५१२ पीपालराम पानचामर विनयविनय १०१० १५२५ M १५० चिनहर्प सोमविमान २०५५ (2) २११. पेभिक चोदा १०१ १०१२ १५.ime() बामपन १.८४२८२४(२) बानपा विचार १७१५५(५) Mms PRE(m)| समुपपतातीस नाम पमित १२वी १६२. १ौ R २१ १२३ १४-१४ १४०-१४१ 1-17 १०१. मानुमेर समयमुम्बर ८ W म. १९५२म नापोरमें रचित H १८२९ १५वी ११पी २॥ १०-१२ २२२१ १-१ | ३५४(1) १४२ N १८ लिवानपिचम 11 रात १४०४|११(२) १min() पनयमोनती २.ग २५०-२५.
रामा प्राविमा प्रतिष्ठान-रामापाती हस्तलिखित पंचमी भाग-1] का प्रारिमातम्प पिप सनसनीय पप या हिगिरामय २०१०()/मय स्तवन १५(२७)/पतिमिल तमन मातम मेपनि २२ H २१८/)/ मोतिमार स्वपन १७.१ २११(1) १५१२ 01 (31) गुषतामा पातिमत्त हपपर्म + २२. पन.१५पात १५२४ रारा ५ मानिनुभम २ ૨૨થી १५८४/२०१ २०७४ २१.२ १५०/७२.(0)/ भागाष्टक ४.२४ मानिमाधोपाई माधिधार H १८बी १.१२ ११५(१४) २५ H , १७६४ १८x२३०४(१) ३४५७ १७की विक्षेप उत्तेवमीय माधान प्रापिया प्रतिष्ठान-रामामानी हरततिषित पाय सुची माग-1] प्रबार का पारिभातम्म सिपि समय पम सम्पा मतितार ११0२५(5) पातिमारोपाई . १५ो ४१५ ५ (0) मतिशत १२ H ति स्पा. सपाई बयपुर M P , . १९९५ १८११ N लि.क. मुगातर H T . . हिक पात . H H १०.५१४ १.८(२) २४१॥ १०११ | १४५(४) १८१२ | ३५५.(१) धानिहोत्र १९वी ४१-१. 4 २०ी " १५१४६८२९ तिक रामसिह परमोर सेबुमध्ये गुरका H
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पजामाबापता प्रतिमान-रावायला इत्ताताना भv.
प्रापमान
कत्ता मागमातम
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लिपिमप
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तयतालिपारी बात
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सवित्र पुषा
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[१६ ग्गापान प्राप्परिधा प्रतिप्यान-रासस्थानी हस्तलिखित पंचमी भाग-१ ] मिपि समम पत्र संपा पिप उमेखनीय प्रम्प माम कर्ता पारिजातम्प २१२२ १४-१५ बारता २१२-२१ १८ .२ १९२० १८. ४१-४१ ८२-१.६ २०-२५३ १९२१ सनोपरा १५९२ | १९२(१) बोरो १५२ १२()| १५vs(१२) स्मारविपि १९२५ | २२१०(४) सप्तम्पत्तन पासिया मीम १९२५ ११२२(१) तपाईनोगाविसबर २२० ममनोराम १५२५ | ११२१(-) र ज्योतिपरमपि १३२९(१) पर १२.१४(१) संपत्ता रहा पए तम्यादी पा रोपाई १९५२ २.१५ तमहिसगुनकोपाई १५.( सम्मोतुम्बर १९E४() सम्मेभियरनिनिकाप समयरे रागारो स (बर्पपतिमा) १९३० २१७४(४) तमरातारंगरपो पातकषि १६५ १५०(९९) समवसरपरेमना १९५५ () स्वबन पर्मन -स्वबवातावशेष १९४१ समाधिवात्रामायबोप पर्वतबाची १पय १८१४ भाषा २०८२ ११८-१1. " २०ी १९सी १७६१ मिपि समय कपा ए.बी २०८-२४ १२(१), ममापिरात १५/(re)/ स्यापारमयत्तवन भौतार २ मान्तिकुतत हेम २ لمياد १२॥ २८. २०११ २१२. १५ (२.) Pvt(२९) २४ मतिसुगर २ (2)udai N १२-१.. Maupar (11)ambritam २ पर्मती २०ी १२.२ २२.. २०४९ ५ गोरावास १८११ १२था २. १४-१५. १२१४ स्थतिईप चोपाई १५५८/११५(२) सर्वमा हा १२५(१) १५.२०() बनारसीदास पातर तिषित १२-१॥ बनारसीदास पावनी रागतो सामानमायाम-रावा.' मिपि समय का माहित पत्र संस्पा बिशेप चम्मसनीय प्रबमाम २५-१४ मि.बततीमाय १० लि. प्रीतिप्रामाम्य प्रताप ब्रह्म गुप्ताल प्रालि माम बाशीराम प्रावि १२४ वा H . रुपमरी पूजा सानुडीति १५६२ | YE.() तपशवानी १६ (२०) सपतरो मादि १५ (१४) REK Ma(1) ९१२४ एमपप्वाम्याब . साठवचरी २.४५ माठ संपच्या हा साठी संबबरमत १९७१) Rive १२.२ १-२२ १११ १८वी मानित १५ों H १५-१४ .. १६२२ १४01JR(S)सात पारस हा १९२४(१२) बिपरिया १८.१ ( २५(1) वात मिसनमीत १९२४(११) स सतीरो संबार १mm२(५४) (प्रहेनी) २१ ताप्रतिकममताबरोष २१०५ घाना २२४ सावन बोलाई R पी म १८ पासव समपरर १८11 २२ " रागापान मारिया प्रतिष्ठान-रावापानी इस्तनिचित चि पुची माग-१] [१ माण बनाम भत्ता माविमातम्य भिपि समय पम संम्मा मिष सोबतीम बिबी १९८२ तावप्रथम्म चोपाई समयमुना १९८१ २८६३(२.) सामविक पत्रीस गोपपिपरपमा रकम ४ १८ची ११वी . १५ १९८४२१०२ सामरिकमात्र नापा सारसिवामभिरात रिपतुबर १९५६ १८५८(५) सारन मातवेष १९८० ११२२(४१)| तासबानो संवार १९८८ | ११२४(१) ताराम मीतवन मास बामत्तापर १९८१ तपातारा मोतीराम १६.५४(0) | साहिबारा तीन साहबरी पारता सिरमाराप्त पनतापर १९९२ १४४५() सिमेवर्षपपरिपारी सिरातोपाई १२१४२८२(१५) .३.५ सितिसारोगार सिरोपातमी मास काबप्पसमय १९५८ १५(१९)| सिरोही मारपी बीकानेरी बोपपुरी ११८५ २बी २८-२९१ H २५ मन्म पर अधिरः १८वीं ११पी २ १०२॥ सिंहनमुत चोपाई समयसुपर रामपान प्रापिान-गामी हस्तनिप्रित व तूपी, भाग-1] सिपि समर पण संस्था कामादि तमा बिपखनीय समदुगर २... १४. ४१२ सिंहनानुस पोगा गिनतीती २१(२) २९ ३ २..| २८ ७६ १२. पोगाई सिंहासनगतोसी बोपार होरकसम प. 40 २. (0) सौगोखरीम ११(२) सोपबहुत २..2 सोपानमा २०१२ तोतारामगोपा २.१५ २.४ हीताराम बालाई २014 समपर्तुर १.२ n ६२ प्रथम प्राप्रापा १२ मेहता पित " H M २.१004(२) पीतासगाव २.१५01(२८)मयर बिन बीमती २०१६) २२.२१२-२) " १२ रामाचल पायनिया प्रतिष्ठान-रामापानी हातमिमित व सुधी भा-१] [११ पन्चार कता प्रावि मतम्य मिपि समम पत्र संख्या बिप्टेप सामननीय २०२१ २१७४(११)/ सोमपाणिमस्तवम २ २२ १५(३५) सोमपरबीको मोसमीकी ली २.२३ मुराणनवरित चोपाई २०२४ (१) सुपर्णम सेठको कपा २.२५ राकवित १९पी २नी १८५. सम्बपि गीपो , मिक भाष १८४ " २. से १५. रचित H 49-51 जानतीन १४४ १८ची १५वी १५ची -८ १२-१५ सं १५५. रचित २०२७ १९१. २०२८ २०॥ कौसप्रबंप २०२९ तामय २.१.१५(१५) २०११) २८१२(४) सुमात्री बारावरी २०१२ | २५.४(२) मुपभाविधारमोपा १२७४ मुबपरिष २.१४ मुवावरिमितमि २.११ १५०१(१०) सुभगाकया बाहायदोष २010 मुमारित २०१५ शुभारातीरो बोमनियो २०४. | ११४२(१)| भापित २०४१४११२ प मानिस्परि पुष्पसागर . ७१-७४ H H भापप्रम मि पैनराम १८वी पार प्राषिया मतिष्ठा-पाजापानी हस्तलिवित पारशे बाग-1] अन्य माम कामादितम्म निपिसमय पत्र संख्या शिप उमोहमाय २. प्रेम मुनि २०४२ मुमापित रोहा पित पारि २०४॥ २(१) निमाविवर्ष .४ २९.(३) तुमतिविनरवमा नुमतिनापित चोपाई २०४६ (तुफापोखरा २.७ १५१ (M/रप्रिपरपिसरम्प २. तुरसुन्दरी गोपाई २.४ २.५.१९१२ २५४ २.१२ १t १ चरितरास H सामील पवई दिनपर पर्मणीम मपपर बर्मापन भुममीस पन ११ १८४२ २८ प.२.२३ तापप्राप्त H ११. २.१४ २.14 ४८.१ २५ २४(३) पुरुषहरन २.० २८६४(१२८ मुमतिविप्रशेन २३() मुबाबहत्तरीका २८ मुक्तिनाना सूक्तिमुक्तावनी २१ मुर्मगीरो सितो ४१. दरबमीरो सिनोलो बात मा देपरविमसम्म मिस H २ रामापान जारिता प्रतिप्मन-रातापानी रततिधित पंचमी भा-१ कत्ता प्रापिसावम मिपि ममम पत्र संम्पा विषेष राशनीप सबब H १च्चों ७२ मा भाषीवान १५४१ पीराम तुलसीराम गोपिरतात? १५वी १५० १९२९ २११८(९)रजवीरो पिमोको २०१४ २२१ २.६१ २०६१ २०१७ १५५२(१) नरमगीरो सिसोको २०१८ २३.(१) मुगाबहत्तरो पात २.४ सूरपानपरित रास २... तुर्यपुराण (पा) मऊसमसको परची २००२ ३५४४(२) रसिह मातिया प्रारि प्रनेत्र रामापोश सपतरा २०.१(१.) सोनीगरा हिरमोरो पारता २०७४ २०५१(२) सोमबती प्रमावसरीच्या २००४ | ४.११ २..1 ४७२२(१)| सोरठरा यहाँ २०४७ २१४२(१) सोरठयोमरी पास २००८ १४१८(२२) सोसहारमा रासा २०७११९१४(१५) सोलह स्पष्म पोनती २.८. २२२४ सौगायची गोपा २०५१ १५ २०८२ | २३०१(१) सम्पबतुतिका .४ समान पारता ५ १८१४ १५॥ १८चों १६षी तिनीजमराम १-४ । H १८७ २७४ बिरंग १५वी २१ विष उत्सव रामापान प्रापिता प्रतिपान-मस्थानी हस्तांतवित व मुत्री माय-1] पत्र संख्या सिपि समप कता प्रावि मातम्य बोरहा २१२४ २८३(११) हरियाली (हीबानो) हरियातोरा n २१२५४८.१ सिरबा बाप १४१५ २१२९ / २१०(३) हरिरत २१२१५५(0) २१२५/10() २१२९१४) हि पूनिरि " ७-११मितानीति १०१-२.१ M " २११२१(१२) २११२ २१७४(२) हरियापुरामतो रास गानिमाराम १ सरवारोठ मिकततो हस्तरेखाचित्र २११५/m२(४२) हापियारा रखाव २११५/१२४(0) हापौराधान २०७() हिंगुतार प्रामोपापण २११(२४) हनुतापर हितमा मारि रामप्सरा पाबाबणाMinान-सनलगा पाना प्रमा प्रमापाम कत्ता माविबादम्ब भिपि समय पप सम्मा बिग्रेप मनमानीप हेमा हेमार १पची H १५४४(१)/ हितोपाम भाषा २१४१ २०१५() हीमाती २१४२ २०१५(५९) २१४३ २८१४(..) हीपाती २१४१.(0) २११२८१(१५)| होरकसप पोशारिसमान २१४२९३(४५) हीरकानव मुनिस्तुती २१०४११५ होरयाको तमासो २१४८ हीररि रात २१४५ २१८(0) होरसूरि समय २१५.१५(४) मामा मनमुमतिबिनस्तका होनीबिचार २१५२ | ११.४(4)| जमानतीती २११५३५४(२.) मेषपात मेवतमातारणीमानापयोग २११६ क्षेत्रसमाप १९१४ १५ची ११वी १११ १२ १२ ५. १५॥ लिक नापूनारायण शर्मा पत्र-२मप्राप्त प्रार रेवारि H १ समयमुम्बर . " H भाबो २ रमझेखर पसे १२ प्रप्राप्त मेबसमास चौपाई प्रकरण सबानाबदोप मतिसावर रनक्षेवर से १५१ रचित १९५२ १८२१ ४.२१ २.
रामापान माग्यविधा प्रतिप्र-रामाबानी हस्तलिखित प्रष सूमी भाग-1]
विषेप उम्मेवनीय
कर्ता पादिमासम्म
मिपि समय
पत्र संख्या
प्रपमाम
२
त्रिपुरा पण
विमुग्नमार रात
एत्तमसामर
२१११
२१२
२१॥
२११४ १९९२
१बी
४
गान (तसरवभिप्य)
मोपवापिका पाई
मातापात तण मोतरातीमात
जानरमीस्तवन
१९ो
देशरपुमत
२.४.
.पी. परिशिष्ट १ (पत्र २) [ कतिपय ग्रन्पोंका विशेप परिचय ] (११७) कपात्री प्रादिपुरका प्रारंभिक यो पमोमें चमु चाणक्यनीविके दूसरे पप्पायका प्रविम मोर तमा तीय प्रध्यार लिक्षित है। पाये १० पामि प्रपाटीका सेवन हुपा है पपमें उपर प्रक-सम्मा पौर नीचे मुमापित (मीतिपरक) दोहे, बसोक प्रादि है । उदाहरणा- 'पार्न गया बर्मोतिम दर्शन देवपूषित । बकाप पंचवनवे पूर्गत नए गएति ॥ १ (पत्र १) पहा ।। सरवर मार पीप पीय बो रपै अपारण । सरबरीवर सायरी प्रसर राम सुर्माण ॥ मस्तके १९ १ई पत्र- रह्म ॥कामीकोबस ममी, बस ममपरो विवेक। पंच पिसी पबरसू, मोम न बोने एक ॥ (पत्र ११t) गोम पोरमें होता है बोम दूर मत बाप। पनी बताइ पारसी परप को इस माय ॥१ (पत्र १) ॥ मीपटं। पीरत पी. पीवासापरवी मीपी । १.१८१५ मीगसर मुरबार मममबार अपमुरै मै सम्म गोठीराई। १२१ अंजना भोपाई पादि ॥धी अपायनमः ॥ दहा ॥ श्रीपाषर गौतम प्रमुप एमावत प्रभिराम । मन पधित सूप संपर्व निठ समता नाम ॥ १ प्रथम उचम में मारियो मतिस प्रति मर। तिस कारण पहिना नमु पीगणवर सुप कर ॥२ सेवक सानिप कर बापो पनिरम बासि । बिम यो सिनो काम पपि प्रकाणि ॥४ मन्त- विणि मच पीपप्त पापीयो पाठ सापा विस्तार । संनया बाबीसमै पौसम हुई मुपकार ॥ १२ । पहमी म्मा प्रभार पार गरी पवार मूबा है। मोटारे पर पुटपाके पन्तर्गत रचना-सरमा पोतक। .
११.] [ रामस्थान प्राम्पपिया प्रतिष्ठान हे ममदीस पीपतो साचोर मबर मरि। वीर विणेसर पीपती विहां तीरप प्रगट रबार ।। " तार पार्ट पनुमै हवा भीतीपमासागर मूरि। निमय करी कर्मसाग, वाचक य सनर ।। १४ तास पीए पुष्पसामर, बाबा पर एम। भवनागरी बीपी पूष्ण कीधी ते प्रेम ॥ ११ संपत सोम प्रत्यासीई भाषण मास रसान। पुरि तिषि पंचमी निरमन रिशिति मगम माम ॥ ११ वर्ष गाथा ॥ इति पी प्रपना सुपरी चौपा पूर्ण संवत १५९८ मोबसर प्प पसे दिपा १ मामवासरे हीतीय प्रहरे तिपत अप नोगद पीही प्रमि मामत राम्ये वाचना पीर नच चौरस्तुः ॥ श्री ।। ૧૪ १५२. पंचना संररो माप्त प्रपूर्ण पारि-1 बी गुरुम्पो मम' " प्रम-बारमि रपण इम पिता सरसति सामिपी प्रणमिया । पोतम स्वामिपा पारे। अंजना सुररोगी कामारि नर मुणा मन सारे ॥१॥ सीम मषियण ममा पालिया। पाय सुषस ऐसार रे। सरि समति पनी यामिया पाप मग एप पार रे ॥२॥ मन्त- जन धन प्रबमासुररी सुमरिट भित्ति विभम है। सीम भमर तिरिया पानियर पसू गाय मुनिमाम है। सीम मगर पगि पालिया। रवि अंजना सुंदरी माघ समाप्त' । निषवं पधाबम्म अपि बाई बीरो पटना नर्म परतु नियम पायक ॥२॥ मी ॥ E९२ प्रया विचापर रात पारि- ॥ सकन परित मामी माग पं. श्री रविसावर पसि परसेम्पो नमः ॥ बस्तु । सरा संपर २ प सार । परमेष्ठी पत्र सहित । देव पिणि सदा सेरित । मपमान पारय । साबीर पोपी खि। सुगम Aणि गुण शिरिणमप रिण पर भिवास । प्रणमु परमातमा सर्व सिरिनुप बात | ! परप म्पोति परमेम ये पौरसारमाय । पादिबीयर संत बन मित कुतम पाय ॥२ पा- मेरत सीमा पर पातीत पातिर मुहिरसि समि रीस । निरोग रिण परियनी । बापा पोसामीपनी ॥ १५ पग्यता पुररीरे धोय । दुध मिति सदि होप । मिस देव गुरु मावि । एक पतितीपामा यति॥१४ पर लगाई र रामनी । सोना बताया पानी। पौर ना बाबा महा। प्यार पाप महरे सहा॥११
बाबानो हस्तलिषित प्रव मची भाप-1 ]
गिहा पापबर पपनी वा । निहो पिसाप मुग पिरि।।
सागर सपत दीपनो पास । विना मगि रहो का परकास ॥१॥
उदेखि रहिपमासि । कया रबी ए पास्त्र विभासि ।
स्निोर मीर हि रस बात । परित रस माहि विप्यात ॥ १०
मही पानना बाम पसाय । विद्या भणी भानु मट पाय ।
मिष नाराजी सुमिषा कानि । पाँची पिगम पीने रामि ॥ १८
कहा पापा ममा मारिएक्यबा कमा र पापापिषम ।
हे गुरु रूपा तसो पाओस । पूरा सात पा पारेस ।। १९
इति श्री मुनि रतन सूरांस । गोरप गोमिनी पाषा सीस ।
अंबापानेक पारेख । कोषा सातकमा बिसेस ।। २.
इति भी पौरप मोमिनी सन्द पाय मा बिचावर राप संपूर्ण । संवत १९९५
गोठ परि १४ भौमवासरे 4. श्री हेमसागर पसि सिप्प लिमासागर नाबमा सिdि
पाममंगा ममरे गुममपतु ।
११२४ (३)
भारत चोपाई
पादि-धीसौभाप्पसहरमणिसपुरम्यो नमः ।।
पारि गिसेसर प्रण पाय । समस परमति सामिणि माय ।
पर मोहानी मागं मान । सेपकमि रंगो परान !
प्रत- प्रगायत मुनि तर परिण । भएता पुणताह पवित्र ।
पगित हरत सीप इस महा । मजद मुशिते सिप सुर महा।। १६
हतिय पारत मुनि पर सपूर्णा । मिषित म्यानमेवरेण भार पग्न पठन
ठे ।। षी पार्मनाप प्रसारपी सुप संपत्ति॥ श्रीस्तात् ।।
२५५२ (१)
प्रशासबीचीरीमारता
पारि-प्रब पचमास पाचोरोपायचीपति॥
मा गापुरपरोपणी प्रचारास पीची मायुरणमे पन करे। पगा परने पर
पेन करे। नगरीरो मोकगे। तीए मारे गणीसासा मेगाती है। पास मेवाइरो
खिो मोडम दे। तोपरे बेटी तामा सीको पपमरासनी पीची परणीपा १ ॥
मात- पणा पर लग पम ममो कीयो।बतरे पर प्रसवा पाय मापी दोष
समै गा मानुषारो पावसाह हमीर सुमाण पर पामुरण पर पड़ने प्रायो। तरे प्रथम
पतनी पीपी मा भगीयो में। गणो दीन सुपी बाकीरी। मसी जुगतनु काम पायो
मातो मेगाड़ी में उमा सापमीरो समखो मानो ने रोर सतीया हुई। परमी मोहे मोटो मोम
यो इपयो।
पति श्री ठाकर मनमगस पीवीरी बात संपुर्ण ॥ सं १९७.४ प्रमार मुद १५
मुरी होय ॥ मी ॥१॥
१९२] [ रायमान माध्यपिया प्रतिष्ठान प्रीतिपकीरी गरता मारि- बार्ता । महायर श्री अजीतसिपगरी। महापत्र भीपबीतसिंचनी पाठि सार पीपाएमाहरा बिना हम भरवास मुरम्न पाधा रेसमै पधारीया में पाठिमाहनी रिपल पया। रिपल मामसरार पाविधानी पिली पाया। संबट ११ पई पाति साहसी मारवाहि रपरा महम बस में बाईसी दिरा पीसी। लिबाब हमनमनीपो तिको मोपीरि बामरा पाहुग । पर पंगरी कमो महागणार पाविसाहरो हुकम मा पराप स्या। भरतम्य मारा मानमति पर्व पती मानच पभासिनी सपतसिपषी उपरा पर पामो लिपीया। प्रापर रोना माया मारपारिम पायो प्राप। नागोर मेम्तो रोपे। माणस् करिष्यो । महापर्व पारीस गेमो मायोकातिको महाराष परणीय पारपीगीरा मेंहमा बोडीया मा।विण राति महाबसु कबर परिमजीपुर कीयो । सबट १७९१९ याबार एदि १५ पंपगार पति पीतसिपी . मारियाबी पारित साही की। दिमाहारासरी पाठ ॥१२॥ थी।" ४ (४९) प्रतिलिपीरो पषित मी। महायर पनीवरिपोरो बित।। मनोक रिपण रिस पसात प्यारी मप पहेली चार प्रमन । स्निान मारा गाईस पबमे मग पप । हाबलीपोइस्पी हारण ॥ पातर पांच मामर रमै भन शो मृत मामीयो। सौरतं मरन सतीदा सहित निदरपत्तोक सिमापौnt मायाप महायपर माहापन एपी गरे । संपामसू नारी औरण मुहामने मार ॥ सममि मा पुपी राजभर संधारे। पतवाहना भुपी परिसी पक्षलाई। बादामी पर गई मूह पीपीप पह" मोबास पापी बस पर ठीणषु मारमा परे। भारीप मेन मारामन महाराणा परे ।। २ ही पदित प्रमीतसिागीरा सौतोदो पर अजीतवींपनीपोखीनोको सीपते।। मावा परमवी मोटी महामाई पो हो तमरपा माना। रहोपो मीमो मुणम्पाणि कायो। नागरा प्रममतरोबार पो महाराराम पामोर माई। एतरा पारम भाईली पाएं। पर परासी दीनी मारा । पतस्मा पोरमने माप पुरुषामा १२ रामपानी हस्तलिखित प्रावधी भान-१ ] मन- मर्म क्यास प्रासार मासो। रामाजीकीयो देखनोकामो। पोय मीमोई पेमोगी पायो ध्यान मा परिचस बा ॥१ ति श्रीपबीतमीपणी मीमोको संपूर्ण ॥ मिती साप परि ११ सन १८४८ मा मीपन मेमपिराप्यामध्ये बस बीबीका पेमा मैमनी भीप्यो कामम मीपी बीनको गाव रसोयो १)मेर १६ सबा परिता पीई । २०६५ (१२५) प्रमाहिस्तबापत्तनरागावतो पारि- सपत् ८.२ पण राठ बारह प्रणहिस्मयाह पारस बसाबित ॥ साठिप नमा पम्प पाटिर। एव ८१२ माठपठ भारिपबन । मह मह पाटि योग रागा ना पम्प वर्ष १५ नपा पम्प पासिठ ।। पन्त- बीमारपाम रागा पम्प पर्प ३१ एष संवत ११.। वह ना पाटि परय पार पमा पम्प पप । एवं १२ मा पाटि बाम मम रागाराग्य वर्ष २ एक से १२३। वह ना पाटि भीमरेव रागा राम्प प ५॥इम सोनकी ११ पाट पाणि नगरि रागनी इपा ।। L ४. प्रप्पामरामायण भावा पादि- भी पुसाये नीम ॥ सुरमती नीमो ॥ श्री मीनापमग्री सत छ पी॥ श्री रामाये नमा । परातम रामायने भापा सीपत रामहपय ।। पर श्रीरामसभनी समापीर । पन्त- चोप- अब भा भार मयो दृष्टान कर ही देव यये वाचन प्रमुपै ॥ पितामर सुनी पदस बानी। परजापते पसतुते ही ठानी ॥ २ तीन मुप्त मन मेये मपबाना । धीराना यनही सब गाना । मेष मिरा बानी पारी । सुनीकमा सवे गीचा ॥ २ दुहा ।। राम हीरको राशनावे प्रौवे कर पारे । मीयाराम ही बसम्मा समे माहेबीचार ॥ ११ राम हीर भाषा परीनो मो न मान । मुनी परम पारीरीय मते अपमाने । निी श्री प्रभातम पमाणे राम हीरपये मापा परप नपुरम | मेले म्हागरे पीगम मारयो । सम ममुरम् । २२॥ प्रमात्मसारमाता पारि- मम परमाग्मने ॥ पहा ॥ पी गिम पाणी भितु ममी की पाठम मूठि। पिरानर भूप पामीई मीटि मनावा पमूर॥ १ पात- म गिनमत पारामो काय सारो मषित नि मुगी भावना । गुरिण ठारिए पापो मुणो साभो करो निर मति पावनी ॥
११४] [समस्याल प्राम्पनिया प्रक्षिप्तम पम्पात्म पूरणनी ए। माना । भषिक बन ठिठयो। भिम महो मंगन मीतमाला प्रपात अनुभव भनुभयो । पति प्रणामसारमाना सपूछ॥• २५ । १४१ (क) प्रमंतरापसावकारी बाप्ता पादि- गर || भीगणपसे नमः ॥ अथ पाती-प्रवराम सापमो नगो बामो सो परबाहीमो तिगरी पात मिप्यत ।। समारं विर्ष कोरापुर पारण। हिरो पणी अनंतपय सापत्तो। वषारी वीणरोबगे मर । परी धमीतरो घणी । तिणरे एम्सो एक भाई मतीमा ति पर माई नमा पम्मी की पारी कर तिणो कम पसबारी पोहो १ पबास १ साबादपै सारा पादमी ४ नं ५ पन्त- हो । महमप यु मन बाण सेनबार अमगे । साापान बरवा बगबाट रात ।।१।। बात ॥ पातिमा पपाम पमबार पहमदावार पायो । बीमा हो । सामीर पर वहीम्बा । सबत् १७ माहे इ । तमू सूरा पूर्व क्षत्रीयारी पात संपूर्ण ॥२॥ भीरम् ।। मारवाहमीररी बात पारि- ॥ ॥ मग बात परबमहमारली पाठ ॥ महिला पारण गोदिन भीप पम्प करे। पुरातम बेवो महमर एप को मामासु श्रीम माई मानी। भीम काम प्रायो। बटौ परमन । महगे बेटी हमीर बाहर भीमगी बाम पायौ । मन्त- पापर नये समापि, मात्र पान मसूर। पन मारे तरबार, मा बस्ती भीम मा ।।११ सोहो सोरठी ए. पुरमातन पाटण ठा। मे पाकी पुपमा भारत महीणे जीम म् ।। १२ इति प्ररमन हमारी बात ॥ १२७ प्रारपि पारि-राधी बरबान जिपर पण नमो नब नियहोर।। मधि र प्रामरनी समितिम्पो सहयो॥१॥ प्रद- संबत विमि सिपि रम मिमि तिण पुरी मदतीरपाम । एमम्प पिया मिपा मणर मुण सापाम सास पन इति श्रीपाएसपि संमाप ॥ संबट ११५ वर्षे मा पुग्प पिपिडितीमा पर मारे पागमनमरमम्मे ॥ पोमानगी मिपार ॥ पाद्म पुगत गट वाइष्ट मिपत मया । परि मुपम मगा मम प म रीयते ॥१॥निपत वापस पा। मारासयोमा चोपाई प्रारि-IR ॥ श्रीगुम्यो नमः ॥ प्राची प्रथम सा पारममाव पव। महिमा भणी मुमताज मारीय पाहा परापानी हस्तत्तिभित-प्रात्व धि भाग-१ ] [ ११५ घी विनकुगम सुरी मतर प्पान बस पित माइ । हि मास्या पूरपहबम विसरहाइ ।। २ पन्त- पगसार मा मुष भरपूरा । दिन दिम हे उप पूरा ॥२९ से पति पी मम्पवाधिकारे धेठी प्रारमनदम पदमावती पपई समाप्ता ॥ मई २५ काम २७ ॥म पंचायं ८२६॥ संवत् १७४८ वर्षे भासू पूरि विपी गुम्बारे मायन मम्मे मिपत बियसवरेण ॥ १८. ५१ (१६) प्रासपामबीरी मारता पारि- पब एव पीहाथी पुष भासदानीरी वार्ता ।। राम सीहानी तो बनयर एनसण हवा । सोनपणीपी बेटा पोन एमापा । पासपान १ सानिम २ मा ३ । कनकन मा पाबत पर्माणग हरे। तर पाटण मोसामने परीया । ति पापरा र मगमे पामी पावने उतरीया । तर मी विणण्वसूरणी बामणान कझो परा रणपूत है। मारपालि माहवार बरस राषकरसी पम्त- संवत ११८ तठे पच राग ओवर मीची ने रागान बम्यो। मगेवर ईगो नी पसेपाम बीपी। पॐ रामगी मंगेवर उठायने मापर न पिरीया दुकरा गावर पर पारामा नै बोधपुर बसायो । सबत १९११ बेठ सुदि ११ । तठा पर बोषपुर हर राबपानापि पासवानगी वार्ता ॥ माधीकुमार राम पारि-॥ मम ।। थी। गोहा ।। सकल सिरिपाई सदा प्रणपू गिणवर पास । ईमाकुमर ऋषि गार पाप पवन विमाए ॥ १ मन्त-बभी पि माम मामी नीयो। प प्रधिकार मई सीपाये॥ १२ अधिक मापिर। तेमि भातुका माईपाप्यो मा प्रभागर ममर गुण प्राप्यो । बिसनेस तर मिजारपो ॥१५॥मा सरत सतर एमसीमा परो । प पुरि मनासि ॥१मा पासो सुविधीतीया दिन साए । हस्त नप्पा पुल्वारे ॥१७॥मा मामसामर बीच सम पासीसा । रिनिरिनि पुग्यो सूगगीता ॥१८मा बम मानिषि साप पारित पारें । सान पारसम प्रयु मामा सर्व गापा १८७ ॥ इति श्री भार विपय इमापुर इनामी रास सपूर्ण सबत् १.४१ वर्षे मायसर मासे प्णपने १ दियो बुममासरे भीबोपादरमध्ये मपिर्व । भूमि पर पुपमेन फस्पाएं भवतु यौनी॥ २२४ २२१५ (२) उपवेधसत्तरी पारि-तपत सि गोम प्रापणी मन माहि बिनान । गरभागाबीबगे पसीयो मपमास ॥१॥ तपत. मारि तणीना भात बिनपचने मोह। पून तणी बिम मामा तिम माडी पोई ॥२॥ उ. ३५ विसबी न्यूम I राजस्थान प्राषिया प्रतिष्ठान मन्त-कमस ॥ परम पिचार समिनि मिए सबम भाइए। परिसार केरी सपा पा नेम मिरतीचार ए शार. संसारमा सूप सकल मोगयी है नई पार ए । श्रीरतमादप सुपास रंग हम कई मीसार ए ॥ ७२ पति श्री उपदेसतरी सपूर्णम् । स. १८१रा मिती मासोग परि४ दिने पं. पोकर्मसुम्पर काम्मे उपस पर्य। २२६ ११२२ (१०) र तपा हावीपर्णन पारि- सुषिसान तुमान कि पति सोभित पाट सुबाट विप्यार परवा । बटी मात्र सुपाम हमंत मामामय पंत म पास बरे पग्यिा । रिठे पर सूख भत्ता बसरा दीप पुरंगा येम प्रमठा । अप मैस पीइ प्रमो सारो इस्पो बमण मरिरामवता ।। १ प्रम्त- पट प्रेम उणारिय परत गेंच पर फोष वणा प्राणा फासा। बन मम रन्जित मृम महा पण माप साप बिके महणा ॥ गद मांब पाया शिरपुरपम मगर पार हेसवा । पराग दिपसिष मनवा मिसा इपिणार इसा ॥२ इतिहाचीमा पाख। २१८ २१.. () एक्सपिपरहरी बात पारि- ॥ प्रष एएमगियापारी बाट मिप्यते ॥ युरोप मरप परम प्रय' मिरारो सिर परबर । परबद किसोदेकरण झ विहो। उझ । बनस्पती पापर बरणी बरणीया हरिहर । पटा विटा नीकरण पायो मा परणय ॥१ मनी नगी पटा सपर पपीया तर। मनसार पाषा मीये पायुर्व पापा ॥२ प्रस्त- सपनो म पामो गण मती हई । प्यार मरा काम भाया । पचिमो बतरो प्रादुनी पसी। महारावषी बीसमरेन मारणार इसी। अपीमरापा बचन परम हमा । फूठाम व परगीन मारती । गोठ पायन पर पधारीया । समराबान सीप पीपी। भुसरो पर माराही रे पाप प्रापर गया । महावनी पी बोटपोनी वरपार पपारीमा । मुपमै फाई पति पीपाड़ासो पाराहरी माता संपूरण । मौरस । कम्पाणमस्तु । एकरमाममाना प्रारि- पीपमाय नमः ॥ पच एकापरी नाममामा मिप्यते ॥ दोपा ॥ प्रकार दिनः पुनि महेम पतमान । माबाईमामिमा रपा मोन ॥१ पन्न- पिन पुष मुनि तर पर प्रष्टारमहि पुरोन । नाममामा एरापरी बापी रखनू मान ॥ ३४ । २३०१ (२) राजस्थानी हस्तनिपित पाव सुधि-भाग-1] [ ११७ इति श्रीपोरा रतन मीराप मत एकासरी माममामा सपूर्ण ॥ सं. १८५९ ना व पारस बिरयो(वा)लिपिता श्रीगोडीगरी प्रसारात् ॥ २८१ पोशाहरण । मादि- ॥ भीगणेशाय नम ॥ पप प्रोसाहरण मिप्यते ।। राप रामग्री ।। पोसेमूमूतने पारें पारा बी । मन क्रम पर्ने सेवा मामु पी॥१ चतुराम भोक जाने माने मी । तेहेना गुणसू मपीपे पाने बी ॥ २ राम ॥ पाने मप्पा जाये नही बीगणेशना पुखग्राम । सफल कारण सीप बामे मुप नतो नाम ।। । पन्त- पछे मोपानें बीदाय प्रापी पो पयजयकार । श्रीकृष्ण पहारपा द्वारिका परणावी कुमार ॥१९ पे पोपा (होरण वे सामने हिना पाप मे पाय । मट प्रेमानर हे कषा समरो श्रीयदुराय ॥ १० काया ॥२६॥२॥ पोपाहर्ज संपूर्ण ।। ममाप्त । २१. हप्सम्यान पादि- पब कृष्णम्पनि लिप्यते कवि ईसरदामबीरो क्यो । निरपे पारिस्पमिधाम । कोट मनगकी बिमकान । मा मुष्ट पपपा मोर । रत मदन मुरमी मोर ॥ भाष बिमान मोम कपोम । रापे भानु-कोरकी पोल ।। प्रहरी महक कान । मनकतामा पुग भान ।। पम्- पोपत परम अंग मात । विन विष स रेप विसाम ।। पर तिस पवाफ पबम | विनसे पटतिकीटकरम ।। निन पर ताग न मर पात । सिमा बम सिम ममपाव ।। पेमव पात रूप(क)मयर । गोकन गांव रामार ॥ तिनके पास पर। ईसर पाररमो फेर ।। १५ इति पीकवि ईसररासगी क्याम्पोन संपूर्ण । कपणहोंडी बमारती पादि- ॥ पीरपाय नमः 11 अब एपोकी मेधावमी मिप्पते ।। भीपारिनारायण बमम ब्रह्मागरी ॥१॥ मारीच ॥२॥ कस्यप ।।३।। सूर्य ॥ ४ ॥ बात ।।२।। मनु ॥६॥ इकाफ on मिपि ।।८।। पुरंजय ।।। मन्त- माइपगापिपरपम्माष मोहोनमिष मरवममा राजाको पेटो मो राग पायो। परि मानमिनी नाम पापी। मीती पोस बहिस• It का। राम कीयो महना ४ दिन || मारामापियन पीसलाई पासिंभवी संवत १४ साल श्रीवमेपानी भारपा राति रेषा । सब माग्यो पाप पारी मोठी पसार मुक्षिक संमत १८८४ साम । ।
[रामस्थान प्रापिमा प्रशियन . ०२. (२२) पसहम पाच पप सगित। पमम्म रखना प्रारम इस प्रकार है- कि पिन पर हर दौमिर्म माम ॥ १३ मसीबर मी मन भयो भीर मोलिए पोमाय । माम मांगी मीनिय सो मारा भावी दास ॥१४ उन की मापी मम्मो मुचम । रखन बरीत मीरपी सोनी सूर मन ।। १५ मन्त-पीयो पेम परेको कोषो न तीपार। विण बेग मरिर म प्रीत मारा सिणि पार ।। १ प्रीपि ममास खून मपर भपुर वास । पदम कीरा बरसो रेडिएस II १२ इति सामान सपूर्ण ॥ . २१३ परम बोई पारि-नाममो परिवाणं रिसिण मिसपा पममम विमन गित पणमसू । भउमाण निणा गमि की एक रित कहेसू ।। १ रिसा पास रिण पपिर बसमास दम्माम । परमी जिम्मामास नामह रतिस ताम्म || २ मन्त-बाबा मधिपरमप्रभाविपद पिप मार 10 इति करपा रिवि पनपा प्रमनिषा मेष्या पायरे मूभ मक्तुि ।। २१२१ (१२) मादि- पहा ॥ पदिनु प्रणामिमि नारा परिणामाद ।। पादीत्या प्राधिकरी, मार्मका संबार।।१।। माभिएर गुमनाम मुफबी पर। पुगना निमा पारिपारि कुमार २॥ बीम माप पूरब मही स्परसपि विमाप्त । प्रिम निमाप पूरब गिग पर पब साम || पन्न- दोडकर मर मिनावर मापा मार सरिस पर महरिया। भी बांसगरमा प्रथम पार बम विर(४॥ ई पृष्टि मोचन यमरामि देव परमपर। पुनि मायमसमय पहराय। गिहारमादिता सूप होय ।। १५ संपर महापाती गरबम मापा पारि मप बरण पापा रही।पबपाणा मीचिन मती ॥ ९१ इति भावपापपारापिसारेरसंगारपूर्व।
एवापानी हस्तनिक्षित प्राय धि-भाप-१ ] [ ११५ कविसमता पारि-॥ ॥ प्रम मीसारस्त बावधी लिप्यते । कार प्रपार पार तसू कोरम मम्मे । समर कर सिरताम मंत्र पुरि बियणम्पै ।। परपर पाकार बरे मी बसू सोहै। वैमा गित माय ति तिहुपण मन मोहे ।। सापक सिख योगी पती पासु म्यान पहनिस करें। कवि सार कई बार यप कर सण मुमो फिर ॥१ पम्त- मिठे मडम क्षिति विसफ सार पातो पुर सोहै । पर मर मंदिर महिस बाग बारी सनमोई ॥ रागकर मनाप सुर सामत र समायो। सोनमरे सुसमच सुबस बसुपा पर तायो । संपत सोमनिम्यासिय भासु मुषी पसमी दिन । पोलार सविताबनरमा सामसिम्यो साचे मन ॥ इति पाकविम्पमता घोसारको संपुर्ण। मुम भूपात् ।। भी संवत १४ रा पती प्रमुख सूरी १. ए पी मीगुरागी भीवेनयमनी। मोपता कामास वाचनारपम् पसरपुरमम्पे। ४३१५ (११) कापररी गरम इस गुम पत्र में १५८से पत्र ४ तक बार पापों(पों) की नकम दीई मोइस प्रकार - पहली नाम मारि-कामवरी मरत । परराष- मो हव सीमर नगर सुपरं । प्यारी निग हाम रियो पतरं । सूत्र बोन पाना सुपरियं । पिप गात अनंत पित हरिये ॥ १ समिता सर निसरीर पहै । ममनि संभ पास पर रहे। बादास निवास न प बर्न । यमिता मनि तौर सूनीर बने ॥ २ मन्त- दिन बात पूषा तुम संग मिना । यह सुप होवन पाप दिना । पवाब रबी समचार सई । सुमिप्या तन मानह भाम को ॥१. न मिपे तुम पत्र समेहमी । पप बापनकी तुम रीत पनी । गुग म बसु मसि संगत में । सुम मास तपी सरस परम ॥ १८ दnि [संवत् १८१४] पादि- फापरी मकान नीपः । स्वस्त पीप्रमुानपर मुपाने पुक्त सुभ प्रोपमा गाव पारी प्रेमरमप्यारी, पदवनी मृगमोचनी मगनरी सी गौरी की मापदाद सेवरी सिमाए, प्रीतमरी पीतार, पितरी सवार, मवमुपी इमरीमा- [ राजस्थान प्राषिया प्रतियार पन्त- सरसरपी मारी मही समसरपी नही पाण। सब पूस एकम्पमें नहीं आ पतुर परोस ।। ६२ पती पोपमा निपथरी बमाबोर मत गण। पक्ष्य नमन उप तू रूप गुप परवीण ॥१५॥ पुर्ण । जोपरीनाम- पारि- सिम पी पारी से पुर पर बने। प्रीतम निपत बहायक निट २ नबने मेह पापानि मुपसोपनी, पिता नक सूचन। ममममणि रस वो है पहिवाण पप ॥२ पात-बार स्वर बोहा कापर पधिक वास। हित र सिपको ति माह अपणा पास ।। २. संपुरण । - - पादि- मित्र पी सीमा विषयमान अनेक पोपमा नाम निपान गोत्तर मासूमोस पर विप्मानियान परब बहा देव पम्मा परि बिमा हेर रहमा हा विवत सागा अमा पन्त- मन मिणरिस मामको मसाईयो । पुन पुगो मीप बम सुनी ॥ १५ सयन फररी फूलको पापुमीयतरबा। मानेरा मुगको प्रोमो पुसमो॥ १५ इति मौकी पुर्न। कापासपरको कामद पादि- पापानमारा कालप पछि पीप पीतुरगपुरी मुब सुभानेर सम्म पुरमीतमा दीपसमानान प्रापवस्वर महापमानीवर महाराबाजी भी श्री. मी श्रीपरमपी बमपरगी सापामबी को परलमयाब घोष कामानबरस मीपतु पर पानागार ममतामुर प्रवरमा चीतपुरतरो नमी दोबत पापमी पसरा सवार जमाई। मन्त- वेगव उपतीत मी पापा पर । (१९९५) परीयारशेड़ी बीनरे सावर राहे ।। पापासादात परप रयो महो । पोर मेर मालमही या या मोहेनर) ॥ देवी नामद पूर्व। १७५ (२) हाफपोमा हिमशीनी भारता पारि- पोपपार ॥ पर श्रीकाप्पोमानी माता निम्यते । पोतरारमिरे पनि माप परिपत पौसानी सोमा - रामस्थानी हस्तनिखित पाच धि-भाग-१ ] [ १२१ पेन म्पबामे रियो कोप । वह पानक एक पपरर होस । समीपे प्राप्य देह। रागा ये सार । माहि पेठा एक ठिो मंन । तेहनु भरमा उपर मन ।। २ पन्त- विमसेन मोटो रानाको पूवमी सूणो भोवरान। एयो को यमा स्पे नही । ते सीवामण से बई॥१.२ एह पात पुनीये कही । प प्रापास मारगे सी गई॥१.४ इति श्रीपमा विक्रमबितनी बारता काष्ठयोगमी संपूर्ण। ११५२ मित पारि-१०॥णी पान स्वरकी पड़ी रेवत नाम । पाहिबसा पुरत्तियां रोमीये बगम ॥ . एक रियसि साहिवाणी पापा पुलावती भी गणी प्रसार कौया । पाहियो तुम या उपमार का । हमई क्या उपगार रूपये। हमारे पगारकि साफ गाउ । हर पर क्या अपपार करामे पन्व- मिन हो और परमीया ज्वसन मई बम बार। काझा मुशाह कुतमरी हा स रापत साहि। सुमवान पुरमान दौना मेटकरे गोप पर बौना ।। फीर भूटसा मामे मारा बामे । माने मागत परबीमा हुने हुरेकाई॥ बिमी धीर कुवम्बदी बिन नाममा म पार । पति पीडबपर्व समाप्त ॥ मी ।। पबत् १९७० बर्षे वयापमासे पाप पनितारे श्रीमतामपुरीय मान्य समन्वसुगमयमुम्मासन सबसबसवराणा पोपमरकोतिसूरीमराणा पिप्प पर्मकीविना afu | पा॥ ना पाकरसी ॥ मीः ।। यौनामपुरममे। २८६ (१.३) मुंबा-पांचमबार पर विह मामा बामिय परिपामर पण पार । भयना साथिोलियो विपत पवार ॥' रलि बसंती है भनी रात सम सरीर। कामर मुहम पाइपी पापित पुस्प सरीर ॥ २ परिण गुंग कवन भणमि तुम्हि वही रिसीस । पासि तासण मीसरा पर भागा ह स ।। सुरिंग कंत्रण मुंगा मणा मि तुमि पीपीस । पछि पर नीसरा उउ भम्पा कम रीम ॥४ १.४ ११ () बितोर बोपपुर प्राप्तिी ऐतिहामिकहीकत प्रादि-०॥ संरत । २ पिनागरे मोरी बीवोर मयामो। संवत १९९१ पनाम [रामस्थान प्राप्यपिया प्रतिमान म पातिमा परमवीर मीर्य मामो में पोरोबारत मरीया । संबट १९२४ पला पसिनाम् चीतोड़ दो पीसोसा-उप्ताप उपर पर वमापी पना- समा १५०. पब म काल वीपो राय दुसरती टीई ठो। पर राम मामरे सुपरसीन देन होसीपारी मति मारे समीया। पो पन मासरे पत्तोषी माल । पाने पिक सापे मापा । कोष्ट सरसोर रजपूठ बारे पारत संबायो। पोर पोपी मास २ गाई । प राबवी मरसीम रोहगे करण मागावर दुगनीमी पमा वचन पो। तुपोट परोटे परे पण सोबार शपभीस IST सरसीन गोलपा से ममा । बमहर्ष पापत गारवा वषी होगी। मासीनी म मात दीरी वा मासरे पर सीरी। समासीम परोपर दीयो पो गुमरसी कोनी होमियो। ५०१ २६॥ (1) बाप्त सोम साप पादि- मनस, हरपर प्रभु पुर प्ररएमीकरी स 'हिमा परी। होना मुपण तली wि पा पनि सुप मा। भखपर पामपुरि रारा पति अभिराम । निसि भरि नि मन भरिया सोमा मुहिरो पनुभम महया ॥२ पम्व-रव सोमइसारी' बमुरि चमिस बबीस। राबतोसरिया श सिप्रय और रिपि कहा।। २. इति श्री सोम न सिग्मय ।। निपट हेमरान। रिप-पत्र भरपम्त पौर्य एटिव ने इस प्रतिका प्रमिकाप गणित गया है। बपरा मुबरामी बता पारि- पम बातो पग मुपगरी लिप्यने । पपिम रिसने परस बम पोडी बाटी एप करे। तिल र यहा। एम्पोको नाम भीको । गारो नाम बोरमार २॥रोमणी । परमा एमपूत परि २ रा न । पसार हमारी साहिता। ठे असा समीर भीवाने परायी। को पिण रम्यो। नई भरत १५ मा वो भीमो हुदो एर ॥ पूटी at पानार बिस न पायो पपरी । मि पे , मारी जी मानुषी ॥ १ और पामार विवाह भाषिएम पीकही। पूरीलाई पान पिन नमारोबपरो ।। २ पातरीय पदमोद सार सरपोपपरो। परापर मोर पापा पनि मानही ।। माइती वाव नपरा परारीपही। मुराबीर सातार, पिलर मन मही ।। नि म - 1 रामस्वानी हस्तलिखित प्राव सुधि-माम-1 ] १९२२ (१) बगनो र मारि-प्रप बगहनो ॥ प्रथम स यो प्रावे । पापोप्राप प्रयम पारे । मावि युगापि ममो प्रादेचं । भपर सपर रेमण प्रादेई ॥१ बमा विष्णु महेसर पामा। मोह मास गिबन मगया । पाप कुमारी विष्णु सपाया । तु मोटो माता पुण्या ॥२ कसप । माकारो मुप नही न पट परणा देणो । कार दुबार मोम बारे बस मेयो ।। प्रेममर्ने उपरंग मना गुणगीत मणाये। प्रोसपाम भूपान प्रान गुण सम पर प्रायै ।। सासणेस पर सीबोकर मेर समोर पास मम । पाता रसको जाली विम बप प्रभमान तण ॥६ इति जग। मबापरवानानो मर सपूर्ण । ११२२ (१) बगलामो बस मादि-भव मोसर बानो बमसाहानो बप्त । एप ॥ भूल पाठ सहस्स दीप पौस सबण वीर । बार मूग पास्स रोष सिपये हमीरे ।। बनने मुमान सहस मूग इस बीसे । मासव परल प्रठार मने मेबार बत्तीसे। रावा सपार इन पर हूमो सेक्स पार भीमोधरे । पपररे साह सोहा उणेकरी प्रसव पनरोत्तरे ४१ मरग बड़ी संपरपोरेस पूस्तो रकामा । मगर सरये पममस्या पार पोहती भीमामा।। पर्ने करपो पारमो धारतो भीनी बाडू । केतो फेर म यो पोषठो सा ॥ पाए साह सोमागे बाब मागे पापो। मेस मेम साह बडूपा मही पर काम पनरोतरी ॥२ असतस्बिीका कपित्त पादि- कपित्त महाराब पीरपतसिपगीप खरा ॥ मग ममीर पणेस पेश सस सुगीचे। सूर सेतीसा सहित समति हिल पर की। घरमा मबहा संत बम करो यहाई। रिपि या सापकोटे उपने बिकाई ।। महाराज मरण मुरबर परा परपाट किण मि। पहा दिसन पिपरिण हे पचन सरपति नई॥१ १२ (०) १२४ ] [ राजस्थान प्राध्यविद्या प्रतिमा पन्त-राहेक बार बात सेपरे पाये। प्रास पप हिपमारतो काय र प्रा ।। पोकरण पोतवार तिवारको पधारो। न्यो पातिक मिट माम हुई मातम मिसवारी॥ स्तपात मात करसी मनर बात कीया दुष पारसी। बारामाप प्रताप पर होमी पावसो ॥१ सयत १७५य पोस बदि। महाराबा भीमसबसिषयी मनोक प्राप्त माथे सौ पटक पारat पार पर कसा थे। ११. १९२२ (१) बाम लापारोमोसावी मादि-०॥ माम मापानी नीहाणी सिटप मिप्यते । मोर भवामी मेहरबानी, प्रपर मार्गबाम । बापान मारक सुर पिनाक सवार दोन ॥१ इन दान पाक नए नाइक परमयों सृषिहान । रवरीत रापा बाम मापा पट्ट पापा बाम ।। पन्त-हनुस पि धाये बस की बीह। बाव पजसरान बाबत देसपत सब ह ।। २१ इनपीह सा पमी दौलत सत्तांत समार। अस्मानपी वाम प्रेमदबोमनामना॥1. इतिथीनीसोपी बाम भापारी सपूर्ण भानपरपुराम पारि- ॥ भीमरोमाय मम ॥ पर पामवरपुषण मिप्यते ॥ परमेयापरी ॥ परमप नुग्णगर गणेसर सिमि पि समपि समोप्रम संकर । उममा मात सरतमा । इमू देव विषाबरो॥ पप्पर परमपमम पाती। पपपाणी पिरम पाणी।। बिमलामामात पाहमी। पररनी परमी ॥ २ पाव- तोपरी पारमि। मोर विमोनीपती मन।। ठोर पपिक विपरि। मैमून मया पबमारि ॥५ इति पीनामपर पूर्व संपूर्णवामी ममत ॥ " राजापानी हस्तहिमित पाप सूत्री माप- ] [ १२१ ४११४ (१४) बोगो रासा पारि- प्रब बोगीरास नीपोते ॥ नम सीमेम्पो नमः ।। पारिपुरिप बो पारिनगोत्तमु भारिपती माविनायो। प्राधियुगोत्तमो पोम पयसो भय बरबप जमनायो। १ पास परपर मुनिवर हुमा दीगांवर सहिनाणी । कुरमुरापरव' पुष मेरे, पाहगी कहिय महासी । पम्त- बोमीह यसो सोपा पारक, दुपन करा महि सौ। जो मिपासाभिविपि हि सिपड़ समरण कीया ॥R ती मोमीरातो संपुरपमस्तु । ४१ (३१) गमा गौत पारि-रंगपा दहाणा बिया गणाटाखा ॥ इस संसार पुष मगर क्या गुण पि नुमाया ।। गिन म उमिया मारापाम, फिर उस मोम परयासा । मन्त- करि परिम मापन बन मग, मोपी अमर निमारसा थे। समिति पोहण स विपि पूरा निरपस परम कपणा पे॥ सुपपरी सह रहाय माग र मन (मा) दे। बप पूषा सम सूप पाहु को पद मिरगाणा पे॥ इतिहाया समाप्तम् । २१६८ () तारातबोगरी वा मारि- पप तापवयोनही बारमा मीपते । मुमतान पासी ॥ मार बरसी। माकीरास दर देसी भारतापि पायो पू सीपी ॥ प्रपम गुगरावर कोस .. भामरागार पर है। पहमदाबारसु कोस ! •से प्रागऐ है। पापग्रसु कौष १०.से पात- ताराकोत मपरक पासि पासि सीम नदी बह । बोपर भीका पाट । पापैकी कार मम नहीं । मुमक बमी प्रासमान नहीं है। जी की ठीक नही । पा वाणा मुमतान बासी माम अकुरसी जाति पत्री मुसाकीदास रेपि प्रायो सो नौपी है। पारावोम प्रागराम ५९५५ कोस। प्राये परवी जीको विचारतो पती यो सहर । पाम मठार । बीको राह होस २ • पापं पान । सो पति होसी मोवासमा रमात मग गाणो मतीनां ।। ईति पौठारावीमकी या संपूर्ण । सराचार्य (१) [ राजस्थान प्राविणा प्रतिम ११२४ (१.) प्रारि-बा. मीमामापयरगुरये मम ।। रहा। सरसति समिसि बीमयो मा पनिषत मान। सरत का रस बोलवा पर्व बरबनि । पमा धर्म अविमान पापा प्राविमपर। उसळ परि संबगई दोमिम् उपुर पसाय ॥२ मानव जब पुहिम्य नही कीया बीर बत्तन । वामनपनी परिसा नहीा परिषलपान १ पद- संगत सोम सिठि बारिश (१९५५) सेप्ट पुदि नवमी मुबपाणि ॥ (3) पर मम्मरि । पीप मानवामि पाचारि ॥१ पुस्पर सुप संपति परि होइ । पुम्बा बर मामा परि मोह।। माधीम पापक इमि कहा। पुष्प पी सिब पर नहा ।।१५२ विधापीमरमा विपी रामनर पाई संपूर्ण मिपिट मुनि श्रीमानसरेस साहारण पटनाचे श्रीपालनामप्रसारात पारस्तु ॥ wat ४२२४ (१) मावरमा (पूर्व) भारि-मापारबाय ममः ॥ पवायरमसि मिप्यते ॥ ह, मो धाnि goपिरो 13 पास पनमा परम बपति कालो बाट।।१ प्रम् ममेरे पाषा तपा बादल। केपामा पोटीमा के पर पार करन ।। २ कोरम रोशे काममा मुम्यो सीमा। माप बेभावर रपमा बीया छोरस ! प्रत- "मामु पुरम पास र मेरा परिनारी। मा पार खाद बोई गोपर पहारी॥ मार पासर सबै रपताप मुखाई। भति पुपति मगर,न मुमबाहय ।। रमौरो पति बारवरिश ११२५ (२२) ममिनाबराब पोत पादि-॥ पवार दुरी) पररावामन पण तोहान, सब पुग्ण मा मगर । मृगति मनोहर मानिनी निरमापार बामि ॥ दूति रमनि भरपारा । तुम होइन पामा पारा । तीन गुनाह पापारा। पामरताप ॥२ पत- बहन बमपास पानिर । ममम परख पायमिर॥ नुपम मनमा पिरिजए। मेमनार पिस रमणी रोए ॥ ४ शिवानी हस्तलिपित पाय पुची माग-1] १२७ इउ | नेम बाण मणरते पाया पुसार । मुनि भाम दीनवा पोरर भर के पार ।। रति मेमनाम गण गीत समाप्त।। 1(re" पनरमी बिया मारि-1 पी मुणेमायग्म पर रागा भौगरी पारमी मार्ता म्यास भवानीपत लिप्यते। प्रपा । यी मसपति सरसती सौर, विसमा रवि गुसेन । पास करे परपास प्रभू व मप्पर मेव ॥ १ पशिरा पाणि भाप ये देम्मे सूबुरि सुम्मान । त्रियापरिष परणव कई परे सुसएन प्मान ॥२ पम्न- कानमार पवन पिच परमं । का भोग प्रामोधन करीय ॥ सूप विमास बहरा की। बीमतं मरम भरम मही पी ॥१ प्रिय परपुख्य पसु पाम् । पोपट बात पारकी प्राण ॥ रेप बहाना रीती। विवाह पिनाम बवान ।। ५४ (मपूस) १. (४) पाडू भापोतोतरा हा (अपूर्ण) पादि- ॥ पी पाबु पालोमोतरा दोहा में सम्पपया ॥ देवी रेपरवान मुणवो यंगर मानीयो ।। पाई परम्यान पामत तु गुण ॥१ मुलाया पुगत बरपायक पर्ने । भम पाए भूपाम मत वा कोण मुनु ।। २ पत- पीर परसाद मै जोपो सूर पामीयो । पुरमा पाताह माता पुण मूमने मुर्ग ॥ १५ छोरो विवाह में समझामो मो रिसा ।। पिए भागो या पह दो पिण म मान मिट ॥६ अपमीराम प्रोहित हीरा को पात' १२९५ १ (२.) महाराम प्रसिप रेवतोमा लिन समपरी वार्ता पादि- ॥ ॥ मम वार्ता महाराणा पीप्रसिपनी पतोको मारवामि विपो हो विए समीयारी ॥ संगत १.६ प्रचार सृषि १४री यदि पनी २ पानी पी माया पापमसिवनी प्रसमेर समोर हुमा म पम पोहसरती रियो। पई गिगाव मम सूची में भूम से बपना रह गया है। २ यह इति प्रतिप्सन प्रमाणित हो रही है।
१२८] [ रामस्थान प्रामविया प्रतिष्ठान महापामार भौमिसिननी प्रावण मुवि १. पुरणार बोषपुरमै टीक ठा। मन्त- संबत १८१५० प्रासार दि ८ महापन विसिषमी मेग्वे ममम की। सोना पिण तुरी सीपी । तर रामसिपणी पुर मबा। रावा ईसरसिपमोरी मेटी परलोश संबत १५१ पोस पदि ममममार। इति भाविपारी मारता संपूर्ण । कषित-रिपणी मुखर रेस राम राया में पाया। माय ममा पर काम पिण परपा सबाया ।। परती हुई पप फुटकोस पसी मचाई। मीयारा पोमात मठ पिण कटी सगाई। समत प्रयाम्यारोतरवारोतरो पिस पाणीमो। तीनुकास मिम एकठा तेरोवरोही पिपाणीमो ।। १२५८. माधवानलकामामा बोपाई पाधि मापवानम २ सपि मकरपा पपा विधापरतुर ।। बिपुर वारिस सूरपुर विचषण । मारप पर मार गुण ।। नहस पषिस नराणाकमा बहत्तरि मति पुसतक्षम ॥ अभिनय कुमार । सरपुर मुपि पिम मन ना ॥ विरभिस तेहपरित ॥२ पन्त- ॥ संषद् सोमसोमोतरह, बेसममेर मधरि ।। फागुण मूरि टेरसि विसि बिरची पारित्पबार ।। माझ प पटप,कपितया संबंध ।। पोमरलाकामिनी मापबामन साम॥१ मसमाम बाप कार सरम परित सुपविण । बापापमा तीया मिनापन गरष ॥ १२ पाषा मा पौषसहएरपा प्रमाण । सूता मापता एप रीमा पर चतुर प्रमाण । राम मान सू पट्टपर र श्रीहरपर। विरची एगपार रस वाहन काति ॥ ४ सारपसु प्रसाद की सील तण पापारि। माममा तेहपर सूप पामगरमारि॥४ १५॥ इति पीपापवानमारमा पर समाप्ता॥ यदि १. सुमारे पतपपार नगगे मम पालीवाल मट्टा भी पातिमूरि त पि पीरास मिप पतारपे। मानर्तममानवतीयोगई पारि-nापीपरमारमने मम ॥ प्रामु पाता समठी प्रथम सरपुर पार। मुरपी पतिको पक्ष अममें हिवाए 4 ..
मीठ। । परवाती हस्तत्तिमित प्राप प्रधो माप-1 ] [ १२६ कपा सरसने कवि बयण कसलीयो साराप प्रमी पकी मे तो प्रधिका बीठ ॥ २ मन- मबत सतरसतबीसे पुर। सुदि प्रासा गीर दिले मुर।। परवर सह गुरविणबर पयका । तेहने राये सोहमसुरक॥ सुरा सोमसु दर प्रसा। प्रमयसोम इणि परि कहे ।। ए सरस हिने या पापी । र मतिमंदिर मरें। इति श्रीमानम मानवती पतुपदी समाना।। स. १७७८ पच सुदि चतुर्मी लिपिता • पनिवपारः ।। माविका पुष्पप्रमाविका देवगुरुमतिकारिका केसरपठनार्य बीम पुरमास्तरमाणमस्तु ११०२. १५० (१५) पेरता प्रारिकी ऐतिहासिक होकत पारि- मबत् १०४५ वर्ष पोस परि नबाब प्रन्यातपानरो पेटौ रावणी सिनु माती गोषो पांगम मारीमा। पारि पर तुरक पणा मरण पमा रपत बपठ पोम पुल सर्व रवपूवार पायौ। रागनु पारी ! मारपारि माहे बरस ७८ रहो । बोला म मा पारती गाव पणा पा मारीया था तका सर्व कसर झारी । मरम्मसीप मेवीमान मारीयो हुतो को पैर नीयो। मत- • १०५२ वर्षे वगी मुकात स्पीया बार • सपकरीपानरे बेटे बीमो पौरपान सीपी । माप नौपनी पपरी । मेहबणा मा ।। रायनामोपरि विरहनुमारित पारि- प्रीतम बायो रेसपी मलित करी मपवार । हिगा उपर हिसतो मो बिरहमीचे ना हर ॥१ तुम रिण मेरे प्रीतमा मंदीर माहि प्रचार । पर बाहर नही पामये चाभीयो वीर गंधार १२ अन्त- पहिरो प्रीतम पाइयो संग्या समे सुगाण। मन राहो प्रपियो करो हमपाए कापाए । पीर पवार्मा हे सपी पायो पाग सोभाग । अंतमी जय चमकदै, पान प्रम्हारो भाम ॥ ३१ इति राग संपूर्ण संवत् १७१५ वर्षे पेठ सूद दीने भी ।। ४५ (२) रामसमारबत मादि-भब रामसमारंबन मिप्यते ।। पंगावर सेवा सदरा गाइक रसिक प्रवीन । एबसमारबन कहो, मन ना रह नान ।। १ दविरति नारोगतम पिचा पुमान सूरह । बोरिन बाय प्रानबमबीको फन ए ॥२ [राबापान प्रविण साब Bहे पायो , मुन्धा तिय पिय पैध । पीसेमें कोरी की घमे बाब की रेस १७ मान पति वापिस कम कमा साप । बापम मारी मौकी बेटावीरयष. मन्त- तीन साठ सर पगार सूप रे । पर-समा-बचन धरस किमो रसिकवन देव ।।१७ पंड बोन मुनि सति (१०५६) समा विम एक मम मास । बम नवमी रिवर पूल रस प्रधाम ।। १५ सूपर भूमि अगमपुर, पीपर बरसादि । पहिरपि मन धसम प्रति मति रखिों परवाह ।। जब भी मुप सग्या मा मेस पर काम । सरो पिर बीग रसिक पात गुणत मुन माम ।।.. इति मीरासमा-रमन रीहा समाप्त । संगद १३१८ बर्षे मिति पोध की १४ सुनिपिशव मौस्तु पासमान्तु । 101 राओ नहरबानो पारि-घर पठनादरपोररी पारस मापावास कस भारम्पा ॥रममा पुरयाली ती पाली पधध पापर होगा। पैरा कीमा एकसयोग नाहरपान कमप्प भोगा भाजीसी मुपमाणी । पासा पंच पिके पुरमाणी।। बापाचा सूक्ष पहारी। रेवत राम रामाशी ।। २ पन-मा पास तेज बसरम गत मोना बह पोपस । पौरखरममंत सोरोपमहतोवरण ।। मा विद्यालयात बगह मनम । पबमम पिययम बानिपौवा पापा । पापायावीणा स्यापी एव । भमरीमा पात एकपरमा पनि। विनाहरपान बोहरा रातार संपूर।। रामपभोरताबम पारि-tuपम रामा तिपने प्रमाण रामे। बोरा।। भौतियोगलस्वामि नमो विमान तारा दे। तर प्रदीपमो गरमा सार ।। पुष भूमि पितो पो मात ममा । बनमा भूमि विवाणी गयीपणाम ॥ २ प्रसपानी हाततिषित पन्च ची भाग-1] पल-पतम् ॥ राम मिसन मनै राषण सति सीवानीपरी। भी भाषा परीत माची पपन रचन करी परी ॥१ संघ व बिनोर करता प्रने प्रापता सुप मसी। पपर वीर स साइप बामणी ॥ २ ति मोबान पप्ट्या पमयसोरसायप चतुपोरिकार समाप्त सर्व गम १२ सर्व पाला १५९ सर्व संपाय ५६ति रमावण समाप्त ॥ संवत १९७१ मासे पुक्लपपे विग बार पारीत बार + गरमामे बममा स्टे । मिपत रमायण सास्त्र पुरा कीया एप गुपयम निपतं । १५. २.४ (२) पीपक पियन पारि- । श्रीरामबीपम्पबीपक भाषा मिपते ।। हा। सारस्माता तू बहरी सुबुषि हर हाल । पिनन किया सीप परली पावन पात॥१ पुरमनेसो परस गहि, हिये पार विस्त । पुमर भगानीरास को पुति कर वे किस्म ॥२ पह- पोरन बरनी चाह सब से मोम पुर। सुम बेरबाही कही करी कबीसर मुर।। बत सतर परस और मिावर पाय । भाों पुरि पुतीया गुरी भयो प्रेम सुपधप ॥४ संपत् १०१ इति बोम्पीपक पिगम भापाव संपूर्णम् ॥१॥ सं १८१८ मिती पोस सु ।। नापामीरा कपित्त प्रारि-tton प नापाफूमाणीना कपिल मिप्यते । प्पप ।। पम पमा कोरिन र मिमै सुमट्टो । पर पूरख म्मको सिर बाट बट्टा । बंपन बाप मिकमम्पनोषी पर माही । बनवर बीच विमग बाण पामसो पसाही ।। पमो मपण पुर मियो पंमार पप गोरन मियो । मम बीह सूर सत्त मारणार की नापो पो।। पन्त- संवत नव एकमे मास कारतब निरंतर। पिता रामहि सहठ उपाहत ससर । पासमा सो पबर पो सोनकी सो पट। प्रोपीस सो पारा मूमा पिन पग रिनवट ।। पातरे चमन मपम मई सोप सी नामी परे। पाठ में पप्प राबविण मृतराष पापो मरे ॥१ इति नापा मासीमा कषित संपूर्ण। १० ११९५ (११) [ रामपान प्रामविया प्रतिष्ठान प्रथम पोषम प्रभुप बमि पसपर अपर नियाम । समर इस हा पूगा समनी भास । मा- का सौस पार, राबसिप प्रार्षद। विचारितास पार न मावा सुपर । ४५ ए सेए पुदामएर सुखत नक्षत्र पर। मनपित साहिस मई महाया सुपतर पूर।। इति पारिवाविनास बसाई समाप्त संपूर्ड सर्वमापा ४५ पंपाप संवत् १५१५ मा बहिर मामि अकरी बापना निपित श्रीपममेरसमें मुर्म अपतुमबासमस्तु विवाविनाम बीमा प्रादि-नापीहरपत्वमम॥ - तरसति रित पापो सुमति पित हित परि प्रसमेथि। गित तितलि पाना प्रथम सोभित छबिसि रवि कवियस परमा निधि करत रहाण पमन्बान । परस सरस समपरस पावसण पार ॥२ मन्त- पापक समर्थन स्पषमा पौषोमणि सुपतापायी। म बिनादरम पुप्प पण पारा तीस एम दुप पामाजी ।।१४ हिए यदि मु मुरवाणी ॥ इति पीपुप्पपिएम शिवाविनात कोपा संपूर्ण ॥ • १५२६ प मिति पामार सुपिरिन। १.२५ विधाविहान रास (बार) भादि- मम॥पीवीतरापार नमः॥ पहिन पल पाम सिर पर पवार । इपिसाररि पीपाति रिवंतर, सबममि मार It नौ पति पुरि पाम रिषद पाच उपमान । पाममोरि परि मरमति सामणि रिममित पररान ॥२ मन- मरार पर परिचारिकामा माहीयकरमो धीमति र प्राधा ।।११ मत पर माली पप, रबीर एहानामा पनामशर ए॥१९ जमा बरि बिकाए का ममा बिस्तर परी। अपनशेमलाए॥१. पति पिपापिनास पतिराम संपूर्ण र १० वर्षे ।। मासो बरि पासी मुपसारे बाबातम मिति ॥ एम प्रबन्।
समानी हस्तलिमित पन्च भी भाग-१ ] [ १११ - २२ (१४) बीरमरे गिरिया पारिक्ति पारि- ॥ श्रीपमेणाय न(म) ॥ पवित्र- परत संकलित संक मत परिणाम । बनत बीन प्रहि सत पनि पेपन पत्रास ॥ ममरत पास माया तपास रस हाद महा बन। परमा बात सोबन बात बितव पायम ॥ माया पाइ एका सामिहातर पिठो सके। बिई राइविता नारियेण तना दाता तो पीरमरे। पम्-र परि गिण मिरमर परपी मपुरा मारपौ स । रेपा रापस मिरवने बयकारी बवत ॥१. भीमारी सापी भिपत मिम मानवम । पुममात्तु ना १९. २१४१ () बीसलोब भर शिकाररी मात पारि- ।। प्रम बाराब पीसमरे सीरोहीर पशी सूपरा सिकार मात्र मिषते ।। पो- पापी पटा पणिया टक मिहम्म । भरपर पपया बाजा कोए हमस्म ॥१ पात-पाय पाइर्ग उसर नपनाप । पीएसी सिर। बाँसठ बोगसी । बापन मोर । तेवीस का देवता पस्या करे। स प्रापूर पाहां पर १ मम भीमो मो मास २ पक्षमा पाररोगो । सो माईता साम चरण पाये। सो पार कोस १२ मै ते सर पर पोर्न । सो सारीही ठोर तपसी तपस्या करें । सो मिण पार्म सूपर सिर को वैमै पाप परी । परी मनास गई। कि सरदार काम पाया था विकाने रात्री निवास करी । पीरोही पारीमा। इति भीषा राव बीसमवेरै पराई सिकार मात संपूर्ण । पेस्तुति भाषा भब रस्तुती मापा नीप्य ।। पपपीयनसीपी प्रत- १६. n() पारि- ॥ पौरामगी। माया घर- श्री मागील रसम सकर व सतुस्म मापा ।। पती प्रानं भरवलं पाबापमन मिट भ्रम पे । पोषा- मौसुपरेव गाव नुमनाता । मासके पुत्र निप्याता ।। पीना परन मै रातोमको म्यान हारमै बर।। पा- नीती प्रवी पाठपुगेको सुपर ग्रम शान । स्त पर मीह पाम है प्रम पीमान ॥. ईति पायो सतुती बापा प्ररथ सपुरए । कवी म्हाराप मोरारं सौपनी ।। • m२ (५) पर परित 'एकममा पारी पार्वा' और इस समाकी कपा- पतु एक पितु दोनोंती पनपेमी भिन्न है।
रामा मारिया प्रतिम 1- परिप्रसाम मी सारमा अपमी युग परमात ॥ सुषमा पा सकरी पान देवी ! रिझम कमर मुहामको सूप पक्की ठोर। शिबान हिंदू परम प्रसो सहरम पोर॥२ हरपट सेठ होम पयो मिा सारिम पिस प्राई। मासूमिमामा पी। पसरे न ऐठी साप ट पारिका पर होव पापणे कोरबा । इति श्रीपचर ml सुप सूनागहतरी संपूर्णम् ॥ ४२ संच ११ मिती प्रायम पुरी १ कि नियत पं. विरसमोह भीसमोर ए पतुमास्था स्पिता। पुण्यात प्राम व प्रशस दी गयी। पुमवार विषयातरी या मनुप्म भार करि प्रशती पाई महसी । सौम रामसी। परिमार परत विप भाविन पा र मौगिक मूम पी एरीर मामी पचिर मोहर माहमणन नि । निपाप पाइस' , कमि परत करे। एमका मन मेना करिक पाको मुर्ति मनुहार पति मापुरमहोतरी का समाप्ता॥ मग १७१. म मासोग गरि । पटी पोमवाबारे पं. बीतविषय मिपि जेमवतु ।। श्रीसमाप्पा । पीपल (मातालर) हा-करकमायोति करि निर अयम परएमय । पीपीपान नरिद रामचन्मेस ॥१ महामि मे मनिह पनि माम मार । भयतापराम्पर, बोप पीनकार ॥२ पन्त- रिचा महिमा नमो ए मान गये सदरेषि सूमो परी . २ मनधिन पुपामा ए मान. ॥ नियमेव मुसो एक मना लिन पाए भा.पा मगन मान ए है• पति प्रती घोष ए मा• बम भूषति पी मुसो पति पीपाराम मेपूर्ण। पीपान (मिनहर रचित) प्राषि- कारा ॥ धीमरिहत पत पुरण परीपदहीमा म्यान । म मात्र प्रापरिहाण याम १ पा राति सा नियनंत महि । पति पुति म योपरा या प्रतिम मिति ॥२ प्रम्न- संपक मनराम बापी शामिपी सर। माता मोमगारा दीन, पारस दिनमा बोसरे । १.
एमपनी हस्तलिखित प्राप सूची भाम-१ ] [१॥ भीपरतगध महिमामारी श्रीनिमा मूरि जयकारी। बांगे सह नरनारी रे पोतिएप वापफ मुपकारी । वाए सीस सुविपारी रे ॥ ११ कहे मिनहरप भविक नर मणिग्यो भयपर मीमा परिणग्यो रे। प्रातामीस बाम गणिग्यो निम पातिक बन मुरिणम्पो रे ॥ १२ प्रति पीसिया महिमा नपरि पी धीपालयस संपूर्णम् ॥ संमत १५१४ वर्षे मन मासे सुक्स पक्ष १५ विधी ब्यारे पाटण मगरे प महीपस्नमेन मिषिते । १४१ पीपात रास (पुत्र रत्नरिमनीत) प्राधि- I ॥ र मम बोरवि करि सिदसयम पणमेसु । पीपीपाम मरिपनो रामपंचय भणेसु ॥१ महीयमि मा अनेक पि, पपमि मपरिकमार । मग सायर वर्ग मोबपीर मोमबकार।। २ मन्त- मीगुण समुह सूरि, पास पाटि सोहामणा मा ॥ बीए प्रार्गव पूरि॥५ भवीया मवीन उन ए मा श्री पुणदेव हस्तरि । वास सीसि पस रमिट ए मा । पीयुजरला सूरि ।।१४ पनरएकभीसई मांगसिए ए मा०।। ग्बती बीन पुस्मार। रास रबि सिख पाएमा पाइठ भीनवकार ॥१५ एक मामा में जिन बपडए ॥मा ॥ तेहपरि ममम मान । रिशि पनंत मोनमा ए मा. बिम भूपति भोपाम ।। ६५ पति प्रीसिस पर पीपाम रास संपूर्ण प्रणामीपाश्री।। सभरासापायो पारि-॥ समरामारव करपो मप्यते ॥ यहा- पातीसा प्यापरीन बनीपत सुमाम । तास तगेपनीर बो पोन मुमालम मनि ॥१ पातसादा पोतावकी म मय एष प्रसवार। गेम सुपासण पातकी पत्र चोमर ने सार ॥२ अन्त- भापकरीबरपावर बरठोकार। कर बोरी पान वर्ग भोप्स पंस सपगार ॥ ती पीसमरामारंप कापो पूर्ण २९ ।। १५॥ ४२० (११) सवाईतिकनीकी गोषपुरागमन पारि- "संवत १.१0 गा मोती साबण बरीने पीमायरा सपाइसवी पोपपुर पर पा । राणा पर्मसमपरम पावसाह महमुरमादमारेपा । मो रोग पायम १५ पोषपुर मार माणा । परष महोदरपी रेग पार कीया । मुम १- मागे पुणे पर्ष और गोषपुरकी तरफ लिये पवे पहार पारिका पर्षन गो पपूर्व ।।
१४. ] [ रामपाल प्राषिता प्रतिष्ठा १५५५ (११) सिरोही माग्यो मारिस्मानोंडी बोलिकि नमूने मादि-प्रथमोपी मिप्यते ।। सवाया ४ ॥ सममेस पार पेमा माही वाव पार्यो कडू माटीरोि सर मारै पीदा रै बास्या भी। बस्ने प्रभावीपार सेवा देबी काइ मही रणने घमाबीमार भी मै बाटी पास्यो बी ॥ पावर र मकर साहीर झूम , मोनार समकस पिठो रमावस्या की। प्रममारो कोट प्राचो सीरवारी मोट गामै पार सारी रात बीको रमास्पा बी ।। १ पति सीरोही बोनी मंपूर्ण। प्रमोमुमो मे मोनै दुरी पूरी गाया मोम गांवरीमायो सूप बोहरा पूनै हाटम्। पमा स्तिो एक का ए का कहाँ मोही मौषा अभिकरो पाषा बाटस ।। मोही रजपूत बापोई रणपूर्व बाई पोही नाम ही काम काट । मणरममाई माी बात बासु का माई, मरबासमा रिन पटत ।। इति माबी बोमी संपूर्ण बेपतेष माहरो र प्राडो प्रागे प्राय पारो निषु मीमो माहर काम का पानी में। मरठी गेरोगोई मानने बोह मई मेही भूठी बातो मेहरीन मना। मरम्म चाही पोमै मग मुंगे मास्यो बोमे तोम् रिम् दीहो पाई परे रोटी पानी । भार बीच किस पोई पापतीरा मोक मोरे, पाये काम उषि म्हे रपि प्रारी॥ पनि बीकानेरी धोती संपूर्ण। मराम नाईबाई प्राही बात पातु का रेपी बाई मारी माई म र मारे जी। एक वो हर मा कार्य विभाग विय बीबीममारपीपी जीपी और दि बी॥
एमातापी एप्लिखित प्राय पुची माप-1 ] केहो हि पापी हो बिफ लिङ्क करीबसी ही म पुटु मारो हो म सामी। चासो रस हो हानो पाप तो क्यू ही पर नहीं देपो मान मा बी॥ इति चोपपुरी मोती संपूर्ण । मिपी चेमा केयरपंव ॥ समापता ।। ११ (२) सेरसिंह मेतिया मारि रागामाका तपपरा पारि-मौत बाति सपपरो से रसिध मैग्तीयारो न समसिच चापायरो । पर भागीपा बरार अपबह पगा बरे वाम बेई परागा दमे फुटे पोता बाण । बमाषमी सिंधुराप मानिया झमाउ पारा परे माम माग रकम पारोण ॥ १ मन्त- रगमै पमपा पैसा कसी तम मंग रंभा पापती पिया पोर्टसकोउती अंग। रूप पप भान बनु पेरियां कुरग बचा भेट पेम सागी पमा मोगरा हरप || इति - - सोनीगरा पीरमोरी बाप्ता पारि-॥ ॥ पाठ १ खोनिगरा वीरमरेरी।। गरबानोर सोनिपरा बसमीर पीर कसर बोहाग। बगेर कामरे। घोटो ऐमपरे । टीके मारेवी मंठा। पर बामोर पर करे। तिको एष्ण समीप कानागो सिकार परीया। विडो वामोरस पोस पपरा गया में राति पी। न एक पबाट एमा। मन्त पर प्रबर दरो पर पणापौ। मानो पर मोप माहे मेन सती । विका परिदसू बाम सतनोकमै भेषी हुई। पाविसह पत्ताबदीन रिप्सी पपा। प्राइवरी बात पीरमरे सोनिगरारी रही। पूरवीर दातार सिम्म मन नही। संबत ११. ममामरीन पाविवाह नामोर प्रापी में संतरा फागुण रवि पीरमरे सोनिमरो काम प्रायो में परपामीर मानी। इति मीरमरे सोनिपरारी वार्ता संपूर्ण । हमीररामो (हमारापन) पारि- मी बर्नेसाप नम हमीरान तीपत ।। पबीत- पदरीनरपानरमीमारपीठ। प्यार मुगर फरस सरस मुषन पम रात ।। कर कमल पयमाम मान पसा योग तुहाई। मधुर स्वमर स्परामर रची पोर समालान । हो इस प्रपन सुपी दुधी पनी गो कम गीत मा माण!
[ रामपान ग्राम प्रति पन्त-सीतः।। प्रसीकरीर महकमही कोर सो हरी रायमरी पातम। बाईस बीम रास एसबीन पापियामा प्रथा मम्पकी रो पेमे। बतीमगरा मापनप हमेत करी। कपन रमपम पर प्रसौपरमार ईवी श्रीहमरम्मनसादो भार संयुरल रमापती। व बागाको । पुरती माई मोहरे मसीस काई बायो बरस सो। मई मोम पपीय पीपीईगेर बीपा । पाश नर बीस भाषा बन पीरम । मीपत पारे मापुरम पान मोम्मी पासाबरी मम धर्ममुर्त मा वामनका रसपान राग मौमती भागम गाह्मन पो सदारामको प्रतीको टोत पीवीको प्रप भीको पसीस बरबोगी मीठी पोम पी । मबनधार संमद १७८४ को पुस्तम मा बीड़ राम राम संबोली । पाइए रवा वास भीषने मा। पहरी रबीर या मम योपे , मठे। पु.॥ २३०४ (१) हरबरपुरी पाधि- । पररामप्यते ।। मेरी ममती उत्पम अम। रेसाहरा राम॥१ धना गया। प्रोणनमारको ॥२ मामु पोल न करे। पिस्व पिसी मी मरे ।। पर तुलसी विपमरसने वार । रापत र राप || ४ पम्त- पाटी पाप बसमसोबापापो मुमीत । मापन सीता मावीर माहारा परीस ॥ तिी परपरपुरी संपूर्ण Item २०१५ (०१) होबाही पति ममम प्रसमा । पान बताए पर रिया। पहिलो पछि पुष नारी । स्माम परण स्पाम सिपारी में पास मुनीर माम मुख मारी।पमा हिमपा २बाम पर महार। एक पुष्प सामान प्रमीयर रमली किए भरतार है। मारिमार पृम रतामा परिवार मारut होरसमस पुनि हीम पाना बोमर मा रमाम पान- नि धीहीयानी माम लहरात पुनि ॥ स १९५० व काही मूवी २रिने दी रारे।
परतो हस्तलिपिनो मार-1 ] २८५ (१३) हीररमापन इस को माघ पर पारम्नेमा म ग मोनारि नि ! गोपपा एप मार गिता मागो रापन पान पोम्प पर प्रारt- या बुरा पाण॥ मा एमपि में पारा पुत्र में पररण पुत्र म.पा गुममा पुष म. मापुर का मारप प्रमुम ।। पुरणपुष जीवन हीरा पेसा सासर मा परन रिकादेरा पूरा पुत्र पिरमाना ।।
परिशिष्ट २ प्रन्मकार मामानुक्रमगिका परपथ . म अपम २४ अपमास ११०० अपमसर ८२ प्रवसनीति ॥ प्रधिवरेष। अनुपसिा पर समयमत २ समवसोम १. अमृत ५ प्रमुख दि २७ अमरता १२ पमरमुम्बर पर्नुमा ४. पर्नुभयो १४ प्रा पादोपुरखोजी १४ पार्षद १.५ पार माह १ पानपचन २ कमन्सुनर .१ १.२ काकतोम,१.१ १.५ कबीर १० कमताधिक्य २० कमनहर्व. परपोरोन १०॥ प्रामनिवार म्यान २११५. कम्बाबतितक ४१ सिर ११ सिर १४ १.६ उ पतमसापर १.८ परमभानु . कतिर ११ कषिपन १०२४ कानाराबारे पापवियप १४६४ पापत २३ पोरान कास्तिविनय ३,१२ १.४ कादसे ॥ पामीराम ५ [ १४५ प्रमसी हस्तमिवायची भाग-1] गोविमरा ७५ १.१ च ८॥ (भाबर ५ एम्भस्म 1 । पानम शिपिया चारित्रम्बर ४. चारित्रसंघ १६७ मस्त . २ अमीतास २५ ५१ mat. बेतमदास २९ पंतम्पास २१ पोपमत ५ प्राय बकीत १९८१ पत्त १८ बामा १२ व सिम्योपो २.३४ छ पीसरास . र २६ पय " बटमा २५ २४ अपरब १४ म बर्याचबम १४ अपसोम १९ बवानसिंह २१ बसवंतसिह ४. di । मिनदास ५ बिगची २. पिनास ४० बिनराम २७ बिनरम ४१.३ बिमनाम ॥ ५ बिमलम १० [बस्पान प्रापिया प्रतिष्मन मिनमुम्बर ४. बिनरि २१ बिना .. १२ १५, १७ .२० ८८,Hu देवात १२ १.२ देवषिजय , १ वसीत ६४ देवरि .. विरान ४ १२ १. सिमेण १ बिनोग्य ४४ पोषराम २६ य देशकवि बंत कवि २२ प्रमतिर प्रमहो । परिब ८१ धर्ममय. बमगिर १६६. परम १२ धर्मपम । १८ ४२ १२ ११ १.२ धर्मविषय २. बर्मशील : १०२ पर्दसना , र बर्मसी ४१ १२ १. 정 गरसो व उत्पाईस १२ लिसकरिए दुतसौरास सिभित्रय १२ न त्तितात. पानीत ४. पातार पादि पासूर. रसाईभारात मनराप्त नारि २० नयममेवर. नविय .. भषिमत. १२ at it २४ १०२ गरपति .. ! सामतापर बीप्तिषिरम १ सो २१,११ ८४.१.१ हरसिंह चारण बरसी च ४९ बहामास । १० मारायभरात भाषी ४५ मेषतो मुंहता . अपवियप २३ १२ पान २९ १२५ सप्त राजस्थानी इस्तमिलित प्रम्य सूची भाग-1] [m मिरात अमितामर ४ सिह ५ बीकानी १४ प म पोराग १४ प्रमोधव ७ प्रतापस्ति (सबाई) ६१५ प्रमुगस ." प्रीतिविमल २२ २३ प्रमहर्षि प्रेमराग ४ प्रेपानमा १४ ४२.४ परमवा १२ मक्तिमाम २०१.. भयमान १४ प्रगोठोबस्त मासेन २० मवानोबास 100 भवानीमाष २ मा- मुनि १ भाग्यविषय २३ भानुकोति ७२ भानुमेह 50 परमपि १४ भावप्रम १.१.१ मावरल ४१ मापविनय २ पबमतापर. पर्यत बर्षीि १४ परमवापर परमज १४ परनामगर ४२ भीम ५ भुइनहाति १२ भोग १२ म पृषीति ५ १५.१ यदि ५ मरान १५... पसाबर १२, १.१ दिदि भमनीराम.४५ मतिमन २५.८२ मतिमा ११ मसिमेवर १.४१ मतिमापर १.४ १.. मतिसार ... मतितुनर. माराम २१ समषि ११ पा पुमान पनिषदास ४१.. पसार २ बजठो ६ मम्पकी मसूपात १५ १६ महिमोगस १५१. २५० पारसौगात. महेम १.५ १५ ] [ रामावान प्राविमा प्रतिष्ठान स सनीति २८ ४५ ९२ सूरबीमा ८ प्राविनय रखामा " पतीरास बमपर कवि. समयरय २२ समयमुम्बर ८८१२१९ २० २१ .1.२४ सोम १४ सौमविजय १४ सोमविमल भय सोममुम्बर १२ सोमसूरि । सोमायमसेखर १५ संबममूबर ५ हरवी बोपी . हरास. १९ १८ ८८१२१८९ १. सामान सानिधम्म मरि १ सापराम .१.२४७ महनाममा १ सातिm सापरब..८ सापुरोति ॥ १५ पंकीति ॥ १. सामन्त १ तामातरम्स. मामत म४ १५ हर्पडपत ९ हर्पा ५ इसपर्य र हवनिपान १ इर्षमुनि ५ इपमूर्ति २६ हसापर हरिपाठ ११ २ २२ मिसेम १५ सिद्धिविनय १४ सिमरान EN निएपन - होताराम ॥ नुगमणिप ० होएपन १८ तुति । नुमतिति .. नुनविप्रा हीराना । हेम १९ हेमरता २३ हेमान
राजस्थान हस्तलिखित प्रत्पनी भाप-१ ]
सामर.१२
हेमार .
इस कवि २.
पा
नमाम्पिान१९८४
बमाप्रमोद
शानमे २२
जामविमाप्त ८, १८२२ १२
हामधील १.१
शामसापर८१.
१० ८०८, ८
7
मानदि
राजस्थान प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित
महत्वपूण रामस्मानी प्राथ
पाहा प्रवास महादि पपमा रचित । सम्पादक-प्रो बी पास एम ए ।
मूस्य १२२५
मामला राता परिसर पान रचित । अम्पारक- भरपमा और घी पपरसम्म,
बरताप काय
साबारात चारमा विमा बोपामान विपत । भम्पास-भी मदवारबा।
४ीवास रोख्यात कवियर बाकीपास । सम्मार-पीमोत्तमदास स्वामी एम ए।
. राजस्थानी साहित्यसंण्ड मार १ समार-पी नरोत्तम स्वामी एम ए । मुस्प २२५
६ सुमनवितात महाराणा पृथ्वीसिंह सम्पारिता-पीमती मी सानीमारी गमत ।
ममतमा बाह्यसरी पारस । सम्पादक- रागमन ।
.. रामामान पुरातत्व मावा हाततिधित प्रायोकी तुपी माप
। महता कसोरीयात भाग १ मुहवा मनी । सम्पारक-धोपाप्रमाद पारिपा।
१. प्यूमावतात किमनानी पाना मम्पार-पीताराम नाम ।
" Iो मिति प्रबो नाप ११
मूम्ब ८२५
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